राजधानी में बाढ़ जैसे हालात सड़कों पर 2 फीट तक पानी, गाड़ियां फंसी लोगों का तंज- नाव चलाए सरकार

भोपाल मध्य-प्रदेश

राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। जिसने शहर में करीब 500 करोड़ रुपए से बिछाए गए सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। कोलार, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद समेत पुराने शहर के कई इलाकों में सीवेज-ड्रेनेज सिस्टम फैल हो गया है और वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें जलमग्न हैं तो घर-दुकानों में 2 फीट तक पानी भर गया है। इससे लोगों का लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। कई इलाकों में तो टूव्हीलर और फोर व्हीकल गाड़ियां तक पानी में फंस गई है। ऐसे में लोगों ने नगर निगम पर तंज भी कंसा है। उनकी मांग है कि सरकार शहर की सड़कों पर नाव चलाए।

कोलार में दो साल पहले ही सीवेज-ड्रेनेज सिस्टम पर 162 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। 3 महीने पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसका लोकार्पण किया था। बावजूद यहां जलभराव के हालात बन गए हैं। नयापुरा, ललिता नगर की सड़कें पूरी तरह से जलमग्न है और दुकानों में पानी भर गया है। मंदाकिनी, बीमाकुंज, कान्हाकुंज में भी ऐसे ही हालात है। शाहपुरा, तुलसीनगर समेत अवधपुरी, शिवनगर, करोंद, बाग सेवनिया, बाग मुगालिया, सैफिया कॉलेज रोड, हमीदिया रोड, छोला, सिंधी कॉलोनी, सुभाषनगर, घोड़ा नक्कास, ज्योति टॉकीज चौराहा, अयोध्या बायपास समेत कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भरा हुआ है। बैरागढ़ के सैनिक कॉलोनी, संत कुटिया समेत कई इलाकों में जलभराव के हालात है।

पानी का बहाव इतना तेज कि गाड़ियां तक बह गईं
ललिता नगर में पानी के तेज बहाव में एक फोर व्हीलर बह गई। गनीमत रही कि पहिया गड्‌ढे में फंस गया। जिससे गाड़ी बिल्डिंग से नहीं टकराई। हमीदिया रोड पर बाइक सवार युवक बहने से बचा। शिवनगर के कई घरों में पानी भरने से लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। उनका सामान भी गीला हो गया।

वोटिंग के लिए नाव की व्यवस्था हो
बाग मुगालिया के उमाशंकर तिवारी ने बताया, बारिश से पूरे शहर में जलभराव के हालात बन गए हैं। ऐसे में सरकार सड़कों पर नाव चलाएं। इससे 6 जुलाई को अधिक से अधिक लोग वोटिंग कर सके। तिवारी के अलावा भी कई लोगों ने तंज कंसा है।

बड़ी वजह : चुनाव में बिजी रहा निगम, 600 नालों की सफाई नहीं
ड्रेनेज और सीवेज सिस्टम फैल होने के साथ ही नालों की सफाई न होना भी शहर में जलभराव की स्थिति पैदा करने की बड़ी वजह है। दरअसल, नगर निगम का अमला चुनाव में बिजी रहा। इस कारण शहर के लगभग 600 नालों की बड़े पैमाने पर सफाई नहीं हो पाई और नाले उफान पर आ गए। इससे सड़कों पर पानी भर गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *