PM ने देशभर के स्‍टार्ट-अप्स से की बात, बोले ‘सपनों को लोकल नहीं ग्लोबल बनाएं’

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के स्‍टार्ट-अप्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस मुलाकात के बात PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं देश के उन सभी स्टार्ट-अप्स को, सभी इनोवेटिव युवाओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, जो स्टार्ट-अप्स की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स का ये कल्चर देश के दूर-दराज तक पहुंचे, इसके लिए 16 जनवरी को अब नेशनल स्टार्ट-अप डे के रूप में मनाने का फैसला किया गया है।

सपनों को लोकल नहीं ग्लोबल बनाएं
PM मोदी ने कहा कि भारत के स्टार्ट-अप्स खुद को आसानी से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचा सकते हैं। इसलिए आप अपने सपनों को सिर्फ लोकल ना रखें ग्लोबल बनाएं। इस मंत्र को याद रखिए- लेट्स इनोवेट फॉर इंडिया, इनोवेट फ्रॉम इंडिया।

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में हुआ सुधार
उन्होंने कहा कि बीते साल 42 यूनिकॉर्न देश में बने हैं। हजारों करोड़ रुपए की ये कंपनियां आत्मनिर्भर होते हुए आत्मविश्वासी भारत की पहचान हैं। आज भारत तेजी से यूनिकॉर्न की सेंचुरी लगाने की तरफ बढ़ रहा है। भारत के स्टार्ट-अप्स का स्वर्णिम काल तो अब शुरू हो रहा है।

इनोवेशन को लेकर भारत में जो अभियान चल रहा है उसी का प्रभाव है कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भी भारत की रैंकिंग में बहुत सुधार आया है। 2015 में इस रैंकिंग में भारत 81 नंबर पर था। अब इनोवेशन इंडेक्स में भारत 46 नंबर पर है।

2013-14 में जहां 4 हजार पेटेंट्स को स्वीकृति मिली थी, वहीं पिछले वर्ष 28 हजार से ज्यादा पेटेंट्स ग्रांट किए गए हैं। वर्ष 2013-14 में जहां करीब 70 हजार ट्रेडमार्क्स रजिस्टर हुए थे, वहीं 2020-21 में ढाई लाख से ज्यादा ट्रेडमार्क्स रजिस्टर किए गए हैं। वर्ष 2013-14 में जहां सिर्फ 4 हजार कॉपीराइट्स ग्रांट किए गए थे, पिछले साल इनकी संख्या बढ़कर 16 हजार के भी पार हो गई है।

बचपन से ही स्टूडेंट्स में इनोवेशन के प्रति हो आकर्षण
PM मोदी ने आगे कहा कि हमारा प्रयास, देश में बचपन से ही स्टूडेंट्स में इनोवेशन के प्रति आकर्षण पैदा करने, इनोवेशन को संस्थागत करने का है। 9 हजार से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स, आज बच्चों को स्कूलों में इनोवेट करने और नए आइडिया पर काम करने का मौका दे रही हैं।

चाहे ड्रोन को लेकर नए नियम हों, या फिर नई स्पेस पॉलिसी, सरकार की प्राथमिकता, ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इनोवेशन का मौका देने की है। हमारी सरकार ने IPR रजिस्ट्रेशन से जुड़े जो नियम होते थे, उन्हें भी काफी सरल कर दिया है।

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