City Today & : व्यवसाय https://citytoday.co.in/rss/category/Business City Today & : व्यवसाय en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED शेयर बाजार में जोरदार उछाल, टॉप&10 कंपनियों के मार्केट कैप में 4.13 लाख करोड़ की बढ़ोतरी https://citytoday.co.in/5506 https://citytoday.co.in/5506 Mumbai 

भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई जबरदस्त तेजी के बीच देश की सबसे मूल्यवान टॉप-10 कंपनियों में से 8 के मार्केट कैप में कुल 4,13,003.23 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। इस दौरान HDFC बैंक और ICICI बैंक सबसे बड़े मुनाफे वाले शेयर बनकर उभरे। वहीं रिलायंस और इंफोसिस कंपनियां नुकसान में रहीं।

पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक (5.77%) और निफ्टी 1,337.5 अंक (5.88%) की भारी बढ़त के साथ बंद हुए थे। एक्सपर्ट के मुताबिक बाजार में तेजी इन दो
प्रमुख कारणों से आई:

    अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सकारात्मक बनाया।
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से घरेलू चिंताओं में कमी आई और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई।

किन कंपनियों को हुआ फायदा?
    HDFC बैंक: सबसे ज्यादा 91,282.67 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। अब इसका कुल मार्केट कैप 12,47,478.57 करोड़ रुपये हो गया है।
    ICICI बैंक: इसकी वैल्युएशन 76,036.36 करोड़ रुपये बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
    Bajaj Finance: मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपये बढ़ा। अब यह कुल 5,75,206.47 करोड़ रुपये हो गया है।
    Larsen & Toubro (L&T): बाजार पूंजीकरण में 47,624.97 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 5,44,736.59 करोड़ रुपये हो गया।
    Bharti Airtel: कंपनी की वैल्युएशन में 45,873.43 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। अब यह बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपये हो गया है।
    State Bank of India (SBI): इसका मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपये बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपये हो गया।
    TCS: मार्केट कैप 26,303.49 करोड़ रुपये बढ़ा। इसी के साथ यह 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया है।
    Hindustan Unilever (HUL): इसकी वैल्युएशन 21,287.29 करोड़ रुपये बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपये हो गई है।

इन्हें हुआ नुकसान
बाजार की इस रैली के बावजूद दो दिग्गज कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई:
    Infosys: इसका मार्केट कैप 3,285.03 करोड़ रुपये घटकर 5,24,124.40 करोड़ रुपये रह गया।
    Reliance Industries : देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के मार्केट कैप में 947.28 करोड़ रुपये की मामूली गिरावट आई और यह 18,27,086.79 करोड़ रुपये रह गया।

सबसे मूल्यवान कंपनी कौन?
पिछले हफ्ते नुकसान के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।

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Mon, 13 Apr 2026 13:30:04 +0530 news desk MPcg
संघर्ष विराम की खबर से बाजारों में जोश, रुपया मजबूत, शेयर बाजार में जोरदार उछाल https://citytoday.co.in/5445 https://citytoday.co.in/5445 मुंबई 

युद्ध विराम की घोषणा से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है, भारत के लिए भी आज का दिन चौतरफा खुशियां लेकर आया है. शेयर बाजार से लेकर सर्राफा बाजार तक, हर तरफ हरियाली और तेजी का माहौल है. छोटे-बड़े निवेशक सब झूम उठे हैं। 

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्त तक युद्धविराम की खबरों ने वैश्विक बाजारों में उत्साह भर दिया है. बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई. भारतीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान ही निवेशकों को करीब 18 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई। 

1. शेयर बाजार में 'बम-बम' तेजी
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम ने सबसे पहले शेयर बाजार का माहौल बदल दिया है. भारतीय शेयर बाजार के लिए आज दिन बेहद शानदार भरा रहा है, वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों के भरोसे के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल देखा गया. निफ्टी करीब 900 अंक तक उछल गया और 24000 अंक को पार भी कर गया. सेंसेक्स में 3000 अंकों की उछाल देखने मिली। 

2. रुपया हुआ मजबूत
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी आज काफी मजबूत स्थिति में दिखा. विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने जोरदार वापसी की है. डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 के स्तर पर पहुंच गया। 

3. सोने और चांदी ने भी लगाई दौड़
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोने-चांदी की कीमतें भी भागने लगी हैं. जिससे सोने और चांदी में निवेश करने वालों के चेहरे खिल उठे हैं. MCX पर सोना करीब 3,300 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,53,770 रुपये पर पहुंच गया है, यह तेजी वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग के कारण देखी जा रही है। 

चांदी की कीमतों में तो और भी जबरदस्त उछाल आया है. चांदी करीब 13,000 रुपये से अधिक की तेजी के साथ 2,44,910 प्रति किलोग्राम के पार निकल गई है. औद्योगिक मांग और वैश्विक सुधार के चलते चांदी में तेजी लौटी है। 

4. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
युद्ध विराम ने सबसे पहले कच्चे तेल के भाव पर ब्रेक लगाया. कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत लुढ़क कर 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. जिसने भारतीय रुपये को सहारा दिया है. इससे भारत के आयात बिल में कमी आएगी और महंगाई पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। 

बता दें, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन सबसे अहम है. जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह स्थिर रहीं, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है. क्योंकि बुधवार की तेजी में रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी सुधार देखने को मिले हैं। 

व्यापारी संगठनों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल और अन्य सामानों की सप्लाई चेन सुधरेगी। दिल्ली के व्यापारिक केंद्रों चांदनी चौक, सदर बाजार में पहले युद्ध से जो 5000 करोड़ का नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई की उम्मीद बनेगी।

दिल्ली के लोकल बाजारों (दवाइयां, ड्राई फ्रूट्स, आटो पार्ट्स) पर पहले से पश्चिम एशिया युद्ध का असर पड़ा था, जिनकी कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ी थीं। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने युद्ध विराम का स्वागत करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।

इससे न जान माल की क्षति होती है बल्कि, अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है। दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान बंसल ने कहा कि जल मार्ग के साथ हवाई मार्ग प्रभावित होने से आयात निर्यात प्रभावित है। उसके सामान्य होने की उम्मीद है।

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Wed, 08 Apr 2026 17:34:23 +0530 news desk MPcg
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं: EMI पर कोई राहत नहीं https://citytoday.co.in/5433 https://citytoday.co.in/5433 रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं: EMI पर कोई राहत नहीं 

नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के नतीजे आ गए हैं और आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी. बीते फरवरी महीने की तरह इस बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखा गया है, यानी इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई पर कोई भी असर नहीं होगा, न तो ये घटेगी और न ही ये बढ़ेगी। 

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि समिति ने न्यूट्रल रुख बनाए रखा है. रेपो रेट को यथावत रखने के साथ ही SDF 5%, MSF 5.50% पर स्थिर हैं. इसके अलावा FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जाहिर किया है। 

2025 में हुई थी दनादन कटौती
बता दें कि बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी. लेकिन इस साल की पहली बैठक फरवरी में हुई थी और उसमें कटौती के सिलसिले पर ब्रेक लगा था और इस बार फिर इसमें कोई बदलाव न करते हुए केंद्रीय बैंक ने 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा था. पहले से ही ज्यादातर अर्थशास्त्री Repo Rate Unchanged रहने का अनुमान जाहिर कर रहे थे। 

कैसे EMI पर असर डालता है रेपो रेट? 
रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है। 

इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी
आरबीआई की ओर से देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर भी अनुमान जाहिर किए गए हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि  FY26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% रखा गया है. जबकि  FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है. पहली तिमाही के लिए इसे कम करते हुए 6.8% किया गया है। 

महंगाई को लेकर ये अनुमान
Indian GDP के साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा महंगाई का अनुमान भी जाहिर किया. उनके मुताबिक, 2027 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) 4.6% किया गया है. उन्होंने FY27 की पहली तिमाही में CPI बेस्ड महंगाई 4% रहने का अनुमान जताया है, जबकि दूसरी तिमाही के लिए इसे 4.4% किया गया है. इसके अलावा तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई बढ़ने की आशंका जताई गई है और अनुमान को 5.2% किया गया है। 

'भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत'
मिडिल ईस्ट युद्ध और ग्लोबल टेंशन के अलावा डॉलर के मजबूत होने, क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा होने को लेकर बात करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्लबोल टेंशनों से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ा, लेकिन भारत में इसका कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है. दुनियाभर के शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल देखने को मिली. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं. ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। 

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Wed, 08 Apr 2026 14:27:50 +0530 news desk MPcg
ये 5 कारण हैं जिनकी वजह से अचानक बाजार में हलचल मची, आ गई जोरदार रैली https://citytoday.co.in/5423 https://citytoday.co.in/5423 मुंबई 
अचानक सोमवार को शेयर बाजार ने सबको हैरान कर दिया है. सुबह की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी. लेकिन दोपहर 12.30 बजे मार्केट ने पलटी मार दी, और धीरे-धीरे बाजार अब मजबूती के संकेत दे रहे हैं। 

दोपहर ढाई बजे सेंसेक्स 641.81 अंक चढ़कर 73,950 पर कारोबार रहा था. वहीं निफ्टी 190 अंक चढ़कर 22,906 पर कारोबार कर रहा था. एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार में इस अचानक आए उछाल के पीछे वैश्विक के साथ-साथ घरेलू कारण भी हैं. अब निवशेक धीरे-धीरे बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया अपना रहे हैं। 

कारोबार के दौरान Trent के शेयर में 7 फीसदी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के शेयर में करीब 4 फीसदी, टाइटन के शेयर में 3.50 फीसदी, एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. मिडकैप कैटेगरी में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 6.30 फीसदी की जोरदार तेजी है। 

शेयर बाजार में इस तेजी के मुख्य तौर पर 5 कारण हैं.

1. मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत
अमेरिका और ईरान में सुलह के संकेत से बाजार को बल मिला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश 45 दिनों के युद्धविराम के लिए चर्चा कर रहे हैं. इस खबर ने बाजार में छाई अनिश्चितता को कम किया है. ईरान द्वारा ओमान के साथ मिलकर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'में आवाजाही के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने की घोषणा से भी निवेशकों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का डर कम हुआ। 

2. आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. बाजार के जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी ब्याज दरों (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रख सकता है. महंगाई पर नियंत्रण और विकास दर को संतुलित रखने के आरबीआई के प्रयासों ने निवेशकों को भरोसा दिया है। 

3. नए वित्त वर्ष से निवेश का आगाज
इसके अलावा अप्रैल का महीना नए वित्त वर्ष की शुरुआत का समय होता है. पिछले महीने (मार्च) में भारी बिकवाली और सुधार के बाद, कई शेयरों के वैल्युएशन (Valuation) काफी आकर्षक हो गए थे. संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने नए वित्त वर्ष के लिए नए सिरे से पूंजी निवेश शुरू कर दिया है. जिसे बाजार की तेजी का एक तकनीकी कारण माना जा रहा है। 

4. आईटी और बैंकिंग सेक्टर में शानदार खरीदारी
HDFC और Axis बैंक ने चौथी तिमाही के रिजल्ट से पहले अपडेट दिया है, जो कि बाजार को पसंद आया है. यही कारण है कि बाजार की इस रिकवरी को लीड बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों ने किया है. बैंक निफ्टी में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई. इसके अलावा, आईटी सेक्टर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर संकेतों के कारण सकारात्मक रुख बना रहा। 

5. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का समर्थन
भले ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) बिकवाली कर रहे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा है. एलआईसी (LIC) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की ओर से की गई खरीदारी ने बाजार को बड़े क्रैश से बचाया है और सोमवार को रिकवरी का आधार तैयार किया। 

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Mon, 06 Apr 2026 20:36:11 +0530 news desk MPcg
शेयर बाजार में भूचाल: ये तीन कारण जिनकी वजह से सेंसेक्स 1100 अंक गिरा https://citytoday.co.in/5351 https://citytoday.co.in/5351 मुंबई 
शेयर बाजार में जिसका डर था वही हुआ. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को विदेशों से मिल रहे रेड सिग्नल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की बेहद खराब शुरुआत हुआ और मार्केट ओपनिंग के साथ ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में 1100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी 300 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार शुरू किया. बैंकिंग शेयरों में कोहराम मचा नजर आया और Axis Bank, HDFC Bank, Kotak Bank के शेयर बुरी तरह फिसल गए. हालांकि, शुरुआती तेज गिरावट में हल्की रिकवरी होती भी दिखाई दे रही थी। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश 
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,583 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 72,565 के लेवल पर खुला और महज कुछ ही मिनटों ये इंडेक्स फिसलते हुए 72,391 के लेवल पर आ गया. यानी ओपनिंग के साथ ही ये 1192 अंक का गोता लगा गया। 

बात एनएसई निफ्टी इंडेक्स की करें, तो ये अपने पिछले शुक्रवार के बंद 22,819 की तुलना में फिसलकर 22,549 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 349 अंक की गिरावट लेकर 22,470 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया। 

सबसे ज्यादा टूटे ये शेयर
सोमवार को बाजार में आए भूचाल के बीच बैंकिंग स्टॉक्स में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में ही Axis Bank Share (4%), Kotak Bank Share (3%), HDFC Bank Share (2.50%), ICICI Bank Share (1.70%) और SBI Share (1.10%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा बीएसई की लार्जकैप में Bajaj Finance Share (2%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसल गए।  

विदेशों से आए थे रेड सिग्नल 
भारतीय शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों बाजारों से मिल रहे थे. जापान, कोरिया से हांगकांग तक एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ दिखाई दिया था. Japan का निक्केई इंडेक्स 2382 अंक या 4.50 फीसदी क्रैश होकर  50,566 के स्तर पर आ गया था. Hongkong का हैंगसेंग इंडेक्स भी 490 अंक या 1.95 फीसदी टूटकर 24,469 पर ट्रेड कर रहा था। 

साउथ  कोरिया के कोस्पी इंडेक्स की बात करें, तो यह भी क्रैश नजर आया और 215 अंक या 3.96% फिसलकर 5,223 पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (312 अंक), CAC (67 अंक) और FTSE-100 इंडेक्स भी रेड जोन में था। 

शेयर बाजार में गिरावट के तीन बड़े कारण
पहला: Stock Market Crash के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो एशियाई बाजारों में मचे कोहराम की सीधा असर सेंसेक्स-निफ्टी पर दिखा है. Gift Nifty भी क्रैश नजर आ रहा था। 

दूसरा: शेयर मार्केट में गिरावट का दूसरा कारण क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आया बड़ा उछाल है. जी हां, सोमवार को ऑयल मार्केट में भी हड़कंप मचा है और Brent Crude Price एक झटके में उछलकर 116 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. महंगाई का जोखिम बढ़ने के खतरे से शेयर बाजार भी सहमा नजर आया। 

तीसरा: अमेरिका और ईरान में तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है. अटैक जारी हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की बड़ी तैयारी कर ली है. इससे ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंच गई है और शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं। 

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Mon, 30 Mar 2026 14:14:39 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स 1009 अंक लुढ़का, युद्ध और कमजोर रुपया बने गिरावट की वजह—जानें 5 प्रमुख कारण https://citytoday.co.in/5325 https://citytoday.co.in/5325 मुंबई 

 शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है। आइए जानते हैं 5 बड़ी वजहें —

1-मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष
ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है।

एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है।

2-वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति
एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

3- रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है
युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है।

4- कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल ने बढ़ाई टेंशन
सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

5- FPI की निकासी
घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है।

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Fri, 27 Mar 2026 15:47:13 +0530 news desk MPcg
खुलते ही धराशायी हुआ बाजार, सेंसेक्स 1800 अंक गिरा, निफ्टी 23,000 के नीचे https://citytoday.co.in/5278 https://citytoday.co.in/5278 मुंबई 

जिसका डर था वही हुआ, विदेशों से मिल रहे खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध बढ़ने और मिडिल ईस्ट में हाई पर पहुंची टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार का सेंटीमेंट सप्ताह के पहले दिन खराब किया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) ओपनिंग के साथ ही 1800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते के कुछ देर बाद 575 अंक के आसपास बिखर गया. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलती ही क्रैश
शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही हड़कंप मचा हुआ नजर आया है. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 74,532.96 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 73,732 पर ओपन हुआ. इसके कुछ ही मिनटों में ये गिरावट और भी तेज हो गई, जिसके चलते Sensex करीब 1600 अंक गिरकर 72,977 के लेवल पर आ गया. वहीं इसके कुछ मिनटों बाद ही ये गिरावट और बढ़ गई और सेंसेक्स1800 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,724 पर कारोबार करने लगा। 

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि एनएसई का निफ्टी-50 भी खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,114 की तुलना में फिसलकर 22,824 पर ओपन हुआ था और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये मिनटों में 480 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,634 के लेवल पर आ गया और कुछ देर के कारोबार के बाद 575 अंक टूटकर 22,538 पर ट्रेड करता दिखा।

खुलते ही धड़ाम हो गए ये शेयर
सोमवार को बाजार में आए भूचाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीएसई लार्जकैप में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स को देखें, तो Tata Steel Share (4%), SBI Share (3%), Bajaj Finance Share (2.67%), HDFC Bank Share (2.60%), IndiGo Share (2.50%), Titan Share (2.50%), BEL Share (2.49%), Adani Ports Share (2.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

विदेशी बाजारों से मिले थे गिरावट के संकेत 
भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही विदेशों से निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. सोमवार को सभी एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 4.10 फीसदी टूटकर 50,800 के लेवल तक गिरकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसलकर 24,532 पर ट्रेड करता दिखा। 

यही नहीं साउथ कोरिया के कोस्पी में कारोबार की शुरुआत के बाद ही अचानक बड़ा क्रैश आ गया और ये 5.10 फीसदी टूटकर 5,409 पर आ गया. इसके अलावा DAX (2.01%), CAC (1.90%) और FTSE-100 (1.50%) टूटे हुए थे। 

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Mon, 23 Mar 2026 16:14:29 +0530 news desk MPcg
युद्ध की आहट में सोना&चांदी रिकॉर्ड हाई पर? ₹3 लाख चांदी और ₹2 लाख सोने का अनुमान https://citytoday.co.in/5115 https://citytoday.co.in/5115 नई दिल्ली
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। यह लगातार 5वां कारोबारी दिन है जब गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की वजह से निवेशक सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं। जिसकी वजह से इन धातुओं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

आज फिर से बड़ा गोल्ड और सिल्वर का रेट
COMEX गोल्ड का रेट 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ मंगलवार को 5300 डॉलर को पार कर गया है। वहीं, COMEX सिल्वर की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। COMEX Silver का रेट आज 91.61 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंचने में सफल रहा है। बता दें, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का पहला सेशन आज बंद है। एमसीएक्स का दूसरा सेशन आज शाम को 5 बजे से 11 बजे तक खुला रहेगा। सोमवार को एमसीएक्स में गोल्ड का रेट 2.53 प्रतिशत की उछाल के बाद 166199 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का रेट गिरावट के साथ सोमवार को 280090 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।

2 लाख रुपये के पार जाएगा सोना?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता की वजह से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों तेजी का सिलसिला जारी रहेगा। जियोजीत इन्वेस्टमेंट के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “घरेलू बाजार में सोने का भाव अधिकतम 2 लाख रुपये और इंटनरेशनल मार्केट में 6000 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर जा सकता है।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी का भाव 100 डॉलर के स्तर तक फिर से पहुंच सकता है।

एक्सपर्ट रेनिशा का मानना है कि चांदी का रेट 95 डॉलर (293000) के स्तर पर रेसिस्टेंस महसूस कर रहा है। अगर इस स्तर को यह क्रॉस करने में सफल रहा तो चांदी का रेट 310000 रुपये से 325000 रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है। 265000 रुपये का स्तर चांदी का सपोर्ट लेवल है।

सिल्वर ईटीएफ में 139% की तेजी
जनवरी का महीना सिल्वर ईटीएफ के प्रवाह के लिहाज से काफी ऐतिहासिक रहा है। इस दौरान सिल्वर ईटीएफ का नेट प्रवाह 9500 करोड़ रुपये रहा है। दिसंबर 2025 में यह 4000 करोड़ रुपये रहा था।

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Tue, 03 Mar 2026 20:14:15 +0530 news desk MPcg
टैरिफ पर ट्रंप को बड़ा झटका, दूसरी ओर शेयर बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स&निफ्टी में उछाल https://citytoday.co.in/5037 https://citytoday.co.in/5037 Mon, 23 Feb 2026 12:52:43 +0530 news desk MPcg चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट! रिकॉर्ड हाई से ₹1.80 लाख टूटी, सोना भी फिसला https://citytoday.co.in/5004 https://citytoday.co.in/5004 Tue, 17 Feb 2026 12:45:49 +0530 news desk MPcg चांदी की कीमतें भारी गिरावट के साथ ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली – सोना भी गिरावट में https://citytoday.co.in/4997 https://citytoday.co.in/4997 Mon, 16 Feb 2026 14:49:24 +0530 news desk MPcg ₹50,000 से ज्यादा जमा&निकासी पर PAN की झंझट खत्म? 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू https://citytoday.co.in/4976 https://citytoday.co.in/4976 Fri, 13 Feb 2026 13:30:08 +0530 news desk MPcg Gold&Silver Price Today: सोना चमका, चांदी अभी भी ₹1.60 लाख सस्ती — जानिए आज का ताज़ा रेट https://citytoday.co.in/4958 https://citytoday.co.in/4958 Wed, 11 Feb 2026 15:32:56 +0530 news desk MPcg रुपये ने दिखाया कमाल: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India&US ट्रेड डील का असर https://citytoday.co.in/4943 https://citytoday.co.in/4943 Sat, 07 Feb 2026 13:46:10 +0530 news desk MPcg RBI MPC के बड़े फैसले: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाया https://citytoday.co.in/4939 https://citytoday.co.in/4939 Fri, 06 Feb 2026 14:43:01 +0530 news desk MPcg Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में ग्लोबल संकट, हाई से 40% नीचे, भारत में भारी गिरावट https://citytoday.co.in/4936 https://citytoday.co.in/4936 Fri, 06 Feb 2026 14:01:48 +0530 news desk MPcg चार दिन की गिरावट के बाद सोना&चांदी में जोरदार उछाल, सोना ₹5000 और चांदी ₹15000 महंगी https://citytoday.co.in/4915 https://citytoday.co.in/4915 Wed, 04 Feb 2026 13:16:03 +0530 news desk MPcg चार दिन की गिरावट के बाद सोना&चांदी में जोरदार उछाल, सोना ₹5000 और चांदी ₹15000 महंगी https://citytoday.co.in/4916 https://citytoday.co.in/4916 Wed, 04 Feb 2026 13:16:03 +0530 news desk MPcg शेयर बाजार में तूफानी तेजी, निवेशकों की कमाई 6 लाख करोड़ तक पहुँची https://citytoday.co.in/4866 https://citytoday.co.in/4866 Wed, 28 Jan 2026 19:01:18 +0530 news desk MPcg भारतीय परिवारों पर बढ़ता कर्ज, जीडीपी के 41.3% तक पहुंची घरेलू उधारी https://citytoday.co.in/4771 https://citytoday.co.in/4771 Fri, 09 Jan 2026 15:10:13 +0530 news desk MPcg वोडा&आइडिया को राहत: कैबिनेट ने ₹87,695 करोड़ AGR बकाये पर लगाई ‘फ्रीज’, भुगतान 2032 से शुरू होगा https://citytoday.co.in/4741 https://citytoday.co.in/4741 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने कर्ज के बोझ से दबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को एक बड़ी राहत दी है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को एक विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी, इसके तहत कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले का टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और वोडाफोन आइडिया में सरकार की 49% हिस्सेदारी के मूल्य की रक्षा करना है।

भुगतान का नया शेड्यूल किया गया जारी

कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए इस पैकेज के अनुसार, वोडाफोन आइडिया को इस फ्रीज किए गए बकाये का भुगतान तत्काल नहीं करना होगा। सूत्रों ने जानकारी दी है कि ₹87,695 करोड़ के इस बकाये का भुगतान वित्त वर्ष 2031-32 (FY32) से वित्त वर्ष 2040-41 (FY41) के बीच किया जाना है। AGR बकाया राशि को 31 दिसंबर, 2025 की स्थिति के अनुसार फ्रीज किया गया है।

दूरसंचार विभाग (DoT) इस बकाये की राशि का फिर से आकलन करेगा ताकि सटीकता सुनिश्चित की जा सके। राहत के बावजूद, कंपनी को कुछ भुगतानों के लिए मौजूदा समयसीमा का पालन करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 से संबंधित AGR बकाये के भुगतान की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह राशि वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के बीच पूर्व-निर्धारित किस्तों में चुकानी होगी।

सरकार की हिस्सेदारी और बाजार में प्रतिस्पर्धा बचाए रखने की कवायद

सरकार फिलहाल वोडाफोन आइडिया में सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 49% है। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट के इन कदमों का उद्देश्य न केवल सरकारी निवेश को सुरक्षित करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि देश का टेलीकॉम बाजार 'डुओपॉली' (केवल दो कंपनियों का वर्चस्व) बनने से बचा रहे। राहत पैकेज से कंपनी को अपनी सेवाओं के विस्तार, विशेषकर 5G रोलआउट और नेटवर्क अपग्रेडेशन के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट का यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब वोडाफोन- आइडिया लंबे समय से वित्तीय संकट और ग्राहकों की घटती संख्या से जूझ रही है। अक्तूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से एजीआर बकाये के पुनर्मूल्यांकन को सरकार के नीतिगत दायरे में बताया गया था। उसके बाद से ही सरकार की ओर से राहत देने की खबर सामने आने की उम्मीद थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बकाये के भुगतान में पांच साल से अधिक की अतिरिक्त मोहलत मिलने से कंपनी के कैश फ्लो में सुधार होगा। हालांकि, कंपनी की लंबी अवधि की स्थिरता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह आने वाले महीनों में नए निवेशकों से कितनी जल्दी फंड जुटा पाती है और अपने औसत प्रति ग्राहक राजस्व यानी एआरपीयू में कितना इजाफा कर पाती है।

कैबिनेट ने ₹20,668 करोड़ के सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 20,668 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे महाराष्ट्र और ओडिशा में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला महाराष्ट्र के लिए रहा, जहां 374 किलोमीटर लंबे नासिक-सोलापुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस 6-लेन कॉरिडोर के निर्माण पर 19,142 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि नासिक और सोलापुर जैसे औद्योगिक और कृषि केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स दक्षता को भी बढ़ाएगा। ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होने के कारण यह पूरी तरह से नए एलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा।

इसके अलावे, कैबिनेट ने ओडिशा में सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए 1,526 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) के 206 किलोमीटर लंबे हिस्से का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह परियोजना राज्य के आंतरिक क्षेत्रों में माल ढुलाई को सुगम बनाएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी।

 

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Wed, 31 Dec 2025 19:48:33 +0530 news desk MPcg
साल के आखिरी दिन चांदी में बड़ी गिरावट, ₹18,000 तक सस्ती हुई कीमत https://citytoday.co.in/4739 https://citytoday.co.in/4739  नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) लगातार हैरान कर रही हैं. खासतौर पर चांदी के भाव में इस हफ्ते की शुरुआत से ही उथल-पुथल देखने को मिल रही है. सोमवार को ये अचानक 21000 रुपये टूटी थी, तो मंगलवार को फिर तूफानी रफ्तार से भागती हुई नजर आई. साल के आखिरी कारोबारी दिन बुधवार 31 दिसंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खुलने के साथ ही चांदी का वायदा भाव 18000 रुपये तक टूट गया और चांदी सस्ती (Silver Price Crash) हो गई.  

खुलते ही क्रैश हो गई Silver
साल के आखिरी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में (Comex Silver Price) बुरी तरह फिसला, तो ऐसा ही हाल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी देखने को मिली MCX Gold Rate अपने बीते कारोबारी दिन के बंद वायदा भाव 2,51,012 रुपये प्रति किलो की तुलना में बुरी तरह टूटकर ओपन हुआ. ये शुरुआती कारोबार में 18000 रुपये से ज्यादा करीब 6.90% सस्ती होकर 2,32,228 रुपये प्रति किलो पर आ गई. हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा ये कीमती धातु रिकवरी करती हुई भी नजर आई, लेकिन खबर लिखे जाने तक Silver Price 10,812 रुपये (4.31%) की गिरावट के साथ 2,40,200 रुपये पर कारोबार कर रहा था. 

तीन दिनों चांदी में तगड़ा उतार-चढ़ाव
2025 के आखिरी हफ्ते के महज तीन कारोबारी दिनों में ही चांदी के भाव (Silver Rates) में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत हुई थी, 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम तूफानी तेजी पकड़ते हुए 2.54 लाख के पार पहुंच गया था, जो इसका नया लाइफ टाइम हाई लेवल है. लेकिन आधे दिन का कारोबार होने के बाद अचानक ये भर-भराकर टूटने लगी और पलक झपकते ही 21,511 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. 

सोमवार को चांदी की कीमत में आई तेज गिरावट, मंगलवार को देखने को नहीं मिली. दूसरे कारोबारी दिन Silver Price फिर रॉकेट की रफ्तार से चढ़ता हुआ नजर आया और ये 17000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई. लेकिन तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को फिर बाजी पलटी और ये कीमती धातु झटके में 18000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. 

रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती है चांदी? 
अगर बात चांदी के रिकॉर्ड हाई लेवल से आई गिरावट के बारे में करें, तो सोमवार को MCX Silver Price 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंचा था और बुधवार को शुरुआती कारोबार में ये 2,32,228 रुपये तक टूट गया था. ऐसे में लाइफ टाइम हाई से 1 किलो चांदी का वायदा भाव (1 Kg Silver Rate) फिलहाल 21,946 रुपये प्रति किलो तक कम चल रहा है.

Gold का भाव भी झटके में टूटा
सोना भी चांदी की चाल से चाल मिलाकर चलता हुआ नजर आ रहा है. Gold Rate अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1,40,655 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में काफी कम हो गया है. बुधवार को MCX पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव (10 Gram 24 Karat Gold Rate) गिरावट के साथ 1,35,756 रुपये पर कारोबार कर रहा था. ऐसे में अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सोना अब 4,899 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता है. 

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Wed, 31 Dec 2025 19:44:43 +0530 news desk MPcg
सोना ₹1.38 लाख के ऑलटाइम हाई पर, चांदी एक दिन में ₹13,117 उछली; इस साल 150% रिटर्न https://citytoday.co.in/4707 https://citytoday.co.in/4707 इंदौर 

सोने-चांदी की दहाड़ से सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। आज सोने-चांदी के भाव एक और नया इतिहास लिख चुके हैं। दोनों धातुएं आज भी एक नए ऑल टाइम हाई पर हैं। चांदी के भाव एक झटके में 13117 रुपये प्रति किलो उछकर 232100 रुपये प्रति किलो पर खुले। जबकि, सोने के भाव में 1287 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 239063 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 142051 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। MCX पर दोनों कीमती धातुएं अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से बुलियन सेगमेंट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

MCX पर सोना 1.39 लाख के पार, बना नया रिकॉर्ड

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना तेज उछाल के साथ नया इतिहास रच गया। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,39,290 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।दोपहर के कारोबार में भी सोना मजबूती बनाए हुए नजर आया और करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा। निवेशकों का रुझान साफ तौर पर सोने की ओर बढ़ा है।

चांदी की रफ्तार और तेज, 2.33 लाख रुपये के पार

सोने के साथ-साथ चांदी ने भी बाजार में तूफान ला दिया। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 2,33,183 रुपये प्रति किलो का स्तर छूकर नया ऑल-टाइम हाई बना दिया।दिनभर के कारोबार में चांदी में हजारों रुपये की तेजी देखने को मिली, जिसने इसे निवेशकों का सबसे पसंदीदा एसेट बना दिया।

कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव

आज 23 कैरेट गोल्ड भी 1282 रुपये उछल कर 137362 रुपयेकै प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 141482 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है।

22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1179 रुपये चढ़कर 126329 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 130118 रुपये है।

18 कैरेट गोल्ड 966 रुपये की तेजी के साथ 103436 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 106539 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है।

14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 753 रुपये चढ़ा है। आज यह 80680 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 83100 रुपये पर है।

2025 में सोना-चांदी ने दिया जबरदस्त रिटर्न

इस साल की बात करें तो सोना और चांदी दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है, वहीं चांदी ने तो उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाई कराई है। यही वजह है कि मौजूदा समय में बुलियन मार्केट को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चमक, डॉलर के मुकाबले मजबूती

वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा, जबकि चांदी ने भी नया उच्चतम स्तर छू लिया।अमेरिकी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितता ने इस तेजी को और बल दिया।

आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें?

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक तनाव, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर जा रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी सबसे भरोसेमंद निवेश बनकर उभरे हैं।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मौजूदा हालात में बुलियन बाजार का ट्रेंड मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होती हैं, तो मुनाफावसूली का जोखिम भी बढ़ जाता है।निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें और बाजार की दिशा को समझते हुए ही निवेश करें।

इस साल सोना ₹61,752 और चांदी ₹1,46,083 महंगी हुई

    इस साल अब तक सोने की कीमत 61,752 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,37,914 रुपए हो गया है।

    चांदी का भाव भी इस दौरान 1,46,083 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,32,100 रुपए प्रति किलो हो गई है।

गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण

    डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।
    जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
    रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।

चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण

    इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
    ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
    मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी इस साल के आखिर तक चांदी की कीमत 2.50 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है।

वहीं अगर सोने के बात करें इसकी डिमांड में भी तेजी बनी हुई। ऐसे में अगले साल तक ये 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। वहीं इस साल के आखिर तक इसकी कीमत 1.40 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

    मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है।
    आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी।
    स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।
    क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है।

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Fri, 26 Dec 2025 16:51:15 +0530 news desk MPcg
जनवरी से बढ़ेगी इस कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत, अभी खरीदने पर भारी छूट का मौका https://citytoday.co.in/4682 https://citytoday.co.in/4682 नई दिल्ली 
अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए अहम हो सकता है। देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में शामिल एथर एनर्जी ने संकेत दिए हैं कि 1 जनवरी 2026 से उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में इजाफा किया जाएगा। यह बढ़ोतरी कुछ हजार रुपये तक हो सकती है, जिससे नए साल में स्कूटर खरीदना महंगा पड़ सकता है।

किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर
एथर एनर्जी के मौजूदा पोर्टफोलियो में दो प्रमुख इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज शामिल हैं। इसमें परफॉर्मेंस को ध्यान में रखकर तैयार की गई Ather 450 सीरीज और परिवार के उपयोग को ध्यान में रखकर पेश की गई Ather Rizta शामिल है। वर्तमान में इन स्कूटरों की एक्स-शोरूम कीमत अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से करीब 1.14 लाख रुपये से शुरू होकर 1.82 लाख रुपये तक जाती है। जनवरी 2026 से इन सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कीमतें क्यों बढ़ा रही है कंपनी
कंपनी की ओर से बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती लागत, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के महंगे होने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। इन्हीं कारणों की वजह से अब कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा।

दिसंबर में खरीदारी पर बड़ा फायदा
हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल कंपनी की ओर से एक खास ऑफर स्कीम चलाई जा रही है। ‘इलेक्ट्रिक दिसंबर’ नाम की इस स्कीम के तहत चुनिंदा शहरों में ग्राहकों को कुल मिलाकर ₹20,000 तक का फायदा मिल सकता है। ऐसे में जो लोग दिसंबर महीने में स्कूटर खरीदते हैं, वे न सिर्फ कीमत बढ़ने से पहले वाहन ले सकते हैं, बल्कि अच्छी-खासी बचत भी कर सकते हैं।

क्या अभी खरीदना सही रहेगा
अगर आप पहले से ही इलेक्ट्रिक स्कूटर लेने का मन बना चुके हैं, तो मौजूदा समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। एक तरफ जनवरी से कीमतें बढ़ने वाली हैं, वहीं दूसरी ओर अभी सीमित समय के लिए आकर्षक ऑफर्स उपलब्ध हैं। ऐसे में अभी खरीदारी करने से भविष्य की महंगाई से बचा जा सकता है और बजट पर भी कम असर पड़ेगा।

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Wed, 24 Dec 2025 16:04:24 +0530 news desk MPcg
चांदी की कीमतों में ज़बरदस्त उछाल: खुलते ही ₹6000 की तेजी, क्या सच साबित हो रही रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी? https://citytoday.co.in/4660 https://citytoday.co.in/4660 इंदौर 

सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) साल 2025 के आखिरी महीने में धमाल मचा रही हैं. हर रोज ये दोनों कीमती धातुओं नए शिखर पर पहुंचते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तो Silver Price एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही 6000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और चांदी 2,14,471 रुपये के नए हाई पर जा पहुंची. सोना भी कुछ कम नजर नहीं आया और चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखा. MCX Gold Rate देखें, तो खुलने के साथ ही ये 1384 रुपये की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. ऐसे में रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad) के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी सच होते नजर आ रही है. वे अक्सर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चांदी को अमीर बनने का जरिया बताते हैं. 

रुकने का नाम नहीं ले रही चांदी
इस साल हालांकि, Gold-Silver दोनों धातुओं ने धमाल मचाया है, लेकिन चांदी की रफ्तार ने चौंकाने का काम किया है और साल के खत्म होते-होते इसकी कीमतों में तेजी बढ़ती जा रही है. सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी खुलने के साथ ही 6032 रुपये प्रति किलो चढ़ गई और 2.14 लाख रुपये के पार निकल गई. बीते सप्ताह ही इसने इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद इस स्तर पर टिकी हुई है. 

Gold Rate में तेज उछाल 
न सिर्फ चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन तेजी आई है, सोना भी छलांग लगा रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना, अपने पिछले बंद की तुलना में 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बढ़त लेकर खुला. इसके कुछ ही मिनटों में Gold Price 1384 रुपये या 1.03% की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है. 

रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हो रही सच
Silver Rate में लगातार आ रहे उछाल को देखते हुए मशहूर किताब 'Rich Dad Poor Dad' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) की भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है, जिसमें वो कहते नजर आते हैं कि चांदी अमीर बना सकती है. हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए चांदी में निवेश की सलाह दी थी और 2026 के लिए इसे नया टारगेट (Silver Target) दिया था. गौरतलब है कि कियोसाकी अक्सर सोना-चांदी में निवेश की सलाह देते नजर आते हैं. 

'चांद पर पहुंचती जा रही है चांदी…'
अपनी नई पोस्ट में रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चांदी की बढ़ती कीमतों की ओर फोकस करते हुए लिखा कि चांदी चांद पर जा रही है, शायद 2026 में इसका भाव 200 डॉलर प्रति औंस (Silver Price) पर पहुंच जाएगा. बीते साल 2024 में ये सिर्फ 20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही पिछले हफ्ते US FED एक और रेट कट का ऐलान किया था, मैंने और असली चांदी खरीद ली.

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Mon, 22 Dec 2025 20:01:46 +0530 news desk MPcg
JSW MG Motor India बढ़ा रही कारों की कीमतें, जानें नए दाम https://citytoday.co.in/4646 https://citytoday.co.in/4646 मुंबई 
साल 2025 खत्म होने की कगार पर है और वाहन निर्माता कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में संशोधन करने वाली हैं. इसी क्रम में कार निर्माता कंपनी JSW MG Motor India ने अपने सभी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है. कंपनी ने बताया है कि वह जनवरी 2026 से अपनी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने जा रही है.

MG Motor का कहना है कि यह कीमत बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से लागू होगी और यह बढ़ती इनपुट लागत और अन्य मैक्रोइकोनॉमिक कारणों से हुई है. उदाहरण के लिए, MG के सबसे ज़्यादा बिकने वाले मॉडल, MG Windsor EV की कीमत में लगभग 30,000-37,000 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत 14.27 लाख रुपये से 18.76 लाख रुपये के बीच हो जाएगी.

इसी तरह, MG Motor के सबसे किफायती ईवी मॉडल, MG Comet EV की कीमत में 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.64 लाख रुपये से 10.19 लाख रुपये के बीच हो जाएगी.

हाल ही में लॉन्च हुई MG Hector फेसलिफ्ट
बता दें कि MG ने हाल ही में अपनी फेसलिफ़्टेड MG Hector को नए डिज़ाइन के साथ लॉन्च किया है, जिसमें नई फ्रंट ग्रिल, नए इंटीरियर कलर थीम, और नए अलॉय व्हील डिज़ाइन के साथ पेश किया है. इसके इंटीरियर की बात करें, तो इसमें 14-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ Apple CarPlay और Android Auto दिया गया है.

इसके अलावा इसमें स्वाइप जेस्चर, 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर, ऑटो AC और वेंटिलेटेड और पावर्ड फ्रंट सीटें जैसे फीचर्स मिलते हैं. हेक्टर फेसलिफ्ट की कीमतें 11.99 लाख रुपये से शुरू होकर 18.99 लाख रुपये तक जाती हैं.

हाल ही में अपडेटेड 7-सीटर MG Hector Plus की कीमत 17.29 लाख रुपये से 19.49 लाख रुपये के बीच आती है. हालांकि MG Hector के डीज़ल और 6-सीटर वेरिएंट की कीमतों की घोषणा साल 2026 में की जाएगी.

MG की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार चल रही मार्केट की स्थितियों को देखते हुए की गई है, जैसा कि दूसरे ब्रांड्स ने भी इसी तरह की घोषणाएं की हैं. इसी तरह, Mercedes-Benz और BYD जैसी कंपनियों ने भी करेंसी के दबाव और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के कारण अपने-अपने पोर्टफोलियो में कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो जनवरी 2026 से लागू होगी.

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Sat, 20 Dec 2025 19:03:54 +0530 news desk MPcg
115वें स्थापना दिवस पर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अनोखी पहल & स्वस्थ रहे–फिट रहे’ का संदेश: सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की वॉकथॉन में दिखा उत्साह https://citytoday.co.in/4598 https://citytoday.co.in/4598 Tue, 16 Dec 2025 17:46:19 +0530 news desk MPcg TV Price Hike: जनवरी से टीवी होंगे महंगे, एलईडी और स्मार्ट टीवी की कीमतों में 3&4% का इजाफा https://citytoday.co.in/4587 https://citytoday.co.in/4587  नई दिल्ली

क्या आप टेलीविजन (TV) खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, अपनी इस खरीदारी की योजना को आगे बढ़ाना महंगा पड़ सकता है, क्योंकि जनवरी में टीवी की कीमतों में तगड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. रिपोर्ट्स की मानें तो TV Price में 3-4 फीसदी का इजाफा हो सकता है. इसमें कीमतें बढ़ने के पीछे के कारणों का भी जिक्र किया गया है. आइए जानते हैं इसके बारे में…

टीवी की कीमतों पर दोहरी मार
TV Price पर दोहरी मार पड़ने वाली है और जनवरी से इसकी कीमतों में 3 से 4 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है. पीटीआई के मुताबिक, इसके बड़े कारणों में पहला टीवी में लगने वाली मेमोरी चिप्स की कमी है, तो वहीं भारतीय करेंसी रुपया में गिरावट (Indian Rupee Fall) ने भी भारतीय टीवी इंडस्ट्री को मुश्किल में डाल दिया है, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 के नीचे (Rupee Against Dollar) चल रहा है. सोमवार को भी ये फिसला है और 90.63 पर आ गया. 

रुपये का गिरना कैसे मुसीबत? 
सबसे पहले बताते हैं कि आखिर कैसे भारतीय रुपये में गिरावट टीवी इंडस्ट्री को प्रभावित करता है? तो बता दें कि Rupee Fall का सीधा असर इस बिजनेस पर इसलिए पड़ता है, क्योंकि एलईडी टीवी (LED TV) में घरेलू वैल्यू एडिशन सिर्फ़ 30 फीसदी के आस-पास का है. जबकि, ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप्स (Semiconductor Chips) और मदरबोर्ड जैसे बड़े पार्ट्स आयात किए जाते हैं और रुपये के टूटने से उन्हें इम्पोर्ट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. 

Chips संकट ने बढ़ा दी परेशानी
एक ओर जहां रुपये की गिरती कीमत ने TV Industries को मुसीबत में डाला है, तो वहीं दूसरी ओर इसमें इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की कमी और बढ़ती कीमत ने इस परेशानी को बढ़ाने में अहम रोल निभाया है. दरअसल, इनकी उपबल्धता कम होने से Chips Price Rise हो रहा है. रिपोर्ट की मानें तो AI सर्वर के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की भारी डिमांड की वजह से दुनिया भर में इसकी भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे सभी तरह की मेमोरी (DRAM, फ्लैश) की कीमतें बढ़ रही हैं. चिप बनाने वाले ज्यादा मुनाफे वाले AI चिप्स पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे टीवी जैसे पुराने डिवाइस की सप्लाई कम हो रही है.

3 महीने में 500% महंगी हुई चिप
पीटीआई की रिपोर्ट में हायर एप्लायंसेज इंडिया के चेयरमैन एनएस सतीश के हवाले से कहा गया है कि Memori Chips Crisis और रुपये में गिरावट के कारण एलईडी टीवी की कीमतों में 3 फीसदी तक का उछाल हो सकता है. उन्होंने कहा कि कुछ टीवी मैन्युफैक्चरर ने तो पहले ही अपने डीलरों को टीवी की कीमतों में होने वाले इजाफे के संबंध में अलर्ट कर दिया है.

थॉमसन, कोडक और ब्लॉपनक जैसे ग्लोबल ब्रांड्स की लाइसेंसहोल्डर सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि बीते सिर्फ तीन महीनों में ही मेमोरी चिप्स की कीमतें 500% तक बढ़ चुकी हैं.CEO अवनीत सिंह मारवाह ने तो यहां तक कह दिया कि जनवरी से TV Price 7-10 फीसदी तक बढ़ सकता है. 

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Mon, 15 Dec 2025 19:11:49 +0530 news desk MPcg
इनकम टैक्स सुधारों के बाद अब इस बड़े फैसले की तैयारी, वित्त मंत्री के संकेत से बढ़ी हलचल https://citytoday.co.in/4570 https://citytoday.co.in/4570 मुंबई 
इनकम टैक्ससेशन में बदलाव के बाद अब सरकार का अगला फोकस कस्टम ड्यूटी सिस्टम में बदलाव का है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) 2025 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट 2026 से पहले उनकी अगली बड़ी प्राथमिकता कस्टम्स विभाग में व्यापक सुधार करना है। उन्होंने इसे अपना नेक्स्ट बिग क्लीन-अप असाइनमेंट बताया। समिट के 23वें संस्करण में एडिटर-इन-चीफ आर.सुकुमार से बातचीत के दौरान उन्होंने देश की आर्थिक चुनौतियों, सुधारों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।

आगामी बजट के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम्स सिस्टम का ओवरहॉल अब आवश्यक हो गया है। इससे न केवल व्यापार सुगमता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आयात-निर्यात प्रक्रिया और पारदर्शी व सरल होगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में बड़े कदम जल्द ही दिखने वाले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि कस्टम्स विभाग को भी उसी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाए, जैसा बदलाव सरकार ने आयकर प्रशासन में फेसलेस सिस्टम के रूप में लागू किया था।

उन्होंने कहा कि पहले आम धारणा थी कि आयकर की दरें समस्या नहीं हैं। असली परेशानी टैक्स प्रशासन के तरीके से होती है, जो कभी-कभी दर्दनाक और कष्टदायक बन जाता था। इसी वजह से टैक्स टेररिज्म जैसी नकारात्मक अभिव्यक्ति प्रचलन में आई। लेकिन अब ऑनलाइन और फेसलेस सिस्टम ने आयकर प्रक्रिया को काफी सहज बनाया है।

वित्त मंत्री ने बताई सरकार की सफलताएं
इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने समिट में उन प्रमुख बाधाओं का भी जिक्र किया जिन्हें सरकार ने पिछले वर्षों में पार किया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना, वैश्विक युद्धों के कारण खाद्यान्नों पर पड़ा असर, सीमाई तनाव, चुनावी वर्ष में आवश्यक सरकारी खर्च और जम्मू-कश्मीर के बैंकिंग तंत्र व अर्थव्यवस्था को पुनर्स्थापित करना जैसी बड़ी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटा गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया गया, वह सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। आपको बता दें कि समिट में राजनीति और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होने वाली हैं।

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Sat, 06 Dec 2025 16:55:48 +0530 news desk MPcg
भारत से अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात अक्टूबर में 300% बढ़ा https://citytoday.co.in/4559 https://citytoday.co.in/4559 नई दिल्ली 
 भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात अक्टूबर में सालाना आधार पर 300 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात ऐसे समय पर बढ़ा है, जब देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अस्थिरता एवं टैरिफ का सामना कर रहा है। पिछले साल समान अवधि में भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 0.46 अरब डॉलर था।
डेटा के मुताबिक, देश का यूएस को समार्टफोन निर्यात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 10.78 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 3.60 अरब डॉलर था।

भारत ने अमेरिका को अप्रैल में 1.65 अरब डॉलर, मई में 2.29 अरब डॉलर, जून में 1.99 अरब डॉलर, जुलाई में 1.52 अरब डॉलर, अगस्त में 0.96 अरब डॉलर, सितंबर में 0.88 अरब डॉलर के स्मार्टफोन का निर्यात किया था।
भारत की यूएस को शिपमेंट लगातार बढ़ रही है। इसमें सालाना आधार पर वृद्धि देखी जा रही है। पिछले साल अमेरिका को शिपमेंट अप्रैल में 0.66 अरब डॉलर, मई में 0.76 अरब डॉलर, जून में 0.59 अरब डॉलर, जुलाई में 0.49 अरब डॉलर, अगस्त में 0.39 अरब डॉलर और सितंबर में 0.26 अरब डॉलर था।

वैश्विक स्तर पर भी भारत के स्मार्टफोन निर्यात में तेज वृद्धि देखी जा रही है। यह चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में सालाना आधार पर 49.35 प्रतिशत बढ़कर 15.95 अरब डॉलर हो गया है,जो कि पिछले साल समान अवधि में 10.68 अरब डॉलर था।
पिछले महीने इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) की रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि भारत का स्मार्टफोन निर्यात बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 95 प्रतिशत बढ़कर 1.8 अरब डॉलर को पार कर गया है।
आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने निर्यात में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी को लेकर कहा था कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारत के मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की नींव मजबूत हो रही है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, भारत से निर्यात होने वाले सभी सामानों की लिस्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम अब तीसरे स्थान पर हैं। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ग्रोथ से हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।

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Sat, 06 Dec 2025 14:00:56 +0530 news desk MPcg
EV मार्केट में दमदार उछाल: नवंबर 2025 में 61% की बढ़ोतरी, लेकिन मंथ&ऑन&मंथ सेल्स घटीं https://citytoday.co.in/4544 https://citytoday.co.in/4544

मुंबई 

 भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मार्केट नवंबर में साल-दर-साल 61 प्रतिशत बढ़ा है. बीते माह कार निर्माता कंपनियों ने कुल 14,739 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जिससे यह साल 2025 का पांचवां सबसे अच्छा महीना बन गया. वहीं Tata Motors ने 42 प्रतिशत EV शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि JSW MG Motor और Mahindra टॉप तीन में अपनी जगह बनाए हुए हैं.

नवंबर 2025 का महीना नई कार निर्माता कंपनियों के लिए भी एक खास महीना रहा. वियतनामी कार निर्माता VinFast भारत में मौजूद 16 EV कंपनियों में सातवें नंबर पर पहुंच गई, जबकि Tesla ने रिटेल एक्टिविटी का अपना तीसरा महीना पूरा किया.

पुरानी कार निर्माताओं के पोर्टफोलियो बढ़ाने और नए ब्रांड्स के पॉपुलर होने के साथ, नवंबर के आंकड़ों से पता चलता है कि EV सेगमेंट मज़बूती से मज़बूत हो रहा है, भले ही अक्टूबर के पीक के बाद कुल PV सेल्स स्थिर हो गई हो.

मास-मार्केट EV निर्माता

Tata Motors की बिक्री: नवंबर में Tata Motors ने 42 प्रतिशत शेयर के साथ मास-मार्केट EV सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखा है. कंपनी के पोर्टफोलियो में Tata Punch EV और Nexon EV की ज़बरदस्त डिमांड सबसे आगे रही. वहीं Tiago EV ने भी लगातार वॉल्यूम बनाए रखा, जिससे कंपनी को दूसरे मेनस्ट्रीम प्लेयर्स पर अपनी बढ़त बनाने में मदद मिली.

JSW MG Motor की बिक्री: नवंबर में MG Motor की EV सेल्स की बात करें तो यह स्टेबल रही. e-PV मार्केट में कंपनी ने 25 प्रतिशत शेयर पर कब्ज़ा किया, जिसे ज़्यादातर MG Windsor EV से सपोर्ट मिला. फरवरी (3,489 यूनिट्स) के बाद नवंबर 2025 का दूसरा सबसे कम बिक्री का महीना रहा, जबकि जुलाई में सालाना सबसे ज्यादा 5,350 यूनिट्स दर्ज किया गया.

Mahindra Auto की बिक्री: Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने अपनी पकड़ बनाकर रखी है और Mahindra BE 6 और XEV 9e की डिमांड मज़बूत रही. कंपनी ने अपनी पहली मास-मार्केट तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV, Mahindra XEV 9S को भी लॉन्च किया है, जिससे इसकी लाइनअप बढ़ गई है. महिंद्रा ने पिछले महीने 2,940 इलेक्ट्रिक SUV बेचीं, जिससे उसे e-PV सेगमेंट में 20 प्रतिशत शेयर मिला.

Kia India की बिक्री: Kia India की बात करें तो बीते माह कंपनी ने 463 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, और इस बिक्री के साथ कंपनी बाजार में चौथा स्थान हासिल किया है. इस सफलता का मुख्य श्रेय पॉपुलर Kia Carens Clavis EV MPV को जाता है. पिछले महीने कंपनी का कुल EV शेयर 3 प्रतिशत था.

BYD India की बिक्री: दुनिया की सबसे बड़ी EV बनाने वाली कंपनी की लोकल ब्रांच BYD India पांचवें नंबर पर आ गई है. कंपनी जनवरी से अपने Sealion 7 मॉडल की कीमत बढ़ाने का प्लान बना रही है. हालांकि, जो कस्टमर 31 दिसंबर से पहले बुकिंग करेंगे, उन्हें अभी की कीमतें ही मिलेंगी.

Hyundai Motor India की बिक्री: Hyundai Motor ने नवंबर में 372 EV बेचीं, जो साल-दर-साल 1,671 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी है और कंपनी को 2.52 प्रतिशत EV मार्केट शेयर मिला. इस बढ़ोतरी में ज़्यादातर Hyundai Creta Electric का हाथ रहा है, हालांकि इस साल की शुरुआत में शुरुआती बढ़त के बाद बिक्री कम हो गई है.

कुल मिलाकर, मास-मार्केट EV सेगमेंट में महीने-दर-महीने अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें बेहतर अवेलेबिलिटी, बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ते व मिड-रेंज इलेक्ट्रिक मॉडल्स में बढ़ती दिलचस्पी ने मदद की.

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Fri, 05 Dec 2025 12:22:15 +0530 news desk MPcg
RBI फैसले से पहले अनिश्चितता बढ़ी, शेयर बाज़ार में बड़ी गिरावट—कई स्टॉक्स लुढ़के https://citytoday.co.in/4543 https://citytoday.co.in/4543 मुंबई 
भारतीय रिजर्व बैंक आज रेपो रेट पर फैसले का ऐलान करेगे. इससे पहले ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 150 अंक टूट गया, जबकि निफ्ट में 40 अंकों की गिरावट आई थी. लेकनि अभी तेजी के साथ निफ्टी 26000 के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि सेंसेक्‍स 85283 पर बना हुआ है. 

बीएसई सेंसेक्‍स के 14 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 16 शेयरों में शानदार उछाल आई है. बैंकिंग, डिफेंस और आईटी शेयर  इस तेजी को लीड कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा उछाल जोमैटो, बीईएल और बजाज फाइनेस जैसे शेयरों में देखी जा रही है. रिलायंस, ट्रेंट, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स के श्‍ेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट है. 

ये शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे 
हिंदुस्‍तान कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी के शेयरों में आज करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 20 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Kaynes Technology India के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं. इंडिया सीमेंट और राउट मोबाइल के शेयर में 4 फीसदी की कमी आई है. 

इन सेक्‍टर्स में उछाल 

सेक्‍टर की बात करें तो मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएययू बैंक, हेल्‍थकेयर, कंज्‍यूमर्स को छोड़कर आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्‍टर्स में उछाल आई है. इस सेक्‍टर्स के शेयर तेजी दिखा रहे हैं. वहीं डिफेंस शेयर भी अच्‍छी तेजी दिखा रहे है.

बीएसई पर आज 3,342 शेयर एक्टिव हैं, जिसमें से 1326 शेयरों में उछाल दिख रही है और 1847 शेयरों में गिरावट आई है. वहीं 169 शेयर अनचेंज हैं. 42 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर है और 140 शेयर 52 सप्‍ताह के न‍िचले स्‍तर पर हैं. 72 शेयरों में अपर सर्किट और 66 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है.

आरबीआई के फैसले का इंतजार 

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक की 2 दिनों तक चली मोनिटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए फैसले का आज ऐलान होगा. आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा आरबीआई के फैसले का ऐलान करेंगे, जिसमें रेपो रेट में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. हालांकि अभी इस उम्‍मीद पर शेयर बाजार रिएक्‍ट नहीं कर रहा है. 

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Fri, 05 Dec 2025 12:19:39 +0530 news desk MPcg
मारुति वैगनआर: देश की टॉप हैचबैक पर साल की बड़ी पेशकश, ग्राहकों को मिल रहा बड़ा लाभ https://citytoday.co.in/4523 https://citytoday.co.in/4523 मुंबई 

साल के अंतिम महीने में मारुति सुजुकी ने ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफरों की घोषणा की है, जो खासकर उन खरीदारों के लिए बेहद लाभकारी है जो कम बजट में भरोसेमंद फैमिली कार खरीदना चाहते हैं। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर पर इस दिसंबर भारी बचत का मौका दिया है, जिसके तहत ग्राहक कार खरीदते समय कुल ₹58,100 तक की राहत पा सकते हैं। साल के अंत की यह स्कीम सीमित समय के लिए है और कंपनी के एरिना नेटवर्क पर लागू की गई है। वैगनआर पर मिल रहा अब तक का सबसे बड़ा लाभ
मारुति सुजुकी की वैगनआर लंबे समय से देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली फैमिली हैचबैक में शामिल है। इस कार की लोकप्रियता कम मेंटेनेंस खर्च, बेहतर माइलेज और विशाल केबिन स्पेस के कारण लगातार बनी हुई है। कंपनी ने बताया कि इस महीने वैगनआर के सभी वैरिएंट्स पर भारी राहत लागू की गई है। ग्राहक कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर और अतिरिक्त लाभ के माध्यम से कुल मिलाकर ₹58,100 तक की बचत कर सकते हैं। यह ऑफर उन खरीदारों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा जो लंबे समय से इस मॉडल को खरीदने का प्लान बना रहे थे।

कीमत और खरीदारी का आकर्षक मौका

मारुति वैगनआर की कीमतें बाजार में पहले से ही किफायती मानी जाती हैं। इसका बेस मॉडल करीब ₹4.99 लाख से शुरू होता है, जबकि टॉप वैरिएंट की कीमत लगभग ₹6.95 लाख तक जाती है। ऐसे में जब इस पर ₹58,100 तक का लाभ मिल रहा हो, तो यह डील स्वभाविक रूप से और भी आकर्षक बन जाती है। कम कीमत और बेहतर फीचर्स के चलते वैगनआर शहरी तथा उपनगरीय दोनों प्रकार के ग्राहकों की पसंद में लंबे समय से बनी हुई है।

माइलेज, स्पेस और फीचर्स बनाते हैं इसे खास
वैगनआर अपनी मजबूत माइलेज परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है। कंपनी ने इसे एक ऐसी फैमिली कार के रूप में विकसित किया है जो शहर और हाईवे दोनों जगह संतुलित ड्राइविंग अनुभव देती है। इसके बड़े केबिन और पर्याप्त हेडरूम की वजह से यह छोटे परिवारों के लिए आदर्श विकल्प मानी जाती है। साथ ही, मारुति का विस्तृत सर्विस नेटवर्क इसे रखरखाव के मामले में और भी सुविधाजनक बनाता है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें 6 एयरबैग शामिल किए गए हैं, जो इस सेगमेंट में बड़ी बात मानी जाती है।

ऑफर की उपलब्धता और जरूरी सावधानियां
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ऑफर हर शहर में एक समान नहीं हो सकते। डिस्काउंट की वास्तविक राशि डीलरशिप, शहर और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर बदल सकती है। इसलिए खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे कार की बुकिंग से पहले अपने नजदीकी मारुति एरिना डीलर से ऑफर की सही स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। स्टॉक सीमित होने की वजह से इन ऑफरों का लाभ पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर मिलेगा।

फैमिली कार खरीदने का बेहतरीन समय
अगर आप इस महीने किसी भरोसेमंद, किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी फैमिली कार की तलाश में हैं, तो वैगनआर इस समय सबसे आकर्षक विकल्प बनकर सामने आई है। 34 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज, 6 एयरबैग जैसे सुरक्षा फीचर्स और ₹58,100 तक की बचत इसे साल की सबसे शानदार डील बना देते हैं। दिसंबर 2025 कार खरीददारों के लिए निश्चित रूप से एक फायदे का समय साबित हो रहा है।

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Thu, 04 Dec 2025 13:44:51 +0530 news desk MPcg
RBI का नया नियम: सेविंग अकाउंट में 1 लाख तक सभी बैंकों में एक जैसा ब्याज, जानें कैसे होगा रिटर्न कैलकुलेट https://citytoday.co.in/4508 https://citytoday.co.in/4508 नई दिल्ली

देश में सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करने वाले लाखों लोगों के लिए RBI ने एक बड़ा फैसला लिया है. कई लोग यह सोचकर परेशान रहते थे कि किस बैंक में खाता खुलवाएं, किस बैंक में ब्याज ज्यादा मिलेगा या कौन सा बैंक सुरक्षित है. अब RBI के नए नियम ने इस उलझन को काफी हद तक खत्म कर दिया है. क्योंकि अब 1 लाख रुपये तक की जमा राशि पर पूरे देश के सभी कमर्शियल बैंक एक जैसा ब्याज देंगे. यानी चाहे आपका खाता SBI में हो, कैनरा बैंक में या किसी और बैंक में अब ब्याज में फर्क नहीं पड़ेगा.

RBI का नया नियम क्या कहता है?

RBI ने सभी कमर्शियल बैंकों को निर्देश दिया है कि सेविंग अकाउंट  में 1 लाख रुपये तक जो भी रकम जमा रहेगी, उस पर सभी बैंक एक समान ब्याज दर लागू करेंगे. अब तक हर बैंक अपने हिसाब से अलग-अलग ब्याज देता था, जिसकी वजह से ग्राहकों में कन्फ्यूजन रहता था. लेकिन नए नियम के बाद इस रकम तक ब्याज दर पूरी तरह एक जैसी होगी, जिससे आम ग्राहको को सुविधा होगी.

न्यूनतम अवधि से पहले एफडी तोड़ने पर ब्याज नहीं

आरबीआई ने बचत, चालू बैंक खाते समेत सावधि जमा (एफडी) और ओवरड्यू एफडी समेत अन्य नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इसके मुताबिक, बैंक द्वारा तय न्यूनतम अवधि से पहले एफडी तोड़ने पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। आरबीआई ने एफडी की न्यूनतम मानक अवधि सात दिन की है, लेकिन बैंक अपने मुताबिक इसे अधिक न्यूनतम अवधि तय कर सकते हैं।

नए नियमों में न्यूनतम अ‌वधि पूरी होने पर एफडी तोड़ी जाती है तो बैंक आपको वही ब्याज देगा, जो उस अवधि के लिए लागू है। यानी जितने समय तक पैसा बैंक में रहा, इस अ‌वधि का ही ब्याज मिलेगा। पहले से तय तय की गई ऊंची ब्याज दर लागू नहीं होगी। यही नहीं, नए नियमों में यह भी जोड़ा गया है कि अगर किसी एफडी की मेच्योरिटी पीरियड गैर-कारोबारी दिन पर पड़ती है, तो ग्राहक को उस दिन का भी ब्याज मिलेगा और बैंक अगले कार्यदिवस को भुगतान करेगा।
बैंकों को स्पष्ट करने होंगे नियम

नए नियमों के अनुसार, अब बैंकों को एफडी से जुड़े सभी नियम ग्राहकों को पहले से स्पष्ट रूप से बताने होंगे। मसलन, एफडी की न्यूनतम अ‌वधि की सीमा कितनी है। यदि इससे पहले एफडी तोड़ने हैं तो कितना जुर्माना लगेगा। जुर्माना की रकम बैंक खुद तय कर सकते हैं।
सभी शाखाओं में एक जैसी दरें

सभी शाखाओं में एफडी की दरें एक ही तरह की लागू होंगी। ग्राहकों और बैंक के बीच ब्याज दर पर कोई मोलभाव नहीं होगा। हालांकि, बड़े जमा यानी तीन करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी पर अलग ब्याज दरें लागू हो सकती हैं।
बैंक यह नहीं कर सकेंगे

आरबीआई ने नए नियमों के तहत स्पष्ट किया है कि जमा कराने पर लॉटरी, इनाम, विदेश यात्रा जैसी स्कीम नहीं दे सकेंगे। जमा के बदले किसी एजेंट को अवैध कमीशन नहीं दे सकेंगे। सिर्फ कंपाउंड ब्याज दिखाकर भ्रामक विज्ञापन भी नहीं करेंगे। कुछ संस्थाओं और राजनीतिक पार्टियों को सेविंग अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं।
ये नियम भी लागू

    बैंक कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी और उनके कुछ परिजनों को सावधि जमा व बचत खाते पर एक फीसदी अतिरिक्त ब्याज दिया जा सकता है।

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक चाहे तो अलग और अधिक ब्याज दर वाली एफडी स्कीम चला सकते हैं।

    टाइम डिपॉजिट (टीडी) मैच्योर होने के बाद पैसे न निकालने पर बचत खाते की ब्याज दर या टीडी की मूल ब्याज दर यानी दोनों में से कम ब्याज वहीं मिलेगा।

    चालू खाते पर सामान्य रूप से कोई ब्याज नहीं मिलेगा। लेकिन खाता धारक की मृत्यु होने की स्थिति में मृत्यु की तारीख से भुगतान तक बचत खाते वाली दर से ब्याज मिलेगा।

    जमा खातों पर ब्याज दर से जुड़े पुराने सभी दिशानिर्देश रद्द कर दिए गए हैं। अब बैंकिंग क्षेत्र में ब्याज दरों को लेकर एकीकृत और सरल नियमों को लागू किया गया है।

एनआरई और एनआरओ सावधि खाता

अनिवासी भारतीयों के लिए भी आरबीआई ने निर्देश जारी किए हैं। एनआरआई जमा पर ब्याज दर घरेलू सावधि जमा से अधिक नहीं हो सकती। एनआरआई की सावधि जमा की न्यूनतम अवधि एक वर्ष होगा। जबकि एनआरओ की सात दिन होगी। एनआरआई/एनआरओ को जमाओं पर वरिष्ठ नागरिक या बैंक स्टाफ को अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलेगा।

एनआरई खाता अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए एक प्रकार का बैंक खाता है जो उन्हें अपनी विदेशी आय को भारत में रखने और भारतीय रुपये में बदलने की सुविधा देता है। जबकि एनआरओ खाता एक अनिवासी साधारण खाता है जो अनिवासी भारतीयों को भारत में अर्जित आय जैसे कि किराया, लाभांश और पेंशन को प्रबंधित करने की अनुमति देता है।

SBI हो या Canara… अब सबका ब्याज एक जैसा!

RBI का यह नियम सभी बैंकों पर लागू है.भले ही  देश का सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक SBI है या Canara बैंक बचत खाते में 1 लाख तक की राशि पर ब्याज अब सभी जगह समान मिलेगा.

इससे छोटे ग्राहकों का फायदा होगा, क्योंकि  वे अब बैंक चुनने का फैसला केवल सर्विस और सुविधा देखकर ले सकेंगे, ब्याज दरों के अंतर पर नहीं.
1 लाख से ज्यादा रकम पर क्या होगा?

नया नियम केवल 1 लाख रुपये तक की रकम पर लागू होगा. इस सीमा से ऊपर जमा रकम पर बैंक अपनी अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं. यानी अगर किसी के खाते में 1 लाख से ज्यादा बैलेंस है, तो उस पर ब्याज पहले की तरह बैंक की अपनी दरों के अनुसार मिलेगा.
ब्याज की गणना कैसे होगी?

RBI ने यह भी साफ किया है कि ब्याज की गणना हर दिन के अंत में आपके खाते में जितनी राशि है, उसके आधार पर होगी. इससे फायदा यह है कि जिस दिन आपके खाते में बैलेंस ज्यादा होगा, उस दिन ज्यादा ब्याज मिलेगा.

आपके खाते में कब आएगा ब्याज ?

बैंकों को निर्देश दिया गया है कि बचत खाते का ब्याज कम से कम तीन महीने में एक बार खाते में जरूर जमा किया जाए. इससे ग्राहकों को समय-समय पर ब्याज मिल जाएगा और यह पता चलता रहेगा कि कितनी कमाई हुई है.

आम ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिनके खाते में आमतौर पर 1 लाख रुपये तक की सेविंग रहती है. अब उन्हें हर बैंक की अलग ब्याज दरों के चक्कर में नहीं पड़ना होगा. पारदर्शिता बढ़ेगी और बैंक किसी को कम या ज्यादा ब्याज नहीं दे सकेंगे.

RBI ने क्यों लिया यह फैसला?

RBI चाहता है कि बचत खाते की ब्याज दरों में समानता आए और आम लोग आसानी से समझ सकें कि उन्हें कितनी कमाई मिल रही है. यह कदम से पूरा बैंकिंग सिस्टम ज्यादा आसान और पारदर्शी बनेगा.

RBI का यह बदलाव बचत करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत जैसा है.अब बैंक बदलने या ब्याज की तुलना करने का झंझट कम होगा और ग्राहक आसानी से अपनी बचत का प्लान बना सकेंगे.

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Wed, 03 Dec 2025 13:12:52 +0530 news desk MPcg
2 दिसंबर को लॉन्च होगी Maruti Suzuki e&Vitara, जानें इसकी फीचर्स और रेंज https://citytoday.co.in/4479 https://citytoday.co.in/4479 मुंबई 

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki आगामी 2 दिसंबर, 2025 को भारत में अपनी पहली फुली इलेक्ट्रिक कार, Maruti Suzuki e-Vitara को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह है तैयार है. इस मॉडल का प्रोडक्शन अगस्त 2025 में कंपनी की गुजरात में हंसलपुर फैसिलिटी में शुरू हुआ था, और पहला बैच सितंबर 2025 में एक्सपोर्ट किया गया था. भारत में लॉन्च होने के करीब आने के साथ, ही इसके बारे में अब तक काफी जानकारी सामने आ चुकी है.

Maruti Suzuki e Vitara का एक्सटीरियर
Maruti e-Vitara की स्टाइलिंग Maruti Suzuki EVX कॉन्सेप्ट से ली गई है. प्रोडक्शन मॉडल में Y-शेप के DRLs के साथ एंगुलर हेडलैंप यूनिट्स और व्हील आर्च, बंपर और निचले दरवाज़ों के चारों ओर बड़ी क्लैडिंग दी गई है. इसके अलावा, एक कनेक्टेड टेल-लैंप डिज़ाइन भी शामिल किया गया है, जो EVX कॉन्सेप्ट पर दिखाए गए डिज़ाइन से काफी मिलता-जुलता है.

Maruti Suzuki e Vitara का इंटीरियर
वहीं इसके इंटीरियर की बात करें तो, Maruti e-Vitara में ऐसा डैशबोर्ड लेआउट दिया गया है, जो अभी बिक्री पर मौजूद किसी भी दूसरे मारुति सुजुकी मॉडल में नहीं है. एक ही हाउसिंग में लगे दो फ्री-स्टैंडिंग डिस्प्ले, डैशबोर्ड के ऊपर दिए गए हैं, साथ ही पूरे फेशिया में एक चौड़ा, सॉफ्ट-टच पैनल लगाया गया है. सेंट्रल एयर-कंडीशनिंग वेंट्स के नीचे फिजिकल कंट्रोल्स का एक छोटा सेट लगाया गया है. गियर सिलेक्टर को रोटरी डायल से बदल दिया गया है.

Maruti Suzuki e Vitara के फीचर्स
दुनिया भर में, Maruti e-Vitara में ADAS, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.1-इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले, एम्बिएंट लाइटिंग, एक टेलिस्कोपिक स्टीयरिंग व्हील, कीलेस एंट्री और स्टार्ट, चार स्पीकर और एक ऑटो-डिमिंग इंटीरियर रियर-व्यू मिरर जैसे फीचर्स हैं.

वहीं इसके हायर वेरिएंट में 19-इंच एलॉय व्हील, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, एक इनफिनिटी ऑडियो सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, फॉग लैंप और एक 360-डिग्री कैमरा जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स शामिल हैं.

Maruti Suzuki e Vitara का बैटरी पैक, पावर आउटपुट और रेंज
भारत में लॉन् होने वाली, Maruti e-Vitara को इसके दोनों ग्लोबल बैटरी ऑप्शन, 49 kWh और 61 kWh के साथ पेश किया जा सकता है, और बड़ा पैक हायर ट्रिम्स के लिए ही रिज़र्व रखा जा सकता है. इसके लोअर वेरिएंट में फ्रंट-माउंटेड मोटर का इस्तेमाल किया गया है, जो 142 bhp की पावर और 192.5 Nm का टॉर्क बनाती है.

वहीं इसके हायर-वेरिएंट में यही मोटर ज़्यादा पावरफुल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आती है और 172 bhp की पावर उत्पन्न करती है, जबकि टॉर्क एक समान रहता है. इंटरनेशनल मार्केट में इसका AWD वर्जन भी पेश किया जाएगा, लेकिन भारत के लिए इसकी पुष्टि नहीं हुई है. वेरिएंट के आधार पर, Maruti e-Vitara की WLTP-सर्टिफाइड रेंज 428 km तक है.

Maruti Suzuki e Vitara के प्रतिद्वंद्वी
भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद, Maruti e-Vitara का मुकाबला Hyundai Creta Electric, Tata Curvv EV, MG ZS EV और Mahindra BE 6 से होगा. भारत में इसकी बिक्री Maruti Suzuki के NEXA डीलरशिप नेटवर्क के जरिए होगी.

Maruti Suzuki e Vitara की अनुमानित कीमत
जहां UK में कंपनी इस कार को ज्यादा कीमत पर लॉन्च करेगी, वहीं भारत में इस मॉडल के ज़्यादा सस्ता होने की उम्मीद है, क्योंकि इसका प्रोडक्शन Suzuki Motor के गुजरात की हंसलपुर फ़ैसिलिटी में किया जाता है. जहां तक ​​इसकी कीमतों की बात है, तो संभावना जताई जा रही है कि इसकी शुरुआती कीमत लगभग 17 लाख रुपये हो सकती है, और टॉप-ऑफ़-द-टॉप कीमत 23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है.

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Mon, 01 Dec 2025 18:27:39 +0530 news desk MPcg
IPO अलर्ट: Meesho का ₹5421 करोड़ का IPO 3 दिसंबर से खुलेगा, ऑनलाइन कपड़ों की बिक्री करती है कंपनी https://citytoday.co.in/4456 https://citytoday.co.in/4456  नई दिल्ली
अगर आप आईपीओ में निवेश (IPO Investment) का प्लान कर रहे हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली दिग्गज कंपनी मीशो अपना आईपीओ (Meesho IPO) ओपन करने जा रही है. 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ये आईपीओ अगले महीने की शुरुआत में 3 दिसंबर को खुलेगा. इसके लिए प्राइस बैंड से लेकर लॉट साइज तक का खुलासा कर दिया गया है. आइए जानते हैं आप कितनी रकम लगातार इस कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बन सकते हैं? 

3 से 5 दिसंबर तक लगा सकेंगे पैसा
ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली कंपनी मीशो का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 3 दिसंबर को ओपन होगा और इसमें 5 दिसंबर तक यानी तीन दिन तक बोलियां लगाई जा सकेंगी. सॉफ्टबैंक समर्थित इस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का खुलासा भी कर दिया है, जो 105 रुपये से 111 रुपये प्रति शेयर तय किया या है. साइज की बात करें, तो मीशो ने अपने इश्यू के जरिए मार्केट से 5,421.20 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया है. 

4250 करोड़ के नए शेयर जारी 
मीशो आईपीओ के तहत कंपनी 4,250 करोड़ रुपये के नए शेयर निवेशकों के लिए जारी करेगी, तो वहीं प्रमोटर्स द्वारा 10.55 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी. आईपीओ का मैनेजमेंट कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, एक्सिस कैपिटल और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया द्वारा किया जाएगा, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार बनाया गया है. 

10 दिसंबर को होगा मार्केट डेब्यू 
Meesho IPO में 75% हिस्सा क्यूआईबी के लिए, 15% एनआईआई के लिए और 10% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है. 5 दिसंबर को आईपीओ क्लोज होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट प्रोसेस 8 दिसंबर को किया जाएगा, तो वहीं रिफंड प्रोसेस इसके अगले दिन 9 दिसंबर को शुरू होगा. बोली लगाने वालों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट भी इसी दिन किए जाएंगे. जबकि शेयर मार्केट में Meesho Share की लिस्टिंग के लिए 10 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई है. ये लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी. 

15000 रुपये से कम में बनें पार्टनर 
इस बड़ी कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बनने के लिए आपको महज 15,000 रुपये से भी कम खर्च करना होगा. दरअसल, कंपनी ने आईपीओ के तहत 135 शेयरों का लॉट साइज तय किया है. इसका मतलब है कि किसी भी निवेशक को कम से कम इतने शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कैलकुलेट करें, तो कम से कम 14,985 रुपये का निवेश करना होगा.

फिर अगर आपका आईपीओ निकलता है, तो फिर Stock Market में लिस्टिंग पर होने वाले फायदे में आपकी हिस्सेदारी भी पक्की रहेगी. कोई निवेशक अधिकतम 13 लॉट या 1755 शेयरों के लिए बोली लगा सकता है और इसके लिए उसे 1,94,805 रुपये का निवेश करना होगा. 

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Fri, 28 Nov 2025 15:07:28 +0530 news desk MPcg
भारत&अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, क्या 50% तक घट सकते हैं भारी शुल्क? https://citytoday.co.in/4392 https://citytoday.co.in/4392 नई दिल्ली

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, और अब बस इसकी घोषणा का इंतजार है। यह वही समझौता है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% तक के भारी शुल्क को दोबारा से रिव्यू किया जा सकता है। क्या भारत को आखिरकार राहत मिलने वाली है?

अभी अमेरिका ने भारत पर कितना ट्रैफिक लगा रखा है?

पिछले कुछ सालों में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी शुल्क लगने से व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रूसी तेल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगा दी थी। इससे भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई थी। लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि भारत और अमेरिका दोनों इस टैरिफ मुद्दे को हल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “ट्रेड डील का पहला पैकेज लगभग अंतिम चरण में है। यह पैकेज पारस्परिक शुल्कों को संबोधित करेगा।” इसका मतलब साफ है कि इस डील का पहला चरण भारी शुल्कों में बड़ी राहत दे सकता है, जो भारतीय उद्योग और किसानों के लिए बड़ी खबर है।

क्या ट्रंप के भारी टैरिफ अब हट जाएंगे?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी जुर्माने (25% पेनल्टी) को वापस लेगा? अधिकारी का कहना है कि “अगर यह 25% पेनल्टी नहीं हटती, तो इस समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” यानी भारत साफ संकेत दे चुका है कि बिना टैरिफ रिलीफ के वह यह डील आगे नहीं बढ़ाएगा।

कृषि उत्पादकों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा?

अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए चाय, कॉफी, मसाले, कोको, उष्णकटिबंधीय फल, जूस, टमाटर, केले, संतरे और बीफ़ जैसे उत्पादों पर से पारस्परिक शुल्क हटा दिए हैं। भारत इन वस्तुओं का 1 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करता है। यानि इस फैसले से भारतीय किसानों और कृषि निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

क्या अमेरिका 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है?

यहीं कहानी और रोचक हो जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर कोई देश रूस के साथ व्यापार करता है, तो अमेरिका 500% तक टैरिफ लगाने में हिचकेगा नहीं।” यानी अमेरिका अब एक नया कड़ा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध होंगे। यहां सवाल उठता है-

    क्या भारत भी इस नीति की चपेट में आ सकता है?
    क्या इस वजह से भारत-अमेरिका व्यापार डील और तेज की जा रही है?

इस मुद्दे ने पूरी चर्चा को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है।
क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रिश्तों में बड़ा मोड़ साबित होगी?

भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पहला चरण सफल होता है, तो आने वाले महीनों में और भी कई पैकेज लाए जा सकते हैं। यह डील न सिर्फ भारतीय उद्योगों को फायदा देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

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Thu, 20 Nov 2025 18:17:58 +0530 news desk MPcg
अनिल अंबानी ग्रुप पर ED का एक्शन, अब तक 9,000 करोड़ की संपत्ति जब्त https://citytoday.co.in/4390 https://citytoday.co.in/4390 मुंबई 
   देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते कुछ समय में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने उनके नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों पर तगड़ा एक्शन लिया है और ये कार्रवाई लगातार जारी है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अब तक ईडी द्वारा की गई कुर्की की कार्रवाई में करीब 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं.

मुंबई से चेन्नई तक ईडी का एक्शन
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़ी 1400 करोड़ रुपये वैल्यू के एसेट्स को लेकर नए प्रोविजनल अटैचमेंट का ऑर्डर दिया है. इससे पहले ED Action के तहत करीब 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी और नए ऑर्डर के साथ अब अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की जब्त की गई संपत्ति की कुल वैल्यू 9000 करोड़ रुपये हो चुकी है. अटैच किए गए एसेट्स नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर में फैले हुए हैं.
 
बता दें कि बीते 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे. उस समय रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं. ईडी ने जिन 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया था, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका एक आवास भी शामिल था. वहीं अब नए एसेट्स भी जब्त किए गए हैं. 

14 नवंबर को ED ने किया था तलब
Anil Ambani Reliance Group पर ईडी की 
लगातार कार्रवाई के बीच हालांकि, उनकी कंपनियों की ओर से सफाई भी जारी की जा चुकी है. इसमें साफ किया गया कि इससे उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. कंपनी ने बीते दिनों स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि ईडी द्वारा कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशन (Reliance Communication) की हैं, जो 6 साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. रिलांयस पावर और रिलायंस इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को ईडी कार्यालय में भी बुलाया था. 

ED ने की अनिल अंबानी ग्रुप की 7500 करोड़ की संपत्त‍ि जप्त 

अनिल अंबानी की मुश्किलों को बढ़ाने वाला मनी लॉन्ड्रिंग केस उन आरोपों से संबंधित है, जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के जरिए जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था.

अनिल अंबानी के शेयरों पर एक नजर
अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयरों (Anil Ambani Shares) पर नजर डालें, तो सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को उनकी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर (Reliance Infra Share) खबर लिखे जानें तक 4.10 फीसदी की गिरावट लेकर 172 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं दूसरी ओर Reliance Power Share मामूली तेजी के साथ 40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. 

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Thu, 20 Nov 2025 18:01:44 +0530 news desk MPcg
WhatsApp का बड़ा डेटा लीक: Meta की गलती से 3.5 अरब यूजर्स खतरे में https://citytoday.co.in/4379 https://citytoday.co.in/4379 नई दिल्ली

रात के 11 बजे हैं और आपके फोन की स्क्रीन जलती है. WhatsApp पर एक अनजान नंबर से मैसेज आता है. 'Hi' या शायद कोई लुभावना जॉब ऑफर. आप सोचते हैं कि इस इंसान को आपका नंबर मिला कहां से? हम अक्सर इसे इग्नोर कर देते हैं, लेकिन नवंबर 2025 की एक बड़ी रिसर्च ने इस छोटे से सवाल का जवाब दिया है, और जवाब डराने वाला है.

सोचिए दुनिया भर में जितने WhatsApp यूजर्स हैं उन सब का फ़ोन नंबर पब्लिक हो जाए तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही ये मामला है. WhatsApp की पूरी मेंबर डायरेक्टरी ऑनलाइन और अनप्रोटेक्टेड काफी समय तक थी और डार्क वेब पर इसे बेचा भी जा रहा था. 

ऑस्ट्रियन रिसर्चर्स का दावा है कि वो 3.5 बिलियन यूजर्स के फोन नंबर्स और दूसरे प्रोफाइल डेटा वो डाउनलोड कर सकते थे. अगर नंबर्स के हिसाब से देखा जाए तो ये दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक है.

डेटा ब्रीच से मेटा का पुराना रिश्ता…

कैंब्रिज अनालिटिका डेटा ब्रीच किसे याद नहीं है? इसलिए ये कहना सही रहेगा कि मेटा और डेटा ब्रीच का रिश्ता नया नहीं है, तब भी कंपनी ने पल्ला झाड़ा था ये कह कर कि थर्ड पार्टी की तरफ से डेटा लीक हुआ है. 

हैरानी की बात यहां ये भी है कि 2017 में ही मेटा को इस खामी के बारे में बताया दिया गया था. रिसर्चर्स ने कहा है कि ये डेटा साइबर क्रिमिनल्स काफी समय से यूज़ भी कर रहे होंगे. 

इंटरनेट पर इन दिनों एक खबर जंगल की आग की तरह फैली है. ये है WhatsApp Data Breach. दावा है कि दुनिया भर के करीब 350 करोड़ यूजर्स का डेटा खतरे में है. लेकिन जब हमने इसकी गहराई में जाकर जांच की, तो पता चला कि यह कोई मामूली 'हैक' नहीं है जहां किसी ने सर्वर को डिफेस किया गया है.  

यह कहानी है आपकी और हमारी डिजिटल पहचान के 'पब्लिक' हो जाने की, और इसमें सबसे बड़ा विलेन कोई हैकर नहीं, बल्कि सिस्टम की एक खामी है. 

विएना से आया वो खुलासा जिसने सबको चौंका दिया

इस पूरी हलचल की शुरुआत ऑस्ट्रिया (Austria) से हुई. विएना यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी रिसर्चरों ने हाल ही में एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसने मेटा के हेडक्वार्टर में खलबली मचा दी. 

रिसर्चरों ने पाया कि WhatsApp के सिस्टम में एक बहुत ही बेसिक, लेकिन खतरनाक खामी थी. इसे तकनीकी भाषा में 'Contact Discovery Flaw' कहते हैं. 

आसान भाषा में समझें तो यह एक ऑटोमेटेड मशीन की तरह है. रिसर्चर्स ने एक स्क्रिप्ट  तैयार की जो एक घंटे में करोड़ों रैंडम फोन नंबर्स को WhatsApp के सर्वर प्रिंग कराया और हर बार WhatsApp यूजर्स की फोटो से लेकर ऐक्टिव स्टेटस तक पता चल गया जो इस बात का प्रूफ भी है कि वो नबंर असली है और यूज में है. इस तरह के नंबर्स ज्यादा रेट में ब्लैक मार्केट और डार्क वेब पर बिकते हैं. 

एक कमरे में बैठकर कोई व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने के एक्टिव मोबाइल नंबरों की लिस्ट बना सकता है, बिना आपकी जानकारी के. फिर उसे डार्क वेब पर बेचा जाता है और साइबर क्रिमिनल्स उसका फायदा उठाते हैं. 

यह 'Hack' नहीं, 'Scraping' है

आम यूजर के लिए 'हैक' और 'स्क्रेपिंग' में फर्क करना मुश्किल होता है, लेकिन प्राइवेसी के लिहाज से यह समझना जरूरी है. इस मामले में किसी ने आपकी प्राइवेट चैट्स नहीं पढ़ी हैं, WhatsApp की एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) अभी भी सेफ है. 

लेकिन खतरा दूसरी जगह है. इस खामी की वजह से आपका मोबाइल नंबर अब सिर्फ एक नंबर नहीं रहा, वह एक Verified Digital ID बन चुका है.

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स इसे 'Data Enrichment' कहते हैं. जब स्कैमर्स को पक्के तौर पर पता चल जाता है कि फलां नंबर एक्टिव है, उस पर एक असली इंसान मौजूद है, तो उस नंबर की कीमत ब्लैक मार्केट में बढ़ जाती है.

 यही कारण है कि भारत में अचानक से डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स, पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड और स्पैम कॉल्स की बाढ़ आ गई है. आपका डेटा लीक नहीं हुआ, उसे 'खुरच' (scrape) कर निकाला गया है और अब उसे स्कैमर्स के बाज़ार में बेचा जा रहा है.

भारत: स्कैमर्स का पसंदीदा प्लेग्राउंड

भारत, जहां 50 करोड़ से ज्यादा WhatsApp यूजर्स हैं, इस तरह के डेटा ब्रीच का सबसे बड़ा शिकार है. जब भी ग्लोबल लेवल पर डेटा स्क्रैप होता है, तो भारतीय नंबर सबसे पहले टारगेट होते हैं. 

क्या आपको याद है पिछले कुछ महीनों में आपको +92, +84 या +62 जैसे कोड्स वाले नंबरों से वीडियो कॉल्स आई थीं? यह इसी तरह की 'Contact Discovery' का नतीजा था. रिसर्चर्स का मानना है कि हालांकि मेटा ने अब इस खामी को फिक्स कर दिया है, लेकिन जो डेटा पहले ही निकाला जा चुका है, वह अब डार्क वेब पर बेचा जा रहा है. 

मेटा ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने इस वल्नेरेबिलिटी  यानी खामी को ठीक कर दिया है और किसी भी यूजर के अकाउंट हैक होने के सबूत नहीं मिले हैं. यह राहत की बात जरूर है, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करने की वजह नहीं.

तो अब रास्ता क्या है?

इस डिजिटल दौर में अपनी प्राइवेसी को पूरी तरह लॉक करना लगभग नामुमकिन है, लेकिन हम अपने घर का दरवाजा तो बंद कर ही सकते हैं. 

इस घटना से सबसे बड़ा सबक यह मिलता है कि आपको WhatsApp की Default Settings बदलनी होंगी. अगर आपकी प्रोफाइल फोटो और About सेक्शन  Everyone पर है, तो आप खुद स्कैमर्स को दावत दे रहे हैं. इसे बदलकर My Contacts'करना अब एक विकल्प नहीं, जरूरत है. साथ ही, Silence Unknown Callers जैसे फीचर्स को ऑन रखना आपको  भी जरूरी है. 

Meta पर सवाल
Meta पर बड़ा सवाल इसलिए भी उठना लाजमी है कि जब 8 साल पहले से सिक्योरिटी रिसरर्चस इस खामी को बता रहे हैं फिर भी कंपनी ने इसे फिक्स क्यों नहीं किया? ये खामी थी, लेकिन इसे फिक्स करना बेहद आसान था. क्या मेटा ने जानबूझ कर इसे इग्नोर किया और यूजर्स का डेटा लीक होने दिया या फिर ये Meta की लापरवाही है? 

 

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Wed, 19 Nov 2025 19:13:40 +0530 news desk MPcg
संकट के समय गौतम अडानी का सहारा बने राजीव जैन, GQG Partners ने फिर लगाया बड़ा दांव https://citytoday.co.in/4375 https://citytoday.co.in/4375 मुंबई 

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) जब शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) और अमेरिका में Bribery Charges के चलते संकट में थे, तो भारतीय मूल के राजीव जैन (Rajiv Jain) उनके सबसे बड़े मददगार बनकर सामने आए थे. उनकी फर्म जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Parteners) ने अडानी की कंपनियों में ताबड़तोड़ पैसे लगाए थे. इस अरबपति का भरोसा अभी भी अडानी ग्रुप पर कायम है और अब उन्होंने Adani Group की पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाया है.  

5 कंपनियों में लगाए 5094 करोड़
राजीव जैन के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय इन्वेस्टमेंट फर्म GQG पार्टनर्स ने अडानी ग्रुप की पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी में तगड़ा इजाफा किया है. उन्होंने अपनी स्टेकहोल्डिंग बढ़ाने के लिए इनमें 5,094 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवश किया है. ये निवेश बड़ी ब्लॉक डील्स के ज़रिए बढ़ाई गई है. अडानी ग्रप अब पूरी तरह से Hindenburg Case से उबर चुका है और इसकी कंपनियों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. इसके साथ ही अडानी फर्मों में निवेश भी बढ़ता जा रहा है. 

इन कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी
जीक्यूजी पार्टनर्स के Rajiv Jain ने अब अडानी समूह की जिन पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, उनमें अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी पावर शामिल हैं.

पहली कंपनी: Adani Enterprises 
रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज में जीक्यूजी पार्टनर्स इंटरनेशनल इक्विटी सीआईटी ने 2,462 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 1,315.20 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके जरिए उसने 53.42 लाख शेयर खरीदे हैं. विक्रेता रिलायंस ट्रस्ट इंस्टीट्यूशनल रिटायरमेंट ट्रस्ट सीरीज इलेवन था. 30 सितंबर 2025 तक GQG के पास कंपनी में 1.75% हिस्सेदारी थी, जो 2.01 करोड़ शेयरों के बराबर थी.

दूसरी कंपनी: Adani Ports
राजीव जैन की कंपनी ने गौतम अडानी की कंपनी अडानी पोर्ट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हुए करीब 73.17 लाख नए शेयर खरीदे हैं. प्रति शेयर 1,507.6 रुपये के रेट से खरीदे गए इन शेयरों के लिए उनकी कंपनी ने 1,103.14 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया है. इस कंपनी में हिस्सेदारी की बात करें, तो 30 सितंबर तक GQG पार्टनर्स के पास Adani Ports में 2.42% हिस्सेदारी थी.

तीसरी कंपनी: Adani Green Energy
अगला निवेश अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में किया गया है, जिसमें जीक्यूजी पार्टनर्स की हिस्सेदारी अब बढ़कर 2.46% हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने तीन चरण में अपना निवेश बढ़ाते हुए 1,088.6 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 77.39 लाख से ज्यादा शेयरों की खरीदारी की है और इसके लिए 842.53 करोड़ रुपये लगाए हैं. नई शॉपिंग के बाद अब राजीव जैन के पास अडानी ग्रीन के 4.04 करोड़ से ज्यादा शेयर हो गए हैं. 

चौथी कंपनी: Adani Energy Solutions
GQG Partners के निवेश वाली अगली अडानी फर्म Adani Energy Soluions है, जिसमें 54.94 लाख नए शेयरों की खरीद की गई है और अब कंपनी के पास स्टेकहोल्डिंग बढ़कर 2.23 करोड़ इक्विटी शेयर हो गई है, ये कंपनी में 1.86% की हिस्सेदारी है. बता दें कि अरबपति राजीव जैन की कंपनी ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में ये शेयर 1,021.55 रुपये के दाम पर खरीदे हैं. 

पांचवीं कंपनी: Adani Power Ltd
अडानी पावर के शेयरों में भी जीक्यूजी पार्टनर्स ने अपनी हिस्सेदारी में तेज बढ़ोतरी की है. इस अडानी फर्म में भी राजीव जैन की कंपनी ने तीन स्टेज में 1,281.57 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस निवेश के जरिए Adani Power के 83.61 लाख शेयर खरीदे गए हैं और इनका परचेजिंग प्राइस 153.28 रुपये प्रति शेयर था. 

राजीव जैन कौन हैं?
राजीव जैन भारतीय मूल के हैं और साल 1990 में मियामी यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की है. 1994 में Vontobel में शामिल हुए और 2002 में स्विस फर्म के CIO बने. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मार्च 2016 में GQG पार्टनर्स की शुरुआत की थी और इसके लिए अपनी नौकरी को छोड़ दिया था. Forbe's की 2025 की बिलेनियर्स रैंकिंग को देखें, तो राजीव जैन की नेटवर्थ (Rajiv Jain Net Worth) 4.8 अरब डॉलर है. 

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Wed, 19 Nov 2025 18:12:49 +0530 news desk MPcg
टैरिफ वॉर के बीच अमेरिका के साथ रिश्ते सुधरे, रसोई गैस आयात पर बड़ा करार—क्या सस्ता होगा सिलेंडर? https://citytoday.co.in/4350 https://citytoday.co.in/4350 नई दिल्‍ली.
 टैरिफ पर जारी तनाव में कमी आते ही भारत और अमेरिका के बीच रिश्‍ते एक बार फिर सुधरने शुरू हो गए हैं. खबर है कि अमेरिका और भारत के बीच LPG आयात को लेकर बड़ा करार हुआ है. अमेरिका के साथ साल 2026 के लिए लगभग 22 लाख टन प्रतिवर्ष LPG आयात का अनुबंध किया गया है. अनुबंध के तहत भारत के वार्षिक आयात का लगभग 10% अमेरिका से होगा.

इस करार के तहत साल 2026 में आयात शुरू किया जाएगा. भारत की सार्वजनिक तेल कंपनियों ने अमेरिकी कंपनियों के साथ आयात के लिए यह करार किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि यह करार अमेरिकी टैरिफ के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने ट्रेड डील के लिए भारतीय कृषि उत्‍पादों को लेकर अपनी जिद भी छोड़ दी है.

किन कंपनियों ने किया करार
भारत की सरकारी तेल कंपनियों इंडयिन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्‍तान पेट्रोल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मिलकर अमेरिका के साथ एलपीजी का यह करार किया है. एलपीजी वही गैस है, जो रसोई गैस सिलेंडर में भरी जाती है. इस करार के तहत अमेरिका से साल 2026 में 22 लाख टन एलपीजी का आयात किया जाएगा. यह करार सिर्फ एक साल के लिए ही किया गया है. अमेरिका से अगले साल आयात होने वाला एलपीजी भारत के कुल आयात का 10 फीसदी हिस्‍सा होगा. इसे रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. यह आयात अमेरिका के खाड़ी तटीय क्षेत्र से होगा और सीधे भारतीय पोर्ट पर आएगा.

भारत में एलपीजी का कितना आयात
भारत में हर साल एलपीजी का आयात बढ़ता ही जा रहा है. वित्‍तवर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 2.01 करोड़ टन रहा था, जो 2024 में बढ़कर 2.05 करोड़ टन हो गया. भारत में एलपीजी की कुल खपत करीब 3.1 करोड़ टन है और अपनी जरूरत का करीब 66 फीसदी एलपीजी आयात करना पड़ता है. पिछले साल सबसे ज्‍यादा आयात मध्‍य पूर्व देशों से हुआ है. इसमें यूएई से 81 लाख टन तो कतर से 50 लाख टन, कुवैत से 34 लाख टन और सऊदी अरब से 33 लाख टन एलपीजी का आयात किया गया. साल 2025 में शुरुआती तौर पर तो आयात में सुस्‍ती दिखी, लेकिन माना जा रहा है कुल खपत बढ़कर 3.2 करोड़ टन पहुंच सकती है. इस बीच अमेरिका से 22 लाख टन एलपीजी के आयात को भी काफी अहम माना जा रहा है.

भारत में कितना एलपीजी उत्‍पादन
वित्‍तवर्ष 2024 में भारत में करीब 1.3 करोड़ टन एलपीजी का उत्‍पादन हुआ था, जो कुल खपत का करीब 42 फीसदी था और आयात 67 फीसदी के आसपास पहुंच गया था. वित्‍तवर्ष 2025 में अप्रैल तक एलपीजी उत्‍पादन हर महीने करीब 10.0 लाख टन था. इंडियन ऑयल सबसे ज्‍यादा 30 हजार टन एलपीजी का हर साल उत्‍पादन करता है. एक दशक में एलपीजी का उत्‍पादन करीब 30 फीसदी बढ़ा है, लेकिन मांग में भी 32 फीसदी का उछाल आया. इस तरह आयात पर निर्भरता घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है. सरकार ने भी साल 2030 तक एलपीजी उत्‍पादन को 15 फीसदी तक पहुंचाने की योजना बनाई है. इस दौरान हर साल 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है. इसके लिए सरकार ऑयल इंडस्‍ट्री डेवलपमेंट फंड के जरिये 17,700 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.

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Mon, 17 Nov 2025 16:12:00 +0530 news desk MPcg
मोदी सरकार की खास योजना: अब मिलेगा क्रेडिट कार्ड, जानें कितनी है लिमिट https://citytoday.co.in/4332 https://citytoday.co.in/4332 नई दिल्ली 
केंद्र की कई ऐसी स्कीम हैं जिसमें सरकार लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है। ऐसी ही स्कीम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) भी है। बीते साल के आम बजट में सरकार ने इस स्कीम के तहत यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने का ऐलान किया था। इसकी लिमिट 30 हजार रुपये तक की तय की गई है। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर खुदरा और थोक लेनदेन करने पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लोन दिया जाता है ताकि वे अपना काम कर सकें। यह योजना 31 मार्च, 2030 तक के लिए है। पहले योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये दिया जाता था लेकिन बीते अगस्त महीने में सरकार ने इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया। इसी तरह, पहले लोन की दूसरी किस्त 20,000 रुपये होती थी। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये पर है।

अगस्त में क्या बदला था?
बीते अगस्त महीने में सरकार ने बताया था कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी, आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी।

पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है।

 

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Sun, 16 Nov 2025 16:54:06 +0530 news desk MPcg
DA और वेतन आयोग पर नहीं पड़ेगा कोई असर: रिटायर्ड कर्मचारियों को सरकार का स्पष्ट जवाब https://citytoday.co.in/4319 https://citytoday.co.in/4319

नई दिल्ली

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और पे कमीशन से मिलने वाले लाभ बंद कर दिए जाएंगे। यह संदेश लाखों पेंशनर्स के बीच चिंता का कारण बन गया था।

केंद्र सरकार ने अब इस दावे को पूरी तरह नकारते हुए साफ किया है कि रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाला DA और वेतन आयोग का लाभ जारी रहेगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करें और ऐसे वायरल मैसेजों पर विश्वास न करें।

PIB ने बताया सच
प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि वायरल मैसेज झूठा और भ्रामक है। PIB ने कहा कि सरकार ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है जिसमें पेंशनर्स को मिलने वाले लाभ रोके जाने की बात कही गई हो। PIB फैक्टचेक के अनुसार, CCS (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 37 में सिर्फ इतना बदलाव किया गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी गलत काम के कारण बर्खास्त किया जाता है, तो उसके रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पेंशन और अन्य लाभ जब्त किए जा सकते हैं।

सामान्य रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए इस नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। DA की बढ़ोतरी और पे कमीशन के तहत मिलने वाले फायदे उन्हें जारी रहेंगे। मई 2025 में PIB ने इस संशोधन की जानकारी भी प्रेस रिलीज के माध्यम से साझा की थी।

पेंशनर्स को मिली राहत
सरकारी बयान से स्पष्ट हो गया है कि केवल अनुशासनात्मक कारणों से बर्खास्त कर्मचारी ही अपने पेंशन और लाभ खो सकते हैं। अन्य सभी रिटायर्ड कर्मचारियों के DA और पे कमीशन का लाभ बिना किसी रोक के मिलता रहेगा।

 

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Sat, 15 Nov 2025 18:58:41 +0530 news desk MPcg
भारत के लिए बड़ी खुशखबरी: अमेरिका के साथ ट्रेड डील जल्द हो सकती है, पॉजिटिव संकेत https://citytoday.co.in/4315 https://citytoday.co.in/4315 नई दिल्‍ली

भारत और संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में व्‍यापार डील जल्‍द होने जा रही है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने संकेत दिया है कि भारत के साथ लंबे समय से पेंडिंग व्‍यापार समझौते पर बातचीत तेजी से बढ़ी है. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच हालिया चर्चा में काफी पॉजिटिव डेवलपमेंट हुए हैं. 

अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीद पर अपने पहले के टकराव वाले रुख से पीछे हटते हुए, महीनों के टकराव और रुकी हुई वार्ता के बाद व्यापार पर रचनात्मक रूप से जुड़ने की इच्छा का संकेत दिया है. 

गुरुवार को सीनियर अधिकारी ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ दो 2 समानांतर मुद्दों पर काम कर रहा है. पहला- एक पारस्‍परिक व्‍यापार समझौता और दूसरा- भारत द्वारा रूसी तेल के आयात पर जारी चिंताएं. ANI के मुताबिक, सीनियर अधिकारी ने कहा कि मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ हमारी कई साकारात्‍मक तेजी हुई है. उनके साथ हमारी दो बातें चल रही हैं. बेशक हम एक पारस्‍परिक व्‍यापार वार्ता कर रहे हैं, लेकिन रूसी तेल का मुद्दा भी हमारे सामने है, जिसपर हमने बाजार में सुधार देखा है.

अभी डील को लेकर बहुत काम बाकी
अधिकारी ने आगे कहा कि चर्चाओं से साल के अंत से पहले नतीजे मिल सकते हैं, हालांकि अभी बहुत काम बाकी है. उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि हम थोड़ा आराम कर सकते हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है. पारस्‍परि व्‍यापार समझौते से टैरिफ में संतुलन स्‍थापित होगा और दोनों अर्थव्‍यवस्थाओं के बीच बाजार पहुंच बढ़ेगा. 

अमेरिका और  भारत के बीच डील से सुलझेंगे ये मसले
अधिकारी ने कहा कि इस डील से अमेरिकी एग्रीकल्‍चर और इंडस्‍ट्रीज वस्‍तुओं पर टैरिफ, भारत के लिए बड़ा व्‍यापार मार्केट और अमेरिका में भारतीय कारोबारियों के लिए अधिक पहुंच संबंधी कई समाधान होंगे. ध्‍यान देने वाली बात है कि यह खबर ऐसे समय में आई है, जब व्हाइट हाउस ने चार लैटिन अमेरिकी देशों – अर्जेंटीना, अल सल्वाडोर, इक्वाडोर और ग्वाटेमाला के साथ शुरुआती व्‍यापार समझौतों का ऐलान किया है. यह अमेरिका में उपलब्‍ध न होने वाली वस्‍तुओं पर टैरिफ में की की पेशकश करेंगे. 

कई अन्‍य देशों से भी व्यापार को लेकर पॉजिटिव बातचीत
अधिकारी ने वियतनाम, इंडोनेशिया और स्विट्ज़रलैंड के साथ हाल के सहयोग का भी जिक्र किया, जो व्यापक बहुपक्षीय व्यापार ढांचों के बजाय लक्षित समझौतों की ओर बदलाव का संकेत देता है. अधिकारी ने कहा कि हम कई क्षेत्रों में काफी पॉजिटिव बातचीत कर रहे हैं.

नए दूत गोर व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाएंगे
यह नई गति तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी सर्जियो गोर ने भारत में नए राजदूत का पदभार संभाला है. सोमवार को गोर के शपथ ग्रहण समारोह में ट्रंप ने संकेत दिया कि भारतीय आयातों पर टैरिफ में कटौती आगामी व्यापार सफलता का हिस्सा हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि हम ऐसी चीज के बहुत करीब हैं जो वास्तविक अंतर ला सकती है. 

 

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Sat, 15 Nov 2025 17:21:51 +0530 news desk MPcg
एमार ने गुरुग्राम के सेक्टर 86 में लॉन्च किया नया प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ‘सेरेनिटी हिल्स’ https://citytoday.co.in/4297 https://citytoday.co.in/4297 एमार ने गुरुग्राम के सेक्टर 86 में लॉन्च किया नया प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ‘सेरेनिटी हिल्स’

• एमार इंडिया ने गुरुग्राम में अपने नए प्रीमियम हाई-राइज़ रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट का अनावरण किया, जिसमें 8 एकड़ का सेंट्रल ग्रीन और 20 एकड़ से अधिक ओपन लैंडस्केप्ड एरिया शामिल है।

• ओपन-डिज़ाइन कॉन्सेप्ट पर आधारित यह प्रोजेक्ट लगभग 80% यूनिट्स को ग्रीन-व्यू या कॉर्नर यूनिट की सुविधा प्रदान करेगा।

गुरुग्राम

विश्व प्रसिद्ध रियल एस्टेट ब्रांड एमार प्रॉपर्टीज की भारतीय इकाई एमार इंडिया ने सेक्टर 86, गुरुग्राम में अपने नए प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘सेरेनिटी हिल्‍स’ को लॉन्‍च किया है। न्यू गुरुग्राम में स्थित यह प्रोजेक्ट एमार की गुणवत्ता, आधुनिक आर्किटेक्चर और पर्यावरण के प्रति संवेदी दृष्टिकोण का प्रतीक है। प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण के साथ तैयार किया गया ‘सेरेनिटी हिल्स’ उन निवासियों के लिए है जो शहर में रहते हुए भी संतुलित, सुकून भरा और समृद्ध जीवन अनुभव चाहते हैं।

यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सबसे ग्रीन और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स में से एक होगा, जिसे IGBC प्लेटिनम प्री-सर्टिफिकेशन प्राप्त है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है, और पहले चरण में 7 टावरों में करीब 1,000 यूनिट्स लॉन्च की जा रही हैं। बाजार की मांग को देखते हुए, एमार ने इसमें 3BHK और 4BHK के प्रीमियम रेजिडेंशियल विकल्प शामिल किए हैं, जिनमें से अधिकतर यूनिट्स 3BHK अपार्टमेंट्स की होंगी।

मुख्य विशेषताएँ

1. पूरा प्रोजेक्ट 25.90 एकड़ में फैला है, जिसमें वर्तमान चरण 15.217 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है।

2. करीब 8 एकड़ का विस्तृत सेंट्रल ग्रीन स्पेस, खूबसूरत वॉटर फीचर और लंबा वॉकवे (प्रोमेनेड) शामिल है।

3. लगभग 1 लाख वर्गफुट सुविधाएँ, जिनमें 65,000 वर्गफुट का आधुनिक क्लबहाउस – मनोरंजन, फिटनेस और रिलैक्सेशन के लिए।

4. यूनिट कॉन्फ़िगरेशन (पार्किंग सहित):

• 4BHK: 1576 वर्गफुट कार्पेट + 430 वर्गफुट बालकनी | 3 कार पार्किंग

• 3BHK (बड़ा): 1219 वर्गफुट कार्पेट + 318 वर्गफुट बालकनी | 2 कार पार्किंग

• 3BHK (छोटा): 948 वर्गफुट कार्पेट + 235 वर्गफुट बालकनी | 1 कार पार्किंग

इस लॉन्च के अवसर पर एमार इंडिया के सीईओ, श्री कल्याण चक्रवर्ती ने कहा, “हमें ‘सेरेनिटी हिल्स’ पेश करते हुए बेहद प्रसन्नता है। यह प्रोजेक्ट एमार के ‘प्रोडक्ट फर्स्ट’ सिद्धांत और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को दर्शाता है। हमारा प्रयास हमेशा ऐसे स्थान विकसित करना है, जहाँ डिज़ाइन, सुविधाएँ और प्रकृति, तीनों का सुंदर सामंजस्य हो। ‘सेरेनिटी हिल्स’ न्यू गुरुग्राम में एक शांत और हरियाली से घिरा आवासीय वातावरण प्रदान करता है, जहाँ निवासी आधुनिक सुविधाओं और सुसंगठित वास्तुकला के साथ एक संतुलित और बेहतर जीवन जी पाएंगे। यह प्रोजेक्ट भारत में प्रीमियम जीवनशैली को नई दिशा देने का हमारा एक और महत्वपूर्ण कदम है।”

आधुनिक घरों के लिए सोच-समझकर तैयार किया गया डिज़ाइन

‘सेरेनिटी हिल्स’ का लेआउट इस प्रकार विकसित किया गया है कि सभी आवासीय टावर्स एक बड़े केंद्रीय हरियाली क्षेत्र को घेरे हुए हैं। इससे पूरे परिसर में खुलापन, प्राकृतिक रोशनी और बेहतर वेंटिलेशन प्राप्त होता है। करीब 8 एकड़ के इस सेंट्रल ग्रीन की ओर अधिकांश अपार्टमेंट्स का दृश्य खुलता है, जिससे हर निवास को अधिक गोपनीय, सुखद और आरामदायक वातावरण मिलता है। एमार सेरेनिटी हिल्स वास्तु के अनुरूप तैयार किया गया है। प्रोजेक्ट के केंद्रीय क्षेत्र, जिसे ‘ब्रह्मस्थान’ कहा जाता है, को खुला रखा गया है ताकि ऊर्जा प्रवाह सकारात्मक और संतुलित बना रहे।

सेक्टर 86 में स्थित यह प्रोजेक्ट साउदर्न पेरिफेरल रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और एनएच-48 से सुगमता से जुड़ा हुआ है। व्यावसायिक केंद्र, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान और प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएँ इसकी नजदीक हैं। यहाँ से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 40 मिनट, हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन 25 मिनट, और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन 20 मिनट की दूरी पर है। इस प्रकार एनसीआर के सभी हिस्सों तक तेज़ और सुविधाजनक पहुँच संभव है।

सुरक्षा और तकनीक के साथ आधुनिक जीवन

‘सेरेनिटी हिल्स’ में निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सात-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है, जिसमें 24×7 सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल डोर लॉक और एक्सेस-कंट्रोल्ड प्रवेश द्वार शामिल हैं। परिसर में ईवी फास्ट-चार्जिंग सुविधा, हब-लेस पाइपिंग, सुरक्षित फायर ज़ोनिंग, केंद्रीय जल-शोधन प्रणाली और उपयोग में आसान विज़िटर मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ये सभी व्यवस्थाएँ निवासियों के लिए एक सुरक्षित, सुचारु और तनाव-मुक्त जीवन अनुभव सुनिश्चित करती हैं।

सतत विकास के नए मानक

यह प्रोजेक्ट IGBC प्लेटिनम-रेटेड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के सिद्धांतों पर आधारित है। आम क्षेत्रों के लिए सोलर पीवी सिस्टम, मॉड्यूलर वर्षा जल संचयन, एडवांस्ड सीवेज ट्रीटमेंट, ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर, और ऊर्जा-कुशल ग्लेज़िंग यहाँ लागू किए गए हैं। लो-फ्लो फिटिंग्स और प्रत्येक अपार्टमेंट में अलग जल मीटरिंग सिस्टम पानी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देता है। पूरा परिसर NBC 2016 और अन्य सभी सुरक्षा मानकों का पालन करता है तथा भूकंप क्षेत्र 4 के अनुरूप है। लैंडस्केप्ड ज़ोन और शैडेड डेक्स हवा की गुणवत्ता और थर्मल कम्फर्ट को बढ़ाते हैं, जबकि टावर्स को स्थानीय हवा के दबाव के अनुसार संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाया गया है।

स्पेस, लाइट और लग्ज़री पर केंद्रित निवास

एमार इंडिया की डिज़ाइन फिलॉसफी के अनुरूप, ‘सेरेनिटी हिल्स’ के हर टॉवर को संतुलित और कार्यात्मक जीवन-पर्यावरण प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। प्रत्येक टॉवर में 5.5 मीटर ऊँची भव्य लॉबी और चार अपार्टमेंट-प्रति-कोर लेआउट है, जिससे प्राइवेसी और एक्सक्लूसिव रहने का अनुभव बेहतर होता है।

अपार्टमेंट्स में विस्तृत बालकनी, 10 फीट ऊँची छतें, फुल-हाइट कॉर्नर ग्लेज़िंग, और अलग सर्विस एंट्री जैसी विशेषताएँ शामिल हैं, जो आराम, सौंदर्य और स्टाइल का सुंदर संतुलन प्रस्तुत करती हैं।

अपार्टमेंट्स की मुख्य विशेषताएँ:

1. सभी 4BHK यूनिट्स का दृश्य सेंट्रल ग्रीन्स की ओर खुलता है

2. 4BHK और बड़े 3BHK (3BHK-L) में मास्टर बेडरूम के लिए अलग निजी बालकनी

3. कई कमरों को जोड़ती हुई लंबी बालकनी, जिससे लिविंग स्पेस दृश्य रूप से बड़ा महसूस होता है

4. मल्टीपर्पज़ निच — जिसे लॉन्ड्री, पूजा कक्ष या स्टोरेज के रूप में उपयोग किया जा सकता है

5. तीन तरफ़ खुला लेआउट, जिससे प्राकृतिक रोशनी और क्रॉस वेंटिलेशन उत्कृष्ट मिलता है

6. 90% से अधिक यूनिट्स में फुल-हाइट कॉर्नर विंडोज़, जिससे बाहरी दृश्य स्पष्ट और खुला रहता है

7. अपार्टमेंट की एंट्री को एंटे स्पेस से डिज़ाइन किया गया है, जिससे लिफ्ट लॉबी से सीधी नजर न आए और गोपनीयता बनी रहे

8. यूनिट्स को इस प्रकार प्लान किया गया है कि वे एक-दूसरे को ओवरलुक नहीं करतीं, जिससे खुलापन और निजीपन दोनों सुरक्षित रहते हैं

हर जीवनशैली के लिए क्यूरेटेड एक्सपीरियंस

सेंट्रल ग्रीन्स, अरावली रेंज से प्रेरित, इस प्रोजेक्ट की पहचान तय करते हैं, जहाँ ‘सेरेनिटी’ शांति और सुकून का प्रतीक है और ‘हिल्‍स’ प्रकृति और ऊँचाई का। यहाँ का लैंडस्केप जंगल वाले ट्रेल्स, वॉटर बॉडी, मेड़ो, जॉगिंग और साइकिलिंग ट्रैक्स, पेट पार्क और खुले खेल मैदानों के साथ तैयार किया गया है, जो एक जीवंत और समुदाय-केंद्रित जीवनशैली को बढ़ावा देता है।

‘सेरेनिटी हिल्‍स’ में निवासियों के लिए हर उम्र के लोगों के लिए सुविधाओं का खजाना मौजूद है। इस प्रोजेक्ट का स्टेट-ऑफ-द-आर्ट क्लबहाउस तीन स्तरों में फैला हुआ है और यह सामुदायिक जीवन का केंद्र है। इसमें स्विमिंग पूल, योग और जुम्बा स्टूडियोज़, रिलैक्सेशन और वेलनेस ज़ोन, बैंक्वेट हॉल्स, को-वर्किंग स्पेस और वर्क पॉड्स शामिल हैं। इनडोर गतिविधियों के लिए स्क्वैश और बैडमिंटन कोर्ट्स, स्टाइलिश कैफे और लाउंज, मिनी-थिएटर और गेस्ट रूम्स उपलब्ध हैं। आउटडोर में टेनिस/पिकल बॉल कोर्ट, मल्टीपर्पज़ कोर्ट, क्रिकेट नेट, जॉगिंग और साइकिलिंग ट्रैक्स, और खुले लॉन हैं, जो मनोरंजन और सामुदायिक गतिविधियों के लिए परफेक्‍ट हैं।

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Thu, 13 Nov 2025 17:37:42 +0530 news desk MPcg
टाटा की नई कंपनी ने मचाया धमाल! लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा https://citytoday.co.in/4276 https://citytoday.co.in/4276 मुंबई 

टाटा मोटर्स के डिमर्जर (Tata Motors Demerger) के बाद ग्रुप की नई कंपनी टाटा कॉमर्शियल व्हीकल के शेयर स्टॉक मार्केट में बुधवार को लिस्ट हो गए. Tata Commercial Vehicle Share का मार्केट डेब्यू उम्मीद से बेहतर और धमाकेदार रहा है. ये टाटा शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 330.25 रुपये पर लिस्ट हुआ है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसने 335 रुपये के साथ एंट्री मारी है.

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Wed, 12 Nov 2025 18:21:15 +0530 news desk MPcg
LIC ने कमाया 10,000 करोड़ का मुनाफा, जानिए कहां&कहां निवेश करती है प्रीमियम राशि https://citytoday.co.in/4266 https://citytoday.co.in/4266  नई दिल्ली
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC यानी भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India) ने दूसरी तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं. सालाना आधार पर कंपनी के कंसॉलिडेटेड शुद्ध लाभ में करीब 30.7 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. पिछले साल समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट करीब 7,728 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 10,098 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. 

साथ ही, कंपनी की नेट प्रीमियम आय भी बढ़ी है, Q2 में यह 1,26,930 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,20,326 करोड़ रुपये थी, यानी आय में करीब 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में LIC का लाभ करीब 8 फीसदी कम रहा.

अब आइए जानते हैं कि LIC का बिजनेस कैसे चलता है और उसे कमाई कैसे होती है. 
LIC की स्थापना 1956 में हुई थी, जब सरकार ने 245 से ज्यादा प्राइवेट बीमा कंपनियों का विलय करके एक सरकारी बीमा संस्था बनाई. LIC का मुख्य काम लोगों से बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) लेकर बदले में इंश्योरेंस और निवेश पर रिटर्न देना है.

LIC का बिजनेस तीन हिस्सों में बंटा है… 
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. लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance): यह LIC का मुख्य बिजनेस है. लोग LIC से बीमा पॉलिसी खरीदते हैं. जैसे जीवन बीमा, एंडोमेंट प्लान, टर्म प्लान, पेंशन प्लान और चाइल्ड पॉलिसी. हर महीने या सालाना प्रीमियम देने पर LIC पॉलिसी मैच्योर होने पर या मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि (Sum Assured) देती है. इसी प्रीमियम से LIC की सबसे बड़ी आय होती है. 

2. निवेश (Investment Income): LIC अपने पास जमा करोड़ों ग्राहकों का पैसा सरकारी बॉन्ड, शेयर बाजार, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और कंपनियों में निवेश करती है. इन निवेशों पर मिलने वाला ब्याज, डिविडेंड और पूंजीगत लाभ (Capital Gains) LIC की दूसरी बड़ी कमाई है. 

LIC का निवेश पोर्टफोलियो 45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, ये रकम LIC ने देश की बड़ी कंपनियां जैसे Reliance, ITC, HDFC Bank, Infosys, TCS और SBI में निवेश किया है. 

3. Loan और Service Income: LIC अपने पॉलिसीधारकों को पॉलिसी क अगेन्स लोन (Policy Loan) भी देती है. उस पर मिलने वाला ब्याज भी LIC की अतिरिक्त कमाई होती है. इसके अलावा LIC कुछ सेवाओं और फीस (जैसे एजेंट कमीशन या प्रोसेसिंग चार्ज) से भी आमदनी करती है. 

LIC का प्रॉफिट कैसे बनता है?
LIC हर साल अपनी आय में से खर्च (कर्मचारियों की सैलरी, क्लेम पेमेंट, एजेंट कमीशन) घटाकर जो बचता है, वही उसका मुनाफा (Profit) होता है. यह मुनाफा सरकार (जो LIC की सबसे बड़ी शेयरधारक है) और पॉलिसीधारकों में बांटा जाता है. 

इस बीच अक्सर लोगों के मन में ये भ्रम होता है कि LIC शेयर बाजार में निवेश करता है, तो क्या वह हमारे बीमा के पैसे लगाता है या म्यूचुअल फंड के? आइए समझते हैं. 

LIC के पास दो बड़े फंड्स होते हैं… पॉलिसीधारकों का फंड- यह वो पैसा होता है, जो ग्राहक अपनी बीमा पॉलिसी के प्रीमियम के रूप में जमा करते हैं. LIC इस पैसे को सरकार द्वारा तय नियमों के तहत निवेश करता है. भारतीय बीमा नियामक (IRDAI) के अनुसार LIC को अपने निवेश का एक तय हिस्सा अलग-अलग जगहों पर लगाना होता है. नियम के मुताबिक सरकारी बॉन्ड में 50 फीसदी से अधिक, कॉरपोरेट बॉन्ड में 15–20 फीसदी, शेयर बाजार में करीब 20–25 फीसदी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल प्रोजेक्ट पर 5–10% निवेश किया जाता है. यानी LIC अपने निवेश का 20-25% हिस्सा ही शेयर बाजार में लगाता है, बाकी पैसों को सुरक्षित जगहों पर लगाया जाता है.

LIC की एक अलग सहायक कंपनी  LIC Mutual Fund है, यह कंपनी म्यूचुअल फंड स्कीम चलाती है. (जैसे LIC MF Large Cap Fund, LIC MF Flexi Cap Fund वगैरह). लेकिन इसका पैसा निवेशकों (Mutual Fund investors) से आता है, न कि बीमा पॉलिसीधारकों से. 

सवाल- क्या LIC बीमा का पैसा शेयर बाजार में लगाता है?    
जवाब- हां, लगभग 20–25% पैसा शेयरों में निवेश किया जाता है.

सवाल- क्या म्यूचुअल फंड का पैसा LIC के पास जाता है?
जवाब- नहीं, LIC Mutual Fund अलग संस्था है. 
 

सवाल- क्या सरकार इस निवेश को रेगुलेट करती है?    
जवाब- हां, IRDAI और वित्त मंत्रालय इसकी निगरानी करते हैं. 

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Tue, 11 Nov 2025 18:02:20 +0530 news desk MPcg
अब 9 कैरेट गोल्ड को भी मिली हॉलमार्किंग मंजूरी, ज्वैलरी बाजार में नई हलचल https://citytoday.co.in/4250 https://citytoday.co.in/4250 नई दिल्ली

सोने की कीमतों में लगातार उछाल के चलते अब 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहने आम लोगों के बजट से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में 9 कैरेट गोल्ड, जिसमें केवल 37.5% शुद्ध सोना होता है, धीरे-धीरे ज्वैलरी मार्केट में किफायती और फैशनेबल विकल्प के रूप में उभर रहा है।

सरकार ने हाल ही में 9 कैरेट गोल्ड को हॉलमार्किंग की मंजूरी दे दी है, जिससे यह औपचारिक रूप से भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानक के तहत आता है। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ताओं को इस गोल्ड की शुद्धता और गुणवत्ता की आधिकारिक गारंटी मिलती है। हर हॉलमार्क वाले गहने पर BIS का लोगो, सोने की शुद्धता का ग्रेड (375) और 6 अंकों का यूनिक HUID कोड अंकित होगा, जिससे मिलावट की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। आज 9 कैरेट गोल्ड का भाव प्रति ग्राम ₹4,332.79 दर्ज किया गया, जो पिछले स्तर की तुलना में ₹57.75 (1.35%) की बढ़त को दर्शाता है।

9 कैरेट गोल्ड की खासियत:
इस गोल्ड में शेष 62.5% मिश्र धातुएं—जैसे तांबा और चांदी—इसे मजबूत और टिकाऊ बनाती हैं। हल्का होने के कारण यह रोजमर्रा पहनने के लिए सुरक्षित और आरामदायक है। युवा वर्ग और फैशन-प्रेमी अब इसे ट्रेंडी हार, पेंडेंट, ब्रेसलेट और इयररिंग्स में प्राथमिकता दे रहे हैं।

बाजार पर असर:
हॉलमार्किंग की मंजूरी से 9 कैरेट गोल्ड की विश्वसनीयता बढ़ी है। ज्वैलरी उद्योग में नए ग्राहक आकर्षित होंगे, खासकर पहली बार गोल्ड खरीदने वाले और हल्की, मॉडर्न ज्वैलरी पसंद करने वाले लोग। साथ ही यह भारतीय ज्वैलरी को निर्यात बाजार में भी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के बढ़ते दामों और युवा वर्ग के हल्के गहनों की बढ़ती मांग के बीच 9 कैरेट गोल्ड एक सस्ता, सुरक्षित और स्टाइलिश विकल्प साबित होगा।

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Mon, 10 Nov 2025 19:25:45 +0530 news desk MPcg
2026 तक सोने के दामों में संभावित 25%–40% की बढ़ोतरी: 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.62 लाख से ₹1.82 लाख तक https://citytoday.co.in/4244 https://citytoday.co.in/4244 मुंबई 
अगर आप भी निवेश के मकसद से गोल्ड खरीदने का सोच रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है. फेस्टिव सीजन में सोने (Gold) और चांदी (Silver) की डिमांड सबसे अधिक रहती है. जैसे ही फेस्टिव सीजन खत्म होता है अक्सर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है. हालांकि, पिछले दो दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है. लेकिन सवाल ये है कि क्या अगले साल तक सोने की कीमतें इतनी ही रहेंगी या कम होंगी? आइए जानते हैं कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने अगले साल की सोने की कीमतों को लेकर क्या भविष्यवाणी की है.

25%–40%​ बढ़ सकती है सोने की कीमत

गोल्डमैन सैक्स रिसर्च के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक 25% बढ़ सकती है. 2025 में गोल्ड की कीमतें 40% से अधिक बढ़ चुकी है और ये लगातार तीसरे साल डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज करने की राह पर है. गोल्डमैन सैक्स रिसर्च की विश्लेषक लीना थॉमस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक $4,000 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंचने की संभावना है. 

हाल ही में, दिवाली 2025 के दौरान, 24 कैरेट सोने की कीमत 17 अक्टूबर 2025 को ₹13,277 प्रति ग्राम तक पहुँच गई थी. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगली वित्तीय मंदी के दौरान यह धातु फिर से तेजी दिखा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे पिछली मंदी में सोने की कीमत में लगभग 50% की छलांग देखी गई थी.

बाबा वेंगा का प्रेडिक्शन 

विश्लेषकों के मुताबिक, दिवाली 2026 तक सोने की कीमत 25%–40% तक बढ़ सकती है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.62 लाख से ₹1.82 लाख के बीच पहुंच सकती है. इसके पीछे वैश्विक व्यापार तनाव, महंगाई और बैंकिंग अस्थिरता को मुख्य कारण माना जा रहा है. बुल्गारिया की मशहूर बाबा वेंगा ने कथित तौर पर 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट की चेतावनी दी है. उनकी भविष्यवाणी के अनुसार इस संकट के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. 

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Mon, 10 Nov 2025 17:06:14 +0530 news desk MPcg
बच्चों के सुनहरे भविष्य की गारंटी: LIC लेकर आया शानदार निवेश प्लान https://citytoday.co.in/4243 https://citytoday.co.in/4243 हर माता-पिता की यही इच्छा होती है कि वे अपने बच्चों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा तैयार करें ताकि भविष्य में उनकी पढ़ाई, करियर या शादी जैसी जरूरतें पैसों की कमी से प्रभावित न हों। आमतौर पर लोग इसके लिए बैंक की एफडी या आरडी  का सहारा लेते हैं, लेकिन इन पर मिलने वाला ब्याज अब पहले जैसा आकर्षक नहीं रह गया है। ऐसे में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की नई स्कीम ‘अमृत बाल’ बच्चों के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प बनकर उभर रही है।

क्या है LIC अमृत बाल स्कीम?
LIC अमृत बाल एक नॉन-लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है, जिसे खासतौर पर बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस स्कीम में माता-पिता अपने बच्चे के नाम पर निवेश कर सकते हैं, जिससे उन्हें एक साथ बीमा सुरक्षा और बेहतर रिटर्न का फायदा मिलता है। इस पॉलिसी के तहत बच्चे की उम्र निवेश के समय कम से कम 30 दिन और अधिकतम 13 वर्ष होनी चाहिए। यह पॉलिसी तब मैच्योर होती है जब बच्चा 18 से 25 वर्ष की उम्र तक पहुंचता है, जिससे उस समय उसकी पढ़ाई, करियर या उच्च शिक्षा की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकें।

प्रीमियम भुगतान के लचीले विकल्प
LIC अमृत बाल स्कीम में निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक रूप से प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा सिंगल प्रीमियम या सीमित अवधि (5, 6 या 7 साल) तक प्रीमियम जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध है। इस स्कीम के तहत न्यूनतम बीमा राशि ₹2 लाख रखी गई है, जबकि अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। अगर पॉलिसी ऑनलाइन खरीदी जाती है, तो ग्राहकों को प्रीमियम पर डिस्काउंट भी मिलता है।

गारंटीड बेनिफिट और बंपर रिटर्न
इस पॉलिसी की खासियत यह है कि इसमें हर साल के अंत में पॉलिसीधारक को ₹80 प्रति हजार मूल बीमा राशि के हिसाब से गारंटीड अतिरिक्त लाभ  मिलता है, बशर्ते पॉलिसी सक्रिय हो। अगर बच्चे की उम्र पॉलिसी लेते समय 8 साल से कम है, तो जोखिम कवर पॉलिसी लेने के दो साल बाद या उसकी सालगिरह से शुरू होता है। यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि माता-पिता के साथ किसी भी अनहोनी की स्थिति में भी बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे।

अन्य सुविधाएं और फायदे
LIC अमृत बाल में प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर का विकल्प दिया गया है। यानी अगर माता-पिता किसी कारणवश प्रीमियम नहीं भर पाते, तो भी बच्चे की पॉलिसी चालू रहती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा भी मिलती है।

क्यों है यह बच्चों के लिए बेस्ट स्कीम?
LIC अमृत बाल स्कीम उन माता-पिता के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। यह न केवल एक लाइफ इंश्योरेंस सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि साथ ही बचत और निवेश का भरोसेमंद विकल्प भी देती है।

जहां बैंक एफडी या आरडी जैसी पारंपरिक योजनाओं में रिटर्न सीमित होता है, वहीं LIC अमृत बाल स्कीम में गारंटीड एडिशन के साथ बेहतर रिटर्न और सुरक्षा दोनों मिलते हैं। यही कारण है कि यह योजना बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक संतुलित और सुरक्षित विकल्प मानी जा रही है।

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Mon, 10 Nov 2025 17:03:05 +0530 news desk MPcg
एशियाई बाजारों में हाहाकार! सेंसेक्स&निफ्टी में गिरावट, खुलते ही गिरे ये 10 बड़े शेयर https://citytoday.co.in/4226 https://citytoday.co.in/4226 मुंबई 
   
एशियाई शेयर बाजारों में मचे कोहराम के बीच भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत बेहद खराब रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 600 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक टूट गया. इस बीच कई दिग्गज कंपनियों के शेयर ओपनिंग के साथ ही बिखर गए, इनमें भारतीय एयरटेल से लेकर एचसीएल टेक तक शामिल हैं. बता दें कि जापान का निक्केई 1100 अंक से ज्यादा टूटकर क्रैश हो गया, तो हांगकांग का हैंगसेंग 300 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था.

सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट 
Share Market में कारोबार शुरू होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,311 की तुलना में फिसलकर 83,150 के लेवल पर ओपन हुआ. लेकिन ये गिरावट कुछ ही मिनटों और इतनी तेज हो गई, कि Sensex 620 अंक की गिरावट लेकर 82,690 पर कारोबार करता दिखाई दिया. 

सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी खुलते ही धराशायी हो गया. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,509 के लेवल से गिरकर 25,433 पर ओपन हुआ और फिर अचानक बुरी तक टूटते हुए 175 अंक 25,334 पर ट्रेड करता नजर आया. 

ये 10 शेयर खुलते ही धड़ाम
शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE लार्जकैप कैटेगरी में शामिल 30 में से 27 स्टॉक रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. टेलीकॉम दिग्गज कंपनी भारतीय एयरटेल के शेयर (Bharti Airtel Share) में ब्लॉक डील की खबर के बाद सबसे ज्यादा गिरावट आई और ये करीब 4% फिसलकर 2012 रुपये पर आ गया. 
इसके अलावा HCL Tech (2%), TCS (1.50%) और Tech Mahindra Share (1.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Hext Share (4%), Escorts Share (3%), Bharti Hexacomm Share (2.90%) और Kaynes Share (2.77%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप कंपनियों में Bliss GVS Share (16%), तो Amber Share (14%) तक फिसल गया.

1586 शेयर गिरावट के साथ ओपन 
खराब ग्लोबल संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुले शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स में भगदड़ मची नजर आई. जब Stock Market में सुबह 9.15 बजे पर ट्रेडिंग शुरू हुई, तो उस समय बाजार में मौजूद 1586 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले फिसलकर ट्रेड शुरू किया. तो वहीं 830 शेयरों ने बिखरे बाजार के बावजूद भी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की, जबकि 131 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई. 

एशियाई बाजारों में मचा कोहराम
शेयर बाजार में खराब शुरुआत के संकेत विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. दरअसल, ज्यादातर Asian Market लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. Gift Nifty 117 अंक की गिरावट में नजर आ रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई तो 1134 अंक फिसलकर 49,749 पर आ गया. हांगकांग का Hanseng 310 अंक की गिरावट लेकर 26,176 पर, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI Index 121 अंक गिरकर 3,906 पर कारोबार कर रहा था. 

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Fri, 07 Nov 2025 14:49:07 +0530 news desk MPcg
ED का सख्त एक्शन: 7500 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए तलब https://citytoday.co.in/4218 https://citytoday.co.in/4218 मुंबई 

अनिल अंबानी की मुश्किलें थमती नजर नहीं आ रही हैं. बीते कुछ दिनों से उनके नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप पर ED की कार्रवाई जारी है और 7500 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की की जा चुकी है. अब प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को ईडी कार्यालय में बुलाया है. ये दूसरी बार है जबकि ईडी ने उन्हें तलब किया है. 

लगातार जारी है ED का एक्शन 
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे. इसके तहत रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई हैं. ईडी ने जिन 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका एक आवास भी शामिल है.

ईडी की कार्रवाई के बाद हालांकि, Anil Ambani Reliance Group की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि इससे उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. कंपनी की ओर से कहा गया कि ईडी द्वारा कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशन की हैं, जो छह साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. रिलांयस पावर और रिलायंस इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

अगस्त में भी हुई थी अनिल अंबानी की पेशी
अनिल अंबानी के रिलायंस समूह पर ईडी की जांच लंबे समय से चल रही है. इससे पहले 5 अगस्‍त को ED ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को कथित लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया था. वहीं उनकी कंपनियों पर तलाशी अभियान भी कई चरण में चलाया जा चुका है. 

अनिल अंबानी की मुश्किलों को बढ़ाने वाला मनी लॉन्ड्रिंग क यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के जरिए जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था. 

दिल्ली, मुंबई से हैदराबाद तक एक्शन
बता दें हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कुर्की की कार्रवाई जिन संपत्तियों पर की गई है. उनमें मुंबई के पाली हिल स्थित आवास, नई दिल्ली स्थित रिलायंस सेंटर की संपत्ति और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई (कांचीपुरम समेत) और पूर्वी गोदावरी में स्थित कई अन्य इन संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय इकाइयां और प्लॉट शामिल हैं.

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Thu, 06 Nov 2025 19:01:17 +0530 news desk MPcg
भारत में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, 11 दिन में ₹10,000 सस्ता; पाकिस्तान में अब भी तीन गुना रेट https://citytoday.co.in/4202 https://citytoday.co.in/4202 इंदौर 

सोना-चांदी की कीमत भारत में बीते कुछ दिनों से तेजी से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हुई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरेलू मार्केट में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड रेट महज 10 कारोबारी दिनों में ही 10,000 रुपये से ज्यादा कम हो चुका है. न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में सोने का दाम फिसला है. पाकिस्तान में तगड़ी गिरावट के बाद भी सिर्फ एक तोला गोल्ड की कीमत (Pakistan Gold Rate) इतनी है, जिसमें भारत में एक ऑल्टो कार खरीदी जा सकती है. 

भारत में ऐसे फिसल रहा सोना
सबसे पहले बताते हैं भारत में Gold-Silver Rate के बारे में, तो बुधवार को कमोडिटी मार्केट से लेकर शेयर बाजार तक बंद हैं, लेकिन बीते कारोबारी दिन मंगलवार को सोना-चांदी तेजी से फिसले थे. MCX पर 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1600 रुपये फिसलने के बाद सुधार के बावजूद 500 रुपये टूटकर 1,19,749 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं चांदी 3000 रुपये से ज्यादा फिसलकर 1.44 लाख रुपये तक पहुंच गई थी. 

घरेलू मार्केट में 11 दिन में ₹10000 सस्ता
बात घरेलू मार्केट की करें, तो साप्ताहिक अवकाश और दीवाली की छुट्टी को हटा दें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट रेट्स के मुताबिक सिर्फ 10 दिन में ही सोना 10,455 रुपये सस्ता हुआ है. दरअसल, बीते 17 अक्टूबर की सुबह कारोबार शुरू होने पर 24 कैरेट सोना 1,30,874 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो बीते कारोबारी दिन मंगलवार की शाम को 1,20,419 रुपये पर बंद हुआ था. 

चांदी की कीमतों में आए बदलाव पर गौर करें, तो इस अवधि में Silver Price में 25,125 रुपये की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इसका भाव इन कारोबारी दिनों में 1,71,275 से कम होकर 1,46,150 रुपये पर आ गया है.    

पाकिस्तान में 1 तोला Gold कितने का? 
अब बताते हैं पाकिस्तान में सोने की कीमत के बारे में, तो 5 नवंबर को देश में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट बीते कुछ दिनों में आई गिरावट के बावजूद 3,60,645 पाकिस्तानी रुपये है. जबकि चंद दिन पहले पाकिस्तान 1 तोला सोने का भाव 4,20,650 रुपये था. वहीं चांदी का लेटेस्ट रेट देखें, तो ये 4,41,000 रुपये प्रति किलो चल रही है. 

मतलब जितनी पाकिस्तान में एक तोला Gold और एक किलो Silver का रेट है, उतने रुपये में तो भारत में एक ऑल्टो कार खरीद सकते हैं और पैसे भी बचेंगे. बता दें कि भारत में इस पॉपुलर हैचबैक कार Alto K10 की शुरुआती कीमत 3.70 लाख रुपये है. हालांकि, दोनों देशों की मुद्राओं में बड़ा अंतर है. Pakistan Currency (PKR) में चांदी का भाव 4.41 लाख रुपये, भारतीय करेंसी में 1.40 लाख रुपये होता है, जबकि एक तोला सोने का भाव Indian Currency में 1.32 लाख रुपये के आस-पास होता है. 

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Wed, 05 Nov 2025 17:02:25 +0530 news desk MPcg
आज से ChatGPT का प्रीमियम प्लान फ्री! यूज़र्स को मिलेगा ₹4788 की बचत का मौका https://citytoday.co.in/4177 https://citytoday.co.in/4177 आज से ChatGPT का प्रीमियम प्लान फ्री! यूज़र्स को मिलेगा ₹4788 की बचत का मौका

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ChatGPT यूज़र्स के लिए खुशखबरी — आज से फ्री मिलेगा पेड प्लान, जानें कैसे करें ₹4788 की सेविंग

मुंबई 

भारत में AI का यूज तेजी से बढ़ रहा है और अब कंपनियां इसमें और तेजी लाने का कोशिश कर रही हैं. ChatGPT मेकर OpenAI एक बड़ा ऐलान कर चुकी है. कंपनी ने बेंगलुरू में आयोजित एक इवेंट में बताया है कि 4 नवंबर यानी आज  से सभी को 399 रुपये का प्लान अब मुफ्त में एक्सेस करने को मिलेगा. सभी भारतीय यूजर्स को पूरे एक साल के लिए ये एक्सेस मुफ्त में मिलेगा.

