City Today & : राज्य https://citytoday.co.in/rss/category/State City Today & : राज्य en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का दौरा, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक कार्यों की सराहना https://citytoday.co.in/7387 https://citytoday.co.in/7387 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के जालंधर जिले के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (Divya Jyoti Jagrati Sansthan - DJJS) के आश्रम का दौरा कर संस्थान द्वारा संचालित आध्यात्मिक, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न सेवा प्रकल्पों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की ओर से धर्म, शिक्षा, गौसंरक्षण, जैविक खेती, आयुर्वेद और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आश्रम पहुंचने पर मुख्यमंत्री का संस्थान के वरिष्ठ संतों और पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। दौरे के दौरान उन्हें संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

नूरमहल आश्रम में किया विभिन्न प्रकल्पों का अवलोकन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्रम परिसर में संचालित कामधेनु गौशाला, जैविक कृषि परियोजना, आयुर्वेदिक उत्पाद निर्माण इकाई तथा अन्य सेवा प्रकल्पों का निरीक्षण किया। संस्थान के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, भारतीय नस्ल की गायों का संरक्षण तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपराओं और आधुनिक सामाजिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए इस प्रकार की पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है।

सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता पर दिया जोर

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक संस्थाएं केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र नहीं होतीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

उन्होंने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में जो कार्य कर रहा है, वह समाज के विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन रहा है।

दृष्टि प्रकल्प की जानकारी ली

संस्थान के संतों ने मुख्यमंत्री को 'दृष्टि प्रकल्प' के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस परियोजना के तहत दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है।

संस्थान के अनुसार इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने वाले कार्यक्रम सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

गौसंरक्षण और जैविक खेती पर चर्चा

संस्थान के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आश्रम में भारतीय नस्ल की गायों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कृषि परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देना वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे।

आयुर्वेद और भारतीय परंपरा के संरक्षण पर बल

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान द्वारा तैयार किए जा रहे आयुर्वेदिक उत्पादों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है और इसे बढ़ावा देने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

संतों से की मुलाकात

इस अवसर पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के शिष्यों स्वामी परमानंद, स्वामी विश्वानंद, स्वामी गिरिधरानंद, स्वामी उमेश आनंद तथा स्वामी गुरुकृपानंद ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संस्थान की विभिन्न सामाजिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों की जानकारी दी।

संतों ने बताया कि संस्थान देश और विदेश में आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित कर रहा है।

मुख्यमंत्री का सम्मान

दौरे के अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने संस्थान के सभी संतों और स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी समाजहित के ऐसे प्रयास जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।

सामाजिक संस्थाओं की भूमिका पर मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थाएं यदि मिलकर कार्य करें तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, गौसंरक्षण और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए सेवा भाव सबसे महत्वपूर्ण आधार है और ऐसे प्रयासों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का यह दौरा आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, दिव्यांग सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रयासों को लेकर चर्चा का विषय बना रहा।

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Tue, 21 Jul 2026 12:18:36 +0530 news desk MPcg
हिमाचल में भारी बारिश से हालात गंभीर: चंबा में मलबे में फंसी बस, भरमौर हाईवे पर पहाड़ से गिरे पत्थर; कई सड़कें बंद, प्रशासन ने जारी की चेतावनी https://citytoday.co.in/7386 https://citytoday.co.in/7386 हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है। मंगलवार को चंबा जिले में भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई प्रमुख राष्ट्रीय और संपर्क मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए, जिससे सैकड़ों यात्री और वाहन रास्तों में फंस गए। इस बीच दो अलग-अलग घटनाओं में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चंबा-तीसा मार्ग पर एक निजी बस मलबे में फंस गई, जबकि चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे, लेकिन समय रहते बस को रोक दिए जाने से सभी यात्रियों की जान बच गई।

प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने, नदी-नालों से दूर रहने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई है।

चंबा-तीसा मार्ग पर मलबे में फंसी बस

मंगलवार सुबह लगातार हो रही बारिश के कारण चंबा-तीसा मार्ग पर कंदला के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक निजी यात्री बस मलबे में फंस गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक सड़क पर आए मलबे से बस का संतुलन बिगड़ने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को नियंत्रित रखा और बस पलटने से बच गई। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

भरमौर हाईवे पर पहाड़ से बरसे पत्थर

दूसरी घटना चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्गेठी क्षेत्र के पास हुई, जहां लगातार बारिश के कारण पहाड़ी का हिस्सा दरक गया और अचानक बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने लगे।

उसी समय एक यात्री बस उस स्थान की ओर बढ़ रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों ने खतरे को देखते हुए समय रहते बस को रोक दिया। कुछ ही सेकंड बाद सड़क पर भारी पत्थर गिरने लगे। यदि बस कुछ मीटर और आगे बढ़ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन ने घटना के बाद तत्काल यातायात रोक दिया।

कई राष्ट्रीय और संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद

लगातार भूस्खलन के कारण चंबा-भरमौर मार्ग के दुर्गेठी और बत्ती की हड्डी क्षेत्र में सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्री घंटों तक फंसे रहे।

इसके अलावा जिले के अनेक संपर्क मार्गों पर भी मलबा आने से आवागमन ठप हो गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की मशीनें सड़कें साफ करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।

भटियात उपमंडल का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा

भारी बारिश का सबसे अधिक असर भटियात उपमंडल में देखने को मिला है। यहां कई प्रमुख सड़कें बंद होने के कारण अनेक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

बंद प्रमुख मार्गों में शामिल हैं:

चुवाड़ी–नूरपुर मार्ग
चुवाड़ी–सिहुंता मार्ग
चुवाड़ी–ककीरा मार्ग
चुवाड़ी–चंबा (जोत मार्ग)

इन मार्गों के बंद होने से स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।

सड़क बहाली में जुटी प्रशासनिक टीमें

जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली कार्य में लगी हुई हैं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के माध्यम से मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ियों से गिर रहे पत्थरों के कारण कार्य बार-बार प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही सभी प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का प्रयास किया जाएगा।

उपायुक्त ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि:

खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।
नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं।
प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों तक भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो चुकी है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं—

मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।
पहाड़ी और भूस्खलन संभावित मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
यात्रा से पहले संबंधित जिले की सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है।

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Tue, 21 Jul 2026 12:11:09 +0530 news desk MPcg
भोजपुर में बारिश के बीच वज्रपात का कहर: वार्ड सदस्य समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत, चार गंभीर झुलसे; खेतों में धान रोप रहे किसानों पर टूटी बिजली, पूरे जिले में मातम https://citytoday.co.in/7380 https://citytoday.co.in/7380 बिहार के भोजपुर जिले में सोमवार को मानसूनी बारिश के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने भीषण तबाही मचा दी। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुछ ही घंटों के भीतर ठनका (बिजली) गिरने की चार अलग-अलग घटनाओं में एक निर्वाचित वार्ड सदस्य समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

सभी घटनाएं उस समय हुईं जब किसान और ग्रामीण खेतों में धान की रोपाई कर रहे थे। लगातार बारिश के बीच अचानक तेज गर्जना और बिजली गिरने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोग मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए। हादसों के बाद गांवों में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन ने घटनाओं की पुष्टि करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।

मानसून के बीच बढ़ा वज्रपात का खतरा

इन दिनों बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके साथ गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

भोजपुर जिले में सोमवार सुबह मौसम अचानक बदला। तेज बारिश के साथ बादलों की लगातार गर्जना शुरू हुई और कुछ ही समय बाद जिले के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की चार बड़ी घटनाएं सामने आईं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों पर वज्रपात का खतरा सबसे अधिक रहता है क्योंकि धान की रोपाई के दौरान किसान खुले और पानी से भरे खेतों में लंबे समय तक काम करते हैं।

पहली घटना: वार्ड सदस्य की मौके पर मौत, दंपती गंभीर रूप से झुलसे

सबसे दर्दनाक घटना आयर थाना क्षेत्र के असुधन मठिया गांव में हुई।

गांव के किसान और मजदूर खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी।

इस हादसे में बरनांव पंचायत के वार्ड संख्या-11 के निर्वाचित वार्ड सदस्य 45 वर्षीय भिखारी सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

भिखारी सिंह गांव में एक सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। उनकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

इसी घटना में खेत में मौजूद 50 वर्षीय ललन सिंह और उनकी 40 वर्षीय पत्नी शिवकुमारी देवी गंभीर रूप से झुलस गए।

स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

दूसरी घटना: खेत में रोपाई कर रही युवती की मौत

दूसरी घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के मदुरी गांव में हुई।

यहां 18 वर्षीय नंदनी कुमारी अपनी छोटी बहन और अन्य महिलाओं के साथ धान की रोपाई कर रही थी।

अचानक तेज बिजली गिरने से नंदनी उसकी चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस हादसे में उसकी 15 वर्षीय छोटी बहन चांदनी कुमारी तथा गांव की एक अन्य किशोरी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

परिवार के लोगों ने बताया कि कुछ ही क्षण पहले सभी सामान्य रूप से खेत में काम कर रहे थे, लेकिन अचानक हुए वज्रपात ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।

तीसरी घटना: चरपोखरी में किसान की मौत

तीसरी घटना चरपोखरी थाना क्षेत्र के खराटी गांव में हुई।

यहां 33 वर्षीय किसान गोविंद कुमार खेत में धान की रोपाई कर रहे थे।

अचानक बिजली गिरने से वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

ग्रामीण उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

चौथी घटना: हसन बाजार में किसान ने गंवाई जान

चौथी घटना हसन बाजार थाना क्षेत्र के बसमनपुर गांव में हुई।

यहां 57 वर्षीय किसान जमींदार सिंह खेत में कृषि कार्य कर रहे थे।

अचानक हुए वज्रपात में वे भी चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

कुछ ही घंटों के भीतर जिले के चार अलग-अलग हिस्सों में चार लोगों की मौत से पूरे भोजपुर जिले में शोक का माहौल बन गया।

हादसों के बाद गांवों में पसरा मातम

चारों घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में मातम छा गया।

जहां कुछ परिवारों ने अपने घर के मुखिया को खो दिया, वहीं कुछ परिवारों की युवा बेटियां असमय मौत का शिकार हो गईं।

मृतकों के घरों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में खेती का काम रोकना संभव नहीं होता, इसलिए किसान मौसम खराब होने के बावजूद खेतों में काम करने को मजबूर रहते हैं।

घायलों का इलाज जारी

चारों घटनाओं में झुलसे लोगों को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

प्रशासन मौके पर पहुंचा

हादसों की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस, अंचल प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थलों पर पहुंचे।

अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की तथा राहत और सहायता का भरोसा दिलाया।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

क्यों बढ़ जाती हैं वज्रपात की घटनाएं?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान बादलों में अत्यधिक विद्युत आवेश बनने पर आकाशीय बिजली गिरती है।

खुले खेत, जलभराव वाले क्षेत्र, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान ऐसे स्थान हैं जहां वज्रपात का खतरा अधिक रहता है।

धान की खेती के दौरान किसान लंबे समय तक पानी से भरे खेतों में रहते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

बिहार में हर साल जाती हैं सैकड़ों जानें

बिहार देश के उन राज्यों में शामिल है जहां हर वर्ष आकाशीय बिजली से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अधिकांश मौतें खेतों में काम कर रहे किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों की होती हैं।

सरकार समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाती है और मौसम विभाग मोबाइल अलर्ट भी जारी करता है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक—

गरज-चमक,
मध्यम से भारी बारिश,
तथा आकाशीय बिजली गिरने

की संभावना जताई है।

लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार—

गरज-चमक शुरू होते ही खेतों से तुरंत बाहर निकलें।
किसी पेड़, बिजली के खंभे या टावर के नीचे खड़े न हों।
खुले मैदान में मोबाइल फोन का सामान्य उपयोग स्वयं में जोखिम नहीं माना जाता, लेकिन ऊंचे धातु ढांचों से दूरी रखें।
यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध हो तो तुरंत उसके भीतर चले जाएं।
मौसम विभाग के अलर्ट और 'दामिनी' जैसे आधिकारिक बिजली चेतावनी ऐप का उपयोग करें।
बारिश के दौरान पानी से भरे खेतों में काम करने से बचें।
बिजली चमकने और गर्जना सुनाई देने के बीच समय कम हो तो इसे निकट वज्रपात का संकेत मानें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं।
प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से कहा है कि मौसम खराब होने पर खेती का काम कुछ समय के लिए रोक दें और किसी भी स्थिति में खुले खेतों, नदी किनारे या पेड़ों के नीचे शरण न लें।

प्रशासन ने यह भी कहा कि मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना ही ऐसी घटनाओं से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

फिलहाल स्थिति

भोजपुर में हुई इन चार दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान आकाशीय बिजली के बढ़ते खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया है। एक ही दिन में चार परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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Mon, 20 Jul 2026 17:15:41 +0530 news desk MPcg
मोहाली एयरोट्रोपोलिस परियोजना: 8 गांवों की जमीन अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेगा ₹23,457 करोड़ से ज्यादा मुआवजा https://citytoday.co.in/7377 https://citytoday.co.in/7377 ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विस्तार के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आठ गांवों की 3,522.98 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी कर दिया है। इस अधिग्रहण के तहत प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को कुल 23,457.74 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, दूसरी ओर कई किसान संगठन भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि पहले से अधिग्रहित जमीन का विकास कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है।

एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए जारी हुआ अवॉर्ड

GMADA द्वारा जारी अवॉर्ड एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विभिन्न सेक्टरों और पॉकेट्स के विकास के लिए है। यह परियोजना मोहाली को आधुनिक शहरी, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए आठ गांवों की कुल 3,522.98 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके बदले किसानों को निर्धारित दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

अधिग्रहण में शामिल प्रमुख गांव हैं:

कुर्ड़ी
पट्टों
सियाऊं
बारी
मटरां
बाकरपुर
छत
किशनपुरा

इन सभी गांवों में अलग-अलग क्षेत्रफल की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है और प्रत्येक गांव के लिए मुआवजे की राशि भी अलग तय की गई है।

किस गांव को कितना मिलेगा मुआवजा?

GMADA की ओर से जारी अवॉर्ड के अनुसार:

कुर्ड़ी गांव की 1,395.90 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹8,778 करोड़ का मुआवजा निर्धारित किया गया है। यह सबसे बड़ा अधिग्रहण क्षेत्र है।
पट्टों गांव की 416.01 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹2,940 करोड़ दिए जाएंगे।
सियाऊं गांव की 405.76 एकड़ भूमि के लिए करीब ₹2,972 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है।
बारी गांव की 375.78 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹2,701 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
मटरां गांव की 59.89 एकड़ भूमि के लिए करीब ₹496 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
बाकरपुर गांव की 51.33 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹422 करोड़ का मुआवजा मिलेगा।
छत और किशनपुरा की कुल 755.57 एकड़ भूमि के लिए लगभग ₹4,751 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
प्रति एकड़ मुआवजे में भी बड़ा अंतर

GMADA ने प्रत्येक गांव के लिए भूमि की स्थिति और अन्य मानकों के आधार पर अलग-अलग प्रति एकड़ मुआवजा तय किया है।

प्रमुख दरें इस प्रकार हैं:

मटरां – ₹8.29 करोड़ प्रति एकड़
बाकरपुर – ₹8.22 करोड़ प्रति एकड़
सियाऊं – ₹7.33 करोड़ प्रति एकड़
बारी – ₹7.19 करोड़ प्रति एकड़
पट्टों – ₹7.07 करोड़ प्रति एकड़
कुर्ड़ी, छत और किशनपुरा – ₹6.29 करोड़ प्रति एकड़

इन दरों के अनुसार किसानों को करोड़ों रुपये का मुआवजा मिलने का प्रावधान किया गया है।

किसान लगातार कर रहे हैं विरोध

हालांकि मुआवजे की घोषणा के बावजूद किसान संगठनों का विरोध जारी है। किसानों का कहना है कि सरकार पहले भी एयरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहित कर चुकी है, लेकिन उसका विकास अभी तक पूरी तरह नहीं हुआ। ऐसे में नई जमीन अधिग्रहित करने का फैसला उचित नहीं है।

किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को लगातार विकास परियोजनाओं के नाम पर लिया जा रहा है, जिससे खेती और आजीविका पर असर पड़ रहा है।

प्रदर्शन की घोषणा, कई किसान नेता हिरासत में

भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान संगठनों ने सोमवार को GMADA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई किसान नेताओं को एहतियातन हिरासत में भी लिया।

हालांकि किसान संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

परियोजना से विकास की उम्मीद, लेकिन विवाद भी बरकरार

सरकार का दावा है कि एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विस्तार से मोहाली क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आधुनिक शहरी ढांचा विकसित होगा। वहीं दूसरी ओर किसान संगठन इसे कृषि भूमि के लगातार कम होने और किसानों के हितों पर असर डालने वाला कदम बता रहे हैं।

फिलहाल GMADA द्वारा अवॉर्ड जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है, जबकि किसानों का विरोध और प्रशासन की कार्रवाई दोनों समानांतर रूप से जारी हैं।

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Mon, 20 Jul 2026 16:49:22 +0530 news desk MPcg
पटना में एक बाइक पर सवार मिले 4 पुलिसकर्मी, वायरल वीडियो के बाद विभाग का एक्शन; ₹2000 चालान, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू https://citytoday.co.in/7362 https://citytoday.co.in/7362 बिहार की राजधानी पटना से पुलिस विभाग से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक ही बाइक पर चार पुलिसकर्मी सवार नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद पटना ट्रैफिक पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, बाइक पर क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और हेलमेट नियमों का उल्लंघन करने के मामले में बाइक चालक के खिलाफ चालान काटा गया है। वहीं, बाइक पर सवार सभी चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिसकर्मियों का वीडियो

दरअसल, रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें चार पुलिसकर्मी एक ही मोटरसाइकिल पर यात्रा करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में देखा गया कि बाइक चालक हेलमेट पहने हुए था, लेकिन पीछे बैठे तीन पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के बैठे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। यूजर्स ने कहा कि आम लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन कराने वाली पुलिस को खुद भी नियमों का पालन करना चाहिए।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पटना ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया सेल ने वीडियो को संज्ञान में लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

जांच में सामने आई वीडियो की तारीख

पटना ट्रैफिक पुलिस ने वीडियो की जांच कराई। जांच के दौरान पता चला कि वायरल वीडियो 30 जून का है। इसके बाद वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मियों की पहचान की गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाइक चला रहे जवान की पहचान होमगार्ड अभय कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। वह पुलिस मुख्यालय में कार्यरत हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में दिख रहे अन्य पुलिसकर्मियों की भी पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बाइक चालक का ₹2000 का चालान, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

मामले में बाइक चालक अभय कुमार सिन्हा के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने बताया कि बाइक पर चार लोगों के बैठने यानी ओवरलोडिंग और हेलमेट नियमों के उल्लंघन के लिए उनका ₹2000 का चालान काटा गया है।

इसके अलावा उनके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

चारों पुलिसकर्मियों पर होगी विभागीय कार्रवाई

पटना ट्रैफिक एसपी सागर कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मी कानून और नियमों के पालन की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में अगर वही नियमों की अनदेखी करते हैं तो यह गंभीर मामला माना जाता है।

चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की अनुशंसा की गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या दिखा था वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो में एक मोटरसाइकिल पर चार पुलिसकर्मी बैठे दिखाई दे रहे हैं। बाइक चालक ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि पीछे बैठे तीनों पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के थे।

इसके अलावा बाइक पर चार लोगों का सवार होना भी मोटर वाहन नियमों के खिलाफ है। दोपहिया वाहन पर तय संख्या से अधिक लोगों को बैठाना सड़क सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।

लोगों ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई।

कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब पुलिस आम नागरिकों का बिना हेलमेट और ओवरलोडिंग के लिए चालान करती है, तो पुलिसकर्मियों पर भी उसी तरह सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कुछ यूजर्स ने पुलिस विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि नियम लागू करने वालों को भी नियमों का पालन करना चाहिए।

पटना पुलिस ने जारी की सख्त हिदायत

मामले के बाद पटना पुलिस ने अपने सभी जवानों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नियम सभी के लिए समान हैं और किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नियम तोड़ने की अनुमति नहीं है।

पटना ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान हो या निजी समय में, पुलिसकर्मियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

पुलिस की छवि से जुड़ा मामला

पुलिस विभाग का काम कानून का पालन कराना और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना होता है। ऐसे में जब पुलिसकर्मी ही नियम तोड़ते हुए नजर आते हैं, तो इसका असर विभाग की छवि पर पड़ता है।

इसी वजह से पटना ट्रैफिक पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चालान, लाइसेंस कार्रवाई और विभागीय जांच शुरू की है।

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Mon, 20 Jul 2026 12:53:32 +0530 news desk MPcg
PM मोदी की एक तारीफ ने जीत लिया 'टर्बन मैन' का दिल, डेढ़ मिनट में सजी हरी शाही पगड़ी; जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी https://citytoday.co.in/7360 https://citytoday.co.in/7360 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के दौरान उनके सिर पर सजी हरी रंग की सेमी पटियाला शाही पगड़ी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। मंच पर प्रधानमंत्री की इस अलग और पारंपरिक सिख वेशभूषा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। लेकिन इन तस्वीरों के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है, जिसने पंजाब की पगड़ी कला को एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

प्रधानमंत्री को यह विशेष पगड़ी बांधने वाले जालंधर के प्रसिद्ध 'टर्बन मैन' सनप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के कुछ शब्दों ने उनकी घबराहट को पलभर में आत्मविश्वास में बदल दिया। मोदी ने मुस्कुराते हुए उनसे कहा, "पिछली बार से भी बढ़िया बांधना", और पगड़ी बंधने के बाद शीशे में देखकर कहा, "बहुत सुंदर बांधी है।" यही शब्द उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गए।

पंजाब दौरे की सबसे चर्चित तस्वीर बनी हरी पगड़ी

17 जुलाई को पंजाब दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरे रंग की पगड़ी पूरे कार्यक्रम की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रही। पारंपरिक सेमी पटियाला शैली में बंधी यह पगड़ी पंजाब की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनी, जबकि हरे रंग को कृषि और किसानों से जोड़कर भी देखा गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की वेशभूषा में स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाना उनके विभिन्न राज्यों के दौरों की एक स्थापित परंपरा रही है। पंजाब में हरी पगड़ी पहनना भी स्थानीय परंपरा और सम्मान का प्रतीक माना गया।

तीसरी बार मिला प्रधानमंत्री को पगड़ी बांधने का अवसर

जालंधर के सेंट्रल टाउन निवासी सनप्रीत सिंह के लिए यह कोई पहला अवसर नहीं था। उन्होंने बताया कि यह तीसरी बार था जब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पगड़ी पहनाने का मौका मिला।

इससे पहले उन्होंने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री को पहली बार केसरी रंग की पगड़ी पहनाई थी। इसके बाद फरवरी 2026 में डेरा बल्लां दौरे के दौरान भी उन्होंने प्रधानमंत्री को पगड़ी बांधी थी। इस बार का अवसर उनके लिए इसलिए भी खास था क्योंकि उन्हें पहली बार हरे रंग की विशेष शाही पगड़ी तैयार करने की जिम्मेदारी मिली।

सनप्रीत के अनुसार, हर बार प्रधानमंत्री को पगड़ी पहनाना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी होती है, क्योंकि देश और दुनिया की नजरें उस पल पर होती हैं।

'पिछली बार से बढ़िया बांधना'—PM मोदी की बात ने बढ़ाया आत्मविश्वास

सनप्रीत सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के सामने खड़े होने पर वह स्वाभाविक रूप से थोड़ा घबराए हुए थे। उनके मन में केवल एक ही बात थी कि पगड़ी कहीं से ढीली, टेढ़ी या असंतुलित न लगे।

उन्होंने बताया कि जैसे ही प्रधानमंत्री उनके पास पहुंचे, उन्होंने उन्हें पहचान लिया और मुस्कुराते हुए कहा—

"पिछली बार से बढ़िया बांधना।"

प्रधानमंत्री के इन सहज शब्दों ने उनकी सारी घबराहट दूर कर दी। सनप्रीत ने पूरे आत्मविश्वास के साथ लगभग डेढ़ मिनट में पगड़ी बांध दी। पगड़ी तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री ने सामने लगे शीशे में खुद को देखा और मुस्कुराते हुए कहा—

"बहुत सुंदर बांधी है।"

सनप्रीत कहते हैं कि प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया उनके जीवन की सबसे अनमोल याद बन गई।

सिर्फ डेढ़ मिनट में तैयार हुई छह मीटर लंबी शाही पगड़ी

सनप्रीत के मुताबिक इस बार प्रधानमंत्री के लिए करीब छह मीटर लंबा कपड़ा इस्तेमाल किया गया। यह पारंपरिक सेमी पटियाला स्टाइल में तैयार की गई थी।

उन्होंने बताया कि पिछली बार की तुलना में पगड़ी का आकार लगभग समान रखा गया, लेकिन इस बार अंतिम छोर (लड़) को मोरनी स्टाइल में रखने के बजाय सीधा और सादा रखा गया, जिससे इसका स्वरूप अधिक शालीन और आकर्षक दिखाई दिया।

इतनी लंबी पगड़ी को संतुलित ढंग से महज डेढ़ मिनट में बांधना आसान नहीं होता। इसके लिए वर्षों का अभ्यास और तकनीकी कौशल जरूरी होता है।

सुरक्षा के बीच भी नहीं टूटा ध्यान

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम थे। सनप्रीत ने बताया कि सुरक्षा जांच और प्रोटोकॉल के कारण पूरा कार्यक्रम समयबद्ध था। उनके पास बातचीत के लिए बहुत कम समय था।

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि प्रधानमंत्री से कुछ देर बातचीत करें, लेकिन उन्हें डर था कि यदि ध्यान भटक गया तो पगड़ी बांधने में कोई कमी रह सकती है।

इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भी कपड़े को संभालने में उनकी मदद की। कार्यक्रम पूरा होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के साथ उनकी तस्वीर भी खिंचवाई, जिसे वह अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानते हैं।

पटका भूल गए थे, फिर समय रहते पहुंचा

सनप्रीत ने बताया कि कार्यक्रम की जानकारी उन्हें एक दिन पहले केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के कार्यालय से मिली थी। उन्हें विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी तैयार रखने के लिए कहा गया था।

हालांकि कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की जल्दबाजी और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बीच वे पगड़ी के नीचे बांधा जाने वाला पटका साथ लाना भूल गए।

जब उन्हें इसका एहसास हुआ तो तुरंत व्यवस्था कर समय रहते पटका मंगवा लिया गया। उन्होंने बताया कि पहले दो अवसरों पर प्रधानमंत्री को बिना पटके के पगड़ी पहनाई गई थी, लेकिन इस बार उनकी इच्छा थी कि पूरी पारंपरिक शैली का पालन किया जाए।

हरी पगड़ी क्यों बनी चर्चा का विषय?

पंजाब में हरे रंग का विशेष सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व माना जाता है। यह रंग खेती, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे में इसी रंग की पगड़ी पहनने को कई लोगों ने किसानों और पंजाब की कृषि परंपरा के सम्मान के रूप में भी देखा। हालांकि आधिकारिक रूप से इस रंग के चयन के पीछे कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की गई।

पगड़ी सिर्फ परिधान नहीं, पंजाब की पहचान

सिख परंपरा में पगड़ी केवल सिर ढकने का वस्त्र नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मसम्मान, मर्यादा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। पंजाब की विभिन्न शैलियों—पटियाला शाही, अमृतसरी, नोकदार और सेमी पटियाला—की अपनी अलग विशेषताएं हैं।

टर्बन कलाकार वर्षों के अभ्यास के बाद इस कला में दक्ष होते हैं। कपड़े की लंबाई, मोड़ों का संतुलन, चेहरे के अनुरूप आकार और समयबद्ध तरीके से पगड़ी बांधना एक विशेष कौशल माना जाता है।

'टर्बन मैन' के लिए यादगार उपलब्धि

सनप्रीत सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री को पहली बार पगड़ी पहनाने का अवसर उन्हें भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह अमरी के माध्यम से मिला था। तब से लेकर अब तक तीन बार देश के प्रधानमंत्री को पगड़ी पहनाने का अवसर मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

उनका कहना है कि लाखों लोगों के सामने देश के प्रधानमंत्री को पारंपरिक पगड़ी पहनाना किसी भी कलाकार के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री की प्रशंसा ने इस सम्मान को और भी खास बना दिया।

सोशल मीडिया पर भी छाई रही तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी की हरी पगड़ी वाली तस्वीरें पंजाब दौरे के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गईं। कई लोगों ने इसे पंजाब की संस्कृति और परंपरा का सम्मान बताया, जबकि फैशन और संस्कृति से जुड़े विशेषज्ञों ने पगड़ी की डिजाइन और उसकी बंधाई की भी सराहना की।

इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता में पारंपरिक वेशभूषा और स्थानीय कला का कितना महत्वपूर्ण स्थान है। वहीं, जालंधर के 'टर्बन मैन' सनप्रीत सिंह के लिए यह केवल एक पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि जीवनभर संजोकर रखने वाली याद बन गई।

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Mon, 20 Jul 2026 12:19:57 +0530 news desk MPcg
हरियाणा में बनेंगे 50 हजार वन मित्र, पौधे लगाकर सालाना 1.70 लाख रुपये तक कमाने का मौका https://citytoday.co.in/7354 https://citytoday.co.in/7354 पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और आम लोगों को हरियाली अभियान से जोड़ने के लिए हरियाणा सरकार ने वन मित्र योजना को और आसान बना दिया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में करीब 50 हजार वन मित्र तैयार करना है, ताकि बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा सके और लोगों को रोजगार का अवसर भी मिल सके। योजना के तहत एक वन मित्र पौधों की देखभाल कर सालाना 1.70 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर सकता है।

सरकार ने योजना के नियमों में बदलाव करते हुए प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें। अब पौधारोपण से लेकर पौधों की जियो-टैगिंग और निगरानी तक की प्रक्रिया को आसान किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार का अवसर

हरियाणा सरकार की वन मित्र योजना का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। योजना के तहत वन मित्रों को पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इसके बदले सरकार की ओर से उन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाता है।

एक वन मित्र अधिकतम 1000 पौधे लगा सकता है। इन पौधों की देखभाल के आधार पर उसे अलग-अलग चरणों में भुगतान किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और आम नागरिकों के लिए आय का एक अतिरिक्त साधन तैयार हो सकता है।

नियमों में किए गए बड़े बदलाव

वन मित्र योजना को पहले की तुलना में अधिक सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। पहले योजना में कुछ कठिन शर्तें थीं, जिसके कारण लोगों की भागीदारी सीमित रही। अब सरकार ने कई नियमों में बदलाव किया है।

नए बदलावों के अनुसार—

अब केवल बड़े पौधों की जगह छोटे पौधे भी लगाए जा सकेंगे।
पौधों के बीच दूरी संबंधी नियमों को आसान बनाया गया है।
वन मित्र मोबाइल ऐप को सरल बनाया गया है।
पौधों की जियो-टैगिंग और प्रगति रिपोर्ट अपलोड करना आसान किया गया है।

इन बदलावों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ना है।

पौधे लगाने और देखभाल के लिए मिलेगा भुगतान

योजना के तहत वन मित्रों को पौधारोपण के अलग-अलग कार्यों के लिए भुगतान किया जाता है।

मानदेय की व्यवस्था इस प्रकार है—

गड्ढा खोदने के लिए 20 रुपये प्रति गड्ढा
पौधा लगाने के लिए 30 रुपये प्रति पौधा
पौधे को जीवित रखने और देखभाल करने के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रति माह प्रति पौधा

इसके अलावा अगले वर्षों में भी पौधों की देखभाल के लिए निर्धारित भुगतान किया जाएगा। वन मित्रों को इन पौधों की करीब चार साल तक देखभाल करनी होगी।

सरकारी ही नहीं, निजी जमीन पर भी कर सकेंगे पौधारोपण

योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब पौधारोपण के लिए जमीन संबंधी नियमों में भी राहत दी गई है। पहले जहां मुख्य रूप से सरकारी और पंचायती जमीन पर पौधे लगाने की अनुमति थी, वहीं अब किसान की निजी जमीन पर भी पौधारोपण किया जा सकेगा।

हालांकि निजी जमीन पर पौधे लगाने के लिए संबंधित किसान की सहमति जरूरी होगी। किसान को एक सहमति पत्र देना होगा, जिसमें वह वन मित्र द्वारा पौधे लगाने और उनकी देखभाल पर अपनी अनुमति देगा।

फतेहाबाद में 1327 वन मित्र पंजीकृत

फतेहाबाद जिले में अब तक 1327 वन मित्रों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि वर्तमान में केवल 24 वन मित्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

पिछले दो वर्षों में जिले के वन मित्रों ने करीब 2 लाख 34 हजार 660 पौधे लगाए हैं। इन पौधों के लिए सरकार की ओर से अब तक लगभग 7 लाख 48 हजार रुपये की मानदेय राशि जारी की जा चुकी है।

जिला वन विभाग ने सक्रिय वन मित्रों के साथ बैठक कर योजना में हुए नए बदलावों की जानकारी दी है।

वन मित्र बनने के लिए जरूरी योग्यता

योजना से जुड़ने के लिए आवेदक को कुछ आवश्यक पात्रता पूरी करनी होगी।

वन मित्र बनने के लिए—

आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

इच्छुक नागरिक वन विभाग के आधिकारिक वन मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

मोबाइल ऐप से होगी निगरानी

वन मित्र योजना में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। अब मोबाइल ऐप के माध्यम से पौधों की जानकारी, जियो-टैगिंग और उनकी स्थिति की रिपोर्ट आसानी से दर्ज की जा सकेगी।

वन विभाग का कहना है कि इससे पौधारोपण अभियान में पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल हो रही है।

डीएफओ ने वन मित्रों से सक्रिय होने की अपील की

फतेहाबाद के जिला वन अधिकारी राजेश लीलड़ ने वन मित्रों से अपील की है कि वे योजना का पूरा लाभ उठाएं और पौधारोपण कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पंजीकरण कराया है लेकिन अभी तक फील्ड में सक्रिय नहीं हुए हैं, वे दोबारा काम शुरू करें और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में योगदान दें।

50 हजार वन मित्रों का लक्ष्य

हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेशभर में 50 हजार वन मित्र तैयार करना है। सरकार का मानना है कि इससे एक ओर जहां प्रदेश में हरियाली बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।

वन मित्र योजना को पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और सामुदायिक भागीदारी को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने की तैयारी है।

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Sat, 18 Jul 2026 18:45:32 +0530 news desk MPcg
सावन में रेलवे का तोहफा, थावे&गोपालगंज से चलेगी देवघर स्पेशल https://citytoday.co.in/7350 https://citytoday.co.in/7350 सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव के लाखों श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात की घोषणा की है। श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने 05028/05027 बढ़नी–देवघर–बढ़नी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन 28 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक बढ़नी से तथा 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक देवघर से प्रतिदिन संचालित होगी। इस नई सेवा से विशेष रूप से बिहार के थावे और गोपालगंज के श्रद्धालुओं को पहली बार सावन में देवघर के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इससे लाखों यात्रियों को यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा कम होगी और श्रावणी मेले में बढ़ने वाली भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

श्रावणी मेले के दौरान बढ़ जाती है यात्रियों की संख्या

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इसकी विशेष मान्यता है। सावन के महीने में देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करने वाले कांवड़ियों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेल मार्ग से भी देवघर पहुंचते हैं। हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है, जिससे यात्रियों को टिकट, सीट और यात्रा संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है और इस वर्ष बढ़नी–देवघर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन भी उसी योजना का हिस्सा है।

थावे और गोपालगंज को पहली बार मिली सीधी रेल सुविधा

इस विशेष ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह थावे और गोपालगंज होकर संचालित होगी। अब तक इन क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को देवघर पहुंचने के लिए गोरखपुर, हाजीपुर, पटना या अन्य बड़े जंक्शनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी। कई बार लंबे इंतजार और भारी भीड़ के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। नई स्पेशल ट्रेन शुरू होने के बाद श्रद्धालु बिना ट्रेन बदले सीधे बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा और बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को विशेष राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस रूट पर सीधी रेल सेवा की मांग की जा रही थी और अब रेलवे ने उसे पूरा किया है।

33-33 फेरों में प्रतिदिन होगा संचालन

रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 05028 बढ़नी–देवघर श्रावणी मेला स्पेशल का संचालन 28 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा, जबकि 05027 देवघर–बढ़नी श्रावणी मेला स्पेशल 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन चलेगी। दोनों दिशाओं में कुल 33-33 फेरे लगाए जाएंगे। प्रतिदिन संचालन होने से श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और सामान्य ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था श्रावणी मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इन प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन

रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (वाराणसी) सुमित कुमार के अनुसार बढ़नी से चलने वाली ट्रेन रात 9:00 बजे थावे तथा रात 9:22 बजे गोपालगंज पहुंचेगी। वहीं देवघर से लौटने वाली ट्रेन सुबह 8:06 बजे गोपालगंज और सुबह 9:10 बजे थावे पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन बढ़नी, गोरखपुर, कप्तानगंज, तमकुही रोड, थावे, गोपालगंज, मशरख, मढ़ौरा, सोनपुर, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बांका और देवघर सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर संचालित होगी। इस रूट से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हजारों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें बार-बार ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

16 अनारक्षित कोच से बिना रिजर्वेशन भी होगी यात्रा आसान

श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अचानक यात्रा की योजना बनाते हैं। इसी कारण रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन में कुल 16 अनारक्षित कोच लगाने का निर्णय लिया है। इनमें 14 साधारण द्वितीय श्रेणी (जनरल) कोच और 2 एसएलआर (गार्ड एवं लगेज वैन) शामिल होंगे। अधिकतर कोच अनारक्षित होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना अग्रिम आरक्षण के भी यात्रा कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से कांवड़ियों, ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों और अंतिम समय में यात्रा करने वालों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही सामान्य ट्रेनों पर भी भीड़ का दबाव कम होने की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों को होगा सीधा लाभ

इस विशेष ट्रेन का लाभ केवल गोपालगंज और थावे तक सीमित नहीं रहेगा। गोरखपुर, कुशीनगर, सारण, सोनपुर, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बांका और देवघर सहित कई जिलों के श्रद्धालुओं को सीधी रेल सुविधा मिलेगी। इन क्षेत्रों से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम जाते हैं। रेलवे का मानना है कि इस सेवा से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं को मिलेगा मजबूती

श्रावणी मेले के दौरान भारतीय रेलवे केवल विशेष ट्रेनें ही नहीं चलाता, बल्कि यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता, साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा बलों की तैनाती और भीड़ नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं भी करता है। रेलवे का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, आरामदायक और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से नियमित ट्रेनों में भीड़ कम होगी और स्टेशन परिसरों में भी व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

बाबा बैद्यनाथ धाम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे प्रतिष्ठित शिव मंदिरों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां भगवान शिव स्वयं ज्योतिर्लिंग रूप में विराजमान हैं। सावन के महीने में यहां आयोजित होने वाला श्रावणी मेला विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। लाखों कांवड़िये सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस अवधि में देवघर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेष ट्रेन के संचालन से केवल श्रद्धालुओं को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि मार्ग में पड़ने वाले शहरों और कस्बों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। होटल, धर्मशालाएं, भोजनालय, परिवहन सेवाएं, प्रसाद विक्रेता, फूल-माला और पूजा सामग्री के व्यवसाय से जुड़े लोगों को श्रावणी मेले के दौरान अधिक व्यापार मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।

श्रद्धालुओं में खुशी, यात्रा होगी पहले से अधिक आसान

रेलवे की इस घोषणा के बाद गोपालगंज, थावे और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस मार्ग पर सीधी ट्रेन की मांग की जा रही थी। अब सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सरल, सस्ती और सुविधाजनक हो जाएगी। रेलवे अधिकारियों का भी मानना है कि यह स्पेशल ट्रेन श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य तथ्य
ट्रेन संख्या: 05028/05027
ट्रेन का नाम: बढ़नी–देवघर–बढ़नी श्रावणी मेला स्पेशल
संचालन अवधि (बढ़नी से): 28 जुलाई–29 अगस्त 2026
संचालन अवधि (देवघर से): 29 जुलाई–30 अगस्त 2026
संचालन: प्रतिदिन, कुल 33-33 फेरे
थावे आगमन: रात 9:00 बजे
गोपालगंज आगमन: रात 9:22 बजे
देवघर से वापसी में गोपालगंज: सुबह 8:06 बजे
देवघर से वापसी में थावे: सुबह 9:10 बजे
कोच संरचना: 16 अनारक्षित (14 जनरल + 2 एसएलआर)
मुख्य लाभार्थी: बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु।

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Sat, 18 Jul 2026 17:48:21 +0530 news desk MPcg
10 साल तक सरकार का इंतजार, फिर 500 ग्रामीणों ने खुद बना दिया 100 फीट लंबा पुल; कुल्लू की अनोखी मिसाल बनी चर्चा का विषय https://citytoday.co.in/7349 https://citytoday.co.in/7349 हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की भलाण-एक पंचायत से जनभागीदारी और सामुदायिक एकजुटता की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। जहां एक ओर ग्रामीण करीब दस वर्षों तक सरकार और प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण की मांग करते रहे, वहीं दूसरी ओर इंतजार लंबा होने पर उन्होंने खुद अपनी समस्या का समाधान निकालने का फैसला किया। पंचायत प्रधान की पहल से शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र का जनआंदोलन बन गया और पांच लोगों से शुरू हुई मुहिम में लगभग 500 ग्रामीण शामिल हो गए। सभी ने मिलकर श्रमदान किया और मनिहार खड्ड पर करीब 100 फीट लंबा लकड़ी का पुल तैयार कर दिया।

इस पुल के बनने से भलाण-एक, भलाण-दो, ज्येष्ठा, गड़सा, पारली और आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिली है। बरसात के मौसम में जिस खड्ड को पार करना लोगों के लिए जानलेवा चुनौती बन जाता था, अब उसी स्थान पर ग्रामीणों द्वारा बनाया गया पुल आवागमन का नया सहारा बन गया है।

वर्ष 2016 की बाढ़ में बह गया था पुराना पुल

स्थानीय लोगों के अनुसार मनिहार खड्ड पर पहले एक पुल मौजूद था, लेकिन वर्ष 2016 में आई भीषण बारिश और बाढ़ के दौरान वह पूरी तरह बह गया। पुल टूटने के बाद पूरे इलाके की आवाजाही प्रभावित हो गई।

इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार पंचायत, लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन के समक्ष स्थायी पुल बनाने की मांग रखी। विभिन्न स्तरों पर आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन वर्षों तक कोई ठोस निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

हर मानसून में मनिहार खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता था। ऐसे समय में पुल न होने के कारण कई गांवों का संपर्क भुंतर और जिला मुख्यालय कुल्लू से लगभग कट जाता था।

रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा गहरा असर

पुल नहीं होने का सबसे अधिक असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ता था। ग्रामीणों के सामने कई तरह की समस्याएं थीं—

स्कूली बच्चों को शिक्षा के लिए लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता था।
बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल पहुंचाने में काफी समय लगता था।
किसानों को अपनी फसल और बागवानी उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में दिक्कत होती थी।
गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना मुश्किल हो जाता था।
बरसात के दौरान कई बार लोग जान जोखिम में डालकर खड्ड पार करने को मजबूर होते थे।
कई किलोमीटर अतिरिक्त सफर करने से समय और आर्थिक खर्च दोनों बढ़ जाते थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल न होने के कारण पूरे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक जीवन लंबे समय तक प्रभावित रहा।

पांच लोगों ने लिया संकल्प, फिर बन गई 500 लोगों की टीम

नई पंचायत के गठन के बाद भलाण-एक पंचायत के प्रधान विनोद शर्मा सहित पांच ग्रामीणों ने तय किया कि यदि सरकारी सहायता नहीं मिल रही है, तो गांव के लोग मिलकर स्वयं पुल बनाएंगे।

शुरुआत में केवल पांच लोग निर्माण कार्य में जुटे। उन्होंने लकड़ी, रस्सियों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था शुरू की। धीरे-धीरे यह प्रयास पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।

एक-एक कर आसपास के गांवों के लोग भी जुड़ते चले गए। कुछ लोगों ने श्रमदान किया, कुछ ने निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई, तो कई ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया। देखते ही देखते यह संख्या लगभग 500 तक पहुंच गई और पूरे क्षेत्र ने मिलकर पुल निर्माण को सामुदायिक अभियान बना दिया।

केवल एक महीने में तैयार हो गया पुल

लगातार श्रमदान और सामूहिक सहयोग के चलते लगभग एक महीने के भीतर मनिहार खड्ड पर करीब 100 फीट लंबा लकड़ी का पुल तैयार कर लिया गया।

ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लकड़ी और अन्य सामग्री का उपयोग करते हुए पुल बनाया, जिससे लोगों का आवागमन फिर से शुरू हो सका।

हालांकि यह पुल स्थायी कंक्रीट संरचना नहीं है, लेकिन फिलहाल यह हजारों लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन गया है।

पांच हजार से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ

इस पुल के बनने से भलाण-एक, भलाण-दो, ज्येष्ठा, गड़सा, पारली सहित आसपास के कई गांवों की पांच हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिला है।

अब ग्रामीणों को—

भुंतर और कुल्लू तक पहुंचने में कम समय लगेगा।
बच्चों की स्कूल पहुंच आसान होगी।
मरीजों को अस्पताल ले जाना पहले से अधिक सुविधाजनक होगा।
खेती-बागवानी से जुड़े उत्पादों का परिवहन आसान होगा।
बरसात में आवागमन की समस्या काफी हद तक कम होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल केवल लकड़ी का ढांचा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों की एकजुटता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

निर्माण पर आया साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक खर्च

पंचायत प्रधान विनोद शर्मा के अनुसार पुल के निर्माण पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की लागत आई।

निर्माण कार्य में शामिल अधिकांश लोगों ने श्रमदान किया। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने आर्थिक सहयोग भी दिया, जिससे पुल निर्माण का कार्य पूरा किया जा सका।

यदि श्रमदान का आर्थिक मूल्य जोड़ा जाए तो इस परियोजना का वास्तविक योगदान और भी अधिक माना जा सकता है।

सरकार से अब भी स्थायी पुल की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने मजबूरी में स्वयं पुल बनाया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।

लकड़ी का पुल भविष्य में भारी बारिश, बाढ़ या प्राकृतिक आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसलिए लोगों ने राज्य सरकार और प्रशासन से मनिहार खड्ड पर आधुनिक तकनीक से मजबूत आरसीसी (कंक्रीट) पुल बनाने की मांग दोहराई है।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि स्थायी पुल का निर्माण हो जाता है तो आने वाले कई दशकों तक पूरे क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।

हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में पुलों का महत्व

हिमाचल प्रदेश का अधिकांश भाग पहाड़ी है, जहां सड़क संपर्क बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। छोटी-छोटी खड्डें और बरसाती नाले मानसून के दौरान उफान पर आ जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूरदराज के इलाकों में समय पर पुल और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सामुदायिक एकजुटता की मिसाल

भलाण-एक पंचायत की यह पहल बताती है कि जब समुदाय एक लक्ष्य के लिए संगठित होता है तो सीमित संसाधनों में भी बड़े कार्य संभव हो जाते हैं। पांच लोगों से शुरू हुई मुहिम का 500 लोगों के आंदोलन में बदल जाना ग्रामीण सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण है।

हालांकि ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से तत्काल समस्या का समाधान कर लिया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पुलों की तकनीकी जांच और नियमित रखरखाव जरूरी है। साथ ही सरकार द्वारा स्थायी पुल का निर्माण कराना ही दीर्घकालिक और सुरक्षित समाधान माना जाएगा।

मुख्य तथ्य (Fact Box)
स्थान: भलाण-एक पंचायत, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
खड्ड: मनिहार खड्ड
पुराना पुल बहा: वर्ष 2016 की बाढ़ में
सरकारी इंतजार: लगभग 10 वर्ष
पहल: पंचायत प्रधान विनोद शर्मा सहित 5 ग्रामीण
अभियान से जुड़े लोग: लगभग 500 ग्रामीण
निर्माण अवधि: करीब 1 महीना
पुल की लंबाई: लगभग 100 फीट
अनुमानित लागत: 3.5 लाख रुपये से अधिक
लाभार्थी: 5 गांवों के 5,000 से अधिक ग्रामीण
वर्तमान मांग: मनिहार खड्ड पर स्थायी पक्का पुल निर्माण

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Sat, 18 Jul 2026 16:58:13 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी ने किया मोदीनगर अमृत रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन, बदली स्टेशन की तस्वीर; आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ रेलवे स्टेशन https://citytoday.co.in/7345 https://citytoday.co.in/7345 उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित मोदीनगर रेलवे स्टेशन अब नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित मोदीनगर रेलवे स्टेशन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस अवसर पर देशभर के 261 अमृत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

मोदीनगर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने जा रही हैं। लंबे समय से स्टेशन की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रही मांगों के बाद अब स्टेशन परिसर को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री सुविधाओं और आकर्षक डिजाइन के साथ तैयार किया गया है।

डेढ़ साल की मेहनत के बाद बदली स्टेशन की तस्वीर

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मोदीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य करीब डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था। इससे पहले स्टेशन पर कई तरह की समस्याएं थीं। यात्रियों को बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलती थी, साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी और स्टेशन परिसर में आधुनिक सुविधाओं का अभाव था।

स्थानीय यात्रियों और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग थी कि मोदीनगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।

अब पुनर्विकास के बाद स्टेशन परिसर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्टेशन की इमारत को नया रूप दिया गया है और यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं।

स्टेशन पर मिलीं आधुनिक यात्री सुविधाएं

मोदीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में यात्रियों की सुविधा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। नए स्वरूप में तैयार स्टेशन पर बेहतर वेटिंग एरिया, आकर्षक प्रवेश द्वार और सुविधाजनक यात्री क्षेत्र बनाए गए हैं।

स्टेशन परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुंदर बनाया गया है, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में बेहतर अनुभव मिलेगा।

नई सुविधाओं में मुख्य रूप से:

आधुनिक प्रतीक्षालय क्षेत्र
बेहतर बैठने की व्यवस्था
आकर्षक और सुविधाजनक प्रवेश द्वार
स्टेशन परिसर का सौंदर्यीकरण
यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण

शामिल हैं।

रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रियों को स्टेशन पर पहुंचने से लेकर ट्रेन में बैठने तक बेहतर सुविधा और आरामदायक अनुभव मिल सके।

उद्घाटन कार्यक्रम में दिखा उत्साह

मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गाजियाबाद के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान रहे। मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देशभर के पुनर्विकसित अमृत रेलवे स्टेशनों के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्टेशन के नए स्वरूप को लेकर खुशी जताई और रेलवे की पहल की सराहना की।

अमृत भारत स्टेशन योजना से बदल रही रेलवे की तस्वीर

केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के पुराने रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।

इस योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को केवल यात्री ठहराव केंद्र नहीं बल्कि आधुनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत:

स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण
यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं
स्वच्छ और सुंदर परिसर
दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था
बेहतर प्रकाश व्यवस्था
स्थानीय संस्कृति के अनुरूप स्टेशन डिजाइन

जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

मोदीनगर रेलवे स्टेशन का विकास भी इसी अभियान का हिस्सा है।

दिल्ली-एनसीआर कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा

मोदीनगर गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना नौकरी, शिक्षा और व्यापार के लिए ट्रेन से यात्रा करते हैं।

क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए आधुनिक रेलवे स्टेशन की जरूरत महसूस की जा रही थी।

नए स्टेशन के बनने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

रेलवे स्टेशन का विकास स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है।

यात्रियों की लंबे समय से थी मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर कई समस्याएं थीं। यात्रियों को बैठने, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता था।

अब स्टेशन के नए स्वरूप को देखकर लोगों में उत्साह है।

यात्रियों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं के आने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी।

विकास परियोजनाओं से मजबूत हो रहा गाजियाबाद क्षेत्र

गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं।

क्षेत्र में:

एक्सप्रेसवे नेटवर्क,
नमो भारत रैपिड रेल,
हिंडन सिविल एयरपोर्ट,
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी

जैसी परियोजनाओं ने विकास को गति दी है।

मोदीनगर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण भी इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

रेलवे का लक्ष्य- यात्रियों को मिले बेहतर अनुभव

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाने का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव देना है।

आने वाले समय में ऐसे और भी रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा, जिससे देश का रेलवे नेटवर्क और मजबूत होगा।

मोदीनगर रेलवे स्टेशन का नया स्वरूप न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा बल्कि क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Sat, 18 Jul 2026 15:04:24 +0530 news desk MPcg
मुजफ्फरनगर नगर पालिका बोर्ड बैठक: 15 मिनट में 155 प्रस्ताव पास, 150 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों को मंजूरी; 600 नामांतरण फाइलों की जांच के बाद होगा फैसला https://citytoday.co.in/7341 https://citytoday.co.in/7341 मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शनिवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों और विवादों के बीच संपन्न हुई। बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, पेयजल, कूड़ा निस्तारण और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। खास बात यह रही कि बैठक में करीब 15 मिनट के अंदर 155 प्रस्तावों को पारित कर दिया गया, जिनकी अनुमानित लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

हालांकि बैठक जितनी तेजी से प्रस्ताव पारित करने को लेकर चर्चा में रही, उतनी ही चर्चा नगर पालिका की 600 से अधिक नामांतरण फाइलों को लेकर हुए विवाद की भी रही। सभासदों ने इन फाइलों में संभावित अनियमितताओं की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। इसके बाद निर्णय लिया गया कि नगर पालिका अध्यक्ष की निगरानी में एक जांच समिति बनाई जाएगी और सत्यापन के बाद ही इन मामलों पर आगे कार्रवाई होगी।

अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में हुई बैठक

नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अधिशासी अधिकारी (ईओ) एवं बोर्ड सचिव पवन कुमार भी मौजूद रहे।

ईओ पवन कुमार ने बैठक की शुरुआत करते हुए एजेंडा प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रस्ताव संख्या 955 से लेकर 1110 तक कुल 155 प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

इन प्रस्तावों में शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।

नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, इन प्रस्तावों के जरिए शहर में:

सफाई व्यवस्था को मजबूत करने,
कूड़ा निस्तारण व्यवस्था सुधारने,
पेयजल आपूर्ति बेहतर करने,
कर्मचारियों से जुड़े मामलों का समाधान करने,
नगर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने

जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

15 मिनट में 155 प्रस्ताव पास होने पर चर्चा

बोर्ड बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि बड़ी संख्या में प्रस्ताव बहुत कम समय में पारित कर दिए गए।

बैठक में मौजूद सभासदों ने कई प्रस्तावों पर अपनी सहमति जताई, जबकि कुछ मामलों में उन्होंने आपत्तियां भी दर्ज कराईं।

सभासदों का कहना था कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन हर प्रस्ताव की पूरी जांच और चर्चा भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए।

600 से अधिक नामांतरण फाइलों पर रोक, बनेगी जांच समिति

बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा नगर पालिका में लंबित नामांतरण (Mutation) की 600 से अधिक फाइलें रहीं।

नामांतरण प्रक्रिया के तहत संपत्ति के मालिकाना हक में बदलाव किया जाता है। सभासदों ने आरोप लगाया कि इन फाइलों के निपटारे से पहले दस्तावेजों का पूरी तरह सत्यापन जरूरी है।

सभासदों ने कहा कि पहले भी कई मामलों में दस्तावेजों को लेकर सवाल उठते रहे हैं, इसलिए बिना जांच के किसी भी फाइल को मंजूरी देना उचित नहीं होगा।

इस पर निर्णय लिया गया कि:

नगर पालिका अध्यक्ष की निगरानी में सात सदस्यीय जांच समिति बनाई जाएगी।
समिति सभी लंबित फाइलों की जांच करेगी।
दस्तावेजों की सत्यता और नियमों की जांच के बाद ही नामांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस प्रस्ताव को फिलहाल अगली बोर्ड बैठक तक के लिए रोक दिया गया है।

पार्किंग ठेके का मुद्दा उठा, सत्यापन की मांग

नामांतरण फाइलों पर चर्चा के दौरान सभासदों ने नगर पालिका के वाहन पार्किंग ठेके का उदाहरण भी दिया।

सभासदों ने कहा कि पार्किंग ठेके के दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कई सवाल सामने आए थे। इसी कारण नामांतरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी पहले दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो इसका असर आम जनता पर पड़ सकता है।

छोटे टेंडरों में बड़ी शर्तों पर सभासद नाराज

बोर्ड बैठक में वार्ड नंबर 7 मल्हूपुरा के सभासद मोहम्मद खालिद ने नगर पालिका द्वारा जारी किए जा रहे टेंडरों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में बिजली, पानी और छोटे विकास कार्यों के लिए जो टेंडर निकाले जा रहे हैं, उनमें अनावश्यक शर्तें लगाई जा रही हैं।

उनका कहना था कि:

कई कार्यों की लागत 3 लाख से 10 लाख रुपये तक होती है।
लेकिन ठेकेदारों से 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक वार्षिक टर्नओवर की मांग की जा रही है।

सभासद ने कहा कि ऐसी शर्तों से छोटे ठेकेदार प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं और प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।

उन्होंने नगर पालिका अधिनियम और नियमों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की।

बैठक में बैठने की व्यवस्था को लेकर हंगामा

नगर पालिका बोर्ड बैठक में व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली।

सभासद राजा धीमान और पारुल मित्तल को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिल सकी।

इसको लेकर कई सभासद नाराज हो गए और उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों पर व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया।

सभासदों ने कहा कि बोर्ड बैठक में सभी सदस्यों के बैठने की उचित व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी।

मामले पर अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए भविष्य की बैठकों में बेहतर व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

अकुशल श्रमिकों के वेतन वृद्धि प्रस्ताव को मिली मंजूरी

बैठक में नगर पालिका के अकुशल श्रमिकों के वेतन वृद्धि से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

सभासदों ने कहा कि सफाई और अन्य जमीनी कार्यों में लगे कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनके हितों को ध्यान में रखना जरूरी है।

इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण को बेहतर बनाने पर भी सहमति बनी।

सुजड़ू चौक पर वीर अब्दुल हमीद स्मारक प्रस्ताव पर फैसला नहीं

बैठक में सुजड़ू चौक पर वीर अब्दुल हमीद स्मारक बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

हालांकि इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका और इसे फिलहाल विचाराधीन रखा गया।

प्रशासनिक स्तर पर जांच और अन्य प्रक्रियाओं के बाद इस पर आगे फैसला लिया जाएगा।

काली नदी पुल के पास महाराजा अजमीढ़ स्मारक की मांग

वार्ड नंबर 49 के सभासद मनोज कुमार वर्मा ने काली नदी पुल के पास महाराजा अजमीढ़ स्मारक बनाए जाने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए स्मारक निर्माण महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने इसके लिए करीब 25 लाख रुपये स्वीकृत करने और क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराने की मांग रखी।

नगर पालिका अध्यक्ष ने इस मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

राना चौक का नाम बदलने की मांग

बैठक में शहर के राना चौक का नाम बदलकर महाराणा प्रताप चौक किए जाने का प्रस्ताव भी सामने आया।

नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ ने कहा कि प्रस्ताव का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे शासन स्तर पर भेजा जाएगा।

विकास और पारदर्शिता दोनों पर जोर

मुजफ्फरनगर नगर पालिका की यह बोर्ड बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही।

जहां एक ओर 155 विकास प्रस्तावों को मंजूरी देकर शहर में विकास कार्यों को गति देने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर नामांतरण फाइलों और टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर बहस शुरू कर दी है।

सभासदों का कहना है कि जनता के पैसों से होने वाले हर कार्य में पारदर्शिता जरूरी है।

नगर पालिका प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी कार्य नियमों के अनुसार कराए जाएंगे और जांच से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी।

अब सभी की नजर सात सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट और अगली बोर्ड बैठक पर रहेगी, जहां लंबित नामांतरण फाइलों को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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Sat, 18 Jul 2026 14:11:30 +0530 news desk MPcg
जामताड़ा मनरेगा घोटाला: बिना नींव खोदे पशु शेड निर्माण के नाम पर लाखों का भुगतान, जनसुनवाई में ग्रामीणों ने उठाए सवाल; जांच की मांग तेज https://citytoday.co.in/7336 https://citytoday.co.in/7336  जामताड़ा जिले में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करमाटांड़ प्रखंड की करमाटांड़ पंचायत में मनरेगा के तहत स्वीकृत दो पशु शेड निर्माण योजनाओं में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन पर काम शुरू हुए बिना ही लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया।

मामला पंचायत स्तरीय जनसुनवाई के दौरान सामने आया, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पशु शेड निर्माण के लिए स्वीकृत राशि में फर्जी मजदूरी भुगतान, संदिग्ध सामग्री बिल और बिना कार्य के भुगतान जैसी गड़बड़ियां की गई हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग की है।

बिना नींव खोदे ही हो गया लाखों का भुगतान

ग्रामीणों के अनुसार करमाटांड़ पंचायत में मनरेगा योजना के तहत दो पशु शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। आरोप है कि दोनों योजनाओं में निर्माण कार्य वास्तविक रूप से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद मजदूरी और सामग्री के नाम पर करीब ढाई लाख रुपये की राशि निकाल ली गई।

ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर जाकर जांच करने पर यह स्थिति सामने आई कि जहां पशु शेड बनना था, वहां न तो नींव की खुदाई हुई और न ही निर्माण कार्य दिखाई दे रहा है। इसके बाद जनसुनवाई में मामले को उठाया गया।

परेश मंडल के नाम स्वीकृत पशु शेड में गड़बड़ी का आरोप

जांच में सामने आए एक मामले के अनुसार हेठ करमाटांड़ निवासी परेश मंडल के नाम से स्वीकृत पशु शेड योजना (वर्क कोड-55801) में अलग-अलग मदों में भुगतान दर्ज किया गया है।

इस योजना में:

जून 2025 में मजदूरी मद में 17,145 रुपये की निकासी दिखाई गई।
मजदूरों के रूप में राजू मंडल, रूपलाल मंडल, रंजीत मंडल और भारती देवी के नाम दर्ज किए गए।
मार्च 2026 में सामग्री आपूर्ति के नाम पर किसान हार्डवेयर के बिल संख्या-375 के माध्यम से करीब 86,270 रुपये का भुगतान दर्शाया गया।
कुशल मजदूर यानी मिस्त्री मद में लगभग 16,236 रुपये का भुगतान दिखाया गया।

इस योजना में कुल मिलाकर करीब 1.20 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च दिखाई गई है।

हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक स्थल पर इस राशि के अनुरूप कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।

गीता देवी के पशु शेड में भी अनियमितता का आरोप

दूसरी योजना गांव की गीता देवी के नाम स्वीकृत पशु शेड (वर्क कोड-55805) से जुड़ी है।

इस योजना में:

मजदूरी मद में लगभग 20,400 रुपये का भुगतान दर्ज है।
मिस्त्री मद में करीब 16,300 रुपये खर्च दिखाया गया है।
सामग्री के लिए किसान हार्डवेयर के बिल संख्या-385 के माध्यम से लगभग 85,400 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।

इस योजना में भी कुल करीब 1.22 लाख रुपये की राशि खर्च दिखाई गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों योजनाओं में कागजों पर काम पूरा दिखाकर सरकारी राशि का भुगतान किया गया।

फर्जी मस्टर रोल और बिल पर उठे सवाल

मनरेगा योजनाओं में मजदूरी भुगतान के लिए मस्टर रोल और सामग्री खरीद के लिए बिल महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन योजनाओं में मजदूरों के नाम और सामग्री खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए।

उनका कहना है कि यदि स्थल निरीक्षण कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर कुछ बिचौलियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत से ऐसी अनियमितताएं हुई होंगी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अधिकारियों ने दिए कार्रवाई के संकेत

मामले को लेकर जेई जमील अंसारी ने बताया कि संबंधित मामले में कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और 15 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मनरेगा में पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। पशु शेड जैसी योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर सुविधा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

लेकिन समय-समय पर मनरेगा योजनाओं में फर्जी भुगतान, बिना काम के मजदूरी निकासी और निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप सामने आते रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए:

नियमित स्थल निरीक्षण,
सोशल ऑडिट,
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की निगरानी,
लाभार्थियों का सत्यापन

जरूरी है।

ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

करमाटांड़ पंचायत के ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी राशि का गलत इस्तेमाल हुआ है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और राशि की वसूली की जानी चाहिए।

फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भुगतान प्रक्रिया में वास्तविक रूप से कितनी अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं।

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Sat, 18 Jul 2026 13:10:34 +0530 news desk MPcg
पश्चिम बंगाल के बर्धमान में स्पंज आयरन फैक्ट्री में भीषण धमाका, आग के बाद मची अफरा&तफरी; 5 मजदूर घायल, कई के फंसे होने की आशंका https://citytoday.co.in/7332 https://citytoday.co.in/7332 पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित एक स्पंज आयरन फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जमुरिया क्षेत्र की इस औद्योगिक इकाई में भट्टी (फर्नेस) में अचानक विस्फोट होने के बाद आग लग गई, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कम से कम पांच कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि 8 से 10 मजदूर अब भी लापता हैं। हालांकि पुलिस ने अभी लापता लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और बचाव अभियान जारी है।

देर रात हुआ विस्फोट, एक किलोमीटर तक सुनाई दी आवाज

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा देर रात उस समय हुआ जब फैक्ट्री में उत्पादन कार्य चल रहा था। अचानक फर्नेस में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद आग ने फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास स्थित कुछ मकानों में दरारें तक आ गईं। हालांकि इस दावे की अभी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

सूचना मिलते ही पहुंचीं पुलिस और दमकल की टीमें

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई घंटों तक अभियान चलाया। घायलों को तुरंत बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन फर्नेस के आसपास अत्यधिक तापमान होने के कारण राहत दल को अंदर प्रवेश करने में कठिनाई हो रही है।

अत्यधिक तापमान बना सबसे बड़ी चुनौती

जमुरिया थाना प्रभारी सौमेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि विस्फोट के बाद फर्नेस के आसपास का तापमान बेहद अधिक हो गया है। जब तक प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह ठंडा नहीं हो जाता और तकनीकी विशेषज्ञ उसे सुरक्षित घोषित नहीं कर देते, तब तक अंदर व्यापक तलाशी अभियान चलाना संभव नहीं होगा।

अधिकारियों का कहना है कि राहतकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जोखिम के बिना चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।

लापता मजदूरों की तलाश जारी

स्थानीय लोगों का दावा है कि विस्फोट के समय कई मजदूर फर्नेस के आसपास काम कर रहे थे। इसी आधार पर 8 से 10 कर्मचारियों के फैक्ट्री के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक लापता कर्मचारियों की संख्या का आधिकारिक सत्यापन नहीं हुआ है। फैक्ट्री के उपस्थिति रजिस्टर, शिफ्ट रिकॉर्ड और कर्मचारियों की सूची का मिलान किया जा रहा है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

हादसे के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय भाजपा नेता दीप बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं कर रहा था और कर्मचारियों को जोखिम भरे वातावरण में काम कराया जाता था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद प्रारंभिक समय में फैक्ट्री प्रबंधन का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

इन आरोपों पर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक बिजन मुखोपाध्याय मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

तकनीकी जांच भी होगी

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोट तकनीकी खराबी, अत्यधिक दबाव, उपकरणों की विफलता या किसी अन्य कारण से हुआ।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों और औद्योगिक सुरक्षा अधिकारियों की टीम भी जांच में शामिल हो सकती है। जांच में फैक्ट्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल, उपकरणों के रखरखाव, निरीक्षण रिकॉर्ड और कर्मचारियों के सुरक्षा प्रशिक्षण की भी समीक्षा की जाएगी।

स्पंज आयरन उद्योग में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

स्पंज आयरन संयंत्रों में अत्यधिक तापमान पर धातु प्रसंस्करण होता है। ऐसे संयंत्रों में फर्नेस, गैस दबाव, पिघली धातु और भारी मशीनरी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित निरीक्षण, उपकरणों का समय पर रखरखाव और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद आवश्यक है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

दमकल विभाग आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाने में सफल रहा है, लेकिन प्रभावित फर्नेस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही अंदर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन लापता कर्मचारियों की वास्तविक संख्या का सत्यापन कर रहा है।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारण, संभावित लापता मजदूरों की स्थिति और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही के संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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Sat, 18 Jul 2026 11:58:36 +0530 news desk MPcg
मुंबई पेड़ हादसा: 11 साल के बच्चे की मौत पर मेयर ने फाड़ी जांच रिपोर्ट, दोबारा जांच के आदेश; ठेकेदारों पर उठे सवाल https://citytoday.co.in/7328 https://citytoday.co.in/7328 महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। चेंबूर में स्कूल बस पर गिरे विशाल पेड़ की घटना की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने रिपोर्ट को खारिज कर दिया। उन्होंने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ते हुए दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मेयर ने कहा कि घटना में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है और केवल आर्थिक मुआवजा तय कर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता।

चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा था पेड़, बच्चे की हुई थी मौत

यह मामला मुंबई के चेंबूर इलाके का है, जहां 30 जून को एक बड़ा पेड़ स्कूल बस पर गिर गया था। हादसे में 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने पेड़ की स्थिति, प्रशासनिक लापरवाही और समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे।

हादसे के बाद नगर निकाय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में घटना के लिए कुछ निजी पक्षों को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की सिफारिश की थी।

मेयर ने जांच रिपोर्ट को बताया असंतोषजनक

शुक्रवार को मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जिस तरह से जिम्मेदारी तय की गई है, वह संतोषजनक नहीं है।

मेयर ने कहा कि उन्होंने प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई जांच समिति में दो पार्षदों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जांच अधिक पारदर्शी तरीके से हो सके।

मेयर ने कहा कि वह खुद एक मां हैं और पीड़ित परिवार के दर्द को समझती हैं। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की जान की कीमत केवल आर्थिक मुआवजे से तय नहीं की जा सकती।

"बच्चे की जान की कीमत 7 लाख रुपये नहीं हो सकती": मेयर

मेयर रितु तावड़े ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार ने अपना बच्चा खोया है और ऐसे मामले में केवल मुआवजे की राशि तय करना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में पीड़ित परिवार के लिए निर्धारित राशि को लेकर भी वह सहमत नहीं हैं। उनका कहना था कि मामले में वास्तविक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

BMC रिपोर्ट में ठेकेदारों को ठहराया गया जिम्मेदार

जांच समिति की रिपोर्ट में सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार और सुपरवाइजिंग कंसल्टेंट की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे।

रिपोर्ट में—

सड़क कार्य करने वाले ठेकेदार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई।
सुपरवाइजिंग कंसल्टेंट पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई।

हालांकि रिपोर्ट में सड़क और उद्यान विभाग के अधिकारियों की ओर से किसी बड़ी लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई थी। इसी बिंदु पर मेयर ने आपत्ति जताई और दोबारा जांच की मांग की।

मेयर ने पहले भी दी थी कमजोर पेड़ों को लेकर चेतावनी

मेयर रितु तावड़े ने दावा किया कि मानसून शुरू होने से पहले उन्होंने संबंधित इलाके का दौरा किया था और सड़क किनारे मौजूद कमजोर पेड़ों को लेकर अधिकारियों को सतर्क किया था।

उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कमजोर पेड़ों की पहचान और कार्रवाई की जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

बच्चे के पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग की

मृतक छात्र विहान श्रीवास्तव के पिता गौरव श्रीवास्तव ने भी जांच रिपोर्ट पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि यह साबित होना चाहिए कि घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही का परिणाम थी।

उन्होंने मांग की कि इस पूरे सिस्टम से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विहान के पिता ने यह भी कहा कि केवल मुआवजा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि नियमों और प्रक्रियाओं में सुधार किया जाए, जिससे अगले मानसून में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

मानसून में पेड़ों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मुंबई में हर साल मानसून के दौरान पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। भारी बारिश, तेज हवाओं और कमजोर पेड़ों के कारण कई बार जान-माल का नुकसान होता है।

इस हादसे के बाद एक बार फिर शहर में पेड़ों की जांच, उनकी कटाई-छंटाई और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले पेड़ों की वैज्ञानिक जांच, कमजोर पेड़ों की पहचान और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

दोबारा जांच से तय होगी जिम्मेदारी

फिलहाल मेयर के आदेश के बाद मामले की दोबारा जांच की जाएगी। अब नई जांच में यह देखा जाएगा कि पेड़ गिरने की घटना में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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Fri, 17 Jul 2026 18:29:36 +0530 news desk MPcg
हिमाचल: करसोग को 29 साल बाद मिली दूसरी महिला SDM, अलीशा चौहान ने संभाली कमान; बोलीं& जनता से सीधा संवाद मेरी पहली प्राथमिकता https://citytoday.co.in/7320 https://citytoday.co.in/7320 हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। करीब 29 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद करसोग को दूसरी महिला उपमंडलाधिकारी (SDM) मिली हैं। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS) की अधिकारी अलीशा चौहान ने करसोग के नए एसडीएम के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है।

अलीशा चौहान ने निवर्तमान एसडीएम गौरव महाजन से पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। क्षेत्र के लोगों में उम्मीद है कि नई एसडीएम के नेतृत्व में करसोग में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान को नई दिशा मिलेगी।

29 साल बाद करसोग को मिली महिला प्रशासनिक अधिकारी

करसोग उपमंडल में महिला एसडीएम की नियुक्ति लंबे अंतराल के बाद हुई है। इससे पहले वर्ष 1997 में आईएएस अधिकारी अनुराधा ठाकुर ने करसोग में महिला एसडीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद अब करीब तीन दशक बाद अलीशा चौहान ने यह जिम्मेदारी संभाली है।

यह नियुक्ति प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है। अलीशा चौहान के अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए स्थानीय लोगों को उनसे काफी उम्मीदें हैं।

शिमला से शिक्षा, हिमाचल की रहने वाली हैं अलीशा चौहान

अलीशा चौहान मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा शिमला से पूरी की है और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं।

प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है और जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझने का अनुभव हासिल किया है।

लाहुल-स्पीति के दुर्गम क्षेत्र में भी संभाल चुकी हैं जिम्मेदारी

करसोग में एसडीएम बनने से पहले अलीशा चौहान लाहुल-स्पीति जिले के उदयपुर उपमंडल में एसडीएम के पद पर तैनात थीं। उदयपुर एक दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र है, जहां प्रशासनिक चुनौतियां काफी अलग होती हैं।

वहां उन्होंने आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।

दुर्गम परिस्थितियों में प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी तरीके से संभालने के अनुभव को उनकी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पदभार संभालते ही बताई अपनी प्राथमिकताएं

एसडीएम पद संभालने के बाद अलीशा चौहान ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि करसोग प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर क्षेत्र है और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को जानना, स्थानीय समस्याओं को समझना और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना होगी।

उन्होंने कहा कि वह जल्द ही करसोग के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगी और लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगी।

जनता से सीधा संपर्क रहेगा फोकस

अलीशा चौहान ने संकेत दिए हैं कि उनका प्रशासन जनता के करीब रहकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होता है।

उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही।

करसोग में विकास को लेकर लोगों को उम्मीद

करसोग हिमाचल का एक महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन संभावनाओं और ग्रामीण जीवन के लिए जाना जाता है। हालांकि क्षेत्र में सड़क सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन विकास जैसे मुद्दे समय-समय पर उठते रहे हैं।

नई एसडीएम की नियुक्ति के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक स्तर पर इन मुद्दों पर तेजी से काम होगा और क्षेत्र में विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा।

महिला नेतृत्व को लेकर सकारात्मक संदेश

अलीशा चौहान की नियुक्ति को क्षेत्र में महिला नेतृत्व के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी अब ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है।

करसोग में 29 साल बाद महिला एसडीएम की नियुक्ति ने स्थानीय स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश दिया है।

प्रशासनिक अनुभव से मिलेगी नई दिशा

अलीशा चौहान के पास दुर्गम क्षेत्र में प्रशासन चलाने का अनुभव है। माना जा रहा है कि उनका यह अनुभव करसोग जैसे पहाड़ी क्षेत्र में काफी उपयोगी साबित होगा।

स्थानीय प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाना उनकी सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल होगा।

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Fri, 17 Jul 2026 14:06:40 +0530 news desk MPcg
राजौरी में दर्दनाक सड़क हादसा: खंडली ब्रिज के पास अनियंत्रित होकर पलटा यात्री टेंपो, 8 लोग घायल; बच्चों और महिलाओं समेत सभी अस्पताल में भर्ती https://citytoday.co.in/7309 https://citytoday.co.in/7309 राजौरी के चप्परियां इलाके में हुआ बड़ा हादसा, राहत-बचाव के लिए दौड़े स्थानीय लोग

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में गुरुवार को एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया। जिले के चप्परियां क्षेत्र में खंडली ब्रिज और जवाहर नगर के बीच एक यात्री टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में वाहन में सवार आठ लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।

सूचना मिलते ही राजौरी पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और तत्काल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) एवं एसोसिएटेड अस्पताल, राजौरी भेजा गया, जहां सभी का उपचार जारी है।

अचानक बिगड़ा वाहन पर नियंत्रण, सड़क पर पलट गया टेंपो

पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त टेंपो का रजिस्ट्रेशन नंबर JK02DB-9194 है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन अपने नियमित मार्ग पर चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खंडली ब्रिज के पास पहुंचते ही चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते टेंपो सड़क पर पलट गया और उसमें बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कई लोगों ने मिलकर टेंपो को सहारा दिया और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ घायलों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

दुर्घटना की सूचना मिलते ही राजौरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

टेंपो पलट जाने के कारण कई यात्री अंदर फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को GMC राजौरी पहुंचाया गया।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है। कुछ लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य को सामान्य चोटें लगी हैं। फिलहाल सभी मरीज डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

एक ही गांव के रहने वाले हैं सभी घायल

पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में घायल सभी लोग जामुला गांव के निवासी हैं। हादसे में घायल लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है—

रुबीना कौसर (22), पुत्री मोहम्मद आसिफ
वैद्य परेश (70), पुत्र नेता राम
पूजा देवी (28), पुत्री तिलक राज
निशु शर्मा (12), पुत्री फलाल कुमार
मिस्बा कौसर (6), पुत्री बरशित हुसैन
अभिलिश शर्मा (13), पुत्र फलाल कुमार
अशोक कुमार (43), पुत्र वेद प्रकाश
मोहम्मद आरिफ (26), पुत्र अब्दुल अजीज

घायलों में छह वर्षीय मासूम बच्ची, दो स्कूली बच्चे, महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। जैसे ही हादसे की सूचना गांव पहुंची, परिजनों में चिंता का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचकर अपने परिजनों की जानकारी लेने लगे।

बच्चों के घायल होने से गांव में पसरा मातम जैसा माहौल

हादसे में 6 वर्षीय मिस्बा कौसर, 12 वर्षीय निशु शर्मा और 13 वर्षीय अभिलिश शर्मा के घायल होने की खबर से पूरे इलाके में चिंता फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी लोग सामान्य यात्रा पर निकले थे, लेकिन अचानक हुई दुर्घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया।

गांव के लोगों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रशासन भी लगातार अस्पताल से मरीजों की स्थिति की जानकारी ले रहा है।

हादसे की वजह क्या थी? जांच में जुटी पुलिस

राजौरी पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दुर्घटना के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में निम्न संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है—

वाहन की तेज रफ्तार
चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना
ब्रेक या स्टीयरिंग जैसी तकनीकी खराबी
सड़क की स्थिति
मानवीय त्रुटि

पुलिस वाहन की मैकेनिकल जांच भी कराएगी ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।

अस्पताल प्रशासन ने शुरू किया तत्काल उपचार

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज राजौरी में घायलों को पहुंचते ही चिकित्सकों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मरीजों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं।

कुछ घायलों की हालत अपेक्षाकृत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसे बने चुनौती

राजौरी सहित जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, ढलान, बरसात के मौसम में फिसलन और कई बार तेज गति दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों की नियमित फिटनेस जांच, चालक प्रशिक्षण, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन ऐसे हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रशासन ने जारी की अपील

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

प्रशासन ने कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, वाहन की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच कराना और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा करना बेहद आवश्यक है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल सभी आठ घायलों का इलाज GMC राजौरी में जारी है। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन लगातार अस्पताल और पुलिस से स्थिति की निगरानी कर रहा है ताकि घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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Thu, 16 Jul 2026 16:39:20 +0530 news desk MPcg
सहरसा में 'शोले स्टाइल' प्रदर्शन: डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़े पूर्व मुखिया और वकील, 6 घंटे बाद उतरे; अब FIR दर्ज https://citytoday.co.in/7303 https://citytoday.co.in/7303  बिहार के सहरसा जिले में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर किया गया अनोखा विरोध प्रदर्शन अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। सत्तरकटैया प्रखंड के मेनहा गांव में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर पूर्व मुखिया संजीव कुमार राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन के आश्वासन पर दोनों नीचे उतरे, लेकिन इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।

पुलिस के अनुसार, दोनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन

जानकारी के मुताबिक, मेनहा गांव में लंबे समय से राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को लेकर ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे।

ग्रामीणों ने 10 जुलाई से खादीपुर स्थित सामुदायिक चबूतरे पर धरना शुरू किया था। उनका कहना था कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, जिसके कारण छात्रों को दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है।

ग्रामीणों की मांग है कि मेनहा गांव में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाए, ताकि आसपास के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।

अचानक मोबाइल टावर पर चढ़े पूर्व मुखिया और अधिवक्ता

बुधवार को आंदोलन के दौरान पूर्व मुखिया संजीव कुमार राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव अचानक खादीपुर स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए।

दोनों ने ऐलान किया कि जब तक प्रशासन की ओर से डिग्री कॉलेज स्थापना को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे टावर से नीचे नहीं उतरेंगे।

उनके टावर पर चढ़ते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। देखते ही देखते पूरा इलाका चर्चा का केंद्र बन गया।

लोगों ने इसे फिल्म 'शोले' के उस दृश्य से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसमें विरोध जताने के लिए ऊंचाई पर चढ़ने का नाटकीय तरीका दिखाया गया था।

प्रशासन के पहुंचने से मचा हड़कंप

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन, सदर इंस्पेक्टर शशि कुमार राणा, अंचलाधिकारी शिखा सिंह, बीडीओ शारिक अहमद, बिहरा थाना के अपर थानाध्यक्ष विवेक कुमार, एसआई ज्योति कुमारी सहित पुलिस बल पहुंचा।

अधिकारियों ने टावर पर चढ़े दोनों आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू की।

प्रशासन की टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नीचे उतरने की अपील की।

छह घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा

करीब छह घंटे तक टावर पर प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों और ग्रामीणों को उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।

आश्वासन मिलने के बाद पूर्व मुखिया और अधिवक्ता सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आए।

इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।

आंदोलन के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

टावर से उतरने के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।

बिहरा थाना में पूर्व मुखिया संजीव कुमार राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के प्रदर्शन से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों की मांग पर क्या बोले अधिकारी?

