सीरीज ड्रॉ, लेकिन टीम इंडिया चमकी ओपनिंग में ईशान का जलवा, कार्तिक ने मिडिल ऑर्डर मजबूत किया हर्षल ने रफ्तार से बॉलिंग में जान डाली

खेल

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज रविवार को खत्म हो गई। सीरीज 2-2 से बराबर रही। आखिरी मैच बेंगलुरु में खेला गया जो बारिश के कारण रद्द हो गया। सीरीज के पहले दो मैच में भारत को करारी हार मिली, लेकिन इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीते। भारत और साउथ अफ्रीका सीरीज को इस साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी भी कहा जा रहा था। 

इस सीरीज में दिनेश कार्तिक इंटरनेशनल क्रिकेट में 2019 के बाद वापसी कर रहे थे। वहीं, पिछले साल अक्टूबर में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के बाद टीम से बाहर चल रहे हार्दिक पंड्या को भी इस सीरीज में मौका मिला। कार्तिक और पंड्या का IPL में भी शानदार प्रदर्शन रहा था।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ राजकोट में खेले गए चौथे टी-20 में दिनेश कार्तिक और हार्दिक ने धुआंधार पारी खेल कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच 35 गेंदों पर 65 रन की पार्टनरशिप हुई। कार्तिक ने 27 गेंदों में 55 रन बनाए। वहीं, हार्दिक ने 31 गेंदों में 46 रनों की शानदार पारी खेली।

दिनेश IPL से ही फिनिशर की भूमिका में कमाल कर रहे हैं। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में 46 की औसत से 92 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक 158.62 का रहा है। वहीं, हार्दिक पंड्या के बल्ले से सीरीज में 153.94 की स्ट्राइक रेट से 117 रन निकले हैं। इन दोनों की वापसी से टीम का मध्यक्रम बहुत मजबूत हुआ है। इस साल होने वाले वर्ल्ड कप में दोनों खिलाड़ियों की अहम भूमिका हो सकती है। हार्दिक तो गेंदबाजी से भी योगदान दे सकते हैं।

सीरीज शुरू होने से पहले चर्चा हो रही थी कि उमरान मलिक को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका सबसे बड़ा कारण हर्षल पटेल की शानदार गेंदबाजी रही। टीम इंडिया के लिए हर्षल ने इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लिए। उन्होंने 7 विकेट अपने नाम किए। वहीं, उनका औसत सिर्फ 12.57 का रहा। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार के बाद हर्षल ने टीम इंडिया के पेस अटैक में नई जान डाल दी है। उनकी स्लोअर गेंद को खेलना बल्लेबाजों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसका फायदा टीम इंडिया को इस साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में भी होगा।

आवेश खान इस सीरीज के पहले तीन मुकाबलों में विकेट नहीं ले पाए थे। आलोचना हो रही थी कि भारतीय टीम मैनेजमेंट उनके स्थान पर उमरान मलिक या फिर अर्शदीप सिंह को मौका क्यों नहीं दे रहा है, लेकिन चौथे मैच में आवेश ने चार विकेट निकालकर साबित कर दिया कि उनके पास भी भारत को जीत दिलाने का दमखम है।

साउथ अफ्रीका के साथ सीरीज में ईशान किशन और ऋतुराज गायकवाड़ ने रोहित शर्मा और केएल राहुल की गैर मौजूदगी में टीम को अच्छी शुरुआत दी। ईशान किशन इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 41.20 के शानदार औसत से 206 रन बनाए। वहीं, उनका स्ट्राइक रेट 150.36 का रहा।

ईशान के फॉर्म में होने से टीम इंडिया को बहुत फायदा होने वाला है। भारत को टी-20 और वनडे में ईशान के रूप में एक बेहतरीन ओपनर बल्लेबाज मिल गया है। साथ ही ईशान एक कमाल के विकेटकीपर भी हैं।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के पांचों मैच में टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। शुरु के दो मुकाबलों में हार के बावजूद उन्होंने अपनी टीम पर भरोसा जताया। इसका फायदा टीम को मिला और खिलाड़ियों ने आखिरी दो मुकाबलों में अपना 100% दिया।

युजवेंद्र चहल, जिन्होंने दूसरे टी-20 मुकाबले में चार ओवर में 49 रन दिए थे। उन्हें अगले मुकाबले में खराब प्रदर्शन के बावजूद मौका दिया गया और उन्होंने कमाल का परफॉर्मेंस किया। चहल ने 4 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट झटके और मैन ऑफ द मैच भी बने। वहीं, पहले तीन मुकाबलों में एक भी विकेट नहीं लेने वाले आवेश खान पर भी टीम मैनेजमेंट ने भरोसा जताया और उन्होंने चौथे मुकाबले में 4 विकेट लेकर भारतीय टीम को जीत दिलाई।

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