City Today & : देश https://citytoday.co.in/rss/category/India City Today & : देश en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED पीएम मोदी का आज रात 8.30 बजे देश के नाम संबोधन, ‘नारी शक्ति बिल’ गिरने पर कर सकते हैं चर्चा https://citytoday.co.in/5566 https://citytoday.co.in/5566 नई दिल्ली
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। उनका ये संबोधन ऐसे समय हो रहा है, जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया है। लोकसभा में दो तिहाई बहुमत न हो पाने की वजह से एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं करवा पाई है। पिछले 12 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मोदी सरकार का कोई बिल वोटिंग के बाद संसद में गिर गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस बिल को लेकर ही देश को संबोधित कर सकते हैं।

विपक्ष ने जमकर किया था विरोध
बता दें कि एक दिन पहले ही लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बाद महिला आरक्षण को लेकर लाया गया बिल गिर गया था। तब विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इस बिल का विरोध किया था। इस दौरान संसद में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के दौरान परिसीमन का खेल खेलना चाहती है। इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

पीएम मोदी ने की थी ये खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर वोटिंग से पहले ट्वीट पर एक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।

सरकार ने किया था ये अनुरोध.
शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इसके चलते संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलने का इंतज़ार अभी जारी है। इस बिल का उद्देश्य था कि साल 2029 से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए और लोकसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाए। लेकिन इस प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया। वोटिंग के दौरान कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से 298 सदस्यों ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सदस्यों ने इसका विरोध किया। संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जिसके लिए कम से कम 352 वोट चाहिए थे, जो इस बिल को नहीं मिल सके। बिल पास न होने के बाद सरकार ने ओम बिरला से यह भी अनुरोध किया कि वे दो अन्य प्रस्तावित कानूनों पर फिलहाल आगे कार्रवाई न करें।

देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम पर
प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं, अपील करता हूं। कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।

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Sat, 18 Apr 2026 18:40:11 +0530 news desk MPcg
पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना विमान की हार्ड लैंडिंग, गियर फेल होने से रनवे हुआ बंद https://citytoday.co.in/5565 https://citytoday.co.in/5565 पुणे 

 देर रात भारतीय वायुसेना (IAF) के एक लड़ाकू विमान से जुड़ी घटना के बाद पुणे हवाई अड्डे का रनवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि घटना के करीब 11 घंटे बाद पुणे हवाई अड्डे का रनवे अब बहाल कर दिया गया है और परिचालन के लिए चालू घोषित कर दिया गया है।

क्या हुआ था?
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रात करीब 10:25 बजे हुई। लैंडिंग के दौरान एक लड़ाकू विमान का लैंडिंग गियर फेल हो गया, जिसकी वजह से विमान रनवे पर ही रुक गया और रनवे ब्लॉक हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी।

IAF की पुष्टि
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पुणे का रनवे वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है। चालक दल (एयरक्रू) सुरक्षित है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

उड़ानों पर असर और यात्रियों की परेशानी
इस घटना के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पुणे आने वाली कम से कम आठ उड़ानों को सूरत, गोवा, नवी मुंबई, चेन्नई और कोयंबटूर सहित अन्य हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया। पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अधिकारियों ने पहले बताया कि इस घटना के कारण इंडिगो, एअर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और एअर इंडिया एक्सप्रेस समेत विभिन्न विमानन कंपनियों की कुल 91 उड़ानें प्रभावित हुईं।

अब सब ठीक
अब परिचालन फिर से शुरू हो गया है। वायुसेना ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पुणे हवाईअड्डे का रनवे, जो भारतीय वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण अस्थायी रूप से अनुपलब्ध था, अब बहाल कर दिया गया है और परिचालन के लिए चालू घोषित कर दिया गया है। सभी आवश्यक सुरक्षा जांच और मंजूरियां पूरी कर ली गई हैं। उड़ान संचालन चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू किया जा रहा है।'

केंद्रीय मंत्री का बयान
इससे पहले नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और रनवे के अस्थायी निलंबन की पुष्टि की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा- राहत की बात यह है कि एयरक्रू सुरक्षित हैं और नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी एयरलाइंस को इसकी सूचना दे दी गई है, और रनवे को सामान्य रूप से चालू करने में लगभग 5 घंटे का समय लग सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मैं जल्द से जल्द स्थिति को सुलझाने के लिए एयरपोर्ट निदेशक और वायुसेना के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।

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Sat, 18 Apr 2026 18:24:30 +0530 news desk MPcg
प्रवासी मजदूरों को 5 किलो FTL एलपीजी सिलेंडर: प्रशासन के सख्त निर्देश, पारदर्शी वितरण पर जोर https://citytoday.co.in/5562 https://citytoday.co.in/5562 मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर वितरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र श्रमिकों तक इस योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
निर्देशों के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सुविधा केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से उन श्रमिकों को राहत देने के लिए है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं।

पहचान और पंजीयन जरूरी

लाभार्थियों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी, उनकी सहमति से, ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर ही गैस कनेक्शन और रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

स्टॉक पर कड़ी निगरानी

एलपीजी वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय और शेष सिलेंडरों का नियमित रिकॉर्ड संधारित करें। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के दुरुपयोग या अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और वितरकों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक यह सुविधा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

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Sat, 18 Apr 2026 16:46:52 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल&डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से अधिक छापे https://citytoday.co.in/5561 https://citytoday.co.in/5561 पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से अधिक छापे

योगी सरकार की सख्ती से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य

एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज

22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई

सरकार की जनता से पैनिक बाइंग न करने की अपील

14 मार्च के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसके तहत 12 मार्च से अब तक 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए। इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।

सरकार के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से लगातार उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। 12 से 16 अप्रैल के बीच प्रतिदिन हजारों किलोलीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें।

एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों जैसे होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध आवंटन किया जा रहा है।

योगी सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को भी तेजी दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विभिन्न विभागों से 117 से अधिक अनुमतियां जारी की जा चुकी हैं। 14 मार्च 2026 के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 16.09 लाख से अधिक हो गई है।

सप्लाई व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, वहीं जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो।

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Sat, 18 Apr 2026 16:30:25 +0530 news desk MPcg
PMGSY फेज&04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार https://citytoday.co.in/5558 https://citytoday.co.in/5558 PMGSY फेज-04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया, जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) 2025-26 के तहत सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (SAGES) ऑडिटोरियम, मनेन्द्रगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

2,225 करोड़ की लागत से 774 सड़कों को मंजूरी

राज्यभर में कुल 774 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 2,426.875 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं के लिए 2,225.44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई दिशा मिलेगी।

एमसीबी जिले को 56 सड़कों का बड़ा तोहफा

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लिए यह योजना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। जिले में 56 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिन पर 23,667.83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई 264.63 किलोमीटर होगी, जिससे सुदूर गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

विकासखंडवार सड़कों का विवरण

भरतपुर: 1 सड़क (2.00 किमी) – 180 लाख रुपये
मनेन्द्रगढ़: 32 सड़कें (144.57 किमी) – 13,013.88 लाख रुपये
खड़गवां: 23 सड़कें (118.06 किमी) – 10,473.95 लाख रुपये

गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री का संदेश: “सड़क ही गांवों के विकास की रीढ़”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के दूरदराज गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “भारत गांवों का देश है और विकास की असली नींव गांवों में ही है। बिना सड़क के विकास की कल्पना अधूरी है।”
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजना को नई गति मिलने की बात भी कही।

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Sat, 18 Apr 2026 16:00:37 +0530 news desk MPcg
विपक्षी नेताओं को देश की महिलाओं से कोई मतलब नहीं : सीएम रेखा गुप्ता https://citytoday.co.in/5555 https://citytoday.co.in/5555 महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा

रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया। इन लोगों ने तय कर रखा था कि किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे।

विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा, कभी जाति के आधार पर आरक्षण की बात, कभी धर्म के आधार पर, तो कभी सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी 543 सीटों की बात की गई, कभी 850 सीटों की, कभी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को मुद्दा बनाया गया। लेकिन सच्चाई यही है कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाएं, सदन तक पहुंचें।

इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं

सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं। अखिलेश यादव को डिंपल यादव और राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही नजर आती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी राजनीति की।

1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी

सीटों की संख्या को लेकर उन्होंने 1971 का उदाहरण देते हुए कहा, “1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी। आज आबादी 140 करोड़ हो चुकी है, तो क्या सीटें नहीं बढ़नी चाहिए?” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपने क्षेत्रों में ‘राजा’ बनकर बैठे हैं और नहीं चाहते कि सीटें बढ़ें, क्योंकि इससे नए प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं को मौका मिल सकता है।

महिला विरोधी चेहरा

रेखा गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 से 50 प्रतिशत तक है, लेकिन भारत में महिलाओं को आगे आने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे ‘महिला विरोधी चेहरा’ बताया।

हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया

उन्होंने चेतावनी दी कि जब विपक्षी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे सवाल करेंगी कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन क्यों नहीं किया। हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। हम महिलाएं अपना हक लेकर रहेंगी

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Sat, 18 Apr 2026 13:19:19 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण बिल गिरने पर BJP का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, संसद के बाद अब सड़कों पर https://citytoday.co.in/5552 https://citytoday.co.in/5552 नई दिल्ली

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका, जिससे केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा। बिल को पारित करने के लिए जरूरी बहुमत से यह 54 वोट पीछे रह गया। कुल 352 सदस्यों की मौजूदगी में 230 वोट इसके खिलाफ पड़े, जिसके चलते विधेयक गिर गया। सरकार ने इस पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे “महिला विरोधी रुख” करार दिया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका. ऐसे में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल की हार के विरोध में बाद बीजेपी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है। 

बीजेपी महिला सांसदों ने शुक्रवार को मकर द्वार पर 'कांग्रेस पार्टी हाय-हाय के नारे' लगाए. वहीं, अब बीजेपी शनिवार 18 अप्रैल से देशभर में कई प्रदर्शन आयोजित करेगी. इन प्रदर्शनों में एनडीए के सहयोगी दल भी हिस्सा लेंगे। 

बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े। 

संसद के निचले सदन में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पास नहीं हो पाया। बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े। पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। विपक्षी दल इसे मोदी सरकार की हार के तौर पर देख रही है।

वहीं, इस बिल के सदन में पारित न होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा,"देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?"

उन्होंने आगे लिखा,"विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे? कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते।"

सोशल मीडिया से भड़के जेपी नड्डा
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बिल के पारित न होने पर निराशा जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, TMC, DMK, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दिखाता है। 

जेपी नड्डा ने दावा किया कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'ये आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है. 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी. याद रखिए, शक्ति का ये क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है। 

अमिता शाह ने विपक्ष को चेताया
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि शुक्रवार को लोकसभा में बहुत अजीब मंजर दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है। 

अमित शाह ने लिखा, 'मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की ये बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा। 

देवेंद्र फडणवीस ने भी पोस्ट में लिखा, 'पूरे देश ने विपक्ष का पाखंड देखा. उनके पास हमारी ना रीशक्ति के साथ खड़े होने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन वो इसमें असफल रहे. उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और नारों तक ही सीमित है. उन्होंने प्रगति की जगह राजनीति को चुना. नारी शक्ति वंदन विधेयक के प्रति उनके विरोध ने ये उजागर कर दिया है कि वो वाकई में किसके हितों की सेवा करते हैं. भारत की महिलाएं देख रही हैं और वो इसे नहीं भूलेंगी। 

नितिन नवीन ने क्या कहा?
वहीं, इस बिल के पारित न होने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन दलों ने ’’महिला विरोधी रुख’’ अपनाया और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।

संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में नवीन ने कहा कि यह दिन ’’सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था’’ लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों के ’’घोर विश्वासघात’’ ने सब बेकार कर दिया। उन्होंने कहा,"कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी तथा उनकी टीम के नेतृत्व वाले उसके महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है।"

नवीन ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की अधिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हो सकता था, लेकिन समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित विपक्षी दलों ने महिलाओं को उनके ’’उचित अधिकारों एवं हिस्सेदारी’’ से वंचित कर दिया।

उन्होंने कहा, ’’इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस गठबंधन का महिला विरोधी चरित्र पूरी तरह से उजागर हो गया है।’’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी और प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह ’’श्रेय की लड़ाई नहीं’’ बल्कि महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने की लड़ाई है।

लोकतंत्र के लिए 'काला दिन’: शिवराज सिंह चौहान
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर हमला करते हुए 17 अप्रैल को देश की महिलाओं और लोकतंत्र के लिए ’’काला दिन’’ करार दिया।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देने से संबंधित इस विधेयक को न सिर्फ खारिज किया गया, बल्कि चौंकाने वाली बात यह है कि इस पर जीत के नारे लगाकर जश्न मनाया गया। उन्होंने कहा कि इस ’’विश्वासघात’’ की राजनीतिक कीमत न सिर्फ 2029 के लोकसभा चुनाव में, बल्कि पूरे भारत में हर चुनाव में चुकानी पड़ेगी।

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Sat, 18 Apr 2026 13:00:32 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण के बाद 6 राज्यों में 400 से अधिक सीटें, लोकसभा चुनाव की तस्वीर होगी पूरी https://citytoday.co.in/5549 https://citytoday.co.in/5549 नई दिल्ली

महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू करने की तैयारी है। इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों में 50 फीसदी का इजाफा किया जा रहा है। अब तक 543 सांसद देश के लिए नीतियां बनाते थे और अब इनकी संख्या 816 हो जाएगी। फिर भी उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल जैसे राज्य पहले की तरह ही ताकतवर होंगे और उनके सांसदों की संख्या का अनुपात वैसा ही रहेगा। हालांकि अब कुल सीटों का ही नंबर बढ़ जाने के चलते देश के 6 राज्यों में ही इतनी सीटें होंगी कि आंकड़ा 400 पार पहुंच जाएगा।

इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में फिलहाल 80 सांसद हैं और अब यहां से 120 सांसद चुनकर दिल्ली जाएंगे। इसी तरह बंगाल का आंकड़ा 42 से बढ़कर 63 होगा तो वहीं महाराष्ट्र में 48 की बजाय 72 सांसद चुने जाएंगे। बिहार से 40 के स्थान पर 60 लोकसभा एमपी होंगे तो वहीं मध्य प्रदेश का आंकड़ा 29 से बढ़कर 44 हो जाएगा। इस तरह इन 6 राज्यों की ही सीटों को मिला लें तो आंकड़ा 418 का होता है। ऐसे में केंद्र सरकार किस दल या गठबंधन की होगी, यह तय करने में इन 6 राज्यों का महत्वपूर्ण रोल होगा।

अब भी राजनीतिक जुमले के तौर पर कहा जाता है कि लखनऊ से ही दिल्ली का रास्ता तय होता है। इस स्थिति में कोई बदलाव अब भी नहीं होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्य भी पहले की तरह ही ताकतवर बने रहेंगे। इस दौरान सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि साउथ इंडिया के राज्यों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। खुद होम मिनिस्टर अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि 28 सीटों वाले कर्नाटक में अब 42 सांसद चुने जाएंगे। इसके आंध्र प्रदेश की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी और केरल में 20 की बजाय 30 सांसद रहेंगे।

एक तिहाई सीटें पर कैसे लागू होगा महिलाओं का आरक्षण

बता दें कि महिला आरक्षण लागू होते ही सभी राज्यों की एक तिहाई सीटों से महिलाएं ही चुनी जाएंगी। इस तरह यूपी में 120 में से 40 सांसद महिला होंगी। इसके अलावा बिहार में यह आंकड़ा 20 का होगा। इस आरक्षण को रोटेशन के तहत लागू करने की तैयारी है। वहीं एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को उस वर्ग की तय सीटों में से ही 33 फीसदी की हिस्सेदारी दी जाएगी। हालांकि विपक्ष का कहना है कि मुस्लिम और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए भी कुछ प्रावधान किया जाए।

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Fri, 17 Apr 2026 18:54:12 +0530 news desk MPcg
आज 5 लाख करोड़ की कमाई, बाजार में शानदार तेजी, ये शेयर रहे सबसे आगे https://citytoday.co.in/5547 https://citytoday.co.in/5547 मुंबई 

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी द‍िन भी शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्‍स दबाव में खुले थे, लेकिन दोपहर बाद इनमें अच्‍छी तेजी आई और मार्केट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बढ़ा दिया. सेंसेक्‍स 504.86 अंक या 0.65% चढ़कर 78,493.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65% चढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। 

बीएसई के 5 शेयरों को छोड़कर बाकी टॉप 25 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. सबसे ज्‍यादा तेजी HUL में करीब 4.75 फीसदी की रही. इसके बाद पावरग्रिड, रिलायंस और बीईएल के शेयरों में भी करीब 2 फीसदी तक उछाल आई. सनफार्मा और महिंद्रा के शेयरों में 1 फीसदी तक की कमी आई। 

सेक्‍टर की बात करें तो आईटी और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर में तेजी रही. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में शानदार तेजी रही. विप्रो के शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट के कारण आईटी सेक्‍टर 0.22 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, ओभरऑल मार्केट में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली। 

5 लाख करोड़ रुपये की कमाई
इसी कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में उछाल भी देखने को मिला. निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्‍योंकि बीएसई मार्केट कैप 460.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 465.59 लाख करोड़ रुपये हो गया। 

क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? 

    इजरायल-लेबलान के बीच सीजफायर का ऐलान होने और ईरान अमेरिका के बीच बातचीत की चीजें आगे बढ़ने के कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है.

    तनाव कम होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट देखने को मिली और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है. जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया है. 

    विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी फिर से बढ़ रही है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 382.36 करोड़ रुपये का निवेश किया है. 

    रुपये में भी तेजी देखने को मिली है. डॉलर की तुलना में रुपया 28 पैसा चढ़कर 92.86  मार्क पर पहुंच गया. रुपये की इस तेजी ने मार्केट को सपोर्ट दिया. 

तेजी से भागे ये शेयर 
अपोलो माइक्रो सिस्‍टम के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी आई. इसके साथ ही नावा में 12 फीसदी, MMTC में 10 फीसदी, एंजेल वन में 10 फीसदी और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली. इसके साथ ही एवेन्‍यू सूपरमार्ट में 4 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी और कोचिन शपिर्याड में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई। 

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Fri, 17 Apr 2026 18:11:04 +0530 news desk MPcg
तीसरी बार उपसभापति बने हरिवंश, पीएम मोदी बोले— अनुभव और संतुलन पर सदन को भरोसा https://citytoday.co.in/5545 https://citytoday.co.in/5545 नई दिल्ली। राज्यसभा में लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर हरिवंश नारायण सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और उनकी कार्यशैली, अनुभव व संतुलन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चयन इस बात का प्रमाण है कि सदन को उन पर गहरा विश्वास है।

शुक्रवार को संसद के विशेष सत्र में संबोधन देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश के अनुभव से राज्यसभा को लगातार लाभ मिला है। उन्होंने सभी दलों को साथ लेकर चलने की उनकी कोशिशों को सराहा और कहा कि सदन ने उनकी कार्यशैली पर अपनी मुहर लगा दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश केवल सदन का संचालन ही नहीं करते, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों से कार्यवाही को और समृद्ध बनाते हैं। उनके नेतृत्व में राज्यसभा की कार्यवाही अधिक प्रभावी और परिपक्व हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका नया कार्यकाल भी समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा।

इस दौरान पीएम मोदी ने एक खास संयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती है, जिनसे हरिवंश का गहरा जुड़ाव रहा है। ऐसे में इसी दिन उनका तीसरी बार इस पद पर चुना जाना विशेष महत्व रखता है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर

पीएम मोदी ने हरिवंश की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जन्म जयप्रकाश नारायण के गांव में हुआ था, जिससे उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा मिली। काशी में हुई शिक्षा ने उनके व्यक्तित्व को नई दिशा दी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2018 में उपसभापति बनने के बाद हरिवंश ने देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 350 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।

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Fri, 17 Apr 2026 15:54:36 +0530 news desk MPcg
8वें वेतन आयोग में न्यूनतम ₹69,000 सैलरी, छुट्टी के बदले मिलेगा पैसा, 3x DA और अन्य लाभ https://citytoday.co.in/5542 https://citytoday.co.in/5542 नई दिल्ली

 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बड़ी हलचल है और अब इस दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (National Council– Joint Consultative Machinery (NC-JCM) ने अपना विस्तृत मेमोरेंडम सरकार और वेतन आयोग को सौंप दिया है, जिसमें सैलरी, भत्तों, छुट्टियों और पे स्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े बदलावों की मांग की गई है। अगर ये मांगें लागू होती हैं, तो कर्मचारियों की आय और सुविधाओं में बड़ा इजाफा हो सकता है।

न्यूनतम वेतन ₹69,000 और ग्रेच्युटी में ढील
सबसे बड़ी और चर्चा में रहने वाली डिमांड है, न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करने की। इसके साथ ही हर साल 6% की वृद्धि और प्रमोशन के समय कम से कम ₹10,000 की बढ़ोतरी की मांग भी शामिल है। संगठन ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों को 30 दिन का न्यूनतम बोनस गारंटी के साथ दिया जाए और ग्रेच्युटी के नियमों में भी ढील दी जाए।

छुट्टियों को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। मैटरनिटी लीव को 240 दिन करने, पैटरनिटी लीव 45 दिन करने औरअर्न्ड लीव (EL) को बिना सीमा के जमा करने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, 600 दिन तक लीव इनकैशमेंट और 20 साल की सेवा के बाद 50% इनकैशमेंट की सुविधा देने की बात भी कही गई है। महिलाओं के लिए विशेष मेडिकल लीव और 60 दिन का पैरेंट केयर लीव भी प्रस्ताव में शामिल है।

बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस (CEA) को ₹10,000 प्रति माह प्रति बच्चे करने और इसे पोस्ट ग्रेजुएशन तक लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा हॉस्टल सब्सिडी को ₹35,000 प्रति माह तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है, जिससे कर्मचारियों पर शिक्षा का खर्च कम हो सके।

भत्तों (Allowances) में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। NC-JCM चाहता है कि सभी भत्तों को तीन गुना किया जाए और उन्हें महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ा जाए। इसके अलावा रिस्क अलाउंस ₹10,000 प्रति माह, नाइट ड्यूटी अलाउंस बेसिक सैलरी के आधार पर और सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस अलाउंस की मांग भी की गई है।

फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने की डिमांड भी अहम है, क्योंकि इसी के आधार पर नई सैलरी तय होती है। साथ ही पे लेवल्स को मर्ज और अपग्रेड करने का सुझाव दिया गया है, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर को आसान और संतुलित बनाया जा सके।

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Fri, 17 Apr 2026 13:17:14 +0530 news desk MPcg
संसद में महा&बहस के दौरान आधी रात को महिला आरक्षण कानून 2023 लागू, नोटिफिकेशन जारी https://citytoday.co.in/5540 https://citytoday.co.in/5540 नई दिल्ली

सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया।  सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस पर दिनभर चर्चा होगी और शाम में करीब 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। वहीं कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए, निम्नलिखित विधेयक लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किए जाएंगे।

    संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक
     2026 और परिसीमन विधेयक, 2026।

गुरुवार की देर रात तक बहस चली
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में बहस चली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में बहस जारी है और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को 16 अप्रैल बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है।  

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया है? 

मौजूदा लोकसभा में नहीं होगा लागू
एक सरकारी अधिकारी ने इसे ‘तकनीकी कारणों' से जुड़ा मामला बताया, लेकिन इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून के लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता. अधिकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। 

'सरकार श्रेय लेना नहीं चाहती'
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे सदन में वोटिंग होगी. संसद में महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर चल रही चर्चा को लेकर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इसका समर्थन करने की अपील की है. इसके बाद किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं है। 

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में फैल रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर किया है. इसके बावजूद अगर कोई विरोध करता है तो वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सरकार इसका श्रेय लेना नहीं चाहती। 

विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन की अपील की गई। 

महिला आरक्षण पर ये बोले पीएम मोदी 
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जोरदार बहस हुई थी. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा, 'चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया, उसका हाल बुरा हुआ है. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। 

प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, महिला आरक्षण पर मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है. सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। 

प्रियंका ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया. आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी. हम डटकर खड़े हैं। 

क्या कहता है सरकार का नोटिफिकेशन
कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, 'संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है, जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। 

गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है. यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान करता है। 

हालांकि, 2023 के कानून के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा होने के कारण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार ने इसी उद्देश्य से पेश किया है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू किया जा सके। 

क्या है महिला आरक्षण कानून
अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार  16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है।

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Fri, 17 Apr 2026 13:00:15 +0530 news desk MPcg
डिलिमिटेशन पर तीखा वार& महिलाओं को भ्रम में रख रही सरकार: प्रियंका https://citytoday.co.in/5538 https://citytoday.co.in/5538  नई दिल्ली

कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में आज महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए दो टूक कहा कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करती हैं लेकिन उसके बहाने किए जा रहे डिलिमिटेशन का विरोध करती हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया का केंद्र सरकार द्वारा एक बहकावे की कार्रवाई बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहकाने का आरोप लगाया और उन पर तंज कसते हुए कहा कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं, और ये कोई भी महिला आपको बता देगी।

प्रियंका गांधी ने तीनों विधेयकों की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री जी इसलिए घबरा रहे हैं कि अगर नई जनगणना होगी तो ओबीसी के असली आंकड़े सामने आ जाएंगे, फिर उसके अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा। इसलिए जल्दबाजी में ये संशोधन बिल लाकर और 2011 की जनगणना को आधार बनाकर प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं । उन्होंने कहा कि यही वजह कि वह तीनों विधेयकों का सख्त विरोध करती हैं।

ऊपर-ऊपर से ड्राफ्ट में कोई समस्या नहीं
प्रियंका गांधी ने कहा कि ऊपर-ऊपर से इस ड्राफ्ट में कोई समस्या नहीं है, लेकिन असल बात परिसीमन है और यह प्रतिनिधित्व का मुद्दा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि 2023 में जब मोदी सरकार ने यह बिल संसद में पेश किया था, तब हमने उसका समर्थन किया था। आज भी उस बिल में हमें कोई शक नहीं है। लेकिन मौजूदा संशोधन बिल का कांग्रेस समर्थन नहीं करेगी। हम इसके खिलाफ डटकर खड़े हैं।

अब लोकतंत्र पर खुला वार होने जा रहा है
प्रियंका गांधी ने कहा, अब लोकतंत्र पर खुला वार होने जा रहा है, अगर यह विधेयक पारित होता है तो समझ लीजिए कि इस देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही कह रहे हों कि इसमें कोई राजनीतिक लाभ की बात जुड़ी नहीं है लेकिन बिल की गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है। 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है। उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। प्रियंका ने पूछा कि आखिर आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है?

पीएम किस बात से घबरा रहे हैं?
उन्होंने कहा, "आज पीएम महोदय ने भले हल्के में बोल दिया कि इस वर्ग, उस वर्ग को बाद में देख लेंगे। कौन सा वर्ग पिछड़ा वर्ग। हम इनकी मांग कर रहे हैं इन्हें अपना हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं। इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है? अमित शाह पर भी तंज कसते हुए प्रियंका ने कहा कि अगर चाणक्य होते तो शर्मसार होते।

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Thu, 16 Apr 2026 19:58:39 +0530 news desk MPcg
जनजातीय विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5535 https://citytoday.co.in/5535 भोपाल

जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल की उपलब्धता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश में सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए किए गए कई नवाचार
जनजातीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा, पशुपालन जैसी गतिविधियों का किया जा रहा है विस्तार
शहडोल, सीधी जैसे क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से जनजातीय समुदाय के युवा वर्ग के लिए खुले रोजगार के द्वार
राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला का किया शुभारंभराज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय विकास की शक्ति का वंचितों, गरीबों की भक्ति के भाव के साथ उपयोग करें। संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ किए गए कार्य ईश्वर की कृपा के भागी होते हैं। उन्होंने प्रदेश की 21 प्रतिशत आबादी के जनजातीय समुदाय के विकास के कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति के लिए कार्यशाला आयोजन की पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार ज्ञापित किया। बजट में जनजातीय विकास के लिए आवंटित राशि की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के आयोजन की मंशा है कि आगे और अधिक बेहतर किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन अकादमी में दीप प्रज्वलित कर तथा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विकास मंत्री कुंवर विजय शाह उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय विकास का स्वर्ण काल कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय विकास की अभूतपूर्व योजनाएं, प्रधानमंत्री जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान आदि के अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। इनके लिए पर्याप्त बजट का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकता जनजातीय समुदाय के लिए अच्छा काम करने के मनोभाव और संवेदना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकासखंड, तहसील वार मूलभूत सुविधाओं का मानचित्र तैयार किया जाना चाहिए। मानचित्र में आबादी में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि मूलभूत जरूरतों की उपलब्धता को अंकित किया जाना चाहिए। उसी के अनुसार जनजातीय विकास का रोड मैप तैयार किया जाना चाहिए।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि निर्धारित राशि के कार्यों के लिए वर्क आर्डर भी समय से जारी किए जाने चाहिए। जिससे राशि का समय-सीमा में उपयोग हो जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का समय सीमा में उपयोग बड़ी जवाबदारी है। जरूरी है कि विकास के विभिन्न कार्यों की डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता के संबंध में व्यापक चिंतन और मैदानी भ्रमण के अनुभवों के आधार पर योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मुख्य मंत्रित्व काल में मंत्री के रुप में कार्य के अनुभव का स्मरण करते हुए कहा कि योजनाओं का निर्माण व्यापक मैदानी भ्रमण के अनुभवों के आधार पर किया जाना चाहिए। इससे क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों, कठिनाईयों की अग्रिम जानकारी हो जाती है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए हितग्राहियों के साथ परस्पर और आत्मीय संबंधों के द्वारा समझने की जरूरत पर बल दिया। स्कूल ड्रॉप आउट की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि ड्राप आउट के कारणों को विभिन्न आयाम हो सकते है। पालकों के अशिक्षित होने से शिक्षा के महत्व का ज्ञान नहीं होना। पढ़ाई में बच्चे, बच्ची का कमजोर होना, विद्यालय का घर से दूर होना, रास्ता दुर्गम होना, विद्यालय में शौचालय का अभाव आदि, आवश्यकता ऐसे कारणों को समझ कर योजना बनाने की है। उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए बधाई दी।             

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए गतिविधियां जारी हैं। मध्यप्रदेश को राज्यपाल श्री पटेल के मार्गदर्शन में जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है। जनजातीय समाज को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके समग्र विकास के लिए राज्यपाल श्री पटेल द्वारा गुजरात में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री पटेल की जनजातीय समुदाय से आत्मीयता और उनकी परेशानियों को समझने की संवेदनशीलता अद्भुत है। इससे जमीनी स्तर पर प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जनजातीय कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ी है। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल की उपलब्धता और अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को जनजातियों का घर कहा जाता है। राज्य की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी जनजातीय भाई-बहनों की है। इस तरह की कार्यशाला प्रदेश की 21 फीसदी से अधिक आबादी के भाग्य और भविष्य की नई रूपरेखा बनाने का प्लेटफार्म है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला के निष्कर्ष जनजातीय कल्याण और विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, बजट के अधिकतम उपयोग, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सहायक होंगे। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ग्राम सभा आधारित विकास और आजीविका, अधोसंरचना, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, उद्यमिता, वन और आयुष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजातीय भाई-बहनों के लिए बेहतर जीवन का खाका खींचा जा सकेगा।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1974-75 में पांचवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान जनजातीय उप योजना को शुरू किया गया था। जनजातीय आबादी की सामाजिक-आर्थि‍क विकास में तेजी लाना और उनके जीवन स्तर को सामान्य आबादी के बराबर लाना इसका उद्देश्य था। मध्यप्रदेश जनजातीय कल्याण में अव्वल है, हम इस क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 में जनजातीय उप योजना के अंतर्गत 40 हजार 207 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया, जिसके विरूद्ध 33 हजार 49 करोड़ रूपए से अधिक का व्यय किया गया, जो जनजातीय उप योजना का 82 प्रतिशत से भी अधिक था। वर्ष 2024-25 में 41 हज़ार 733 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान के विरुद्ध 35 हजार 537 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया गया जो टीएसपी व्यय का 85.15 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में 47 हज़ार 648 करोड़ रुपये के प्रावधान के विरुद्ध 37 हज़ार 349 करोड़ 63 लाख रुपये व्यय किया गया जो टीएसपी व्यय का 78.39 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर गतिशील है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला के निष्कर्ष प्रदेश के जनजातीय विकास की दिशा को अधिक मजबूत बनाने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का भौगोलिक विस्तार बहुत अधिक है, साथ ही प्रदेश में सांस्कृतिक विविधता भी पर्याप्त है। प्रदेश के सभी समुदायों के आत्मीय संबंध विकसित हों, इस‍ दिशा में भी राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन में निकलने वाली बाबा महाकाल की भव्य सवारी में प्रदेश के जनजातीय जिलों के जनजातीय भाई-बहन अपने वाद्य यंत्रों के साथ पूरे उत्साह और उमंग से शामिल हुए तथा उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन का पुण्य भी प्राप्त किया। यह प्रयास सामाजिक समरसता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इसी क्रम में जनजातीय क्षेत्रों में होने वाले श्रीअन्न अर्थात् मोटे अनाज को भी बाबा महाकाल के प्रसाद के रूप् में शामिल किया गया है। बाबा महाकाल के प्रसाद में शामिल किए गए रागी के लड्डुओं की बिक्री में दो वर्ष में रिकार्ड कायम किया है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के श्रीअन्न को प्रोत्साहन देने की मंशा की पूर्ति भी है। इससे जनजातीय भाई-बहनों की उपज को बाजार तक पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। रागी के लड्डु का बाबा महाकाल का प्रसाद देश-दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी का उपार्जन भी किया जा रहा है। जनजातीय भाई-बहनों की आय बढ़ाने के लिए होम-स्टे जैसे नवाचार भी किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के बजट के परस्पर उपयोग से जनजातीय विकास और कल्याण की गतिविधियों के दायरे का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका जनजातीय बसाहटों में विस्तार हमारी प्राथमिकता है। वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी आदि क्षेत्रों में जनजातीय भाई-बहनों को जोड़ा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों की स्थापना भी की जा रही है। खरगोन में टंट्या मामा और गुना में तात्या टोपे के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। जनजाती़य क्षेत्रों में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना के उद्देश्य से शहडोल, सीधी आदि में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे इन क्षेत्रों में आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में इस प्रकार के नवाचार निरंतर जारी रहेंगे।

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय उप योजना कार्यशाला में योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आ रही वास्तविक कठिनाईयों और उनके निराकरण पर चर्चा से मैदानी स्तर पर लाभ होगा। जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के अनुभव से हमें योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। भारतीय सरकार की जनजातीय कार्य निदेशालय की उप महानिदेशक श्रीमती अंशु सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक जनजातीय आबादी निवासरत है। केन्द्र सरकार जनजातीय विकास और कल्याण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है। इसकी प्रभावशीलता का आंकलन भी कार्यशाला का उद्देश्य है। सामाजिक कार्यकर्ता श्री श्रीकांत विजयवर्गीय ने कहा कि जनजातीय संस्कृति, परम्परा, भाषा, जीवनशैली का संरक्षण करते हुए जनजातीय विकास सुनिश्चित करना जनजातीय उप योजना का उद्देश्य है। उन्होंने उप योजना के क्रियान्वयन में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों और संस्थाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। श्री विजयवर्गीय ने जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में ठक्कर बप्पा और बाला साहेब देशपांडे के योगदान का भी उल्लेख किया।

जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा ने कहा कि जनजातीय उप योजना अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधोसंरचना विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, भू एवं वन अधिकार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही जनजातीय वर्ग को शोषण से मुक्त करने के लिए उप योजना लागू की गई है। जनजातीय वर्ग के लिए 478 सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय उप योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। कार्यशाला में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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Thu, 16 Apr 2026 19:21:23 +0530 news desk MPcg
परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, ये मेरी गारंटी&मेरा वादा…’, लोकसभा में बोले पीएम मोदी https://citytoday.co.in/5534 https://citytoday.co.in/5534 नई दिल्ली

संसद का विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया. बिल पेश होते सदन में हंगामा मच गया. सुबह से दोपहर तक की कार्रवाई में विपक्ष के कई नेताओं ने परिसीमन बिल पर विरोध जताया. अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिला आरक्षण पर साथ हैं, लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ. वहीं इससे पहले उनकी मुस्लिम महिलाओं के लिए सवाल पर अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है। 

दोपहर बाद पीएम मोदी ने भी परिसीमन बिल पर अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि, महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है. उसका हाल बुरे से बुरा किया है. कभी माफी नहीं मिली. पीएम मोदी ने कहा कि मैं वादा और गारंटी देता हूं कि इस बिल में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, अनुपात भी नहीं बदलेगा। 

मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि- कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं। 

 हम भ्रम में न रहें- पीएम मोदी
हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं मैं कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है। 

हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया. लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे.सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। 

मेरी ओर से वादा भी-गारंटी भी- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले- अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा किअगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है। 

समय की मांग हम इसमें अब देर न करें- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा- पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो. तब हमारे पास समय नहीं था. अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं. इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा विलंब न करें. इस दौरान संविधान के जानकार लोगों से चचा्र की, सारा मंथन करते करते. यह सामने आया कि कुछ रास्ता निकालना होगा तब हम माता बहनों की शक्ति को जोड़ सकते हैं। 

निर्णय नहीं हमारी नीयत भी देखेगी नारी- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले-  मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. मैंने पहले भी कहा कि आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। 

 जिनको राजनीति की बू आ रही वो… पीएम मोदी ने विपक्ष को चेताया
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाया. उन्होंने कहा- 'हमारे देश में जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया है उसका हाल बुरा हुआ है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि किसी ने विरोध नहीं किया. आज भी मैं कहता हूं कि हम साथ जाते हैं तो इतिहास गवाह है कि ये किसी एक के पक्ष में नहीं जाएगा, ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा. हम सब उसके हकदार रहेंगे. इसलिए जिन को इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. इसलिए इसे राजनैतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। 

 महिलाएं अब निर्णय प्रक्रिया में जुड़ने को तैयार हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले- जब मैं संगठन का एक कार्यकर्ता था तब चर्चा होती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, लेकिन क्योंकि उनमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है. हम सुरक्षित हैं इसलिए दे दो. इसलिए पंचायत में 50 प्रतिशत तक पहुंच गए। 

मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले जिसने विरोध किया वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया, लेकिन ग्रास रूट पर आज वहीं बहनें वोकल हैं. लाखों बहनें जो काम कर चुकी हैं वे मुखरित हैं. वे कहती हैं कि हमें निर्णय प्रकि्रया में जोड़ो. जो संसद में होती है। 

 पीएम मोदी बोले- आप सभी को मित्र के रूप में मेरी सलाह
पीएम मोदी बोले- 'मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सड़के रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी हिस्सा बने यह भी है. हम पहले ही देर कर चुके हैं. इसे सभी को स्वीकार मानना होगा. जब हम अकेले मिलते हैं, तो यह मानते हैं कि हां ये जरूरी है, लेकिन जो राजनैतिक दिशा में ही सोचते हैं मैं उनहें एक सलाह देना चाहता हूं मित्र के रूप में, जो उनके काम आएगी। 

देश की दशा-दिशा तय करने वाला बिल- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि, हमारा सौभाग्य है कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल  होने का सौभाग्य मिल रहा है. हम सभी सांसद इस अवसर को जाने न दें. हम भारतीय सब मिलकर के देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन वयवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं. इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की भी दशा दिशा तय करेगा। 

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Thu, 16 Apr 2026 19:13:31 +0530 news desk MPcg
शनि की चाल बदलेगी भाग्य, मेष समेत इन राशियों को रहना होगा सावधान https://citytoday.co.in/5531 https://citytoday.co.in/5531  ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं. इसलिए शनि का राशि या नक्षत्र बदलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. इस बार 17 अप्रैल 2026 को शनि अपनी स्थिति में बदलाव करने जा रहे हैं. दरअसल, शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे और लगभग 17 मई तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसी दिन वैशाख अमावस्या भी है, जिसे स्नान और दान के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह समय कुछ राशियों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. खासतौर पर 4 राशियों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.

मेष राशि
मेष राशि पर पहले से ही शनि साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, ऐसे में शनि की चाल में बदलाव आपको और सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. करियर में अचानक बदलाव या बाधाएं आ सकती हैं.
क्या करें: कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें और पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं.

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. नौकरी या काम में स्थिरता कम हो सकती है और परिवार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है.
क्या करें: शांत रहें, छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें और मानसिक संतुलन बनाए रखें.

तुला राशि
तुला राशि वालों के आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. काम में देरी हो सकती है और मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलेगा.
क्या करें: धैर्य रखें और लगातार प्रयास करते रहें, जल्द ही स्थिति सुधरेगी.

मकर राशि
मकर राशि के लिए शनि का यह बदलाव खर्चों में अचानक बढ़ोतरी ला सकता है. सेहत को लेकर भी थोड़ी परेशानी हो सकती है.
क्या करें: खर्चों को नियंत्रित रखें और अपनी दिनचर्या और खान-पान का खास ध्यान रखें.

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Thu, 16 Apr 2026 15:03:28 +0530 news desk MPcg
श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं, उल्लंघन पर होगी कठोरतम कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ https://citytoday.co.in/5530 https://citytoday.co.in/5530 लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों हितों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन एवं सभी वैधानिक सुविधाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है, और इसके हनन पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर के घटनाक्रम पर विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं हैं, किंतु औद्योगिक अशांति फैलाने, उपद्रव करने अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने में संलिप्त पाए जाते हैं, उनकी तत्काल पहचान सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों को बेनकाब करते हुए आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीर लगाई जाए, ताकि जनसामान्य को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। लोग यह जान सकें कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को बाधित करने की साजिश के पीछे कौन लोग हैं।
 
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों एवं दुष्प्रचार पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित पहचान कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम या अशांति की स्थिति को प्रारंभ में ही नियंत्रित किया जा सके।

मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समिति एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सभी ऐसी एजेंसियों की व्यापक एवं गहन जांच कराई जाए। जांच के दौरान श्रमिकों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, श्रमिकों को किए जा रहे वास्तविक भुगतान, ईएसआई, बीमा तथा अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी एवं निजी औद्योगिक इकाइयों में सुदृढ़ एवं सक्रिय ग्रीवांस सेल की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जहां श्रमिकों की शिकायतों का पारदर्शी, समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण मेस व्यवस्था विकसित की जाए। 

श्रमिक कल्याण को और सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री निर्माण एवं सस्ते और सुलभ आवासीय योजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण केवल राजस्व अर्जन तक सीमित न रहकर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रभावी निर्वहन करें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित किया जा रहा है, वहां बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर दुर्घटना एवं असामयिक मृत्यु जैसी परिस्थितियों के लिए सुरक्षा बीमा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा बीमा जैसी आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।

औद्योगिक वातावरण को संतुलित एवं सकारात्मक बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके। संवाद केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ स्थापित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयां सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि हाल में श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के निर्णय से श्रमिकों में संतोष है तथा उद्यमी वर्ग भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। कुछ औद्योगिक इकाइयों में प्राप्त प्रबंधन संबंधी शिकायतों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष आकलन कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़े  हुए वेतन का लाभ 01 अप्रैल से सभी श्रमिकों को मिलना चाहिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thu, 16 Apr 2026 13:38:07 +0530 news desk MPcg
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 1.89x तक हो सकता है, DA होगा 0 से रीसेट, देखें कैलकुलेशन https://citytoday.co.in/5529 https://citytoday.co.in/5529 नई दिल्ली
DA का 60% पहुंचना सिर्फ एक डेटा पॉइंट नहीं है- यह 8वें वेतन आयोग की पूरी दिशा तय करने वाला संकेत है.अब तस्वीर साफ है न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 गुना होगा, लेकिन संभावनित वास्तविक स्तर 1.89 गुना हो सकता है. बाकी फैसला करेगा- समय, महंगाई और सरकार का संतुलन। 

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) की सबसे बड़ी पहेली- फिटमेंट फैक्टर कितना होगा? अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। 

महंगाई भत्ता (DA) जब 60% के स्तर पर पहुंच गया, तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं रहा, बल्कि नई सैलरी स्ट्रक्चर का बेस बन गया है। 

यानी अब सवाल ये नहीं है कि सैलरी बढ़ेगी या नहीं… बल्कि ये है कि कितनी बढ़ेगी और किस फॉर्मूले से बढ़ेगी। 

DA का 60% होना बना नया आधार

महंगाई भत्ता (DA) जब 60% के स्तर पर पहुंचता है, तो यह केवल एक आंकड़ा नहीं होता, बल्कि अगले वेतन आयोग के लिए सैलरी स्ट्रक्चर का ‘बेस’ बन जाता है। पुराने नियमों के मुताबिक, जब भी नया वेतन आयोग आता है, तो पिछले DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है।

समझिए गणित:

    चूंकि वर्तमान महंगाई दर के हिसाब से DA 60% तक पहुंच चुका है, इसलिए न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 होना तय है।
    यदि फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम रखा गया, तो कर्मचारियों की सैलरी महंगाई की तुलना में कम हो जाएगी।

क्या होगा नया फिटमेंट फैक्टर? (1.89x की संभावना)

जानकारों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने में यदि देरी होती है और DA 72% से 76% के करीब पहुंचता है, तो नया सैलरी इंडेक्स 1.72 से 1.76 के बीच होगा। ऐसे में सरकार संतुलन बनाने के लिए फिटमेंट फैक्टर को 1.89 गुना तक बढ़ा सकती है।
हाइलाइट्स: क्या बदलेगा आपके लिए?

    DA होगा जीरो: नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ता (DA) फिर से 0 से शुरू होगा।
    सैलरी इंडेक्स: न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 (फ्लोर) होगा, जबकि वास्तविक स्तर 1.89x तक जा सकता है।
    पेंशनर्स को लाभ: कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स की पेंशन भी इसी आधार पर संशोधित होगी।
    नया फॉर्मूला: नई बेसिक सैलरी = (पुरानी बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर)।

कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

फिलहाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर कोई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक इसकी सिफारिशें लागू हो सकती हैं। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उतना ही बड़ा उछाल आएगा।

क्या संकेत मिल रहे हैं?

    DA 60%= सैलरी इंडेक्स 1.60
    1.60= न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (फ्लोर)
    देरी के साथ DA 72-76% तक जा सकता है
    संभावित फिटमेंट फैक्टर रेंज= 1.80 से 1.89x
    DA एडजस्ट होकर फिर 0 से शुरू होगा

DA 60% होते ही चर्चा क्यों तेज हुई?

हर वेतन आयोग का बेसिक नियम है: पुराने DA को बेसिक सैलरी में जोड़कर नया वेतन तय होता है। 

अब समझिए: अगर DA 60% है, तो इसका मतलब है कि आपकी मौजूदा सैलरी पहले ही 60% महंगाई का असर झेल चुकी है। 

इसलिए नया फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम हुआ तो महंगाई की भरपाई ही नहीं होगी। 

यही वजह है कि 1.60 अब न्यूनतम सीमा बन चुका है.

Q1: DA 60% कैसे पहुंचा और इसका मतलब क्या है?

CPI-IW (Industrial Workers Index) के आधार पर DA तय होता है.

    दिसंबर 2025 इंडेक्स: 148.2
    DA गणना: 60.35%
    लागू स्तर: 60%

इसका मतलब: अगर आपकी बेसिक सैलरी 100 थी, तो अब प्रभावी सैलरी 160 के बराबर है.
Q2: फिटमेंट फैक्टर का असली गणित क्या कहता है?

फॉर्मूला बहुत सीधा है: नई सैलरी= पुरानी बेसिक × फिटमेंट फैक्टर

DA 60%- इंडेक्स= 1.60

लेकिन यहीं कहानी खत्म नहीं होती.

अगर वेतन आयोग लागू होने में देरी होती है: DA और बढ़ेगा, 72%-76% तक पहुंच सकता है.

इससे नया इंडेक्स बनता है: 1.72-1.76

अब इसमें जुड़ता है:

स्ट्रक्चरल बफर (10-13%)

Final अनुमान: 1.80 से 1.89 (सबसे यथार्थ रेंज)

Q3: क्या 1.89 फाइनल हो सकता है?

सीधा जवाब- संभावना मजबूत है, लेकिन गारंटी नहीं.

क्यों?

क्योंकि सरकार इन चीजों को भी देखती है:

    आर्थिक स्थिति
    वेतन बढ़ोतरी का बोझ
    कर्मचारियों की मांग
    महंगाई का भविष्य

यानी यह सिर्फ गणित नहीं, पॉलिसी डिसीजन भी है

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Thu, 16 Apr 2026 12:41:38 +0530 news desk MPcg
PM मोदी बोले – 2029 के चुनावों में बेटियों को मिलेगा उनका हक, दिल्ली&देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया https://citytoday.co.in/5525 https://citytoday.co.in/5525 देहरादून 

पीएम मोदी ने मंगलवार को देहरादून में कहा, ‘4 दशकों से महिला-बेटियां अपने हक का इंतजार कर रही है। अब वह समय आ गया है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे। इसके लिए हम संसद में महिला आरक्षण बिल ला रहे हैं।

पीएम ने कहा, 'कभी उत्तराखंड के गांव में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयास से सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव वीरान थे आज फिर बस रहे हैं।'

इससे पहले उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का उद्घाटन किया। वे एशिया के सबसे लंबे 12 किमी एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करने सहारनपुर पहुंचे। यहां रोड शो भी किया।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर 213 किमी लंबा, 6 लेन और एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और इसके शुरू होने से दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी 6 घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगी।

पीएम मोदी ने लोगों से क्यों मांगी माफी?
पीएम मोदी ने कहा, 'सबसे पहले तो मैं आप सबसे मांफी मांगता हूं. उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कार्यकम में जुड़े हुए लोगों से भी क्षमा मांगता हूं. मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई. आप लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. मैं निकला तो समय पर ही था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर के रोड शो दौरान इतना उत्साह था कि तेज गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया. धीरे-धीरे बढ़ते हुए लोगों का आशीर्वाद लेते हुए यहां पहुंचने में मुझे 1 घंटे से भी ज्यादा देर हो गई। 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बड़ी उपलब्धि: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, 'उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है. बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा. मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है. यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा।

पूरे क्षेत्र का हो जाएगा कायाकल्प: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं. इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है. यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। 

पीएम मोदी की स्पीच 5 पॉइंट्स में

    महिला आरक्षण पर: 4 दशक बाद संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ। 33% आरक्षण लागू करने वाले इस कानून को बनाने के लिए सभी दलों ने समर्थन दिया। अब इसे लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। 2029 से ही यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है हर बहन बेटी की इच्छा है।मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए 16 अप्रैल से संसद में चर्चा होनी है। इसे सभी दल सर्व सम्मति से आगे बढ़ाएं। इसलिए मैंने आज देश की नारी शक्ति के नाम आज सभी बहनों के लिए एक पत्र लिखा है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे।

    देश की ताकत बन रही बेटियां: पीएम ने कहा कि देश की बेटियां भारत निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। सरकार उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर मुश्किल समय में महिलाओं को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रयास जारी हैं।

    टूरिज्म बना कमाई का सबसे बड़ा जरिया: पीएम ने कहा कि टूरिज्म बढ़ने से हर वर्ग को कमाई का मौका मिलता है। होटल, टैक्सी, दुकानदार सभी को लाभ होता है। उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म और स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

    नए कॉरिडोर खोलेंगे तरक्की के रास्ते: पीएम ने कहा कि एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास के गेटवे हैं। इससे समय और खर्च दोनों कम होंगे। रोजगार बढ़ेगा और किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंचेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

    देवभूमि को गंदगी से बचाना जरूरी: पीएम ने देवभूमि को साफ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और कचरे से बचना जरूरी है। कुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा को देखते हुए सभी को मिलकर इन जगहों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना होगा।
    आने वाली पीढ़ी के लिए बड़ी तैयारी: पीएम ने कहा कि सड़क, रेल और एयरवे देश की भाग्य रेखाएं हैं। यह सिर्फ आज की सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश है। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है ताकि देश की प्रगति जारी रहे।

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Tue, 14 Apr 2026 19:22:52 +0530 news desk MPcg
PM Narendra Modi और Mallikarjun Kharge आमने&सामने, दिखी खास केमिस्ट्री https://citytoday.co.in/5520 https://citytoday.co.in/5520 भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 136वीं जन्म जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी दिल्ली में संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति, नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आंबेडकर जयंती के अवसर पर आम जनता के लिए भी इस स्थल के द्वार खोल दिए गए, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों लोगों ने पहुंचकर संविधान निर्माता बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर को नमन किया और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे आमने-सामने आए। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात और हल्की-फुल्की बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुस्कुराहट और सहज संवाद ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान और संवाद की परंपरा कायम है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आंबेडकर जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में विशेष सभाएं हुईं, जहां बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान पर चर्चा की गई। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार माना जाता है, जिन्होंने सामाजिक समानता, न्याय और अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी जयंती न केवल एक स्मरण दिवस है, बल्कि समाज को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा भी देती है।

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Tue, 14 Apr 2026 16:36:08 +0530 news desk MPcg
20 हजार सैलरी की डिमांड पर अड़े कर्मचारी, फैक्ट्रियों में काम बंद, पुलिस पर पत्थरबाजी https://citytoday.co.in/5517 https://citytoday.co.in/5517  नोएडा
    नोएडा में मंगलवार को भी प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों  के साथ झड़प भी हो गई. जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग किया. सोमवार को जहां उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बाद यूपी सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है. बावजूद इसके प्राइवेट कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं. उनकी मांग है कि 11 हजार में दम नहीं है, न्यूनतम मजदूरी 20 हजार से कम नहीं होनी चाहिए. क्योंकि 20 हजार रुपये से कम में खुद का और परिवार का पेट पालना मुश्किल है। 

नोएडा फेस 2 में कर्मचारियों के प्रोटेस्ट का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वे नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि 11 हजार में दम नहीं और 20 हजार से कम नहीं. आपको बता दें कि भारी विरोध कर्मचारी उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरी दरों में बढ़ोतरी करने का आदेश दिया था. नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है. यह तात्कालिक फैसला है, आगे व्यापक समीक्षा के बाद वेज बोर्ड के माध्यम से स्थाई समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

फैक्ट्रियों में काम करने नहीं पहुंचे मजदूर
प्राइवेट कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के कारण वर्तमान वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है. उनका दावा है कि अन्य औद्योगिक इकाइयों में समान कार्य के लिए अधिक सैलरी दी जा रही है. जिससे वे खुद को असमान स्थिति में महसूस कर रहे हैं. वहीं, कुछ श्रमिक संगठनों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है और उचित वेतन निर्धारण की मांग की है। 

हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी वेतन वृद्धि संभव नहीं है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत पर सीधा असर पड़ेगा. प्रबंधन ने संकेत दिया है कि वे कर्मचारियों से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी निर्णय के लिए समय की आवश्यकता होगी। 

 'बाहरी' लोगों ने भड़काई हिंसा
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात पत्रकारों को बताया कि बाहरी जिलों से आए एक ग्रुप ने पड़ोसी जिलों की सीमाओं पर हंगामा किया. उन्होंने कहा, 'मजदूरों के शांतिपूर्वक चले जाने के बाद, बाहर से आए इस समूह ने लोगों को उकसाया और हिंसा भड़काने की कोशिश की.' पुलिस ने इनमें से कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और बाकी की पहचान की जा रही है। 

आहूजा फैक्ट्री के कर्मचारियों की मांगें
नोएडा में आहूजा फैक्ट्री के कर्मचारी फैक्ट्री के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. कई मजदूर नई बढ़ोतरी पर सहमत नहीं है. कुछ मजदूर चाहते हैं सरकार के नए रेट कंपनी के मेन गेट पर नोटिस के रूप में लगाए जाए. मजदूरों का कहना है कि कंपनियों में कुशल और अकुशल कारीगरों का एक समान भत्ता हो. उनका आरोप है कि नौ महीनों में ही नौकरी टर्मिनेट करके दोबारा जॉइन कराई जाति है ताकि भत्ता ना बढ़ाना पड़े. अप्रेंटिस के दौरान 90 रुपए प्रति घंटे का भत्ता दिया जाता है लेकिन साल भर बाद घटकर 50 रुपए हो जाता है. मजदूरों की चिंता है अगर सरकारी भत्ता बढ़ाकर लागू किया गया तो कंपनियां कई मजदूरों को नौकरी से भी निकालेंगी। 

 नोएडा-सेक्टर 80 में पत्थरबाजी
नोएडा के सेक्टर 80 में भी मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कुछ मजदूरों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की है. पुलिस हालात को काबू करने की कोशिश कर रही है। 

हिंसक प्रदर्शन मामले में 7 पर FIR
सोमवार को हुए जोरदार प्रदर्शन को लेकर पुलिस का दावा है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन बंद करने के बाद कुछ 'बाहरी' लोगों ने अशांति फैलाने की कोशिश की. इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 7 एफआईआर दर्ज की हैं और कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। 

प्रदर्शन के चलते उत्पादन हुआ ठग
इस विवाद के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया है, जिससे आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है. स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की पहल शुरू कर दी है. हालांकि अभी भी यह विवाद सुलझा नहीं है। 

वहीं नोएडा में सोमवार को हुए हिंसा के मामले में अब तक 350 को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों को जेल भी भेज दिया गया है. वहीं प्रदर्शन में शामिल कई को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की जा रही है. वबाल करने वाले अन्य की सीसीटीवी से पहचान की जा रही है। 

फैक्ट्री के बाहर टूटे पड़े हैं वाहन
नोएडा सेक्टर 63 में आगजनी के निशान अभी भी मौजूद हैं. सड़क के किनारे जली हुई कारें और फैक्टरियों के शीशे टूटे हुए पड़े हैं. एक पुलिसकर्मी ने बताया कि करीब 1 बजे लोग आए, बाहर सीसीटीवी तोड़ा फिर कूद के अंदर चले गए. 400 से 500 की भीड़ थी. सभी लोग अंदर दरवाजा बंद कर लिए और तोड़फोड़ करने लगे। 

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Tue, 14 Apr 2026 13:50:58 +0530 news desk MPcg
पुतिन का कूटनीतिक संदेश, मध्य पूर्व में राजनीतिक समाधान और शांति प्रयासों पर बल https://citytoday.co.in/5504 https://citytoday.co.in/5504  नई दिल्ली

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मिडिल ईस्ट में शांति प्रयासों के विफल होने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने इस्लामाबाद में विफल ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा की।

इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में स्थायी समाधान के लिए अपनी सुविधा प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने को तैयार है।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है। पुतिन ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और राजनीतिक समाधान पर जोर दिया। सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से संघर्ष को सुलझाने का आह्वान किया था।

पुतिन ने पहले भी जारी हिंसा और इसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है, और स्थिति को शांत करने के व्यापक प्रयासों के तहत खाड़ी देशों सहित कई पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा है।

रूस ने यूक्रेन पर लगाया युद्धविराम तोड़ने का आरोप
मास्को ने रविवार को यूक्रेन पर क्रेमलिन द्वारा घोषित 32 घंटे के आर्थोडाक्स ईस्टर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यूक्रेन ने रूसी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि युद्धविराम के शुरुआती 16 घंटों के दौरान यूक्रेनी सेना द्वारा लगभग दो हजार बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया।

मंत्रालय ने कहा, ''ईस्टर युद्धविराम घोषित होने के बावजूद यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने पोक्रोव्स्कोये क्षेत्र से रूसी सैनिकों के ठिकानों पर तीन बार हमला किया।'' गाई और डेनेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के ओत्रादनोये बस्तियों को दो बार निशाना बनाया गया। सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया।

रक्षा मंत्रालय के रविवार के बयान में कहा गया, ''11 अप्रैल को शाम 4:00 बजे (मास्को समय) से 12 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे (मास्को समय) के बीच यूक्रेनी सशस्त्र बलों द्वारा कुल 1,971 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया।''

रूसी सेना ने सुमी क्षेत्र में कोंड्राटोव्का और नोवाया सेच के पास, साथ ही डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक में कालेनिकी के पास स्थित ठिकानों की ओर बढ़ने के यूक्रेन के चार प्रयासों को भी विफल कर दिया। वहीं, यूक्रेन ने रविवार को कहा कि रूसी सेना ने शनिवार शाम से अबतक युद्धविराम का 2,299 बार उल्लंघन किया है।

हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना पर हमलों का किया दावा
लेबनान स्थित हिजबुल्लाह संगठन ने इजरायली सेना पर दो अलग-अलग हमलों का दावा किया है। पहले हमले में हिजबुल्लाह ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के तायबेह शहर में इजरायली सैन्य वाहन को निशाना बनाया। संगठन के बयान के अनुसार, इस वाहन में कमांड टीम सवार थी और ड्रोन हमले में इसे लक्षित किया गया।

दूसरे हमले में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के किर्यात शमोना बैरक पर कई ड्रोन दागे। संगठन ने दावा किया कि ये हमले इजरायली उल्लंघनों के जवाब में किए गए हैं।

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Mon, 13 Apr 2026 12:51:19 +0530 news desk MPcg
अमेरिका&ईरान तनाव से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंक गिरा https://citytoday.co.in/5503 https://citytoday.co.in/5503 मुंबई 

अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश 
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला। 

शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

विदेशों से मिले थे खराब संकेत 
शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था। 

वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट? 
सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

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Mon, 13 Apr 2026 12:46:52 +0530 news desk MPcg
अमेरिका&ईरान तनाव से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंक गिरा https://citytoday.co.in/5502 https://citytoday.co.in/5502 मुंबई 

अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश 
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला। 

शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

विदेशों से मिले थे खराब संकेत 
शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था। 

वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट? 
सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

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Mon, 13 Apr 2026 12:46:52 +0530 news desk MPcg
महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि के दौरान आमने&सामने आए मोदी&राहुल, कुछ देर हुई बातचीत https://citytoday.co.in/5497 https://citytoday.co.in/5497

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में शनिवार को एक अलग ही राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली। नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर श्रद्धांजलि देने के दौरान आमने-सामने आए और कुछ क्षणों तक बातचीत करते नजर आए।

यह मुलाकात उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। उस दौरान वहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सहित कई नेता मौजूद थे।

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी सभी नेताओं से मिलते हुए राहुल गांधी के पास रुके और दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई। हालांकि बातचीत का विषय सार्वजनिक नहीं हो सका, लेकिन दोनों की यह सहज मुलाकात राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि फुले का जीवन समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के आदर्शों के लिए समर्पित रहा। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि फुले ने शिक्षा और जनकल्याण के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था और उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनकी जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ऐसे समय में जब देश में राजनीतिक माहौल गर्म है, प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी की यह मुलाकात सियासी गलियारों में खास चर्चा का विषय बन गई है।

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Sat, 11 Apr 2026 17:38:33 +0530 news desk MPcg
ट्रंप की धमकी:ईरान सिर्फ बातचीत के लिए जिंदा है, होर्मुज रहेगा खुला शांति वार्ता से पहले https://citytoday.co.in/5493 https://citytoday.co.in/5493 वाशिंगटन

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में आज शांति वार्ता होने वाली है. दूसरी तरफ, वार्ता से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने दावा किया है कि 'ईरान के पास कोई ऑप्शन नहीं है और वो सिर्फ बातचीत के लिए जिंदा है.' उन्होंने होर्मुज खोलने को लेकर भी बड़ा बयान दिया। 

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कंट्रोल करके दुनिया को जबरन वसूली का शिकार बना रहा है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, 'ईरानियों को शायद ये अहसास नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया को डराने के अलावा उनके पास कोई कार्ड नहीं है. वो आज अगर जिंदा हैं, तो सिर्फ बातचीत करने के लिए। 

शांति वार्ता नाकाम होने पर फिर शुरू हो सकती है जंग
बता दें कि एक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' को दिए इंटरव्यू में ये इशारा किया है कि अगर ये शांति वार्ता नाकाम साबित होती है, तो ईरान पर फिर से हमले शुरू हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिकी युद्धपोतों को बेहतरीन गोला-बारूद से लैस कर दिया गया है और वो हमलों के लिए तैयार हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की सहमति हो या न हो, वाशिंगटन जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल देगा. उन्होंने कहा, 'ये आसान नहीं होगा. मैं बस इतना कहूंगा कि हम इसे जल्द ही खोल देंगे। 

ट्रंप ने इस दौरान ईरान को लेकर कहा, 'हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जिनके बारे में हमें नहीं पता कि वे सच बोलते हैं या नहीं. हमारे सामने वो कहते हैं कि वो परमाणु हथियार खत्म कर रहे हैं और फिर प्रेस में जाकर कहते हैं कि वो यूरेनियम संवर्धन करना चाहते हैं। 

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के लोग लड़ने से बेहतर फेक न्यूज मीडिया और पब्लिक रिलेशंस संभालने में माहिर हैं। 
बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. इस्लामाबाद में आज ईरानी-अमेरिकी अधिकारी आमने-सामने होंगे और अपना-अपना पक्ष रखेंगे। 

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Sat, 11 Apr 2026 16:53:27 +0530 news desk MPcg
7th Pay Commission: अब तक क्यों नहीं आया DA? अप्रैल के 10 दिन भी हो चुके, कहां फंसा मामला? https://citytoday.co.in/5490 https://citytoday.co.in/5490 नई दिल्ली
अप्रैल 2026 आधा बीतने को है लेकिन अभी तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ है. आमतौर पर हर साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में यह फैसला सामने आ जाता है, लेकिन इस बार देरी ने कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है. खासकर इसलिए क्योंकि 31 दिसंबर 2025 के बाद 7वां वेतन आयोग खत्म हो चुका है और 8वां वेतन आयोग अभी लागू नहीं हुआ है। 

पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो 2025 में डीए बढ़ोतरी का ऐलान 28 मार्च को हुआ था और आदेश 2 अप्रैल को जारी हुआ था. वहीं 2024 में भी 3 अप्रैल तक आदेश जारी हो गया था. यहां तक कि कोविड के समय 2020 में भी अप्रैल में औपचारिक आदेश जारी किया गया था. ऐसे में 2026 में यह देरी असामान्य मानी जा रही है। 

क्या इस बार डीए बढ़ोतरी नहीं होगी
विशेषज्ञों का कहना है कि डीए बढ़ोतरी रुकने की संभावना बेहद कम है. डीए का निर्धारण महंगाई के आंकड़ों के आधार पर होता है और यह प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग की अवधि खत्म होने के बाद भी जारी रहती है. यानी कर्मचारियों को उनका हक मिलना तय माना जा रहा है।

 कितनी बढ़ सकती है डीए
एआईसीपीआई इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। 

देरी की वजह क्या है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, देरी की सबसे बड़ी वजह प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है. फाइल अप्रूवल, आंतरिक मंजूरी और फैसलों की टाइमिंग इस बार थोड़ा आगे खिसक गई है. बैंक बाजार के सीईओ अधिल शेट्टी का कहना है कि यह देरी इंटरनल प्रोसेस के कारण हो सकती है. वहीं, आईएसएफ की सुचिता दत्ता का कहना है कि संभवत: सरकार डीए बढ़ाने से पहले मंहगाई के आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा कर रही है. कर्मा मैनेजमेंट के प्रतीक वैद्या का कहना है कि इस देरी की तुलना कोविड-19 के समय से करना ठीक नहीं है। 

8वें वेतन आयोग से जुड़ी टाइमिंग
सरकार फिलहाल अगले वेतन आयोग की दिशा में काम कर रही है. माना जा रहा है कि डीए बढ़ोतरी के ऐलान को इस बड़े बदलाव के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, ताकि एक साथ व्यापक नीति का संकेत दिया जा सके। 

सरकार का फिस्कल बैलेंस भी अहम
महंगाई, सरकारी खर्च और बजट संतुलन को ध्यान में रखते हुए भी सरकार फैसला ले रही है. डीए बढ़ोतरी का सीधा असर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ता है, इसलिए इसे सोच-समझकर तय किया जाता है। 

कब तक आ सकता है ऐलान
रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल के दूसरे हफ्ते से लेकर मिड अप्रैल के बीच कभी भी डीए बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है. यानी कर्मचारियों को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 

देरी से होगा क्या नुकसान
सबसे अहम बात यह है कि देरी से कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा. डीए 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा और बीच के समय का पैसा एरियर के रूप में दिया जाएगा. यानी घोषणा चाहे देर से हो, लेकिन फायदा पूरा मिलेगा। 

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Sat, 11 Apr 2026 14:33:54 +0530 news desk MPcg
चुनाव के बीच पार्टियों की टेंशन बढ़ी, ECI ने तय समय&सीमा के भीतर चुनावी खर्च का विवरण जमा करने को कहा https://citytoday.co.in/5485 https://citytoday.co.in/5485 नई दिल्ली
 विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रमुखों को एक जरूरी याद दिलाई है. आयोग ने दलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव खत्म होने की तय समय-सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्च और उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण जमा कर दें। 

चुनाव आयोग ने कहा है कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए, सभी राजनीतिक दलों के लिए चंदे की सटीक जानकारी देना अनिवार्य है. इसमें उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण भी शामिल होना चाहिए. आयोग ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि दलों द्वारा दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

सभी पंजीकृत राष्ट्रीय दलों, राज्य मान्यता प्राप्त दलों और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी किए गए एक हालिया पत्र में, चुनाव आयोग ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, उसने 2001 में एक प्रारूप तय किया था. इस प्रारूप को समय-समय पर (27 दिसंबर 2001, 22 मार्च 2004, 13 जनवरी 2009, 21 जनवरी 2013 और 15 जनवरी 2022 को) संशोधित किया गया है। 

इस प्रारूप के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रत्येक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बाद अपने चुनाव खर्च का विवरण जमा करना अनिवार्य है. यह विवरण चुनाव पूरा होने के 75 से 90 दिनों के भीतर जमा करना होगा। 

चुनाव आयोग (ECI) ने कहा है कि मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों को अपने चुनाव खर्च का विवरण सीधे चुनाव आयोग को सौंपना होगा. वहीं, गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियों (RUPPs) को यह विवरण उस राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को देना होगा जहां पार्टी का मुख्यालय स्थित है। 

आयोग ने आगे बताया कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के खातों में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए, संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्देश दिया गया है. इसके अनुसार, पार्टियों को चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के भीतर एक 'आंशिक चुनाव खर्च विवरण' जमा करना होगा. इसमें उन सभी दान, चंदे या एकमुश्त भुगतान की जानकारी देनी होगी जो पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने उम्मीदवारों को दिए हैं. यह नियम 8 सितंबर, 2015 से प्रभावी है। 

चुनाव आयोग ने कहा कि उनके सामने ऐसे कई मामले आए हैं जहां जमा किए गए खातों या बयानों में सही ढंग से मिलान नहीं किया गया था. आयोग ने यह भी नोट किया कि ऐसा लगता है कि उसके निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है। 

चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए, सभी राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों को दिए गए दान या एकमुश्त राशि का सही-सही विवरण देना अनिवार्य है. यदि राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग/मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दी गई जानकारी और उम्मीदवारों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा किए गए चुनावी खर्च के विवरण (जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 78 के तहत) में कोई भी अंतर पाया जाता है, तो चुनाव आयोग 'चुनाव संचालन नियम, 1961' के नियम 89(5) के तहत उचित कार्रवाई करेगा। 

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEO) को यह निर्देश भी जारी किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों को इस बारे में सूचित करें। 

गौरतलब है कि असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न हुए. चुनाव आयोग के अनुसार, असम में अनुमानित 85.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि केरल में 78.03 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान हुआ। 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में और तमिलनाडु में एक ही चरण में होंगे. पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे व अंतिम चरण के लिए 29 अप्रैल को होगा. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा. चुनाव नतीजे एक साथ 4 मई को जारी होंगे. असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को और केरल का 23 मई को समाप्त होगा। वहीं, तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा होगा। 

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Sat, 11 Apr 2026 12:45:38 +0530 news desk MPcg
वृंदावन में बोट डूबने के बाद 10 की मौत, घंटों बाद दलदल में फंसी मिली बोट, 5 लोग अब भी लापता https://citytoday.co.in/5484 https://citytoday.co.in/5484 वृंदावन

वृंदावन में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। जब यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा स्टीमर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम पहुंची। राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक एक पर्यटक के शव को बाहर निकला गया है।

वृंदावन में शुक्रवार को पीपा पुल से टकराने के बाद स्टीमर पलट गया। जिससे उसमें सवार सभी लोग डूब गए। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक एक पर्यटक का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन के अधिकारी मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुलिस और प्रशासन मिलकर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। गोताखोर यमुना के गहरे पानी में डूबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुंच गए हैं। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। दुर्घटनास्थल पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई है। जिससे बचाव कार्य में थोड़ी परेशानी हो रही है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और रेस्क्यू टीम का सहयोग करने की अपील कर रहा है। बचाव कार्य तेजी से जारी है। हर संभव कोशिश की जा रही है कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

इनकी हुई मौत, लापता लोगों की तलाश जारी, तीन से पांच तक हो सकती संख्या
वृंदावन स्टीमर हादसे में सपना अरोरा, इशान कटारिया, कविता बहल, आशा रानी, मीनू बंसल, राकेश गुलाटी, अंजू, प्रिंसी, करोरी, मधुर बहल की मौत हुई है। वृंदावन में हादसा हुए 3 घंटे हो चुके हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है। स्टीमर और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। आर्मी, पीएसी और गोताखोर लगातार सर्च कर रहे हैं।

डीआईजी बोले- लापता लोगों की संख्या 3 से 5 तक हो सकती
डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालुओं का एक दल नाव से यात्रा कर रहा था। दो नावों में कुल 33 लोग सवार थे। जिनमें से एक नाव में 25-27 लोग थे। और वही हादसे का शिकार हो गई। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। जबकि 12 लोग सुरक्षित बचा लिए गए हैं। 3 से 5 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। उनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि वे बाहर निकल गए हैं या अब भी फंसे हुए हैं।

10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग
बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है। 

कैसे डूबी बोट?
स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए। 

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Sat, 11 Apr 2026 12:44:34 +0530 news desk MPcg
मोनालिसा की शादी में बड़ा फर्जीवाड़ा, फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा; कुंभ गर्ल की उम्र छिपाने पर MP&केरल के DGP को दिल्ली तलब https://citytoday.co.in/5478 https://citytoday.co.in/5478

 महेश्वर
कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए। NCST ने मामले में केरलम और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है।

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी। 

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निकाह के समय लड़की की उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी. मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. अब इस रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की लापरवाही सामने आ सके। 

मामले में एक और बड़ा खुलासा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे. इसके बाद शक और गहराता गया है। 

दोनों राज्यों के DGP को तलब
वहीं इस मामले को गंभीरता से देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका
मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी कर रहा है।

2 राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है।

आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी।

पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR
महेश्वर पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर फरमान खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। युवक पर नाबालिग लड़की को फिल्म स्टार बनाने का लालच देकर केरल ले जाने का आरोप है। वहां नाबालिग को बहलाकर शादी कर ली।

पीड़िता के पिता के मुताबिक, शूटिंग के दौरान ही फरमान खान से संपर्क हुआ था। आरोपी ने फिल्म में 'कर्नल' का रोल दिलाने और बेटी को करोड़ों रुपए कमाने का झांसा देकर केरल बुलाया। फरमान ने खुद ही इंदौर से केरल के लिए फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश
महेश्वर पुलिस शादी के पीछे सक्रिय सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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Fri, 10 Apr 2026 17:12:58 +0530 news desk MPcg
दिल्ली में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, छोटे सिलिंडर न मिलने से मध्यम वर्ग और प्रवासियों की रसोई का बजट बिगड़ा https://citytoday.co.in/5476 https://citytoday.co.in/5476 नई दिल्ली

राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।

छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है।

गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है।

एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है।

ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार
गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं।

ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

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Fri, 10 Apr 2026 17:05:59 +0530 news desk MPcg
कर्नल श्रीकांत पुरोहित को मिला ब्रिगेडियर प्रमोशन, रिटायरमेंट पर लगी रोक https://citytoday.co.in/5474 https://citytoday.co.in/5474  नई दिल्ली,

भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर रैंक पर प्रमोशन की मंजूरी दे दी है. कर्नल पुरोहित लंबे समय तक कानूनी लड़ाई और विवादों में रहे हैं. अब उनके याचिका की सुनवाई के बाद उन्हें प्रमोशन देने का फैसला लिया गया है। 

कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने उनकी प्रमोशन की याचिका पर विचार किया और उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी। 

17 साल के लंबे सफर के बाद कर्नल पुरोहित को ये प्रमोशन मिलना, उनकी जिंदगी के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है. उन्होंने एक हाई-प्रोफाइल विस्फोट मामले में आरोपी होने से लेकर एक सीनियर कमांडर के तौर पर अपनी जगह बनाई है। 

2008 में मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका करियर पूरी तरह रुक गया था. हालांकि 2017 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो सेवा में वापस तो आ गए, लेकिन उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन सालों तक लटके रहे। 

बरी होने के बाद मिली नई दिशा
कर्नल पुरोहित को 31 जुलाई, 2025 को मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था. अदालत ने सबूतों की कमी और अभियोजन पक्ष के मामले में विरोधाभासों का हवाला दिया था. इसके बाद, सितंबर 2025 में उन्हें पूर्ण कर्नल के पद पर प्रमोट किया गया। 

कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे. हालांकि, 16 मार्च, 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाया कि पुरोहित के पास अपने जूनियर्स के बराबर फायदे और प्रमोशन पाने का पुख्ता मामला है. ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि प्रमोशन से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान होने तक उनकी रिटायरमेंट को स्थगित रखा जाए। 

इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक, सेना की ओर से ब्रिगेडियर रैंक की मंजूरी उनके जेल और ट्रायल के दौरान खोए गए सालों की एक तरह से भरपाई है. अगर उनका करियर बाधित नहीं होता, तो उनके बैच के साथी अब तक वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर पहुंच चुके होते.सामान्य परिस्थितियों में वो अब तक मेजर जनरल के पद तक पहुंच सकते थे। 

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Fri, 10 Apr 2026 16:45:14 +0530 news desk MPcg
मॉर्गन स्टेनली से विश्व बैंक तक: भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा विश्वास, FY27 में GDP ग्रोथ 6.6% तक https://citytoday.co.in/5473 https://citytoday.co.in/5473 नई दिल्ली

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा जताया है। उसने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का विकास अनुमान 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। यह संशोधन ऐसे समय हुआ, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे मजबूत स्थान पर है। जहां पूरे क्षेत्र की विकास दर धीमी पड़ रही है, वहीं भारत इस क्षेत्र के लिए स्थिरता और वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया की कुल विकास दर 2025 में 7 फीसदी से घटकर 2026 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता है, जिसने आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डाला है। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो इससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है और केंद्रीय बैंकों को सख्त नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता चिंता का विषय बनी हुई है। खासकर मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इससे आम लोगों की खर्च करने की क्षमता प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा, कच्चे माल की लागत बढ़ने और वैश्विक मांग कमजोर रहने के कारण निवेश की गति भी धीमी पड़ सकती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख बाजारों में धीमी आर्थिक वृद्धि का असर भारत के निर्यात पर पड़ सकता है। हालांकि, इन बाजारों तक बेहतर पहुंच के बावजूद कुल निर्यात प्रदर्शन पर दबाव रह सकता है।

अन्य संस्थानों के अनुमानों से तुलना करें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने FY27 के लिए 6.9 प्रतिशत, OECD ने 6.1 प्रतिशत और मूडीज ने 6 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इस लिहाज से विश्व बैंक का अनुमान संतुलित माना जा रहा है।

घरेलू मांग है भारत की ताकत
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में है। 2025-26 में देश की विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो इस वित्त वर्ष में घटकर 6.6 फीसदी हो सकती है। मजबूत घरेलू मांग भारत की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है। 

मॉर्गन स्टेनली का अनुमान
वैश्विक संगठन मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी में वृद्धि के अनुमान को प्रतिशत 0.30 अंक घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले संगठन ने 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया था। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहेगी तथा गैस की उपलब्धता एक अतिरिक्त बाधा होगी।

मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की बढ़ती कीमत और औद्योगिक आपूर्ति में कमी से उत्पादन के संसाधनों की लागत बढ़ रही हैं और चुनिंदा वस्तुओं के उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। रुपये की कमजोरी के बीच आयातित महंगाई बढ़ रही है। इसके अलावा, रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अनुमान लगाया है कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रतिकूल प्रभाव के कारण वित्त वर्ष 2026- 27 में भारत की वृद्धि धीमी होकर 6.5 प्रतिशत रह सकती है।

मूडीज रेटिंग्स ने क्या कहा?
बीते दिनों मूडीज रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण भारत की वृद्धि की रफ्तार घटेगी और इससे महंगाई का जोखिम भी बढ़ेगा।

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Fri, 10 Apr 2026 15:59:54 +0530 news desk MPcg
मान गई कांग्रेस, अजित पवार के सम्मान में वापस ली उम्मीदवारी, सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत तय https://citytoday.co.in/5472 https://citytoday.co.in/5472 मुंबई 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेगी, जहां से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के मृत्यु के बाद चुनाव मैदान में हैं। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा- अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।

कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे।

क्या बोले थे शरद पवार?
पवार ने कहा- कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते। हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई। अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा।

अजित पवार की पत्नी एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया।

सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की
राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की। उन्होंने कहा- अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।"

रोहित पवार ने किया था अनुरोध
इससे पहले, राकांपा (शप) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके। रोहित पवार ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले। कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

सुनेत्रा पवार के बेटे ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
पवार की मृत्यु के कारण ही बारामती में उपचुनाव जरूरी हो गया है। चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की। रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।"

सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे सहित कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। राकांपा (शप) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। बारामती विमान दुर्घटना की लगातार उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे रोहित पवार ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आज दिल्ली में मौजूद सुनेत्रा पवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलेंगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगी।"

भाजपा ने दी थी चेतावनी
शरद पवार नीत राकांपा (शप) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने राकांपा अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।

बावनकुले ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।" एक अन्य सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि असम और केरल में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार अधिक मजबूत होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाएंगे।

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Fri, 10 Apr 2026 14:22:24 +0530 news desk MPcg
रूस द्वारा 40% सस्ती LNG से भारत में एनर्जी कॉस्ट और महंगाई में कमी आ सकती https://citytoday.co.in/5469 https://citytoday.co.in/5469 नई दिल्ली

Russian Gas: रूस द्वारा 40% सस्ती LNG से भारत में एनर्जी कॉस्ट और महंगाई कम हो सकती है। हालांकि, इसके साथ अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक जोखिम भी जुड़े हुए हैं। आइए जरा विस्तार से रशियन गैस (Russian Gas) के फायदे और नुकसान को समझते हैं।

 दुनिया में इस वक्त एनर्जी की समस्या अपने चरम पर है। इसके बीच रूस (Russia) से एक बड़ी खुशखबरी आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने एशियाई देशों को सस्ती गैस (Russian Gas) का बड़ा ऑफर दिया है, जिसने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। रूस अपनी प्रतिबंधित एलएनजी (Liquefied Natural Gas- LNG) सप्लाई को करीब 40% तक की भारी छूट पर बेचने की कोशिश कर रहा है, खासकर भारत और दक्षिण एशिया जैसे देशों को, जहां ऊर्जा की भारी मांग और खपत है। यह ऑफर ऐसे समय आया है, जब स्टेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव और कतर (Qatar) के एलएनजी प्लांट पर हमलों के कारण वैश्विक गैस सप्लाई का करीब 20% प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस इस मौके का फायदा उठाते हुए अपनी गैस को सस्ते दाम पर बेचकर नए खरीदार तलाश रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ बिचौलियों के जरिए यह भी दावा किया जा रहा है कि कागजी तौर पर इन शिपमेंट्स को ओमान या नाइजीरिया जैसे देशों से आया दिखाया जा सकता है, ताकि प्रतिबंधों से बचा जा सके। हालांकि, इस तरह के ऑफर में कानूनी और कूटनीतिक जोखिम भी जुड़े हुए हैं।

भारत और बांग्लादेश जैसे देशों पर इस संकट का सीधा असर पड़ा है। भारत (India) को अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए महंगे स्पॉट मार्केट से गैस खरीदनी पड़ रही है, जबकि बांग्लादेश को तो अपनी उर्वरक (fertilizer) सेक्टर में गैस सप्लाई तक कम करनी पड़ी है। ऐसे में रूस का सस्ता ऑफर इन देशों के लिए आकर्षक जरूर है, लेकिन वे अमेरिकी प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं।

रूस के लिए यह रणनीति अपने निर्यात को बढ़ाने और नए बाजार बनाने का एक तरीका है, खासकर तब जब पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण उसके रेगुलर बॉयर कम हो गए हैं। फिलहाल चीन (China) ही एक बड़ा देश है, जो इस तरह की प्रतिबंधित गैस खरीद रहा है, जबकि बाकी देश अभी दूरी बनाए हुए हैं।

अगर भारत (India) रूस से यह सस्ती LNG गैस खरीदता है, तो इसका असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है। इस फैसले से कुछ फायदे भी होंगे और कुछ जोखिम भी हो सकता है। फायदे की बात करें तो इसका सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर आम जनता और इंडस्ट्री को मिल सकता है। गैस 40% तक सस्ती हो सकती है और देश की ऊर्जा लागत घट सकती है, जिससे बिजली उत्पादन, उर्वरक (fertilizer) और सीएनजी/पीएनजी की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। इससे महंगाई को काबू करने में भी मदद मिलेगी और सरकार के सब्सिडी खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर गैस आधारित उद्योगों और बिजली कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।

हालांकि, इसके साथ बड़ा जोखिम भी जुड़ा है। रूस की यह गैस अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आती है, इसलिए अगर भारत इस तरह की खरीद करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव या संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इससे भारत के पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं।

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Fri, 10 Apr 2026 12:50:03 +0530 news desk MPcg
PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार का सख्त रुख: गैस कनेक्शन पर बड़ा अपडेट, PNG नहीं तो LPG नहीं https://citytoday.co.in/5466 https://citytoday.co.in/5466 भोपाल
 मध्य प्रदेश में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गैस पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद अब उन क्षेत्रों के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम चेतावनी जारी की गई है, जहां PNG सुविधा उपलब्ध है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है, वहां अधिकतम 10 दिनों के भीतर PNG सप्लाई शुरू करना सुनिश्चित किया जाए।

PNG नहीं लेने पर 3 महीने बाद बंद होगी LPG सप्लाई
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन घरों में PNG कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता फिर भी इसे नहीं लेते हैं, तो ऐसे मामलों में 3 महीने बाद उनकी LPG गैस सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य लोगों को PNG की ओर तेजी से शिफ्ट करना है।

बड़े शहरों में तेज़ी से चल रहा अभियान
सरकार ने अगले तीन महीनों में करीब 2 लाख नए PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में तेजी से काम किया जा रहा है। जिन कॉलोनियों में पहले से पाइपलाइन मौजूद है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दिए जाएंगे।

सरकारी विभागों और संस्थानों को भी प्राथमिकता
अभियान के तहत पुलिस विभाग, सरकारी आवास, ऑफिसर्स कॉलोनियों और सुधार गृह जैसे संस्थानों में पहले चरण में PNG कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सरकारी स्तर पर भी स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों को शिविर लगाने के निर्देश
नगर निगम, नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सकेगा। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में भी PNG के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मजदूरों और छात्रों के लिए मिनी सिलेंडर की सुविधा
सरकार ने बाहर से आए मजदूरों और छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। उन्हें पहचान पत्र और पते के प्रमाण के आधार पर 5 किलो का मिनी LPG सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी कीमत ₹1529 और रिफिल की कीमत ₹585 तय की गई है। प्रदेश में PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के इस अभियान के साथ सरकार का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।

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Thu, 09 Apr 2026 20:23:49 +0530 news desk MPcg
GeM पोर्टल से खरीद में यूपी ने रचा इतिहास: गुजरात और दिल्ली को पछाड़ बना नंबर&1 राज्य, बचाए ₹9700 करोड़ https://citytoday.co.in/5465 https://citytoday.co.in/5465 लखनऊ

 देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए खरीद करने के मामले में उत्तर प्रदेश, देश का नंबर वन राज्य बन गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े इसके गवाह हैं। यूपी सरकार ने इस वित्त वर्ष में GeM पोर्टल के माध्यम से 22337 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीद की है। इसके अलावा 14009 करोड़ रुपये की खरीद के साथ गुजरात दूसरे नंबर, 6113 करोड़ रुपये की खरीद से महाराष्ट्र तीसरे नंबर और 4278 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज कर दिल्ली चौथे स्थान पर है।

इतना ही नहीं, यूपी सरकार ने इस दौरान GeM पोर्टल के रिवर्स ऑक्शन के जरिए 9700 करोड़ रुपये की बचत भी की है। टीओई की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पारंपरिक टेंडर सिस्टम को खत्म कर सरकारी खरीद के लिए पूरी तरह से जेम पोर्टल को अपनाया गया है। इस संबंध में सरकार ने 26 नवंबर 2024 को जेम खरीद नीति जारी की थी।

 2025-26 में खरीद में बड़ा उछाल आया
सरकार की तरफ से आदेश जारी होने के बाद ऐसी 33 से ज्यादा खरीद रद्द कर दी गईं, जिनके लिए पहले निर्देश जारी किए गए थे। जेम खरीद नीति से किस तरह बदलाव आया है, पुराने आंकड़े इसके गवाह हैं। साल 2023-24 में 20248 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद की गई, लेकिन अगले वित्त वर्ष 2024-25 में यह खरीद घटकर 16822 करोड़ रह गई। जबकि, 2025-26 में इस खरीद में बड़ा उछाल आया है।

यूपी ने कैसे की 9700 करोड़ रुपये की बचत?
इस बदलाव से जहां लागत घटी और कार्यकुशलता बढ़ी, वहीं रिवर्स ऑक्शन (उल्टी बोली) के जरिए 9700 करोड़ रुपये की बचत भी सरकार ने की। आंकड़े बताते हैं कि साल 2025-26 में यूपी सरकार की तरफ से 10 लाख रुपए से ऊपर की रकम के 19962 टेंडर जारी किए गए। इनमें से 42 फीसदी टेंडर रिवर्स ऑक्शन के जरिए पूरे कर दिए गए। इन सभी टेंडरों की अनुमानित कीमत 16284 करोड़ थी, लेकिन अंतिम खरीद आदेश सिर्फ 6523 करोड़ रुपये के जारी किए गए। नतीजा ये हुआ कि औसत लागत में तकरीबन 60 फीसदी की कमी आई।

केंद्र ने कहा, आदर्श है यूपी की जेम खरीद नीति
बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की और इस बात पर खुशी जाहिर जताई, कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की जेम खरीद नीति की तारीफ की है। बैठक में सीएम योगी ने जेम पोर्टल के जरिए खरीद करने वाले टॉप 10 विभागों की जानकारी लेते हुए कहा कि अन्य विभाग भी अनिवार्य तौर पर अपनी खरीद सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने सीएम योगी को बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम खरीद नीति को आदर्श नीति बताया है और साथ ही अन्य राज्यों से भी इसे अपनाने के लिए कहा है।

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Thu, 09 Apr 2026 20:22:51 +0530 news desk MPcg
TMC के पाप का घड़ा भर चुका है, अब बंगाल में बनेगी डबल इंजन सरकार’, PM मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला https://citytoday.co.in/5460 https://citytoday.co.in/5460 आसनसोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी। 

बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें। 

पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है। 

इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती। 

उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है। 

पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। 

बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है। 

पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी। 

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें। 

PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं। 

TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है। 

पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर से प्रगति की राह पर आए। 

'जो नंदीग्राम में हुआ, वही भवानीपुर में होने जा रहा है', ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो हाल नंदीग्राम में किया था इस साल वही हाल भवानीपुर में होने जा रहा है. बंगाल का चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है बल्कि बंगाल की भव्यता को लौटाने का चुनाव है. इस बार निर्मम सरकार की विदाई होगी। 

ममता बनर्जी पर पीएम मोदी का वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में यह चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है. यह चुनाव बंगाल की पुरानी शान वापस लाने का चुनाव है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह चुनाव विकसित बंगाल की नींव मजबूत करने का चुनाव है. इसका सबसे पहला और बड़ा कदम होगा इस निर्दयी सरकार को हटाना. पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. देश के कई राज्य तरक्की की राह पर चल रहे हैं, लेकिन टीएमसी की निर्दयी सरकार बंगाल को पीछे खींच रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल को फिर से गौरवशाली बनाने के लिए इस बार बदलाव जरूरी है. जनसभा में मौजूद लोगों से उन्होंने अपील की कि वे इस चुनाव में बंगाल की भलाई के लिए वोट दें। 

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Thu, 09 Apr 2026 16:44:09 +0530 news desk MPcg
अचानक ₹5000 सस्ती हुई चांदी, 2.04 लाख रुपये कम हुआ रेट, जानिए 10 ग्राम सोने की कीमत https://citytoday.co.in/5458 https://citytoday.co.in/5458 इंदौर 

सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) फिर टूटी हैं और एक दिन की धुआंधार तेजी के बाद गुरुवार को खुलने के साथ ही ये तेजी से फिसल गई हैं. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर जैसे ही वायदा कारोबार की शुरुआत हुई चांदी की कीमत एक झटके में 5000  रुपये से ज्यादा कम हो गई. इस गिरावट के बाद अपने हाई से 1 Kg Silver Price 2.04 लाख रुपये तक कम हो गया है. सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए टूटा है और 11 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है। 

चांदी खुलने के साथ ही फिसली
सबसे पहले चांदी की कीमत में आई गिरावट पर बात करें, तो बीते कारोबारी दिन बुधवार को MCX Silver Price  2,39,918 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरते हुए 2,35,133 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो खुलने के साथ ही 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी 4,785 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। 

अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये कीमती धातु अभी भी काफी सस्ती मिल रही है. दरअसल, एमसीएक्स पर सिल्वर हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम है और गुरुवार की गिरावट से तुलना करें, तो एक किलो चांदी फिलहाल हाई से 2,04,204 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई है। 1 ग्राम सोना ₹13,935 पर पहुंच गया, जो एक दिन पहले ₹14,150 था। इसी तरह 10 ग्राम सोना ₹1,39,350 पर आ गया, यानी करीब ₹2,150 सस्ता हो गया।

24 कैरेट सोना भी सस्ता हुआ है। 10 ग्राम का भाव ₹1,46,320 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹2,260 कम है।वहीं चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। 1 किलो चांदी ₹2,65,000 से गिरकर ₹2,60,000 पर आ गई, यानी सीधे ₹5,000 की कमी आई है। 

अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये कीमती धातु अभी भी काफी सस्ती मिल रही है. दरअसल, एमसीएक्स पर सिल्वर हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम है और गुरुवार की गिरावट से तुलना करें, तो एक किलो चांदी फिलहाल हाई से 2,04,204 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

सोना भी फिर से फिसला
न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने की कीमत में भी सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली है. बुधवार को एमसीएक्स पर 5 जून की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold 1,51,776 रुपये पर बंद हुआ था और इसने भी गिरावट के साथ  1,50,647 रुपये पर कारोबार की शुरुआत की. यानी कीमती पीली धातु 1129 रुपये सस्ती हो गई। 

Silver Price की तरह ही सोना भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुआ है. ताजा गिरावट के बाद अब वायदा सोना अपने लाइफ टाइम हाई 2,02,984 रुपये की तुलना में 52,337 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम कीमत पर मिल रहा है। 

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में सीजफायर का ऐलान होने के बाद अचानक बुधवार को दोनों कीमती धातुओं के भाव में उछाल आया था. चांदी कारोबार के दौरान 15,000 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई थी, जबकि सोने का भाव भी बढ़ गया था, लेकिन इस तेजी पर एक दिन बाद ही ब्रेक लग गया। 

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Thu, 09 Apr 2026 15:55:32 +0530 news desk MPcg
अचानक ₹5000 सस्ती हुई चांदी, 2.04 लाख रुपये कम हुआ रेट, जानिए 10 ग्राम सोने की कीमत https://citytoday.co.in/5457 https://citytoday.co.in/5457 इंदौर 

सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) फिर टूटी हैं और एक दिन की धुआंधार तेजी के बाद गुरुवार को खुलने के साथ ही ये तेजी से फिसल गई हैं. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर जैसे ही वायदा कारोबार की शुरुआत हुई चांदी की कीमत एक झटके में 5000  रुपये से ज्यादा कम हो गई. इस गिरावट के बाद अपने हाई से 1 Kg Silver Price 2.04 लाख रुपये तक कम हो गया है. सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए टूटा है और 11 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है। 

चांदी खुलने के साथ ही फिसली
सबसे पहले चांदी की कीमत में आई गिरावट पर बात करें, तो बीते कारोबारी दिन बुधवार को MCX Silver Price  2,39,918 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरते हुए 2,35,133 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो खुलने के साथ ही 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी 4,785 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। 

अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये कीमती धातु अभी भी काफी सस्ती मिल रही है. दरअसल, एमसीएक्स पर सिल्वर हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम है और गुरुवार की गिरावट से तुलना करें, तो एक किलो चांदी फिलहाल हाई से 2,04,204 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई है। 1 ग्राम सोना ₹13,935 पर पहुंच गया, जो एक दिन पहले ₹14,150 था। इसी तरह 10 ग्राम सोना ₹1,39,350 पर आ गया, यानी करीब ₹2,150 सस्ता हो गया।

24 कैरेट सोना भी सस्ता हुआ है। 10 ग्राम का भाव ₹1,46,320 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹2,260 कम है।वहीं चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। 1 किलो चांदी ₹2,65,000 से गिरकर ₹2,60,000 पर आ गई, यानी सीधे ₹5,000 की कमी आई है। 

अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये कीमती धातु अभी भी काफी सस्ती मिल रही है. दरअसल, एमसीएक्स पर सिल्वर हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम है और गुरुवार की गिरावट से तुलना करें, तो एक किलो चांदी फिलहाल हाई से 2,04,204 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

सोना भी फिर से फिसला
न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने की कीमत में भी सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली है. बुधवार को एमसीएक्स पर 5 जून की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold 1,51,776 रुपये पर बंद हुआ था और इसने भी गिरावट के साथ  1,50,647 रुपये पर कारोबार की शुरुआत की. यानी कीमती पीली धातु 1129 रुपये सस्ती हो गई। 

Silver Price की तरह ही सोना भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुआ है. ताजा गिरावट के बाद अब वायदा सोना अपने लाइफ टाइम हाई 2,02,984 रुपये की तुलना में 52,337 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम कीमत पर मिल रहा है। 

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में सीजफायर का ऐलान होने के बाद अचानक बुधवार को दोनों कीमती धातुओं के भाव में उछाल आया था. चांदी कारोबार के दौरान 15,000 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई थी, जबकि सोने का भाव भी बढ़ गया था, लेकिन इस तेजी पर एक दिन बाद ही ब्रेक लग गया। 

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Thu, 09 Apr 2026 15:55:32 +0530 news desk MPcg
Good News For India: विदेश से आई खुशखबरी, ग्लोबल टेंशन भी धुआं&धुआं https://citytoday.co.in/5455 https://citytoday.co.in/5455 नई दिल्ली

मिडिल ईस्ट युद्ध ने ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंचा दी थी. हालांकि, अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर इसके टूटने की खबरें भी सुर्खियां बनी हुई है. बीते कुछ समय में वैश्विक संकट ने तमाम देशों का हाल-बेहाल किया, लेकिन फिर भी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यस्था पर इसका असर कम ही देखने को मिला। 

अब विश्व बैंक ने भी इसे माना है और Global Tension के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में इजाफा कर खुशखबरी दी है. World Bank ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी FY27 में 6.6 फीसदी की रफ्तार से भागेगी. बता दें कि कोरोना महामारी जैसे हालातों में भी भी भारत ने अपना दम दिखाया था और इस माहामारी के संकट से सबसे तेजी के साथ उबरी थी और दुनिया ने इसका लोहा माना था। 

ग्लोबल टेंशन के बीच दी खुशखबरी
वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को अप्रैल 2026 के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट को जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले अक्तूबर 2025 में वर्ल्ड बैंक ने 6.3% की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया था. India GDP Growth Rate को लेकर नया अनुमान जाहिर करने के साथ ही वैश्विक निकाय ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर (India's Economic Growth Rate) FY26 में अनुमानित 7.6% से कम रहने की बात कही है।  

वर्ल्ड बैंक ने ये चेतावनी भी दी 
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में India GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाने के साथ ही आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर यानी GST Rates में कमी से FY27 की पहली छमाही में उपभोक्ता डिमांड को समर्थन मिलता रहेगा. हालांकि, इसके साथ ही चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि (Global Energy Price Hike) से कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों के खर्च करने की क्षमता सीमित होगी। 

खाना पकाने के फ्यूल के साथ ही फर्टिलाइजर्स पर ज्यादा सब्सिडी के कारण सरकारी खपत में ग्रोथ धीमी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट में इजाफा होने के बीच इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में कमी आ सकती है। 

साउथ एशिया की ग्रोथ में कमी 
विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावटों के चलते दक्षिण एशिया में ग्रोथ 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र की ग्रोथ कई तरह से प्रभावित हो सकती है। 

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Thu, 09 Apr 2026 14:11:56 +0530 news desk MPcg
होर्मुज की टेंशन खत्म, रूस के बाद अब यहां से भारत आ रही तेल की बड़ी खेप! https://citytoday.co.in/5452 https://citytoday.co.in/5452

नई दिल्‍ली

मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण तेल संकट पैदा हुआ है, जिस कारण कई देशों में तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच चुकी है. अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 112 डॉलर के करीब आ चुका है. इस बीच, भारत ने अपने कच्‍चे तेल के आयात में विविधता लाया है. भारत ईरानी और रूसी तेल की खरीद तो कर ही रहा है. इस बीच खबर है कि भारत को वेनेजुएला से एक बड़ी खेप मिल रही है। 

कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, दक्षिण अमेरिकी देश से पिछली खेप आने के लगभग एक साल बाद, इस महीने लगभग 10-12 मिलियन बैरल वेनेजुएला का कच्चा तेल भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है. वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू होना ऐसे समय में हुआ है, जब भारतीय रिफाइनर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर विकल्पों में विविधता ला रही हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में आने वाले कार्गो को हालिया रुकावट से काफी पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था, जो एक लंबे समय की रणनीतिक बदलाव को दिखाता है. अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रोक लगने से पहले वेनेजुएला का कच्चे तेल का आयात औसतन 1.9 मिलियन बैरल था। 

भारत के लिए बेहतर विकल्‍प है वेनेजुएला 
वेनेजुएला भारत के लिए तेल का नया मार्केट है, जो भारत का एक बड़ा विकल्‍प देता है. खासकर होर्मुज रास्‍ता बंद होने के बाद से भारत के कच्‍चे तेल की आपूर्ति पूरी कर सकता है और भारत में तेल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं और युद्ध का प्रभाव कम हो सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला से तेल आने पर इनमें से कुछ माल कोच्चि बंदरगाह पर उतारे जा सकते हैं, जहां बीपीसीएल की रिफाइनरी है। 

हर तरफ से भारत के पास आ रहा तेल
गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कंट्रोल के बाद भारतीय रिफाइनरियों और अमेरिका के बीच वेनेजुएला से तेल खरीदने की डील हुई है, जिसके तहत पहली खेप भारत आ रही है. इसके साथ ही अमेरिका द्वारा रूस और ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाने के बाद भारत रूसी और ईरानी तेल खरीद रहा है. इसके साथ ही भारत अफ्रीकी देशों से भी तेल की आपूर्ति कर रहा है, जिसमें से प्रमुख देश अंगोल है। 

क्‍यों खास है वेनेजुएला का तेल 
वेनेजुला में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार मौजूद हैं. यह एक हैवी और एक्‍स्‍ट्रा हैवी क्रूड ऑयल की बड़ी मात्रा रखता है. यह तेल भले ही रिफाइन करना थोड़ा महंगा पड़ता है, लेकिन इसकी उपलब्धता बहुत अधिक है, इसलिए लंबी अवधि में यह सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। 

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Thu, 09 Apr 2026 13:14:54 +0530 news desk MPcg
मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरातियों पर किए कमेंट के लिए मांगी माफी, कहा& हमेशा रहेगा सम्मान https://citytoday.co.in/5448 https://citytoday.co.in/5448 नई दिल्ली

केरल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन फिर भी वह खेद व्यक्त करते हैं।

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।''

दरअसल, पिछले दिनों केरल चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हालांकि, इस दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों का जिक्र किया, जिससे काफी विवाद हुआ। खरगे ने कहा था, "मोदी जी, आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।"

खरगे की टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की थी और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है और माफी की मांग की। खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल थे। गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।

पटेल ने कहा, ''ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।''

वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ''राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद "जहर" को दर्शाती हैं। संघवी ने कहा, ''अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।''

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Wed, 08 Apr 2026 19:18:55 +0530 news desk MPcg
राजनांदगांव में शराब बिक्री से रिकॉर्ड कमाई: 360 करोड़ का राजस्व, 7 नई दुकानों की तैयारी https://citytoday.co.in/5443 https://citytoday.co.in/5443 राजनांदगांव.

जिले में आबकारी विभाग के खजाने में शराब प्रेमियों में भरपूर राजस्व जमा कर दिया है। वर्ष 2025-26 में राजनांदगांव जिले में आबकारी विभाग ने छह सौ करोड़ का शराब बेच दिया। जिससे विभाग के खजाने में 360 करोड़ रुपए का राजस्व जमा हो गया है।

पिछले साल प्राप्त राजस्व 345 करोड़ का रिकार्ड टूटने के बाद आबकारी विभाग ने इस बार चार सौ करोड़ रुपए अधिक के राजस्व का अनुमान लगाया है। यही नहीं इस को देखते हुए आबकारी विभाग ने सात और दुकान खोलने की तैयारी कर ली है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल आबकारी विभाग को 585 करोड़ का शराब बेचने पर 345 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा पिछले साल से बढ़कर 360 करोड़ रुपए तक पहुंच गया हैं।

वर्ष 2025-26 में अप्रैल से मार्च तक वित्तीय वर्ष में छह सौ करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 24 फीसदी तक अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में सालभर में कुल 327 करोड़ रुपए की देशी शराब बेची गई है, यहां कुल बिक्री का लगभग 54 फीसदी है। वहीं शेष 225 करोड़ की विदेशी और 48 करोड़ विदेशी माल्ट शराब बेची गई। जिले में कुल 19 दुकानें स्थापित किए गए है।

साढ़े छह सौ करोड़ शराब बिक्री का अनुमान जिले में हाल के वित्तिय वर्ष में छह सौ करोड़ का शराब बिकने के बाद आबकारी विभाग के अफसर इस वर्ष 2026-27 में बिक्री का अनुमसान साढ़े छह सौ करोड़ रुपए तक आंक रहे है। इस बिक्री से अबकारी को चार सौ करोड़ का राजस्व प्राप्त हो सकता हैं।

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Wed, 08 Apr 2026 15:49:36 +0530 news desk MPcg
IPL 2026, दिल्ली और गुजरात के बीच आज होगी कांटे की टक्कर https://citytoday.co.in/5440 https://citytoday.co.in/5440 नई दिल्ली

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अब धीरे-धीरे चरम पर पहुंच रहा है और इसी कड़ी में 8 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम मैदान पर एक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा. द‍िल्ली कैप‍िटल्स (Delhi Capitals) और गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) आमने-सामने होंगे. यह मुकाबला टूर्नामेंट का 14वां मैच है, जो शाम 7:30 बजे शुरू होगा.

द‍िल्ली अपनी जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से अरुण जेटली के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, जो इस समय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संघर्ष कर रही है. दिल्ली के लिए अब तक के मुकाबले लगभग परफेक्ट रहे हैं, खासकर गेंदबाजी में टीम ने दमदार प्रदर्शन किया है.  

बल्लेबाजी में 22 वर्षीय समीर र‍िजवी ने बड़ी जिम्मेदारी संभाली है और सीजन की शुरुआत में ही खुद को साबित किया है. उन्होंने लगातार तीसरा आईपीएल अर्धशतक जड़ते हुए टीम को मजबूती दी है.

हालांकि, टीम को अपने टॉप ऑर्डर से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. केएल राहुल अभी तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं, लेकिन जिस तरह से वह आउट हुए हैं, उससे साफ है कि उनकी फॉर्म लौटना सिर्फ समय की बात है. वहीं नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रहे नीतीश राणा पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

श्रीलंका के पथम न‍िसंका ने पिछले मैच में शानदार बल्लेबाजी कर लय हासिल की, जिससे उन्हें गुजरात के तेज गेंदबाजों कग‍िसो रबाडा और मोहम्मद स‍िराज के खिलाफ पावरप्ले में चुनौती देने का आत्मविश्वास मिला है.

गेंदबाजी में मुकेश कुमार प्रभावी रहे हैं, जबकि कप्तान अक्षर पटेल ने पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में शानदार भूमिका निभाई है. लुंगी एनग‍िडी की मौजूदगी से आक्रमण और मजबूत हुआ है, जिसमें कुलदीप यादव और टी नटराजन जैसे गेंदबाज शामिल हैं.

दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स  की हालत चिंताजनक बनी हुई है. टीम ने अपने शुरुआती दो मुकाबले गंवाए हैं और बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर पर ज्यादा निर्भरता साफ दिखी है. साई सुदर्शन ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर जिसमें ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर और राहुल तेवतिया शामिल हैं, उसे भुना नहीं सका.

कप्तान शुभमन ग‍िल मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेल पाए थे, लेकिन स्टैंड-इन कप्तान राश‍िद खान के अनुसार वह इस मैच के लिए फिट हो सकते हैं.

गेंदबाजी में भी गुजरात को सुधार की जरूरत है. मोहम्मद स‍िराज और कग‍िसो रबाडा महंगे साबित हुए हैं, जबकि प्रस‍िद्ध कृष्णा निरंतरता नहीं दिखा पाए हैं. हालांकि राश‍िद खान ने अच्छी लय पकड़ी है और युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने प्रभावित किया है.

दिल्ली का कोटला मैदान (अरुण जेटली स्टेड‍ियम) आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार रहता है, लेकिन पिछले मैच में यहां कम स्कोर देखने को मिला था. तब मुंबई ने महज 162 रन बनाए थे, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि शाम के मुकाबले में पिच कैसा व्यवहार करती है.

गुजरात vs द‍िल्ली हेड टू हेड  
कुल मैच :7
द‍िल्ली जीता : 3
गुजरात जीता: 4

द‍िल्ली की टीम रहेगी अनचेंज
द‍िल्ली अपने लगातार दो मैच जीती है, ऐसे में उनकी प्लेइंग 11 में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वहीं शुभमन ग‍िल के आने से टीम से बाहर कौन आएगा, यह देखने वाली बात होगी.

द‍िल्ली कैप‍िटल्स की आज के मैच की संभाव‍ित प्लेइंग 11: केएल राहुल (विकेट कीपर), पथुम न‍िसंका, नीतीश राणा, व‍िप्रज निगम, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन, मुकेश कुमार.
द‍िल्ली कैप‍िटल्स इम्पैक्ट ऑप्शन: आशुतोष शर्मा, आकिब नबी, समीर रिजवी, दुष्मंथा चमीरा, करुण नायर.

गुजरात टाइटन्स की आज के मैच की संभाव‍ित प्लेइंग XI
 शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान , कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा
गुजरात टाइटन्स इम्पैक्ट ऑप्शन: शाहरुख खान, जेसन होल्डर, मानव सुथार, अनुज रावत, जयंत यादव

दिल्ली कैपिटल्स  का स्क्वॉड:
अक्षर पटेल (कप्तान), अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, व‍िप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, आकिब नबी दार, पथुम निसंका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी शॉ, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जाधव मंडल, साहिल पारख.

गुजरात टाइटन्स का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, शाहरुख खान, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वाशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, रवि श्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, इशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, पृथ्वी राज यारा, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, अरशद खान.

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Wed, 08 Apr 2026 15:36:11 +0530 news desk MPcg
MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जनजाति छात्रों को छात्रगृह योजना में ₹10,000, उज्जैन में एयरबस संचालन https://citytoday.co.in/5431 https://citytoday.co.in/5431 भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ मोहन
 यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति दी गई।

वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये
इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़
उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है।

विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है।

मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी।

संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान हेतु पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत 26 करोड़ रुपये आएगी।

राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़
वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है।

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया।

मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है।

अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के एवज में फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

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Tue, 07 Apr 2026 17:57:02 +0530 news desk MPcg
MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जनजाति छात्रों को छात्रगृह योजना में ₹10,000, उज्जैन में एयरबस संचालन https://citytoday.co.in/5430 https://citytoday.co.in/5430 भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ मोहन
 यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति दी गई।

वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये
इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़
उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है।

विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है।

मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी।

संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान हेतु पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत 26 करोड़ रुपये आएगी।

राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़
वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है।

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया।

मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है।

अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के एवज में फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

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Tue, 07 Apr 2026 17:57:02 +0530 news desk MPcg
नाम बड़े, परफॉर्मेंस जीरो! IPL के पहले हफ्ते में इन 5 स्टार खिलाड़ियों की हुई फजीहत https://citytoday.co.in/5426 https://citytoday.co.in/5426 नई दिल्ली

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का पहला हफ्ता रोमांच, करीबी मुकाबलों और कुछ चौंकाने वाले नतीजों से भरपूर रहा. जहां कुछ नए और अनजान खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर सबको प्रभावित किया. वहीं कुछ ऐसे नाम भी रहे, जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। 

हालांकि आईपीएल 2026 अभी शुरुआती दौर में ही है, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के चलते कुछ स्टार खिलाड़ी शुरुआती हफ्ते के 'फ्लॉप प्लेयर्स' की लिस्ट में शामिल हो गए. आइए जानते हैं ऐसे 5 स्टार खिलाड़ियों के बारे में, जिनका आगाज मौजूदा सीजन में निराशाजनक रहा। 

अर्शदीप सिंह: पंजाब किंग्स (PBKS) के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह मौजूदा सीजन में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. उन्होंने गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ 4 ओवर्स में 42 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके. इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ भी वह महंगे साबित हुए और 4 ओवर में बिना विकेट लिए 41 रन लुटाए. खास बात यह रही कि उन्होंने गुजरात टाइटन्स के विरुद्ध मुकाबले में 11 गेंदों का ओवर भी फेंका, जो आईपीएल के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबा ओवर रहा। 

सूंज सैमसन: विकेटकीपर बल्लेबाज सूंज सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अब तक संघर्ष करते नजर आए हैं. तीन मैचों में उन्होंने 6, 7 और 9 रन बनाए हैं, जिससे उनकी फॉर्म पर सवाल खड़े हो गए हैं. संजू हालिया आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के लिए मैच-विनर साबित हुए थे, लेकिन अब उनकी फॉर्म सीएसके के लिए सिरदर्द बन गई है। 

कैमरन ग्रीन: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी कैमरन ग्रीन भी अभी तक अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वह चोट के कारण गेंदबाजी नहीं कर सके हैं और बल्लेबाजी में भी ज्यादा योगदान नहीं दे पाए. मुंबई इंडियंस (MI) के विरुद्ध ग्रीन ने 18 रन बनाए. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मुकाबले में वो 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए। 

केएल राहुल: दिल्ली कैपिटल्स (DC) के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल का प्रदर्शन भी चौंकाने वाला रहा है. दो पारियों में वह सिर्फ 1 रन ही बना सके हैं, जबकि टीम उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद कर रही थी. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ राहुल खाता नहीं खोल पाए थे. जबकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में राहुल ने 1 रन बनाए। 

वरुण चक्रवर्ती: कोलकाता नाइट राइडर्स के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी शुरुआती दो मैचों प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं. मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में 48 रन दिए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 2 ओवर्स में 31 रन खर्च किए. उनकी गेंदबाजी में निरंतता की कमी साफ दिखी है, साथ ही लेंथ-लाइन भी भटकी रही.

पहले हफ्ते के प्रदर्शन ने इन 5 खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम में उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले मैचों में इन स्टार खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। 

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Tue, 07 Apr 2026 15:28:34 +0530 news desk MPcg
भारत की कूटनीति की ईरान ने फिर की तारीफ, युद्ध के बीच विदेश नीति पर जताया विश्वास https://citytoday.co.in/5422 https://citytoday.co.in/5422 नई दिल्ली

ईरान ने भारत की कूटनीति की तारीफ की है। सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही का कहना है कि भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। खास बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध और तेज होने के आसार हैं। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि सोमवार को डील हो सकती है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इलाही ने कहा है, 'भारतीय कूटनीति बहुत अच्छी है और वे इस मुद्दे में अधिक बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।' उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका और ईरान को युद्ध के बीच 1 महीने से ज्यादा समय हो गया है।

विदेश नीति की भी हुई थी तारीफ
कुछ दिनों पहले ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा, 'भारत निश्चित रूप से तनाव कम करने में एक प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश के रूप में और अपनी संतुलित विदेश नीति के कारण, भारत तनाव कम करने और बातचीत को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक विशेष स्थान रखता है।'

उन्होंने कहा, 'भारत के सभी पक्षों के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं, जो इसे गलतफहमियों को कम करने और राजनयिक रास्तों को मजबूत करने में एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाते हैं।'

जयशंकर को मिलाया ईरानी विदेश मंत्री ने फोन
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात की थी। उन्होंने जानकारी दी, 'ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।'

जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से भी रविवार को बात की थी। खबर है कि दोनों के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और एनर्जी सप्लाई का मुद्द उठा था। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

ट्रंप की धमकी
ट्रंप ने रविवार को ईरान को सात अप्रैल तक का समय देकर कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला तो वह अब ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। उन्होंने सात अप्रैल 'मंगलवार' को 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' घोषित कर दिया है। उन्होंने पोस्ट किया है, ईरान में मंगलवार 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' होगा, सब कुछ एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।

समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से गुजरता है। फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। इससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गयी हैं। ट्रंप का 'इसे खोल दो' कहना इसी वैश्विक संकट को खत्म करने की अंतिम चेतावनी है।

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Mon, 06 Apr 2026 20:03:46 +0530 news desk MPcg
दक्षिण मध्य रेलवे ने 487 किलोमीटर रूट पर कवच क्षेत्र परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया https://citytoday.co.in/5415 https://citytoday.co.in/5415 हैदराबाद
 दक्षिण मध्य रेलवे ने 2025-26 के दौरान 487 किलोमीटर रूट के लिए कवच क्षेत्र परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। 

कवच स्वदेशी रूप से विकसित एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसे मानवीय त्रुटि के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह किसी खतरे के सिग्नल को पार करने वाली ट्रेन के लिए स्वचालित रूप से ब्रेक लगा सकता है और स्पीड एवं सिग्नल की लगातार निगरानी करके सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में मदद करता है।

दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने रविवार को कहा कि उसने सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया है और इस दिशा में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एससीआर नेटवर्क में कवच 4.0 की स्थापना के लिए कदम उठाए गए।

जोन ने रेलवे बोर्ड के 402 रूट किलोमीटर के लक्ष्य को पार करते हुए 487 रूट किलोमीटर की दूरी के लिए फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

एससीआर ने एक बयान में कहा कि सावधानीपूर्वक योजना और प्रभावी कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप यह शानदार उपलब्धि हासिल हुई है।

जोन ने ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम भी शुरू कर दिया है, जिससे पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 357 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 479 रूट किलोमीटर (आरकेएम) की दूरी के लिए सेक्शन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।

कवच 4.0 इंस्टॉलेशन का फील्ड परीक्षण काजीपेट पेद्दामपेट (101 मार्ग किमी), मल्काजगिरि कामारेड्डी (106 मार्ग किमी), चारलापल्ली रघुनाथपल्ली (79 मार्ग किमी), गुंतकल रायचूर (120 मार्ग किमी), और मुदखेड परभणी (81) के बीच खंडों में आयोजित किया गया था। इन खंडों में लोको कवच का परीक्षण भी सफलतापूर्वक किया गया।

पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एससीआर ने काजीपेट बलहरशाह, विजयवाड़ा दुव्वाडा और वाडी रेनिगुंटा के बीच 479 रकमाल की दूरी के विभिन्न खंडों में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम को चालू किया है।

ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग एक ऐसी रेल संचालन प्रणाली है, जिसमें ट्रेनों की आवाजाही स्वचालित स्टॉप सिग्नलों द्वारा नियंत्रित होती है। ये सिग्नल ट्रेनों के गुजरने पर स्वचालित रूप से संचालित होते हैं।

एबीएस प्रणाली का उद्देश्य एक ही दिशा में चलने वाली ट्रेनों को पीछे से टक्कर के जोखिम के बिना सुरक्षित रूप से एक-दूसरे का अनुसरण करने में सक्षम बनाना है। इससे रेलवे लागत कम होती है, खंड की क्षमता में सुधार होता है और ट्रेनों की औसत गति भी बढ़ती है।

इस प्रणाली को शुरू में एससीआर नेटवर्क के उच्च घनत्व वाले और प्रमुख मुख्य मार्गों पर चालू किया जा रहा है।

एससीआर के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर सिग्नल और दूरसंचार विंग के अधिकारियों के असाधारण योगदान की सराहना की है, जिसकी बदौलत जोन ने ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और कवच फील्ड परीक्षणों को रिकॉर्ड स्तर पर सफलतापूर्वक पूरा किया है।

महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कवच और एबीएस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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Mon, 06 Apr 2026 15:28:57 +0530 news desk MPcg
ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका, 82 प्रतिशत JASSM&ER मिसाइलों की तैनाती, ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम https://citytoday.co.in/5412 https://citytoday.co.in/5412 वाशिंगटन

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में जल्द ही एक नया दौर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूएस ने अधिक लंबी दूरी की मिसाइलों को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले बेसों पर तैनात करने का फैसला किया है। ईरान युद्ध के लिए तैनात की गई यह लंबी दूरी की हथियार प्रणाली बेहद सटीक हमला करने वाले हथियारों में से एक है। लॉकहीड मार्टिन की ओर से निर्मित JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की रेंज 930 किलोमीटर से अधिक है। यह मिसाइल दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम से बाहर रहते हुए टारगेट को नष्ट करने के लिए बनाई गई है। चलिए JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की खासियत जानते हैं…

1. JASSM-ER क्रूज मिसाइल 1000 पाउंड वजन वाले पेनेट्रेटिंग ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड से लैस है, जो मजबूत ठिकानों को भेदने में सक्षम है।

2. मिसाइल को अमेरिकी वायुसेना के फाइटर जेट जैसे F-15E, F-16 और बॉम्बर जैसे B-1B, B-2, B-52H से लॉन्च किया जा सकता है।

3. JASSM-ER मिसाइल की स्टेल्थ क्षमता इसे दुश्मन के रडार से बचाती है, जिससे पायलट सुरक्षित दूरी पर रहकर हमला कर सकते हैं।

4. प्रत्येक मिसाइल की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर (12.7 करोड़ रुपये) है।

5. ईरान संघर्ष के पहले चार हफ्तों में अमेरिका ने एक हजार से अधिक JASSM-ER मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।

अमेरिका अपनी कुल JASSM-ER इन्वेंट्री का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा ईरान युद्ध के लिए समर्पित कर चुका है। युद्ध से पहले करीब 2300 मिसाइलों में से अब केवल 425 मिसाइलें ही अन्य जगहों के लिए बची हैं। प्रशांत क्षेत्र और अमेरिकी भूमि से इन मिसाइलों को सेंट्रल कमांड बेस और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड तक पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या शांति समझौता करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इस संदर्भ में B-52H बॉम्बर की तैनाती भी देखी जा रही है।

JASSM परिवार की यह विस्तारित रेंज वाली वैरिएंट 2001 से लॉकहीड मार्टिन की ओर से बनाई जा रही है और दो दशकों से अमेरिकी सेना में सेवा दे रही है। इसका इस्तेमाल न केवल ईरान बल्कि वेनेजुएला जैसे अन्य अभियानों में भी हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों का उपयोग अमेरिका की अन्य क्षेत्रों जैसे चीन के खिलाफ तैयारियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन ईरान जैसे मजबूत एयर डिफेंस वाले देश के खिलाफ यह अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था।

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान खुद को बिचौलिया बता रहा था और दावा कर रहा था कि वह ईरान अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था। न्यूज एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में सुधीर ने कहा कि पाकिस्तान कल तक खुद को मध्यस्थ बताकर ढोल पीट रहा था, लेकिन असल में वह मध्यस्थ होने से बहुत दूर था। वह ज्यादा से ज्यादा एक संदेशवाहक ही था। मध्यस्थता का मतलब होता है कि दोनों पक्ष आमने-सामने मध्यस्थ के साथ बैठकर बात करें, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इसलिए ईरान ने पाकिस्तान का ढोंग बेनकाब कर दिया है।

दरअसल, ईरान ने कथित तौर पर पाकिस्तानी धरती पर किसी भी अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी मांगों को 'अस्वीकार्य' बताया है, जिससे शीघ्र समाधान की संभावना लगभग समाप्त हो गई है और पाकिस्तान के राजनयिक प्रयास हाशिए पर चले गए हैं। यह कूटनीतिक झटका ऐसे समय में लगा है जब पाकिस्तान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से एक महीने के अंदर अपने बकाया ऋणों का भुगतान करने की मांग की है।

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Mon, 06 Apr 2026 13:25:20 +0530 news desk MPcg
सबरीमाला विवाद में नया मोड़, 7 अप्रैल से 9 जजों की महापीठ करेगी मस्जिदों और पारसी मंदिरों से जुड़े बड़े कानूनी सवालों पर सुनवाई https://citytoday.co.in/5411 https://citytoday.co.in/5411 नई दिल्ली
2018 में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा की बेंच ने 4:1 के बहुमत से सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि भक्ति को लैंगिक भेदभाव का शिकार नहीं बनाया जा सकता।

सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री पर SC की 9 जजों की पीठ करेगी सुनवाई, मस्जिदों पर भी होगा असर
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से शुरू हुआ विवाद अब एक ऐतिहासिक संवैधानिक मोड़ पर खड़ा है। 7 अप्रैल 2026 से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 9 जजों की संविधान पीठ उन व्यापक कानूनी सवालों पर सुनवाई शुरू करने जा रही है। यह न केवल हिंदू धर्म, बल्कि मुस्लिम, पारसी और दाऊदी बोहरा समुदायों की धार्मिक प्रथाओं को भी प्रभावित करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट की यह पीठ केवल सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर विचार नहीं कर रही है। अदालत के सामने असल चुनौती यह तय करना है कि क्या व्यक्तिगत मौलिक अधिकार किसी समुदाय के धार्मिक अधिकारों से ऊपर हैं। इस फैसले का असर मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश, पारसी महिलाओं के अधिकारों और दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित प्रथाओं पर भी पड़ेगा।

2018 में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा की बेंच ने 4:1 के बहुमत से सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि भक्ति को लैंगिक भेदभाव का शिकार नहीं बनाया जा सकता। एकमात्र महिला जज, जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने तब असहमति जताते हुए कहा था कि धार्मिक प्रथाओं की तर्कसंगतता की जांच करना अदालतों का काम नहीं है। नवंबर 2019 में पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि यह मुद्दा बहुत व्यापक है और इसे बड़ी बेंच (9 जजों) को भेज दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के सामने कई सवाल
संविधान पीठ कुछ मुद्दों पर स्पष्टता लाने की कोशिश कर सकती है। धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का दायरा और सीमा क्या है? अनुच्छेद 25 (व्यक्तिगत अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संप्रदाय के अधिकार) के बीच तालमेल कैसे बैठेगा? क्या धार्मिक संप्रदाय के अधिकार संविधान के 'भाग-III' (मौलिक अधिकार) के अधीन हैं? अनुच्छेद 25 और 26 में प्रयुक्त 'नैतिकता' शब्द का अर्थ क्या है? क्या इसमें संवैधानिक नैतिकता शामिल है? क्या अदालतें यह तय कर सकती हैं कि कोई धार्मिक प्रथा उस धर्म का अनिवार्य हिस्सा है या नहीं? अनुच्छेद 25(2)(b) में हिंदुओं के वर्गों का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या कोई व्यक्ति जो उस विशेष धार्मिक संप्रदाय का हिस्सा नहीं है, उसकी प्रथाओं को कोर्ट में चुनौती दे सकता है?

