City Today & : राजनीति https://citytoday.co.in/rss/category/Politics City Today & : राजनीति en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED 20 साल बाद कुर्सी छोड़ेंगे Nitish Kumar, आखिरी कैबिनेट में दिया बड़ा संदेश https://citytoday.co.in/5516 https://citytoday.co.in/5516 20 साल बाद कुर्सी छोड़ेंगे Nitish Kumar, आखिरी कैबिनेट में दिया बड़ा संदेश !

पटना: Nitish Kumar ने मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की। बैठक में उन्होंने भावुक संबोधन देते हुए कहा कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि राज्य में प्रगति का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

बैठक के बाद Sanjay Singh ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से नई सरकार में मिल-जुलकर काम करने की अपील की। इस दौरान मंत्रिमंडल के सदस्यों ने पिछले लगभग 20 वर्षों तक राज्य की बागडोर संभालने के लिए नीतीश कुमार का आभार जताया। बैठक के बाद सभी मंत्रियों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई, जहां माहौल काफी भावुक रहा।

कैबिनेट बैठक में राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने और मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश भी की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार, नीतीश कुमार दोपहर 3:15 बजे अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे। वहीं, नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला एनडीए विधायक दल की बैठक में शाम 4 बजे होने की संभावना है।

इधर, सियासी हलचल के बीच कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। बिहार की राजनीति अब नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है, जहां सभी की नजरें अगले मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हैं। 

#nitishkumar #bihar 

]]>
Tue, 14 Apr 2026 12:58:33 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा& हम अभी नहीं देखेंगे… https://citytoday.co.in/5441 https://citytoday.co.in/5441  लखनऊ । लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए गोपनीय रिकॉर्ड की जांच करने से इनकार कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह सुनवाई खुली अदालत के बजाय जज के चेंबर में आयोजित की गई, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसे एक बेहद संवेदनशील मुद्दा बताया था। इससे पहले की सुनवाइयों में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित शिकायतों पर अब तक क्या प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके बाद अदालत ने स्वयं गृह मंत्रालय से संबंधित सभी मूल रिकॉर्ड तलब किए थे। हालांकि, मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, बेंच ने इन दस्तावेजों का परीक्षण करने से फिलहाल परहेज किया। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार के अधिकारी रिकॉर्ड के साथ अदालत में उपस्थित थे, लेकिन बेंच ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने का प्रस्ताव नहीं करती है, इसलिए रिकॉर्ड को नहीं देखा गया। यह पूरी कानूनी प्रक्रिया भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका पर आधारित है। याचिकाकर्ता ने लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया गया था। निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नागरिक की नागरिकता तय करने का वैधानिक अधिकार उसके कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में राहुल गांधी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है। हाईकोर्ट में हुई इस सुनवाई के बाद अब मामले की अगली तारीख 15 अप्रैल तय की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस मामले में गहन जांच की आवश्यकता है, जबकि निचली अदालत ने तकनीकी आधार पर इसे खारिज कर दिया था। अब 15 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या इस मामले में हस्तक्षेप की कोई कानूनी गुंजाइश है या नहीं। फिलहाल, राहुल गांधी के लिए राहत की बात यह है कि उच्च न्यायालय ने केंद्र के रिकॉर्ड पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी या तत्काल जांच शुरू नहीं की है।

]]>
Wed, 08 Apr 2026 15:40:04 +0530 news desk MPcg
पश्चिम बंगाल में गरजे CM Mohan Yadav, बोले– अब जनता करेगी हिसाब ! https://citytoday.co.in/5392 https://citytoday.co.in/5392

पश्चिम बंगाल के Bankura ज़िले में राजनीतिक माहौल तेज होता जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मोहन यादव ने राज्य की Mamata Banerjee सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान सरकार से लोग परेशान हैं और बदलाव की मांग तेज हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा दिया गया है और आम जनता, खासकर हिंदू समुदाय, अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव जनता के लिए “हिसाब चुकता करने का अवसर” है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए दावा किया कि इस बार जनता का रुझान भाजपा की ओर है और पार्टी राज्य में मजबूत स्थिति में है।

मोहन यादव ने आगे कहा कि भाजपा विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों और योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार रही है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।

]]>
Thu, 02 Apr 2026 15:59:07 +0530 news desk MPcg
केरल में BJP का बड़ा वादा: गरीबों को साल में 2 मुफ्त LPG सिलेंडर, महिलाओं को मिलेगा BAS कार्ड https://citytoday.co.in/5370 https://citytoday.co.in/5370 केरल

केरल के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को अपन घोषणापत्र जारी किया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। पार्टी ने कई एलान किए हैं। 

भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा, आज जिस क्षण हम आपको घोषणापत्र देने जा रहे हैं, उसी समय हमें यह भी जानना चाहिए कि अपार प्राकृतिक व मानवीय क्षमता के बावजूद एलडीएफ-यूडीएफ के 17 वर्षों के कुशासन के दौरान केरल में औद्योगिक विकास नगण्य रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक ठहराव और राजकोषीय कुप्रबंधन हुआ है। 

मैच फिक्सिंग का खेल खेल रहे एलडीएफ-यूडीएफ: नितिन नवीन

नवीन ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) केरल की जनता के साथ मैच फिक्सिंग का खेल खेल रहे हैं। उनके 17 वर्षों के शासन में जनता ने इसकी भारी कीमत चुकाई है। उन्होंने सत्ता हथियाने और केवल अपने परिवारों की मदद करने के लिए खेल खेला है और केरल में विकास को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है। यूडीएफ और एलडीएफ ने केरल की जनता की प्रगति में कभी रुचि नहीं दिखाई। 

उन्होंने कहा, यह कोई रहस्य नहीं है कि कम्युनिस्ट और कांग्रेस हमेशा एक ही दल में रहे हैं, चाहे पड़ोसी राज्य तमिलनाडु हो या अन्य राज्य। यूपीए सरकार में भी वे गठबंधन सहयोगी थे। लेकिन उन्होंने केरल के बारे में कभी नहीं सोचा। 

भाजपा के घोषणापत्र में क्या-क्या वादे किए गए हैं?

भाजपा के घोषणा पत्र में केरल के लिए एम्स का वादा किया गया है। उन्होंने कहा, दवाइयों और किराने के सामान के लिए ढाई हजार रुपये के मासिक रिचार्ज वाला भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड दिया जाएगा। घोषणापत्र में जरूरतमंद महिलाओं, विधवाओं और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 3,000 रुपये की कल्याणकारी पेंशन देने का वादा किया गया है। इसके अलावा, भाजपा घोषणापत्र में तिरुवनंतपुरम को कन्नूर से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का वादा भी किया गया है।

'नागरिक सर्वोपरि की अवधारणा को साकार करेंगे'

भाजपा प्रमुख ने कहा, हम नागरिक सर्वोपरि की अवधारणा को साकार करेंगे। केरल के सभी 36 लाख लोगों को समान अधिकार, समान न्याय और विकास का समान अधिकार प्राप्त होगा। 

'गरीब परिवारों को प्रति वर्ष दो एलपीजी सिलिंडर प्रदान करेंगे'

नवीन ने एलान करते हुए कहा, हम केरल के गरीब परिवारों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी सिलिंडर प्रदान करेंगे- एक ओणम के दौरान और एक क्रिसमस के दौरान। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए उनकी आय सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये की जाएगा। हम  यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक परिवार को प्रति माह 20 हजार लीटर पानी मुख्त उपलब्ध कराया जाए।  

]]>
Tue, 31 Mar 2026 20:17:35 +0530 news desk MPcg
सिलचर में पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: कहा– उनका काम सिर्फ मोदी को गाली देना और अफवाह फैलाना https://citytoday.co.in/5208 https://citytoday.co.in/5208 कांग्रेस का सिर्फ एक ही काम मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दूसरे दिन शनिवार को सिलचर में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में असम के युवाओं को खूब गुमराह किया। उन्हें हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर धकेला। लेकिन आज यह राज्य सुनहरे अवसरों का सागर है। पीएम मोदी ने कहा कि असम सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए रास्ते खोले, युवाओं को स्कॉलरशिप दी। बीजेपी के शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थय सेवा बड़ी जिम्मेदारी रही हैं। असम ने पहले इस बारे में बहुत कुछ झेला है। लेकिन आज असम इन सब सेवाओं का बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। कांग्रेस ने असम को फूट डालो, राज करो नीति में रखा। आज असम खुला आसमान है। असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को भुला दिया था, लेकिन बीजेपी की डबल इंजन की सरकार ने असम को सीधे दिल्ली से कनेक्ट किया हैं, जिसकी हर जगह चर्चा है। नॉर्थ ईस्ट आज दक्षिण एशिया जोड़ने वाला सेतु बन रहा है। इसके पहले पीएम मोदी ने सिलचर में 23,550 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सिचलर को बराक घाटी का गेटवे है। लेकिन कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से दूर रखा था। पीएम मोदी ने कहा कि आज असम मेडिकल कॉलेज, एम्स का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। अब हम सभी लोगों को ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है जो असम को पुराने दौर में ढकेलने की कोशिश करती है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं सिलचर को सावधान करता हूं, देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। इसलिए कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। सिलचर ने कांग्रेस को असम से बाहर निकाला है। कांग्रेस खुद हराने की ऐतिहासिक सेंचुरी बनाने वाली है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। देश की राजधानी दिल्ली में इतनी बड़ी एआई समिट सफलतापूर्वक पूरी हुई, दुनियाभर के नेता, टेक्नोलॉजी कंपनी के लीडर दिल्ली आए थे। लेकिन हताश कांग्रेस ने एआई समिट को बदनाम के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस के इस कपड़ा फाड़ भद्दे प्रदर्शन की बुराई की। लेकिन दिल्ली का कांग्रेस का सबसे बड़ा परिवार इस भददी हरकत को अपना मेडल मान रहा है। दुनिया में चारों तरफ, हमारे पड़ोस में युद्ध के हालात हैं। इसकारण बनी स्थितियों से निपटने के लिए हमारे देश के नागरिकों के लिए कम से कम मुसीबतें आए, इसके लिए हमारी सरकार दिनरात प्रयास कर रही हैं। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वहां जिम्मेदार राजनैतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन वह एक बार फिर फेल हो गई। कांग्रेस कोशिश में है कि देश में पैनिक पैदा हो और देश मुश्किल में फंस जाए। 10 साल के अंदर हमारी सरकार यहां के किसानों की जेब में सीधे 20,000 करोड़ डाले हैं। कांग्रेस के 10 साल के शासन के दौरान, भले ही प्रधानमंत्री असम से चुने गए थे, लेकिन उन्होंने एक पैसा भी नहीं दिया। जब दुनिया युद्धों का सामना कर रही है। हमारी कोशिश है कि देश के लोगों पर असर कम कर सकें। लेकिन कांग्रेस ज़िम्मेदार राजनीतिक दल न बनकर लोगों के बीच घबराहट फैलाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पास असम और देश के लिए कोई विजन नहीं है, वे बस मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना जानते हैं।

]]>
Sat, 14 Mar 2026 17:29:36 +0530 news desk MPcg
MP राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव का ऐलान: 12 मई को वोटिंग, 16 जून से मतगणना https://citytoday.co.in/5164 https://citytoday.co.in/5164 इंदौर
राज्य अधिवक्ता परिषद के पांच साल में एक बार होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार पूरे प्रदेश में 12 मई 2026 को एक साथ मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 16 जून 2026 से शुरू होगी। कार्यकारिणी सदस्य के कुल 25 पदों में से इस बार सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से पांच पदों पर चुनाव होगा, जबकि दो पदों पर मनोनयन किया जाएगा। इस चुनाव में प्रदेशभर के लगभग 87 हजार वकील हिस्सा लेंगे।

राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची 16 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इस सूची को लेकर 24 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। इसके बाद एक अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। मतदान का अधिकार केवल उन्हीं वकीलों को मिलेगा, जिन्होंने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अपना सत्यापन करा लिया है।
 
नामांकन के लिए तीन दिन का समय
प्रत्याशियों को नामांकन फार्म जमा करने के लिए तीन दिन का समय मिलेगा। आठ, नौ और दस अप्रैल को नामांकन फार्म जमा किए जा सकेंगे। 15 और 16 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। वहीं 20 से 22 अप्रैल शाम चार बजे तक नाम वापस लिया जा सकेगा। 22 अप्रैल 2026 को शाम पांच बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।

दो महीने से अधिक चलती है मतगणना
मतदान के बाद सभी मतपेटियों को सीलबंद कर जबलपुर भेजा जाएगा। वहां 16 जून 2026 से मतगणना शुरू होगी। आमतौर पर राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव की मतगणना लगभग दो महीने तक चलती है।

महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ेगी
इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना तय है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 25 में से सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। पिछली कार्यकारिणी में 25 सदस्यों में से केवल एक महिला थी, लेकिन इस बार यह संख्या सात तक पहुंच जाएगी।

प्रत्याशियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा चुनाव
पिछले चुनाव की तुलना में इस बार चुनाव अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इसका कारण यह है कि पुरुष प्रत्याशियों के लिए 25 के बजाय सिर्फ 18 पद ही उपलब्ध होंगे। अनुमान के अनुसार प्रथम वरीयता के लगभग 2500 मत पाने वाले प्रत्याशी खुद को सुरक्षित स्थिति में मान सकते हैं।

इंदौर से 30 से ज्यादा संभावित प्रत्याशी
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही संभावित प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया है। इंटरनेट मीडिया के साथ-साथ प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से भी प्रचार किया जा रहा है। प्रत्याशी वकीलों के कार्यालयों और घरों तक पहुंचकर प्रथम वरीयता का मत देने की अपील कर रहे हैं। इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव में अकेले इंदौर से 30 से अधिक प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की तैयारी है, जिनमें वर्तमान कार्यकारिणी के पांच सदस्य भी शामिल हैं।

]]>
Tue, 10 Mar 2026 14:04:05 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा और बोले & दो दबाव में पीएम ने किया ट्रेड डील https://citytoday.co.in/5057 https://citytoday.co.in/5057 Wed, 25 Feb 2026 15:10:00 +0530 news desk MPcg स्पीकर ओम बिरला के AI वीडियो पर कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस, सुप्रिया श्रीनेत समेत 8 से मांगा जवाब https://citytoday.co.in/5022 https://citytoday.co.in/5022 Thu, 19 Feb 2026 17:40:13 +0530 news desk MPcg यूपी बजट 2026&27: ₹9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक खाका, ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ अर्थव्यवस्था की ओर बड़ा कदम https://citytoday.co.in/4960 https://citytoday.co.in/4960 Wed, 11 Feb 2026 17:16:10 +0530 news desk MPcg बच्चों के बीच उमड़ा ‘बाबा’ का बालप्रेम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के अपने पैतृक गांव पंचूर में किया रात्रि विश्राम https://citytoday.co.in/4944 https://citytoday.co.in/4944 Sat, 07 Feb 2026 15:58:04 +0530 news desk MPcg अभ्युदय योजना से जुड़े 77 अभ्यर्थी यूपीपीसीएस&2024 मुख्य परीक्षा में सफल https://citytoday.co.in/4932 https://citytoday.co.in/4932 Thu, 05 Feb 2026 20:13:56 +0530 news desk MPcg आज तिरुवनंतपुरम में भारत vs न्यूजीलैंड पांचवां टी20, जानें प्लेइंग इलेवन, पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन https://citytoday.co.in/4886 https://citytoday.co.in/4886 Sat, 31 Jan 2026 17:48:13 +0530 news desk MPcg पश्चिम बंगाल: ताज़ा सर्वे आया, अगर आज चुनाव होते तो ममता या भाजपा में से कौन जीतता? https://citytoday.co.in/4874 https://citytoday.co.in/4874 Fri, 30 Jan 2026 13:10:16 +0530 news desk MPcg ट्रंप के खिलाफ 57 मुस्लिम देशों के साथ आया चीन, ‘जंगल का कानून नहीं लौटने देंगे’ https://citytoday.co.in/4855 https://citytoday.co.in/4855 Tue, 27 Jan 2026 16:52:18 +0530 news desk MPcg भोपाल को भारत का सबसे सुरक्षित शहर बनाने की पहल, ‘अराइव अलाइव इंडिया रोड सेफ्टी समिट 2026’ में सामूहिक संकल्प https://citytoday.co.in/4811 https://citytoday.co.in/4811 Sat, 17 Jan 2026 20:22:44 +0530 news desk MPcg BMC चुनाव परिणाम: BJP–शिंदे गुट को बहुमत, 4 सीटों से सत्ता पर मजबूत पकड़ https://citytoday.co.in/4806 https://citytoday.co.in/4806 Sat, 17 Jan 2026 14:43:32 +0530 news desk MPcg ED बनाम ममता बनर्जी मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट हंगामे पर सख्त टिप्पणी https://citytoday.co.in/4793 https://citytoday.co.in/4793 Thu, 15 Jan 2026 17:43:21 +0530 news desk MPcg बंगाल चुनाव से पहले ED का बड़ा एक्शन, I&PAC दफ्तर पर छापे से सियासी भूचाल https://citytoday.co.in/4770 https://citytoday.co.in/4770 Fri, 09 Jan 2026 13:10:30 +0530 news desk MPcg ट्रंप का बड़ा फैसला: रूस प्रतिबंध बिल को हरी झंडी, भारत पर 500% टैरिफ का खतरा https://citytoday.co.in/4766 https://citytoday.co.in/4766 Thu, 08 Jan 2026 13:59:40 +0530 news desk MPcg प्रदेश के विकास की गति अब होगी और भी तेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4745 https://citytoday.co.in/4745 Fri, 02 Jan 2026 20:09:09 +0530 news desk MPcg भारत&पाक सीजफायर पर चीन के दावे से मचा सियासी घमासान, कांग्रेस ने सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब https://citytoday.co.in/4738 https://citytoday.co.in/4738 नई दिल्ली 
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर अभी तक सिर्फ अमेरिका दावा कर रहा था, लेकिन अब चीन ने भी अपना दावा ठोक दिया है। इस बीच कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता संबंधी चीन का दावा चिंताजनक है और ऐसे में सरकार के स्तर पर इसमें स्पष्टता आनी चाहिए।

जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था। वह यह दावा कम से कम सात अलग-अलग देशों में, विभिन्न मंचों पर, 65 बार कर चुके हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तथाकथित अच्छे मित्र द्वारा किए गए इन दावों पर आज तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है।

जयराम रमेश का कहना है, "अब चीन के विदेश मंत्री भी ऐसा ही दावा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि चीन ने भी मध्यस्थता की थी। 4 जुलाई 2025 को सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत असल में चीन का सामना कर रहा था और उससे लड़ रहा था।"

कांग्रेस नेता के अनुसार, चीन निर्णायक रूप से पाकिस्तान के साथ खड़ा था, ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के चीन के दावे चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक सिर्फ इसलिए नहीं कि यह देश की जनता को अब तक बताई गई बातों के उलट हैं, बल्कि इसलिए भी कि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मजाक बनाता प्रतीत होता है।

कांग्रेस नेता ने कहा, "इस दावे को चीन के साथ हमारे संबंधों के संदर्भ में भी समझा जाना चाहिए। हमने चीन के साथ फिर से बातचीत शुरू की है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह बातचीत चीन की शर्तों पर हो रही है। 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई क्लीन चिट ने भारत की बातचीत की स्थिति को काफ़ी कमज़ोर कर दिया है। हमारा व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है और हमारे निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन से होने वाले आयात पर निर्भर है। अरुणाचल प्रदेश के संबंध में चीन की उकसाने वाली हरकतें लगातार जारी हैं। " उन्होंने कहा कि ऐसे एकतरफा और शत्रुतापूर्ण संबंधों के बीच, भारत की जनता को यह स्पष्टता चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने में चीन ने क्या भूमिका निभाई।

आपको बता दें कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन प्रमुख मुद्दों में रहा जिन्हें चीन की मध्यस्थता से हल किया गया। भारत का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई के संघर्ष को दोनों देशों की सेनाओं के डीजीएमओ (सैन्य संचालन महानिदेशक) के बीच सीधी बातचीत के माध्यम से हल किया गया था। भारत यह भी लगातार कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान से संबंधित मामलों में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के लिए कोई जगह नहीं है।

 

]]>
Wed, 31 Dec 2025 19:39:15 +0530 news desk MPcg
दिग्विजय सिंह का कांग्रेस से सवाल: RSS नहीं तो किससे सीखोगे? साथी दल शिवसेना का नाम लिया https://citytoday.co.in/4725 https://citytoday.co.in/4725 भोपाल 

BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस में तनातनी जारी है। अब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले दल ने कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सीख लेने की सलाह दी है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की तरफ से हाल ही में आरएसएस की तारीफ की गई थी, जिसपर पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, 'आरएसएस पूरे देश में 60-70 लाख स्वयं सेवकों के माध्यम से देश की सेवा कर रहा है। हालांकि, वो राजनीति में सक्रिय नहीं होते, लेकिन पीछे से राजनीतिक दलों की मदद करते हैं। हम तो यही कहेंगे कि आरएसएस का जो संगठन है, जो अनुशासन है, मातृभूमि के प्रति जो समर्पण है, उससे कांग्रेस को सीखना चाहिए। दिग्विजय सिंह वही बात कर रहे हैं, जो सब बात करते हैं।'

इस दौरान उन्होंने संघ की जमकर तारीफ की। दुबे ने कहा, 'देखिए आरएसएस देश की परंपरा चलाने वाली, धरोहर चलाने वाली सांस्कृतिक संगठन है। तो उसके जैसा कौन बन पाएगा। जो नरेंद्र मोदी जी को उठाकर प्रधानमंत्री बना सकती है संगठन। जो सारे बड़े बड़े हिन्दुत्व के आंदोलन में आगे रहती है। हमारी शिवसेना के भी साथ आंदोलन में भी आरएसएस साथ रहती है।'

उन्होंने कहा, 'ऐसी आरएसएस से कांग्रेस नहीं सीखेगी, तो क्या कांग्रेस से कांग्रेस सीखेगी। जहां खुद ही नहीं पता कि कांग्रेस में क्या अनुशासन है, क्या रणनीति है, क्या उनकी बैठकें हैं, कौन कहां गठबंधन करेगा, कौन क्या बनाएगा। कुछ पता ही नहीं है। सब राम भरोसा चल रहे हो आप।'
दिग्विजय ने क्या कहा

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। फोटो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

सिंह ने पोस्ट किया, 'कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।'

विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं।

]]>
Mon, 29 Dec 2025 20:02:39 +0530 news desk MPcg
बंगाल में राजनीति गर्माई, हुमायूं कबीर और 3 मुस्लिम नेताओं ने ममता के लिए बढ़ाया पारा https://citytoday.co.in/4706 https://citytoday.co.in/4706

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल की राजनीति तेजी से गरमा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यहां सत्ता बचाने की चुनौती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) यहां पहली बार सरकार बनाने तमन्ना लिए बैठी है। इस सबके बीच चुनावी बिसात पर बागी विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी की दिक्कतें बढ़ा दी है। कबीर के एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी और इंडिया सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के प्रमुख पीरजादा अब्बास सिद्दीकी से संपर्क साधने से राज्य की राजनीति में गरमाहट आ गई है।

दूसरी तरफ तो भाजपा ने अपने मजबूत बूथ प्रबंधन से बदलाव की स्थिति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगभग सीधा मुकाबला है। कांग्रेस और तीन दशक तक राज्य में सत्ता पर काबिज रही माकपा और उसके सहयोगी दल हाशिए पर जा चुके हैं। ऐसे में तृणमूल से बाहर निकले हुमायूं तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश में है। हालांकि वह अकेले एक क्षेत्र विशेष तक सीमित है पर यदि उनको औवेसी व पीरजादा का साथ मिला तो कई सीटों पर समीकरण प्रभावित कर सकते हैं।

तीन मुस्लिम नेता एक साथ

औवेसी ने हाल में बिहार में जो सफलता हासिल की है उससे साफ हुआ है कि मुस्लिम मतदाताओं ने इस पार्टी को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। आईएसएफ ने पिछले चुनाव में ही अपनी स्थिति साफ कर दी थी, जब उसने एक सीट जीत ली थी। ऐसे में अगर तीन प्रमुख मुस्लिम नेता एक मंच पर आते हैं तो मुसलमानों के बीच वह अपनी पैठ बढ़ा सकते हैं।

ध्रुवीकरण से ममता को नुकसान

बंगाल की लगभग 30% मुस्लिम आबादी है। हुमायूं कबीर जिस तरह से माहौल बना रहे हैं उसमें वह अगर मुस्लिम मतों का थोड़ा भी ध्रुवीकरण करने में सफल रहते हैं तो ममता बनर्जी को काफी नुकसान हो सकता है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।

भाजपा विधायक भी मैदान में डटे

भाजपा ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी अपना विस्तार किया है। उसके विधायक मैदान में डटे रहे हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पहले से ही आक्रामक और राज्य की मौजूदा स्थितियों में और ज्यादा आक्रामकता दिखाकर ममता बनर्जी की दिक्कतें बढ़ाएगा। पिछली बार भाजपा अपने बूथ प्रबंधन में कमजोर रही थी, इसलिए पार्टी ने इस बार पूरा जोर बूथ प्रबंधन पर लगाया है।

]]>
Fri, 26 Dec 2025 16:12:05 +0530 news desk MPcg
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रायपुर में की धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त, कहा& भारत में कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक https://citytoday.co.in/4695 https://citytoday.co.in/4695 रायपुर

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज भिलाई में पंच दिवसीय हनुमंत कथा करने छत्तीसगढ़ पहुंचे. रायपुर एयर पोर्ट पर उतरते ही उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत में कैंस से बड़ा खतरा धर्मांतरण है.

बता दें, भिलाई में आज से पंच दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान एक दिवसीय दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम भारत में एक संदेश देना चाहते हैं कि यदि भारत में बांगलादेश जैसी स्थिति नहीं चाहते, तो यही समया है, सही समय है. अगर हिन्दू एकजुट नहीं हुआ, तो वह दिन दूर नहीं… जो बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुआ, वह भारत देश और छत्तीसगढ़ के चौक-चौराहों में देखा न जाए.

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कांकेर में धर्मांतरण पर मचे बवाल को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांकेर में जो हुआ, वह अच्छा नहीं हुआ. लेकिन हिंदुओं ने एकता दिखाई उसके लिए धन्यवाद !  उन्होंने आगे कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और उन्नति हो… भारत विश्व गुरु बने. अंत में उन्होंने कहा कि जबतक भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं बन जाएगा, तब तक हम यात्रा करते रहेंगे.

]]>
Thu, 25 Dec 2025 19:23:41 +0530 news desk MPcg
उद्धव–राज गठबंधन पर सस्पेंस बरकरार: आखिरी वक्त पर टला ऐलान, ‘ठाकरे ब्रांड’ की अग्निपरीक्षा https://citytoday.co.in/4667 https://citytoday.co.in/4667 मुंबई 

महाराष्ट्र में 288 नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव नतीजे 'ब्रांड ठाकरे' के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है. यही वजह है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आपसी दुश्मनी भुलाकर एक साथ मिलकर बीएमसी सहित 29 नगर निगम के चुनाव लड़ने का फैसला किया है, लेकिन अचानक एक मोड़ आ गया. उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान मंगलवार को टल गया है.

उद्धव ठाकरे भले ही 2019 में बीजेपी से अलग होकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए थे, लेकिन शिवसेना और 'ब्रांड ठाकरे' को बचाकर नहीं रख पाए. एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे की सारी सियासत खत्म कर दी है. पहले विधानसभा की सियासी बाजी अपने नाम की और अब नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव जीतकर उद्धव के लिए सियासी संकट खड़ा कर दिया है.

महाराष्ट्र के 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत के लिए हुए चुनाव में 70 प्रतिशत से अधिक नगर अध्यक्ष बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति के जीतकर आए हैं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना सिंगल डिजिट में सीमित रह गई तो राज ठाकरे की पार्टी का खाता नहीं खुला.

अब बीएमसी सहित 29 नगर निगम का चुनाव 'ठाकरे ब्रांड' का फाइनल इम्तिहान उद्धव के लिए बन गया है. मुंबई के बीएमसी पर ठाकरे परिवार का करीब 30 साल कब्जा है, जिसको बचाने के लिए 20 साल का सियासी दुश्मनी को भुलाकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हाथ मिलाया है, लेकिन लगता है कि उसमें ग्रहण लग गया है. 

बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन शुरू

बीएमसी सहित राज्य की 29 नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार से अधिसूचना जारी हो रही जिसके साथ नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है. इसके बाद 31 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि 2 जनवरी 2026 तक नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है. इसके बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा.

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित सभी 29 नगर निगम के कुल 2869 पार्षद सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होगा जबकि नतीजे 16 जनवरी को आएंगे. बीएमसी के अलावा, जिन नगर निगम में चुनाव है, उसमें नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, उल्हासनगर, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, अमरावती, अकोला, लातूर, परभणी, चंद्रपुर, भिवंडी-निजामपुर, मालेगांव, पनवेल, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, सांगली-मिराज, कुपवाड, जलगांव, धुले, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं.

'ठाकरे ब्रदर्स' के बीच गठबंधन पर सस्पेंस

बीजेपी ने बीएमसी और बाकी के नगर निगम चुनाव एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी ने अजित पवार के साथ 'फ्रेंडली फाइट' करने की प्लानिंग की है. महायुति की रणनीति को देखते हुए 'ठाकरे ब्रदर्स' ने 20 साल पुरानी राजनीतिक रंजिश को भुलाकर एक साथ आने का फैसला किया ताकि बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना की जोड़ी से दो-दो हाथ कर सकें.

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बीएमसी सहित राज्य के बाकी नगर निगम चुनाव के लिए सीटों का बंटवारे पर सहमति बन गई थी. ऐसे में माना जा रहा था कि मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान होना होगा. 

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच गठबंधन का आधिकारिक ऐलान वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किए जाने की संभावना खी. इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा थे, लेकिन अचानक कैंसिल हो गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि प्रेस कॉफ्रेंस को टालना पड़ा.

सीट शेयरिंग तय हो गई थी, फिर क्या हुआ

एमएनएस नेता नितिन सरदेसाई और बाला नांदगांवकर सोमवार देर शाम ‘मातोश्री’ पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया. सूत्रों के अनुसार, बीएमसी की कुल 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

वहीं, राज ठाकरे की एमएनएस 60 से 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसके अलावा बची सीटें एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) और अन्य छोटे सहयोगी दलों को दिए जाने की संभावना है.  इस तरह सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बन रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस को महाविकास अघाड़ी में शामिल करने को लेकर सहमति बनाई जा रही है. इसीलिए शिवसेना ने मंगलवार को होने वाली प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया है. 

कांग्रेस को साधने में जुटे संजय राउत

महायुति के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में प्रदर्शन को देकते हुए उद्धव ठाकरे की शिवसेना अपना आखिरी किला बचाए रखने की हरसंभव कवायद में जुट गई है. एक तरफ राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाने की प्लानिंग है तो दूसरी तरफ कांग्रेस को साथ लेने की कोशिश तेज कर दी है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की और आगामी बीएमसी चुनावों के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की.

संजय राउत लगातार राहुल गांधी के संपर्क में भी हैं, ताकि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी में बनाए रखा जा सके. शरद पवार की एनसीपी (एसपी) भी सभी दलों को एकजुट रखने के लिए सक्रिय मध्यस्थता कर रही है. विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों का मानना है कि एकजुट रहकर ही महायुति को चुनौती दी जा सकती है.

हालांकि, संजय राउत की असल चुनौती राज ठाकरे की मनसे के साथ कांग्रेस के साथ संबंधों को संतुलित करने की है. कांग्रेस ने राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने से साफ इनकार किया है, क्योंकि मनसे की उत्तर भारतीयों और मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक छवि कांग्रेस के वैचारिक आधार से टकराती है.

कांग्रेस को साथ लेने का रास्ता बनाया जा रहा है, जिसके चलते मंगलवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की होने वाली संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया गया है. 

उद्धव के लिए आखिरी किला बचाने का चैलेंज

महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी का नियंत्रण राज्य की सत्ता के समान माना जाता है. बीजेपी की पूरी कोशिश बीएमसी से ठाकरे परिवार के वर्चस्व को खत्म करना चाहती है, जबकि उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है. महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों के सियासी संग्राम में सबसे ज्यादा नुकसान तो ब्रांड ठाकरे को हुआ है, जिसके चलते उद्धव ठाकरे की पूरी सियासत हाशिए पर पहुंच गई है.

]]>
Tue, 23 Dec 2025 13:36:06 +0530 news desk MPcg
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: राज ठाकरे का सूपड़ा साफ, उद्धव–शरद की पार्टियां सिंगल डिजिट में https://citytoday.co.in/4659 https://citytoday.co.in/4659 मुंबई 
महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के लिए चिंता बढ़ा दी है. राज्य की 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में हुए चुनावों में MNS एक भी नगराध्यक्ष पद जीतने में असफल रही. यह परिणाम पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 21 दिसंबर को जारी नतीजों के मुताबिक, BJP-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कुल 207 नगराध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की. इसमें BJP को 117, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 53 और अजित पवार गुट की NCP को 37 पद मिले.

वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) को कुल 44 नगराध्यक्ष पदों पर जीत मिली. कांग्रेस ने 28, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने 9 और शरद पवार गुट की NCP ने 7 पद जीते. इन सबके बीच MNS का खाता तक न खुलना पार्टी की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करता है.

MNS को लगातार करना पड़ रहा हार का सामना

यह पहली बार नहीं है जब MNS को इस तरह की हार झेलनी पड़ी हो. अगस्त 2025 में हुए मुंबई BEST कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी चुनाव में भी MNS और शिवसेना (UBT) की संयुक्त पैनल को एक भी सीट नहीं मिली थी. उस चुनाव में BJP-समर्थित पैनल ने सभी 21 सीटों पर कब्जा जमाया था.

इससे पहले नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी MNS का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. पार्टी ने 135 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट जीतने में नाकाम रही थी. लगातार मिल रही इन हार से पार्टी की राजनीतिक रणनीति और भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

15 जनवरी को होना है बीएमसी चुनाव

हालांकि, आगे की राजनीति को लेकर MNS की तरफ से कुछ प्रतिक्रिया नहीं आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 15 दिसंबर को इसका ऐलान किया था कि महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव एक ही चरण में 15 जनवरी 2026 को ही कराए जाएंगे. इसमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी भी शामिल है. आयोग के अनुसार इन चुनावों के नतीजे 16 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे. इसमें राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की पार्टियां गठबंधन में होंगी या नहीं यह निकाय चुनाव के नतीजे के बाद फिलहाल स्पष्ट नहीं है.

]]>
Mon, 22 Dec 2025 19:58:57 +0530 news desk MPcg
कर्नाटक में CM बदलने की अटकलें तेज, डिनर टेबल पर जुटे 30+ विधायक https://citytoday.co.in/4630 https://citytoday.co.in/4630 बेंगलुरु

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही खींचतान और बदलाव की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। बेलगावी में वरिष्ठ लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली द्वारा बुधवार रात आयोजित एक रात्रिभोज में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का समर्थन करने वाले विधायक शामिल हुए। इसमें जमावड़े में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया तथा विधायक के एन राजन्ना सहित तीस से अधिक विधायक शामिल हुए। हालांकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया स्वास्थ्य कारणों से इस कार्यक्रम में खुद उपस्थित नहीं हो सके।

जारकीहोली ने इस बैठक को राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान एक सामान्य सामाजिक मेलजोल करार दिया है लेकिन इसमें शामिल कई विधायकों ने संकेत दिया कि वहां राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले के एन राजन्ना ने पुष्टि की कि पार्टी की रणनीति और नेतृत्व से जुड़े मामले बातचीत का हिस्सा थे।
डीके शिवकुमार ने भी दिया था डिनर

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की बैठकें केवल सामाजिक मेलजोल के अलावा कई अन्य उद्देश्यों को भी पूरा करती हैं। यह रात्रिभोज उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के इसी तरह के एक कार्यक्रम की मेजबानी किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ है। इससे राज्य कांग्रेस के भीतर स्पष्ट गुटबाजी और अलग अलग ध्रुवों का पता चलता है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के 20 नवंबर को अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है।

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच साल 2023 के सत्ता साझाकरण समझौते की खबरें लगातार चर्चा में हैं हालांकि पार्टी आलाकमान के निर्देश पर दोनों नेताओं ने हाल ही में एक दूसरे के आवास पर मुलाकात की है। इससे फिलहाल श्री सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने और नेतृत्व की खींचतान में अस्थायी विराम का संकेत मिलता है।

विधायक राजन्ना ने संभावित कैबिनेट विस्तार में वाल्मीकि (अनुसूचित जनजाति ) समुदाय के पर्याप्त प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि वह मंत्रिमंडल में अपनी संभावनाओं को लेकर चिंतित नहीं हैं। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के श्री सिद्धारमैया को विदा होने वाला मुख्यमंत्री कहे जाने पर यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसी आलोचनाएं लंबे समय से चल रही हैं और इनका कोई विशेष महत्व नहीं है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सत्र के दौरान ऐसी बैठकें सामान्य होती हैं लेकिन ये पार्टी विधायकों के भीतर आंतरिक समीकरणों और निष्ठाओं को जरूर प्रदर्शित करती हैं।

]]>
Fri, 19 Dec 2025 19:06:28 +0530 news desk MPcg
BMC चुनाव में कांग्रेस अकेली, ठाकरे बंधुओं और शरद पवार ने बनाया फासला https://citytoday.co.in/4603 https://citytoday.co.in/4603 मुंबई 

मुंबई नगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस पार्टी अलग-थलग पड़ती दिख रही है. राज्य विधानसभा और उससे पहले लोकसभा चुनाव में जो महाविकास अघाड़ी बनी थी वो अब दरकती दिख रही है. महाविकास अघाड़ी के दो दल शिव सेना उद्धव गुट और एनसीपी शरद गुट ने हाथ मिला लिया है. इन दोनों ने कांग्रेस को दरकिनार कर इस गठबंधन में मनसे को शामिल किया है. इससे बीएमसी चुनाव काफी दिलचस्प होते जा रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी चुनाव की घोषणा के साथ ही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू हो चुकी है. ऐसी प्रबल संभावना है कि ठाकरे समूह और राष्ट्रवादी शरद पवार समूह मुंबई नगर निगम चुनाव में एमएनएस के साथ गठबंधन करेंगे. ठाकरे बंधुओं का गठबंधन लगभग पक्का हो चुका है और दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला भी लगभग अंतिम रूप ले चुका है.

गठबंधन में कौन-कौन हैं शामिल?

शिवसेना (ठाकरे गुट), एमएनएस और एनसीपी शरद गुट ने मुंबई नगर निगम का चुनाव संयुक्त रूप से लड़ने पर लगभग सहमति बना ली है. इस बात की प्रबल संभावना है कि वामपंथी दल भी इस गठबंधन में शामिल होंगे. लेकिन, इस पूरे गठबंधन से कांग्रेस को अलग रखा गया है. यह भी कहा जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी ने खुद को गठबंधन से अलग रखा है.

ठाकरे गुट के एक नेता के मुताबिक प्रारंभिक चर्चा के आधार पर ठाकरे गुट 120 से 125 वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है. संभावना है कि 75 से 80 वार्ड एमएनएस को और 20 से 27 वार्ड एनसीपी शरद गुट को मिलेंगे. चूंकि यह लगभग तय है कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी, इसलिए माना जा रहा है कि इन तीनों पार्टियों ने गठबंधन किया है.

फरवरी 2017 में हुए नगर निगम चुनावों में शिवसेना के 84 पार्षद चुने गए थे. ठाकरे समूह ने 36 से 40 नए वार्डों पर दावा किया है, जबकि मौजूदा वार्डों को बरकरार रखा है. हालांकि गठबंधन में वार्डों के आवंटन पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन पार्टी कम से कम 120 से 125 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए अड़ी हुई है. जानकारी मिली है कि एमएनएस और शिवसेना के वरिष्ठ नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि कौन से वार्ड किसे दिए जाएं और फिर अंतिम निर्णय लेंगे.

एमएनएस को कितनी सीटें मिलेंगी?

एमएनएस को 75 से 80 वार्ड मिलने की संभावना है और एमएनएस ठाकरे समूह द्वारा पिछले चुनावों में जीते गए कुछ वार्डों की मांग कर सकती है, जिनमें 2017 में चुने गए सात पार्षदों के वार्ड भी शामिल हैं. इनमें माहिम, सेवरी, वर्ली, भांडुप और विक्रोली विधानसभा क्षेत्रों के वार्ड शामिल हैं. इसलिए, इन स्थानों पर सीटों के आवंटन के दौरान तकरार की संभावना है. हालांकि, नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ने का निर्णय लिया जा चुका है, इसलिए ठाकरे समूह को कुछ रियायतें देनी होंगी और कुछ वार्ड छोड़ने होंगे.

एनसीपी के लिए कितनी सीटें हैं?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ने के कारण मुंबई में शरद पवार गुट का प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो गया है. फिर भी, महा विकास अघाड़ी में घटक दल होने के नाते एनसीपी को 20 से 27 वार्ड मिल सकते हैं. 2017 के चुनावों में एनसीपी के नौ पार्षद चुने गए थे. इन वार्डों के अलावा एनसीपी शरद ने घाटकोपर, कुर्ला, चुनाभट्टी, मलाड, भांडुप, कंजूरमार्ग, अनुशक्ति नगर, बायकुला आदि क्षेत्रों में 10 से 15 अन्य वार्डों पर भी दावा किया है. यहां एनसीपी का काफी प्रभाव है.

]]>
Wed, 17 Dec 2025 12:44:57 +0530 news desk MPcg
दिल्ली में राहुल गांधी का सख्त संदेश: मंच से चुनाव अधिकारियों को चेतावनी, कहा– कानून बदलेगा, होगी कार्रवाई https://citytoday.co.in/4586 https://citytoday.co.in/4586 नई दिल्ली
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली में रविवार को सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। साथ ही चुनाव अधिकारियों को हिदायत दी कि वे इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी है। हिंदुस्तान में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हो रही है। इस लड़ाई में चुनाव आयोग, भाजपा की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, विवेक जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्य-असत्य की इस लड़ाई में ये चुनाव आयुक्त भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, जिसमें ये कुछ भी करें, इन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता, लेकिन याद रखिए हम इन चुनाव आयुक्तों की रक्षा करने वाले कानून को बदलेंगे और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि गांधीजी कहते थे, सत्य सबसे जरूरी चीज है। हमारे धर्म में ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ और ‘सत्यमेव जयते’ के बारे में भी कहा गया है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं, विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है। जिसके पास शक्ति है, उसे माना जाता है। यह आरएसएस और मोहन भागवत की सोच है। जहां एक तरफ हमारा धर्म कहता है कि सत्य सबसे जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ मोहन भागवत कहते हैं, सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। आज देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है। हम सत्य के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि उन्हें पता है कि हमारी वोट चोरी पकड़ी गई है। अमित शाह भी तभी तक बहादुर हैं, जब तक इनके हाथ में सत्ता है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भाजपा को चुनाव आयोग की जरूरत है, क्योंकि उसके बिना नरेंद्र मोदी चुनाव नहीं जीत सकते। हमें चुनाव आयोग के तीन अधिकारियों के नाम नहीं भूलने हैं, क्योंकि ये लोग लोकतंत्र पर वार कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब पूरा विपक्ष कह रहा है कि चुनाव आयोग पर हमें भरोसा नहीं रहा। चुनाव प्रक्रिया के हर कदम को चुनाव आयोग ने संदिग्ध बना दिया है। आज देश की हर संस्था को मोदी सरकार ने अपने सामने झुका दिया है।
उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देती हूं, भाजपा एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़ ले। ये कभी नहीं जीत पाएंगे और यह बात भाजपा भी जानती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हालात ये हैं कि पिछले आम चुनाव में मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया, कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया, भ्रष्टाचार के नाम पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का दिल कमजोर था, जो इस दबाव को सह नहीं पाए, वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ऐसे नेताओं को अपने वॉशिंग मशीन में धोकर पाक-साफ बनाती रही।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जब मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया तो मोदी सरकार नहीं मानी। आखिर में सरकार ने कहा कि हम पहले ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करेंगे, फिर एसआईआर और वोट चोरी पर बात करेंगे। सदन में हम ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करते रहे, लेकिन मोदी सरकार में जनता के मुद्दों पर बात करने की हिम्मत नहीं दिखी।

]]>
Mon, 15 Dec 2025 19:06:30 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस, BJP और लेफ्ट ने मिलाया हाथ, किसे हराने के लिए हुआ ये सियासी गठबंधन? https://citytoday.co.in/4568 https://citytoday.co.in/4568  कोल्लम 
केरल की राजनीति में हमेशा कुछ न कुछ अनोखा होता रहता है. ऐसे प्रयोग होते हैं, जिसे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनाया जाता है और उसकी चर्चा भी होती है. केरल में इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. प्रदेश में लोकल बॉडी यानी स्‍थानीय निकाय के लिए चुनाव होने हैं. उससे पहले एक दिलचस्‍प राजनीतिक वाकया हुआ है. कांग्रेस, CPI(M) और BJP ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्‍या हुआ कि तीनों धुर विरोधी पार्टियां एकजुट हो गईं? सामान्‍य स्थिति में इसके बारे में सोचना भी असंभव सा लगता है, पर ऐसा ही हुआ है.

केरल की राजनीति में इस बार अनोखा समीकरण देखने को मिल रहा है. कोच्चि के पास स्थित किटेक्स ग्रुप की राजनीतिक इकाई ट्वेंटी20 (Twenty20) के तेजी से बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए कांग्रेस, CPI(M) और BJP (तीनों प्रतिद्वंद्वी दल) एक साथ खड़े हो गए हैं. 9 और 11 दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में इन दलों ने किज़क्कम्बलम में साझा निर्दलीय उम्‍मीदवार उतारे हैं, ताकि कॉरपोरेट समर्थित इस पार्टी को टक्कर दी जा सके. Twenty20 की शुरुआत 2013 में किटेक्स ग्रुप ने CSR कार्यक्रम के रूप में की थी. उद्देश्य था – किज़क्कम्बलम गांव का विकास, जहां कंपनी का बड़ा गारमेंट यूनिट स्थित है. साल 2015 में इस समूह ने पहली बार पंचायत चुनाव जीता और 2020 में जाकर तीन और पंचायतें अपने कब्जे में कर लीं.

क्‍यों घबराईं पार्टियां?

अब सवाल उठता है कि केरल की तीनों बड़ी पार्टियां क्‍यों घबराई हुई हैं? इस बार संगठन 48 पंचायतों, कोच्चि नगर निगम, तीन नगरपालिकाओं और कई जिलों में चुनाव लड़ रहा है. कुछ पंचायतों में सभी सीटों पर इनके उम्मीदवार हैं. पूथ्रिक्का पंचायत में सभी उम्मीदवार महिलाएं हैं. Twenty20 की इस प्‍लानिंग से माकपा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस घबरा गई हैं. Twenty20 के अध्यक्ष और किटेक्स के एमडी साबू एम जैकब कहते हैं कि उनकी पार्टी ने चार पंचायतों में भ्रष्टाचार खत्म किया है और लगभग 50 करोड़ रुपये बचाए हैं. किज़क्कम्बलम में 50% सब्सिडी पर सामान देने वाले फूड सेफ्टी मार्केट ने पार्टी को बड़ी लोकप्रियता दिलाई. हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक दलों की शिकायत पर यह बाजार बंद कर दिया गया था.

किज़क्कम्बलम पंचायत की 21 सीटों का हाल

    कांग्रेस सिर्फ 2 सीटों पर
    CPI(M) 1 सीट पर
    BJP 2 सीटों पर
    बाकी पर साझा इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स

जनता क्‍यों मेहरबान?

 रिपोर्ट के अनुसार, साबू ने वादा किया है कि पंचायतों की 50 करोड़ रुपये की सरप्लस राशि का उपयोग कर लोगों को बिजली और गैस बिल पर 25% सब्सिडी दी जाएगी. उनका कहना है कि राज्य सरकार ने योजना को मंजूरी नहीं दी, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट में गया है. CPI(M) का आरोप है कि ट्वेंटी20 CSR के नाम पर लोगों को प्रभावित कर रही है. कांग्रेस का आरोप है कि साबू गरीबी का फायदा उठाकर फ्रीबीज़ देकर राजनीति कर रहे हैं. BJP का कहना है कि महिलाओं में सब्सिडी योजनाओं को लेकर पार्टी की पकड़ मजबूत है, इसलिए उनके पास उम्मीदवार भी कम हैं.

Twenty20 पार्टी का क्‍या है पक्ष?

साबू सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहते हैं कि किटेक्स का सालाना CSR फंड सिर्फ 2.5 करोड़ रुपये है और उसके दुरुपयोग का सवाल ही नहीं उठता. वे दावा करते हैं कि पिछले 5 साल में सरकार ने उनके चार पंचायतों में 84 बार छापे और जांच कीं, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिली. साबू ने प्रमुख दलों पर आरोप लगाया कि वे SDPI और वेलफेयर पार्टी के साथ मिलकर 25 दलों का गठबंधन बनाकर ट्वेंटी20 को रोकना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टियां पंचायत के 32 करोड़ रुपये के सरप्लस फंड पर नजर गड़ाए बैठी हैं.

चुनावों में दिलचस्प मुकाबला

Twenty20 का चुनाव चिन्ह आम (मैंगो) है, लेकिन इस बार उसके खिलाफ उतरे कई स्वतंत्र उम्मीदवार भी अलग-अलग फलों के प्रतीक लेकर मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. कुल मिलाकर किटेक्स समूह की राजनीतिक इकाई ट्वेंटी20 के बढ़ते प्रभाव ने केरल की पारंपरिक राजनीति को नया मोड़ दे दिया है. अब देखने वाली बात होगी कि क्या तीनों बड़े दलों की संयुक्त रणनीति इस कॉरपोरेट-समर्थित मॉडल को रोक पाएगी या फिर ट्वेंटी20 अपने प्रभाव का विस्तार करने में कामयाब होती है.

]]>
Sat, 06 Dec 2025 16:49:58 +0530 news desk MPcg
बीजेपी अध्यक्ष कौन होंगे? पीएम मोदी, अमित शाह और नड्डा की बैठक में तय होगा फैसला, नेताओं के नाम की अटकलें तेज https://citytoday.co.in/4545 https://citytoday.co.in/4545 नई दिल्ली

जेपी नड्डा के बाद अगला बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर लंबे समय से अटकलें जारी हैं। बिहार चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि चुनाव खत्म होने के बाद अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष के बीच संसद भवन में एक अहम बैठक हुई। लगभग घंटेभर तक चली बैठक में अगले बीजेपी चीफ और यूपी बीजेपी चीफ पर चर्चा हुई।

बीजेपी अध्यक्ष नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनाव तक पहले उसे बढ़ाया गया। इसके बाद फिर से उसे बढ़ाया जा चुका है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नाम सामने आए हैं, जिनके रेस में होने की चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। बीजेपी के नियम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने से पहले पार्टी को 50 फीसदी स्टेट यूनिट्स में चुनाव करवाने होते हैं और अब तक यह पूरा भी हो चुका है।
अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन से नाम?

पिछले एक दशक में बीजेपी का नया रूप देखने को मिला है, जिसके तहत बड़े पदों पर चुने जाने वाले नाम अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। फिर चाहे वह यूपी 2017 में योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया जाना हो या फिर हाल ही में दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुना जाना हो। ऐसे में मौजूदा भाजपा में अगले अध्यक्ष के नाम का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, रेस में कई नाम हैं। धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान के अलावा, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, निर्मला सीतारमण, विनोद तावड़े आदि के नाम भी रेस में चल रहे हैं।
यूपी बीजेपी चीफ के लिए घंटों बैठक

 यूपी में एक अहम बैठक हुई, जोकि तीन घंटे तक चली। सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय बैठक हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए एक ब्राह्मण, दलित और तीन ओबीसी नेताओं के नाम रेस में आगे चल रहे हैं।

नया अध्यक्ष, इन नेताओं के नाम की अटकलें

भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने के संकेत हैं। खबर है कि बुधवार को कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नाम शामिल हुए। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी फैसला कर लिया है और सिर्फ ऐलान बाकी है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुन सकती है।

15 दिसंबर से पहले क्यों

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा में चर्चाएं हैं कि 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। इसकी वजह 16 दिसंबर से खरमास महीना शुरू होना है। हालांकि, पार्टी ने अब तक साफ नहीं किया है कब तक नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल यानी 2026 में कई राज्यों में चुनाव होने के चलते कई नेताओं का मानना है कि इन चुनावों से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव हो।

2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। बुधवार को एक के बाद एक हुईं बैठकों में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, मौजूदा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा महासचिव बीएल संतोष शामिल रहे।

यूपी अध्यक्ष का भी जल्द हो सकता है ऐलान

खास बात है कि कुछ दिनों पहले संतोष यूपी में भी थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत कई बड़े नामों से मुलाकात की थी। अटकलें हैं कि यूपी के लिए भाजपा अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग गई है और इसे लेकर जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा बाकी है।
ये नाम आगे

अब तक साफ नहीं है कि भाजपा किसके नाम पर मुहर लगाएगी। हालांकि, अटकलें हैं कि रेस में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और भाजपा नेता विनोद तावड़े का नाम है। महिला नेताओं में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनति श्रीनिवासन का नाम आगे चल रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद माना जा रहा है कि प्रधान का नाम रेस में सबसे आगे है। हालांकि, पार्टी ने इसपर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। प्रधान बिहार चुनाव प्रभारी थे।
नड्डा का कार्यकाल

साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ही मौजूदा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नड्डा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि, बाद में उन्हें कई बार विस्तार दिया गया।

]]>
Fri, 05 Dec 2025 12:24:45 +0530 news desk MPcg
झारखंड की राजनीति में हलचल: पोस्टर हटे, साथी गायब और हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना—कुछ तो बड़ा पक रहा है! https://citytoday.co.in/4524 https://citytoday.co.in/4524 रांची. 
अब नया बम झारखंड में हेमंत अब जीवंत होंगे… 14 नवंबर को बिहार चुनाव परिणाम के तीसरे दिन 17 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया था. उस समय से ही यह कयास लगने लगे थे कि संभव है कि झारखंड में कुछ राजनीतिक उथल-पुथल हो. इस एक लाइन ने पूरे झारखंड में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया. वजह भी साफ थी- बिहार चुनाव के दौरान सीट शेयरिंग को लेकर झामुमो और महागठबंधन में जारी तनातनी ने पहले ही संकेत दे दिया था कि रिश्तों में दरार गहरी हो रही है. बिहार सीमा से लगी 12 सीटों पर लड़ने का दावा करने वाला झामुमो जब सीटें नहीं मिलीं तो उसने सीधा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. तब से ही चर्चा थी कि – बिहार की हार, झारखंड की राजनीति बदल देगी! इसकी पृष्ठभूमि बनी और सियासी कहानी क्रमवार बढ़ती गई है.

बिहार में हार… और झारखंड में वार?

दरअसल, इसकी वजह बिहार चुनाव के दौरान से ही दिख रही थी, क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर जिस तरह झारखंड मुक्ति मोर्चा और महागठबंधन के दलों में समन्वय की कमी दिखी, वह कुछ तो संकेत कर रही थी. बिहार झारखंड सीमा से लगी 12 सीटों पर झामुमो चुनाव लड़ने का दावा कर रहा था तो दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से झामुमो के लिए किसी भी प्रकार की तवज्जो नहीं देना, इसकी पृष्ठभूमि तैयार करता हुआ दिखा. बाद में यह भी चर्चा हुई कि जेएमएम को 3 सीटें दिए जाने पर सहमति बन गई है. लेकिन, तभी खबर आई कि झामुमो ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया है. महागठबंधन में सीटें नहीं मिलने पर जेएमएम ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए और बिहार चुनाव बाद झारखंड में गठबंधन को लेकर समीक्षा यानी रिव्यू की बात कही थी. बिहार में चुनाव हुए फिर परिणाम भी आए और महागठबंधन की करारी हार हुई. इसके बाद अजय आलोक के इस पोस्ट ने झारखंड में सियासी सरगर्मी भी तेज कर दी.