प्रशासन की ओर से अभी तक डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

हालांकि अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कॉलेज खुलने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा।

शिक्षा सुविधा को लेकर लंबे समय से मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार, सत्तरकटैया क्षेत्र के कई गांवों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता है।

विशेषकर छात्राओं के लिए स्थानीय स्तर पर डिग्री कॉलेज नहीं होने से परेशानी बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि मेनहा में कॉलेज स्थापित होता है तो आसपास के कई गांवों के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

प्रदर्शन के तरीके पर उठे सवाल

हालांकि, कॉलेज की मांग को लेकर ग्रामीणों की समस्या अपनी जगह है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि टावर पर चढ़कर प्रदर्शन करना जोखिम भरा तरीका है।

ऐसी स्थिति में प्रदर्शनकारियों की जान को खतरा रहता है और पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त संसाधन लगाने पड़ते हैं।

अब आगे की कार्रवाई पर नजर

FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है कि डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।

फिलहाल सहरसा का यह 'शोले स्टाइल' प्रदर्शन चर्चा में है, जहां शिक्षा की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया है।

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Thu, 16 Jul 2026 14:30:03 +0530 news desk MPcg
कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: बनारस में बनेगा 10,998 करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर, सेमीकॉन 2.0 और रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी https://citytoday.co.in/7286 https://citytoday.co.in/7286 वाराणसी इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर मिशन, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और यूरिया आत्मनिर्भरता पर सरकार का बड़ा दांव

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 15 जुलाई 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, रेलवे और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कुल 7 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें वाराणसी के लिए बड़े सड़क प्रोजेक्ट, सेमीकॉन 2.0 मिशन, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, यूरिया उत्पादन बढ़ाने की नीति और रेलवे विस्तार योजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 2.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।

वाराणसी को मिलेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर

कैबिनेट ने धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।

इसके तहत NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले लिंक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

इस परियोजना में करीब 43.218 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जिसे वाराणसी शहर में बढ़ते यातायात को देखते हुए विकसित किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 10,998.32 करोड़ रुपये है और इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा।

किन इलाकों को मिलेगा फायदा?

नए कॉरिडोर से वाराणसी और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इस परियोजना से इन जगहों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है—

वाराणसी रिंग रोड
वाराणसी एयरपोर्ट
काशी रेलवे स्टेशन
वाराणसी जंक्शन
वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन
दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन
रामनगर पोर्ट
वाराणसी के ऐतिहासिक घाट
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
चंदौली क्षेत्र

सरकार का कहना है कि इस कॉरिडोर से शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज एवं सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी।

NH-19 से जुड़ेगा नया लिंक कॉरिडोर

कैबिनेट ने वाराणसी क्षेत्र में एक अन्य सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी है।

इसके तहत नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे लिंक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

इसका उद्देश्य वाराणसी में प्रवेश करने वाले ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना और शहर के बाहरी हिस्सों में परिवहन नेटवर्क मजबूत करना है।

सेमीकॉन 2.0 मिशन को मंजूरी, 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट

कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर है।

सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण यानी Semicon 2.0 को मंजूरी दे दी है।

इस मिशन के लिए करीब 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।

सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाना है।

सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों में होता है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ने मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को भी मंजूरी दी है।

इस योजना के दूसरे चरण के लिए करीब 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का उद्देश्य देश में मोबाइल उत्पादन बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना है।

भारत पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है और अब सरकार इसका विस्तार वैश्विक स्तर तक करना चाहती है।

यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

केंद्र सरकार ने देश को यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया को भी मंजूरी दी है।

इसके तहत देश में 9 नए यूरिया प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना और किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

सरकार का कहना है कि इससे यूरिया आयात पर निर्भरता कम होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

रेलवे को भी मिली बड़ी सौगात

कैबिनेट ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।

1. पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन डबलिंग

ओडिशा में पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी गई है।

इस परियोजना पर करीब 2,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

रेल लाइन डबल होने से माल परिवहन क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।

2. डंगोआपोसी-राजखरसवां चौथी रेलवे लाइन

कैबिनेट ने डंगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दी है।

इस परियोजना की लागत करीब 1,365 करोड़ रुपये होगी।

इससे रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों एवं माल ढुलाई दोनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

सरकार का फोकस: इंफ्रास्ट्रक्चर से आत्मनिर्भर भारत तक

केंद्रीय मंत्रिमंडल के इन फैसलों को सरकार की लंबे समय की विकास रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

जहां एक ओर वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों में आधुनिक परिवहन ढांचा विकसित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सेमीकंडक्टर, मोबाइल निर्माण और यूरिया उत्पादन जैसे क्षेत्रों में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

रेलवे परियोजनाओं से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जबकि तकनीकी और औद्योगिक योजनाओं से रोजगार और निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

मुख्य बिंदु
केंद्रीय कैबिनेट ने 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी
वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपये का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा
Semicon 2.0 मिशन के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए 62,500 करोड़ रुपये
9 नए यूरिया प्लांट स्थापित किए जाएंगे
रेलवे के दो बड़े प्रोजेक्ट मंजूर
कुल निवेश पैकेज करीब 2.19 लाख करोड़ रुपये

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Wed, 15 Jul 2026 17:29:16 +0530 news desk MPcg
पलवल में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला: JCB चलाता रहा बड़ा भाई, पीछे से छोटा भाई पत्नी&बच्चों और लाखों के सामान के साथ हुआ फरार https://citytoday.co.in/7282 https://citytoday.co.in/7282 हरियाणा के पलवल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उटावड़ थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक पर आरोप लगा है कि वह अपने ही बड़े भाई की पत्नी और तीन बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

आरोप है कि आरोपी जाते समय घर में रखे एक लाख रुपये नकद, सोने के जेवरात और अन्य कीमती सामान भी लेकर फरार हो गया। पीड़ित पति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस महिला और बच्चों की तलाश करने के साथ-साथ आरोपी युवक के बारे में जानकारी जुटा रही है।

काम पर गया था बड़ा भाई, लौटकर देखा तो उजड़ चुका था घर

पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति परिवार का पालन-पोषण करने के लिए JCB मशीन चलाने का काम करता है। उसके काम का समय अनियमित रहता है और कई बार उसे घर से बाहर रहना पड़ता है।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी वर्ष 2014 में हुई थी। शादी के बाद उसके परिवार में चार बच्चे हुए। वह अपने माता-पिता से अलग रहकर पत्नी और बच्चों के साथ जीवन बिता रहा था।

उसका कहना है कि रोज की तरह वह काम पर गया हुआ था। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके पीछे घर में इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।

4 जुलाई को अर्टिगा कार से पहुंचा छोटा भाई

पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि घटना 4 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई।

आरोप के अनुसार, उसका छोटा भाई एक सफेद रंग की अर्टिगा कार से घर पहुंचा।

पीड़ित का आरोप है कि छोटे भाई ने उसकी पत्नी को किसी तरह बहला-फुसलाकर अपने साथ चलने के लिए तैयार किया। इसके बाद वह महिला और तीन बच्चों को कार में बैठाकर वहां से निकल गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी जाते समय घर से नकदी और जेवरात भी अपने साथ ले गया।

घर में रखे पैसे और जेवर भी गायब मिले

जब बड़ा भाई काम खत्म कर वापस घर लौटा तो उसने देखा कि घर में पत्नी और बच्चे मौजूद नहीं हैं।

पहले उसे लगा कि शायद वे किसी रिश्तेदार या परिचित के यहां गए होंगे, लेकिन काफी तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद जब उसने घर में सामान देखा तो अलमारी में रखे पैसे और जेवर भी गायब मिले।

पीड़ित के अनुसार—

करीब 1 लाख रुपये नकद घर में रखे थे।
एक तोला सोने की बालियां गायब मिलीं।
इसके अलावा घर का अन्य कीमती सामान भी नहीं मिला।

इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, कई एंगल से जांच जारी

उटावड़ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान कई बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है—

आरोपी युवक का मोबाइल लोकेशन पता किया जा रहा है।
महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है।
कार की जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी और महिला के बीच पहले से कोई संपर्क था या घटना अचानक हुई।

महिला और बच्चों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में सबसे पहले महिला और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होती है।

महिला के मिलने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस सभी संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है।

रिश्तों पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों और विश्वास को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आमतौर पर भाई का रिश्ता भरोसे और सहयोग से जुड़ा माना जाता है, लेकिन इस मामले में छोटे भाई पर लगे आरोपों ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।

पीड़ित परिवार इस घटना के बाद मानसिक तनाव में है।

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और सबूतों की जांच की जाएगी।

मामले की टाइमलाइन

4 जुलाई, दोपहर करीब 3 बजे:
आरोप के मुताबिक छोटा भाई अर्टिगा कार से घर पहुंचा।

इसके बाद:
वह कथित तौर पर भाभी और तीन बच्चों को साथ लेकर चला गया।

घर लौटने पर:
बड़े भाई को पत्नी और बच्चों के गायब होने की जानकारी मिली।

जांच के दौरान:
घर से नकदी, जेवर और सामान गायब मिला।

पुलिस कार्रवाई:
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू की गई।

क्या-क्या जांच रही पुलिस?

पुलिस फिलहाल इन सवालों के जवाब तलाश रही है—

महिला और बच्चे इस समय कहां हैं?
आरोपी उन्हें कहां लेकर गया?
क्या घटना पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी?
घर से ले जाए गए सामान का क्या हुआ?
आरोपी और महिला के बीच पहले से कोई संपर्क था या नहीं?
निष्कर्ष

पलवल का यह मामला केवल चोरी या गुमशुदगी का नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा गंभीर मामला है। पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पूरी घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

फिलहाल पुलिस आरोपी युवक, महिला और बच्चों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

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Wed, 15 Jul 2026 15:32:53 +0530 news desk MPcg
बंगाल के मदरसों में गूंज रहा ‘वंदे मातरम्’, बच्चे कर रहे प्रैक्टिस; सरकारी आदेश के बाद टीचर मोबाइल&स्पीकर से सिखा रहे राष्ट्रगीत https://citytoday.co.in/7265 https://citytoday.co.in/7265 पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों और स्कूलों में अब सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम्’ सुनाई दे रहा है। राज्य सरकार के आदेश के बाद सरकारी मदरसों में छात्र राष्ट्रगीत सीखने और गाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, कई जगहों पर बच्चों को इसके कठिन शब्दों और भाषा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य के कई मदरसों में शिक्षक अब मोबाइल फोन, स्पीकर और ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए बच्चों को वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियां याद करवा रहे हैं। खासकर उन इलाकों में जहां अधिकतर बच्चे बांग्ला या उर्दू भाषा जानते हैं, वहां संस्कृतनिष्ठ शब्दों वाले इस गीत को सीखने में छात्रों को समय लग रहा है।

19 मई को जारी हुआ था आदेश

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों में 19 मई को निर्देश जारी किया गया था कि सुबह की प्रार्थना में सबसे पहले वंदे मातरम् गाया जाए। इसके बाद स्कूल खुलने पर शिक्षकों ने बच्चों को इसकी तैयारी करानी शुरू की।

राज्य में करीब 614 सरकारी मदरसे हैं, जिनमें 5 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। आदेश आने के समय गर्मी की छुट्टियां चल रही थीं, इसलिए स्कूल खुलने के बाद इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए कई जिलों के मदरसों और स्कूलों का दौरा किया गया।

मुर्शिदाबाद के मदरसे में बच्चों को सिखाया जा रहा वंदे मातरम्

मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा स्थित देवकुंडा हाई मदरसा में सुबह करीब 6:30 बजे प्रार्थना के दौरान स्पीकर पर वंदे मातरम् बजाया गया।

मदरसे के प्रिंसिपल मोहम्मद खसरु अहमद ने बताया कि स्कूल में पहले से ही राष्ट्रगीत और देशभक्ति गीतों की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश के बाद बच्चों को इसे सीखने में थोड़ा समय लग रहा है।

उन्होंने बताया कि अभी बच्चे वंदे मातरम् के सभी अंतरे नहीं गा पा रहे हैं। शुरुआत के दो अंतरे ही गाए जा रहे हैं क्योंकि बाकी हिस्से सीखने में समय लगेगा।

संस्कृत के कठिन शब्दों से बच्चों को परेशानी

आसनसोल के रहमानिया हायर सेकेंडरी स्कूल में भी बच्चों को वंदे मातरम् की प्रैक्टिस कराई जा रही है।

स्कूल में पहले उर्दू में अल्लामा इकबाल की प्रसिद्ध रचना ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ और राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया गया। इसके बाद शिक्षकों ने मोबाइल फोन पर वंदे मातरम् चलाकर बच्चों को सुनाया।

स्कूल के शिक्षक बख्तियार आलम ने बताया कि यहां ज्यादातर बच्चे उर्दू माध्यम से पढ़ते हैं और कई छात्र हिंदी या संस्कृत शब्दों से परिचित नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के शब्द कठिन होने के कारण बच्चों को इसे याद करने में समय लग रहा है। इसलिए फिलहाल उन्हें मोबाइल और स्पीकर के जरिए सुनाया जा रहा है।

कई जगह मोबाइल बना ‘वंदे मातरम् सीखने का माध्यम’

आसनसोल के सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसे में स्पीकर खराब होने के कारण शिक्षक मोबाइल फोन से बच्चों को राष्ट्रगीत सुना रहे हैं।

हालांकि, यहां शिक्षकों ने स्कूल की अन्य समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी, बिजली और मूलभूत सुविधाओं की समस्या भी बनी हुई है।

शिक्षक सैयद कबीरुद्दीन अहमद ने कहा कि स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ी है, लेकिन शिक्षकों की संख्या पहले जैसी ही है।

हिंदी-बांग्ला माध्यम स्कूलों में बच्चों ने आसानी से गाया

आसनसोल के सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल और दुर्गापुर के प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल में स्थिति कुछ अलग नजर आई।

इन स्कूलों में हिंदी और बांग्ला माध्यम के छात्र वंदे मातरम् की पंक्तियां अपेक्षाकृत आसानी से गा रहे थे। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों को पहले से ही देशभक्ति गीतों की जानकारी है।

सोदपुर स्कूल की टीचर इन चार्ज श्रावणी गोस्वामी ने बताया कि वंदे मातरम् की शुरुआती दो पंक्तियां ज्यादातर बच्चों को याद हो गई हैं। गीत के कठिन शब्दों को समझाने के लिए इसे स्कूल के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी भेजा गया है।

कुछ मुस्लिम संगठनों ने जताई आपत्ति

वंदे मातरम् को लेकर कुछ मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति भी जताई है।

ऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद शाकिफ कासमी ने कहा कि कुछ मुस्लिम समुदायों की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए सरकार को अन्य विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जन-गण-मन या ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसे गीत भी विकल्प हो सकते हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल स्पीकर पर वंदे मातरम् सुनाने से धार्मिक भावनाएं प्रभावित नहीं होतीं।

वंदे मातरम् को लेकर क्यों रहा है विवाद?

वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसके शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था।

विवाद मुख्य रूप से इसके बाद के छंदों को लेकर रहा है, जिनमें मातृभूमि की तुलना देवी स्वरूपों से की गई है। कुछ मुस्लिम संगठनों का कहना है कि धार्मिक मान्यताओं के कारण वे इन हिस्सों को लेकर असहज महसूस करते हैं।

हालांकि, राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता प्राप्त शुरुआती दो छंदों को लेकर अलग-अलग समुदायों में अलग-अलग राय रही है।

सरकार के आदेश के बाद बढ़ी चर्चा

पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों में वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया ने शिक्षा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर बहस तेज कर दी है।

जहां कुछ लोग इसे राष्ट्रीय भावना से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ संगठन इसे छात्रों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषय के रूप में उठा रहे हैं।

फिलहाल स्कूलों और मदरसों में शिक्षक बच्चों को धीरे-धीरे गीत सिखाने में जुटे हैं और कई जगह छात्रों को इसे पूरी तरह याद करने में कुछ समय लगने की बात कही जा रही है।

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Tue, 14 Jul 2026 13:40:50 +0530 news desk MPcg
उदयपुर में सड़क धंसी, गड्ढे में उतरी इलेक्ट्रिक कार: दुर्गा नर्सरी चौराहे पर मचा हड़कंप; 3 साल में तीसरी घटना से उठे सवाल https://citytoday.co.in/7263 https://citytoday.co.in/7263 राजस्थान के उदयपुर शहर में सड़क धंसने की घटना ने नगर निगम की निर्माण व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार शाम शहर के दुर्गा नर्सरी चौराहे पर अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसकी वजह से वहां से गुजर रही एक इलेक्ट्रिक कार (EV) गड्ढे में फंस गई।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार का अगला हिस्सा सड़क के अंदर उतर गया, जबकि पिछला हिस्सा सड़क पर ही रह गया। हादसे के बाद इलाके में लंबा जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

नाले के ऊपर धंसी सड़क, EV कार के पहिए फंसे

जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। दुर्गा नर्सरी चौराहे पर कुम्हारों का भट्टा से अशोक नगर की ओर जाने वाली सड़क पर नाले के ऊपर बना हिस्सा अचानक टूट गया।

इसी दौरान वहां से गुजर रही एक इलेक्ट्रिक कार के आगे के पहिए धंसी हुई सड़क में चले गए। अचानक हुए हादसे से कार चालक घबरा गया, लेकिन उसने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और यातायात प्रभावित हो गया।

पुलिस ने बैरिकेड लगाकर संभाली स्थिति

हादसे के बाद मौके पर यातायात पुलिस पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेड लगाए गए।

पुलिस ने—

वाहनों की आवाजाही रोकी
मौके पर भीड़ को नियंत्रित किया
जाम को खुलवाया
क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाया

यातायात पुलिस के अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

लोगों का कहना है कि दुर्गा नर्सरी चौराहे पर यह पहली घटना नहीं है। पिछले तीन वर्षों में इसी रोड पर सड़क धंसने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिसके कारण सड़क कमजोर हो गई और बार-बार ऐसी स्थिति बन रही है।

मेयर के घर के पास तक बना नाला, आगे हिस्सा छोड़ा गया

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अशोक नगर से दुर्गा नर्सरी रोड की तरफ नाले का निर्माण किया गया था।

लोगों का आरोप है कि नाला निवर्तमान मेयर जीएस टांक के घर तक बनाया गया, लेकिन उसके आगे करीब 50 मीटर का हिस्सा छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस हिस्से को भी पूरा कर दिया जाता तो शायद सड़क धंसने जैसी घटना नहीं होती।

हालांकि, इस संबंध में नगर निगम की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

नगर निगम ने जल्द काम शुरू करने की बात कही

मौके पर पहुंचे नगर निगम के अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल ने बताया कि इस क्षेत्र में नाले के निर्माण का टेंडर हो चुका है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सड़क धंसने वाले हिस्से की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

दुर्गा नर्सरी क्षेत्र में सड़क धंसने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।

पहली घटना: नाले का आरसीसी स्ट्रक्चर टूटा

करीब तीन साल पहले अशोक नगर मेन रोड पर उदासीन आश्रम मंदिर के बाहर पुराने नाले का आरसीसी स्ट्रक्चर टूट गया था। इसके कारण दुकानों के बाहर खड़ी गाड़ियां नाले में गिर गई थीं।

उस समय स्थानीय व्यापारियों ने नगर निगम से शिकायत की थी।

दूसरी घटना: आयड़ पुलिया के पास धंसी सड़क

दो साल पहले आयड़ पुलिया और दुर्गा नर्सरी चौराहे के पास सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया था।

उस दौरान सड़क का करीब 100 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा हिस्सा कई फीट नीचे चला गया था। इसके बाद लंबे समय तक मरम्मत कार्य चला और सड़क बंद करनी पड़ी थी।

लोगों ने कहा- बड़ा हादसा टला

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार बड़ा हादसा टल गया। उनका कहना है कि अगर सड़क धंसने के समय कोई दोपहिया वाहन वहां से गुजरता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

लोगों ने मांग की है कि शहर की अन्य कमजोर सड़कों और पुराने नालों की भी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जांच के बाद साफ होगी वजह

फिलहाल नगर निगम और पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। सड़क धंसने की असली वजह मिट्टी का कमजोर होना, नाले की संरचना में कमी या निर्माण कार्य में तकनीकी खामी रही है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

उदयपुर जैसे पर्यटन शहर में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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Tue, 14 Jul 2026 13:14:13 +0530 news desk MPcg
पलवल पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई थाना प्रभारियों समेत CIA, ANC और EOW में बदलाव, एसपी नीतीश अग्रवाल ने दिए सख्त निर्देश https://citytoday.co.in/7239 https://citytoday.co.in/7239  जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार के उद्देश्य से पलवल पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) नीतीश अग्रवाल ने जिले के कई थाना प्रभारियों, अपराध जांच शाखा (CIA), एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पुलिस चौकी प्रभारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती वाले स्थानों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के स्थानांतरण को पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और जिले में अपराधों पर लगाम लगाने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

शहर थाना पलवल समेत कई थानों के बदले प्रभारी

प्रशासनिक बदलाव के तहत कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

आदेश के अनुसार, इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा को शहर थाना पलवल का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। शहर थाना जिले के सबसे महत्वपूर्ण थानों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में आपराधिक मामलों और शिकायतों का निपटारा किया जाता है।

वहीं इंस्पेक्टर बलजीत को थाना होडल की जिम्मेदारी दी गई है। होडल क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहती है, ऐसे में अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा इंस्पेक्टर रविकांत को यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।

क्राइम ब्रांच को मिली नई कमान

अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच में भी बदलाव किया है।

इंस्पेक्टर जगमिंदर सिंह को पलवल क्राइम ब्रांच का प्रभारी बनाया गया है। क्राइम ब्रांच जिले में गंभीर अपराधों, संगठित अपराध और आपराधिक गतिविधियों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वहीं सब इंस्पेक्टर अमित को क्राइम ब्रांच होडल और सब इंस्पेक्टर तेजपाल को एंटी व्हीकल थेफ्ट (AVT) हथीन का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इन नियुक्तियों के जरिए पुलिस विभाग ने वाहन चोरी, संगठित अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने की तैयारी की है।

नशा और आर्थिक अपराधों पर नजर बढ़ाने की तैयारी

पलवल पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल में भी बदलाव किया है।

सब इंस्पेक्टर हनीश खान को एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) का प्रभारी बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और इससे जुड़े अपराधों पर कार्रवाई करना होगी।

वहीं आर्थिक अपराधों की जांच के लिए सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

आर्थिक अपराध शाखा धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितताओं और जटिल मामलों की जांच करती है।

पुलिस चौकियों में भी हुआ बदलाव

प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिले की कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को भी बदला गया है।

सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार को बागपुर पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। वहीं सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह को मंडकोला पुलिस चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस विभाग के अनुसार, चौकी स्तर पर अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान करना है।

दो अधिकारियों को पुलिस लाइन भेजा गया

इस फेरबदल के दौरान कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन भी भेजा गया है।

आदेश के अनुसार, आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार और एंटी व्हीकल थेफ्ट (AVT) के प्रभारी इंस्पेक्टर जमील अहमद को आगामी आदेशों तक पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

हालांकि पुलिस विभाग ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और किसी विशेष कार्रवाई से जोड़कर नहीं देखा है।

पुलिस व्यवस्था मजबूत करना मुख्य उद्देश्य

जिला पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह बदलाव नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य जिले की पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, अपराधियों पर शिकंजा कसना और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना है।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि नई तैनाती से अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और वे अपने अनुभव के आधार पर बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे।

एसपी नीतीश अग्रवाल ने दिए अधिकारियों को निर्देश

पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालें और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और पुलिस-जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए।

अपराध नियंत्रण और जनता से संवाद पर रहेगा फोकस

पलवल जिले में अपराध नियंत्रण पुलिस प्रशासन के लिए लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। नए अधिकारियों के सामने अपराधों पर अंकुश लगाने, गश्त व्यवस्था मजबूत करने, लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने की चुनौती होगी।

पुलिस विभाग को उम्मीद है कि इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी।

मुख्य तबादले:

नरेंद्र राणा — शहर थाना पलवल प्रभारी
बलजीत — थाना होडल प्रभारी
रविकांत — यातायात थाना प्रभारी
जगमिंदर सिंह — पलवल क्राइम ब्रांच प्रभारी
अमित — क्राइम ब्रांच होडल
तेजपाल — एवीटी हथीन प्रभारी
हनीश खान — एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी
मनोज कुमार — आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी
सुनील कुमार — बागपुर चौकी प्रभारी
वीरेंद्र सिंह — मंडकोला चौकी प्रभारी

पलवल पुलिस में हुए इस बदलाव को जिले में बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Mon, 13 Jul 2026 14:02:56 +0530 news desk MPcg
मुजफ्फरपुर बनेगा तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र: बिहार में खुलेगा आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय, छात्रों और विकास को मिलेगी नई दिशा https://citytoday.co.in/7229 https://citytoday.co.in/7229 बिहार सरकार ने राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुजफ्फरपुर में 'आर्किटेक्चर एंड सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का मुख्यालय मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) परिसर में बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह विश्वविद्यालय विशेष रूप से आर्किटेक्चर, सिविल इंजीनियरिंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े उच्च शिक्षा एवं शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा।

यह घोषणा रविवार को एमआईटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। राज्य सरकार के अनुसार, विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उत्तर बिहार में रोजगार, अनुसंधान और आधारभूत संरचना के विकास को भी नई गति मिलेगी।

तकनीकी शिक्षा में नया अध्याय

बिहार में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में यह परियोजना एक बड़ी पहल मानी जा रही है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में भविष्य में आर्किटेक्चर, सिविल इंजीनियरिंग, अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, निर्माण तकनीक, भवन डिजाइन, स्मार्ट सिटी प्लानिंग, पर्यावरणीय इंजीनियरिंग और संबंधित आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की संभावना है।

राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना है जो बिहार की बढ़ती शहरी और ग्रामीण विकास आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक समाधान विकसित कर सकें।

एमआईटी परिसर बनेगा मुख्यालय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई यूनिवर्सिटी का मुख्यालय मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) परिसर में स्थापित किया जाएगा। एमआईटी पहले से ही बिहार के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है। विश्वविद्यालय बनने के बाद यहां शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान, प्रयोगशालाओं और तकनीकी सुविधाओं का और अधिक विस्तार होने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय के विस्तृत प्रशासनिक ढांचे, पाठ्यक्रम, संबद्ध कॉलेजों और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी राज्य सरकार द्वारा आगामी चरणों में जारी की जाएगी।

सरकार का क्या है उद्देश्य?

राज्य सरकार का मानना है कि बिहार को तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आर्किटेक्ट और सिविल इंजीनियरों की आवश्यकता है। वर्तमान में कई परियोजनाओं के लिए बाहरी राज्यों के विशेषज्ञों पर निर्भरता रहती है।

नई यूनिवर्सिटी के माध्यम से राज्य में ही उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य के विकास कार्यों में स्थानीय प्रतिभाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

छात्रों को क्या होंगे लाभ?

नई यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद छात्रों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है—

आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा बिहार में ही उपलब्ध होगी।
शोध एवं नवाचार (Research & Innovation) के नए अवसर विकसित होंगे।
आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजाइन स्टूडियो और तकनीकी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
छात्रों को उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
राज्य के युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
रोजगार और प्लेसमेंट की संभावनाओं में वृद्धि होने की उम्मीद है।
उत्तर बिहार बनेगा एजुकेशन हब

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह विश्वविद्यालय उत्तर बिहार को तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र बना सकता है। पहले से मौजूद एमआईटी, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर की पहचान एक बड़े शिक्षा केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है।

इससे आसपास के जिलों के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।

आम जनता के जीवन पर कैसे पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि विश्वविद्यालय अपने निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप कार्य करता है तो इसका प्रभाव केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा।

आधुनिक बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा

विश्वविद्यालय से तैयार होने वाले इंजीनियर और आर्किटेक्ट सड़क, पुल, फ्लाईओवर, सरकारी भवन, जल निकासी व्यवस्था, जल संरक्षण, सीवरेज नेटवर्क और सार्वजनिक अवसंरचना के लिए बेहतर तकनीकी समाधान विकसित कर सकते हैं।

स्मार्ट सिटी और शहरी नियोजन

भविष्य में स्मार्ट सिटी, नगर विकास, ट्रैफिक प्रबंधन, मास्टर प्लान, हरित भवन (Green Buildings) और टिकाऊ शहरी विकास (Sustainable Urban Development) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ तैयार होंगे।

शोध और नवाचार

भूकंपरोधी भवन निर्माण, पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री, कम लागत वाले आवास, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षित निर्माण तकनीक और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर पर शोध को बढ़ावा मिल सकता है।

स्थानीय रोजगार

विश्वविद्यालय के संचालन से शिक्षकों, शोधकर्ताओं, प्रशासनिक कर्मचारियों और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में आवास, परिवहन, खानपान और अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

एमआईटी प्रशासन ने जताया स्वागत

घोषणा के बाद एमआईटी प्रशासन ने इसे संस्थान और पूरे उत्तर बिहार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। संस्थान के प्राचार्य ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बनने से संस्थान की शैक्षणिक पहचान और मजबूत होगी तथा छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।

अभी किन बातों का इंतजार?

हालांकि विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा कर दी गई है, लेकिन अभी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आना बाकी हैं। इनमें शामिल हैं—

विश्वविद्यालय स्थापना का आधिकारिक अधिनियम या अधिसूचना
निर्माण एवं संचालन की समय-सीमा
वित्तीय प्रावधान
कुलपति एवं प्रशासनिक ढांचा
प्रवेश प्रक्रिया
संबद्ध कॉलेजों की सूची
नए पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी

इन सभी पहलुओं की आधिकारिक घोषणा राज्य सरकार द्वारा आगामी चरणों में किए जाने की संभावना है।

निष्कर्ष

मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित आर्किटेक्चर एंड सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बिहार की तकनीकी शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि परियोजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो इससे राज्य के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, लंबे समय में यह विश्वविद्यालय बिहार के बुनियादी ढांचे, शहरी नियोजन और निर्माण क्षेत्र में स्थानीय विशेषज्ञता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल विश्वविद्यालय के संचालन, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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Mon, 13 Jul 2026 11:46:18 +0530 news desk MPcg
खान सर को पटना कोर्ट से बड़ी राहत: कोचिंग विवाद मामले में मिली अग्रिम जमानत, दो गार्ड और तीन स्टाफ को भी जमानत https://citytoday.co.in/7228 https://citytoday.co.in/7228 बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक एवं निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। इसी मामले में अदालत ने खान सर के तीन अन्य स्टाफ सदस्यों को भी अग्रिम जमानत दी, जबकि पहले से न्यायिक हिरासत में बंद दो सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत दे दी गई।

यह मामला 2 जून 2026 की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हुए कथित मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसने राज्य के कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और विवाद को लेकर व्यापक चर्चा बटोरी थी।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 की रात मुसल्लहपुर इलाके में दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट, हंगामा और फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं। घटना के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

शुरुआती जांच के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई। जांच आगे बढ़ने पर खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

वीडियो सामने आने के बाद एफआईआर में जुड़ा खान सर का नाम

जांच के दौरान एक कथित वीडियो सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर का नाम भी एफआईआर में शामिल किया। आरोप लगाया गया कि उनके सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग की गई थी और इस मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

हालांकि, खान सर ने इन आरोपों से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी।

पटना सिविल कोर्ट का फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पटना सिविल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना आदेश सुनाते हुए:

फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
उनके तीन अन्य स्टाफ सदस्यों को भी अग्रिम जमानत दे दी।
न्यायिक हिरासत में बंद दोनों सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत प्रदान कर दी।

इस फैसले के बाद खान सर और उनके सहयोगियों को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

पुलिस जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के दौरान एकत्र किए गए वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों की वैधता और उपयोग की परिस्थितियां क्या थीं।

अग्रिम जमानत का क्या मतलब है?

अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) वह कानूनी राहत है, जिसमें किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होने पर अदालत से पहले ही संरक्षण मिल जाता है। यदि जांच के दौरान गिरफ्तारी की स्थिति बनती है, तो अदालत के आदेश के अनुसार संबंधित व्यक्ति को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत का लाभ मिलता है। इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती और आरोपी को कानून के अनुसार जांच में सहयोग करना होता है।

मामले का वर्तमान स्थिति

पटना सिविल कोर्ट के ताजा आदेश के बाद खान सर, उनके तीन स्टाफ सदस्य और दोनों सुरक्षा गार्डों को राहत मिल गई है। हालांकि, अदालत का यह आदेश केवल जमानत से संबंधित है। मामले में दर्ज आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय ट्रायल और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस जांच अभी जारी है और अदालत के समक्ष आगे भी इस मामले की सुनवाई होती रहेगी।

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Mon, 13 Jul 2026 11:37:59 +0530 news desk MPcg
जौनपुर में एक साल से बंद टेलीमेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी सेवा, ग्रामीण मरीजों पर बढ़ा इलाज का बोझ; करोड़ों के संसाधन पड़े बेकार https://citytoday.co.in/7221 https://citytoday.co.in/7221 अपोलो अस्पताल से अनुबंध खत्म होने के बाद ठप हुई सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और डिजिटल जांच से वंचित हो रहे ग्रामीण मरीज

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई टेलीमेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी योजना पिछले करीब एक साल से बंद पड़ी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित यह योजना निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ने के लिए शुरू की गई थी।

योजना बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उठानी पड़ रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की ऑनलाइन सलाह और डिजिटल जांच की सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को अब निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां इलाज का खर्च कई गुना बढ़ जाता है।

अपोलो अस्पताल से अनुबंध खत्म होने के बाद बंद हुई सेवा

जौनपुर में टेलीमेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी सेवा को वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना और मरीजों को उनके नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना था।

इस योजना के तहत जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया था। यहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जांच रिपोर्ट, एक्स-रे और अन्य चिकित्सकीय जानकारी ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचाते थे।

विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की रिपोर्ट देखकर उपचार संबंधी सलाह और दवाओं की जानकारी उपलब्ध कराते थे।

लेकिन अपोलो अस्पताल चेन्नई के साथ हुआ सरकारी अनुबंध समाप्त होने के बाद यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। नया अनुबंध नहीं होने के कारण पिछले एक साल से जिले में यह सुविधा बंद पड़ी है।

14 सीएचसी और 7 अस्पतालों में प्रभावित हुई सुविधा

टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से जिले के कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल रही थी।

वहीं टेली रेडियोलॉजी सुविधा के जरिए मरीजों के एक्स-रे और अन्य जांचों की रिपोर्ट विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट तक भेजी जाती थी।

वर्तमान में जिन केंद्रों पर यह सेवाएं प्रभावित हैं, उनमें शामिल हैं:

टेलीमेडिसिन सेवा वाले केंद्र:
नौपेड़वां
सुजानगंज
मुफ्तीगंज
डोभी
रेहटी
खुटहन
मछलीशहर
रामनगर
रामपुर
महराजगंज
बरसठी
केराकत
सीएचसी बदलापुर
टेली रेडियोलॉजी सेवा वाले अस्पताल:
मड़ियाहूं
बरसठी
मछलीशहर
बदलापुर
डोभी
शाहगंज
महराजगंज
गंभीर बीमारियों के मरीजों को मिलती थी विशेषज्ञ सलाह

टेलीमेडिसिन योजना के तहत मरीजों को कई गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिलती थी।

अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर ऑनलाइन माध्यम से:

जनरल मेडिसिन
स्त्री रोग
हड्डी रोग (ऑर्थोपेडिक)
बाल रोग
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
हृदय रोग
किडनी रोग
न्यूरोलॉजी

जैसे विभागों में चिकित्सकीय परामर्श देते थे।

ग्रामीण मरीजों को इसके लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्हें अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से ही विशेषज्ञ उपचार की दिशा मिल जाती थी।

गरीब मरीजों पर बढ़ा निजी इलाज का आर्थिक दबाव

सेवा बंद होने के बाद ग्रामीण इलाकों के मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां डिजिटल जांच और डॉक्टरों की सलाह सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध हो जाती थी, वहीं अब उसी सुविधा के लिए निजी केंद्रों पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

कई मरीजों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि महंगे इलाज और जांच के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और कई लोग कर्ज लेने तक को मजबूर हो रहे हैं।

करोड़ों रुपये के उपकरण और संसाधन बन रहे शोपीस

टेलीमेडिसिन योजना के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए गए डिजिटल उपकरण अब लंबे समय से उपयोग के बिना पड़े हैं।

इनमें:

मॉनिटर
कैमरे
डिजिटल संचार उपकरण
टेलीमेडिसिन सिस्टम

शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा लगाए गए लाखों-करोड़ों रुपये के संसाधनों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस सेवा को दोबारा शुरू करे, ताकि सरकारी निवेश का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

स्थानीय नागरिकों ने योजना बंद होने पर चिंता जताई है।

मछलीशहर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि टेलीमेडिसिन सेवा ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इसके जरिए बिना ज्यादा खर्च किए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल जाती थी।

कुछ लोगों ने कहा कि अब सामान्य जांचों के लिए भी निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जहां कई बार अधिक शुल्क लिया जाता है।

नागरिकों का कहना है कि यदि अनुबंध समाप्त हो गया था तो स्वास्थ्य विभाग को समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।

स्वास्थ्य विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेवा तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से प्रभावित हुई है।

सीएचसी मछलीशहर के अधीक्षक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि टेलीमेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी सेवा फिलहाल बंद है और समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से जल्द सेवा शुरू होने की उम्मीद है।

वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. गंगाराम गौतम ने बताया कि यह सुविधा पूरे प्रदेश में अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है और जल्द समाधान की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की थी योजना

टेलीमेडिसिन योजना का मुख्य उद्देश्य यही था कि ग्रामीण मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों जैसी विशेषज्ञ सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकें।

भारत में डॉक्टरों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता को देखते हुए टेलीमेडिसिन को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम माना गया था।

जौनपुर में इस योजना के बंद होने से एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में विशेषज्ञ सेवाओं की कमी सामने आ गई है।

अब नजर शासन के अगले कदम पर

एक साल से बंद पड़ी इस सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग लगातार उठ रही है।

ग्रामीण मरीजों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द नई व्यवस्था तैयार कर टेलीमेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी सेवाओं को फिर से शुरू करेगी।

फिलहाल हजारों मरीजों को इस सुविधा के दोबारा शुरू होने का इंतजार है।

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Sat, 11 Jul 2026 16:21:02 +0530 news desk MPcg
हाजीपुर में उड़ान के बाद कुछ मिनट तक हवा में मंडराता रहा CM सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट; बाद में सामान्य हुई स्थिति https://citytoday.co.in/7220 https://citytoday.co.in/7220 मुख्यमंत्री के दौरे के बाद हेलीकॉप्टर की असामान्य उड़ान से मची हलचल, तकनीकी खराबी की आधिकारिक पुष्टि नहीं

 बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के बाद उस समय अचानक हलचल मच गई, जब उनका हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद तक स्टेडियम के ऊपर ही मंडराता रहा। हेलीकॉप्टर को लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में उड़ता देख मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हो गए।

घटना हाजीपुर स्थित अक्षयवट राय स्टेडियम की बताई जा रही है, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी तो कुछ समय तक वह सामान्य ऊंचाई पर आगे बढ़ने के बजाय स्टेडियम क्षेत्र के आसपास ही चक्कर लगाता दिखाई दिया।

हेलीकॉप्टर के मंडराने से बढ़ी सुरक्षा कर्मियों की चिंता

मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के अपेक्षाकृत अधिक समय तक एक ही स्थान के ऊपर रहने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।

सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। स्टेडियम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर कुछ समय तक स्टेडियम क्षेत्र के ऊपर ही दिखाई देता रहा, जिसके बाद उसने दोबारा ऊंचाई हासिल की और पटना की ओर रवाना हो गया।

तकनीकी खराबी की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

हेलीकॉप्टर के कुछ देर तक हवा में मंडराने के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं रहीं, लेकिन प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक किसी तकनीकी खराबी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पूरी तरह सामान्य रही और मुख्यमंत्री सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।

हेलीकॉप्टर की उड़ान से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री ने हाजीपुर में शुरू कीं कई महत्वपूर्ण योजनाएं

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह हाजीपुर दौरा विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी कई योजनाओं की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिक सुविधाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से कई नई सेवाओं की शुरुआत की।

इनमें मुख्य रूप से:

होम रजिस्ट्रेशन सुविधा
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था
डिजिटल भूमि सेवाओं से जुड़ी पहल

शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े और तकनीक के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।

बुजुर्गों के लिए शुरू हुई होम रजिस्ट्रेशन सुविधा

कार्यक्रम के दौरान शुरू की गई होम रजिस्ट्रेशन सुविधा को बुजुर्ग नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

इस योजना के तहत अधिक उम्र के लोगों को जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए कार्यालय जाने की परेशानी से राहत देने का प्रयास किया गया है।

नई व्यवस्था के अनुसार, संबंधित विभाग के कर्मचारी जरूरतमंद लोगों के घर पहुंचकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

इससे खासतौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पेपरलेस रजिस्ट्री से डिजिटल होगा रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की भी शुरुआत की। इसका उद्देश्य जमीन से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

नई व्यवस्था में:

दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा
कागजी प्रक्रिया कम होगी
रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी
लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे

इसके अलावा भूमि से जुड़ी जानकारी को बेहतर बनाने के लिए जीआईएस तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

खराब मौसम के बावजूद कार्यक्रम में पहुंची बड़ी संख्या में भीड़

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में मौसम खराब था और बारिश भी हो रही थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और आम लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे कार्यक्रम की निगरानी कर रहे थे।

हेलीकॉप्टर की उड़ान बनी चर्चा का विषय

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तो शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो गया, लेकिन उनके हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने के बाद कुछ देर तक हवा में मंडराने की घटना चर्चा का विषय बन गई।

मौके पर मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल देखा गया, हालांकि बाद में हेलीकॉप्टर सामान्य रूप से रवाना हो गया।

प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी भी तरह की आपात स्थिति या नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है।

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Sat, 11 Jul 2026 16:05:58 +0530 news desk MPcg
जम्मू&कश्मीर के राज्य दर्जे पर उमर अब्दुल्ला का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले& "अगर फैसले राजभवन से ही लेने हैं तो चुनाव क्यों कराए गए?" https://citytoday.co.in/7217 https://citytoday.co.in/7217 राज्य बहाली की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिल्ली में प्रदर्शन, उमर ने कहा- जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अगर वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति निर्वाचित सरकार के पास नहीं है और महत्वपूर्ण फैसले राजभवन से ही लिए जाने हैं, तो फिर विधानसभा चुनाव कराने का उद्देश्य क्या रह जाता है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता ने लोकतंत्र में विश्वास जताते हुए चुनावों में हिस्सा लिया, अपनी सरकार चुनी और अपना जनादेश दिया। अब केंद्र सरकार को जनता के इस फैसले का सम्मान करना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा केवल प्रशासनिक व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की राजनीतिक पहचान, अधिकारों और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा विषय है।

उमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया केंद्र का पुराना रोडमैप

हजरतबल में नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दिए गए तर्कों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खुद जम्मू-कश्मीर में सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए तीन चरणों की बात कही थी।

इन चरणों में शामिल थे:

परिसीमन प्रक्रिया पूरी करना
विधानसभा चुनाव कराना
राज्य का दर्जा वापस बहाल करना

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं। जनता ने अपना फैसला सुना दिया है और अब राज्य का दर्जा बहाल करने का समय आ गया है।

उन्होंने सवाल किया कि जब पहले बताए गए दो चरण पूरे हो चुके हैं तो तीसरे चरण को लागू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है।

"क्या जम्मू-कश्मीर की जनता की जीत ही उसकी सजा बन गई?"

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव में जनता ने जिस सरकार को चुना है, उसे काम करने के लिए पर्याप्त अधिकार मिलने चाहिए।

उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जनता वोट देकर सरकार बनाए और फिर वही सरकार निर्णय लेने के अधिकारों से वंचित रहे।

उन्होंने कहा,

"जनता ने लोकतंत्र में हिस्सा लिया, चुनाव हुए और उन्होंने अपना फैसला दिया। लेकिन क्या अब जनता की जीत को ही उसकी सजा बना दिया गया है?"

उमर ने कहा कि अगर हर बड़ा प्रशासनिक फैसला राजभवन से लिया जाएगा, अधिकारियों पर कार्रवाई वहीं से होगी और सरकार केवल नाम मात्र की रह जाएगी, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी।

"अगर राजभवन से ही सरकार चलानी है तो चुनाव क्यों?"

उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान में सीधे सवाल उठाया कि अगर केंद्र शासित प्रदेश जैसी व्यवस्था में भी सारे महत्वपूर्ण फैसले उपराज्यपाल या राजभवन के माध्यम से ही लिए जाने हैं तो फिर जनता से वोट मांगने का क्या औचित्य है।

उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और उसे अपने फैसले लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक अधिकारों की उम्मीद कर रहे हैं।

परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र पर लगाए आरोप

उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के दौरान राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

उमर ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को पहले से आशंका थी कि परिसीमन प्रक्रिया में बदलाव किए जाएंगे और इससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुनाया और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों को समर्थन नहीं दिया।

हालांकि केंद्र सरकार का पक्ष रहा है कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया थी, जिसका उद्देश्य जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन करना था।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से कई बार उठा चुके हैं मुद्दा

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के सामने कई बार उठाया है।

उन्होंने कहा कि हर बैठक में उन्होंने इस मांग को प्रमुखता से रखा।

उमर ने कहा,

"हर बार हमें जवाब मिलता है कि उचित समय आने पर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि वह उचित समय कब आएगा?"

उन्होंने कहा कि अब इस मामले में स्पष्ट समयसीमा तय होनी चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को स्थिति की जानकारी हो सके।

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी नेशनल कॉन्फ्रेंस

राज्य दर्जे की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

उमर अब्दुल्ला ने घोषणा की कि पार्टी 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और इसके जरिए केंद्र सरकार तक जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांग पहुंचाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी किसी टकराव की राजनीति नहीं चाहती, लेकिन अपने अधिकारों और जनता की मांगों को उठाना उसका लोकतांत्रिक कर्तव्य है।

लद्दाख का उदाहरण देकर केंद्र को घेरा

उमर अब्दुल्ला ने लद्दाख का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी संवैधानिक सुरक्षा और अधिकारों को लेकर मांग उठ रही है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ लद्दाख के लिए विशेष सुरक्षा उपायों पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को अभी तक राज्य का दर्जा नहीं मिला है।

उन्होंने सवाल किया कि अगर देश में समान अधिकार और समान व्यवस्था की बात की जाती है तो जम्मू-कश्मीर की मांग पर भी विचार होना चाहिए।

भाजपा को खुली चुनौती

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर राज्य दर्जा बहाल करने को लेकर कोई राजनीतिक सोच है तो उसे सार्वजनिक रूप से सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार यह मानती है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा तभी मिलेगा जब भाजपा की सरकार बनेगी, तो इसे खुले तौर पर कहा जाना चाहिए।

उमर ने कहा कि जनता को भ्रम की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए।

बेगम अकबर जहां अब्दुल्ला को याद किया

कार्यक्रम में उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ नेता और अपनी दादी बेगम अकबर जहां अब्दुल्ला को याद किया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में कई कठिन दौर देखे।

उमर ने कहा कि उन्होंने शेख अब्दुल्ला के जेल जाने, राजनीतिक संघर्ष और पार्टी के विभाजन जैसी परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी धैर्य नहीं खोया।

उन्होंने कहा कि उनकी सीख थी कि धैर्य कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है।

उमर ने कहा,

"हमारा सब्र हमारी ताकत है, लेकिन इसे आत्मसमर्पण नहीं समझा जाना चाहिए।"

2019 के बाद बदला जम्मू-कश्मीर का राजनीतिक ढांचा

जम्मू-कश्मीर में वर्तमान राजनीतिक स्थिति अगस्त 2019 के बाद बदली, जब केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त कर दिया।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य का पुनर्गठन किया गया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया:

जम्मू-कश्मीर
लद्दाख

जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

इसके बाद लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियां सीमित रहीं। बाद में विधानसभा चुनाव कराए गए और नई सरकार का गठन हुआ।

राज्य दर्जे की बहाली क्यों है बड़ा मुद्दा?

जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से:

प्रशासनिक अधिकार बढ़ेंगे
स्थानीय निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी
लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती मिलेगी
जनता और सरकार के बीच सीधा संबंध मजबूत होगा

वहीं केंद्र सरकार का कहना रहा है कि राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्णय सुरक्षा स्थिति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

उमर अब्दुल्ला के ताजा बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य दर्जे का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस अब दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी कर रही है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई नया फैसला सामने नहीं आया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में राज्य दर्जे की बहाली जम्मू-कश्मीर की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकती है।

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Sat, 11 Jul 2026 14:50:06 +0530 news desk MPcg
दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह ने किया लोकनायक जेपी के नाम पर पुस्तकालय का उद्घाटन, बोले& लाइब्रेरी ने मेरे जीवन को बदला; युवाओं के लिए बड़ा अवसर https://citytoday.co.in/7213 https://citytoday.co.in/7213 राजधानी दिल्ली में शनिवार को युवाओं के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नाम पर बनाए गए नए पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

यह पुस्तकालय युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और पढ़ने की आदत विकसित करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना और उनके व्यक्तित्व विकास में मदद करना है।

अमित शाह ने किया उद्घाटन, सीएम रेखा गुप्ता भी रहीं मौजूद

पुस्तकालय के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि राजधानी दिल्ली के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के हाथों पुस्तकालय का उद्घाटन होना गर्व की बात है।

उन्होंने एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) की टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकालय के निर्माण में टीम ने महत्वपूर्ण मेहनत की है।

युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मिलेगा लाभ

इस पुस्तकालय को विशेष रूप से युवाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यहां छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तकालय परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित राजधानी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है और ऐसी सुविधाएं युवाओं को आगे बढ़ने में मदद करेंगी।

अमित शाह ने साझा किया लाइब्रेरी से जुड़ा अपना अनुभव

उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह ने पुस्तकालयों के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी का उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है।

उन्होंने अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके कस्बे में एक पुस्तकालय था, जिससे वह जुड़े रहे और उसी ने उनके जीवन में बदलाव लाने का काम किया।

अमित शाह ने कहा कि बचपन में उन्होंने सामान्य कहानियों की किताबों से पढ़ने की शुरुआत की और धीरे-धीरे वे वेद, उपनिषद और अन्य गंभीर विषयों तक पहुंचे।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकालयों से जुड़ें और पढ़ने की आदत विकसित करें। उनके अनुसार, पढ़ने की आदत व्यक्ति के विचारों को व्यापक बनाती है और उसे सही निर्णय लेने की क्षमता देती है।

बोले- पढ़ने वाला युवा अच्छे-बुरे का चयन खुद कर सकता है

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक युवा जब पढ़ने की आदत विकसित कर लेता है तो वह जीवन में अच्छे और बुरे का अंतर समझने में सक्षम हो जाता है।

उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। युवाओं को अपनी रुचि के विषयों के अनुसार पढ़ना चाहिए ताकि उनका ज्ञान और सोच दोनों विकसित हो सकें।

उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि शहर की सभी लाइब्रेरी को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जाए, ताकि पुस्तक प्रेमियों और छात्रों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।

अपने संसदीय क्षेत्र में लाइब्रेरी अभियान का किया जिक्र

अमित शाह ने बताया कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में भी पुस्तकालयों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुस्तकालय शुरू किए गए हैं और जरूरत की किताबें उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल लाइब्रेरी वैन की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि युवाओं तक किताबों की पहुंच बढ़ाना समाज और देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को किया याद

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन और योगदान को भी याद किया।

उन्होंने कहा कि जेपी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ऐसे नेता थे जिन्होंने सत्ता से ऊपर लोकतंत्र और जनता के अधिकारों को महत्व दिया।

उन्होंने कहा कि जेपी विदेश में पढ़े थे, लेकिन उनका जीवन हमेशा आम लोगों और जमीन से जुड़े मुद्दों के साथ रहा।

दिनकर और जेपी के विचारों का किया उल्लेख

गृहमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को समझने के लिए महान साहित्यकारों और विचारकों को पढ़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब तक युवा दिनकर जैसे साहित्यकारों को नहीं पढ़ेंगे, तब तक देश की संस्कृति और विचारधारा को पूरी तरह समझना मुश्किल है।

उन्होंने युवाओं को भारतीय साहित्य, इतिहास और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी।

दिल्ली में शिक्षा और अध्ययन सुविधाओं को बढ़ावा

नया पुस्तकालय दिल्ली में युवाओं के लिए अध्ययन का एक नया केंद्र बनेगा। राजधानी में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और शांत वातावरण में अध्ययन की जरूरत महसूस करते हैं।

ऐसे में इस तरह की सुविधाएं छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।

युवाओं को जोड़ने पर जोर

अमित शाह ने कहा कि देश की प्रगति का आकलन करना हो तो युवाओं की सोच और उनकी तैयारी को देखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि किताबें केवल जानकारी का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और व्यक्तित्व को आकार देती हैं।

लोकनायक जेपी के नाम पर शुरू किया गया यह पुस्तकालय अब दिल्ली के युवाओं के लिए अध्ययन और ज्ञान का नया केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Sat, 11 Jul 2026 13:32:34 +0530 news desk MPcg
बंगाल TMC में दो फाड़ के संकेत: ऋतब्रत बनर्जी गुट ने बिप्लब मित्र को बनाया प्रदेश अध्यक्ष, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले संगठन से बढ़ा टकराव https://citytoday.co.in/7211 https://citytoday.co.in/7211 पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में संगठनात्मक विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के अंदर चल रही खींचतान के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिप्लब मित्र को अपने गुट की ओर से तृणमूल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा खुद को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद सामने आया है।

शुक्रवार को कोलकाता के तपसिया इलाके में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद ऋतब्रत बनर्जी गुट ने नई संगठनात्मक संरचना का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संगठनात्मक स्तर पर अंतिम वैधता किस गुट को मिलेगी। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को मजबूत बता रहे हैं।

ममता बनर्जी के फैसले के बाद सामने आया दूसरा नेतृत्व

तृणमूल कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत हाल ही में हुई, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने की घोषणा की।

ममता बनर्जी के इस कदम को पार्टी संगठन को अपने नियंत्रण में मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा गया। लेकिन इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी गुट ने अलग संगठनात्मक ढांचा पेश करते हुए बिप्लब मित्र को प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया।

ऋतब्रत गुट ने अपने संगठन को ही "असल तृणमूल कांग्रेस" बताते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस कदम से पार्टी के भीतर सत्ता और संगठन नियंत्रण को लेकर संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।

तपसिया में हुई लंबी बैठक, कई फैसलों पर लगी मुहर

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कोलकाता के तपसिया इलाके के एक होटल में ऋतब्रत बनर्जी गुट की लंबी बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी संगठन की भविष्य की रणनीति, आगामी कार्यक्रमों और विभिन्न इकाइयों के पुनर्गठन पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिप्लब मित्र के नाम की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर की।

इसके अलावा कसबा विधानसभा क्षेत्र के विधायक जावेद खान को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

गुट की ओर से दावा किया गया कि यह फैसला पार्टी को मजबूत करने और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

बिप्लब मित्र को क्यों मिली जिम्मेदारी?

बिप्लब मित्र पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नेता रहे हैं। वे पूर्व मंत्री रह चुके हैं और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं में शामिल हैं।

ऋतब्रत गुट ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अनुभवी चेहरे को आगे लाने का उद्देश्य पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं को अपने साथ जोड़ना हो सकता है।

हालांकि, बिप्लब मित्र की नियुक्ति को लेकर अभी ममता बनर्जी गुट की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कई मोर्चों पर नई नियुक्तियां

ऋतब्रत बनर्जी गुट ने प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पार्टी के कई अन्य संगठनों में भी बदलाव की घोषणा की है।

घोषित नियुक्तियों के अनुसार:

चंद्रिमा भट्टाचार्य को राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है।
महिला संगठन की अध्यक्ष की जिम्मेदारी सबीना यासमीन को दी गई है।
महिला संगठन की कार्यकारी अध्यक्ष शिउली साहा को बनाया गया है।
छात्र संगठन तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) की जिम्मेदारी सुदीप राहा को दी गई है।
छात्र संगठन के चेयरमैन पद पर कोहिनूर मजूमदार नियुक्त किए गए हैं।
युवा संगठन की जिम्मेदारी अनीसुर रहमान विदेश को सौंपी गई है।
अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी पूर्व विधायक आशीष मार्जित को दी गई है।

इन नियुक्तियों के जरिए गुट ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है।

चुनाव आयोग में दस्तावेज जमा करने का दावा

ऋतब्रत बनर्जी और उनके सहयोगियों ने दावा किया है कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर अपने संगठनात्मक दावे के समर्थन में मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं।

उनका कहना है कि संगठन से जुड़े दस्तावेज और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही नई संरचना की घोषणा की गई है।

हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस विवाद को लेकर कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक मान्यता की जानकारी सामने नहीं आई है।

21 जुलाई शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर भी विवाद

बैठक में आगामी 21 जुलाई शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती है, जिसका बंगाल की राजनीति में विशेष महत्व है।

ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि विक्टोरिया हाउस के सामने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद गांधी प्रतिमा के सामने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।

उन्होंने कहा कि उनका गुट हर वर्ष की तरह इस बार भी शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित करेगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शहीद दिवस जैसे बड़े कार्यक्रम में दोनों गुटों की सक्रियता पार्टी के अंदर शक्ति प्रदर्शन का रूप ले सकती है।

TMC के लिए बढ़ी चुनौती

तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से ममता बनर्जी के नेतृत्व में एकजुट पार्टी के रूप में काम करती रही है। ऐसे में संगठन के भीतर अलग-अलग नेतृत्व संरचनाओं का सामने आना पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की राजनीति में संगठन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क रखने वाली पार्टियों के लिए आंतरिक एकजुटता जरूरी होती है।

यदि विवाद लंबा खिंचता है तो इसका असर पार्टी कार्यकर्ताओं, आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक फैसलों पर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग और पार्टी के कार्यकर्ता किस गुट को मान्यता देते हैं। साथ ही यह भी देखना होगा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला संगठन इस चुनौती का किस तरह जवाब देता है।

फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर शुरू हुआ विवाद बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियां यह तय करेंगी कि पार्टी में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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Sat, 11 Jul 2026 12:54:01 +0530 news desk MPcg
खगड़िया में अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई बेअसर: पांचवीं बार चला बुलडोजर, अगले ही दिन फिर सड़क पर सजी दुकानें; स्थायी समाधान की उठी मांग https://citytoday.co.in/7206 https://citytoday.co.in/7206 बिहार के खगड़िया जिले के महेशखूंट बाजार में अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। प्रशासन द्वारा बार-बार अभियान चलाने और बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। शनिवार को सामने आई स्थिति ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक पांच बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन हर बार कार्रवाई के अगले ही दिन सड़क किनारे अस्थायी दुकानें, ठेले और खोमचे फिर से लग जाते हैं।

महेशखूंट का आसाम रोड चौराहा और मुख्य बाजार क्षेत्र लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों के कारण मुख्य मार्ग की चौड़ाई काफी कम हो जाती है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस, सार्वजनिक परिवहन और रोजमर्रा के यात्रियों पर पड़ता है।

पांच बार चला अतिक्रमण हटाओ अभियान

स्थानीय प्रशासन ने अब तक पांच अलग-अलग अवसरों पर जेसीबी मशीन और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। अभियान के दौरान सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे, ठेले और दुकानों को हटाया गया तथा दुकानदारों को दोबारा सड़क पर कब्जा न करने की चेतावनी भी दी गई।

हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासनिक टीम के लौटते ही धीरे-धीरे दुकानदार फिर से सड़क किनारे अपनी दुकानें लगा लेते हैं। परिणामस्वरूप कुछ ही घंटों या अगले दिन बाजार की स्थिति पहले जैसी हो जाती है और सड़क पर आवागमन प्रभावित होने लगता है।

रोजाना लगता है जाम, राहगीर परेशान

महेशखूंट बाजार खगड़िया जिले का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और आवागमन के लिए पहुंचते हैं। सड़क पर सब्जी, फल, कपड़े, चाय-नाश्ते और अन्य सामान की अस्थायी दुकानें लगने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति सबसे अधिक खराब रहती है। कई बार स्कूल बसें, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर भीड़ बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।

दुकानदारों की भी अपनी मजबूरी

सड़क किनारे दुकान लगाने वाले फुटपाथी दुकानदारों का कहना है कि उनके पास व्यवसाय करने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि परिवार का पालन-पोषण इसी छोटे व्यवसाय पर निर्भर है और यदि उन्हें सड़क से हटाया जाता है तो उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।

दुकानदारों का सुझाव है कि प्रशासन उन्हें किसी निर्धारित स्थान या वेंडिंग जोन में व्यवस्थित रूप से दुकान लगाने की सुविधा उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि यदि स्थायी स्थान दिया जाए तो वे सड़क पर दुकान लगाने से बचेंगे।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी निगरानी का अभाव

स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल बुलडोजर चलाने से समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका कहना है कि कार्रवाई के बाद नियमित निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन की कमी के कारण अतिक्रमण दोबारा हो जाता है।

सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर भी माना जा रहा है कि केवल एक दिन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी, पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जुर्माना या कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाने की आवश्यकता है।

एसडीओ का पक्ष नहीं मिल सका

इस संबंध में एसडीओ, गोगरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। इसलिए इस समाचार में उनका आधिकारिक बयान शामिल नहीं किया गया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

वेंडिंग जोन बनाने की मांग तेज

स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल अतिक्रमण हटाने से नहीं बल्कि सुनियोजित व्यवस्था से निकलेगा। उनका सुझाव है कि नगर प्रशासन फुटपाथी दुकानदारों के लिए एक अधिकृत वेंडिंग जोन विकसित करे, जहां वे व्यवस्थित तरीके से अपना व्यवसाय कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट, 2014 के तहत स्थानीय निकायों को सर्वे कर पात्र फुटपाथी विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने और उनकी आजीविका तथा यातायात व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

प्रशासन और नागरिकों के सामने दोहरी चुनौती

महेशखूंट बाजार की स्थिति प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती पेश कर रही है। एक ओर सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना और यातायात सुचारु बनाना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों छोटे दुकानदारों की आजीविका भी इससे जुड़ी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नियमित निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और वैकल्पिक वेंडिंग जोन की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बुलडोजर अभियान केवल अस्थायी समाधान बनकर रह जाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान किस प्रकार निकालता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है।

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Sat, 11 Jul 2026 11:56:14 +0530 news desk MPcg
गुजरात के जूनागढ़ में भीषण सड़क हादसा: हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई अर्टिगा, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 4 गंभीर घायल, मासूम सुरक्षित बचा https://citytoday.co.in/7205 https://citytoday.co.in/7205 गुजरात के जूनागढ़ जिले में शनिवार (11 जुलाई) सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बनासकांठा जिले के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा जूनागढ़ के मजेवड़ी गांव के पास फोर-लेन हाईवे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार मारुति अर्टिगा कार सड़क किनारे खराब होकर खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई लोग वाहन के अंदर फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में मौजूद एक बच्चा चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया।

सोमनाथ में अस्थि विसर्जन के लिए जा रहा था परिवार

पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बनासकांठा जिले का एक परिवार अर्टिगा कार से सोमनाथ जा रहा था। परिवार अपने एक दिवंगत सदस्य की अस्थियों के विसर्जन के लिए निकला था। यात्रा के दौरान जब कार जूनागढ़ जिले के मजेवड़ी गांव के पास पहुंची, तभी हाईवे पर खराब होकर खड़े ट्रक से उसकी भीषण टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी। चालक संभवतः समय रहते सड़क पर खड़े ट्रक को नहीं देख पाया या फिर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

चार लोगों की मौके पर मौत

इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार चार लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की आधिकारिक पहचान पुलिस द्वारा परिजनों को सूचना देने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।

हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।

सबसे राहत की बात यह रही कि कार में मौजूद एक मासूम बच्चा इस भीषण दुर्घटना में सुरक्षित बच गया। हादसे के बाद उसे एहतियात के तौर पर अस्पताल ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

धमाके जैसी आवाज सुनकर दौड़े लोग

हादसे के बाद टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया और पुलिस व 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी।

कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस, 108 एम्बुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा दल और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंच गई। क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

जूनागढ़ पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और हाईवे पर खड़े ट्रक से समय रहते बचाव नहीं हो पाने के कारण हादसा हुआ। हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रक सड़क पर किस कारण से खड़ा था, क्या ट्रक चालक ने निर्धारित सुरक्षा संकेतक या रिफ्लेक्टर लगाए थे तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद ही चल सकेगा।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर खराब वाहनों की सुरक्षित पार्किंग और पर्याप्त चेतावनी संकेतों की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर खराब वाहन खड़ा होने की स्थिति में रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल, ब्लिंकर और पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत लगाना अनिवार्य है, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि तेज रफ्तार, चालक की क्षणिक असावधानी और हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से टक्कर देश में होने वाली गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

क्षेत्र में शोक का माहौल

एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर से बनासकांठा जिले और उनके गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों और रिश्तेदारों के लिए यह यात्रा मातम में बदल गई। स्थानीय प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं और पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से हाईवे पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने, पर्याप्त दूरी बनाए रखने और सड़क पर खड़े वाहनों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

नोट: यह रिपोर्ट पुलिस और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृतकों की पहचान, घायलों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जांच आगे बढ़ने के साथ अपडेट की जा सकती है।

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Sat, 11 Jul 2026 11:49:07 +0530 news desk MPcg
करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट से तमिलनाडु सरकार को बड़ी राहत, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने पर रोक से इनकार; अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी नियुक्तियां https://citytoday.co.in/7190 https://citytoday.co.in/7190 तमिलनाडु के चर्चित करूर भगदड़ मामले में राज्य सरकार को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के राज्य सरकार के फैसले पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्तियां पूरी तरह अस्थायी (Provisional) होंगी और मामले में आने वाले अंतिम न्यायिक फैसले के अधीन रहेंगी।

मामले की सुनवाई जस्टिस सी. वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. शक्तिवेल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर सरकार के नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा, लेकिन नियुक्तियों की वैधता पर अंतिम निर्णय न्यायालय ही करेगा।

पहले वेतन से पहले होगी अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, उन्हें पहले महीने का वेतन मिलने से पहले इस मामले पर दोबारा सुनवाई की जाएगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 निर्धारित की है।

इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होने तक नियुक्तियों पर न्यायिक निगरानी बनी रहे।

तमिलनाडु लोक सेवा आयोग और CBI को भी बनाया पक्षकार

मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) को भी स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रतिवादी बनाया है।

इसके साथ ही अदालत ने करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच CBI द्वारा की जा रही है।

याचिकाकर्ताओं ने क्या उठाए सवाल?

सरकारी नौकरियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाएं नाम तमिझर काची (NTK) के नेता थीरन थिरुमुरुगन तथा मनिथनेय जननायगा काची के पदाधिकारी सीनी अहमद की ओर से दायर की गई थीं।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि—

सरकारी नौकरियां नियमित भर्ती प्रक्रिया से दी जानी चाहिए।
इस तरह सीधे नियुक्तियां देना समान अवसर (Equality in Public Employment) के संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत है।
इससे तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) की नियमित चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी।
भविष्य में यह एक अनुचित मिसाल बन सकती है।
CBI जांच प्रभावित होने की भी जताई आशंका

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि चूंकि मामले की जांच CBI कर रही है, इसलिए मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने से कुछ संभावित गवाह प्रभावित हो सकते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

उन्होंने अदालत के सामने यह भी दलील रखी कि तमिलनाडु की पूर्व बड़ी दुर्घटनाओं—जैसे कुंभकोणम स्कूल अग्निकांड, धर्मपुरी बस आगजनी तथा थूथुकुडी स्टरलाइट गोलीकांड—में इस प्रकार स्वतः सरकारी नौकरी देने का कोई स्थायी कानूनी प्रावधान नहीं बनाया गया था।

कोर्ट ने पूछे महत्वपूर्ण सवाल

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।

खंडपीठ ने पूछा कि जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उन्हें आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार किसी मानवीय आधार पर राहत देना चाहती है तो प्रारंभिक स्तर पर उसे पूरी तरह रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

जब सुनवाई के दौरान मामले को राजनीतिक दिशा देने की कोशिश हुई तो अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालय राजनीतिक बहस का मंच नहीं है और सभी पक्ष केवल कानूनी तथ्यों तक ही अपनी दलील सीमित रखें।

सरकार ने अदालत में क्या कहा?

तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि मृतकों के पात्र परिजनों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रकार की सहायता का पहले भी उदाहरण मौजूद है। सरकार ने अदालत को बताया कि थूथुकुडी स्टरलाइट फायरिंग के बाद भी प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरियां दी गई थीं।

सरकार का तर्क था कि करूर भगदड़ जैसी असाधारण त्रासदी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री विजय सौंप सकते हैं नियुक्ति पत्र

सरकारी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपने करूर दौरे के दौरान भगदड़ में जान गंवाने वाले सभी 41 परिवारों से मुलाकात कर सकते हैं।

यदि न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप कोई नया अवरोध नहीं आता है तो पात्र लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे जा सकते हैं।

यह मुख्यमंत्री विजय के कार्यकाल के शुरुआती महत्वपूर्ण फैसलों में से एक माना जा रहा है।

क्या है करूर भगदड़ मामला?

करूर भगदड़ की घटना पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी, जब तमिलनाडु में तत्कालीन DMK सरकार के दौरान TVK की एक विशाल राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी।

रैली में अपेक्षा से कहीं अधिक भीड़ पहुंचने के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें बच्चों सहित 41 लोगों की मौत हो गई थी तथा अनेक लोग घायल हुए थे।

पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने, आयोजनों में विलंब, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा पीने के पानी, भोजन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण स्थिति बिगड़ गई।

हालांकि TVK ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरी घटना के लिए तत्कालीन प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था।

CBI कर रही है जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी।

जांच एजेंसी इस मामले में कई चरणों में पूछताछ कर चुकी है। मुख्यमंत्री विजय सहित पार्टी के कई नेताओं से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है।

CBI अभी भी विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और आयोजन संबंधी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि भगदड़ के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

आगे क्या होगा?

अब सभी की निगाहें 21 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। उस दिन हाई कोर्ट नियुक्तियों, सरकारी नीति और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे विचार करेगा।

फिलहाल अदालत ने सरकार को राहत देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सभी नियुक्तियां अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन रहेंगी। ऐसे में करूर भगदड़ मामला अब कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक—तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बना हुआ है।

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Fri, 10 Jul 2026 13:00:21 +0530 news desk MPcg
वायनाड टनल हादसा: इंजीनियरों ने पहले ही दी थी पहाड़ी ढहने की चेतावनी? आंतरिक रिपोर्ट से उठे सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल, जांच के बाद सामने आएंगे अंतिम तथ्य https://citytoday.co.in/7185 https://citytoday.co.in/7185 केरल के वायनाड जिले में निर्माणाधीन मेप्पाडी–कल्लाडी टनल रोड परियोजना में हुए भीषण भूस्खलन ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद अब इस हादसे के पीछे केवल प्राकृतिक आपदा ही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर अपनाए गए सुरक्षा मानकों और जोखिम प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे से पहले तैयार की गई एक आंतरिक तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट में इंजीनियरों और भूवैज्ञानिकों ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया था कि सुरंग के उत्तरी प्रवेश द्वार के ऊपर स्थित पहाड़ी लगातार कमजोर हो रही है और भारी वर्षा की स्थिति में किसी भी समय बड़ा भूस्खलन हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और जिम्मेदारी का निर्धारण अभी जांच के बाद ही होगा।

कैसे हुआ हादसा?

मंगलवार को वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मेप्पाडी–कल्लाडी टनल परियोजना के निर्माण स्थल पर अचानक विशाल मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गिरीं। देखते ही देखते पूरा कार्य क्षेत्र मलबे से भर गया। कई मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। लगातार बारिश, फिसलन भरी मिट्टी और दोबारा भूस्खलन की आशंका के बीच घंटों तक चले अभियान के बाद सात शव बरामद किए गए।

हादसे से पहले आई थी चेतावनी

राष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा तैयार तकनीकी रिपोर्ट में पहाड़ी की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि टनल के उत्तरी पोर्टल के ऊपर लगभग 35 मीटर मोटी ढीली, गादयुक्त मिट्टी कठोर चट्टान के ऊपर जमा है। इस प्रकार की भू-संरचना लगातार बारिश के दौरान अत्यधिक संवेदनशील हो जाती है।

विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि यदि लगातार वर्षा होती रही तो मिट्टी में पानी भरने से उसका भार बढ़ेगा और पूरी ढलान अचानक खिसक सकती है।

निरीक्षण में क्या-क्या मिला?

रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण के दौरान कई ऐसे संकेत मिले थे जो किसी बड़े भू-स्खलन की संभावना को दर्शाते थे। इनमें—

ढलान पर कई स्थानों पर गहरी और चौड़ी दरारें दिखाई देना।
कटे हुए हिस्सों से लगातार मिट्टी का खिसकना।
सतह से कीचड़युक्त पानी का रिसाव।
मिट्टी के भीतर खाली गुहाओं (Voids) का बनना।
ढलान के अलग-अलग स्तरों पर असमान दबाव के संकेत।
भूमिगत जल के तेज बहाव की आवाज सुनाई देना।

भूवैज्ञानिकों के अनुसार ये सभी संकेत बताते हैं कि ढलान की आंतरिक संरचना तेजी से कमजोर हो रही थी।

भूमिगत जल ने कैसे बढ़ाया खतरा?

रिपोर्ट में सबसे गंभीर चिंता भूमिगत जल प्रवाह को लेकर व्यक्त की गई थी। विशेषज्ञों ने पाया कि वर्षा का पानी मिट्टी के भीतर अपना अलग मार्ग बना चुका था। इससे मिट्टी के अंदर लगातार कटाव (Internal Erosion) हो रहा था।

ऐसी स्थिति में पहाड़ी ऊपर से सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अंदर से उसकी पकड़ कमजोर होती जाती है। जैसे-जैसे पानी का दबाव बढ़ता है, पूरी ढलान का संतुलन बिगड़ सकता है और अचानक बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो सकता है।

सुरक्षा उपाय किए गए थे, लेकिन क्या वे पर्याप्त थे?

परियोजना स्थल पर ढलान को सुरक्षित रखने के लिए कई इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया गया था। इनमें—

ढलान को सीढ़ीनुमा (Benching) बनाना।
शॉटक्रिट (Shotcrete) के माध्यम से कंक्रीट की सुरक्षात्मक परत चढ़ाना।
सॉइल नेल्स (Soil Nails) लगाकर मिट्टी को स्थिर करना।
कुछ स्थानों पर रिटेनिंग संरचनाएं बनाना।

लेकिन तकनीकी रिपोर्ट में कहा गया कि अत्यधिक वर्षा और बढ़ते जलदाब के सामने ये उपाय पर्याप्त साबित नहीं हो रहे थे। रिपोर्ट में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता भी बताई गई थी।

रिपोर्ट में किन कमियों का उल्लेख?

आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणालियों में कमियां पाई गईं—

जल निकासी प्रणाली (Drainage System) पूरी तरह प्रभावी नहीं थी।
ढलान के भीतर पानी का दबाव मापने वाले पाईजोमीटर (Piezometer) पर्याप्त संख्या में स्थापित नहीं थे।
भूस्खलन की शुरुआती चेतावनी देने वाली आधुनिक निगरानी प्रणाली सीमित थी।
वास्तविक समय (Real-Time) में ढलान की गतिविधियों की व्यापक मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी।
लगातार बारिश के दौरान जोखिम का पुनर्मूल्यांकन अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ।

हालांकि इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से हो सकेगी।

रेलवे और परियोजना अधिकारियों का पक्ष

परियोजना से जुड़े अधिकारियों और रेलवे इंजीनियरों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए थे। उनके अनुसार निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोका गया था तथा सुरक्षा संबंधी उपाय भी किए गए थे।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से आया विशाल भूस्खलन अत्यंत असामान्य था और इतनी बड़ी मात्रा में अचानक हुए प्राकृतिक भू-स्खलन को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं था।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

भू-तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट भारत के सबसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां लगातार वर्षा के दौरान मिट्टी की संरचना तेजी से बदलती है। ऐसे क्षेत्रों में सुरंग, सड़क या बड़े निर्माण कार्यों के लिए केवल प्रारंभिक सर्वे पर्याप्त नहीं होता।

विशेषज्ञों के अनुसार आवश्यक है कि—

रियल-टाइम जियोटेक्निकल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएं।
ढलानों पर सेंसर आधारित निगरानी हो।
वर्षा के दौरान निर्माण गतिविधियों की नियमित समीक्षा हो।
जल निकासी प्रणाली का लगातार परीक्षण किया जाए।
उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्य को मौसम के अनुसार नियंत्रित किया जाए।
राहत एवं बचाव अभियान जारी

हादसे के बाद NDRF, SDRF, पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से राहत कार्य चला रहे हैं। भारी बारिश और दोबारा भूस्खलन की आशंका के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

घटनास्थल पर ड्रोन सर्वे, भारी मशीनों और विशेष बचाव उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। प्रभावित श्रमिकों के परिवारों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

क्या होगी जांच?

राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि—

क्या तकनीकी चेतावनियों पर समय रहते कार्रवाई की गई?
क्या सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया?
क्या बारिश के दौरान कार्य रोकने के पर्याप्त निर्देश लागू हुए?
क्या भू-तकनीकी निगरानी पर्याप्त थी?
क्या निर्माण एजेंसियों और निगरानी संस्थाओं की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही हुई?

इन सभी सवालों के जवाब विस्तृत तकनीकी जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।

भविष्य के लिए बड़ा सबक

वायनाड हादसे ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल इंजीनियरिंग चुनौती नहीं, बल्कि पर्यावरणीय और भू-वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी परियोजनाओं में आधुनिक निगरानी तकनीक, मजबूत जल निकासी व्यवस्था, नियमित भू-वैज्ञानिक निरीक्षण और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

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Fri, 10 Jul 2026 12:12:51 +0530 news desk MPcg
हरिद्वार में अतिवृष्टि से मिट्टी खिसकी, दो मकान क्षतिग्रस्त; कई परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया, प्रशासन अलर्ट पर https://citytoday.co.in/7183 https://citytoday.co.in/7183 उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हरिद्वार से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। गुरुवार को हुई अतिवृष्टि के कारण हरिद्वार रेलवे स्टेशन के निकट काली कमली धर्मशाला के पीछे स्थित ढलान का बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिससे दो आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

भारी बारिश से खिसकी मिट्टी, दो मकान हुए असुरक्षित

प्रशासन के अनुसार लगातार कई घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश से पहाड़ी ढलान की मिट्टी कमजोर हो गई। गुरुवार को अचानक मिट्टी खिसकने से पास स्थित दो आवासीय भवनों की नींव प्रभावित हुई और भवनों में दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत दल मौके पर पहुंचा।

अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों भवनों को तत्काल खाली कराया और वहां रह रहे सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

चार अन्य भवन भी खाली कराए गए

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हरिद्वार ने तहसील प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि लगातार बारिश होने पर आसपास की मिट्टी और खिसक सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पास के चार अन्य आवासीय भवनों को भी एहतियातन खाली कराया गया। इन भवनों में रह रहे परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।

राहत शिविर में रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था

प्रभावित परिवारों को पन्नालाल भल्ला इंटर कॉलेज में बनाए गए आपदा राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया है। जिला प्रशासन ने राहत शिविर में रहने, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है।

इसके अतिरिक्त श्यामपुर क्षेत्र में भी एक अलग राहत शिविर बनाया गया है, जहां दो अन्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन लगातार शिविरों की निगरानी कर रहा है और प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है।

राहत राशि देने के निर्देश

जिला प्रशासन ने तहसीलदार हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि आपदा राहत मानकों के तहत प्रभावित परिवारों को तत्काल अहैतुक सहायता (Immediate Relief Assistance) और अन्य अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भवनों के नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है, ताकि क्षति का सही आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।

यदि भवन रहने योग्य नहीं पाए जाते हैं तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहा भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में इस समय मानसून अपने चरम पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, सड़क धंसने और चट्टानें गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

राज्य के कई राष्ट्रीय और संपर्क मार्ग बाधित हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार जेसीबी मशीनों और राहत टीमों की मदद से सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों को चुनौती दे रही है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और चंपावत समेत कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास न जाने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, पहाड़ी ढलानों के आसपास अनावश्यक रूप से न रुकें और अफवाहों पर ध्यान न दें। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

लगातार बारिश के मद्देनज़र हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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Fri, 10 Jul 2026 11:47:16 +0530 news desk MPcg
पुणे के पिंपरी&चिंचवड़ में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन वेस्ट&टू&एनर्जी प्रोजेक्ट की इमारत का हिस्सा गिरा, 15&20 मजदूरों के दबे होने की आशंका; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी https://citytoday.co.in/7167 https://citytoday.co.in/7167  महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। मोशी क्षेत्र में चल रहे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन इमारत का एक हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर काम कर रहे करीब 15 से 20 मजदूरों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। पिंपरी-चिंचवड़ फायर ब्रिगेड, पुलिस टीम, आपदा प्रबंधन दल और अन्य राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव दलों ने मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों को तलाशने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।

मोशी इलाके में चल रहा था निर्माण कार्य

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में स्थित एक निर्माणाधीन वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना स्थल पर हुआ। यह प्रोजेक्ट पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) की ओर से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय साइट पर नियमित निर्माण कार्य चल रहा था। बड़ी संख्या में मजदूर अपने काम में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन ढांचे का एक हिस्सा कमजोर होकर गिर गया और कई मजदूर मलबे में फंस गए।

घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मलबा गिरने के बाद आसपास के क्षेत्र में धूल का गुबार फैल गया और मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

फायर ब्रिगेड और बचाव टीमों ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। फायर ब्रिगेड की टीमें विशेष उपकरणों की मदद से मलबे को हटाने में जुटी हैं। वहीं, पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया है ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न आए।

मौके पर कई एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। मलबे से निकाले जाने वाले मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पतालों में भेजने की तैयारी की गई है।

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मजदूरों की तलाश जारी, संख्या की आधिकारिक पुष्टि बाकी

फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे में घायल या मृत लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मलबा पूरी तरह हट नहीं जाता, तब तक प्रभावित लोगों की सही संख्या बता पाना मुश्किल है।

रेस्क्यू टीमों द्वारा लगातार मलबे की जांच की जा रही है। बचावकर्मी किसी भी हलचल या आवाज के आधार पर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

निर्माणाधीन इमारत गिरने की घटना के बाद अब निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद हादसे की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा ढांचे की मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

प्रशासन ने शुरू की निगरानी

पिंपरी-चिंचवड़ प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है।

फिलहाल पूरे इलाके में राहत अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से घटनाक्रम पर लगातार अपडेट जारी किए जाने की संभावना है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

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Wed, 08 Jul 2026 16:06:23 +0530 news desk MPcg
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर हिमाचल ने किया नमन, शिमला में श्रद्धांजलि सभा; विक्रमादित्य सिंह बोले& 'उनका विकास मॉडल आज भी प्रदेश की सबसे बड़ी प्रेरणा' https://citytoday.co.in/7156 https://citytoday.co.in/7156  हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को पूरे प्रदेश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, जो स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के पुत्र भी हैं, ने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका विकास मॉडल आज भी हिमाचल प्रदेश के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संतुलित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जो सोच राजा वीरभद्र सिंह ने दी थी, उसी दिशा में वर्तमान सरकार आगे बढ़ रही है।

रिज मैदान में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में—

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह
शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान
विधायक हरीश जनारथा
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता
विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक

शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके सार्वजनिक जीवन तथा राजनीतिक योगदान को याद किया गया।

"पूरा हिमाचल आज भी उन्हें याद करता है"

श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आज पूरा हिमाचल प्रदेश अपने लोकप्रिय नेता और पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले उनकी जयंती भी पूरे प्रदेश में मनाई गई थी और अब उनकी पुण्यतिथि पर फिर से उनके दिखाए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि हिमाचल प्रदेश के विकास की पहचान थे।

विकास को बताया सबसे बड़ी विरासत

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनके पिता का सपना केवल सरकार चलाना नहीं था, बल्कि प्रदेश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाना था।

उन्होंने कहा कि—

गांव-गांव सड़क पहुंचाने,
पेयजल योजनाओं का विस्तार,
सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने,
सरकारी विद्यालयों के विकास,
उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना,
इंजीनियरिंग कॉलेज,
मेडिकल कॉलेज,
पशु चिकित्सालय,
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं

के विस्तार में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है।

उनके अनुसार आज हिमाचल प्रदेश के जिस आधुनिक बुनियादी ढांचे को लोग देखते हैं, उसमें वीरभद्र सिंह की दूरदर्शी नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान को किया याद

विक्रमादित्य सिंह ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि—

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला के विस्तार,
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा की स्थापना,
जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण,
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार

जैसे कई बड़े निर्णयों ने लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत करना हमेशा वीरभद्र सिंह की प्राथमिकता रही।

शिक्षा और तकनीकी संस्थानों पर दिया विशेष जोर

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनके पिता का मानना था कि किसी भी राज्य का भविष्य शिक्षा पर निर्भर करता है।

इसी सोच के तहत—

नए विद्यालय खोले गए,
कॉलेजों का विस्तार हुआ,
तकनीकी संस्थानों की स्थापना हुई,
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा मिला,
युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए गए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी इसी सोच को आगे बढ़ा रही है।

"अधूरे सपनों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी"

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के अधूरे विकास कार्यों और सपनों को पूरा करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार—

मेडिकल संस्थानों को और मजबूत करेगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार जारी रखेगी।
सड़क और पुल निर्माण को गति देगी।
तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देगी।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य की दिशा में कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि यही उनके पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किया काम

अपने संबोधन में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के हित में निर्णय लिए।

उन्होंने कहा कि उनका मानना था कि विकास का लाभ हर क्षेत्र और हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचना चाहिए।

इसी सोच के कारण वे लंबे समय तक जनता के बीच लोकप्रिय रहे और प्रदेश की राजनीति में उनका विशेष स्थान बना रहा।

कौन थे वीरभद्र सिंह?