अन्य धर्मों पर भी होगा असर
यह सुनवाई इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें कई अन्य विवादों को जोड़ दिया गया है। मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश का अधिकार। दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित 'बहिष्कार' और अन्य प्रथाओं की वैधता। गैर-पारसी से शादी करने वाली पारसी महिलाओं के 'अग्नि मंदिर' में प्रवेश का अधिकार। आपको बता दें कि अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कई जैन संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है, क्योंकि कोर्ट का फैसला उनके व्यक्तिगत कानूनों को प्रभावित कर सकता है।

नई बेंच का गठन
CJI सूर्य कांत के नेतृत्व वाली इस बेंच में विविधता का ध्यान रखा गया है। इसमें जस्टिस बीवी नागरत्ना सहित देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए अनुभवी जज शामिल हैं। 7 अप्रैल से होने वाली यह दैनिक सुनवाई भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक व्याख्याओं में से एक साबित होगी। अदालत के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि संविधान का अनुच्छेद 25 धर्म मानने की आजादी देता है, लेकिन साथ ही यह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कोई भी प्रथा जो महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है, वह धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं हो सकती। धार्मिक संस्थाओं का तर्क है कि धर्म की अपनी आंतरिक स्वायत्तता होती है और अदालतों को सदियों पुरानी परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

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Mon, 06 Apr 2026 13:06:46 +0530 news desk MPcg
दो दशक में पहली बार अमेरिका को लगा ऐसा झटका, ईरान ने दिखाई ताकत; 13 सैनिक भी मारे गए https://citytoday.co.in/5405 https://citytoday.co.in/5405 वाशिंगटन/ तेहरान 

ईरान युद्ध में अमेरिका को जो झटका लगा है वैसा झटका पिछले दो दशक में कभी नहीं लगा। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी वायुसेना को दो विमानों को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि एक पायलट की जान बच गई है जबकि दूसरा लापता है। पिछले 20 साल में ऐसा नहीं हुआ कि अमेरिकी सेना के दो विमान विदेशी धरती पर गिरा दिए गए हों। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं कि ईरान एकदम कमजोर हो गया है तो दूसरी तरफ ईरान कहता है कि वजह जवाब देने के लिए तैयार है। दो दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ''ईरान को हरा दिया है और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हम अपने काम को बहुत तेजी से पूरा करने जा रहे हैं।'

इराक में गिराया गया था अमेरिका का विमान
ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका का एफ-15ई स्ट्राइक ईगल मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक एक पायलट को बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश जारी है। ईरान की मीडिया ने दावा किया है कि यूएस ए-10 विमान को भी निशाना बनाया गया है। इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ए-10 थंडरबोल्ट II को गिराया गया था। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अब तक ऐसा कोई भी देश नहीं कर पाया, यह कोई चमत्कार से कम नहीं है।

मारे गए 13 अमेरिकी सैनिक
इस युद्ध के दौरान अब तक कुल 365 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जबकि 13 सैनिकों की मौत हुई है। बीसीसी ने अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के हवासे से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि इन आंकड़ों में ईरान में हाल ही में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के मार गिराये जाने और लापता चालक दल को खोजने के लिए चलाए गये बचाव अभियान के दौरान घायल हुए सैनिक भी घायलों की इस सूची में शामिल हैं या नहीं।

अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 13 ही बनी हुई है। युद्ध के दौरान घायल हुए अमेरिकी सैनिकों में सेना के 247 जवान, नौ सेना के 63 जवान, वायु सेना के 36 जवान और 19 मरीन सैनिक शामिल हैं।

नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य स्थिति पर चर्चा करते हुए पहले कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी। चालक दल की स्थिति और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का सटीक स्थान भी तुरंत ज्ञात नहीं हो सका।

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Sat, 04 Apr 2026 19:31:40 +0530 news desk MPcg
हाई से अब भी ₹2.06 लाख सस्ती चांदी, सोना ₹53,000 टूटा, जानें ताजे भाव https://citytoday.co.in/5403 https://citytoday.co.in/5403 मुंबई 

सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) बीते सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव के बाद भी बढ़त में रहीं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ, तो वहीं चांदी का भीव 2,32,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इन रेट्स की तुलना दोनों कीमती धातुओं के हाई लेवल से करें, तो ये अभी भी क्रैश (Gold-Silver Price Crash From High) नजर आ रही हैं. जी हां, चांदी जहां हाई से 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना 53000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है। 
     
हाई छूने के बाद क्रैश होती गई चांदी 
चांदी की कीमत एमसीएक्स पर अपने हाई को छूने के बाद से संभली नजर नहीं आई है. इस साल जनवरी महीने में इतिहास में पहली बार 1 Kg Silver Price 4 लाख रुपये के पार पहुंचा था और 4,39,337 रुपये के लेवल छू लिया था. इसके बाद इसमें तेज गिरावट देखने को मिली. हालांकि, बीच-बीच में उछाल भी आया, लेकिन वर्तमान 2,32,600 रुपये प्रति किलो के भाव के आधार पर कैलकुलेशन करें, तो चांदी 2,06,737 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

सोना भी फिर न छू सका हाई
न सिर्फ चांदी, बल्कि सोना भी अपने लाइफ टाइम हाई को फिर से नहीं छू सका. चांदी की तरह ही जनवरी महीने में Gold Rate ने एमसीएक्स पर 2 लाख रुपये का लेवल पार किया था और रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. वहीं बीते गुरुवार को ये गिरावट के साथ 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ. ऐसे में अपने हाई से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 53,334 रुपये कम हो गया है। 
       
बीते हफ्ते ऐसा था हाल 
बात सिर्फ बीते सप्ताह सोना-चांदी की कीमतों में आए चेंज की करें, तो एमसीएक्स पर 2 अप्रैल को  5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,49,650 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि 27 मार्च को ये 1,47,255 रुपये था. यानी हफ्तेभर में ये कीमती पीली धातु 2395 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगी हुई है. चांदी का भाव देखें, तो ये 2,27,954 रुपये से चढ़कर बीते सप्ताह 2,32,600 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई यानी इसमें 4646 रुपये की तेजी आई।          
       
घरेलू मार्केट में सोना-चांदी 
MCX के बाद घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की कीमतों को देखें, तो पिछले सप्ताह महज तीन कारोबार दिन में ट्रेड हुआ. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक 24 कैरेट सोना 27  मार्च को 24 कैरेट सोना 1,42,942 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि 2 अप्रैल को ये 1,46,608 रुपये पर क्लोज हुआ यानी यहां भी Gold Rate में 3666 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया. चांदी को देखें, तो घरेलू मार्केट में ये कीमती धातु 2,21,647 रुपये से बढ़कर 2,27,813 रुपये प्रति किलो हो गई. यानी 1 किलो चांदी की कीमत 6166 रुपये बढ़ गई।    
      
 घरेलू मार्केट में GST+Making Charge
गौरतलब है कि आईबीजेए द्वारा अपडेट किए जाने वाले गोल्ड-सिल्वर रेट्स देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब सर्राफा दुकान पर ज्वेलरी खरीदने के लिए जाते हैं, तो उस पर तय 3 फीसदी जीएसटी के साथ मेकिंग चार्ज भी देना होता है. ये मेकिंग चार्ज विभिन्न शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से सोना-चांदी की कीमत बढ़ जाती है। 

विदेशों में भी सोना-चांदी सस्ता, ये हैं कारण
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. COMEX पर सोना करीब 2 फीसदी गिरकर 4317 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गया, तो चांदी की कीमत गिरकर 66.89 डॉलर प्रति औंस पर नजर आई।  

Gold-Silver Rates में जारी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा लोगों को सता रहा है. दूसरी ओर अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा बीते सप्ताह ब्याज दरों में कटौती न करने के फैसले ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर जारी अनिश्चितता ने भी इस गिरावट को रफ्तार देने का काम किया है. इसके अलावा मंगलवार को भी अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिसका दबाव सोना-चांदी पर पड़ा। 

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Sat, 04 Apr 2026 18:11:33 +0530 news desk MPcg
DC vs MI, अरुण जेटली स्टेडियम में आज भिड़ेंगे दिल्ली और मुंबई, जानें पिच रिपोर्ट और हेड&टू&हेड आंकड़े https://citytoday.co.in/5399 https://citytoday.co.in/5399  नई दिल्ली
दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 का 8वां मुकाबला आज यानी शनिवार, 4 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। डीसी वर्सेस एमआई मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या- आधा घंटा पहले यानी 3 बजे मैदान पर उतरेंगे। दोनों ही टीमें यहां अपना-अपना पहला मैच जीतकर पहुंची है। दिल्ली ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को तो मुंबई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने पहले मैच में धूल चटाई थी। आज दोनों टीमों की नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर होगी। आईए एक नजर डीसी वर्सेस एमआई पिच रिपोर्ट पर डालते हैं-

DC vs MI पिच रिपोर्ट
अरुण जेटली स्टेडियम (कोटला) की सतह से बल्लेबाजों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है। 2023 के ODI वर्ल्ड कप के बाद से, यह उन मैदानों में से एक रहा है जहां स्कोरिंग रेट सबसे ज्यादा रहा है। T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान, इस जगह पर हाई-स्कोरिंग मैच हुए थे, और IPL में भी ऐसा ही रहने की संभावना है। क्योंकि यह दिन का मैच है, इसलिए ओस का कोई रोल नहीं होगा, इसलिए टॉस कोई मायने नहीं रखेगा। हालांकि, मैच से एक दिन पहले नई दिल्ली में बारिश होने के बाद सतह को ढक दिया गया है। इसलिए, पहले गेंदबाजी करना अभी भी सही विकल्प हो सकता है।
अरुण जेटली स्टेडियम IPL रिकॉर्ड

DC vs MI हेड टू हेड
दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस की आईपीएल में अभी तक 37 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें 21 मैच एमआई ने तो 16 मैच डीसी ने जीते हैं। पिछले 5 मैचों में मुंबई ने 4 बार दिल्ली को धूल चटाई है।

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Sat, 04 Apr 2026 13:47:09 +0530 news desk MPcg
रामायण’ में डबल रोल में नजर आएंगे रणबीर कपूर, निभाएंगे राम और परशुराम का किरदार https://citytoday.co.in/5397 https://citytoday.co.in/5397 मुंबई 

नितेश तिवारी की 'रामायण' का टीजर रिलीज हो चुका है. फिल्म में रणबीर कपूर प्रभु राम की भूमिका निभा रहे हैं. पर टीजर रिलीज होने के बाद एक्टर ने फिल्म में डबल रोल की पुष्टि की है. ये पढ़कर थोड़ा हैरान हुए होंगे, लेकिन यही सच है। 

रणबीर ने कंफर्म किया डबल रोल 
रणबीर कपूर ने नितेश तिवारी की 'रामायण' में डबल रोल को कंफर्म किया है. वो राम के किरदार के अलावा भगवान परशुराम के रूप में भी दिखाई देंगे, जो राम से पहले विष्णु के अवतार थे. हालांकि, फिल्म में परशुराम का रोल कुछ देर का ही होगा। 

टीजर रिलीज के बाद Collider को दिए इंटरव्यू में रणबीर ने बताया कि उन्होंने राम और परशुराम के अलग-अलग स्वभाव को बॉडी लैंग्वेज और आवाज से निभाया है. टीजर लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के अलग-अलग अवतार हुए. भगवान राम एक अवतार थे और भगवान परशुराम, राम से पहले का अवतार थे। 

रणबीर ने आगे कहा, भगवान राम का रोल निभाने का मौका मिला, तो परशुराम का रोल निभाना भी शानदार रहा. एक्टर के तौर पर बॉडी लैंग्वेज के अलावा, अगर आप किरदारों की आध्यात्मिकता और भावनाओं को गहराई से समझ लें, तो सब कुछ वहीं से शुरू हो जाता है. रामायण की शूटिंग से एक साल पहले मैंने इन्हीं किरदारों को समझने की कोशिश की. वो कौन हैं, वो किस चीज के लिए खड़े हुए थे और उनका मकसद क्या था। 

फिल्म के टीजर में राम और परशुराम के भिड़ंत का संकेत है, जैसा कि महाकाव्य में है – सीता से शादी के बाद अयोध्या लौटते वक्त राम की मुलाकात पशुराम से होती है. कथा के अनुसार, परशुराम, राम को युद्ध के लिए ललकारते हैं, लेकिन लड़ाई नहीं होती, क्योंकि उन्हें पता चलता है कि राम भी विष्णु का अवतार हैं। 

रणबीर कपूर भगवान राम बनेंगे, साईं पल्लवी माता सीता, केजीएफ स्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दूबे लक्ष्मण. काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा का रोल निभाएंगी. अरुण गोविल, कुणाल कपूर, अदिनाथ कोठारे, शीबा चड्ढा और इंदिरा कृष्णन भी फिल्म का हिस्सा है।  

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Sat, 04 Apr 2026 13:35:22 +0530 news desk MPcg
तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा कदम, 40 पेट्रोकेमिकल पर कस्टम ड्यूटी जीरो की गई https://citytoday.co.in/5387 https://citytoday.co.in/5387 नई दिल्‍ली

ईरान युद्ध के कारण बढ़ते तेल संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए 40 महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) को पूरी तरह से माफ कर दिया है. वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार, 2 अप्रैल को इस संबंध में एक आदेश जारी किया. इस कदम का उद्देश्य कच्चे माल की कीमतों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुरक्षित रखना है. मंत्रालय के अनुसार, इन उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी की छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। 

पेट्रोकेमिकल्स लगभग हर उद्योग में इस्‍तेमाल होते हैं. सरकार के इस फैसले प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल (कपड़ा), फार्मास्युटिकल (दवा), ऑटो कंपोनेंट्स और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा. ड्यूटी हटने से इन उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी और इनको कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा। 

इन पर शून्‍य हुआ शुल्‍क

    केमिकल्स: एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और फिनोल.
    इंडस्ट्रियल कच्‍चा माल: एसेटिक एसिड, प्यूरिफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), और एपॉक्सी रेजिन। 

    पॉलिमर: एथिलीन के पॉलिमर और विभिन्न प्रकार के फॉर्मल्डिहाइड। 

निर्यातकों को भी राहत
ईरान युद्ध के कारण समुद्री व्‍यापार में आई रुकावट को देखते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने निर्यातकों को भी बड़ी सहायता दी है. पिछले महीने ही सरकार ने सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट योजना (RoDTEP) के तहत दरें और वैल्यू कैप बहाल कर दिए गए हैं. यह उन निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है जो खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते माल ढुलाई (Freight) खर्च और युद्ध से जुड़े जोखिमों के कारण व्यापारिक नुकसान झेल रहे थे। 

देश में नहीं ईंधन की कमी
सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है. यह रणनीतिक भंडार किसी भी अल्पकालिक आपूर्ति बाधा से निपटने के लिए सक्षम है. सरकार लगातार वैश्विक स्रोतों से ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है ताकि देश की विकास दर पर कोई आंच न आए। 

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Thu, 02 Apr 2026 13:46:04 +0530 news desk MPcg
वन स्टॉप सेंटर में होगा क्वांटम कंप्यूटिंग के हर अत्याधुनिक विषय का समाधान : डॉ. गोस्वामी https://citytoday.co.in/5384 https://citytoday.co.in/5384 लखनऊ

बदलते साइबर अपराध के तौर-तरीकों पर लगाम कसने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में 500 से ज्यादा साइबर फॉरेंसिक वारियर तैयार किए जा रहे हैं, जो भविष्य में सीमापार हैकिंग, एआई जनित फिशिंग, डीपफेक और उभरते डिजिटल खतरों से मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित मीट माई मेन्टोर कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में साइबर अपराध का स्वरूप और अधिक जटिल होगा, लेकिन यूपी की यह पहल इसे रोकने में निर्णायक साबित होगी।

अब वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक की समस्या से निपटना होगा आसान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, भारत सरकार के सदस्य डॉ. अजय सिंह ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान विश्वस्तरीय बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नए साइबर खतरों से निपटने में अत्यंत कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज साइबर खतरे केवल ईमेल या एसएमएस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक वीडियो और फर्जी वीडियो कॉल के जरिए भी बड़े पैमाने पर अपराध किए जा रहे हैं। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के जरिए इन खतरों से निपटना आसान हो जाएगा।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण

डॉ. अजय सिंह ने चेताया कि अब ऐसे मालवेयर सामने आ रहे हैं जो खुद सीख सकते हैं और अपने आप विकसित होकर सुरक्षा तंत्र को भी चकमा दे सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की सीमाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डेटा पर हमला कई संगठनों को प्रभावित करता है। ऐसे में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली हैं क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें

संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली हैं और यही समय है जब युवाओं को इसके लिए तैयार किया जाए। उन्होंने छात्रों को कानूनी, फॉरेंसिक और तकनीकी ज्ञान को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक वन-स्टॉप सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों का भी समाधान मिलेगा। आज की तैयारी ही भविष्य के नेतृत्व को तय करेगी।

वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार

डॉ. गोस्वामी ने यह भी कहा कि जटिल विषयों को समझने का तरीका ही उन्हें सरल बनाता है और यही संस्थान का उद्देश्य है। हम अपने छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं। 
इस अवसर पर उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी, अतुल यादव, पीआरओ संतोष तिवारी, फेकल्टी डॉ. सपना शर्मा, डॉ. श्रुतिदास गुप्ता, डॉ. प्रीती, डॉ. कमलेश दुबे, डॉ. नेहा, डॉ. पोरवी सिंह, डॉ. स्नेहा, डॉ. स्नेहिल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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Wed, 01 Apr 2026 20:09:25 +0530 news desk MPcg
GST से भरा सरकारी खजाना, मार्च में 8.8% उछला, ₹2 लाख करोड़ के पार कलेक्शन https://citytoday.co.in/5383 https://citytoday.co.in/5383 नई दिल्ली

 जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर अच्छी खबर है। मार्च 2026 में देश की GST कलेक्शन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नेट GST कलेक्शन बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले महीने के मुकाबले 8.2% ज्यादा है। इससे साफ है कि देश में कारोबार और खपत दोनों में मजबूती बनी हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स कलेक्शन में यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों के लगातार सुधरने का संकेत देती है।

वहीं, अगर ग्रॉस GST कलेक्शन की बात करें तो मार्च में यह 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 8.8% ज्यादा है। लगातार बढ़ती GST वसूली सरकार के राजस्व को मजबूत कर रही है और आने वाले समय में विकास योजनाओं को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

0.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए
रिफंड्स की बात करें तो मार्च महीने में कुल 0.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो साल-दर-साल आधार पर 13.8% ज्यादा है। रिफंड बढ़ने के बावजूद सरकार की नेट कमाई मजबूत बनी हुई है, जो 1.78 लाख करोड़ रुपये रही। इससे यह भी संकेत मिलता है कि एक्सपोर्ट और कारोबार से जुड़े सेक्टर्स में गतिविधि तेज हुई है।

ग्रॉस रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा
रेवेन्यू के अलग-अलग हिस्सों पर नजर डालें तो घरेलू लेनदेन से मिलने वाला ग्रॉस रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 5.9% की बढ़त हुई। वहीं, इंपोर्ट से मिलने वाला रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 17.8% की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। इसका मतलब है कि देश में आयात गतिविधियां भी काफी मजबूत रही हैं।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो ग्रॉस GST कलेक्शन 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं नेट GST रेवेन्यू 7.1% की बढ़त के साथ 19.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। राज्यों में महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया, जहां से करीब 0.13 लाख करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ। इसके बाद कर्नाटक और गुजरात का स्थान रहा।

कैसे रहे राज्यों के प्रदर्शन
राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कई राज्यों में GST कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। वहीं कुछ राज्यों में गिरावट भी दर्ज की गई, जैसे जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है।

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Wed, 01 Apr 2026 20:02:11 +0530 news desk MPcg
वित्तीय वर्ष के पहले दिन महंगाई का असर, कमर्शियल LPG की कीमतों में ₹195.5 का इजाफा https://citytoday.co.in/5377 https://citytoday.co.in/5377 Wed, 01 Apr 2026 14:05:21 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5368 https://citytoday.co.in/5368 मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बाबा विश्वनाथ से की प्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना
क्रॉउड मैनेजमेंट, दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया भ्रमण

भोपाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत देवादिदेव महादेव काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन कर मध्यप्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पावन गंगा घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ माँ गंगा का पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया। दर्शन और पूजन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम में आकर जो आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह अद्भुत है।

काशी-महाकाल के बीच व्यवस्थाओं का साझा संगम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

सिंहस्थ-2028 के लिए प्रबंधन का रोडमैप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के अनुभवों को मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रेजेंटेशन से कॉरिडोर में तीर्थयात्री प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल (भीड़ प्रबंधन), दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख लेकर हम उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन की उच्चतम और सुगम व्यवस्था देना हमारा लक्ष्य है। प्रेजेंटेशन से तीर्थ स्थल प्रबंधन की एसओपी (SOP) को समझा। इसमें रियल टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जोन-बेस्ड क्राउड कंट्रोल, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 'ग्लोबल सनातन' पुस्तक भी भेंट की गई।

वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का भव्य मंचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आगामी 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान के माध्यम से आयोजित होने वाले इस महानाट्य में सैकड़ों कलाकार हिस्सा लेंगे, जिसमें हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ प्राचीन विधाओं का जीवंत प्रदर्शन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते आर्थिक और बुनियादी ढांचे के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से दोनों राज्यों के किसानों का भाग्य बदल रहा है। दोनों राज्यों के किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भ्रमण और बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान के साथ अपर मुख्य सचिव राघवेंद्र सिंह, सचिव पर्यटन डॉ. इलैया राजा टी, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, वाराणसी कलेक्टर सत्येंद्र सिंह और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्व भूषण मिश्र सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Tue, 31 Mar 2026 18:26:23 +0530 news desk MPcg
बिना फेरे ही पति&पत्नी: स्थिर रिश्ते वाले लिव&इन कपल्स को माना जाएगा मैरिड, जनगणना के नए नियम ने चौंकाया https://citytoday.co.in/5364 https://citytoday.co.in/5364 नई दिल्ली
आज के बदलते समाज में रिश्तों की परिभाषाएं तेजी से बदल रही हैं. जो रिश्ते कभी सामाजिक स्वीकृति के लिए तरसते थे, अब वे सरकारी दस्तावेजों में भी अपनी जगह बनाने लगे हैं. जनगणना 2027 से जुड़ा एक नया FAQ इसी बदलाव की झलक देता है. अगर कोई लिव-इन कपल खुद को ‘स्थिर संबंध’ में मानता है, तो उसे ‘मैरिड’ यानी विवाहित के रूप में गिना जाएगा. यह फैसला सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि समाज की बदलती सोच का संकेत भी है. हालांकि इस पर बहस भी तेज हो गई है कि क्या बिना शादी के ऐसे रिश्तों को शादी के बराबर मान लेना सही है या इससे पारंपरिक मूल्यों पर असर पड़ेगा। 

रिपोर्ट के अनुसार दूसरी तरफ यह कदम उन लोगों के लिए राहत की तरह देखा जा रहा है जो लंबे समय से लिव-इन में रह रहे हैं लेकिन सामाजिक या कानूनी मान्यता के अभाव में कई सुविधाओं से वंचित रहते थे. सरकार का यह रुख दर्शाता है कि वह अब लोगों की निजी पसंद और जीवनशैली को ज्यादा सम्मान देने की दिशा में बढ़ रही है. लेकिन सवाल यह भी उठता है कि ‘स्थिर रिश्ता’ की परिभाषा क्या होगी और इसका दुरुपयोग कैसे रोका जाएगा. यही वजह है कि यह फैसला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। 

जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक पहले भी अगर साथ रह रहे अविवाहित कपल्स खुद को मैरिड बताते थे, तो उनकी जानकारी उसी आधार पर दर्ज की जाती थी. जनगणना के हाउस लिस्टिंग फेज में घर में रहने वाले शादीशुदा कपल की संख्या से जुड़ा सवाल भी शामिल है. यह स्टेज कुल 45 दिनों तक चलेगा. इसमें पहले 15 दिन सेल्फ एन्यूमरेशन और उसके बाद 30 दिन एन्यूमरेटर के जरिए जानकारी जुटाई जाएगी. सेल्फ एन्यूमरेशन की शुरुआत 1 अप्रैल से दिल्ली के NDMC इलाके से होगी, जहां कोई भी जिम्मेदार वयस्क OTP के जरिए लॉग इन कर अपने घर के सभी सदस्यों की जानकारी भर सकता है। 

क्या है नया नियम, क्यों मचा है विवाद, कैसे होगा असर?
    जनगणना 2027 के लिए तैयार किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई कपल खुद को एक स्थिर संबंध में मानता है, तो उसे विवाहित के रूप में गिना जाएगा. खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह का कानूनी दस्तावेज या प्रमाण देना जरूरी नहीं होगा. जो भी जानकारी दी जाएगी, उसे व्यक्ति के ‘ज्ञान और विश्वास’ के आधार पर दर्ज किया जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और लोग खुद ही अपने परिवार का डेटा पोर्टल पर भर सकेंगे। 

    इस नई व्यवस्था में 45 दिनों का हाउसलिस्टिंग फेज रखा गया है. इसमें पहले 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन के होंगे और बाकी 30 दिन एन्यूमरेटर द्वारा सत्यापन के लिए होंगे. यह सुविधा 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और इसमें घर की लोकेशन को जियो-टैग करना भी जरूरी होगा. इससे डेटा अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सकेगा। 

क्या लिव-इन कपल को अब पूरी तरह शादीशुदा माना जाएगा?
नहीं, यह मान्यता केवल जनगणना के डेटा संग्रह के लिए है. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें कानूनी तौर पर पति-पत्नी का दर्जा मिल जाएगा. यह सिर्फ आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने की एक प्रक्रिया है ताकि वास्तविक सामाजिक संरचना को बेहतर तरीके से समझा जा सके। 

’स्थिर संबंध’ की पहचान कैसे होगी?
इसका कोई सख्त कानूनी पैमाना तय नहीं किया गया है. अगर कपल खुद को स्थिर और लंबे समय के रिश्ते में मानता है, तो उसे उसी आधार पर दर्ज किया जाएगा. यह पूरी तरह व्यक्ति की घोषणा पर आधारित है, जिससे कुछ लोग इसे लचीला तो कुछ लोग इसे अस्पष्ट मान रहे हैं। 

क्या इस फैसले का सामाजिक असर पड़ेगा?
संभावना है कि इसका असर पड़ेगा. इससे लिव-इन रिश्तों को सामाजिक स्वीकृति मिल सकती है और ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोग ज्यादा खुलकर सामने आ सकते हैं. वहीं, पारंपरिक सोच रखने वाले लोग इसे परिवार व्यवस्था के लिए चुनौती के रूप में भी देख सकते हैं। 

जनगणना में डिजिटल बदलाव और नई प्रक्रिया
इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीक पर आधारित होगी. लोग घर बैठे पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भर सकेंगे. OTP वेरिफिकेशन, जियो-टैगिंग और डिजिटल फॉर्म जैसी सुविधाएं इसे आसान बनाएंगी. हालांकि, गलत जानकारी या लोकेशन डालने पर डेटा में गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

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Tue, 31 Mar 2026 14:12:28 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हमला: कांग्रेस ने नक्सलवादियों को बचाकर रखा, भूपेश से पूछो; बघेल बोले& झूठ, सबूत सार्वजनिक करें https://citytoday.co.in/5363 https://citytoday.co.in/5363 रायपुर 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद के समूह खात्मे का लक्ष्य दिया था और एक दिन पहले संसद से उन्होंने कहा- ''पूरी प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने के बाद देश को सूचित किया जाएगा लेकिन मैं ऐसा बोल सकता हूं कि हम नक्सलमुक्त हो गए हैं।''

उन्होंने आगे कहा- मोदी सरकार की सबसे बडी उपलबद्धि नक्सलमुक्त भारत है। साथ ही आरोप लगाया कि यह काम दो साल पहले ही हो गया होता अगर कांग्रेस साथ देती। छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने साथ दिया होता तो 2024 में नक्सलवाद का सफाया हो सकता था।

लोकसभा में दिया जवाब
सोमवार को लोकसभा में देश से नक्सलवाद पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा जिम्मेदार है। उन्होंने इस दौरान इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह व पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम के नक्सलवादियों को किसी न किसी रूप में प्रश्रय देने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया।

शाह के भाषण की 6 बड़ी बातें:

1.बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म: बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चलाया गया। हर गांव में राशन की दुकान, हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है।

2. नक्सलवाद की वकालत करने वालों से सवाल: जो नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, उनसे पूछना चाहता हूं कि आदिवासियों के पास अब तक विकास क्यों नहीं पहुंचा। बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए, क्योंकि इस क्षेत्र पर 'लाल आतंक' का साया मंडरा रहा था। आज वह साया हट गया है और बस्तर अब विकास के पथ पर अग्रसर है।

3. 60 साल तो कांग्रेस सरकार में रही: 70 में से 60 साल कांग्रेस की सरकार रही। आपने क्यों नहीं किया विकास। आज आप हिसाब मांग रहे हो। इंदिरा गांधी माओवादी विचारधारा की गिरफ्त में थीं। उनके कार्यकाल में नक्सलवाड़ी से शुरू हुआ आंदोलन 12 राज्यों, 17 प्रतिशत भू-भाग 10 प्रतिशत से ज्यादा आबादी में फैल गया।

4. मनमोहन ने कहा था- माओवादी देश की सबसे बड़ी समस्या : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकारा था कि जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट की तुलना में देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे बड़ी समस्या माओवादी है। 2014 में बदलाव हुआ। धारा 370 हटी, 35-ए हटा, राम मंदिर बना, CAA कानून आ गया है, विधायी मंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण मिल गया है।

5. नक्सलियों की तुलना भगत सिंह की, ये क्या हिमाकत है : कुछ लोगों ने भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा से तुलना कर दी। ये क्या हिमाकत है। भगत सिंह और बिरसा मुंडा अंग्रेजों से लड़े और आप इनकी तुलना संविधान तोड़कर हथियार हाथ में लेकर निर्दोषों की हत्या करने वालों से कर रहे हैं। इनको अपनों का भी खून बहाने से परहेज नहीं है।

6.कुछ लोगों की मानवता सिर्फ हथियार उठाने वालों के लिए: मैं उन ‘अर्बन नक्सलियों’ से एक सवाल पूछना चाहता हूं, जो इन लोगों के समर्थन में सामने आए हैं। वे कहते हैं कि नक्सली न्याय के लिए लड़ रहे हैं, इसलिए उन्हें मारा नहीं जाना चाहिए। उनसे सहानुभूति रखनी चाहिए। ऐसा लगता है कि आपकी मानवता सिर्फ संविधान का उल्लंघन करने वालों और हथियार उठाने वालों के लिए हैं। यह उन आम नागरिकों तक नहीं पहुंचती, जो इन्हीं हथियारों से मारे जा रहे हैं।

चर्चा में कई सदस्यों ने भाग लिया

सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के विषय पर रखी गई चर्चा में कई सदस्यों ने भाग लिया था। करीब छह घंटे तक चली इस चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद को लेकर जहां 1970 से 2026 तक उठाए गए एक-एक कदमों का जिक्र किया। वहीं बताया कि इनमें से अधिकांश समय कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही, लेकिन इसके बाद भी यह समस्या खत्म होने के बजाय और बढ़ी है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि गरीबी के कारण नक्सलवाद इन क्षेत्रों में नहीं पहुंची थी, बल्कि नक्सलवाद के कारण इन क्षेत्रों में गरीबी रही। क्योंकि इन्होंने बैंक, अस्पताल, स्कूल जला दिए थे। हथियारबंद वामपंथियों ने इस क्षेत्रों को अपने सबसे सुरक्षित ठिकाने के लिए रूप में चुना गया था, क्योंकि इन क्षेत्रों में वह छुप सकते थे। जो लोग पिछडेपन का नरेटिव खड़ा कर रहे है, वह पूरी तरह से गलत है। कुछ लोग मारे जा रेह नक्सलियों के लिए लेख लिखते हैं लेकिन उनके बारे में एक शब्द नहीं कहते जो इनकी गोलियों से मारे जाते हैं।
अब नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यदि ये आदिवासी विचारधारा को मानने वाले होते तो इनके आदर्श तिलका मांझी व भगवान बिरसा मुंडा होते, लेकिन इन्होंने अपना आदर्श माओ माना है। ये अपने आदर्श तय करने में भी विदेश से इंपोर्ट करते है। गृह मंत्री शाह ने दावा कि देश से अब नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो गया है, वैसे तो यह 2024 में ही खत्म हो गया होता, जो बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सिमट भी गया था लेकिन छत्तीसगढ़ की उस समय कांग्रेस और भूपेश बघेल सरकार नक्सलियों का समर्थन कर रही थी।

कांग्रेस सांसदों की इस दौरान आपत्ति पर शाह ने कहा कि बघेल से पूछ लीजिएगा, हम इसके प्रमाण भी दे देंगे। शाह ने मौजूदा समय में नक्सलवादियों का सारा कैडर समाप्त हो चुका है। इनमें से अधिकांश ने सरेंडर कर दिया है, या पकड़े गए या मार दिए गए है।
शाह बोले- जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा

शाह ने कहा कि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मैं उनसे पूछता हूं। क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं; विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि वह दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है। वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि देश में माओवादी हिंसा करने के वालों के दिन अब खत्म हो गए है। हथियार उठाने वालों का हिसाब होगा।

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Tue, 31 Mar 2026 13:42:18 +0530 news desk MPcg
देहरादून में ओवरटेकिंग विवाद बना खूनखराबा, टहल रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत https://citytoday.co.in/5362 https://citytoday.co.in/5362 देहरादून
देहरादून में मसूरी रोड पर सोमवार सुबह-सुबह रोडरोज के बाद उपजे विवाद में गोलीकांड की घटना से हड़कंप मच गया। रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर वीके जोशी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मामले में बताया जा रहा है कि राजपुर रोड पर दो कार सवारों में ओवरटेकिंग को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों पक्षों में गोलियां चलनी शुरू हो गई। गोली टहल रहे रिटायर्ड आर्मी अफसर को लग गई। वारदात सुबह 6:50 बजे देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के जौहरी गांव स्थित तुला अपार्टमेंट के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर वीके जोशी रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे, तभी अचानक गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

दो गाड़ियों के बीच फायरिंग, चपेट में आए ब्रिगेडियर
पुलिस के अनुसार, इलाके में दो वाहनों में सवार लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद फायरिंग में बदल गया। इसी दौरान चली एक गोली ब्रिगेडियर को जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही जान चली गई। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “मैं सुबह टहल रहा था, तभी गोली चलने की आवाज सुनी। जब मौके पर पहुंचा तो पता चला कि ब्रिगेडियर को गोली लगी है। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि दो गाड़ियों में सवार लोग आपस में फायरिंग कर रहे थे।”

घटना के बाद इलाके में हड़कंप
देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। हमलावरों की पहचान करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मसूरी रोड पर दिल्ली नंबर की एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो में सवार लोगों के बीच ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई थी। यह मामूली बहस कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर का पीछा किया और उसे रोकने के इरादे से उसके टायरों पर गोलियां चलाईं।

पेड़ से टकराई कार, फिर भी नहीं रुके हमलावर
फायरिंग से बचने की कोशिश में भाग रही फॉर्च्यूनर जोहड़ी गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद भी हमलावर नहीं रुके और स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने कार में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की, साथ ही वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले में फॉर्च्यूनर में बैठे दो लोग घायल हो गए, जिन्हें उनके साथियों ने अस्पताल पहुंचाया।

वारदात के बाद आरोपी फरार, पुलिस अलर्ट
घटना को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

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Mon, 30 Mar 2026 20:32:52 +0530 news desk MPcg
OBC आरक्षण: SC ने आदेश में किया संशोधन, 2 मामले किए रिकॉल, 87&13 फार्मूले को दी गई चुनौती https://citytoday.co.in/5359 https://citytoday.co.in/5359 जबलपुर
 सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मामले में एक नया आदेश पारित किया है। दो याचिकाओं को हाई कोर्ट से रिकाल कर लिया है और 52 मामले जो पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में ही रह गए थे, ट्रांसफर आर्डर में दर्ज नहीं हुए थे, उनको हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले में अंतिम बहस शुरू होगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के संबंध में विचार अधीन सभी मामलों को मध्य प्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग खंडपीठ के समक्ष पेंडिंग थे।

जानकारी के अनुसार कोर्ट ने 87-13 के फार्मूले को चुनौती देने वाले मामले को रिकॉल किया गया है, जिसकी सुनवाई अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 54 और याचिकाएं जबलपुर हाईकोर्ट में ट्रांसफर की हैं। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी 103 याचिकाओं पर हाईकोर्ट 2 से 15 अप्रैल तक नियमित सुनवाई करेगा।

52 प्रकरण हाईकोर्ट ट्रांसफर किए गए

ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों में 19 फरवरी 26 को पारित आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए 52 प्रकरणों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट वापस भेजा है। ट्रांसफर केसो में से दो प्रकरण में अब सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। संशोधित आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के बकाया 52 प्रकरणों को जबलपुर हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।

इन प्रकरणों में ओबीसी वर्ग का शासन की ओर से पक्ष रखने के लिए राज्यपाल द्वारा नियुक्त विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में ओबीसी आरक्षण के विचाराधीन सभी प्रकरणों को मध्य प्रदेश सरकार (महाधिवक्ता) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराए गए थे, जो दो अलग-अलग बंचों में अलग-अलग खंडपीठ के समक्ष पेंडिंग थे।

जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे के समक्ष एक दर्जन मामले नियत थे। जिनमें ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेसर ने नियमित सुनवाई के आवेदन दाखिल किए थे। इनमें सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को फाइनल आदेश पारित कर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए थे और सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति से उक्त समस्त प्रकरणों को विशेष बेंच गठित कर 3 महीने के अंदर निराकृत करने के आदेश पारित किए थे।

एसोसिएशन रिव्यू याचिका पर लिया निर्णय

ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दीपक कुमार पटेल के नाम से एक रिव्यू याचिका MA/529/26 दाखिल की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने खुले न्यायालय में 20 मार्च को विस्तृत सुनवाई करते हुए 19 फरवरी को पारित आदेश में संशोधन कर 52 प्रकरण जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ट्रांसफर कराए गए थे, उनको भी 20 मार्च के आदेश से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए हैं, तथा दो विशेष अनुमत याचिकाएं जो पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस की गई थीं उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने आदेश दिनांक 20/3/26 जो वेवसाइड पर 30/03/26 को अपलोड हुआ हैं ।

उक्त आदेश मे सुप्रीम कोर्ट ने दो एसएलपी जिनमे दीपक कुमार पटेल विरूध मध्य प्रदेश शासन एवं हरिशंकर बरोदिया विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन को अपने समक्ष सुनवाई के लिए वापस रिकॉल कर लिए गए हैं, शेष आदेश दिनांक 19 फरवरी यथावत रहेगा। ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा उन समस्त मामलों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 2 अप्रैल 2026 को सुनवाई नियत हैं।

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Mon, 30 Mar 2026 20:26:34 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल पंप संचालक के घर चोरी, सोना&चांदी, बंदूक गायब:छतरपुर में देर रात घर में घुसे चोर, आहट पर भागे; 14 मार्च से खराब है CCTV https://citytoday.co.in/5358 https://citytoday.co.in/5358 Mon, 30 Mar 2026 20:26:03 +0530 news desk MPcg खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: महिला हॉकी में मिजोरम&ओडिशा की टक्कर, फाइनल में भिड़ंत तय https://citytoday.co.in/5356 https://citytoday.co.in/5356 रायपुर
'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए। पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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Mon, 30 Mar 2026 18:39:41 +0530 news desk MPcg
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: महिला हॉकी में मिजोरम&ओडिशा की टक्कर, फाइनल में भिड़ंत तय https://citytoday.co.in/5355 https://citytoday.co.in/5355 रायपुर
'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए। पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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Mon, 30 Mar 2026 18:39:40 +0530 news desk MPcg
मिडिल ईस्ट युद्ध से दुनिया परेशान, अफवाहों से बचने की अपील की PM मोदी ने https://citytoday.co.in/5344 https://citytoday.co.in/5344  नोएडा
लंबे समय से जिस पल का इंतजार था अब वो घड़ी आ गई है. आज जेवर ने नया इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, अभी यहां केवल दिन में ही फ्लाइट्स का संचालन होगा और बाद में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से घरेलू सहित इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. फ्लाइट्स का संचालन पूरी तरह से शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन किया है. यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा। 

सुबह करीब 11:30 बजे पीएम मोदी एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया. करीब 12:20 बजे उद्घाटन हुआ, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. इस चरण में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा बनाया जाएगा। 

100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना
उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से हवाई एयरपोर्ट की संख्या 17 कर दी है. भाजपा सरकार का निरंतर प्रयास रही है कि एयरपोर्ट भी रहे और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे. इस कारण उड़ान योजना शुरू की. इसकी वजह से 1.60 करोड़ लोगों ने सस्ती दरों पर यात्रा की. हाल ही में उड़ान योजना को और विस्तार दिया गया है. इसके लिए 29000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना है. यूपी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण चिंतित है. कई देशों में खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम परिवारों और किसानों पर इस संकट का असर कम से कम पड़े. उन्होंने कहा कि देशवासी मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. लोगों को अफवाहों से बस दूर रहना है। 

प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इन कॉरिडोर्स से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से बेहतर हुई है. दादरी वह स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर आपस में मिलते हैं। 

उन्होंने कहा कि इससे किसानों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा. यहां उगाए गए कृषि उत्पाद और यहां बने औद्योगिक सामान अब जमीन, रेल और हवाई मार्ग से तेजी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है। 

नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ हफ्तों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है। 

उन्होंने कहा कि नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का उदाहरण बताया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का काम करेगा। 

उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट भविष्य में इतना बड़ा बनेगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी क्षमता और महत्व को दिखाता है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन बन रहा है। 

उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति का उदाहरण है. उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट को 2003 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में दबा रहा. केंद्र और राज्य की पुरानी सरकारों ने इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में उनकी सरकार आई और बाद में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनी, तब इस प्रोजेक्ट को गति मिली. उन्होंने कहा कि अब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार है और शुरू हो चुका है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी गणमान्य अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की। 

उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि यह एयरपोर्ट न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला था और आज उद्घाटन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों – जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर – के लिए बड़े आर्थिक और विकास के अवसर लेकर आएगा। 

उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा. यहां से न केवल विमान उड़ेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। 

 योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी है और नई पहचान बनाई है। 

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और अब उसके पहले चरण का उद्घाटन हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह “डबल इंजन की स्पीड” का ही परिणाम है कि इतनी तेजी से यह परियोजना जमीन पर उतरी। 

उन्होंने विश्वास जताया कि यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार, निवेश और विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। 

 योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत “भारत माता की जय” के नारों के साथ की और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में देश एक नए भारत का दर्शन कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि यह अवसर प्रधानमंत्री के प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने का है, क्योंकि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता को एक बड़ी सौगात मिली है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के जरिए उत्तर प्रदेश की उड़ान को एक नई ऊंचाई मिलेगी। 

राम मोहन नायडू ने कहा कि पहले जेवर और आसपास के लोग रोजगार के लिए दिल्ली जाते थे, लेकिन अब हालात बदलेंगे. अब देश और दुनिया के लोग कामकाज के लिए जेवर आएंगे. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के शुरू होने से ग्राउंड हैंडलिंग, मेंटेनेंस, सिक्योरिटी, रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स और एग्रीकल्चर जैसे कई सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे। 

उन्होंने यह भी कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा केवल खास लोगों तक सीमित थी, लेकिन आज यह आम आदमी की यात्रा बन चुकी है. इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उड़ान योजना को जाता है. सरकार ने इस योजना को अगले 10 साल के लिए और मजबूत करने का फैसला लिया है, जिससे देश में एविएशन सेक्टर को और बढ़ावा मिलेगा। 

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Sat, 28 Mar 2026 17:36:00 +0530 news desk MPcg
गलत इरादे से भारत आए तो नहीं होगा कोई रहम: शाह की US&यूक्रेनी नागरिकों पर सीधी चेतावनी https://citytoday.co.in/5340 https://citytoday.co.in/5340

नई दिल्ली में अमित शाह ने हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों के मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनसे भारत की सुरक्षा को कोई सीधा खतरा नहीं था, बल्कि ये भारत का इस्तेमाल म्यांमार जाने के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में कर रहे थे।

एनआईए ने एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों को कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये लोग मिजोरम के रास्ते म्यांमार में सक्रिय विद्रोही गुटों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जहां उन्हें आतंकी प्रशिक्षण दिया जाना था।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने वैध वीजा के बावजूद संरक्षित क्षेत्र मिजोरम में बिना अनुमति प्रवेश किया और वहां से म्यांमार जाकर हथियार, ड्रोन और ट्रेनिंग से जुड़े नेटवर्क से संपर्क साधा। इन पर आतंकी साजिश, हथियार सप्लाई और प्रतिबंधित संगठनों से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे हैं।

इस बीच विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों की कस्टडी 10 दिन और बढ़ा दी है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। गृह मंत्री ने दोहराया कि भारत में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Sat, 28 Mar 2026 15:30:31 +0530 news desk MPcg
सांदीपनि स्कूल के रिजल्ट से मचा भूचाल, 332 में से 245 छात्र फेल, प्रिंसिपल को जारी नोटिस https://citytoday.co.in/5339 https://citytoday.co.in/5339 लटेरी
 स्थानीय सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 9वीं के परीक्षा परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय के कुल 332 छात्रों में से 245 छात्रों के अनुत्तीर्ण होने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस जाटव ने प्राचार्य रामेश्वर शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा अधिकारी ने छात्रों को दिया आश्वासन
मामले के तूल पकड़ने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और जून माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इस बीच अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वे जानना चाहते हैं कि फेल छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित होंगी या नहीं 

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Sat, 28 Mar 2026 15:27:29 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल की कीमत में 13 रुपये की कमी, डीजल पर शून्य एक्साइज ड्यूटी: सरकार की अहम राहत https://citytoday.co.in/5337 https://citytoday.co.in/5337
नई दिल्ली

 पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 13 रुपये थी, वो अब घटकर 3 रुपये रह गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 10 रुपये थी, वो अब शून्य हो गई है।

तेल कंपनियों को सरकार ने दी बड़ी राहत
यह कदम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से जूझ रही तेल विपणन कंपनियों, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी, को राहत देने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सरकार ने इस संकट के बावजूद अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे देश में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में थीं।

तेल विपणन कंपनियों का घाटा कम होगा
रेटिंग एजेंसी ICRA ने गुरुवार को जारी नोट में कहा कि यदि कच्चे तेल का औसत मूल्य 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक रहता है, तो ईंधन कंपनियों को पेट्रोल पर 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो सकता है।नइस महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रह गईं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का करीब आधा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। संघर्ष बढ़ने के साथ ईरान ने इस जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया, जिससे टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई।

नायरा एनर्जी ने कीमतें बढ़ाईं
नायरा एनर्जी, जो देश के 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 का संचालन करती है, ने बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त ईंधन रिटेल कंपनी जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, ने भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार के करीब 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं, फिलहाल कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।

क्या होता है उत्पाद शुल्क
पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है। इसे लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व इकट्ठा करना है, जिसका उपयोग देश के विकास, बुनियादी ढांचे , रक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है।

क्या सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
    जहां एक तरफ अब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है, तो ऐसे में ये सवाल चर्चा में आना लाजमी है कि क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

    जिस तरह से पेट्रोल में 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को जीरो कर दिया है, तो इससे गुंजाइश बनती है कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो

    माना तो जा रहा है कि एक्साइज ड्यूटी कम होने से इसका सीधा फायदा आम आदमी को मिल सकता है। पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह से देश में मौजूदा हालात चल रहे हैं उससे तेल कंपनियां इस एक्साइज ड्यूटी के कम होने का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की महंगाई को संतुलित करने में भी कर सकती है।

    हालांकि, ये जरूर माना जा रहा है कि जो लोगों को लग रहा था कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, उसके लिए जरूर माना जा रहा है कि फिलहाल ऐसा होना मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, पेट्रोल-डीजल के दाम कम प्रति लीटर कम होंगे या ऐसे ही बने रहेंगे? इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

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Sat, 28 Mar 2026 14:21:48 +0530 news desk MPcg
देश में नहीं लगेगा लॉकडाउन: अफवाहों के बीच सरकार का स्पष्टीकरण, हरदीप पुरी ने कहा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं https://citytoday.co.in/5332 https://citytoday.co.in/5332 नई दिल्ली

देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने की सारे बातें सिर्फ अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति जरूर अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन सरकार हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर
देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं, सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं और कुछ देशों में उभरते संकट के कारण लोगों में आशंका का माहौल बन रहा है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। इस कारण सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसे संदेश वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार जल्द ही लॉकडाउन लगा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और ऐसी सारी बातें निराधार व भ्रामक हैं । उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति जरूर अनिश्चित बनी हुई है लेकिन सरकार हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे बाजार और समाज दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने अपील की है कि ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें।

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Fri, 27 Mar 2026 19:54:51 +0530 news desk MPcg
ईद के बाद शूरा खान ने दिखाई बेटी की क्यूट झलक, पायल पहने अरबाज की नन्ही लाडली ने जीता दिल https://citytoday.co.in/5330 https://citytoday.co.in/5330 मुंबई,

अरबाज खान की पत्नी शूरा खान ने ईद के बाद बेटी सिपारा की क्यूट झलक शेयर की है। पायल पहने नन्ही बच्ची का ट्रेडिशनल लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान की पत्नी शूरा खान ने हाल ही में अपनी बेटी सिपारा की एक बेहद प्यारी झलक सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है। ईद के कुछ दिनों बाद सामने आई इस तस्वीर में नन्ही सिपारा का ट्रेडिशनल लुक हर किसी को पसंद आ रहा है।

पायल पहने दिखी शूरा खान की लाडली
शूरा खान द्वारा शेयर की गई फोटो में उनकी बेटी के चेहरे की झलक तो नहीं दिखाई गई, लेकिन पैरों में पहनी हुई पायल ने सभी का ध्यान खींच लिया। तस्वीर से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिपारा को ईद के मौके पर पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनाया गया था। पैरों में घुंघरुओं वाली पायल उनके लुक को और भी क्यूट बना रही थी। शूरा ने इस फोटो के साथ कैप्शन में “Eid Vibes” लिखा, जो इस खास मौके की खूबसूरती को बयां करता है।

पोस्ट पर सेलेब्स ने भी लुटाया प्यार
इस तस्वीर पर कई सेलेब्स ने भी रिएक्ट किया है। रिद्धिमा पंडित और महीप कपूर समेत कई सितारों ने कमेंट कर सिपारा पर प्यार बरसाया। सोशल मीडिया पर फैंस भी इस क्यूट झलक को देखकर खुश नजर आए और बच्ची की तारीफ करते नहीं थके।

सिपारा अरबाज खान और शूरा खान की पहली संतान हैं। शूरा ने 5 अक्टूबर 2025 को मुंबई के खार स्थित हिंदूजा अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। हालांकि, अरबाज पहले से एक बेटे अरहान खान के पिता हैं, जो उनकी पहली पत्नी मलाइका अरोड़ा से हैं।

अरबाज खान का शादी से लेकर पैरेंटहुड तक ऐसा रहा सफर
अरबाज खान और शूरा खान ने 24 दिसंबर 2023 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। इस खास मौके पर उनके बेटे अरहान ने गिटार बजाकर माहौल को और यादगार बना दिया था। शूरा पेशे से एक मेकअप आर्टिस्ट हैं और उनकी मुलाकात अरबाज से फिल्म ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी।

हालांकि, शूरा अब तक अपनी बेटी का चेहरा नहीं दिखा रही हैं, लेकिन वह समय-समय पर सिपारा की झलकियां शेयर करती रहती हैं। कुल मिलाकर, सिपारा की यह नई तस्वीर एक बार फिर साबित करती है कि स्टार किड्स की छोटी-सी झलक भी सोशल मीडिया पर छा जाने के लिए काफी होती है।

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Fri, 27 Mar 2026 18:26:15 +0530 news desk MPcg
भाजपा के दमन के खिलाफ ‘‘आप’’ के साथ पूरा गुजरात, करने जा रहा बदलाव& केजरीवाल https://citytoday.co.in/5328 https://citytoday.co.in/5328 भाजपा के दमन के खिलाफ ‘‘आप’’ के साथ पूरा गुजरात, करने जा रहा बदलाव- केजरीवाल

– आम आदमी पार्टी का जन समर्थन देख डरी भाजपा रोज हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करा रही- केजरीवाल

– इस बार लोग खेती-घर की बिजली मुफ्त, महिलाओं को एक हजार, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और अच्छे स्कूल के लिए वोट करेंगे- केजरीवाल

– हर साल आदिवासी समाज के लिए अरबों रुपए आते हैं, लेकिन कांग्रेस-भाजपा वाले मिलकर खा जाते हैं- केजरीवाल

– 30 साल में भाजपा सरकार अच्छे स्कूल-अस्पताल और खेती के लिए पानी तक नहीं दे पाई, इनकी नीयत ही खराब है- केजरीवाल

– गुजरात की जनता अपने बारे में सोचे और पंजाब की तरह भाजपा-कांग्रेस पर झाड़ू चलाकर अपनी सरकार बनाए- केजरीवाल

– कांग्रेस-भाजपा एक ही हैं, कांग्रेस को वोट देते हैं तो वह भी चुनाव बाद भाजपा में चला जाता है- भगवंत सिंह मान

– ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने दाहोद में ‘विजय विश्वास सभा’ कर भाजपा-कांग्रेस के गठजोड़ पर बोला हमला

नई दिल्ली/गुजरात

गुजरात दौरे पर आए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने दाहोद में ‘विजय विश्वास सभा’ कर भाजपा और कांग्रेस के गुप्त गठजोड़ पर करारा हमला बोला। सभा में उमड़े जन समूह को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता भाजपा के दमन के खिलाफ खड़ी हो चुकी है और आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर बदलाव करने जा रही है। आम आदमी पार्टी का बढ़ता जन समर्थन देख भाजपा डर गई है और रोज हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करा रही है। उन्होंने कहा कि 30 साल में भाजपा सरकार अच्छे स्कूल-अस्पताल और खेती के लिए पानी तक नहीं दे पाई, क्योंकि इनकी नीयत ही खराब है। इस बार जनता खेती-घर की बिजली मुफ्त, महिलाओं को एक हजार, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और अच्छे स्कूल के लिए वोट करेगी।

भाजपा सरकार ने सबसे ज्यादा आदिवासी समाज को लूटा और उन पर अत्याचार किया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल में भाजपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर गुजरात को लूट लिया। इन्होंने सबसे ज्यादा आदिवासियों को लूटा है और उनके उपर अत्याचार किया है। गुजरात में सबसे पिछड़ा और शोषित आदिवासी समाज है। बच्चों के शिक्षा, रोजगार का इंतजाम नहीं है। मजबूरी में बच्चे किसानी करते हैं लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों का भी बुरा हाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार हर साल अरबों-खरबों आदिवासी समाज के कल्याण के लिए भेजती है। पिछले 30 साल में आदिवासी समाज के कल्याण के जितना पैसा आया, अगर ये पैसा एक-एक व्यक्ति को सीधे दे देते तो हर व्यक्ति करोड़पति बन जाता। लेकिन आदिवासी समाज के नाम पर आने वाला पैसा भाजपा और कांग्रेस वालों की जेब में चला जाता है। 

भाजपा वाले नरेगा का पैसा भी खा गए, हमारे विधायक ने आवाज उठाई तो उसे जेल भेज दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नरेगा में सबसे गरीब व्यक्ति भीषण गर्मी में पसीना बहाकर मजदूरी करता है। सिर्फ 100 रोजगार के पैसे मिलते हैं। ये लोग मजदूरों के नाम की इंट्री कर मनरेगा का भी पैसा खा गए। मजदूरों का इसकी जानकारी ही नहीं होती है कि उनके नाम का अंगूठा लग गया है। ‘‘आप’’ विधायक ने मनरेगा के पैसे की लूट के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने रजिस्टर दिखाने को कहा तो भाजपा सरकार ने उन्हें पकड़ कर जेल में डाल दिया। नरेगा का पैसा चोरी करने वाले भाजपा सरकार के मंत्री को जेल में नहीं डाला गया, क्योंकि वह उपर तक पैसा पहुंचाता है। गरीबों का हक दिलाने के लिए चैतर वसावा तीन महीने जेल में रहे। इसी तरह, नल से जल योजना में अरबों-खरबों रुपए आता है, लेकिन किसी के घर में नल से पानी नहीं आया। भाजपा वाले इसका भी सारा पैसा खा गए।

हमारे वोट से ये लोग विधायक-मंत्री बन जाते हैं, लेकिन हमारे बच्चों के लिए एक स्कूल तक नहीं बनवाते- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम लोगों के वोट से भाजपा-कांग्रेस वाले विधायक और मंत्री बन जाते हैं, इनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और आम लोगों के बच्चों के लिए ढंग के सरकारी स्कूल भी नहीं है। ये बीमार होने पर विदेशों में इलाज कराने जाते हैं और इन्हीं के बच्चों को विधायकी का टिकट भी मिलता है, लेकिन एक आम आदमी के बच्चों का कोई भविष्य नहीं है। आम आदमी वोट अपने लिए देता है, ना कि इनके लिए देता है। भाजपा सरकार ने सबसे ज्यादा अत्याचार आदिवासी समाज के साथ किया। इन्होंने आदिवासी समाज का जल, जंगल और जमीन छीन लिया। पुलिस और वन विभाग वाले भी परेशान करते हैं। आज सबसे ज्यादा एफआईआर आदिवासी समाज के लोगों पर दर्ज है।

पंजाब की गुजरात के पास भी झाड़ू चलाकर कांग्रेस-भाजपा का सफाया करने का अच्छा मौका है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2022 से पहले पंजाब में भी गुजरात जैसा ही हाल था। पंजाब में कांग्रेस, भाजपा और अकाली गठबंधन की दो ही पार्टियां थी। दोनों पार्टियां 5-5 साल बारी-बारी से सरकार बनाते थे और दोनों मिलकर लूटते थे। गुजरात की तरह पंजाब में भी कांग्रेस-भाजपा के संयुक्त धंधे थे। पंजाब के लोग तंग आ गए। इसी दौरान पंजाब में आम आदमी पार्टी एक उम्मीद लेकर आई। पंजाब के लोगों ने तय कि पुरानी पार्टियों पर झाड़ू चलाकर उन्हें उखाड़ फेंकना है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता ने 117 में 92 सीटें आम आदमी पार्टी को देकर कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल को पूरी तरह से साफ कर दिया। अब गुजरात के पास भी झाड़ू चलाकर कांग्रेस और भाजपा को साफ करने का अच्छा मौका है।

पंजाब में खेती की बिजली मुफ्त है, जबकि गुजरात में किसानों को भारी-भरकम बिल देने पड़ते हैं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार साल से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। हमारी पार्टी बड़े-बड़े वादे नहीं करती है, बल्कि गारंटी देती है। बाकी पार्टियां झूठे वादे करती हैं। हम बड़े-बड़े दावे नहीं करेंगे, बल्कि पंजाब में जो करके दिखाया है, वही काम गुजरात में भी करेंगे। पंजाब में किसानों की सरकार है और किसान का बेटा मुख्यमंत्री है। भगवंत मान को किसानों का दर्द पता है। भगवंत मान ने पहला काम किसानों को सुख-समृद्धि देने के लिए उनकी खेती की बिजली मुफ्त कर दी। अब ट्यूबवेल से खेत की सिंचाई करने के लिए किसानों को दिन में बिजली मुफ्त मिलती है, बिल नही ंदेने पड़ते हैं। लेकिन गुजरात में किसानों को खेत की सिंचाई के लिए बिजली के बिल देने पड़ते हैं। खेती की बिजली मुफ्त करने के लिए भाजपा को हटाओ और झाड़ू की सरकार बनाओ।

गुजरात के सरकारी अस्पताल टूटे पड़े हैं, न दवा मिलती और ना टेस्ट होता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में किसानों को अपनी फसल के पैसे 24 घंटे के अंदर मिल जाते हैं। लेकिन गुजरात में कई महीने पैसे नहीं मिलते हैं। पंजाब सरकार मंडी में आने वाली किसानों की सारी फसल खरीदती है। पहले पंजाब में 20 फीसद खेतों में ही नहरी पानी से सिंचाई होती थी और आज 78 फीसद हो रही है। गुजरात में 30 साल बाद भी भाजपा सिंचाई के लिए पानी नहीं दे पाई। अगले 20 साल भी ये लोग पानी नहीं दे पाएंगे, क्योंकि इनकी नीयत ही खराब है। किसान खुश हैं तो गुजरात भी खुश है। ‘‘आप’’ सरकार ने दूसरा काम हर परिवार को 10 लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा दिया। अब पंजाब में आम लोग भी उन बड़े अस्पतालों में मुफ्त इलाज होगा, जहां मुख्यमंत्री अपना इलाज कराते हैं। आज गुजरात में सरकारी अस्पताल टूटे पड़े हैं। अस्पताल में दवा नहीं मिलती, टेस्ट नहीं होता है। निजी अस्पतालों में लाखों रुपए लगते हैं। गुजरात में भी 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा मिलना चाहिए। लेकिन इसके लिए भाजपा को भगाकर झाड़ू को लाना होगा।

मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और एमपी की तरह आम लोगों की भी बिजली मुफ्त होनी चाहिए- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस वाले 10 लाख रुपए इंश्योरेंस का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल तो है। इन्हे बुरी आदत पड़ जाएगी। सीएम, मंत्री, विधायक का जब फ्री इलाज होता है तो किसानों का फ्री होना चाहिए। इसके अलावा, ‘‘आप’’ सरकार ने खेती के साथ घर की बिजली भी मुफ्त कर दी है। पहले छोटे से घर का भी हजारों रुपए बिल आता था, लेकिन अब जीरो बिल आता है। आज पूरे देश में सबसे महंगी बिजली गुजरात में है। मुफ्त बिजली देने का भी कांग्रेस-भाजपा वालों ने विरोध किया। ये कह रहे कि भगवंत मान सरकार गरीबों पर पैसे लुटा रही है, मुफ्तखोरी की आदत डाल रहे हैं। अगर इनके मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, एमपी की बिजली मुफ्त है तो आम घरों की भी बिजली फ्री होनी चाहिए। 

जनता से अपील, गुजरात में ‘‘आप’’ की सरकार बनाओ, आपके बच्चों का भविष्य बना देंगे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘‘आप’’ सरकार ने किसानों और घर की बिजली फ्री की, 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा किया और फिर महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना दिया। गुजरात के लोगों को भी ये सब मिल सकता है। लेकिन इसके लिए भाजपा को भगाना पड़ेगा। उन्होंने आदिवासी समाज के बच्चों को बर्बाद कर दिया। उनके पढ़ने के लिए कोई भी ढंग का सरकारी स्कूल नहीं है। सरकारी स्कूलों का बहुत बुरा हाल है। वहीं, हमने पंजाब में सरकारी स्कूलों को शानदार बना दिया है। अब लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकाल कर सरकारी स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं। अब पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर बन रहे हैं। सरकारी स्कूलों के टीचरर्स को विदेश भेज कर उनकी ट्रेनिंग कराते हैं। गुजरात में ‘‘आप’’ की सरकार बनाओ, आपके बच्चों का भविष्य बना देंगे। आपके बच्चों को पढ़ाने और उसका भविष्य बनाने की बात केजरीवाल के अलावा कोई और नेता नहीं कह सकता। 

कांग्रेस-भाजपा वाले हमारे बच्चों को रैलियों में ले जाते हैं और अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाते हैं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बहुत सारे लोग कहते हैं कि हम तो कई पीढ़ियों से कांग्रेस या भाजपा को वोट दे रहे हैं। इन्हें सोचना चाहिए कि इतने सालों में भाजपा और कांग्रेस ने क्या दिया? सिर्फ गरीबों को अपनी रैली में ले जाते हैं, गुंडागर्दी करते हैं। फिर जेल में भेज देते हैं। भुगतना तो आम आदमी को पड़ता है। इसलिए जनता को अपने बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि भाजपा या कांग्रेस के विधायक का बेटा कभी जेल नहीं जाता है, बल्कि वह विदेशों मेें जाकर पढ़ता है। इसके बाद भी हर बार इन्हें वोट दे देते हैं। इस बार गुजरात की जनता भाजपा-कांग्रेस को वोट नहीं देगी, इस बार अपने और अपने बच्चों के बारे में सोचेगी। आपकों और आपके बच्चों को सिर्फ आम आदमी पार्टी अच्छा भविष्य दे सकती है। सिर्फ ‘‘आप’’ आपके बच्चों को अच्छी शिक्षा और नौकरी दे सकती है। पिछले 4 साल में पंजाब में ‘‘आप’’ की सरकार ने बिना सिफारिश के अब तक 65 हजार बच्चों को सरकारी नौकरी दी है। पिछले 4 साल में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, क्योंकि ईमानदार सरकार है। 

‘‘आप’’ कट्टर ईमानदार पार्टी है, अगर हमारा सगा भी भ्रष्टाचार करेगा तो जेल जाएगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले पंजाब का बजट घाटे का होता था। सारी पार्टियां कहती थी कि सरकार के पास पैसा नहीं है, सरकार कंगाल हो गई है, लेकिन हमने सारा भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी खत्म कर दी। इससे सरकार के पास बहुत पैसा आ गया और उसी पैसे से सड़कें बन रहीं, बिजली आ रही है, लोगों को सारी सहूलियतें मिल रही हैं। अब पंजाब में पैसे की कोई कमी नहीं है। सीएम भगवंत मान ने भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो अपनी ही पार्टी के विधायक को जेल में डाल दिया। दूसरी पार्टियों में ऐसा नहीं होता है। बल्कि मुख्यमंत्री को पता चल जाता है तो वह विधायक से अपना हिस्सा मांगता है। अगर हमारा कोई सगा भी भ्रष्टाचार या जनता से दगा करेगा तो सीधे जेल में जाएगा। पूरे देश में इकलौती आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार पार्टी है। 

इन्होंने हम पर झूठे आरोप लगाए, लेकिन कोर्ट ने कहा कि भाजपा झूठ बोल रही, केजरीवाल कट्टर ईमानदार- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों ने मेरे उपर शराब घोटाले का आरोप लगाया। केजरीवाल और मनीष सिसोदिया 100 करोड़ रुपए खा गए। हमारे उपर ईडी-सीबीआई ने कई केस कर दिए। हमारे घर और कार्यालय पर रेड की, लेकिन इन्हें एक पैसा नहीं मिला। अगर 100 करोड़ खा गए तो कहीं तो रखे होंगे। अभी कुछ दिन पहले कोर्ट का आदेश आया है। कोर्ट ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पूरा मुकदमा ही झूठा है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल जैसा कट्टर ईमानदार आदमी कोई नहीं है। आम आदमी पार्टी जैसी कट्टर ईमानदार पार्टी कोई नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि भाजपा झूठ बोल रही है। झूठे आरोप लगाकर केजरीवाल को फंसाया गया। इन्होंने झूठे आरोप लगाकर दिल्ली के मुख्यमंत्री को छह महीने तक जेल में रखा। इन्होंने दिल्ली को तहस-नहस कर दिया। 

जिला परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी सिर्फ आम घरों के बच्चों को टिकट देगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में जिला परिषद के चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस वाले अपने-अपने बच्चों को टिकट दंेगे। लेकिन आम आदमी पार्टी सिर्फ आम घरों के बच्चों को टिकट देगी। किसी नेता के बेटे को टिकट नहीं देगी। हम जनता की सरकार बनाएंगे और जनता ही सरकार संभालेगी। जनता की सरकार होगी तो जनता के लिए काम करेगी। जनता जिला परिषद, ब्लॉक समिति, नगर पालिका और महानगर पालिका की जिम्मेदारी संभाले। हमें साफ-सुथरी सरकार बनानी है। जिला परिषद, ब्लॉक समिति नगर पालिका और महानगर पालिका से भ्रष्टाचार खत्म करेंगे। एक-एक पैसा जनता के लिए इस्तेमाल होगा। इन लोगों की गुंडागर्दी खत्म करनी है। 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा की सरकार आम आदमी पार्टी के लोगों को रोज गिरफ्तार कर रही है। इसका मतलब है कि भाजपा आम आदमी पार्टी से डर गई है। भाजपा वाले कांग्रेस वालों को नहीं गिरफ्तार करते हैं। क्योंकि कांग्रेस तो भाजपा से मिली हुई है। बुधवार को ‘‘आप’’ के पांच प्रत्याशियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे एक दिन पहले 4 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 10 कार्यकर्ताओं को गिफ्तार किया गया। ये लोग हमारे जितने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना है, कर लें, अब गुजरात की जनता ‘‘आप’’ के साथ खड़ी हो गई है। अब पूरा गुजरात बदलाव मांग रहा है। 

गुजरात में ‘‘आप’’ की सरकार बनेगी तो पंजाब की तरह सारे वादे पूरे करके दिखाएंगे- भगवंत सिंह मान

इस दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में हमारी सरकार बने हुए चार साल हो गए हैं। हमने जो वादा किया था, वह सरकार के चौथे साल में पूरा कर दिया है। गुजरात में भी ‘‘आप’’ की सरकार बनेगी तो अपने सारे वादे पूरे करेगी। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब के किसानों का भी वही हाल था जो आज गुजरात के किसानों का है। वहां भी आधी रात को बिजली आती थी। पूरी रात किसान सो भी नहीं सकता था और खेत की सिंचाई भी नहीं हो पाती थी। लेकिन आज पंजाब में दिन में 8 घंटे किसानों को बिजली मिलती है। अब किसान भी अफसरों की तरह सुबह आराम से खाना खाकर अपनी ड्यूटी पर खेत जाता है और शाम को अपना ट्यूबवेल बंद करके घर वापस आ जाता है। पंजाब में किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आता है और उसी दिन उसकी फसल तुल कर बिक जाती है। जब तक किसान अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर घर पहुंचता है, तब तक उसके मोबाइल पर मैसेज आ जाता है कि उसकी आज की फसल के पैसे उसके खाते में आ चुके हैं। 

भगवंत मान ने बताया कि पंजाब में हमने हर परिवार का 10 लाख रुपए का जीवन बीमा करवा दिया गया है। लोग किसी भी बड़े अस्पताल में जाकर अपना कार्ड दिखाएं और 5 या 7 लाख रुपए जितना भी बिल होगा, वह पंजाब सरकार देगी। अब पंजाब में कोई भी व्यक्ति पैसे की कमी के कारण अपने इलाज से वंचित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग गुजरात की जनता को 30 साल से लूट रहे हैं। भाजपा वाले कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी जितनी मर्जी रैलियां कर ले, उनके पास पैसे हैं और वे लोगों को पैसे देकर वोट ले लेंगे। भगवंत मान ने जनता से अपील की कि अगर वे पैसे देने आएं तो मना मत करना और रख लेना क्योंकि वह जनता का ही लूटा हुआ पैसा है। लेकिन वोटिंग के दिन अंदर जाकर झाड़ू वाला बटन ही दबाना।

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Fri, 27 Mar 2026 18:11:08 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल की कीमत में 13 रुपये की कमी, डीजल पर शून्य एक्साइज ड्यूटी: सरकार की अहम राहत https://citytoday.co.in/5322 https://citytoday.co.in/5322 नई दिल्ली
 पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 13 रुपये थी, वो अब घटकर 3 रुपये रह गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 10 रुपये थी, वो अब शून्य हो गई है।

तेल कंपनियों को सरकार ने दी बड़ी राहत
यह कदम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से जूझ रही तेल विपणन कंपनियों, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी, को राहत देने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सरकार ने इस संकट के बावजूद अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे देश में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में थीं।

तेल विपणन कंपनियों का घाटा कम होगा
रेटिंग एजेंसी ICRA ने गुरुवार को जारी नोट में कहा कि यदि कच्चे तेल का औसत मूल्य 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक रहता है, तो ईंधन कंपनियों को पेट्रोल पर 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो सकता है।नइस महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रह गईं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का करीब आधा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। संघर्ष बढ़ने के साथ ईरान ने इस जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया, जिससे टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई।

नायरा एनर्जी ने कीमतें बढ़ाईं
नायरा एनर्जी, जो देश के 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 का संचालन करती है, ने बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त ईंधन रिटेल कंपनी जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, ने भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार के करीब 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं, फिलहाल कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।

क्या होता है उत्पाद शुल्क
पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है। इसे लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व इकट्ठा करना है, जिसका उपयोग देश के विकास, बुनियादी ढांचे , रक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है।

क्या सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
    जहां एक तरफ अब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है, तो ऐसे में ये सवाल चर्चा में आना लाजमी है कि क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

    जिस तरह से पेट्रोल में 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को जीरो कर दिया है, तो इससे गुंजाइश बनती है कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो

    माना तो जा रहा है कि एक्साइज ड्यूटी कम होने से इसका सीधा फायदा आम आदमी को मिल सकता है। पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह से देश में मौजूदा हालात चल रहे हैं उससे तेल कंपनियां इस एक्साइज ड्यूटी के कम होने का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की महंगाई को संतुलित करने में भी कर सकती है।

    हालांकि, ये जरूर माना जा रहा है कि जो लोगों को लग रहा था कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, उसके लिए जरूर माना जा रहा है कि फिलहाल ऐसा होना मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, पेट्रोल-डीजल के दाम कम प्रति लीटर कम होंगे या ऐसे ही बने रहेंगे? इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

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Fri, 27 Mar 2026 14:27:36 +0530 news desk MPcg
होर्मुज स्ट्रेट का टंटा होगा खत्म, बिना झंझट जलेंगे चूल्हे, तेल&गैस वाले देश करेंगे सहयोग https://citytoday.co.in/5320 https://citytoday.co.in/5320 मुंबई 
ईरान जंग ने एक बार फिर से फॉसिल फ्यूल (पेट्रोल, डीजल आदि) बेस्‍ड डेवलपमेंट मॉडल की खामियों को उजागर कर दिया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का तीन तिहाई आयात करता है. अरब देश एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत हैं. तेल के साथ ही गैस का भी आयात किया जाता है. इनसे ही भारत में गाड़ियां सड़कों पर सरपट भागती हैं और घरों में चूल्‍हे जलते हैं. ऐसे में खाड़ी देश में किसी भी तरह का संकट आने पर उसका सीधा असर भारत भी पड़ता है. अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान अटैक करने के बाद ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई है. एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर अपनी पहचान रखने वाले होर्मुज स्‍ट्रेट पर भी इसका व्‍यापक असर पड़ा है. इससे तेल और गैस से लदे जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है. भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्‍य काफी अहम है, क्‍योंकि इसी रूट से तेल और गैस के अधिकांश शिपमेंट आते हैं । 

अब इस निर्भरता को कम करने की दिशा में अहम और निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया गया है. भारत अगले 9 से 10 साल में नॉन-फॉसिल फ्यूल बेस्‍ड पावर कैपेसिटी को कुल उत्‍पादन का 60 फीसद करने का लक्ष्‍य रखा है. इस तरह फॉसिल फ्यूल यानी तेल आधारित ऊर्जा जरूरतों को तकरीबन एक तिहाई तक सीमित कर दिया जाएगा. ऐसे में यदि होर्मुज जैसे संकट की स्थिति में भी देश की ऊर्जा जरूरतों पर ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा। 

अब समझ‍िए कि होर्मुज स्‍ट्रेट पर निर्भरता आने वाले कुछ सालों में कैसे खत्‍म होगी. दरअसल, वैश्विक जलवायु संकट के बीच भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करते हुए बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) के तहत 2031-2035 अवधि के लिए देश के अपडेटेड राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) को मंजूरी दे दी. इस नए लक्ष्य के तहत भारत ने 2005 के स्तर के मुकाबले अपनी अर्थव्यवस्था की उत्सर्जन तीव्रता में 47% की कमी लाने और 2035 तक कुल बिजली क्षमता में 60% हिस्सेदारी गैर-जीवाश्म ईंधनों से हासिल करने का लक्ष्य रखा है. यह कदम पेरिस एग्रीमेंट (Paris Agreement) के तहत भारत की जिम्मेदारियों का हिस्सा है और इसे देश की तीसरी NDC प्रस्तुति माना जा रहा है. सरकार का कहना है कि यह लक्ष्य केवल महत्वाकांक्षी नहीं, बल्कि पहले से हासिल प्रगति पर आधारित है। 

संकट से सीख, टार्गेट से आगे की बात
सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत ने साल 2015 में तय किए गए अपने पूर्व NDC लक्ष्यों (33-35% उत्सर्जन तीव्रता में कमी और 40% गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता) को समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया था. इसी आधार पर अब नए और अधिक कड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. अपडेटेड NDC समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों (CBDR-RC) के सिद्धांतों के अनुरूप है और ‘विकसित भारत 2047’ की व्यापक परिकल्पना को भी मजबूती देता है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता के बीच कई देश अपने जलवायु लक्ष्यों से पीछे हटते दिख रहे हैं. ऐसे समय में भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. ऊर्जा और जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने इस बार जलवायु महत्वाकांक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है. दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आकलनों के अनुसार 2035-36 तक भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता लगभग 70% तक पहुंच सकती है, लेकिन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तौर पर 60% का ही लक्ष्य रखा है, जिससे यह लक्ष्य यथार्थवादी और विश्वसनीय बना रहे। 

ऐसे बनेगी बात
सरकार ने स्पष्ट किया कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कई मौजूदा और नई नीतियों का सहारा लिया जाएगा. इनमें ग्रीन एनर्जी का विस्तार (ग्रीन हाइड्रोजन मिशन) बैटरी स्टोरेज, स्वच्छ औद्योगिक प्रक्रियाएं और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं. इसके अलावा International Solar Alliance जैसे वैश्विक सहयोग मंच और राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजना (NAPCC) के तहत चल रहे कार्यक्रम भी इन लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे. सरकार कार्बन कैप्चर तकनीकों और जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. नई NDC केवल उत्सर्जन में कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए अनुकूलन उपायों पर भी खास ध्यान दिया गया है. इसमें तटीय सुरक्षा, ग्लेशियर निगरानी, हीट एक्शन प्लान और आपदा लचीलापन शामिल हैं. सरकार ने Lifestyle for Environment (LiFE) पहल के जरिए आम नागरिकों को भी जलवायु कार्रवाई में शामिल करने का लक्ष्य रखा है, ताकि रोजमर्रा की जीवनशैली में पर्यावरण अनुकूल बदलाव लाए जा सकें। 

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Fri, 27 Mar 2026 13:03:43 +0530 news desk MPcg
IPL 2026 में नहीं होगी ओपनिंग सेरेमनी, BCCI का अहम फैसला, जानें अब कब होगा ग्रैंड सेलिब्रेशन https://citytoday.co.in/5318 https://citytoday.co.in/5318 बेंगलुरु

 भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2026 के भव्य आगाज को लेकर एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। पिछले साल बेंगलुरु में आरसीबी की पहली खिताबी जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की दुखद घटना के कारण इस साल ओपनिंग सेरेमनी आयोजित नहीं की जाएगी। इस दुर्घटना ने 11 लोगों की जान चली गई थी। जिसके कारण आरसीबी को फैंस के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था।

पीड़ितों को श्रध्दांजली देने के लिए रद्द हुआ जश्न
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने  बातचीत में पुष्टि की है कि 4 जून, 2025 को बेंगलुरु में हुई उस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले 11 पीड़ितों की याद में यह फैसला लिया गया है। 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले शुरुआती मैच से पहले कोई सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। बीसीसीआई इसे उन दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रध्दांजली के रूप में देख रहा है।

31 मई को होगा ग्रैंड क्लोजिंग समारोह
भले ही टूर्नामेंट की शुरुआत सादगी से होगी, लेकिन बीसीसीआई आईपीएल के 19वें सीजन के समापन को यादगार बनाने की तैयारी कर रहा है। देवजीत सैकिया ने बताया कि 31 मई को फाइनल मैच के दिन एक भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। पिछले साल कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाहरुख खान, श्रेया घोषाल और करण औजला जैसे सितारों ने अपनी प्रस्तुति दी थी, वैसी ही कुछ चमक इस साल के अंत में देखने को मिल सकती है।

संवेदनशीलता की पुरानी परंपरा
यह पहली बार नहीं है जब बीसीसीआई ने किसी त्रासदी के कारण जश्न रद्द किया हो। इससे पहले 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी आईपीएल 12 की ओपनिंग सेरेमनी को रद्द कर दिया गया था। उस समय समारोह के लिए आवंटित धन को शहीद सीआरपीएफ जवानों के परिवारों को दान कर दिया गया था। बीसीसीआई ने जल्द ही आईपीएल के बाकी मैचों के शेड्यूल की घोषणा करने की बात भी कही है।

RCB vs SRH: डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगी बेंगलुरु
सीजन का पहला मुकाबला बैंगलोर में ही  28 मार्च को शाम 7:30 बजे से एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा. आरसीबी इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेगी, क्योंकि पिछले सीजन में टीम ने पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला ऐतिहासिक खिताब जीता था.

क्लोजिंग सेरेमनी का होगा आयोजन 
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)आईपीएल फाइनल वाले दिन ग्रैंड क्लोजिंग सेरेमनी की तैयारी कर रहा है. आईपीएल 2026 का फाइनल 31 मई को खेला जाएगा. पूरे सीजन का शिड्यूल अभी तय नहीं हुआ है  10 टीमों वाली इस लीग के लिए पहले चरण में  बीसीसीआई ने अभी केवल 20 मैचों का शेड्यूल तय किया है. उम्मीद की जा रही है कि इस सीजन का क्लोजिंग सेरेमनी भव्य और शानदार होगा.

क्या बारिश बिगाड़ेगी खेल?
बेंगलुरु के मौसम को लेकर क्रिकेट फैंस थोड़े चिंतित हो सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को मैच के दौरान 10 से 15 प्रतिशत बारिश की संभावना है. हालांकि, फैंस को उम्मीद है कि डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी और हैदराबाद के बीच एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा.

मैच और वेदर अपडेट्स: एक नज़र में
विवरण                           जानकारी
पहला मैच                      RCB vs SRH
तारीख और समय           28 मार्च, शाम 7:30 बजे
स्थान                           एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु
बारिश की संभावना       10% से 15%
फाइनल की तारीख      31 मई 2026

 

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Thu, 26 Mar 2026 20:08:26 +0530 news desk MPcg
भारतीय AI स्टार्टअप की नई पहल, 2,347 करोड़ से खुलेंगे कई नए अवसर https://citytoday.co.in/5310 https://citytoday.co.in/5310  नई दिल्ली
भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) स्टार्टअप Sarvam AI मालामाल होने जा रहा है. कंपनी 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 2,347 करोड़ रुपये) की इनवेस्टमेंट के लिए AI जगत की दिग्गज कंपनियों से बातचीत कर रही है। 

सरवम AI अभी एनवीडिया, वेंचर कैपिटल फर्म एसेल, इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी जगत की दिग्गज कंपनी HCL Tech के साथ बातचीत कर रही है। 

यह बातचीत सफल होती है, तो यह सरवम एआई की ग्रोथ के लिए सकारात्मक साबित होगी. डील पर सहमति बन जाती है तो Sarvam की यह फंडिंग इस साल किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए प्राइवेट मार्केट में सबसे बड़ा निवेश राउंड बन सकती है। 

Sarvam AI पहले ही Nvidia के चिप्स का यूज कर रहा है
Sarvam AI पहले से ही Nvidia के चिप्स का यूज कर रहा है. HCLTech को बतौर इनवेस्टर्स के रूप में शामिल करने से आईटी कंपनी को Sarvam की AI काबिलियत का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। 

साथ ही Accel जैसा बड़ा वेंचर कैपिटल फंड भारतीय AI स्टार्टअप में इनवेस्टमेंट करता है तो सरवम AI दुनिया के दूसरे देशों में भी अपनी पहुंच बना सकेगा। 

Sarvam AI क्या है? 
Sarvam AI, असल में एक बेंगलुरु बेस्ड AI स्टार्टअप है. हाल ही में उसके दो टूल्स चर्चा में रहे हैं, जिनके नाम Sarvam Vision और Bulbul हैं. हाल ही में इन भारतीय AI मॉडल ने बड़े प्लेयर्स को पछाड़ चुका है.  Sarvam Vision AI ने ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) में सबसे शानदार परफॉर्म किया था। 

एक बेंचमार्क पर देसी AI ने चैटजीपीटी, गूगल जेमिनाई और Anthropic Claude जैसे बड़े और पॉपुलर AI मॉडल्स को पछाड़ दिया दिया था. इसकी जानकारी Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार दे चुके हैं. को-फाउंडर ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी थी। 

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Thu, 26 Mar 2026 13:17:36 +0530 news desk MPcg
ईरान से बिगड़े रिश्तों का असर! LPG संकट पर डिंपल यादव का बड़ा बयान https://citytoday.co.in/5308 https://citytoday.co.in/5308 नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का कहना है कि सरकार ने ईरान के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, वह गलत था। इसी के चलते देश को एलपीजी का संकट झेलना पड़ रहा है और लोगों को महीने भर की बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान हमारा दशकों से मित्र रहा है और उसके साथ अच्छे संबंध रहे हैं। फिर भी सरकार ने कोई स्टैंड नहीं लिया और इसी के कारण देश में एलपीजी की सप्लाई में कमी देखी जा रही है। उन्होंने संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।

डिंपल यादव ने कहा, ‘ईरान हमारा हमेशा से और दशकों से मित्र रहा है। ईरान के साथ जो व्यवहार रहा है, उसी के कारण हमें एलपीजी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। महीने भर की बुकिंग के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। अब सर्वदलीय बैठक में हम देखेंगे कि सरकार अपना क्या पक्ष रखती है।’ इस दौरान उनसे महिला आरक्षण को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों की सरकार से मांग है कि हमें बताया जाए कि आखिर आपका एजेंडा क्या है। यदि हमें जानकारी ही नहीं होगी तो हम क्या राय देंगे। अब मीटिंग में देखते हैं कि सरकार बताती है और उसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी।

डिंपल यादव ने कहा कि हमने सरकार से कहा है कि वह पूरी भूमिका स्पष्ट करे। पॉइंटवाइज हमें जानकारी दी जाए। यह भी बताए कि महिला आरक्षण में एससी-एसटी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए भी कोटा है या नहीं। हम इसकी मांग करते हैं कि इस पर सरकार स्पष्टता से अपनी बात विपक्ष के सामने रखे। बता दें कि सरकार ने ईरान के मसले पर सर्वदलीय बैठक आज बुलाई है। इस मीटिंग में सरकार ईरान में पैदा हुए हालातों पर बात करेगी और एलपीजी एवं पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर भी जानकारी देगी। इस बीच विपक्ष की मांग है कि इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी खुद मौजूद रहें।

इनऐक्टिव कनेक्शन हो रहे खत्म, जमाखोरी वाला रैकेट भी पकड़ा गया
इस बीच देश भर में एजेंसियों ने गैस सप्लाई नियमित बनाए रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत ऐसे लोगों पर भी ऐक्शन लिया जा रहा है, जिन्होंने जमाखोरी की है। इसी के तहत दिल्ली में एक रैकेट पकड़ा गया है और एजेंट के पास 183 सिलेंडर मिले हैं। वहीं केवाईसी सत्यापन की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके चलते लखनऊ में 1.10 लाख से अधिक और पूरे यूपी में करीब 20 लाख एलपीजी कनेक्शन अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिए गए हैं। प्रदेश में कुल लगभग 4.87 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। गैस कंपनियों के अधिकारी ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रहे हैं, जिन्होंने नौ महीने या उससे अधिक समय से सिलेंडर बुक नहीं कराया।

 

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Wed, 25 Mar 2026 20:07:56 +0530 news desk MPcg
देश में गैस रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर, 18,700 टन कमर्शियल LPG सप्लाई से बढ़ी राहत https://citytoday.co.in/5302 https://citytoday.co.in/5302 नई दिल्ली
सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश की सभी गैस रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और सोमवार तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है। अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर चल रही हैं और देश में पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार देश भर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहां सुविधा उपलब्ध हो, वहां 5 दिनों के अंदर स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन दिया जाए।

उनके अनुसार, सोमवार को देश के 110 प्रमुख क्षेत्रों में करीब 7,500 घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए। शर्मा ने कहा कि देश में 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं और ज्यादातर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, जहां पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार आपूर्ति के स्रोतों को बढ़ाने पर भी काम कर रही है ताकि स्थिति स्थिर बनी रहे। साथ ही, राज्यों से निगरानी और व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि देश में एलएनजी का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से ज्यादा घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है और घबराहट में बुकिंग में काफी कमी आई है। वर्तमान के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए एलपीजी सप्लाई पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार, किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं है और सप्लाई नियमित रूप से जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जरूरी सेक्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी ट्रांसपोर्ट को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को करीब 80 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है।

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Wed, 25 Mar 2026 14:18:13 +0530 news desk MPcg
अगर यह जंग जारी रही, तो हालात गंभीर होंगे: PM मोदी ने कही ये बड़ी बात https://citytoday.co.in/5297 https://citytoday.co.in/5297 नई दिल्ली

 मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पीएम मोदी ने राज्यसभा में संबोधन के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो हालात गंभीर होंगे। संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. दूसरे हाफ के नए हफ्ते के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ईरान जंग पर बयान दिया था. पीएम मोदी आज राज्यसभा में इसी मुद्दे पर बयान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि भारत हर सेक्टर में यह प्रयास कर रहा है कि किसी भी सेक्टर में दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भरता न हो. पीएम ने शिप बिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक, आत्मनिर्भरता के प्रयास गिनाए और कहा इस संकट ने दुनिया को हिला दिया है. इससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है। 

लंबे समय तक रह सकते हैं युद्ध के दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह संकट अलग प्रकार का है और इसके समाधान भी अलग प्रकार से ही तय किए जा रहे हैं. इस युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है. हम देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सतर्क हैं. हम देश की जनता के हित में हर निर्णय ले रहे हैं। 

जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम ईरान, अमेरिका और इजरायल समेत सभी पक्षों से लगातार संपर्क में हैं. युद्ध से जिस तरह की परिस्थितियां बनी हैं, अगर यह जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे. हमारे फंडामेंटल्स मजबूत हैं और हम रणनीति के साथ काम कर रहे हैं कि भारत पर इसके कम से कम दुष्परिणाम हों. पश्चिम एशिया में जंग की वजह  से जितना नुकसान हो चुका है, उससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. यह राज्यों का सदन है और यह संकट आने वाले समय में हमारी बड़ी परीक्षा लेने वाला है. राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम होने वाली है. पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ गरीबों को समय पर मिलता रहे, यह प्रयास करना होगा. राज्यों को प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा 

संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. दूसरे हाफ के नए हफ्ते के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ईरान जंग पर बयान दिया था. पीएम मोदी आज राज्यसभा में इसी मुद्दे पर बयान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि भारत हर सेक्टर में यह प्रयास कर रहा है कि किसी भी सेक्टर में दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भरता न हो. पीएम ने शिप बिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक, आत्मनिर्भरता के प्रयास गिनाए और कहा इस संकट ने दुनिया को हिला दिया है. इससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है। 

लंबे समय तक रह सकते हैं युद्ध के दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह संकट अलग प्रकार का है और इसके समाधान भी अलग प्रकार से ही तय किए जा रहे हैं. इस युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है. हम देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सतर्क हैं. हम देश की जनता के हित में हर निर्णय ले रहे हैं। 

कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए. संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना हम सभी का दायित्व है. हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे. ये टीम इंडिया की भी बड़ी परीक्षा है. कोविड काल में हमने नया मॉडल सामने रखा था. हमें उसी भावना के साथ आगे भी काम करना होगा. सभी राज्य सरकारों और केंद्र के प्रयासों से देश इस गंभीर संकट का प्रभावी तरीके से सामना कर पाएगा। 
 
सिविल इंफ्रा पर हमलों का भारत ने किया है विरोध- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान जंग पर राज्यसभा में बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। 

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Tue, 24 Mar 2026 18:46:10 +0530 news desk MPcg
हिंदू, सिख या बौद्ध के अलावा दूसरा धर्म अपनाया तो छिन जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा: SC https://citytoday.co.in/5296 https://citytoday.co.in/5296 नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा नहीं मिल सकता. कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद अनुसूचित जाति का दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है और ऐसे व्यक्ति को SC/ST अत्याचार निवारण कानून का संरक्षण भी नहीं मिलेगा. कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ईसाई बने व्यक्ति को SC/ST एक्ट का लाभ नहीं मिलेगा। 

दरअसल, आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक पादरी चिंथाडा आनंद ने SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उन्हें जाति के नाम पर गाली दी, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी. जबकि आरोपी पक्ष ने कहना था कि आनंद ईसाई धर्म अपनाकर पादरी बन गए हैं, इसलिए उन्हें SC का दर्जा नहीं मिल सकता। 

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने इस दलील को सही माना और FIR रद्द कर दी. हाईकोर्ट ने कहा कि ईसाई धर्म अपनाने और सक्रिय रूप से उसका पालन करने वाले व्यक्ति को SC का दर्जा बरकरार नहीं रहता, भले ही उसके पास पुराना SC प्रमाणपत्र क्यों न हो। 

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के इसी फैसले को आनंद ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पी.के. मिश्रा और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें कहा गया है कि ईसाई धर्म अपनाने और सक्रिय रूप से उसका पालन करने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती। 

स्वत: खत्म हो जाएगा SC का दर्जा
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि आनंद पिछले एक दशक से रविवार की प्रार्थनाएं आयोजित कर रहे थे और घटना के समय भी वे ईसाई धर्म का पालन कर रहे थे, जिससे उनका एससी दर्जा स्वतः ही खत्म हो गया। 

कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पूरी तरह से सही ठहराते हुए कहा कि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता ये नहीं कह रहा है कि इस मामले में याचिकाकर्ता का ये दावा नहीं है कि उसने ईसाई धर्म से अपने मूल धर्म में पुनः धर्मांतरण किया है या उसे मादिगा समुदाय में पुनः स्वीकार कर लिया गया है. इससे ये सिद्ध होता है कि अपीलकर्ता ईसाई धर्म का पालन करता रहा है और एक दशक से अधिक वक्त से पादरी के रूप में कार्यरत है जो गांव के घरों में नियमित रूप से रविवार की प्रार्थनाएं आयोजित करता है। 

'घटना के वक्त नहीं थे SC का कानूनन हिस्सा'

कोर्ट ने आगे कहा, 'घटना के वक्त भी वह प्रार्थना सभा चला रहा था. इन तथ्यों से कोई संदेह नहीं रह जाता कि घटना के दिन वह ईसाई धर्म का अनुयायी था. इसलिए घटना की तारीख पर वह कानूनन अनुसूचित जाति का हिस्सा नहीं था और इसलिए उसे SC/ST एक्ट का लाभ नहीं मिल सकता। 

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला उन सभी मामलों पर लागू होगा, जहां अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपना लिया है. कोर्ट ने साफ किया कि SC का दर्जा केवल हिंदू, सिख और बौद्ध तक ही सीमित है। 

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Tue, 24 Mar 2026 17:38:05 +0530 news desk MPcg
दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी, बजट से पहले मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/5290 https://citytoday.co.in/5290 नई दिल्ली

 दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है। 

दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है। 

बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है। 

बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। 

बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

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Tue, 24 Mar 2026 15:54:33 +0530 news desk MPcg
दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी, बजट से पहले मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/5289 https://citytoday.co.in/5289 नई दिल्ली

 दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है। 

दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है। 

बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है। 

बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। 

बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

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Tue, 24 Mar 2026 15:54:33 +0530 news desk MPcg
दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी, बजट से पहले मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/5288 https://citytoday.co.in/5288 नई दिल्ली

 दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है। 

दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है। 

बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है। 

बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। 

बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

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Tue, 24 Mar 2026 15:54:33 +0530 news desk MPcg
चीन&पाकिस्तान सीमा पर भारत तैनात करेगा दो और ब्रह्मास्त्र, छुटकू मिसाइल&ड्रोन बनेगा काल https://citytoday.co.in/5287 https://citytoday.co.in/5287 बेंगलुरु 

क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रही है. ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रहे महायुद्ध ने इस चिंता को बढ़ा दिया है. इस वैश्विक तनाव और पाकिस्तान-चीन सीमा पर बढ़ते खतरे के बीच भारतीय सेना ने अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने एक और पिनाका रॉकेट लॉन्चर रेजिमेंट को ऑपरेशनल कर लिया है और इस साल के अंत तक एक और रेजिमेंट को शामिल करने की तैयारी में है. इससे सेना के पास अब 7 पिनाका रेजिमेंट हो गए हैं, जो पाकिस्तान और चीन सीमा पर तैनात हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट ने रक्षा सूत्रों ने हवाले से बताया गया है कि पिनाका के आठवें रेजिमेंट के लिए अब आधे से ज्यादा उपकरण प्राप्त किए चुके हैं और 2026 के अंत तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा. अगले साल दो और रेजिमेंट को शामिल करने की योजना है, जिससे कुल संख्या 10 हो जाएगी. भारतीय सेना का लक्ष्य 22 पिनाका रेजिमेंट बनाने का है, जिसमें नई लंबी दूरी वाली गाइडेड मिसाइलों से लैस संस्करण शामिल किए जाएंगे. ये पुरानी सिस्टम की जगह लेंगे और छोटे मिसाइल-ड्रोन के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देंगे.
चीन-पाक सीमा पर भारत की कैसी सैन्य तैयारी?

भारत की पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा और चीन से सटी उत्तरी सीमा पर हालात लंबे समय से संवेदनशील रही है. खासतौर पर वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद सेना ने अपनी आर्टिलरी ताकत को तेजी से मजबूत करने का फैसला लिया था. भारतीय सेना ने तब भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, टाटा पॉवर और लार्सन एंड तुबरो के साथ करीब 2,580 करोड़ रुपये के छह पिनाका रेजिमेंट के लिए समझौता किया था. अब इनका तेजी से उत्पादन और तैनाती की जा रही है.

ईरान-अमेरिका जंग के दौरान ड्रोन और मिसाइल स्वार्म अटैक की रणनीति देखते हुए सेना ने पिनाका को और महत्वपूर्ण हथियार मान लिया है. इस जंग में बड़े पैमाने पर रॉकेट, ड्रोन और प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. यही वजह है कि भारत भी अपनी सेना को ऐसे हथियारों से लैस कर रहा है जो एक साथ कई लक्ष्यों को तेजी से निशाना बना सकें.
‘देसी ब्रह्मास्त्र’ क्यों कहा जाता है पिनाका?

पिनाका भारत का स्वदेशी मल्टी-बारेल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. इस भारतीय सेना का ‘देसी ब्रह्मास्त्र’ कहा जाता है, क्योंकि यह कम समय में भारी तबाही मचाने की क्षमता रखता है. यह 122 मिमी रॉकेटों की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली और सटीक है. पिनाका 12 रॉकेट एक साथ दाग सकता है, और कुछ ही सेकंड में दुश्मन के बड़े इलाके को निशाना बना सकता है. इसकी रेंज 40 से 75 किलोमीटर तक है, जबकि इसके नए गाइडेड वर्जन इससे भी ज्यादा दूर 120 किमी तक तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं.
 

यह सिस्टम GPS और INS गाइडेंस से लैस है, जिससे सटीकता बहुत बढ़ गई है. यह सिस्टम खासतौर पर दुश्मन के ठिकानों, बंकर, कमांड सेंटर और आर्टिलरी पोजीशन को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘शूट एंड स्कूट’ क्षमता है… यानी हमला करने के तुरंत बाद अपनी पोजीशन बदल लेना, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचा जा सके.
ड्रोन और ‘छुटकू मिसाइल’ का भी तोड़

आधुनिक युद्ध में छोटे ड्रोन और लो-कॉस्ट मिसाइलें बड़ा खतरा बनकर उभरी हैं. पिनाका का अपग्रेडेड वर्जन ऐसे लक्ष्यों के खिलाफ भी प्रभावी माना जा रहा है. इसकी एक रेजिमेंट में 18-24 लॉन्चर होते हैं, जो मिनटों में सैकड़ों रॉकेट दाग सकते हैं. यह छोटे ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के स्वार्म अटैक का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.

ईरान की तरह दुश्मन अगर सस्ते ड्रोन और मिसाइलों से हमला करे तो पिनाका का सैल्वो दुश्मन के लॉन्चर और कमांड सेंटर को पहले ही नष्ट कर सकता है. इसकी लागत भी दूसरी हाईटेक मिसाइलों की तुलना में काफी कम है. इसका एक रॉकेट महज कुछ लाख रुपये में आ जाता है, जबकि दुश्मन की महंगी मिसाइल को रोकने वाले सिस्टम करोड़ों में हैं.

ईरान-इजरायल संघर्ष ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्ध पारंपरिक नहीं होंगे, बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित होंगे, जहां मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट सिस्टम अहम भूमिका निभाएंगे. भारत इसी दिशा में अपनी सेना को तैयार कर रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला प्रभावी तरीके से किया जा सके.

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की रणनीति देखते हुए भारत ने सही समय पर कदम उठाया है. पिनाका की बढ़ती संख्या न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि दुश्मन को भी संदेश देगी कि भारत अब किसी भी स्वार्म अटैक का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.
पिनाका की क्या है खूबियां?

    मल्टी-बैरल लॉन्च सिस्टम – एक साथ 12 रॉकेट दागने की क्षमता, जिससे बड़े इलाके में एकसाथ हमला संभव.
    तेज फायरिंग क्षमता – कुछ ही सेकंड में पूरा सल्वो (12 रॉकेट) फायर कर सकता है, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलता.
    लंबी मारक क्षमता – शुरुआती वर्जन की रेंज 40 किमी तक, जबकि आधुनिक गाइडेड वर्जन 70–75 किमी या उससे अधिक दूरी तक सटीक हमला कर सकते हैं.
    उच्च सटीकता – नए गाइडेड रॉकेट्स GPS/INS आधारित नेविगेशन से लैस, जिससे टारगेट पर सटीक प्रहार.
    शूट एंड स्कूट तकनीक – हमला करने के तुरंत बाद पोजीशन बदल सकता है, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचाव.
    सैचुरेशन फायर क्षमता – एक बड़े क्षेत्र में भारी मात्रा में रॉकेट बरसाकर दुश्मन के ठिकानों, बंकर और सैनिक जमावड़े को नष्ट कर सकता है.
    मोबाइल और ऑल-टेरेन क्षमता – हाई मोबिलिटी व्हीकल पर लगा होने के कारण पहाड़, रेगिस्तान और कठिन इलाकों में भी आसानी से तैनात.
    कम समय में तैनाती – सिस्टम को जल्दी से तैयार कर फायर किया जा सकता है, जिससे युद्ध के दौरान तेजी मिलती है.
    ड्रोन और हल्के लक्ष्यों के खिलाफ प्रभावी – बड़े पैमाने पर फायरिंग के कारण ड्रोन स्वार्म और छोटे मिसाइल सिस्टम को भी निष्क्रिय करने में सक्षम.
    स्वदेशी तकनीक – पूरी तरह भारत में विकसित, जिससे विदेशी निर्भरता कम और रखरखाव आसान.
    कम लागत, ज्यादा प्रभाव – अन्य भारी मिसाइल सिस्टम के मुकाबले कम लागत में ज्यादा क्षेत्रीय नुकसान पहुंचाने की क्षमता.
    भविष्य के अपग्रेड की क्षमता – लंबी दूरी और अधिक सटीक गाइडेड वर्जन विकसित किए जा रहे हैं, जिससे इसकी ताकत लगातार बढ़ रही है.

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Tue, 24 Mar 2026 14:12:27 +0530 news desk MPcg
तेल संकट के बीच सऊदी अरब और UAE से भारत आ रहे टैंकर, सरकार ने दी बड़ी राहत की जानकारी https://citytoday.co.in/5284 https://citytoday.co.in/5284 मुंबई 

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच अब भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक UAE से दो LPG कैरियर और सऊदी अरब से एक कच्चे तेल का कैरियर भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। वहीं नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने बढ़ते हुए शिपिंग संकट के चलते ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक भारतीय झंडे वाले जहाज पाइन गैस और जग वसंत लगभग एक साथ ही चल रहे थे। दोनों जहाज सोमवार सुबह 6 बजे UAE के बंदरगाहों से भारत के लिए रवाना हुए। ईरान ने इन दोनों LPG जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी भी दे दी है। वहीं ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन LPG जहाजों को 24 घंटे तक सुरक्षा दे रहे हैं।

जहाज में कितना LPG?
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि दोनों जहाज पर लगभग 92,000 टन एलपीजी है। उन्होंने कहा, ''यात्रा शुरू हो चुकी है।'’ शिपिंग मंत्रालय के अनुसार जग वसंत के 26 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि पाइन गैस 28 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंच सकता है। इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक भी सवार हैं।

सऊदी से आ रहा तेल टैंकर
इसके अलावा, MT Kallista नाम का एक कच्चे तेल का कैरियर सऊदी अरब के यान्बू बंदरगाह पर तेल भर रहा है और मंगलवार को जेद्दा बंदरगाह होते हुए भारत के पारादीप बंदरगाह के लिए रवाना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के समन्वय से, पनामा के झंडे वाले यह जहाज भी अदन की खाड़ी से गुजरेगा और भारतीय नौसेना इसकी हिफाजत करेगी।

भारतीय टैंकरों ने ईरान को दी फीस?
भले ही रिपोर्ट्स में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा मोटी फीस लिए जाने की खबरें थीं, लेकिन भारत ने अपने LPG टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने के लिए ईरान को कोई पैसा नहीं दिया है। भारत में ईरानी दूतावास ने सोमवार को ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया है।

इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना से कहा है कि वह भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी के आसपास अपने कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जहाजों को तैनात करे। वहीं भारतीय झंडे वाले सभी जहाज़ों के कप्तानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत संकट के समय उनके साथ खड़ा है।

कितने टैंकर फंसे?
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कुल मिलाकर लगभग 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान संभवत: सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से जाने की अनुमति दे सकता है।

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Tue, 24 Mar 2026 13:44:23 +0530 news desk MPcg
रहमान डैकत की मय्यत पर रोना था मुश्किल, सौम्या ने अक्षय को किया मिस https://citytoday.co.in/5283 https://citytoday.co.in/5283 रहमान डैकत की मय्यत पर रोना था मुश्किल, सौम्या ने अक्षय को किया मिस 

मुंबई 

फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रही है. आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म के सेकंड पार्ट में सौम्या टंडन का छोटा सा रोल है. उन्होंने अक्षय खन्ना की ऑनस्क्रीन पत्नी उल्फत का रोल प्ले किया है. सेकंड पार्ट में वो चंद मिनटों के सीन्स में दिखीं. एक्ट्रेस का कहना है उन्हें धुरंधर 2 में अक्षय खन्ना की कमी खली। 

सौम्या को आई अक्षय खन्ना की याद
वैरायटी इंडिया संग बातचीत में सौम्या ने बताया कि बतौर ऑडियंस जब उन्होंने धुरंधर 2 देखी, तो अपने ऑनस्क्रीन पति रहमान डकैत यानी अक्षय खन्ना को बेहद मिस किया. अपने सीन्स के बारे में बोलते हुए वो कहती हैं- वो इंटेंस सीन हैं. खासतौर पर रहमान डैकत की मय्यत वाला सीक्वेंस. वो बहुत कॉम्पलिकेटेड सीन था. क्योंकि मेरा किरदार उल्फत काफी गुस्से में है. वो सवाल उठा रही है. वो बेहद निराश है. मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि धुरंधर में कई सीन्स ऐसे थे जहां सिर्फ आंखों से अपनी फीलिंग्स को बयां करना था।  
सौम्या ने अक्षय खन्ना को लेकर कहा- धुरंधर के सेकंड पार्ट में मुझे उनकी कमी खली. एक दर्शक होने के नाते मैंने अक्षय खन्ना को मिस किया क्योंकि पहले पार्ट में वो आइटस्टैंडिंग थे. लेकिन यही फिल्म की स्टोरी थी. सेकंड पार्ट में कहानी रहमान डकैत की मौत के बाद आगे बढ़ती है। 

सौम्या ने फिल्म की सक्सेस को लेकर कहा कि इसने नया बेंचमार्क सेट किया है. मूवी ने स्क्रीनप्ले राइटिंग और फिल्ममेकिंग को लेकर अभी तक के सेट अप्रोच को तोड़ा है. मूवी में दिखाई गई हिंसा अलग है. बैकग्राउंड म्यूजिक मजेदार है. हर सिंगल कैरेक्टर को सम्मान दिया गया है. फिल्म का सब्जेक्ट काफी पावरफुल है। 

धुरंधर में अक्षय खन्ना और सौम्या की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को लोगों ने पसंद किया. दोनों जब-जब स्क्रीन पर आए, अपनी दमदार अपीयरेंस और एक्टिंग से ऑडियंस को तालियां बजाने पर मजबूर किया. सौम्या की बात करें तो उन्होंने कई टीवी शो में काम किया है. सुपरहिट शो 'भाभीजी घर पर हैं' में वो अनीता भाभी के रोल में थीं. इसके अलावा सौम्या ने रियलिटी शो डांस इंडिया डांस, एंटरटेनमेंट की रात को होस्ट किया है। 

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Mon, 23 Mar 2026 19:22:25 +0530 news desk MPcg
आदिवासी अधिकार संवाद’ में बोले राहुल गांधी& विकास की कीमत आदिवासी चुका रहे https://citytoday.co.in/5282 https://citytoday.co.in/5282 जमीन, आरक्षण और प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल वडोदरा । कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोमवार को गुजरात दौरे पर वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक प्रतिनिधित्व और विकास की नीतियों को लेकर केंद्र सरकार और कॉरपोरेट क्षेत्र पर सवाल उठाए। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि जब भी विकास की बात होती है, उसका सबसे ज्यादा असर आदिवासी समुदाय पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में आदिवासियों की जमीनें विकास परियोजनाओं के लिए ले ली जाती हैं। उनका कहना था कि मूर्ति निर्माण हो या खनन परियोजना, इसका बोझ अक्सर आदिवासी समुदाय को ही उठाना पड़ता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जाति जनगणना का मुद्दा भी उठाया और कहा कि वे इस विषय को लगातार उठाते रहे हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नरेंद्र मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने देश की जनसंख्या के सामाजिक आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी लगभग 9प्रतिशत, दलित 15प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग 50प्रतिशत और अल्पसंख्यक 15प्रतिशत हैं। इसके बावजूद, उनके अनुसार, बड़े कॉरपोरेट और संस्थानों में इन वर्गों की भागीदारी बहुत कम है। यहां पर राहुल गांधी ने विशेष रूप से अडाणी ग्रुप का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन में आदिवासी समुदाय का कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिखता। उन्होंने निजीकरण की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सीमित लोगों को ही फायदा हो रहा है, जबकि पहले सार्वजनिक क्षेत्र में आरक्षण के जरिए सभी वर्गों को अवसर मिलता था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों में प्रतिनिधित्व के मामले में असमानता बनी हुई है। उन्होंने बजट पेश करने के दौरान खड़े 11 अधिकारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनमें दलित या पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं दिखता। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, कि निजीकरण, शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों और कॉरपोरेट सेक्टर में भी समान अवसरों की कमी है और आदिवासी समुदाय को उचित भागीदारी नहीं मिल रही है। उनका कहना था कि जब तक सामाजिक प्रतिनिधित्व और समान अवसर सुनिश्चित नहीं होंगे, तब तक वास्तविक विकास अधूरा रहेगा।

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Mon, 23 Mar 2026 19:18:29 +0530 news desk MPcg
तेल&गैस संकट पर PM मोदी का बड़ा भरोसा, बोले—भारत तैयार, हर चुनौती का है प्लान https://citytoday.co.in/5276 https://citytoday.co.in/5276 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान में जारी जंग के चलते जारी तेल और गैस को लेकर लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं और इसके लिए सारे प्रयास करेंगे। यही नहीं उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस जंग का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें संयम के साथ हालात से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है।

करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं।

प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं। देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे। इसके लिए भी काम किया जा रहा है।

देश में कितना बड़ा है तेल का भंडार, PM मोदी ने बताई तैयारी
बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए। हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें।

पेट्रोल, डीजल के संकट से निपटने में किस चीज का फायदा
देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है। इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना में भी सप्लाई बाधित थी, लेकिन किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ था। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा। युद्ध की बड़ी चुनौती यह भी है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ेगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट में कोयला की सप्लाई है।

'लंबे समय तक रहेगा असर, कोरोना की तरह रहें तैयार'
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को रोकना अस्वीकार्य है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि कूटनीति ही इसका एक प्रयास है। हमारा प्रयास इसलिए है कि युद्ध समाप्त हो और शांति आए। भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट जब आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। जमीन, आसमान, जल से लेकर साइबर स्पेस तक में एजेंसियां अलर्ट हैं। इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए तैयार रहना होगा।

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Mon, 23 Mar 2026 15:45:44 +0530 news desk MPcg
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर संबोधन देंगे https://citytoday.co.in/5274 https://citytoday.co.in/5274

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे, जहां उनका फोकस पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर रहेगा। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच यह संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में देशभर में ईंधन और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मौजूदा हालात के बावजूद देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है।

सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हुए उपभोक्ताओं और उद्योगों पर इसका असर कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम शिपिंग मार्गों पर संभावित व्यवधान को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाई है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके। सरकार का दावा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

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Mon, 23 Mar 2026 13:59:52 +0530 news desk MPcg
लिपुलेख दर्रे से 6 साल बाद शुरू होगा भारत&चीन ट्रेड, 2019 में गलवान झड़प के बाद था बंद https://citytoday.co.in/5268 https://citytoday.co.in/5268 पिथौरागढ़ 

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत और चीन के बीच बॉर्डर ट्रेड छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेड सेशन आमतौर पर जून से सितंबर तक चलता है।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आशीष भटगाई ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी होने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

लिपुलेख दर्रे के जरिए तिब्बत के साथ बॉर्डर ट्रेड लंबे अंतराल के बाद 1992 में फिर शुरू हुआ था। हालांकि 2019 में COVID-19 महामारी और गलवान झड़प के कारण इसे बंद कर दिया गया था।

पिछले साल 18-19 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत-चीन ने रुपए और युआन में ट्रेड करने का फैसला किया था। अब तक यह ‘वस्तु विनिमय’ आधारित यानी सामान के बदले सामान का लेन-देने होता था।

लिपुलेख दर्रा औपचारिक व्यापारिक मार्ग
ब्रिटिश काल में भी लिपुलेख दर्रा व्यापार और तीर्थयात्रा का प्रमुख केंद्र था। तिब्बत से व्यापारी नमक, बोराक्स, पशु उत्पाद, जड़ी-बूटियां और स्थानीय सामान बेचने आते हैं, जबकि भारतीय व्यापारी बकरी, भेड़, अनाज, मसाले, गुड़, मिश्री, गेहूं वहां ले जाते हैं।

भारत-चीन के बीच साल 2005 में 12 करोड़ रुपए का आयात और 39 लाख रुपए का निर्यात हुआ था। साल 2018 में 5.59 करोड़ रुपए का आयात और 96.5 लाख रुपए का निर्यात हुआ था।

नेपाल ने समझौते पर आपत्ति जताई थी
लिपुलेख के साथ शिपकी ला और नाथु ला दर्रों से भी कारोबार बहाल करने का फैसला लिया गया था। हिमालय के तीन दर्रों से शुरू होने जा रहा भारत-चीन व्यापार पहली बार पूरी तरह सड़क के जरिए होगा। यहां मनी एक्सचेंज भी खुलेगा।

हालांकि नेपाल ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना है कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। उसने भारत और चीन से इस इलाके में कोई एक्टिविटी न करने की अपील की है।

केंद्र ने राज्य सरकार से व्यवस्था करने को कहा
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लेटर लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार बहाल करने का अनुरोध किया है। लेटर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है।

प्रशासन ने ट्रेड पास जारी करने, करेंसी एक्सचेंज के लिए बैंकों की व्यवस्था, कस्टम विभाग की तैनाती और धारचूला प्रशासन को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें व्यापारियों के लिए ट्रांजिट कैंप, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी।

व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ सीमांत व्यापार संगठन के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकाली ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को 2019 से तकलाकोट (तिब्बत) के वेयरहाउस में रखे सामान को वापस लाने का अवसर मिलेगा।

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Sat, 21 Mar 2026 17:14:15 +0530 news desk MPcg
हर्षित राणा IPL से पूरी तरह बाहर, KKR ने रिप्लेसमेंट के लिए 5 ऑप्शन किए तैयार https://citytoday.co.in/5267 https://citytoday.co.in/5267 कोलकाता 

इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है. टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं. हर्षित को यह चोट हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप के वॉर्म-अप मैच के दौरान लगी थी, जब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला खेला जा रहा था। 

हर्षित  के दाएं घुटने में लिगामेंट स्ट्रेन हुआ था. इसके बाद फरवरी में उनकी सर्जरी हुई और अब उन्हें लंबी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसी वजह से वह IPL 2026 में नहीं खेल पाएंगे। 

KKR के हेड कोच अभिषेक नायर ने इसे टीम के लिए बड़ा नुकसान बताया. उन्होंने कहा कि हर्षित पिछले कुछ सीजन से टीम का अहम हिस्सा रहे हैं और खासकर चैम्प‍ियनश‍िप सीजन में उनका योगदान काफी अहम रहा. नायर ने यह भी साफ किया कि टीम अब नए गेंदबाज की तलाश में जुटी है और जल्द ही रिप्लेसमेंट पर फैसला लिया जाएगा। 

इस बीच KKR ने विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है. नवदीप सैनी, आकाश मधवाल, सिमरजीत सिंह, संदीप वारियर और केएम आसिफ जैसे गेंदबाज ईडन गार्डन्स में ट्रेनिंग करते नजर आए हैं. यानी KKR के पास 5 व‍िकल्प तैयार हैं। 

IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है. KKR अपना पहला मैच 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी, जबकि 2 अप्रैल को टीम अपने घरेलू मैदान पर सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी। 

वहीं कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वरुण चक्रवर्ती का बचाव किया. उन्होंने कहा कि T20 वर्ल्ड कप में विपक्षी बल्लेबाजों ने वरुण के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं है. रहाणे का मानना है कि 10 दिन का ब्रेक वरुण के लिए फायदेमंद रहेगा। 

हर्ष‍ित के जाने से KKR को कितना नुकसान?
हर्षित राणा का हटना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बड़ा झटका है. वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और पिछले कुछ सीजन में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है.उन्होंने  IPL 2024 में KKR को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उस सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे. उनके इसी प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में उनके डेब्यू का रास्ता भी खुला और धीरे-धीरे उन्होंने नेशनल टीम में अपनी जगह मजबूत की। 

IPL 2025 से पहले कोलकाता ने हर्षित को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. उस सीजन में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मैचों में 15 विकेट अपने नाम किए थे। 

 

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Sat, 21 Mar 2026 15:53:28 +0530 news desk MPcg
3 से 4 दिन में बंदरगाहों तक पहुंचेगा तेल&गैस’, होर्मुज पर अमेरिकी अधिकारी का अहम बयान https://citytoday.co.in/5263 https://citytoday.co.in/5263 नई दिल्‍ली

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने शुक्रवार को कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से तीन-चार दिनों के भीतर एशिया तक आपूर्ति पहुंच जाएगी। 

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने समुंद्र में फंसे ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा दिया है और 30 दिनों के लिए इन प्रतिबंधों से ढील दी है. इससे पहले वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. इस कदम का उद्देश्य ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के कारण बढ़ती कीमतों को कम करना है। 

फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्‍यू में क्रिस राइट ने कहा कि कुछ ही दिनों में, तीन या चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद तेल की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सकेगा. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण ईरान की कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता सीमित हो गई है, जिससे तेल का भंडार बाजारों तक पहुंच नहीं पा रहा है। 

ईरान से प्रतिबंध हटाया 
अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल टैंकरों को छूट दी है. अब ये तेल टैंकर एशिया के बंदरगाहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं. अमेरिका ने 1 महीने यानी 19 अप्रैल तक इसमें छूट दी है। 

गौरलब है कि वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कार्रवाइयों के बाद कीमतों में भारी उछाल आया है. प्रतिबंध हटाने से आपूर्ति की समस्‍या खत्‍म हो सकती है। 

गंभीर संकट का समाना कर सकती है दुनिया
ऊर्जा अधिकारियों ने बाजार के दबाव को कम करने और इन आपूर्तियों पर निर्भर अन्य क्षेत्रों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए तेल की सप्‍लाई बनाए रखने पर जोर दिया है. इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति बहाल करने में 6 महीने तक का समय लग सकता है. फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्‍यू में बिरोल ने चेतावनी दी कि दुनिया इतिहास के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर सकती है। 

इसके अलावा, सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान से संबंधित आपूर्ति में रुकावटें अप्रैल के अंत तक जारी रहती हैं, तो तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी अधिक हो सकती है. अनुमानों के अनुसार, 180 डॉलर प्रति बैरल की दर पर अमेरिकियों को 7 डॉलर प्रति गैलन से अधिक भुगतान करना होगा। 

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Sat, 21 Mar 2026 13:14:11 +0530 news desk MPcg
पेटेंट हटने से होगा बड़ा बदलाव, ₹16,000 की दवा अब मिलेगी सिर्फ ₹1,500 में https://citytoday.co.in/5260 https://citytoday.co.in/5260 नई दिल्‍ली

 डेनमार्क की दिग्गज दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) के साल्ट ‘सेमाग्लूटाइड’ (Semaglutide) पर पेटेंट इसी सप्‍ताह समाप्‍त हो जाएगा. कंपनी द्वारा इसी सॉल्‍ट का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने के लिए ‘ओजेम्पिक’ और डायबिटीज नियंत्रण के लिए ‘वेगोवी’ नामक दवा बनाई जाती हैं. पेटेंट की वजह से ये दोनों ही दवाएं काफी महंगी है. लेकिन, पेटेंट समाप्ति के बाद अन्‍य कंपनियां भी सेमाग्‍लूटाइड का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने और डायबिटीज की जेनेरिक दवाएं बना सकेंगी. इससे आम आदमी को सस्‍ती दवाएं मिलने लगेंगी। 

वर्तमान में नोवो नॉर्डिस्क की वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक की मासिक खुराक की कीमत करीब 8000 से 11,000 रुपये तक पड़ती है. डायबिटीज दवा वेगावी का महीने का खर्च 16400 रुपये तक होता है. कीमत ज्‍यादा होने की वजह से यह आम आदमी की पहुंच से बाहर है. दवा बाजार जानकारों का कहना है कि जेनेरिक दवा इससे करीब 60 फीसदी तक सस्‍ती होगी. शुरुआती दौर में जेनेरिक दवाओं की मासिक कीमत 3,000 से 5,000 रुपये के बीच रह सकती है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी यह और गिरकर 1,500 से 2,500 रुपये तक आ सकती है। 

मोटापे और डायबिटीज के करोड़ों मरीज
चीन के बाद डायबिटीज मरीजों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारत में ही है. वहीं, लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं. फार्मारैक के अनुमान के मुताबिक, भारत का मोटापा-रोधी दवा बाजार 2030 तक 80 अरब रुपये तक पहुंच सकता है, जो वर्तमान में करीब 15 अरब रुपये है. सस्ती दवाओं की उपलब्धता से निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीज भी अब वैज्ञानिक तरीके से वजन घटाने का उपचार ले सकेंगे. यह कदम भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। 

50 से ज्यादा ब्रांड्स दवा बनाने को तैयार
नोवो नॉर्डिस्क का पेटेंट खत्‍म होने का असर है कि सन फार्मा (Sun Pharma), मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma), डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy’s), जायडस (Zydus), ल्यूपिन (Lupin) और अल्केम (Alkem) जैसी 40 से अधिक कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में सेमाग्लूटाइड के 50 से ज्यादा जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने वाली हैं. कुछ कंपनियां तो इतनी तैयार हैं कि पेटेंट खत्म होने के अगले ही दिन अपने उत्पाद बाजार में उतार देंगी. इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि मरीजों के पास चयन के लिए कई विश्वसनीय विकल्प भी मौजूद होंगे। 

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Fri, 20 Mar 2026 19:28:35 +0530 news desk MPcg
मुझे हटाओ मत…: वर्ल्ड कप जीत के बाद अगरकर का दांव, BCCI का अगला कदम क्या होगा? https://citytoday.co.in/5247 https://citytoday.co.in/5247 नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपने कार्यकाल को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की औपचारिक गुजारिश की है।

दरअसल, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी की खिताबी सफलता के बाद IPL 2025 से ठीक पहले अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब घरेलू सरजमीं पर T20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के बाद उन्होंने अपने कार्यकाल को और लंबा करने की इच्छा जताई है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर बोर्ड के अंदर शुरुआती स्तर पर चर्चा भी हो चुकी है. हालांकि, अंतिम फैसला अभी बाकी है. यह निर्णय ऐसे समय में लिया जाना है जब भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप के अहम चरण में है और साथ ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।

अगरकर जून 2023 से मेंस सीनियर चयन समिति के चेयरमैन हैं. उनके कार्यकाल में भारत ने कुल तीन ICC खिताब अपने नाम किए हैं. दो T20 वर्ल्ड कप और एक चैम्प‍ियंस ट्रॉफी. यही नहीं टीम ने 2023 और 2025 एशिया कप भी जीते और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 में से सिर्फ दो मुकाबले गंवाए।

हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. भारत को घरेलू मैदान पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जबकि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी विदेशी जमीन पर हार मिली. इसी वजह से अगरकर के कार्यकाल की चमक थोड़ी फीकी भी पड़ी है।

रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि अगरकर की जगह लेने के लिए वेस्ट जोन का एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी रेस में आगे बताया जा रहा था, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

अब नजरें BCCI के फैसले पर टिकी हैं, क्या बोर्ड अगरकर की सफलता को देखते हुए उन्हें 2027 तक का भरोसा देगा या फिर सेलेक्शन कमेटी में बदलाव की राह अपनाएगा।

टीम इंड‍िया की सेलेक्शन कमेटी में कौन-कौन?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को जो लोग चुनते हैं, उनके सर्वेसर्वा यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर हैं. वह जुलाई 2023 में टीम इंड‍िया के चीफ सेलेक्टर बने बने थे.  सेलेक्शन कमेटी में 2007 की वर्ल्ड चैम्प‍ियन टीम के सदस्य आरपी सिंह हैं, दूसरे द‍िग्गज प्रज्ञान ओझा हैं. आरपी और ओझा के अलावा सेलेक्शन कमेटी में शिव सुंदर दास और अजय रात्रा हैं।

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Thu, 19 Mar 2026 18:01:30 +0530 news desk MPcg
ईरान&इजरायल युद्ध पर थरूर ने सोनिया को दिखाया आईना, कहा& सरकार की चुप्पी मोरल सरेंडर नहीं https://citytoday.co.in/5245 https://citytoday.co.in/5245 नई दिल्ली

 अमेरिका और इजरायल ने जबसे ईरान पर अटैक किया है, भारत की राजनीति में भी उबाल आ गया है. तमाम विपक्षी दल इस मामले में भारत की चुप्‍पी पर सवाल उठाते हुए सरकार की तीखी आलोचना कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई की एयर स्‍ट्राइक में मौत की निंदा न करने पर सरकार पर खूब खरी-खोटी सुनाई थी. उन्‍होंने ईरान की संप्रभुता को तार-तार करने के मामले में भारत की चुप्‍पी पर भी गंभीर सवाल उठाए थे. अब सोनिया गांधी को उनकी ही पार्टी के सीनियर लीडर और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आईना दिखाया है. थरूर का कहना है कि वेस्‍ट एशिया में छिड़ी जंग पर भारत की चुप्‍पी किसी भी तरह से मोरल सरेंडर यानी नैतिक आत्‍मसमर्पण नहीं है. कांग्रेस सांसद का कहना है कि भारत का साइलेंस एक रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट (सोची-समझी और जिम्‍मेदार कूटनीति) है.

वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत सरकार की चुप्पी पर देश में छिड़ी बहस के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे नैतिक आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट करार दिया है. उन्होंने ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ अखबार में लिखे लेख में कहा कि भारत का यह रुख भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय व्यावहारिक कूटनीतिक संतुलन को दर्शाता है. थरूर ने स्पष्ट किया कि वे खुद मानते हैं कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है. यह संप्रभुता, आक्रामकता-विरोध और शांतिपूर्ण समाधान जैसे उन सिद्धांतों के खिलाफ है, जिनका भारत ऐतिहासिक रूप से समर्थन करता रहा है. इसके बावजूद उन्होंने सरकार की आलोचना करने से इनकार करते हुए कहा कि हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं होती. बता दें कि इसी समाचारपत्र में कुछ दिनों पहले सोनया गांधी ने लेख लिखकर सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई और ईरान की संप्रभुता पर आक्रमण की खुले शब्‍दों में निंदा न करने के लिए भारत सरकार की तीखी आलोचना की थी.
‘सिद्धांत और व्‍यवहारिकता के बीच संतुलन’

अब शशि थरूर ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा सिद्धांत और व्यवहारिकता के बीच संतुलन पर आधारित रही है. जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि यह नैतिक रुख से दूरी नहीं, बल्कि शीत युद्ध के दौरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका था. आज के बहुध्रुवीय विश्व (Multipolar World) में भारत मल्टी-अलाइनमेंट की नीति पर चल रहा है, जहां वह अलग-अलग शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने हितों को प्राथमिकता देता है. थरूर ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल जाते हैं कि भारत ने अतीत में भी कई बार राष्ट्रीय हितों के चलते चुप्पी साधी है. 1956 में हंगरी, 1968 में चेकोस्लोवाकिया और 1979 में अफगानिस्तान में सोवियत हस्तक्षेप के दौरान भारत ने खुलकर विरोध नहीं किया था, क्योंकि उस समय सोवियत संघ भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार था.
शशि थरूर की दलील

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तर्क दिया कि भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र बेहद अहम है, जहां से हर साल करीब 200 अरब डॉलर का व्यापार होता है. देश की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं और करीब 90 लाख भारतीय वहां काम करते हैं. ऐसे में किसी एक पक्ष के खिलाफ कड़ा सार्वजनिक रुख इन संबंधों को प्रभावित कर सकता है. थरूर ने अमेरिका के साथ भारत के रणनीतिक रिश्तों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा अमेरिकी नेतृत्व (खासकर डोनाल्‍ड ट्रंप) अक्सर अपने हितों के खिलाफ जाने वालों पर सख्त रुख अपनाते हैं. ऐसे में भारत के लिए रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसी चुनौतियों को देखते हुए अमेरिका के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति ‘नैतिक भाषणबाजी’ का मंच नहीं, बल्कि वह क्षेत्र है जहां सिद्धांत और शक्ति के बीच संतुलन साधना पड़ता है. बिना पर्याप्त प्रभाव (leverage) के किसी बड़ी शक्ति की खुलकर आलोचना करना व्यावहारिक नहीं होता.

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Thu, 19 Mar 2026 15:46:06 +0530 news desk MPcg
राजस्थान और MP में बारिश और ओले , हरियाणा में बारिश से सड़कों पर पानी,UK के गंगोत्री धाम में बर्फबारी https://citytoday.co.in/5242 https://citytoday.co.in/5242 नई दिल्ली

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में जयपुर सहित कई शहरों में बुधवार देर रात से ही घने बादल छाए हुए हैं। 20 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान 2 से लेकर 9 डिग्री तक गिर गया।

मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश और 3 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान जताया है।

उधर हरियाणा के रेवाड़ी में रात में हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरे। सड़कों पर पानी भर गया। आंधी के चलते सड़कों पर लगे होर्डिंग भी उखड़ गए। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओले गिरने की संभावना है।

नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित
नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है।

अगले दो दिन मौसम का हाल
20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है।

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Thu, 19 Mar 2026 14:04:14 +0530 news desk MPcg
राज्यसभा में NDA का दम: 140 के पार पहुंचा आंकड़ा, भाजपा ने रचा नया सियासी इतिहास https://citytoday.co.in/5240 https://citytoday.co.in/5240 नई दिल्ली
भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीटें मिली थीं तो माना गया था कि यह उसके लिए झटका है। यही नहीं 2014 और 2019 के आम चुनाव के मुकाबले नई बनने वाली सरकार के भविष्य पर भी सवाल उठे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भाजपा को गठबंधन पर निर्भर रहते हुए सरकार चलानी थी। इन सब आशंकाओं के बाद भी भाजपा और उसके नेतृत्व में एनडीए ने जिस तरह से सफलताएं हासिल की हैं, वह चौंकाने वाला है। भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के चुनाव 2024 के झटके के बाद ही जीते हैं। यही नहीं अब इसका असर राज्यसभा में भी दिखा है और उसकी संख्या पहली बार 100 के पार हुई है।

फिर एनडीए भी पहली बार 141 सीटों पर पहुंच गया है। 250 सदस्यों वाली राज्यसभा में इतना एनडीए के पक्ष में इतना बड़ा बहुमत आना उसके लिए बड़ी सफलता है। खासतौर पर हाल ही में खाली हुईं 37 राज्यसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल करके एनडीए ने अपने स्कोर को 135 से बढ़ाकर 141 कर लिया है। ओडिशा, बिहार में भाजपा ने अतिरिक्त सीटें हासिल कर ली हैं। भाजपा के पास उच्च सदन में 101 निर्वाचित सांसद हैं, जबकि 5 मनोनीत सांसद भी उसके पक्ष में हैं। ऐसी स्थिति में उसके यहां 106 सदस्य हो जाते हैं। एनडीए में भाजपा के बाद एआईएडीएमके और जेडीयू के 5-5 सांसद हैं।

फिर महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी एनसीपी के 4 सांसद हो गए हैं तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना के भी 2 सदस्य हैं। आंध्र प्रदेश में सत्ता चला रही टीडीपी के पास भी 2 राज्यसभा मेंबर हैं। भाजपा और एनडीए की इस ताकत से यह स्पष्ट है कि अब लोकसभा के साथ ही राज्यसभा में भी सत्ताधारी गठबंधन किसी भी बिल को आसानी से पास कराने की स्थिति में है। भले ही बीते दो कार्यकालों के मुकाबले लोकसभा में भाजपा और एनडीए के पास पहले मुकाबले कम सीटें हैं, लेकिन राज्यसभा में उसकी ताकत निरंतर बढ़ रही है। इससे स्पष्ट है कि 2029 में भी एनडीए के पास अपरहैंड रहेगा।

अब यदि INDIA ब्लॉक की बात करें तो उसकी धुरी कही जाने वाली कांग्रेस के पास 29 सीटें हो गई हैं। भाजपा के मुकाबले यह संख्या एक तिहाई से भी कम है। इसके साथ ही विपक्ष की कुल सीटों की संख्या 62 है। विपक्ष में भी डीएमके को झटका लगा है, जिसके सांसदों की संख्या राज्यसभा में अब 8 ही रह गई है, जो पहले 10 हुआ करती थी। इसी तरह आरजेडी के सांसद भी अब 5 के मुकाबले तीन ही रह गए हैं।

 

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Wed, 18 Mar 2026 19:46:38 +0530 news desk MPcg
चाय वालों ने पहले ही बढ़ा दिए रेट, LPG की किल्लत से अब दूध भी होगा महंगा! https://citytoday.co.in/5235 https://citytoday.co.in/5235 नई दिल्ली
ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. कई जगह लोगों को लंबी लाइनों में लगकर महंगे दाम पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों तक पहुंच गया है. चाय बेचने वालों ने भी चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी है. यह संकट सिर्फ रेस्टोरेंट और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि दूध के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।

पहले गल्फ देशों से 85-90 प्रतिशत एलपीजी आती थी, लेकिन अब आयात पर संकट आ गया है. जिससे घरेलू गैस के साथ-साथ इंडस्ट्रीज को भी मार पड़ रही है. रेस्टोरेंट, होटल पहले से परेशान थे और अब डेयरी वाले भी इसकी मार खा रहे हैं. डेयरी उद्योग में एलपीजी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. दूध को पाश्चराइजेशन (खास तापमान पर गर्म करके बैक्टीरिया मारना) के लिए बड़ी मात्रा में गैस चाहिए. बिना नियमित गैस के दूध जल्दी खराब हो सकता है. छोटे-मध्यम डेयरी प्लांट्स को यह समस्या सबसे ज्यादा झेलनी पड़ रही है. महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कई डेयरी मालिकों ने बताया कि गैस न मिलने से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काम में रुकावट आ रही है. इससे दूध की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

मुश्किल में पड़ी दूध की पैकेजिंग
इस इंडस्ट्री में सबसे बड़ी समस्या पैकेजिंग की है. दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्टरियां भी एलपीजी पर निर्भर हैं. इन फैक्टरियों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही, इसलिए प्रोडक्शन धीमा हो गया है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गोवर्धन डेयरी के फाउंडर देवेंद्र शाह ने कहा, “हमारे पास अभी सिर्फ 10 दिन का पैकेजिंग मटेरियल स्टॉक बचा है. अगर सप्लाई जल्द नॉर्मल नहीं हुई तो दूध सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा.” चेंबूर के सुरेश डेयरी के मैनेजर शरीब शेख ने भी चेतावनी दी, “अगले 10 दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री बड़े संकट में फंस सकती है।

दूध स्टोर करने की क्षमता कम
इसके अलावा मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके सिंह के अनुसार, हाल ही में भैंस के दूध के तीन बड़े ऑर्डर रद्द हुए. छोटी डेयरियों के पास दूध स्टोर करने की क्षमता नहीं है. इसलिए वे गाय और भैंस का दूध कम कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं. यह संकट सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. देश के कई हिस्सों में डेयरी ऑपरेटर्स इसी तरह की शिकायतें कर रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट पहले से दूध के ऑर्डर कम कर रहे हैं. अगर पैकेजिंग रुक गई तो दुकानों पर दूध के पैकेट कम मिलेंगे. इससे आम लोग प्रभावित होंगे, खासकर शहरों में जहां लोग पैकेज्ड मिल्क पर निर्भर हैं. गांवों में जहां ढीला दूध बिकता है, वहां भी प्रोसेसिंग प्रभावित हो सकती है।

डेयरी मालिकों की मांग क्या है?
डेयरी मालिकों की मांग है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्राथमिकता से बढ़ाई जाए. उनका कहना है कि दूध एक जरूरी चीज है, इसे संकट में नहीं छोड़ना चाहिए. अगर 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो दूध की कीमतें बढ़ सकती हैं या उपलब्धता कम हो सकती है. कुछ जगहों पर किसान बायोगैस जैसे विकल्प अपना रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर यह मुश्किल है।

भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है. पहले भारत का बड़ा हिस्सा तेल, गैस और एलपीजी सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था. लेकिन ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है. हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कच्चे तेल की सप्लाई कुछ हद तक संभाली है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की सप्लाई कम कर दी गई है और होटल-रेस्तरां जैसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए एलपीजी में भी कटौती की गई है।

यह संकट अस्थायी है, लेकिन इसका असर आम आदमी तक पहुंच रहा है. पहले रेस्टोरेंट में एक्स्ट्रा चार्ज लगे, अब दूध पर खतरा मंडरा रहा है. सरकार को जल्द कदम उठाने होंगे ताकि दूध जैसी बेसिक चीज प्रभावित न हो।

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Wed, 18 Mar 2026 13:51:15 +0530 news desk MPcg
भाभी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं, बारामती उपचुनाव में सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को दिया वॉकओवर https://citytoday.co.in/5232 https://citytoday.co.in/5232

मुंबई 
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहाकि उनकी पार्टी आगामी बारामती विधानसभा उपचुनाव में डिप्टी सीएम और राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। निर्वाचन आयोग ने रविवार को घोषणा की कि पुणे के बारामती और अहिल्यानगर के राहुरी में उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे। बारामती और राहुरी उपचुनाव क्रमश: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के कारण जरूरी हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के बारामती से उपचुनाव लड़ने की संभावना है।

चुनाव पर क्या कहा
सुले ने दिल्ली में पत्रकारों से कहाकि मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राकांपा (शप) बारामती उपचुनाव नहीं लड़ेगी। हम सुनेत्रा वहिनी (भाभी) के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। राहुरी सीट के संबंध में (विपक्षी) महा विकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगी इस सीट पर विचार-विमर्श करेंगे और अगले कुछ दिनों में निर्णय लिया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा था कि बारामती और राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव आम सहमति से निर्विरोध कराए जाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर मुकाबला होता है तो भाजपा इसके लिए तैयार है।

साल 2024 के आम चुनावों में राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले ने अपने चचेरे भाई अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को हराकर बारामती लोकसभा सीट बरकरार रखी थी, जो पहली बार चुनाव लड़ रही थीं। बाद में सुनेत्रा पवार राज्यसभा सदस्य चुनी गईं। इस साल 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में उनके पति अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री और राकांपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

अजित पवार की मौत की हो जांच
अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच के संबंध में सुले ने कहाकि वे इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच एलपीजी की स्थिति के बारे में सुले ने कहा कि केंद्र को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और सभी को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहाकि होटल उद्योग सहित व्यवसायों को भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बारामती की सांसद ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की भी मांग की। सुले ने कहाकि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि राज्य और केंद्र सरकार एलपीजी संकट को स्वीकार क्यों नहीं कर रही हैं। इसे दबाने की कोशिशें क्यों की जा रही हैं? इस संकट से निपटने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।

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Tue, 17 Mar 2026 19:03:21 +0530 news desk MPcg
12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश: महिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सरकार को दिया अहम आदेश https://citytoday.co.in/5231 https://citytoday.co.in/5231 नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा कि तीन महीने और उससे अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली मांओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि पितृत्व अवकाश के लेकर सरकार फैसला करेगी. पहले के नियम के मुताबिक तीन महीने के बच्चे को गोद लेने पर 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलता था. शीर्ष कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Social Security Code, 2020) की धारा 60(4) के उस प्रावधान को असंवैधानिक करार दिया, जिसमें गोद लेने वाली मां को मातृत्व लाभ केवल तभी देने की बात कही गई थी जब बच्चा तीन महीने से कम उम्र का हो. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोद लेने वाली मां को बच्चे की उम्र की परवाह किए बिना 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रावधान की व्याख्या करते हुए कहा कि जो महिला कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेती है या जो कमीशनिंग मदर है, उसे बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से 12 सप्ताह तक मातृत्व लाभ का अधिकार होगा. इस फैसले को गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें समानता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित होगा।

जस्टिस जेबी पार्दीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि परिवार की परिभाषा केवल जैविक संबंधों के आधार पर ही तय नहीं की जा सकती. फैसले में जोर दिया गया कि गोद लेना परिवार बढ़ाने का उतना ही वैध तरीका है जितना जैविक तरीका. ऐसे में एक गोद दिए गए बच्चे का अधिकारी भी एक बायोलॉजिकल बच्चे जैसा है. जजों ने आगे कहा कि एक गोल लिए गए बच्चे को पालन पोषण में माता-पिता भावनात्मक रूप से उतना ही जड़े होते हैं जितना एक बॉयोलॉजिकल बच्चे को पालने में होता है. इसमें बच्चे की उम्र से कुछ भी लेना देना नहीं है।

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Tue, 17 Mar 2026 18:58:11 +0530 news desk MPcg
सिलेंडर संकट पर सरकार का बड़ा ऑफर, पीएनजी पर शिफ्ट होने पर मिलेगा 500 रुपये की फ्री गैस https://citytoday.co.in/5223 https://citytoday.co.in/5223 नई दिल्ली.

ईरान संकट के बीच सिलेंडर के संकट से निपटने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोगों को बड़ा ऑफर दिया है। सरकार ने पाइप नेचुरल गैस (PNG) को रसोई और व्यापार का मुख्य आधार बनाने के लिए एक बड़ी प्रोत्साहन योजना को हरी झंडी दी है. इस पहल के तहत प्रमुख सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए ‘वेलकम ऑफर’ पेश किए हैं, ताकि लोग बिना किसी आर्थिक बोझ के एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकें. इस योजना के तहत Indraprastha Gas Ltd. (IGL) और GAIL Gas Ltd जैसे बड़े नाम घरेलू उपभोक्ताओं को सीधे 500 रुपये मूल्य की मुफ्त गैस दे रहे हैं. वहीं, व्यावसायिक क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए BPCL ने सिक्योरिटी डिपॉजिट को पूरी तरह खत्म कर दिया है. सरकार ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है लेकिन फिलहाल सबकुछ नियंत्रण में है।

CGD Entity (गैस कंपनी) Offers (ऑफर/छूट का विवरण)
Indraprastha Gas Ltd. (IGL) 31 मार्च 2026 से पहले रजिस्टर करने या गैस शुरू करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस।
Mahanagar Gas Ltd. (MGL) DPNG उपभोक्ताओं के लिए ₹500 का रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ; कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) में ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की छूट।
GAIL Gas Ltd घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस की पेशकश।
BPCL सभी कमर्शियल (व्यावसायिक) कनेक्शनों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) पूरी तरह माफ।

सिलेंडर की कालाबाजारी पर 1100 स्‍थानों पर छापेमारी
पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्‍वाइंट सेकेटरी सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि देश में एलपीजी (LPG) की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी ‘ड्राई-आउट’ (स्टॉक खत्म होने) की खबर नहीं है. सरकार ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी, इसलिए लोग पैनिक बुकिंग या जमाखोरी से बचें. कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर 1100 से अधिक स्थानों पर औचक निरीक्षण किए गए हैं.

पीएनजी वालों से सिलेंडर छोड़ने की अपील
सरकार का मुख्य जोर अब उपभोक्ताओं को पाइप नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट करने पर है. 14 तारीख को जारी नए सरकारी आदेश के अनुसार, जिन लोगों के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, उनसे एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की गई है ताकि जरूरतमंदों तक सिलेंडर पहुंच सके. अधिकारियों ने साफ कहा है कि सिलेंडर की होम डिलीवरी जारी रहेगी, इसलिए वितरकों के पास भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है.

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Mon, 16 Mar 2026 19:08:38 +0530 news desk MPcg
संसद परिसर में अचानक से खतरे का सायरन बजने लगा.........फिर हुआ क्या https://citytoday.co.in/5221 https://citytoday.co.in/5221 दिल्ली | संसद परिसर में सोमवार को अचानक से खतरे का सायरन बजने लगा, इसके बाद मौजूद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। दरअसल यहां प्रवेश द्वार पर एक कार के पास को सिस्टम पढ़ नहीं सका। इसके बाद पास स्कैन न होने की वजह से सुरक्षा सिस्टम का सायरन बज उठा, जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली। यह घटना संसद भवन के विजय चौक वाले प्रवेश गेट पर हुई, जहां एक वाहन परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सुरक्षा प्रणाली वाहन के पास को रीड नहीं कर सकी। इससे अलार्म बज गया। सायरन बजते ही सुरक्षा में तैनात जवान तुरंत सक्रिय हुए और अनधिकृत वाहन को रोकने के लिए अपनी-अपनी पोजीशन ले ली। सूत्रों ने बताया कि प्रवेश द्वार पर लगे बैरियर में अचानक हलचल दर्ज हुई, इसके बाद एहतियातन सुरक्षा ड्रिल को तुरंत सक्रिय करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बैरियर में यह मूवमेंट अनाधिकृत तरीके से हुई थी। जैसे ही सुरक्षा प्रणाली ने बैरियर में असामान्य गतिविधि दर्ज की, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू कर प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। घटना के दौरान सुरक्षा में तैनात जवान तुरंत अपनी पोजीशन पर आए, ताकि संसद परिसर में किसी भी तरह की अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके। पूरे क्षेत्र में कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर हालात का आकलन किया गया। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एहतियाती कदम उठाकर वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया। ताकि संसद परिसर में किसी भी तरह की अनधिकृत एंट्री न हो सके। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने तेजी से मोर्चा संभाला और पूरे क्षेत्र को घेरकर स्थिति पर नजर रखी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात जवानों ने वाहन और उसके पास की जांच शुरू कर दी।

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Mon, 16 Mar 2026 17:42:07 +0530 news desk MPcg
आखिरी घंटे में पलटी बाजी, शेयर बाजार में दिखा 10 का दम, सेंसेक्स 900 अंक उछला https://citytoday.co.in/5220 https://citytoday.co.in/5220 मुंबई

शेयर बाजार की चाल ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को जमकर हैरान किया. कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार करते नजर आए, लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास अचानक बाजी पलट गई और दोनों इंडेक्स रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257 अंक उछलकर क्लोज हुआ. इस तेजी के बीच HDFC Bank, M&M, Trent जैसे शेयर जोरदार उछाल के साथ बंद हुए। 

सुस्त शुरुआत के बाद रॉकेट बना सेंसेक्स
शेयर बाजार में धीमी शुरुआत के बीच BSE Sensex सोमवार को अपने पिछले शुक्रवार के बंद 74,563 की तुलना में गिरकर 74,415 के लेवल पर ओपन हुआ था और शुरुआती कारोबार के दौरान 73,949 तक फिसला था. हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में 2.20 बजे के आसपास अचानक 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स गदर मचाने लगा और अंत में 938 अंक या 1.26 फीसदी की उछाल के साथ 75,502.85 पर क्लोज हुआ।  

Nifty ने भी मचाया गदर 
सेंसेक्स ही नहीं, NSE Nifty की भी चाल बदली-बदली नजर आई. एनएसई का ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,151 की तुलना में गिरकर 23,116 पर खुला था. खराब शुरुआत के बाद ये तेजी से फिसलता चला गया और 22,955.25 के लेवल आ गया था, लेकिन सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए इस इंडेक्स ने भी रफ्तार पकड़ी और बाजार बंद होने पर ये 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 पर क्लोज हुआ। 

इन 10 शेयरों ने दिखाया दम 
शेयर बाजार में अचानक लौटी तेजी के बीच जिन टॉप-10 शेयरों ने दम दिखाया, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (3.01%), HDFC Bank Share (2.88%), M&M Share (2.86%), Eternal Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.79%), ITC Share (2.22%) और Tata Steel Share (2.04%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Paytm Share (3.86%) चढ़कर क्लोज हुआ, तो वहीं स्मॉलकैप में शामिल शेयरों में Poonawalla Share (4.40%) और Apollo Tyre Share (3.38%) उछलकर बंद हुआ। 

बाजार में तेजी के ये बड़े कारण 
सोमवार को बाजार में अचानक लौटी तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग देखने को मिली. मेटल, ऑटो, बैंक और FMCG शेयरों ने मार्केट को सपोर्ट किया. इसके अलावा शेयर बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX करीब 5% फिसल गया। 

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Mon, 16 Mar 2026 17:20:30 +0530 news desk MPcg
प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की भेंट https://citytoday.co.in/5218 https://citytoday.co.in/5218 प्रधानमंत्री  मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की भेंट

किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत
प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर लिया मार्गदर्शन

भोपाल 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत कर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश की प्रगति से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।

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Mon, 16 Mar 2026 16:37:39 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग में 35% सैलरी बढ़ोतरी, जनवरी से एरियर मिलेगा https://citytoday.co.in/5217 https://citytoday.co.in/5217 नई दिल्ली

भारत सरकार द्वारा नवंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर गठित 8वां केंद्रीय वेतन आयोग जल्द ही 7वें वेतन आयोग का स्थान लेगा, जो 2016 से प्रभावी है।भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो एक बड़ा कदम है और लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्तों के वेतन, पेंशन और भत्तों में व्यापक बदलाव लाएगा।

वित्त मंत्रालय वर्तमान में एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों से 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट को तैयार करने में सहायता हेतु सुझाव आमंत्रित कर रहा है। यह सुझाव आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2026 है।

नवंबर 2025 में औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद से आयोग को अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

यह समीक्षा भारत में वेतन संशोधनों के लंबे इतिहास के बाद हो रही है—हाल ही में 2016 में 7वां वेतन आयोग आया था—और हालांकि न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए उच्च फिटमेंट फैक्टर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन अंतिम वित्तीय समायोजन तभी होंगे जब सरकार आयोग की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देगी।

7वें वेतन आयोग के तहत, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया था, जबकि अधिकतम मूल वेतन 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय किया गया था। कर्मचारियों को बकाया कब मिलेगा? 8वें वेतन आयोग के तहत, सरकार द्वारा अंतिम सिफारिशों को मंजूरी देने में कितना भी समय लगे, 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी बकाया मिलने की उम्मीद है। CA मनीष मिश्रा, GenZCFO के संस्थापक के अनुसार, “बकाया राशि की गणना संभवतः 1 जनवरी, 2026 से की जाएगी, जो 7वें वेतन आयोग की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, भले ही आयोग की सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद भुगतान किया जाए।” कर्मचारियों को कितनी वेतन वृद्धि की उम्मीद हो सकती है? विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में 20-35% की संभावित वृद्धि होगी, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.4 और 3.0 के बीच रहने की संभावना है।

कितनी बढ़ेगी सैलरी
अगर पिछली वेतन आयोगों की बात करें तो हर बार वेतन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई थी, जबकि अधिकतम बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उम्मीद है कि इस बार भी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा
सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 20% से 35% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल के प्रतीक वैद्य के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के अंतिम आंकड़े मुद्रास्फीति के रुझान, सरकार की वित्तीय स्थिति और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेंगे। इंडिया टुडे के अनुसार, उन्होंने कहा, “6वें वेतन आयोग ने लगभग 40% की औसत वृद्धि दी, जबकि 7वें वेतन आयोग का वेतन और भत्तों पर समग्र प्रभाव लगभग 23-25% के आसपास माना जाता है, जिसमें एक समान फिटमेंट फैक्टर 2.57 है।” “अंतिम आंकड़ा अगले 12-18 महीनों में मुद्रास्फीति, 16वें वित्त आयोग के बाद उपलब्ध राजकोषीय संसाधनों, करों में वृद्धि और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा। मेरा मानना ​​है कि सरकार भत्तों और महंगाई भत्ते में समायोजन की अधिक संतुलित संरचना के साथ एक स्पष्ट और प्रभावी वृद्धि देने का प्रयास करेगी।”

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Mon, 16 Mar 2026 15:18:56 +0530 news desk MPcg
भारी बर्फबारी में सिंथन टॉप पर फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सेना और पुलिस ने बचाया https://citytoday.co.in/5216 https://citytoday.co.in/5216 श्रीनगर
 दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत इन लोगों का रेस्क्यू किया। भारतीय सेना के अनुसार, 19 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (अनंतनाग) के साथ मिलकर सिंथन दर्रे पर बचाव अभियान शुरू किया। यह कदम तब उठाया गया जब लगातार हो रही बर्फबारी, सड़कों के फिसलन भरे होने और बहुत कम विजिबिलिटी (दिखाई देने की क्षमता) के कारण कई वाहन और यात्री वहां फंस गए थे। कठिन मौसम की परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों का सामना करते हुए संयुक्त टीमों ने 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें वहां से निकालने में सफलता हासिल की। भारतीय सेना ने बताया कि यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चलाया गया, जिससे इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे पर फंसे हुए सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

कश्मीर घाटी के विभिन्न प्रमुख शहरों में मौसम ठंडा बना हुआ है। सोमवार को गुलमर्ग में तापमान लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां हवा शांत रही और आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। जम्मू शहर में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा और लगभग 20.4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि आर्द्रता 94 प्रतिशत दर्ज की गई। पहलगाम में तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और यहां भी हवा शांत रही।

श्रीनगर शहर में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहां उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 3.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और आर्द्रता 94 प्रतिशत रही। बनिहाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कटरा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा और उत्तर-पश्चिमी दिशा से लगभग 3.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं कुपवाड़ा में तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण रविवार को तापमान में भारी गिरावट आई, जिससे फरवरी के बाद पहली बार तापमान सामान्य से नीचे चला गया। पीर की गली, सिंथन टॉप, मरगन टॉप, गुलमर्ग, दूधपथरी, गुरेज घाटी, साधना टॉप, पहलगाम के ऊपरी इलाकों और सोनमर्ग-जोजिला मार्ग समेत कई ऊंचे इलाकों में 4 से 6 इंच तक बर्फबारी हुई।

रास्तों के फिसलन भरे होने के कारण, कश्मीर को कारगिल और लेह से जोड़ने वाली गुरेज-बांदीपोरा सड़क और सोनमर्ग-जोजिला सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। पुलिस प्रशासन की ओर से कश्मीर को पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाली मुगल रोड को भी बंद कर दिया गया। इसके साथ ही, कश्मीर को चिनाब घाटी से जोड़ने वाले सिंथन टॉप और मरगन टॉप मार्गों को भी बंद कर दिया गया।

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी की सूचना मिली, जिसमें मरवाह और वारवान की जुड़वां घाटियां और रामबन जिले के ऊपरी इलाके शामिल हैं।

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Mon, 16 Mar 2026 15:06:23 +0530 news desk MPcg
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय https://citytoday.co.in/5212 https://citytoday.co.in/5212 स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ

चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार

रायपुर 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर  तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Mon, 16 Mar 2026 13:19:30 +0530 news desk MPcg
छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, कारण अज्ञात https://citytoday.co.in/5209 https://citytoday.co.in/5209 कोरिया
 जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।

घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

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Sat, 14 Mar 2026 18:53:59 +0530 news desk MPcg
LPG किल्लत की आशंका में IRCTC का अलर्ट: ट्रेनों में इंडक्शन और रेडी&टू&ईट फूड की वैकल्पिक व्यवस्था, WCR में 25 क्लस्टर किचन संचालित https://citytoday.co.in/5206 https://citytoday.co.in/5206 भोपाल | इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की आशंका के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. इसी संकट को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने भी रेलवे स्टेशनों पर संचालित किचन के लिए नया निर्देश जारी किया है.

आईआरसीटीसी ने कहा है कि रेल यात्रियों के लिए पकाए जाने वाले खाने को अब एलपीजी की जगह माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जाए, ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके.