डेवडे एक्सचेंज इवेंट के दिन कंपनी बेंगलुरु में ये ऐलान कर चुकी है और बता चुकी कि सभी भारतीयों को पूरे एक साल तक ChatGPT GO का एक्सेस मुफ्त में मिलेगा. भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है.

फ्री में मिलेगा रहा है 17 हजार का परप्लेक्सिटी

कंपनी का यह ऐलान ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले Perplexity AI का प्रो सब्सक्रिप्शन सभी एयरटेल यूजर्स को मुफ्त में मिलता है. इसके एनुअल प्लान की कीमत 17 हजार रुपये है. 

ChatGPT GO इस साल की शुरुआत में हुआ लॉन्च 

ChatGPT GO प्लान को कंपनी ने इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया था और भारत में यह प्लान अगस्त में लॉन्च हुआ है. यह एक ऐसा प्लान है, जिसकी मदद से कंपनी अपने यूजर्स को कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स का एक्सेस देना चाहती है. 

ChatGPT GO के फीचर्स 

ChatGPT GO प्लान के तहत सबसे एडवांस्ड AI मॉडल, GPT 5 का सपोर्ट, ज्यादा मैसेज लिमिट और डेली ज्यादा इमेज तैयार कर सकेंगे. साथ ही बड़ी पाइलों और इमेज को अपलोड कर सकेंगे और उनके कंटेंट की समरी को जनरेट कर सकेंगे. 

    एडवांस्ड मॉडल एक्सेस (GPT‑5) : चैटजीपीटी गो प्लान के तहत यूजर्स आसानी से एडवांस्ड मॉडल का एक्सेस कर सकेंगे. इसके तहत ट्रांसलेशन में बेहतर रिजल्ट नजर आएंगे.  साथ ही टेक्नोलॉजी या रिसर्च आदि में इसका यूज किया जा सकेगा. 
    मैसेज, इमेज और अपलोड लिमिट में होगा इजाफा : ChatGPT Go के प्लान के तहत यूजर्स को फ्री वर्जन की तुलना में करीब 10× अधिक मैसेज का एक्सेस करने को मिलता है. साथ ही वे ज्यादा मैसेज कर सकेंगे और ज्यादा इमेज अपलोड कर सकेंगे. 

चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने किया ऐलान 

  ओपन AI के वाइस प्रेसिडेंट और चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने इवेंट के दौरान इस मुफ्त सर्विस का ऐलान किया था. साथ ही एडवांस्ड फीचर्स का एक्सेस सभी भारतीय यूजर्स को एक्सेस करने को मिलेगा. इसके लिए यूजर्स को चैटजीपीटी में लॉगइन करके एक्सेस करने होगा.

 

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Tue, 04 Nov 2025 13:33:01 +0530 news desk MPcg
गीजर कितनी देर चलाएं? जानें टैंक साइज के हिसाब से सही टाइमिंग https://citytoday.co.in/4169 https://citytoday.co.in/4169

नई दिल्ली

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो गीजर को तब तक चलाए रखते हैं, जब तक उसमें ऑटो कट नहीं लग जाता? बता दें कि यह गीजर को इस्तेमाल करने का सही तरीका नहीं है। दरअसल ऑटो-कट गीजर चलाने की अधिक्तम लिमिट नहीं होती। असल में ऑटो-कट एक सेफ्टी फीचर है, जिसकी मदद से गीजर पानी को जरूरत से ज्यादा गर्म होने से रोकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक गीजर को चलाने का सही समय क्या होता है? गौरतलब है कि यह बात गीजर के लीटर कैपेसिटी पर निर्भर करती है। कहने का मतलब है कि आपका गीजर कितनी कैपेसिटी की है, इस पर निर्भर करता है कि आपको कितनी देर के लिए गीजर चलाना चाहिए। चलिए फिर हर कैपेसिटी के गीजर के लिए सही टाइमिंग समझ लेते हैं।

3 से 6 लीटर वाला गीजर कितनी देर चलाना चाहिए?
3 से 6 लीटर वाला गीजर आमतौर पर एक शख्स या किचन में इस्तेमाल होने के लिए बनाए जाते हैं। अब क्योंकि यह गीजर छोटे होते हैं और इनमें पानी की मात्रा कम होती है, इस वजह से इन्हें गर्म होने में ज्यादा समय नहीं लगता। अगर बाहर का तापमान 25°C तक है, तो इस कैपेसिटी के गीजर को 5 मिनट तक चलाना काफी रहता है। अगर बाहर का मौसम और ठंडा है जैसे कि 10°C या उससे कम है तो इस कैपेसिटी के गीजर को 8-9 मिनट तक चलाना काफी रहता है।

10 लीटर वाला गीजर कितनी देर चलाना चाहिए?
छोटे परिवारों के लिए 10 लीटर वाला गीजर सही माना जाता है। इस कैपेसिटी वाले गीजर को 25°C से 60°C तक पानी गर्म करने में 8-10 मिनट का समय देना चाहिए। वहीं अगर आपका गीजर 3kW का है, तो 7-8 मिनट भी काफी रहते हैं।​

25 लीटर वाला गीजर कितनी देर चलाना चाहिए?
अगर आपका परिवार बड़ा है और 25 लीटर वाला गीजर इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इसे कम से कम 15 से 18 मिनट तक चलाया जा सकता है। बता दें कि इस कैपेसिटी वाले गीजर का इस्तेमाल 3-4 लोग करते हैं और इतने लोगों के लिए 25 लीटर पानी को गर्म करने में ज्यादा से ज्यादा 15 से लेकर 18 मिनट तक लगते हैं। ध्यान रहे कि इतनी देर में पूरा 25 लीटर पानी गर्म होकर तैयार हो जाता है। अगर कम लोग गर्म पानी का इस्तेमाल करने वाले हैं, तो 8-10 मिनट तक इस कैपेसिटी के गीजर को चलाना चाहिए।

35 लीटर वाला गीजर कितनी देर चलाना चाहिए?
जॉइंट फैमिली या बड़े परिवारों में इस कैपेसिटी के गीजर इस्तेमाल होते हैं। इस तादाद में पानी को गर्म करने के लिए गीजर 2kW के गीजर को 20 से 25 मिनट लग सकते हैं। वहीं अगर गीजर 3kW का है, तो आपको 18 से 20 मिनट में भी पानी गर्म मिल सकता है। वहीं अगर कम लोगों के लिए इस गीजर से पानी गर्म करना हो, तो समय 12 से 15 मिनट के लिए भी काफी रह सकता है।

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Mon, 03 Nov 2025 18:56:31 +0530 news desk MPcg
अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं — 3084 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मुंबई से नोएडा तक फैली प्रॉपर्टी पर कार्रवाई https://citytoday.co.in/4168 https://citytoday.co.in/4168 मुंबई 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप (Anil Ambani Reliance Group) पर बड़ा एक्शन लिया है. इसके तहत समूह की तमाम संस्थाओं से जुड़ी करीब 3,084 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. कुर्की के ये आदेश बीते 31 अक्टूबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत जारी किए गए थे. जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका आवास भी शामिल है. 

दिल्ली, मुंबई से नोएडा तक कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से संबंधित जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है. उनमें मुंबई के पाली हिल स्थित आवास, नई दिल्ली स्थित रिलायंस सेंटर की संपत्ति और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई (कांचीपुरम समेत) और पूर्वी गोदावरी में स्थित कई अन्य इन संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय इकाइयां और प्लॉट शामिल हैं. पीएमएलए के तहत जारी चार आदेशों के तहत इन सभी संपत्तियों की कुर्की की गई है. गौरतलब है कि मुंबई के बांद्रा वेस्ट के पाली हिल में स्थित अनिल अंबानी का आवास खासा लोकप्रिय है.

40 से ज्यादा संपत्तिया जब्त
रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप पर ये बड़ी कार्रवाई करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं. यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के माध्यम से जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था.

ये यस बैंक के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से भेजा गया. 2017-2019 के दौरान, यस बैंक ने RHFL के उपक्रमों में 2,965 करोड़ रुपये और RCFL के उपक्रमों में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया. दिसंबर 2019 तक, ये निवेश नॉन-परफॉर्मिंग हो गए थे, जिसमें आरएचएफएल के लिए 1,353.50 करोड़ और आरसीएफएल के लिए 1,984 करोड़ बकाया थे.

रिलायंस कम्युनिकेशंस भी निशाने पर 
ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) और उससे जुड़ी संस्थाओं में भी अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है. इसमें 13,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की ऋण धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है. इसमें से 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा कथित तौर पर संबंधित पक्षों को ट्रांसफर किए गए, जबकि 1,800 करोड़ रुपये समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाने से पहले सावधि जमा और म्यूचुअल फंड के माध्यम से ट्रांसफर हुए.

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि वैध लेनदेन की आड़ में संबंधित संस्थाओं को धन पहुंचाने के लिए बिल डिस्काउंटिंग के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का पता लगाया गया है. ईडी के मुताबिक, वह दागी संपत्तियों की कुर्की सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है. इन कार्रवाइयों के माध्यम से की गई वसूली से आम जनता को लाभ होगा.

लगातार कस रहा ईडी का शिकंजा
ईडी की जांच लंबे समय से चल रही है और इससे पहले 5 अगस्ता को ED ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को कथित लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उससे भी पहले ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं पर छापेमारी की थी. ईडी ने Anil Ambani के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. ये छापे 24 जुलाई को मुंबई में कम से कम 35 जगहों पर मारे गए थे. 

अनिल अंबानी के रिलायंस समह पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) बीते कुछ समय में लगातार अपना शिकंजा कसती हुई नजर आई है. बीते अक्टूबर महीने में ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी फर्जी बैंक गारंटी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है.

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Mon, 03 Nov 2025 17:16:21 +0530 news desk MPcg
महिलाओं के लिए कार लोन में बड़ा फायदा: 0.8% ब्याज और 90% तक लोन https://citytoday.co.in/4117 https://citytoday.co.in/4117  क्या आप अपनी ड्रीम कार खरीदने का सपना देख रही हैं? तो आपके लिए बड़ी खबर है! भारतीय बैंक अब महिला कार खरीदारों को खास तवज्जो दे रहे हैं, जिसका सीधा फायदा आपको लोन डील्स में मिल सकता है. एक समय था जब हर किसी के लिए लोन की शर्तें लगभग एक जैसी होती थीं, लेकिन अब जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने के लिए बैंकों ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, वह भी खास छूट के साथ.

महिलाओं को क्या खास फायदा मिल रहा है?
महिला कार लोन आवेदकों को मानक दरों की तुलना में लगभग 5-10 आधार अंक तक कम ब्याज दर की पेशकश की जा रही है. इसका मतलब है कि आपको कम ईएमआई भरनी पड़ेगी, जिससे आपकी जेब पर बोझ कम होगा.

लेकिन फायदा सिर्फ ब्याज दर तक सीमित नहीं है. बैंक प्रोसेसिंग फीस में भी कटौती कर रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण—लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात बढ़ा रहे हैं. कैनरा बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 0.50% तक कम दरें और सड़क पर कीमत (ऑन-रोड प्राइस) का 90% तक फंडिंग दे रहे हैं! कुछ मामलों में तो यह फंडिंग ऑन-रोड कीमत तक भी बढ़ सकती है, जिससे आपकी डाउन पेमेंट की चिंता काफी कम हो जाती है.

इन लाभों का फायदा कैसे उठाएं?

अगर आप इन विशेष लाभों का फायदा उठाना चाहती हैं, तो कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:

प्राथमिक आवेदक: लोन के लिए महिला को ही प्राथमिक आवेदक होना चाहिए.

रजिस्ट्रेशन: वाहन का रजिस्ट्रेशन भी महिला के नाम पर होना चाहिए.

एलिजिबिलिटी: एलिजिबिलिटी मानदंड लगभग सामान्य ही हैं.

उम्र: 21 से 65 वर्ष.

दस्तावेज: वैध केवाईसी (KYC) और आय का प्रमाण.

क्रेडिट स्कोर: 750 से ऊपर का अच्छा क्रेडिट स्कोर होना बेहतर है.

ये शर्तें यह सुनिश्चित करती हैं कि वित्तीय लाभ और स्वामित्व दोनों ही महिला उधारकर्ता के पास रहें. इसके अलावा, आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है, जिसमें कम दस्तावेज़ और तेज़ अनुमोदन शामिल हैं.

बैंक क्यों दे रहे हैं ये आकर्षक स्कीम?
अमित सेठिया बताते हैं कि इन विशेष योजनाओं को शुरू करने के पीछे बैंकों का मुख्य उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है. बैंक महिलाओं की विश्वसनीयता को जिम्मेदार उधारकर्ता के रूप में पहचानते हैं. इन पहलों से महिलाओं को संपत्ति मालिक (Asset Owners) के रूप में सशक्तिकरण मिलता है और उनकी वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) में वृद्धि होती है. आरबीआई की रेपो दर स्थिर होने के बावजूद, बैंक इन लिंग-विशिष्ट ऑफर्स और त्योहारी छूट का उपयोग करके क्रेडिट पहुंच बढ़ा रहे हैं, जो सीधे तौर पर महिलाओं की आर्थिक गतिशीलता को समर्थन देता है. 

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Thu, 30 Oct 2025 17:16:06 +0530 news desk MPcg
LIC के टॉप&5 निवेश में नहीं है अडानी ग्रुप, जानिए किस कंपनी में सबसे ज्यादा निवेश किया गया https://citytoday.co.in/4080 https://citytoday.co.in/4080 मुंबई 

अडानी ग्रुप (Adani Group) में LIC के निवेश को लेकर वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट पर देश में राजनीति शुरू हो गई है. विपक्ष ने सरकार पर सवाल दागे, तो LIC ने अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है. 

दरअसल, वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में LIC पर अडानी ग्रुप में 3.9 अरब डॉलर (करीब 33 हजार करोड़ रुपये) निवेश करने का बड़ा आरोप लगा है. रिपोर्ट की मानें तो बीमा कंपनी ने अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने के लिए मई- 2025 में यह निवेश किया है. लेकिन LIC ने इस पूरी रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया है. बीमा कंपनी ने कहना है कि  ये रिपोर्ट LIC की साफ-सुथरी छवि को खराब करने और भारत के मजबूत वित्तीय क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जारी की गई है. 

अब आइए जानते हैं, LIC का अडानी ग्रुप में कितना निवेश है, और देश में सबसे ज्यादा LIC का निवेश कहां और कंपनियों में हैं. आज हम LIC के टॉप-10 निवेश के बारे में भी जानेंगे. 

सितंबर- 2025 के डेटा के मुताबिक LIC की अडानी ग्रुप की इन कंपनियों में हिस्सेदारी हैं.  

अडानी पोर्ट्स: 7.73% (जून से पहले 8.14% थी.)
अडानी एंटरप्राइजेज: 4.16%
Adani ग्रीन एनर्जी: 1.3%
Adani एनर्जी सॉल्यूशन: 3.42%
Adani टोटल गैस: 6%
अंबुजा सीमेंट: 7.31%
ACC लिमिटेड: 9.95% 

हालिया रिपोर्ट के मुताबिक LIC की इक्विटी में निवेश करीब 16 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि अडानी ग्रुप की कंपनियों में LIC का निवेश करीब 60 हजार करोड़ रुपये का है. यानी LIC के कुल निवेश का करीब 4 फीसदी हिस्सा अडानी ग्रुप की कंपनियों में हैं.LIC ने अडानी ग्रुप से ज्यादा देश की कई दूसरी कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है. 

LIC का टॉप-5 निवेश: 
1. LIC का सबसे ज्यादा निवेश Reliance Industries में है, यहां करीब 1.38 लाख करोड़ का निवेश है, जो कि RIL में करीब 6.94% हिस्सेदारी बनती है.

2. ITC Ltd: इस कंपनी में LIC का निवेश करीब 82,342 करोड़ रुपये का है, यानी ITC में LIC की करीब 15.86% हिस्सेदारी है. 

3. HDFC Bank Ltd: इस बैंक में LIC का करीब 72,500 करोड़ रुपये का निवेश है. इस बैंक में LIC की करीब 5.45 फीसदी हिस्सेदारी है.

4. SBI: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में LIC की करीब 9.59% हिस्सेदारी है, अमाउंट में ये निवेश करीब 68,000 करोड़ रुपये का है. 

5. Larsen & Toubro Ltd (L&T) में LIC का करीब 66,053 करोड़ रुपये का निवेश है. यानी इस कंपनी में 13% से ज्यादा हिस्सेदारी LIC की है. 

6. Infosys Ltd में LIC का निवेश लगभग 63,400 करोड़ रुपये का है. 

यानी LIC के टॉप-5 निवेश में अडानी ग्रुप नहीं है. LIC के लिए Adani Group महत्वपूर्ण जरूर है. लेकिन इसका हिस्सा सीमित है. LIC के शीर्ष 10 निवेशों में अभी भी बैंकिंग, आईटी, और कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियां हावी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक LIC का इक्विटी पोर्टफोलियो 300 से कंपनियां हैं. जहां वह कम-से-कम 1% हिस्सेदारी रखती है. जून 2025 तिमाही के दौरान, एलआईसी ने 81 कंपनियों में हिस्सेदारी कम करके और चार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) रक्षा शेयरों को जोड़कर अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल किया. 

निवेश पर अडानी ग्रुप का बयान

अडानी समूह में एलआईसी का निवेश अन्य बड़े समूहों तुलना में काफी कम है, और यह पोर्टफोलियो विविधीकरण का एक हिस्सा है. एलआईसी का कहना है कि उनके निवेश फैसले बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं और नियामक दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है.

बता दें, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं. फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 6.22 लाख करोड़ रुपये है. दुनिया के अमीरों की लिस्ट में वे 27वें नंबर पर हैं. अडाणी ग्रुप का साम्राज्य कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जेनरेशन, सीमेंट इंडस्ट्री और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है.

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Tue, 28 Oct 2025 14:21:40 +0530 news desk MPcg
निफ्टी 26,000 के पार पहुंचने की तैयारी में! जानिए कौन से शेयर दे रहे दमदार रिटर्न https://citytoday.co.in/4063 https://citytoday.co.in/4063 मुंबई 

स्‍टॉक मार्केट में आज अच्‍छी तेजी देखी जा रही है. शुक्रवार को आई गिरावट के बाद आज सेंसेक्‍स और निफ्टी अच्‍छी दौड़ लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं. सेंसेक्‍स 446 अंक चढ़कर 84,660 के ऊपर कारोबार कर रहा है, तो वहीं निफ्टी 145 अंक उछलकर 25,940 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में भी अच्‍छी उछाल है, जो 300 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है. 

बीएसई टॉप 30 में से सिर्फ 10 शेयर ही गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, बाकी के 20 शेयरों में उछाल है. सबसे ज्‍यादा तेजी टाटा स्‍टील के शेयर में में 1.30 फीसदी की है. इसके बार रिलायंस, भारतीय एयरटेल और एसबीआई के शेयरों में करीब एक फीसदी की तेजी आई है. इंफोसिस के शेयरों में 1 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट देखी जा रही है. 

FMCG, फार्मा और हेल्‍थकेयर को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर्स में तेजी देखी जा रही है. गिरावट वाले सेक्‍टर्स में बिकवाली आई है. मीडिया, मेटल, आईटी और पीएसयू बैंक सेक्‍टर्स में तेजी आई है. 

इन शेयरों में उछाल
आर-आर केबल, eClerx Service के शेयर में 5 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. रतन इंटरप्राइजेज के शेयरों में 4 फीसदी की तेजी आई है. पूनावाला फाइनेंस के शेयर में 4 प्रतिशत से ज्‍यादा की उछाल आई है. डॉ. लाल पैथलैब्‍स के शेयर में 4 फीसदी की उछाल देखी जा रही है. कोफोर्ज के शेयर में भी 4 फीसदी की उछाल है. एसबीआई लाइफ इंश्‍योरेंस के शेयर में 3 प्रतिशत से ज्‍यादा की उछाल आई है.

128 शेयरों में अपर सर्किट 
बीएसई पर एक्टिव 3,728 शेयरों में से 2,164 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1,350 स्‍टॉक में गिरावट आई है. 214 शेयर अनचेंज हैं और 92 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर कारोबार रक रहे हैं. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 128 शेयरों में अपर सर्किट लगा है और 110 शेयरों में लोअर सर्किट है. 

आज क्‍यों आई तेजी? 

शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अच्‍छे ग्‍लोबल संकेत हैं. अमेरिका और चीन के बीच डील की संभावना बन रही है. वहीं भारत और अमेरिका में भी डील जल्‍द होने की उम्‍मीद जताई जा रही है. घरेलू खपत भी बढ़ रहा है. रुपये में तेजी आई है. इन सभी कारणों से शेयर बाजार में आज अच्‍छे संकेत दिख रहे हैं. 

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Mon, 27 Oct 2025 18:57:20 +0530 news desk MPcg
सोने&चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, आज सोना और चांदी इतने रुपये सस्ते हुए – जानें लेटेस्ट रेट्स https://citytoday.co.in/4050 https://citytoday.co.in/4050 इंदौर 

लगातार 2 महीने की लगातार उछाल के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट शुरू हुई है. हर दिन सोने-चांदी के भाव कम हो रहे हैं. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट देखने को मिली. रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचने के बाद सोना और चांदी के यह गिरावट जारी है. 

MCX पर सोने का रिकॉर्ड हाई लेवल 1.32 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि चांदी का रिकॉर्ड लेवल 1.70 लाख से ऊपर है. यहां से देखा जाए तो दोनों ही धातुओं में बड़ी गिरावट आई है. सोना 9000 रुपये से ज्‍यादा, जबकि चांदी 24000 रुपये से ज्‍यादा कम हुई है. 

यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार हो रहा है. अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है और निवेशक अपने सुरक्षित निवेश पर फिर विचार कर रहे हैं. यह सुधार महंगाई की चिंता, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बाद आया है. 

आज कितना सोना-चांदी का भाव कम हुआ? 
MCX पर सोना आज 1244 रुपये कम होकर 1,22,860 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. जबकि चांदी 2565 रुपये कम होकर 1,45,947 रुपये प्रति किलो पर है. सोने का आज का हाई रेट 123776 रुपये और निचला स्‍तर 122800 रुपये है. चांदी ने आज 147473 रुपये प्रति किलो का हाई लेवल टच किया था. 

गिरावट पर क्‍या कह रहे हैं एक्‍सपर्ट्स

कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह कदम धातु की तात्कालिक तेजी के दौर का अंत हो सकता है, हालांकि जरूरी नहीं कि यह व्यापक तेजी के दौर का अंत हो. एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के सीईओ दर्शन देसाई ने कहा कि सोने की कीमतें हाल के उच्च स्तर से भारी गिरावट के बाद अपने नौ सप्‍ताह के बढ़ते क्रम को तोड़ने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने इस गिरावट का कारण निवेशकों द्वारा 'बढ़े हुए मूल्यांकन, संभावित अमेरिकी-चीन व्यापार समझौते को लेकर नए सिरे से आशावाद और मजबूत अमेरिकी डॉलर' के बीच मुनाफावसूली को बताया है.

कहां तक जाएगा सोना-चांदी? 

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कमोडिटी) राहुल कलंत्री ने बताया कि छह सालों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट के बाद, सोने की कीमतों में हल्की रिकवरी की कोशिश हो रही है. उन्होंने सोने के लिए तकनीकी स्तर $4,055-4,005 के सपोर्ट और $4,135-4,160 का टारगेट रखा है. भारतीय रुपये में, सोने को 1,23,670-1,22,980 रुपये पर सपोर्ट और 1,24,950-1,25,800 रुपये के आसपास प्रतिरोध स्तर पर रखा है. चांदी को 1,46,850-1,45,150 रुपये पर समर्थन और 1,49,850 रुपये पर प्रतिरोध है.

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Fri, 24 Oct 2025 18:41:15 +0530 News desk Hindi
दिवाली में Tata Motors की गाड़ियों की धूम, शोरूम पर लगी भीड़ https://citytoday.co.in/4024 https://citytoday.co.in/4024 नई दिल्ली

 दिवाली और नवरात्रि के पावन त्योहारों ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (Tata Motors Passenger Vehicles Ltd) के लिए बंपर खुशियाँ लाई हैं. कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने सिर्फ़ 30 दिनों के अंदर 1 लाख से ज़्यादा गाड़ियाँ ग्राहकों को डिलीवर की हैं. यह पिछले साल की इसी अवधि के मुक़ाबले 33 फ़ीसदी की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है. यह आँकड़ा बताता है कि भारतीय ग्राहकों के बीच टाटा मोटर्स की गाड़ियों की माँग कितनी तेज़ी से बढ़ रही है.

कौन सी गाड़ियाँ हैं असली हीरो?

इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री में सबसे बड़ा हाथ एसयूवी (SUVs) गाड़ियों का रहा है. एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स की गाड़ियाँ ग्राहकों को ख़ूब लुभा रही हैं.

Tata Nexon (टाटा नेक्सन) ने इस बिक्री में धमाकेदार प्रदर्शन किया. नेक्सन की 38,000 से ज़्यादा गाड़ियाँ बेची गईं, जो पिछले साल की तुलना में 73 फ़ीसदी की शानदार बढ़त है. नेक्सन को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया है, जिससे यह टाटा की सबसे बड़ी 'हीरो' बनकर उभरी है. दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली गाड़ी रही Tata Punch (टाटा पंच). पंच ने भी 32,000 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसमें 29 फ़ीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है. इन दोनों लोकप्रिय एसयूवी ने मिलकर बिक्री की रफ़्तार को बहुत तेज़ कर दिया.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जादू चल पाया?

टाटा की इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने इस 30 दिन की अवधि में 10,000 से ज़्यादा यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुक़ाबले 37 फ़ीसदी की दमदार बढ़ोतरी है. यह आँकड़ा साफ़ बताता है कि भारतीय ग्राहक अब धीरे-धीरे पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रहे हैं. इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स सबसे आगे है.

आगे क्या है Tata Motors की प्लानिंग? 

इस बेहतरीन त्योहारी प्रदर्शन ने टाटा मोटर्स के लिए पूरे वित्त वर्ष (fiscal) का माहौल सेट कर दिया है. सीईओ शैलेश चंद्र ने बताया कि कंपनी अब इस साल के अंत तक नए लॉन्च की तैयारी कर रही है. ग्राहकों के निरंतर उत्साह को देखते हुए, यह उम्मीद है कि बिक्री की यह मज़बूत रफ़्तार आगे भी जारी रहेगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि टाटा मोटर्स आने वाले समय में कौन सी नई गाड़ियाँ बाज़ार में उतारती है, और क्या वे भी इतनी ही सफल हो पाती हैं! 

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Wed, 22 Oct 2025 17:10:36 +0530 News desk Hindi
चंडीगढ़ में पेट्रोल&डीजल के दामों में उछाल, जानिए आपके शहर का हाल https://citytoday.co.in/4023 https://citytoday.co.in/4023

चंडीगढ़ 
वाहन चालकों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। दरअसल, भारत के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ गई हैं। अगर आप भी वाहन में पेट्रोल भरवाने के लिए जा रहे हैं तो अपने शहर के ताजा रेट जान लें। आपको बता दें कि, चंडीगढ़ सहित कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम पड़ गए हैं।

पेट्रोल की कीमतें (प्रति लीटर)
चंडीगढ़:  94.30 रुपए
नई दिल्ली: 94.77 रुपए
हैदराबाद:  107.46 रुपए
जयपुर: 104.72 रुपए
लखनऊ:  94.69 रुपए
पटना:  105.58 रुपए
कोलकाता: 105.41 रुपए
मुंबई: 103.50 रुपए
गुड़गांव: 95.50 रुपए
नोएडा: 94.77 रुपए
बैंगलोर: 102.92 रुपए
डीजल की कीमतें (प्रति लीटर)

चंडीगढ़:  82.45 रुपए
नई दिल्ली:  87.67 रुपए
हैदराबाद:  95.70 रुपए
जयपुर:  90.21 रुपए
लखनऊ: 87.81 रुपए
पटना: 91.81 रुपए
कोलकाता: 92.02 रुपए
मुंबई:  90.03 रुपए
गुड़गांव: 87.97 रुपए
नोएडा: 87.89 रुपए
बैंगलोर: 90.99 रुपए 

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Wed, 22 Oct 2025 17:05:28 +0530 News desk Hindi
शेयर बाजार में लंबा वीकेंड! लगातार 4 दिन रहेगा अवकाश, दिवाली पर सिर्फ 1 घंटे होगी मुहूर्त ट्रेडिंग https://citytoday.co.in/3999 https://citytoday.co.in/3999 नई दिल्ली

दिवाली का पर्व केवल घरों में ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में भी विशेष महत्व रखता है। हर साल की तरह इस साल भी दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग होगी, लेकिन उससे पहले बाजार में लगातार चार दिनों की छुट्टियों का सिलसिला देखने को मिलेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए यह ब्रेक किसी अलर्ट से कम नहीं है।

बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) की आधिकारिक छुट्टियों की सूची के अनुसार, बाजार 19 अक्टूबर (शनिवार) से लेकर 22 अक्टूबर (मंगलवार) तक पूरी तरह बंद रहेगा:

19 अक्टूबर (शनिवार): धनतेरस
इस दौरान न केवल स्टॉक मार्केट, बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट भी बंद रहेंगे।

 दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग कब होगी?
BSE और NSE ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि इस साल दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र 21 अक्टूबर को दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

ऑर्डर एंट्री में बदलाव की अंतिम समय सीमा: 2:55 PM

यह सत्र केवल एक घंटे के लिए होगा और नए संवत 2082 की शुरुआत का प्रतीक होगा।

कौन-कौन से सेगमेंट होंगे शामिल?

इस एक घंटे के विशेष सत्र में निम्नलिखित बाजार खुलेंगे:

इक्विटी

इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस

कमोडिटी डेरिवेटिव्स

करेंसी डेरिवेटिव्स

सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB)

 ऐतिहासिक नजरिया: शुभ साबित होता है ये ट्रेड

मुहूर्त ट्रेडिंग परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती है। पिछले 16 वर्षों में से 13 बार बाजार हरे निशान पर बंद हुआ है, भले ही ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा हो।

2024 में, BSE सेंसेक्स में 335 अंकों की तेजी दर्ज की गई

निफ्टी 50 भी 99 अंक चढ़कर बंद हुआ

 निवेशकों के लिए सलाह

लंबी छुट्टी से पहले अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें

तरलता सुनिश्चित करें, क्योंकि अगले 4 दिन कोई लेनदेन नहीं हो सकेगा

मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए रणनीति तैयार रखें — यह सत्र प्रतीकात्मक जरूर है, लेकिन मूड सेट करता है

आने वाली छुट्टियां भी जान लें

5 नवंबर: श्री गुरु नानक देव जयंती

25 दिसंबर: क्रिसमस

 

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Wed, 15 Oct 2025 17:46:17 +0530 news desk MPcg
सोना&चांदी चमके: MCX पर चांदी 6000 रुपये उछली, 24 कैरेट सोना बना नया रिकॉर्ड https://citytoday.co.in/3974 https://citytoday.co.in/3974 इंदौर 

 14 अक्टूबर 2025 को कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 4.00% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह 6,185.00 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी का ट्रेडिंग वॉल्यूम इस दौरान 1,60,830 यूनिट्स का रहा, जो बाजार में निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है।

वहीं, सोना भी पीछे नहीं रहा। MCX पर सोने की कीमत 1.45% की तेजी के साथ 1,807.00 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। कुल 1,26,451 यूनिट्स के साथ सोने में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी की ओर बढ़ा है।

इस तेजी से निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं ज्वेलरी सेक्टर और उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी चिंता का कारण बन सकती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।

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Tue, 14 Oct 2025 18:49:21 +0530 news desk MPcg
LG IPO ने किया धमाका: 50% प्रीमियम पर लिस्ट, निवेशकों की हुई बल्ले&बल्ले https://citytoday.co.in/3973 https://citytoday.co.in/3973 मुंबई 

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स आईपीओ का आज शेयर मार्केट में डेब्यू हो गया. इसके शेयरों की बंपर लिस्टिंग हुई है और निवेशकों को जोरदार मुनाफा हुआ है. LG Electronics Share बीएसई और एनएसई पर 50 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. खास बात ये है कि इसकी लिस्टिंग उम्मीद से बेहतर और विश्लेषकों के अनुमान से कहीं ज्यादा प्रीमियम पर हुई. एलजी के शेयर जहां बीएसई पर 1715 रुपये पर लिस्ट हुए, तो वहीं एनएसई पर 1,710 रुपये के भाव पर एंट्री मारी. बता दें इसका इश्यी प्राइस 1140 प्रति शेयर था. 

उम्मीद से बेहतर हुई लिस्टिंग 
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का लिस्टिंग से पहले ग्रे-मार्केट प्रीमियम 430 रुपये दिखा रहा था, लेकिन बाजार में इसकी लिस्टिंग उम्मीद से कहीं बेहतर रही. बीएसई पर 575 रुपये के इजाफे के साथ एलजी शेयर 1715 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 50.44% की बढ़त दर्शाता है. इस बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर मूल्य 50.01% के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ. 

निवेशकों का मिला था जोरदार रिस्पांस
LG Electronics IPO बीते 7 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हुआ था और इसमें 9 अक्टूबर तक बोली लगाई गई थी. 11,607 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पांस मिला था. सब्सक्रिप्शन के लास्ट दिन तक ये कुल 54.02 गुना सब्सक्राइब्ड किया गया था. योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की कैटेगरी में सबसे ज्यादा 166.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था. नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) कैटेगरी को 22.44 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ. 

हर एक लॉट पर कमाए ₹7000 से ज्यादा
कंपनी की ओर से आईपीओ के तहत शेयरों के लिए प्राइस बैंज 1080 रुपये से 1140 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था. वहीं आईपीओ का लॉट साइज 13 शेयरों का था. यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14820 रुपये का निवेश करना था. अब लिस्टिंग गेन के हिसाब से फायदे का कैलकुलेशन करें, तो बीएसई पर 1715 रुपये के लिस्टिंग प्राइस पर हर एक लॉट पर निवेशकों को 7,457 रुपये का फायदा हुआ है.  

लिस्ट होते ही कंपनी का मार्केट कैप यहां पहुंचा
विश्लेषकों का कहना है कि LG Elctronics की इस धांसू शुरुआत के पीछे तमाम कारण हैं. इनमें भारत के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में एलजी की तगड़ी ब्रांड इक्विटी, बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन और सर्विस नेटवर्क. इसके अलावा कंपनी की कम ऋण प्रोफाइल और मार्जिन ट्रैक रिकॉर्ड ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर बड़ा असर डाला है, जिससे उनमें इसे लेकर विश्वास बढ़ा है. ब्रोकरेज भी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की लॉन्गटर्म ग्रोथ  संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं.

बढ़ती आय, छोटे शहरों में प्रीमियम उपकरणों का बढ़ता चलन इसे सपोर्ट दिए हुए हैं. लिस्टिंग के साथ ही एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्केट कैप 2.8 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जिससे यह 2025 के सबसे सफल आईपीओ में से एक बन गया है. 

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Tue, 14 Oct 2025 18:47:46 +0530 news desk MPcg
नई Defender हुई लॉन्च, दमदार इंजन और स्टाइलिश लुक के साथ धमाकेदार एंट्री https://citytoday.co.in/3952 https://citytoday.co.in/3952 नई दिल्ली

ब्रिटिश ऑटोमेकर लैंड रोवर ने भारत में अपनी आइकॉनिक एसयूवी का स्पेशल वर्ज़न Defender 110 Trophy Edition लॉन्च कर दिया है. आकर्षक लुक और पावरफुल इंजन से लैस इस स्पेशल एडिशन एसयूवी की कीमत 1.3 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. यह लिमिटेड-एडिशन मॉडल खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग का शौक है.

खास लुक और एक्सक्लूसिव एडिशन

डिफेंडर ट्रॉफी एडिशन दो नए कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगी. जिसमें डीप सनग्लो येलो और केस्विक ग्रीन कलर शामिल है. लुक और डिज़ाइन की बात करें तो इसमें ब्लैक-आउट रूफ, बोनट, स्कफ प्लेट्स, व्हील आर्चेज और साइड क्लैडिंग दी गई है जो इसे और भी मस्क्युलर लुक देती है. बोनट और C-पिलर पर खास Trophy Edition डेकल्स भी नज़र आते हैं जो इसे और भी यूनिक स्टाइल देते हैं.

इस लिमिटेड एडिशन वर्ज़न में 20-इंच ग्लॉस ब्लैक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जिन पर ग्राहक ऑल-सीज़न या ऑल-टेरेन टायर्स का विकल्प चुन सकते हैं. साथ ही, ऑफ-रोडिंग के लिए ऑप्शनल ऐक्सेसरीज़ भी दी जा रही हैं जैसे कि हेवी-ड्यूटी रूफ रैक, ब्लैक डिप्लॉयबल साइड लैडर, साइड पैनियर्स और ब्लैक स्नॉर्कल. इसके अलावा खरीदार अपनी गाड़ी को स्क्रैच से बचाने के लिए दोनों रंगों में मैट प्रोटेक्टिव फिल्म का विकल्प भी चुन सकते हैं.

कैसा है एसयूवी का इंटीरियर 

कैबिन के अंदर इबोनी विंडसर लेदर सीट्स, डोर सिल्स पर Trophy ब्रांडिंग वाले LED प्लेट्स, और डैशबोर्ड के क्रॉसबीम पर एक्सटीरियर कलर की फिनिश दी गई है. वहीं, इसके लेज़र-एच्च्ड एंडकैप्स पर भी ट्रॉफी के बैजिंग को बारीकी से उकेरा गया है. कंपनी ने इसके केबिन को प्रीमियम बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. 

इंजन और परफॉर्मेंस

Defender 110 Trophy Edition में 3.0-लीटर इनलाइन-6 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड डीज़ल इंजन दिया गया है, जो 350hp की पावर और 700Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसके साथ 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और स्टैंडर्ड फोर-व्हील-ड्राइव सिस्टम मिलता है. कंपनी के मुताबिक यह एसयूवी महज 6.4 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 191 किमी/घंटा तक जाती है.

क्या है 'Trophy Edition' की कहानी?

असल में, ट्रॉफी एडिशन की जड़ें 1980 में शुरू हुए कैमल ट्रॉफी (Camel Trophy) इवेंट से जुड़ी हैं, जिसे ‘The Olympics of 4×4’ भी कहा जाता था. इस इंटरनेशनल ऑफ-रोडिंग कंपटीशन में शुरुआती वर्षों में जीप का इस्तेमाल हुआ, लेकिन बाद में लैंड रोवर इसका ऑफिशिलयल व्हीकल पार्टनर बन गया.

लैंडरोवर के लगभग सभी मॉडल, जैसे रेंज रोवर, सीरीज थ्री, लैंड रोवर 90, डिफेंडर, डिस्कवरी और फ्रीलैंडर इस ट्रॉफी में इस्तेमाल किए गए थे. इन्हीं वाहनों का क्लासिक 'Sandglow' कलर स्कीम आज की नई डिफेंडर 110 ट्रॉफी एडिशन में दोबारा देखने को मिलता है. कुल मिलाकर, यह SUV सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि Land Rover की उस ग्लोरी का जश्न है जिसने दशकों तक ऑफ-रोडिंग को एक कला में तब्दील किया है.

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Mon, 13 Oct 2025 20:09:31 +0530 news desk MPcg
टाटा नेक्सॉन बनी बिक्री में नंबर&1, ग्राहकों का प्यार बना सफलता की कहानी https://citytoday.co.in/3913 https://citytoday.co.in/3913 नई दिल्ली

भारतीय ग्राहकों के बीच टाटा नेक्सन (Tata Nexon) हमेशा से पॉपुलर एसयूवी रही है। एक बार फिर इसे सही साबित करते हुए टाटा नेक्सन बीते महीने यानी सितंबर, 2025 में कंपनी की बेस्ट-सेलिंग मॉडल बन गई। टाटा नेक्सन को बीते महीने कुल 22,573 नए ग्राहक मिले। बता दें कि इस दौरान टाटा नेक्सन की बिक्री में सालाना आधार पर 97 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखी गई। जबकि ठीक 1 साल पहले यानी सितंबर, 2024 में यह आंकड़ा 11,470 यूनिट था। आइए जानते हैं बीते महीने कंपनी के दूसरे मॉडलों की बिक्री के बारे में विस्तार से।

97% बढ़ गई टाटा टियागो की बिक्री

बिक्री की इस लिस्ट में हमेशा की तरह दूसरे नंबर पर टाटा पंच रही। टाटा पांच ने इस दौरान 16 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 15,891 यूनिट कार की बिक्री की। जबकि तीसरे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा टियागो रही। टाटा टियागो ने इस दौरान 97 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 8,322 यूनिट कार की बिक्री की। जबकि चौथे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा अल्ट्रोज रही। टाटा अल्ट्रोज ने इस दौरान 51 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 4,168 यूनिट कार की बिक्री की।

67% घट गई टाटा कर्व की बिक्री

दूसरी ओर पांचवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा टिगोर रही। टाटा टिगोर ने इस दौरान 8 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 9,66 यूनिट कार की बिक्री की। जबकि छठे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा कर्व रही। टाटा कर्व ने इस दौरान 67 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ कुल 1,566 यूनिट कार की बिक्री की। इसके अलावा, सातवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा हैरियर रही। टाटा हैरियर ने इस दौरान 161 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 4,181 यूनिट कार की बिक्री की।

करीब 60000 बिकी टाटा कार

बिक्री कि लिस्ट में लास्ट पोजीशन पर टाटा सफारी रही। टाटा सफारी को इस दौरान कुल 2,000 नए ग्राहक मिले। बता दें कि इस दौरान टाटा सफारी की बिक्री में 22 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। जबकि ठीक 1 साल पहले यह आंकड़ा कुल 1,644 यूनिट था। इस तरह अगर कुल मिलाकर बात करें तो बीते महीने टाटा की कारों को कल 59,667 नए खरीदार मिले। इस दौरान टाटा की ओवरऑल बिक्री में सालाना आधार पर 45 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली।

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Sat, 11 Oct 2025 16:00:54 +0530 news desk MPcg
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी के करीबी अशोक पाल गिरफ्तार https://citytoday.co.in/3912 https://citytoday.co.in/3912 मुंबई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर के अधिकारी अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पाल से फर्जी बैंक गारंटी और फर्जी बिलिंग से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी के दिल्ली कार्यालय में पूछताछ की गई और इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि अशोक कुमार पाल को अनिल अंबानी को करीबी के तौर पर जाना जाता है। पाल रिलायंस पावर लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) हैं।

पाल पर क्या लगे हैं आरोप?

ईडी ने पाल पर कई आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि पाल ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को ₹68 करोड़ से अधिक की फर्जी बैंक गारंटी जमा की। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में फर्जी चालानों के माध्यम से फंड डायवर्जन किया गया। यही नहीं, एसबीआई, इंडियन बैंक, पीएनबी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख बैंकों की नकल की गई और फर्जी ईमेल डोमेन का इस्तेमाल करके जाली दस्तावेजों को असली दिखाया गया।

आरोप के मुताबिक पाल ने अनिल अंबानी के एक सहयोगी के माध्यम से इस फर्जी गारंटी को निष्पादित करने में भूमिका निभाई और बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (BTPL) को कॉन्ट्रैक्ट के लिए चुना गया। हालांकि, इस कंपनी का विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड नहीं था। यह पूरा रैकेट बैंकिंग प्रणाली के दुरुपयोग का एक संगठित प्रयास था, जिसमें सरकारी परियोजना के धन को निजी लाभ के लिए मोड़ने की कोशिश की गई। ईडी के मुताबिक BTPL के निदेशक पार्थ सारथी बिस्वाल पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।

₹17,000 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी का मामला

बता दें कि ईडी ₹17,000 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामलों में अनिल अंबानी समूह की कंपनियों की जांच कर रहा है। यह मामला यस बैंक और एडीए समूह की कई कंपनियों से जुड़ा है। अगस्त में ईडी ने अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया था और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुंबई में 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 50 कंपनियां और 25 व्यक्तियों के नाम सामने आए।

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Sat, 11 Oct 2025 15:59:08 +0530 news desk MPcg
शेयर बाजार में रौनक कायम, सेंसेक्स&निफ्टी में उछाल, Titan&TCS ने दिखाई रफ्तार https://citytoday.co.in/3876 https://citytoday.co.in/3876 मुंबई 

शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है और बुधवार को लगातार पांचवें कारोबारी दिन सेंसेक्स-निफ्टी ग्रीन जोन में ओपन हुए. ओपनिंग के साथ ही जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़कर 82,200 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद की तुलना में बढ़त के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में टाटा ग्रुप की Titan कंपनी का शेयर रॉकेट की रफ्तार से भागता हुआ नजर आया, तो वहीं TCS, Infosys से लेकर HCL Tech तक के स्टॉक्स में भी शानदार तेजी दिखी. 

82200 के पार निकला सेंसेक्स
शेयर मार्केट में ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स 81,899.51 पर ओपन हुआ औऱ कुछ ही देर में ये 300 अकों से ज्यादा की उछाल के साथ 82,257.74 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. कुछ ऐसी ही चाल एनएसई के निफ्टी की भी रही. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले मामूली सुस्ती लेकर 25,079.75 पर खुला और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर 25,192.50 के स्तर तक चढ़ गया.

1307 शेयरों ने की तेज शुरुआत
बाजार में तेजी के बीच बुधवार को करीब 1307 कंपनियों के स्टॉक्स ने अपने पिछले बंद के मुकाबले तेजी लेकर कारोबार की शुरुआत की. इसके साथ ही बाजार में मौजूद 1073 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. वहीं करीब 140 कंपनियों के शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबारी में Titan Company, Asian Paints, Bajaj Finance, Tata Steel और Max Healthcare के शेयर सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की लिस्ट में आगे रहे.

कल आई थी जोरदार तेजी
इससे पहले बीते कारोबारी दिन मंगलवार को भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन मार्केट क्लोज होने पर इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी थी. हालांकि, इसके बावजूद दोनों इंडेक्स ग्रीन जोन में बंद हुए थे. सेंसेक्स कारोबार के दौरान 400 अंकों से ज्यादा की बढ़त लेने के बाद अंत में 136.63 अंक चढ़कर 81,926.75 पर क्लोज हुआ था. तो वहीं निफ्टी ने महज 30 अंकों की बढ़त के साथ 25,108.30 पर क्लोजिंग की थी. 

टाइटन का धमाल, ये शेयर भी कमाल
सबसे तेज भागने वाले शेयरों की टॉप-10 लिस्ट पर नजर डालें, तो टाटा ग्रुप की कंपनी Titan का शेयर अव्वल रहा और ये 4.20% की तेजी लेकर 3559.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके बाद लार्जकैप में शामिल अन्य स्टॉक्स में Infosys (2.50%), Tech Mahindra (2.10%), TCS (2.10%) और HCL Tech Share (1.60%) की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया. 

इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में Escorts Share (4.68%), Relaxo Share (2.84%) और Tata Elxsi (2.70%) की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में सबसे तेज उछाल ITI Share में आया और ये 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़त लेकर ट्रेड कर रहा था.

