जुलाई 2022 से बंद होंगे सिंगल यूज प्लास्टिक कारखाने, मध्यप्रदेश में पालीथिन पर 24 मई 2017 से पूर्ण प्रतिबंध लागू है

इंदौर मध्य-प्रदेश

इंदौर। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम-2016 में संशोधन कर सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित किया है। यह प्रतिबंध एक जुलाई 2022 से प्रभावशील होंगे। ऐसे में सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाले कारखाने बंद होंगे। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने और प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम और नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन विषय पर मंगलवार को आयोजित वेबीनार में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके गुप्ता ने यह बात कही। यह वेबीनार आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में रखा गया था।

वेबीनार में बताया गया कि सिंगल यूज प्लास्टिक में 17 तरह के उत्पाद शामिल हैं। इनमें प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, बैलून के साथ उपयोग होने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट में उपयोग होने वाला थर्माकोल का सामान, प्लेट्स, कप्स, ग्लास शामिल है। इसके अलावा प्लास्टिक के फोर्क, स्पून, चाकू, स्ट्रा, ट्रे आदि कटलरी आयटम, मिठाई के डिब्बों के चारों और लपेटने वाली फिल्म, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट की पैंकिंग में उपयोग होने वाली प्लास्टिक और 100 माइक्रान से कम मोटाई के बैनर एवं स्टिकर शामिल हैं। इनके निर्माण, खरीदी-बिक्री और उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।

क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में पालीथिन कैरीबैग पर 24 मई 2017 से पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके साथ सिंगल यूज प्लास्टिक संबंधी प्रतिबंध एक जुलाई 2022 से लागू हो जाएंगे। सिंगल यूज प्लास्टिक का उद्योगों में निर्माण बंद कराने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक आयटम जैसे पेपर के कप, पेपर ग्लास, पत्तों से बने दोने, मिट्टी से बने कुल्हड़, सुराही, लकड़ी से बने कटलरी आयटम एवं स्टिक्स आदि का उपयोग किया जाए। विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित नगरीय विकास विभाग के संयुक्त संचालक राजीव निगम ने कहा कि सभी नगरीय निकायों, व्यापारियों, उद्यमियों से अनुरोध है कि वे केंद्र और राज्य शासन के नियमों का पालन उनके क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से करें।

बोर्ड के भोपाल के अधीक्षण यंत्री डा. एमएल पटेल ने ‘सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध एवं इसके विकल्प’ विषय पर प्रस्तुतिकरण कर दिया। ईको प्रो इंवायरमेंटल सर्विसेज के संचालक अजय जैन, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनूप चतुर्वेदी, इंडियन प्लास्टिक फोरम के अध्यक्ष सचिन बंसल और राहुल पोद्दार ने भी संबोधित किया।

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