शहर में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। 

25 क्लस्टर किचन से हो रही सप्लाई एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

यात्रियों को सामान्य रूप से मिल रहा भोजन सिंह के अनुसार हाल ही में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेन में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि कैटरिंग व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

एलपीजी संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार IRCTC के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी है।

फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में प्रवक्ता के मुताबिक वर्तमान में गैस सप्लाई का सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल WCR क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।

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Sat, 14 Mar 2026 16:19:18 +0530 news desk MPcg
अमेरिका ने पहले आंख दिखाई, अब भारत से रूसी तेल खरीदने की भीख मांग रहा; ईरान का तीखा तंज https://citytoday.co.in/5203 https://citytoday.co.in/5203 नई दिल्ली

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को रूसी तेल पर अमेरिकी रुख की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब भारत सहित दुनिया भर के देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है, जबकि पहले अमेरिका ने ही इस तरह के आयात को रोकने के लिए कई देशों पर भारी दबाव डाला था।

'एक्स' पर अमेरिका को घेरा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए अराघची ने लिखा- अमेरिका ने भारत को रूस से तेल आयात बंद करने के लिए धमकाने में महीनों लगा दिए। लेकिन ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्ध के बाद, अब वाइट हाउस भारत सहित पूरी दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है।

यूरोपीय देशों की भी की कड़ी आलोचना
ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन करने के लिए यूरोपीय देशों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यूरोपीय देशों को लगा था कि इसके बदले में उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिलेगा। अराघची ने तंज कसते हुए कहा- यूरोप ने सोचा कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन मिल जाएगा। यह बहुत ही दयनीय है।

भारत के जहाजों को ईरान ने दी सुरक्षित निकासी
एक तरफ जहां पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष जारी है, वहीं इस बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय झंडे वाले तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) वाहक जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले चार सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है।

लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के शिपिंग डेटा का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने यह भी बताया कि सऊदी अरब का तेल ले जाने वाले एक कच्चे तेल के टैंकर के शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज 1 मार्च के आसपास हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही गुजरा था।
'भारत हमारा मित्र है, हमारी नियति एक है'

इससे पहले, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तेहरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने इसके पीछे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और साझा हितों का हवाला दिया था।

जब फथली से पूछा गया कि क्या वैश्विक ऊर्जा व्यापार के इस सबसे महत्वपूर्ण मार्ग से ईरान भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने देगा, तो उन्होंने जवाब दिया: हां। क्योंकि भारत और हम दोस्त हैं। हम मानते हैं कि ईरान और भारत मित्र हैं। हमारे समान हित हैं; हमारी एक साझा नियति है।

उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत आपसी संबंधों पर जोर देते हुए आगे कहा- भारत के लोगों की पीड़ा हमारी पीड़ा है और इसके विपरीत हमारी पीड़ा उनकी है। इसी कारण से भारत सरकार हमारी मदद करती है, और हमें भी भारत सरकार की मदद करनी चाहिए क्योंकि हमारा भाग्य और हित एक समान हैं।

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Sat, 14 Mar 2026 13:32:42 +0530 news desk MPcg
108 एम्बुलेंस बनी जीवन रक्षक, समय पर पहुंचकर हजारों मरीजों की बचाई जान https://citytoday.co.in/5185 https://citytoday.co.in/5185 108 एम्बुलेंस बनी जीवन रक्षक – समय पर पहुंचकर हजारों मरीजों की बचाई जान”

दो महीनों में 13,977 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया, गोल्डन आवर में मिली चिकित्सा सहायता

भोपाल
 मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में 108 एम्बुलेंस सेवा घायलों के लिए एक सच्ची जीवन रक्षक सेवा बनकर सामने आई है। आपातकालीन कॉल मिलते ही तेज़ी से घटनास्थल पर पहुंचकर 108 एम्बुलेंस की टीम न केवल घायलों को अस्पताल पहुंचा रही है बल्कि मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर कई गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान प्रदेशभर में 13,977 सड़क दुर्घटना (रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट) मामलों में 108 एम्बुलेंस ने घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। इसमें जनवरी 2026 में 7,335 और फरवरी 2026 में 6,642 दुर्घटना पीड़ितों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।

विशेष बात यह है कि इन मामलों में औसतन हर दिन 230 से अधिक घायलों को 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से त्वरित चिकित्सा सहायता मिल रही है। समय पर एम्बुलेंस पहुंचने के कारण कई गंभीर घायलों की जान बच पाई।

गोल्डन आवर में जीवन रक्षक साबित हो रही 108 सेवा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन आवर” यानी दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस समय के भीतर यदि मरीज को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचा दिया जाए तो जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
108 एम्बुलेंस सेवा इसी गोल्डन आवर में तेजी से पहुंचकर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रही है, जिससे यह सेवा आम नागरिकों के लिए “जीवन रेखा” साबित हो रही है।

प्रशिक्षित टीम मौके पर देती है प्राथमिक उपचार
108 एम्बुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी (Emergency Medical Technician) और पायलट की टीम घटनास्थल पर पहुंचते ही मरीज की स्थिति का आकलन कर प्राथमिक उपचार प्रदान करती है। कई मामलों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को मौके पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट, ब्लीडिंग कंट्रोल और बेसिक लाइफ सपोर्ट देकर उनकी स्थिति को स्थिर किया जाता है, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।

इन जिलों में सबसे अधिक दुर्घटना मामले
प्रदेश के कई जिलों में दुर्घटनाओं के मामले अधिक दर्ज किए गए। इनमें सागर में 844, इंदौर में 591, भोपाल में 576, जबलपुर में 510, रीवा में 499 और सतना में 451 मामलों में 108 एम्बुलेंस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा धार, छिंदवाड़ा, खरगोन, सीधी, उज्जैन और विदिशा सहित कई जिलों में भी बड़ी संख्या में एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान की गईं।

15 से 20 मिनट में पहुंच रही एम्बुलेंस
आपातकालीन कॉल प्राप्त होने के बाद 108 एम्बुलेंस की टीम औसतन 15 से 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच रही है। तेज़ प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के कारण दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिल पा रहा है।

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, तेज गति से वाहन न चलाना और मोबाइल फोन का उपयोग न करना बेहद जरूरी है।

आंकड़ों में 108 एम्बुलेंस सेवा
▪ जनवरी 2026 – 7,335 सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों को सहायता
▪ फरवरी 2026 – 6,642 सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों को सहायता

▪ दो महीनों में कुल – 13,977 दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया
▪ औसतन प्रतिदिन – 230 से अधिक घायलों को मिली त्वरित सहायता
▪ औसत रिस्पॉन्स टाइम – 15 से 18 मिनट में घटनास्थल पर पहुंची एम्बुलेंस

सबसे अधिक दुर्घटना मामले वाले जिले

▪ सागर – 844
▪ इंदौर – 591
▪ भोपाल – 576
▪ जबलपुर – 510
▪ रीवा – 499
▪ सतना – 451

जीवन रक्षक उपकरणों से लैस हैं 108 एम्बुलेंस
मध्यप्रदेश में संचालित 108 एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से लैस हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर, मध्यप्रदेश, तरुण सिंह परिहार ने बताया कि प्रदेशभर में संचालित सभी एम्बुलेंस में आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं और एम्बुलेंस स्टाफ पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी सेवाएं दे रहा है। एम्बुलेंस में अम्बुवैग, ब्लड प्रेशर मापने की मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर (शुगर जांच उपकरण), थर्मोमीटर तथा जीवन रक्षक ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था रहती है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध रहती हैं, जिनका उपयोग प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में किया जाता है।

108 एम्बुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर, मध्यप्रदेश, तरुण सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में निजी वाहन के बजाय एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि एम्बुलेंस में जीवन रक्षक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ मौजूद होता है, जो रास्ते में ही मरीज को प्राथमिक उपचार प्रदान कर उसकी स्थिति को स्थिर करने में मदद करता है।उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा पर कॉल करें। हमारी संस्था और एम्बुलेंस कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों की सेवा में सदैव तत्पर हैं।

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Thu, 12 Mar 2026 15:41:29 +0530 news desk MPcg
शादी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला, पुलिस के दो जांबाजों ने बचाई जान firstkhabarMarch 12, 2026 https://citytoday.co.in/5182 https://citytoday.co.in/5182 श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला हुआ, लेकिन पुलिस के दो जांबाज जवानों- (एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर) ने अपने साहस से गोली की दिशा बदल दी और हत्या की इस कोशिश को नाकाम कर दिया, जिससे फारूक अब्दुल्ला की जान बाल-बाल बच गई. घटना के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. वहीं, अब खुफिया सूत्र ने इस घटना को  सुरक्षा में गंभीर चूक करार दिया है।

पुलिस के अनुसार, घटना जम्मू के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल में हुई, जहां फारूक अब्दुल्ला और उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पार्टी नेता बी.एस. चौहान के बेटे की शादी में शामिल होने गए थे. समारोह खत्म होने के बाद जब दोनों नेता बाहर निकल रहे थे, तभी 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह ने पीछे से आकर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से फारूक अब्दुल्ला पर गोली चला दी।

सुरक्षाकर्मियों ने बदली गोली की दिशा
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से एक गोली चलाई, लेकिन सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों- एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर- ने तुरंत आरोपी पर झपट्टा मारा. उन्होंने उसे दबोच लिया और गोली चलने के बावजूद उसकी दिशा बदल दी, जिससे गोली किसी को नहीं लगी. आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली गई।

आरोपी का चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने बयान जारी कर कहा, 'फारूक अब्दुल्ला पर हत्या की कोशिश की गई थी. सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई की और हमले को नाकाम कर दिया. आरोपी को हिरासत में ले लिया. आरोपी की पहचान जम्मू के पुरानी मंडी निवासी कमल सिंह पुत्र अजीत सिंह के रूप में हुई है।

जांच में पता चला है कि आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने का इंतजार कर रहा था।

उमर अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फारूक अब्दुल्ला के बेटे) ने एक्स पर पोस्ट किया, 'अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता को बहुत करीब से बचाया गया. क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने गोली को डिफ्लेक्ट किया और हत्या के प्रयास को नाकाम कर दिया।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए कि Z+ सुरक्षा के बावजूद हमलावर इतने करीब कैसे पहुंच गया।

सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जिसमें दिखता है कि आरोपी पीछे से आता है, पिस्तौल तानता है और गोली चलाता है, लेकिन सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे पकड़ लेते हैं. फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी दोनों सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई।

सुरक्षा में गंभीर चूक है घटना
वहीं, घटना के बाद अब खुफिया सूत्रों ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताया है. सूत्रों कहना है कि क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) को प्रोटेक्टी के इतने करीब किसी को आने नहीं देना चाहिए था. NSG टीम ने तब हरकत में आई, जब सुरक्षा में सेंधमारी हो चुकी थी और आरोपी ने गोली चला दी थी।

सूत्रों ने खुलासा किया कि बाहरी घेरे की सुरक्षा और कार्यक्रम स्थल के सैनिटाइजेशन की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर पुलिस की थी, जिसने अपनी ड्यूटी में ढिलाई की. इसके कारण हमलावर हथियार के साथ वेन्यू के अंदर पहुंच गया. हालांकि, NSG टीम ने हमला होने के बाद त्वरित कार्रवाई की, लेकिन सुरक्षा घेरा टूटने और गोली चलने के बाद उनका एक्शन में आना प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े करता है।

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Thu, 12 Mar 2026 13:15:01 +0530 news desk MPcg
अमेरिका का बड़ा यू&टर्न, ईरान की धमकी के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर तेल टैंकरों की आवाजाही ठप https://citytoday.co.in/5181 https://citytoday.co.in/5181 वाशिंगटन

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक तेल बाजार में अचानक हलचल मचा दी. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया है, ताकि दुनिया तक तेल की आपूर्ति जारी रह सके. लेकिन यह दावा ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया. कुछ ही मिनटों बाद यह पोस्ट हटा दी गई और व्हाइट हाउस को आगे आकर सफाई देनी पड़ी।

क्रिस राइट ने अपने पोस्ट में लिखा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान भी वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने सफलतापूर्वक एक तेल टैंकर को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की, ताकि वैश्विक बाजारों तक तेल की आपूर्ति बनी रहे।

हालांकि, यह जानकारी सामने आते ही तेल बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ ही देर में कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया. इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना एक विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन अभी ऐसा कोई मिशन नहीं चल रहा है।

अमेरिकी मंत्री के दावे को IRGC ने नकारा
इस मामले पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने भी प्रतिक्रिया दी थी. ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के दावे को पूरी तरह गलत बताया. उनका कहना था कि कोई भी अमेरिकी नौसैनिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास आने की हिम्मत तक नहीं कर पाया. बाद में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि ऊर्जा मंत्री के एक्स अकाउंट से जो वीडियो पोस्ट किया गया था, उसे विभाग के कर्मचारियों ने गलत कैप्शन के साथ साझा कर दिया था, इसलिए उसे हटा दिया गया।

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक बाजार पहले से ही बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है. यहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी की सप्लाई गुजरती है।

ऑयल टैंकर पर हमले, शिपिंग कंपनियों ने बंद की सर्विस
हाल ही में यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और अन्य एजेंसियों के आंकड़ों में भी चिंता जताई गई है. 1 से 10 मार्च के बीच कम से कम 10 तेल टैंकरों पर हमले या हमले की कोशिशें दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं के बाद कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. इसके कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल का भंडार बढ़ने लगा है. कई तेल उत्पादक देशों को मजबूर होकर उत्पादन कम करना पड़ा है. सऊदी अरब, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देश रोजाना लाखों बैरल कम तेल निकाल रहे हैं।

अगर बंद रहा होर्मुज स्ट्रेट तो वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्दी बहाल नहीं हुई, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और ज्यादा पड़ सकता है. हालांकि, ईरान ने साफ संकेत दिया है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, तब तक फारस की खाड़ी से तेल निर्यात सामान्य नहीं होने दिया जाएगा।

युद्ध से पहले हर दिन औसतन करीब 138 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है. इसी बीच ट्रंप प्रशासन वैश्विक बाजार को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को बीमा सुरक्षा देने और जरूरत पड़ने पर नौसेना से टैंकरों को एस्कॉर्ट करने का प्रस्ताव दिया है. इसके बावजूद तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

JPMorgan Chase के कमोडिटी विश्लेषकों ने मंगलवार को कहा, जब तक Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक ऐसे नीतिगत फैसलों का तेल की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं होगा।

युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया. सोमवार को कीमतें करीब 30 फीसदी बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट आई, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. लेकिन इसके अगले ही दिन अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के अंदर अब तक के सबसे आक्रामक हमले किए जाएंगे, जिससे बाजार में फिर अनिश्चितता बढ़ गई।

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Wed, 11 Mar 2026 19:57:35 +0530 news desk MPcg
अमेरिका का बड़ा यू&टर्न, ईरान की धमकी के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर तेल टैंकरों की आवाजाही ठप https://citytoday.co.in/5180 https://citytoday.co.in/5180 वाशिंगटन

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक तेल बाजार में अचानक हलचल मचा दी. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया है, ताकि दुनिया तक तेल की आपूर्ति जारी रह सके. लेकिन यह दावा ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया. कुछ ही मिनटों बाद यह पोस्ट हटा दी गई और व्हाइट हाउस को आगे आकर सफाई देनी पड़ी।

क्रिस राइट ने अपने पोस्ट में लिखा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान भी वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने सफलतापूर्वक एक तेल टैंकर को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की, ताकि वैश्विक बाजारों तक तेल की आपूर्ति बनी रहे।

हालांकि, यह जानकारी सामने आते ही तेल बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ ही देर में कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया. इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना एक विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन अभी ऐसा कोई मिशन नहीं चल रहा है।

अमेरिकी मंत्री के दावे को IRGC ने नकारा
इस मामले पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने भी प्रतिक्रिया दी थी. ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के दावे को पूरी तरह गलत बताया. उनका कहना था कि कोई भी अमेरिकी नौसैनिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास आने की हिम्मत तक नहीं कर पाया. बाद में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि ऊर्जा मंत्री के एक्स अकाउंट से जो वीडियो पोस्ट किया गया था, उसे विभाग के कर्मचारियों ने गलत कैप्शन के साथ साझा कर दिया था, इसलिए उसे हटा दिया गया।

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक बाजार पहले से ही बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है. यहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी की सप्लाई गुजरती है।

ऑयल टैंकर पर हमले, शिपिंग कंपनियों ने बंद की सर्विस
हाल ही में यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और अन्य एजेंसियों के आंकड़ों में भी चिंता जताई गई है. 1 से 10 मार्च के बीच कम से कम 10 तेल टैंकरों पर हमले या हमले की कोशिशें दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं के बाद कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. इसके कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल का भंडार बढ़ने लगा है. कई तेल उत्पादक देशों को मजबूर होकर उत्पादन कम करना पड़ा है. सऊदी अरब, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देश रोजाना लाखों बैरल कम तेल निकाल रहे हैं।

अगर बंद रहा होर्मुज स्ट्रेट तो वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्दी बहाल नहीं हुई, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और ज्यादा पड़ सकता है. हालांकि, ईरान ने साफ संकेत दिया है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, तब तक फारस की खाड़ी से तेल निर्यात सामान्य नहीं होने दिया जाएगा।

युद्ध से पहले हर दिन औसतन करीब 138 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है. इसी बीच ट्रंप प्रशासन वैश्विक बाजार को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को बीमा सुरक्षा देने और जरूरत पड़ने पर नौसेना से टैंकरों को एस्कॉर्ट करने का प्रस्ताव दिया है. इसके बावजूद तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

JPMorgan Chase के कमोडिटी विश्लेषकों ने मंगलवार को कहा, जब तक Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक ऐसे नीतिगत फैसलों का तेल की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं होगा।

युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया. सोमवार को कीमतें करीब 30 फीसदी बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट आई, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. लेकिन इसके अगले ही दिन अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के अंदर अब तक के सबसे आक्रामक हमले किए जाएंगे, जिससे बाजार में फिर अनिश्चितता बढ़ गई।

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Wed, 11 Mar 2026 19:57:35 +0530 news desk MPcg
खाड़ी देशों ने भारतीयों की सुरक्षा की, कांग्रेस कर रही राजनीति: पीएम मोदी https://citytoday.co.in/5179 https://citytoday.co.in/5179 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बुधवार को ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय खाड़ी देशों की सरकारें भारतीय नागरिकों की रक्षा कर रही हैं, लेकिन ऐसे संकट में भी कांग्रेस राजनीति कर रही। उन्होंने कहा, ''मैं इस बात का भी शुक्रगुजार हूं कि खाड़ी देशों की सरकारें हमारे नागरिकों की रक्षा कर रही हैं। हमारी भारतीय एम्बेसी 24 घंटे उनकी मदद कर रही हैं। चाहे खाना हो, मेडिकल हो या कानूनी मदद, सब कुछ दिया जा रहा है। लेकिन दुख की बात है कि ऐसे ग्लोबल संकट में भी कांग्रेस राजनीति कर रही है और ऐसे बयान दे रही है जिससे हालात और खराब हो सकते हैं और लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं, ताकि आखिर में वे मोदी पर इल्जाम लगा सकें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें देश में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में पता नहीं है। कोच्चि में एनडीए की रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के फायदे के लिए केरल में LDF और UDF सरकारों के बीच बारी-बारी से आने का पैटर्न खत्म होना चाहिए। उन्होंने केरल के लोगों से अपील की कि वे भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए को अगले पांच साल तक उनकी सेवा करने का मौका दें क्योंकि यह मोदी की गारंटी के साथ आता है।

पीएम ने कहा कि लोग LDF-UDF की पॉलिटिक्स से दूर जाने के लिए तैयार हैं और कहा कि 2024 में त्रिशूर लोकसभा सीट और हाल ही में तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा की जीत का असर पूरे केरल में दिखेगा। राहुल गांधी पर हमला करते हुए, मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस के "युवराज" (राजकुमार) को देश में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में नहीं पता है क्योंकि उन्हें इस बात का पता नहीं है कि केरल समेत भारत के युवा और कई कंपनियां ड्रोन बनाने का काम कर रही हैं। मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भाजपा केरल को एआई और भविष्य की टेक्नोलॉजी का हब बनाने के लिए काम करेगी।

वेस्ट एशिया संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि आज का भारत अपने नागरिकों को कहीं और फंसा हुआ नहीं छोड़ता और केंद्र सरकार यह पक्का करने के लिए काम कर रही है कि खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों को हर तरह की मदद दी जाए। उन्होंने वेस्ट एशिया संकट के सिलसिले में कांग्रेस पर भी हमला किया और दावा किया कि विपक्षी पार्टी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। पीएम ने आगे कहा कि खाड़ी देश वहां काम कर रहे भारतीयों का पूरा ध्यान रख रहे हैं और वह इसके लिए उनके शुक्रगुजार हैं।

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Wed, 11 Mar 2026 19:51:20 +0530 news desk MPcg
Delhi High Court की एडवोकेट कैंटीन में गैस खत्म, गर्म भोजन बंद; वकीलों को मिलेंगे केवल सैंडविच&सलाद https://citytoday.co.in/5178 https://citytoday.co.in/5178 नई दिल्ली: देश की सबसे व्यस्त अदालतों में से एक Delhi High Court में इन दिनों वकीलों को एक अलग ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अदालत परिसर स्थित लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस सिलेंडर खत्म हो जाने के कारण गैस पर बनने वाले सभी गर्म व्यंजन फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।

कैंटीन प्रबंधन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, वर्तमान में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने की वजह से मुख्य भोजन तैयार करना संभव नहीं है। इसलिए जब तक गैस की आपूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक कैंटीन में गैस पर बनने वाले सभी फूड आइटम्स नहीं बनाए जाएंगे।

कैंटीन संचालक संदीप शर्मा की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि फिलहाल वकीलों और स्टाफ के लिए हल्के फूड आइटम्स उपलब्ध रहेंगे। इनमें सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और अन्य रिफ्रेशमेंट या लिक्विड आइटम्स परोसे जाएंगे।

सूचना में यह भी कहा गया है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति कब तक बहाल होगी। जैसे ही एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, कैंटीन में दोबारा मुख्य भोजन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।

इस स्थिति के कारण अदालत परिसर में रोजाना आने वाले सैकड़ों वकीलों और कर्मचारियों को गर्म भोजन की सुविधा से अस्थायी तौर पर वंचित होना पड़ रहा है। कैंटीन प्रबंधन ने इस असुविधा के लिए खेद जताते हुए सभी से सहयोग और समझदारी की अपील की है।

जब तक गैस आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक वकीलों को हल्के नाश्ते और ठंडे खाद्य पदार्थों से ही काम चलाना पड़ेगा।

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Wed, 11 Mar 2026 17:03:19 +0530 news desk MPcg
e&PAN कार्ड के नाम पर बड़ा स्कैम! सरकार की चेतावनी—ऐसा ईमेल आए तो तुरंत रहें सावधान https://citytoday.co.in/5154 https://citytoday.co.in/5154 नई दिल्ली | क्या आपको भी e-PAN कार्ड डाउनलोड करने को लेकर कोई ईमेल आया है ? अगर हां, तो चौकन्ने हो जाएं क्योंकि ये साइबर ठगी करने वालों का नया हथकंडा है। दरअसल साइबर अपराधी लोगों को ईमेल भेजकर e-PAN कार्ड डाउनलोड करने का झांसा दे रहे हैं। PIBFactCheck ने X पर पोस्ट कर ठगी के इस नए जाल से बचकर रहने की सलाह दी है। ठग अपने इस नकली ईमेल में फर्जी लिंक पर लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। साइबर अपराधी नकली लिंक से लोगों का निजी डेटा जैसे कि आधार या बैंक की डिटेल्स चुराकर झूठे लोन और बैंक के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।

PIBFactCheck ने साफ लिखा है कि ये ईमेल नकली है और इस तरह के किसी भी ईमेल पर मौजूद लिंक पर आपको क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा इसकी शिकायत करने के बारे में भी सरकारी फैक्ट चेक संस्था ने पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है।

क्या है e-PAN कार्ड स्कैन
e-PAN कार्ड स्कैम साइबर अपराधियों का ठगी करने का नया हथियार है। इसमें लोगों को e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यह मेल इस तरह से लिखा जाता है कि जैसे इनकम टैक्स विभाग की ओर से भेजा गया हो। e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए ईमेल में मौजूद लिंक फर्जी होता है। जिसका मकसद यूजर की निजी डिटेल्स चुराकर लोगों का बैंक अकाउंट खाली करना होता है।

आपको आए ईमेल तो क्या करें?
    अगर आपको ऐसा ईमेल आए, तो PIBFactCheck के अनुसार ईमेल का जवाब न दे। भले कोई भी खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर संपर्क करे लेकिन उसका जवाब न दें।
    इसके अलावा ईमेल मौजूद किसी भी अटैचमेंट को न खोलें। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें वायरस या मैलवेयर हो सकते हैं जो आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
    ईमेल में मौजूद लिंक पर क्लिक न करें। अगर गलती से क्लिक हो भी जाए, तो वहां अपनी बैंक डिटेल्स या क्रेडिट कार्ड जैसी निजी जानकारी बिल्कुल न भरें।
    ईमेल में मौजूद मैसेज में दिए गए लिंक को कॉपी करके अपने ब्राउजर में पेस्ट न करें। हैकर्स ऐसे लिंक बनाते हैं जो दिखने में असली लगते हैं, लेकिन वे आपको फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं।
    अपने कंप्यूटर में हमेशा अपडेटेड एंटी-वायरस, एंटी-स्पाइवेयर और फायरवॉल का इस्तेमाल करें। ये आपको अनचाही फाइलों और इंटरनेट पर आपकी जासूसी करने वाले सॉफ्टवेयर से बचाते हैं।

ईमेल आए तो ऐसे करें शिकायत
अगर आपको भी e-PAN कार्ड जैसा कोई फर्जी ईमेल आता है, तो आप इसकी शिकायत आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए आप

    संदिग्ध ईमेल या ईमेल में आए वेबसाइट के लिंक को webmanager@incometax.gov.in पर भेज दें।
    इसके अलावा CERT-In को सूचना दें। इसकी एक कॉपी incident@cert-in.org.in पर भी भेजें।
    इसके तुरंत बाद उस फर्जी ईमेल को अपने इनबॉक्स से डिलीट कर दें।

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Mon, 09 Mar 2026 16:48:33 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स 2400 और निफ्टी 700 अंक लुढ़का, युद्ध की आग में निवेशकों के 15 लाख करोड़ स्वाहा https://citytoday.co.in/5149 https://citytoday.co.in/5149 नई दिल्ली.

अमेरिका-ईरान युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार को गहरी चोट दी है. पिछले छह सत्रों में से पांच में बाजार में गिरावट देखने को मिली है. खास बात यह है कि पिछले चार दिनों में ही निवेशकों को 13.46 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने दलाल स्ट्रीट का मूड बुरी तरह बिगाड़ दिया और निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली की. आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ताश के पत्तों की तरह ढह गए.

कारोबार के आखिरी घंटों में बिकवाली का ऐसा भूचाल आया कि सेंसेक्स 1,097 अंक लुढ़ककर 78,918.90 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी ने भी 315.45 अंक का गोता लगाई और 24,450.45 के स्तर पर सिमट गया. बीएएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप, जो 27 फरवरी को 463.25 लाख करोड़ रुपये था वह 6 मार्च तक घटकर 449.79 लाख करोड़ रुपये रह गया. बाजार विश्‍लेषक मान रहे हैं कि युद्ध लंबा चला तो यह नुकसान और भी गहरा हो सकता है.

52 हफ्ते के निचले स्तर पर कई नामी कंपनियां
बाजार में बिकवाली का आलम यह था कि बीएसई 500 की कई दिग्गज कंपनियां अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं. इनमें एसीसी लिमिटेड, अंबुजा सीमेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और सोनाटा सॉफ्टवेयर जैसी कंपनियां शामिल हैं. 4,374 शेयरों में से 2,304 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 258 शेयर अपने साल के सबसे निचले स्तर को छू गए.

बैंकिंग सेक्टर में ‘रक्तपात’
बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग सेक्टर ने निभाई. सेंसेक्स के शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसके शेयर 3.39% तक गिर गए. इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में भी 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई बैंकेक्स और बीएसई ऑटो इंडेक्स में भारी बिकवाली रही. अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे भारी वजन वाले शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि, इस सुनामी के बीच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मास्युटिकल जैसे शेयरों ने थोड़ी मजबूती दिखाई और हरे निशान में बंद हुए.

संभलेगा या और गिरेगा बाजार
शेयर बाजार विश्‍लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 24,600 और 24,700 के स्तर बड़ी रेजिस्टेंस बन गए हैं. यदि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे फिसलता है तो यह तेजी से 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक गिर सकता है. युद्ध की अनिश्चितता के बीच निवेशकों को फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए.

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Mon, 09 Mar 2026 14:53:55 +0530 news desk MPcg
PM किसान योजना की 22वीं किस्त जल्द! असम दौरे पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं PM Narendra Modi https://citytoday.co.in/5143 https://citytoday.co.in/5143 भोपाल। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर देशभर के किसानों में उत्सुकता बढ़ गई है। संभावना जताई जा रही है कि नरेंद्र मोदी अपने असम दौरे के दौरान योजना की 22वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री 13 मार्च को कोकराझार, असम के दौरे पर रहेंगे। यहां वे बोडोलैंड टेरिटोरियल एरियाज डिस्ट्रिक्ट में आयोजित कई सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे तथा एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कोकराझार में होने वाली इस रैली के दौरान प्रधानमंत्री पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी करने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इससे पहले 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को वाराणसी से और 21वीं किस्त नवंबर 2025 में कोयंबटूर से जारी की गई थी।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब 81 लाख 81 हजार 751 किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। वहीं सरकार अपात्र लाभार्थियों की पहचान को लेकर सख्ती बरत रही है और पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के करीब 1.66 लाख किसानों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।

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Sat, 07 Mar 2026 14:14:22 +0530 news desk MPcg
क्रूड ऑयल कहां और कैसे होगा इस्तेमाल? प्राथमिकता तय कर रही भारत सरकार, ईरान जंग का असर https://citytoday.co.in/5142 https://citytoday.co.in/5142 नई दिल्ली

ईरान जंग के मद्देनजर भारत सरकार कच्चे तेल के इस्तेमाल की प्रायरिटी फिर से तय कर रही है. कच्चा तेल कहां और कैसे इस्तेमाल हो इसके लिए सरकार योजना बना रही है. हालांकि सरकार ने कहा है कि भारत के पास इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे क्रूड से ज़्यादा क्रूड है. LPG की कोई कमी नहीं है. सरकार ने रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने को कहा है।

वेस्ट एशिया से सप्लाई में रुकावट के बाद भारत ने ऑयल रिफाइनरीज को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG)  प्रोडक्शन ज़्यादा से ज़्यादा करने का निर्देश दिया है. सरकार ने घरेलू प्रोड्यूसर को उपलब्ध प्रोपेन और ब्यूटेन रिसोर्स का इस्तेमाल करके LPG आउटपुट को प्रायोरिटी देने का आदेश दिया है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG इंपोर्टर है, और पिछले साल इसने 33.15 मिलियन मीट्रिक टन फ्यूल की खपत क. इंपोर्ट डिमांड का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है, जिसमें वेस्ट एशिया 85 से 90 परसेंट सप्लाई करता है, जिससे भारत रीजनल रुकावटों के प्रति कमज़ोर हो जाता है।

सरकार ने कहा है कि भारत में LPG की किल्लत नहीं होने दी जाएगी. भारत खाड़ी देशों के अलावा दूसरे क्षेत्रों से LNG खरीदना शुरू कर दिया है. इसके अलावा भारत कतर सरकार से भी बात कर रहा है ताकि LNG की सप्लाई फिर से शुरू की जा सके. बता दें कि कतर भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर है. कतर के गैस प्लांट पर ईरानी हमले के बाद कतर ने गैस प्रोडक्शन बंद कर दिया है और भारत को एक्सपोर्ट रोक दिया है। 

जनवरी से US से LPG भारत आनी शुरू हो गई है. नवंबर 2025 में भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने 2026 के लिए US गल्फ कोस्ट से लगभग 2.2 MTPA LPG इंपोर्ट करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। 

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सभी ऑयल रिफाइनर को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें और यह पक्का करें कि LPG प्रोडक्शन के लिए उनका इस्तेमाल हो. प्रोड्यूसर को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी रिफाइनर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को घरों में बांटने के लिए LPG, प्रोपेन और ब्यूटेन उपलब्ध कराएं. भारत में लगभग 332 मिलियन एक्टिव LPG कंज्यूमर हैं।

LPG के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन का ज़रूरी इस्तेमाल करने से एल्काइलेट्स का प्रोडक्शन कम हो जाएगा, जो गैसोलीन ब्लेंडिंग का एक हिस्सा है।

रिफाइनर को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल न करें, जिससे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों के लिए फीडस्टॉक कम हो जाएगा।

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Sat, 07 Mar 2026 14:10:24 +0530 news desk MPcg
11 महीने बाद MP में घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, भोपाल में 918 रुपए में मिलेगा https://citytoday.co.in/5140 https://citytoday.co.in/5140 नई दिल्ली.

केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। वहीं, 19 KG वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़ी हुई कीमतें आज 7 मार्च से ही लागू हो गई हैं। मध्य प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो अब भोपाल में 918 रुपए, इंदौर में 941 रुपए, ग्वालियर में 996 रुपए, जबलपुर में 919 रुपए और उज्जैन में 972 रुपए में एलपीजी सिलेंडर मिलेगा।

सबसे महंगी घरेलू गैस नर्मदापुरम में 1035 रुपए की मिलेगी। इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बढ़ाए गए थे। हालांकि, 8 मार्च 2024 को महिला दिवस पर केंद्र सरकार ने इसके दाम में 100 रुपए की कटौती भी की थी।

इसी महीने बढ़े थे कॉमर्शियल गैस के रेट
इससे पहले 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। अब घरेलू गैस सिलेंडर के रेट भी बढ़ गए हैं। सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी ऐसे वक्त की है, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की आशंका जताई जा रही है।

किल्लत रोकने LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश
केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई है।

एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 क्या है
सरकार ने यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके जारी किया है। इससे पहले सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल क्षेत्र में ESMA के नियमों को लागू किया था। तब रिफाइनिंग कंपनियों से कहा गया था कि वे देश में फ्यूल की कमी न होने दें और इसे बाहर एक्सपोर्ट न करें, क्योंकि उस समय भारी मार्जिन मिलने की वजह से तेल बाहर बेचना काफी फायदे का सौदा बन गया था।

कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत
तेल कंपनियां हर महीने पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों, एक्सचेंज रेट और अन्य लागतों के आधार पर LPG की बेस प्राइस तय करती हैं। इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट और डीलर कमीशन जोड़कर खुदरा मूल्य निकाला जाता है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकार अंतर की भरपाई करती है जबकि गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत ग्राहक चुकाता है।

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Sat, 07 Mar 2026 13:44:26 +0530 news desk MPcg
केला, अंगूर, अनार और सब्जियां… दुबई में सड़ रहे 1000 कंटेनर, भारत को हुआ भारी नुकसान https://citytoday.co.in/5138 https://citytoday.co.in/5138  नई दिल्‍ली

मिडिल ईस्‍ट में संघर्ष के कारण महाराष्‍ट्र के किसानों और निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. एग्री प्रोडक्‍ट्स से जुड़े 800 से 1000 कंटेनर दुबई के जेबल अली बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. 28 फरवरी से ही इनका कामकाज ठप है. कंटेनर अलग-अलग देशों या क्षेत्रों में एक्‍सपोर्ट नहीं हो पा रहे हैं, जिस कारण लाखों-करोड़ों के सामान खराब हो रहे हैं।

दुबई का जेबेल अली पोर्ट मिडिल ईस्‍ट का एक प्रमुख बंदरगाह, जो खाड़ी क्षेत्र में कृषि उत्पादों के वितरण का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. हालांकि, संघर्ष के कारण कामकाज पूरी तरह से ठप हो चुका है. इस कारण दुबई पहुंच चुके या भारत से आ रहे कई शिपमेंट बंदरगाह पर ही फंसे हुए हैं।

निर्यातकों को भारी नुकसान
फंसे हुए कंटेनरों में मुख्य रूप से केले, अंगूर, अनार, तरबूज, पत्तेदार सब्जियां और प्याज जैसे कम समय तक टिकने वाले कृषि उत्‍पाद हैं. यह महाराष्ट्र से निर्यात होने वाले प्रमुख उत्पाद भी हैं. कंटेनर फंस जाने के कारण ये खराब हो सकते हैं, जिसका मतलब है कि निर्यातकों को भारी नुकसान होगा. कंटेनर ऐसे समय में भी फंसे हैं जब खाड़ी देशों में रमजान के दौरान इन फलों, विशेष रूप से अंगूर और अनार की मांग चरम पर होती है. इसलिए कारोबार कम होने की भी आशंका है।

घाटे में बेचना पड़ सकता है अंगूर
वॉर के कारण कंटेनर तो फंसे ही हैं, जिससे मांग पूरी नहीं हो पा रही है. दूसरी ओर, खाड़ी देशों में फलों की मांग में परंपरागत रूप से वृद्धि देखी जाती है. वहीं किसान इस मौसमी बदलाव के अनुसार अपनी फसल की कटाई की योजना बनाते हैं. हालांकि, इस वर्ष संघर्ष के कारण निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बंदरगाहों पर मौजूद लगभग 5,000 से 6,000 टन अंगूर प्रभावित होने की आशंका है और खेतों में मौजूद निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले 10,000 टन अंगूरों को अब स्थानीय स्तर पर घाटे में बेचना पड़ सकता है।

बंदरगाह पर भीड़भाड़ के कारण और देरी 
मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (JNPT) पर दुबई जाने वाले अंगूर के लगभग 80 कंटेनर अभी तक अनलोड नहीं किए गए हैं. नासिक से निर्यात के लिए आ रहे 200 से अधिक कंटेनर बंदरगाह के बाहर फंसे हुए हैं, जिससे भारी जाम लग गया है. स्थिति गंभीर है और निर्यातकों का कहना है कि जब तक जहाजरानी सर्विस फिर से शुरू नहीं हो जातीं, तब तक यह समस्या बनी रहेगी. इंडियन ग्रेप एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के निदेशक मधुकर क्षीरसागर के अनुसार, फंसे हुए हर कंटेनर से भारी नुकसान होता है, जिससे लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान होता है।

किसानों ने सरकार से अपील की
किसान संगठन तत्काल सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने सरकार से प्रति क्विंटल 1,500 रुपये की सब्सिडी देने के साथ-साथ फंसे हुए कंटेनरों के लिए बंदरगाह शुल्क और विलंब शुल्क माफ करने का अनुरोध किया है. इसके अलावा, निर्यातकों की सहायता के लिए एक अस्थायी खरीद योजना शुरू करने की भी मांग की गई है, ताकि माल की निकासी होने तक उन्हें सहायता मिल सके।

निर्यातकों ने खेप वापस मंगाई
कुछ निर्यातकों ने पहले ही अपने माल को वापस मंगाना शुरू कर दिया है. प्रमुख निर्यातक प्रकाश गायकवाड़ ने बताया कि लंबे समय तक देरी के कारण उन्हें जेएनपीटी से केले और प्याज के कंटेनर वापस मंगाने पड़े, क्योंकि देरी से फसल खराब हो रही थी. नासिक सीमा शुल्क को भेजे गए प्याज के एक शिपमेंट को मंजूरी मिलने में चार दिन लग गए, तब तक पूरा माल खराब हो चुका था।

कृषि आयात और निर्यात पर व्यापक प्रभाव
इस रुकावट का असर खाड़ी देशों और ईरान से आयात पर भी पड़ा है. सेब, कीवी और खजूर जैसे उत्पादों से भरे लगभग 600-700 कंटेनर ईरानी बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं. फल व्यापारी सुयोग ज़ेदे के अनुसार, इन कंटेनरों का मूल्य काफी अधिक है, जिनमें कीवी के कंटेनरों का मूल्य 30-32 लाख रुपये और खजूर के कंटेनरों का मूल्य 45 लाख रुपये है।

इसके अलावा, भारत के चीनी निर्यात अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं. केंद्र ने इस सीजन में 20 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दी थी, लेकिन निर्यातकों का अनुमान है कि मौजूदा व्यवधानों के कारण केवल लगभग 5 लाख टन चीनी ही बाजार तक पहुंच पाएगी।

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Sat, 07 Mar 2026 12:58:12 +0530 news desk MPcg
बजट के बाद कृषि सुधारों पर मंथन, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे वेबिनार को संबोधित https://citytoday.co.in/5135 https://citytoday.co.in/5135 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस वेबिनार का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में सुधार और संभावनाओं पर चर्चा करना है

चार प्रमुख क्षेत्रों पर आठ सत्र

इस थीम के तहत प्रधानमंत्री चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए आठ अलग-अलग वेबिनार सत्र आयोजित कर रहे हैं। इनमें कृषि, पशुपालन और डेयरी, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण आजीविका जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन सत्रों में इन क्षेत्रों के विकास और निवेश को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

उच्च मूल्य वाली फसलों पर रहेगा फोकस

वेबिनार में काजू, नारियल, चंदन, अगरवुड, बादाम, अखरोट और चीड़ जैसी फसलों की क्षमता को उजागर करते हुए उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही कृषि के लिए एआई संचालित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और भारत विस्तार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

पशुपालन और मत्स्य पालन में निवेश पर चर्चा

सत्रों में पशुपालन मूल्य शृंखला में निजी क्षेत्र के निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने, मत्स्य पालन के लिए जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास तथा तटीय मत्स्य पालन मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा ‘एसएचई-मार्ट्स’ के जरिए ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

बजट 2026-27 में कृषि पर विशेष जोर

केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण के लिए कई लक्षित हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा है।

कृषि क्षेत्र के लिए बढ़ा बजट आवंटन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,51,853 करोड़ रुपए से लगभग 7% अधिक है। मंत्रालय का व्यय हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। यह 2013-14 में लगभग 21,933.50 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 के बजट अनुमानों में बढ़कर लगभग 1,51,853 करोड़ रुपए हो गया है।

उच्च मूल्य वाली फसलों को मिलेगा बढ़ावा

बजट 2026-27 का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगर के वृक्षों और देश के पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट और चीड़ के मेवों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

नारियल प्रोत्साहन योजना की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लगभग 3 करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं, जिनमें करीब 1 करोड़ किसान शामिल हैं। प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नई पौधों और उन्नत किस्मों से बदलने सहित विभिन्न उपायों के साथ नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।

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Fri, 06 Mar 2026 17:05:28 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स में 500 अंक की गिरावट, निफ्टी 24,600 के पास, खुलते ही क्यों गिरा बाजार? https://citytoday.co.in/5132 https://citytoday.co.in/5132 मुंबई

शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं। 

बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी। 

किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का?
ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है। 

एनालिस्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। 

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Fri, 06 Mar 2026 13:37:13 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स में 500 अंक की गिरावट, निफ्टी 24,600 के पास, खुलते ही क्यों गिरा बाजार? https://citytoday.co.in/5131 https://citytoday.co.in/5131 मुंबई

शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं। 

बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी। 

किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का?
ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है। 

एनालिस्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। 

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Fri, 06 Mar 2026 13:37:13 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स में 500 अंक की गिरावट, निफ्टी 24,600 के पास, खुलते ही क्यों गिरा बाजार? https://citytoday.co.in/5130 https://citytoday.co.in/5130 मुंबई

शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं। 

बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी। 

किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का?
ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है। 

एनालिस्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। 

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Fri, 06 Mar 2026 13:37:13 +0530 news desk MPcg
सेंसेक्स में 500 अंक की गिरावट, निफ्टी 24,600 के पास, खुलते ही क्यों गिरा बाजार? https://citytoday.co.in/5129 https://citytoday.co.in/5129 मुंबई

शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं। 

बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी। 

किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का?
ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है। 

एनालिस्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। 

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Fri, 06 Mar 2026 13:37:13 +0530 news desk MPcg
भारत को 30 दिन तक मिलेगा रूस का कच्चा तेल, ईरान&यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका ने दी छूट https://citytoday.co.in/5128 https://citytoday.co.in/5128  नई दिल्ली

ईरान जंग की वजह से पैदा हुए तेल संकट के बीच अमेरिका ने अहम फैसला लिया है. उसने रूस को 30 दिन तक भारत को तेल बेचने की अस्थायी छूट दी है. इससे महीनों से समंदर में भटक रहे रूसी तेल जहाजों के साथ-साथ भारत को भी राहत मिलेगी।

बताया गया कि अमेरिका ने ईरान जंग के बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट पर दबाव कम करने के लिए समुद्र में फंसे रूसी तेल को भारत को बेचने की इजाजत दी है. ये 30 दिन की टेम्पररी छूट है।

ईरान से जंग शुरू होने के बाद आशंका थी कि भारत में भी तेल संकट हो सकता है. तब सरकार ने बताया था कि भारत के पास अभी करीब 50 दिन का तेल रिजर्व है।

रॉयटर्स के मुताबिक, दो सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि वाशिंगटन ने रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों से जुड़ी मौजूदा पाबंदियों के बावजूद शिपमेंट को आगे बढ़ने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की छूट को मंजूरी दे दी है।

बता दें कि, अमेरिका ने यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद विभिन्न देशों को रूसी तेल नहीं खरीदने की धमकी दी थी. पश्चिमी देशों ने भी मॉस्को पर प्रतिबंध लगाए थे. लेकिन भारत रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक के रूप में उभरा था. ट्रंप की धमकियों के बावजूद भारत ने रूसी तेल खरीदना जारी रखा था. साथ ही साफ संदेश दिया था कि तेल कहां से खरीदना है, इसका फैसला भारत खुद करेगा।

रूस के तेल टैंकर समुद्र में क्यों खड़े थे

दरअसल, रूस के तेल टैंकर समुद्र में इसलिए खड़े थे क्योंकि नए अमेरिकी प्रतिबंधों और भुगतान/बीमा की अनिश्चितता की वजह से उनका तेल तुरंत उतारा नहीं जा रहा था. यूएस ने रूसी तेल से जुड़ी कुछ शिपिंग कंपनियों और टैंकरों पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे. इससे कई जहाजों के बीमा, भुगतान और पोर्ट एंट्री पर सवाल खड़े हो गए।

भारत के रिफाइनर्स भी इंतजार करने लगे कि कहीं तेल खरीदना नियमों के खिलाफ तो नहीं होगा. इसलिए जहाजों को कुछ समय समुद्र में ही रोक दिया गया।

ताजा जानकारी के मुताबिक, सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड – जल्द डिलीवरी के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए व्यापारियों के साथ पहले से ही बातचीत कर रही हैं।

बताया गया कि भारतीय सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनियों ने व्यापारियों से पहले ही लगभग 20 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीद लिया है।

कुछ रिफाइनरियों के लिए, यह कदम रूसी आपूर्ति की वापसी का संकेत है. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, एचपीसीएल और एमआरपीएल को आखिरी बार नवंबर में रूसी कच्चे तेल की खेप मिली थी।

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Fri, 06 Mar 2026 13:23:52 +0530 news desk MPcg
मजबूती के साथ शेयर बाजार की शुरुआत https://citytoday.co.in/5123 https://citytoday.co.in/5123 Thu, 05 Mar 2026 17:34:48 +0530 news desk MPcg दूध में यूरिया, डिटर्जेंट और पानी की मिलावट, FSSAI रिपोर्ट में टॉप डेयरी ब्रांड्स हुए फेल https://citytoday.co.in/5120 https://citytoday.co.in/5120 भोपाल 

 भारत, जो दुनिया के कुल दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा उत्पादक देश है, अब 'मिलावटी और असुरक्षित' दूध के केंद्र के रूप में उभर रहा है। हाल ही में 'ट्रस्टीफाइड' (एक स्वतंत्र लैब टेस्टिंग प्रोग्राम) द्वारा की गई जांच ने देश के टॉप डेयरी ब्रांडों के दावों की पोल खोल दी है।

बैक्टीरिया का स्तर खतरे के निशान से ऊपर

ट्रस्टीफाइड की रिपोर्ट के अनुसार, कई नामी ब्रांडों के दूध के नमूनों में कोलीफॉर्म (Coliform) का स्तर FSSAI की निर्धारित सीमा से 98 गुना अधिक पाया गया। इसके अलावा, 'टोटल प्लेट काउंट' (Total Plate Count) भी सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा था, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

हर तीन में से एक नमूना फेल

दूध की शुद्धता को लेकर सरकारी आंकड़े भी डराने वाले हैं। FSSAI द्वारा 2025 में की गई जांच में 38 प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए। पिछले कुछ वर्षों का रुझान देखें तो स्थिति और भी चिंताजनक हुई है:

    2015-2018: मिलावटी नमूनों की संख्या में 16.64% का इजाफा हुआ।

    2022: कुल 798 नमूनों में से आधे मिलावटी पाए गए।

    2025: लगभग हर तीसरा नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा।

उत्तर भारत सबसे ज्यादा प्रभावित

एफएसएसएआई की 'मिल्क सर्विलांस रिपोर्ट' के अनुसार, मिलावट के मामले में क्षेत्रीय स्तर पर भारी अंतर देखा गया है:

क्षेत्र – मानकों में फेल नमूनों का प्रतिशत

उत्तर भारत: 47% (सबसे असुरक्षित)

पश्चिम भारत: 23%

दक्षिण भारत: 18%

पूर्वी भारत: 13%
क्या मिलाया जा रहा है आपके दूध में?

इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन की एक ताजा स्टडी में 330 नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 70.6% में गंभीर मिलावट पाई गई। मिलावट के मुख्य कारक इस प्रकार हैं:

पानी: 193 नमूनों में मात्रा बढ़ाने के लिए पानी मिलाया गया।

डिटर्जेंट (23.9%): झाग बनाने और दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए।

यूरिया (9.1%): फैट और प्रोटीन की मात्रा को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए।

स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि कोलीफॉर्म और डिटर्जेंट युक्त दूध पीने से पेट में संक्रमण, किडनी की बीमारी और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे दूध खरीदने से पहले ब्रांड की लेटेस्ट लैब रिपोर्ट और FSSAI मार्क की जांच जरूर करें।

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Thu, 05 Mar 2026 15:09:33 +0530 news desk MPcg
पुष्कर सिंह धामी का बड़ा ऐलान – 21वीं सदी का तीसरा दशक बनेगा उत्तराखंड का दशक https://citytoday.co.in/5114 https://citytoday.co.in/5114 देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को लेकर बड़ा संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदारनाथ धाम से किए गए ऐलान के अनुसार 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, और राज्य सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सब मिलकर, एकता और आपसी मेलजोल से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे। यह दशक विकास, सुशासन और जनभागीदारी का दशक होगा।”

विकास, एकता और जनसहभागिता पर जोर
धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार सृजन और निवेश को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और समन्वय के साथ राज्य निर्माण में भागीदार बनें।

‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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Tue, 03 Mar 2026 20:12:50 +0530 news desk MPcg
पुष्कर सिंह धामी का बड़ा ऐलान – 21वीं सदी का तीसरा दशक बनेगा उत्तराखंड का दशक https://citytoday.co.in/5113 https://citytoday.co.in/5113 देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को लेकर बड़ा संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदारनाथ धाम से किए गए ऐलान के अनुसार 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, और राज्य सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सब मिलकर, एकता और आपसी मेलजोल से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे। यह दशक विकास, सुशासन और जनभागीदारी का दशक होगा।”

विकास, एकता और जनसहभागिता पर जोर
धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार सृजन और निवेश को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और समन्वय के साथ राज्य निर्माण में भागीदार बनें।

‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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Tue, 03 Mar 2026 20:12:49 +0530 news desk MPcg
भारत&ऑस्ट्रेलिया&कनाडा ने बनाया नया ट्रायंगल, क्यों इसे माना जा रहा है गेमचेंजर? https://citytoday.co.in/5109 https://citytoday.co.in/5109 नई दिल्ली

एक तरफ अमेरिका ट्रेड वॉर और भारी टैरिफ लगाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समेट रहा है, तो दूसरी तरफ चीन ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बाजार पर एकाधिकार जमाकर बैठा है. इस खींचतान के बीच, दुनिया को एक नए और सुरक्षित रास्ते की तलाश थी. इसी तलाश को पूरा करने और चीन-अमेरिका पर निर्भरता को जड़ से खत्म करने के लिए तीन बड़े देशों ने हाथ मिलाया है. भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने मिलकर एक नया और बेहद शक्तिशाली अलायंस बनाया गया है, जिसे ACITI यानी ऑस्‍ट्रेल‍िया, कनाडा, इंडिया टेक्‍नोलॉजी एंड इनोवेशन ट्रायंगल नाम द‍िया गया है. यह नया ट्रायंगल सिर्फ एक डील नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की ग्रीन सप्लाई चेन का पूरा गेम बदलने वाला है | 

आज की दुनिया में तरक्की का मतलब क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सोलर पैनल और विंड टर्बाइन है. इन सभी को बनाने के लिए लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिजों की जरूरत होती है.दिक्कत यह है कि इन खनिजों को निकालने और रिफाइन करने के बाजार पर चीन का लगभग पूरा कब्‍जा है. ग्रीन हाइड्रोजन बनाने वाले इलेक्ट्रोलाइजर की सप्लाई भी चीन ही कंट्रोल करता है. दूसरी ओर, अमेरिका ने अपनी नई नीतियों और टैरिफ से दुनिया भर के व्यापार को डरा दिया है. एक देश (चीन) पर पूरी तरह निर्भर रहना अब दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था. ACITI गठबंधन इसी सिंगल-कंट्री डिपेंडेंस को तोड़ने का अचूक हथियार है | कैसे काम करेगा यह नया ट्रायंगल?

    यह गठबंधन तीन देशों की अलग-अलग ताकतों को मिलाकर एक सुपर-पावरफुल सप्लाई चेन बनाएगा. इस साझेदारी का फोकस मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और लॉन्ग-टर्म आर्थिक सुरक्षा पर होगा | 

    ऑस्ट्रेलिया की ताकत: ऑस्ट्रेलिया दुनिया में लिथियम का सबसे बड़ा उत्पादक है. यानी एक तरह से लीडर है. लिथियम वह मुख्य धातु है जिससे हर तरह की बैटरी बनती है | 

    कनाडा की ताकत: कनाडा के पास क्रिटिकल मिनरल्स का भारी भंडार है और वह ग्रीन टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए भारी फंड्स और नीतियां बना रहा है | 

    भारत की ताकत: भारत दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार है. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट र‍िन्‍यूएबल एनर्जी पैदा करने का विशाल लक्ष्य रखा है. यानी भारत के पास इस नई तकनीक की सबसे ज्यादा डिमांड है | 

    जब ऑस्ट्रेलिया का कच्चा माल, कनाडा की तकनीक-पैसा और भारत का विशाल बाजार और मैन्युफैक्चरिंग स्केल एक साथ मिलेंगे, तो यह तिकड़ी चीन के एकाधिकार को सीधी और कड़ी टक्कर देगी | 

सिर्फ मुनाफा नहीं, धरती को बचाना है लक्ष्‍य

अक्सर ऐसे बड़े गठबंधन सिर्फ पैसा कमाने के लिए बनते हैं, लेकिन ACITI का नजरिया अलग है. इस गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे अपना ध्यान सिर्फ स्मार्टफोन बनाने या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुलबुले में पैसा फूंकने पर न लगाएं. इस ट्रायंगल का असली लक्ष्य टेक-फॉर-गुड यानी भलाई के लिए तकनीक बनाना है. इसके तहत तीनों देश मिलकर काम करेंगे कि खनिजों का खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे हो. पुरानी बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से लिथियम, कोबाल्ट और तांबे को दोबारा कैसे निकाला जाए. यह गठबंधन सर्कुलर इकॉनमी यानी जहां चीजें बर्बाद न हों, बल्कि बार-बार इस्तेमाल हों, उस पॉल‍िसी को बढ़ावा देगा | 

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Tue, 03 Mar 2026 18:30:13 +0530 news desk MPcg
Khamenei Protests in Mumbai: खामेनेई की हत्या को लेकर मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट पर, दूतावासों&संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई गई https://citytoday.co.in/5105 https://citytoday.co.in/5105 मुंबई. पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध का असर अब भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी दिखने लगा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद मुंबई के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और महत्वपूर्ण ठिकानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.

दूतावासों-संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा सख्त

पुलिस ने विशेष रूप से दक्षिण मुंबई स्थित अमेरिकी और इजरायली दूतावासों के साथ-साथ ईरानी वाणिज्य दूतावास के बाहर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है. अधिकारियों को डर है कि प्रदर्शनों की आड़ में शरारती तत्व हिंसा या तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों को उन इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं जहां विदेशी नागरिकों और पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है 

पुलिस की कड़ी निगरानी और चेतावनी

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में ईरान के समर्थन या विरोध में निकलने वाले मार्च पर ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्थानीय समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.

अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का स्थानीय प्रभाव

28 फरवरी, 2026 को तेहरान में एक हवाई हमले के दौरान अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है. भारत में भी, विशेषकर शिया बहुल क्षेत्रों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. मुंबई के डोंगरी और भेंडी बाजार जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.

सुरक्षा एजेंसियों का अगला कदम

आने वाले दिनों में स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में नाकेबंदी और गश्त तेज कर दी है. सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोका जा सके. गृह विभाग लगातार पुलिस आयुक्त के संपर्क में है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है.

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Tue, 03 Mar 2026 16:04:46 +0530 news desk MPcg
नेतन्याहू ने मुश्किल समय में इजराइल के साथ खड़ा होने पर पीएम मोदी को कहा शुक्रिया https://citytoday.co.in/5103 https://citytoday.co.in/5103 कड़ी सुरक्षा के बीच नेतन्याहू ने ईरानी हमले से तबाह हुई जगहों का दौरा किया तेल अवीव,(ईएमएस)। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मध्य पूर्व में तनाव के बीच इजराइल का साथ खड़े रहने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि भारत मुश्किल समय में इजराइल के साथ खड़ा है। यह बात उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कही। हाल में ही पीएम मोदी इजराइल यात्रा पर गए थे। इस दौरान भारत और इजराइल के बीच कई अहम सौदे हुए थे, जिनमें व्यापार और रक्षा क्षेत्र प्रमुख है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कड़ी सुरक्षा के बीच नेतन्याहू ने इजराइल के बेत शेमेश में ईरानी हमले से तबाह जगहों का दौरा किया। इस दौरान नेतन्याहू एक यहूदी प्रार्थना स्थल सिनेगाग भी गए, जहां ईरानी हमले में 9 इजराइली लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान बातचीत में नेतन्याहू ने पीएम मोदी के साथ हाल की अपनी टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र किया। नेतन्याहू ने कहा कि उनकी पीएम मोदी से लंबी बात हुई और इजराइल के साथ खड़े रहने, सच्चाई का साथ देने और भारत के लोगों की गहरी दोस्ती के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि मैं बातचीत की डिटेल में नहीं जाऊंगा, लेकिन मैंने उनसे बात की है, और मैंने इस क्षेत्र और उससे आगे के कई दूसरे नेताओं से भी बात की है। मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि नेतन्याहू से मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात की। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भारत शत्रुता शीघ्र समाप्त करने की जरुरत को दोहराता है। पीएम मोदी ने रविवार रात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की और खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।

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Tue, 03 Mar 2026 14:26:16 +0530 news desk MPcg
पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यक्त किया गहन शोक https://citytoday.co.in/5077 https://citytoday.co.in/5077 Fri, 27 Feb 2026 20:43:07 +0530 news desk MPcg भारत की अर्थव्यवस्था में जोरदार उछाल, तीसरी तिमाही में GDP 7.8% बढ़ी https://citytoday.co.in/5075 https://citytoday.co.in/5075 नई दिल्ली
भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 7.4 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। यह पहला मौका है, जब सरकार ने नए आधार वर्ष 2022-23 पर जीडीपी के आंकड़े जारी किए हैं, जो कि पहले 2011-12 था। मंत्रालय ने बताया कि तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही है। अक्टूबर-दिसंबर अवधि में रियल ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (जीवीए) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। वहीं, नॉमिनल जीवीए 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सबसे अधिक 13.3 प्रतिशत की जीवीए वृद्धि दर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई है। इसके अलावा, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्यूनिकेशन एवं सर्विसे और ब्रॉडकास्टिंग स्टोरेज श्रेणी की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही है। वहीं, फाइनेंशियल , रियल एस्टेट, आईटी, प्रोफेशनस सर्विसेज श्रेणी की वृद्धि दर 11.2 प्रतिशत रही है।

तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीवीए में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 52.9 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 24.8 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 22.3 प्रतिशत रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा पूरे वित्त वर्ष 26 के लिए दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी किया है, जिसमें जीडीपी की की विकास दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 25 में जीडीपी की विकास दर 7.1 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 26 की नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहने के अनुमान है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 26 में रियल जीवीए की विकास दर 7.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, वित्त वर्ष 25 में यह 7.3 प्रतिशत था। नॉमिनल जीवीए की विकास दर 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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Fri, 27 Feb 2026 20:39:53 +0530 news desk MPcg
क्रिकेटर Rinku Singh के पिता का निधन, स्टेज&4 लिवर कैंसर से हारी जिंदगी की जंग https://citytoday.co.in/5072 https://citytoday.co.in/5072

स्पोर्ट्स । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय टीम के स्टार फिनिशर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खानचंद्र सिंह का शुक्रवार सुबह स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हो गया। वे 60 वर्ष के थे। इस खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है।

ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में ली अंतिम सांस

करीब डेढ़ साल से लिवर कैंसर से जूझ रहे खानचंद्र सिंह की हाल ही में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्होंने 27 फरवरी की सुबह करीब 4:36 से 5 बजे के बीच अंतिम सांस ली। वे क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।

टीम कैंप छोड़कर पहुंचे थे घर

पिता की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही रिंकू सिंह ने टीम कैंप छोड़ा और परिवार के पास पहुंचे। बाद में वे टीम से दोबारा जुड़े, लेकिन प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बने। अब पिता के निधन के बाद वे अलीगढ़ रवाना हो चुके हैं।

पिता का सपना—ट्रॉफी जीतकर लाना

खानचंद्र सिंह चाहते थे कि उनका बेटा टी20 विश्व कप 2026 में भारत के लिए ट्रॉफी जीते। परिवार के करीबी बताते हैं कि उन्होंने हाल ही में वीडियो कॉल पर रिंकू से कहा था—“ट्रॉफी जीतकर लाना।”

संघर्ष से स्टारडम तक

अलीगढ़ निवासी रिंकू सिंह का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के क्रिकेट सपने को टूटने नहीं दिया। आईपीएल और टीम इंडिया में सफलता के बाद भी परिवार की सादगी बरकरार रही।

यह निजी क्षति रिंकू सिंह के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय है, लेकिन पिता का सपना अब उनके लिए प्रेरणा बन चुका है।

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Fri, 27 Feb 2026 14:06:52 +0530 news desk MPcg
बढ़ती मुसीबतों में घिरे Asim Munir, भारत तनाव के बीच BLA हमले और अफगान मोर्चे की चुनौती https://citytoday.co.in/5071 https://citytoday.co.in/5071 Fri, 27 Feb 2026 13:34:12 +0530 news desk MPcg सरकार का नया नियम: 1 मार्च से WhatsApp बिना SIM के नहीं चलेगा, नंबर बदलने पर अकाउंट बंद https://citytoday.co.in/5068 https://citytoday.co.in/5068 Thu, 26 Feb 2026 19:01:00 +0530 news desk MPcg कैश कांड की जांच तेज: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ बनी कमेटी में बदलाव, जानिए नए 3 सदस्य कौन https://citytoday.co.in/5065 https://citytoday.co.in/5065 Thu, 26 Feb 2026 15:54:40 +0530 news desk MPcg विदेशी नागरिकों के आधार में नया नियम: वीजा खत्म होते ही होगा निष्क्रिय, OCI और नेपाल&भूटान नागरिकों का 10 साल तक मान्य https://citytoday.co.in/5064 https://citytoday.co.in/5064 Thu, 26 Feb 2026 14:41:21 +0530 news desk MPcg TOKYO में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के उद्यमियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता https://citytoday.co.in/5058 https://citytoday.co.in/5058 Wed, 25 Feb 2026 16:40:33 +0530 news desk MPcg Yogi Adityanath का सिंगापुर दौरा तेज: जेवर एयरपोर्ट के लिए 4,458 करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी https://citytoday.co.in/5053 https://citytoday.co.in/5053 Tue, 24 Feb 2026 20:41:14 +0530 news desk MPcg एमपी को मिली भोपाल&धनबाद और भोपाल&चोपन एक्सप्रेस की सौगात, सीएम मोहन देंगे हरी झंडी, देखें शेड्यूल https://citytoday.co.in/5051 https://citytoday.co.in/5051 Tue, 24 Feb 2026 19:46:25 +0530 news desk MPcg साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया में बड़े बदलाव, सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल https://citytoday.co.in/5048 https://citytoday.co.in/5048 Tue, 24 Feb 2026 14:37:42 +0530 news desk MPcg 2027 में बुलेट ट्रेन की रफ्तार, बजट में गुजरात को मिली 29 गुना अधिक धनराशि https://citytoday.co.in/5046 https://citytoday.co.in/5046 Tue, 24 Feb 2026 13:29:04 +0530 news desk MPcg इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है! 22वीं किस्त को लेकर किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी https://citytoday.co.in/5044 https://citytoday.co.in/5044 Mon, 23 Feb 2026 18:12:24 +0530 news desk MPcg AI का ‘विश्वगुरु’ भारत: 88 देशों ने माना, बिना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के तकनीक असफल https://citytoday.co.in/5035 https://citytoday.co.in/5035 Sat, 21 Feb 2026 19:39:16 +0530 news desk MPcg RSS मानहानि केस: राहुल गांधी भिवंडी कोर्ट में हुए पेश, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध https://citytoday.co.in/5031 https://citytoday.co.in/5031 Sat, 21 Feb 2026 17:56:15 +0530 news desk MPcg Delhi–Meerut Regional Rapid Transit System: 45 मिनट में तय होगी 82 KM की दूरी, PM मोदी 22 फरवरी को करेंगे उद्घाटन https://citytoday.co.in/5030 https://citytoday.co.in/5030 Sat, 21 Feb 2026 14:04:06 +0530 news desk MPcg याचिका देखते ही बोले CJI सूर्यकांत – भगवान बचाए, सुनवाई से किया साफ इनकार https://citytoday.co.in/5026 https://citytoday.co.in/5026 Thu, 19 Feb 2026 20:11:57 +0530 news desk MPcg दिल्ली में 24 अटल कैंटीनों का उद्घाटन, CM का संकल्प – कोई भूखा नहीं सोएगा https://citytoday.co.in/5023 https://citytoday.co.in/5023 Thu, 19 Feb 2026 17:53:15 +0530 news desk MPcg बहुत जल्द सुनेंगे फैसला” – राज्य बहाली पर मेघवाल के संकेत से सियासी हलचल तेज https://citytoday.co.in/5013 https://citytoday.co.in/5013 Wed, 18 Feb 2026 15:32:15 +0530 news desk MPcg महाकाल दर्शन के लिए गई युवती संग जफर की पिटाई, धोती&कुर्ता और रुद्राक्ष देख बजरंग दल ने हमला किया https://citytoday.co.in/5006 https://citytoday.co.in/5006 Tue, 17 Feb 2026 15:19:40 +0530 news desk MPcg Rafale डील की पूरी जानकारी: इमैनुएल मैक्रों भारत आए क्यों, और 3.25 लाख करोड़ की डील में क्या है खास https://citytoday.co.in/5005 https://citytoday.co.in/5005 Tue, 17 Feb 2026 13:51:51 +0530 news desk MPcg मां से बिछड़े ‘कान्हा’ बाघ की मौत, 27 दिन पहले छोड़ा गया जंगल में, दुर्गावती रिजर्व के कोर एरिया में मिला शव https://citytoday.co.in/5001 https://citytoday.co.in/5001 Mon, 16 Feb 2026 16:59:29 +0530 news desk MPcg भारत के नक्शे में पूरा कश्मीर दिखा तो बौखलाया पाकिस्तान, अमेरिका के सामने लगाई गुहार https://citytoday.co.in/4985 https://citytoday.co.in/4985 Sat, 14 Feb 2026 13:37:44 +0530 news desk MPcg वर्ल्ड टेबल टेनिस स्टार कंटेंडर 2026: मानुष&दीया की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में https://citytoday.co.in/4983 https://citytoday.co.in/4983 Fri, 13 Feb 2026 20:58:32 +0530 news desk MPcg CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: RERA दागी बिल्डरों को फायदा पहुंचा रही है, इसे खत्म किया जाना चाहिए https://citytoday.co.in/4979 https://citytoday.co.in/4979 Fri, 13 Feb 2026 19:02:17 +0530 news desk MPcg Madhya Pradesh में सर्दी की विदाई, दिन&रात का पारा 30°C के पार; 13&16 फरवरी को आएगा नया सिस्टम, पर असर कमजोर https://citytoday.co.in/4977 https://citytoday.co.in/4977 Fri, 13 Feb 2026 14:00:15 +0530 news desk MPcg Stock Market Crash: अमेरिका से भारत तक मची हलचल, जानें क्यों धड़ाम हुआ शेयर बाजार https://citytoday.co.in/4975 https://citytoday.co.in/4975 Fri, 13 Feb 2026 13:22:46 +0530 news desk MPcg माल्या को हाईकोर्ट की चेतावनी: भारत न लौटे तो भगोड़ा स्टैम्प के खिलाफ सुनवाई नहीं होगी https://citytoday.co.in/4973 https://citytoday.co.in/4973 Thu, 12 Feb 2026 18:49:43 +0530 news desk MPcg ट्रंप की अमेरिकी ‘दाल’ योजना पर भारत की रेड लाइन ने लगाई रोक https://citytoday.co.in/4969 https://citytoday.co.in/4969 Thu, 12 Feb 2026 18:29:26 +0530 news desk MPcg आज भारत बंद: 10 किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों का तीन बड़े मुद्दों पर प्रदर्शन https://citytoday.co.in/4967 https://citytoday.co.in/4967 Thu, 12 Feb 2026 16:19:57 +0530 news desk MPcg Gold&Silver Price Update: चांदी में बड़ी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से ₹1.59 लाख तक लुढ़की https://citytoday.co.in/4966 https://citytoday.co.in/4966 Thu, 12 Feb 2026 15:04:03 +0530 news desk MPcg गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4963 https://citytoday.co.in/4963 Thu, 12 Feb 2026 13:14:58 +0530 news desk MPcg एयरपोर्ट ड्रग्स शॉक: साबुन के बॉक्स से मिली 6.8 करोड़ की हेरोइन, यात्री गिरफ्तार https://citytoday.co.in/4957 https://citytoday.co.in/4957 Wed, 11 Feb 2026 13:45:25 +0530 news desk MPcg राजपाल यादव को मिली बड़ी राहत, तेज प्रताप यादव देंगे 11 लाख की आर्थिक मदद https://citytoday.co.in/4955 https://citytoday.co.in/4955 Tue, 10 Feb 2026 19:06:13 +0530 news desk MPcg CJI सूर्यकांत हैरान, 54 हजार करोड़ रुपये का गबन—ये बैंक अब बनते जा रहे हैं बोझ https://citytoday.co.in/4953 https://citytoday.co.in/4953 Tue, 10 Feb 2026 16:06:53 +0530 news desk MPcg भोपाल में दर्दनाक हादसा: भभूत समझकर चूहामार दवा खाने से 12वीं की छात्रा की मौत https://citytoday.co.in/4948 https://citytoday.co.in/4948 Mon, 09 Feb 2026 16:59:15 +0530 news desk MPcg मोहन भागवत का बड़ा बयान: बीजेपी के ‘अच्छे दिन’ RSS के योगदान से आए, राम मंदिर आंदोलन से मिला फायदा https://citytoday.co.in/4947 https://citytoday.co.in/4947 Mon, 09 Feb 2026 13:51:01 +0530 news desk MPcg बांग्लादेश को अमेरिका का गुलाम बनाकर जाएंगे यूनुस? चुनाव से पहले सीक्रेट डील ने मचाई खलबली https://citytoday.co.in/4945 https://citytoday.co.in/4945 Sat, 07 Feb 2026 15:59:34 +0530 news desk MPcg भारत&GCC FTA वार्ता फिर शुरू: खाड़ी की बदलती राजनीति के बीच भारत की रणनीतिक चाल https://citytoday.co.in/4934 https://citytoday.co.in/4934 Fri, 06 Feb 2026 13:16:58 +0530 news desk MPcg स्पीकर ओम बिरला का बड़ा बयान, ‘पीएम मोदी के साथ कुछ भी हो सकता था’ https://citytoday.co.in/4929 https://citytoday.co.in/4929 Thu, 05 Feb 2026 18:17:51 +0530 news desk MPcg 60 साल बाद INS विक्रांत शामिल हुई इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में, दुनिया देखेगी इसकी ताकत https://citytoday.co.in/4927 https://citytoday.co.in/4927 Thu, 05 Feb 2026 13:31:04 +0530 news desk MPcg सर्ज प्राइसिंग से मुक्ति, सस्ता किराया! अमित शाह आज करेंगे ‘Bharat Taxi’ का लॉन्च https://citytoday.co.in/4926 https://citytoday.co.in/4926 Thu, 05 Feb 2026 12:55:44 +0530 news desk MPcg 850 श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भारत गौरव स्पेशल ट्रेन से अयोध्या रवाना https://citytoday.co.in/4925 https://citytoday.co.in/4925 Wed, 04 Feb 2026 20:36:41 +0530 news desk MPcg प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में समग्र भारत के चतुर्दिक विकास का बजट प्रस्तुत किया गया& डॉ. महेन्द्र सिंह https://citytoday.co.in/4922 https://citytoday.co.in/4922 Wed, 04 Feb 2026 15:40:37 +0530 news desk MPcg जम्मू&कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर https://citytoday.co.in/4919 https://citytoday.co.in/4919 Wed, 04 Feb 2026 15:32:54 +0530 news desk MPcg RCB की बिक्री प्रक्रिया शुरू, डियाजियो ने भेजे दस्तावेज़; वैल्यूएशन 18,000 करोड़ रुपये https://citytoday.co.in/4917 https://citytoday.co.in/4917 Wed, 04 Feb 2026 15:12:01 +0530 news desk MPcg एयर&टू&एयर में मार करने वाली मिसाइल विकसित करने में डीआरडीओ को बड़ी सफलता https://citytoday.co.in/4914 https://citytoday.co.in/4914 Tue, 03 Feb 2026 20:25:16 +0530 news desk MPcg धामी सरकार का नया रिकॉर्ड: राज्य गठन के बाद पहली बार सालाना आंकड़ा 6 करोड़ के पार https://citytoday.co.in/4913 https://citytoday.co.in/4913 Tue, 03 Feb 2026 19:11:37 +0530 news desk MPcg बस्ती में लव जेहाद का कथित नेटवर्क, 300 लड़कियों के निजी वीडियो विदेशों तक पहुँचे https://citytoday.co.in/4907 https://citytoday.co.in/4907 Tue, 03 Feb 2026 18:04:44 +0530 news desk MPcg लोकसभा में हंगामा: चेयर पर पेपर फेंकने वाले सांसद पूरे सत्र से निलंबित https://citytoday.co.in/4905 https://citytoday.co.in/4905 Tue, 03 Feb 2026 16:42:51 +0530 news desk MPcg India&US ट्रेड डील की बड़ी जीत! NDA में जश्न, संसद में PM मोदी का ऐतिहासिक स्वागत https://citytoday.co.in/4901 https://citytoday.co.in/4901 Tue, 03 Feb 2026 13:04:23 +0530 news desk MPcg लोकल से ग्लोबल की उड़ान: केंद्रीय बजट से भारत को नई रफ्तार देगा विकास — सीएम धामी https://citytoday.co.in/4897 https://citytoday.co.in/4897 Mon, 02 Feb 2026 19:39:42 +0530 news desk MPcg मां महामाया के आशीर्वाद से रतनपुर को कॉरिडोर के रूप में करेंगे विकसित : अरुण साव https://citytoday.co.in/4896 https://citytoday.co.in/4896 Mon, 02 Feb 2026 19:30:24 +0530 news desk MPcg S&400 अब पीछे छूटेगा, DRDO विकसित कर रहा नया एयर डिफेंस सिस्टम; JF&17 और J&10 जेट होंगे बेकार https://citytoday.co.in/4890 https://citytoday.co.in/4890 Sat, 31 Jan 2026 20:37:24 +0530 news desk MPcg 99% चीजों पर ‘0’ टैक्स, डेयरी और एग्रीकल्चर पर कोई छूट नहीं: पीयूष गोयल ने बताए IND&EU डील के फायदे https://citytoday.co.in/4889 https://citytoday.co.in/4889 Sat, 31 Jan 2026 20:34:54 +0530 news desk MPcg खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी व डेटा का होगा इस्तेमाल https://citytoday.co.in/4887 https://citytoday.co.in/4887 Sat, 31 Jan 2026 20:32:55 +0530 news desk MPcg सुनेत्रा पवार बनीं NCP विधायक दल की नेता, आज ही लेंगी डिप्टी CM की शपथ https://citytoday.co.in/4885 https://citytoday.co.in/4885 Sat, 31 Jan 2026 17:19:25 +0530 news desk MPcg वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता, उदंती&सीतानदी में कैमरे में कैद पेरेग्रीन फाल्कन https://citytoday.co.in/4884 https://citytoday.co.in/4884 Fri, 30 Jan 2026 20:17:55 +0530 news desk MPcg बापू एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सोच हैं..........जो कभी मिट नहीं सकती https://citytoday.co.in/4880 https://citytoday.co.in/4880 Fri, 30 Jan 2026 16:38:54 +0530 news desk MPcg US से डील कब होगी? टैरिफ पर नो&टेंशन, इकोनॉमिक सर्वे में सामने आईं बड़ी बातें https://citytoday.co.in/4879 https://citytoday.co.in/4879 Fri, 30 Jan 2026 14:57:53 +0530 news desk MPcg उड़नपरी’ पीटी ऊषा को बड़ा सदमा, पति वी. श्रीनिवासन का निधन https://citytoday.co.in/4878 https://citytoday.co.in/4878 Fri, 30 Jan 2026 13:39:01 +0530 news desk MPcg बजट सत्र 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वे 2025&26 https://citytoday.co.in/4872 https://citytoday.co.in/4872 Thu, 29 Jan 2026 18:55:42 +0530 news desk MPcg सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियम पर लगाई रोक, जातिगत विवाद बढ़ने की आशंका https://citytoday.co.in/4870 https://citytoday.co.in/4870 Thu, 29 Jan 2026 15:58:46 +0530 news desk MPcg अजित पवार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ, दोनों बेटों ने दी मुखाग्नि https://citytoday.co.in/4869 https://citytoday.co.in/4869 Thu, 29 Jan 2026 15:26:29 +0530 news desk MPcg कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, पहली बार चांदी ₹4 लाख के पार, सोना ₹2 लाख की दहलीज पर https://citytoday.co.in/4868 https://citytoday.co.in/4868 Thu, 29 Jan 2026 13:20:14 +0530 news desk MPcg भारत की इकोनॉमी का हाल आज सामने, इकोनॉमिक सर्वे में खुलेंगे बड़े संकेत — जानें लाइव कहां देखें https://citytoday.co.in/4867 https://citytoday.co.in/4867 Thu, 29 Jan 2026 13:16:53 +0530 news desk MPcg वायरल वीडियो में विमान हादसे का दावा, डिप्टी सीएम अजित पवार से जोड़ा जा रहा फुटेज https://citytoday.co.in/4860 https://citytoday.co.in/4860 अजित पवार के हादसे का CCTV फुटेज वायरल, आग का गोला और धुआं दिखामहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो दिल दहला देने वाला है। फुटेज में साफ दिखता है कि Learjet 45 जमीन से टकराते ही आग का गोला बन गया और आसमान में काला धुआं फैल गया। हादसा बुधवार सुबह 8:46 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ, जहां विमान लैंडिंग की दूसरी कोशिश में रनवे से फिसल गया।इस भयानक दुर्घटना में 66 वर्षीय अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई – उनके सुरक्षाकर्मी, पर्सनल असिस्टेंट, दो पायलट और एक क्रू मेंबर। विमान मुंबई से 8:10 बजे उड़ा था और पंचायत चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहा था। फुटेज में क्रैश के तुरंत बाद भीषण विस्फोट और आग लगती दिख रही है, जिससे कोई बचाव संभव नहीं रहा।AAIB ने जांच शुरू कर दी है। महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित है, स्कूल बंद हैं। शरद पवार, सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार बारामती पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने शोक जताया। यह हादसा महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा झटका है। ]]> Wed, 28 Jan 2026 15:10:43 +0530 news desk MPcg महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन https://citytoday.co.in/4859 https://citytoday.co.in/4859 Wed, 28 Jan 2026 13:01:08 +0530 news desk MPcg सोना&चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, कीमतें आसमान पर, जानिए ताज़ा भाव https://citytoday.co.in/4856 https://citytoday.co.in/4856 Tue, 27 Jan 2026 18:42:34 +0530 news desk MPcg शेख हसीना का बड़ा बयान : देशवासियों से कठपुतली सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान https://citytoday.co.in/4849 https://citytoday.co.in/4849 Sat, 24 Jan 2026 17:36:04 +0530 news desk MPcg हिमाचल प्रदेश | मंडी जिले में लैंड स्लाइड, बाल बाल बचे बस में सवार 30 यात्री। ड्राइवर ने खतरा भांपकर पहले ही ब्रेक लगाए। https://citytoday.co.in/4847 https://citytoday.co.in/4847 Sat, 24 Jan 2026 16:22:18 +0530 news desk MPcg UN में भारत का खुला समर्थन! ईरान के साथ खड़ा हुआ भारत, नाटो&पश्चिमी देश हैरान https://citytoday.co.in/4846 https://citytoday.co.in/4846 Sat, 24 Jan 2026 14:27:26 +0530 news desk MPcg ISRO का ड्रीम प्रोजेक्ट शुरू! स्पेस में बनेगा भारत का अपना ठिकाना, 140 करोड़ को गर्व https://citytoday.co.in/4843 https://citytoday.co.in/4843 Sat, 24 Jan 2026 13:10:29 +0530 news desk MPcg न ब्रह्मोस, न राफेल, फिर भी चीन&पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने, भारत का ₹26,000 करोड़ का गेमचेंजर प्लान https://citytoday.co.in/4839 https://citytoday.co.in/4839 Fri, 23 Jan 2026 17:50:29 +0530 news desk MPcg आज फिर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात: पीएम मोदी ने 3 नई ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, जानें रूट&टाइमिंग https://citytoday.co.in/4837 https://citytoday.co.in/4837 Fri, 23 Jan 2026 17:14:26 +0530 news desk MPcg गोवा में खौफनाक डबल मर्डर: रूसी फायर परफॉर्मर गिरफ्तार, दो महिलाओं की बेरहमी से हत्या https://citytoday.co.in/4828 https://citytoday.co.in/4828 Tue, 20 Jan 2026 20:23:51 +0530 news desk MPcg गोवा में खौफनाक डबल मर्डर: रूसी फायर परफॉर्मर गिरफ्तार, दो महिलाओं की बेरहमी से हत्या https://citytoday.co.in/4827 https://citytoday.co.in/4827 Tue, 20 Jan 2026 20:23:51 +0530 news desk MPcg राफेल के साथ भारत खरीदेगा 5वीं पीढ़ी का नया फाइटर जेट? फैसला इस माह https://citytoday.co.in/4820 https://citytoday.co.in/4820 Tue, 20 Jan 2026 12:49:00 +0530 news desk MPcg भारत की दाल पर टैरिफ से अमेरिका बौखलाया, ट्रंप को लिखा गया कड़ा पत्र https://citytoday.co.in/4818 https://citytoday.co.in/4818 Mon, 19 Jan 2026 20:54:37 +0530 news desk MPcg राशन से रोजगार तक: सीएम योगी ने गिनाईं आत्मनिर्भरता की योजनाएं https://citytoday.co.in/4817 https://citytoday.co.in/4817 Mon, 19 Jan 2026 19:19:37 +0530 news desk MPcg दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखी खास दोस्ती, पीएम मोदी ने खुद किया यूएई राष्ट्रपति का स्वागत https://citytoday.co.in/4816 https://citytoday.co.in/4816 Mon, 19 Jan 2026 18:57:59 +0530 news desk MPcg चांदी के भाव में अचानक उछाल — पहली बार ₹3,00,000 से पार, जानें नए गोल्ड रेट https://citytoday.co.in/4815 https://citytoday.co.in/4815 Mon, 19 Jan 2026 13:10:11 +0530 news desk MPcg सुबह&सुबह दिल्ली&NCR में भूकंप, जोरदार झटकों से सहमे लोग https://citytoday.co.in/4814 https://citytoday.co.in/4814 Mon, 19 Jan 2026 13:06:14 +0530 news desk MPcg भाजपा सरकार बनते ही घुसपैठ और घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी https://citytoday.co.in/4813 https://citytoday.co.in/4813 Sat, 17 Jan 2026 20:32:29 +0530 news desk MPcg भाजपा सरकार बनते ही घुसपैठ और घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी https://citytoday.co.in/4812 https://citytoday.co.in/4812 Sat, 17 Jan 2026 20:32:29 +0530 news desk MPcg भारत से ब्रह्मोस की डील, पाकिस्तान से JF&17 : इंडोनेशिया का पैंतरा क्या है? मुस्लिम देशों में बढ़ी डिमांड https://citytoday.co.in/4809 https://citytoday.co.in/4809 Sat, 17 Jan 2026 20:01:54 +0530 news desk MPcg माघ मेला 2026 में सतुआ बाबा की लग्जरी एंट्री, 3 करोड़ डिफेंडर और 5 करोड़ पोर्शे के बाद अब मर्सिडीज https://citytoday.co.in/4807 https://citytoday.co.in/4807 Sat, 17 Jan 2026 16:26:46 +0530 news desk MPcg 33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी शिवलिंग | वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मोतिहारी में स्थापित हो रहा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग | Bihar News https://citytoday.co.in/4805 https://citytoday.co.in/4805 Sat, 17 Jan 2026 14:36:42 +0530 news desk MPcg घटिया बीज बेचने वालों पर सख्ती, 30 लाख तक जुर्माना और कड़ी सजा का प्रस्ताव: शिवराज सिंह https://citytoday.co.in/4801 https://citytoday.co.in/4801 Fri, 16 Jan 2026 20:48:48 +0530 news desk MPcg मोदी सरकार का AI चैलेंज: वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परखने की योजना https://citytoday.co.in/4796 https://citytoday.co.in/4796 Fri, 16 Jan 2026 13:01:37 +0530 news desk MPcg प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुलाकात, गाडरवारा पावर प्रोजेक्ट के भूमि&पूजन का दिया न्योता https://citytoday.co.in/4794 https://citytoday.co.in/4794 Fri, 16 Jan 2026 12:55:12 +0530 news desk MPcg अंडर&19 वर्ल्ड कप का बिगुल आज, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी करोड़ों निगाहें https://citytoday.co.in/4790 https://citytoday.co.in/4790 Thu, 15 Jan 2026 13:00:18 +0530 news desk MPcg तीसरे स्टेज में गड़बड़ी, ISRO का PSLV&C62/EOS&N1 मिशन विफल https://citytoday.co.in/4784 https://citytoday.co.in/4784 Mon, 12 Jan 2026 20:44:51 +0530 news desk MPcg तीसरे स्टेज में गड़बड़ी, ISRO का PSLV&C62/EOS&N1 मिशन विफल https://citytoday.co.in/4783 https://citytoday.co.in/4783 Mon, 12 Jan 2026 20:44:50 +0530 news desk MPcg तीसरे स्टेज में गड़बड़ी, ISRO का PSLV&C62/EOS&N1 मिशन विफल https://citytoday.co.in/4782 https://citytoday.co.in/4782 Mon, 12 Jan 2026 20:44:50 +0530 news desk MPcg अब RailOne App से अनारक्षित टिकट पर 3% छूट, 14 जनवरी से लागू होगी नई व्यवस्था https://citytoday.co.in/4778 https://citytoday.co.in/4778 Sat, 10 Jan 2026 18:52:33 +0530 news desk MPcg राउरकेला में इंडिया वन एयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश, पायलट को आई गंभीर चोट https://citytoday.co.in/4773 https://citytoday.co.in/4773 Sat, 10 Jan 2026 15:32:37 +0530 news desk MPcg मुंबई BMC चुनाव से पहले सियासी तापमान हाई, फडणवीस का बड़ा ऐलान—‘अगला मेयर मराठी हिंदू ही होगा https://citytoday.co.in/4768 https://citytoday.co.in/4768 Thu, 08 Jan 2026 19:08:58 +0530 news desk MPcg एंटीलिया: एक घर नहीं, अरबों की दुनिया—जहाँ 600 कर्मचारी 24×7 रहते हैं तैनात | Mukesh Ambani https://citytoday.co.in/4761 https://citytoday.co.in/4761 Wed, 07 Jan 2026 14:25:05 +0530 news desk MPcg वेनेजुएला के बाद ट्रंप का आक्रामक रुख, दो देशों को युद्ध की धमकी और भारत पर ट्रेड–टैरिफ का दबाव https://citytoday.co.in/4754 https://citytoday.co.in/4754 Mon, 05 Jan 2026 14:33:03 +0530 news desk MPcg 80 विमान और अरबों डॉलर का दांव! लॉकहीड मार्टिन का भारत को बड़ा ऑफर – ‘देश में बनाएंगे, दुनिया पर राज करेंगे’ https://citytoday.co.in/4733 https://citytoday.co.in/4733 नई दिल्ली

भारत करीब 80 सैन्य परिवहन विमानों की खरीद की तैयारी में है. इस बीच अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने अपने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान को मजबूत दावेदार बताते हुए पेश किया है. कंपनी का कहना है कि यह विमान भारत को क्वाड देशों के बीच सामरिक एयरलिफ्ट में और मजबूत बनाएगा.

कंपनी भारत में प्रोडक्शन हब लगाएगी
लॉकहीड मार्टिन के  अधिकारियों ने कहा है कि अगर भारत C-130J का चयन करता है. तो कंपनी भारत में इस विमान के निर्माण के लिए एक बड़ा प्रोडक्शन हब लगाएगी. यह अमेरिका के बाहर दुनिया का पहला ऐसा फाइनल असेंबली सेंटर होगा. अब तक C-130J परिवार के 560 से ज्यादा विमान बन चुके हैं. जो 23 देशों की 28 वायु सेनाओं में सेवा दे रहे हैं. 30 लाख से ज्यादा फ्लाइट ऑवर्स पूरे कर चुके हैं.

IAF के पास पहले से 12 C-130J विमान
भारतीय वायुसेना (IAF) के पास पहले से 12 C-130J विमान हैं. यह विमान सिर्फ ट्रांसपोर्ट ही नहीं, बल्कि स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, खुफिया मिशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सर्च एंड रेस्क्यू और कमांड रोल जैसे कई कामों में इस्तेमाल हो सकता है. भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी C-130J का संचालन कर रहे हैं. लॉकहीड मार्टिन की उपाध्यक्ष कहा कि C-130J ने हर मुश्किल माहौल में अपनी क्षमता साबित की है. यह भारत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है. कंपनी का दावा है कि यह विमान 20 से ज्यादा अलग-अलग मिशन प्रोफाइल में इस्तेमाल हो सकता है. इसके नाम 54 वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं.

IAF ने 2022 में पुराने AN-32 और IL-76 विमानों को बदलने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी. करीब 80 विमानों की यह डील कई अरब डॉलर की है. आने वाले हफ्तों में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से इसे मंजूरी मिलने की संभावना है. इस रेस में ब्राजील की एम्ब्राएर का KC-390 और एयरबस का A-400M भी शामिल हैं.

C-130J में लगातार नए फीचर्स जोड़े जा रहे
लॉकहीड मार्टिन इस प्रोजेक्ट के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ साझेदारी में बोली लगा रही है. कंपनी ने कहा कि C-130J में लगातार नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं. इनमें F-35 फाइटर जेट में इस्तेमाल होने वाला डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (DAS) भी शामिल है. यह सिस्टम छह इन्फ्रारेड कैमरों के जरिए पायलट को बेहतर सिचुएशनल अवेयरनेस और मिसाइल चेतावनी देता है. लॉकहीड मार्टिन के अधिकारियों का कहना है कि MTA प्रोग्राम भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देगा. भारत के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को भी मजबूत करेगा. कंपनी का दावा है कि उसके पास तेज डिलीवरी की क्षमता है. वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से पहले विमान सप्लाई कर सकती है.

भारत में C-130J के टेल सेक्शन पहले से बनाए जा रहे
कंपनी ने यह भी बताया कि हैदराबाद स्थित टाटा लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड में C-130J के टेल सेक्शन पहले से बनाए जा रहे हैं. हाल ही में यहां 250वां C-130J टेल तैयार किया गया है. आगे चलकर भारत में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भी स्थापित की जाएगी. इससे भारत इस विमान का क्षेत्रीय हब बन सकता है. अगर भारत C-130J को चुनता है. उसे न सिर्फ एक भरोसेमंद और बहुउपयोगी ट्रांसपोर्ट विमान मिलेगा. बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा निर्यात के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे.

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Wed, 31 Dec 2025 15:14:08 +0530 news desk MPcg
नया नियम: 1 जनवरी 2026 से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! LPG से लेकर UPI और PAN तक होंगे ये 7 बड़े बदलाव https://citytoday.co.in/4732 https://citytoday.co.in/4732 नई दिल्ली

यह नया साल केवल कैलेंडर बदलने वाला नहीं, बल्कि आपकी जेब, बिल, निवेश, ट्रैवल और रोजमर्रा की डिजिटल लाइफ पर कई बड़े बदलाव सीधे असर डालने वाले हैं. 1 जनवरी 2026 से देशभर में कई रूल्स अप्लाई हो रहे हैं,गैस बिल से लेकर UPI, PAN, LPG और ट्रेड पॉलिसी तक सब कुछ बदल रहा है.तो आइए जानते हैं आने वाले महीने की पहली तारीख से कौन से नियम बदलने वाले हैं.

गैस टैरिफ अब पूरे देश में एक समान 

    पहली बार देश में "One Nation – One Tariff" लागू होगा.
    PNGRB ने यूनिफाइड गैस टैरिफ मंजूर किया,
    0–300 किमी: ₹54/MMBTU,
    300 किमी से ऊपर: ₹102.86/MMBTU
    अब टैरिफ दाम पूरे भारत में एक जैसे होंगे,
    CNG के दाम ₹2–₹3 तक घटेंगे,
    THINK Gas ने CNG में ₹2.50/kg कटौती की होगी,
    PNG में ₹2–₹5/SCM तक कमी,किचन खर्च होगा कम.

LPG सिलेंडर और ATF के दाम भी घट सकते हैं

    कच्चे तेल के भाव नीचे आए तो 1 जनवरी को LPG कीमतों में कटौती संभव है.
    घरेलू और कमर्शियल,दोनों सिलेंडर सस्ते हो सकते हैं,
    ATF (एविएशन फ्यूल) के दाम भी कम होने के संकेत हैं.
    OCL–BPCL–HPCL हर महीने रेट रिव्यू करते हैं.
    नए साल की शुरुआत ,गैस बिल कम होने की उम्मीद.

भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौता 

    1 जनवरी 2026 से बड़ा बदलाव लागू की उम्मीद है.
    भारत का 100% निर्यात ऑस्ट्रेलिया में अब ड्यूटी-फ्री.
    हले सिर्फ 96–98% उत्पाद शामिल थे.
    अब इंजीनियरिंग, मशीनरी, स्टील,सब कवर है.
     MSME व एक्सपोर्ट सेक्टर को सीधा फायदा.
    पीयूष गोयल: निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है.

IndiGo पायलटों का वेतन बढ़ा

    लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद नीति में बदलाव.
    डोमेस्टिक लेओवर: कैप्टन ₹3,000, फर्स्ट ऑफिसर ₹1,500.
    डेडहेड अलाउंस: कैप्टन ₹4,000, फर्स्ट ऑफिसर ₹2,000.
    नाइट अलाउंस: कैप्टन ₹2,000 प्रति घंटा (12 AM–6 AM).
    नया "टेल-स्वैप" अलाउंस लागू.
    मकसद-संचालन स्मूद, यात्रियों को बेहतर शेड्यूल मिले.

UPI और डिजिटल पेमेंट 

    1 जनवरी से सुरक्षा नियम सख्त हो जाएंगे.
    UPI ऐप्स पर अतिरिक्त KYC जरूरी.
     मोबाइल–डिवाइस लिंकिंग जरूरी है.
    संदिग्ध / फर्जी अकाउंट ब्लॉक होंगे.
     Google Pay, PhonePe, Paytm, WhatsApp Pay सभी पर लागू.
    फ्रॉड रोकना मुख्य उद्देश्य है,
    डिजिटल पेमेंट अब और सुरक्षित बनेंगे.

स्मॉल सेविंग्स स्कीम

    स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें 31 दिसंबर को RBI रिव्यू करेगा.
    G-Sec यील्ड कम होने से जनवरी–मार्च 2026 में दरें घट सकती हैं.
    PPF, SSY, SCSS, FD निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत.

PAN-Aadhaar लिंकिंग 

    PAN-Aadhaar लिंकिंग की लास्ट 31 दिसंबर 2025 है.
    टाइम पर लिंक न किया तो 1 जनवरी 2026 से PAN इनऑपरेटिव हो जाएगा.
    *ITR फाइल और वेरिफाई नहीं हो पाएगा.
    रिफंड अटक सकता है, TDS/TCS 20% तक कटेगा.
    बैंक, डीमैट, म्यूचुअल फंड–प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन में दिक्कतें आएंगी.

नतीजे भी समझें

    ITR फाइल और वेरिफाई नहीं कर पाएंगे.
    टैक्स रिफंड रुकेगा.
    TDS/TCS 20% तक लगेगा.
    बैंक अकाउंट-डीमैट-म्युचुअल फंड-प्रॉपर्टी खरीद में दिक्कत.

नया साल, नए नियम

    2026 के ये बदलाव घर, जेब, बिज़नेस, ट्रैवल और डिजिटल मनी,सब पर असर डालेंगे.
    अगर आप चाहते हैं कि नया साल पैसों की बचत और सही प्लानिंग के साथ शुरू हो .
    PAN-Aadhaar लिंक करें, UPI अकाउंट अपडेट करें और गैस-LPG दरों को ध्यान से चेक करें.

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Wed, 31 Dec 2025 14:56:15 +0530 news desk MPcg
पहले बिना इजाजत बनाई रिंग रोड, फिर उग्रवादियों के नाम पर नामकरण—अब NGT ने लगाई रोक https://citytoday.co.in/4723 https://citytoday.co.in/4723

इंफाल

मणिपुर में बिना राज्य सरकार की अनुमति के बनाई जा रही एक ‘रिंग रोड’ का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया है. यह सड़क राज्य के छह जिलों से होकर गुजरती बताई जा रही है और रिपोर्ट्स के अनुसार इसके कुछ हिस्सों को स्थानीय स्तर पर जर्मन रोड और टाइगर रोड कहा जा रहा है, जिनका नाम कुकी उग्रवादियों के उपनामों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सड़क निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी है.

 रिंग रोड के निर्माण कार्य पर रोक: NGT

रिपोर्ट के मुताबिक, 23 दिसंबर को एनजीटी ने मणिपुर सरकार को आदेश दिया कि इस रिंग रोड पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य आगे न बढ़ाया जाए. साथ ही एनजीटी ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि ये सड़क जिन 6 जिलों से होकर गुजरती है वहां जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश के सख्त अनुपालन के लिए निर्देश जारी करें. बताया गया है कि यह सड़क स्थानीय वन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती है और यह इंफाल में एशियाई विकास बैंक की सहायता से बन रही अधिकृत रिंग रोड से अलग है जिसे राज्य सरकार की मंजूरी प्राप्त है. एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि विवादित सड़क को किसी भी तरह से आधिकारिक परियोजना से नहीं जोड़ा जा सकता.

बता दें, ये पूरा मामला तब उजागर हुआ जब मणिपुर के मैतेई समुदाय के नागरिक संगठन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (COCOMI) ने कोलकाता स्थित एनजीटी कार्यालय में याचिका दायर की. याचिका में आरोप लगाया गया कि जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में बिना किसी पर्यावरणीय और भू-वैज्ञानिक प्रभाव आकलन के सड़क निर्माण किया जा रहा है जो कानून का गंभीर उल्लंघन है.

याचिकाकर्ताओं ने एनजीटी से मांग की कि इस अवैध निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. एनजीटी ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को गंभीर जनहित से जुड़ा मानते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है.

एनजीटी के अनुसार, याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि चुराचांदपुर, कांगपोकपी, नोनी और उखरूल सहित कई जिलों के वन और पहाड़ी इलाकों से गुजरने वाली इस सड़क का निर्माण कुकी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा था. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है. स्थानीय गांव के एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मणिपुर में यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. उनका कहना था कि बिना किसी सरकारी अनुमति के सड़कें बनाई जा रही हैं और उन्हें उग्रवादियों के नाम से जोड़ा जा रहा है, जिससे आम लोगों में गुस्सा और असंतोष बढ़ रहा है.

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि इस सड़क का निर्माण मणिपुर संकट के दौरान शुरू हुआ था और इसकी जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए सामने आई थी. सोशल मीडिया पर  उद्घाटन की तस्वीरें, एक विधायक की मौजूदगी और टाइगर रोड नाम से बने गेट की तस्वीरें भी सामने आई थीं. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस सड़क का इस्तेमाल गुप्त आवाजाही के लिए किया जा सकता है. इसके जरिए अवैध ड्रग्स, तस्करी, छोटे हथियार, गोला-बारूद और अवैध प्रवासियों की आवाजाही की आशंका जताई गई है. एनजीटी ने इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. फिलहाल, एनजीटी के आदेश के बाद सड़क निर्माण पर रोक लगा दी गई है और राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. 

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Mon, 29 Dec 2025 18:34:50 +0530 news desk MPcg
मौसम का प्रहार: यूपी में ठंड के साथ बारिश के आसार, 7 राज्यों में दोहरी मार https://citytoday.co.in/4722 https://citytoday.co.in/4722 नई दिल्ली

 भारत के अधिकांश राज्यों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। इसी बीच अब IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी दिल्ली सोमवार को भी कोहरे की चादर में छिपी रही।

IMD ने सोमवार को बताया है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक बारिश के आसार हैं। वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 29 दिसंबर को बारिश और 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी या बारिश की संभावनाएं हैं।

नए साल के जश्न में ‘रंग में भंग’ पड़ सकता है. मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. दरअसल, दिल्ली और आसपास के राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इससे दिल्ली को भारी प्रदूषण से राहत मिलेगी. अब सवाल उठता है कि अचानक बारिश का पूर्वानुमान क्यों जारी किया गया है? दरअसल, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से बारिश का यह अलर्ट जारी हुआ है.

मौसम विभाग जयपुर ने बताया कि राजस्थान में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इसका प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी तक रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, इसके असर से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश हो सकती है. बीकानेर और शेखावाटी संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या ‘मावठ’ का असर दिखने भी लगा है. बता दें कि यह बेमौसम बरसात रबी की फसलों के लिए वरदान मानी जाती है और यह किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से होगी बारिश

IMD ने बताया है कि पश्चिमी हिमालयी इलाके में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है. इस सिस्टम की वजह से, 31 दिसंबर की शाम को दिल्ली NCR में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है. ये बादल 1 जनवरी तक बने रहने की उम्मीद है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे बाहर नए साल के जश्न पर असर पड़ सकता है.

ये राज्य झेलेंगे ठंड और कोहरे की दोहरी मार

31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सुबह और रात में घना कोहरा छा सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक ऐसा मौसम बना रह सकता है। 30 दिसंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और 1 जनवरी तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में घना कोहरा छाया रहेगा।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 29 दिसंबर को शीत दिवस के आसार हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक शीत दिवस की संभावनाएं हैं। IMD ने बताया है कि 30 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शीत लहर का सामना कर सकते हैं।

दिल्ली को प्रदूषण से मिलेगी राहत?

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है. पिछले हफ्ते में दो दिनों के लिए दिल्ली में वायु प्रदूषण से राहत मिली थी. पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है. कोहरे और शीत लहर के साथ प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश प्रदूषित कणों को धोकर हटा सकती है, जिससे अस्थायी तौर पर एयर क्वालिटी में सुधार हो सकता है. हालांकि, यह सुधार लंबे समय तक नहीं रह सकता है.
साल के अंत में बारिश

इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिलेगा. जहां साल के अंत में बारिश की संभावना है, वहीं, जनवरी के पहले हफ्ते में इन इलाकों में मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. घना कोहरा छाने के आसार हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.

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Mon, 29 Dec 2025 18:15:28 +0530 news desk MPcg
नए साल से पहले दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, एक ही रात में 285 अपराधी गिरफ्तार https://citytoday.co.in/4716 https://citytoday.co.in/4716 नई दिल्ली 
दिल्ली पुलिस ने नए साल के जश्न से पहले शुक्रवार को रातभर राजधानी में बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में संगठित अपराध को रोकने के लिए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही हथियार, ड्रग्स और बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया गया है। साउथ ईस्ट दिल्ली पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पूरी रात कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। डीसीपी साउथ ईस्ट हेमंत तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। निवारक कार्रवाई के तहत 504 लोगों को पकड़ा गया। 116 बैड कैरेक्टर (BCs) को पकड़ा गया है। 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या-क्या हुआ बरामद
21 सीएमपी, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू जब्त किए गए। 12,258 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। 6.01 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। जुआ खेलने वालों से 2,30,990 रुपये जब्त किए गए। 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए। 231 दोपहिया वाहन और 1 चार पहिया वाहन जब्त/बरामद किए गए। निवारक उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया।

दक्षिण पूर्व दिल्ली में रातभर चली छापेमारी
पुलिस टीमों ने ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ से संगठित गिरोहों से जुड़े संदिग्धों को निशाना बनाकर साउथ ईस्ट दिल्ली के संवेदनशील इलाकों और क्राइम हॉटस्पॉट वाली जगहों पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान संगठित अपराध, सड़क पर अपराध करने वालों और बार-बार कानून तोड़ने वालों को निशाना बनाकर 285 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कई कानूनों के तहत सैकड़ों लोग गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आर्म्स एक्ट, एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के अलग-अलग प्रावधानों के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा नए साल की पार्टियों के दौरान संभावित अपराधों को रोकने के लिए एहतियाती कार्रवाई के तहत 504 लोगों को हिरासत में लिया गया। आदतन अपराधियों के खिलाफ खास कार्रवाई के तहत, 116 लिस्टेड बदमाशों को पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने छापेमारी के दौरान 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को भी गिरफ्तार किया।

हथियार, कारतूस और चाकू बरामद
इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ, जिसमें 21 देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू शामिल हैं। पुलिस टीमों ने ड्रग्स और अवैध शराब की खेप भी जब्त की गई। चोरी किए गए सामान भी बड़े पैमाने पर बरामद कि गए। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिन्हें छीना या लूटा गया था या फिर जिनके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

गाड़ियां जब्त, संदिग्ध पकड़े गए
पुलिस ने वाहन चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए पूरे जिले में तलाशी और रोड चेकिंग के दौरान 231 दोपहिया वाहन और एक चार पहिया वाहन जब्त या बरामद किए। पुलिस ने कुल मिलाकर रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, चेकिंग, वेरिफिकेशन और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर टारगेटेड रेड कीं, जिसके तहत एहतियाती उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया।

संगठित अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा पर ध्यान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘ऑपरेशन आघात’ को त्योहारों के मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक निवारक हमले के रूप में डिजाइन किया गया था, जब अपराध दर में पारंपरिक रूप से वृद्धि देखी जाती है। रातभर चले इस ऑपरेशन में पुलिस की कई टीमें एक साथ काम कर रही थीं, जिन्हें लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से इनपुट मिल रहे थे। पुलिस ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद राजधानी में सक्रिय आपराधिक तत्वों को एक कड़ा संदेश देना था। यह ऑपरेशन इस सीजन में राजधानी में नए साल से पहले की सबसे बड़ी कोऑर्डिनेटेड कार्रवाई में से एक है।

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Sat, 27 Dec 2025 17:20:07 +0530 news desk MPcg
वोटर लिस्ट से नाम गायब? बंगाल में SIR पर सुनवाई शुरू, 32 लाख लोगों को मिला दावा&आपत्ति का मौका https://citytoday.co.in/4715 https://citytoday.co.in/4715 कोलकाता 
पश्चिम बंगाल में भी एसआईआर की प्रक्रिया जारी है और शनिवार से लोगों की शिकायतों और दावों पर सुनवाई होने जा रही है। इसके लिए राज्य में 3234 केंद्र स्थापित किए गए हैं। 2022 की वोटर लिस्ट से जिन लोगों का लिंक नहीं मिला है, उन 32 लाख लोगों को पहले चरण में बुलाया गया है। वोटर 12 में से कोई भी एक डॉक्युमेंट जमा करके अपना नाम लिस्ट में जुड़वा सकते हैं। इसमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र भी शामिल है। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि केवल आधार से लिस्ट में नाम नहीं जुड़ेगा। उसके साथ कोई सपोर्टिंग डॉक्युमेंट भी देना होगा।
 
अधिकारियों ने कहा है कि बिहार में बनाई गई लिस्ट को भी वैध दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जाएगा। हालांकि किसी तरह के फर्जी दस्तावेज देने पर सजा भी हो सकती है। राज्य में निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि सुनवाई की सारी तैयारियों हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 4500 माइक्रो ऑब्जर्वर्स की देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी। वहीं सेंटर पर सुनवाई के लिए केवल ईआरओ, बीएलओ और एआरओ को ही अनुमति दी गई है। सुनवाई केंद्रों पर जरूरी प्रक्रिया हो जाने के बाद कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना मुख्य उद्देश्य है।

चुनाव आयोग ने हर ईआरओ के लिए 150 मामलों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य तय कर दिया है। सुनवाई की शुरुआत उन अनमैप्ड वोटर्स की सुनवाई की जाएगी जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं है। पश्चिम बंगाल में 2002 में भी एसआईआर किया गया था।एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान कई तरह के संदिग्ध मामले सामने आए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक जो लोग 15 साल की उम्र से पहले ही पिता बन गए हैं. 40 साल की उम्र में दादा बन गए हैं, या फिर माता और पिता के नाम एक ही हैं, उनकी पहचान की गई है। 16 दिसंबर को वोटर लिस्ट पब्लिश की गई थी। वही फाइनल लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का भी ऐलान कर सकता है।

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Sat, 27 Dec 2025 17:17:03 +0530 news desk MPcg
चिकन नेक हो सकता है 150KM चौड़ा, रंगपुर डिविजन बनने से खत्म होगी टेंशन, 23 लाख हिंदुओं का गढ़ https://citytoday.co.in/4703 https://citytoday.co.in/4703 नई दिल्ली /ढाका 

 बांग्लादेश से शेख हसीना की सरकार को हटाए जाने के बाद से वहां की सत्ता कट्टरपंथी ताकतों के हाथ में है. खुद मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस इन कट्टरपंथी ताकतों के हाथों खिलौना बन गए हैं. ऐसे में इस वक्त वहां भारत विरोधी भावनाएं काफी मुखर हैं. कट्टरपंथी हर बात पर भारत को धमकी दे रहे हैं. हालांकि भारत के सामने बांग्लादेश और वहां की कट्टरपंथी ताकतों की औकात बहुत मामूली है. भौगोलिक रूप से पूरी तरह से भारत की गोद में बैठा इस मुल्क के मौजूदा हुक्मरान इस बात को भूल गए हैं कि उनको भारत ने ही पैदा किया है. वे अब उलटे भारत को ही धमकी दे रहे हैं. वे पूर्वोत्तर इलाके को भारत से अलग करने बात करते हैं. वे भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर जिसे चिकन नेक कहा जाता है, को काटने की धमकी देते हैं.

लेकिन, उनको नहीं पता है कि भारत के शह मात्र से उनका एक बड़ा इलाका आजाद हो सकता है. वह इलाका है रंगपुर डिविजन. इसी डिविजन के बराबर चिकन नेक है और बांग्लादेश के इस डिविजन का करीब-करीब 90 फीसदी बॉर्डर भारत के पश्चिम बंगाल राज्य से जुड़ता है.

अब सोशल मीडिया पर इसको लेकर खूब चर्चा चल रही है. तमाम लोग कह रहे हैं कि अब बहुत हो गया. भारत को राष्ट्र हित को महत्व देते हुए बांग्लादेश से इस डिविजन को आजाद कराने की कोशिश शुरू कर देनी चाहिए. इस डिविजन के आजाद होने भर से भारत का सिलिगुड़ी कॉरिडोर करीब 120 से 150 किमी चौड़ा हो जाएगा. इससे भारत की एक बहुत बड़ी समस्या दूर हो जाएगी.

क्या ऐसा करना संभव है?

देखिए, सैद्धांतिक तौर पर ऐसा करना किसी भी देश के लिए संभव नहीं है. भारत एक जिम्मेदार मुल्क है. वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करता है. लेकिन, कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि खुद को बचाने के लिए पड़ोसी मुल्क में परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप करना मजबूरी हो जाती है. ऐसी स्थिति में कोई भी मुल्क हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठा रह सकता है. क्योंकि अंततः बांग्लादेश हमारी गोद में बैठा मुल्क है और उसकी किसी भी हरकत से सीधे तौर पर भारत पर असर पड़ना तय है.

    रूस-यूक्रेन जंग है उदाहरण

    इस बात को समझने के लिए हम मौजूदा रूस-यूक्रेन जंग को उदाहरण बना सकते हैं. ऐतिहासिक रूप से यूक्रेन सोवियत रूस का हिस्सा था. विभाजन के बाद वह अलग मुल्क बना. फिर वह तेजी से पश्चिम के प्रभाव में आने लगा. दूसरी और रूस को यह बात पसंद नहीं थी. फिर भी वह शांत रहा. लेकिन, यूक्रेन ने एक संप्रभु मुल्क होने के नाते रूस विरोधी ताकतों के साथ हाथ मिलाते रहा. वह रूस विरोधी सबसे बड़े सैन्य गठबंधन नाटो का हिस्सा बनने के लिए झटपटाने लगा. इस कारण रूस का धैर्य जवाब दे दिया. रूस किसी भी कीमत पर अपनी सीमा पर नाटो की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं कर सकता था. इसी कारण उसने यूक्रेन पर हमला किया. रूस के पास सैन्य ताकत है और वह ऐसा करने का दम रखता है. आज स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका और तमाम पश्चिमी देश रूस को संघर्ष विराम कराने के लिए जो प्रस्ताव दे रहे हैं उसमें यूक्रेन को नाटो से अलग रखने और रूस द्वारा यूक्रेन के कब्जाए गए हिस्से को मान्यता देने की बात कह रहे हैं. यानी रूस की जो चिंता थी उसे अब पश्चिमी देश भी मानने लगे हैं.

इस तरह यह बात तो स्पष्ट है कि अगर किसी देश की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है तो वह मजबूरन इस तर्क को आधार बनाकर सैन्य कार्रवाई कर सकता है. बांग्लादेश के मौजूदा हुक्मरान ऐसी परिस्थिति बनाने में लगे हैं. वे भारत विरोधी ताकतों को लगातार शह दे रहे हैं. ऐसे में भारत सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है. लेकिन, यह सैन्य हस्तक्षेप भी रूस-यूक्रेन जंग की तरह काफी व्यापक और बड़ा आर्थिक नुकसान वाला हो सकता है.

अब आते हैं रंगपुर डिविजन पर

वैसे तो 1971 में बांग्लादेश के निर्माण के वक्त भारत के पास सुनहरा मौका था कि वह अपने सिलिगुड़ी कॉरिडोर को चौड़ा करने के लिए बांग्लादेश के इस डिविजन को भारत में मिला ले या फिर उसको एक आजाद मुल्क बनवा दे. उस वक्त भारत के लिए ऐसा करना बहुत आसान था क्योंकि भारत ने इस मुल्क की आजादी के लिए जंग लड़ी थी. पूरी दुनिया से टकराव मोल लिया था. खुद दुनिया का अंकल सैम अमेरिका भारत के खिलाफ था लेकिन दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शानदार नेतृत्व का परिचय दिया और बांग्लादेश का निर्माण करवाया.

करीब 23 लाख हिंदू

रंगपुर डिविजन पूरी तरह पश्चिम बंगाल की गोद बैठा इलाका है. यह एक बड़ा डिविजन है और इसका क्षेत्रफल 16,185 वर्ग किमी है. यहां की कुल आबादी करीब 1.9 करोड़ है. यह एक बहुत ही गहन आबादी वाला इलाका है. यहां प्रति किमी 1200 लोग रहते हैं. इस इलाके में करीब 23 लाख हिंदू रहते हैं, जो कुल आबादी में करीब 13 फीसदी हैं. मुस्लिम समुदाय की आबादी करीब 86 फीसदी है. बांग्लादेश में डिविजन की बात करें तो प्रतिशत में यह रंगपुर डिविजन दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला इलाका है. इस देश के सिलहट डिविजन में सबसे अधिक 13.51 फीसदी हिंदू हैं. संख्या के आधार पर देखें तो राजधानी ढाका डिविजन में सबसे अधिक करीब 28 लाख हिंदू रहते हैं. हालांकि ढाका डिविजन की कुल आबादी 4.42 करोड़ है और प्रतिशत में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब 6.26 फीसदी है.

कैसे अलग हो सकता है रंगपुर

देखिए, सीधे तर सैन्य कार्रवाई कर इस डिविजन को बांग्लादेश से अलग करना बहुत मुश्किल कार्य है. इसके लिए वहां के लोगों को आगे आना पड़ेगा. सबसे पहले तो बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को इस इलाके में बसना पड़ेगा. उनको यहां की डेमोग्राफी में बदलाव करना पड़ेगा. जब वह एकजुट और किसी खास इलाके में मजबूत होंगे तो आंतरिक रूप से भी उनके लिए खतरा कम हो जाएगा. फिर अगर उनको कोई बाहरी जरूरत पड़ेगी तो भारत के लिए परोक्ष तौर पर सहायता देना आसान होगा. इसके अलावा उनके खिलाफ अत्याचार या जुर्म होता है, या उनका उत्पीड़न किया जाता है या उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है तो वे इस आधार पर अपने लिए अलग भू-भाग की मांग कर सकते हैं. ऐसे में उनकी इस मांग को भारत समर्थन कर सकता है. इस तरह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगा और इस पर चर्चा होगी. फिर भारत जरूरत पड़ने पर सैन्य हस्तक्षेप कर रंगपुर को आजाद करवा सकता है. क्योंकि रंगपुर की भौगोलिक स्थिति उसे आजाद कराने के लिए पूरी तरह मुफीद है. ऐसे में पहला कदम तो बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को ही उठाना पड़ेगा.

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Fri, 26 Dec 2025 15:00:18 +0530 news desk MPcg
आज से रेल यात्रा महंगी, स्लीपर से AC तक बढ़े किराए; जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर https://citytoday.co.in/4702 https://citytoday.co.in/4702 नई दिल्ली

 भारतीय रेल ने हाल में रेल किराया बढ़ाने की घोषणा की थी, जो आज (26 दिसंबर) से प्रभावी हो गया। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि पहले से की गई बुकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, 26 दिसंबर या उसके बाद की गई नई बुकिंग पर नए किराए लागू होंगे। रेलवे के अनुसार, उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के किरायों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अन्य श्रेणियों की ट्रेनों और सेवाओं पर यह संशोधन लागू होगा।

आपको बता दें कि यह एक साल में दूसरी बार है जब मंत्रालय ने यात्री रेल किरायों में संशोधन किया है। इससे पहले जुलाई में किराया में वृद्धि की गयी थी।

रेल मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए साधारण श्रेणी के टिकट की कीमत में एक पैसा प्रति किलोमीटर तथा मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की गैर वातानुकूलित और सभी ट्रेनों की वातानुकूलित श्रेणियों के टिकट की कीमत में दो पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की अधिसूचना जारी की।अगर आप से आप टिकट बुक कर रहे हैं तो महंगा किराया चुकाना होगा. यह बढ़ोत्‍तरी एक और दो पैसे प्रति किमी. की गयी है. हालांकि इससे कम दूरी तक जनरल क्‍लास से और लोकल ट्रेनों में सफर वालों को राहत दी गयी है, यानी उनके किराए में कोई बढ़ोत्‍तरी नहीं हुई है. आइए जानते हैं कि इस बढ़ोत्‍तरी पर आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा. हालांकि साल में यह दूसरी बार बढ़ोत्‍तरी हुई है. इससे पहले जुलाई में भी बढ़ोत्‍तरी हुई थी.

रेल मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक सूचना और प्रसार दिलीप कुमार बताते हैं कि आज से ट्रेनों का किराया महंगा हो गया है. इस बढ़ोत्‍तरी से 215 किमी. से कम की जनरल क्‍लास और सबअर्बन ट्रेनों में कोई असर नहीं पड़ेगा. यात्रियों को ट्रेनों और स्‍टेशनों में और बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह बढ़ोत्‍तरी की गयी है. साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर अतिरिक्त देना है. वहीं, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में यह बढ़ोतरी 2 पैसे प्रति किलोमीटर है.

इससे पहले कब बढ़ा किराया

भारतीय रेलवे द्वारा 21 दिसंबर को जारी आदेश के अनुसार 26 दिसंबर से ट्रेन के किराए में बढ़ोतरी का फैसला किया था. किराया बढ़ोत्‍तरी वित्‍तीय साल 2025-26 में दूसरी बार किया गया है. इससे पहले जुलाई में किराया बढ़ाया गया था. इसमें नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस में आधा पैसा (0.5 पैसे) प्रति किमी और एसी क्लासेस में 2 पैसे प्रति किमी की बढ़ोतरी की गई थी. 500 किमी तक नॉन-एसी जनरल में कोई बदलाव नहीं था. इससे रेलवे को करीब 700 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान था.

    कम दूरी पर कोई असर नहीं
    अगर आप जनरल क्लास में सफर करते हैं, तो रेलवे ने यहां एक ‘किलोमीटर वाला फॉर्मूला’ लगाया है.
    अगर आपकी यात्रा 215 किलोमीटर के दायरे में है, तो पुराना किराया ही लगेगा. यानी छोटे शहरों के बीच आने-जाने वालों पर कोई बोझ नहीं है.
    216 से 750 किमी के सफर के लिए सिर्फ 5 रुपये बढ़ेंगे. वहीं, 751 से 1250 किमी के लिए 10 रुपये, 1251 से 1750 किमी के लिए 15 रुपये और इससे अधिक दूरी के लिए अधिकतम 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
    स्लीपर और फर्स्ट क्लास (साधारण): यहां प्रति किलोमीटर के हिसाब से मात्र 1 पैसे का इजाफा किया गया है.

    आज से पहले बुक टिकट पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा.
    215 किमी तक जनरल/सेकंड क्लास और लोकल ट्रेनों में कोई बढ़ोतरी नहीं.यानी रोजाना ऑफिस/स्कूल जाने वाले यात्रियों को कोई फर्क नहीं.
    इस साल दूसरी बार बढ़ोतरी. पहली बार 1 जुलाई 2025 में हुई बदलाव किया गया था.
    इससे आने वाले राज्‍सव से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी.
    रिजर्वेशन फीस, सुपरफास्ट सरचार्ज, में कोई वृद्धि नहीं. पुराने नियम ही लागू.

वे को कितने राजस्‍व का फायदा

इस बढ़ोत्‍तरी के साथ एक साल में रेलवे को 1300 करोड़ के अतिरिक्‍त राजस्‍व होने की संभावना है. पहले बढ़ोत्‍तरी के आदेश से 700 और इस बार के आदेश से 600 करोड़ रुपये सालाना आया की बढ़ोत्‍तरी होगी. इस तरह पूरे साल में 1300 रुपये अतिरिक्‍त आय रेलवे को होने का अनुमान है.

दिल्‍ली से मुंबई पर कितना पड़ेगा असार

दिल्ली से मुंबई के बीच ट्रेन दूरी करीब 1384 किमी. है. अगर जनरल क्लास (अनरिजर्व) की बात करें तो पहले किराया करीब 350 के आसपास होता था, एक पैसे प्रति किमी. के हिसाब से करीब 14 रुपए पहले की तुलना में अधिक चुकान होंगे. यानी 364 के आसपास जनरल क्‍लास वालों को किराया चुकाना होगा.

नॉन-एसी यानी  (स्लीपर क्लास) का पुराना किराया 585 रुपये के आसपास है, दो फसे प्रति किमी. बढ़ोत्‍तरी के हिसाब से करीब 32 रुपये ज्‍यादा चुकाने होंगे. वहीं, थर्ड एसी का पुराना किराया करीब 1600 रुपये था, जो बढ़कर 1643 रुपये के आसपास हो गया.

दिल्‍ली से पटना के किराए में कितना फर्क पड़ेगा

दिल्‍ली से पटना की दूरी करीब 998 किलोमीटर है. जनरल क्लास (अनरिवर्ज) का मौजूदा किराया पुराना किराया 250 के आसपास है, बढ़ोत्‍तरी होने के बाद किराए में 10 रुपये की बढ़ोत्‍तरी होगी, कुल किराया 260 रुपये के आसपास . वहीं नॉन-एसी में किराए में 24 रुपये तक की बढ़ोत्‍तरी . इसी रूट पर थर्ड एसी का पुराना किराया करीब 1370 रुपये है. स्‍लीपर जितना इस क्‍लास में बढ़ाने के बाद किराया 1395 रुपए के आसपास .

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Fri, 26 Dec 2025 14:57:41 +0530 news desk MPcg
ओडिशा में बड़ा एनकाउंटर: ₹1.1 करोड़ का इनामी नक्सली गणेश उइके समेत छह ढेर, गृह मंत्री ने बताया बड़ी कामयाबी https://citytoday.co.in/4701 https://citytoday.co.in/4701

भुवनेश्वर

ओडिशा के कंधमाल जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके समेत छह नक्सली मारे गए। राज्य में नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि, यह मुठभेड़ चकापाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में हुई।

नक्सली पर था 1.1 करोड़ इनाम
मारा गया गणेश उइके (69 वर्ष) सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में इस प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख था, जिस पर प्रशासन ने 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। मूल रूप से तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला उइके, पक्का हनुमंतु और राजेश तिवारी जैसे कई नामों से भी जाना जाता था।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि
पुलिस ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन में गणेश उइके के अलावा पांच अन्य नक्सली भी मारे गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल अन्य नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। सुरक्षा बलों के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि उइके लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों मे शामिल था। फिलहाल इलाके में अभी भी तलाश अभियान जारी है।

गृह मंत्री ने क्या कहा?
सुरक्षा बलों की सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया 'नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। ओडिशा के कंढमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस बड़ी सफलता के साथ, ओडिशा नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त होने के कगार पर है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।'

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Fri, 26 Dec 2025 14:56:36 +0530 news desk MPcg
Zomato, Swiggy और Zepto की डिलीवरी ठप! 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल, 10 मिनट डिलीवरी विवाद की वजह https://citytoday.co.in/4700 https://citytoday.co.in/4700 नईदिल्ली 

Amazon, Zomato, Zepto, Blinkit, Swiggy और Flipkart जैसे बड़े फूड डिलीवरी और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े डिलीवरी वर्कर्स ने  31 दिसंबर 2025 को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला कंपनियों पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है क्योंकि यूनियनों के मुताबिक गिग इकोनॉमी में काम करने की परिस्थितियां लगातार खराब होती जा रही हैं।

इस हड़ताल का ऐलान तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (Telangana Gig and Platform Workers Union) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (Indian Federation of App-Based Transport Workers) ने किया है। इसमें मेट्रो शहरों और प्रमुख टियर-2 शहरों के डिलीवरी वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है।

स्विगी-जोमैटो की हड़ताल

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ एप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने एक बयान में कहा कि "खासकर व्यस्त समय में और त्योहारों के दौरान डिलीवरी वर्करों को लंबे समय तक काम करना होता है।

देशभर में हड़ताल- क्या चाहते हैं गिग वर्कर्स?

गिग वर्कर्स की यूनियनों का मानना है कि प्लेटफॉर्म कंपनियों का एल्गोरिदम पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण है जो काम के टारगेट और भुगतान तय करता है। उनका कहना है कि रिस्क कर्मचारियों पर डाले जा रहे हैं जबकि डिलीवरी की समय-सीमा लगातार सख्त होती जा रही है और इंसेंटिव के नियम बार-बार बदले जा रहे हैं।

यूनियनों ने अपने बयान में कहा है कि डिलीवरी वर्कर्स- जो खासकर त्योहारों और व्यस्त समय में लोगों तक खाना और पार्सल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनमें घटती आमदनी, लंबे और अनिश्चित काम के घंटे, असुरक्षित डिलीवरी डेडलाइन, बिना चेतावनी के वर्क आईडी ब्लॉक होना और किसी भी तरह की बुनियादी सामाजिक सुरक्षा या वेलफेयर सपोर्ट का अभाव शामिल है।

यूनियनों ने ऐप्स में शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने की मांग भी की है। खासकर रूट से जुड़ी समस्याओं और पेमेंट फेल होने जैसे मामलों के लिए। ये वर्कर्स जॉब सिक्योरिटी से जुड़े उपाय चाहते हैं- जैसे तय रेस्ट ब्रेक, हेल्थ इंश्योरेंस, दुर्घटना की स्थिति में कवर और पेंशन लाभ। इसके अलावा फे पेयर सिस्टम उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्कर्स 10 मिनट में अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी मॉडल को खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं।

सरकार से क्या मांग कर रही हैं यूनियनें?

वर्कर्स यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकारों से उनकी मांग पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। वे प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए सख्त नियम, लेबल लॉ का सही तरीके से पालन, गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और यूनियन बनाने व सामूहिक रूप से बातचीत करने के अधिकार की आधिकारिक मान्यता की मांग कर रहे हैं।

यूनियन नेता शेख सल्लाउद्दीन ने कहा कि असुरक्षित कार्य प्रणालियों, घटती कमाई और किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा के अभाव के कारण डिलीवरी वर्कर्स को उनकी सीमाओं से परे धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल न्याय, गरिमा और जिम्मेदारी की मांग के लिए है और सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। जबकि कंपनियां वर्कर्स की जान की कीमत पर मुनाफा कमा रही हैं।

अब तक सरकार ने गिग वर्कर्स की क्या मदद की है?

यह हड़ताल ऐसे समय में हो रही है, जब सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता देने के लिए नए श्रम सुधार लागू किए हैं। 21 नवंबर 2025 से लागू हुए संशोधित सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1–2% एक सोशल सिक्योरिटी फंड में जमा करना होगा। हालांकि, यह योगदान गिग वर्कर्स को किए गए कुल भुगतान के अधिकतम 5% तक सीमित रहेगा।

इस फंड का उद्देश्य हेल्थ इंश्योरेंस, दुर्घटना बीमा और मातृत्व लाभ जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सपोर्ट देना है। नए नियमों में आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर को भी अनिवार्य किया गया है ताकि वर्कर्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर काम करते समय अपने लाभों को साथ ले जा सकें। इसके साथ ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्क की कानूनी परिभाषा का भी विस्तार किया गया है।

हालांकि कई कंपनियों ने इन बदलावों का स्वागत किया है और कहा है कि इससे स्पष्टता आएगी और वर्कर्स को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। लेकिन यूनियनों का कहना है कि यह सिर्फ पहला कदम है। उनके मुताबिक न्यूनतम वेतन, वर्कर्स की सुरक्षा और एल्गोरिदम आधारित नियंत्रण जैसी गहरी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

 

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Fri, 26 Dec 2025 14:55:14 +0530 news desk MPcg
सोशल मीडिया पर सख्ती: अब इंस्टाग्राम पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे जवान, सेना की नई नीति लागू https://citytoday.co.in/4694 https://citytoday.co.in/4694 नई दिल्ली 
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर अपनी नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब सेना के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम का उपयोग केवल देखने और निगरानी के उद्देश्य से कर सकेंगे। वे किसी भी प्रकार की पोस्ट नहीं कर पाएंगे और न ही किसी पोस्ट को लाइक या उस पर टिप्पणी कर सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल गतिविधियों को लेकर सेना के लिए पहले से लागू सभी अन्य नियम यथावत रहेंगे। सूत्रों ने बताया कि ये निर्देश सेना की सभी यूनिटों और विभागों को जारी कर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सैनिकों को सोशल मीडिया पर मौजूद सामग्री को देखने, उससे अवगत रहने और सूचनाएं जुटाने की सीमित अनुमति देना है, ताकि वे फर्जी या भ्रामक कंटेंट को पहचान सकें।

नई व्यवस्था के तहत, सैनिक यदि सोशल मीडिया पर किसी फर्जी, भ्रामक या संदिग्ध पोस्ट को देखते हैं तो वे उसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे सकेंगे। इससे सूचना युद्ध और दुष्प्रचार के खिलाफ सेना की आंतरिक सतर्कता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। भारतीय सेना समय-समय पर फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी करती रही है। सुरक्षा कारणों से पहले इन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।

हनी ट्रैप और सूचना लीक के चलते सख्ती
इन सख्त नियमों की पृष्ठभूमि में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनमें विदेशी एजेंसियों द्वारा बिछाए गए ‘हनी ट्रैप’ में फंसकर कुछ सैनिकों से अनजाने में संवेदनशील जानकारियां लीक हो गई थीं। इसी को देखते हुए सोशल मीडिया पर नियंत्रण को आवश्यक माना गया।

हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चाणक्य डिफेंस डायलॉग के दौरान सेना कर्मियों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर अपने विचार साझा किए थे। कार्यक्रम के दौरान उनसे पूछा गया कि जेनरेशन-Z के युवा सेना में आना चाहते हैं, लेकिन सेना और सोशल मीडिया के बीच एक विरोधाभास दिखाई देता है। इस पर जनरल द्विवेदी ने कहा, “यह वास्तव में एक चुनौती है। जब युवा कैडेट NDA आते हैं, तो सबसे पहले अपने कमरों में छिपे फोन ढूंढते हैं। उन्हें यह समझाने में तीन से छह महीने लगते हैं कि फोन के बिना भी जीवन है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज के दौर में स्मार्टफोन एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

उन्होंने कहा, “मैं सैनिकों को स्मार्टफोन से कभी मना नहीं करता। हम अक्सर फील्ड में रहते हैं। बच्चे की स्कूल फीस भरनी हो, माता-पिता की तबीयत जाननी हो या पत्नी से बात करनी हो, ये सब फोन के जरिए ही संभव है।” सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि ‘रिएक्ट करना’ और ‘रिस्पॉन्ड करना’ दो अलग बातें हैं। उन्होंने बताया, “रिएक्ट करना मतलब तुरंत जवाब देना, जबकि रिस्पॉन्ड करना मतलब सोच-समझकर जवाब देना। हम नहीं चाहते कि हमारे सैनिक जल्दबाजी में किसी बहस में उलझें। इसलिए उन्हें एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर सिर्फ देखने की अनुमति दी गई है, जवाब देने की नहीं।”

पहले भी लग चुके हैं कड़े प्रतिबंध
2017 में तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने संसद को बताया था कि ये दिशा-निर्देश सूचनाओं की सुरक्षा और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाए गए हैं। 2019 तक सेना के जवान किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकते थे। 2020 में नियम और सख्त किए गए और सैनिकों को फेसबुक व इंस्टाग्राम समेत 89 मोबाइल ऐप्स हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इसके बावजूद सेना ने कुछ प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, यूट्यूब, एक्स, लिंक्डइन, क्वोरा, टेलीग्राम और व्हाट्सऐ के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी, वह भी कड़े निगरानी तंत्र के तहत।

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Thu, 25 Dec 2025 18:49:45 +0530 news desk MPcg
जयंती विशेष: मीनार&ए&पाकिस्तान से शांति का संदेश, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने पाक आवाम से दिल से बात की https://citytoday.co.in/4692 https://citytoday.co.in/4692 नई दिल्ली 
आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती है। हमारा देश आज अपने पूर्व प्रधानमंत्री को ही नहीं बल्कि एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी कवि को भी याद कर रहा है। उनका पूरा जीवन जमीन से उठकर भारत की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठने तक ही सीमित नहीं है। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने दक्षिण एशिया में शांति के लिए एक नया प्रयास करने की कोशिश की थी। उनकी जन्म जयंती पर चलिए जानते हैं एक ऐसे ही किस्से को…

आजादी के बाद से ही पाकिस्तान की सेना और उनके राजनेताओं के मन में एक बड़ा डर यह था कि भारत उन्हें अपने में समाहित कर लेना चाहता है। भारत की कथित दक्षिण पंथी पार्टी भाजपा को लेकर उनका यह डर और भी ज्यादा था। ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी जब थोड़ी मजबूती के साथ सत्ता में आए तो उन्होंने पाकिस्तान के इस डर को खत्म करने की कोशिश की।

इसी कोशिश के तरह वह 1999 में अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान मीनार-ए-पाकिस्तान गए। यह वही जगह थी, जिसे पाकिस्तान की नींव माना जाता है। यहां पर खड़े होकर अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और पाकिस्तान दोनों की जनता का एक साझा संदेश दिया। उन्होंने कहा था, "हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं" अटल का यह बयान केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं था, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच में परस्पर भरोसे की अपील थी। उस समय पर उन्होंने साफ कर दिया कि भारत, पाकिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करता है, लेकिन आतंक और हिंसा के रास्ते को स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोनों देशों को साथ में आगे बढ़ने के लिए शांति और संवाद का रास्ता अपनाना होगा।

मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाकर जनता को संबोधित करना अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक राजनीतिक चुनौती थी। क्योंकि एक दक्षिण पंथी छवि वाले प्रधानमंत्री का उस दौर में वहां जाना आसान नहीं था। देश के भीतर भी अटल की इस यात्रा को लेकर सवाल उठे लेकिन वह अपने विश्वास पर कायम रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान से समझौता करने के कई प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बस यात्रा को खत्म कर वापस आए अटल को कुछ महीनों बाद ही जानकारी मिली कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया है। इसके बाद दोनों देशों के संबंध लगातार खराब होते रहे। पाकिस्तान की सत्ता चाहें कितना भी चाह ले कि भारत के साथ संबंध मजबूत हों, शांति पूर्ण हों, लेकिन पाकिस्तानी सेना को यह रास नहीं आता है।

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Thu, 25 Dec 2025 16:49:15 +0530 news desk MPcg
PM मोदी ने क्रिसमस की दी हार्दिक शुभकामनाएं, शांति और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने का दिया संदेश https://citytoday.co.in/4691 https://citytoday.co.in/4691 नई दिल्ली
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोगों को क्रिसमस की हार्दिक बधाई दी. इस मौके पर शांति, दया और उम्मीद की कामना की. X पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा, "सभी को शांति, दया और उम्मीद से भरे क्रिसमस की शुभकामनाएं. ईसा मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में मेलजोल को मजबूत करें."

PM के संदेश में ईसा मसीह की शिक्षाओं से जुड़े प्यार, सेवा और भाईचारे के हमेशा रहने वाले मूल्यों और सामाजिक मेलजोल और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने में उनकी अहमियत पर जोर दिया गया.

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहाकि देश भर के शहरों को रोशनी, घंटियों और फूलों की मालाओं से सजाया गया है, क्योंकि लोग क्रिसमस की खुशी में डूबे हुए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना में हिस्सा लिया.

PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "दिल्ली में द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की सर्विस में शामिल हुआ. सर्विस में प्यार, शांति और दया का हमेशा रहने वाला संदेश दिखा. क्रिसमस की भावना हमारे समाज में मेलजोल और सद्भावना जगाए."

प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने भी X पर एक पोस्ट शेयर करके अपनी शुभकामनाएं दीं. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "क्रिसमस के इस पावन मौके पर, मैं सभी देशवासियों, खासकर ईसाई समुदाय के भाइयों और बहनों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं. क्रिसमस, खुशी और उत्साह का त्योहार है, जो प्यार और दया का संदेश देता है. यह हमें प्रभु यीशु मसीह द्वारा मानवता की भलाई के लिए किए गए बलिदान की याद दिलाता है. यह पवित्र मौका हमें समाज में शांति, सद्भाव, बराबरी और सेवा के मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है. आइए हम यीशु मसीह के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लें और एक ऐसा समाज बनाने की दिशा में काम करें जो दया और आपसी सद्भाव को बढ़ावा दे."

मार्केट के स्टोरफ्रंट को सांता क्लॉज की स्लेज, घंटियों, झालरों, सजावटी मालाओं, चमकते सितारों और क्रिसमस ट्री से सजाया गया है. देश त्योहार की भावना और खुशी से भरा हुआ है, क्योंकि हर कोई आने वाली छुट्टियों की तैयारी कर रहा है.

क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को पड़ता है, और इसे खुशी, आनंद और दया के साथ मनाया जाता है. यह ईसा मसीह के जन्म की निशानी है और शांति, प्यार और मेलजोल का संदेश देता है. इस मौके पर, परिवार खाना खाने, तोहफों का लेनदेन करने, क्रिसमस कैरल गाने और ठंड के मौसम में गर्मी फैलाने के लिए इकट्ठा होते हैं. चर्च में खास प्रार्थना होती है, जिससे विश्वास और उम्मीद का माहौल बनता है. यह त्योहार दुनिया भर में बहुत जोश के साथ मनाया जाता है और ईसाइयों के लिए इसका खास महत्व है.

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Thu, 25 Dec 2025 16:42:50 +0530 news desk MPcg
नए साल पर माता वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम https://citytoday.co.in/4686 https://citytoday.co.in/4686 कटड़ा 
नए साल के अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, ठहराव और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। वहीं, भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

एसडीएम कटड़ा पीयूष दोत्रा ने बताया कि नए साल के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होता है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 

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Wed, 24 Dec 2025 19:03:48 +0530 news desk MPcg
ISRO के LVM3&M6 मिशन की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की। https://citytoday.co.in/4679 https://citytoday.co.in/4679 श्रीहरिकोटा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बुधवार सुबह 8.55 बजे अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 से अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. यह इस रॉकेट की छठी ऑपरेशनल उड़ान (LVM3-M6) है.

ये मिशन है न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते के तहत किया जा रहा है. इस मिशन से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में दुनिया का सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट तैनात होगा, जो सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करेगा.

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट की विशेषताएं

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 AST स्पेसमोबाइल की अगली पीढ़ी की संचार सैटेलाइट्स सीरीज का हिस्सा है. यह सैटेलाइट दुनिया भर में उन इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है जहां ग्राउंड नेटवर्क नहीं पहुंच पाता. मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं…

    वजन: लगभग 6100 से 6500 किलोग्राम (यह LVM3 द्वारा भारतीय मिट्टी से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड है).

    आकार: इसमें 223 वर्ग मीटर (लगभग 2,400 स्क्वायर फीट) का फेज्ड ऐरे एंटीना लगा है, जो इसे लो अर्थ ऑर्बिट में तैनात होने वाला सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट बनाता है.

    क्षमता: यह 4G और 5G नेटवर्क सपोर्ट करता है. सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड प्रदान करेगा.

    स्पीड: प्रति कवरेज सेल में 120 Mbps तक की पीक डेटा स्पीड, जो वॉइस कॉल, वीडियो कॉल, टेक्स्ट, स्ट्रीमिंग और डेटा सर्विसेज को सपोर्ट करेगी.

    उद्देश्य: यह सैटेलाइट AST स्पेसमोबाइल की ग्लोबल कांस्टेलेशन का हिस्सा है, जो दुनिया भर में 24/7 कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी. इससे दूरदराज के इलाकों, समुद्रों और पहाड़ों में भी मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा.
    पिछली सैटेलाइट्स: कंपनी ने सितंबर 2024 में ब्लूबर्ड 1-5 सैटेलाइट्स लॉन्च की थीं, जो अमेरिका और कुछ अन्य देशों में कंटीन्यूअस इंटरनेट कवरेज प्रदान कर रही हैं. ब्लॉक-2 इससे 10 गुना ज्यादा बैंडविड्थ कैपेसिटी वाली है.

यह सैटेलाइट लगभग 600 किलोमीटर की ऊंचाई वाली लो अर्थ ऑर्बिट में तैनात की जाएगी.
LVM3 रॉकेट की विशेषताएं

LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3), जिसे पहले GSLV Mk-III कहा जाता था, इसरो का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है. इसे इसरो ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है. मुख्य स्पेसिफिकेशंस…

    ऊंचाई: 43.5 मीटर
    लिफ्ट-ऑफ वजन: 640 टन
    स्टेज: तीन स्टेज वाला रॉकेट
    दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर्स (S200)
    लिक्विड कोर स्टेज (L110)
    क्रायोजेनिक अपर स्टेज (C25)

    पेलोड क्षमता: जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में: 4,200 किलोग्राम तक. लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में: 8,000 किलोग्राम तक.
    पिछले सफल मिशन: LVM3 ने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और दो वनवेब मिशनों (कुल 72 सैटेलाइट्स) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. इसका पिछला मिशन LVM3-M5/CMS-03 था, जो 2 नवंबर 2025 को सफल रहा.

यह रॉकेट भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक है और भविष्य में गगनयान मानव मिशन के लिए भी इस्तेमाल होगा. यह मिशन इसरो के कॉमर्शियल लॉन्चेस में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा. AST स्पेसमोबाइल दुनिया की पहली स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क बना रही है, जो स्टारलिंक जैसी सेवाओं से कॉम्पीट करेगी. भारत से लॉन्च होने से इसरो की ग्लोबल लॉन्च सर्विसेज में मजबूती आएगी.

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Wed, 24 Dec 2025 15:31:09 +0530 news desk MPcg
भारत ने तेजस एमके&1ए फाइटर जेट्स पर किया बड़ा ऑर्डर, चीन&पाकिस्तान के खिलाफ कितना कारगर होगा? https://citytoday.co.in/4678 https://citytoday.co.in/4678  नई दिल्ली 
दुनिया में अमेरिकी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट एफ-35 की तूती बोलती है. इस फाइटर जेट की क्षमता को आज की तारीख में कोई भी देश चुनौती नहीं दे सकता है. इसके बाद राफेल, सुखोई-57, चीनी जे-35, यूरो फाइटर जैसे फाइटर जेट्स आते हैं. ये सभी ए+ या ए श्रेणी के जेट्स हैं. लेकिन, इन फाइटर जेट्स को खरीदने से ज्यादा बड़ी टेंशन इनको उड़ाने में होती है. इन विमानों को उड़ाना हर किसी के बस की बात नहीं हैं. यानी ये सफेद हाथी हैं जिनको खरीदने से ज्यादा टेंशन पालने की होती है.

आज दुनिया बदल रही है. युद्ध के तरीके बदल रहे हैं. जमीनी की जगह हवाई जंग का महत्व बढ़ गया है. हर देश अब अपनी एयरफोर्स को मजबूत करने में जुटी है. ऐसे में भारत भी पूरी शिद्दत से अपनी एयरफोर्स को मजबूत करने में जुटा है. इस वक्त भारतीय एयरफोर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती फाइटर जेट्स की कमी को पूरा करना है. एयरफोर्स को फाइटर जेट्स के 42 स्क्वड्रन की जरूरत है, लेकिन उसके पास ऑपरेशनल केवल 30 स्क्वाड्रन हैं. एक स्क्वाड्रन में 18 विमान होते हैं. इसके अलावा आने वाले समय में कई स्क्वाड्रन रिटायर होने वाले हैं. ऐसे में यह अंतर और बढ़ने वाला है.

भारत ने देसी फाइटर जेट्स पर क्यों जताया भरोसा?

ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए भारत ने देसी फाइटर जेट्स तेजस पर भरोसा जताया है. सरकार ने अब तक तेजस एमके-1 फाइटर जेट के 180 यूनिट का आर्डर दे दिया है. इसके अलावा कुछ ट्रेनर विमान भी हैं. अब इन विमानों की सप्लाई भी शुरू होने वाली है. इस विमान को एचएएल ने बनाया है. अनुमान है कि चीजें पटरी पर आने के बाद एचएएल हर साल इसकी 24 यूनिट की आपूर्ति कर सकता है.

मार्केट में राफेल, एफ-35 जैसे विमान तो तेजस को तरजीह क्यों?

तेजस एमके-1 के ऑर्डर बुक देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है जब चीन और पाकिस्तान जैसे हमारे दुश्मन पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की ओर बढ़ रहे हैं तो हमने तेजस की इतनी तरजीह क्यों दी है. तेजस एमके-1 एक 4+ का लाइट वेट फाइटर जेट है. हमारे मन में यही सवाल है कि क्या बदलने समय के अनुसार इसकी सार्थकता है. हम आगे इसी सवाल पर जबाव खोजेंगे.

    तेजस क्यों है एयरफोर्स की पसंद?

    तेजस एमके-1 का ऑपरेशन कॉस्ट काफी कम है. एक शॉर्टी यानी 45 मिनट के एक उड़ान पर इसमें 1200-1400 किलो फ्यूल खर्च होता है. इस पर प्रति फ्लाइट ऑवर 4 से 8 हजार डॉलर का कुल खर्च आता है. दूसरी ओर राफेल पर 16 से 31 हजार डॉलर प्रति घंटे का खर्च आता है. वहीं एफ-35 की बात करें तो यह खर्च 35 से 42 हजार डॉलर प्रति घंटे तक पहुंच जाता है. इस तरह इस बात को समझना आसान हो जाता है कि ऑपरेशन लागत ही वह सबसे बड़ा कारण है जिससे एयरफोर्स ने तेजस एमके-1 को तरजीह दी है.

तेजस फाइटर वर्ल्ड का ऑल्टो क्यों

दुनिया के तमाम एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक एफ-35 फाइटर जेट पर उसके पूरे लाइफ साइकिल में 20 से 45 करोड़ डॉलर का खर्च आता है. यह खर्च हथियारों की लोडिंग, उसकी उड़ान के घंटे, मेंटेनेशन सहित कई अन्य चीजों पर निर्भर करता है. ऐसे में अगर इन सभी लागत का औसत लिया जाए तो समझ में आ जाता है कि भारत ने बेहद समझादी का परिचय दिया है. एक राफेल या एफ-35 पर होने वाले खर्च से करीब छह से आठ गुना कम खर्च तेजस एमके-1 पर होता है. अब आप समझ गए होंगे कि हमने इस तेजस को फाइटर जेट की दुनिया का ऑल्टो क्यों कह रहे हैं. कार की दुनिया में ऑल्टो केवल एक मॉडल का नाम नहीं है बल्कि यह किफायत का पर्याववाची भी है.

तो क्या तेजस एमके-1 से भारत की जरूरतें पूरी होगी?

यह बहुत अच्छा सवाल है. आमतौर पर सस्ती चीजों को लेकर हमारे मन में एक ही सवाल उठता है कि यह कितना टिकाऊ है. आपका चिंतित होना लाजिमी भी है. क्योंकि देश चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों से घिरा हुआ है. इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने से पहले हमें भारत और पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा को लेकर थोड़ी बात करनी होगी. दरअसल, पाकिस्तान 1947 से पहले भारत का हिस्सा था. वह कोई चांद से उतरा देश नहीं है. सरहद के उस पार की स्थिति-परिस्थिति के बारे में हमें बखुबी पता है. भारत की सीमा से 100-200 मील के दायरे में अधिकतर पाकिस्तान सिमट जाता है. उसका सबसे प्रमुख शहर लाहौर, रावलपिंडी, राजधानी इस्लामाबाद तो भारत की सीमा के बहुत करीब हैं. ऐसे में इनको बड़े आसानी से तेजस एमके-1 जैसे फाइटर जेट से कवर किया जा सकता है.

इस बात को आप इससे और अच्छी तरह समझ सकते हैं कि अगर आपको शहरी इलाके में 50-100 किमी की दूरी तय करनी है तो आपको बहुत महंगी बड़ी करोड़ों रुपये की गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए. बशर्ते आप गाड़ी जरूरत को ध्यान में रखकर खरीद रहे हैं न कि शौकिया तौर पर. इससे आपकी जेब पर पेट्रोल का खर्च कम पड़ता है और आप कार की भी सवारी करते हैं. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान और उसके साथ लगने वाली सीमाई इलाकों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ही तेजस-एमके-1 की खरीद की है. इस इलाके में तेजस भी करीब-करीब वही काम करेगा जो काम राफेल या फिर एफ-35 जैसे विमान करेंगे, लेकिन दोनों के ऑपरेशन कॉस्ट में जमीन आसमान का अंतर है. इससे भारत एक बड़ी धनराशि की बचत कर उसे अन्य चीजों पर खर्च कर सकता है.

अब बात करते हैं चीन सीमा की

चीन एक विशाल देश है. उसके साथ लगने वाली सीमा भी बेहद दुर्गम है. ऐसे में हमें इस बात की स्वीकार करने में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए कि तेजस एमके-1 उसके खिलाफ बहुत प्रभावी साबित नहीं होगी. इसी कारण भारत ने इसके लिए अलग रणनीति अपनाई है. वह देसी तेजसे-एमके-2 और एम्का प्रोग्राम पर काम कर रहा है. इसके साथ ही राफेल, सुखोई-30 जैसे फाइटर जेट्स हैं. ये मीडियम से हाई रेंज के एयरक्राफ्ट हैं. भारत इस कैटगरी में और फाइटर जेट्स खरीदने की योजना पर काम कर रहा है.

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Wed, 24 Dec 2025 12:33:28 +0530 news desk MPcg
FSSAI का खुलासा: अंडा खाने से नहीं होता कैंसर, देश के अंडे हैं पूरी तरह सुरक्षित https://citytoday.co.in/4677 https://citytoday.co.in/4677 नई दिल्ली

कुछ दिन से सोशल मीडिया पर अंडों को लेकर तमाम खबरें चल रही हैं. इनमें दावा किया जा रहा है कि कुछ ब्रांड के अंडों में नाइट्रोफ्यूरान नाम का बैन एंटीबायोटिक के ट्रेस होते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा रहता है. अब इस मामले में FSSAI ने बड़ा खुलासा किया है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं. 

एफएसएसएआई ने किया यह खुलासा

FSSAI ने बताया कि देश में बिकने वाले अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं. अंडे खाने से कैंसर का कोई खतरा नहीं है. ये दावे भ्रामक और वैज्ञानिक आधार से रहित हैं. FSSAI के मुताबिक, नाइट्रोफ्यूरान का इस्तेमाल पोल्ट्री और अंडा उत्पादन में पूरी तरह प्रतिबंधित है. अगर कहीं ट्रेस मिले भी तो वह अलग-थलग मामला है, सभी अंडों पर लागू नहीं होता है. वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, इतनी कम मात्रा से कैंसर या कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं होती है. 

अंडे क्यों हैं पौष्टिक और सुरक्षित?

अंडा प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का खजाना है. इनमें विटामिन A, B12, D, E, आयरन, जिंक और कोलीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो मांसपेशियां मजबूत बनाते हैं. आंखों की रोशनी अच्छी रखते हैं, हड्डियां मजबूत करते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं. रोजाना 1-2 अंडे खाना ज्यादातर लोगों के लिए फायदेमंद होता है. 

क्या कहते हैं डॉक्टर?

दिल्ली स्थित अपोलो हॉस्पिटल में सीनियर डायटीशियन डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि अंडा संपूर्ण प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है. यह मसल्स बनाने, ब्रेन हेल्थ और आंखों के लिए अच्छा है. FSSAI की रिपोर्ट से साफ है कि अफवाहें गलत हैं. रोजाना अंडा खाने से किसी भी तरह का कैंसर नहीं होता है. उन्होंने कहा कि अंडे में कोलीन होता है, जो ब्रेन और लिवर के लिए जरूरी है. यह महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. कैंसर की अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है.

कैसे खाने चाहिए अंडे?

    उबले या पोच्ड सबसे अच्छे.
    फ्राइड कम खाएं.
    सब्जियों के साथ मिलाकर.
    अच्छे ब्रांड या फार्म फ्रेश अंडे चुनें.

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Wed, 24 Dec 2025 12:30:13 +0530 news desk MPcg
केरल सांसद का दावा: ‘मनरेगा के बाद गांधी जी को हटाने पर हाई&लेवल मीटिंग हो चुकी है’ https://citytoday.co.in/4676 https://citytoday.co.in/4676 नई दिल्ली

बीते दिनों संसद के शीत सत्र में केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी बिल पास करवा लिया. इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है. यह बिल देश में रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह से नया बिल है. वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार ने मनरेगा स्कीम से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए यह कानून बनाया है. इसको लेकर जारी विवाद के बीच केरल से माकपा के सांसद जॉन ब्रिटास ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा के बाद अब नोट से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की योजना बना रही है. इसके लिए एक हाई लेवल मीटिंग भी हो चुकी है.

माकपा के राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने दावा किया है कि भले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस बात को खारिज करे लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महात्मा गांधी की तस्वीर को भारतीय मुद्रा नोटों से हटाने की योजना बना रही है. ब्रिटास ने सोमवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हाई-लेवल बैठक पहले ही हो चुकी है, जिससे सरकार की सोच में बदलाव का संकेत मिलता है.

हाई लेवल मीटिंग होने का दावा

ब्रिटास ने कहा कि आधिकारिक इनकारों के बावजूद इस मुद्दे पर पहली दौर की उच्च स्तरीय चर्चा हो चुकी है. यह अब मेरा अनुमान नहीं है. गांधी को हमारी मुद्रा से हटाना राष्ट्र के प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र गांधी की तस्वीर को भारत की संस्कृति को बेहतर प्रतिबिंबित करने वाले किसी अन्य प्रतीक से बदलने पर विचार कर रहा है, जिसमें भारत माता भी एक विकल्प है.

हालांकि सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि मुद्रा नोटों के डिजाइन पर निर्णय आरबीआई लेता है, जो केंद्र के साथ परामर्श में होता है. महात्मा गांधी की तस्वीर 1996 में सभी नोटों पर स्थायी रूप से आ गई थी, जब महात्मा गांधी सीरीज के नोट लॉन्च किए गए थे. 2022 में आरबीआई ने स्पष्ट रूप से खबरों को खारिज किया था, जिसमें दावा किया गया था कि गांधी की तस्वीर को रवींद्रनाथ टैगोर या एपीजे अब्दुल कलाम जैसे अन्य हस्तियों की तस्वीर से बदलने का प्रस्ताव है.
क्या है विवाद

यह मुद्दा फिर से सामने आया है, जब विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 पेश करने के बाद आपत्ति जताई. इस बिल में गांधी का नाम हटा दिया गया और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए. विपक्षी दलों ने सरकार पर राम के नाम का उपयोग कर योजना को राजनीतिक रंग देने और गांधी की विरासत मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि नया कानून मनरेगा के मुकाबले काफी है. मनरेगा दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम है.

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Wed, 24 Dec 2025 12:25:47 +0530 news desk MPcg
दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट फिर बना नंबर&1, जानिए भारत कितने नंबर पर https://citytoday.co.in/4675 https://citytoday.co.in/4675 नई दिल्ली

दुनिया भर की सीमाओं को पार करने की आजादी अब एशियाई देशों के हाथों में सिमटती दिख रही है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल मोबिलिटी (वैश्विक गतिशीलता) में एशिया का दबदबा कायम है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस देश का पासपोर्ट कितना दमदार है और भारतीय यात्रियों के लिए क्या बदला है।

नंबर 1 पर सिंगापुर: दुनिया का 'गोल्ड स्टैंडर्ड' पासपोर्ट

सिंगापुर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसका पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली है। सिंगापुर के नागरिक दुनिया के 193 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा के यात्रा कर सकते हैं। मजबूत राजनयिक संबंध, स्थिर शासन और व्यापारिक उदारीकरण ने सिंगापुर को इस पायदान पर बनाए रखा है।

एशिया का दबदबा: टॉप 3 में एशियाई देश
रैंकिंग में शीर्ष स्थानों पर एशियाई देशों का कब्जा यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र का प्रभाव बढ़ रहा है:

    दूसरे स्थान पर: दक्षिण कोरिया (190 देश)
    
    तीसरे स्थान पर: जापान (189 देश)

यूरोप की स्थिति: चौथे स्थान पर जर्मनी, इटली, स्पेन और स्विट्जरलैंड जैसे देश हैं, जो 188 देशों तक पहुंच प्रदान करते हैं। हालांकि ये अभी भी बेहद शक्तिशाली हैं, लेकिन वे एशियाई देशों की तुलना में थोड़ा पीछे छूट गए हैं।
 
भारत की स्थिति: रैंकिंग में आई गिरावट
भारतीय पासपोर्ट की ताकत में इस साल थोड़ी कमी देखी गई है। भारत 2025 की रैंकिंग में 85वें स्थान पर खिसक गया है। (2024 में भारत 80वें स्थान पर था)। फिलहाल भारतीय पासपोर्ट धारक 57 देशों में वीजा-मुक्त या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में वीजा नियमों के उदारीकरण की गति थोड़ी धीमी रही है जिससे रैंकिंग में 5 स्थानों की गिरावट आई है।

बिना वीजा के यहां घूम सकते हैं भारतीय

भले ही रैंकिंग में गिरावट आई हो लेकिन भारतीय यात्रियों के लिए अभी भी कई खूबसूरत और लोकप्रिय देश 'वीजा फ्री' या आसान एंट्री वाले हैं:

    पड़ोसी देश: भूटान, नेपाल, श्रीलंका।

    पर्यटन स्थल: थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस।

    मध्य पूर्व: कतर, ओमान।

    अन्य: कजाकिस्तान, फिजी, बारबाडोस।

पासपोर्ट रैंकिंग का महत्व

पासपोर्ट की ताकत केवल घूमने की आजादी नहीं है बल्कि यह किसी देश की आर्थिक स्थिति, अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट और राजनयिक प्रभाव का प्रतीक है। जिस देश का पासपोर्ट जितना मजबूत होता है उसके नागरिकों के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापार और शिक्षा के अवसर उतने ही बढ़ जाते हैं।

 

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Wed, 24 Dec 2025 12:16:27 +0530 news desk MPcg
अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा: 100 मीटर ऊंचाई का फॉर्मूला क्या है और क्यों उठे सवाल? https://citytoday.co.in/4665 https://citytoday.co.in/4665 नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में अरावली पहाड़ियों की एक समान परिभाषा को मंजूरी दे दी है. इसके अनुसार, आसपास की जमीन से 100 मीटर या उससे ज्यादा ऊंची कोई भी भू-आकृति ही अरावली पहाड़ी मानी जाएगी. ऐसी दो या ज्यादा पहाड़ियां अगर एक-दूसरे से 500 मीटर के दायरे में हैं, तो वे अरावली रेंज कहलाएंगी.

यह परिभाषा केंद्र सरकार की समिति की सिफारिश पर आधारित है, लेकिन इससे विवाद खड़ा हो गया है. पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे अरावली का 90% से ज्यादा हिस्सा संरक्षण से बाहर हो सकता है, जबकि सरकार इसे पुरानी व्यवस्था का विस्तार बता रही है.

मई 2024 में बनी थी कमेटी
सरकार ने ‘100 मीटर’ के मापदंड को लेकर चल रहे विवाद के बीच जारी स्पष्टीकरण में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखला की परिभाषा को सभी राज्यों में मानकीकृत किया गया है ताकि अस्पष्टता को दूर किया जा सके और दुरुपयोग को रोका जा सके। विशेष रूप से वे प्रथाएं जिनके कारण पहाड़ियों के आधार के बेहद करीब खनन जारी रखना संभव हुआ। पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में अवैध खनन से संबंधित काफी समय से लंबित मामलों की सुनवाई करते हुए मई 2024 में एक ‘समान परिभाषा’ की सिफारिश करने के लिए एक समिति का गठन किया था। पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में गठित इस समिति में राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ-साथ तकनीकी निकायों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। समिति ने पाया कि केवल राजस्थान में ही एक औपचारिक रूप से स्थापित परिभाषा है, जिसका वह 2006 से पालन कर रहा है।

क्या है 100 मीटर वाली परिभाषा
इस परिभाषा के अनुसार, स्थानीय भू-भाग से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृतियों को पहाड़ियां माना जाता है। ऐसी पहाड़ियों को घेरने वाली सबसे निचली सीमा रेखा के भीतर खनन निषिद्ध है, चाहे उस रेखा के भीतर की भू-आकृतियों की ऊंचाई या ढलान कुछ भी हो। सूत्रों ने बताया कि चारों राज्य इस लंबे समय से चली आ रही राजस्थान की परिभाषा को अपनाने पर सहमत हो गए हैं। साथ ही इसे वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को भी शामिल किया गया है। इन उपायों में एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ियों को एक ही पर्वत श्रृंखला मानना, किसी भी खनन निर्णय से पहले भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्रों पर पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं का अनिवार्य मानचित्रण और खनन निषिद्ध मुख्य और संरक्षित क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान करना शामिल है।

निष्कर्ष निकालना गलत
सरकार ने 100 मीटर से नीचे के क्षेत्रों में खनन की अनुमति दिए जाने के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि यह प्रतिबंध संपूर्ण पहाड़ी प्रणालियों और उनके भीतर स्थित भू-आकृतियों पर लागू होता है, न कि केवल पहाड़ी के शिखर या ढलान पर। सरकार की ओर से कहा गया कि यह निष्कर्ष निकालना ‘गलत है’ कि 100 मीटर से नीचे की सभी भू-आकृतियां खनन के लिए खुली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत गठित एक समिति की अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की परिभाषा संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था।

विवाद की जड़ें 2002 में

यह कहानी अप्रैल 2002 से शुरू होती है. सेंट्रल एम्पावर्ड कमिटी (सीईसी) को हरियाणा के कोट और आलमपुर में अरावली में अवैध खनन की शिकायत मिली. अक्टूबर 2002 में सीईसी ने खनन रोकने का आदेश दिया. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां कहा गया कि ऐसे खनन से अरावली का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. 30 अक्टूबर 2002 को कोर्ट ने हरियाणा और राजस्थान समेत पूरे अरावली क्षेत्र में सभी तरह के खनन पर रोक लगा दी.

राजस्थान में इससे बड़ा संकट खड़ा हो गया. मार्बल, ग्रेनाइट और अन्य खनन उद्योग से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार हो गए. तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने कोर्ट से अपील की कि चल रहे खनन को बंद न किया जाए, क्योंकि यह लोगों की आजीविका से जुड़ा है. दिसंबर 2002 में कोर्ट ने चल रहे खनन को फिर शुरू करने की अनुमति दे दी, लेकिन नई इकाइयों पर रोक लगा दी.

100 मीटर फॉर्मूला की शुरुआत

स्थायी हल के लिए गहलोत सरकार ने एक कमेटी बनाई. मई 2003 में कमिटी ने अमेरिकी भू-आकृति विशेषज्ञ रिचर्ड मर्फी के सिद्धांत को अपनाया, जिसमें समुद्र तल से 100 मीटर ऊंची पहाड़ी को ही पहाड़ माना जाता है. कमेटी ने मर्फी के अन्य सिद्धांतों (संरचनात्मक और क्षरण आधारित) को नजरअंदाज कर दिया.

अगस्त 2003 में गहलोत सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली जगहों पर खनन की संभावनाएं तलाशें. 2003 में वसुंधरा राजे सरकार आने के बाद इस फॉर्मूले को आगे बढ़ाया गया और खनन आवंटन शुरू हो गए.

इसे कोर्ट के 2002 आदेश की अवमानना मानते हुए बंधुआ मुक्ति मोर्चा ने याचिका दायर की. अप्रैल 2005 में कोर्ट ने नए आवंटनों को बंद करने का आदेश दिया.

राजस्थान में दुरुपयोग और कोर्ट की चिंता

बाद में गहलोत सरकार के समय फिर खनन शुरू हुए. कुछ जगहों पर ऊंचाई मापने में गड़बड़ी हुई – अल्टीमीटर से जमीन से चोटी की ऊंचाई नापकर 160 मीटर की पहाड़ी को 80-90 मीटर दिखाया गया. इससे अलवर, सिरोही और उदयपुर में बड़े पैमाने पर खनन हुआ.

2010 में फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI) और सीईसी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राजस्थान में अवैध खनन जोरों पर है. अलवर में 2269 पहाड़ियों में से 25% गायब हो चुकी थीं. कई पहाड़ियां पूरी तरह खत्म हो गईं. कोर्ट ने केंद्र से अरावली की स्पष्ट परिभाषा मांगी.
केंद्र की 2025 सिफारिश और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने मर्फी फॉर्मूले को आगे बढ़ाते हुए कहा कि 100 मीटर ऊंचाई (लोकल रिलीफ से) वाली पहाड़ियां ही अरावली मानी जाएंगी. साथ ही, सबसे निचली कंटूर लाइन के अंदर का पूरा क्षेत्र (ढलान सहित) संरक्षित होगा. सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को इस परिभाषा को सभी राज्यों (राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली) के लिए समान रूप से लागू कर दिया.

कोर्ट ने नए खनन पट्टे देने पर भी रोक लगा दी, जब तक पूरी अरावली के लिए सस्टेनेबल माइनिंग प्लान तैयार नहीं हो जाता. सरकार का कहना है कि राजस्थान में यह फॉर्मूला 2006 से लागू है और अब इसे पूरे क्षेत्र में एकसमान बनाया गया है, जिससे 90% से ज्यादा क्षेत्र संरक्षित रहेगा.

लेकिन पर्यावरणविद और विपक्षी दल इसे अरावली की मौत की सजा बता रहे हैं, क्योंकि ज्यादातर छोटी पहाड़ियां (10-50 मीटर) अब संरक्षण से बाहर हो सकती हैं. इससे थार रेगिस्तान का फैलाव, भूजल स्तर गिरना और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने का खतरा है.

अरावली भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है, जो थार को रोकती है. उत्तर भारत की जलवायु को संतुलित रखती है. इस फैसले से #SaveAravalli अभियान तेज हो गया है. आने वाला समय बताएगा कि यह परिभाषा संरक्षण को मजबूत करती है या खनन को बढ़ावा देती है.

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Tue, 23 Dec 2025 13:32:17 +0530 news desk MPcg
पुतिन सरकार की बड़ी सौगात: भारतीय छात्रों को बिना प्रवेश परीक्षा रूसी विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला https://citytoday.co.in/4664 https://citytoday.co.in/4664 नई दिल्ली

 भारतीय छात्रों के लिए रूस से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। रूसी सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए अपने प्रतिष्ठित सरकारी छात्रवृत्ति कार्यक्रम (Government Scholarship Program) की घोषणा कर दी है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब भारतीय छात्रों को रूस में उच्च शिक्षा पाने के लिए किसी भी प्रवेश परीक्षा से नहीं गुजरना होगा।
चयन का आधार और पाठ्यक्रम

यह छात्रवृत्ति स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), पीएचडी और उन्नत प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए प्रदान की जा रही है। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और पोर्टफोलियो के आधार पर किया जाएगा। पोर्टफोलियो में शोध पत्र, अनुशंसा पत्र (LOR), और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्रों को वरीयता दी जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत मेडिसिन, इंजीनियरिंग, फार्मेसी और स्पेस स्टडीज जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई की जा सकेगी।

रूस ने भाषा की बाधा को दूर करने के लिए कई कोर्स अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध कराए हैं। जो छात्र रूसी भाषा सीखना चाहते हैं, उनके लिए मुख्य पाठ्यक्रम शुरू होने से पहले एक वर्षीय प्रारंभिक भाषा पाठ्यक्रम (Preparatory Language Course) का विकल्प भी रखा गया है।
आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रवृत्ति की चयन प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन और प्रारंभिक चयन किया जाएगा और यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक चलेगी। दूसरे चरण में रूसी विज्ञान और उच्च शिक्षा मंत्रालय चयनित छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार विश्वविद्यालय आवंटित करेगा और वीजा संबंधी प्रक्रिया पूरी करेगा।

भारतीय छात्र मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, कजान और व्लादिवोस्तोक जैसे प्रमुख शहरों के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट education-in-russia.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह पहल न केवल छात्रों का भविष्य संवारेगी, बल्कि भारत-रूस के शैक्षिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

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Tue, 23 Dec 2025 13:30:31 +0530 news desk MPcg
शेख हसीना का बड़ा बयान: बांग्लादेश नहीं लौटूंगी, राजनीतिक हत्या की साजिश का दावा https://citytoday.co.in/4657 https://citytoday.co.in/4657

नई दिल्ली

ई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच देश लौटने की मांग को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई पॉलिटिक्स से प्रेरित है और उन्होंने जोर देकर कहा कि वह मौजूदा हालात में वापस नहीं जाएंगी, जबकि पिछले हफ्ते बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या समेत नई अशांति देखी गई.

    हसीना ने कहा, "आप मेरी पॉलिटिकल हत्या का सामना करने के लिए मेरी वापसी की मांग नहीं कर सकते." 

उन्होंने दोहराया कि उन्होंने चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस को यह मामला हेग ले जाने की चुनौती दी है, और भरोसा जताया कि एक इंडिपेंडेंट कोर्ट उन्हें बरी कर देगा. उन्होंने कहा कि वह तभी लौटेंगी, जब बांग्लादेश में एक कानूनी सरकार और एक इंडिपेंडेंट ज्यूडिशियरी होगी.

ANI के साथ एक ईमेल इंटरव्यू में अपनी बात बताते हुए, हसीना ने कहा कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) का फैसला कोई कानूनी काम नहीं था, बल्कि एक पॉलिटिकल काम था, और इसे "न्यायालय की आड़ में पॉलिटिकल हत्या" बताया.

उन्होंने कहा कि उन्हें अपना बचाव करने और अपनी पसंद के वकील अपॉइंट करने के अधिकार से वंचित किया गया, और आरोप लगाया कि ट्रिब्यूनल का इस्तेमाल "अवामी लीग का विच हंट" करने के लिए किया गया था.

इन आरोपों के बावजूद, हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के संवैधानिक ढांचे पर उनका भरोसा कायम है. उन्होंने कहा, "हमारी संवैधानिक परंपरा मजबूत है, और जब कानूनी शासन बहाल होगा और हमारी ज्यूडिशियरी अपनी आजादी वापस पा लेगी, तो न्याय की जीत होगी."

उनकी यह टिप्पणी नवंबर में बांग्लादेश की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें हसीना को जुलाई-अगस्त 2024 के विद्रोह के संबंध में "मानवता के खिलाफ अपराधों" का दोषी पाया गया था.

स्थानीय मीडिया ने बताया कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-1 ने मौत की सजा दी थी. ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के सभी पांच आरोपों में दोषी ठहराया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि फैसले का निष्कर्ष यह था कि हसीना ने पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के साथ मिलकर जुलाई-अगस्त आंदोलन के दौरान अत्याचारों को अंजाम दिया और उन्हें होने दिया.

कानूनी कार्रवाई और हाल की हिंसा के इस बैकग्राउंड में, हसीना ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम प्रशासन पर लोकतांत्रिक वैधता की कमी और संस्थाओं को कमजोर करके और चरमपंथी तत्वों को मजबूत बनाकर देश को अस्थिरता की ओर ले जाने का आरोप लगाया.

उन्होंने फरवरी में होने वाले चुनावों की क्रेडिबिलिटी पर भी सवाल उठाया, और अवामी लीग पर लगातार बैन का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "अवामी लीग के बिना चुनाव, चुनाव नहीं, बल्कि ताजपोशी है."

उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस "बांग्लादेशी लोगों के एक भी वोट के बिना" सरकार चला रहे हैं, जबकि वे एक ऐसी पार्टी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने 9 नेशनल जनादेश जीते हैं.

हसीना ने चेतावनी दी कि जब लोगों को अपनी पसंदीदा पार्टी को वोट देने का ऑप्शन नहीं दिया जाता, तो वोटर पार्टिसिपेशन हमेशा खत्म हो जाता है, जिससे बड़े पैमाने पर वोटिंग से वंचित होना पड़ता है. उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में बनने वाला कोई भी एडमिनिस्ट्रेशन, मोरल अथॉरिटी की कमी महसूस करेगा और असली नेशनल मेल-मिलाप का मौका गंवा देगा.

उन्होंने कहा कि ICT के फैसले ने उनके एक्सट्रैडिशन की मांग भी शुरू कर दी है, जिसे उन्होंने "तेजी से हताश और भटकते हुए यूनुस एडमिनिस्ट्रेशन" की तरफ से आने वाला बताकर खारिज कर दिया, जबकि दूसरे लोग इस कार्रवाई को पॉलिटिक्स से चलाया जा रहा "कंगारू ट्रिब्यूनल" मानते हैं. उन्होंने भारत की लगातार मेहमाननवाजी और पूरे भारत में राजनीतिक पार्टियों से मिले सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा किया. बांग्लादेश से निकलने के बारे में बताते हुए, हसीना ने कहा कि वह और खून-खराबा रोकने के लिए निकलीं, न कि इसलिए कि उन्हें जवाबदेही का डर था.

इलाके के हालात को ध्यान में रखते हुए, हसीना ने भारत-बांग्लादेश के बिगड़ते रिश्तों पर बात की, जिसमें ढाका का भारतीय राजदूत को बुलाने का फैसला भी शामिल है.

उन्होंने अंतरिम सरकार पर भारत के खिलाफ दुश्मनी भरे बयान जारी करने, धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहने और कट्टरपंथियों को विदेश नीति पर असर डालने देने का आरोप लगाया.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद पार्टनर रहा है और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते गहरे और टिकाऊ हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि एक बार सही सरकार बहाल हो जाने पर रिश्ते स्थिर हो जाएंगे.

भारत के खिलाफ बढ़ती भावना और भारतीय डिप्लोमैट्स की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर बात करते हुए, हसीना ने कहा कि यह दुश्मनी यूनुस राज में हिम्मत बढ़ाए गए कट्टरपंथियों की वजह से है.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन ग्रुप्स ने भारतीय दूतावास, मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन और अल्पसंख्यकों पर हमला किया था, और यूनुस ने दोषी आतंकवादियों को रिहा करते हुए ऐसे लोगों को बड़े पदों पर बिठाया था.

उन्होंने कहा कि अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएं सही हैं, और कहा कि एक जिम्मेदार सरकार डिप्लोमैटिक मिशनों की सुरक्षा करेगी और धमकी देने वालों पर केस चलाएगी, न कि उन लोगों को बचाएगी जिन्हें उन्होंने गुंडे बताया.

शरीफ उस्मान हादी की हत्या का जिक्र करते हुए, हसीना ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि उन्हें हटाने के बाद कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है, और उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के तहत स्थिति और खराब हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि हिंसा आम बात हो गई है, जिससे बांग्लादेश अंदर से अस्थिर हो रहा है और पड़ोसी देश परेशान हैं.

    उन्होंने कहा, "जब आप अपनी सीमाओं के अंदर बेसिक व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते, तो इंटरनेशनल लेवल पर आपकी क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाती है." और इसे "यूनुस के बांग्लादेश की सच्चाई" बताया.

हसीना ने कट्टरपंथी इस्लामी ग्रुप्स के बढ़ते असर पर भी चिंता जताई, आरोप लगाया कि यूनुस ने कैबिनेट में कट्टरपंथियों को अपॉइंट किया है. दोषी आतंकवादियों को रिहा किया है और इंटरनेशनल टेरर नेटवर्क से जुड़े संगठनों को पब्लिक लाइफ में काम करने दिया है.

उन्होंने चेतावनी दी कि ये ग्रुप्स यूनुस का इस्तेमाल इंटरनेशनल लेवल पर एक नरम इमेज बनाने के लिए कर रहे हैं, जबकि देश में संस्थाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं.

उन्होंने आगाह किया कि ऐसे डेवलपमेंट से न केवल भारत, बल्कि साउथ एशिया की स्टेबिलिटी में इन्वेस्ट करने वाले सभी देशों को चिंता होनी चाहिए.

भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे अक्सर "चिकन्स नेक" कहा जाता है, के बारे में बयानबाजी पर, हसीना ने ऐसे बयानों को लापरवाही भरा बताया, और कहा कि कोई भी जिम्मेदार लीडर ऐसे पड़ोसी को धमकी नहीं देगा, जिस पर बांग्लादेश ट्रेड और रीजनल स्टेबिलिटी के लिए डिपेंड करता है.

उन्होंने कहा कि ये विचार बांग्लादेशी लोगों की इच्छा को नहीं दिखाते हैं और डेमोक्रेसी की बहाली के साथ ये खत्म हो जाएंगे.

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच करीबी रिश्तों पर कमेंट करते हुए, हसीना ने कहा कि ढाका हमेशा सभी से दोस्ती में यकीन रखता है, लेकिन यूनुस के नजरिए को गुमराह करने वाला और पुराने पार्टनर्स को अलग-थलग करने के बाद निराशा से भरा बताया. अपनी मुख्य बात दोहराते हुए, हसीना ने कहा कि यूनुस के पास बांग्लादेश की फॉरेन पॉलिसी को बदलने का अधिकार नहीं है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें चुना नहीं गया था और उनके पास लंबे समय के नतीजों वाले फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं है.

उन्होंने कहा, "एक बार जब बांग्लादेशी फिर से आजादी से वोट कर पाएंगे, तो हमारी फॉरेन पॉलिसी हमारे राष्ट्रीय हितों की सेवा करने पर वापस आ जाएगी," और कहा कि भारत के साथ रिश्ते अंतरिम सरकार के बाद भी बने रहेंगे.

 

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Mon, 22 Dec 2025 19:49:20 +0530 news desk MPcg
नेशनल हेराल्ड केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया&राहुल गांधी को नोटिस जारी किया https://citytoday.co.in/4656 https://citytoday.co.in/4656  नई दिल्ली

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की अपील पर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है. ईडी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें ईडी की जांच पर संज्ञान लेने से इनकार किया गया था. अब सोनिया और राहुल गांधी को ईडी की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है. इस मामले की अगली सुनवाई मार्च 2026 में होगी. 

दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की अपील पर सुनवाई हुई. ईडी की पैरवी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कर रहे हैं. मेहता ने दलील दी कि निचली अदालत का संज्ञान लेने से इनकार करने का आदेश पीएमएलए को निरर्थक बनाने के बराबर है. हमने पूरे तथ्यात्मक आधार और टाइम लाइन का विस्तृत ब्यौरा दिया है. एसोसिएटटेड जर्नल लिमिटेड यानी एजेएल को निगमित किया गया है. इसके बाद 2002-2003 के दौरान एजेएल को कांग्रेस का ऋण लगभग 88 करोड़ रुपये होता है. 

कोर्ट ने पूछा कि ये एजेएल क्या है?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि ये एजेएल क्या है? इस पर ईडी ने कहा कि एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड नामक ये एक गैर-सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनी है. ईडी ने आगे बताया कि यंग इंडिया की ओर से एजेएल को पत्र भेजा गया था. उसमें पहले लिए गए कर्ज की अदायगी या इसे इक्विटी में बदलने की बात कही गई थी.  ये सब क्रमबद्ध और सुनियोजित ढंग से एक के बाद एक हुआ है. 

क्या है अगस्त 2010 से शुरू कहानी, जो ईडी ने सुनाई 

एजेएल अपनी वार्षिक आम सभा में यानी एजीएम के लिए नोटिस जारी करता है. एआईसीसी के ऋण के वास्तविक समनुदेशन से पहले ही प्रस्ताव पारित कर दिया जाता है. ईडी ने कहा कि असली कहानी अगस्त 2010 से शुरू होती है. एजेएल को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने कुल 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया. इसके 20 दिनों के भीतर नए सिरे से एजेएल में निदेशकों की नियुक्ति की गई. 

उस समय एजेएल के पास 100 करोड़ रुपए की संपत्ति थी. इसके बाद 22 जनवरी 2011 को यंग इंडिया में दो और लोगों को सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निदेशक मंडल में शामिल किया गया. उनमें से प्रत्येक को 38% शेयर मिलते हैं यानी उन्हीं के पास यंग इंडिया में 76% शेयर हैं. यंग इंडिया ने एजेएल से पैसे वसूलने के अधिकार भी हासिल किए. फिर 23 नवंबर 2012 में यंग इंडियन को 5 लाख रुपए की शेयर पूंजी के साथ निगमित किया गया था. इन शेयरों में से सैम पित्रोदा के पास 550 शेयर थे जबकि दुबे ने 550 शेयर लिए थे. 

2016 में डॉ सुब्रह्मण्यन स्वामी ने की थी श‍िकायत

ईडी ने दलील दी कि जून 2016 में (डॉ सुब्रह्मण्यन स्वामी)  एक निजी शिकायत दर्ज की गई थी. अदालत ने शिकायत में उल्लिखित अपराधों का संज्ञान लिया. उसमें आर्थिक हेराफेरी के साथ आईपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत आरोप भी शामिल हैं.  आईपीसी की धारा 420 एक अनुसूचित अपराध है. 

संज्ञान आदेश को चुनौती दी गई. अदालत ने उनकी चुनौती याचिका खारिज कर दी फिर उन्होंने ये मामला सुप्रीम कोर्ट में डाला. वहां भी इस पर विचार नहीं किया गया यानी अदालत के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के आदेश की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट तक की गई. इसमें आर्थिक गड़बड़ी यानी अवैध तरीके से धन शोधन का मुद्दा होने से पीएमएलए के तहत जांच शुरू की गई थी. क्योंकि ये अनुसूचित अपराध हैं. 
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की. ईडी ने अभियोजन की शिकायत दर्ज की. 

हालांकि यह निजी शिकायत कॉग्निजेबल यानी विधेय अपराध है. इस अपराध के आरोप का संज्ञान सक्षम न्यायालय ने लिया था. जब हम अपने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने की प्रक्रिया पूरी करते हुए अदालत गए तो कोर्ट ने इसे ये कहते हुए खारिज कर दिया कि यह एफआईआर के साथ शुरू नहीं हुआ था. ये एक निजी शिकायत है जबकि इस से संबद्ध मामले पर सुप्रीम कोर्ट तक ने कोई आपत्ति नहीं जताई है. 

 

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Mon, 22 Dec 2025 19:45:45 +0530 news desk MPcg
विकसित भारत&जी राम विधेयक को कानून का दर्जा, अब 125 दिन में गारंटीशुदा रोजगार https://citytoday.co.in/4654 https://citytoday.co.in/4654 नई दिल्ली

राष्ट्रपति ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम दी विधेयक, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के साथ यह विधेयक अब कानून बन गया है। इस कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर अब एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन कर दिया गया है। सरकार इसे ग्रामीण जीवन को मजबूत आधार देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है। सरकार का कहना है कि वीबी-जी राम जी कानून लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

बता दें, इस बिल पर देत रात तक संसद में चर्चा चली थी। इस मामले में विपक्ष का कहना था कि सरकार जानबूझकर मनरेगा का नाम बदल रही है, मनरेगा में महात्मा गांधी का भी नाम आता था, इसीलिए भाजपा इस नाम को हटाने के लिए ये बिल लाई। वहीं, सरकार का कहना था कि पहले की योजना में लोगों को 100 दिन का काम दिया जाता था। लेकिन अब इस कानून के तहत अब कम से कम 125 दिन काम देना आनिवार्य है।

इस बहस के दौरान ही कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो वो इसका फिर नाम बदलेंगे। इन सब हंगामों के बीच इस बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था। हालांकि संसद में विपक्ष ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया था। इतना ही नहीं, इसके बाद विपक्ष ने संविधान सदन के बाहर पूरी रात धरना भी दिया था।

इस कानून के मुताबिक अब पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन तक मजदूरी आधारित काम उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होगी। इसका सीधा उद्देश्य गांवों में रहने वाले श्रमिकों, किसानों और भूमिहीन परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। सरकार का कहना है कि इससे गांवों में गरीबी कम होगी और लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम मिलेगा।

सशक्तिकरण और समावेशी विकास पर जोर
सरकार का कहना है कि नए कानून का मकसद केवल रोजगार देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज का समग्र सशक्तिकरण करना भी है। वीबी-जी राम जी के तहत समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार का दावा है कि यह कानून महिलाओं, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी।

सरकार चाहती है कि ग्रामीण इलाकों में चल रही योजनाएं एक-दूसरे से जुड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम दें। सड़कों, जल संरक्षण, सिंचाई, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को रोजगार से जोड़कर गांवों की तस्वीर बदलने की योजना है। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।

वीबी-जी राम जी कानून में संतृप्ति आधारित डिलीवरी को खास महत्व दिया गया है। इसका मतलब यह है कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। सरकार का कहना है कि अंतिम व्यक्ति तक रोजगार और आजीविका का लाभ पहुंचाना इस कानून का मूल उद्देश्य है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में असमानता कम होगी और विकास का लाभ सभी तक पहुंचेगा।

सरकार का मानना है कि यह कानून समृद्ध, मजबूत और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव को और पुख्ता करेगा। रोजगार बढ़ने से गांवों में आय के साधन मजबूत होंगे और शहरों की ओर पलायन पर भी रोक लगेगी। वीबी-जी राम जी को ग्रामीण भारत के भविष्य के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है, जो लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

मनरेगा से कितना अलग होगा वीबी-जी राम जी?
केंद्र सरकार का कहना है कि नए नियमों से मनरेगा की ढाचांगत कमियों को दूर किया गया है। सबसे पहले तो योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का दावा किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले सभी कार्यों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में शामिल किया जाएगा। कानून में कहा गया है कि इससे ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक कार्यों के लिए एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार होगा। इसी के आधार पर गांवों में आगे के कामों को लेकर तैयारियां होंगी।

कानून में दी गई जानकारी के मुताबिक, इस तरह गांवों के लिए एकीकृत ढांचा तैयार करने से देशभर में उत्पादक, टिकाऊ, सुदृढ़ और बदलाव में सक्षम ग्रामीण परिसंपत्तियों (एसेट्स) का निर्माण सुनिश्चित होगा। केंद्र और राज्य 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के तहत इन परिसंपत्तियों को आगे बढ़ाने की योजनाएं भी साझा तौर पर तैयार करेंगी। यानी एक राष्ट्रीय नीति के तहत काम के बिखराव को समेटा जाएगा और तय दिशा में इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

किसानों-मजदूरों के लिए कानून में क्या?
चूंकि राज्य सरकारें तय कर सकती हैं कि किस अवधि में बुवाई और कटाई का ध्यान रखते हुए वीबी-जी राम जी के तहत 60 दिन के लिए काम रोकना है, ऐसे में किसानों को अपने खेतों पर काम करने के लिए मजदूरों की कमी नहीं पड़ेगी। खासकर पीक सीजन के दौरान। इससे मजदूरों को भी मनरेगा के काम से अतिरिक्त अपने लिए बाकी स्रोतों से वेतन जुटाने में मदद मिलेगी।

इतना ही नहीं चूंकि किसानों के लिए मजदूर सही स्तर पर उपलब्ध रहेंगे, ऐसे में उन्हें अतिरिक्त वेतन पर मजदूरों को नहीं रखना होगा। कई बार किसानों पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त बोझ का असर फसलों की कीमत पर पड़ता है, क्योंकि ज्यादा खर्च की वजह से उन्हें लाभ लेने के लिए उन्हें फसलों के दाम बढ़ाने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त मजदूरों के लिए काम के दिन बढ़ाकर 100 से 125 किए गए हैं। यानी उन्हें आर्थिक तौर पर भी ज्यादा रकम हासिल करने में मदद मिलेगी।

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Mon, 22 Dec 2025 13:58:50 +0530 news desk MPcg
रेल यात्रियों को राहत: इन यात्रियों पर नहीं पड़ेगा किराया बढ़ोतरी का असर, 26 दिसंबर से लागू नया नियम https://citytoday.co.in/4653 https://citytoday.co.in/4653 नई दिल्ली
भारतीय रेलवे ने आगामी 26 दिसंबर से रेल टिकट के किराए को बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे रेलवे को लगभग 600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। रेलवे के इस बड़े बदलाव से जहां कुछ यात्रियों को 26 दिसंबर के बाद ज्यादा किराया देना पड़ेगा, तो वहीं कुछ यात्रियों को कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा। रेलवे के इस नए नियम के तहत, साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा पर यात्रियों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा। 

वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा किराया लगेगा। अगर कोई यात्री 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा करता है, तो उसे 10 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। लेकिन अगर कोई यात्री 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्रा करता है, तो उसे कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा, यानी 215 किलोमीटर से कम दूरी पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसके साथ ही रेलवे ने यह भी साफ किया है कि लोकल (सब-अर्बन) ट्रेन और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसा इसलिए, ताकि कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर बोझ न पड़े और यात्रा सस्ती बनी रहे।

रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पिछले एक दशक यानी दस वर्षों में भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को काफी बढ़ाया है और अब देश के दूर-दराज इलाकों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और बेहतर सेवाएं देने के लिए रेलवे ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। इसके कारण कर्मचारियों पर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपए हो गया है और पेंशन पर खर्च 60,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

इन बढ़े हुए खर्चों को पूरा करने के लिए रेलवे माल ढुलाई (कार्गो) को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इसके साथ ही यात्रियों के किराए में थोड़ा-सा बदलाव किया गया है। रेलवे ने बताया कि इन सुधारों से सुरक्षा भी बेहतर हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे बन गया है। रेलवे ने यह भी बताया कि माल ढुलाई के किराए 2018 के बाद से नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि खर्च बढ़ता रहा है। रेलवे अब ज्यादा माल ढोकर अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
रेल मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में त्योहारों के दौरान 12,000 से ज्यादा ट्रेनें सफलतापूर्वक चलाई गईं, जो रेलवे की बेहतर योजना और काम करने की क्षमता को दिखाता है। इस बीच, मंत्रालय ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए 100 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

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Mon, 22 Dec 2025 13:57:31 +0530 news desk MPcg
PM Kisan 22वीं किस्त: इस महीने किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपए, ताजा जानकारी https://citytoday.co.in/4640 https://citytoday.co.in/4640 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के करोड़ों लाभार्थी किसान अब 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की 21वीं किस्त जारी की थी, जिसके तहत करीब 9 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

PM Kisan योजना के तहत कितनी मिलती है राशि
पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर साल कुल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में हर चार महीने में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

अब तक जारी किस्तों का विवरण
19वीं किस्त: फरवरी 2025
20वीं किस्त: अगस्त 2025
21वीं किस्त: नवंबर 2025
साल 2025 की तीनों किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब अगली किस्त 22वीं किस्त होगी, जो 2026 की पहली किस्त मानी जाएगी।

PM Kisan 22वीं किस्त कब आएगी?
सरकारी तौर पर अभी 22वीं किस्त की तारीख घोषित नहीं हुई है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और पिछली किस्तों के पैटर्न के अनुसार माना जा रहा है कि PM Kisan 22वीं किस्त फरवरी 2026 में जारी हो सकती है। क्योंकि इससे पहले भी साल की पहली किस्त फरवरी महीने में ट्रांसफर की जाती रही है।

PM Kisan 22वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें
किसान योजना से जुड़ी हर आधिकारिक जानकारी pmkisan.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है। यहां आप किस्त की स्थिति , लाभार्थी सूची , e-KYC स्टेटस, भुगतान से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही, वेबसाइट पर मौजूद KISAN E-MITRA चैटबोट की मदद से भी किसान अपने सवालों के जवाब पा सकते हैं।

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Sat, 20 Dec 2025 13:45:10 +0530 news desk MPcg
रेलवे ने तय की नई नियमावली: अब सिर्फ वजन नहीं, सूटकेस का साइज भी होगा चेक https://citytoday.co.in/4639 https://citytoday.co.in/4639 नई दिल्ली

IRCTC ने ट्रेनों में सामान ले जाने को लेकर नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क (एक्स्ट्रा चार्ज) देना होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इन नियमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब ट्रेन में भी हवाई यात्रा की तरह ज्यादा वजन के सामान पर एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा।

कितना सामान ले जा सकते हैं यात्री?

रेलवे ने अलग-अलग कोच के लिए सामान की सीमा तय की है:

AC थ्री-टियर और चेयर कार: 40 किलो तक सामान फ्री
स्लीपर क्लास: 80 किलो तक
सेकंड क्लास: 70 किलो तक
फर्स्ट क्लास और AC टू-टियर: 50 किलो तक फ्री, ज्यादा से ज्यादा 100 किलो तक
AC फर्स्ट क्लास: 70 किलो तक फ्री, शुल्क देकर 150 किलो तक

ज्यादा सामान ले जाने पर कितना चार्ज लगेगा?
अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करता है, तो उससे बैगेज रेट का 1.5 गुना शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क सिर्फ उसी क्लास की तय अधिकतम सीमा तक ही लागू होगा।

सामान के साइज को लेकर नियम
यात्री ट्रेन में सिर्फ वही ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स ले जा सकते हैं जिनका साइज अधिकतम
100 सेमी × 60 सेमी × 25 सेमी हो।

अगर सामान इससे बड़ा है, तो उसे कोच में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे सामान को ब्रेक वैन (SLR) या पार्सल वैन में बुक कराना होगा।

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Sat, 20 Dec 2025 13:43:02 +0530 news desk MPcg
इंडिगो उड़ानों में गड़बड़ी, DGCA ने चेताया—रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई संभव https://citytoday.co.in/4638 https://citytoday.co.in/4638

नई दिल्ली

इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ानों की गड़बड़ी को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अब कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन के खिलाफ विस्तृत और सुधारात्मक कार्रवाई होगी।

इस महीने की शुरुआत में उड़ानों में हुई गड़बड़ियों के बाद, डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन समय-सारणी में 10 प्रतिशत की कटौती की है। परिचालन संकट से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो रोजाना 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती थी। अधिकारी ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीकी और परिचालन संबंधी गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है।

यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य एयरलाइंस के शेड्यूल पालन की भी निगरानी की जा रही है? इस पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा 'कोहरे के मौसम और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए एयरलाइंस को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारी ने कहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो'

इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब स्थिति को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन अब तीन प्रमुख स्तंभों लचीलापन, मूल कारण विश्लेषण और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन कारणों को जड़ से खत्म करना है जिनकी वजह से उड़ानें बाधित हुईं।

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Sat, 20 Dec 2025 13:39:16 +0530 news desk MPcg
दूसरे धर्म के लड़के से शादी करने पर पिता ने संपत्ति से किया बेदखल, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला https://citytoday.co.in/4637 https://citytoday.co.in/4637

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति के अधिकार को लेकर एक अहम फैसला दिया है. उसने टेस्टेटर (वसीयत करने वाले) की इच्छा को सर्वोपरि मानते हुए एक पिता की वसीयत को वैध ठहराया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी शैला जोसेफ को समुदाय से बाहर के लड़के से शादी करने के कारण संपत्ति से वंचित कर दिया था. यह मामला लैंगिक समानता के कई ऐतिहासिक फैसलों के बावजूद वसीयत की स्वतंत्रता को अहमियत देता है. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने केरल हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसलों को पलट दिया, जिन्होंने वसीयत को दरकिनार करते हुए एनएस श्रीधरन की संपत्ति को नौ बच्चों में बराबर बांटने का आदेश दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक श्रीधरन के नौ बच्चे थे, लेकिन 1988 में बनाई गई उनकी रजिस्टर्ड वसीयत में शैला को छोड़कर बाकी आठ बच्चों को संपत्ति सौंप दी गई थी. वजह थी शैला का समुदाय से बाहर शादी करना. जजमेंट लिखते हुए जस्टिस चंद्रन ने कहा कि वसीयत स्पष्ट रूप से साबित हो चुकी है, इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसले रद्द किए जाते हैं. शैला जोसेफ का अपने पिता की संपत्ति पर कोई दावा नहीं है, क्योंकि वसीयत से यह संपत्ति अन्य भाई-बहनों को सौंप दी गई है.

कोर्ट में शैला की ओर से सीनियर एडवोकेट पीबी कृष्णन ने तर्क दिया कि उनकी क्लाइंट को कम से कम 1/9 हिस्सा मिलना चाहिए, जो संपत्ति का नगण्य हिस्सा है. लेकिन बेंच ने स्पष्ट किया कि संपत्ति के बंटवारे में व्यक्ति की इच्छा के मामले में समानता का सवाल उठता ही नहीं. हम इक्विटी (न्यायसंगत बंटवारे) पर नहीं हैं. टेस्टेटर की इच्छा सर्वोपरि है. उसकी अंतिम वसीयत से विचलन या उसे निरस्त नहीं किया जा सकता.

वसीयत लिखने वाली की इच्छा सर्वोपरि

कोर्ट ने यह भी कहा कि वसीयत के कंटेंट पर सावधानी का नियम लागू नहीं होता, क्योंकि यह व्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता है कि वह अपनी संपत्ति कैसे बांटे. अगर वसीयत से सभी वारिसों को वंचित किया जाता, तभी कोर्ट सावधानी बरत सकता था. लेकिन यहां केवल एक बेटी को बाहर किया गया है और इसके लिए स्पष्ट वजह बताई गई है. बेंच ने टिप्पणी की कि वंचित करने की वजह बताई गई है, लेकिन उसकी स्वीकार्यता हमारे लिए सावधानी का नियम नहीं तय करती. हम टेस्टेटर की जगह खुद को नहीं रख सकते. हम अपनी राय थोप नहीं सकते; उनकी इच्छा उनकी अपनी वजहों से प्रेरित है.

फैसले में सिविल अपीलों को मंजूर करते हुए शैला की पार्टिशन सूट को खारिज कर दिया गया. मामला केरल का है, जहां श्रीधरन की मौत के बाद 1990 में भाई-बहनों ने इंजेक्शन सूट दाखिल किया था और वसीयत की कॉपी पेश की थी. शैला ने उसमें हिस्सा नहीं लिया, जिसे कोर्ट ने बाद में उनके खिलाफ माना.

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Sat, 20 Dec 2025 13:34:53 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत रक्षा बजट में करीब 20% बढ़ोतरी की तैयारी, नए ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम पर फोकस https://citytoday.co.in/4624 https://citytoday.co.in/4624 नई दिल्ली
भारत की सुरक्षा चुनौतियां दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं. खासकर पड़ोसी देशों से आने वाले खतरों को देखते हुए भारतीय सेना को और मजबूत बनाने की जरूरत है. हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है. इस ऑपरेशन के बाद रक्षा मंत्रालय अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए रक्षा बजट में करीब 20% की बड़ी बढ़ोतरी मांगने की तैयारी कर रहा है.

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला हुआ था. पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी. यह हमला सिर्फ सीमा पार से नहीं, बल्कि भारत के अंदर धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने की कोशिश था. जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया.

इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में 9 बड़े आतंकी ठिकानों को सटीक हमलों से तबाह कर दिया. ब्रह्मोस मिसाइलें, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और स्वदेशी ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल हुआ. पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें भेजीं, लेकिन भारत की मल्टी-लेयर एयर डिफेंस ने उन्हें रोक दिया. यह ऑपरेशन सिर्फ 4-5 दिनों का था, लेकिन इसने भारत की सैन्य ताकत और स्वदेशी हथियारों की विश्वसनीयता दुनिया के सामने दिखा दी.

ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत अब स्ट्रैटेजिक रेस्ट्रेंट की पुरानी नीति से आगे बढ़ चुका है. अब आतंकवाद के खिलाफ सीधा और तेज जवाब दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नया नॉर्मल कहा है- आतंकियों और उनके समर्थकों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा.

रक्षा बजट में क्यों बढ़ोतरी की जरूरत?

ऑपरेशन सिंदूर से कई सबक मिले…

    ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ गया है.
    एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करना जरूरी है.
    लंबी दूरी के हमलावर हथियार (स्टैंडऑफ वेपन्स) की कमी महसूस हुई.
    तेजी से आधुनिकीकरण (मॉडर्नाइजेशन) और सैन्य तैयारी बढ़ाने की आवश्यकता है.

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने हाल ही में कहा कि भारत का टफ नेबरहुड और लंबी अवधि की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए बजट में बड़ी बढ़ोतरी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त मंत्रालय इसका समर्थन करेगा.

वर्तमान रक्षा बजट कितना है?

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह पिछले साल से करीब 9.5% ज्यादा है. इसमें…

    कैपिटल खर्च (नए हथियार और उपकरण खरीदने के लिए): 1.80 लाख करोड़ रुपये.

    रेवेन्यू खर्च (वेतन, रखरखाव, ईंधन आदि): करीब 3.12 लाख करोड़ रुपये.
    पेंशन: 1.61 लाख करोड़ रुपये.

    रिसर्च एंड डेवलपमेंट (DRDO के लिए): 26,817 करोड़ रुपये.

इस बजट का बड़ा हिस्सा आत्मनिर्भर भारत अभियान पर खर्च होता है. 75% कैपिटल खर्च स्वदेशी कंपनियों से खरीदारी के लिए रखा जाता है.

अगले बजट में क्या हो सकता है?

रक्षा मंत्रालय 2026-27 के लिए करीब 20% बढ़ोतरी मांगेगा. अगर यह मंजूर हुई तो बजट 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. इस पैसे से मुख्य फोकस इन क्षेत्रों पर होगा…

    नए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम: हमलावर ड्रोन (कामिकाज़ ड्रोन) और सर्विलांस ड्रोन खरीदे जाएंगे. पाकिस्तानी ड्रोन हमलों से सबक लेते हुए एंटी-ड्रोन तकनीक (जैसे भार्गवास्त्र सिस्टम) को बढ़ावा.

    एयर डिफेंस सिस्टम: आकाश, S-400 जैसी सिस्टम की और यूनिट्स. मल्टी-लेयर डिफेंस को पूरे देश में फैलाना, खासकर सीमावर्ती इलाकों में.

    हमलावर हथियार (अटैक वेपन्स): लंबी दूरी की मिसाइलें (ब्रह्मोस की और रेंज वाली). स्टैंडऑफ वेपन्स – जो दूर से ही दुश्मन को निशाना बना सकें. नए फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और तोपें.

    स्वदेशी उत्पादन और R&D: आत्मनिर्भर भारत को तेज करना. निजी कंपनियों और MSMEs को ज्यादा फंडिंग. DRDO और निजी सेक्टर के साथ मिलकर नई तकनीकें विकसित करना.

    सीमाः सड़कें, पुल, एयरबेस और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना.

क्यों जरूरी है यह बढ़ोतरी?

भारत की 17% विश्व जनसंख्या की रक्षा के लिए सिर्फ 3% वैश्विक रक्षा खर्च करता है (चीन 12% करता है). ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि स्वदेशी हथियार कितने प्रभावी हैं, लेकिन और निवेश की जरूरत है ताकि सेना हमेशा तैयार रहे. यह बढ़ोतरी न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार पैदा करेगी और भारतीय कंपनियों को मजबूत बनाएगी.

ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई रक्षा नीति का प्रतीक है – मजबूत, आत्मनिर्भर और त्वरित जवाब देने वाली. आने वाला रक्षा बजट इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा. भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि खतरे को जड़ से खत्म करने की तैयारी करता है.

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Fri, 19 Dec 2025 18:49:49 +0530 news desk MPcg
Live&In Relationship: लिव&इन रिलेशनशिप में रहने वाली 12 महिलाओं को संरक्षण, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा& ‘यह अवैध नहीं, सुरक्षा देना राज्य का कर्तव्य’ https://citytoday.co.in/4620 https://citytoday.co.in/4620

Allahabad High Court on Live-In Relationship: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि लिव-इन रिलेशनशिप (Live-In Relationship) को अवैध नहीं कहा जा सकता और शादी के बंधन में बंधे बिना किसी के साथ रहना कोई अपराध नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हर नागरिक की जान और स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है और किसी कपल का अविवाहित होना उनके मौलिक अधिकारों को खत्म नहीं करता.

जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहीं 12 महिलाओं की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. इन महिलाओं ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. कोर्ट ने संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई उनकी शांतिपूर्ण जिंदगी में दखल देता है तो तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

इस मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, ‘लिव-इन रिलेशनशिप की अवधारणा सभी को स्वीकार्य न हो, लेकिन इसे अवैध नहीं कहा जा सकता और बिना विवाह साथ रहना अपराध नहीं है

पुलिस ने नहीं की मदद तो कोर्ट पहुंची महिलाएं

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सभी याचिकाओं में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या अन्य लोगों से खतरे की बात कही गई थी. इसी तरह के मामलों को देखते हुए कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ फैसला सुनाया.

सरकारी वकील की दलील पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दलील दी कि लिव-इन रिलेशनशिप देश की सामाजिक संरचना के खिलाफ है और इसका कोई कानूनी दर्जा नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे रिश्ते रोजाना के अनुबंध जैसे हैं, जिन्हें कभी भी तोड़ा जा सकता है, और इससे कई कानूनी जटिलताएं पैदा होंगी. इसलिए राहत देने से पहले शादी जरूरी होनी चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि ‘भले ही लिव-इन रिलेशनशिप सामाजिक रूप से वर्जित या विवादित हो, लेकिन यह व्यक्तिगत पसंद का मामला है. यदि कोई वयस्क अपनी मर्जी से साथ रहना चाहता है, तो अदालतें उन्हें जज नहीं कर सकतीं.’

इसी दौरान कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें ‘पत्नी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं है, बल्कि ‘डोमेस्टिक रिलेशनशिप’ में रहने वाली महिला को भी सुरक्षा और भरण-पोषण का अधिकार दिया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि शादी न करने का फैसला मौलिक अधिकारों से वंचित नहीं करता.

कोर्ट का पुलिस को स्पष्ट निर्देश

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि यदि याचिकाकर्ता बालिग हैं और स्वेच्छा से साथ रह रहे हैं, तो उन्हें तुरंत सुरक्षा दी जाए. उम्र साबित करने के लिए शैक्षणिक या अन्य वैध दस्तावेज स्वीकार किए जाएं. दस्तावेज न होने पर पुलिस ऑसिफिकेशन टेस्ट करवा सकती है. किसी भी स्थिति में बिना FIR के कोई जबरदस्ती की कार्रवाई न हो. इसके साथ ही आखिर में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता शांतिपूर्वक साथ रहने के लिए स्वतंत्र हैं और कोई भी उनकी जिंदगी में दखल नहीं दे सकता.

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Fri, 19 Dec 2025 15:49:26 +0530 news desk MPcg
1 जनवरी 2026 से मिलेगा 8वें वेतन आयोग का एरियर? सरकार ने संसद में दिया जवाब https://citytoday.co.in/4607 https://citytoday.co.in/4607  नई दिल्‍ली
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्‍योंकि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के उच्‍च स्‍तर पर बने रहने के कारण वेतन संशोधन से उम्‍मीदें और भी तेज हो गई हैं. इस बीच एक खास सवाल यह है कि क्‍या 1 जनवरी 2026 से ही 8th Pay Commission के तहत कर्मचारियों का एरियर मिलेगा? या फिर कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी या पिछला बकाया पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा. 

1 जनवरी 2026 को एक संभावित डेट माना जा रहा है,  लेकिन सरकार ने अबतक इसकी अधिकारिक ऐलान नहीं किया है. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह अनिश्चितता बनी हुई है कि उन्हें वास्तविक वित्तीय राहत कब मिलेगी?  

संसद में सरकार ने क्‍या दिया जवाब? 
8वें वेतन आयोग के लागू करने को लेकर मामला संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठाया गया. इस पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख सरकार उचित समय पर तय करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद उसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान किए जाएंगे. इस बयान से यह संकेत तो मिल रहा है कि सरकार इसे जल्‍द लागू करने की कोशिश कर रही है, लेकिन एरियर 1 जनवरी से दिया जाएगा, यह स्‍पष्‍ट नहीं है. 

कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग? 
नवंबर 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है. ऐसे में देखा जाए तो आयोग की रिपोर्ट 2027 के मिड में आने की संभावना है. जब रिपोर्ट आएगी तो सरकार के सिफारिशों की समीक्षा होगी. इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी और नए वेन स्‍ट्रक्‍चर का नोटिफिकेशन जारी करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्‍त समय लग सकता है. इस हिसाब से इसे आगे लागू होने की आशंका है.

पिछली वेतन आयोगों का इतिहास 
अभी भले ही वेतन आयोगों के लागू होने में देरी हुई हो, लेकिन पिछले एक्‍सप्रीएंस कुछ हद तक राहत देने वाल रहे हैं. पहले सैलरी आयोगों में एरियर का पेमेंट औमतौर पर उस तारीख से किया गया है, जिस दिन पहले वेतन आयोग समाप्‍त हुआ था. 7वां वेतन आयोग जून 2016 में लागू हुआ था, लेकिन सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2016 से दी गई थी . इसी तरह 6वां वेतन आयोग अगस्‍त 2008 में मंजूरी हुआ था, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2006 से दिया गया था. 5वां वेतन आयोग में भी देरी के बावजूद कर्मचारियों को पिछला भुगतान मिला था. इसी वजह से उम्‍मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग का एरियर भी 1 जनवरी 2026 से दिया जा सकता है. 

कर्मचारियों की कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसे आयोग सुझाएगा और सरकार स्वीकार करेगी. अगर 2.0 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानें, तो एक अनुमान के जरिए वेतन में बदलाव को समझा जा सकता है.

अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹76,500, महंगाई भत्ता ₹44,370 और मकान किराया भत्ता ₹22,950 है, तो कुल मासिक वेतन ₹1,43,820 बनता है. वेतन संशोधन के बाद बेसिक वेतन बढ़कर करीब ₹1,53,000 हो सकता है और एचआरए बढ़कर लगभग ₹41,310 तक पहुंच सकता है. इससे कुल मासिक वेतन करीब ₹1,94,310 हो जाएगा.

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Wed, 17 Dec 2025 13:40:06 +0530 news desk MPcg
Delhi Work From Home: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राजधानी के सभी सरकारी&निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य https://citytoday.co.in/4599 https://citytoday.co.in/4599

Delhi Work From Home: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच चुका है. इसका असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर सीधे पड़ रहा है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है,

सरकार की तरफ से लिए गए फैसले के अनुसार राजधानी के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) अब अनिवार्य कर दिया गया है. इस आदेश के तहत कर्मचारियों का आधा हिस्सा घर से काम करेगा. नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा.

मजदूरों को 10,000 रुपये का मुआवजा

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि यह आदेश 18 दिसंबर से लागू होगा. इसके साथ ही ग्रेड-3 के दौरान 16 दिन निर्माण कार्य बंद रहने से प्रभावित रजिस्टर्ड मजदूरों को सीधे 10,000 रुपये का मुआवजा उनके खाते में दिया जाएगा. ग्रेड-4 खत्म होने के बाद भी इसी आधार पर राहत दी जाएगी.

दिल्ली का AQI 400+ के आसपास

वर्तमान में दिल्ली का AQI 400+ के आसपास है, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हैं: राजीव चौक, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, अशोक विहार और आनंद विहार। प्रदूषण के मुख्य कारण हैं वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से धूल, उद्योग और आस-पास के राज्यों से धुआं.

वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय

वायु प्रदूषण से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने कुछ सावधानियां बताई हैं. बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का प्रयोग करें. घर में एयर प्यूरीफायर या एयर फिल्टर का उपयोग करें. बच्चों, बुजुर्गों और वायु प्रदूषण से संवेदनशील लोगों को बाहर निकलने से बचाएं.घर में पौधे लगाना, कचरा जलाने से बचना और सुबह-शाम के समय खिड़कियां बंद रखना मददगार रहेगा.

स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि अत्यधिक प्रदूषण में लंबे समय तक बाहर रहने से सांस की बीमारियां, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए गंभीर रोगियों और बच्चों को आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है.

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Wed, 17 Dec 2025 12:28:56 +0530 news desk MPcg
भारतीय सेना को मिलेगा अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का अंतिम बैच, PAK बॉर्डर पर तैनाती से बढ़ेगी स्ट्राइक क्षमता https://citytoday.co.in/4596 https://citytoday.co.in/4596 नई दिल्ली

भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता में बड़ा बढ़ोतरी होने वाली है. अमेरिका से खरीदे गए छह अपाचे AH-64E अटैक हेलीकॉप्टरों का अंतिम बैच (तीन हेलीकॉप्टर) इस महीने भारत पहुंचने वाला है. ये दुनिया के सबसे आधुनिक अटैक हेलीकॉप्टर हैं, जिन्हें 'हवा में उड़ता हुआ टैंक' कहा जाता है. ये जोधपुर में तैनात किए जाएंगे, जहां पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा पर सेना की स्ट्राइक पावर काफी मजबूत हो जाएगी.

डिलीवरी की पूरी कहानी

फरवरी 2020 में अमेरिका के साथ लगभग 5,691 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था. इस करार के तहत सेना को छह अपाचे मिलने थे. लेकिन सप्लाई चेन की समस्याओं, तकनीकी मुद्दों और ग्लोबल कारणों से डिलीवरी में काफी देरी हुई. मूल योजना में 2024 में सभी हेलीकॉप्टर आने थे, लेकिन पहला बैच (तीन हेलीकॉप्टर) जुलाई 2025 में हिंडन एयरबेस पर पहुंचा. ये अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से लाए गए थे.

अब अंतिम तीन हेलीकॉप्टर दिसंबर 2025 में आने वाले हैं. ये भी असेंबल और इंस्पेक्शन के बाद जोधपुर भेजे जाएंगे. पूरा ऑर्डर पूरा होने के बाद सेना की पहली अपाचे स्क्वाड्रन पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी.

अपाचे की विशेषताएं क्यों खास हैं?

अपाचे AH-64E दुनिया का सबसे उन्नत अटैक हेलीकॉप्टर है. इसकी मुख्य खूबियां…

    हथियार: हेलफायर मिसाइलें (टैंक और बंकर मारने के लिए), स्टिंगर एयर-टू-एयर मिसाइलें, 30 एमएम चेन गन और रॉकेट.
    टेक्नोलॉजी: एडवांस्ड रडार, नाइट विजन, सभी मौसम में उड़ान और दुश्मन के हमलों से बचाव.
    क्षमता: दुश्मन के टैंक, एयर डिफेंस और सैनिकों पर सटीक हमला. रात में भी ऑपरेशन. जमीन की सेना को क्लोज एयर सपोर्ट.

ये हेलीकॉप्टर जोधपुर की 451 एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात होंगे, जो मार्च 2024 में बनाई गई थी. पायलट और ग्राउंड स्टाफ पहले ही अमेरिका में ट्रेनिंग ले चुके हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों जरूरी?

मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. इस ऑपरेशन ने पश्चिमी सीमा पर मजबूत एरियल फायरपावर की जरूरत दिखाई. अपाचे ऐसे हाई-इंटेंसिटी कॉन्फ्लिक्ट में गेम चेंजर हैं. ये सेना को ग्राउंड फोर्सेस के साथ सीधा सपोर्ट देंगे, जबकि वायुसेना के 22 अपाचे अलग रोल निभाते हैं.

सेना एविएशन कोर के अन्य एसेट्स

भारतीय सेना एविएशन कोर के पास कई हेलीकॉप्टर और एसेट्स हैं…

    ध्रुव (ALH Dhruv): स्वदेशी मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट और रेकॉनिसेंस के लिए.
    रुद्र: ध्रुव का हथियारबंद वर्जन, एंटी-टैंक मिशन.
    लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH प्रचंड): हाई एल्टीट्यूड के लिए, ऑफेंसिव मिशन.
    चीता और चेतक: लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर.
    Mi-17: ट्रूप ट्रांसपोर्ट.
    UAV: हेरॉन और सर्चर सर्विलांस के लिए.
    डॉर्नियर 228: फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट.

अपाचे आने से सेना की अटैक कैपेबिलिटी सबसे मजबूत होगी.

आगे की योजना

पूर्ण इंडक्शन के बाद स्क्वाड्रन ट्रेनिंग और एक्सरसाइज करेगी. सेना भविष्य में और अपाचे खरीदने पर विचार कर रही है. ये भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का बड़ा उदाहरण है. पश्चिमी सीमा पर तनाव को देखते हुए ये डिलीवरी सेना की तैयारियों को नई ताकत देगी. स्वदेशी प्रचंड हेलीकॉप्टर भी जल्द बड़े नंबर में आएंगे, जो आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे.

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Tue, 16 Dec 2025 12:32:16 +0530 news desk MPcg
बीजेपी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने संभाला कार्यभार, जेपी नड्डा और अमित शाह की मौजूदगी में https://citytoday.co.in/4585 https://citytoday.co.in/4585 नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार (15 दिसंबर, 2025) को दिल्ली हेडक्वार्टर में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे. वह थोड़ी देर पहले ही पटना से दिल्ली पहुंचे हैं.

भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के दिल्ली आगमन पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. 

बीजेपी मुख्यालय पहुंचे नितिन नबीन का बड़ी संख्या में पार्टी के सांसद, नेता और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. नए कार्यकारी अध्यक्ष के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में नेता बीजेपी मुख्यालय के बाहर खड़े नजर आए. बीजेपी मुख्यालय पहुंचे नितिन नबीन आज पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे. 

इससे पहले, दिल्ली एयरपोर्ट पर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े ने नितिन नबीन का स्वागत किया. बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह, रविशंकर प्रसाद समेत तमाम बड़े नेताओं ने नितिन नबीन का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जेपी नड्डा ने नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया. इसके बाद पार्टी के कद्दावर नेताओं ने उन्हें इस मौके पर बधाई दी, शुभकामनाएं दीं.

गौरतलब है कि बीजेपी ने एक दिन पहले ही कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नितिन नबीन के नाम का ऐलान किया था. नितिन नबीन बिहार सरकार के दो बार के मंत्री हैं. वह पांच के विधायक हैं. नितिन नबीन सोमवार की सुबह दिल्ली रवाना होने से पहले पटना के महावीर मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नितिन नबीन पटना से दिल्ली रवाना हुए.

दिल्ली एयरपोर्ट पर नितिन नबीन का स्वागत करने पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और विनोद तावड़े समेत बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे. बीजेपी मुख्यालय पहुंचने पर नितिन नबीन का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फूल की पंखुड़ियों से स्वागत किया. नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने के कुछ ही देर बाद पार्टी ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान कर दिया है. संजय सरावगी को बिहार बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

नड्डा की राह पर नवीन 

जून 2019 में अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

वह लगभग छह महीने तक इस पद पर रहे. इसके बाद जनवरी 2020 में उन्हें औपचारिक रूप से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये। नड्डा अब लगभग छह साल से पार्टी प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं।

बीजेपी के संविधान के अनुसार, कोई भी नेता तीन-तीन साल के दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष के रूप में काम कर सकता है।

कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्ति का पूरा प्लान

बीजेपी नेताओं के अनुसार, कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति एक अंतरिम व्यवस्था है। एक और कारण है खरमास, जिसे हिंदू अशुभ मानते हैं। मंगलवार से खरमास शुरू हो रहा है। इसी वजह से नवीन को  कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 14 जनवरी, मकर संक्रांति को खरमास खत्म होने के बाद, नए पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

 37 में से 30 राज्यों में चुनाव पूरे 

बीजेपी ने पहले ही 37 में से 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव पूरे कर लिए हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए देश के कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे करना जरूरी है।

बीजेपी नेताओं के मुताबिक, अध्यक्ष पद के चुनाव में कम से कम चार दिन लगेंगे और यह 14 जनवरी के तुरंत बाद पूरा हो सकता है। हालांकि चुनाव औपचारिक मात्र होगा, लेकिन नवीन का पद पक्का माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी और उसकी वैचारिक संस्था RSS ऐसे मामलों में सर्वसम्मति पर जोर देते हैं।

ऐसे में, नवीन बीजेपी प्रमुख बनने से पहले नड्डा की मदद करेंगे और काम सीखेंगे, ठीक वैसे ही जैसे नड्डा ने छह साल पहले शाह से सीखा था।

कौन हैं नितिन नवीन

45 साल के नितिन नवीन बिहार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। इसके साथ ही पटना के बांकीपुर से पांच बार के विधायक रहे हैं। वह पहली बार 26 साल की उम्र में विधायक बने थे, जब उनके पिता और बीजेपी के दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा की मौत के बाद पटना पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी।

नवीन बिहार और पूर्वी भारत से पहले बीजेपी प्रमुख बनने वाले हैं। अगर वह अगले साल पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख बनते हैं, तो वह इतिहास में सबसे कम उम्र के बीजेपी अध्यक्ष होंगे, जो नितिन गडकरी का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, जिन्होंने 52 साल की उम्र में पद संभाला था।

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Mon, 15 Dec 2025 18:54:04 +0530 news desk MPcg
भारतीय रेलवे की नई उपलब्धि, हाई&टेक एलएचबी कोचों के उत्पादन में 18% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी https://citytoday.co.in/4584 https://citytoday.co.in/4584 नई दिल्ली 
 भारतीय रेलवे ने उच्च तकनीक वाले लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के उत्पादन में लगातार बेहतरी दिखाई है, जो यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और रेलवे के बेहतर कार्य प्रदर्शन को दर्शाते हैं।   
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान कुल 4,224 एलएचबी कोच बनाए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है, जब केवल 3,590 कोच बनाए गए थे। रविवार को रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उत्पादन में यह वृद्धि रेलवे के विभिन्न कारखानों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बेहतर उत्पादन योजना का परिणाम है।

इस अवधि में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने 1,659 एलएचबी कोच बनाए, जबकि रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) ने 1,234 कोच और कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) ने 1,331 कोच बनाए, जिससे कुल मिलाकर एलएचबी कोचों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।

दीर्घकालिक तुलना में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। 2014 से 2025 तक भारतीय रेलवे ने 42,600 एलएचबी कोच बनाए, जो 2004 से 2014 के बीच बने 2,300 कोच से 18 गुना ज्यादा है। यह विस्तार सुरक्षा मानकों और कम रख-रखाव की विशेषताओं के कारण एलएचबी कोचों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

एलएचबी कोच आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक यात्री कोच हैं, जो जर्मन डिजाइन से विकसित हैं और आधुनिक सुविधाएं जैसे स्टेनलेस स्टील बॉडी, एडवांस्ड डिस्क ब्रेक्स और 160 किमी/घंटा तक की उच्च गति प्रदान करते हैं। इन कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग डिवाइस जैसे सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो पुराने आईसीएफ कोचों की जगह लेते हैं और राजधानी और शताबदी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में इस्तेमाल होते हैं।

भारतीय रेलवे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो रही है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को और बढ़ाना है, ताकि देश की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

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Mon, 15 Dec 2025 18:52:06 +0530 news desk MPcg
देश के ज्यादातर बड़े शहर जहरीली हवा की चपेट में....राहुल गांधी ने कहा& सरकार प्रदूषण रोकने प्लान बनाए https://citytoday.co.in/4580 https://citytoday.co.in/4580

रिजिजू ने कहा, हम संसद में चर्चा के लिए हैं तैयार नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में वायु प्रदूषण का अहम मुद्दा उठाया। यहां उन्होंने कहा, कि हमारे देश के ज्यादातर बड़े शहर जहरीली हवा की चपेट में हैं। लाखों बच्चे फेफड़ों संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। कैंसर से लोग पीड़ित हो रहे हैं। ऐसे में हम सभी को मिलकर इस दिशा में बेहतर काम करना चाहिए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, कि हम ऐसे अहम मामलों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। कांग्रेसा सांसद राहुल गांधी ने सदन में कहा, कि वायु प्रदूषण से जुड़ा यह एक अहम मुद्दा है। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार और हमारे बीच इस मसले पर एक सहमति होगी। इस सदन में मौजूद प्रत्येक सदस्य इस बात से सहमत होगा कि प्रदूषण के चलते देश के लोगों को जो नुकसान हो रहा है, उस पर हम सभी मिलकर काम करना चाहेंगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, कि बेहतर होगा कि हम चर्चा को इस बात पर केंद्रित न करें कि हम क्या नहीं कर सके और आप क्या नहीं कर पाए, बल्कि सीधे इस बात पर ध्यान दिया जाए, कि हम भविष्य में भारत की जनता के लिए क्या करने जा रहे हैं। हमें कौन-कौन से कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा, कि मेरा तो मानना ​​है कि हम एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की जगह, इस एक महत्वपूर्ण प्रदूषण वाले मुद्दे पर, जिस पर हम सहमत हैं, कोई असहमति नहीं है, चर्चा करें। आईये, भारत की जनता के भविष्य के बारे में बात की जाए। राहुल गांधी ने आगे कहा, कि वैसे भी यह कोई वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस सदन में मौजूद प्रत्येक सदस्य इस बात से सहमत होगा, कि वायु प्रदूषण और इससे हमारे लोगों को होने वाला नुकसान ऐसी चीज है जिस पर हम सभी मिलकर काम करना चाहेंगे। सदन में इसका जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, कि सरकार ने पहले दिन से ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। हम ऐसे सभी अहम मामलों पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह सरकार कांग्रेस और अन्य विपक्ष की पार्टियों के नेताओं से सुझाव लेने के लिए भी तैयार है।

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Fri, 12 Dec 2025 13:54:38 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड, हल्द्वानी: रेलवे जमीन विवाद सुप्रीम कोर्ट में फैसला आज https://citytoday.co.in/4577 https://citytoday.co.in/4577 Wed, 10 Dec 2025 16:14:19 +0530 news desk MPcg इंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन: रोज़ाना 115 फ्लाइट्स कैंसिल https://citytoday.co.in/4576 https://citytoday.co.in/4576 Tue, 09 Dec 2025 16:21:39 +0530 news desk MPcg मुंबई के CSMIA पर 9 बजे तक 109 इंडिगो फ्लाइट्स रद्द, दिल्ली एयरपोर्ट पर जारी एडवाइजरी https://citytoday.co.in/4564 https://citytoday.co.in/4564   नई दिल्ली

इंडिगो एयरलाइन में आई अचानक स्टाफ-शॉर्टेज और तकनीकी मैनेजमेंट से जुड़ी समस्या ने पूरे देश में हजारों यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया. दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम सहित कई एयरपोर्टों पर बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द या लेट हो रही हैं, जिससे एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भारी भीड़ है. कई जगह यात्रियों ने नाराजगी जताई, और सोशल मीडिया पर इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है.

इंडिगो के बेड़े और कनेक्टिविटी नेटवर्क की वजह से पूरे देश में इसका असर दिखा है. देर रात एयरपोर्ट प्राधिकरण और इंडिगो की ओर से एडवाइजरी जारी की जाती रहीं, मगर स्थिति देर रात 12 बजे तक भी संभलने में वक्त लग रहा था.

दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी.

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) दिल्ली ने रात में पैसेंजर एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया कि हम आपको अपडेट करना चाहते हैं कि इंडिगो की फ्लाइट सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति अवश्य जांच लें.

इसके साथ ही IGI ने अपनी वेबसाइट व एयरलाइंस से सीधे संपर्क करने की सलाह दी. सोशल मीडिया पर यह एडवाइजरी दिल्ली एयरपोर्ट के आधिकारिक X हैंडल से शेयर की गई. दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनलों पर रात के समय भीड़ है, क्योंकि कई यात्री अनिश्चितता के बीच अगले अपडेट का इंतजार करते रहे.

दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों का बुरा हाल

– मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज भी इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला जारी है. आज मुंबई से 109 फ्लाइट्स सुबह 9:00 बजे तक रद्द की गई हैं, जिनमें 51 अराइवल और 58 डिपार्चर फ्लाइट हैं. जिन लोगों ने मुंबई से वापस जाने के लिए इंडिगो की फ्लाइट की टिकट ली थी, वह भी कैंसल करवाने के लिए कतार में खड़े हैं. उनका कहना है कि इंडिगो की ऑनलाइन सेवा भी काम नहीं कर रही है. कस्टमर केयर सपोर्ट सिर्फ नाम के लिए ही बचा है, कोई फोन नहीं उठाता.

– दिल्ली की बात करें तो यहां IGI एयरपोर्ट के अनुसार, प्लान्ड इंडिगो कैंसलेशन 86 हैं. इनमें 37 डिपार्चर फ्लाइट्स और 49 अराइवल फ्लाइट्स शामिल हैं.

– चंडीगढ़ में इंडिगो की अब तक दस उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. बेंगलुरु, लखनऊ, लेह, श्रीनगर, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कुछ अन्य शहरों की उड़ानें रद्द हुई हैं. आज यात्रियों को पहले से जानकारी होने के कारण इंडिगो काउंटर पर यात्रियों की संख्या बहुत कम है.

– बैंगलोर की बात करें तो यहां 63 डिपार्चर फ्लाइट रद्द हुई हैं. वहीं 61 अराइवल रद्द हैं. 

– हैदराबाद में इंडिगो की तरफ से प्लान्ड कैंसलेशन जानकारी दी गई है, इमें अराइवल 26 और डिपार्चर 43 फ्लाइट्स रद्द हैं. यहां कुल 69 फ्लाइट्स कैंसल हैं.

– त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर निर्धारित इंडिगो उड़ानों की कुल संख्या डोमस्टिक अराइवल 11 और डिपार्चर 11 हैं. यहां इंटरनेशनल अराइवल 2, डिपार्चर 2 हैं. अब तक रद्द उड़ानें डोमस्टिक अराइवल 4, डोमस्टिक डिपार्चर 5 हैं. ये फ्लाइट्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए थीं.

– पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो स्टेटस सामने आया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, आज पुणे से शेड्यूल की गई कुल 42 इंडिगो फ्लाइट्स कैंसल कर दी गई हैं. जो फ्लाइट्स शाम 4 बजे के बाद ऑपरेट होने वाली थीं, वे पहले लेट हो गई थीं, लेकिन अब सभी इंडिगो डिपार्चर कैंसल हैं.

अहमदाबाद एयरपोर्ट: 7 अराइवल और 12 डिपार्चर फ्लाइट रद्द

अहमदाबाद हवाई अड्डे पर स्थिति सबसे गंभीर रही. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 12 AM से 6 AM के बीच 7 आगमन (Arrivals) उड़ानें रद्द हुई हैं, इसी के साथ 12 प्रस्थान (Departures) रद्द हुईं. यानी कुल 19 इंडिगो उड़ानें प्रभावित रहीं. इससे एयरपोर्ट परिसर के बाहर और भीतर यात्री परेशान रहे. कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें एयरलाइन की ओर से समय पर सही जानकारी नहीं मिली.

चेन्नई एयरपोर्ट पर इंडिगो की कई फ्लाइट्स कैंसल

चेन्नई एयरपोर्ट से इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द होने के बीच एयरलाइन का एक आंतरिक पत्र सामने आया है. 6 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में इंडिगो के ड्यूटी मैनेजर ने CISF के असिस्टेंट कमांडेंट को लिखा है कि रद्द की गई उड़ानों के यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश की अनुमति न दी जाए, ताकि एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.

इसमें कुल 29 फ्लाइट का जिक्र है, जिन्हें दिनभर विभिन्न शहरों के लिए रवाना होना था, लेकिन सभी को ऑपरेशनल कारणों से रद्द कर दिया गया. इनमें चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर, अहमदाबाद, गोवा, लखनऊ, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पटना, पुणे और कोच्चि जैसी प्रमुख रूटों की उड़ानें शामिल हैं. रद्द हुई उड़ानों के निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से लेकर देर रात 11:15 बजे तक फैले हुए थे, यानी लगभग पूरे दिन की शेड्यूलिंग प्रभावित हुई.

रद्द की गई फ्लाइट की सूची (समय सहित)

    फ्लाइट नं.    सेक्टर                               निर्धारित समय
    6E 845       चेन्नई – पोर्ट ब्लेयर (IXZ)           10:30
    6E 6374     चेन्नई – अहमदाबाद                  11:40
    6E 973       चेन्नई – गोवा                            12:20
    6E 515      चेन्नई – लखनऊ                        12:40
    6E 2578    चेन्नई – अहमदाबाद                   12:45
    6E 6058    चेन्नई – मुंबई                            12:55
    6E 6055    चेन्नई – बेंगलुरु                         13:15
    6E 5837    चेन्नई – मुंबई                            14:45
    6E 902      चेन्नई – जबलपुर                        15:45
    6E 979      चेन्नई – गुवाहाटी                        16:30
    6E 6158    चेन्नई – हैदराबाद                      16:50
    6E 147      चेन्नई – भुवनेश्वर                        17:50
    6E 6903    चेन्नई – कोच्चि                          18:20
    6E 3002    चेन्नई – कोयंबटूर                      18:25
    6E 9027    चेन्नई – मुंबई                            18:55
    6E 2010    चेन्नई – बेंगलुरु                         20:10
    6E 924      चेन्नई – कोच्चि                           20:15
    6E 684      चेन्नई – पटना                            20:20
    6E 6374    चेन्नई – दिल्ली                           21:00
    6E 3083    चेन्नई – हैदराबाद                      21:10
    6E 648      चेन्नई – कोलकाता                     21:10
    6E 923      चेन्नई – कोलकाता                    21:15
    6E 6145    चेन्नई – बेंगलुरु                        21:30
    6E 6051    चेन्नई – हैदराबाद                     22:10
    6E 157      चेन्नई – तिरुवनंतपुरम               22:20
    6E 5661    चेन्नई – पुणे                            22:30
    6E 6324    चेन्नई – कोलकाता                  23:05
    6E 6818    चेन्नई – दिल्ली                       23:15

मुंबई एयरपोर्ट: फर्श पर बैठकर इंतजार करते रहे यात्री, सीटिंग अरेंजमेंट तक करना पड़ा

मुंबई एयरपोर्ट पर स्थिति और भी जटिल दिखाई दी. बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन और देरी के बाद यात्रियों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि एयरपोर्ट प्राधिकरण को अस्थायी बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी. बच्चे, बुजुर्ग, पर्यटक और बिजनेस ट्रैवलर जमीन पर बैठकर इंतजार करते दिखे.

एक यात्री ने कहा कि अहमदाबाद वाली फ्लाइटें रद्द हो गईं. अब टैक्सी बुक करके जाना ही एकमात्र विकल्प है. एयरलाइन अधिकारियों को कुछ पता नहीं है, वे सिर्फ 'वेट' बोल रहे हैं.

लखनऊ में कैंसल हो गईं कई फ्लाइट्स

इंडिगो फ्लाइट्स में संकट जारी है. यहां कुल 8 फ्लाइट्स कैंसलहो गईं, जिनमें 7 इंडिगो फ्लाइट्स और 1 एयर इंडिया की फ्लाइट शामिल है. शाम 3.30 बजे दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट कैंसल हो गई है. वहीं जो इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसल हुई हैं, उनमें दिल्ली की फ्लाइट 6E 6737 सुबह 10.05 बजे, दिल्ली की फ्लाइट 6E 758 दोपहर 2.35 बजे, दिल्ली की फ्लाइट 6E 2292 शाम 4.20 बजे, कोच्चि की फ्लाइट 6E 435 शाम 4.50 बजे कैंसल हैं.

कोच्चि, जयपुर, इंदौर सहित देश के कई शहर प्रभावित

देशभर में इंडिगो ऑपरेशन सामान्य होने में कठिनाई की वजह से कई शहरों में यात्रियों ने घंटों इंतजार किया. कोच्चि (केरल) में एयरपोर्ट पर दर्जनों यात्री बोर्डिंग गेट पर लाइन में दिखाई दिए. इंदौर में कई यात्रियों ने शिकायत की कि एयरलाइन की ऐप और काउंटर अपडेट एक-दूसरे से अलग थे. जयपुर और अहमदाबाद में कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं शेयर कीं- खासकर कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी.

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर 6 फ्लाइटें रद्द

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट ने कैंसल फ्लाइट्स का डेटा जारी किया है. तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से इंडिगो की कुल निर्धारित फ्लाइट्स में डोमस्टिक अराइवल  11 और डिपार्चर 11 हैं. यहां इंटरनेशनल अराइवल 2 हैं, और डिपार्चर भी 2 फ्लाइट्स हैं. यहां अब तक कैंसल फ्लाइट्स में डोमस्टिक अराइवल 3 और डोमस्टिक डिपार्चर फ्लाइट्स 3 हैं.

स्टाफ इश्यू, सिस्टम सिंक्रोनाइजेशन और ऑपरेशनल वजह

इंडिगो में अचानक बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित होने, ऑपरेशनल टीम के बीच समन्वय की समस्या और एयरक्रू उपलब्धता की वजह से उड़ानें प्रभावित हुईं. कई क्रू मेंबर सीक्वेंसिंग में फंस गए, जिससे एक-एक करके कई उड़ानें प्रभावित हो गईं. हालांकि एयरलाइन ने बयान में कहा कि हम स्थिति को सामान्य कर रहे हैं. ऑपरेशंस तेजी से बहाल हो रहे हैं.

अभिनेता सोनू सूद की अपील- स्टाफ भी तनाव में है, सहयोग करें

इस बीच अभिनेता सोनू सूद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक संदेश लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि फ्लाइट में देरी होना निराशाजनक है, लेकिन उन लोगों के चेहरों को याद रखें, जो इसे ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं. कृपया इंडिगो स्टाफ के साथ अच्छा और विनम्र व्यवहार करें; वे भी कैंसलेशन का बोझ उठा रहे हैं.

भारतीय रेलवे यात्रियों की मदद के लिए मैदान में उतरा- 116 अतिरिक्त कोच लगाए

फ्लाइट कैंसिलेशन के चलते भारी संख्या में लोग ट्रेन यात्रा की ओर भागे. रेलवे ने रातोंरात बड़ा कदम उठाते हुए 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लिया है. रेलवे मंत्रालय ने कहा कि सबसे अधिक ऑगमेंटेशन 18 ट्रेनों में है. चेयर कार और स्लीपर क्लास कोच जोड़े गए हैं. यह सुविधा 6 दिसंबर से प्रभावी है. 

इसके अलावा अन्य 8 ट्रेनों में 3AC और चेयर कार कोच जुड़े हैं. 4 व्यस्त ट्रेनों में 3AC/2AC कोच जोड़े गए हैं. राजेन्द्र नगर- नई दिल्ली (12309) में 6-10 दिसंबर के बीच अतिरिक्त 2AC कोच लगे हैं. भुवनेश्वर-नई दिल्ली ट्रेनों में 5 ट्रिप के लिए 2AC कोच हैं. 7-8 दिसंबर को 3 प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर क्लास कोच होंगे. 6-13 दिसंबर के बीच 8 ट्रिप में 3AC और स्लीपर क्लास का विस्तार किया गया है.

रेलवे ने साथ ही 4 स्पेशल ट्रेनें भी चलाईं, जिनमें गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल, नई दिल्ली-कैप्टन तुषार महाजन वंदे भारत स्पेशल, नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल, हजरत निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम सुपरफास्ट स्पेशल शामिल हैं.

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Sat, 06 Dec 2025 15:28:16 +0530 news desk MPcg
ब्रिगेड मैदान बनेगा ‘गीता तीर्थ’ : कोलकाता में आज पांच लाख से ज्यादा लोग करेंगे एकसाथ गीता पाठ, तैयारियां पूरी https://citytoday.co.in/4563 https://citytoday.co.in/4563 कोलकाता 
बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार यानी  7 दिसंबर को सामूहिक गीता पाठ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले इस आयोजन में पांच लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह जानकारी शुक्रवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में गीता पाठ कार्यक्रम के अध्यक्ष और सनातन संस्कृति संसद के सभापति स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज ने दी।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया गया
स्वामी निर्गुणानंद महाराज ने बताया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित देश भर के प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। कायक्रम में मुख्य अतिथि पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा होंगी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, बाबा रामदेव, जितेन्द्रानन्द और गोरखपुर के गीताप्रेमी संत भी उपस्थित रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह देश का सबसे बड़ा गीता पाठ होगा। इससे पहले नवद्वीप, कोलकाता और सिलिगुड़ी में सफल गीता यज्ञ का आयोजन हो चुका है।

कई राज्य के लोग होगे शामिल
इस बार असम, त्रिपुरा, दिल्ली, बिहार और ओडिशा सहित कई राज्यों से लोगों के आने की उम्मीद है। नेपाल और बांग्लादेश से भी संत और गीता प्रेमियों को आमंत्रण भेजा गया है। कार्तिक महाराज ने बताया कि इस कार्यक्रम का किसी भी प्रकार की राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उद्देश्य केवल आम लोगों तक सनातन की मूल भावना और गीता के संदेश को पहुंचाना है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण आवश्यक नहीं है। हर इच्छुक व्यक्ति आ सकता है। कुल 25 गेट बनाए जा रहे हैं और पूरा परिसर अर्ध चंद्राकार संरचना में तैयार किया जा रहा है। सभी प्रतिभागियों को गीता की प्रति नि:शुल्क दी जाएगी।

पार्थ सारथी, चैतन्य और शंकराचार्य तीन मंच बनाए गए हैं जिन पर क्रमशः प्रथम, नवम और 18वां अध्याय का पाठ होगा। सुबह 8 बजे वैदिक पाठ का संचालन रविंद्रनाथ भट्टाचार्य करेंगे जो कलकत्ता विश्वविद्यालय के डीन रहे हैं। 9.30 बजे से प्रवचन शुरू होंगे और 11.30 बजे तक जारी रहेंगे। शंख ध्वनि और उलूक ध्वनि के साथ पूरे परिसर का माहौल आध्यात्मिक बनाया जाएगा। 12.30 बजे तक सामूहिक गीता पाठ पूरा होगा और अंत में गीता पाठ के उद्देश्य का संकल्प पाठ कराया जाएगा।

 

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Sat, 06 Dec 2025 15:25:04 +0530 news desk MPcg
त्योहारों और छुट्टियों के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, 14 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान https://citytoday.co.in/4562 https://citytoday.co.in/4562 नई दिल्ली

त्योहारों और वेकेशन सीजन में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने 14 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा कर दी है. ये ट्रेनें विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहर लखनऊ, नागपुर, बेंगलुरु, गोरखपुर, मदगांव और दिल्ली के बीच चलाई जाएंगी. इन ट्रेनों में सभी क्लास के कोच होंगे, ताकि हर श्रेणी के यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिल सके.

सेंट्रल रेलवे का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए 14 स्पेशल ट्रेन सेवाओं की घोषणा की गई है. ये ट्रेनें त्योहारों, गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों को भीड़ से राहत देने के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं. रेलवे का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाने के लिए विभिन्न रूटों पर ऑन-डिमांड स्पेशल ट्रेनें प्लान की गई हैं.

इन स्पेशल ट्रेनों में एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकंड क्लास- सभी तरह के कोचों की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इससे हर तरह के यात्री वर्ग को बेहतर विकल्प मिलेगा.

स्पेशल ट्रेनें किन रूटों पर, किस समय चलेंगी…

– लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से लखनऊ: 6 दिसंबर को दोपहर 12:15 बजे
– छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) मुंबई से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली): 6 दिसंबर की शाम 05:15 बजे
– पुणे से बेंगलुरु: 6 दिसंबर को शाम 7:00 बजे
– नागपुर से CSMT मुंबई: 6 दिसंबर को रात 10:10 बजे
– LTT से मदगांव: 7 दिसंबर को सुबह 11:10 बजे

– CSMT मुंबई से नागपुर: 7 दिसंबर की दोपहर 3:30 बजे
– LTT से हैदराबाद: 7 दिसंबर को शाम 5:20 बजे
– पुणे से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली): 7 दिसंबर को रात 8:20 बजे

रेलवे ने यह भी कहा है कि यात्रियों की जरूरत के अनुसार और भी स्पेशल ट्रेनें प्लान की जा रही हैं. जल्द ही इनके बारे में भी जानकारी शेयर की जाएगी.

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Sat, 06 Dec 2025 15:20:37 +0530 news desk MPcg
भारत न्यूट्रल नहीं, निर्णायक भूमिका में—रूसी राष्ट्रपति पुतिन से पीएम मोदी का बड़ा संदेश https://citytoday.co.in/4550 https://citytoday.co.in/4550 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक करने जा रहे हैं। इस शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। बैठक हैदराबाद हाउस में होने जा रही है। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति राजघाट गए थे। शिखर वार्ता से पहले राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने पुतिन के साथ शिखर वार्ता के दौरान कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष में तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष संवाद और कूटनीति के माध्यम से खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।' इस दौरान पुतिन ने कहा कि रूस इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पिछले दिनों विश्व समुदाय के सभी नेताओं से जब भी मेरी बात हुई है और उन्होंने जब भी विस्तार से चर्चा की तब मैंने कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है भारत का पक्ष है और वो पक्ष शांति का है। हम शांति के हर प्रयास का समर्थन करते हैं और इसके हर प्रयास के साथ हैं…मुझे पूरा भरोसा है हम आज कई विषयों पर चर्चा करने वाले हैं। भारत और रूस का आर्थिक संबंधों का अधिक विस्तार हो। हम नई-नई ऊंचाईयों को प्राप्त करे…।'

उन्होंने कहा, 'यूक्रेन के संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है आपने भी समय-समय पर एक सच्चे मित्र के रूप में हमें सभी चीजों से अवगत कराया। मैं समझता हूं कि ये विश्वास बहुत बड़ी ताकत है और आपको मैंने अनेक बार इस विषय पर चर्चा की है….विश्व का कल्याण शांति मार्ग पर ही है हम सबको मिलकर शांति के राह तलाशने चाहिए और पिछले दिनों जो प्रयास चल रहे हैं मुझे पूरा विश्वास है कि विश्व फिर से एक बार शांति की दिशा में लौटेगा।'

पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी समिट कई नतीजों के साथ चल रही है। आपकी यात्रा बहुत ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं। उस पहली यात्रा में ही स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की मजबूत नींव रखी गई थी। मैं पर्सनली भी बहुत खुश हूं कि पर्सनल लेवल पर आपके साथ मेरे रिश्तों ने भी 25 साल पूरे कर लिए हैं। मेरा मानना ​​है कि 2001 में आपने जो रोल निभाया, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक विजनरी लीडर कैसे होता है, वह कहां से शुरू करता है और रिश्तों को कहां तक ले जा सकता है इसका एक उत्तम उदाहरण भारत और रूस के संबंध हैं।'

खास बात है कि राष्ट्रपति पुतिन 4 साल बाद भारत यात्रा पर आए हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका की तरफ से लगातार भारत को रूसी तेल की खरीद के कारण निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। साथ ही अमेरिका ने जी7 देशों से अपील की है कि रूसी तेल खरीदने वालों पर कार्रवाई की जाए।

 

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Fri, 05 Dec 2025 17:58:24 +0530 news desk MPcg
भारत में दिखेगा पुतिन का ‘अभेद्य रथ’! क्यों Aurus Senat को कहा जाता है दुनिया की सबसे सुरक्षित कार? https://citytoday.co.in/4535 https://citytoday.co.in/4535 नई दिल्ली 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को ऐतिहासिक दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में खास है और इस यात्रा पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। पुतिन के दौरे से पहले एक बार फिर उनका ‘अभेद्य रथ’ चर्चा में आ गया है। दरअसल रूसी राष्ट्रपति के साथ उनकी गाड़ियों का काफिला भी भारत आ रहा है, जिसमें दुनिया की सबसे सुरक्षित और सीक्रेट कार Aurus Senat भी शामिल रहेगी। बता दें कि पुतिन की यह खास बुलेटप्रूफ लिमोजिन उनके हर विदेश दौरे पर रूसी राष्ट्रपति के साथ ही यात्रा करती है।

पुतिन का यह खास सुरक्षा कवच, हाल ही में चीन में हुए शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान सुर्खियों में रहा। इसकी वजह रही पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक साथ Aurus Senat में सफर करना। उस वक्त पुतिन ने करीब दस मिनट पीएम मोदी का गाड़ी में इंतजार किया था और दोनों नेताओं ने लगभग एक घंटे तक कार में बैठकर बातचीत की थी। इसके अलावा रूस ने 2024 में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को यह कार तोहफे के रूप में भी दिया था।
हाई-टेक सिक्योरिटी सिस्टम से लैस

Aurus Senat रूस की स्वदेशी लग्जरी लिमोजिन है, जिसे खास तौर पर राष्ट्रपति और सरकारी इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसे अक्सर रसियन रॉल्स रॉयस भी कहा जाता है। यह गाड़ी प्रीमियम और पूरी तरह से हाई-टेक सिक्योरिटी सिस्टम से लैस है। इस कार से पहले पुतिन मर्सिडीज बेंज S600 गार्ड पुल्मैन का इस्तेमाल करते थे, लेकिन बाद में रूस ने विदेशी कारों की जगह अपनी खास प्रोजेक्ट के तहत बनी इस कार को अपनाया।

कितनी है कीमत?
पुतिन सबसे पहले इस कार में 2018 में देखे गए थे। 2021 से इसका मास प्रोडक्शन शुरू हुआ। इसका एक लिमिटेड सिविलियन वर्ज़न भी है, जिसकी हर साल सिर्फ 120 यूनिट बनाई जाती हैं। इस कार की बेस कीमत करीब 18 मिलियन रूबल यानी लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। हालांकि पुतिन की खास आर्मर्ड वर्ज़न में कई सीक्रेट सिक्योरिटी फीचर शामिल हैं, जिसकी कीमत लगभग दोगुनी से भी ज्यादा है।

क्यों कहा जाता है अभेद्य रथ?
Aurus Senat को किसी भी हमले में राष्ट्रपति की जान बचाने के लिए तैयार किया गया है। यह कार पूरी तरह बुलेटप्रूफ है और हाई-कैलिबर और आर्मर-पियर्सिंग गोलियों को रोकने में सक्षम है। इसमें ड्रोन और मिसाइल अटैक प्रूफ प्रोटेक्शन भी दिया गया है। अगर कार पानी में गिर जाए तो यह तैरते हुए आगे बढ़ने की क्षमता रखती है। इसके सभी टायर बर्बाद होने के बाद भी यह हाई स्पीड में दौड़ सकती है। केबिन को केमिकल अटैक से सुरक्षित रखने के लिए इंडिपेंडेंट एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाया गया है। वहीं 4.4 लीटर का ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन की मदद से यह महज 6 से 9 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति तक पहुंच सकता है। कार के अंदर लेदर इंटीरियर, क्लाइमेट कंट्रोल और सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम की सुविधा दी गई है, जो इसे एक अल्ट्रा लग्जरी और हाई-टेक वाहन बनाते हैं।

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Thu, 04 Dec 2025 16:42:41 +0530 news desk MPcg
जैश&ए&मोहम्मद की महिला विंग का बड़ा खुलासा: 5000 महिला आतंकी, फिदायीन ट्रेनिंग, मसूद अजहर ने लीक किया प्लान https://citytoday.co.in/4534 https://citytoday.co.in/4534 नई दिल्ली

 आतंकी मसूद अजहर पाकिस्तान में बैठकर लगातार जिहादी साजिशों में लगा है. वह जिहाद के नाम पर महिला आतंकियों की फौज खड़ी कर रहा है. लगातार महिला आतंकियों की संख्या में इजाफा कर रहा है. इस बीच जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात-उल-मुमीनात’ पर अब बड़ा खुलासा है. आतंकी मसूद अजहर ने खुद एक पोस्ट कर अपना नापाक प्लान लीक किया है. जी हां, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जैश-ए-मोहम्मद ने अपना नापाक प्लान बता दिया है. जैश की वुमन विंग यानी जमात-उल-मुमीनात में अब तक पांच हजार जिहादी महिलाओं की भर्ती की गई है. इन महिला आतंकियों का ब्रेन वॉश कर इन्हें फिदायीन ट्रेनिंग दी जा रही है.

आतंकी मसूद अजहर ने पोस्ट में लिखा कि जैसे-जैसे जैश की इस महिला विंग में महिला सदस्यों की संख्या बढ़ रही है, अब जरूरत है जिलावार जमात-उल-मुमीनात तंजीम तैयार की जाए. यानी पीओके (POK) के हर जिले में जमात-उल-मुमीनात का ऑफिस होगा, जहां भर्ती से लेकर आतंकी ट्रेनिंग पूरी होगी. आतंकी मसूद ने पोस्ट में ये भी लिखा है कि जमात उल मुमीनात में शामिल कुछ महिलाओं ने चिट्ठी लिखकर बताया कि जमात में शामिल होते ही उन्हें अपनी ज़िंदगी का मकसद मिल गया है.

सोशल मीडिया पोस्ट में क्या?

    आतंकी मसूद अजहर ने अपनी पोस्ट में अमेरिका की नेब्रास्का यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए लिखा है कि अमेरिका की नेब्रास्का यूनिवर्सिटी ने पाकिस्तान में जिहादी माहौल पैदा किया. हालांकि यह ऐसा झूठ है जो शायद शैतान को भी न सूझे, लेकिन हमारे कई कॉलमिस्ट, कुछ मंत्री और कुछ बुद्धिजीवी इसे सच मान बैठे हैं. अजीब बात है कि एक यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम ने लाखों मुजाहिद खड़े कर दिए…और एक सुपर पावर को हरा दिया?

आतंकी मसूद अजहर का क्या मकसद
उसने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है, ‘अल्लाह तआला हर मुसलमान को अपनी ज़िंदगी का मकसद समझने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए. आज कुछ बातें संक्षेप में पेश कर रहा हूं… अगर मौका मिला तो आने वाले दिनों में इनकी तफसील भी लिखूंगा, इंशाअल्लाह.’ दरअसल, अपने पोस्ट के जरिए आतंकी मसूद अजहर महिला आतंकियों की फौज का गुनगान कर रहा है. वह क्लास में महिला आतंकियों को सुसाइड बॉम्बर बनने की ट्रेनिंग दे रहा है.

क्या है जैश का महिला विंग
अब सवाल है कि आखिर जैश की यह महिला विंग क्या है. दरअसल, आतंकी संगठन जैश की महिला विंग का नाम है जमात-उल-मोमीनात. इस विंग में आंतकवादी पतियों की विधवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर महिला को बहला-फुसला कर शामिल किया जा रहा है. उन्हें जिहाद के लिए बरगलाया जा रहा है. उन्हें बहला-फुसला कर जिंदगी का वह मकसद बताया जा रहा है, जो कहीं से उनकी जिंदगी के लिए सही नहीं है. बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान बेस्ड इस आतंकी संगठन में महिलाओं को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए ट्रेन किया जा रहा था. उन्हें डिजिटल क्लासेस में हिंदू महिलाओं के खिलाफ हेट स्पीच दी जा रही थी और यही नहीं पुरुष आंतकवादियों की तरह महिलाओं को भी फिदायीन बनने के लिए फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जा रही थी.

किसके हाथ में कमान
खबरों की मानें तो आतंकी मसूद अजहर ने अपनी बहन सादिया अजहर को जैश की महिला विंग का प्रमुख बनाया है. दूसरी बहन समायरा अजहर (उर्फ उम्मे मसूद) और पुलवामा हमलावर उमर फारूक की पत्नी अफीरा फारूक ऑनलाइन भर्ती और प्रचार का काम संभाल रही हैं. यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रहा है. उसके इस वीडियो के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. महिलाओं को शामिल कर जैश खुफिया जानकारी जुटाने, फंडिंग और हमलों में नई रणनीति अपना रहा है.

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Thu, 04 Dec 2025 16:18:23 +0530 news desk MPcg
NIA की बड़ी कार्रवाई: बिहार और हरियाणा में 22 ठिकानों पर छापेमारी, आतंकी साजिश का खुलासा https://citytoday.co.in/4532 https://citytoday.co.in/4532  नई दिल्ली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए बिहार और हरियाणा में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया है. यह मामला आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़ी चल रही आतंकी साजिश की जांच से संबंधित है. इस मामले को एनआईए की पटना शाखा ने दर्ज किया था. यह जांच भारत में आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कट्टरता, भर्ती और फंडिंग गतिविधियों पर केंद्रित है. 

केस 2025 की शुरुआत में शुरू किया गया था, जिसमें एफआईआर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज की गई थी.

एनआईए ने हरियाणा और बिहार को मिलाकर कुल 22 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. तलाशी का मकसद मामले से जुड़े सबूत और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना था. एफआईआर आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी.

अहम सामग्री मिलने की संभावना…

तलाशी के दौरान एनआईए को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री मिलने की संभावना है. ये वस्तुएं आईएसआईएस से जुड़े इस आतंकी साजिश की जांच में महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकती हैं, जिससे कट्टरता, भर्ती और फंडिंग नेटवर्क को समझने में मदद मिलेगी.

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Thu, 04 Dec 2025 14:25:43 +0530 news desk MPcg
HC ने माना सही: पति के दावे में मिले अवैध संबंध के पक्के सबूत https://citytoday.co.in/4517 https://citytoday.co.in/4517  तिरुअनंतपुरम

केरल हाई कोर्ट ने मेंटनेंस के एक केस की सुनवाई के दौरान अहम फैसला दिया। अदालत ने कहा कि वैवाहिक संबंधों में व्यभिचार की बात परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से ही साबित की जा सकती है। जस्टिस कौसर ईदप्पागथ ने कहा कि सीआरपीसी के सेक्शन 125 के तहत मेंटनेंस का केस सिविल नेचर का है। यदि पति यह कह रहा है कि उसकी पत्नी के विवाहेतर संबंध हैं और वह व्यभिचार में शामिल हैं तो उसकी ओर से दिए गए परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ही कुछ तय करना होगा। ऐसे मामलों में पक्के सबूत कहां मिलते हैं। ऐसा होना तो दुर्लभ ही होता है।

अदालत ने कहा, 'पति जब यह आरोप लगाता है कि उसकी पत्नी व्यभिचार में शामिल है और इसलिए वह मेंटनेंस की हकदार नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में यदि वह परिस्थितिजन्य सबूत देता है तो वही पर्याप्त होगा। आमतौर पर ऐसी चीजें तो पूरी गोपनीयता और सीक्रेसी के साथ होती हैं। ऐसे मामलों में पक्के सबूत मिल पाना तो दुर्लभ ही होता है। ऐसी स्थिति में व्यभिचार को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के माध्यम से ही साबित किया जा सकता है। इसलिए यदि ऐसे कोई सबूत मुहैया कराए जाएं तो उसके आधार पर ही किसी निर्णय तक पहुंचना होता है।'

अदालत ने यह फैसला एक शख्स की याचिका पर दिया, जिसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चैलेंज किया था। फैमिली कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह अपनी तलाकशुदा पत्नी को मासिक गुजारा भत्ता दे। इसी को चैलेंज देते हुए शख्स ने हाई कोर्ट का रुख किया। पति का कहना था कि यदि मेरी मेरी पत्नी किसी और के साथ है और व्यभिचार में शामिल है तो फिर वह गुजारा भत्ता की हकदार नहीं है।

क्या था फैमिली कोर्ट का आदेश, जिसे HC में मिली चुनौती

हालांकि फैमिली कोर्ट ने शख्स की अपील को खारिज कर दिया था और उसे आदेश दिया था कि वह पत्नी को हर महीने 7,500 रुपये का गुजारा भत्ता दे। इस फैसले को हाई कोर्ट में पति ने चुनौती दी। उसके वकील ने कहा कि यदि महिला किसी और के साथ है तो वह गुजारा भत्ता की हकदार नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल ने इस बात के पर्याप्त सबूत मुहैया कराए हैं कि वह किसी और के साथ है और व्यभिचार में शामिल है।

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Wed, 03 Dec 2025 18:19:20 +0530 news desk MPcg
राजीव गांधी एयरपोर्ट पर हंगामा! तकनीकी खराबी से IndiGo की फ्लाइट रद्द, यात्री घंटों रहे परेशान https://citytoday.co.in/4516 https://citytoday.co.in/4516 हैदराबाद 
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर यात्रियों को बुधवार को उस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा जब IndiGo एयरलाइन की कुछ उड़ानें तकनीकी ख़राबी के कारण अचानक रद्द कर दी गईं। एयरलाइन के सूत्रों के अनुसार कुछ विमानों में अप्रत्याशित तकनीकी दिक्कतों का पता चलने के बाद यह फैसला लिया गया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंडिगो प्रबंधन ने तुरंत प्रभावित उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है।

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Wed, 03 Dec 2025 18:03:12 +0530 news desk MPcg
पोलैंड विदेश मंत्री का दावा: पीएम मोदी पुतिन से यूक्रेन युद्ध रोकने की अपील कर सकते हैं https://citytoday.co.in/4500 https://citytoday.co.in/4500 नईदिल्ली 
पोलैंड के विदेश मंत्री व्लादिस्लाव तोफिल बार्टोजूस्की भारत यात्रा पर हैं। खास बात है कि उनकी यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत का दौरा करने जा रहे हैं। इस बीच बार्टोजूस्की ने एक भारतीय अखबार को दिए इंटरव्यू में रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध रुकवाने में भारत की भूमिका पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात पर पुतिन ध्यान देते हैं।

बार्टोजूस्की ने कहा, 'मुझे बहुत उम्मीद है कि जब वह दिल्ली आएंगे, तो पीएम मोदी उन्हें शांति स्थापित करने के लिए कहेंगे। जैसा कि मैंने कहा कि 6-7 महीने पहले जब मैं यहां था, तब पीएम मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पुतिन से यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा था। और दोनों ने सही काम किया…।'

उन्होंने आगे कहा, 'तो मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी पुतिन से कहेंगे कि देखिए राष्ट्रपति आपको यूक्रेन के साथ शांति समझौता कर लेना चाहिए, क्योंकि संघर्ष से हमारा, आपका या किसी का भी कोई फायदा नहीं है। क्योंकि यह भारत को भी प्रभावित करता है, कारण है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दो बड़ी रूसी कंपनियों से तेल निकलना बैन कर दिया है…। भारत की (रूस से) बड़ी सप्लाई है, जो काफी कम हो चुकी है।'

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप जिन टैरिफ का इस्तेमाल देशों पर प्रभाव डालने के लिए कर रहे हैं, वो भारत के हित में नहीं हैं। हम टैरिफ के खिलाफ थे, क्योंकि हम फ्री ट्रेड के पक्ष में हैं। यह भारत के पक्ष में है कि यूक्रेन में कोई युद्ध न हो और यह सामान्य है। सामान्य व्यापार बहाल होगा और भारत को इससे फायदा होगा।'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि भारत के पास एक फायदा है, क्योंकि भारत एक गंभीर देश है जो सोवियत संघ का लंबे समय तक मित्र रहा और अब रूस का है…। भारत को रूस के दुश्मन की तरह नहीं देखा जाता और यहां सालों से करीबी संबंध हैं। इसका मतलब है कि यह है कि आपके पास फायदा है, क्योंकि आप दोस्तों की तरह बात कर रहे हैं…।'

उन्होंने कहा, 'लेकिन रूस अलग है, उसे अलग तरीके से देखा जाता है। हां जो देश रूस पर वास्तव में दबाव डाल सकता है, वह चीन है, क्योंकि 80 फीसदी डुअल यूज मटेरियल चीन से आता है और चीन रूस से काफी फॉसिल फ्यूल लेता है। और उसके पास रूसी क्षेत्र तक कई चीजों की पहुंच रोकने की क्षमता है। चीन उत्तर कोरिया के सैनिकों को रूस में लड़ने से रोक सकता है।'

उन्होंने कहा, 'चीन के पास युद्ध रोकने की बड़ी संभावनाएं हैं। जबकि, भारत एक गंभीर देश है, जिसके रूस के साथ अच्छे संबंध हैं और इसके चलते वह कुछ दबाव डाल सकता है, जैसा कि उसने टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों के मामले में किया था। यह चीन के लिए उतना आसान नहीं है। रूस धीरे-धीरे चीन का गुलाम बनता जा रहा है। वो बराबर नहीं हैं। वो निर्भर हैं। पुतिन पीएम मोदी की बातों पर ध्यान देते हैं।'

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Tue, 02 Dec 2025 18:22:25 +0530 news desk MPcg
दिल्ली&मुंबई एयरपोर्ट पर बढ़ेगा सफर खर्च, यात्रियों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ https://citytoday.co.in/4490 https://citytoday.co.in/4490 नई दिल्ली

दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब यात्रियों के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है। दोनों प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यूजर चार्जेस में 22 गुना तक की भारी बढ़ोतरी की आशंका है। यह स्थिति टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) के हालिया आदेश के बाद बनी है, जिसमें 2009 से 2014 की अवधि के लिए टैरिफ गणना का तरीका बदल दिया गया है।

नई गणना के अनुसार, इन पांच वर्षों में एयरपोर्ट ऑपरेटरों को 50,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। अब यह नुकसान यात्रियों से वसूले जाने वाले चार्जेज जैसे UDF, लैंडिंग और पार्किंग फीस के जरिए पूरा किया जा सकता है। इससे हवाई किराए पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और टिकटों की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इस फैसले के खिलाफ AERA, घरेलू एयरलाइंस और लुफ्थांसा, एयर फ्रांस और गल्फ एयर जैसी विदेशी एयरलाइंस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, सुनवाई बुधवार को होगी।

सूत्रों के मुताबिक, आदेश लागू होने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों से वसूला जाने वाला यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) 129 रुपए से बढ़कर 1,261 रुपए हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह फीस 650 रुपए से बढ़कर 6,356 रुपए तक जा सकती है।

मुंबई एयरपोर्ट में भी तस्वीर बेहद चिंताजनक है- घरेलू यात्रियों की UDF 175 रुपए से बढ़कर 3,856 रुपए, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की फीस 615 रुपए से बढ़कर 13,495 रुपए तक पहुंच सकती है।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी से यात्रियों की संख्या पर गंभीर असर पड़ेगा। एक अधिकारी के अनुसार, “एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस के बीच कानूनी विवादों का खामियाजा यात्रियों को नहीं भुगतना चाहिए।”

विवाद की जड़ क्या है?

यह विवाद करीब दो दशक पुराना है। 2006 में एयरपोर्ट्स के निजीकरण के दौरान एसेट्स के मूल्यांकन से जुड़े कई बिंदुओं पर विवाद शुरू हुआ था। AERA हर पांच साल में एयरपोर्ट टैरिफ तय करता है, जिसमें ऑपरेटर के निवेश और कमाई को आधार माना जाता है लेकिन AERA का गठन 2009 में हुआ, जबकि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट की जिम्मेदारी उससे तीन साल पहले DIAL (GMR समूह) और MIAL (तब GVK, अब अडानी समूह) को सौंप दी गई थी। उस समय उपलब्ध एसेट्स का डेटा विश्वसनीय नहीं था।

इसलिए सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच Hypothetical Regulatory Asset Base (HRAB) पर सहमति बनी, जो संपत्ति का काल्पनिक मूल्य निर्धारित करता है ताकि टैरिफ तय किया जा सके।

किस मुद्दे पर टकराव?

FY09–14 की टैरिफ गणना में AERA ने केवल एरोनॉटिकल एसेट्स—जैसे रनवे, टर्मिनल, चेक-इन काउंटर—को शामिल किया लेकिन ऑपरेटर DIAL और MIAL का कहना था कि नॉन-एरोनॉटिकल एसेट्स, जैसे ड्यूटी फ्री दुकानें, लाउंज और पार्किंग, का मूल्य भी शामिल होना चाहिए।

AERA के इस फैसले को 2018 में TDSAT और 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था। बाद में ऑपरेटरों ने मंत्रालय की 2011 की चिट्ठी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार का आवेदन दिया। कोर्ट ने मामला फिर से TDSAT को भेज दिया।

TDSAT का पलटा हुआ आदेश

जुलाई में TDSAT ने अपना पुराना फैसला बदलते हुए ऑपरेटरों के पक्ष में निर्णय दिया और कहा कि टैरिफ निर्धारण में नॉन-एरोनॉटिकल एसेट्स को भी शामिल किया जाना चाहिए।
इसके आधार पर अनुमान लगाया गया कि दोनों एयरपोर्ट्स को FY09–14 के दौरान 50,000 करोड़ रुपए अधिक कमाने चाहिए थे, जिसकी भरपाई अब UDF बढ़ाकर की जा सकती है।

भले ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है लेकिन एयरपोर्ट शुल्कों में तेजी से बढ़ोतरी संसद में भी चिंता का विषय रही है। एक संसदीय समिति ने इस साल की शुरुआत में मंत्रालय को तलब कर कहा था कि निजीकरण के बाद एयरपोर्ट चार्जेज कई गुना बढ़े हैं, जिससे यात्रियों पर भारी बोझ पड़ रहा है।

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Tue, 02 Dec 2025 12:24:27 +0530 news desk MPcg
ट्रंप टैरिफ की हवा निकाल दी! मोदी सरकार के प्लान&B ने बचाई भारतीय अर्थव्यवस्था—जानें कैसे हुआ कमाल https://citytoday.co.in/4489 https://citytoday.co.in/4489 ट्रंप टैरिफ की हवा निकाल दी! मोदी सरकार के प्लान-B ने बचाई भारतीय अर्थव्यवस्था—जानें कैसे हुआ कमाल

India Plan-B on Tariff: ट्रंप की चाल हुई फेल, मोदी सरकार की रणनीति ने किया बड़ा असर

मोदी सरकार का प्लान-B आया काम, ट्रंप टैरिफ का असर किया बेअसर—भारत ने ऐसे पलट दिया खेल

 

नई दिल्ली

यह कहना कि अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव पूरी तरह असफल हो गया, थोड़ी जल्दबाजी होगी. लेकिन ये तो अब कहा ही जा सकता है कि भारत ने अमेरिकी टैरिफ का तोड़ निकाल लिया है. दूसरी तिमाही में जीडीपी के आंकड़े बता रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की दबाव नीति काम नहीं आई. 

दरअसल, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.2% रही, जो कि उम्मीद से बढ़कर है. क्योंकि RBI ने 6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया था. तमाम रेटिंग एजेंसियों ने भी 7.0-7.6 फीसदी के बीच जीडीपी ग्रोथ रहने का भरोसा जताया था, यानी हर पैमाने पर भारतीय अर्थव्यवस्था में बेहतर करती दिख रही है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग में 9.1% और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 7.2% उछाल देखने को मिली है. सर्विस-सेक्टर का भी शानदार प्रदर्शन रहा है.

अमेरिका ने थोपा एकतरफा टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रणनीति अब फेल होती नजर आ रही है, ट्रंप ने भारत में एकतरफा 50 फीसदी टैरिफ थोप दिया, उन्हें लगा है कि टैरिफ के दबाव में भारत झुक जाएगा, और वो अपनी बातें मनवाने में कामयाब हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और अब उसका परिणाम भी दिख रहा है कि ट्रंप की दबाव नीति की हवा निकल चुकी है. बड़ेबोले ट्रंप ने तो भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डैड इकोनॉमी' तक करार दे दिया था. 

लेकिन हकीकत में भारतीय अर्थव्यवस्था को रोकने के लिए ट्रंप ने चाल चली थी, उसे सरकार ने अपने प्लान-बी से फ्लॉप कर दिया, और भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में दूसरी तिमाही में जीडीपी के आंकड़े ट्रंप की दबाव नीति को करारा जवाब है. कहा तो ये भी जा रहा है कि तीसरी तिमाही में और बेहतर जीडीपी के आंकड़े आ सकते हैं. 

क्या है भारत का प्लान-B

अब आइए जानते हैं कि आखिर भारत ने ऐसा क्या किया, जिससे ट्रंप टैरिफ बेअसर हो गया. दुनिया जानती है कि खपत के लिहाज भारत आज के दौर में सबसे बड़ा बाजार है, हर कोई इस बाजार में प्रवेश करना चाहता है. क्योंकि भारत में डिमांड बनी हुई है. यही देश की सबसे बड़ी ताकत है. 

दरअसल, बात बेनतीजा होने के बाद अमेरिका ने जिस तरह से भारत पर रूसी तेल खरीदने का बहाना बनाकर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया, उसी दिन से भारत ने अपना प्लान-B को जमीन पर उतारने के लिए काम करना शुरू कर दिया. टैरिफ के शुरुआत असर को कम करने के लिए भारत ने काफी हद तक घरेलू मांग, निवेश और नीतियों पर फोकस किया. इसी कड़ी में आयकर में छूट (12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं) की व्यवस्था लागू की गई. 

टैरिफ से विदेशी मांग थोड़ी मंद पड़ी, लेकिन इस बीच घरेलू खपत, निर्माण और सेवाएं तेज हो रही हों, जिससे GDP में कम असर दिखना स्वाभाविक है. टैरिफ को बेअसर करने के लिए सरकार ने खपत, कैपेक्स और रिफॉर्म पर जबरदस्त काम किया, जिसे आप Plan-B कह सकते हैं. 

एकसाथ उठाए गए कई कदम

सरकार की रणनीति दोतरफा रही, एक घरेलू मांग को बरकरार रखना और निवेश को प्रोत्साहित करना. अमेरिकी टैरिफ से निर्यात सेक्टर प्रभावित हुआ, जो अभी भी कुछ हद तक जूझ रहे हैं. लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेस की ताकत से GDP मजबूत बनी हुई है. अमेरिकी टैरिफ का इकोनॉमी पर कम प्रभाव के लिए ब्याज दरों में कटौती, और जीडीपी दरों में बदलाव जैसे भी कदम उठाए गए, जिससे घरेलू डिमांड को ताकत मिली. 

बता दें, सितंबर महीने में भारत का कुल निर्यात 6.75% बढ़ा, जबकि अमेरिका को भेजे गए सामान में 11.9% की गिरावट दर्ज की गई. यह दर्शाता है कि भारत ने अमेरिका-व्यापार निर्भरता को कम कर दूसरे बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ा ली है. रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) की रिपोर्ट को मानें, तो अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय प्रोडक्ट्स पर 50% तक के टैरिफ लगाने के बावजूद भारत अपना एक्सपोर्ट को बढ़ाने में सफल रहा है.  अमेरिकी विकल्प के तौर पर करीब 50 नए देशों से भारत की बातचीत चल रही है.

 

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Tue, 02 Dec 2025 12:23:09 +0530 news desk MPcg
IMD अलर्ट: दिसंबर में कई राज्यों में भारी बारिश, बढ़ेगी शीतलहर और ठिठुरन https://citytoday.co.in/4488 https://citytoday.co.in/4488 नई दिल्ली 
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात दित्वा (Cyclone Dithwa) के कारण बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी क्षेत्र में मौसम बिगड़ गया है। विभाग ने 1 दिसंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी बारिश (Weather Update Heavy Rain) की संभावना जताई है। उत्तरी तमिलनाडु में गरज, बिजली और 70-80 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि दक्षिणी तमिलनाडु में 60–70 किमी/घंटा की हवा और बिजली-गरज के साथ बारिश का अनुमान है। 1 से 4 दिसंबर के बीच तमिलनाडु, तटीय आंध्र, यनम और रायलसीमा में तथा 2 से 4 दिसंबर तक केरल और माहे क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
 
MP में शीतलहर
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भी शीतलहर का असर बना रहा। प्रदेश में हवाओं का रुख उत्तरी और उत्तर-पूर्वी रहने से न्यूनतम तापमान गिर रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह स्थिति अगले दो-तीन दिन बने रहने की संभावना है। नौगांव में प्रदेश का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल सहित 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
 
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान दितवाह सक्रिय
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान दित्वा तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट के आसपास सक्रिय है, जो उत्तर दिशा में आगे बढ़ सकता है। साथ ही उत्तरी हरियाणा के पास हवा के ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।

IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, परंतु उसके बाद तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। मध्य भारत में दो दिनों तक तापमान 2–3 डिग्री बढ़ सकता है, उसके बाद यह स्थिर रहेगा। वहीं उत्तर-पूर्व भारत में अगले 48 घंटों तक तापमान स्थिर रहने के बाद तीन दिनों में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  गुजरात में अगले चार दिनों तक तापमान 2–3 डिग्री तक गिर सकता है। महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी आगामी दो दिनों में तापमान में 2–3 डिग्री की कमी दर्ज हो सकती है।

UP में करवट लेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में भी मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। मंगलवार से न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सीजन में पहली बार 25 डिग्री से नीचे रहा। 27 नवंबर को तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो चार वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान था।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि कड़ाके की ठंड दिसंबर के मध्य से शुरू होगी। 15 दिसंबर के बाद मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे बर्फीली हवाएं मैदानों की ओर बढ़ेंगी।

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Tue, 02 Dec 2025 12:21:19 +0530 news desk MPcg
SC सख्त: ‘UMEED’ पोर्टल पर वक्फ संपत्ति अपडेट नहीं की तो होगी सजा, समय सीमा बढ़ाने से किया इनकार https://citytoday.co.in/4475 https://citytoday.co.in/4475 नई दिल्ली 
वक्फ की संपत्तियों की डीटेल 'UMEED' पोर्टल पर अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे संबंधित ट्राइब्यूनल में जाकर अपनी बात रखें। बता दें कि समय सीमा बढ़ाने वाली याचिकाओं में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोल्ड (AIMPLB) और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की याचिका भी शामिल थी। वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 5 दिसंबर तक का समय दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था को सजा भी हो सकती है।
 
इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को पूरी तरह से स्थगित करने से इनकार कर दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई थी।

नियमों के मुताबिक वक्फ संपत्ति ना अपलोड करने वालों को छह माह की सजा और 20 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जो लोग संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज नहीं करवाएंगे उनकी संपत्ति का दर्जा खत्म कर दिया जाएगा और बाद में केवल वक्फ ट्राइब्यूनल के आदेश पर ही दोबारा पंजीकरण किया जा सकेगा।

 

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Mon, 01 Dec 2025 17:12:54 +0530 news desk MPcg
मुंबई में बढ़ा प्रदूषण, GRAP 4 लागू; जानें नई पाबंदियों का असर https://citytoday.co.in/4474 https://citytoday.co.in/4474  मुंबई
राजधानी दिल्ली में पलूशन की समस्या सालों से चली आ रही है, लेकिन मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नै जैसे अन्य महानगरों में कमोबेश राहत रही है। अब यह राहत मुंबई भी खत्म होती दिख रही है। आर्थिक राजधानी में पलूशन का लेवल बढ़ने और हवा खराब होने के चलते पाबंदियां लगाई गई हैं। मुंबई में GRAP 4 की पाबंदियां लागू की गई हैं ताकि पलूशन पर कंट्रोल पाया जा सके। इस तरह मुंबई भी अब पलूशन के मामले में दिल्ली की कतार में आकर खड़ा हो गया है। मुंबई के कई इलाकों की हवा खराब और अत्यंत खराब की श्रेणी में आ गई है। इन इलाकों में मडगांव, देवनार, मलाड, बोरिवली ईस्ट, चकाला-अंधेरी ईस्ट, नेवी नगर, पोवई और मुलुंड शामिल हैं।

इसके चलते बीएमसी ने तमाम निर्माण कार्यों और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जिनसे धूल उड़ती है। इसके अलावा दर्जनों साइट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है। करीब 50 निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किया है। इन पर अब काम रोकने या फिर पूरी तरह स्थगित करने के नोटिस लगे हैं। इसके अलावा लघु उद्योगों, बेकरीज और मार्बल कटिंग यूनिट्स को आदेश दिया गया है कि वे अपने कामकाज में इस बात का ध्यान रखें कि धूल कम उड़े। ऐसा ना होने पर उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जा सकता है। यही नहीं बीएमसी ने हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड की भी नियुक्ति की है ताकि धूल पर नियंत्रण किया जाए और पलूशन पर पूरी निगरानी रहे।
सबसे ज्यादा पलूशन वाले दुनिया के 10 शहरों में तीन भारत के

समुद्र के किनारे होने और हवा की रफ्तार अमूमन दिल्ली जैसे शहरों के मुकाबले तेज होने के चलते मुंबई में पलूशन कम रहा है, लेकिन वहां भी समस्या बढ़ने से चिंताएं पैदा हुई हैं। इन पाबंदियों को लागू करने के बाद भी मुंबई का AQI 187 है, जो अनहेल्डी कैटिगरी में आता है। वहीं बेंगलुरु का AQI 118 है और कोलकाता में तो यह काफी ज्यादा बढ़कर 236 हो गया है। बता दें कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले 10 शहरों में तीन शहर भारत के ही हैं।

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Mon, 01 Dec 2025 17:11:38 +0530 news desk MPcg
1 दिसंबर से तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, रेलवे ने लागू किए नए नियम https://citytoday.co.in/4473 https://citytoday.co.in/4473

नई दिल्ली

1 दिसंबर 2025 से भारतीय रेलवे, बैंकिंग और दूरसंचार सेक्टर में यात्रियों, ग्राहकों और कारोबारियों के लिए कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। रेलवे से लेकर बैंक और मोबाइल तक, इन नई नीतियों का मकसद सुरक्षा बढ़ाना, फर्जी गतिविधियों को रोकना और सेवा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

रेलवे तत्काल टिकट पर OTP अनिवार्य
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 1 दिसंबर से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान OTP अनिवार्य होगा। शुरुआत मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस से की जा रही है। टिकट बुक करते समय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP दर्ज किए बिना बुकिंग पूरी नहीं होगी। रेलवे का कहना है कि इससे फर्जी मोबाइल नंबर और अवैध बुकिंग पर रोक लगेगी, और सच में यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा। यह नया नियम IRCTC वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कंप्यूटरीकृत रेलवे काउंटर और अधिकृत एजेंटों सभी पर लागू होगा।

यात्री ध्यान दें: बुकिंग से पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट करना जरूरी है। OTP उसी नंबर पर आएगा, और बुकिंग के दौरान नंबर बदलना संभव नहीं होगा।

SBI ATM और एमकैश में बदलाव
1 दिसंबर से SBI ATM ट्रांजैक्शन शुल्क में बदलाव होगा। वेतन खाताधारकों के लिए 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन होंगे, इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये शुल्क लगेगा। बचत खाताधारकों के लिए 5 मुफ्त लेन-देन की सीमा तय की गई है। साथ ही, SBI ने YONO Lite और Online SBI पर एमकैश सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। अब ग्राहक UPI, IMPS, NEFT और RTGS के जरिए ही पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।

GST रिटर्न में कड़ी सख्ती
GSTN ने घोषणा की है कि जिन व्यापारियों ने पिछले तीन या उससे अधिक वर्षों के रिटर्न नहीं भरे हैं, वे दिसंबर से आगे रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। पुराने रिटर्न अपडेट करना जरूरी होगा, तभी आगे का टैक्स फाइलिंग संभव होगी।

कॉलर का असली नाम अब स्क्रीन पर
दूरसंचार विभाग 15 दिसंबर से CNAP लागू करेगा। इसके बाद कॉल आने पर कॉलर का वही नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा जो उसने KYC में दर्ज किया है। इस बदलाव से स्पैम और फर्जी कॉल्स पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ेगी।

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Mon, 01 Dec 2025 17:02:41 +0530 news desk MPcg
PM मोदी और देश के खिलाफ विदेशी मंचों पर नैरेटिव गढ़ रहे राहुल: भाजपा के गंभीर आरोप https://citytoday.co.in/4463 https://citytoday.co.in/4463 नई दिल्ली
केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरुवार (27 नवंबर) को आरोप लगाया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, सिंगापुर और अन्य देशों में स्थित सोशल मीडिया अकाउंट राहुल गांधी और वामपंथी पारिस्थितिकी तंत्र के इशारे पर भारत विरोधी माहौल बना रहे हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS को नीचा दिखाने और राहुल गांधी को प्रमोट करने के लिए, विदेशों में मौजूद सोशल मीडिया अकाउंट काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "सिंगापुर में लोग राहुल गांधी को PM बनाने के लिए काम कर रहे हैं। वे न तो वोटर हैं और न ही भारतीय। ये अकाउंट फेक हैं… वेस्ट एशिया, सिंगापुर, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग राहुल गांधी को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्हें विदेशों से महानता के सर्टिफिकेट मिल रहे हैं… हमारे देश में नैरेटिव विदेशी धरती से सेट किए जा रहे हैं।"

इसके साथ ही भाजपा ने दावा किया कि कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा का 'एक्स' अकाउंट भी अमेरिका में स्थित है। भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने विभिन्न 'एक्स' अकाउंट दिखाए, जिनके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि वे विदेश से बनाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोपों सहित विभिन्न मुद्दों पर चुनाव आयोग, भाजपा-आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान का प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इन आरोपों को मूर्खतापूर्ण करार देते हुए इसे ध्यान भटकाने वाला बताया है।

2014 से ही नहीं छोड़ रहे कोई कसर
पात्रा ने कहा, "2014 से ही कांग्रेस खासकर राहुल गांधी, उनकी सोशल मीडिया और सलाहकार टीम और वामपंथी दलों के जाने-माने चेहरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया, "इसके लिए उन्होंने विदेशी ताकतों की मदद लेने से भी परहेज नहीं किया।" उन्होंने कांग्रेस पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, सिंगापुर और अमेरिका समेत कई देशों में 'एक्स' पर अपने अकाउंट बनाने का भी आरोप लगाया ताकि भारत में भाजपा-आरएसएस और मोदी सरकार के खिलाफ एक "विमर्श" गढ़ा जा सके।

विदेश में देश के खिलाफ बकवास करते हैं राहुल
संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी विदेश जाकर देश के खिलाफ बकवास करते हैं। उन्होंने भारत में सिविल वॉर भड़काने की पूरी कोशिश की। वह विदेश गए और दूसरे देशों से अपील की कि भारत में डेमोक्रेसी खत्म हो गई है, और उन्हें आकर हमें बचाना चाहिए। वह RSS और BJP की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से करते हैं। उनकी पार्टी कहती है कि वह सड़कों पर उतरेगी और भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात पैदा करेगी। वह विदेश जाकर भारत के हर कॉन्स्टिट्यूशनल ऑर्गनाइज़ेशन के खिलाफ बोलते हैं… उन्हें पूरी तरह से रिजेक्ट करने और साइडलाइन करने का समय आ गया है। INDIA अलायंस अब समझ गया है कि यह मिडास टच नहीं, बल्कि सैड टच है… वह जिसे भी छूते हैं, वह सैड टच से हार जाता है… उत्तर प्रदेश में क्या हुआ?… बिहार में क्या हो रहा है? कर्नाटक में 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री' का खेल चल रहा है। राहुल गांधी पॉलिटिशियन बनने के लायक नहीं हैं। वह विदेशी धरती से भारत के खिलाफ भड़काने के लायक हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस से सावधान रहने की ज़रूरत है…”

एक्स के नए फीचर के खुली पोल
पात्रा ने कहा, "यह बात तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले 'एक्स' ने एक नया फीचर पेश किया है जिसके जरिए खाताधारकों की लोकेशन, खाता बनाने की तारीख व अन्य जानकारियां मिल सकती हैं।" इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि इस फीचर का इस्तेमाल करने के बाद, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का 'एक्स' अकाउंट अमेरिका में पाया गया। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र कांग्रेस का 'एक्स' अकाउंट आयरलैंड में स्थित है। अब उन्होंने इसे भारत में बदल दिया है। लेकिन जब यह अकाउंट बनाया गया था, तब यह आयरलैंड में स्थित था। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का अकाउंट थाईलैंड एंड्रॉइड ऐप के जरिए जुड़ा है, हालांकि यह भारत में स्थित है।” भाजपा नेता ने कहा कि नए एक्स फीचर के आने के बाद कांग्रेस और वामपंथी पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े कई 'एक्स' अकाउंटों के लोकेशन की जानकारी या तो भारत में बदल दी गई है या उसे छिपा दिया गया है।

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Fri, 28 Nov 2025 17:18:26 +0530 news desk MPcg
दुनिया की टॉप पावर लिस्ट में भारत तीसरे स्थान पर, पाकिस्तान 15 में भी शामिल नहीं https://citytoday.co.in/4460 https://citytoday.co.in/4460 नई दिल्ली
ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने लोवी इंस्टीट्यूट ने अपना सालाना एशिया पावर इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो 27 एशियाई देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल असर का डिटेल्ड असेसमेंट देता है। रिपोर्ट में रीजनल पावर में बड़े बदलावों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें चीन एशिया की बड़ी पावर के तौर पर उभरा है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि पिछले सालों के मुकाबले यूनाइटेड स्टेट्स का असर कम हुआ है।

रिपोर्ट में देशों को आठ एरिया (मिलिट्री कैपेबिलिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर, कल्चरल पहुंच, रेजिलिएंस और फ्यूचर रिसोर्स पोटेंशियल) के आधार पर रैंक किया गया है। पाकिस्तान टॉप 10 से बाहर है, 16वें नंबर पर है।

दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश

1. यूनाइटेड स्टेट्स (US) 80.5 सुपर पावर
2. चीन 73.7 सुपर पावर
3. इंडिया 40.0 मेजर पावर
4. जापान 38.8 मिडिल पावर
5. रूस 32.1 मिडिल पावर
6. ऑस्ट्रेलिया 31.8 मिडिल पावर
7. साउथ कोरिया 31.5 मिडिल पावर
8. सिंगापुर 26.8 मिडिल पावर
9. इंडोनेशिया 22.5 मिडिल पावर
10. मलेशिया 20.6 मिडिल पावर

इंडिया की उभरती हुई पावर
रिपोर्ट एशिया में इंडिया के बढ़ते असर को दिखाती है। उम्मीद है कि इंडिया 2025 में 40.0 स्कोर के साथ 'मेजर पावर' का दर्जा हासिल कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया की बढ़त उसकी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ और बढ़ती मिलिट्री कैपेबिलिटी की वजह से है। हालांकि इंडिया की मिलिट्री और रिसोर्स ग्रोथ काफी रही है, लेकिन उसका डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर अभी तक उसकी कैपेबिलिटी में बढ़ोतरी के बराबर नहीं हुआ है, जो आगे बढ़ने की बहुत ज़्यादा संभावना दिखाता है।

सिर्फ़ यूनाइटेड स्टेट्स और चीन ही 'सुपरपावर' कैटेगरी में लिस्टेड हैं। यूनाइटेड स्टेट्स टॉप पर बना हुआ है, लेकिन 2018 में एशिया पावर इंडेक्स लॉन्च होने के बाद से यह अपना सबसे कम इन्फ्लुएंस स्कोर दिखा रहा है। एनालिस्ट इसका कारण ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान लिए गए पॉलिसी डिसीजन को मानते हैं, जिन्हें एशिया में US के इन्फ्लुएंस के लिए नेट नेगेटिव बताया गया है। चीन लगातार यूनाइटेड स्टेट्स के साथ गैप कम कर रहा है, जिससे गैप का अंतर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले पॉइंट पर आ गया है।

रूस की पोजीशन मज़बूत हुई
रूस ने 2019 के बाद पहली बार एशिया में अपनी पोजीशन मज़बूत की है। यूक्रेन वॉर के बाद लगाए गए बैन की वजह से खोए हुए इन्फ्लुएंस को उसने वापस पा लिया है। मॉस्को की बढ़ती रीजनल प्रेजेंस का क्रेडिट काफी हद तक चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक डिफेंस और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को जाता है। रूस 2024 में ऑस्ट्रेलिया से हारे अपने पांचवें स्थान पर वापस आ जाएगा।

दूसरी मिडिल पावर्स के मुकाबले जापान का इन्फ्लुएंस बढ़ा है। यह मज़बूत इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव को दिखाता है, जो टोक्यो को एशिया के बदलते पावर डायनामिक्स में एक ज़्यादा काबिल प्लेयर के तौर पर पोज़िशन करता है। साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश मिडिल पावर के तौर पर तेज़ी से ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।

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Fri, 28 Nov 2025 15:51:20 +0530 news desk MPcg
भारत दौरे पर आ रहे पुतिन: 4&5 दिसंबर को होगी उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता https://citytoday.co.in/4459 https://citytoday.co.in/4459 नई दिल्ली 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आएंगे। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। दोनों नेता व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान रूस-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में यह बताया गया।
 
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद से रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीदने के कारण भारत और पश्चिमी देशों के संबंधों में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत से आने वाले अधिकांश सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस के युद्ध प्रयासों को फंडिंग दे रहा है। रूसी सरकारी टीवी पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से अहम जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा बहुत भव्य और सार्थक होगी।

पुतिन की यात्रा को लेकर मॉस्को ने क्या कहा
यूरी उशाकोव ने कहा, ‘हम और भारतीय पक्ष इस यात्रा की सक्रियता से तैयारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह हर लिहाज से सार्थक होगी। यह एक बेहद भव्य यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जा रहा है। यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का मौका प्रदान करती है कि वे द्विपक्षीय मामलों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए प्रतिवर्ष मिलेंगे।’ पिछले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन की नई दिल्ली यात्रा तीन सप्ताह में होगी।

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Fri, 28 Nov 2025 15:48:24 +0530 news desk MPcg
Netflix–YouTube के 18+ कंटेंट पर आधार वेरिफिकेशन की सलाह, CJI सूर्यकांत का बड़ा सुझाव—क्या सरकार मानेगी? https://citytoday.co.in/4451 https://citytoday.co.in/4451 नई दिल्ली
 सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद ‘अश्लील’ कंटेंट को लेकर सख्ती दिखाई. जजों ने सुझाव दिया है कि अश्लील सामग्री देखने के लिए आधार कार्ड जरूरी होना चाहिए. कोर्ट का मानना है कि इससे बच्चों को गलत कंटेंट से बचाया जा सकेगा. यह सुझाव चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की बेंच ने दिया है. सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि सिर्फ चेतावनी देना काफी नहीं है. जब तक दर्शक चेतावनी पढ़ते हैं तब तक शो शुरू हो जाता है. इसलिए उम्र की पुष्टि के लिए आधार का इस्तेमाल एक बेहतर विकल्प हो सकता है. यह सुनवाई कॉमेडियन और पॉडकास्टर के खिलाफ दायर याचिकाओं पर हो रही थी. इसमें समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया जैसे नाम शामिल हैं. कोर्ट ने दिव्यांगों के अपमान पर भी गहरी नाराजगी जताई है. जजों ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब मनमानी नहीं है. इसके लिए एक स्वायत्त रेगुलेटरी बॉडी की जरूरत है.

अश्लीलता रोकने के लिए आधार वेरिफिकेशन का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन अश्लीलता पर चिंता जताई है. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने इस मुद्दे पर अहम बात कही. उन्होंने कहा कि किताबों या पेंटिंग में अश्लीलता अलग बात है. वहां नीलामी होती है और प्रतिबंध भी लग सकते हैं. लेकिन फोन पर स्थिति अलग है. जैसे ही आप फोन ऑन करते हैं तो कंटेंट सामने आ जाता है. कई बार न चाहते हुए भी गलत चीजें दिख जाती हैं. ऐसे में क्या किया जाए.

इसी पर सीजेआई सूर्यकांत ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि चेतावनी देने के बावजूद शो शुरू हो जाता है. चेतावनी सिर्फ कुछ सेकंड के लिए आती है. इसके बाद शो चल पड़ता है. इसलिए आधार कार्ड मांगना सही हो सकता है. इससे दर्शक की उम्र का पता चल जाएगा. यह सब एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा सकता है. बार एंड बेंच की लाइव रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह सिर्फ सुझाव है.

    कंटेंट को कंट्रोल करने के लिए स्वायत्त संस्था की जरूरत

कोर्ट ने रेगुलेशन के लिए एक स्वतंत्र संस्था की वकालत की है. सीजेआई ने कहा कि सेल्फ स्टाइल संस्थाएं काफी नहीं हैं. स्थिति को संभालने के लिए बाहरी प्रभाव से मुक्त संस्था चाहिए. कोर्ट ने सवाल किया कि अगर सब कुछ की अनुमति दे दी जाए तो क्या होगा. समाज में संतुलन बनाना बहुत जरूरी है.

हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह किसी का मुंह बंद नहीं करना चाहता. मौलिक अधिकारों का संतुलन बना रहना चाहिए. जजों ने कहा कि हम रेगुलेशन का सुझाव देने वाले आखिरी लोग होंगे. लेकिन जब इंडस्ट्री खुद कुछ नहीं कर रही तो दिक्कतें आ रही हैं. कोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं.
 

दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया का मामला भी उठा. रणवीर ने एक शो में कथित तौर पर अश्लील टिप्पणी की थी. वहीं समय रैना पर दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप है. क्योंर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने रैना के खिलाफ याचिका दी है. आरोप है कि उन्होंने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज पर असंवेदनशील बात कही. कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की.

    सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सवाल किया. उन्होंने पूछा कि दिव्यांगों के अपमान पर सख्त कानून क्यों नहीं है. यह कानून एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर होना चाहिए. मेहता ने भी माना कि मजाक गरिमा की कीमत पर नहीं हो सकता.

    जस्टिस बागची ने देश विरोधी कंटेंट का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या सेल्फ रेगुलेशन ऐसे कंटेंट को रोक पाएगा. कई बार कंटेंट समाज के ढांचे को बिगाड़ने वाला होता है. जब तक सरकार जवाब देती है तब तक देर हो जाती है. वीडियो वायरल हो जाते हैं और करोड़ों लोग देख लेते हैं. वकील प्रशांत भूषण ने इस पर तर्क दिया. उन्होंने कहा कि ‘एंटी नेशनल’ शब्द बहुत अस्पष्ट है. क्या सीमा विवाद के इतिहास पर लिखना भी देश विरोधी होगा.