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Wed, 08 Oct 2025 12:24:20 +0530 news desk MPcg
BSNL की बड़ी पहल: लॉन्च की VoWiFi सेवा, अब वाई&फाई से भी कर सकेंगे कॉलिंग https://citytoday.co.in/3835 https://citytoday.co.in/3835 भोपाल 

अगर आप बीएसएनएल सिम का इस्तेमाल करते हैं और आपके घर या ऑफिस में नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता तो अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. बीएसएनएल ने अपनी Voice over Wi-Fi यानी VoWiFi सर्विस शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत वेस्ट और साउथ ज़ोन से की गई है. इसका मतलब है कि अब यूज़र्स को वाई-फाई के जरिए कॉल करने की सुविधा मिलेगी, फिर चाहे मोबाइल नेटवर्ट हो या ना हो.

बीएसएनएल ने इस सर्विस को खासतौर पर उन यूज़र्स के लिए लॉन्च किया है, जो किसी ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां पर बीएसएनएल के सिग्नल्स कमजोर रहते हैं और कनेक्टिविटी ठीक से नहीं हो पाती है. अब अगर आपके पास Wi-Fi है और फोन VoWiFi सपोर्ट करता है, तो कॉलिंग आराम से हो जाएगी. आपको बता दें कि Jio और Airtel जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां अपने-अपने यूज़र्स को काफी पहले से ही इस फीचर की सुविधा देती है. अब बीएसएनएल ने भी इसकी शुरुआत कर दी है.

सिल्बर जुबली सेलिब्रेशन पर किया लॉन्च

2 अक्टूबर को BSNL के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन के मौके पर DoT सेक्रेटरी Neeraj Mittal ने VoWiFi का सॉफ्ट लॉन्च किया. इसके साथ-साथ बीएसएनएल की एक और बड़ी ख़बर है कि अब ग्राहकों को भारत के 1.65 लाख पोस्ट ऑफिस से BSNL की SIM और रिचार्ज सर्विस भी मिलेगी. इस सुविधा को शुरू करने का मकसद साफ है कि कंपनी भारतीय पोस्ट सेवा की मदद से अपनी कनेक्टिविटी को देश के गांवों-कस्बों तक भी पहुंचाना चाहती है.

इसके अलावा बीएसएनएल ने हाल ही में मुंबई में भी अपनी 4G Service की शुरुआत की है. इससे पहले अगस्त के महीने में कंपनी ने दिल्ली में BSNL 4G सर्विस शुरू की थी. इसके अलावा अब सरकार द्वारा समर्थित भारत की इस टेलीकॉम कंरनी ने eSIM सर्विस भी पूरे देश में रोलआउट कर दिया है. इसके लिए बीएसएनएल ने Tata Communications के साथ पार्टनरशिप की है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ओडिशा के Jharsuguda से BSNL की पूरी तरह देसी 4G नेटवर्क का उद्घाटन किया. ये BSNL के डिजिटल इंडिया मिशन की तरफ एक बड़ा कदम है.

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Sat, 04 Oct 2025 18:10:28 +0530 news desk MPcg
ChatGPT की नई पहल: OpenAI ने लॉन्च किया Sora, शॉर्ट वीडियो ऐप जो Instagram और TikTok को देगा टक्कर https://citytoday.co.in/3833 https://citytoday.co.in/3833 नई दिल्ली

ChatGPT मेकर OpenAI ने हाल ही में Sora ऐप लॉन्च किया है. आपको बता दें कि Sora कंपनी के जेनेरेशन मॉडल का नाम है. कंपनी ने अब इसे स्टैंडअलोन ऐप के तौर पर पेश कर दिया है जिसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक का राइवल माना जा रहा है. 

Sora ऐप लॉन्च होने के कुछ समय के बाद ही ऐपल ऐप स्टोर पर तीन नंबर का ऐप बन गया है. हाल ही में कंपनी ने Sora 2 मॉडल भी लॉन्च किया है. ये कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल वीडियो जेनेरेट करने वाला मॉडल है. 

TikTok जैसा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है Sora App 

OpenAI ने Sora ऐप को शॉर्ट वीडियो के लिए ख़ास तौर पर डिज़ाइन किया है. यहां यूजर्स AI जेनेरेटेड वीडियोज शेयर कर पाएंगे. यानी यहां सिर्फ AI जेनेरेटेड कॉन्टेंट देखने को मिलेंगे. इसे डीपफेक वीडियोज भी कहा जा सकता है. 

Sora App पर यूजर्स नैचुरल लैंग्वेज में प्रॉम्प्ट डाल कर शॉर्ट वीडियोज तैयार कर पाएंगे. इसके लिए यूजर्स को कैमरा या एडिटिंग स्किल्स की भी ज़रूरत नहीं है. 

अमेरिकी ऐपल ऐप स्टोर पर TikTok और Instagram के बाद Sora ऐप आ चुका है. इस ऐप मे Cameos फीचर दिया गया है जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है. इसके ज़रिए यूजर्स Sora 2 यूज़ करते हुए AI वीडियोज जेनेरेट करा पाएंगे. यूजर्स अपनी वीडियो डाल कर भी उसे AI वीडियोज में ट्रांसफॉर्म कर पाएंगे. 

Deepfake वीडियोज को किया जा रहा नॉर्मलाइज 

कुछ साल पहले तक Deepfake वीडियोज जुर्म माने जाते थे, लेकिन AI वीडियो जेनेरेटर आ जाने के बाद से ये नॉर्मल हो गए हैं. यानी किसी की फोटो या वीडियो को लेकर आप कुछ भी करा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है और कई बार लोग धोखा खा जाते हैं. 

जेनेरेटिव AI आने के बाद से सोशल मीडिया पर AI जेनेरेटेड वीडियोज की भरमार है. AI वीडियोज पर व्यूज भी काफी आ रहे हैं और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं. शायद इसलिए ही OpenAI को लग रहा है कि AI जेनेरेटेड वीडियो प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया की शक्ल दे दी जाए. ठीक ऐसा ही कंपनी ने Sora App लॉन्च करके किया है. 

मिसयूज़ का खतरा 

Sora App पर आप किसी की भी तस्वीर या वीडियो लेकर जैसे चाहें वैसा बनवा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है. क्योंकि इसमें Open AI का वीडियो जेनेरेशन मॉडल Sora 2 यूज़ हो रहा है जो असली जैसे दिखने वाले AI वीडियोज बना रहा है. यानी लोगों की तस्वीरें यहां मिसयूज़ भी की जा सकती हैं. 

हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि Sora App में सेफ्टी मेजर्स पर काम किया गया है. जैसे यहां सेक्सुअल कॉन्टेंट नहीं बनाए जा सकते हैं. वॉयलेंस से जुड़े प्रॉम्प्ट को भी ब्लॉक किया जाएगा. हालांकि रेस्ट्रिक्शन को भी लोग अलग तरह से प्रॉम्प्ट दे कर बाइपास कर ले रहे हैं. 

Meta ने हाल ही में लॉन्च किया है Vibe 

दरअसल Meta ने हाल ही में AI ऑनली फ़ीड लॉन्च किया है. इसे कंपनी ने Vibe का नाम दिया है. यहां भी यूजर्स को सिर्फ AI जेनेरेटेड शॉर्ट वीडियोज दिखेंगे. OpenAI का नया Sora ऐप Meta के Vibe को भी टक्कर देगा. 

फ़िलहाल Sora App अमेरिका में इन्वाइट ऑनली है. यानी इसे इन्वाइट के ज़रिए ही यूज़ किया जा सकता है. भारत में फ़िलहाल ये ऐप लॉन्च नहीं हुआ है. मुमकिन है कंपनी इसकी टेस्टिंग कुछ समय तक अमेरिकी मार्केट में ही करेगी. इसके बाद इसे दूसरे देशों में लॉन्च किया जा सकता है.

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Sat, 04 Oct 2025 18:06:05 +0530 news desk MPcg
टैक्स कट के बावजूद मारुति से टोयोटा तक की बिक्री गिरी, एक कंपनी ने दिखाया दम https://citytoday.co.in/3796 https://citytoday.co.in/3796 मुंबई 

सितंबर में जिन ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सबसे ज्यादा कार बेचीं उसका डेटा सामने आ गया है। हर बार की तरह एक बार फिर पिछले महीने मारुति सुजुकी देश की नंबर-1 कार कंपनी रही। हालांकि, उसे अगस्त की तुलना में गिरावट का सामना करना पड़ा। चौंकाने वाली बात ये है कि GST 2.0 से छोटी कारों की कीमतें घटने के बाद भी कंपनी की गिरावट देखनी पड़ी। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने कमाल के सेल्स आंकड़ों के साथ दूसरी पोजीशन पर वापसी की। कंपनी ने महिंद्रा और हुंडई को काफी पीछे छोड़ दिया। खास बात ये है कि टॉप-6 की लिस्ट में टाटा एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिस मंथली बेसिस पर ग्रोथ मिली।

टॉप कार सेल्स कंपनी सितंबर 2025
कंपनी अगस्त 2025 सितंबर 2025 चेंज % MoM
मारुति सुजुकी 1,30,242 1,22,785 -5.77
टाटा मोटर्स 37,988 40,068 5.44
महिंद्रा 42,253 37,451 -11.37
हुंडई 45,686 35,470 -22.34
टोयोटा 26,453 20,051 -24.23
किआ 18,793 16,540 -12

सितंबर में टॉप कंपनियों की सेल्स की बात करें तो मारुति सुजुकी ने अगस्त में 1,30,242 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 1,22,785 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.77% की मंथली डिग्रोथ मिली। टाटा मोटर्स ने अगस्त में 37,988 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा बढ़कर 40,068 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.44% की मंथली ग्रोथ मिली। महिंद्रा ने अगस्त में 42,253 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 37,451 कारों पर आ गया। यानी इसे 11.37% की मंथली डिग्रोथ मिली।

हुंडई ने अगस्त में 45,686 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 35,470 कारों पर आ गया। यानी इसे 22.34% की मंथली डिग्रोथ मिली। टोयोटा ने अगस्त में 26,453 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 20,051 कारों पर आ गया। यानी इसे 24.23% की मंथली डिग्रोथ मिली। किआ ने अगस्त में 18,793 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 16,540 कारों पर आ गया। यानी इसे 12% की मंथली डिग्रोथ मिली। यानी टाटा एकमात्र ऐसी कार रही जिसे मासिक आधार पर ग्रोथ मिली।

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Fri, 03 Oct 2025 14:02:55 +0530 news desk MPcg
SBI कार्ड यूज़र्स के लिए चेतावनी: 1 नवंबर से नए नियम, बढ़ सकते हैं Extra चार्ज! https://citytoday.co.in/3757 https://citytoday.co.in/3757 नई दिल्ली 
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने क्रेडिट कार्ड फीस स्ट्रक्चर और चार्ज में बड़ा बदलाव किया है। यह नया बदलाव 1 नवंबर 2025 से देशभर में लागू होगा। नया चार्ज केवल कुछ चयनित ट्रांजेक्शन्स पर लागू होगा, जैसे एजुकेशनल पेमेंट और वॉलेट लोड, और केवल उन ग्राहकों पर, जो SBI क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर पेमेंट करते हैं।

एजुकेशन पेमेंट पर नया चार्ज
अगर ग्राहक अपने SBI कार्ड से थर्ड पार्टी ऐप्स जैसे CRED, Cheq और MobiKwik का इस्तेमाल करके एजुकेशन से जुड़ी पेमेंट करता है, तो 1% का चार्ज लगेगा। उदाहरण के लिए, 1000 रुपये के पेमेंट पर 10 रुपये का चार्ज देना होगा। हालांकि, यदि पेमेंट सीधे स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी को किया जाता है, तो यह शुल्क नहीं लगेगा।

वॉलेट लोड पर चार्ज
SBI कार्ड से किसी भी वॉलेट में 1000 रुपये से अधिक राशि जमा करने पर 1% का चार्ज लागू होगा। बैंक ने बताया कि एजुकेशन पेमेंट चार्ज MCC कोड 8211, 8220, 8241, 8244, 8249, 8299 वाले थर्ड पार्टी मर्चेंट्स पर ही लागू होगा।

SBI कार्ड के अन्य चार्ज
 
SBI कार्ड कई अन्य ट्रांजेक्शन्स पर भी शुल्क लेता है, हालांकि इनमें हाल ही में कोई बदलाव नहीं किया गया। प्रमुख शुल्क इस प्रकार हैं:

कैश पेमेंट चार्ज: 250 रुपये

पेमेंट अप्रूवल चार्ज: 2% (कम से कम 500 रुपये)

चेक पेमेंट शुल्क: 200 रुपये

डोमेस्टिक ATM कैश एडवांस: 2.5% (न्यूनतम 500 रुपये)

इंटरनेशनल ATM कैश एडवांस: 2.5% (न्यूनतम 500 रुपये)

कार्ड बदलने का शुल्क: 100–250 रुपये, आरम कार्ड के लिए 1500 रुपये

विदेश में इमरजेंसी कार्ड बदलना: वीजा के लिए न्यूनतम $175, मास्टरकार्ड के लिए $148

अतिरिक्त लेट पेमेंट चार्ज
यदि न्यूनतम ड्यू अमाउंट (MAD) लगातार दो बिलिंग सर्किल तक तय तारीख तक नहीं भरा जाता है, तो 100 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। यह शुल्क तब तक जारी रहेगा जब तक कि MAD का भुगतान नहीं किया जाता।

 

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Wed, 01 Oct 2025 12:38:15 +0530 news desk MPcg
मार्केट में फिर कदम रखेगा Nokia, क्या दोबारा लौटेगा ब्रांड का सुनहरा दौर? https://citytoday.co.in/3733 https://citytoday.co.in/3733 मुंबई 
Nokia एक बार फिर मार्केट में वापसी कर रही है. कंपनी ने HMD ग्लोबल के साथ अपने ब्रांड लाइसेंस एग्रीमेंट को बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि HMD अगले कुछ सालों तक Nokia की ब्रांडिंग वाले फोन्स बेच पाएगी. हालांकि, ये एग्रीमेंट सिर्फ फीचर फोन्स के लिए है. यानी मार्केट में आपको नोकिया के स्मार्टफोन नहीं मिलेंगे. 

दोनों कंपनियों के बीच साल 2016 में ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट हुआ था, जो 2026 में एक्सपायर होने वाला था. हालांकि, लाइसेंस एक्सपायर होने से पहले ही HMD ने नोकिया ब्रांड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था. 
कौन-से फोन होंगे लॉन्च?

कंपनी पिछले कुछ वक्त से HMD ब्रांड नेम के तहत स्मार्टफोन और फीचर फोन्स मार्केट में बेच रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी ने नोकिया के साथ अपने लाइसेंस को अगले दो से तीन साल के लिए बढ़ा लिया है. इसकी वजह से हमें मार्केट में नोकिया ब्रांडिंग वाले फीचर फोन्स एक बार फिर देखने को मिल सकते हैं. 

HMD ने नोकिया ब्रांडिंग के साथ कई क्लासिक फोन्स को मार्केट में दोबारा लॉन्च किया था. इन फोन्स को अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला, लेकिन स्मार्टफोन के जमाने में फीचर फोन्स कहां तक मुकाबला करते. वहीं दूसरी तरफ नोकिया की ब्रांडिंग के बाद भी HMD के स्मार्टफोन्स मार्केट में कोई कमाल नहीं कर पाए. 

अब तक कंपनी को नहीं हुआ फायदा

पिछले कुछ वक्त से कंपनी HMD ब्रांडिंग के साथ स्मार्टफोन को लॉन्च कर रही है. मगर इसका भी कोई फायदा होते ब्रांड को नहीं दिख रहा है. नोकिया ब्रांड की फीचर फोन मार्केट में वापसी कंपनी को राहत पहुंचा सकती है. खासकर भारत और चीन जैसे मार्केट में जहां आज भी फीचर फोन्स की मांग है. 

भारत की बात करें, तो फीचर फोन्स की डिमांड यहां सबसे ज्यादा है. IDC के डेटा के मुताबिक, HMD ग्लोबल भारतीय फीचर फोन मार्केट में एक मजबूत प्लेयर है. साल 2024 में कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 22 फीसदी था. लाइसेंस एक्सटेंशन से HMD को मजबूती मिलेगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस पारी में नोकिया और HMD की जोड़ी कोई कमाल करेगी.

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Wed, 24 Sep 2025 13:43:26 +0530 news desk MPcg
गौतम अदाणी की दौड़ जारी: सिर्फ 2 दिन में संपत्ति में 13 अरब डॉलर की जबरदस्त बढ़ोतरी! https://citytoday.co.in/3732 https://citytoday.co.in/3732 नई दिल्ली
देश के दिग्गज उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति में बीते दो कारोबारी सत्रों में 13 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी शेयरों की कीमत में तेजी आने के कारण हुई है। गौतम अदाणी की संपत्ति में इस साल 17.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 8.02 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों में बढ़ोतरी की वजह सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की ओर से शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग मामले में क्लीन चिट देना है। शॉर्ट-सेलर द्वारा व्यापक रूप से प्रचारित दावों के झूठे होने की पुष्टि करने वाले अपने अंतिम आदेश में, सेबी ने निष्कर्ष निकाला कि अदाणी समूह ने दो निजी फर्मों के माध्यम से धन का प्रवाह करके किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया, जिससे छिपे हुए संबंधित पक्ष लेनदेन और धोखाधड़ी के दावों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया गया।

बीते तीन कारोबारी सत्रों में अदाणी पावर का शेयर करीब 30 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस का शेयर भी करीब 18 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर करीब 15 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर का दाम 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। इस दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुका है, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर ने करीब 3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

दुनिया के अरबपतियों की सूची में 452 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क शीर्ष पर हैं। इसके बाद 388 अरब डॉलर के साथ लैरी एलिसन दूसरे, 269 अरब डॉलर के साथ मार्क जुकरबर्ग तीसरे, 250 अरब डॉलर के साथ जेफ बेजोस चौथे और 221 अरब डॉलर के साथ लैरी पेज पांचवे स्थान पर होंगे। मौजूदा में समय में अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी 98.6 अरब डॉलर के साथ 18 वें स्थान पर, गौतम अदाणी 95.7 अरब डॉलर के साथ 19 वें स्थान पर हैं।

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Wed, 24 Sep 2025 13:41:46 +0530 news desk MPcg
Bajaj Chetak की बड़ी सफलता, इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री 5 लाख यूनिट्स के पार https://citytoday.co.in/3709 https://citytoday.co.in/3709 मुंबई 

दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto की इलेक्ट्रिक स्कूटर Bajaj Chetak ने जनवरी 2020 में लॉन्च होने के बाद से अब तक 5,10,000 से ज़्यादा यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर दिया है. ख़ास तौर पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इन बिक्री हुए यूनिट्स में से 40 प्रतिशत से ज़्यादा यानी करीब 2,06,366 यूनिट्स बिक्री नवंबर 2024 के बाद के 10 महीनों में हुई है.

Bajaj Chetak की बिक्री की उपलब्धि
Bajaj Auto ने यह उपलब्धि हाल ही में आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बावजूद हासिल की है. गौरतलब है कि रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण Bajaj Chetak का उत्पादन अस्थायी रूप से रुक गया था. फिर भी, Bajaj Chetak लगातार भारत में सबसे ज़्यादा बिकने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक रहा है.

Bajaj Chetak , TVS iQube के साथ टॉप स्थान पर भी रहा, जब तक कि हालिया समस्याओं ने इसे क्रम में नीचे नहीं गिरा दिया. हालांकि, अब उत्पादन फिर से पटरी पर आने के साथ, हम आने वाले महीनों में बिक्री के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं.

इस सफलता का श्रेय Bajaj Auto द्वारा Bajaj Chetak लाइनअप में कई वेरिएंट पेश करने और देश भर में 3,800 से ज़्यादा टचपॉइंट्स के अपने व्यापक सर्विस नेटवर्क का लाभ उठाने को दिया जा सकता है. अब तक बेचे गए 5,10,007 Chetak स्कूटरों में से, 3,48,251 यूनिट्स अप्रैल 2024 से पिछले 20 महीनों में भेजी गईं. दिल चस्प बात यह है कि Bajaj Auto के कारखाने से भारत भर के डीलरों तक पिछली 2,00,000 यूनिट्स 10 महीने से भी कम समय में भेजी गईं.

Bajaj Chetak पोर्टफोलियो में वर्तमान में दो बैटरी कॉन्फ़िगरेशन वाले चार मॉडल शामिल हैं. इनमें Bajaj Chetak 3001 में 3kWh की बैटरी मिलती है, जबकि 3501, 3502 और 3503 वेरिएंट में 3.5kWh का बड़ा बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है. इस रेंज की कीमतें 99,900 रुपये से शुरू होकर 1.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती हैं.

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Sat, 20 Sep 2025 18:07:50 +0530 news desk MPcg
RBI ने दी PhonePe को मंजूरी, SMEs और मर्चेंट्स के लिए डिजिटल भुगतान होगा सुगम https://citytoday.co.in/3708 https://citytoday.co.in/3708 मुंबई 

PhonePe को RBI से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिल गया है इससे SMEs और मर्चेंट्स के लिए डिजिटल भुगतान करना आसान होगा. यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल लेनदेन में सुरक्षित और तेज़ सुविधा प्रदान करेगा और वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा.
 भारत में डिजिटल पेमेंट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में PhonePe ने अपनी ताकत साबित की है. 650 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और 45 मिलियन मर्चेंट आउटलेट्स के नेटवर्क के साथ, PhonePe रोजाना 360 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. अब कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. यह मंजूरी न केवल कंपनी के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) और मर्चेंट्स के लिए भी नई संभावनाएँ लेकर आई है.

RBI लाइसेंस का महत्व

RBI से मिली यह मंजूरी PhonePe को डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने और उनके लेनदेन को सुरक्षित और तेज़ बनाने का अधिकार देती है. यह कदम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाने और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के RBI के प्रयासों का हिस्सा है.

SMEs और मर्चेंट्स पर फोकस

PhonePe विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल भुगतान के समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, युवराज सिंह शेखावत के अनुसार, यह लाइसेंस मर्चेंट सर्विसेज के विस्तार में सहायक होगा और व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन की सुविधा देने में मदद करेगा.

PhonePe की सेवाएं

    SMEs और मर्चेंट्स को UPI, QR कोड और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध कराना
    मर्चेंट्स के लिए टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स टूल्स प्रदान करना
    व्यवसायिक लेनदेन को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना

RBI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा. SMEs का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है और कैशलेस लेनदेन की दिशा में अहम कदम है.
PhonePe को RBI से लाइसेंस क्यों मिला है?

RBI ने PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस दिया है ताकि यह डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड कर सके और उनके लेनदेन को सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बना सके.
यह लाइसेंस SMEs और मर्चेंट्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

इस लाइसेंस के बाद छोटे और मध्यम व्यवसाय डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकते हैं, जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा और लेनदेन अधिक सुरक्षित होगा.
PhonePe रोजाना कितने ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है?

PhonePe प्रतिदिन 360 मिलियन से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और इसका मर्चेंट नेटवर्क 45 मिलियन से अधिक आउटलेट्स तक फैला हुआ है.
इस लाइसेंस से उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा?

उपभोक्ताओं को सुरक्षित और तेज़ डिजिटल भुगतान का विकल्प मिलेगा, साथ ही लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी.

 

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Sat, 20 Sep 2025 18:06:18 +0530 news desk MPcg
22 सितंबर से सस्ता होगा LPG सिलेंडर? जानें अभी कितना है GST रेट https://citytoday.co.in/3707 https://citytoday.co.in/3707 नई दिल्ली

3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था, जिसमें नए GST Reform को मंजूरी दे दी गई. इस बैठक में 12  और 28 फीसदी GST स्‍लैब को हटाकर सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को ही रखा गया. फूड आइटम्‍स से लेकर कपड़ा और कार- एसी, टीवी तक की चीजों पर जीएसटी रेट कट किया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे. 

नए GST Reform से आम जरूरत की ज्‍यादातर चीजें 22 सितंबर से सस्‍ती हो रही हैं. खाने-पीने की चीज से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज 22 से सस्‍ती हो रही हैं. इसी बीच, लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी सर्च कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्‍या LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या नहीं? तो आइए जानते हैं कि एलपीजी पर जीएसटी कितना लगेगा. 

अभी कितना जीएसटी लगता है? 
सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है. घरेलू स‍िलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है. जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा. 

कमर्शियल सिलेंडर पर क्‍यों 18% जीएसटी? 
22 सितंबर से घरेलू और कमर्शियल यूज वाले LPG सिलेंडर के दाम अपरिवर्तित रहेंगे. इनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. कमर्शियल एलपीजी पर 18% जीएसटी इसलिए लागू किया गया है, क्‍योंकि ये सिलेंडर व्‍यवसाय के लिए यूज किए जाते हैं, जैसे होटल ओर रेस्‍तरां में कमर्शियल सिलेंडर का यूज होता है. 

ये प्रोडक्‍ट्स हो रहे सस्‍ते
गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल मीटिंग में कई बड़े फैसले की मंजूदी दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया. काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्‍तुओं पर GST रेट को घटा दिया. 

सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया. इसमें इस बार कोल्‍ड ड्रिंग्‍स को भी रखा गया है. सुपर लग्‍जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है. 

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Sat, 20 Sep 2025 18:01:43 +0530 news desk MPcg
शेयर बाजार में अचानक भूचाल! कई शेयर गिरे, लेकिन अडानी ग्रुप ने दिखाया दम https://citytoday.co.in/3669 https://citytoday.co.in/3669 मुंबई 

पूरे हफ्ते के दौरान तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स-निफ्टी गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि अडानी के शेयरों ने आज कमाल का प्रदर्शन किया है. अडानी के शेयर शुक्रवार को शानदार कारोबार कर रहे हैं. अडानी के शेयरों में यह तेजी, सेबी द्वारा हिंडनबर्ग केस खत्‍म करने के बाद आया है. 

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 240 अंक गिरकर 82771 पर और निफ्टी 60 अंक गिरकर 25361 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक में भी गिरावट देखी जा रही है, जो करीब 150 अंक टूट चुका है. 

BSE के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 7 शेयर ही उछाल पर थे, जिसमें अडानी पोर्ट सबसे ऊपर कारोबार कर रहा था. वहीं 23 शेयर मामूली गिरावट पर थे. टीसीएस में एक फीसदी की गिरावट रही. 

क्‍यों आई ये गिरावट? 
यह गिरावट लार्जकैप के शेयरों में आई गिरावट के कारण है. सप्‍ताहभर तेजी के बाद आज इन शेयरों में बिकवाली हो रही है. इसके अलावा, अमेरिका से टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर भी रुख स्‍पष्‍ट नहीं हो रहा है. अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा भी फेड रेट में कटौती के कारण भी शेयर बाजार में दबाव दिख रहा है. 

कौन से शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे? 
Zydus Wellness, डीसीएम श्रीराम, जेन टेक्‍नोलॉजी के शेयर 2 प्रतिशत से ज्‍यादा टूटकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा, आईएफसीआई, इंडियामार्ट और सोनट सॉफ्टवेयर जैसे शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली. 

अडानी के शेयरों ने किया कमाल! 
अडानी पावर का शेयर 7 फीसदी चढ़कर 675 के करीब पहुंच गया. अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी रही. अडानी एनर्जी सॉल्‍यूशन 3 फीसदी, अडानी पोर्ट 2 फीसदी और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में भी करीब 3 फीसदी की तेजी रही. 

132 शेयरों में अपर सर्किट
BSE पर आज कुल 3538 शेयर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें से 1,980 शेयरों में तेजी और 1,380 शेयरों में गिरावट है. बाकी 178 शेयर अनचेंज हैं. वहीं 132 शेयरों ने अपर सर्किट टच किया है, जबकि 61 ने लोअर सर्किट टच किया है. 87 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 29 52 सप्‍ताह के लो पर कारोबार कर रहे हैं. 

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Fri, 19 Sep 2025 12:14:39 +0530 news desk MPcg
भारत&अमेरिका ट्रेड में नरमी के संकेत! हट सकता है 25% अतिरिक्त टैरिफ https://citytoday.co.in/3668 https://citytoday.co.in/3668 नई दिल्ली

अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ में बड़ी राहत मिल सकती है और रूसी तेल खरीद पर ट्रंप द्वारा लगाया गया एक्स्ट्रा 25% टैरिफ हटाया जा सकता है. मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने गुरुवार ये उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी घटाकर 10 से 15% किया जा सकता है. इसके साथ ही सीईए ने भारत-US ट्रेड डील के आगे बढ़ने का भी संकेत दिया है. 

8-10 हफ्ते में निकल आएगा हल
कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सीईए नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें टैरिफ मसले का अगले 8 से 10 हफ्तों के भीतर समाधान होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगले कुछ महीनों में कम से कम 25% के एक्स्ट्रा टैरिफ का समाधान जरूर निकल आएगा.' बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नागेश्वरन ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे करीब 50 अरब  डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात पर दबाव कम हो सकता है.

ट्रंप ने क्यों लगाया 25% एक्स्ट्रा टैरिफ?
गौरतलब है कि भारत पर पहले अमेरिकी की ओर से 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अगस्त में भारत की रूसी तेल खरीद को युक्रेन युद्ध में पुतिन की आर्थिक मदद करने का जरिया करार देते हुए जुर्माने के रूप में 25% का एक्स्ट्रा टैरिफ जुर्माने के तौर पर लगाया था. इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50% हो गया था और इससे ये ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा ट्रंप टैरिफ को झेलने वाले देशों में शामिल हो गया था. अपने संबोधन में नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों ही सरकारों के बीच सतह के नीचे तमाम मुद्दों को हल करने के लिए काफी बातचीत हो रही है.

भारत-US ट्रेड डील में क्या प्रोग्रेस?  
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील एग्रीकल्चर और डेयरी प्रोडक्ट्स समेत अन्य मुद्दों को लेकर अटकी हुई थी और इस पर बातचीत भी ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ के बाद थमी हुई थी. लेकिन बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए ट्रेड डील के सफल निष्कर्ष निकलने की बात कही थी. 

इसके बाद इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका की ओर से प्रमुख वार्ताकर ब्रेंडेन लिंच ट्रेड डील पर छठे चरण की बैठक करने के लिए नई दिल्ली आए थे और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार राजेश अग्रवाल के साथ करीब 7 घंटे की लंबी चर्चा की थी. 

55% सामान हाई टैरिफ के अंदर
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में अमेरिका को भारत के निर्यात का लगभग 55% हिस्सा ट्रंप के हाई टैरिफ के अंदर आ रहा है. इसकी मार से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स की बात करें, तो कपड़ा, केमिकल, मरीन फूड, जेम्स एंड ज्वेलरी के साथ ही मशीनरी शामिल हैं. ये इसलिए भी खास हैं, क्योंकि भारत की श्रम-प्रधान निर्यात अर्थव्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं. टैरिफ के असर को देखें, तो अगस्त महीने में अमेरिका को निर्यात घटकर 6.87 अरब डॉलर रह गया, जो 10 महीने का सबसे निचला स्तर है.

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Fri, 19 Sep 2025 12:12:29 +0530 news desk MPcg
किरायेदारों को झटका! अब PhonePe और Paytm से नहीं भर पाएंगे किराया, नए नियम लागू https://citytoday.co.in/3667 https://citytoday.co.in/3667 नई दिल्‍ली
 आप भी अगर हर म
हीने फोनपे, पेटीएम या क्रेड जैसी मोबाइल ऐप्स से अपने घर का किराया क्रेडिट कार्ड से भरते थे, तो अब आपको मुश्किल होने वाली है. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि फिनटेक कंपनियों ने अब अपने ऐप्स पर रेंट पेमेंट सर्विस बंद कर दी है. बता दें कि बीते कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट करने का चलन बढ़ गया था. अब दरअसल, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में भुगतान सेवाओं से जुड़े नए नियम लागू करने के बाद फिनटेक कंपनियों को यह सर्विस बंद करनी पड़ी है. आरबीआई ने 15 सितंबर को इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया था.

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर होगा जो क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाकर पॉइंट्स कमाते थे या महीने भर तक बिना ब्याज के पैसे इस्तेमाल करते थे. अब उन्हें फिर से पुराना तरीका अपनाना होगा जैसे कि सीधे बैंक खाते में किराया ट्रांसफर करना या चेक से भुगतान करना.
भुगतान पर मिलते थे रिवॉर्ड प्‍वाइंट्स और कैशबैक

अभी तक लोग आसानी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके किराया चुकाते थे. ऐसा करने से उन्हें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या कैशबैक भी मिलता था और साथ ही महीने भर का क्रेडिट पीरियड भी मिल जाता था. मकान मालिक को भी तुरंत पैसा मिल जाता था. इस वजह से यह सेवा बहुत तेजी से लोकप्रिय हुई. लेकिन RBI को यह व्यवस्था ठीक नहीं लगी, क्योंकि इसमें मकान मालिकों का पूरा KYC नहीं होता था और फिनटेक कंपनियां बीच में मार्केटप्लेस की तरह काम कर रही थीं.

बैंकों की पहले से चिंता

बैंकों ने भी पिछले साल से इस पर रोक लगानी शुरू कर दी थी. HDFC बैंक ने जून 2024 में ही क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने पर 1% तक का शुल्क लगा दिया था. ICICI बैंक और SBI कार्ड्स ने भी किराया भुगतानों पर रिवॉर्ड पॉइंट्स बंद कर दिए थे. मार्च 2024 से कई ऐप्स जैसे फोनपे, पेटीएम और अमेज़न पे ने यह सेवा रोक दी थी. हालांकि कुछ ने बाद में अतिरिक्त KYC प्रक्रिया जोड़कर इसे दोबारा शुरू किया.

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Fri, 19 Sep 2025 12:02:24 +0530 news desk MPcg
Hike Messenger की 13 साल की कहानी खत्म! कभी WhatsApp को दी थी कड़ी टक्कर, अब क्यों हो रहा बंद? https://citytoday.co.in/3630 https://citytoday.co.in/3630 नई दिल्ली

भारत के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक व्हाट्सएप है. भारत के बहुत सारे यूज़र्स के दिमाग में ऐसा सवाल आता है कि क्या व्हाट्सएप को कोई दूसरा मैसेजिंग ऐप टक्कर दे सकता है. टेलीग्राम से लेकर सिंग्नल तक बहुत सारे ऐप्स मार्केट में आए लेकिन व्हाट्सएप का जलवा बरकरार है. हालांकि, एक ऐसा मैसेजिंग ऐप था, जो व्हाट्सएप को टक्कर देने के लिए और लोगों को एक नया और व्हाट्सएप से बेहतर विकल्प देने के लिए बनाया गया था. इस ऐप का नाम हाइक (Hike) है.

यह एक इंडियन मैसेजिंग ऐप ही है, जिसने अमेरिकन मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को कड़ी चुनौती दी थी, लेकिन अब यह ऐप बंद हो गया है. इसके फाउंडर कविन भारती मित्तल ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वो अब इस ऐप को बंद कर रहे हैं. आइए हम आपको इस पूरी ख़बर के बारे में बताते हैं.

इस ऐप ने अपने सफर की शुरुआत एक इंटरेस्टिंग मैसेजिंग ऐप के रूप में की थी, लेकिन उसके बाद इसने गेमिंग इंडस्ट्री में कदम रखा था. अब हाल ही में भारत सरकार के नए कानून की वजह से हाइक का सफर खत्म हो गया.

2012 में हुई थी शुरुआत

2012 में लॉन्च हुआ Hike Messenger युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ था. लेकिन 2021 में मैसेजिंग ऐप को बंद कर कंपनी ने Rush नाम से रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसमें कैरम और लूडो जैसे गेम्स में कैश प्राइज़ दिए जाते थे. चार साल में Rush ने 10 मिलियन यूज़र्स और $500 मिलियन से ज़्यादा का ग्रॉस रेवेन्यू हासिल किया.

Mittal ने हाल ही में एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका में शुरू किया गया नया बिज़नेस अच्छा चल रहा था, लेकिन उसे ग्लोबली स्केल करना “समय और पूंजी का सही उपयोग नहीं” होगा. उन्होंने साफ कहा—अब ये चढ़ाई उनके लिए, उनकी टीम और निवेशकों के लिए सही नहीं है.

Hike को कभी SoftBank, Tiger Global और Tencent जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन मिला था. 2016 में इसकी वैल्यू $1.4 बिलियन तक पहुंच गई थी. 2025 में लागू हुए नए ऑनलाइन गेमिंग कानून ने नकद इनाम वाले गेम्स की दुनिया को झटका दिया. भारत सरकार के इस नए कानून का भारत की कई कंपनियों पर असर पड़ा और दुकानें बंद हो गई.

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Tue, 16 Sep 2025 14:47:31 +0530 news desk MPcg
गिर सकते हैं सोने के दाम? एक्सपर्ट की नजर US Fed की अगली बैठक पर https://citytoday.co.in/3629 https://citytoday.co.in/3629 नई दिल्‍ली
 सोने की चमक ने सबको चकाचौंध कर रखा है। इसने एक साल में ताबड़तोड़ तेजी दर्ज की है। इस दौरान यह करीब 53% तक चढ़ा है। दूसरे किसी भी एसेट क्‍लास में ऐसी बंपर तेजी देखने को नहीं मिली है। हालांकि, 17 सितंबर से पहले सोने की कीमतों में तेजी पर कुछ अंकुश लग सकता है। अगले हफ्ते बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों पर फैसला लेने वाला है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि आगे चलकर सोने की चमक बनी रहेगी। वे टैर‍िफ के असर, ब्रिटेन और यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की बैठकों पर नजर रखेंगे।

सोने की कीमतों में तेजी आई है। लेकिन, अब यह रफ्तार धीमी हो सकती है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर का कहना है कि निवेशक अब सतर्क हो गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सोने के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसलिए, वे अब और ज्यादा पैसा लगाने से डर रहे हैं।

17 सितंबर पर दुन‍िया की नजर
मेर ने कहा कि पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के युद्ध के कारण सोने के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोने और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। लेकिन, निवेशकों को फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों का इंतजार है। ऐसे में कीमतों में कुछ बदलाव हो सकता है। फेडरल रिजर्व की दो दिन की बैठक 16 सितंबर को शुरू होगी। नीतिगत फैसले की घोषणा 17 सितंबर को की जाएगी।

एंजल वन के प्रथमेश माल्या ने कहा कि अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने और रूस-यूक्रेन के बीच लड़ाई बढ़ने से सोने के दाम में तेजी आना कोई हैरानी की बात नहीं है।

सोने के दाम में तेजी क्यों आई?

भू-राजनीतिक तनाव पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं।
व्यापार शुल्क (टैरिफ) अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने से भी सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

 

आगे क्या हो सकता है?

कीमतों में स्थिरता फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले तक सोने के दाम स्थिर रह सकते हैं।
तेजी जारी रह सकती है जानकारों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य वैश्विक कारकों के कारण आगे भी सोने के दाम बढ़ सकते हैं।

 

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सतर्क रहें सोने में निवेश करते समय सावधानी बरतें और बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर नज़र रखें।
फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार करें कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले फेडरल रिजर्व के 17 सितंबर के फैसले का इंतजार करें, क्योंकि यह सोने के भविष्य के दाम तय कर सकता है।

प्रणव मेर ने कहा, 'सोने की कीमतों में सकारात्मक रफ्तार जारी रही और यह लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सप्ताह के मध्य में बढ़त की रफ्तार कुछ धीमी हो गई। पिछले चार हफ्तों में कीमतों में 10 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी के बाद निवेशक और कारोबारी अब सतर्क हो गए हैं। मौजूदा कीमतों पर नए तेजी के सौदे जोड़ने से हिचक रहे हैं।'

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Tue, 16 Sep 2025 14:40:42 +0530 news desk MPcg
भारत&US ट्रेड डील की चर्चा से पहले सेंसेक्स में जोरदार उछाल, 82,000 के पार गया बाजार https://citytoday.co.in/3628 https://citytoday.co.in/3628 मुंबई 

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आज नई दिल्ली में बड़ी बैठक होने वाली है. तमाम मुद्दों को लेकर ये समझौता अटका हुआ है और इसे सुलझाने के लिए अमेरिका से प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में टीम सोमवार को यहां पहुंची है. दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर मिले पॉजिटिव संकेतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी दौड़ लगाते हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स का झटके में 82,000 के पार निकल गया. इस बीच बैंकिंग समेत अडानी पोर्ट्स, एमआरएफ, महिंद्रा जैसे शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. 

खुलते ही सेंसेक्स ने लगाई छलांग 
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,785.74 की तुलना में बढ़त लेकर 81,852.11 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये एक बार फिर 82,000 का आंकड़ा पार कर गया. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 380 अंक के आसपास की तेजी लेकर 82,163.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. 

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी ओपनिंग के साथ ही तूफानी तेजी पकड़ता हुआ नजर आया. निफ्टी अपने पिछले बंद 25,069.20 के लेवल से मामूली बढ़त लेकर 25,073.60 पर ओपन हुआ और फिर तेज रफ्तार के साथ 25,181.05 पर ट्रेड करने लगा. 

MRF से अडानी पोर्ट तक दौड़े
बाजार में तूफानी तेजी के बीच जिन शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला. उनमें लार्जकैप कैटेगरी में एक्सिस बैंक (1.70%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.50%), कोटक बैंक (1.40%) और अडानी पोर्ट (1.20%) शामिल रहे. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमआरएफ स्टॉक (2.66%), महिंद्रा फाइनेंस (2.30%), कॉनकोर (2%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल रेडिंगटन (12%), रामा स्टील (8.21%) और गुडफ्राई फिलिप (6.86%) की जोरदार बढ़त लिए हुए थे. 

1635 शेयरों ने की तेज शुरुआत 
मार्केट में कारोबार शुरू होने के दौरान ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी ने जहां ग्रीन जोन में ओपनिंग की. तो वहीं बाजार में मौजूद 1635 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर खुले. हालांकि, 665 कंपनियों के शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई, वहीं 162 कंपनियों के स्टॉक्स की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनके भाव में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला. 

भारत-US ट्रेड डील पर आज बैठक 
गौरतलब है कि ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ अटैक के चलते India-US के बीच ट्रेड डील अटक गई थी, लेकिन एक बार फिर इसपर बातचीत आगे बढ़ रही है. इसके लिए मंगलवार नई दिल्ली में एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच सोमवार को दिल्ली पहुंचे हैं और US Team का नेतृत्व करेंगे. बता दें कि एग्री-डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर दोनों देशों के बीच डील में पेंच फंसा था और उसके बाद रूसी तेल को मुद्दा बनाकर अमेरिका ने भारत पर लागू 25% टैरिफ को बढ़ाकर 50% कर दिया था. इससे पहले भारत-अमेरिका में पांच दौर की बातचीत हो चुकी थी और छठे दौर की वार्ता रद्द हो गई थी. अब आज की बैठक में ट्रेड डील और टैरिफ पर सकारात्मक बात होने की उम्मीद जताई जा रही है. 

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Tue, 16 Sep 2025 14:37:54 +0530 news desk MPcg
ट्रंप टैरिफ का झटका: सेंसेक्स 600 अंक लुढ़का, बड़े शेयरों में हड़कंप https://citytoday.co.in/3518 https://citytoday.co.in/3518 मुंबई 

शेयर बाजार में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स भारी गिरावट के साथ खुला और खुलते ही 657 अंकों का गोता लगाकर 80,124 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर कारोबार की शुरुआत की और 200 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा.बाजार में गिरावट के बीच आईटी-टेक कंपनियों के साथ ही बैंकिंग स्टॉक्स भरभराकर टूटे. 

खुलते ही फिसल गए इंडेक्स 
27 अगस्त को भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, लेकिन भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी के अवसर पर बंद था. लेकिन गुरुवार को जब बाजार ओपन हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी पर टैरिफ का सीधा असर देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,786.54 की तुलना में फिसलकर 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में 657.33 अंक की गिरावट लेकर 80,124 पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,712.05 की तुलना में गिरकर 24,695.80 पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह ही तेज गिरावट लेते हुए 200 अंक की गिरावट लेकर 24,512 के लेवल पर आ गया.

1458 शेयरों की रेज जोन में शुरुआत
शेयर मार्केट में गिरावट के साथ कारोबार शुरू होने पर शुरुआती दौर में 1458 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर लाल निशान पर ट्रेड शुरू किया. इसके अलावा 1023 कंपनियों के स्टॉक्स ग्रीन जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 195 शेयर ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग फ्लैट रही. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई, एचसीएल टेक, जियो फाइनेंस, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक के साथ ही इंफोसिस का शेयर तेजी से फिसला, तो वहीं बिखरते बाजार में भी हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे शेयर ग्रीन जोन में नजर आए. 

सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर
बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक शेयर (2.30%), पावरग्रिड शेयर (1.50%), सनफार्मा शेयर (1.40%), टीसीएस शेयर (1.30%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.25%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमक्योर शेयर (3.10%), फर्स्टक्राई शेयर (2.70%) और भारती हेक्सा शेयर (2.55%) गिर गया. स्मॉलकैप कंपनियों में कैमलिन फाइन शेयर 5%, तो केआईटेक्स का स्टॉक भी 5% फिसलकर ट्रेड कर रहा था. 

अन्य जिन कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई, उनमें इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस, भारती एयरटेल शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप में मैक्स हेल्थ, ग्लैंडफार्मा, एसजेवीएन शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं. 

ट्रंप के टैरिफ से बेअसर ये स्टॉक
बाजार में गिरावट के बावजूद जो शेयर ट्रंप टैरिफ के असर से बेअसर दिखे, उनमें शामिल एशियन पेंट्स का शेयर 1.30% और जोमैटे की पैरेंट कंपनी एटरनल शेयर 1.10% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा ओलेक्ट्रा ग्रीन शेयर (2.90%), यूनो मिंडा शेयर और कल्याण ज्वेलर्स के शेयर भी करीब 1 फीसदी उछाल में थे. आरवीएनएल और पेटीएम शेयर भी ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. 

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Thu, 28 Aug 2025 18:57:13 +0530 Newsdesk
जापान से खबर के बाद Yes Bank के शेयर में जोरदार उछाल https://citytoday.co.in/3466 https://citytoday.co.in/3466 मुंबई 

यस बैंक को लेकर जापान (Japan) से एक खबर आने के बाद शेयर (Yes Bank Share) में सप्ताह के पहले दिन शुरुआत के साथ ही जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सोमवार को खुलने के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के इस बैंक का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया और लगातार तेजी के साथ कारोबार करता दिखा. दरअसल, बीते शनिवार को बैंक ने फाइलिंग में जानकारी देते हुए बताया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापानी सुमितोमो मित्‍सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को 24.99% तक अधिग्रहण करने की मंजूरी दे दी है. इस खबर का असर Banking Stock पर देखने को मिला है. 

खुलते ही भागने लगा शेयर 
Yes Bank Share बीते सप्ताह के 
आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 19.29 रुपये पर क्लोज हुआ था, लेकिन सोमवार को ग्रीन जोन में मार्केट ओपन होने के साथ ही ये बैंकिंग शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 20.33 रुपये पर ओपन हुआ. शेयर में आई इस तेजी का असर बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर भी देखने को मिला, जो बढ़कर 6180 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया. बता दें कि यस बैंक के शेयर का 52 वीक का हाई लेवल 24.53 रुपये है, जबकि इस शेयर का 52-वीक का लो-लेवल 16.02 रुपये है. 

शेयर बाजार की तूफानी शुरुआत

शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन तूफानी शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स ओपनिंग के साथ ही करीब 250 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी अपने पिछले बंद की तुलना में बढ़त लेकर 24,900 के पार कारोबार शुरू किया. इस बीच तमाम आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में Infosys, TCS, Tech Mahidra से लेकर HCL Tech तक के शेयर भागते नजर आए. 

खुलते ही पकड़ ली रफ्तार
बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) ने अपने पिछले बंद 81,306.85 के लेवल से बढ़त लेकर ओपनिंग की और खुलने के साथ ही रफ्तार पकड़ता चला गया. ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स 81,501.06 पर खुला और मिनटों में ही उछलकर 81,592.47 पर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया. इसके अलावा एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) भी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,870.10 की तुलना में तेजी लेकर 24,949.15 पर खुला और फिर 24,961.35 तक चढ़कर कारोबार करता दिखा. इससे पहले बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को Sensex-Nifty जोरदार गिरावट लेकर क्लोज हुए थे.

पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत के चलते मार्केट ओपन होने पर करीब 1845 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद की तुलना में बढ़त लेकर कारोबार की शुरुआत की, तो वहीं 793 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग धीमी और रेड जोन में हुई. इसके अलावा 224 कंपनियों के शेयरों की स्थिति में कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिला. 

इंफोसिस से टीसीएस तक उछले
शेयर मार्केट (Share Market) में शुरुआती कारोबार के दौरान आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (2.45%), TCS Share (2.25%), HCL Tech Share (1.70%), Tech Mahindra Share (1.60%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल KPI Tech Share में भी 2.44% की तेजी नजर आई.

इन 10 शेयरों में जोरदार तेजी 
आईटी और टेक शेयरों के अलावा सोमवार को जिन कंपनियों के शेयरों ने तेज शुरुआत की, उनमें Bajaj Finance, Tata Steel और Tata Motors के शेयर 1 फीसदी के आसपास चढ़े, तो वहीं मिडकैप में शामिल कंपनियों में  JSL Share (4.73%), Mphasis Share (3.87%), OFSS Share (2.59%) और Yes Bank Share (2.50%) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप में TNPL Share (13.28%), JK Paper Share (13.28%) और NewGen Share (7.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. 

24.99% हिस्सेदारी खरीद रहा जापानी बैंक!
प्राइवेट लैंडर Yes Bank ने बीते शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी शेयर करते हुए बताया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापान के सुमितोमो मित्‍सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को बैंक में 24.99% तक अधिग्रहण करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. जापान के इस बैंक की तरफ से YES Bank में यह सबसे बड़ी हिस्‍सेदारी खरीद होगी. इससे पहले भी जापानी बैंक यस बैंक में हिस्सेदारी खरीद चुका है और ये उसकी दूसरी खरीद है. रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, अप्रूवल 22 अगस्‍त से 1 साल के लिए वैलिड है और केंद्रीय बैंक द्वारा ये भी स्पष्ट किया गया है कि इस हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद SMBC को यस बैंक के प्रमोटर्स के तौर पर नहीं रखा जाएगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित सौदे में एसबीआई से 13.19% की सबसे बड़ी हिस्सेदारी खरीदी जाएगी, तो वहीं Yes Bank में अन्य सात स्टेकहोल्डर्स से भी हिस्सेदारी खरीदी जानी है, जिनमें एक्सिस बैंक (Axis Bank), बंधन बैंक (Bandhan Bank), फेडरल बैंक (Fedral Bank), HDFC Bank, ICICI Bank, IDFC First Bank के अलावा कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) शामिल हैं. 

जापान का दूसरा बड़ा बैंकिंग ग्रुप है SMFG
गौरतलब है कि एसएमबीसी जापान के सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप (SMFG) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है और यस बैंक में पहले इसने 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बीते जुलाई महीने में इसे 4.9 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था. यहां बता दें कि SMFG जापान का दूसरा सबसे बड़ा बैंकिंग ग्रुप भी है, जो 2 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करता है.

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Mon, 25 Aug 2025 18:37:33 +0530 Newsdesk
भारत के टॉप दाल उत्पादक राज्यों की लिस्ट: UP 5वें नंबर पर, जानें नंबर 1 और 2 https://citytoday.co.in/3440 https://citytoday.co.in/3440 नई दिल्ली
दालें भारत की प्रमुख फसलों में से एक हैं। इसकी खेती करके किसान अच्छा-खासा मुनाफा कमाते हैं। दालों की खेती कई राज्यों में की जाती है। खरीफ और रबी सीजन में अलग-अलग दालों की खेती की जाती हैं। सरकार दलहन की खेती को बढ़ावा भी दे रही है। इसके लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित भी करती है। अलग-अलग राज्य अलग-अलग तरह के दालों की खेती करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि भारत का सबसे बड़ा दाल उत्पादक राज्य कौन सा है? अगर आप उत्तर प्रदेश के हैं और आपको लग रहा है कि यूपी ही दाल उत्पादन में नंबर वन होगा तो आप गलत हैं। आइए भारत के टॉप 5 दाल उत्पादक राज्यों के बारे में जानते हैं।
 
ये भारत के टॉप 5 दाल उत्पादक राज्य 
सामान्य क्षेत्रफल लगभग 290 लाख हेक्टेयर (खरीफ- 140 लाख हेक्टेयर + रबी- 150 लाख हेक्टेयर) में दालों की खेती की जाती है।। खरीफ क्षेत्र का मौसमी प्रतिशत हिस्सा 48% है, शेष 52% क्षेत्र रबी दलहन के लिए जाता है।

    Madhya Pradesh
    Rajasthan
    Maharashtra
    Karnataka
    Uttar Pradesh

भारत का सबसे बड़ा दाल उत्पादक राज्य MP
मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक राज्य है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य का वार्षिक दलहन उत्पादन लगभग 59.70 लाख टन रहा। चना, तुअर और उड़द दलहनों की सूची में सबसे ऊपर हैं। मध्य प्रदेश में इनकी खेती और उत्पादन काफी ज्यादा होती है।

दाल उत्पादन में दूसरे और तीसरे नंबर पर राजस्थान और महाराष्ट्र
दाल उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर राजस्थान है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य का वार्षिक उत्पादन लगभग 38.19 लाख टन रहा है। राज्य रबी सीजन में मूंग, मोठ, मूंग और चना जैसी दालों और खरीफ सीजन में अरहर जैसी दालों का सबसे अधिक उत्पादन करता है। महाराष्ट्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा दलहन उत्पादक राज्य है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य 35.71 लाख टन रहा है। महाराष्ट्र में लगभग 20 लाख हेक्टेयर भूमि पर मुख्यतः तुअर दाल की खेती होती है।

दाल उत्पादन में चौथे पर कर्नाटक और पांचवें पर UP
दाल उत्पादन के मामले में कर्नाटक चौथे नंबर पर है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो कर्नाटक में औसत दलहन उत्पादन 19.37 लाख टन रहा है। राज्य में चना और अरहर की फसलों की 60% वृद्धि होती है। यह राज्य चना, अरहर, कुलथी, उड़द और मूंग जैसी विभिन्न प्रकार की दालों की खेती के लिए जाना जाता है। दाल उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पांचवें नंबर पर है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो यूपी में औसत दलहन उत्पादन 23.43 लाख टन रहा है। दालों की सूची में चना सबसे ऊपर है क्योंकि इसका उत्पादन क्षेत्र सबसे अधिक है।

भारत है दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश
भारत 28 मिलियन मीट्रिक टन दालों के उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश है। पिछले 20 वर्षों में, भारत का दाल उत्पादन 2002 के 11.13 मिलियन मीट्रिक टन से दोगुने से भी ज़्यादा हो गया है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। भारत में चना, अरहर और मसूर जैसी विभिन्न दालें उगाई जाती हैं, जो इनकी व्यापक खपत को दर्शाता है।

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Sat, 23 Aug 2025 17:50:28 +0530 Newsdesk
घर बनाने वालों के लिए राहत: सरिया की कीमतों में हुई बड़ी गिरावट https://citytoday.co.in/3439 https://citytoday.co.in/3439 नई दिल्ली

अपने घर का सपना आखिर किसका नहीं होता, हर कोई जी-तोड़ मेहनत करके पैसा जुटाता है और फिर इनसे अपने सपनों का आशियाना तैयार कराता है. लेकिन आज के समय में ये सपना सबसे महंगे सौदों में से एक बन चुका है और जमीन खरीदने से लेकर उस पर अपने मन मुताबिक कंस्ट्रक्शन कराने पर मोटा पैसा खर्च होता है. ऐसे में कई लोग इंतजार करते हैं कि House Construction में इस्तेमाल होने वाले बिल्डिंग मैटेरियल्स के दाम कम हों तब खरीदें. अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है, क्योंकि कंस्ट्रक्शन में सबसे अहम रोल निभाने वाले सरिया की कीमतों में गिरावट (Sariya Rate Fall) आई है और दिल्ली, गोवा, चेन्नई समेत कई शहरों में ये सस्ता हो गया है.  

कंस्ट्रक्शन के खर्च में उतार-चढ़ाव लाता है सरिया
House Construction पर होने वाले खर्च में सरिया बड़ा किरदार निभाता है और ये महंगे सामानों में से एक है. आखिर हो भी क्यों न आखिर आपके सपनों के आशियाने की मजबूती के लिए सरिया जरूरी जो है. इसकी कीमतों में घट-बढ़ का सीधा असर कंस्ट्रक्शन पर होने वाले खर्च पर पड़ता है. फिलहाल ये सस्ता मिल रहा है, जो अभी खरीद कर रख लेने से अपके हाउस कंस्ट्रक्शन की लगात में कमी आ सकती है. 

दरअसल, बरसात के चलते इसकी कीमतों में कमी आई है और हो सकता है कि फिर इसका दाम बढ़ जाए. महज दो महीनों से भी कम समय में दिल्ली में Sariya Price 1000 रुपये प्रति मीट्रिक टन, मुज्जफरनगर में ये 1300 रुपये प्रति मीट्रिक टन सस्ता हुआ है. आइए अन्य शहरों में इसकी कीमतों में आए बदलाव पर नजर डालते हैं. 

शहर (राज्य) 28 जून 2025 (प्रति मीट्रिक टन) 22 अगस्त 2025 (प्रति मीट्रिक टन)
रायपुर 40,200 रुपये 39,900 रुपये
रायगढ़ 40,000 रुपये 39,700 रुपये
मुज्जफरनगर 43,300 रुपये 42,000 रुपये
भावनगर 44,800 रुपये 44,800 रुपये
दुर्गापुर (WB) 40,200 रुपये 40,000 रुपये
कोलकाता 40,700 रुपये 40,500 रुपये
गोवा 44,500 रुपये 44,200 रुपये
जयपुर 43,300 रुपये 42,700 रुपये
दिल्ली 44,600 रुपये 43,000 रुपये
राउरकेला 41,000 रुपये 40,700 रुपये
चेन्नई 46,000 रुपये 45,500 रुपये
जालना 44,300 रुपये 43,800 रुपये

इंदौर में 28 जून 2025 को सरिया 44,800 रुपये प्रति मीट्रिक टन चल रहा था, जो कि अब 45000 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं मुंबई में भी सरिया की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है, जहां प्रति मीट्रिक टन Sariya 43,700 रुपये से बढ़कर 45,700 रुपये का हो गया है. 

घर बैठे चेक कर सकते हैं अपने शहर में भाव
सरिया की कीमतों में (Sariya Rates) में हर रोज बदलाव होता है और अपने शहर में इसके भाव के बारे में लेटेस्ट अपडेट आप घर बैठे पता कर सकते हैं. दरअसल, आयरनमार्ट की वेबसाइट (ayronmart.com) पर जाकर ताजा रेट और इसमें गिरावट या बढ़ोतरी की पूरी जानकारी देखा जा सकता है. यहां ध्या

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Sat, 23 Aug 2025 17:31:35 +0530 Newsdesk
जुलाई में गाड़ियों की बिक्री पर ब्रेक! फेस्टिव सीजन से पहले रफ्तार पकड़ने की उम्मीद https://citytoday.co.in/3226 https://citytoday.co.in/3226 मुंबई 

जुलाई 2025 में भारत में कारों की मांग में हल्की सुस्ती देखने को मिली है। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री इस महीने भी तेजी पकड़ने में नाकाम रही। लगातार दो महीनों की गिरावट के बाद जुलाई में थोक बिक्री में सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खुदरा बिक्री यानी ग्राहकों को डिलीवरी अभी भी दबाव में रही। देश की प्रमुख सात कार कंपनियों ने मिलकर जुलाई में लगभग 3,29,113 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो घरेलू बाजार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से चार कंपनियों की बिक्री या तो स्थिर रही या घट गई।

भारी बारिश और कमजोर ग्राहक भावना ने बढ़ाई मुश्किलें
जुलाई में ऑटो डीलरों ने बताया कि तेज बारिश और बाजार में नकदी की कमी के कारण कारों की बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया धीमी रही। कई कंपनियों द्वारा छूट और ऑफर के बावजूद ग्राहक खरीदारी से बचते रहे। इस वजह से डीलरों के पास औसतन 53 दिनों का इन्वेंटरी स्टॉक बना रहा, जो सामान्य से अधिक है।

मारुति सुजुकी की बिक्री स्थिर, उम्मीदों में बढ़ोतरी
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जुलाई में 1,37,776 यूनिट्स डीलरों को भेजे, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर हैं। जून में कंपनी की बिक्री पिछले 18 महीनों में सबसे कमजोर थी, इसलिए जुलाई की स्थिरता को राहत माना जा रहा है। कंपनी के बिक्री प्रमुख पार्थो बनर्जी ने बताया कि Wagon R की मांग में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है और आने वाले त्योहारों का सीजन इस कार की बिक्री को और बढ़ावा देगा। मारुति के मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट में जनवरी के बाद पहली बार तेजी देखी गई है, जो सकारात्मक संकेत है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने SUV सेगमेंट में बढ़त बनाई
एसयूवी सेगमेंट में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी ने जुलाई में लगभग 50,000 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है।

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Mon, 04 Aug 2025 11:59:14 +0530 Newsdesk
‘रूस से तेल न खरीदा तो अमेरिका को होगा नुकसान, भारत पर असर नहीं’ — विशेषज्ञों की टिप्पणी https://citytoday.co.in/3225 https://citytoday.co.in/3225 नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर भारी जुर्माना लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद भारत ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत किसी कारणवश रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। क्योंकि, अमेरिका दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा कहते हैं, अमेरिका से रूस के तेल खरीदने पर जुर्माने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो खुद अमेरिका अछूता नहीं रहेगा। वहां भी तेल के दाम बढ़ेंगे। साथ ही मंहगाई बढ़ेगी। भारत पर भी इसका असर पड़ेगा पर अभी उसने रूस से तेल खरीदना जारी रखने की बात कही है।

पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकार मानते हैं, रूस पर पूरी तरह कच्चे तेल की खरीद बंद करना आसान नहीं है। क्योंकि, सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं। किसी दबाव या रूस का कच्चा तेल महंगा होने पर आपूर्ति बंद होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर की वजह से कच्चे तेल के दाम सौ से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते है।
रोज लाखों बैरल निर्यात

रूस रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात करता है। भारत अपनी जरूरत का 33 से 40% तक तेल रूस से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। क्योंकि, भारत कच्चे तेल के मामले में अमेरिका के बाद तीसरा बड़ा आयातक है।
भारत के पास विकल्प

भारत करीब तीन दर्जन से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में दूसरे देश से इस तेल की आपूर्ति की जा सकती है पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि कंपनियां इस भार को सीधा उपभोक्ताओं पर डाल देंगी।
रूस से जमकर तेल आयात

भारत ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद रूसी तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उठाते हुए सस्ता तेल खरीदना शुरू किया। मई 2025 में भारत ने रूस से 1.96 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 38% है।
भारत खरीदता रहेगा रूस से तेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारतीय तेल कंपनियां रूस से तेल खरीदेंगी। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। वहीं, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मैंने सुना है कि भारत ने रूस से तेल लेना बंद कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अच्छा फैसला है, लेकिन इस मामले में क्या हो रहा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है।

भारत सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि तेल खरीद के लिए भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए करार किया है। ऐसे में एक रात में तेल की खरीदारी बंद हो जाए,यह संभव नहीं है। अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। अधिकारियों ने कहा, रूस से तेल खरीदने के लिए भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारतीय कंपनियों को कोई दिशा- निर्देश नहीं दिया है।

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Mon, 04 Aug 2025 11:56:41 +0530 Newsdesk
मस्क की स्टारलिंक को इंटरनेट सेवा शुरू करने की मिली मंजूरी https://citytoday.co.in/3216 https://citytoday.co.in/3216 नई दिल्ली.
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे सेटअप का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है ताकि सेवाओं की लॉन्चिंग में कोई दिक्कत न आए। यह जानकारी केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी। यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब देश में पहली बार मोबाइल कॉल किए जाने के 30 साल पूरे हो रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया ने कहा कि स्टारलिंक को यूनिफाइड लाइसेंस मिल गया है। स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे की रूपरेखा तैयार है, जिससे सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का रोलआउट आसानी से हो सके। स्टारलिंक के साथ ही भारती ग्रुप समर्थित यूटेलसैट वनवेब और जियो एसईएस भी अपने सैटकॉम सर्विसेज शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट का इंतजार कर रही है। सिंधिया ने कहा कि पिछले 11 साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की डिजिटल यात्रा ऐतिहासिक रही है। टेलीफोन कनेक्शन अब 1.2 अरब हो गए हैं, जबकि इंटरनेट सब्सक्रिप्शन करीब 286 फीसदी से बढ़कर 97 करोड़ हो गया है। 

ब्रॉडबैंड कनेक्शन 2014 के 6 करोड़ से बढ़कर 94.4 करोड़ हो गए यानी 1,450 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। मोबाइल डेटा की कीमतें 96.6 फीसदी घटीं और अब सिर्फ 8.9 प्रति जीबी में डेटा उपलब्ध है, जिससे भारत दुनिया में सबसे सस्ता डेटा देने वाला देश बन गया है। सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल का रिवाइवल भी बड़ी उपलब्धि है। 18 साल में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो साल मुनाफा कमाया—वित्त वर्ष 2024-25 में 262 करोड़ और 280 करोड़। 83 हजार से ज्यादा 4जी साइट्स लगाई गईं, जिनमें से 74,000 चालू हैं। 

एआई-आधारित मॉनिटरिंग और फाइबर फॉल्ट 12 घंटे में ठीक करने जैसी सुविधाओं ने सेवा को और बेहतर बनाया है। भारत का 5जी रोलआउट भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 99.6 फीसदी जिलों में 5जी पहुंच गया है, 4.74 लाख 5जी टावर और 30 करोड़ यूजर्स हैं। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति 5जी डेटा यूज करने वाला देश बन गया है, भारत 6जी पेटेंट फाइलिंग में भी दुनिया के टॉप 6 देशों में शामिल है।

 

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Sat, 02 Aug 2025 18:44:10 +0530 news desk MPcg
अगस्त में बैंकिंग प्लान से पहले जान लें छुट्टियों की लिस्ट, कई दिन बंद रहेंगे बैंक https://citytoday.co.in/3215 https://citytoday.co.in/3215 नई दिल्ली

अगर आप अगस्त में बैंक जाकर कोई ज़रूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. इस बार बैंक केवल एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरे 15 दिन बंद रहने वाले हैं.

दरअसल, अगस्त 2025 में छुट्टियों की सूची काफी लंबी है. इसमें न केवल हर हफ्ते के रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार की छुट्टियाँ शामिल हैं, बल्कि त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण भी कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी.

अगस्त की बैंक छुट्टियों की पूरी टाइमलाइन
    3 अगस्त (रविवार) – सभी राज्यों में वीकेंड अवकाश
    8 अगस्त (झूलन पूर्णिमा और तेंगना पूर्णिमा) – ओडिशा और बंगाल में बैंक बंद
    9 अगस्त (दूसरा शनिवार + रक्षाबंधन) – देशभर में ब्रांच बंद. यूपी, एमपी, राजस्थान आदि में त्योहार के कारण सेवाएं ठप
    10 अगस्त (रविवार) – पूरे भारत में साप्ताहिक अवकाश
    13 अगस्त (ओणम) – केरल में बैंक बंद
    15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) – राष्ट्रीय अवकाश. महाराष्ट्र-गुजरात में पारसी नववर्ष की छुट्टी भी
    16 अगस्त (नवरोज) – महाराष्ट्र और गुजरात में बैंकिंग सेवाएं ठप
    17 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
    19 अगस्त (रक्षाबंधन – कुछ राज्यों में अलग तारीख) – यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद
    23 अगस्त (चौथा शनिवार) – पूरे देश में अवकाश
    24 अगस्त (रविवार) – ब्रांच फिर बंद
    25 अगस्त (जन्माष्टमी) – यूपी, बिहार, झारखंड, दिल्ली, एमपी आदि में बैंक बंद
    27 अगस्त (श्री नारायण गुरु जयंती) – केरल में अवकाश
    28 अगस्त (थिरुवोनम) – ओणम के मुख्य दिन पर केरल में फिर बैंक बंद
    31 अगस्त (रविवार) – महीने का अंतिम रविवार, ब्रांच बंद

अब जरा सोचिए
अगर आप लोन अप्रूवल, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, लॉकर एक्सेस, ड्राफ्ट बनवाने या KYC जैसे किसी भी ज़रूरी काम की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों में बैंक की ओर कदम मत बढ़ाइए, दरवाज़े बंद मिलेंगे!

क्या डिजिटल सेवाएं चलती रहेंगी?
हां. Net Banking, UPI, ATM और Mobile Banking जैसी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी. लेकिन NEFT, RTGS और चेक क्लियरेंस में थोड़ी देरी संभव है. और वे सारे काम जिनके लिए फिज़िकल ब्रांच जाना ज़रूरी है, वे अधूरे ही रहेंगे.

तो क्या करें?
    अभी से प्लानिंग शुरू करें.
    जिन कामों में ब्रांच विज़िट ज़रूरी है, उन्हें छुट्टियों से पहले निपटा लें.
    वरना हो सकता है कि आपका ज़रूरी काम, छुट्टियों के बोझ तले दब जाए..

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Sat, 02 Aug 2025 18:40:06 +0530 news desk MPcg
जापान के वैज्ञानिकों ने बनाया इंटरनेट स्पीड का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड https://citytoday.co.in/2937 https://citytoday.co.in/2937 नई दिल्ली

हाई स्पीड इंटरनेट आजकल हर किसी की जरूरत बन गया है। सभी लोग अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट इस्तेमाल करना चाहते हैं और इसके लिए 5G रिचार्ज प्लान्स खरीदते हैं या वाई-फाई लगवाना पसंद करते हैं। लेकिन, फिर भी कभी-कभी इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्या हो अगर आपको कभी भी बफरिंग का सामना न करना पड़े या डाउनलोडिंग शुरू करते ही मूवी या कोई और बड़ी फाइल फट से डाउनलोड हो जाए। आपको शायद यकीन न हो लेकिन जापान में यह सच हो चुका है। जापान में वैज्ञानिकों ने सबसे ज्यादा इंटरनेट स्पीड हासिल की है और सिर्फ यही नहीं उन्होंने इंटरनेट स्पीड के मामले में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। ध्‍यान देने वाली बात है कि चीन और अमेरिका ट्रेड वॉर में उलझे हुए हैं और जापान ने यह कारनाम करके दिखाया है। आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

वैज्ञानिकों ने बनाया इंटरनेट स्पीड का वर्ल्ड रिकॉर्ड
दरअसल, जापान में वैज्ञानिकों की एक टीम ने इंटरनेट स्पीड का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड की जबरदस्त स्पीड हासिल की है। यह स्पीड इतनी फास्ट है कि बड़ी से बड़ी कोई फाइल पलक झपकते ही डाउनलोड हो सकती है. यह स्पीड इतनी तेज है कि आप एक सेकंड में नेटफ्लिक्स की पूरी लाइब्रेरी, 8K वीडियो या विकिपीडिया की सारी जानकारी हजारों बार डाउनलोड कर सकते हैं।

कितनी तेज है स्पीड?
यह स्पीड कितनी तेज है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह भारत में मिलने वाली औरत इंटरनेट स्पीड से लगभग 1 करोड़ 60 लाख गुना तेज है और अमेरिका में लोगों को मिलने वाली सामान्य स्पीड से 35 लाख गुना ज्यादा तेज है।

वैज्ञानिकों ने किया कमाल
यह कमाल जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (NICT) के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने सुमितोमो इलेक्ट्रिक और इंटरनेशनल रीसर्चर्स के एक ग्रुप के साथ मिलकर फाइबर ऑप्टिक केबलों का इस्तेमाल करके एक सुपर हाई-स्पीड नेटवर्क बनाया। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने जो केबल इस्तेमाल किया है, वह आज हम जो केबल इस्तेमाल करते हैं, उसी साइज का है। अंतर सिर्फ अंदरूनी बनावट में है। इसमें एक कोर के बजाय 19 कोर हैं, जिसका मतलब है कि यह एक साथ बहुत ज्यादा डेटा ले जा सकता है। इन खास केबल्स का इस्तेमाल करके टीम ने 1,800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक भारी मात्रा में डेटा भेजा और वह भी बिना स्पीड कम हुए। उन्होंने ट्रांसमीटरों, रिसीवरों और लूपिंग सर्किट के साथ एक सेटअप का इस्तेमाल किया, जिससे डेटा आसानी से फ्लो होता रहा।

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Sat, 12 Jul 2025 12:56:38 +0530 news desk MPcg
खत्म हुआ Tesla का इंतजार! भारत में इस दिन और यहां खुलेगा पहला शोरूम https://citytoday.co.in/2927 https://citytoday.co.in/2927 मुंबई 

आखिरकार सालों के लंबे इंतजार के बाद एलन मस्क के नेतृत्व वाली अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की इंडिया में एंट्री होने जा रही है. अलग-अलग मौकों पर कई बार टेस्ला की कारों को भारतीय सड़कों पर स्पॉट किया गया था, लेकिन अब इन कारों का इंतजार खत्म होने जा रहा है. टेस्ला इंडिया में अपने ऑफिशियल ऑपरेशन की शुरुआत करने जा रही है और कंपनी के पहले शोरूम की शुरुआत मुंबई में होगी. 

कहां खुलेगा टेस्ला का शोरूम?

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आगामी 15 जुलाई को टेस्ला का इंडिया में पहला शोरूम मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लैक्स (BKC) में शुरू किया जाएगा. इस शोरूम की शुरुआत के साथ टेस्ला की साउथ एशिया में एक फॉर्मल एंट्री होगी. लगभग 4000 वर्ग फुट में फैले टेस्ला के इस पहले शोरूम से इंडिया ऑपरेशन की शुरुआत होगी.

मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में शोरूम का काम तकरीबन खत्म हो चुका है. ये शोरूम ग्राहकों के लिए टेस्ला के 'एक्सपीरिएंस सेंटर' के तौर पर काम करेगा, जिसमें ग्राहकों को टेस्ला की कारों को नजदीक से देखने और समझने का मौका मिलेगा. टेस्ला भारत में डायरेक्ट-टू-कस्टमर (Direct-to-Customer) रिटेल मॉडल के साथ वाहनों की बिक्री करेगी. लेकिन कारों की बिक्री के बाद सहायता के लिए ब्रांड के पास स्थानीय साझेदार भी होंगे. जो आफ्टर सेल्स सपोर्ट मुहैया कराएंगे. 

टेस्ला ने निकाली थी जॉब वैकेंसी

मुंबई के बाद टेस्ला देश की राजधानी दिल्ली में भी अगला शोरूम खोलेगी. हाल ही में टेस्ला ने मुंबई और पुणे में अलग-अलग पदों पर वैकेंसी (Tesla Jobs in India) भी निकाली थी. जिसमें सेल्स एक्जीक्यूटिव, सप्लाई चेन, इंजीनियरिंग और आईटी, ऑपरेशन बिजनेस सपोर्ट, चार्जिंग इंफ्रा, एआई और रोबोटिक, सेल्स और कस्टमर सपोर्ट सहित कई अलग-अलग डिविजन में नौकरियों के लिए आवदेन मांगे गए थें.
भारत पहुंची चीन में बनी टेस्ला की कारें

ब्लूमबर्ग की पिछली रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि, टेस्ला की कारों का पहला सेट भारत पहुंच चुका है. टेस्ला की मशहूर इलेक्ट्रिक एसयूवी – मॉडल वाई (Model Y) रियर-व्हील ड्राइव को चीन में स्थित टेस्ला की फैक्ट्री से भारत भेजा गया है. कंपनी ने इस कार के कुल 5 यूनिट को चीन के शंघाई से भारत में इंपोर्ट किया है. Model Y दुनिया की बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक कारों में से एक है और संभवत: कंपनी इसी कार से भारत में अपने सफर की शुरुआत कर सकती है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि, टेस्ला ने अमेरिका, चीन और नीदरलैंड से सुपरचार्जर कंपोनेंट, कार एक्सेसरीज, मर्चेंडाइज और स्पेयर्स को भी इंपोर्ट किया है. दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क (Elon Musk) के नेतृत्व वाली टेस्ला इस समय यूरोप और चीन के बाजार में बिक्री में भारी गिरावट से जूझ रही है. यही कारण है कि टेस्ला जल्द से जल्द दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार यानी भारत में प्रवेश करने की योजना बना रही है.

क्या होगी कीमत?

हालांकि आधिकारिक लॉन्च से पहले टेस्ला की पहली कार की कीमत के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि, इंपोर्ट की गई इन कारों में से प्रत्येक मॉडल की कीमत 27.7 लाख रुपये (लगभग 31,988 डॉलर) घोषित की गई है और इन पर 21 लाख रुपये से अधिक का इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है. अब लॉन्च के बाद ही इस कार की कीमत का खुलासा हो सकेगा.

क्या भारत में लगेगा टेस्ला का प्लांट?

फिलहाल टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पिछले महीने मीडिया को दिए अपने एक बयान में कहा था कि, "टेस्ला की प्राथमिकता भारत में अपने शोरूम का विस्तार करने में है. कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि, "हालांकि टेस्ला ने बहुत कम रुचि दिखाई है, लेकिन कई ग्लोबल ब्रांड्स – जिनमें हुंडई, मर्सिडीज-बेंज, स्कोडा और किआ शामिल हैं – ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है.

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Fri, 11 Jul 2025 17:57:59 +0530 news desk MPcg
1 जुलाई को शुरू हुआ था देश का सबसे बड़ा बैंक, जानिए क्या था मकसद और अब कहां&कहां तक फैल गया https://citytoday.co.in/2856 https://citytoday.co.in/2856 नईदिल्ली 

आज 1 जुलाई है और ये दिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई का फाउंडेशन-डे (SBI Foundation Day) भी है. जी हां, भारतीय स्टेट बैंक (SBI)का इतिहास 200 साल से ज्यादा पुराना है और इसकी शुरुआत की कहानी बेहद दिलचस्प है. इसकी नींव उस समय पड़ी थी, जब देश में अंग्रेजों का शासन यानी ब्रिटिश रूल था और अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल होने के साथ ही फॉर्च्यून-500 कंपनियों में एक है. सबसे खास बात ये कि इसकी शुरुआत के समय इसका नाम एसबीआई नहीं बल्कि कुछ और था. आइए जानते हैं इसकी शुरुआत कैसे हुई? 

कब पड़ी SBI की नींव? 
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी पर गौर करें, तो SBI की नींव 19वीं शताब्दी के पहले दशक में पड़ी थी, लेकिन किसी और नाम से. तारीख थी 2 जून 1806 और इसी दिन कोलकाता (पहले कलकत्ता) में बैंक ऑफ कलकत्ता (Bank of Calcutta) अस्तित्व में आया था. उस समय देश में ब्रिटिश राज था. इसकी शुरुआत के करीब 3 साल बाद बैंक को अपना चार्टर प्राप्त हुआ और 2 जनवरी 1809 में इसका नाम बदलकर Bank of Bengal कर दिया गया. बदलाव का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा और इसका नाम आगे भी बदलता रहा. 

ऐसे बना 'इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया'
1809 में 'बैंक ऑफ बंगाल' नाम मिलने के बाद देश में आगे के कुछ सालों में उस समय के हिसाब से बैंकिंग सेक्टर्स में तेजी आने लगी. ये तारीख थी 15 अप्रैल 1840, जब बंबई (अब मुंबई) में बैंक ऑफ बॉम्बे (Bank Of Bombay) की नींव पड़ी थी और इसके बाद तीन साल बाद 1 जुलाई 1843 को बैंक ऑफ मद्रास (Bank Of Madras) अस्तित्व में आया था. इतिहास को खंगालें, तो देश के इन तीनों ही बैंकों को दरअसल, ईस्ट इंडिया कंपनी (East India Company) के फाइनेंशियल काम-काज की देखरेख के लिए खोला गया था. लेकिन इनमें प्राइवेट सेक्टर्स के लोगों की रकम भी जमा रहती थी. लंबे समय तक ये बैंक काम करते रहे और फिर 27 जनवरी 1921 में बैंक ऑफ मुंबई और बैंक ऑफ मद्रास का विलय बैंक ऑफ बंगाल में हो गया. इस बड़े मर्जर के बाद भारत में इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया (Imperial Bank of India) का उदय हुआ. 

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी. वर्तमान में एसबीआई के पास देश में 22,000 से अधिक शाखाएं और 62,000 से ज्यादा ATM हैं
इसकी स्थापना के पीछे मुख्य मकसद ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकिंग सेवाओं को दुरुस्त करना था

गांवों में निजी बैंकों की पहुंच बहुत कम थी. हर साल 1 जुलाई को SBI अपने स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अपने कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें कर्मचारी, ग्राहक और समुदाय हिस्सा लेते हैं. यह दिन बैंक की उपलब्धियों, ग्राहक सेवा और सामाजिक योगदान को सेलिब्रेट करने का अवसर होता है
SBI की कहानी सिर्फ 1955 से शुरू नहीं होती है, औपनिवेशिक काल से शुरू होती है, जब 1806 में बैंक ऑफ कलकत्ता की स्थापना हुई, जो बाद में बैंक ऑफ बंगाल बन गया. इसके बाद, बैंक ऑफ बॉम्बे (1840) और बैंक ऑफ मद्रास (1843) की स्थापना हुई. 

इन तीनों प्रेसीडेंसी बैंकों को 1921 में मिलाकर इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया बनाया गया स्वतंत्रता के बाद, भारत सरकार ने देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक मजबूत बैंकिंग प्रणाली की आवश्यकता महसूस की. साल 1955 में 1 जुलाई को इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण किया गया और इसे भारतीय स्टेट बैंक के रूप में पुनर्गठित किया गया. यह कदम भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए उठाया गया था.

आजादी के बाद ऐसे बना SBI
गौरतलब है कि बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास, इन तीनों ही बैंकों को 1861 में करेंसी छापने और जारी करने का अधिकार मिल गया था और विलय के बाद भी इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के जरिए ये काम जारी रहा. फिर जब देश को आजादी मिली, तो ब्रिटिशों की गुलामी से निकलने के बाद भी Imperial Bank Of India का काम जारी रहा, बल्कि इसमें विस्तार भी होता नजर आया. साल 1955 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को पार्लियामेंट्री एक्ट के तहत अधिग्रहित किय और इसके नाम में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला. 30 अप्रैल 1955 को इंपीरियल बैंक का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) यानी एसबीआई (SBI) कर दिया गया.

आरबीआई द्वारा नया नाम दिए जाने के बाद 1 जुलाई 1955 को आधिकारिक रूप से SBI की स्थापना की गई. इसी दिन एसबीआई में पहला बैंक अकाउंट भी खोला गया था. इसके तहत देश में संचालित इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के 480 ऑफिस SBI Office में बदल गए. इनमें ब्रांच ऑफिस, सब ब्रांच ऑफिस और तीन लोकल हेडक्वाटर मौजूद थे. इसके बाद से देश में बैंकिंग सेक्टर लगातार ग्रोथ करता चला गया. 1955 में बी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक्ट को पारित किया गया था और अक्टूबर में एसबीआई के पहले सहयोगी बैंक के रूप में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद सामने आया. इसके बाद 10 सितंबर 1959 को THE STATE BANK OF INDIA (SUBSIDIARY BANKS) ACT, 1959 लाया गया. 

आज Top-10 कंपनियों में SBI शामिल 
आजादी से पहले हुई शुरुआत और आजादी के बाद मिले नाम के साथ एसबीआई का दायरा समय के साथ बढ़ता ही चला गया. साल 2017 में एसबीआई में स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ), स्‍टेट बैंक ऑफ मैसूर (SBM), स्‍टेट बैंक ऑफ त्रवाणकोर (SBT), स्‍टेट बैंक ऑफ पटियाला (SBH) और स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (SBH) का विलय कर दिया गया. यह विलय 1 अप्रैल 2017 को हुआ. विलय के बाद SBI एक ग्लोबल बैंक के रूप में उभरा. इसकी ब्रांचों की संख्या 22,500 हो चुकी थी. आज मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया Top-10 वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (SBI Market Cap) 7.32 लाख करोड़ रुपये हो गया है. 

SBI की स्थापना के पीछे उद्देश्य था देश के कोने-कोने में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना. खासतौर पर वहां जहां निजी बैंक नहीं पहुंचे थे. इसने न केवल आम लोगों को बचत और ऋण की सुविधा दी, बल्कि छोटे उद्यमियों, किसानों और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई स्थापना के 70 साल बाद SBI देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसके पास लाखों ग्राहक, हजारों शाखाएं हैं इसका वैश्विक नेटवर्क और डिजिटल पहल इसे आधुनिक और समावेशी बैंकिंग का प्रतीक बनाते हैं

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Wed, 02 Jul 2025 18:46:55 +0530 news desk MPcg
ट्रम्प नहीं चाहता है रूस से सस्ता कच्चा तेल मंगाए भारत, 500% टैरिफ लगाने की तैयारी, सीनेट में आएगा नया बिल https://citytoday.co.in/2851 https://citytoday.co.in/2851 नई दिल्ली
 अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार करने वाले मुल्कों पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रूस की यूक्रेन के खिलाफ जंग के तीन साल बाद भी कुछ देश, खासकर भारत और चीन, रूस से तेल खरीद रहे हैं।

इसके बाद अब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक बिल को पेश किया है। इसमें रूस से व्यापार करने वाले मुल्कों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही गई है।

इस बिल को खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल है। इस खबर ने भारत जैसे मुल्कों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, जो रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है। आइए जानते हैं, ये बिल क्या है और भारत पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडेस ग्राहम ने एबीसी न्यूज के साथ बातचीत में ये जानकारी दी है. 

एबीसी न्यूज के अनुसार ग्राहम ने कहा, "यदि आप रूस से प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, और आप यूक्रेन की मदद नहीं कर रहे हैं, तो आपके द्वारा अमेरिका में आने वाले उत्पादों पर 500% टैरिफ लगेगा. भारत और चीन पुतिन के तेल का 70% खरीदते हैं. वे रूस के वॉर सिस्टम को चालू रखते हैं."

माना जा रहा है कि इस विधेयक को अगस्त में पेश किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो इसे रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयास में बड़ा स्टेप माना जाएगा.

अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो इससे भारत और चीन पर गंभीर असर पड़ सकता है. क्योंकि ये दोनों ही देश छूट वाले रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं. इस अमेरिकी कदम से भारत के लिए फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और आईटी सेवाओं जैसे निर्यात पर टैरिफ का भी जोखिम है.

भारत रूसी तेल का एक प्रमुख खरीदार है. यूक्रेन पर आक्रमण के तीसरे वर्ष में भारत ने 49 बिलियन यूरो का कच्चा तेल आयात किया. परंपरागत रूप से भारत अपना तेल मध्य पूर्व से प्राप्त करता है, लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के तुरंत बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में तेल आयात करना शुरू कर दिया.

अमेरिका द्वारा इस बिल की चर्चा तब हो रही है जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (Indo-US Trade deal) होने जा रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि व्यापार समझौता "बहुत करीब" है. जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं.  इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के बीच कृषि संबंधी प्रमुख मांगों को लेकर ट्रेड डील वार्ता में गतिरोध आ गया था. 

ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा सह-प्रायोजित प्रस्तावित विधेयक को कथित तौर पर 84 दूसरे सीनेटर भी सपोर्ट कर रहे हैं. 

आपके बिल को आगे बढ़ाने का समय आ गया है

इस बिल का उद्देश्य दुनिया के देशों पर रूसी तेल की खरीद को रोकने, "मॉस्को की युद्ध अर्थव्यवस्था" को कमजोर करने और रूस को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने के लिए दबाव डालना है.

ग्राहम ने एबीसी न्यूज को बताया कि जब वो कल ट्रंप के साथ गोल्फ खेल रहे थे तो उन्होंने इस बिल को हरी झंडी दे दी. लिंडसे ग्राहम ने कहा, "कल पहली बार उन्होंने कहा- अब आपके बिल को आगे बढ़ाने का समय आ गया है, तब मैं उनके साथ गोल्फ़ खेल रहा था."

मूल रूप से इस बिल को मार्च में ही प्रस्तावित किया गया था. यानी कि इस बिल को तब ही आना था. लेकिन व्हाइट हाउस द्वारा विरोध के संकेत दिए जाने के बाद ये बिल अटक गया. 

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस बिल पर रिपोर्ट जारी कर कहा था कि तब ट्रंप ने इस बिल की भाषा में बदलाव करने के लिए चुपचाप दबाव डाला था. इसमें 'करेगा' (Shall) की जगह 'हो सकता है' (May) का इस्तेमाल करने को कहा गया था. 

बाद में ग्राहम ने कथित तौर पर यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों के लिए एक अलग प्रस्ताव रखा, ताकि संभवतः अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता कम हो सके. ग्राहम ने कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रम्प को एक उपाय देने जा रहा है."

अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो इससे चीन और भारत दोनों के साथ अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में व्यापक बदलाव आ सकता है. चूंकि अमेरिका भारत का मुख्य निर्यात बाजार है, इसलिए यह नीति बड़े पैमाने पर कूटनीतिक तनावों को भी जन्म दे सकती है.

अमेरिका द्वारा भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने से अमेरिकी बाजार में जाने वाले भारत के उत्पादों के दाम बेतहाशा बढ़ जाएंगे. इससे वहां भारतीय प्रोडक्ट की बिक्री कम हो सकती है. इस कदम का फर्मास्यूटिक्ल और ऑटोमोबिल इंडस्ट्री पर व्यापक असर पड़ सकता है.

राहत लेकर आया है रूस का तेल

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूस ने भारत को रियायती दरों पर कच्चा तेल बेचा. रूस से कच्चे तेल के आयात ने भारत को आर्थिक, रणनीतिक और एनर्जी सिक्योरिटी के लिहाज से कई लाभ पहुंचाए हैं. सस्ते तेल ने आयात बिल को कम किया, रिफाइंड उत्पादों के निर्यात को बढ़ाया और वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित करने में मदद की. रूस के तेल की वजह से ही भारत मध्य पूर्व संकट, यूक्रेन वॉर के समय अपने देश कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर रख सका. 

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से 24 फरवरी 2022 से 2 मार्च 2025 तक भारत ने रूस से लगभग 112.5 अरब यूरो (लगभग 118 अरब डॉलर, 1 यूरो = 1.05 डॉलर के हिसाब से) मूल्य का कच्चा तेल आयात किया है. यह जानकारी सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक रिपोर्ट के आधार पर है. रूस से कच्चे तेल की हिस्सेदारी युद्ध से पहले 1% से भी कम थी जो 2023-24 में बढ़कर 35-45% हो गई. 

रूस का तेल भारत को सऊदी अरब और इराक जैसे देशों की तुलना में सस्ता मिला. इससे देश का आयात बिल कम हो गया. रूस से कच्चे तेल के आयात से भारत को 25 अरब डॉलर तक की आर्थिक बचत हुई. 

CREA और अन्य स्रोतों के अनुसार भारत ने 2022-2025 के बीच रूसी तेल आयात पर 10.5 से 25 अरब डॉलर तक की बचत की. 

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Wed, 02 Jul 2025 15:18:34 +0530 news desk MPcg
LPG Cylinder Price Cut: सस्ता हुआ LPG सिलेंडर! ₹58.50 तक घटे दाम, देखें प्रमुख शहरों के नए रेट https://citytoday.co.in/2841 https://citytoday.co.in/2841 LPG Cylinder Price Cut: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जुलाई महीने की शुरुआत में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत दी है. 1 जुलाई 2025 से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹58.50 की कटौती की गई है. अब दिल्ली में यह सिलेंडर ₹1,665 में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹1,723.50 थी. इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य कमर्शियल संस्थानों को काफी राहत मिलेगी, जो अपने रोजमर्रा के किचन संचालन में इन गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल करते हैं.

गौरतलब है कि यह लगातार चौथा महीना है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है. जून में ₹24, मई में ₹14.50 और अप्रैल में ₹41 प्रति सिलेंडर की कटौती की गई थी.

प्रमुख शहरों में नई कीमतें इस प्रकार हैं:

    • दिल्ली: ₹1,665.00 (₹58.50 की कटौती)
    • कोलकाता: ₹1,769.00 (₹57.00 की कटौती)
    • मुंबई: ₹1,616.50 (₹58.00 की कटौती)
    • चेन्नई: ₹1,823.50 (₹57.50 की कटौती)

घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं

इस बार घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आम जनता को फिलहाल राहत नहीं मिली है. घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कमर्शियल सेक्टर को फायदा पहुंचाया गया है. भारत में लगभग 90% एलपीजी का उपयोग घरेलू खाना पकाने के लिए होता है, जबकि बाकी 10% का इस्तेमाल कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में किया जाता है.

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय की जाती हैं और यह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों पर निर्भर करती हैं.

होटल और ढाबा सेक्टर को राहत

खास तौर पर खाने-पीने के कारोबार से जुड़े व्यवसायियों के लिए यह कटौती किसी राहत से कम नहीं है. बढ़ती महंगाई और ईंधन खर्च के बीच यह फैसला उनके लिए कुछ राहत जरूर लेकर आया है.

अब जब रेस्टोरेंट और ढाबे धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहे हैं, ऐसे में ईंधन पर खर्च घटने से मुनाफा बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

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Tue, 01 Jul 2025 12:11:44 +0530 news desk MPcg
घरेलू बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई https://citytoday.co.in/2831 https://citytoday.co.in/2831 मुंबई
 घरेलू बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। बैंकों के शेयर में मुनाफावसूली इसकी मुख्य वजह रही। बीएसई सेंसेक्स 452 अंक की गिरावट के साथ 83,606 अंक पर और एनएसई निफ्टी 120 अंक फिसलकर 25,517 के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर नुकसान में रहे। हालांकि, लार्सन एंड टूब्रो, ट्रेंट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इटर्नल (जोमैटो) के शेयर लाभ में रहे। 

एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी फायदे में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 67.61 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को लिवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,397.02 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।  

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Mon, 30 Jun 2025 18:58:49 +0530 news desk MPcg
पैनासोनिक भारत से हटेगा रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन बिजनेस से, कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा https://citytoday.co.in/2814 https://citytoday.co.in/2814 पैनासोनिक का भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के कारोबार से निकलना एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक खबर है। इससे हरियाणा के झज्जर प्लांट में काम कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं।

बाजार से पीछे हटने की वजह क्या है?

पैनासोनिक को भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के सेगमेंट में LG, Samsung, और Haier जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी सिर्फ 1-3% तक सीमित थी, जो लंबे समय तक कारोबार के लिए ठीक नहीं थी।

अब कंपनी का फोकस नए क्षेत्रों पर

पैनासोनिक के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी अपनी वैश्विक रणनीति और बदलती मार्केट की मांगों के हिसाब से भारत में अपने ऑपरेशंस को फिर से व्यवस्थित कर रही है। अब वह होम ऑटोमेशन, हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग (HVAC), B2B सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल्स और एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान देगी। कंपनी ने यह भी कहा कि वह डीलर्स की इन्वेंट्री खत्म करने में मदद करेगी और ग्राहकों को सर्विस, पार्ट्स और वारंटी जारी रहेगी।

झज्जर प्लांट अब कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए

पैनासोनिक के झज्जर प्लांट की उत्पादन क्षमता पहले सालाना 4.5 लाख एयर कंडीशनर, 3 लाख वॉशिंग मशीन और 5 लाख रेफ्रिजरेटर थी। अब यह प्लांट अन्य ब्रांड्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में कंपनी टीवी और एयर कंडीशनर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी, जो इसके कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का मुख्य हिस्सा होंगे।

वैश्विक स्तर पर भी हो रही हैं बड़ी छंटनियां

भारत में यह कदम पैनासोनिक की वैश्विक पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिसमें कंपनी दुनिया भर में करीब 10,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। इनमें से 5,000 जापान में और 5,000 अन्य देशों में होंगे। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 4% है। पैनासोनिक का लक्ष्य इस पुनर्गठन के जरिए मार्च 2027 तक $1 अरब और मार्च 2029 तक $2.1 अरब तक का लाभ कमाना है।

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Fri, 27 Jun 2025 17:19:10 +0530 news desk MPcg
शेयर बाजार में आज भी तूफानी तेजी… सेंसेक्स&निफ्टी में जोरदार उछाल, रॉकेट बने ये 10 स्टॉक https://citytoday.co.in/2805 https://citytoday.co.in/2805 मुंबई 

शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है. ईरान-इजरायल में सीजफायर (Iran-Israel Ceasefire) को लेकर दिए गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी तूफानी तेजी से भागते नजर आए थे, तो तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी दोनों इंडेक्स ने जोरदार ओपनिंग की है. एक ओऱ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 430 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ खुला, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 120 अंक से ज्यादा उछलकर ग्रीन जोन में ओपन हुआ. शुरुआती कारोबार में Titan, HCL, Trent और Reliance जैसे शेयर तेजी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए. 

खुलते ही रॉकेट की तरह भागे इंडेक्स 
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स-निफ्टी ने खुलने के साथ ही रॉकेट सी रफ्तार पकड़ ली. बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 82,055.11 की तुलना में जोरदार तेजी के साथ 82,448.80 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में ये इंडेक्स 82500 के पार निकल गया. इसके अलावा एनएसई के निफ्टी (Nifty) ने भी पिछले बंद 25,044.35 के लेवल से चढ़कर 25,150.35 पर ट्रेड स्टार्ट किया और फिर 25,184 तक उछल गया. 

1621 शेयर तेजी के साथ ओपन
पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच बुधवार को शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई और निफ्टी 25150 से ऊपर ओपन हुआ. शुरुआती कारोबार में करीब 1621 कंपनियों के शेयरों में अपने पिछले बंद के मुकाबले तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, तो वहीं 479 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे रहे, जो गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. इसके अलावा 124 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. निफ्टी पर टाइटन, एनटीपीसी, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर सबसे तेज उछाल वाले स्टॉक्स में शामिल ते, तो वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने फिसलकर शुरुआत की. 

इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
अब बात करें, बुधवार को शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स के बारे में, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन का शेयर (Titan Share) 1.50%, HUL Share (1.20%), M&M Share (1.10%) और Reliance Share करीब 1 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल GICRE Share (4.64%), NIACL Share (3.40%), Kalyan Jewellers Share (3%), Endurance Share (2.88%), Indian Hotel Company Share (2.75%) और Delhivery Share (2.73%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था.

इन शेयरों ने भी दिखाया दम 
अन्य भागने वाले शेयरों में Nykaa Share (2.10%), Jublee Foods Share (2%), SJVN Share (2.60%), Crisil Share (2.48%) की उछाल लेकर ट्रेड करता दिखा. स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों ने भी अपने दम दिखाया और शुरुआती कारोबार में इस कैटेगरी में शामिल MTNL Share (12.14%), Cupid Share (7.90%), Mukund Ltd Share (7.17%). Style Baazar Share (6.73%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. 

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Wed, 25 Jun 2025 15:48:10 +0530 news desk MPcg
चीनी कंपनियों को टक्कर देने आ रहा है भारतीय ब्रांड, लॉन्च करेगा Ai+ फोन्स https://citytoday.co.in/2790 https://citytoday.co.in/2790 मुंबई 

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में एक नए प्लेयर की एंट्री होने वाली है. ये ब्रांड भारतीय होगा, जो अगले महीने अपने स्मार्टफोन्स को लॉन्च करने वाला है. हम बात कर रहे हैं NxtQuantum Shift टेक्नोलॉजी की, जिसे माधव सेठ लेकर आ रहे हैं. ब्रांड ने अपने अपकमिंग स्मार्टफोन्स का डिजाइन अनवील कर दिया है. 

कंपनी Ai+ ब्रांड नेम से अपने फोन्स को लॉन्च करेगी. कंपनी का दावा है कि इन फोन्स को भारत में मैन्युफैक्चर और डेवलप किया गया है. डिवाइस आपके डेटा और प्राइवेसी का खास ध्यान रखेंगे. कंपनी के एक फोन का नाम  AI+ Nova 2 5G हो सकता है. 

सामने आई हैं ये डिटेल्स 

कंपनी ने अपने अपकमिंग स्मार्टफोन्स के डिजाइन को रिवील कर दिया है. ये फोन्स Flipkart पर उपलब्ध होंगे. फ्लिपकार्ट पर आपको Ai+ के अपकमिंग फोन्स की माइक्रोसाइट मिल जाएगी, जहां पर इनका डिजाइन देखने को मिलेगा. कंपनी के बैनर में लिखा है, 'भारत में डिजाइन हुए. भारत में बनाए गए. दुनिया के लिए तैयार हैं.'

इससे साफ होता है कि इन स्मार्टफोन्स को भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चर किया गया है. ब्रांड का एक फोन पांच कलर ऑप्शन- पर्पल, पीच, ब्लू, ग्रीन और ब्लैक में आएगा. रियर पैनल पर तीन बड़ी लाइन्स होंगी. फोन के पावर बटन को बॉडी से अलग कलर दिया गया है.
 
मिलेगा 50MP का कैमरा

स्कॉयर शेप वाले कैमरा मॉड्यूल में डुअल लेंस और एक LED फ्लैशलाइट दी गई है. इस पर टेक्स्ट में लिखा है 50MP AI MATRIX CAMERA. इसका मतलब साफ है कि स्मार्टफोन में 50MP का प्राइमरी कैमरा मिलेगा. फोन का कैमरा मॉड्यूल काफी हद तक Asus ROG Phone 9 जैसा है. 

पेज पर एक अन्य फोन भी दिख रहा है, जिससे साफ है कि कंपनी दो नए स्मार्टफोन लॉन्च करेगी. ये स्मार्टफोन ग्लॉसी बैक पैनल के साथ आ सकता है. इसमें आपको यू-शेप नॉच मिलेगा. 

NxtQuantum Ai+ में क्या होगा खास? 

फ्लिपकार्ट की माइक्रोसाइट की मानें, तो ये स्मार्टफोन यूजर्स की सेफ्टी पर फोकस करेंगे. ब्रांड के फोन्स NxtQuantum OS पर काम करेंगे. ये सॉफ्टवेयर एंड्रॉयड पर बेस्ड हो सकता है. इस सॉफ्टवेयर को भारतीय इंजीनियर्स द्वारा डिजाइन किया गया है, जिसकी वजह से लोगों को एक यूजर फ्रेंडली इंटरफेस मिलेगा. 

रिपोर्ट्स की मानें, तो ये फोन 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ लॉन्च हो सकते हैं. ब्रांड अपने शुरुआती मॉडल्स को 10 हजार रुपये से कम बजट में लॉन्च करेगा. कंपनी के स्मार्टफोन्स की कीमत 5 हजार रुपये से 8 हजार रुपये के बीच हो सकती है. कंपनी अपने स्मार्टफोन को जुलाई में लॉन्च करने वाली है.

 

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Mon, 23 Jun 2025 11:41:08 +0530 news desk MPcg
HDFC और ICICI बैंक के नियम 1 जुलाई से बदलेंगे, ग्राहकों की जेब पर बढ़ेगा बोझ https://citytoday.co.in/2783 https://citytoday.co.in/2783 मुंबई 

1 जुलाई 2025 से देश के दो प्रमुख निजी बैंक एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक अपने कुछ नियमों में बदलाव करने जा रहे हैं। ये बदलाव खास तौर पर क्रेडिट कार्ड उपयोग, थर्ड-पार्टी वॉलेट ट्रांजेक्शन, आईएमपीएस ट्रांसफर और एटीएम शुल्क से संबंधित हैं। आइए जानते हैं इन नियमों में क्या बदलाव हुए हैं और यह आपके लिए क्यों जरूरी है:

 ICICI बैंक ने कुछ लेन-देन के लिए अपने सेवा शुल्क में संशोधन किया है. वहीं HDFC बैंक ने क्रेडिट कार्ड के नियम में बदलाव किया है. अगर आप भी इन दोनों बैंको के सर्विस का इस्‍तेमाल करते हैं तो आपको एक झटका लगने वाला है. 

ATM ट्रांजेक्शन पर चार्ज 
अब ICICI कस्‍टमर्स अगर किसी दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो 3 फ्री ट्रांजेक्शन के बाद फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 8.5 रुपये देने होंगे. पहले ये चार्ज 21 रुपये लगता था. मेट्रो शहरों में 3 मुफ्त ट्रांजेक्शन और छोटे शहरों में 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन मिलेंगे.

IMPS ट्रांजेक्‍शन 
तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के बाहरी लेनदेन के लिए, ट्रांजेक्‍शन अमाउंट के आधार पर शुल्क लगाया जाता है. 1,000 रुपये तक की राशि के लिए, शुल्क 2.50 रुपये प्रति लेनदेन है. 1,000 रुपये से अधिक और 1,00,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए, 5 रुपये का शुल्क लागू है. 1,00,000 रुपये से अधिक और 5,00,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए, शुल्क 15 रुपये प्रति लेनदेन है. 

कैश निकालने पर चार्ज 
ग्राहकों को हर माह तीन मुफ्त निकासी की सुविधा मिलती है. इससे अधिक पर प्रति लेनदेन 150 रुपये का शुल्क लगेगा. हर महीने 1 लाख रुपये से अधिक की निकासी पर प्रति 1,000 रुपये पर 3.5 रुपये या 150 रुपये, जो भी अधिक हो लगेगा. 

डेबिट कार्ड पर चार्ज 
नियमित डेबिट कार्ड के लिए सालाना चार्ज 300 रुपये तय किया गया है. ग्रामीण स्थानों के ग्राहकों के लिए सालाना चार्ज 150 रुपये है. कार्ड खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में, बदलने पर कार्ड शुल्क 300 रुपये प्रति कार्ड होगा.

ICICI बैंक ने डिमांड ड्रॉफ्ट पर बढ़ाया चार्ज 
अगर आप आईसीआईसीआई बैंक के कस्‍टमर हैं तो आपको कैश डिपॉजिट, चेक डिपॉजिट, डिमांड ड्राफ्ट और पे ऑर्डर जैसी सर्विस पर अब हर 1000 रुपये पर 2 रुपये का चार्ज लगेगा. हालांकि, प्रति लेनदेन न्यूनतम शुल्क 50 रुपये और अधिकतम सीमा 15,000 रुपये है. 

HDFC बैंक क्‍या कर रहा बदलाव 
अगर आप HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड से ड्रीम11, MPL जैसे गेमिंग ऐप्‍स पर हर महीने 10 हजार रुपये से ज्‍यादा खर्च करते हैं, तो अब आपको 1 फीसदी का एक्‍स्ट्रा चार्ज देना होगा. यह चार्ज महीने में 4,999 रुपये तक ही सीमित रहेगा. साथ ही इन ट्रांजेक्‍शन पर कोई भी रिपॉर्ड पॉइंट नहीं दिया जाएगा.  थर्ड पार्टी वॉलेट्स (जैसे पेटीएम, मोबिक्विक, फ्रीचार्ज, ओला मनी) में भी अगर आप एक महीने में 10,000 रुपये से ज्‍यादा डिपॉजिट करते हैं तो उसपर भी 1% का चार्ज लगेगा और इसमें भी शुल्‍क सीमा  4,999 रुपये महीने तक होगी.

किराया पेमेंट पर लगेगा चार्ज 
अगर आप किराया पेमेंट करते हैं तो सभी किराये के भुगतान लेनदेन पर 1% का शुल्क लगाया जाएगा. यह शुल्क लेनदेन की गई कुल राशि पर लगाया जाएगा और इसकी अधिकतम सीमा 4,999 रुपये प्रति माह होगी. यानी इससे ज्‍यादा होने पर 1 फीसदी का चार्ज देना होगा. Fuel के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर 1% चार्ज लगेगा. वहीं 50 हजार रुपये से ज्‍यादा यूटिलिटी बिल पेमेंट करते हैं तो भी 1 फीसदी का चार्ज लगेगा. 

HDFC बैंक: ऑनलाइन गेमिंग और वॉलेट पर नया चार्ज

अगर आप HDFC क्रेडिट कार्ड से ड्रीम11, MPL, रम्मी कल्चर जैसे गेमिंग ऐप्स पर हर महीने 10,000 रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, तो अब आपको 1% का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह चार्ज महीने में 4,999 रुपये तक ही सीमित रहेगा। इसके साथ। ही इन ट्रांजैक्शन्स पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा। वहीं, ग्राहक थर्ड पार्टी वॉलेट्स (जैसे पेटीएम, मोबिक्विक, फ्रीचार्ज, ओला मनी) में भी अगर आप एक महीने में 10,000 रुपये से ज्यादा लोड करते हैं, तो उस पर भी 1% का चार्ज लगेगा। इसमें भी चार्ज की सीमा 4,999 रुपये महीने तक होगी।
Utility Bill पर भी लगेगा चार्ज

अगर आप अपने HDFC क्रेडिट कार्ड से एक महीने में 50,000 रुपये से ज्यादा यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, गैस वगैरह) का पेमेंट करते हैं, तो अब आपको 1% का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यहां भी चार्ज की अधिकतम सीमा 4,999 रुपये तय की गई है। Fuel के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर 1% चार्ज लगेगा।
क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नए नियम

क्रेडिट कार्ड के मामलों में 1 जुलाई से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए नियम लागू हो जाएंगे। इससे क्रेडिट कार्ड के नियमों में कुछ बदलाव होंगे। भारत बिल पेमेंट प्रणाली (BBPS) के जरिए सभी क्रेडिट कार्ड पेमेंट को रिवाइज करने की आवश्यकता वाले इस आदेश से फोनपे, क्रेड, बिलडेस्क और इंफीबीम एवेन्यूज जैसे प्रमुख फिनटेक प्लेटफॉर्म प्रभावित होंगे। आरबीआई ने निर्देश दिए हैं कि 1 जुलाई से सभी क्रेडिट कार्ड पेमेंट BBPS के जरिए किए जाने चाहिए। अब तक क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए अधिकृत 34 बैंकों में से सिर्फ आठ ने BBPS पर बिल पेमेंट एक्टिव किया है।
इंडियन बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट

इंडियन बैंक ग्राहकों को स्पेशल एफडी स्कीम ऑफर कर रहा है। इंडियन बैंक अपने ग्राहकों को 300 और 400 दिनों की एफडी ऑफर कर रहा है। इंडियन बैंक इंड सुपर 400 (Ind Super 400) और इंड सुप्रीम 300 दिन (Ind Supreme 300 days) नाम की एफडी योजनाओं में 30 जून 2024 तक निवेश कर सकते हैं। यह स्पेशल FD कॉलेबल एफडी है। कॉलेबल एफडी का मतलब है कि इसमें आपको समय से पहले पैसा निकालने का ऑप्शन मिलता है।

HDFC बैंक: क्रेडिट कार्ड खर्च पर लगेगा अतिरिक्त चार्ज

अगर आप एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग नीचे दिए गए मामलों में करते हैं, तो अब आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा:

गेमिंग ऐप्स (जैसे MPL, Dream11)

प्रति माह ₹10,000 से अधिक खर्च करने पर 1% से ज्यादा चार्ज लगेगा।

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Sat, 21 Jun 2025 13:12:33 +0530 news desk MPcg
आज जब इजराइल&ईरान तनाव चरम पर था, तब भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त कमाल दिखाया https://citytoday.co.in/2766 https://citytoday.co.in/2766 नई दिल्ली 
आज जब इजराइल-ईरान तनाव चरम पर था, तब भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त कमाल दिखाया। सेंसेक्स 81,354 के शुरुआती स्तर से उछलकर 82,297 के शिखर पर जा पहुंचा। यानी 800 से अधिक अंकों की छलांग। निफ्टी भी पीछे नहीं रहा, वो 24,787 से चढ़ता-चढ़ता 25,078 के आसमान को छूने लगा।

छोटे दिग्गजों का भी दिन बना
बाजार में हर कोई खुश था। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां भी आधे प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गईं। सबसे मजेदार बात? निवेशक सिर्फ एक दिन में ₹3 लाख करोड़ मालामाल हो गए! जी हां, बाजार की कुल कीमत ₹443 लाख करोड़ से बढ़कर ₹446 लाख करोड़ हो गई।

शेयर मार्केट में आखिर ये उछाल क्यों आया?

1. "सस्ते में खरीदारी का मौका"
पिछले तीन दिन बाजार लुढ़का था, जिससे शेयर सस्ते हो गए थे। निवेशकों ने सोचा, "अर्थव्यवस्था तो मजबूत है। अभी खरीद लें।" मार्केट एक्सपर्ट अविनाश गोरक्षकर ने बताया, "शायद लोगों को इजराइल-ईरान शांति की उम्मीद थी। पर अगर तनाव बढ़ा, तो बिकवाली फिर शुरू हो सकती है।"

2. तेल सस्ता हुआ
जैसे ही क्रूड ऑयल की कीमत 2% गिरकर $77 प्रति बैरल हुई, बाजार में रौनक लौट आई। कारण? अमेरिका ने इजराइल-ईरान मामले में फैसला टाल दिया, जिससे तेल व्यापारियों ने मुनाफा वसूल लिया। विशेषज्ञों ने कहा, "जब तक तेल $80 से नीचे रहेगा, भारत के लिए अच्छा है।"

3. विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी
विदेशी निवेशक (FPI) लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयर खरीद रहे थे। सिर्फ 19 जून को ही उन्होंने ₹935 करोड़ के शेयर खरीदे। सबकी निगाहें भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था पर टिकी थीं।

4. तकनीकी जादू
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने रणनीति समझाई, "अगर निफ्टी 24,900 पार करता है, तो 25,000-25,050 तक पहुंच सकता है। 25,000 के ऊपर जाने पर खरीदारी करो, पर सावधानी के तौर पर 24,800 पर 'स्टॉप लॉस' लगा दो। अगर 24,700 से नीचे गिरा, तो सतर्क हो जाना।"

 

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Fri, 20 Jun 2025 15:37:40 +0530 news desk MPcg
Polycab को BSNL से मिला 6000 करोड़ का ऑर्डर, Bharat Net Program के तहत मिला https://citytoday.co.in/2756 https://citytoday.co.in/2756 मुंबई 

केबल तार बनाने वाली दिग्गज कंपनी पॉलीकैब इंडिया का शेयर (Polycab India Share)  फोकस में है. इसे भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल (BSNL) से एक बड़ा ऑर्डर मिला है. Bharat Net Program के तहत मिला ये ऑर्डर 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है. यहां बता दें कि ये महंगे शेयरों में शामिल है और पॉलीकैब इंडिया शेयर का भाव भी (Polycab Stock Price) 6,000 रुपये के पार है. इस बड़ी डील का असर कंपनी के शेयर पर देखने को मिल सकता है. 

बाजार बंद होने के बाद दी थी जानकारी
Polycab India की ओर से बीते कारोबारी दिन मंगलवार को जानकारी शेयर करते हुए बताया गया कि उसे 6447.54 करोड़ रुपये का एक बड़ा ऑर्डर बीएसएनएल से मिला है और इस समझौते पर 17 जून को साइन किए गए हैं. कंपनी की ओर से ये डिटेल शेयर मार्केट (Stock Market) में कारोबार बंद होने के बाद शेयर की गई थी. ऐसे में आज बाजार ओपन होने के बाद इसका पॉजिटिव असर कंपनी के स्टॉक पर देखने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें मंगलवार को पॉलीकैब शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ था. 

3 साल में पूरा करना है ऑर्डर
बात करें पॉलीकैब इंडिया को BSNL से मिले इस ऑर्डर के बारे में, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे भारतनेट प्रोग्राम के तहत कर्नाटक, गोवा और पुडुचेरी टेलीकॉम सर्किल में नेटवर्क डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, अपग्रेडेशन और मैंटेनेंस का काम दिया गया है. कुल ऑर्डर वैल्यू में से 3,741.92 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय पर,  2,245.15 करोड़ नए नेटवर्क के परिचालन के लिए और मौजूदा नेटवर्क के लिए 460.47 करोड़ शामिल है. मिडिल माइल नेटवर्क डेवलपमेंट के लिए ये काम पॉलीकैब को दिया गया है. इस करार के तहत निर्माण कार्य तीन साल में पूरा करना होगा, जबकि 10 साल तक मेंटिनेंस के लिए समझौता किया गया है. 

शेयर पर दिख सकता है असर
इस बड़े ऑर्डर के मिलने की खबर का असर कंपनी के स्टॉक पर आज कारोबार के दौरान देखने को मिल सकता है. बता दें कि बीते कारोबारी दिन Polycab India Share 6114 रुपये पर ओपन हुआ था और सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट के बीच 1.15 फीसदी फिसलकर 6,037 रुपये पर क्लोज हुआ था. कंपनी के मार्केट कैप की बात करें, तो ये 90840 करोड़ रुपये है और इस केबल मेन्युफैक्चरर कंपनी का 52 वीक का हाई लेवल 7605 रुपये, जबकि लो-लेवल 4555 रुपये है. 

5 साल में 7 गुना किया पैसा
इस महंगे स्टॉक ने बीते पांच साल में अपने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Return) दिया है. जी हां इस अवधि में हर एक शेयर की कीमत में 5235.80 रुपये का उछाल आया है और निवेशकों के लिए ये स्टॉक मल्टीबैगर बनकर उभरा है. 19 जून 2020 को Polycab Share की कीमत 801.20 रुपये थी, जो मंगलवार को गिरावट के बावजूद 6037 रुपये पर बंद हुआ. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें तो पांच साल में निवेशकों को मिला रिटर्न 653.49% रहा है यानी उनका किया गया निवेश 7 गुना से ज्यादा बढ़ गया है. 

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Thu, 19 Jun 2025 12:02:56 +0530 news desk MPcg
दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज 'एमएससी इरिना' अडानी समूह के विझिनजाम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर पहुंचा https://citytoday.co.in/2729 https://citytoday.co.in/2729
MSC Irina by Adani Group: दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज 'एमएससी इरिना' एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सोमवार को अदाणी ग्रुप के विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस बंदरगाह पर यह जहाज मंगलवार तक रहेगा. 'एमएससी इरिना' का इस बंदरगाह पर पहुंचना अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर वेसल्स (यूएलसीवी) को संभालने में विझिंजम की क्षमताओं को उजागर करता है. 'एमएससी इरिना' टीईयू (20-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) क्षमता के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज है, जो 24,346 टीईयू की क्षमता का दावा करता है. इस क्षमता के साथ 'एमएससी इरिना' ग्लोबल शिपिंग में एक बड़ा प्लेयर बनता है.

यह जहाज 399.9 मीटर की लंबाई और 61.3 मीटर की चौड़ाई के साथ एक स्टैंडर्ड फीफा-डिज़ाइन किए गए फुटबॉल मैदान से लगभग चार गुना लंबा है. एशिया और यूरोप के बीच बड़ी मात्रा में कंटेनरों के परिवहन की सुविधा के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया 'एमएससी इरिना' व्यापार मार्गों और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है. इस जहाज का आगमन बंदरगाह के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. इस बंदरगाह को 2 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया था. अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड द्वारा विकसित और संचालित इस बंदरगाह ने हाल ही में एमएससी तुर्किये और एमएससी मिशेल कैपेलिनी सहित अन्य प्रतिष्ठित श्रेणी के जहाजों का स्वागत किया है, जिससे समुद्री व्यापार में एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसकी प्रतिष्ठा मजबूत हुई है.

कब हुए थी इसकी शुरुवात

'एमएससी इरिना' को मार्च 2023 में लॉन्च किया गया था और उसी वर्ष अप्रैल में इसकी पहली यात्रा शुरू हुई थी. यह लाइबेरिया के झंडे के नीचे चलता है और इसमें कंटेनरों को 26 टियर्स ऊंचाई तक रखा जा सकता है, जिससे यह बहुत बड़ी मात्रा में कंटेनर ढो सकता है। विशेष रूप से, 'एमएससी इरिना' अपने पूर्ववर्ती, ओओसीएल स्पेन से 150 टीईयू के अंतर से आगे निकल गया है. पर्यावरण के आधुनिक मानकों के अनुरूप, इस जहाज में ऊर्जा बचाने वाली सुविधाएं हैं जो कार्बन उत्सर्जन को 4 प्रतिशत तक कम करने में मदद करती हैं. विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर 'एमएससी इरिना' का डॉकिंग न केवल ग्लोबल शिपिंग में बंदरगाह के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि स्थायी समुद्री प्रथाओं में भी एक बड़ी छलांग है, जो उद्योग में भविष्य के विकास के लिए एक मानक स्थापित करता है.

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Tue, 17 Jun 2025 12:23:10 +0530 news desk MPcg
एयर इंडिया हादसे और युद्ध संकट से बीमा प्रीमियम में भारी उछाल की आशंका, इंडिगो को लग सकता है अरबों का झटका https://citytoday.co.in/2685 https://citytoday.co.in/2685 नई दिल्ली

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के लिए आने वाला महीना आर्थिक मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, कंपनी के एविएशन बीमा प्रीमियम में अचानक 30% से 50% तक की वृद्धि संभव है. इसका कारण एयर इंडिया विमान हादसे से जुड़े भारी-भरकम बीमा दावों और ईरान-इज़राइल जैसे युद्ध संकट से उपजा वैश्विक बीमा दबाव है.

यह सिर्फ एक कंपनी की आंतरिक वित्तीय चुनौती नहीं है, बल्कि पूरे भारतीय एविएशन क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है.

इंडिगो का 20 अरब डॉलर का बीमा दायरा

मार्च 2025 तक इंडिगो के पास 437 विमानों का बेड़ा था, जिनमें मुख्य रूप से Airbus A320 और A321 जैसे नैरो-बॉडी विमान शामिल हैं.

हर विमान की बीमा वैल्यू: $30–$45 मिलियन

 कुल बीमा कवरेज: लगभग $20 बिलियन     

वार्षिक बीमा प्रीमियम: $14–15 मिलियन

यह बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस के नेतृत्व में तैयार किया गया था, जिसमें ICICI लोम्बार्ड जैसी घरेलू कंपनियां शामिल थीं. पुनर्बीमा लंदन के बाजार में कराया गया था.

एयर इंडिया हादसे ने बदल दिया समीकरण

हाल ही में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे इंश्योरेंस सिस्टम को हिला दिया है.

हुल (Hull) और लायबिलिटी क्लेम्स की अनुमानित सीमा: $120–200 मिलियन

 यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एविएशन इंश्योरेंस पेआउट बन सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह क्लेम वैश्विक बीमाकर्ताओं तक जाता है, तो वे भारत जैसे उभरते बाजारों में जोखिम मूल्यांकन और प्रीमियम दरों को ऊंचा कर सकते हैं.

एक हादसा और पूरा सिस्टम संकट में

एयर इंडिया हादसा केवल एक तकनीकी चूक नहीं था, इसका प्रभाव पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर की बीमा नीति और वित्तीय स्थिरता पर पड़ रहा है.

इंडिगो, जो कम लागत वाले संचालन के लिए जानी जाती है, इस बीमा प्रीमियम वृद्धि से आर्थिक दबाव में आ सकती है.

यदि युद्ध संकट और वैश्विक बीमा बाजार की सख्ती बनी रही, तो आने वाले समय में एयर टिकट की कीमतें, विमानों की उड़ान क्षमता और यात्रियों की सुरक्षा लागत – सब कुछ प्रभावित हो सकता है.

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Sat, 14 Jun 2025 17:01:02 +0530 news desk MPcg
आधार कार्ड को फ्री में अपडेट करने की तारीख एक बार फिर बढ़ाई https://citytoday.co.in/2678 https://citytoday.co.in/2678 नई दिल्ली

आधार कार्ड अपडेट के लिए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने आखिरी तारीख को एक बार फ‍िर से बढ़ा दिया गया है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्‍था यूनीक आइडेंटिफ‍िकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की तरफ से यह बड़ी जानकारी शेयर की गई है। UIDAI ने कहा है कि लाखों आधार धारकों के लिए फ्री ऑनलाइन डॉक्‍युमेंट अपलोड की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है। अब 14 जून 2026 तक लोग फ्री में अपने डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करके आधार कार्ड में डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट करा सकेंगे। यानी पूरे एक साल का वक्‍त लोगों को दिया गया है। यूआईडीएआई ने यह भी कहा है कि वह लोगों को आधार कार्ड में डॉक्‍युमेंट अपडेट करने के लिए प्रोत्‍साहित कर रही है। हालांकि फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए अब सिर्फ एक तरीका बचा है। क्‍या है वह, आइए जानते हैं।

जाने कैसे होगा फ्री में आधार कार्ड अपडेट , फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए लोगों के पास अब एक ही तरीका बचा है। यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है। बताया है कि फ्री में आधार अपडेट की सुविधा सिर्फ myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। खास यह भी है कि ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट कराया जा सकेगा, जिसके लिए अड्रेस प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ से जुड़े डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने होंगे। इस प्रकार यूआईडीएआई ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि आधार में अपडेट अगले एक साल तक ऑनलाइन फ्री तो हो जाएगा लेकिन सीमित सुविधाएं ही ऑनलाइन अपडेट में मिलेंगी।

बायोमैट्रिक अपडेट के लिए हो सकता है यह तरीका , अगर किसी आधार धारक को अपना बयोमैट्रिक अपडेट कराना है, तो उसे नजदीकी आधार सेवा केंद्र में जाना होगा और शुल्‍क चुकाने के बाद यह काम कराया जा सकेगा। बायोमैट्रिक अपडेट को ऑनलाइन नहीं कराया जा सकता है। फ‍िर भी आपके मन में कोई सवाल है तो टोल फ्री नंबर 1947 पर कॉल करके अपनी परेशानी का हल निकाल सकते हैं। इसके अलावा आप help@uidai.gov.in को ईमेल लिखकर अपने सवाल पूछ सकते हैं। 

हर 10 साल में करवाना जरुरी होता है आधार कार्ड अपडेट, नियम के अनुसार, इंडिविजुअल्‍स यानी व्‍यक्तियों को अपने आधार कार्ड को हर 10 साल में अपडेट कराना होता है। बाल आधार यानी बच्‍चों के आधार को 5 साल से 15 साल के बीच अपडेट कराया जाता है। आधार अपडेट की आखिरी तारीख आज 14 जून 2025 को खत्‍म हो रही थी, जिसमें डेमोग्राफ‍िक चेंज की सुविधा को अगले एक साल के लिए ऑनलाइन बढ़ाया जा रहा है। आधार सेवा केंद्र में जाकर आधार अपडेट कराने का आज आखिरी दिन है।

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Sat, 14 Jun 2025 15:19:48 +0530 news desk MPcg
इक्विटी म्यूचुअल फंड का एयूएम मई में बढ़कर रिकॉर्ड 72.2 लाख करोड़ रुपए रहा https://citytoday.co.in/2645 https://citytoday.co.in/2645 म्यूचुअल फंड एसेट्स में जबरदस्त उछाल: मई में AUM 72.2 लाख करोड़ रुपए के पार, SIP इनफ्लो ने बनाया नया रिकॉर्ड

मुंबई। देश में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या और भरोसा दोनों तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मई 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4.85% की बढ़त के साथ 72.2 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो अप्रैल में 70 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी मंगलवार को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों से सामने आई।

बाजार की मजबूती बनी AUM ग्रोथ की वजह

मई में शेयर बाजारों का प्रदर्शन सधा रहा। निफ्टी ने 1.71% और सेंसेक्स ने 1.51% का रिटर्न दिया, जिससे म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न और निवेशकों की उम्मीदें दोनों को मजबूती मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की यह रफ्तार और निवेशकों का एसआईपी के प्रति अनुशासन AUM ग्रोथ को निरंतर सहारा देता रहेगा।

वार्षिक आधार पर 12% की वृद्धि

भले ही मासिक बढ़त मामूली हो, लेकिन मई 2024 की तुलना में एयूएम में 12% की दमदार वृद्धि दर्ज की गई है। ओपन-एंडेड स्कीम्स का वर्चस्व अब भी बना हुआ है।

SIP इनफ्लो ने छुआ नया शिखर

  • मई में SIP इनफ्लो ₹26,688 करोड़ रहा, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। अप्रैल में यह ₹26,632 करोड़ था।

  • SIP योगदान देने वाले खातों की संख्या 8.56 करोड़ पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 8.38 करोड़ थी।

  • SIP AUM भी अप्रैल के ₹13.90 लाख करोड़ से बढ़कर ₹14.61 लाख करोड़ पहुंच गया।

SIP AUM अब म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल AUM का 20.24% हो गया है, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 19.9% था।

नए निवेशकों की संख्या में इजाफा

  • मई महीने में 11.3 लाख नए फोलियो जोड़े गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।

  • मई में 59 लाख नए SIP खाते खुले, जबकि 43 लाख SIP बंद या मैच्योर हुईं। कुल SIP खातों की संख्या 9.06 करोड़ तक पहुंच गई है।

विशेषज्ञों की राय

सैपिएंट फिनसर्व के निदेशक अमित बिवलकर का कहना है कि, "बाजार की स्थिरता और SIP अनुशासन AUM ग्रोथ को आगे भी मजबूती से सपोर्ट करता रहेगा।" वहीं स्मॉलकेस मैनेजर नरेंद्र सिंह ने कहा कि, "लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से बढ़ता SIP इनफ्लो निवेशकों की बदलती सोच को दर्शाता है।"

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Wed, 11 Jun 2025 13:57:15 +0530 news desk MPcg
अम्बिकापुर : डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित https://citytoday.co.in/2631 https://citytoday.co.in/2631 अम्बिकापुर
डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि इच्छुक कृषक आवेदन पत्र संबंधित जिला के उप संचालक कृषि कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि
आवेदन पत्र 31 जुलाई 2025 तक उप संचालक कृषि कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

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Tue, 10 Jun 2025 17:43:32 +0530 news desk MPcg
2,800 रुपये सस्ता हुआ Gold, जानिए कहां तक गिर सकती है गोल्ड की कीमत https://citytoday.co.in/2628 https://citytoday.co.in/2628

नई दिल्ली
 सोने की कीमत में आज गिरावट दिख रही है। एमसीएक्स पर गोल्ड के जून वायदा अनुबंध की शुरुआत थोड़ी कमजोरी के साथ हुई। यह 723 रुपये या 0.74% गिरकर 96,397 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, पिछले सत्र में यह थोड़ा ऊपर बंद हुआ था। सोने की कीमतों में अब 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। हाल ही में यह 99,214 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। चांदी के जुलाई वायदा अनुबंध की शुरुआत भी थोड़ी गिरावट के साथ हुई। यह 563 रुपये या 0.53% गिरकर 1,06,524 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। हालांकि इसने 1,07,171 रुपये प्रति किलोग्राम का नया रिकॉर्ड बनाया था।

सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी दोनों ही हरे निशान में बंद हुए थे। गोल्ड का अगस्त वायदा अनुबंध 0.14% की बढ़त के साथ 97,173 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सुबह 11.30 बजे यह 460 अंक की गिरावट के साथ 96,713 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह 96,276 रुपये तक नीचे और 96,770 रुपये तक ऊपर गया। चांदी का जुलाई वायदा अनुबंध 1.54% की बढ़त के साथ 1,07,087 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

कीमतों में उतार-चढ़ाव

नए हफ्ते की शुरुआत में सोना और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतें गिर गईं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच लंदन में व्यापार समझौते को लेकर फिर से बातचीत शुरू हो गई थी। लेकिन, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण कीमतें दिन के निचले स्तर से ऊपर उठ गईं।

सोने की कीमतों में बदलाव का एक और कारण था। चीन का सेंट्रल बैंक मई में लगातार सातवें महीने सोने का शुद्ध खरीदार बना। जानकारों का कहना है कि निवेशक सतर्क हैं और अमेरिका-चीन के बीच अंतिम व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच सोने में सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे हैं।लोग सोने को एक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं क्योंकि उन्हें अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते पर भरोसा नहीं है।

कहां तक जाएगी कीमत

जानकारों का कहना है कि सोने के लिए सपोर्ट लेवल 96,600-96,180 रुपये और रेजिस्टेंस लेवल 97,700-98,200 रुपये है। चांदी के लिए सपोर्ट लेवल 1,06,000-1,04,800 रुपये और रेजिस्टेंस लेवल 1,08,000-1,09,400 रुपये है। जैन का सुझाव है कि चांदी को 1,06,500-1,06,000 रुपये के आसपास खरीदें। इसके लिए स्टॉप लॉस 1,04,800 रुपये और टारगेट 1,07,700-1,08,500 रुपये रखें। स्टॉप लॉस एक ऐसा पॉइंट है जहां आप नुकसान को कम करने के लिए अपनी पोजीशन बेच देंगे।

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Tue, 10 Jun 2025 17:18:55 +0530 news desk MPcg
जल्द ही तीन बार मुड़ने वाला ‘ट्राई फोल्ड’ फोन लाने जा रहा सैमसंग https://citytoday.co.in/2617 https://citytoday.co.in/2617 सैमसंग कंपनी जल्द ही अपना तीन बार मुड़ने वाला फोल्डिंग फोन लेकर आने वाला है। इस फोन को ट्राई फोल्ड कहा जाता है। इस तरह का फोन पहले Huawei ने Mate XT Ultimate के नाम से पेश किया था। अब सैमसंग इस कड़ी में अगला नाम होगा। सैमसंग अपने इस फोन में ड्युअल हिंज डिजाइन देगा, जिसकी मदद से यह फोन दो बार फोल्ड हो सकेगा। दो बार फोल्ड होकर खुलने के बाद यह फोन से सीधे टैबलेट के साइज में बदल जाएगा। जल्द आने वाले इस खास फोन के बारे में डिटेल में जानते हैं।

कब तक हो सकता है यह फ़ोन लॉन्च?
सैमसंग के ट्राई फोल्ड फोन के बारे में ज्यादा जानने से पहले जान लेते हैं कि यह फोन लॉन्च कब होगा। इस बारे में सैमसंग की ओर से कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है लेकिन टिप्स्टर योगेश बरार ने X पर बताया है कि यह फोन 2025 की तीसरी तिमाही में लॉन्च हो सकता है। इस लिहाज से इस फोन के सितंबर के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद की जा सकती है। इससे पहले खबरें आई थीं कि सैमसंग अपना ट्राईफोल्ड फोन Z सीरीज की सातवीं जेनरेशन के लॉन्च के बाद लाएगा।

क्या हो सकती है इस फोन की कीमत ? 

टिप्स्टर के अनुसार इस फोन की कीमत करीब 2.5 से 3 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं उन्होंने यह भी बताया है कि इस फोन का प्रोडक्शन बहुत ही सीमित संख्या में होगा और इसे पहले दक्षिण कोरिया के बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं खबरें ऐसी भी हैं कि इसके लॉन्च के समय यह भारत में भी साथ में लॉन्च किया जाएगा। इस कीमत पर आने वाले इस फोन को जाहिर तौर पर आम पब्लिक के लिए नहीं बल्कि टेक लवर्स के लिए बनाया जाएगा। कीमत के मामले में यह फोन सैमसंग या ऐपल के प्रीमियम फोन्स के दाम से भी ऊपर है।

नॉर्मल फोल्ड फोन से कैसे अलग है यह फ़ोन ?
सैमसंग का नया ट्राई फोल्ड फोन अभी तक के नॉर्मल फोल्ड फोन से कई मायनों में अलग होगा। इस फोन में सैमसंग पहली बार ड्युअल हिंज डिजाइन का इस्तेमाल करेगा। इस ड्युअल हिंज डिजाइन की वजह से फोन Z के आकार में खुलेगा। अभी तक के फोल्ड फोन का कॉन्सेप्ट कुछ ऐसा है कि यह फोन के साइज को उसके दुगने आकार का बना देता है। वहीं ट्राई फोल्ड फोन एक फोन को दुगने आकार के साथ-साथ टैबलेट के साइज में भी बदल पाएगा। यह जेब में टैबलेट लेकर चलने जैसा होगा।

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Tue, 10 Jun 2025 14:21:51 +0530 news desk MPcg
ओपो भारत में एक नया स्‍मार्टफोन करने जा रही लॉन्‍च https://citytoday.co.in/2605 https://citytoday.co.in/2605  नई दिल्ली

नई दिल्ली में ओपो की कंपनी भारत में एक नया स्‍मार्टफोन लॉन्‍च करने जा रही है। इसका नाम OPPO K13x होगा। कंपनी ने लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म नहीं किया है। यह बताया है कि अपकमिंग ओपो फोन, टिकाऊ होने के साथ-साथ अच्‍छी परफॉर्मेंस देगा। सामने आई जानकारी के अनुसार, OPPO K13x में लंबी चलने वाली बैटरी दी जाएगी। एआई-पावर्ड कैमरा फीचर्स इस फोन में होंगे। यह अल्‍ट्रा फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। कंपनी का कहना है कि नया ओपो फोन उन यूजर्स की जरूरत पूरी करेगी, जिन्‍हें परफॉर्मेंस के साथ एक ऐसी डिवाइस चाहिए जो ड्यूरेबल हो यानी गिरने पर टूटने के चांस कम रहें। हर मौसम में साथ निभाए।

फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस
ओपो ने इस फोन के किसी फीचर से पर्दा नहीं हटाया है। लेकिन कंपनी जिन चीजों पर फोकस करने जा रही है, उससे अनुमान है कि इसमें 6500 एमएएच या उससे बड़ी बैटरी ऑफर की जाएगी। यह फोन 67 वॉट तक चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है। मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ आ सकता है, ताकि कठिन मौसमी हालात में भी फोन की परफॉर्मेंस में कमी ना आए। ओपो K13 स्‍मार्टफोन में स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 च‍िपसेट दिया गया है। ऐसे में K13x से भी हम स्‍नैपड्रैगन चिपसेट की उम्‍मीद कर रहे हैं। फोन में 8 जीबी तक रैम दी जा सकती है, ताकि डेली परफॉर्मेंस में लैग की दिक्‍कत ना आए।

प्राइस इन इंडिया
OPPO K सीरीज 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में अधिक फोकस्‍ड है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि फोन को 20 हजार रुपये वाली प्राइस कैटिगरी में लाया जाएगा। हालांकि यह सभी सिर्फ कयास हैं। कंपनी ने कुछ भी कन्‍फर्म नहीं किया है और हमें आधिकारिक प्रतिक्र‍िया का इंतजार करना चाहिए। क्‍योंकि ओपो का कोई लॉन्‍च जून में अबतक सामने नहीं आया है, इसलिए यह डिवाइस इसी महीने दस्‍तक दे सकती है। वैसे भी अगले महीने रेनो सीरीज भारत में लॉन्‍च होने जा रही है, तो कंपनी उससे पहले मिड रेंज में नया फोन ला सकती है।

 5G फीचर्स
ओपो ने अप्रैल में Oppo K13 5G को लॉन्‍च किया था। इसे 17999 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया था। फोन में 6.7 इंच का एमोलेड फुल एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स की पीक ब्राइटनैस ऑफर करता है। फोन में क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। 8GB LPDDR4X रैम इसमें मिलती है और 256 जीबी तक स्‍टोरेज है। फोन में 7 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा है। यह एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर रन करता है। फोन में स्‍टीरियो स्‍पीकर्स, आईआर ब्‍लास्‍टर की सुविधा है।

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Sun, 08 Jun 2025 13:12:56 +0530 news desk MPcg
सोने के वायदा भाव में नरमी, चांदी में तेजी का रुख https://citytoday.co.in/2557 https://citytoday.co.in/2557 सोने के वायदा भाव में गुरुवार को शुरुआत में नरमी के साथ कारोबार देखा जा रहा है, जबकि चांदी के भाव तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सोने के भाव 94,850 रुपये, जबकि चांदी के भाव 97,650 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नरमी,जबकि चांदी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सोने के वायदा भाव की शुरुआत नरमी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रेक्ट 378 रुपये की गिरावट के साथ 94,900 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 95,278 रुपये था। इस समय यह 438 रुपये की गिरावट के साथ 94,840 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। एमसीएक्स पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रेक्ट 307 रुपये की तेजी के साथ 97,562 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 97,255 रुपये था। इस समय यह 385 रुपये की तेजी के साथ 97,640 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के वायदा भाव में नरमी और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर सोना 3,283.70 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 3,294.90 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 22.30 डॉलर की गिरावट के साथ 3,272.60 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव पिछले महीने 3,509.90 डॉलर के भाव पर ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए थे। कॉमेक्सपर चांदी के वायदा भाव 33.11 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला बंद भाव 33.16 डॉलर था। इस समय यह 0.16 डॉलर की तेजी के साथ 33.32 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

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Thu, 29 May 2025 15:45:31 +0530 news desk MPcg
अमेरिकी कोर्ट के फैसले से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, Nifty और Sensex मजबूत https://citytoday.co.in/2554 https://citytoday.co.in/2554 एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला जिससे प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स गुरुवार (29 मई) को मजबूती के साथ खुले। इन्फोसिस के नेतृत्व में आईटी स्टॉक में तेजी से बाजार को बूस्ट मिला। अमेरिकी की एक कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के इम्पोर्ट बिल पर रोक लगाने का फैसला किया है। इससे आईटी स्टॉक्स में तेजी आई है। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक चढ़कर 81,591.03 पर खुला। खुलते ही इसमें तेजी देखने को मिली। यह 422.35 अंक याकी बढ़त लेकर 81,734.67 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी मजबूती के साथ 24,825.10 पर खुला। यह 114.30 अंक चढ़कर 24,866.75 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में पॉजिटिव रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में गिरावट में बंद हुए। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 239.31 अंक की गिरावट लेकर 81,312.32 पर बंद हुआ। 

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 73.75 अंक की गिरावट के साथ 24,752.45 पर बंद हुआ। वहीं एशियाई बाजारों में गुरुवार को तेजी देखी गई। यह अमेरिकी के एक कोर्ट के फैसले के चलते आई है। अमेरिकी संघीय अदालत ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है। जापान का निक्केई में 1.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

जबकि ब्रोडर टॉपिक्स इंडेक्स में 1.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कोस्पी में 1.07 प्रतिशत तथा एएसएक्स200 में 0.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अमेरिकी कोर्ट के निर्णय और एनवीडिया के उत्साहजनक परिणामों के बाद अमेरिकी फ्यूचर्स में तेजी आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 1.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 1.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई तथा डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 1.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एसएंडपी 500 में 0.56 प्रतिशत की गिरावट आई। नैस्डैक कंपोजिट में 0.51 प्रतिशत की गिरावट आई तथा डाऊ जोन्स में 0.58 प्रतिशत की गिरावट आई।

