IAS अधिकारी पूजा सिंघल को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में किया अरेस्ट, छापे के दौरान 19 करोड़ से अधिक कैश और कई अहम दस्तावेज मिले

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झारखंड की चर्चित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें पांच दिनों की रिमांड पर ले लिया, जो कल से शुरू होगी. ऐसे में पूजा सिंघल की आज की रात जेल में कटेगी. इससे पहले ED ऑफिस में पूजा सिंघल से मंगलवार और बुधवार दोनों दिन कुल मिलाकर 15 से अधिक घंटों तक पूछताछ हुई. आय से अधिक संपत्ति को लेकर उनके पति अभिषेक झा और CA सुमन कुमार से भी पूछताछ की गई थी. ईडी ने CA सुमन कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान पूजा से कई सवाल किए गए, जिनमें कुछ सवालों ने IAS पूजा सिंघल को असहज कर दिया. वे जवाब ठीक से नहीं दे पाईं. पूजा सिंघल को 5 दिन के ईडी रिमांड पर भेजा गया है.

इसके बाद ईडी ने पूजा को अरेस्ट कर लिया. पिछले दिनों ईडी ने पूजा सिंघल के करीबियों के रांची और बाकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे थे. छापे के दौरान ईडी को 19 करोड़ से अधिक कैश और कई अहम दस्तावेज मिले थे. जब पूजा सिंघल, अभिषेक झा और सुमन कुमार तीनों को एकसाथ बैठाकर पूछताछ की गई तो तीनों ही ईडी के सवालों से असहज हो गए. इस दौरान सुमन ने बताया था कि पैसे उसके नहीं हैं. इससे पहले सुमन कुमार कह रहा था कि सारे पैसे उसी के हैं.

पूछताछ के दौरान सुमन और पूजा सिंघल के घर, अस्पताल और दफ्तर से जब्त कागजातों को भी दफ्तर लाया गया. दो बड़े-बड़े बक्से में भरे दस्तावेज कड़ी सुरक्षा के बीच ईडी दफ्तर लाए गए. ईडी ने शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी मंगाए. पूजा सिंघल, अभिषेक झा और सुमन तीनों से ईडी ने शेल कंपनियों को लेकर भी पूछताछ की. शेल कंपनी से संबंधित जानकारी के लिए ईडी ने ईवैल्यूएटर को भी बुलाया. उनसे सुमन और उसके भाई से जुड़ी कंपनियों की जानकारी ली गई.

फर्जी कंपनियों को लेकर भी सवाल

दरअसल, झारखंड में साल 2009-10 में मनरेगा घोटाला सामने आया था. उसी मामले में कुछ दिन पहले ED ने एक साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और राजस्थान में रेड डाली थी. रेड के दौरान 19 करोड़ 31 लाख रुपये बरामद किए गए. इन 19 करोड़ 31 लाख रुपयों में से 17 करोड़ रुपये आईएएस पूजा सिंघल से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट के आवास से बरामद किए गए थे, बाकी रुपये एक कंपनी से मिले थे.

ईडी ने पूजा सिंघल के आवास के अलावा उनके पति के रांची में स्थित अस्पताल में भी रेड डाली थी. जांच एजेंसी को सिर्फ पैसे ही बरामद नहीं हुए, बल्कि कई दस्तावेज भी हाथ लगे थे. करीब 150 करोड़ के निवेश के कागजात मिलने की बात कही गई थी. उन तमाम सबूतों के आधार पर ही पूजा सिंघल, उनके पति, सीए सुमन कुमार से पूछताछ की गई. कई तरह के सवाल किए गए. फर्जी कंपनियों को लेकर भी सवाल-जवाब हुए.

शुरू से समझिए पूरा का पूरा मामला 

दरअसल, झारखंड में 2009-10 में हुए मनरेगा घोटाले में ED ने ये छापेमारी शुक्रवार (6 मई) को शुरू की थी. झारखंड, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में एक साथ जांच एजेंसी का छापा पड़ा. करीब 25 ठिकानों पर कार्रवाई होनी थी. झारखंड की खनन और उद्योग सचिव पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन कुमार और अन्य लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई. सूत्रों के अनुसार, ईडी की रेड के दौरान 19 करोड़ 31 लाख रुपये बरामद किए गए. 19 करोड़ 31 लाख रुपयों में से 17 करोड़ चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के आवास से मिले. बाकी रुपये एक कंपनी से मिले थे.