    इस पर जस्टिस बागची ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि हम रेगुलेटेड अधिकार की बात कर रहे हैं. कोई सरकारी अधिकारी यह तय नहीं कर सकता. लेकिन अगर कंटेंट देश की एकता और अखंडता को चोट पहुंचाता है तो सोचना होगा.

यूजर जेनरेटेड कंटेंट पर सरकार की चिंता

सॉलिसिटर जनरल मेहता ने यूजर जेनरेटेड कंटेंट का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि फ्री स्पीच की आड़ में कोई कुछ भी नहीं कर सकता. सीजेआई ने इस बात पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि कोई अपना चैनल बना ले. और फिर बिना किसी जवाबदेही के कुछ भी करता रहे. फ्री स्पीच की सुरक्षा जरूरी है लेकिन सीमाएं भी हैं. अगर किसी शो में एडल्ट कंटेंट है तो एडवांस चेतावनी होनी चाहिए. साथ ही पेरेंटल कंट्रोल भी जरूरी है. अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने बताया कि मंत्रालय इस पर मीटिंग करने वाला है. अगर किसी कानून में बदलाव की जरूरत होगी तो किया जाएगा.

    सरकार और स्टेकहोल्डर्स के बीच होगी चर्चा

कोर्ट ने सुझाव दिया कि जल्दबाजी में कुछ नहीं होना चाहिए. एक विचार-विमर्श की प्रक्रिया होनी चाहिए. प्रस्ताव को पब्लिक डोमेन में रखा जाना चाहिए. वेंकटरमणी ने कहा कि हम सबसे बात करेंगे. किसी को भी ऐसे ही चर्चा में नहीं आने दिया जाएगा. मेहता ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है. वे एक हफ्ते बाद जानकारी देंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रभाव कभी-कभी फायदों से ज्यादा हो जाते हैं. इसलिए एक जिम्मेदार समाज का निर्माण जरूरी है. जब समाज जिम्मेदार होगा तो समस्याएं खुद सुलझ जाएंगी.

    कॉमेडियन को दी फंड जुटाने की सलाह

दिव्यांगों के मामले में कोर्ट ने कॉमेडियन को एक सलाह दी है. कोर्ट ने कहा कि वे दिव्यांगों के इलाज के लिए फंड जुटाएं. इसके लिए उन्हें कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए. समय रैना के वकील ने कहा कि उन्होंने पैसे दान किए हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए. हमें उनके आत्मसम्मान का आदर करना चाहिए. कोर्ट ने सुझाव दिया कि एक डेडिकेटेड फंड बनाया जाए. कॉमेडियन महीने में दो बार इवेंट करें. इससे जमा पैसा इलाज में मदद करेगा.

कोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि ये लोग ईमानदारी दिखाएंगे. वे दिव्यांगों को अपने प्लेटफॉर्म पर बुलाएं. उनकी उपलब्धियों को दुनिया को दिखाएं. इससे एक अच्छा संदेश जाएगा. मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी.

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Thu, 27 Nov 2025 19:05:14 +0530 news desk MPcg
नीति आयोग का सुझाव: बात&बात पर लाइसेंस और निरीक्षण राज को खत्म किया जाए https://citytoday.co.in/4450 https://citytoday.co.in/4450 नई दिल्ली

देश में व्यापार शुरू करना और चलाना अक्सर कागज़ी झंझट, परमिट, लाइसेंस और अचानक आने वाले निरीक्षणों (Inspection) की वजह से लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है. इसी परेशानी को खत्म करने के लिए नीति आयोग (NITI Aayog) की एक उच्च स्तरीय कमिटी ने बड़ा कदम सुझाया है, जो इंस्पेक्शन राज का खात्मा कर देगा.

नीति आयोग की प्लानिंग कहती है कि लोगों और कारोबारियों पर भरोसा दिखाते हुए नियमों को आसान बनाया जाए, ताकि व्यापार बढ़े, सरकारी दखल कम हो और देश की अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत बन सके. अब जानते हैं कि असल में इस प्रस्ताव में क्या है और लोगों को इससे क्या फायदा होगा?

नीति आयोग की एक उच्च स्तरीय समिति ने देश के नियम-कानूनों में बड़ा सुधार लाने की सलाह दी है. इस कमेटी का नेतृत्व सदस्य और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (Rajiv Gauba) कर रहे हैं. समिति का मानना है कि देश में वर्षों से चली आ रही लाइसेंस, परमिट और NOC की भारी-भरकम व्यवस्था अब लोगों के लिए बोझ बन चुकी है. इसलिए रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इन अनावश्यक मंज़ूरियों को काफी हद तक खत्म किया जाए और इंस्पेक्टर राज का अंत हो. उनका कहना है कि जहां कानून स्पष्ट रूप से मना नहीं करता, वहां अनुमति की ज़रूरत भी नहीं होनी चाहिए.
छोटे-मोटे काम बिना अनुमति लिए हों

हमारी सहयोगी वेबसाइट मनीकंट्रोल ने इस पर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, समिति ने यह भी साफ किया कि लाइसेंस तभी मांगा जाए जब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, पर्यावरण या बहुत बड़े सार्वजनिक हित से जुड़ा हो. छोटे-मोटे कामों के लिए पहले से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. इससे आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाला समय और पैसों का बोझ काफी कम होगा.

रिपोर्ट में बताया गया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी बिल्कुल आसान होनी चाहिए. यह केवल रिकॉर्ड रखने या डेटा मैनेजमेंट के लिए हो, न कि लोगों को रोके रखने के लिए. खुद से रजिस्ट्रेशन (Self-registration) करने का विकल्प सामान्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए, और लाइसेंस की वैधता सामान्य तौर पर हमेशा के लिए (perpetual) हो. केवल खास परिस्थितियों, जैसे सुरक्षा या पर्यावरण, में ही 5 से 10 साल की वैधता रखी जा सकती है.
अधिकारी अचानक फैक्ट्री में पहुंचकर जांच न करें

इंस्पेक्शन को लेकर समिति का सुझाव सबसे अलग और आधुनिक है. उनका कहना है कि अब अधिकारी अचानक दुकान या फैक्ट्री में पहुंचकर जांच नहीं करें. इसके बजाय कंप्यूटर आधारित सिस्टम से रैंडम सिलेक्शन की मदद ली जाए, और जांच का काम एक्रेडिटेड थर्ड पार्टी को दिया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

रिपोर्ट ने यह भी आग्रह किया कि सरकार साल में एक तय तारीख रखे, जिस दिन नियमों में बदलाव लागू हों. इससे कारोबारियों को अचानक नियम बदलने से बचाया जा सके. नई नीतियों को लागू करने से पहले सभी हितधारकों से बातचीत करना और उन्हें तैयारी का समय देना भी जरूरी बताया गया है.

एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अब सरकार सभी नियमों का रेगुलेटरी इम्पैक्ट असेसमेंट करेगी. इसका सीधा मतलब है कि किसी नए नियम को लागू करने से पहले यह देखा जाएगा कि उसे मानने में कारोबारियों पर कितना खर्च आएगा और सरकार को उसे लागू कराने में कितनी मेहनत और लागत लगेगी. इससे अनावश्यक और महंगे नियम बनने से बचा जा सकेगा.
सजा को लेकर भी बदलावों का सुझाव

सजा को लेकर भी बड़े बदलाव सुझाए गए हैं. समिति का स्पष्ट कहना है कि “छोटी तकनीकी गलतियों पर जेल या आपराधिक सजा नहीं होनी चाहिए.” जेल या भारी जुर्माना केवल उन्हीं मामलों में हो जहां मानव स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा या पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसके अलावा सभी पुराने कानूनों में मौजूद सजा संबंधी धाराओं की आधुनिक जरूरतों के अनुसार समीक्षा की जानी चाहिए.

सबसे अहम बदलाव है कि पूरी व्यवस्था का डिजिटल रूप से सक्षम होना. यानी सभी दस्तावेज़ ऑनलाइन जमा हों, विभागों के बीच डेटा साझा किया जा सके, और एक बार दिया गया डेटा दोबारा न मांगा जाए. इसके लिए मंत्रालयों को API जारी करनी होंगी, ताकि सरकारी डेटाबेस आसानी से एक-दूसरे से जुड़ सकें.

रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी सुझावों का मकसद सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाना है. समिति का दावा है कि अगर इन सुधारों को अपनाया गया तो देश में कारोबार करना पहले से कहीं आसान हो जाएगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और आधुनिक नियामक ढांचा तैयार होगा जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार देगा.

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Thu, 27 Nov 2025 16:27:28 +0530 news desk MPcg
अयोध्या के श्री राम मंदिर पर भगवा ध्वज फहराएंगे पीएम मोदी, मंदिर परिसर में दिखेगी उत्तर और दक्षिण भारतीय शैली की छाप https://citytoday.co.in/4438 https://citytoday.co.in/4438

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या का दौरा करेंगे और श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे, जो इसके निर्माण के पूरा होने का प्रतीक होगा। PMO की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह 10 बजे सप्तमंदिर आयेंगे। इसमें महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से जुड़े मंदिर हैं।

पीएम मोदी फहराएंगे भगवा ध्वज

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजा फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शेषावतार मंदिर जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे, इसके बाद वो राम दरबार गर्भगृह में दर्शन और पूजा करेंगे, जिसके बाद रामलला गर्भगृह में दर्शन करेंगे। पीएम मोदी दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे, जो मंदिर के निर्माण के पूरा होने और सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रीय एकता के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।

20 फीट लंबा 10 फीट ऊंचा भगवा ध्वज

अयोध्या के श्री राम मंदिर के शिखर पर जो भगवा ध्वज फहराया जाएगा उस त्रिभुजाकार ध्वज की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है। इस पर एक दीप्तिमान सूर्य की तस्वीर है जो भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है। इस पर ॐ अंकित है और कोविदार वृक्ष की तस्वीर भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय की तरफ से जारी किए गए बयान कहा गया है कि पवित्र भगवा ध्वज गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा और राम राज्य के आदर्शों का प्रतीक होगा।

मंदिर पर उत्तर और दक्षिण भारत की छाप

राम मंदिर पर ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर वास्तुशैली में बने शिखर के शीर्ष पर फहराया जाएगा। इसके चारों ओर 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुशैली में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है। ध्वजा फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। ये कार्यक्रम मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी तिथि को होगा। इसी तिथि को भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह हुआ था।

राम मंदिर में 87 बेहतरीन नक्काशी

राम मंदिर मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण के आधार पर भगवान राम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को दर्शाती 87 नक्काशी पत्थर पर उकेरी गई हैं। मंदिर परिसर में घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति के 79 कांस्य निर्मित आकृतियां हैं। ये सभी तत्व मिलकर यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्राचीन भारतीय संस्कृति से रू-ब-रू करवाएंगे, जो भगवान राम के जीवन और भारत की सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ देते हैं।

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Tue, 25 Nov 2025 14:11:38 +0530 news desk MPcg
T20 ब्लाइंड महिला विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत: PM मोदी, CM योगी और CM विष्णुदेव साय ने दी बधाई https://citytoday.co.in/4431 https://citytoday.co.in/4431 नई दिल्ली

भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम ने टी20 विश्व कप का (Blind T20 world cup) खिताब जीत लिया है. भारतीय टीम ने कोलंबो के पी सारा ओवल में खेले गए फाइनल मुकाबले में नेपाल को 7 विकेट से हराया. इस टूर्नामेंट का आयोजन पहली बार हो रहा था और भारत इस वैश्विक टूर्नामेंट को जीतने में सफल रहा. इस जीत के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहली बार विश्व चैंपियन बनी भारतीय महिला टीम को हार्दिक बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने इसे पूरे देश के लिए गर्व, प्रेरणा और भावनाओं से भरा ऐतिहासिक क्षण बताया.
भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम को सीएम साय ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि हिम्मत, विश्वास और अदम्य इच्छाशक्ति की विजयगाथा है. भारतीय बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती. विशेष रूप से दृष्टिबाधित महिलाओं की टीम द्वारा विश्व मंच पर हासिल की गई यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल दीपक बनेगी.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की पहले टी20 ब्लाइंड महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत की सराहना की। सीएम योगी ने कहा कि दृष्टिहीनता कभी भी जीत की राह में रुकावट नहीं बन सकती, और संकल्प से ही जीत हासिल होती है।
CM Yogi ने भारत के टी20 ब्लाइंड महिला विश्व कप जीतने पर बधाई दी

दरअसल, यूपी के सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया पर भारतीय टीम की शानदार जीत के लिए बधाई दी और लिखा कि भारत की वीर बेटियों ने एक और बार देश का नाम रोशन किया है, और दुनिया भर में भारत का ध्वज गर्व से फहराया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय बेटियों के टी20 ब्लाइंड महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप  में जीत पर बधाई दी। उन्होंने X पर लिखा कि आज हमारा तिरंगा आपकी इस उपलब्धि पर गर्व से ऊंचा लहराता है। आपकी विजय हमारे राष्ट्र के लिए सम्मान प्राप्त करने के लिए आपके संकल्प और समर्पण का प्रतीक है।

ब्लाइंड क्रिकेट एक खास तरह का खेल है। इसमें एक सफेद प्लास्टिक की गेंद का इस्तेमाल होता है, जिसके अंदर बॉल बेयरिंग भरे होते हैं। जब गेंद लुढ़कती है तो उसमें से खड़खड़ाहट की आवाज आती है, जिससे खिलाड़ी उसे सुन पाते हैं। गेंदबाज को बल्लेबाज से पूछना होता है कि क्या वह तैयार है। फिर गेंद फेंकते समय "प्ले" चिल्लाना होता है। गेंद को कम से कम एक बार उछालकर अंडरआर्म फेंका जाता है।

नियमित क्रिकेट की तरह ब्लाइंड क्रिकेट में भी हर टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं। लेकिन इसमें कम से कम चार खिलाड़ी पूरी तरह से नेत्रहीन होने चाहिए। खेल में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी खिलाड़ियों को आंखों पर पट्टी बांधना अनिवार्य होता है। फील्डर अपनी स्थिति बताने के लिए एक बार ताली बजाते हैं। बाकी खिलाड़ी आंशिक रूप से दृष्टिबाधित हो सकते हैं। उन्हें उनकी देखने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। B2 श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए यह दूरी दो मीटर होती है, और B3 श्रेणी के लिए छह मीटर। हर टीम में अधिकतम आठ B1 (पूरी तरह से नेत्रहीन) खिलाड़ी हो सकते हैं। खास बात यह है कि B1 खिलाड़ी द्वारा बनाए गए हर रन को दोगुना गिना जाता है।

बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया इतिहास लिख रहीं- CM साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया इतिहास लिख रही हैं—खेल, शिक्षा, विज्ञान, आर्ट, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व—हर जगह उनकी चमक राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही है. यह जीत न सिर्फ क्रिकेट की जीत है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मविश्वास और ‘नए भारत' की भावना की जीत है.

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन विश्व खेल जगत में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले गया है.

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Mon, 24 Nov 2025 18:45:47 +0530 news desk MPcg
जनवरी 2026 से आएगा 8वां वेतन आयोग? ToR अपडेट ने बढ़ाई केंद्रीय कर्मचारियों की चिंता https://citytoday.co.in/4430 https://citytoday.co.in/4430 नई दिल्ली 
सरकार ने 3 नवंबर को 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी कर दिए। हालांकि, इसके साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कर्मचारी और पेंशनर यूनियन का आरोप है कि ToR में उस तारीख का जिक्र ही नहीं है, जिस दिन से आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, जबकि 4th से 7th वेतन आयोग तक सभी की सिफारिशें हर 10 साल में 1 जनवरी से लागू होती रही हैं। यही कारण है कि अब आशंका जताई जा रही है कि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की परंपरा टूट भी सकती है।

7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है। अब तक माना जा रहा था कि 8वां वेतन आयोग स्वाभाविक रूप से 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएगा। लेकिन ToR में यह तारीख शामिल न होने से प्रश्न उठने लगे हैं। यूनियन और पेंशनर समूहों का कहना है कि भले ही सिफारिशें देरी से आई हों, लेकिन लागू होने की प्रभावी तारीख हमेशा 1 जनवरी ही रही है। इस बार तारीख का उल्लेख न होना एक संभावित नीतिगत बदलाव या देरी का संकेत माना जा रहा है।

कौन कर रहा है विरोध?
ToR जारी होते ही कई कर्मचारी और पेंशनर संगठन सक्रिय हो गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं- ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF), कन्फेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ऐंड वर्कर्स (CCGEW) और भारत पेंशनर्स समाज (BPS)। इन संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर ToR में मौजूद 'कमियों' पर आपत्ति जताई है और संशोधन की मांग की है।

BPS की 7 बड़ी आपत्तियां और मांगें
17 नवंबर को भेजे गए विस्तृत पत्र में भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने कई अहम मुद्दे उठाए। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—

1. 1 जनवरी 2026 की तारीख स्पष्ट तौर पर शामिल की जाए
BPS चाहता है कि ToR में साफ लिखा जाए कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी।
2. 'Unfunded Cost' शब्द हटाया जाए
BPS का कहना है कि इस शब्द से लगता है कि पेंशन सरकार पर बोझ है, जबकि सुप्रीम कोर्ट पेंशन को पहले ही संवैधानिक अधिकार घोषित कर चुका है।
3. पेंशन समानता और संशोधन के स्पष्ट नियम
सभी पेंशनरों के लिए तिथि की परवाह किए बिना संशोधन का एकसमान सिद्धांत लागू किया जाए, ताकि पुराने और नए पेंशनरों का अंतर खत्म हो सके।
4. OPS–NPS–UPS की समीक्षा
2004 के बाद नियुक्त हुए 26 लाख से अधिक कर्मचारी NPS खत्म कर OPS बहाल करने की मांग कर रहे हैं। BPS चाहता है कि 8वां वेतन आयोग इन सभी प्रणालियों की समीक्षा करे और बेहतर विकल्प दे।
5. GDS और स्वायत्त निकायों को 8वें वेतन आयोग में शामिल किया जाए
ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को डाक तंत्र की रीढ़ बताते हुए BPS ने उन्हें 8th CPC में शामिल करने की मांग की। साथ ही स्वायत्त और सांविधिक निकायों को भी दायरे में लाने की अपील की।
6. 20% अंतरिम राहत
महंगाई को देखते हुए BPS चाहता है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को तत्काल राहत के रूप में 20% अंतरिम राहत दी जाए।
7. CGHS में सुधार की मांग
BPS ने इन सुधारों की मांग की—
• CGHS को सभी स्वायत्त कर्मचारियों तक बढ़ाया जाए
• जिला स्तर पर नए CGHS केंद्र खोले जाएं
• इलाज कैशलेस और प्रक्रिया आसान हो
• लंबित संसदीय समिति की सिफारिशें लागू हों
BPS ने कहा कि ये सभी मांगें 'जनहित' में हैं।
AIDEF और CCGEW: पेंशनरों को दायरे से बाहर रखने पर कड़ा विरोध

AIDEF ने 4 नवंबर को वित्त मंत्री को पत्र लिखा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 साल सेवा दे चुके 69 लाख पेंशनर 8वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर कर दिए गए हैं।”

CCGEW ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा़, “ToR के कई हिस्सों में तुरंत संशोधन की जरूरत है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों के हित सुरक्षित रहें।”
क्या सरकार 10 साल के वेतन आयोग चक्र में बदलाव की तैयारी में है?

सबसे बड़ा सवाल यही है। कर्मचारी और पेंशनरों को लगता है कि तारीख का गायब होना, “Unfunded Cost” का उल्लेख और पेंशनरों को प्राथमिकता न देना…ये संकेत हो सकते हैं कि सरकार पारंपरिक 10-वर्षीय वेतन आयोग चक्र में बदलाव पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन विरोध बढ़ता जा रहा है। इससे साफ है कि 8वें वेतन आयोग को 2026 से लागू किया जाएगा या नहीं, इसे लेकर अभी भी भ्रम बरकरार है।

 

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Mon, 24 Nov 2025 15:33:23 +0530 news desk MPcg
नए लेबर कोड की बहार: सैलरी, ग्रेच्युटी और ओवरटाइम में बड़ा बदलाव, जानें आप पर क्या असर पड़ेगा https://citytoday.co.in/4427 https://citytoday.co.in/4427 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने देश के श्रम कानूनों में दशकों बाद सबसे व्यापक सुधार करते हुए 21 नवंबर से नए लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं। सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया है और उनकी जगह चार नए लेबर कोड लागू किए हैं। इसे आत्मनिर्भर भारत रिफार्म का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार का दावा है कि इन नए बदलावों से देश की रोजगार व्यवस्था, उद्योगों का संचालन और कामगारों की सुरक्षा—तीनों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। नए प्रावधानों से लगभग 40 करोड़ कामगारों को पहली बार सोशल सिक्योरिटी कवरेज मिलने जा रहा है, जो भारत के श्रम बाजार में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

पुराने कानून हुए खत्म, नए लेबर कोड में क्या है खास
देश में लंबे समय से लागू श्रम कानून 1930 से 1950 के बीच के थे, जिन्हें समय के साथ पुराना और अप्रासंगिक माना जाता रहा। इन पुराने कानूनों में गिग वर्कर्स, प्लेटफार्म वर्कर्स, माइग्रेंट वर्कर्स  जैसे आधुनिक कार्य-प्रकारों की कोई परिभाषा मौजूद नहीं थी। नए लेबर कोड लागू होने के साथ ही ये सभी पुराने 29 कानून अब अप्रभावी हो चुके हैं।

हर कर्मचारी को Appointment Letter अनिवार्य
नए लेबर कोड के मुताबिक, अब देश में किसी भी कर्मचारी को भर्ती करते समय Appointment Letter देना अनिवार्य होगा। साथ ही देशभर में Minimum Wage का दायरा सभी श्रमिकों पर लागू होगा, जिससे किसी भी कर्मचारी को जीवन-यापन के लायक वेतन सुनिश्चित किया जा सके। समय पर वेतन भुगतान भी अब कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।

पहली बार लेबर कोड में Platform Work, Aggregators और सभी Gig Workers को कानूनी पहचान दी गई है। इन कामगारों को अब Social Security Benefits मिलेंगे।

इसके लिए Aggregator कंपनियों को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1-2% योगदान करना होगा। नए कोड में फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी स्थायी कर्मचारियों जिते अधिकार दिए गए हैं—जैसे छुट्टी, चिकित्सा सुविधाएं और सिर्फ एक साल बाद Gratuity का अधिकार।

मीडिया, खदान और डिजिटल वर्कर्स भी सुरक्षा के दायरे में

नए नियमों में बागान मजदूर, डिजिटल मीडिया वर्कर्स, ऑडियो-विजुअल कर्मचारी, डबिंग आर्टिस्ट, स्टंट पर्सन, और खदान मजदूरों को भी शामिल किया गया है।
खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की On-Site Safety Monitoring के मानक भी तय किए गए हैं। साथ ही IT, ITES, पोर्ट सेक्टर और Export Industry के कर्मचारियों के लिए 7 तारीख तक वेतन भुगतान का प्रावधान अनिवार्य किया गया है।

Labour Dispute समाधान और उद्योगों को बड़ी राहत

लेबर कोड में विवादों के तेजी से समाधान के लिए दो सदस्यीय Industrial Tribunal बनाए जाएंगे। कंपनियों के लिए Single Registration, Single License और Single Return System लागू हुआ है, जिससे paperwork काफी कम होगा। 500 से अधिक कर्मचारियों वाली यूनिट्स में सुरक्षा समितियां अनिवार्य होंगी, जबकि छोटी यूनिट्स के लिए अनुपालन का बोझ घटाया गया है।

सरकार बोली—नए नियम बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने नए लेबर कोड को “कामगारों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि इससे श्रमिकों की Minimum Wage, Social Security, और Employment Conditions मजबूत होंगे। सरकार का कहना है कि पुराने कानून नई अर्थव्यवस्था और नए रोजगार मॉडल के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे, जबकि नए लेबर कोड दोनों—कामगार और उद्योग—को मजबूती देंगे।

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Mon, 24 Nov 2025 15:19:57 +0530 news desk MPcg
साउथ के राज्यों की चिंता दूर करेगी मोदी सरकार, परिसीमन पर तैयार हो रहा रणनीतिक प्लान https://citytoday.co.in/4426 https://citytoday.co.in/4426  नई दिल्ली

देश में लोकसभा और विधानसभा की सीटों के राष्ट्रव्यापी परिसीमन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस परिसीमन के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा महिला आरक्षण भी इसी के आधार पर लागू होगा। परिसीमन के लिए भौगोलिक क्षेत्र के साथ ही आबादी को भी आधार माना जाता रहा है और उसके अनुसार ही सीटों का आवंटन होता रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों से तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल समेत दक्षिण भारत के सभी राज्यों की ओर से चिंता जताई जाती रही है कि उनकी सीटों का अनुपात कम हो सकता है। इसकी बजाय यूपी, बिहार जैसे राज्यों की लोकसभा सीटों का अनुपात और बढ़ सकता है, जो पहले ही अधिक है।

दक्षिण भारत के राज्यों की ओर से यह चिंता जताई जाती रही है कि यदि आबादी के अनुपात को आधार मानते हुए सीटों का आवंटन हुआ तो हमें नुकसान होगा। यही नहीं उत्तर भारत से तुलना करते हुए साउथ के कई नेता कहते रहे हैं कि हमने यदि फैमिली प्लानिंग को अच्छे से लागू किया और आबादी पर नियंत्रण पाया तो उसके लिए परिसीमन में सीटों का अनुपात घटाकर सजा नहीं मिलनी चाहिए। अब जानकारी मिल रही है कि केंद्र सरकार ने दक्षिण भारत के राज्यों की इन चिंताओं पर विचार किया है। खबर है कि सीटों की संख्या भले ही परिसीमन के बाद बढ़ेगी, लेकिन उसके अनुपात में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ है कि साउथ के राज्यों की राजनीतिक शक्ति जस की तस रहेगी।

परिसीमन को लेकर जिन प्रस्तावों पर विचार चल रहा है, उनमें से एक यह है कि विधानसभा की सीटों को जनगणना के आंकड़ों के अनुसार बढ़ा दिया जाए। लेकिन राज्यसभा के सदस्यों की संख्या अभी जैसी ही रखी जाए। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रस्ताव को लेकर सरकार का मानना है कि विधानसभा की सीटें बढ़ाना किसी राज्य का आंतरिक मामला है। इसके अलावा राज्यसभा की सीटें तो संसद में सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व के लिए ही हैं। ऐसे में लोकसभा की सीटों का अनुपात सही रखना होगा ताकि किसी राज्य को बढ़त मिलती ना दिखे और कोई राज्य कमजोर भी ना नजर आए।
अब तक हुए 4 परिसीमन, 23 साल में क्या-क्या बदल गया

इस पर विचार करते हुए कुलदीप नैयर बनाम भारत सरकार वाले केस का भी जिक्र अधिकारियों ने किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यसभा का मुख्य काम लोकसभा द्वारा लिए गए फैसलों को चेक करना है। इसका एकमात्र अर्थ प्रतिनिधित्व से नहीं है। फिलहाल इस संबंध में एक ऐक्ट बनेगा और फिर परिसीमन होगा। इससे पहले देश में 1952, 1962, 1973 और 2002 में परिसीमन हो चुके हैं। तब से अब तक परिसीमन नहीं हुआ है और इस बीच देश की आबादी और उसके अनुपात में बड़ा बदलाव है। एक अहम चीज यह है कि बीते 23 सालों में शहरी आबादी कहीं ज्यादा हो गई है। इसे लेकर भी सरकार विचार कर रही है कि ग्रामीण इलाकों का प्रतिनिधित्व प्रभावित ना हो।

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Mon, 24 Nov 2025 15:16:52 +0530 news desk MPcg
पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव, एलओसी पर भारी फौज तैनात, सेना हाई अलर्ट पर https://citytoday.co.in/4423 https://citytoday.co.in/4423 नई दिल्ली

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ओर कहा, ‘सिंध भले ही आज भौगोलिक रूप से भारत का हिस्सा नहीं, लेकिन सभ्यता के नजर‍िये से सिंध हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेगा. जहां तक जमीन की बात है, सीमाएं बदल सकती हैं. कौन जानता है क‍ि कल सिंध फ‍िर भारत में वापस आ जाए.’ उनके बयान से पाक‍िस्‍तान में हलचल मची हुई है. दूसरी ओर खबर आ रही क‍ि पाक‍िस्‍तान से लगते इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर हलचल तेज हो गई है. कहा तो यहां तक जा रहा क‍ि भारत ने इस इलाके में फौज की संख्‍या दोगुनी कर दी है. हालांकि, इसके पीछे वजह कुछ और बताई जा रही है.

दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. ब्लास्ट के तुरंत बाद से ही केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट साझा कर रही हैं, जिन्हें देखते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) दोनों ही सेक्टरों में फोर्सेज की तैनाती को कई स्तर पर बढ़ा दिया गया है. सीमा पर हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जवानों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और गश्त का दायरा भी रात-दिन लगातार बढ़ाया गया है.

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद आतंकियों की हलचल तेज

    इनपुट्स के अनुसार फिलहाल जम्मू-कश्मीर में करीब 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 117 पाकिस्तानी आतंकी बताए जा रहे हैं. इनके साथ 14 स्थानीय मददगार भी शामिल हैं, जो इन आतंकियों को हाइडआउट बदलने, मूवमेंट छिपाने और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करते हैं. वहीं, सीमा पार भी बड़ी संख्या में आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हुए हैं.

    सर्दियों का मौसम जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए एक अलग चुनौती लेकर आता है. पुंछ-राजौरी सेक्टर में बर्फबारी और गहरी धुंध के कारण एलओसी के रास्ते से घुसपैठ लगभग नामुमकिन हो जाती है. ऐसे में खुफिया एजेंसियों को यह इनपुट मिल रहा है कि आतंकी अब इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) को घुसपैठ का नया रास्ता बनाने की तैयारी में हैं.

इंटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ी हलचल

यही वजह है कि सेना और बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुरक्षा तैनाती को दोगुना कर दिया है. पेट्रोलिंग के दौरान महिला और पुरुष जवान दोनों शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि पेट्रोलिंग टीम में वही महिला अधिकारी भी तैनात हैं, जिन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई पोस्ट को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई थी.

 उस इंटरनेशनल बॉर्डर तक पहुंची, जहां से पाकिस्तानी पोस्ट महज कुछ मीटर की दूरी पर साफ दिखाई देती हैं. यह वही जोन है जहां दुश्मन हर समय नजर बनाए रखता है. हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं. सामने पाकिस्तान का पोस्ट, हर क्षण खतरा, और पहरेदारी में जरा भी ढिलाई की गुंजाइश नहीं.

हथियार हर पल तैयार
बीएसएफ और सेना के जवानों ने बताया कि उनके हथियार हर समय लोडेड और तैयार रहते हैं. पेट्रोलिंग के दौरान उनकी निगाहें लगातार पाकिस्तान की दिशा में रहती हैं. एक जवान ने कहा, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वे कभी भी किसी भी हरकत की कोशिश कर सकते हैं. इसी लिए हर सेकेंड अलर्ट रहना पड़ता है. एक महिला अधिकारी ने कहा, खतरे कई हैं, लेकिन हमारे अंदर कोई डर नहीं है. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. बॉर्डर पर हम हैं, तो देश सुरक्षित है.

ड्रोन खतरा बड़ा, अब स्पेशल ट्रेनिंग दे रही सेना
जवानों ने यह भी खुलासा किया कि पहले सीमा पर मुकाबला केवल ‘रेंज फाइट’ तक सीमित था. यानी दूर से फायरिंग. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल बेहद नजदीक से किया गया. इसके बाद से जवानों को ड्रोन डिटेक्शन और ड्रोन-न्यूट्रलाइजेशन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. फोर्सेज के अनुसार पाकिस्तान सीमा पर तैनात पोस्टों से ड्रोन भेजने की कई असफल कोशिशें पहले भी हुई हैं. यही वजह है कि अब हर पेट्रोलिंग टीम में ‘एंटी-ड्रोन गियर’ और प्रशिक्षित जवान शामिल किए गए हैं.

 जवानों का स्पष्ट संदेश
जवानों ने कैमरे पर सीधे पाकिस्तान को संदेश भेजते हुए कहा, सीमा पर कोई भी नापाक हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पाकिस्तान की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे घुसपैठ की कोशिश हो, ड्रोन से हथियार भेजने की साजिश, या पाक रेंज से फायरिंग, हर तरह की प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने के लिए वे पूर्ण रूप से तैयार हैं.

 

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Mon, 24 Nov 2025 14:04:02 +0530 news desk MPcg
भोपाल में ट्रैवल एजेंसी की आड़ में 20 लाख के नकली नोट छापने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, बुरहानपुर में RMO रह चुका https://citytoday.co.in/4419 https://citytoday.co.in/4419 खंडवा
 नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है।

ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट
खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था।

महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क
गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा।

जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट
एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके।

भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची।

यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया।

आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए।

आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।

जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया।

इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया।

एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए।

ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे।

भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए।

यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।

भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी तक 40 लाख रुपए के नकली नोट सर्कुलेट किए हैं।

डॉक्टर से अपराधी तक का सफर
जांच में पता चला कि 2019-20 में डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में RMO के पद पर तैनात था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से MBBS किया था, लेकिन सरकारी सेवा के दौरान उसने फर्जी खरीद और बिलों से जुड़े कई घोटाले किए। एक मामले में एफआईआर होने पर वह खंडवा जेल गया। उसी जेल में उसकी मुलाकात इमाम जुबेर अंसारी से हुई और दोनों ने जेल से बाहर आने के बाद नकली नोटों का धंधा शुरू करने की योजना बनाई। फिर उन्होंने महाराष्ट्र–एमपी तक नेटवर्क तैयार किया, जिसमें दिनेश गोरे और गोपाल राहुल को भी जोड़ा गया।
एक लाख में देते थे पांच लाख के नकली नोट
पुलिस के अनुसार, गिरोह असली नोट लेकर उसके बदले पांच गुना नकली नोट देने की डील करता था। यानी- 1 लाख रुपए दो बदले में 5 लाख रुपए नकली नोट लो। इसी लालच में कई लोग उनके संपर्क में आए और गिरोह की पहुंच तेजी से बढ़ी। पुलिस को संदेह है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई और ग्राहक संपर्क में रहे होंगे।
जांच और गिरफ्तारियों का क्रम जारी
पुलिस अब गिरोह की आर्थिक लेनदेन और बैंकिंग रिकॉर्ड खंगाल रही है। जब्त ATM कार्ड और चेकबुक से बड़े वित्तीय धोखाधड़ी की संभावना जताई गई है। खंडवा की स्पेशल पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं, और इस रैकेट के कई और लिंक सामने आने की उम्मीद है।

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Mon, 24 Nov 2025 13:44:01 +0530 news desk MPcg
भारत के 53वें सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे जस्टिस सूर्यकांत https://citytoday.co.in/4417 https://citytoday.co.in/4417 जस्टिस सूर्यकांत आज सोमवार को भारत के 53वें चीफ जस्टिस (सीजेआई) के तौर पर शपथ लेंगे, जो देश के सबसे ऊंचे ज्यूडिशियल ऑफिस में उनके 14 महीने के कार्यकाल की शुरुआत होगी।

जस्टिस सूर्यकांत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पद की शपथ दिलाएंगी। वह मौजूदा सीजेआई भूषण आर गवई की जगह लेंगे। राष्ट्रपति ने सीजेआई गवई की सिफारिश के बाद ‘संविधान के आर्टिकल 124 के क्लॉज (2) द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए’ जस्टिस सूर्यकांत को भारत का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त किया था।

जस्टिस गवई, जिन्होंने रविवार को 65 साल की उम्र में सीजेआई का पद छोड़ दिया, ने सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को अपना उत्तराधिकारी बनाने की परंपरा को बनाए रखा। जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। उन्होंने 1984 में हिसार से अपनी लॉ यात्रा शुरू की और फिर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ चले गए।

इस दौरान उन्होंने कई तरह के संवैधानिक, सर्विस और सिविल मामलों को संभाला, जिसमें यूनिवर्सिटी, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, बैंक और यहां तक ​​कि खुद हाई कोर्ट को भी रिप्रेजेंट किया। जुलाई 2000 में उन्हें हरियाणा का सबसे कम उम्र का एडवोकेट जनरल बनाया गया। इसके बाद, 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया और 9 जनवरी 2004 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का परमानेंट जज बनाया गया।

बाद में, उन्होंने अक्टूबर 2018 से 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में अपनी पदोन्नति तक हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम किया। नवंबर 2024 से वे सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं।

शनिवार को चार्ज संभालने से पहले मीडिया से बातचीत में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और देश भर की अदालतों में पेंडेंसी कम करना उनकी सबसे बड़ी प्रायोरिटी होगी।

 

उन्होंने कहा था कि भारत के चीफ जस्टिस के तौर पर उनका पहला कदम सभी हाई कोर्ट के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के कामकाज पर असर डालने वाली समस्याओं की पहचान करना होगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि लंबे समय से पेंडिंग पड़े जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए ‘अगले कुछ हफ्तों में’ पांच, सात और नौ जजों की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच बनाई जाएंगी।

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) पर 21 जुलाई तक मौजूद ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, भारतीय अदालतों पर 5.29 करोड़ पेंडिंग मामलों का भारी बोझ है। इनमें से 4.65 करोड़ मामले जिला और निचली अदालतों में 63.30 लाख मामले हाई कोर्ट में और 86,742 मामले सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं। (इनपुट-आईएएनएस)

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Mon, 24 Nov 2025 12:20:31 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन सिंदूर में चीन&पाक की मिलीभगत! रिपोर्ट में हथियारों की सप्लाई और राफेल को बदनाम करने की साजिश का खुलासा https://citytoday.co.in/4414 https://citytoday.co.in/4414 नई दिल्ली 
दो सदस्यों वाले अमेरिकी आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि चीन ने मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष का अवसरवादी तरीके से उपयोग किया। इस दौरान उसने अपनी रक्षा क्षमताओं का परीक्षण और प्रचार के मकसद से पाकिस्तान को हथियारों की मदद की। मंगलवार को प्रकाशित यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग ने चार दिवसीय संघर्ष का लाभ उठाया ताकि अपने हथियारों का परीक्षण और विज्ञापन कर सके।
 
रिपोर्ट में कहा गया है, "यह संघर्ष पहली बार था जब चीन की आधुनिक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया था। उनमें HQ-9 वायु रक्षा प्रणाली, PL-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और J-10 लड़ाकू विमान शामिल हैं। यह एक वास्तविक दुनिया के क्षेत्र प्रयोग के रूप में काम आया।"

रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने कथित तौर पर संघर्ष के बाद जून में पाकिस्तान को 40 J-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू जेट, KJ-500 विमान और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली बेचने की पेशकश की। संघर्ष के हफ्तों बाद, चीनी दूतावासों ने भी भारत-पाकिस्तान संघर्ष में अपने सिस्टम की सफलताओं की प्रशंसा की, जिसका उद्देश्य हथियार बिक्री को बढ़ावा देना था।

राफेल को बदनाम करने का अभियान
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू जेट को बदनाम करने के लिए एक दुष्प्रचार अभियान भी चलाया। फ्रांसीसी खुफिया जानकारी के अनुसार, चीन ने अपने J-35 के पक्ष में फ्रांसीसी राफेल की बिक्री में बाधा डालने के लिए एक दुष्प्रचार अभियान शुरू किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करके AI और वीडियो गेम की तस्वीरों को प्रचारित किया, जिसमें चीन के हथियारों द्वारा नष्ट किए गए विमानों के कथित मलबे को दिखाया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीनी दूतावास के अधिकारियों ने इंडोनेशिया को राफेल जेट की पहले से चल रही खरीद को रोकने के लिए मना लिया।

चीन ने रिपोर्ट को बताया झूठा
चीन ने इस रिपोर्ट को झूठा करार दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "समिति द्वारा जारी की गई रिपोर्ट स्वयं झूठी है।" माओ ने आगे कहा, "आपने जिस समिति का उल्लेख किया है, उसका चीन के प्रति हमेशा एक वैचारिक पूर्वाग्रह रहा है और उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।"

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस हमले में सीमा पार के लिंक पाए और 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कई आतंकी शिविरों पर हमला किया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने एक बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया, लेकिन खतरों को विफल कर दिया गया। कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरफील्ड पर हमला किया। 10 मई को हुए संघर्ष विराम के साथ शत्रुता समाप्त हो गई थी।

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Sat, 22 Nov 2025 18:15:29 +0530 news desk MPcg
5 लाख में खरीदी AK&47, डीप फ्रीजर में छुपाए विस्फोटक: मुजम्मिल के सनसनीखेज खुलासे https://citytoday.co.in/4413 https://citytoday.co.in/4413 नई दिल्ली
10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए आत्मघाती कार धमाके की जांच में खुफिया एजेंसियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो इस हमले को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल, बहु-स्तरीय हैंडलर चेन और कई स्थानों पर एक साथ हमले की विस्तृत साजिश से जोड़ते हैं।

सरकारी सूत्रों ने ANI को बताया कि यह नेटवर्क ट्रांसनेशनल स्तर पर सक्रिय था। आतंकी उमर नबी द्वारा चलाई जा रही विस्फोटक से भरी कार के धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। आतंकवादी उमर नबी मौके पर ही मारा गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मॉड्यूल से जुड़े चार मुख्य आरोपियों- डॉ. मुज़म्मिल शकील गनाई (पुलवामा, जम्मू-कश्मीर), डॉ. अदील अहमद राठर (अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर), डॉ. शहीन सईद (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) और मुफ्ती इरफान अहमद (शोपियां, जम्मू-कश्मीर) को गिरफ्तार किया है।

2500 किलो अमोनियम नाइट्रेट और 5 लाख में AK-47 की खरीद
जांच में सामने आया है कि फरीदाबाद में पकड़े गए मुजम्मिल के पास से 2500 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। इससे पहले उसने 5 लाख रुपये से अधिक में AK-47 खरीदी थी, जो बाद में आरोपी अदील के लॉकर से मिली। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी के अनुसार, यह खरीद इस मॉड्यूल की तैयारी और वित्तीय क्षमता को दर्शाती है।

हर आरोपी का अलग हैंडलर, ऊपर बैठा था 'सीनियर कंट्रोलर'
खुफिया सूत्रों के अनुसार, मॉड्यूल के हर सदस्य को अलग-अलग हैंडलर निर्देश दे रहे थे। मुजम्मिल का हैंडलर अलग था, कार धमाका करने वाला उमर दूसरे हैंडलर को रिपोर्ट करता था। दो प्रमुख हैंडलरों मंसूर और हाशिम के ऊपर एक सीनियर सुपरवाइजर बैठा था, जो पूरे मॉड्यूल को कंट्रोल कर रहा था। यह संरचना पाकिस्तान-अफगानिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क की शैली से मेल खाती है।

तुर्की के रास्ते अफगानिस्तान भेजने की साजिश
खुलासा हुआ है कि 2022 में मुजम्मिल, अदील और एक अन्य आरोपी मुजफ्फर अहमद तुर्की गए थे, जहां उन्हें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े उकाशा नामक व्यक्ति के निर्देश पर अफगानिस्तान भेजा जाना था। लेकिन तुर्की में लगभग एक सप्ताह इंतजार कराने के बाद संपर्क व्यक्ति ने उन्हें आगे नहीं भेजा। उकाशा, मुजम्मिल से टेलीग्राम ID पर बात करता था और उनकी बातचीत तब बढ़ गई जब मुज़म्मिल ने अपने हैंडलर के बारे में जानकारी मांगी।

उमर की ऑनलाइन ट्रेनिंग: वीडियो, मैनुअल, रसायन और इलेक्ट्रॉनिक्स
उमर ने बम बनाने के वीडियो, मैनुअल और ओपन-सोर्स कंटेंट ऑनलाइन पढ़कर विस्फोटक तैयार किए। उसने रसायन नूह से, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स भागीरथ पैलेस और फरीदाबाद NIT मार्केट से खरीदे। यह भी पता चला कि उसने एक डीप-फ्रीजर खरीदा, जिसका उपयोग विस्फोटक मिश्रण को स्टेबलाइज और प्रोसेस करने के लिए किया गया।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में झगड़ा: कार में पहले से थे विस्फोटक
जांच में एक बड़ा संकेत यह भी मिला है कि फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मुजम्मिल और उमर के बीच पैसे को लेकर गंभीर झगड़ा हुआ था, जिसे कई छात्रों ने देखा। झगड़े के बाद, उमर ने अपनी लाल ईकोस्पोर्ट कार, जिसमें पहले से विस्फोटक मौजूद थे, मुजम्मिल को सौंप दी।

कई लोकेशन पर धमाकों की योजना
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल कई स्थानों पर एक साथ विस्फोट करने की तैयारी में था। बरामद सामग्री और डिजिटल रिकवरी इशारा करती है कि एक मल्टी-लोकेशन कोऑर्डिनेटेड स्ट्राइक की योजना बनाई जा रही थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ANI को बताया, अब तक के सबूत इसी दिशा में जाते हैं। मॉड्यूल की संरचना, हैंडलर नेटवर्क और बरामद सामग्री एक बड़े हमले की योजना की ओर संकेत करते हैं। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सह-आरोपी जसिर बिलाल वानी को NIA मुख्यालय में अपने वकील से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वानी फिलहाल NIA की कस्टोडियल रिमांड में है।

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Sat, 22 Nov 2025 18:13:17 +0530 news desk MPcg
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: मामूली गलती पर 28 दिन की जेल, अफसरों पर भारी नाराज़गी https://citytoday.co.in/4411 https://citytoday.co.in/4411 नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के आदेश में किसी तुच्छ चूक का हवाला देकर उसकी अवहेलना करना पूरी तरह अनुचित है। यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की गई जिसमें उत्तर प्रदेश की जेल प्रशासन ने एक अंडरट्रायल कैदी की रिहाई 28 दिनों तक रोके रखी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के जमानत आदेश में एक उपधारा (i) का जिक्र छूट गया था, हालांकि बाकी सभी विवरण पूरी तरह स्पष्ट थे।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, आफताब नामक आरोपी को उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत बुक किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2025 को उसे जमानत दी थी। आदेश में धारा 5(i) के स्थान पर केवल धारा 5 लिखा गया था। इस मामूली चूक के आधार पर जेल अधिकारियों ने उसकी रिहाई रोक दी और वह 27 मई तक जेल में बंद रहा। जून 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए यूपी सरकार को आफताब को 5 लाख रुपये की अंतरिम क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था। साथ ही, कोर्ट ने गाजियाबाद के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज को मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया।

जांच रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
17 नवंबर को जब यह मामला जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच के सामने आया, तो उन्होंने जांच रिपोर्ट का वह हिस्सा देखकर आश्चर्य व्यक्त किया जिसमें देरी के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) जुनैद मुजफ्फर को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया था। जस्टिस पारदीवाला ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से तीखा सवाल पूछा- जब आदेश सुप्रीम कोर्ट का था, तो देरी के लिए ADJ को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? वह तो केवल हमारे आदेश का अनुपालन कर रहे थे। सिर्फ इसलिए कि धारा 5 की उपधारा (i) नहीं लिखी थी, व्यक्ति को 28 दिन तक जेल में क्यों रखा गया? ASG भाटी ने कहा कि मुद्दा तब सुलझा जब आरोपी ने आदेश संशोधन के लिए आवेदन दिया। इस पर बेंच ने असहमति जताई।

‘कार्यपालिका न्यायालय के आदेशों पर बैठ गई’ : जस्टिस विश्वनाथन
जस्टिस के.वी. विश्वनाथन ने कड़े शब्दों में कहा- यह तो कार्यपालिका का न्यायिक आदेशों पर बैठ जाना है। बिल्कुल बेहूदा बहाना- यह कैसे स्वीकार्य हो सकता है कि यदि CJI जमानत दे दें और कोई उपधारा छूट जाए, तो सरकार उसे लागू न करे? जब अपराध संख्या, आरोपी का नाम, पुलिस स्टेशन और सब कुछ स्पष्ट था, तो ऐसी देरी क्यों?

कोर्ट ने ADJ की राय मांगी
बेंच ने कहा कि किसी अधिकारी को दोषी ठहराने से पहले उसकी बात सुनना जरूरी है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि ADJ जुनैद मुजफ्फर अपनी लिखित टिप्पणियां दाखिल करें, खासकर जांच रिपोर्ट के पैरा 8 पर, जिसमें उन्हें पूरी तरह दोषी बताया गया है। कोर्ट ने कहा- जब सर्वोच्च न्यायालय, वह भी मुख्य न्यायाधीश की पीठ, कोई आदेश पारित करती है, तो अधिकारियों का तुच्छ त्रुटियों के आधार पर आदेश को नजरअंदाज करना बिल्कुल उचित नहीं है। यह अदालत इस चूक को गंभीरता से देख रही है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया कि अधिकारी से टिप्पणी जल्द से जल्द मंगाई जाए और मामला अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अब यह मामला 8 दिसंबर को फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा, जहां यह स्पष्ट होगा कि देरी के वास्तविक कारण क्या थे, और दोष किसका है- जेल प्रशासन का, पुलिस का, या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही हुई।

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Sat, 22 Nov 2025 18:10:39 +0530 news desk MPcg
‘हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी’, क्योंकि धर्म का सही मार्गदर्शन हिंदू समाज ही देता : मोहन भागवत https://citytoday.co.in/4410 https://citytoday.co.in/4410  इम्फाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत मणिपुर के दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने अपने संबोधन में सभ्यता, समाज और राष्ट्र की शक्ति का जिक्र किया. इस दौरान मोहन भागवत ने कहा कि हमने समाज का एक बेसिक नेटवर्क बनाया है, उसके चलते हिंदू समाज रहेगा. 'अगर हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी.'

भागवत ने कहा, 'परिस्थिति का विचार तो सबको करना पड़ता है. परिस्थिति आती है और जाती है. दुनिया में सब देशों पर तरह-तरह की परिस्थिति आई, गई. कुछ देश उसमें समाप्त हो गए. यूनान, मिस्र और रोमां सब मिट गए यहां से, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी.'

'हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी'

उन्होंने कहा, 'भारत एक अमर समाज, अमर सिविलाइजेशन का नाम है. बाकी सब आए, चमके और चले गए. लेकिन इन सबका उदय और अस्त हमने ही देखा. हम अभी भी हैं और रहेंगे क्योंकि हमने अपने समाज का एक बेसिक नेटवर्क बनाया है. उसके चलते हिंदू समाज रहेगा. हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी. क्योंकि धर्म का सही अर्थ और मार्गदर्शन दुनिया को समय-समय पर हिंदू समाज ही देता है. यह हमारा ईश्वर प्रदत्त कर्तव्य है.'

'भारत में अस्त हुआ ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य'
 
भागवत ने कहा कि हर समस्या का अंत संभव है. उन्होंने नक्सलवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब समाज ने तय किया कि अब यह बर्दाश्त नहीं होगा, तब यह खत्म हो गया. उन्होंने कहा, 'ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य अस्त नहीं होता था. लेकिन भारत में उनके सूर्यास्त की शुरुआत हुई. इसके लिए हमने 90 साल प्रयास किए. 1857 से 1947, उस लंबे समय तक स्वतंत्रता के लिए हम सब लोग लड़ते रहे. वह आवाज कभी हमने दबने नहीं दी. कभी कम हो गई, कभी बढ़ गई, लेकिन दबने कभी नहीं दी.'

'हमारी अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर होनी चाहिए'

उन्होंने आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि देश को ऐसा होना चाहिए कि वह किसी पर निर्भर न रहे. भागवत ने कहा, 'हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह आत्मनिर्भर होनी चाहिए. हम किसी पर डिपेंडेंट नहीं होने चाहिए. हमारे पास इकोनॉमिक एबिलिटी, मिलिट्री एबिलिटी और नॉलेज एबिलिटी होनी चाहिए. यह बढ़नी चाहिए. हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि देश सुरक्षित रहे, समृद्ध रहे और कोई भी नागरिक दुखी, दरिद्र या बेरोजगार न हो. सब लोग देश के लिए काम करें और आनंद से जीवन जिएं.'

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Sat, 22 Nov 2025 17:01:31 +0530 news desk MPcg
दिल्ली&एनसीआर में हवा और जहरीली: AQI 400 पार, धुंध की चादर से बढ़ी चिंता https://citytoday.co.in/4402 https://citytoday.co.in/4402 नई दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। आज सुबह कई इलाकों में घना जहरीला स्मॉग छाया रहा। राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह राजधानी दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 416, अशोक विहार में 443, आया नगर में 332, बवाना में 437, बुराड़ी में 418, डीटीयू में 432, द्वारका में 414, आईटीओ में 399, जहांगीरपुरी में 451 दर्ज किया गया है।

गाजियाबाद में भी 400 पार पहुंची एक्यूआई
गाजियाबाद में भी एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, लोनी में 448 एक्यूआई दर्ज किया गया है। संजय नगर में 420, वसुंधरा 424 और इंदिरापुर में एक्यूआई 373 दर्ज किया।

नोएडा का एक्यूआई भी 400 से ज्यादा
नोएडा में भी कई इलाकों में 400 से ज्यादा एक्यूआई पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सेक्टर 125 में 431, सेक्टर 1 इलाके में 421, सेक्टर 116 में 436 और सेक्टर 62 इलाके में  342 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

गुरुग्राम में इतना दर्ज किया गया एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी में 365 एक्यूआई दर्ज किया गया है। सेक्टर 51 इलाके में 337, टेरी ग्राम में 238, विकास सदन में 266 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

फरीदाबाद का एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 30 में एक्यूआई 213, न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 297, सेक्टर 16ए में 213, और सेक्टर 11 में 264 दर्ज किया गया।

 

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Fri, 21 Nov 2025 18:47:35 +0530 news desk MPcg
जाते&जाते बड़ा तोहफा: CJI गवई ने वकीलों और वादियों के लिए शुरू किया नया सिस्टम https://citytoday.co.in/4401 https://citytoday.co.in/4401 नई दिल्ली
देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई 23 नवंबर को अपने पद से सेवानिवृत हो रहे हैं। आज (शुक्रवार को) उनका अंतिम कार्य दिवस है। इसलिए उनके सम्मान में सेरिमोनियल बेंच का आयोजन किया गया, जिसमें साथी जजों, अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल से लेकर अन्य कानूनविदों और वकीलों ने उनके सेवाकाल की तारीफ की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इससे पहले जस्टिस गवई ने गुरुवार को वकीलों और केस लड़ने वालों यानी वादियों को बड़ा तोहफा दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल का नया वर्जन लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिए वकील ऑनलाइन भी पेश हो सकेंगे।

CJI गवई ने गुरुवार की सुबह के सेशन में पायलट बेसिस पर शुरू किए गए इस नए वर्जन के लॉन्च की घोषणा की। CJI ने जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस के विनोद चंद्रन के साथ बैठकर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि नया सिस्टम कई डिजिटल सर्विसेज को एक इंटरफेस में मिला देगा। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म एक ही लॉग-इन के जरिए हाइब्रिड ऑप्शन के साथ ई-फाइलिंग, सर्टिफाइड कॉपी और फिजिकल हियरिंग की भी सुविधा देता है।

मौजूदा फाइलिंग सिस्टम नए सिस्टम के साथ काम करता रहेगा
लाइव लॉ के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इसे धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा ताकि कोर्ट धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ा सके। CJI गवई ने कहा कि इस बदलाव के दौरान मौजूदा फाइलिंग सिस्टम नए सिस्टम के साथ काम करता रहेगा और साथ-साथ चलेगा। जस्टिस गवई के मुताबिक, यह पहल डिजिटल प्रक्रियाओं को आसान बनाने और एक ही फ्रेमवर्क में अलग-अलग ऑनलाइन सर्विसेज की एक्सेस बढ़ाने की कोर्ट की कोशिशों को दिखाती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की भी कोशिश
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि नई सिस्टम लॉन्च करने का मकसद वकीलों और केस लड़ने वालों यानी वादियों की सुविधा बढ़ाना है। उन्होंने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट धीरे-धीरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की भी कोशिश कर रहा है।

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Fri, 21 Nov 2025 18:44:25 +0530 news desk MPcg
दिल्ली में 100 करोड़ की ड्रग्स बरामद: स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, चार तस्कर गिरफ्तार https://citytoday.co.in/4384 https://citytoday.co.in/4384 नई दिल्ली 
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नए साल से पहले बड़ी कार्रवाई की। ‘ऑपरेशन न्यू ईयर’ के तहत चलाए गए अभियान में पुलिस ने करीब 105 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की। यह ड्रग्स (मेथाम्फेटामाइन्स) रेव पार्टियों और बड़े सेलिब्रेशन में इस्तेमाल होती है। पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को दिल्ली से और एक आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन लोगों ने दिल्ली में ही एक मोबाइल ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (फैक्ट्री) बना रखी थी। यह फैक्ट्री एक चलते-फिरते ट्रक में छिपाई गई थी, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि यह खेप नए साल की पार्टियों में सप्लाई की जानी थी। मेथाम्फेटामाइन्स की यह बड़ी मात्रा विदेश से मंगवाई गई थी और इसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। पुलिस अभी इनके विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पकड़ी गई ड्रग्स की बाजार कीमत 105 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आरोपी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स का कारोबार कर रहे थे और युवाओं को निशाना बना रहे थे। ट्रक में बनी यह मोबाइल लैब इतनी खतरनाक थी कि इसे कहीं भी खड़ा करके कुछ ही घंटों में ड्रग्स तैयार की जा सकती थी।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने स्पेशल सेल की टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ दिल्ली पुलिस का अभियान और तेज होगा, ताकि राजधानी को ड्रग्स मुक्त बनाया जा सके। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से नए साल की कई बड़ी रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लग गई है। फिलहाल, चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और इनसे पूछताछ जारी है। 

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Thu, 20 Nov 2025 16:33:54 +0530 news desk MPcg
आधार में बड़ा बदलाव: अब कार्ड पर सिर्फ QR कोड और फोटो, नाम और पता हटेंगे https://citytoday.co.in/4383 https://citytoday.co.in/4383 नई दिल्‍ली. 
आधार आज कितना जरूरी है, यह तो आप जान ही चुके होंगे. आपकी सभी वित्‍तीय पहुंच बिना आधार के संभव नहीं हो सकती है. जाहिर है कि इतने जरूरी डॉक्‍यूमेंट के गलत इस्‍तेमाल का खतरा भी खूब होता है. इसी खतरे को भांपते हुए आपके आधार को और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक बार फिर इसमें बदलाव की बात कही है. आने वाला नया आधार कार्ड सिर्फ आपकी फोटो और एक क्‍यूआर के साथ होगा. इसमें पहले की तरह लिखे नाम, पते और आधार कार्ड के नंबर को हटा दिया जाएगा.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) लोगों से जुड़ी जानकारी के दुरुपयोग को रोकने और ऑफलाइन सत्यापन को हतोत्साहित करने के लिए धारक की तस्वीर और क्यूआर कोड के साथ आधार कार्ड जारी करने पर विचार कर रहा है. आधार पर आयोजित एक सम्मेलन में यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भुवनेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण दिसंबर में एक नया नियम लाने पर विचार कर रहा है, ताकि होटल, कार्यक्रम आयोजकों आदि जैसी संस्थाओं द्वारा ऑफलाइन सत्यापन को हतोत्साहित किया जा सके. साथ ही व्यक्तियों की गोपनीयता बनाए रखते हुए आधार का उपयोग करके आयु सत्यापन प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके.

कैसा होगा नया आधार कार्ड
कुमार ने कहा, ‘इस बारे में विचार किया जा रहा है कि कार्ड पर किसी और विवरण की जरूरत क्यों हो. इसमें केवल तस्वीर और क्यूआर कोड होना चाहिए. अगर हम और जानकारी छापेंगे, तो लोग वही मानेंगे और जो लोग इसका दुरुपयोग करना जानते हैं, वे करते रहेंगे.’ इसका मतलब है कि अब आधार कार्ड पर सिर्फ आपकी फोटो और एक क्‍यूआर कोड होगा, जिसमें आपकी सभी जानकारियां गोपनीय रूप से सुरक्षित रहेंगी और इसका दुरुपयोग भी नहीं हो सकेगा.

सत्‍यापन में टूट रहे नियम
आधार अधिनियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति का आधार नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी ऑफलाइन सत्यापन के लिए इकट्ठा, उपयोग या संग्रहित नहीं की जा सकती. फिर भी कई संस्थाएं आधार कार्ड की फोटोकॉपी इकट्ठा करती हैं और स्टोर भी करती हैं. ऐसे में उनके साथ धोखाधड़ी या इन आधार का गलत इस्‍तेमाल होने की संभावना बनी रहती है. इससे बचने के लिए ही आधार में सारी जानकारियां अब गोपनीय करने की तैयारी है, ताकि ऑफलाइन सत्‍यापन पर रोक लगाकर लोगों की जानकारियों के गलत इस्‍तेमाल को भी रोका जा सके.

आधार सत्‍यापन पर क्‍या नियम
देश में आधार का सत्‍यापन बिना धारक
 की सहमति के नहीं किया जा सकता है और कोई भी संस्‍था ऐसा करती है तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. यह सहमति बायोमेट्रिक या इलेक्‍ट्रॉनिक रूप में ही ली जाएगी, जो धारक से ओटीपी, फिंगरप्रिंट, आइरिस आदि के जरिये कराया जा सकता है. केवल UIDAI की ओर से अधिकृत संस्‍था और बैंक ही आधार का सत्‍यापन कर सकते हैं. यूजर चाहे तो अपने बायोमेट्रिक डाटा को लॉक भी कर सकता है और तब सिर्फ ओटीपी ही काम करेगा. अगर कोई आधार के डाट का गलत इस्‍तेमाल करता है तो उस पर भी भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.

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Thu, 20 Nov 2025 15:31:48 +0530 news desk MPcg
शेख हसीना के बेटे ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया, कहा—भारत ने मां की जान बचाई https://citytoday.co.in/4373 https://citytoday.co.in/4373 नई दिल्ली / ढाका

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने भारत और पीएम मोदी की तारीफ की है. सजीब वाजेद ने पिछले साल बांग्लादेश में हुए राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान अपनी मां शेख हसीना की हत्या के प्रयास को रोकने का क्रेडिट भारत को दिया है. शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि भारत की वजह से उनकी मां की जान बची है. उन्होंने यूनूस सरकार और उनकी बांग्लादेशी न्यायिक प्रक्रिया की आलोचना की है. बांग्लादेश में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई है.

अमेरिका के वर्जीनिया में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने बांग्लादेश की मौजूदा यूनूस सरकार पर कानूनों में हेरफेर करने, जजों को बर्खास्त करने और शेख हसीना को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘भारत हमेशा एक अच्छा दोस्त रहा है. संकट के समय भारत ने मूल रूप से मेरी मां की जान बचाई है. अगर वह बांग्लादेश नहीं छोड़तीं, तो आतंकवादियों ने उन्हें मारने की योजना बनाई थी.’

‘मोदी सरकार का आभारी’

    उन्होंने शेख हसीना के अगस्त 2024 में भारत भागने का जिक्र करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का हमेशा आभारी रहूंगा कि उन्होंने मेरी मां की जान बचाई. बता दें कि 5 अगस्त को शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा था. उस वक्त प्रदर्शनकारी उनके आवास तक घुस गए थे. आनन-फानन में वो जान बचाकर भारत आई थीं. तब से वह भारत में ही रह रही हैं.

यूनुस पर खूब बरसे हसीना के बेटे

शेख हसीना को मौत की सजा वाली कार्यवाही को बेटे वाजेद ने एक राजनीतिक नाटक बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हर चरण में उचित प्रक्रिया को दरकिनार किया है. उन्होंने कहा, ‘प्रत्यर्पण के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है. बांग्लादेश में एक सरकार है जो निर्वाचित नहीं है, असंवैधानिक और अवैध है. मेरी मां को दोषी ठहराने के लिए उन्होंने कानूनों में संशोधन किया ताकि उनके मुकदमे को तेजी से निपटाया जा सके. इसलिए ये कानून अवैध रूप से संशोधित किए गए.’

‘जजों को बदला गया’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी मां को अपने बचाव के वकीलों को नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी गई. उनके वकीलों को अदालतों में भी प्रवेश नहीं करने दिया गया.’ उन्होंने आगे दावा किया कि न्यायाधिकरण की संरचना को एक पूर्वनिर्धारित फैसले को सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया था. शेख हसीना के बेटे ने कहा, ‘मुकदमे से पहले अदालत में सत्रह जजों को बर्खास्त कर दिया गया, नए न्यायाधीश नियुक्त किए गए, जिनमें से कुछ को बेंच पर कोई अनुभव नहीं था और वे राजनीतिक रूप से जुड़े हुए थे. इसलिए कोई उचित प्रक्रिया नहीं थी. प्रत्यर्पण के लिए उचित प्रक्रिया होनी चाहिए.’

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Wed, 19 Nov 2025 17:36:33 +0530 news desk MPcg
यात्रियों के लिए बड़ी राहत: भारतीय रेलवे देगी संक्रमण&मुक्त हवा, ट्रेन के डिब्बों में खास इंतजाम https://citytoday.co.in/4370 https://citytoday.co.in/4370 नई दिल्ली 
भारतीय रेलवे यात्रियों को संक्रमण-मुक्त और सुरक्षित यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी पहल करने जा रहा है। अब ट्रेन के कोचों की हवा पहले से कहीं अधिक स्वच्छ और रोगाणुरहित होगी। इसके लिए रेलवे वायरलेस रोबोटिक अल्ट्रावायलेट यूवी-सी कीटाणुशोधन तकनीक का उपयोग शुरू करने वाला है। इस तकनीक की मदद से ट्रेन के डिब्बों में मौजूद हानिकारक जीवाणु और वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे, जिससे यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर हो सकेगी।

दिल्ली रेल मंडल की कई प्रमुख ट्रेनों में इस तकनीक का 90 दिनों तक सफल परीक्षण किया गया। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित कंपनी मेसर्स ग्रीनस्काइज एविएशन प्रा. लि. ने यह ट्रायल किया, जिसमें जीवाणु भार में 99.99% तक कमी दर्ज हुई। परीक्षण के उत्कृष्ट परिणामों को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को यह तकनीक अपनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
 
यह उन्नत रोबोटिक प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसमें मोबाइल रोबोट और यूवी-सी कीटाणुशोधन बैटन शामिल है। इसमें अल्ट्रासोनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो परिस्थिति के अनुसार स्वतः काम करते हैं। यूवी-सी किरणें 254 नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य पर बैक्टीरिया और वायरस के डीएनए-आरएनए को निष्क्रिय कर देती हैं, जिससे वे जीवित नहीं रह पाते। यह प्रक्रिया पूरी तरह रसायन-मुक्त और पर्यावरण अनुकूल है, जो किसी भी प्रकार के हानिकारक अवशेष नहीं छोड़ती।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक सतहों और हवा दोनों को सुरक्षित बनाने में प्रभावी है। एनआरसी-सीएमएफआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. डीबी सिंह के अनुसार, अल्ट्रावायलेट तकनीक पानी से लेकर हवा तक में मौजूद सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है। इससे ट्रेन के वातानुकूलन, वेंटिलेशन और तापमान नियंत्रण के साथ एकीकृत होकर हवा को लगातार साफ रखा जा सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम होगा।

रेलवे बोर्ड के पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग मैनेजमेंट निदेशक अजय झा ने क्षेत्रीय रेलों को आरडीएसओ के साथ समन्वय कर एक वर्ष के लिए इस तकनीक के ट्रायल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर उत्तर रेलवे से तकनीकी सहायता लेने को भी कहा गया है।

ग्रीनस्काइज एविएशन के डायरेक्टर ऑपरेशंस कैप्टन पवन कुमार अरोड़ा के अनुसार, वायरलेस रोबोटिक यूवी-सी सिस्टम आईसीएमआर-सीएसआईओ प्रमाणित है और पूर्णतः हरित, टिकाऊ तथा रसायन-मुक्त समाधान प्रदान करता है, जो वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है।

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Wed, 19 Nov 2025 14:51:31 +0530 news desk MPcg
PM Kisan Scheme: आज किसानों के खाते में आएगी 21वीं किस्त, 2000 रुपये सीधे लाभार्थियों को https://citytoday.co.in/4369 https://citytoday.co.in/4369 नई दिल्ली
सरकार की ओर से किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है. पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त आज, 19 नवंबर को करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर की जानी है.

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

एग्रीकल्चर इंडिया ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है.इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का ट्रांसफर किया जाएगा. 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी.

इससे पहले प्राकृतिक आपदा से पीड़ित राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में यह राशि पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी है. शिवराज चौहान आगे बताते हैं कि आज प्रधानमंत्री मोदी किसानों को संबोधित भी करेंगे और यह दिन किसान उत्सव के रूप में मनाया जाएगा.

इन किसानों को नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि 
अगर आप किसान सम्मान निधि का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है. आप ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीएससी सेंटर के माध्यम से करा सकते हैं. इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिल सकेगा जो पंजीकृत जमीन पर खेती करके आजीविका कमा रहे हैं.

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Wed, 19 Nov 2025 14:46:55 +0530 news desk MPcg
हिडमा के बाद मटुरे समेत 7 नक्सली ढेर, आंध्र जंगलों में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन https://citytoday.co.in/4368 https://citytoday.co.in/4368 गोदावरी 

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के मारेडुमिल्ली और GM वालसा के जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए. यह कार्रवाई मंगलवार से चल रहे संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी. राज्य के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि मुठभेड़ के दौरान चार पुरुष और तीन महिला नक्सली ढेर किए गए हैं और फील्ड से लगातार अपडेट मिल रहे हैं.

मारे गए नक्सलियों में संगठन का टॉप IED एक्सपर्ट मेट्टुरु जोगाराव उर्फ टेक शंकर भी शामिल है, जो आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) का महत्वपूर्ण सदस्य और तकनीकी संचालन का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, टेक शंकर ही वह कैडर था जिसने पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ और AOB क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर किए गए लगभग सभी बड़े लैंडमाइन और IED हमलों को डिजाइन और निष्पादित किया था.

पुलिस ने बताया कि वह हथियार निर्माण, संचार प्रणाली और विस्फोटक उपकरणों की डिजाइनिंग में माहिर था, और इसी विशेषज्ञता के चलते वह संगठन की "टेक्निकल रीढ़" माना जाता था.

AOB क्षेत्र में फिर बढ़ रही नक्सल गतिविधि

पिछले कुछ महीनों से आंध्र–ओडिशा सीमा क्षेत्र में नक्सली गतिविधि में वृद्धि की सूचना मिल रही थी. इनपुट मिले थे कि नक्सली जंगलों के भीतर नए ठिकाने बना रहे हैं, कैडर को दोबारा सक्रिय कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ की ओर से नए समूह राज्य की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं.

इसी आधार पर आंध्र प्रदेश ग्रेहाउंड्स और अन्य एजेंसियों ने मंगलवार को एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार सुबह GM वालसा इलाके में मुठभेड़ हुई.

पिछले ऑपरेशनों से जुटी जानकारी ने दिखाई राह

एडीजी लड्डा ने बताया कि 17 नवंबर को भी सुरक्षा बलों ने मारेडुमिल्ली क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा सहित छह नक्सली मारे गए थे. उन्हीं से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीमों ने AOB क्षेत्र में फैले नक्सली नेटवर्क पर विशेष फोकस किया और लगातार कई जिलों में ऑपरेशन चलाए.

50 नक्सली गिरफ्तार-राज्य में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

एडीजी लड्डा ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में NTR, कृष्णा, काकीनाडा, कोनसीमा और एलुरु जिलों से 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें केंद्रीय समिति, राज्य समिति, एरिया कमेटी और प्लाटून टीम के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर संगठन के कोर कैडर को एक साथ पकड़ा गया है.

हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान 45 हथियार, 272 कारतूस, दो मैगजीन, 750 ग्राम वायर और कई तकनीकी उपकरण व दस्तावेज बरामद किए हैं. एडीजी लड्डा ने कहा कि "फील्ड स्टाफ ने पूरी योजना के अनुसार, बिना किसी हानि के ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है. इंटेलिजेंस विभाग ने लगातार नक्सलियों की गतिविधियों की निगरानी की और सही समय का इंतज़ार करने के बाद निर्णायक कार्रवाई की."

जानें हिड़मा के अटैक की लिस्ट!

कौन था हिडमा
हिड़मा का जन्म1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था. वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था. वह बस्तर क्षेत्र से इस नेतृत्व में शामिल होने वाला इकलौता आदिवासी माना जाता था.
हिड़मा पिछले 2 दशक में हुए 26 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है. इसमें 2010 दंतेवाड़ा हमला भी शामिल है, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे. इसके अलावा 2013 में झीरम घाटी हमले, 2021 सुकमा-बीजापुर हमले में भी हिड़मा की भूमिका रही है.
हिड़मा दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी. यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था. उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था. इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है.

बुरकापाल हमले में भी था हिडमा का हाथ

    2017 के बुरकापाल हमले में भी उसका हाथ था जिसमें CRPF के 24 जवान शहीद हुए थे.
    माडवी हिडमा ने झीरम घाटी हमला, दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या, बुरकापाल हमला और बीजापुर हमले का मास्टरमाइंड था.
    हिड़मा सेंट्रल कमेटी का मेंबर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का लीडर था, जो कम से कम 26 जानलेवा हमलों के लिए जिम्मेदार था.
    हिड़मा की पहचान बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के प्रमुख नेता के तौर पर होती थी, जिसे सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में मार गिराया है.
    हिड़मा पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 45 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. वहीं उस पर अलग-अलग राज्य की सरकारों ने कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम रखा था.
    हिड़मा साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या हुई थी.
    इसके बाद हिड़मा 2013 में झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में शामिल था, जिसमें 33 लोग मारे गए थे और इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल थे.
    साल 2017 में बुरकापाल हमले में भी हिड़मा शामिल था, जिसमें 24 जवान शहीद हुए थे.
    हिड़मा साल 2021 में बीजापुर में हुए नक्सली हमले का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे.

    हिडमा का एनकाउंटर कैसे हुआ
    पिछले कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश SIB/इंटेलिजेंस इनपुट्स से खास तौर पर आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर के पास माओवादियों के मूवमेंट का इशारा मिला था और उन इनपुट्स के आधार पर हमने ऑपरेशन किया और यह कामयाबी मिली. सिक्योरिटी अधिकारियों के मुताबिक, हिडमा उर्फ संतोष, उसकी पत्नी और चार अन्य लोग छत्तीसगढ़ से भाग रहे थे, जब सुबह 6 से 7 बजे के बीच अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली जंगल में सिक्योरिटी फोर्स ने उन्हें घेर लिया. आज (18 नवंबर) सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में पुलिस और माओवादियों के बीच एनकाउंटर शुरू हुआ. फायरिंग सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई. ऑपरेशन में हिड़मा समेत छह माओवादी मारे गए है और अभी भी एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहा है.

 

क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर

मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि छत्तीसगढ़ में दबाव बढ़ने के बाद कई नक्सली आंध्र प्रदेश की ओर शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं. सुरक्षा बल अब भी इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और अनुमान है कि कुछ और नक्सली समूह आसपास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं. यह ऑपरेशन माओवादी संगठन के तकनीकी ढांचे और नेतृत्व पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है.

26 हमलों में शामिल हिड़मा पत्नी के साथ ढेर

पूरे बस्तर में ढाई दशक तक आतंक का पर्याय रहे इस दुर्दांत नक्सली पर एक करोड़ रुपए का इनाम था। वह सबसे कम उम्र में सेंट्रल कमेटी मेंबर बनने वाला छत्तीसगढ़ का पहला नक्सली था। उसके साथ उसकी पत्नी रानी उर्फ राजे और 4 बॉडीगार्ड भी मारे गए हैं। ये वही हिड़मा (44) था, जो 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड है।

2010 के ताड़मेटला हमले से लेकर 2021 के 22 जवानों की शहादत तक, हर बड़े हमले में शामिल था। बता दें कि एक हफ्ते पहले ही उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हिड़मा के गांव पूवर्ती गए थे। वहां उन्होंने हिड़मा की मां से मुलाकात कर कहा था कि वह बेटे से कहें कि वह सरेंडर करे दे। इस पर मां ने कहा था कि मैं भी चाहूंगी कि बेटा सरेंडर कर दे।

गृहमंत्री शाह की डेडलाइन से 12 दिन पहले मारा गया हिड़मा एक सूत्र ने बताया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा समीक्षा बैठक में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को 30 नवंबर से पहले हिड़मा को खत्म करने को कहा था। इस डेडलाइन से 12 दिन पहले ही उसे मार गिराया गया।

दो दिन पहले इनपुट मिला, घेरने के बाद फोर्स ने 40 मिनट में मार गिराया

सूत्र बताते हैं कि ऑपरेशन को लेकर दो दिन पहले ही इनपुट मिला था। पता चला कि हिड़मा अपने कोर ग्रुप के साथ कांदुलूर-गुम्मारे के जंगलों में छिपा है। बताते हैं कि हिड़मा की मौजूदगी और लोकेशन की सटीक जानकारी आंध्र के उस व्यक्ति से मिली, जिसे हिड़मा की मदद के लिए तैनात किया गया था।

उसी के जरिए लीक हुई जानकारी फोर्स तक पहुंची थी। इसके बाद ग्रेहांउड, आंध्र पुलिस और स्पेशल फोर्स की संयुक्त टीम ने रात में ही जंगल को चारों ओर से घेर लिया था। करीब दो किमी के इलाके को कार्डनऑफ करने के बाद सुबह करीब 5:30 बजे मुठभेड़ शुरू हुई। दोनों ओर से करीब 40 मिनट तक फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में हिड़मा समेत 6 नक्सली मारे गए।

हिड़मा की पहचान चेहरे के कट से, इसमें 4 घंटे लगे: मौके से एके-47, वायरलेस सेट और कोर कमेटी के दस्तावेज बरामद हुए। हिड़मा की पहचान के लिए उसके चेहरे के विशेष कट-मार्क, कद और यूनिफॉर्म पैटर्न को आधार माना गया है। इसके अलावा सरेंडर नक्सलियों को उसकी तस्वीर भी दिखाई गई। इस तरह हिड़मा की पहचान करने में फोर्स को तकरीबन चार घंटे का समय लग गया।

सरेंडर रूपेश ने कहा-हिड़मा कहता था, मर जाऊंगा, पर सरेंडर नहीं करूंगा

नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर (सीसी) रूपेश ने 25 अक्टूबर 2025 को 210 नक्सलियों के साथ समर्पण किया था। रूपेश और हिड़मा ने माओवादी संगठन में सालोंतक काम किया, लेकिन आज हिड़मा मारा जा चुका है। ​दैनिक भास्कर ने रूपेश से बात की। इस दौरान रूपेश ने कहा- ये लोग (नक्सली) बात नहीं समझ रहे, हालांकि सरेंडर करना इतना आसान भी नहीं है।

 

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Wed, 19 Nov 2025 14:43:39 +0530 news desk MPcg
प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: WHO की सीमा 50, दिल्ली&NCR में एयर क्वालिटी 450 पार https://citytoday.co.in/4359 https://citytoday.co.in/4359 नई दिल्ली

दिल्ली-NCR में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके वायु प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट  ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया और केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ जिसमें जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया भी शामिल थे ने समस्या के समाधान के लिए दीर्घकालिक और व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

 सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
CJI गवई ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को स्पष्ट सलाह दी कि वह सभी हितधारकों को एक साथ बुलाकर इस गंभीर समस्या का समाधान निकाले। CJI ने कहा, "अल्पकालिक कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी। हमें व्यापक दीर्घकालिक समाधान चाहिए।" कोर्ट ने निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जैसे अल्पकालिक उपायों पर चिंता व्यक्त की। CJI ने कहा, "हम निर्माण पूरी तरह बंद नहीं कर सकते… इससे यूपी-बिहार के मजदूरों पर सीधा असर पड़ता है। हम सिर्फ एक पक्ष को देखकर आदेश नहीं दे सकते। जमीन पर ऐसे निर्देशों से कई लोग प्रभावित होते हैं।" सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि वह पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य NCR राज्यों को शामिल करके एक संयुक्त रणनीति तैयार करे।

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Tue, 18 Nov 2025 14:54:08 +0530 news desk MPcg
दोस्ती की नई उड़ान: 6 साल बाद एयर इंडिया चीन के लिए फिर से तैयार https://citytoday.co.in/4358 https://citytoday.co.in/4358 नईदिल्ली 
भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है. देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने सोमवार को कहा कि वो लगभग छह साल बाद फरवरी 2026 से नई दिल्ली से चीन के लिए उड़ानें फिर से शुरू करेगी और अगले साल के अंत में मुंबई-शंघाई मार्ग शुरू करने की योजना बना रही है. एयर इंडिया ने शंघाई के लिए अपनी फ्लाइट की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी आवश्यक मंजूरी के मिल जाने के बाद 1 फरवरी 2026 से इनकी शुरुआत की जाएगी. 

48वां अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन

शंघाई, एयर इंडिया ग्रुप द्वारा सेवा प्रदान करने वाला 48वा अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन है. ये भारत में किसी भी अन्य एयरलाइन की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक यात्रियों को ट्रेवल करने की सर्विस देता है. एयर इंडिया अपने ट्विन-aisle​बोइंग 787-8 विमान का इस्तेमाल करके दिल्ली और शंघाई के बीच सप्ताह में चार बार उड़ान भरेगी, जिसमें बिजनेस क्लास में 18 फ्लैट बेड और इकोनॉमी क्लास में 238 सीटें हैं. 

आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु'

एयर इंडिया के CEO और MD कैंपबेल विल्सन ने कहा कि हमारी दिल्ली-शंघाई सेवाओं की बहाली एक रूट लॉन्च से कहीं अधिक है. ये दो महान, प्राचीन सभ्यताओं और आधुनिक आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु है. एयर इंडिया में हमें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण हवाई गलियारों में से एक को फिर से जोड़ने पर खुशी है. 

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Tue, 18 Nov 2025 14:52:15 +0530 news desk MPcg
Pune Train Accident: पुणे में 3 युवकों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत, मांजरी रेलवे स्टेशन के पास भीषण हादसा https://citytoday.co.in/4353 https://citytoday.co.in/4353 Pune Train Accident: पुणे (Pune) में एक भयावह रेल हादसा (Train Accident) सामने आया है, जिसमें तीन युवकों की तेज रफ्तार ट्रेन से टकराकर मौत हो गई. यह हादसा मांजरी रेलवे स्टेशन के पास गोपालपट्टी क्षेत्र में रविवार रात हुआ. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.जानकारी के अनुसार, पुणे से सोलापुर की ओर जा रही तेज रफ्तार ट्रेन अचानक रेल पटरी के पास मौजूद पांच युवकों के बीच से गुजरी. इनमें से तीन युवक ट्रेन की सीधी चपेट में आ गए और दूर तक उछल कर गिर पड़े.

हादसा इतना भीषण था कि उनके शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए.मरने वाले युवकों की पहचान प्रथमेश नितीन तिंदे, तनमय महेंद्र तुपे, और तुषार शिंदे के रूप में हुई है. तीनों पुणे में ही रहने वाले बताए गए हैं. 

रात में हुआ हादसा

रविवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच पांच दोस्त मांजरी स्टेशन (Manjhari Station) के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे. उसी समय सोलापुर की ओर जाने वाली तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंची और तीन युवक उसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद बाकी दो दोस्त घबरा कर वहां से भाग निकले.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची

रेलवे पुलिस (Railway Police) और हडपसर पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. तीनों शवों को कब्जे में लेने के बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए ससून हॉस्पिटल भेजा गया है.पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक रात के समय रेलवे ट्रैक के इतने करीब क्यों पहुंचे थे और वे वहां क्या कर रहे थे.मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है. अचानक हुए इस हादसे ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बचे हुए दो युवकों से भी पूछताछ की जाएगी.

 

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Mon, 17 Nov 2025 18:16:54 +0530 news desk MPcg
मौसम का डबल अटैक: 17–19 नवंबर तक बारिश और शीतलहर का बड़ा अलर्ट! https://citytoday.co.in/4347 https://citytoday.co.in/4347 मुंबई 
भारत मौसम विभाग (IMD) ने 20 नवंबर तक मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगले तीन-चार दिनों तक देश के कई राज्यों में मौसम की दोहरी मार देखने को मिलेगी। कहीं भारी बारिश की संभावना है तो कहीं कड़ाके की ठंड और शीतलहर लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में ठंड और शीतलहर का असर और तेज हो सकता है, जबकि दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आईएमडी (IMD Weather Forecast) के अनुसार, उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है और कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के कई इलाकों में सुबह और रात की ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 17 और 18 नवंबर को मध्य भारत और पड़ोसी राज्यों में शीतलहर और तेज हो सकती है। 17 से 19 नवंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर की संभावना जताई गई है।
 
दूसरी ओर, दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम मूसलाधार बारिश की वजह बनेगा। इसके चलते तमिलनाडु, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 16 से 20 नवंबर के बीच केरल और माहे में लगातार तेज बारिश हो सकती है, जबकि 17 और 18 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण कर्नाटक में भी तेज वर्षा की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 19 नवंबर तक भारी बारिश और तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की चेतावनी दी गई है।

वहीं, पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तापमान कई स्थानों पर 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। राजस्थान में देश का सबसे कम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है।
 
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और ठंड का असर जारी रहेगा। उसके बाद तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वी भारत में इस सप्ताह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

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Mon, 17 Nov 2025 13:21:00 +0530 news desk MPcg
Jhansi Hit and Run: तेज रफ्तार कार सवार ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवक हुए घायल, गाड़ी लेकर फरार हुआ चालक, झांसी का VIDEO आया सामने https://citytoday.co.in/4343 https://citytoday.co.in/4343 झांसी (Jhansi) में एक खतरनाक हिट एंड रन की घटना सामने आई है, जहां तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पर बैठे दोनों युवक हवा में उछलकर दूर जा गिरे.घटना में दोनों युवक सड़क किनारे गिर पड़े, और जिसके बाद खुद ही उठकर खड़े हो गए. गनीमत रही की उस वक्त सड़क पर अन्य कोई वाहन नहीं आ रहा था, नहीं तो मामला और भी गंभीर हो सकता था.

इस घटना का वीडियो (Video) सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. 

नवाबाद थाना क्षेत्र में हुई घटना

यह हादसा नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित वन विभाग कार्यालय के पास का बताया जा रहा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है.बताया गया कि यह वीडियो दो दिन पुराना है.

पुलिस जांच की संभावना

वीडियो (Video) सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा तेज है. हालांकि कार चालक की पहचान और उसकी लोकेशन के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. पुलिस (Police) सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर सकती है.

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Sun, 16 Nov 2025 19:10:41 +0530 news desk MPcg
उत्तर और मध्य भारत में बढ़ती ठंड: अगले दो दिन शीतलहर चरम पर रहने का अनुमान https://citytoday.co.in/4341 https://citytoday.co.in/4341 नई दिल्ली

देश में मौसम का तेजी से बदलता मिजाज परेशानी बढ़ा रहा है। उत्तर और मध्य भारत शीतलहर, कोहरे और गिरते पारे की चपेट में हैं, जबकि दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून के असर से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे स्वास्थ्य, खेती, यातायात और बिजली आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 16 और 17 नवंबर को शीतलहर की स्थिति सबसे अधिक दिखने की संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और रात के समय सर्दी का असर बेहद तीखा रहेगा।

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। तड़के कड़क सर्दी, दोपहर में हल्की धूप और शाम ढलते ही फिर से बढ़ती ठंड के साथ मौसम तेजी से अपना रंग बदल रहा है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से लोगों में सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़नी शुरू हो गई हैं।

हिमाचल प्रदेश-जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ठंड ने रिकॉर्ड स्तर छू लिए हैं। ताबो का तापमान माइनस 5.3, कुकुमसेरी माइनस 4.1, केलांग माइनस 3.6 और कल्पा 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि रात के समय ठंड और तेजी पकड़ सकती है। इसके विपरीत ऊना में कल 28.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।

कोहरा और दृश्यता में कमी का खतरा
अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है। कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता 500 मीटर तक सीमित हो गई है। विशेषज्ञों ने सड़क और रेल यातायात के दौरान गति नियंत्रित रखने, हेडलाइट-फॉग लाइट का उपयोग करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि दुर्घटनाओं के जोखिम कम हों।

दक्षिण भारत: भारी बारिश का अलर्ट जारी
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है और बारिश का दौर जारी है। श्रीलंका के दक्षिणी क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार तथा बांग्लादेश के आसपास मौजूद दूसरा चक्रवात नमी के परिवहन को बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण भारी बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं। आगामी दिनों में तमिलनाडु, केरल और द्वीप समूहों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश देखी जा सकती है।

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Sun, 16 Nov 2025 18:06:11 +0530 news desk MPcg
इस महीने BJP में बड़ी हलचल: नया राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा तेज़ https://citytoday.co.in/4330 https://citytoday.co.in/4330 नई दिल्ली

बिहार में बीजेपी को बंपर जीत मिली है। पहली बार प्रदेश में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यही नहीं राज्य में एनडीए ने 2010 के बाद वहां सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। ऐसे में अब पार्टी के संगठन से लेकर सरकार तक में बड़े बदलाव की चर्चा शुरू हो चुकी है। बीजेपी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने का पिछले साल लोकसभा चुनावों से पहले से ही इंतजार है। बिहार के शानदार चुनाव परिणाम के बाद लगता है कि अब इसके दिन ज्यादा दूर नहीं रह गए हैं। साथ ही मोदी सरकार भी नए रंग-रूप में नजर आ सकती है।

इसी महीने बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष
बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए को अप्रत्याशित जीत मिली है। 243 सीटों में से गठबंधन 202 सीटें जीता है और 89 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसी साल की शुरुआत में पार्टी दिल्ली में सरकार बना चुकी है। लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने जो जीत का सिलसिला शुरू किया है, वह अब परवान पर है। अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने हैं, जो पार्टी के लिए मौजूदा दौर में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जानकारी है कि पार्टी अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में और ज्यादा देर नहीं करेगी और यह इसी महीने हो सकता है।

'शीतकालीन सत्र से पहले नया अध्यक्ष मिल सकता है'
बीजेपी के एक भरोसेमंद सूत्र ने एनबीटी ऑनलाइन से कहा है "राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम इसी महीने तय हो सकता है। 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। उसके बाद बहुत देर हो जाएगी। अगले साल की शुरुआत में बंगाल में चुनाव भी होने हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "अगले साल मई तक लगातार चुनाव होने से पार्टी को समय नहीं मिलेगा। इसलिए इसी महीने यह हो जाना चाहिए।"

'धर्मेंद्र प्रधान के अध्यक्ष बनने की 99% संभावना'
बीजेपी सूत्र ने बताया है कि "बिहार चुनाव की सफलता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लगभग तय माना जा रहा है। उनके नाम की चर्चा पहले से होती रही है, लेकिन अब 99% वही लग रहे हैं। उन्होंने संगठन में बहुत काम किया है। अगले साल बंगाल सहित अन्य प्रदेशों के चुनाव भी हैं, जिसे पार्टी अपने लिए बहुत महत्वपूर्ण मानती है।"

मोदी सरकार में भी बड़े फेरबदल की संभावना
यही नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिपरिषद को भी नया रूप दे सकते हैं। बीजेपी सूत्र के अनुसार कई नेता जो आज सरकार में हैं, उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है और जो संगठन में हैं, उन्हें सरकार में लाया जा सकता है। उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के नाम की चर्चा भी इसी बदलाव की अटकलों की एक बड़ी कड़ी है।

जेपी नड्डा भी सरकार से आ सकते हैं बाहर
पार्टी सूत्र ने जो कुछ कहा है उसके हिसाब से अभी सिर्फ राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के ही निश्चित तौर पर मौजूदा कैबिनेट में बने रहने की संभावना है। यहां तक कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी सरकार से निकल सकते हैं। उनके अनुसार बीजेपी में एक व्यक्ति एक पद की व्यवस्था है। लेकिन, परिस्थितियों के कारण नड्डा के पास अभी तीन-तीन पद है। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, स्वास्थ्य मंत्री भी हैं और राज्यसभा में नेता सदन भी हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ तीसरे पद का ही उत्तरदायित्व दिए जाने की संभावना है।

रूडी को फिर से मिल सकता है मौका
जहां तक मोदी सरकार में पार्टी से नए लोगों को जगह दिए जाने की संभावना है तो पार्टी सूत्र की मानें तो एक बार फिर से राजीव प्रताप रूडी को जगह मिल सकती है। इनके अलावा प्रधानमंत्री कुछ ताजे नए चेहरे को सरकार का हिस्सा बना सकते हैं। पूरी संभावना है कि सरकार से संगठन तक में यह बदलाव संसद का सत्र शुरू होने से पहले हो जाए।

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Sun, 16 Nov 2025 16:06:07 +0530 news desk MPcg
स्कूल देर से पहुंचने पर बच्ची को 100 उठक&बैठक की सजा, उपचार के दौरान मौत https://citytoday.co.in/4329 https://citytoday.co.in/4329 मुंबई

महाराष्ट्र के वसई में एक दुखी करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक स्कूल में 10 मिनट देरी से आने पर अध्यापक ने 13 साल की बच्ची को बैग कंधे पर टांगकर 100 उठक-बैठक करने की सजा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे बच्ची की तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 8 नवंबर की है, जब वसई के श्री हनुमंत विद्या मंदिर में कक्षा 6 में पढ़ने वाली कक्षा छह की छात्रा काजल गौड़ को देरी से स्कूल आने पर अध्यापक ने सौ उठक-बैठक लगाने की सजा दी। उठक-बैठक लगाने के बाद काजल के कमर में दर्द होने लगा। बच्ची की मां ने बताया कि स्कूल से आने के बाद उसने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद उसे वसई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे एक अन्य अस्पताल में और फिर जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान बच्ची की जेजे अस्पताल में मौत हो गई।

बच्ची की मां की शिकायत पर मामला दर्ज
बच्ची की मां ने अध्यापक और स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद धाराएं बदली जा सकती हैं। इस मामले में मनसे की भी एंट्री हो गई है। मनसे कार्यकर्ताओं ने घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल पहुंचकर स्कूल में ताला लगा दिया। वहीं एनसीपी एसपी के नेताओं ने भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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Sun, 16 Nov 2025 16:04:50 +0530 news desk MPcg
Desh News: नौगाम में सैंपलिंग के दौरान विस्फोट, DGP बोले& जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की भी मौत https://citytoday.co.in/4313 https://citytoday.co.in/4313 नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि यह सिर्फ एक हादसा था और इस मामले में कोई और अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस इस मामले की भी जांच करेगी। डीजीपी ने कहा कि यह धमका सैंपलिंग के दौरान हुआ जिसमें मामले की जांच कर रहे एसआई इसरार समेत 9 लोगों की जान चली गई।

डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

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Sat, 15 Nov 2025 17:09:47 +0530 news desk MPcg
इजरा स्ट्रीट में भीषण आग: कई दुकानें और मकान जलकर खाक, 25 दमकल गाड़ियां तैनात https://citytoday.co.in/4312 https://citytoday.co.in/4312 कोलकाता

 कोलकाता में शनिवार को भीषण आग लग गई है। पिछले कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जारी है, लेकिन अब तक आग को बुझाया नहीं जा सका है। इस भयानक आग को बुझाने के लिए मौके पर 25 दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इस आगजनी में अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की जानकारी सामने नहीं आयी है।

जानकारी के अनुसार, यह भीषण आग कोलकाता के 26 इजरा स्ट्रीट की एक दुकान के वेयरहाउस में लगी है। आग की चपेट में आस-पास के कई दुकान और घर आ गए हैं। आग फैलने के कारण उस पर काबू पाना दमकलकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब तक आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल सका है।

ज्वलनशील पदार्थ में लगी है आग
बता दें कि मध्य कोलकाता के इजरा स्ट्रीट पर स्थित एक इलेक्ट्रनिक्स की दुकान पर शनिवार तड़के अज्ञात कारणों से आग लग गई, जो देखते-देखते आस-पास के दुकानों और घरों में फैल गई। ऐसे आग ने विकराल रूप ले लिया। सुबह से एक-एक करके 25 से ज्यादा दमकल की गाड़ियों की मदद से आग बुझाने की कोशिश जारी है। लेकिन अबतक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इमारतें, संकरी गलियों और भारी मात्रा में बिजली उपकरणों व ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है।

तेजी से फैली आग
बता दें कि जिस इलाके में यह आग लगी है, वहां बिजली उपकरणों की कई दुकानें हैं। पुलिस के अनुसार, सुबह-सुबह उठने वाले स्थानीय लोगों ने इजरा स्ट्रीट की पहली मंजिल पर आग की लपटें देखीं। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को दी। लेकिन आग की लपटें तेजी से फैली और ज्वलनशील पदार्थों तक पहुंच गई। देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।

स्थिति पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी लगातार कोशिश कर रहे हैं। शुरूआत में आग बुझाने के लिए 6 दमकल गाड़ियां भेजी गई, लेकिन आग बेकाबू हो जाने की हालत में 25 से ज्यादा दमकल की गाड़िया मौके पर पहुंची हुई हैं। दमकलकर्मी इमारत की पहली मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आग के बीच में पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

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Sat, 15 Nov 2025 17:03:57 +0530 news desk MPcg
Desh News: नौगाम विस्फोट में दर्जनभर लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर https://citytoday.co.in/4309 https://citytoday.co.in/4309 नई दिल्ली. नौगाम थाने में विस्फोट मामले में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। थोड़ी देर पहले ही डीजीपी नलिन प्रभात ने 9 मौतों की पुष्टि की थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि कई अधिकारी और आम नागरिक घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि विस्फोट इतना भयानक था कि थाना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।

डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

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Sat, 15 Nov 2025 13:51:58 +0530 news desk MPcg
दिल्ली&NCR में पेट्रोल&डीजल वाहनों पर संभावित बैन, सुप्रीम कोर्ट ने ई&व्हीकल्स को बताया बेहतर विकल्प https://citytoday.co.in/4308 https://citytoday.co.in/4308 दिल्ली-NCR

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट लगातार चिंता जता रहा है। सरकार की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब बाजार में बड़े इलेक्ट्रिक वाहन (EV) आसानी से उपलब्ध हैं, इसलिए समान आकार के आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। कोर्ट ने सरकार को इस दिशा में ठोस नीति तैयार करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। अदालत पहले भी कई बार पेट्रोल-डीजल वाहनों के उपयोग पर सख्ती दिखा चुकी है, खासकर जब दिल्ली-एनसीआर में AQI लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि पेट्रोल-डीजल से चलने वाले महंगे लग्जरी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़क से हटाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सरकार की EV खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की गई है। पीठ ने कहा कि अब बड़े आकार के इलेक्ट्रिक वाहन भी बाजार में उपलब्ध हैं, इसलिए सरकार धीरे-धीरे ऐसे ICE वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकती है। अदालत ने साफ किया कि बढ़ते प्रदूषण के बीच EV को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।

कई VIP और बड़ी कंपनियां कर रहीं EV का इस्तेमाल

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ मामलों से जुड़े अनुभवों के आधार पर यह विचार सामने आया है कि अब इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी बड़ी और प्रीमियम श्रेणी की कारें बाजार में उपलब्ध हैं। ये वाहन उतनी ही सुविधाजनक हैं जितनी कि परंपरागत ईंधन पर चलने वाली लग्जरी गाड़ियां, जिनका उपयोग कई VIP और बड़ी कंपनियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता क्योंकि इससे कोई पूर्वाग्रह पैदा हो सकता है। लेकिन शुरुआत में महंगे वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है। इससे आम आदमी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश की आबादी का बहुत छोटा हिस्सा ही ऐसे वाहनों को खरीदने में सक्षम है।”

EV नीति की फिर से समीक्षा की जरूरत

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह भी संकेत दिया कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति की दोबारा समीक्षा की आवश्यकता हो सकती है। अदालत ने कहा कि इस नीति को लागू हुए पाँच साल हो चुके हैं, इसलिए मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे पुनः परखा जाना चाहिए। सुनवाई के अंत में अटॉर्नी जनरल ने पीठ को सूचित किया कि अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

कोर्ट के सुझाव से सरकार सहमत

अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के सुझाव से सहमति जताते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के संबंध में अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के भीतर इस विषय पर कई बैठकों का आयोजन हो चुका है, और अब इसे गहनता से देखा जाना चाहिए। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर विस्तार से विचार करके EV नीति की सम्पूर्ण रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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Sat, 15 Nov 2025 13:19:57 +0530 news desk MPcg
बड़ा खुलासा: 8 आतंकी, 4 शहर, 4 गाड़ियां — दिल्ली नहीं, पूरे देश को हड़काने का था प्लान https://citytoday.co.in/4293 https://citytoday.co.in/4293 नई दिल्ली

दिल्ली के लाल किला के पास हुए धमाके ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। सरकार ने इसे आतंकी साजिश करार दिया है। इस धमाके को लेकर जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। आतंकी सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग शहरों में सीरियल ब्लास्ट करने की फिराक में थे। जांच में सामने आया है कि आठ आतंकवादियों ने चार बड़े शहरों को अपना टारगेट बनाया था। इनका प्लान था कि दो-दो के ग्रुप में चार शहरों में घुसकर आईईडी से तबाही मचाई जाए।

पैसों को लेकर डॉक्टरों में झगड़ा

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, उमर और शाहीन ने मिलकर करीब 20 लाख रुपये कैश जुटाए, जो दिल्ली ब्लास्ट से पहले उमर को सौंप दिए गए। लेकिन यहीं से ट्विस्ट आया। उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच पैसे को लेकर झगड़ा हो गया। उमर ने सिग्नल ऐप पर 2-4 मेंबर्स का सीक्रेट ग्रुप बना लिया। इतना ही नहीं, इन आतंकियों ने गुरुग्राम, नूह और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल से ज्यादा एनपीके फर्टिलाइजर खरीदा जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये थी।

गाड़ियों में छिपी तबाही की योजना

जांच में पता चला कि दिल्ली की i20 और इकोस्पोर्ट जैसी पुरानी गाड़ियों के बाद, ये आतंकी दो और ऐसी ही गाड़ियां तैयार कर रहे थे। ताकी इन गाड़ियों के अंदर विस्फोटक भरकर बड़ा ब्लास्ट कर सकें। एजेंसियां अब ये पता लगा रही हैं कि क्या अलग-अलग वाहन ब्लास्ट के लिए स्पेशल तौर पर बनाए जा रहे थे।

दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन और एनआईए की टीम

ये सब कुछ दिल्ली के लाल किले में हुए धमाके के ठीक बाद सामने आया, जहां कम से कम 10 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के नए मॉड्यूल का काम था। अब एनआईए ने एसपी रैंक के सीनियर ऑफिसर्स की स्पेशल टीम गठित की है, जो पूरे मामले की गहराई से तहकीकात करेगी।

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Thu, 13 Nov 2025 16:49:03 +0530 news desk MPcg
15 नवंबर से टोल नियमों में बदलाव: बिना FASTag वालों को देना होगा दोगुना शुल्क https://citytoday.co.in/4292 https://citytoday.co.in/4292 नई दिल्ली

अगर आप अक्सर हाइवे पर सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने टोल प्लाज़ा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 15 नवंबर 2025 से लागू होगा। इस बदलाव के बाद अब टोल का भुगतान करने के तरीके के आधार पर शुल्क तय किया जाएगा यानी नकद भुगतान करने पर ज्यादा टोल, जबकि डिजिटल भुगतान करने पर राहत मिलेगी।

नया नियम क्या कहता है?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन किया है। इसके तहत अब अगर कोई वाहन चालक बिना वैध FASTag के टोल प्लाज़ा में प्रवेश करता है, तो उससे दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। लेकिन अगर FASTag फेल हो जाने पर चालक UPI या किसी डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है, तो उसे केवल 1.25 गुना टोल शुल्क ही देना होगा।

आसान उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी वाहन का सामान्य टोल 100 रुपये है —
➤ अगर FASTag सही काम कर रहा है, तो ड्राइवर को सिर्फ 100 रुपये देने होंगे।
➤ अगर FASTag फेल हो गया और ड्राइवर नकद भुगतान करता है, तो उसे 200 रुपये चुकाने होंगे।
➤ लेकिन अगर डिजिटल माध्यम (जैसे UPI, कार्ड या नेटबैंकिंग) से भुगतान किया जाता है, तो केवल 125 रुपये देने होंगे।
➤ यानी अब डिजिटल भुगतान करने वालों को सीधी छूट मिलेगी, जबकि नकद लेनदेन पर भारी जुर्माना लगेगा।

सरकार का मकसद क्या है?
मंत्रालय का कहना है कि यह बदलाव टोल प्लाज़ा पर पारदर्शिता बढ़ाने, नकद लेनदेन कम करने और डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इससे टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी कतारों में भी कमी आएगी और यात्रियों को तेज़ और सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।

टोल प्रणाली को और आधुनिक बनाने की तैयारी
सरकार आने वाले समय में टोल सिस्टम को पूरी तरह ऑटोमैटिक और GPS आधारित बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत भविष्य में गाड़ी के सफर की दूरी के हिसाब से टोल काटा जा सकेगा।

 

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Thu, 13 Nov 2025 16:45:17 +0530 news desk MPcg
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जल्द, लाभार्थियों को फटाफट करने होंगे ये 5 काम; खाते में आएंगे 2&2 हजार रुपये https://citytoday.co.in/4289 https://citytoday.co.in/4289 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केन्द्र सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसके तहत 9.70 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 रूपए दिए जाते है । यह राशि हर 4 माह में 3 समान किस्तों में 2-2 हजार के रूप में दी जाती है। यह पैसा डीबीटी ट्रांसफर के जरिए सीधे किसानों के खाते में भेजा जाता है। यह लाभ उन किसानों को मिलता है, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है और जो भारत के नागरिक है।अबतक 20 किस्तें जारी हो चुकी है और अब किसानों को 21वीं किस्त का इंतजार है। ध्यान रहे अगली किस्त का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने ई केवाईसी, भू-सत्यापन, फॉर्मर रजिस्ट्री और मोबाईल आधार से लिंक करवा लिया है और जिनका बैंक खाते में डीबीटी ऑप्शन ऑन है।किसी भी प्रकर की समस्या आने पर किसान ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in ,हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (Toll Free) या फिर 011-23381092 पर संपर्क कर सकते है।

नवंबर में जारी होगी पीएम किसान की 21वीं किस्त?

पीएम किसान योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच , दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है, ऐसे में 4 महीने के हिसाब से देखें तो नवंबर में अगली किस्त का समय पूरा होगा, हालांकि अभी फाइनल डेट को लेकर कोई अधिकारिक बयान या अपडेट सामने नहीं आया है। संभावना है कि बिहार चुनाव के नतीजों के बाद नवंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में किस्त की राशि जारी की जा सकती है। बता दे कि अबतक बाढ़ प्रभावित 4 राज्यों पंजाब, उत्तराखंड जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों के खाते में 21वीं किस्त के 2000-2000 रुपए भेज दिए गए है, अन्य को भी जल्द भेजे जाएंगे।

PM KISAN: Rs 2000 चाहिए तो फटाफट पूरे कर लें ये 5 काम

    कैसे करें eKYC : सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं। किसान कॉर्नर” अनुभाग पर जाएं और “ई-केवाईसी” विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें। सत्यापन के बाद मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। OTP दर्ज करें और ईकेवायसी हो जाएगा।

    कैसे करें मोबाईल आधार से लिंक: यदि उनके मोबाइल नंबर से आधार नंबर नहीं लिंक है और फिंगर नहीं लग रहा है, तो वह प्ले स्टोर पर जाकर पीएम किसान सामान निधि ऐप को डाउनलोड करके फेस के माध्यम से eKYC कर सकते हैं।

    कैसे होगा भूमि सत्यापन: निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय में जाएं और आवश्यक आवेदन फॉर्म प्राप्त कर निर्देशानुसार आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें।इसमें आपकी पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर, खेत के संबंधित दस्तावेज़ (खसरा / खतौनी) आदि शामिल हो सकते हैं। आवेदन और दस्तावेज़ों की समीक्षा के बाद आपका चयन किया जाएगा।अगर आपका आवेदन स्वीकृत होता है, तो आपको लैंड सीडिंग कर दिया जाएगा।

    कैसे करें बैंक सीडिंग: किसान को अपने खाते पर एनपीसीआई करवाना होगा।एनपीसीआई लिंक करने के लिए बैंक पासबुक और आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी बैंक शाखा पर संपर्क कर सकते हैं।

    कैसे करें फॉर्मर रजिस्ट्री :अधिकारिक वेबसाइट http://www.upfr.agristack.gov.in पर जाएं। मोबाइल नंबर व आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफिकेशन करें। इसके बाद अपनी जमीन और बैंक अकाउंट की डिटेल दर्ज करें। जानकारी सबमिट करें और रजिस्ट्री नंबर प्राप्त करें।

PM Kisan : लिस्ट में कैसे चेक करें अपना नाम

    प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।

    इसके बाद farmer corner पर क्लिक करें,फॉर्मर कॉर्नर पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुल जाएगा।

    यहां beneficiary list के विकल्प का चयन करें। इसके बाद एक फॉर्म खुलेगा।
    इसमें पहले राज्‍य, फिर जिला, ब्‍लॉक और गांव का नाम चुनें।

    सभी जानकारी को भरने के बाद get report पर क्लिक करें।

    इस प्रक्रिया को पूरी करते ही आपके सामने आपके गांव के पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की लिस्‍ट खुल जाएगी।

    लिस्‍ट में अगर आपका नाम है, तो आपके खाते में भी पैसे आएंगे।

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Thu, 13 Nov 2025 13:14:45 +0530 news desk MPcg
हिमालय के नीचे खतरनाक हलचल: तिब्बत के नीचे दो हिस्सों में टूट रही भारतीय टेक्टोनिक प्लेट, वैज्ञानिकों की चेतावनी https://citytoday.co.in/4288 https://citytoday.co.in/4288  नई दिल्ली

पृथ्वी की सतह हमेशा हिलती-डुलती रहती है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली खोज की है. भारत की मुख्य टेक्टॉनिक प्लेट (इंडियन प्लेट) तिब्बत के नीचे दो हिस्सों में फट रही है. इससे भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और बड़े भूगर्भीय बदलाव हो सकते हैं. अमेरिका की कोलोराडो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है. अगर यह जल्दी हुआ, तो हिमालय क्षेत्र में लाखों लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है. 

क्या हो रहा है? प्लेट टूटने की कहानी

पृथ्वी की ऊपरी सतह कई प्लेटों (टेक्टॉनिक प्लेट्स) में बंटी है, जो धीरे-धीरे हिलती हैं. भारत की प्लेट अफ्रीका से अलग होकर उत्तर की ओर बढ़ रही है. अब नई रिसर्च बताती है कि यह प्लेट तिब्बत के नीचे 100 किलोमीटर गहराई पर दो हिस्सों में बंट रही है. ऊपरी हिस्सा हिमालय की ओर धकेल रहा है, जबकि निचला हिस्सा मंगोलिया की ओर खिसक रहा है.

नेचर जियोसाइंस जर्नल में छपी इस स्टडी के मुताबिक, यह प्रक्रिया 50 लाख साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन अब तेज हो गई है. वैज्ञानिकों ने सिस्मिक वेव्स (भूकंप की लहरों) का अध्ययन किया, जो दिखाता है कि प्लेट के बीच में एक 'रिफ्ट' (फटाव) बन रहा है. यह फटाव 200-300 किलोमीटर लंबा है. अगर यह बढ़ा, तो तिब्बत का पठार और हिमालय की चोटियां बदल सकती हैं.

वैज्ञानिकों की चेतावनी: बड़े खतरे सिर पर मंडरा रहे

स्टडी के प्रमुख वैज्ञानिक ब्रैडेन चाउ ने कहा कि यह प्लेट टूटना हिमालय के निर्माण का नया चरण हो सकता है. लेकिन इससे बड़े भूकंप आ सकते हैं, जो 8 या 9 तीव्रता के होंगे. कोलोराडो यूनिवर्सिटी की टीम ने 20 साल के डेटा का विश्लेषण किया. वे कहते हैं कि तिब्बत के नीचे प्लेट का निचला हिस्सा पिघल रहा है, जैसे आइसक्रीम गर्मी में पिघलती है. इससे मैग्मा ऊपर आ सकता है, जो ज्वालामुखी पैदा करेगा.

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के डॉ. आरके सिंह कहते हैं कि यह भारत के लिए खतरा है. हिमालय पहले ही भूकंप संवेदनशील है. 2005 का कश्मीर भूकंप (7.6 तीव्रता) इसी प्लेट की वजह से था. अगर फटाव बढ़ा, तो दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों तक झटके महसूस होंगे. स्टडी के अनुसार, यह बदलाव अगले 10-20 लाख साल में होगा, लेकिन छोटे-छोटे भूकंप अब ही बढ़ सकते हैं.

टेक्टॉनिक्स प्लेट का खेल

टेक्टॉनिक प्लेट्स पृथ्वी की बाहरी परत (क्रस्ट) के टुकड़े हैं, जो मैग्मा पर तैरते हैं. भारत की प्लेट हर साल 5 सेंटीमीटर उत्तर की ओर बढ़ती है. तिब्बत के नीचे यह 'सबडक्शन' (नीचे धंसना) के बजाय 'रिफ्टिंग' (टूटना) कर रही है. 

    कैसे पता चला? भूकंप की लहरें प्लेट के अंदर से गुजरते हुए बदल जाती हैं. वैज्ञानिकों ने GPS डेटा और सैटेलाइट इमेज से देखा कि तिब्बत ऊंचा हो रहा है.

    क्यों हो रहा? प्लेट का दबाव ज्यादा हो गया. ऊपरी हिस्सा हिमालय को ऊंचा कर रहा है (हर साल 5 मिमी), लेकिन निचला हिस्सा फिसल नहीं पा रहा.

    क्या होगा? फटाव से नई प्लेट्स बनेंगी, जो हिमालय को और ऊंचा या चपटा कर सकती हैं. यह प्रक्रिया धीमी है, लेकिन असर लंबा चलेगा.

संभावित प्रभाव: जीवन पर क्या असर पड़ेगा?

    भूकंप का खतरा: हिमालय बेल्ट में 80% दुनिया के बड़े भूकंप आते हैं. भारत, नेपाल, चीन में लाखों घर ढह सकते हैं. 2015 नेपाल भूकंप में 9,000 मौतें हुईं.

    ज्वालामुखी और बाढ़: मैग्मा ऊपर आने से नए ज्वालामुखी. ग्लेशियर पिघलने से गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियां बाढ़ लाएंगी.

    मानव जीवन: 10 करोड़ से ज्यादा लोग हिमालय क्षेत्र में रहते हैं. दिल्ली-NCR तक झटके. अर्थव्यवस्था को 1 लाख करोड़ का नुकसान.

    पर्यावरण: हिमालय की जैव विविधता खतरे में. जलवायु बदलाव तेज होगा.

विशेषज्ञ कहते हैं कि यह प्राकृतिक है, लेकिन हमें तैयार रहना होगा. भूकंपरोधी इमारतें बनाएं. मॉनिटरिंग बढ़ाएं.

भारत क्या कर रहा है? तैयारी की दिशा

भारत सरकार ने GSI को और फंड दिए हैं. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) अब तिब्बत बॉर्डर पर 50 नए सेंसर लगाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारा खजाना है, इसे बचाना हमारा कर्तव्य है. चीन के साथ डेटा शेयरिंग पर बात हो रही है, क्योंकि तिब्बत उनका क्षेत्र है.

आगे क्या? उम्मीद की किरण

वैज्ञानिक कहते हैं, यह बदलाव पृथ्वी का सामान्य चक्र है. लेकिन चेतावनी समय पर मिली है. अगर हम सतर्क रहे, तो नुकसान कम कर सकते हैं. हिमालय की चोटियां कह रही हैं कि मैं बदल रहा हूं, लेकिन मजबूत रहूंगा. दुनिया के वैज्ञानिक अब इस पर नजर रखेंगे.

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Thu, 13 Nov 2025 13:11:28 +0530 news desk MPcg
‘दिल्ली ब्लास्ट जघन्य आतंकी हमला’, कैबिनेट बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव, मृतकों को दी श्रद्धांजलि https://citytoday.co.in/4287 https://citytoday.co.in/4287 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। इस बैठक में दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले में पर चर्चा की गई और आतंकियों का सिंडेकेट खत्म करने का प्रण लिया गया। वहीं, कैबिनेट ने इस ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और 2 मिनट का मौन रखा। कैबिनेट की बैठक के बारे में ब्रीफिंग करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है।

केंद्रीय कैबिनेट ने इस घटना की निंदा की
कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट इस नृशंस और कायराना कृत्य की स्पष्ट रूप से निंदा करता है, जिसके कारण निर्दोष लोगों की जान गई है। कैबिनेट सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है।

दिल्ली ब्लास्ट के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लाल किले के पास हुए दिल्ली विस्फोट की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट निर्देश देता है कि इस घटना (दिल्ली विस्फोट) की जांच अत्यंत तत्परता और पेशेवर तरीके से की जाए ताकि अपराधियों, उनके सहयोगियों और उनके प्रायोजकों की पहचान की जा सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

'हर स्थिति पर रखी जा रही नजर'
बताया गया कि सरकार के उच्चतम स्तर पर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मंत्रिमंडल राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के प्रति अपनी स्थायी प्रतिबद्धता के अनुरूप, सभी भारतीयों के जीवन और कल्याण की रक्षा के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प की पुष्टि करता है।

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Thu, 13 Nov 2025 13:09:55 +0530 news desk MPcg
PM मोदी डिग्री विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, क्यों कहा—‘इसे सार्वजनिक करें’? https://citytoday.co.in/4281 https://citytoday.co.in/4281 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री का मामला फिर सुर्खियों में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को निर्देश दिया कि अपील में देरी माफ करने की अर्जी पर अपना ऑब्जेक्शन तीन हफ्ते में दाखिल करें। यह अपीलें CIC के 2016 के उस फैसले को चुनौती देती हैं, जिसमें मोदी की डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया गया था। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने मामले की सुनवाई की। अपीलकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट शादान फरासत ने दो मुख्य मुद्दे उठाए। पहला, क्या RTI एक्ट की धारा 8 के तहत डिग्री की जानकारी छिपाई जा सकती है। दूसरा, क्या इसे सार्वजनिक करना बड़े जनहित में है। कोर्ट ने नोट किया कि अपीलें देरी से दाखिल हुई हैं। DU की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे देरी और मामले की योग्यता दोनों पर विस्तृत जवाब देंगे। बेंच ने कहा, "ऑब्जेक्शन दाखिल करें।" अपीलकर्ताओं को जवाब के लिए दो हफ्ते का समय मिलेगा। अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।

सिंगल जज ने क्यों पलटा CIC का आदेश?
25 अगस्त 2024 को जस्टिस सचिन दत्ता ने CIC के दिसंबर 2016 के फैसले को रद्द कर दिया। CIC ने DU को 1978 के सभी BA पास छात्रों के रिकॉर्ड दिखाने का आदेश दिया था, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल थे। जज ने कहा कि डिग्री और मार्कशीट पर्सनल जानकारी हैं। इन्हें RTI की धारा 8(1)(j) के तहत संरक्षित रखा जाएगा। बिना बड़े जनहित के खुलासा नहीं हो सकता। यूनिवर्सिटी और छात्र का रिश्ता विश्वास पर आधारित है। थर्ड पार्टी को रिकॉर्ड दिखाना गोपनीयता का उल्लंघन होगा।

कौन है अपीलकर्ता?
इस मामले में AAP नेता संजय सिंह, RTI कार्यकर्ता नीरज शर्मा और एडवोकेट मोहम्मद इरशाद अपीलकर्ता हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या CBSE इस मामले में पक्षकार है, क्योंकि एक जुड़े केस में स्मृति ईरानी की 10वीं-12वीं मार्कशीट मांगी गई थी। अपीलकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि CBSE इस अपील में शामिल नहीं है।

 

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Wed, 12 Nov 2025 19:26:01 +0530 news desk MPcg
‘सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड’ का गठन: तिरुपति लड्डू घी विवाद पर डिप्टी CM की बड़ी पहल https://citytoday.co.in/4280 https://citytoday.co.in/4280 नई दिल्ली 
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू (प्रसादम) में इस्तेमाल होने वाले कथित नकली घी विवाद के बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हिन्दुत्व और सनातन धर्म की रक्षा के लिए 'सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड' की स्थापना का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंगलवार को साझा की गई एक पोस्ट में पवन कल्याण ने कहा कि सनातनियों की भावनाओं और प्रथाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है और उन्हें कमतर आंका जा रहा है, इससे भक्तों का विश्वास कम हो रहा है। उप-मुख्यमंत्री ने लिखा, "वैश्विक हिंदू समुदाय के लिए, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम एक तीर्थस्थल से कहीं बढ़कर है; यह एक पवित्र आध्यात्मिक प्रवास है। तिरुपति लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं है; यह एक साझा भावना है। हम इसे दोस्तों, परिवार और अजनबियों के बीच समान रूप से बाँटते हैं, क्योंकि यह हमारी सामूहिक आस्था और गहन विश्वास का प्रतीक है।"

सालाना लगभग 2.5 करोड़ भक्त तिरुमाला आते हैं
उन्होंने आगे लिखा, “औसतन, हर साल लगभग 2.5 करोड़ भक्त तिरुमाला आते हैं और जब सनातनियों की भावनाओं और प्रथाओं का मजाक उड़ाया जाता है या उन्हें कमतर आंका जाता है, तो यह न केवल आहत करने वाला होता है; बल्कि यह दुनिया भर के लाखों लोगों के विश्वास और श्रद्धा को भी चकनाचूर कर देता है। धर्मनिरपेक्षता दोतरफा होनी चाहिए।”

सभी हितधारकों की सहमति से बने बोर्ड
सनातन धर्म के लिए एक संरक्षण निकाय की स्थापना का आह्वान करते हुए, उन्होंने कहा कि बोर्ड का गठन सभी हितधारकों की सहमति से किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, "हमारी आस्था की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। हमारा सनातन धर्म सबसे प्राचीन और निरंतर विकसित होती सभ्यताओं में से एक है, और अब समय आ गया है कि हम सभी हितधारकों की सहमति से सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड की स्थापना करें।"

5 साल में 250 करोड़ के नकली घी का इस्तेमाल
एक अन्य एक्स पोस्ट में उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2019 से 2024 के बीच तिरुपति लड्डुओं में 250 करोड़ रुपये के मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया है। यह मामला तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पूर्व कार्यकारी अधिकारी धर्म रेड्डी के मिलावटी घी मामले में विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष पेश होने के बाद आया है। उनसे मिलावटी घी की खरीद के संबंध में पूछताछ की गई है।

चंद्रबाबू पिछली सरकार पर रहे हमलावर
इस बीच, SIT ने TTD के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को ऑनलाइन नोटिस जारी कर 13 नवंबर को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक हफ्ते का समय मांगा है और कहा है कि वह 15 नवंबर के बाद पेश होंगे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी ने कथित मिलावट के लिए पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की आलोचना की है।

टीडीपी ने एक्स पर लिखा, "घी बनाने के लिए दूध की जरूरत होती है। खासकर तिरुमला के लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाले शुद्ध घी के लिए, यह गाय के दूध से बनाया जाता है। लेकिन YSRCP सरकार के दौरान, लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाला मिलावटी घी कथित तौर पर असली दूध का इस्तेमाल किए बिना, रसायनों और जानवरों की चर्बी से और नकली तेलों से बनाया गया था।"

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Wed, 12 Nov 2025 19:02:43 +0530 news desk MPcg
बिहार चुनाव के बाद अब BMC फोकस में! BJP ने मुंबई यूनिट में किए बड़े बदलाव, 4 नए महासचिव नियुक्त https://citytoday.co.in/4277 https://citytoday.co.in/4277 मुंबई 
बिहार में विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने अब अपना फोकस अगले साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव पर केंद्रित कर दिया है। इसी सिलसिले में पार्टी ने वहां बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। राज्य की सत्ता में भी काबिज भाजपा ने मुंबई इकाई में चार नए महासचिव नियुक्त किए हैं। दिन लोगों को महासचिव बनाया गया है, उनमें राजेश शिरवाडकर, गणेश खापरकर, आचार्य पवन त्रिपाठी और श्वेता पारुलेकर शामिल हैं। ये नियुक्तियां भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष और विधायक अमीत साटम ने की हैं।

बता दें कि जनवरी 2026 में बीएमसी चुनाव होने वाले हैं। सभी दलों ने इसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। राज्य का सत्ताधारी गठबंधन महायुति मिलकर चुनाव लड़ने की बात कर रही है, जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी में इस मुद्दे पर एकता नहीं दिख रही है। अभी दो दिन पहले हीं महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने सोमवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि उनकी पार्टी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव अपने दम पर लड़ेगी।

उन्होंने कहा, "हमारे बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नेताओं ने फ़ैसला किया है कि हम स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। आलाकमान से चर्चा के बाद स्थानीय स्तर पर यह फ़ैसला लिया गया है। हमें बीएमसी में हमेशा 30 से 35 सीटें मिलती हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की तीनों पार्टियां भी अलग-अलग लड़ रही हैं।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अगर समान विचारधारा वाली पार्टियों की ओर से कोई प्रस्ताव आता है, तो उस पर विचार किया जायेगा।

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Wed, 12 Nov 2025 18:24:49 +0530 news desk MPcg
भारत की ट्रेन में पिज्जा&फ्रेंच फ्राइज डिलीवरी देख ऑस्ट्रेलियाई महिला हैरान, वीडियो हुआ वायरल https://citytoday.co.in/4273 https://citytoday.co.in/4273   नई दिल्ली
   24 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई महिला बेक मैककॉल भारत की ट्रेन यात्रा के दौरान पिज़्ज़ा और फ्रेंच फ्राइज़ की डिलीवरी पाकर हैरान रह गईं. उन्होंने इस अनोखे अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया. लोगों ने भारत की तेज और तकनीकी रूप से उन्नत सेवाओं की तारीफ की, वहीं कुछ यूज़र्स ने इस पर सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा की.

चलती ट्रेन में खाना डिलीवर होने से महिला हैरान
बेक ने बताया कि उन्हें यह देखकर बेहद आश्चर्य हुआ कि भारत में चलती ट्रेन में भी खाना डिलीवर किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “मैंने ट्रेन में पिज्जा और फ्राइज का ऑर्डर दिया और डिलीवरी ड्राइवर मुझसे स्टेशन पर मिला. इस पर उनके दोस्त ने हंसते हुए कहा, “वह तुमसे ट्रेन में ही मिला था,” जिस पर वह भी मुस्कुराईं और बोलीं, “हां, सच में — वह मुझसे ट्रेन में ही मिला था, यह बहुत अच्छा था!”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बेक मैककॉल द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया यह छोटा वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. क्लिप में वह ट्रेन की सीट पर बैठी, पिज्जा और फ्राइज खाते हुए कहती हैं. “India is so good!”(“भारत बहुत अच्छा है!”). उनकी इस खुशी और हैरानी ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया. लोगों को यह देखकर गर्व हुआ कि भारत में तकनीक और सेवा कितनी तेज और सुविधाजनक हो चुकी है.

सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग थीं. एक यूजर ने लिखा-“भारत सच में शानदार है, विदेशियों को बस इतना करना है कि थोड़ा बजट 20 डॉलर से ऊपर रखें.”दूसरे ने कहा- “स्वागत है! हम उतने बुरे नहीं हैं जितना मीडिया ने दिखाया. थोड़ा खर्च करो — यहां लक्जरी सस्ती है.”हालांकि, कुछ यूजर्स ने सामाजिक पहलुओं पर भी बात की. एक टिप्पणी में कहा गया- “यह देखकर गर्व हुआ, लेकिन ये सेवा सस्ते मानव श्रम और बड़ी आबादी की वजह से संभव हो पाई है.”

भारत की रेलवे और डिलीवरी सिस्टम की तारीफ
कई लोगों ने इस मौके पर भारतीय रेलवे और फूड डिलीवरी नेटवर्क की प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि भारत का डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर अब इतने बड़े स्तर पर काम करता है कि वह यात्रियों तक भी पहुंच चुका है. चाहे ट्रेन चल ही क्यों न रही हो. सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि लोगों को यह भी दिखाया कि भारत की तकनीकी और सेवा व्यवस्था किस तरह से लगातार आगे बढ़ रही है और यात्रियों को हर संभव सुविधा दे रही है.

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Wed, 12 Nov 2025 13:46:44 +0530 news desk MPcg
डॉ. शाहीन: तलाक से आतंक तक, कैसे जुड़ी मुज्जमिल और जैश से डोर https://citytoday.co.in/4272 https://citytoday.co.in/4272  नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के समीप हुए धमाके से एक दिन पहले एजेंसियों ने एक महिला डॉक्टर को पकड़ा था. यह महिला थी डॉक्टर शाहीन शाहिद. जम्मू कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में डॉक्टर शाहीन को पकड़ा था. शाहीन का नाम उसी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है, जिस नेटवर्क का नाम दिल्ली ब्लास्ट में आया है. दिल्ली ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

लेडी टेररिस्ट डॉक्टर शाहीन शाहिद कौन है, जिसे जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल-मोमिनीन का इंडिया हेड बताया जा रहा है? दरअसल, डॉक्टर शाहीन का नाम फरीदाबाद से दो डॉक्टर्स की गिरफ्तारी के बाद आया था. एजेंसियों के मुताबिक डॉक्टर मुजम्मिल अहमद, डॉक्टर उमर नबी और शाहीन शाहिद, तीनों मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क चला रहे थे. शाहीन को मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल मोमिनीन का इंडिया हेड बताया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि वह जैश आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के निर्देश पर काम कर रही थी. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद उसके लखनऊ स्थित घर पर भी जम्मू कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने छापेमारी की. इस संयुक्त कार्रवाई में शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज अंसारी को भी पकड़ा गया, जो इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं. डॉक्टर शाहीन के लखनऊ वाले घर से कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन भी एजेंसियों ने अपने कब्जे में लिया है.

कानपुर में लेक्चरर थी शाहीन

डॉक्टर शाहीन कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में भी लेक्चरर रह चुकी है. शाहीन ने 2006 में बतौर लेक्चरर जीएसवीएम जॉइन किया था. कॉलेज के रिकॉर्ड्स के मुताबिक 2013 में वह बिना अनुमति अवकाश पर चली गई और कॉलेज की ओर से कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने 2021 में शाहीन की सेवा समाप्त कर दी थी. जीएसवीएम कॉलेज के लोग बताते हैं कि शाहीन शांत रहती थी. 2013 के बाद से उसने सभी के साथ संपर्क तोड़ लिए थे.

महाराष्ट्र के जफर से हुई थी शादी

डॉक्टर शाहीन शाहिद की शादी महाराष्ट्र के जफर हयात के साथ हुई थी. हालांकि, यह रिश्ता बहुत लंबा नहीं चला और 2015 में शाहीन का तलाक हो गया. पति से तलाक के बाद शाहीन हरियाणा के फरीदाबाद शिफ्ट हो गई. यहीं वह डॉक्टर मुजम्मिल के संपर्क में आई थी. बाद में वह मसूद अजहर की बहन सादिया के सीधे संपर्क में आ गई थी. शाहीन की कार से राइफल और जिंदा कारतूस भी मिले थे, जिन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है.

NIA कर रही विदेशी कॉन्टैक्ट्स की जांच

इस केस की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. NIA डॉक्टर शाहीन शाहिद के अकादमिक रिकॉर्ड के साथ ही सोशल मीडिया कनेक्शन और विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शाहीन शाहिद का पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के साथ सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में रही होगी. भारत में कट्टरपंथी महिलाओं का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल का शक एजेंसियों को है.

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Wed, 12 Nov 2025 13:21:14 +0530 news desk MPcg
गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक पलटा: धमाकों से थर्राया इलाका, लोग घरों से बाहर भागे https://citytoday.co.in/4268 https://citytoday.co.in/4268 तमिलनाडु
तमिलनाडु के अरियालूर में एक बड़ा हादसा हुआ. एक ट्रक जिसमें गैस सिलेंडर भरे थे, वो अचानक पलट गया. इसके बाद लगातार कई सिलेंडरों में आग गई. एक के बाद एक धमाके के बाद पूरा इलाका दहल गया. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अरियालुर के पास वरणावासी में एक ट्रक एलपीजी सिलेंडर ले जा रहा था, जो पलट गया और उसमें धमाकों के बाद आग लग गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया था, जिससे ये हादसा हुआ.

ड्राइवर ने किसी तरह बचाई जान
ट्रक पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर बाहर कूद गया. वह मामूली तौर पर जख्मी हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे अरियालुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, ट्रक पूरी तरह से जल गया. इसमें रखे सिलेंडरों के फटने की आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी. ब्लास्ट के बाद हर तरफ फैल गई, जिससे आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया.

ट्रैफिक को किया गया डायवर्ट
हादसे के बाद ट्रैफिक को भी डायवर्ट कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, अरियालुर जाने वाली सभी गाड़ियों को वी. कैकट्टी के रास्ते से जाने की सलाह दी गई है. सूचना मिलते ही अरियालुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी हादसे वाली जगह पर पहुंच गए हैं. 

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Tue, 11 Nov 2025 19:25:37 +0530 news desk MPcg
AK&47 से ‘रिसिन’ तक! 4 डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने खोले आतंक कनेक्शन के चौंकाने वाले राज https://citytoday.co.in/4267 https://citytoday.co.in/4267 नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर सोमवार शाम को धीमी गति से चल रही कार में हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में 20 लोग घायल भी हुए हैं। विस्फोट में कई वाहन जल गए। जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, वह घटना से करीब तीन घंटे पहले सुनहरी मस्जिद के पास पार्क की गई थी। अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे शक गहराता जा रहा है कि यह हमला एक फिदायीन आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

 डॉक्टर्स नेटवर्क से जुड़ा आतंकी कनेक्शन
धमाके की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक चौंकाने वाला ‘डॉक्टर्स नेटवर्क’ मिला है। जांच में सामने आया है कि इस साजिश के हर तार किसी न किसी डॉक्टर से जुड़ रहे हैं — कोई मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर है, तो कोई रिसर्चर या प्रैक्टिसिंग डॉक्टर। इससे पहले सोमवार सुबह ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में 2,900 किलो विस्फोटक बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खुलासे के दौरान हुई। इस बरामदगी और दिल्ली धमाके के बीच की समय-निकटता ने एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।

डॉ. आदिल अहमद राठर: मेडिकल कॉलेज से AK-47 बरामद
 जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. आदिल अहमद राठर को पुलिस ने सबसे पहले गिरफ्तार किया। उसके लॉकर से AK-47 राइफल मिली। जांच में राठर के जैश और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं।
 
डॉ. शाहीन शाहिद: महिला डॉक्टर की कार में असॉल्ट राइफल
7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से दूसरी गिरफ्तारी हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन शाहिद की कार से ‘कैरोम कॉक’ नाम की असॉल्ट राइफल बरामद की गई। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में उसकी भूमिका क्या थी। उसकी पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है।
 
डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद: बना रहा था ‘रिसिन’ जहर
इसी दिन गुजरात एटीएस ने हैदराबाद के रहने वाले डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया। वह चीन से मेडिकल पढ़ाई कर चुका है और जांच में सामने आया कि वह ‘रिसिन’ नाम के घातक जहर की तैयारी कर रहा था। यह जहर अरंडी के बीजों से बनता है और बेहद खतरनाक माना जाता है। मोहियुद्दीन ने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी।

डॉ. मुझमिल शकील: 2,900 किलो विस्फोटक बरामद
10 नवंबर को चौथी गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाला डॉ. मुझमिल शकील पकड़ा गया। उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जबकि उसके ठिकाने से 2,563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया। फरीदाबाद पुलिस के मुताबिक, मुझमिल के तार भी जैश से जुड़े हैं और वह श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा था। उसकी गिरफ्तारी अदिल राठर से मिली जानकारी के आधार पर हुई।
 
डॉ. उमर मोहम्मद: ब्लास्ट हुई कार उसी के नाम पर
जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास जिस i20 कार में विस्फोट हुआ, वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर रजिस्टर्ड थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, धमाके के वक्त वह कार में मौजूद था।

शिक्षित आतंक: सफेद कोट में काले कारनामे
जांच से साफ है कि पकड़े गए सभी डॉक्टर सिर्फ आतंकी संगठनों के संपर्क में नहीं थे, बल्कि हथियार और केमिकल खुद तैयार कर रहे थे। इन खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब आतंकवाद देश के शिक्षित तबके में भी अपनी जड़ें फैला रहा है जहां शिक्षा का इस्तेमाल सफेद कोट में काले कारनामे करने के लिए हो रहा है।

 

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Tue, 11 Nov 2025 19:22:28 +0530 news desk MPcg
Leopard Attack: वन विभाग के साथ पहुंचे पुलिसकर्मी पर तेंदुए ने किया हमला, लोगों में फैली दहशत, कोल्हापुर का वीडियो आया सामने https://citytoday.co.in/4264 https://citytoday.co.in/4264  पिछले कई दिनों से पुणे (Pune) जिले में तेंदुए (Leopard) की दहशत देखी जा रही है. लेकिन अब महाराष्ट्र के कोल्हापुर (Kolhapur) में भी तेंदुए को देखा गया और इस तेंदुए ने एक पुलिस कर्मी पर हमला कर दिया.दिनदहाड़े शहर के कई इलाकों, जैसे वूडलैंड होटल, बीएसएनएल ऑफिस और महावितरण दफ्तरमें इस जंगली जानवर को घूमते देखा गया. अचानक हुई इस घटना ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया.बताया बताया जा रहा है की कुछ लोग तो अपनी जान बचाने के लिए घरों और दफ्तरों में छिप गए. सोशल मीडिया पर साझा हुए कई वीडियो में तेंदुए को गलियों में भागते और लोगों को डर से भागते हुए देखा जा सकता है.

बाल बाल बचा पुलिसकर्मी

जानकारी के मुताबिक़ तेंदुआ विवेकानंद कॉलेज परिसर में पहुंच गया.जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे.उसी दौरान तेंदुए ने अचानक एक पुलिसकर्मी (Policeman) पर हमला कर दिया.हमले में पुलिसकर्मी को हल्की चोटें आईं, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार के कारण तेंदुआ वहां से भाग निकला.

शहर में फैली दहशत

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ एक मकान के संकरे हिस्से में घुसा हुआ है, जबकि वन विभाग की टीम उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. तभी तेंदुआ झपटता है और पुलिसकर्मियों की ओर दौड़ता है. यह दृश्य देख वहां मौजूद हर शख्स की सांसें थम गईं. पुलिसकर्मी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई.

 

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Tue, 11 Nov 2025 17:53:15 +0530 news desk MPcg
S&400 और आयरन डोम की जरूरत खत्म, अमेरिका ने बनाई नई छतरी जो मिसाइल को करती है निष्क्रिय https://citytoday.co.in/4261 https://citytoday.co.in/4261 नई दिल्ली
 अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) ने ऐलान किया है कि वह 2028 तक अंतरिक्ष में अपने ‘स्पेस-बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर’ का असली परीक्षण करेगा. यह वही हथियार है जो Golden Dome प्रोजेक्ट का सबसे खतरनाक और निर्णायक हिस्सा माना जा रहा है. एक ऐसा सिस्टम जो अंतरिक्ष से ही दुश्मन की मिसाइलों को लॉन्च के कुछ सेकंड में तबाह कर देगा. यह प्रोजेक्ट डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य है अमेरिका को अभेद्य मिसाइल डिफेंस कवच देना – धरती से लेकर अंतरिक्ष तक.

लॉकहीड मार्टिन के सीईओ जिम टैकलेट ने अपने एक बयान में कहा, “हम 2028 तक वास्तविक ऑन-ऑर्बिट इंटरसेप्टर टेस्ट करने जा रहे हैं – यह कोई लैब एक्सपेरिमेंट नहीं, बल्कि असली युद्ध-तैयार सिस्टम होगा.” उन्होंने बताया कि कंपनी अब पूरी तरह ऑपरेशनल प्रोटोटाइप्स बना रही है – ऐसी मशीनें जो “टेस्ट स्टैंड पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में उड़ेंगी, मिसाइल को हिट करेंगी और उत्पादन के लिए तैयार होंगी.” अगर लॉकहीड मार्टिन का यह प्रोजेक्टकामयाब हो गया, तो फिर एस-400 और आयरन डोम जैसे एयर डिफेंस की जरूरत ही नहीं रह जाएगी.

‘द वॉर ज़ोन’ में प्रकाशित खबर के मुताबिक, लॉकहीड मार्टिन ने अपने वर्जीनिया स्थित Center for Innovation में Golden Dome की कमांड एंड कंट्रोल (C2) प्रणाली का प्रोटोटाइप वातावरण तैयार किया है. यह ओपन आर्किटेक्चर सिस्टम समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक की रक्षा क्षमताओं को एकजुट कर रहा है. कंपनी ने बताया कि इस मिशन में कई इंडस्ट्री पार्टनर्स भी जुड़ चुके हैं ताकि अमेरिका को हर मोर्चे पर ‘सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी बढ़त’ मिले.

हालांकि, पेंटागन पूरी परियोजना पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Golden Dome ऐसा ऑल-डोमेन डिफेंस सिस्टम बनेगा जो आने वाले दशकों तक अमेरिका की अंतरिक्षीय सैन्य ताकत का केंद्र होगा. लॉकहीड मार्टिन का यह मिशन सिर्फ एक परीक्षण नहीं – बल्कि यह संकेत है कि स्पेस अब जंग का नया मैदान बन चुका है. 2028 में जब Golden Dome का इंटरसेप्टर अंतरिक्ष में सक्रिय होगा, तो पूरी दुनिया उसकी रेंज में होगी.

अब तक जो जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके अनुसार पेंटागन और व्हाइट हाउस दोनों ने साफ़ कर दिया है कि Golden Dome प्रोजेक्ट का केंद्रबिंदु अंतरिक्ष में तैनात मिसाइल इंटरसेप्टर होंगे. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि दुश्मन की मिसाइल को अमेरिकी सीमाओं से बहुत दूर ही नष्ट किया जाए, ताकि किसी भी खतरे को देश के भूभाग के करीब आने से पहले ही खत्म किया जा सके.

अमेरिकी रक्षा रणनीतिकारों के मुताबिक, बैलिस्टिक मिसाइलें और हाइपरसोनिक हथियार – जिनमें रॉकेट बूस्टर का इस्तेमाल होता है – सबसे ज्यादा कमजोर अपने शुरुआती ‘बूस्ट फेज़’ में होते हैं, यानी लॉन्च के ठीक बाद. अमेरिकी स्पेस फोर्स के प्रमुख जनरल चांस साल्ट्ज़मैन ने मार्च में Defense One को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “हम सिर्फ स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर नहीं चाहते – हम चाहते हैं कि वे मिसाइल को उसी ‘बूस्ट फेज़’ में मार गिराएं. हम चाहते हैं कि ये हमला हमारे देश से जितना दूर हो सके, वहीं असर दिखाए. इसलिए उन्हें बेहद तेज़ और सटीक होना होगा.”

हालांकि, Golden Dome योजना केवल बूस्ट फेज़ में इंटरसेप्शन तक सीमित नहीं है. यह सिस्टम मिड-कोर्स फेज़ (जब मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर अंतरिक्ष में होती है) में भी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों को ट्रैक और ध्वस्त करने में सक्षम रहेगा. अमेरिका अब ऐसा स्पेस डिफेंस नेटवर्क बना रहा है जो दुश्मन की मिसाइल को उसके लॉन्च होते ही आसमान में खत्म कर दे – ताकि जंग की आग कभी अमेरिकी ज़मीन तक न पहुंच सके.

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Tue, 11 Nov 2025 17:33:12 +0530 news desk MPcg
राजधानी में प्रदूषण का कहर: कई इलाकों में AQI 400 के पार, लोगों को सांस लेने में परेशानी firstkhabar https://citytoday.co.in/4257 https://citytoday.co.in/4257 नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर  श्रेणी में बनी हुई है जिससे लोगों को सांस लेने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह के आंकड़ों ने भयावह स्थिति की पुष्टि की है।

 मुख्य क्षेत्रों का हाल

सोमवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) उच्च स्तर पर दर्ज किया गया:

    दिल्ली (औसत): 346 (यह गंभीर श्रेणी की शुरुआत है)

    नोएडा: 336

    गाजियाबाद: 302

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI

CPCB के अनुसार दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों में वायु प्रदूषण 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी के बीच रहा जबकि कुछ स्थानों पर यह 400 के पार चला गया:

 

इलाका

AQI स्तर (सोमवार सुबह)

श्रेणी

बवाना

412

गंभीर

आनंद विहार

379

बहुत खराब

बुराड़ी

389

बहुत खराब

अशोक विहार

373

बहुत खराब

आईटीओ (ITO)

378

बहुत खराब

मुंडका

378

बहुत खराब

अलीपुर

351

बहुत खराब

चांदनी चौक

365

बहुत खराब

ओखला

347

बहुत खराब

पूसा (PUSA)

348

बहुत खराब

 

 
वायु गुणवत्ता का मतलब

AQI का 401 से 500 के बीच होना 'गंभीर' माना जाता है जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। 301 से 400 के बीच का AQI 'बहुत खराब' माना जाता है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।

 

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Tue, 11 Nov 2025 12:04:57 +0530 news desk MPcg
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में धमाका, कई लोग घायल https://citytoday.co.in/4256 https://citytoday.co.in/4256  नई दिल्ली

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम एक धमाका हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह धमाका मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुआ है। जिसके बाद कार में आग लग गई। सूचना पर दमकल की कुल 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम भी मौके पर पहुंची। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के कारण चार से पांच घायलों को एलएनजेपी अस्पताल लाया गया है। इस बारे में पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विस्फोट के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां की आंखों देखी-
धमाका इतना तेज था कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'मैं गुरुद्वारे में था जब मैंने एक तेज आवाज सुनी। हम समझ ही नहीं पाए कि वह क्या थी, वह इतनी तेज थी। आस-पास खड़े कई वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।'

धमाके के बाद स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने बताया, 'मैंने अपने घर से आग की लपटें देखीं और फिर नीचे आकर देखा कि क्या हुआ है। ज़ोरदार धमाका हुआ। मैं पास में ही रहता हूं।'

बता दें कि लाल किला क्षेत्र दिल्ली के सबसे ज्यादा व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में शामिल है। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में विस्फोट की सूचना मिली, जिसके बाद आसपास खड़ी तीन से चार गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं।

 

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Tue, 11 Nov 2025 12:01:38 +0530 news desk MPcg
तिरुपति मंदिर घोटाला: ट्रस्ट ने करोड़ों भक्तों को किया छल, 68 लाख किलो नकली घी और 250 करोड़ का चूना https://citytoday.co.in/4237 https://citytoday.co.in/4237 तिरुमला
तिरुपति मंदिर से जुड़े लड्डू विवाद में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक डेयरी जिसने कभी दूध या बटर (मक्‍खन) का एक कतरा भी नहीं खरीदा, उसने तिरुपति मंदिर ट्रस्‍ट या तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम (TTD) को 60 महीने यानी 5 साल में 68 लाख किलोग्राम घी की सप्‍लाई कर दी. CBI की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है. मिलावटी घी से पवित्र लड्डू बनाने के मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है. सीबीआई के इस खुलासे से कई सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि TTD में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी कि महीनों से चले आ रहे करोड़ों रुपये के इस महाघोटाले का समय रहते पता लगाया जा सके. बता दें कि तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू को प्रसाद के तौर पर लखों-करोड़ों भक्‍त खरीदते हैं.

TTD (आंध्र प्रदेश के विख्यात तिरुपति मंदिर का संचालन करने वाला ट्रस्ट) में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में भारी स्तर पर मिलावट का बड़ा घोटाला सामने आया है. सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में पता चला है कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच 68 लाख किलोग्राम घी की सप्लाई TTD को की, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये थी. चौंकाने वाली बात यह है कि वह डेयरी किसी भी स्रोत से न तो दूध खरीदती थी और न ही मक्खन.
गजब का अपनाया ट्रिक

CBI के अनुसार, हरिद्वार जिले के भगवाणपुर में स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर पामिल जैन और विपिन जैन ने एक फर्जी देसी घी उत्पादन यूनिट खड़ी की. उन्होंने दूध और मक्खन की खरीद से संबंधित दस्तावेज़ फर्जी तरीके से बनाए और पेमेंट रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि घी का उत्पादन नियमित रूप से हो रहा है. जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार सुगंध ने SIT को जानकारी दी कि वह डेयरी को मोनोडाइग्लिसराइड्स (monodiglycerides) और एसेटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल सप्लाई करता था. ये रसायन औद्योगिक और खाद्य मिलावट में उपयोग होते हैं और घी में बनावट व स्थिरता बढ़ाने के लिए मिलाए जाते थे.
2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी जारी रही सप्लाई

 रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार और मिलावट की शिकायतों के आधार पर TTD ने साल 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. CBI के अनुसार, इसके बाद भी डेयरी मालिकों ने अन्य डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल कर घी की सप्लाई जारी रखी. इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं. CBI ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि घी के कई स्टॉक जानवरों की चर्बी मिलाकर तैयार किए गए थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जुलाई 2024 में TTD ने AR डेयरी से आए चार टैंकर घी को मिलावट के चलते रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन वे टैंकर डेयरी प्लांट में वापस नहीं लौटे. FSSAI और SIT ने जांच में पाया कि उन्हें सीधे वैष्णवी डेयरी के पास ले जाया गया.

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Mon, 10 Nov 2025 15:41:13 +0530 news desk MPcg
गुजरात में बड़ा खुलासा: ISIS आतंकियों ने RSS दफ्तर की रेकी कर हमले की योजना बनाई https://citytoday.co.in/4236 https://citytoday.co.in/4236 अहमदाबाद
गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में बीते दिन अहमदाबाद से तीन ISIS से जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया था. ये आतंकी गुजरात और देशभर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे. अब पता चला है कि आतंकियों ने लखनऊ में आरएसएस दफ्तर और दिल्ली में आजादपुर मंडी की रेकी की थी.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहियुद्दीन सैयद के रूप में हुई. सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय और दिल्ली की भीड़भाड़ वाली आज़ादपुर मंडी की रेकी कर रहे थे. दोनों जगहों को आतंकी हमले के संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था.

जांच में खुलासा हुआ है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए और उन्हें गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपाया. वहीं, हैदराबाद निवासी मोहियुद्दीन को ये हथियार लेकर वापस लौटना था लेकिन गुजरात ATS ने समय रहते कार्रवाई कर मोहियुद्दीन को शुक्रवार रात ही गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुए.

आतंकियों के मोबाइल रिकॉर्ड से खुलासा

मोहियुद्दीन के मोबाइल की जांच में उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला. इसके बाद ATS ने दोनों अन्य आतंकियों को भी गिरफ्तार किया.

गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, "डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जो चीन से MBBS की पढ़ाई कर चुका है. वह ISIS-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम से संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करने और भर्ती अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी थी."

मोहियुद्दीन साइनाइड से बना रहा था जहरीला पदार्थ

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहियुद्दीन साइनाइड से जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था. फिलहाल ATS यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई कैसे हुई थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं.

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Mon, 10 Nov 2025 15:38:28 +0530 news desk MPcg
जिसके सामने पाकिस्तान झुकता है, वही भारत को देता है सम्मान; ED की तारीफ करते हुए बोले – कुछ तो सीखो https://citytoday.co.in/4219 https://citytoday.co.in/4219 नई दिल्ली

मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने वाली इंटरनेशनल संस्‍था फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) ने भारतीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) की तारीफ की है. FATF ने कहा कि दुनिया के अन्‍य देशों को ईडी से सीखना चाहिए कि किस तरह से मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाई जाए और क्रिमिनल केस में में एसेट्स की रिकवरी की जाए. यह वही FATF है, जिसके सामने पाकिस्‍तान की हेकड़ी गुम रहती है. पाकिस्‍तान मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के लिए पूरी दुनिया में कुख्‍यात है. FATF ऐसे देशों को विभिन्‍न क्‍लासीफाइड कैटेगरी में डालता रहता है, जिससे संबंधित देशों की इकनॉमी पर बुरा असर पड़ता है. विदेशी निवेश प्रभावित होता है. FATF के कड़े प्रतिबंधों से बचने के लिए पाकिस्‍तान इस ग्‍लोबल ऑर्गेनाइजेशन के सामने मेमियाता रहता है. अब उसी संस्‍था ने भारत की जांच एजेंसी ईडी की तारीफ की है.

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने बुधवार 5 नवंबर 2025 को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और उन्हें पीड़ितों को वापस दिलाने में भारत के प्रयासों की सराहना की है. FATF की यह रिपोर्ट ‘Asset Recovery Guidance and Best Practices’ के नाम से प्रकाशित हुई है, जिसमें खासतौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तेज और प्रभावी कार्रवाई को प्रमुख उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है. विश्व स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्त पोषण पर नजर रखने वाली FATF ने कहा कि भारत ने आपराधिक मामलों में अवैध संपत्तियों का पता लगाने, उन्हें फ्रीज़ करने, जब्त करने और समाज के हित में उपयोग करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ED ने घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक अपराधों के मामले में देश से भागे अपराधियों के खिलाफ विशेष सक्रियता दिखाई है.

340 पेज की रिपोर्ट

ED की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि FATF की 340 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट में व्यावहारिक उपाय सुझाए गए हैं, जिनसे विभिन्न देशों को अपराध से जुड़े धन की पहचान करने, उसे ट्रैक करने और पीड़ितों को वापस संबंधित संपत्तियां लौटाने में सहायता मिलेगी. बयान के मुताबिक, यह गाइडेंस नीति निर्माताओं और प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक मानक है, जिससे वे अपनी राष्ट्रीय रणनीति को बेहतर बना सकें और वैश्विक बेस्ट प्रैक्टिस के अनुसार कार्य कर सकें. रिपोर्ट में कहा गया है कि ED ने क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी, साइबर अपराध और पोंजी स्कीम जैसे मामलों में बेहद तेजी से कार्रवाई की है. FATF ने बताया कि कई मामलों में अपराधी विदेश भाग गए थे, लेकिन ED ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से उनकी संपत्तियों को या तो जब्त कर लिया या फ्रीज़ किया.

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Thu, 06 Nov 2025 19:07:54 +0530 news desk MPcg
Bihar Election 2025: पहले चरण के मतदान से पहले बिहार में हाई अलर्ट, डीजीपी विनय कुमार बोले& शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई https://citytoday.co.in/4208 https://citytoday.co.in/4208 पटना, 5 नवंबर :

 बिहार में पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. डीजीपी विनय कुमार (Vinay Kumar) ने बुधवार को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तारी होगी. उन्होंने आईएएनएस से कहा कि चुनाव समाप्त होते ही ऐसे लोगों को बांड पर रिहा किया जाएगा, लेकिन उनके खिलाफ सख्त बांड भरने की बाध्यता भी तय की जाएगी. डीजीपी ने बताया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए एक बड़ा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से राज्यभर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा, "किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारी टीम 24 घंटे एक्टिव है."

उन्होंने बताया कि इस प्रकार की रोकथाम कार्रवाई पहले से चल रही है और इस साल अब तक 2 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. विनय कुमार ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. उनके अनुसार, पहले चरण के लिए कुल 1500 अर्धसैनिक बल तीन चरणों में उपलब्ध कराए गए. पिछले 5 से 6 दिनों में अतिरिक्त 150 अर्धसैनिक बलों ने भी सहयोग दिया है. इन बलों को उन जिलों में तैनात किया गया है, जहां दूसरे चरण का चुनाव होगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाए. सभी जिलों में सख्त चेकिंग जारी रहेगी. 

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Wed, 05 Nov 2025 18:21:19 +0530 news desk MPcg
सीमा, सरस्वती, स्वीटी के नाम से किया हरियाणा में मतदान, ब्राजीलियन मॉडल ने डाले 22 वोट, राहुल गांधी ने फोड़ा हाइड्रोजन बम, बीजेपी और EC पर लगाएं आरोप https://citytoday.co.in/4198 https://citytoday.co.in/4198 ahul Gandhi's Allegations:

 लगातार वोटी चोरी के मुद्दे पर बीजेपी (BJP) की सरकार और चुनाव आयोग (Election Commission) को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) निशाना बना रहे है. अब उन्होंने हरियाणा चुनाव(Haryana Elections) को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर बड़े आरोप लगाएं है. राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बड़े पैमाने पर 'वोट चोरी' हुई है और लगभग 25 लाख फर्जी वोट डाले गए.जो कुल मतदाताओं का करीब 12% हिस्सा हैं.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हरियाणा में कुल 2 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 25 लाख फर्जी हैं. हमारी टीम ने 5.21 लाख डुप्लीकेट वोटर एंट्री पकड़ी हैं. यानी हर आठवां वोटर फर्जी है. उन्होंने कहा कि ये सब कांग्रेस (Congress) की जीत को हार में बदलने की सोची-समझी साजिश. के तहत किया गया

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Wed, 05 Nov 2025 15:44:13 +0530 news desk MPcg
श्रीनगर की नई पहचान: 900 करोड़ के जल मेट्रो प्रोजेक्ट से शिकारा का भविष्य बदलेगा https://citytoday.co.in/4197 https://citytoday.co.in/4197 श्रीनगर 

डल झील का सन्नाटा, उसके ऊपर तैरता शिकारा जिस पर बैठकर सैलानी झील की लहरों में खो जाते हैं. यही शिकारा, श्रीनगर की पहचान, उसका दिल और उसकी रूह रहा है. इसी पर बैठकर मोहब्बतें शुरू हुईं, कविताएं लिखी गईं और तस्वीरों में कश्मीर की खूबसूरती कैद हुई. लेकिन अब यही झील, वक्त के साथ एक नए दौर में कदम रख रही है. क्योंकि शिकारे के पास अब उसका आधुनिक साथी आ रहा है- हाइब्रिड मेट्रो, जो कश्मीर की झीलों को नई रफ्तार और नई पहचान देने जा रही है.

दरअसल, जम्मू-कश्मीर सरकार और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण मिलकर 900 करोड़ रुपये की श्रीनगर जल मेट्रो परियोजना शुरू कर रहे हैं.  इसका मकसद है डल झील और झेलम नदी के जलमार्गों को एक आधुनिक, पर्यावरण-हितैषी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बदलना. यह मेट्रो केरल की कोच्चि वाटर मेट्रो से प्रेरित है, जो देश में अपनी तरह की पहली सफल जल मेट्रो है. अब श्रीनगर उसी मॉडल पर चलने जा रहा है, ताकि यहां के लोगों को ट्रैफिक से राहत मिले और सैलानियों को एक नया अनुभव. 

शिकारे की जगह इलेक्ट्रिक नावें

परंपरागत शिकारों के बीच अब उतरेंगी इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नावें, जो ना सिर्फ प्रदूषण कम करेंगी, बल्कि झील के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा भी करेंगी. डल झील में 5 रूट और 10 टर्मिनल बनाए जाएंगे, जबकि झेलम नदी पर 2 रूट और 8 टर्मिनल होंगे. यानी कुल 18 जल स्टेशन, जो शहर को एक छोर से दूसरे छोर तक जोड़ेंगे. सोचिए, जहां कभी सैलानी गुलाबों से सजे शिकारे पर बैठते थे, वहीं अब हाइब्रिड मेट्रो की आरामदायक सीटों से वे पूरे श्रीनगर का नजारा देख पाएंगे.
विकास के साथ नई उम्मीदें

इस परियोजना से न सिर्फ ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधरेगा, बल्कि रियल एस्टेट और पर्यटन पर भी बड़ा असर पड़ेगा. डल झील और झेलम के किनारे जो टर्मिनल बनेंगे, उनके आसपास की जमीनों की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है. क्योंकि जहां कनेक्टिविटी बढ़ती है, वहां विकास अपने आप आता है. स्थानीय लोगों के लिए यह रोजगार का नया जरिया भी बनेगा, इसके अलावा नाव संचालन, मेंटेनेंस और स्टेशन सर्विसेज जैसे नए अवसर भी खुलेंगे.

आने वाला श्रीनगर कैसा होगा?

परियोजना अब अपने शुरुआती लेकिन ठोस चरण में है. अक्टूबर 2025 में इसके लिए समझौता हो चुका है और अब विस्तृत योजना, मंजूरियां और निर्माण का खाका तैयार किया जा रहा है. दिशा बिल्कुल साफ है कि श्रीनगर अब सिर्फ झीलों का शहर नहीं रहेगा, बल्कि जल मेट्रो वाला आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनने की राह पर है.

जो शिकारे कभी घाटी की रूह थे, अब हाइब्रिड मेट्रो उसी रूह में नई रफ्तार भरने जा रही है.  झील वही रहेगी, पानी वही होगा, लेकिन पहचान बदल जाएगी. ऐसे में श्रीनगर एक बार फिर अपने नए रूप में दुनिया के सामने खड़ा होगा.

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Wed, 05 Nov 2025 15:40:57 +0530 news desk MPcg
Indian Railways Alert: कई ट्रेनें रद्द, कुछ का रूट बदला — सफर से पहले देखें पूरी लिस्ट! https://citytoday.co.in/4196 https://citytoday.co.in/4196 नई दिल्ली 
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैक के रखरखाव को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने और कुछ को डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से यात्रियों को असुविधा जरूर होगी, लेकिन रेलवे का कहना है कि यह कदम भविष्य में सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य चेक करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

रद्द की गई ट्रेनें (Cancelled Trains)
12207 जम्मू–काठगोदाम गरीब रथ – 31 मार्च 2026 तक रद्द
12208 काठगोदाम–जम्मू गरीब रथ – 29 मार्च 2026 तक रद्द
12265 दिल्ली–जम्मू दुरंतो एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक रद्द
12266 जम्मू–दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक रद्द
14503 कालका–कटड़ा एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक रद्द
14504 कटड़ा–कालका एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक रद्द
14611 गोरखपुर–कटड़ा एक्सप्रेस – 27 मार्च 2026 तक रद्द
14612 कटड़ा–गोरखपुर एक्सप्रेस – 26 मार्च 2026 तक रद्द
22401 दिल्ली सराय रोहिल्ला–ऊधमपुर – 30 मार्च 2026 तक रद्द
22402 ऊधमपुर–दिल्ली सराय रोहिल्ला – 31 मार्च 2026 तक रद्द
22439 नई दिल्ली–कटड़ा वंदे भारत – 31 मार्च 2026 तक रद्द
22440 कटड़ा–दिल्ली वंदे भारत – 31 मार्च 2026 तक रद्द
22705 तिरुपति–जम्मू हमसफर – 31 मार्च 2026 तक रद्द
22706 जम्मू–तिरुपति हमसफर – 4 अप्रैल 2026 तक रद्द
26405 अमृतसर–कटड़ा वंदे भारत – 30 मार्च 2026 तक रद्द
26406 कटड़ा–अमृतसर वंदे भारत – 30 मार्च 2026 तक रद्द

डायवर्ट की गई ट्रेनें (Diverted Trains)
19223 साबरमती–जम्मू एक्सप्रेस – अब 30 मार्च 2026 तक सिर्फ फिरोजपुर तक चलेगी
19224 जम्मू–साबरमती एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक फिरोजपुर से चलेगी
19415 साबरमती–कटड़ा एक्सप्रेस – 29 मार्च 2026 तक अमृतसर तक चलेगी
19416 कटड़ा–साबरमती एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक अमृतसर से चलेगी
20433 सियालदह–कटड़ा जम्मू मेल – 31 मार्च 2026 तक अंबाला तक चलेगी
20434 कटड़ा–सियालदह जम्मू मेल – 1 अप्रैल 2026 तक अंबाला से चलेगी
22941 इंदौर–ऊधमपुर एक्सप्रेस – 30 मार्च 2026 तक जम्मू तक चलेगी
22942 ऊधमपुर–इंदौर एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक जम्मू से चलेगी
14803 भुज–जम्मू एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक पठानकोट तक चलेगी
14804 जम्मू–भुज एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक पठानकोट से चलेगी

रेलवे का यात्रियों के लिए संदेश
उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय ट्रैक की मरम्मत, परिचालन सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट www.indianrailways.gov.in या NTES मोबाइल ऐप पर अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी जरूर देखें।

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Wed, 05 Nov 2025 15:34:43 +0530 news desk MPcg
प्रयागराज में संगम तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब https://citytoday.co.in/4195 https://citytoday.co.in/4195 प्रयागराज, 05 नवंबर (वार्ता ) 

संगम नगरी प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के पावन अवसर पर बुधवार तड़के से ही संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ‘आस्था की राजधानी’ कहे जाने वाले इस पवित्र स्थल पर सुबह की पहली किरण के साथ ही लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। वहीं आज शाम संगम तट पर भव्य देव दीपावली का आयोजन होगा, जिसमें करीब 10 लाख दीप जलाकर तटों को दैवीय प्रकाश से सजाया जाएगा।

अरैल घाट पर परमार्थ निकेतन की ओर से विशेष गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार निगरानी कर रही हैं। कार्तिक पूर्णिमा का यह पावन स्नान हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संगम स्नान से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है और जीवन में सौभाग्य और शांति की प्राप्ति होती है।

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Wed, 05 Nov 2025 15:14:27 +0530 news desk MPcg
पोर्नोग्राफी बैन पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, नेपाल का उदाहरण देकर जताई बात https://citytoday.co.in/4183 https://citytoday.co.in/4183 नई दिल्ली

 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पोर्नोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर विचार करने से फिलहाल इनकार कर दिया. अदालत ने इस मामले का जिक्र करते हुए नेपाल में हाल ही में हुए जेन जेड (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण दिया. कोर्ट ने कहा कि देखिए, प्रतिबंध को लेकर नेपाल में क्या हुआ. हालांकि, निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित की है. इस बीच आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह देश में पोर्नोग्राफी पर नियंत्रण के लिए एक राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना तैयार करे, विशेष रूप से नाबालिगों को अश्लील सामग्री से बचाने के उद्देश्य से. इसके अलावा, याचिका में सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी किसी भी सामग्री को देखने पर रोक लगाने की भी मांग की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि डिजिटलीकरण के युग में हर व्यक्ति के पास इंटरनेट की पहुंच है और अब शिक्षित या अशिक्षित का फर्क नहीं रह गया है. सब कुछ एक क्लिक में उपलब्ध है. उन्होंने सरकार के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें यह स्वीकार किया गया था कि इंटरनेट पर अरबों पोर्न साइट्स मौजूद हैं.

 भारत में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो

याचिका में यह भी कहा गया कि कोविड-19 महामारी के दौरान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना पड़ा, लेकिन इन उपकरणों पर पोर्नोग्राफी देखने से रोकने के लिए कोई प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं है. हालांकि, अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसे कई सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जो माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित या मॉनिटर करने की सुविधा देते हैं.

याचिकाकर्ता के अनुसार, पोर्नोग्राफी समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, खासतौर पर 13 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों पर. उन्होंने दावा किया कि भारत में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो या क्लिप है जिनमें बाल यौन सामग्री भी शामिल है और बिक्री के लिए आसानी से उपलब्ध हैं. याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत सरकार के पास ऐसे वेबसाइट्स या सामग्री तक आम जनता की पहुंच रोकने का अधिकार है. 

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Tue, 04 Nov 2025 14:11:43 +0530 news desk MPcg
सुप्रीम कोर्ट ने तय की तारीख, आवारा कुत्तों के शिकार लोगों की भी सुनी जाएगी बात https://citytoday.co.in/4182 https://citytoday.co.in/4182 सुप्रीम कोर्ट ने तय की तारीख, आवारा कुत्तों के शिकार लोगों की भी सुनी जाएगी बात

आवारा कुत्तों के हमलों पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, फैसले की तारीख घोषित

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामलों की सुनवाई, पीड़ितों की सुनाई जाएगी राय

नईदिल्ली 

आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर संबंधित मामले के आदेशों के अनुपालन में चूक होती है तो मुख्य सचिवों को फिर से पेश होना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि अब मुख्य सचिवों की प्रत्यक्ष उपस्थिति जरूरी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह उन लोगों की भी सुनवाई करेगा जिनको कुत्तों ने काटा है और इसके बाद सात नवंबर को आदेश पारित करेगा। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि अधिकतर राज्यों ने अनुपालन हलफनामे दायर कर दिए हैं। कोर्ट ने केरल के मुख्य सचिव द्वारा दायर छूट के अनुरोध वाले आवेदन को अनुमति दे दी है और कहा इस बात को संज्ञान में लिया कि प्रमुख सचिव अदालत में उपस्थित हैं। इसके अलावा भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाने को कहा गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश स पूछा कि पिछली तारीख पर अनुपान हलफानामा क्यों नहीं दाखिल किया गया? बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को उसके समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अधिकतर राज्यों ने अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल कर दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने ने 27 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को उसके समक्ष उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया था कि अदालत के 22 अगस्त के आदेश के बावजूद अनुपालन हलफनामे क्यों नहीं दायर किए गए।

पीठ ने अपने आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि 27 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को छोड़कर किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने अनुपालन हलफनामे दायर नहीं किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के अनुपालन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा था।

 

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Tue, 04 Nov 2025 14:03:18 +0530 news desk MPcg
12 राज्यों में कल से लागू होगा SIR, छत्तीसगढ़&बंगाल समेत कई राज्यों में विरोध तेज https://citytoday.co.in/4171 https://citytoday.co.in/4171 नई दिल्ली

छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में 4 नवंबर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम शुरू हो रहा है। हालांकि पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक चुनाव आयोग को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत कई प्रमुख विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी मार्च निकालेंगी तो डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। बता दें कि चुनाव आयोग ने इसी साल बिहार में इस प्रक्रिया को किया और अब 12 राज्यों में की जा रही है।

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसे लेकर अन्य पार्टियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल पार्टियों ने एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का प्रस्ताव पारित किया है। तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनकी मांग है कि ये प्रक्रिया चुनाव बाद हो, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे नहीं माना।

SIR के विरोध में हुई बैठक में डीएमके के अलावा कांग्रेस, मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK), विदुथलाई चिरुथिगल काची, वामपंथी दलों, कमल हासन के नेतृत्व वाली मक्कल नीधि मय्यम, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची और तमिलागा वाझ्वुरिमई काची सहित सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सहयोगियों ने हिस्सा लिया। देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (DMDK) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) तथा डीएमके के वैचारिक मूल संगठन द्रविड़ार कषगम सहित मित्र दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए।

इधर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी इसके विरोध में है। इसके खिलाफ 4 नवंबर को कोलकाता में टीएमसी मार्च भी निकाल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मार्च का नेतृत्व करेंगी। इसके विरोध में टीएमसी ने कहा कि तथाकथित विशेष गहन पुनरीक्षण वास्तव में खामोशी से की जाने वाली धांधली है। हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

केरल की लेफ्ट सरकार ने भी किया विरोध

वहीं केरल की लेफ्ट सरकार भी इसके विरोध में है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने निर्वाचन आयोग से उसके फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है। इस पर गठबंधन के सहयोगियों की बैठक हुई। गठबंधन का कहना है कि ऐसे समय में जब स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में यह संशोधन लागू नहीं किया जाना चाहिए। ये समझना चाहिए कि एसआईआर लोगों को कैसे प्रभावित करता है. आयोग को इस मामले में समीक्षा करनी चाहिए।

कांग्रेस कर रही विरोध

कांग्रेस शुरू से ही इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमलावर है। राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बिहार में इसके विरोध में वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली। उनका कहना है कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इसके माध्यम से विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है।

इसके साथ हो जातीय जनगणना: सपा

उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर एक मांग की है। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ये बड़ी एक्सरसाइज है। हम चाहते हैं कि SIR में एक कॉलम और बढ़ाया जाए जिससे जातीय जनगणना करी जा सके।

प्रथम चरण की प्रक्रिया

    जिनका नाम 2003 के एसआईआर नाम है उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है
    केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की होगी जरूरत
    असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950
    बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले सकते हैं मदद
    मुद्रण प्रशिक्षण कार्य दिनांक 28.10.2025 से 03.11.2025 तक
    घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य दिनांक 04.11.2025 से 04.12.2025 तक
    मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 09.12.2025 होगा
    दावे और आपत्ति की अवधि दिनांक 09.12.2025 से 08.01.2026 तक रहेगा
    नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन दिनांक 09.12.2025 से 31.01.2026
    मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक 07.02.2026 होगा
    छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गयाहै
    बीएलओ द्वारा वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया गया है
    जो कि 71 प्रतिशत के करीब है
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया
    2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं
    मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है
    एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा
    मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं
    वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं
    बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा
    इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा
    केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है
    किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950
    बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं
    सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से किया आग्रह
    पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें
    ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें

7 फरवरी को आएगी अंतिम मतदाता सूची

गणना के बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसी दिन से दावे और आपत्ति दर्ज कराई जा सकती हैं, जो कि 8 जनवरी 2026 तक चलेंगी. 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज रहेगा। जिसमें सुनवाई और वैरिफिकेशन का काम किया जाएगा। इन सबके बाद 7 फरवरी को 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। दूसरे चरण में जिन-जिन राज्यों में एसआईार की प्रक्रिया होनी हैं, उनमें छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप हैं।

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Mon, 03 Nov 2025 19:03:00 +0530 news desk MPcg
अयोध्या से जनकपुर तक रामायण यात्रा का मौका, जानें दर्शन स्थल और खर्च https://citytoday.co.in/4170 https://citytoday.co.in/4170 अयोध्या

IRCTC रामायण यात्रा शुरू करने जा रहा है, यह यात्रा भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन के साथ की जाएगी, जो भारत और नेपाल में स्थित उन सभी पवित्र स्थानों को कवर करेगी जो श्रीराम और माता सीता से जुड़े हैं. IRCTC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी शेयर की है. जहां बताया गया है कि आप भारत गौरव ट्रेन के साथ 16 रात और 17 दिन की श्री रामायण यात्रा कर सकते हैं.

जाने कहां-कहां घूमने का मिलेगा मौका

    अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमान गढ़ी, राम की पैड़ी
    नंदीग्राम: भरत-हनुमान मंदिर और भरत कुंड 
    जनकपुर (नेपाल): राम जानकी मंदिर, धनुष धाम और परशुराम कुंड 
    सीतामढ़ी (बिहार): जानकी मंदिर और पुनौरा धाम 
    बक्सर: राम रेखा घाट, रामेश्वरनाथ मंदिर 
    वाराणसी: तुलसी मानस मंदिर, संकट मोचन मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती 
    सीतामढ़ी (उत्तर प्रदेश): सीता समाहित स्थल (सीता माता मंदिर) 
    प्रयागराज: त्रिवेणी संगम, हनुमान मंदिर और भारद्वाज आश्रम 
    श्रृंगवेरपुर: श्रृंग ऋषि मंदिर 
    चित्रकूट: गुप्त गोदावरी, राम घाट और सती अनुसूया मंदिर 
    नासिक: त्र्यंबकेश्वर मंदिर, पंचवटी (सीता गुफा और कालाराम मंदिर) 
    हंपी:
 अंजनाद्री हिल, विरुपाक्ष मंदिर और विट्ठल मंदिर 
    रामेश्वरम: रामनाथस्वामी मंदिर और धनुषकोडी

जानें कुल कितना आएगा खर्च
IRCTC के अनुसार, टूर पैकेज की कीमतें तीन कैटेगरी सुपीरियर, डीलक्स और कम्फर्ट के हिसाब से तय की गई हैं. यात्रा की शुरुआत सबसे आप 1,15,180 रुपये, कम्फर्ट कैटेगरी (AC III Tier, Triple Share)  में कर सकते हैं. वहीं, सबसे अधिक कीमत 1,85,950 रुपये रखी गई है, जो सुपीरियर कैटेगरी (AC I Cabin, Single Share) के लिए है. बता दें 5 से 11 साल के बच्चों के लिए भी अलग रेट तय किए गए हैं. यह यात्रा 2 दिसंबर 2025 से शुरू होगी.

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Mon, 03 Nov 2025 18:59:41 +0530 news desk MPcg
तेलंगाना दुर्घटना पर मोदी ने जताया दुख, अनुग्रह राशि देने का ऐलान https://citytoday.co.in/4162 https://citytoday.co.in/4162 नयी दिल्ली, 03 नवंबर (वार्ता)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुयी दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को दो- दो लाख रूपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रूपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
श्री मोदी ने दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, “तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में दुर्घटना में हुई जन-हानि अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को पचास -पचास हजार रुपए दिए जाएंगे।”
यह दुर्घटना विकाराबाद-हैदराबाद खंड पर मिर्जागुडा-खानपुर रोड पर चेवेल्ला के पास सुबह करीब आठ बजे तब हुई जब बजरी से लदा एक ट्रक एक दोपहिया वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में सरकारी बस से टकरा गया जिसके परिणामस्वरूप 19 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए।

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Mon, 03 Nov 2025 14:32:54 +0530 news desk MPcg
मुर्मु के दौरे को लेकर प्रशासन व मंदिर समिति ने तैयारियां की पूरी https://citytoday.co.in/4161 https://citytoday.co.in/4161 नैनीताल 03 नवंबर (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत मंगलवार को कैंचीधाम आगमन को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राष्ट्रपति का यह दौरा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले कैंचीधाम न पहुंचे।
मंदिर समिति के मैनेजर प्रदीप शाह द्वारा जारी महत्वपूर्ण सूचना में कहा गया है कि चार नवंबर (मंगलवार) को राष्ट्रपति के आगमन के कारण मंदिर में दर्शन व्यवस्था दोपहर 12 बजे के बाद ही संभव होगी। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान पूरे क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी रहेगी। श्रद्धालुओं और आगंतुकों से अनुरोध है कि वे मंदिर समिति, पुलिस प्रशासन एवं सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय से पहले मंदिर परिसर में न पहुंचें।
समिति के अनुसार राष्ट्रपति के आगमन से पहले धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा जांच, मार्ग साफ-सफाई और यातायात नियंत्रण कार्य जारी रहेगा। इस कारण श्रद्धालुओं की एंट्री कुछ समय के लिए सीमित रखी गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कैंचीधाम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एनएसजी, एसपीजी, राज्य पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। राष्ट्रपति के पहुंचने से पहले पूरे मार्ग का निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से पुनः अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दोपहर 12 बजे के बाद ही दर्शन के लिए धाम में पधारें। इससे सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग मिलेगा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा भी बनी रहेगी।
मंदिर समिति के मैनेजर प्रदीप शाह ने कहा कि कैंचीधाम बाबा नीम करौली महाराज का पवित्र स्थल है, जहां देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। राष्ट्रपति के इस विशेष दौरे को लेकर सभी से अपेक्षा है कि वे संयम और अनुशासन बनाए रखें, ताकि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय रूप से संपन्न हो सके।

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Mon, 03 Nov 2025 14:27:34 +0530 news desk MPcg
तेलंगाना हादसा: 'संकरी सड़क और रुके चौड़ीकरण कार्य...', विधायक ने बस दुर्घटना के पीछे बताई यह वजह https://citytoday.co.in/4158 https://citytoday.co.in/4158 नई दिल्ली, 03 नवम्बर 2025: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हैदराबाद-बीजापुर नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई। चेवेल्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के खानपुर गेट के पास, गिट्टी से लदे एक तेज रफ्तार डंपर ने आरटीसी बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बस सवार 20 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस तंदूर से हैदराबाद जा रही थी और घटना के समय बस में 70 से अधिक यात्री सवार थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और डंपर पर लदी गिट्टी यात्रियों के ऊपर गिर गई, जिससे कई लोग गिट्टी के नीचे दब गए। मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार अधिकांश यात्री कॉलेज के छात्र थे, जो छुट्टी मनाने के बाद वापस हैदराबाद स्थित अपने कॉलेजों में लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और गिट्टी के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रंगारेड्डी जिले में हुई इस दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और आवश्यक राहत उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया है कि दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों को तुरंत हैदराबाद लाया जाए और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की जाए। हादसे के बाद हैदराबाद-बीजापुर हाईवे पर भीषण जाम लग गया, जिससे यातायात बाधित हो गया।

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Mon, 03 Nov 2025 13:21:35 +0530 news desk MPcg
सबरीमाला गोल्ड स्कैम का खुलासा: पूर्व अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार, सामने आई चौंकाने वाली बातें https://citytoday.co.in/4149 https://citytoday.co.in/4149 तिरुवनंतपुरम
सबरीमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गायब होने की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने पूर्व कार्यकारी अधिकारी सुधीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि कुमार 2019 में सबरीमला मंदिर के कार्यकारी अधिकारी थे। उन्हें तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
 
कुमार पर मंदिर के आधिकारिक दस्तावेजों में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ने की बात छिपाने और उन्हें तांबे की चादरों के रूप में दर्ज करने का आरोप है। सूत्रों ने बताया कि कुमार 1990 के दशक से सबरीमाला से जुड़े थे और उन्हें पता था कि 1998 से 1999 के दौरान द्वारपालक की मूर्तियों सहित गर्भगृह पर सोने की परत चढ़ाई गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि जब 2019 में द्वारपालक की प्लेट सोने की परत चढ़ाने के लिए मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपी गईं तो कुमार ने कथित तौर पर उन्हें तांबे की प्लेट के रूप में दर्ज किया जिससे आरोपी बाद में मौजूदा सोने की परत को हटा सका। कुमार इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे व्यक्ति हैं। उनसे पहले पोट्टी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि कुमार को बाद में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। इस बीच, एसआईटी ने पोट्टी के करीबी सहयोगी वासुदेवन से भी पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने बताया कि वासुदेवन ने द्वारपालक की मूर्तियों के अलावा स्वर्ण की परत चढ़े आसन को अपने पास रखा था, जिसे बाद में पिछले महीने तिरुवनंतपुरम में पोट्टी के एक रिश्तेदार के घर से जब्त किया गया था। एसआईटी द्वारपालक की उन मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखटों से सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है, जिन्हें 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए पोट्टी को सौंपा गया था।

 

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Sat, 01 Nov 2025 16:07:25 +0530 news desk MPcg
हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान: गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं, मैं साबित करूंगा https://citytoday.co.in/4148 https://citytoday.co.in/4148 असम 
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद पर उन्हें पाकिस्तानी एजेंट बताते हुए करारा हमला बोला है। सरमा ने कहा कि विदेशी ताकतों ने उन्हें अपने फायदे के लिए भारत में प्लांट किया है। सरमा ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर गोगोई के अंदर दम है तो मानहानि का मुकदमा करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि गायक जुबिन गर्ग के परिवार को न्याय दिलवाने के बाद वह अपने इन आरोपों को भी साबित करके दिखाएंगे।

सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। मेरे पास इसके सबूत हैं। उन्हें हमारे देश में विदेशी ताकतों ने प्लांट किया है। मैं तथ्यों के साथ यह बात कह रहा हूं। मैं एक दिन इसे साबित कर दूंगा। बता दें कि गौरव गोगोई परउनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न की वजह से पहले भी आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि एलिजाबेथ के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएआई से लिंक हैं।

कौन हैं एलिजाबेथ कोलबर्न
यूके में जन्मीं एलिजाबेथ ने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था में स्नातकोत्तर डिग्री पार्पत की है। 2013 में उनकी गौरव गोगोई से शादी हुई थी। गौरव गोगोई असम के पूर्व सीएम तरुण गेगोई के बेटे हैं। एलिजाबेथ जलवायु नीति को लेकर काम करती हैं। बीजेपी का आरोप है कि पाकिस्तान में योजना आयोग के सलाहकार रहे अली तौकीर शेख और कोलबर्न का लिंक है। अली तौकीर सीडीकेएन एशिया के डायरेक्टर भी रह चुके हैं जिसे आईएसआई का मुखौटा माना जाता है।

सरमा ने कहा, एसआईटी ने जांच के बाद असम कैबिनेट के पास रिपोर्ट सौंप दी है। संवेदनशील जानकारी होने की वजह से अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वहीं लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने इन आरोपों को शिरे से खारिज गिया है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह अजेंडा चलाया जा रहा है।

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Sat, 01 Nov 2025 15:52:02 +0530 news desk MPcg
1984 के वो काले दिन आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं— सिख विरोधी दंगों पर बोले हरदीप सिंह पुरी https://citytoday.co.in/4138 https://citytoday.co.in/4138 नई दिल्ली 
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि वे उन दिनों को याद कर अब भी सिहर उठते हैं, जब निर्दोष सिख पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की निर्मम हत्या की गई और उनकी संपत्तियों व पूजा स्थलों को लूटा गया। पुरी ने कहा कि दंगे को कांग्रेस नेताओं और उनके सहयोगियों की ओर से निर्देशित हिंसक भीड़ ने अंजाम दिया, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लेने के नाम पर शुरू हुआ।
 
हरदीप सिंह पुरी ने पोस्ट में लिखा, 'पुलिस को मूक दर्शक बनने के लिए मजबूर किया गया, जबकि सिखों को उनके घरों, वाहनों और गुरुद्वारों से खींचकर जिंदा जलाया जा रहा था। राज्य मशीनरी पूरी तरह उलट-पुलट हो गई थी, जहां रक्षक ही अपराधी बन गए थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि सिखों के घरों और संपत्तियों की पहचान के लिए मतदाता सूचियों का इस्तेमाल किया गया। कई दिनों तक भीड़ को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

राजीव गांधी के बयान का भी जिक्र
भाजपा नेता ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने बयान 'जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है' से सिखों की हत्या को खुला समर्थन दिया। हरदीप पुरी ने आगे कहा कि कांग्रेस नेता गुरुद्वारों के बाहर भीड़ का नेतृत्व करते नजर आ रहे थे, जबकि पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्थाएं अपनी अंतरात्मा को त्यागकर इन नेताओं को खुली छूट दे रही थीं। यह बयान 1984 के दंगों की बरसी पर आया है, जो इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे और जिसमें हजारों सिखों की जान गई थी।

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Fri, 31 Oct 2025 17:53:44 +0530 news desk MPcg
आधार कार्ड अब मूल अधिकार! हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, UIDAI को दी सख्त नसीहत https://citytoday.co.in/4137 https://citytoday.co.in/4137 चेन्नै
किसी भी शख्स के लिए आधार कार्ड को अपडेट कराना उसका मूलभूत अधिकार है। यह उसका वैधानिक हक भी है। ऐसे में आधार डाटा में अपडेट के लिए स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिलनी चाहिए। मद्रास हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए यह बात कही। बेंच ने कहा कि UIDAI को यह तय करना चाहिए कि लोगों को आधार में किसी तरह का अपडेट कराने के लिए परेशानी ना उठानी पड़े। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की बेंच ने कहा कि आधार के जरिए कई लाभ मिलते हैं और यह सरकार की ओर से दिए जाते हैं। ऐसे में आधार बनवाना या फिर उसमें किसी तरह का अपडेट कराना नागरिकों का मूल अधिकार है। इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
 
इसके लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़े तो यह गलत होगा। बेंच ने कहा कि जब लाभ हासिल करना मूल अधिकार है और उसके लिए आधार कार्ड सबसे जरूरी है तो फिर उसमें अपडेट कराने या डाटा सही कराने की सुविधा नागरिकों के पास होनी चाहिए। बेंच ने कहा कि यह आधार तैयार करने वाली अथॉरिटी UIDAI का काम है कि वह लोगों को इसमें अपडेट कराने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं दे। दरअसल देश के कई हिस्सों में आधार कार्ड नया बनवाने या फिर अपडेट कराने के लिए सेंटर दूर होने और वहां जाकर लंबी लाइनों में लगने की शिकायतें आई हैं।

 

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Fri, 31 Oct 2025 17:51:03 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड पंचायत का आदेश: शादियों में महिलाएं केवल 3 सोने के आभूषण पहन सकती हैं https://citytoday.co.in/4109 https://citytoday.co.in/4109 देहरादून 
सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं. सोने पर महंगाई की मार के बीच उत्तराखंड की एक पंचायत ने इसे लेकर नया फरमान जारी किया है. अनुसूचित जनजाति क्षेत्र जौनसार इलाके की एक पंचायत की ओर से जारी किया गया यह फरमान महिलाओं के आभूषण पहनने को लेकर है. इस पंचायत ने शादी और अन्य समारोह में महिलाओं के तीन से अधिक आभूषण पहनने पर रोक लगा दी है.

महिलाओं के आभूषण पहनने से संबंधित यह नियम कंदाड़ और इद्रोली गांव में लागू भी हो गया है. महिलाओं को जो तीन आभूषण पहनने की छूट दी गई है, उनमें झुमके, नाक की नथ और मंगलसूत्र शामिल हैं. दो गांवों की संयुक्त पंचायत ने इस नियम की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्ति से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने का भी प्रावधान किया है. इस नए सामाजिक नियम को लेकर कंदाड़ के निवासी अर्जुन सिंह ने सोने की बढ़ती कीमतों को आधार बताया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अर्जुन सिंह का कहना है कि कई महिलाएं सोने के आभूषण खरीदने का दबाव बनाती हैं. सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं, इस वजह से परिवार में झगड़े की स्थिति बन जा रही है. इसे देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है. उन्होंने महिलाओं की शराब और फिजूलखर्ची पर रोक की डिमांड पर कहा कि इस पर भी विचार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी. महिलाओं ने भी पंचायत के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन कुछ असहमतियां भी जताई हैं.

जौनसार निवासी अमला चौहान ने कहा कि समानता लाना ही अगर इसका उद्देश्य है, तो केवल महिलाओं के आभूषण पहनने पर ही क्यों. उन्होंने पुरुषों के ब्रांडेड शराब पीने पर भी रोक लगाने की वकालत की. अमला ने कहा कि सोना एक निवेश है, जो मुश्किल समय में काम आता है. शराब और अन्य फिजूलखर्ची का क्या?

एक अन्य महिला निशा रावत ने शादियों में महंगे उपहार के ट्रेंड पर भी चिंता जताई और कहा कि ब्रांडेड शराब, चिकन… ये सब दिखावे की चीजें हैं. उन्होंने कहा कि शादियों में पहले घर की बनी शराब परोसी जाती थी, लेकिन ब्रांडेड शराब और महंगे उपहार का चलन बढ़ गया है. खर्च कम करने की ही बात है, तो शराब और मांस पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए.

इन सबको लेकर एक स्थानीय भीम सिंह ने कहा कि आभूषण को लेकर नियम का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन शराब और फिजूलखर्ची को लेकर महिलाओं की मांग भी जायज है. पंचायत को इस पर भी विचार करना चाहिए. गौरतलब है कि जौनसार का इलाका अनुसूचित जनजाति की बहुलता वाला क्षेत्र है. इस इलाके में सामाजिक स्तर पर पंचायत का बहुत महत्व है. रहन-सहन से लेकर सामाजिक मसलों तक, इलाके के लोग पंचायत के निर्णय को पूरी गंभीरता से लेते हैं और मानते हैं.

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Thu, 30 Oct 2025 14:33:09 +0530 news desk MPcg
IRCTC Master List Trick: अब हर बार मिलेगा कंफर्म ट्रेन टिकट, जानिए आसान तरीका https://citytoday.co.in/4108 https://citytoday.co.in/4108 नई दिल्ली 
भारतीय रेलवे (Indian Railways) में ट्रेन का कंफर्म टिकट मिलना कई बार मुश्किल साबित होता है, खासकर त्योहारों या छुट्टियों के दौरान। लेकिन अब आईआरसीटीसी (IRCTC) ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक बेहद उपयोगी फीचर ‘मास्टर लिस्ट’ शुरू किया है। इसकी मदद से टिकट बुकिंग का समय कम होता है और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

क्या है IRCTC की मास्टर लिस्ट सुविधा?
अक्सर ऑनलाइन टिकट बुक करते समय सबसे ज्यादा समय यात्रियों का नाम, उम्र, जेंडर और अन्य जानकारी भरने में चला जाता है। ऐसे में अगर आप पहले से मास्टर लिस्ट बना लेते हैं, तो ये सारी डिटेल्स सेव रहती हैं। टिकट बुकिंग के दौरान बस यात्री का नाम सिलेक्ट करना होता है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया बेहद तेज हो जाती है।
 
मास्टर लिस्ट कैसे बनाएं?
1. सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएं।
2. Login पर क्लिक करके अपने अकाउंट में साइन इन करें।
3. My Account सेक्शन में जाकर My Profile चुनें।
4. यहां Add/Modify Master List का विकल्प मिलेगा।
5. यात्री का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर भरें।
6. आधार वेरिफिकेशन पूरा होते ही यात्री की जानकारी आपकी मास्टर लिस्ट में जुड़ जाएगी।

क्या है इसका फायदा?
अब हर बार टिकट बुकिंग के समय आपको यात्री की जानकारी दोबारा नहीं भरनी पड़ेगी। बस मास्टर लिस्ट से नाम चुनें और तुरंत बुकिंग पूरी करें।

    बुकिंग प्रक्रिया तेज होगी
    कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
    वेटिंग लिस्ट की झंझट से राहत मिलेगी

आईआरसीटीसी के वरिष्ठ कार्यपालक नवीन कुमार का कहना है कि 'मास्टर लिस्ट फीचर से यात्रियों का समय बचेगा और तेज बुकिंग के कारण कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।'

पेमेंट में भी बचाएं समय
यदि आप IRCTC वॉलेट से भुगतान करते हैं या QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो कार्ड डिटेल्स भरने का समय बच जाता है। चूंकि टिकट बुकिंग के दौरान कुछ ही सेकंड का अंतर तय करता है कि टिकट कंफर्म होगा या नहीं, इसलिए हर सेकंड कीमती है।

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Thu, 30 Oct 2025 13:00:45 +0530 news desk MPcg
गणतंत्र दिवस पर भारत आमंत्रित कर रहा यूरोपीय नेताओं को: लेयेन और कोस्टा होंगे मुख्य अतिथि https://citytoday.co.in/4097 https://citytoday.co.in/4097 नई दिल्ली

अगले साल गणतंत्र दिवस परेड में भारत दुनिया की एक सबसे ताकतवर हस्ती को आमंत्रित करने वाला है. इसमें न तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम है और न ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का. इसमें फ्रांस, इंग्लैंड या जर्मनी जैसे सुपरपावर के हेड का भी नाम नहीं है. ये भी स्वाभाविक है कि इसमें चीन के राष्ट्रपति का भी नाम नहीं ही है. ऐसे में ये ताकतवर हस्तिंयां कौन हैं. तो उनके नाम हैं- उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा. भारत पहली बार परंपरा से हटकर इन्हें आमंत्रित कर रहा है. लेयेन यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष हैं जबकि कोस्टा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक औपचारिक निमंत्रण और स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है, जिसके पूरा होने पर नई दिल्ली और ब्रुसेल्स द्वारा जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी. भारत के नजरिये में गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि आमंत्रण अत्यंत प्रतीकात्मक महत्व रखता है. नई दिल्ली रणनीति और आतिथ्य का संतुलन बनाते हुए मुख्य अतिथि का चयन करती है, जिसमें सामरिक-कूटनीतिक कारण, व्यापारिक हित और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

इस बार ईयू नेतृत्व को आमंत्रित करना भारत-ईयू संबंधों में तेजी से आए उभार का स्पष्ट संकेत है, विशेषकर फरवरी 2025 से जब ईयू के कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स ने भारत का दौरा किया था. 27 सदस्यीय ईयू के साथ भारत के संबंध पिछले कुछ महीनों में उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली प्रशासन की अनिश्चित नीतियों के बीच ईयू ने 20 अक्टूबर को एक नया सामरिक एजेंडा अपनाया, जिसमें भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने का संकल्प है.
व्यापार समझौते पर वार्ता

इसमें भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) की चल रही वार्ताओं को अंतिम रूप देना, प्रौद्योगिकी, रक्षा-सुरक्षा और जन-संपर्क सहयोग को गहरा करना शामिल है. जनवरी में ईयू नेताओं के भारत आने पर दिल्ली में ही भारत-ईयू लीडर्स समिट आयोजित होगा, जो मूल रूप से 2026 की शुरुआत में निर्धारित था. इससे दोनों पक्षों के वार्ताकारों पर दिसंबर तक एफटीए को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है – यह प्रतिबद्धता फरवरी में हुई आर्थिक साझेदारी बैठकों में ली गई थी.

गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में ईयू नेतृत्व की उपस्थिति न केवल कूटनीतिक जीत होगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगी. यह आमंत्रण भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ नीति का हिस्सा है, जिसमें वह अमेरिका, रूस और यूरोप जैसे सभी प्रमुख शक्ति केंद्रों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है. ट्रंप प्रशासन की अनिश्चितता के बीच ईयू के साथ गठजोड़ भारत को व्यापार, निवेश और रक्षा प्रौद्योगिकी में नई संभावनाएं देगा.

एफटीए पूरा होने पर भारत को ईयू बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जो उसके निर्यात को बढ़ावा देगी. साथ ही, रक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी में सहयोग से भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को बल मिलेगा. जनवरी समिट में दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर भी चर्चा करेंगे.

यह ऐतिहासिक आमंत्रण भारत-ईयू साझेदारी के नए युग की शुरुआत है. जब 26 जनवरी 2026 को राजपथ पर ईयू झंडा लहराएगा, तो यह न केवल राजनयिक सफलता होगी, बल्कि वैश्विक सहयोग की नई मिसाल भी कायम करेगा. दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सहयोग की यह यात्रा अब निर्णायक मोड़ पर है.

 

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Wed, 29 Oct 2025 15:07:49 +0530 news desk MPcg
देसी सुखोई सुपरजेट तैयार, बोइंग&एयरबस को भारत में मिलेगा कड़ा मुकाबला https://citytoday.co.in/4096 https://citytoday.co.in/4096 नई दिल्ली

भारत ने विमानन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रूस के साथ बड़ी डील की है. सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने  रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत HAL भारत में रूसी डिजाइन वाले पैसेंजर जेट ‘सुखोई सुपरजेट 100 (SJ-100)’ का निर्माण करेगी. यह समझौता भारत के लिए दशकों बाद पूरी तरह से नागरिक विमानों के निर्माण में उतरने की दिशा में पहला बड़ा कदम है.

यह समझौता मॉस्को में हुआ, जिससे भारत को इस विमान को देश के अंदर ही असेंबल करने का अधिकार मिल गया है. यह कदम भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि यह देश की नागरिक विमान निर्माण क्षमता को दोबारा जिंदा की दिशा में पहला बड़ा प्रयास है.

SJ-100 एक ट्विन-इंजन रीजनल जेट है, जो छोटी दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त है. यह पहले से ही दुनिया की एक दर्जन से अधिक एयरलाइनों में चलाई जा रही है और इसके 200 से अधिक यूनिट बनाए जा चुके हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल बोइंग और एयरबस जैसे अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों के दबदबे वाले बाज़ार में प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकती है. इसके अलावा, इस विमान को भारत सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत देश के कम जुड़ाव वाले क्षेत्रों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने की संभावना है.

यह सौदा भारत की आखिरी बड़ी नागरिक विमान परियोजना, यानी HAL AVRO HS-748 (1961 से 1988 तक निर्मित) की याद भी ताज़ा करता है. तब से अब तक भारत अपने व्यावसायिक बेड़े के लिए विदेशी आयात पर ही निर्भर रहा है. वर्तमान में भारत में संचालित ज्यादातर विमान Boeing 737 और Airbus A320 परिवार के हैं, जो वैश्विक बाजार का लगभग 90% हिस्सा नियंत्रित करते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि HAL–UAC साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और नए रोजगार पैदा करना है. अनुमान है कि अगले एक दशक में भारत को 200 से अधिक रीजनल जेट विमानों की आवश्यकता होगी.

 

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Wed, 29 Oct 2025 15:06:11 +0530 news desk MPcg
जनसंख्या में तेजी से बदलाव: 0&9 साल के बच्चों की हिस्सेदारी घटकर 7&8% रह जाएगी https://citytoday.co.in/4095 https://citytoday.co.in/4095 नई दिल्ली

देश में जनसांख्यिकी ढांचा में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार, 2011-2026 के बीच देश में बच्चों और किशोरों (0-19 साल) की आबादी में 9 फीसदी का गिरावट आने का अनुमान है। देश में वर्ष 2011 में 0-19 साल की आबादी करीब 41%, थी, जो 2026 में महज 32 फीसदी पर सिमट जाएगी। मंत्रालय की रिपोर्ट भारत में बच्चों की आबादी में यह दावा किया गया है।

एक अनुमान के अनुसार, इस आयु वर्ग में करीब 125 करोड़ लोग कम होने का अनुमान है रिपोर्ट में 0-19 साल की आबादी को चार वर्गों में बांटा ने गया है। यदि 2011 की बात करें तो 0-4 साल के औयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी थी जो 2026 में 7.6 फीसदी रह जाएगी। 5-9 साल आयुवर्ग की आबादी 10.4 से घटकर7.9% रह जाएगी। तीसरे समूह 10-14 आयु वर्ग में आबादी का प्रतिशत 10.6 से घटकर 8.2 रह जाएगी।15-19 साल के आयु वर्ग की आबादी 10.1 से घटकर 8.2 फीसदी रह जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में परिवार नियोजन की सुविधाओं में सुधार होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रजनन दर घट रही है, जिसका असर आबादी के ढांचे पर दिखना शुरू हो गया है।

0-4 साल के आयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी रही

साल की आबादी को चार वर्गों में बांट गया है। यदि 2011 की बात करें तो 0-4 साल के आयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी थी जो 2026 में 7.6 फीसदी रह जाएगी। 5-9 साल आयु वर्ग की आबादी 10.4 से घटकर 7.9% रह जाएगी। तीसरे समूह 10-14 आयु वर्ग में आबादी का प्रतिशत 10.6 से घटकर 8.2 रह जाएगी। 15-19 साल के आयु वर्ग की आबादी 10.1 से घटकर 8.2 फीसदी रह जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में परिवार नियोजन की सुविधाओं में सुधार होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रजनन दर घट रही है, जिसका असर आबादी के ढांचे पर अब दिखना शुरू हो गया है।

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Wed, 29 Oct 2025 15:03:01 +0530 news desk MPcg
देव दीपावली: जब काशी सचमुच बन जाती है देवलोक https://citytoday.co.in/4082 https://citytoday.co.in/4082

वाराणसी

वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा की रात गंगा के अर्ध चंद्राकार घाटों की छटा देवलोक का अहसास कराती है। देखने वाले को महसूस होता है कि गंगा तट पर देवलोक की छवि उतर आई है। काशी की देव दीपावली का यह नजारा अद्भुत होता है। बजते घंटे-घड़ियाल, शंखों की गूंज व हिलोरे लेती आस्था, जिसे देखने के लिए देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं।

काशी में लक्खा मेले की प्राचीन परम्परा है। इसमें एक लाख से अधिक लोग एकत्र होते हैं। नाटी इमली का भरत मिलाप, तुलसी घाट की नाग नथैया, चेतगंज की नक्कटैया और रथयात्रा मेले की शृंखला में यह काशी का पांचवां लक्खा मेला है। इस अवसर पर गंगा के 84 घाटों पर सात किलोमीटर तक शृंखलाबद्ध दीप जलाए जाते हैं। शाम होते ही ये सभी घाट दीपों की रोशनी में नहा उठते हैं और गंगा की धारा में इन दीपों की अलौकिक छटा निखरती है।

शंकराचार्य की प्रेरणा से प्रारंभ होने वाला यह दीपोत्सव पहले केवल पंचगंगा घाट की शोभा हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे काशी के सभी घाटों पर दीपों की शृंखला बढ़ती चली गई और दो दशकों से देव दीपावली ने महापर्व का स्वरूप ले लिया है। इस तरह देव दीपावली सांस्कृतिक राजधानी काशी की खास पहचान बन गई है।

अहिल्याबाई होल्कर ने स्थापित किया था हजारा दीपस्तंभ
काशी की देव दीपावली प्राचीनता और परम्परा का अद्भुत संगम है। इतिहास में इसका जिक्र मिलता है। महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने पंचगंगा घाट पर पत्थरों से बना खूबसूरत हजारा दीपस्तंभ स्थापित किया था।

यह दीपस्तंभ देव दीपावली की परम्परा का साक्षी है। काशी में देव दीपावली की शुरूआत भी यहीं से हुई थी। यह दीपस्तंभ देव दीपावली के दिन 1001 से अधिक दीपों की लौ से जगमगाता है। इस दृश्य को यादों में सहेजने के लिए देश ही नहीं, विदेशों से पर्यटक काशी पहुंचते हैं।

मां गंगा की अष्टधातु की प्रतिमा का होता है दर्शन-पूजन
देव दीपावली के अवसर पर मां गंगा की अष्टधातु की प्रतिमा को गंगा घाट पर विराजमान किया जाता है। मां गंगा की यह प्रतिमा साल में दो बार गंगा दशहरा और देव दीपावली पर ही लोगों के दर्शन-पूजन के लिए स्थापित की जाती है।

इस तरह काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान की यह परम्परा देव आराधना का महापर्व बन जाती है। काशी की गंगा आरती तो देशभर में प्रसिद्ध है ही, देव दीपावली पर आरती का नजारा और भी अद्भुत होता है।

देव दीपावली की पृष्ठभूमि में एक पौराणिक कथा भी है। त्रिपुरासुर राक्षस ने ब्रह्माजी की तपस्या कर वरदान पा लिया था और तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य जमा लिया था।

इसके बाद देवताओं ने भगवान शिव से उसका अंत करने की प्रार्थना की। उन्होंने इसी दिन त्रिपुरासुर का वध किया था। इस खुशी में देवताओं ने दीपावली मनाई, जिसे आगे चलकर देव दीपावली के रूप में मान्यता मिली इसलिए देव दीपावली को ‘त्रिपुरी’ के नाम से भी जाना जाता है।

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Tue, 28 Oct 2025 14:41:36 +0530 news desk MPcg
SIR अभियान से पहले ममता बनर्जी सरकार ने किया 527 अधिकारियों का तबादला, चुनाव आयोग ने तुरंत ली कार्रवाई https://citytoday.co.in/4081 https://citytoday.co.in/4081 कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) की घोषणा के ठीक पहले ममता बनर्जी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा ‘खेला’ खेला है. राज्य सरकार ने 527 अधिकारियों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया, जिसमें 67 आईएएस और 460 राज्य सिविल सेवा अधिकारी शामिल हैं. यह कदम चुनाव आयोग के SIR अभियान से ठीक पहले उठाया गया, जिसे विपक्ष ने चुनावी हेरफेर का प्रयास करार दिया. अब आयोग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ बैठक बुलाई है, जबकि सभी राजनीतिक दलों के साथ भी चर्चा मंगलवार से ही होनी है.

ये बैठकें मंगलवार सुबह 10 बजे ही शुरू हो गई . सीनियर उप चुनाव आयुक्त सभी जिलाधिकारियों के साथ सुबह 10 बजे से मीटिंग शुरू करेंगे. यह मीटिंग वर्चुअल होगी और इसमें राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी और सभी जिलों के डीएम शामिल होंगे. इसके बाद आज ही सभी राजनीतिक दलों के साथ मीटिंग होगी.

इस कवायद ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट की सफाई को लेकर तनाव को बढ़ा दिया है. चुनाव आयोग ने सोमवार को SIR के दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं. SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाना, मृत वोटरों को डिलीट करना, दोहरी एंट्री को दूर करना और प्रवासी वोटरों को अपडेट करना है. प्रक्रिया 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक ट्रेनिंग और प्रिंटिंग के साथ शुरू होगी, जबकि घर-घर सर्वे चार नवंबर से चार दिसंबर तक चलेगा. ड्राफ्ट लिस्ट नौ दिसंबर को जारी होगी, दावा-आपत्ति आठ जनवरी 2026 तक और अंतिम लिस्ट सात फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह एक्सरसाइज हर योग्य वोटर को शामिल करने और अयोग्य को हटाने के लिए है. बंगाल में कोई विवाद नहीं है, राज्य सरकार अपना सहयोग देगी.

ममता बनर्जी ने किया विरोध

हालांकि, ममता बनर्जी ने SIR को ‘NRC जैसा अभ्यास’ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि आयोग के अधिकारी हमारे अधिकारियों को धमकियां दे रहे हैं. यह ‘लॉलीपॉप सरकार’ का खेल है. बंगाल में दंगे भड़क सकते हैं. जुलाई से ही ममता का रुख आक्रामक रहा है. उन्होंने बीएलओ की मीटिंग पर नाराजगी जताई कि यह राज्य सरकार को सूचित किए बिना हुई. अक्टूबर में उन्होंने कहा कि आयोग आग के साथ खेल रहा है. उत्तर बंगाल में बाढ़ प्रभावित परिवार दस्तावेज कैसे देंगे. टीएमसी का दावा है कि SIR से 1.2 करोड़ वोटरों को हटाने की साजिश है, जो उनके वोट बैंक को नुकसान पहुंचाएगी.

इन आरोपों के बीच राज्य सरकार ने 14 जिलाधिकारियों समेत प्रमुख अधिकारियों का तबादला कर दिया. प्रभावित जिलों में उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कूच बिहार, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दार्जिलिंग, मालदा, बीरभूम, झारग्राम और पूर्व मिदनापुर शामिल हैं. कई अधिकारी ढाई से चार साल से पद पर थे, जो ECI के तीन साल के नियम का उल्लंघन कर रहे थे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह रूटीन तबादला है, लेकिन SIR शुरू होने के बाद जटिल हो जाता.

भाजपा ने इसे ‘अवैध हेरफेर’ बताते हुए आयोग से शिकायत की है. प्रदेश बीजेपी नेता सिसिर बाजोरिया ने कहा कि आयोग की अनुमति के बिना 235 अधिकारियों का तबादला SIR का उल्लंघन है. 17 डीएम, 22 एडीएम, 45 एसडीओ और 151 बीडीओ का तबादला किया गया है. इसे रद्द किया जाए.

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Tue, 28 Oct 2025 14:39:06 +0530 news desk MPcg
मोंथा साइक्लोन का खतरा: आंध्र प्रदेश तट पर आज रात तक पहुंच सकता है तूफान, हाई अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/4075 https://citytoday.co.in/4075 नई दिल्ली

दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की तरफ आगे बढ़ रहा है. जो आज, 28 अक्टूबर को रात तक एक प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में आंध्र प्रदेश तट को पार कर सकता है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास Cyclone Montha के टकराने का पूर्वानुमान है.

आंध्र तट पर ऊंची लहरों की चेतावनी
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि चक्रवात 'मोंथा' के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने के साथ आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से श्रीकाकुलम तक तटीय इलाकों में 2 से 4.7 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं. दोनों एजेंसियों के संयुक्त बुलेटिन के मुताबिक, शाम 5:30 बजे से रात 11:30 बजे तक छह घंटे तक ये ऊंची लहरें रहेंगी. आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से श्रीकाकुलम तक तट से सटे इलाकों में 2 से 4.7 मीटर ऊंची लहरें आने का अनुमान है.

आंध्र तट पर बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला जा रहा
चक्रवाती तूफान मोंथा के अलर्ट के बीच आंध्र तट पर बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला जा रहा है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने संभावित प्रभावित होने वाले सभी राज्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फॉर्स (NDRF) की 22 टीमें तैनात की हैं. 

अलर्ट मोड में प्रशासन, हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है. जरूरी सामान, तेल-गैस के भंडार भर लिए हैं. साफ पेयजल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की गई है. साथ ही SDRF और NDRF की टीमें तैनात हैं. 24×7 कंट्रोल रूम और 74 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं. मोबाइल टावरों पर जनरेटर लगाकर कम्युनिकेशन एक्टिव रखा गया है. जनता से सतर्क रहने की अपील की जा रही है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.

– कलेक्टर ऑफिस, अनाकापल्ली: 08924222888, 08924226599, 08924225999
– राजस्व मंडल अधिकारी कार्यालय, अनाकापल्ली: 08924-223316
– राजस्व मंडल अधिकारी कार्यालय, नरसीपट्टनम: 08932-224420

Cyclone Montha: 110 की स्पीड से चलेंगी हवाएं
IMD के मुताबिक, उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 28 अक्टूबर की शाम/रात में मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाडा के आसपास आंध्र तट को पार करेगा. तब यह गंभीर चक्रवाती तूफान होगा, जिसमें हवा की रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों में 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

तेज बारिश की संभावना, लोगों से सतर्क रहने की अपील
लैंडफॉल के समय तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के निचले इलाकों में ज्वारीय स्तर से करीब एक मीटर ऊपर तूफानी लहरें उठने से जलभराव हो सकता है. मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने संवेदनशील और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.

Montha के असर से विदर्भ में भी 30 अक्टूबर तक बारिश की संभावना
चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के प्रभाव से महाराष्ट्र के विदर्भ में 30 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए चंद्रपुर, गडचिरोली, वर्धा, वाशिम, यवतमाल, भंडारा, गोंदिया और नागपुर के कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज के साथ बिजली, तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) की चेतावनी दी है.

मोंथा के अलर्ट के बीच कई रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें
चक्रवात 'मोंथा' के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं. रेलवे ने कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट जारी की है. पूर्वी तट रेलवे (ईसीओआर) ने जानकारी दी कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
तमिलनाडु के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने मंगलवार, 28 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की है. चेंगलपट्टू और कडलूर जिलों में लगातार बारिश और निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. वहीं, चेन्नई प्रशासन ने भी मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित की है, क्योंकि भारी बारिश से शहर में सामान्य जीवन बाधित हुआ है.

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Tue, 28 Oct 2025 13:50:31 +0530 news desk MPcg
अगले साल की शुरुआत में होगी क्वाड बैठक, पीएम मोदी करेंगे मेजबानी https://citytoday.co.in/4074 https://citytoday.co.in/4074

नई दिल्ली

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने उम्मीद जताई है कि क्वाड देशों की अगली बैठक अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है। उन्होंने चार देशों- भारत, अमेरिका, जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के गठजोड़ वाले इस समूह को एक अहम मंच करार दिया। गौरतलब है कि भारत में इसी साल क्वाड सम्मेलन होना था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये और जापान में जारी सियासी उठापटक के चलते अब इस बैठक की उम्मीद कम ही है।

अल्बनीज  आसियान सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्वाड एक अहम फोरम है, जो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान और भारत को जोड़ता है। मुझे उम्मीद है कि इसकी बैठक अगले साल की पहली तिमाही में होगी।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की मेजबानी करेंगे। क्वाड सम्मेलन में देरी को लेकर पर पूछे गए सवाल पर अल्बनीज ने कहा कि यह व्यस्त शिखर सम्मेलन सत्र है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी व्यस्त कार्यक्रम में बंधें हैं।

आसियान देशों के दौरे पर हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एशिया के तीन देशों के दौरे पर हैं। वे मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में शामिल होने के बाद जापान रवाना हुए और वहां से दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां वे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं।

इससे पहले अगस्त में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप ने इस वर्ष भारत यात्रा की योजना रद्द कर दी है, क्योंकि उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते तब से तनाव में हैं जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क और रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर लगा दिया। भारत ने इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य करार दिया था।

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Tue, 28 Oct 2025 13:15:12 +0530 news desk MPcg
शादी का मौसम शुरू! नवंबर&दिसंबर में होने वाले सबसे शुभ मुहूर्त जानें https://citytoday.co.in/4066 https://citytoday.co.in/4066 जालंधर 
हिंदू रीति-रिवाज को मानने वाले लोग शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने तक के लिए शुभ दिन निर्धारित करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त को देखकर ही कोई मांगलिक कार्य पूरा किया जाता है तभी शुभ फल की भी प्राप्ति होती है। चातुर्मास आरंभ हो जाने के बाद मांगलिक कार्य बंद हो जाता है लेकिन जैसे ही चातुर्मास खत्म होता है फिर से मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाती है सनातन परंपरा में चातुर्मास खत्म होने के बाद जैसे ही देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की पूजा सम्पन्न होती है, उसके बाद विवाह के उत्तम मुहूर्त मिलने प्रारंभ हो जाते हैं। इस साल पंचांग अनुसार देवउठनी एकादशी का पावन पर्व 1 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस दिन श्री हरि विष्णु भगवान के जागने के बाद विवाह के उत्तम मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।

धार्मिक और सामाजिक महत्व
देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ सामाजिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस दिन से विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू होते हैं, जिससे पूरे समाज में उत्सव का माहौल बनता है। हिंदू परिवारों में इसे नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।  इस प्रकार साल 2025 में देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह एक बार फिर शुभ कार्यों के द्वार खोलने जा रहे हैं, जो लोग शादी या अन्य मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, वे इन मुहूर्तों का ध्यान रखकर अपने जीवन के नए सफर की शुरुआत कर सकते हैं।

कब होगा तुलसी विवाह
वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवम्बर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और 2 नवम्बर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर समाप्‍त होगी। लिहाजा देवउठनी एकादशी 1 नवम्बर की होगी।  तुलसी विवाह, देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर होता है। पंचांग के अनुसार, 2025 में कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि की शुरुआत 2 नवम्बर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट से होगी और इसका समापन 3 नवम्बर को सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा, यानी कि तुलसी विवाह 2 नवम्बर, रविवार को किया जाएगा। विधि-विधान से तुलसी विवाह कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है, वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सौभाग्‍य बढ़ता है।

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Mon, 27 Oct 2025 19:16:06 +0530 news desk MPcg
5 साल बाद फिर जुड़ी आसमान की राहें: भारत&चीन के बीच हवाई सेवा दोबारा शुरू https://citytoday.co.in/4059 https://citytoday.co.in/4059 कोलकाता

कई दौर की बैठकों और 5 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू हो गई है। इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान के साथ ही दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए यह सेवा दोबारा बहाल हुई है।

कोलकाता से चीन के लिए पहली उड़ान
इंडिगो के विमान 6E1703 ने रविवार रात 10:07 बजे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से चीन के ग्वांगझू  के लिए उड़ान भरी। यह फ्लाइट ग्वांगझू बैयुन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्थानीय समयानुसार सुबह 4:05 बजे पहुंचेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने इस ऐतिहासिक उड़ान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सेवा शुरू होने की पुष्टि की।
 
 विस्तार योजना और उद्देश्य

इस सेवा को फिर से शुरू करने का मुख्य उद्देश्य व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाना है जो पिछले 5 वर्षों से ठप पड़ी थी।

    कोलकाता-ग्वांगझू रूट: इंडिगो इस रूट पर अब प्रतिदिन नॉन-स्टॉप उड़ानें संचालित करेगा।
    
    आगामी रूट्स:

        दिल्ली और ग्वांगझू के बीच अतिरिक्त उड़ानें 10 नवंबर से शुरू होंगी।

        शंघाई-दिल्ली रूट पर उड़ानें 9 नवंबर से फिर से शुरू होंगी।

इस कदम से दोनों देशों के बीच यात्रियों और माल ढुलाई की आवाजाही में बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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Mon, 27 Oct 2025 16:57:41 +0530 news desk MPcg
CJI गवई ने अगले CJI के लिए जस्टिस सूर्य कांत का नाम सिफारिश किया https://citytoday.co.in/4058 https://citytoday.co.in/4058

नई दिल्ली

भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई के रिटायरमेंट के बाद अगले सीजेआई को चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खबर है कि सीजेआई गवई ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस सूर्य कांत का नाम आगे बढ़ा दिया है। गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने जस्टिस संजीव खन्ना के रिटायरमेंट के बाद पद संभाला था।

सीजेआई गवई ने केंद्र सरकार से जस्टिस कांत के नाम की सिफारिश की है। वरिष्ठता के आधार पर जस्टिस कांत भारत के 53वें सीजेआई बन जाएंगे। सरकार जल्द ही इसके संबंध में अधिसूचना जारी कर सकती है। जस्टिस कांत करीब 14 महीने तक इस पद पर रहेंगे और 9 फरवरी 2027 में रिटायर होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई गवई जल्द ही सिफारिश पत्र की एक कॉपी जस्टिस कांत को भी सौंप देंगे। दरअसल, केंद्र सरकार ने जस्टिस गवई से अपना उत्तराधिकारी चुनने के लिए कहा था। अखबार से बातचीत में सीजेआई ने जस्टिस कांत को कमान संभालने के लिए हर मामले में उपयुक्त बताया था।

दस फरवरी 1962 को जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 1981 में हरियाणा के हिसार स्थित सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और 1984 में महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 1984 में हिसार जिला न्यायालय से अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और अगले वर्ष पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में कामकाज शुरू किया।

वर्ष 2000 में वे हरियाणा के महाधिवक्ता बने और 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित किया गया। उसी वर्ष वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। बाद में वे 2018 में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए और 2019 में उन्हें उच्चतम न्यायालय में पदोन्नत किया गया।

उच्चतम न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई, जिनमें अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण को संवैधानिक ठहराने वाले संविधान पीठ के निर्णय में उनकी भागीदारी भी शामिल है। उन्होंने संविधान, मानवाधिकार और लोकहित से जुड़े एक हजार से अधिक निर्णयों में योगदान दिया है।

वर्तमान में वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन कार्यकारी अध्यक्ष हैं और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची के विजिटर भी हैं।

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Mon, 27 Oct 2025 15:25:58 +0530 news desk MPcg
जस्टिस सूर्यकांत होंगे देश के अगले CJI, मौजूदा प्रधान न्यायाधीश जल्द होंगे रिटायर https://citytoday.co.in/4053 https://citytoday.co.in/4053 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान सीजेआई बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में अगले सीजेआई को चुने जाने की प्रक्रिया महीनेभर पहले शुरू कर दी जाती है। सीजेआई गवई के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज जस्टिस सूर्यकांत अगले सीजेआई बनने जा रहे हैं। प्रक्रिया और नियम के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और प्रमोशन के नियम को निर्धारित करने वाले डॉक्युमेंट्स में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में भारत के सीजेआई के पद पर नियुक्ति उस अदालत के सबसे वरिष्ठ जज की होनी चाहिए, जिन्हें पद धारण के लिए सबसे उपयुक्त समझा जाए। ऐसे में केंद्रीय कानून मंत्री वर्तमान सीजेआई से उनके उत्तराधिकारी के लिए उनकी सिफारिश मांगेंगे।

हरियाणा के मिडिल क्लास में लिया जन्म

हरियाणा के हिसार के एक मिडिल क्लास परिवार में 10 फरवरी, 1962 को जस्टिस सूर्यकांत का जन्म हुआ था। वह अभी सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई गवई के बाद सबसे सीनियर जज हैं। उन्होंने 1981 में गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, हिसार से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद 1984 में रोहतक की महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से लॉ की बैचलर डिग्री हासिल की। उन्होंने उसी साल 1984 में ही हिसार के जिला अदालत में प्रैक्टिस शुरू कर दी। बाद में 1985 में वे पंजाब एवं हरियाणा हाइ्र कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के भी चीफ जस्टिस रहे

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत कॉन्स्टिट्यूशनल, सर्विस और सिविल मामलों में स्पेशलाइज्ड हैं। कई यूनिवर्सिटी, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, बैंक और खुद हाई कोर्ट को भी रिप्रेजेंट किया है। सात जुलाई 2000 को हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल नियुक्त किए गए। मार्च 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। इसके बाद, 9 जनवरी 2004 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने तक हरियाणा के एडवोकेट जनरल के पद पर रहे। 22 फरवरी 2011 तक लगातार दो कार्यकालों के लिए 23 फरवरी 2007 को राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के शासी निकाय के सदस्य के रूप में चुना गया। पांच अक्टूबर, 2018 से हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने। इसके बाद, 24 मई, 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट हुए। वे 9 फरवरी, 2027 को रिटायर होंगे।

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Fri, 24 Oct 2025 19:20:07 +0530 News desk Hindi
पांच लोगों ने पुलिस बनकर घुसकर की 1 लाख रुपये की मांग, पीड़िता पर लगाए गंभीर आरोप https://citytoday.co.in/4051 https://citytoday.co.in/4051 बेंगलुरु

नेलमंगला के पास मंगलवार रात एक 27 वर्षीय महिला से गैंगरेप के मामले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। बेंगलुरु ग्रामीण पुलिस ने इस घटना में शामिल तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन सहित अन्य की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और बेंगलुरु में पिछले छह महीनों से अपने पति और दो बेटों के साथ किराए के मकान में रह रही थी। वह शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में ब्यूटीशियन का काम करती है। पीड़िता के साथ बंगाल की ही एक अन्य महिला और उसके पति का एक मित्र भी पास के मकान में रहते थे। मित्र असम का रहने वाला है। घटना के समय पीड़िता का पति काम पर गया हुआ था।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे पांच लोग खुद को स्थानीय पुलिस बताकर उसके घर में घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि वह और उसके परिचित लोग गांजा रखने और देह व्यापार में शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने 1 लाख रुपये की मांग की।

पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने विरोध करने पर उसे और उसकी सहेली को क्रिकेट बैट और मछेटी (चाकू जैसी हथियार) से पीटा। उसकी सहेली बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसके छोटे बेटे और पति के दोस्त को बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। इसके बाद तीन आरोपियों ने उसे पास के मकान में खींचकर गैंगरेप किया।

उन्होंने घर से 25,000 रुपये कैश और दो मोबाइल फोन भी लूट लिए। उसी दौरान पीड़िता का बड़ा बेटा, जो बाहर था, उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर मदद मांगी। कुछ ही देर में एक होयसला पेट्रोलिंग वैन मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

पुलिस ने घायल पीड़िता को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं से उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई। मदनायकनहल्ली पुलिस थाने ने मामला दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 (सामूहिक दुष्कर्म) सहित अन्य धाराओं में जांच शुरू की।

पुलिस ने 48 घंटे के भीतर जांच आगे बढ़ाते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। बुधवार रात को नवीन, कार्तिक और ग्लानी को गिरफ्तार किया गया, जबकि गुरुवार दोपहर तक सुयोग, जंगली पृथ्वी और सीना को भी हिरासत में ले लिया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी मिथुन घटना का मास्टरमाइंड है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मिथुन का पीड़िता से पुराना विवाद था और वह उसे “सबक सिखाने” की धमकी देता रहता था। उसी ने अपने साथियों को साथ लेकर पुलिस बनकर हमला करने की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों ने दुष्कर्म किया जबकि दो अन्य ने पीड़िता से मारपीट कर लूटपाट की। सभी आरोपियों और पीड़िता के मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद घटना के और भी पहलू साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मुख्य आरोपी मिथुन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

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Fri, 24 Oct 2025 19:15:04 +0530 News desk Hindi
भारत का वन क्षेत्र एक दशक में 1.91 हेक्टेयर बढ़ा, एशिया में सबसे तेज विस्तार; FAO रिपोर्ट में विश्व में 9वें स्थान पर https://citytoday.co.in/4041 https://citytoday.co.in/4041 नई दिल्ली
भारत ने वैश्विक स्तर पर कुल वन क्षेत्र के मामले में नौवां स्थान हासिल करके वैश्विक पर्यावरण संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को बाली में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा शुरू किए गए वैश्विक वन संसाधन आकलन (GFRA) का हवाला देते हुए यह घोषणा की.

उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की सफलता को रेखांकित करती है, जिनका उद्देश्य वन संरक्षण, वनीकरण और समुदाय के नेतृत्व में पर्यावरणीय कार्रवाई करना है.

यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत वैश्विक वन आकलन 2025 में शीर्ष 9 में है. हमने पिछले आकलन में 10वें स्थान की तुलना में वैश्विक स्तर पर वन क्षेत्र के मामले में 9वां स्थान हासिल किया है. हमने वार्षिक लाभ के मामले में भी वैश्विक स्तर पर अपना तीसरा स्थान बनाए रखा है.एफएओ ने बाली में वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन (जीएफआरए) 2025 शुरू किया है.”

एक पेड़ मां के नाम

पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल – 'एक पेड़ मां के नाम' से पूरे देश को पौधारोपण की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियानों में बढ़ती जन भागीदारी, विशेष रूप से 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत, और राज्य सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियानों ने इस प्रगति में योगदान दिया है।

सभी भारतीयों के लिए खुशी

उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''यह सभी भारतीयों के लिए खुशी का कारण है। हमने पिछले मूल्यांकन में 10वें स्थान की तुलना में वैश्विक स्तर पर वन क्षेत्र के मामले में 9वां स्थान हासिल किया है। हमने वार्षिक लाभ के मामले में भी वैश्विक स्तर पर अपना तीसरा स्थान बनाए रखा है। वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन (जीएफआरए) 2025 को एफएओ द्वारा बाली में जारी किया गया है।''

दुनिया के शीर्ष 10 वन-समृद्ध देशों में शामिल है भारत एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया का कुल वन क्षेत्र 4.14 बिलियन हेक्टेयर है, जो पृथ्वी की 32 प्रतिशत भूमि को कवर करता है। इसका आधे से ज्यादा (54 प्रतिशत) हिस्सा सिर्फ पांच देशों – रूस, ब्राजील, कनाडा, अमेरिका और चीन में केंद्रित है। आस्ट्रेलिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इंडोनेशिया के बाद भारत दुनिया के शीर्ष 10 वन-समृद्ध देशों में शामिल है।

चीन ने दर्ज की सबसे ज्यादा वृद्धि

चीन ने 2015 और 2025 के बीच वन क्षेत्र में सबसे ज्यादा शुद्ध वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जो 1.69 मिलियन हेक्टेयर प्रति वर्ष थी, उसके बाद रूस 9,42,000 हेक्टेयर और भारत 1,91,000 हेक्टेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। महत्वपूर्ण वन विस्तार वाले अन्य देशों में तुर्किये (1,18,000 हेक्टेयर), आस्ट्रेलिया (1,05,000 हेक्टेयर), फ्रांस (95,900 हेक्टेयर), इंडोनेशिया (94,100 हेक्टेयर), दक्षिण अफ्रीका (87,600 हेक्टेयर), कनाडा (82,500 हेक्टेयर) और वियतनाम (72,800 हेक्टेयर) शामिल हैं।

वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज करने वाला एकमात्र क्षेत्र है एशिया मूल्यांकन से पता चला है कि 1990 और 2025 के बीच वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज करने वाला एशिया एकमात्र क्षेत्र है, जिसमें चीन और भारत में वृद्धि सबसे ज्यादा है। वैश्विक स्तर पर शुद्ध वन हानि की वार्षिक दर में आधे से भी ज्यादा की कमी आई है, जो 1990 के दशक के 10.7 मिलियन हेक्टेयर से घटकर 2015-2025 के दौरान 4.12 मिलियन हेक्टेयर हो गई है।

एफएओ ने कहा कि एशिया के वन विस्तार ने वैश्विक वनों की कटाई को धीमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 20 प्रतिशत वन अब कानूनी रूप से स्थापित संरक्षित क्षेत्रों में हैं, जबकि 55 प्रतिशत का प्रबंधन दीर्घकालिक योजनाओं के तहत किया जाता है।

यादव ने कहा कि बढ़ती जन भागीदारी हरित और टिकाऊ भविष्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की मजबूत भावना को बढ़ावा दे रही है. एफएओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया का कुल वन क्षेत्र 4.14 अरब हेक्टेयर है, जो पृथ्वी की 32 फीसदी जमीन पर है. रिपोर्ट के अनुसार आधे से अधिक वनक्षेत्र (54 प्रतिशत) सिर्फ पांच देशों – रूस, ब्राजील, कनाडा, अमेरिका और चीन में है.

वहीं ऑस्ट्रेलिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इंडोनेशिया के बाद भारत दुनिया के शीर्ष 10 वन-समृद्ध देशों में शामिल है. इतना ही नहीं चीन में 2015 से 2025 के बीच वन क्षेत्र में सबसे ज्यादा वार्षिक शुद्ध वृद्धि 1.69 मिलियन हेक्टेयर प्रति वर्ष दर्ज की गई, उसके बाद रूसी संघ 9,42,000 हेक्टेयर और भारत 1,91,000 हेक्टेयर के साथ दूसरे स्थान पर है.

इसके अलावा अहम वन विस्तार वाले अन्य देशों में तुर्किये (1,18,000 हेक्टेयर), ऑस्ट्रेलिया (1,05,000 हेक्टेयर), फ्रांस (95,900 हेक्टेयर), इंडोनेशिया (94,100 हेक्टेयर), दक्षिण अफ्रीका (87,600 हेक्टेयर), कनाडा (82,500 हेक्टेयर) और वियतनाम (72,800 हेक्टेयर) शामिल हैं.

गौरतलब है कि मूल्यांकन से पता चला है कि एशिया इकलौता ऐसा इलाका है जहां 1990 से 2025 के बीच वन क्षेत्र में इजाफा दर्ज किया गया. इसमें चीन और भारत का योगदान सबसे ज्यदा है. एफएओ ने कहा कि एशिया में वनक्षेत्र विस्तार ने वैश्विक वनों की कटाई को धीमा करने में अहम भूमिका निभाई है जबकि दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में वनों की सबसे अधिक कटाई हुई है.
विशेषज्ञ की राय

नीतिगत फोकस का स्पष्ट प्रतिबिंब है : वोहरा
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पर्यावरण कार्यकर्ता बीएस वोहरा ने ईटीवी भारत को बताया, "कुल वन क्षेत्र में भारत का विश्व स्तर पर 9वें स्थान पर पहुंचना और वार्षिक वन वृद्धि में तीसरे स्थान पर बने रहना, निरंतर वनीकरण कार्यक्रमों और नीतिगत फोकस का स्पष्ट प्रतिबिंब है. यह संकेत देता है कि समुदाय-आधारित वृक्षारोपण अभियान, नीति-स्तरीय वन प्रशासन और 'एक पेड़ के नाम' जैसी पहल जैसे बड़े पैमाने के प्रयास अपना प्रभाव दिखा रहे हैं."

हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ध्यान मात्रा से हटकर गुणवत्ता पर केंद्रित होना चाहिए, ताकि दीर्घकालिक पर्यावरणीय और जलवायु लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए जैव विविधता, पारिस्थितिक स्वास्थ्य और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके.

 

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Fri, 24 Oct 2025 14:09:06 +0530 News desk Hindi
हैदराबाद&बेंगलुरु हाईवे पर भीषण बस हादसा: 20 लोगों की जलकर मौत, आंकड़ा बढ़ने की आशंका https://citytoday.co.in/4040 https://citytoday.co.in/4040 कर्नूल

आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के चिन्ना टेकुरु गांव में शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 20 लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि हो चुकी है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। घटना उस समय हुई जब कावेरी ट्रैवल्स की एक प्राइवेट बस हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे पर एक बाइक से टकरा गई, जिसके बाद बस में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में घिर गई। हादसे के समय बस में 44 यात्री सवार थे। 12 यात्री किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बाकी लोग बस के अंदर फंस गए।

दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन फिलहाल आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।

यह घटना सुबह करीब 3:30 बजे हुई, जब कावेरी ट्रैवल्स की एक बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी। कुर्नूल शहर के बाहरी इलाके के पास नेशनल हाईवे 44 पर एक मोटरसाइकिल से टकरा गई। पुलिस ने बताया, "दोपहिया वाहन बस के नीचे फंस गया और फ्यूल टैंक से टकरा गया, जिससे तुरंत धमाका हुआ और आग पूरी गाड़ी में तेजी से फैल गई।"

हादसे के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। कुछ यात्री अचानक आग लगने से जाग गए और खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदने में कामयाब रहे, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए क्योंकि आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चश्मदीदों ने बताया कि बस के पूरी तरह जलने से पहले मदद के लिए चीखें सुनाई दे रही थीं। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के आने से पहले घायलों को बचाने की कोशिश की।

कुरनूल बस हादसे की कहानी

दरअसल, कुरनूल बस हादसे की असली वजह एक बाइकर निकला. जी हां, बाइकर भी बस के रास्ते ही जा रहा था. उस समय तेज बारिश हो रही थी. सड़क पर टायर फिसलने की स्थिति बन गई थी. बावजूद इसके कुरनूल का बाइकर शिवशंकर अपनी बाइक तेज चला रहा था. वह बाइक पर नियंत्रण नहीं रख पाया. आखिरकार बाइक फिसल गई और बस के आगे के पहियों के नीचे आ गई. बाइक, बाइकर के साथ बस के नीचे चली गई. बाइक अब सीधे जाकर बस के डीजल टैंकल से टकरा गई. इस कारण ही बस में भयंकर आग लग गई. बाइकर बस के नीचे ही मर गया, मगर आग की लपटों ने बस को अपनी चपेट में ले लिया.

बर्निंग बस और मौत का मातम

यह हादसा सुबह 3.30 बजे हुआ. बस संख्या DD01N 9490 थी. जैसे ही बस में आग लगी ड्राइवर ने अचानक बस को सड़क पर ब्रेक लगाकर बगल में सो रहे सहायक ड्राइवर को जगाया. दोनों ने इसे छोटी सी आग समझकर बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे बुझा नहीं पाए. यह जानते हुए कि यह एक बड़ी आग है, वे बस से कूदकर बाहर निकल आए, लेकिन उन्होंने यात्रियों को सचेत नहीं किया. यही उनकी सबसे बड़ी भूल थी. चूंकि यात्री सो रहे थे, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला. आग पहले ही बस के दरवाजे और ड्राइवर की सीट तक फैल चुकी थी. चूंकि यह एक वोल्वो बस और एक एसी बस थी, इसलिए सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद थे. इसलिए यात्रियों को समझ नहीं आया कि उन्हें कैसे तोड़ा जाए. बस का आधा हिस्सा पहले ही जल चुका था. धुआं फैल रहा था.

कुछ लोग बच पाए, मगर कुछ क्यों नहीं

इसी बीच एक व्यक्ति ने जबरदस्ती आपातकालीन खिड़की का दरवाज़ा तोड़ दिया. वह नीचे कूद गया. तुरंत ही, 11 अन्य लोग भी नीचे कूद गए. सभी को मामूली चोटें आईं. बाकी लोग बच नहीं पाए. वे बस के पिछले हिस्से में ही रहे. इस बीच आग पूरी बस में फैल गई. वे चिखते-चिल्लाते हुए बस के अंदर ही रहे.. और उनकी मौत हो गई. जैसे ही दमकल विभाग को मामले की जानकारी मिली.. वे तीन दमकल गाड़ियों के साथ पहुंचे. उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की.. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. यह सब उस बाइक सवार की वजह से हुआ. यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि वह बस के पहियों के बीच फंस गया. सब कुछ इतनी जल्दी हुआ. अब तक 20 लोगों की मौत की खबर है. पुलिस शवों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. चालक और सहायक चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने प्रशासन को घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बीते सप्ताह राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर 14 अक्टूबर को एक बस में आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। उस मामले में एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट और गैस रिसाव को आग का कारण बताया गया था।

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Fri, 24 Oct 2025 14:01:38 +0530 News desk Hindi
यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े गैस प्लांट पर ड्रोन हमला किया, गैस सप्लाई ठप https://citytoday.co.in/4034 https://citytoday.co.in/4034 मॉस्को 

रूस-यूक्रेन युद्ध शांत होने की जगह भड़कता ही जा रहा है। दक्षिणी रूस में एक प्रमुख गैस प्रसंस्करण संयंत्र पर यूक्रेन ने ड्रोन से हमला कर दिया। इसके कारण कजाकिस्तान से गैस की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई। रूसी अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी है। ओरेनबर्ग स्थित यह संयंत्र विश्व के सबसे बड़े गैस उत्पादन और प्रसंस्करण संयंत्रों में से एक है। इसकी वार्षिक क्षमता 45 अरब क्यूबिक मीटर है और यह कजाकिस्तान के कराचगनाक क्षेत्र से गैस कंडेन्सेट को संसाधित करता है। इसे वहां की सरकारी कंपनी गैजप्रोम चलाती है।

क्षेत्रीय गवर्नर येवगेनी सोलंतसेव के अनुसार, ड्रोन हमलों से संयंत्र की एक कार्यशाला में आग लग गई और संयंत्र का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कजाक ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गैजप्रोम की सूचना के अनुसार, ड्रोन हमले के कारण संयंत्र अस्थायी रूप से कजाकिस्तान की गैस को संसाधित करने में असमर्थ है।

यूक्रेन की जनरल स्टाफ ने बयान में कहा कि ओरेनबर्ग संयंत्र में आग लगी और एक गैस प्रसंस्करण और शोधन इकाई क्षतिग्रस्त हुई। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूसी ऊर्जा सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं, जिन्हें वह मास्को के युद्ध प्रयास को वित्तपोषित करने वाला और सीधे समर्थन देने वाला मानता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन से यह संकेत दिया कि शांति स्थापित करने के लिए उसे रूस से खोई हुई भूमि छोड़नी पड़ सकती है। फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ न कुछ ले ही लेंगे और अमेरिका ही ऐसा देश है जो युद्ध जीतकर छोड़ देता है। उन्होंने टॉमहॉक मिसाइलें यूक्रेन को देने के बारे में अनिर्णायक रुख अपनाया और अमेरिकी हथियारों के भंडार के संरक्षण की चिंता जताई।

यूक्रेनी अभियोजक दावा कर रहे हैं कि रूस नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के लिए अपने हवाई निर्देशित बमों को बदल रहा है। खार्किव क्षेत्र में रूस ने नए रॉकेट-संचालित बम UMPB-5R का इस्तेमाल किया, जो 130 किलोमीटर तक उड़ सकता है। डोनिप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 11 लोग घायल हुए और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। रूस ने कोयला खदान पर भी हमला किया, जिसमें 192 खनिक सुरक्षित निकाले गए।

यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने रूस के समारा क्षेत्र में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा भी किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने रात भर 45 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।

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Thu, 23 Oct 2025 17:39:56 +0530 News desk Hindi
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर ब्रह्मोस और राफेल की मार, मची तबाही https://citytoday.co.in/4033 https://citytoday.co.in/4033 नई दिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और बाद में जवाबी कार्रवाई के दौरान वहां के सैन्य प्रतिष्ठानों पर सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के जरिये ब्रह्मोस मिसाइलें दागी गई थीं। ये मिसाइलें अचूक साबित हुईं। इसने बहावलपुर में लश्कर-ए-तैयबा और मुरीदके में जैश-ए-मोहम्मद समेत नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। हाल में सामने आए एक सरकारी दस्तावेज से स्पष्ट तौर पर ऐसे संकेत मिलते हैं।

इसके अनुसार वायुसेना और थल सेना द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में राफेल और सुखोई की स्क्वाड्रन तैनात की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के दिन ही कच्छ से लेकर कश्मीर तक सीमावर्ती क्षेत्र में बाकायदा वायुसेना ने अभ्यास का ऐलान भी किया था, जो छह मई की रात किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी थी।

हाल में ऑपरेशन सिंदूर के लिए वायुसेना के पायलटों को वीर चक्र से सम्मानित करने के उपलक्ष्य में एक विस्तृत गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के नाम लिए बगैर पायलटों की बहादुरी का वर्णन किया गया है। यह विवरण दर्शाता है कि किस प्रकार एयरफोर्स की राफेल और सुखोई की स्क्वाड्रनों ने बहादुरी के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। वीर चक्र से सम्मानित पायलट राफेल और सुखोई दोनों स्क्वाड्रनों से हैं।

राफेल ने कई पाकिस्तानी विमानों को गिराया

विवरण से संकेत मिलते हैं कि सुखोई से ब्रह्मोस के जरिये जमीनी लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जबकि राफेल का इस्तेमाल उस क्षेत्र में एयर डिफेंस के लिए किया गया। राफेल ने पाकिस्तान के कई हमलों को नाकाम किया और उसके कई विमानों को मार गिराया। दोनों लड़ाकू विमानों के पायलटों ने अपने-अपने कार्य को बाखूबी अंजाम दिया, जिसके लिए उन्हें युद्धकाल का तीसरा बड़ा पुरस्कार वीर चक्र प्रदान किए गए।

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Thu, 23 Oct 2025 17:00:11 +0530 News desk Hindi
चुनाव आयोग नवंबर से पूरे देश में शुरू करेगा SIR, पहले इन राज्यों में होगा अभियान; बिहार विवाद में रहा शामिल https://citytoday.co.in/4032 https://citytoday.co.in/4032 नई दिल्ली

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमिशन ने SIR यानी गहन मतदाता पुनरीक्षण का अभियान शुरू किया था। इस पर खूब राजनीति हुई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। अदालत की ओर से SIR को क्लीन चिट दी गई और कहा गया कि यह थोड़ा पहले किया जा सकता था। अब इसी बात से सबक लेते हुए चुनाव आयोग नवंबर की शुरुआत से ही देशव्यापी SIR शुरू करने जा रहा है। इसके तहत सबसे पहले उन राज्यों में SIR होगा, जहां 2026 में ही चुनाव होने वाले हैं। इसके अलावा भी कुछ अन्य राज्यों में भी SIR शुरुआती दौर में ही होगा।

चुनाव आयोग की दो दिन की कॉन्फ्रेंस शुरू हुई है। इसमें यह आकलन भी किया गया कि देश में SIR की प्रक्रिया के लिए कितनी और कैसी तैयारी है। इसकी रिपोर्ट सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन आयुक्तों की ओर से पेश की गई। पूरा प्लान कॉन्फ्रेंस के समापन पर बताया जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार SIR की प्रक्रिया देशव्यापी होगी, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले इसे असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन राज्यों में अगले साल ही चुनाव होने हैं।

असम में तो NRC भी हो रही है। असम के निर्वाचन आयोग का कहना है कि एक बार NRC होने के बाद राज्य में SIR भी हो जाएगी। असम देश का इकलौता राज्य है, जहां NRC हुआ है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि NRC पूरा होने का इंतजार हो और असम में SIR में थोड़ी देरी हो जाए। आगामी राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग मतदाताओं को केवल उस राज्य की ही नहीं, बल्कि किसी भी राज्य की अंतिम गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से अपने नामों के अंश प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकता है, जहां वे वर्तमान में रहते हैं। बिहार एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता केवल बिहार की अंतिम गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से ही अंश प्रस्तुत कर सकते थे।

देश में कहीं भी वोटर लिस्ट में हो नाम तो मिलेगा मौका, बिहार से क्या अलग

दूसरे शब्दों में मुंबई में मतदाता के रूप में पंजीकृत पश्चिम बंगाल का कोई प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र में नामांकित रह सकता है, बशर्ते वह अपना नाम दिखा सके। इसके अलावा वह किसी ऐसे मतदाता से संपर्क स्थापित कर सके, जिसका नाम 2002 की पश्चिम बंगाल मतदाता सूची में शामिल हो। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का अंतिम गहन पुनरीक्षण 2002 में हुआ था और उस मतदाता को उस राज्य की मतदाता सूची में बने रहने के योग्य माना जाएगा, जहां वह वर्तमान में रह रहा है।

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Thu, 23 Oct 2025 16:54:32 +0530 News desk Hindi
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू केरल में हादसे से टलीं, लैंडिंग के तुरंत बाद धंस गया हेलीपैड https://citytoday.co.in/4018 https://citytoday.co.in/4018 केरल
केरल के पथानामथिट्टा जिले में राजीव गांधी स्टेडियम स्थित नव-निर्मित हेलीपैड का एक हिस्सा उस समय धंस गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हेलिकॉप्टर के पहिए उसमें फंस गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब राष्ट्रपति सबरीमला दर्शन के बाद यहां उतरीं। अधिकारियों के अनुसार, हेलिकॉप्टर के जमीन पर छूते ही हेलीपैड की सतह का हिस्सा अचानक धंस गया। घटना के बाद हेलिकॉप्टर एक ओर झुक गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस और अग्निशमन दल के कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। संयुक्त प्रयासों से हेलिकॉप्टर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह हेलीपैड अंतिम समय में तैयार किया गया था। खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग स्थल निलक्कल से बदलकर प्रमादम (राजीव गांधी स्टेडियम) कर दिया गया था। इसलिए मंगलवार देर रात तक कंक्रीट डालकर नया हेलिपैड बनाया गया। लेकिन चूंकि कंक्रीट पूरी तरह सूख नहीं पाया था, इसलिए वह हेलिकॉप्टर के वजन को सहन नहीं कर सका और धंस गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि स्टेडियम को लैंडिंग स्थल के रूप में आखिरी पल में चुना गया और इसी वजह से निर्माण अधूरा रह गया था।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार शाम को अपनी चार दिवसीय केरल यात्रा पर तिरुवनंतपुरम पहुंची थीं। बुधवार को वे सबरीमला मंदिर में दर्शन और आरती करने पहुंचीं। इस दौरान पथानामथिट्टा जिले के प्रमादम में उनके हेलिकॉप्टर की लैंडिंग हुई, जहां यह हादसा हुआ। घटना में किसी को चोट नहीं आई और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए एक्स (X) पर लिखा, “केरल आगमन पर भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हार्दिक स्वागत। उनका यहां होना हमारे राज्य और जनता के लिए गर्व की बात है।”

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Wed, 22 Oct 2025 16:40:51 +0530 News desk Hindi
PM मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात, गिले&शिकवों के बीच बढ़ेंगी नई उम्मीदें? https://citytoday.co.in/4017 https://citytoday.co.in/4017 नई दिल्ली

पीएम नरेंद्र मोदी मलयेशिया के दौरे पर आसियान समिट में जा सकते हैं। यदि वह ASEAN समिट में गए तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात हो सकती है और इस पर दुनिया भर की नजरें होंगी। वह आसियान समिट से इतर डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर इस दौरान बात हो सकती है। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बीते कुछ महीनों में करीबी बढ़ती दिखी है और ऐसी स्थिति में नरेंद्र मोदी और ट्रंप की मुलाकात के मायने क्या होंगे, यह देखने वाली बात होगी।

अमेरिका ने जिस तरह पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को तवज्जो दी है और उन्हें वाइट हाउस तक बुलाया था, उससे कयास लग रहे हैं कि एक बार फिर से शीत युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। तब भारत गुटनिरपेक्षता की राजनीति करते हुए एक तरह से रूस के ब्लॉक में था। वहीं अमेरिका की गोद में पाकिस्तान बैठा था। एक बार फिर से रूस और भारत का विरोध करते हुए अमेरिका उसी रणनीति पर आगे बढ़ता दिखता है। ऐसे हालात में पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग में क्या निकलता है, यह चर्चा का विषय है। अब तक सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट नहीं किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी का ASEAN समिट में जाना तय है या नहीं। लेकिन दौरे से इनकार भी नहीं है।

बता दें कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि वह 26 अक्तूबर से होने वाले ASEAN समिट में जाएंगे और पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की उम्मीद है। इससे पहले दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात इस साल फरवरी में हुई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय वार्ता के लिए अमेरिका गए थे। लेकिन रिश्तों के बिगड़ने की शुरुआत तब हुई, जब अमेरिका की ओर से भारत पर मोटा टैरिफ लगाया गया। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बार-बार दावे हुए कि उन्होंने जंग रुकवाई है। इस बात ने भी भारत को असहज किया है और दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंचे हैं।

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Wed, 22 Oct 2025 16:32:56 +0530 News desk Hindi
बिहार मॉडल बना उदाहरण, अब पश्चिम बंगाल में SIR पर राहत की तैयारी https://citytoday.co.in/4006 https://citytoday.co.in/4006 नई दिल्ली

बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवादों और कानूनी चुनौतियों के बाद, चुनाव आयोग (EC) अब इस प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाताओं की परेशानियों को कम करना और प्रक्रिया को मतदाता अनुकूल बनाना है। बिहार में SIR के दौरान दस्तावेजों की जटिल मांग, फॉर्म न भरने पर नामों की बड़ी संख्या में हटाई गई प्रविष्टियां (डिलीशन) और बहुत कम समय सीमा जैसी समस्याओं को लेकर मतदाताओं में असंतोष था। अब आयोग इन तीनों बिंदुओं पर लचीलापन लाने की योजना बना रहा है।

दस्तावेजों की अनिवार्यता में ढील

बिहार में पहली बार हर मतदाता से नए दस्तावेजों की मांग की गई थी, जिससे लोगों में भ्रम और तनाव फैला। अब आयोग इस नीति में बदलाव पर विचार कर रहा है ताकि कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने पड़ें। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पुराने रजिस्टरों और पारिवारिक लिंक के आधार पर ऐसे मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं जिनसे नए सिरे से प्रमाण पत्र नहीं मांगे जाएंगे।

फॉर्म न भरने पर नाम हटाने की नीति में बदलाव

बिहार में इस साल SIR के दौरान करीब 65 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे इनमें मृतक, स्थानांतरित व्यक्ति और वे लोग शामिल थे जिन्होंने एन्यूमरेशन फॉर्म या दस्तावेज जमा नहीं किए। यह प्रक्रिया पहले के रिवीजन की तुलना में असामान्य थी। अब आयोग विचार कर रहा है कि ड्राफ्ट सूची से नाम न हटाए जाएं, बल्कि हर मतदाता को अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले फिर से शामिल होने का अवसर दिया जाए।

समय सीमा बढ़ाने पर विचार

बिहार में SIR प्रक्रिया तीन महीने तक चली। 25 जून से एक महीने तक एन्यूमरेशन, फिर 30 दिन में वेरिफिकेशन, और 30 सितंबर को अंतिम सूची जारी की गई। यह कार्यक्रम विधानसभा चुनावों की घोषणा से सिर्फ छह दिन पहले पूरा हुआ। इस तंग समय सीमा ने मतदाताओं और सरकारी कर्मचारियों दोनों पर बेहद दबाव डाला। अब आयोग मानता है कि इतनी कठोर समय सीमा, वह भी चुनाव से ठीक पहले, व्यावहारिक नहीं है। इसलिए भविष्य के SIR में अवधि बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।

बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में होंगे SIR

चुनाव आयोग के पास अगले SIR के लिए ज्यादा समय नहीं है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मई 2026 तक नई विधानसभा बननी है। आयोग आम तौर पर फरवरी के अंत तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करता है, इसलिए दीपावली के तुरंत बाद इन राज्यों में SIR की घोषणा की संभावना है।

हाल ही में बाढ़ या मौसम की विपरीत परिस्थितियों से प्रभावित राज्य तथा वे राज्य जहां स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, उनमें SIR को अगले चरण में आयोजित किया जाएगा।

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Thu, 16 Oct 2025 14:17:12 +0530 news desk MPcg
ट्रम्प से डरते हैं मोदी – राहुल गांधी https://citytoday.co.in/4005 https://citytoday.co.in/4005 नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (वार्ता)

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए कहा है कि श्री मोदी, जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेतुकी बातों पर चुप्पी साध लेते हैं उससे लगता है कि वह, उनसे डरे हुए हैं।
श्री गांधी ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा “प्रधानमंत्री मोदी, श्री ट्रम्प से डरे हुए हैं। वह श्री ट्रम्प को यह फैसला करने और ऐलान करने की इजाजत देते हैं कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा।”
उन्होंने कहा कि अचरज की बात यह है कि श्री मोदी उनसे बात करने का प्रयास करते हैं लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति अनदेखी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी “बार-बार की गई अनदेखी के बावजूद बधाई संदेश भेजते रहते हैं। वित्त मंत्री की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गयी। शर्म अल-शेख में शामिल नहीं हुए। ऑपरेशन सिंदूर पर उनका विरोध नहीं करते।”
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने भी श्री मोदी को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प, पांच अलग-अलग देशों में 51 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने टैरिफ और व्यापार को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके हस्तक्षेप किया और भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने पर मजबूर किया। फिर भी श्री मोदी चुप्पी साधे हुए हैं और कोई जवाब नहीं देते।
उन्होंने कहा “अब राष्ट्रपति ट्रम्प ने कल कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल का आयात नहीं करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कई अहम फ़ैसले अमेरिका को सौंप दिए हैं। छप्पन इंच का सीना अब सिमटकर सिकुड़ गया है।”

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Thu, 16 Oct 2025 14:08:24 +0530 news desk MPcg
आपूर्ति विभाग ने ऋषिकेश में 26 घरेलू सिलेंडर जब्त किए। https://citytoday.co.in/4004 https://citytoday.co.in/4004 ऋषिकेश, 16 अक्टूबर (वार्ता)

 उत्तराखंड के ऋषिकेश में आपूर्ति विभाग की टीम ने बुधवार को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विभूति जुयाल के नेतृत्व में डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैसों के व्यवसायिक उपयोग पर बड़ी कार्रवाई की।

भनियावाला, हर्रावाला, मिल रोड और केशवपुरी बस्ती सहित कई स्थानों पर हुई छापेमारी में 26 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका दुरुपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए।

श्री जुयाल ने बताया कि गैस रिफिलिंग की शिकायतों पर भी अब सघन जांच अभियान चलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान विभागीय टीम में मधु बर्तवाल और गोकुल चंद्र रमोला भी शामिल रहे।

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Thu, 16 Oct 2025 14:02:17 +0530 news desk MPcg
Trump Tariff का भारत पर असर नहीं, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा https://citytoday.co.in/4003 https://citytoday.co.in/4003 वाशिंगटन

अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बीते अगस्त महीने में बढ़ाकर 50 फीसदी (US Tariff On India) कर दिया था. इसके बाद देश में इसके असर से जुड़ी तमाम आशंकाएं भी जाहिर की जा रही है, लेकिन केंद्रीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने इस पर बड़ी बात कही है. अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में IMF और विश्व बैंक की सालाना बैठक के मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद बेहद मजबूत है और अमेरिकी टैरिफ कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं है. 

'भारत के लिए टैरिफ चिंता का विषय नहीं'
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत पर लगे अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को सीधे तौर पर खारिज किया है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के बजाय भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था व्यापार दबाव का सामना जरूर कर सकती है. आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक के अवसर पर उन्होंने साफ किया कि भारत मुख्यतः घरेलू अर्थव्यवस्था है, इसलिए हम पर इसका प्रभाव तो पड़ता है, लेकिन यह कोई बड़ी चिंता का विषय बिल्कुल भी नहीं है.

ट्रेड डील से होगा भारत को लाभ
गवर्नर वार्ता सत्र में बोलते हुए संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि टैरिफ के चलते वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है. उन्होंने कहा कि हम नीतिगत अनिश्चितताओं के दौर में हैं, जो एक ऐसा जोखिम है जिस पर सभी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं को विचार करना चाहिए. आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, अगर वाशिंगटन के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) जल्दी ही किसी नतीजे पर पहुंच जाती है, तो इसमें संभावित लाभ भी हो सकता है. 

रुपये पर दबाव पर बोले RBI गवर्नर 
Trump Tariff के असर के बीच कमजोर इंडियन करेंसी रुपया के बारे में बोलते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने अपनी बात को दोहराया. उन्होंने कहा कि, 'आरबीआई किसी स्पेशल वैल्यू टारगेट को लक्षित नहीं करता है. हमारा मानना ​​है कि बाजार ही तय करेगा कि मूल्य स्तर क्या होना चाहिए? हमारा प्रयास वास्तव में यह सुनिश्चित करना है कि रुपये की एक व्यवस्थित गति बनी रहे और किसी भी असामान्य अस्थिरता पर अंकुश लगाया जा सके.'

रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश!
चर्चा के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने आगे महंगाई पर बात करते हुए कहा कि अनुमानों में कमी के बाद महंगाई दर में नरमी का आउटलुक इकोनॉमिक ग्रोथ को और अधिक समर्थन देने के लिए नीतिगत गुंजाइश प्रदान करता है. उनके मुताबिक, रेपो रेट (Repo Rate) में और अधिक कटौती करने की गुंजाइश है, लेकिन मेरा मानना ​​है कि इसके लिए यह उपयुक्त समय नहीं है, क्योंकि इसका उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं होगा.

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Thu, 16 Oct 2025 13:26:55 +0530 news desk MPcg
Mumbai Metro Line 3 Update: मुंबई में मेट्रो बनी लोगों की पहली पसंद! एक्वा लाइन 3 ने 15 अक्टूबर को बनाया रिकॉर्ड, 1.82 लाख से अधिक यात्रियों ने की यात्रा https://citytoday.co.in/4002 https://citytoday.co.in/4002 Mumbai Metro Line 3 Update:

  मुंबई में मेट्रो अब लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के अनुसार, एक्वा लाइन 3 ने 15 अक्टूबर को 1,82,197 यात्रियों के साथ एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. इस लाइन पर रोजाना यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसे शहर के दैनिक यातायात में एक लोकप्रिय विकल्प बन रही है.

पूरी तरह भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर

यह पूरी तरह भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर मुंबई के व्यस्त व्यावसायिक, आवासीय और परिवहन क्षेत्रों जैसे कोलाबा, बांद्रा और SEEPZ को जोड़ता है. इसका मकसद शहर के सड़कों और रेल नेटवर्क पर दबाव कम करना है, ताकि यात्रियों को तेज, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधा मिल सके. 

27 स्टेशनों वाली एक्वा लाइन 3

33.5 किलोमीटर लंबी और 27 स्टेशनों वाली यह मेट्रो लाइन मुंबई के इतिहास की सबसे बड़ी शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है. आरे JVLR से बैठने पर करीब एक घंटे में काफ परेड पहुंचा जा सकता है.

WhatsApp आधारित टिकटिंग सेवा शुरू

MMRC ने WhatsApp आधारित टिकटिंग सेवा भी शुरू की है.यात्री +91 98730 16836 पर "Hi" भेजकर या स्टेशनों पर लगे QR कोड को स्कैन करके तुरंत WhatsApp के माध्यम से टिकट प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा एक ही ट्रांजेक्शन में छह तक टिकट जारी करती है, विभिन्न भुगतान विकल्पों को सपोर्ट करती है और कागजी टिकटों की जरूरत खत्म कर पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित हो रही है. UPI भुगतान निःशुल्क हैं, जबकि कार्ड लेनदेन पर मामूली शुल्क लागू होगा

8 अक्टूबर को मेट्रो लाइन 3 के अंतिम चरण का उद्घाटन

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई मेट्रो 3 के अंतिम चरण का उद्घाटन किया. इसी के साथ ही सार्वजनिक बस सेवा और उपनगरीय रेलवे के लिए एकीकृत टिकटिंग सुविधा प्रदान करने वाली ‘मुंबई वन’ मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया

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Thu, 16 Oct 2025 12:25:45 +0530 news desk MPcg
RBI की नई मंजूरी से बदलेगा डिजिटल पेमेंट सिस्टम, छोटे ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा सीधा असर https://citytoday.co.in/3983 https://citytoday.co.in/3983

नई दिल्ली

देश के प्रमुख बैंकों ने RBI के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत वे ₹100 से कम के छोटे डिजिटल लेन-देन पर SMS अलर्ट भेजना बंद करना चाहते हैं। बैंक इसके लिए RBI की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि UPI और अन्य डिजिटल तरीकों से होने वाले छोटे लेन-देन में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण ग्राहकों को लगातार SMS अलर्ट मिल रहे हैं, जिससे उन्हें Notification Fatigue हो रही है। लगातार अलर्ट आने से ग्राहक महत्वपूर्ण और बड़े लेन-देन के अलर्ट को भी नजरअंदाज करने लगे हैं, जिससे धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है। नए प्रस्ताव के तहत ग्राहकों को केवल बड़े या एक निर्धारित संख्या/मूल्य से अधिक के लेन-देन के लिए ही SMS अलर्ट भेजे जाएंगे।

जानकार सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव पिछले महीने सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के आंतरिक विचार-विमर्श के बाद RBI को भेजा गया है। बैंकों ने इसके साथ ही धोखाधड़ी की आशंका को कम करने के लिए सुरक्षा उपायों की एक सूची भी प्रस्तुत की है।

ग्राहकों को मिलेगा ऑप्शन
वर्तमान में RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों को ग्राहकों को SMS अलर्ट देना जरुरी है। नए प्रस्ताव में ग्राहक को यह ऑप्शन दिया जाएगा कि वे ₹100 से कम के लेन-देन के लिए SMS अलर्ट बंद करना चाहते हैं या नहीं। जिन ग्राहकों को अलर्ट की जरूरत होगी, वे ऐप नोटिफिकेशन या ईमेल अलर्ट के जरिए से अलर्ट प्राप्त करना जारी रख सकते हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि एक SMS भेजने पर लगभग ₹0.20 की लागत आती है, जो ग्राहक से वसूली जाती है। बैंकों का मानना है कि इस बदलाव से तकनीक का बेहतर उपयोग होगा और ग्राहकों को वास्तविक उपयोग के अनुसार ही शुल्क लिया जाना चाहिए।

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Wed, 15 Oct 2025 14:14:27 +0530 news desk MPcg
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त पर बड़ा अपडेट: क्या पति&पत्नी दोनों को मिलेगा फायदा? https://citytoday.co.in/3982 https://citytoday.co.in/3982

नई दिल्ली

 केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम किसान सम्मान स्कीम साल 2019 में शुरू की थी। इस योजना के तहत सरकार किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि किसानों के बैंक खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2 हजार रुपये की होती है। किस्तें 4 महीने के अंतराल पर दी जाती हैं।

अब तक सरकार ने इस योजना की 21 किस्तें जारी कर दी हैं। 21वीं किस्त के पैसे फिलहाल पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित लगभग 27 लाख किसानों के खातों में भेजे गए हैं। बाकी किसानों को यह किस्त कब मिलेगी, इस बारे में किसानों में उत्सुकता बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाली से पहले 21वीं किस्त जारी हो सकती है, लेकिन संभावना कम दिखाई दे रही है। संभव है कि यह किस्त अगले महीने जारी की जाए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इस स्कीम का पति-पत्नी दोनों लाभ ले सकती हैं या नहीं?
कई किसानों के मन में सवाल होता है कि अगर पति-पत्नी दोनों एक ही परिवार में आवेदन करें, तो क्या दोनों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के नियमों के अनुसार, एक परिवार में केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है। यह सदस्य वही होगा जिसके नाम पर कृषि भूमि पंजीकृत है। यानी परिवार में पति और पत्नी दोनों एक साथ लाभ नहीं ले सकते, केवल भूमि के मालिक को ही राशि मिलती है।

लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रिया
पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को e-KYC और भूलेखों का सत्यापन कराना जरूरी है। इसके बिना योजना की किस्तें खाते में ट्रांसफर नहीं की जा सकतीं। सरकार किसानों को सलाह देती है कि वे योजना में आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और अपडेट रखें, ताकि आर्थिक सहायता समय पर मिल सके।

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Wed, 15 Oct 2025 14:10:51 +0530 news desk MPcg
सिब्बल बोले& टुकड़ों में सहारा संपत्ति बेचना सही नहीं, SC ने कहा& विचार करेंगे, अगली सुनवाई 17 नवंबर https://citytoday.co.in/3981 https://citytoday.co.in/3981 नई दिल्ली

सहारा इंडिया ग्रुप चाहता है कि उसकी प्रॉपर्टीज एक साथ बेच दी जाएं. सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान Sahara India Commercial Corporation Ltd (SICCL) ने यही गुहार लगाई. ग्रुप ने विभिन्न संपत्तियों जिनमें अंबी वैली (महाराष्ट्र) और सहारा शहर (लखनऊ) जैसी हाई-वैल्यू प्रॉपर्टीज शामिल हैं, को Adani Properties Pvt Ltd को बेचने की अनुमति मांगी है. कोर्ट ने कहा कि पहले यह तय किया जाएगा कि किन प्रॉपर्टीज पर विवाद है और किन पर नहीं. चीफ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की बेंच ने केंद्र सरकार, SEBI और अमिकस क्यूरी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी.

‘अंबी वैली’ से ‘सहारा शहर’ तक, 88 प्रॉपर्टीज की सूची, पर कई पर विवाद

    सहारा की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि समूह अपनी संपत्तियां बेचकर बकाया राशि चुकाने की योजना बना रहा है. उनके मुताबिक, इन संपत्तियों की वैल्यू लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये है. सिब्बल ने कहा, ‘इनमें 88 प्रॉपर्टीज शामिल हैं. इन्हें एक साथ बेचना जरूरी है. टुकड़ों में बेचने से खरीदार नहीं मिलेंगे.’

    SEBI की ओर से कहा गया कि सहारा इन प्रॉपर्टीज को बेच सकता है, बशर्ते बिक्री मार्केट रेट के 90% से कम पर न हो. SEBI ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोर्ट अनुमति देती है, तो उन्हें किसी प्रस्ताव की अलग से जांच करने की आवश्यकता नहीं.

    वहीं, एडवोकेट मुकुल रोहतगी, जो Adani Properties Pvt Ltd की ओर से पेश हुए, ने कहा कि कंपनी सभी प्रॉपर्टीज खरीदने को तैयार है. उन्होंने कहा, ‘अगर इसे हिस्सों में बेचा गया तो मुकदमेबाजी कभी खत्म नहीं होगी. हम सब कुछ, सभी क्लेम्स के साथ लेने को तैयार हैं.’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले अधिकार तय करो, फिर बिक्री होगी

    सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ किया कि फिलहाल किसी बिक्री पर अनुमति देने से पहले सभी पक्षों के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘कुछ प्रॉपर्टीज पर कई दावेदार हैं, कुछ पर मुकदमे चल रहे हैं. पहले यह साफ होना चाहिए कि कौन सी प्रॉपर्टी विवादित है और कौन सी नहीं.’

    सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन (अमिकस क्यूरी) ने कहा कि कुछ जमीनें ऐसी हैं जिन्हें बेचा ही नहीं जा सकता, क्योंकि वे ‘वेटलैंड्स (जल क्षेत्र)’ हैं. इस पर सीजेआई गवई ने कहा, ‘अगर कोई वेटलैंड खरीदे भी तो वहां निर्माण संभव नहीं होगा.’

    कोर्ट ने अमिकस को निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत चार्ट तैयार करें, जिसमें यह दर्ज हो कि कौन सी संपत्तियां विवादित हैं, किन पर हक तय हो चुका है, और किन पर ‘शैडो ऑफ डाउट’ है.

केंद्र, SEBI और सहारा, तीनों को जवाब दाखिल करने का निर्देश

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र की ओर से पेश हुए, ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है और सरकार को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलना चाहिए. इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि वित्त मंत्रालय (MoF) को भी पार्टी बनाया जाए ताकि केंद्र सरकार इस पर अपना रुख साफ कर सके.

सिब्बल ने बताया कि सहारा ने हाल ही में SEBI–Sahara फंड से 500 करोड़ रुपये जारी किए हैं ताकि कुछ कोऑपरेटिव सोसायटीज के भुगतान किए जा सकें. लेकिन अन्य वकीलों ने दावा किया कि अभी भी करीब 9000 करोड़ रुपये का डेफिसिट है.

अदालत ने कहा कि सहारा को पहले कर्मचारियों के दावों और बकाया राशि की स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

‘एक साथ बिक्री जरूरी’, सिब्बल की दलील, कोर्ट ने कहा ‘देखेंगे’

कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि संपत्तियों को ‘एक बास्केट में’ बेचना ही व्यवहारिक विकल्प है. उन्होंने कहा, ‘अगर एक-एक करके बेचा गया तो निवेशक पीछे हट जाएंगे, जैसा पहले वर्सोवा प्रोजेक्ट में हुआ था.’ जस्टिस गवई ने कहा कि अदालत यह तय करेगी कि प्रॉपर्टीज को एकमुश्त (en bloc) बेचा जाए या अलग-अलग (piecemeal). सीनियर एडवोकेट अरविंद दातर ने सुझाव दिया कि जिन प्रॉपर्टीज पर कोई विवाद नहीं है, उन्हें पहले बेचा जा सकता है और बाकी पर अलग सुनवाई हो.

 

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Wed, 15 Oct 2025 14:07:33 +0530 news desk MPcg
चुनाव आयोग का नया निर्देश: सियासी विज्ञापनों और प्रत्याशियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नई तैयारी https://citytoday.co.in/3980 https://citytoday.co.in/3980  नई दिल्ली

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी बीच आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2025 को आदेश दिए हैं कि सभी राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दल, साथ ही चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रचार करने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से अपने राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व-सत्यापन कराएं।

विज्ञापन और सोशल खातों का पूर्व-सत्यापन
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले एमसीएमसी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। बता दें कि, सभी राज्य और जिले में एमसीएमसी बनाई गई है जो विज्ञापनों की जांच करेगी और दिशानिर्देशों के अनुसार पूर्व-सत्यापन करेगी।

भ्रामक समाचार पर निगरानी
मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी संदिग्ध मामलों जैसे 'पेड न्यूज' पर भी कड़ी नजर रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। वहीं चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को अपने सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी नामांकन दाखिल करते समय चुनाव आयोग को देना होगा।

चुनावी खर्च का विवरण भी साझा करना अनिवार्य
इसके साथ ही चुनावी खर्च का विवरण भी साझा किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया और इंटरनेट प्रचार पर हुए खर्च का विवरण चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के अंदर देना होगा। इसमें इंटरनेट कंपनियों को भुगतान, विज्ञापन सामग्री तैयार करने का खर्च और सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन का खर्च शामिल होगा।

कुल मिलाकर चुनाव आयोग का यह कदम डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। आयोग का उद्देश्य है कि राजनीतिक प्रचार ईमानदारी और नियमों के अनुरूप हो।

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Wed, 15 Oct 2025 14:04:25 +0530 news desk MPcg
दीपावली पर रेलवे का तोहफा: स्पेशल ट्रेनें शुरू, अब घर पहुंचना होगा आसान! https://citytoday.co.in/3961 https://citytoday.co.in/3961 मुंबई
 दीपावली का त्यौहार नजदीक है, और हर कोई अपने परिवार के पास जाकर इस पावन पर्व को मनाने की इच्छा रखता है. मगर दूर मेट्रो सिटी या अन्य राज्यों में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए घर पहुंचना हमेशा एक बड़ी चुनौती भरा रहा है. त्योहारों के मौसम में कंफर्म ट्रेन टिकट मिलना किसी लॉटरी से कम नहीं होता, जिसके चलते कई लोग चाहकर भी अपने अपनों से नहीं मिल पाते. लेकिन इस बार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा और भावनात्मक तोहफा दिया है.

त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने भगत की कोठी–हुबली फेस्टिवल वीकली एसी स्पेशल ट्रेन (07360/07359) के संचालन की घोषणा की है. यह ट्रेन विशेष रूप से दीपावली सीजन में उन यात्रियों को बड़ी सुविधा देगी जो पाली, मारवाड़ जंक्शन, फालना समेत आस-पास के इलाकों से पुणे, मुंबई या दक्षिण भारत की ओर यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन जिन्हें सामान्य ट्रेनों में टिकट नहीं मिल पा रहा है.

संचालन की तारीख और समय
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन अपने दूसरे ट्रिप के लिए मंगलवार, 14 अक्टूबर को भगत की कोठी से सुबह 7:50 बजे रवाना होगी. ट्रेन संख्या 07360 भगत की कोठी से हुबली तक साप्ताहिक रूप से चलेगी. यह ट्रेन हर मंगलवार को 28 अक्टूबर तक यात्रियों को सुविधा देगी. इसी प्रकार, वापसी में ट्रेन संख्या 07359 हुबली से हर सोमवार को 27 अक्टूबर तक चलेगी. इस एसी स्पेशल सेवा से यात्रियों को आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा.

इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
यह फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन राजस्थान के प्रमुख स्टेशनों जैसे लूनी, पाली, मारवाड़ जंक्शन, फालना, पिंडवाड़ा, आबूरोड पर रुकेगी. इसके बाद यह गुजरात के पालनपुर, महेसाना, वडोदरा होते हुए मुंबई मार्ग पर सूरत, वापी, वसई रोड, कल्याण जैसे व्यस्त स्टेशनों पर रुकेगी. दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन पुणे, सतारा, कराड, सांगली, मिरज, घटप्रभा, बेलगांव और धारवाड़ स्टेशनों पर रुकेगी. बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे यह ट्रेन अपने गंतव्य हुबली पहुंचेगी, जिससे यह यात्रा करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन जाएगा.

रेलवे अधिकारी का आश्वासन
सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने बताया कि मुंबई रूट पर पहले से 2 दैनिक और 8 साप्ताहिक ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन त्योहारों के दौरान यात्रियों का अतिरिक्त दबाव होता है. इसी को देखते हुए इस एसी स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की गई है ताकि कोई भी यात्री दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर अपने परिवार से दूर न रह जाए. यह पहल सिर्फ एक ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि रिश्तों की डोर को मजबूत करने का रेलवे का एक प्रयास है.

 

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Tue, 14 Oct 2025 13:59:59 +0530 news desk MPcg
सोशल मीडिया पर महिलाओं से दोस्ती कर निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने वाला साइबर ठग गिरफ्तार https://citytoday.co.in/3960 https://citytoday.co.in/3960 नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (वार्ता)

 पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस की साइबर थाना टीम ने एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर महिला बनकर महिलाओं से दोस्ती करता था और बाद में उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन वसूली करता था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनोज वर्मा उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक टेक्नो के एल आठ मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें अश्लील फोटो, वीडियो और कई फर्जी फेसबुक अकाउंट मिले हैं।
उपायुक्त पश्चिम दराड़े शरद भास्कर ने मंगलवार को बताया कि 21 सितंबर को एक महिला ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने फेसबुक पर महिला बनकर उससे दोस्ती की और बाद में व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू की। आरोपी ने उसका विश्वास जीतकर निजी तस्वीरें और वीडियो मांगे और जब उसने साझा किए, तो उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग शुरू कर दी। पीड़िता ने भयवश आरोपी को कई लाख रुपये दे दिए, लेकिन ब्लैकमेलिंग रुकने के बजाय बढ़ती चली गई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच टीम ने आरोपी के मोबाइल नंबर से जुड़े यूपीए ट्रेल्स, गूगल पे अकाउंट, सब्सक्राइबर डिटेल्स और आई पी लॉग का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपी लखनऊ में सक्रिय है। इसके बाद टीम ने लखनऊ में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाता था और महिलाओं से दोस्ती करता था। बातचीत के बाद वह उन्हें निजी फोटो और वीडियो साझा करने के लिए बहलाता था। बाद में इन्हीं तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर रुपये ऐंठता था। कई मामलों में वह पीड़ित महिलाओं की तस्वीरों से नए फर्जी अकाउंट बनाकर अतिरिक्त दबाव भी बनाता था।
पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है।

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Tue, 14 Oct 2025 13:54:26 +0530 news desk MPcg
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस ने चार संदिग्धों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी https://citytoday.co.in/3959 https://citytoday.co.in/3959 नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (वार्ता)

दक्षिणी दिल्ली स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (एसएयू) में एक छात्रा से दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना रविवार दोपहर की बतायी जा रही है।
पुलिस के मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि साेमवार दोपहर करीब तीन बजे थाना मैदानगढ़ी में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की सूचना दी गई थी। कॉल छात्रा के परिचित व्यक्ति ने की थी।
पुलिस ने बताया कि छात्रा को फिलहाल काउंसलिंग दी जा रही है और शुरुआती समय में उसने कोई बयान नहीं दिया था। हालांकि बाद में, जब पीड़िता ने बयान दर्ज कराया, तो उसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
छात्रा ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर की निर्माण स्थल पर चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए गैंगरेप की धाराएं भी जोड़ी हैं।
दक्षिण दिल्ली पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, “पीड़िता के बयान के आधार पर उपयुक्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ की जा रही है।”
फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी तरह गोपनीय और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।

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Tue, 14 Oct 2025 13:51:34 +0530 news desk MPcg
सूचना का अधिकार सिर्फ कागजों पर जिंदा है : कांग्रेस https://citytoday.co.in/3958 https://citytoday.co.in/3958 नयी दिल्ली 14 अक्टूबर (वार्ता)

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जनता के शासन प्रशासन के कामकाज की जानकारी लेने वाले सूचना के अधिकार कानून को सिर्फ कागजों पर जिंदा रखा है लेकिन इसे व्यावहारिक रूप से खत्म कर दिया है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने इसको लेकर एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र में विस्तार से लेख लिखकर कहा है कि यह कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का क्रांतिकारी विचार था लेकिन जनता के इस अधिकार को मोदी सरकार ने किस तरह से ध्वस्त कर दिया है उसका विवरण इस लेख में है।
श्री खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने लेख के बारे में जानकारी देते हुए मंगलवार को बताया, “कागज़ों पर तो आरटीआई जिंदा है लेकिन व्यवहारिक तौर से मोदी सरकार ने इस क्रांतिकारी विचार की मशीनरी को ध्वस्त कर दिया है, जिसने क़ानून के जरिए ताकतवर लोगों को कमजोर लोगों के प्रति जवाबदेह बनाया था। मैं मोदी सरकार द्वारा आरटीआई क़ानून को कुचले जाने पर लिख रहा हूँ।”
कांग्रेस नेता तथा पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी जय रामनरेश ने भी इस कानून के 20 साल पूरा होने पर रविवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि मोदी सरकार ने सूचना के अधिकार कानून को पंख बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें संशोधन कर इस कानून की व्यावहारिकता को ही खत्म कर दिया गया है।

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Tue, 14 Oct 2025 13:44:13 +0530 news desk MPcg
अगले 24 घंटे में तूफानी चेतावनी! इस राज्य में IMD का हाई अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/3945 https://citytoday.co.in/3945 केरल
केरल में आने वाले दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बन गया है, जो राज्य में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 से 15 अक्टूबर के बीच केरल में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है और कई जगह तेज हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पत्तनमतिट्टा, इडुक्की, पालक्काड, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में 12 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। IMD ने आगे बताया कि 12 से 17 अक्टूबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हर 24 घंटे में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है।

लक्षद्वीप और समुद्री क्षेत्रों में अलर्ट
IMD ने कहा कि लक्षद्वीप में 11 और 12 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम खराब रहेगा। वहां गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ हवाओं की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लक्षद्वीप, केरल और कर्नाटक के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि समुद्र की स्थिति अस्थिर है।

पूर्वोत्तर मानसून का प्रभाव
केरल में इस महीने के अंत तक पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होने की संभावना है। सामान्यतः यह मानसून अक्टूबर के मध्य में आता है और भारी बारिश लेकर आता है। हालांकि इस बार यह कुछ देर से शुरू हो सकता है, लेकिन आने के बाद राज्य में बारिश और तेज हो सकती है।

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Mon, 13 Oct 2025 19:06:27 +0530 news desk MPcg
मोदी का जीत मंत्र: 15 अक्टूबर को बिहार BJP कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद https://citytoday.co.in/3944 https://citytoday.co.in/3944 नई दिल्ली/पटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत बिहार के बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बात करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनके सुझाव सुनेंगे। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान एक लंबे समय से चलने वाला, इंटरैक्टिव आउटरीच अभियान है जिसका उद्देश्य स्थानीय या बूथ स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पार्टी के संबंधों को मजबूत करना है।

एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि हमारे समर्पित कार्यकर्ता बिहार में भाजपा-एनडीए की जीत के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट गए हैं। ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने से हमेशा नई प्रेरणा मिलती है। 15 अक्टूबर को मुझे ऐसे कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि आप सभी 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान से जुड़ें और आज ही अपने सुझाव साझा करें। मैं कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से उनके सुझावों पर सीधे चर्चा भी करूंगा। बिहार की 243 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 6 और 11 नवंबर को चुनाव होंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी।

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं, का सीधा मुकाबला राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से है, जिसमें कांग्रेस, वामपंथी दल और छोटे संगठन शामिल हैं। रविवार तक भाजपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी घोषित कर सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों के चयन के लिए नई दिल्ली में व्यापक बैठकें की हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वामपंथी दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) सहित महागठबंधन में भी अभी तक सीट बंटवारे पर आम सहमति नहीं बना पाया है। महागठबंधन के सहयोगी दल सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए काम कर रहे हैं।

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Mon, 13 Oct 2025 18:58:37 +0530 news desk MPcg
कर्नाटक में RSS पर बैन का प्रस्ताव? मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे के पत्र ने बढ़ाई सियासी हलचल https://citytoday.co.in/3943 https://citytoday.co.in/3943  बेंगलुरु

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं और उसका देश भर में जश्न मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शताब्दी वर्ष से जुड़े एक आयोजन में हिस्सा लिया था और आरएसएस के सम्मान में डाक टिकट और सिक्का जारी किया था। लेकिन कर्नाटक में उसकी गतिविधियों पर बैन भी लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने एक पत्र सिद्धारमैया सरकार को लिखा है, जिसमें संघ पर आरोप लगाया है कि वे संविधान से इतर गतिविधियां करते हैं। उनकी ओर से युवाओं और बच्चों को उकसाया जाता है ताकि देश की एकता और अखंडता पर खतरा पैदा हो।

अब इस लेटर के आधार पर सिद्धारमैया ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश से कहा है कि वे पूरे मामले को समझें और उसकी जानकारी लेने के बाद जरूरी ऐक्शन लें। प्रियांक खरगे सिद्धारमैया की सरकार में आईटी मिनिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रियांक खरगे के प्रस्ताव पर भाजपा ने तीखा विरोध जाहिर किया है। भाजपा का कहना है कि अपनी असफलताओं से जनता का ध्यान खींचने के लिए सरकार चाहती है कि एक नया मुद्दा खड़ा हो जाए। इसके अलावा कांग्रेस में सीएम पद के लिए मची आंतरिक कलह को भी इसकी एक वजह बताया है। बता दें कि पिछले दिनों डीके शिवकुमार ने विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना की दो पंक्तियां सुनाई थीं और उसकी तारीफ की थी।

प्रियांक खरगे ने पत्र में मांग की है कि आरएसएस की गतिविधियों पर बैन लगे। जैसे शाखा और बैठकों पर पाबंदी लगे। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगे। सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूल, खेल के मैदान आदि पर शाखाएं ना लगने दी जाएं। इसके अलावा सरकार के अंतर्गत आने वाले मंदिरों के इस्तेमाल पर भी रोक लगे। प्रियांक ने कहा कि आरएसएस अपनी गतिविधियों से नफरत के बीज बो रहा है। पुलिस से परमिशन के बिना ही आरएसएस के कार्यकर्ता लाठी लेकर चलते हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि संघ की बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेस को पच नहीं रही है। अब वह असहिष्णु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी पूरे देश में कोई घटना नहीं है, जब आरएसएस के लोगों ने कोई अनुशासनहीनता दिखाई हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो लंबे समय से खिलाफ ही रही है, लेकिन आरएसएस की अपनी भूमिका है और देश रक्षा के लिए वह हमेशा तत्पर रहा है।

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Mon, 13 Oct 2025 18:55:32 +0530 news desk MPcg
99 महीनों में सबसे कम महंगाई! घरेलू बजट को राहत, कई सामान हुए सस्ते https://citytoday.co.in/3942 https://citytoday.co.in/3942 नई दिल्ली

आम आदमी को महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है, सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर गिरकर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून-2017 के बाद खुदरा महंगाई दर सितंबर में सबसे कम रही. यानी करीब 99 महीने में सबसे कम महंगाई दर सितंबर महीने में दर्ज की गई है. 

दरअसल, सितंबर 2025 में खाने-पीने की चीजें सस्ती होने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) लुढ़क कर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई. इससे पहले अगस्त महीने में मामूली बढ़ोतरी के साथ खुदरा महंगाई दर 2.07% पर पहुंच गई थी, जबकि जुलाई- 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.55 फीसदी दर्ज की गई थी. आंकड़ों को देखें तो खाद्य मुद्रास्फीति लगातार चौथे महीने निगेटिव रही है.

खुदरा महंगाई के बास्केट में करीब 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है, जो कि महीने-दर-महीने के आधार पर सितंबर में माइनस 0.64% से घटकर माइनस 2.28% रह गई. वहीं सितंबर महीने में ग्रामीण महंगाई दर 1.69% से घटकर 1.07% हो गई है. जबकि शहरी महंगाई 2.47% से घटकर 2.04% पर आ गई. 

महंगाई में गिरावट के पीछे GST का भी योगदान

खुदरा महंगाई दर में गिरावट के पीछे GST रिफॉर्म का भी बड़ा योगदान रहा है, जीएसटी रेट में बदलाव और खाने-पीने की चीजों पर जीएसटी रेट में कटौती से भी सामान सस्ते हुए हैं. बता दें, 22 सितंबर से देश में जीएसटी रिफॉर्म को लागू हो गया है.

इन सबके बीच खुदरा महंगाई अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 2-6% की आरामदायक सीमा के भीतर बनी हुई है. खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी या गिरावट तब आती है, जब‍ फूड प्रोडक्‍ट्स खासकर आलू, प्‍याज, हरी सब्जियां, चावल, आटा और दाल वगैरह की कीमतें बढ़ती या घटती हैं.

गौरतलब है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बीते महीने कहा था कि वित्त वर्ष-26 की अंतिम तिमाही में मुद्रास्फीति में तेजी आने की संभावना है, खासकर सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण. वित्त वर्ष 26 के लिए RBI अब मुद्रास्फीति 3.1% रहने का अनुमान लगा रहा है, जो कि पहले 3.7% रहने का अनुमान लगाया गया था. 

कैसे मापते हैं खुदरा महंगाई दर

खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) एक आर्थिक संकेतक है, जो उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में औसत बढ़ोतरी को मापता है. भारत में यह आमतौर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index – CPI) के आधार पर गणना की जाती है. CPI मुख्य तौर पर वस्तुओं और सेवाओं, जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन, कपड़े, आवास, स्वास्थ्य और परिवहन की कीमतों में बदलाव को ट्रैक करता है, जो सामान्य उपभोक्ता के दैनिक जीवन के लिए आवश्यक हैं. भारत में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) CPI डेटा जारी करता है.

खुदरा महंगाई का आम आदमी पर असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो रेट जैसे उपायों का उपयोग करता है. RBI का लक्ष्य खुदरा महंगाई को 4% (+/- 2%) के दायरे में रखना है. महंगाई बढ़ने से आम लोगों की क्रय शक्ति प्रभावित होती है. महंगाई दर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रिटर्न की वास्तविक वैल्यू को प्रभावित करती है.