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Thu, 29 May 2025 13:12:34 +0530 news desk MPcg
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 726 अंक लुढ़का, निफ्टी भी फिसला https://citytoday.co.in/2542 https://citytoday.co.in/2542 वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को ‎गिरावट के साथ खुले। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस और इन्फोसिस जैसी भारी भरकम शेयरों में बिकवाली से बाजार फिसल गया। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 100 अंक से ऊपर की गिरावट लेकर 82,038.20 पर खुला। खुलते ही इसमें बिकवाली हावी हो गई। सुबह शुरुआत के बाद यह 726.90 अंक की गिरावट लेकर 81,449.55 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान में थे। जबकि केवल इंडसइंड बैंक और एशियन पेंट्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। 

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंजका निफ्टी-50 भी गिरावट के साथ 24,956.65 पर खुला। सुबह शुरुआत के बाद यह 233.80 अंक गिरकर 24,767.35 पर कारोबार कर रहा था। वहीं मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स में 455 अंक की बढ़त दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 455.37 अंक या 0.56 प्रतिशत उछलकर 82,176.45 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 148 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,001.15 पर आ गया। वहीं एशियाई बाजारों में मंगलवार को मिलाजुला रुख रहा। निवेशकों ने यूरोपीय संघ के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ टालने के ट्रम्प के फैसले पर विचार किया। जापान का निक्केई 0.15 प्रतिशत नीचे था। जबकि ब्रोडर टॉपिक्स इंडेक्स स्थिर था। कोस्पी 0.32 प्रतिशत फिसला। यह सोमवार को तीन महीने के उच्चतम स्तर से नीचे फिसल गया। 

वहीं, एएसएक्स 200 ट्रेंड के उलट 0.16 प्रतिशत बढ़ा। सोमवार को मेमोरियल डे के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे। लेकिन ट्रम्प के टैरिफ में देरी के बाद फ्यूचर्स में उछाल आया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स में 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 0.67 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, डौ जोन्स 0.61 प्रतिशत नीचे रहा और नैस्डैक 1 प्रतिशत नीचे आया।

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Tue, 27 May 2025 12:43:08 +0530 news desk MPcg
सोने और चांदी की कीमतों में फिर उछाल, इस हफ्ते हुआ तगड़ा इजाफा https://citytoday.co.in/2523 https://citytoday.co.in/2523 इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज़ी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की वेबसाइट के मुताबिक 17 मई को सोने की कीमत 92,301 प्रति 10 ग्राम थी, जो 24 मई को बढ़कर 95,471 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई यानी एक सप्ताह में सोने की कीमत में 3,170 रुपए का इजाफा हो गया। वहीं चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 17 मई को चांदी की कीमत 94,606 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 96,909 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है यानी इस हफ्ते चांदी की कीमत में 2,303 रुपए का इजाफा हुआ है। गौरतलब है कि इससे पहले सोने ने 21 अप्रैल को 99,100 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 28 मार्च को 1,00,934 प्रति किलोग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छू लिया था। दिल्ली में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 900,50 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 98,230 रुपए है। मुंबई में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 89,900 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 98,080 रुपए है। कोलकाता में 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 89,900 रुपए और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 98,080 रुपए है। वहीं चेन्नई में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 89,900 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 98,080 रुपए है।

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Sat, 24 May 2025 15:00:50 +0530 news desk MPcg
मिलेजुले वैश्विक रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर https://citytoday.co.in/2510 https://citytoday.co.in/2510 वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी कारोबारी ‎दिन शुक्रवार को सपाट लेवल पर खुलने के बाद चढ़ गए। इन्फोसिस, रिलायंस, एचडीएफसी और आईटीसी जैसे शेयरों में तेजी से बाजार को बल मिला। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 80,897 अंक पर ओपन खुला। सुबह की शुरुआत मे यह 602.86 अंक की बढ़त लेकर 81,554.85 पर कारोबार कर रहा था। सन फार्मा को छोड़ सेंसेक्स की सभी 29 कंपनियां हरे निशान में कारोबार कर रही थी। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 24,639.50 अंक के लेवल पर सपाट खुला। बाद में इसमें तेजी देखने को मिली। सुबह शुरुआत के बाद यह 200.85 अंक चढ़कर 24,810.55 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 644.64 अंक की गिरावट लेकर 80,951.99 पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 203.75 अंक गिरकर 24,609.70 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजार- एशियाई बाजार शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर खुले। निवेशकों ने क्षेत्रभर से आए आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा की। जापान के निक्केई इंडेक्स में 0.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि व्यापक टॉपिक्स सूचकांक 0.71 प्रतिशत ऊपर रहा। कोस्पी 0.12 प्रतिशत बढ़ा और एएसएक्स 200 में 0.36 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई।

अमेरिकी बाजार- अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए। ब्याज दरों में वृद्धि और बढ़ते फेडरल डेफिसिट को लेकर चिंता ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया। 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2023 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। जब एक ऐसा बिल पास हुआ जिसे लेकर बाजारों में यह आशंका है कि यह अमेरिका के वित्तीय घाटे को और बढ़ा सकता है। डाओ जोन्स 1.35 अंक गिरकर 41,859.09 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.04 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 5,842.01 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.28 प्रतिशत चढ़कर 18,925.73 पर बंद हुआ।

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Fri, 23 May 2025 13:11:21 +0530 news desk MPcg
भारत&तुर्की के बीच व्यापार करीब 10.43 अरब डॉलर का, अब हो रहा नुकसन https://citytoday.co.in/2480 https://citytoday.co.in/2480 पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को फिर बढ़ा दिया। इसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। भारतीय वायुसेना ने इस कार्रवाई में स्वदेशी हथियारों जैसे आकाश मिसाइल सिस्टम का उपयोग किया और पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की रक्षा क्षमता और “मेड इन इंडिया” हथियारों की सफलता का उदाहरण बताया।

इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने तुर्की से प्राप्त सैकड़ों ड्रोन जैसे बायरकटर टीबी2 और अस्सिगार्ड सोंगर का इस्तेमाल कर भारत पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। भारत ने इसके जवाब में ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में तुर्की की भूमिका सामने आने के बाद भारत में उसके प्रति गुस्सा और आक्रोश और अधिक गहरा गया।

तुर्की द्वारा पाकिस्तान को सैन्य समर्थन देने और ड्रोन आपूर्ति करने की खबरों के चलते भारत में ‘बॉयकॉट तुर्की’ अभियान शुरू हुआ, जिसने सोशल मीडिया से लेकर व्यापार और पर्यटन तक प्रभाव डाला। व्यापार की दृष्टि से भारत और तुर्की के बीच कुल व्यापार लगभग 10.43 अरब डॉलर का है। भारत तुर्की को खनिज ईंधन, कपास, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और एल्यूमीनियम जैसे उत्पाद निर्यात करता है, जबकि तुर्की से संगमरमर, सेब, पेट्रोलियम उत्पाद, सोना, मोती और अकार्बनिक रसायन आयात करता है। अब ‘बॉयकॉट तुर्की’ के चलते उदयपुर के मार्बल कारोबारियों ने तुर्की से आयात बंद करने का फैसला लिया है, जिससे करीब 3,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ेगा।

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Tue, 20 May 2025 11:16:50 +0530 news desk MPcg
शेयर मार्किट का हुआ डाउन फॉल https://citytoday.co.in/2477 https://citytoday.co.in/2477 वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी ‎दिन सोमवार को ‎गिरावट के साथ खुले। इन्फोसिस और टीएसी जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में गिरावट ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा। 

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में वृद्धि से बाजार को कुछ सपोर्ट मिलता दिख रहा है। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स प्री-ओपन में मजबूती के बाद लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 115 अंक की गिरावट लेकर 82,215 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 लगभग सपाट नोट पर 25 हजार के लेवल के ऊपर खुला। इससे पहले शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 200.15 अंक की गिरावट के साथ 82,330.59 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 42.30 अंक नीचे 25,019.80 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों का मजबूत फ्लो, मूडीज की तरफ से अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग में कमी और मिलेजुले वैश्विक संकेत आज घरेलू बाजारों की दिशा को तय करने वाले अहम कारक होंगे। 

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, डीएलएफ, एसीएमई सोलर होल्डिंग्स, सीएमएस इन्फो सिस्टम्स, डोम्स इंडस्ट्रीज, गुजरात गैस, एचईजी, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, जेके पेपर, वन मोबिक्विक सिस्टम्स, एनएलसी इंडिया, पेट्रोनेट एलएनजी, फाइजर, पीआई इंडस्ट्रीज, क्वेस कॉर्प, सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्च कंपनी और ज़ाइडस वेलनेस आज अपने जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। 

वहीं एशियाई बाजारों में सोमवार को गिरावट देखी गई। निवेशकों ने पूरे क्षेत्र से कई प्रमुख आर्थिक रिपोर्टों का मूल्यांकन किया और मूडीज की तरफ से अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग में कमी किए जाने पर रियेक्ट किया। अप्रैल में चीन की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत रही। जबकि औद्योगिक उत्पादन 6.1 प्रतिशत रहा। अप्रैल में चीन की बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत थी। निक्केई में 0.45 प्रतिशत की गिरावट जबकि ब्रोडर टॉपिक्स इंडेक्स नेगेटिव आउटलुक के साथ स्थिर रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.47 प्रतिशत की गिरावट आई और एएसएक्स 200 में 0.37 प्रतिशत की गिरावट आई।

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Mon, 19 May 2025 16:42:58 +0530 news desk MPcg
भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत https://citytoday.co.in/2442 https://citytoday.co.in/2442 भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच ‎गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में आईटी, फाइनेंशियल सर्विस और फार्मा सेक्टर में बिकवाली देखी गई। सुबह शुरुआत के बाद सेंसेक्स 231.64 अंक की गिरावट के साथ 82,299.10 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 49.95 अंक की गिरावट के साथ 25,012.15 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी बैंक 52.40 अंक की गिरावट के साथ 55,303.20 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 169.20 अंक की बढ़त के साथ 56,700.05 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.45 अंक प्रतिशत चढ़कर 17,318.40 पर कारोबार कर रहा था। 

इस बीच सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक, एसबीआई, इंफोसिस, एचसीएल टेक और एमएंडएम टॉप लूजर्स रहे। जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे। एशियाई बाजारों में चीन, हांगकांग और जापान लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस 271.69 अंक की बढ़त के साथ 42,322.75 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 24.35 अंक की बढ़त के साथ 5,916.93 पर बंद हुआ और नैस्डैक 34.49 अंक की गिरावट के साथ 19,112.32 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि अप्रैल के आर्थिक आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में संकेतों का एक दिलचस्प मिश्रण पेश करते हैं। प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) में 0.5 प्रतिशत की आश्चर्यजनक गिरावट देखी गई, जो अर्थशास्त्रियों की 0.2 प्रतिशत वृद्धि की अपेक्षाओं से काफी अलग थी।

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Fri, 16 May 2025 12:56:48 +0530 news desk MPcg
Gold Price: वैश्विक अनिश्चितता और व्यापार युद्ध की आशंकाओं का असर https://citytoday.co.in/2214 https://citytoday.co.in/2214 मंगलवार को सोने की कीमतों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई ऊंचाइयों को छुआ, क्योंकि वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा अनुबंधों ने ऐतिहासिक स्तर छूते हुए पहली बार 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया। 

MCX पर अगस्त डिलीवरी अनुबंध 2,050 रुपये (2.1%) की तेजी के साथ 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। इसी तरह, अक्टूबर अनुबंध 2,020 रुपये (2.05%) उछलकर 1,00,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर बंद हुआ। जून डिलीवरी अनुबंध भी 2,080 रुपये (2.15%) की बढ़त के साथ 99,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी

वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतें 3,504.12 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचीं। बाद में यह 65.50 डॉलर (1.92%) की बढ़त के साथ 3,490.80 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर हुई। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की नीतियों में बदलाव के संकेत और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव बढ़ने से सोने की मांग में तेजी आई है। 

ट्रंप और फेडरल रिजर्व के बीच तनातनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग की है। उनका कहना है कि ब्याज दरों में कमी नहीं होने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में कहा था कि नए टैरिफ और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। ट्रंप प्रशासन द्वारा पॉवेल को हटाने की संभावनाओं पर विचार की खबरों ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। 

विश्लेषकों की राय

कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल मेहता ने कहा, "वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की आशंकाएं और डॉलर इंडेक्स के तीन साल के निचले स्तर पर पहुंचने से सोने की कीमतों में यह उछाल देखने को मिला। सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।" उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि अगर अनिश्चितता बनी रही तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। 

बाजार में उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। निवेशक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने को सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प मान रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में व्यापार युद्ध और मौद्रिक नीति से जुड़े घटनाक्रम सोने की कीमतों को और प्रभावित कर सकते हैं। 

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Tue, 22 Apr 2025 15:21:17 +0530 news desk MPcg
"शेयर बाजार में हड़कंप: ट्रंप टैरिफ से मची उथल&पुथल, केंद्र सरकार ले सकती है बड़े कदम" https://citytoday.co.in/शेयर-बाजार-में-हड़कंप-ट्रंप-टैरिफ-से-मची-उथल-पुथल-केंद्र-सरकार-ले-सकती-है-बड़े-कदम https://citytoday.co.in/शेयर-बाजार-में-हड़कंप-ट्रंप-टैरिफ-से-मची-उथल-पुथल-केंद्र-सरकार-ले-सकती-है-बड़े-कदम Mon, 07 Apr 2025 15:59:39 +0530 Newsdesk डॉलर के मुकाबले रुपया 87 के पार, ट्रंप के नए टैरिफ का असर https://citytoday.co.in/डॉलर-के-मुकाबले-रुपया-87-के-पार-ट्रंप-के-नए-टैरिफ-का-असर https://citytoday.co.in/डॉलर-के-मुकाबले-रुपया-87-के-पार-ट्रंप-के-नए-टैरिफ-का-असर Mon, 03 Feb 2025 17:33:08 +0530 Newsdesk सोने और चांदी की ताज़ा कीमतें: बजट के बाद पहली बार आई तेजी https://citytoday.co.in/Latest-prices-of-gold-and-silver:-Rise-for-the-first-time-after-the-budget https://citytoday.co.in/Latest-prices-of-gold-and-silver:-Rise-for-the-first-time-after-the-budget 29 जुलाई 2024 को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। सोने की कीमत 68794 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो 26 जुलाई के भाव से 663 रुपये ज्यादा है। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी उछाल आया है और यह 82200 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो पिछले भाव से 929 रुपये अधिक है।

सोने की कीमतें :

29 जुलाई 2024 को सोने की ताज़ा कीमतें इस प्रकार हैं:

  • 24 कैरेट (999 शुद्धता): 68794 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट: 63015 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट: 51596 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट: 40245 रुपये प्रति 10 ग्राम

चांदी की कीमतें :

चांदी की ताज़ा कीमतें इस प्रकार हैं:

  • 999 शुद्धता: 82200 रुपये प्रति किलो

प्रमुख बातें :

  1. गोल्ड प्राइस अपडेट: 29 जुलाई को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
  2. लेटेस्ट गोल्ड रेट्स: 26 जुलाई के रेट से 663 रुपये महंगा मिलेगा सोना।
  3. चांदी की कीमतें: 29 जुलाई को चांदी की कीमत 82200 रुपये प्रति किलो हो गई है।

कीमतों में बढ़ोतरी के कारण :

बजट के बाद से यह पहली बार है जब सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी देखी गई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, यह तेजी बाजार में बढ़ती मांग और बजट के प्रभाव के कारण आई है।

कीमतें जानने का तरीका :

सोने और चांदी की ताज़ा कीमतें जानने के लिए आप 8955664433 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जाकर रेट्स देख सकते हैं। IBJA केंद्र सरकार की छुट्टियों और शनिवार व रविवार को रेट जारी नहीं करता है।

सोने की शुद्धता :

सोने की शुद्धता के अनुसार कीमतें इस प्रकार होती हैं:

  • 24 कैरेट सोना: 100% सोना
  • 22 कैरेट सोना: 91.7% सोना
  • 18 कैरेट सोना: 75.0% सोना
  • 14 कैरेट सोना: 58.3% सोना
  • 12 कैरेट सोना: 50.0% सोना
  • 10 कैरेट सोना: 41.7% सोना

निष्कर्ष :

बजट के बाद पहली बार सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी देखी गई है। अगर आप सोने या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो ताज़ा कीमतों के अनुसार योजना बनाएं और निवेश करें।

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Mon, 29 Jul 2024 22:17:19 +0530 Newsdesk
EMPS : empsयोजना का विस्तार ,अब 30 सितंबर 2024 तक लागू  https://citytoday.co.in/EMPS:Extension-of-EMPS-scheme,-now-applicable-till-30-September-2024 https://citytoday.co.in/EMPS:Extension-of-EMPS-scheme,-now-applicable-till-30-September-2024 सीटीटुडे | केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक परिवहन प्रोत्साहन योजना (ईएमपीएस) को दो महीने के लिए बढ़ाकर 30 सितंबर, 2024 तक कर दिया है, और इस योजना के लिए कुल परिव्यय को बढ़ाकर 778 करोड़ रुपये कर दिया है। यह योजना इस साल मार्च में भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पूरे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देना है।

योजना का विस्तार: 
ईएमपीएस योजना मूल रूप से 1 अप्रैल, 2024 से 31 जुलाई, 2024 तक चलने वाली थी, जिसका कुल परिव्यय 500 करोड़ रुपये था। अब इस योजना को दो महीने बढ़ाकर 30 सितंबर, 2024 तक कर दिया गया है और इसका परिव्यय बढ़ाकर 778 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

उद्देश्य: 
इस योजना का उद्देश्य सरकार की हरित पहलों को आगे बढ़ाना और देश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण परिवेश के विकास को बढ़ावा देना है। ताकि देश को प्रदूषण रहित बनाया जा सके 

लाभार्थी श्रेणियाँ: 
योजना के तहत पंजीकृत ई-रिक्शा एवं ई-कार्ट सहित इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन शामिल हैं। यह योजना मुख्य रूप से उन ई-दोपहिया और ई-तिपहिया पर लागू होगी जो वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए पंजीकृत हैं। इसके अलावा निजी या कॉरपोरेट स्वामित्व वाले पंजीकृत ई-दोपहिया भी योजना के तहत पात्र होंगे।

पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन: 
आम लोगों के लिए किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन विकल्प मुहैया कराने पर जोर देने के साथ, यह योजना ईवी उपयोग को प्रोत्साहित करती है।

सरकार की इस पहल से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ईवी उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे भविष्य में अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

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Sat, 27 Jul 2024 21:36:01 +0530 Newsdesk
Microsoft CEO:सत्या नडेला: माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के रूप में 10 साल पूरे https://citytoday.co.in/Microsoft-CEO:Satya-Nadella:-Completes-10-years-as-Microsoft-CEO https://citytoday.co.in/Microsoft-CEO:Satya-Nadella:-Completes-10-years-as-Microsoft-CEO MP सीटीटुडे ।माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने 2024 की शुरुआत में अपने 10 साल पूरे किए। नडेला ने 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद को संभाला था और उनके नेतृत्व में कंपनी ने व्यापक बदलाव किए, विशेष रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी अगुवाई में माइक्रोसॉफ्ट ने बाजार में अपनी प्रतिस्थापना बढ़ाई और गिटहब जैसी महत्वपूर्ण अधिग्रहणों को भी किया।

 भारतवंशी सत्या नडेला ने साल 2024 की शुरुआत में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के रूप में 10 साल पूरे किए। नडेला ने फरवरी 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ का पद संभाला था। बताया जाता है कि पदभार संभालने के तुरंत बाद नडेला ने लगभग 40 साल पुरानी कंपनी में तेजी से बदलाव किया। नडेला ने क्लाउड कंप्यूटिंग और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर पर फोकस किया।

नडेला ने बड़ी डील 20 मिनट में कर ली थी पक्की

 नडेला की अगुवाई में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड कंप्यूटिंग में अपनी बाजार हिस्सेदारी दोगुनी कर दी और अमेजन के बाद नंबर-2 के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर ली। एक अखबार की रिपोर्ट में सीईओ नडेला के तहत कंपनी द्वारा किए गए अलग-अलग डील्स के बारे में बात की गई है, जिसमें डेवलपर्स प्लेटफॉर्म गिटहब का 7.5 अरब डॉलर का अधिग्रहण भी शामिल है।

 नडेला ने 20 मिनट में यह डील कर ली थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 में उन्हें दुनिया की मशहूर ओपन-सोर्स कंपनी गिटहब के अधिग्रहण को हरी झंडी देने के लिए केवल 20 मिनट का समय लगाया। अधिकारियों द्वारा ‎गिटहब को खरीदने या न खरीदने पर सालों तक बहस करने के बाद नडेला के लिए 5 सालों तक काम करने वाले माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व एग्जीक्यूटिव नैट फ्रीडमैन ने बताया कि उन्होंने कैस्केड माउंटेन के सनकाडिया रिजॉर्ट में एक एनुअल एग्जीक्यूटिव रिट्रीट में नडेला और अन्य वरिष्ठ नेताओं को यह विचार दिया था। फ्रीडमैन ने कहा कि कहा जाता है कि अधिकारियों ने इस सवाल पर 20 मिनट तक बहस की। तब नडेला ने मेज पर अपना हाथ मारा और कहा ‎कि हमें यह करना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ ही हफ्तों में नडेला जून 2018 में गिटहब को 7.5 अरब डॉलर में खरीदने के लिए सहमत हो गए।

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Sun, 14 Jul 2024 21:42:03 +0530 Newsdesk
NEW DELHI: नई दिल्ली में 9 अगस्त को लांच होगी लेम्बोर्गिनी एसई https://citytoday.co.in/NEW-DELHI:Lamborghini-SE-to-be-launched-in-New-Delhi-on-August-9 https://citytoday.co.in/NEW-DELHI:Lamborghini-SE-to-be-launched-in-New-Delhi-on-August-9
सीटीटुडे | लेम्बोर्गिनी यूआरयूएस एसई 9 अगस्त को नई दिल्ली में लांच की जाएगी। लेम्बोर्गिनी यूआरयूएस एसई में 4.0-लीटर, ट्विन-टर्बोचार्ज्ड वी8 इंजन दिया गया है, जिसे प्लग-इन हाइब्रिड सिस्टम के साथ जोड़ा गया है, जो 800एचपी अधिकतम पावर और 950एनएम मैक्स टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 25.9केडब्ल्यूएच लिथियम-आयन बैटरी पैक भी है। लेम्बोर्गिनी का कहना है कि इसे केवल इलेक्ट्रिक पावर का उपयोग करके 60 किमी तक चलाया जा सकता है। इसमें ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम है। यह एसयूवी महज 3.4 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 312 किमी प्रति घंटा है।

कीमत
Lamborghini Urus भारत में 2018 में 3 करोड़ रुपये की कीमत पर लॉन्च की गई थी। इसके बाद  Performant और S देश में लॉन्च की गईं, जिनकी कीमत क्रमश: 4.22 करोड़ रुपये और 4.18 करोड़ रुपये थी। इसके हाइब्रिड पावर को देखते हुए SE की इनसे ज्यादा होने वाली है। भारत में Lamborghini Urus SE का मुकाबला BMW XM, ऑडी RSQ8, लोटस एलेट्रे, पोर्श कैयेन GTS और एस्टन DBX 707 से हो सकता है।

पावरट्रेन
Lamborghini Urus SE में 4.0-लीटर, ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जिसे प्लग-इन हाइब्रिड सिस्टम के साथ जोड़ा गया है, जो 800hp अधिकतम पावर और 950Nm मैक्स टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 25.9kWh लिथियम-आयन बैटरी पैक भी है। लेम्बोर्गिनी दावा करती है कि इसे केवल इलेक्ट्रिक पावर का उपयोग करके 60 किमी तक चलाया जा सकता है। इसमें ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम है। यह SUV महज 3.4 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 312 किमी प्रति घंटा है।

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Sun, 14 Jul 2024 21:28:30 +0530 Newsdesk
Direct Tax collection : नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19.54 प्रतिशत की वृद्धि https://citytoday.co.in/Direct-Tax-collection:-19.54-percent-increase-in-net-direct-tax-collection https://citytoday.co.in/Direct-Tax-collection:-19.54-percent-increase-in-net-direct-tax-collection
नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष में अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.54 प्रतिशत बढ़कर 5.74 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार, कॉरपोरेट कंपनियों की ओर से अधिक एडवांस टैक्स के भुगतान के कारण इस वृद्धि को देखा गया है। 15 जून तक अग्रिम कर की पहली किस्त 27.34 प्रतिशत बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपए हो गई, जिसमें 1.14 लाख करोड़ रुपए कॉर्पोरेशन इनकम टैक्स और 34,470 करोड़ रुपए व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं।

सीबीडीटी द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई, 2024 तक 5,74,357 करोड़ रुपए के नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 2,10,274 करोड़ रुपए कॉर्पोरेशन इनकम टैक्स और 3,46,036 करोड़ रुपए व्यक्तिगत आयकर शामिल है। इसके अलावा, सिक्योरिटीज ट्रांसकेशन टैक्स ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16,634 करोड़ रुपए का योगदान दिया। पिछले साल इसी अवधि में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 4,80,458 करोड़ रुपए था।

वित्त वर्ष 2024-25 में 11 जुलाई तक 70,902 करोड़ रुपए के रिफंड भी जारी किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी किए गए रिफंड से 64.4 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल से 11 जुलाई के दौरान डायरेक्ट टैक्स का ग्रॉस कलेक्शन एक साल पहले की अवधि में 5.23 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 6.45 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 23.24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

सीबीडीटी के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जो देश की आर्थिक स्थिरता और विकास का संकेत है।

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Sat, 13 Jul 2024 21:41:42 +0530 Newsdesk
रिलायंस की छलांग से बाजार को लगे पंख; सेंसेक्स&निफ्टी नये शिखर पर https://citytoday.co.in/Reliances-jump-gave-wings-to-the-marketensex-Nifty-reached-new-peak https://citytoday.co.in/Reliances-jump-gave-wings-to-the-marketensex-Nifty-reached-new-peak  विश्व बाजार की तेजी के बीच स्थानीय स्तर पर पेट्रोलियम समेत अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार करने वाली दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की चार प्रतिशत से अधिक की छलांग से आज शेयर बाजार को पंख लग गए।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 620.73 अंक अर्थात 0.80 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,674.25 अंक के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 147.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत मजबूत होकर 23,868.80 अंक के सार्वकालिक स्तर पर रहा। हालांकि मझौली और छोटी कंपनियों में घटबढ़ रही। इस दौरान बीएसई का मिडकैप 0.29 प्रतिशत फिसलकर 45,887.88 अंक रह गया जबकि स्मॉलकैप 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52,141.11 अंक पर बंद हुआ।
इस दौरान बीएसई में कुल 4008 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1960 में गिरावट जबकि 1922 में तेजी रही वहीं 126 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी की 26 कंपनियों में लिवाली जबकि 23 में बिकवाली हुई वहीं एक के भाव स्थिर रहे।
बीएसई के 10 समूहों में तेजी का रुख रहा। इससे दूरसंचार 2.30, ऊर्जा 1.45, एफएमसीजी 0.32, वित्तीय सेवाएं 0.25, इंडस्ट्रियल्स 0.02, यूटिलिटीज 0.22, बैंकिंग 0.58, तेल एवं गैस 0.98, टेक 0.78 और सर्विसेज समूह के शेयर 0.46 प्रतिशत मजबूत रहे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक रुझान रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफ़टीएसई 0.09, जर्मनी का डैक्स 0.13, जापान का निक्केई 1.26, हांगकांग का हैंगसेंग 0.09 अरु चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.76 प्रतिशत चढ़ गया।

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Wed, 26 Jun 2024 20:33:10 +0530 Newsdesk
पेट्रोल और डीजल की कीमतें दिखा स्थिरता https://citytoday.co.in/Petrol-and-diesel-prices-show-stability https://citytoday.co.in/Petrol-and-diesel-prices-show-stability तेल विपणन करने वाली प्रमुख कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन की वेबसाइट पर जारी दरों के अनुसार, देश में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में इनकी कीमतों के यथावत रहने के साथ ही मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर पर रहा।
वैश्विक स्तर पर साप्तहांत पर अमेरिकी क्रूड 0.30 प्रतिशत गिरकर 81.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी तरह लंदन ब्रेंट क्रूड 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85.43 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
देश के चार महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत इस प्रकार रही।
महानगर...................पेट्रोल..............डीजल ( रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली ...................94.72..................87.62
मुंबई .....................104.21................92.15
चेन्नई......................100.75................92.34
कोलकाता..............103.94................90.76

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Fri, 21 Jun 2024 20:05:09 +0530 Newsdesk
यदि टिकट कंफर्म नहीं है तो ट्रेन में सवार होने की गलती न करें। https://citytoday.co.in/रेल-में--वेटिंग-टिकट-के-साथ-स्लीपर-या-एसी-कोच-में-सवार-होना-पड़ेगा-मेहंगा- https://citytoday.co.in/रेल-में--वेटिंग-टिकट-के-साथ-स्लीपर-या-एसी-कोच-में-सवार-होना-पड़ेगा-मेहंगा- ऑनलाइन बुक किए जाने पर यदि कंफर्म नहीं हुआ है तो टिकट अपने आप रद्द हो जाता है, लेकिन ऑफलाइन या विंडो से बुक किए जाने वाले टिकट को लेकर ऐसा प्रावधान नहीं है। इस तरह ये लोग बिना कंफर्म टिकट के भी ट्रेन में सवार हो जाते हैं। जो यात्री टिकट कंफर्म नहीं होने के बाद भी स्लीपर या एसी कोच में सवार हो जाते हैं, वे अलर्ट हो जाएं। ऐसा करने की अब उन्हें भारी कीमत चुकाना पड़ सकती है।रेलवे के अनुसार, वेटिंग टिकट के यात्रियों की स्लीपर और एसी कोच में नो एंट्री होगी। यदि ऐसा कोई यात्री कोच में सवार हो जाता है, तो चेकिंग स्टाफ जुर्माना वसूल कर उसे अगले स्टेशन पर ही उतार देगा।दूसरे यात्रियों की सुविधा में खलल
अधिकारियों के मुताबिक, बिना कंफर्म टिकट वाले लोग ट्रेन में सवार होते हैं, तो इससे दूसरे यात्रियों की सुविधा में खलल पड़ता है। कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।कौन यात्री करते हैं बिना कंफर्म टिकट यात्रा.


रेलवे की व्यवस्था के अनुसार, कंफर्म नहीं होने पर ऑनलाइन टिकट स्वत रद्द हो जाता है। वहीं जो यात्री ऑफलाइन यानी विंडो से टिकट बुक करते हैं, उनका टिकट रद्द होने का प्रावधान नहीं है। ये ही यात्री बिना कंफर्म टिकट ट्रेन में सवार हो जाते हैं।गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है और ऐसे केस भी सामने आ रहे हैं। कंफर्म टिकट वाले यात्री लगातार शिकायत कर रहे हैं।

इसलिए चलती गाड़ी में ही होगी कार्रवाई
कन्फर्म टिकट पर यात्रा करने वाले एक्स पोस्ट या फिर अन्य माध्यमों से रेलवे में शिकायत कर रहे हैं। इसके बाद अधिकारियों ने तय किया है कि चलती गाड़ी में ही कार्रवाई की जाएगी। वेटिंग लिस्ट वाले यात्री एक बोगी से दूसरी में घूमते हैं और जहां सीट मिलती है, बैठ जाते हैं।

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Mon, 17 Jun 2024 21:01:36 +0530 Newsdesk
पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर https://citytoday.co.in/Petrol-and-diesel-prices-stable https://citytoday.co.in/Petrol-and-diesel-prices-stable अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम आज स्थिर रहे, जिससे दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर पड़े रहे।तेल विपणन करने वाली प्रमुख कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन की वेबसाइट पर जारी दरों के अनुसार, देश में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में इनकी कीमतों के यथावत रहने के साथ ही मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर पर रहा।वैश्विक स्तर पर साप्तहांत पर अमेरिकी क्रूड 0.12 प्रतिशत बढ़कर 75.62 डॉलर प्रति बैरल पर और लंदन ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत की तेजी लेकर 79.77 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

देश के चार महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत इस प्रकार रही।

महानगर...................पेट्रोल..............डीजल ( रुपये प्रति लीटर)

दिल्ली ...................94.72..................87.62

मुंबई .....................104.21................92.15

चेन्नई......................100.75................92.34

कोलकाता..............103.94................90.76

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Mon, 10 Jun 2024 21:29:19 +0530 Newsdesk
शेयर बाजार की तेजी थमी https://citytoday.co.in/stock-market-boom-stopped https://citytoday.co.in/stock-market-boom-stopped
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 203.28 अंक की गिरावट के साथ 76,490.08 अंक रह गया। साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 30.95 अंक फिसलकर 23,259.20 अंक पर बंद हुआ। हालांकि दिग्गज कंपनियों के विपरीत बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों में लिवाली हुई, जिसने बाजार को अधिक गिरने नहीं दिया। मिडकैप 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 44,356.34 अंक और स्मॉलकैप 1.04 प्रतिशत की छलांग लगाकर 49,239.42 अंक पर पहुंच गया।इस दौरान बीएसई में कुल 4129 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2631 में लिवाली जबकि 1360 में बिकवाली हुई वहीं 138 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी की 27 कंपनियों में तेजी जबकि 23 में गिरावट रही।बीएसई के छह समूहों में गिरावट का रुख रहा। इससे आईटी 1.50, टेक 1.20, ऊर्जा 0.12, ऑटो 0.04, धातु 0.34 और तेल एवं गैस समूह के शेयर 0.27 प्रतिशत गिर गए। वहीं, कमोडिटीज 1.28, हेल्थकेयर 0.77, दूरसंचार 0.58, यूटिलिटीज 1.11, रियल्टी 1.34 और सर्विसेज समूह के शेयर 1.61 प्रतिशत मजबूत रहे।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलाजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफ़टीएसई 0.50, जर्मनी का डैक्स 0.99 और हांगकांग का हैंगसेंग 0.59 प्रतिशत उतर गया जबकि जापान का निक्केई 0.92 और चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.08 प्रतिशत की बढ़त रही।शुरूआती कारोबार में सेंसेक्स 242 अंक की तेजी के साथ 76,935.41 अंक पर खुला और दमदार लिवाली की बदौलत थोड़ी देर बाद ही 77,079.04 अंक के सार्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बिकवाली होने से यह कारोबार के अंतिम चरण में 76,379.73 अंक के निचले स्तर तक टूट गया। अंत में पिछले दिवस के 76,693.36 अंक के मुकाबले 0.27 प्रतिशत उतरकर 76,490.08 अंक रह गया।इसी तरह निफ्टी 29 अंक बढ़कर 23,319.15 अंक पर खुला और सत्र के दौरान 23,411.90 अंक के उच्चतम जबकि 23,227.15 अंक के निचले स्तर पर रहा। अंत में पिछले सत्र के 23,290.15 अंक की तुलना में 0.13 प्रतिशत फिसलकर 23,259.20 अंक पर बंद हुआ।

इस दौरान सेंसेक्स की नुकसान उठाने वाली प्रमुख कंपनियों में टेक महिंद्रा 2.72, इंफ़ोसिस 2.20, विप्रो 1.95, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.73, बजाज फाइनेंस 1.42, टीसीएस 0.94, एचसीएल टेक 0.88, मारुति 0.86, एचडीएफसी बैंक 0.75, टाइटन 0.66, आईटीसी 0.54, हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.48, कोटक बैंक 0.43, इंडसइंड बैंक 0.42 और भारती एयरटेल 0.27 प्रतिशत शामिल रही।वहीं, अल्ट्रासिमको 3.19, पावरग्रिड 2.07, नेस्ले इंडिया 1.74, एक्सिस बैंक 1.16, एनटीपीसी 1.07, टाटा स्टील 0.70, टाटा मोटर्स 0.45, जेएसडब्ल्यू स्टील 0.41, एशियन पेंट 0.28, एसबीआई 0.27, एलटी 0.26, सन फार्मा 0.20, आईसीआईआई बैंक 0.19, रिलायंस 0.04 और बजाज फिनसर्व के शेयर 0.02 प्रतिशत मजबूत रहे।

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Mon, 10 Jun 2024 20:49:15 +0530 Newsdesk
RBI Penalty on Banks: ‎आरबीआई ने दो बैंकों पर लगाया भारी जुर्माना... जानिए क्या है कारण https://citytoday.co.in/‎RBI-imposed-heavy-penalty-on-two-banks-Know-the-reason https://citytoday.co.in/‎RBI-imposed-heavy-penalty-on-two-banks-Know-the-reason मुंबई।RBI Penalty on Banks:  इन दिनों भारतीय रिजर्व बैंक सभी बैंकों पर नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रूप रवौया अपना रही है। कुछ समय पहले पेटीएम पेमेट्स बैंक पर बैन लगा था। जिसके बाद से लगातार कई बैंकों पर कार्रवाई शुरु हो गयी है। बीते दिन ही आरबीआई ने दो बैंकों पर शिकंजा कस उनपर जुर्माना लगा दिया है।

इन दो बैंको पर लगा जुर्माना 

बता दें कि RBI ने कुछ नियमों के मानदंडों का पालन नहीं करने को लेकर बैंक ऑफ इंडिया पर 1.4 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा दिया है। यही नहीं  रिजर्व बैंक ने निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए निजी क्षेत्र के बंधन बैंक पर भी 29.55 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

इन वजहों से RBI ने बैंकों पर की कार्रवाई

बैंक ऑफ इंडिया पर जुर्माना जमा पर ब्याज दर, बैंकों में ग्राहक सेवा, कर्ज पर ब्याज दर और क्रेडिट सूचना कंपनी नियम, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है। रिजर्व बैंक ने यह भी कहा कि इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड पर एनबीएफसी (रिजर्व बैंक) दिशा-निर्देश, 2016 में धोखाधड़ी की निगरानी और केवाईसी निर्देशों के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर 13.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।RBI ने कहा कि इसका उद्देश्य संस्थाओं द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता को प्रभावित करना नहीं है।


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Thu, 14 Mar 2024 17:57:26 +0530 Newsdesk
Stock Market Crash: शेयर मार्केट में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक गिरा https://citytoday.co.in/Huge-fall-in-stock-market-Sensex-fell-1000-points https://citytoday.co.in/Huge-fall-in-stock-market-Sensex-fell-1000-points

Bombay Stock Crash: बीएसई सेंसेक्स में करीब 1000 अंक से अधिक गिरावट आई है। जबकि निफ्टी भी एक फीसदी से अधिक गिरावट के कारण शेयर बाजार के खुलते ही भारी गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण बीएसई की लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप 12.67 लाख करोड़ रुपये घटकर 372 लाख करोड़ रुपये हो गया है। और कुछ ही घंटे के दौरान निवेशकों को करीब 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 

जानिए कितने अंको की हुई गिरावट 

बीएसई सेंसेक्स में करीब 1000 अंक से अधिक गिरावट आई है। लेकिन इसके बावजूद बीएसई सेंसेक्स 995 अंक या 1.35 फीसदी की गिरावट के साथ 72,672.89 पर कारोबार कर रहा था। जबकि निफ्टी50 363 अंक या 1.62 फीसदी नीचे 21,972.80 पर था। निफ्टी भी एक फीसदी से अधिक गिरा है। आपको बता दें कि यह 22,000 अंक से नीचे आ गया है। सेंसेक्स में आज 1,046 अंकों की गिरावट आई है। भारत के बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स में 1,000 अंकों की भारी गिरावट आई और यह 73,000 के स्तर से नीचे आ गया। आपको बता दें कि यह दिसंबर 2022 के बाद इसमें एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है।

88 प्रतिशत शेयरों में गिरावट 

सेंसेक्स में गिरावट से सभी सेक्टरों मे गिरावट आ रही है। जिसमें पावरग्रिड 6 फीसदी से ज्यादा नीचे एनटीपीसी 6 फीसदी, टाटा स्टील 4 फीसदी से ज्यादा नीचे है। पीएसयू स्टॉक इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा नीचे है। यूटिलिटीज इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा नीचे है, रियल्टी इंडेक्स 5 फीसदी और मेटल इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा नीचे है। स्मॉल कैप में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। मिडकैप में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुई है। एसएमई आईपीओ इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा नीचे है। आपको बता दें कि 88 प्रतिशत शेयरों में गिरावट के साथ बाजार लाल निशान पर आ गया है।

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Wed, 13 Mar 2024 17:03:18 +0530 Newsdesk
Business News: आज श‍िवरात्र‍ि के मौके पर बैंक और शेयर बाजार बंद https://citytoday.co.in/Banks-and-stock-markets-closed-today-on-the-occasion-of-Shivratri https://citytoday.co.in/Banks-and-stock-markets-closed-today-on-the-occasion-of-Shivratri मुंबई। Business News: महाशिवरात्रि के अवसर पर आज शेयर बाजार और अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में अवकाश है। जिसके कारण कोई कामकाज नहीं हो सका। देश के प्रमुख शेयर बाजारों बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ -साथ अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार भी बंद रहा।क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की हॉलिडे लिस्ट में महाशिवरात्रि यानी 8 मार्च को छुट्टी का दिन तय किया गया है। इस वजह से शुक्रवार को शेयर बाजार में कोई कामकाज नहीं होगा।

आपको बता दें कि इस हफ्ते केवल चार द‍िन ही बाजार में कारोबार हुआ है। कारोबारियों का कहना है। कि अब अगले सप्ताह सोमवार को सामान्य कामकाज होगा। अब बाजार में अगली ट्रेड‍िंग 11 मार्च को होगी।






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Fri, 08 Mar 2024 15:36:10 +0530 Newsdesk
Ladies First' Gold Loan Fair: लेडीज़ फर्स्ट’ गोल्ड लोन मेला में लोन लेने वाली महिलायें होंगी पुरस्कृत https://citytoday.co.in/Women-taking-loans-will-be-rewarded-in-Ladies-First-Gold-Loan-Fair https://citytoday.co.in/Women-taking-loans-will-be-rewarded-in-Ladies-First-Gold-Loan-Fair नयी दिल्ली।Ladies First' Gold Loan Fair: नॉन-बैंकिंग फाईनेंस कंपनी आईआईएफएल फाईनेंस ने केवल महिला ग्राहकों के लिए ‘लेडीज़ फर्स्ट’ गोल्ड लोन मेला अभियान शुरू किया है। इस अनोखे अभियान में 5 मार्च से 12 मार्च 2024 के बीच भारत में किसी भी आईआईएफएल फाईनेंस शाखा से गोल्ड लोन लेने वाली महिला ग्राहकों को जीरो प्रोसेसिंग शुल्क के साथ निश्चित उपहार भी दिया जा रहा है। इसके अलावा आईआईएफएल फाईनेंस विजेताओं को बंपर पुरस्कार भी प्रदान करेगा। जिसमें सोने के सिक्के शामिल हैं।

आपको बता दें कि आईआईएफएल फाईनेंस लोन एस्सेट के मामले में भारत की दूसरी सबसे बड़ी गोल्ड लोन कंपनी है। आईआईएफएल फाईनेंस से लोन लेने वाले 85 लाख ग्राहकों में 25 प्रतिशत से ज्यादा ग्राहक महिलाएं हैं। और उनकी संख्या बढ़ती जा रही है क्योंकि बढ़ती अर्थव्यवस्था में और ज्यादा महिलाएं उद्यमिता का मार्ग अपना रही हैं। गोल्ड भारत में हर महिला का अभिन्न हिस्सा होता है। और यह गोल्ड लोन फाईनेंस की मदद से व्यवसाय का सपना पूरा करने में काफी कारगर साबित हुआ है।


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Sat, 02 Mar 2024 16:22:47 +0530 Newsdesk
Reliance Capital: रिलायंस कैपिटल के लिए 9,650 करोड़ रुपये की समाधान योजना को ‎मिली मंजूरी https://citytoday.co.in/Resolution-plan-worth-Rs-9,650-crore-for-Reliance-Capital-approved https://citytoday.co.in/Resolution-plan-worth-Rs-9,650-crore-for-Reliance-Capital-approved ई दिल्ली।Reliance Capital: रिलायंस कैपिटल के लिए 9,650 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी‎ ‎मिल गई है। ‎मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स की रिलायंस कैपिटल के लिए 9,650 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दे दी। एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने कर्ज के बोझ से दबी कंपनी के लिए बोली के दूसरे दौर में जून 2023 में आईआईएचएल द्वारा इस योजना को मंजूरी दे दी। इस मामले में आदेश आने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक ने नवंबर 2021 में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी द्वारा प्रशासनिक मुद्दों और भुगतान चूक पर रिलायंस कैपिटल के निदेशक मंडल को हटा दिया था। केंद्रीय बैंक ने नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था। जिन्होंने कंपनी का अधिग्रहण करने के लिए फरवरी 2022 में बोलियां आमंत्रित की थीं। इस दौरान रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था। और चार आवेदकों ने शुरू में समाधान योजनाओं के साथ बोली लगाई थी। हालांकि लेनदारों की समिति ने कम बोली मूल्यों के लिए सभी चार योजनाओं को खारिज कर आईआईएचएल और टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स ने भाग लिया था। हिंदुजा समूह की कंपनी को पिछले साल जून में समिति द्वारा 9,661 करोड़ रुपये की अग्रिम नकद बोली के लिए चुना गया था। बता दें ‎कि रिलायंस कैपिटल का अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये का नकद शेष भी अब ऋणदाताओं के पास ही जाएगा।

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Wed, 28 Feb 2024 20:44:05 +0530 Newsdesk
Reliance Disney Deal: रिलायंस और डिज्नी के बीच मीडिया मर्जर पर हुआ समझौता https://citytoday.co.in/Agreement-reached-on-the-merger-deal-of-Reliance-and-Disney https://citytoday.co.in/Agreement-reached-on-the-merger-deal-of-Reliance-and-Disney नई दिल्ली।Reliance Disney Deal: एशिया के प्रमुख कारोबा‎रियों में शा‎मिल मुकेश अंबानी अब एक और सेक्टर में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। बताया जा रहा है, ‎कि एंटरटेनमेंट सेक्टर में किंग बनने के लिए लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बाद अब उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और वाल्ट डिज्नी के बीच मर्जर को लेकर सौदा हो गया है। एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले से जुड़े लोगों का का कहना है। कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने भारत में अपने मीडिया संचालन को मर्ज करने के लिए एक  समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मर्जर के बाद बनी मीडिया ईकाई में रिलायंस और उसके सहयोगियों की कम से कम 61 फीसदी हिस्सेदारी होने की उम्मीद है, जबकि बाकी वाल्ट डिज्नी के पास होगी। ले‎किन रिलायंस और डिज्नी के मर्जर सौदे पर हस्ताक्षर को लेकर अभी तक दोनों कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन अगर यह दोनों बड़ी कंपनियों के बीच हो रहा ये मर्जर सफल होता है, तो फिर रिलायंस और डिज्नी मिलकर भारतीय मीडिया इंडस्ट्री में बड़े प्लेयर की भूमिका में होंगे। रिपोर्ट में बताया गया है, कि इस मर्जर के तहत 61 फीसदी हिस्सेदारी के लिए रिलायंस 1.5 अरब डॉलर का ‎‎निवेश करेगी।


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Mon, 26 Feb 2024 17:17:28 +0530 Newsdesk