हेमंत-कल्पना दिल्ली में, झारखंड में हलचल

इसके बाद तो भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की लगातार चुप्पी और फिर महागठबंधन को लेकर हेमंत सोरेन की लंबी खामोशी और संशय के माहौल में पत्नी कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली दौरा और वहां कथित तौर पर भाजपा नेताओं से गुप्त मुलाकात… जाहिर है कयासों ने सियासी कहानी गढ़ दी है. दरअसल, इसकी पृष्ठभूमि भी साफ-साफ दिख रही है क्योंकि, पिछले कुछ दिनों से हेमंत सोरेन और कांग्रेस की दूरी साफ-साफ दिख रही है. मुख्यमंत्री का सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होना और कार्यक्रम कैंसल होना भी कुछ तो संकेत कर रहा था. बता दें कि पिछले साल इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जिला-जिला जाते थे और जिक्र करते थे कि सरकार AC कमरे से नहीं गांव से चल रही है, पर इस बार किसी जिले में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम नहीं हुआ.

महागठबंधन में दरार की चर्चा तेज

बात और आगे तब बढ़ती दिखी जब दुमका में फ्लाईंग इंस्टिट्यूट के उद्घाटन कार्यक्रम के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन के मंच पर सहयोगी कंग्रेस एवं राजद के मंत्री और विधायक नदारद रहे. बता दें कि इससे पहले महागठबंधन में जब भी मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यक्रम किया तो दोनों दल के मंत्री मौजूद रहते थे. इसके आगे की कहानी बढ़ी तो मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के पोस्टर से राजद और कांग्रेस के नेताओं के पोस्टर नहीं लगे थे.पोस्टर नहीं लगने के बाद कांग्रेस और राजद के कुछ नेताओं के बीच यह बात चर्चा का विषय रही. इसके बाद तो झारखंड में इस सियासी सस्पेंस को और मजबूत किया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुप्पी और उनके दिल्ली दौरे ने.
क्या झारखंड की सियासत में परिवर्तन की तैयारी है?

पत्नी कल्पना सोरेन के साथ हेमंत सोरेन का दिल्ली में कई दिनों तक रहना और वहां भाजपा नेताओं के साथ कथित गोपनीय मुलाकातों की खबरें, गठबंधन में असहजता के संकेत देती दिख रही हैं. उसके बाद सरकार-आपके-द्वार जैसे बड़े कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी, दुमका फ्लाइंग इंस्टिट्यूट के मंच से कांग्रेस-राजद के नेताओं की दूरी और सरकारी पोस्टरों से सहयोगियों की गायब तस्वीरों ने सवालों को और गहरा कर दिया. अब परिस्थिति इस मोड़ पर है कि सियासत सिर्फ अफवाहों पर नहीं चल रही, बल्कि घटनाएं खुद कहानी लिख रही हैं. फिलहाल स्थिति साफ नहीं है और न ही किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि, लेकिन सत्ता गलियारों की भाषा बताती है कि झारखंड की राजनीति अगले कुछ दिनों शांत नहीं रहने वाली.

]]>
Thu, 04 Dec 2025 13:49:54 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय मंत्री की सलाह: अभी के अभी डिलीट करें Sanchar Saathi ऐप https://citytoday.co.in/4505 https://citytoday.co.in/4505 नई दिल्ली

केंद्र सरकार द्वारा 'संचार साथी'  नामक साइबर सुरक्षा ऐप को सभी फोन्स में इंस्टॉल करने के निर्देश के बाद उपजे विवाद पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ किया है कि यह ऐप अनिवार्य नहीं है और यूज़र्स इसे अपनी मर्ज़ी से डिलीट कर सकते हैं।

 डिलीट करने का विकल्प खुला
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा- "अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं। यह ऐप वैकल्पिक है।" उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह इस ऐप को सभी नागरिकों तक पहुंचाए लेकिन इसे अपने डिवाइस में रखना है या नहीं यह पूरी तरह से यूज़र पर निर्भर करता है।

विवाद की शुरुआत क्या थी?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब केंद्र सरकार ने 28 नवंबर को सभी मोबाइल कंपनियों को एक निर्देश जारी किया था। सरकार ने कंपनियों से कहा था कि वे 90 दिनों के भीतर भारत सरकार की साइबर सुरक्षा से जुड़ी ऐप 'संचार साथी' को सभी फोन्स में इंस्टॉल करें। निर्देशों में इस बात को भी सुनिश्चित करने को कहा गया था कि यूज़र्स इस ऐप को खुद से डिलीट या अनइंस्टॉल न कर सकें।

विपक्ष का कड़ा विरोध
इस खबर के सामने आते ही विपक्ष और कई नागरिक समूहों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया था। कांग्रेस सहित विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार के इस कदम को असंवैधानिक और जनता के आजादी के हक का हनन बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी। विरोध करने वालों ने नागरिकों की निजता पर संभावित खतरे और सरकारी निगरानीको लेकर चिंता व्यक्त की थी। अब केंद्र सरकार की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि यूजर्स चाहें तो इस ऐप को डिलीट कर सकते हैं जिससे इस विवाद पर विराम लगने की उम्मीद है।

 

]]>
Wed, 03 Dec 2025 12:00:07 +0530 news desk MPcg
सोनिया गांधी और राहुल गांधी देश के सर्वमान्य और जनप्रिय नेता हैं – अरुण वोरा https://citytoday.co.in/4478 https://citytoday.co.in/4478 नईदिल्ली 

नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने पर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का खुला दुरुपयोग कहा है। वोरा ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी देश के सर्वमान्य और जनप्रिय नेता हैं। वे करोड़ों भारतीयों के संवैधानिक मूल्यों की आवाज़ हैं। उनकी निष्ठा और त्याग पर कभी कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा है।

दोनों बेदाग हैं, निर्भीक हैं और सत्य के मार्ग पर अडिग हैं। उनके विरुद्ध इस प्रकार की राजनीतिक प्रेरित कार्रवाइयाँ न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि, केंद्र सरकार की असुरक्षा और घबराहट को भी उजागर करती हैं।
वोरा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ ईडी, सीबीआई और पुलिस किसी भी व्यवस्था की रीढ़ होती हैं, लेकिन आज यही संस्थाएँ राजनीतिक दबाव और सत्ता की मंशा के आगे झुकाकर विपक्ष को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। वोरा ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों, आर्थिक संकट और जनविरोधी नीतियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मामलों को हवा दे रही है। कांग्रेस कभी ऐसे दमन से नहीं झुकेगी। न्याय, सत्य और संविधान की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

इधर, पूर्व महापौर आरएन वर्मा ने इस मामले में केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब कार्रवाई देश के दो शीर्ष नेताओं पर हो और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस प्रकार राजनीतिक मामलों में इस्तेमाल होना बेहद चिंताजनक है। यह प्रवृत्ति लंबी अवधि में लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती है।

]]>
Mon, 01 Dec 2025 18:26:17 +0530 news desk MPcg
कर्नाटक में सत्ता की रस्साकशी: DK या सिद्धारमैया? इस दिग्गज नेता को मिला सबसे बड़ा समर्थन https://citytoday.co.in/4464 https://citytoday.co.in/4464

बेंगलुरु 
कर्नाटक सरकार में मचे घमासान को लेकर दिल्ली में जल्द बैठक हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। खबर है कि ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री की कथित सीक्रेट डील को लेकर सीएम सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच तकरार जारी है। हालांकि, अटकलें हैं कि सिद्धारमैया का पलड़ा भारी हो सकता है। मीडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फिलहाल सिद्धारमैया के पद पर आंच नहीं आएगी। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी जानती है कि वह OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के बड़े नेता हैं। साथ ही उन्हें अहिंदा समुदाय के साथ पार्टी के 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल है। कांग्रेस के कुल 137 विधायक हैं। ऐसे में उनकी सहमति के बगैर नेतृत्व परिवर्तन आलाकमान के लिए भी आसान नहीं होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार और उनके समर्थकों की तरफ से डाला जा रहा दबाव कैबिनेट फेरबदल टाल सकता है। माना जा रहा था कि सिद्धारमैया कैबिनेट में फेरबदल करना चाह रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, शिवकुमार के प्रयासों को आंतरिक समर्थन में कमी के चलते कमजोर माना जा रहा है। हालांकि, वोक्कलिगा समुदाय उनका समर्थक माना जाता है।

दोनों पक्षों के लिए अड़े समर्थक
सिद्धारमैया और शिवकुमार का समर्थन करने वाले जाति समूह खुलकर उनके पक्ष में आ गए है। एक समूह ने कांग्रेस को मौजूदा मुख्यमंत्री को हटाने के खिलाफ चेतावनी दी, जबकि दूसरे समुदाय ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने का पुरजोर समर्थन किया। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ (केएसएफबीसीसी) ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के मद्देनजर सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने का कोई भी प्रयास पार्टी पर असर डालेगा, जबकि कर्नाटक राज्य वोक्कालिगारा संघ ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ अगर अन्याय हुआ तो वह इसका कड़ा विरोध करेगा।

अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित समुदायों के लिए संक्षिप्त कन्नड़ नाम) सिद्धरमैया का प्रमुख वोटबैंक माना जाता है, वहीं कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं जो एक प्रभावशाली कृषक समुदाय है जिसके कई नेता जैसे के. हनुमंतैया, के.सी. रेड्डी, एच.डी. देवगौड़ा, एस.एम. कृष्णा, सदानंद गौड़ा और एच.डी. कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

वोक्कालिगारा संघ के अध्यक्ष एल. श्रीनिवास ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव के दौरान शिवकुमार ने कड़ी मेहनत की, पूरे राज्य का दौरा किया, संगठन को मजबूत किया और उनके प्रयासों के कारण कांग्रेस को 140 सीट पर जीत मिली।’’ उन्होंने 2023 में हुए कथित ‘‘सत्ता-साझाकरण’’ समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों में इस बात को लेकर संदेह है कि सिद्धरमैया शिवकुमार को जिम्मेदारी हस्तांतरित करेंगे या नहीं।

संघ के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम वोक्कालिगा संघ की ओर से कांग्रेस आलाकमान से अनुरोध करते हैं कि शिवकुमार को कम से कम उनके प्रयासों के लिए तो ‘कुली’ (ईनाम) दिया जाए।’’ श्रीनिवास ने शिवकुमार से कांग्रेस आलाकमान द्वारा किए गए वादे को पूरा करने का अनुरोध करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री पार्टी के लिए जेल भी जा चुके हैं।

हालांकि, केएसएफबीसीसी ने सिद्धारमैया का समर्थन किया और कहा कि अनुभवी नेता को हटाने की किसी भी कोशिश का पार्टी पर बड़ा असर पड़ेगा। केएसएफबीसीसी के अध्यक्ष के. एम. रामचंद्रप्पा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अहिंदा इस बदलाव के घटनाक्रम से बेहद दुखी है। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि धार्मिक प्रमुख भी इस चर्चा में भाग ले रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि वे भी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को हटाने की मांग करने वालों में शामिल होंगे।

केएसएफबीसीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ये धमकियां नई नहीं हैं, बल्कि बहुत लंबे समय से दी जाती रही हैं। आजादी के बाद से ही ऐसा होता आ रहा है। हम दलित समुदाय इन धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे।’’ रामचंद्रप्पा ने कहा, ‘‘अगर धर्मगुरु और वोक्कालिगा संघ आंदोलन करने को तैयार हैं, तो हम भी अपने नेता को नहीं छोड़ेंगे। अहिंदा समुदाय की 70 प्रतिशत आबादी ने इस सरकार को समर्थन दिया है। हम अहिंदा समुदाय के किसी नेता को गिराने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

 

]]>
Fri, 28 Nov 2025 17:24:52 +0530 news desk MPcg
राहुल पर उठे सवाल: कांग्रेस नेता बोले— प्रियंका ही संभालें पार्टी की कमान https://citytoday.co.in/4454 https://citytoday.co.in/4454 नई दिल्ली 
कांग्रेस के सीनियर नेता राशिद अल्वी ने पार्टी के हालात पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति कमजोर है। अल्वी ने कहा है कि कांग्रेस संगठन का हाल दयनीय हो गया है और इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस लीडरशिप जिम्मेदार है। अल्वी ने कहा है कि कांग्रेस संगठन का हाल दयनीय हो गया है और इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस लीडरशिप जिम्मेदार है। अल्वी के मुताबिक चुनावी मेहनत और तैयारी के मामले में भाजपा से मुकाबला करना तो दूर, कांग्रेस कहीं ठहर ही नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ज़मीन पर काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस की मेहनत कहीं दिखाई नहीं देती।

राशिद अल्वी ने कांग्रेस हाईकमान की कार्यशैली पर भी तीखा सवाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मुलाकात करना कांग्रेस नेताओं के लिए भी आसान नहीं है, जबकि इंदिरा गांधी से तो आसानी से मुलाकात हो जाती थी। अल्वी ने सुझाव दिया कि प्रियंका गांधी को पार्टी की बागडोर संभालनी चाहिए क्योंकि प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि दिखती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज हाशिये पर हैं। इसके लिए भी पार्टी लीडरशिप ही जिम्मेदार है। कांग्रेस के भीतर उठी इस आवाज़ ने संगठनात्मक हालत और नेतृत्व की शैली पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। उन्होंने बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर जो सीनियर लीडर्स हैं, उन्हें लगता है कि उन्हें जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है। वे महसूस करते हैं कि उनकी तरफ से कांग्रेस को मजबूत किया जा सकता है। आज सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम उन लोगों की नाराजगी दूर करें, जिन लोगों को किनारे लगाया गया है। उन्हें मुख्यधारा में लाना चाहिए। यही नहीं उन्होंने कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही रस्साकशी को भी खत्म करने की अपील की। भाजपा नेता और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का उदाहरण देते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि हर पार्टी में उतार-चढ़ाव का दौर आता है। फिलहाल कर्नाटक में जो चल रहा है, वह चिंताजनक है।

वसुंधरा राजे के साथ राजस्थान में क्या हुआ? यह ध्यान देना चाहिए
राशिद अल्वी ने कहा, 'हर राजनीतिक दल के साथ ऐसा होता है। हम जानते हैं कि राजस्थान में वसुंधरा राजे के साथ क्या हुआ। हमें कर्नाटक की चिंता है। कांग्रेस पार्टी के मुखिया राहुल गांधी नहीं हैं बल्कि मल्लिकार्जुन खरगे हैं। उन्हें इस मसले को जल्दी से जल्दी हल करना चाहिए।' दरअसल कर्नाटक में डीके शिवकुमार के समर्थकों का कहना है कि सरकार गठन के दौरान ढाई-ढाई साल के लिए करार हुआ था और अब सिद्धारमैया को पद छोड़ देना चाहिए।

]]>
Thu, 27 Nov 2025 19:44:36 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस का बड़ा फेरबदल: पीसी शर्मा ग्वालियर सिटी और रूरल संभालेंगे, इंदौर ग्रामीण में बदलाव https://citytoday.co.in/4445 https://citytoday.co.in/4445 भोपाल 

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जिला स्तर पर संगठन को फिर से व्यवस्थित करने के लिए व्यापक बदलाव किए हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लगभग सभी जिलों में नए प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पटवारी के गृह जिले इंदौर ग्रामीण की जिम्मेदारी फिलहाल खाली रखी गई है, जबकि बाकी 70 जिलों में प्रभारियों की घोषणा कर दी गई है। पार्टी के इस कदम को आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रमोट हुए नेताओं की जगह नए प्रभारी

    पीसीसी अध्यक्ष ने खासतौर पर खंडवा सिटी, नरसिंहपुर और ग्वालियर सिटी जैसे अहम जिलों के प्रभारी बदले हैं। खंडवा सिटी की पूर्व प्रभारी रीना बौरासी, अब महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष बनाई गई हैं।

    इनके स्थान पर खंडवा ग्रामीण के जिला प्रभारी आरके दोगने को प्रभारी बनाया गया है। ये हरदा के विधायक भी हैं। इनको दोनों जिलों का प्रभारी बनाया गया है।

ग्वालियर सिटी की प्रभारी हिना कांवरे राष्ट्रीय सचिव बनी हैं। इसके बाद ग्वालियर शहर और ग्रामीण दोनों जिलों का जिम्मा पीसी शर्मा को सौंपा गया है। पीसी शर्मा पूर्व मंत्री हैं।

वहीं, सुखदेव पांसे को कांग्रेस के संगठन प्रभारी के तौर पर नरसिंहपुर जिले का जिम्मा सौंपा गया था। इनकी जगह नरसिंहपुर की जिम्मेदारी आलोक मिश्रा को दी गई है।

जीतू पटवारी का गृह जिला इसलिए खाली

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का गृह जिला इंदौर ग्रामीण के जिला प्रभारी अवनीश भार्गव मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक बनाए गए हैं। भार्गव जैसे सीनियर और समन्वय बनाने वाले नेता का नाम तय नहीं हो पाया। इसलिए फिलहाल इंदौर ग्रामीण के जिला प्रभारी को घोषित नहीं किया गया है।

अब जिले वार कांग्रेस के प्रभारियों की लिस्ट देखिए

    मुरैना सिटी– राम किंकर गुर्जर
    मुरैना ग्रामीण– लाखन सिंह यादव (उपाध्यक्ष)
    श्योपुर– सुनील शर्मा (महासचिव)
    भिंड शहर व ग्रामीण– बैजनाथ कुशवाह (महासचिव)
    ग्वालियर शहर व ग्रामीण– पीसी शर्मा (पूर्व मंत्री)
    अशोकनगर– रोशनी यादव (महासचिव)
    दतिया- गुड्डू राजा (महासचिव)
    शिवपुरी- देवेंद्र शर्मा
    गुना- दिनेश गुर्जर (महासचिव)
    सागर सिटी- मनोज कपूर (सचिव)
    सागर ग्रामीण- घनश्याम सिंह (महासचिव)
    छतरपुर- सुरेश राजे (महासचिव)
    दमोह- हर्ष यादव (महासचिव)
    पन्ना- राजभान सिंह (सचिव)
    टीकमगढ़- राव यादवेंद्र सिंह यादव (महासचिव)
    निवाड़ी– रामलखन दंडोतिया
    रीवा शहर व ग्रामीण- संजय शर्मा (महासचिव)
    मऊगंज– मकसूद अहमद
    सतना सिटी– सुनील सर्राफ (सचिव)
    सतना ग्रामीण- विनय सक्सेना (महासचिव)
    मैहर– गुरमीत सिंह (मंगू) (महासचिव)
    सीधी– दिलीप मिश्रा
    सिंगरौली शहर व ग्रामीण- कविता पांडे (महासचिव)
    शहडोल– नारायण पट्टा (महासचिव)
    अनूपपुर– सुखेन्द्र सिंह बन्ना
    उमरिया – नीरज बघेल (सचिव)
    डिंडोरी – फुंदेलाल मार्को (महासचिव)
    जबलपुर सिटी – राजकुमार खुराना
    जबलपुर ग्रामीण- रजनीश सिंह (महासचिव)
    कटनी शहर व ग्रामीण – वीरेंद्र द्विवेदी (महासचिव)
    बालाघाट – लखन घनघोरिया (उपाध्यक्ष)
    छिंदवाड़ा सिटी – सुनील जायसवाल (महासचिव)
    पांढुर्ना – रामू टेकाम (महासचिव)
    मंडला – किरण अहिरवार (महासचिव)
    नरसिंहपुर – आलोक मिश्रा
    सिवनी – सोहन वाल्मीकि (महासचिव)
    नर्मदापुरम – ओम पटेल
    बैतूल – सुनील उइके
    हरदा – रचना जैन (संयुक्त सचिव)
    भोपाल सिटी – रवि जोशी (उपाध्यक्ष)
    भोपाल ग्रामीण – विनय बाकलीवाल (महासचिव)
    रायसेन – शैलेन्द्र पटेल (महासचिव)
    राजगढ़ – सुरेंद्र सिंह हनी बघेल (उपाध्यक्ष)
    सीहोर – जयश्री हरिकिरण (महासचिव)
    विदिशा – प्रभु सिंह ठाकुर (महासचिव)
    उज्जैन सिटी – अमित शर्मा (महासचिव)
    उज्जैन ग्रामीण – चंदर सौंधिया (महासचिव)
    देवास सिटी – सुरेंद्र सिंह (शेरा)
    देवास ग्रामीण – सदाशिव यादव
    रतलाम शहर व ग्रामीण- प्रताप ग्रेवाल (महासचिव)
    शाजापुर – निर्मल मेहता
    मंदसौर – मनोज राजानी
    नीमच – अरविंद बागड़ी
    आगर–मालवा – आतिफ अकील (महासचिव)
    इंदौर सिटी – संजीव सक्सेना (महासचिव)
    इंदौर ग्रामीण- (रिक्त)
    खंडवा शहर व ग्रामीण- आरके दोगने (महासचिव)
    बुरहानपुर शहर व ग्रामीण- ग्यारसीलाल रावत (महासचिव)
    धार – रघु परमार (महासचिव)
    झाबुआ – अमन बजाज
    खरगोन – जय सिंह ठाकुर (महासचिव)
    अलीराजपुर – रामवीर सिकरवार (महासचिव)
    बड़वानी – झूमा सोलंकी (उपाध्यक्ष)

पदाधिकारियों के प्रमोशन से खाली हुई जगह

कुछ जिलों में प्रभारी इसलिए बदले गए क्योंकि मौजूदा पदाधिकारी प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट हो चुके हैं। खंडवा सिटी की प्रभारी रीना बौरासी महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष बनाई गई हैं। उनकी जगह खंडवा ग्रामीण के प्रभारी आरके दोगने को खंडवा शहर और ग्रामीण दोनों की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह ग्वालियर शहर की प्रभारी हिना कांवरे के राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद ग्वालियर ग्रामीण के प्रभारी पीसी शर्मा को शहर और ग्रामीण दोनों का प्रभार सौंपा गया है। नरसिंहपुर में भी बदलाव हुआ है। यहां संगठन प्रभारी सुखदेव पांसे के पास जिले का प्रभार था, जिसे अब आलोक मिश्रा को सौंप दिया गया है।

गृह जिले इंदौर ग्रामीण का प्रभार खाली क्यों रखा गया

इंदौर ग्रामीण के प्रभारी अवनीश भार्गव को मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवा दल का मुख्य संगठक नियुक्त किया गया है। पार्टी अंदरूनी तौर पर ऐसे वरिष्ठ और सर्वमान्य नेता की तलाश में है, जो इस महत्वपूर्ण जिले में समन्वय कायम रख सके। इसी वजह से इंदौर ग्रामीण की जिम्मेदारी फिलहाल रिक्त रखी गई है।

जिलों के हिसाब से नियुक्त किए गए नए प्रभारी

मुरैना जिले में राम किंकर गुर्जर (सिटी) और लाखन सिंह यादव (उपाध्यक्ष, ग्रामीण) को प्रभार मिला है। श्योपुर में सुनील शर्मा (महासचिव), भिंड में बैजनाथ कुशवाह (महासचिव), ग्वालियर शहर और ग्रामीण दोनों में पीसी शर्मा (पूर्व मंत्री) की नियुक्ति की गई है। अशोकनगर में रोशनी यादव (महासचिव), दतिया में गुड्डू राजा (महासचिव), शिवपुरी में देवेंद्र शर्मा और गुना में दिनेश गुर्जर (महासचिव) को दायित्व दिया गया है। सागर सिटी में मनोज कपूर (सचिव) और सागर ग्रामीण में घनश्याम सिंह (महासचिव) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

छतरपुर में सुरेश राजे (महासचिव), दमोह में हर्ष यादव (महासचिव), पन्ना में राजभान सिंह (सचिव) और टीकमगढ़ में राव यादवेंद्र सिंह यादव (महासचिव) को प्रभार दिया गया है। निवाड़ी में रामलखन दंडोतिया, रीवा शहर और ग्रामीण दोनों में संजय शर्मा (महासचिव), मऊगंज में मकसूद अहमद और सतना सिटी में सुनील सर्राफ (सचिव) तथा सतना ग्रामीण में विनय सक्सेना (महासचिव) को नई जिम्मेदारी दी गई है। मैहर क्षेत्र की जिम्मेदारी गुरमीत सिंह मंगू (महासचिव) को मिली है।

सीधी में दिलीप मिश्रा, सिंगरौली शहर और ग्रामीण में कविता पांडे (महासचिव), शहडोल में नारायण पट्टा (महासचिव) और अनूपपुर में सुखेंद्र सिंह बन्ना को प्रभार मिला है। उमरिया में नीरज बघेल (सचिव), डिंडोरी में फुंदेलाल मार्को (महासचिव), जबलपुर सिटी में राजकुमार खुराना और जबलपुर ग्रामीण में रजनीश सिंह (महासचिव) को कमान दी गई है। कटनी शहर और ग्रामीण दोनों का प्रभार वीरेंद्र द्विवेदी (महासचिव) को मिला है।

बालाघाट में लखन घनघोरिया (उपाध्यक्ष), छिंदवाड़ा सिटी में सुनील जायसवाल (महासचिव), पांढुर्ना में रामू टेकाम (महासचिव) और मंडला में किरण अहिरवार (महासचिव) को जिम्मेदारी दी गई है। नरसिंहपुर का प्रभार आलोक मिश्रा संभालेंगे, जबकि सिवनी में सोहन वाल्मीकि (महासचिव), नर्मदापुरम में ओम पटेल और बैतूल में सुनील उइके को नियुक्त किया गया है। हरदा में रचना जैन (संयुक्त सचिव), भोपाल सिटी में रवि जोशी (उपाध्यक्ष) और भोपाल ग्रामीण में विनय बाकलीवाल (महासचिव) को कमान दी गई है।

रायसेन में शैलेन्द्र पटेल (महासचिव), राजगढ़ में सुरेंद्र सिंह हनी बघेल (उपाध्यक्ष), सीहोर में जयश्री हरिकिरण (महासचिव) और विदिशा में प्रभु सिंह ठाकुर (महासचिव) को जिम्मेदारी मिली है। उज्जैन सिटी में अमित शर्मा (महासचिव) और उज्जैन ग्रामीण में चंदर सौंधिया (महासचिव) को नियुक्त किया गया है। देवास सिटी में सुरेंद्र सिंह शेरा और देवास ग्रामीण में सदाशिव यादव को प्रभार मिला है। रतलाम शहर और ग्रामीण दोनों में प्रताप ग्रेवाल (महासचिव), शाजापुर में निर्मल मेहता, मंदसौर में मनोज राजानी और नीमच में अरविंद बागड़ी की नियुक्ति हुई है।

आगर मालवा में आतिफ अकील (महासचिव), इंदौर सिटी में संजीव सक्सेना (महासचिव) और इंदौर ग्रामीण को रिक्त रखा गया है। खंडवा शहर और ग्रामीण दोनों की कमान आरके दोगने (महासचिव) के पास होगी। बुरहानपुर में ग्यारसीलाल रावत (महासचिव), धार में रघु परमार (महासचिव), झाबुआ में अमन बजाज, खरगोन में जय सिंह ठाकुर (महासचिव), अलीराजपुर में रामवीर सिकरवार (महासचिव) और बड़वानी में झूमा सोलंकी (उपाध्यक्ष) को जिम्मेदारी दी गई है।

]]>
Tue, 25 Nov 2025 17:12:15 +0530 news desk MPcg
बिहार के बाद महाराष्ट्र से बीजेपी के लिए बड़ी खुशखबरी, बिना चुनाव लड़े बढ़ी पार्टी की सीटें; विपक्ष हुआ आगबबूला https://citytoday.co.in/4429 https://citytoday.co.in/4429 मुंबई 

बिहार विधानसभा चुनाव में शानदान जीत के बाद अब महाराष्ट्र में बीजेपी को बड़ी खूबखबरी मिल गई है. पार्टी ने 2 दिसंबर को होने वाले नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव से पहले ही बढ़त बना ली है. राज्य के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने बताया कि पार्टी के 100 पार्षद बिना किसी मुकाबले के ही जीत गए हैं. इसके अलावा तीन नगर परिषद अध्यक्ष भी बिना चुनाव के ही चुने गए हैं.

चव्हाण ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को दिया है. चव्हाण के अनुसार निर्विरोध जीतने वाले इन 100 पार्षदों में 4 कोंकण क्षेत्र से 49 उत्तर महाराष्ट्र से 41 पश्चिम महाराष्ट्र से 3-3 मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र से हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मतदान से पहले ही इतनी सीटें मिलना बीजेपी संगठन की मजबूती को दर्शाता है.

बीजेपी के ही उम्मीदवार कैसे जीत रहे?

हालांकि बीजेपी के इस दावे पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का कहना है कि निर्विरोध चुनाव पर आपत्ति नहीं है, लेकिन बार-बार केवल बीजेपी के ही उम्मीदवार बिना मुकाबले कैसे जीत रहे हैं? विपक्ष का आरोप है कि पैसे, ताकत और सत्ता का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है.

विवाद इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि कई जगह बीजेपी नेताओं के परिजन भी बिन मुकाबला जीत गए हैं. जामनेर में जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन नगर परिषद की अध्यक्ष बिना चुनाव के ही चुनी गईं, क्योंकि उनके सामने खड़े सभी उम्मीदवारों ने अंतिम समय पर नाम वापस ले लिया.

कांग्रेस नेता का बड़ा आरोप

धुले जिले में मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल की मां नयन कुंवर रावल भी विरोधी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद अध्यक्ष बन गईं. चिखलदरा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चचेरे भाई अल्हद कालोटी भी बिना मुकाबले पार्षद चुन लिए गए. कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर का आरोप है कि अन्य उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए धमकाया गया.

इन घटनाओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. बीजेपी इसे अपनी लोकप्रियता और जनता के समर्थन का नतीजा मान रही है, जबकि विपक्ष दावा कर रहा है कि लोकतंत्र को दबाने की कोशिश हो रही है, क्योंकि नामांकन वापस लेने या रद्द होने का फायदा हर बार केवल बीजेपी को ही मिलता है.

राज्य में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान 2 दिसंबर को होगा और मतगणना 3 दिसंबर को की जाएगी. इसके साथ-साथ यह विवाद भी चुनावी माहौल का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है.

]]>
Mon, 24 Nov 2025 15:30:26 +0530 news desk MPcg
202 सीटों की भारी जीत, पर अखिलेश यादव को अभी भी पच नहीं रही NDA की जीत https://citytoday.co.in/4331 https://citytoday.co.in/4331

बेंगलुरु

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव के रिजल्ट पर बड़ा बयान दिया। रविवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नतीजे हजम नहीं हो रहे। अखिलेश ने कहा, 'आप चुनाव जीत सकते हैं या हार सकते हैं। हम लोग उनसे सीखते रहते हैं। आप लोकप्रिय हो सकते हैं, लेकिन भाजपा की मशीनरी और उनका काम करने का तरीका देखिए, जो ग्रासरूट स्तर तक जाते हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहना शुरू कर दिया है कि महिलाओं ने उन्हें बहुत ज्यादा वोट दिए। ये तो कहा जा सकता है कि उन्हें ज्यादा महिलाओं के वोट मिले। लेकिन आप कब तक 10 हजार रुपये देंगे? आप सम्मान की जिंदगी कब देंगे?' उन्होंने कहा कि अब आप 10 हजार उन लोगों को दे रहे हैं, जिनके अपने साथ रह नहीं पाते। ये दुखद है।

अखिलेश यादव ने कहा, 'बिहार और यूपी ऐसे राज्य हैं जहां सबसे ज्यादा लोग पलायन करते हैं। वे अपने परिवारों को छोड़कर चले जाते हैं। परिवार की तरह परिवार के साथ रहे, सरकार उसके लिए काम नहीं कर रही। बस 10 हजार दे दो और वोट ले लो। बाद में तो जैसा अन्य राज्यों में किया, नंबर्स कम कर दो, नियम बना दो। फिर पता चला कि हमारी मां-बहनें मदद नहीं ले पा रही हैं। महाराष्ट्र या किसी भी राज्य में ऐसा ही होता है।' एनडीए की इतनी बड़ी जीत पर अखिलेश यादव ने कहा, '202 – डबल सेंचुरी! हजम नहीं हो रहा है। मैं समझ नहीं पा रहा कि रिजल्ट कैसा है। अगर हम 200 सीटें पा सकते हैं, तो जहां ज्यादा सीटें हों – 70-80% – कोई भी राजनीतिक पार्टी जीत सकती है। तो अन्य पार्टियां, जो 90% लोगों के साथ काम कर रही हैं, वे उनसे बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। अगर ये बेंचमार्क है, तो हमें इसे पार करना होगा।'

डबल इंजन को झटके की दिलाई याद

सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम हार से सीखते हैं। और सीखने का अवसर मिलता है जब आप नीचे पहुंच जाते हैं। तब सोचते हैं कि वे ऊपर कैसे आएं। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि हमें 5 सीटें मिली थीं। मैं सरकार को मनाने में असमर्थ था। उसके बाद डबल इंजन आया। हमने उन दो डबल इंजनों को हराया। उन्होंने इतनी सीटें गंवाईं कि शायद वे अभी भी कल्पना न कर पाएं।' उन्होंने कहा कि अब बिहार की जीत यूपी की जीत के बराबर नहीं हो सकती। यूपी ने अलग जीत हासिल की है, बिहार की जीत अलग है। आप बिहार को जीत सकते हैं, लेकिन यूपी में जो हुआ, वो देखा है। हमारे पास बिहार को जीत में बदलने का समय है। इसके लिए हम तैयार हैं। यूपी में विधानसभा चुनाव दूर नहीं है।

]]>
Sun, 16 Nov 2025 16:43:19 +0530 news desk MPcg
विधायक की सदस्यता पर संशय कायम, निर्मला सप्रे का पलटवार—‘पद का मोह होता तो मैं मंत्री होती’ https://citytoday.co.in/4316 https://citytoday.co.in/4316 भोपाल

मध्यप्रदेश के बीना विधायक निर्मला सप्रे की बहुचर्चित सदस्यता मामले में संशय अभी भी बरकार है। लोगों और खुद विधायक को कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। इस बीच निर्मला सप्रे का बड़ा बयान सामने आया है।

आमंत्रण के लिए सीएम से मिलने आती हूं
विधायक निर्मला सप्रे ने कहा- विधायक पद का मोह होता तो मैं मंत्री होती। कोर्ट के निर्णय का इंतजार करें, कोर्ट जो भी निर्णय देगा वह मंजूर है। मैं कोर्ट में अपना जवाब दूंगी, सार्वजनिक मंच पर नहीं। मैं जनता की विधायक हूं, मैं जनता के लिए काम कर रही हूं। 177 करोड़ के काम सरकार ने स्वीकृत किए हैं उनके शिलान्यास भूमिपूजन के आमंत्रण के लिए सीएम से मिलने आती हूं। मुझे विधायक पद का मोह नहीं है। अगर मोह होता तो मैं मंत्री होती।

बीना जल्द ही जिला बनेगा, जनता की यही इच्छा
बीजेपी को आज की स्थिति में किसी दूसरे दल के विधायक की जरूरत नहीं है। मैं जनता की सेवा के लिए काम कर हूं, जनता मेरे काम से बहुत खुश है। बीना जल्द ही जिला बनेगा, जनता की यही इच्छा है। बीना को जिला बनाने के लिए मैं खुद धरने पर बैठी हूं। सीएम ने बीना के विकास के लिए बहुत काम किया है।

]]>
Sat, 15 Nov 2025 17:50:47 +0530 news desk MPcg
एग्जिट पोल में बढ़त के बावजूद NDA की बढ़ी टेंशन, किस आंकड़े से बजा अलार्म? https://citytoday.co.in/4299 https://citytoday.co.in/4299 नई दिल्ली 
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। उससे पहले आए ज्यादातर एग्जिट पोल्स में एनडीए की वापसी का अनुमान जताया गया है। इन सर्वे में बताया गया है कि एनडीए को 150 से 170 सीटें हासिल हो सकती हैं, जबकि महागठबंधन के 100 से नीचे ही रह जाने का अनुमान है। ऐसे दो ही सर्वे हैं, जिनमें टाइट फाइट की बात कही गई है। फिर भी एनडीए के लिए एक आंकड़ा चिंता की वजह है। यह आंकड़ा बिहार में बढ़े हुए मतदान का है। बिहार में इस बार के मतदान ने सभी को चौंका दिया है। 1952 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा मतदान इस बार बिहार में हुआ है।

कुल मिलाकर 66.91 फीसदी वोटिंग हुई है। 2020 के मुकाबले यह मतदान 9 फीसदी ज्यादा है। 2020 में 57.29% वोटिंग ही हुई थी। यही आंकड़ा एनडीए के लिए चिंता की भी बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि बिहार के चुनावी इतिहास में जब भी वोटिंग में इजाफा हुआ है तो परिवर्तन हुआ है। इसीलिए विपक्ष के लोग बढ़े हुए मतदान को परिवर्तन के लिए पड़ा वोट बता रहे हैं। बीते चुनाव का डेटा देखें तो तीन बार सरकार बदली है, जब मतदान 5 फीसदी अधिक बढ़ा है। 1967 के चुनाव में 1962 की तुलना में 7 फीसदी वोट बढ़ा था और नतीजा आया कि कांग्रेस की सरकार बदल गई। यहीं से बिहार में गैर-कांग्रेसी सरकारों के गठन की शुरुआत हुई।

एग्जिट पोल्स के बाद भी क्यों बढ़ी है धुकधुकी
इसके बाद 1980 के चुनाव का एक उदाहरण है। तब 57.3 फीसदी वोट हुआ था, जबकि 1977 में 50.5 पर्सेंट ही वोटिंग हुई थी। इस तरह करीब 7 फीसदी वोट बढ़ा और नतीजा था कि सत्ता बदल गई। ऐसी ही स्थिति 1990 में भी दोहराई गई। तब मतदान में 5.7 पर्सेंट का इजाफा हुआ और कांग्रेस की सरकार चली गई। जनता दल की वापसी हुई। ऐसे में इस आंकड़े को लेकर धुकधुकी बढ़ी हुई है। कहा जा रहा है कि बिहार में कहीं फिर से सत्ता ना बदल जाए। हालांकि एनडीए को बढ़े हुए मतदान से अपनी जीत की उम्मीद इसलिए है क्योंकि महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया है।

महिलाओं का वोट पुरुषों से 9 फीसदी ज्यादा पड़ा
चुनाव आयोग का कहना है कि महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा वोट किया है। बिहार में यदि कुल मतदान 66.9 फीसदी है तो वहीं पुरुषों का आंकड़ा 62.8 पर्सेंट ही है। वहीं महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6% है। महिलाओं को नीतीश कुमार का समर्थक वर्ग माना जाता है। इसलिए एनडीए को उम्मीद है कि शायद बढ़े वोट का उन्हें फायदा मिले। फिर भी नतीजे आने तक चिंता तो बनी ही हुई है।

 

]]>
Thu, 13 Nov 2025 18:34:37 +0530 news desk MPcg
दिग्विजय सिंह ने दिल्ली धमाके को बिहार चुनाव से जोड़ा, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप https://citytoday.co.in/4263 https://citytoday.co.in/4263  देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लालकिला के बाहर सोमवार शाम को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास खड़े कई वाहन जलकर खाक हो गए। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सभी एंगल से जांच में जुटी हैं और इलाके को सील कर दिया गया है। वहीं इस संवेदनशील माहौल में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर विस्फोटक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं इस घटना को बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने के प्रयास के रूप में देख रहा हूं।”

दिग्विजय सिंह ने ट्विट के जरिए लिखा- अमित शाह जी आप #BiharElection2025 में व्यस्त हैं और दिल्ली में लाल क़िले पर बम फट रहा है। NSA IB CP-दिल्ली क्या कर रहे थे? क्या इन लोगों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या इन पर कोई कार्रवाई होगी? या फिर इसे बिहार चुनाव में हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण करने का प्रयास होगा? देखते हैं।

उनका यह बयान सामने आते ही सियासी हलकों में भूचाल आ गया। भाजपा नेताओं ने इसे “शर्मनाक और संवेदनहीन राजनीति” बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। कई नेताओं ने कहा कि जब देश शोक में है, तब इस तरह के बयान जांच को प्रभावित करने वाले और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश हैं।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने ऐसे विवादित बयान दिए हों। इससे पहले भी वे कई बार आतंकी घटनाओं पर टिप्पणी कर विवादों के घेरे में आ चुके हैं। 
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

इस बीच जांच एजेंसियां धमाके के पीछे के असल मास्टरमाइंड को खोजने में जुटी हैं। घटना स्थल से बरामद मलबे में रासायनिक विस्फोटक के अंश मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं घायल लोगों का इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

]]>
Tue, 11 Nov 2025 17:39:58 +0530 news desk MPcg
हैदराबाद में हिंदू लड़कियों के साथ कथित अपराध, मंत्री ने AIMIM पर गंभीर आरोप लगाए https://citytoday.co.in/4242 https://citytoday.co.in/4242 हैदराबाद
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने आरोप लगाए हैं कि अन्य राज्यों से हैदराबाद आ रहीं हिंदू लड़कियों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने इसके आरोप 'असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली AIMIM के समर्थन' से संचालित एक मादक पदार्थ गिरोह पर लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यहां पुराने शहर में हिंदू नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा है, उनका अपहरण कर रहा है और उन पर हमला कर रहा है। भाजपा नेता ने कहा है कि उन्होंने निशाना बनी महिलाओं के परिवार से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

 रिपोर्ट के अनुसार, संजय ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के पास कोई सेफ्टी कवर नहीं है…। अब वो ऐसी ही स्थिति का सामना हैदराबाद के पुराने शहर में कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'शुरुआत में वो बर्थडे पार्टी के नाम पर स्कूल से एक लड़की को फुसलाकर मुस्लिम क्लासमेट के घर ले गए, जहां उसे ड्रग्स मिली हुई चॉकलेट दी गई…। बाद में उसे किडनैप किया गया और 6 दिनों तक उनपर अत्याचार किया गया।'

उन्होंने कहा, 'जब लड़की के माता-पिता पुलिस के पास पहुंचे, तो वापस भेज दिया गया और बगैर किसी जांच के केस बंद कर दिया गया। बाद में उस लड़की को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया गया और अन्य दोस्तों को भी लाने के लिए दबाव बनाया गया।'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीड़िता ने 9 और ऐसी ही लड़कियों के नाम बताए हैं, जो ऐसे ही हालात से गुजरी हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि स्थानीय पुलिस डरी हुई है, क्योंकि वह AIMIM के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाए कि एक नाबालिग को नशेड़ियों के एक गिरोह ने अगवा कर लिया था। उन्होंने कहा कि जब वह घर लौटी और परिवार ने पुलिस में शिकायत की, तो मामले को बगैर उचित जांच के बंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा, 'लड़की अब लत से जूझ रही है और उसका बर्ताव बदल गया है। सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूत होते के बाद भी गैंग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।' खास बात है कि उन्होंने सीसीटीवी की तस्वीरें भी दिखाईं, जहां दो युवक एक लड़की का अपहरण करते नजर आ रहे हैं।
हिंदू स्क्वॉड बनाने की चेतावनी

संजय का कहना है कि ऐसे कथित अपराध की एक पीड़िता के पैरेंट्स ने आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि पुराने शहर में हिंदू प्रोटेक्शन स्क्वॉड तैयार किए जाएंगे।
पुलिस क्या बोली

इधर, चार मीनार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा, 'एक जांच की गई थी और लड़की का पता लगा लिया गया था, लेकिन हमें यौन उत्पीड़न के कोई भी सबूत नहीं मिले। लड़की पहले भी दो बार गुमशुदा हो चुकी थी।' रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा, 'सबसे ताजा मामले में ही, एक लड़की का कहा है कि वह आरोपी के साथ मर्जी से गई थी। वह नाबालिग है और ऐसे में आरोपी के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है।'

]]>
Mon, 10 Nov 2025 16:56:51 +0530 news desk MPcg
AAP का आरोप: भाजपा ने ट्रेन टिकट देकर वोटर्स को भेजा बिहार, बढ़ी बंपर वोटिंग https://citytoday.co.in/4227 https://citytoday.co.in/4227 पटना 

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को राजनीतिक दल अलग-अलग चश्मे से देख रहे हैं। कोई इसे सरकार के पक्ष में जनता का समर्थन बता रहा है तो किसी को बदलाव की बयार दिख रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने इसमें एक नया एंगल जोड़ दिया है। पार्टी ने इसे 'वोट चोरी' का दूसरा हिस्सा बताते हुए कहा है कि भाजपा ने अपने वोटर्स को टिकट देकर दूसरे शहरों से बिहार भेजा, इसी वजह से 75 साल में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक यूट्यूब वीडियो के सहारे दावा किया कि लाखों वोटर्स को भाजपा ने अलग-अलग शहरों से बिहार भेजा था। उन्होंने जिस वीडियो को शेयर किया है उसमें कुछ लोग गले में भाजपा का पटका लटकाए दिख रहे हैं। वह कहते हैं कि वोट देने के लिए बिहार जा रहे हैं और टिकट की व्यवस्था भाजपा की ओर से की गई है। बताया गया कि हरियाणा के करनाल से भाजपा ने वोटर्स को बिहार भेजा था।

भारद्वाज ने वीडियो के साथ लिखा, 'भाजपा के करनाल के जिला अध्यक्ष स्टेशन पर मौजूद हैं। भाजपा ने संगठित तरीके से वोटरों को चिन्हित किया। SIR में भाजपा के द्वारा चिन्हित वोटरों की वोट नहीं काटी गई। फिर लाखों तादाद में वोटरों को अलग अलग शहरों से चुनाव से पहले बिहार भेजा गया। ट्रेन की टिकट आदि सारे इंतजाम भाजपा ने किए। इस तरीके से बिहार की वोटिंग 75 साल के सबसे ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची।'

बिहार में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान

बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में गुरुवार को 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो राज्य में 'अब तक का सबसे ज्यादा' मतदान प्रतिशत है। इसमें अभी और इजाफे की संभावना है। पहले चरण में 18 जिलों के कुल 121 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां मतदाताओं की कुल संख्या 3.75 करोड़ से अधिक थी। बिहार में इससे पहले सबसे ज्यादा 62.57 प्रतिशत मतदान 2000 में दर्ज किया गया था। कोविड-19 महामारी के साये में हुए 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 57.29 रहा था।

]]>
Fri, 07 Nov 2025 15:42:21 +0530 news desk MPcg
बिहार में अशांत राज का दौर खत्म: शहाबुद्दीन जैसे बाहुबली अब नहीं उभरेंगे – अमित शाह https://citytoday.co.in/4224 https://citytoday.co.in/4224 मोतिहारी 
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को मोतिहारी जिले में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। अमित शाह ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि जंगलराज में अपहरण, खून, डकैती-फिरौती करने वाले कभी बिहार का भला नहीं कर सकते हैं। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि बिहार में जंगलराज को रोकने का काम पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी कर सकती है। राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि अभी दो माह पहले राहुल गांधी ने यात्रा निकाली। यह यात्रा किसानों, युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली गई थी। मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि वे घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं, लेकिन हमारी सरकार ने प्रण लिया है कि देश और बिहार से एक-एक घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।
राजद पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि राजद के लोग बिहार में आज भी शहाबुद्दीन का जमाना फिर से लाना चाहते हैं। लालू यादव के बेटे ने नारा लगाया, 'शहाबुद्दीन अमर रहे', उनके बेटे को टिकट दी, लेकिन मैं आज बता कर जाता हूं कि लालू यादव आपकी तीन पीढ़ी भी आ जाए तब भी बिहार में शहाबुद्दीन जैसे बाहुबली पैदा नहीं हो सकते। अमित शाह ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी लालू यादव के कंधों पर सवार होकर बिहार की सत्ता में वापसी करना चाहती है। लेकिन मैं राहुल गांधी को बता देना चाहता हूं कि जिनके कंधों पर आप सवार हैं, वो तो हारेंगे ही, आप भी हारने वाले हैं।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि अभी-अभी पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार ने 1 करोड़ 41 लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में 10 हजार रुपए डालने का काम किया है। विपक्ष के लोग भ्रम फैला रहे हैं कि हम जीविका दीदियों से ये 10 हजार रुपए वापस ले लेंगे। मैं आज मोतिहारी की जीविका दीदियों से कहकर जाता हूं कि लालू यादव की चार-चार पीढ़ी भी आ जाए, लेकिन आप ये 10 हजार रुपए वापस नहीं ले सकते।
पीएम मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 10 साल तक मनमोहन सिंह का शासन रहा, लेकिन वे बिहार में सिर्फ 5 ही बार आए, जबकि पीएम मोदी अपने 10 साल के शासन में बिहार में 55 बार आए हैं। 10 साल में मनमोहन-सोनिया सरकार ने बिहार के लिए सिर्फ 2 लाख, 80 हजार करोड़ रुपए भेजे, जबकि पीएम मोदी ने 10 साल में 18 लाख, 70 हजार करोड़ रुपए भेजने का काम किया है। बिहार में अगली सरकार एनडीए की बनेगी और विकास के पथ पर बिहार आगे बढ़ेगा।

]]>
Fri, 07 Nov 2025 13:58:01 +0530 news desk MPcg
पचमढ़ी में कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर: 71 जिला अध्यक्ष सीखेंगे चुनावी रणनीति https://citytoday.co.in/4187 https://citytoday.co.in/4187 पचमढ़ी में कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर: 71 जिला अध्यक्ष सीखेंगे चुनावी रणनीति

हसीन वादियों में चुनावी गुर सीखेंगे कांग्रेसी, जल्द मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी होंगे शामिल

पचमढ़ी में कांग्रेस का क्लासरूम: नेताओं ने उठाए अहम मुद्दे, तैयारी जीत की रणनीति की

पचमढ़ी
मध्य प्रदेश कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रविवार से शुरू हो गया है. पहले दिन प्रदेश के 71 जिला अध्यक्ष इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए. जहां सभी जिला अध्यक्षों को दलित पीड़ितों और शोषितों को लेकर आगे चलने का प्रशिक्षण दिया गया. जिससे कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित शोषित और दलितों के मुद्दे लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने वाली है. यही कारण है कि पहले दिन सत्र में सभी को समाज के शोषित वर्गों को साथ लेकर चलने वाली का प्रशिक्षण दिया गया.

एमपी विधानसभा चुनाव की तैयारी

इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होने वाले है. हालांकि प्रशिक्षण सेवा में उनके आने की अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है. इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता संगठन मजबूत करने के तरीके सिखाए जाएंगे. शिविर में उमंग सिंघार जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए. कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी जिला अध्यक्षों को यह प्रशिक्षण दे रही है. जिसके माध्यम से जिला अध्यक्षों को उनका पावर बताया जाएगा.

इसी को लेकर यहां वरिष्ठ नेता प्रशिक्षण देने आ रहे हैं. 10 दिनों में हर दिन कोई न कोई वरिष्ठ कांग्रेस नेता पचमढ़ी में प्रशिक्षण देने पहुंचेंगे. इस दौरान सभी जिला अध्यक्षों को 10 दिन एक ही स्थान पर रहना होगा. इसके लिए कांग्रेस संगठन द्वारा एक साथ रहने के लिए नियम तरीका भी बताएगा.

कांग्रेस शिविर में कई मुद्दों पर चर्चा

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद जाट ने बताया कि "पचमढ़ी में कांग्रेस के महामंथन शिविर में SIR सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी. नए नियुक्त जिलाध्यक्षों को पार्टी की रीति-नीति, विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे की ट्रेनिंग दी जाएगी. संगठन सृजन अभियान के बाद यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगा. शराब और नशे से युवा पीढ़ी को बचाना हमारी प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार शराब से 17 हजार करोड़ का राजस्व लक्ष्य रखकर युवाओं को बर्बाद कर रही है. कानून-व्यवस्था शून्य है. बीजेपी के सांसद और विधायक जनता से दुर्व्यवहार कर रहे हैं. सतना में बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने आम जनता को थप्पड़ मार दिया. यही उनकी संस्कृति है. उन्होंने आगे कहा, बीजेपी की सरकार 50% कमीशन की सरकार है. घर-घर शराब पहुंचाने का काम हो रहा है. किसानों को यातनाएं दी जा रही है. ओबीसी आरक्षण रोका गया है. 27 विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा, वहीं मुख्यमंत्री 200 करोड़ का हवाई जहाज खरीद रहे हैं और रोज 25 लाख रुपए उस पर खर्च कर रहे हैं."

विचारों का आदान-प्रदान होगा

कांग्रेस के संगठन सर्जन प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि "पहला दिन सभी जिला अध्यक्षों से मेल मुलाकात का रहा. इस दौरान विचारों का आदान-प्रदान हुआ और 10 दिनों तक सभी के विचारों का आदान-प्रदान होगा. उमंग सिंघार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला से कांग्रेस को आगे बढ़ने का कार्य होगा."