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Mon, 13 Oct 2025 18:52:28 +0530 news desk MPcg
भूटान के पानी से बाढ़, ममता बोली: पश्चिम बंगाल को मुआवजा मिलना चाहिए https://citytoday.co.in/3941 https://citytoday.co.in/3941 कोलकाता 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि पड़ोसी देश भूटान से बहकर आने वाले पानी के कारण उत्तर बंगाल में बाढ़ आयी और उन्होंने भूटान से मुआवजे की मांग की। राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही मुख्यमंत्री बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में कहा कि भूटान से विभिन्न नदियों के माध्यम से बहकर आने वाले वर्षा जल के कारण यह क्षति हुई है।

बनर्जी ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, ‘‘भूटान से आने वाले पानी के कारण हमें नुकसान हुआ है हम चाहते हैं कि वे हमें मुआवजा दें।" उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले कुछ समय से भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन पर जोर दे रही हूं और मेरी मांग है कि पश्चिम बंगाल को भी इसका हिस्सा बनाया जाए। हमारे दबाव में इस महीने की 16 तारीख को एक बैठक होनी है और हमारे अधिकारी उसमें शामिल होंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य को आपदाओं से निपटने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित रखा है।

बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा के बामनडांगा क्षेत्र में कई राहत शिविरों का दौरा किया, जो चार अक्टूबर को हुई भारी बारिश के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इससे इस क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी और दार्जिलिंग तथा उसके निचले इलाकों के ऊपरी इलाकों में जान-माल की व्यापक क्षति हुई थी। पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। प्राकृतिक आपदा के बाद बनर्जी उत्तर बंगाल के अपने दूसरे दौरे पर हैं। वह शुक्रवार तक वहां रहेंगी। राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री बनर्जी पांच अक्टूबर से चार दिनों के लिए उत्तर बंगाल में थीं।

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Mon, 13 Oct 2025 18:50:15 +0530 news desk MPcg
मुर्मु ने गुजरात विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह को किया संबोधित https://citytoday.co.in/3934 https://citytoday.co.in/3934 अहमदाबाद, 12 अक्टूबर (वार्ता)

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात विद्यापीठ के 71वें दीक्षांत समारोह को शनिवार को संबोधित किया।

श्रीमती मुर्मु आज इस अवसर पर गुजरात विद्यापीठ को राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के जीवंत आदर्शों का ऐतिहासिक प्रतीक बताकर कहा कि गुजरात विद्यापीठ परिसर हमारे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों की पवित्र भूमि रही है। उन्होंने महात्मा गांधी की पवित्र स्मृति को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने गुजरात विद्यापीठ के छात्रों से कहा कि उन्हें इस बात से अवगत रहना चाहिए कि बापू उनसे राष्ट्रीय पहलों में योगदान की अपेक्षा रखते थे। राष्ट्रपति ने कहा कि बापू की अपेक्षाओं के अनुरूप छात्रों को राष्ट्र के विकास से संबंधित सभी पहलों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने छात्रों को देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने की सलाह दी।

राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि गुजरात में लंबे समय से स्वरोजगार कीं संस्कृति रही है। उन्होंने गुजरात की स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने वाली संस्कृति को पूरे देश में फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि गुजरात विद्यापीठ के छात्र इस आत्मनिर्भरता की संस्कृति के अग्रदूत बनेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकता है और छात्रों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रीय स्वदेशी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षा सामाजिक पुनर्निर्माण का सबसे प्रभावशाली साधन है। उन्होंने गुजरात विद्यापीठ के शिक्षकों एवं छात्रों को शिक्षा के इस उद्देश्य का उदाहरण प्रस्तुत करने की सलाह दी और कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य चरित्र निर्माण एवं नैतिक मूल्यों का विकास है तथा छात्र अपनी शिक्षा का व्यावहारिक उपयोग स्थानीय संदर्भों के साथ जोड़कर कर सकते हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति ने आज सुबह गुजरात के द्वारका स्थित द्वारकाधीश मंदिर जाकर दर्शन एवं आरती की।

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Sun, 12 Oct 2025 15:41:54 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड बन चुकी है पेपर लीक प्रदेश : रावत https://citytoday.co.in/3933 https://citytoday.co.in/3933 देहरादून (वार्ता)

 यूकेएसएसएससी पेपर लीक और एकल जांच समिति की रिपोर्ट को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड पेपर लीक प्रदेश बन गया है।

श्री रावत ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि यह परीक्षा रद्द होने जा रही है, क्योंकि शुक्रवार को कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर मुलाकात की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार परीक्षा से ठीक पहले ऐसा माहौल क्यों बनाती है जिससे परीक्षार्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिस तरह आईपीएल और अन्य खेलों में लीग मैच होते हैं, उसी तरह अब उत्तराखंड में पेपर लीक लीग’ हो रही है। इसका आयोजन राज्य सरकार कर रही है और मुख्यमंत्री उसके मुख्य अभिनेता हैं।

श्री रावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में हर परीक्षा के साथ पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर बेरोजगार युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण उनके सपनों पर बार-बार पानी फिर रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में एक बार फिर नया परीक्षा कैलेंडर जारी होगा, लेकिन परीक्षार्थी खुद को ठगा हुआ महसूस करेंगे क्योंकि सरकार ने अब तक पिछली परीक्षाओं के दोषियों पर भी ठोस कार्रवाई नहीं की है।

श्री रावत ने राज्य सरकार से मांग की कि पेपर लीक प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए, ताकि राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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Sun, 12 Oct 2025 15:34:08 +0530 news desk MPcg
केरल HC का सख्त रुख: ‘कल को ताजमहल और लाल किला भी वक्फ संपत्ति कह देंगे?’ https://citytoday.co.in/3926 https://citytoday.co.in/3926 तिरुवनंतपुरम

केरल हाईकोर्ट ने मुनंबम वक्फ भूमि विवाद पर एक सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य वक्फ बोर्ड को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी संपत्ति को बिना उचित प्रक्रिया के वक्फ घोषित करने की अनुमति दी गई तो कल को ताजमहल, लालकिला, विधानसभा भवन या यहां तक कि हाईकोर्ट की इमारत को भी वक्फ संपत्ति बताया जा सकता है। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधीकारी और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने ‘स्टेट ऑफ केरल बनाम केरल वक्फ संरक्षण वेधी’ मामले में सुनाया।

न्यायालय ने कहा, “यदि न्यायपालिका ऐसे मनमाने वक्फ घोषणाओं को वैधता दे दे तो कल को कोई भी इमारतो,चाहे वह ताजमहल, लालकिला, विधान भवन या स्वयं यह अदालत हो, वक्फ घोषित की जा सकती है। यह प्रवृत्ति संविधान के अनुच्छेद 300A के तहत नागरिकों के संपत्ति अधिकार, अनुच्छेद 19 के तहत व्यापार की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और आजीविका के अधिकार के लिए खतरा है।” पीठ ने कहा कि संविधानिक दायित्वों के तहत कोई भी अदालत ऐसी काल्पनिक और विलंबित शक्ति के प्रयोग को मंजूरी नहीं दे सकती।

मुनंबम की यह जमीन 1950 में सिद्दीक सैद नामक व्यक्ति द्वारा फारूक कॉलेज को दान में दी गई थी। उस समय भूमि का कुल क्षेत्रफल 404.76 एकड़ था, जो समुद्री कटाव के कारण घटकर 135.11 एकड़ रह गया है। इस भूमि पर पहले से ही कई लोग बसे हुए थे और कॉलेज प्रबंधन ने बाद में इन निवासियों को जमीन बेच भी दी। इन बिक्री दस्तावेजों में कहीं भी भूमि के वक्फ होने का उल्लेख नहीं था। लेकिन लगभग 69 साल बाद 2019 में केरल वक्फ बोर्ड ने अचानक इस जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया और पुराने बिक्री सौदों को अवैध ठहरा दिया।

लगभग 600 परिवारों के विरोध के बाद राज्य सरकार ने नवंबर 2024 में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सी.एन. रामचंद्रन नायर की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित किया था। इसे वक्फ संरक्षण समिति ने अदालत में चुनौती दी। कहा गया कि सरकार को वक्फ संपत्ति की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। मार्च 2025 में एकल पीठ ने आयोग को रद्द कर दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की।

खंडपीठ ने कहा कि फारूक कॉलेज को दी गई भूमि ‘गिफ्ट डीड’ (दानपत्र) थी, वक्फ डीड नहीं। पिछली सभी कानूनी कार्यवाहियों में इसे दानपत्र ही माना गया था और कॉलेज प्रबंधन ने भी इसे वक्फ नहीं बताया था। वक्फ बोर्ड ने सिर्फ इसलिए इसे वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया क्योंकि दस्तावेज का शीर्षक “वक्फ घोषणा” लिखा था, जबकि उसमें वक्फ बनने की आवश्यक कानूनी शर्तें पूरी नहीं थीं।

अदालत ने कहा कि वक्फ बोर्ड की यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और स्वार्थपूर्ण प्रतीत होती है, क्योंकि यह कदम भूमि के व्यावसायिक मूल्य बढ़ने के बाद उठाया गया। कोर्ट ने कहा, “केडब्ल्यूबी (वक्फ बोर्ड) की यह कार्रवाई साफ तौर पर बेईमानी से प्रेरित लगती है, जिसका उद्देश्य भूमि पर नियंत्रण हासिल करना है।”

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह मामला वक्फ ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि अदालत के। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि वह यह जांचने के लिए सक्षम है कि वक्फ घोषित करने की प्रक्रिया सर्वेक्षण, सुनवाई और जांच न्यायोचित तरीके से की गई या नहीं। कोर्ट ने कहा, “किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने की प्रक्रिया नागरिकों के मूल अधिकारों को प्रभावित करती है। इसलिए अदालत इस पर निगरानी रख सकती है।”

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Sat, 11 Oct 2025 19:19:34 +0530 news desk MPcg
दुर्गापुर मामला: छात्रा की मां का बयाँ, जंगल में ले जाकर किया गया हमला https://citytoday.co.in/3925 https://citytoday.co.in/3925 दुर्गापुर 

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार रात की है, जब सेकंड ईयर की स्टूडेंट अपने कॉलेज कैंपस के बाहर दोस्त के साथ खाना खाने गई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आसनसोल-दुर्गापुर शहर पुलिस के अधिकारी ने बताया, 'हमें घटना को लेकर शिकायत मिली थी। जांच शुरू हो चुकी है और हमारी टीमें तैनात हैं। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।'

पीड़ित छात्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली है। उसने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ कैंपस के बाहर खाना खाने गई थी, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका। उसने आरोप लगाया कि उसका दोस्त मौके से भाग गया, जिसके बाद उन लोगों ने उसे जबरदस्ती पास के जंगल में ले जाकर रेप किया। छात्रा की मां ने मीडिया को बताया, 'मेरी बेटी अपने दोस्त के कहने पर खाना खाने गई थी। तीन लोग उनका पीछा करने लगे। उसका दोस्त उसे छोड़कर भाग गया। मेरी बेटी भी भागी, लेकिन वह अपने दोस्त को नहीं ढूंढ सकी।'
कुछ संदिग्ध हिरासत में

छात्रा की मां ने आगे बताया, 'तीन लोगों ने मेरी बेटी को अकेला पाकर पास के जंगल क्षेत्र में ले गए। वहां दो और लोग उनके साथ शामिल हो गए। उनमें से एक ने अपराध को अंजाम दिया और उसका मोबाइल भी छीन लिया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने शोर मचाया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।' इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और छात्रा के परिवार ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारी ने बताया, 'हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। रास्ते और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।'

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Sat, 11 Oct 2025 19:17:37 +0530 news desk MPcg
चीन की दबंगई पर भारत का समुद्री जवाब, ऑस्ट्रेलिया के साथ 3 रक्षा समझौते https://citytoday.co.in/3900 https://citytoday.co.in/3900 नई दिल्ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं, जहां तीन बड़े रक्षा समझौते किए गए हैं. भारत ने क्‍वाड (Quad) पर कैनबरा से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ट्रंप ने क्‍वाड में अमेरिकी भागीदारी पर उदासीनता को कई बार स्‍पष्‍ट रूप से जताया है. वहीं, भारत क्‍वाड के अन्‍य सदस्‍य देशों (ऑस्‍ट्रेलिया और जापान) के साथ ही इस जोन के अन्‍य महत्‍वपूर्ण देशों (जैसे दक्षिण कोरिया) के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है. बता दें कि हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गत‍िविधियों पर लगाम लगाने के लिए Quad का गठन किया गया था. इसमें भारत के साथ ही अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ट्रंड की नीतियों के चलते इसपर ग्रहण सा लगता दिख रहा था, जिसे भारत अब कूटनीतिक ईंधन देकर उसे एक सशक्‍त फोरम बनाने में जुटा है.

अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की Indo-Pacific नीति और Quad के प्रति घटती रुचि के बीच भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में तीन महत्‍वपूर्ण समझौते किए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्‍ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्‍स के बीच कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्‍बी खोज एवं बचाव सहयोग, और ज्‍वाइंट स्‍टाफ डायलॉग मेकेनिज्‍म की स्‍थापना से जुड़े तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा ढांचा समझौता पर भी जल्‍द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई. यह नया ढांचा वर्ष 2009 में हुए साझा सुरक्षा घोषणा पत्र की जगह लेगा.
भारत लगातार मजबूत कर रहा रिश्‍ते

राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा है. यह ऐसे समय में हुई है, जब भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और नीति असंतुलन के बीच जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ अपने रक्षा संबंधों को सशक्‍त कर रहा है. मार्ल्‍स ने पहले कहा था कि चीन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया दोनों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है. बैठक में दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध माहौल को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है. दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही, उड़ान और निर्बाध व्यापार के महत्व को भी दोहराया.
रणनीतिक तौर पर अहम

भारत-जापान के हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद यह बैठक Quad देशों (भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान) के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले महीने में होने वाले मालाबार नौसैनिक अभ्यास से पहले दोनों देशों ने समुद्री निगरानी और डोमेन अवेयरनेस पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की. हमने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्ता को दोहराया.’ उन्‍होंने आतंकवाद पर भारत की सख्‍त नीति दोहराते हुए कहा, ‘आतंक और वार्ता साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्‍यापार साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.’ राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.

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Fri, 10 Oct 2025 14:38:56 +0530 news desk MPcg
PM मोदी से बात करने के लिए कैबिनेट मीटिंग बीच में छोड़ी नेतन्याहू ने, आखिर क्या थी चर्चा? https://citytoday.co.in/3899 https://citytoday.co.in/3899 नई दिल्ली

यरूशलम में गुरुवार रात एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. एजेंडा बेहद गंभीर था. गाजा में सीजफायर और बंधकों की रिहाई पर बड़ा फैसला होना था. लेकिन अचानक नेतन्‍याहू ने बैठक रोक दी. वजह? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आ गया था. जी हां, नेतन्‍याहू ने अपने सारे मंत्री और अफसर कुछ मिनटों के लिए इंतजार में छोड़ दिए, ताकि वो सीधे पीएम मोदी से बात कर सकें. दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत लगभग दस मिनट चली, लेकिन उसका असर अब दोनों देशों के रिश्तों पर साफ दिख रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का फोन रिसीव किया. मोदी ने उन्हें इस समझौते पर बधाई दी और कहा कि भारत इस मानवीय प्रयास का समर्थन करता है. बयान में आगे लिखा है कि मोदी ने नेतन्‍याहू को करीबी दोस्त बताया और कहा कि भारत-इजरायल की दोस्ती हर परिस्थिति में मजबूत रहेगी. नेतन्‍याहू ने भी पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वो भारत के साथ मिलकर काम जारी रखना चाहते हैं.

नेतन्याहू को दी बधाई, गाज़ा समझौते का किया स्वागत

पीएम मोदी ने नेतन्याहू को फोन लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गाज़ा में शांति प्लान के तहत हुई प्रगति पर इज़रायली पीएम को बधाई दी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर हुए समझौते का स्वागत भी किया। पीएम मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है।

मोदी बोले-आतंकवाद कहीं भी बर्दाश्त नहीं
इस बातचीत के तुरंत बाद पीएम मोदी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू को फोन करके गाजा शांति योजना में हुई प्रगति पर बधाई दी. हमने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों के लिए बढ़ाई जा रही मानवीय मदद का स्वागत किया. मैंने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी रूप में और कहीं भी स्वीकार्य नहीं है. मोदी के इस ट्वीट को कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज़ मिले और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इसे हाथों-हाथ लिया. कई विश्लेषकों ने कहा कि यह बातचीत इस बात का संकेत है कि भारत अब पश्चिम एशिया की राजनीति में एक संतुलित लेकिन प्रभावी भूमिका निभा रहा है.

सोमवार तक रिहा होंगे सभी बंधक
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि गाज़ा में हामास के कब्जे में मौजूद बंधकों को सोमवार या मंगलवार को रिहा कर दिया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे मिस्र में आयोजित होने वाली समझौते की हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में बताया कि बुधवार को बंधकों की रिहाई और गाज़ा के पुनर्निर्माण के पहले चरण पर समझौता हुआ. हामास 72 घंटे के संघर्षविराम के बाद 20 बचे बंधकों को एक साथ रिहा करेगा. ट्रंप ने इसे खुशी का दिन बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में “स्थायी शांति” की उम्मीद है.

गाजा डील और नेतन्‍याहू की मुश्किलें
इजरायल और हमास के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष में यह सीजफायर डील बेहद अहम मानी जा रही है. इसमें सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने की बात कही गई है. इजरायल के भीतर इस समझौते को लेकर मतभेद हैं. कुछ नेता मानते हैं कि यह आतंक के आगे झुकना है, तो कुछ इसे जरूरी राहत बता रहे हैं. ऐसे वक्त में नेतन्‍याहू का मोदी से बात करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश है कि भारत न सिर्फ गाजा संकट पर नज़र रखे हुए है, बल्कि शांति के हर प्रयास का समर्थन कर रहा है.

पीएम मोदी ने इजरायल को बताया भारत का मित्र

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू हमेशा से भारत के घनिष्ठ मित्र रहे हैं और दोनों देशों के बीच यह मित्रता आने वाले समय में भी और मजबूत रहेगी. मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते आपसी विश्वास, सहयोग और समान मूल्यों पर आधारित हैं और यह संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मोदी का इजरायल के प्रति समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत और इजरायल आगे भी करीबी साझेदारी और समन्वय के साथ विभिन्न मुद्दों पर साथ काम करते रहेंगे.

पीएम ने की ट्रंप से बात

गुरुवार को इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की और उन्हें अमेरिका की ओर से कराए गए गाजा शांति समझौते के पहले चरण की सफलता पर बधाई दी. यह तीन हफ्तों में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच दूसरी फोन कॉल थी.

प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक शांति योजना को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना की. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मैंने मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी. व्यापारिक वार्ताओं में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की.
गाजा में हुआ युद्धविराम

अमेरिका ने घोषणा की कि इजराइल और हमास — जो पिछले दो साल से एक-दूसरे से लड़ रहे हैं — उन्होंने गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति बना ली है. इस पहले चरण में गाजा पट्टी में युद्धविराम (सीजफायर) लागू किया जाएगा और इजराइली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की जाएगी.

यह युद्ध उस समय शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइली पर हमला किया था. इस हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हो गई थी और हमास ने 251 लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें से अब भी 50 से अधिक लोग उसकी कैद में हैं. इजराइल ने इस हमले के बाद गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया. फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.

यह शांति समझौता उस लंबे संघर्ष में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, जिसने गाजा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है और हजारों परिवारों को विस्थापित किया है. इस समझौते के जरिए दोनों पक्षों में मानवीय आधार पर कुछ राहत पहुंचाने और स्थायी शांति की दिशा में एक कदम बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

 

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Fri, 10 Oct 2025 14:36:46 +0530 news desk MPcg
पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला: मंत्री सुजीत बोस के ठिकानों सहित 11 स्थानों पर ईडी की छापेमारी https://citytoday.co.in/3898 https://citytoday.co.in/3898 नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (वार्ता)

पश्चिम बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को राज्यभर में 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
यह कार्रवाई राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस के विधायक सुजीत बोस से जुड़े परिसरों सहित कई जगहों पर जारी है।
ईडी सूत्रों के अनुसार, तलाशी अभियान कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में चलाया जा रहा है। जिन परिसरों पर छापे मारे गए हैं, उनमें सुजीत बोस का सरकारी और निजी कार्यालय, उनसे जुड़ी कंपनियों के दफ्तर और उनके निकट सहयोगियों के घर शामिल हैं।
यह मामला उस नगरपालिका भर्ती घोटाले से संबंधित है, जिसकी जांच सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज इस एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि राज्य में भर्ती घोटाला केवल शिक्षकों की नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न नगरपालिकाओं में हुयी अवैध नियुक्तियों तक फैला हुआ है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ईडी ने इस मामले में मंत्री सुजीत बोस और राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली थी। आज की कार्रवाई इस घोटाले की जांच के दायरे को और व्यापक बनाती दिख रही है।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान कुछ वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। केंद्रीय एजेंसी को संदेह है कि अवैध भर्तियों के बदले बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन हुआ था।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है। एजेंसी आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों और नेताओं से पूछताछ भी कर सकती है।
पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में भर्ती घोटालों को लेकर कई बार केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

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Fri, 10 Oct 2025 14:35:01 +0530 news desk MPcg
वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में टूट गए थे उपेंद्र कुशवाहा के अरमान, रालोसपा को मिली थी करारी हार https://citytoday.co.in/3897 https://citytoday.co.in/3897 पटना, 10 अक्टूबर (वार्ता)

वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (जीडीएसएफ) बना कर गेमचेंजर या किंगमेकर बनने का ख्वाब लिए मैदान में उतरे फ्रंट के नेता तथा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के अरमानों पर जनता ने पानी फेर दिया था और जब परिणाम घोषित हुए तो उनकी पार्टी का सदन में खाता भी नही खुला।
वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर या किंगमेकर बनने का ख्वाब पाले छोटे-छोटे दलों से बेमेल गठजोड़ करने वाले नेताओं ने एक नए गठबंधन जीडीएसएफ का गठन किया। रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने ‘गेमचेंजर’ के दावे के साथ मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा), असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम),समाजवादी जनता दल (डेमोक्रेटिक),सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा जीडीएसएफ बनाया था।
जातीय समीकरण के फॉर्मूले पर बेमेल चुनावी गठजोड़ करने वाले क्षेत्रीय दलों के दिग्गज खुद को ‘गेमचेंजर’ के तौर पर पेश कर रहे थे,लेकिन परिणाम सामने आते ही उनका कोई असर नहीं दिखा। चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि लोक लुभावन नीतियों से जनता को लुभाने के दिन अब लद गए हैं। आम जनता न तो क्षेत्रीय दलों के अवसरवादी एवं बेमेल गठजोड़ का तरजीह दे रही है और न ही उनकी लोक लुभावन नीतियों को तवज्जो मिल रही है।यही वजह है कि इस बार चुनाव में छोटे-छोटे दलों के बेमेल गठजोड़ करने वाले दिग्गजों को जनता ने उनकी राजनीतिक हैसियत बता दी।
चुनावी नतीजे से साफ हो गया कि यह फ्रंट मुकाबले में कहीं नहीं टिका। जीडीएसएफ के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा ने इस नए मोर्चे का गठन एक ऐसे समय मे किया जब महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) दोनों में उन्हें जगह नहीं मिली। शायद यही वजह थी कि जनता ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। इस फ्रंट ने अपने घोषणा-पत्र में बड़े-बड़े वादे किये, लेकिन लोकलुभावन नीतियों को जनता ने किस कदर नकारा है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की कोशिश कर रहे
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को जनता ने उसकी राजनीतिक हैसियत बता दी और चुनाव परिणामों के बाद उसका सूपड़ा साफ हो गया।
श्री कुशवाहा ने प्रचार अभियान में ‘कमाई, दवाई, पढ़ाई और कार्रवाई’ का नारा जमकर उछाला था। इस बार चुनाव में रालोसपा ने 99 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किये थे लेकिन सभी सीट पर उसके सूरमा ढ़ेर हो गये। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने अपने शासन में उत्तर प्रदेश में किए विकास कार्यों का हवाला देकर 78 सीटों पर वोटरों को लुभाने की कोशिश की थी लेकिन उसे केवल एक सीट पर ही जीत हासिल हो पाई। सीमांचल एवं कोसी में श्री ओवैसी ने रोजी-रोजगार और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) का मुद्दा उछाला था। औवैसी की पार्टी ने (एआईएमआईएम) ने 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे हालांकि उसने पांच सीट पर जीत हासिल कर तीसरे मोर्चे की कुछ हद तक लाज बचा ली। गठबंधन में शामिल अन्य तीन दल भी कागजी शेर साबित हुये और जनता ने उन्हें ढ़ेर कर दिया।
श्री कुशवाहा इस बार के विधानसभा चुनाव में वह राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के बैनर तले राजग का हिस्सा बनकर उतरेंगे। श्री कुशवाहा की पार्टी रालोमो इस बार के विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। लेकिन इतना जरूर है श्री कुशवाहा के लिये आगामी बिहार विधानसभा चुनाव न सिर्फ उनकी प्रतिष्ठा के साथ जुड़ा है बल्कि पार्टी की साख भी दांव पर रहेगी। श्री कुशवाहा ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी बिहार के कई इलाकों में मजबूत स्थिति में है और इसे देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण और संवेदनशील विधानसभा सीटें दी जानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्री कुशवाहा की पार्टी रालोमो के राजग में शामिल होने के बाद पिछली बार की तुलना में राजग को अधिक ताकत मिल सकती है, खासकर उन सीटों पर जहां रालोमो की पकड़ मजबूत रही है। रालोमो की हिस्सेदारी से न केवल राजग को वोट बैंक में मदद मिलेगी, बल्कि विपक्षी दलों के लिए यह चुनौती और बढ़ जाएगी। श्री कुशवाहा का प्रभावी नेतृत्व और उनके समर्थक कई जिलों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजग के भीतर सीट बंटवारे पर अब अंतिम दौर की बातचीत चल रही है। जल्द ही सीटों की घोषणा की जा सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में श्री कुशवाहा की पार्टी कितनी सीटों पर जीत दर्ज कर पाती है।

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Fri, 10 Oct 2025 14:33:21 +0530 news desk MPcg
चुनाव आयोग का फैसला: ईपिक नहीं है तो 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों के सहारे कर सकेंगे मतदान https://citytoday.co.in/3896 https://citytoday.co.in/3896 पटना, 10 अक्टूबर (वार्ता

 चुनाव आयोग ने वैसे मतदाता जिनके पास मतदाता पहचान पत्र (ईपिक) नहीं है, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है तो वे 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकेंगे।
मतदाताओं की सुविधा के लिये गये इस अहम फैसले की जानकारी चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बयान जारी कर दी है। इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है।
चुनाव आयोग की ओर से मान्य वैकल्पिक पहचान पत्रों की सूची में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, फोटो सहित बैंक या डाकघर द्वारा जारी पासबुक, श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार, पीएसयू, पब्लिक लिमिटेड कंपनी की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईडी कार्ड शामिल है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन वोट डालने के लिये मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य है, केवल पहचान पत्र से काम नहीं चलेगा।
साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये, विशेषकर ‘पर्दानशीं’ (बुर्का या पर्दा करने वाली) महिलाओं के लिये चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिये हैं। महिला मतदान अधिकारियों की उपस्थिति में और गोपनीयता सुनिश्चित करते हुये उनकी पहचान की जायेगी।
आयोग के अनुसार, बिहार में लगभग 100 प्रतिशत मतदाताओं को ईपिक कार्ड जारी किये जा चुके हैं। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि नये मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर ईपिक कार्ड उपलब्ध करा दिया जाये।

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Fri, 10 Oct 2025 14:31:00 +0530 news desk MPcg
अक्टूबर में ही मौसम ने बदला मिज़ाज: पहाड़ों पर बर्फबारी, दिल्ली&NCR में झमाझम बारिश https://citytoday.co.in/3878 https://citytoday.co.in/3878 नई दिल्ली

दिल्ली-NCR, बिहार, बंगाल समेत देश भर के कई इलाकों में सोमवार-मंगलवार को रुक-रुक कर हुए तेज बारिश और पहाड़ों पर शुरू हुई बर्फबारी से मौसम ने करवट बदल ली है, जिससे लोगों को अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही दिसंबर जैसी ठंड का एहसास होने लगा है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार को तड़के दिल्ली-NCR के कई इलाकों में पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें गरज-बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हल्की बारिश देखी गई.

मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे तक तापमान 21.8°C दर्ज किया गया, जबकि नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया. हवाएं शांत बनी हुई हैं, जिसके कारण कोहरे छाया हुआ है और ठंडी हवा का माहौल बना हुआ है.

सामान्य रहेगा न्यूनतम तापमान

आईएमडी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1-2 डिग्री सेल्सियस अधिक हो सकता है. सुबह के समय उत्तर-पूर्व दिशा से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो दोपहर में पूर्वी दिशा से 10 किमी प्रति घंटे से कम रफ्तार की हवाएं चलेंगी, जो शाम और रात तक दक्षिण-पूर्व दिशा से 8 किमी प्रति घंटे से कम रफ्तार की रहेंगी. 

बुधवार को बादल छाए रहेने की संभावना

IMD ने बुधवार के मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए कहा, 'बुधवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जो सामान्य के आसपास होंगे. सुबह में उत्तर-पूर्व दिशा से 5-10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ेगी और शाम व रात में भी इसी रफ्तार से चलती रहेंगी.'

बिहार और बंगाल में भी ठंडक

दिल्ली-एनसीआर के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है. इन राज्यों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में कमी आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्टूबर की शुरुआत में ही ठंड का एहसास होना असामान्य है, लेकिन ये मौसमी बदलाव राहत के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी ला रहा है.

हिमाचल-उत्तराखंड और J-K में बर्फबारी शुरू

वहीं, उत्तर भारत के ऊंचे पहाड़ी इलाकों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है. इस बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी देखा जा रहा है, जहां ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द कर दिया है.

ऐसा ही बना रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक यह मौसमी पैटर्न बना रह सकता है. जिससे ठंड का एहसास और बढ़ेगा. मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और ठंड को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. खासकर दिल्ली-एनसीआर, बिहार और पश्चिम बंगाल में रहने वाले लोगों को सुझाव दिया गया है कि वे मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और यात्रा या बाहरी गतिविधियों के दौरान उचित तैयारी करें. पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

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Wed, 08 Oct 2025 12:42:41 +0530 news desk MPcg
सिरप से बच्चों की मृत्यु की न्यायिक जांच करे मध्य प्रदेश सरकार : विपक्ष https://citytoday.co.in/3864 https://citytoday.co.in/3864 नयी दिल्ली, 07 अक्टूबर (वार्ता) मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कफ सिरप से बच्चों की मृत्यु पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए इस संकट को भारी भ्रष्टाचार का परिणाम बताया और कहा कि सिरप माफियागीरी के इस प्रकरण की न्यायिक जांच हो और मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर बच्चे के इलाज में हुए खर्च की राशि परिवार को मिलनी चाहिए।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रदेश बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले में नंबर वन है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराध के 2023 में 22,393 मामले सामने आए हैं। चार साल में 59 हजार से ज्यादा बच्चे लापता हो गए।

उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में सिरप पीने से 16 बच्चों की मौत हुई है। कफ सिरप के कारण बच्चों को हो रही दिक्कत को लेकर छिंदवाड़ा के विधायक सोहन वाल्मीकि ने कई बार सरकार को चेताया लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। कई बार मुख्यमंत्री तथा जिला अधिकारी को पत्र लिखे मगर कोई नहीं जागा। सवाल है कि आखिर पत्र लिखने के बाद भी सरकार क्यों नहीं जागी। जब बच्चे मरने लगे और मामला ज्यादा बढ़ा तो एक बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि एक छोटी सी बीमारी में भी टेस्ट कराया जाता है तो प्रदेश में बच्चों की किडनी फेल होने की रिपोर्ट आती है। दवा कंपनी ने परासिया जैसे आदिवासी क्षेत्र को जानबूझकर अपने कारोबार के लिए चुना है और वहां के बच्चों के लिए काल बनकर आई है। कमाल की बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार मृत बच्चों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर सिर्फ चार लाख रुपए दे रही है। सवाल है कि क्या एक मां की गोद उजाड़ने की कीमत सिर्फ चार लाख रुपए है।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बच्चे मर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव कांजीरंगा पार्क घूमने गये हैं और वहां हाथी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। कोई भी समस्या होती है तो वह तुरंत हेलिकॉप्टर से दिल्ली भागते हैं, क्योंकि सारी बड़ी डील वहीं होती है। तमिलनाडु सरकार ने जब इस सिरप को ब्लैकलिस्ट तो तब जाकर मध्यप्रदेश और राजस्थान की सरकारें नींद से जागीं। उन्हें आखिर बच्चों की परवाह क्यों नहीं है।

भाजपा सरकार पर कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी अगर प्रदेश में अपना माल बेचना चाहती है, तो उसमें सरकार की सहभागिता अवश्य होती है और इसमें बाकायदा कमीशन तय किया जाता है। सरकार ने तो चार प्रतिशत तक कमीशन लिया है। मध्य प्रदेश अब कफ सिरप माफियागीरी का अड्डा बन गया है और शराब के साथ कफ सिरप का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ रहा है और बच्चों की जान ली जा रही है।

कांग्रेस नेता ने सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द से जल्द कड़े नियम बनाने की मांग की और आरोप राज्य के मुख्यमंत्री में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है, उनके हर फैसले दिल्ली से तय होते हैं। प्रदेश के अस्पताल में नवजात बच्चों को चूहों ने खा लिया, जिसमें एक बच्चे की मृत्यु हो गई, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। केंद्र सरकार ने तीन अक्टूबर को कफ सिरप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार नहीं जागी।

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Tue, 07 Oct 2025 16:19:56 +0530 news desk MPcg
कांतारा: चैप्टर 1 आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक समृद्धि को खूबसूरती से पेश करती है: रेखा गुप्ता https://citytoday.co.in/3863 https://citytoday.co.in/3863 नयी दिल्ली, 07 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि कांतारा: चैप्टर 1 देश की आध्यात्मिक गहराई और सांस्कृतिक समृद्धि को खूबसूरती से पेश करती है।

श्रीमती गुप्ता ने मंगलवार को कांतारा: चैप्टर 1 के अभिनेता ऋषभ शेट्टी और उनकी टीम ने मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान फिल्म के बारे में अपने विचार व्यक्त किये।

दुनियाभर में लंबे इंतज़ार के बाद, होम्बले फिल्म्स और ऋषभ शेट्टी की कांतारा: चैप्टर 1, जो कांतारा: अ लीजेंड का प्रीक्वल है, पिछले हफ्ते सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। फिल्म के ट्रेलर और गीतों ने पहले ही इंटरनेट पर धमाल मचा दिया था, लेकिन रिलीज़ के बाद इसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ दिये और एक ग्लोबल फेनोमेनन बन गयी। दुनियाभर के दर्शक और समीक्षकों ने इसकी दमदार कहानी, शानदार परफॉर्मेंस और लाजवाब विजुअल्स की तारीफ करनी जारी रखा है।

श्रीमती गुप्ता ने मुलाकात के बाद एक एक्स पोस्ट में कहा, “ अभिनेता और निर्देशक ऋषभ शेट्टी और उनकी टीम से मुलाक़ात हुई। यह फिल्म भारत की आध्यात्मिक गहराई और सांस्कृतिक समृद्धि को खूबसूरती से पेश करती है, हमारी परंपराओं को जीवंत करती है। कांतारा जैसी रचनायें गर्व से हमारी विरासत की भावना को वैश्विक मंच तक पहुंचाती हैं।पूरी टीम को इस शानदार सिनेमाई सफर में ढ़ेर सारी सफलता की शुभकामनायें।” कांताराः चैप्टर 1 को ऋषभ शेट्टी ने लिखा, निर्देशित किया और उसमें लीड भूमिका निभायी है। इस फिल्म को विजय किरगंदुर ने होम्बले फिल्म्स के बैनर तले निर्मित किया है। फिल्म में अरविंद एस. कश्यप की सिनेमेटोग्राफी है, जबकि बी. अजनीश लोकनाथ का म्यूजिक है, जिन्होंने इस कहानी की जादुई दुनिया को बनाने में बड़ी मदद की। कांतारा: चैप्टर 1, 2 अक्टूबर को दुनियाभर में रिलीज हो चुकी है।

 

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Tue, 07 Oct 2025 16:06:28 +0530 news desk MPcg
सरकारी स्वास्थ्य योजना में ऐतिहासिक बदलाव: केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा नया लाभ, पढ़ें पूरी जानकारी https://citytoday.co.in/3862 https://citytoday.co.in/3862 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने 10 साल बाद केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों में बड़ा संशोधन किया है, जो 13 अक्टूबर से लागू होगा। इससे करीब 46 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को राहत मिलेगी। नई दरें अब अस्पताल कैटेगरी, शहर कैटेगरी और वार्ड टाइप के आधार पर तय होंगी। इससे निजी अस्पतालों को भी लाभ होगा, क्योंकि दरें औसतन 25–30% तक बढ़ाई गई हैं। सरकार ने सभी अस्पतालों को नई दरें स्वीकार करने का निर्देश दिया है, वरना उन्हें सूची से हटाया जाएगा। इस कदम से कैशलेस इलाज की सुविधा में सुधार और अस्पतालों की आय दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

क्यों जरूरी था बदलाव
पिछले कई सालों से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स शिकायत कर रहे थे कि CGHS से जुड़े अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इनकार करते हैं। मरीजों को पहले इलाज के पैसे खुद देने पड़ते थे और फिर महीनों बाद रिफंड मिलता था। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों का कहना था कि पुरानी दरें बहुत कम थीं और मौजूदा मेडिकल खर्चों के अनुसार नहीं थीं। बता दें कि आखिरी बार CGHS की दरों में बड़ा बदलाव 2014 में किया गया था। तब से अब तक सिर्फ छोटे सुधार हुए थे, कोई व्यापक संशोधन नहीं हुआ था।

कर्मचारी यूनियनों की मांग का असर
इस साल अगस्त में नेशनल फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन्स ने सरकार को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा था कि कैशलेस सुविधा न मिलने से कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक कठिनाई हो रही है। इसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया।

नई CGHS दरें कैसे तय होंगी

नई दरें अब चार मुख्य बातों पर आधारित होंगी:

1. अस्पताल का एक्रेडिटेशन (NABH/NABL)

2. अस्पताल का प्रकार (जनरल या सुपर स्पेशियलिटी)

3. शहर की श्रेणी (X, Y, Z)

4. मरीज का वार्ड प्रकार (जनरल, सेमी-प्राइवेट, प्राइवेट)

नए नियमों के अनुसार, जो अस्पताल NABH/NABL प्रमाणित नहीं हैं, उन्हें 15% कम दरें मिलेंगी। सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को 15% अधिक दरें मिलेंगी।
शहरों की श्रेणी के अनुसार दरें-

    Y (टियर-II) शहर: X शहरों से 10% कम
    Z (टियर-III) शहर: X शहरों से 20% कम
    पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – Y श्रेणी के अंतर्गत रखे गए हैं।

वार्ड के हिसाब से दरें-

• जनरल वार्ड: 5% कम

• प्राइवेट वार्ड: 5% ज्यादा

• ओपीडी, रेडियोथैरेपी, डेकेयर और छोटी प्रक्रियाओं की दरें पहले जैसी रहेंगी।

• कैंसर सर्जरी की दरें भी समान रहेंगी, लेकिन कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी की दरें संशोधित की गई हैं।

अस्पतालों के लिए अनिवार्यता

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे 13 अक्टूबर तक नई दरों को स्वीकार करें। जो अस्पताल ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें डि-एम्पैनल (CGHS सूची से हटाया) जा सकता है।

कैशलेस इलाज में सुधार की उम्मीद

नई दरों के बाद उम्मीद है कि अस्पताल अब CGHS मरीजों को आसानी से कैशलेस इलाज देंगे। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और रिफंड की झंझट खत्म होगी।

CGHS पैकेज में क्या-क्या शामिल है

CGHS पैकेज में इलाज से जुड़ी लगभग सारी सुविधाएं शामिल हैं-

    कमरे और बेड का खर्च
    भर्ती शुल्क
    एनेस्थीसिया, दवाइयां और मेडिकल सामान
    डॉक्टर और विशेषज्ञ की फीस
    ICU/ICCU खर्च
    ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, ऑपरेशन थिएटर शुल्क
    फिजियोथेरेपी, टेस्ट, ब्लड ट्रांसफ्यूजन आदि

90 दिन में नई MoA पर साइन जरूरी

अस्पतालों को अब 90 दिनों के भीतर नया समझौता (MoA) साइन करना होगा। पुरानी MoA की वैधता 13 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी।

कुल मिलाकर क्या फायदा होगा

यह संशोधन कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहतर और कैशलेस इलाज सुनिश्चित करेगा, जबकि अस्पतालों को उचित दरों पर भुगतान मिलेगा। लगभग एक दशक बाद हुआ यह सुधार CGHS सिस्टम को अधिक व्यवहारिक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

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Tue, 07 Oct 2025 16:03:01 +0530 news desk MPcg
सुप्रीम कोर्ट में CJI बीआर गवई पर वकील ने जूता फेंका, आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया https://citytoday.co.in/3852 https://citytoday.co.in/3852 नई दिल्ली

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई के सामने कोर्ट में आज एक वकील ने हंगामा करने की कोशिश की. आरोप है कि वकील ने CJI की तरफ जूता फेंकने का प्रयास भी किया. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हिरासत में ले लिया. इस बीच, पूरे घटनाक्रम के दौरान जस्टिस गवई शांत बने रहे और कोर्ट में सुनवाई यथावत जारी रही. उन्होंने कहा कि इन चीजों से "मुझे फर्क नहीं पड़ता."

बताया जा रहा है कि वकील डेस्क के पास गया और जूता निकालकर जज की तरफ फेंकने की कोशिश की लेकिन कोर्ट में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया और वकील को बाहर ले गए. बाहर जाते समय वकील यह कहते सुना गया, "सनातन का अपमान नहीं सहेंगे."

CJI इस घटना से प्रभावित नहीं हुए और कोर्ट में मौजूद अन्य वकीलों से कहा कि अपने तर्क जारी रखें. उन्होंने कहा, “इस सब पर ध्यान मत दें. हम प्रभावित नहीं हैं. ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं." मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

सीजेआई पर क्यों की गई जूता फेंकने की कोशिश?

घटना पर एक वकील ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि आज की जो घटना है, वह बहुत ही दुखद है. एक कोर्ट में, वो भी वकील ने अगर असॉल्ट करने का प्रयास किया है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. देखिए, हमारे बार के वो मेंबर हैं. अभी हमने जांच किया और पता चला कि वो 2011 के मेंबर हैं."

वकील ने कार्रवाई की मांग की

वकील ने अपने बयान में कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है. इसलिए हम कह सकते हैं कि जो पता चला है, वह लॉर्ड विष्णु के मैटर्स में आया कमेंट था, हॉनरेबल CJI के उसी पर ही उन्होंने ऐसा प्रयास (वकील ने जूता फेंकने का प्रयास) किया है. यह बहुत ही दुखद घटना है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अगर यह घटना सच है, तो एक्शन होना चाहिए."

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Mon, 06 Oct 2025 18:23:24 +0530 news desk MPcg
शुभांशु शुक्ला: नई भूमिका में छात्रों को विकसित भारत का निर्माता बनाएंगे https://citytoday.co.in/3850 https://citytoday.co.in/3850 आईएसएस तक पहुंचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला बने ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ के ब्रांड एंबेसडर

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। यह पहल देशभर के स्कूलों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

देश का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन

‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ को शिक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसे अब तक का देश का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन माना जा रहा है। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है। इस अभियान के तहत 1.5 लाख स्कूलों के एक करोड़ से अधिक छात्र अपने विचारों, डिजाइन और प्रोटोटाइप के माध्यम से देश के विकास में योगदान देंगे।

चार प्रमुख विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट

इस पहल में छात्र चार मुख्य विषयों पर काम करेंगे—

1. आत्मनिर्भर भारत: स्वावलंबी तकनीक और समाधान विकसित करना

2. स्वदेशी: देशी विचारों और नवाचारों को बढ़ावा देना

3. वोकल फॉर लोकल: स्थानीय उत्पादों, कला और संसाधनों को प्रोत्साहन देना

4. समृद्धि: सतत विकास और समृद्धि के नए मार्ग बनाना

कार्यक्रम की रूपरेखा

यह बिल्डाथॉन 23 सितंबर को लॉन्च किया गया था।

पंजीकरण की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर

लाइव बिल्डाथॉन: 13 अक्टूबर

विजेताओं की घोषणा: दिसंबर 2025

इस अवधि में देशभर के छात्र टीमों में मिलकर अपने विचारों को वास्तविक रूप देंगे और वास्तविक जीवन की समस्याओं के नवाचारपूर्ण समाधान प्रस्तुत करेंगे।

शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि

39 वर्षीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट हैं। उन्होंने हाल ही में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। यह मिशन इसरो, नासा और एक्सिओम स्पेस के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ था। इस यात्रा के साथ वे आईएसएस तक पहुंचने वाले पहले भारतीय और राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए।

शिक्षा मंत्रालय के साथ चर्चा

शनिवार को शुभांशु शुक्ला ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ की रणनीति और उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दृष्टि से प्रेरित है, जिसमें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देकर उन्हें भविष्य के ‘विकसित भारत’ के निर्माता बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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Mon, 06 Oct 2025 14:29:11 +0530 news desk MPcg
पुलिस ने पकड़ा पहलगाम हमले के मददगार आरोपी को : मोबाइल चार्जर बना सुराग https://citytoday.co.in/3842 https://citytoday.co.in/3842 पहलागाम आतंकी हमले की साजिश का खुलासा: शिक्षक निकला आतंकियों का मददगार, मोबाइल चार्जर बना जांच की अहम कड़ी

श्रीनगर। कश्मीर घाटी के पहलागाम में हुए आतंकी हमले की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस हमले की साजिश में शामिल एक ओवरग्राउंड वर्कर को गिरफ्तार किया है, जिसने आतंकियों को रसद और तकनीकी सहायता मुहैया कराई थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद यूसुफ कटारी (26) के रूप में हुई है, जो पेशे से शिक्षक है।

पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के अनुसार, मोहम्मद यूसुफ कटारी ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह हमले में शामिल तीन आतंकियों—सुलेमान उर्फ आसिफ, जिबरान और हमजा अफगानी—से चार बार मिला था। उसने आतंकियों को एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन चार्जर भी दिया था, जो जांच में सबसे अहम सबूत साबित हुआ।

जुलाई में शुरू हुए आतंकवाद-रोधी अभियान ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके जबरवान पहाड़ियों के पास सुरक्षाबलों ने इन तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया था। घटनास्थल से बरामद सामग्री में एक आंशिक रूप से जला हुआ मोबाइल चार्जर भी मिला था। इसी चार्जर के सीरियल नंबर और कनेक्टिविटी डेटा ने जांच एजेंसियों को उस नेटवर्क तक पहुंचाया, जो पहलागाम हमले की साजिश में शामिल था।

फोरेंसिक जांच में चार्जर के जरिए पुलिस ने असली मालिक तक पहुंच बनाई। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए टीम आखिरकार मोहम्मद यूसुफ कटारी तक पहुंची, जिसे सितंबर के आखिरी सप्ताह में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऊंचे इलाकों में खानाबदोश समुदाय के बच्चों को पढ़ाने का काम करता था, लेकिन गुप्त रूप से आतंकियों को मार्गदर्शन देने और सामान जुटाने में मदद करता था। वह न केवल चार्जर उपलब्ध कराने में शामिल था, बल्कि आतंकियों को पहाड़ी रास्तों से निकलने में भी सहयोग करता था।

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद यूसुफ कटारी आतंकियों सुलेमान (पहलागाम हमले का मास्टरमाइंड), जिबरान (सोनमर्ग सुरंग हमले, अक्टूबर 2024 में शामिल) और हमजा अफगानी (कई आतंकी अभियानों में शामिल) के संपर्क में था। इन तीनों को 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि चार्जर जैसी छोटी चीज़ ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई है।

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Mon, 06 Oct 2025 13:38:39 +0530 news desk MPcg
अमित शाह के करीबी जगदीश विश्वकर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने गुजरात BJP अध्यक्ष https://citytoday.co.in/3820 https://citytoday.co.in/3820 नई दिल्ली
गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर गुजरात के मंत्री और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता जगदीश विश्वकर्मा के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार रहे।

विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की आधिकारिक घोषणा शनिवार को गांधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में हुई। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मैं उनके प्रति अपार सम्मान रखता हूं और मेरा मानना ​​है कि वह एक जमीनी कार्यकर्ता हैं जो राज्य की जनता के लिए काम करते रहेंगे। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और आज वह गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है।

52 साल के जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद की निकोल सीट से तीन बार के विधायक हैं। वह वर्तमान में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। विश्वकर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी से लोकसभा सदस्य सी आर पाटिल का स्थान लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था।

कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा
जगदीश विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद जिला स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक बनें। वह 2012 से लगातार निकोल विधानसभा सीट से 3 बार विधायक चुने गए। वह ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है।

 

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Sat, 04 Oct 2025 15:44:22 +0530 news desk MPcg
शहीद की बहन की शादी में सैनिकों ने फूलों से सजी छतरी उठाई, भाई का फर्ज निभाते हुए हिमाचल में अनोखा दृश्य https://citytoday.co.in/3819 https://citytoday.co.in/3819

सिरमौर

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर का गिरी इलाका… यहां के भोज के भरली गांव में बीते दिनों एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यहां विवाह समारोह में विदाई थी- उस बहन की, जिसका फौजी भाई अब इस दुनिया में नहीं है.

गांव की यह शादी अपने अद्भुत और भावनात्मक थी. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जैसे ही दुल्हन की विदाई का वक्त आया, तो घर में भावुक कर देने वाला माहौल बन गया. हर बहन चाहती है कि उसके भाई विदाई के समय उसके साथ खड़े हों, उसके आंसुओं को पोंछें और उसे ससुराल तक हंसी-खुशी से विदा करें. इस दुल्हन के लिए यह पल भारी था, क्योंकि उसका एक फौजी भाई अब उसके साथ नहीं था.

यह शहीद आशीष कुमार की बहन है. आशीष ने अगस्त 2024 में अरुणाचल प्रदेश में ऑपरेशन अलर्ट 2024 के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी. आशीष का बलिदान न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय है. लेकिन बहन की विदाई के मौके पर भाई की कमी का एहसास बेहद गहरा था.

जब विदाई का वक्त आया तो आशीष के साथी सैनिक और इलाके के पूर्व सैनिक सब मिलकर इस विवाह में शामिल हुए. उन्होंने न सिर्फ विवाह में शिरकत की, बल्कि बहन की विदाई भी उसी गरिमा और सम्मान के साथ की, जैसे कोई भाई करता है. यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं.

शहीद आशीष कुमार के दो भाई हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं. आशीष ने आर्मी ज्वाइन की थी. बहन की शादी के मौके पर जब आशीष की कमी महसूस हुई, तो उनके साथियों ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई. विदाई के समय सेना के जवान दुल्हन वाले पारंपरिक लाल रंग के शादी के जोड़े में सजी बहन के ऊपर फूलों और माला से सजा हुआ छत्र (फूलों की छतरी) लेकर चल रहे थे, ठीक वैसे जैसे कोई भाई करता है. 

देश की वर्दी पहनने वाले कई भाई उसके सिर पर छांव की तरह साथ चल रहे थे. लोगों ने कहा कि यह साबित करता है कि फौज सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है. जब एक सिपाही शहीद होता है, तो उसके पीछे पूरा फौजी परिवार उसके घरवालों के साथ खड़ा हो जाता है. इस मौके पर पूरा गांव भावुक हो उठा.

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Sat, 04 Oct 2025 15:43:02 +0530 news desk MPcg
कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत का मामला: तमिलनाडु में ‘कोल्ड्रिफ’ बैन, राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड, सर्वे आज से https://citytoday.co.in/3818 https://citytoday.co.in/3818 जयपुर 

कफ सिरप विवाद ने पूरे देश को हिला दिया है. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत के बाद तमिलनाडु सरकार ने विवादित सिरप 'कोल्ड्रिफ' की बिक्री पर रोक लगा दी है. वहीं, राजस्थान सरकार ने राज्य ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया और संबंधित कंपनी की दवाओं का वितरण रोक दिया है. केंद्र सरकार ने भी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर कहा है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं न लिखी जाएं.

राजस्थान में बड़ा एक्शन…

राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया और राज्य के ड्रग कंट्रोलर को निलंबित कर दिया है. साथ ही जयपुर की Kaysons Pharma कंपनी की दवाओं के वितरण पर भी रोक लगा दी गई है. इससे पहले विवादित सिरप बच्चों को देने के आरोप में डॉक्टर पलक कुलवाल और फार्मासिस्ट पप्पू कुमार सोनी को भी निलंबित किया गया था.

तमिलनाडु में 'कोल्ड्रिफ' सिरप पर बैन

तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप की बिक्री और स्टॉकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह फैसला मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बच्चों की मौतों के बाद लिया गया. स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी के कांचीपुरम स्थित प्लांट का निरीक्षण कर सैंपल लिए हैं. इन्हें सरकारी लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया है ताकि 'डाईएथिलीन ग्लाइकोल' जैसे खतरनाक केमिकल की मौजूदगी की जांच हो सके.

'2 साल से कम बच्चों को ना दें कफ सिरप'

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और जुकाम की दवा ना लिखी जाए. DGHS की इस गाइडलाइन का मकसद संदिग्ध सिरप से बच्चों की जान बचाना है.

राजस्थान में घर-घर अभियान

राजस्थान सरकार ने शनिवार से पूरे प्रदेश में घर-घर सर्वे अभियान शुरू करने का फैसला किया है. आशा, एएनएम और सीएचओ आमजन को जागरूक करेंगे कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के खांसी-जुकाम की दवा ना लें. बच्चों की पहुंच से दवाएं दूर रखने और दुष्प्रभाव पर तुरंत कदम उठाने की हिदायत दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में बिना प्रोटोकॉल दवा लिखने या वितरित करने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने कहा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को डेक्सट्रोमोरफन युक्त दवा नहीं दी जाए. आमजन को समझाया जाए कि वे घर में रखी दवाओं का बिना चिकित्सकीय परामर्श के सेवन नहीं करें. दवा के सेवन के बाद किसी भी तरह का दुष्प्रभाव अथवा सांस लेने में कठिनाई, सुस्ती, बेहोशी, उल्टी, दौरे जैसे लक्षण नजर आएं तो नजदीकी अस्पताल या हेल्पलाइन नंबर 104/108 या राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0141-2225624 पर संपर्क किया जा सकता है.

राजस्थान का सिरप सुरक्षित

इस बीच राजस्थान सरकार ने लैब टेस्ट कराए हैं जिनमें यह पाया गया है कि विवादित सिरप के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं. स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि दवा में कोई गड़बड़ी नहीं मिली, हालांकि जांच जारी रहेगी.

महाराष्ट्र में कोडीन सिरप और ड्रग्स नष्ट

ठाणे, पालघर और एमबीवीवी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 26,935 लीटर कोडीन-आधारित कफ सिरप समेत 147 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं और ड्रग्स को नष्ट किया है. यह कार्रवाई महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी से की गई.

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Sat, 04 Oct 2025 15:38:42 +0530 news desk MPcg
चीन के वॉटर बम का जवाब: भारत का मेगा&डैम प्लान तैयार — ड्रैगन को मुंहतोड़ ठहराव https://citytoday.co.in/3814 https://citytoday.co.in/3814 नई दिल्ली

हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियों के बीच, जहां नदियां जीवन का आधार हैं, वहां एक नया विवाद खड़ा हो गया है. भारत सरकार एक विशालकाय डैम बनाने की योजना बना रही है, जो चीन के पानी के हथियार से बचाव के लिए है. लेकिन अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी लोग इसे अपनी मौत का पैगाम मान रहे हैं. ऊंचे पहाड़ों से घिरे एक फुटबॉल मैदान पर आदिवासियों ने जोरदार भाषण दिए और विरोध जताया. यह डैम भारत-चीन के पानी पर चल रहे झगड़े का नया मोड़ है. हिमालय दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला है, जहां से ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां निकलती हैं. ये नदियां भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को पानी, बिजली और खेती के लिए जीवन रेखा हैं. चीन तिब्बत में ऊपरी हिस्से में एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला डैम बना रहा है.

भारत को डर है कि चीन इस डैम को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है. यानी, अचानक बहुत सारा पानी छोड़कर बाढ़ ला सकता है, जिसे वाटर बम कहा जा रहा है. इस वजह से भारत अब जवाबी कदम उठा रहा है.
 चीन इस समय एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट बांध से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट पर 167 अरब डॉलर खर्च होंगे। यह बांध तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बन रहा है। इस नदी को भारत में सियांग कहते हैं। चीन का कहना है कि इस बांध के बनने से चीन में बिजली की समस्या काफी बेहतर होगी। वहीं इस बांध के कई खतरे भी सामने आए हैं। इससे बड़ा खतरा भारत को भी है। इसे 'वॉटर बम' भी कहा जा रहा है क्योंकि यहां से छोड़ा गया पानी भारत के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। लेकिन अब भारत ने भी चीन के इस बांध का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी कर ली है।

भारत भी एक बहुत बड़ा बांध बनाने की योजना बना रहा है। यह बांध चीन के 'वॉटर बम' का जवाब देने के लिए है। यह बांध भारत और चीन के बीच हिमालय के पानी को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा में भारत का नया कदम है। भारत का कहना है कि यह नया बांध चीन के एक बड़े बांध का मुकाबला कर सकता है।

भारत ने चुनी कौन सी जगह?
प्रस्तावित नक्शों से पता चलता है कि भारत अरुणाचल प्रदेश में एक विशाल जलाशय बनाने पर विचार कर रहा है। यह जलाशय चार मिलियन ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल जितना बड़ा होगा। यह जलाशय 280 मीटर (918 फुट) ऊंचे बांध के पीछे बनेगा।

क्या है भारत का प्लान?
भारत का बांध 9.2 बिलियन क्यूबिक मीटर का एक विशाल जलाशय बनाएगा। इससे 11,200 से 11,600 मेगावाट पनबिजली पैदा की जा सकती है। यह इसे देश का सबसे शक्तिशाली बांध बना देगा। इससे भारत के कोयले पर निर्भर बिजली ग्रिड से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।

लेकिन, नेशनल हाइड्रोपावर कॉर्पोरेशन (NHPC) के एक वरिष्ठ इंजीनियर के मुताबिक भारत की प्राथमिकता बिजली पैदा करना नहीं है। NHPC वह केंद्रीय एजेंसी है जिसे बांध बनाने का काम मिला है। इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर चीन अपने बांध को हथियार बनाना चाहता है और इसे वॉटर बम की तरह इस्तेमाल करना चाहता है तो भारत का यह बांध जल सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण का काम करेगा।

चीन के प्रोजेक्ट का भारत में विरोध
चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है। भारत इस दावे को पूरी तरह से खारिज करता है। बीजिंग का कहना है कि इस परियोजना का नीचे की ओर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। नीचे की ओर से मतलब है कि वहां रहने वाले लोगों पर इसका कोई असर नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन इलाकों में रहने वाले कुछ लोग चीन के इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। यह इलाका भारत में आता है।

चीन की योजना में 5 पनबिजली स्टेशन शामिल हैं। ये स्टेशन चीन के विशाल थ्री गॉर्जेस बांध से तीन गुना ज्यादा बिजली पैदा कर सकते हैं। थ्री गॉर्जेस बांध दुनिया का सबसे बड़ा बिजली घर है।

क्यों कहा जा रहा 'वॉटर बम'?
चीन जिस नदी पर बांध बना रहा है, वह ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी है। भारतीय अधिकारियों को डर है कि चीन अपने बांध का इस्तेमाल कर पानी पर कंट्रोल कर सकता है। इससे चीन खास तौर से भारतीय इलाके में घातक सूखा पैदा कर सकता है या नीचे भारत की ओर ढेर सारा पानी छोड़ सकता है। पानी का यह बहाव का असर किसी बम की तरह होगा। इस कारण इसे 'वॉटर बम' कहा जा रहा है। हालांकि चीन इस बात को खारिज करता है। चीन का कहना है कि याक्सिया पनबिजली परियोजना को 'वॉटर बम' बताने वाली बातें बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं।

 

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Sat, 04 Oct 2025 12:29:43 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी का युवाओं के लिए बड़ा तोहफा: आज लॉन्च होंगी 62,000 करोड़ रु से अधिक की नई पहलें https://citytoday.co.in/3813 https://citytoday.co.in/3813 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 62,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)के मुताबिक यह युवा विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को निर्णायक बढ़ावा मिलेगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ केंद्र प्रायोजित योजना पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन) की शुरुआत करेंगे। इस योजना में 1,000 सरकारी आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक' मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। ‘हब एंड स्पोक' मॉडल एक वितरण प्रणाली है जो साइकिल के पहिये की तरह काम करती है, जिसमें एक ‘हब' (केंद्र) होता है जो सभी ‘स्पोक' (छोटे, सहायक स्थानों) को आपस में जोड़ता है। प्रत्येक ‘हब' औसतन चार ‘स्पोक' से जुड़ा होगा, जिससे उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उद्यमों, डिजिटल शिक्षण प्रणालियों और इनक्यूबेशन सुविधाओं से सुसज्जित संकुलों का निर्माण होगा।

पीएमओ के मुताबिक प्रमुख उद्योग साझेदार इन संकुलों का प्रबंधन करेंगे और बाजार की मांग के अनुरूप परिणाम-आधारित कौशल सुनिश्चित करेंगे। हब में नवाचार केंद्र, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण की सुविधाएं, उत्पादन इकाइयां और प्लेसमेंट सेवाएं भी होंगी, जबकि प्रवक्ता पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘सामूहिक रूप से, पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करेगा, इसे सरकारी स्वामित्व वाला लेकिन उद्योग-प्रबंधित बनाएगा, जिसमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तपोषण सहायता भी होगी।'' बयान के मुताबिक योजना के कार्यान्वयन के पहले चरण में बिहार के पटना और दरभंगा में आईटीआई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

बयान के मुताबिक ये प्रयोगशालाएं दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों सहित अन्य को आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे 12 उच्च मांग वाले क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम के अनुरूप, इस परियोजना में उद्योग-प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए प्रारंभिक आधार तैयार करने के लिए 1,200 व्यावसायिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करना शामिल है। बयान में कहा गया है कि कार्यक्रम का विशेष जोर बिहार में परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर होगा, जो राज्य की समृद्ध विरासत और युवा जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करेगा। मोदी बिहार की संशोधित ‘‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना'' की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा, साथ ही मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। वह नए सिरे से तैयार की गई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत 3.92 लाख से अधिक छात्र पहले ही 7,880 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर चुके हैं। बयान के मुताबिक राज्य में युवा सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए, मोदी द्वारा बिहार युवा आयोग का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा, जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है।

इसका उद्देश्य राज्य की युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करना है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है। बिहार की अन्य परियोजना जिसका प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे, वह जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है।  

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Sat, 04 Oct 2025 12:15:19 +0530 news desk MPcg
ई&कचरा से सवा हज़ार करोड़! सरकार ने 696 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस क्लीन कर कमाए ₹3296 Cr https://citytoday.co.in/3806 https://citytoday.co.in/3806 नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने ई-कचरे और कबाड़ की बिक्री से 3,296.71 करोड़ रुपए कमाए हैं, जबकि पिछले चार वर्षों में 696.27 लाख वर्ग फुट से अधिक ऑफिस स्पेस को साफ किया गया है और उपयोग में लाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के नेहरू पार्क में विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि इस अभियान से शासन और सार्वजनिक सेवाओं में स्पष्ट बदलाव आए हैं।

12 लाख से अधिक जगहों की हुई सफाई
डॉ सिंह ने बताया कि अभियान के पिछले चरणों के दौरान 137.86 लाख से ज्यादा पुरानी फाइलों को हटाया गया है और देश भर में 12.04 लाख से अधिक जगहों की सफाई की गई है। केंद्रीय मंत्री ने इन परिणामों को प्राप्त करने में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और अन्य विभागों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने इस कार्यक्रम में श्रमदान गतिविधियों, एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान और पुरानी फाइलों की सफाई में भी भाग लिया।

'स्वतंत्र भारत में शासन की एक अनूठी सफलता'
विशेष स्वच्छता अभियान को स्वतंत्र भारत में शासन की एक अनूठी सफलता की कहानी बताते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला कार्यान्वयन चरण स्वच्छता अभियानों को संस्थागत बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और सरकारी कार्यालयों में दक्षता में सुधार लाने पर केंद्रित होगा। उन्होंने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि लाल किले से प्रधानमंत्री के आह्वान ने स्वच्छता को एक व्यवहारिक परिवर्तन में बदल दिया है जिसे देश भर के घरों और समुदायों ने अपनाया है।

बांटी गयी सुरक्षा किट और मिठाइयां
डॉ. सिंह ने अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाए रखने में सफाई कर्मियों की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए, सुरक्षा किट और मिठाइयां वितरित करके सफाई मित्रों को सम्मानित भी किया। मंत्री ने आगे कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने कार्यान्वयन चरण के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य पहले ही अपलोड कर दिए हैं, जिनमें समीक्षा के लिए लगभग 6.9 लाख जन शिकायतें, 26.9 लाख से अधिक फिजिकल फाइलें और समीक्षा के लिए पहचानी गई 5.2 लाख से अधिक ई-फाइलें शामिल हैं।
 
एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार 10 अक्टूबर को सुशासन और अभिलेख नामक एक प्रदर्शनी भी लगाएगा, जिसमें पूर्व विशेष अभियानों के दौरान प्राप्त ऐतिहासिक रूप से मूल्यवान अभिलेखों को प्रदर्शित किया जाएगा। विशेष अभियान 5.0 के अगले चरण में प्रवेश करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि यह स्वच्छता, पारदर्शिता, दक्षता और जनभागीदारी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, साथ ही महात्मा गांधी की नागरिक जिम्मेदारी और सामूहिक कार्रवाई की विरासत को आगे बढ़ाता है।

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Fri, 03 Oct 2025 17:23:27 +0530 news desk MPcg
बदरी&केदारनाथ धाम: जानिए कब होंगे कपाट बंद और क्या है पूरी प्रक्रिया https://citytoday.co.in/3805 https://citytoday.co.in/3805 रुद्रप्रयाग/चमोली
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए कब बंद होंगे, तिथि की घोषणा हो गई है। मंगलवार 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरी विशाल के कपाट बंद हो जायेंगे । कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत 21 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी। कुछ दिन पहले गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट को लेकर घोषणाए हुईं थी।

इस अवसर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने 2026 के लिए हक हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट की। सभी थोंकों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता एवं दिनेश भट्ट, कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की गयी।

केदारनाथ-गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर 22 अक्टूबर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो रहे है।

सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों के कपाटों को हर साल अक्टूबर—नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो अगले साल अप्रैल—मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं ।

यात्रियों में उत्साह
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि तय होने के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों, हक-हकूकधारियों और समानता धर्म के सभी अनुयायियों को शुभकामनाएं दी। कहा कि आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा हेतु अभी एक माह का समय शेष है। भगवान के दर्शन के लिए लगातार यात्रियों का आने का सिलसिला जारी है। कहा मानसून की आपदा के बावजूद अभी तक 14 लाख 20 हजार 357 से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लिए हैं। 1602420 से अधिक ने केदारनाथ धाम के दर्शन किये हैं।

बदरी-केदार में अब तक 30 लाख से ज्यादा ने किए दर्शन
इस तरह दोनों धामों में 30 लाख 22 हजार 777 से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि राष्ट्र निर्माण को समर्पित राष्ट्रीय सेवक संघ के भी आज सौ वर्ष पूरे हुए है।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया
बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजाओं के पहले दिन 21 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा होगी। शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे। दूसरे दिन 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन 23 नवंबर को खडग – पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा। चौथे दिन 24 नवंबर मां लक्ष्मी जी को कढाई भोग चढाया जायेगा और 25 नवंबर को 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

26 नवंबर को श्री कुबेर जी एवं उद्धव जी सहित रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को प्रस्थान करेगी। पूजाओं को रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल वेदपाठी रविंद्र भट्ट संपन्न करेंगे।

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Fri, 03 Oct 2025 17:21:41 +0530 news desk MPcg
छठ&दिवाली से पहले रेलवे का तोहफा, टिकट बुकिंग के नए नियम हुए लागू https://citytoday.co.in/3804 https://citytoday.co.in/3804 नई दिल्ली

त्योहारी सीजन में अपने घर परिवार से दूर रहने वाले लाखों लाख लोग घर लौटते हैं. इस दौरान ट्रेनों में टिकट की मारामारी रहती है. हर कोई ट्रेन की बुकिंग कराना चाहते हैं. इस बार छठ 2025 (25 से 28 अक्टूबर) और दिवाली 2025 (21 अक्टूबर) को देखते हुए यात्रियों के लिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण है. यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने IRCTC पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग आसान कर दी है.

ये है नया नियम

बता दें कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के पटना, गया, भागलपुर, बक्सर, वाराणसी, मऊ, लखनऊ और मोतिहारी जैसे मुख्य शहरों के लिए विशेष ट्रेनें चल रही हैं. इसके अलावा 1 अक्टूबर से IRCTC ने नया नियम लागू किया है. नए नियम के तहत बुकिंग विंडो के पहले 15 मिनट में सिर्फ वही यात्री टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार IRCTC अकाउंट से लिंक होगा. यात्री आज 3 अक्टूबर 2025, से 2 दिसंबर 2025 तक की यात्रा के लिए टिकट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. यानी अब आप त्योहार में जाने और वापसी की टिकट दोनों पहले से सुरक्षित कर सकते हैं.

1 अक्टूबर से लागू नया नियम

1 अक्टूबर 2025 से IRCTC ने ऑनलाइन जनरल रिजर्वेशन टिकटों के लिए आधार लिंकिंग अनिवार्य किया है. इस नियम के अनुसार:

    बुकिंग विंडो खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही यात्री टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार IRCTC अकाउंट से लिंक रहेगा.

    एसी क्लास के लिए सुबह 10:00 से 10:15 बजे, नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11:00 से 11:15 बजे यह नियम लागू रहेगा.

    अगर आधार लिंक नहीं है, तो 15 मिनट के बाद सामान्य बुकिंग हो सकेगी.
    यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने आधार को पहले से लिंक कर लें, ताकि त्योहार में यात्रा आसान हो सके.

IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप से यात्री

    यात्रा की तारीख निर्धारित तक टिकट बुक कर सकते हैं.
    वापसी की टिकट भी यात्री पहले से बुक कर सकते हैं.
    बिहार और पूर्वी यूपी के मुख्य शहरों के लिए यात्री स्पेशल ट्रेन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
    इस नए नियम और सुविधा से छठ और दिवाली के सीजन में घर वापसी की यात्रा अब और भी आसान हो जाएगी.

 

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Fri, 03 Oct 2025 17:16:21 +0530 news desk MPcg
ओडिशा में बारिश और भूस्खलन का कहर, सड़कें जाम, रेल सेवाएं प्रभावित https://citytoday.co.in/3803 https://citytoday.co.in/3803 गजपति

ओडिशा में डीप डिप्रेशन के कारण भारी बारिश हुई, जिसने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया है. सड़कों पर पानी भरा, भूस्खलन हुए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार शाम को गहरे दबाव की स्थिति गंजम जिले के गोपालपुर तट के पास से गुजरी, जिसके बाद बारिश और तेज हो गई. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है.

भूस्खलन से नुकसान, कई सड़कें बंद
गजपति जिले में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ. पुलिस अधीक्षक जतिंद्र कुमार पांडा ने बताया कि आर. उदयगिरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. वहीं, रायगढ़ ब्लॉक के पास पेकट गांव में 70 वर्षीय कार्तिक शबारा और उनके बेटे राजिब शबारा भूस्खलन में लापता हुए हैं,  रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन रायगढ़ को नुआगढ़ और आर. उदयगिरी से जोड़ने वाली सड़कें बंद हो गई हैं. इसके अलावा, महेंद्रगिरि पहाड़ियों पर फंसे 24 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है.

नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वाणिज्य और परिवहन मंत्री बिभूति भासन जेना को गजपति जिले में बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने विशेष राहत आयुक्त को जिला प्रशासन को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने गजपति जिले के कलेक्टर से बात कर स्थिति की जानकारी ली. गजपति में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.

रेल और सड़क यातायात प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दक्षिण ओडिशा में रेल सेवाएं प्रभावित हुईं हैं. ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) के अनुसार, कोट्टावलसा-किरंदुल और कोरापुट-रायगढ़ रेल लाइनों पर पत्थर गिरने से ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं हैं. विशाखापत्तनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस रद्द कर दी गई, जबकि किरंदुल-विशाखापत्तनम ट्रेन को कोरापुट तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. संतरागाछी-यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का समय भी बदल दिया गया. वहीं, कोरापुट जिले में एक पुल के डूबने से राष्ट्रीय राजमार्ग 326 पर यातायात ठप है, जो ओडिशा को आंध्र प्रदेश से जोड़ता है.

बारिश से अभी नहीं राहत, मौसम विभाग का अलर्ट
IMD ने सात जिलों – पुरी, गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, कालाहांडी और कंधमाल के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. जहां 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की आशंका है. वहीं, 16 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और बाकी सात जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी.

मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह
बता दें कि गोपालपुर में 73 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. मौसम विभाग ने मछुआरों को 3 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें और मशीनरी तैनात की हैं. बंदरगाहों पर 'स्थानीय सावधानी संकेत (LC-3)' लागू किया गया है, जो जहाजों के लिए चेतावनी प्रणाली है.

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Fri, 03 Oct 2025 16:26:18 +0530 news desk MPcg
मणिपुर हिंसा और कुंभ त्रासदी पर क्यों नहीं बनी जांच आयोग? करूर हादसे पर BJP पर बरसे स्टालिन https://citytoday.co.in/3802 https://citytoday.co.in/3802 तमिलनाडु 
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को रामनाथपुरम में सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु तीन बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में था, जिसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। तब केंद्रीय वित्त मंत्री न तो यहां आईं और न ही कोई धनराशि मुहैया कराई। लेकिन, इस बार वह तुरंत करूर पहुंच गईं। बीजेपी ने मणिपुर दंगों, गुजरात की घटनाओं या कुंभ मेला में हुई मौतों के लिए कोई जांच आयोग नहीं भेजा। अब करूर में तुरंत एक टीम भेजी जा रही है। ऐसा तमिलनाडु के लिए किसी वास्तविक चिंता के कारण नहीं, बल्कि केवल इसलिए है क्योंकि अगले साल चुनाव होने वाले हैं।'

सीएम स्टालिन ने कहा, 'भाजपा सोचती है कि वे इससे (करूर में भगदड़ से हुई मौतों) कुछ राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं या इसका इस्तेमाल किसी को धमकाने के लिए किया जा सकता है। बीजेपी ऐसी स्थिति में है जहां वह किसी और का खून चूसकर जीवित रहती है।' उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य के हितों की उपेक्षा करती है, राज्यों के अधिकार छीनती है। वो यहां तक सोचती है कि राज्यों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। उसे AIADMK का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के रूप में दृढ़ता से खड़े होने के बजाय AIADMK ने बीजेपी के साथ गुलामी का बंधन साइन कर लिया है और खुद को महज एक कठपुतली बना लिया है।

AIADMK पर सीएम ने साथा निशाना
एमके स्टालिन ने कहा, 'जो लोग दोषी हैं और अपने गलत कामों से बचना चाहते हैं, वे भाजपा को अपने कर्मों को शुद्ध करने का साधन मानते हैं। भाजपा पलानीस्वामी का इस्तेमाल कैसे कर रही है? उन्होंने उन्हें रैली से रैली, मंच से मंच और सड़क से सड़क तक यात्रा करने का काम सौंपा है ताकि और सहयोगी उनके साथ लाए जा सकें।' उन्होंने कहा कि जो लोग वास्तव में तमिलनाडु और तमिल लोगों की चिंता करते हैं, वे कभी भी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। क्योंकि भाजपा कुछ और नहीं, बल्कि RSS की विभाजनकारी नीतियों को देश भर में लागू करने वाला राजनीतिक अंग और शक्ति केंद्र है। आगामी चुनावों में भी यह फिर से द्रविड़ मॉडल सरकार होगी जो जीतेगी और शासन जारी रखेगी।

कच्चातिवु द्वीप का मुद्दा भी उठाया
एमके स्टालिन ने कहा, 'हमारे मछुआरों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि श्रीलंकाई नेवी ने उन पर हमला किया है। हम लगातार इसकी निंदा और विरोध करते हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया। हमने तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया और उसे केंद्र सरकार को भेजा। उस प्रस्ताव का उपयोग करके केंद्र सरकार को श्रीलंकाई सरकार से अपील करना चाहिए था, लेकिन वो ऐसा करने से इनकार कर रही है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीलंका गए और उन्होंने भी इसका अनुरोध करने से मना कर दिया। श्रीलंका के विदेश मंत्री कहते हैं कि वे कच्चातिवु नहीं देंगे।

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Fri, 03 Oct 2025 16:21:53 +0530 news desk MPcg
भारत ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी, US&China&Pak पर गाज गिर सकती है – गाजा और यूक्रेन में भी हो सकती है सैन्य तैनाती https://citytoday.co.in/3791 https://citytoday.co.in/3791 नई दिल्ली 
दुनियाभर में जारी संघर्ष और युद्धग्रस्त परिस्थितियों के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक देशों (UN TCCs) का सम्मेलन बुलाया है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 14 से 16 अक्टूबर तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 30 देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शांति स्थापना अभियानों के अनुभव, दृष्टिकोण और प्रतिबद्धताओं को साझा करना है। दिलचस्प बात यह है कि इस सम्मेलन में चीन और पाकिस्तान को शामिल नहीं किया गया है, जबकि भारत ने गाजा और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सैनिक तैनाती पर भी स्पष्ट रुख अपनाया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि भारत केवल संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों के तहत ही किसी विदेशी संघर्ष क्षेत्र में सैनिक तैनात करेगा।

ट्रंप के लिए झटका
उधर,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी भारत का यह कदम झटका देने वाला होगा क्योंकि वह दुनियाभर में शांति दूत बनने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष, हमास-इजरायल टकराव, भारत-पाक तनाव और कई अन्य विवादित क्षेत्रों में मध्यस्थता के लिए ट्रंप हमेशा सक्रिय रहते हैं। हाल ही में उन्होंने गाजा में शांति विराम के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को व्हाइट हाउस बुलाया। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का उद्देश्य शांतिदूत बनकर नोबेल पुरस्कार जीतने की कोशिश में भी छुपा हुआ है। इसी बीच, भारत में भी शांति और सुरक्षा पर बड़ी बैठक अमेरिका, चीन और पाक के लिए  बड़ा झटका साबित हो सकती है।
 
सम्मेलन का महत्व और भारत का योगदान
भारत ने पिछले 75 वर्षों में 50 से अधिक मिशनों में 2,90,000 से अधिक शांति सैनिकों को भेजा, जिनमें से 182 सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली बार ‘ऑल वुमन पुलिस कंटिंजेंट’ तैनात कर इतिहास रचा। इसके अलावा, फरवरी 2025 में भारत ने ग्लोबल साउथ महिला शांति सैनिकों का सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें 35 देशों ने हिस्सा लिया। भारत ने लगातार यह संदेश दिया है कि शांति सैनिकों की तैनाती केवल यूएन के झंडे तले ही की जाएगी। इसके साथ ही, भारत ने यूएन शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों की जवाबदेही, तकनीकी समाधानों का उपयोग, और शांति स्थापना अभियानों में संसाधनों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु
क्षमता निर्माण और सतत शांति स्थापना अभियानों के लिए संसाधन जुटाना
शांति स्थापना अभियानों में तकनीक और आधुनिक समाधान का उपयोग
प्रतिनिधि दल भारत की आत्मनिर्भर रक्षा पहल और तकनीकी समाधानों का अवलोकन करेंगे और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।

भारत की वैश्विक छवि
लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर, एवीएसएम, वीएसएम, डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (IS&T) ने कहा कि यह भारत के लिए गौरव की बात है कि वह इस बहुपक्षीय आयोजन की मेजबानी कर रहा है। उनका कहना था कि यह सम्मेलन साझा मंच तैयार करने का अवसर है, जहां विभिन्न देशों के अनुभव और प्रतिबद्धता संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत शांति स्थापना की जिम्मेदारी को मजबूत करेंगे। भारत का यह कदम उसकी सांस्कृतिक और नैतिक विदेश नीति, वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान, और शांति सैनिकों की सुरक्षा एवं उचित प्रतिनिधित्व के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत लगातार यह सुनिश्चित करता रहा है कि शांति अभियानों में उसका योगदान निष्पक्ष, पारदर्शी और संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुरूप हो।

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Thu, 02 Oct 2025 18:03:31 +0530 news desk MPcg
क्या है सर क्रीक? राजनाथ सिंह की चेतावनी के बीच पाकिस्तान का सैन्य ढांचा बढ़ाया जा रहा https://citytoday.co.in/3790 https://citytoday.co.in/3790 भुज
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में कोई दुस्साहस किया, तो भारत इसका कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। राजनाथ सिंह ने कहा, "पाकिस्तान ने सर क्रीक में अपनी सैन्य ढांचागत सुविधाओं को बढ़ाया है। अगर पाकिस्तान कोई गलत हरकत करता है, तो हम उसे एक मजबूत संदेश देंगे। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर जाता है।" गुजरात के भुज में एक सैन्य अड्डे पर सैनिकों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने दशहरा के अवसर पर 'शस्त्र पूजा' करने से पहले यह बयान दिया।

रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने स्वतंत्रता के 78 वर्षों बाद भी सर क्रीक क्षेत्र में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बार-बार बातचीत के प्रयास किए हैं, लेकिन पाकिस्तान की मंशा साफ नहीं है। उन्होंने कहा, "स्वतंत्रता के 78 साल बाद भी सर क्रीक क्षेत्र में सीमा को लेकर विवाद बना हुआ है। भारत ने इस मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान की नीयत में खोट है।"

सर क्रीक क्या है और इसका क्या महत्व है?
सर क्रीक भारत और पाकिस्तान के बीच गुजरात के कच्छ क्षेत्र और सिंध प्रांत के बीच स्थित एक 96 किलोमीटर लंबी खाड़ी (estuary) है, जो अरब सागर में मिलती है। यह क्षेत्र दलदली और ज्वारीय प्रभावों वाला है, जहां पानी का स्तर ज्वार-भाटे के साथ बदलता रहता है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा का हिस्सा है और दोनों देशों के बीच एक विवादित क्षेत्र भी है।

सर क्रीक भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र अरब सागर के तटीय क्षेत्र में स्थित है, जो सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समुद्री व्यापार और नौसैनिक गतिविधियों के लिए रणनीतिक बिंदु है। इस क्षेत्र में नौसेना की गतिविधियों और समुद्री निगरानी के लिए यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है।

सर क्रीक क्षेत्र में समुद्री संसाधन, जैसे मछली और संभावित तेल व गैस भंडार, मौजूद हो सकते हैं। यह क्षेत्र समुद्री आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के निर्धारण के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो मछली पकड़ने, खनन और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत और पाकिस्तान के बीच सर क्रीक की सीमा को लेकर विवाद है। भारत का कहना है कि सीमा को खाड़ी के बीच से होकर गुजरना चाहिए, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि सीमा को भारत की ओर अधिक होना चाहिए। यह विवाद 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद से चला आ रहा है। भारत ने हमेशा इस मुद्दे को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की वकालत की है, लेकिन पाकिस्तान की ओर से बार-बार उकसावे की कार्रवाइयां देखने को मिली हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर गर्व
रक्षा मंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की हालिया उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सेना ने सभी सैन्य उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य लक्ष्यों को पूरा किया। हालांकि, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी जारी है।"

राजनाथ सिंह ने यह भी खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक क्षेत्र तक भारत की रक्षा प्रणाली को भेदने की नाकाम कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने भारत की रक्षा प्रणाली को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया।"

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Thu, 02 Oct 2025 18:02:03 +0530 news desk MPcg
गोडसे की कोर्ट स्पीच: जज तक हो गए भावुक, गांधी हत्याकांड का नया पहलू https://citytoday.co.in/3789 https://citytoday.co.in/3789

नई दिल्ली 
नाथूराम गोडसे, देश के राजनीतिक इतिहास में इस एक नाम की चर्चा खूब होती है, महात्मा गांधी की जयंती और पुण्यतिथि पर तो खासकर। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि गांधी जी की हत्या के इतने सालों के बाद भी उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर समाज में दो विचार हैं। एक जो उसे दोषी मानता है, एक जो उसके किए पर उसे शाबाशी देता है। हर साल की तरह 2 अक्टूबर और 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे को ट्रेंड में लाने का रिवाज भी है। महात्मा गांधी के साथ नीचे आपको नाथूराम गोडसे ट्रेंडिंग में लिखा दिख जाएगा। खैर, आज हम हम गांधी हत्याकांड से जुड़ा वो पन्ना खोलेंगे जिसके दम पर गोडसे के समर्थक दंभ भरते हैं। वो पन्ना नाथूराम गोडे की वो स्पीच है जो उसने दोषी सिद्ध होने के बाद कोर्ट में दी थी। कहते हैं कि उस वक्त गोडसे की स्पीच वहां बैठे एक जज के आंखों में भी आंसू ला दिए थे। कहा था कि उस समय अदालत में उपस्थित लोगों को जूरी बना दिया जाता और उनसे फैसला देने को कहा जाता, तो निस्संदेह वे प्रचंड बहुमत से नाथूराम के निर्दोष होने का निर्णय देते। तो चलिए आपको भी उस स्पीच की एक-एक बात बता देते हैं।

नाथूराम गोडसे की ये स्पीच आपको यूट्यूब या गूगल सर्च पर आसानी से मिल जाएगी। ‘मैंने गांधी को क्यूं मारा’ किताब में भी इसका जिक्र है। तो चलिए शुरू करते हैं। नाथूराम गोडसे ने उस दिन कोर्ट में कहा कि मेरा नेताओं से मतभेद था तथा अब तक है। यह मेरे 28 फरवरी 1935 के सावरकर के नाम पत्र से भली-भांति विदित होता है। आज भी मेरे वही विचार हैं। गांधी जी से मेरी शत्रुता नहीं थी। लोग कहते हैं कि पाकिस्तान योजना में उनका मन शुद्ध था। मैं यह बताना चाहता हूं कि मेरे मन में देश प्रेम के अतिरिक्त कुछ ना था। मुझे इस कारण हाथ उठाना पड़ा कि पाकिस्तान बनने पर जो भयंकर घटनाएं हुई उनके उत्तरदाई केवल गांधी जी थे। मुझे यह पता था कि हत्या के बाद लोगों के विचार मेरे विषय में बदल जाएंगे। समाज में मेरा जितना आदर है वह नष्ट हो जाएगा। मैं जानता था कि समाचार पत्र बुरी तरह मेरी निंदा करेंगे किंतु मैं नहीं जानता था कि अखबार इतने पतित हो जाएंगे कि सत्य का गला घोट देंगे। समाचार पत्रों ने कभी निष्पक्षता से नहीं लिखा। यदि वे देश के हित का अधिक ध्यान रखते और एक मनुष्य की व्यक्तिगत इच्छाओं को कम ध्यान देते तो देश के नेता पाकिस्तान स्वीकार न करते। समाचार पत्रों की यह नीति थी कि लीडरों की गलतियों को प्रकट ना होने दिया जाए। देश का विभाजन इससे सरल हो गया। ऐसे भ्रष्ट समाचार पत्रों के डर से मैंने अपने निश्चय की दृढ़ता को विचलित नहीं होने दिया।

गोडसे आगे कहते हैं कि कुछ लोग कहते हैं कि यदि पाकिस्तान ना बनता, तो आजादी न मिलती। मैं इस विचार को ठीक नहीं मानता। लीडरों ने अपने पाप को छिपाने के लिए यह बहाना बनाया है। गांधीवादी कहते हैं कि उन्होंने अपनी शक्ति से स्वराज्य पाया। यदि उन्होंने अपनी शक्ति से स्वराज्य लिया है तो उन्होंने हारे हुए अंग्रेजों को पाकिस्तान की शर्त क्यों रखने दी? और शक्ति से क्यों ना रोका? मेरे विचार से महात्मा और उनके अनुयायियों की एक ही पॉलिसी रही और वो यह कि पहले यवनों की मांग पर विरोध दर्शाना फिर हिचक दिखाना और अंत में आत्मसमर्पण कर देना। इसी प्रकारपाकिस्तान की रूपरेखा स्वीकार कर ली गई।

छल से स्वीकार किया पाकिस्तान
नाथूराम ने कोर्ट में कहा कि 15 अगस्त 1947 को छल पूर्वक पाकिस्तान स्वीकार कर लिया गया। पंजाब, बंगाल, सीमा प्रांत और सिंध के हिंदुओं का कोई विचार नहीं किया गया। देश के टुकड़े करके एक मजहबी धर्मनिष्ठित मुस्लिम राज्य बना दिया गया। मुसलमानों को अपने अराष्ट्रीय कार्यों का फल पाकिस्तान के रूप में मिल गया। गांधीवादी नेताओं ने उन लोगों को देशद्रोही सांप्रदायिक कहकर पुकारा जिन्होंने पाकिस्तान का विरोध किया था

पाकिस्तान स्वयं स्वीकार करके जिन्ना की सब बात मान ली। इस दुर्घटना से मेरे मन की शांति भंग हो गई। पाकिस्तान बनाने के बाद कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के हिंदुओं की रक्षा करती तो मेरा क्रोध शांत हो जाता। मैं नहीं देख सकता था कि जनता को धोखा दिया जाए। करोड़ों हिंदुओं को मुसलमानों की दया पर छोड़कर गांधीवादी कहते रहे कि हिंदुओं को पाकिस्तान से नहीं आना चाहिए और वहीं रहना चाहिए। इस प्रकार हिंदू मुसलमानों के चंगुल में फंस गए और विकट विपत्तियों के शिकार हुए।

गोडसे ने भरी कोर्ट में अपने बचाव में आगे कहा कि जब मुझे इन घटनाओं की याद आती है तो मैं कांप उठता हूं। प्रतिदिन सहस्त्रों हिंदुओं का संहार होता था। 15,000 सिखों को गोलियों से बून दिया गया। हिंदू स्त्रियों को नग्न करके जुलूस निकाले गए। उनको पशुओं की भांति बेचा गया। लाखों हिंदुओं को धर्म बचाकर भागना पड़ा। 40 मील लंबा हिंदू निराश्रितों का जत्था हिंदुस्तान की ओर आ रहा था। हिंदुस्तान शासन इस भयानक कृत्य का कैसे भयानक निवारण करता था।

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Thu, 02 Oct 2025 17:58:29 +0530 news desk MPcg
PM मोदी ने RSS की शताब्दी पर जारी किया विशेष डाक टिकट और सिक्का, संघ की भूमिका की जमकर सराहना https://citytoday.co.in/3773 https://citytoday.co.in/3773 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर विशेष डाक टिकट, सिक्का जारी किया। इस मौके पर उन्होंने संघ की खूब सराहना की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आरएसएस की गौरवशाली 100 वर्ष की यात्रा त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन का असाधारण उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी ‘स्वयंसेवक’ पीढ़ी भाग्यशाली है कि वह आरएसएस के शताब्दी वर्ष की साक्षी बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही आरएसएस ने राष्ट्रनिर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। संघ के स्वयंसेवक, जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं, इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "संघ की 100 वर्ष की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में आज भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किए हैं। 100 रुपए के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज महानवमी है। आज देवी सिद्धिदात्री का दिन है। मैं सभी देशवासियों को नवरात्रि की बधाई देता हूं। कल विजयादशमी का महापर्व है। अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत, विजयादशमी भारतीय संस्कृति के इस विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है।"

 

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Wed, 01 Oct 2025 16:10:25 +0530 news desk MPcg
क्लाइमेट चेंज की मार से कांपे चाय बागान, असम में चाय उत्पादन पर मंडराया संकट https://citytoday.co.in/3772 https://citytoday.co.in/3772 नईदिल्ली 

असम के चाय बागानों में धूप की तपिश में काम करने वाली मजदूर कामिनी कुरमी सिर पर छाता बांध लेती हैं. इससे हाथ खाली रहते हैं. नाजुक पत्तियां तोड़ना आसान हो जाता है. लेकिन गर्मी इतनी तेज है कि सिर चकराने लगता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है. कामिनी जैसी सैकड़ों महिलाएं अपनी कुशल उंगलियों से चाय की फसल काटती हैं. मशीनें आम फसलों को जल्दी काट लेती हैं, लेकिन चाय के लिए हाथों की जरूरत पड़ती है. क्लाइमेट चेंज से मौसम की मार बढ़ रही है. इससे चाय की फसल सूख रही है. 

असम और दार्जिलिंग जैसी मशहूर चाय का भविष्य खतरे में है. दुनिया का चाय व्यापार सालाना 10 अरब डॉलर से ज्यादा का है. टी रिसर्च एसोसिएशन की वैज्ञानिक रूपंजली देब बरुआ कहती हैं कि तापमान और बारिश के पैटर्न में बदलाव अब कभी-कभी की बात नहीं, बल्कि नई सामान्य स्थिति है. गर्मी और अनियमित बारिश से फसलें कम हो रही हैं. 

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है. लेकिन घरेलू खपत बढ़ने से निर्यात घट रहा है. पिछले साल उत्पादन 7.8% गिरकर 1.3 अरब किलोग्राम रह गया. खासकर असम में भारी नुकसान हुआ. इससे कीमतें 20% बढ़ गईं. औसतन 201.28 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. 30 साल में चाय की कीमतें सालाना सिर्फ 4.8% बढ़ीं, जबकि गेहूं-चावल की 10%. 40 साल से चाय बागान में काम करने वाली मंजू कुरमी कहती हैं कि पहले 110 किलोग्राम पत्तियां तोड़ लेती थीं. लेकिन अब गर्मी बढ़ने से सिर्फ 60 किलोग्राम ही संभव है. गर्मी से मजदूर थक जाते हैं. 

फैक्ट्रियों में पत्तियां सुखाने के दौरान हर 30 मिनट में ब्रेक लेना पड़ता है. पुतली लोहार, जो 12 साल से फैक्ट्री में काम कर रही हैं, कहती हैं कि हम दीवार पर लगे पंखों के नीचे ठंडक लेते हैं. फैक्ट्री में सूखी पत्तियों को बड़े ड्रम में कुचला जाता है. फिर महिलाएं कैप, मास्क और एप्रन पहनकर चेक करती हैं. असम की चाय का सबसे अच्छा हिस्सा दूसरी फ्लश है, जो खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर है. लेकिन गर्म लहरें इसे सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं. गर्मी और नमी जरूरी है, लेकिन लंबे सूखे और अचानक भारी बारिश बर्बाद कर देती हैं. 

टिनसुकिया जिले के 82 साल पुराने बागान के मालिक मृतुनजय जालान कहते हैं कि ऐसे मौसम से कीट बढ़ते हैं. हमें सिंचाई करनी पड़ती है, जो पहले कम इस्तेमाल होती थी. टी रिसर्च के मुताबिक 1921 से 2024 तक बारिश 250 मिमी कम हुई. न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़ा.

इस मॉनसून में बारिश औसत से 38% कम रही. कीटों से पत्तियां भूरी हो जाती हैं, छेद हो जाते हैं. इससे फसल का समय छोटा हो गया. वरिष्ठ चाय उत्पादक प्रभात बेजबोरुआ कहते हैं कि चाय की कीमतें अब अस्थिर हैं. इस साल सुधार हो रहा, लेकिन अगले साल कम उत्पादन से कीमतें बढ़ेंगी. चाय उद्योग पहले से कर्ज में डूबा है. लागत सालाना 8-9% बढ़ रही – मजदूरी और खाद महंगी. इंडियन टी एसोसिएशन के चेयरमैन हेमंत बंगुर कहते हैं कि पिछले साल सूखे से फसल घटी, तो पेड़ काटे, खाद गड्ढे बनाए और कीटनाशक इस्तेमाल बढ़ाया. इससे खर्च और बढ़ा. 

असम में औपनिवेशिक काल के कई पेड़ 40-50 साल पुराने हो चुके. वे कम फलते हैं. मौसम सहन नहीं कर पाते. नए पौधे लगाने के लिए सरकारी मदद कम है. पिछले दशक में घरेलू खपत 23% बढ़कर 1.2 अरब किलोग्राम हो गई. उत्पादन सिर्फ 6.3% बढ़ा. 2024 में भारत का वैश्विक व्यापार हिस्सा 12% था. 
निर्यात घट रहा, आयात दोगुना होकर 45.3 मिलियन किलोग्राम पहुंचा. कोलकाता के एक निर्यातक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि भारत में कमी से वैश्विक सप्लाई टाइट हो सकती है. कीमतें बढ़ेंगी. केन्या और श्रीलंका में भी उत्पादन कम हो रहा. 

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Wed, 01 Oct 2025 16:08:30 +0530 news desk MPcg
अब साइलेंट नहीं रहेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, AVAS सिस्टम से मिलेगी आवाज https://citytoday.co.in/3771 https://citytoday.co.in/3771 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को पैदल यात्रियों और सड़क पर अन्य यूज़र्स के लिए और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें ऑकस्टिक व्हीकल अलर्ट सिस्टम (AVAS) की अनिवार्यता प्रस्तावित की गई है. तो आइये जानें क्या है ये सिस्टम और आम लोगों के लिए ये सिस्टम किस तरह से सुरक्षा प्रदान करेगा.

क्या है प्रस्ताव?

ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नियम के तहत, 1 अक्टूबर 2026 से लॉन्च होने वाले सभी नए पैसेंजर और माल-वाहन इलेक्ट्रिक वाहनों में AVAS सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा, जबकि पहले से उत्पादन में चल रहे मॉडल्स को 1 अक्टूबर 2027 तक इस नियम का पालन करना होगा.

क्यों जरूरी है AVAS?

AVAS, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए खास तौर पर ज़रूरी है क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन पारंपरिक इंजन वाले वाहनों की तुलना में बहुत शांत होते हैं. इससे सड़क पर पैदल यात्रियों और दोपहिया चालक सहित सभी के लिए सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी.

मैंडेट का दायरा

MoRTH की अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से नए मॉडल और 1 अक्टूबर 2027 से मौजूदा मॉडल के लिए M और N कैटेगरी के इलेक्ट्रिफाइड वाहन AVAS के साथ उपलब्ध होंगे. यहाँ M कैटेगरी पैसेंजर व्हीकल और N कैटेगरी माल वाहक वाहनों के लिए है. इसका मतलब है कि इलेक्ट्रिक कार, बस, वैन और ट्रक सभी को AVAS के साथ अनिवार्य रूप से लैस करना होगा. हालांकि, मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स और ई-रिक्शा इससे बाहर हैं. 

कैसे काम करता है ये AVAS सिस्टम?

यह सिस्टम वाहन के 20 किलोमीटर प्रति घंटे की कम स्पीड पर चलते समय आवाज उत्पन्न करता है, ताकि पैदल यात्री, साइकिल सवार और सड़क पर चलने वाले अन्य लोग वाहन के आने के बारे में जान सकें और सुरक्षित रहें. ये सिस्टम ऑटोमेटिकली 20 किमी/घंटा से कम की स्पीड पर और वाहन के रिवर्स करने के दौरान एक्टिव हो जाता है. वहीं हाई स्पीड में टायर और हवा की आवाज़ पर्याप्त होने के कारण यह सिस्टम बंद हो जाता है.

क्या कहते हैं ग्लोबल एक्सपीरिएंस

ग्लोबल रिपोर्ट्स भी यही बताते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन स्लो स्पीड में सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों के लिए अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं. क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में पारंपरिक इंजन के बजाय इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल होता है. ऐसे में स्लो स्पीड में कार से बिल्कुल आवाज नहीं आती है, जिससे सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों या दोपहिया वाहन चालकों को इस बात का आभास भी नहीं होता है कि, कोई चार पहिया वाहन उनके आसपास या पीछे से आ रही है. 

अमेरिकी परिवहन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक कारें पेट्रोल और डीज़ल कारों की तुलना में पैदल यात्रियों के लिए 20 प्रतिशत अधिक और कम गति पर 50 प्रतिशत अधिक जोखिम पैदा करती हैं. AVAS पहले से ही अमेरिका, जापान और यूरोप में अनिवार्य है, और अब इसे भारत में भी अनिवार्य करने की तैयारी है.

इन कारों में पहले से ही ये AVAS

भारत में कुछ इलेक्ट्रिक वाहन पहले ही AVAS सिस्टम के साथ उपलब्ध हैं. जिसमें एमजी कॉमेट, टाटा कर्व ईवी, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक जैसे मॉडल शामिल हैं. इसके अलावा महिंद्रा द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए XEV 9e और BE 6 (पूर्व में BE 6e) भी इस तकनीक के साथ आते हैं, जो सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों की सुरक्षा तय करते हैं.

अन्य प्रस्तावित बदलाव

AVAS नियम के अलावा सरकार ने यह भी प्रस्तावित किया है कि ट्यूबलैस टायर वाले वाहनों, जैसे कार, क्वाड्रिसाइकिल और कुछ थ्री-व्हीलर में स्पेयर टायर की अनिवार्यता को हटा दिया जाए. जैसे ही यह नियम अंतिम रूप लेगा, कार मेकर्स को 2026 से नए मॉडल में AVAS लागू करना होगा, जबकि पहले से उत्पादन में चल रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को 2027 तक इसका पालन करना अनिवार्य होगा.

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Wed, 01 Oct 2025 16:06:58 +0530 news desk MPcg
आज से बदल गए नियम: LPG, UPI और रेल टिकट बुकिंग सहित ये 5 बड़े बदलाव जानिए https://citytoday.co.in/3770 https://citytoday.co.in/3770 नई दिल्ली

सितंबर महीना खत्म हो चुका है और अक्टूबर 2025 की शुरुआत हो गई है. ये नया महीना भी शुरू होने के साथ ही कई बड़े बदलाव (Rule Change From 1st October) लेकर आया है, जो पहले दिन यानी 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो रहे हैं. इसमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा करके ऑयल कंपनियों ने ग्राहकों को झटका दिया है, तो दूसरी ओर UPI से जुड़ा नियम भी बदला है. इन बदलावों का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलने वाला है. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं… 

बदलावों के साथ अक्टूबर का आगाज 
हर महीने की शुरुआत कई छोटे-बड़े बदलावों के साथ होती है और इनमें फाइनेंशियल चेंज भी शामिल होते हैं. अक्टूबर के महीने ने भी ऐसा ही आगाज किया है और पहली तारीख से ही सीधे आम आदमी से लेकर यूपीआई यूजर और भारतीय रेल से सफर करने यात्रियों के लिए बहुत कुछ बदला है. त्योहारी सीजन में जहां LPG Price में बढ़ोतरी से ग्राहकों को झटका लगा है. तो इंडियन रेलवे ने ट्रेन टिकट की ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ा नियम भी बदल दिया है , जिससे रेल यात्री प्रभावित होने वाले हैं.

पहला बदलाव: LPG सिलेंडर हो गया महंगा
1 अक्टूबर से होने वाले बदलावों में लोगों की सबसे ज्यादा निगाह एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होने वाले बदलाव पर रहती है, क्योंकि ये सीधे रसोई के बजट से जुड़ा हुआ है. बता दें कि बीते कुछ महीनों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की थी, लेकिन अक्टूबर के पहले दिन इनमें इजाफा किया गया है और ये दिल्ली से मुंबई तक महंगा हो गया है. 

IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और ये 1580 रुपये के बजाय 1595 रुपये का मिलेगा. वहीं कोलकाता में कीमत 1684 रुपये से बढ़कर 1700 रुपये हो गई है. मुंबई में अब तक 1531 रुपये का मिलने वाला 19KG Cylinder अब 1547 रुपये का, जबकि चेन्नई में ये 1738 रुपये से बढ़ाकर 1754 रुपये कर दिया गया है. हालांकि, इस बार भी 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत नहीं बदली है. 

दूसरा बदलाव: हवाई सफर हो सकता है महंगा
अक्टूबर के पहले दिन दूसरा बदलाव हवाई यात्रियों से जुड़ा हुआ है, क्योंकि बीते सितंबर महीने में हवाई ईंधन में हुई कटौती के बाद अब फेस्टिव सीजन में कंपनियों ने ATF Price में जोरदार इजाफा किया है. 1 अक्टूबर 2025 से नए रेट देखें, तो दिल्ली में इसकी कीमत 90,713.52 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 93,766.02 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है.

कोलकाता में ये 93,886.18 रुपये के बजाय अब 96,816.58 रुपये, मुंबई में 84,832.83 रुपये की जगह नई कीमत 87,714.39 रुपये प्रति किलोलीटर और चेन्नई में ये 94,151.96 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर अब 97,302.14 रुपये हो गई है. बता दें कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में इजाफा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत में बढ़ोतरी होगी, जिससे वे फ्लाइट टिकट की कीमतों में इजाफा कर सकती हैं. 

तीसरा बदलाव: सिर्फ ऐसे यात्रियों को ऑनलाइन टिकट
तीसरा बदलाव रेल यात्रियों के लिए लागू होने जा रहा है. दरअसल, रेल टिकट बुकिंग में धांधली रोकने के उद्देश्य से इंडियन रेलवे ने 1 अक्टूबर 2025 से नियमों में बदलाव का ऐलान किया था, जो आज से लागू हो सकता है. इसके तहत रिजर्वेशन खुलने के बाद पहले 15 मिनट में सिर्फ ऐसे लोग ही ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार (Aadhaar) वेरिफिकेशन हो चुका है. IRCTC वेबसाइट या ऐप दोनों पर ये नियम लागू होगा. फिलहाल, यह नियम तत्काल बुकिंग पर लागू है. जबकि, कंप्यूटरीकृत PRS काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए किसी भी तरह का कोई चेंज नहीं किया गया है.  

चौथा बदलाव: UPI से जुड़ा ये रूल चेंज 
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस या UPI यूजर्स के लिए भी अक्टूबर की शुरुआत बड़े बदलाव के साथ हो रही है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने बीते 29 जुलाई के एक सर्कुलर में इस बात की जानकारी शेयर की थी कि सबसे ज्‍यादा यूज किए जाने वाले यूपीआई फीचर्स में से पीयर टू पीयर (P2P) कलेक्ट ट्रांजैक्शन को हटाने जा रहा है और ये 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाला है. यूजर्स सिक्‍योरिटी को मजबूत कर फाइनेंशियल फ्रॉड रोकने के कदम के तौर पर ये फीचर यूपीआई ऐप्‍स से हटाया जा रहा है. 

पांचवां बदलाव: बैंकों में बंपर छुट्टियां
अक्टूबर महीने में त्योहारों की भरमार है और ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो पहले भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी October Bank Holiday List देखकर ही घर से निकलें, कहीं ऐसा न हो कि आप बैंक पहुंचे और वहां ताला लटका हुआ नजर आए.

दरअसल, महीने की शुरुआत दुर्गा पूजा की छुट्टी से होगी और फिर पूरे महीने में महात्मा गांधी जयंती, दशहरा, लक्ष्मी पूजा, महार्षि बाल्मिकी जयंती, करवा चौथ, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ पूजा समेत कुल 21 छुट्टियां पड़ रही हैं. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार के साथ ही रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी शामिल है. हालांकि, ये Bank Holiday अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग हो सकते हैं. 

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Wed, 01 Oct 2025 16:05:00 +0530 news desk MPcg
संघ में कटुता के लिए स्थान नहीं, राष्ट्र सर्वोपरि हमारा मूल मंत्र – शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी https://citytoday.co.in/3769 https://citytoday.co.in/3769 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अक्टूबर को विजयादशमी के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. नई दिल्ली के डॉक्टर आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुए संघ के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीएम मोदी ने विशेष रूप से तैयार किया गया स्मृति डाक टिकट और सिक्का जारी किया.

पीएम मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में संघ के स्वयंसेवक रहे विजय कुमार मल्होत्रा के निधन का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को नवरात्रि की बधाई दी. पीएम मोदी ने संघ के शताब्दी वर्ष का गवाह बनने को गौरव का पल बताया और कहा कि आज जो सिक्का जारी हुआ है, उस पर पहली बार भारत माता की तस्वीर अंकित हुई है. इस पर संघ का बोधवाक्य भी लिखा हुआ है.

उन्होंने यह भी कहा कि संघ के स्वयंसेवक 1963 में 26 जनवरी की परेड में भी शामिल हुए थे और आन-बान-शान के साथ देशभक्ति की धुन पर कदमताल किया था. इसकी झलक भी डाक टिकट में है. पीएम मोदी ने कहा कि स्वयंसेवक जिस तरह राष्ट्र निर्माण के काम में जुटे हुए हैं, उसकी झलक भी टिकट में है. उन्होंने स्मारक सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बधाई भी दी.

पीएम मोदी ने कहा कि संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ है. संघ के स्वयंसेवक समाज को समृद्ध करने में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि यह अविरल तप का फल है, यह राष्ट्र प्रवाह प्रबल है. पीएम ने कहा कि आदिवासी कल्याण से लेकर विविध क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक काम कर रहे हैं. धाराएं बढ़ीं, लेकिन विरोधाभास नहीं. विचार एक ही है- राष्ट्र निर्माण. संघ ने राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण की राह चुनी. इसके लिए शाखाएं शुरू हुईं.

उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण की वेदी हैं. इन शाखाओं में त्याग पनपता रहता है. पीएम ने कहा कि अहं से वयम तक की यात्रा शाखाओं में पूरी होती है. शाखा जैसी सरल जीवन पद्धति ही संघ के सौ वर्षों के सफर का आधार बने. उन्होंने कहा कि समर्पण, सेवा और राष्ट्र निर्माण की साधना से. संघ ने जिस कालखंड में जो चुनौती आई, उसमें संघ ने खुद को झोंक दिया.

आजादी के आंदोलन में संघ का बहुत योगदान- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आजादी के आंदोलन में डॉक्टर हेडगेवार की सक्रिय भागीदारी से लेकर हैदराबाद के निजाम और दादरा नगर हवेली तक, संघ का बहुत योगदान रहा. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी संघ को कुचलने का प्रयास हुआ. संघ को मुख्य धारा में नहीं आने देने के लिए अनगिनत साजिशें हुईं. पीएम मोदी ने कहा कि गुरु जी जब जेल से बाहर आए, तब उन्होंने बहुत सहजता से कहा था कि कभी कभी जीभ दांतों के बीच में आ जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ दिया करते. जीभ भी हमारी है, दांत भी.

उन्होंने कहा कि जेल में तरह-तरह की यातनाएं दी गईं, अत्याचार हुए लेकिन गुरु जी के मन में कोई भेद नहीं था. उनका व्यक्तित्व ऋषितुल्य था. पीएम मोदी ने कहा कि संघ पर चाहे प्रतिबंध लगे, लेकिन स्वयंसेवकों ने मन में कटुता को कभी स्थान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक के लोकतंत्र पर अडिग विश्वास ने मन में कटुता को जन्म नहीं लेने दिया.

अनेक थपेड़े सहते हुए भी अडिग खड़ा है संघ- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि समाज के अनेक थपेड़े सहते हुए भी संघ विराट वृक्ष की तरह अडिग खड़ा है. उन्होंने कहा कि अभी एक स्वयंसेवक ने कितनी सुंदर प्रस्तुति दी- हमने देश को ही देव माना है और देह को ही दीप बनाकर जलना सीखा है. पीएम मोदी ने कहा कि शुरू से ही संघ राष्ट्रभक्ति का पर्याय रहा है. जब विभाजन की पीड़ा ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया, तब संघ के स्वयंसेवक शरणार्थियों की सेवा में अपने सीमित संसाधनों के साथ सबसे आगे खड़े थे.

उन्होंने कहा कि 1956 में जब गुजरात में भुज में भूकंप आया था, तब भी स्वयंसेवक आगे थे. खुद कष्ट उठाकर दूसरों का दुख दूर करना, ये संघ के स्वयंसेवकों का परिचायक है. स्वयंसेवक कठिन घड़ी में सेना के साथ खड़े रहे. पीएम मोदी ने 1984 के सिख दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि तब अनेक सिख परिवार स्वयंसेवकों के घर आश्रय लिया था. उन्होंने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम चित्रकूट गए, नानाजी देशमुख से मिले और संघ के स्वयंसेवकों के कार्य देख हैरान रह गए थे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी जब नागपुर गए, हैरान रह गए.

आदिवासी परंपराएं सहेजने में संघ का बड़ा योगदान- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की आपदा हो या कोई और, संघ के स्वयंसेवक आज भी हर मुश्किल समय में सबसे आगे रहता है. उन्होंने कहा कि संघ ने दुर्गम इलाकों में भी उनकी संस्कृति, भाषा और कला के संरक्षण का कार्य किया. संघ दशकों से आदिवासी परंपराओं, रीति-रिवाजों को सहेजने में बड़ी भूमिका निभाई है. पीएम मोदी ने कहा कि संघ के लाखों स्वयंसेवकों की सराहना करूंगा, जो आदिवासियों का जीवन बेहतर करने में जुटे हैं.

संघ की स्थापना के समय चुनौतियां अलग थीं, आज अलग- पीएम

पीएम मोदी ने छुआछूत और ऊंच-नीच की भावना को समाज के लिए बड़ी बीमारी बताया और संघ की ओर से समरसता के लिए उठाए गए कदम गिनाए. उन्होंने कहा कि सौ साल पहले जब संघ अस्तित्व में आया था, तब हमें सैकड़ों वर्षों की राजनीतिक गुलामी से मुक्ति पानी थी. अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है. पीएम मोदी ने कहा कि सौ साल बाद आज जब भारत तेजी से विकसित होने की तरफ बढ़ रहा है, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है, देश का एक बड़ा वर्ग गरीबी को पराजित कर आगे आ रहा है.

उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं के लिए नए-नए अवसर आ रहे हैं, तब आज की चुनौतियां अलग हैं और संघर्ष भी. दूसरे देशों पर हमारी आर्थिक निर्भरता एक साजिश है. डेमोग्राफिक बदलाव एक चुनौती है और हमारी सरकार इन चुनौतियों से तेजी से निपट रही है. पीएम ने कहा कि एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे यह कहते हुए खुशी है कि संघ ने इन चुनौतियों को ना केवल चिह्नित किया है, बल्कि निपटने के लिए रोडमैप भी तैयार किया है. उन्होंने स्वबोध की परिभाषा भी बताई और कहा कि आज महानवमी है, देवी सिद्धिदात्री का दिन है. कल विजयादशमी का महापर्व है. विजयादशमी भारतीय संस्कृति के विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है.

संघ की स्थापना परंपरा का पुनरुत्थान- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे महापर्व पर सौ वर्ष पूर्व संघ की स्थापना कोई संयोग नहीं. यह हजारों वर्षों से चली आ रही परंपरा का पुनरुत्थान था, जिसमें राष्ट्र चेतना समय-समय पर उस युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए-नए अवतारों में प्रकट होती है. उन्होंने कहा कि संघ उसी का पुण्य अवतार है. यह हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है, कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आज इस अवसर पर संघ के स्वयंसेवकों को शुभकामना देता हूं. संघ के संस्थापक हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हू.

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Wed, 01 Oct 2025 16:02:30 +0530 news desk MPcg
सिटी टुडे ने प्रस्तुत किया विशेषांक – संघ के 100 सालों की गौरवगाथा https://citytoday.co.in/3763 https://citytoday.co.in/3763 Wed, 01 Oct 2025 15:12:45 +0530 Newsdesk ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर का पहला भारत दौरा, ट्रेड डील के बाद रिश्तों में नई गर्माहट https://citytoday.co.in/3744 https://citytoday.co.in/3744 नई दिल्ली

अगले महीने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भारत का दौरा कर सकते हैं. यह दौरा 7 से 9 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान होगा. भारत दौरे के दौरान कीर स्टारमर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. यह यूके के पीएम बनने के बाद उनका पहला भारत दौरा होगा. दिलचस्प बात यह है कि यह दौरा भारत और ब्रिटेन के बीच FTA पर हस्ताक्षर होने के लगभग दो महीने बाद हो रहा है, जिससे दोनों देशों के व्यापार और आर्थिक संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है.

इस यात्रा से पहले ब्रिटेन ने फिलिस्तीन को मान्यता दी है. वहीं भारत और अमेरिका के बीच में टैरिफ को लेकर तनाव देखा जा रहा है. साथ ही भारत और ब्रिटेन ने जुलाई 2025 में ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता इसलिए अहम है क्योंकि यह किसी पश्चिमी देश के साथ भारत का पहला बड़ा व्यापारिक समझौता है. इस FTA के तहत ब्रिटेन भारतीय उत्पादों पर लगने वाले औसत 15% टैरिफ को घटाकर लगभग 3% तक लाएगा. इससे कृषि, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, केमिकल और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सेक्टर्स के भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा. अनुमान है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार हर साल 33 अरब डॉलर तक बढ़ेगा.
इन क्षेत्रों में भी साथ होंगे भारत-यूके

इसके साथ ही, दोनों देशों ने डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन पर भी सहमति जताई है. इससे भारतीय कर्मचारियों और नियोक्ताओं को ब्रिटेन में तीन साल तक सोशल सिक्योरिटी योगदान से छूट मिलेगी. भारतीय कंपनियों के लिए यह समझौता करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत कराएगा. भारत-यूके रिश्तों में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी भी अहम है. जुलाई 2024 में दोनों देशों ने टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI) की घोषणा की थी. इसका मकसद क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड मटीरियल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है.

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पर तनाव बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कई सेक्टरों में 50% तक टैरिफ लगा दिया है. साथ ही, नए H-1B वीजा पर 88 लाख रुपये की फीस और ईरान के चाबहार बंदरगाह पर छूट हटाने जैसे फैसलों ने भारतीय चिंताएं बढ़ा दी हैं.

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Wed, 24 Sep 2025 15:25:05 +0530 news desk MPcg
8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज़, त्योहारी सीजन में DA बढ़ोतरी और GST राहत से दोहरा फायदा https://citytoday.co.in/3743 https://citytoday.co.in/3743 नई दिल्ली

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस दिवाली (Diwali 2025) खुशखबरी आ सकती है. सरकार अक्टूबर 2025 में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance/DA) में बढ़ोतरी का एलान कर सकती है. खबरों के अनुसार, जुलाई-दिसंबर 2025 की पीरियड के लिए डीए में 3 प्रतिशत की वृद्धि तय हो गई है, जिससे मौजूदा 55% डीए बढ़कर 58% हो जाएगा. यह 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत अंतिम DA रिवीजन होगा, क्योंकि जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने वाला है.

इस बढ़ोतरी से करीब 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधे लाभ मिलेगा. विशेषकर त्योहारों के मौसम में सैलरी बढ़ने से खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा. सरकार हर साल अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए में दो बार बढ़ोतरी करती है – जनवरी और जुलाई में. हालांकि, इसका आधिकारिक एलान कुछ माह बाद किया जाता है.

मार्च 2025 में जनवरी-जून पीरियड के लिए सरकार ने पहले ही डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह 53% से बढ़कर 55% हो गया. अब जुलाई-दिसंबर 2025 के लिए 3% की वृद्धि के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा.
महंगाई भत्ता (DA) कैसे तय होता है?

महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर किया जाता है. यह डेटा हर महीने लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किया जाता है. पिछले 12 महीनों के CPI-IW औसत को लेकर एक फॉर्मूला लागू किया जाता है, जो 7वें वेतन आयोग के तहत बनाया गया है:

DA (%) = [(12 माह का औसत CPI-IW – 261.42) ÷ 261.42] × 100

इस फॉर्मूले के आधार पर कोई भी सरकारी कर्मचारी या पेंशनर अपने महंगाई भत्ते की गणना कर सकता है.

जुलाई 2025 में कितना बढ़ा था DA

लेबर ब्यूरो ने जून 2025 के CPI-IW डेटा के अनुसार सूचकांक 145.0 दर्ज किया, जो मई 2025 की तुलना में एक अंक अधिक है. इसके आधार पर जुलाई 2025 से DA बढ़कर 58% तय किया गया है.

हाल ही में सरकार और कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन, Government Employees National Confederation (GENC), के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. मंत्री ने बताया कि राज्य सरकारों के साथ भी बातचीत जारी है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की संभावना है.

त्योहारों के मौसम को देखते हुए यह कदम कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के साथ ही महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है. इससे देशभर के 1.2 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा. GST राहत के बाद यह कदम उन्हें और वित्तीय राहत प्रदान करेगा.

महंगाई भत्ते का महत्व

महंगाई भत्ता सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसलिए देती है ताकि वे महंगाई के प्रभाव को कम कर सकें. रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और DA सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का मूल्य स्थिर रहे.

इस बढ़ोतरी का असर न सिर्फ कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर पड़ेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा. दशहरा और दिवाली के आसपास DA वृद्धि का ऐलान आम तौर पर इसलिए किया जाता है ताकि लोग त्योहारों के मौसम में अपने खर्चों को संभाल सकें और उत्सवों का आनंद ले सकें.

कितने लोगों को मिलेगा लाभ

इस DA वृद्धि से लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा. इससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और महंगाई से राहत भी मिलेगी. इसके अलावा, पहले ही सरकार ने लोगों को जीएसटी में कटौती के रूप में अच्छी-खासी राहत दी है.

7वें वेतन आयोग के तहत यह अंतिम DA वृद्धि है, और जनवरी 2026 से लागू होने वाला 8वां वेतन आयोग नए नियम और दरों के साथ लागू होगा. इस वृद्धि का फायदा कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधे मिलेगा और यह दिवाली उनके लिए और खास बना देगा.

न्यूनतम मूल वेतन में संभावित बड़ा इजाफा

8वीं वेतन आयोग की संभावित सिफारिशों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) में वृद्धि है. वर्तमान में यह ₹18,000 है, और नई संरचना इसे ₹26,000 तक बढ़ा सकती है. इस बदलाव से कर्मचारियों को मुद्रास्फीति और बढ़ती जीवनयापन लागत के बीच राहत मिलेगी. कर्मचारियों का मानना है कि यह वृद्धि लंबे समय से लंबित थी, क्योंकि पिछली वेतन आयोग की सिफारिश कई सालों पहले लागू हुई थी. न्यूनतम वेतन में यह बड़ा इजाफा सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करेगा.
महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) में सुधार की संभावना

8वीं वेतन आयोग के साथ महंगाई भत्ता (DA) में भी संशोधन की उम्मीद है. वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनरों को 55% DA मिलता है. हाल ही में मुद्रास्फीति दरों के अनुसार 2% की वृद्धि की गई थी. विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए अगली DA वृद्धि 3% हो सकती है. यह संशोधित DA अक्टूबर या नवंबर में घोषित किया जा सकता है, जिससे त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय राहत मिलेगी.
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत का पैकेज

अगर 8वीं वेतन आयोग और DA में सुधार दोनों लागू होते हैं, तो यह सरकारी वेतन पर निर्भर लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय राहत साबित होगी. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ये कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोहरी राहत, वेतन वृद्धि और DA इजाफा. न केवल शॉर्ट टर्म वित्तीय राहत देगा बल्कि कर्मचारियों की लॉन्ग टर्म आर्थिक स्थिरता में भी योगदान करेगा. हालांकि, इस पूरे पैकेज की वास्तविक तिथि इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग का गठन कब होता है और सरकार की वित्तीय स्थिति क्या रहती है.

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Wed, 24 Sep 2025 15:22:46 +0530 news desk MPcg
नवरात्रि पर मोदी सरकार का तोहफा: 25 लाख लोगों को मुफ्त LPG कनेक्शन और उपकरण https://citytoday.co.in/3742 https://citytoday.co.in/3742 नई दिल्ली
 केंद्र सरकार नवरात्र के अवसर पर महिलाओं को उपहार स्वरूप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित करेगी. इससे देशभर में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या 10.6 करोड़ तक पहुंच जाएगी.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को बताया कि सरकार प्रत्येक कनेक्शन पर 2,050 रुपये खर्च करेगी, जिसमें एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, गैस चूल्हा, रेगुलेटर और अन्य संबंधित उपकरण शामिल हैं.

    हरदीप पुरी ने इसे महिलाओं के लिए नवरात्र का विशेष उपहार बताया और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी देवी दुर्गा की तरह महिलाओं का सम्मान करते हैं. यह निर्णय माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को और मजबूत करता है.”

मंत्री ने यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बताते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं की जीवनशैली में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मुफ्त एलपीजी कनेक्शन से घर में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा GDP
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि नए जीएसटी सुधारों से देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि जीएसटी सुधारों से देश की GDP में लगभग 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. नए सुधार सोमवार से लागू हो गए हैं.

पुरी ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से सभी वर्गों को लाभ मिलेगा, विशेषकर निम्न मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग. विभिन्न उपभोग वस्तुओं पर लागू कम दरें जनता की खरीदारी क्षमता बढ़ाएंगी और देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएंगी.

मंत्री ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर बढ़ते कदमों में उज्ज्वला योजना और जीएसटी सुधार दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. इन पहलों से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा बल्कि घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, जीवन स्तर में सुधार होगा और देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी.

इस नवरात्र पर 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का वितरण और जीएसटी सुधार देश में समग्र विकास और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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Wed, 24 Sep 2025 15:21:02 +0530 news desk MPcg
जातीय गणना पर हाईकोर्ट में बहस, याचिकाकर्ता बोले – हम टापू में नहीं रहते कि जाति को नजरअंदाज करें https://citytoday.co.in/3741 https://citytoday.co.in/3741 बेंगलुरु

कर्नाटक सरकार की ओर से जातिगत जनगणना कराई जा रही है, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।  इस याचिका पर सुनवाई का दूसरा दिन था और इस दौरान दिलचस्प दलीलें देखने को मिलीं। कर्नाटक सरकार की ओर से जातीय जनगणना का यह कहते हुए विरोध हो रहा है कि इसका राजनीतिक इस्तेमाल करने की तैयारी है। इसके अलावा एक बार जातीय गणना होने के बाद दोबारा फिर इसकी क्या जरूरत है, यह सवाल भी उठाया जा रहा है। इसी को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट में मंगलवार को दिलचस्प बहस देखने को मिली।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कर्नाटक सरकार की ओर से दलीलें देते हुए कहा, 'हमारे देश में जाति है और वह अलग-अलग वर्गों का निर्धारण करती है। हम एकांत में या फिर किसी टापू में रहकर तो उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।' उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व और सुविधाएं देने के लिए यह जरूरी है कि सरकार के पास पूरा डेटा हो। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सरकार इस डेटा का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए करेगी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर समाज के लिए बिना कोई डेटा जुटाए कैसे सही योजनाएं बनाई जा सकती हैं।

वहीं सीनियर एडवोकेट अशोक हरणहल्ली ने भी इस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आखिर एक अलग सर्वे कराने की जरूरत ही क्या है, जब केंद्र सरकार की ओर से जनगणना का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। उसमें तो जातिवार गणना भी होनी ही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नए सर्वे का फैसला कर लिया है, जिसमें 420 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इससे पहले भी 100 करोड़ खर्च करके एक सर्वे कराया गया था, लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग ने मनमाने तरीके से 1561 जातियों को ओबीसी कैटिगरी में डाल दिया। इसके लिए तो कोई स्टडी भी नहीं कराई गई। एक अन्य सीनियर वकील विवेक सुब्बा रेड्डी ने कहा कि नई लिस्ट में तो कई उपजातियों का ही जाति के तौर पर उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि साइंटिफिक तरीके से सर्वे नहीं किया गया।

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Wed, 24 Sep 2025 15:17:42 +0530 news desk MPcg
खो गया PAN कार्ड? जानें तुरंत डुप्लीकेट पाने का आसान तरीका https://citytoday.co.in/3724 https://citytoday.co.in/3724 नई दिल्ली

कोई भी जरूरी डॉक्यूमेंट अगर खो जाए, तो उसे फिर से बनवाने में बहुत परेशानी होती है। हालांकि Pan Card के साथ ऐसा नहीं है। अगर आपका Pan Card भी खो गया है या घर में कहीं इधर-उधर हो जाने की वजह से ऐन मौके पर मिल नहीं रहा है, तो आप घर बैठे एक क्लिक में अपना पैन कार्ड बनवा सकते हैं। इसका प्रोसेस बेहद सिंपल है और आज हम आपको इसी के बारे में डिटेल में बताने वाले हैं कि आखिर आप किस तरह से अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड बनवा सकते हैं।

कैसे मिलेगा डुप्लीकेट Pan Card?
अगर आप किसी भी वजह से तुरंत अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड पाना चाहते हैं, तो बता दें कि इसके तीन तरीके हैं। तीनों के बारे में डिटेल में समझने से पहले बता दें कि इन तरीकों को फॉलो करके आप अपने पैन कार्ड की सॉफ्ट कॉपी मिल जाएगी और यह किसी भी सरकारी काम में इस्तेमाल करने के लिए वैलिड होगी। सॉफ्ट कॉपी होने की वजह से आपको इसे पाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और अगर Pan Card से जुड़ा आपका कोई काम अटका हुआ है, तो आप उसे तुरंत पूरा करवा पाएंगे।

अगर NSDL के जरिए बना है Pan Card
अगर आपका पैन कार्ड NSDL के जरिए बना है, तो आपको Google पर NSDL Pan Card Download सर्च करना होगा। पहले लिंक पर क्लिक करने के बाद पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए दिए सिस्टम में Pan को चुन लें। इसका मतलब है कि आप पैन नंबर उपलब्ध करवा कर अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं। इसके बाद आपको अपना पैन नंबर, आधार नंबर दी गई जगहों में भरना होगा। आपके पैन के साथ लिंक्स फोन नंहर और मेल आईडी आपको अगले स्टेप में दिखाई देंगे। जिस पर भी आप ओटीपी पाना चाहते हैं, उसे चुन कर ओटीपी का अनुरोध कर दें। ओटीपी डालने के बाद आपको 8.26 रुपये भरने होंगे। इसके बाद आपका पैन कार्ड आप आसानी से डाउनलोड कर पाएंगे।

अगर UTI के जरिए बना है Pan Card
अगर आपका पैन कार्ड UTI के जरिए बना है, तो गूगल पर UTI PAN DOWNLOAD सर्च करके पहले लिंक पर चले जाएं। इसके बाद का प्रोसेस काफी हद तक ऊपर बताए प्रोसेस जैसा ही है। पहले लिंक पर जाने के बाद आपको Download e-Pan पर टैप करना होगा। इसके बाद अपना पैन नंबर आधार नंबर और ओटीपी की डिटेल्स भरकर आप अपना ई-पैन कार्ड पा सकेंगे।

अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से बना है Pan Card
अगर आपका पैन कार्ड इनकम टैक्स की वेबसाइट से बना है, तो इनकम टैक्स की साइट पर जाकर Instant E Pan पर टैप करें। वहां अपने पैन और आधार नंबर की डिटेल्स देकर आप आसानी से अपना पैन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह आपको अपने पैन कार्ड की सॉफ्ट कॉपी आसानी से मिल जाएगी लेकिन अगर आप पीवीसी पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो इस लिंक पर जाकर पूरा प्रोसेस समझ सकते हैं।

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Mon, 22 Sep 2025 19:01:15 +0530 news desk MPcg
विक्रमादित्य सिंह की दूसरी शादी चर्चा में, जानिए कौन हैं अमरीन और क्या करती हैं https://citytoday.co.in/3723 https://citytoday.co.in/3723

 चंडीगढ़

हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री और छह बार के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने शादी कर ली है। सोमवार को चंडीगढ़ में वह अमरीन शेखों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। विक्रमादित्य की यह दूसरी शादी है।

दुल्हन अमरीन शेखों पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने अंग्रेजी और मनोविज्ञान में डबल मास्टर डिग्री ली है। साथ ही मनोविज्ञान में पीएचडी भी की है। वह विक्रमादित्य सिंह की पुरानी दोस्त हैं। शेखों भी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करक चुकी हैं। अमरीन सरदार जोतिंदर सिंह शेखों और ओपिंदर कौर की बेटी हैं।
चंडीगढ़ में हुई शादी

36 साल के विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे वीरभद्र सिंह की विरासत के मालिक हैं। विक्रमादित्य सिंह इस समय शिमला ग्रामीण सीट से विधायक और सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार में ताकतवर मंत्री हैं। पीडब्ल्यूडी के अलावा वह शहरी विकास मंत्रालय भी संभाल रहे हैं। 2024 में वह मंडी लोकसभा सीट पर कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़े थे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।

विक्रमादित्य सिंह की पहली शादी 2019 में हुई थी। विक्रमादित्य सिंह ने तब राजस्थान के आमेट की राजकुमारी सुदर्शना चुंडावत से शादी की थी। लेकिन दोनों के बीच रिश्ता अधिक लंबा नहीं चला। मतभेद के बाद 2024 में दोनों ने संबंध खत्म कर लिया।

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Mon, 22 Sep 2025 18:51:13 +0530 news desk MPcg
1100 एकड़ जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा खारिज, हाईकोर्ट ने मस्जिद से छीना कब्जा https://citytoday.co.in/3722 https://citytoday.co.in/3722 तिरुनेलवेली

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक मस्‍जि‍द गांव की 1,100 एकड़ जमीन पर दावा ठोक रही थी. कह रही थी क‍ि यह वक्‍फ प्रॉपर्टी है और इसे सिर्फ मुस्‍ल‍िम धर्म के कार्यों में इस्‍तेमाल क‍िया जाना चाह‍िए. मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो मद्रास हाईकोर्ट ने एक झटके में खार‍िज कर द‍िया. साफ कहा क‍ि वक्‍फ प्रॉपर्टी सिर्फ 2.34 एकड़ जमीन है, जो 1712 में मदुराई सामस्थानम के तत्कालीन शासक ने दान की थी. कांस्य पत्रक पर इसके सबूत हैं, लेकिन बाकी जमीन बिल्‍कुल मस्‍ज‍िद की नहीं है.

इस मामले में मस्जिद ने दावा किया था कि यह विशाल क्षेत्र वक्फ संपत्ति में आता है और इसका उपयोग धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए. मस्जिद की ओर से यह तर्क दिया गया था कि पूरे 1,100 एकड़ क्षेत्र पर उनके धार्मिक अधिकार हैं. इसके विपरीत, जमीन पर अधिकार रखने वाले अन्य पक्षों ने इसे विवादित बताया और अदालत में चुनौती दी. मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की गहन सुनवाई के बाद इतिहास और दस्तावेजों को आधार मानते हुए निर्णय दिया. अदालत ने कहा कि जब इतिहास कांस्य पत्रों में बोलता है, तो झूठे दावे स्वतः ही पिघल जाते हैं. 1712 का कांस्य पत्रक स्पष्ट रूप से दिखाता है कि केवल 2.34 एकड़ जमीन का ही मस्जिद को अधिकार है और बाकी भूमि किसी अन्य पक्ष की है या सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखी गई थी.

मस्‍ज‍िद के ल‍िए झटका
अदालत ने इस फैसले में यह भी दिखाया कि वक्फ संपत्ति की वास्तविकता और इसके कानूनी दावे को इतिहास और प्रमाण पत्रों के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए. इस प्रकार, बड़े दावे और आरोपों के बावजूद न्यायालय ने ऐतिहासिक दस्तावेजों को सर्वोच्च माना. मस्जिद के लिए यह फैसला एक झटका है, क्योंकि उसका दावा जमीन के बड़े हिस्से पर था. अब मस्जिद केवल उसी जमीन का उपयोग कर सकती है, जो 1712 में दिये गए मण्यम के तहत प्रमाणित है. अदालत के फैसले से यह भी संदेश गया कि धार्मिक संस्थाओं द्वारा किए गए वक्फ दावे कानूनी और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर ही मान्य होंगे.

प्रमाणों के आगे नहीं ट‍िक पाया
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला वक्फ संपत्ति और ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व को उजागर करता है. यह दिखाता है कि लंबे समय से किए जा रहे दावे भी कानूनी प्रक्रिया और प्रमाणों के सामने टिक नहीं पाते. इस फैसले के बाद तिरुनेलवेली जिले में भूमि विवादों पर भी प्रभाव पड़ सकता है. अन्य वक्फ संस्थाओं और धार्मिक संगठनों को यह संकेत मिलेगा कि उनके दावे के लिए ऐतिहासिक प्रमाण और कानूनी दस्तावेज अनिवार्य हैं.

झूठे दावे सच नहीं हो जाते
मद्रास हाईकोर्ट का यह फैसला वक्फ संपत्ति के मामलों में इतिहास और दस्तावेजों की अहमियत को रेखांकित करता है और भविष्य में ऐसे मामलों में न्यायालय के दृष्टिकोण का मार्गदर्शन कर सकता है. अदालत ने कहा कि झूठे दावे और अतिशयोक्ति की कोई जगह नहीं है, और प्रमाणों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय धार्मिक संस्थाओं के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपने दावों में ईमानदारी और सटीकता दिखाएं.

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Mon, 22 Sep 2025 18:47:27 +0530 news desk MPcg
मानसून की धमाकेदार वापसी: 20 से 24 सितंबर तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/3700 https://citytoday.co.in/3700 नई दिल्ली 
मानसून का यह सीज़न काफी शानदार रहा है क्योंकि इस दौरान देशभर में अच्छी बारिश हुई है। मानसून की दस्तक से अब तक करीब ढाई महीने में देशभर में जमकर बादल बरसे हैं। कई राज्यों में तो इस बार रिकॉर्ड बारिश देखने को मिली है। हालांकि अब कई जगह मानसून की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अभी मानसून की विदाई नहीं हुई है। कुछ राज्यों में मानसून की रफ्तार अभी भी बरकरार है जिससे बारिश का सिलसिला भी जारी है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने जानकारी दी है कि मानसून की वापसी हो गई है। इससे 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) है।

उत्तरपश्चिम भारत
उत्तरपश्चिम भारत में पिछले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन मानसून की वापसी हो गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है, तो कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना है।

उत्तरीपूर्व भारत
उत्तरीपूर्व भारत में कई राज्यों में मानसून की रफ्तार अभी बरकरार है। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में कुछ जगह 20-24 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान कुछ जगह रिमझिम बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट भी है।

पूर्वी और मध्य भारत
20-24 सितंबर को पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में मानसून की वापसी हो गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, सिक्किम, विदर्भ और ओडिशा में कुछ जगह रुक-रूककर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में अगले 5 दिन रिमझिम बारिश भी होगी। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

पश्चिम भारत
पश्चिम भारत में कई जगह मानसून का असर अभी भी बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र और गोवा के कुछ जिलों में 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश का भी अलर्ट है।

दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में अभी भी मानसून की रफ्तार बरकरार है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, यनम, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और केरल में 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को कुछ जिलों में तेज़ बारिश होगी। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

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Sat, 20 Sep 2025 16:34:15 +0530 news desk MPcg
उधमपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, जैश के आतंकी घिरे, एक जवान वीरगति को प्राप्त https://citytoday.co.in/3699 https://citytoday.co.in/3699 उधमपुर

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में शुक्रवार देर रात से ही सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. बताया जाता है कि दूदू बसंतगढ़ की पहाड़ियों पर जैश के 3 से 4 आतंकवादियों को संयुक्त बलों ने घेर लिया. जिसके बाद से लगातार गोलीबारी जारी है. इस गोलीबारी में एक जवान घायल हो गया था. जिसके बाद जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन बचाया नहीं जा सका.

शुक्रवार रात 8 बजे से ही जारी है मुठभेड़

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया. विशिष्ट सूचना के आधार पर, सेना, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और पुलिस ने सोजधार के ऊंचाई वाले इलाके से लगे दूदू पुलिस थाना क्षेत्र में एक अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई.

जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मुठभेड़ जारी है. एसओजी, पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टीमें मौके पर मौजूद हैं. इससे पहले, व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर कहा था कि "किश्तवाड़ के सामान्य इलाके में एक खुफिया-आधारित अभियान में, व्हाइट नाइट कोर के सैनिकों ने रात लगभग 8 बजे आतंकवादियों से संपर्क स्थापित किया".

एक साल में इस इलाके में हुई हैं कई मुठभेड़

पिछले एक साल में इस इलाके में कई मुठभेड़ें हुई हैं. बीते 26 जून को दूदू-बसंतगढ़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में आतंकवादी हैदर को मार गिराया था. हैदर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक शीर्ष कमांडर था, जो पिछले चार वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था.

इससे पहले 25 अप्रैल को बसंतगढ़ क्षेत्र में छिपे हुए आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया था. 
 

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Sat, 20 Sep 2025 16:29:18 +0530 news desk MPcg
ट्रंप सरकार ने बदले H&1B वीजा नियम, अब 88 लाख रुपये तक होगी फीस https://citytoday.co.in/3698 https://citytoday.co.in/3698

वाशिंगटन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा के नियम बदल दिए हैं. अब कुछ H-1B वीजा धारक अमेरिका में गैर-इमिग्रेंट वर्कर के रूप में सीधे एंट्री नहीं ले पाएंगे. नए आवेदन के साथ 100,000 डॉलर यानी 88 लाख रुपये से ज्यादा की फीस देना जरूरी होगा. 100,000 डॉलर की नई फीस कंपनियों के लिए खर्च काफी बढ़ा सकती है. हालांकि बड़ी टेक कंपनियों के लिए यह कोई बड़ी समस्या नहीं होगी क्योंकि वे टॉप प्रोफेशनल्स के लिए भारी खर्च करती रहती हैं, लेकिन इससे छोटे टेक फर्म और स्टार्टअप दबाव में आ सकते हैं.

व्हाइट हाउस के स्टाफ सेक्रेटरी विल शार्फ ने कहा, "H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम उन वीजा सिस्टम्स में से एक है जिसका सबसे ज्यादा दुरुपयोग हुआ है. इस वीजा का मकसद यही है कि ऐसे हाईली स्किल्ड लोग अमेरिका में काम कर सकें, जिनके काम अमेरिकी कर्मचारी नहीं करते. यह प्रोक्लेमेशन कंपनियों द्वारा H-1B आवेदकों को स्पॉन्सर करने की फीस को 100,000 डॉलर कर देगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो लोग अमेरिका आ रहे हैं, वे वास्तव में बहुत ही उच्च योग्य हैं और उन्हें अमेरिकी कर्मचारियों से बदला नहीं जा सकता."

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लूटनिक ने कहा, "अब बड़ी टेक कंपनियां या अन्य बड़ी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को ट्रेन नहीं करेंगी. उन्हें सरकार को 100,000 डॉलर देना होगा और उसके बाद कर्मचारी को भी भुगतान करना होगा. यह आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है. अगर आप किसी को ट्रेन करने जा रहे हैं, तो इसे हमारे देश की महान यूनिवर्सिटी से हाल ही में ग्रैजुएट हुए अमेरिकी छात्रों में से किसी एक को ट्रेन करें, अमेरिकियों को काम के लिए तैयार करें, और हमारे जॉब्स लेने के लिए लोगों को लाना बंद करें. यही नीति है और सभी बड़ी कंपनियां इसके साथ हैं."

टेक्नोलॉजी और स्टाफिंग कंपनियां H-1B वीजा पर बहुत निर्भर हैं. अमेजन ने 2025 की पहली छमाही में 10,000 से ज्यादा H-1B वीजा हासिल किए हैं. वहीं माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों को 5,000 से ज्यादा वीजा अप्रूवल मिला है.

H-1B वीजा हासिल करने वालों में 71% भारत

H-1B वीजा के लगभग दो-तिहाई पद कंप्यूटिंग या आईटी क्षेत्र में हैं. लेकिन इंजीनियर, शिक्षक और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स भी इस वीजा का इस्तेमाल करते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल H-1B वीजा पाने वालों में भारत सबसे बड़ा लाभार्थी था भारतीय प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी 71 फीसदी रही थी, जबकि चीन दूसरे नंबर पर था और उसे केवल 11.7% वीजा मिला.

H-1B वीजा के नियम बदलना ट्रंप का हाई-प्रोफाइल कदम

जनवरी से सत्ता में आने के बाद, ट्रंप ने वाइड-रेंज इमिग्रेशन क्रैकडाउन शुरू किया है, जिसमें कुछ कानूनी इमिग्रेशन को सीमित करने के कदम शामिल हैं. H-1B वीजा प्रोग्राम को बदलना उनके प्रशासन का अब तक का सबसे हाई-प्रोफाइल कदम है. H-1B प्रोग्राम के तहत हर साल 65,000 वीजा दिए जाते हैं, जो विशेष क्षेत्रों में अस्थायी विदेशी कर्मचारियों को लाने के लिए होते हैं. इनके अलावा, एडवांस डिग्री वाले कर्मचारियों के लिए 20,000 और वीजा जारी किए जाते हैं.

मौजूदा सिस्टम के मुताबिक, H-1B वीजा के लिए अप्लाई करने के लिए पहले एक छोटे शुल्क का भुगतान करके लॉटरी में शामिल होते हैं और अगर चुने जाते हैं, तो बाद में कुछ हजार डॉलर तक के शुल्क देने पड़ते हैं. इन शुल्कों का लगभग पूरा भुगतान कंपनियों को करना होता है. H-1B वीजा तीन से छह साल की अवधि के लिए स्वीकृत होते हैं.

H-1B वीजा के मौजूदा नियम क्या हैं?

पहले H-1B वीजा दाखिल करने की फीस 215 डॉलर से शुरू होती थी और परिस्थितियों के हिसाब से कई हजार डॉलर तक जा सकती थी. अब 100,000 डॉलर की फीस से यह कई कंपनियों और उम्मीदवारों के लिए बहुत महंगा और मुश्किल हो जाएगा.

H-1B सिस्टम के कुछ विरोधी, खासकर अमेरिका की टेक कंपनी में काम करने वाले लोग, कहते हैं कि कंपनियां वीजा लेने वाले लोगों को इसलिए काम पर रखती हैं ताकि कर्मचारियों की सैलरी कम रहे. इसके कारण अमेरिका के योग्य नौकरी चाहने वाले लोग काम नहीं पा पाते. इस बात पर टेक सेक्टर और मजदूरी बाजार में लोग दो हिस्सों में बंटे हुए हैं.

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Sat, 20 Sep 2025 16:26:05 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन सिंदूर पर रोक: वायुसेना प्रमुख ने बताई बड़ी वजह https://citytoday.co.in/3697 https://citytoday.co.in/3697 नई दिल्ली 
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों महज चार दिनों में ही ऑपरेशन सिंदूर रोकना पड़ा। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर केवल चार दिनों में समाप्त कर दिया गया, क्योंकि भारत ने अपने उद्देश्यों को हासिल कर लिया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी संगठनों के नौ प्रमुख ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, "हमारा उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना था। हमने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया। जब उद्देश्य पूरे हो गए, तो हमें युद्ध को समाप्त करने में देरी क्यों करनी चाहिए? प्रत्येक संघर्ष की एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है जो हमारी अगली तैयारियों, अर्थव्यवस्था और देश की प्रगति को प्रभावित करती है।"

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि दुनिया को भारत से यह सबक सीखना चाहिए कि किसी संघर्ष को कैसे शुरू किया जाए और उसे यथाशीघ्र कैसे समाप्त किया जाए। उन्होंने विश्व के चल रहे संघर्षों, जैसे रूस-यूक्रेन और इजरायल के युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ये युद्ध वर्षों से चल रहे हैं, क्योंकि कोई भी संघर्ष को समाप्त करने की रणनीति पर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बदलने या अहंकार के कारण युद्ध को लंबा खींचना गलत है।

पहलगाम हमले का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके मुख्यालय शामिल थे। इन केंद्रों पर भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाई जाती थी।

भारतीय वायुसेना द्वारा जारी किए गए वीडियो में इन ठिकानों पर हुए हमलों की तीव्रता और विनाश का स्तर स्पष्ट दिखाई देता है। हमलों में आतंकी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं के आवासीय क्षेत्रों और कार्यालयों को नष्ट कर दिया गया, जहां कमांडर अपनी योजनाएं बनाते थे।

ऑपरेशन की पूरी स्वतंत्रता दी गई थी
एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में वायु सेना प्रमुख ने कहा कि सेना को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई थी और राजनीतिक नेतृत्व ने उस पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि 7-10 मई को पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष के दौरान वायु शक्ति की उत्कृष्टता प्रदर्शित हुई थी। उन्होंने कहा कि एस-400 मिसाइल प्रणाली बाजी पलटने वाली साबित हुई, क्योंकि इस हथियार का दायरा और ताकत को देखते हुए दुश्मन घबरा गया था।

एयर चीफ मार्शल ने कहा कि पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा, “उसकी (पाकिस्तान) कई सैन्य सुविधाएं, रडार, नियंत्रण एवं समन्वय केंद्र, हैंगर, विमान, सभी को भारी नुकसान हुआ।” वायु सेना प्रमुख ने 2019 के बालाकोट हवाई हमलों की प्रभावशीलता का सबूत मांगने वालों पर निशाना साधते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान का कुछ ग्राफिक विवरण दिखाया।

"वे (पाकिस्तान) पीछे हट गए थे, इसमें कोई संदेह नहीं है"
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि दुनियाभर में लंबे समय से चल रहे अनेक युद्धों की पृष्ठभूमि में संघर्ष समाप्ति इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू था। उन्होंने इस विचार को भी खारिज कर दिया कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखना चाहिए था। वायु सेना प्रमुख ने कहा, “हमने लोगों को यह कहते हुए सुना कि हमें थोड़ा और प्रयास करना चाहिए था। हमने युद्ध बहुत जल्दी रोक दिया। हां, वे (पाकिस्तान) पीछे हट गए थे, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन हमारा उद्देश्य क्या था? हमारा उद्देश्य आतंकवाद विरोधी था।”

उन्होंने कहा, “हमें उन पर हमला करना ही था। हमने ऐसा किया भी। इसलिए अगर हमारे उद्देश्य पूरे हो गए, तो फिर हमें संघर्ष क्यों नहीं समाप्त करना चाहिए? हमें संघर्ष क्यों जारी रखना चाहिए? क्योंकि किसी भी संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।” एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि इस अभियान के जारी रहने से “अगले अभियान के लिए हमारी तैयारियों” पर असर पड़ सकता था। उन्होंने कहा, “इससे हमारी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती। इसका असर देश की सामान्य प्रगति पर भी पड़ता।”

रूस-यूक्रेन युद्ध सहित विभिन्न मौजूदा संघर्षों का हवाला देते हुए वायु सेना प्रमुख ने कहा कि जब युद्ध शुरू होता है, तो दुनिया अपने उद्देश्यों को भूल जाती है। उन्होंने कहा, “अब उनका उद्देश्य बदल रहा है। अहंकार बीच में आ रहा है। और यहीं पर मुझे लगता है कि दुनिया को भारत से यह सबक सीखना चाहिए कि किसी संघर्ष को कैसे शुरू किया जाए और उसे यथाशीघ्र कैसे समाप्त किया जाए।”

 

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Sat, 20 Sep 2025 16:23:26 +0530 news desk MPcg
22 सितंबर से शुरू होगी जाति जनगणना, कर्नाटक सरकार का अहम फैसला https://citytoday.co.in/3696 https://citytoday.co.in/3696 बेंगलुरु 

कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी नागरिकों का जाति जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रस्ताव में दिए गए विवरणों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है। इसके तहत कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को 22 सितंबर से सात अक्टूबर 2025 तक राज्य के सभी नागरिकों की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति पर सर्वेक्षण करने की मंजूरी दी जाती है।’ आदेश में कहा गया कि कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने पहले सरकार को पत्र लिखकर उक्त अवधि के दौरान सर्वे कराने की मंशा जताई थी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि उसने सर्वे की तिथियां तय करने और औपचारिक आदेश जारी करने से पहले प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक जांच की थी। इस बीच, शुक्रवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर से शुरू होने वाले आगामी सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण की वैधता पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अनु शिवरमण और न्यायमूर्ति राजेश राय की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के साथ-साथ भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त को भी नोटिस जारी हुआ।
भाजपा ने क्यों जताई आपत्ति

इस बीच, भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जातिगत जनगणना के माध्यम से हिंदू धर्म को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जातिगत जनगणना के दौरान धर्म कॉलम में खुद को हिंदू के रूप में दर्ज करें। हाल ही में वीरशैव-लिंगायत महासभा ने अपने समुदाय के लोगों से अपील की थी कि वे धर्म कॉलम में खुद के लिए वीरशैव-लिंगायत लिखें। यह सर्वे 22 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 420 करोड़ रुपये है। शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा, 'भाजपा के राजनीतिक चिंतन शिविर में हमने संकल्प लिया है कि जातिगत जनगणना के दौरान किसी भी जाति या समुदाय के लोग धर्म कॉलम में केवल हिंदू ही लिखें।'

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Sat, 20 Sep 2025 15:20:23 +0530 news desk MPcg
PM मोदी का बड़ा संदेश: ‘चिप हो या शिप, आत्मनिर्भर भारत में ही बनेगा’, बताया देश का सबसे बड़ा दुश्मन https://citytoday.co.in/3695 https://citytoday.co.in/3695 भावनगर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं. इस दौरान भावनगर में उन्होंने 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने 'समुद्र से समृद्धि' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 'भारत का सबसे बड़ा दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है'.