करीब 150 करोड़ तक के निवेश की मिली थी जानकारी

पूरे मामले में जानकारी मिली कि IAS पूजा सिंघल और उनके पति पर हुई कार्रवाई में करीब 150 करोड़ के निवेश के कागजात मिले थे. खबरों के मुताबिक, रांची के अलावा कई महानगरों में संपत्ति का पता चला. झारखंड के रांची, धनबाद, खूंटी में ईडी अधिकारियों ने घोटाले को लेकर सबूत खंगाले, तो एक टीम बिहार के मुजफ्फरपुर IAS अधिकारी पूजा सिंघल के ससुर के आवास पर भी पहुंची थी. जांच एजेंसी ने यहां भी शुक्रवार को तलाशी अभियान चलाया.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी मुश्किलें बढ़ीं

खनन सचिव पर ईडी की कार्रवाई होते ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी विरोधियों ने निशाने पर ले लिया था. खुद सोरेन खनन पट्टा मामले में संकट में घिरे हैं और अब खनन सचिव के भ्रष्टाचार में फंसने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है. चुनाव आयोग के नोटिस के बाद हेमंत सोरेन की चिंता बढ़ी हुई है. उधर, विपक्ष लगातार सीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है और खनन पट्टे को लेकर सवाल उठा रहा है. इस मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन इस कार्रवाई को लेकर इशारों में सवाल उठा चुके हैं. CM सोरेन ने तंज कसते हुए कहा था कि अब सरपंच और मुखिया के एरिया में भी ईडी पहुंचेगी. बीजेपी हमारी सरकारी को डिगाने की जुगत लगा रही है, लेकिन सरकार पूरी मजबूती के साथ काम करेगी. उन्होंने कहा था कि मैं विचलित होने वालों में से नहीं हूं.

ED की छापेमारी से कैसे जुड़ा IAS पूजा सिंघल का नाम?

ये मामला 2007 से 2010 के बीच का है. इन तीन साल में IAS पूजा सिंघल झारखंड के तीन जिलों में कलेक्टर रहीं. बताया जा रहा है कि उसी दौरान मनरेगा में 18 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी हुई. जानकारी मिलते ही तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा ने जांच के आदेश दिए थे. विजिलेंस को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 16 FIR दर्ज की गईं और गिरफ्तारियां भी हुईं. बंगाल से एक अहम गिरफ्तारी राम विनोद सिंह की हुई, जो खूंटी में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात थे. उसी अधिकारी से पूछताछ में IAS पूजा सिंघल और कई अन्य अधिकारियों के नाम सामने आए.

21 साल की उम्र में बन गई थीं IAS, तलाक के बाद की थी दूसरी शादी 

महज 21 साल की उम्र में पूजा सिंघल ने IAS कैडर हासिल कर लिया था.  पूजा 2000 बैच की IAS अधिकारी हैं.  झारखंड में उद्योग और खनन सचिव हैं.  पूर्व में झारखंड की बीजेपी सरकार में कृषि सचिव थीं. पूजा की पहली शादी झारखंड कैडर के आईएएस राहुल पुरवार से हुई थी, लेकिन दोनों का रिश्ता टूट गया. इसके बाद पूजा ने रांची स्थित पल्स हॉस्पिटल के मालिक और फार्मास्यूटिकल कारोबार से जुड़े बिजनेसमैन अभिषेक झा से दूसरी शादी की थी.

पूजा को हर सरकार में मिलती रही मनचाही पोस्टिंग 

सभी सरकारों के साथ IAS पूजा सिंघल के अच्छे संबंध रहे और वह अपने लिए मनचाहा पद हासिल करने में सक्षम थीं. बीजेपी की रघुबर दास सरकार में वह कृषि विभाग की सचिव थीं, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भी वह लंबे समय तक मुख्यधारा से बाहर नहीं रहीं. हेमंत सरकार ने भी उन्हें खदान, उद्योग और जेएसएमडीसी के अध्यक्ष जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी.

बता दें कि ED ने पूजा सिंघल को समन भेजकर मंगलवार को ईडी कार्यालय में 11 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया था. बीते रविवार (8 मई) को ईडी ने पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा और सीएम सुमन से सिंह 12 घंटे पूछताछ की थी. फिलहाल पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. अभिषेक से भी दूसरे दिन लगातार पूछताछ की गई. दोनों पति-पत्नी से आज आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई.

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