 

]]>
Tue, 04 Nov 2025 15:27:08 +0530 news desk MPcg
अलीनगर का जातीय संग्राम: वोटों के नए समीकरण ने बढ़ाई सियासी गर्मी https://citytoday.co.in/4153 https://citytoday.co.in/4153 दरभंगा
विधानसभा चुनाव में अपनी सफलता के लिए सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरण दुरुस्त करने में जुट गए हैं। सभी दल विभिन्न जातियों पर पकड़ रखने वाले नेताओं को अपनी ओर खींचने में लगे हैं। पार्टियां चुनाव प्रचार के बहाने जाति बहुल विधानसभा में संबंधित जातियों के स्टार प्रचारकों को भेज रहे हैं, ताकि उनके प्रभाव वाली जाति को अपने पक्ष में लाकर अपने दल के प्रत्याशी को विजयी माला पहनाई जा सके।

इसके लिए अलग-अलग जाति को साधने की भरपूर कोशिश की जा रही है। सभी तिकड़म लगाए जा रहे हैं। हालांकि, जातीय समीकरण के अनुसार ही क्षेत्र में प्रत्याशियों को भी उतारा गया है। इसके बावजूद संतोष नहीं है कि वह अपनी जाति के मतदाताओं को साध सकें। मिथिला में चुनाव पहले से ही जातीय आधार पर लड़े जाते रहे हैं। इसी कारण क्षेत्र विशेष में विभिन्न राजनीतिक दल प्रत्याशियों का चयन करते समय क्षेत्र विशेष में जाति विशेष की बहुलता पर विशेष ध्यान देते रहे हैं। दरभंगा के बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की आबादी बहुतायत में है, इसलिए 2015 में भाजपा से गोपालजी ठाकुर और जदयू से सुनील कुमार चौधरी को मैदान में उतारा गया था।

वर्ष 2020 में जदयू के विनय कुमार चौधरी कांग्रेस के मिथिलेश कुमार चौधरी पर भारी पड़े थे। इस बार भी यही दोनों प्रतिद्वंद्वी मैदान में हैं। रोचक तथ्य तो यह है कि दोनों मजबूत ब्राह्मण उम्मीदवारों के बीच त्रिकोण बनाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी अवधेश कुमार झा भी इसी समुदाय से आते हैं। महागठबंधन और राजग दोनों ने इस क्षेत्र में अपने-अपने प्रत्याशियों के प्रचार के लिए जिन स्टार प्रचारकों को भेजा है, उनमें भी अधिकांश उसी समुदाय के हैं।

पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र अलीनगर में ब्राह्मण समुदाय के मतदाताओं की प्रभावी संख्या है। इसको देखते हुए राजग ने मैथिली ठाकुर, महागठबंधन ने विनोद मिश्र और जन सुराज ने विप्लव झा को प्रत्याशी बनाया है। अब प्रत्याशी का समुदाय किसके साथ जाएगा। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए क्षेत्र में उसी समुदाय के स्टार प्रचारक की फौज भी उतारी जा रही है। वह अपने प्रत्याशी के पक्ष में अपनी जाति के कितने मतदाताओं को गोलबंद करेंगे, या मतदाता उनकी बात का कितना असर लेते हैं। यह तो चुनाव के बाद पता चलेगा, लेकिन जातीय गणित सुलझाने की गुत्थी में कोई भी गठबंधन या दल किसी से पीछे नहीं है।

ऐसा ही जातीय गणित का खेल जाले विधानसभा क्षेत्र में भी देखा जा रहा है कि जहां एनडीए ने अपने काबीना मंत्री जीवेश कुमार को तीसरी बार मैदान में उतारा है, जबकि महागठबंधन ने राजद से कांग्रेस में लाकर पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा को मैदान में उतार दिया है, जबकि वर्ष 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में हालांकि जाति-कार्ड के बजाय विकास को मुख्य मुद्दा बनते देखा गया था।

मिथिला के लोग जातीय भावना से अब ऊपर उठ गए हैं, लेकिन वर्ष 2025 आते-आते सभी दलों का जोर फिर जातीय समीकरण बिठाने पर हैं। जिले के 10 विधानसभा सीटों पर पिछले विधानसभा में नौ पर एनडीए ने कब्जा जमाया था। लेकिन इस बार जातीय समीकरण के चक्र के सामने बड़े-बड़े प्रत्याशी धूल फांकते नजर आ रहे हैं।

 

]]>
Sat, 01 Nov 2025 19:05:28 +0530 news desk MPcg
BJP की जिला कार्यकारिणी घोषित, सिंधिया समर्थकों का दबदबा, बागियों को बाहर का रास्ता https://citytoday.co.in/4135 https://citytoday.co.in/4135

गुना

नौ महीने से बहुप्रतीक्षित गुना भाजपा की जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद पाने की दौड़ में लगी जोड़-तोड़ की राजनीति को उस समय विराम लग गया जब गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने अपने नौ महीने के कार्यकाल के बाद अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी। इस 22 सदस्यीय कार्यकारिणी में 9 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को महत्वपूर्ण पद मिले है।

विधायक के एक समर्थक को मिली जगह, बागी बाहर

विधायक पन्नालाल शाक्य के एक मात्र समर्थक संतोष धाकड़ को महामंत्री पद से नवाजा गया है। वहीं सिंधिया समर्थक के रूप में पूर्व पार्षद रविन्द्र रघुवंशी और चन्द्रप्रकाश अहिरवार को महामंत्री बनाया गया है। इस कार्यकारिणी में आपस में लड़ने वाले भाजपा के उपाध्यक्ष आरएन यादव और हीरेन्द्र सिंह चौहान बंटी बना को बाहर का रास्ता दिखाया है।

इस समाज ने किया कार्यकारिणी का विरोध

इस कार्यकारिणी के बनते ही विरोध के स्वर शुरू हो गए हैं। गुर्जर समाज के सीताराम गुर्जर ने कहा कि इस कार्यकारिणी में गुर्जर समाज को स्थान नहीं देकर हमारे समाज के साथ धोखा किया है। जबकि यह समाज जिले में बहुतायत संख्या में है। भाजपा की जिला कार्यकारिणी को घोषित न किए जाने को लेकर पत्रिका ने 25 अक्टूबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी। 

जिला कार्यकारिणी में इन नेताओं मिले ये पद

    जिला उपाध्यक्षः गिर्राज भार्गव,प्रबल प्रताप सिंह, महेन्द्र किरार, शिवपाल परमार, सुशील दहीफले, जगदीश मीना रिटायर्ड आरटीओ, गायत्री भील. गोमती ओझा
    जिला महामंत्रीः संतोष धाकड़, रविन्द्र रघुवंशी, चन्द्रप्रकाश अहिरवार
    जिला मंत्रीः
 कुसुमलता कुशवाह, रुद्र देव सिंह, श्रीकृष्ण भोला सोनी, अनिल जैन रुपश्री, सुनीता बंजारा, वीर बहादुर यादव, उमा लोधी, आशा शर्मा
    कोषाध्यक्ष- मोहित नामदेव
    सह कोषाध्यक्ष- राजेश साहू
    कार्यालय मंत्री- सुरेन्द्र जीत सिंह
    सह कार्यालय मंत्री बृज नारायण शर्मा
    सह कार्यालय मंत्री- शंभू सेन
    मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव
    सह मीडिया प्रभारी-ओमप्रकाश राठौर

]]>
Fri, 31 Oct 2025 17:35:27 +0530 news desk MPcg
26 सेकेंड में जारी हुआ NDA का घोषणापत्र, कांग्रेस बोली& झूठ का पुलिंदा! https://citytoday.co.in/4133 https://citytoday.co.in/4133 पटना 
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए के ‘संकल्प पत्र 2025’ पर विपक्ष ने जबरदस्त हमला बोला है। कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा, “सिर्फ 26 सेकेंड में घोषणापत्र जारी किया गया और फिर मीडिया के सवालों से बचकर भाग खड़े हुए। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।” पटना के होटल मौर्या में आयोजित प्रेस वार्ता में गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा, “बीस साल से सरकार में रहकर एनडीए ने क्या काम किए, कौन-से वादे पूरे हुए, इसका जवाब क्यों नहीं दे रहे? और इस मौके पर नीतीश कुमार कहां थे? क्या वे बीमार हैं, या फिर उन्हें खुद अपने वादों पर भरोसा नहीं रहा?”

गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से भागने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो वादे कर रही है, उसे निभाने का साहस रखती है। गहलोत ने कहा, “हम हर वादा कैबिनेट से पास कराकर पूरा करेंगे। जनता अब जुमले नहीं, जवाब चाहती है।”

मोकामा कांड की जांच हो: अनुपम
कांग्रेस नेता अनुपम ने मोकामा में हुई हत्या की घटना पर कहा कि “एनडीए प्रत्याशी के काफिले में हथियार कहां से आया? इसकी न्यायिक जांच जरूरी है।”
आरजेडी बोली- एनडीए का घोषणापत्र एक थका हुआ भाषण है

कांग्रेस की बातों का समर्थन देते हुए आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि एनडीए का घोषणापत्र एक थका हुआ भाषण है जिसमें न योजना है, न नीयत। उन्होंने कहा, “महागठबंधन के काम को कॉपी करके अपने नाम पर बेचने की कोशिश की जा रही है। मगर जनता अब समझ चुकी है कि असली मुद्दा रोजगार, शिक्षा और उद्योग का है, और उस पर एनडीए के पास कोई जवाब नहीं।” गगन ने तंज करते हुए कहा, “नीतीश कुमार अब एनडीए में मुख्यमंत्री कम, मेहमान ज्यादा लग रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें किनारे कर दिया है, और जनता इसे साफ देख रही है।”

]]>
Fri, 31 Oct 2025 17:31:22 +0530 news desk MPcg
मोदी का पलटवार: राहुल और तेजस्वी पर साधा निशाना, बोले& ‘सबसे भ्रष्ट परिवार के दो युवराज मुझे गालियां दे रहे’ https://citytoday.co.in/4116 https://citytoday.co.in/4116 मुजफ्फरपुर
मिशन बिहार पर मुजफ्फरपुर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने मोतीपुर चीनी मिल मैदान की रैली से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि एक देश के सबसे भ्रष्ट परिवार के युवराज हैं तो दूसरे बिहार से सबसे करप्ट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इन दोनों युवकों ने मिलकर आजकल झूठे वायदों की दुकान खोल दी है। दोनों भर-भर कर मुझे गालियां दे रहे हैं। लेकिन बिहार के लोग इनके झांसे में नहीं आएंगे। बिहार विकास की रफ्तार पकड़ चुका है।

पीएम ने कहा कि दोनों युवराज हजारों करोड़ के घोटालों के मामले में जमानत पर हैं और जो जमानत पर होते हैं उनका सम्मान नहीं होता। चर्चा में बने रहने के लिए ये नामदार लोग कामदार को गालियां देते रहते हैं। इसके बगैर इनका खाना हजम नहीं होता। पिछड़ों, दलितों को गाली देना ये अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। एक चाय बेचने वाला पिछड़े गरीब घर का व्यक्ति यहां तक पहुंच गया, यह बर्दाश्त इन्हें नहीं होता।

मोदी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस का रिश्ता तेल और पानी की तरह है। कभी इनमें मेल नहीं हो सकता। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल कर रहे हैं। बाहर से एक दिखते हैं पर अंदर से अलग-अलग हैं। इनका मकसद सिर्फ सत्ता पर कब्जा करना है। बस इसी लालच में एक साथ हैं ताकि फिर से बिहार को लूट सकें। पीएम मोदी ने लालू यादव पर भी निशाना साधा। कहा कि जिन बाबा साहेब आंबेडकर को पूरा देश पूजता है उन्हें ये पैर के पास रखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजद और कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार होने जा रही है वहीं एनडीए की सबसे बड़ी जीत होने जा रही है। बिहार चुनाव में राजद और कांग्रेस को अब तक की सबसे कम सीट देकर बिहार के मतदाता इतिहास बनाएंगे। इससे ये दोनों दल घबरा गए हैं और अपनी घोषणा पत्र में इतना झूठ डाल रहे हैं कि इनके समर्थकों को भी विश्वास नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर बिहार के युवा इनका मजाक उड़ा रहे हैं। आने वाले छह नवम्बर को वोटिंग के दिन ही मतदाता इन्हें इनका असली स्थान दिखा देंगे।

]]>
Thu, 30 Oct 2025 17:02:10 +0530 news desk MPcg
खड़गे का दावा: केरल में 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस होगी शत&प्रतिशत विजेता https://citytoday.co.in/4100 https://citytoday.co.in/4100

नई दिल्ली
 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगामी केरल विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए राज्य के पार्टी नेताओं के साथ नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बैठक के बाद आगामी केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत पर विश्वास व्यक्त किया.

कांग्रेस पार्टी ने राज्य के पार्टी नेताओं के साथ लगभग छह घंटे लंबी बैठक की. इसमें पार्टी को मजबूत करने और आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों पर चर्चा हुई. बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव दीपा दासमुनि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर, सांसद प्रियंका गांधी और अन्य कई नेता मौजूद थे.

खड़गे ने  पार्टी मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, 'हम 100 फीसदी जीतेंगे. खड़गे ने पार्टी की राज्य इकाई में गुटबाजी की किसी भी अफवाह को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी नेता और पूर्व केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन के साथ चुनावों की रणनीतियों पर चर्चा की है. खड़गे ने आगे कहा, 'उन्होंने आपको (कथित गुटबाजी के बारे में) बताया होगा, लेकिन उन्होंने हमारी बैठक में कुछ ऐसा बताया है जिसका मैं खुलासा नहीं करना चाहता.'

पार्टी नेता के. सुधाकरन भी इंदिरा भवन में हुई बैठक में शामिल हुए थे और उन्होंने बताया कि नेताओं ने अपनी राय साझा की और आगामी चुनावों पर चर्चा की. केपीसीसी के पूर्व प्रमुख के. सुधाकरन ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, 'हमने वर्तमान राजनीति, आगामी चुनावों और पार्टी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. हमने अपनी राय साझा की और अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर चर्चा करके निर्णय लेगा. उसके अनुसार हम चुनावों का सामना करेंगे.'

गहन चर्चा के तुरंत बाद पार्टी नेता दीपा दासमुंशी ने भी कांग्रेस की केरल इकाई में गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी एकजुट है. मंगलवार को बैठक के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए दासमुंशी ने कहा कि इस तरह के आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा कृत्रिम रूप से गढ़े जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'केरल में कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है. यह एलडीएफ के लोगों और भाजपा द्वारा मानव निर्मित है. मैं गर्व से कह सकती हूं कि कोई गुटबाजी नहीं है और यहां सभी लोग एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के लिए खड़े हैं.' उन्होंने कहा कि केरल से संबंधित कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

इसमें सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भाजपा के खिलाफ विपक्ष की रणनीति भी शामिल है. उन्होंने कहा, 'आगामी चुनावों – स्थानीय निकाय चुनाव और केरल विधानसभा चुनाव – के लिए केरल में कई मुद्दे हैं. इनमें एलडीएफ और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक मुद्दे भी शामिल हैं. कई बिंदुओं पर ध्यान देने और चर्चा करने की आवश्यकता है. यह एक बहुत ही गंभीर बैठक थी.' केरल विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं, जबकि केरल में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है.

]]>
Wed, 29 Oct 2025 17:28:26 +0530 news desk MPcg
तेजस्वी के वादों पर प्रशांत किशोर का तगड़ा हमला, शेर कंगन और लालू&राबड़ी भी निशाने पर https://citytoday.co.in/4061 https://citytoday.co.in/4061 सीतामढ़ी 
नेता प्रतिपक्ष और बिहार महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने रविवार को चुनावी वायदों का दूसरा पिटारा खोला। कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो पंचायती राज के पूर्व जन प्रतिनिधियों को पेंशन दिया जाएगा और उनका भत्ता दोगुना कर दिया जाएगा। कुम्हार, नाई, लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों को पांच साल के लिए ब्याज रहित पांच लाख का लोन दिया जाएगा। राजद के चुनाव वायदों पर प्रशांत किशोर ने तंज कसा है। कहा है कि लोगों को फंसाने के लिए शेर कंगन का लालच दे रहा है।

सीतामढ़ी के परिहार में जन सुराज प्रत्याशी अवधेश कुशवाहा का चुनाव प्रचार करने पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि 18 सालों तक सत्ता में रहकर तेजस्वी यादव के माता पिता ने बिहार को बर्बाद कर दिया। तेजस्वी यादव अगर आ गए तो बिहार का भला नहीं होने वाला है। ये लोग फिर से लूटपाट, अपहरण, रंगदारी का राज लाएंगे। वे कह रहे हैं कि सब घर में नौकरी दे देंगे। महिला सब को ढाई हजार देंगे। मानदेय बढ़ा देंगे। लेकिन शेर बुढ़ा भी हो जाएगा तो मांस ही खाएगा। उनका वादा शेर के कंगन वाला लालच जैसा है जो फंसाता था और मारकर खा जाता था।

पीके ने कहा कि तेजस्वी यादव अगर नायक हैं तो खलनायक कौन है। अपने बारे में जो चाहे बोल लें। मुंह से ही कहना है तो कुछ भी कह सकते हैं। अब हम लोगों को यह सुनना बाकी रह गया है कि वे पूरे बिहार को सोने की लंका बना देंगे।

प्रशांत किशोर ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी हमला बोला। कहा कि नीतीश कुमार को बीजेपी अगला मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। अगर ऐसी बात है तो मोदी और शाह खुद से कह दें कि 2025 चुनाव में एनडीए की जीत होने पर नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे। सिर्फ कहते हैं कि नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए चुनाव लड़ रही है।

 

]]>
Mon, 27 Oct 2025 17:32:06 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश बीजेपी की नई टीम में हेमंत खंडेलवाल का दबदबा, मोहन यादव, शिवराज और सिंधिया से भी आगे https://citytoday.co.in/4046 https://citytoday.co.in/4046 भोपाल
 प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई टीम बना ली है। वह अन्य प्रदेश अध्यक्षों से अपनी टीम बनाने में काफी आगे रहे हैं। अध्यक्ष बनने के साढ़े तीन महीने बाद ही उन्होंने अपनी नई टीम बना ली है। नई टीम में प्रदेश के बड़े नेताओं की छाप दिखी है। हर खेमे के लोगों को समयोजित किया गया है।

सबसे अधिक हितानंद शर्मा के लोग
हेमंत खंडेलवाल की नई टीम में सबसे अधिक दबदबा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का रहा है। उनके पांच करीबियों को जगह मिली है। इसमें कांतदेव सिंह, शैलेंद्र बरूआ, सुरेंद्र शर्मा, गौरव रणदिवे और लोकेंद्र पराशर हैं। इसके बाद सीएम मोहन यादव के चार करीबी लोगों को जगह मिली है। इसमें लता वानखेड़े, प्रभुलाल जाटव, राहुल कोठारी और आशीष अग्रवाल हैं। शिवराज सिंह चौहान के राजेंद्र सिंह और बबीता परमार को जगह मिली है। नरेंद्र सिंह तोमर के दो रणवीर सिंह रावत और अर्चना सिंह हैं। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी दो लोगों को जगह मिली है। इनमें प्रभुराम चौधरी और अर्चना सिंह शामिल हैं।

संघ और संगठन से जुड़े लोगों को भी मिली तरजीह
इसके साथ ही नई टीम में संघ और संगठन से जुड़े लोगों को भी तरजीह मिली है। सुमेर सिंह सोलंकी, रजनीश अग्रवाल, निशांत खरे, मनीषा सिंह, नंदिता पाठक, जयदीप पटेल, संगीता सोनी, राजो मालवीय, अखिलेश जैन और श्याम महाजन हैं।

इनको रखा गया है होल्ड पर
वहीं, कुछ पदों पर अभी नियुक्ति नहीं हुई है। इसमें महिला, युवा और अल्पसंख्यक मोर्चा है। अभी इन पदों पर अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है। वहीं, वीडी शर्मा के कार्यकाल में सर्वाधिक सक्रिय रहे महामंत्री और कार्यालय प्रभारी भगवान दास सबनानी को नई टीम में जगह नहीं मिली है। वनवास झेल रहे राजेंद्र सिंह की वापसी हुई है।

अभी है छोटी टीम
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल काफी सुलझे हुए हैं। उन्होंने अपनी टीम भी छोटी बनाई है। सभी कैटगरी में एक-एक पद खाली रखे गए हैं। आने वाले दिनों इन पदों पर नियुक्ति होगी। सभी बड़े नेताओं ने नई टीम को शुभकामनाएं दी हैं।

जानिए किस पद पर कौन सा चेहरा, सिंधिया गुट से बस एक

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साढे़ 3 महीने बाद आखिरकार अपनी टीम का एलान कर दिया है. खंडेलवाल की टीम में 9 उपाध्यक्ष 3 महामंत्री और 9 मंत्री बनाए गए हैं. इसके साथ ही किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग इन चार मोर्चे के अध्यक्षों के भी नाम घोषित कर दिए गए हैं. खंडेलवाल की मोर्चे समेत घोषित हुई टीम 29 में वीडी शर्मा की टीम के कई भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है.

खंडेलवाल की टीम 29 में किन्हें मिली जगह

हेमंत खंडेलवाल ने पूरे साढे़ तीन महीने के इंतजार के बाद अपनी टीम का एलान किया, लेकिन जिस तरह की अटकलें थी कि उनकी कार्यकारिणी में पूरे चेहरे बदल जाएंगे. वो तस्वीर दिखाई नहीं दी. खंडेलवाल ने जो 29 सदस्यीय टीम घोषित की है. उसमें उपाध्यक्ष पद पर 9 नाम हैं. जबकि 4 महामंत्री और 9 मंत्री घोषित किए गए हैं. इसके अलावा कोषाध्यक्ष कार्यालय मंत्री और मीडिया प्रभारी का पद है. उपाध्यक्ष पद पर रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेन्द्र बरुआ, मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, सुरेन्द्र शर्मा, निशांत खरे, प्रभुलाल जाटव के नाम है.

जबकि महामंत्री के पद पर सांसद लता वानखेड़े, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, राहुल कोठारी, गौरव रणदिवे का नाम है. टीम में 9 मंत्री बनाए गए हैं. जिनमें रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, जयदीप पटेल, क्षितिज भट्ट, संगीता सोनी, राजेन्द्र सिंह, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार हैं. कोषाध्यक्ष के पद पर अखिलेश जैन, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और मीडिया प्रभारी के पद पर आशीष उषा अग्रवाल हैं.

टीम खंडेलवाल में वीडी के भरोसेमंदों को भी जगह

टीम खंडेलवाल में पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा के भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है. इनमें कई वो चेहरे हैं, जो वीडी शर्मा की टीम में बने हुए थे. जिनमें प्रमुख रुप से लता वानखेड़े, संगीता सोनी, रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, राहुल कोठारी और मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल प्रमुख नाम है.

7 महिलाएं भी, सिंधिया खेमे से केवल एक

खंडेलवाल ने अपनी 29 सदस्यीय टीम में सात महिलाओं को भी जगह दी है. उपाध्यक्ष पद पर मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, महामंत्री के पद पर लता वानखेड़े हैं. जबकि प्रदेश मंत्री के पद पर संगीता सोनी, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार को जगह मिली है. सिंधिया खेमे से इस सूची में केवल एक प्रभुराम चौधरी का नाम है.

कार्यकारिणी के साथ चार मोर्चे भी घोषित

कार्यकारिणी के साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चार मोर्चे के अध्यक्ष भी घोषित कर दिए हैं. किसान मोर्चे का अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा को बनाया गया है. जबकि एससी मोर्चे की जिममेदारी भगवान सिंह परमार के पास है. एसटी मोर्चे पर पंकज टेकाम हैं और पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष पवन पाटीदार हैं.

ऐसी है कार्यकारिणी पदाधिकारी– दायित्व

    रणवीर सिंह रावत– उपाध्यक्ष (पहले महामंत्री रहे)
    कांतदेव सिंह — उपाध्यक्ष (पहले उपाध्यक्ष रहे)
    प्रभुराम चौधरी– उपाध्यक्ष (सिंधिया समर्थक)
    शैलेंद्र बरूआ– उपाध्यक्ष (संभागीय संगठन मंत्री रहे)
    मनीषा सिंह — उपाध्यक्ष (पहले प्रदेश मंत्री रहीं)
    नंदिता पाठक– उपाध्यक्ष
    सुरेंद्र शर्मा– उपाध्यक्ष
    निशांत खरे– उपाध्यक्ष
    प्रभुलाल जाटव — उपाध्यक्ष
    लता वानखेड़े– महामंत्री (पहले प्रदेश मंत्री रहीं)
    सुमेर सिंह सोलंकी– महामंत्री (राज्यसभा सदस्य रहे)
    राहुल कोठारी– महामंत्री (पहले मंत्री रहे जैन, अल्पसंख्यक)
    गौरव रणदिवे– महामंत्री (इंदौर नगर अध्यक्ष रहे)
    रजनीश अग्रवाल — मंत्री (पहले मंत्री रहे)
    लोकेंद्र पाराशर– मंत्री (पहले मंत्री रहे)
    जयदीप पटेल– मंत्री (पहले मंत्री रहे)
    क्षितिज भट्ट– मंत्री (पहले मंत्री रहे)
    संगीता सोनी– मंत्री (पहले मंत्री रही)
    राजेंद्र सिंह — मंत्री अर्चना सिंह– मंत्री
    राजो मालवीय– मंत्री (पहले प्रदेश प्रवक्ता रहीं)
    बबीता परमार– मंत्री
    सीए अखिलेश जैन– कोषाध्यक्ष (पद पर यथावत)
    श्याम महाजन– कार्यालय मंत्री (प्रदेश उपाध्यक्ष थे)
    आशीष अग्रवाल– मीडिया प्रभारी (पद पर यथावत)
    जयपाल सिंह चावड़ा– किसान मोर्चा (संभागीय संगठन मंत्री रहे)
    भगवान सिंह परमार– एससी मोर्चा
    पंकज टेकाम – एसटी मोर्चा
    पवन पाटीदार– पिछड़ा वर्ग मोर्चा

 

]]>
Fri, 24 Oct 2025 17:42:00 +0530 News desk Hindi
तेजस्वी को ‘फेस’ बनाओ, नीतीश को शिंदे मत बनाओः RJD का NDA पर पलटवार https://citytoday.co.in/4045 https://citytoday.co.in/4045

नई दिल्ली
कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तेजस्वी यादव को महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद से कांग्रेस और तमाम विपक्षी दल एनडीए से उनका चेहरा के बारे में पूछ रहे हैं। इस सबके बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तरह हाशिए पर करने की साजिश रच रही है।

उदित राज ने कहा, “जब बार-बार एनडीए से पूछा जा रहा था कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे या नहीं, तो हमने करके दिखा दिया। अब आप बताइए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएंगे या नहीं? साफ कहिए कि उन्हें ‘एकनाथ शिंदे’ बना देंगे। बिहार के ‘एकनाथ शिंदे’ तो नीतीश कुमार हैं। उनके साथ धोखा हुआ है, साजिश की गई है।”

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को कमजोर करने की पूरी रणनीति बना ली है, जैसे महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद पर सीमित कर दिया गया था। आपको बता दें कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के गठबंधन महायूति ने निर्णायक जीत हासिल की थी। हालांकि, एकनाथ शिंदे, जो जून 2022 से मुख्यमंत्री थे, चुनाव के बाद उपमुख्यमंत्री पद पर आ गए, जबकि भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। इसी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उदित राज ने कहा कि भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने सहयोगियों को कमजोर करती है और बिहार में भी वही दोहराया जा रहा है।

INDIA गठबंधन ने तेजस्वी यादव को बनाया सीएम फेस
दूसरी ओर, विपक्षी INDIA गठबंधन ने बिहार में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की घोषणा कर दी है। यह ऐलान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को किया, जिन्होंने राज्य में सहयोगियों के बीच चल रही तनातनी को दूर करने के लिए पटना का दौरा किया था। अशोक गहलोत के ऐलान के बाद गठबंधन में शामिल कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कुछ उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, ताकि सीटों पर मित्रवत मुकाबले की स्थिति खत्म हो सके। तेजस्वी यादव ने इस मौके पर कहा, “हम उस अक्षम और भ्रष्ट डबल इंजन सरकार को हराएंगे, जिसका एक इंजन अपराध है और दूसरा भ्रष्टाचार।”

एनडीए का पलटवार
तेजस्वी के नामांकन से चिंतित एनडीए ने विपक्षी गठबंधन को भ्रष्टाचार और अवसरवाद की शर्मनाक साजिश बताया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि तेजस्वी पंजीकृत अपराधी हैं। उनके पिता लालू प्रसाद यादव के दबाव में सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी अपने सहयोगियों को भी प्रताड़ित कर रही है और यह गठबंधन बिहार को जंगलराज की ओर ले जाएगा।

 

]]>
Fri, 24 Oct 2025 17:30:00 +0530 News desk Hindi
मिशन 2026: बंगाल फतह के लिए BJP का नया गेमप्लान, एक्सपर्ट टीम मैदान में उतरी https://citytoday.co.in/4036 https://citytoday.co.in/4036 कोलकाता
पिछली गलतियों से सबक लेते हुए भाजपा अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार में इस बार मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमलों से परहेज करेगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा नेताओं को इस संबंध में सावधान किया है। पार्टी के एक वर्ग के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री पर निजी जुबानी हमले नहीं दोहराए जाएंगे। मालूम हो कि 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए ममता पर निजी हमले किए थे।

भाजपा की रणनीति में बदलाव
तृणमूल ने इसे मुद्दा बना दिया। इसलिए भाजपा नेताओं को लगता है कि बंगाल की जनता ने ममता पर निजी हमलों को पसंद नहीं किया और पार्टी पिछले चुनाव में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसलिए इस बार भाजपा सतर्क है। बताते चलें कि 2021 के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी जनसभाओं में ममता को दीदी ओ दीदी…कहकर संबोधित किया था, जिसपर तृणमूल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। तृणमूल ने इसे महिला मुख्यमंत्री का अपमान बताया था। तृणमूल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था।

दूसरे राज्यों से पांच इंटरनेट मीडिया एक्सपर्ट बंगाल लाएगी भाजपा
दूसरी ओर, राज्य में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डिजिटल प्लेटफार्म पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के अभियानों का जवाब देने के लिए भाजपा दूसरे राज्यों से पांच इंटरनेट मीडिया विशेषज्ञों को बंगाल लाने जा रही है। वे चुनाव तक यहां रहेंगे। इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने को लेकर बंगाल भाजपा के नेताओं ने कोलकाता में एक विशेष बैठक व कार्यशाला भी आयोजित की है। इसमें भाजपा के आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी अमित मालवीय, प्रदेश भाजपा के संगठन महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती, आइटी सेल के प्रदेश संयोजक सप्तर्षि चौधरी व अन्य मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, इस कार्यशाला में फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का अधिक से अधिक इस्तेमाल, बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार करने आदि के तरीके पर चर्चा की गई।

मालूम हो कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने डिजिटल योद्धा नाम से इंटरनेट मीडिया पर एक नई लड़ाई (अभियान) की हाल में घोषणा की है। जिसके बाद भाजपा ने भी इसके जवाब में डिजिटल मोर्चे पर लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है।

 

]]>
Thu, 23 Oct 2025 18:41:04 +0530 News desk Hindi
बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी सियासी घमासान, कांग्रेस के फैसले से बढ़ी विपक्ष की मुश्किलें https://citytoday.co.in/4022 https://citytoday.co.in/4022

मुंबई
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा सही से नहीं हो सका है। करीब आधा दर्जन सीटें तो ऐसी ही हैं, जहां महागठबंधन के ही दल यानी आरजेडी, कांग्रेस, वामदल ही फ्रेंडली फाइट में उतरेंगे। वहीं पूरे देश में INDIA अलायंस नाम वाले इस गठबंधन में महाराष्ट्र में भी खटास पैदा होती दिख रही है। महाराष्ट्र में कांग्रेस का कहना है कि हम निकाय चुनाव में अकेले उतरना पसंद करेंगे। पार्टी का कहना है कि हम उस गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ना चाहेंगे, जिसमें राज ठाकरे होंगे। सीनियर कांग्रेस लीडर और मुंबई के पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप ने मंगलवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज ठाकरे के साथ चुनाव में नहीं रहना चाहेगी और ना ही हम ऐसी स्थिति में उद्धव ठाकरे के साथ रहना चाहेंगे। हम अकेले लड़ना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के प्रभारी रमेश चेन्निथला के साथ नई गठित कमेटी ने मीटिंग की थी और तब यह मसला उठा था। फिलहाल इस बारे में कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है। वहीं शिवसेना नेता आनंद दुबे ने भी भाई जगताप को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई फैसला तो राहुल गांधी या फिर मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे या फिर शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे लेंगे। भाई जगताप किस हैसियत से ऐसा बोल रहे हैं।

शिवसेना लीडर ने कहा कि हमें चुनौती मत दीजिए। हम शिवसेना हैं और पिछले चुनाव में हमने अकेले चुनाव लड़ा था और भाजपा को हराया था। हम अपने गठबंधन सहयोगियों का सम्मान करते हैं, लेकिन अकेले चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हैं। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की पार्टी 2019 से सहयोगी हैं। इस गठबंधन की नींव एनसीपी नेता शरद पवार की ओर से 2019 में तब रखी गई थी, जब भाजपा और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर विवाद हुआ था। तब उद्धव ठाकरे को सीएम बनाते हुए गठबंधन किया गया था। हालांकि 2022 में तब चीजें पलट गईं, जब एकनाथ शिंदे ने पार्टी में ही फूट कर दी और 40 विधायक लेकर खुद ही भाजपा के सहयोग से सीएम बन गए।

हालांकि अब चीजें फिर से महाराष्ट्र में बदल रही हैं। उद्धव ठाकरे की अपने अपने बिछड़े चचेरे भाई के साथ फिर से नज़दीकी बढ़ती दिख रही है। तभी से सवाल उठ रहा है कि क्या वे गठबंधन का हिस्सा बनेंगे, जिसमें कांग्रेस और एनसीपी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि बीएमसी को एशिया का सबसे अमीर नगर निकाय कहा जाता है। इसी को लेकर राज और उद्धव के बीच समझौते की चर्चाएं हैं। महा विकास अघाड़ी के दूसरे सहयोगी शरद पवार इस पर क्या प्रतिक्रिया देंगे, इसका फिलहाल इंतजार है। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के दबाव ने महागठबंधन के सहयोगियों को अलग कर दिया है। हालांकि कांग्रेस या लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल की ओर से ऐसा कोई कड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन दोनों ही सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बना पाए हैं।

]]>
Wed, 22 Oct 2025 17:03:01 +0530 News desk Hindi
बिहार में गरजेगी डबल इंजन की जोड़ी: 24 अक्टूबर को मोदी&शाह की अलग&अलग रैलियाँ https://citytoday.co.in/4021 https://citytoday.co.in/4021 पटना
बिहार चुनाव को लेकर एनडीए ने चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी रैली करेंगे, तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उसी दिन सीवान और बक्सर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। 5 दिनों के अंतराल में एक बार फिर शाह बिहार के दौरे पर आ रहे हैं। अमित शाह की 24 अक्तूबर को बिहार में दो सभाएं होंगी। इससे पहले उन्होने छपरा के तरैया में चुनावी रैली की थी। इसी महीने 16 से 18 अक्टूबर तक शाह बिहार दौरे पर रहे थे।

वहीं बिहार चुनाव के ऐलान के बाद पहली बार पीएम मोदी 24 अक्टूबर से मिशन बिहार पर आएंगे। जिसकी शुरुआत कर्पूरी ठाकुर की धरती से करेंगे। 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी रैली में लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 30 अक्टूबर को दूसरा बिहार दौरा प्रस्तावित है। इस दिन पीएम मुजफ्फरपुर और छपरा में जनसभा को संबोधित करेंगे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री का प्रस्तावित बिहार दौरा 24 अक्टूबर को है। बिहार में वह दो जगहों पर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनका चुनाव अभियान 24 अक्टूबर को समस्तीपुर से शुरू होगा। वहां से वह बेगूसराय जाएंगे और वहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। उनका दूसरा प्रस्तावित दौरा 29 अक्टूबर को है, जिसकी सूचना बाद में दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि चूंकि सुरक्षा का मामला है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि छठ मनाने वाले आम लोगों को कोई परेशानी न हो, उनका छठ पर ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है। वह आना चाहते थे, लेकिन छठ मनाने वाले आम लोगों को असुविधा होती। इसलिए ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है।

लेकिन 24 अक्टूबर को बिहार में चुनावी समर अपने चरम पर होगा। जब पीएम मोदी और अमित शाह एक साथ, एक दिन बिहार के अलग-अलग जिलों में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं कल (23 अक्टूबर) को पटना में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस है। जिसके बाद गठबंधन के सहयोगी दल चुनार प्रचार करेंगे।

पीएम मोदी की रैली का ऐलान
चुनावी अभियान की शुरुआत समस्तीपुर से होगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्पूरी ग्राम जाकर समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के घर पहुंचेंगे। वहां वह कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देंगे। इसी कार्यक्रम से प्रधानमंत्री अपने बिहार दौरे और चुनावी रैलियों की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

पीएम मोदी की बिहार चुनाव के लिए रैली
प्रधानमंत्री के दौरे का यह आगाज बेहद प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर को बिहार की राजनीति का बड़ा चेहरा और सामाजिक न्याय का प्रतीक माना जाता है। कर्पूरी ग्राम से शुरुआत करके पीएम मोदी एक बार फिर 'सबका साथ, सबका विकास' के संदेश के साथ बिहार में एनडीए की ताकत को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
जानिए पीएम मोदी की रैली का शेड्यूल
जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समस्तीपुर और बेगूसराय में दो बड़ी चुनावी सभाएं करेंगे। इसके बाद उनका अगला चरण 30 अक्टूबर को तय है, जब वह मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां संबोधित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, 2 नवंबर, 3 नवंबर, 6 नवंबर और 7 नवंबर को भी प्रधानमंत्री बिहार के अलग-अलग जिलों में जनसभाएं करेंगे। इन रैलियों के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

मोदी के रथ पर सवार बिहार बीजेपी
भाजपा नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी की रैलियों से बिहार में एनडीए के चुनावी अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समस्तीपुर से शुरुआत करना एक रणनीतिक कदम है, क्योंकि यह क्षेत्र न सिर्फ समाजवादी राजनीति की धरती रहा है, बल्कि उत्तर बिहार की राजनीति में इसका विशेष प्रभाव है। बिहार में पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होनी है और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी और इसके साथ ही चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे।

 

]]>
Wed, 22 Oct 2025 16:56:30 +0530 News desk Hindi
यूथ कांग्रेस मेंबरशिप घोटाला? 5.16 लाख युवाओं के 2.58 करोड़ फंसे, साढ़े तीन लाख सदस्यता अधर में https://citytoday.co.in/3998 https://citytoday.co.in/3998 भोपाल 
मध्यप्रदेश में यूथ कांग्रेस के चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने वाले युवा नेताओं को बड़ी निराशा हाथ लगी है। वहीं, युवा कांग्रेस के सदस्य बनने के इच्छुक 5 लाख 16 हजार युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।दरअसल, 18 अप्रैल को एमपी में यूथ कांग्रेस के चुनावों की घोषणा के साथ ही सदस्यता शुरू हुई थी। ऑनलाइन मोड पर एप के जरिए कराई गई मेंबरशिप में हर नए सदस्य को 50 रुपए सदस्यता शुल्क भी अदा करना था। 20 जून से 19 जुलाई तक चलाए गए सदस्यता अभियान में 15,37,527 युवाओं ने सदस्यता फॉर्म भरे। इनमें से 63,153 युवाओं ने सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया। सदस्यता शुल्क के साथ 14लाख 74 हजार 374 युवाओं ने मेंबरशिप के लिए फॉर्म भरे।

सिर्फ 6 लाख की मेंबरशिप ही मान्य हुई

50 रुपए के सदस्यता शुल्क के साथ मेंबरशिप फॉर्म भरने वाले 14 लाख 74 हजार 374 युवाओं में मात्र 6 लाख 1,917 युवाओं की मेंबरशिप ही मान्य की गई है। 5,16,155 युवाओं की मेंबरशिप रिजेक्ट हुई है। 3,56,302 युवाओं के सदस्यता फॉर्म गलतियों के कारण होल्ड किए गए हैं।

एआई से कराया मेंबरशिप वेरिफिकेशन, इसलिए रिजेक्शन युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इलेक्शन अथॉरिटी ने सदस्यता का वेरिफिकेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कराया है। एआई ने मामूली खामियों पर आवेदन रिजेक्ट और होल्ड कर दिए हैं।

    रिजेक्शन का कारण डुप्लीकेट रिकॉर्ड, डुप्लीकेट फोटो, मोबाइल डुप्लीकेट, अवैध मेंबरशिप, इनवैलिड जन्मतिथि, उम्र सीमा पार होना, डुप्लीकेट आईडी
    होल्ड के कारण: गलत नाम, पिता का नाम गलत, जन्मतिथि मिसमैच, गलत मोबाइल

एमपी में युवा कांग्रेस की सदस्यता के आंकड़े

    कुल सदस्यता आवेदन: 14,74,374
    सदस्यता निरस्त हुई: 5,16,155
    सदस्यता होल्ड हुई: 3,56,302
    सदस्यता आवेदन मान्य हुए: 6,01,917

राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई शिकायत पहली बार एमपी में रिकॉर्ड मेंबरशिप होने के बाद बडे़ पैमाने पर रिजेक्शन और सदस्यता होल्ड किए जाने के मामले में युवा कांग्रेस नेता शिवराज यादव ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण, प्रदेश प्रभारी से शिकायत की है।

शिवराज का कहना है कि यदि इतने उत्साह के साथ मेंबरशिप कराई गई और 15 लाख के करीब सदस्य बने हैं तो 5 लाख से ज्यादा रिजेक्ट होना और साढ़े तीन लाख की सदस्यता होल्ड होना ये बड़ी चूक है। होल्ड आवेदनों को सुधारने के लिए मात्र 7 दिनों का समय दिया गया है। वो एप भी काम नहीं कर रहा है। मेंबरशिप के डेटा की क्रॉस चेकिंग कराकर रिजेक्शन और होल्ड को हटाना चाहिए।
2 करोड़ 58 लाख रुपए डूबे

50 रुपए प्रति सदस्य के हिसाब से जोड़ें तो जिन 5,16,155 युवाओं की मेंबरशिप रिजेक्ट हुई है। उनके द्वारा जमा किए गए सदस्यता शुल्क की राशि 2 करोड़ 58 लाख 7 हजार 750 रुपए होती है। दूसरी तरफ जिन 3,56,302 युवाओं की सदस्यता होल्ड की गई है। उनकी मेंबरशिप फीस का आंकड़ा जोड़ें तो करीब 1 करोड़ 78 लाख 15 हजार 100 रुपए होता है।

गलतियां सुधारने एप ही नहीं कर रहा काम भारतीय युवा कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण की ओर से होल्ड किए गए सदस्यता फॉर्म की गलतियों को सुधारने के लिए 17 अक्टूबर तक का समय दिया है। लेकिन, यूथ कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वह एप काम ही नहीं कर रहा है। ऐसे में जिन 3,56,302 युवाओं की मेंबरशिप होल्ड है उनमें से 30% फीसदी के सुधार आवेदन दर्ज होकर मंजूर हो जाएं तो बड़ी बात होगी।

तीन शहरों से प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन मुख्य उम्मीदवार युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की रेस में तीन बडे़ शहरों से तीन मुख्य दावेदार हैं। जबलपुर पूर्व सीट से विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया इस रेस में सबसे आगे हैं। यश को पूर्व सीएम कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का समर्थन हासिल है।

वहीं भोपाल से अभिषेक परमार को दिग्विजय और जीतू पटवारी का पर्दे के पीछे से सपोर्ट मिल रहा है। ग्वालियर के शिवराज यादव अपने काम और युवाओं की दम पर प्रदेश अध्यक्ष के लिए जोर लगा रहे हैं।

भोपाल जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए
जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे
भोपाल ग्रामीण बैरसिया 6620 1105 1537 3978
हुजूर 5253 791 1171 3291
भोपाल शहर उत्तर 5175 1697 894 2584
दक्षिण-पश्चिम 10592 3513 1886 5193
गोविंदपुरा: 12856 7882 1678 3296
मध्य: 12586 4830 2071 5685
नरेला: 12141 4996 1857 5288

जहां से प्रदेश अध्यक्ष के उम्मीदवार, उसी विधानसभा में सबसे ज्यादा मेंबरशिप

युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की रेस में जबलपुर के यश घनघोरिया पूरी ताकत लगा रहे हैं। यश के पिता लखन घनघोरिया जबलपुर पूर्व सीट से विधायक हैं। जबलपुर शहर और ग्रामीण जिले की सभी विधानसभाओं में सबसे ज्यादा 26254 मेंबरशिप जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में हुई है। हालांकि, 10259 मेंबरशिप रिजेक्ट कर दी गई है। 4220 युवाओं की मेंबरशिप होल्ड है। 11775 युवाओं की मेंबरशिप अप्रूव की गई है।

जबलपुर जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए
जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे
जबलपुर ग्रामीण बरगी 5348 2305 790 2253
पनागर 7387 1963 1583 3841
पाटन 5853 3692 645 1516
सिहोरा 7184 3922 1557 1705
जबलपुर शहर कैंट 6991 2969 1295 2727
उत्तर 17779 6575 2424 8780
पश्चिम 5728 3155 667 1906
पूर्व 26254 10259 4220 11775
ग्वालियर जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए
जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे

ग्वालियर

ग्रामीण

भितरवार 13647 4138 2506 7003
ड़बरा 8834 4018 1301 3515
ग्वालियर ग्रामीण 10751 6213 1572 2966
ग्वालियर शहर ग्वालियर 16638 3364 3659 9615
पूर्व 13718 6960 2497 4261
दक्षिण 12344
6598  
2469 3277

युकां प्रदेश अध्यक्ष के उम्मीदवार योगिता सिंह, जावेद पटेल, अभिषेक परमार, नीरज पटेल, गीता कड़वे, प्रमोद सिंह, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडेय, राजवीर कुडिया, प्रियेश चौकडे़, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभांगना राजे जामनिया, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, देवेन्द्र सिंह दादू, स्वीटी पाटिल, शिवराज यादव, मोनिका मांडरे।

प्रदेश महासचिव के 182 उम्मीदवार

  • किशोर सोलंकी, ऋतिक नाथ चौहान, राहुल हितेश ठाकुर राज नेमा, शुभम दुबे, अक्षय जायसवाल, सत्यम सिंह गुर्जर, अली शान मोहम्मद, इरफान खान,
  • जयंत जोशी, आदित्य मिश्रा, गौरव विनोद दीक्षित, सुमन मौर्य, धीरज सिंह परिहार, अभिषेक पांडे, दिगंबर पारधी, अखंड प्रताप सिंह चौहान,
  • अभिषेक जाट, आशुतोष सिंह, विनोद नाथ, प्रीतेश पटेल, सुनील कुमार जायसवाल, पंकज सिंह, शिवदीप रघुवंशी, आसिफ मोहम्मद, मानवेंद्र सिंह गुर्जर,
  • यशवीर सिंह गोयल, धनजी गिरी, आशुतोष आर्य, राहुल राजपूत, अमन सिद्दीकी, जितेंद्र लोधी, मोहम्मद अली हुसैन, हेमंत कुमार मेहता, दीपक ठाकुर,
  • रितेश रोहित, देवांशु सिंह परिहार, रोहित राजोरिया, शिव शंकर पोगरा, सांवरिया पटेल, अर्जुन गुर्जर, भागीरथ ख़तवासे, सुरेखा शाह, शहरयार, शेखर शर्मा,
  • सद्दाम पटेल, अमित कुमार सोहेल पटेल, अनुज पटेल, योगेश एरोलू, मोहम्मद इरफान मनोज पाटीदार, लोकेश दीक्षित, सोपान कोहली, मोहम्मद यावर चौधरी,
  • प्रांजल तिवारी, सागर मोतियानी, मोहम्मद जैद, अनिकेत द्विवेदी, शिवम सिंह परिहार, विजय सिंह बिष्ट, गौरी पारुलेकर प्राची पारधी, यश संजय दवे, धनंजय मिश्रा,
  • राहुल डी, गीता मेहता, नमन दुबे, भूमन्यु सिंह, शुभम चौहान, जितेंद्र सिंह, अपूर्व जैन, सुष्मिता सिंह, सिद्धांत तिवारी, कुणाल सोलंकी, प्रतीक जैन, ऋषभ मिश्रा, मुस्तकीम कुरैशी,
  • नरेंद्र यादव, कृष्णा पंडित, प्रमोद पटेल, ज्योति सनेरिया, दिव्यांशु मिश्रा, मेहताब मावई गुर्जर, शुभम बागरी, विकास चौधरी, कुणाल गजभिए, शिवम पांडे, नितेश आर्य, रवि मुकाती,
  • जितेंद्र इवने, हर्षल आंजना, लोकेंद्र शर्मा, सौम्या राज परते, श्रद्धा सिंह, सोहेब कुरैशी, पवन भिलाला, राहुल वामनिया, अर्जुन नरवाले, रवि दुधानिया, विक्की भदोरिया, दीपेंद्र सोलंकी,
  • प्रिंस नवांगे, मोहम्मद शाहबाज खान, बलवान कुशवाहा, जगदीश सूर्यवंशी, रोहित राजोरिया, विपिन सिंह चौहान, सलमान गौरी, श्रेया यादव, अब्दुल आमिर, सागर शुक्ला, जुनैद अली,
  • पायल जैन, आशुतोष चौधरी, शालू पुरोहित, हाजी मुजाहिद अली, अंकित दुबे, स्मिता तोमर, गंगा पट्टा, राजमल, पंकज कुमार सिंह, मोहित सक्सेना, अंकित यादव, सिद्धार्थ रैकवार, खुशी गुर्जर,
  • निखिल चौकसे, राधा मालवीय, उदित देव परमार, अभिषेक पटेल, आदित्य शर्मा, अतुल मिश्रा, अक्षय दुबे, सक्षम गुलाटी, दीपक तिवारी, प्रवीण चौधरी, संजय पटेल, रेणुका गांधी, मोहम्मद आतीक खान,
  • अर्पित तिवारी, चेतन चौधरी, दर्शन कोरी, लुकमान कुरेशी, रोहित वंशकार, अतीक मंसूरी, विक्रम सिंह, शेख सलमान, विनोद पाटीदार, संदीप अग्रहरि, अदनान अंसारी, अभिषेक शुक्ला, अभिजीत तोमर,
  • गौरव परमार, रजा कादरी, विजय यादव, युवराज सिंह सूरमा, मंजू गुर्जर, शांभवी शुक्ला, अभय सोलंकी, बृजपाल राजावत, गौरीशंकर गुर्जर, वीरेश जादौन, प्रियंका केसरवानी, तारिक खान,
  • अमनदीप सिंह, किशन गुर्जर, जितेंद्र पाटीदार, उबेद अल्लाह, विपुल दीक्षित, निर्देश सोनगरा, प्रशांत सांवले, मौज कामिल, हेमंत कुमार शर्मा, रवि सोनी, हरि कृष्ण शर्मा, नरेंद्र सिंह दांगी, अनुराग रघु, इम्तियाज़ खान।
]]>
Wed, 15 Oct 2025 17:41:56 +0530 news desk MPcg
अमित शाह के आवास पर उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात, नित्यानंद राय भी रहे साथ https://citytoday.co.in/3997 https://citytoday.co.in/3997 विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) के भीतर सीट बंटवारे से असंतुष्ट उपेंद्र कुशवाहा केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। वहीं नित्यानंद राय भी मौके पर मौजूद हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, कुशवाहा अपनी पार्टी को आवंटित छह सीटों से खुश नहीं हैं। वह महुआ सीट एनडीए के एक अन्य घटक, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को आवंटित किए जाने से भी खुश नहीं हैं। पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कुशवाहा को मनाने की कोशिशें नाकाम रहीं।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और राज्य के अन्य भाजपा नेताओं ने मंगलवार शाम यहां कुशवाहा से मुलाकात की। बैठक देर रात तक चली, जिसके बाद कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा, "इस बार एनडीए में कुछ भी ठीक नहीं है…एनडीए नेताओं ने मंगलवार को दावा किया था कि गठबंधन सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा सौहार्दपूर्ण ढंग से हो गया है और चर्चा अंतिम चरण में है। हालाँकि, इसके तुरंत बाद छोटे सहयोगियों में असंतोष सामने आ गया।

]]>
Wed, 15 Oct 2025 17:38:20 +0530 news desk MPcg
‘जमीन तो ले लेंगे, नौकरी नहीं देंगे’ — तेजस्वी यादव पर भाजपा का तगड़ा पलटवार https://citytoday.co.in/3972 https://citytoday.co.in/3972 नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव के विमर्श में जगह बना रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर महागठबंधन के विरुद्ध बाजी सजाने का मौका भाजपा को मिल गया है। आईआरसीटीसी के होटलों को लीज पर देने के मामले में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर आरोप तय होते ही भाजपा ने लालू परिवार को निशाने पर ले लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद रविशंकर प्रसाद ने सत्ता में आने पर युवाओं को नौकरी देने के तेजस्वी यादव के वादे पर कटाक्ष किया कि बिहार की जनता झांसे में न आए, तेजस्वी यादव जमीन तो ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे। यह इनका टेस्टेड मॉडल है।

अदालत ने तय किए आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज अदालत ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए हैं। ये आरोप बहुत गंभीर हैं, जिनमें सरकारी संपत्ति के आवंटन में भ्रष्टाचार, षड्यंत्र रचना और बेईमानी से सरकार की निर्णय प्रक्रिया में गड़बड़ी करने जैसे अपराध शामिल हैं। इन मामलों में आईपीसी की धारा 120-बी और 420 दोनों शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार बदलने निकले हैं, जबकि उन्हीं के खिलाफ 420 का आरोप अदालत ने तय किया है। सवाल यह है कि जब किसी की ऐसी छवि और ऐसे आरोप हों, तो वह बिहार को कैसे बदल सकता है?

'जमीन ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे'
अपने प्रहार को धार देते हुए प्रसाद ने कहा कि अगर लालू प्रसाद के पूरे शासनकाल को तीन वाक्यों में कहा जाए तो वह होंगे- चारा खाना, अलकतरा पीना और सरकारी संपत्ति तथा टेंडर में हेराफेरी कर जमीन हड़पना। इसमें एक चौथा मॉडल भी जोड़ना चाहिए, 'जमीन दो, नौकरी लो।' यह चारों मॉडल लालू राज की पहचान रहे हैं। इस मॉडल की सबसे खास बात यह रही कि इसका सारा लाभ सिर्फ परिवार तक सीमित रहा, बाहर किसी को नहीं मिला।

उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन दो, नौकरी लो योजना का सबसे बड़ा शिकार गरीब लोग हुए हैं। यह जमीन मजदूरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ली गई। नौकरी देने से पहले उनसे जमीन छीनी गई। यही कांग्रेस और राजद का तथाकथित सामाजिक न्याय है। मुकदमे की चार्जशीट में दर्ज तथ्यों को दोहराने के साथ ही सांसद रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी यादव का वर्ष 2020 के चुनाव का हलफनामा भी दिखाया।

सवाल उठाया कि 17 साल की उम्र में तेजस्वी के पास 11 संपत्ति कैसे हो गईं? राबड़ी देवी के नाम पद दर्ज संपत्तियों का ब्योरा साझा करते हुए प्रश्न किया कि राबड़ी देवी ऐसा क्या कार्य करती हैं? और आय का स्रोत क्या है? आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में दाखिल चार्जशीट की बात करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि लालू परिवार के भ्रष्ट आचरण की पोल एक बार फिर खुल गई है। यह विषय बिहार में बड़ा मुद्दा है और जनता इस पर जरूर विचार करेगी।

]]>
Tue, 14 Oct 2025 18:45:25 +0530 news desk MPcg
एनडीए आज शाम करेगा उम्मीदवारों की घोषणा, दिलीप जायसवाल बोले& एकजुट होकर लड़ेंगे https://citytoday.co.in/3951 https://citytoday.co.in/3951 पटना

बिहार विधानसभा चुनाव के अंतर्गत एनडीए आज (सोमवार) की शाम अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगा। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दी। उन्होंने रविवार को घोषित सीट बंटवारे को लेकर एनडीए के भीतर किसी तरह के मतभेद होने से इनकार किया और कहा कि गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा।

दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि एनडीए ने पहले ही सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। अब भाजपा समेत राजग के सभी घटक दलों के उम्मीदवारों की घोषणा शाम में की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में राजग के पांच घटक दल ‘पांच पांडव’ की तरह हैं और सभी मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तथा भारी बहुमत से सरकार बनाएंगे।

बता दें कि सीट बंटवारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि शेष 243 सीटें छोटे सहयोगी दलों को दी गई हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की एलजेपी (राम विलास) 29 सीटों पर, जबकि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

हम और आरएलएम ने सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जताई है। सुबह दिल्ली से लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सीट बंटवारे की व्यवस्था आपसी सहमति से तय की गई है। उन्होंने दावा किया कि हम पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे।

]]>
Mon, 13 Oct 2025 20:06:42 +0530 news desk MPcg
दिग्विजय सिंह का आह्वान: विधायक&सांसद दें पार्टी को आर्थिक सहयोग, भारत जोड़ो जैसी यात्रा निकालने का सुझाव https://citytoday.co.in/3914 https://citytoday.co.in/3914 भोपाल 

भारत जोड़ों यात्रा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में पदयात्रा होगी. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जिला प्रभारियों की बैठक में प्रस्ताव दिया. मध्य प्रदेश में पदयात्रा निकालने का प्रस्ताव दिया. इस प्रस्ताव के बाद बैठक में दिग्विजय पदयात्रा को लेकर प्लानिंग करेंगे. जनता से जुड़े मुद्दे पदयात्रा में उठाए जाएंगे. भारत जोड़ो यात्रा का ब्लूप्रिंट भी दिग्विजय सिंह ने तैयार किया था. कांग्रेस को उम्मीद पदयात्रा के जरिए एमपी कांग्रेस मजबूत होगी.

मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई रणनीति: बूथों के बीच यात्रा और हस्ताक्षर अभियान

हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और सह प्रभारी संजय दत्त मौजूद थे। इस बैठक में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में बूथों के बीच यात्रा निकालने का प्रस्ताव रखा गया। यह यात्रा कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस, जो कि 28 दिसंबर को है, से शुरू होकर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक चलेगी। यह कदम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति मानी जा रही है।

बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय से पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठनात्मक काम नहीं किया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब बिहार की तरह मध्य प्रदेश में एसआईआर (सर्वे इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट) कराने की योजना बनाई जा रही है। उनके अनुसार, पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कांग्रेस का समर्थक मतदाता वोटर लिस्ट से न हटाया जाए और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे। इसके लिए वोटर लिस्ट में होने वाली गड़बड़ी पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत हस्ताक्षर किए।
बूथ से बूथ तक यात्रा का प्रस्ताव

दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया कि पार्टी को भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर एक बूथ से दूसरे बूथ तक पदयात्रा निकालनी चाहिए। इस यात्रा के दौरान बूथ की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के काम की समीक्षा की जाएगी और वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान को गति दी जाएगी। यह यात्रा न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करेगी, बल्कि मतदाताओं के बीच पार्टी की उपस्थिति भी बढ़ाएगी।

इसके अलावा, उन्होंने जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को यह भी कहा कि उन्हें संगठन का काम करने के लिए किसी नेता की तरफ पैसे के लिए नहीं देखना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने यह सुझाव दिया कि सक्षम कार्यकर्ताओं को खुद पार्टी की मदद करनी चाहिए। इसमें ऐसे कार्यकर्ताओं को बीएलए बनाया जाना चाहिए जो बूथ पर मजबूती और सक्रियता से काम कर सकें।
हस्ताक्षर अभियान का लक्ष्य

बैठक में जीतू पटवारी ने भी अपनी बात रखी और कहा कि हमें पूरे मध्य प्रदेश से 5 करोड़ मतदाताओं के हस्ताक्षर कराने हैं। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र से 20 हजार मतदाताओं के हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान वोट चोर गद्दी छोड़ मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पार्टी की रणनीतिक दिशा को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा।

कांग्रेस पार्टी का यह नया कदम मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है। बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए यह यात्रा और हस्ताक्षर अभियान, पार्टी की संगठनात्मक मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के प्रयासों से कांग्रेस पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि आगामी चुनावों में सफलता हासिल की जा सके।

कुल मिलाकर, यह बैठक और उसके परिणाम कांग्रेस पार्टी के लिए एक नई दिशा दिखाने वाले हैं। पार्टी के नेता अब बूथ स्तर पर अधिक सक्रियता और जागरूकता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो कि आने वाले चुनावों में उनकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

आपको बता दें कि इस रणनीति के तहत कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के साथ-साथ मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही है। यह अभियान न केवल कांग्रेस के नेताओं के लिए, बल्कि पार्टी के समर्थकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

]]>
Sat, 11 Oct 2025 16:04:16 +0530 news desk MPcg
MP भाजपा की नई कार्यकारिणी में 60% नए चेहरे, टीम तैयार, दिल्ली की मंजूरी शेष https://citytoday.co.in/3877 https://citytoday.co.in/3877 भोपाल 

मध्यप्रदेश बीजेपी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा का काम अब लगभग पूरा हो चुका है। अब जल्द टीम का ऐलान होगा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर प्रदेश पदाधिकारियों के नामों पर चर्चा की और लिस्ट तैयार की। अब यह लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि जल्द इस लिस्ट पर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से फाइनल मुहर लग जाएगी। 

हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष बने लगभग 100 दिन पूरे होने वाले हैं। उन्हें 2 जुलाई को अध्यक्ष बनाया गया था और तब से वे पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा की टीम के साथ काम कर रहे हैं। पिछले तीन महीनों से वे लगातार कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी दिवाली से पहले घोषित हो सकती है। इसके बाद एमपी बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी बैठक होगी। 

हेमंत खंडेलवाल की टीम में होंगे 60 फीसदी नए चेहरे

वीडी शर्मा मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और उन्होंने 5 साल 4 महीने 17 दिन तक इस पद पर काम किया। उन्हें 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। कोरोना के कारण उनका कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया गया था, फिर संगठन चुनाव में देरी के कारण उनका कार्यकाल बढ़ता गया। वीडी शर्मा की टीम में रहे 8 पदाधिकारी अब सांसद बन चुके हैं, जबकि 8 अन्य विधायक बन चुके हैं। 

वीडी की टीम में रहे 60% चेहरे बाहर होंगे वीडी शर्मा मध्य प्रदेश भाजपा के 5 साल 4 महीने 17 दिन तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। उन्हें 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। कोरोना संकट के चलते उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था। फिर संगठन चुनाव में हुई देरी के कारण उनका कार्यकाल अघोषित रूप से बढ़ता गया।

वीडी शर्मा के साथ प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल रहे 8 पदाधिकारी सांसद और 8 पदाधिकारी विधायक बन चुके हैं। किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी सांसद और मंत्री बन गए हैं।

नई कार्यकारिणी में टीम वीडी में शामिल रहे पदाधिकारियों में से 60% चेहरे बदले जाएंगे।

पुराने संगठन मंत्रियों की वापसी संभव सितंबर 2021 में बीजेपी ने संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया था। बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शैलेंद्र बरुआ (जबलपुर और होशंगाबाद), आशुतोष तिवारी (भोपाल और ग्वालियर), जितेंद्र लिटोरिया (उज्जैन), श्याम महाजन (रीवा और शहडोल), जयपाल चावड़ा (इंदौर) और केशव सिंह भदौरिया (सागर और चंबल) को संभागीय संगठन मंत्री पद से हटाकर प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य बनाया था।

इन संगठन मंत्रियों में केशव भदौरिया को छोड़कर 5 नेताओं को राज्य सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडलों में एडजस्ट किया था। अब बीजेपी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में इन पुराने संगठन मंत्रियों की वापसी हो सकती है।

इस बार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में करीब 60% नए चेहरे होंगे। इसके अलावा किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा और महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी अब सांसद और मंत्री बन गए हैं।

सितंबर 2021 में बीजेपी ने अपने संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया था। उस समय बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शैलेंद्र बरुआ (जबलपुर और होशंगाबाद), आशुतोष तिवारी (भोपाल और ग्वालियर), जितेंद्र लिटोरिया (उज्जैन), श्याम महाजन (रीवा और शहडोल), जयपाल चावड़ा (इंदौर) और केशव सिंह भदौरिया (सागर और चंबल) को हटाकर उन्हें प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बना दिया था।

इनमें से पांच नेताओं को राज्य सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडलों में जगह दी थी, लेकिन केशव भदौरिया को इसमें शामिल नहीं किया गया था। अब बीजेपी की नई टीम में इन पुराने मंत्रियों की फिर से वापसी हो सकती है।

मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में इतने नेता

मध्यप्रदेश बीजेपी की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी के प्रदेश उपाध्यक्ष में एक मंत्री, तीन सांसद और दो विधायक हैं। वहीं, प्रदेश महामंत्री में दो विधायक और एक सांसद हैं। साथ ही, प्रदेश मंत्री में दो सांसद और एक विधायक है। वहीं, संयुक्त कोषाध्यक्ष में अनिल जैन कालूहेड़ा से विधायक हैं। 

 

]]>
Wed, 08 Oct 2025 12:28:31 +0530 news desk MPcg
बिहार BJP में बड़े बदलाव की तैयारी, गुजरात मॉडल पर कटेंगे नेताओं के टिकट https://citytoday.co.in/3829 https://citytoday.co.in/3829 पटना
 बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है. दोनों प्रमुख गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती एंटी इनकंबेंसी से निबटना है. जनता के बीच लंबे समय से जीत रहे विधायकों और मंत्रियों को लेकर बेहद नाराजगी है. इस चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए भाजपा बिहार में गुजरात मॉडल लागू करने जा रही है. गुजरात की तरह बिहार में भी मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों का टिकट काटा जायेगा. ऐसे करीब 30 विधायकों की सूची तैयार की गयी है, जिन्हें पार्टी इस बार बेटिकट कर सकती है.

वोटरों की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा का प्रदर्शन संतोषप्रद रहा था. नीतीश कुमार की कम सीटें आने के बाद भी बिहार में एनडीए की सरकार बनी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए पांचवीं बार चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहा है. भाजपा के पास अभी 80 विधायक हैं, जिनमें 22 मंत्री हैं. कई सीटों पर इस बार स्थानीय विधायक के प्रति विरोधी लहर पहले के मुकाबले मजबूत है. भाजपा ऐसे विधायकों की जगह नये चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है. वैसे जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए ऐसा करना आसान नहीं है. बिहार में भाजपा एक वरीय नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि सरकार की योजनाओं के कारण जनता में पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी नहीं है, लेकिन स्थानीय विधायकों से जनता नाराज है. मौजूदा विधायकों के प्रति मतदाताओं की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है.

गुजरात की तरह कई कद्दावर नेता होंगे बेटिकट

पार्टी का जनाधार बढ़ाने और एंटी इनकंबेंसी को साधने के लिए अमित शाह लगातार बिहार की टीम के साथ विचार मंथन कर रहे हैं. उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने से पहले एक फार्मूले पर काम किया जा रहा है. पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा बिहार में भी गुजरात मॉडल लागू कर सकती है. भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इसपर गंभीरता से विचार-विर्मश हुआ है. भाजपा ने 2022 में गुजरात चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की सूची में बड़ा बदलाव किया था. उसी तर्ज पर बिहार में भी एक व्यापक फेरबदल किया जा सकता है. लगातार सातवीं बार गुजरात जीतने के लिए भाजपा ने पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया था. साथ ही अपने 108 मौजूदा विधायकों में से 45 का टिकट काट दिया था, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल थे. बिहार में भी भाजपा इसी रास्ते सत्ता में वापसी का प्लान बना रही है.

]]>
Sat, 04 Oct 2025 17:06:16 +0530 news desk MPcg
इमर्जेंसी का जिक्र कर कांग्रेस पर बरसे निशिकांत दुबे, बोले& 82 साल के बुजुर्ग भी थे जेल में https://citytoday.co.in/3828 https://citytoday.co.in/3828 लद्दाख
लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने पर कांग्रेस को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने खूब सुनाया है। दुबे ने कहा कि कांग्रेस शायद आपातकाल के समय को भूल गई है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने विजय राजे सिंधिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भीम सेन सचर को गिरफ्तार करवा लिया था। उन्होंने कहा, कांग्रस जिस संविधान का हवाला दे रही है, वह 1975 में कहा चला गया था। उन्होंने कहा, बीजेपी की संस्थापक सदस्य राज माता सिंधिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आयकर विभाग ने छापे डाले। गायत्री देवी और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। उन्हें ऐसी कालकोठरी में डाला गया जिसमें बाथरूम तक नहीं था और आप महिलासशक्तीकरण की बात करते हैं।

निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछ विदेशी ताकतों का हाथ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, आज आप लद्दाख की बात करते हैं। लद्दाख में लोग मारे गए। पहले वही वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग करते थे और विदेशी ताकत के शामिल होने के बाद वह पूर्ण राज्य की मांग करने लगे। कांग्रेस ने पिछले 30 साल में कुछ नहीं किया लेकिन मोदी जी की सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया।

निशिकांत दुबे ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल 82 साल के सचर को घसीटकर जेल में बंद कर दिया गया था। आप लोकतंत्र की बात कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिा पर कहा था कि कांग्रेस लद्दाख के मामले में घड़ियाली आंसूबहा रही है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र से मांग की है कि वह लद्दाख के लोगों से बात करे और लद्दाख में लोगों को डराना धमकाना बंद करे। उन्होंने हाल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा था कि लद्दाख में मारा गया एक शख्स जवान के परिवार से था। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बहादुर और देशभक्त की जान ले ली क्योंकि वह लद्दाख के अधिकार की मांग कर रहा था। उसके पिता का सवाल है कि क्या देश की सेवा करने का यही इनाम है? बता दें कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और जोधपुर जेल में रखा गया है।

 

]]>
Sat, 04 Oct 2025 17:04:14 +0530 news desk MPcg
कांग्रेसी नेता संजय दत्त RSS की तारीफ पर भड़के, बोले – ‘नायक नहीं, नालायक है तू’ https://citytoday.co.in/3827 https://citytoday.co.in/3827  मुंबई 

हाल ही मैं एक नए वीडियो ने सियासी हलचल मचा दी है जिसमे बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100वीं वर्षगांठ पर अपने भाव साझा कर रहे हैं  उस वीडियो में संजय दत्त आरएसएस की तारीफ करते हुए 100वीं वर्षगांठ पर शुभकामना दे रहे हैं। कांग्रेस को यह पसंद नहीं आया और देश की सबसे पुरानी पार्टी ने संजय दत्त को नालायक तक कह दिया।

संजय दत्त ने 2 अक्टूबर के दिन अपने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, “संघ हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है, खासकर संकट और मुश्किल समय में।” इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।

कांग्रेस का तीखा हमला

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने संजय दत्त पर बेहद कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “नायक नहीं, खलनायक है तू। अपने पिता का नालायक है तू।” आपको बता दें कि संजय दत्त के पिता सुनील दत्त कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे। वह सांसद भी रहे। वहीं, उनकी बहन प्रिया दत्त भी कांग्रेस से जुड़ी हैं। संजय दत्त ने दोनों की विचारधारा के विपरीत जाकर RSS की प्रशंसा की है।

सुरेंद्र राजपूत के बयान पर अब तक संजय दत्त की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आपको बता दें कि संजय दत्त पहले कई विवादों में घिरे थे। 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में उन्हें गैरकानूनी हथियार रखने के आरोप में TADA कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। बाद में वे TADA के आरोपों से बरी हुए, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाए गए और उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी।

]]>
Sat, 04 Oct 2025 16:58:04 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी के सवालों पर भाजपा की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग पर उठते सवाल: शरद पवार का बड़ा बयान https://citytoday.co.in/3734 https://citytoday.co.in/3734 मुंबई 
राहुल गांधी बीते कई महीनों से वोटर लिस्ट में धांधली समेत कई आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहे हैं। इस मामले में अकसर भाजपा जवाब देती नजर आती है। इसी को लेकर एनसीपी-एसपी के नेता शरद पवार ने कहा है कि इससे तो चुनाव आयोग पर भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं तो भाजपा नेता नियमित रूप से प्रतिक्रिया देते हैं। इससे चुनाव आयोग पर 'अविश्वास' बढ़ता है। पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि इन सवालों पर आयोग की ओर से जवाब देने के बजाय भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब संसद में यह मुद्दा उठाते हैं तो संबंधित संस्था को इसका संज्ञान लेना चाहिए था। लेकिन हो यह रहा है कि जब गांधी चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं तो आयोग जवाब नहीं देता बल्कि भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं।' पवार ने आगे कहा कि चुनाव आयोग की बजाय मुख्यमंत्री और अन्य नेता ऐसे मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं, जिससे आयोग के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ रही है। ऐसा होना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

राहुल गांधी ने हाल ही में 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की थी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नष्ट करने वालों की रक्षा करने का आरोप लगाया था। गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि वहां मतदाताओं के नाम धोखाधड़ी से हटाए या जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है और कहा है कि 'किसी भी आम नागरिक द्वारा ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता जैसा राहुल गांधी का दावा है।'

आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए केवल उसी बूथ के अन्य मतदाता फॉर्म 7 के जरिए आवेदन कर सकते हैं न कि कोई भी आम नागरिक। राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद विपक्षी दलों में एकजुटता देखी गई है, जिसमें शरद पवार और अन्य नेताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में 'वोट चोरी' के उदाहरण दिए हैं।

]]>
Wed, 24 Sep 2025 13:45:05 +0530 news desk MPcg
त्रिची रैली में हंगामे के बाद एक्टर विजय हुए सतर्क, पार्टी ने जारी किए नए दौरे के नियम https://citytoday.co.in/3711 https://citytoday.co.in/3711 पेरंबलूर

अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने त्रिची में पिछले सप्ताह हुई रैली के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और अव्यवस्था के बाद अपने कार्यकर्ताओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मद्रास उच्च न्यायालय की टिप्पणियों के बाद पार्टी ने विजय के राज्यव्यापी अभियान के लिए सुरक्षा और आचरण नियमों को दोहराया है। टीवीके ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को विजय के लिए सार्वजनिक स्वागत समारोह आयोजित करने, उनके वाहन या काफिले का पीछा करने और खतरनाक गतिविधियों जैसे लैंप पोस्ट, बिजली के खंभे, छतों, वाहनों, पेड़ों या फ्लेक्स बोर्ड पर चढ़ने से मना किया है। साथ ही, पटाखे फोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।

पार्टी ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और बीमार लोगों को रैलियों में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय ऑनलाइन आयोजनों को फॉलो करने की सलाह दी है। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों से बचने की चेतावनी दी है। मद्रास उच्च न्यायालय ने टीवीके की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस द्वारा लगाए गए कठिन और अव्यवहारिक शर्तों पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या ऐसी शर्तें सभी पार्टियों पर लागू की जा रही हैं। न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार ने त्रिची रैली के हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कुछ अनहोनी हुई तो जिम्मेदारी कौन लेगा और विजय को पार्टी अध्यक्ष के रूप में भीड़ को नियंत्रित करना चाहिए।

भरपाई के लिए मुआवजा वसूला?

न्यायालय ने यह भी पूछा कि क्या नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा वसूला गया है और तमिलनाडु सरकार को सभी राजनीतिक दलों के लिए एकसमान दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें संभावित नुकसान के लिए जमा राशि का प्रावधान शामिल है। सरकार को 24 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है। विजय ने पिछले शनिवार को त्रिची से अपने राज्यव्यापी दौरे की शुरुआत की थी और उसी दिन आरियालुर भी गए। त्रिची में हजारों कार्यकर्ताओं के काफिले में शामिल होने से शहर ठप हो गया और सामान्य रूप से 20 मिनट का सफर छह घंटे तक खिंच गया।

मयिलादुथुराई का दौरा रद्द किया

पिछले सप्ताह विजय को पेरंबलूर का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था और इस बार उन्होंने मयिलादुथुराई का दौरा रद्द किया है। वह कल नागपट्टिनम और तिरुवारुर में प्रचार करेंगे। उनका अभियान दिसंबर तक मुख्य रूप से शनिवार को और एक रविवार को पहले से निर्धारित है। अपने अभिनय करियर के चरम पर चुनावी मैदान में उतरे विजय को उम्मीद है कि वह 1967 और 1977 के तमिलनाडु चुनाव परिणामों को दोहरा सकेंगे, जब अन्नादुराई और एमजीआर ने क्रमशः कांग्रेस और डीएमके सरकारों को सत्ता से बेदखल किया था। हालांकि, सत्तारूढ़ डीएमके और मुख्य विपक्षी एआईएडीएमके का दावा है कि वे इससे बेपरवाह हैं, क्योंकि विजय की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ जरूरी नहीं कि वोटों में तब्दील हो।

]]>
Sat, 20 Sep 2025 18:16:00 +0530 news desk MPcg
BJP&JDU सीट शेयरिंग फाइनल, अब चिराग और मांझी से होगी बातचीत https://citytoday.co.in/3710 https://citytoday.co.in/3710 नई दिल्ली 
बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस समय नई हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शाह उसी दिन पटना में आयोजित अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचे थे। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की तैयारियों का हिस्सा है। आपको बता दें कि इस मुलाकात के दौरान बिहार भाजपा के नेताओं के अलावा नीतीश कुमार के दो खास सिपहसालार संजय झा और विजय चौधरी भी इस बैठक में शामिल हुए।

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU)के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर शुरुआती खाका तैयार हो चुका है। अब इसे लेकर लोजपा (LJP), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) जैसे सहयोगी दलों से भी बातचीत चल रही है। गठबंधन के भीतर सभी दलों को संतुलित हिस्सेदारी देने का प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला नवरात्र के पावन पर्व के दौरान घोषित किया जा सकता है, जिसकी शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है। पटना के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि NDA इस अवसर को शुभ मानते हुए एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाना चाहता है। यह वही समय होगा जब से आम लोगों को जीएसटी की नई दरों का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। दुर्गा पूजा के बाद कभी भी इसका ऐलन हो सकता है। इस साल छठ के बाद वोटिंग की संभावना है। 2020 के चुनावों में जेडीयू की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही थी, जबकि बीजेपी बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। लेकिन हाल के दिनों में नीतीश कुमार के एनडीए में लौटने के बाद समीकरण फिर बदल गए हैं। बीजेपी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गठबंधन की एकता बनी रहे और विपक्षी गठबंधन INDIA को चुनौती दी जा सके। वहीं, नीतीश कुमार भी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सतर्क हैं और चाहते हैं कि उन्हें गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले।

 

]]>
Sat, 20 Sep 2025 18:13:58 +0530 news desk MPcg
हाइड्रोजन बम से तुलना, फुलझड़ी से काम! अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर साधा तंज https://citytoday.co.in/3662 https://citytoday.co.in/3662 नई दिल्ली
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। इसे लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी हार और जनता द्वारा खारिज किए जाने से हताश और निराश हैं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 'आरोपों की राजनीति' को अपना आभूषण बना लिया है, लेकिन जब इन्हीं आरोपों को साबित करने की बात आती है तो पीठ दिखाकर भाग जाते हैं।
 
झूठे आरोप लगाने की आदत: अनुराग ठाकुर
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी की आदत गलत और निराधार आरोप लगाने की बन गई है। उन्होंने दावा किया कि जब चुनाव आयोग उनके आरोपों को सत्यापित करने के लिए कहता है, तो वह पीछे हट जाते हैं। इसके अलावा, जब उन्हें शपथ पत्र देने के लिए कहा जाता है, तो वह मुकर जाते हैं। ठाकुर ने आगे कहा, "आरोप लगाने के बाद माफी मांगने और कोर्ट से फटकार खाने का काम राहुल गांधी का हो गया है। हर मामले में उनको फटकार ही लगी है।"

हाइड्रोजन बम की जगह फुलझड़ी
राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस पर तंज कसते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस में हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले थे, फुलझड़ी से काम चलाना पड़ा।
"राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 90 चुनाव हारी है" अनुराग ठाकुर ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 90 चुनाव हारी है, जिससे उनकी हताशा और निराशा दिन व दिन बढ़ती जा रही है।
 
रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और झूठ बोलते हैं: अमित साटम
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा, "राहुल गांधी हमेशा ऐसे बयान देकर देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें तकनीकी और संवैधानिक तौर पर जो करने को कहा है, वो वो नहीं करते। वो रोज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और झूठ बोलते हैं। मुझे लगता है कि अगर वो थोड़ा आत्मचिंतन करें कि उन्हें इतने कम वोट क्यों मिले और वो क्यों हारे, तो शायद वो ज़िंदगी में थोड़ा आगे बढ़ जाएं, क्योंकि जब भी कोई व्यक्ति आत्मचिंतन करता है, तो उसे अपनी गलतियां समझ आती हैं और उन्हें सुधारने का मौका मिलता है। मुझे लगता है कि देश उन पर ध्यान नहीं दे रहा है और अगर उनके पास कोई सही आरोप है, तो उन्हें संवैधानिक, तकनीकी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। वो प्रक्रिया का पालन इसलिए नहीं कर रहे, क्योंकि उन्हें पता है कि उनका झूठ उजागर होने वाला है।"

ये दिवालियापन है: संजय सेठ
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा, "ये दिवालियापन है। आप नेता प्रतिपक्ष हैं। आप संवैधानिक संस्था पर आरोप लगा रहे हैं। आपको ना ED पर विश्वास ना CBI, ना चुनाव आयोग, ना EVM, ना जनता पर विश्वास, कभी-कभी आप सिंदूर पर प्रश्न चिन्ह खड़े करते हैं… क्या हो गया है? देश की जनता इसलिए आपको सीरियस नहीं लेती है। आपको तीसरी बार किनारे बिठा दिया तो आप अपना खीझपन चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं। देश की जनता फिर आपको किनारे बिठाएगी, बिहार में भी किनारे बिठाएगी।"

]]>
Thu, 18 Sep 2025 18:56:18 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद, CWC मेंबर ने समन्वय की कमी पर उठाए सवाल https://citytoday.co.in/3632 https://citytoday.co.in/3632 भोपाल 

मध्य प्रदेश में दो दशक से सत्ता से बाहर कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही। प्रदेश में हाल ही में हुई जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अभी तक विवादों में घिरी हुई है। कई दिग्गजों को जिला अध्यक्ष बनाए जाने से नाराजगी है। वहीं कई सीनियर नेताओं के क्षेत्रों में उनकी राय के खिलाफ जिलाध्यक्ष बनाए जाने से वे नाराज हैं। अब CWC मेंबर और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश प्रभारी और पीसीसी चीफ पर सवाल खड़े पर किए हैं। कमलेश्वर पटेल ने एमपी में संगठन सृजन अभियान के तहत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी पर अपना बयान जारी किया है।

इतनी गुटबाजी नहीं होना चाहिए
उन्होंने कहा है कि गुटबाजी और प्रतिस्पर्धा हमेशा रही है। लेकिन इतनी गुटबाजी नहीं होना चाहिए, जो जिम्मेदार लोग हैं। उनकी जिम्मेदारी है। प्रदेश प्रभारी का काम समन्वय बनाने का है, न कि पार्टी बनने का। उन्होंने कहा कि मेरा तो प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से निवेदन है कि आपको खरगे जी, राहुल जी ने प्रदेश का महत्वपूर्ण पद दिया है, मुखिया बनाया है। आप सबको साथ लेकर चलिए।

समाधान हो सकता है 
पटेल ने एक दोहा बोलते हुए कहा कि मुखिया मुख सों चाहिए, खान पान को एक, पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक। इस तरह की भावना के साथ जिस दिन काम करना शुरू कर देंगे तो हम समझते हैं कि थोड़ी बहुत प्रतिस्पर्धा को लेकर आपस में नाराजगी हो सकती है लेकिन कोई बहुत बड़ी नाराजगी नहीं हैं। इसका समाधान किया जा सकता है और हमारे नेता कर भी रहे हैं। पटेल ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए चलाए गए संगठन सृजन अभियान को लेकर कहा कि संगठन सृजन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल की भावनाओं को दरकिनार करने की कोशिश हुई है। जहां गड़बड़ियां हुई हैं, उनकी जांच कर रहे हैं

जमीनी नेताओं को दरकिनार करना गलत
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को लेकर हाईकमान ने जाहिर भी किया कि गड़बड़ी हुई है। जमीनी नेताओं को दरकिनार करना गलत है। यह विसंगतियां हाईकमान के संज्ञान में हैं। व्यापार करने वालों को नहीं, जमीनी लोगों को मिलना चाहिए मौका।

]]>
Tue, 16 Sep 2025 14:52:10 +0530 news desk MPcg
CM ममता बनर्जी का हमला& वोटिंग का हक किसी से नहीं छिनने दूंगी https://citytoday.co.in/3525 https://citytoday.co.in/3525 कोलकाता 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को TMC छात्र परिषद की रैली में भाजपा पर जोरदार हमले किए हैं। ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा 500 लोगों की टीम ले कर बंगाल आई है और लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन उनके होते हुए किसी भी बंगाली के मतदान के अधिकार को नहीं छीनने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ‘भाषाई आतंकवाद’ का भी जिक्र किया है। CM ममता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाषाई आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोलकाता में छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "आपको खुद जांच करनी चाहिए कि आपका नाम अभी भी मतदाता सूची में है या हटा दिया गया है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके पास आधार कार्ड हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जब तक मैं ज़िंदा हूं, किसी को भी लोगों का मताधिकार नहीं छीनने दूंगी।" ममता बनर्जी ने इस दौरान चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है। उन्होंने दावा किया, "चुनाव आयोग हमारे अधिकारियों को धमका रहा है। आयोग का अधिकार क्षेत्र चुनाव के दौरान केवल तीन महीनों तक ही है, पूरे साल नहीं।"

बंगालियों की भूमिका भुलाने की कोशिश
ममता बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई भूमिका को भुलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर बंगाली भाषा ही नहीं है, तो राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किस भाषा में लिखे गए हैं? वे चाहते हैं कि लोग स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को भूल जाएं। हम इस भाषाई आतंक को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी ममता बनर्जी ने जवाब दिया। CM ममता ने दावा किया कि TMC सरकार ने कई सामाजिक कल्याणकारी पहल की हैं। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार विकास के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा, "हम महिलाओं के लिए 'लक्ष्मी भंडार' योजना लेकर आए हैं, जबकि भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार' और भाई-भतीजावाद है। वे देश को लूट रहे हैं, जबकि हम महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।"

]]>
Fri, 29 Aug 2025 16:10:43 +0530 Newsdesk
GST काउंसिल का बड़ा फैसला! 31 अक्टूबर तक खत्म हो सकता है सेस https://citytoday.co.in/3517 https://citytoday.co.in/3517 नई दिल्ली
वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक 3 सितंबर को होने जा रही है। इस बैठक में 31 अक्टूबर तक क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने पर चर्चा की जा सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला था। हालांकि, उपकर संग्रह को पहले ही समाप्त करने के लिए चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान राज्यों को राजस्व की कमी की भरपाई के लिए, लिए गए ऋण पूरी तरह से चुकाने के करीब पहुंच रहे हैं।

यह पुनर्भुगतान 18 अक्टूबर के आसपास पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन सरकार सुचारू संचालन के लिए इसे अक्टूबर के अंत तक बढ़ा सकती है। सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि उपकर संग्रह से लगभग 2,000-3,000 करोड़ रुपए का अधिशेष प्राप्त हो सकता है, जिसे केंद्र और राज्यों के बीच समान रूप से साझा किया जाएगा।

कानून में क्षतिपूर्ति के लिए उपकर को केवल पांच वर्षों के लिए अनिवार्य किया गया था, क्योंकि राज्यों को चिंता थी कि 2017 में जीएसटी लागू होने पर उन्हें कर राजस्व का नुकसान होगा। इसलिए राज्य के राजस्व में कमी की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति उपकर लगाया गया था। केंद्र ने राज्यों की ओर से 2.69 लाख करोड़ रुपए उधार लिए और वित्तीय प्रबंधन में सहायता के लिए उन्हें ऋण के रूप में प्रदान किए।

हालांकि, महामारी के दौरान लिए गए ऋणों के भुगतान हेतु, जब राजस्व में तेज गिरावट आई थी, इस उपकर को जून 2022 से मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया था। वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) अधिनियम, 2017 के अनुसार, ऋणों का भुगतान पूरा होने के बाद उपकर संग्रह बंद हो जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने सभी वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो जीएसटी दरों के लिए जीएसटी परिषद को अपना प्रस्ताव भेजा है, जो मौजूदा चार स्लैब संरचना का स्थान लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुसार, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को कम करने के उद्देश्य से एक नियोजित जीएसटी सुधार के माध्यम से नागरिकों को इस दिवाली दोहरा बोनस मिलेगा।

]]>
Thu, 28 Aug 2025 18:55:17 +0530 Newsdesk
भाजपा अध्यक्ष पद की दौड़ में शिवराज सबसे आगे, भागवत से मुलाकात ने बढ़ाई चर्चा https://citytoday.co.in/3516 https://citytoday.co.in/3516 नई दिल्ली 
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के नाम पर अब तक मुहर नहीं लग सकी है। साथ ही पार्टी की तरफ से कोई तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। अब कहा जा रहा है कि बीजेपी बिहार विधानसभा चुनाव का शेड्यूल आने से पहले अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। साथ ही RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख प्रमुख मोहन भागवत के साथ केंद्रीय मंत्री की मुलाकात ने अटकलें तेज कर दी हैं। हालांकि, भाजपा की तरफ से आधिकारिक तौर पर साफ नहीं किया गया है कि अगले प्रमुख के नाम की घोषणा कब होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि पार्टी आलाकमान की तरफ से संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली गई है। वहीं, इस पर 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि इसके बाद नए अध्यक्ष के चुनाव की जानकारी दी जा सकती है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों के प्रमुख पहले चुने जाएंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने यह भी कहा है कि अगर अध्यक्ष बिहार चुनाव की घोषणा से पहले नहीं चुना गया, तो नियुक्ति चुनाव के बाद ही की जाएगी। फिलहाल, भाजपा ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए किसी शेड्यूल का ऐलान नहीं किया है।

दिल्ली में बड़ी मीटिंग
रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संघ प्रमुख भागवत की मीटिंग की खबरें हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि यह बैठक बंद कमरे में 45 मिनट तक चली। खास बात है कि चौहान को भी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा है। खास बात है कि यह मीटिंग दो साल के लंबे अंतराल के बाद हुई थी।

इन नामों की भी चर्चा
इससे पहले कहा जा रहा था कि केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, आंध्र प्रदेश की भाजपा प्रमुख डी पुरंदेश्वरी, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनति श्रीनिवासन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव, भाजपा नेता विनोद तावड़े के नाम की भी चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, इन्हें लेकर भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

]]>
Thu, 28 Aug 2025 18:52:52 +0530 Newsdesk
नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया ने भाजपा छोड़ी, कांग्रेस में शामिल https://citytoday.co.in/3467 https://citytoday.co.in/3467 आगर मालवा

मध्य प्रदेश के आगर मालवा की नगर परिषद सुसनेर में बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। नगर परिषद सुसनेर की अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया ने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। बताया जाता है कि विधायक भैरोसिंह परिहार एवं अन्य कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में लक्ष्मी सिसोदिया ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया।
पार्षदों ने खोला था मोर्चा

दरअसल, नगर परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया के खिलाफ दो दिन पहले तक भाजपा और कांग्रेस के पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में थे। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले ही भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने सिसोदिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की थी। दोनों दल के पार्षदों ने अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया पर भ्रस्टाचार के आरोप लगाते हुए पद छोड़ने को लेकर मुहिम चला रखी थी। इसके लिए कलेक्टर कार्यलय समेत एसडीएम को पत्र भी लिखा जा चुका था।
कलेक्टर कार्यालय में दिया था आवेदन

इन पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। शनिवार को इन्हीं पार्षदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सुसनेर में 15 पार्षद हैं। इनमें से 12 पार्षदों ने अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। पार्षदों ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लागते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमे भाजपा के 8 और कांग्रेस के 4 पार्षद शामिल थे।
ई-रिक्शा ओर डीजल घोटाले के आरोप

शनिवार को रेस्ट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्षदों ने ई रिक्शा से लेकर डीजल घोटाले के आरोप लगाए थे। पार्षदों का आरोप था कि अध्यक्ष और उनके परिजनों के निजी वाहनों में नगर परिषद से डीजल भरवाया गया। इसके सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। पार्षदों का आरोप था कि एक व्यक्ति से नौकरी के नाम पर 1 लाख रुपए लिए गए।
घोटाले का आरोप

पार्षदों का दावा था कि उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने लाखा प्रवेश द्वार को बेच दिया गया है। ई-रिक्शा कचरा वाहन खरीदी में घोटाला हुआ है। लोकायुक्त की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हाथ ठेला कचरा गाड़ी में भी गबन किया गया है।
धार्मिक ग्रंथ ओर देवी देवताओं की खाई कसम

प्रेस वार्ता के बाद सभी पार्षदों ने धार्मिक ग्रंथों और देवी-देवताओं की कसम खाकर अध्यक्ष को हटाने का संकल्प लिया था। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र सांवला ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय से एलईडी लैंप चोरी का मामला दर्ज है। नए बसस्टैंड तालाब से जलकुंभी हटाने पर लाखों खर्च किए गए। जलकुंभी कंठाल नदी में फैलकर किटखेड़ी तक पहुंच गई है। इससे नलजल योजना का पानी दूषित हो रहा है।
एक दिन पहले हुई थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

 सुसनेर डाक बंगला स्थित विश्राम गृह पर आयोजित प्रेस वार्ता में सत्तापक्ष के भीतर गहराते असंतोष को को लेकर पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने एक स्वर में अध्यक्ष पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें कुर्सी से हटाने की कसम खाई। उनको कहना था कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है। वे अध्यक्ष को हटाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। इस बार विपक्षी कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के पार्षद भी अध्यक्ष के विरोध में खड़े दिख रहे थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि परिषद में ई-रिक्शा की खरीदी से लेकर लोहे की हाथ गाड़ियों, एलईडी लाइटों और मरम्मत कार्यों में बड़े पैमाने पर कथित तौर पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्षदों ने कहा कि मरम्मत के नाम पर दो वर्षों में लगभग 20 लाख रुपए का भुगतान किया गया, लेकिन सुधार कार्य कहीं दिखाई नहीं दे रहे।
लक्ष्मी सिसोदिया ने नकारे आरोप

सुसनेर पार्षदों के आरोपों को परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया सिरे से नकार दिया। उनका कहना है कि पार्षदों के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विकास और निर्माण कार्य नियमानुसार हुए हैं। विधायक भैरोंसिंह परिहार ने कहा कि सिसोदिया को उनकी ही पार्टी के लोग पद से हटाने की कोशिश कर रहे थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी।

]]>
Mon, 25 Aug 2025 18:39:55 +0530 Newsdesk
विधायक का नाती बताकर सरपंच की दबंगई! जमीन मालिक की पिटाई, हत्या की धमकी, केस दर्ज https://citytoday.co.in/3442 https://citytoday.co.in/3442 बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरपंच साहिल मधुकर द्वारा गुंडगर्दी करने और जान मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. आरोप है कि सरपंच ने खुद को विधायक का नाती बताते हुए समर्थकों के साथ जमीन की बाउंड्री वॉल तोड़ दी. आरोपियों ने जमीन मालिक को इस दौरान जान से मारने की भी धमकी दी. घटना का वीडियो भी सामने आया है.

जानकारी के मुताबिक, सामने आया वीडियो मस्तूरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. जहां सरपंच साहिल मधुकर ने जमीन मालिक के साथ गुंडागर्डी की है. अपने समर्थकों के साथ मिलकर गाली-गलौच करते हुए पिटाई कर दी. बदमाशों के हौसले इतने बुलंद है कि वह वायरल वीडियो में बाउंड्री वॉल तोड़ने के साथ स्माइल करते हुए विक्ट्री साइन दिखा रहे हैं.

पीड़ित की शिकायत के बाद मस्तूरी थाने में अपराध दर्ज कर लिया गया है. वहीं सरपंच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है. वहीं सरपंच के खिलाफ स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है.

]]>
Sat, 23 Aug 2025 18:32:37 +0530 Newsdesk
MLA पूजा पाल का आरोप: “मेरी हत्या हुई तो सपा जिम्मेदार” – चिट्ठी में अखिलेश यादव को लिखा संदेश https://citytoday.co.in/3441 https://citytoday.co.in/3441 कौशांबी 

यूपी में कौशांबी जिले की चायल सीट से विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई है. उन्होंने साफ कहा है कि यदि मेरी हत्या होती है तो इसके लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जिम्मेदार होंगे.

पूजा पाल ने अपनी चिट्ठी में उल्लेख किया है कि उन्होंने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है. उनके पति की हत्या के दोषियों को सजा मिल चुकी है. उन्होंने लिखा, मैंने अपना वास्तविक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है, मेरे पति के हत्यारों को सजा मिल गई है. अब मुझे मौत भी मिले तो भी गर्व ही होगा.

पत्र के अंतिम हिस्से में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि अखिलेश यादव ने उन्हें बीच रास्ते में अपमानित करके छोड़ दिया है. इस कारण समाजवादी पार्टी के अपराधी समर्थकों का मनोबल काफी बढ़ गया है और ठीक वैसे ही जैसे उनके पति की हत्या हुई थी, वैसे ही उनकी हत्या भी हो सकती है.

पूजा पाल ने पत्र में कहा, यदि ऐसा होता है तो मैं सरकार और प्रशासन से मांग करती हूं कि मेरी हत्या की वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाए.

कौन हैं पूजा पाल?

पूजा पाल की शादी 16 जनवरी 2005 को राजू पाल से हुई थी. राजू इलाहाबाद (पश्चिमी) विधानसभा सीट से बसपा विधायक थे. शादी के महज 9 दिन बाद 25 जनवरी 2005 को राजू की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. यह हत्या इलाहाबाद की सियासत में भूचाल लाने वाली घटना थी.

पूजा पाल ने अपने पति की हत्या के बाद अतीक अहमद और उसके गुर्गों के खिलाफ FIR दर्ज कराई, जिसके चलते वो 'अतीक गैंग से लोहा लेने वाली' नेता के रूप में उभरीं.

पति की हत्या के बाद उन्होंने उपचुनाव लड़ा लेकिन हार गईं. उसके बाद 2007 और 2012 में इलाहाबाद शहर (पश्चिम) से BSP से विधायक चुनी गईं. हालांकि 2017 में वे हार गईं. बाद में 2022 में सपा के टिकट पर चायल विधानसभा सीट से विधायक बनीं.

]]>
Sat, 23 Aug 2025 18:27:28 +0530 Newsdesk
चिदंबरम ने कहा: जेल में बंद मंत्रियों को बर्खास्त करने वाला विधेयक सबसे अजीब https://citytoday.co.in/3417 https://citytoday.co.in/3417 नई दिल्ली 
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को 130वें संविधान संशोधन विधेयक को अजीब और असंवैधानिक बताया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर किसी को 30 दिनों तक जमानत नहीं मिलती तो क्या वह मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि जनता का फैसला किसी एक गिरफ्तारी की वजह से पलट दिया जा सकता है। दुनिया में इससे ज्यादा अजीब कोई भी बात नहीं सुनी जा सकती। पेशे से वकील पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस विधेयक के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा, "कोई आरोप नहीं, कोई मुकदमा नहीं, कोई दोष सिद्दी नहीं… लोकतांत्रिक देश में एक गिरफ्तारी (आम तौर पर फर्जी आरोपों के आधार पर) के आधार पर जनता के फैसले को पलट दिया जाएगा।"

निचली अदालतें नहीं देती जमानत: चिदंबरम
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजकल निचली अदालतें शायद ही कभी जमानत देती हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट भी इसमें आनाकानी करता है। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा, “हर महीने सुप्रीम कोर्ट में हजारों जमानत याचिकाएं आती हैं। इस प्रक्रिया में कई हफ्ते लग जाते हैं। इसी बीच, जो 30 दिन की मोहलत सरकार दे रही है उसकी तारीख भी निकल जाएगी। परिणामस्वरूप गलत आरोपों के आधार पर एक सरकार अस्थिर हो जाएगी। क्या इससे ज्यादा गैर-कानूनी, असंवैधानिक और लोकतंत्र विरोधी या संघीय विरोधी कुछ हो सकता है?” गौरतलब है कि कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा में यह बिल पेश किया था। इसके बाद विपक्ष के प्रदर्शन को देखते हुए इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया, इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्य सभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। इस विधेयक के मुताबिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद पर रहते हुए अगर किसी पांच साल तक की सजा हो सकने वाले अपराध के तहत 30 दिन तक जेल में गुजारते हैं। तो ऐसे मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों या पीएम को पद से हटाया जा सकता है। फिर चाहें वह दोषी साबित हुए हों या फिर नहीं।

इस विधेयक को लेकर विपक्ष का आरोप है कि इस तरह के कानून के जरिए राज्य सरकारें, खासकर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य सरकारें अस्थिर हो जाएंगी। विपक्ष ने दावा किया कि भाजपा शासित केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों को फंसाने, उन्हें सलाखों के पीछे डालने और फिर उन्हें पद से हटाने की योजना बना रही है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए राजनीति में गिरते नैतिक मानकों को ऊपर उठाना और इसे ईमानदार बनाए रखने वाला बताया।

आपको बता दें यह बिल ऐसे समय में आया है जब कुछ महीने पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री पद अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चला रहे थे। वहीं दूसरी ओर झारखंड के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने भी जेल गए थे। हालांकि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।

]]>
Thu, 21 Aug 2025 18:41:30 +0530 Newsdesk
इंडिया गठबंधन का नया अभियान: घर&घर पहुंचेगा अधिकार पर्चा, शेखपुरा से तेजस्वी की यात्रा शुरू https://citytoday.co.in/3416 https://citytoday.co.in/3416 पटना 


बिहार में विधानसाभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन वोट अधिकार यात्रा कर रहा है। इंडिया गठबंधन ने मतदाता अधिकार यात्रा के साथ अपने वादों की पोटली भी खोल दी है। गठबंधन के कार्यकर्ता यात्रा के दौरान घर-घर अधिकार का पर्चा भी बांटेंगे। गुरुवार को 5वें दिन की यात्रा शेखपुरा से शुरू होगी। रात्रि विश्राम मुंगेर में होगा। वहीं राहुल गांधी दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में व्यस्त रहने के चलते गुरुवार की शाम से यात्रा में शामिल होंगे। गुरुवार की सुबह शेखपुरा से यात्रा में तेजस्वी यादव और अन्य नेता मौजूद रहेंगे। बुधवार को यात्रा का विश्राम दिन रहा।

वहीं, यात्रा में 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल होंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में अखिलेश यादव का जुड़ना वोट चोरी के ख़िलाफ़ हमारे इस जन आंदोलन को और मज़बूत करेगा।

घर-घर अधिकार का पर्चा में वादों का गुलदस्ता समाहित किया गया है। इस पर्चे में गठबंधन के सभी नेताओं को जगह दी गई है। राहुल-तेजस्वी संग माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, भाकपा के डी राजा को भी जगह दी गई है। इसमें कमाई, दवाई, पढ़ाई और सामाजिक न्याय के अधिकार से संबंधित वादे गिनाए गए हैं। गठबंधन ने इसी के इर्द-गिर्द चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने का मन बनाया है।

]]>
Thu, 21 Aug 2025 18:39:26 +0530 Newsdesk
7 अगस्त को राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन की अहम बैठक, कई बड़े नेता होंगे शामिल https://citytoday.co.in/3227 https://citytoday.co.in/3227 नई दिल्ली

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक 7 अगस्त को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर होगी। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डिनर के दौरान होगी और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि, विपक्षी इंडिया गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगा रहा है। 7 अगस्त की डिनर मीटिंग में आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति और संभावित आंदोलन की रूपरेखा भी बन सकती है।

बता दें कि, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों में करीब 70-80 सीटों पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं। जिसमें बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया, महाराष्ट्र में फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप, ऑपरेशन सिंदूर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से संभावित टैरिफ धमकी शामिल है।

बता दें कि, इससे पहले इंडिया गठबंधन की पिछली बैठक 19 जुलाई को वर्चुअल हुई थी, जिसमें 24 से ज्यादा दलों के नेता शामिल हुए थे। संसद के मानसून सत्र की रणनीति बनाने को लेकर यह बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।

]]>
Mon, 04 Aug 2025 12:06:18 +0530 Newsdesk
शिवराज दिल्ली में, फोकस एमपी पर! क्या है इसके पीछे की राजनीति? https://citytoday.co.in/3151 https://citytoday.co.in/3151 दिल्ली में मंत्री, दिल अब भी एमपी में: शिवराज की सक्रियता के पीछे क्या है राजनीतिक संकेत?

भोपाल।
केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की सक्रियता मध्य प्रदेश की सियासत में लगातार बनी हुई है। चाहे आदिवासी समुदाय के हितों की बात हो, किसान संगठनों की बैठकें हों या पदयात्राएं—शिवराज की हर गतिविधि संकेत देती है कि उनका दिल अब भी मध्य प्रदेश की धरती से जुड़ा है। यह सक्रियता महज औपचारिक नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक पटकथा का हिस्सा भी मानी जा रही है।

20 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके शिवराज सिंह की जड़ें गहराई तक मध्यप्रदेश की मिट्टी से जुड़ी हैं। जानकार मानते हैं कि उनकी राज्य में बढ़ती सक्रियता, विशेषकर सीहोर से इंदौर तक की यात्रा और जनसंवाद, सिर्फ सरकारी दौरे नहीं, बल्कि भावी रणनीति का संकेत हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

वरिष्ठ पत्रकार देवश्री माली मानते हैं कि शिवराज सिंह चौहान की सक्रियता का मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद पर कोई सीधा खतरा नहीं है। वे कहते हैं,

"बीजेपी का इतिहास देखेंगे तो पाएंगे कि जब शिवराज को पहली बार लाया गया था, तब भी उमा भारती और बाबूलाल गौर जैसे बड़े नेता मौजूद थे। आज शिवराज एक चरित्र अभिनेता की भूमिका में हैं—ऐसे नेता जो अब केंद्रीय राजनीति में जा चुके हैं, लेकिन जिनका अनुभव पार्टी के लिए पूंजी है।"

उनके अनुसार, पार्टी के कैडर में विद्रोह की प्रवृत्ति नहीं होती। शिवराज राष्ट्रीय राजनीति में होने के बावजूद मध्य प्रदेश में सामाजिक जुड़ाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. लोकेंद्र सिंह इसे स्वाभाविक बताते हैं।

"मध्य प्रदेश उनका घर है, कार्यक्षेत्र है। वे यहीं से चुने जाते हैं और यहां उनकी उपस्थिति स्वाभाविक है। इसमें किसी रणनीति की तलाश करना ज़रूरी नहीं।"

उनका मानना है कि शिवराज का केंद्र में मंत्री बनना उनकी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव का सम्मान है।

"बीस साल मुख्यमंत्री रहने वाले नेता को सामान्य सांसद नहीं बनाया जा सकता। उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करना तार्किक भी था और राजनीतिक रूप से जरूरी भी।"

सक्रियता या रणनीति?

एक वरिष्ठ पत्रकार के अनुसार, राजनीति में पद और प्रतिष्ठा परिस्थितियों और समीकरणों से तय होते हैं।

"एक समय ऐसा था जब शिवराज को लाने के लिए उमा भारती जैसे दिग्गज नेता को हटाया गया था। आज केंद्र में पूर्ण बहुमत न होने की स्थिति में, शिवराज जैसे सर्वमान्य चेहरों की आवश्यकता है।"

उनके अनुसार, शिवराज की वर्तमान सक्रियता केवल कार्यक्षेत्र से जुड़ाव नहीं है।

"चाहे अधिकारियों को डांटना हो, मुख्यमंत्री निवास पर आदिवासी समूहों को लेकर पहुंचना हो, या पदयात्राएं—यह सब किसी सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा लगता है।"

'मामा' की वापसी की पटकथा?

शिवराज सिंह चौहान के पुराने क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क, जनसभाएं और जनहित मुद्दों पर स्पष्ट बयान—यह सब केवल संयोग नहीं लगते। जानकारों की मानें तो शिवराज सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति से ‘रिटायर्ड हर्ट’ नहीं हुए हैं। उनकी सक्रियता न केवल पार्टी के भीतर संतुलन को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह भी संकेत दे रही है कि उनका राजनीतिक सफर अब भी अधूरा है।

]]>
Wed, 30 Jul 2025 11:57:17 +0530 news desk MPcg
अध्यक्ष पद की रेस में मतभेद? RSS की प्राथमिकताओं को लेकर संगठन में हलचल https://citytoday.co.in/3146 https://citytoday.co.in/3146 नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के बीच उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने पार्टी की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। अब भाजपा के सामने दो महत्वपूर्ण पदों के लिए उम्मीदवार चुनने का दवाब है। सूत्रों की मानें तो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है, जिसके कारण नाम घोषित करने में देरी हो रही है। हालांकि पार्टी ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा दोनों पदों पर राजनीतिक और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन कर रही है। पार्टी अगस्त के अंत तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव करना चाहती है, जबकि उसी समय भाजपा अध्यक्ष का नाम भी घोषित करना चाहती है। संभावना जताई जा रही है कि अगर उपराष्ट्रपति पद के लिए उच्च जाति के नेता को चुना जाता है, तो भाजपा अध्यक्ष के रूप में ओबीसी या दलित समुदाय से उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी।

विशेष बात यह है कि 2022 में द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी थीं, जबकि उसी वर्ष जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति बने थे, जिनका संबंध किसान परिवार से था। माना जाता है कि यह चयन जाट किसानों के बीच राजनीतिक संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा था, जो 2020-21 के कृषि कानून विरोधी आंदोलन में सक्रिय थे।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर सूत्र बताते हैं कि उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार भाजपा का होगा, लेकिन अंतिम नाम एनडीए के सहयोगी दलों के साथ चर्चा के बाद तय होगा। वहीं, भाजपा अध्यक्ष के नाम को लेकर भाजपा और RSS के बीच अभी भी विचार-विमर्श जारी है। संघ एक ‘मजबूत संगठन नेता’ के पक्ष में है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं और इस मुद्दे को RSS नेतृत्व के साथ सुलझाने का प्रयास होगा। कहा जा रहा है कि भाजपा ने दो ओबीसी मंत्री — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव — के नाम प्रस्तावित किए हैं, लेकिन संघ की सहमति अभी नहीं मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप से इस गतिरोध को दूर किया जा सकता है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “मोदी जी स्वयं संघ नेतृत्व से बात कर गतिरोध को समाप्त कर सकते हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए नाम पर भी जल्द चर्चा होगी।”

]]>
Tue, 29 Jul 2025 15:52:45 +0530 news desk MPcg
धनखड़ के इस्तीफे से BJP की रणनीति पर असर, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में लग सकती है देरी https://citytoday.co.in/3123 https://citytoday.co.in/3123 नई दिल्ली

देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति में फंसती जा रही है। पहले उसके सामने पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए अपने वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ सहमति बनाने की चुनौती थी। अब भाजपा को देश के नए उपराष्ट्रपति पद के लिए भी माथापच्ची करनी पड़ेगी। भाजपा अध्यक्ष का चुनाव और लंबा खिंच गया है। उपराष्ट्रपति के अचानक इस्तीफा देने से यह स्थिति पैदा हुई है। पार्टी का पूरा ध्यान अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर केंद्रित हो गया है और संगठन के चुनाव का मामला एक बार फिर ठंडा पड़ गया है।

नए पार्टी अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं फिर से बंद हो गई हैं और इसके चलते कई राज्यों के अध्यक्षों का मामला भी लटक गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के संगठन चुनाव अब कब पूरे होंगे, लेकिन फिलहाल मॉनसून सत्र में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। उसके बाद की स्थितियां भी साफ नहीं है, क्योंकि इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ जाएगी। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन राज्यों में हैं, जहां अभी तक अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका। इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य भी शामिल हैं। इन राज्यों के पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

रेस में इन दिग्गजों के नाम
आपको बता दें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय मंत्री), शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री), मनोहर लाल खट्टर (कैबिनेट मंत्री), भूपेंद्र यादव (कैबिनेट मंत्री) जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनमें से कुछ नाम संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मजबूत माने जा रहे हैं, तो कुछ नाम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सामने आए हैं।

28 प्रदेश अध्यक्ष बदले गए
BJP ने अब तक 36 में से 28 राज्यों में नए या फिर से नियुक्त अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। बाकी महत्वपूर्ण राज्य जैसे कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा और गुजरात की घोषणा बाकी है। इस जमीनी पुनर्गठन से पार्टी एक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए मंच तैयार कर रही है।

]]>
Mon, 28 Jul 2025 12:42:52 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में आज मैराथन बहस: राजनाथ सिंह देंगे शुरुआत https://citytoday.co.in/3117 https://citytoday.co.in/3117 नई दिल्ली

संसद के मॉनसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की लंबी बहस शुरू होगी
लोकसभा में सोमवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर 16 घंटे की विशेष चर्चा की शुरुआत होगी। इस बहस की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे करेंगे। इसके बाद मंगलवार से राज्यसभा में भी इसी विषय पर 16 घंटे तक चर्चा जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस चर्चा में भाग लेने की संभावना जताई जा रही है।

संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस चर्चा के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह और तीनों सेना प्रमुखों के साथ कई बैठकें की हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी शामिल होंगे.

सरकार इस चर्चा को पूरी आक्रामकता के साथ रखने की तैयारी में है. खास बात ये है कि ये बहस करगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के ठीक बाद हो रही है, और सरकार इसे 'विजय दिवस' की तरह पेश करने की तैयारी में है.

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को  "विजय उत्सव" बताया है

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को की गई थी. ये ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक सैन्य अभियान था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन को "विजय उत्सव" बताया और कहा कि यह भारत की स्वदेशी डिफेंस कैपेबिलिटी का प्रमाण है.

सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ 22 मिनट में पूरा हुआ और इसमें सभी आतंकियों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया. इसे 100% सफल ऑपरेशन बताया जा रहा है.

विपक्ष मांग रहा सरकार से जवाब

ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर विपक्ष भी सरकार से जवाब मांग रहा है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए. बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने इस बहस के लिए समय निर्धारित किया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वो ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार देश के सामने सभी सच्चाई रखने को तैयार है. 

]]>
Mon, 28 Jul 2025 12:33:34 +0530 news desk MPcg
वकील उज्ज्वल निकम की राज्यसभा में एंट्री क्या मराठी पॉलिटिक्स की काट है? https://citytoday.co.in/2970 https://citytoday.co.in/2970 मुंबई 

महाराष्ट्र में भाषा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. मराठी और अंग्रेजी के साथ एक से पांचवीं कक्षा तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य करने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने आंदोलन का ऐलान किया था. महाराष्ट्र सरकार ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का आदेश वापस ले लिया, लेकिन यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा.

महाराष्ट्र में जल्द ही बीएमसी और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं और सत्ताधारी महायुति की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मराठी अस्मिता की सियासी पिच पर घिरी नजर आ रही है. महाराष्ट्र में जारी भाषा विवाद के बीच राज्यसभा में चार सदस्य मनोनीत किए गए.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिन चार सदस्यों को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया है, उनमें एक नाम चर्चित सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का भी है. उज्ज्वल निकम के राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने के बाद अब बात इसे लेकर भी हो रही है कि क्या उनका मनोनयन उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मराठी पॉलिटिक्स की काट है?

मराठी पॉलिटिक्स की चर्चा क्यों

उज्ज्वल निकम एक मराठी परिवार से आते हैं. निकम का जन्म जलगांव के एक संभ्रांत मराठी परिवार में हुआ था और उनके पिता न्यायिक सेवा में जज थे. उज्ज्वल निकम को पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने टिकट दिया था. हालांकि, कोर्ट रूम में अजेय निकम सियासत में अपना डेब्यू मैच हार गए थे. बीजेपी संदेश, संकेत और प्रतीकों की सियासत में दक्ष मानी जाती है और मराठी विवाद के बीच अब मराठा उज्ज्वल निकम का देश के उच्च सदन में मनोनयन भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

क्या कहते हैं जानकार

महाराष्ट्र के मुंबई में ही रहने वाले राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने कहा कि उज्ज्वल निकम बड़े वकील हैं, लेकिन एंटी मराठी नैरेटिव काउंटर करने में कारगर होंगे भी या नहीं? यह भविष्य ही बताएगा. हां, बीजेपी ने ठाकरे बंधुओं के इस नैरेटिव को काउंटर करने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरे को आगे कर दिया है.

उन्होंने कहा कि उज्ज्वल निकम से पीएम मोदी का मराठी में बात करना मराठी समुदाय के लिए बीजेपी की ओर से यह संदेश है कि हमारा सबसे बड़ा नेता भी मराठी बोलता है, मराठी जानता है, उसका सम्मान करता है और यह मुद्दा अब यहीं पर समाप्त हो जाना चाहिए. महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव संदेश की पॉलिटिक्स का लिटमस टेस्ट होंगे.

महाराष्ट्र में एमपी-छत्तीसगढ़ वाली रणनीति!

राज्यसभा में उज्ज्वल निकम के मनोनयन को बीजेपी की मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले वाली रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. दोनों राज्यों में छिटके अनुसूचित जनजाति (एसटी) के मतदाताओं को फिर से अपने पाले में लाने की कोशिश में बीजेपी ने रानी दुर्गावती गौरव यात्रा निकाली और सरकार ने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर कर दिया.

आदिवासी समाज के बीच भगवान का दर्जा रखने वाले बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई और जबलपुर में शंकर शाह-रघुनाथ शाह के नाम पर स्मारक भी बनवाया गया. छत्तीसगढ़ में पुरखौती सम्मान यात्रा भी इसी रणनीति का हिस्सा थी.

दोनों राज्यों में मतदान से ठीक पहले पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा की जयंती पर उनके गांव उलिहातु जाकर भी आदिवासी समाज को संदेश दिया था और यह चुनाव में कारगर भी साबित हुआ था. अब उज्ज्वल निकम के राज्यसभा में मनोनयन को भी मराठी पॉलिटिक्स की मुश्किल दिख रही पिच पर बीजेपी की संदेश और प्रतीक की सियासत वाली रणनीति से जोड़कर ही देखा जा रहा है.

संजय दत्त अगर हथियार के बारे में बता देते तो मुंबई में नहीं होते धमाके

राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे मशहूर वकील उज्ज्वल निकम ने मुंबई धमाकों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अभिनेता अगर संजय दत्त हथियारों से लदे वाहन की जानकारी दे देते, तो मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट टल सकते थे। 1993 में देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में हुए धमाकों में 267 लोगों की मौत हो गई थी।

 निकम ने कहा, 'मैं सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूं। धमाका 12 मार्च को हुआ। इससे एक दिन पहले वैन उनके (संजय दत्त) के घर पहुंची थी। वह हथियारों हैंड ग्रेनेड, एके 47 से लदी हुई थी। अबू सलेम उसे लेकर आया था। संजय ने कुछ हैंड ग्रेनेड और बंदूकें उठा ली थीं। इसके बाद उन्होंने सबकुछ वापस कर दिया और सिर्फ एक एके 47 रखी।'

वकील ने कहा, 'अगर वह उस समय पुलिस को घर कर देते, तो पुलिस जांच करती और मुंबई धमाके कभी नहीं होते।' निकम ने कहा कि उन्होंने इस बारे में दत्त के वकील को भी बताया था कि एके 47 का नहीं चलना और उसका पास में होना एक बात है, लेकिन उनकी तरफ से पुलिस को नहीं बताए जाने के चलते ब्लास्ट हुए और बहुत सारे लोगों की जान गई।

निकम ने चैनल को बताया कि तब संजय दत्त निर्दोष थे और बंदूकों के प्रति आकर्षण होने के कारण हथियार उठा लिया था। उन्होंने कहा, 'कानून की नजरों में जुर्म किया है, लेकिन वह सीधे व्यक्ति हैं…। मैं उन्हें निर्दोष मानता हूं।'

कोर्ट ने TADA केस में दत्त को बरी कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी 6 साल की सजा को घटाकर 5 साल कर दिया था। दत्त इस दौरान महाराष्ट्र के पुणे स्थित येरवाड़ा जेल में बंद थे।
संजय दत्त से क्या हुई थी बात

निकम बताते हैं कि आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाए जाने के बाद संजय दत्त को बड़ा झटका लगा था। उन्होंने कहा, 'मैंने उनकी बॉडी लैंग्वेज बदलते देखी। मैंने महसूस किया कि उन्हें झटका लगा है। वह फैसले को सहन नहीं कर पा रहे थे और घबराए लग रहे थे।'

 बातचीत में निकम ने 'राज' का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने संजय से कहा था कि संजय ऐसा मत करो। मीडिया आपको देख रही है। आप एक एक्टर हैं। अगर आप सजा से डरे हुए लगेंगे, तो लोग आपको दोषी समझेंगे। आपके पास अपील करने का मौका है। इसपर उन्होंने कहा हां सर।'

]]>
Tue, 15 Jul 2025 16:43:06 +0530 news desk MPcg
टी राजा सिंह के इस्तीफे से आया राजनीतिक भूचाल—तेलंगाना का समीकरण किस दिशा में? https://citytoday.co.in/2947 https://citytoday.co.in/2947 हैदराबाद 
 बीजेपी के बड़े नेताओं ने गोशामहल के MLA और हिंदुत्व के पोस्टर बॉय टी राजा सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे तेलंगाना की राजनीति में और बीजेपी के अंदर बड़ा बदलाव आया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक पत्र में इस्तीफे की मंजूरी की जानकारी दी। उन्होंने साफ कहा कि टी राजा सिंह ने इस्तीफे में जो कारण बताए हैं, वे अप्रासंगिक हैं। ये कारण पार्टी की विचारधारा, काम करने के तरीके, सिद्धांतों और अनुशासन से मेल नहीं खाते।

टी राजा सिंह ने पहले राज्य के नेताओं को इस्तीफा सौंपा था। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आदेश के बाद इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया गया।

क्या बोले टी राजा सिंह
इस्तीफा मंजूर होने के बाद टी राजा सिंह ने कहा कि मैं 11 साल पहले बिना किसी निजी महत्वाकांक्षा के पार्टी में शामिल हुआ था। मैं ईमानदारी और निष्ठा से हिंदुत्व के लिए काम करता रहूंगा। उनका ये बयान दिखाता है कि वे अभी भी अपने विचारों पर कायम हैं।

एकला चलो की राह पर टी राजा सिंह?
पहले ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि टी राजा सिंह उद्धव ठाकरे की शिवसेना या पवन कल्याण की जन सेना में शामिल हो सकते हैं। लेकिन, शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वे फिलहाल किसी भी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। इससे उनके समर्थकों में थोड़ा असमंजस है।

तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद को लेकर विवाद?
दस दिन पहले, उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व के उस फैसले के विरोध में दिया था, जिसमें पूर्व MLC एन रामचंदर राव को तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने को कहा गया था। टी राजा सिंह भी इस पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं ने, जिनमें केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी शोभा करंदलाजे भी शामिल थीं, उनकी उम्मीदवारी को बाधित किया।

तेलंगाना बीजेपी ने क्या कहा
हालांकि, तेलंगाना बीजेपी ने इन आरोपों को गलत बताया है। पार्टी का कहना है कि सिंह के पास राज्य कार्यकारिणी समिति के 10 सदस्यों का समर्थन नहीं था, जो कि जरूरी है। अभी तक सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। इसलिए, उनकी विधानसभा सीट का क्या होगा, ये अभी साफ नहीं है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये अभी तय नहीं है कि केंद्रीय नेतृत्व उनका इस्तीफा स्पीकर को भेजेगा या ये फैसला सिंह पर ही छोड़ देगा।

निलंबित भी किए गए थे टी राजा सिंह
टी राजा सिंह की बीजेपी से दूरी उनके दूसरे कार्यकाल में लगातार बढ़ती गई। इसकी वजह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ उनकी अनबन बताई जा रही है। उन्हें पहले कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी पर विवादित टिप्पणी करने के कारण निलंबित भी किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया गया था।

भाजपा ने मुझ पर विश्वास करते हुए लगातार तीन बार तेलंगाना विधानसभा चुनाव में गोशामहल से विधायक पद का टिकट दिया। इस विश्वास के लिए मैं भाजपा के सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।शायद मैं तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनाने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं की पीड़ा दिल्ली तक नहीं पहुंचा सका।मैं यह बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह निर्णय मैंने किसी पद, सत्ता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण नहीं लिया है। मेरा जन्म हिंदुत्व की सेवा के लिए हुआ है, और मैं अंतिम सांस तक हिंदुत्व के लिए कार्य करता रहूंगा। मैं सदैव पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा हेतु कार्य करता रहूंगा। समाज की सेवा और हिन्दू समाज के अधिकारों के लिए मैं अंतिम सांस तक अपनी आवाज बुलंद करता रहूंगा।जय श्री राम।

]]>
Sat, 12 Jul 2025 15:56:22 +0530 news desk MPcg
शशि थरूर का इमरजेंसी पर लेख: आज का भारत 1975 जैसा नहीं है https://citytoday.co.in/2920 https://citytoday.co.in/2920 नई दिल्ली

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इससे पता चलता है कि किस तरह से अक्सर आजादी को छीना जाता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल यह भी दिखाता है कि कैसे दुनिया 'मानवाधिकारों के हनन' से अनजान रही. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1975 की इमरजेंसी पर एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी के इस फैसले की जमकर आलोचना की है.

लोकतंत्र के समर्थक रहें सतर्क

प्रोजेक्ट सिंडीकेट की तरफ से प्रकाशित लेख में थरूर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सत्तावादी नजरिये ने सार्वजनिक जीवन को डर और दमन की स्थिति में धकेल दिया. थरूर ने लिखा कि पचास साल पहले प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल ने दिखाया था कि कैसे आज़ादी को छीना जाता है, शुरू में तो धीरे-धीरे, भले-बुरे लगने वाले मकसद के नाम पर छोटी-छोटी लगने वाली आजादियों को छीन लिया जाता है. इसलिए यह एक ज़बरदस्त चेतावनी है और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए.

थरूर ने लिखा, 'इंदिरा गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कठोर कदम जरूरी थे, सिर्फ आपातकाल की स्थिति ही आंतरिक अव्यवस्था और बाहरी खतरों से निपट सकती थी, और अराजक देश में अनुशासन और दक्षता ला सकती थी.' जून 1975 से मार्च 1977 तक करीब दो साल तक चले आपातकाल में नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित कर दी गईं और विपक्षी नेताओं को जेल में भर दिया गया. 

उन्होंने कहा कि अनुशासन और व्यवस्था की चाहत अक्सर बिना कहे ही क्रूरता में तब्दील हो जाती थी, जिसका उदाहरण इंदिराजी के बेटे संजय गांधी की ओर से चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान थे, जो गरीब और ग्रामीण इलाकों में केंद्रित थे, जहां मनमाने लक्ष्य हासिल करने के लिए ज़बरदस्ती और हिंसा का इस्तेमाल किया जाता था.

इमरजेंसी में हजारों लोग हुए बेघर

उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे शहरी केंद्रों में बेरहमी से की गई झुग्गी-झोपड़ियों को ढहाने की कार्रवाई ने हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया और उनके कल्याण की कोई चिंता नहीं की गई.

उन्होंने लिखा कि आपातकाल ने इस बात का ज्वलंत उदाहरण पेश किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं कितनी कमज़ोर हो सकती हैं, यहां तक कि ऐसे देश में भी जहां वे मज़बूत दिखती हैं. इसने हमें याद दिलाया कि एक सरकार अपनी नैतिक दिशा और उन लोगों के प्रति जवाबदेही की भावना खो सकती है जिनकी वह सेवा करने का दावा करती है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता थरूर ने यह भी बताया कि किस तरह अहम लोकतांत्रिक स्तंभों को खामोश कर दिया गया और हिरासत में यातनाएं दी गईं. एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याएं बड़े पैमाने पर की गईं, जिससे उन लोगों के लिए 'काली सच्चाई' की तस्वीर सामने आई, जिन्होंने शासन की अवहेलना करने की हिम्मत दिखाई थी. 

थरूर ने कहा कि न्यायपालिका भी भारी दबाव के आगे झुक गई, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण और नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार को निलंबित कर दिया. उन्होंने कहा, 'पत्रकार, कार्यकर्ता और विपक्षी नेता सलाखों के पीछे पाए गए. व्यापक संवैधानिक उल्लंघनों ने मानवाधिकारों के हनन की एक भयावह सीरीज को को जन्म दिया.

आज का भारत ज्यादा मजबूत

अपने लेख में थरूर ने कहा कि आज का भारत 1975 का भारत नहीं है. हम ज़्यादा आत्मविश्वासी, ज़्यादा समृद्ध और कई मायनों में ज़्यादा मज़बूत लोकतंत्र हैं. फिर भी आपातकाल के सबक चिंताजनक रूप से प्रासंगिक बने हुए हैं. सत्ता को केंद्रीकृत करने, आलोचकों को चुप कराने और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का लालच कई रूपों में उभर सकता है.

उन्होंने कहा कि अक्सर राष्ट्रीय हित, इस अर्थ में आपातकाल एक ज़बरदस्त चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए.

]]>
Fri, 11 Jul 2025 16:26:08 +0530 news desk MPcg
कर्नाटक में सीएम बदलाव की चर्चा तेज, सिद्धारमैया की राहुल गांधी से मुलाकात बढ़ा रही सस्पेंस https://citytoday.co.in/2919 https://citytoday.co.in/2919 नई दिल्ली/बेंगलुरु
कर्नाटक में फिर से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने कहा, "…मैंने आज राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा था लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।" कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां कोई वैकेंसी नहीं है। मैं पांच साल पूरा करूंगा। सिद्धारमैया ने कहा, "डीके शिवकुमार ने खुद कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।" हालांकि, इस बीच राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बेंगलुरु में गुरुवार को यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि इस मुद्दे पर पार्टी आलाकमान ही निर्णय करेगा। उन्होंने कहा, “पार्टी नेतृत्व सब देख रहा है और समय आने पर वह निर्णय करेगा।”

एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं
प्रदेश में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और कुछ पार्टी नेताओं एवं विधायकों के सार्वजनिक बयानों के बारे में एक सवाल के जवाब में परमेश्वर ने स्वीकार किया कि वास्तव में ‘नाटक’ हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसपर टिप्पणी करके उनकी ‘‘एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं है।’’

पार्टी आलाकमान सब देख रहा है
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जैसा कि आप (मीडियाकर्मियों) ने कहा, एक नाटक जारी है। इस (नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे) पर न तो बार-बार चर्चा होनी चाहिए और न ही बयानबाजी। प्रशासन में कोई समस्या नहीं है, यह सुचारू रूप से चल रहा है और मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) प्रभावी रूप से इसका संचालन कर रहे हैं। मैं एक और नाटक कंपनी (बयान देने से) नहीं खोलना चाहता।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान सब देख रहा है और समय आने वह निर्णय करेगा।

]]>
Fri, 11 Jul 2025 16:00:35 +0530 news desk MPcg
समिक भट्टाचार्य बने बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष, रविशंकर प्रसाद ने किया ऐलान https://citytoday.co.in/2883 https://citytoday.co.in/2883 कोलकाता 
राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने उनके नाम का एलान किया।  वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल इकाई का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। वह 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगे। कोलकाता में साइंस सिटी में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भट्टाचार्य को निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा।

नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कसा टीएमसी पर तंज
प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि  टीएमसी शासन में बंगाल की संस्कृति, बहुलवाद, विरासत खतरे में है। 2026 का विधानसभा चुनाव इनके अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने विधानसभा चुनावों में भ्रष्ट टीएमसी सरकार के कुशासन को समाप्त करने का मन बना लिया है। बंगाल भाजपा अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंसा और सांप्रदायिकता की राजनीति का विरोध करती है। 

यह एक सतत रिले रेस-  सुकांत मजूमदार
भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य के पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष चुने जाने पर पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह एक सतत रिले रेस है। पहले, लड़ाई मेरे नेतृत्व में होती थी, अब लड़ाई एक नए अध्यक्ष के नेतृत्व में होगी। हम ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। 

समिक भट्टाचार्य का चुनाव पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। रविशंकर प्रसाद ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन दाखिल हुआ है। इससे पहले, भट्टाचार्य ने बुधवार दोपहर साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में निवर्तमान अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव बहुत दूर नहीं हैं, इसलिए भाजपा संगठनात्मक बदलाव के लिए कमर कस रही है और भट्टाचार्य की नियुक्ति को उस बड़ी योजना का हिस्सा माना जा रहा है।  

]]>
Fri, 04 Jul 2025 19:09:48 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस नेता ने भारतीय राज्य को बताया ‘पड़ोसी देश’, माफी में कहा – जुबान फिसल गई https://citytoday.co.in/2855 https://citytoday.co.in/2855

नई दिल्ली 
कांग्रेस नेता अजय कुमार की सिक्किम को ‘‘पड़ोसी देश’’ बताने संबंधी टिप्पणी की राज्य के राजनीतिक दलों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने कड़ी आलोचना की है। कुमार ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान राज्य को बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के साथ पड़ोसी देश बताया था। हालांकि, इस मुद्दे पर विवाद उठने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मंगलवार को माफी मांगते हुए कहा कि ‘‘उनकी जबान फिसल’’ गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘कल ‘सेल (भारतीय इस्पात प्राधिकरण) 400 करोड़ का घोटाला’ पर अपनी प्रेस वार्ता में जब मैं अपने पड़ोसी देशों के साथ बिगड़ते संबंधों पर बोल रहा था तो मैंने गलती से एक राज्य का नाम ले लिया जिसके लिए मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं क्योंकि यह सिर्फ जुबान फिसलने की वजह से हुआ… भाजपा की विपक्षी दलों के नेताओं की छोटी-छोटी गलतियों पर भी नजर रहती है।’’

सिक्किम के एकमात्र लोकसभा सदस्य इंद्र हंग सुब्बा ने कहा कि कुमार की टिप्पणी ‘‘गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक’’ है और ‘‘राज्य के लोगों का गंभीर अपमान है, जो हमेशा राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा के साथ खड़े रहे हैं’’। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘इस तरह की विभाजनकारी बयानबाजी हमारी, संवैधानिक एकता के बारे में गहरी अज्ञानता को दर्शाती है और पूर्वोत्तर की गौरवशाली पहचान का अपमान करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस महान राष्ट्र से हमारे जुड़ाव पर सवाल उठाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’ इसी तरह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सिक्किम इकाई ने इस बयान को ‘‘अपमानजनक और अज्ञानता से भरा’’ बताया। भाजपा की सिक्किम इकाई के मीडिया प्रभारी निरेन भंडारी ने कांग्रेस नेता, विशेषकर ऐसे व्यक्ति जो पूर्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और संसद सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं, उनकी ‘‘भारत के इतिहास और भूगोल के बारे में जानकारी की कमी’’ पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को अपने नेताओं को शिक्षित करने और ऐसी शर्मनाक गलतियों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।’’

उन्होंने 1975 से भारत के अभिन्न अंग के रूप में सिक्किम की पहचान के प्रति जवाबदेही और सम्मान का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘सिक्किम के लोग गौरवान्वित भारतीय हैं और राज्य ने राष्ट्र के विकास में बहुत योगदान दिया है। इस तरह की टिप्पणी उन लोगों का अपमान करती है, जिनमें से कई ने राष्ट्र की सेवा के लिए अपना खून और पसीना बहाया है।’’ सिटिजंस एक्शन पार्टी (सीएपी) ने भी टिप्पणी की निंदा की और असंतोष व्यक्त किया।

]]>
Wed, 02 Jul 2025 18:03:32 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल, धर्मेन्द्र प्रधान ने की घोषणा https://citytoday.co.in/2850 https://citytoday.co.in/2850 भोपाल
 बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश भाजपा के निर्विरोध नए प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। इसकी औपचारिक घोषणा धर्मेन्द्रप्रधान ने की और मंच पर सीएम डॉ. मोहन यादव सहित अन्य नेताओं ने खंडेलवाल को प्रमाण-पत्र देकर उनका स्वागत किया।

मंगलवार को केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष के लिए उनका इकलौता नामांकन आया। इस पद के लिए खंडेलवाल का नाम लंबे समय से चर्चा में सबसे आगे था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद के चलते वह अध्यक्ष बने हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी खंडेलवाल के पक्ष में थे। खंडेलवाल ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का स्थान लिया।

प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान विष्णु दत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, सावित्री ठाकुर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, प्रदेश शासन के मंत्री राकेश सिंह, प्रहलाद सिंह पटेल एवं कैलाश विजयवर्गीय की ओर से पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने हेमंत खंडेलवाल के नाम का प्रस्ताव रखा।

मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में हुई भाजपा की वृहद कार्यसमिति की बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान खंडेलवाल पहली पंक्ति में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और विधायक गोपाल भार्गव के बीच बैठे थे।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद का इशारा मिलते ही मुख्यमंत्री यादव, खंडेलवाल की पीठ पर हाथ रखकर मंच की ओर बढ़े।

फिर हाथ पकड़ केंद्रीय मंत्री व मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक सरोज पांडेय और राज्य निर्वाचन अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर के समक्ष प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन-पत्र जमा कराया।

नामांकन जमा करने के लिए निर्धारित समय अवधि में आधा घंटा शेष था ऐसे में चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदेश कार्यालय में मंच से ही कहा कि किसी अन्य को नामांकन पत्र जमा करना हो तो आधा घंटा है, वह जमा कर सकते हैं लेकिन कोई अन्य नामांकन नहीं आया।

मथुरा में जन्मे हेमंत, पिता के निधन के बाद राजनीति में आए

    उत्तर प्रदेश के मथुरा में तीन सितंबर 1964 को जन्मे हेमंत खंडेलवाल को राजनीति और समाजसेवा के संस्कार पिता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल से विरासत में मिले।

    उनके पिता विजय खंडेलवाल भाजपा से बैतूल हरदा संसदीय सीट से सांसद रह चुके हैं। पिता के निधन के बाद खाली हुई इसी सीट से उप चुनाव में हेमंत खंडेलवाल कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव पांसे को हराकर निर्वाचित हुए और राजनीतिक व सामाजिक विरासत संभाली।

    2008-09 तक लोकसभा सदस्य रहे। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हेमंत वागद्रे को हराकर विधायक बने और 2018 तक बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

    2018 के विस चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वह कांग्रेस के निलय डागा से चुनाव हार गए। वर्ष 2014 से 2018 तक मध्य प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष रहे।

    पांच साल बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर खंडेलवाल पर भरोसा जताया। इस दौरान निलय डागा को हराकर उन्होंने अपनी पारिवारिक सीट पर विजय हासिल की।

मालवा-निमाड़ से 8 बार बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष बने मालवा-निमाड़ क्षेत्र से भाजपा ने सबसे ज्यादा 8 बार संगठन को नेतृत्व दिया। भाजपा के पहले प्रदेशाध्यक्ष रहे सुंदरलाल पटवा (सामान्य) मंदसौर के थे। इस पद पर वे दो बार रहे। पहली बार 1980 से 1983 तक और दूसरी बार 1986 से 1990 तक। इसके बाद रतलाम के लक्ष्मीनारायण पाण्डे (सामान्य) 1994 से 1997 तके प्रदेशाध्यक्ष रहे।

मालवा क्षेत्र से धार के विक्रम वर्मा (ओबीसी) 2000 से 2002 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। इसी तरह देवास से पूर्व सीएम कैलाश जोशी (सामान्य) ने 2002 से 2005 तक संगठन का नेतृत्व किया। उज्जैन के सत्यनारायण जटिया (एससी) फरवरी 2006 से नवंबर 2006 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। खंडवा सांसद रहे नंदकुमार सिंह चौहान (सामान्य) इस पद पर 2016 से 2018 तक रहे।

2019 में रहे प्रदेश चुनाव अधिकारी, प्रदेश संयोजक रहते लोकसभा चुनाव कराया संपन्न

बीकाॅम-एलएलबी की शिक्षा प्राप्त हेमंत खंडेलवाल कृषि क्षेत्र से जुड़े है एवं व्यवसायी है। वर्ष 2019 में संगठन चुनाव के प्रदेश चुनाव अधिकारी रहे। वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रवासी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 15 जिलों के 61 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी कार्यकर्ता के प्रभारी का दायित्व निर्वहन किया। वर्ष 2024 में प्रदेश संयोजक रहते लोकसभा चुनाव कराया। खंडेलवाल, कुशाभाऊ ठाकरे जन्म शताब्दी समारोह के सचिव रहे। वर्तमान में कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष है।

इनके अलावा राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह ने भी पत्र दिया। कैलाश विजयवर्गीय नहीं पहुंचे। बुधवार को रहेंगे उपस्थित। यशपाल सिसोदिया ने भी नामांकन का प्रस्ताव दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने हेमंत खंडेलवाल के अलावा अन्य किसी अन्य के नाम के प्रस्ताव के लिए भी पूछा और इसके लिए 10 मिनट का समय दिया। इसके बाद राष्ट्रीय परिषद के नामांकन पत्र आमंत्रित किए गए।

बीजेपी के लिए क्यों खास हैं खंडेलवाल?

रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए भी जाने जाते हैं। बताया जाता है कि उनका राजनीतिक सफर उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल की देखरेख में शुरू हुआ। उनके पिता भी हमेशा बीजेपी के साथ जुड़े रहे। वह बीजेपी के एक दिग्गज नेता रहे। साल 2007 में उनका निधन हो गया था। 
पिता ने सिखाई राजनीति की ABCD

जानकारी के अनुसार, जब हेमंत खंडेलवाल ने अपनी बीकॉम एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर ली इसके बाद वह अपने पिता के साथ राजनीति में सक्रिय हो गए थे। हेमंत खंडेलवाल के पिता विजय कुमार खंडेलवाल साल 1996 से साल 2004 तक लगातार चार बार बैतूल से सांसद रहे।

बता दें कि साल 2007 में विजय कुमार खंडेलवाल का निधन हो गया। इसके बाद हुए लोकसभा उप चुनाव में पहली बार हेमंत खंडेलवाल ने किस्मत आजमाई और सफलता भी पाई। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सुखदेव पांसे को भारी अंतर से हराया था। इस जीत के साथ ही हेमंत खंडेलवाल ने पहली बार सांसद बनकर राजनीति प्रवेश किया।
बैतूल बीजेपी के जिला अध्यक्ष भी रहे हेमंत खंडेलवाल

गौरतलब है कि साल 2008 में हुए परिसीमव के बाद बैतूल लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व हो गई। इसके बाद पार्टी हाईकमान ने हेमंत खंडेलवाल को साल 2010 में बैतूल बीजेपी का जिला अध्यक्ष बनाया गया।

बता दें कि साल 2013 में वह बीजेपी के टिकट से पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे। इस चुनाव के दौरान उन्होंने जीत हासिल की। कहा जाता है कि तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा जो भी जिम्मेदारियों उनको दी गई उन्होंने बखूबी निभाया। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में हेमंत खंडेलवाल को हार का सामना करना पड़ा था। हार के बाद भी वह पार्टी और संगठन के साथ कदम से कदम मिलकर चलते रहे।
2023 में दूसरी बार पहुंच विधानसभा

इसके बाद साल 2023 में हुए विधान सभा चुनाव में हेमंत खंडेलवाल को दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। कई राज्यों में हुए कई चुनावों में उनको पार्टी की ओर से बड़ी जिम्मेदारियां मिली, जिसको उन्होंने बखूबी निभाया।

नामांकन पत्र देने वालों में मुख्यमंत्री मोहन, विष्णुदत्त शर्मा, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, विरेंद्र खटीक, राजेंद्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, सावित्री ठाकुर, दुर्गादास उईके, फग्गन सिंह कुलस्ते, लाल सिंह आर्य, ओम प्रकाश धुर्वे, सत्यानरण जटिया, जयभान सिंह पवैया, जयंत मलैया, हिमाद्रि सिंह, भारती पराधी, इंदर सिंह परमार, सुधीर गुप्ता, नीना वर्मा, गणेश सिंह, कांत देव सिंह, गोपाल भार्गव, डा नरोत्तम मिश्रा, योगेश ताम्रकार, ब्रहेंद प्रताप सिंह, आलोक संजर, गौतम टेटवाल, कुंवर टैकम, गौरी शंकर बिसेन, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, ब्रजेंद्र पटेल, अर्चना चिटनीस, सुमेर सोलंकी कविता पाटीदार।

]]>
Wed, 02 Jul 2025 15:15:06 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को जुलाई में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा, भाजपा का फोकस आदिवासी और महिला वर्ग पर https://citytoday.co.in/2840 https://citytoday.co.in/2840 भोपाल
 मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में आज एक जुलाई को केंद्रीय चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भोपाल आएंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल आएंगे। 2 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर बैठक होगी। बैठक में अध्यक्ष पद के लिए नाम रखा जाएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो आम सहमति से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। चुनाव प्रक्रिया के तहत चुनावी कार्यक्रम जारी । कार्यक्रम के साथ वोटर लिस्ट भी जारी हो सकती है। चुनाव के पहले कल शाम को पार्टी की अहम बैठक होगी। बैठक में वरिष्ठ नेता अध्यक्ष चयन प्रक्रिया को लेकर आपस में चर्चा करेंगे।

पार्टी ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। वैसे तो अब तक नए अध्यक्ष की दौड़ में हेमंत खंडेलवाल का नाम सबसे अधिक चर्चा में है, लेकिन भाजपा आदिवासी और महिला वर्ग के बीच भी प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा टटोल रही है।

वर्तमान में विष्णुदत्त शर्मा सामान्य वर्ग से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और साढ़े पांच वर्ष का लंबा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री और अनुसूचित जाति वर्ग व ब्राह्मण वर्ग से दो उप मुख्यमंत्री हैं। यही वजह है कि भाजपा अब प्रदेश अध्यक्ष की कमान आदिवासी या महिला के हाथों में सौंप सकती है।

दावेदारों में कड़ा मुकाबला

एमपी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की रेस में बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आरएसएस दोनों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वहीं, दुर्गादास उईके जो बैतूल से सांसद और गोंड समाज से ताल्लुक रखते हैं को आदिवासी वर्ग का एक मजबूत चेहरा माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में 22% आदिवासी आबादी, जिसमें 13% गोंड समाज शामिल है, को देखते हुए पार्टी उनके नाम पर विचार कर सकती है।

वर्गवार दावेदारी

पार्टी जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष का चयन कर रही है। विभिन्न वर्गों से प्रमुख दावेदार इस प्रकार हैं:

    ब्राह्मण वर्ग: डॉ. नरोत्तम मिश्रा (पूर्व गृह मंत्री), राजेन्द्र शुक्ल (उपमुख्यमंत्री), रामेश्वर शर्मा (विधायक )
    वैश्य वर्ग: हेमंत खंडेलवाल (विधायक, बैतूल), सुधीर गुप्ता (सांसद, मंदसौर)
    क्षत्रिय वर्ग: अरविंद भदौरिया (पूर्व मंत्री), बृजेन्द्र प्रताप सिंह (विधायक व पूर्व मंत्री)
    अनुसूचित जाति: प्रदीप लारिया (विधायक, नरयावली), लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा), हरिशंकर खटीक (विधायक व प्रदेश महामंत्री, बीजेपी)
    अनुसूचित जनजाति: गजेन्द्र सिंह पटेल (सांसद, खरगोन), दुर्गादास उईके (केंद्रीय राज्य मंत्री), फग्गन सिंह कुलस्ते (सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री), सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद)

आदिवासी और महिला नेतृत्व पर विचार

सूत्रों के अनुसार, इस दौड़ में आदिवासी वर्ग को प्राथमिकता देने की संभावना है क्योंकि मध्य प्रदेश में 47 विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, 2028 के विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण और नए परिसीमन को ध्यान में रखते हुए पार्टी किसी महिला नेता को भी कमान सौंपने पर विचार कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान की निगरानी में होगी प्रक्रिया

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे और पूरी नामांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके बाद 2 जुलाई को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा होने की संभावना है।

जुलाई के पहले सप्ताह में ही पूरी होगी प्रक्रिया

हालांकि यह केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा, लेकिन एक जुलाई को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का मध्य प्रदेश में दौरा इस बात का संकेत है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दो जुलाई को भी बैठक रखी गई है। दो दिन में नामांकन से लेकर चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

खंडेलवाल, उइके और पटेल के नाम पर भी मंथन तेज

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में आदिवासी वर्ग के नेता बैतूल सीट से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और खरगोन सीट से सांसद गजेंद्र पटेल के नाम पर भी मंथन तेज हुआ है। इधर उइके की दावेदारी इसलिए भी प्रबल दिखाई दे रही है क्योंकि गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल हैं और वह केंद्रीय मंत्री भी है। ऐसे में यह प्रयोग पार्टी मध्य प्रदेश में उइके को लेकर कर सकती है।

महिला वर्ग से भी कुछ नाम चर्चा में

मध्य प्रदेश में भाजपा संगठन काफी मजबूत है। यहां पार्टी जो भी प्रयोग करती है वे सफल रहे हैं। इसलिए पार्टी इस बार महिला प्रदेश अध्यक्ष बनाने का प्रयोग भी कर सकती है। महिला नेत्रियों में पूर्व मंत्री व बुरहानपुर से विधायक अर्चना चिटनीस, आदिवासी नेत्री पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में हैं। रंजना बघेल कई बार की विधायक रही हैं और संगठन में भी उपाध्यक्ष रही हैं।

1980 से अध्यक्षों का कार्यकाल

  • अध्यक्ष – जिला – क्षेत्र – माह
  • सुंदरलाल पटवा – नीमच- मालवा- 36 महीने
  • कैलाश जोशी – देवास – मालवा – 16 महीने
  • शिवप्रसाद – चैनपुरिया -जबलपुर – महाकौशल – 9 महीने
  • सुंदरलाल पटवा- मालवा – 50 महीने
  • लख्खीराम अग्रवाल – रायगढ़ – (छग)
  • लक्ष्मीनारायण पांडे – रतलाम – मालवा – 41 महीने
  • नंदकुमार साय – रायगढ़ (छ्ग)
  • विक्रम वर्मा- धार- मालवा- 26 महीने
  • कैलाश जोशी – देवास – मालवा – 32 महीने
  • शिवराज सिंह चौहान – विदिशा – मध्य – 9 महीने
  • सत्यनारायण जटिया – उज्जैन – मालवा – 9 महीने
  • नरेंद्र सिंह तोमर – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 42 महीने
  • प्रभात झा – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 20 महीने
  • नरेंद्र सिंह तोमर – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 20 महीने
  • नंद कुमार सिंह चौहान – खंडवा – मालवा – 17 महीने
  • नंद कुमार सिंह चौहान – खंडवा – मालवा – 28 महीने
  • राकेश सिंह – जबलपुर – महाकौशल – 21 महीने
  • वीडी शर्मा – मुरैना – ग्वालियर-चंबल – 63 महीने
]]>
Tue, 01 Jul 2025 11:50:04 +0530 news desk MPcg
एमपी : बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर फैसला जल्द, शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय किसकी जमाएंगे फील्डिंग ? https://citytoday.co.in/2816 https://citytoday.co.in/2816 भोपाल
मध्य प्रदेश में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल पूरा हो गया है। अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि अटकलें हैं कि अब जल्द ही किसी नाम पर मुहर लग जाएगी। इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय में इंदौर में गुप्तगू हुई है। इसके बाद इन अटकलों को बल मिलने लगा है कि प्रदेश को जल्द ही कोई नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। प्रदेश के बड़े नेता अपनी पसंद का भी ख्याल रखवाना जाता है। वहीं, नाम की घोषणा से पहले सीएम मोहन यादव से भी सहमति ली जाएगी।
जुलाई के पहले सप्ताह में आ रहे हैं धर्मेंद्र प्रधान

वहीं, इन अटकलों के बीच चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जुलाई के पहले सप्ताह में भोपाल आएंगे। सूत्रों के अनुसार वह एक या दो जुलाई को आ सकते हैं। इस संगठन नेताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। इस रेस में प्रदेश के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। साथ ही कुछ लो प्रोफाइल नामों की भी चर्चा है। लेकिन बीजेपी हमेशा अपने फैसलों से चौंकाती है।

शिवराज और कैलाश की मीटिंग के मायने

दरअसल, शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय अच्छे मित्र हैं। केंद्रीय नेतृत्व में कैलाश विजयवर्गीय की अच्छी पकड़ है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वह भरोसेमंद हैं। कैलाश और शिवराज में इंदौर लंबी चर्चा हुई है। अटकलें हैं कि प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर एक राय बनाने पर बात हुई होगी। हालांकि दावेदारों की सूची में कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी आता है।

डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल का नाम भी

इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष की रेस में डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल का नाम भी है। शुक्ल संगठन और सरकार में समन्वय बनाकर चलते हैं। साथ ही निर्विवाद छवि है। हाल के दिनों में उनका दिल्ली दौरा भी बढ़ा है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात हुई थी।

शिवराज सिंह चौहान से नजदीकी

वहीं, राजेंद्र शुक्ल की गिनती शिवराज सिंह चौहान के करीबी नेताओं में होती है। वह लंबे समय तक शिवराज कैबिनेट में मंत्री भी रहे हैं। साथ ही विंध्य इलाके में अच्छी पकड़ है। अभी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर ब्राह्मण ही हैं। ऐसे में यह संभावना दिख रही है कि राजेंद्र शुक्ल पर पार्टी दांव लगा सकती है।

इसके साथ ही कई अन्य चेहरे भी रेस में हैं। इनमें पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम की चर्चा सबसे अधिक होती है। इसके अलावे कई सांसद भी इस रेस में हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का भी ख्याल रखेगी। यह तय है कि जुलाई महीने में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा।

]]>
Sat, 28 Jun 2025 12:04:12 +0530 News desk Hindi
अमेरिका की तरफ से अपने नागरिकों के लिए भारत भ्रमण के संबंध में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करने की निंदा की: सुप्रिया श्रीनेत https://citytoday.co.in/2804 https://citytoday.co.in/2804 नई दिल्ली
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने अमेरिका की तरफ से अपने नागरिकों के लिए भारत भ्रमण के संबंध में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करने की निंदा की। उन्होंने मीडिया  से बातचीत में कहा कि अमेरिका भारत का एक अच्छा मित्र है। उसके साथ हमारे अच्छे रिश्ते हैं। इसके बावजूद वो इस तरह की एडवाइजरी जारी कर रहा है। वो अपनी एडवाइजरी में कह रहा है कि अमेरिकी महिलाओं को भारत अकेले नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ चुका है कि जब अमेरिका को वैश्विक मंच पर भारत को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर लेनी चाहिए, क्योंकि एक तरफ जहां वो पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष असीम मुनीर को अपने यहां पर दावत के लिए बुलाता है, उसे महान व्यक्ति बताता है। वहीं दूसरी तरफ से भारत के लिए ऐसी एडवाइजरी जारी करता है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

अमेरिका ने 16 जून को भारत यात्रा के लिए अपने नागरिकों के लिए लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह एडवाइजरी अपराध, आतंकवाद और कुछ क्षेत्रों में बढ़े जोखिमों के कारण जारी की गई है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि अमेरिका की तरफ से जारी की इस ट्रैवल एडवाइजरी से वैश्विक मंच पर भारत की साख कम हुई है। मोदी सरकार को इस मामले में अमेरिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन, उनके रवैये से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो इस मामले में कोई भी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को सामने आकर अमेरिका के इस कदम की आलोचना करनी चाहिए, क्योंकि अमेरिका की तरफ से जारी यह एडवाइजरी भारत के पर्यटन को नुकसान पहुंचाएगा। इससे वैश्विक मंच पर हमारी छवि धूमिल होगी। भारत सरकार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन, पीएम मोदी ने चुप्पी साध रखी है। ना ही वो घरेलू मोर्चे पर महिलाओं को सुरक्षित कर पा रहे हैं और ना ही वैश्विक मंच पर अमेरिका के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप 17 बार सीजफायर का श्रेय ले चुके हैं। लेकिन, पीएम मोदी एक शब्द भी बोलने की जहमत नहीं उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में संलिप्त आतंकियों के खिलाफ मोदी सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन, इस दिशा में वो कोई भी कदम उठाते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। हाल ही में एक जानकारी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि बीते दिनों पहलगाम आतंकी हमले में संलिप्त जिन आतंकियों की स्कैच जारी की गई थी, वो असल में उन आतंकियों की नहीं, बल्कि किसी और की थी। ऐसा करके लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश की गई। अभी तक पांच सालों में एक भी आतंकी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आखिर क्यों?

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमित शाह गृहमंत्री हैं और उनके कार्यकाल में इस देश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। लोगों में कानून- व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीरता नहीं है। पिछले दो साल से मणिपुर जल रहा है। लेकिन, वो कोई भी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाता है, मासूम लोगों की जान चली जाती है। लेकिन, वो कुछ भी नहीं कर पाते हैं। वो सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं।

]]>
Wed, 25 Jun 2025 15:45:25 +0530 news desk MPcg
तमिलनाडु में क्या थलपति विजय BJP के लिए ‘चंद्रबाबू नायडू’ साबित हो सकते हैं? https://citytoday.co.in/2793 https://citytoday.co.in/2793 चेन्नई

तमिलनाडु में अप्रैल-मई, 2026 तक नई सरकार चुनने के लिए मतदान होना है. विधानसभा चुनाव में करीब एक साल का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दल अभी से चुनावी मोड में आ गए हैं. तमिलनाडु के सत्ताधारी गठबंधन की अगुवाई कर रही डीएमके ने 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. सत्ताधारी गठबंधन में वीसीके और लेफ्ट पार्टियां अधिक सीटों की डिमांड कर रही हैं. वहीं, तमिल पॉलिटिक्स में अपनी जमीन तलाशने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी एक्टिव मोड में आ गई है.

गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही तमिलनाडु का दौरा किया था. शाह ने स्टालिन सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर घेरा था और दावा किया था कि अगले साल होने वाले चुनाव में विजय के साथ सूबे में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार बनाने जा रहा है. अमित शाह तमिलनाडु बीजेपी कोर कमेटी की मीटिंग में भी शामिल हुए. अब चर्चा यह भी है कि बीजेपी की रणनीति तमिलनाडु में एनडीए का कुनबा बढ़ाने की है. बीजेपी ने पहले अपनी पुरानी गठबंधन सहयोगी एआईएडीएमके को साथ लिया और अब उसकी नजर सिने स्टार थलपति विजय की पार्टी टीवीके पर है.

तमिलनाडु बीजेपी की वरिष्ठ नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने पिछले दिनों इस बात के संकेत दे दिए थे कि पार्टी जल्द ही विजय की पार्टी से संपर्क करेगी. उन्होंने कहा था कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही टीवीके समेत डीएमके विरोधी पार्टियों के साथ बातचीत शुरू करेगा. सही समय पर समान विचारधारा वाली सभी पार्टियों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी, जिससे डीएमके को शिकस्त देने के लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सके. सवाल है कि क्या विजय और उनकी पार्टी तमिलनाडु में बीजेपी के लिए वह कर सकते हैं, जो आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू और उनकी पार्टी ने किया था?

बीजेपी को विजय से उम्मीद क्यों?

तमिलनाडु बीजेपी को थलपति विजय से उम्मीद है, तो इसके पीछे भी अपनी वजहें हैं, अपने तर्क हैं. तमिल पॉलिटिक्स में बीजेपी की पार्टनर एआईएडीएमके अब उतनी ताकतवर नहीं रही, जितनी जयललिता के दौर में हुआ करती थी. 

विजय की पार्टी इसी वैक्यूम को भरने की, डीएमके के खिलाफ विकल्प बनने की कोशिश कर रही है. ऐसे मतदाता जो डीएमके के साथ नहीं जा सकते, टीवीके की रणनीति उन्हें अपने पाले में करने की है. अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा मतलब होगा कि डीएमके विरोधी वोट बंटेंगे, जिसका फायदा सत्ताधारी गठबंधन को मिल सकता है. विजय और उनकी पार्टी कितना सफल रहेगी? ये देखने वाली बात होगी. लेकिन तमिल पॉलिटिक्स का इतिहास देखें तो यह स्टार पॉलिटिक्स को सूट करती है.

तमिलनाडु को सूट करती है स्टार पॉलिटिक्स

तमिलनाडु की सियासत में पहली बार ग्लैमर तड़का लगाया था एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन यानी एमजीआर ने. एमजीआर ने कांग्रेस से सियासी सफर की शुरुआत की और डीएमके से विधान परिषद, विधानसभा पहुंचे. 1972 में एआईएडीएमके पार्टी बनाई और इसके पांच साल बाद 1977 में पहली बार सीएम बने.

तीन बार तमिलनाडु के सीएम रहे एमजी रामचंद्रन पहली बार जून 1977 से फरवरी 1980, दूसरी बार जून 1980 से नवंबर 1984 और तीसरी बार फरवरी 1985 से 24 दिसंबर 1987 को अपने निधन तक मुख्यमंत्री रहे. फिल्मों से सियासत में आईं जानकी रामचंद्रन भी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचीं. जानकी, एमजीआर की पत्नी थीं और वही उन्हें राजनीति में लेकर आए थे. एमजीआर से जानकी की दूसरी शादी थी. दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया था और एमजीआर के निधन के बाद जानकी सीएम बनी थीं.

तमिलनाडु की पहली महिला मुख्यमंत्री जानकी रामचंद्रन 7 जनवरी 1988 से 30 जनवरी 1988 तक सीएम रहीं. पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का बैकग्राउंड भी फिल्म जगत से जुड़ा रहा है, जो सूबे के मुख्यमंत्री स्टालिन के पिता भी हैं. करुणानिधि डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरई के निधन के बाद पार्टी के नेता बने और पांच बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे.

जयललिता भी फिल्मी दुनिया से ही राजनीति में आई थीं. 1982 में एआईएडीएमके के साथ राजनीति की शुरुआत करने वाली जयललिता 1991 में पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं. वह छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. विजय भी तमिल फिल्मों के सुपरस्टार हैं और तमिलनाडु की पॉलिटिक्स भी स्टार पॉलिटिक्स के मुफीद रही है. ऐसे में बीजेपी को उनके साथ आने से बेहतर की उम्मीद है.

 

]]>
Mon, 23 Jun 2025 13:28:20 +0530 news desk MPcg
Tejashwi Yadav on PM Modi: बिहार में प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों पर अब तक 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गए; तेजस्वी यादव https://citytoday.co.in/2786 https://citytoday.co.in/2786 पटना, 21 जून : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने ‘पॉकेटमार’ संबंधी अपना बयान शनिवार को जारी रखते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों पर बिहार में अब तक 20,000 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं. भाजपा ने भी जवाबी हमला तेज कर दिया और राज्य की राजधानी में पोस्टर लगाए हैं, जिनमें लिखा है, ‘‘मेरा बाप चारा चोर, मुझे वोट दो.’’ तेजस्वी ने एक दिन पहले यह आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की आलोचना की थी कि ‘वंदे भारत’ ट्रेनों के अत्यधिक किराये ने मोदी को "पॉकेटमार" जैसा बना दिया है. राजद नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इसी तरह की बात कही.

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 2014 से अब तक मोदी की ‘‘ऐसी 200 जनसभा’’ हुई है, और ‘‘प्रत्येक पर 100 करोड़ रुपये खर्च’’ किये गए. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘इस अवधि के दौरान कुल खर्च 20,000 करोड़ रुपये हुए हैं, जिस दौरान पांच (लोकसभा के तीन और विधानसभा के दो) चुनाव भी हुए हैं...सरकार द्वारा ऐसी कई सभाएं आयोजित की गई हैं, जबकि उनका उद्देश्य स्पष्ट रूप से चुनावी रहा है.’’ शुक्रवार को मोदी बिहार के सिवान जिले में थे, जो इस साल राज्य का उनका पांचवां दौरा था. यह एक महीने से भी कम समय में उनका दूसरा और प्रधानमंत्री बनने के बाद से ‘‘51वां’’ दौरा था. राज्य में आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. तेजस्वी ने आरोप लगाया, ‘‘हमें उस व्यक्ति को क्या कहना चाहिए जो अपने प्रचार पर चालाकी से सार्वजनिक धन का इस्तेमाल करता है...और ईमानदार व्यक्ति होने का दिखावा करता है...बेशक वह मददगार नहीं, बल्कि पॉकेटमार है.

भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'दीवार' फिल्म के मशहूर संवाद ‘‘मेरा बाप चोर है’’ का इस्तेमाल करते हुए, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी पर एक दिन पहले निशाना साधा था, जिसके बाद पार्टी (भाजपा) ने ‘‘पोस्टर अभियान’’ शुरू किया. इन पोस्टरों में पिता-पुत्र (लालू और तेजस्वी) भैंस पर बैठे दिख रहे हैं, जो चारा घोटाले का स्पष्ट संदर्भ है.

]]>
Sat, 21 Jun 2025 16:39:32 +0530 news desk MPcg
'गरीबी हटाने के नाम पर कुछ लोग 'अरबपति' बन गए': पीएम मोदी का सिवान से तीखा वार, कांग्रेस&RJD पर कसा तंज https://citytoday.co.in/2764 https://citytoday.co.in/2764 PM Modi Siwan Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सिवान से विपक्ष पर बड़ा हमला बोला. एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरजेडी और कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए लालायित ये पार्टियां सिर्फ अपने परिवारों का विकास चाहती हैं, जबकि हमारी सरकार पूरे देश के समग्र विकास के लिए काम कर रही है. बिहार को एक बार फिर पुराने ‘जंगलराज’ से बचाना है. पीएम मोदी ने जनता से अपील की है कि वे आने वाले चुनाव में उन लोगों को पूरी तरह से नकार दें, जिन्होंने बिहार को लूटा और विकास को पीछे धकेल दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन कांग्रेस और आरजेडी का नारा है ‘परिवार का साथ, परिवार का विकास’. कांग्रेस के ‘लाइसेंस राज’ की वजह से देश में गरीबी आई. उनके नेता अमीर होते गए और जनता गरीब बनी रही.”

जनता का भरोसा जीतने की कोशिश
पीएम मोदी ने मंच से कहा, ''आज का बिहार नए विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है. अब सड़कें, बिजली, शिक्षा, और स्वास्थ्य सुविधाएं हर गांव तक पहुंच रही हैं. जो लोग कल तक अपराध को बढ़ावा देते थे, अब उन्हें जवाब जनता देगी.”

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कैसे केंद्र सरकार गरीबों के लिए आवास, मुफ्त राशन, शौचालय और आयुष्मान भारत योजना के जरिए असली बदलाव लेकर आई है.

RJD के गढ़ में सीधी टक्कर
सिवान और उसके आसपास के जिले जैसे गोपालगंज और छपरा आरजेडी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं. ऐसे में यहां से पीएम मोदी का परिवारवाद पर हमला करना साफ संकेत देता है कि बीजेपी-जेडीयू गठबंधन इन इलाकों में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है.

पिछले पांच महीनों में प्रधानमंत्री मोदी की यह पांचवीं बिहार यात्रा है, जो इस बात का संकेत है कि एनडीए बिहार में चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुका है.

]]>
Fri, 20 Jun 2025 15:24:50 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी ने मध्यस्थता को किया खारिज: 'मध्यस्थता न कभी मानेगी, न मानेंगे', पीएम मोदी ने बेचारे को दिया घटिया संदेश, 'ऑपरेशन सिन्दूर' पर हुई चर्चा https://citytoday.co.in/2743 https://citytoday.co.in/2743 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर लंबी बातचीत हुई. करीब 35 मिनट चली इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, खासकर आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर.

क्यों हुई फोन पर बात?

असल में, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की G7 समिट के दौरान मुलाकात होनी थी. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप को किसी कारण से जल्दी अमेरिका वापस लौटना पड़ा, जिस वजह से यह मीटिंग नहीं हो सकी. इसके बाद खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन करने की इच्छा जताई और दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत हुई.
आतंकवाद और पाकिस्तान पर क्या बोले पीएम मोदी?

इस बातचीत में पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव पर भी बात की. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को कुछ बातें बिल्कुल साफ कर दीं:

कोई मध्यस्थता नहीं: मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत अपने और पाकिस्तान के मामले में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता न तो कभी मानता था, न आज मानता है और न ही भविष्य में कभी मानेगा. उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर भारत की सभी राजनीतिक पार्टियां एकमत हैं.

पाकिस्तान के कहने पर हुई बातचीत: उन्होंने यह भी साफ किया कि तनाव कम करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी बातचीत हुई, उसकी पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई थी.

ट्रेड डील पर कोई बात नहीं: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि तनाव के उस दौर में अमेरिका के साथ किसी भी ट्रेड डील या मध्यस्थता जैसे विषय पर कोई बात नहीं हुई थी.

'ऑपरेशन सिंदूर' का भी हुआ जिक्र

पीएम मोदी ने बातचीत में 'ऑपरेशन सिंदूर' का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को एक तरह का छद्म युद्ध (छिपी हुई लड़ाई) मानता है और इस आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है.

ट्रंप ने दिया भारत का साथ

राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की सभी बातों को ध्यान से समझा. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की इस लड़ाई का पूरा समर्थन किया.

ट्रंप का न्योता और मोदी का जवाब

बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या वह कनाडा दौरे से लौटते समय अमेरिका आ सकते हैं. हालांकि, अपने पहले से तय कार्यक्रमों की वजह से पीएम मोदी ने इस पर अपनी असमर्थता जताई. दोनों नेताओं ने यह तय किया कि वे जल्द ही मुलाकात करने की कोशिश करेंगे. इस पूरी बातचीत की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दी.

]]>
Wed, 18 Jun 2025 11:23:02 +0530 news desk MPcg
लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव में सियासी तापमान तेज, कांग्रेस ने लुधियाना में निकाली कुर्सी यात्रा https://citytoday.co.in/2703 https://citytoday.co.in/2703 लुधियाना.....

कुर्सी की लालसा या जनसेवा? लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में कांग्रेस का AAP पर तीखा वा

लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को एक प्रतीकात्मक "कुर्सी यात्रा" निकालकर आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। इस यात्रा के जरिए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केजरीवाल पंजाब की राजनीति का इस्तेमाल कर राज्यसभा की कुर्सी तक पहुंचना चाहते हैं।

यात्रा में एक रथ पर अरविंद केजरीवाल की डमी को एक विशाल कुर्सी पर बैठा दिखाया गया था। रथ के चारों ओर कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लहराते हुए ‘राज्यसभा की कुर्सी की भूख’ जैसे नारे लगा रहे थे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लुधियाना वेस्ट का यह उपचुनाव AAP प्रत्याशी संजीव अरोड़ा की जीत नहीं, बल्कि केजरीवाल की ‘राजनीतिक पुनर्स्थापना’ का माध्यम है।

इस मौके पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लाम्बा और पंजाब कांग्रेस के सह-प्रभारी राणा गुरजीत सिंह ने भाग लिया। अलका लाम्बा ने केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा, "दिल्ली की सत्ता से बाहर होने के बाद अब वे पंजाब के सहारे राज्यसभा में प्रवेश की फिराक में हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे अपने करीबियों को बचाने के लिए वह पंजाब में दखल बढ़ा रहे हैं।"

लाम्बा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल अब मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और विभव कुमार जैसे अपने सहयोगियों को पंजाब की सत्ता के माध्यम से संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि "Z+ सुरक्षा और शाही जीवनशैली के आदी हो चुके केजरीवाल अब एक नई साजिश रच रहे हैं।"

कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु ने भी तीखा तंज कसते हुए कहा, "यह उपचुनाव केजरीवाल की बेरोजगारी खत्म करने की कोशिश है, ना कि जनता के विकास का चुनाव।" उन्होंने कहा कि नई दिल्ली विधानसभा सीट से हार के बाद केजरीवाल अपनी खोई हुई हैसियत को राज्यसभा के जरिए फिर से हासिल करना चाहते हैं।

आशु ने यह भी जोड़ा कि "यह सिर्फ एक विधायक का चुनाव नहीं, बल्कि एक पंजाबी की राज्यसभा सीट की बलि चढ़ाकर एक बाहरी नेता को सत्ता में लाने की कोशिश है।"

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की यह "कुर्सी यात्रा" AAP के इरादों पर सवाल उठाने और अपने वोट बैंक को एकजुट करने की एक आक्रामक रणनीति है। चुनावी जंग में अब प्रतीकों के जरिए भी भावनाएं भड़काई जा रही हैं और जनता के सामने एक नई राजनीतिक कहानी रची जा रही है।

]]>
Sun, 15 Jun 2025 18:01:52 +0530 news desk MPcg
PM मोदी कल से मेगा डिप्लोमैटिक मिशन पर निकलेंगे, 5 दिन, 3 देश और G7 समिट… https://citytoday.co.in/2694 https://citytoday.co.in/2694 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी कल साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी। निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी। 

साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी.

कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल

यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.

क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी. यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।  
 
यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।

]]>
Sat, 14 Jun 2025 18:23:53 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस का चुनावी तैयारी पर जोर, 15 जून को होगी विधायक दल की बैठक https://citytoday.co.in/2676 https://citytoday.co.in/2676 बिहार में कांग्रेस की नई रणनीति: जनता से संवाद और जमीनी मुद्दों पर फोकस, 15 जून को विधायक दल की बैठक

पटना
बिहार में तीन दशकों से कमजोर होती चली आ रही कांग्रेस अब अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए सक्रिय हो गई है। पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए पार्टी ने अब जनता से सीधा संवाद और जमीनी मुद्दों पर मुखरता को अपनी नई रणनीति का हिस्सा बनाया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है।

जन सरोकार से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस आक्रामक
कांग्रेस अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों की समस्याओं, युवाओं के पलायन, रोजगार के अभाव और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रही है। पार्टी नेतृत्व मान रहा है कि इन मुद्दों पर खुलकर बात करके वह जनता के करीब आ सकती है।

15 जून को विधायक दल की अहम बैठक 

इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस ने 15 जून को पटना में विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावारू भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। 

ज्वलंत जनहित मुद्दों की समीक्षा और उन पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

चरणबद्ध राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

महागठबंधन में तालमेल को लेकर भी होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक महागठबंधन की हालिया बैठक के बाद बुलाई गई है। इसमें कांग्रेस उन सीटों की पहचान करेगी जहां वह मजबूत स्थिति में है। इन सीटों की सूची तैयार कर महागठबंधन की समन्वय समिति को सौंपने की योजना है, ताकि सीट बंटवारे के दौरान कांग्रेस को उसका वाजिब हिस्सा मिल सके।

राज्य में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी , पार्टी ने अपने सभी विधायकों, विधान पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं को बैठक का पूर्व सूचना भेज दी है। इसके साथ ही कांग्रेस अब जन आंदोलन, संपर्क अभियान और मीडिया संवाद के ज़रिए बिहार में अपनी उपस्थिति फिर से दर्ज कराने की कोशिश में है।

बिहार में कांग्रेस अब सिर्फ चुनावी गठबंधन पर नहीं, बल्कि स्वयं की सांगठनिक ताकत और जनसरोकार के मुद्दों पर भरोसा करके आगे बढ़ने की रणनीति अपना रही है। देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह सक्रियता उसे कितनी राजनीतिक जमीन वापस दिला पाती है।

]]>
Sat, 14 Jun 2025 14:43:26 +0530 news desk MPcg
लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस ने किया निष्कासित, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर की थी टिप्पणी https://citytoday.co.in/2651 https://citytoday.co.in/2651 कांग्रेस ने लक्ष्मण सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर टिप्पणी पड़ी भारी

भोपाल। कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने यह कार्रवाई उनके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ दिए गए बयानों को गंभीर मानते हुए की है।

राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर की थी तीखी टिप्पणी

लक्ष्मण सिंह ने बीते दिनों राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर कई विवादास्पद बयान दिए थे। उन्होंने वाड्रा की एक टिप्पणी को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया और उमर अब्दुल्ला पर आतंकवादियों से मिलीभगत का आरोप लगाया।

'अगर पार्टी को निकालना है तो आज ही निकाल दे'

अपने बयानों के दौरान लक्ष्मण सिंह ने खुद कहा था कि अगर पार्टी को उन्हें निकालना है तो तुरंत निकाल दे। उनके अनुसार, पार्टी को चुनावी नुकसान से बचने के लिए नेताओं को सोच-समझकर बोलना चाहिए। उन्होंने वाड्रा के बयान को "गैर-जिम्मेदाराना" और "देश की सुरक्षा के लिए खतरा" बताया था।

कांग्रेस की सख्ती: 'पार्टी विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं'

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल में भोपाल में संगठन की बैठक के दौरान स्पष्ट कहा था कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद ही लक्ष्मण सिंह पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी।

आधिकारिक बयान

कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य सचिव तारिक अनवर द्वारा जारी बयान में कहा गया“कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।”

कौन हैं लक्ष्मण सिंह?

लक्ष्मण सिंह दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं और मध्य प्रदेश की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। वे पांच बार सांसद रह चुके हैं और कुछ समय पहले तक राघोगढ़ सीट से कांग्रेस विधायक भी रहे हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में उनकी सक्रियता में कमी आई थी।

कांग्रेस ने लक्ष्मण सिंह को निष्कासित कर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी अब अनुशासनहीनता और सार्वजनिक तौर पर वरिष्ठ नेतृत्व की आलोचना को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह कार्रवाई आगामी चुनावों के मद्देनज़र पार्टी की सख्त रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

]]>
Wed, 11 Jun 2025 15:02:15 +0530 news desk MPcg
BJP को जुलाई में मिलेगा नया अध्यक्ष, नाम तय? फैसले पर राष्ट्रीय परिषद की मुहर बाकी https://citytoday.co.in/2644 https://citytoday.co.in/2644 जुलाई में बीजेपी को मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, दिल्ली में बड़े फैसले की तैयारी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लगने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जुलाई माह में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा तय मानी जा रही है। इससे पहले 21 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद सत्र से पूर्व राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाकर नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाई जाएगी।

प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति पहले

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी 10 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के नामों की घोषणा करेगी।

  • उत्तराखंड में ब्राह्मण चेहरा प्रमुख दावेदार

  • उत्तर प्रदेश में अब पिछड़ा वर्ग से अध्यक्ष की मांग

  • मध्य प्रदेश में जनजातीय नेता को मौका मिलने की संभावना

इन दिग्गजों के नाम चर्चा में

भाजपा के नए अध्यक्ष पद के लिए जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें शामिल हैं:

  • धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय मंत्री)

  • शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री)

  • मनोहर लाल खट्टर (कैबिनेट मंत्री)

किसी को संगठनात्मक अनुभव तो किसी को सामाजिक संतुलन के लिहाज से मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त, अब नया चेहरा तय

जेपी नड्डा जनवरी 2020 में भाजपा अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल 2023 में समाप्त होना था, जिसे लोकसभा चुनाव 2024 तक बढ़ा दिया गया था। अब चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी में संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है।

चुनाव प्रक्रिया की अधिसूचना जल्द

सूत्रों के मुताबिक, जून के दूसरे सप्ताह में चुनाव अधिसूचना जारी की जाएगी। पहले राज्य स्तरीय संगठनात्मक चुनाव होंगे, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन होगा। पूरी प्रक्रिया पार्टी संविधान के अनुसार पारदर्शी तरीके से होगी। इसके लिए केंद्रीय चुनाव समिति का गठन किया जाएगा।

राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम चुनाव

भाजपा का नया अध्यक्ष सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि पार्टी के आगामी 2026 विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए रणनीतिक दिशानिर्देशक होगा। विपक्ष की भी इस चुनाव पर नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे भाजपा की नीति, संगठनात्मक प्राथमिकताएं और आगामी राजनीति पर गहरा असर पड़ेगा।

]]>
Wed, 11 Jun 2025 13:45:06 +0530 news desk MPcg
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा है जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी https://citytoday.co.in/2624 https://citytoday.co.in/2624 भोपाल

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही है। अमृतसर सांसद गुरमीत सिंह औजला ने तीन दिन शहर में रहकर इसके लिए मंथन किया। इस दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन प्रदेश प्रभारी के एक बयान से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीर है।

नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी
एक दिन पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी(Harish Chaudhary) और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया विभाग की वर्चुअली मीटिंग ली थी। इसमें चौधरी ने कहा था कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी, लेकिन 45 वर्ष से अधिक के नेताओं को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा।

कई नेताओं की उम्र 45 वर्ष से अधिक
इंदौर में दावेदारी करने वाले कई नेता 45 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। ऐसे में अरविंद बागड़ी, अश्विन जोशी जैसे नेताओं की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। हालांकि चौधरी ने विशेष परिस्थितियों में रियायत देने की बात भी कही है।

]]>
Tue, 10 Jun 2025 16:38:48 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ साथ उद्योगों के विकास के लिए है अनुकूल वातावरण : कैरियर निर्माण में अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करें युवा – मुख्यमंत्री https://citytoday.co.in/2616 https://citytoday.co.in/2616  

मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान दंतेवाड़ा के युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित:आईआईएम में दंतेवाड़ा के 50 युवा उद्यमी ले रहे हैं प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ में खनिज, वन सहित अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों सहित प्रत्येक क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी मौजूदा क्षमताओं का सही ढंग से उपयोग कर प्रदेश और देश के नव निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विगत दिवस नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में दंतेवाड़ा के नवोदित उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले के 50 युवाओं का एक बैच देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम में उद्यमिता का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह प्रशिक्षण उनके कैरियर निर्माण एवं जीवन संवारने में अत्यंत कारगर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब कोई युवा उद्यमी अपने सपनों को साकार करता है, तो वह अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा और अवसर का द्वार खोलता है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप सभी बस्तर क्षेत्र से हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। आज बस्तर को सबसे संभावनाओं वाला क्षेत्र माना जा रहा है। प्रशिक्षण में आपने उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सीख ली हैं। अब उन्हें लागू कर अपने उद्यम को आरंभ कीजिए। शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ उद्योगों के विकास के लिए भी अनुकूल वातावरण है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए हम निरंतर नवाचार, अनुसंधान तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हमने ‘नई औद्योगिक नीति 2024-30’ लागू की है। इस नीति का मूल मंत्र है: “न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन।” इसके तहत उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘सिंगल विंडो 2.0’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से सभी आवश्यक क्लीयरेंस सुलभता से प्रदान किए जा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में प्रदेश के पिछड़े माने जाने वाले बस्तर और सरगुजा अंचल को सर्वाधिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि उनका त्वरित विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री साय ने चर्चा के दौरान यह भी बताया कि नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत बस्तर में उद्योग स्थापित करने पर विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। बस्तर के विकास का रोडमैप भी गत माह तैयार किया गया है, जिसमें कृषि, वनोपज आधारित व्यवसाय और पर्यटन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। बस्तर की कनेक्टिविटी अब उत्कृष्ट हो गई है, जिससे उद्यमियों के उत्पाद देश भर के बाजारों तक आसानी से पहुँच सकें। सड़कों के सशक्त जाल के माध्यम से विकास को प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के दौरान युवा अत्यंत उत्साहित नजर आए और उन्होंने भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर बड़े बचेली से चंद्रकुमार साहू, किरंदुल-बैलाडीला से अभिषेक गुप्ता, बचेली से अनिरुद्ध कुमार, बीजापुर से तेजस्व कुमार एवं नीलम पांडे, बचेली से कु. शिल्पा कुमारी तथा दंतेवाड़ा से राकेश यादव सहित कुल 50 युवा उद्यमी उपस्थित थे।

]]>
Tue, 10 Jun 2025 14:12:25 +0530 news desk MPcg
बीजेपी से दिया इस्तीफा कहा& अब मैं भाजपा का सदस्य नहीं हूं, मैं इसकी घोषणा करता हूं: मनीष कश्यप https://citytoday.co.in/2609 https://citytoday.co.in/2609 पटना 

मनीष कश्यप ने बीजेपी से दिया इस्तीफा। बीजेपी से इस्तीफा देने का ऐलान मनीष कश्यप ने अपने फेसबुक पेज पर किया है। इसी के साथ मनीष कश्यप ने अपने फेसबुक पर लाइव आकर इस मुद्दे पर कई सारी बातें कही हैं। मनीश कश्यप ने कहा, 'मैं मनीष कश्यप अब भाजपा में नहीं हूं। अब मैं भाजपा का सदस्य नहीं हूं, मैं इसकी घोषणा करता हूं। मैं अपने क्षेत्र चनपटिया में गया था और वहां भ्रमण के दौरान मैंने कई लोगों से मुलाकात की थी। जिसके बाद अब मैं इस निर्णय पर पहुंचा कि मुझे बिहार और बिहारियों के लिए लड़ना है। बिहार से जो पलायन हो रहा है उसको रोकने के लिए लड़ना है। मैं जब पार्टी में था तब भी इस संबंध में लगातार आवाज उठाता रहा हूं।

अब मुझे लग रहा है कि मैं पार्टी में रहकर इन सभी चीजों को अच्छे ढंग से नहीं उठा पाऊंगा। हालांकि, इस निर्णय से बहुत सारे लोग खुश भी होंगे और बहुत सारे लोगों दुखी भी होंगे। जो लोग दुखी हैं उनसे मैं हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूं कि इस निर्णय के लिए मुझे मजबूर किया गया था। मैंने अपने तन-मन और धन सबकुछ पार्टी के लिए लगा दिया। कुछ लोग कहते हैं कि मनीष कश्यप महत्वकांक्षी है। लेकिन मैं महत्वकांक्षी नहीं हूं। अगर मैं महत्वकांक्षी होता तो 2024 का चुनाव लड़कर उनका खेल बिगाड़ देता।' 

मनीष कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा मैं कभी भी पीएम मोदी के खिलाफ एकतरफा नहीं बोलूंगा। ऐसा नहीं है कि मनीष कश्यप पार्टी में नहीं रहा तो अब मर्यादा लांघ कर पीएम मोदी से सवाल करेगा, ऐसा कभी नहीं होगा। मेरे लिए आप कल भी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी थे और आज भी हैं तथा आगे भी रहेंगे। मुझे चीनी मिल बिहार के लिए चाहिए। आप दीजिए और अगर आप नहीं देंगे तो मैं आप तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करूंगा। मुझे बिहार में अच्छे अस्पताल चाहिए, आप नहीं देंगे तो आपके कानों तक मैं अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश करूंगा। 

मनीष कश्यप ने इस पर कहा मैं मर्यादा नहीं तोड़ूंगा – 
मनीष कश्यप ने कहा कि मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मैं उस कुर्सी के खिलााफ हूं जिसपर बैठ कर कुछ लोग बिहार को लूट रहे हैं। आखिर गरीब कहां जाए। मैं अनेकों कहानी आपके सामने लेकर आऊंगा। मैं उन सभी लोगों से हाथ जोड़कर माफी करना चाहता हूं जिन्होंने एक साल एक महीने तक मुझे भारतीय जनता पार्टी का सदस्य रखा। इसके लिए तहे दिल से शुक्रिया। मैं मर्यादा में रहूंगा और यह मेरा वादा है। मैं कभी भी मर्यादा का सीमा नहीं पार करूंगा। मनीष कश्यप को आप लोगों ने बहुत परेशान किया लेकिन कोई बात नहीं। मैं जितने भी बीजेपी का सदस्य रहा उतने दिन मैंने पार्टी के लिए काम की थी।

बिहार चुनाव को लेकर कही यह बात
मनीष कश्यप ने आगे कहा, ‘जो मनीष कश्यप इन लोगों के साथ रहकर खुद की मदद नहीं कर पाया वो दूसरे के लिए क्या कर पाएगा। अब किसी ना किसी प्लेटफॉर्म की तलाश रहेगी। यहां पर रहने का मतलब है कि आप भ्रष्टाचार पर पर्दा डालें। बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं। ऐसे कायस लगाए जा रहे थे कि मनीष कश्यप एक बार फिर चनपटिया से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। बिहार चुनाव में किस्मत आजमाने को लेकर मनीष कश्यप ने कहा, 'मुझे कहां से चुनाव लड़ना चाहिए और किस पार्टी से चुनाव लड़ना चाहिए या फिर मुझे अकेले लड़ना चाहिए? इसके बारे में आप बताइएगा। मैं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आवाज उठाऊंगा।’

]]>
Sun, 08 Jun 2025 16:23:34 +0530 news desk MPcg
प्रशांत किशोर जदयू में आये थे तो अपने लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री का पद मांगा था, JDU पार्षद का दावा https://citytoday.co.in/2608 https://citytoday.co.in/2608 पटना   

प्रशांत किशोर पर जदयू पार्षद का बड़ा हमला: उपमुख्यमंत्री पद मांगने का आरोप, 'सिर्फ सत्ता की चाह में कर रहे राजनीति'

बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर और उनकी जनसुराज पार्टी ने इस बार राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। अब जनता दल (यूनाइटेड) के एक वरिष्ठ नेता ने प्रशांत किशोर पर सीधा आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है।

जदयू विधान पार्षद संजय सिंह ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जब प्रशांत किशोर जदयू में शामिल हुए थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री पद की मांग की थी। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर सत्ता की राजनीति करते हैं, जनता की सेवा उनका उद्देश्य नहीं है। 

नीतीश कुमार ने उन्हें सम्मान दिया, लेकिन आज वही व्यक्ति उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। इस पर संजय सिंह, विधान पार्षद, जदयू ने यह वयान दिया है कि उनकी राजनीति का मकसद सिर्फ कुर्सी है, सेवा नहीं।  ये सिर्फ कुर्सी के लिए काम करते हैं ना कि जनता के लिए। नीतीश कुमार ने इनको काफी सम्मान दिया पर, वो उन्हीं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। ये शुद्ध रूप से व्यापारी हैं। पैसा खपाने के लिए उन्होंने यह पार्टी (जनसुराज पार्टी) बनाया है। 

बिहार में इसी साल यानि 2025 में ही  विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बार बिहार चुनाव कई मायनों में खास है। दरअसल चुनावी रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले जनसुराज पार्टी का ऐलान किया था। जनसुराज पार्टी भी बिहार चुनाव में ताल ठोक रही है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद बिहार में घूम-घूम कर जनता के बीच जा रहे हैं और जदयू, राजद, कांग्रेस तथा बीजेपी पर एक साथ हमला बोल रहे हैं। इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के एक पार्षद ने प्रशांत किशोर को घेरा है और एक पीके को लेकर एक बड़ा दावा कर दिया है।
 
संजय सिंह ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर पर जमकर प्रहार किया है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को नई पहचान दी। बिहार आज देश मे सबसे अधिक तेजी से विकास करने वाला राज्य है।

JDU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने थे प्रशांत किशोर
आपको बता दें कि साल 2015 में बिहार में नीतीश कुमार की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर को ही दिया जाता है। साल 2018 में प्रशांत किशोर जेडीयू के उपाध्यक्ष बनाए गए थे। हालांकि, साल 2020 में प्रशांत किशोर जदयू से अलग हो गए थे। कहा जाता है कि नागरिकता संसोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर संसद के अंदर जदयू द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन किए जाने के बाद प्रशांत किशोर की जदयू के प्रति तल्खी बढ़ गई थी। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया था कि पार्टी की बैठक में नीतीश कुमार ने सीएए और एनआरसी पर आपत्ति जताई थी लेकिन संसद में पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन कैसे कर दिया था।

]]>
Sun, 08 Jun 2025 15:51:44 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी ने कहा& भविष्य के लिए मजबूत और आपदा&रोधी बुनियादी ढांचा बनाएं https://citytoday.co.in/2607 https://citytoday.co.in/2607 नई दिल्ली 

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: “भविष्य के लिए मजबूत और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचा विकसित करें”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक अहम संदेश देते हुए देश और दुनिया के नीति-निर्माताओं, इंजीनियरों और शहरी नियोजकों से आह्वान किया कि भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे बुनियादी ढांचे (infrastructure) का निर्माण करें जो न सिर्फ टिकाऊ हो, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रतिरोधक भी हो। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर देते हुए वैश्विक स्तर पर इस दिशा में प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। वह यूरोप में पहली बार आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर" को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फ्रांसीसी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, "मैं अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों और फ्रांस सरकार का समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं। साथ ही आगामी संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"

प्रधानमंत्री ने भारत की पुरानी आपदाओं की याद दिलाते हुए कहा, "भारत ने 1999 के सुपर साइक्लोन और 2004 की सुनामी की पीड़ा को झेला है। हमने इससे सीखते हुए लचीलापन अपनाया और तटीय इलाकों में चक्रवात शेल्टर बनाए। साथ ही, 29 देशों के लिए एक सुनामी चेतावनी प्रणाली विकसित करने में भी भारत ने मदद की।" भारत की वैश्विक भूमिका पर उन्होंने कहा कि "कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई)" 25 छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के साथ कार्य कर रही है, जिसमें मजबूत घर, अस्पताल, स्कूल, ऊर्जा प्रणालियां, जल सुरक्षा तंत्र और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि तटीय और द्वीपीय क्षेत्र जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अत्यधिक खतरे में हैं। उन्होंने कहा, "इस सम्मेलन की थीम है: तटीय क्षेत्रों के लिए एक लचीले भविष्य का निर्माण। भारत और बांग्लादेश में चक्रवात 'रेमाल', कैरेबियन में 'हैरिकेन बेरिल', अमेरिका में 'हेलीन', दक्षिण-पूर्व एशिया में 'यागी' और फिलीपींस में 'उसागी' जैसी आपदाओं से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से कमजोर देशों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, "हम छोटे द्वीपीय विकासशील देशों को बड़े महासागरीय देश मानते हैं। इनकी संवेदनशीलता को देखते हुए इन्हें विशेष ध्यान मिलना चाहिए।" अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ऐसा बुनियादी ढांचा बनाने की अपील की जो समय और आपदाओं की कसौटी पर खरा उतरे। उन्होंने एक मजबूत और प्रेरणादायक भविष्य का निर्माण करने का आह्वान किया।

]]>
Sun, 08 Jun 2025 15:28:11 +0530 news desk MPcg
लालू ने RJD से बेटे को दिखाया बाहर का रास्ता, तेजप्रताप की 'अनुष्का संग 12 साल' पोस्ट से गुस्सा https://citytoday.co.in/2537 https://citytoday.co.in/2537

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसकी वजह बनी तेजप्रताप की एक सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वह पिछले 12 साल से अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप में हैं। इस पोस्ट ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि लालू यादव को भी गहरे तौर पर नाराज कर दिया।

तेजप्रताप की इस पोस्ट को लालू ने पार्टी की छवि और पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ माना। इसके बाद, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए तेजप्रताप को RJD से निष्कासित करने का फैसला लिया। लालू ने कहा, "पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।"

दरअसल, शनिवार रात को तेज प्रताप यादव के फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट की.जिसमे एक फोटो में वह एक लड़की के साथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं उनका नाम अनुष्का यादव है। हम दोनों पिछले 12 सालों से एक दूसरे को जानते हैं। प्यार भी करते हैं। हमलोग पिछले 12 सालों से एक रिलेशनशिप में रह रहें हैं। मैं बहुत दिनों से आपलोगों से यह बात कहना चाहता था, लेकिन समझ नहीं आ रहा था कैसे कहूं? इसलिए आज इस पोस्ट के माध्यम से अपने दिल की बात आप सब के बीच रख रहा हूं। आशा करता हूं आपलोग मेरी बातों को समझेंगे।

तेजप्रताप की इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है, जहां लोग अनुष्का यादव के बारे में तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि, अभी तक अनुष्का यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस घटना ने बिहार की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है, और RJD के भीतर भी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

]]>
Sun, 25 May 2025 17:07:19 +0530 News desk Hindi
राहुल गांधी ने पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी के पीड़ितों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला https://citytoday.co.in/2524 https://citytoday.co.in/2524 कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पाकिस्तानी गोलाबारी के पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था, जिसके विरोध में नियंत्रण रेखा के पार से हुई गोलाबारी में स्थानीय लोगों के जान-माल का भारी नुकसान हुआ।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुंछ पहुंचकर प्रभावित गांवों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एक स्कूल में जाकर बच्चों से संवाद किया और कहा, आपने बड़ा खतरा और भयावह स्थिति देखी है, लेकिन चिंता न करें, सब कुछ सामान्य हो जाएगा। पढ़ाई करें, खेलें और ढेर सारे दोस्त बनाएं। यही इस संकट से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है।

पहलगाम हमले के बाद दूसरी बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे राहुल गांधी ने सीमा पार से हुई गोलाबारी में नष्ट हुए घरों और सार्वजनिक संपत्तियों का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि, राहुल गांधी ने उन संस्थानों का दौरा किया जिन्हें गोलाबारी में नुकसान पहुँचा है। उन्होंने उन गुरुद्वारों और मंदिरों में भी जाने की योजना बनाई है जिन्हें पाकिस्तान की गोलीबारी से क्षति पहुँची है।

गोलीबारी के कारण हालात गंभीर

पुंछ में पाकिस्तान द्वारा की गई आर्टिलरी और मोर्टार से गोलाबारी के चलते अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 70 से अधिक घायल हुए हैं। हजारों लोग एलओसी से सटे गांवों से पलायन कर सरकारी राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा तनाव

यह गोलाबारी 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई के बाद शुरू हुई। इस संघर्ष में चार दिन तक दोनों देशों के बीच तनाव रहा, जिसके बाद 10 मई को संघर्षविराम पर सहमति बनी।

राहुल गांधी की जम्मू-कश्मीर में सक्रियता

यह राहुल गांधी की इस महीने जम्मू-कश्मीर की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह 25 अप्रैल को श्रीनगर गए थे और आतंकवादी हमले में घायल हुए लोगों से मुलाकात की थी। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात की थी। राहुल गांधी के इस दौरे को मानवता और साहस के प्रतीकात्मक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जो कठिन परिस्थितियों में नागरिकों के साथ खड़े होने की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

]]>
Sat, 24 May 2025 15:35:54 +0530 news desk MPcg
फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के खिलाफ ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी को लेकर रायपुर में FIR दर्ज https://citytoday.co.in/2232 https://citytoday.co.in/2232 FIR रायपुर कोतवाली में दर्ज की गई
ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के खिलाफ रायपुर के कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज की गई है। यह मामला समाज में विभिन्न वर्गों के बीच फैलाने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज किया गया है। एफआइआर सोमवार देर रात सिटी कोतवाली थाना रायपुर में दर्ज की गई। शिकायत रायपुर निवासी पंडित नीलकंठ त्रिपाठी द्वारा दर्ज कराई गई, जो राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रभारी हैं।
 
अनुराग कश्यप पर दर्ज धाराएं  
शिकायत में कहा गया है कि अनुराग कश्यप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज को लेकर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी की थी, जो समाज की भावना को आहत करती है। पुलिस ने अनुराग कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना) और धारा 302 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए शब्दों का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे जांच की जा रही है।

]]>
Wed, 23 Apr 2025 14:17:24 +0530 News desk Hindi
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले रेलवे की सौगात, नई ट्रेनें और बेहतर कनेक्टिविटी का तोहफा https://citytoday.co.in/2205 https://citytoday.co.in/2205 पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं। विभिन्न दलों के नेता बिहार का दौरा शुरू कर चुके हैं। इस बीच, भारतीय रेलवे ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलवे ने अगले छह महीनों में बिहार के लिए छह नई ट्रेनें शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और वंदे मेट्रो जैसी आधुनिक ट्रेनें शामिल हैं। इन नई ट्रेनों से बिहार से दिल्ली, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे व्यस्त मार्गों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही टिकट की किल्लत से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

24 अप्रैल को पीएम मोदी देंगे नई ट्रेनों की सौगात

रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मधुबनी जिले के दौरे के दौरान वर्चुअल रूप से कई नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें बिहार की दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो सहरसा से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक चलेगी। यह ट्रेन सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पाटलिपुत्र (पटना) होकर जाएगी। पहले इस ट्रेन को दिल्ली और अमृतसर तक चलाने की योजना थी, लेकिन अब इसे मुंबई तक चलाने का फैसला लिया गया है। 

इसके अलावा, पीएम मोदी दो नई मेमू पैसेंजर ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। पहली ट्रेन सहरसा से सुपौल होते हुए पिपरा तक चलेगी, जबकि दूसरी सहरसा से खगड़िया और अलौली होकर समस्तीपुर तक जाएगी। साथ ही, बिहार की पहली वंदे मेट्रो (नमो भारत एक्सप्रेस) का भी शुभारंभ होगा, जो पटना से जयनगर (मधुबनी) के बीच चलेगी। यह ट्रेन रैपिड रेल तकनीक पर आधारित है और वर्तमान में केवल अहमदाबाद-भुज मार्ग पर ही ऐसी ट्रेन चल रही है।

पटना-दिल्ली स्लीपर वंदे भारत जल्द

रेलवे के मुताबिक, इस साल के अंत तक पटना से नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू होने की संभावना है। यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए समय और सुविधा दोनों के लिहाज से फायदेमंद होगी। इसके अलावा, पुणे, बेंगलुरु और सिकंदराबाद जैसे मार्गों के लिए नई सुपरफास्ट ट्रेनों का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।

रेलवे बजट में बिहार को विशेष ध्यान

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे को 2.52 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें बिहार को 10,066 करोड़ रुपये मिले हैं। यह राशि यूपीए सरकार के समय (2004-2014) के औसत 1,132 करोड़ रुपये से नौ गुना अधिक है। बिहार में रेलवे परियोजनाओं पर कुल 90,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अमृत स्टेशन योजना के तहत बिहार के 98 स्टेशनों को 3,164 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया जा रहा है। इन स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, वाई-फाई और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

बिहार में रेलवे का विस्तार और उपलब्धियां

वर्तमान में बिहार में 12 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, जो 15 जिलों को जोड़ती हैं और 22 स्टेशनों पर रुकती हैं। इसके अलावा, एक अमृत भारत एक्सप्रेस (दरभंगा-आनंद विहार) भी संचालित हो रही है, जो चार जिलों को कवर करती है। बिहार में रेलवे ने 100% इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। 2014 से अब तक 3,020 किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। 2009-14 के दौरान जहां प्रतिवर्ष 30 किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन होता था, वहीं 2014-25 में यह बढ़कर 275 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया। इसी तरह, नई रेल लाइनों का निर्माण भी ढाई गुना बढ़कर 167 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया है।

यात्रियों को मिलेगी राहत

रेलवे की इन नई पहलों से बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रियों को टिकट की मारामारी से राहत मिलेगी। नई ट्रेनों और आधुनिक स्टेशनों के साथ बिहार में रेल यात्रा अब और सुविधाजनक होने वाली है। चुनावी साल में रेलवे की यह सौगात बिहारवासियों के लिए एक बड़ा उपहार साबित होगी।

]]>
Mon, 21 Apr 2025 17:58:28 +0530 news desk MPcg
Bihar: तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, भ्रष्टाचार और खजाने की लूट का दावा https://citytoday.co.in/2190 https://citytoday.co.in/2190 पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और इंडिया गठबंधन की समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर भ्रष्टाचार और सरकारी खजाने की लूट के गंभीर आरोप लगाए। RJD कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जान चुके हैं कि उनकी सरकार दोबारा नहीं बनने वाली, इसलिए वे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

"NDA सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर"

तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, "जनता भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और दलाली से तंग आ चुकी है। सत्ताधारी दल अपनी हार को देखकर सरकारी खजाने को लूटने में जुटे हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए कर रही है।

महिला संवाद अभियान पर सवाल

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'महिला संवाद अभियान' को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इसे जनता दल यूनाइटेड (JDU) का चुनावी प्रचार करार देते हुए कहा कि इसके लिए सरकारी फंड का दुरुपयोग हो रहा है। तेजस्वी ने दावा किया कि इस अभियान के तहत 225 करोड़ रुपये की लागत से 600 प्रचार रथ खरीदे गए हैं, जिनमें 30 प्रतिशत कमीशन ठेकेदारों के जरिए मंत्रियों को दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की।

"बाहरी ठेकेदारों को टेंडर, बिहार के लोग उपेक्षित"

तेजस्वी ने सरकार पर बिहार के स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कई टेंडर निकाले जा रहे हैं, लेकिन ये टेंडर बाहरी लोगों को दिए जा रहे हैं। "ग्लोबल टेंडर के नाम पर कमीशन लिया जा रहा है। सरकार जल्दबाजी में जनता का पैसा लूट रही है। यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए," तेजस्वी ने जोर देकर कहा।

जनता से अपील

तेजस्वी ने बिहार की जनता से अपील की कि वे इस "लूट और भ्रष्टाचार" के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि RJD जनता के हितों के लिए लड़ता रहेगा और नीतीश सरकार की कथित गड़बड़ियों को उजागर करता रहेगा।

]]>
Sat, 19 Apr 2025 14:41:26 +0530 news desk MPcg
ईडी के फेर में फंसे राहुल&सोनिया और रॉबर्ट वाड्रा, कई मामलों में घिरा है गांधी परिवार https://citytoday.co.in/2166 https://citytoday.co.in/2166 कई केस में घिरा है गाँधी परिवार 
ED ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपपत्र में इन पर एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अंतर्गत आने वाली 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने का आरोप है। सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से भी ईडी जमीन के लेनदेन से जुड़े मामले में पूछताछ कर रही है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब गांधी परिवार के सदस्यों पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी हो। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पर कुल मिलाकर 20 से ज्यादा केस दर्ज हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है।

पॉक्सो एक्स से लेकर मानहानि तक  मामले 
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2024 को लोकसभा चुनाव में दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन पर कुल 18 मामले दर्ज हैं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी दो अन्य मामलों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं। यानी उनके ऊपर चल रहे मामलों की संख्या 20 के ऊपर पहुंच गई है। राहुल पर जिन मामलों में केस दर्ज हुए हैं, उनमें पॉक्सो एक्ट से लेकर मानहानि तक की धाराओं में मामले हैं।

]]>
Thu, 17 Apr 2025 13:58:59 +0530 News desk Hindi
पीएम मोदी वक्फ बिल पर बोले 'वक्फ की जमीनों का सही इस्तेमाल होता, तो मुस्लिम युवाओं को पंचर बनाकर गुजारा नहीं करना पड़ता' https://citytoday.co.in/2130 https://citytoday.co.in/2130 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को हरियाणा के दौरे पर हैं। जहाँ उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा की, कांग्रेस ने वक्फ कानून को संविधान से ऊपर कर दिया था। कांग्रेस ने कभी मुसलमानों का भला नहीं किया। भला किया होता तो आज युवाओं को पंचर नहीं बनाने पड़ते। कांग्रेस किसी मुसलमान को पार्टी अध्यक्ष क्यों नहीं बनाती? कांग्रेस की नियत मुसलमानों भला करना नहीं है. अगर वक्फ की जमीनों और संपत्तियों का सही तरीके से इस्तेमाल होता, तो मुस्लिम युवाओं को साइकिलों के पंचर बनाकर गुजारा नहीं करना पड़ता।

इसी के साथ PM मोदी ने कहा की कांग्रेस ने सिर्फ कुछ कट्टरपंथियों को ही खुश किया है। बाकी समाज बेहाल रहा, अशिक्षित रहा, गरीब रहा। कांग्रेस की इस कुनीति का सबसे बड़ा प्रमाण वक्फ कानून है।

हिसार में पीएम मोदी ने संबोधन में बड़ी बातें भी कही, ''अब नए वक्फ कानून के तहत किसी भी आदिवासी की जमीन को हिंदुस्तान के किसी भी कोने में उसकी संपत्ति को ये वक्फ बोर्ड हाथ भी नहीं लगा पाएगा। नए प्रावधानों से वक्फ की पवित्र भावना का सम्मान होगा।''

]]>
Mon, 14 Apr 2025 12:33:45 +0530 News desk Hindi
जम्मू&कश्मीर: विधानसभा के बाहर विधायकों में टकराव, हाथापाई; वक्फ कानून को लेकर सदन में जोरदार हंगामा https://citytoday.co.in/jammu-and-kashmir-clashes-and-scuffles-between-mlas-outside-the-assembly-huge-uproar-in-the-house-over-waqf-law https://citytoday.co.in/jammu-and-kashmir-clashes-and-scuffles-between-mlas-outside-the-assembly-huge-uproar-in-the-house-over-waqf-law जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन वक्फ कानून को लेकर हंगामा जारी रहा। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायकों ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प तक हो गई। यह टकराव न सिर्फ सदन के भीतर बल्कि बाहर परिसर में भी देखने को मिला। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक स्थगित कर दी गई।

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने गंभीर आरोप लगाए। रंधावा ने कहा कि मलिक ने हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि हिंदू तिलक लगाने का पाप करते हैं। रंधावा ने इसे असहनीय बताते हुए कहा कि वे इसका जवाब जरूर देंगे।
इस बीच, विधानसभा परिसर में भी विधायकों के बीच तनातनी देखी गई। भाजपा विधायक राज्य में बेरोजगारी और दिहाड़ी मजदूरों के मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायक आपस में भिड़ गए। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुद्दों से ध्यान भटकाने और चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को निरस्त करने की मांग भी तेज हो गई है। मंगलवार को एनसी, कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायकों ने इस मुद्दे पर हंगामा किया था। पीडीपी ने एक प्रस्ताव पेश कर केंद्र से इस कानून को वापस लेने की मांग की, जिसके बाद सदन आधे घंटे के लिए स्थगित हो गया था।नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने एनसी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके विधायक सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने इसे ट्रेजरी बेंच और चेयर के बीच पहले से तय खेल करार दिया। शर्मा ने कहा कि एनसी कश्मीर के युवाओं की भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है, जबकि लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान उनके सांसद नदारद थे। उन्होंने यह भी तंज कसा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का स्वागत तो अच्छे से किया, जिन्होंने यह विधेयक पेश किया था, लेकिन अब विरोध का दिखावा हो रहा है।

एनसी विधायक मुबारक गुल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है और वक्फ कानून पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता इस कानून के खिलाफ है और भाजपा को सदन में यह साबित करना चाहिए कि यह मुसलमानों के लिए कैसे फायदेमंद है। गुल ने आरोप लगाया कि चर्चा की मांग पर भाजपा विधायक हाथापाई पर उतर आए, जबकि गैर-मुस्लिम सांसदों ने भी इस विधेयक का विरोध किया है।

]]>
Wed, 09 Apr 2025 12:59:53 +0530 Newsdesk
महाराष्ट्र: पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव BJP में शामिल, कहा& पीएम मोदी के काम से मिली प्रेरणा https://citytoday.co.in/Maharashtra:-Former-Cricketer-Kedar-Jadhav-Joins-BJP,-Says-PM-Modis-Achievements-Inspire-Me https://citytoday.co.in/Maharashtra:-Former-Cricketer-Kedar-Jadhav-Joins-BJP,-Says-PM-Modis-Achievements-Inspire-Me Tue, 08 Apr 2025 17:23:51 +0530 Newsdesk कांग्रेस हाईकमान ने शुरू किया आगामी चुनावों की रणनीति पर विचार&मंथन, संगठन में सुधार पर फोकस; राहुल गांधी का बड़ा बयान https://citytoday.co.in/Here’s-an-English-slug-for-your-headline:--congress-strategizes-for-upcoming-elections-focuses-on-organization-reform-rahul-gandhi-statement https://citytoday.co.in/Here’s-an-English-slug-for-your-headline:--congress-strategizes-for-upcoming-elections-focuses-on-organization-reform-rahul-gandhi-statement Tue, 08 Apr 2025 14:59:19 +0530 Newsdesk वक्फ की लूट का खेल खत्म: सांसद आलोक शर्मा की हुंकार & 'अब जेल में ठिकाना, भोपाल का बेटा खोलेगा भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा ! https://citytoday.co.in/वक्फ-की-लूट-का-खेल-खत्म-सांसद-आलोक-शर्मा-की-हुंकार-अब-जेल-में-ठिकाना-भोपाल-का-बेटा-खोलेगा-भ्रष्टाचार-का-काला-चिट्ठा https://citytoday.co.in/वक्फ-की-लूट-का-खेल-खत्म-सांसद-आलोक-शर्मा-की-हुंकार-अब-जेल-में-ठिकाना-भोपाल-का-बेटा-खोलेगा-भ्रष्टाचार-का-काला-चिट्ठा Sat, 05 Apr 2025 18:00:25 +0530 Newsdesk तमिलनाडु में वक्फ बिल को लेकर बवाल तय! विजय ने किया विरोध प्रदर्शन का एलान ! https://citytoday.co.in/तमिलनाडु-में-वक्फ-बिल-को-लेकर-बवाल-तय-विजय-ने-किया-विरोध-प्रदर्शन-का-एलान https://citytoday.co.in/तमिलनाडु-में-वक्फ-बिल-को-लेकर-बवाल-तय-विजय-ने-किया-विरोध-प्रदर्शन-का-एलान Fri, 04 Apr 2025 17:51:39 +0530 Newsdesk प्रवेश वर्मा: मैनेजमेंट की डिग्री, दो बार सांसद... फिर भी दिल्ली सीएम की रेस से बाहर, क्या हैं कारण ? https://citytoday.co.in/प्रवेश-वर्मा-मैनेजमेंट-की-डिग्री-दो-बार-सांसद-फिर-भी-दिल्ली-सीएम-की-रेस-से-बाहर-क्या-हैं-कारण https://citytoday.co.in/प्रवेश-वर्मा-मैनेजमेंट-की-डिग्री-दो-बार-सांसद-फिर-भी-दिल्ली-सीएम-की-रेस-से-बाहर-क्या-हैं-कारण Thu, 20 Feb 2025 20:22:02 +0530 Newsdesk दिल्ली की नई मुख्यमंत्री चुनी गईं रेखा गुप्ता को हार्दिक बधाई ! Rekha gupta https://citytoday.co.in/दिल्ली-की-नई-मुख्यमंत्री-चुनी-गईं-रेखा-गुप्ता-को-हार्दिक-बधाई-rekha-gupta https://citytoday.co.in/दिल्ली-की-नई-मुख्यमंत्री-चुनी-गईं-रेखा-गुप्ता-को-हार्दिक-बधाई-rekha-gupta Wed, 19 Feb 2025 20:59:17 +0530 Newsdesk "मातृ वंदना योजना: महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सहायता" https://citytoday.co.in/मातृ-वंदना-योजना-महिलाओं-के-स्वास्थ्य-और-सुरक्षा-के-लिए-सहायता https://citytoday.co.in/मातृ-वंदना-योजना-महिलाओं-के-स्वास्थ्य-और-सुरक्षा-के-लिए-सहायता Mon, 20 Jan 2025 16:07:26 +0530 Newsdesk महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आज शिरडी स्थित साईं बाबा मंदिर में दर्शन किए! https://citytoday.co.in/महाराष्ट्र-के-उपमुख्यमंत्री-अजित-पवार-ने-आज-शिरडी-स्थित-साईं-बाबा-मंदिर-में-दर्शन-किए https://citytoday.co.in/महाराष्ट्र-के-उपमुख्यमंत्री-अजित-पवार-ने-आज-शिरडी-स्थित-साईं-बाबा-मंदिर-में-दर्शन-किए Sat, 18 Jan 2025 17:42:44 +0530 Newsdesk नितिन गडकरी ने उठाया बड़ा कदम: सड़क हादसों के लिए शुरू की कैशलेस ट्रीटमेंट योजना! https://citytoday.co.in/नितिन-गडकरी-ने-उठाया-बड़ा-कदम-सड़क-हादसों-के-लिए-शुरू-की-कैशलेस-ट्रीटमेंट-योजना https://citytoday.co.in/नितिन-गडकरी-ने-उठाया-बड़ा-कदम-सड़क-हादसों-के-लिए-शुरू-की-कैशलेस-ट्रीटमेंट-योजना Wed, 08 Jan 2025 14:53:10 +0530 Newsdesk शीशमहल पर सियासी ड्रामा https://citytoday.co.in/शीशमहल-पर-सियासी-ड्रामा https://citytoday.co.in/शीशमहल-पर-सियासी-ड्रामा Wed, 08 Jan 2025 13:44:19 +0530 Newsdesk दिल्ली सीएम आतिशी का भावुक बयान: रमेश बिधूड़ी के विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया https://citytoday.co.in/दिल्ली-सीएम-आतिशी-का-भावुक-बयान-रमेश-बिधूड़ी-के-विवादित-टिप्पणी-पर-प्रतिक्रिया https://citytoday.co.in/दिल्ली-सीएम-आतिशी-का-भावुक-बयान-रमेश-बिधूड़ी-के-विवादित-टिप्पणी-पर-प्रतिक्रिया Mon, 06 Jan 2025 15:23:39 +0530 Newsdesk दिल्ली में मोदी का ऐतिहासिक दिन: विकास पहलों का आगाज़ https://citytoday.co.in/दिल्ली-में-मोदी-का-ऐतिहासिक-दिन-विकास-पहलों-का-आगाज़-aap-की-बेचैनी https://citytoday.co.in/दिल्ली-में-मोदी-का-ऐतिहासिक-दिन-विकास-पहलों-का-आगाज़-aap-की-बेचैनी Sun, 05 Jan 2025 16:48:29 +0530 Newsdesk परिवर्तन रैली में पीएम मोदी ने कहा: "दिल्ली का भविष्य बीजेपी के हाथों में" https://citytoday.co.in/परिवर्तन-रैली-में-पीएम-मोदी-ने-कहा-दिल्ली-का-भविष्य-बीजेपी-के-हाथों-में https://citytoday.co.in/परिवर्तन-रैली-में-पीएम-मोदी-ने-कहा-दिल्ली-का-भविष्य-बीजेपी-के-हाथों-में Sun, 05 Jan 2025 14:15:24 +0530 Newsdesk "केजरीवाल का प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर जवाब: 'ये महिलाएं कांग्रेस और बीजेपी से संबंधित हैं' https://citytoday.co.in/केजरीवाल-का-प्रदर्शनकारियों-के-आरोपों-पर-जवाब-ये-महिलाएं-कांग्रेस-और-बीजेपी-से-संबंधित-हैं https://citytoday.co.in/केजरीवाल-का-प्रदर्शनकारियों-के-आरोपों-पर-जवाब-ये-महिलाएं-कांग्रेस-और-बीजेपी-से-संबंधित-हैं Sat, 04 Jan 2025 15:19:10 +0530 Newsdesk "दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: बीजेपी ने जारी की प्रत्याशियों की लिस्ट, देखें कौन&कौन है शामिल" https://citytoday.co.in/दिल्ली-विधानसभा-चुनाव-2025-बीजेपी-ने-जारी-की-प्रत्याशियों-की-लिस्ट-देखें-कौन-कौन-है-शामिल https://citytoday.co.in/दिल्ली-विधानसभा-चुनाव-2025-बीजेपी-ने-जारी-की-प्रत्याशियों-की-लिस्ट-देखें-कौन-कौन-है-शामिल Sat, 04 Jan 2025 14:07:02 +0530 Newsdesk "पीएम मोदी की चादर लेकर अजमेर पहुंचे किरेन रिजिजू, 813वें उर्स का आयोजन" https://citytoday.co.in/पीएम-मोदी-की-चादर-लेकर-अजमेर-पहुंचे-किरेन-रिजिजू-813वें-उर्स-का-आयोजन https://citytoday.co.in/पीएम-मोदी-की-चादर-लेकर-अजमेर-पहुंचे-किरेन-रिजिजू-813वें-उर्स-का-आयोजन Sat, 04 Jan 2025 13:14:03 +0530 Newsdesk . https://citytoday.co.in/सियासी-बयानबाजी-के-घेरे-में-भाजपा-आपदा-की-चर्चा-तेज़ https://citytoday.co.in/सियासी-बयानबाजी-के-घेरे-में-भाजपा-आपदा-की-चर्चा-तेज़ Sat, 04 Jan 2025 12:16:49 +0530 Newsdesk "पीएम मोदी ने झुग्गी&झोपड़ी के निवासियों को दिए सपनों के घर, 1,675 फ्लैट्स का उद्घाटन" https://citytoday.co.in/पीएम-मोदी-ने-हमें-नरक-से-स्वर्ग-में-भेज-दिया-है https://citytoday.co.in/पीएम-मोदी-ने-हमें-नरक-से-स्वर्ग-में-भेज-दिया-है Fri, 03 Jan 2025 15:25:46 +0530 Newsdesk दिल्ली विश्वविद्यालय में वीर सावरकर कॉलेज का शिलान्यास: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन https://citytoday.co.in/दिल्ली-विश्वविद्यालय-में-वीर-सावरकर-कॉलेज-का-शिलान्यास-पीएम-मोदी-करेंगे-उद्घाटन https://citytoday.co.in/दिल्ली-विश्वविद्यालय-में-वीर-सावरकर-कॉलेज-का-शिलान्यास-पीएम-मोदी-करेंगे-उद्घाटन Fri, 03 Jan 2025 13:01:28 +0530 Newsdesk "सावरकर के नाम पर कॉलेज: दिल्ली विश्वविद्यालय में सियासी हंगामा" https://citytoday.co.in/सावरकर-के-नाम-पर-कॉलेज-दिल्ली-विश्वविद्यालय-में-सियासी-हंगामा https://citytoday.co.in/सावरकर-के-नाम-पर-कॉलेज-दिल्ली-विश्वविद्यालय-में-सियासी-हंगामा Fri, 03 Jan 2025 12:57:38 +0530 Newsdesk "पप्पू यादव के समर्थकों का अररिया में सड़क जाम: बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा की पुनः परीक्षा की मांग" https://citytoday.co.in/पप्पू-यादव-के-समर्थकों-का-अररिया-में-सड़क-जाम-बीपीएससी-70वीं-प्रारंभिक-परीक्षा-की-पुनः-परीक्षा-की-मांग https://citytoday.co.in/पप्पू-यादव-के-समर्थकों-का-अररिया-में-सड़क-जाम-बीपीएससी-70वीं-प्रारंभिक-परीक्षा-की-पुनः-परीक्षा-की-मांग Fri, 03 Jan 2025 12:22:33 +0530 Newsdesk "दिल्ली चुनावों में आरोप&प्रत्यारोप की बाढ़: बीजेपी और AAP के बीच पोस्टर वॉर" https://citytoday.co.in/दिल्ली-चुनावों-में-आरोप-प्रत्यारोप-की-बाढ़-बीजेपी-और-aap-के-बीच-पोस्टर-वॉर https://citytoday.co.in/दिल्ली-चुनावों-में-आरोप-प्रत्यारोप-की-बाढ़-बीजेपी-और-aap-के-बीच-पोस्टर-वॉर Thu, 02 Jan 2025 14:59:12 +0530 Newsdesk "किलोकरी गांव के मंदिर में पुजारियों ने केजरीवाल की जीत के लिए की प्रार्थना" https://citytoday.co.in/किलोकरी-गांव-के-मंदिर-में-पुजारियों-ने-केजरीवाल-की-जीत-के-लिए-की-प्रार्थना https://citytoday.co.in/किलोकरी-गांव-के-मंदिर-में-पुजारियों-ने-केजरीवाल-की-जीत-के-लिए-की-प्रार्थना Tue, 31 Dec 2024 17:30:35 +0530 Newsdesk निर्मला सीतारमण की जोरदार प्रतिक्रिया https://citytoday.co.in/निर्मला-सीतारमण-की-जोरदार-प्रतिक्रिया https://citytoday.co.in/निर्मला-सीतारमण-की-जोरदार-प्रतिक्रिया Tue, 31 Dec 2024 17:01:53 +0530 Newsdesk देश में पहली बार: केजरीवाल सरकार का बड़ा ऐलान, पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने मिलेंगे ₹18,000 https://citytoday.co.in/देश-में-पहली-बार-केजरीवाल-सरकार-का-बड़ा-ऐलान-पुजारियों-और-ग्रंथियों-को-हर-महीने-मिलेंगे-18000 https://citytoday.co.in/देश-में-पहली-बार-केजरीवाल-सरकार-का-बड़ा-ऐलान-पुजारियों-और-ग्रंथियों-को-हर-महीने-मिलेंगे-18000 Tue, 31 Dec 2024 16:19:28 +0530 Newsdesk कांग्रेस नेता अजय माकन बोले & #kejriwal देश के Fraud King. | https://citytoday.co.in/कांग्रेस-नेता-अजय-माकन-बोले-kejriwal-देश-के-fraud-king https://citytoday.co.in/कांग्रेस-नेता-अजय-माकन-बोले-kejriwal-देश-के-fraud-king Thu, 26 Dec 2024 14:29:43 +0530 Newsdesk Arvind Kejriwal भगवान श्री कृष्ण के अवतार है ? & Awadh Ojha https://citytoday.co.in/arvind-kejriwal-भगवान-श्री-कृष्ण-के-अवतार-है-awadh-ojha https://citytoday.co.in/arvind-kejriwal-भगवान-श्री-कृष्ण-के-अवतार-है-awadh-ojha Tue, 24 Dec 2024 18:15:12 +0530 Newsdesk BJP :बीजेपी को बहुमत के लिए एनडीए के सहयोगियों की जरूरत  https://citytoday.co.in/BJP-:BJP-needs-NDA-allies-for-majority https://citytoday.co.in/BJP-:BJP-needs-NDA-allies-for-majority सीटीटुडे | केंद्र सरकार ने हाल ही में बिना आरक्षण वाले मंत्रालयों में यूपीएससी की लेटरल एंट्री नोटिफिकेशन को वापस ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर इस नोटिफिकेशन को वापस लिया गया, लेकिन इस कदम पर विपक्ष ने इसे अपनी जीत बताया है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, और तेजस्वी यादव ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे पर एनडीए की सरकार और बीजेपी के बहुमत वाली सरकार में अंतर बताते हुए ट्वीट किया। यह पहली बार नहीं है जब मोदी सरकार ने जनभावना को देखते हुए कोई बिल वापस लिया हो। 

मोदी सरकार के फैसले जो जनभावनाओं के चलते वापस लिए गए

2014 के लोकसभा चुनावों में 'मोदी लहर' मानी जा रही थी, और 2019 के चुनावों में 'मोदी मैजिक' ने बीजेपी को 303 सीटें दिलाई थीं। हालांकि, 2024 के 18वीं लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिलीं, और 240 सीटों पर सिमट गई। इसके बावजूद एनडीए को 392 सीटें हासिल हुईं और पीएम मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनी। पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिनमें से कई का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। फिर भी, सरकार अपने बहुमत के दम पर इन्हें पारित कराने में सफल रही। लेकिन 2024 में जब बीजेपी को बहुमत के लिए एनडीए के सहयोगियों की जरूरत पड़ी, तब मोदी सरकार को कुछ फैसलों पर पीछे हटना पड़ा।

विवादास्पद बिल जिन्हें सरकार को वापस लेना पड़ा

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में लेटरल एंट्री:हाल ही में यूपीएससी ने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में 45 पदों के लिए लेटरल एंट्री का नोटिफिकेशन जारी किया था। इस पर आरक्षण को लेकर विपक्ष और बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने कड़ा विरोध जताया। प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप के बाद इस विज्ञापन को वापस लिया गया।

वक्फ बोर्ड बिल: मोदी सरकार तीसरे कार्यकाल में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लेकर आई थी। लेकिन सदन में इस पर जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष के साथ-साथ कुछ सहयोगी दलों ने भी इसका विरोध किया। आखिरकार, सरकार ने बिल को जेपीसी को भेज दिया।

ब्रॉडकास्ट बिल 2024: तीसरे कार्यकाल के पहले ही मानसून सत्र में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बिल को पेश किया था। डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और इंडिविजुअल कंटेंट क्रिएटर्स ने इस बिल का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया और नए मसौदे के साथ फिर से लाने का फैसला किया।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस बिल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को बजट सत्र में यह बिल पेश किया था। इस बिल में किए गए कुछ प्रावधानों से बिजनेसमैन और आम आदमी दोनों ने नाराजगी जाहिर की। चौतरफा आलोचना के बाद सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए इसे जनता के पक्ष में कर दिया।

]]>
Thu, 22 Aug 2024 17:22:53 +0530 Newsdesk
Manipur:मणिपुर में शांति, पर सियासी उथल&पुथल बढ़ी https://citytoday.co.in/Manipur:Peace-in-Manipur,-but-political-turmoil-increases https://citytoday.co.in/Manipur:Peace-in-Manipur,-but-political-turmoil-increases मणिपुर|  मणिपुर में भले ही हिंसा और तनाव का माहौल थम गया हो, लेकिन राजनीतिक घमासान और अधिक तेज हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह पर अब विपक्ष ही नहीं, बल्कि उनकी खुद की पार्टी के विधायकों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। 

भाजपा के सात विधायकों समेत कुल 10 कूकी विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच की मांग की है। इन विधायकों का कहना है कि मणिपुर में हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए एक स्वतंत्र आयोग गठित किया जाना चाहिए, और यदि इस जांच में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 

इन विधायकों ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कूकी समुदाय के नरसंहार के दौरान मैतेई समुदाय के उपद्रवी तत्वों को खुली छूट दी थी। वहीं, राज्य सरकार ने 7 अगस्त को जारी हुए टेप को फर्जी करार दिया है और कहा है कि इस टेप के माध्यम से अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सरकार ने इस मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की बात भी कही है।

भाजपा के विधायकों के विरोध के बाद सीएम बीरेन सिंह पर बढ़ा दबाव

भाजपा के सात विधायकों के इस विरोध के बाद पार्टी के भीतर ही सीएम बीरेन सिंह पर दबाव बढ़ गया है। इन विधायकों ने एक ऑडियो टेप जारी करते हुए आरोप लगाया है कि सीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हिंसा की छूट दी थी, और इस दौरान पुलिस से लूटे गए हथियारों का भी प्रयोग हुआ था। 

इसके साथ ही, विधायकों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मणिपुर दौरे के दौरान भी सीएम बीरेन सिंह को इस मामले में फटकार मिली थी, और उन्हें जनता पर बमों के प्रयोग से बचने की सलाह दी गई थी। 

इस तरह की गंभीर आरोपों के बाद अब भाजपा के लिए भी स्थिति काफी पेचीदा हो गई है, और सीएम बीरेन सिंह पर कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

]]>
Thu, 22 Aug 2024 16:15:51 +0530 Newsdesk
Haryana:हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ेंगी विनेश फोगाट?  https://citytoday.co.in/Haryana:Will-Vinesh-Phogat-contest-Haryana-Assembly-elections https://citytoday.co.in/Haryana:Will-Vinesh-Phogat-contest-Haryana-Assembly-elections हरियाणा | पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट की उम्मीदें तब धराशायी हो गईं जब वे अपनी वेट कैटेगरी से मात्र 100 ग्राम अधिक वजन के कारण बाहर हो गईं। लेकिन अब खेल जगत से हटकर एक नई चर्चा ने जोर पकड़ा है—हरियाणा की इस दिग्गज पहलवान के विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाएं। सूत्रों के अनुसार, विनेश राजनीति में कदम रख सकती हैं, और कुछ प्रमुख राजनीतिक दल उन्हें मनाने में जुटे हुए हैं।

पेरिस से लौटने पर जोरदार स्वागत
पेरिस से वापस आने के बाद सोनीपत के बलाली गांव में विनेश का भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर उनके परिवार, दोस्त, और सैकड़ों प्रशंसक मौजूद थे। उनकी बहन बबीता फोगाट और साथी पहलवान बजरंग पुनिया ने भी विनेश का स्वागत किया। इस मौके पर विनेश ने कहा, "लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, यह जारी रहेगी। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि सच्चाई की जीत हो।

राजनीति में विनेश का कदम
 विनेश हरियाणा विधानसभा चुनाव में उतर सकती हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस पार्टी में शामिल होंगी। अगर विनेश चुनाव लड़ती हैं, तो यह हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि हरियाणा विधानसभा में विनेश का मुकाबला उनकी बहन बबीता फोगाट से हो सकता है, और साथ ही बजरंग पुनिया का योगेश्वर दत्त से चुनावी टकराव हो सकता है।

विनेश का बयान और भविष्य की योजनाएं
विनेश फोगाट, जिन्होंने पहले राजनीति से दूरी बनाने की बात कही थी, अब अपने बयान पर पुनर्विचार कर सकती हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में पोडियम पर चूकने पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे भारत में महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई के साथ जोड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक मुद्दों से जुड़ी है।

अगर विनेश फोगाट हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ती हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका राजनीतिक सफर कैसा रहता है। फिलहाल, हरियाणा की राजनीति में विनेश का प्रवेश एक संभावित बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है।

]]>
Wed, 21 Aug 2024 18:29:02 +0530 Newsdesk
Bihar politics: बिहार की राजनीति में उबाल:नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी का बड़ा दावा https://citytoday.co.in/Bihar-politics-in-turmoil:-Big-claim-of-Nitish-Kumars-close-minister-Ashok-Chaudhary https://citytoday.co.in/Bihar-politics-in-turmoil:-Big-claim-of-Nitish-Kumars-close-minister-Ashok-Chaudhary झारखंड| झारखंड की राजनीति में हाल ही में हो रहे बदलावों का असर बिहार में भी दिखने लगा है। बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी, अशोक चौधरी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि झारखंड की महागठबंधन सरकार में विधायकों के विद्रोह का असर बिहार में भी पड़ सकता है। चौधरी के अनुसार, बिहार में भी आरजेडी और कांग्रेस के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं और जल्द ही वे महागठबंधन से अलग हो सकते हैं।


झारखंड में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन दिल्ली में बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं, जिससे जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) वेट एंड वाच की स्थिति में है। जेएमएम को सोरेन के अगले कदम का इंतजार है, जो झारखंड की महागठबंधन सरकार के भविष्य पर भारी असर डाल सकता है। 

बिहार के संदर्भ में, अशोक चौधरी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस के कई विधायकों को बड़े-बड़े वादे किए गए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में महागठबंधन सरकार की मुश्किलें बढ़ने से बिहार में भी आरजेडी और कांग्रेस के विधायक बेचैन हो रहे हैं और वे एनडीए के संपर्क में हैं। 

इस पर पलटवार करते हुए आरजेडी की प्रवक्ता एजया यादव ने चौधरी के दावे को खारिज करते हुए कहा कि जदयू नेता खुशफहमी में हैं और उनका दावा भी हवा में उड़ जाएगा। 

यह घटनाक्रम बिहार और झारखंड दोनों ही राज्यों की राजनीति में उथल-पुथल मचाने का संकेत दे रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

]]>
Tue, 20 Aug 2024 18:49:46 +0530 Newsdesk
Rajya Sabha:जया बच्चन के 'अमिताभ' नाम पर राज्यसभा में हंसी के ठहाके, उप राष्ट्रपति धनखड़ भी हंस https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha:Laughter-in-Rajya-Sabha-on-Jaya-Bachchans-name-Amitabh,-Vice-President-Dhankhar-also-laughed https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha:Laughter-in-Rajya-Sabha-on-Jaya-Bachchans-name-Amitabh,-Vice-President-Dhankhar-also-laughed सीटीटुडे | समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उनके ठहाकों की वजह से। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें जया बच्चन राज्यसभा में ठहाके लगाते हुए नजर आ रही हैं। शुक्रवार को उन्होंने अपने पूरे नाम, "जया अमिताभ बच्चन" का उपयोग किया, जिस पर सदन में हंसी-ठिठोली हुई। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस पर जोर-जोर से हंसते हुए दिखाई दिए।

इस घटना की शुरुआत लोकसभा में हुई थी जब उपसभापति हरिवंश ने जया बच्चन को बोलने के लिए आमंत्रित करते हुए उनका नाम "जया अमिताभ बच्चन" कहा था, जिससे जया बच्चन नाराज हो गईं थीं। उन्होंने उपसभापति से कहा था कि सिर्फ "जया बच्चन" कहना काफी था।

जया बच्चन की चुटकी: 'जयराम रमेश का नाम लिए बिना खाना नहीं पचता
इस बार जया बच्चन ने सभा में अपने नाम के साथ मजाक करते हुए पूछा कि क्या सर ने लंच किया|  उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब तक उप राष्ट्रपति जयराम रमेश का नाम नहीं लेंगे, तब तक उन्हें खाना नहीं पचता। इस पर उप राष्ट्रपति ने जवाब दिया कि भले ही उन्होंने लंच सेशन में खाना नहीं खाया, लेकिन उन्होंने जयराम जी के साथ लंच किया।

इसके अलावा, जया बच्चन ने हाल ही में दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे पर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि हादसे में मारे गए बच्चों और उनके परिवारों के बारे में किसी ने कुछ नहीं कहा।

]]>
Sat, 03 Aug 2024 18:34:06 +0530 Newsdesk
राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा में भाजपा को लेकर तीखे बयान दिए, लोकसभा में हंगामा https://citytoday.co.in/Rahul-Gandhi-gave-sharp-statements-about-BJP-in-the-discussion-on-budget,-ruckus-in-Lok-Sabha https://citytoday.co.in/Rahul-Gandhi-gave-sharp-statements-about-BJP-in-the-discussion-on-budget,-ruckus-in-Lok-Sabha राहुल गांधी ने हाल ही में लोकसभा में बजट पर चर्चा करते हुए भाजपा के खिलाफ तीखे टिप्पणियां की हैं। उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु के चक्रव्यूह का उदाहरण देकर कहा कि भारतीय जनता को भाजपा ने एक चक्रव्यूह में फंसाया है। उन्होंने इस उदाहरण के माध्यम से बताया कि वही चीजें आज भारत में हो रही हैं जो अभिमन्यु के साथ हुआ था।

राहुल गांधी ने इसके अलावा बजट पर भी कड़ी आलोचना की, कहा कि सरकार का एकाधिकारवादी बजट उद्योगपतियों और राजनीतिक एजेंसियों को मजबूत करने के लिए है, जबकि देश में बढ़ते कर आतंकवाद को रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया। उन्होंने शिक्षा सेक्टर को लेकर भी गंभीर आलोचना की, कहा कि शिक्षा पर सबसे कम बजट इस सरकार ने दिया है।

उन्होंने बजट में हुए 'पेपर लीक' मामले पर भी सरकार को घेरा, कहा कि वित्त मंत्री ने इस मामले पर कोई भी व्याख्या नहीं दी है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने भाजपा को इंटरर्नशिप स्कीम से लेकर विभिन्न विवादित मुद्दों पर भी निशाना साधा।

सदन में उनके बयानों के बाद हंगामा भी हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी की इन टिप्पणियों से संसद में राजनीतिक हलचल बढ़ गई और बजट की चर्चा नए आयाम में ले ली गई।

]]>
Mon, 29 Jul 2024 18:54:37 +0530 Newsdesk
DELHI: दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की पहली बैठक  https://citytoday.co.in/DELHI:-First-meeting-of-Chief-Ministers-of-BJP-ruled-states-in-Delhi https://citytoday.co.in/DELHI:-First-meeting-of-Chief-Ministers-of-BJP-ruled-states-in-Delhi सीटीटुडे |लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री की पहली बैठक शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव विभिन्न योजनाओं में प्रदेश की उपलब्धि बताएंगे। इसके पहले नीति आयोग की बैठक में भी मुख्यमंत्री भाग लेंगे। 

आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की पहली बैठक होगी।जिसमें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बैठक में प्रदेश की विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालेंगे। इसके पहले वह नीति आयोग की बैठक में भी शामिल होंगे।मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस बैठक में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, नई शिक्षा नीति, स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही हितग्राहियों से जुड़ी योजनाओं पर फीडबैक लिया जाएगा और बजट प्रावधानों पर भी बात होगी।

प्रदेश में पांच करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य :

 इंदौर में एक दिन में सर्वाधिक पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया जा चुका है। इस बैठक में प्रदेश में पांच करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य और अन्य योजनाओं पर भी चर्चा होगी।आयुष्मान भारत योजना में  65 -70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को शामिल करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के नए दिशानिर्देश, किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाने, स्वनिधि योजना को आगे जारी रखने, एक पेड मां के नाम अभियान को लेकर चर्चा की जाएगी। प्रदेश में पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर में एक दिन में सर्वाधिक पौधे लगाने का रिकार्ड बनाया जा चुका है।

]]>
Sat, 27 Jul 2024 17:02:09 +0530 Newsdesk
Mamta Banerjee:ममता बनर्जी कि टिप्पणियां पूरी तरह से गलत।,उठने लगे सवाल https://citytoday.co.in/Mamta-Banerjee:Mamta-Banerjees-comments-are-completely-wrong,-questions-are-being-raised https://citytoday.co.in/Mamta-Banerjee:Mamta-Banerjees-comments-are-completely-wrong,-questions-are-being-raised सीटीटुडे ।  सीएम ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में संकट में फंसे लोगों को शरण देने की पेशकश के कुछ ही घंटे बाद केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा कि राज्य प्रशासन को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। सूत्रों ने बताया कि ये मामले केंद्र सरकार के अधीन आते हैं। साथ ही सीएम ममता बनर्जी की टिप्पणी पूरी तरह से अनुचित है।

 भारत के पड़ोसी दोस्त बांग्‍लादेश आरक्षण विरोधी हिंसा की आग में जल रहा है। इसकी आंच पश्चिम बंगाल में भी महसूस होने लगी है। बांग्‍लादेश की सीमा से लगे पश्चिम बंगाल में इसकी सियासी गर्मी पहुंचने लगी है। एक रैली में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के दिए बयान ने सियासत गर्मा दी है। दरअसल, ममता बनर्जी ने कहा कि पड़ोसी देश में जारी हिंसा के पीड़ितों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं और वह उन्‍हें पश्चिम बंगाल में शरण देने के लिए तैयार है। उनके बयान के बाद सियासी भूचाल आ गया है। अब सवाल यह है कि क्‍या राज्‍यों को दूसरे देश से आने वाले शरणार्थियों को शरण देने का अधिकार है?


ममता ने बांग्लादेश में संकट में फंसे लोगों को शरण देने की पेशकश के कुछ ही घंटे बाद केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा कि राज्य प्रशासन को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। सूत्रों ने बताया कि ये मामले केंद्र सरकार के अधीन आते हैं। साथ ही सीएम ममता बनर्जी की टिप्पणी पूरी तरह से अनुचित है।

बता दें कोलकाता में एक रैली में अपने संबोधन में सीएम ममता बनर्जी ने हिंसा प्रभावित बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि वह पड़ोसी देश से संकट में फंसे लोगों के लिए पश्चिम बंगाल के दरवाजे खुले रखेंगी और उन्हें शरण देंगी। अब केंद्र सरकार के एक सूत्र ने कहा कि ये ऐसे मामले हैं जिन्हें केंद्र सरकार देखती है। केंद्र से जुड़े सूत्र ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार का कोई अधिकार नहीं है और इसलिए उनकी टिप्पणियां पूरी तरह से गलत हैं। ममता ने अपनी बात के समर्थन में शरणार्थियों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लेख किया था। पिछले कुछ दिनों में बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है और इस कारण वहां मानवीय संकट की आशंका है। सीएम ममता ने कहा कि मुझे बांग्लादेश के मामलों पर नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि वह एक संप्रभु राष्ट्र है और इस मुद्दे पर जो कुछ भी कहा जाना चाहिए वह केंद्र का विषय है।

]]>
Mon, 22 Jul 2024 19:34:34 +0530 Newsdesk
MP Politics: कांग्रेस प्रवक्ता ने एक्स हैंडल पर लिखा& 'पार्टी गई तेल लेने' https://citytoday.co.in/MP-Politics:-Congress-spokesperson-wrote-on-X-handle---Party-went-to-get-oil https://citytoday.co.in/MP-Politics:-Congress-spokesperson-wrote-on-X-handle---Party-went-to-get-oil MP : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही हैं। अब कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अमीनूल सूरी ने चुनाव के दौरान वायरल हुए पटवारी के एक डायलॉग 'पार्टी गई तेल लेने' को लेकर उन पर निशाना साधा है। सूरी ने अपने एक्स हैंडल पर एक खुला पत्र साझा करते हुए यह बात लिखी है।

इंदौर के कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के स्वागत पर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अमीनूल सूरी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्टी के फोरम पर बात रखने के बजाय खुला पत्र जारी किया और इसे एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। सूरी ने पत्र में लिखा, 'पार्टी गई तेल लेने'।

कुछ वर्षों पहले राऊ से चुनाव लड़ रहे जीतू पटवारी का एक वीडियो काफी चर्चा में था, जिसमें उन्होंने मतदाता से वोट की अपील करते हुए कहा था, 'पार्टी गई तेल लेने, आप तो मुझे देखकर वोट दो'। इसी डायलॉग को सूरी ने अपने पत्र में तंज की तरह उपयोग किया है। उन्होंने लिखा कि इंदौर में कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सिर शर्म से झुक गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेता विजयवर्गीय का स्वागत करके यह सिद्ध हो गया कि पार्टी गई तेल लेने। उन्होंने लिखा, 'यह वह व्यक्ति हैं जिन्होंने गंदी राजनीति खेलते हुए कांग्रेस प्रत्याशी का फार्म उठवाया, लेकिन कांग्रेस कार्यालय में मौजूद किसी कांग्रेसी की हिम्मत नहीं हुई कि उनसे सवाल करे।'

दो दिन में दूसरा विरोध
कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपने ही क्षेत्र इंदौर में दो दिनों में विरोध का दूसरा झटका सहना पड़ा है। सोमवार को उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अजय चौरड़िया ने पटवारी के खिलाफ पत्रकार वार्ता की थी और अब प्रवक्ता सूरी ने विजयवर्गीय का स्वागत करवाने पर सार्वजनिक आलोचना की है।

]]>
Thu, 18 Jul 2024 21:37:02 +0530 Newsdesk
अमित शाह : 'हरियाणा में पिछड़े वर्गों का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को नहीं देने दूंगा', बोले गृह मंत्री https://citytoday.co.in/Amit-Shah:-I-will-not-allow-reservation-to-be-taken-away-from-backward-classes-in-Haryana-and-given-to-Muslims,-said-Home-Minister https://citytoday.co.in/Amit-Shah:-I-will-not-allow-reservation-to-be-taken-away-from-backward-classes-in-Haryana-and-given-to-Muslims,-said-Home-Minister

महेंद्रगढ़, हरियाणा: हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक समाज सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने आज आरक्षण के मुद्दे पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में पिछड़े वर्ग का आरक्षण छीनकर मुसलमानों को देने का काम किया है। वे यकीन दिलाया कि अगर कांग्रेस हरियाणा में शक्तिशाली हुई, तो यहां भी पिछड़े वर्गों का आरक्षण हटा देगी और मुस्लिमों को इसे दे देगी।

उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम हरियाणा में किसी भी हालत में मुस्लिम रिजर्वेशन लागू नहीं होने देंगे।"

अमित शाह ने अपने बयान में आरक्षण के मुद्दे पर जनसभा में उपस्थित लोगों को यह समझाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा से पिछड़े वर्गों के हित में काम किया है और वह इस कार्य में भी निरंतर प्रयासरत रहेगी।

]]>
Tue, 16 Jul 2024 20:22:58 +0530 Newsdesk
President Trump:पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला: 20 वर्षीय युवक ने किया हमला https://citytoday.co.in/President-Trump:Attack-on-former-President-Trump:-20-year-old-youth-attacked https://citytoday.co.in/President-Trump:Attack-on-former-President-Trump:-20-year-old-youth-attacked सीटीटुडे । बटलर में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। एक गोली ट्रंप के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को चीरकर निकल गई।

ट्रंप पर हमला करने वाले की हुई पहचा

हमलावर की पहचान बेथेल पार्क, पेंसिल्वेनिया के रहने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई है, जो एक 20 वर्षीय युवक था। बेथेल पार्क बटलर से लगभग 40 मील दक्षिण में स्थित है। घटनास्थल से एक एआर-15 सेमी-ऑटोमेटिक राइफल बरामद हुई है। संभवत: इसी हथियार से युवक ने डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रैली को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। यूएस सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर के सिर में गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात

अमेरिकी जांच एजेंसियां इस हमले को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास के रूप में देख रही हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने हमलावर को मौके पर ही मार गिराया। ट्रंप जिस मंच से भाषण दे रहे थे, बंदूकधारी वहां से करीब 120 मीटर दूर एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की छत पर खड़ा था। उसने वहीं से ट्रंप पर निशाना साधकर गोलीबारी की। डोनाल्ड ट्रंप का ओपन-एयर कैंपेन बटलर फार्म शो ग्राउंड में आयोजित किया गया था। यह इतना ओपन स्पेस था कि स्नाइपर को निशाना साधने में कोई परेशानी नहीं हुई। वह अपने स्थान से पूर्व राष्ट्रपति को बिना किसी बाधा के देख पाने में सक्षम था। डोनाल्ड ट्रंप जहां खड़े होकर स्पीच दे रहे थे ठीक उसके पीछे एक और स्ट्रक्चर (किसी कंपनी के गोदाम की तरह का) था, जिस पर यूएस सीक्रेट सर्विस की काउंटर-स्नाइपर टीम तैनात थी। हमलावर के गोली चलाते ही काउंटर-स्नाइपर टीम एक्टिव हो गई और करीब 200 मीटर दूर से जवाबी कार्रवाई करते हुए, उसे मार गिराया। जिस इमारत में हमलावर का शव बरामद हुआ, वह एजीआर इंटरनेशनल कंपनी की है। यह कंपनी ग्लास और प्लास्टिक पैकेजिंग इंडस्ट्री के लिए स्वचालित उपकरणों की आपूर्ति करती है।

डोनाल्ड ट्रंप पर हमला होते ही सीक्रेट सर्विस के जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उनकी ओर दौड़ लगायी और उन्हें चारों ओर से कवर कर लिया। फिर ट्रंप उठे और अपने समर्थकों की तरफ हाथ लहराते हुए दिखाई दिए। घेराबंदी में ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को उनकी गाड़ी तक पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कान पर लगी चोट का प्राथमिक उपचार करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बंदूकधारी ने जिस इमारत से गोलीबारी की थी वह बटलर फार्म शो ग्राउंड से सटी हुई है और दोनों के बीच केवल कंटीले तार की बाड़ लगी हुई है। गोलीबारी इमारत के ऊपर से हुई, जो रैली से आए दर्शकों से भरे स्टैंड के पीछे और बाईं ओर स्थित थी। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक हमलावर ने करीब ताबड़तोड़ 10 राउंड फायर किए, जिसमें से एक गोली डोनाल्ड ट्रंप के दाहिने कान को घायल करती हुई निकली। यूएस सीक्रेट सर्विस के जवान जब ट्रंप को घटनास्थल से दूर ले जा रहे थे, तो उनके कान के पास से खून निकल रहा था। चेहरे पर भी खून लगा था।

]]>
Sun, 14 Jul 2024 20:13:30 +0530 Newsdesk
India alliance:एनडीए को उपचुनाव में झटका, इंडिया गठबंधन हुआ मजबू https://citytoday.co.in/India-alliance:NDA-gets-blow-in-by-elections,-India-alliance-strengthened https://citytoday.co.in/India-alliance:NDA-gets-blow-in-by-elections,-India-alliance-strengthened सिटी टुडे । भले ही केंद्र में एनडीए ने तीसरी बार सरकार बना ली हो, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू अब देशवासियों के सिर चढ़कर नहीं बोल रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण 07 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम हैं, जहां 13 सीटों में से करीब 10 पर इंडिया गठबंधन ने जीत हासिल कर ली है।

राज्यों का हाल:

मध्य प्रदेश: अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी कमलेश शाह ने 3252 मतों से जीत हासिल की। कांग्रेस ने इस जीत पर शंका जाहिर करते हुए दोबारा मतगणना की मांग की है।

पंजाब: जालंधर पश्चिम सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मोहिंदर भगत ने भाजपा उम्मीदवार शीतल अंगुराल को 37,325 वोटों से हराया।
हिमाचल प्रदेश: तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने दो सीटों (नालागढ़ और देहरा) पर जीत हासिल की, जबकि हमीरपुर सीट पर भाजपा को जीत मिली।

उत्तराखंड: मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी को 449 मतों से पराजित किया। बद्रीनाथ विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी लखपत सिंह भटोला ने 5224 मतों से जीत हासिल की।

बिहार: रुपौली सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी शंकर सिंह ने जीत दर्ज की। भाजपा के कलाधर मंडल दूसरे स्थान पर रहे, जबकि आरजेडी की बीमा भारती तीसरे स्थान पर आ गईं।

पश्चिम बंगाल: चार सीटों पर टीएमसी ने जीत हासिल की।

निष्कर्ष : 

इन उपचुनाव परिणामों से विपक्ष को आत्मविश्वास मिला है, जबकि मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी बजती नजर आ रही है। विपक्षी दलों ने इसे अपनी मजबूत स्थिति के संकेत के रूप में देखा है, जो आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

]]>
Sat, 13 Jul 2024 20:55:14 +0530 Newsdesk
राजनीति :जातिवाद पर नितिन गडकरी का तीखा प्रहार: "जात&पात की राजनीति को नहीं मानता https://citytoday.co.in/Nitin-Gadkaris-sharp-attack-on-casteism:-Does-not-believe-in-caste-based-politics https://citytoday.co.in/Nitin-Gadkaris-sharp-attack-on-casteism:-Does-not-believe-in-caste-based-politics
सिटीटुडे :केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक बयान में जातिवाद की राजनीति करने वाले नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में वर्तमान में जातिवाद की राजनीति हो रही है और उन्होंने इसे नकारात्मक रूप से देखा। गडकरी ने यह भी बताया कि वह किसी भी तरह के जात-पात को नहीं मानते हैं और जो भी इसके बारे में बात करेगा, उसे वे कड़ी प्रतिक्रिया देंगे।

गडकरी ने अपने संसदीय क्षेत्र में मौजूद 40 फीसदी मुस्लिम वोटरों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें पहले ही साफ कर दिया था कि वे आरएसएस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वोटरों को यह भी कहा कि वोट देने से पहले सोच लें ताकि बाद में पछताना न पड़े। गडकरी ने भरोसा दिलाया कि वे सभी का काम करेंगे, चाहे उन्होंने वोट दिया हो या नहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जाति के आधार पर बड़ा नहीं होता है और गरीबी, भूखमरी और रोजगार जैसी समस्याएं सभी के लिए समान हैं। गडकरी ने उदाहरण देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें, जैसे सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल, सभी जातियों और धर्मों के लिए समान हैं।

]]>
Fri, 12 Jul 2024 21:31:12 +0530 Newsdesk
DELHI:केजरीवाल को ईडी मामले में मिली अंतरिम जमानत, लेकिन जेल से रिहाई अभी दूर https://citytoday.co.in/Kejriwal-gets-interim-bail-in-ED-case,-but-release-from-jail-still-far-away https://citytoday.co.in/Kejriwal-gets-interim-bail-in-ED-case,-but-release-from-jail-still-far-away  सीटीटुडे: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की स्थिति इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। लंबे समय के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है, लेकिन उनकी जेल से रिहाई में एक बड़ा अड़चन आ गई है। इसके कारण उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं हो पाएगी। वजह यह है कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी है, जबकि सीबीआई मामले में वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। जेल से बाहर आने के लिए उन्हें सीबीआई मामले में भी जमानत लेनी होगी।

मुख्यमंत्री अरविंद को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। एक निचली अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर 20 जून को जमानत दी थी। हालांकि, ईडी ने अगले दिन दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया और दलील दी कि केजरीवाल को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश एकतरफा और गलत था। अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में 26 जून को सीबीआई ने भी गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने तय किए तीन सवाल

दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल ने ईडी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। अरविंद केजरीवाल की याचिका पर फैसले के समय उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी और ईडी के वकील एसजी तुषार मेहता अदालत में मौजूद थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीन सवाल तय किए, हालांकि मामले को बड़ी बेंच के समक्ष भेज दिया।

जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। पीठ ने 17 मई को अरविंद केजरीवाल की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। पीठ में न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर ईडी से जवाब मांगा था। आम आदमी पार्टी के संयोजक ने दिल्ली हाईकोर्ट के 9 अप्रैल के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए कहा था कि इसमें कोई अवैधता नहीं है और जांच में उनके शामिल होने से बार-बार इनकार करने के बाद ईडी के पास कोई विकल्प नहीं बचा था।

]]>
Fri, 12 Jul 2024 16:19:02 +0530 Newsdesk
क्या आप Chirag Paswan को देंगे समर्थन? इस सवाल पर पशुपति पारस ने तोड़ी चुप्पी; बोले& अगर हमारा... https://citytoday.co.in/Will-you-support-Chirag-Paswan-Pashupati-Paras-broke-his-silence-on-this-question-Said--If-ours... https://citytoday.co.in/Will-you-support-Chirag-Paswan-Pashupati-Paras-broke-his-silence-on-this-question-Said--If-ours...

 बिहार की सियासत में एक तरफ बीमा भारती और पप्पू यादव की चर्चा है तो दूसरी तरफ पशुपति पारस और चिराग भी सुर्खियों में बने हुए हैं। सारी टेंशन खत्म होने के बाद पारस एनडीए में तो आ गए, लेकिन क्या वो हाजीपुर में चिराग का समर्थन करेंगे? ये सवाल अभी भी सबके मन में है।
बुधवार को चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने इस सवाल पर भी विराम लगा दिया। पशुपति पारस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वो 40 की 40 सीटों पर एनडीए का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि फिर चाहे लोजपा की सीट हो या चिराग पासवान की, वो उनका समर्थन करेंगे।

'अगर हमारा किसी से विरोध है तो...'
पशुपति पारस ने कहा कि वो एनडीए के सभी दलों का समर्थन करेंगे। सीट किसी की भी हो हम सपोर्ट करेंगे। हम नीति के साथ चलने वाले लोग हैं। अगर हमारा किसी से विरोध है तो उसे हम सार्वजनिक नहीं करते हैं। हमारा लक्ष्य है देश में तीसरी बार मोदी जी की सरकार बने।

जेपी नड्डा से मिले थे पशुपति पारस
इससे पहले, मंगलवार को पशुपति पारस ने अपने भतीजे प्रिंस राज के साथ दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। नड्डा ने भी मुलाकात की तस्वीर एक्स पर शेयर की।

जेपी नड्डा ने लिखा- आने वाले चुनाव में भी हमारा गठबंधन मजबूती से बना रहेगा और पशुपति जी की पार्टी बिहार में एनडीए के सभी 40 उम्मीदवारों का पूर्ण समर्थन करेगी। साथ ही उनकी जीत सुनिश्चित करने में हरसंभव सहयोग देगी।

]]>
Wed, 03 Apr 2024 20:35:36 +0530 Newsdesk
' तेरे टुकड़े&टुकड़े ना कर दिए तो...; कन्नौज में अखिलेश यादव के सामने सपा नेता ने दी बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक को धमकी, FIR दर्ज https://citytoday.co.in/If-I-dont-cut-you-into-pieces...-SP-leader-threatens-BJP-MP-Subrata-Pathak-in-front-of-Akhilesh-Yadav-in-Kannauj-FIR-registered https://citytoday.co.in/If-I-dont-cut-you-into-pieces...-SP-leader-threatens-BJP-MP-Subrata-Pathak-in-front-of-Akhilesh-Yadav-in-Kannauj-FIR-registered अखिलेश यादव के सामने मंच से एक सपा नेता ने कन्नौज के बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर विवादित टिप्पणी कर डाली. पा नेता ने कहा कि तेरे टुकड़े-टुकड़े ना कर दिए तो मेरा नाम मनोज दीक्षित  नहीं. इस मामले ने तूल पकड़ा तो सपा के स्थानीय नेता मनोज दीक्षित उर्फ ननकू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया.   

लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर सपा मुखिया अखिलेश यादव कन्नौज पहुंचे. यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. लेकिन इस दौरान मंच से एक सपा नेता ने कन्नौज के बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर विवादित टिप्पणी कर डाली. सपा नेता ने कहा कि तेरे टुकड़े-टुकड़े ना कर दिए तो मेरा नाम मनोज दीक्षित नहीं. इस मामले ने तूल पकड़ा तो सपा के स्थानीय नेता मनोज दीक्षित उर्फ ननकू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया.   

बता दें कि घटना 2 अप्रैल की है जब अखिलेश यादव कन्नौज पहुंचे थे. उन्हें मंच से सपा कार्यकर्ताओं/समर्थकों को संबोधित करना था. इससे पहले स्थानीय नेता भाषण दे रहे थे. इनमें सपा के मनोज दीक्षित उर्फ ननकू भी थे. लेकिन अखिलेश यादव के सामने भाषण देते-देते उनकी जुबान बेलगाम हो गई और उन्होंने बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर विवादास्पद बयान दे डाला.

मनोज दीक्षित ने कन्नौज से बीजेपी सांसद/प्रत्याशी सुब्रत पाठक के लिए अपशब्द कहे और उनके टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दे डाली. सपा नेता ने मंच से बोलते हुए कहा कि "ब्राह्मण समाज का डर यह है कि अगर खुल के वोट दे दिया तो हो सकता है कि उसपर मुकदमा दर्ज हो जाए. मैं अपने ब्राह्मण समाज से कहना चाहता हूं आप अकेले नहीं है आपके साथ यह मनोज दीक्षित है. घर से निकलो और दारूबाज सांसद से बदला लेकर रहो. वो शाम को 7 के बाद सब भूल जाते हैं. मैं अपनी मां की कसम खाता हूं कि तेरे टुकड़े-टुकड़े ना करवा दिए तो मनोज दीक्षित नाम नहीं मेरा. वोटों के टुकड़े ना कर दिए तो कहना... तुम्हारी जमानत नहीं बचेगी."

]]>
Wed, 03 Apr 2024 20:23:45 +0530 Newsdesk
बॉक्सर विजेंदर सिंह थोड़ी देर में बीजेपी की सदस्यता करेंगे ग्रहण, कहां से मिलेगा टिकट? https://citytoday.co.in/Boxer-Vijender-Singh-will-join-BJP-soon-where-will-he-get-the-ticket https://citytoday.co.in/Boxer-Vijender-Singh-will-join-BJP-soon-where-will-he-get-the-ticket

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कई बड़ी हस्तियों का राजनीतिक पार्टी ज्वॉइन करने का सिलसिला अभी भी जारी है। इस बीच, बॉक्सर विजेंदर सिंह आज बुधवार को बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। विजेंदर सिंह आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। 

रमेश बिधूड़ी से हार गए थे

विजेंदर सिंह के बीजेपी में शामिल होने से कांग्रेस को एक और झटका लग सकता है। चर्चा थी कि विजेंदर सिंह कांग्रेस के टिकट पर मथुरा से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर की तरफ से इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। विजेंदर सिंह वर्ष 2019 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर दक्षिण दिल्ली से लड़ चुके हैं। वो बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से 6 लाख वोटों से हार गए थे।
दिसंबर 2023 में उन्होंने सोशल मीडिया पर राजनीति को राम-राम करने का ऐलान किया। इसके बाद कयास लगाए गए कि विजेंद्र राजनीति से दूरी बना चुके हैं। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के मन बना लिया है। विजेंदर सिंह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी शामिल में हो रहे है। ऐसे में देखना होगा कि उन्हें पार्टी कहां से चुनाव मैदान में उतारती है।  

]]>
Wed, 03 Apr 2024 18:47:50 +0530 Newsdesk
Lok Sabha Election 2024 : खरगे ने अपनी पारंपरिक सीट से दामाद को मैदान में उतारा https://citytoday.co.in/Kharge-fields-son-in-law-from-his-traditional-seat https://citytoday.co.in/Kharge-fields-son-in-law-from-his-traditional-seat Lok Sabha Election 2024: बीते गुरुवार को कांग्रेस उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी गई थी। जिसमें खरगे का नाम नहीं था। जिसको लेकर चर्चा तेज हो गई थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष के मल्लिकार्जुन खरगे इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते है। इसी कारण खरगे ने अपनी पारंपरिक सीट गुलबर्गा से दामाद राधाकृष्ण डोड्डामणि को मैदान में उतारा है। 

प्रियांक खरगे भी नहीं लड़ना चाहते चुनाव

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे को लोकसभा चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं थी। वर्तमान में गुलबर्गा में चित्तपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। और कर्नाटक सरकार में मंत्री पद पर हैं। इसलिए कांग्रेस ने खरगे के दामाद को टिकट देकर मैदान में उतारा है। वे कर्नाटक की पारंपरिक सीट गुलबर्गा से 2009 और 2014 में चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

राज्यसभा का कार्यकाल खत्म न होना है कारण

खरगे को टिकट न देने पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कहा कि खरगे के पास पार्टी का बहुत काम हैं। क्योंकि उनके पास कई जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी मामलों के प्रबंधन के अलावा उन्हें इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के साथ समन्वय करना होगा। साथ ही राज्यसभा में उनका कार्यकाल अभी खत्म नहीं हुआ है।

चुनाव लड़ने को दामाद भी इच्छुक नहीं थे 

आपको बता दें कि मल्लिकार्जुन खरगे के दामाद डोड्डामणि एक व्यवसायी होने के साथ -साथ शैक्षणिक संस्थानों का प्रबंधन भी करते हैं। सूत्रों की मानें तो वह भी चुनाव लड़ने का तैयार नहीं है। लेकिन ससुर और कांग्रेस के समझाने पर उन्होंने बात मान ली। उन्होंने अपने ससुर खरगे के चुनावी अभियानों के प्रबंधन और रणनीति बनाने में हमेशा पर्दे के पीछे से ही काम को अंजाम दिया है।

]]>
Fri, 22 Mar 2024 16:36:56 +0530 Newsdesk
Lok Sabha Election 2024: इलेक्शन कमीशन केंद्र सरकार पर हुआ सख्त, 'विकसित भारत' व्हाट्सएप मैसेज पर लगाई रोक https://citytoday.co.in/Election-Commission-becomes-strict-on-Central-Government-bans-Developed-India-WhatsApp-messages https://citytoday.co.in/Election-Commission-becomes-strict-on-Central-Government-bans-Developed-India-WhatsApp-messages Lok Sabha Election 2024: हाल ही में चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार पर सख्ती दिखाते हुए विकसित भारत के संदेशो पर रोक लगाई है । साथ ही कहा है। यह चुनाव का समय है। और इस समय आचार संहिता भी लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने तुरंत इस मामलें पर MeitY से रिपोर्ट मांगी गई है। कयास लगाए जा रहे है। कि कुछ समय से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय व्हाट्सएप पर 'विकासशील भारत' संदेशों की डिलीवरी कर रहा था। जिसकी सूचना मिलते ही चुनाव आयोग ने मामले पर अनुपालन रिपोर्ट की MeitY से मांग की।

यहीं नहीं आपको बता दें कि EC ने अनुसार आयोग को कई शिकायतें मिली थीं। कि आम चुनाव की घोषणा के बाद और आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बावजूद नागरिकों के फोन पर ऐसे संदेश अभी भी भेजे जा रहे हैं। जिसके जवाब में MeitY ने चुनाव आयोग को सूचित किया और बताया कि ये मैसेज आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले भेजे गए थे। उनमें से कुछ सिस्टेमैटिक और नेटवर्क के कारण देरी से प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचे हैं। 

माना जा रहा है। कि सरकार के आईटी मंत्रालय द्वारा 'विकसित भारत संपर्क' नाम से लोगों के वाट्सऐप पर मैसेज भेजे जा रहे थे। जिसमें पीएम मोदी का गारंटी नाम से एक वीडियो भेजा जा रहा था। जिसको लेकर चुनाव आयोग के पास कई सारी शिकायतें की गई थीं। मैसेज में यह लिखा गया,"नमस्ते, यह संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के विकसित भारत संपर्क केंद्र द्वारा भेजा गया है।"

]]>
Thu, 21 Mar 2024 15:01:27 +0530 Newsdesk
Pasupati Paras Resigns: पशुपति पारस ने मोदी कैबिनेट से दे दिया इस्तीफा, थामेंगे महागठबंधन का हाथ https://citytoday.co.in/Pashupati-Paras-resigns-from-Modi-cabinet-will-join-hands-of-Grand-Alliance https://citytoday.co.in/Pashupati-Paras-resigns-from-Modi-cabinet-will-join-hands-of-Grand-Alliance नई दिल्ली। Pasupati Paras Resigns: एनडीए के गठबंधन में आरएलजेपी को एक भी सीट नहीं मिलने से पार्टी प्रमुख पशुपति पारस भड़क गए। उन्होंने सीट बंटवारे के दूसरे ही दिन तेस में आकर केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा की है। पारस की एनडीए में सीटों को लेकर क्यों बात नहीं बनी इसको लेकर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। महज 2 मिनट से भी कम समय में उन्होंने अपनी बात कही और पत्रकारों के सवाल का जवाब दिए बगैर ही निकल गए। 

इस्तीफा के बाद पशुपति पारस ने कहा...

मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पशुपति पारस ने कहा, "कल एनडीए गठबंधन ने बिहार लोकसभा के लिए 40 सीटों में से किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी। इसका ऐलान हुआ। मैंने आज से पांच-छह दिन पहले कहा था कि हम तब तक इंतजार करेंगे, जब तक एनडीए का विधिवत घोषणा नहीं होती है। लेकिन कल विधिवत एनडीए की तरफ से सीटों की घोषणा हो गई।

NDA की लगन से सेवा की: पशुपति पारस

उन्होंने आगे कहा..हमारी पार्टी के पांच सांसद हैं,और मैंने बहुत लगन, वफादारी और ईमानदारी से एनडीए की सेवा की। आज भी मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का शुक्रगुजार हूं. हमारी पार्टी और व्यक्तिगत रूप से हमारे साथ नाइंसाफी हुई है।. इसलिए मैं भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देता हूं" पशुपति पारस इतना कहकर चले गए।

बिहार में सीटें नहीं मिलने के कारण दिया इस्तीफा    

बिहार में सीट बंटवारे के बाद एनडीए ने बीजेपी को 17 सीटें, जेडीयू को 16 सीटें और चिराग पासवान की एलजेपी को 5 सीटें दीं। हालांकि पशुपति पारस की आरएलजेपी को कोई सीट नहीं मिली। जिससे उन्हें नाराजगी हुई। उन्होंने हाजीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।हालांकि सीट बंटवारे में पशुपति पारस की आरएलजेपी को एक भी सीट नहीं दी गई। इस बात से वह काफी नाराज चल रहे थे। 

पारस खटखटा रहे महागठबंधन का दरवाजा

इससे पहले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि हमारी पीठ में छूरा घोंपा गया है। हमारे साथ अन्याय हुआ है। आरजेडी से संपर्क में होने के सवाल पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि हमलोग राजनीति में भजन कीर्तन करने नहीं आए हैं। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है। कि हाजीपुर से पशुपति कुमार पारस चुनाव लड़ेंगे। पशुपति कुमार पारस इस सीट से अपने भतीजे चिराग पासवान के खिलाफ लड़ेंगे। चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का दरवाजा खटखटा रहे पारस ने महागठबंधन में समस्तीपुर और नवादा सीटें भी मांगी हैं लेकिन उनकी महागठबंधन में एंट्री आसान नहीं दिख रही हैं।

 दलित सम्मान का मुद्दा उठाने की तैयारी में है पारस

सूत्रों के मुताबिक आरजेडी से उनकी बातचीत जारी है। पशुपति पारस दलित सम्मान का मुद्दा उठाने की तैयारी में हैं। एनडीए में अपने साथ हुए अन्याय को लेकर जनता के बीच जाने की पारस की तैयारी है। मालूम हो कि सोमवार की शाम बिहार की सीटों को लेकर एनडीए में बंटवारा हो गया है। पशुपति पारस जिनकी पार्टी में फिलहाल 5 सांसद है। इन्हें बिहार में एक भी सीटें नहीं मिली हैं। पारस के खाते की सभी सीटें उनके भतीजे चिराग पासवान को दे दी गई हैं। पशुपति कुमार पारस केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

]]>
Tue, 19 Mar 2024 14:42:18 +0530 Newsdesk
Delhi Jal Board Case: शराब घोटाले के बाद जल बोर्ड मामले में फंसे केजरीवाल, ED के सामने नहीं होंगे पेश https://citytoday.co.in/Kejriwal-trapped-in-Jal-Board-case-after-liquor-scam,-will-not-appear-before-ED https://citytoday.co.in/Kejriwal-trapped-in-Jal-Board-case-after-liquor-scam,-will-not-appear-before-ED नई दिल्ली।Delhi Jal Board Case:  ईडी दिल्ली जल बोर्ड में अवैध टेंडरिंग और अपराध की आय के शोधन की जांच कर रही है। जिसके लिए सीएम केजरीवाल से पूछताछ के लिए उन्हें ईडी के समक्ष पेश होना था। लेकिन केजरीवाल ने इसे इनकार कर दिया। उसके बावजूद उन्हें फिर से प्रवर्तन निदेशालय से समन भेजा गया है। शराब घोटाला केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के बाद ईडी ने जल बोर्ड से जुड़े एक मामले में भी केजरीवाल को समन भेजा था। जिसके मुताबिक सोमवार 18 मार्च यानि के आज उन्हें ईडी के सामने पेश होना है।

धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 50 के तहत भेजा गया समन

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 50 के तहत केजरीवाल को समन जारी किया था। जिसके तहत ईडी दिल्ली जल बोर्ड में अवैध टेंडरिंग और अपराध की कथित आय के शोधन की जांच कर रही है। जिसको लेकर सीएम केजरीवाल से पूछताछ की जानी थी। जिसके लिए उन्हें ईडी के समक्ष पेश होना था। लेकिन केजरीवाल ने जाने से साफ इनकार कर दिया।

ईडी बीजेपी के इशारों पर काम कर रही : AAP

ईडी के समन को लेकर आम आदमी पार्टी का कहना है। कि जब केजरीवालस को कोर्ट से जमानत मिली हुई है तो ऐसे में ईडी बार बार उन्हें समन क्यों भेज रही है। AAP पार्टी का कहना है, कि ईडी का समन पूरी तरह से गैर कानूनी हैं। उसका मकसद केजरीवाल को हर हाल में गिरफ्तार करना है। क्योंकि ईडी बीजेपी के इशारों पर काम कर रही है।

ईडी मोदी जी के गुंडे हो गए: आतिशी

ईडी के समन मिलने को लेकर दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सीबीआई और ईडी मोदी जी के गुंडे हो गए हैं। और ये गुंडे विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं। आतिशी ने कहा कि सीबीआई और ईडी मोदी जी के गुंडे हो गए हैं। मोदी जी के इन गुंडों ने एक-एक करके विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि बीजेपी ईडी के पीछे छिपकर क्यों चुनाव लड़ना चाहती है। वो चुनाव से पहले दिल्ली के सीएम को गिरफ्तार करवाना चाहती है।

]]>
Mon, 18 Mar 2024 16:43:22 +0530 Newsdesk
Lok Sabha Election: देश की कई सीटें पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर https://citytoday.co.in/Close-contest-between-BJP-and-Congress-on-many-seats-in-the-country https://citytoday.co.in/Close-contest-between-BJP-and-Congress-on-many-seats-in-the-country नई दिल्ली।Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक ओर भाजपा दावा कर रही है। कि वो एनडीए से 400 सीटों से ज्यादा जीतेगी। लेकिन यह चुनावी जंग आसान नहीं है। क्योंकि कई सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस मजबूती से आमने-सामने है। जिसके चलते विपक्ष और सत्ता पक्ष द्वारा उठाए मुद्दें उठाए जा रहे है। विपक्ष मुस्लिम के वोटबैंक के समूहों को लुभाने के लिए जनता के मुद्दों को उठाते हुए भाजपा की कमियां दिखाने की कोशिशें कर रहा है। 

राजस्थान में मजबूत भाजपा सरकार

पहले राजस्थान की बात करते हैं, जहां भाजपा मजबूत नजर आ रही है, लेकिन नए मुख्यमंत्री के साथ बदलते समीकरणों में कांग्रेस के लिए भी अवसर हैं। असम में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा से दमखम दिखाया है, लेकिन इसका लोकसभा चुनाव पर क्या प्रभाव होगा, यह देखना होगा। 

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को उम्मीद

छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपनी सत्ता गवादी। लेकिन यहां पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर अपनी उम्मीद बनाए रखी है। हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को उम्मीद है।कि वे इस बार साथ मिलकर कुछ सीटें जीत सकें। दिल्ली में सात सीटों पर सीधा मुकाबला होगा। क्योंकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भाजपा के खिलाफ साथ में लड़ेंगी।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मिलकर करेगी मुकाबला

जानकारों के अनुसार इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, दिल्ली में आम आदमी पार्टी, बिहार में आरजेडी और तमिलनाडु में डीएमके के साथ मिलकर मुकाबला कर रही है। 

कांग्रेस और आप की सहमति पर क्या होगा बदलाव?

कांग्रेस और आप के बंधन के बावजूद कई राज्यों में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने होगी। सीधे मुकाबले में भाजपा की पहली जैसी बढ़त के मुकाबले विपक्ष की स्थिति में सुधार के द्वार खुले हैं। पिछली बार कांग्रेस मध्य प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत सकी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा था। पिछले दो चुनाव में कांग्रेस गुजरात में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इस बार कांग्रेस और आप की सहमति से क्या बदलाव हो सकता है। देखना बाकी है।



]]>
Sat, 16 Mar 2024 15:02:00 +0530 Newsdesk
Loksabha Election 2024: नरेला में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार पर जोर पकड़ रहा है यह नारा https://citytoday.co.in/This-slogan-is-gaining-momentum-in-Narela-to-boycott-Loksabha-elections https://citytoday.co.in/This-slogan-is-gaining-momentum-in-Narela-to-boycott-Loksabha-elections नई दिल्ली।Loksabha Election 2024: केंद्र सरकार की दिल्ली को दो नए मेट्रो कॉरिडोर की सौगात देने के बाद जनता में खुशी का माहौल छाया हुआ है।बीते बुधवार को ही केंद्र ने मेट्रो के चौथे फेज को मंजूरी दी थी। जिससे लाजपत नगर से साकेत और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक के लोग खुश थे। लेकिन इसी फेज के रिठाला-बवाना-नरेला से होते हुए कुंडली (हरियाणा) तक विस्तार होने वाले लंबित कॉरिडोर को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। जिसके कारण सभी के बीच नाराजगी का माहौल है। जिसका प्रभाव इस बार होने वाले लोकसभा चुनाव पर पड़ सकता है। दरअसल यहां के लोग चुनाव में भाग नहीं लेने का मन बना रहे है।  

उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के लोगों का कहना है। बहुत समय पहले से उन्हें सरकार और संबंधित विभाग डीएमआरसी की तरफ से भरोसा दिलाया जा कहा है। कि जल्द ही इस रूट पर सरकारी मंजूरी मिल जाएगी। लेकिन मंजूरी नहीं मिली है। जिसके कारण लंबे समय से लोगों को ट्रांसपोर्टेशन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी कारण लोगों ने यह मन बनाया है कि ''नरेला में मेट्रो नहीं तो लोकसभा चुनाव में वोट भी नहीं देंगे ' इस बात पर यहां के लोग विचार कर रहे हैं।क्योंकि करीब 20 साल से यहां के लोग इस मेट्रो लाइन का इंतजार कर रहे हैं।  रिठाला-बवाना-नरेला मेट्रो रूट संघर्ष के संयोजक हेमराज बंसल ने बताया कि पहले यह मेट्रो नरेला तक ही आनी थी। बाद में इसका कुंडली, हरियाणा तक विस्तार किया गया। लेकिन काम नहीं किया गया।

]]>
Fri, 15 Mar 2024 14:55:11 +0530 Newsdesk
BJP Candidates List 2024: बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी, इन दिग्गजों को मिला टिकट https://citytoday.co.in/Second-list-of-BJP-candidates-released,-these-veterans-got-tickets https://citytoday.co.in/Second-list-of-BJP-candidates-released,-these-veterans-got-tickets BJP Candidates List 2024: लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है।इस लिस्ट में पार्टी ने दिल्ली की बची हुई दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है।इसमें उत्तर पश्चिम दिल्ली से योगेंद्र चंदोलिया को चुना गया है। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा को उम्मीदवार बनाया गया है। दादर और नगर हवेली से कलाबेन देलकर को टिकट दिया गया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा धारवाड़ से प्रहलाद जोशी, नागपुर से नितिन गडकरी, करनाल से मनोहर लाल खट्टर को प्रत्याशी घोषित किया गया है।वहीं अशोक तंवर को सिरसा से टिकट मिला है।

दूसरी सूची में बीजेपी ने इन उम्मीदवारों को दिया टिकट

मध्य प्रदेश
बालाघाट- डॉ. भारती पारथी
छिंदवाड़ा- विवेक 'बंटी' साहू
उज्जैन (एससी)- अनिल फिरोजिया
धार (एसटी)- सावित्री ठाकुर
इंदौर- शंकर लालवानी

दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
दादर एवं नगर हवेली- कलाबेन देलकर

दिल्ली
पूर्वी दिल्ली- हर्ष मल्होत्रा
उत्तर पश्चिम दिल्ली (एससी)- योगेन्द्र चंदोलिया

गुजरात
साबरकांठा- भीखाजी दुधाजी ठाकोर
अहमदाबाद पूर्व- हसमुखभाई सोमाभाई पटेल
भावनगर- निमुबेन बम्भानिया
वड़ोदरा- रंजनबेन धनंजय भट्ट
छोटा उदयपुर (एसटी)- जशुभाई भीलुभाई राठवा
सूरत- मुकेशभाई चंद्रकांत दलाल
वलसाड (एसटी)- धवल पटेल

हरियाणा
अंबाला- बंतो कटारिया
सिरसा- अशोक तंवर
करनाल- मनोहर लाल खट्टर
भिवानी-महेंद्रगढ़- चौधरी धरमबीर सिंह
गुड़गांव- राव इंद्रजीत सिंह यादव
फरीदाबाद- कृष्ण पाल गुर्जर

हिमाचल प्रदेश
हमीरपुर- अनुराग सिंह ठाकुर
शिमला (एससी)- सुरेश कुमार कश्यप

कर्नाटक
चिक्कोडी- अन्नासाहेब शंकर जोल्ले
बागलकोट- पीसी गद्दीगौडर
बीजापुर (एससी)- रमेश जिगजिणगी
गुलबर्गा (एससी)- उमेश जी जाधव
बीदर- भगवंत खूबा
कोप्पल- बसवराज क्यावातूर
बेल्लारी (एसटी)- बी श्रीरामुलू
हावेरी- बसवराज बोम्मई
धारवाड़- प्रल्हाद जोशी
दावणगेरे- गायत्री सिद्देश्वर
शिमोगा- श्री वाई राघवेंद्र
उडुपी चिकमंगलूर- कोटा श्रीनिवास पूजारी
दक्षिण कन्नड़- कैप्टन ब्रिजेश चौटा
तुमकुर- वी सोमन्णा
मैसूर- यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार
चामराजनगर (एससी)- एस बालराज
बेंगलुरु ग्रामीण- डॉ. सीएन मंजूनाथ
बेंगलुरु उत्तर- कुमारी शोभा करंदलाजे
बेंगलुरु सेंट्रल- पीसी मोहन
बेंगलुरु साउथ- तेजस्वी सूर्या

महाराष्ट्र
नंदुरबार (एसटी)- डॉ. हिना विजयकुमार गावित
धुले- डॉ. सुभाष रामराव भामरे
जलगांव- स्मिता वाघ
रावेर- रक्षा निखिल खडसे
अकोला- अनूप धोत्रे
वर्धा- रामदास चंद्रभानजी तडस
नागपुर- नितिन जयराम गडकरी
चंद्रपुर- सुधीर मुंगंटीवार
नांदेड़- प्रतापराव पाटिल चिखलिकर
जालना- रावसाहेब दादाराव दानवे
डिंडोरी (एसटी)- डॉ. भारती प्रवीण पवार
भिवंडी- कपिल मोरेश्वर पाटिल
मुंबई उत्तर- पीयूष गोयल
मुंबई उत्तर पूर्व- मिहिर कोटेचा
पुणे- मुरलीधर किशन मोहोल
अहमदनगर- डॉ. सुजय राधाकृष्ण विखे पाटिल
बीड- पंकजा मुंडे
लातूर (एससी)- सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे
माढा- रणजीतसिन्हा हिंदूराव नाइक निंबालकर
सांगली- संजयकाका पाटिल

तेलंगाना
आदिलाबाद (एसटी)- गोदाम नागेश
पेद्दापल्ले (एससी)- गोमासा श्रीनिवास
मेडक- माधवनेनी रघुनंदन राव
महबूबनगर- डीके अरुणा
नल्गोंडा- सईदा रेड्डी
महबुबाबाद (एसटी)- प्रोफेसर अजमीरा सीताराम नाइक

त्रिपुरा
त्रिपुरा पूर्व (एसटी)- महारानी कृति सिंह देबबर्मा

उत्तराखंड
गढ़वाल- अनिल बलूनी
हरिद्वार- त्रिवेन्द्र सिंह रावत

पहली सूची में थे 195 उम्मीदवारों के नाम

आपको बता दें कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची 2 मार्च की जारी की थी। इस सूची में 195 नाम थे। पहली सूची में प्रधानमंत्री मोदी का नाम वाराणसी से तथा अमितशाह (गांधीनगर) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नाम लखनऊ से शामिल था।आपको बता दें कि बीजेपी की पहली सूची में 34 केंद्रीय मंत्रियों के नाम थे। जबकि तीन मंत्रियों के टिकट काट दिए गए थे। पहली लिस्ट में उत्तर प्रदेश की 51 सीट, पश्चिम बंगाल की 20, मध्य प्रदेश की 24, गुजरात और राजस्थान की 15-15 सीट, केरल और तेलंगाना की 12-12 सीट, झारखंड, छत्तीसगढ़ और असम की 11-11 सीट और दिल्ली की पांच सीट सहित कुछ अन्य प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों में उम्मीदवारों की घोषणा की गई थी।

]]>
Thu, 14 Mar 2024 15:33:15 +0530 Newsdesk
Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस ने की महिला न्याय गारंटी योजना की घोषणा, गरीब महिलाओं को देगी 1 लाख रुपये https://citytoday.co.in/Congress-announces-Women-Justice-Guarantee-Scheme-will-give-Rs-1-lakh-to-poor-women https://citytoday.co.in/Congress-announces-Women-Justice-Guarantee-Scheme-will-give-Rs-1-lakh-to-poor-women Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की खोखली घोषणांए शुरु हो गयी है। सभी राजनातिक पार्टियां अपनी घोषणाओं से जनता को लुभाने का कार्य कर रही है। हाल ही में कांगेस नेता राहुल गांधी ने महिलाओं के हित में कई बड़े ऐलान किए है। कांग्रेस नेता ने 'महिला न्याय' गारंटी की घोषणा करते हुए गरीब महिलाओं को सालाना1 लाख रुपये, सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत कोटा और महिलाओं के लिए छात्रावास देने का वादा किया है। 

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा -

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा सबसे पहले नारी शक्ति को प्रणाम किया। और कहा कि कांग्रेस आपको 5 ऐसी गारंटियां दे रही है जिनसे देश में महिलाओं का जीवन हमेशा के लिए बदल जाएगा। सबसे गरीब परिवारों की एक महिला को हर वर्ष 1 लाख रुपए की गारंटी दी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार में सभी नई भर्तियों का आधा हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करने की गारंटी देने की बात कही। आशा, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील बनाने वाली महिलाओं के वेतन में केंद्र सरकार का योगदान दोगुना करने की गारंटी।सभी पंचायत में एक अधिकार मैत्री की नियुक्ति की गारंटी, जो महिलाओं को जागरूक कर उन्हें उनके कानूनी अधिकार दिलाने में मदद करेंगे।  देश में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की संख्या दोगुनी कर, हर ज़िले में कम से कम एक हॉस्टल सुनिश्चित करने की गारंटी। कांग्रेस का लक्ष्य देश की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और बराबरी का प्रतिनिधित्व देना है। यह 5 ऐतिहासिक कदम महिलाओं के लिए ‘समृद्धि का द्वार’ खोलने जा रहे हैं।

]]>
Wed, 13 Mar 2024 17:38:23 +0530 Newsdesk
Loksabha Election 2024: कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी, इन उम्मीदवारों के नाम पर लगी मुहर https://citytoday.co.in/Second-list-of-Congress-released-names-of-these-candidates-approved https://citytoday.co.in/Second-list-of-Congress-released-names-of-these-candidates-approved Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने उम्मदवारो की दूसरी सूची जारी कर दी है। दूसरी लिस्ट में असम गुजरात, मध्य प्रदेश,उत्तराखंड, राजस्थान और दमन दीव के लिए कुल 43 उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। इस लिस्ट में कई बड़े नामों को जगह दी गई है। जिसमे कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ का मान शामिल है। जिन्हें मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा सीट से टिकट दिया गया है। वहीं भिंड से फूल सिंह बरैया का नाम है। 

राजस्थान से 10 पर उम्मीदवार घोषित

वहीं राजस्थान में 25 लोकसभा सीटों में से 10 पर उम्मीदवार घोषित कर दिये गए है। इनमें बीकानेर से गोविंद मेघवाल, चूरू से राहुल कस्वा, झुंझुनू से बृजेंद्र ओला, अलवर से ललित यादव, भरतपुर से संजना जाटव, टोंक से हरीश मीणा, जोधपुर से करण सिंह उचियारड़ा,जालौर सिरोही से वैभव गहलोत, उदयपुर से ताराचंद मीणा, चित्तौड़ से उदयलाल आंजना को टिकट दिया है। 

मध्यप्रदेश में 10 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित

मध्यप्रदेश में भिंड से फूल सिंह बरैया, टीकमगढ़- पंकज अहिरवार, सतना- सिद्धार्थ कुशवाहा, सीधी- कमलेश्वर पटेल, मंडला - ओंकार सिंह मरकाम, छिंदवाड़ा- नकुलनाथ, देवास - राजेंद्र मालवीय, धार - राधेश्याम मुवेल, खरगोन - पोरलाल खरते, बैतूल - रामू टेकाम को टिकट दिया गया है।

गुजरात में 7 सीटों पर उम्मीदवार  हुए घोषित

कांग्रेस पार्टी की दूसरी लिस्ट में गुजरात की 26 सीटों में से 7 पर उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने बांसकांठा से गेनीबेन ठाकोर, अहमदाबाद पूर्व से रोहन गुप्ता, कच्छ से नितीश भाई ललन अहमदाबाद पश्चिम से भारत मकवाना, पोरबंदर से ललित भाई वसोया, बारडोली से सिद्धार्थ चौधरी, वलसाड से अनंत भाई पटेल को उम्मीदवार बनाया है।  

असम की 12 सीट पर उम्मीदवार घोषित

कांग्रेस पार्टी ने असम की 14 में से 12 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये है। पार्टी ने कोकराझार से गरजन मैशरे, ढुबरी से रकीबुल हसन, बारपेटा से दीप बयान, दर्रा उदलगुरी से मधाब राजवंशी, गुवाहाटी से मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी, दिफू से जयराम एंगलोंग, करीमगंज से हाफिज राशिद अहम चौधरी, सिलचर से सुरज्य कांत सरकार, नगांव से प्रद्युत बोरदोलोई, काजीरंगा से रोजेलिना तिरके, सोनितपुर से प्रेम लाल गंजु और जोरहाट से गौरव गोगोई को उम्मीदवार घोषित किया है।

उत्तराखंड की चार सीटों पर उम्मीदवार

उत्तराखंड की चार सीटों पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। जिसमें टिहरी गढ़वाल से जोत सिंह गुंटसोला, गढ़वाल से गणेश गोदियाल, अल्मोड़ा प्रदीप टम्टा का नाम और दमन और दीव में केतन दहयाभाई पटेल को टिकट दिया गया है।

]]>
Wed, 13 Mar 2024 13:44:05 +0530 Newsdesk
Congress Candidate List: कांग्रेस की लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची में 39 नामों का ऐलान... https://citytoday.co.in/39-names-announced-in-the-first-list-of-Congress-Lok-Sabha-candidates https://citytoday.co.in/39-names-announced-in-the-first-list-of-Congress-Lok-Sabha-candidates Congress Candidate List: लोकसभा चुनावों के करीब आते ही भाजपा की 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के एक सप्ताह में ही कांग्रेस ने अपनी उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित कर दी है l बता दे कि कांग्रेस में अपनी 39 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है l बड़े नामों की बात करें तो राहुल गांधी, भूपेश बघेल और शशि थरूर का नाम शामिल है। हालांकि सूची में मुख्य रूप से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों की सीटों पर उम्मीदवारों का नाम ऐलान किया गया है l

जानिए कौन कहां से लड़ेगा चुनाव

इस जारी सूची से स्‍पष्‍ट हो गया है कि राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है। कि 2019 की तरह वह अमेठी से भी चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं। इस लिस्ट में शशि थरूर का नाम है जो तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ेंगे। खास बात यह है कि इस सीट पर शशि थरूर लगातार तीन बार से सांसद हैं। इसी के चलते उन्हे यह सीट दी गई है।वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल की बात करें तो  पार्टी ने राजनांदगांव से चुनाव मैदान में उतारा है। इसके साथ ही कांग्रेस ने महासचिव केसी वेणुगोपाल को केरल के अलप्पुझा से चुनाव मैदान में उतारा गया है। यह सीट उन्‍होंने 2009 में जीती थी। वहीं डीके सुरेश को पार्टी ने बेंगलुरु ग्रामीण चुनाव मैदान में उतार दिया है। डीके सुरेश कर्नाटक के उपमुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई है।

Image

16 उम्‍मीदवारों के नामों की घोषणा केरल से

इस सूची में सर्वाधिक 16 उम्‍मीदवारों के नामों की घोषणा केरल से की गई है।अन्‍य राज्‍यों में केवल छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप हैं। इसके बाद कर्नाटक से सात, छत्तीसगढ़ से छह और तेलंगाना से चार नामों की घोषणा की गई है। शेष मेघालय, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और लक्षद्वीप की सीटों के लिए नामों की घोषणा की गई है। कुछ दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों की सीटों के लिए उम्‍मीदवारों के नाम हैं। 

]]>
Sat, 09 Mar 2024 16:41:21 +0530 Newsdesk
LokSabha Elections: अभिनेता कमल हासन नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव... https://citytoday.co.in/Actor-Kamal-Haasan-will-not-contest-Lok-Sabha-elections... https://citytoday.co.in/Actor-Kamal-Haasan-will-not-contest-Lok-Sabha-elections... Kamal Haasan Not Contest LS Elections: हाल ही में खबर आई है कि तमिल सुपरस्टार कमल हासन आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।कमल हासन मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के अध्यक्ष है। लेकिन वह इन चुनावों में भाग नहीं लेंगे। हालांकि द्रमुक कमल हासन को कोयंबटूर लोकसभा सीट से मैदान में उतारना चाहते थे। लेकिन माकपा इस बात पर अड़ी है। कि वह कोयंबटूर सीट नहीं छोड़ेगी। इसी कारण ऐसा माना जा रहा है। कि कमल हासन को गठबंधन से राज्यसभा सीट दी जाएगी। द्रमुक ने अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस से भी अपनी एक सीट एमएनएम के लिए छोड़ने के लिए कहा था। लेकिन कांग्रेस ने अभिनेता कमल हासन को कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ने के लिए कहा है। फिलहाल कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। 

सूत्रों की मानें तो चूंकि कमल हासन का मुद्दा सुलझ गया है।देखना यह होगा कि द्रमुक गठबंधन अब अगले कुछ दिनों में अपनी सीट-बंटवारे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। हासन सिर्फ द्रमुक गठबंधन के स्टार प्रचारक होंगे। इसका कारण यह है। कि उनकी पार्टी औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल हो गई है। जिसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक जॉर्ज अब्राहम ने आईएएनएस से कहा कि यह अच्छा फैसला है। कि कमल हासन चुनाव लड़ने की बजाय स्टार प्रचारक बनेंगे। अब्राहम ने कहा, “चुनाव प्रचार में वह द्रमुक के लिए कीमती होंगे.”

]]>
Sat, 09 Mar 2024 16:17:25 +0530 Newsdesk
Loksabha Election 2024: गौतम गंभीर ने लोकसभा चुनाव न लड़ने की जतायी इच्छा https://citytoday.co.in/Gautam-Gambhir-expressed-his-desire-not-to-contest-Lok-Sabha-elections https://citytoday.co.in/Gautam-Gambhir-expressed-his-desire-not-to-contest-Lok-Sabha-elections नयी दिल्ली।East Delhi lok sabha constituency: पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है। गंभीर ने भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से उन्हें राजनीतिक कर्तव्यों से मुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि वह अपनी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केन्द्रित कर सकें।
उन्होंने श्री नड्डा को संबोधित एक एक्स पोस्ट में कहा कि उन्हें लोगों की सेवा करने का अवसर देने के लिये वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हैं।

अब कौन होगा बीजेपी का उम्मीदवार?

दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा थी कि बीजेपी इस बार गौतम गंभीर को टिकट नहीं देगी।लेकिन गंभीर ने एक ट्वीट के माध्यम से इसे स्पष्ट कर दिया है। पूर्वी दिल्ली में बीजेपी के संभावित चेहरे में हर्ष मल्होत्रा, कुलजीत सिंह चहल और अक्षय कुमार का नाम है। आम आदमी पार्टी ने कुलदीप कुमार को इस सीट के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। जो कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे।आज बीजेपी की पहली लिस्ट में 100 नामों की उम्मीदवारों की जानकारी हो सकती है, जिसमें दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों का भी ऐलान हो सकता है। इससे पूर्वी दिल्ली के लिए बीजेपी का लोकसभा कैंडिडेट स्पष्ट हो सकता है। 

गंभीर दिल्ली से पूर्वी सांसद हैं 

आपको बता दें कि पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं गंभीर। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में 6,96,158 वोट मिले थे। जिससे वह कांग्रेस के अरविंदर सिंह लोवली और AAP की आतिशी मार्लेना को हराकर विजयी हुए थे। लवली को 3,04,934 और आतिशी को 2,19,328 वोट मिले थे।

]]>
Sat, 02 Mar 2024 17:44:28 +0530 Newsdesk
Himachal Politics: कांग्रेस के 6 बागी विधायक हुए अयोग्य घोषित, क्रॉस वोटिंग के कारण स्पीकर ने लिया एक्शन https://citytoday.co.in/6-Congress-MLAs-disqualified https://citytoday.co.in/6-Congress-MLAs-disqualified Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश के स्पीकर सतपाल पठानिया ने राज्यसभा चुनाव में बगावत करने वाले 6 विधायकों को अयोग्य घोषित किया है। इन विधायकों ने दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों को आकर्षित किया। और उन्हें अपने खिलाफ घोषित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप ये छह लोग अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य नहीं रहेंगे। स्पीकर सतपाल पठानिया ने बताया कि विधायकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ विधानों का उल्लंघन करते हुए चुनाव लड़ा, और पार्टी के पक्ष में वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि दल-बदल कानून के तहत शिकायत विधायक और मंत्री हर्ष वर्धन के माध्यम से हमारे सचिवालय को मिली।  जिसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों को सुना और अपना फैसला सुनाया। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव में कांग्रेस के पास थे 40 विधायक और बीजेपी के पास 25 विधायक थे। उसके पास 10 वोट कम थे। लेकिन कांग्रेस पार्टी को 3 निर्दलीयों का समर्थन भी था। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी समर्थन में वोट दिया। साथ ही निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी का साथ दिया।जिससे दोनों पार्टियों में वोटों के लेकर समानता की स्थिति आ गई। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की चुनाव में कांग्रेस और निर्दलीय मिलाकर कुल 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।जिससे बीजेपी को 9 विधायकों का समर्थन मिला। आपको बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 34-34 वोट मिले है। जिसके बाद फैसले के लिए टॉस किया गया। इसमें बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष महाजन की जीत हुई। जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना पड़ा।

]]>
Thu, 29 Feb 2024 19:24:34 +0530 Newsdesk
Rajya Sabha Election 2024: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने बनाया मिलिंद देवड़ा को राज्यसभा का उम्मीदवार https://citytoday.co.in/Eknath-Shindes-Shiv-Sena-made-Milind-Deora-its-Rajya-Sabha-candidate. https://citytoday.co.in/Eknath-Shindes-Shiv-Sena-made-Milind-Deora-its-Rajya-Sabha-candidate. Milind Deora News: देवड़ा के लोकसभा में लड़ने की अटकलों के बीच उन्हें पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना की शिंदे गुट ने मिलिंद देवड़ा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। देवड़ा गुरुवार को नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। और शिंदे गुट में शामिल हो गए थे।अब राज्यसभा में छह सीटों की खाली होने के बाद अब चुनाव आगे है। महाराष्ट्र से वी मुरलीधरन, नारायण राणे, प्रकाश जावड़ेकर, कुमार केतकर, वंदना चव्हाण, और अनिल देसाई की सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बीजेपी ने अशोक चव्हाण, मेधा कुलकर्णी, और अजीत गोपछड़े को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने चंद्रकांत हंगोड़े को उम्मीदवार घोषित किया है। शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। आपको बता दें कि राज्यसभा के 56 सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होने वाला है। नामांकन की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। यदि आवश्यक होगी तो 27 फरवरी को मतदान होगा।

]]>
Wed, 14 Feb 2024 20:05:10 +0530 Newsdesk
Rajya Sabha Election: बीजेपी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा के उम्मीदवारों का किया एलान https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha-Election:-BJP-announced-Rajya-Sabha-candidates-from-Maharashtra-629 https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha-Election:-BJP-announced-Rajya-Sabha-candidates-from-Maharashtra-629 Rajya Sabha Election: भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरी सूची जारी की है। तीसरी लिस्ट में कुल सात उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। महाराष्ट्र के साथ गुजरात के लिए बीजेपी ने राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सहित 5 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। जिसमें मेधा कुलकर्णी, और अजीत गोपछड़े शामिल है। चव्हाण ने कांग्रेस को छोड़कर एक दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीं गुजरात काी बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा गुजरात से राज्यसभा जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने जगत प्रकाश नड्डा के अलावा गोविंदभाई ढोलकिया, मयंकभाई नायक, और जशवंतसिंह सलामसिंह परमार को राज्यसभा का टिकट दिया है। वहीं महाराष्ट्र से पार्टी ने अशोक चव्हाण के अलावा मेधा कुलकर्णी और अजीत गोपघड़े को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह तीसरी सूची में पार्टी ने कुल 7 लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है।

पहली सूची में कुल 14 लोगों के नाम की लिस्ट जारी 

पहली सूची में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से 7 उम्मीदवारों का ऐलान किया था, जिनमें सुधांशु त्रिवेदी, आरपीएन सिंह, तेजवीर सिंह, साधना सिंह, संगीता बलवंत, नवीन जैन और अमरपाल मौर्या थे। बिहार से डॉक्टर धर्मशीला गुप्ता और भीम सिंह भी उम्मीदवार थे। छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से भी पार्टी ने उम्मीदवारों का चयन किया। जिसमें पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, उत्तराखंड से महेंद्र भट्ट, हरियाणा से सुभाष बराला, कर्नाटक से नारायण कृष्णासा भांडगे, पश्चिम बंगाल से सामिक भट्टाचार्य को राज्यसभा का टिकट दिया था।

दूसरी सूची में थे 5 नाम

दूसरी सूची में पार्टी ने ओडिशा से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मध्य प्रदेश से माया नरोलिया, एल मुरुगन, बंसीलाल गुर्जर, और उमेश नाथ महाराज को उम्मीदवार बनाया था।आपको बता दें कि महीने के आखिर में 15 राज्यों की 55 सीटों पर चुनाव होना है। पहली लिस्ट में पार्टी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया था। आज तक दो लिस्टें जारी की गई हैं।

]]>
Wed, 14 Feb 2024 19:32:23 +0530 Newsdesk
Rajya Sabha Election: बीजेपी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा के उम्मीदवारों का किया एलान https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha-Election:-BJP-announced-Rajya-Sabha-candidates-from-Maharashtra https://citytoday.co.in/Rajya-Sabha-Election:-BJP-announced-Rajya-Sabha-candidates-from-Maharashtra Rajya Sabha Election: भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरी सूची जारी की है। तीसरी लिस्ट में कुल सात उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। महाराष्ट्र के साथ गुजरात के लिए बीजेपी ने राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सहित 5 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। जिसमें मेधा कुलकर्णी, और अजीत गोपछड़े शामिल है। चव्हाण ने कांग्रेस को छोड़कर एक दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीं गुजरात काी बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा गुजरात से राज्यसभा जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने जगत प्रकाश नड्डा के अलावा गोविंदभाई ढोलकिया, मयंकभाई नायक, और जशवंतसिंह सलामसिंह परमार को राज्यसभा का टिकट दिया है। वहीं महाराष्ट्र से पार्टी ने अशोक चव्हाण के अलावा मेधा कुलकर्णी और अजीत गोपघड़े को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह तीसरी सूची में पार्टी ने कुल 7 लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है।

पहली सूची में कुल 14 लोगों के नाम की लिस्ट जारी 

पहली सूची में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से 7 उम्मीदवारों का ऐलान किया था, जिनमें सुधांशु त्रिवेदी, आरपीएन सिंह, तेजवीर सिंह, साधना सिंह, संगीता बलवंत, नवीन जैन और अमरपाल मौर्या थे। बिहार से डॉक्टर धर्मशीला गुप्ता और भीम सिंह भी उम्मीदवार थे। छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से भी पार्टी ने उम्मीदवारों का चयन किया। जिसमें पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, उत्तराखंड से महेंद्र भट्ट, हरियाणा से सुभाष बराला, कर्नाटक से नारायण कृष्णासा भांडगे, पश्चिम बंगाल से सामिक भट्टाचार्य को राज्यसभा का टिकट दिया था।

दूसरी सूची में थे 5 नाम

दूसरी सूची में पार्टी ने ओडिशा से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मध्य प्रदेश से माया नरोलिया, एल मुरुगन, बंसीलाल गुर्जर, और उमेश नाथ महाराज को उम्मीदवार बनाया था।आपको बता दें कि महीने के आखिर में 15 राज्यों की 55 सीटों पर चुनाव होना है। पहली लिस्ट में पार्टी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया था। आज तक दो लिस्टें जारी की गई हैं।

]]>
Wed, 14 Feb 2024 19:32:22 +0530 Newsdesk
Vibhakar Shastri Resigned: लाल बहादुर शास्त्री के पोते विभाकर ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा https://citytoday.co.in/Vibhakar-Shastri-Resigned:-Lal-Bahadur-Shastris-grandson-Vibhakar-resigns-from-Congress. https://citytoday.co.in/Vibhakar-Shastri-Resigned:-Lal-Bahadur-Shastris-grandson-Vibhakar-resigns-from-Congress. Vibhakar Shastri Resigned: लोकसभा चुनाव के आते ही उथल-पुथल का दौर भी शुरु हो गया है। कांग्रेस पार्टी की सत्ता धीरे-धीरे अपने पक्ष का दामन छोड़ने में लगी हुई है। जिसके कारण एक केल बाद झटके कांग्रेस को खाने पड़ रहे है। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते विभाकर शास्त्री ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। और बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी एक ट्वीट के माध्यम से दी और कहा कि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। विभाकर ने अपने ट्वीट में इसकी जानकारी केंद्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दी। उनके शामिल होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। इस इस्तीफे का निर्णय लोकसभा चुनावों के समय में लिया गया है। विभाकर शास्त्री ने ट्वीट किया, 'माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी, मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे दिया है।' और अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं, और इस दौरान बीजेपी के कई नेता उपस्थित थे। यह इस समय में हुआ है। जब लोकसभा चुनाव कुछ महीनों में होने की संभावना है।

आपको बता दें कि अभी कुछ समय पहले ही अशोक चव्हाण भी कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस से इस्तीफा दिया और बीजेपी में शामिल होते ही नया राजनीतिक करियर की शुरुआत की। इसी तरह असम कांग्रेस के विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने भी पद से इस्तीफा दिया। 

]]>
Wed, 14 Feb 2024 19:02:07 +0530 Newsdesk
Rajya Sabha Election: सोनिया गांधी ने राजस्थान से भरा राज्यसभा के लिए नामांकन https://citytoday.co.in/Sonia-Gandhi-files-nomination-for-Rajya-Sabha-from-Rajasthan https://citytoday.co.in/Sonia-Gandhi-files-nomination-for-Rajya-Sabha-from-Rajasthan  राजस्थान। Rajya Sabha Election: सोनिया गांधी ने राजस्थान से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा है।नामांकन भरते समय उनके साथ राहुल और प्रियंका गांधी भी थे। सोनिया गांधी ने लगभग 22 वर्षों तक कांग्रेस के अध्यक्ष पद को भी संभाला है, और लोकसभा में पांच बार सांसद रही हैं। यह पहली बार होगा जब उन्होंने राज्यसभा से प्रतिनिधित्व किया है। यानि की सोनिया राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने पहली बार संसद के उच्च सदन में जाने का निर्णय लिया है। इससे पहले सोनिया गांधी अमेठी से भी लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं। आज सोनिया गांधी के नामांकन के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आवास पर सभी विधायकों ने हस्ताक्षर किए। कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर, डूंगराराम गेदर, रीटा चौधरी, भीमराज भाटी, शिमला नायक, गीता बरवड़, सी एल प्रेमी ने भी नामांकन सेट पर हस्ताक्षर किए। सोनिया गांधी वर्ष 1999 से लगातार लोकसभा सदस्य हैं।वही रायबरेली की सीट पर प्रियंका गांधी की एंट्री हो सकती है।

आपको बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 8 फरवरी से शुरू हो चुकी है।और नामांकन पत्रों की जांच 16 फरवरी को होगी। उम्मीदवार 20 फरवरी तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान का दिन 27 फरवरी को होगा। जहाँ सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी।

]]>
Wed, 14 Feb 2024 18:00:37 +0530 Newsdesk
Ashok Chavan: चुनाव के पहले कांग्रेस को लगा झटका, वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने पार्टी से दिया इस्तीफा https://citytoday.co.in/Congress-got-a-shock-before-the-elections,-senior-leader-Ashok-Chavan-resigned-from-the-party. https://citytoday.co.in/Congress-got-a-shock-before-the-elections,-senior-leader-Ashok-Chavan-resigned-from-the-party. Maharashtra Politics: लोकसभा चुनाव के करीब आते ही सियासी हलचल तेज हो गयी। पार्टियों में उथल पुथल का दौर जारी है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात के बाद इस्तीफा दे दिया। अब चव्हाण की बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं हैं। आपको बता दें कि अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के बड़े मराठा कांग्रेस नेता हैं, और पहले भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका पहला कार्यकाल दिसंबर 2008 से नवंबर 2009 तक रहा। उसके बाद उन्होंने दूसरे कार्यकाल में नवंबर 2009 से नवंबर 2010 तक महाराष्ट् मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। कांग्रॅेस पार्टी अबी लगातार झटकों भरें दौर से गुजर रही है। क्योंकि लोकसभा चुनावों में अब सिर्फ कुछ ही महीनें शेष बचे है। और इसी बीच अशोक चव्हाण जैसे अनुभवी कांग्रेसी नेता का इस्तीफा देना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। चव्हाण के इस्तीफे से पहले मुंबई कांग्रेस के प्रमुख और गांधी परिवार के करीबी मिलिंद देवड़ा भी इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी हाल ही में हुए बाबा सिद्दीकी के इस्तीफे से भी अब तक उभर ही रही थी। कि अब एक और बड़े नेता के इस्तीफे ने पार्टी की महाराष्ट्र में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूर्व महाराष्ट्र मुख्यमंत्री के इस्तीफे पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है, कि कई बड़े नेता अब भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, खासकर कांग्रेस के कई नेता हमारे संपर्क में हैं। उन्होंने कहा है, कि कांग्रेस के कई नेता पार्टी के नेतृत्व से नाराज हैं, और वहाँ घुटन का माहौल है। वे बहुत जल्द और नेताओं के नाम बताने की बात की है।

]]>
Mon, 12 Feb 2024 18:46:13 +0530 Newsdesk
Mandi Lok Sabha Seat: मंडी से कांग्रेस और बीजेपी की कांटे की टक्कर, जल्द होगा टिकट का ऐलान https://citytoday.co.in/Congress-and-BJP-have-a-tough-fight-from-Mandi,-ticket-will-be-announced-soon https://citytoday.co.in/Congress-and-BJP-have-a-tough-fight-from-Mandi,-ticket-will-be-announced-soon Mandi Lok Sabha Seat: हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट भी इन सीटों में शामिल है। हिमाचल प्रदेश की लोकसभा की यह इकलौती सीट है,जो कांग्रेस के पास है। हालांकि यह सीट पहले भाजपा के पास ही थी। लेकिन 2021 में यहां उपचुनाव हुए थे। जिसके बाद यह सीट कांग्रेस की झोली में चली गई। सूत्र बताते हैं, कि दिल्ली में जिन सीटों पर पहले प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने की चर्चा चल रही है। उसमें मंडी संसदीय सीट भी शामिल है। यहां तय समय से पहले प्रत्याशी के नाम का ऐलान हो सकता है। भाजपा की रणनीति है, कि हारी हुई सीटों पर पहले से प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर प्रचार को समय से पहले शुरू कर दिया जाए।

इन नामों पर चल रही चर्चा

मंडी संसदीय सीट पर भाजपा के टिकट के तलबगारों की एक लंबी सूची सामने आ रही है। हालांकि सबसे पहला नाम पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का चल रहा है। लेकिन जयराम ठाकुर चुनाव न लड़ने की बात पहले ही कह चुके हैं। इसके अलावा पूर्व में भाजपा के प्रत्याशी रह चुके ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर, नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष एवं हिप्र नगर निकाय अध्यक्ष/उपाध्यक्ष फेडरेशन के अध्यक्ष चमन कपूर, भाजपा नेता अजय राणा और पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके आश्रय शर्मा के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में चल रहे हैं।

प्रत्याशी रह चुके हैं लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए थे

ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर कारगिल हीरो के नाम से जाने जाते हैं। खुशाल ठाकुर पूर्व में लोकसभा के उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रह चुके हैं, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए थे। चमन कपूर मंडी और कुल्लू जिलों में अपनी अच्छी पकड़ रखते हैं, क्योंकि मंडी जिला इनकी जन्मभूमि और कुल्लू जिला इनकी कर्मभूमि है। साथ ही इनकी जगत प्रकाश नड्डा और जयराम ठाकुर के साथ भी काफी नजदीकियां हैं। आपदा के समय में भी इन्होंने लोगों की काफी ज्यादा मदद की। भाजपा नेता अजय राणा लंबे समय से टिकट के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। इस बार भी अजय राणा फिर से रेस में हैं। पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके आश्रय शर्मा भी भाजपा के टिकट के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। आश्रय शर्मा नड्डा और जयराम ठाकुर से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं।इसके साथ ही पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी टिकट की आस में हैं। लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए ही पार्टी कोई निर्णय कर सकती है।

]]>
Fri, 09 Feb 2024 21:48:34 +0530 Newsdesk
Mandi Lok Sabha Seat: 150 लोकसभा सीटों पर भाजपा जल्द उतारेगी उम्मीदवार, कंगना को भी मिल सकता है टिकट https://citytoday.co.in/BJP-will-soon-field-candidates-on-150-Lok-Sabha-seats,-Kangana-may-also-get-ticket https://citytoday.co.in/BJP-will-soon-field-candidates-on-150-Lok-Sabha-seats,-Kangana-may-also-get-ticket नई दिल्ली।Mandi Lok Sabha Seat: आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा हर एक सीट पर मंथन कर रही है। हारी हुई सीटों को झटकने की रणनीति पर काम चल रहा है। अबकी बार 400 पार का नारा साकार करने के लिए भाजपा उन सीटों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिस पर चुनौतियां ज्यादा है। ऐसी ही करीब 150 सीटें हैं। जिनके लिए बहुत जल्द भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। लेकिन भाजपा उन्हें शायद ही हिमाचल से चुनाव लड़वाए। इसके अलावा पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा का नाम भी चर्चा में चल रहा है। इसके अलावा तलबगारों की बात की जाए तो उनकी भी एक लंबी सूची है।



]]>
Fri, 09 Feb 2024 21:42:49 +0530 Newsdesk
Bharat Jodo Nyay Yatra: 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पहुंची बिहार, राज्य में करीब दो साल बाद आएंगे राहुल गांधी https://citytoday.co.in/Bharat-Jodo-Nyay-Yatra-reaches-Bihar,-Rahul-Gandhi-will-come-to-the-state-after-almost-two-years https://citytoday.co.in/Bharat-Jodo-Nyay-Yatra-reaches-Bihar,-Rahul-Gandhi-will-come-to-the-state-after-almost-two-years Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत सोमवार को बिहार के सीमांचल किशनगंज जिले में पहुंचेंगे। जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। यह यात्रा इस समय बिहार में आई है, जब कांग्रेस के पूर्व सहयोगी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिन फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन में वापस जाने का ऐलान किया है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद गांधी की पहली बिहार यात्रा है। यहां राहुल गांधी किशनगंज में सार्वजनिक सभा संबोधित करेंगे। फिर पूर्णिया में बड़ी रैली होगी, और एक दिन बाद कटिहार में भी रैली होगी। कांग्रेस के प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने बताया कि गांधी अररिया जिले के रास्ते पश्चिम बंगाल को जाएंगे। और फिर बिहार लौटेंगे। इस यात्रा में कांग्रेस के गठबंधन साथियों राजद के लालू प्रसाद और कम्युनिस्ट पार्टी के भट्टाचार्य भी शामिल होंगे। कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने बताया कि जद-यू अध्यक्ष नीतीश कुमार भी पूर्णिया में आयोजित रैली के दौरान राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे। लेकिन न्याय यात्रा के बिहार में प्रवेश करने से एक दिन पहले ही नीतीश कुमार महागठबंधन और इंडिया से नाता तोड़ राजग में चले गए। 

]]>
Mon, 29 Jan 2024 18:49:08 +0530 Newsdesk
Jagadish Shettar Joined BJP: 6 महीने के भीतर ही कांग्रेस का दामन छोड़ कर जगदीश शेट्टार ने की घर वापसी https://citytoday.co.in/agadish-Shettar-returned-home-after-leaving-Congress-within-6-months https://citytoday.co.in/agadish-Shettar-returned-home-after-leaving-Congress-within-6-months Jagadish Shettar Joined BJP:  भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव की तैयारियों में अलग-अलग राज्यों से अच्छे संदेश आ रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने भाजपा में वापसी की है। शेट्टार को लिंगायत समुदाय का बड़ा नेता माना जाता है। जगदीश शेट्टार ने गुरुवार को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ले ली है। उन्हें भाजपा प्रमुख बीवाई विजयेंद्र और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सदस्यता दिलाई। शेट्टार ने बीते साल अप्रैल में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था।भाजपा की तरफ से टिकट नहीं मिलने के बाद, शेट्टार और लक्ष्मण सवादी ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद उन पर येदियुरप्पा ने हमला किया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी ने उन्हें हर संभव मौके दिए थे, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल होने के लिए तैयार हैं। यह उनकी विचारधारा के खिलाफ है और वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

]]>
Thu, 25 Jan 2024 20:04:47 +0530 Newsdesk
Tejashwi Yadav : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद तेजस्वी यादव बोले& राम नहीं चुनाव आ रहे हैं https://citytoday.co.in/After-the-consecration-of-Ram-temple,-Tejashwi-Yadav-said---Elections-are-coming,-not-Ram. https://citytoday.co.in/After-the-consecration-of-Ram-temple,-Tejashwi-Yadav-said---Elections-are-coming,-not-Ram. Tejashwi Yadav: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला का भव्य आयोजन हो गया है। जिसे बीजेपी ने धूमधाम से मनाया। इस मौके पर दिवाली के त्योहार के बहाने से विपक्ष ने इसे बीजेपी का चुनावी हथकंडा बताने का आरोप लगाया है। रामलला की प्रतिष्ठा को लेकर एक सियासी उग्रवाद छिड़ा हुआ है।

इस आयोजन के दौरान आरजेडी विधायक और बिहार सरकार के मंत्री तेजप्रताप यादव ने एक विवादात्मक बयान जारी किया है। उनकी एक्स पोस्ट में उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि राम नहीं आ रहे, चुनाव आ रहे हैं। इससे साफ है, कि यह विवाद सियासी रंग में बढ़ चुका है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। तेजप्रताप यादव ने उदाहरणदाता के रूप में कहा, "राम नहीं आ रहे हैं! चुनाव आ रहे हैं! श्रीराम तो पहले से ही हमारे मन, हृदय और कण-कण में विराजमान हैं। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री राम विष्णु जी के अवतार हैं, और भगवान विष्णु के अन्तिम अवतार "कल्कि अवतार" को कलियुग का अंत होने के बाद धर्म की पुनर्स्थापना के लिए आना बाकी है। इस प्रकार सीता रामचंद्र की जय है।

तेजप्रताप यादव ने इस पोस्ट में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार की चर्चा भी की है और अपनी पोस्ट को 'सियावर रामचंद्र की जय' के साथ समाप्त किया है। पिछले दिनों उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन भी एक पोस्ट में राम के अनुयायियों से साझा किया था कि राम सभी के मन में है,और उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपने अंदर के रावण को बाहर निकालें। उन्होंने समाज में समाजवाद, महिला सुरक्षा और गरीबी की समस्याओं के खिलाफ उठने की आवश्यकता है।राम को लाना है तो अपने बुरे विचारों को बाहर निकालिए और देश को प्रेम सद्भाव और खुशहाली के रास्ते पर लेके चलिए।

]]>
Tue, 23 Jan 2024 19:28:11 +0530 Newsdesk
Bharat Jodo Nyay Yatra : राहुल गांधी मणिपुर से शुरू करेंगे अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ https://citytoday.co.in/240 https://citytoday.co.in/240 Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ों यात्रा के बाद अब अपनी दूसरी यात्रा "भारत जोड़ो न्याय यात्रा" के लिए पूरी तैयारी में हैं। राहुल गांधी की इस यात्रा की शुरुआत 14 जनवरी से होगी। अब यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ों न्याय यात्रा कहां से शुरू होगी। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इसकी जानकारी साझा की है, जिससे सभी में स्पष्टता हुई है।

Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा है कि, "14 जनवरी से राहुल गांधी मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करेंगे। इस यात्रा से सभी को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा घबराई हुई है कि अगर विपक्ष के लोग एकजुटता से चुनाव लड़ेंगे तो चुनौती खड़ी होगी। और मुझे विश्वास है कि INDIA गठबंधन अच्छा प्रदर्शन करेगा। वहीं लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा है कि, सीटों का बंटवारा जल्दी ही होगा। 

]]>
Tue, 09 Jan 2024 22:42:10 +0530 Newsdesk
Mallikarjun Kharge on Maldives Dispute: खड़गे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना कहा& विदेश नीति पर अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं https://citytoday.co.in/238 https://citytoday.co.in/238 Mallikarjun Kharge on Maldives Dispute:राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी पर निशाना साधते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने मालदीव विवाद पर टिप्पणी करते हुए राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश नीति के मामलों में अपनी इच्छानुसार काम कर रहे हैं। कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, उन्होंने मालदीव में चल रहे विवाद पर पूछे जाने पर यह दिखाया कि उन्हें अपने राजनीतिक दृष्टिकोण से मुद्दा समझने में कठिनाई हो रही है।

Mallikarjun Kharge on Maldives Dispute: खड़गे ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से सभी मामलों में सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमें अपने पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षित और स्थिर संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है।"उन्होंने कहा, "हालांकि, जीवन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों के बावजूद, हमें हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। संघर्ष को समझने का यही एक तरीका है कि हम अपनी इच्छा से सही कदम उठाएं, जैसा कि दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश की स्थापना की थी।"

उन्होंने बताया, "पीएम मोदी विदेश नीति को अपनी दृष्टि से संचालित कर रहे हैं और इसमें वे अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं।" खड़गे ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी किसी को भी गले मिला लेते हैं और अपनी मर्जी से लोगों को पटकनी भी देते हैं।"हालांकि, हम अपने चारों ओर के लोगों को नहीं बदल सकते हैं। हमें एक साथ रहना होगा और प्रगति करना होगा। लेकिन जब कोई हम पर हमला करता है, तो हमें उसका सामना करने और उसके खिलाफ खड़ा होने के लिए तैयार रहना चाहिए।"

इसके साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक समावेशी गठबंधन (इंडिया) ने समृद्धि की दिशा में साथ में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। खड़गे ने बताया कि बुधवार को नई दिल्ली में कई बैठकें आयोजित की गई हैं और सभी संसदीय क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है।

]]>
Tue, 09 Jan 2024 22:12:03 +0530 Newsdesk
JDU Meeting : जेडीयू की बैठक में ललन सिंह ने अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, नीतीश कुमार बन सकते है नए अध्यक्ष https://citytoday.co.in/168 https://citytoday.co.in/168 नई दिल्‍ली। JDU Meeting: जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्‍यक्ष पद से ललन सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्‍यक्ष पद से ललन सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है। पार्टी ने ललन सिंह के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी प्रमुख के पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जेडीयू में सांगठनिक परिवर्तन को लेकर काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, बैठक से पहले ललन सिंह ने अपने इस्तीफे की खबरों को अफवाह माना था। लेकिन इस्तीफे के बाद अब इस पद के लिए नीतीश कुमार का नाम लिया गया है। परिणामस्वरूप, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल सकते है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ललन सिंह आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एक साथ शामिल होने के लिए पहुंचे थे। नीतीश कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनके लिए जिंदाबाद के नारे लगाए। बैठक के दौरान, ललन सिंह ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव में अपनी सक्रियता को देखते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, और वह नीतीश कुमार का नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। नीतीश कुमार के नाम पर तुरंत सहमति हो गई है।

पिछले कुछ दिनों से मीडिया में एक वर्ग में यह अफवाहें फैल रही थीं। कि ललन सिंह को सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से कथित निकटता के कारण अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है। मीडिया में यह भी दावा किया जा रहा था। कि पिछले साल अगस्त में भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद नीतीश कुमार फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर मोड़ सकते हैं।

]]>
Fri, 29 Dec 2023 18:00:30 +0530 Newsdesk
Shashi Tharoor Challenge to PM Modi: शशि थरूर का आखिरी चुनाव, कहा& अगर पीएम मोदी भी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ें तो भी मैं जीतूंगा https://citytoday.co.in/142 https://citytoday.co.in/142 Shashi Tharoor Challenge to PM Modi:कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 2024 में तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से चौथी बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जो उनके लिए आखिरी चुनाव हो सकता है। थरूर ने एक टीवी चैनल के साथ की गई बातचीत में यह बयान दिया और कहा, "मैं यहां से दोबारा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी करेगी और अगर मुझसे कहा गया तो मैं लड़ूंगा।" उन्होंने यह भी जताया कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, तो भी में जीतूंगा। थरूर ने कहा, "मैं अपने रिकॉर्ड के आधार पर चुनाव लड़ रहा हूं, और अगर लोग ऐसा सोचते हैं, तो उन्हें मुझे बदलने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह इस पर आधारित नहीं होगा, कि मैं किसके साथ लड़ रहा हूं।"

जब मैंने पहली बार चुनाव लड़ा, तो मेरी इच्छा विदेश मंत्री बनने की थी, जो नहीं हुई, अब यह लोगों को तय करना है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह केरल विधानसभा के लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, तो उन्होंने कहा, "फिलहाल मेरा ध्यान लोकसभा चुनावों पर है और उस समय की परिस्थितियों के आधार पर, इस पर विचार करूंगा।"

संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अवर महासचिव, थरूर ने भारत वापस आने के बाद तत्कालीन कांग्रेस के शीर्ष अधिकारियों से मिलने के बाद 2009 के लोकसभा चुनावों में तिरुवनंतपुरम से पार्टी का टिकट हासिल किया।

उन्होंने एक हैट्रिक पूरी की है, जब 2014 में उनकी पत्नी सुनंदा पुस्कर की असामयिक मृत्यु के बाद वह तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सीट के लिए चुनाव लड़े और जीत हासिल की। उन्होंने लोकसभा सदस्य के रूप में तीन बार चुनाव जीते हैं, जो सीधे तौर पर उनकी कठिनाईयों और परिस्थितियों को दिखाते हैं। उनकी दो बार की जीत के बाद, उन्होंने 2019 में भी चुनाव जीता, जिसमें उन्होंने 99,989 वोटों के अंतर से विजय प्राप्त की। इससे पहले, 2014 में उनकी जीत का अंतर 15,470 वोट था और 2009 में उनके पहले चुनाव में यह अंतर 99,998 वोट था। थरूर की कार्यशैली ने उन्हें एक अलग रूप से पहचान दिलाई है, और उन्होंने कांग्रेस के विरोधियों के साथ मिलकर नहीं जाएं हैं, इसका संकेत दिया है।

]]>
Tue, 26 Dec 2023 19:11:28 +0530 Newsdesk
PM Modi : संजय राउत को बड़ी राहत, राजद्रोह का आरोप हटाया गया https://citytoday.co.in/91 https://citytoday.co.in/91 PM Modi: महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र "सामना" के कार्यकारी संपादक संजय राउत के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के आरोप को हटा दिया है। इसके पीछे बीजेपी की शिकायत पर आधारित था, जिसमें राउत को "सामना" के कॉलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप था। पुलिस ने कहा कि कानूनी सलाह और राय लेने के बाद आरोप हटाया गया है और मामले की जांच जारी है।

एक अधिकारी ने मंगलवार को यह बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने "सामना" के कार्यकारी संपादक संजय राउत के खिलाफ राजद्रोह के आरोप को हटा दिया है। संजय राउत शिवसेना (यूबीटी) के नेता हैं और "सामना" के कार्यकारी संपादक भी हैं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कानूनी राय लेने और परामर्श करने के बाद राउत के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के आरोप को हटा दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ह्यह्यमामले में कानूनी राय लेने के बाद, पुलिस ने मामले से राजद्रोह का आरोप हटाने का फैसला किया। यवतमाल जिले की पुलिस ने 11 दिसंबर को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य को 'सामना' में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया था। यहां राउत के खिलाफ धारा 124 (ए) (राजद्रोह), 153 (ए) (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने), धारा 505 (2) (वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा या दुर्भावना पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

]]>
Wed, 20 Dec 2023 20:19:33 +0530 Newsdesk
India Alliance Meeting: इंडिया' गठबंधन की आज चौथी बैठक, लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों पर हो सकती है चर्चा  https://citytoday.co.in/76 https://citytoday.co.in/76 दिल्ली India Alliance Meeting:19 दिसंबर यानि की आज मंगलवार को होने वाली इस अहम बैठक में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए सीट के बंटवारे, रणनीति तय करने, और साझा जनसभाओं की योजना बनाने पर चर्चा होगी। कांग्रेस के हाल के चुनावों में हार के बाद, इस बैठक को और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, और मध्य प्रदेश में हार के कारण भी यह बैठक अहम मानी जा रही है। यह बैठक दोपहर 3 बजे दिल्ली के अशोका होटल में होगी।

इस बैठक से पहले, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को घोषणा की कि 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन 2024 के बाद किया जाएगा।"

"सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सकारात्मक एजेंडा बनाने, सीटों का बंटवारा करने, नई रणनीतियों की तैयारी करने, और साझा जनसभाओं की योजना बनाने के लिए मुख्य रूप से चर्चा की जा सकती है। 

"ममता बनर्जी ने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए.' यह पूछे जाने पर कि क्या ‘इंडिया' गठबंधन सीट-बंटवारे जैसे मुद्दों पर कदम उठाने में देर कर रहा है। इस सवाल पर ममता बनर्जी ने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए.' टीएमसी प्रमुख ने कहा कि वह देश भर में गठबंधन सहयोगियों के लिए प्रचार करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ भी बैठक की और देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की है।

वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि पहले गठबंधन की जो समितियां बनाई गई थीं, वो पर्दे के पीछे काम कर रही थीं और चुनाव की तैयारी की जा रही थी. तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी समूह में हर कोई अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय दल बहुत मजबूत हैं।

राजद नेता ने कहा, 'जहां भी क्षेत्रीय पार्टियां हैं, वहां भाजपा कहीं नजर नहीं आती. ज्यादातर क्षेत्रीय पार्टियां ‘इंडिया' गठबंधन के साथ हैं। 

]]>
Tue, 19 Dec 2023 19:10:09 +0530 Newsdesk
Donate For Desh Campaign: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने शुरू किया 'डोनेट फॉर देश' अभियान https://citytoday.co.in/68 https://citytoday.co.in/68 Donate For Desh Campaign:18 दिसंबर को, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले 'डोनेट फॉर देश' (donateinc.in) क्राउडफंडिंग अभियान की शुरुआत की। खरगे ने आम लोगों को योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया।

 और कांग्रेस पार्टी के लिए एक लाख 38 हजार रुपये का दान भी किया। 'डोनेट फॉर देश' पहले से ही लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन चुका है। नेटिजेंस ने दावा किया है, कि कांग्रेस पार्टी की आईटी सेल ने सबसे सस्ता टॉप-लेवल डोमेन (TLD) डोनेट nic.in का चयन किया है। कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि सबसे पुरानी पार्टी ने कथित तौर पर donatefordesh.com और donatefordesh.org डोमेन नाम खो दिए हैं, क्योंकि उन्हें महत्वपूर्ण डोमेन बुक करने में विफलता का सामना करना पड़ा है। एक यूजर ने ट्वीट किया है कि donatefordesh.com ऑपइंडिया सपोर्ट पर रीडायरेक्ट करता है, जबकि donatefordesh.org बीजेपी डोनेशन पेज पर रीडायरेक्ट करता है। 

]]>
Mon, 18 Dec 2023 20:22:56 +0530 Newsdesk
Security lapse In Lok Sabha:सुरक्षा चूक के मामले में उच्च&स्तरीय जांच शुरू , सरकार ने कहा राजनीति नहीं करनी चाहिए https://citytoday.co.in/43 https://citytoday.co.in/43 Security lapse In Lok Sabha : सरकार ने बताया कि लोकसभा में हुई सुरक्षा चूक की घटना के मामले में एक उच्च-स्तरीय जांच की शुरुआत की गई है और विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सदन में हुई कार्यवाही के बाद, विपक्षी सदस्यों ने सुरक्षा की चूक से संबंधित नारेबाजी शुरू की। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी दलों के सदन के नेताओं की बैठक में सुझाव सुने गए और उनमें से कुछ को लागू किया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्यों से राजनीति नहीं करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि घटना के तत्काल बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं को मिलकर संसद की सुरक्षा को सुधारने के लिए बैठक बुलाई। जोशी ने बताया कि कुछ सांसदों के सुझावों को पहले से ही लागू किया गया है, और आज अध्यक्ष ने खुद भी इसे मजबूत करने के लिए और कदम उठाने की संकेत दी हैं। मंत्री ने जताया कि इस राष्ट्रीय मुद्दे को किसी सदस्य द्वारा राजनीतिक बनाए रखना उचित नहीं है।

1974 से 1999 तक संसद में सुरक्षा चूक की कुछ घटनाओं का विवरण देते हुए जोशी ने उभरा दिया कि पहले भी दीर्घकालिक घटनाओं में तत्कालीन अध्यक्षों के निर्देशों के अनुसार त्वरित कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं इन घटनाओं की कल की घटना से तुलना नहीं कर रहा हूं। फिर भी हमें अपने अतीत से सीखना चाहिए, ताकि भविष्य उज्ज्वल हो।" जोशी ने उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे मामलों में इतिहास से सीख निकालने की महत्वपूर्णता पर जोर दिया।

]]>
Thu, 14 Dec 2023 20:40:21 +0530 Newsdesk