लापता होकर घुमा फिरा और जीत गया सरपंच का चुनाव रतलाम में गायब होकर चुनाव जीता सरपंच प्रत्याशी बोला- झगड़े के डर से चला गया था, वापस लौटा तो चुनाव जीत गए

मध्य-प्रदेश

रतलाम में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदान नाटकीय तरीके से गायब हुआ गढ़ावदिया पंचायत का सरपंच उम्मीदवार धूलजी गरवाल अब चुनाव जीत चुका है । धूलजी ने लापता रहते हुए ही गांव की सरपंची जीत ली । मतदान के एक रात पहले हुए झगड़े के डर से धूल जी गांव छोड़कर चला गया था । लेकिन जब वह लौटा तो मतगणना में उसे ही सबसे ज्यादा वोट मिले । धूलजी गरवार अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 240 वोटों से मात दी है। सरपंच का चुनाव जीतने के बाद गांव पहुंचे धूल जी को परिवार जनों ने मिठाई खिलाकर स्वागत किया है। गायब होकर चुनाव जीतने वाले धूलजी का कहना है कि उसके सहयोगियों के साथ विपक्षी सरपंच उम्मीदवार ने मारपीट की थी। जिसकी शिकायत करने वह साथियों के साथ रावटी थाने गया लेकिन थाने पर सुनवाई नहीं होने पर वह घबरा गया। और गांव छोड़कर पहले रतलाम और फिर राजस्थान के सांवरिया जी चला गया।

दरअसल 1 जुलाई को गढावदिया ग्राम पंचायत में मतदान के दिन उस समय खलल पड़ गया जब सरपंच का चुनाव लड़ रहा धूलजी रात से ही लापता हो गया। जिसके बाद उसके समर्थकों ने पहले मतदान रुकवाने की अपील की। जिसके बाद प्रशासन के अधिकारियों की समझाइश पर जैसे तैसे मतदान संपन्न हो सका लेकिन शाम होते-होते जब धूलजी घर नहीं लौटा तो ग्रामीणों ने मतगणना नहीं होने दी। इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों को मतगणना 4 जुलाई तक स्थगित करना पड़ी थी।

गाँव में अब पुलिस का पहरा

ग्रामीणों के साथ ही लापता उम्मीदवार के बेटे ने एक अन्य उम्मीदवार भंवरलाल डोडियार पर अपहरण का आरोप लगाया था। जिसके बाद धूलजी के पक्ष में दिनभर सहानुभूति का माहौल बन गया और उसके पक्ष में वोटिंग भी ग्रामीणों ने कर दी। इससे सरपंची पद का तगड़ा दावेदार भंवर डोडियार दूसरे नंबर पर रह गया और धुलजी चुनाव जीत गया है। लेकिन अब गाँव में विवाद न हो इसके लिए पुलिस फ़ोर्स की तैनाती भी गाँव में की गई है। वही ,चुनाव हारे प्रत्याक्षी भंवरलाल का कहना है की मुझ पर अपरहरण का आरोप लगाकर धुलजी ने चुनाव जीता है।वह कानूनी सलाह लेकर चुनाव आयोग में शिकायत करेगा।

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