राजा वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

उनका राजनीतिक जीवन कई दशकों तक सक्रिय रहा।

उन्होंने—

छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
कई बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।
केंद्र सरकार में भी मंत्री रहे।
कांग्रेस संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उनके कार्यकाल में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, ग्रामीण विकास और पर्यटन के क्षेत्र में अनेक योजनाएं शुरू की गईं, जिनका लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए।

कई स्थानों पर—

रक्तदान शिविर,
पौधारोपण,
सर्वधर्म प्रार्थना सभाएं,
श्रद्धांजलि सभाएं

आयोजित कर स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद किया गया।

विकास की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प दोहराया कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों और जनकल्याण की सोच को आगे बढ़ाया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास, सामाजिक समरसता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

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Wed, 08 Jul 2026 12:26:49 +0530 news desk MPcg
महिला डॉक्टर से मारपीट मामला: वायरल वीडियो के बाद शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की सफाई, बोले& 'मैंने डॉक्टर को नहीं पीटा'; पार्टी ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा https://citytoday.co.in/7153 https://citytoday.co.in/7153  महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) अस्पताल में एक महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी शिवसेना (शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने महिला डॉक्टर पर हमला नहीं किया, बल्कि केवल उनके हाथ में मौजूद मोबाइल फोन को हटाने की कोशिश की थी। दूसरी ओर, वायरल वीडियो में कॉर्पोरेटर को महिला डॉक्टर के पास जाकर हाथ उठाते और उसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए देखा जा सकता है।

इस घटना के बाद डॉक्टरों के संगठनों, मेडिकल एसोसिएशनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महाराष्ट्र सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि शिवसेना नेतृत्व ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई 2026 को ठाणे जिले के KDMC अस्पताल में हुई। अस्पताल में एक गर्भवती महिला को उपचार के लिए लाया गया था। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि प्रसव के बाद नवजात शिशु को NICU (Neonatal Intensive Care Unit) की आवश्यकता पड़ सकती है, लेकिन अस्पताल में उस समय सभी NICU बेड पहले से भरे हुए थे।

अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सलाह दी कि यदि आवश्यकता पड़े तो नवजात को किसी अन्य अस्पताल में रेफर करना पड़ सकता है। इसी बात को लेकर मरीज के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच बहस शुरू हो गई।

कुछ ही देर बाद स्थानीय शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत जल्द ही विवाद में बदल गई और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

घटना का सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला डॉक्टर अपने मोबाइल फोन से किसी को कॉल करने या घटना की रिकॉर्डिंग करने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान रमेश म्हात्रे उनके पास पहुंचते हैं और हाथ से ऐसा प्रहार करते हैं कि डॉक्टर का मोबाइल फोन नीचे गिर जाता है।

इसके बाद अस्पताल के अन्य कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई देती है। अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई।

इसी वीडियो के सामने आने के बाद मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।

रमेश म्हात्रे ने क्या दी सफाई?

विवाद बढ़ने के बाद रमेश म्हात्रे ने मीडिया के सामने अपनी सफाई पेश की।

उन्होंने कहा,

"मैंने महिला डॉक्टर पर हमला नहीं किया। मैंने सिर्फ उनके हाथ में मौजूद मोबाइल फोन को हटाने की कोशिश की थी क्योंकि वह हमारी बात सुनने के बजाय लगातार फोन इस्तेमाल कर रही थीं।"

उन्होंने दावा किया कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उन्होंने किसी महिला डॉक्टर को थप्पड़ नहीं मारा।

म्हात्रे ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो एक महिला और उसके नवजात की जान खतरे में पड़ सकती थी। उनके अनुसार वे मरीज के हित में अस्पताल पहुंचे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे माफी नहीं मांगेंगे।

डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आरोप

अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ का कहना है कि डॉक्टर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और उन्होंने मरीज की स्थिति के अनुसार उचित चिकित्सकीय सलाह दी थी।

डॉक्टरों का आरोप है कि बेड उपलब्ध न होने की जानकारी देने के बाद कॉर्पोरेटर और उनके समर्थकों ने अस्पताल में हंगामा किया, महिला डॉक्टर के साथ मारपीट की और अन्य कर्मचारियों को भी धमकाया।

मेडिकल स्टाफ का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की हिंसा से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

घटना के बाद पुलिस ने वायरल वीडियो और अस्पताल प्रशासन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि—

सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
घटना के समय मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ होगी।
वीडियो की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।

जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिवसेना नेतृत्व ने क्या कहा?

घटना के बाद शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र भी हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की निंदा की।

उन्होंने कहा कि—

"अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमला बेहद निंदनीय है। डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात लोगों की सेवा करते हैं। उनके साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि—

कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी।
दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
पार्टी भी अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
शिवसेना किसी भी दोषी का बचाव नहीं करेगी।
डॉक्टर संगठनों में नाराजगी

घटना के बाद महाराष्ट्र के कई डॉक्टर संगठनों और मेडिकल एसोसिएशनों ने विरोध दर्ज कराया है।

उनका कहना है कि—

अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते हमले चिंता का विषय हैं।
डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों का प्रभावी पालन होना चाहिए।
अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अस्पतालों में हिंसा क्यों बन रही है चिंता?

विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई बार इलाज में देरी, बेड की कमी, मरीज की गंभीर स्थिति या मृत्यु जैसी परिस्थितियों में परिजन आक्रोशित होकर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों को निशाना बना देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि—

अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था,
बेहतर संवाद प्रणाली,
और मेडिकल प्रोटेक्शन कानूनों का सख्ती से पालन

ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जांच जारी, अंतिम फैसला साक्ष्यों पर निर्भर

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल स्टाफ की शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Wed, 08 Jul 2026 11:59:42 +0530 news desk MPcg
बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: निलंबन के बाद प्रमोद नौटियाल पर आपराधिक केस दर्ज, पुलिस जांच तेज; सीसीटीवी, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों के आधार पर होगी विस्तृत पड़ताल https://citytoday.co.in/7152 https://citytoday.co.in/7152 उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावा) की कथित हेराफेरी का मामला अब पूरी तरह आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के वैयक्तिक सहायक (Personal Assistant) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है और अब सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड, ड्यूटी रजिस्टर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा संबंधित कर्मचारियों के बयान जुटाए जा रहे हैं।

मंदिर समिति का कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले हैं, जिसके बाद पहले आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया गया और फिर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद

पूरे मामले की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की धनराशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ गई।

वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की आशंका माना और विस्तृत जांच के आदेश दिए। समिति ने कहा कि बदरीनाथ धाम जैसे राष्ट्रीय और धार्मिक महत्व के तीर्थस्थल में श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

तीन सदस्यीय जांच समिति का किया गया गठन

मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति ने वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति को पूरे घटनाक्रम की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

जांच समिति ने कई स्तरों पर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। इसमें—

मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच,
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के बयान,
चढ़ावे की गणना और जमा प्रक्रिया का सत्यापन,
नकदी के आवागमन से जुड़े रिकॉर्ड,
वित्तीय रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों का मिलान शामिल रहा।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?

मंदिर समिति द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि 2 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच संबंधित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल द्वारा मंदिर परिसर से चढ़ावे की धनराशि उठाए जाने के संकेत मिले।

समिति ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता माना। हालांकि जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही निकाला जाएगा।

पहले निलंबन, फिर पुलिस में शिकायत

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 7 जुलाई 2026 को बदरी-केदार मंदिर समिति ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

समिति ने अपने आदेश में कहा कि यदि संबंधित कर्मचारी को पद पर बनाए रखा जाता तो जांच प्रभावित होने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों पर प्रभाव डालने की आशंका बनी रहती। इसी कारण निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया गया।

इसके अगले ही चरण में समिति ने पूरे मामले को आपराधिक जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा?

मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और धारा 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। जांच अधिकारी अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रहे हैं और उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा।

पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?

पुलिस की प्रारंभिक जांच कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है—

मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण।
चढ़ावे की धनराशि के संग्रह और जमा प्रक्रिया का सत्यापन।
संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों के बयान।
मंदिर की नकदी प्रबंधन प्रणाली का परीक्षण।
वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक जमा विवरण का मिलान।
इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच।
आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

मंदिर समिति का आधिकारिक बयान

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) बी.डी. सिंह रांगड़ ने पुष्टि की कि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।

उन्होंने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी और किसी भी स्तर पर दोषियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं के चढ़ावे की व्यवस्था कैसे होती है?

बदरीनाथ धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नकद दान, चेक, ऑनलाइन दान और अन्य प्रकार के चढ़ावे मंदिर समिति के माध्यम से एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत एकत्र किए जाते हैं।

आमतौर पर—

दान पात्र खोले जाते हैं,
कर्मचारियों की निगरानी में धनराशि की गणना होती है,
रिकॉर्ड तैयार किया जाता है,
बैंक में राशि जमा कराई जाती है,
पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया जाता है।

इसी कारण चढ़ावे से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता को अत्यंत गंभीर माना जाता है।

कानूनी प्रक्रिया अभी जारी

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होना केवल आपराधिक जांच की शुरुआत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि आरोपी दोषी सिद्ध हो गया है।

पुलिस जांच के दौरान—

साक्ष्य जुटाए जाएंगे,
गवाहों के बयान दर्ज होंगे,
आवश्यकता पड़ने पर आरोपी से पूछताछ की जाएगी,
सभी तथ्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार होगी,
इसके बाद अदालत में मुकदमा चलेगा।

अंतिम रूप से दोष या निर्दोषता का निर्णय केवल न्यायालय ही करेगा।

मंदिर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

बदरीनाथ धाम देश के चारधामों में प्रमुख स्थान रखता है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन पर पारदर्शिता बनाए रखने और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।

मंदिर समिति ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Wed, 08 Jul 2026 11:49:30 +0530 news desk MPcg
टनकपुर&हुजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस का शुभारंभ: उत्तर&दक्षिण भारत के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, सीएम धामी बोले& उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक दिन https://citytoday.co.in/7147 https://citytoday.co.in/7147 उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र टनकपुर को देश के दक्षिणी हिस्से से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टनकपुर–हुजूर साहिब नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही टनकपुर–पीलीभीत पैसेंजर ट्रेन के मार्ग का विस्तार शाहजहांपुर तक कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे उत्तराखंड के परिवहन इतिहास का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि यह रेल सेवा उत्तर और दक्षिण भारत के बीच आस्था, पर्यटन, व्यापार, सांस्कृतिक एकता और आर्थिक विकास का सशक्त सेतु बनेगी।

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। टनकपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने फूलों से सजी विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उत्तराखंड को पहली बार दक्षिण भारत से सीधी रेल कनेक्टिविटी

नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र को पहली बार महाराष्ट्र सहित दक्षिण और मध्य भारत के प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क मिलेगा। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेगी और हुजूर साहिब नांदेड़ तक पहुंचेगी, जो सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

सरकार का मानना है कि इस रेल सेवा से धार्मिक यात्रियों, पर्यटकों, छात्रों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को सीधी यात्रा सुविधा मिलेगी तथा लंबी दूरी की यात्रा अधिक आसान होगी।

कुमाऊं के पर्यटन और धार्मिक स्थलों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टनकपुर कुमाऊं का प्रवेश द्वार है। यहीं से श्रद्धालु मां पूर्णागिरि धाम, आदि कैलाश, ओम पर्वत, पिथौरागढ़, चंपावत और अन्य प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं।

उन्होंने कहा कि नई ट्रेन सेवा शुरू होने से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार भी खुलेंगे। कुमाऊं क्षेत्र के कृषि उत्पाद, फल, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुओं को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड में रेलवे अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी जारी है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाना है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताईं रेलवे की उपलब्धियां

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि हुजूर साहिब नांदेड़ के धार्मिक महत्व और यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए इस नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रही है और त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार—

इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।
पिछली दीपावली और छठ पर्व के दौरान लगभग 12,000 विशेष ट्रेनें चलाई गईं।
आगामी रथ यात्रा के अवसर पर 300 विशेष ट्रेनें तथा ओणम के दौरान 100 विशेष ट्रेनें संचालित की जाएंगी।
पिछले 12 वर्षों में लगभग 37,000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं।
भारतीय रेलवे का 99.6 प्रतिशत नेटवर्क विद्युतीकृत किया जा चुका है।
देश की बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है और निर्धारित समयसीमा के अनुसार इसे शुरू करने की दिशा में काम जारी है।
लंबे समय से थी सीधी ट्रेन की मांग

टनकपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि कुमाऊं क्षेत्र को मध्य और दक्षिण भारत से जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा शुरू की जाए। अब इस मांग के पूरा होने से यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलकर यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।

विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों तथा सिख श्रद्धालुओं को इस नई सेवा से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि नई रेल सेवा से केवल यातायात ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से निवेश, पर्यटन, रोजगार और व्यापार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। इसके अलावा सीमांत क्षेत्रों में आवागमन आसान होने से सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क भी मजबूत होगा।

मुख्य बिंदु
टनकपुर–हुजूर साहिब नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस का शुभारंभ।
टनकपुर–पीलीभीत पैसेंजर ट्रेन का विस्तार शाहजहांपुर तक।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसे उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
नई ट्रेन उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगी।
पूर्णागिरि, आदि कैलाश सहित कुमाऊं के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को मिलेगा लाभ।
स्थानीय व्यापार, पर्यटन और कृषि उत्पादों को नए बाजार मिलने की संभावना।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रथ यात्रा पर 300 और ओणम पर 100 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की।
भारतीय रेलवे में 99.6% विद्युतीकरण और 37 हजार किलोमीटर नए ट्रैक बिछाने की जानकारी दी।

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Tue, 07 Jul 2026 16:57:27 +0530 news desk MPcg
बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची से कथित गैंगरेप और हत्या के बाद उबाल: पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं बागी सांसद सायोनी घोष का विरोध, लगे 'गद्दार' और 'बेईमान' के नारे; तीन आरोपी गिरफ्तार https://citytoday.co.in/7146 https://citytoday.co.in/7146 पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित गैंगरेप और हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है और घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद सायोनी घोष को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। उनके बारुईपुर पहुंचते ही भीड़ के एक वर्ग ने 'गद्दार' और 'बेईमान' के नारे लगाए। पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया और बाद में उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने दिया गया।

यह मामला केवल एक जघन्य अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ हिंसा और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इसे राज्य के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है। पुलिस एक ओर बच्ची के साथ हुई वारदात की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर भीड़ द्वारा एक संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले की भी अलग से जांच चल रही है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को बारुईपुर क्षेत्र से 12 वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

तलाश के दौरान रविवार को सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरी के भीतर बच्ची का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

CCTV फुटेज बना जांच का अहम आधार

जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें बच्ची को लापता होने से कुछ समय पहले एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाते हुए देखा गया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान शुरू की और कई लोगों से पूछताछ की।

प्रारंभिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में रेप और हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और घटना के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।

शव मिलने के बाद भड़का लोगों का गुस्सा

बच्ची का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। इसी दौरान अपराध में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति को भीड़ ने पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भीड़ द्वारा की गई हत्या की घटना भी कानून के दायरे में आती है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं सायोनी घोष

घटना के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद सायोनी घोष बारुईपुर पहुंचीं। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने शुरुआत में उनके प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका, लेकिन बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें परिवार से मिलने की अनुमति दी गई।

परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने की लड़ाई में वे उनके साथ रहेंगी।

विरोध के बीच लगे 'गद्दार' और 'बेईमान' के नारे

सायोनी घोष के इलाके में पहुंचते ही भीड़ के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें 'गद्दार' और 'बेईमान' कहकर संबोधित किया। स्थानीय स्तर पर यह विरोध उनके हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर अन्य नेताओं के साथ जाने को लेकर नाराजगी से जुड़ा बताया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद कई क्षेत्रों में उनके खिलाफ असंतोष देखने को मिल रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्याख्या है।

सायोनी घोष ने दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा देने की मांग की

विरोध के बावजूद सायोनी घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक है और दोषियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा,

"ऐसे अपराध किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं। हर कोई चाहता है कि दोषियों को कठोरतम सजा मिले। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले।"

उन्होंने आगे कहा,

"यह घटना मुझे व्यक्तिगत रूप से बेहद विचलित करती है। ऐसा लगता है जैसे यह मेरी अपनी बेटी के साथ हुआ हो। हमने परिवार को भरोसा दिलाया है कि हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।"

पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए सैंपल, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।

यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साध रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की तेजी से जांच जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि त्वरित न्याय, प्रभावी अभियोजन, पीड़ित परिवार को सहायता और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र विकसित करना भी आवश्यक है।

प्रशासन ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

पुलिस और जिला प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ भारतीय कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही भीड़ हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु
बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित गैंगरेप और हत्या से पूरे राज्य में आक्रोश।
4 जुलाई को लापता हुई बच्ची का शव सूर्यपुर हाट क्षेत्र में बोरी के अंदर मिला।
CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज की।
रेप और हत्या के आरोप में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी।
शव मिलने के बाद गुस्साई भीड़ ने एक संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं बागी सांसद सायोनी घोष को विरोध का सामना करना पड़ा।
भीड़ ने उनके खिलाफ 'गद्दार' और 'बेईमान' के नारे लगाए।
सायोनी घोष ने दोषियों को कठोरतम सजा और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस गैंगरेप-हत्या और भीड़ हिंसा—दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।

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Tue, 07 Jul 2026 16:43:20 +0530 news desk MPcg
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए सख्ती: 3 बार देर से आने या समय से पहले जाने पर कटेगा एक दिन का वेतन, ई&शिक्षाकोष पोर्टल से होगी ऑनलाइन निगरानी https://citytoday.co.in/7145 https://citytoday.co.in/7145 बिहार के सुपौल जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर दर्ज सत्यापित ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर तैयार किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई शिक्षक तीन बार विद्यालय में देर से पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले स्कूल छोड़ता है, तो उसके एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। यह नियम जिले के सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों पर लागू होगा।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होगी ऑनलाइन उपस्थिति

नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों के विद्यालय में प्रवेश और निकास का समय ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसी रिकॉर्ड के आधार पर मासिक उपस्थिति तैयार होगी और उसी के अनुसार वेतन जारी किया जाएगा।

यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं होती है, तो संबंधित दिन उसे अनुपस्थित माना जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सत्यापित ऑनलाइन उपस्थिति को ही वेतन भुगतान का आधार बनाया जाएगा।

तीन बार देरी या जल्दी जाने पर एक दिन का वेतन कटेगा

विभागीय निर्देशों के मुताबिक यदि कोई शिक्षक लगातार या अलग-अलग दिनों में तीन बार देर से विद्यालय पहुंचता है अथवा निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ता है, तो उसके एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों में समयपालन की आदत विकसित करना और विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां सुनिश्चित करना है।

फर्जी हाजिरी पर भी होगी विभागीय कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को गंभीर अनियमितता माना है। यदि कोई शिक्षक विद्यालय में उपस्थित हुए बिना फोटो, तकनीकी माध्यम या किसी अन्य तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि ऑनलाइन उपस्थिति रिकॉर्ड की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी अनियमितता की तत्काल रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजी जाए।

प्रधानाध्यापकों और अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें प्रतिदिन शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचें तथा समय समाप्त होने के बाद ही विद्यालय से जाएं।

यदि किसी विद्यालय में लगातार उपस्थिति संबंधी अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों से भी जवाब-तलब किया जा सकता है।

शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन लाने की पहल

शिक्षा विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल वेतन कटौती करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में समयपालन, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। विभाग का मानना है कि जब शिक्षक नियमित रूप से समय पर विद्यालय पहुंचेंगे, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने क्या कहा?

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) आलोक शेखर आनंद के अनुसार, नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, समयपालन की संस्कृति विकसित करना और सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं।

पूरे राज्य में लागू होने पर नजर

फिलहाल यह व्यवस्था सुपौल जिले में लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि इसका प्रभाव सकारात्मक रहता है, तो भविष्य में ऐसी डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और कड़े अनुशासनात्मक प्रावधानों को बिहार के अन्य जिलों में भी व्यापक स्तर पर लागू किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस संबंध में अभी राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मुख्य बिंदु
सुपौल के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए नई उपस्थिति व्यवस्था लागू।
वेतन अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज सत्यापित ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर मिलेगा।
तीन बार देर से आने या समय से पहले जाने पर एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने पर शिक्षक को अनुपस्थित माना जा सकता है।
फर्जी हाजिरी या डिजिटल गड़बड़ी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

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Tue, 07 Jul 2026 16:34:35 +0530 news desk MPcg
बिहार कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद को लेकर विवाद गहराया, निदेशक (योजना) डॉ. अरुण कुमार से मांगे गए नियुक्ति संबंधी दस्तावेज https://citytoday.co.in/7143 https://citytoday.co.in/7143 बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में निदेशक (योजना) डॉ. अरुण कुमार के प्रोफेसर पद को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके प्रोफेसर पद से संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया और सेवा अभिलेखों की जांच शुरू करते हुए उनसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। प्रशासन के इस कदम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय केवल उपलब्ध दस्तावेजों और प्रचलित नियमों के आधार पर ही लिया जाएगा।

प्रोफेसर पद से जुड़े दस्तावेज तलब

विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. अरुण कुमार से प्रोफेसर पद पर नियुक्ति से संबंधित सभी आधिकारिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है। प्रशासन द्वारा जिन दस्तावेजों की मांग की गई है, उनमें संबंधित भर्ती विज्ञापन या अधिसूचना की प्रति, आवेदन से जुड़े अभिलेख, साक्षात्कार का कॉल लेटर, साक्षात्कार की तिथि का विवरण, प्रोफेसर पद पर नियुक्ति अधिसूचना तथा वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) आदेश शामिल हैं।

इन दस्तावेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया का सत्यापन किया जा सके।

डॉ. अरुण कुमार ने रखा अपना पक्ष

प्रशासन के पत्र के जवाब में डॉ. अरुण कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति बिहार कृषि विश्वविद्यालय में निदेशक (योजना) के पद पर हुई थी। उन्होंने अपने जवाब में उल्लेख किया कि उस समय वे एसोसिएट प्रोफेसर (सह-प्राध्यापक) के पद पर कार्यरत थे तथा उनकी नियुक्ति संबंधित विज्ञापन की शर्तों और निर्धारित नियमों के अनुरूप की गई थी।

उनके इस जवाब के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि उन्होंने स्वयं अपने पत्र में एसोसिएट प्रोफेसर होने का उल्लेख किया है, जबकि प्रशासन ने उनसे विशेष रूप से प्रोफेसर पद से संबंधित अभिलेख मांगे थे। हालांकि इस विषय पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन करेगा दस्तावेजों का परीक्षण

सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन अब डॉ. अरुण कुमार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और सेवा अभिलेखों का परीक्षण करेगा। जांच के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया, पदोन्नति, सेवा नियमों तथा विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों का भी परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होगी तो संबंधित अभिलेख भी मंगाए जा सकते हैं।

कुलपति ने कहा— नियमों के अनुसार होगा निर्णय

पूरे मामले पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी मामले में केवल नियमों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही निर्णय लेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में सभी अधिकारियों और शिक्षकों पर समान नियम लागू होते हैं तथा किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया का पूरा पालन किया जाएगा।

फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी

फिलहाल यह मामला दस्तावेजों के सत्यापन और प्रशासनिक जांच के चरण में है। विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक न तो किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की गई है और न ही किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि की गई है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही प्रशासन आगे की कार्रवाई या अंतिम निर्णय लेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष, तथ्यों और सेवा नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी तथा अंतिम निर्णय आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर ही लिया जाएगा।

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Tue, 07 Jul 2026 14:43:37 +0530 news desk MPcg
केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच सुरंग निर्माण स्थल पर भूस्खलन, 6 लोग घायल; NDRF की टीमें राहत&बचाव में जुटीं https://citytoday.co.in/7141 https://citytoday.co.in/7141 दक्षिण भारत में सक्रिय मानसून के बीच केरल के वायनाड जिले से भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वायनाड-कल्लाडी सुरंग (टनल) निर्माण स्थल पर अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर गईं। हादसे में 6 लोग घायल हो गए, जबकि राहत की बात यह रही कि किसी की मौत नहीं हुई है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियों ने राहत अभियान शुरू किया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

भारी बारिश के बीच हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वायनाड जिले में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। इसी दौरान कल्लाडी सुरंग निर्माण परियोजना के कार्यस्थल पर पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसक गया और भारी मलबा नीचे आ गिरा।

मलबे की चपेट में निर्माण कार्य में लगे कई श्रमिक आ गए, जिन्हें तुरंत स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से बाहर निकाला गया।

मुख्यमंत्री ने ली स्थिति की जानकारी

घटना की सूचना मिलते ही केरल के मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से संपर्क कर स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने वायनाड के जिला कलेक्टर से फोन पर पूरी जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने वायनाड के प्रभारी मंत्री टी. सिद्दीकी, राजस्व मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक भी की तथा प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य तेज करने को कहा।

NDRF की दो टीमें मौके पर पहुंचीं

हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो टीमें, जिनमें लगभग 60 जवान शामिल हैं, मीनांगाडी और कोझिकोड से घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।

राहत दल मलबा हटाने, संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने आसपास के इलाके की भी निगरानी बढ़ा दी है क्योंकि लगातार बारिश के चलते दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

मंत्री ने निर्माण एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद केरल सरकार में मंत्री टी. सिद्दीकी ने इस हादसे को केवल प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना निर्माण एजेंसी कोंकण रेलवे की कथित लापरवाही का परिणाम है।

मंत्री का कहना है कि जिला प्रशासन ने पहले ही निर्माण स्थल पर भूस्खलन की आशंका को लेकर लिखित चेतावनी जारी की थी और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।

वायनाड पहले भी झेल चुका है बड़ी त्रासदी

मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि वायनाड का मुंडक्कई क्षेत्र पहले भी विनाशकारी भूस्खलन की त्रासदी झेल चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस घटना की पूरी जांच कराएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मौसम विभाग की चेतावनी जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और निर्माण स्थलों पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं और केवल आधिकारिक मौसम एवं प्रशासनिक सलाह का पालन करें।

राहत एवं निगरानी जारी

फिलहाल निर्माण स्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दल भी तैनात किए जा सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी गई है। फिलहाल किसी के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि घायलों का इलाज जारी है।

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Tue, 07 Jul 2026 14:15:39 +0530 news desk MPcg
खान सर की अग्रिम जमानत पर पटना कोर्ट में 40 मिनट सुनवाई, अदालत ने मांगा आपराधिक रिकॉर्ड; अब 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई https://citytoday.co.in/7138 https://citytoday.co.in/7138 पटना के चर्चित कोचिंग संचालक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में करीब 40 मिनट तक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खान सर के कथित आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल रिकॉर्ड) का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 के लिए निर्धारित कर दी।

यह मामला पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में 2 जून की रात हुई कथित फायरिंग, पथराव और मारपीट की घटना से जुड़ा है। इसी मामले में खान सर और उनके दो सुरक्षा गार्डों ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत की मांग की है।

किनकी याचिका पर हुई सुनवाई?

मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश कुमार देव की अदालत में खान सर (फैजल खान) के अलावा उनके दो सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में कुछ अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी मांगी तथा सुनवाई स्थगित कर दी।

कोर्ट ने क्यों मांगा क्रिमिनल रिकॉर्ड?

सुनवाई के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद की ओर से पेश अधिवक्ता ने खान सर के कथित आपराधिक इतिहास का मुद्दा उठाया।

इस पर अदालत ने खान सर के आपराधिक रिकॉर्ड का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जिस पुराने मामले का उल्लेख किया जा रहा है, उसमें फैजल खान पहले ही बरी हो चुके हैं। इस पर न्यायालय ने बचाव पक्ष को पूरक आवेदन (Supplementary Application) दाखिल करने का निर्देश दिया।

30 जून को भी हुई थी सुनवाई

इस मामले में इससे पहले 30 जून को सुनवाई हुई थी। उस दौरान अदालत ने खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों के हथियारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

लोक अभियोजक ने अदालत में दावा किया था कि दोनों गार्डों के पास अवैध हथियार थे।

वहीं, बचाव पक्ष ने कहा था कि दोनों सुरक्षा कर्मियों के हथियार विधिवत लाइसेंसी हैं और उनके लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है। इसी कारण वे तत्काल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर कथित रूप से पथराव, मारपीट और विवाद की घटना हुई थी।

जांच में आरोप लगाया गया कि इस दौरान सुरक्षा गार्डों ने कथित रूप से चार राउंड फायरिंग की। पुलिस का दावा है कि यह फायरिंग दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि सुरक्षा गार्डों ने यह कार्रवाई कथित रूप से फैजल खान के निर्देश पर की थी। इसके बाद पहले से दर्ज एफआईआर में खान सर का नाम भी शामिल कर लिया गया।

हालांकि, बचाव पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है और अदालत में अपना पक्ष रखा है।

मामले में दूसरी ओर भी हुई थी कार्रवाई

इस विवाद से जुड़े घटनाक्रम में ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी।

यानी इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और विभिन्न कानूनी कार्रवाइयां चल रही हैं।

जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी

फिलहाल अदालत ने किसी भी पक्ष के आरोपों पर अंतिम टिप्पणी नहीं की है। न्यायालय ने केवल अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी, जहां अदालत पूरक आवेदन, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों पर विचार करने के बाद अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अग्रिम जमानत पर निर्णय लेते समय अदालत आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों, जांच की स्थिति और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करती है। अंतिम निर्णय न्यायालय की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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Tue, 07 Jul 2026 12:21:06 +0530 news desk MPcg
ऋषिकेश&कर्णप्रयाग रेल परियोजना: मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन तेज, हाईकोर्ट के आदेश के पालन की उठी मांग https://citytoday.co.in/7134 https://citytoday.co.in/7134 उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने मुआवजा भुगतान में कथित देरी को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित जनासू, खिलगढ़ मल्ला और खिलगढ़ तल्ला गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें चार गुना प्रतिकर (मुआवजा) और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर न्यायालय के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें नियमानुसार मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला?

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल परियोजना उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के तहत कई जिलों में भूमि अधिग्रहण किया गया है, जिससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।

श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र के जनासू, खिलगढ़ मल्ला और खिलगढ़ तल्ला गांवों के प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई, लेकिन उन्हें न्यायालय द्वारा निर्धारित मुआवजा अभी तक प्राप्त नहीं हुआ।

ग्रामीणों का दावा

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार उन्हें अधिग्रहित भूमि का चार गुना प्रतिकर तथा भुगतान में देरी के कारण 12 प्रतिशत ब्याज मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन, जिला अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी मांग रखने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित भुगतान के कारण अनेक परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण के बाद उनकी आजीविका प्रभावित हुई है और उचित मुआवजा न मिलने से उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े अधिकारी और प्रशासनिक तंत्र न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि न्यायिक आदेशों के अनुपालन में हो रही देरी से प्रभावित परिवारों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, प्रशासन और आरवीएनएल की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया आने का इंतजार है।

आंदोलन को तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी पात्र किसानों को नियमानुसार चार गुना मुआवजा और 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

परियोजना का महत्व

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड की सबसे बड़ी रेल अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे गढ़वाल क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, सैन्य लॉजिस्टिक्स और स्थानीय परिवहन को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह रेल लाइन चारधाम यात्रा मार्ग के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और भविष्य में पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजा बना चुनौती

बड़े आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और उचित मुआवजा अक्सर प्रमुख चुनौती बनकर सामने आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रभावित परिवारों को समय पर और न्यायसंगत मुआवजा मिले तो परियोजनाओं का कार्य भी बिना विवाद के आगे बढ़ सकता है।

फिलहाल श्रीनगर गढ़वाल के तीन गांवों में आंदोलन जारी है। अब सभी की नजर प्रशासन और आरवीएनएल की आगामी कार्रवाई पर है कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और मुआवजा भुगतान को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।

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Tue, 07 Jul 2026 11:52:41 +0530 news desk MPcg
झारखंड में भीषण सड़क हादसा: डंपर और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी भीषण आग, दो चालक जिंदा जले; तेज बारिश भी नहीं बुझा सकी आग https://citytoday.co.in/7132 https://citytoday.co.in/7132 झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो ट्रक चालकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य चालक घायल हो गए। यह हादसा राजनगर-चाईबासा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-220) पर रोला-खैरबनी मोड़ के पास हुआ, जहां एक डंपर और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। तेज मूसलाधार बारिश के बावजूद आग इतनी विकराल थी कि दोनों वाहन कुछ ही मिनटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

पुलिस के अनुसार, हादसा सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात लगभग 12:30 बजे हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और राहत-बचाव कार्य में काफी समय लगा।

टक्कर के बाद धधक उठे दोनों वाहन

प्रारंभिक जांच के अनुसार, डंपर और ट्रेलर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके तुरंत बाद दोनों में आग लग गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय इलाके में लगातार तेज बारिश हो रही थी, लेकिन आग इतनी तीव्र थी कि बारिश का उस पर कोई असर नहीं पड़ा। कुछ ही देर में दोनों वाहन आग के गोले में तब्दील हो गए।

दो चालकों की दर्दनाक मौत

हादसे में ट्रेलर चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे डंपर चालक को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है तथा उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।

पीछे आ रहे दो अन्य ट्रेलर भी दुर्घटनाग्रस्त

मुख्य दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रेलर अचानक सामने की स्थिति देखकर नियंत्रण खो बैठे और आपस में टकरा गए। इसके बाद दोनों वाहन सड़क किनारे खेत में पलट गए।

इस दूसरी दुर्घटना में दोनों ट्रेलर चालक घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

राहत एवं बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आग बुझाने के बाद वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। दुर्घटना के कारण एनएच-220 पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग को सामान्य किया गया।

दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर खराब मौसम, फिसलन भरी सड़क, सीमित दृश्यता अथवा तेज रफ्तार को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण विस्तृत तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वाहनों की यांत्रिक जांच भी कराई जाएगी।

स्थानीय लोगों ने उठाई फोरलेन सड़क की मांग

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राजनगर-चाईबासा मार्ग (एनएच-220) को शीघ्र फोरलेन बनाने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़क की चौड़ाई और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस सड़क पर पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका मानना है कि सड़क चौड़ी होने, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर और आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू होने से ऐसे हादसों में कमी लाई जा सकती है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और खराब मौसम में ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान फिसलन, कम दृश्यता और जलभराव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेष सतर्कता आवश्यक है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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Tue, 07 Jul 2026 11:38:57 +0530 news desk MPcg
मुंबई–पुणे में मूसलाधार बारिश का कहर, सैकड़ों पेड़ गिरे, पुल और हाईवे क्षतिग्रस्त, भूस्खलन से जनजीवन ठप https://citytoday.co.in/7121 https://citytoday.co.in/7121 महाराष्ट्र में पिछले तीन से चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने मुंबई, पुणे, रायगढ़, ठाणे, पालघर और नासिक सहित कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव, ट्रैफिक जाम और आवागमन बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है और तेज हवाओं के साथ अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ इलाकों में 80–90 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं भी दर्ज की गई हैं, जिससे नुकसान और बढ़ गया है।

मुंबई में 350 से अधिक पेड़ गिरे, बिजली और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित

तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण मुंबई शहर में अब तक 350 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कई पेड़ सड़कों, वाहनों और बिजली लाइनों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।

नगर निगम के अनुसार, आपदा प्रबंधन दल लगातार पेड़ों को हटाने, सड़कों को साफ करने और यातायात बहाल करने के काम में जुटे हुए हैं। कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है और एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड, हाईवे आंशिक रूप से बंद

भारी बारिश के चलते मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रशासन के अनुसार, लगभग 100 टन मलबा एक स्थान पर गिरा, जिससे यातायात रुक गया। राहत कार्यों के बाद लगभग 70 प्रतिशत मलबा हटाया जा चुका है और एक लेन को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। पूरी तरह यातायात बहाल करने का प्रयास जारी है।

रेलवे रूट पर असर, 20 से अधिक ट्रेनें रद्द

बारिश और भूस्खलन का असर रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा है। मुंबई–पुणे रेल मार्ग के करजत–लोनावला भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे तीनों रेल लाइनें प्रभावित हुईं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को देखते हुए करीब 20 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को डायवर्ट या विलंबित किया गया है। ट्रैक से मलबा हटाने का काम जारी है।

पुणे में दर्दनाक हादसा: पहाड़ गिरने से तीन लोगों की मौत

पुणे के मावल पाटण गांव में तड़के भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हुआ, जब पहाड़ का हिस्सा चार घरों पर गिर गया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।

NDRF और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान चलाया। लगभग 30–35 लोग मलबे में फंस गए थे, जिनमें से अधिकतर को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत टीमों ने अब तक दो शव बरामद किए हैं, जबकि एक महिला का शव खोजा जा रहा है।

नासिक में बादल फटने की आशंका, 300 मिमी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने नासिक और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश और बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका जताई है। अनुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 300 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थिति को गंभीर बताते हुए लोगों से अपील की है कि केवल अत्यावश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

मुंबई में हवाई सेवाएं प्रभावित, 17 उड़ानें रद्द

खराब मौसम के कारण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी संचालन प्रभावित हुआ। अब तक 17 उड़ानें रद्द और 200 से अधिक उड़ानों को डायवर्ट किया गया है।

कुछ समय के लिए रनवे संचालन भी बाधित रहा, हालांकि बाद में सीमित स्तर पर उड़ानें फिर से शुरू की गईं।

बाढ़ और जलभराव से कई इलाके प्रभावित

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति है। कई अंडरपास और सबवे बंद कर दिए गए हैं। BMC ने स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है और निजी कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की अपील की गई है।

पनवेल और नवी मुंबई में तेज बहाव के कारण कुछ हादसे भी सामने आए हैं, जिनमें दो युवकों की मौत की सूचना है।

प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर सक्रिय

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, NDRF, पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। कई स्थानों पर मलबा हटाने, फंसे लोगों को निकालने और यातायात बहाल करने का काम जारी है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों, झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

स्थिति गंभीर, अगले 24–48 घंटे अहम

IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे महाराष्ट्र के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे पहले से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।

राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

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Mon, 06 Jul 2026 15:27:08 +0530 news desk MPcg
मणिपुर में फिर हिंसा: कांगपोकपी जिले में हथियारबंद लोगों की गोलीबारी, 8 वर्षीय बच्ची और 56 वर्षीय महिला घायल; पुलिस ने शुरू की जांच https://citytoday.co.in/7117 https://citytoday.co.in/7117 मणिपुर में हिंसा की घटनाएं पूरी तरह थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य के कांगपोकपी जिले में रविवार शाम हुई गोलीबारी में 8 वर्षीय बच्ची और 56 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को पहले असम राइफल्स के कैंप में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद देर रात बेहतर इलाज के लिए इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) भेजा गया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे जिम्मेदार हथियारबंद समूहों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी संगठन के खिलाफ पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

थिंगखोंगजांग गांव में हुई फायरिंग

पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार शाम कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग गांव में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कुछ हथियारबंद लोगों के बीच हुई गोलीबारी की चपेट में दो स्थानीय नागरिक आ गए।

घायलों की पहचान—

नेन्गनेइचोंग किपगेन (56 वर्ष)
लामनेइंगा किपगेन (8 वर्ष)

के रूप में हुई है।

दोनों को घटनास्थल से तत्काल सुरक्षित निकालकर पहले असम राइफल्स के चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंफाल रेफर कर दिया गया।

RIMS में चल रहा इलाज

दोनों घायलों का इलाज फिलहाल रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), इंफाल में जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने अभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि—

गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
शामिल हथियारबंद व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न इनपुट का मिलान कर रही हैं।

जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

हालिया तनाव के बीच हुई घटना

यह गोलीबारी ऐसे समय हुई है जब कुछ सप्ताह पहले ही कांगपोकपी जिले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर राज्य में तनाव देखा गया था।

जून 2026 में कांगपोकपी जिले में गोलीबारी में घायल हुए तीन कुकी युवकों को इलाज के लिए RIMS अस्पताल लाया गया था। उस समय अस्पताल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में भर्ती घायल लोग सशस्त्र उग्रवादी थे और उनके अस्पताल पहुंचने का विरोध किया था। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई थी।

KIM ने की घटना की निंदा

कुकी समुदाय के प्रमुख संगठन कुकी इनपी मणिपुर (Kuki Inpi Manipur - KIM) ने इस ताजा गोलीबारी की कड़ी निंदा की है।

संगठन ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि इस घटना के लिए NSCN (IM) और ZUF (Kamson) जिम्मेदार हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने अभी तक किसी संगठन को आधिकारिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

मणिपुर में सुरक्षा चुनौती बरकरार

मणिपुर पिछले कई वर्षों से विभिन्न जातीय और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। राज्य के कई संवेदनशील जिलों में केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

केंद्र और राज्य सरकारें लगातार शांति बहाली के प्रयास कर रही हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां हिंसा प्रभावित इलाकों में निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता घायलों का उपचार और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है। पुलिस ने घटना का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई, इसमें कौन-कौन शामिल थे और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

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Mon, 06 Jul 2026 12:55:31 +0530 news desk MPcg
CJI सूर्यकांत 12 जुलाई को करेंगे मेवात का दौरा, ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में; खाप 360 और 84 करेंगे भव्य स्वागत https://citytoday.co.in/7115 https://citytoday.co.in/7115 भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के प्रस्तावित 12 जुलाई 2026 के मेवात दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और विभिन्न खाप प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। यह पहली बार होगा जब भारत के मुख्य न्यायाधीश मेवात क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसलिए इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक प्रतिनिधि, अधिवक्ता, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

खाप 360 और 84 के प्रतिनिधि करेंगे स्वागत

कार्यक्रम के दौरान 360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान और 84 खाप के प्रधान शिवदत्त सहरावत क्षेत्र के प्रमुख नागरिकों के साथ मिलकर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का पारंपरिक और भव्य स्वागत करेंगे।

दोनों खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि मेवात के लिए गौरव का विषय है। उनका मानना है कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन व्यक्ति का क्षेत्र में आगमन न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में

आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इसके अलावा आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को स्वागत, यातायात, सुरक्षा समन्वय, अतिथि सत्कार, मीडिया प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जिला प्रशासन भी तैयारियों में जुटा

मुख्य न्यायाधीश के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रही हैं और आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं।

चूंकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए यातायात व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। स्थानीय प्रशासन लगातार आयोजन समिति के साथ समन्वय बनाए हुए है।

समाज के सभी वर्गों का मिल रहा सहयोग

360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के स्वागत के लिए सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के लोग उत्साहपूर्वक सहयोग कर रहे हैं।

वहीं 84 खाप के प्रधान शिवदत्त सहरावत ने कहा कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को विशेष बना रहा है। उन्होंने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने, अनुशासन बनाए रखने और आयोजन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

न्यायपालिका और समाज के बीच संवाद का अवसर

स्थानीय लोगों का मानना है कि मुख्य न्यायाधीश का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि न्यायपालिका और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर भी होगा। क्षेत्र के शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में संविधान, न्याय व्यवस्था और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत का परिचय

न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में शामिल हैं और हाल ही में उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का पदभार संभाला है। वे अपने न्यायिक अनुभव, संवैधानिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णयों तथा न्यायपालिका में तकनीकी सुधारों को लेकर दिए गए विचारों के लिए भी जाने जाते हैं।

हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्होंने न्यायपालिका के डिजिटलीकरण, तकनीक के उपयोग और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी पर विशेष जोर दिया है।

ऐतिहासिक दौरे पर टिकीं क्षेत्र की निगाहें

12 जुलाई को होने वाला यह कार्यक्रम मेवात क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देश के मुख्य न्यायाधीश का आगमन क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा। प्रशासन और आयोजकों का लक्ष्य है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो तथा आने वाले अतिथियों को मेवात की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द की सकारात्मक तस्वीर देखने को मिले।

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Mon, 06 Jul 2026 12:44:13 +0530 news desk MPcg
गाजीपुर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत, ग्रामीणों का दो घंटे तक सड़क जाम, विभागीय लापरवाही के आरोप https://citytoday.co.in/7107 https://citytoday.co.in/7107 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर गांव में ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के दौरान एक संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया।

कैसे हुआ हादसा: मरम्मत के दौरान करंट लगा

जानकारी के अनुसार, मृतक संविदा लाइनमैन धर्मेंद्र यादव (27) तेतारपुर फीडर से जुड़े ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का कार्य कर रहे थे। वे खानपुर विद्युत उपकेंद्र पर पिछले कई वर्षों से संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे।

शनिवार को फीडर की रोस्टिंग और पेट्रोलिंग के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही थी, इसी दौरान ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के समय अचानक करंट लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान और पारिवारिक स्थिति

मृतक की पहचान बहुरा गांव निवासी रामअवध यादव के पुत्र धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र पिछले लगभग 10 वर्षों से विद्युत विभाग में संविदा पर कार्यरत थे और अपने काम के प्रति बेहद समर्पित माने जाते थे।

उनकी असामयिक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

ग्रामीणों का आक्रोश: सड़क जाम और प्रदर्शन

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खानपुर पावर हाउस के सामने बिहारीगंज–चंदवक मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

ग्रामीणों का आरोप था कि विद्युत विभाग द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है और संविदा कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। CO सैदपुर, कोतवाल सैदपुर सहित बहरियाबाद, सादात और खानपुर थानों की पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

लंबी बातचीत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

विभागीय लापरवाही के आरोप और उठते सवाल

इस घटना के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि—

लाइनमैन को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते
मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता
संविदा कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था कमजोर है
फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी रहती है
परिवार और गांव में शोक का माहौल

धर्मेंद्र यादव की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन और ग्रामीण उन्हें एक मेहनती और जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में याद कर रहे हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इस घटना को टाला जा सकने वाला हादसा बता रहे हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की है।

निष्कर्ष

गाजीपुर की यह घटना एक बार फिर विद्युत विभाग में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। करंट लगने से एक युवा लाइनमैन की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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Sat, 04 Jul 2026 15:31:05 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड NCC कैडेटों की ऐतिहासिक उपलब्धि: 5200 मीटर ऊंचाई पर माउंट देव टिब्बा क्षेत्र में सफल शिखरारोहण, कठिन परिस्थितियों में लहराया तिरंगा https://citytoday.co.in/7106 https://citytoday.co.in/7106 राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के अखिल भारतीय पर्वतारोहण अभियान में उत्तराखंड निदेशालय के तीन कैडेटों ने कठिन हिमालयी परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और कुल्लू क्षेत्र से जुड़े पर्वतीय ट्रैक में स्थित लगभग 5200 मीटर ऊंची चोटी पर सफल शिखरारोहण किया। इस अभियान को NCC के राष्ट्रीय स्तर के साहसिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा माना जाता है, जिसका उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और उच्च-ऊंचाई परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता विकसित करना है।

राष्ट्रीय NCC पर्वतारोहण अभियान का उद्देश्य और ढांचा

NCC द्वारा संचालित अखिल भारतीय पर्वतारोहण अभियान (All India NCC Mountaineering Expedition) देशभर के चयनित कैडेटों के लिए एक प्रतिष्ठित साहसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम होता है। इसमें विभिन्न निदेशालयों से चुने गए कैडेटों को कठिन चयन प्रक्रिया के बाद शामिल किया जाता है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल शिखर तक पहुंचना नहीं होता, बल्कि यह भी होता है कि कैडेट—

उच्च ऊंचाई (High Altitude) पर शरीर के अनुकूलन (acclimatization) को समझें
बर्फीले और खतरनाक क्षेत्रों में सुरक्षित संचालन सीखें
टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करें
आपात स्थिति में जीवित रहने (survival skills) का प्रशिक्षण प्राप्त करें

आधिकारिक NCC पर्वतारोहण अभियानों में आमतौर पर भारतीय सेना के प्रशिक्षित पर्वतारोहण विशेषज्ञ गाइड, डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ भी शामिल होते हैं, जो पूरे मिशन की निगरानी करते हैं।

अभियान की शुरुआत और प्रशिक्षण प्रक्रिया

सूत्रों और आधिकारिक पर्वतारोहण मानकों के अनुसार, इस अभियान को 4 जून 2026 को हिमाचल प्रदेश में औपचारिक रूप से रवाना किया गया था। रवाना करने की प्रक्रिया में राज्य प्रशासन और NCC के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहती है।

शिखरारोहण से पहले कैडेटों को कई चरणों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें शामिल होते हैं—

बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स (BMC)
आइस वॉकिंग और रोप ट्रैवर्स तकनीक
क्रेवास रेस्क्यू (बर्फीली दरारों से बचाव)
ऑक्सीजन लेवल कम होने पर प्रतिक्रिया प्रशिक्षण
अत्यधिक ठंड (-10°C से -20°C तक) में जीवित रहने की तकनीक

इस तैयारी के बाद ही टीम को वास्तविक पर्वतारोहण मिशन के लिए भेजा जाता है।

शिखरारोहण मिशन: 18 जून का निर्णायक दिन

18 जून 2026 को उत्तराखंड NCC टीम ने अंतिम और सबसे कठिन चढ़ाई शुरू की। यह चढ़ाई सुबह लगभग 4 बजे टेंटा बेस कैंप से प्रारंभ हुई।

मिशन के दौरान टीम को जिन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उनमें शामिल थे—

कम ऑक्सीजन स्तर (Hypoxia conditions)
बर्फीले और फिसलन भरे रास्ते
अचानक मौसम परिवर्तन और तेज हवाएं
ऊंचाई बढ़ने के साथ शरीर पर बढ़ता दबाव
सीमित संचार और आपात स्थिति का जोखिम

लगातार कई घंटों की कठिन चढ़ाई के बाद टीम ने लगभग 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जगतसुख चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के कुल्लू–मनाली बेल्ट के उच्च पर्वतीय ट्रैकिंग रूट से जुड़ा हुआ माना जाता है।

उत्तराखंड टीम का प्रतिनिधित्व

इस अभियान में उत्तराखंड निदेशालय की ओर से तीन कैडेटों का चयन किया गया था—

सायशा पंवार (11 यूके बटालियन, NCC, दून विश्वविद्यालय)
नैना देवी (84 यूके बटालियन, NCC)
एसयूओ हिमांशु सिंह (1 यूके एयर स्क्वाड्रन, देहरादून)

इन सभी कैडेटों ने प्रशिक्षण, अनुशासन और टीम समन्वय के आधार पर मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

उच्च-ऊंचाई पर्वतारोहण में जोखिम और सुरक्षा प्रबंधन

NCC और भारतीय सेना के पर्वतारोहण अभियानों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इस तरह के अभियानों में आमतौर पर—

मेडिकल टीम और ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध रहता है
मौसम की लगातार निगरानी की जाती है
प्रत्येक कैडेट की स्वास्थ्य स्थिति का नियमित आकलन किया जाता है
किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू प्रोटोकॉल तैयार रहता है

विशेषज्ञों के अनुसार 5000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर “लो-ऑक्सीजन ज़ोन” शुरू हो जाता है, जहां शरीर में थकान, चक्कर और सांस लेने में कठिनाई सामान्य जोखिम हैं।

अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थानों की प्रतिक्रिया

एनसीसी अधिकारियों ने इस उपलब्धि को “उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और मानसिक दृढ़ता का परिणाम” बताया। उनके अनुसार इस तरह के अभियानों से कैडेटों में—

नेतृत्व क्षमता
निर्णय लेने की क्षमता
संकट प्रबंधन कौशल
राष्ट्रीय सेवा की भावना

और अधिक मजबूत होती है।

दून विश्वविद्यालय और संबंधित NCC इकाइयों ने भी इस उपलब्धि को संस्थान की बड़ी सफलता बताया।

उत्तराखंड के लिए रणनीतिक और प्रेरणादायक महत्व

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है क्योंकि यहां के युवा प्राकृतिक रूप से पर्वतीय वातावरण से जुड़े होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान—

युवाओं को रक्षा सेवाओं के लिए प्रेरित करते हैं
साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को बढ़ावा देते हैं
राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की पहचान मजबूत करते हैं
निष्कर्ष

माउंट देव टिब्बा क्षेत्र में 5200 मीटर की ऊंचाई पर सफल शिखरारोहण केवल एक खेल या प्रशिक्षण उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह NCC कैडेटों के अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। कठिन हिमालयी परिस्थितियों में तिरंगा फहराना न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह आने वाले समय में अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

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Sat, 04 Jul 2026 15:08:44 +0530 news desk MPcg
गुरदासपुर में बढ़ते जलस्तर से आधी रात मची अफरा&तफरी, समय रहते खुले गलहड़ी हाइडल के गेट; सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबने से बची https://citytoday.co.in/7088 https://citytoday.co.in/7088 पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीनानगर विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अचानक जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गलहड़ी हाइडल परियोजना (Galhri Hydel Project) के आसपास पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों और खेतों में पानी घुसने लगा। इससे धान सहित अन्य खरीफ फसलों के डूबने का खतरा पैदा हो गया। हालांकि, सिंचाई विभाग द्वारा समय रहते हाइडल परियोजना के गेट खोल दिए जाने से पानी की निकासी तेज हुई और संभावित बड़े नुकसान को टाल लिया गया।

हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्र का आकलन स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है।

आधी रात अचानक बढ़ा जलस्तर, किसानों में मची चिंता

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार देर रात गलहड़ी हाइडल के पास जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते पानी नहरों और जल निकासी मार्गों से निकलकर आसपास के कृषि क्षेत्रों में पहुंचने लगा। कई गांवों के किसानों ने बताया कि खेतों में पानी तेजी से भरने लगा, जिससे हाल ही में रोपी गई धान की फसल के डूबने का खतरा पैदा हो गया।

बरसात के मौसम में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों और किसानों ने तुरंत स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सिंचाई विभाग को सूचना दी। स्थिति गंभीर होने की आशंका के कारण रात में ही प्रशासन सक्रिय हो गया।

जनप्रतिनिधियों और सिंचाई विभाग ने की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के दीनानगर हलका इंचार्ज शमशेर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थानीय किसानों तथा अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर जल निकासी की व्यवस्था करने का आग्रह किया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने देर रात ही गलहड़ी हाइडल परियोजना के गेट खोलने का निर्णय लिया। गेट खुलते ही अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू हुई, जिससे बढ़ते जलस्तर पर नियंत्रण पाया गया और आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो गया।

समय रहते गेट खुलने से टला बड़ा नुकसान

स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि गेट खोलने में थोड़ी भी देरी होती तो सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो सकती थी।

गांव मुगलानी चक के सरपंच जोगा सिंह और अन्य किसानों ने बताया कि समय पर पानी की निकासी होने से धान और अन्य खरीफ फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने से बचा लिया गया। हालांकि जिन खेतों में पहले ही पानी भर चुका था, वहां फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

किसानों के अनुसार, यदि जलस्तर कुछ और देर तक ऊंचा रहता तो न केवल धान की फसल बल्कि पशुओं के चारे और अन्य कृषि भूमि को भी भारी नुकसान हो सकता था।

किन फसलों पर था सबसे अधिक खतरा?

वर्तमान समय में पंजाब के अधिकांश हिस्सों में खरीफ सीजन के तहत धान की रोपाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में खेतों में अत्यधिक जलभराव होने से—

नई रोपी गई धान की पौध खराब हो सकती है।
लंबे समय तक पानी खड़े रहने से जड़ों को नुकसान पहुंचता है।
दोबारा रोपाई की आवश्यकता पड़ सकती है।
किसानों की लागत बढ़ जाती है।
उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी कारण किसानों में जलभराव को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

किसानों ने प्रशासन का जताया आभार

स्थिति सामान्य होने के बाद स्थानीय किसानों ने समय पर कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों ने त्वरित निर्णय नहीं लिया होता तो नुकसान कई गुना अधिक हो सकता था।

हालांकि किसानों ने यह भी कहा कि हर वर्ष मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने की समस्या सामने आती है, इसलिए केवल आपातकालीन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।

स्थायी समाधान की उठी मांग

ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि—

नहरों और जल निकासी चैनलों की नियमित सफाई कराई जाए।
हाइडल परियोजना और नहरों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जाए।
जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्वचालित या समयबद्ध गेट संचालन व्यवस्था विकसित की जाए।
गांव स्तर पर बाढ़ एवं जलभराव की पूर्व चेतावनी प्रणाली लागू की जाए।
सिंचाई विभाग, प्रशासन और स्थानीय पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

किसानों का कहना है कि समय पर निगरानी और वैज्ञानिक जल प्रबंधन से मानसून के दौरान होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

प्रशासन कर रहा है नुकसान का आकलन

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यदि आवश्यकता हुई तो प्रशासन आगे राहत एवं सहायता संबंधी निर्णय ले सकता है।

मानसून में जल प्रबंधन की चुनौती

पंजाब के सीमावर्ती जिलों में मानसून के दौरान नदियों, नहरों और हाइडल परियोजनाओं में जलस्तर तेजी से बढ़ने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जल निकासी, नहरों का रखरखाव और वास्तविक समय (Real-Time) जलस्तर निगरानी प्रणाली ऐसी परिस्थितियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस घटना में समय रहते गेट खोल दिए जाने से संभावित बड़े नुकसान को टाल लिया गया, लेकिन इसने एक बार फिर मानसून के दौरान प्रभावी जल प्रबंधन और मजबूत आपदा तैयारी की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

(यह समाचार स्थानीय प्रशासन, सिंचाई विभाग से उपलब्ध जानकारी तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है।)

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Sat, 04 Jul 2026 11:52:02 +0530 news desk MPcg
महिलाओं की सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल में नई पहल: ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ लॉन्च, मोटरसाइकिल गश्त और साइबर सिस्टम से लैस सुरक्षा नेटवर्क तैयार https://citytoday.co.in/7080 https://citytoday.co.in/7080 पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई विशेष पुलिस इकाई ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ की शुरुआत की है। यह पहल राज्य में महिला सुरक्षा को “तेज प्रतिक्रिया, तकनीक आधारित निगरानी और फील्ड उपस्थिति” के मॉडल पर आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस स्क्वॉड का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर तत्काल हस्तक्षेप (instant intervention) सुनिश्चित करना और पुलिस की दृश्य (visible) मौजूदगी बढ़ाना है।

स्क्वॉड की संरचना और कार्यप्रणाली

‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ को विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों के साथ तैयार किया गया है, जो मोटरसाइकिल आधारित पेट्रोलिंग यूनिट के रूप में काम करेंगी।

इस यूनिट की प्रमुख जिम्मेदारियां:

सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों में नियमित गश्त
छेड़छाड़, उत्पीड़न और आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचना
पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता और सुरक्षा प्रदान करना
स्थानीय थानों और कंट्रोल रूम के साथ रियल-टाइम समन्वय
तकनीकी सहायता से लैस गश्ती व्यवस्था

इस पहल में पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।

प्रारंभिक चरण में योजना को उत्तर और दक्षिण बंगाल के संवेदनशील क्षेत्रों में लागू किया गया है, जिनमें बशीरहाट, बनगांव और बारासात जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

तकनीकी व्यवस्था के तहत:

करीब 10 हाई-मोबिलिटी पुलिस मोटरसाइकिलें शामिल की गई हैं
20 रियल-टाइम ऑडियो-विजुअल ट्रांसमिशन डिवाइस लगाए गए हैं
घटनास्थल से लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक भेजी जाएगी
GPS ट्रैकिंग के जरिए गश्ती दल की लोकेशन मॉनिटर होगी

इस सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घटना पर प्रतिक्रिया समय (response time) को न्यूनतम किया जा सके।

राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति

राज्य प्रशासन ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने की बात कही है। इसके तहत पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:

किसी भी शिकायत को गंभीरता से तुरंत दर्ज किया जाए
मौके पर पहुंचने में देरी को प्रशासनिक चूक माना जाएगा
संवेदनशील मामलों में त्वरित FIR और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए

सरकारी स्तर पर यह भी कहा गया है कि महिलाओं की सुरक्षा को अब केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि प्राथमिक प्रशासनिक लक्ष्य माना जाएगा।

राज्यभर में महिला सहायता केंद्रों का विस्तार

महिलाओं को त्वरित सहायता देने के लिए राज्य के लगभग 500 पुलिस थानों में 24 घंटे सक्रिय महिला सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन केंद्रों की भूमिका:

घरेलू हिंसा और उत्पीड़न की शिकायतों का तुरंत समाधान
कानूनी सहायता और पुलिस सहायता का समन्वय
संकट में फंसी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और मार्गदर्शन
फास्ट-ट्रैक शिकायत निपटान प्रणाली

इन केंद्रों में विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला कर्मियों की तैनाती की गई है।

साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा पर फोकस

सरकार ने माना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अब डिजिटल माध्यमों तक भी फैल चुके हैं, इसलिए साइबर सुरक्षा को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

राज्य स्तर पर:

हर थाने में साइबर सहायता केंद्र शुरू किए जा रहे हैं
ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया उत्पीड़न और बैंकिंग फ्रॉड पर विशेष निगरानी
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 को सक्रिय रूप से उपयोग में लाया जा रहा है
साइबर पुलिस इकाइयों को तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधन दिए जा रहे हैं

इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े वित्तीय अपराधों की निगरानी के लिए भी विशेष सेल सक्रिय किए गए हैं।

पुलिसिंग सुधार और जवाबदेही

राज्य सरकार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे:

मामलों में प्रक्रिया का पालन करते हुए बिना देरी कार्रवाई करें
फील्ड स्तर पर अधिक स्वतंत्रता के साथ निर्णय लें
संवेदनशील मामलों में रिस्पॉन्स टाइम को कम करें
जनता के साथ संवाद और भरोसा मजबूत करें

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुलिसकर्मियों पर हमले या बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ को पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय (multi-layered) मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें फील्ड पेट्रोलिंग, तकनीकी निगरानी और साइबर सुरक्षा को एक साथ जोड़ा गया है।

इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह सिस्टम जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है, और शिकायतों के निपटारे में कितनी पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनाए रखता है।

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Fri, 03 Jul 2026 16:10:25 +0530 news desk MPcg
रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को मिल सकता है अंतरराष्ट्रीय दर्जा, खाड़ी देशों के लिए सीधी उड़ानों की तैयारी तेज; मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट https://citytoday.co.in/7061 https://citytoday.co.in/7061 झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए आवश्यक सुविधाओं का आकलन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दी है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाना है।

यदि मंजूरी मिलती है, तो रांची से पहली बार नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू हो सकेगा। शुरुआती चरण में खाड़ी देशों (Gulf Countries) के लिए सीधी उड़ानों की योजना पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार और अन्य कारणों से इन देशों की यात्रा करते हैं।

मंत्रालय के पास पहुंची तकनीकी रिपोर्ट

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए आवश्यक सभी बुनियादी पहलुओं का मूल्यांकन किया गया है। इसमें रनवे क्षमता, टर्मिनल भवन, सुरक्षा मानकों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, अग्नि सुरक्षा, बैगेज हैंडलिंग, यात्री सुविधाओं तथा भविष्य के विस्तार की संभावनाओं का विस्तृत विवरण शामिल है।

अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय रिपोर्ट का परीक्षण करेगा और यदि सभी मानक पूरे पाए जाते हैं तो एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय संचालन की अनुमति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

खाड़ी देशों के लिए शुरू हो सकती हैं पहली उड़ानें

सूत्रों के अनुसार, रांची से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत खाड़ी देशों के लिए की जा सकती है। झारखंड के हजारों लोग रोजगार के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, ओमान, सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में कार्यरत हैं।

वर्तमान में इन यात्रियों को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद या बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। रांची से सीधी उड़ानें शुरू होने पर यात्रा का समय कई घंटे कम होगा और अतिरिक्त यात्रा खर्च में भी कमी आएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?

रांची से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और निवेश को भी गति मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के अनुसार इसके प्रमुख लाभ होंगे—

विदेश जाने वाले यात्रियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मिलेगी।
दिल्ली और कोलकाता जैसे ट्रांजिट शहरों पर निर्भरता कम होगी।
मेडिकल टूरिज्म, शिक्षा और व्यापारिक यात्राओं को बढ़ावा मिलेगा।
प्रवासी श्रमिकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक और सस्ती होगी।
राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए CIQ सुविधाएं होंगी स्थापित

किसी भी एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने के लिए कस्टम, इमिग्रेशन और क्वारंटीन (CIQ) सुविधाएं अनिवार्य होती हैं।

एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया है कि इन सुविधाओं के लिए टर्मिनल परिसर में आवश्यक स्थान पहले ही चिन्हित किया जा चुका है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही कस्टम, इमिग्रेशन और स्वास्थ्य विभागों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसके बाद विदेश जाने वाले यात्रियों की पासपोर्ट जांच, कस्टम क्लीयरेंस और अन्य औपचारिकताएं रांची एयरपोर्ट पर ही पूरी की जा सकेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया टर्मिनल

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

मुख्य विशेषताएं—

लगभग 19,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित टर्मिनल।
एक समय में करीब 500 यात्रियों को संभालने की क्षमता।
आधुनिक चेक-इन काउंटर।
उन्नत एक्स-रे बैगेज स्कैनिंग प्रणाली।
हाई-रिजॉल्यूशन CCTV निगरानी।
अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम।
आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल सुविधाएं।
भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने पर विस्तार की पर्याप्त संभावना।

एयरपोर्ट को पहले ही ISO प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, जो इसकी संचालन क्षमता और गुणवत्ता मानकों को दर्शाता है।

एयरलाइंस कंपनियों से भी शुरू हुई बातचीत

एयरपोर्ट प्रबंधन ने संभावित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को लेकर कई एयरलाइंस कंपनियों से भी संपर्क किया है। हालांकि केवल एयरपोर्ट तैयार होना पर्याप्त नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के लिए निम्नलिखित शर्तें भी पूरी करनी होंगी—

केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति।
एयरलाइंस कंपनियों की व्यावसायिक रुचि।
पर्याप्त यात्री मांग।
संबंधित देशों के साथ द्विपक्षीय एयर सर्विस समझौते।
स्लॉट आवंटन और उड़ान अनुमति।
CIQ व्यवस्था का संचालन।
झारखंड में बढ़ रही विदेश यात्रा की मांग

रांची एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग पिछले कई वर्षों से उठती रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण राज्य से विदेश जाने वाले यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या है।

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 से दिसंबर 2025 तक झारखंड में लगभग 10.98 लाख पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।

कोविड महामारी के बाद पासपोर्ट जारी होने की संख्या लगातार बढ़ी है—

2022 – लगभग 1.01 लाख
2023 – लगभग 1.09 लाख
2024 – लगभग 1.12 लाख
2025 – लगभग 1.13 लाख

ये आंकड़े बताते हैं कि विदेश यात्रा और रोजगार के लिए राज्य के लोगों की मांग लगातार बढ़ रही है।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

झारखंड में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में जहां विदेशी पर्यटकों की संख्या बेहद सीमित थी, वहीं हाल के वर्षों में इसमें कई गुना वृद्धि हुई है।

सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क मिलने से राज्य के धार्मिक, प्राकृतिक और इको-टूरिज्म स्थलों तक विदेशी पर्यटकों की पहुंच और आसान होगी।

पहले भी संचालित हो चुकी है अंतरराष्ट्रीय उड़ान

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए आवश्यक अधिकांश सुविधाओं से लैस है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय और एयरलाइंस कंपनियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2008-09 के दौरान रांची से जेद्दा के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। इसलिए भविष्य में नियमित अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करना पूरी तरह असंभव नहीं है।

अब आगे क्या?

हालांकि एयरपोर्ट की तैयारियां लगभग पूरी बताई जा रही हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत का अंतिम निर्णय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है और एयरलाइंस कंपनियां संचालन के लिए आगे आती हैं, तो रांची जल्द ही देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है जहां से घरेलू उड़ानों के साथ नियमित अंतरराष्ट्रीय सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे झारखंड के लाखों यात्रियों, प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों, छात्रों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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Fri, 03 Jul 2026 11:55:51 +0530 news desk MPcg
बरेली स्काईवॉक हादसे के बाद संचालन पर फिर मंथन: ₹11.18 करोड़ की परियोजना ढाई साल से उपयोग से बाहर, युवक की मौत के बाद सुरक्षा और प्रबंधन पर उठे सवाल https://citytoday.co.in/7057 https://citytoday.co.in/7057 बरेली के पटेल चौक स्थित स्काईवॉक से एक युवक के गिरकर मौत होने की घटना के बाद लंबे समय से बंद पड़ी इस स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। करीब 11.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्काईवॉक लगभग ढाई वर्ष पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन संचालन एजेंसी का चयन न हो पाने के कारण अब तक नियमित रूप से जनता के लिए शुरू नहीं किया जा सका। घटना के बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने परियोजना के संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा शुरू कर दी है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि युवक की मौत और स्काईवॉक के बंद रहने के बीच प्रत्यक्ष कारण-परिणाम संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है, जबकि स्मार्ट सिटी प्रशासन परियोजना के भविष्य पर निर्णय लेने की तैयारी कर रहा है।

क्या है पूरा मामला

पटेल चौक बरेली शहर का सबसे व्यस्त यातायात जंक्शन माना जाता है। यहां लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एक बहु-दिशीय स्काईवॉक का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों को बिना सड़क पार किए सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था।

हाल ही में स्काईवॉक से एक युवक के गिरने की घटना में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि घटना दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या किसी अन्य परिस्थिति में हुई।

निर्माण पूरा, लेकिन संचालन नहीं

स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार स्काईवॉक का निर्माण लगभग ढाई वर्ष पहले पूरा हो चुका था। इसके बावजूद संचालन मॉडल तय नहीं हो सका।

परियोजना के संचालन के लिए अब तक चार बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई।

दो बार कोई एजेंसी सामने नहीं आई।
दो बार प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों से निविदा प्रक्रिया निरस्त कर दी गई।

इसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की सार्वजनिक परियोजना लंबे समय तक उपयोग से बाहर रही।

क्यों महत्वपूर्ण है यह स्काईवॉक

पटेल चौक शहर का प्रमुख ट्रैफिक इंटरसेक्शन है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं। स्काईवॉक चालू होने पर लोगों को ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने की आवश्यकता कम हो सकती है।

परियोजना की संरचना इस प्रकार है:

हनुमान मंदिर दिशा – 90.95 मीटर
चौपुला दिशा – 87 मीटर
बरेली कॉलेज–श्यामगंज दिशा – 81 मीटर
चौकी चौराहा दिशा – 111 मीटर

इन चारों दिशाओं को जोड़ने के लिए परियोजना में:

5 सीढ़ियां
1 एस्केलेटर
4 लिफ्ट

स्थापित की गई हैं।

केवल पैदल पुल नहीं, व्यावसायिक मॉडल भी था

स्मार्ट सिटी परियोजना के दस्तावेजों के अनुसार स्काईवॉक को सेल्फ-सस्टेनेबल बनाने की योजना भी तैयार की गई थी।

इसके तहत:

88 कियोस्क (दुकानें) विकसित करने का प्रस्ताव था।
स्थानीय खाद्य पदार्थ, छोटे व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से राजस्व अर्जित करने की योजना बनाई गई थी।
इसी राजस्व से रखरखाव एवं संचालन व्यय का एक हिस्सा पूरा करने का मॉडल प्रस्तावित था।

लेकिन संचालन एजेंसी तय न होने के कारण यह मॉडल लागू नहीं हो सका।

हादसे के बाद क्या बदला

घटना के बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने परियोजना की समीक्षा शुरू की है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार मौर्य के अनुसार:

स्काईवॉक के संचालन को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है।
स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक बुलाने की तैयारी की जा रही है।
संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर निर्णय लिया जाएगा।

हालांकि बैठक की तिथि और अंतिम निर्णय अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

युवक की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर स्काईवॉक की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और रखरखाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक अवसंरचना के लिए केवल निर्माण पर्याप्त नहीं होता। नियमित संचालन, सुरक्षा निगरानी, CCTV, बैरिकेडिंग, रखरखाव और आपातकालीन प्रबंधन भी समान रूप से आवश्यक होते हैं।

हालांकि, यह कहना कि दुर्घटना केवल संचालन न होने के कारण हुई, फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों से प्रमाणित नहीं है।

दूसरी स्मार्ट सिटी परियोजना भी लंबित

बरेली स्मार्ट सिटी की संजय कम्युनिटी सरोवर परियोजना भी अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है।

करीब 8.55 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना के संचालन के लिए निजी एजेंसी का चयन किया गया था, लेकिन बाद में निविदा प्रक्रिया निरस्त कर दी गई।

यहां पर्यटन, फूड कोर्ट और मनोरंजन गतिविधियां विकसित करने की योजना थी।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देशभर में कई शहरी अवसंरचना परियोजनाएं बनाई गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण पूरा होने के बाद यदि समय पर संचालन एजेंसी, रखरखाव व्यवस्था और वित्तीय मॉडल तय नहीं होते, तो परियोजनाएं लंबे समय तक निष्क्रिय रह सकती हैं।

बरेली स्काईवॉक का मामला इसी चुनौती को सामने लाता है, जहां निर्माण पूरा होने के वर्षों बाद भी संचालन शुरू नहीं हो पाया।

निष्कर्ष

बरेली स्काईवॉक से युवक की मौत की घटना की जांच अभी जारी है और उसके कारणों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। वहीं, इस घटना के बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने वर्षों से लंबित संचालन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पहल शुरू की है। अब यह देखना होगा कि प्रस्तावित बोर्ड बैठक के बाद परियोजना के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कौन-से ठोस निर्णय लिए जाते हैं और यह सार्वजनिक सुविधा आखिरकार आम नागरिकों के उपयोग के लिए कब उपलब्ध हो पाती है।

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Thu, 02 Jul 2026 18:00:35 +0530 news desk MPcg
पटना मेट्रो का विस्तार: मलाही पकड़ी तक शुरू हुई सेवा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन; पांच स्टेशनों के बीच दौड़ेगी मेट्रो https://citytoday.co.in/7047 https://citytoday.co.in/7047 बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो रेल परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन कर पटना मेट्रो के विस्तारित कॉरिडोर का शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेट्रो में यात्रा कर नई सेवा का निरीक्षण भी किया।

इस विस्तार के साथ अब न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा उपलब्ध हो गई है। इससे राजधानी के पूर्वी हिस्से में रहने वाले हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और जाम से राहत देने वाला सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा।

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने किया मेट्रो सफर

उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री नीतीश मिश्रा, वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मलाही पकड़ी स्टेशन से भूतनाथ स्टेशन तक मेट्रो यात्रा की।

यात्रा के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान प्रगति, परिचालन व्यवस्था, आगामी विस्तार और सुरक्षा प्रणाली की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यात्रियों के लिए बेहतर और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

अब पांच स्टेशनों तक उपलब्ध होगी मेट्रो सेवा

मेट्रो के इस चरण में यात्रियों को निम्नलिखित स्टेशनों के बीच यात्रा की सुविधा मिलेगी—

न्यू आईएसबीटी
जीरो माइल
भूतनाथ
खेमनीचक
मलाही पकड़ी

हालांकि खेमनीचक स्टेशन पर निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल मेट्रो ट्रेन इस स्टेशन से होकर गुजरेगी, लेकिन यात्रियों के लिए यहां ठहराव नहीं होगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला जाएगा।

कितना होगा किराया?

पटना मेट्रो प्रशासन ने इस विस्तारित रूट के लिए अधिकतम किराया 30 रुपये निर्धारित किया है।

न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक किराया 15 रुपये
न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक अधिकतम किराया 30 रुपये

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में नेटवर्क के विस्तार के साथ किराया संरचना में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकता है।

फिलहाल सिंगल ट्रैक पर हो रहा संचालन

पटना मेट्रो का वर्तमान परिचालन सिंगल ट्रैक पर किया जा रहा है। इसी कारण एक ही ट्रैक का उपयोग दोनों दिशाओं में आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए किया जा रहा है।

मेट्रो का संचालन फिलहाल वॉकी-टॉकी आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है। परिचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

मेट्रो ट्रेनों की अधिकतम परिचालन गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

किन इलाकों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

मलाही पकड़ी तक सेवा शुरू होने से कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, भूतनाथ, जीरो माइल, बैरिया बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से रोजाना कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को सड़क जाम से काफी राहत मिलेगी। बैरिया बस स्टैंड से राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य हिस्सों तक यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगी।

आगे बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क

पटना मेट्रो रेल परियोजना के तहत भविष्य में इस कॉरिडोर को शहर के अन्य प्रमुख इलाकों से जोड़ने का कार्य भी जारी है। मलाही पकड़ी को आगे राजेंद्र नगर मेट्रो टनल से जोड़ने के लिए स्लैब निर्माण और अन्य सिविल कार्य प्रगति पर हैं।

परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी पटना में मेट्रो नेटवर्क शहर के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

पटना मेट्रो परियोजना को बिहार के शहरी परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, यात्रा समय घटेगा, प्रदूषण में कमी आएगी और शहर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी।

राज्य सरकार और मेट्रो प्रशासन का लक्ष्य आगामी चरणों में नेटवर्क का और विस्तार कर अधिक से अधिक आबादी को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

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Thu, 02 Jul 2026 13:28:19 +0530 news desk MPcg
बिहार: मुहर्रम के लिए बनाया गया तेजस फाइटर विमान का मॉडल आग के हवाले, डेढ़ लाख की कलाकृति जलकर नष्ट; पुलिस जांच में जुटी https://citytoday.co.in/7041 https://citytoday.co.in/7041 बिहार के सारण जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। दाउदपुर थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में मुहर्रम के अवसर पर युवाओं द्वारा तैयार किया गया भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (LCA Tejas) का आकर्षक मॉडल बुधवार देर रात आग लगने से जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने मॉडल में आग लगाई, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी आरोपी की आधिकारिक पहचान नहीं हुई है।

करीब 20 दिनों की मेहनत से तैयार हुआ था मॉडल

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के मुस्लिम समाज के युवाओं ने मुहर्रम के अवसर पर देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से तेजस लड़ाकू विमान का एक बड़ा मॉडल तैयार किया था। इस मॉडल को बनाने में लगभग 20 दिनों का समय लगा था।

युवाओं ने बताया कि मॉडल के निर्माण में गांव के कई लोगों ने आर्थिक और श्रम सहयोग दिया था। लकड़ी, लोहे, प्लाई, फाइबर, रंग और सजावटी सामग्री का उपयोग कर इसे तैयार किया गया था।

लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत

ग्रामीणों के मुताबिक, मॉडल तैयार करने में करीब 1.5 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह राशि स्थानीय सहयोग और चंदे के माध्यम से जुटाई गई थी। मॉडल का प्रदर्शन 26 जून को निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान किया गया था, जहां इसे देखने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेजस विमान का मॉडल केवल सजावट का हिस्सा नहीं था, बल्कि युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी कौशल और राष्ट्र के प्रति सम्मान का प्रतीक था।

सुबह सामने आई घटना

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार देर रात तक मॉडल सुरक्षित था। गुरुवार सुबह लगभग 5:30 बजे जब स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उसका बड़ा हिस्सा आग से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मॉडल की जली हुई संरचना देखकर लोगों में नाराजगी और निराशा दोनों देखने को मिली।

युवाओं ने जताया आक्रोश

मॉडल तैयार करने वाले युवाओं का कहना है कि उन्होंने कई दिनों की मेहनत और सीमित संसाधनों के बावजूद इस कलाकृति को तैयार किया था। उनके अनुसार यह केवल धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं था, बल्कि गांव के युवाओं की सामूहिक भागीदारी, कला और सामाजिक एकता का प्रतीक भी था।

युवाओं ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही दाउदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है तथा घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस आग लगने के कारणों और संभावित परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि आग कैसे लगी।

यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की उपलब्धता होगी तो उनकी भी जांच की जाएगी।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना के जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाई जाए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को नुकसान पहुंचाती हैं।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

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Thu, 02 Jul 2026 12:17:16 +0530 news desk MPcg
ऋषिकेश में आज से राफ्टिंग पर ब्रेक: मानसून के चलते दो महीने बंद रहेगी एडवेंचर गतिविधि, पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला https://citytoday.co.in/7033 https://citytoday.co.in/7033 उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन ऋषिकेश में आज यानी 1 जुलाई 2026 से गंगा नदी में होने वाली व्हाइट वॉटर रिवर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लागू हो गई है। मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने और नदी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी राफ्टिंग सीजन 30 जून की शाम समाप्त कर दिया गया। अब अगले लगभग दो महीनों तक गंगा में व्यावसायिक राफ्टिंग गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। जलस्तर सामान्य होने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद सितंबर में नए सीजन की शुरुआत होने की संभावना है।

क्यों बंद की जाती है राफ्टिंग?

जुलाई और अगस्त के दौरान उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में मानसून सक्रिय रहता है। लगातार बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। तेज बहाव, बदलती धारा, नदी में बहकर आने वाले बड़े पत्थर, पेड़ों के तने और मलबा राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को अत्यधिक जोखिमपूर्ण बना देते हैं।

इसी कारण हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले प्रशासन राफ्टिंग संचालन पर रोक लगा देता है। यह निर्णय किसी दुर्घटना की आशंका को कम करने और पर्यटकों के साथ-साथ राफ्टिंग गाइड एवं ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जाता है।

किसके निर्देश पर होती है रोक?

राफ्टिंग संचालन को लेकर उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग तथा संबंधित नियामक एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा मानकों की समीक्षा करती हैं। मौसम, नदी के जलस्तर और प्रवाह का आकलन करने के बाद मानसून अवधि के लिए राफ्टिंग संचालन बंद करने का निर्णय लागू किया जाता है।

राफ्टिंग केवल उन्हीं परिस्थितियों में दोबारा शुरू की जाती है, जब नदी का बहाव सुरक्षित स्तर पर पहुंच जाए और सभी सुरक्षा निरीक्षण पूरे हो जाएं।

सितंबर में दोबारा शुरू हो सकती है राफ्टिंग

यदि मौसम सामान्य रहा और गंगा का जलस्तर नियंत्रित रहा, तो सितंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में राफ्टिंग सीजन दोबारा शुरू किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय प्रशासन द्वारा नदी की वास्तविक स्थिति और सुरक्षा आकलन के बाद ही लिया जाएगा।

पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय प्रशासन या अधिकृत राफ्टिंग ऑपरेटरों से संचालन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।

स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा असर

राफ्टिंग ऋषिकेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। हर साल लाखों पर्यटक यहां रिवर राफ्टिंग का अनुभव लेने आते हैं। सीजन बंद होने से लगभग दो महीनों तक कई लोगों की आय प्रभावित होती है।

इसका असर विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर पड़ता है—

राफ्टिंग कंपनियां और ऑपरेटर
प्रमाणित रिवर गाइड
सुरक्षा कायकर्स
कैंप संचालक
होटल एवं गेस्ट हाउस
टैक्सी और ट्रैवल ऑपरेटर
स्थानीय रेस्तरां एवं छोटे व्यवसाय
एडवेंचर उपकरण किराए पर देने वाले व्यापारी

हालांकि, मानसून के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कारण यह मौसमी बंदी हर वर्ष लागू की जाती है।

राफ्टिंग बंद होने के बावजूद घूमने के लिए बहुत कुछ

राफ्टिंग बंद होने के बाद भी ऋषिकेश पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहता है। यहां आने वाले पर्यटक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का आनंद ले सकते हैं।

प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं—

त्रिवेणी घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती
लक्ष्मण झूला और राम झूला क्षेत्र
परमार्थ निकेतन
बीटल्स आश्रम
नीलकंठ महादेव मंदिर
योग एवं मेडिटेशन केंद्र
हिमालय की तलहटी के प्राकृतिक दृश्य
ट्रेकिंग और प्रकृति भ्रमण (मौसम के अनुसार)

कुछ निजी एडवेंचर गतिविधियां जैसे बंजी जंपिंग, जायंट स्विंग और अन्य रोमांचक खेल मौसम एवं सुरक्षा परिस्थितियों के अनुसार संचालित हो सकते हैं, लेकिन पर्यटकों को संबंधित ऑपरेटर से पहले जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

पर्यटकों के लिए प्रशासन की सलाह

प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि मानसून के दौरान बंद अवधि में अवैध रूप से संचालित राफ्टिंग सेवाओं का उपयोग न करें। केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त एडवेंचर ऑपरेटरों की सेवाएं ही लें तथा मौसम संबंधी सभी सरकारी निर्देशों का पालन करें।

नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में गंगा किनारे अनावश्यक रूप से जाने और जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचने की भी सलाह दी गई है।

निष्कर्ष

मानसून के दौरान राफ्टिंग पर लगाई गई यह रोक एक नियमित और सुरक्षा-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय ऑपरेटरों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौसम सामान्य होने और गंगा का जलस्तर सुरक्षित स्तर पर लौटने के बाद सितंबर में राफ्टिंग गतिविधियां फिर से शुरू होने की संभावना है।

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Wed, 01 Jul 2026 17:24:22 +0530 news desk MPcg
जम्मू&कश्मीर के डोडा में दो स्थानों पर बादल फटने से मची तबाही, फ्लैश फ्लड और मलबे से सड़कें बंद; कई गांवों का संपर्क टूटा, प्रशासन हाई अलर्ट पर https://citytoday.co.in/7027 https://citytoday.co.in/7027 जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिले डोडा में बुधवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दो स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचा दी। जिले के भलेसा क्षेत्र के कलालगीसर इलाके में हुई इन घटनाओं के बाद अचानक आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भारी मात्रा में मलबा बहकर आने से कई सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं। इसके चलते अनेक गांवों का जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही के साथ-साथ दैनिक जरूरतों की आपूर्ति में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। मौसम विभाग द्वारा क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी की है।

लगातार बारिश के बीच दो बार बादल फटने की घटना

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह से डोडा जिले के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान भलेसा क्षेत्र के कलालगीसर इलाके में दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं। बादल फटने के कारण कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में वर्षा का पानी पहाड़ियों से नीचे उतरने लगा, जिससे तेज बहाव के साथ चट्टानें, मिट्टी, पेड़ और अन्य मलबा भी नीचे की ओर बह आया।

अचानक आई इस बाढ़ ने कई संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया। कई स्थानों पर सड़कें मलबे से पूरी तरह ढक गईं, जबकि कुछ जगहों पर सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन द्वारा विस्तृत नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित

फ्लैश फ्लड और भारी मलबे के कारण भलेसा पट्टी के कई गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना फिलहाल संभव नहीं है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन पर भी इसका असर पड़ा है।

स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित गांवों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है और वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं का भी आकलन किया जा रहा है। हालांकि लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में खतरे को देखते हुए राहत एवं बहाली कार्यों में सावधानी बरती जा रही है।

सड़कों पर जमा मलबा हटाने की तैयारी

लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित एजेंसियों को सड़कों से मलबा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा और बारिश की तीव्रता कम होगी, जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से सड़कों की सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा।

फिलहाल लगातार बारिश और पहाड़ियों से गिरते पत्थरों के कारण मशीनों को मौके तक पहुंचाने में भी चुनौती बनी हुई है।

भूस्खलन का खतरा बढ़ा, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी

लगातार हो रही बारिश के कारण डोडा जिले के कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी काफी बढ़ गया है। प्रशासन ने ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी है जहां पहले भी भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।

जिला प्रशासन ने पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है। यदि किसी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तो तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी की गई है।

प्रशासन ने लोगों से की विशेष अपील

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि—

पहाड़ी और संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें।
नदी, नालों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचें।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों के पास न रुकें।
मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की भी अपील की है।

राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार

हालांकि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा है। आवश्यक मशीनरी, चिकित्सा टीमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

यदि मौसम की स्थिति और बिगड़ती है तो प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मानसून में क्यों बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं?

विशेषज्ञों के अनुसार, डोडा, किश्तवाड़, रामबन और जम्मू-कश्मीर के अन्य पर्वतीय जिले मानसून के दौरान अत्यधिक संवेदनशील रहते हैं। बादल फटने की घटना में बहुत कम समय में अत्यधिक मात्रा में वर्षा होती है, जिससे पहाड़ों से अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव शुरू हो जाता है।

ऐसी स्थिति में सड़कें, पुल, बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लगातार बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में अतिरिक्त कठिनाई आती है।

प्रशासन कर रहा है लगातार निगरानी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा और सड़कों, पुलों तथा अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद बहाली कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएंगे।

फिलहाल प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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Wed, 01 Jul 2026 14:15:08 +0530 news desk MPcg
पहली ही बारिश में टपकने लगी रांची की साझा लाइब्रेरी: मोरहाबादी स्टेडियम परिसर में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित, निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर उठे सवाल https://citytoday.co.in/7016 https://citytoday.co.in/7016 झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बनाई गई मोरहाबादी फुटबॉल स्टेडियम परिसर स्थित साझा लाइब्रेरी पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। मंगलवार को हुई हल्की बारिश के दौरान लाइब्रेरी की छत से कई स्थानों पर पानी टपकने लगा, जिससे वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पानी सीधे अध्ययन कक्ष तक पहुंच गया, जिसके कारण विद्यार्थियों को अपनी सीटें छोड़नी पड़ीं और पढ़ाई बीच में रोकनी पड़ी।

घटना के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव व्यवस्था और संबंधित विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआती हल्की बारिश में ही यह स्थिति है, तो लगातार होने वाली तेज बारिश के दौरान लाइब्रेरी में अध्ययन करना मुश्किल हो जाएगा।

दो वर्ष पहले शुरू हुई थी आधुनिक साझा लाइब्रेरी

मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम परिसर में इस साझा लाइब्रेरी की शुरुआत लगभग दो वर्ष पहले राज्य के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को शांत, सुरक्षित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना था।

लाइब्रेरी में एक समय में लगभग 300 विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था है। सुबह से देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां यूपीएससी, जेपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, शिक्षक भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं।

बारिश के दौरान टपकने लगी छत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार को हुई हल्की बारिश के दौरान लाइब्रेरी की छत से कई स्थानों पर लगातार पानी टपकने लगा। कुछ जगहों पर पानी की धार इतनी तेज थी कि वह सीधे अध्ययन टेबल और कुर्सियों तक पहुंच गई। इससे कई विद्यार्थियों को अपनी सीट बदलनी पड़ी, जबकि कुछ स्थानों पर फर्श पर पानी जमा होने के कारण लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

छात्रों ने तत्काल अपनी किताबें, नोट्स, लैपटॉप और अन्य अध्ययन सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, ताकि वे भीगने से बच सकें। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी पढ़ाई काफी देर तक बाधित रही।

छात्रों ने जताई चिंता

लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि यह समस्या अचानक नहीं आई है। उनका आरोप है कि छत से पानी रिसने और अन्य तकनीकी खामियों की जानकारी पहले भी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

छात्रों का कहना है कि जिस लाइब्रेरी को राजधानी के हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में प्रस्तुत किया गया था, वही अब बरसात के मौसम में असुविधा का कारण बनती दिखाई दे रही है।

कई छात्रों ने आशंका जताई कि यदि लगातार बारिश के दौरान छत से इसी तरह पानी टपकता रहा तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, फर्नीचर और पुस्तकों को भी नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही फर्श पर पानी जमा होने से फिसलने जैसी दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहेगा।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

घटना के बाद लाइब्रेरी भवन के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भवन का निर्माण लगभग दो वर्ष पहले हुआ हो, उसमें पहली ही बारिश में इस तरह की समस्या सामने आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निरीक्षण पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत और जलरोधक (वॉटरप्रूफिंग) कार्य नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।

रखरखाव व्यवस्था पर भी चर्चा

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक भवन में नियमित निरीक्षण, समय-समय पर रखरखाव और मानसून से पहले आवश्यक मरम्मत कार्य अत्यंत आवश्यक होते हैं। ऐसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य केवल भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि वहां आने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना भी होता है।

छात्रों का कहना है कि लाइब्रेरी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अध्ययन करने आते हैं। ऐसे में भवन की तकनीकी कमियों को जल्द दूर किया जाना चाहिए ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो।

विद्यार्थियों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग

प्रतियोगी छात्रों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि लाइब्रेरी की छत की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, रिसाव वाले हिस्सों की मरम्मत की जाए और मानसून के दौरान भवन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक जलरोधक कार्य कराया जाए।

विद्यार्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में नियमित अध्ययन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अध्ययन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का सुचारु रूप से उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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Wed, 01 Jul 2026 12:09:33 +0530 news desk MPcg
जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का बढ़ता खतरा: 4 आदिवासी बच्चों की मौत के बाद हाई अलर्ट, 108 डॉक्टरों की टीम करेगी घर&घर सर्वे https://citytoday.co.in/7013 https://citytoday.co.in/7013 झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया (सेरेब्रल मलेरिया) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे संक्रमण के मामलों और चार आदिवासी बच्चों की मौत के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए पोटका, मुसाबनी, घाटशिला और डुमरिया प्रखंड में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। प्रभावित गांवों में बड़े पैमाने पर चिकित्सा जांच, सर्वे, उपचार और जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के 108 चिकित्सकों की विशेष टीम प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही है। बुधवार से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान अगले दो दिनों तक चलेगा, जिसमें चिकित्सकों की टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी, बुखार से पीड़ित लोगों की मलेरिया जांच करेंगी, दवाइयां उपलब्ध कराएंगी और ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगी।

चार प्रखंडों में विशेष मेडिकल अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पोटका के अलावा मुसाबनी, घाटशिला और डुमरिया प्रखंडों को भी संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। चिकित्सकों को अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक टीम में बड़ी संख्या में डॉक्टरों के साथ वरिष्ठ चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है, ताकि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सभी टीमों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी भी गांव में गंभीर लक्षणों वाला मरीज मिलता है तो उसे बिना देरी किए सदर अस्पताल या एमजीएम अस्पताल रेफर किया जाए। साथ ही प्रत्येक संदिग्ध मरीज का परीक्षण कर तत्काल उपचार शुरू किया जाए।

507 लोगों की जांच में मिले 51 नए संक्रमित

मंगलवार को पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों में लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 507 ग्रामीणों की जांच की गई। जांच के दौरान 51 नए मलेरिया संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित मरीजों को मौके पर ही एंटी-मलेरियल दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और गंभीर मरीजों को अस्पताल भेजा गया।

विशेष जांच अभियान सबरनगर, कांदर, जोजोगोड़ा, गाम्हीरकोचा, छोटा रामगढ़, कुंदरुकोचा, झरिया और टांगराईन सहित कई गांवों में चलाया गया। इन गांवों को फिलहाल संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में जोबा हांसदा और विकास मार्डी नामक दो नए मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है। इसके अलावा पहले से भर्ती पांच मरीजों का इलाज भी जारी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की निगरानी कर रहा है।

जिला प्रशासन ने की समीक्षा बैठक

संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर स्थिति का आकलन किया।

बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता, जांच अभियान की प्रगति और संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बीमारी के तेजी से फैलने के कारणों की भी जांच कराने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

चार बच्चों की मौत से उठे गंभीर सवाल

ब्रेन मलेरिया से चार आदिवासी बच्चों की मौत ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और मलेरिया नियंत्रण अभियान की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे दर्दनाक घटना हरिणा पंचायत के कंदर गांव में सामने आई, जहां महावीर सरदार की दो बेटियों की चार दिनों के भीतर मौत हो गई। परिवार की तीसरी बेटी भी बुखार से पीड़ित है और उसका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

महावीर सरदार का आरोप है कि यदि समय रहते गांव में डीडीटी का छिड़काव किया गया होता, मच्छरदानियों का वितरण हुआ होता और स्वास्थ्य विभाग ने पहले से सक्रियता दिखाई होती तो उनकी बेटियों की जान बचाई जा सकती थी।

तीन वर्षों से डीडीटी छिड़काव नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों से गांव में न तो डीडीटी का छिड़काव किया गया और न ही मच्छरदानियों का वितरण हुआ।

कंदर गांव के ग्राम प्रधान रामेश्वर सरदार ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ग्रामसभा के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक किया गया था, लेकिन संबंधित विभाग ने जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, एंटी-लार्वा उपाय और मच्छर नियंत्रण अभियान समय पर नहीं चलाया। उन्होंने प्रभावित गांवों में तत्काल मच्छरदानी वितरण, फॉगिंग और डीडीटी छिड़काव की मांग की है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

मंगलवार को सीओ निकीता बाला और बीडीओ अरुण कुमार मुंडा ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। जिला स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान को और तेज करने के लिए पहले से कार्यरत 12 विशेष स्वास्थ्य टीमों को भी सक्रिय कर दिया है। ये टीमें लगातार गांवों का भ्रमण कर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित कर रही हैं।

ब्रेन मलेरिया क्या है?

ब्रेन मलेरिया, जिसे सेरेब्रल मलेरिया भी कहा जाता है, मलेरिया का गंभीर रूप है। यह सामान्यतः प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) परजीवी के संक्रमण से होता है। इसमें संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, बार-बार कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, दौरे पड़ना और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है, विशेष रूप से बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, कंपकंपी या अन्य मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। लोगों को नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर और आसपास जलभराव न होने देने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच, उपचार और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से संक्रमण की श्रृंखला को रोका जा सकता है।

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Wed, 01 Jul 2026 11:47:21 +0530 news desk MPcg
मुंबई में बड़ा हादसा: चलते&चलते स्कूल बस पर गिरा विशाल पेड़, 10 बच्चे घायल; चेंबूर में चला हाई&रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन https://citytoday.co.in/7011 https://citytoday.co.in/7011 महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार को भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के चेंबूर इलाके के रोड नंबर-11 पर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर पड़ा। हादसे में 10 स्कूली बच्चे घायल हो गए, जबकि एक बच्चा कुछ समय के लिए बस के अंदर फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, मुंबई फायर ब्रिगेड, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आपदा प्रबंधन विभाग और एंबुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंचीं तथा तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

अधिकारियों के अनुसार, सभी घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बाद में बस के भीतर फंसे बच्चे को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल किसी बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल बस अपने निर्धारित मार्ग पर चेंबूर के रोड नंबर-11 से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे स्थित एक बड़ा पेड़ अचानक बस पर गिर गया। पेड़ गिरने से बस की छत और अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

पेड़ गिरते ही बस के अंदर बैठे बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। कई बच्चे सीटों के बीच फंस गए, जबकि कुछ को कांच टूटने और बस के भीतर मची भगदड़ के कारण चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी।

10 बच्चे घायल, सभी को अस्पताल पहुंचाया गया

घटना में घायल हुए 10 बच्चों को एंबुलेंस के जरिए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने सभी बच्चों की प्राथमिक जांच की और आवश्यक उपचार शुरू किया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अधिकांश बच्चों को सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम चोटें आई हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर कई बच्चों का एक्स-रे और अन्य मेडिकल परीक्षण भी कराया गया ताकि किसी आंतरिक चोट की संभावना की जांच की जा सके।

अस्पताल प्रशासन की ओर से बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बस में फंसे बच्चे को निकालने के लिए चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के दौरान पेड़ का भारी हिस्सा बस के ऊपरी हिस्से पर गिरने से एक बच्चा कुछ समय तक बस के भीतर फंस गया था।

मौके पर पहुंची मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और BMC की आपदा प्रबंधन टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। बचाव दल ने सबसे पहले पेड़ की बड़ी शाखाओं को काटा, फिर बस के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर बच्चे तक पहुंच बनाई।

सावधानीपूर्वक चलाए गए इस अभियान के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया।

राहत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित

पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिरने के कारण चेंबूर रोड नंबर-11 पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के एक हिस्से को बंद कर दिया और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही कराई।

बाद में नगर निगम के कर्मचारियों ने पेड़ को काटकर हटाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया।

मौके पर पहुंचीं कई एजेंसियां

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, मुंबई फायर ब्रिगेड, BMC आपदा प्रबंधन विभाग, एंबुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं।

राहत दल ने सबसे पहले बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और फिर अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया ताकि बचाव कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

IMD ने पहले ही जारी किया था भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

यह हादसा ऐसे समय हुआ जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे और आसपास के इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की थी।

मानसून के दौरान लगातार बारिश से कई पुराने और कमजोर पेड़ों की जड़ें ढीली हो जाती हैं, जिसके कारण तेज हवा चलने पर उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए प्रशासन पहले भी लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील करता रहा है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

स्थानीय प्रशासन और BMC ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेड़ गिरने की वजह केवल खराब मौसम था या पेड़ पहले से कमजोर स्थिति में था।

साथ ही नगर निगम शहर के ऐसे पुराने और जोखिम वाले पेड़ों का सर्वे भी कर सकता है, जिनसे भविष्य में दुर्घटना होने की आशंका है।

अब तक क्या-क्या सामने आया?
घटना मुंबई के चेंबूर स्थित रोड नंबर-11 की है।
स्कूल बस पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया।
हादसे में 10 स्कूली बच्चे घायल हुए।
सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बस में फंसे एक बच्चे को संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित निकाला गया।
पुलिस, फायर ब्रिगेड, BMC और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत कार्य चलाया।
IMD ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया हुआ है।
हादसे के कारणों की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है।

तथ्यात्मक स्थिति: उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे में 10 बच्चे घायल हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में एक बच्चे के बस में फंसे होने की जानकारी दी गई थी, जिसे बाद में बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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Tue, 30 Jun 2026 16:58:45 +0530 news desk MPcg
24 दिन से बिजली संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रेवाड़ी&बावल रोड पर लगाया जाम; समाधान की मांग पर अड़े लोग https://citytoday.co.in/7007 https://citytoday.co.in/7007 हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छुरियावास गांव और आसपास की ढाणियों में पिछले 24 दिनों से अनियमित बिजली आपूर्ति के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने रेवाड़ी-बावल रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।

24 दिनों से बिजली आपूर्ति पर ग्रामीणों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि छुरियावास गांव और आसपास की ढाणियों में पिछले लगभग 24 दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कई बार घंटों तक बिजली पूरी तरह गायब रहती है और कई बार बेहद कम समय के लिए सप्लाई दी जाती है। लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी के विरोध में लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

भीषण गर्मी में बढ़ीं लोगों की परेशानियां

लगातार बिजली बाधित रहने से भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण बंद रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से पानी की सप्लाई भी बाधित होने की बात ग्रामीणों ने कही। इससे पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पशुओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

रेवाड़ी-बावल रोड पर लगा लंबा जाम

मंगलवार दोपहर शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रेवाड़ी-बावल रोड पर जाम लगा दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री और वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्थानीय यातायात के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

पुलिस और बिजली निगम के अधिकारी पहुंचे मौके पर

जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बिजली निगम के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। बिजली निगम के एसडीओ ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और बिजली आपूर्ति जल्द सुचारु करने का आश्वासन दिया।

अधिकारियों के अनुसार, बिजली व्यवस्था में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित टीम को लगाया गया है और सप्लाई सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए ग्रामीण

अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारी तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा और जब तक नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।

बाद में पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद यातायात को आंशिक रूप से बहाल कराया गया, हालांकि मौके पर स्थिति को सामान्य करने में काफी समय लगा।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह नियमित नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि लंबे समय से जारी बिजली संकट के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और अब वे स्थायी समाधान चाहते हैं।

अब तक क्या-क्या हुआ?
छुरियावास गांव और आसपास की ढाणियों में ग्रामीणों ने 24 दिनों से अनियमित बिजली आपूर्ति का आरोप लगाया।
विरोध में मंगलवार को रेवाड़ी-बावल रोड पर जाम लगाया गया।
जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस और बिजली निगम के एसडीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
अधिकारियों ने तकनीकी खामियां दूर कर जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने नियमित बिजली बहाल नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

तथ्यात्मक स्थिति: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजली आपूर्ति में अनियमितता, सड़क जाम और अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की पुष्टि स्थानीय प्रशासनिक एवं मीडिया रिपोर्टों से होती है। हालांकि, बिजली बाधित रहने के कारणों (जैसे तकनीकी खराबी, लाइन क्षमता या अन्य कारण) पर बिजली निगम की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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Tue, 30 Jun 2026 15:33:12 +0530 news desk MPcg
फरीदाबाद के रेनीवेल पानी की जांच में बढ़े आर्सेनिक और मैंगनीज के संकेत, जल गुणवत्ता पर उठे सवाल; विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह https://citytoday.co.in/7002 https://citytoday.co.in/7002 हरियाणा के फरीदाबाद में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा कराए गए एक वैज्ञानिक सर्वे में शहर के कुछ रेनीवेल (Ranney Wells) से लिए गए पानी के नमूनों में आर्सेनिक, मैंगनीज और आयरन जैसे तत्व निर्धारित मानकों से अधिक पाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के बाद संबंधित विभागों ने प्रभावित जल स्रोतों की निगरानी बढ़ाने और जल शोधन व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरों तक पहुंचने से पहले विभिन्न रेनीवेल का पानी मिश्रित हो जाता है, जिससे इन तत्वों का स्तर काफी हद तक सामान्य हो जाता है। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने भूजल की गुणवत्ता को लेकर दीर्घकालिक समाधान अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।

पहली बार हुआ विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे

जानकारी के अनुसार, लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक वैज्ञानिक सर्वे किया गया। इस दौरान केवल पानी ही नहीं, बल्कि मिट्टी के नमूनों की भी जांच की गई ताकि भूजल प्रदूषण के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि—

रेनीवेल नंबर-5 में आर्सेनिक का स्तर अपेक्षाकृत अधिक मिला।
रेनीवेल नंबर-20 में मैंगनीज और आयरन की मात्रा सामान्य सीमा से ऊपर दर्ज की गई।
रेनीवेल नंबर-22 में भी आर्सेनिक की अधिकता पाई गई।

रिपोर्ट के बाद एफएमडीए और भूजल बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने तथा आधुनिक जल शोधन तकनीक अपनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

28 लाख आबादी की प्यास बुझाने की चुनौती

फरीदाबाद की आबादी अब 28 लाख से अधिक हो चुकी है। शहर की जलापूर्ति मुख्य रूप से 22 रेनीवेल और लगभग 1700 ट्यूबवेल पर निर्भर है।

आंकड़ों के अनुसार—

शहर को प्रतिदिन लगभग 340 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता है।
वर्तमान में लगभग 280 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है।
गर्मियों के मौसम में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर और अधिक बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी और लगातार भूजल दोहन भविष्य में जल संकट को और गंभीर बना सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक या अन्य भारी धातुओं वाला पानी पीया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

संभावित प्रभावों में शामिल हैं—

त्वचा संबंधी रोग
लीवर पर प्रतिकूल प्रभाव
हड्डियों की कमजोरी
पाचन संबंधी समस्याएं
लंबे समय तक अत्यधिक संपर्क रहने पर कुछ गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ना

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अंतिम पेयजल गुणवत्ता, नियमित परीक्षण और निर्धारित मानकों के आधार पर वैज्ञानिक मूल्यांकन आवश्यक होता है।

क्यों बिगड़ रही है भूजल की गुणवत्ता?

भूजल विशेषज्ञों के अनुसार फरीदाबाद में भूजल गुणवत्ता प्रभावित होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं—

लगातार बढ़ता भूजल दोहन
हजारों निजी और सरकारी बोरवेल से अत्यधिक जल निकासी
जलस्तर का लगातार नीचे जाना
गहराई से निकले पानी में प्राकृतिक खनिजों की अधिक मौजूदगी
यमुना नदी में औद्योगिक प्रदूषण का संभावित प्रभाव
रासायनिक अपशिष्ट के भूजल तक पहुंचने की आशंका

इन सभी कारणों की विस्तृत वैज्ञानिक जांच जारी है।

अधिकारियों ने क्या कहा?

एफएमडीए के मुख्य अभियंता विशाल बंसल के अनुसार, कुछ रेनीवेल में सीमित मात्रा में कुछ तत्व अपेक्षाकृत अधिक मिले थे, लेकिन विभिन्न स्रोतों का पानी पाइपलाइन नेटवर्क में मिल जाने के बाद इनकी सांद्रता काफी कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जल गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment System) स्थापित किए जा रहे हैं।

वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी जारी रखी जाए और यदि किसी क्षेत्र में मानकों से अधिक प्रदूषण की पुष्टि होती है तो वहां तत्काल उपचारात्मक कदम उठाए जाएं।

आगे क्या होगा?

रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित विभाग अब—

प्रभावित रेनीवेल की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
जल गुणवत्ता की दोबारा जांच कराएंगे।
आधुनिक जल शोधन संयंत्र स्थापित करेंगे।
भूजल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष योजना तैयार करेंगे।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन भूजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए दीर्घकालिक उपायों पर तेजी से काम किया जाएगा।

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Tue, 30 Jun 2026 14:08:57 +0530 news desk MPcg
150 साल पुरानी कोलकाता ट्राम सेवा को मिलेगा नया जीवन: आधुनिकीकरण, नए रूट और विश्वस्तरीय तकनीक के साथ तैयार होगा भविष्य का ट्राम नेटवर्क https://citytoday.co.in/6987 https://citytoday.co.in/6987 देश की सबसे पुरानी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में शामिल और कोलकाता की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली 150 वर्ष पुरानी ट्राम सेवा को पुनर्जीवित करने की दिशा में पश्चिम बंगाल सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। सरकार ने ट्राम नेटवर्क के आधुनिकीकरण, विस्तार और तकनीकी उन्नयन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख इंजीनियरिंग एवं परिवहन परामर्श कंपनी RITES लिमिटेड को विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (Detailed Feasibility Study) और तकनीकी सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा है।

सरकार का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक ट्राम सेवा को संरक्षित करना नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करते हुए कोलकाता के नए विकसित हो रहे क्षेत्रों तक पहुंचाना भी है। प्रस्तावित योजना के तहत साल्टलेक, न्यू टाउन, राजारहाट, कालीघाट और दक्षिणेश्वर जैसे क्षेत्रों में ट्राम नेटवर्क के विस्तार की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

कोलकाता ट्राम: भारत की सबसे पुरानी सार्वजनिक परिवहन सेवा

कोलकाता ट्राम का इतिहास लगभग डेढ़ शताब्दी पुराना है। इसकी शुरुआत 24 फरवरी 1873 को घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली ट्राम सेवा के रूप में हुई थी। बाद में वर्ष 1902 में कोलकाता एशिया का पहला शहर बना जहां इलेक्ट्रिक ट्राम सेवा शुरू हुई।

समय के साथ यह ट्राम नेटवर्क शहर के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन माध्यमों में शामिल हो गया। एक समय ऐसा था जब ट्राम का नेटवर्क शहर के अधिकांश हिस्सों तक फैला हुआ था और सैकड़ों ट्राम प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा प्रदान करती थीं।

हालांकि पिछले तीन दशकों में बढ़ते सड़क यातायात, मेट्रो रेल विस्तार, निजी वाहनों की संख्या में वृद्धि और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के कारण ट्राम नेटवर्क लगातार सिमटता गया। कई मार्ग बंद कर दिए गए और वर्तमान में केवल सीमित रूटों पर ही ट्राम का संचालन जारी है।

ट्राम पुनरुद्धार परियोजना का उद्देश्य

राज्य सरकार का मानना है कि ट्राम केवल एक परिवहन साधन नहीं बल्कि कोलकाता की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी कारण नई योजना में दो प्रमुख उद्देश्यों पर काम किया जा रहा है—

पहला, वर्तमान ट्राम नेटवर्क को आधुनिक तकनीक के साथ पुनर्जीवित करना।

दूसरा, शहर के तेजी से विकसित हो रहे नए इलाकों तक ट्राम नेटवर्क का विस्तार करना, ताकि इसे भविष्य की पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया जा सके।

RITES करेगी विस्तृत तकनीकी और आर्थिक सर्वे

सरकार द्वारा नियुक्त RITES लिमिटेड इस परियोजना के लिए चरणबद्ध सर्वेक्षण करेगी। सर्वे के दौरान केवल ट्रैक की स्थिति का ही मूल्यांकन नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरे ट्राम नेटवर्क की तकनीकी, आर्थिक और परिचालन क्षमता का व्यापक अध्ययन किया जाएगा।

सर्वे में निम्नलिखित पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा—

वर्तमान ट्राम ट्रैक और ओवरहेड विद्युत प्रणाली की स्थिति
ट्राम डिपो, वर्कशॉप और रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण
प्रतिदिन यात्रियों की संख्या और भविष्य की संभावित मांग
परिचालन लागत और राजस्व मॉडल
ट्रैफिक प्रबंधन के साथ ट्राम संचालन का समन्वय
नए रूटों की तकनीकी व्यवहार्यता
भूमि उपलब्धता और निर्माण लागत
पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन
आधुनिक रोलिंग स्टॉक (नई ट्राम) की आवश्यकता

RITES अपनी रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी, जिसके बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

किन क्षेत्रों तक ट्राम नेटवर्क बढ़ाने की योजना?

नई योजना के तहत कोलकाता के पारंपरिक ट्राम कॉरिडोर से बाहर निकलकर तेजी से विकसित हो रहे नए शहरी क्षेत्रों को भी ट्राम नेटवर्क से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।

प्रस्तावित विस्तार क्षेत्रों में शामिल हैं—

साल्टलेक (बिधाननगर)
न्यू टाउन
राजारहाट
कालीघाट
दक्षिणेश्वर

इन क्षेत्रों में आधुनिक ट्राम कॉरिडोर विकसित करने की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन इलाकों में भविष्य में आबादी और कार्यालयों की संख्या बढ़ने के साथ सार्वजनिक परिवहन की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।

विदेशी तकनीक से होगा आधुनिकीकरण

राज्य सरकार ट्राम प्रणाली को केवल पुराने स्वरूप में पुनः शुरू नहीं करना चाहती, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक बनाना चाहती है।

इसके लिए यूरोप और अन्य देशों में संचालित आधुनिक ट्राम प्रणालियों का अध्ययन किया जा रहा है। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हो सकती हैं—

वातानुकूलित (Air Conditioned) ट्राम
लो-फ्लोर डिजाइन
व्हीलचेयर अनुकूल प्रवेश
ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) इलेक्ट्रिक मोटर
पुनर्जनन ब्रेकिंग प्रणाली (Regenerative Braking)
GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग
डिजिटल डिस्प्ले और यात्री सूचना प्रणाली
CCTV निगरानी
पैनिक बटन और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
स्मार्ट कार्ड, QR कोड और डिजिटल टिकटिंग
मोबाइल ऐप आधारित टिकट बुकिंग

इन तकनीकों का उद्देश्य ट्राम को आज की सार्वजनिक परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन मोबिलिटी पर फोकस

ट्राम पूरी तरह बिजली से संचालित होती है और प्रत्यक्ष रूप से धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं करती। इसी कारण इसे सबसे पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में शामिल किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि ट्राम नेटवर्क का विस्तार होता है तो—

पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी।
सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा।
सतत (Sustainable) शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक और पर्यटन लाभ

सरकार का मानना है कि ट्राम नेटवर्क का आधुनिकीकरण केवल परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

कोलकाता आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक ट्राम यात्रा को शहर की पहचान के रूप में देखते हैं। आधुनिक सुविधाओं के साथ ट्राम सेवा शुरू होने से हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

साथ ही ट्राम परियोजना के विस्तार से—

निर्माण क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।
रखरखाव और संचालन में नए रोजगार सृजित होंगे।
स्थानीय उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।
अंतिम निर्णय सर्वे रिपोर्ट के बाद

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सभी प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में हैं। RITES द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन रूटों पर विस्तार संभव है, कितनी लागत आएगी और परियोजना को किस समयसीमा में लागू किया जाएगा।

निष्कर्ष

कोलकाता ट्राम सेवा के पुनरुद्धार की यह योजना भारत की सबसे पुरानी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो कोलकाता अपनी ऐतिहासिक ट्राम विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे 21वीं सदी की आधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली में बदलने वाला देश का पहला शहर बन सकता है। इससे न केवल सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान मिलेगी, बल्कि शहर के सतत विकास, पर्यटन और हरित परिवहन लक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।

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Mon, 29 Jun 2026 17:53:25 +0530 news desk MPcg
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 लागू: 1 जुलाई से बड़ा बदलाव, 2030 तक ₹15,000 करोड़ के ग्रीन ट्रांसपोर्ट रोडमैप के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगा विस्तार https://citytoday.co.in/6984 https://citytoday.co.in/6984 दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और वायु प्रदूषण में कमी लाने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होने की घोषणा के साथ 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने इसे राजधानी के परिवहन ढांचे में एक संरचनात्मक बदलाव (structural transition) के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसका लक्ष्य दिल्ली को चरणबद्ध रूप से शून्य-उत्सर्जन परिवहन प्रणाली की ओर ले जाना है।

नीति का उद्देश्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण

नई EV नीति का मूल उद्देश्य दिल्ली में परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यधारा का विकल्प बनाना है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में वाहनों का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में दोपहिया, तिपहिया और डीजल आधारित वाणिज्यिक वाहनों का।

इस नीति के तहत सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य केवल वाहन बदलना नहीं है, बल्कि एक पूरा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें वाहन, चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी तकनीक और ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली सभी शामिल हों।

नीति की अवधि और क्रियान्वयन ढांचा

यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसे चरणबद्ध क्रियान्वयन मॉडल (phased implementation model) के तहत लागू किया जाएगा ताकि EV अपनाने की गति, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बाजार की क्षमता के बीच संतुलन बना रहे।

सरकार समय-समय पर इस नीति की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार संशोधन भी किए जा सकते हैं, खासकर EV बाजार की वृद्धि दर और तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखते हुए।

वाहनों की श्रेणी और दायरा

नई नीति को व्यापक कवरेज के साथ तैयार किया गया है ताकि पूरे परिवहन तंत्र को EV आधारित बनाया जा सके। इसके अंतर्गत शामिल प्रमुख श्रेणियाँ हैं:

दोपहिया वाहन (स्कूटर और मोटरसाइकिल)
तिपहिया वाहन (ई-रिक्शा और ई-ऑटो)
निजी चारपहिया वाहन (Electric Cars)
हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCVs)
डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स वाहन
ग्रामीण और सार्वजनिक सेवा परिवहन वाहन

सरकार का विशेष फोकस उन श्रेणियों पर है जिनका उपयोग शहर में दैनिक आवागमन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में अधिक होता है।

वित्तीय संरचना और निवेश योजना

नई EV नीति के तहत सरकार ने एक बड़ा वित्तीय ढांचा तैयार किया है। इसके अनुसार:

लगभग 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश प्रस्तावित है
टैक्स छूट, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलाकर कुल आर्थिक प्रोत्साहन लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंचता है

यह निवेश EV अपनाने को तेज करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी इस सेक्टर में निवेश के लिए आकर्षित करेगा।

चार्जिंग और बैटरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

EV नीति का सबसे महत्वपूर्ण घटक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास है। इसके तहत एक मल्टी-लेयर चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा:

प्रमुख राष्ट्रीय और शहरी मार्गों पर फास्ट चार्जिंग कॉरिडोर
मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग हब
आवासीय सोसायटी और निजी भवनों में होम चार्जिंग को बढ़ावा
बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार, विशेषकर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए

इसके लिए बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को ग्रिड अपग्रेडेशन और लोड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई है ताकि बढ़ते EV लोड को संभाला जा सके।

वित्तीय प्रोत्साहन, छूट और सब्सिडी

नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को कई वित्तीय लाभ दिए गए हैं:

सभी शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स में छूट
रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ
₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन पात्र
श्रेणी-आधारित अतिरिक्त सब्सिडी, विशेष रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए

सरकार का उद्देश्य EV की शुरुआती लागत को कम करना और इसे पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

नियम, नियंत्रण और पारदर्शिता व्यवस्था

सरकार ने नीति में दुरुपयोग रोकने के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए हैं:

सब्सिडी प्राप्त EV को 3 वर्षों तक अन्य राज्य में पुनः पंजीकृत नहीं किया जा सकेगा
केवल प्रमाणित बैटरी तकनीक और स्वीकृत मॉडल पर ही लाभ मिलेगा
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से पूरे EV इकोसिस्टम की निगरानी होगी
सब्सिडी वितरण और वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा
पर्यावरणीय प्रभाव और विशेषज्ञ मूल्यांकन

परिवहन विभाग के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण में वाहनों का योगदान एक महत्वपूर्ण कारक है, विशेषकर भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति यदि प्रभावी रूप से लागू होती है तो:

शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है
कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में रोजगार और निवेश बढ़ेगा
दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में EV अपनाने की गति सबसे तेज रहेगी

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सफलता काफी हद तक चार्जिंग नेटवर्क के समय पर विस्तार और बैटरी लागत में स्थिरता पर निर्भर करेगी।

निष्कर्ष

दिल्ली EV पॉलिसी 2026 को राजधानी के परिवहन ढांचे में एक व्यापक और दीर्घकालिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ₹15,000 करोड़ के आर्थिक पैकेज और विस्तृत इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के साथ यह नीति दिल्ली को आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है, बशर्ते इसका क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से किया जाए।

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Mon, 29 Jun 2026 16:25:57 +0530 news desk MPcg
पुरी रथयात्रा से पहले बड़ा साइबर ऑपरेशन, ओडिशा क्राइम ब्रांच ने 46 फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट्स को किया ब्लॉक; देशभर के पर्यटक थे निशाने पर https://citytoday.co.in/6982 https://citytoday.co.in/6982 ओडिशा में विश्वप्रसिद्ध पुरी रथयात्रा से पहले राज्य की क्राइम ब्रांच ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कम से कम 46 फर्जी वेबसाइटों को बंद कर दिया है। ये वेबसाइटें धार्मिक पर्यटन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को होटल बुकिंग, VIP दर्शन और अन्य सुविधाओं के नाम पर ठगने का काम कर रही थीं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब हर साल रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं और होटल बुकिंग की मांग अत्यधिक बढ़ जाती है।

कैसे चलता था पूरा ठगी नेटवर्क?

क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के अनुसार, यह एक संगठित ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क था जो कई स्तरों पर काम करता था।

1. फर्जी वेबसाइटों का निर्माण
असली होटलों और ट्रैवल पोर्टल्स की हूबहू कॉपी बनाई जाती थी
डोमेन नाम ऐसे रखे जाते थे जो देखने में आधिकारिक लगते थे
वेबसाइट डिज़ाइन, लोगो और बुकिंग इंटरफेस लगभग असली जैसा होता था
2. सर्च इंजन पर ट्रैफिक
इन साइट्स को SEO और पेड विज्ञापनों के जरिए ऊपर दिखाया जाता था
"पुरी होटल बुकिंग", "Jagannath Temple stay" जैसे सर्च रिजल्ट्स में ये साइट्स दिखती थीं
3. आकर्षक ऑफर का जाल
कम कीमत में प्रीमियम होटल रूम
VIP दर्शन और स्पेशल एंट्री पास
तुरंत कन्फर्मेशन का झांसा
“लिमिटेड सीट्स” जैसी फर्जी अर्जेंसी
4. एडवांस पेमेंट फ्रॉड
UPI, बैंक ट्रांसफर और कार्ड पेमेंट के जरिए एडवांस राशि ली जाती थी
भुगतान के बाद न कोई बुकिंग मिलती थी और न ही संपर्क संभव होता था
पुलिस की साइबर कार्रवाई का पूरा विवरण

क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पिछले कई दिनों से चल रहा था:

कुल 46 फर्जी वेबसाइटों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया गया
27 जून को एक ही दिन में 11 वेबसाइटें हटाई गईं
20–22 जून के बीच 15 पोर्टल्स बंद किए गए
बाकी वेबसाइटें निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए हटाई गईं
24x7 साइबर पेट्रोलिंग यूनिट सक्रिय की गई

अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ वेबसाइट ब्लॉकिंग नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ट्रेस करने का अभियान भी चल रहा है, जिसमें IP एड्रेस, सर्वर लोकेशन और पेमेंट गेटवे की जांच शामिल है।

श्रद्धालुओं को कैसे बनाया जाता था शिकार?

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खास तौर पर उन लोगों को निशाना बनाता था जो पहली बार पुरी आ रहे होते थे।

सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर विज्ञापन दिखाकर ट्रैफिक लाया जाता था
WhatsApp और कॉल सपोर्ट नंबर भी दिए जाते थे
फर्जी “कस्टमर केयर एजेंट” भरोसा जीतने के लिए लगातार बातचीत करते थे
भुगतान के बाद नंबर बंद कर दिए जाते थे
नुकसान का आंकड़ा और पहले की घटनाएं

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार:

पिछले एक वर्ष में करीब 30 से अधिक पर्यटक ठगी का शिकार हुए
कुल मिलाकर लगभग 5 लाख रुपये की आर्थिक क्षति दर्ज की गई
कई मामलों में विदेशी और दूसरे राज्यों के पर्यटक भी शामिल थे

पिछले साल श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने भी शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ फर्जी वेबसाइटें मंदिर के आधिकारिक गेस्ट हाउस और बुकिंग सिस्टम की नकल कर रही थीं, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम फैल रहा था।

प्रशासन की चेतावनी और आगे की योजना

पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि:

केवल आधिकारिक वेबसाइटों से ही बुकिंग करें
किसी भी अनजान लिंक पर भुगतान न करें
होटल की पुष्टि सीधे कॉल या आधिकारिक पोर्टल से करें

क्राइम ब्रांच ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में इस साइबर नेटवर्क के मास्टरमाइंड और सहयोगियों तक पहुंचने के लिए अंतरराज्यीय जांच तेज की जाएगी।

निष्कर्ष

पुरी रथयात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल माध्यम से ठगी का यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने बड़े पैमाने पर संभावित धोखाधड़ी को रोका है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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Mon, 29 Jun 2026 15:41:30 +0530 news desk MPcg
'मटन टैक्स' को लेकर पंजाब और जम्मू&कश्मीर के बीच बढ़ा विवाद, उमर अब्दुल्ला ने पंजाब CM को लिखा पत्र; समाधान नहीं हुआ तो केंद्र से हस्तक्षेप की मांग https://citytoday.co.in/6977 https://citytoday.co.in/6977  जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच कथित 'मटन टैक्स' को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पंजाब सरकार द्वारा मटन कारोबारियों से कथित रूप से वसूले जा रहे शुल्क को "पूरी तरह अनुचित" बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य स्तर पर इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो मामला उत्तर क्षेत्रीय राज्य परिषद (North Zonal Council) और केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।

श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी (Sher-i-Kashmir International Convention Centre) में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यापार से जुड़ा नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय आवाजाही और व्यापारिक अधिकारों से भी संबंधित है।

क्या है पूरा मामला?

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मटन व्यापारी राजस्थान और अन्य राज्यों से पशुधन खरीदकर उसे सड़क मार्ग के जरिए जम्मू-कश्मीर लाते हैं। इस दौरान उन्हें पंजाब से होकर गुजरना पड़ता है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि ये व्यापारी पंजाब में न तो पशुओं की खरीद करते हैं और न ही वहां बिक्री करते हैं। उनका दावा है कि केवल राज्य के राजमार्गों का उपयोग करने के बावजूद उनसे शुल्क या कर वसूला जा रहा है, जिसे उन्होंने "अवैध" और "अनुचित" करार दिया।

पंजाब सरकार को दोबारा लिखा पत्र

उमर अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने यह मुद्दा पहली बार नहीं उठाया है। उनके अनुसार, कई महीने पहले भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा की थी।

अब एक बार फिर उन्होंने औपचारिक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों को राहत दी जाए।

उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय व्यापार को अनावश्यक प्रशासनिक या वित्तीय बाधाओं का सामना नहीं करना चाहिए।

'सिर्फ हाईवे इस्तेमाल करने पर टैक्स क्यों?'

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि व्यापारी केवल पंजाब के राजमार्गों से गुजर रहे हैं और राज्य के भीतर कोई व्यावसायिक लेन-देन नहीं कर रहे, तो उनसे किसी प्रकार का शुल्क वसूलने का औचित्य क्या है।

उन्होंने कहा कि इस तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ अंततः मटन व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को प्रभावित करता है।

समाधान नहीं हुआ तो केंद्र सरकार से करेंगे हस्तक्षेप की मांग

उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि यदि पंजाब सरकार इस विषय पर उचित निर्णय नहीं लेती है, तो जम्मू-कश्मीर सरकार इसे उत्तर क्षेत्रीय राज्य परिषद की बैठक में उठाएगी।

इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप कर अंतरराज्यीय व्यापार से जुड़े इस विवाद का समाधान कराने का अनुरोध किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियां संविधान की भावना और समान अवसर के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित होनी चाहिए।

व्यापारियों पर आर्थिक असर का दावा

जम्मू-कश्मीर के पशुधन एवं मटन कारोबार से जुड़े व्यापारी लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि पंजाब से गुजरने के दौरान विभिन्न प्रकार के शुल्कों के कारण उनकी परिवहन लागत बढ़ जाती है।

व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त खर्च का असर अंततः जम्मू-कश्मीर में मटन की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आर्थिक आकलन सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कानूनी और प्रशासनिक पहलू

यह विवाद अंतरराज्यीय परिवहन, पशुधन की आवाजाही और स्थानीय शुल्कों की वैधता जैसे मुद्दों से जुड़ा माना जा रहा है।

यदि मामला उत्तर क्षेत्रीय राज्य परिषद या केंद्र सरकार तक पहुंचता है, तो संबंधित विभाग यह स्पष्ट कर सकते हैं कि कथित शुल्क किस कानूनी प्रावधान के तहत लगाया जा रहा है और क्या वह अंतरराज्यीय व्यापार के मौजूदा नियमों के अनुरूप है।

पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक पंजाब सरकार की ओर से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के ताजा बयान या पत्र पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि दोनों राज्य आपसी बातचीत के माध्यम से इस विवाद का समाधान निकालते हैं या मामला केंद्र सरकार और अंतरराज्यीय परिषद के स्तर तक पहुंचता है।

महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जिस शुल्क को "मटन टैक्स" या "अवैध कर" बताया है, वह उनका आरोप और राजनीतिक/प्रशासनिक पक्ष है। संबंधित शुल्क की वैधता और प्रकृति पर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी विभागों या सक्षम प्राधिकरण के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।

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Mon, 29 Jun 2026 13:45:04 +0530 news desk MPcg
हरियाणा के हस्तक्षेप से सुलझा उत्तराखंड में निहंगों का आंदोलन, CM नायब सिंह सैनी की पहल के बाद खत्म हुआ गतिरोध https://citytoday.co.in/6965 https://citytoday.co.in/6965 उत्तराखंड के पांवटा साहिब में पिछले कई दिनों से चल रहा निहंग समुदाय का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हस्तक्षेप और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के बाद आंदोलनकारी निहंगों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच सहमति बनी, जिसके बाद निहंग प्रतिनिधियों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की।

इस घटनाक्रम को धार्मिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक संवेदनशील विवाद का समाधान बातचीत और आपसी समन्वय के जरिए निकाला गया।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और संबंधित भूमि के उपयोग को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में निहंग संगठन कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे।

निहंगों का कहना था कि उनकी धार्मिक परंपराओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन ने उचित संवाद नहीं किया। इसी को लेकर उन्होंने धरना शुरू किया था, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था।

नायब सिंह सैनी से मिले निहंग प्रतिनिधि

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर रात निहंगों का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला और पूरे विवाद की जानकारी देते हुए अपनी मांगें उनके सामने रखीं।

मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अपने राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को समाधान निकालने की जिम्मेदारी सौंपी।

उत्तराखंड सरकार से लगातार हुआ समन्वय

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा।

कई दौर की बातचीत के बाद ऐसा समाधान तैयार किया गया, जिसमें निहंग समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को भी ध्यान में रखा गया।

बातचीत सफल रहने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बन गई।

निहंगों ने खत्म किया आंदोलन

समझौते के बाद निहंग प्रतिनिधियों ने आधिकारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संवाद के माध्यम से समाधान निकलना सकारात्मक पहल है।

धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर रहा जोर

पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने पर केंद्रित रही।

बताया गया कि समाधान तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहे और प्रशासनिक नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो।

दो राज्यों के बीच समन्वय की बनी मिसाल

राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद नहीं था, बल्कि दो राज्यों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय का उदाहरण भी बनकर सामने आया है।

हरियाणा सरकार की पहल और उत्तराखंड प्रशासन के सहयोग से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया, जिससे संभावित तनाव को समय रहते टाल दिया गया।

अभी किन बिंदुओं पर रहेगी नजर?

हालांकि आंदोलन समाप्त हो चुका है, लेकिन अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सहमति के तहत तय किए गए बिंदुओं को किस प्रकार लागू किया जाता है।

यदि दोनों पक्ष समझौते के अनुसार आगे बढ़ते हैं तो भविष्य में इस प्रकार के विवादों को संवाद के माध्यम से सुलझाने की एक सकारात्मक मिसाल स्थापित हो सकती है।

मुख्य बिंदु 

पांवटा साहिब में कई दिनों से चल रहा निहंगों का आंदोलन समाप्त हुआ।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल के बाद समाधान का रास्ता निकला।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार से लगातार समन्वय किया।
धार्मिक गतिविधियों और भूमि उपयोग को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।
दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
पूरे घटनाक्रम को हरियाणा और उत्तराखंड के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल माना जा रहा है।

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Sat, 27 Jun 2026 18:07:07 +0530 news desk MPcg
बिहार मुहर्रम: मुजफ्फरपुर के पियर में ताजिया मिलन के दौरान हिंसक झड़प, पथराव और लाठीचार्ज में दो दर्जन से अधिक घायल; इलाके में भारी पुलिस बल तैनात https://citytoday.co.in/6957 https://citytoday.co.in/6957 बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित ताजिया मिलन कार्यक्रम के दौरान बड़ा बवाल हो गया। पियर थाना क्षेत्र के बरियारपुर चौक पर ताजिया रखने की जगह को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

ताजिया रखने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार बरियारपुर चौक पर हर वर्ष आसपास के गांवों के ताजियों का पारंपरिक मिलन कराया जाता है। इस बार भी विभिन्न गांवों से ताजिया जुलूस निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बरियारपुर चौक पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि बरियारपुर पूर्वी टोला और पश्चिमी टोला के लोगों के बीच ताजिया रखने के स्थान को लेकर कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में विवाद केवल बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

देखते ही देखते शुरू हुआ पथराव और लाठी-डंडों से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की ओर से पहले धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद लाठी-डंडे चलने लगे। कुछ ही देर में दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।

बरियारपुर चौक कुछ समय के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक संपत्ति के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

दो दर्जन से अधिक लोग घायल

हिंसक झड़प में दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में दोनों पक्षों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। कई घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों का प्राथमिक उपचार मौके पर ही किया गया।

प्रशासन ने अभी तक गंभीर रूप से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

पुलिस ने तत्काल संभाला मोर्चा

घटना के समय पियर थाना पुलिस पहले से ही ताजिया मिलन कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही थी। झड़प शुरू होते ही पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया।

स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा लगातार फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की नई अप्रिय घटना को रोका जा सके।

वीडियो फुटेज और ड्रोन रिकॉर्डिंग की होगी जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के दौरान मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिमरा गांव में भी झड़प की सूचना

बरियारपुर की घटना के अलावा पियर थाना क्षेत्र के सिमरा गांव से भी ताजिया मिलन के दौरान झड़प की सूचना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वहां भी कुछ लोग घायल हुए हैं।

पुलिस दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक दोनों मामलों को अलग-अलग घटनाएं बताया है।

प्रशासन ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना की जांच के प्रमुख बिंदु
ताजिया रखने के स्थान को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ?
हिंसा की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई?
पथराव और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान।
वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विश्लेषण।
घायलों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ।
सिमरा गांव की घटना से किसी संभावित संबंध की जांच।

मुख्य बातें 
मुजफ्फरपुर के पियर थाना क्षेत्र के बरियारपुर चौक पर ताजिया मिलन के दौरान हिंसक झड़प।
ताजिया रखने की जगह को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ।
दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले और जमकर पथराव हुआ।
घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सिमरा गांव में भी ताजिया मिलन के दौरान झड़प की सूचना मिली।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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Sat, 27 Jun 2026 15:16:36 +0530 news desk MPcg
बिहार मुहर्रम: मुजफ्फरपुर के पियर में ताजिया मिलन के दौरान हिंसक झड़प, पथराव और लाठीचार्ज में दो दर्जन से अधिक घायल; इलाके में भारी पुलिस बल तैनात https://citytoday.co.in/6958 https://citytoday.co.in/6958 बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित ताजिया मिलन कार्यक्रम के दौरान बड़ा बवाल हो गया। पियर थाना क्षेत्र के बरियारपुर चौक पर ताजिया रखने की जगह को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

ताजिया रखने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार बरियारपुर चौक पर हर वर्ष आसपास के गांवों के ताजियों का पारंपरिक मिलन कराया जाता है। इस बार भी विभिन्न गांवों से ताजिया जुलूस निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बरियारपुर चौक पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि बरियारपुर पूर्वी टोला और पश्चिमी टोला के लोगों के बीच ताजिया रखने के स्थान को लेकर कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में विवाद केवल बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

देखते ही देखते शुरू हुआ पथराव और लाठी-डंडों से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की ओर से पहले धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद लाठी-डंडे चलने लगे। कुछ ही देर में दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।

बरियारपुर चौक कुछ समय के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक संपत्ति के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

दो दर्जन से अधिक लोग घायल

हिंसक झड़प में दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में दोनों पक्षों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। कई घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों का प्राथमिक उपचार मौके पर ही किया गया।

प्रशासन ने अभी तक गंभीर रूप से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

पुलिस ने तत्काल संभाला मोर्चा

घटना के समय पियर थाना पुलिस पहले से ही ताजिया मिलन कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही थी। झड़प शुरू होते ही पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया।

स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा लगातार फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की नई अप्रिय घटना को रोका जा सके।

वीडियो फुटेज और ड्रोन रिकॉर्डिंग की होगी जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के दौरान मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिमरा गांव में भी झड़प की सूचना

बरियारपुर की घटना के अलावा पियर थाना क्षेत्र के सिमरा गांव से भी ताजिया मिलन के दौरान झड़प की सूचना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वहां भी कुछ लोग घायल हुए हैं।

पुलिस दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक दोनों मामलों को अलग-अलग घटनाएं बताया है।

प्रशासन ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना की जांच के प्रमुख बिंदु
ताजिया रखने के स्थान को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ?
हिंसा की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई?
पथराव और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान।
वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विश्लेषण।
घायलों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ।
सिमरा गांव की घटना से किसी संभावित संबंध की जांच।

मुख्य बातें 
मुजफ्फरपुर के पियर थाना क्षेत्र के बरियारपुर चौक पर ताजिया मिलन के दौरान हिंसक झड़प।
ताजिया रखने की जगह को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ।
दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले और जमकर पथराव हुआ।
घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सिमरा गांव में भी ताजिया मिलन के दौरान झड़प की सूचना मिली।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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Sat, 27 Jun 2026 15:16:36 +0530 news desk MPcg
भाजपा सांसद हर्ष महाजन की तबीयत बिगड़ी: शिमला में प्रदर्शन के दौरान आए चक्कर, IGMC के CCU में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में https://citytoday.co.in/6949 https://citytoday.co.in/6949 हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रदर्शन को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें चक्कर आया और वह लड़खड़ाकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तत्काल उन्हें संभाला और उपचार के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC), शिमला पहुंचाया।

प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, भाजपा द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ शिमला के सीटीओ (CTO) परिसर के समीप धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

भाषण समाप्त होने के बाद जब वह मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी उन्हें अचानक चक्कर आने लगे और उनका संतुलन बिगड़ गया। आसपास मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें सहारा दिया और बिना देरी किए अस्पताल ले जाया गया।

तत्काल IGMC अस्पताल ले जाया गया

घटना के बाद धरना स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भाजपा नेताओं ने तुरंत वाहन की व्यवस्था की और हर्ष महाजन को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया।

अस्पताल प्रशासन ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें CCU में शिफ्ट कर दिया ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा सके।

स्वास्थ्य को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच के दौरान उनकी स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया गया। कुछ रिपोर्टों में हार्ट ब्लॉकेज की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।

डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यक जांच की जा रही है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में चिंता

हर्ष महाजन की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे। सभी ने डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

भाजपा नेताओं ने भरोसा जताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति में जल्द सुधार होगा।

कौन हैं हर्ष महाजन?

हर्ष महाजन हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय महाजन संगठन और चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाई हैं और हिमाचल प्रदेश की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।

आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन का इंतजार

फिलहाल हर्ष महाजन का इलाज IGMC शिमला के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी किए जाने का इंतजार है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। वहीं भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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Sat, 27 Jun 2026 12:11:41 +0530 news desk MPcg
तमिलनाडु सीएम थलपति विजय का फिटनेस मैसेज: चेन्नई मैराथन में 30 मिनट दौड़े, ड्रग्स के खिलाफ दिलाई शपथ https://citytoday.co.in/6944 https://citytoday.co.in/6944 नशा विरोधी अभियान में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने चेन्नई में आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता मैराथन में हिस्सा लेकर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने न केवल मैराथन को हरी झंडी दिखाई, बल्कि खुद भी करीब 30 मिनट तक दौड़ लगाई।

इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज में जागरूकता फैलाना था।

“स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स” थीम के तहत आयोजन

चेन्नई में आयोजित इस मैराथन का थीम “Start Run, Stop Drugs” रखा गया था। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मंत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवक भी शामिल थे।

मुख्यमंत्री विजय ने दौड़ शुरू होने से पहले उपस्थित लोगों को नशा-विरोधी शपथ दिलाई, जिसे सभी प्रतिभागियों ने दोहराया।

6 किलोमीटर तक दौड़े मुख्यमंत्री

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने लगभग 6 किलोमीटर तक दौड़ लगाई और करीब 30 मिनट तक लगातार मैराथन में भाग लिया। इस दौरान वे अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

मैराथन में उनकी सक्रिय भागीदारी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिनमें उनके फिटनेस और अनुशासन की जमकर सराहना की जा रही है।

फिटनेस और सादगी भरा नेतृत्व

मैराथन के दौरान मुख्यमंत्री काले रंग की टी-शर्ट, ट्रैक पैंट और धूप का चश्मा पहने हुए दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे शांत, आत्मविश्वासी और ऊर्जावान नजर आए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने दैनिक जीवन में भी सादगी और अनुशासन बनाए रखा है। वे रोजाना लगभग 17 किलोमीटर का आवागमन स्वयं करते हैं और कई सरकारी कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।

पहले भी दिखा चुके हैं सक्रियता के उदाहरण

यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय ने इस तरह का उदाहरण पेश किया हो। इससे पहले भी वे एक सरकारी कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद खुद टिकट लेकर बस में सफर कर चुके हैं।

इसके अलावा, उन्होंने एक कार्यक्रम में वाहन चलाकर उसका परीक्षण भी किया था, जिससे उनके जमीनी और व्यवहारिक नेतृत्व की छवि और मजबूत हुई है।

नशे के खिलाफ सख्त संदेश

इस मैराथन के जरिए मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और अनुशासित दिनचर्या ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया।

निष्कर्ष

चेन्नई मैराथन में थलपति विजय की भागीदारी केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश था। फिटनेस, अनुशासन और नशा-विरोधी अभियान को जोड़कर उन्होंने जनता, विशेषकर युवाओं के बीच एक मजबूत जागरूकता अभियान का उदाहरण पेश किया है।

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Fri, 26 Jun 2026 16:08:54 +0530 news desk MPcg
बिहार के नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ाएंगे NET, JRF और PhD योग्य शिक्षक, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश https://citytoday.co.in/6938 https://citytoday.co.in/6938 उच्च शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम

बिहार सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। नियमित एवं अतिथि सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होने तक अब कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले ऐसे सरकारी शिक्षकों को नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, जिन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मानकों के अनुसार NET, JRF या PhD की योग्यता प्राप्त की है।

इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिला स्तर पर योग्य शिक्षकों की पहचान और सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

समस्तीपुर से शुरू हुई प्रक्रिया

शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत समस्तीपुर जिले में नवस्थापित सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए योग्य शिक्षकों का डाटा जुटाया जा रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

सभी विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों की अद्यतन जानकारी मांगी गई है, जो वर्तमान में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं तथा NET, JRF अथवा PhD जैसी शैक्षणिक अर्हता रखते हैं।

नियमित नियुक्ति तक प्रतिनियुक्ति पर पढ़ाएंगे शिक्षक

विभागीय निर्देशों के अनुसार, नए डिग्री कॉलेजों में नियमित या अतिथि सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होने तक योग्य विद्यालय शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इन शिक्षकों के माध्यम से स्नातक (UG) स्तर की पढ़ाई संचालित कराई जाएगी, जिससे नए कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण और प्रखंड स्तर पर स्थापित नए कॉलेजों में समय पर कक्षाएं शुरू कराना और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराना है।

सात निश्चय-3 योजना के तहत लागू होगी व्यवस्था

उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पहल बिहार सरकार के 'सात निश्चय-3 (2025-30)' के चौथे निश्चय 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' के तहत की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने ही जिले या प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा उपलब्ध हो सके।

इन योग्यताओं वाले शिक्षक होंगे शामिल

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि केवल उन्हीं शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति के लिए चिह्नित किया जाएगा, जिन्होंने UGC के निर्धारित मानकों के अनुसार निम्न में से कोई एक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की हो—

राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET)
जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF)
डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD)

इन योग्यताओं के आधार पर शिक्षकों का विषयवार डाटा तैयार किया जा रहा है।

इन विषयों के शिक्षकों की मांगी गई जानकारी

जिला शिक्षा कार्यालय ने विद्यालयों से जिन विषयों के योग्य शिक्षकों का विवरण मांगा है, उनमें प्रमुख रूप से—

हिन्दी
अंग्रेजी
राजनीति विज्ञान
अर्थशास्त्र
इतिहास
समाजशास्त्र

शामिल हैं। निर्धारित प्रारूप में शिक्षकों की अद्यतन जानकारी तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में शिक्षण कार्य बिना विलंब शुरू किया जा सकेगा। योग्य और शोध-अनुभव रखने वाले शिक्षकों की उपलब्धता से स्नातक स्तर की पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के सरकार के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।

विभागीय स्तर पर जारी है तैयारी

फिलहाल जिला शिक्षा कार्यालयों द्वारा योग्य शिक्षकों की पहचान और सूची तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। सूची तैयार होने के बाद आवश्यकता के अनुसार संबंधित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नवस्थापित सरकारी डिग्री कॉलेजों में की जाएगी। नियमित नियुक्तियां होने तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।

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Fri, 26 Jun 2026 14:57:59 +0530 news desk MPcg
बक्सर में 30 जून को लगेगा विशाल रोजगार मेला, 100 पदों पर होगी सीधी भर्ती; 18 हजार तक मिलेगा वेतन https://citytoday.co.in/6927 https://citytoday.co.in/6927 बिहार के बक्सर जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का सुनहरा अवसर सामने आया है। जिला नियोजनालय बक्सर द्वारा 30 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार शिविर (जॉब कैंप) का आयोजन किया जा रहा है। इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा प्रोडक्शन हेल्पर और पैकिंग हेल्पर के कुल 100 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 16 हजार से 18 हजार रुपये तक इन-हैंड वेतन के साथ कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

जिला नियोजनालय परिसर में होगा आयोजन

जिला नियोजनालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रोजगार शिविर का आयोजन आईटीआई फील्ड स्थित जिला नियोजनालय परिसर में किया जाएगा। यह कैंप सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों का मौके पर ही साक्षात्कार और चयन किया जाएगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

रोजगार मेले में कुल 100 रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिनमें—

प्रोडक्शन हेल्पर – 50 पद
पैकिंग हेल्पर – 50 पद

शामिल हैं। कंपनी की आवश्यकता और अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

क्या है शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा?

भर्ती के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं, दसवीं या आईटीआई उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।

वहीं आयु सीमा 18 वर्ष से 42 वर्ष तय की गई है। ऐसे युवा जो निर्धारित योग्यता और आयु मानदंड को पूरा करते हैं, वे रोजगार शिविर में भाग ले सकते हैं।

वेतन के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

प्रभारी जिला नियोजन पदाधिकारी प्रणव प्रतीक ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों को 16,000 से 18,000 रुपये प्रतिमाह इन-हैंड वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा ओवरटाइम करने पर अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा।

कर्मचारियों को निम्न सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी—

निःशुल्क भोजन
साप्ताहिक अवकाश
ईएसआईसी (ESIC) सुविधा
पीएफ (PF)
ग्रेच्युटी
बोनस
अन्य श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले लाभ
कहां मिलेगी नौकरी?

रोजगार शिविर में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति दक्षिण भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से—

होसुर (तमिलनाडु) – जो बेंगलुरु के नजदीक स्थित है
त्रिशूर (केरल)
कोच्चि (केरल)

शामिल हैं। इन क्षेत्रों में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन और पैकिंग कार्य से जुड़े पदों पर नियुक्तियां दी जाएंगी।

निबंधन कराना जरूरी

जिला नियोजनालय ने स्पष्ट किया है कि रोजगार शिविर में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों का नियोजनालय में पंजीकरण (Registration) होना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण वाले उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में कठिनाई हो सकती है।

अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बायोडाटा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर रोजगार शिविर में पहुंचें।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

बक्सर और आसपास के जिलों के युवाओं के लिए यह रोजगार शिविर निजी क्षेत्र में नौकरी पाने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। एक ही दिन में इंटरव्यू और चयन की सुविधा होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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Thu, 25 Jun 2026 17:04:00 +0530 news desk MPcg
लुधियाना की निटवेयर फैक्ट्री में भीषण आग: 35 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, करोड़ों का नुकसान https://citytoday.co.in/6922 https://citytoday.co.in/6922 पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में बुधवार देर रात एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना सामने आई, जब केशव नगर स्थित श्रीयांश निटवेयर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते तीन मंजिला फैक्ट्री पूरी तरह उसकी चपेट में आ गई। घटना में तैयार माल, कच्चा माल और महंगी मशीनें जलकर राख हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

देर रात फैक्ट्री से उठीं आग की लपटें

जानकारी के अनुसार, कैंसर अस्पताल के निकट स्थित श्रीयांश निटवेयर फैक्ट्री में बुधवार रात करीब 11:15 बजे आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में कपड़ा, धागा और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए।

कर्मचारियों ने समय रहते बचाई जान

फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने आग लगते ही स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कर्मचारियों ने तुरंत फैक्ट्री मालिक और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों के अनुसार आग लगने के समय फैक्ट्री में सीमित संख्या में कर्मचारी मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसी वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

35 से अधिक दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा

आग की भयावहता को देखते हुए लुधियाना फायर ब्रिगेड ने शहर और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त फायर टेंडर मौके पर बुलाए। कुल 35 से अधिक दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के अभियान में लगाया गया।

दमकल कर्मियों ने रातभर लगातार पानी और फोम की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सका। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों को फैक्ट्री के अंदर घने धुएं, अत्यधिक गर्मी और सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

आसपास के इलाकों को कराया गया खाली

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास स्थित इमारतों और मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों को आशंका थी कि आग आसपास की इमारतों तक फैल सकती है, इसलिए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

राहत दल और पुलिसकर्मी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।

करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका

फैक्ट्री मालिक विनय जैन ने बताया कि आग से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार कपड़ा, कच्चा माल और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें मौजूद थीं, जो आग की चपेट में आ गईं।

उन्होंने कहा कि नुकसान का सटीक आकलन अभी नहीं किया जा सका है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है। फैक्ट्री प्रबंधन अब नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन करने में जुटा है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि विद्युत प्रणाली, मशीनरी और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कपड़ा और निटवेयर उद्योगों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।

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Thu, 25 Jun 2026 15:28:35 +0530 news desk MPcg
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: आमने&सामने आए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान, 200 मीटर पहले रोके गए https://citytoday.co.in/6919 https://citytoday.co.in/6919 गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया। एअर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए। हालांकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और ग्राउंड स्टाफ की सतर्कता के चलते दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया, जिससे संभावित टक्कर टल गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों विमानों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी रह गई थी। घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पार्किंग बे की ओर जाते समय एअर इंडिया विमान ने लिया गलत मोड़

सूत्रों के मुताबिक, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से हटकर गलती से गलत टैक्सीवे पर मुड़ गया।

उधर, इंडिगो की फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई रवाना होने की तैयारी में उसी टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी। अचानक दोनों विमान आमने-सामने आ गए, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों विमानों को रोकने के निर्देश दिए।

एअर इंडिया ने स्वीकार की गलती

घटना के बाद एअर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 24 जून को मुंबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट AI-2493 पार्किंग के दौरान अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी।

एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी भी समय सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ। बाद में विमान को विशेष टोइंग वाहन की मदद से सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया।

एअर इंडिया ने यह भी बताया कि घटना की सूचना विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

इंडिगो ने कहा- सुरक्षित दूरी पर रोके गए दोनों विमान

इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 मुंबई के लिए टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी, तभी दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में आ गया।

एयरलाइन के अनुसार, दोनों विमानों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। इसके बाद एअर इंडिया के विमान को हटाया गया और इंडिगो की उड़ान निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुंबई के लिए रवाना हुई। विमान सुरक्षित रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच गया।

दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के

जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट थे। इस श्रेणी के विमान घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं और इनमें आमतौर पर 150 से 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है।

हालांकि घटना के समय दोनों विमानों में मौजूद यात्रियों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

एयरबस A320 की प्रमुख विशेषताएं
सिंगल-आइल (एक गलियारा) डिज़ाइन
150 से 180 यात्रियों की क्षमता
छोटी और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त
कम ईंधन खपत के कारण किफायती संचालन
दुनिया के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले यात्री विमानों में शामिल
जांच के दायरे में ग्राउंड मूवमेंट और एटीसी समन्वय

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, टैक्सीवे पर विमानों की आवाजाही अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें पायलट, ग्राउंड कंट्रोल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच सटीक समन्वय आवश्यक होता है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एअर इंडिया का विमान गलत टैक्सीवे पर कैसे पहुंचा और क्या यह मानवीय भूल, संचार संबंधी समस्या या किसी अन्य तकनीकी कारण का परिणाम था।

फिलहाल राहत की बात यह है कि समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा विमान हादसा टल गया और सभी यात्री एवं चालक दल सुरक्षित रहे।

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Thu, 25 Jun 2026 14:16:53 +0530 news desk MPcg
अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने मचाई तबाही, याचुली में फ्लैश फ्लड से एक की मौत, चार लापता; राहत अभियान जारी https://citytoday.co.in/6915 https://citytoday.co.in/6915 अरुणाचल प्रदेश के कीयी पन्योर जिले के याचुली क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। जिले के पूसा इलाके में अचानक आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। बाढ़ के तेज बहाव ने कई घरों, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित इलाकों से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में तबाही का भयावह मंजर दिखाई दे रहा है।

राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय वायुसेना संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जताया दुख

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि कीयी पन्योर जिले में हुई जनहानि और व्यापक नुकसान की खबर बेहद दुखद है।

उन्होंने कहा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। रिजिजू ने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

भारतीय वायुसेना और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई

फ्लैश फ्लड की सूचना मिलते ही अरुणाचल प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग को सक्रिय कर दिया गया। कीयी पन्योर जिले के उपायुक्त के अनुरोध पर राज्य सरकार ने भारतीय वायुसेना से मदद मांगी।

इसके बाद शिलांग स्थित पूर्वी वायु कमान के समन्वय से भारतीय वायुसेना ने विशेष एयरलिफ्ट मिशन शुरू किया। इस अभियान के तहत ईटानगर कैपिटल रीजन से एसडीआरएफ के जवानों और राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हवाई सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

18 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन के कारण 18 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, दवाइयां तथा अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष खोज अभियान चलाया जा रहा है।

असम सरकार भी अलर्ट मोड पर

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम की सरकार भी सतर्क हो गई है। विशेष रूप से लोअर सुबनसिरी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से असम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं तथा प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जा रहे हैं।

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Thu, 25 Jun 2026 12:34:25 +0530 news desk MPcg
कैथल में रेबीज के लक्षणों जैसा मामला, युवक का कुत्ते जैसा व्यवहार, वीडियो वायरल इलाके में दहशत https://citytoday.co.in/6819 https://citytoday.co.in/6819 हरियाणा के कैथल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 22 वर्षीय युवक के कथित तौर पर कुत्ते जैसा व्यवहार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य व पुलिस विभाग जांच में जुटे हैं। यह मामला कुंज मोहल्ला का बताया जा रहा है।

वीडियो में दिखा अजीब व्यवहार

वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि युवक लोगों को देखकर कुत्ते जैसी आवाजें निकाल रहा है और कुछ लोगों पर झपटने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वीडियो 17 जून की देर रात का है।

कुछ दिन पहले कुत्ते ने काटा था

स्थानीय निवासियों के अनुसार, युवक को कुछ दिन पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा।

लोगों का कहना है कि वह अब कभी-कभी कुत्ते जैसी हरकतें और आवाजें करने लगता है, जिससे कॉलोनी में भय का माहौल बन गया है।

रेबीज के लक्षण होने की आशंका

स्थानीय लोगों और कुछ चिकित्सकों की प्रारंभिक आशंका है कि युवक में रेबीज जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हो सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज संक्रमण के बाद कुछ मामलों में मरीज में असामान्य व्यवहार, बेचैनी और आक्रामकता जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

मामले की सूचना मिलने के बाद कैथल सिटी थाना और नगर परिषद की टीम ने जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार, युवक को एक बार नागरिक अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में वह वहां से गायब हो गया। उसकी तलाश जारी है।

स्थानीय लोगों में डर का माहौल

इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। लोग बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर कम निकाल रहे हैं। आवारा कुत्तों को लेकर भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

रेबीज को लेकर चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने के बाद तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी होता है। देर होने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

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Sat, 20 Jun 2026 14:23:20 +0530 News desk Hindi
शिवसेना में फिर बढ़ा टकराव उद्धव गुट के 6 सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की चर्चा, दिल्ली बैठक में भी नहीं पहुंचे नेता https://citytoday.co.in/6816 https://citytoday.co.in/6816 महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना के दोनों धड़ों—उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट—के बीच चल रही खींचतान एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है।

सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के करीब 6 सांसदों के किसी भी समय शिंदे खेमे में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

दिल्ली बैठक से दूरी ने बढ़ाई अटकलें

सूचना के अनुसार, हाल ही में दिल्ली में उद्धव ठाकरे गुट की एक अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसका उद्देश्य इन सांसदों को एकजुट रखना था। लेकिन चर्चा में रहे ये सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह अनुपस्थिति संगठन के भीतर बढ़ती असहमति और अस्थिरता का संकेत हो सकती है।

60 साल के जश्न के बीच बढ़ा टकराव

शिवसेना की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही और दोनों खेमों के बीच तनाव खुलकर सामने आया।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि “अब कोई अलग गुट नहीं बचा है,” जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।

शिंदे गुट का बढ़ता प्रभाव

2022 में हुए बड़े राजनीतिक विभाजन के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग की मान्यता भी शिंदे गुट के पक्ष में गई थी।

इसके बाद से एकनाथ शिंदे गुट राज्य की सत्ता में मजबूत स्थिति में है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट लगातार अपने विधायकों और सांसदों को बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है।

उद्धव गुट पर दबाव बढ़ा

उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत लगातार शिंदे गुट पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी बागी नेताओं को “गद्दार” करार दिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में दोनों गुटों के बीच टकराव और गहराता जा सकता है, खासकर जब लोकसभा और राज्य स्तर पर शक्ति संतुलन बदल रहा है।

आगे क्या

अगर 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने की बात सही साबित होती है, तो यह उद्धव ठाकरे खेमे के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा। वहीं शिंदे गुट की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

हालांकि फिलहाल यह पूरा मामला चर्चाओं और अटकलों के स्तर पर है और किसी भी पक्ष ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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Sat, 20 Jun 2026 14:04:18 +0530 News desk Hindi
पंजाब को जल्द मिलेगा नया DGP, UPSC 30 जून को करेगा 3 नामों का पैनल तैयार; 14 IPS अफसरों में से होगा अंतिम चयन https://citytoday.co.in/6814 https://citytoday.co.in/6814 पंजाब पुलिस को जल्द ही स्थायी डीजीपी मिलने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। लंबे समय से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अहम बैठक के बाद अंतिम निर्णय की दिशा साफ हो जाएगी।

30 जून को UPSC की अहम बैठक

सूत्रों के अनुसार, UPSC ने 30 जून को एंपैनलमेंट कमेटी की बैठक तय की है। इस बैठक में पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और अंततः तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा।

इन्हीं तीन नामों में से राज्य सरकार किसी एक अधिकारी को पंजाब का नया नियमित डीजीपी नियुक्त करेगी।

14 वरिष्ठ IPS अफसरों पर नजर

इस चयन प्रक्रिया में कुल 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। चयन समिति इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, कार्यकुशलता और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर मूल्यांकन करेगी।

प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता आधारित मानी जाती है, ताकि पुलिस नेतृत्व में स्थिरता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

चार साल से कार्यवाहक डीजीपी के भरोसे पंजाब पुलिस

पंजाब में पिछले करीब चार वर्षों से पुलिस विभाग कार्यवाहक नेतृत्व के तहत चल रहा है। जुलाई 2022 में गौरव यादव को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था।

तब से अब तक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस प्रशासन में नियमित नेतृत्व को लेकर चर्चा बनी रही है।

नियुक्ति का महत्व क्यों है

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी डीजीपी की नियुक्ति से राज्य की कानून-व्यवस्था व्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं:

पुलिस प्रशासन में स्थिरता
नीति और रणनीति में निरंतरता
अपराध नियंत्रण में बेहतर समन्वय
प्रशासनिक निर्णयों में तेजी
अंतिम निर्णय कैसे होगा?

UPSC द्वारा तीन नामों का पैनल तैयार किए जाने के बाद यह सूची पंजाब सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार अपने विवेक और प्राथमिकताओं के आधार पर इनमें से एक नाम को अंतिम रूप देगी।

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Sat, 20 Jun 2026 13:51:55 +0530 News desk Hindi
शिमला के कोर एरिया में अब निर्माण पर सख्ती, बिना सरकार की मंजूरी कोई प्रोजेक्ट नहीं होगा पास https://citytoday.co.in/6805 https://citytoday.co.in/6805 हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla के संवेदनशील कोर एरिया में अब किसी भी तरह के नए निर्माण या विकास कार्य के लिए राज्य सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCP) ने विकास योजना में बड़ा बदलाव करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब स्थानीय स्तर पर कोई भी निर्माण प्रस्ताव सीधे पास नहीं होगा।

नए नियमों के मुताबिक, कोर एरिया में आने वाले सभी विकास प्रस्ताव पहले नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक के पास भेजे जाएंगे। वहां तकनीकी जांच और विस्तृत परीक्षण के बाद ही इन्हें राज्य सरकार को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही किसी भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम शिमला के नाजुक पर्यावरणीय और शहरी संतुलन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित विकास पर रोक लगाई जा सके।

नया नियम क्या बदलता है?
अब तक कई मामलों में स्थानीय स्तर पर मंजूरी की प्रक्रिया होती थी, लेकिन नए प्रावधान के बाद अंतिम फैसला सीधे राज्य सरकार के हाथ में होगा।

शहर के कोर एरिया में यह सख्ती आने वाले समय में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर असर डाल सकती है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि इससे शिमला के मास्टर प्लान को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सकेगा।

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Sat, 20 Jun 2026 12:23:38 +0530 news desk MPcg
IPS संजीव गांधी पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन SP रेजिडेंस खाली न करने पर 1.80 लाख का डैमेज चार्ज, वेतन से वसूली की चेतावनी https://citytoday.co.in/6799 https://citytoday.co.in/6799 हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी के खिलाफ सरकारी आवास खाली न करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने उन पर 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज (दंडात्मक किराया) लगाने के साथ-साथ स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि राशि जमा नहीं की गई तो यह उनके वेतन से काटकर वसूली जाएगी।

मामला शिमला स्थित पुलिस अधीक्षक (SP) के लिए आरक्षित सरकारी आवास से जुड़ा है, जिसमें वर्तमान में संजीव कुमार गांधी के रहने का आरोप है। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, वह पहले शिमला SP के पद पर तैनात थे और उन्होंने 7 फरवरी 2026 को यह पद छोड़ दिया था। इसके बाद नियमों के तहत उन्हें एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद आवास खाली नहीं किया गया।

हिमाचल प्रदेश अलॉटमेंट ऑफ गवर्नमेंट रेजिडेंसेज (जनरल पूल) नियम, 1994 के तहत किसी भी अधिकारी को स्थानांतरण या पद परिवर्तन के बाद तय समय में सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य होता है। इसी नियम के उल्लंघन को आधार बनाते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है।

पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सरकारी आवास का अनधिकृत रूप से उपयोग जारी रखना नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए निर्धारित दरों के अनुसार डैमेज चार्ज लगाया गया है। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि आवास को तुरंत प्रभाव से खाली किया जाए ताकि उसे पात्र अधिकारी को आवंटित किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल आवास खाली न करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और नियमों के सख्त पालन से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि इस तरह की स्थिति से सरकारी आवास व्यवस्था प्रभावित होती है और प्रतीक्षारत अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संजीव कुमार गांधी निर्धारित राशि जमा नहीं करते हैं, तो इसे सीधे उनके वेतन से वसूल किया जाएगा। यह प्रावधान सरकारी बकाया वसूली के नियमों के तहत लागू किया जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर यह मामला चर्चा में है और इसे नियमों के सख्त पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी आवास आवंटन व्यवस्था, नियमों के अनुपालन और प्रशासनिक अनुशासन को लेकर बहस छेड़ दी है।

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Sat, 20 Jun 2026 11:47:44 +0530 news desk MPcg
पटना रजिस्ट्री ऑफिस में हंगामा: स्टाम्प ड्यूटी बढ़ने से भड़के जमीन कारोबारी, मकान&प्लॉट हुए महंगे https://citytoday.co.in/6792 https://citytoday.co.in/6792 बिहार में नई सर्किल रेट और बढ़ी हुई स्टाम्प ड्यूटी लागू होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री महंगी हो गई है। इसी बदलाव के बीच पटना के रजिस्ट्री ऑफिस में शुक्रवार को जमकर हंगामा देखने को मिला, जहां जमीन कारोबारी और खरीदार नई दरों के खिलाफ नाराज नजर आए।

क्यों हुआ विवाद?

राज्य सरकार द्वारा संशोधित सर्किल रेट लागू करने के बाद जमीन के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर फुलवारी शरीफ क्षेत्र में जमीन के मूल्यांकन में 100% तक की वृद्धि बताई जा रही है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।

स्टाम्प ड्यूटी बढ़ने से असर

नई व्यवस्था के तहत स्टाम्प ड्यूटी में 1% की वृद्धि लागू की गई है। इसके चलते मकान और प्लॉट की रजिस्ट्री लागत भी बढ़ गई है, जिससे खरीदारों और बिल्डरों पर सीधा आर्थिक दबाव पड़ा है।

महिलाओं को मिली राहत

सरकार ने महिलाओं को राहत देते हुए स्टाम्प ड्यूटी में छूट 0.3% से बढ़ाकर 0.4% कर दी है। इसके अलावा निबंधन शुल्क में 1% की छूट पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद को बढ़ावा मिल सके।

निबंधन पर रोक से बढ़ी मुश्किलें

पुनपुन अंचल और फुलवारी शरीफ के कई मौजों में प्रस्तावित सेंट्रलाइज्ड टाउनशिप परियोजना के चलते जमीन निबंधन पर रोक लगा दी गई है। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।

बाजार में हलचल जारी

नई दरों के लागू होने के बाद जमीन कारोबारियों में असंतोष देखा जा रहा है, जबकि आम खरीदार बढ़ी हुई कीमतों से परेशान हैं। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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Fri, 19 Jun 2026 18:45:51 +0530 news desk MPcg
हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन 10 लोगों पर अभियोग दर्ज करने की मंजूरी, विजिलेंस जांच में धोखाधड़ी का खुलासा https://citytoday.co.in/6788 https://citytoday.co.in/6788 उत्तराखंड के हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ नीति के तहत इस मामले में कुल 10 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज करने की मंजूरी दी गई है।

विजिलेंस जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर

विजिलेंस की विस्तृत जांच में यह सामने आया है कि भूमि क्रय-विक्रय के दौरान कथित तौर पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रची गई, जिसके चलते नगर निगम को आर्थिक नुकसान हुआ। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ी के प्रमाण मिलने की बात कही गई है।

किन लोगों पर कार्रवाई

अभियोग दर्ज किए जाने वाले लोगों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, सहायक अभियंता एवं प्रभारी अधिशासी अभियंता आनन्द सिंह मिश्राण, संपत्ति लिपिक वेदपाल और मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अलावा भूमि विक्रेताओं और अन्य संबंधित व्यक्तियों सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह पर भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

सरकारी मंजूरी और कानूनी प्रक्रिया

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति के बाद यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे स्वीकृति दे दी गई। अब संबंधित धाराओं के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का सख्त संदेश

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Fri, 19 Jun 2026 17:31:13 +0530 news desk MPcg
पावागढ़ शक्तिपीठ में भूस्खलन से दर्दनाक हादसा, दो श्रद्धालुओं की मौत; कई के फंसे होने की आशंका https://citytoday.co.in/6769 https://citytoday.co.in/6769 गुजरात के पंचमहाल जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ पावागढ़ में शुक्रवार सुबह भारी बारिश के चलते बड़ा हादसा हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिसमें मलबे और बड़े पत्थरों की चपेट में आने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

सुबह 5 बजे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 5 बजे उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ रहे थे। इसी दौरान पावागढ़ की ढलान पर स्थित ‘पाटियापुल’ के पास अचानक ऊपर से भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी गिरने लगी।

मलबे में दबे श्रद्धालु, दो की मौत

भूस्खलन के कारण कई श्रद्धालु मलबे की चपेट में आ गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लोगों के दबे होने की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे को हटाने के लिए मशीनों और बचाव दलों की मदद ली जा रही है।

बारिश बनी हादसे की वजह

पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था। स्थानीय प्रशासन द्वारा सतर्कता बरतने की अपील के बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी।

श्रद्धालुओं में दहशत, क्षेत्र में शोक

हादसे के बाद पावागढ़ क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यह मार्ग बेहद खतरनाक और फिसलन भरा माना जाता है।

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Fri, 19 Jun 2026 13:09:38 +0530 news desk MPcg
समस्तीपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से दो युवकों की मौत https://citytoday.co.in/6768 https://citytoday.co.in/6768 बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा गढ़सिसई-घटहो मुख्य पथ पर देर रात हुआ, जहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दोनों युवकों को जोरदार टक्कर मार दी।

देर रात हुआ हादसा, सुबह मिला शव

जानकारी के अनुसार हादसा गढ़सिसई चिमनी के पास हुआ, जहां किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पूरी रात किसी को इसकी जानकारी नहीं लगी। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जब स्थानीय लोग और राहगीर सड़क से गुजर रहे थे, तो उन्होंने सड़क किनारे दोनों युवकों के शव पड़े देखे।

ग्रामीणों में मचा हड़कंप

शव देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों मृतकों के परिजनों को भी जानकारी दी गई।

पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन की पहचान की कोशिश की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और रात्रि में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बेहतर लाइटिंग और निगरानी की मांग की है।

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Fri, 19 Jun 2026 13:01:50 +0530 news desk MPcg
झारखंड में NGO फंडिंग और मिशनरी गतिविधियों की जांच की मांग, IRS अधिकारी निशा उरांव ने उठाए सवाल https://citytoday.co.in/6761 https://citytoday.co.in/6761 झारखंड में स्वयंसेवी संगठनों (NGOs), विदेशी फंडिंग और कथित मिशनरी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी निशा उरांव ने इन संस्थाओं की फंडिंग, कार्यप्रणाली और उपयोग पर गहन जांच की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने आदिवासी आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की चर्चा का समर्थन करते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख पर आभार व्यक्त किया है।

‘क्रीमी लेयर’ और दोहरे लाभ पर उठाए सवाल

निशा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज में भी ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा पर विचार होना चाहिए, ताकि आरक्षण का लाभ सही और जरूरतमंद वर्ग तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन आदिवासियों ने धर्म परिवर्तन किया है, उन्हें एक ओर आरक्षण का लाभ मिलता है, वहीं दूसरी ओर कई NGOs के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है।

उनके अनुसार, यह स्थिति नीति स्तर पर समीक्षा की मांग करती है।

7,500 से अधिक NGOs पंजीकृत

आधिकारिक ‘दर्पण पोर्टल’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि झारखंड में लगभग 7,500 NGOs पंजीकृत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में संगठन निम्न क्षेत्रों में कार्यरत बताए गए हैं:

शिक्षा एवं संस्कृति: 2,235
जनजातीय मामले: 1,556
अल्पसंख्यक मामले: 1,095
धार्मिक क्षेत्र: 556
अन्य श्रेणियों सहित कुल प्रमुख: 5,442
विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका

IRS अधिकारी ने विदेशी फंडिंग के उपयोग पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि विदेशों से आने वाली भारी धनराशि का उपयोग वास्तव में किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी संगठन द्वारा प्राप्त धन का उपयोग सेवा कार्यों के बजाय अन्य गतिविधियों, जैसे कथित धर्मांतरण या गैर-सामाजिक कार्यों में किया जा रहा है, तो यह मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आ सकता है और इसकी सख्त जांच जरूरी है।

जांच की मांग तेज

इस बयान के बाद झारखंड में NGOs और उनकी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस और तेज हो गई है। कई लोग इसे पारदर्शिता की जरूरत बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील मुद्दा मानकर सावधानीपूर्वक चर्चा की वकालत कर रहे हैं।

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Fri, 19 Jun 2026 12:26:51 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड में मतदाता सूची अपडेट की बड़ी प्रक्रिया 811 नए बूथ जुड़ेंगे, 14 जुलाई को जारी होगा ड्राफ्ट रोल https://citytoday.co.in/6737 https://citytoday.co.in/6737 उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य में इस कवायद के बाद 811 नए मतदान बूथ जोड़े जाएंगे, जिससे कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 12,544 हो जाएगी। निर्वाचन विभाग ने घोषणा की है कि 14 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित की जाएगी।

बूथ पुनर्गठन के बाद नई व्यवस्था लागू होगी

निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक पाई गई थी, उन्हें विभाजित कर नए बूथ बनाए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि बूथों का यह पुनर्गठन मतदाताओं को बेहतर सुविधा देने और मतदान प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

98 प्रतिशत तक पहुंचा गणना कार्य

राज्य में SIR अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक:

लगभग 98% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं
करीब 12% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है निर्वाचन विभाग ने बताया कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।

समयबद्ध तरीके से पूरी होगी पूरी प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार पूरी प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है—

7 जुलाई 2026 तक: गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण पूरा
14 जुलाई 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
14 जुलाई से 13 अगस्त: दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
11 सितंबर तक: आपत्तियों का निस्तारण
15 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
पर्वतीय जिलों में तेजी से काम पूरा

अधिकारियों के मुताबिक चंपावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जैसे जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि देहरादून, नैनीताल और टिहरी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है।

22,900 बूथ लेवल एजेंट तैनात

राज्य में राजनीतिक दलों ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई है। अब तक लगभग 22,900 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो मतदाता सूची की निगरानी और सत्यापन कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में कदम

निर्वाचन विभाग का मानना है कि यह पूरा अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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Thu, 18 Jun 2026 16:45:43 +0530 news desk MPcg
बिहार को मिला नया महाधिवक्ता एस.डी. संजय की नियुक्ति को कैबिनेट की मंजूरी, कानूनी हलकों में मिली सराहना https://citytoday.co.in/6736 https://citytoday.co.in/6736 बिहार सरकार ने राज्य के नए महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता एस.डी. संजय की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई, जिसके बाद विधिक और प्रशासनिक हलकों में यह निर्णय चर्चा का विषय बन गया है।

यह नियुक्ति पूर्व महाधिवक्ता पी.के. शाही के 14 जून 2026 को दिए गए इस्तीफे के बाद की गई है, जिससे राज्य में शीर्ष विधिक पद पर नई नियुक्ति की आवश्यकता उत्पन्न हुई थी।

कौन हैं एस.डी. संजय

एस.डी. संजय देश के अनुभवी और प्रतिष्ठित विधिवेत्ताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई की और वर्ष 1984 में अपने करियर की शुरुआत पटना हाई कोर्ट से की।

अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने संवैधानिक कानून, जनहित याचिकाओं, दीवानी और आपराधिक मामलों में विशेषज्ञता हासिल की है। उन्होंने न केवल पटना हाई कोर्ट बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी की है।

सरकारी सेवा में लंबा अनुभव

एस.डी. संजय का सरकारी विधिक सेवा में भी लंबा अनुभव रहा है।

वर्ष 2010 में उन्हें बिहार सरकार का अपर महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।
वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने उन्हें पटना हाई कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) बनाया।
वर्ष 2024 में उन्हें भारत सरकार का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी केंद्र का प्रतिनिधित्व किया।

उनकी कानूनी विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें राज्य का शीर्ष विधिक पद सौंपा है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद आधिकारिक नियुक्ति

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उनकी नियुक्ति पर औपचारिक सहमति दी गई। इसके साथ ही बिहार के महाधिवक्ता पद पर नए नेतृत्व की शुरुआत हो गई है।

सरकार का मानना है कि उनके अनुभव से राज्य के कानूनी मामलों की मजबूती और बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

कानूनी जगत में स्वागत

एस.डी. संजय की नियुक्ति पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बिहार स्टेट बार काउंसिल सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और कानूनी संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उनके अनुभव से राज्य सरकार को संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में मजबूत कानूनी मार्गदर्शन मिलेगा।

आगे की जिम्मेदारी

नए महाधिवक्ता के सामने अब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी और न्यायिक प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उनकी नियुक्ति को बिहार की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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Thu, 18 Jun 2026 16:31:34 +0530 news desk MPcg
'स्याही से नहीं जागा सिस्टम, अब खून से जगाऊंगी पचमढ़ी बचाने की मुहिम में पर्यावरणविद् डॉ. राखी बाला का बड़ा ऐलान https://citytoday.co.in/6733 https://citytoday.co.in/6733 मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन और 'सतपुड़ा की रानी' के नाम से प्रसिद्ध पचमढ़ी को पर्यावरणीय संकट से बचाने की लड़ाई अब नए चरण में पहुंच गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए लंबे समय से सक्रिय पर्यावरणविद् डॉ. राखी बाला ने प्रशासन की कथित निष्क्रियता के खिलाफ अनोखे विरोध का ऐलान करते हुए कहा है कि "जब स्याही से लिखे पत्रों ने सिस्टम को नहीं जगाया, तो अब अपने खून से पत्र लिखकर जगाऊंगी।"

उनके इस बयान ने पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डॉ. राखी बाला का कहना है कि पचमढ़ी में लगातार बढ़ते अवैध निर्माण, जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव और जंगलों के क्षरण को रोकने के लिए कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

पचमढ़ी के अस्तित्व को बचाने की मुहिम

डॉ. राखी बाला का कहना है कि पचमढ़ी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मध्य भारत की जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल, झरने, जल स्रोत और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां इस प्राकृतिक धरोहर से वंचित हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी कर होने वाले निर्माण भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

रक्त से पत्र लिखने की घोषणा

प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से नाराज डॉ. राखी बाला ने घोषणा की है कि वह जल्द ही जिला कलेक्टर को अपने रक्त से पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण की मांग करेंगी। उनका कहना है कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक होगा, जिसका उद्देश्य केवल प्रशासन और सरकार का ध्यान पचमढ़ी के संरक्षण की ओर आकर्षित करना है।

जंतर-मंतर तक ले जाएंगी आंदोलन

डॉ. राखी बाला ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगी। उनका कहना है कि पचमढ़ी केवल मध्य प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे देश की प्राकृतिक विरासत है और इसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है।

पर्यावरण संरक्षण पर फिर शुरू हुई बहस

डॉ. राखी बाला के इस ऐलान के बाद पर्यावरण संरक्षण और अवैध निर्माणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पचमढ़ी की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए सख्त नियमों का पालन और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि वह इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और पचमढ़ी के संरक्षण के लिए क्या नई पहल की जाती है।

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Thu, 18 Jun 2026 15:54:30 +0530 news desk MPcg
NH&43 पर दर्दनाक हादसा बिना रिफ्लेक्टर खड़े ट्रक से टकराई बाइक, युवक की मौके पर मौत https://citytoday.co.in/6724 https://citytoday.co.in/6724 छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर मंगलवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। सड़क किनारे बिना पर्याप्त चेतावनी संकेतों के खड़े एक कोयला लोड ट्रक से बाइक की जोरदार टक्कर होने पर 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे गढ़ियाबहरी-सेदम मार्ग स्थित बिमल मोहन फ्यूल के पास हुई। मृतक की पहचान मोहन बोर्जे (20 वर्ष), निवासी केदमा, लखनपुर क्षेत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह बाइक से अपने गंतव्य की ओर जा रहा था, तभी सड़क पर खड़े ट्रक से उसकी बाइक सीधे जा टकराई।

टायर फटने के बाद सड़क पर खड़ा था ट्रक

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोयला लोड ट्रक का टायर फट गया था, जिसके बाद चालक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर टायर बदल रहा था। आरोप है कि ट्रक में पार्किंग लाइट चालू नहीं थी और पीछे किसी प्रकार का रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत भी नहीं लगाया गया था, जिससे अंधेरे में बाइक सवार को वाहन दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि ट्रक के पीछे सुरक्षा मानकों के अनुसार चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो दुर्घटना टाली जा सकती थी।

मौके पर ही थम गई युवक की सांसें

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस दुर्घटना के कारणों और ट्रक चालक की लापरवाही की जांच कर रही है।

घर में थी खुशियों की तैयारी, छा गया मातम

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक युवक के परिवार में जल्द ही शादी की तैयारियां चल रही थीं और वह अपने भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए था। लेकिन एक लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब वाहन सड़क पर खड़े करने के दौरान पार्किंग लाइट, रिफ्लेक्टर और चेतावनी त्रिकोण जैसे सुरक्षा उपाय अनिवार्य होने चाहिए, ताकि रात के समय इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

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Thu, 18 Jun 2026 15:02:57 +0530 news desk MPcg
उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! दिल्ली बैठक में 9 में से सिर्फ 3 सांसद पहुंचे, टूट की अटकलें तेज https://citytoday.co.in/6722 https://citytoday.co.in/6722 महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े घटनाक्रम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के भीतर संभावित टूट की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। दिल्ली में बुलाई गई पार्टी की अहम बैठक में 9 सांसदों में से केवल 3 सांसदों की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चल रहे कथित 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद शिंदे खेमे के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बैठक में छह सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

बैठक में कम उपस्थिति बनी चर्चा का विषय

दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक को उद्धव ठाकरे ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बुलाया था। पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को शामिल होने के निर्देश दिए थे और अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

इसके बावजूद बैठक में केवल तीन सांसदों का पहुंचना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कम उपस्थिति के कारण बैठक को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।

क्या सफल हो रहा है 'ऑपरेशन टाइगर'

राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि एकनाथ शिंदे गुट लगातार उद्धव गुट के जनप्रतिनिधियों से संपर्क बनाए हुए है। इसी रणनीति को राजनीतिक हलकों में 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया जा रहा है। चर्चाएं हैं कि यदि छह सांसद शिंदे गुट का दामन थामते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने या शिंदे गुट में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।

उद्धव ठाकरे के सामने नई चुनौती

2022 में शिवसेना में हुए बड़े विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे लगातार अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में सांसदों की कथित नाराजगी और बैठक से दूरी को पार्टी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि सांसदों की ओर से कोई बड़ा फैसला लिया जाता है तो इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति पर भी पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल सभी की नजर उन छह सांसदों पर टिकी है जो बैठक में शामिल नहीं हुए। क्या वे पार्टी में बने रहेंगे या शिंदे गुट का साथ देंगे, इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकता है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता और संगठन के बीच नई हलचल देखने को मिल रही है, और आने वाले दिन इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।

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Thu, 18 Jun 2026 14:43:17 +0530 news desk MPcg
दुर्ग में चार मौतों का दिल दहला देने वाला मामला सुसाइड नोट से खुला राज, पहले बच्चों की हत्या फिर दंपती ने दी जान https://citytoday.co.in/6721 https://citytoday.co.in/6721 छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित आर्य नगर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मृत दंपती के खिलाफ अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या का मामला दर्ज किया है।

जांच के अनुसार, 21 मई 2026 की रात परिवार के भीतर घटित इस दर्दनाक घटना में पहले 13 वर्षीय बेटी और 11 वर्षीय बेटे की जान ली गई, जिसके बाद पति-पत्नी ने अलग-अलग कमरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अगले दिन सुबह परिजनों ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो पूरा परिवार मृत अवस्था में मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

सुसाइड नोट से सामने आई पूरी कहानी

पुलिस को घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में मृतका ने परिवार की परिस्थितियों और इस कठोर निर्णय का उल्लेख किया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, नोट में बच्चों को पहले नशे की हालत में पहुंचाने और उसके बाद उनकी हत्या करने का जिक्र मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दोनों बच्चों की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है।

इसी आधार पर पुलिस ने मृत माता-पिता के खिलाफ हत्या की धाराओं में अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

पारिवारिक विवाद बना त्रासदी की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि दंपती के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। घरेलू तनाव, आपसी अविश्वास और लगातार होने वाले झगड़ों ने पूरे परिवार का माहौल प्रभावित कर दिया था। प्रारंभिक जांच में इन्हीं परिस्थितियों को इस दुखद घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना की योजना कब बनाई गई और इसमें किन परिस्थितियों ने निर्णायक भूमिका निभाई।

पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता

एक साथ चार मौतों की खबर ने पूरे आर्य नगर क्षेत्र को झकझोर दिया है। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि एक सामान्य दिखने वाला परिवार इतनी बड़ी त्रासदी का शिकार हो सकता है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोग बच्चों की असमय मौत पर गहरा दुख जता रहे हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और सुसाइड नोट, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव के गंभीर परिणामों की ओर संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते संवाद, सामाजिक सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता कई परिवारों को ऐसी दुखद परिस्थितियों से बचा सकती है।

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Thu, 18 Jun 2026 14:39:14 +0530 news desk MPcg
पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड वितरण शुरू विधायक रणबीर सिंह भुल्लर ने बांटे कार्ड, मेरी रसोई योजना की दी जानकारी https://citytoday.co.in/6449 https://citytoday.co.in/6449 वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भीषण गर्मी के बीच एक दुखद घटना सामने आई। मध्य प्रदेश के गुना जिले से दर्शन करने आए 50 वर्षीय श्रद्धालु भरत सिंह लोधा की मंदिर की ओर जाने वाली गली में अचानक तबीयत बिगड़ गई। भीड़ के दबाव और तेज गर्मी के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भरत सिंह लोधा अपने परिवार के साथ ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने आए थे। उनके साथ पत्नी राममूर्ति, मामा सुरेश लोधा और अन्य परिजन भी मौजूद थे। मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी और तेज धूप के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विद्यापीठ चौराहे से मंदिर की ओर बढ़ते समय भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान भरत सिंह लोधा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल उन्हें एंबुलेंस के जरिए जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

श्रद्धालु की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। अस्पताल में पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस घटना ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और गर्मी से बचाव के इंतजामों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि इन दिनों वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी और अत्यधिक भीड़ के कारण बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों में जुटा है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Sat, 06 Jun 2026 15:40:33 +0530 news desk MPcg
पंजाब में ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने की तैयारी हजारों कच्चे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला https://citytoday.co.in/6274 https://citytoday.co.in/6274 कैबिनेट बैठक में अहम फैसला पंजाब सरकार ने सरकारी विभागों में लंबे समय से चल रही ठेकेदारी (आउटसोर्सिंग) व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समूह C और समूह D की नौकरियों में ठेकेदारी सिस्टम समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

65,000 से ज्यादा कर्मचारियों को राहत

सरकार के इस फैसले से राज्य के 65,000 से अधिक आउटसोर्स और कच्चे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों को अब सरकारी ढांचे के भीतर लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत क्या बदलेगा

नई नीति लागू होने के बाद समूह C और D की नौकरियों में ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त होगी आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी अनुबंध के दायरे में लाया जाएगा भविष्य में नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी

नया कानून लाने की तैयारी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि सरकार “पंजाब आउटसोर्स पर्सनल विधेयक-2026” लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून के जरिए वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को एक स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

अध्यादेश को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने इस संबंध में अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है, जिसे अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और स्थायित्व की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को अब नई व्यवस्था से उम्मीदें बढ़ गई हैं।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों को स्थिरता मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। पंजाब सरकार का यह फैसला राज्य में रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। ठेकेदारी सिस्टम खत्म होने से हजारों कर्मचारियों के भविष्य को एक नई दिशा मिलने की संभावना है।

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Sat, 30 May 2026 16:00:37 +0530 news desk MPcg
गंडक का जलस्तर बढ़ा, पश्चिम चंपारण में जनजीवन प्रभावित, पीपा पुल का संपर्क मार्ग डूबा और आवागमन ठप https://citytoday.co.in/6246 https://citytoday.co.in/6246 बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बैरिया प्रखंड के पुजहा घाट क्षेत्र में पीपा पुल तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे इलाके का आवागमन ठप हो गया है।

दियारा क्षेत्र का मुख्य संपर्क टूटा

पानी का बहाव बढ़ने से पीपा पुल (Pontoon Bridge) तक पहुंचने वाला एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होकर बह गया है। इसके कारण दियारा क्षेत्र के हजारों लोगों का प्रखंड और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है।

रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

रास्ता बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और मजदूरों के लिए यात्रा बेहद कठिन हो गई है। कई लोग अब वैकल्पिक लंबा मार्ग अपनाने को मजबूर हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव

पीपा पुल तक पहुंचाने के लिए बनाया गया संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था और सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है।

बाढ़ जैसी स्थिति से बढ़ी चिंता

नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि ने निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है

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Fri, 29 May 2026 17:51:38 +0530 news desk MPcg
उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा में लगाई बड़ी छलांग, दो साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता सीएम धामी https://citytoday.co.in/6240 https://citytoday.co.in/6240 उत्तराखंड में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में 10 गुना वृद्धि दर्ज कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।

290 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल

सरकार के अनुसार राज्य लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलेगा।

सौर जागरूकता स्मारिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरनमेंट एंड वाटर द्वारा तैयार ‘सौर जागरूकता स्मारिका’ पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता उत्तराखंड

सरकार का कहना है कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

स्वच्छ ऊर्जा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में सोलर प्रोजेक्ट्स और रूफटॉप संयंत्रों को और बढ़ावा दिया जाएगा ताकि हरित ऊर्जा को मजबूत किया जा सके।

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Fri, 29 May 2026 17:03:45 +0530 news desk MPcg
हजारीबाग में नगर निगम का सख्त एक्शन, किराया नहीं देने पर दुकानों को किया जाएगा सील https://citytoday.co.in/6233 https://citytoday.co.in/6233 झारखंड के हजारीबाग नगर निगम ने वर्षों से किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अब बकाया किराया जमा नहीं करने पर दुकानों को सील करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

तीन करोड़ से अधिक बकाया, 400 से ज्यादा दुकानदार प्रभावित

नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार शहर में स्थित म्युनिसिपल दुकानों पर करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया है। इनमें 400 से अधिक दुकानदार ऐसे हैं, जिन पर लंबे समय से 50 हजार रुपये से ज्यादा का बकाया है।

एक सप्ताह की डेडलाइन, नहीं तो होगी सीलिंग

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह के भीतर बकाया किराया जमा नहीं करने पर संबंधित दुकानों को सील कर दिया जाएगा। इसके बाद नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नगर निगम की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला

सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली पर चर्चा की गई। बैठक में साफ कहा गया कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 2013 के तहत कार्रवाई करते हुए बकायेदार दुकानों को सील किया जाएगा। इससे राजस्व वसूली में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है।

दुकानदारों में हड़कंप

नगर निगम के इस सख्त फैसले के बाद बकायेदार दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। कई दुकानदार अब जल्द भुगतान की तैयारी में जुट गए हैं।

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Fri, 29 May 2026 15:18:27 +0530 news desk MPcg
महम के वार्ड&7 में बड़ा हादसा, बिजली के पोल पर केबल और नेट वायर में लगी आग, 8 बिजली मीटर जलकर खाक https://citytoday.co.in/6228 https://citytoday.co.in/6228 हरियाणा के महम के वार्ड नंबर-7 में देर रात बड़ा हादसा हो गया, जब बिजली के पोल पर लगे इंटरनेट और केबल के तारों में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पास लगे आठ बिजली मीटर जलकर खाक हो गए और पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

पोल पर तारों में स्पार्किंग से लगी आग

स्थानीय लोगों के अनुसार भीषण गर्मी के कारण बिजली के पोल पर स्पार्किंग हुई, जिसके बाद केबल और नेट के तारों में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास लगे बिजली मीटरों को अपनी चपेट में ले लिया।

आठ बिजली मीटर जलकर हुए नष्ट

आग की चपेट में आने से करीब आठ बिजली मीटर पूरी तरह जल गए। कई अन्य मीटरों के बॉक्स और वायरिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद इलाके में अंधेरा छा गया और बिजली व्यवस्था ठप हो गई।

स्थानीय लोगों ने खुद बुझाई आग

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने तुरंत अपने स्तर पर प्रयास कर आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों पर निजी इंटरनेट और केबल ऑपरेटरों के तारों का जाल फैला हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

पूरी रात बिजली गुल, लोग परेशान

बिजली गुल होने के कारण लोगों को पूरी रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

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Fri, 29 May 2026 14:17:17 +0530 news desk MPcg
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद का असर, मिर्जाचौकी–मुंगेर फोरलेन पर भारी ट्रैफिक दबाव, जाम से लोग परेशान https://citytoday.co.in/6227 https://citytoday.co.in/6227 बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर यातायात बंद होने का सीधा असर मिर्जाचौकी–मुंगेर फोरलेन पर देखने को मिल रहा है। वैकल्पिक मार्ग होने के कारण इस रूट पर अचानक वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया है, जिससे लंबा जाम और निर्माण कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

फोरलेन पर बढ़ा वाहनों का दबाव

सेतु बंद होने के बाद उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल की ओर जाने वाले सभी वाहनों का रुख इस फोरलेन की ओर हो गया है। पहले जहां इस मार्ग पर सीमित यातायात था, अब छोटे-बड़े सभी वाहन इसी रास्ते से गुजर रहे हैं।

जाम और यातायात व्यवस्था चरमराई

वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़क पर लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है। कई जगहों पर ट्रैफिक रुक-रुक कर चल रहा है, जिससे यात्रियों और चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण कार्य पर भी असर

फोरलेन पर चल रहे निर्माण कार्य भी इस बढ़ते ट्रैफिक से प्रभावित हो रहे हैं। मशीनरी और कामकाज के लिए जगह कम पड़ रही है, जिससे निर्माण की गति धीमी हो गई है।

तेलिया तालाब क्षेत्र बना सबसे बड़ी चुनौती

तेलिया तालाब के पास अधूरा फ्लाइओवर और सर्विस रोड स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। करीब 1200 मीटर लंबे फ्लाइओवर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, जिससे यहां लगातार जाम की समस्या बनी हुई है।

बिजली टावर शिफ्टिंग में बाधा

नौवागढ़ी क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली टावरों की शिफ्टिंग का काम स्थानीय विरोध के कारण अटक गया है। इस वजह से फोरलेन निर्माण में और देरी हो रही है।

समयसीमा पर भी सवाल

निर्माण एजेंसी ने फोरलेन को तय समय में पूरा करने का दावा किया है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक और अधूरे कार्यों के कारण समयसीमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद यह पूरा रूट प्रशासन और एनएचएआई के लिए चुनौती बन गया है। वैकल्पिक मार्ग की कमी और बढ़ता ट्रैफिक आने वाले दिनों में स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

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Fri, 29 May 2026 13:56:05 +0530 news desk MPcg
किशनगंज में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, जनता हाट में छापेमारी से मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/6226 https://citytoday.co.in/6226 बिहार के किशनगंज जिले के सीमांचल क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पोठिया थाना क्षेत्र के जनता हाट में शुक्रवार सुबह भारी सुरक्षा बलों के साथ एनआईए की टीम ने छापेमारी की।

भारी सुरक्षा के बीच सुबह-सुबह हुई रेड

जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम के साथ एनएसजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान भी मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

कई घंटे चली जांच कार्रवाई

छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्यक्ति मनोज रविदास के घर पर जांच की। यह कार्रवाई कई घंटों तक चली और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी गई।

मनोज रविदास को हिरासत में लिया गया

सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान मनोज रविदास को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, हिरासत के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इनपुट की चर्चा

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इनपुट पर आधारित हो सकता है, हालांकि एजेंसियों की ओर से अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में

इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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Fri, 29 May 2026 13:50:03 +0530 news desk MPcg
हरियाणा के किसानों के लिए राहत, अब 45 दिन में मिलेगी बोरवेल लगाने की अनुमति https://citytoday.co.in/6187 https://citytoday.co.in/6187 हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत का फैसला सामने आया है। अब राज्य में बोरवेल लगाने की अनुमति सिर्फ 45 दिनों के भीतर जारी कर दी जाएगी। सरकार ने इस प्रक्रिया को सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

 अनुमति प्रक्रिया को किया गया आसान और समयबद्ध

जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भूजल दोहन से जुड़े अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति प्रक्रिया को समयबद्ध कर दिया है। अब सभी संबंधित मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा।

45 दिन में मिलेगा बोरवेल का एनओसी

सरकारी निर्देशों के अनुसार, अगर किसी किसान को बोरवेल लगाने की अनुमति चाहिए तो उसे अधिकतम 45 दिन में एनओसी या परमिशन मिल जाएगी। इसके लिए मुख्य तकनीकी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि समय पर सभी आवेदन निपटाए जाएं।

 अपील की भी व्यवस्था

यदि निर्धारित समय सीमा में अनुमति जारी नहीं होती है तो किसान पहले मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील कर सकते हैं। इसके बाद भी समाधान न होने पर मामला मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास भेजा जाएगा।

57 हजार किसानों के लंबित कनेक्शन

प्रदेश में लगभग 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन अभी लंबित हैं। इस फैसले से उम्मीद है कि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा

इस कदम से हरियाणा के कृषि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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Thu, 28 May 2026 15:20:56 +0530 news desk MPcg
हजारीबाग में भारी वाहनों पर सख्त प्रतिबंध, सुबह 8 से रात 9 बजे तक शहर में नो एंट्री लागू, जाम और हादसों पर लगेगी लगाम https://citytoday.co.in/6185 https://citytoday.co.in/6185 हजारीबाग में भारी वाहनों पर सख्ती, सुबह 8 से रात 9 बजे तक नो एंट्री लागू, नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू बढ़ते जाम और सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन का बड़ा फैसला, शहर में दिन के समय भारी वाहनों की एंट्री पर रोक

झारखंड के हजारीबाग में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

 ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए फैसला

प्रशासन के अनुसार, शहर की मुख्य सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही से दिन के समय यातायात दबाव काफी बढ़ रहा था।

पहले के आदेश में किया गया संशोधन

सदर अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब तय समय के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

आम लोगों को मिलेगा राहत

इस फैसले से शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आम जनता की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

 सख्ती से लागू होगी व्यवस्था

प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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Thu, 28 May 2026 14:51:31 +0530 news desk MPcg
मुजफ्फरपुर में पुलों की हालत पर संकट माड़ीपुर आरओबी और दादर पुल जर्जर, भारी वाहनों पर रोक की तैयारी https://citytoday.co.in/5985 https://citytoday.co.in/5985
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। शहर के व्यस्त माड़ीपुर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दादर पुल की हालत जर्जर हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने इन पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।

जर्जर पुलों से बढ़ी चिंता

विक्रमशिला सेतु में हाल ही में आई तकनीकी खराबी के बाद अब मुजफ्फरपुर के इन दो प्रमुख पुलों की स्थिति ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और भारी वाहनों के दबाव के कारण इन पुलों की संरचना कमजोर होती जा रही है।

भारी वाहनों पर रोक की तैयारी

प्रशासन इन पुलों पर अतिरिक्त भार कम करने के लिए भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही वैकल्पिक मार्गों के जरिए ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी भी की जा रही है।

सुरक्षा को लेकर कदम

अधिकारियों का कहना है कि पुलों की सुरक्षा जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और किसी भी संभावित हादसे को रोकने की है।

स्थानीय लोगों की चिंता

स्थानीय लोगों ने भी पुलों की खराब स्थिति पर चिंता जताई है और जल्द मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। प्रशासन अब स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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Thu, 21 May 2026 18:21:00 +0530 news desk MPcg
मौसम का बड़ा अपडेट समय से पहले आ सकता है मानसून, जानिए IMD की रिपोर्ट https://citytoday.co.in/5836 https://citytoday.co.in/5836 भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने अपने ताज़ा मौसम पूर्वानुमान में बताया है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 26 मई तक केरल में दस्तक दे सकता है। यह खबर देशभर में खासकर किसानों, मौसम विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि भारत में बारिश का सीजन सीधे कृषि, जल संसाधन और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।

आमतौर पर मॉनसून की शुरुआत 1 जून के आसपास केरल से होती है और फिर यह धीरे-धीरे पूरे देश में आगे बढ़ता है। लेकिन हर साल मौसम की परिस्थितियों के अनुसार इसकी टाइमिंग में थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहा है कि मॉनसून तय समय से पहले या आसपास ही सक्रिय हो सकता है।

पिछले साल भी जल्दी आया था मॉनसून

पिछले वर्ष मॉनसून ने 24 मई को केरल में दस्तक देकर सबको चौंका दिया था। यह सामान्य समय से पहले की शुरुआत थी, जिससे देश के कई हिस्सों में समय से पहले बारिश देखने को मिली थी। इससे साफ है कि मॉनसून की शुरुआत हर साल स्थिर नहीं रहती, बल्कि यह समुद्री हवाओं, तापमान और जलवायु परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

IMD का ताज़ा अनुमान क्या कहता है?

India Meteorological Department के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है कुछ दिनों की आगे-पीछे की भी संभावना रहती है जून से सितंबर तक का मुख्य मानसून सीजन प्रभावित होगा IMD का यह अनुमान शुरुआती मौसम मॉडल और समुद्री हवाओं के अध्ययन पर आधारित होता है, जो समय के साथ अपडेट भी किया जाता है।

भारत में मॉनसून की अहम भूमिका क्यों है?

भारत में मॉनसून सिर्फ बारिश का मौसम नहीं है, बल्कि यह देश की जीवनरेखा माना जाता है। कृषि पर असर भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और फसलें मुख्य रूप से बारिश पर आधारित होती हैं। सही समय पर मॉनसून आने से: खरीफ फसलों की बुवाई समय पर होती है पैदावार अच्छी होती है किसानों की आय पर सकारात्मक असर पड़ता है
जल संसाधनों की भरपाई

 बिजली उत्पादन पर प्रभाव

हाइड्रोपावर प्लांट्स बारिश और जलस्तर पर निर्भर होते हैं, इसलिए मॉनसून ऊर्जा उत्पादन में भी अहम भूमिका निभाता है। लंबी गर्मी के बाद मॉनसून देश को ठंडक और राहत देता है, जिससे तापमान में गिरावट आती है।

 मॉनसून कैसे आगे बढ़ता है

केरल में एंट्री के बाद मॉनसून धीरे-धीरे:कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र मध्य भारत और उत्तर भारत और अंत में पूरे देश को कवर करता है

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Fri, 15 May 2026 16:52:54 +0530 news desk MPcg
इंदौर पुलिस का अनोखा अभियान: वेस्ट मटेरियल से 6&7 फीट ऊंचा हेलमेट चौराहे पर सजाया जाएगा https://citytoday.co.in/4920 https://citytoday.co.in/4920 Wed, 04 Feb 2026 15:35:42 +0530 news desk MPcg विरासत संजोने की जनजाति एवं लोक कला संस्कृति संस्थान की अनूठी पहल https://citytoday.co.in/4899 https://citytoday.co.in/4899 Mon, 02 Feb 2026 19:45:55 +0530 news desk MPcg ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’ https://citytoday.co.in/4736 https://citytoday.co.in/4736 ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’

योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ

निवेश मित्र 3.0 से निवेशकों को मिलेगा वन-स्टॉप समाधान

आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से निवेश प्रक्रियाओं पर रखी जा सकेगी सीधी निगरानी

एआई आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से रीयल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित निर्णय होगा संभव

व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से निवेशकों को मिलेगी हर अपडेट की जानकारी

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में योगी सरकार का एक और बड़ा कदम

राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़कर यूपी बनेगा निवेशकों की पहली पसंद

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यवसाय सुगमता) को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रमुख ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण वर्ष 2026 में लॉन्च किया जा सकता है, जो निवेशकों को एक सहज, एकीकृत और इंटेलिजेंट डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। राज्य की निवेश नोडल विंग इन्वेस्ट यूपी इसके विकास को अंतिम रूप दे रही है और इसे बेहतर बनाने के लिए निवेशकों के साथ ही विशेषज्ञों की राय को भी इसमें समाहित किया जा रहा है। 

राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से होगा पूर्ण एकीकरण
‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। यह प्रणाली निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति को तेज करेगी।

आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से बढ़ेगी जवाबदेही
योगी सरकार की पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को और मजबूत करने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ का IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम), मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण), निवेश सारथी, OIMS और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (IILB) से समग्र एकीकरण किया जाएगा। इससे निवेशकों की शिकायतें सीधे IGRS के माध्यम से दर्ज होंगी और उनका रीयल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर तक संभव हो सकेगा। यही नहीं, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति, लंबित मामलों और निर्णयों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे अधिकारियों की उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था और मजबूत होगी।

AI आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा खास आकर्षण
‘निवेश मित्र 3.0’ की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा। इसके माध्यम से रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस, निवेश प्रस्तावों की प्रगति की लाइव ट्रैकिंग, विभागीय प्रदर्शन का आंकलन सुनिश्चित होगा, जिससे संभावित अड़चनों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। यह तकनीक नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक डाटा आधारित निर्णय को बढ़ावा देगी।

व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से मिलेगी हर अपडेट
निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल में मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। निवेशक अपने आवेदन की स्थिति, स्वीकृति, आपत्ति या शिकायत निवारण की जानकारी व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सीधे प्राप्त कर सकेंगे। इससे संवाद प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।

योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा मजबूत आधार
योगी सरकार पहले ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, नीतिगत सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बना चुकी है। ‘निवेश मित्र 3.0’ इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि विभागीय दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को भी नई ऊंचाई देगा।

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘निवेश मित्र 3.0’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल, समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी और रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास व आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देगी।

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Wed, 31 Dec 2025 19:36:38 +0530 news desk MPcg
नए साल पर मोदी सरकार का तोहफा: दिल्ली मेट्रो फेज 5A को मिली मंजूरी, 13 स्टेशन होंगे शामिल https://citytoday.co.in/4683 https://citytoday.co.in/4683 नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है. इसमें 13 स्टेशन होंगे. इस दौरान 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी.

अश्विनी वैष्णव ने कहा, " केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है, जिसमें 13 स्टेशन होंगे. इस परियोजना के तहत 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किमी को पार कर जाएगा."

16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनेंगे
फेज V (A) के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) कुल 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनाएगा. इसका मकसद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और शहर के कुछ सबसे बिजी हिस्सों पर भीड़ कम करना है. इस विस्तार से मौजूदा नेटवर्क में 13 स्टेशन जुड़ जाएंगे, जिससे रेजिडेंशियल हब, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट और ट्रांजिट इंटरचेंज के बीच लिंक मजबूत होंगे.

'दिल्ली मेट्रो ने बदली लोगों की जिंदगी'
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के बारे में एक बहुत जरूरी फैसला लिया गया है. हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के लोगों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जिंदगी में कैसे बदलाव लाया है. इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया चैप्टर जुड़ेगा."

औसतन 65 लाख यात्री करते हैं मेट्रो का इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री बताया "औसतन 65 लाख यात्री रोजाना दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. कुछ पीक दिन ऐसे होते हैं जब दिल्ली मेट्रो एक दिन में 80 लाख लोगों को ले जाती है." उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-VA का कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन तीन साल है. कंस्ट्रक्शन ज्यादातर टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल करके अंडरग्राउंड होगा, जिससे ट्रैफिक में कम से कम रुकावट आएगी.

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Wed, 24 Dec 2025 18:58:40 +0530 news desk MPcg
कांपी ठंड से दिल्ली, सीजन का सबसे सर्द दिन; पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, जानें UP&बिहार समेत 10 राज्यों का मौसम हाल https://citytoday.co.in/4647 https://citytoday.co.in/4647 नई दिल्ली 
दिल्ली में सर्दी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है. सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा छा रहा है. दिल्ली के तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, सुबह से दिल्ली में कोहरा छाया हुआ है. ऐसे में आज Cold Day condition रिकॉर्ड की गई है. आज का अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की संभावना है. ऐसा ही मौसम रविवार को रहने की संभावना जताई गई है.

आज, 20 दिसंबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग की ओर से आज दिल्ली के लिए ठंड का येलो अलर्ट है. अगले दो दिन राजधानी में और ज्यादा ठंड बढ़ने का अनुमान है. दिल्ली में रविवार यानी 21 दिसंबर और 22 दिसंबर को भी दिल्ली में घना कोहरा छाए रहने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.
 
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना
हिमालयी क्षेत्रों में अगले चार दिनों तक छिटपुट बारिश और बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 21 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है.

पूर्वी भारत में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है. गुजरात क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद अगले छह दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. महाराष्ट्र, मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं हैं.

घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी
पंजाब और जम्मू संभाग में 20 दिसंबर की सुबह तक कई स्थानों पर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और बिहार में 21 दिसंबर की सुबह तक कोहरे का असर बना रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा रहने की संभावना है.

इसके अलावा 24 और 25 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी घने कोहरे की स्थिति बन सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और उत्तर ओडिशा में 21 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा छाने की संभावना है. 20 और 21 दिसंबर को तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है. 20 दिसंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी ठंडी हवाओं का असर रह सकता है.

पंजाब और हरियाणा में कैसा है मौसम?
पंजाब और हरियाणा में भी सर्दी का प्रकोप बना हुआ है. शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अमृतसर में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है. लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से तीन डिग्री ज्यादा है. पठानकोट में भी तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया.

वहीं चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा है. हरियाणा की बात करें तो जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से एक डिग्री सेल्सियस कम है.

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Sat, 20 Dec 2025 19:06:19 +0530 news desk MPcg
कोडिंग युक्त कफ सिरप मामला: दोषियों को नहीं मिलेगी कोई राहत, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का सख्त संदेश https://citytoday.co.in/4644 https://citytoday.co.in/4644 लखनऊ 
उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कोडिंग युक्त कफ सिरप मामले को लेकर सरकार की गंभीरता के बारे में बात की उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा… साथ ही उन्होंने कफ़ सिरप मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आरोपियों को बचाना चाहते हैं और जिस तरह से अखिलेश यादव का फोटो आरोपी के साथ सामने आया है उस पर अखिलेश यादव को देश को यह बताना चाहिए कि उनका इनके साथ क्या संबंध है देश यह जवाब चाहता है। अखिलेश यादव लगातार सरकार के ऊपर इसलिए हमला बोलते हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है सरकार ने कफ सिरप मामले में गंभीर धाराओं में आरोपियों के साथ-साथ 140 फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

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Sat, 20 Dec 2025 18:11:30 +0530 news desk MPcg
दिल्ली में आज से सख्ती: बिना PUCC पेट्रोल&डीजल पर लगी रोक, जानिए पूरा नियम https://citytoday.co.in/4618 https://citytoday.co.in/4618 नई दिल्ली

जब भी गाड़ी चलाते हैं तो हमें सड़क एवं यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारी गाड़ी का चालान कट सकता है। इसमें कई नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी है।

इसी क्रम में दिल्ली में आज से PUCC सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। अगर आपकी गाड़ी की PUCC नहीं है तो आपको दिल्ली में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसको लेकर सरकार ने न सिर्फ नियम जारी किया है बल्कि, इसका सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। इसलिए अगर आपकी गाड़ी की PUCC (NO PUCC NO Fuel) नहीं हुई है तो आप इसे तुरंत करवा लें। आप यहां आखिरी तारीख से लेकर नए नियम के बारे में और PUCC करवाने का तरीके के बारे में भी जान सकते हैं। अगली स्लाइड्स में आप इस बारे में सबकुछ जान सकते हैं…

क्या है नया नियम?

    दरअसल, अगर आप दिल्ली में रहते हैं या दिल्ली में अपनी गाड़ी लेकर जाते हैं और आप दिल्ली के पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल लेते हैं, तो आपको बिना PUCC पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने ये सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

बस आज और कल का समय

    अगर आपकी गाड़ी PUCC सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपके लिए आज से पेट्रोल-डीजल लेने में दिक्कत होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ये नया नियम दिल्ली में आज यानी 18 दिसंबर 2025 से लागू हो गया है जिसके बाद आपको बिना PUCC पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।

कैसे करवाएं PUCC?

स्टेप 1
    अगर आपकी गाड़ी की PUCC यानी प्रदूषण नियंत्रण (पोल्यूशन अंडर कंट्रोल) नहीं है, तो आपको अब ये करवाना अनिवार्य होगा
    इसके लिए आपको सबसे पहले पेट्रोल पंप या अन्य जगहों पर बने हुए PUCC सेंटर पर जाना होगा
    यहां पर जाकर आपको अपनी गाड़ी की आरसी दिखानी होती है

स्टेप 2
    इसके बाद आपकी आरसी से आपकी गाड़ी की जानकारी सिस्टम में फीड की जाती है
    फिर आपकी गाड़ी की टेस्टिंग होती है यानी उसका प्रदूषण नियंत्रण चेक होता है
    सबकुछ सही पाए जाने पर आपकी गाड़ी की PUCC कर दी जाती है जिसके लिए आपसे निर्धारित शुल्क लिया जाता है
    इसके बाद आपको प्रदूषण नियंत्रण का सर्टिफिकेट दिया जाता है

 

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Thu, 18 Dec 2025 17:39:47 +0530 news desk MPcg
पश्चिमी यूपी में 15 हजार लोगों की क्षमता वाला डिटेंशन सेंटर मॉडल तैयार, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक और CCTV प्रणाली https://citytoday.co.in/4572 https://citytoday.co.in/4572 लखनऊ
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्या शरणार्थियों को रखने के लिए डिटेंशन सेंटर की तैयारी हो रही है. इसका पहला मॉडल सार्वजनिक किया गया है. इस मॉडल में डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था, क्षमता और तकनीकी सुविधाओं का पूरा डेमो दिखाया गया है.

जानकारी के अनुसार, इस डिटेंशन सेंटर का डिजाइन 15 हजार लोगों को रखने की क्षमता वाला है. पश्चिमी यूपी के कमिश्नर ने इसे सरकार को भेजा है और गृह विभाग को इसकी समीक्षा के लिए निर्देशित किया गया है. मॉडल में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है.

त्रिस्तरीय सुरक्षा कवच, बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है. फेस रिकॉग्निशन और थंब इंप्रेशन के जरिए ही किसी व्यक्ति को डिटेंशन सेंटर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी, जिसे कंट्रोल रूम से जारी किए जाने वाले ग्रीन सिग्नल से सुनिश्चित किया जाएगा.

सुरक्षा के लिहाज से मंडलायुक्त ने केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती की सिफारिश की है और डिटेंशन सेंटर में 50 केंद्रीय सुरक्षा कर्मियों की स्थायी नियुक्ति करने की योजना बनाई गई है. मॉडल में पुरुष और महिलाओं को एक ही परिसर में रखने की व्यवस्था दिखाई गई है, लेकिन उनकी अलग-अलग सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जाएगी.

गृह विभाग द्वारा डेमो मॉडल की जांच और मंजूरी के बाद प्रदेश के 17 नगर निकायों में डिटेंशन सेंटर बनाने की योजना है. इसके अलावा, घुसपैठियों की संख्या अधिक होने पर किसी नगर निकाय में एक से अधिक सेंटर स्थापित किए जा सकते हैं. पश्चिमी यूपी में यह पहला कदम माना जा रहा है, जो अवैध प्रवासियों और शरणार्थियों की संख्या को नियंत्रित करने और उनकी निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करेगा. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सेंटर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे.

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Sat, 06 Dec 2025 17:21:17 +0530 news desk MPcg
बच्चों को देख खुद उनसे मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ https://citytoday.co.in/4529 https://citytoday.co.in/4529 गोरखपुर
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम जगजाहिर है। जब भी वह बच्चों को अपने आसपास देखते हैं, उन पर स्नेह और प्यार लुटाते हैं। बुधवार को गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर जब समीप के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो वह खुद उनसे मिलने उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दिया। 

गोला के मदरिया सिद्धपीठ से होकर मुख्यमंत्री जब हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस परिसर के  हेलिपैड पर उतरे तो उस समय बगल के अंबेडकर पार्क में बच्चे ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे थे। हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट सुनकर बच्चे गेट के पास आकर देखने लगे। सीएम योगी को देखते ही बच्चों ने जयकारा लगाकर उनका अभिवादन किया। बच्चों को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए और पहले पार्क के पिछले गेट की ओर गए। गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों से दुलारा। उनसे बात की। सीएम ने पूछा कि क्या कर रहे हो तो बच्चों ने कहा कि ताइक्वांडो की प्रैक्टिस। सीएम ने उन्हें चाकलेट भी दिया।

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Thu, 04 Dec 2025 14:14:35 +0530 news desk MPcg
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा—धर्म परिवर्तन के बाद SC&ST आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा https://citytoday.co.in/4528 https://citytoday.co.in/4528 प्रयागराज
 इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपनाने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के लाभ का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कहा कि यह लाभ केवल हिंदू धर्म में रहने वाले व्यक्तियों को ही प्राप्त हो सकता है. हाई कोर्ट के जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की एकल पीठ ने कहा कि धर्म बदलने के बाद भी अनुसूचित जाति का लाभ लेना संविधान के साथ धोखा है. कोर्ट ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए इस पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए.

चार माह में जांच कर कार्रवाई का आदेश

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि धर्म बदल चुके हिंदुओं की ओर से SC लाभ लिए जाने के मामलों की चार माह में जांच करें और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही महाराजगंज के डीएम को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्ति की ओर से खुद को हिंदू दिखाने के मामले की तीन माह में जांच कर कार्रवाई की जाए.

केंद्र व राज्य सरकार को भी निर्देश

इसके साथ ही कोर्ट ने निम्न अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए:

1. भारत सरकार के कैबिनेट सचिव
2. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव
3. अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग
4. प्रमुख/अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

याची जितेंद्र साहनी की याचिका खारिज

यह निर्णय जितेंद्र साहनी की याचिका पर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने धर्म परिवर्तन के आरोप में एसीजेएम कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द किए जाने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची चाहे तो अधीनस्थ अदालत में डिस्चार्ज अर्जी दे सकता है.

कोर्ट ने हिंदू कौन है, इसका स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, आर्य समाजी आदि हिंदू परंपरा के अंतर्गत आते हैं. जो व्यक्ति मुस्लिम, ईसाई, पारसी या यहूदी नहीं है, वह हिंदू माना जाता है. SC की सुविधाएं केवल हिंदू (और संबंधित धर्मों) को ही दी जाती हैं. धर्म बदलने के बाद व्यक्ति इन लाभों का हकदार नहीं रहता है.

सुप्रीम कोर्ट के इस केस का दिया हवाला

सुप्रीम कोर्ट के C. Selvarani मामले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लाभ लेने के उद्देश्य से धर्मांतरण करना संविधान के साथ धोखा बताया गया है. याची पर आरोप है कि उसने गरीबों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. साथ ही हिंदू देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कीं और धार्मिक शत्रुता भड़काई.

ग्राम मथानिया लक्ष्मीपुर एकडंगा के याची पर आरोप है कि उसने जीसस क्राइस्ट की स्पीच के लिए गरीबों का धर्म परिवर्तन कराया है. SC/ST एक्ट का मकसद भी स्पष्ट करते हुए कोर्ट ने कहा कि SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य उन समुदायों की रक्षा करना है. जो ऐतिहासिक रूप से जातीय भेदभाव का शिकार रहे हैं, उनके लिए ये एक्ट है. इसलिए इस संरक्षण को उन लोगों तक नहीं बढ़ाया जा सकता, जिन्होंने ऐसा धर्म अपना लिया है जहां जाति व्यवस्था मान्य नहीं है.

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Thu, 04 Dec 2025 14:10:25 +0530 news desk MPcg
शामली में बावरिया गैंग का सरगना मिथुन पुलिस एनकाउंटर में ढेर, कार्बाइन&पिस्टल बरामद https://citytoday.co.in/4493 https://citytoday.co.in/4493 शामली

यूपी के शामली में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. सोमवार देर रात झिंझाना के बिडोली जंगल में पुलिस मुठभेड़ में बावरिया गिरोह का सरगना और सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मुठभेड़ में एसओजी के एक हेड कांस्टेबल घायल हुए हैं, जबकि एक थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए. एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पुलिस ने घेरा

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात में सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी–मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं. इस सूचना पर झिंझाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. 

पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मिथुन का साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस ने फरार साथी की तलाश शुरू कर दी है.

एसओजी हेड कांस्टेबल घायल, थाना प्रभारी की बची जान

मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से चली गोलियों में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए. उन्हें ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है. वहीं, झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी, लेकिन वह उसे भेदकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई.

पुलिस ने मारे गए बदमाश के पास से एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद की है. एसपी ने बताया कि मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से ₹25,000 का इनाम घोषित था.

20 से अधिक मुकदमे दर्ज, कई राज्यों में फैला रखा था खौफ

पुलिस के अनुसार, मिथुन के खिलाफ हत्या और लूट समेत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. उसने कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में एक महिला से लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था. वह वर्ष 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड में भी शामिल रहा था. एसपी ने बताया कि मिथुन और उसके गिरोह ने तमिलनाडु में भी कई लूट की वारदातें की थीं. जांच में पता चला कि वह घटना को अंजाम देने के बाद पंजाब, साउथ दिल्ली, जयपुर तथा अन्य स्थानों पर ठिकाने बनाता था.

वेस्ट यूपी से लेकर तमिलनाडु तक थी उसकी दहशत

मिथुन पर पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था. इसके बाद वह दिल्ली, पंजाब, वेस्ट यूपी के शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जैसे जिलों और तमिलनाडु जैसे दूर के राज्यों में भी लगातार अपराध करता रहा. पुलिस के मुताबिक, उसका मकसद कई राज्यों में अपना प्रभाव और खौफ फैलाना था. पुलिस अब फरार साथी राहुल की तलाश में जुटी हुई है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी अभियान चला रही है.

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Tue, 02 Dec 2025 14:14:30 +0530 news desk MPcg
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग कराने वाला गैंगस्टर गिरफ्तार https://citytoday.co.in/4462 https://citytoday.co.in/4462 नई दिल्ली 
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कनाडा में स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर फायरिंग कराने के मुख्य साजिशकर्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इस गैंगस्टर की पहचान बंधु मान सिंह सेखों के रूप में हुई है, जो गोल्डी ढिल्लों गैंग का भारत-कनाडा बेस्ड हैंडलर बताया जा रहा है और उसके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच ने उसके कब्जे से हाई-एंड PX-3 (मेड इन चाइना) पिस्टल 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

इस साल जुलाई में खुले कनाडा के सरे इलाके में खुले कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ को सबसे पहले 10 जुलाई को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया था। उसके बाद 7 अगस्त और 16 अक्टूबर को कैफे पर दो और हमले हुए। गनीमत रही कि इन घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ। कपिल शर्मा ने बुधवार को मुंबई में कहा था कि कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग की तीन घटनाओं ने अधिकारियों को देश में ऐसे हमलों के खिलाफ कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि वहां के नियम और पुलिस के पास शायद ऐसी घटनाओं को कंट्रोल करने की शक्ति नहीं है। लेकिन जब हमारा मामला हुआ, तो यह संघीय सरकार के पास गया और कनाडा की संसद में इस पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि असल में, गोलीबारी की हर घटना के बाद, हमारे कैफे में ज्यादा संख्या में लोग आए। इसलिए अगर भगवान मेरे साथ हैं तो सब ठीक है। शर्मा ने कहा कि हमलों के बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि भगवान जो भी करते हैं, हमें उसके पीछे की कहानी पता नहीं चलती… मुझे वहां से बहुत से लोगों के कॉल आए जिन्होंने मुझे बताया कि बहुत कुछ हो रहा था, लेकिन मेरे कैफे में गोलीबारी के बाद, यह एक खबर बन गई और अब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’’ कपिल शर्मा ने कहा कि मैंने मुंबई या हमारे देश में कहीं भी कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया। मुंबई जैसा कोई दूसरा शहर नहीं है।

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Fri, 28 Nov 2025 17:09:08 +0530 news desk MPcg
प्रदूषण पर ‘आप’ की तीखी टिप्पणी: गोपाल राय बोले—GRAP&3 हटाने का फैसला समझ से परे https://citytoday.co.in/4453 https://citytoday.co.in/4453

नई दिल्ली
'आप' नेता गोपाल राय ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत स्टेज-3 प्रतिबंधों को हटाने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हवा की गुणवत्ता खराब होने के बावजूद यह कदम उठाया गया। यह तब हुआ जब कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने बुधवार को स्टेज-3 के उपाय वापस ले लिए, क्योंकि पिछले तीन दिनों में डेटा में कथित तौर पर सुधार दिखा था। हालांकि, राय ने दावा किया कि यह फैसला गलत था और प्रदूषण डेटा मॉनिटरिंग में ट्रांसपेरेंसी को लेकर चिंता जताई। आईएएनएस से ​​बात करते हुए, गोपाल राय ने कहा, "भाजपा सरकार जिस तरह से प्रदूषण को संभाल रही है, उससे कई सवाल उठते हैं। एक नया सवाल सामने आया है कि अगर आज का प्रदूषण लेवल कल से ज्यादा है, तो ग्रेप-3 क्यों हटाया गया? आज एक्यूआई कल से ज्यादा है, फिर भी स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गईं। जब प्रदूषण का लेवल कम था, तब ग्रेप-3 लागू था।"
राय ने तर्क दिया कि ऐसे समय में पाबंदियां हटाना गैर-जिम्मेदाराना था जब प्रदूषण पारंपरिक रूप से पीक पर होता है। उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है, फिर भी पाबंदियों में ढील दी जा रही है। सरकार को प्रदूषण कम करने के लिए काम करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह डेटा को गलत तरीके से पेश कर रही है। यह दिल्ली के लोगों के खिलाफ एक मानवीय अपराध है, जो स्वास्थ्य पर असर झेल रहे हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार संकट को सुलझाने के बजाय आंकड़ों में हेरफेर कर रही है।
राय ने कहा, "दिल्ली में एयर प्यूरीफायर बिक चुके हैं, और अस्पतालों में सांस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और इसके बजाय डेटा छिपा रही है। भले ही वे प्रदूषण को कंट्रोल न कर सकें, लेकिन आंकड़ों में हेरफेर करना गलत है।" बुधवार को, सीएक्यूएम ने स्टेज-3 की पाबंदियों को हटाने की घोषणा करते हुए हवा की क्वालिटी में धीरे-धीरे सुधार का हवाला दिया। इस वापसी के साथ, दिल्ली अब स्टेज-2 पाबंदियों के तहत काम करेगी। सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर हवा की क्वालिटी के लेवल के आधार पर एक ग्रेडेड प्रोटोकॉल का पालन करता है- स्टेज 1 (खराब, एक्यूआई 201-300), स्टेज 2 (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400), स्टेज 3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450), और स्टेज 4 (गंभीर प्लस, एक्यूआई 450 से ऊपर)।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा कि स्टेज-3 हटाने के साथ, ऑफिस के लिए 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम का नियम और स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड बंद कर दिया गया है। स्टेज-3 की पाबंदियों में गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन, पत्थर तोड़ने, माइनिंग और पुराने डीजल मालवाहक गाड़ियों के चलने पर रोक शामिल है। बदले हुए उपायों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ स्टेज-2 की पाबंदियां लागू रहेंगी।

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Thu, 27 Nov 2025 19:35:53 +0530 news desk MPcg
दिल्ली धमाके के बाद बड़ा खुलासा: चीन&तुर्की&पाकिस्तान की ‘बंदूक साजिश’ बेनकाब https://citytoday.co.in/4416 https://citytoday.co.in/4416

नई दिल्ली 
पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर दिल्ली में अंजाम दिए गए बम धमाके के 10 दिन बाद ही अब 'बंदूक' वाली एक साजिश का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े हथियार तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार पाकिस्तान, चीन और तुर्की से जुड़े हुए हैं। पूरे नेटवर्क के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया गया है, जो तरह-तरह से भारत में खून-खराबे और तबाही की साजिश रचने में व्यस्त रहता है।

दिल्ली पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मनदीप, दलविंदर, रोहन और अजय के रूप में हुई है। इनके कब्जे से चीन और तुर्की में बने 10 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस की बरामदगी हुई है। बरामद पिस्टल्स में तुर्की में निर्मित PX-5.7 और चीन में निर्मित PX-3 शामिल हैं। ये पिस्टल बेहद खतरनाक हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर स्पेशल फोर्स में होता है।

खंगाला जा रहा पूरा नेटवर्क
गिरोह का सीधा संबंध आईएसआई से मिला है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि इस तरह के कितने पिस्टल पहले आ चुके हैं और नई खेप किन लोगों तक पहुंचना था।

ड्रोन से पंजाब भेजते थे हथियार
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तुर्की और चीन में निर्मित इन बंदूकों को भारत भेजने का काम आईएसआई की ओर से किया जा रहा था। यह भी पता चला है कि हथियारों को पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते दिल्ली तक पहुंचाया जा रहा था। तस्करी से जुड़े गुर्गे ड्रोन के जरिए पंजाब में सीमा पार गिराते थे। यहां से इन पिस्टल को दिल्ली लाया गया था। पिस्टल की सप्लाई दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपराधियों को होनी थी।

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Sat, 22 Nov 2025 18:28:43 +0530 news desk MPcg
बिहार कांग्रेस में चुनावी एक्शन: 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में जवाब तलब https://citytoday.co.in/4374 https://citytoday.co.in/4374

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने अब चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले नेताओं पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इसके तहत मंगलवार को 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है, इनमें पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। 

बताया गया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी की अनुशासन समिति ने कई नेताओं को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज नोटिस) जारी किया है। चुनावी अवधि में इन व्यक्तियों द्वारा मीडिया सहित अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए गए थे, जिससे पार्टी की छवि, प्रतिष्ठा तथा चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव के अनुसार संबंधित सभी व्यक्तियों को निर्देशित किया गया है कि वे 21 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक अपना लिखित स्पष्टीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में अनुशासन समिति विवश होकर कठोर कार्रवाई करेगी, जिसमें कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर छह वर्षों के लिए निष्कासन भी सम्मिलित है।

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने कहा है कि पार्टी अनुशासन और एकता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पार्टी को क्षति पहुँचाने वाले किसी भी प्रकार के कृत्य को गंभीरता से लिया जाएगा। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उनमें पूर्व मंत्री अफाक आलम, पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व एमएलसी अजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक गजानंद शाही उर्फ मुन्ना शाही, सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, बांका जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कंचना कुमारी, सारण जिला अध्यक्ष बच्चू कुमार बीरू, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज कुमार राजन भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस छह सीटें जीत पाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को भी इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। 

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Wed, 19 Nov 2025 17:59:16 +0530 news desk MPcg
Bihar: रोहिणी आचार्य के समर्थन में BJP सांसद जगदम्बिका पाल, बोले& यह देश की बेटियों का अपमान https://citytoday.co.in/4342 https://citytoday.co.in/4342 भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के पक्ष में खड़े नजर आए हैं. उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया है, वह ठीक नहीं है. वह एक बेटी हैं और जिस तरह से उनका अपमान किया गया, वह सिर्फ उनका नहीं बल्कि देश की बेटियों का अपमान हुआ है.

बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव का समर्थन करने वाली रोहिणी आचार्य ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर राजनीति से दूरी बनाने की बात कही. रविवार को उन्होंने एक और पोस्ट में दावा किया कि उन्हें गालियां दी गईं और नौबत यहां तक आ गई कि पीटने के लिए चप्पल तक उठाई गई। मजबूरी में मुझे माता-पिता और बहनों को छोड़ना पड़ा.

रोहिणी के पोस्ट पर भाजपा सांसद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि रोहिणी एक बहन हैं, एक बेटी हैं और एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने अपने पिता के लिए किडनी दी, त्याग किया है। अपनी निष्ठा के बावजूद उन्हें अपना घर और परिवार छोड़ना पड़ा. ऐसा व्यवहार न केवल उनके प्रति अपमानजनक है, बल्कि देश की सभी बेटियों का अपमान है.

वहीं बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि जिस वीडियो का जिक्र किया जा रहा है, उसे हमने भी देखा है। किसी भी महिला के लिए अपने ही परिवार में ऐसी स्थिति का सामना करना बेहद दुखद और अपमानजनक होता है.उन्होंने कहा कि अगर रोहिणी की ओर से कोई शिकायत हमारे समक्ष आती है तो हम संज्ञान लेंगे.

उन्होंने कहा कि रोहिणी ने अपने पिता को किडनी दान की थी, जिसे एक बेटी द्वारा अपना कर्तव्य निभाने के एक उल्लेखनीय कार्य के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया था। अब हम सुन रहे हैं कि उन्हें अपने परिवार में, अपने पिता या भाइयों द्वारा अपमानित किया जा रहा है.

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को करारी हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद रोहिणी ने दो लगातार पोस्ट के माध्यम से खुद को परिवार के सदस्यों द्वारा अपमानित करने का आरोप लगाया. रोहिणी के आरोप पर अभी राजद या फिर परिवार के किसी सदस्य की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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Sun, 16 Nov 2025 18:39:29 +0530 news desk MPcg
दिल्ली&NCR में जहरीली हवा का कहर: इंडिया गेट धुंध में ओझल, कई इलाकों में AQI 400+ https://citytoday.co.in/4317 https://citytoday.co.in/4317 नई दिल्ली

 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में घना स्मॉग छाया रहा, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सीने में घुटन महसूस हुई।

इंडिया गेट पर विजिबिलिटी घटी
दिल्ली के पॉपुलर प्लेस इंडिया गेट पर सुबह की सैर के लिए आने वाले लोगों को घने स्मॉग के कारण निराशा हाथ लगी। शनिवार सुबह इंडिया गेट स्मॉग की मोटी चादर में लगभग ओझल हो गया। सुबह 8 बजे यहां AQI 369 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है।

हॉटस्पॉट में हवा 'गंभीर' श्रेणी के करीब
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक प्रदूषण के हॉटस्पॉट माने जाने वाले इलाकों में स्थिति काफी चिंताजनक है। आनंद विहार में सुबह 8 बजे AQI 424 दर्ज हुआ, जो 'गंभीर' श्रेणी की तरफ इशारा करता है। वजीरपुर की हवा का स्तर 447 तक पहुंच गया, जो किसी भी शहर के लिए बेहद खतरनाक है। इसके अलावा लोधी रोड, नजफगढ़, करोल बाग और आईजीआई एयरपोर्ट के पास भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। हवा में धूल कणों, धुएं और नमी के मिश्रण ने एक मोटी स्मॉग की परत बना दी है, जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है।

NCR के हाल भी चिंताजनक
दिल्ली से सटे NCR क्षेत्रों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। नोएडा सेक्टर-1 में AQI 387 दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम सेक्टर-51 में AQI 285 रहा।

सेहत के लिए गंभीर खतरा
इस जहरीली हवा का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें हो रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इतनी खराब हवा में रहने से फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों के लिए जारी की सलाह
दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कच्चे ईंधन वाले वाहनों पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल-नियंत्रण के कड़े उपाय, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है।

आम जनता के लिए जारी की ये सलाह

·         सुबह और शाम के समय (जब प्रदूषण सबसे अधिक होता है) बाहर निकलने से बचें।

·         घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क का उपयोग करें।

·         घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और शरीर को हाइड्रेट रखें।

सरकारी एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन दिल्ली और एनसीआर में हवा की यह गुणवत्ता यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

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Sat, 15 Nov 2025 17:55:41 +0530 news desk MPcg
दिल्ली ब्लास्ट में सनसनीखेज खुलासे: आतंकी डॉक्टर शाहीन का ‘महिला नेटवर्क’ और तहखाने में छिपा डरावना सच https://citytoday.co.in/4290 https://citytoday.co.in/4290 नई दिल्ली

दिल्ली कार ब्लास्ट को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला है और इसका फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन है. सरकार अब दिल्ली बम ब्लास्ट को आतंकी घटना मान चुकी है. अब जांच एजेंसियां भी इसी एंगल से जांच में लगी हैं. आतंकी डॉक्टर उमर और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में अरेस्ट आतंकियों के तार जुड़ते जा रहे हैं. डॉक्टर बनकर आतंकी साजिश रचने वाले आतंकियों की कुंडली खंगाली जा रही है. इस बीच जैश की लेडी कमांडर डॉ. शाहीन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जी हां, आतंकी डॉ. शाहीन की कहानी अब बहुत दिलचस्प हो गई है.

जानकारी के मुताबिक, आतंकी डॉक्टर शाहीन श्रीलंका के LTTE की तर्ज पर काम करना चाहती थी. उसके इरादे बहुत खौफनाक थे. वह भारत में मौजूद मुस्लिम लड़कियों को जिहादी बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों को शिकार बनाना चाहती थी और उनके नाम पर टेरर फंडिंग लेना चाहती थी. उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फंडिंग भी मिल रही थी. दरअसल, जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की जांच में पांच ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर डॉक्टरों के टेरर मॉड्यूल का खतरनाक इरादा पता चल जाएगा.

आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर पांच चौंकाने वाले खुलासे:

    डॉक्टर शाहीन श्रीलंका की आतंकी संगठन लिट्टे (LTTE) की तर्ज पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग खड़ी करने की योजना में लगी हुई थी. वह लिट्टे से सम्बंधित लेख को भी पढ़ चुकी थी. जांच एजेंसी डॉक्टर शाहीन को बहुत हार्ड कोर रेडिकलाइज मान करके आगे बढ़ रही है. ताकि उसके असल इरादे का पता चले.

    डॉ. शाहीन दिखावे के लिए दवाखाना भी खोलना चाहती थी. उसकी मुस्लिम लड़कियों को जिहाद की ओर ढकेलने की साजिश थी. इसके लिए वह रिक्रूट सेंटर के लिए तहखाना बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों के नाम पर टेरर फंडिंग ले रही थी.

    भारत में आतंकी ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर शाहीन सीक्रेट जगह ढूंढ रही थी. रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए आंतकी शाहीन यूपी के सहारनपुर और हापुड़ में जगह की तलाश कर रही थी. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश से डॉ. शाहीन को फंडिंग मिली थी.

    डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज को जांच एजेंसी फरीदाबाद-दिल्ली ले गई है. जांच एजेंसी उसके लखनऊ स्थित घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फ़ोन और हार्ड डिस्क को खंगाल रही है. उसके कांटेक्ट में रहने वाले लोग भी राडार पर हैं.

    डॉक्टर शाहीन के संपर्क में रहने वाले एक डॉक्टर से यूपीए ATS पूछताछ कर रही है. डॉक्टर शाहीन ने जिन जिन लोगों से मुलाकात की और लोकेशन पर गई थी, वो सभी UP ATS के राडार पर हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में डॉक्टर शाहीन और उसके नापाक इरादों को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं.

कौन है डॉक्टर शाहीन
दरअसल, डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के तहत ही गिरफ्तार किया गया है. कहा जाता है कि डॉक्टर शाहीन दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट के आरोपी आतंकी मुजम्मिल की कथित गर्लफ्रेंड है. वह लखनऊ की रहने वाली है. उसकी उम्र 46 साल है. घरवालों के मुताबिक वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी. वह अपने क्लास में टॉप करती थी. सरकारी स्कूलों से शुरू हुई उसकी पढ़ाई ने उसे एक सफल एमबीबीएस डॉक्टर और प्रोफेसर बना दिया. उसने मेडिसिन के फील्ड में कई साल काम किया. स्टूडेंट्स को पढ़ाया और प्रैक्टिकल नॉलेज दी.

फरीदाबाद में क्या हुआ
दिल्ली ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा खुलासा हुआ. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के तार जब हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचे तो पूरी दुनिया के होश उड़ गए. हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से 2,900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुए. इसके साथ कई आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारियां भी हुईं. इनमें शाहीन भी है. इसके बाद उसी शाम को यानी सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में विस्फोट हुआ. फरीदाबाद वाली रेड से बच निकले आतंकी डॉक्टर उमर ने यह धमाका किया. लाल किले वाली विस्फोट में बारह लोग मर गए, जिनमें आतंकी उमर भी था. फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी से डॉक्टरों से जुड़े एक आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया, जो कथित तौर पर अखिल भारतीय हमलों की योजना बना रहे थे.

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Thu, 13 Nov 2025 15:13:17 +0530 news desk MPcg
अयोध्या में मचा हड़कंप: हाई अलर्ट के बीच लावारिस बैग से फैली सनसनी, बम स्क्वॉड ने संभाली कमान https://citytoday.co.in/4278 https://citytoday.co.in/4278 अयोध्या 
दिल्ली में ब्लास्ट के बीच रामनगरी अयोध्या में सर्किट हाउस के समीप रोडवेज बस स्टैंड के पास एक लावारिस बैग मिलने से सनसनी फैल गई। हाई अलर्ट होने से सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं। कोतवाली नगर क्षेत्र के बस स्टॉप पर करीब दो घंटे से एक काला बैग एक ही जगह पड़ा देख स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही अयोध्या पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। 

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Wed, 12 Nov 2025 18:28:29 +0530 news desk MPcg
जावेद हबीब और बेटे को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक https://citytoday.co.in/4248 https://citytoday.co.in/4248  प्रयागराज

सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है।

दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जावेद हबीब और उनके बेटे पर संभल के राय सत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाप-बेटे ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है।

गिरफ्तारी के लिए दी जा रही थी दबिश
जावेद हबीब, अनोश हबीब के अलावा सैफुल नाम के शख्स के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोप है कि 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने मुनाफे के लालच में पैसा लगाया था. पुलिस ने जावेद हबीब और उनके पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है, ताकि कोई भी देश छोड़कर न भाग सकें पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जावेद हबीब के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर नोटिस भी चस्पा किया है। सभी मुकदमों की पुलिस विवेचना कर रही है। जावेद हबीब और उनके बेटे की तरफ से पेश वकील शिखर नीलकंठ, मोहित सिंह, अमित तिवारी ने पक्ष रखा। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की गई।

करोड़ों की धोखाधड़ी का है मामला
जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में संभल के रायसत्ती थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस धोखाधड़ी मामले में अब तक कुल 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि संभल के रॉयल पैलेस में सितंबर 2023 में जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने सेमिनार आयोजित किया था। इस सेमिनार में लोगों को दो से 20 लाख  रुपये तक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। दो साल बीतने के बाद न तो निवेशकों को कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम अब तक लौटाई गई।

धोखाधड़ी और ठगी के इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एफएलसी कंपनी में पैसा निवेश करने पर निवेशकों को 50 से 70% मुनाफे का लालच देकर ठगा है। निवेशकों ने ठगी के बारे में जानकारी होने के बाद रायसत्ती थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 23 सितंबर को रायसत्ती थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फिर उसके बाद लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है।

 

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Mon, 10 Nov 2025 18:13:18 +0530 news desk MPcg
पैदा होने से पहले ही जिन्ना को दफन कर देना — गोरखपुर में एकता यात्रा के मंच से गरजे सीएम योगी https://citytoday.co.in/4247 https://citytoday.co.in/4247 गोरखपुर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं।

गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।"

उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।"

'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…'
सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"
 
मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।

 

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Mon, 10 Nov 2025 18:11:13 +0530 news desk MPcg
योगी ने कांग्रेस व राजद को धोया, बोले& अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार https://citytoday.co.in/4231 https://citytoday.co.in/4231 योगी ने कांग्रेस व राजद को धोया, बोले- अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार

बिहार विधानसभा चुनाव (कंपाइल खबर)

सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की

योगी ने दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का किया आग्रह

सीएम योगी ने ढाका विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल के समर्थन में मांगा वोट

लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार में अंधेरा करने वाले अब राशन हजम करने की तैयारी में हैंः सीएम

योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे, महागठबंधन फिर नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है

योगी ने दिखाया आईना- महागठबंधन में हिम्मत नहीं कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर सकें, यूपी में माफिया की छाती पर चलता है बुलडोजर तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं

भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया, मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को ही दी

ढाका में घुसपैठियों के आका को भी लगाएंगे ठिकानेः सीएम योगी

रैलियों में योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा जिंदाबाद से गूंज उठा बिहार

पूर्वी चम्पारण/पश्चिम चंपारण

उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण के मतदान के अगले दिन शुक्रवार को बिहार में राजद-कांग्रेस पर ऐसा तीखा प्रहार किया कि जनसभा में पहुंची जनता का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। सीएम ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटियागंज से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की। दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का आग्रह किया। तीसरी रैली में उन्होंने ढाका से पवन कुमार जायसवाल के लिए वोट मांगा। रैलियों में योगी आदित्यनाथ को देखने जनसैलाब उमड़ा। पूरा बिहार बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। सीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अराजकता इनका जन्मसिद्ध अधिकार है।

चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार को अंधेरे में झोंकते थे, फिर से वही आपका राशन हजम करने आए हैं। यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। बिहार को 1990 से 2005 के बीच जातीय संघर्ष, नरसंहार, अपहरण और डकैती के दौर में झोंकने वाले अब फिर नई पैकिंग में वोट मांगने निकले हैं। यह वही लोग हैं, जिन्होंने लालटेन की धुंधली लाइट में बिहार में जातीय संघर्ष करवाया था। यह लोग लालटेन की केरोसिन को बेच करके अंधेरा करते थे, फिर घरों में डकैती भी डालते थे। जो लोग पहले चारा खा गए, अब राशन खाने आए हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने नौजवानों को बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे में धकेला। अब फिर जातीय नफरत और लूट का राज वापस लाना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब विकास और विरासत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया की संपत्ति जब्त कर गरीबों के घर बनाए गए, वैसे ही बिहार में भी सुशासन से अपराध और नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा।

कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी तत्कालीन सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी रैली में कांग्रेस व राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके। यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद व इनके पार्टनर दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। सीएम योगी ने मतदाताओं को चेताया कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। सीएम योगी ने अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। सीएम योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाया। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी।

ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे

सीएम योगी ने तीसरी रैली में कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार की गौरवशाली परंपरा को कलंकित किया है। इन दलों ने बिहार को जातीय आधार पर बांटा, नौजवानों को पहचान के संकट में धकेला और विकास की गति को रोक दिया। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे। नौजवान बिहार को बांटने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे। बिहार अब विकास चुन रहा है, एनडीए की सरकार चुन रहा है। सीएम योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार में विकास भी है और विरासत का सम्मान भी। सड़क, बिजली, पानी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं से बिहार नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि ये वही दल हैं जो ढाका जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को घुसपैठ का केंद्र बनाकर अराजकता फैलाना चाहते हैं, लेकिन एनडीए ऐसी साजिशों को कभी सफल नहीं होने देगा। सीएम योगी ने फिर दोहराया कि बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार को फिर से लूटने के लिए खानदानी माफिया सक्रिय हो गए हैं, लेकिन जनता उन्हें करारा जवाब देगी।

रैलियों में योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब

उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दीदार करने बिहार में जनसैलाब उमड़ा रहा। खचाखच भरे मैदान के साथ ही विभिन्न बिल्डिंगों की छतों, दीवारों व पेड़ों पर लोग खड़े रहे। पूरा जनसमुदाय बुलडोजर बाबा जिंदाबाद की गूंज से गुंजायमान हो उठा। जयश्री राम, बुलडोजर बाबा लिखी पट्टी लेकर युवाओं ने जनसभा स्थल पर सीएम योगी का अभिनंदन किया।

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Fri, 07 Nov 2025 19:13:35 +0530 news desk MPcg
Bihar Election 2025 1st Phase Polling: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सुबह 11 बजे तक 27.65 प्रतिशत मतदान; बेगूसराय सबसे आगे, राजधानी पटना पीछे https://citytoday.co.in/4216 https://citytoday.co.in/4216 पटना, 6 नवंबर : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है. चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे तक 27.65 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें बेगूसराय जिले में सर्वाधिक वोटिंग हुई. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार चुनाव के पहले चरण में दोपहर 11 बजे तक 27.65 प्रतिशत वोटिंग हुई. इस दौरान बेगूसराय में सर्वाधिक 30.37 प्रतिशत वोट पड़े. वहीं वोटिंग के मामले में दूसरे नंबर पर लखीसराय है, जहां पर शुरुआत में कम मतदान हुआ था. लखीसराय में शुरुआती दो घंटे में करीब 7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, लेकिन सुबह 11 बजे तक यहां पर 30.32 प्रतिशत मतदान हुआ. सबसे कम मतदान राजधानी पटना में दर्ज किया गया, जहां सुबह 11 बजे तक 23.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 9 बजे तक बेगूसराय में 14.60 प्रतिशत, भोजपुर में 13.11 प्रतिशत, बक्सर में 13.28 प्रतिशत, दरभंगा में 12.48 प्रतिशत, गोपालगंज में 13.97 प्रतिशत, खगड़िया में 14.15 प्रतिशत, मधेपुरा में 13.74 प्रतिशत, मुंगेर में 13.37 प्रतिशत, मुजफ्फरपुर में 14.38 प्रतिशत, नालंदा में 12.45 प्रतिशत, पटना में 11.22 प्रतिशत, समस्तीपुर में 12.86 प्रतिशत, सारण में 13.30 प्रतिशत, शेखपुरा में 12.97 प्रतिशत, सीवान में 13.35 प्रतिशत और वैशाली जिले में 14.30 प्रतिशत मतदान हुआ था.

इससे पहले सुबह 7 बजे बिहार के 121 विधानसभा सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हुई. बिहार के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने जानकारी दी कि 121 विधानसभा क्षेत्रों में सभी मतदान केंद्रों पर मतदान निर्धारित समय पर शुरू हुआ. पहले चरण में 1314 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है, जिनमें 1192 पुरुष और 122 महिला उम्मीदवार शामिल हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में कुल 3,75,13,302 मतदाता हैं, जिनमें 1,98,35,325 पुरुष, 1,76,77,219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं, जो 1314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

121 विधानसभा क्षेत्रों में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 45,341 है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 36,733 और शहरी क्षेत्रों में 8,608 मतदान केंद्र शामिल हैं. 320 आदर्श मतदान केंद्र घोषित किए हैं, जिनमें से 926 महिला-प्रबंधित और 107 दिव्यांग-प्रबंधित हैं. अकेले पटना में 5,677 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 541 केवल महिलाओं के लिए, 49 आदर्श मतदान केंद्र, 14 दिव्यांगजनों के अनुकूल मतदान केंद्र और 3 युवा-केंद्रित बूथ शामिल हैं.

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Thu, 06 Nov 2025 14:29:32 +0530 news desk MPcg
चीन जैसा मॉडल अपनाएगी दिल्ली? धुंध और स्मॉग खत्म करने की बड़ी योजना तैयार https://citytoday.co.in/4214 https://citytoday.co.in/4214 नई दिल्ली
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर के बीच चीन ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस समस्या से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है। 2010 के दशक की शुरुआत में दिल्ली और बीजींग दोनों ही धुंध और वायु प्रदूषण के अत्यधिक और खतरनाक स्तर से जूझ रहे थे, जहां पीएम 2.5 की सांद्रता नियमित रूप से 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक थी। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर वार्षिक दिशानिर्देश से 50 गुना ज्यादा थी। नवंबर 2025 तक बीजींग ने निरंतर सुधारों के जरिये वायु प्रदूषण की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता हासिल कर ली है। आइये जानते हैं चीन ने बीजींग की हवा को कैसे साफ किया।
 
चीन की दिल्ली को प्रदूषण में मदद की पेशकश
नई नीतियों के साथ कड़ाई से लागू किए गए नियम चीनी सरकार ने एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया, जिसमें नई नीतियों के साथ नए नियम बना कर उनको कड़ाई से लागू किया। चीन ने सबसे पहले बीजींग को चुना। यहां दूसरे देशों के दूतावास हैं और वायु प्रदूषण की समस्या चीन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का कारण बन गई थी। तमाम बदलाव लाने वाली तकनीकों का परीक्षण बीजींग में किया गया और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आने के बाद इसे दूसरी जगहों पर भी लागू किया गया। लो एमिसन जोन की रणनीति वायु प्रदूषण से निपटने और विशिष्ट क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की बीजींग की रणनीति में लो एमिसन जोन(एलईजेड) जैसी पहलों ने महत्पपूर्ण भूमिका निभाई।

बीजिंग ने प्रदूषण नियंत्रण में सफलता पाई
ये क्षेत्र उच्च-उत्सर्जन वाले वाहनों के प्रवेश को सीमित करते हैं, जिससे परिवहन के स्वच्छ और अधिक पर्यावरण-अनुकूल साधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, शहर ने प्रदूषणकारी औद्योगिक सुविधाओं को बंद करके और ही¨टग प्रणालियों को उन्नत करके कोयले की खपत को कम करने के लिए काम किया।गैस आधारित इंडस्ट्री बीजींग ने कोयले के इस्तेमाल में कमी लाने में अग्रणी भूमिका निभाई।

3,000 छोटे बायलरों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया और 2017 तक कोयले के इस्तेमाल को 1.5 करोड़ टन तक सीमित कर दिया। यानी 30 प्रतिशत की कटौती। प्राकृतिक गैस और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों ने इस कमी को पूरा किया, और शहर ने 4 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ाई। वाहनों के प्रदूषण पर नियंत्रण का तरीका बीजींग ने लाइसेंस प्लेट लाटरी के •ारिए वाहनों की संख्या सीमित कर दी और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 1,000 किलोमीटर तक कर दिया।

कैसे साफ हुई बीजींग की हवा?
बीजींग ने सार्वजनिक परिवहन, साइकिलिंग और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों से चलने वाले ई-वाहनों को अपनाया है, जिससे शहर के परिवहन परि²श्य में नया बदलाव आया है। 2020 तक, सब्सिडी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से नई बिक्री में इलेक्टि्रक वाहनों का योगदान 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। 2,000 से ज्यादा कारखाने बंद हो गए या स्थानांतरित हो गए, और सर्दियों के दौरान इस्पात उत्पादन में कटौती की गई।

निगरानी और पेड़ लगाने पर जोर निगरानी के मोर्चे पर काफी काम किया गया। 1,500 स्टेशनों के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क ने रियल टाइम पीएम2.5 डाटा उपलब्ध कराया। सार्वजनिक ट्रेकिंग के लिए 'ब्लू स्काई' जैसे एप को सशक्त बनाया गया। बीजींग के आसपास 10 करोड़ पेड़ लगाए। इससे पेड़ों ने बड़ी मात्रा में कार्बन का अवशोषण किया और हवाओं के प्रदूषण को कम करने में बड़ा योगदान दिया।

ये रहे नतीजे
2013 से 2017 तक, बीजींग में पीएम2.5 का स्तर 35 प्रतिशत से घटकर 89.5 से 58 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया। इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत में 25 प्रतिशत की गिरावट आई। 2020 तक, तीन-वर्षीय कार्य योजना ने कोयले की खपत में 15 करोड़ टन की और कटौती की और कुल खपत में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी। सांस की दिक्कतों से जुड़े मामलों में 20 प्रतिशत की कमी आई।

औसत आयु पर असर
वायु गुणवत्ता में सुधार ने लोगों की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में योगदान दिया है। बीजींग में, पीएम2.5 के स्तर में गिरावट से स्थानीय जीवन प्रत्याशा में लगभग 4.6 वर्ष की वृद्धि होने का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर पर 2013 से औसत जीवन प्रत्याशा में दो वर्ष की वृद्धि हुई है। 2013 और 2020 के बीच, चीन वायु प्रदूषण में कुल वैश्विक कमी के लगभग तीन-चौथाई के लिए जिम्मेदार था। इसके विपरीत, बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान सहित दक्षिण एशियाई देशों में 2000 के बाद से कण प्रदूषण में ¨चताजनक वृद्धि देखी गई है।

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Thu, 06 Nov 2025 13:25:26 +0530 news desk MPcg
योगी सरकार की बड़ी सौगात, निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर अब ₹85,000 तक की सहायता https://citytoday.co.in/4207 https://citytoday.co.in/4207 योगी सरकार की बड़ी सौगात, निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर अब ₹85,000 तक की सहायता

योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

सामान्य विवाह पर ₹65,000, अंतर्जातीय विवाह पर ₹75,000, सामूहिक विवाह पर ₹85,000 तक की सहायता

आयोजन के लिए मिलेगी अलग से ₹15,000 की राशि, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क

बीओसी बोर्ड द्वारा अब तक संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ₹6336.61 करोड़ वितरित, 1.88 करोड़ पंजीकृत श्रमिक लाभान्वित

हर गरीब और श्रमिक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना ही योगी सरकार का संकल्प

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है।राज्य के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना में आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब सामान्य विवाह के लिए ₹65,000, अन्तर्जातीय विवाह के लिए ₹75,000 और सामूहिक विवाह के लिए ₹85,000 प्रति जोड़े की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ₹15,000 आयोजन के लिए पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा।

कन्यादान का फर्ज निभा रहे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि श्रमिक परिवार समाज की रीढ़ हैं। उनकी बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना सरकार का मानवीय कर्तव्य है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी श्रमिक बेटी बिना चिंता के अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सके। इसी क्रम में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की संपूर्ण व्यवस्था श्रम विभाग एवं बोर्ड द्वारा की जाएगी ताकि श्रमिक परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विवाह आयोजन में सुरक्षा, आवास, परिवहन और भोजन की सभी व्यवस्थाएं विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी।

1.88 करोड़ से अधिक पंजीकृत श्रमिक होंगे लाभान्वित
बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का उद्देश्य हर पंजीकृत श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कन्या विवाह सहायता राशि में वृद्धि से श्रमिक परिवारों को सीधा और ठोस लाभ मिलेगा। वर्तमान में 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हैं। 

सुविधाजनक और निःशुल्क आवेदन प्रक्रिया
पंजीकृत श्रमिक मात्र ₹20 एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान देकर योजनाओं के पात्र बन सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन एवं निःशुल्क है — श्रमिक www.upbocwboard.in वेबसाइट या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

श्रमिकों के लिए बोर्ड द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाएं

बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं—

▪️जन्म सहायता: पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000 और ₹2.50 लाख की सावधि जमा राशि।

▪️शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक ₹2,000 से ₹1,00,000 तक की धनराशि एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति।

▪️गंभीर बीमारी सहायता: चिकित्सा पर आने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति।

पेंशन सहायता: पात्रता अनुसार प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता।

दिव्यांगता/मृत्यु सहायता: ₹2,00,000 से ₹5,00,000 तक की आर्थिक मदद श्रमिक के आश्रितों को प्रदान की जाती है।

अब तक बोर्ड द्वारा 18,94,797 आवेदनों पर ₹6336.61 करोड़ की धनराशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा चुकी है।

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Wed, 05 Nov 2025 18:12:48 +0530 news desk MPcg
गोरखपुर में ‘साहित्यिक महाकुंभ’ का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ https://citytoday.co.in/4136 https://citytoday.co.in/4136 गोरखपुर में ‘साहित्यिक महाकुंभ’ का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा

नेशनल बुक ट्रस्ट कर रहा आयोजन, पुस्तकों के स्टाल के साथ ही सजेंगे बाल मंडप और साहित्यिक मंच

गोरखपुर
 प्रयागराज में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अद्वितीय महाकुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन सबकी स्मृतियों में रच-बस गया है। अब बारी ‘साहित्यिक महाकुंभ’ की है। साहित्यिक महाकुंभ का यह आयोजन गोरखपुर पुस्तक महोत्सव के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होने जा रहा है। 1 नवंबर से 9 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को करेंगे।

गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) की तरफ से किया जा रहा है। यह आयोजन नगर की गहरी आध्यात्मिक, कलात्मक और साहित्यिक विरासत का एक भव्य उत्सव होगा। पुस्तक महोत्सव में आमजन प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से रात 8 बजे तक शामिल हो सकेंगे। इसमें सभी के लिए प्रवेश निशुल्क होगा। पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे। 

नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार प्रथम पुस्तक महोत्सव में 100 से अधिक प्रकाशकों के 200 से भी अधिक पुस्तकों के स्टॉल लगेंगे, जहां हिंदी, अंग्रेजी और अनेक भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, बाल मंडप और साहित्यिक मंच पर नामचीन लेखकों-वक्ताओं के साथ संवाद, कार्यशालाएं और चर्चाएं भी आयोजित होंगी।

बच्चों के लिए होंगी आकर्षक गतिविधियां
बाल मंडप में बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें कहानी सत्र, कठपुतली शो, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप, चित्रांकन और डूडलिंग प्रतियोगिताएं, ओरिगेमी और क्ले आर्ट, सुलेख और रंगमंच कार्यशालाएं तथा म्यूजिकल स्टोरीज सेशन शामिल होंगे। ताकि बच्चे पुस्तकों की दुनिया से आनंदपूर्वक तरीके से जुड़ सकें।

जानी-मानी साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मिलेगा अवसर
साहित्यिक मंच पर गोरखपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ी अनेक जानी-मानी साहित्यिक हस्तियाें को सुनने का अवसर मिलेगा। जिनमें अवध संस्कार : लोकाचार और लोकगीत की लेखिका डाॅ. मनोरमा मिश्रा, विद्वान साहित्यकार डाॅ. रामदेव शुक्ल, प्रसिद्ध कवि-आलोचक व्यमोश शुक्ल (प्रधानमंत्री, नागरी प्रचारिणी सभा), वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक आशा प्रभात, युवा लेखिका डाॅ. निधि अग्रवाल,  पत्रकार-उपन्यासकार उमा, वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल, पूर्व पुलिस अधिकारी एवं विविध पुस्तकों की लेखिका डाॅ. सत्या सिंह, अरविंद त्रिपाठी, अमित कुमार, कवयित्री सुनीता अबाबील तथा गोरखपुर के प्रतिष्ठित लेखक सुभाष यादव आदि शामिल हैं।

सांस्कृतिक संध्या में होंगे समृद्ध विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम
सांस्कृतिक संध्याओं में भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे, जिनमें बिरजू महाराज कथक संस्थान (लखनऊ) के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य एवं गायन, कव्वाली प्रस्तुति, तथा ‘फोक क्वीन ऑफ इंडिया’ मालिनी अवस्थी की एक विशेष प्रस्तुति शामिल है। इनके अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का नाटक, सूफी एवं बॉलीवुड फ्यूजन म्यूजिक, कवि सम्मेलन, और ‘द युवाम प्रोजेक्ट’ के साथ एक विशेष म्यूजिकल ईवनिंग आयोजित की जाएगी। जिससे यह आयोजन साहित्य, कला और संस्कृति का एक भव्य महोत्सव बन जाएगा।

ई-लाइब्रेरी का भी ले सकेंगे अनुभव
दर्शक यहां ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया)’ का अनुभव भी ले सकेंगे, जहां 3,000 से अधिक ई-पुस्तकों तक निशुल्क पहुंचा जा सकता है। यह पारंपरिक पढ़ने की आदत का डिजिटल ज्ञान की दुनिया के साथ सुंदर समन्वय होगा।

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Fri, 31 Oct 2025 17:38:53 +0530 news desk MPcg
काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है देव दीपावली: मुख्यमंत्री https://citytoday.co.in/4123 https://citytoday.co.in/4123 काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है देव दीपावली: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की देव दीपावली तैयारियों की समीक्षा

01 से 04 नवंबर तक आयोजित होगा गंगा महोत्सव, 05 नवंबर को गंगा तट पर भव्य देव दीपावली

घाटों पर प्रकाश, सजावट, दीपदान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी उच्च गुणवत्ता व समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश

गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे: मुख्यमंत्री

चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो होगा

देव दीपावली में स्मार्ट लाइटिंग, थीम आधारित इंस्टालेशन, ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शौचालय, पेयजल, चिकित्सा, कंट्रोल रूम और सफाई कर्मियों की तैनाती 24×7 सक्रिय रखने का निर्देश

नाविक समुदाय को देव दीपावली की गरिमा का हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट और पूर्ण सहयोग दिया जाए

क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के दर्शन से अभिभूत होंगे श्रद्धालु: मुख्यमंत्री

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में 05 नवम्बर को वाराणसी में आयोजित होने वाली देव दीपावली 2025 की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देव दीपावली काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है। यह पर्व भारत की उस अनादि परंपरा का सजीव प्रतीक है, जहाँ दीप केवल ज्योति नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रभाव का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की देव दीपावली का आयोजन इस प्रकार किया जाए कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक चेतना का विश्व संदेश बने।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि देव दीपावली से पूर्व आयोजित गंगा महोत्सव (01 से 04 नवम्बर) और मुख्य आयोजन देव दीपावली (05 नवम्बर) की सभी तैयारियाँ समयबद्ध, व्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता की हों। घाटों की प्रकाश सज्जा, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसहभागिता की तैयारियाँ इस प्रकार हों कि श्रद्धा, अनुशासन और सौंदर्य का संतुलन प्रदर्शित हो। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने। इसके लिए घाटों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अवरोध न हो।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन, नगर निगम, पुलिस, जल पुलिस, संस्कृति, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, विद्युत व स्वास्थ्य विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि देव दीपावली के अवसर पर घाटों पर स्मार्ट लाइटिंग, आकर्षक फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-आधारित इंस्टालेशन तथा ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक घाट पर पर्याप्त सफाई कर्मी तैनात रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे और कमांड सेंटर से सीसीटीवी फीड की निगरानी निरंतर की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएँ। घाटों के समीप आपातकालीन नौका एवं एम्बुलेंस सेवाएँ उपलब्ध रहें। नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी दी जाए।

मुख्यमंत्री ने नमो घाट, राजघाट, राजेन्द्र प्रसाद घटा, दशाश्वमेध घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की और कहा कि वहाँ दीप सज्जा, पर्यटक सुविधाएँ और सुरक्षा उपाय उच्च स्तर पर किए जाएँ। उन्होंने कहा कि नाविक समुदाय काशी की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, उनका उत्साह और योगदान देव दीपावली की गरिमा को और बढ़ाता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पर्याप्त सहयोग मिले और श्रद्धालुओं को सुरक्षित नौका सेवाएँ प्राप्त हों।

बैठक में बताया गया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो का आयोजन करने की योजना है। इसी तरह, काशी विश्वनाथ घाट और चेत सिंह घाट के बीच रेत की सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन लगाई जाएगी। ग्रीन आतिशबाजी, लेज़र शो और संगीत कार्यक्रम के साथ काशी विश्वनाथ धाम घाट के सामने 10 मिनट का ग्रीन फायरक्रैकर शो आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देव दीपावली का आयोजन ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के भाव को साकार करने वाला हो। घाटों से लेकर गलियों तक स्वच्छता, सुगमता और प्रकाश व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शटल सेवाओं, विद्युत आपूर्ति और चिकित्सा सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि किसी भी क्षेत्र में जाम या अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि गंगा तटों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों और धर्माचार्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। यह आयोजन जनसहयोग, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी का यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मबल का उत्सव है। काशी आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ की पावनता, व्यवस्था और अनुशासन देखकर ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय परंपरा को अनुभव करें।

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Thu, 30 Oct 2025 19:07:11 +0530 news desk MPcg
ट्रंप के टैरिफ के बीच भारत ने बाजी मार ली — चीन को एक्सपोर्ट में 22% की वृद्धि https://citytoday.co.in/4084 https://citytoday.co.in/4084 नई दिल्ली

एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ-टैरिफ (Trump Tariff) खेल रहे हैं, तो वहीं भारत ने अपने निर्यातक देशों की लिस्ट में विविधता लाई है. इसका असर भी देखने को मिला है. अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ (US Tariff On India) का बड़ा असर झींगा निर्यात से लेकर टेक्सटाइल सेक्टर तक पर देखने को मिला. लेकिन भारतीय निर्यातकों ने अमेरिकी बाजार में दबाव के बीच दूसरे देशों के बाजारों का रुख किया. रिपोर्ट के मुताबिक, US Tariff Tension के बीच India-China के व्यापार संबंध सुधरे हैं और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारत का चीन को निर्यात करीब 22% बढ़ा है. 

टैरिफ टेंशन के बीच बढ़ा चीन से कारोबार
रिपोर्ट्स की मानें तो India-China Trade में सुधार के चलते अप्रैल-सितंबर 2025 में चीन को भारत का निर्यात 8.41 अरब डॉलर रहा है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2024 के 6.90 अरब डॉलर से 22 फीसदी के आसपास की बढ़त दर्शाता है. खास तौर पर अमेरिकी टैरिफ के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स के प्रोडक्ट्स की चीन में अच्छी खासी डिमांड देखने को मिली है. इनमें झींगा और एल्युमिनियम प्रमुख हैं. इसके अलावा और भी कई क्षेत्रों ने चीन को निर्यात में तेजी दिखाई है. 

झींगा समेत इन सेक्टर्स को लगा था झटका
बीते दिनों आईं अन्य रिपोर्ट्स पर नजर डालें, तो अमेरिका द्वारा भारत पर 50% का टैरिफ लगाने के बाद से भारतीय झींगा निर्यात पर बुरा असर देखने को मिला है. ग्लोबल डेटा के हवाले से ट्रंप के इस टैरिफ अटैक के चलते भारत से अमेरिका को एयर कार्गो निर्यात में 14 फीसदी की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है, तो आंध्र प्रदेश की झींगा इंडस्ट्री करीब 25,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया था. इनमें कहा गया था कि अमेरिका को झींगा निर्यात के 50 फीसदी ऑर्डर 50% टैरिफ के बाद से रद्द हुए.

इसके अलावा अन्य सबसे प्रभावित सेक्टर्स में एल्युमिनियन और टेक्सटाइल रहा, जिनके लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा है. बीते दिनों कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री यानी CITI के एक सर्वे में इसके प्रभाव देखने को मिले थे. सर्वे के निष्कर्षों में सामने आया था कि निर्यात पर 50% टैरिफ के चलते कपड़ा और परिधान क्षेत्र कम ऑर्डर और कारोबार में करीब 50% की गिरावट से जूझ रहा है. 

चीनी राजदूत बोले- 'भारतीय वस्तुओं का स्वागत'
भारत में चीन के राजदूत श फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (पहले X) पर एक पोस्ट के जरिए भी India-China Trade बढ़ने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि, 'वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में चीन को भारत का निर्यात 22% बढ़ा है. बीजिंग ज्यादा से ज्यादा भारतीय वस्तुओं का स्वागत करता है और अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने में मदद के लिए तैयार है.'

ट्रंप ने भारत पर टैरिफ किया था दोगुना
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ पॉलिसी के तहत शुरुआत में भारत पर 25 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. लेकिन बाद में रूसी तेल और हथियारों की खरीद को मुद्दा बनाया और भारत पर इसकी खरीद बढ़ाकर यूक्रेन युद्ध में पुतिन की मदद करने का आरोप लगाया था. इसके चलते अमेरिका की ओर से भारत पर लागू टैरिफ को दोगुना करते हुए 50% कर दिया गया था, जो 27 अगस्त से लागू है. 

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Tue, 28 Oct 2025 14:46:47 +0530 news desk MPcg
UPSC छात्र की चौंकाने वाली करतूतें: 15 से अधिक अश्लील वीडियो और अमृता की सिलेंडर साजिश में शामिल https://citytoday.co.in/4083 https://citytoday.co.in/4083  नई दिल्ली

दिल्ली में 32 साल के UPSC छात्र के मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अश्लील वीडियो बनाने के जुर्म में रामकेश मीणा की हत्या करने वाली उसकी लिव इन पार्टनर ने जो हथकंडे अपनाए वो वाकई चौंकाने वाले हैं। अब दिल्ली पुलिस ने एक और नई बात बताते हुए कहा कि मृतक रामकेश के पास उसकी लिव इन पार्टनर के अलावा 15 और ऐसे अश्लील वीडियो का कलेक्शन था। UPSC छात्र के फ्लैट से बरामद हुई एक हार्ड डिस्क में 15 से अधिक महिलाओं के ऐसे ही वीडियो मिले हैं। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ वीडियो सामग्री की जांच कर रहे हैं ताकि महिलाओं की पहचान हो सके और यह पता लगाया जा सके कि वीडियो उनकी सहमति से रिकॉर्ड किए गए थे या नहीं।

मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा,'ऐसा लगता है कि मृतक ने कई महिलाओं के साथ ऐसा ही किया था और अपने लैपटॉप पर उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड करता था। लैपटॉप अभी बरामद नहीं हुआ है,लेकिन हार्ड डिस्क जब्त कर ली गई है और इसमें 15 से अधिक महिलाओं के वीडियो हैं। बता दें कि 32 वर्षीय व्यक्ति का जला हुआ शव 6 अक्टूबर को गांधी विहार,तिमारपुर स्थित उसके चौथे मंजिल के अपार्टमेंट से बरामद किया गया था। शुरुआत में पुलिस ने आग से लापरवाही बरतने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था,लेकिन बाद की जांच में पता चला कि यह सोच-समझकर की गई हत्या का मामला था।

पुलिस ने  बताया कि उसकी पार्टनर मुरादाबाद की 21 वर्षीय BSc फोरेंसिक साइंस की छात्रा है। उसे पूर्व-प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि महिला गुस्से और अपमान से भरी हुई थी क्योंकि उसे पता चला कि उसने चुपके से उसके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए थे और जब उसने डिलीट करने को कहा तो उसने मना कर दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार,आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित की हत्या कर दी और इस हत्या को आकस्मिक आग लगने की घटना के रूप में दर्शाने की कोशिश की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा,'जब उसने उससे विरोध किया और उसने फुटेज हटाने से मना कर दिया,तो उसे धोखा मिला और अपमानित महसूस हुआ।

जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी ने फोरेंसिक साइंस की अपनी पृष्ठभूमि और क्राइम शो में अपनी रुचि का उपयोग करते हुए बड़ी सावधानी से हत्या को छुपाने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर 5 अक्टूबर की रात को वह अपने पूर्व-प्रेमी और एक अन्य सहयोगी के साथ पीड़ित के फ्लैट पर गई थी। तीनों ने कथित तौर पर पीड़ित पर हमला किया और मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, फिर शव पर तेल और शराब डाली। अधिकारी ने आगे कहा,'उन्होंने गैस रेगुलेटर खोल दिया और एक लाइटर जलाया,जिससे अचानक आग लगने का सीन बनाया गया। सिलेंडर को पीड़ित के सिर के पास रखा गया था। लगभग एक घंटे बाद आग फैली और सिलेंडर फट गया,जिससे शव पूरी तरह से जल गया।'

अमृता की LPG सिलेंडर वाली साजिश में राजदार बने सुमित-संदीप

 राजधानी के गांधी विहार इलाके में हुए यूपीएससी छात्र हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है. एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में उत्तरी दिल्ली के गांधी विहार में अपने फ्लैट में अपने 32 साल के लिव-इन पार्टनर की हत्या करने वाली महिला ने लाश को जलाने के लिए तेल, घी और शराब का इस्तेमाल किया था.

दिल्ली पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में आरोपी की पहचान अमृता चौहान (21) के रूप में हुई है, और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी UPSC की तैयारी कर रहे रामकेश मीणा की जली हुई लाश उनके फ्लैट में मिलने के कुछ दिनों बाद हुई है.

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी फॉरेंसिक साइंस की स्टूडेंट अमृता ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप (27) और उसके साथी संदीप कुमार (29) के साथ मिलकर मीणा का गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद, लाश को पूरी तरह जलाने के इरादे से उस पर तेल, घी और शराब डाली.

पर्दे के पीछे साजिश का खेल…

एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया, "आरोपी लड़की ने अपनी फॉरेंसिक साइंस की जानकारी का इस्तेमाल करके इस घटना को एक एक्सीडेंटल आग की तरह दिखाने की कोशिश की. तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले हैं."

ऑफिसर ने कहा, "अमृता ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड सुमित और उसके दोस्त संदीप के साथ मिलकर यह मर्डर प्लान किया था, जिससे वह एक हार्ड डिस्क वापस ले सके, जिसमें कथित तौर पर उसके अश्लील वीडियो थे."

ऑफिसर ने आगे बताया कि यह घटना 6 अक्टूबर को हुई, जब गांधी विहार में चौथी मंजिल के एक फ्लैट में आग लगने की खबर मिली. आग बुझाने के बाद, पुलिस को युवक की जली हुई लाश मिली.

अमृता ने खुद बताई पूरी कहानी…

घटना के बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन फॉरेंसिक टीमों को आग लगने के पैटर्न में कुछ गड़बड़ियां मिलने के बाद शक बढ़ गया. पुलिस ने बताया कि टीम ने CCTV फुटेज खंगाला, जिसमें 5 अक्टूबर की रात को दो नकाबपोश आदमी बिल्डिंग में घुसते दिखे, और उनके बाद अमृता और एक और आदमी भी आया. उनके जाने के कुछ ही मिनट बाद आग लग गई.

अधिकारी ने बताया कि कॉल डेटा रिकॉर्ड के एनालिसिस से यह भी कन्फर्म हुआ कि घटना के वक्त अमृता का मोबाइल फोन क्राइम सीन के पास ही था. उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे शक बढ़ता गया, पुलिस टीम ने अमृता की हरकतों पर नज़र रखना शुरू कर दिया. बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद, उसे 18 अक्टूबर को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान उसने सुमित और संदीप के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग करने की बात कुबूल कर ली."

एक्स ने घोंटा गला, अमृता ने डाला घी…

पुलिस के मुताबिक, अमृता ने बताया कि उसे पता चला था कि मीणा ने चुपके से उसके इंटीमेट वीडियो रिकॉर्ड किए थे और उन्हें एक हार्ड डिस्क में सेव कर लिया था. जब उसने उन्हें डिलीट करने से मना कर दिया, तो वह अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित के पास गई, जो गुस्सा हो गया और उसने बदला लेने में उसकी मदद करने के लिए हां कर दी.

इसके बाद, उन लोगों ने मीणा को इस तरह से खत्म करने का प्लान बनाया कि यह एक आग लगने का हादसा लगे. उन्होंने कहा, "5 और 6 अक्टूबर की दरमियानी रात को सभी आरोपी मीना के फ्लैट पर गए. जब ​​सुमित और संदीप ने उसका गला घोंटा. अमृता ने शरीर पर तेल, घी और शराब डालने में मदद की, जिससे वह पूरी तरह से जल जाए."

पुलिस ने बताया कि सुमित एक LPG डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम करता था. इस वजह से उसे पता था कि गैस सिलेंडर फटने में कितना वक्त लगेगा. उसने किचन से गैस सिलेंडर निकाला और रेगुलेटर का नॉब खोलकर उसे विक्टिम के सिर के पास रख दिया और आग लगा दी.

सबूत मिटाने की भरपूर कोशिश लेकिन…

पुलिस ऑफिसर ने आगे बताया कि इसके बाद, उन्होंने फ्लैट के लोहे के गेट से नेट हटा दिया और अमृता ने हटे हुए नेट के अंदर से हाथ डालकर गेट को अंदर से लॉक कर दिया. वे मृतक का हार्ड डिस्क, दो लैपटॉप और बाकी सामान भी ले गए. करीब एक घंटे बाद, सिलेंडर फट गया और लाश जल गई.

अमृता की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने मृतक का एक हार्ड डिस्क, एक ट्रॉली बैग और एक शर्ट बरामद किया. 21 अक्टूबर को, सह-आरोपी सुमित को मुरादाबाद से पकड़ा गया, और अपराध के दौरान इस्तेमाल किया गया उसका मोबाइल फोन भी ज़ब्त कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि दो दिन बाद, एक और आरोपी संदीप को भी पकड़ लिया गया.

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Tue, 28 Oct 2025 14:44:00 +0530 news desk MPcg
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब सिर्फ इतने दिन ही दिल्ली में चलेंगे पटाखे https://citytoday.co.in/3996 https://citytoday.co.in/3996 नई दिल्ली

दिवाली के त्योहार से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट  ने दिल्ली-एनसीआर  के निवासियों को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने क्षेत्र में ग्रीन पटाखों की बिक्री पर लगी रोक को 25 अक्टूबर तक के लिए हटा दिया है। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के सुझावों पर विचार करने के बाद लिया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से सिफारिश की थी कि पटाखों के उत्पादकों और त्योहार के मद्देनजर लोगों को यह अस्थायी राहत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने उनकी सिफारिश को मानते हुए यह आदेश जारी किया है। यह छूट विशेष रूप से ग्रीन पटाखों के लिए दी गई है जो पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं।

यह आदेश 25 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा जिससे दिवाली के दौरान लोग ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह फैसला दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण की चिंताओं और त्योहार के मौके पर लोगों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

 

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Wed, 15 Oct 2025 17:31:06 +0530 news desk MPcg
औद्योगिक क्रांति की राह पर उत्तर प्रदेश, योगी मॉडल से बदला उद्योग जगत का नक्शा https://citytoday.co.in/3968 https://citytoday.co.in/3968 औद्योगिक क्रांति की राह पर उत्तर प्रदेश, योगी मॉडल से बदला उद्योग जगत का नक्शा

2024-25 में रिकॉर्ड 4,000 नई फैक्ट्रियां हुईं स्थापित, कुल संख्या पहुंची 27,000 के पार 

फैक्ट्री की संख्या में वृद्धि नए उत्तर प्रदेश के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक

निवेश, रोजगार और औद्योगिक विश्वास में नित नए इतिहास बना रहा है उत्तर प्रदेश 

विगत साढ़े 8 वर्षों में योगी सरकार ने उद्योगों के लिए तैयार किया विशेष पारिस्थितिकी तंत्र 

निवेशकों को आकर्षित करने के साथ ही उन्हें जोड़े रखने में भी सफलता प्राप्त कर रहा प्रदेश 

लखनऊ
 कभी पिछड़ेपन और बेरोजगारी के प्रतीक के रूप में देखा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज उद्योगों का नया ग्रोथ सेंटर बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने जिस गति से औद्योगिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, उसने पूरे देश को चकित किया है। वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 4,000 नई फैक्ट्रियां स्थापित हुईं, जिससे प्रदेश में कुल फैक्ट्रियों की संख्या 27,000 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। यह केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

योगी सरकार ने विगत साढ़े 8 वर्षों में उद्योगों के लिए एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है जो निवेशकों को न केवल आकर्षित करता है बल्कि उन्हें लंबे समय तक जोड़े रखता है। राज्य में निवेश से संबंधी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बनाया है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश आज देश का “न्यू इनवेस्टमेंट हब” बन गया है। यहां स्थापित फैक्ट्रियों में इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, केमिकल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

तेज रफ्तार से बढ़ा औद्योगिक आधार
वर्ष 2003 में उत्तर प्रदेश में सिर्फ 8,980 फैक्ट्रियां थीं। 2021 में यह संख्या बढ़कर 16,503 तक पहुंच गई। 2022 में यह संख्या 17,481 से होते हुए 2023 में 19,100 का आंकड़ा पार कर गई। 2025 में अब यह 27,000 तक पहुंच गई है जो उल्लेखनीय वृद्धि है। यह वृद्धि केवल संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक भूगोल में एक संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है। अब निवेश केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा या लखनऊ तक सीमित नहीं, बल्कि बरेली, कानपुर, झांसी, गोरखपुर, आजमगढ़ और प्रयागराज जैसे शहरों तक फैल चुका है।

निवेश और रोजगार का नया युग
2023-24 की एएसआई रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के टॉप-15 औद्योगिक राज्यों में चौथे स्थान पर पहुंच गया था। 2023-24 तक राज्य में 22,141 फैक्ट्रियां संचालित थीं, जो देश की कुल फैक्ट्रियों का 8.5 प्रतिशत हिस्सा थीं। इन इकाइयों में 12.80 लाख से अधिक वर्कर्स कार्यरत थे जो देशभर के औद्योगिक वर्कफोर्स का 8.3 प्रतिशत था। फैक्ट्री ग्रोथ की वार्षिक दर 16 प्रतिशत और वर्कर्स की संख्या में 8 प्रतिशत की वृद्धि ने दर्शाया कि प्रदेश में न केवल उद्योग बढ़ रहे हैं, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी लगातार विस्तार हो रहा है। 2025 में 27 हजार फैक्ट्रीज की संख्या इसी का प्रमाण है। 

गांवों तक पहुंची औद्योगिक क्रांति
सरकार का लक्ष्य केवल शहरी औद्योगिक विकास नहीं, बल्कि ग्राम्य औद्योगिकरण को भी बढ़ावा देना है। एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और निर्यात सुविधा जैसे कदम उठाए गए हैं। आज यूपी के कई ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्योग आत्मनिर्भर भारत की जड़ें मजबूत कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की यह औद्योगिक कहानी केवल विकास का नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और परिवर्तन का उदाहरण बन रही है। 

 

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Tue, 14 Oct 2025 18:24:38 +0530 news desk MPcg
कुशीनगर की सड़कों को मिलेगा नया जीवन, 11 जर्जर मार्गों के पुनर्निर्माण पर प्रशासन की मंजूरी https://citytoday.co.in/3967 https://citytoday.co.in/3967  राजापाकड़

क्षेत्र के सेमरा हर्दोपट्टी, बसंतपुर रामलगन राय, मठिया भोकरिया, बेनीभार गांव की सड़कों सहित फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र की 11 जर्जर सड़कों का कायाकल्प होगा। 8.9 किमी लंबाई वाली सड़कों के लिए 208.52 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, शासन ने 104.20 लाख रुपये की प्रथम किस्त अवमुक्त भी कर दी है। विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने इसका प्रस्ताव भेजा था।

इन सड़कों का होगा कायाकल्प
1150 मीटर सेमरा हर्दोपट्टी संपर्क मार्ग के लिए 16.17 के सापेक्ष 8.09 लाख रुपये, 400 मीटर मठिया भोकरिया मुसहर टोला मार्ग के लिए 5.88 लाख के सापेक्ष 2.94 लाख रुपये, 150 मीटर रामलगन राय संपर्क मार्ग के लिए 2.98 लाख के सापेक्ष 1.49 लाख रुपये व बेनीभार संपर्क मार्ग लंबाई 800 मीटर के लिए 21.61 लाख के सापेक्ष 10.81 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है। इसके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र में बीसीटी से लोहार पट्टी 500 मीटर मार्ग के लिए 25.12 लाख के सापेक्ष 12.56 लाख रुपये, कोकिलपट्टी पांडेय टोला संपर्क मार्ग लंबाई 1600 मीटर के लिए 39.21 लाख के सापेक्ष 19.61 लाख, पटहेरवा पिपरा कनक से चैनपट्टी गगलवा संपर्क मार्ग लंबाई 200 मीटर के लिए 7.53 लाख के सापेक्ष 3.77 लाख, करमैनी का मजरा नूरखार टोला संपर्क मार्ग लंबाई 700 मीटर के लिए स्वीकृत 17.84 लाख रुपये के सापेक्ष 8.92 लाख, फाजिलनगर बघौचघाट मार्ग से नरायनपुर संपर्क मार्ग लंबाई 1000 मीटर के लिए स्वीकृत 22.81 लाख रुपये के सापेक्ष 11.32 लाख, समऊर नोनिया पट्टी मार्ग से परसौनी खुर्द पश्चिम टोला संपर्क मार्ग लंबाई 1500 मीटर के लिए स्वीकृत 26.73 लाख रुपये के सापेक्ष 13.37 लाख और नरायनपुर खास टोला संपर्क मार्ग लंबाई 900 मीटर के लिए स्वीकृत धनराशि 22.64 लाख रुपये के सापेक्ष 11.32 लाख रुपये अवमुक्त हुए हैं।

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Tue, 14 Oct 2025 18:21:27 +0530 news desk MPcg
अलीगढ़ में शादी के बाद 12 दुल्हनों का अचानक गायब होना, परिवारों में मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/3950 https://citytoday.co.in/3950 अलीगढ़
करवाचौथ की रात जहां देशभर की सुहागिनें अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, वहीं अलीगढ़ में इसी रात एक ऐसी वारदात घटी जिसने भरोसे और रिश्तों की जड़ों को हिला दिया. यहां 12 घरों में एक साथ मातम पसर गया, क्योंकि इन परिवारों की नई-नई आई दुल्हनें करवाचौथ का व्रत रखकर, छलनी में चांद दिखाकर, पति की आरती उतारकर और घरवालों को नशीला खाना खिला कर लाखों की नकदी और जेवर लेकर फरार हो गईं.

यह मामला सासनी गेट थाना क्षेत्र का है, जहां अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस ने इसे एक संगठित गिरोह की करतूत बताया है. बताया जा रहा है कि ये सभी 'दुल्हनें' बिहार और झारखंड से लाई गई थीं, जिन्हें दलालों ने लड़कियों की कमी झेल रहे घरों में ब्याह करवा दिया था. शादी के लिए इन दलालों को 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की रकम दी गई थी.

करवाचौथ की रात भरोसे का कत्ल

मामले की जांच में सामने आया कि सभी बारहों दुल्हनों ने शादी के बाद बड़े प्यार और सलीके से ससुराल वालों का दिल जीत लिया था. किसी ने सास के साथ मंदिर जाने की आदत डाल ली थी, तो कोई पति के साथ खेतों तक जा पहुंची थी. सबने करवाचौथ का व्रत भी रखा, घर में सजावट की, मेहंदी लगाई और रात को जब व्रत खोलने का वक्त आया, तब उन्होंने ऐसी चाल चली कि किसी को शक तक न हुआ. परिवार वालों के मुताबिक, रात के खाने में सभी दुल्हनों ने खुद हाथ लगाकर व्यंजन बनाए. उसी खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. जैसे ही परिवार वाले बेहोश हुए, वैसे ही सबने अपनी-अपनी गठरी बांधी और भाग निकलीं. सुबह जब लोग होश में आए, तो अलमारियां खुली थीं, लॉकर खाली थे और सुहागनें घर में नहीं थी.

दलालों का कोई अता-पता नहीं

इन शादी में दलालों ने अहम भूमिका निभाई थी. ज्यादातर शादियां तीन से चार दलालों के नेटवर्क के जरिए हुई थीं. ये लोग दावा करते थे कि बिहार या झारखंड की ‘गरीब लेकिन संस्कारी लड़कियों’ को अच्छे परिवारों में बसाना चाहते हैं.
जब लड़कियां भागीं, तो सबसे पहले उन्हीं दलालों के नंबर पर फोन किए गए मगर सभी नंबर या तो बंद मिले या फिर इस नंबर पर अब कोई और बोल रहा है की आवाज आई. धीरे-धीरे सच सामने आया कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित जाल था.

12 परिवारों के साथ 30 लाख की ठगी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन 12 लुटेरी दुल्हनों ने मिलकर करीब 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है. इसमें सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन शामिल हैं. कुछ घरों से दहेज में मिली रकम भी साफ हो गई.
एक पीड़ित ने बताया, शादी को बस 10 दिन हुए थे, करवाचौथ पर उसने बड़े प्यार से पूजा की. हम सब भावुक हो गए. सोचा था नसीब खुल गए, पर सुबह देखा तो सब कुछ लुट गया. दूसरे परिवार ने बताया कि शादी से पहले लड़कियों ने साधारण परिवार का दिखावा किया था, ताकि शक न हो. कई घरों में तो पड़ोसी बाराती बनकर गए थे यानी सबकुछ पूरी तैयारी से हुआ.

पुलिस की टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सासनी गेट थाने में जैसे ही पहले परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई, वैसे ही बाकी पीड़ित भी पहुंच गए. धीरे-धीरे पता चला कि यह एक संगठित ठगी का रैकेट है. एएसपी मयंक पाठक ने बताया, यह एक सुनियोजित गिरोह है जो बिहार-झारखंड और पश्चिमी यूपी में सक्रिय है. चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं. जल्द ही सबकी गिरफ्तारी होगी. पुलिस ने अब बिहार और झारखंड के कई जिलों में संपर्क साधा है, ताकि इन महिलाओं की असली पहचान निकल सके. जिन एजेंटों ने यह रिश्ता कराया, उनके फोटो और दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं.

ऐसे चलता है लुटेरी दुल्हन रैकेट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई नया फार्मूला नहीं है. कई बार ऐसे गिरोह गरीब इलाकों से युवतियों को बहला-फुसलाकर शादियों में भेजते हैं. शादी के बाद वे कुछ दिन ससुराल में रहती हैं, भरोसा जीतती हैं और फिर एक दिन नकदी-जेवर लेकर फरार हो जाती हैं. इस रैकेट का फायदा उन इलाकों में उठाया जाता है जहां लिंगानुपात असंतुलित है और गरीब या उम्रदराज़ पुरुषों को शादी के लिए दुल्हन नहीं मिलती. अलीगढ़ पुलिस ने शक जताया है कि यह गिरोह पहले भी हाथरस, बुलंदशहर और बदायूं में ऐसी वारदातें कर चुका है. अब अलीगढ़ में यह अब तक की सबसे बड़ी ठगी साबित हो रही है.

करवाचौथ की रात यादों में जहर बन गई

जिस करवाचौथ को इन परिवारों ने खुशियों का त्योहार समझा था, वही रात अब उनके लिए जहर बन गई. गांव की गलियों में अब भी चर्चा है कि सब कुछ इतनी सफाई से हुआ कि किसी को भनक तक नहीं लगी. न कोई झगड़ा, न कोई इशारा बस अचानक सब हवा हो गईं.

 

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Mon, 13 Oct 2025 19:38:21 +0530 news desk MPcg
बहुत कुछ सहा है मीलॉर्ड…’ महिला वकीलों की गुहार, चेंबर की सुविधा की उठाई मांग https://citytoday.co.in/3949 https://citytoday.co.in/3949 नई दिल्ली

15 से 25 साल हो गए और देख‍ि‍ए, इसके बाद भी देश भर के न्यायालयों-बार काउंस‍िल्स में मह‍िला वकीलों के लिए आज बैठने तक के लिए जगह नहीं है. बरसों से हम हर तरह से सह रहे हैं. 90 के दशक तक तो कभी ये हालात थे कि ज्यूड‍िशरी में मह‍िलाओं का आना ही बहुत अच्छा नहीं माना जाता था. आज जब मह‍िलाओं की संख्या यहां बढ़ी है तो उन्हें सुव‍िधाएं नहीं मिल रहीं. कई पीपल के पेड़ के नीचे बैठ रही हैं तो कई बस एक सही जगह के इंतजार में रहती हैं…सुप्रीम कोर्ट महिला अधिवक्ता एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट प्रेरणा सिंह कहती हैं कि अब हम सुप्रीम कोर्ट से अपने लिए बराबरी से ज्यादा व्यवहार‍िक जरूरत पूरी करने की मांग कर रहे हैं. 

मह‍िला अध‍िवक्ताओं की याच‍िका में क्या है? 

गौरतलब है कि देश की वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याच‍िकाकर्ताओं में 15 से 25 साल अनुभव वाली इन वकीलों ने अदालत से देश भर की अदालतों और बार एसोसिएशनों में महिला वकीलों को प्रोफेशनल चैंबर या केबिन देने के लिए एक समान और लैंगिक रूप से संवेदनशील नीति बनाने की मांग की है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी कर प्रतिवादियों से जवाब मांगा है. 

याचिका में महिला अधिवक्ताओं ने कहा है कि बरसों से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की चैम्बर वेटिंग लिस्ट में होने के बावजूद उन्हें प्रोफेशनल कामों के लिए उचित जगह नहीं मिली. याचिका में ये भी कहा गया है कि भविष्य में होने वाले चैंबर या केबिन आवंटन में महिला वकीलों को प्राथमिकता दी जाए या उनके लिए सीटें आरक्षित हों.  इसके अलावा याचिका में उन महिला वकीलों के लिए भी चैंबर बनाने और प्राथमिकता देने की बात की गई है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 25 साल से ज्यादा प्रैक्टिस की है और जो अभी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की प्रतीक्षा सूची में हैं

पेड़ के नीचे बैठकर प्रैक्ट‍िस…

एडवोकेट प्रेरणा महिला वकीलों की प्रैक्ट‍िकल समस्या का जिक्र करती हैं. वो कहती हैं कि इतने सालों की प्रैक्टिस होने के बाद भी हमें बैठने के लिए कोई जगह नहीं मिलती. कंसल्टेशन रूम हमेशा बुक रहता है. लोग दिन भर वहीं बैठे रहते हैं. तमाम अदालतों में महिला वकीलों को अक्सर पेड़ के नीचे बैठकर क्लाइंट से मिलने या काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. कल्पना कीजिए आप पेड़ के नीचे बैठकर काम कर रही हैं, चाय वाला आता है और कहता है ‘चाय ले लो मैडम’. आप जवाब देती हैं, ‘नहीं, आगे जाएं’. चायवाला आगे कहेगा कि कोई नहीं क्लाइंट को पिला दो. बताओ आपकी उस समय क्या इज्जत रह जाती है. 

कहने का अर्थ ये है कि ऐसी बहुत सारे हालात हम लोगों ने देखा और महसूस किया है. तभी हमें लगा कि ये जरूरी है कि हमें एक सम्मानजनक स्थान दिया जाए. हमारी मांग रिजर्वेशन के लिए नहीं बल्कि हमें बेसिक सुविधाएं चाहिए. हमारा मकसद केवल ये है कि महिलाओं को काम करने के लिए सुविधाजनक चेम्बर मिले. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज नोटिस जारी किया और उन्होंने सकारात्मक संकेत दिया कि महिलाओं, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंदों को कार्य और सुविधा के लिए जगह दी जानी चाहिए. हमें उम्मीद है कि जल्द ही कुछ सकारात्मक आदेश और निर्देश मिलेंगे.

कार्यक्षमता पर पड़ रहा असर 

याच‍िकाकर्ता और सुप्रीम कोर्ट महिला वकील संघ की उपाध्यक्ष एडवोकेट भक्ति पासरिजा का कहना है कि महिला वकीलों को चेंबर की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है. महिला वकील लंबे समय से चेंबर के लिए आवेदन कर रही हैं, लेकिन उन्हें कोई पॉजिट‍ि रेस्पांस नहीं मिल रहा है. वो कहती हैं कि हम कभी भी रिजर्वेशन की बात नहीं करते. यहां मुद्दा समान अवसर और कार्यक्षमता का है. हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सकारात्मक कदम उठाएगा. मेरा मानना है कि महिला वकीलों के लिए कार्यस्थल होंगे तो पेशेवर संरचना में सुधार होगा. 

मांगें पूरी हुई तो क्या बदलेगा 

सुप्रीम कोर्ट की सीन‍ियर एडवोकेट सोन‍िया माथुर कहती हैं कि आज लड़क‍ियां ज्यूड‍िशरी में करियर बनाने का सपना देखने लगी हैं. कोर्ट पर‍िसरों में मह‍िला अध‍िवक्ताओं की संख्या बढ़ी है. ऐसे में न्यायालय पर‍िसर भी जेंडर सेंसेट‍िव होने चाहिए. मह‍िलाएं न्याय के क्षेत्र में आती हैं तो उन्हें यहां का माहौल भी उनके अनुरूप मिलना चाहिए. ठीक यही बात दिव्यांगों के लिए भी लागू होती है. उन्हें भी अदालतों में चेंबर के अलावा हर सहूल‍ियत मिलनी चाहिए. न्यायालय में समय समय पर महिलाओं के लिए आवाज उठाई जाती है. देश भर के न्यायालयों में न स‍िर्फ चेंबर बल्क‍ि महिलाओं के ल‍िए क्रेच की सुव‍िधा, साफ टॉयलेट और भेदभाव रहित माहौल मिलना चाहिए. इससे उनकी प्रोफेशनल कार्यक्षमता बढ़ेगी. साथ ही ज्यूड‍िशरी में मह‍िलाओं की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी. 

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Mon, 13 Oct 2025 19:32:47 +0530 news desk MPcg
कुशीनगर में बड़ा बदलाव: पुलिस अधीक्षक ने 314 अफसरों का तबादला अभियान शुरू किया https://citytoday.co.in/3922 https://citytoday.co.in/3922 कुशीनगर
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर तबादलों को शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत पिछले तीन साल से एक ही थाने में तैनात 314 पुलिसकर्मियों को अन्य थानों में स्थानांतरित किया गया है। इस फैसले से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और कर्मियों के बीच चर्चा जोरों पर है।

जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण की सूची में हेड कांस्टेबल और आरक्षी शामिल हैं, जो लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थ थे। पुलिस अधीक्षक का यह कदम कार्यक्षमता बढ़ाने और भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी जैसे मुद्दों को रोकने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से कुछ कर्मी प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आकर अनुचित गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

स्थानांतरण की सूची जारी होने के बाद कई पुलिसकर्मियों ने नई तैनाती को लेकर अपनी सहमति जताई, जबकि कुछ ने असंतोष भी व्यक्त किया। हालांकि, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने साफ किया कि यह फैसला विभाग की बेहतरी और जनता की सेवा को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नियमित स्थानांतरण से पुलिसकर्मियों को नए अनुभव मिलेंगे और उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा।

पुलिस महकमे के सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई से जूनियर और सीनियर दोनों स्तर के कर्मियों में हलचल है। कुछ थानों में स्टाफ की कमी की शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इन खामियों को दूर कर लिया जाएगा। स्थानांतरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई असुविधा न हो।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

 

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Sat, 11 Oct 2025 18:48:36 +0530 news desk MPcg
अमित शाह का केजरीवाल पर तंज, घर बैठे ही सुनाई ये कटु बात! https://citytoday.co.in/3906 https://citytoday.co.in/3906 नई दिल्ली 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर बरसते नजर आए। गृहमंत्री ने पूर्व सीएम पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इतने घोटाले किए कि जनता ने उनके चुनाव का 'घोटाला' कर दिया और अब वह घर बैठे हुए हैं। इसी साल फरवरी में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल अपनी सीट तक नहीं बचा पाए थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यमुना नदी की सफाई के लिए 1,816 करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट्स की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पूर्व की आप सरकार और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जोरदार निशाना साधा। शाह ने कहा, 'केजरीवाल जी ने 11 साल में मोहल्ला क्लीनिक का घोटाला, सीएनजी का घोटाला, शराब घोटाला, विज्ञापन का घोटाला, दवा का घोटाला, क्लासरूम का घोटाला, दिल्ली जल बोर्ड का घोटाला, शीशमहल का घोटाला, सीसीटीवी लगाने का घोटाला और पैनिक बटन का घोटाला। इतने घोटाले कर दिए कि दिल्लीवालों ने उनके चुनाव का ही घोटाला कर दिया। और अब वह घर पर बैठ हुए हैं।'

गृहमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस पर भी जोरदार हमला किया और कहा कि देश में उसकी सरकार थी तो 12 लाख करोड़ के घोटाले हुए। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की सरकार थी देश में तब 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले किए थे। मोदी जी के 11 साल के शासन में एक भी आरोप हमारे प्रधानमंत्री पर नहीं लगे। यही बताता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें जनता को समर्पित सरकारें हैं।'

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भ्रष्टाचार कम करने और विज्ञापनों पर कम पैसा खर्च करने मात्र से ही यमुना का शुद्धिकरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की जनता ने परिवर्तन को चुना तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमारी सरकार की प्राथमिकता में सर्वोच्च स्थान पर मां यमुना को शुद्ध करना है। मोदी ने वादा किया था कि हम 2029 से पहले यमुना जी को स्वच्छ करने का काम पूरा कर देंगे। उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार कम करने और विज्ञापनों पर कम पैसा खर्च करने मात्र से ही यमुना जी का शुद्धिकरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज यमुना के शुद्धिकरण और साफ यमुना के स्वप्न को साकार करने का रास्ता प्रशस्त हो चुका है।

 

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Fri, 10 Oct 2025 19:17:21 +0530 news desk MPcg
बरेली में सपा पर रोक, माता प्रसाद नजरबंद; संभल में सांसद बर्क के घर के बाहर पुलिस तैनात https://citytoday.co.in/3816 https://citytoday.co.in/3816 बरेली 

उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी।
प्रशासन का आदेश

बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष

डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया।

‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’
समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.”

उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है.

बर्क के घर भी पुलिस तैनात
बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है.

सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं.

बरेली में भी सपा नेता नजरबंद
सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है.

संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट
सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है.

अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है.

जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा
 बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है. 

माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

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Sat, 04 Oct 2025 12:33:39 +0530 news desk MPcg
दिल्ली आश्रम कांड: चैतन्यानंद की काली करतूतें उजागर, वार्डन भी शामिल https://citytoday.co.in/3749 https://citytoday.co.in/3749

नई दिल्ली

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध आश्रम के स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती नाम के संचालक पर 17 छात्राओं से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। छात्राओं की शिकायत पर वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने मामला दर्जकर लिया है। जांच में पता चला कि आरोपी महंगी वोल्वो कार में एंबेसी का नंबर लगाकर घूम रहा था। पुलिस ने कार जब्त कर ली है और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि संचालक की आखिरी लोकेशन आगरा में देखी गई। पता चला है कि मठ ने उसे कृत्य की जानकारी होते ही उसे आश्रम से निकाल दिया गया है।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दक्षिण भारत के प्रमुख मठ का एक आश्रम दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में है। इसे चलाने के लिए स्वामी चैतन्यानंद नामक आरोपी को संचालक नियुक्त किया गया था। आश्रम में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है, जिसके दो बैच हैं। दोनों बैच में 35 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं ने अपनी शिकायत में बताया कि आश्रम में काम करने वाली कुछ वार्डन आरोपी से मिलवाती थीं। सभी छात्राओं के अदालत में जज समक्ष (183 के तहत) के बयान भी दर्ज हो गए हैं। मामला दर्ज होने का पता चलने के बाद आरोपी भाग गया है।

एंबेसी का नंबर अपनी महंगी कार पर लगा रखा था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने अपनी महंगी वोल्वो पर यूएन का नंबर लगा रहा था। उसने कार पर 39 यूएन 1 लिखा हुआ था। पुलिस ने इस बारे में जब यूएन से रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि उसे कोई नंबर नहीं दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसने खुद ही नंबर लिखा था।

छात्राओं की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। दक्षिण भारत के प्रमुख मठ ने उसे आश्रम से निकाल दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।- अमित गोयल, पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पश्चिमी जिला दिल्ली पुलिस

शृंगेरी शारदापीठ का बयान
दक्षिणाम्नाय श्रीशारदापीठ, शृंगेरी ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर बताया कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती (पूर्व नाम – स्वामी डॉ. पार्थसारथी) के खिलाफ गंभीर कदम उठाए गए हैं। पीठ ने साफ कहा है कि उनके आचरण और गतिविधियाँ अवैध, अनुचित और पीठ के हितों के खिलाफ रही हैं। इसी कारण उनसे पीठ के सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं।

पीठ की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती के अवैध कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही, शृंगेरी पीठ ने स्पष्ट किया है कि ‘श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च’ (वसंत कुंज, नई दिल्ली) एआईसीटीई (AICTE) से मान्यता प्राप्त है और यह संस्था पीठ के अधीन चल रही है।

संस्थान का संचालन पीठ द्वारा गठित गवर्निंग काउंसिल करती है, जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. कृष्णा वेंकटेश कर रहे हैं। गवर्निंग काउंसिल ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी और उनकी पढ़ाई तथा कार्यक्रमों में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

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Wed, 24 Sep 2025 16:00:26 +0530 news desk MPcg
छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम https://citytoday.co.in/3747 https://citytoday.co.in/3747 छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम

26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम योगी करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण

फरवरी-मार्च की जगह अब सितम्बर माह में ही वितरित की जाएगी छात्रवृत्ति

पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई

2024 में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को  मिली थी छात्रवृत्ति

वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक होने की संभावना

लखनऊ
 प्रदेश की योगी सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बेहतर शिक्षा माहौल देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में इस वर्ष एक क्रांतिकारी पहल करते हुए छात्रवृत्ति समय से पहले देने का निर्णय लिया गया है। आगामी 26 सितम्बर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

पहले मार्च में मिलती थी छात्रवृत्ति, अब सितम्बर में
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पूर्व में छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च माह में दी जाती थी, जबकि अब इसे नवरात्र और सितम्बर माह में वितरित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राएँ इसका लाभ समय पर उठा सकें। यह छात्र छात्राओं के लिए एक तरह से दीपावली का गिफ्ट भी होगा। 

70 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचेगी योजना
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक जाएगी। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

सीएम योगी के मार्गदर्शन से बनी रणनीति
मंत्री ने कहा कि छात्रों को समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई। यही कारण है कि इस बार छात्रवृत्ति का लाभ छात्रों तक नवरात्र के पवन अवसर पर पहुँचेगा।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव गोंड, एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहेंगे।

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Wed, 24 Sep 2025 15:55:51 +0530 news desk MPcg
DU छात्रसंघ चुनाव: ABVP ने 3 प्रमुख पदों पर मारी बाज़ी, NSUI को उपाध्यक्ष पद https://citytoday.co.in/3682 https://citytoday.co.in/3682 नई दिल्ली 
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू चुनाव 2025) के नतीजे आ गए हैं। 17 राउंड की फाइनल गिनती के बाद डूसू चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत तीन पदों पर बाजी मार ली है, जबकि एक पद एनएसयूआई के खाते में आया है। एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद जीता है। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने बाजी मारी है।

डूसू चुनाव की मतगणना से पहले नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स स्टेडियम में मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। गुरुवार को बेहद कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुए डूसू चुनाव में इस बार 39.36 प्रतिशत मतदान हुआ। रामानुजन में 63 फीसदी तो मिरांडा हाउस में 60 फीसदी विद्यार्थियों ने मतदान में हिस्सा लिया। मिरांडा हाउस, हंसराज, रामजस, किरोड़ीमल, रामानुजन सहित अन्य कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मतदान किया। वहीं, कुछ कॉलेजों में मतदान के दौरान दो गुटों में आपसी झड़प और ईवीएम खराब होने की बात भी सामने आईं।

डूसू चुनाव में पहली बार हुआ ऐसा
डीयू में पहली बार ऐसा हुआ कि कैंपस और कॉलेजों की दीवारों पर किसी तरह का पोस्टर या बैनर दिखाई नहीं दिया। दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षाबलों ने पूरे कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया था। कैंपस लॉ सेंटर में मतदान के लिए पहली बैरिकेडिंग पर छात्रों का आईकार्ड चेक किया जा रहा था और बाद में दूसरी बैरिकेडिंग पर फिर से जांच हो रही थी। इसके बाद मतदान परिसर में छात्रों को जाने दिया जा रहा था।

आज दिनभर चली मतगणना 
डूसू चुनाव में फाइनल राउंड की काउंटंग के बाद एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद जीता है। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने बाजी मारी है।

डूसू चुनाव के फाइनल राउंड के नतीजे
एबीवीपी प्रत्याशी:-
अध्यक्ष – आर्यन मान 28841
उपाध्यक्ष – गोविंद तंवर 20547
सचिव – कुणाल चौधरी 23779
संयुक्त सचिव- दीपिका झा 21825

एनएसयूआई
अध्यक्ष – जोश्लिन नंदिता चौधरी 12645
उपाध्यक्ष – राहुल झांसला 29339
सचिव – कबीर 16117
संयुक्त सचिव- लवकुश भड़ाना 17380

आइसा -एसएफआइ
अध्यक्ष : अंजलि -5385
उपाध्यक्ष सोहन -4163
सचिव: अभिनंदना – 228
संयुक्त सचिव : अभिषेक – 8425

अध्यक्ष: 59882
उपाध्यक्ष: 59869
सचिव: 59863

संयुक्त सचिव: 69919
डूसू चुनाव के 16वें राउंड की मतगणना के नतीजे
16th Round तक कुल वोट
एबीवीपी
अध्यक्ष – आर्यन मान 21854
उपाध्यक्ष – गोविंद तंवर 16013
सचिव – कुणाल चौधरी 18506
संयुक्त सचिव- दीपिका झा 16501

एनएसयूआई
अध्यक्ष – जोश्लिन नंदिता चौधरी 9973
उपाध्यक्ष – राहुल झांसला 22770
सचिव – कबीर 12419

संयुक्त सचिव- लवकुश भड़ाना 13996
आईसा -एसएफआई
अंजलि -4414
सोहन -3185
अभिनंदना -7672
अभिषेक -6439

 

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Fri, 19 Sep 2025 16:48:39 +0530 news desk MPcg
आमजन से व्यवहार ठीक रखें जनसेवक, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री योगी https://citytoday.co.in/3570 https://citytoday.co.in/3570 आमजन से व्यवहार ठीक रखें जनसेवक, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री योगी 

प्रदेश भर से आये पीड़ितों की समस्याओं से मुखातिब हुए सीएम योगी,  निस्तारण के दिए निर्देश

सहारनपुर से आई महिला ने राशन कार्ड न होने पर राशन डीलर द्वारा अभद्रता की शिकायत की 

सीआरपीएफ के जवान की भी सुनीं समस्या, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से कहा- शीघ्र निराकरण कराएं

जमीन से जुड़े मामले लेकर भी पहुंचे फरियादी

मुख्यमंत्री ने गाजीपुर से आये दिव्यांग की सुनी फरियाद, इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भेंट की

आर्थिक सहायता का पत्र लेते हुए सीएम ने महिला से कहा-हॉस्पिटल से लेकर एस्टिमेट दें, सरकार सहायता करेगी

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आये पीड़ितों की शिकायतें सुनीं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जनता दर्शन में 50  से अधिक पीड़ित पहुंचे। सहारनपुर से आई महिला ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। जब वे राशन लेने गईं तो राशन डीलर अभद्रता करता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जनसेवक आमजन से व्यवहार ठीक रखें। किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। 

जमीन के आए मामलों का भी लिया संज्ञान 
सोमवार को 'जनता दर्शन' में सर्वाधिक मामले जमीनी विवाद से जुड़े आए। प्रयागराज से आए सीआरपीएफ के जवान ने भी जमीन से जुड़े मामले को लेकर सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को इस प्रकरण के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया। शामली से भी एक महिला अपनी शिकायत लेकर आईं, बताया कि उनके पति असम में तैनात हैं। उन्होंने भी बताया कि प्रयागराज में जमीन ली है, लेकिन कब्जा लेने में परेशानी आ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया। 

आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार 
'जनता दर्शन' में आईं मंजू देवी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि अपोलो में इलाज चल रहा है। इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिला दी जाए। इस पर सीएम ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज में खर्च की चिंता सरकार करेगी। 

गाजीपुर से आए दिव्यांग को सीएम ने दी इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक 
'जनता दर्शन' में दिव्यांग भी पहुंचे। गाजीपुर से दिव्यांग उधम यादव ने पेंशन बढ़ाने, आयुष्मान कार्ड, हैंडपंप व आवास दिलाने को लेकर सीएम को प्रार्थना पत्र दिया। सीएम ने तत्काल उनकी समस्या के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अफसरों को निर्देश दिया।  सीएम ने उधम यादव को इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भी प्रदान की।  

बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में पूछा 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।

 

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Mon, 08 Sep 2025 13:37:11 +0530 City Today Bhopal
UP में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया चेतावनी सायरन https://citytoday.co.in/3571 https://citytoday.co.in/3571 नई दिल्ली 
देशभर में मॉनसून का दूसरा फेज चल रहा है। आने वाले दिनों में मॉनसून की वापसी होने लगेगी, इससे पहले जमकर बारिश हो रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक भारी बरसात हो रही है। उत्तर प्रदेश में 11-13 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर दबाव की वजह से आठ सितंबर तक राजस्थान और गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। सात सितंबर को उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र व कच्छ में असाधारण रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो सात सितंबर को जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ, सात, 8 और 13 सितंबर को उत्तराखंड, 12 और 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश, 11-13 तारीख के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने वाली है।

पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो 7, 8, 10 और 13 सितंबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश, 11-12 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बरसात की संभावना है। सात तारीख को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 7, 8, 13 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, 11 और 12 सितंबर को विदर्भ, सात और 10-13 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, 7-13 सितंबर के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, 9-11 सितंबर के दौरान बिहार में अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है।

इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 7, 10, 11 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सात और 10 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। 11-13 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, अरुााचल प्रदेश, 12, 13 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

 

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Mon, 08 Sep 2025 13:37:11 +0530 City Today Bhopal
बड़ी खबर यूपी से: अब शादीशुदा बेटियों को भी मिलेगा पिता की जमीन का हक, योगी सरकार ने बनाई नई योजना https://citytoday.co.in/3572 https://citytoday.co.in/3572 लखनऊ 
उत्तर प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब तक शादीशुदा बेटियों को पिता की कृषि भूमि में हिस्सा नहीं मिलता था, लेकिन जल्द ही यह स्थिति बदल सकती है. राजस्व परिषद ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसी माह इसे शासन को भेजा जाएगा.

फिलहाल उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 108 (2) के तहत किसी पुरुष भूमिधर के निधन के बाद जमीन का नामांतरण केवल उसकी विधवा, पुत्र और अविवाहित पुत्री के नाम किया जाता है. शादीशुदा बेटियों को इस अधिकार से बाहर रखा गया है. यही कारण है कि लंबे समय से इस प्रावधान को भेदभावपूर्ण मानते हुए संशोधन की मांग उठ रही थी.

कया बदलेगा नियम
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन में धारा-108 से विवाहित और अविवाहित जैसे शब्द हटा दिए जाएंगे. इसके बाद शादीशुदा बेटियों को भी उतना ही अधिकार मिलेगा जितना बेटों या अविवाहित बेटियों को मिलता है. यानी विरासत दर्ज करते समय विवाह के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा. इतना ही नहीं, मृतक भूमिधर की बहनों के अधिकार में भी यह फर्क खत्म कर दिया जाएगा.
 
अन्य राज्यों में पहले से लागू
मध्य प्रदेश और राजस्थान में यह व्यवस्था पहले से लागू है. वहां विवाहित बेटियों को पिता की कृषि भूमि में पुत्रों के बराबर अधिकार मिलता है. यूपी सरकार का यह कदम भी उसी दिशा में माना जा रहा है.

आगे की प्रक्रिया
प्रस्ताव शासन स्तर पर परीक्षण के बाद कैबिनेट में जाएगा. इसके बाद विधानसभा और विधान परिषद की मंजूरी मिलने पर यह कानून का रूप ले लेगा. इसे महिलाओं को बराबरी का हक़ दिलाने और महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है.

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Mon, 08 Sep 2025 13:37:11 +0530 City Today Bhopal
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: TET परीक्षा पर विवाद, UP के 2 लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट! https://citytoday.co.in/3573 https://citytoday.co.in/3573 लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य नहीं होगा. लेकिन जिनकी सेवा 5 साल से अधिक है, उन्हें परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले यूपी के 2 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है. वहीं इस फैसले से देश के 10 लाख से ज्यादा शिक्षक प्रभावित होंगे. ऐसे में इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है.

यूपी कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से अधिक शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना आवश्यक होगा.