प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे से जुड़े सभी अपडेट्स आप यहां देख सकते हैं:

-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत जो भी लक्ष्य तय करता है, उसे समय से पहले पूरा करता है. सोलर क्षेत्र हो या पोर्ट सेक्टर, दोनों में तय लक्ष्य समय से पहले हासिल किए गए हैं. पोर्ट कनेक्टिविटी दोगुनी हो गई है और शिप अराउंड टाइम घटकर सिर्फ एक दिन रह गया है. नए पोर्ट भी तेजी से विकसित किए जा रहे हैं और 2047 तक दुनिया के समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिखाना है. इसी दिशा में लोथल में दुनिया का सबसे बड़ा नेशनल मेरीटाइम म्यूजियम बनाया जा रहा है, जिसका मैं स्वयं निरीक्षण करने भी जा रहा हूं. वर्तमान में देश में समुद्र के रास्ते जितना भी कार्गो आता है, उसमें से 40 प्रतिशत गुजरात से होकर आता है. साथ ही, शिप ब्रेकिंग का एक बड़ा इको सिस्टम बन रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल रहा है. विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर ही गुजरता है. उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि हम जो भी खरीदें वह स्वदेशी हो और जो भी बेचें वह भी स्वदेशी हो. यही भारत की शक्ति है और यही भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा.

-पीएम मोदी ने कहा, 'देशवासी यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये हर साल विदेशी शिपिंग कंपनियों को किराए में दिए जाते हैं. यह रकम भारत के रक्षा क्षेत्र के बजट के बराबर है. हमारे पैसों से विदेशों में लाखों नौकरियां बनी हैं. अगर पूर्व सरकारों ने हमारे शिपिंग इंडस्ट्री पर ध्यान दिया होता तो आज दुनिया भारत में बने जहाजों से व्यापार कर रही होती और उसका सीधा लाभ हमारे देश को मिलता. 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए आत्मनिर्भर होना ही होगा, इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. सभी देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए कि चाहे चिप हो या शिप, वह भारत में ही बने. इसी सोच के साथ वन नेशन, वन डॉक्यूमेंट और वन नेशन, वन पोर्ट प्रोसेस लागू किया जाना है. भारत को सबसे बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में इस पर 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे.'

-पीएम ने कहा, 'भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने हर सामर्थ्य को नकारा. लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा. जब ग्लोबलाइजेशन का समय आया तो देश को आयात तक सीमित कर दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ. शिपिंग इंडस्ट्री इसका बड़ा उदाहरण है. कभी भारत का 40% इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट देश में बने जहाजों से होता था. लेकिन कांग्रेस की कुनीतियों का शिकार होकर शिपिंग सेक्टर बर्बाद हो गया. विदेशी जहाजों पर निर्भरता बढ़ाई गई और शिप बिल्डिंग बंद हो गया. नतीजा यह हुआ कि 50 साल पहले जहां 40% व्यापार भारत में बने जहाजों से होता था, वह घटकर केवल 5% रह गया. हमारे व्यापार के लिए हम विदेशी जहाजों पर निर्भर हो गए और उसका देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ.'

-प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया. मुंबई के अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का लोकार्पण भी यहीं से हुआ. भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है. दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है. अगर कोई दुश्मन है तो वह है हमारी दूसरे देशों पर निर्भरता. हमें मिलकर इस दुश्मन को हराना है, क्योंकि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ज्यादा देश की विफलता होगी. दुनिया की शांति के लिए, दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा. 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते. भावी पीढ़ी के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता. 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत. इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा.'

-पीएम मोदी ने कहा, 'विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक पूरे देश में लाखों लोग सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं. गुजरात में सैकड़ों जगह ब्लड डोनेशन कैंप लगे, जिसमें 1 लाख लोग ब्लड डोनेट कर चुके हैं. अनेक शहरों में सफाई अभियान चला और हेल्थ कैंप लगे, जिनमें महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखा गया. इन सेवा कार्यों से जुड़े सभी का मैं धन्यवाद करता हूं. आज मैं भावनगर के राजा कृष्णकुमारसिंह जी को याद करता हूं, जिन्होंने सरदार पटेल के एक भारत के संकल्प में सबसे पहले योगदान दिया. नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है और जीएसटी में कमी से बाजार में रौनक बढ़ने वाली है. भावनगर के लोगों से माफी चाहता हूं कि मुझे हिंदी में बोलना पड़ रहा है, क्योंकि देशभर के लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हैं.'

-पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे भावनगर ने आज रंग जमा दिया. सभी जगह सिर्फ मानव समुद्र ही दिख रहा है. इतनी बड़ी संख्या में आप सब आए, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं. ये कार्यक्रम भावनगर में हो रहा है लेकिन यह पूरे देश का कार्यक्रम है. 'समुद्र से समृद्धि' की हमारी दिशा क्या है, इसे समझाने के लिए भावनगर को चुना गया है. 17 सितंबर को आपने अपने नरेंद्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, और देश-दुनिया से जो प्यार और आशीर्वाद मिला है, वह मेरी असली संपत्ति और ताकत है. इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से इन शुभेच्छाओं के लिए आपका हृदय से धन्यवाद करता हूं.'

पीएम मोदी ने 'समुद्र से समृद्धि' थीम पर आयोजित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, जिसका उद्घाटन वे स्वयं करेंगे. साथ ही वह कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनकी कुल लागत 34,200 करोड़ रुपये से अधिक है.

-आज सुबह पीएम मोदी भावनगर एयरपोर्ट पहुंचे जहां उन्होंने रोड शो किया. 

लोथल भी जाएंगे पीएम मोदी

अपने आधे दिन के इस दौरे में प्रधानमंत्री लोथल भी पहुंचेंगे, जहां वह निर्माणाधीन नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) की प्रगति की समीक्षा करेंगे. पीएम मोदी अब तक पूरी हो चुकी परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर कॉम्प्लेक्स से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी भी लेंगे.

क्यों खास है NMHC?

गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित लोथल, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है. यह स्थल भारत की प्राचीन समुद्री शक्ति और समृद्धि का प्रतीक भी है. इसी ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लोथल में NMHC का निर्माण किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत की शानदार समुद्री विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है. इस कॉम्प्लेक्स के बनने से न केवल देश की समुद्री धरोहर को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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Sat, 20 Sep 2025 15:18:40 +0530 news desk MPcg
बांग्लादेश से आई ‘समुद्र की रानी’, खुश हैं लोग लेकिन दुकानदारों की चिंता बढ़ी – जानिए वजह https://citytoday.co.in/3679 https://citytoday.co.in/3679 कोलकाता 
दुर्गा पूजा से पहले बांग्लादेश से हिल्सा मछली, जिसे समुद्र की रानी भी कहा जाता है, की पहली खेप भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहुंच चुकी है। आठ ट्रकों में करीब 32 टन मछली भारत आई है। बांग्लादेश ने हाल ही में त्योहारों को ध्यान में रखते हुए 1200 टन हिल्सा मछली के निर्यात को मंजूरी दी थी। यह आपूर्ति 16 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच होगी। प्रत्येक ट्रक में पद्मा नदी की लगभग चार टन मछलियां लदी हैं। मछली आयातक संघ के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने बताया कि यह खेप थोक बाजारों में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि एक किलो 'पद्मा हिल्सा' की कीमत ग्राहकों के लिए लगभग 1800 रुपये होगी। मकसूद ने आगे कहा कि अब लगभग हर दिन बांग्लादेश से मछलियां कोलकाता के बाजारों में आएंगी।

खुदरा विक्रेताओं में तनाव
इस कीमती खेप ने मछली प्रेमियों और व्यापारियों में उत्साह पैदा किया है, खासकर पद्मा नदी की हिल्सा के अनोखे स्वाद के कारण। हालांकि, ऊंची कीमतों के चलते खुदरा विक्रेता चिंतित हैं। सुबह-सुबह नीलामी के लिए जुटे खुदरा विक्रेताओं ने ऊंची दरों पर चिंता जताई। एक स्थानीय विक्रेता ने कहा कि मछली की गुणवत्ता शानदार है, लेकिन इसकी कीमत इतनी अधिक है कि इससे ज्यादा मुनाफा कमाने की उम्मीद नहीं है। अगर लोग इतनी ऊंची कीमत पर मछली खरीदेंगे, तभी हम कुछ लाभ कमा पाएंगे।

खुदरा बाजार में कीमतों के और बढ़ने की संभावना है, और अनुमान है कि कीमत 2000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो सकती है। इन मछलियों का आकार 800 ग्राम से 1 किलोग्राम तक बताया जा रहा है। एक अन्य विक्रेता ने स्थानीय मछलियों से प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कुछ लोगों ने गुजरात से हिल्सा मंगवाई थी। दोनों का स्वाद अलग है, और बांग्लादेशी मछली की मांग हमेशा ज्यादा रहती है, लेकिन इस बार कीमत बहुत अधिक है।

क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मछली की यह खेप उसकी निर्यात नीति 2024–27 के तहत होनी चाहिए, जिसमें न्यूनतम निर्यात मूल्य 12.5 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम निर्धारित है। इस मंजूरी की वैधता 16 सितंबर से 5 अक्टूबर तक है।

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Fri, 19 Sep 2025 14:36:02 +0530 news desk MPcg
भारत&अमेरिका टैरिफ विवाद 8&10 हफ्तों में हो सकता है सुलझा https://citytoday.co.in/3678 https://citytoday.co.in/3678 कोलकाता
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भारतीय निर्यातकों के लिए एक आशा की किरण जगाते हुए गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका टैरिफ मुद्दों का समाधान अगले 8-10 हफ्तों में निकल सकता है। भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए, नागेश्वरन ने कहा कि गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों सरकारों के बीच बातचीत का दौर पहले से ही चल रहा है।

उन्होंने कहा, "मेरा अनुमान है कि अगले आठ से 10 हफ्तों में, हम भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का समाधान देख पाएंगे।" नागेश्वरन ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर लगभग 15 प्रतिशत करने के लिए भी बातचीत चल रही है। अमेरिका की ओर से भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लागू है। इस प्रकार अमेरिका में आने वाली भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत लागू हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर हुई बातचीत के बारे में पूछे गए एक सवाल पर, नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि व्यापार गतिरोध जल्द ही सुलझ जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के साइडलाइन में न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "मुझे लगता है कि बातचीत चल रही है और जैसा कि मैंने पहले कहा था, मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही सुलझ जाएगा।" इस बीच, भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द से जल्द संपन्न करने के प्रयासों को तेज करने का फैसला किया है।

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों का एक दल इस सप्ताह भारत पहुंचा। उन्होंने वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव और मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय अधिकारियों की एक टीम के साथ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते सहित भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर चर्चा की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, "भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के स्थायी महत्व को स्वीकार करते हुए, व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा सकारात्मक और दूरदर्शी रही।" वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, व्यापार संबंधी चर्चाएं कई स्तरों पर च

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Fri, 19 Sep 2025 14:29:38 +0530 news desk MPcg
नीरव मोदी ने फिर खेला चालाकी का खेल, भारत में प्रत्यर्पण प्रक्रिया हो सकती है प्रभावित https://citytoday.co.in/3677 https://citytoday.co.in/3677 नई दिल्ली

ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी की उस अपील को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने अपनी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को फिर से खोलने की मांग रखी। इससे उसे जल्द भारत लाने की कोशिशों को झटका लग सकता है। इस फैसले के बाद भारत सरकार और जांच एजेंसियां लंदन को जवाब भेजने की तैयारी में हैं, ताकि लंबी कानूनी लड़ाई से बचा जा सके। सीनियर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'नीरव मोदी ने अपनी कानूनी टीम के जरिए पिछले महीने यूके की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसमें उसने भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को फिर से खोलने की मांग की। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है और भारत सरकार को नोटिस भेजा गया है।'

नीरव मोदी ने अपनी अर्जी में दावा किया कि अगर उसे भारत भेजा गया तो कई एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी और इस दौरान उसे यातना का सामना करना पड़ सकता है। अदालत ने अभी इस अर्जी पर सुनवाई की तारीख तय नहीं की है। एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा, 'हम विस्तार से जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं, जो राजनयिक चैनलों के जरिए भेजा जाएगा। हम नीरव के दावों का खंडन करेंगे। अदालत से इस अर्जी को खारिज करने की अपील करेंगे, क्योंकि प्रत्यर्पण का आदेश 2022 में ही अंतिम हो चुका था।'

पंजाब नेशनल बैंक घोटाला क्या है?

भारत सरकार यह बताने की योजना बना रही है कि अगर नीरव को प्रत्यर्पित किया गया, तो उसका मुकदमा पूरी तरह भारतीय कानून के अनुसार होगा। साथ ही, किसी भी एजेंसी की ओर से उससे पूछताछ नहीं की जाएगी। बता दें कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और करार उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं। 2011 से 2017 तक उन्होंने अपनी कंपनियों (जैसे फायरस्टार डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स) के लिए पीएनबी के मुंबई ब्रांच से 1,200 से अधिक फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) हासिल किए, जो विदेशी बैंकों से कर्ज लेने के लिए इस्तेमाल हुए। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ये एलओयू बिना गारंटी या रिकॉर्ड जारी किए गए, जिससे बैंक को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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Fri, 19 Sep 2025 14:26:54 +0530 news desk MPcg
हाफिज सईद से मुलाकात पर मनमोहन सिंह ने कहा धन्यवाद – यासीन मलिक का सनसनीखेज दावा https://citytoday.co.in/3676 https://citytoday.co.in/3676 नई दिल्ली

जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के आतंकवादी यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिए हलफनामे में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह का जिक्र किया है। उसका दावा है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों से मुलाकात के बाद तत्कालीन पीएम सिंह ने उन्हें शुक्रिया अदा किया था। साथ ही उसने कई और बड़े नेताओं के नाम लिए हैं। मलिक टेरर फंडिंग मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है।

 रिपोर्ट के अनुसार, 25 अप्रैल को दिए हलफनामे में मलिक ने 2006 में पाकिस्तान में हुई लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद से मुलाकात के बारे में बताया गया है। उसने कहा है कि पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए बैकचैनल वार्ता का हिस्सा थी और भारत के वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों के कहने पर की गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, मलिक का कहना है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के तत्कालीन विशेष निदेशक वीके जोशी ने उससे दिल्ली में मुलाकात की थी। यह मुलाकात उस समय हुई थी, जब मलिक 2005 में कश्मीर में आए भूकंप के बाद पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। कथित तौर पर जोशी ने अुरोध किया था कि वह इस मौके का इस्तेमाल पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और आतंकवादियों के संपर्क साधने में करे, ताकि पीएम के शांति प्रयासों को समर्थन मिले।

मलिक का दावा है कि उसे साफतौर पर बताया गया था कि जब तक आतंकियों को बातचीत में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक पाकिस्तान के साथ बातचीत से कुछ नहीं मिलेगा। आतंकी ने कहा कि इस अनुरोध पर वह सईद समेत अन्य लोगों से मिलने के लिए तैयार हुआ। हलफनामे में मलिक ने बताया है कि किस तरह सईद ने जिहादी समूहों की बैठक बुलाई थी।

पीएम की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट के मुताबिक, मलिक का कहना है कि आईबी से बातचीत के बाद उसे कहा गया कि प्रधानमंत्री को सीधे ब्रीफ करे। उसने कहा कि वह उसी शाम तत्कालीन पीएम सिंह से मिला और उस समय तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन भी थे। मलिक का दावा है कि सिंह ने उसके प्रयासों के लिए व्यक्तिगतरूप से धन्यवाद दिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, मलिक ने कहा, 'जब मैं पाकिस्तान से दिल्ली लौटा, तो आईबी के विशेष निदेशक वीके जोशी डिब्रीफिंग का हिस्सा बने। वह मुझसे होटल में मिले और तत्काल प्रधानमंत्री को ब्रीफ करने का अनुरोध किया।'

उसने कहा, 'मैं उस शाम प्रधानमंत्री से मिला, जहां एनके नारायणन मौजूद थे। मैंने उन्हें मेरी मीटिंग के बारे में बताया और संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मेरे प्रयासों, समय, धैर्य और समर्पण के लिए मेरा धन्यवाद दिया।'

हलफनामे में मलिक ने अटल बिहारी वाजपेयी, सोनिया गांधी, पी चिदंबरम, आईके गुजराल और राजेश पायलट से हुई मुलाकातों का भी जिक्र किया है।

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Fri, 19 Sep 2025 14:23:12 +0530 news desk MPcg
यूनिफाइड पेंशन स्कीम चुनने की अंतिम तारीख 30 सितंबर, वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों को किया सतर्क https://citytoday.co.in/3675 https://citytoday.co.in/3675 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए पेंशन को लेकर बड़ा फैसला किया है. वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2025 की समयसीमा से पहले ही यूनाइटेड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का विकल्प चुन लें, ताकि उनके आवेदन समय पर निपटाए जा सकें और भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. सबसे बड़ी बात यह है कि निर्धारित समयसीमा के अंदर इस विकल्प को नहीं चुनने पर सरकारी कर्मचारियों को दोबारा मौका नहीं मिलेगा.
एनपीएस में शामिल कर्मचारियों के लिए यूपीएस का विकल्प

सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के अंतर्गत यूनाइटेड पेंशन स्कीम (यूपीएस) की शुरुआत की थी. इसके तहत कर्मचारियों को निश्चित पेंशन की सुविधा मिलेगी. एनपीएस में शामिल पात्र कर्मचारी और पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारी 30 सितंबर 2025 तक यूपीएस का विकल्प चुन सकते हैं. मंत्रालय का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी एनपीएस में बने रहने का विकल्प चुनता है, तो वह अंतिम तिथि के बाद यूपीएस में शामिल नहीं हो सकेगा. इसीलिए सभी पात्र कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे समयसीमा से पहले ही अपना निर्णय स्पष्ट करें.

30 सितंबर 2025 तक यूपीएस चुनें

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि एनपीएस के तहत काम करने वाले मौजूदा कर्मचारी और रिटायर्ड लोग 30 सितंबर 2025 तक यूपीएस चुन सकते हैं. अभी तक 20 जुलाई तक करीब 31,555 सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों ने इस स्कीम का ऑप्शन लिया है. मंत्रालय ने सलाह दी है कि देर न करें, क्योंकि अंतिम समय में भीड़ से प्रोसेस में देरी हो सकती है. अगर आपका मन बदल जाए तो 25 अगस्त को दी गई एक खास सुविधा का फायदा ले सकते हैं. मंत्रालय ने एक बार का एकतरफा स्विच ऑप्शन शुरू किया है, जिससे यूपीएस चुनने वाले कर्मचारी बाद में एनपीएस में वापस जा सकते हैं.
मिलेंगे ये सभी फायदे

ये स्विच सुविधा रिटायरमेंट से एक साल पहले या वॉलंटरी रिटायरमेंट से तीन महीने पहले तक इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी यूपीएस ले ले और बाद में लगे कि एनपीएस बेहतर है, तो एक बार मौका मिलेगा. ये फैसला सोच-समझकर लेना होगा, क्योंकि ये सिर्फ एक तरफा है. यूपीएस का फायदा ये है कि रिटायरमेंट पर आधी सैलरी पेंशन के रूप में मिलेगी, जो मार्केट की चाल पर निर्भर नहीं. अगर कर्मचारी की सर्विस के दौरान मौत हो जाए या वे अक्षम हो जाएं, तो सीसीएस (पेंशन) रूल्स 2021 या सीसीएस (एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन) रूल्स 2023 के तहत लाभ मिलेगा.

इसके अलावा, रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी का फायदा भी यूपीएस में बढ़ाया गया है. टैक्स में भी राहत है, क्योंकि यूपीएस को इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत एनपीएस जितने ही छूट मिलेंगे. ये सुविधाएं कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देती हैं. मंत्रालय का मकसद है कि हर कर्मचारी को फायदा मिले, इसलिए ऑनलाइन क्रेजी सिस्टम से आवेदन करें. अगर तकनीकी दिक्कत हो तो नोडल ऑफिस में फॉर्म जमा कर सकते हैं.

लंबे समय से कर्मचारी एनपीएस से नाखुश थे, क्योंकि उसमें मार्केट रिस्क था. यूपीएस आना जैसे उनकी सुनवाई हुई. लेकिन 30 सितंबर की डेडलाइन नजदीक है, तो जल्दी फैसला लें. दिल्ली में एक कर्मचारी ने कहा, “मैं यूपीएस लेना चाहता हूं, लेकिन डर है कि समय निकल न जाए.” मंत्रालय का कहना है कि देर करने से नुकसान हो सकता है. अगर आप सेंट्रल गवर्नमेंट में हैं, तो अपने डिपार्टमेंट से बात करें और पोर्टल चेक करें. ये स्कीम परिवारों को मजबूत करेगी और रिटायरमेंट की चिंता कम करेगी. सरकार का ये कदम कर्मचारी हित में बड़ा है, लेकिन समय पर एक्शन जरूरी है.

कितने कर्मचारियों ने चुना यूपीएस?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई 2025 तक करीब 31,555 केंद्र सरकार के कर्मचारी यूपीएस से जुड़ चुके हैं. मंत्रालय का मानना है कि अंतिम समय में विकल्प चुनने पर तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए जल्द निर्णय लेना कर्मचारियों के हित में होगा.

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Fri, 19 Sep 2025 14:19:26 +0530 news desk MPcg
30 सितंबर को मुंबई पहुंचेंगे पीएम मोदी, करेंगे अंडरग्राउंड मेट्रो का शुभारंभ https://citytoday.co.in/3655 https://citytoday.co.in/3655 मुंबई 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को मुंबई जाएंगे. इस दौरान वो मुंबईवासियों को बड़ी सौगात देंगे. पीएम मुंबई के वर्ली से कफ परेड तक की अंडरग्राउंड मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस मेट्रो का फर्स्ट फेज सिप्ज एमआईडीसी से आचार्य अत्रे मेट्रो स्टेशन तक शुरू है. पीएम मोदी दूसरे फेज का उद्घाटन करेंगे. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक इस मेट्रो सर्विस की लाइन 33.5 किमी लंबी होगी. बताया जा रहा है कि इसमें कुल 27 स्टेशन होंगे जिसमें 26 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगी. आरे से वर्ली तक का लगभग 22.5 किमी का हिस्सा पहले से ही शुरू किया जा चुका है. वहीं अब कफ परेड से लेकर वर्ली तक का 11 किमी वाला दूसरा फेज भी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा.

सफर की दूरी होगी कम
बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड मेट्रो के इस फेज के उद्घाटन के बाद कोलाबा से आरे कॉलोनी तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा किया जा सकेगा. यानि सड़क के 2-3 घंटे का सफर इस मेट्रो से बहुत कम समय में पूरा होगा. साथ ही यात्रियों का सफर भी आराम दायक रहेगा.

क्या बोले सीएम फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो की जानकारी देते हुए बताया कि आपने (विपक्ष) इतने सालों तक बीडीडी चॉल को विकसित नहीं होने दिया. इस देवा भाऊ ने इसे विकसित किया. उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी परियोजना है. सीएम ने कहा कि 120 फुट की जगह थी, एक मराठी व्यक्ति 520 फुट के घर में चला गया. प्रवीण दारेकर की वजह से, अभ्युदय नगर का एक मराठी व्यक्ति 600 फुट के घर में जाएगा. सीएम ने कहा कि हमने गिरगांव में पुनर्वास भवन भी बनाए. 1600 परियोजनाएं स्व-पुनर्विकास में चली गईं. उन्होंने कहा कि क्या आप इनमें से कम से कम एक भी कर पाए हैं? मुंबई की क्या हालत है जो आपने की है? 2000 के बाद, आपने लगातार मुंबई को पीछे रखने की कोशिश की है.

‘मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई’
देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई है. इस देश का अगला बदलाव डेटा सेंटर है, इसकी 60 फीसदी क्षमता महाराष्ट्र ने पूरी की है. अगर यह अगली क्रांति है, यह महाराष्ट्र का होगा.

 

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Thu, 18 Sep 2025 17:28:48 +0530 news desk MPcg
दुर्गा पूजा से पहले तोहफ़ा: सरकारी कर्मचारियों को समय से पहले मिलेगा वेतन https://citytoday.co.in/3654 https://citytoday.co.in/3654 नई दिल्ली

दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर दी है। वित्त विभाग ने घोषणा की है कि इस साल सितंबर माह का वेतन कर्मचारियों को 24 और 25 सितंबर को ही जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टियां रहेंगी। इस फैसले से कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार की तैयारियों में आर्थिक तनाव से राहत महसूस कर सकेंगे।

वेतन भुगतान का नया शेड्यूल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सितंबर महीने का वेतन निर्धारित समय से पहले ही जारी किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। केवल वेतन ही नहीं, बल्कि मजदूरी, मानदेय, पारिश्रमिक और स्टाइपेंड भी इसी दौरान समय पर दिए जाएंगे। इस फैसले का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनभोगी भी उठाएंगे, जिनके खाते में पेंशन 1 अक्टूबर को जमा कर दी जाएगी।

त्योहार के अवसर पर आर्थिक सहूलियत
1 अक्टूबर को महानवमी के दिन पेंशन के साथ-साथ ‘जय बंगला’, ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। यह समय पर आर्थिक सहायता त्योहार के दौरान परिवारों के लिए खास राहत लेकर आएगी और उनकी खुशियों को दोगुना कर देगी।

महंगाई भत्ता (डीए) का मामला अभी भी अधर में
हालांकि, कर्मचारी महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले का कोई फाइनल फैसला अभी तक नहीं आया है। कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य के मुताबिक, इस साल के भीतर ही निर्णय आने की उम्मीद है, लेकिन दुर्गा पूजा से पहले इसका हल नहीं निकल पाएगा।

कर्मचारियों में मिली राहत
DA विवाद के बावजूद समय पर वेतन और पेंशन मिलने की घोषणा ने कर्मचारियों के बीच उत्साह और राहत की भावना पैदा कर दी है। कई सरकारी कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहा और बताया कि त्योहार के मौके पर वेतन मिलना परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करता है और मनोबल बढ़ाता है।

साथ ही, 22 सितंबर से जीएसटी में भी आएगी राहत
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि 22 सितंबर से जीएसटी दरों में बदलाव होगा, जिससे जरूरी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। ऐसे में त्योहार के मौसम में लोगों की खरीददारी में मदद मिलेगी और परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहारा मिलेगा।

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Thu, 18 Sep 2025 17:26:19 +0530 news desk MPcg
नवरात्रि से पहले बड़ी राहत: 22 दिन बाद फिर शुरू होगी माता वैष्णो देवी यात्रा https://citytoday.co.in/3653 https://citytoday.co.in/3653 जम्मू

कई सप्ताह के इंतजार के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा पुनः शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित इस पवित्र तीर्थस्थल का रास्ता, जो भारी भूस्खलन के कारण लगभग 22 दिनों तक बंद रहा था, अब श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यह फैसला नवरात्रि के शुभ अवसर से ठीक पहले आया है, जिससे देश-विदेश से लाखों भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

भूस्खलन से यात्रा मार्ग हुआ था बाधित
अगस्त के अंत में अर्धकुंवारी इलाके में भारी लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा में 34 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई और कई लोग घायल हो गए थे। इसके चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा मार्ग को सुरक्षा कारणों से तत्काल बंद कर दिया गया। तब से संबंधित विभागों ने लगातार मार्ग की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य में जुटे रहे।

दोबारा शुरू हुई तीर्थयात्रा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुधवार, 17 सितंबर 2025 से यात्रा मार्ग को फिर से खोलने की घोषणा की। बोर्ड ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे यात्रा के संबंध में आधिकारिक जानकारी और अपडेट्स के लिए केवल आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। यात्रा के फिर से शुरू होने के फैसले से कटरा के आधार शिविर पर भारी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी कतारें लगीं।

श्रद्धालुओं की मांग और विरोध प्रदर्शन
मार्ग खुलने से पहले कुछ श्रद्धालुओं ने यात्रा फिर से शुरू करने की मांग को लेकर कटरा में विरोध प्रदर्शन भी किया था। सुरक्षा कारणों से यात्रा पहले स्थगित की गई थी, लेकिन लगातार बढ़ती भक्तों की भीड़ और उनकी मांगों को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने अंतिम रूप से यात्रा की अनुमति दे दी। हालांकि, बोर्ड ने यात्रियों को सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की भी सलाह दी है।

मौसम की भूमिका और सावधानियां
जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई तेज बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने पूरे इलाके में तबाही मचाई थी, जिसका असर माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भी पड़ा था। फिलहाल मौसम अनुकूल है, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

श्रद्धालुओं के लिए उत्साह का माहौल
यात्रा मार्ग खुलते ही श्रद्धालुओं में जोश और उत्साह का माहौल है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर माता के दर्शन का सौभाग्य पाने के लिए देश-विदेश से भक्त कटरा पहुंच रहे हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-शांति और मनोबल भी बढ़ाती है।

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Thu, 18 Sep 2025 17:22:49 +0530 news desk MPcg
पराली जलाने पर भड़के CJI गवई, कहा – कुछ को जेल भेजें, सब ठीक हो जाएगा https://citytoday.co.in/3652 https://citytoday.co.in/3652 नई दिल्ली

जैसे ही पराली के सीजन की हलचल शुरू हुई है वैसे ही एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर डिबेट शुरू हो गई है. इसी कड़ी में एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने  सुनवाई के दौरान कहा कि किसानों का सम्मान किया जाता है क्योंकि वे हमारे अन्नदाता हैं. मगर किसी को भी पर्यावरण को प्रदूषित करने की छूट नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने सरकार से पूछा कि पराली जलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. क्या कुछ किसानों को जेल भेजना सही मैसेज नहीं देगा?

 शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर पराली जलाने वाले कुछ को जेल भेजा तो सब ठीक हो जाएंगे क्योंकि यह मिसाल कायम करेगा। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि वह पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को तीन महीने के भीतर सभी रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया।

दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर में होने वाले वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई ने बुधवार को कहा कि कुछ किसानों को पराली जलाने के लिए जेल भेजना दूसरों के लिए एक कड़ा संदेश हो सकता है। उन्होंने पूछा कि किसानों पर कार्रवाई करने से कतरा क्यों रहे हैं?

तीन महीने के भीतर भरें रिक्तियां

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में रिक्तियों को लेकर राज्यों को फटकार भी लगाई और दिल्ली से सटे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब को तीन महीने के भीतर रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण रोकने के उपायों पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से तीन हफ्ते में रिपोर्ट भी मांगी है। इसके अलावा कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से वायु प्रदूषण रोकने के लिए विचार-विमर्श कर योजनाएँ बनाने को कहा है।

न्यायमित्र ने क्या कहा?

इससे पहले, मामले में न्यायमित्र नियुक्त अपराजिता सिंह ने CJI गवई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को सब्सिडी और उपकरण दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन किसानों की भी यही कहानी है। पिछली बार, किसानों ने कहा था कि उन्हें ऐसे समय पराली जलाने के लिए कहा गया था, जब उपग्रह उस क्षेत्र से नहीं गुज़र रहा था। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि 2018 से सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक आदेश पारित किए हैं, और वे आपके सामने केवल लाचारी जताते हैं।”

पराली का इस्तेमाल ईंधन बनाने के लिए हो सकता है? CJI ने पूछा

इस पर CJI ने सवाल किया कि अधिकारी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दंडात्मक प्रावधानों पर विचार क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अगर कुछ लोग सलाखों के पीछे जाएंगे, तो इससे सही संदेश जाएगा। आप किसानों के लिए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में क्यों नहीं सोचते? अगर पर्यावरण की रक्षा करने का आपका सच्चा इरादा है, तो फिर आप क्यों पीछे हट रहे हैं?" CJI ने आगे कहा, "किसान हमारे लिए खास हैं, और हम उनकी बदौलत खा रहे हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकते।" सीजेआई बीआर गवई ने इस दौरान ये भू पूछा कि क्या जलाई जाने वाली पराली का इस्तेमाल ईंधन बनाने के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ अखबारों में ऐसा पढ़ा है।”

हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली की हवा हो जाती है जहरीली

बता दें कि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के कारण साल अक्टूबर और नवंबर में दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है और प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। किसान खेतों से पराली को हटाने के लिए उसे जला देते हैं। इसके विकल्प के तौर पर खेतों को साफ़ करने के लिए विशेष मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। किसानों का तर्क है कि ये विकल्प काफ़ी महंगे हैं। इसलिए पराली जलाने की घटनाएँ हर साल सामने आती रहती हैं, हालाँकि दर्ज मामलों में कमी आई है।

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Thu, 18 Sep 2025 17:20:52 +0530 news desk MPcg
बंगाल की खाड़ी में एक और बड़े मिसाइल परीक्षण की तैयारी में भारत https://citytoday.co.in/3651 https://citytoday.co.in/3651 नई दिल्ली

भारत जल्द ही बंगाल की खाड़ी में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मिसाइल परीक्षण करने जा रहा है. इसके लिए 24 और 25 सितंबर के बीच एक NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया गया है, जिसमें बंगाल की खाड़ी के एक हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है. 

यह परीक्षण 1400 km से ज्यादा दूरी तक हो सकता है, जो दर्शाता है कि यह शक्तिशाली और लंबी दूरी की मिसाइल हो सकती है. यह परीक्षण ओडिशा तट पर अब्दुल कलाम द्वीप से होगा. 

क्या है यह मिसाइल परीक्षण?

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) इस बड़े मिसाइल परीक्षण की तैयारी कर रहा है. यह मध्यम या लंबी दूरी की मिसाइल हो सकती है, जिसमें अग्नि-प्राइम (Agni-P) का नाम सामने आ रहा है. अग्नि-प्राइम एक नई पीढ़ी की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज 1000 से 2000 किलोमीटर तक है. NOTAM में बताई गई 1,400 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी इस बात का संकेत देती है कि यह एक रणनीतिक और शक्तिशाली मिसाइल होगी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह NOTAM दर्शाता है कि हम एक बहुत ही रणनीतिक मिसाइल का परीक्षण करने जा रहे हैं, जो शायद लंबी दूरी की हो. यह भारत की रक्षा को और मजबूत करने की दिशा में DRDO का एक बड़ा कदम है. 

भारत की मिसाइल ताकत बढ़ रही है

पिछले कुछ सालों में DRDO ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के विकास में जबरदस्त प्रगति की है. इससे भारत की क्षेत्रीय ताकत और सैन्य क्षमता मजबूत हुई है. एक अन्य सूत्र ने बताया कि आने वाले हफ्तों में कई और मिसाइल परीक्षण होने वाले हैं. इनमें अलग-अलग रणनीतिक भूमिकाओं के लिए मिसाइलें शामिल हैं.

हमारा लक्ष्य है कि हमारा हथियार भंडार आधुनिक और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो. ये मिसाइल परीक्षण क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की रणनीतिक ताकत को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं.

हाल के सफल परीक्षण

पिछले कुछ हफ्तों में भारत ने तीन उन्नत मिसाइल सिस्टमों का सफल परीक्षण किया है…

    अग्नि-5 (20 अगस्त 2025): यह 5,000 किलोमीटर तक की रेंज वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है. इसका परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर में ITR से किया गया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसने सभी तकनीकी और परिचालन मानकों को पूरा किया. अग्नि-5 पूरे एशिया, उत्तरी चीन और यूरोप के कुछ हिस्सों को अपने दायरे में ला सकती है.
    पृथ्वी-II: यह परमाणु-सक्षम छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका पिछले महीने सफल परीक्षण हुआ.

    अग्नि-I: यह भी परमाणु-सक्षम छोटी दूरी की मिसाइल है, जिसका हाल ही में परीक्षण हुआ.

ये परीक्षण DRDO के निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं, जो भारत की आक्रामक और रक्षात्मक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं.

अग्नि-प्राइम: नई पीढ़ी की मिसाइल

इस बार परीक्षण होने वाली मिसाइल अग्नि-प्राइम हो सकती है. यह मिसाइल हल्की, तेज और ज्यादा सटीक है. यह पुरानी अग्नि मिसाइलों की तुलना में उन्नत तकनीक से लैस है. अग्नि-प्राइम की रेंज 1000-2000 km है, जो इसे क्षेत्रीय रक्षा के लिए प्रभावी बनाती है. इसका छोटा आकार और गतिशीलता इसे लॉन्च करने में आसान बनाती है.

क्यों जरूरी है यह परीक्षण?

भारत के आसपास सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं. पड़ोसी देशों की सैन्य गतिविधियों और वैश्विक तनाव के बीच भारत को अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करना जरूरी है. अग्नि-प्राइम और अन्य मिसाइलें भारत को रणनीतिक ताकत देती हैं, जिससे वह किसी भी खतरे का जवाब दे सकता है. ये परीक्षण भारत के आत्मनिर्भर रक्षा कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो स्वदेशी तकनीक पर जोर देता है.

सुरक्षा और सावधानियां

परीक्षण के लिए सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल और तैयारियां पूरी की जा रही हैं. नो-फ्लाई जोन सुनिश्चित करेगा कि नागरिक और वाणिज्यिक उड़ानों में कोई रुकावट न आए. परीक्षण के बाद मिसाइल के प्रकार और उसकी क्षमताओं के बारे में और जानकारी दी जाएगी.

भारत का यह मिसाइल परीक्षण उसकी बढ़ती सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. अग्नि-प्राइम जैसे उन्नत हथियार भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाते हैं. DRDO के लगातार प्रयासों से भारत का मिसाइल भंडार और रक्षा प्रणाली दिन-ब-दिन और सशक्त हो रही है. 24-25 सितंबर का यह परीक्षण भारत की रक्षा यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित होगा.

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Thu, 18 Sep 2025 17:19:14 +0530 news desk MPcg
साबरमती किनारे चला बुलडोजर, गुजरात में 700 से ज़्यादा अवैध ढांचे जमींदोज https://citytoday.co.in/3650 https://citytoday.co.in/3650

अहमदाबाद

गुजरात के गांधीनगर में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर ऐक्शन लिया गया है। साबरमती के किनारे कई इलाकों में गुरुवार सुबह से ही बुलडोजर गरजने लगे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरकारी जमीन पर बने 700 से अधिक मकान और अन्य ढांचों को तोड़ा जा रहा है।

गांधीनगर जिला प्रशासन के मुताबिक साबरमती नदी के किनारे जीईबी, पेथापुर, चारेदी इलाकों में सरकारी जमीनों पर अतिमक्रमण किया गया था। कई बार इन्हें जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी। गुरुवार सुबह भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच तोड़फोड़ दस्तों ने बुलडोजर अभियान की शुरुआत की। एक साथ दर्जनों बुलडोजर मकानों को तोड़ते नजर आए।

लोगों का भारी विरोध, बुलडोजर पलटा

पेटापुर में बुलडोजर ऐक्शन के विरोध में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। भारी सुरक्षा के बावजूद लोग जोरदार विरोध प्रदर्शन करने लगे। माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस बीच अफरा-तफरी में एक बुलडोजर भी पलट गया। गनीमत है कि इसकी जद में कोई नहीं आया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह लोगों को काबू किया।

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Thu, 18 Sep 2025 17:16:34 +0530 news desk MPcg
SIR सिस्टम से बदलेगा मतदान का तरीका! अब आधे से ज्यादा वोटर्स को नहीं दिखाने होंगे दस्तावेज https://citytoday.co.in/3649 https://citytoday.co.in/3649 नई दिल्ली

पूरे देश में होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद, 50 करोड़ से ज्यादा वोटर्स को किसी भी अतिरिक्त दस्तावेज़ की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसका कारण यह है कि उनके नाम पहले से ही मतदाता सूची में दर्ज हैं. एक जुलाई, 1987 से पहले जन्म होने की अंडरटेकिंग देने वाले मतदाताओं को कोई अन्य दस्तावेज लगाने की जरूरत नहीं होगी.

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, भारत के आधे से ज्यादा वोटर्स इस नए प्रोसेस के दायरे में आएंगे. इन मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनका नाम उनके राज्य में आयोजित पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मतदाता सूची में शामिल होगा. 

ज्यादातर राज्यों में मतदाता सूची का आखिरी एसआईआर 2002 से 2008 के बीच हुआ था, जिसे इस प्रक्रिया के लिए कट-ऑफ माना जाएगा.

राज्यों की तैयारी…

अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग जल्द ही अखिल भारतीय एसआईआर को लागू करने की तारीख तय करेगा. राज्यों में मतदाता सूचियों को सुधारने करने का काम इस साल के अंत से पहले शुरू हो सकता है. पिछले हफ्ते ही हुए एक सम्मेलन में, राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को अपने-अपने राज्यों में पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची तैयार रखने को कहा गया है.

सुर्खियों में बिहार का SIR 

बिहार में आखिरी एसआईआर 2003 में हुआ था. इसके मुताबिक, अभी इसमें सूचीबद्ध कुल मतदाताओं के 60%, यानी 4.96 करोड़ मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान स्थापित करने के लिए मतदाता सूची के प्रासंगिक भाग को छोड़कर कोई सहायक दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. बिहार में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी हो चुका है, जहां विपक्षी दलों ने दस्तावेजों की कमी के कारण लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंका जताई थी.

अन्य मतदाताओं के लिए नियम

केवल 40% मतदाताओं को ही अपनी जन्मतिथि या स्थान की पुष्टि के लिए सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा. इसके अलावा, वोटर बनने या राज्य के बाहर से आने वाले कुछ आवेदकों के लिए एक अतिरिक्त 'घोषणा पत्र' भी शुरू किया गया है. ऐसे लोगों को यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में हुआ था.

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Thu, 18 Sep 2025 16:56:42 +0530 news desk MPcg
देहरादून में तबाही: सहस्त्रधारा से फन वैली तक बारिश और बादल फटने का कहर, PM मोदी&शाह ने ली अपडेट https://citytoday.co.in/3640 https://citytoday.co.in/3640 देहरादून 

उत्तराखंड में बारिश जमकर कहर बरपा रही है. भारी बारिश की वजह से सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना सामने आई है. अचानक आए सैलाब में कई दुकानें और घर बह गये. इसमें दो लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. बादल सुबह करीब पांच बजे फटा. SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है.PM मोदी और अमित शाह ने CM धामी से की फोन पर बात, बारिश से पैदा हुई स्थिति की ली जानकारी.

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, "देहरादून में सहस्त्रधारा और माल देवता तथा मसूरी से भी नुकसान की खबरें मिली हैं. देहरादून में दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं. मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है, जिसकी पुष्टि की जा रही है." उन्होंने कहा कि टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं, जबकि 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

देहरादून में भारी बारिश हो रही है, जिससे हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. भारी बारिश में देहरादून के पास पुल का हिस्सा भी बह गया. देहरादून-हरिद्वार हाइवे पर फन वैली के पास ये तबाही दिखी.

देहरादून में मालदेवता के पास सौंग नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. ब्रिज तोड़ते हुए नदी बेकाबू रफ्तार से बह रही है. मौसम को देखते हुए पहली क्लास से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों में आज बंद रहेंगे.

ऋषिकेश में भी चंद्रभागा नदी उफान पर है. पानी हाईवे तक आ पहुंचा है. नदी के बहाव में कई गाड़ियां और लोग फंस गये. तीन लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने चंद्रभागा नदी से रेस्क्यू किया है.

तपकेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में 1-2 फीट मलबा जमा हो गया. मंदिर क्षेत्र में भारी क्षति हुई. आईटी पार्क देहरादून के पास सड़कों पर वाहन खिलौनों की तरह बहते नजर आए. दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "देहरादून के सहस्त्रधारा में देर रात हुई अतिवृष्टि से कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है. जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. इस सम्बन्ध में निरंतर स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हूं और स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहा हूं. ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं."

उत्तराखंड में कई इलाकों में रातभर हुई भारी बारिश से सड़कें, मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा मंगलवार तड़के एक पुल बह गया. भारी बारिश के कारण सोंग नदी उफान पर आ गई, जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ आ गई. सदर के सब-डिवीज़नल मजिस्ट्रेट हरि गिरि ने कहा, "जलस्तर बढ़ रहा है और अभी बहाव बहुत तेज़ है. अभी तक किसी के मरने की सूचना नहीं है। पर्यटक होटलों में ठहरे हुए थे."

देहरादून के आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव की खबर है, कई कार्यालयों में पानी घुस गया है, जिससे लोग फंस गए हैं. स्थानीय निवासी ऋतिक शर्मा ने कहा, "मैं सुबह 5:30 बजे से यहां फंसा हुआ हूं. यहां बहुत पानी है. कार कल रात से यहां फंसी हुई है और पानी में डूबी हुई है। पानी दफ्तरों और बेसमेंट में घुस गया है."

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Tue, 16 Sep 2025 18:37:19 +0530 news desk MPcg
गांजा&शराब के सेवन से ड्राइवर हो रहे बेहोश, बढ़ रहे सड़क हादसों के मामले – चौंकाने वाली स्टडी https://citytoday.co.in/3639 https://citytoday.co.in/3639 नई दिल्ली

भारत में सड़क हादसे हर साल लाखों लोगों की जान ले रहे हैं. अक्सर कहा जाता है कि तेज रफ्तार, खराब सड़कें हैं या ओवरलोडिंग के कारण ये हादसे हो रहे हैं. लेकिन एम्स ऋषिकेश की नई स्टडी ने कुछ और कारण खोज निकाले हैं, जिस पर गंभीरता से सोचना होगा. इस स्टडी में सामने आया है कि सड़क पर होने वाले आधे से ज्यादा हादसों में शराब जिम्मेदार होती है, वहीं हर पांचवें हादसे में गांजा या ड्रग्स और हर चौथे हादसे में थकान या नींद की झपकी का रोल होता है.

क्या कहते हैं आंकड़े

एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हुए 383 ड्राइवर पीड़ितों पर रिसर्च में सामने आया कि 57.7% ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे. वहीं 18.6% ने गांजा और दूसरी साइकोट्रॉपिक दवाएं ली थीं. इसके अलावा 14.6% ड्राइवर शराब और ड्रग्स दोनों के असर में थे. 21.7% को दिन में जरूरत से ज्यादा नींद (EDS) की समस्या थी. बाकी 26.6% को थकान और नींद से जुड़ी दिक्कतें थीं.

कैसे हुई स्टडी

एम्स के न्यूरोसाइकेट्री विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रवि गुप्ता बताते हैं कि एम्स में हमने हर मरीज का ब्लड और यूरिन टेस्ट किया और validated sleep tools से उनकी नींद का पैटर्न समझा. इससे जो नतीजे वो बताते हैं कि भारत में सड़क हादसे केवल सड़क और ट्रैफिक नियमों से जुड़े मुद्दे नहीं हैं बल्कि नशा और नींद की दिक्कतें भी इसमें सीधे जिम्मेदार हैं.

झपकी बनी मौत की वजह

एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल लाखों हादसे ऐसे होते हैं जिनमें ड्राइवर का झपकी लेना एक बड़ी वजह होती है. परिवहन मंत्रालय के अनुसार 27% एक्सीडेंट ड्राइवर की नींद आने से होते हैं. कई हादसों में ड्राइवर ने खुद माना कि लंबी ड्यूटी और नींद न मिलने से कंट्रोल खो गया. आपको बता दें कि ड्राइवरों ने बातचीत में खुद माना कि ट्रक और बस ड्राइवर कई बार 24–30 घंटे लगातार गाड़ी चलाते हैं, जबकि नियम है कि एक दिन में 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं होनी चाहिए. देखा जाए तो नियम-कानून तो हैं, लेकिन जमीनी सच अलग है.

नहीं हो रहा नियमों का पालन?

परिवहन नियम कहते हैं कि एक ड्राइवर सप्ताह में 45 घंटे से ज्यादा गाड़ी नहीं चला सकता लेकिन निजी कंपनियां इन नियमों का कितना पालन करती हैं, ये किसी से छुपा नहीं है. सच्चाई ये है कि बस और ट्रक मालिक ड्राइवरों से कम से कम 220 से 250 किलोमीटर प्रतिदिन गाड़ी चलवाते हैं. सड़क सुरक्षा परिषद के आंकड़े बताते हैं कि 40 से 45% हादसे थकान और नींद की वजह से होते हैं.

नशा और नींद का खतरनाक मेल

एम्स ऋषिकेश की स्टडी से स्पष्ट है कि सड़क पर उतरने वाला ड्राइवर अगर नशे में है और थका हुआ है तो हादसा लगभग तय है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कई बार कह चुके हैं कि ड्राइवरों की थकान और नींद को लेकर कंपनियों और राज्य सरकारों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए. इन नियमों का सड़कों पर कितना पालन हो रहा, ये सोचने वाली बात है.

क्यों खास है ये रिसर्च

भारत में हर साल 1.35 लाख मौतें और 50 लाख से ज्यादा चोटें सड़क हादसों से होती हैं. WHO के अनुसार निम्न और मध्यम आय वाले देशों (LMICs) में सड़क हादसों से मौत का खतरा हाई-इनकम देशों से तीन गुना ज्यादा है. रिसर्च में शामिल रहे डॉ. रवि गुप्ता (AIIMS ऋषिकेश) का कहना है कि नींद और नशे को नजरअंदाज करना, सड़क सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है. ट्रक-बस में ड्राइवर अलर्ट सिस्टम लगाना चाहिए. नशे में गाड़ी चलाने पर लाइसेंस तुरंत रद्द हो.

ये कदम उठाने जरूरी

व्यावसायिक वाहनों में ड्राइवर ड्यूटी घंटों पर सख्त निगरानी हो.
ट्रक और बस ड्राइवरों की नियमित हेल्थ और स्लीप टेस्टिंग भी की जाए.
नशे की हालत में ड्राइविंग पर फौरन टेस्ट और कठोर सजा तय हो.
कंपनियों की जवाबदेही तय करना, ओवरटाइम कराने पर उन्हें भी दंड मिले.जागरूकता अभियान चले कि नशे या नींद में गाड़ी चलाना हत्या जैसा अपराध है.

क्या है ड्राइवरों की असली हालत, कब सोते हैं, कब खाते हैं?

लंबे रूट्स पर चलने वाले ट्रक ड्राइवर कई बार 30 से 35 घंटे लगातार गाड़ी चलाते हैं. ढाबों पर झपकी ही उनका आराम है, घर जाने का वक्त साल में मुश्किल से 20–25 दिन मिलता है. कई ड्राइवर खुद मानते हैं कि गांजा पीकर नींद कम आती है, इसलिए गाड़ी चला पाते हैं. लेकिन यही 'जुगाड़' उन्हें एक्सीडेंट की तरफ धकेल देता है.

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Tue, 16 Sep 2025 18:33:19 +0530 news desk MPcg
PM किसान योजना की 21वीं किश्त दिवाली से पहले! 2000 रुपये पाने के लिए तुरंत करें ये ज़रूरी काम https://citytoday.co.in/3638 https://citytoday.co.in/3638 नई दिल्ली
 देश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 21वीं किश्त का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सरकार दिवाली से पहले किसानों को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है. लेकिन इस बार कुछ किसानों के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य कर दिया गया है. यदि किसान वेरिफिकेशन नहीं कराते हैं, तो उनकी 21वीं किश्त रोक दी जाएगी और वेरिफिकेशन पूरी होने तक उन्हें लाभ नहीं मिलेगा.

नया अपडेट क्या है?
सरकार ने योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर अपडेट जारी किया है. इसके अनुसार, 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने या अधिकार लेने वाले किसान, साथ ही जिन परिवारों में पति-पत्नी या 18 वर्ष से अधिक के युवा सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें फिजिकल वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य है. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और गलत लाभ लेने वालों पर रोक लगाई जा सके.

पिछली किश्त और राशि
पिछली 20वीं किश्त 2 अगस्त 2025 को जारी की गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से इस किश्त का शुभारंभ किया था. इस दौरान 9.71 करोड़ किसानों के खातों में ₹20,500 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी. इस बार 21वीं किश्त की राशि भी इसी तर्ज पर किसानों के खातों में भेजी जा सकती है.

अगले महीने की संभावना
पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें तो सरकार अगस्त से नवंबर के बीच किश्त जारी करती रही है. 2024 में 18वीं किश्त 5 अक्टूबर, 2023 में 19वीं किश्त 15 नवंबर और 2022 में 17वीं किश्त 17 अक्टूबर को जारी हुई थी. इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को है, इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि सरकार 21वीं किश्त अक्टूबर के पहले या मध्य सप्ताह में जारी कर सकती है.

बिहार चुनाव और संभावित तारीख
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव आयोग सितंबर के अंत तक तारीखें घोषित कर सकता है. ऐसे में केंद्र सरकार कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने से पहले किसानों के खातों में राशि भेज सकती है. इसका मतलब है कि 21वीं किश्त अक्टूबर के पहले या मध्य में किसानों के खातों में जमा हो सकती है, जिससे किसानों को समय पर लाभ मिल सके.

किसानों से आग्रह
सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि यदि उनका वेरिफिकेशन अभी बाकी है, तो वे जल्द से जल्द इसे पूरा कर लें. इससे न केवल उनकी किश्त समय पर आएगी बल्कि योजना का लाभ सही और वास्तविक किसानों तक सुनिश्चित होगा.

कुल मिलाकर, दिवाली से पहले किसानों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है. फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने वाले किसान 21वीं किश्त का लाभ समय पर प्राप्त करेंगे, जबकि बाकी किसानों के लिए यह किश्त तब तक रोकी जाएगी जब तक उनकी जानकारी का सत्यापन नहीं हो जाता.

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Tue, 16 Sep 2025 17:29:56 +0530 news desk MPcg
जम्मू&कश्मीर और हिमाचल में बारिश का कहर: राजौरी में भूस्खलन, मंडी में बहे वाहन https://citytoday.co.in/3637 https://citytoday.co.in/3637 राजौरी/शिमला 
 राजौरी जिले में हाल ही में निर्मित 32 किलोमीटर लंबी कोटरंका-खवास सड़क पिछले दो हफ्तों से लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. 2023-24 की अवधि में पूरी होने वाली यह सड़क कोटरंका उप-मंडल और खवास तहसील के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग का काम करती थी.

हालांकि, पिछले 15 दिनों से यह मार्ग पूरी तरह से कटा हुआ है. इससे स्थानीय निवासियों में भारी परेशानी है. इस व्यवधान ने दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. स्थानीय लोगों के अनुसार छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. बीमार लोगों को चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है. कई ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है.

जमीन धंसने के कारण सड़क पुनर्निर्माण के काम बाधिक है. ये एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. राजौरी जिले के बधाल गांव में रहने वाले जतिंदर शर्मा ने मंगलवार को एएनआई को बताया, 'पिछले 15 दिनों से यहां सड़क बंद है. बाढ़ के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है. इस सड़क से और भी कई रास्ते जुड़े हैं. इस वजह से बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन की तरफ से कोई भी सड़क की मरम्मत के लिए नहीं आया है. हम अनुरोध करते हैं कि सड़क को बहाल किया जाए.'

कुछ हिस्सों में जमीन धंसने से संकट और बढ़ गया है. इससे बड़े इलाके खतरे में पड़ गए हैं. कम से कम सात घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इनमें से एक दो मंजिला घर अपनी मूल जगह से लगभग 50 मीटर नीचे खिसक गया है. हालांकि ये अभी भी सीधा खड़ा है. ऐसी घटनाओं से निवासियों में व्यापक दहशत फैल गई है.

कोटरंका के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) दिलमीर चौधरी के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. स्थानीय प्रशासन भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है. राहत और मुआवजा देने के प्रयास सक्रिय रूप से जारी हैं.

अधिकारी के अनुसार प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की फाइलें तैयार की जा रही हैं और जल्द ही उन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इस बीच पुंछ में मेंढर उप-मंडल के कलाबन गांव के लगभग 400 निवासियों को लगातार बारिश के कारण जमीन धंसने से कई घरों में दरारें आने के बाद अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया गया है. अधिकारी, एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन के सहयोग से विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर रहे हैं. प्रशासन ने कलाबन को असुरक्षित घोषित कर दिया है और निवासियों को अगली सूचना तक वहाँ से निकलने का निर्देश दिया है.

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Tue, 16 Sep 2025 17:27:08 +0530 news desk MPcg
केरल हाई कोर्ट बना देश का पहला ‘WhatsApp फ्रेंडली’ न्यायालय, अब सूचना मिलेगी सीधे फोन पर https://citytoday.co.in/3636 https://citytoday.co.in/3636 तिरुवनंतपुरम
 सूचना तक पहुंच बढ़ाने और समय पर संचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केरल हाई कोर्ट ने घोषणा की है कि वह 6 अक्टूबर से अपने केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में WhatsApp मैसेजिंग शुरू करेगा.

यह नई सेवा मौजूदा सूचना चैनलों के साथ-साथ रियल टाइम में अपडेट प्रदान करके वकीलों, वादियों और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाले पक्षकारों को लाभान्वित करेगी. केरल हाई कोर्ट द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी.

WhatsApp के माध्यम से भेजे जाने वाले अपडेट में ई-फाइलिंग में खामियों, मामलों की लिस्ट, कार्यवाही और अन्य प्रासंगिक अदालती संचार से संबंधित विवरण शामिल होंगे. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि WhatsApp मैसेज केवल संचार के एक अतिरिक्त माध्यम के रूप में काम करेंगे और आधिकारिक नोटिस, सम्मन या अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का स्थान नहीं लेंगे, जब तक कि अन्यथा निर्दिष्ट न किया जाए.

सुरक्षा और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए, सभी संदेश केवल सत्यापित प्रेषक आईडी "केरल उच्च न्यायालय" से ही भेजे जाएंगे. हितधारकों से आग्रह किया गया है कि वे धोखाधड़ी वाले संदेशों के प्रति सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि अपडेट केवल इसी आधिकारिक प्रेषक आईडी से प्राप्त हों.

अदालत ने सभी अधिवक्ताओं और वादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके CMS प्रोफाइल में एक सक्रिय WhatsApp-सक्षम नंबर शामिल हो. यदि रजिस्ट्रेशन प्राथमिक नंबर WhatsApp से लिंक नहीं है, तो एक द्वितीयक WhatsApp-सक्षम नंबर अवश्य जोड़ा जाना चाहिए.

प्राथमिक नंबरों को मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ईमेल के माध्यम से अनुरोध प्रस्तुत करके अपडेट किया जा सकता है, जबकि द्वितीयक नंबरों को CMS में एडवोकेट पोर्टल के माध्यम से सीधे संशोधित किया जा सकता है. केरल हाई कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि WhatsApp मैसेज की किसी भी देरी या गैर-डिलीवरी से हितधारकों को अदालत में उपस्थित होने या कार्यवाही का पालन करने की उनकी ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाएगा.

उपयोगकर्ताओं को हाई कोर्ट के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपडेट की बार-बार जांच करने की सलाह दी गई है. यह पहल हाई न्यायालय के डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य संचार को सुव्यवस्थित और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ बनाना है.

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Tue, 16 Sep 2025 17:25:32 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन सिंदूर में जैश कमांडर का बड़ा खुलासा: मसूद अजहर के परिवार पर घातक वार https://citytoday.co.in/3635 https://citytoday.co.in/3635 नई दिल्ली 
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किए गए ऑपरेशन सिंदूर में कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के परिवार के चिथड़े उड़ गए हैं। यह कबूलनामा जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर ने की है। इस सैन्य कार्रवाई के महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने यह स्वीकार किया है कि बहावलपुर में भारत द्वारा किए गए हमलों में आतंकी समूह के शीर्ष कमांडर मसूद अजहर के परिवार के 'टुकड़े-टुकड़े' हो गए थे।

इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में, जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने उनके ठिकानों में घुसकर उन पर हमले किए। वीडियो में इलियास कश्मीरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 7 मई को बहावलपुर के आतंकी अड्डे पर जब भारत ने हमला किया तो आतंकी मसूद अजहर का परिवार टुकड़ों-टुकड़ों में तक्सीम हो गया, रेजा-रेजा हो गया।

मंच पर पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी
वायरल वीडियो में कश्मीरी ने उर्दू में कहा, "आतंकवाद को गले लगाते हुए, हमने इस देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार से लड़ाई लड़ी। सब कुछ बलिदान करने के बाद, 7 मई को मौलाना मसूद अजहर के परिवार को बहावलपुर में भारतीय सुरक्षा बलों ने खत्म कर दिया।" कश्मीरी जिस मंच से यह कबूल कर रहा था और लोगों को संबोधित कर रहा था, उस मंच पर उसके पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी उसे घेरे हुए थे।

नौ ठिकानों पर भारत ने किए थे हमले
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ हफ़्तों बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मदऔर लश्कर-ए-तैयबा के कुल नौ ठिकानों पर रातोंरात हमले कर उसे ध्वस्त कर दिया था। उसी में बहावलपुर स्थित जैश -ए मोहम्मद का ठिकाना भी शामिल था। पाकिस्तान ने बाद में स्वीकार किया था कि हमलों में बहावलपुर, कोटली और मुरीदके के नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ये सभी आतंकी ठिकानों के केंद्र रहे हैं।

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Tue, 16 Sep 2025 16:52:45 +0530 news desk MPcg
भारत ने फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र की मांग के पक्ष में जोरदार समर्थन https://citytoday.co.in/3616 https://citytoday.co.in/3616 न्यूयॉर्क
 संयुक्त राष्ट्र महासभा में  ‘न्यूयॉर्क घोषणा’ पर ऐतिहासिक मतदान हुआ. भारत ने फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र की मांग के पक्ष में जोरदार समर्थन जताया. इस घोषणा के पक्ष में 142 देशों ने वोट दिया, जबकि 10 ने विरोध किया और 12 देशों ने मतदान से परहेज किया. भारत का यह रुख नया नहीं है. दशकों से भारत दो-राष्ट्र समाधान का समर्थक रहा है और हमेशा से फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र मान्यता दिलाने की कोशिशों के साथ खड़ा रहा है. इस बार भी भारत ने साफ संदेश दिया कि पश्चिम एशिया की स्थायी शांति तभी संभव है, जब फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिले.

न्यूयॉर्क घोषणा क्या कहती है?

‘न्यूयॉर्क घोषणा ऑन द पीसफुल सेटलमेंट ऑफ द क्वेश्चन ऑफ फिलिस्तीन एंड द इंप्लीमेंटेशन ऑफ द टू-स्टेट सॉल्यूशन’ नामक इस प्रस्ताव को फ्रांस और सऊदी अरब ने पेश किया. इसमें कहा गया है कि गाजा युद्ध खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और एक न्यायपूर्ण, स्थायी समाधान केवल दो-राष्ट्र फार्मूले से ही संभव है.

घोषणा में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साफ शब्दों में 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमलों की निंदा की है. इसमें मांग की गई कि हमास सभी बंधकों को रिहा करे और गाजा से सत्ता छोड़कर अपने हथियार फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंप दे.

भारत का स्टैंड क्या है?

भारत ने इस घोषणा का समर्थन कर फिर से स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ है और फिलिस्तीन के लिए न्यायपूर्ण समाधान चाहता है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत का मानना है कि हिंसा और चरमपंथ को किनारे रखकर ही क्षेत्र में शांति लाई जा सकती है.

यूरोप और अरब देशों का दबाव

इस घोषणा को अरब लीग पहले ही समर्थन दे चुकी है और फ्रांस ने ऐलान किया है कि 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में वह औपचारिक रूप से फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देगा. कई अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी इसी तरह की घोषणा का संकेत दिया है. इसे इजरायल पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

इजरायल का तीखा विरोध

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को साफ कहा कि फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा कभी नहीं मिलेगा. वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को संभवतः न्यूयॉर्क सम्मेलन में वीजा नहीं दिया जाएगा.

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Sat, 13 Sep 2025 17:06:39 +0530 Newsdesk
ब्रिटेन में सिख महिला से दरिंदगी, ‘अपने देश वापस जा’ कहकर दिया अंजाम https://citytoday.co.in/3614 https://citytoday.co.in/3614 लंदन
यूनाइटेड किंगडम के ओल्डबरी कस्बे में एक सिख महिला के साथ हुई हैवानियत ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। 20 साल की बताई जा रही इस महिला के साथ दो व्यक्तियों ने रेप किया और उससे नस्लभेद से जुड़े आपत्तिजनक शब्द भी कहे। हमला पिछले मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड के पास हुआ। पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय रूप से गंभीर अपराध” करार दिया है और कहा है कि वे हमलावरों की तलाश में जुटे हुए हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा कि “अपने देश वापस जाओ।” पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

कौन हैं संदिग्ध?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध दोनों श्वेत पुरुष हैं। एक का सिर मुंडा हुआ था और उसने गहरे रंग का स्वेटशर्ट पहना था, जबकि दूसरा ग्रे रंग की टी-शर्ट में था।

सिख समुदाय में आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है। इसे सीधे तौर पर “जानबूझकर किया गया हमला” माना जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि समुदाय का गुस्सा “पूरी तरह जायज है” और उन्होंने आश्वासन दिया कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।

सांसदों की प्रतिक्रिया
बर्मिंघम एडगबास्टन की सांसद प्रीत कौर गिल ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “यह न सिर्फ अत्यधिक हिंसक अपराध है, बल्कि इसे नस्लीय रूप से भी अंजाम दिया गया है। हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़िता से कहा कि वह यहां की नहीं है। सच्चाई यह है कि वह यहीं की है। हमारा सिख समुदाय और हर समुदाय सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करने का अधिकार रखता है। नस्लवाद और स्त्रीविरोध की ब्रिटेन में कोई जगह नहीं है।” इलफोर्ड साउथ से सांसद जस अठवाल ने इस हमले को “घृणित, नस्लवादी और स्त्री-विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह हमला हमारे देश में बढ़ते नस्लीय तनाव का नतीजा है। अब एक युवा महिला को जिंदगीभर के लिए मानसिक आघात झेलना पड़ेगा। इस मामले को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।”

हाल की दूसरी घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है जब महज एक महीने पहले वॉल्वरहैम्प्टन में रेलवे स्टेशन के बाहर तीन किशोरों ने दो बुजुर्ग सिख पुरुषों पर हमला किया था। उस दौरान हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और उनका पगड़ी भी खुल गया था। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी जानकारी है तो तुरंत संपर्क करें ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

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Sat, 13 Sep 2025 17:02:56 +0530 Newsdesk
भारत ने चीन के लिए बढ़ाई सुरक्षा, ब्रह्मोस मिसाइल के साथ पड़ोसी पर कड़ी नजर https://citytoday.co.in/3613 https://citytoday.co.in/3613 नई दिल्ली
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की ताकत पूरी दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखी है। इन मिसाइलों की मदद से भारत ने पाकिस्तान को महज कुछ ही दिनों में घुटने पर ला दिया। अब चीन के एक पड़ोसी देश को भारत ब्रह्मोस मिसाइलों की तीसरी खेप देने जा रहा है। यह देश फिलीपींस है। भारत की ओर से फिलीपींस को कई ब्रह्मोस मिसाइलें मिलने की वजह से चीन की टेंशन बढ़ गई है।

इससे पहले, पिछले साल की शुरुआत में भारत ने चीन को पहली और फिर इस साल मिसाइलों की दूसरी खेप भेजी थी। दोनों देशों के बीच साल 2022 में 375 मिलियन डॉलर का करार हुआ था, जिसके तहत भारत की ओर से फिलीपींस को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें दी जानी थीं। ब्रह्मोस एयरोस्पेस संयुक्त उद्यम के सीईओ और प्रबंध निदेशक जयतीर्थ जोशी ने इंडिया टुडे को बताया, "रॉकेट तैयार हैं। हम उन्हें समय पर डिलिवर कर देंगे।"

फिलीपींस को ये मिसाइलें उस समय दी जा रही हैं, जब पिछले कुछ सालों से दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ा है। चीन इस सागर पर अपना हक जमाता है, जिसकी वजह से अमेरिका जैसे देशों से भी उसका विवाद हो चुका है। फिलीपींस इन मिसाइलों को किसी भी खतरे से बचने के लिए तटीय क्षेत्रों में ही तैनात किया जाएगा।

ब्रह्मोस मिसाइल की खासियत
यह एक सुपरसोनिक मिसाइल है, जो ध्वनि की गति से भी तेज उड़ती है। इससे दुश्मनों के रडार को इसे ट्रैक करने में काफी मुश्किल आती है और यह लक्ष्यों को भेदने में कामयाब रहती है। एक बार लॉन्च किए जाने के बाद मिसाइल को किसी इंसानों के इनपुट की जरूरत नहीं पड़ती है। इसकी रेंज की बात करें तो पहले यह 290 किलोमीटर तक की थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 450 से 800 किलोमीटर तक कर दिया गया है। इन्हीं मिसाइलों के जरिए ऑपरेशन सिंदूर में रावलपिंडी, सरगोधा, भोलारी और नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया था।

 

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Sat, 13 Sep 2025 17:01:48 +0530 Newsdesk
पूर्वोत्तर दौरे पर PM मोदी: वोट बैंक की राजनीति से क्षेत्र को भारी नुकसान – पीएम का बड़ा बयान https://citytoday.co.in/3612 https://citytoday.co.in/3612 इंफाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सबसे पहले मिजोरम पहुंचे, जहां उन्होंने मिजोरम को को दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग लाइन का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम के लोगों ने काफी योगदान दिया है। मिजोरम के लिए ऐतिहासिक दिन, आइजोल अब रेल मानचित्र पर आ गया है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन से मिजोरम की जनता के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, रोजगार सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पीएम ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ। जो पहले उपेक्षित थे वे अब सबसे आगे हैं, जो पहले हाशिये पर थे वे आज मुख्यधारा में हैं।

पीएम ने कहा कि केंद्र पिछले 11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहा है, यह क्षेत्र अब भारत का विकास इंजन है। मिजोरम 'एक्ट ईस्ट' नीति में प्रमुख भूमिका निभाएगा; कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना, रेल लाइन राज्य को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर का भी दौरा करेंगे। मणिपुर में वह चूड़ाचांदपुर एवं इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे। मणिपुर में दो वर्ष पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद मोदी का यह राज्य का पहला दौरा होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे।

मोदी के दौरे के मद्देनजर इंफाल और चूड़ाचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के सभा स्थलों इंफाल में लगभग 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड तथा उसके आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।''

इसमें कहा गया कि मोदी इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की शुक्रवार को पुष्टि की। राज्य का मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब विपक्षी दल कुकी और मेइती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री द्वारा मणिपुर का दौरा नहीं करने के लिए कई बार आलोचना कर चुके हैं। मई 2023 से हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए।

गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बताया, ‘‘दोपहर करीब 12:15 बजे चूड़ाचांदपुर पहुंचने पर वह सबसे पहले जिले के आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से बातचीत करेंगे। वह राज्य में शुरू की जाने वाली विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।''

मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘इसके बाद, वह अपराह्न लगभग 2:30 बजे कांगला पहुंचकर सबसे पहले आंतरिक रूप से विस्थापित कुछ लोगों से बातचीत करेंगे। वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कांगला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' परियोजनाओं में, प्रधानमंत्री इंफाल के मंत्रिपुखरी में 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए मणिपुर पुलिस मुख्यालय और उसी इलाके में 538 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक नागरिक सचिवालय का उद्घाटन करेंगे।

चूड़ाचांदपुर से मोदी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें 3,647 करोड़ रुपये की जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना और 550 करोड़ रुपये की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (एमआईएनडी) परियोजना शामिल है। यद्यपि मोदी के दौरे की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को ही की गई थी, लेकिन इसके बारे में लगभग दो सप्ताह से चर्चा जारी थी और मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को एक बड़ा सूचना-पट्ट लगाया था। इसमें शनिवार को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और इंफाल के कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई थी।

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Sat, 13 Sep 2025 16:55:35 +0530 Newsdesk
सर्जियो गोर पर विवाद: ट्रंप के पूर्व साथी ने भारत में अमेरिकी राजदूत बनने पर उठाए सवाल https://citytoday.co.in/3611 https://citytoday.co.in/3611 नई दिल्ली


अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त करने के फैसले पर कड़ा सवाल उठाया है। बोल्टन ने साफ कहा कि वह गोर को इस जिम्मेदारी के लिए "योग्य नहीं" मानते। बोल्टन ने कहा, "मैं नहीं मानता कि सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के राजदूत बनने के योग्य हैं।" बोल्टन की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले दो दशकों के संभवतः सबसे खराब दौर की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें ट्रंप की टैरिफ नीति और उनके प्रशासन द्वारा भारत की लगातार आलोचना के कारण तनाव और बढ़ गया है।

38 वर्षीय सर्जियो गोर ट्रंप के करीबी सलाहकार हैं और वाइट हाउस में सीधे राष्ट्रपति तक पहुंच रखते हैं। हालांकि एएनआई को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने उनकी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और जटिल वैश्विक मुद्दों की समझ पर चिंता जताई। पूर्व एनएसए ने कहा कि गोर की नियुक्ति ट्रंप की "व्यवहारिक" विदेश नीति का हिस्सा लगती है, जो रणनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत वफादारी पर आधारित है।

ट्रंप ने अगस्त में ट्रूथ सोशल पर घोषणा की थी कि वे सर्जियो गोर को भारत के लिए अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के पद पर पदोन्नत कर रहे हैं। ट्रंप ने गोर को "मेरा शानदार दोस्त" बताते हुए उनकी सराहना की थी। उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के रूप में, सर्जियो और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में लगभग 4,000 अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स को केंद्र सरकार के हर विभाग में भर्ती किया है- हमारे विभाग और एजेंसियां 95 प्रतिशत से अधिक भरी हुई हैं! सर्जियो अपनी वर्तमान भूमिका में तब तक बने रहेंगे जब तक उनकी (संसद द्वारा) पुष्टि नहीं हो जाती।"

रूसी तेल खरीद पर बोल्टन की टिप्पणी: प्रतिबंधों में 'असंगति'
ट्रंप के पिछले कार्यकाल में एनएसए रहे बोल्टन ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई देशों ने रूस से कच्चा तेल खरीदकर प्रतिबंधों की "कमजोरी" का फायदा उठाया। उनके अनुसार, प्रतिबंधों का मकसद रूस की आय को कम करना था ताकि उसका युद्ध तंत्र कमजोर हो सके, लेकिन तेल बिक्री को पूरी तरह रोकना नहीं था, क्योंकि ऐसा करने से यूरोप और अमेरिका में तेल की कीमतें बढ़ सकती थीं। बोल्टन ने कहा, “यहां तक कि तकनीकी रूप से कई देशों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन भी नहीं किया, बल्कि रूस से कैप प्राइस से नीचे तेल खरीदकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा। मूल उद्देश्य यही होना चाहिए कि रूस के युद्ध तंत्र को फंडिंग न मिले।”

भारत को दी सलाह – "ट्रंप को वन-टाइम डील मानें"
पूर्व NSA बोल्टन ने भारत को सलाह देते हुए कहा कि नई दिल्ली को ट्रंप को "एक बार की घटना" मानना चाहिए और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले करने चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत सरकार को चाहिए कि ट्रंप को एक ‘वन-टाइम प्रपोजिशन’ की तरह देखें और अपने हितों के अनुसार कदम उठाएं। ट्रंप की नीतियां अमेरिकी राजनीति के बड़े दृष्टिकोण को नहीं दर्शातीं।"

ट्रंप की विदेश नीति शैली पर तीखी आलोचना
बोल्टन ने ट्रंप की विदेश नीति को "अनिश्चित और लेन-देन आधारित" बताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की बड़ी वजह ट्रंप का "अनियमित और अस्थिर" तरीका रहा है। ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाते हुए कुल दंडात्मक टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है। यह दबाव इसलिए बनाया गया ताकि भारत रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद बंद करे। इस कदम से दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ा है।

 

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Sat, 13 Sep 2025 16:47:19 +0530 Newsdesk
सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति, सितंबर 2030 तक संभालेंगे पदभार https://citytoday.co.in/3598 https://citytoday.co.in/3598 नई दिल्ली 
 सी पी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधाकृष्णन को उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। इस दौरान पूर्व उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी अपनी पत्नी के साथ मौजूद थे। राधाकृष्णन के शपथ के बाद धनखड़ लगातार ताली बजाकर स्वागत करते दिखे। पूर्व उपराष्ट्रपति कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ बैठे हुए थे। धनखड़ के बाई तरफ उनकी पत्नी बैठी थीं।

लंबे समय बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में हुए शामिल
पूर्व उपराष्ट्रपति लंबे समय बाद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से वह लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। इसके साथ ही उनका किसी भी तरह का कोई बयान सामने नहीं आया था। विपक्ष ने धनखड़ के नजरबंद होने के भी आरोप लगाए थे।

धनखड़ की चुप्पी पर उठाए थे सवाल
कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी जगदीप धनखड़ की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को कहा था कि देश पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे पर उनके बयान का इंतजार कर रहा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा था कि पिछले 50 दिनों से जगदीप धनखड़ ने अपनी असामान्य चुप्पी साध रखी है।

वेणुगोपाल का कहना था कि जब उनके उत्तराधिकारी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो रही है, तब भी देश उनके ऐतिहासिक और अप्रत्याशित इस्तीफे पर बयान का इंतजार कर रहा है। जब उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से किसानों की घोर उपेक्षा, सत्ता में बैठे लोगों के 'अहंकार' से पैदा होने वाले खतरों और अन्य मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी।

NDA उम्मीदवार को कितने वोट मिले?

एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन को 452 मत प्राप्त हुए। वहीं, विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 मत मिले। 9 सितंबर को ही वोटिंग के बाद परिणामों में घोषणा की गई।

उपराष्ट्रपति परिणामों की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी। पीएम मोदी में विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति भारत के संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करेंगे तथा संसदीय संवाद में सकारात्मक योगदान देंगे।

महाराष्ट्र के राज्यपाल थे सीपी राधाकृष्णन

बता दें कि सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। अब चूंकि वह देश के उपराष्ट्रपति बन गए हैं। इस स्थिति में महाराष्ट्र में गवर्नर का पद खाली हो गया। नए राज्यपाल की नियुक्ति तक गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को अपने कर्तव्यों के अतिरिक्त, महाराष्ट्र के राज्यपाल के कार्यों का भी कार्यभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है।

राधाकृष्णन ने एक दिन पहले राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया

अपनी नई जिम्मेदारी की तैयारी में राधाकृष्णन ने गुरुवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की गई है। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

राधाकृष्णन को उम्मीद से ज्यादा 14 वोट ज्यादा मिले

राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी के मुताबिक 781 में से 767 सांसदों ने वोट डाले, वोटिंग 98.2% हुई। इनमें से 752 मत वैलिड और 15 इनवैलिड थे। एनडीए को 427 सांसदों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन YSRCP के 11 सांसदों ने भी राधाकृष्णन का समर्थन किया।

13 सांसदों ने चुनाव में मतदान से परहेज किया। इनमें बीजू जनता दल (BJD) के सात सांसद, भारत राष्ट्र समिति (BRS) के चार, शिरोमणि अकाली दल का एक सांसद और एक निर्दलीय सांसद शामिल हैं।

दिलचस्प बात यह है कि एनडीए उम्मीदवार को उम्मीद से 14 वोट ज्यादा मिले, जिससे विपक्षी खेमे में क्रॉस-वोटिंग की अटकलें हैं।

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Fri, 12 Sep 2025 15:59:34 +0530 Newsdesk
‘तीन बम रखे हैं…’ धमकी भरे ई&मेल से मचा हड़कंप, दिल्ली हाईकोर्ट खाली कराया गया https://citytoday.co.in/3597 https://citytoday.co.in/3597 नई दिल्ली/मुंबई 

दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट में शुक्रवार दोपहर के दौरान मिली बम-धमकी की सूचना से हड़कंप मच गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक  एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ जिसमें दिल्ली हाईको कोर्ट परिसर में तीन बम रखे होने और दोपहर 2 बजे तक हाईकोर्ट खाली कराने का आदेश दिया गया था.

इस धमकी के तुरंत बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में भी बम की धमकी का मेल आया जिसके बाद तुरंत ही कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और जजों तथा वकीलों को बाहर निकाला गया. पुलिस ने फौरन सुरक्षा-प्रोटोकॉल लागू करते हुए सभी जजों को कक्षों से बाहर निकाला और वकीलों, स्टाफ तथा लोगों को कोर्ट परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया.

मौके पर बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad), स्पेशल सेल और दिल्ली पुलिस की कई यूनिट तैनात कर दी गईं और परिसर की बारी-बारी तलाशी चल रही है. पुलिस ने आसपास के इलाकों को भी सील कर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन के सचिव विक्रम सिंह पंवार ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा, 'सुरक्षा तंत्र स्थिति का आंकलन कर रहा है. ईमेल को गंभीरता से लिया जा रहा है. फिलहाल घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.'

मेल की मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट को लेकर भेजे गए धमकी वाले मेल में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट परिसर में 3 बम रखे गए हैं और सभी को दोपहर 2 बजे तक वहां से हटा लिया जाना चाहिए.

मेल में एक असामाजिक/आक्रामक राजनीतिक संदेश भी था जिसमें कुछ नेताओं को निशाना बनाने जैसी कड़वी बातें लिखी गईं; कुछ विशिष्ट नामों का भी जिक्र था. अधिकारियों का कहना है कि मेल की भाषा और संदर्भ इस घटना को “इंसाइड जॉब” जैसा बताने की कोशिश करते हैं.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेल में तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी डीएमके (DMK) का भी जिक्र है. मेल में कहा गया है, "हम प्रस्ताव करते हैं कि डॉ. एझिलान नागनाथन को डीएमके की कमान संभालनी चाहिए." इसके साथ ही, मेल में यह भी धमकी दी गई है कि उदयनिधि स्टालिन के बेटे इनबानिधि उदयनिधि को तेजाब से जलाया जाएगा.

मेल में कहा गया है, 'एजेंसियों को इस बात की भनक तक नहीं लगेगी कि यह कोई अंदरूनी साजिश है.उदाहरण के तौर पर, आपके दिल्ली हाईकोर्ट में आज का धमाका पिछले झांसों के संदेह को दूर कर देगा. दोपहर की इस्लामी नमाज़ के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा.'

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मेल को गंभीर मानते हुए उसकी फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है. मेल किस आईपी एड्रेस/सर्वर से भेजा गया, क्या मेल-हेडर में छेड़छाड़ हुई है, और मेल भेजने वाले की पहचान कैसे की जाए, इन पहलुओं पर काम चल रहा है. साथ ही मेल में जिन नामों का जिक्र था, उन पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है और सम्बंधित चैनलों को सूचित कर प्रतिक्रिया मांगी गई है.

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Fri, 12 Sep 2025 15:23:41 +0530 Newsdesk
पूर्व ACP की बहू ने लगाया सनसनीखेज़ आरोप: पति नपुंसक, ससुर ने पोते के लिए की अश्लील मांग https://citytoday.co.in/3596 https://citytoday.co.in/3596 पुणे

महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ससुर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। खबर है कि आरोपी पूर्व पुलिस उपायुक्त है। महिला के आरोप हैं कि रिटायर्ड अधिकारी ने उनके साथ संबंध बनाने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने पति और सास पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व एसीपी के खिलाफ केस दर्ज हो गया है। पुलिस के अनुसार, महिला के आरोप हैं कि उनका पति बच्चे पैदा करने में असमर्थ है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर से बात करने, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट लेने या गोद लेने पर विचार करने के बजाए उनपर दबाव डाला गया कि ससुर के जरिए बच्चे पैदा करो। महिला ने पति और सास पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
जबरन कमरे में घुसना

महिला ने पूर्व पुलिस अधिकारी पर कई और गंभीर आरोप भी लगाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनका कहना है कि ससुर बगैर उनकी मर्जी के कमरे में घुस आते थे। साथ ही आरोप हैं कि वह परिवार के पोते की इच्छा पूरी करने के लिए शारीरिक संबंध बनाने पर दबाव डालते थे। फिलहाल, पूर्व पुलिस अधिकारी के परिवार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हनीमून पर खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की शादी करीब 5 महीने पहले हुई थी। इसके बाद दोनों हनीमून के लिए महाबलेश्वर गए थे। यह यात्रा उन्होंने शादी के 15 दिन बाद की थी। महिला ने बयान दिया है कि उनके दोनों के बीच कभी शारीरिक संबंध नहीं सके।

महिला के आरोप हैं कि पति ने हनीमून के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया था। महिला का दावा है कि वह कथित नपुंसकता की वजह से ऐसा कर रहे थे। महिला ने पुलिस में शिकायत दी है कि उनके ससुर ना सिर्फ डिमांड करते हैं, बल्कि कई मौकों पर उनके कमरे में आ गए। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि वह बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए कह रहे थे।

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Fri, 12 Sep 2025 15:15:18 +0530 Newsdesk
दिल्ली&एनसीआर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार https://citytoday.co.in/3595 https://citytoday.co.in/3595 नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में तीन आरोपियों राहुल वाधवा (32), अब्दुल कादिर (29) और नाइजीरियाई नागरिक चिमेजी लाजरस इंडेडिंगे उर्फ जूडो उर्फ जूड (35) को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 194 ग्राम कोकीन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उपायुक्त पंकज कुमार ने शुक्रवार को बताया कि छह सितंबर को अपराध शाखा की एनडीआर/आरके पुरम इकाई को गुप्त सूचना मिली कि रोहिणी के सेक्टर 36 में राहुल वाधवा और अब्दुल कादिर कोकीन की डिलीवरी करने वाले हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद इंस्पेक्टर योगेश और विनोद यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने रोहिणी में जाल बिछाया और दोपहर तीन बजे राहुल वाधवा एक कार में पहुंचा और कुछ देर बाद अब्दुल कादिर वहां आया। दोनों के बीच लेन-देन के दौरान टीम ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में अब्दुल कादिर से 54 ग्राम और राहुल वाधवा से 31 ग्राम कोकीन बरामद हुई। इसके बाद, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि कोकीन की आपूर्ति नाइजीरियाई नागरिक चिमेजी लाजरस उर्फ जूडो करता था। 10 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने मेहरौली में छापा मारकर जूडो को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 109 ग्राम कोकीन बरामद हुई। जूडो इस गिरोह का मुख्य सरगना था जो दिल्ली, गुरुग्राम, द्वारका, मेरठ, चंडीगढ़ और हल्द्वानी में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। अब्दुल कादिर और राहुल वाधवा पूर्व टैक्सी चालक हैं, जिन्हें जूडो ने मोटी रकम का लालच देकर तस्करी में शामिल किया। जूडो जनवरी 2023 में भारत इलाज के लिए आया था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसने नशीले पदार्थों का कारोबार शुरू कर दिया। उपायुक्त ने कहा कि पुलिस अब इस गिरोह के अन्य कनेक्शनों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

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Fri, 12 Sep 2025 13:44:10 +0530 Newsdesk
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया https://citytoday.co.in/3594 https://citytoday.co.in/3594 नयी दिल्ली 12 सितम्बर (वार्ता)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के ठाणे, निजामाबाद एवं राजगढ़ में छापेमारी कर पांच मुख्य आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। जो पाकिस्तान आधारित हैंडलर के निर्देश पर भारत में “खिलाफत” स्थापित करने और “गजवा-ए-हिंद” के तहत जिहाद छेड़ने की साजिश रच रहे थे।
आज अदालत ने इनमें से चार आतंकियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक को दिल्ली लाकर पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क में करीब 40 लोग सक्रिय थे और ये सभी खुफ़िया एजेंसियों की नज़र में थे। यह गिरोह गुप्त रूप से सिग्नल ऐप के ज़रिये संपर्क करता था।
गिरफ्तार आतंकियों में सुफियान अबुबकर और मॉड्यूल का मास्टरमाइंड दानिश को 12 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं अफ़ताब कुरैशी और अशहर दानिश को आठ दिन की पुलिस रिमांड दी गई है। पांचवां आतंकी हुज़ैफ़ा यमन तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया है, जिसे आज दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मास्टरमाइंड दानिश आईईडी (बम) बनाने के दौरान घायल हुआ था और उसकी आंख में चोट लगी थी, जिसका इलाज भी कराया गया। अभी भी वह कुछ चिकित्सीय समस्याओं से जूझ रहा है।
जांच में खुलासा हुआ है कि नेटवर्क के केवल पांच आतंकियों को ही असली साजिश की जानकारी थी, जबकि बाक़ी को गुमराह कर शामिल किया गया। अपनी पहचान छिपाने और भ्रम पैदा करने के लिए यह गिरोह आईएसआईएस का नाम इस्तेमाल करता था। आतंकी देशभर में अपनी ताक़त बढ़ाने और नेटवर्क फैलाने में जुटे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई को राजधानी और देश की सुरक्षा के लिहाज़ से बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब एजेंसियां इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं और गिरोह की गहराई से जाँच जारी है।

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Fri, 12 Sep 2025 13:28:48 +0530 Newsdesk
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन कल उप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे https://citytoday.co.in/3593 https://citytoday.co.in/3593 नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) श्री चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन (68) शुक्रवार को उपराष्ट्रति पद की शपथ लेंगे।
राष्ट्रपति सचिवालय ने गुरुवार को यहां बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु श्री राधाकृष्णन को शुक्रवार सुबह दस बजे राष्ट्रपति भवन में उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायेंगी।
नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति संवैधानिक व्यवस्थाओं के अनुसार संविधान के प्रति सत्यनिष्ठा की शपथ लेंगे।
उप राष्ट्रपति पद के लिए नौ सितंबर को हुए चुनाव में केंद्र में सत्तारूढ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदावार श्री राधाकृष्णन निर्वाचित घोषित किये गये थे। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार श्री बी सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया ।
श्री राधाकृष्णन अब तक महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। चार मई, 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे श्री राधाकृष्णन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक हैं। उन्होंने अपना सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में शुरु किया और अब उप राष्ट्रपति पद संभालने जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने गुरुवार को श्री राधाकृष्णन की जगह गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

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Thu, 11 Sep 2025 19:27:42 +0530 Newsdesk
केजरीवाल ने आप नेताओं को नजरबंद करने का लगाया आरोप https://citytoday.co.in/3592 https://citytoday.co.in/3592 नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सांसद संजय सिंह को श्रीनगर स्थित सरकारी गेस्ट हाउस में नजर बंद किया गया है।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एक वीडिया एक्स पर साझा कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला हमारे सांसद संजय सिंह से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने तक नहीं दिया। श्री सिंह को नजरबंद कर रखा है। जनता की आवाज दबाई जा रही है, विपक्ष के नेताओं को कैद किया जा रहा है। भाजपा खुली गुंडागर्दी पर उतर आयी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता हैं, उन्हें भी आप राज्यसभा सांसद से उन्हीं के राज्य में मिलने नहीं दिया जा रहा है। ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है।
श्री सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि बहुत दुःख की बात है कि जम्मू-कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. अब्दुल्ला पुलिस द्वारा मुझे हाउस गिरफ्तार किए जाने की ख़बर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट हाउस में आए, उन्हें मिलने नहीं दिया गया। ये तानाशाही नहीं तो और क्या है?
इससे पहले श्री सिंह ने कहा, “तानाशाही चरम पर है। मैं इस वक्त श्रीनगर में हूं। लोकतंत्र में हक के लिए आवाज़ उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ़्तारी के खिलाफ श्रीनगर में संवाददाता सम्मेलन और धरना था लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है। मुझे, पूर्व मंत्री इमरान हुसैन और साथियों को गेस्ट हाउस से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।”
आप की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है। तानाशाही अपने चरम पर है। हमारे सांसद संजय सिंह श्रीनगर पहुंचे थे, ताकि विधायक श्री मलिक की अवैध गिरफ़्तारी के खिलाफ संवादादाता सम्मेलन और धरना दे सकें, लेकिन भाजपा इतनी बौखलाई हुई है कि हमारे नेताओं को गेस्ट हाउस में ही कैद कर लिया गया। ये अघोषित आपातकाल है।
उल्लेखनीय है कि आप विधायक मलिक की गिरफ्तारी को लेकर सांसद संजय सिंह इस वक्त जम्मू कश्मीर में हैं। सुबह जब उन्होंने अपने कार्यक्रम के लिए बाहर निकलने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें बाहर नहीं आने दिया। श्री सिंह ने इस घटना का वीडियो भी एक्स पर साझा किया।

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Thu, 11 Sep 2025 19:20:59 +0530 Newsdesk
सोनिया गांधी पर मुकदमा दर्ज करने की याचिका खारिज https://citytoday.co.in/3591 https://citytoday.co.in/3591 नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका गुरुवार खारिज कर दी।
यह याचिका श्रीमती गांधी के कथित तौर पर भारत की नागरिकता लेने से करीब तीन साल पहले यहां की मतदाता सूची में नाम शामिल होने का आरोप से संबंधित है। इसमें उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी।
राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने आदेश पारित करते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से कहा, “हमने शिकायत खारिज कर दी है।”
अदालत ने विकास त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुरक्षित रख लिया था।
श्री त्रिपाठी की याचिका में श्रीमती गांधी पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं। याचिका में श्रीमती गांधी का नाम भारत की नागरिकता हासिल करने से पहले 1980 में नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि श्रीमती गांधी ने अप्रैल 1983 में भारत की नागरिकता हासिल की थीं।
उनका यह भी दावा था कि श्रीमती गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था। वर्ष 1982 में उसे हटा दिया गया। इसके बाद 1983 में फिर से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया था।

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Thu, 11 Sep 2025 19:09:52 +0530 Newsdesk
पंजाब में बाढ़ के हालात सुधरे, अब तक 37 की मौत https://citytoday.co.in/3566 https://citytoday.co.in/3566 चंडीगढ़, 04 सितंबर 2025: पंजाब में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में अब हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। हालांकि, राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के कुल 1655 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जहां राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर पानी का स्तर नीचे आ गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

सरकार ने तेज किए राहत कार्य

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित गांवों में भोजन, पानी, और दवा जैसी जरूरी चीजें पहुंचाई जा रही हैं। भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं, और उन्होंने कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

पुनर्वास पर ध्यान

राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों को मुआवजा और प्रभावित गांवों में पुनर्वास के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना है।

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Thu, 04 Sep 2025 13:32:11 +0530 Newsdesk
वोट चोरी का मुद्दा 2026 के चुनावों को प्रभावित करेगा: ‘इंडिया’ ब्लॉक ने चुनावों में धांधली पर जताई चिंता https://citytoday.co.in/3565 https://citytoday.co.in/3565 नई दिल्ली, 04 सितंबर 2025: 

2026 में होने वाले विभिन्न राज्यों के चुनावों से पहले, ‘इंडिया’ ब्लॉक ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि पिछले चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में हेराफेरी की गई थी, जिससे मतदाताओं के वोट सही जगह नहीं गए। ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण चुनावी हथियार साबित हो सकता है और मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है।

ईवीएम पर फिर उठे सवाल

‘इंडिया’ ब्लॉक के कई नेताओं ने ईवीएम पर अपने पुराने आरोपों को दोहराया है। उनका कहना है कि ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर जनता के मन में संदेह है, और इस संदेह को दूर करने के लिए चुनाव आयोग को कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार बैठकें कर रहे हैं और एक संयुक्त रणनीति बनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि 2026 के चुनावों में वे मजबूती से इस मुद्दे को उठा सकें।

2026 के चुनावों पर असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों में एक अहम भूमिका निभा सकता है। अगर ‘इंडिया’ ब्लॉक इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रख पाता है, तो यह मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित कर सकता है। यह मुद्दा विपक्ष को एक मंच पर लाने में भी मदद कर सकता है और उन्हें चुनाव से पहले एक मजबूत आधार दे सकता है।

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Thu, 04 Sep 2025 13:29:51 +0530 Newsdesk
भारत को जल्द मिलेंगे और S&400 सिस्टम, रूस ने बढ़ाई सप्लाई की उम्मीद https://citytoday.co.in/3564 https://citytoday.co.in/3564 नई दिल्ली

भारत और रूस के रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं. दोनों देशों के संबंधों में मजबूती का एक और प्रमाण है हथियारों की डील. ऐसे में रूस और भारत S-400 मिसाइल सिस्टम की सप्लाई बढ़ाने पर बातचीत कर रहे हैं.रूस के डिफेंस एक्सपोर्ट अधिकारी के मुताबिक, भारत और रूस के बीच सतह से हवा में मार करने वाली S-400 मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त सप्लाई के लिए बातचीत जारी है.

रूस के मिलिट्री विभाग के एक बड़े अधिकारी दिमित्री शुगायेव का कहना है कि भारत के पास पहले से ही S-400 मिसाइल सिस्टम है और इसकी नई खेप के लिए बातचीत जारी है.

दरअसल भारत ने पांच S-400 Triumf सिस्टम के लिए 2018 में रूस के साथ 5.5 अरब डॉलर के एग्रीमेंट पर साइन किया था. चीन की लगातार बढ़ती जा रही सैन्य शक्ति का मुकाबला करने के लिए भारत ने रूस के साथ यह एग्रीमेंट किया था. हालांकि, हथियारों की इस सप्लाई में देरी हुई. इस डील के तहत आखिरी दो यूनिट 2026 और 2027 तक मिलेगी. 

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के हर हमले को भारत के S-400 डिफेंस सिस्टम ने बखूबी ध्वस्त किया था. एयर डिफेंस में मजबूत साझेदारी S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम रूस की सबसे उन्नत तकनीक है. इसकी रेंज 400 किलोमीटर है जो 36 लक्ष्यों को एक साथ नष्ट कर सकती है. साथ ही विमान, मिसाइल और ड्रोन से बचाव करती है. 

S-400 मिसाइल सिस्टम भारत की हवाई सुरक्षा के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है. यह मिसाइल सिस्टम 80 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और निशाना बना सकता है, जो इसे दुश्मन के लिए खतरनाक बनाता है. ऑपरेशन सिंदूर में इसकी सफलता ने भारत को क्षेत्र में हवाई वर्चस्व बनाए रखने में मदद की है. 

भारत ने 2021 से पंजाब, राजस्थान और पूर्वोत्तर में S-400 को तैनात किया है. यह डील अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी को दिखाती है.

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Thu, 04 Sep 2025 13:24:38 +0530 Newsdesk
जर्मन विदेश मंत्री ने पीएम मोदी की यूक्रेन शांति पहल की तारीफ की https://citytoday.co.in/3563 https://citytoday.co.in/3563 नई दिल्ली
जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चीन के तियानजिन में हुई बैठक के दौरान यूक्रेन में शीघ्र शांति समझौते की अपील का स्वागत किया। उन्होंने इसे यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया।

वेडफुल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, “हमारे लिए जर्मनी और यूरोप में, रूस का आक्रमणकारी युद्ध अभी सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में यूक्रेन में शीघ्र शांति समझौते की आवश्यकता पर जोर देना हमारे लिए अहम है। हम यूरोपीय देश, अमेरिका और यूक्रेन के साथ मिलकर इस युद्ध को जल्द समाप्त करने और यूक्रेन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में शांति दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।”

वेडफुल ने कहा कि उन्होंने भारत से आग्रह किया है कि वह रूस के साथ अपने संबंधों का उपयोग कर शांति बहाली की दिशा में संदेश दें। उन्होंने कहा, “मैं इस खुले संवाद के लिए आभारी हूं। शांति ही सुरक्षा, स्वतंत्रता और समृद्धि की आधारशिला है। सुरक्षा भविष्य में भी चुनौती बनी रहेगी, लेकिन हमें खुशी है कि भारत के पड़ोस में भी युद्धविराम लागू हुआ है।”

वेडफुल ने यह भी आश्वासन दिया कि जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी का साझा उद्देश्य नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को संरक्षित करना है, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता भी शामिल है। उन्होंने कहा, “चीन का आक्रामक व्यवहार हमारे लिए चिंता का विषय है। हमने रक्षा, सुरक्षा और आयुध क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसमें हमारी सेनाओं के संयुक्त अभ्यास और इंडो-पैसिफिक में जुड़ाव के लिए निर्यात लाइसेंस प्रक्रिया को तेज करना शामिल है। पिछले वर्ष जर्मन युद्धपोत भारत आया था और हम इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं।”

वेडफुल ने उम्मीद जताई कि जर्मनी के चांसलर जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि साझा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने भारत को उभरती हुई आर्थिक शक्ति, विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि वैश्विक व्यवस्था में भारत की रणनीतिक भूमिका बेहद अहम है।

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Thu, 04 Sep 2025 13:21:55 +0530 Newsdesk
GST का बड़ा तोहफा: घी से लेकर AC&फ्रिज तक 175 चीजें होंगी सस्ती! https://citytoday.co.in/3562 https://citytoday.co.in/3562 नई दिल्ली

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक  शुरू हो चुकी है और कल इस बैठक के तहत लिए गए फैसले का ऐलान होगा, जिसका ब्रेसब्री से इंतजार कंपनियों से लेकर आम आदमी तक को है. क्‍योंकि 15 अगस्‍त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से एक बड़ा ऐलान करते हुए दिवाली पर नए GST रिफॉर्म लाने की बात कही थी. इस ऐलान के बाद जीएसटी परिषद (GST Council) की यह पहली बैठक है. 

जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं. साथ ही दिवाली पर लागू होने वाले नए GST Reform के तहत दो टैक्‍स स्‍लैब और आम आदमी से जुड़ी चीजें सस्‍ती करने पर मुहर लग सकती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा है कि दो दिन चलने वाले इस बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्‍मीद है, जिसमें डेली यूज के साथ-साथ महंगी वस्‍तुएं भी सस्‍ती होंगी. 

2 स्‍लैब करने पर होगी चर्चा 
केंद्र के प्रस्ताव के अनुसार, अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब हो सकते हैं. इसमें 28 प्रतिशत वाले स्लैब में आने वाली सभी वस्तुएं, हानिकारक वस्तुओं को छोड़कर, 18 प्रतिशत वाले स्लैब में शामिल हो सकती हैं और 12 प्रतिशत वाले स्लैब की वस्‍तुएं 5 प्रतिशत वाले स्लैब में आ सकती हैं. 40 प्रतिशत का एक और स्लैब होगा, जो 6-7 वस्तुओं पर लगाया जाएगा, जिनमें से ज्‍यादातर हानिकारक और लग्‍जरी वस्‍तुएं होंगी.

भारत में टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। बुधवार, 3 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST काउंसिल की 56वीं बैठक चल रही है। इस बैठक में 175 से ज्यादा सामानों और सेवाओं पर GST दरें घटाने का प्रस्ताव चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर सिर्फ दो मुख्य स्लैब (5% और 18%) रखने का प्लान है। वहीं, लक्ज़री आइटम्स और ‘सिन गुड्स’ पर 40% का अलग टैक्स स्लैब भी लाने पर विचार हो रहा है।

12-28% स्‍लैब में आने वाली कुछ खास वस्‍तुएं

    घी
    मक्खन
    चीज
    पैक्ड फ्रोजन सब्जि‍यां
    फ्रूट जूस (अधिकतर, नॉन-एरेटेड)
    छाता 
    सोलर वॉटर हीटर
    कृषि उपकरण 
    एयर कंडीशनर
    सीमेंट 
    कार/एसयूवी

हेल्‍थ और इंश्‍योरेंस को जीएसटी से छूट 
मंत्रियों के समूहों का प्रस्‍ताव है कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी दायरे से अलग रखना चाहिए. यानी इसपर टैक्‍स नहीं लगाया जाना चाहिए. हालांकि इससे राजस्‍व में गिरावट आएगी. तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के अनुसार, व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर पूरी छूट से अनुमानित रूप से सालाना 9,700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा. 

क्या हो सकते हैं बड़े बदलाव?

    5% GST स्लैब में आएंगे: टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू, रेडी-टू-ईट फूड्स, बटर, चीज़, स्नैक्स और आम कपड़े-खाद्य उत्पाद।

    18% GST स्लैब में: टीवी, AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, सीमेंट और ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट (पहले 28% टैक्स लगता था)।

    40% टैक्स स्लैब: लक्ज़री कारें, 350cc से ऊपर की बाइकें, तंबाकू और प्रीमियम प्रोडक्ट्स।

ऑटो सेक्टर पर बड़ा असर

    छोटी कारें और हाइब्रिड गाड़ियां (1200cc तक) पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो सकता है।

    ₹20-40 लाख तक की महंगी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स 5% से बढ़कर 18% हो सकता है।

    दोपहिया वाहनों पर राहत: इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक 28% से घटकर 18% GST की उम्मीद।

    350cc से ऊपर की बाइक (जैसे रॉयल एनफील्ड) पर 40% टैक्स का प्रपोजल, कंपनियों को झटका लग सकता है।

️ आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?

    रोजमर्रा की चीज़ें जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और खाने का सामान सस्ता होगा।

    टीवी, AC, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमत घट सकती है।

    टू-व्हीलर्स और कई कारें सस्ती होंगी।

    लक्ज़री प्रोडक्ट्स और प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें महंगी हो जाएंगी।

क्यों हो रहे हैं GST रिफॉर्म्स?

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से कहा था कि भारत को नए GST ढांचे की जरूरत है। हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत पर 50% इंपोर्ट ड्यूटी लगाने के बाद यह कदम उपभोक्ताओं की जेब को राहत और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उठाया जा रहा है।

    SBI रिसर्च का अनुमान: GST सुधारों से अगले 1 साल में GDP में 0.60% की बढ़त हो सकती है।

    खुदरा महंगाई में भी 20-25 बेसिस पॉइंट की गिरावट की उम्मीद।

सरकार को कितना होगा नुकसान?

    टैक्स कटौती और स्लैब घटाने से सरकार को सालाना ₹60,000 करोड़ से ₹1.7 लाख करोड़ तक का नुकसान हो सकता है।

    सरकार इसे GST कम्पनसेशन सेस फंड (₹45,581 करोड़ सरप्लस) और सिन गुड्स पर 40% टैक्स से भरने की योजना बना रही है।

    कम टैक्स से खपत बढ़ने की उम्मीद, जिससे लंबी अवधि में राजस्व फिर बढ़ सकता है।

️ राज्यों को भी मिलेगा सुरक्षा कवच

राज्यों को GST कटौती से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए नया कंपनसेशन मैकेनिज्म बनाने पर भी चर्चा हो रही है।

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Thu, 04 Sep 2025 13:13:39 +0530 Newsdesk
सावधान! अल नीना का असर, भारी बारिश के बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड https://citytoday.co.in/3556 https://citytoday.co.in/3556 नई दिल्ली
देशभर के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ के हालात हैं। खासकर पंजाब-हरियाणा में हालात बदतर हो चले हैं। इस बीच, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने ताजा जानकारी देते हुए पूर्वानुमान जताया है कि सितंबर में और अधिक बारिश हो सकती है और इस साल कड़ाके की ठंड पड़ सकती है क्योंकि ‘ला नीना’ सितंबर में वापस आ रहा है। इसका मौसम और जलवायु प्रणाली पर गंभीर असर पड़ता है। ला नीना के प्रभाव से ठंड के दिनों में तापमान में बड़ी गिरावट होने की संभावना रहती है। इससे उत्तर भारत में हांड़ कंपाने वाली ठंड का दौर भी रह सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 'ला नीना' के अस्थायी शीतलन प्रभाव (यानी ठंडा करने के प्रभाव) के बावजूद दुनिया के अधिकतर हिस्सों में वैश्विक तापमान अब भी औसत से अधिक रहने की संभावना है। बता दें कि 'ला नीना' और 'अल नीनो' प्रशांत महासागर के जलवायु चक्र के दो विपरीत चरण हैं। अल नीनो पेरू के निकट समुद्री जल के समय-समय पर गर्म होने को संदर्भित करता है जो भारत में मॉनसून को अक्सर कमजोर करता है और इसके कारण सर्दियां अपेक्षकृत गर्म रहती है।

ला नीना का क्या प्रभाव?
वहीं, ला नीना इस जल को ठंडा करता है, जिससे भारत में आमतौर पर मॉनसून बहुत मजबूत होता है और मूसलाधार बारिश होती है। इसके अलावा सर्दियों में अन्य सालों के मुकाबरे अपेक्षाकृत ज्यादा और कड़ाके की ठंड पड़ती है। अल नीनो की घटना आमतौर पर एक वर्ष से अधिक समय तक नहीं रहती है,जबकि इसके विपरीत ला नीना की घटनाएँ एक वर्ष से तीन वर्ष तक बनी रह सकती हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन का कहना है कि ला नीना और अल नीनो जैसी प्राकृतिक रूप से होने वाली जलवायु घटनाएं मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के व्यापक संदर्भ में घटित हो रही हैं जिससे वैश्विक तापमान बढ़ रहा है, मौसम की चरम परिस्थितियों की तीव्रता बढ़ रही है और मौसमी वर्षा एवं तापमान की प्रणाली में बदलाव आ रहा है।

मार्च से स्थितियां तटस्थ बनी हुई हैं
बता दें कि तटस्थ स्थितियां (न अल नीनो और न ही ला नीना) मार्च 2025 से बनी हुई हैं और भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में असमानताएं औसत के आसपास बनी हुई हैं। संगठन ने कहा कि ये स्थितियां सितंबर से धीरे-धीरे ला नीना का रूप ले सकती हैं। WMO के मौसमी पूर्वानुमान वैश्विक केंद्रों के पूर्वानुमानों के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान के सितंबर-नवंबर 2025 की अवधि के दौरान ईएनएसओ (अल नीनो-दक्षिणी दोलन)-तटस्थ स्तर पर बने रहने की 45 प्रतिशत और ला नीना स्तर तक ठंडा होने की 55 प्रतिशत संभावना है।

अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ला नीना के संभावना 60%
यानी अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ला नीना की संभावना लगभग 60 प्रतिशत तक बढ़ती दिखती है, जबकि अल नीनो की संभावना कम रहती है। विश्व मौसम संगठन की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, ‘‘अल नीनो और ला नीना के मौसमी पूर्वानुमान और हमारे मौसम पर उनके प्रभाव एक महत्वपूर्ण जलवायु उपकरण हैं। ये पूर्वानुमान कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लाखों डॉलर की आर्थिक बचत के रूप में तब्दील होते हैं और जब इनका इस्तेमाल, तैयारी एवं प्रतिक्रिया कार्यों के मार्गदर्शन में किया जाता है तो हजारों लोगों की जान बच जाती है।’’

अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ) वैश्विक जलवायु प्रणाली का एक प्रमुख चालक है लेकिन यह पृथ्वी की जलवायु को प्रभावित करने वाला एकमात्र कारक नहीं है। विश्व मौसम संगठन के वैश्विक मौसमी जलवायु अद्यतन उत्तरी अटलांटिक दोलन, आर्कटिक दोलन और हिंद महासागर द्विध्रुव जैसी अन्य प्रणालियों को भी ध्यान में रखते हैं। नवीनतम अद्यतन में सितंबर से नवंबर तक उत्तरी गोलार्ध के अधिकतर भागों और दक्षिणी गोलार्ध के बड़े हिस्से में सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया गया है।

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Tue, 02 Sep 2025 18:37:46 +0530 Newsdesk
कांग्रेस&RJD मंच से मिली गाली पर PM मोदी का जवाब: मेरी मां राजनीति में थीं ही नहीं https://citytoday.co.in/3555 https://citytoday.co.in/3555 नई दिल्ली


बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के एक मंच से पीएम नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई थी। अब इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है बल्कि यह देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है। उन्होंने कहा, मां ही तो हमारा संसार होती है। मां ही हमारा स्वाभिमान होती है। इस समृद्ध परंपरा वाले बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है बल्कि ये देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है।

इसके आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मुझे पता है… आप सबको भी, बिहार की हर माँ को ये देख-सुनकर कितना बुरा लगा है! मैं जानता हूं, इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों को भी है।’ पीएम मोदी ने कहा कि मेरी मां का तो राजनीति से कोई लेना-देना भी नहीं रहा है, फिर उन्हें गालियां क्यों दी गईं। पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इतनी सारी माताओं और बहनों के आगे मैं अपना दुख साझा कर रहा हूं ताकि यह पीड़ा आप माताओं और बहनों के आशीर्वाद से झेल पाऊं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘माताओं-बहनों आज से 20 दिन बाद नवरात्रि शुरू हो रही है। उसके 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ का पर्व मनाया जाएगा। मैं बिहार की जनता के सामने मां को गाली देने वालों से कहना चाहता हूं कि मोदी तो तुम्हें एक बार माफ कर भी देगा, लेकिन भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी से और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए।’ आरजेडी और कांग्रेस के नेता जहां भी जाएं, जिस गली में जाएं। उन्हें एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए कि मां को गाली नहीं सहेंगे-नहीं सहेंगे। इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे।

गाली देने वालों की सोच है- महिलाएं कमजोर होती हैं
पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारी का सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके जीवन की मुश्किलें कम करने के लिए एनडीए सरकार लगातार काम कर रही है। मैं आपको वादा करता हूं कि बिना थके और बिना रुके मैं काम करता रहूंगा। पीएम मोदी ने कहा कि माताओं को गाली देने वाले लोगों का यह मानसिकता रही है कि महिलाएं कमजोर होती हैं।

 

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Tue, 02 Sep 2025 18:35:33 +0530 Newsdesk
वैष्णो देवी मंदिर 7 दिन बंद, होटल वालों ने 700 श्रद्धालुओं का खर्च उठाया, 200 कमरे फ्री https://citytoday.co.in/3554 https://citytoday.co.in/3554 कटरा
26 अगस्त को तीन दोस्तों के साथ कटरा पहुंचे उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी अमिश चौधरी की आंखें भर आईं जब उन्होंने बताया कि भूस्खलन के बाद यात्रा रुक गई। हम होटल में ही रुक गए। 7 दिन हो गए, लेकिन होटल वालों ने न किराया लिया और न ही खाने का पैसा। उनका कहना है कि जब तक माता के दर्शन नहीं कराओगे, तब तक भेजेंगे नहीं। अमिश अकेले नहीं हैं। करीब 500 श्रद्धालु ऐसे हैं जो पिछले एक सप्ताह से कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग बंद होने के कारण फंसे हुए हैं।

होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन का सराहनीय प्रयास

कटरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ने ऐसे समय में जो भूमिका निभाई है, वह प्रेरणादायक है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश वजीर ने बताया कटरा में कुल 300 होटल-गेस्ट हाउस हैं, जिनमें करीब 6000 कमरे हैं। करीब 200 कमरे नि:शुल्क श्रद्धालुओं के लिए खोले गए हैं। सभी श्रद्धालुओं को उनकी पसंद के अनुसार नाश्ता और खाना मुफ्त दिया जा रहा है। लगभग 200 लोग धर्मशालाओं में ठहरे हुए हैं। भले ही होटल व्यवसाय को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, परंतु सभी होटल मालिक एकजुट होकर मानव सेवा में लगे हैं। राकेश वजीर कहते हैं कि हम घाटे में हैं, परंतु यह समय धर्म और इंसानियत का है। माता रानी की सेवा से बड़ा कोई लाभ नहीं।

भूस्खलन से ठहरी वैष्णो देवी यात्रा
भूस्खलन के बाद इलाकों को खाली करने के आदेश

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर आए भूस्खलन के बाद श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ बड़े कदम उठाए हैं।
• एशिया चौक से बलिनी पुल के बीच और दर्शनी ड्योढ़ी तक के सभी होटल और दुकानें खाली करने का आदेश दिया गया है।
• इन इलाकों में 80 से अधिक दुकानें और छोटे होटल आते हैं जो भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि ये कदम लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ को देखते हुए उठाए गए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में स्थित होटलों, दुकानों को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है। इसमें एशिया चौक, बलिनी पुल के बीच, दर्शनी ड्योड़ी तक हैं।

श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इन संवेदनशील हिस्सों में 80 से ज्यादा दुकानें और छोटे होटल आते हैं। दरअसल, ये प्रतिष्ठान भूस्खलन प्रभावित इलाकों में है।

यह कदम लगातार बारिश और हाल ही में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और वैष्णो देवी यात्रा बाधित हुई है।

30,000 श्रद्धालुओं वाला कटरा अब सुनसान

श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पूर्व प्रबंधनकर्ता शेर सिंह बरिदराम ने बताया कि जहां हर रोज़ 30 हजार श्रद्धालु रहते थे, अब वहां सन्नाटा पसरा है।
• यात्रा मार्ग की कुल लंबाई 18 किलोमीटर है, जिस पर मरम्मत कार्य जारी है।
• जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, यात्रा स्थगित रहेगी।
• जिन श्रद्धालुओं ने हेलिकॉप्टर, भवन, भैरों घाटी रोपवे और होटल की बुकिंग कराई थी, उन्हें पैसा रिफंड किया जा रहा है।

अमित शाह ने किया राहत कार्यों का निरीक्षण

इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू का दौरा किया।
• उन्होंने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया।
• जम्मू की टूटी हुई सड़क और पुलों की कनेक्टिविटी को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
• सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की सराहना की।

इंसानियत की परीक्षा में खरे उतरे कटरा के लोग

जहां एक ओर प्राकृतिक आपदा ने श्रद्धालुओं को संकट में डाला, वहीं कटरा के लोगों ने धर्म और सेवा की मिसाल पेश की है। होटल मालिकों और स्थानीय संगठनों ने बिना किसी सरकारी सहायता के सैकड़ों श्रद्धालुओं की सेवा की है। श्रद्धालु भी भावुक हैं। कुछ ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम इतने दूर आकर भी अपने लोगों से इतनी आत्मीयता पाएंगे।

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Tue, 02 Sep 2025 17:50:12 +0530 Newsdesk
बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने अरविंद रेमेडीज़ पर कई शहरों में छापेमारी की https://citytoday.co.in/3553 https://citytoday.co.in/3553 नयी दिल्ली, 02 सितंबर 

वर्तन निदेशालय (ईडी) 637 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े पीएमएलए मामले में अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और उसके प्रमोटरों से जुड़े चेन्नई, कोलकाता, गोवा और कांचीपुरम स्थित परिसरों में तलाशी अभियान चला रहा है।

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित बैंक धोखाधड़ी और फर्जी संस्थाओं के माध्यम से धन की हेराफेरी की पीएमएलए जांच का हिस्सा है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और उसके प्रमोटर अरविंद बी शाह तथा अन्य के खिलाफ 637 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के लिए सीबीआई में शिकायत दर्ज करायी है।

पीएनबी, यूबीआई, एसबीआई, आईडीबीआई बैंक, इलाहाबाद बैंक, करूर वैश्य बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक जैसे विभिन्न बैंकों के संघ का अग्रणी बैंक था, जिसने 704.75 करोड़ रुपये की विभिन्न ऋण सुविधाएँ (नकद ऋण, सावधि ऋण और गैर-निधि आधारित) प्रदान कीं, जिनमें से बैंकों के खातों के अनुसार 637.58 करोड़ रुपये बकाया थे। सभी बैंक ऋण खातों को 2014 और 2015 के बीच एनपीए घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा, कैन बैंक फैक्टर्स लिमिटेड (जो संघ का सदस्य नहीं था) ने आरोपियों को 7.61 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएँ प्रदान कीं।

शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 2016 में अरविंद बी शाह के नेतृत्व वाली अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और अन्य के खिलाफ बैंकों के संघ से 637 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की। यह प्राथमिकी (एफआईआर) आईपीसी की धारा 120-बी और धारा 420, 46, 468, 471 और 477-ए के तहत दर्ज की गई थी। सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने 2021 में आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए जांच शुरू की।

ईडी अधिकारी ने कहा, “वित्त वर्ष 2009-10 से वित्त वर्ष 2014-15 तक की वार्षिक रिपोर्ट एकत्र की गईं। एमसीए से आगे ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण भी एकत्र किए गए। लगभग 294 बैंक खाते प्राप्त किए गए और उनका विश्लेषण किया गया । बैंक खातों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रमोटरों ने नियंत्रित फर्जी संस्थाओं के माध्यम से बैंक फंड की हेराफेरी की थी।”

तलाशी अभियान में निदेशकों, मुख्य संस्था के प्रमोटरों, ऑडिटर और कुछ ज्ञात डमी निदेशकों को शामिल किया जा रहा है। तलाशी अभियान में चेन्नई, कांचीपुरम, कोलकाता और गोवा स्थित परिसर शामिल हैं।

 

 

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Tue, 02 Sep 2025 17:38:08 +0530 Newsdesk
‘यूरोप भी सस्ता लगता है…’ बेंगलुरु में 70 हजार किराया और 5 लाख डिपॉजिट देख भड़के लोग https://citytoday.co.in/3552 https://citytoday.co.in/3552 बेंगलुरु

बेंगलुरु में घरों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसने एक बार फिर बहस छेड़ दी है. हाल ही में, शहर के एक इलाके में एक अपार्टमेंट की लिस्टिंग ने Reddit पर खूब हलचल मचाई. पूर्वी बेंगलुरु के Panathur इलाके में एक 2BHK फ्लैट का मासिक किराया 70,000 और 5 लाख का डिपॉजिट मांगा गया है.

Reddit पर शेयर की गई इस पोस्ट पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि पहले से ही आवास संकट से जूझ रहे टेक हब में इतना महंगा किराया कौन दे पाएगा. 
लोग यूरोप से कर रहे हैं तुलना

लोग इस फ्लैट की तुलना यूरोपीय शहरों से कर रहे हैं. वे मजाक उड़ाते हुए कह रहे हैं कि मकान मालिक को लगता है कि महंगा फर्नीचर लगा देने से किराया दोगुना करना जायज है. कुछ लोगों का मानना है कि अब 'बेंगलुरु और मुंबई में कोई फर्क नहीं रह गया है.

यह मामला तब सामने आया जब एक Reddit यूजर ने 'इंडियन रियल एस्टेट' कम्युनिटी में इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया. लोगों का गुस्सा इस बात पर था कि यह फ्लैट ऐसे इलाके में है, जो अपने ट्रैफिक जाम और बाढ़ की समस्या के लिए बदनाम है, फिर भी इसका किराया इतना ज्यादा है. इस लिस्टिंग ने बेंगलुरु में रहने की बढ़ती लागत और मकान मालिकों की मनमानी पर एक नई बहस को जन्म दिया है. 

जिस Reddit यूजर ने यह पोस्ट किया था, उसने लिखा, "₹70,000 का किराया? यह तो कई यूरोपीय अपार्टमेंट से भी ज्यादा है." उसने Panathur को "सोमालियाई भारत की परिभाषा" बताया और इस किराए को "पूरी तरह से बेतुका" कहा. इस पोस्ट पर सैकड़ों लोगों ने प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने इस कीमत का मजाक उड़ाया और इसकी वजह पर सवाल उठाए. एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, "लोग अपनी ऑफिस के पास होने के कारण इस छोटे से घर के लिए इतना ज्यादा पैसा देते हैं, लेकिन रेलवे अंडरपास पर फंस जाते हैं."
इस इलाके में अक्सर लगा रहता है जाम

एक और व्यक्ति ने लिखा, "एक ऐसे इलाके के लिए ₹70,000 का किराया, जहां हमेशा ट्रैफिक जाम रहता है… वाह! मालिक को सलाम". कुछ स्थानीय लोगों ने भी इस पर अपनी राय दी. एक यूजर ने बताया, "मैं SDA में रहता हूं और 41,000 किराया देता हूं. मुझे नहीं लगता कि कोई यहां 70,000 किराया देगा." उसने यह भी अनुमान लगाया कि जल्द ही इस कीमत को कम करना पड़ेगा.

Panathur में इसी तरह के अपार्टमेंट का किराया आमतौर पर 40,000 से 45,000 के बीच रहता है, जिससे 70,000 का किराया और इतना ज्यादा डिपॉजिट काफी अजीब लगता है. इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर से बेंगलुरु में घर ढूंढने की समस्या को उजागर किया है, खासकर उन इलाकों में जो टेक कंपनियों के पास हैं. इन जगहों पर मांग तो बहुत है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर खराब है और किराए की कीमतें भी मनमानी हैं.

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Tue, 02 Sep 2025 16:13:18 +0530 Newsdesk
भारत का अमेरिका को जवाब: रूसी तेल खरीद में न नियम तोड़ा, न फायदा उठाया https://citytoday.co.in/3546 https://citytoday.co.in/3546 नई दिल्ली 


भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद अमेरिका इसे लेकर भारत को लगातार निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी बेतुके तर्क देकर भारत पर मुनाफाखोरी तक के आरोप लगा चुके हैं। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमेरिका को सख्त संदेश दे दिया है। हरदीप पुरी ने कहा है कि भारत ने रूसी तेल खरीदने में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है, बल्कि यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत के ऊर्जा व्यापार ने वैश्विक बाजारों को स्थिर करने और कीमतों को काबू में रखने में मदद की है।

पुरी ने वाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो की हालिया टिप्पणी पर जवाब देते हुए यह बातें कहीं हैं। नवारो ने हाल ही में यह बयान दिए हैं कि भारत रूस की आर्थिक मदद कर पुतिन की ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। नवारो ने बीते दिनों दूसरे कुछ बयानों में भी इस तरह की बातें कही हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ तक बता दिया था। वहीं सोमवार को उन्होंने कहा है कि रूस से तेल खरीदने का फायदा भारत के ब्राह्मणों को हो रहा है।

भारत का जवाब
इस पर जवाब देते हुए ‘द हिंदू’ के लिए लेख में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि भारत लंबे समय से और फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण से बहुत पहले से पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक रहा है। इसके निर्यात की मात्रा और मुनाफे मोटे तौर पर समान रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने नवारो का नाम लिए बिना लिखा कि कुछ आलोचकों का आरोप है कि भारत रूसी तेल को खरीद कर ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। यह पूरी तरह से गलत और असत्य है।"

भारत ने नहीं तोड़े कोई नियम
पुरी ने अमेरिका को संदेश देते हुए कहा कि ईरान या वेनेजुएला के कच्चे तेल की तरह रूसी तेल खरीद पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ रूसी तेल G-7 और यूरोपीय संघ की मूल्य सीमा प्रणाली के अंतर्गत आता है जिसे तेल की आपूर्ति जारी रखने और राजस्व की सीमा निर्धारित करते हुए तैयार किया गया है।’’

केंद्रीयमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे ‘पैकेज’ के 18 दौर हो चुके हैं और भारत ने हर एक का पालन किया है। भारत द्वारा किया गया हर लेन-देन कानूनी है। हर लेन-देन में वैध निर्यात एवं बीमा, अनुपालन करने वाले व्यापारी और ‘ऑडिट’ माध्यमों का इस्तेमाल किया गया है। भारत ने कोई नियम नहीं तोड़े हैं। भारत ने बाजारों को स्थिर किया है और वैश्विक कीमतों को बढ़ने से रोका है।’’

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Mon, 01 Sep 2025 19:22:07 +0530 Newsdesk
भारत का अमेरिका को जवाब: रूसी तेल खरीद में न नियम तोड़ा, न फायदा उठाया https://citytoday.co.in/3545 https://citytoday.co.in/3545 नई दिल्ली 


भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद अमेरिका इसे लेकर भारत को लगातार निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी बेतुके तर्क देकर भारत पर मुनाफाखोरी तक के आरोप लगा चुके हैं। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमेरिका को सख्त संदेश दे दिया है। हरदीप पुरी ने कहा है कि भारत ने रूसी तेल खरीदने में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है, बल्कि यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत के ऊर्जा व्यापार ने वैश्विक बाजारों को स्थिर करने और कीमतों को काबू में रखने में मदद की है।

पुरी ने वाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो की हालिया टिप्पणी पर जवाब देते हुए यह बातें कहीं हैं। नवारो ने हाल ही में यह बयान दिए हैं कि भारत रूस की आर्थिक मदद कर पुतिन की ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। नवारो ने बीते दिनों दूसरे कुछ बयानों में भी इस तरह की बातें कही हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ तक बता दिया था। वहीं सोमवार को उन्होंने कहा है कि रूस से तेल खरीदने का फायदा भारत के ब्राह्मणों को हो रहा है।

भारत का जवाब
इस पर जवाब देते हुए ‘द हिंदू’ के लिए लेख में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि भारत लंबे समय से और फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण से बहुत पहले से पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक रहा है। इसके निर्यात की मात्रा और मुनाफे मोटे तौर पर समान रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने नवारो का नाम लिए बिना लिखा कि कुछ आलोचकों का आरोप है कि भारत रूसी तेल को खरीद कर ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। यह पूरी तरह से गलत और असत्य है।"

भारत ने नहीं तोड़े कोई नियम
पुरी ने अमेरिका को संदेश देते हुए कहा कि ईरान या वेनेजुएला के कच्चे तेल की तरह रूसी तेल खरीद पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ रूसी तेल G-7 और यूरोपीय संघ की मूल्य सीमा प्रणाली के अंतर्गत आता है जिसे तेल की आपूर्ति जारी रखने और राजस्व की सीमा निर्धारित करते हुए तैयार किया गया है।’’

केंद्रीयमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे ‘पैकेज’ के 18 दौर हो चुके हैं और भारत ने हर एक का पालन किया है। भारत द्वारा किया गया हर लेन-देन कानूनी है। हर लेन-देन में वैध निर्यात एवं बीमा, अनुपालन करने वाले व्यापारी और ‘ऑडिट’ माध्यमों का इस्तेमाल किया गया है। भारत ने कोई नियम नहीं तोड़े हैं। भारत ने बाजारों को स्थिर किया है और वैश्विक कीमतों को बढ़ने से रोका है।’’

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Mon, 01 Sep 2025 19:22:07 +0530 Newsdesk
TMC सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर सियासी बवाल, अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी https://citytoday.co.in/3529 https://citytoday.co.in/3529 नई दिल्ली 


केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा विवादों में आ गईं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाए हैं कि मोइत्रा ने शाह का 'सिर काटने' की बात कही है। खास बात है कि यह मामला ऐसे समय पर आया है, जब बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। बंगाल भाजपा ने लिखा, 'जब महुआ मोइत्रा गृहमंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो ये टीएमसी की निराशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है, जो बंगाल की छवि खराब कर रही है और राज्य को पीछे ले जा रही है।' पार्टी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मोइत्रा पत्रकारों से बातचीत करती नजर आ रहीं हैं।

पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाला गिरफ्तार
पीटीआई भाषा के अनुसार, बिहार पुलिस ने राज्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​रजा (20) के रूप में हुई है, जिसे दरभंगा शहर के सिंहवाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया। भारतीय जनता पार्टी की दरभंगा जिला इकाई के अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी की शिकायत के आधार पर उसके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

 

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Fri, 29 Aug 2025 19:13:04 +0530 Newsdesk
मोदी सरकार के फैसले पर RSS से जुड़े किसान संगठन का ऐतराज, वापस लेने की रखी मांग https://citytoday.co.in/3528 https://citytoday.co.in/3528 नई दिल्ली 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कृषक संगठन भारतीय किसान संघ ने कपास के आयात पर टैक्स छूट 31 दिसंबर तक बढ़ाने पर ऐतराज जताया है। किसान संगठन का कहना है कि इस कदम से घरेलू किसानों को नुकसान होगा और लंबे समय में भारत की निर्भरता आयात पर बढ़ जाएगी। आरएसएस के आनुषांगिक संगठन की ओर से इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा गया है। किसान संघ ने अपने पत्र में कहा है कि 320 लाख बेल्स कपास का सालाना उत्पादन भारत में होता है, जबकि घरेलू डिमांड 391 लाख बेल्स की है। कपास के एक बेल्स में 170 किलोग्राम आता है।

भारत की तरफ से हर साल 60 से 70 लाख बेल्स का ही आयात होता है। इसका अर्थ हुआ कि कुल कपास के इस्तेमाल का लगभग 12 फीसदी भारत में बाहर से आता है। भारतीय किसान संघ ने कहा कि यदि हम इंपोर्ट पर छूट देते रहे तो फिर भारत कपास के निर्यातक देश होने की बजाय अगले कुछ सालों में बड़ा आयातक बन जाएगा। किसान संगठन ने कहा कि इस साल कपास उत्पादन का रकबा बीते साल की तुलना में 3.2 फीसदी कम हो गया है। भारतीय किसान संघ ने कहा, 'यदि घरेलू कपास के बीज की उपलब्धता नहीं बढ़ी तो फिर भारत निर्यातक की बजाय आयातक देश बनकर रह जाएगा।'

भारतीय किसान संघ ने कहा कि कपास की कीमतें पहले ही 7000 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 6 हजार पर आ चुकी हैं। यदि टैक्स फ्री इंपोर्ट जारी रहा तो कीमतों में और कमी आ सकती है। पत्र में किसान संघ ने लिखा, 'यदि 2000 प्रति क्विंटल में बाहर से कपास आ जाएगा तो फिर भारतीय किसानों से कोई 5000 क्विंटल में क्यों खरीदेगा।'

बता दें कि कपास के आयात पर पहले वित्त मंत्रालय ने 11 अगस्त से 30 सितंबर तक छूट दी थी। अब इसे बढ़ाकर साल के अंत तक कर दिया है। भारतीय किसान संघ के महामंत्री मोहन मित्रा का कहना है कि सरकार को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से ऐसे ही यदि आयात पर सब्सिडी जारी रही तो फिर आने वाले वक्त में विदेशी कपास के लिए भारत एक अच्छा बाजार होगा। लेकिन हम स्वदेशी स्तर पर कपास के उत्पादन में पिछड़ जाएंगे।

 

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Fri, 29 Aug 2025 18:54:08 +0530 Newsdesk
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हिन्दू विवाह धार्मिक कार्य नहीं, मंदिर फंड से नहीं बनेगा मैरिज हॉल https://citytoday.co.in/3527 https://citytoday.co.in/3527 चेन्नई 
मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में दिए एक फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह कोई धार्मिक उद्देश्य के लिए किया गया कार्य नहीं है, जिसके लिए मंदिरों के फंड का इस्तेमाल किया जा सके। कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत सरकार ने पांच मंदिरों को पांच अलग-अलग स्थानों पर मंदिर का फंड इस्तेमाल कर पांच मैरिज हॉल बनाने की अनुमति दी थी। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार का आदेश हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 के नियमों और प्रावधानों का उल्लंघन है और यह 'धार्मिक उद्देश्य' की परिभाषा के तहत नहीं आता है। पीठ ने कहा कि मंदिरों का फंड सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों या चैरिटी के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है, सामाजिक कल्याण के काम के लिए नहीं।

सरकार का फैसला नियमों का उल्लंघन
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीठ ने कहा, “इस न्यायालय को इस निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि विवाह समारोहों के लिए किराए पर देने के उद्देश्य से मैरिज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है और सरकार का यह फैसला हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 के नियमों और प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आता है।”

मंदिर के पैसे से व्यावसायिक कार्य नहीं कर सकते
हाई कोर्ट ने कहा कि इस अधिनियम की धारा 66 के अनुसार, मंदिर अपने सरप्लस फंड का इस्तेमाल व्यावसायिक या लाभ कमाने वाले कामों में नहीं कर सकता बल्कि उसे सिर्फ धार्मिक या धर्मार्थ (चैरिटी) उद्देश्यों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि हिंदू विवाह, सिर्फ एक संस्कार है, धार्मिक कार्यकलाप नहीं। कोर्ट ने कहा कि यह एक ऐसा रीति-रिवाज है जो कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से बंधा होता है, इसलिए इसे धार्मिक उद्देश्य नहीं माना जा सकता।

बिना भवन योजना मंजूरी के जारी किया गया फंड
याचिकाकर्ता ने सरकारी आदेशों को चुनौती देते हुए कहा था कि मंदिर के धन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता और यह निर्णय तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 की धारा 35, 36 और 66 का उल्लंघन है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया था कि विवाह हॉल के निर्माण के लिए कोई भवन योजना मंजूर नहीं की गई थी, बावजूद इसके मंदिर फंड से धनराशि जारी कर दी गई थी।

दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि हिंदू विवाह एक धार्मिक कार्यकलाप है और यह निर्णय हिंदुओं को कम खर्च में विवाह संपन्न कराने में सहायता करने के लिए लिया गया था। यह भी तर्क दिया गया कि विवाह हॉल का निर्माण मंदिर गतिविधि के लिए भवन निर्माण के अंतर्गत आता है और अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत है लेकिन हाई कोर्ट ने उन दलीलों को खारिज कर दिया।

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Fri, 29 Aug 2025 18:51:28 +0530 Newsdesk
गुजरात बिटकॉइन घोटाला: ACB कोर्ट ने 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई https://citytoday.co.in/3526 https://citytoday.co.in/3526 अहमदाबाद 

गुजरात के बहुचर्चित बिटकॉइन घोटाले में अहम फैसला सुनाते हुए स्पेशल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने आज शुक्रवार को पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व एसपी जगदीश पटेल और पूर्व पीआई अनंत पटेल सहित 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि सभी आरोपी 2018 में सामने आए 12 करोड़ रुपए मूल्य के 176 बिटकॉइन और 32 लाख रुपए नकद की जबरन वसूली और अपहरण की साजिश में शामिल थे। यह मामला नोटबंदी के बाद सुर्खियों में आया था।

बता दें कि इस केस में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 14 को कोर्ट ने दोषी ठहराया, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। 

क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2018 में उस समय सामने आया था, जब सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि उनसे 176 बिटकॉइन (करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य) और 32 लाख रुपये नकद की जबरन वसूली की गई। इसमें पुलिस अफसरों से लेकर राजनेता और वकील तक शामिल थे। शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल और उनकी टीम ने सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करते हुए उनका अपहरण किया और उन्हें गांधीनगर के पास एक जगह ले जाकर 176 बिटकॉइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, बिटकॉइन ट्रांसफर होने के बाद भी उनसे फिरौती की मांग की गई।

सीआईडी क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच की, जिसमें तत्कालीन अमरेली एसपी जगदीश पटेल, सूरत के वकील केतन पटेल और अन्य 10 पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व विधायक नलिन कोटडिया इस पूरे मामले में ‘फिक्सर’ की भूमिका में थे।

अगस्त 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत शैलेश भट्ट को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि भट्ट ने खुद भी बिटकनेक्ट के प्रमोटर सतीश कुंभानी के दो कर्मचारियों का अपहरण कर 2,091 बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन और 14.50 करोड़ रुपए नकद वसूले थे।

सतीश कुंभानी पर 2017-18 में बिटकनेक्ट नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। जनवरी 2018 में उन्होंने अचानक बिटकनेक्ट और उसका लेंडिंग प्लेटफॉर्म बंद कर दिया और निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए। यह पूरा मामला गुजरात के सबसे हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग केस में से एक बन गया है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और आपराधिक गठजोड़ साफ तौर पर उजागर हुआ है।

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Fri, 29 Aug 2025 18:47:27 +0530 Newsdesk
50% टैरिफ पर PM मोदी अडिग, आत्मनिर्भर भारत बना सबसे बड़ा हथियार https://citytoday.co.in/3510 https://citytoday.co.in/3510 नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी टैरिफ के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि बताते हुए चट्टान की तरह दृढ़ रुख अपनाया है. 27 अगस्त से प्रभावी इन टैरिफ में 25 प्रतिशत पहले से लागू था, जबकि अतिरिक्त 25 प्रतिशत रूस से तेल आयात के लिए दंड के रूप में लगाया गया है. भारत ने इसे ‘अनुचित, अनुचित और अनुचित’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. विशेषज्ञों के अनुसार 2024-25 में भारत का अमेरिका को निर्यात 86.5 अरब डॉलर था जो जीडीपी का मात्र दो प्रतिशत है लेकिन टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, चमड़ा और सीफूड जैसे श्रम आधारित क्षेत्रों पर इसका गहरा असर पड़ेगा.

बावजूद इसके पीएम मोदी की सरकार इसे अवसर में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है, जहां स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है. मोदी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था- कठिनाइयों के समय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें. दुनिया में आर्थिक स्वार्थ बढ़ रहा है. हर कोई अपने एजेंडे में व्यस्त है. उन्होंने किसानों और कृषि क्षेत्र की रक्षा के लिए कोई भी कीमत चुकाने की भी बात कही. देश के जीडीपी में किसानों और कृषि क्षेत्र का योगदान 18 प्रतिशत है.

विदेश मंत्रालय का रुख

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की ऊर्जा खरीद बाजार की उपलब्धता और वैश्विक स्थिति से निर्देशित है जो 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करती है. 2024-25 में भारत का रूस से तेल आयात 8.8 करोड़ मीट्रिक टन रहा, जो कुल आयात का 36 प्रतिशत है. टैरिफ से भारत का अमेरिकी निर्यात 40-55 प्रतिशत गिर सकता है, जिससे जीडीपी वृद्धि छह प्रतिशत से नीचे आ सकती है. लेकिन सरकार का मानना है कि मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और 7-8 प्रतिशत की विकास दर के साथ भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर बढ़ता रहेगा.

क्या पीएम मोदी है नाराज?

इस बीच, एक जर्मन अखबार फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन जितुंग (FAZ) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने हाल के हफ्तों में मोदी को चार बार फोन किया, लेकिन प्रधानमंत्री ने कॉल नहीं उठाया. रिपोर्ट के अनुसार यह मोदी की नाराजगी और सावधानी को दर्शाता है. ट्रंप ने भारत को मृत अर्थव्यवस्था कहा था, जो मोदी को अपमानजनक लगा. FAZ ने कहा कि ट्रंप की सामान्य रणनीति- शिकायत, धमकी और दबाव रही है. लेकिन पीएम मोदी के सामने यह इस बार विफल हो रही है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की दिल्ली यात्रा भी रद्द हो गई है.

रिपोर्ट में विशेषज्ञ मार्क फ्रेजियर ने कहा कि अमेरिका का इंडो-पैसिफिक गठबंधन ढह रहा है. इस गठबंधन में भारत अहम भूमिका निभाता था. भारत अब चीन के साथ संबंध सुधार रहा है. पीएम मोदी चीन के तियानजिन में होने जा रहे SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं. उनकी यह चीन यात्रा सात साल बाद हो रही है. वहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं से मिलेंगे. यह ट्रिपल एक्सिस अमेरिका को चेकमेट करने की क्षमता रखता है.

संघ का मिला साथ

इधर, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी मोदी के स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के विचार का समर्थन किया है. बुधवार को RSS के शताब्दी समारोह के दौरान भागवत ने कहा- आत्मनिर्भरता सभी समस्याओं का समाधान है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार दबाव में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से होना चाहिए. उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और दबाव में झुकने से बचने का आह्वान किया. भागवत का यह बयान डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के ठीक बाद आया, जो मोदी और RSS के एकमत होने का संकेत देता है.

RSS ने हमेशा से स्वदेशी को बढ़ावा दिया है और अब यह रणनीति अमेरिकी दबाव के खिलाफ हथियार बन रही है.भारत अमेरिका के साथ संवाद के द्वार खुले रखे हुए है, लेकिन रिश्तों को डायवर्सिफाई करने पर जोर दे रहा है. यूके के साथ सफल ट्रेड डील के बाद पीएम मोदी की टीम यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर काम कर रही है. भारत ने इलेक्ट्रिक वेहिकल निर्यात 100 देशों में शुरू किया है, जो उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता दर्शाता है. सरकार निर्यातकों के लिए ब्याज सब्सिडी और ऋण गारंटी जैसे राहत पैकेज पर विचार कर रही है.

अमेरिकी नीति के लिए सेल्फ गोल

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अमेरिकी नीति के लिए सेल्फ गोल है, क्योंकि भारत, चीन के खिलाफ महत्वपूर्ण साझेदार है. लेकिन ट्रंप प्रशासन रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत को निशाना बना रहा है. डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति पर भारत ने पर्दाफाश किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, यूरोपीय संघ रूस से एलएनजी खरीदता है, फिर भी उन्हें सजा नहीं मिली. जयशंकर ने खुलासा किया कि अमेरिका ने खुद भारत को रूसी तेल खरीदने को कहा था ताकि वैश्विक तेज बाजार को स्थिर रखा जा सके.

यह विवाद अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है. द्विपक्षीय व्यापार 131.8 अरब डॉलर था, लेकिन 50 प्रतिशत टैरिफ से लाखों नौकरियां खतरे में हैं. भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि इससे ईंधन कीमतें 9-12 अरब प्रति डॉलर तक बढ़ सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती 

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Thu, 28 Aug 2025 14:38:35 +0530 Newsdesk