आगे कांग्रेस ने कहा, प्रदेश के 2 लाख से अधिक तो देश के 10 लाख से ज़्यादा शिक्षकों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए टीईटी परीक्षा पास करना शायद अब संभव न हो. हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस आदेश को लागू करने का तरीका मानवीय और व्यावहारिक बनाए. कांग्रेस पार्टी शिक्षकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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Mon, 08 Sep 2025 13:37:11 +0530 City Today Bhopal
मायावती का ऐक्शन प्लान! कांशीराम पुण्यतिथि पर BSP दिखाएगी अपनी राजनीतिक ताकत https://citytoday.co.in/3574 https://citytoday.co.in/3574 लखनऊ 
बसपा सुप्रीमो मायावती मिशन-2027 को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। कांशीराम की पुण्य की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। बसपा,सालों बाद इसमें अपनी ताक़त दिखाएगी। इस कार्यक्रम में मायावती के साथ आकाश आनंद भी रहेंगे। उन्होंने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायज़ा लिया और इसे सफल बनाने के निर्देश दिया।

मायावती ने ज़िला से लेकर बूथ स्तर की कमेटी के गठन को लेकर चलाये गये अभियान की गहन की। लगभग 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष व्यक्त करते हुये आगे बाकी बचे कार्यों के लिए नया निर्देश दिया।बैठक में बताया कि इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें जिसमें वे ख़ुद शामिल होकर आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिये रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी।

मायावती ने कहा कि ख़ासकर विरोधी पार्टियों द्वारा अन्दर-अन्दर आपस में मिलकर तथा साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हर प्रकार के हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. पार्टी, मूवमेन्ट तथा उसके आयरन लेडी नेतृत्व को कमजोर करने का षडयंत्र लगातार जारी है ताकि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर आधारित बहुजन समाज के लोगों को अत्यन्त कठिनाई से मिले उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से वंचित करके उन्हें लाचार और मजबूर बनाये रखा जाये तथा हर कीमत पर उन्हें शासक वर्ग बनने से रोका जाये तथा इस क्रम में उन्हें आगे बढ़ने का वैसा सुनहरा अवसर ना मिल पाये जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में बहनजी की रही सरकारों में सर्वसमाज के लोगों को आम तौर से तथा बहुजन समाज के लोगों को खास तौर से मिला था और प्रदेश के विकास के साथ-साथ उन सबकी तरक्की हुई थी।

ट्रम्प टैरिफ नई चुनौती
अमेरिका द्वारा थोपे गये भारी भरकम 50 प्रतिशत ’ट्रम्प टैरिफ’ के आतंक से उभरी नई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि इससे सही से निपटने के लिए ख़ासकर भारत व सत्ताधारी पार्टी भाजपा को व्यापक जन व देशहित का ध्यान रखते हुये अपनी नीतियों व कार्यक्रमों में ठोस व भारी सुधारवादी रवैया अपनाने की ज़रूरत है, वरना देश के विशाल बहुजनों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरो से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्यायें और भी जटिल होकर देश के मान-सम्मान को भी दुनिया में प्रभावित करेंगी, जिससे बचना बहुत ज़रूरी है।

 

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Mon, 08 Sep 2025 13:37:11 +0530 City Today Bhopal
एक सदी पहले नेहरू ने भी बताया था संभल का सचः पाठक https://citytoday.co.in/3535 https://citytoday.co.in/3535  

बोले- महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर, बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया

आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा संभल, 2024-25 में संभल में हुआ 2405 करोड़ रुपये का निर्यातः उप मुख्यमंत्री

निर्यात के मामले में संभल प्रदेश के मानचित्र पर दसवें स्थान पर पहुंच चुका संभलः पाठक

बोले- 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से रूका पलायन

लखनऊ

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संभल मु्ददे पर शनिवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। हम इसे कैबिनेट में ले जाएंगे, इसके उपरांत कार्रवाई के लिए उसे आगे भेजेंगे, फिर इस संदर्भ में बात करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आज की बातचीत न जांच रिपोर्ट से प्रेरित है और न ही उसका संदर्भ लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और 2024 से लेकर कई बार संभल की चर्चा आई है।

महात्मा गांधी के कहने पर नेहरू जी ने किया था संभल का दौरा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में डेमोग्राफी बदलने के बारे में समय-समय पर मीडिया रिपोर्ट आती रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चर्चा करते हैं कि यूपी व अन्य राज्यों में डेमोग्राफी बदलने के लिए संगठित रूप से कुछ गिरोह विदेशी ताकतों के इशारे पर करते हैं। हमारी प्रतिबद्धता सभी को साथ लेकर चलने की है। हम किसी भी स्थिति में डेमोग्राफी बदलने नहीं देंगे और पूर्ववर्ती स्थिति मेंटेन करेंगे। पाठक ने कहा कि 1924 में संभल में दंगा हुआ था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार गया था। उस समय महात्मा गांधी ने जवाहर लाल नेहरू से कहा था कि आप वहां का दौरा कीजिए। 8-10 सितंबर1924 को जवाहर लाल नेहरू ने दौरा किया और 12 सितंबर को 13 पन्नों की रिपोर्ट महात्मा गांधी को सौंपी थी।

नेहरू की रिपोर्ट में भी स्पष्ट- संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे
डिप्टी सीएम ने एक सदी पहले नेहरू की उस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट है कि संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे। तुष्टिकरण और समाज को बांटने वाली सरकारों ने जनसंख्या संतुलन को बिगड़ने दिया। उस पर कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। हमारी सरकार संभल सहित पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था को बरकरार रखेगी।

नेहरू जी ने अपनी रिपोर्ट में कहा-पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर
पाठक ने कहा कि संभल में जो दंगा हुआ था, मुस्लिम समाज के उपद्रवियों ने मंदिरों को निशाना बनाया था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार दिया था। एक हिंदु को कुएं में ढकेल कर असमय मौत के मुंह में फेंक दिया गया था। कई लोगों की हत्या हुई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय नेहरू जी ने रिपोर्ट में कहा था कि हरिहर मंदिर महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था। बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया। यह ऐतिहासिक दस्तावेज बताता है कि संभल में हिंदुओं की पीड़ा अचानक नहीं हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा के धार्मिक ग्रंथों में जानकारी मिलती है कि संभल में भगवान कल्कि का अवतार होने वाला है, इसलिए हर भारतवासी के मन में संभल के प्रति अटूट आस्था रही है।

कभी सभी के खिलाफ अत्याचार करके सरकार चलाई जाती थी, आज रूक गया पलायन
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय से लेकर अब तक संभल में एससी, एसटी समाज हो या रस्तोगी-दुबे परिवार के सदस्य, डेमोग्राफी बदलने में किसी को भी बख्शा नहीं गया। सबके खिलाफ हमेशा अत्याचार होते हुए सरकार चलाई गई। नतीजतन हिंदु भाई-बहनों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके घर-मकान छीन लिए गए। कानून व्यवस्था नाम मात्र की रह गई, लेकिन 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से पलायन रूका है और लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। संविधान के दायरे में रहकर सरकार धर्मांतरण, लव जेहाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और न्यायालय के माध्यम से कड़ी सजा दिला रहे हैं। हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।

प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे तत्कालीन सीएम
उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा सरकारों को आड़े हाथ लिया। बोले कि इन सरकारों ने तुष्टिकरण व वोटबैंक की राजनीति की। 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सरकार में तुष्टिकरण की हद बहुत अधिक हो गई थी। अयोध्या, वाराणसी व लखनऊ में बम विस्फोट करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे पहली कैबिनेट में ही वापस लिए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने  धन्यवाद ज्ञापित किया।

उप मुख्यमंत्री ने बताई संभल में हुई कार्रवाई  
पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है। संभल में हिंसा की घटना के बाद 68 से अधिक पौराणिक स्थलों व 19 प्राचीन कूपों को कब्जे से मुक्त कराकर पुनः उनका स्वरूप प्रदान करने का काम किया गया है। संभल में 1067 अतिक्रमण हटाकर 73 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई है। मस्जिद, मजार, मदरसे व कब्रिस्तान से भी 37 अवैध कब्जे हटाए गए। शासन किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
 
संभल में दो नए थाने बने, बिजली चोरी के लिए चला अभियान
उन्होंने बताया कि संभल में कानून व्यवस्था के लिए दो नए थाने व 45 नई चौकी स्थापित की गईं। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई। जनपद मुख्यालय, जिला कारागार, 24वीं वाहिनी पीएसी व स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। संभल में बिजली चोरी की गंभीर स्थिति भी सामने आई। बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चला। लाइन लास कभी 82 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो अब मात्र 18  प्रतिशत बचा है। इससे 84 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वहां फर्जी बीमा क्लेम लेते थे। बीमा माफिया पर कार्रवाई हुई है। 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया गया है। 67 लोगों को जेल भेजा गया है।

आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा संभल
संभल आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में संभल में 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। डिप्टी सीएम ने वहां के ओडीओपी का भी जिक्र किया। कहा कि निर्यात के मामले में संभल प्रदेश के मानचित्र पर दसवें स्थान पर पहुंच चुका है। जाति-धर्म, भाषा-क्षेत्र से ऊपर उठकर हमारी सरकार सबको आदर,मान-सम्मान देने के साथ सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास के आधार पर काम करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ किया कि संभल में अब पलायन नहीं होगा, बल्कि कानून का राज स्थापित होगा।

सबको साथ लेकर चल रही हमारी सरकार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी। सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास पर काम करते हुए यूपी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सबको साथ लेकर चलने का वायदा सरकार पूरा कर रही है। तुष्टिकरण और अन्याय न हो, हमारी सरकार सबको न्याय देने के लिए कार्य कर रही है। यूपी में संगठित लोग धर्मांतरण के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों में डेमोग्राफी बदलने के लिए लगातार काम करते रहते थे, लेकिन हमारी सरकार ने सीमावर्ती जिलों के साथ ही यूपी के अंदर जो लोग पूर्व में अपने स्थान पर रहे हैं, उन पर पलायन के लिए कोई दबाव न बनाए, इस दिशा में कार्य किया और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की।

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Sun, 31 Aug 2025 14:36:56 +0530 City Today Bhopal
मौसम का अलर्ट: प्रदेश के 26 जिलों में आज भारी बारिश, जानें कौन&कौन से इलाके प्रभावित https://citytoday.co.in/3536 https://citytoday.co.in/3536 लखनऊ

पश्चिमी यूपी और तराई के इलाकों में रविवार से एक बार फिर से अच्छी बारिश के आसार हैं। माैसम विभाग ने 26 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड में भी जमकर बारिश होने का अनुमान है।

रविवार को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उत्तराखंड के धारचूला में भारी बारिश के बाद चीन सीमा से जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर ऐलागाड़ और कुलागाड़ के पास पहाड़ी दरक गई। इसकी वजह से दारमा, चौदास और व्यास तीनों घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जम्मू संभाग में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दो सितंबर तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत सात राज्यों में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश जारी रहने के आसार है। धारचूला में तवाघाट-लिपुलेख के साथ सोबला सड़क पहाड़ी दरकने के कारण बंद हो गई है। लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप बनी हुई है।

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Sun, 31 Aug 2025 14:36:56 +0530 City Today Bhopal
दीपावली के बाद सनातन संघ का भव्य सम्मेलन, कई राज्यों के CM और राज्यपाल होंगे मौजूद https://citytoday.co.in/3537 https://citytoday.co.in/3537 लखनऊ

दीपावली के बाद राजधानी में सनातनी समाज का भव्य संघ सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल समेत मथुरा व काशी पीठ के महामंडलेश्वर शिरकत करेंगे।

यह ऐलान शनिवार को राजधानी के गोमती होटल में आयोजित राष्ट्रीय सनातन संघ की विचार गोष्ठी में किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि लखनऊ उत्तरी के विधायक डा. नीरज बोरा और भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव थे। नीरज बोरा ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज सनातन को क्षीण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए कोई और नहीं हम दोषी है। जब बच्चा छोटा होता है तो हम शिवाजी की वीर गाथा या राणा प्रताप की कहानियां नहीं सुनातें बल्कि उसे ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार सुनकर खुश होते हैं। हमें जरूरत है कि हम हर बच्चे में सनातन के गुण पैदा करें।

डा. बोरा ने कहा कि आज दुनिया के किसी भी देश में चले जाइये, या भारत के किसी भी प्रांत में जाइये हिंदुओं की संख्या घट रही है। नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि आज सनातन को मजबूत करने की जरूरत है। उसके लिए हमें सभी हिंदुओं को एकजुट होना पड़ेगा। जातियों में नहीं बंटना होगा, अगड़ों-पिछड़ों को बांटकर सनातन को कमजोर किया जा रहा है।

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Sun, 31 Aug 2025 14:36:56 +0530 City Today Bhopal
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने देश की पहली ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की दी सौगात https://citytoday.co.in/3538 https://citytoday.co.in/3538 नोएडा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा पहुंचे। दोनों नेताओं ने सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए अत्याधुनिक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। भारत 1947 से लगातार चुनौतियों का सामना करता आ रहा है और 'ऑपरेशन सिंदूर' ने युद्ध के नए दौर में देश की सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन किया है। आपके पास ताकत है तो दुनिया आपके सामने नतमस्तक होती है। शास्त्र और शस्त्र दोनों का बेहतर समन्वय होगा तो शांति कायम होगी।

उन्होंने शेर और बकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि शेर सामर्थ्य और राज दोनों का प्रतीक है। सीएम योगी ने महाराणा प्रताप की वीरता का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि डिफेंस कॉरिडोर के लिए उपलब्ध कराई है, जिसमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट और कानपुर शामिल हैं। साथ ही लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट स्थापित की गई है, जिसने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की मुस्कुराहट तब और बढ़ेगी जब वहां से ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मन पर निशाना साधेगी। उन्होंने नई ड्रोन यूनिट को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि यूपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह यूनिट देश को समर्पित है और डिफेंस सिस्टम में साइंटिफिक रिवॉल्यूशन का प्रतीक है। 2017 में महज 10 लोगों के साथ कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज 3,600 से ज्यादा वैज्ञानिक व इंजीनियर यहां काम कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका या चीन का कोई भी डिफेंस सिस्टम इस कंपनी के बने ड्रोन को डिटेक्ट नहीं कर सकता। इसे देश की सबसे इनोवेटिव एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिस्टम दुश्मन में दहशत पैदा करने वाला है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी खराब थी कि यहां उद्योग लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन अब सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि विरोध झेलने के बावजूद भारत ने हमेशा नई राह बनाई है। मात्र 14 महीनों में इस कंपनी और डीआरडीओ के बनाए प्रोडक्ट्स 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल हुए। संकल्प, साहस और विज्ञान के मेल से ही यह संभव हो पाया और सेना के जवानों की वीरता का भी जिक्र किया जाना चाहिए।

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Sun, 31 Aug 2025 14:36:56 +0530 City Today Bhopal
शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र बनेगा शक्तिशाली& सीएम योगी https://citytoday.co.in/3539 https://citytoday.co.in/3539 शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र बनेगा शक्तिशाली- सीएम योगी

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी

 रक्षा मंत्री और सीएम योगी ने गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई किया लोकार्पण

 यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

रक्षा उपकरणों के लिए पहले हमे दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा- मुख्यमंत्री

– रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है- मुख्यमंत्री

– लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक नहीं पहुंची- सीएम योगी

गौतमबुद्ध नगर
  रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र मजबूत होता है और यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नोएडा को डिफेंस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का सामना करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण के साथ एयरक्राफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी विकसित की गई है। पहले हमें दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, डाटा कैप्चर कर दुश्मन हमें पंगु बनाने की कोशिश करता था। अब ऐसा नहीं होगा। 

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी
उन्होंने कहा कि 1947 से भारत विभिन्न युद्धों का सामना करता रहा है। प्रत्येक युद्ध का पैटर्न बदलता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने युद्ध के एक नए दौर में प्रवेश किया, जिसने भारत के सामर्थ्य का एहसास दुनिया को कराया। लेकिन इसने हमें भविष्य की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा भी दी। हम सभी जानते हैं कि ताकत हो तो दुनिया नतमस्तक होती है। सीएम योगी ने गुरु द्रोणाचार्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनसे पूछा गया कि आप शस्त्र क्यों धारण कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- 'अग्रत: चतुरो वेदा: पृष्‍ठत: सशरं धनु:'। शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते। शस्त्र और शास्त्र के बेहतर समन्वय से राष्ट्र शक्तिशाली होता है। शांति मांगने से नहीं, ऐसी स्थिति में अगला व्यक्ति शांति की अपील करता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने भी कहा था- वीर भोग्या वसुंधरा।

रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा यूपी- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले से समृद्ध रहा है। यहां 9 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पहले से कार्यरत हैं, जो रक्षा उत्पादन में योगदान दे रही हैं। डिफेंस पीएसयूज़ उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की चुनौतियों को देखते हुए दो नए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्र दिए, जिसमें एक यूपी को मिला। हम 6 नोड्स- अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में विकास कर रहे हैं। अब तक 12.5 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध कराई गई है। जितनी भी सुविधा चाहिए, यूपी सरकार उपलब्ध कराएगी।

सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है। अब लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है। लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक न पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने अपनी क्षमता दिखाई। इसी तरह DDL का केंद्र झांसी में, AK 203 अमेठी में और एस्कॉर्ट हरदोई में कार्यरत हैं।

रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का हुआ उद्घाटन 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जहां अत्याधुनिक ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण हुआ, जो रक्षा क्षेत्र में परीक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों ने ड्रोन प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां विभिन्न प्रकार के ड्रोन के मॉडल और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। 

इस दौरन सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, सांसद महेश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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Sun, 31 Aug 2025 14:36:56 +0530 City Today Bhopal
निक्की हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा: दहेज के साथ रील्स और ब्यूटी पार्लर भी बने वजह https://citytoday.co.in/3485 https://citytoday.co.in/3485 नोएडा 
यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है। 

दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।  

बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे। 

 

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Tue, 26 Aug 2025 18:13:32 +0530 Newsdesk
रामभद्राचार्य पर अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा प्रहार – बोले, सुनाई भी नहीं दे रहा क्या? https://citytoday.co.in/3483 https://citytoday.co.in/3483 लखनऊ 
तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा स्वामी प्रेमानंद को लेकर दिए गए बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक मंच से नाम लिए बिना रामभद्राचार्य पर कटाक्ष किया है। साथ ही संत प्रेमानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आपको दिखाई नहीं देता तो क्या सुनाई भी नहीं दे रहा है। प्रेमानंद दिनभर संस्कृत ही बोलते रहते हैं।

ज्योर्तिमठ नाम के इंस्टाग्राम आईडी ने जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का वीडियो शेयर किया। जिसमें वह कह रहे हैं, “वो एक पीले कपड़े वाले महात्माजी है वृंदावन में प्रेमानंद जी, कह रहे हैं कि उनको एक अक्षर संस्कृत नहीं आती। उनको संस्कृत आने की जरूरत क्या है? वो तो भगवान के नाम का प्रचार कर रहे हैं और भगवान का नाम संस्कृत में ही हैं। भगवान का नाम किस भाषा में है बताएं आप?”

अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “जो दिन भर राधे-राधे, कृष्ण-कृष्ण, हे गोविंद, हे गोपाल बोल रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि नाम का स्मरण करो, हमें बताएं कि भगवान का नाम ये किस भाषा के शब्द हैं? क्या ये संस्कृत भाषा के शब्द नहीं है. क्या ये संबोधन की विभक्ति संस्कृत भाषा की नहीं है। वो तो दिन भर संस्कृत बोल रहा है, जो भगवान के नाम का उच्चारण कर रहा है। आपको नहीं दिखाई नहीं देता, लगता है आपको सुनाई भी नहीं देता।”

प्रेमानंद से ईर्ष्या नहीं लेकिन चमत्कार को नहीं मानते; उत्तराधिकारी ने दी सफाई
उधर, संत प्रेमानन्द महाराज को चुनौती देने वाले पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बखेड़ा खड़ा होता देख जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने उनके हवाले से सोमवार को बयान में सफाई दी। जगद्गुरु ने कहा कि प्रेमानंदजी से कोई ईर्ष्या नहीं, लेकिन चमत्कार को नहीं मानता। प्रेमानंद महाराज के बिना किडनी जीवन जीने को चमत्कार मानने के सवाल पर जगद्गुरु ने कहा था कि यह कोई चमत्कार नहीं है।

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Tue, 26 Aug 2025 17:56:54 +0530 Newsdesk
अयोध्या में बंदरों के लिए अनशन करने वाला निकला रेखा गुप्ता का हमलावर, किया बड़ा खुलासा https://citytoday.co.in/3415 https://citytoday.co.in/3415 नई दिल्ली
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास में जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज हमला हुआ। हमलावर की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई। राजेश फरियादी बनकर सीएम हाउस पहुंचा और उसने न केवल मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने की कोशिश की, बल्कि उनके बाल खींचकर उन्हें धक्का भी दिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह शख्स पहले अयोध्या में बंदरों की सुरक्षा के लिए अनशन कर चुका है।

हमलावर का अजीबोगरीब इतिहास
आरोपी राजेश ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। राजेश की मां और पड़ोसी ने बताया कि वह जानवरों से प्रेम करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजेश ने साल अयोध्या में बंदरों के लिए अनशन किया था। पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां प्रशासन ने मंदिर परिसर से बंदरों को हटाने का अभियान शुरू किया था। यह सुनकर राजेश राजकोट से अयोध्या पहुंच गया।

इसके अलावा आरोपी राजकोट में भी जानवरों के हितों के लिए प्रदर्शन कर चुका है। उसके पड़ोसी ने बताया कि वह गाय को रोटी खिलाता है और आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश से वह खासा नाराज था और इसलिए उसने सीएम पर हमला करने की योजना बनाई।

जनसुनवाई में अचानक हंगामा
हर बुधवार की तरह, सुबह करीब 8:15 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सिविल लाइंस कार्यालय में जनता की समस्याएं सुन रही थीं। लोग अपनी शिकायतों के साथ कतार में थे। तभी राजेश अपनी बारी आने पर आगे बढ़ा। उसने पहले कुछ कागजात हवा में लहराए, चिल्लाया और फिर अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। उसने रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारा, उनके बाल खींचे और उन्हें धक्का देकर गिराने की कोशिश की।

सुनियोजित साजिश या पशु प्रेम की सनक?
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को हत्या की सुनियोजित साजिश करार दिया है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि राजेश ने हमले से पहले कम से कम 24 घंटे तक रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित निजी आवास और सिविल लाइंस कार्यालय की रेकी की थी।

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Thu, 21 Aug 2025 18:37:50 +0530 Newsdesk
यूपी में बिजली महंगी हो सकती है, UPPCL टैरिफ पर आयोग ने पूरी की अंतिम सुनवाई https://citytoday.co.in/3414 https://citytoday.co.in/3414 लखनऊ 

 उत्तर प्रदेश में बिजली दरें बढ़ सकती हैं। विद्युत नियामक आयोग में मंगलवार को उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) और उत्तर प्रदेश स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (UPSLDC) की वार्षिक राजस्व आवश्यकता और शुल्क पर अंतिम सुनवाई हुई। अब आयोग अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में अपना निर्णय सुना सकता है।

पहले 25 प्रतिशत तक कम लागत में कार्य

सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह की मौजूदगी में हुई। इसमें ट्रांसमिशन कारपोरेशन और यूपीएसएलडीसी के निदेशक भी शामिल हुए। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सुनवाई के दौरान आपत्ति जताते हुए कहा कि ट्रांसमिशन कारपोरेशन को टैरिफ बेस्ड कंपटीटिव बिडिंग (TBCB) व्यवस्था पर रोक लगानी चाहिए। पहले निगम 25 प्रतिशत तक कम लागत में कार्य करता था, जबकि अब निजी कंपनियां वही कार्य 25 प्रतिशत अधिक लागत पर कर रही हैं।

बढ़ी मांग पर ट्रांसमिशन सिस्टम कमजोर

ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने इस बार 6,279 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्तुत की है, जिसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। निगम के 132 केवी सब-स्टेशनों की कुल क्षमता 69,232 एमवीए बताई गई है, जो 6.23 करोड़ किलोवाट भार के बराबर है। प्रदेश के 3.61 करोड़ उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार लगभग 8.17 करोड़ किलोवाट है। गर्मियों में बढ़ी मांग पर ट्रांसमिशन सिस्टम कमजोर साबित होता है।

अब फैसला आयोग के हाथों में

अवधेश वर्मा ने आरोप लगाया कि निगम पहले इक्विटी लाभांश पर 2 प्रतिशत रिटर्न लेता था, जबकि अब 14.5 प्रतिशत की मांग कर रहा है। इससे उपभोक्ताओं पर करीब 1,824 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएसएलडीसी को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। बिजली की मांग रहने के बावजूद उत्पादन इकाइयों को रिजर्व शटडाउन देना गलत है। अब फैसला आयोग के हाथों में है कि उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का बोझ कितना बढ़ेगा।

 

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Thu, 21 Aug 2025 18:35:11 +0530 Newsdesk
कानपुर के ढाबे में मिली छिपकली वाली तंदूरी रोटी, ग्राहक हुए परेशान https://citytoday.co.in/3301 https://citytoday.co.in/3301 कानपुर 

कानपुर का एक ढाबा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के कारण सुर्खियों में है. वीडियो में दावा किया गया है कि यहां परोसी गई तंदूरी रोटी में एक छिपकली निकली. इस मामले की वैसे तो शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मौके पर जांच की, जहां ढेर सारी गंदगी और लापरवाही मिली. नतीजतन, ढाबे को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया.

वीडियो में दिखी हैरान करने वाली तस्वीर

वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ युवक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे हैं. जब उनमें से एक युवक तंदूरी रोटी को तोड़ता है, तो उसमें से एक मरी हुई छिपकली दिखाई देती है. युवक यह रोटी तुरंत ढाबा मालिक को दिखाता है. वीडियो में मालिक यह कहते सुना जा सकता है, इस रोटी को बदल दो. युवक ने मौके पर उल्टी जैसा महसूस होने की बात भी कही.

मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं

दिलचस्प बात यह है कि वीडियो भले ही तेजी से फैल गया हो, लेकिन ढाबे पर खाना खाने पहुंचे किसी भी ग्राहक ने अभी तक पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग में लिखित शिकायत नहीं दी. चौबेपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी.

खाद्य विभाग ने स्वत: संज्ञान लिया

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना शिकायत के भी कार्रवाई का निर्णय लिया. कानपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, भले ही शिकायत नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो को देखते हुए हमारी टीम ने तुरंत ढाबे का निरीक्षण किया. मौके पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी.

ढाबे की हालत बेहद गंदी मिली

जांच के दौरान विभाग की दो सदस्यीय टीम राजेश यादव और अजीत सिंह ने ढाबे के रसोई क्षेत्र में भारी गंदगी पाई. बर्तनों और खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता के मानक बिल्कुल भी पूरे नहीं किए जा रहे थे. तंदूरी पनीर और अन्य सब्जियों के नमूने मौके से लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ढाबे की रसोई में गंदगी के कारण खाना बनाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. ढाबा मालिक को निर्देश दिया गया है कि जब तक सभी स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक ढाबा बंद रहेगा.

पुलिस और विभाग में समन्वय

हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विभाग और पुलिस के बीच इस मामले पर समन्वय बना हुआ है. खाद्य विभाग की ओर से भी माना गया है कि वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी नहीं हो सकी है.

मालिक बोला रोटी बदल दाे 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा सोनू बाजपेई का है. इस घटना पर ढाबा मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं आया है. हालांकि, वीडियो में उन्होंने रोटी बदलने की बात जरूर कही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उस समय स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई थी.

सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि शहर की खाद्य स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं. कुछ लोगों ने विभाग की तत्परता की सराहना की, तो कुछ ने पूछा कि ऐसे ढाबों पर नियमित रूप से निगरानी क्यों नहीं होती.

हो सकती है कार्रवाई 

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि रिपोर्ट में भोजन में किसी भी तरह की हानिकारक या अस्वच्छ सामग्री पाई जाती है, तो ढाबा मालिक पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

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Mon, 11 Aug 2025 19:09:00 +0530 Newsdesk
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, अड़ंगा डालने वालों पर भी होगी कार्रवाई https://citytoday.co.in/3300 https://citytoday.co.in/3300

 नई दिल्ली

सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन इसका विरोध करता है तो उसके खिलाफ भी अनिवार्य कार्रवाई की जाए। आवारा कुत्तों के लोगों पर हमलों और रेबीज संक्रमण के कई मामले सामने आने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही है।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि एनसीटी-दिल्ली, एमसीडी, एनएमडीसी तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करें और खासकर उन इलाकों में जहां आवारा कुत्तों का खतरा ज्यादा है। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या संगठन इस काम में आड़े आए तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें।  

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Mon, 11 Aug 2025 19:04:57 +0530 Newsdesk
लेट नाइट पार्टी को लेकर पुलिस की सख्त चेतावनी, लड़कियों और माता&पिता के लिए अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/3214 https://citytoday.co.in/3214 अहमदाबाद
 गुजरात के अहमदाबाद में महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने के नाम पर लगाए गए पोस्टरों पर जबरदस्त विवाद खड़ा कर हो गया है. इन पोस्टरों में लिखा था, ‘लेट-नाइट पार्टी में जाना रेप या गैंगरेप को न्योता दे सकता है.’ इस तरह की भाषा को लेकर पुलिस और सामाजिक संगठनों की तीखी आलोचना हो रही है. हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुंरत इन पोस्टरों को हटवा दिया है. साथ ही पुलिस ने स्वीकार किया है कि पोस्‍टर में इस्‍तेमाल भाषा को स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है.

पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर लगवाए गए एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘अंधेरे और सुनसान इलाकों में दोस्तों के साथ न जाएं, आपके साथ रेप या गैंगरेप हो सकता है.’ इस तरह के संदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया. पुलिस अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि ये पोस्टर ‘सतर्कता’ नामक एक संगठन द्वारा ट्रैफिक जागरूकता के लिए प्रस्तावित किए गए थे. डीसीपी (ट्रैफिक वेस्ट) नीता देसाई और एसीपी (ट्रैफिक एडमिन) शैलेश मोदी ने कहा कि पुलिस को पोस्टर की पूरी सामग्री की जानकारी नहीं थी और जैसे ही विवाद बढ़ा इन्हें तुरंत हटवा दिया गया.
पुलिस ने झाड़ा पल्‍ला

वहीं, पुलिस ने इस विवाद से अपना पल्‍ला झाड़ने की कोशिश की है. एसीपी (ट्रैफिक) एनएन चौधरी ने कहा, ‘हमने इस तरह की भाषा की अनुमति कभी नहीं दी थी.’ स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रकरण से आहत हैं. घाटलोडिया निवासी एक महिला भूमि पटेल ने कहा, ‘इस तरह के संदेश महिलाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि असल जिम्मेदारी सिस्टम की होती है.’ बोडकदेव की फिटनेस ट्रेनर ने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ करार देते हुए कहा कि यह पोस्टर महिला सुरक्षा का मजाक उड़ाते हैं.
महिलाएं नाराज

बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर कैंपेन चलाए जाते हैं. पुलिस प्रशासन इसमें गैरसरकारी संस्‍थाओं का सहयोग भी लिया जाता है. अहमदाबाद के इस बार के पोस्‍टर कैंपेन में भी एनजीओ की मदद ली गई थी, पर जिस तरह से महिला सेफ्टी के लिए शब्‍दों का चयन किया गया, उससे बवाल मच गया. मह‍िलाओं ने खासकर नाराजगी जताई है. नेहरू नगर निवासी एक महिला ने कहा, ‘इन पोस्टरों से वह मानसिकता उजागर होती है जो पीड़िता को दोष देती है और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को बचा लेती है.’ इस विवाद ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के नाम पर दी जा रही ‘नसीहतों’ के तरीके और उनके पीछे की सोच को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

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Sat, 02 Aug 2025 18:35:21 +0530 news desk MPcg
Maharashtra: पुणे में आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर तनाव, दो गुटों ने किया पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले https://citytoday.co.in/3198 https://citytoday.co.in/3198 पुणे, 1 अगस्त 

 महाराष्ट्र के पुणे में दो गुटों के बीच झड़प का मामला सामने आया है. यह मामला पुणे के एक गांव का है, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट करने के बाद शुरू हुआ. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए आने पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े. सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. घटनास्थल पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. यह घटना पुणे ग्रामीण के दौंड तालुका स्थित यवत गांव की है, जहां दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. दोनों गुट के लोगों की ओर से पथराव किया गया और टायर जलाए गए.

व्हाट्सएप पर एक आपत्तिजनक पोस्ट से यह विवाद शुरू हुआ. एक युवक ने कथित तौर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया. इसके बाद गांव के लोग धीरे-धीरे सड़कों पर आ गए और दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए. इस पर भीड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले युवक के घर पर पथराव कर दिया. विवाद बढ़ने के बाद इसने एक हिंसक झड़प का रूप ले लिया.

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. फिलहाल, यवत गांव में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

इससे पहले, महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी वर्ष मार्च में दो समुदायों के बीच एक हिंसक झड़प की बड़ी घटना देखने को मिली थी. इसके बाद पुलिस को कर्फ्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा. इस हिंसा में घरों और गाड़ियों को निशाना बनाया गया था और पुलिस टीम पर भी हमला हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हिंसा में कुछ लोग घरों में जलती हुई चीजें फेंकते नजर आए थे.

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Fri, 01 Aug 2025 18:28:40 +0530 news desk MPcg
"राजस्थान: ऑनलाइन गेम खेलने पर डांटने से नाराज़ पोते ने की दादी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार" https://citytoday.co.in/3185 https://citytoday.co.in/3185 जयपुर, 1 जुलाई 

 राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 24 वर्षीय एक युवक को अपनी 86 वर्षीय दादी की कथित तौर पर हत्या करने के लिए गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ऑनलाइन गेम खेलने पर दादी की डांट से तंग आकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया. जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने बताया कि आरोपी मनीष चुघ ने 24 जुलाई को अपनी दादी द्रौपदी देवी की तौलिये से गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में इसे लूट का रूप देने की कोशिश की.

उन्होंने बताया कि आरोपी युवक मोबाइल गेमिंग का आदी था और इसमें कई लाख रुपये कथित तौर पर हार गया था तथा उसने अपने रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था. अधिकारी ने बताया कि घटना वाले दिन आरोपी ने 15,000 रुपये गंवा दिए थे, जिसके बाद उसकी दादी ने फटकार लगायी थी. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने गुस्से में अपनी दादी की हत्या कर दी और घर से नकदी व सोने के गहने लेकर फरार हो गया. 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने शुरुआत में पुरानी आबादी थाने में शिकायत दर्ज कराई और दावा किया कि अज्ञात लोगों ने उसकी दादी की हत्या कर कीमती सामान लूट लिया. अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ और लगातार पूछताछ करने पर आरोपी युवक ने अपना अपराध कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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Fri, 01 Aug 2025 14:14:31 +0530 news desk MPcg
जापान में चमकी बाराबंकी की बेटी: पूजा ने बनाया धूल रहित थ्रेशर https://citytoday.co.in/3091 https://citytoday.co.in/3091 बाराबंकी

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के छोटे से गांव डलइपुरवा, अगेहरा की 17 वर्षीय पूजा पाल ने अपनी प्रतिभा और जज्बे से न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच, पूजा ने एक ऐसा धूल रहित थ्रेशर मॉडल बनाया, जो किसानों को धूल, बीमारी और परेशानी से बचाने का वादा करता है। इस नवाचार ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया और जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका प्रदान किया। उनकी कहानी प्रेरणा का प्रतीक है, जो यह साबित करती है कि सपने और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती।

पूजा पाल का जन्म बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के अगेहरा गांव में हुआ। उनके पिता पुत्तीलाल दिहाड़ी मजदूर हैं, और मां सुनीला देवी एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। पांच भाई-बहनों के साथ एक छप्परनुमा घर में रहने वाली पूजा की जिंदगी चुनौतियों से भरी रही। घर में बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं, और पढ़ाई के लिए उन्हें दीये की रोशनी का सहारा लेना पड़ता था। फिर भी, पूजा ने कभी अपने सपनों को सीमाओं में नहीं बांधा। वह न केवल एक मेधावी छात्रा हैं, बल्कि घरेलू कामों में भी परिवार का सहारा बनी।

पूजा की प्रतिभा तब सामने आई, जब वह कक्षा 8 में पढ़ रही थीं। उनके स्कूल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगेहरा के पास खेतों में थ्रेशर मशीन से गेहूं की मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल बच्चों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थी। धूल से होने वाली सांस की तकलीफ और पर्यावरण प्रदूषण को देखकर पूजा के मन में एक विचार आया—क्यों न ऐसा थ्रेशर बनाया जाए, जो धूल न फैलाए? अपने विज्ञान शिक्षक राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, पूजा ने सिर्फ 3,000 रुपये की लागत से टिन, पंखे, लकड़ी और पानी के टैंक का उपयोग कर एक धूल रहित थ्रेशर का मॉडल तैयार किया। इस मॉडल में एक पंखा और जाली के साथ पानी का टैंक लगाया गया, जो धूल को थैले या टैंक में इकट्ठा कर लेता है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहता है और किसानों को स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है।

पूजा के इस नवाचार को सबसे पहले 2020 में जिला स्तर पर मान्यता मिली। इसके बाद, यह मॉडल मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में सराहा गया। दिसंबर 2020 में लखनऊ की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में इस मॉडल को खूब प्रशंसा मिली। 2023 में, पूजा का मॉडल भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड MANAK योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया, जिसमें पूरे भारत से केवल 60 प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया था। पूजा उत्तर प्रदेश से एकमात्र विजेता थीं। इस उपलब्धि ने उन्हें भारत सरकार के साकुरा हाई स्कूल प्रोग्राम के तहत जापान यात्रा का मौका दिलाया, जहां उन्होंने टोक्यो के विश्वविद्यालयों और विज्ञान प्रयोगशालाओं का दौरा किया। उनके मॉडल को अब भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पेटेंट कराया जा रहा है, जो उनके आविष्कार की उपयोगिता और मौलिकता को रेखांकित करता है।

पूजा अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक राजीव श्रीवास्तव और माता-पिता को देती हैं। राजीव श्रीवास्तव ने न केवल पूजा के विचार को प्रोत्साहित किया, बल्कि उनके मॉडल को इंस्पायर अवार्ड के लिए नामांकित भी किया। पूजा के माता-पिता, जो स्वयं आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, ने अपनी बेटी की पढ़ाई और सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी। पूजा ने बताया, “मेरे माता-पिता ने मजदूरी करके भी मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरे शिक्षक राजीव सर ने मुझे हर कदम पर मार्गदर्शन दिया।

पूजा की कहानी केवल एक आविष्कार की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बेटी की कहानी है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उनके घर में आज भी बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अब इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने का वादा किया है। पूजा का सपना है कि वह अपने गांव के गरीब बच्चों को पढ़ाए और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाए। उनकी उपलब्धियां न केवल बाराबंकी, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय हैं।

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Wed, 23 Jul 2025 17:17:17 +0530 City Today Bhopal
गोरखपुर में CM योगी आदित्यनाथ ने सावन शिवरात्रि के अवसर पर मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक किया https://citytoday.co.in/3092 https://citytoday.co.in/3092 गोरखपुर 

पावन सावन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, सावन शिवरात्रि (बुधवार) को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। 

प्राचीन मानसरोवर मंदिर में सीएम योगी ने देवाधिदेव महादेव को विल्व पत्र, कमल पुष्प, दुर्वा, अनेकानेक पूजन सामग्री अर्पित करने कर बाद जल, गोदुग्ध और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक किया। गोरखनाथ मंदिर के विद्वत पुरोहितगण ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक कराया। 

रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन व आरती कर अनुष्ठान को पूर्ण किया। उन्होंने देवाधिदेव महादेव से प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह आदि भी उपस्थित रहे।
 

 

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Wed, 23 Jul 2025 17:17:17 +0530 City Today Bhopal
सीएम आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे https://citytoday.co.in/3093 https://citytoday.co.in/3093
  • सीएम आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे
  • गोरखपुर को आज 252 करोड़ की सौगात देंगे CM योगी, सफाई मित्रों-पार्षदों का करेंगे सम्मान
  • CM दो दिनों में गोरखपुर को देंगे 252 करोड़ रुपये की सौगात, सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित करेंगे
  • पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए
  • पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कानपुर में किए बाबा के दर्शन, CM ने गोरखपुर में किया रुद्राभिषेक
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    गोरखपुर

     स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में पूरे प्रदेश का मान बढ़ाने वाले गोरखपुर नगर निगम के सफाई मित्रों और पार्षदों का सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। सम्मान का यह समारोह बुधवार (23 जुलाई) को नगर निगम परिसर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री गोरखपुर नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली मॉनिटरिंग सिस्टम के लोकार्पण सहित ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास भी करेंगे।

    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए। उनके साथ महापौर प्रमिला पांडे, विधायक सुरेंद्र मैथानी और क्षेत्रीय पार्षद नितिन बाजपेई शामिल थे। करीब साढ़े नौ बजे पूर्व राष्ट्रपति बाबा आनंदेश्वर पहुंचे। जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, श्रृंगार और आरती कर बाबा से आशीर्वाद लिया। महंत अरुण भारती महाराज और सहयोगी पुजारियों ने पूजा कराई। उन्होंने पुजारियों को दक्षिणा दी। पूर्व राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर और मंदिर की भव्यता पर खुशी जताई। इस दौरान मंदिर और आसपास सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुरक्षा कारणों से आम श्रद्धालुओं को प्रवेश से कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। पूर्व राष्ट्रपति करीब आधा घंटा मंदिर में रहे।

    स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर गोरखपुर नगर निगम ने ऊंची छलांग लगाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही गोरखपुर को 3 से 10 लाख की आबादी की श्रेणी में चौथी नेशनल रैंक मिली है। इस श्रेणी में प्रदेश स्तर पर गोरखपुर पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है कि गत वर्ष के सर्वेक्षण में गोरखपुर की रैंकिंग राष्ट्र स्तर पर 24वीं और राज्य में सातवीं थी। गत वर्ष गोरखपुर को गार्बेज फ्री सिटी के थ्री स्टार कटेगरी में रखा गया था जबकि इस बार यह शहर गार्बेज फ्री सिटी की फाइव स्टार सर्टिफिकेशन में आ गया है।

    गोरखपुर की इस उपलब्धि की मुख्यमंत्री पहले भी सराहना कर चुके हैं। अब वह एक समारोह में स्वच्छता की उत्कृष्टता में योगदान देने वाले सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गोरखपुर को हासिल बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक मार्गदर्शन में सफाई मित्रों, पार्षदों, कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ ही नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सबसे अहम बात है कि सीएम योगी हर सार्वजनिक कार्यक्रम में जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं।
    अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का होगा उद्घाटन

    कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी गोरखपुर नगर निगम द्वारा अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 92 लाख रुपये है। इसके तहत शहर के सभी पम्पिंग स्टेशनों के पूर्ण ऑटोमेशन किया गया है। प्राइमरी और सेकेंडरी नालों पर कुल 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं। जब नालों का जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो संबंधित अधिकारियों को ऑटोमेटेड अलर्ट भेजी जाती है। ईंधन की कमी और पम्प रख रखाव चेतावनियां भी अधिकारियों को समय रहते भेजी जाती है।

    उधर, सीएम योगी आज गोरखपुर दौरे पर है। उन्होंने मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया। इस बीच भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होती भी नजर आई। सीएम योगी आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास के कामों की सौगात देंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में देश में चौथा और प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने वाली गोरक्षनगरी (गोरखपुर) को इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई देंगे। समारोह में सीएम योगी 252.50 करोड़ रुपये की 174 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और तीन योजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। नगर निगम मंगलवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा रहा। नगर निगम की दीवारों को रंग-रोगन किया गया। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के कार्यालय का सौंदर्यीकरण देर रात तक चलता रहा। महापौर डॉ.मंगलेश श्रीवास्तव ने नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के साथ तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री पैडलेगंज से सफाई वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं।

    नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देश में तीसरा स्थान, 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में चौथा और 01 लाख से 10 लाख की श्रेणी में सूबे में पहला स्थान, वॉटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। इन उपलब्धियों के लिए नगर निगम के पार्षदों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों का हौसला बढ़ाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को नगर निगम में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम सीएम योगी सफाई-मित्रों का सम्मान करने के साथ महानगरवासियों को 252.50 करोड़ रुपये की 177 परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
    200 जवानों की क्षमता वाले बैरक का करेंगे लोकार्पण

    26वीं वाहिनी पीएसी परिसर में पीएसी जवानों के लिए 200 की क्षमता की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला बैरक बनकर तैयार हो गई है। 24 जुलाई को इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होने की उम्मीद है। कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने में पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के योगदान से सभी वाकिफ हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएसी के जवानों की लॉ एंड ऑर्डर में महत्वपूर्ण भूमिका की कई मंचों से सराहना कर चुके हैं। पीएसी के जवानों को अत्याधुनिक सुविधा देने के लिए योगी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा जोर दे रही है। इसी सिलसिले में 26वीं वाहिनी पीएसी में 11 मंजिला बैरक टॉवर बनाया गया है। इसे बनाने के लिए 11 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। अब यह टॉवर बनकर तैयार है।
    इन परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएण्डडीएस यूनिट 42 राज्य वित्त से 2.55 करोड़ से अमवा में बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर, सीएण्डडीएस यूनिट 14 द्वारा राज्य स्मार्ट सिटी योजना में निगम परिसर में 2.05 करोड़ रुपये से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी और उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना में 35.42 करोड़ रुपये से रामगढ़झील सौंदर्यीकरण परियोजना फेज 2 के तहत 1700 मीटर लम्बाई में विकसित किए गए ताल फ्रंट का लोकार्पण करेंगे।

    ढाई सौ करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे मुख्यमंत्री

    नगर निगम में सफाई मित्रों और पार्षदों के सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 252.50 करोड़ रुपये की 177 परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
    लोकार्पण की प्रमुख परियोजनाएं :-

    -सीएंडडीएस यूनिट 42 राज्य वित्त से 2.55 करोड़ से अमवा में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर

    -सीएंडडीएस यूनिट 14 द्वारा राज्य स्मार्ट सिटी योजना में निगम परिसर में 2.05 करोड़ रुपये से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी

    -उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय द्वारा पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना में 35.42 करोड़ रुपये से रामगढ़झील सौंदर्यीकरण परियोजना फेज 2 के तहत 1700 मीटर लम्बाई में विकसित ताल फ्रंट/नया सवेरा
    शिलान्यास की प्रमुख परियोजनाएं :-

    -उपवन योजना के तहत 4.95 करोड़ रुपये की लागत से दो पार्को का निर्माण

    -15.74 करोड़ रुपये की लागत से नव सृजित वार्डों में सड़क, नाली, नाला का निर्माण

    -3 करोड़ रुपये की लागत से नव सृजित वार्डों में 7 पार्कों का निर्माण

    -सुथनी के वेस्ट प्रोसेसिंग सिटी परिसर में 4.85 करोड़ रुपये से एडमिन ब्लॉक का निर्माण

    -सुथनी के वेस्ट प्रोसेसिंग सिटी परिसर में 12.09 करोड़ रुपये से आंतरिक सड़कें, नाला-सीवर का कार्य

    -राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 21.20 करोड़ रुपये से जोनल कार्यालय ट्रांसपोर्टनगर और रानीडीहा का निर्माण कार्य

    -26.80 करोड़ रुपये से नेहरु पार्क (लालडिग्गी) का सौंदर्यीकरण कार्य

    -मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 24.40 करोड़ रुपये से वर्किंग वुमेन हॉस्टल और वैश्विक काम्प्लेक्स एवं को वर्किंग स्पेस का निर्माण

    -12.148 करोड़ रुपये की लागत से नकहा ओवरब्रिज मुख्य मार्ग से रामजानकी नगर चौराहा होते हुए हड़हवा फाटक रोड तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सृदृढीकरण का कार्य

    -मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना के तहत 60.52 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली निर्माण

     

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    Wed, 23 Jul 2025 17:17:17 +0530 City Today Bhopal
    धर्मांतरण जाल में फंसी हरियाणा की युवती, शाहीन बाग में हुआ ब्रेनवॉश — दिल्ली से रेस्क्यू https://citytoday.co.in/3094 https://citytoday.co.in/3094 आगरा

    यूपी के आगरा में बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. हर दिन इस गैंग के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अबतक गैंग के दर्जन भर लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान कुरैशी उर्फ महेंद्र पाल जादौन भी गिरफ्तार हो चुका है. जांच में पता चला है कि धर्मांतरण गैंग ने दिल्ली से रेस्क्यू की गई हरियाणा की एक लड़की का शाहीन बाग में ब्रेन वॉश किया था. इसके बाद उसका धर्म परिवर्तित कराया. 

    दरअसल, बीते दिनों आगरा की दो बहनों के अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने दिल्ली से गैंग के सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी को गिरफ्तार किया है. वहां से हरियाणा के रोहतक की एक दलित लड़की को भी रेस्क्यू किया. इस लड़की ने पूछताछ में कई राज खोले हैं. उसने बताया कि दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में उसका ब्रेन वॉश किया गया और फिर धर्म बदलवाकर उसका निकाह करा दिया गया. 

    पीड़ित लड़की ने बताया कि निकाह के लिए राजस्थान से काजी बुलाया गया था, जिसकी जानकारी के लिए पुलिस की एक टीम राजस्थान रवाना की गई है. फिलहाल, पीड़िता का मेडिकल और पुलिस व कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए हैं. 

    मालूम हो कि आगरा की दो सगी बहनों को कोलकाता से बरामद किया गया, जिनका भी धर्मांतरण कर निकाह कराए जाने की तैयारी थी. इसपर गोवा की एसबी कृष्णा उर्फ आयशा ने बताया कि दिल्ली के मुस्तफाबाद का अब्दुल रहमान धर्मांतरण के लिए फंडिंग करता है. मूल रूप से रहमान यूपी के फिरोजाबाद का निवासी है. 

    अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल पहले हिंदू था. 1990 में पहले वो ईसाई धर्म में कन्वर्ट हुआ और फिर इस्लाम अपना लिया. उसके बाद उसने अपना नाम अब्दुल रहमान कुरैशी रख लिया. इस बदलाव के बाद वह धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा बन गया. फिलहाल, उसके खातों, कॉल डिटेल और विदेश कनेक्शन की जांच हो रही है. 

    अब्दुल रहमान के पास से कई धर्म परिवर्तन से जुड़ी किताबें बरामद हुईं, जिनसे उसका कनेक्शन कलीम सिद्दीकी जैसे जेल में बंद साजिशकर्ताओं से जुड़ता है. जांच-पड़ताल के क्रम में एनआईए की टीम सोमवार रात आगरा पहुंची और कई घंटों तक पूछताछ की. गैंग के विदेशी फंडिंग और संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच भी जारी है. 

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    Wed, 23 Jul 2025 17:17:17 +0530 City Today Bhopal
    मेरठ में सीएम योगी का कांवड़ियों को सम्मान, हुड़दंगियों को दी कड़ी चेतावनी https://citytoday.co.in/3067 https://citytoday.co.in/3067 मेरठ

    प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। सीएम ने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाने वाले और तोड़फोड़ करने वालों का बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को हक नहीं है।

    मोदीपुरम की शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम का हेलीकॉप्टर उतरा। दुल्हेड़ा चौकी के पास लगे स्टेज से सीएम ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। स्टेज पर राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपई, राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, निवर्तमान दर्ज प्राप्त मंत्री पंडित सुनील भराला, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

     पूर्व विधायक संगीत सोम को रोका
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम योगी के हेलीकॉप्टर के उतरने का कार्यक्रम था। शोभित विवि के बाहर पूर्व विधायक संगीत सोम को रोक दिया गया। संगीत सोम अपनी गाड़ी से अंदर जाने के लिए अड़ गए, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस बीच संगीत सोम इधर उधर फोन घुमाते रहे। काफी देर खड़े होने के बाद वह अपनी गाड़ी से आगे चले गए।

     

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    Sun, 20 Jul 2025 14:36:42 +0530 City Today Bhopal
    बाबा धाम जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप को ट्रेलर ने मारी टक्कर, चार की दर्दनाक मौत https://citytoday.co.in/3068 https://citytoday.co.in/3068 बलिया

    बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी।

    हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।

    ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

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    Sun, 20 Jul 2025 14:36:42 +0530 City Today Bhopal
    भंडारे में खुशियों की जगह मातम: एक्सप्रेस&वे पर हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्य मारे गए https://citytoday.co.in/3069 https://citytoday.co.in/3069 मथुरा

    मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए।

    एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई।

    धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।
     
    अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था।

    भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत
    धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई।

    जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता
    दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।

     

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    Sun, 20 Jul 2025 14:36:42 +0530 City Today Bhopal
    कांवड़ियों का कहर: ड्यूटी पर जा रहे CRPF जवान से मारपीट, FIR दर्ज https://citytoday.co.in/3070 https://citytoday.co.in/3070 मिर्जापुर
    सावन माह के दौरान पूरे देश में कांवड़ यात्रा जोरों पर है। इस बीच कई जगहों से कांवड़ियों के उपद्रव और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सामने आया है, जहां कुछ कांवड़ियों ने एक वर्दीधारी CRPF जवान के साथ जमकर मारपीट की। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

    क्या है मामला?
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित जवान का नाम गौतम है और वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात हैं। जवान मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे थे, जो उन्हें मणिपुर ले जाने वाली थी। उसी समय स्टेशन पर पहले से मौजूद कांवड़ियों के एक समूह से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

    कहासुनी के बाद बात इतनी बढ़ गई कि कांवड़ियों ने गौतम की पिटाई शुरू कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि कांवड़िए जवान को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे हैं। मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी जवान की मदद के लिए आगे नहीं आया।

    वीडियो हुआ वायरल, आरोपियों की तलाश जारी
    यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। घटना के बाद जवान किसी तरह ट्रेन में सवार होकर अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने अब मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।
     
    कांवड़ियों पर दर्ज हुई FIR
    इस घटना के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट मिर्जापुर पर अज्ञात कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 411/25, 412/25, 413/25 दर्ज किया गया है। इन धाराओं में रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 147 शामिल हैं, जो रेलवे परिसर में उपद्रव और झगड़े से संबंधित हैं। फिलहाल आरोपी कांवड़ियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार में भी कांवड़ियों द्वारा एक महिला के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था। बताया गया था कि गाड़ी पार्किंग को लेकर महिला और कांवड़ियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लड़कियों ने महिला के साथ मारपीट की थी। वहां लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था।

    प्रशासन सख्त, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
    लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि धार्मिक यात्रा के नाम पर कुछ लोग कानून को अपने हाथ में क्यों ले रहे हैं। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

     

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    Sun, 20 Jul 2025 14:36:42 +0530 City Today Bhopal
    छांगुर नहीं, पूरा गैंग! धर्मांतरण के पीछे ISIS जैसी साजिश का पर्दाफाश https://citytoday.co.in/3071 https://citytoday.co.in/3071 लखनऊ 
    यूपी में धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच शनिवार को यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण की प्रेस कांफ्रेंस में एक नए गैंग का खुलासा हुआ जो आईएसआईएस की तर्ज पर कई राज्यों में अपना जाल फैलाकर लड़कियों को बरगरलाता और उनका धर्मांतरण कराता था। आगरा से लापता दो लड़कियों का धर्मांतरण करने के मामले में आगरा पुलिस ने छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोग गिरफ्तार किए। इनका छांगुर गिरोह से संपर्क नहीं मिला है। इन्हें कनाडा, अमेरिका, दुबई समेत कई देश से करोड़ो की फंडिंग हुई थी।

    मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के तहत पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कुछ विशिष्ट चुनौतियां हैं जिनका सामना करने के लिए पुलिस ने मिशन अस्मिता लांच किया था जिसमें पूर्व में अवैध धर्म परिवर्तन सिंडिकेट के कुछ अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे। इनमें मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था।

    डीजीपी ने बताया कि इसी कड़ी में हाल में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन उर्फ जलालुद्दीन के अवैध धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट का भी पर्दाफाश किया गया। इसमें एसटीएफ और एटीएस की जांच जारी है जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह अभियान जेहाद के नाम पर अंतरराष्ट्रीय जेहादी फंडिंग प्राप्त करने, रेडिकाइलेशन की कार्रवाई करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के उद्देश्य से अवैध धर्मांतरण, डार्क वेव और अन्य नेटवर्क के जरिए गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध है।

    इसी कड़ी में आगरा में एक उल्लेखनीय काम किया गया है। इसमें छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन, लव जिहाद और अन्य तरीकों से प्रभावित करके अवैध धर्मांतरण के काम में लिप्त थे। अवैध धर्मांतरण का यह मोडस अपरेंडी आईएसआईएस का सिग्नेचर स्टाइल है। प्रारंभिक जांच में इस ग्रुप का संबंध पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी होने के संकेत मिले हैं। डीजीपी ने बताया कि आगरा पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई के बाद जांच में एसटीएफ और एटीएस को भी शामिल किया गया है। आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

    धर्मांतरण का कौन धंधेबाज कहां से पकड़ा गया?
    आयशा (एसबी कृष्णा)-गोवा
    अली हसन (शेखर रॉय)-कोलकाता
    ओसामा-कोलकाता
    रहमान कुरैशी-आगरा
    अब्बू तालिब-खालापार, मुजफ्फरनगर
    अबुर रहमान-देहरादून
    मोहम्मद अली-जयपुर राजस्थान
    जुनैद कुरैशी-जयपुर
    मुस्तफा (मनोज)-दिल्ली
    मोहम्मद अली-जयपुर

     

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    Sun, 20 Jul 2025 14:36:42 +0530 City Today Bhopal
    उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर: आंधी&बिजली गिरने से 10 मौतें, सीएम ने जताया शोक https://citytoday.co.in/3052 https://citytoday.co.in/3052 लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।

    हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है।

    मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

    प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

     

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    Sat, 19 Jul 2025 17:27:46 +0530 City Today Bhopal
    छांगुर बाबा का मनी लॉन्ड्रिंग जाल! 22 बैंक खातों से 60 करोड़ का लेनदेन, कनेक्शन मुंबई से पनामा तक https://citytoday.co.in/3053 https://citytoday.co.in/3053 लखनऊ 

    अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले धंधे का नेटवर्क सिर्फ देश तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा जांच में इसका बड़ा खुलासा हुआ है. ईडी ने छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो मुंबई से लेकर पनामा तक फैला था.

    जांच में सामने आया कि छांगुर बाबा ने विदेशों से भारी फंडिंग हासिल की थी. इस फंडिंग का इस्तेमाल देश में धर्मांतरण कराने और अवैध संपत्ति खरीदने में किया जा रहा था. ईडी को छांगुर बाबा और उसके करीबियों के 22 बैंक खातों की जांच में करीब 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं. खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की लंबी फेहरिस्त पाई गई है, जिनका स्रोत और उद्देश्य संदिग्ध है.

    मुंबई में छांगुर बाबा ने 'रनवल ग्रींस' नाम का एक कॉम्पलेक्स खरीदा था. ईडी को शक है कि यह सौदा अवैध फंडिंग के पैसों से किया गया था. सौदे से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि पनामा स्थित 'लोगोस मरीन' नामक एक कंपनी से छांगुर के तार जुड़े हैं. इस कंपनी के दस्तावेज और अभिलेख ईडी के हाथ लगे हैं, जिससे अंदेशा है कि विदेशों में भी पैसा खपाने और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था.

    लखनऊ का बुटीक बना था गोरखधंधे का अड्डा

    लखनऊ के सुभाष नगर स्थित ‘आसवी बुटीक’ को भी ईडी ने खंगाला है. जांच में पता चला कि इस बुटीक को दस्तावेजों और अवैध संपत्ति से जुड़े कागजात छिपाने का अड्डा बनाया गया था. यहां से छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क से जुड़ी कई संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. बुटीक को फिलहाल सील कर दिया गया है.

    नवीन रोहरा और नीतू रोहरा की भूमिका भी संदिग्ध

    ईडी ने अपनी जांच में नवीन रोहरा और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का अहम हिस्सा माना है. ये दोनों संदिग्ध लेनदेन और संपत्ति सौदों में छांगुर की मदद कर रहे थे. इनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है. ईडी के पास छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क के खिलाफ कई सबूत हैं. अब इन सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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    Sat, 19 Jul 2025 17:27:46 +0530 City Today Bhopal
    मथुरा हादसा: सीएम योगी ने जताया शोक, घायलों के इलाज के दिए निर्देश https://citytoday.co.in/3054 https://citytoday.co.in/3054 लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनपद मथुरा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।”

    मथुरा में शनिवार सुबह दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि लगभग 30 लोग घायल हुए। पहला हादसा मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 140 पर करीब 3 बजे हुआ, जिसमें एक ईको कार एक अज्ञात वाहन से टकराई। इसमें कार सवार 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई। दूसरी घटना बलदेव थाना क्षेत्र में ही यमुना एक्सप्रेस वे माइलस्टोन 131 पर हुई, जहां एक बस पलट गई। इस घटना में 29 यात्री घायल हुए।

    मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, दोनों हादसे वाहन चालकों को संभवत: नींद आने के कारण हुए। मथुरा के जिलाधिकारी और एसएसपी ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की है। साथ ही, दोनों अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की है। आगरा निवासी राकेश सिंह ने इस दुर्घटना में अपने भाई, दो भतीजे और दो भांजों को खोया है। उन्होंने बताया, “वे आगरा के रहने वाले हैं। उनके भाई दिल्ली से आगरा भंडारा करने के लिए आ रहे थे। रास्ते में कार का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें भाई और दो भतीजों की मौत हो गई। दो भांजे दलबीर और पारस का भी निधन हुआ है। अन्य व्यक्ति इनका दोस्त था, जो दिल्ली से आ रहा था।” उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उनके भाई भंडारा कराने के लिए आ रहे थे। हादसे में उनकी भाभी और एक भतीजी घायल हुई हैं, जिनको आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, बस हादसे में घायल व्यक्ति ने कहा, “दिल्ली से आगरा के लिए बस जा रही थी। रास्ते में अचानक से बस पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 50-60 लोग सवार थे।”

     

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    Sat, 19 Jul 2025 17:27:46 +0530 City Today Bhopal
    यूपी में भवन नक्शों की ऑनलाइन जांच सेवा अस्थायी रूप से बंद, 30 सितंबर तक स्क्रूटनी ठप https://citytoday.co.in/3055 https://citytoday.co.in/3055 लखनऊ 
     उत्तर प्रदेश में चार जुलाई से लागू की गई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के अनुसार भवन मानचित्रों की आनलाइन स्क्रूटनी कर मंजूरी देने की व्यवस्था 30 सितंबर तक ठप रहेगी।

    यह व्यवस्था चार जुलाई से लागू की गई थी। ऐसे में विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद में आनलाइन जमा होने वाले मानचित्रों का परीक्षण सीधे संबंधित अभिकरणों के नगर नियोजक व अभियंता करेंगे।

    इस बीच बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम(ओबीपीएएस) और फास्टपास सिस्टम के स्क्रूटनी इंजन को नई उपविधि के मानकों के अनुसार बनाकर मानचित्रों की स्वीकृति की प्रक्रिया के निर्बाध संचालन के लिए राज्य सरकार ने आवास एवं शहरी नियोजन के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।

    समिति में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, मुख्य नगर नियोजक व वित्त नियंत्रक, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, आवास बंधु के आइटी एक्सपर्ट को सदस्य और आवास बंधु के निदेशक को समिति का संयोजक बनाया गया है।

    चूंकि नई उपविधि में भवन निर्माण के मानकों में सरकार ने तमाम छूट दी है इसलिए माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर भूखंड स्वामियों द्वारा मानचित्र स्वीकृति कराने के लिए प्राधिकरण-परिषद में आवेदन किया जाएगा।

    चूंकि मानचित्र को पास करने वाला मौजूदा आनलाइन सिस्टम वर्ष-2008 की उपविधि के मानकों के अनुसार ही है जिसे नई उपविधि के अनुसार बनाने में लगभग दो माह लग सकते हैं इसलिए 30 सितंबर तक पूरी प्रक्रिया ठप रहेगी।

    इस बीच जो भी मानचित्र आनलाइन जमा किए जाएंगे उऩ्हें स्वीकृति करने में दिक्कत न हो इसके लिए समिति की संस्तुति पर सरकार ने तय किया है कि संबंधित मानचित्रों की आनलाइन स्क्रूटनी के बजाय सीधे प्राधिकरण या परिषद के नगर नियोजकों-अभियंताओं से परीक्षण कराकर उन्हें मंजूरी दे दी जाए।

     

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    Sat, 19 Jul 2025 17:27:46 +0530 City Today Bhopal
    यमुना एक्सप्रेस&वे पर भीषण हादसा: ट्रक&कार की टक्कर में 6 लोगों की दर्दनाक मौत https://citytoday.co.in/3056 https://citytoday.co.in/3056 मथुरा

    यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मथुरा जिले में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित ईको कार पीछे से ट्रक से टकरा गई। इस घटना में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई और दो महिला घायल हैं। मृतकों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज घायल अस्पताल में भर्ती कराए हैं। वहीं यमुना एक्‍सप्रेसवे पर एक और सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही एक बस माइलस्टोन 131 पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में 30 यात्री घायल हो गए है। घायल हुए आठ लोग जिला अस्पताल में हैं और नौ लोग एसएन आगरा में भर्ती कराए हैं। बाकी लोगों के ज्यादा चोट नहीं है।

    ईको कार चालक नोएडा से सात सवारियां लेकर एक्सप्रेस वे से आगरा की ओर जा रहा था। बलदेव क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और टोल टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार से लोगों को निकाला। इनमें छह की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आने से अनियंत्रित होकर कार ट्रक के पीछे जा भिड़ी। मृतकों में तीन आगरा जिले के हैं, दो मध्य प्रदेश के हैं और एक की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस घटना में धर्मवीर पुत्र जवर सिंह, निवासी ग्राम हरलालपुरा, थाना बासोनी, तहसील बाह, जिला आगरा, उनके दो पुत्र रोहित और आर्यन, दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह तोमर पुत्रगण विश्वनाथ सिंह, निवासीगण ग्राम बढ़पुरा हुसैद, थाना महोबा, जिला मुरैना मध्य प्रदेश तथा रोहित के दोस्त (नाम पता अज्ञात) की मौत हो गई। इस घटना में सोनी पत्नी धर्मवीर और पायल पुत्री धर्मवीर निवासीगण हलालपुर थाना बासोनी जिला आगरा घायल हो गए हैं।
    यमुना एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 30 सवारी घायल

    वहीं दूसरे हादसे में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 131 के निकट शनिवार तड़के नोएडा से आगरा की ओर जा रही बस पलटने से करीब 30 सवारियां घायल हो गई। यह बस दिल्ली से मध्य प्रदेश के भिंड के लिए जा रही थी। बस में गरीब 60-65 यात्री बैठे हुए थे। तड़के बस पलटने से चीख पुकार मच गईं। सूचना पर पुलिस और टोल टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना में ग्राम सुंदरपुर, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी देवी पत्नी अहिवरन सिंह दुर्गेश पुत्र अहिवरन, त्रिलोकपुरी ओल्ड थाना मयूर विहार फेस वन नई दिल्ली निवासी चेतना पुत्री राम लक्ष्मण, पूजा पुत्री राम लक्ष्मण, राजाराम पुत्र बद्री प्रसाद, पीहू पुत्री बंटी ग्राम एरोली थाना अटेरनिवासी अक्षय बघेल पुत्र रूप सिंह बघेल सिपोई मध्य प्रदेश निवासी आकाश पुत्र मोहनश्याम, छतरपुर निवासी, सुनील पुत्र चगेंश, श्रीचन्द्र पुत्र रामदयाल, भिंड निवासी आकाश पुत्र नरेन्द्र, छतरपुर निवासी धर्मेन्द्र पुत्र जयकिशन, रूबी पुत्र बिल्लियां, मुरैना निवासी धनपत पुत्र रामजीलाल, दिल्ली निवासी दयाराम पुत्र सेवाराम, मानसिह पुत्र दयाराम, जुगलकिशोर पुत्र दयाराम, मुरैना निवासी लक्ष्मीनरायन पुत्र रामविलास, संजय शर्मा पुत्र रमेश निवासी वामोर कला, सुशील पुत्र महावीर, दीपक शर्मा पुत्र मोहनश्याम निवासी सिपोई, झांसी निवासी चन्द्रशेखर पुत्र दीनदयाल, छतरपुर निवासी मनीष चौवे पुत्र रामनरायन चौवे, रायपुर निवासी प्रीतमलाल पुत्र रामप्रकाश, राजा नगर निवासी पुष्पेन्द्र पुत्र प्रेमनरायण घायल हो गए। जिनमें से दीपक शर्मा, प्रीतमलाल, चन्द्रशेखर, पुष्पेन्द्र,रूव, श्रीचन्द्रअनुरागी, संजय शर्मा पुत्र रमेश , मनीष चौवे को जिला अस्पताल मथुरा रेफर किया गया। शेष सभी घायल अवस्था मे हैं, जिनका उपचार सीएचसी छौली मे हो रहा है। अन्य लोगों के मामूली चोट आई, जिन्हें अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना कर दिया।

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    Sat, 19 Jul 2025 17:27:46 +0530 City Today Bhopal
    उत्तर प्रदेश में टीचर के 7466 पदों पर निकली भर्ती, 28 जुलाई से करें अप्लाई, जानें डीटेल्स https://citytoday.co.in/2984 https://citytoday.co.in/2984 लखनऊ 

    सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एलटी ग्रेड टीचर का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से एलटटी ग्रेड टीचर के कुल 7466 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें, महिलाओं के लिए 2525 पद, पुरुषों के लिए 4860 पद और पीडब्ल्यूडी के लिए 81 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर 28 जुलाई से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन की आखिरी तारीख 28 अगस्त है। वहीं, अभ्यर्थी 4 सितंबर तक आवेदन में करेक्शन कर सकेंगे।

    एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इसके अलावा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित विषय में बैचलर्स और बीएड डिग्री होनी चाहिए।

    सरकारी टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से राज्य में सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी परीक्षा 2025 (UP LT Grade Teacher recruitment) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का एलान हुआ है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 28 अगस्त 2025 तक जारी रहेगी।

    जो भी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे केवल ऑनलाइन माध्यम से कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे। अन्य किसी भी प्रकार से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।

    भर्ती विवरण

    अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती के जरिये इस भर्ती के जरिये कुल 7666 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से राजकीय विद्यालयों के अंतर्गत पुरुष शाखा हेतु 4860 पद और महिला शाखा हेतु 2525 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के अंतर्गत कुल 81 पदों पर भर्ती की जाएगी।

    पात्रता एवं मापदंड

    इस भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता का विवरण आज विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर साझा कर दी जाएगी। इस भर्ती में संबंधित विषयों से ग्रेजुएशन के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी भाग ले पाएंगे। कई विषयों के लिए बीएड में छूट दी गई है।

    इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूमतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 40 साल तय की गई है अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 1985 से पहले एवं 1 जुलाई 2024 के बाद न हुआ हो। आरक्षित वर्गों से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

    7 साल बाद हो रही भर्ती

    आपको बता दें कि यूपी में एलटी ग्रेड टीचर के पदों पर भर्ती 7 साल बाद निकाली गई है। इससे पहले वर्ष 2018 में कुल 10768 रिक्त पदों पर भर्ती की गई थी।

    •  
    •     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
    •     फिर ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें।
    •     इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें।
    •     फिर आवेदन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
    •     सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट कर दें।
    •     फॉर्म जमा करने के बाद एक कॉपी संभाल कर रख लें।

    UPPSC LT Grade Teacher Vacancy 2025: ऐसे होगा चयन

    यूपी एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। योग्य अभ्यर्थी 28 जुलाई से 28 अगस्त तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए जनरल/ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 125 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं।

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    Tue, 15 Jul 2025 17:19:59 +0530 City Today Bhopal
    राजधानी दिल्ली के दो नामी शिक्षण संस्थानों को उड़ाने की धमकी, सेंट थॉमस और सेंट स्टीफन कॉलेज अलर्ट पर https://citytoday.co.in/2983 https://citytoday.co.in/2983 नई दिल्ली

    दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित सेंट थॉमस स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज को सुबह ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. ईमेल मिलने के बाद स्कूल को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया और सभी छात्रों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है. सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और  डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंच गई हैं. हालांकि, अभी पुलिस को स्कूल या कॉलेज में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है.

    दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वाड), डॉग स्क्वाड, दिल्ली दमकल विभाग और विशेष स्टाफ की टीमें दोनों संस्थानों में पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया.

    बम की धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक स्क्वाड ने दोनों ही संस्थानों को तुरंत खाली कर लिया गया है. सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफन्स कॉलेज के परिसरों में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. दिल्ली पुलिस के बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड ने परिसरों की गहन तलाशी ली. अधिकारियों के अनुसार, अब तक स्कूल या कॉलेज परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या सामग्री नहीं मिली है.

    नेवी और CRPF स्कूल को भी मिला धमकी भरा मेल

    वहीं, सोमवार को भी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेवी स्कूल और द्वारका के CRPF पब्लिक स्कूल को सुबह ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. हालांकि, जांच में पुलिस और बम स्क्वाड को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को बम की धमकी मिली हो. इससे पहले भी कई बार दिल्ली के अन्यों स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं. पिछले साल मई में दिल्ली-NCR के करीब 100 स्कूलों को इसी तरह के ईमेल मिले थे जो पुलिस जांच में फर्जी साबित हुए.

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    Tue, 15 Jul 2025 17:19:57 +0530 City Today Bhopal
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ग्राम&ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही https://citytoday.co.in/2982 https://citytoday.co.in/2982 लखनऊ 
    यूपी के गांवों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा। इस योजना से न केवल घरेलू रसोई गैस की खपत में भारी कमी आएगी, बल्कि जैविक/ प्राकृतिक खाद के उत्पादन से कृषि को भी नई दिशा मिलेगी। यूपी गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

    किसानों के दरवाजे पर स्थापित होंगी बायोगैस यूनिट
    योगी सरकार की योजना है कि केवल गोशालाओं तक सीमित न रहते हुए यह मॉडल किसानों के दरवाजे तक पहुंचे। बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी, जिससे वे स्वयं के उपयोग के लिए गैस और खाद दोनों का उत्पादन कर सकें। इससे खेती की लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

    किसानों को मिलेगा पशुशाला निर्माण का लाभ
    इस योजना को मनरेगा से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत ग्रामीण किसानों को व्यक्तिगत पशुशाला (इंडिविजुअल कैटल शेड) निर्माण का लाभ मिलेगा। इन पशुशालाओं से उत्पादित गोबर का उपयोग बायोगैस यूनिट में कर किसान खुद की रसोई के लिए गैस बना सकेंगे। साथ ही, इससे निकलने वाली स्लरी को वे आसपास के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वे गैस व खाद दोनों में आत्मनिर्भर बनेंगे।

    43 गोशालाओं में शुरू होंगे बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र
    योगी सरकार 43 चयनित गोशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों को चालू करने जा रही है। इन संयंत्रों से न सिर्फ गैस का उत्पादन होगा, बल्कि गोबर से तैयार स्लरी से जैविक/प्राकृतिक खाद भी बनेगी। हर गोशाला से प्रतिमाह 50 क्विंटल स्लरी तैयार होने की संभावना है, जिसे आसपास के किसान उपयोग में ला सकेंगे।

    ग्राम-ऊर्जा मॉडल से मिलेगा युवाओं को रोजगार
    इस योजना से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। संयंत्रों के संचालन, रखरखाव, खाद वितरण, तकनीकी सहायता जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यह मॉडल ‘आत्मनिर्भर ग्राम, सशक्त किसान’ के सपने को साकार करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्राम-ऊर्जा मॉडल उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जैविक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और स्थानीय रोजगार सृजन की त्रिस्तरीय रणनीति के तहत यह योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

     

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    Tue, 15 Jul 2025 17:19:55 +0530 City Today Bhopal
    बरेली में 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोपी गिरफ्तार https://citytoday.co.in/2981 https://citytoday.co.in/2981 बरेली
    बरेली जिले की फरीदपुर थाना पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर उनका धर्मांतरण कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली दक्षिणी क्षेत्र की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की  पहचान लालजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि लालजी के पास से जो कागजात व पुस्तकें मिली हैं, उनसे लग रहा है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा था।

    एएसपी ने कहा कि आरोपी के संपर्कों और आर्थिक स्रोत की जानकारी के लिए पुलिस सघन जांच कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी। पुलिस के अनुसार लालजी योजनाबद्ध तरीके से अब तक 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करा चुका था, जिनके नाम उसने डायरी में नोट किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके कमरे से बाइबिल और चार डायरी आदि भी बरामद की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल पर लोगों से हुई बातचीत की भी जानकारी हासिल कर रही है।

    एएसपी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार लालजी पर आरोप है कि वह हिंदू धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को रुपये, नौकरी, मकान और विवाह जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने खुद आरोपी की सभा में जाकर इसकी पुष्टि की और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की।

    पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से मिली चार डायरी से और भी राज सामने आने की संभावना है। इन डायरियों में क्षेत्र के तमाम लोगों के नाम लिखे हैं और हर नाम के आगे लिखा है, ‘‘उपदेश दे दिया गया।''

    फरीदपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राधेश्याम ने बताया कि इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि डायरी में जितने भी नाम लिखे गए हैं, आरोपी ने उन सभी का धर्मांतरण करा दिया है। लालजी 2002 में फरीदपुर रहने आया था। वह मूल रूप से मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि पहले वह इधर-उधर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, लेकिन 2008 में 'ब्रेन हेमरेज' होने पर वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ, जहां के एक डॉक्टर और नर्स (ईसाई) से वह काफी प्रभावित हुआ।

     

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    Tue, 15 Jul 2025 17:19:53 +0530 City Today Bhopal
    यूपी में सनसनीखेज वारदात: घर में घुसकर पुरोहित की बेरहमी से हत्या https://citytoday.co.in/2980 https://citytoday.co.in/2980 देवरिया
    यूपी के देवरिया में एक पुरोहित की घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई है। कमरे में पुरोहित की खून से लथपथ लाश मंगलवार की सुबह मिली। उनके शरीर पर जगह-जगह चाकू के जख्म हैं। माना जा रहा है कि कातिल ने बड़ी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर पुरोहित को मार डाला। पुरोहित घर पर अकेले ही रहते थे। उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में रहता है।

    यह वारदात देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के धौला पंडित गांव में हुई है। सोमवार की रात घर में घुसकर पुरोहित की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मंगलवार की सुबह हुई। सूचना मिलते ही एएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। एसओजी समेत तीन टीमें घटना के पर्दाफाश की कोशिशों में जुटी हैं।

    धौला पंडित गांव के रहने वाले रामाशीष पांडेय पुत्र स्व.रामनिवास पांडेय पुरोहित थे। घर पर अकेले ही रहते थे, जबकि उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में है। मंगलवार की सुबह वह पड़ोसियों को बाहर नहीं दिखे तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। इसके बाद जब वह अंदर जाकर देखे तो अवाक रह गए। कमरे में खून से लथपथ रामाशीष पांडेय का शव पड़ा था। दूर तक खून के छींटे पड़े थे। शरीर पर जगह-जगह चाकू से घाव था। यह देख लोगों ने शोर किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत ऐक्टिव हो गई। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, एएसपी सुनील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच की।

    डाग स्क्वायड टीम भी आई
    हत्या जैसे जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही एएसपी, सीओ समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसओजी, फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम ने भी मौके पर पहुंच जांच की। पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा ले रही है।

    कमरे में बिखरा पड़ा है सामान
    जिस कमरे में पुरोहित की हत्या की गई है, उस कमरे में सामान बिखरा पड़ा है। ऐसा लग रहा है कि पहले लूटपाट हुई है और फिर विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई है। यह भी हो सकता है नीयत हत्या की ही रही हो और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए सामान बिखेर दिया गया हो। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।

     

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    Tue, 15 Jul 2025 17:19:51 +0530 City Today Bhopal
    UP सरकार का बड़ा कदम, 11 विरासत भवन और किले बनेंगे भव्य टूरिस्ट स्पॉट https://citytoday.co.in/2956 https://citytoday.co.in/2956 लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में खंडहर में तब्दील हो रहे राज्य के ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। पर्यटन विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों और भवनों को चमकाने की तैयारी में है। विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत होगा, जहां एजेंसी इन जगहों को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसे लगाएगी, चलाएगी और बाद में सरकार को सौंप देगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू होने जा रही इस पहल से न सिर्फ इन ऐतिहासिक किलों और भवनों का इतिहास बचेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन बढ़ेगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन 11 विरासत स्थलों में ललितपुर का तालबेहट किला, बांदा का रनगढ़ और भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम और दर्शन विलास, कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल और सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला और मथुरा का सीताराम महल (कोटवान किला) शामिल हैं।

    ये सभी जगहें अपनी खास वास्तुकला और इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। इनका पुनरोद्धार करके इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालय में बदला जाएगा, ताकि पर्यटक यहां ठहर सकें और इतिहास को करीब से महसूस कर सकें। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में ये योजना खास तौर पर फायदेमंद होगी, जहां पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक, ये परियोजना न सिर्फ इन पुरानी इमारतों को नया रूप देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी।

    मुख्यमंत्री ने पहले ही इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उनकी ये कोशिशें यूपी को देश और दुनिया में पर्यटन का एक चहेता डेस्टिनेशन बना रही हैं। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का दौरा किया, जो इन पहलों की सफलता को दर्शाता है। 

     

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    Mon, 14 Jul 2025 11:57:30 +0530 news desk MPcg
    दिल्ली के वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत ढही, मलबे में दबे 4 लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी https://citytoday.co.in/2943 https://citytoday.co.in/2943

    नई दिल्ली

    नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के थाना वेलकम क्षेत्र स्थित जनता मजदूर कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 7 बजे एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. हादसे के वक्त इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिनमें से करीब 11 लोग मलबे में दब गए.

    अभी भी मलबे में दबे कई लोग

    दमकल विभाग के अनुसार, अब तक 7 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 4 लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है. चूंकि यह इलाका बेहद घनी आबादी और संकरी गलियों वाला है इसलिए रेस्क्यू में कठिनाई हो रही है.

    घटनास्थल पर दमकल की 7 गाड़ियां मौजूद हैं और स्थानीय पुलिस व राहत दल लगातार मलबा हटाने का काम कर रहे हैं. फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है. लेकिन माना जा रहा है कि इमारत काफी जर्जर थी, जिसकी वजह से यह हादसा हो गया. 

    सीलमपुर इलाके की घटना

    दिल्ली फायर विभाग के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के सीलमपुर इलाके की गली नंबर 5, जनता कॉलोनी में शनिवार सुबह एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई. बताया जा रहा है कि यह मकान लगभग 35 गज का था. हादसे के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. अब तक कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है. दमकल विभाग को आशंका है कि मलबे में कुछ और लोग दबे हो सकते हैं. मौके पर फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियां मौजूद हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है.

    रेस्क्यू के लिए पहुंची एनडीआरएफ की टीम

    एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. जानकारी के मुताबिक, 35 गज का यह मकान करीब 15 साल पुराना था. इस मकान के अंदर दो परिवार रहते थे जिसमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फिलहाल 7 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है और अभी 4 के दबे होने की आशंका है.

    दयालपुर में गिर गई थी चार मंजिला इमारत

    इससे पहले अप्रैल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र में एक चार मंजिला इमारत गिर गई थी जिसमें दर्जनों लोग मलबे में दब गए थे और चार की मौत हो गई थी. यह हादसा दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में हुआ था.

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    Sat, 12 Jul 2025 14:20:01 +0530 news desk MPcg
    डेढ़ महीने पहले जिसे दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश डिपोर्ट किया था, फिर छापे में उसी घर से पकड़ा गया, सामने आई अजब कहानी https://citytoday.co.in/2844 https://citytoday.co.in/2844 नई दिल्ली

    दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर उसी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया है, जिसे करीब 45 दिन पहले अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था. यह ट्रांसजेंडर ना सिर्फ फिर से दिल्ली लौट आया, बल्कि उसी इलाके में वापस पहुंच गया, जहां से उसे पहले पकड़ा गया था. पुलिस ने उसके साथ 6 और लोगों को भी अवैध निवास के आरोप में हिरासत में लिया है.

    पुलिस के अनुसार, ट्रांसजेंडर सुहान खान (30) शालीमार बाग में भीख मांग रहा था. पुलिस ने 30 जून इस इलाके में छापा मारा और उसे गिरफ्तार किया है.

    पहले मई में किया गया था सुहान

    हैरानी की बात यह है कि सुहान उन 300 बांग्लादेशी नागरिकों में शामिल था, जिसे मई में गिरफ्तार किया गया और जून के पहले हफ्ते में हिंडन एयरबेस से फ्लाइट के जरिए त्रिपुरा के अगरतला ले जाया गया और वहां से बांग्लादेश के बॉर्डर पर डिपोर्ट किया गया था.

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 15 मई को उत्तर-पश्चिम दिल्ली में सुहान को पहली बार गिरफ्तार किया गया था और फिर उसे फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) को सौंपा गया था.

    पहले नाटक किया, फिर अंधेरे का फायदा उठाया

    पुलिस सूत्रों का कहना है कि डिपोर्ट किए जाने के बाद सुहान ने मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का नाटक किया और कुछ दिनों तक त्रिपुरा की सीमा पर घूमता रहा. उसके बाद उसने अंधेरे का फायदा उठाया और दोबारा भारत में प्रवेश कर लिया. वो पहले अगरतला से दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन तक पहुंचा और फिर सीधे उसी शालीमार बाग इलाके में लौट आया, जहां वो पहले रहता था और भीख मांगता था.

    मोबाइल में मिला प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप

    उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) भीष्म सिंह ने बताया कि सहान समेत सात लोगों को 30 जून को हिरासत में लिया गया है. जांच के दौरान तीन स्मार्टफोन जब्त किए गए, जिनमें एक प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप मिला है. इस ऐप का इस्तेमाल ये लोग बांग्लादेश में अपने परिवारवालों से संपर्क के लिए कर रहे थे.

    पांच ट्रांसजेंडर भीख मांगते पाए

    उन्होंने बताया कि सुहान समेत पांच ट्रांसजेंडर शालीमार बाग इलाके में भीख मांगते पाए गए. पूछताछ में उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन दस्तावेजों की जांच और वेरिफिकेशन के बाद उनका दावा झूठा निकला. इसी इलाके से एक पुरुष और एक महिला को भी अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पकड़ा गया है. ये दोनों भी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे.

    सातों लोगों से की जा रही है पूछताछ

    पुलिस का कहना है कि दिल्ली समेत कई मेट्रो शहरों में अवैध तरीके से प्रवेश कर चुके विदेशी नागरिकों पर विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. फिलहाल सभी सातों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए FRRO और अन्य एजेंसियों को सूचना दे दी गई है.

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    Wed, 02 Jul 2025 12:48:30 +0530 news desk MPcg
    सुप्रीम कोर्ट से ललित मोदी को ₹10.65 करोड़ के जुर्माने से राहत नहीं, याचिका खारिज https://citytoday.co.in/2836 https://citytoday.co.in/2836

    नई दिल्ली

    उच्चतम न्यायालय ने ललित मोदी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने फेमा के उल्लंघन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके ऊपर लगाया गया 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना बीसीसीआई को अदा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। हालांकि, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा कि ललित मोदी को कानून के अनुसार उपलब्ध उपायों का लाभ प्राप्त करने का अधिकार होगा।

    पिछले साल 19 दिसंबर को मुंबई उच्च न्यायालय ने ललित मोदी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, और उनकी वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन पर लगाए गए 10.65 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान बीसीसीआई को करने का आदेश देने का अनुरोध किया था।

    उच्च न्यायालय ने कहा था कि याचिका पूरी तरह से भ्रामक है क्योंकि फेमा के तहत न्यायिक प्राधिकरण ने ललित मोदी पर जुर्माना लगाया था। ललित मोदी ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, इस दौरान वह बीसीसीआई की एक उपसमिति, इंडियन प्रीमियर लीग शासी निकाय के अध्यक्ष भी थे।

    याचिका में दावा किया गया कि बीसीसीआई को उपनियमों के अनुसार उन्हें क्षतिपूर्ति देनी चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय की पीठ ने 2005 के उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि बीसीसीआई संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत परिभाषित ‘राज्य’ की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता है। उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद ललित मोदी ने 2018 में यह याचिका दायर की।

    उच्च न्यायालय ने कहा था, ‘‘ईडी द्वारा याचिकाकर्ता (ललित मोदी) पर लगाए गए जुर्माने के संदर्भ में याचिकाकर्ता की कथित क्षतिपूर्ति के मामले में किसी सार्वजनिक कार्य के निर्वहन का कोई सवाल ही नहीं है, और इसलिए, इस उद्देश्य के लिए बीसीसीआई को कोई रिट जारी नहीं की जा सकती।’’

    अदालत ने कहा था, ‘‘किसी भी स्थिति में, राहत देना पूरी तरह से गलत है। यह याचिका तुच्छ है, और तदनुसार, हम इस याचिका को खारिज करते हैं।’’ उसने ललित मोदी को चार सप्ताह के भीतर टाटा मेमोरियल अस्पताल को एक लाख रुपये की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।

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    Mon, 30 Jun 2025 19:07:10 +0530 news desk MPcg
    पशु चिकित्सा में बेटियों की भागीदारी शुभ संकेत: राष्ट्रपति मुर्मू https://citytoday.co.in/2828 https://citytoday.co.in/2828 बरेली

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के 11वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को पदक व उपाधि देकर सम्मानित किया। उन्होंने पशु चिकित्सा क्षेत्र में उपाधि और पदक पाने वाले मेधावियों को बधाई दी। कहा कि इस समारोह में छात्राओं की बड़ी संख्या में देखकर गर्व की अनुभूति होती है। बेटियां अन्य क्षेत्रों की तरह पशु चिकित्सा क्षेत्र में भी आगे रही हैं। यह बहुत ही शुभ संकेत है। राष्ट्रपति ने कहा कि आप सब ने निरीह और बेजुबान पशुओं की चिकित्सा और कल्याण के क्षेत्र को अपने करियर के रूप में चुना है। इस चुनाव के पीछे ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:’ की भारतीय सोच का भी योगदान रहा है।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
    राष्ट्रपति सुबह करीब 9:50 बजे भारतीय वायु सेना के विमान से त्रिशूल एयरबेस पर उतरीं। वहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। यहां से वह सीधे आईवीआरआई परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार पहुंचीं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने स्नातक, मास्टर और डॉक्टरेट डिग्री के विद्यार्थियों को अपने हाथ से प्रमाण पत्र व गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।

    'पशु और मानव में एक परिवार का रिश्ता'
    राष्ट्रपति ने कहा कि ‘ईशावास्यम् इदम् सर्वम्’ के जीवन मूल्य पर आधारित हमारी संस्कृति, सभी जीव-जंतुओं में ईश्वर की उपस्थिति को देखती है। पशुओं से हमारे देवताओं व ऋषि-मुनियों का संवाद होता है। भगवान के कई अवतार भी इसी विशिष्ट श्रेणी में हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक या शोधकर्ता के रूप में कार्य करें तो बेजुबान पशुओं के कल्याण की भावना मन में हो। पशु और मानव में एक परिवार का रिश्ता है।

    आईवीआरआई के योगदान को सराहा
    उन्होंने कहा कि पशुओं में बीमारियों की रोकथाम में टीकाकरण की अहम भूमिका है। पशु चिकित्सा अनुसंधान में आईवीआरआई से जुड़े वैज्ञानिकों व शोधकर्ताओं का योगदान सराहनीय है। इस संस्थान ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्राप्त किया है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम में अनके टीके यहीं पर विकसित किए गए हैं। यह गर्व की बात है।

    पशुओं को बताया जीवन धन
    द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पशु हमारे लिए 'साधन' (परिवहन के लिए) और किसानों के लिए 'बल' रहे हैं। पशु के बिना किसान आगे नहीं बढ़ सकता है। पशु जीवन धन हैं। उनके बिना हम जिंदगी सोच नहीं सकते।

    राष्ट्रपति ने विलुप्त हो रहे जीव-जंतुओं पर चिंता जताई। कहा कि जब विभिन्न प्राणियों का संवर्धन होगा, तब जैव-विविधता बढ़ेगी और यह धरती तथा मानव जाति खुशहाल होगी। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान जैसी संस्थाओं से अपील है कि वे जैव-विविधता को बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएं और आदर्श प्रस्तुत करें।

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    Mon, 30 Jun 2025 17:30:27 +0530 news desk MPcg
    ट्रांसफर के बाद समय पर ज्वाइन नहीं किया तो रुकेगा वेतन, अधिकारियों को चेतावनी https://citytoday.co.in/2824 https://citytoday.co.in/2824 भोपाल 
    पूरे मध्यप्रदेश में तेजी से ट्रांसफर का दौर जारी है। इन सबके बीच नगर निगम बिल्डिंग परमिशन सेल की गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद शहर से बाहर तबादला किए गए इंजीनियरों के रिलीव नहीं होने पर नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने नाराजगी जताई है। डायरेक्टरेट ने सर्कुलर जारी कर नगर निगम के सभी इंजीनियरों को कहा है कि यदि तबादले वाले स्थान पर शीघ्र जॉइनिंग नहीं दी जाती है तो उनका वेतन रूक सकता है।
     
    बन गया एक्टिव ‘लो प्रेशर एरिया’, 48 घंटे तूफानी बारिश की चेतावनी, रहें अलर्ट
    आदेश में यह भी स्पष्ट लिखा है कि नगर निगम प्रबंधन तत्काल प्रभाव से सभी इंजीनियरों को रिलीव करें। आगामी माह जुलाई का वेतन संबंधित नगर निगम से ही जारी करने की व्यवस्था की गई है।

    नहीं किया गया रिलीव
    उल्लेखनीय की विद्यानगर एवं दानिश कुंज में गलत तरीके से फ्लोर एरिया रेशो एवं भूखंड इस्तेमाल के नियमों का उल्लंघन करते हुए भवन निर्माण की अनुमति जारी की गई थी। मामले का खुलासा होने के बाद प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई थी। इस प्रकरण में बिल्डिंग परमिशन सेल के इंजीनियर लालजी चौहान को निलंबित किया है। इंजीनियर नंदकिशोर डेहरिया, महेश सिरोहिया, डीके सिंह का तबादला हुआ लेकिन रिलीव नहीं किया गया।

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    Sat, 28 Jun 2025 14:19:01 +0530 News desk Hindi
    अहमदाबाद के बाद अब 'गोवा' में डूबी नाव, 64 लापता? जानें इस वायरल खबर की असली सच्चाई https://citytoday.co.in/2774 https://citytoday.co.in/2774  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को चौंका दिया है, जिसमें ओवरलोड नाव पानी में पलटती हुई दिखाई दे रही है. दावा किया गया कि यह हादसा गोवा के समुद्र में हुआ है, जिसमें 64 लोग लापता हो गए हैं
    . 'एक्स'  यूजर @veergurjar005 ने 14 जून को यह वीडियो शेयर किया था और लिखा कि यह घटना गोवा की है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली. PTI की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जांची और पाया कि यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि अफ्रीका के कांगो देश का है.

    यह नाव हादसा Lake Kivu में हुआ था. उस हादसे में 78 लोगों की मौत हुई थी, न कि गोवा में कोई ऐसी घटना घटी. यह अक्टूबर 2024 की एक दुखद घटना है, लेकिन इसे भारत से जोड़कर गलत अफवाह फैलाई गई.

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    Fri, 20 Jun 2025 19:04:29 +0530 news desk MPcg
    कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि KVK के वैज्ञानिकों को खेतों में जाना होगा, क्‍योंकि असली काम तो वही होना https://citytoday.co.in/2749 https://citytoday.co.in/2749 नई दिल्ली 
     केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने "लैब टू लैंड" पहल को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से खेतों में जाकर किसानों के साथ संवाद करना होगा. यह कदम किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचने के लिए उठाया गया है. इसके साथ ही, कृषि मंत्री ने स्वयं भी सप्ताह में दो दिन किसानों के बीच जाने की प्रतिबद्धता जताई.

    उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निश्चित समय के लिए खेतों में जाएं और किसानों की चुनौतियों का जमीनी स्तर पर आकलन करें. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बात कही.

    उन्होंने कहा की "असली काम खेतों में ही होता है. यदि वैज्ञानिक और अधिकारी केवल प्रयोगशालाओं या कार्यालयों में बैठे रहेंगे, तो हम किसानों की वास्तविक जरूरतों को नहीं समझ पाएंगे. ज्ञान, अनुसंधान और क्षमता के बीच जो अंतर है, उसे हमें पाटना होगा." यह बयान उन्होंने हाल ही में "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के तहत किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के संदर्भ में दिया.

    इस अभियान के तहत, 29 मई से 12 जून 2025 तक देश भर में 2170 वैज्ञानिक टीमों ने 65,000 से अधिक गांवों में 1.08 करोड़ किसानों से मुलाकात की. इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी दी गई. चौहान ने इस अभियान को "लैब टू लैंड" दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर खेतों तक ले जाना है.

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) वैज्ञानिकों को अब नियमित रूप से किसानों के खेतों में जाना होगा ताकि वे स्थानीय मिट्टी, जलवायु, और फसलों की जरूरतों के आधार पर अनुकूलित सलाह दे सकें. चौहान ने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगी, बल्कि वैज्ञानिकों को भी किसानों की व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराएगी.

    चौहान ने खुद के बारे में भी बोलते हुए कहा कि वह स्वयं सप्ताह में दो दिन खेतों में बिताएंगे. उन्होंने हाल ही में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. पिछले दिनों दिल्ली के तीगीपुर गांव में एक "किसान चौपाल" में भी उन्होंने कहा,था कि "किसानों की मेहनत और उत्पादन को समझने के लिए हमें उनके बीच जाना होगा. केवल मंत्रालय में बैठकर स्थिति का सही आकलन नहीं हो सकता."

    मंत्री ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को भी खेतों में जाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि नीतियां अब कार्यालयों में नहीं, बल्कि खेतों से निकलेंगी. यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाएं और नीतियां किसानों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित हों.

    चौहान ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद को "विकसित भारत 2047" के लिए आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि, "हमारा मंत्र है 'एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम'. वैज्ञानिक, अधिकारी, और किसान मिलकर भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे.

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    Thu, 19 Jun 2025 11:00:10 +0530 news desk MPcg
    आधार कार्ड में नाम बदलना हो या फिर पता, ऐसे कामों के लिए आपको सेंटर जाने की नहीं होगी जरूरत https://citytoday.co.in/2740 https://citytoday.co.in/2740 नई दिल्ली

    चाहे कोई सरकारी काम हो या फिर प्राइवेट, आजकल भारत में सभी जगहों पर लोगों को आधार कार्ड  की जरूरत होती है। इस कारण उन्हें हर जगह अपने साथ आधार कार्ड रखना होता है। कई जगहों पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी देना पड़ती है। हालांकि, जल्द एक ऐसी सुविधा आने वाली है, जिसके बाद लोगों को अपने आधार की फोटो कॉपी की जरूरत नहीं होगी। जी हां, वे आधार कार्ड की फोटोकॉपी की जगह इलेक्ट्रॉनिक आधार कार्ड शेयर कर पाएंगे। ऐसा एक नए QR Code बेस्ड ऐप के जरिए हो पाएगा। आइये, इस नए तरह के आधार कार्ड की पूरी डिटेल जानते हैं।

    इस नए ऐप से लोगों के कई काम आसान हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवंबर तक आपको अपना बायोमेट्रिक डिटेल जमा करने के अलावा, पता अपडेट करने और अन्य डिटेल जमा करने के लिए आधार सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया प्रोटोकॉल तैयार किया है। यह जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन, पीडीएस और मनरेगा डेटाबेस से आपका पता और अन्य डिटेल ले लेगा। इससे न केवल लोगों का काम आसान होगा, बल्कि आधार बनवाने के लिए नकली दस्तावेजों के यूज होने पर भी काफी हद तक रोक लगेगा। इतना ही नहीं, UIDAI बिजली बिल डेटाबेस तक पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है। इससे और भी सुविधा होगी।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, UIDAI के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भुवनेश कुमार ने बताया है कि एजेंसी के द्नारा नया ऐप डेवलप किया जा रहा है और एक लाख मशीन में से लगभग 2 हजार मशीन अब नए टूल में मूव हो गई हैं।

    घर बैठे ही दे पाएंगे फिंगरप्रिंट
    अधिकारी का कहना है कि आप जल्द ही घर बैठे फिंगरप्रिंट और आईरिस देने के अलावा बाकी सभी काम कर सकेंगे। इसमें पता अपडेट करना, फोन नंबर, नाम बदलना और गलत जन्मतिथि में सुधार करना भी शामिल होगा। आधार के क्यूआर कोड बेस्ड मोबाइल-टू-मोबाइल या ऐप-टू-ऐप ट्रांसफर की सुविधा को, आधार के गलत उपयोग से रोकने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसका यूज कई उद्देश्यों के लिए किया जाना है, जिसमें होटलों में चेक-इन से लेकर चलती ट्रेन में आइडेंटिटी कार्ड तक, काफी कुछ शामिल है। कुमार ने कहा है कि यह आपके अपने डेटा पर अधिकतम यूजर्स कंट्रोल देता है। इसे केवल सहमति से ही शेयर किया जा सकता है।

    इतना ही नहीं, इसका यूज सब-रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार द्वारा प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय भी किया जा सकता है। यहां अक्सर धोखाधड़ी होती है। कुमार ने कहा कि यूआईडीएआई राज्य सरकारों को प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले लोगों की वेरिफिकेशन करने के लिए आधार का यूज करने के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।

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    Tue, 17 Jun 2025 17:23:36 +0530 news desk MPcg
    मां वैष्णो देवी के भक्तों पर मौसम मेहरबान, हर दिन हजारों श्रद्धालु कर रहे दर्शन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम https://citytoday.co.in/2734 https://citytoday.co.in/2734 मां वैष्णो देवी के भक्तों पर मौसम मेहरबान, हर दिन हजारों श्रद्धालु कर रहे दर्शन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    भीषण गर्मी में मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को बारिश से राहत मिली है जिससे मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि उमस अभी भी बनी हुई है। हल्की बारिश के कारण हेलीकॉप्टर सेवा बाधित रही लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवा जारी रही। 16 जून को 31746 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और 17 जून को दोपहर तक 17800 श्रद्धालु पंजीकृत हुए।

    बारिश से माँ वैष्णो देवी यात्रियों को राहत |
    हेलीकॉप्टर सेवा आंशिक रूप से प्रभावित |
    यात्रा मार्ग सुचारू, श्रद्धालु उत्साहित |
     
    भीषण गर्मी से मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को बीच बीच में बारिश की हल्की फुहार भी देखने को मिल रही है। जिसके कारण मौसम तो सुहावना बना हुआ है पर भारी उमस से श्रद्धालु पसीने से तरबतर हो रहे है

    मंगलवार को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान सुबह हल्की बारिश हुई पर उसके बाद आसमान के साथ ही मां वैष्णो देवी के त्रिकुट पर्वत पर बादलों का जमघट लगा रहा जिसके कारण कटड़ा से चलने वाली हेलीकाप्टर सेवा बीच बीच में प्रभावित रही।

    श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार सेवा के साथ ही रोपवे केबल कार सेवा लगातार उपलब्ध रही। मां वैष्णो देवी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भवन मार्ग पर बने शेड़ों के साथ ही अर्धकुंवारी मंदिर प्रांगण व अन्य स्थानों पर आसरा लेते नजर आए और धीरे धीरे भवन की और बढ़ते रहे।
    बदले मौसम को लेकर मां वैष्णो देवी के सभी भागों पर आपदा प्रबंधन बल के साथ ही श्राइन बोर्ड प्रशासन,पुलिस विभाग, सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान जगह-जगह तैनात है और लगातार मां वैष्णो देवी की यात्रा पर निगाह रखे हुए हैं।
    बदले मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी के सभी मार्ग फिलहाल पूरी तरह से सुचारू है और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मां वैष्णो की यात्रा में जारी लगातार वृद्धि के चलते हर तरफ चहल-पहल बड़ी हुई है श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए लगातार मां वैष्णो देवी भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

    बीते 16 जून को 31746 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी तो वही 17 जून मंगलवार बाद दोपहर 3:00 बजे तक करीब 17800 श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे और श्रद्धालुओं का लगातार आना जारी है।

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    Tue, 17 Jun 2025 16:12:12 +0530 news desk MPcg
    होटल में समोसे का ऑर्डर दिया और वॉशरूम के बहाने दुल्हन हो गई गायब, बाजार में ढूंढता रह गया दूल्हा https://citytoday.co.in/2721 https://citytoday.co.in/2721 चंदौली

    उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 10 दिन बाद एक नवविवाहिता अपने पति के साथ बाजार गई और मौके का फायदा उठाकर अचानक गायब हो गई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित पति शमशेर चौहान सैदपुरा गांव का रहने वाला है। उसकी शादी 4 जून को मवई खुर्द गांव की रहने वाली खुशी नाम की युवती से पूरे रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। शादी के बाद परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन 14 जून को अचानक सब कुछ बदल गया।

    शॉपिंग के बहाने बाजार पहुंची, फिर हुई लापता
    शमशेर ने बताया कि 14 जून को उसकी पत्नी ने सिरदर्द की शिकायत की और डॉक्टर के पास चलने को कहा। इलाज के बाद खुशी ने बाजार में शॉपिंग करने की इच्छा जताई। इसके बाद दोनों पति-पत्नी पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) बाजार पहुंचे। बाजार में कुछ खरीदारी के बाद वे काली माता मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे। वहां समोसे का ऑर्डर देने के बाद खुशी ने वॉशरूम जाने की बात कही और ऊपर चली गई। लेकिन काफी देर बाद भी जब वह वापस नहीं आई, तो शमशेर ने उसे ढूंढना शुरू किया। शमशेर ने रेस्टोरेंट के तीसरे फ्लोर तक जाकर तलाश की, लेकिन खुशी का कोई पता नहीं चला। आसपास के इलाके में भी खोजबीन की, पर वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद वह घर लौट आया और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

    रूस से छुट्टी लेकर आया था घर
    शमशेर चौहान रूस में काम करता है और कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने गांव लौटा था. परिजनों ने रजामंदी से उसकी शादी करवाई थी. शुरुआत में सब ठीक चला, लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही उसकी पत्नी अजीब व्यवहार करने लगी. वह बार-बार बाहर घूमने जाने का दबाव डालने लगी, जिससे शमशेर को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है.

    समोसे की आड़ में लाखों का खेल
    शमशेर ने बताया कि शनिवार को पत्नी ने कहा कि उसे काली मंदिर दर्शन करने हैं. दर्शन के बाद उसने नाश्ता करने की इच्छा जताई, तो वह उसे पास के होटल में समोसा खिलाने ले गया. तभी पत्नी ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और फिर कभी नहीं लौटी. शमशेर ने बताया कि वो काफी देर तक पत्नी को खोजता रहा, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई.

    ‘गहने, रुपये, सब ले गई… मैं तो बच गया’
    शमशेर का कहना है कि उसकी पत्नी खुशी घर से सभी गहने, कैश और कीमती सामान लेकर भागी है. उसने लोकल18 से बातचीत में कहा, “मुझे न ड्रम में जाना है, न खाई में गिरना है, मैं तो बच गया. अब मुझे सिर्फ अपना पैसा और गहने वापस चाहिए, खुशी जैसी लड़की से कोई रिश्ता नहीं रखना.”

    पुलिस ने शमशेर की तहरीर पर कार्रवाई शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

    पुलिस जांच में जुटी
    घटना के बाद रविवार सुबह शमशेर अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचा और पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. थानाध्यक्ष का कहना है कि महिला की पृष्ठभूमि और संपर्कों की जानकारी निकाली जा रही है. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो सकता है.

    गांव में बना चर्चा का विषय
    सैदपुरा गांव में यह मामला लोगों की जुबान पर है. नई-नई दुल्हन का इस तरह अचानक गायब हो जाना और घर से कीमती सामान ले जाना इलाके में हैरानी और गुस्से का माहौल बना रहा है. लोग कह रहे हैं कि आजकल लुटेरी दुल्हनों का गिरोह सक्रिय हो गया है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है.

    गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज, मायके भी नहीं पहुंची खुशी
    शमशेर अपने परिवार के साथ थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही जब ससुराल पक्ष से संपर्क किया गया तो पता चला कि खुशी अपने मायके भी नहीं पहुंची है। डिप्टी एसपी राजीव सिसोदिया ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और जांच की जा रही है। पुलिस हर पहलू से छानबीन कर रही है, ताकि महिला का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। 

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    Mon, 16 Jun 2025 16:25:11 +0530 news desk MPcg
    पुणे ब्रिज हादसा: पुणे ब्रिज हादसे में 4 लोगों की मौत और 51 घायल; बचे लोगों ने आंखों देखी बताई कैसे हुआ हादसा https://citytoday.co.in/2718 https://citytoday.co.in/2718 Pune Bridge Incident:  महाराष्ट्र के पुणे जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया.तालेगांव के पास इंद्रायणी नदी पर बना 33 साल पुराना संकरा पुल अचानक भारी भीड़ के दबाव में ढह गया। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 लोग घायल हुए हैं। कुछ लोगों के अब भी लापता होने की आशंका है. मौके पर पुलिस, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इंद्रायणी नदी पर बना पुल अचानक कैसे टूट गया, हादसे में बचे कुछ लोगों ने आंखों देखी सुनाई कि कैसे एक पल में यह ब्रिज नीचे टूटकर गिर गया.

     घायल लोगों नी सुनाई आंखों देखी कैसे हुआ हादसा
    हादसे में नागपुर के रहने वाले एक घायल व्यक्ति संजय ने बताया कि पुल पर भारी भीड़ थी. दोनों तरफ से बाइक आ रही थीं, जिससे सड़क पूरी तरह जाम हो गई थी. लोग एक जगह पर इकट्ठा हो गए और तभी अचानक पुल ढह गया. जो लोग पुल के बीच में खड़े थे वे बह गए. हम नीचे पत्थरों पर गिरे और घायल हो गए.

    हादसे में घायल व्यक्ति
    वहीं हादसे में घायल सुनील कुमार नाम के एक अन्य चश्मदी ने बताया कि "जब मैं पुल पर था तो मुझे लगा जैसे पुल हिल रहा है। मैंने अपनी बहन से कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही पुल टूट गया.

    हादसे में घायल व्यक्ति

    एक अन्य घायल बादल ने बताया कि हादसे के 15 मिनट के भीतर पुलिस और NDRF मौके पर पहुंच गई थी। मुझे पैर और पीठ में चोट लगी है। यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि एक ही जगह पर बहुत ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे.

    हादसे को लेकर प्रशासन ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी

    ताजा जानकारी के अनुसार पुणे जिला प्रशासन ने पुल हादसे को लेकर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में रविवार को इंद्रायणी नदी पर बने 33 साल पुराने पुल के ढहने से चार लोगों की मौत और 51 के घायल होने की पुष्टि की गई है.

    यह घटना दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई, जब करीब 125 पर्यटक पुणे जिले की मावल तहसील के कुंडमाला में एकत्र हुए थे। इस घटना में चार मृतकों में से तीन की पहचान हो गई है जबकि एक की पहचान अभी नहीं हो पाई है. मृतकों के नाम चंद्रकांत साठले, रोहित माने, विहान माने हैं.

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    Mon, 16 Jun 2025 16:10:08 +0530 news desk MPcg
    विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की गई मॉक ड्रिल https://citytoday.co.in/2707 https://citytoday.co.in/2707 पुरी,

     विश्व प्रसिद्ध पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे यात्रा का आयोजन 27 जून को होने जा रहा है। इसके लिए रथ तैयार हो रहा है। और साथ ही पुरी आने वाले मेहमानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार को मॉक ड्रिल की गई।

    पुरी में रथ निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। तीनों रथों – नंदीघोष (भगवान जगन्नाथ), तालध्वज (बलभद्र), और देवी सुभद्रा के दर्पदलन – का निर्माण पूरी लगन और शुद्ध परंपरा के अनुसार किया जा रहा है। हाल ही में रथ की तीसरी परत (अग भुईं) को स्थापित किया गया और उसके ऊपर बड़े लकड़ी के खंभे भी लगाए जा चुके हैं।

    मुख्य बढ़ई (महाराणा) और उनके सहायक दिन-रात काम कर रहे हैं। रथों की लकड़ी का ढांचा, नक्काशी और सजावट बड़े ही कौशल और समर्पण से की जा रही है, ताकि वो न सिर्फ मजबूत हों, बल्कि आकर्षक भी दिखें। रथों के पहिए, धुरी और अन्य जरूरी हिस्सों को लोहे की प्लेट और बोल्ट से मजबूती से जोड़ा जा रहा है। बढ़ई कलाकार रथों पर बारीक नक्काशी और पारंपरिक चित्रों को उकेरने में लगे हैं।

    चित्रकार और मूर्तिकार भी काम में जुटे हैं। चित्रकार रथों पर प्राइमर कोटिंग लगा चुके हैं और अब सजावटी डिजाइनों पर काम कर रहे हैं। वहीं मूर्तिकार रथों के दरवाजों और अन्य हिस्सों पर सुंदर आकृतियां उकेर रहे हैं।

    रथ यात्रा के दौरान किसी भी संभावित आतंकी खतरे से निपटने के लिए पुरी के बलियापंदा क्षेत्र स्थित स्वास्ति होटल में एक मॉक ड्रिल (अभ्यास सत्र) आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगली रथ यात्रा में पुरी में बहुत से भक्त, टूरिस्ट और वीआईपी आएंगे। उसी को ध्यान में रखते हुए स्पेशल टेक्टिकल यूनिट ने 10 अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर मॉक ड्रिल की।

    पुलिस अधिकारी ने बताया, “किसी तरह के अटैक की स्थिति में कैसे हम वीआईपी गेस्ट को सुरक्षा दे पाएंगे, इसके लिए अभ्यास सत्र किया गया । पूरे कॉर्डिनेशन के साथ सफल मॉक ड्रिल की गई। किसी भी तरह के अटैक की स्थिति को देखते हुए हम तैयार हैं।”

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    Mon, 16 Jun 2025 11:49:57 +0530 news desk MPcg
    भाजपा जिला महामंत्री की बंद पड़ी प्लाईवुड फैक्ट्री में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने किया पर्दाफाश, सपा विधायक की कुर्की https://citytoday.co.in/2687 https://citytoday.co.in/2687 हापुड़ 
    हापुड़ के ततारपुर गांव स्थित भाजपा के जिला महामंत्री की बंद पड़ी प्लाईवुड फैक्ट्री में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा और चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला माता मोहल्ला निवासी भाजपा के जिला महामंत्री पुनीत गोयल ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी गांव ततारपुर में प्लाईवुड फैक्ट्री है जो बंद पड़ी है। कुछ दिन पहले उनकी फैक्ट्री में लगे कुछ कैमरे बंद हो गए थे। दस जून को कैमरे ठीक कराने वह फैक्ट्री में पहुंचे थे।

    उधर, आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र के बसही अशरफपुर गांव में शुक्रवार को सपा विधायक रमाकांत यादव की 23.42 करोड़ कीमत की जमीन पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने कुर्क कर ली। गैंगस्टर के मामले में जिला मजिस्ट्रेट ने भूमि को कुर्क करने का आदेश दिया था। एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जमीन कुर्क करने के बाद वहां बोर्ड लगवा दिया। अहरौला के माहुल कस्बे में अपमिश्रित शराब पीने से हुईं मौतों के मामले में फूलपुर से सपा विधायक रमाकांत यादव के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई थी। माहुल में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई थी।

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    Sat, 14 Jun 2025 17:16:08 +0530 news desk MPcg
    Hyderabad Heavy Rain: हैदराबाद में भारी बारिश से जलभराव, सड़कें बनीं तालाब! https://citytoday.co.in/2657 https://citytoday.co.in/2657
    नवाबों का शहर हैदराबाद एक बार फिर बारिश की मार झेल रहा है. और साथ ही  बीते कुछ घंटों से हो रही भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. जिसमे खासकर संतोष नगर और चम्पापेट इलाकों में हालात बेहद खराब हैं, जहां पानी भर जाने के कारण लोगों को सुबह-सुबह भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सड़कें बनीं तालाब! आपकी जानकारी के लिए बता दे की सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़कें पूरी तरह से पानी में डूबी हुई हैं. लोग घुटनों तक पानी में चलते हुए नजर आ रहे हैं, तो कई जगहों पर गाड़ियां भी पानी में बंद पड़ी हुई दिख रही हैं. इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है और आम जनता बेहद परेशान नजर आई.     
                                                                                                                                                                                                                                                                                                भारी बारिश के चलते रेड अलर्ट घोषित,जिले में सभी स्कूल-कॉलेज आज रहेंगे बंद हैदराबाद में भारी बारिश
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    Thu, 12 Jun 2025 12:57:54 +0530 news desk MPcg
    लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वाटिका के पास सूटकेस में एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी https://citytoday.co.in/2642 https://citytoday.co.in/2642 गाजियाबाद: सूटकेस में मिला महिला का शव, इलाके में फैली सनसनी, हत्या की आशंका
    गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वाटिका के पास मंगलवार सुबह एक सूटकेस में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना लगभग सुबह 7 बजे की है, जब स्थानीय लोगों की नजर एक संदिग्ध सूटकेस पर पड़ी। पुलिस को सूचना दी गई और तुरंत टीम मौके पर पहुंची।

    26 वर्षीय महिला की हत्या का शक, पहचान अब तक नहीं
    पुलिस के अनुसार, महिला की उम्र लगभग 26 वर्ष आंकी जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शव की स्थिति को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया।

    महिला की मांग में सिंदूर और पैरों में बिछिया देखकर यह अंदाजा लगाया गया है कि वह शादीशुदा और हिंदू समुदाय से है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारण और समय की सटीक जानकारी मिल सके।

    जांच में सामने आ रही मुश्किलें
    घटना स्थल एक सुनसान इलाका है, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इससे जांच में काफी कठिनाई आ रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में गुमशुदगी के मामलों की जांच कर रही है और अन्य क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और अपील
    एसीपी अंकुर विहार अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कंट्रोल रूम को एक सूटकेस मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जब सूटकेस खोला गया तो उसमें महिला का शव पाया गया। पुलिस ने बताया कि शव की पहचान और आरोपियों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि अगर किसी को इस महिला के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे तत्काल पुलिस से संपर्क करें। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्यमयी हत्या का खुलासा किया जा सकेगा।

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    Wed, 11 Jun 2025 13:04:25 +0530 news desk MPcg
    सिक्किम में हनीमून मनाने गया यूपी का एक कपल, दोनों पति&पत्नी पिछले 12 दिनों से लापता https://citytoday.co.in/2641 https://citytoday.co.in/2641 सिक्किम हनीमून पर गया प्रतापगढ़ का नवविवाहित जोड़ा 12 दिनों से लापता, तीस्ता नदी में हादसे की आशंका

    प्रतापगढ़/सिक्किम। 

    उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। हाल ही में शादी के बंधन में बंधा नवविवाहित जोड़ा कौशलेंद्र प्रताप सिंह (29) और अंकिता (26) अपने हनीमून पर सिक्किम गया था, लेकिन दोनों पिछले 12 दिनों से लापता हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि जिस टूरिस्ट वाहन में यह जोड़ा सवार था, वह दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब 1000 फीट गहरी खाई में तीस्ता नदी में गिर गया।

    जानकारी के अनुसार, कौशलेंद्र प्रताप सिंह प्रतापगढ़ के राहा टीकर गांव (सांगीपुर) के निवासी हैं। उनके पिता का नाम शेर बहादुर सिंह है। वहीं, अंकिता पट्टी कोतवाली क्षेत्र के धनगढ़ सराय छिवलहा गांव की रहने वाली हैं। दोनों की शादी इसी साल 5 मई को हुई थी, और 9 मई को विदाई के बाद 24 मई को दोनों हनीमून के लिए सिक्किम रवाना हुए थे।

    दुर्घटना का दर्दनाक विवरण:
    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह कपल एक टूरिस्ट वाहन में सवार था, जो तीव्र मोड़ पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत, दो घायल, और आठ लोग लापता बताए जा रहे हैं। इन्हीं लापता लोगों में कौशलेंद्र और अंकिता भी शामिल हैं।

    रेस्क्यू ऑपरेशन जारी:
    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। हादसे की भयावहता को देखते हुए परिवार में गहरा मातम छाया हुआ है और दोनों परिवारों की उम्मीदें रेस्क्यू टीम के प्रयासों पर टिकी हुई हैं।

    दोनों पति-पत्नी हुए हादसे का शिकार!
    बताया जा रहा है कि कौशलेंद्र और अंकिता दोनों हनीमून मनाने के लिए सिक्किम गए थे। जिस वाहन में ये दोनों सवार हुए थे। वो वाहन हादसे का शिकार हो गया। वाहन करीब 1000 फीट की गहराई में तीस्ता नदी में जा गिरा। हादसे में एक की मौत हो गई, दो घायल हो गए। जबकि आठ लोग लापता हो गए। इन आठ लोगों में ही दो कौशलेंद्र और अंकिता है। जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची और एनडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। लेकिन, अभी तक लापता की तलाश नहीं हो पाई।  

    परिवार की अपील:
    परिजनों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि खोजबीन के काम में तेजी लाई जाए और किसी भी सुराग को नजरअंदाज न किया जाए। कौशलेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिससे माता-पिता की उम्मीदें जुड़ी थीं।

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    Wed, 11 Jun 2025 12:55:06 +0530 news desk MPcg
    पीएम मोदी ने बिहार को दी 48,520 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात https://citytoday.co.in/2560 https://citytoday.co.in/2560 पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन के बिहार के दौरे पर हैं। दौरे के पहले दिन उन्होंने पटना में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया। साथ ही बिहटा में नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की शुरुआत की। उन्होंने पटना में रोड शो भी किया। बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। शुक्रवार को दौरे के दूसरे दिन वे काराकाट लोकसभा क्षेत्र के बिक्रमगंज में एक रैली को संबोधित कर रहे हैं। यहां पीएम मोदी ने बिहार को 48 हजार 520 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

    इससे पहले पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से बिक्रमगंज पहुंचेंगे। रैली के लिए बिक्रमगंज के दुर्गाडीह में 444 एकड़ में पंडाल बनाया गया। पीएम मोदी की रैली को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया। बीजेपी को उम्मीद है कि इस रैली से पार्टी को चुनाव में फायदा होगा। रौली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता हूं।

    इस रैली से पीएम मोदी ने शाहाबाद क्षेत्र की 22 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित किया। इन सीटों में कैमूर, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिले शामिल हैं। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए को इन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। पीएम मोदी ने नेताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाएं और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि हमें जनता का विश्वास जीतना है। साथ ही बिहार में विकास की गति को और तेज करना है।

    पीएम मोदी ने बिहार को तोहफा दिया है। उन्होंने 48520 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं में हाईवे, रेलवे और बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर इन परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने बिहार के लोगों को प्रणाम करते हुए अपना भाषण शुरू किया। पीएम मोदी ने कहा कि सासाराम के नाम में ही राम हैं। उन्होंने श्रीराम के वचन निभाने के महत्व पर जोर दिया।

    पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने आतंकियों के आकाओं को मिट्टी में मिलाने का वादा किया था और अब वे अपना वचन पूरा करके बिहार वापस आए हैं। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है और यह उसकी ताकत दिखाता है। मोदी ने बताया कि जिन्होंने पाकिस्तान में बैठकर भारतीय महिलाओं का सिंदूर उजाड़ा, भारतीय सेना ने उनके ठिकाने तबाह कर दिए। पाकिस्तान और दुनिया ने भारत की बेटियों के सिंदूर की शक्ति देखी।

    बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी सड़क और रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया। बिजली की चार योजनाओं का भी शिलान्यास किया। नीतीश ने कहा कि इन योजनाओं से बिहार को बहुत लाभ होगा। इसलिए, वह पीएम मोदी का स्वागत करते हैं। इसके लिए पीएम मोदी का अभिनंदन करते हैं। 

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    Fri, 30 May 2025 14:01:00 +0530 news desk MPcg
    बढ़ते कोरोना के चलते महाराष्ट्र के ठाणे में 21 वर्षीय युवक की मौत https://citytoday.co.in/2536 https://citytoday.co.in/2536 महाराष्ट्र के ठाणे में कोविड-19 के मामलों में हालिया उछाल के बीच एक 21 वर्षीय युवक की मौत की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। ठाणे नगर निगम के अनुसार, मुम्ब्रा निवासी इस युवक को गंभीर डायबेटिक कीटोएसिडोसिस की स्थिति के कारण 22 मई को छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कालवा में भर्ती किया गया था। शुक्रवार रात को उनकी कोविड-19 जांच पॉजिटिव आई, और शनिवार, 24 मई को उनकी मृत्यु हो गई।

    शनिवार को ठाणे में आठ नए कोविड-19 मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद शहर में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। पिछले तीन दिनों में ठाणे में कुल 10 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें सभी मरीजों में हल्के लक्षण हैं और वे घर पर ही उपचार ले रहे हैं।

    महाराष्ट्र में शनिवार को 47 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 30 मामले अकेले मुंबई से हैं। पुणे में सात, नवी मुंबई में सात, ठाणे में तीन और नागपुर में एक मामला सामने आया। राज्य में इस साल जनवरी से अब तक 7,144 लोग कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं, और सक्रिय मामलों की संख्या 166 है।

    ठाणे नगर निगम ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और लोगों से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में कोविड-19 मरीजों के लिए 19 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है, और RT-PCR जांच सुविधाएं भी चालू हैं।

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    Sun, 25 May 2025 15:00:44 +0530 News desk Hindi
    हैदराबाद में भारी बारिश से जनजीवन अस्त&व्यस्त, सड़कें जलमग्न https://citytoday.co.in/2501 https://citytoday.co.in/2501 तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बुधवार की रात लगातार बारिश से शहर के कई सड़के जलमग्न हो गईं। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गई और निचले इलाकों में पानी भर गया। बुधवार शाम को बारिश बढ़ने से सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया था। शहर के लगभग सभी इलाकों में बारिश हुई। बारिश के कारण कुछ जगहों पर पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित रही।

    शहर में बारिश के कारण दफ्तरों और कार्यस्थलों से अपनी ड्यूटी पूरी कर घर जा रहे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण दोपहर से देर रात तक ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। इसके कारण कई लोगों ने मेट्रो का सहारा लिया। इसके चलते मेट्रो में यात्रियों की भीड़ देखी गई। रात में हुई भारी बारिश से मोंडा बाजार में घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बारिश के कारण सभी सड़कें जलमग्न हो गई। कई जगहों पर नालियां ओवरफ्लो हो गई। शहर में घुटनों तक पानी भर गया। यातायात जाम के बीच बिजली गुल हो गई। बंदलागुडा में 87.3 मिमी, असमंगद में 82.5, मलकपेट में 82.3, सरूरनगर में 77.8, मुसरमबाग में 75.8, एलबीनगर में 69.0, चंपापेट में 66.3, हिमायतनगर में 61.0 मिमी बारिश हुई। चादरघाट आरयू के नीचे बाढ़ का पानी बहने से वाहन फंस गए। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक कोई आपातकालीन स्थिति न हो, वे बाहर न निकलें क्योंकि मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट कर दिया है कि तीन दिनों तक बारिश होगी।

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    Thu, 22 May 2025 16:10:13 +0530 news desk MPcg
    पंजाब&हरियाणा हाईकोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी https://citytoday.co.in/2497 https://citytoday.co.in/2497 पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को गुरुवार को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों को तत्काल खाली कराया गया, और कोर्ट का कामकाज दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और धमकी भरे ई-मेल की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ई-मेल गुरुवार सुबह हाईकोर्ट प्रशासन को प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस खबर के बाद तुरंत सुरक्षा बलों को तैनात किया गया, और बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वायड) ने परिसर की गहन तलाशी शुरू की। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सभी वकीलों और कर्मचारियों से कोर्ट रूम खाली करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही, चंडीगढ़ के प्रमुख एलांते मॉल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है, जिसके बाद मॉल को भी खाली कराया गया।

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने धमकी भरे ई-मेल की प्रामाणिकता की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह ई-मेल किसी अज्ञात स्रोत से भेजा गया है, और इसकी जांच के लिए साइबर क्राइम सेल सक्रिय रूप से काम कर रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी धमकियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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    Thu, 22 May 2025 13:22:26 +0530 news desk MPcg
    पिता के अंतिम संस्कार में जाते समय हुआ बड़ा सड़क हादसा, मुंबई के पांच लोगों की मौत https://citytoday.co.in/2471 https://citytoday.co.in/2471 सोमवार सुबह मुंबई-गोवा राजमार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में मुंबई के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दुखद मौत हो गई। इस परिवार पर उस समय काल का तांडव मच गया जब वे अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। बताया गया है कि रत्नागिरी जिले के खेड़ के पास जगबुडी नदी पर बने पुल से एक तेज रफ्तार कार 100 फीट नीचे नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई तथा चालक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में सभी मृतक और घायल मुंबई से सटे मीरा रोड और नालासोपारा के निवासी हैं। 

    जानकारी के अनुसार, मीरा रोड और नालासोपारा में रहने वाले कुछ लोग अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए कोंकण के देवरुख जा रहे थे। वे सभी सुबह-सुबह गांव पहुंच गये। खेड़ के जगबुडी पुल पर चालक की लापरवाही के कारण कार नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए जा रही मृतक की बेटी की भी इस दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। हादसे की खबर मिलते ही देवरुख गांव में मातम पसर गया। कार में विवेक श्रीराम मोरे, मिताली विवेक मोरे, निहार विवेक मोरे, श्रेयस राजेंद्र सावंत (भाई), परमेश पराड़कर, मेघा परमेश पराड़कर, सौरभ परमेश पराड़कर सवार थे। मिताली मोरे के पिता का निधन हो गया था। वह अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ अपनी मां के घर जा रही थी। 

    इस हादसे में पांच लोगों मेधा परमेश पराडकर, सौरभ परमेश पराडकर (22), मिताली विवेक मोरे (45), निहार विवेक मोरे (19) और श्रेयस राजेंद्र सावंत (23) की मौत हो गई। पराडकर परिवार नालासोपारा में रहता था। जबकि मोरे परिवार मीरा-भायंदर में रहता था। मिताली मोरे के पिता की मौत की खबर सुनकर उनके सभी परिवार और रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे कार से देवरुख गांव के लिए रवाना हो गए। मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भरणे नाका पर जगबुडी नदी पुल पर चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार 100 फीट नीचे नदी में गिर गई। दुर्घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर रत्नागिरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी शवों को बरामद कर लिया गया और गंभीर रूप से घायल परमेश पराडकर और विवेक मोरे को कलंबनी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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    Mon, 19 May 2025 12:19:41 +0530 news desk MPcg
    हैदराबाद के चारमीनार के करीब लगी भीषण आग,17 की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख https://citytoday.co.in/2465 https://citytoday.co.in/2465 हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार के पास गुलजार हौज इलाके में रविवार अल सुबह एक रिहायशी और व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। यह घटना हाल के वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदियों में गिनी जा रही है।

    यह आग रविवार 18 मई की सुबह करीब 5:30 बजे लगी, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। आग की शुरुआत इमारत के नीचे स्थित मोती की दुकान से हुई और जल्दी ही पूरी बिल्डिंग में फैल गई। धुएं के कारण कई लोग दम घुटने से जान से हाथ धो बैठे। आग की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड ने घटना स्थल पर 11 दमकल गाड़ियां, रेस्क्यू टेंडर, ब्रोंटो स्काईलिफ्ट और फायर फाइटिंग रोबोट सहित कई संसाधन तैनात किए। घायलों को डीआरडीओ अस्पताल, उस्मानिया जनरल अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। फायर विभाग ने आग के कारण के रूप में शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई है, जिसकी जांच जारी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, कि हैदराबाद, तेलंगाना में आग की त्रासदी से जानमाल को हुए नुकसान से गहरा दुख हुआ है। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वहीं केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि हैदराबाद के तेज़ विकास के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

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    Sun, 18 May 2025 13:54:41 +0530 news desk MPcg
    शादी के मंच पर हादसा! मंगलसूत्र बांधते ही दूल्हे की मौत, 15 मिनट की दुल्हन बनी विधवा https://citytoday.co.in/2463 https://citytoday.co.in/2463 कर्नाटक के बागलकोट जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना में, शादी के मंच पर उस समय मातम छा गया जब मंगलसूत्र पहनाने के ठीक बाद दूल्हे की अचानक मौत हो गई। यह दुखद घटना बीती रात दिल्ली के एक विवाह समारोह में हुई, जहां 28 वर्षीय दूल्हा, राहुल शर्मा, अपनी दुल्हन को मंगलसूत्र पहनाने के दौरान अचानक बेहोश हो गया और कुछ ही पलों में उसने दम तोड़ दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समारोह में सब कुछ सामान्य चल रहा था। राहुल और उनकी 25 वर्षीय दुल्हन, नेहा, खुशी-खुशी शादी की रस्में निभा रहे थे। मंगलसूत्र बांधने की रस्म के दौरान राहुल ने अचानक सीने में दर्द की शिकायत की और कुछ ही सेकंड में वह मंच पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया जा रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    यह घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। नेहा, जो कुछ ही मिनट पहले दुल्हन बनी थी, 15 मिनट के भीतर विधवा हो गई। परिवार और मेहमान सदमे में हैं, और समारोह स्थल पर सन्नाटा पसर गया। नेहा के परिवार ने बताया कि वह इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रही है, जबकि राहुल के माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, और सोशल मीडिया पर लोग इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित हो सकता है, और खुशी का कोई भी पल एक पल में दुख में बदल सकता है।

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    Sun, 18 May 2025 13:03:21 +0530 News desk Hindi
    एकनाथ शिंदे: सुरक्षा और हिंदुत्व के रखवाले हैं पीएम मोदी https://citytoday.co.in/2453 https://citytoday.co.in/2453 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरीफ में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे में एक कार्यक्रम के दौरान देश की सुरक्षा और हिंदुत्व को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुत्व की विचारधारा को खुलकर आगे बढ़ाने वाले नेता हैं और उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देकर यह साबित कर दिया है कि भारत अब किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटता है।एकनाथ शिंदे ने कहा, पीएम मोदी जो भी करते हैं, खुलेआम करते हैं, छिपकर नहीं। आज पाकिस्तान को करारा जवाब देने का काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।

    ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान के एयरबेस तबाह कर दिए गए, आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। आज दुनिया ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत देखी है। पूरा देश हमारी सेना और प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है। शिंदे ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, यह इंडिया गठबंधन नहीं, इंडी गठबंधन है। यह पहले ही बिखर चुका है। जब यह गठबंधन भारतीय सेना पर सवाल उठाता है, तो यह देशहित में नहीं है। ऐसी राजनीति निंदनीय है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता अब जागरूक है और वह जानती है कि देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए कौन खड़ा है। उन्होंने भारतीय सेना के साहस और सरकार की दृढ़ता की सराहना की और विपक्ष पर राष्ट्रविरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।

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    Sat, 17 May 2025 14:45:07 +0530 news desk MPcg
    मणिपुर में 10 उग्रवादी ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद https://citytoday.co.in/2436 https://citytoday.co.in/2436 चांदेल जिले के खेंगजॉय इलाके में भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास भारतीय सेना के असम राइफल्स के जवानों ने 10 उग्रवादियों को ढेर कर दिया।इंडियन आर्मी ने एक्स पर बताया कि, मणिपुर के चांदेल जिले के खेंगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। 

    भारत-म्यांमार सीमा के पास सशस्त्र कैडरों यानी उग्रवादियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी पर एक्शन लिया गया। स्पीयर कॉर्प्स के तहत अस राइफल्स यूनिट ने 14 मई 2025 को एक अभियान शुरू किया।जैसे ही सेना के जवानों ने ऑपरेशन शुरू किया, उग्रवादियों ने उन पर गोलियां चलाई। इसके बाद बारी मुंहतोड़ जवाब देने की थी। आधी रात को असम राइफल्स के जवानों ने तुरंत एक्शन लिया और एनकाउंटर में 10 उग्रवादियों को मार गिराया। इस दौरान उग्रवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।भारतीय सेना का पूर्वी सीमा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब भारत-पाक सीमा यानी एलओसी पर तनाव है। एलओसी पर आतंकी लगातार हिमाकत कर रहे हैं। बीते दिनों भारतीय सेना के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे तीन आतंकियों को मार गिराया था। उधर, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी चरम पर है। 

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    Thu, 15 May 2025 14:56:06 +0530 news desk MPcg
    मुंबईकरों की राह आसान: अंधेरी का गोखले ब्रिज आज शाम से पूरी तरह खुला https://citytoday.co.in/2403 https://citytoday.co.in/2403 मुंबईकरों के लिए बड़ी खुशखबरी! अंधेरी का बहुप्रतीक्षित गोखले ब्रिज आज, 11 मई 2025 की शाम से पूरी तरह से जनता के लिए खोल दिया जाएगा। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य और मरम्मत के बाद, यह ब्रिज अब वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा।

    इसके खुलने से अंधेरी और आसपास के इलाकों में यातायात की समस्या में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि ब्रिज की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरी तरह से गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया गया है, जिससे यह सुरक्षित और टिकाऊ रहेगा।

    मुंबईकर अब इस ब्रिज के जरिए अपने रोजमर्रा के सफर को और आसान बना सकेंगे। स्थानीय निवासियों ने इस खबर का स्वागत किया है और इसे शहर की बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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    Sun, 11 May 2025 13:34:17 +0530 News desk Hindi
    पाक हमलों के बीच महबूबा मुफ्ती का शांति राग, केंद्र से की बातचीत की अपील https://citytoday.co.in/2399 https://citytoday.co.in/2399 सीमा पार से पाकिस्तान के लगातार हमलों और तनावपूर्ण माहौल के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शांति और वार्ता का रास्ता अपनाने की वकालत की है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह स्थिति को नियंत्रित करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करे।

    महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हिंसा और हमले किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग पहले ही दशकों से संघर्ष झेल रहे हैं। अब समय है कि दोनों देश संवाद के रास्ते पर चलें और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाएं।" उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह कूटनीतिक स्तर पर पहल करे ताकि सीमा पर तनाव कम हो और आम लोगों को राहत मिले।

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक वार्ता आवश्यक है। "हमें अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए दोनों पक्षों को पुरानी कटुता को भुलाकर आगे बढ़ना होगा," महबूबा ने कहा।

    हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी और घुसपैठ की कोशिशों में वृद्धि देखी गई है, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इस तनाव ने स्थानीय लोगों में भय और अनिश्चितता पैदा कर दी है।

    महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ लोग उनके शांति के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे मौजूदा परिस्थितियों में अव्यावहारिक बताया है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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    Sat, 10 May 2025 17:13:57 +0530 News desk Hindi
    पंजाब: जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, ISI के स्लीपर सेल को सक्रिय करने की थी योजना https://citytoday.co.in/2367 https://citytoday.co.in/2367 अमृतसर, 6 मई 2025: पंजाब पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। शहीद भगत सिंह नगर के टिब्बा नंगल-कुलार रोड के पास घने जंगल में छिपाए गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया गया है, जिससे राज्य में अशांति फैलाने की ISI की योजना का खुलासा हुआ है। इस ऑपरेशन में पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और एक केंद्रीय एजेंसी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। 

    जंगल से बरामद हुआ आतंकी हथियारों का जखीरा

    पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस ऑपरेशन में दो रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG), दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), पांच P-86 हैंड ग्रेनेड और एक वायरलेस कम्युनिकेशन सेट बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये हथियार और विस्फोटक ISI और इससे जुड़े आतंकी संगठनों द्वारा पंजाब में स्लीपर सेल को सक्रिय करने के लिए भेजे गए थे। इस साजिश का मकसद राज्य में सांप्रदायिक तनाव और अशांति पैदा करना था।

    ISI की साजिश का खुलासा

    सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ISI ने पंजाब में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे संगठनों और गैंगस्टरों के नेटवर्क का सहारा लिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के सहयोगी जीशान अख्तर ने इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी भी की जा रही थी, जिसे सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस की सतर्कता ने विफल कर दिया।

    हाल के आतंकी घटनाओं से जुड़ाव

    पिछले महीने जालंधर में बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी ISI की संलिप्तता सामने आई थी। उस हमले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और एक ई-रिक्शा भी बरामद हुआ था। विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि इन घटनाओं में समान पैटर्न देखा गया है, जो ISI के समन्वित आतंकी मॉड्यूल की ओर इशारा करता है।

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    Tue, 06 May 2025 11:46:27 +0530 news desk MPcg
    बिहार: कटिहार में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर से टकराई स्कॉर्पियो, 8 बारातियों की मौत https://citytoday.co.in/2366 https://citytoday.co.in/2366 कटिहार, 6 मई 2025: बिहार के कटिहार जिले में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें विवाह समारोह से लौट रहे बारातियों से भरी स्कॉर्पियो एक खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई। इस भयावह दुर्घटना में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा कुरसेला थाना क्षेत्र के चांदपुर हनुमान मंदिर के पास स्टेट हाइवे-77 पर हुआ।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार 10 लोग पूर्णिया जिले के ढिबरा बाजार से कुरसेला के कोशकीपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 1 बजे, जब वे वापस लौट रहे थे, चांदपुर चौक के पास सड़क पर रखे मक्के के ढेर के कारण स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ा। तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित होकर मक्के से लदे एक खड़े ट्रैक्टर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। 
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी में सवार लोगों को बचने का कोई मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। 

    मृतकों और घायलों की स्थिति

    हादसे में मारे गए आठ लोगों में टुनटुन कुमार, ज्योतिष कुमार, प्रिंस कुमार, अजय कुमार, सिक्कू कुमार और तीन अन्य शामिल हैं, जिनकी पहचान अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, सभी मृतक सुपौल जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों में उदय कुमार (25) और अभिषेक कुमार (26) शामिल हैं, जिन्हें समेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत के कारण उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
     
    पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

    कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के पास समेली प्रखंड कार्यालय क्षेत्र में हुआ। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कटिहार सदर अस्पताल भेज दिया है और उनकी पहचान के प्रयास जारी हैं। डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। 

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    Tue, 06 May 2025 11:25:36 +0530 news desk MPcg
    पुणे मंदिर में घिनौनी हरकत! मुस्लिम युवक ने देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति पर किया पेशाब, आरोपी धराया https://citytoday.co.in/2357 https://citytoday.co.in/2357 पुणे जिले के पौद गांव में स्थित नागेश्वर मंदिर में 2 मई 2025 को एक शर्मनाक घटना ने स्थानीय समुदाय को आक्रोशित कर दिया। 19 वर्षीय चांद नौशाद शेख ने मंदिर में घुसकर मां अन्नपूर्णा की मूर्ति पर कथित तौर पर पेशाब किया और मूर्ति को खंडित करने की कोशिश की। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज 3 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क उठा।

    पुलिस के अनुसार, चांद ने मंदिर के अंदर ताला लगाकर यह घृणित कृत्य किया। शिकायतकर्ता शिवाजी मारुति ने बताया कि चांद के पिता, नौशाद शादाब शेख, ने घटना के बाद उकसाने वाले बयान दिए, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा, "हिंदू हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।" इस बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया।

    पुणे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चांद और उसके पिता नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

    स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट में इस घटना को सनातन धर्म पर हमला बताते हुए व्यापक नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंदिर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है, और दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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    Mon, 05 May 2025 12:30:55 +0530 News desk Hindi
    केरल के मलप्पुरम में तेज रफ्तार कार ने महिला को मारी टक्कर, CCTV में कैद हुआ चौंकाने वाला हादसा https://citytoday.co.in/2328 https://citytoday.co.in/2328 केरल के मलप्पुरम जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर चल रही एक महिला को जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार चालक ने तेज गति के कारण वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार सड़क किनारे चल रही महिला से जा टकराई। हादसे में महिला को गंभीर चोटें आईं, और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति के बारे में अभी और जानकारी नहीं मिली है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बढ़ते हादसों को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

    यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और तेज रफ्तार के खतरों को फिर से उजागर करता है।

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    Fri, 02 May 2025 11:11:41 +0530 News desk Hindi
    गुजरात: खेड़ा में दर्दनाक हादसा, मेशवो नदी में डूबने से एक परिवार के 6 बच्चों की मौत https://citytoday.co.in/2319 https://citytoday.co.in/2319 खेड़ा, गुजरात: गुजरात के खेड़ा जिले में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कनीज गांव के पास मेशवो नदी में नहाने गए एक ही परिवार के छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर किशोर उम्र के चचेरे भाई-बहन थे, जिनकी उम्र 14 से 21 वर्ष के बीच थी। यह घटना उस समय हुई जब ये बच्चे छुट्टियों के लिए अहमदाबाद के नरोदा से अपने मामा के घर खेड़ा आए थे।

    पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम को ये छह बच्चे कनीज गांव के पास मेशवो नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान संभवतः गहरे पानी में चले जाने या तेज बहाव के कारण वे डूब गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। नडियाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया और देर रात तक चले ऑपरेशन में सभी छह शवों को नदी से निकाला गया।
    खेड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश गढ़िया ने बताया, "छह बच्चे, जो आपस में भाई-बहन या चचेरे भाई-बहन थे, नदी में नहाने गए थे। दुर्भाग्यवश, वे सभी डूब गए। हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई की और शवों को बाहर निकाला गया।" 

    मृतकों की पहचान

    हालांकि कुछ स्रोतों में मृतकों के नाम जीनल, दिव्या, फाल्गुनी, ध्रुव (सभी अहमदाबाद के नरोदा निवासी), भूमिका (कनीज) और मयूर (नरोदा) बताए गए हैं, लेकिन पुलिस ने अभी सभी नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मृतकों में चार लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं। ये सभी अपने मामा के घर छुट्टियां मनाने आए थे और नदी में नहाने का फैसला एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात के दौरान लिया गया था।

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    Thu, 01 May 2025 11:46:06 +0530 news desk MPcg
    बिना पानी मिलाए 5 बोतल शराब पीने से युवक की हुई मौत,10 हजार रुपये की शर्त के लिए गई जान https://citytoday.co.in/2316 https://citytoday.co.in/2316 कर्नाटक के कोलार ज़िले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां 10 हज़ार  की शर्त के चलते एक 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है, जिसने अपने दोस्तों के साथ लगी शर्त को पूरा करने के लिए बिना पानी मिलाए पांच पूरी शराब की बोतलें पी डालीं. शर्त जीतने पर उसे 10 हज़ार मिलने थे.

    जानकारी के अनुसार, कार्तिक ने अपने दोस्तों वेंकटा रेड्डी, सुब्रमणि और अन्य तीन लोगों से दावा किया था कि वह बिना पानी मिलाए पाँच बोतल शराब पी सकता है. वेंकटा रेड्डी ने उसे शर्त जीतने पर 10 हज़ार  देने का वादा किया. कार्तिक ने शराब पी तो ली, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ गई. उसे कोलार जिले के मुलबागल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

    सबसे दुखद बात यह है कि कार्तिक की शादी को केवल एक साल हुआ था और आठ दिन पहले ही उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया था. इस मामले में नांगली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. वेंकटा रेड्डी और सुब्रमणि को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

    विशेषज्ञों का कहना हैं की शराब के साथ कोई भी "मज़ाक" जानलेवा साबित हो सकता है. दोस्तों के बीच लगी मामूली सी शर्त ने एक युवक की जान ले ली, और एक नवजात बच्चा अपने पिता से हमेशा के लिए दूर हो गया.

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    Thu, 01 May 2025 11:02:35 +0530 News desk Hindi
    उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शुभारंभ: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर खुले https://citytoday.co.in/2314 https://citytoday.co.in/2314 उत्तरकाशी, 30 अप्रैल 2025: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर गंगोत्री धाम में सुबह 10:30 बजे अभिजीत मुहूर्त में कपाट खोले गए, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 11:55 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गए। कपाट खुलते ही दोनों धाम “हर-हर गंगे” और “जय मां यमुना” के जयकारों से गूंज उठे। इस पवित्र अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में मां गंगा की पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। 

    गंगोत्री धाम में भव्य आयोजन

    गंगोत्री मंदिर को इस अवसर पर लगभग 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया, जिसने मंदिर परिसर को और भी अलौकिक बना दिया। मां गंगा की उत्सव डोली 29 अप्रैल को मुखबा गांव से रवाना हुई थी और भैरों घाटी के भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह गंगोत्री धाम पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ मां गंगा की भोग मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया गया। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि अगले छह महीनों तक श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।

    प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा

    गंगोत्री धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस दौरान मंदिर परिसर में फूलों की वर्षा की गई और तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह पवित्र यात्रा सनातन संस्कृति की आस्था और भक्ति का प्रतीक है। हम सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत करते हैं और मां गंगा व मां यमुना के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं।”

    चारधाम यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन में विभाजित किया गया है, और 2000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए 10 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स, 17 कंपनी पीएसी, और 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, 10 स्थानों पर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और 65 स्थानों पर स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात रहेंगी। पूरे यात्रा मार्ग को ड्रोन से कवर किया जाएगा, और गढ़वाल रेंज स्तर पर एक इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। 

    चारधाम यात्रा का महत्व

    हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, और बद्रीनाथ धाम की यात्रा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यात्रा का क्रम परंपरागत रूप से यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ, और अंत में बद्रीनाथ धाम पर समाप्त होता है। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे।

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    Wed, 30 Apr 2025 17:04:03 +0530 news desk MPcg
    Visakhapatnam: श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में चंदनोत्सव के दौरान दीवार ढहने से 8 की मौत, 4 घायल https://citytoday.co.in/2312 https://citytoday.co.in/2312 विशाखापट्टनम, 30 अप्रैल 2025: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित प्रसिद्ध श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर (सिंहाचलम मंदिर) में बुधवार तड़के एक दुखद हादसा हुआ। मंदिर में चल रहे वार्षिक चंदनोत्सव के दौरान भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक अस्थायी दीवार ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार देर रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुआ, जब हजारों भक्त भगवान नरसिंह के 'निजरूप दर्शन' के लिए कतार में खड़े थे।

    जिला कलेक्टर एमएन हरेंद्र प्रसाद ने बताया कि दीवार, जो हाल ही में बनाई गई थी, 300 रुपये के टिकट वाली कतार के पास थी। भारी बारिश के कारण मिट्टी ढीली हो गई, जिससे दीवार अचानक ढह गई। मृतकों में 5 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें एक ही परिवार के चार सदस्य—पिल्ला उमामहेश्वर राव (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), उनकी पत्नी शैलजा, मां पैला वेंकटरत्नम और चाची गुज्जरी महालक्ष्मी—भी शामिल हैं। घायलों को तुरंत किंग जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    चंदनोत्सव का महत्व

    चंदनोत्सव सिंहाचलम मंदिर का प्रमुख वार्षिक उत्सव है, जो हर साल 30 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन भगवान वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी की मूर्ति से चंदन का लेप हटाया जाता है, और भक्त उनके 'निजरूप' दर्शन करते हैं। इस अवसर पर देश भर से लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन ने इस साल करीब 2 लाख भक्तों के आने की उम्मीद जताई थी।

    नेताओं ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और घायलों को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, "यह हादसा बेहद दुखद है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।" पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी शोक व्यक्त किया और घायलों के लिए बेहतर इलाज की मांग की।

    बचाव और राहत कार्य

    हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। बंदोबस्ती विभाग के प्रमुख सचिव विनय चैन ने बताया कि मलबा हटा दिया गया है और बचाव कार्य पूरा हो चुका है। आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता, विशाखापट्टनम के सांसद एम श्रीभारत, और पुलिस आयुक्त शंखब्रत बागची ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की। गृह मंत्री ने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। दीवार की गुणवत्ता और हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी।"

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    Wed, 30 Apr 2025 16:20:31 +0530 news desk MPcg
    पुणे में दर्दनाक हादसा! बालकनी से गिरा गमला, बच्चे की गई जान https://citytoday.co.in/2291 https://citytoday.co.in/2291 महाराष्ट्र के पुणे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां हाईराइज बिल्डिंग के ऊपर से गमला गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. यह कोई ऐसी पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी देश के कई हिस्सों इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

    पुणे की एक हाईराइज सोसायटी में एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई है. बच्चा अपनी सोसाइटी के नीचे अन्य बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था. इसी दौरान उसके ऊपर हाईराइज बिल्डिंग की किसी बालकनी से एक एक गमला गिर गया. गमले के गिरते ही बच्चा चित होकर पड़ गया और फिर सोसाइटी में हड़कंप मच गया. कुछ लोग मदद के लिए भागते हुए उसके पास पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी.

    बच्चा को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना से पूरे इलाके में दुख और गुस्से की लहर है. घटना के बाद से ही सोसायटी लोग अपने बच्चों को लेकर काफी डरे हुए हैं. वहीं, बच्चे की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बच्चे की दर्दनाक मौत देखी जा सकती है. इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है.

    इससे पहले भी नोएडा सहित देश के कई हिस्सों में इस तरह के हादसे हो चुके हैं. यह घटना उन लोगों के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं है, जो लोग हाईराइज सोसायटी में रहते हैं और बालकनी में गमले रखने के शौकीन हैं. लोगों को हाईराइज सोसायटी की बालकनी में गमले रखने से बचना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना सामने ना आए.

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    Tue, 29 Apr 2025 13:30:25 +0530 news desk MPcg
    खाटू श्यामजी में एक बार वॉशरूम इस्तेमाल करने पर वसूले 805 रुपये, पत्रकार मेघा उपाध्याय ने बताई आपबीती https://citytoday.co.in/2290 https://citytoday.co.in/2290 राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आस्था के इस पवित्र स्थल पर मानवता को शर्मसार किया है। एक बीमार बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी में वॉशरूम इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी, लेकिन मदद की उम्मीद लेकर पहुंचे परिवार से होटल ने 805 रुपये वसूल लिए।

    दिल्ली में पत्रकारिता कर रहीं मेघा उपाध्याय ने सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का वीडियो और बिल साझा करते हुए लिखा कि वह अपने माता-पिता के साथ खाटू श्यामजी दर्शन के लिए गई थीं। सुबह 6 बजे होटल से निकले और 7 बजे तक मंदिर की लंबी लाइन में लग गए। उनकी मां, जो लंबे समय से दर्शन की इच्छा रखती थीं, बिना शिकायत के घंटों लाइन में खड़ी रहीं। लेकिन इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, पेट में तेज दर्द और उल्टी जैसा महसूस होने लगा। परिवार ने इधर-उधर वॉशरूम ढूंढा, लेकिन एक किलोमीटर के दायरे में कोई भी साफ-सुथरा सार्वजनिक वॉशरूम नहीं मिला।

    मेघा ने बताया कि जब हालात गंभीर हो गए तो वे पास के एक होटल में पहुंचे। रिसेप्शन पर विनती की कि उन्हें कोई कमरा नहीं चाहिए, बस कुछ मिनटों के लिए वॉशरूम इस्तेमाल करने देना चाहिए। लेकिन होटल स्टाफ ने मां की खराब हालत देखने के बावजूद बिना किसी सहानुभूति के कहा कि वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए 800 रुपये चुकाने होंगे।

    मेघा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि दुख इस बात का नहीं कि हमें पैसे देने पड़े। दुख इस बात का है कि किसी ने हमारी मां की पीड़ा देखकर भी सबसे पहले पैसे मांगे। इंसानियत मरती हुई नजर आई। क्या वाकई हम आगे बढ़ रहे हैं या अपनी आत्मा खोते जा रहे हैं?
    यह घटना किसी अनजाने इलाके में नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक, खाटू श्यामजी के द्वार पर हुई, जहां श्रद्धालु आस्था, दया और करुणा की तलाश में आते हैं।
     
    अब वीडियो वायरल होते ही, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

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    Tue, 29 Apr 2025 12:00:31 +0530 news desk MPcg
    पश्चिम बंगाल : मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज&सुती इलाके में अगले 48 घटों के लिए धारा 163 लागू https://citytoday.co.in/west-bengal-section-163-imposed-in-raghunathganj-suti-area-of-​​murshidabad-for-next-48-hours https://citytoday.co.in/west-bengal-section-163-imposed-in-raghunathganj-suti-area-of-​​murshidabad-for-next-48-hours कोलकाता, 9 अप्रैल 2025: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज और सुती इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश अगले 48 घंटों यानी 10 अप्रैल की शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने इस कदम को क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है।

    हिंसा के बाद लिया गया फैसला

    हाल ही में मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं सामने आई थीं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कुछ लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और आपसी तनाव बढ़ाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। धारा 163 लगी।

    धारा 163 क्या है?

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पहले धारा 144 के नाम से जानी जाने वाली) प्रशासन को यह अधिकार देती है कि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक सभा या जमावड़े पर रोक लगाई जा सके। इसके तहत चार या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मुर्शिदाबाद में लागू इस आदेश के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे अगले 48 घंटों तक इन इलाकों में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और शांति बनाए रखें।

    प्रशासन का बयान

    मुर्शिदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, "हालात को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना है।" पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    इलाके के निवासियों का कहना है कि हिंसा की घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, "हमें डर था कि स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन का यह फैसला सही है, लेकिन हम चाहते हैं कि जल्द ही सब सामान्य हो जाए।" वहीं, कुछ लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा सख्ती बताया और कहा कि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

    फिलहाल, रघुनाथगंज और सुती में तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हालात का जायजा ले रहे हैं। अगले 48 घंटों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर यह आदेश बढ़ाया भी जा सकता है।
    पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, और यह मामला एक बार फिर राज्य में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को तेज कर सकता है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस संकट को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से संभाल पाता है।

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    Wed, 09 Apr 2025 17:15:09 +0530 Newsdesk
    नीतीश मंत्रिमंडल: बिहार में मंत्रियों के वेतन&भत्तों में वृद्धि, इस विभाग में 20 हजार रिक्तियों की भर्ती शुरू https://citytoday.co.in/Nitish-Crew:-Bihar-Ministers-Get-a-Pay-Bump,-20K-Job-Slots-Poppin-in-This-Dept https://citytoday.co.in/Nitish-Crew:-Bihar-Ministers-Get-a-Pay-Bump,-20K-Job-Slots-Poppin-in-This-Dept Tue, 08 Apr 2025 14:38:06 +0530 Newsdesk जयपुर में बेकाबू SUV ने 10 लोगों को रौंदा; 7 घायल, 3 की मौत https://citytoday.co.in/जयपुर-हादसा:-बेकाबू-SUV-से-मची-तबाही https://citytoday.co.in/जयपुर-हादसा:-बेकाबू-SUV-से-मची-तबाही जयपुर में एक नशे में धुत्त ट्रेलर चालक ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे तेज गति से वाहन चलाते हुए कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।  यह घटना जयपुर-आगरा रोड पर कानोता से पालड़ी मीणा के बीच लगभग 4 किलोमीटर के दायरे में हुई, जहां चालक ने बाइक और राहगीरों सहित आधा दर्जन वाहनों को टक्कर मारी।

    स्थानीय लोगों ने ट्रेलर चालक का पीछा कर उसे रोका और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। सभी घायलों को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    शहर में नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। इससे पहले भी जयपुर में ऐसे हादसे हो चुके हैं, जहां नशे में धुत्त चालक ने लोगों को कुचला है।

    पुलिस प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वे सख्त कार्रवाई करें और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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    Tue, 08 Apr 2025 12:57:38 +0530 Newsdesk
    नोएडा में प्रोजेक्ट मैनेजर पत्नी के हत्या के आरोपी पति ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ने पत्नी की हत्या की वजह बताई। https://citytoday.co.in/नोएडा-में-प्रोजेक्ट-मैनेजर-पत्नी-के-हत्या-के-आरोपी-पति-ने-पुलिस-के-सामने-चौंकाने-वाला-खुलासा-किया-है-आरोपी-ने-पत्नी-की-हत्या-की-वजह-बताई https://citytoday.co.in/नोएडा-में-प्रोजेक्ट-मैनेजर-पत्नी-के-हत्या-के-आरोपी-पति-ने-पुलिस-के-सामने-चौंकाने-वाला-खुलासा-किया-है-आरोपी-ने-पत्नी-की-हत्या-की-वजह-बताई Mon, 07 Apr 2025 15:40:11 +0530 Newsdesk कोटा में पति की रिटायरमेंट पार्टी में पत्नी की मौत ! https://citytoday.co.in/कोटा-में-पति-की-रिटायरमेंट-पार्टी-में-पत्नी-की-मौत https://citytoday.co.in/कोटा-में-पति-की-रिटायरमेंट-पार्टी-में-पत्नी-की-मौत Wed, 25 Dec 2024 20:07:14 +0530 Newsdesk भोपाल के जहांगीराबाद में बवाल, दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट ! https://citytoday.co.in/6-लोग-घायल-हो-गए-हैं https://citytoday.co.in/6-लोग-घायल-हो-गए-हैं Tue, 24 Dec 2024 20:28:05 +0530 Newsdesk सागर में 'गौरव दिवस' पर लाखा बंजारा झील का भव्य लोकार्पण ! CM Dr. Mohan Yadav https://citytoday.co.in/सागर-में-गौरव-दिवस-पर-लाखा-बंजारा-झील-का-भव्य-लोकार्पण-cm-dr-mohan-yadav https://citytoday.co.in/सागर-में-गौरव-दिवस-पर-लाखा-बंजारा-झील-का-भव्य-लोकार्पण-cm-dr-mohan-yadav Tue, 24 Dec 2024 15:17:48 +0530 Newsdesk जयपुर में युवक की मौत से तनाव: शास्त्री नगर थाने पर पत्थरबाजी, विधायक और आईपीएस के बीच तकरार https://citytoday.co.in/Tension-due-to-death-of-youth-in-Jaipur:-Stone-pelting-at-Shastri-Nagar-police-station,-altercation-between-MLA-and-IPS https://citytoday.co.in/Tension-due-to-death-of-youth-in-Jaipur:-Stone-pelting-at-Shastri-Nagar-police-station,-altercation-between-MLA-and-IPS जयपुर: शास्त्री नगर इलाके में एक युवक की मौत के बाद शहर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दिनेश स्वामी नामक युवक की ई-रिक्शा में सवार लोगों के साथ झगड़े के बाद मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोग शास्त्री नगर थाने के बाहर धरना देने बैठ गए।

    धरने के दौरान स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई जब थाने के बाहर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों पर पथराव हुआ और इसके जवाब में हिंदू समुदाय के लोगों ने भी पत्थरबाजी की। इस दौरान पुलिस ने थाने के बाहर बैठे दो युवकों को हिरासत में लिया, जिसके बाद सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा और आईपीएस राशि डोगरा के बीच नोकझोंक हो गई।

    विधायक और उनके सहयोगियों ने पुलिस पर बदतमीजी और बल प्रयोग का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि आईपीएस राशि डोगरा बल प्रयोग की कोशिश कर रही हैं, जबकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और थाने से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।


    बतादे कि, पीड़ित परिवार ने एक करोड़ रुपये, एक सरकारी नौकरी और एक डेयरी की मांग की है। सरकार और पीड़ित पक्ष के बीच सहमति बनाने का प्रयास जारी है। शास्त्री नगर इलाके में चल रही हिंसा और तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

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    Sat, 17 Aug 2024 21:19:22 +0530 Newsdesk
    झारखंड ट्रेन हादसे में मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये https://citytoday.co.in/Compensation-announced-in-Jharkhand-train-accident,-Rs-10-lakh-to-the-families-of-the-deceased https://citytoday.co.in/Compensation-announced-in-Jharkhand-train-accident,-Rs-10-lakh-to-the-families-of-the-deceased सिटी टुडे : झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में आज सुबह एक गंभीर ट्रेन हादसा हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 15-20 लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हावड़ा से मुंबई जा रही ट्रेन की 18 बोगियां पटरी से उतर गईं, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

    रेलवे विभाग और झारखंड सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया:

    रेलवे विभाग ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया जाएगा। झारखंड सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की है।

    मंत्री और अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया:

    स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, जनजातीय कल्याण मंत्री दीपक बिरुआ और स्थानीय विधायक दशरथ गागराई घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर चल रहे राहत कार्यों और घायलों की स्थिति की समीक्षा की।

    घायलों का इलाज जारी:

    चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में 15 घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर उपचार के लिए जमशेदपुर भेजा गया है। अन्य यात्रियों को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर बसों और विशेष ट्रेनों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

    रेल हादसे के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। राजद के सांसद मनोज झा ने सरकार की 'कवच' योजना पर सवाल उठाए हैं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रेलवे सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार पर कड़ी आलोचना की है।

    रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर  किए जारी:

    हादसे से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सरायकेला जिला प्रशासन और रेलवे ने निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी है: 6204800965, 8789080490, और रेलवे के लिए 73523, 0657-2290324, 06587-238072।

    ट्रेन सेवाओं पर असर:

    हादसे के चलते कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कुछ को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। प्रभावित ट्रेनों में हावड़ा कांटाबाजी एक्सप्रेस, खड़गपुर से धनबाद एक्सप्रेस, और हावड़ा बारबेल एक्सप्रेस शामिल हैं।

    रेलवे और जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, और प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

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    Tue, 30 Jul 2024 20:57:55 +0530 Newsdesk
    सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में आरक्षण में बढ़ोतरी पर रोक लगाने से इनकार किया, सितंबर में होगी सुनवाई https://citytoday.co.in/Supreme-Court-refuses-to-ban-increase-in-reservation-in-Bihar,-hearing-to-be-held-in-September https://citytoday.co.in/Supreme-Court-refuses-to-ban-increase-in-reservation-in-Bihar,-hearing-to-be-held-in-September

    बिहार में आरक्षण के मामले में आयी बड़ी खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट द्वारा आरक्षण में बढ़ोतरी के फैसले को रद्द करने के बारे में बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई करने के लिए स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में विस्तार से इस मसले पर सुनवाई करने की तैयारी कर ली है।

    पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में बिहार सरकार द्वारा वंचित तबके के लिए आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर देने का निर्णय रद्द किया था, जिसे हाई कोर्ट ने असंवैधानिक बताते हुए किया था। इसके खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

    इस मुद्दे में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को रद्द करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इससे स्पष्ट हो गया है कि बिहार में आरक्षण बढ़ाने की सीमा पर अभी भी रोक बरकरार रहेगी।

    बीते साल, बिहार सरकार ने वंचित तबके के लिए आरक्षण की सीमा को विस्तारित करने का ऐलान किया था। इस फैसले का प्रावधान बिहार में जातिगत सर्वे के आधार पर किया गया था।

    अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई सितंबर में होने की उम्मीद है, जिसमें इस मामले के सभी पहलू विचारित होंगे। बिहार सरकार और आरक्षण के पक्ष में आवाज उठाते हुए इस मसले के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा जनता की ओर से बढ़ी हुई है।

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    Mon, 29 Jul 2024 18:39:20 +0530 Newsdesk
    DELHI: दिल्ली कोचिंग सेंटर में बाढ़ की वजह से तीन छात्रों की मौत: सियासती विवाद https://citytoday.co.in/DELHI:Three-students-died-due-to-flood-in-Delhi-coaching-center:-Political-dispute https://citytoday.co.in/DELHI:Three-students-died-due-to-flood-in-Delhi-coaching-center:-Political-dispute  सीटीटुडे | दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में शनिवार की शाम एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भारी बारिश के कारण पानी भर गया और तीन यूपीएससी उम्मीदवार जान से गए। इस हादसे के बाद से ही शहर में सियासती घमासान छाया हुआ है, जहां एक ओर बीजेपी ने दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने बीजेपी को जवाब देते हुए सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर बताया है।

    हादसे की पूरी कहानी:

    बाढ़ की वजह से एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन यूपीएससी उम्मीदवारों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मामले में तनाव बढ़ गया और लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। छात्रों और स्थानीय निवासियों ने कोचिंग सेंटर और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ उनकी लापरवाही की मांग की है।

    राजनीतिक आरोप:

    इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (आप) पर कड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक ने नालों की सफाई के लिए स्थानीय लोगों की बार-बार की गई अपील को नजरअंदाज कर दिया। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने इस मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इस हादसे की जांच होनी चाहिए और सरकारी अधिकारियों को इस मामले में जवाबदेही लेनी चाहिए।

    आप का जवाब:

    आम आदमी पार्टी (आप) ने इस पर कहा कि बीजेपी नेताओं की आलोचनाएँ निराधार हैं और इस घटना को त्रासदी मानकर जांच का निर्देश दिया है। आप नेता आतिशी ने मुख्य सचिव को घटना की जांच शुरू करने के लिए निर्देश दिया है और सुरक्षा नियमों के पालन में कमी पर भी गंभीरता से जांच करवाने की मांग की है।

    नागरिकों का रोष:

    इस हादसे के बाद नागरिकों में आक्रोश है और वे अपनी सुरक्षा के प्रति सरकारी अधिकारियों से सख्ती से सवाल पूछ रहे हैं। लोगों ने जाहिर किया है कि पिछले कुछ दिनों से वे स्थानीय अधिकारियों से नालों की सफाई के लिए कई बार अपील कर रहे थे, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद बेसमेंट में पानी भरने से यह दुर्घटना हुई और तीन छात्रों की जान चली गई।

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    Sun, 28 Jul 2024 17:33:50 +0530 Newsdesk
    INDIA:भारत में 34 करोड़ 60 लाख हो जायगी बुजुर्गो की संख्या 2050  तक.  https://citytoday.co.in/INDIA:The-number-of-elderly-people-in-India-will-reach-34-crore-60-lakh-by-2050. https://citytoday.co.in/INDIA:The-number-of-elderly-people-in-India-will-reach-34-crore-60-lakh-by-2050. सीटीटुडे । यूएनएफपीए-इंडिया की रेजिडेंट प्रतिनिधि एंड्रिया वोजनार ने विश्व जनसंख्या दिवस के कुछ दिनों बाद जनसंख्या के उन प्रमुख रुझानों को रेखांकित किया, जिन्हें भारत सतत विकास में तेजी लाने के लिए प्राथमिकता दे रहा है।

    इनमें युवा आबादी, वृद्ध जनसंख्या, शहरीकरण, प्रवासन और जलवायु के अनुसार बदलाव करना शामिल हैं। ये कारक सभी देश के लिए अनूठी चुनौतियां और अवसर पेश करते हैं। वोजनार ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों की संख्या 2050 तक दोगुनी होकर 34 करोड़ 60 लाख हो जाने का अनुमान है। देश में खासकर उन बुजुर्ग महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन में अधिक निवेश किए जाने की जरूरत है, जिनके अकेले रह जाने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है। इसलिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन योजनाओं में निवेश बढ़ाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि खासकर वृद्ध महिलाओं के लिए ऐसा करना आवश्यक है, जिनके अकेले रहने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है।

    यूएनएफपीए-इंडिया प्रमुख ने कहा कि भारत में युवा आबादी काफी है और 10 से 19 वर्ष की आयु के 25 करोड़ 20 लाख लोग हैं। उन्होंने जिक्र किया कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, नौकरी के लिए प्रशिक्षण और रोजगार सृजन में निवेश करने से इस जनसांख्यिकीय क्षमता को भुनाया जा सकता है और देश को सतत प्रगति की ओर अग्रसर किया जा सकता है। वोजनार ने कहा कि भारत में 2050 तक 50 प्रतिशत शहरी आबादी होने का अनुमान है, इसलिए झुग्गी बस्तियों की वृद्धि, वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए स्मार्ट शहरों, मजबूत बुनियादी ढांचे और किफायती आवास का निर्माण महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने आगे कहा कि शहरी योजनाओं में महिलाओं की सुरक्षा संबंधी जरूरतों, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा एवं नौकरियों तक पहुंच को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हो सके। वोजनार ने यह भी कहा कि आंतरिक और बाहरी प्रवासन को प्रबंधित करने के लिए अच्छे से सोच-विचार कर योजना बनाने, कौशल विकास करने और आर्थिक अवसर वितरण की आवश्यकता होती है।

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    Tue, 23 Jul 2024 15:52:31 +0530 Newsdesk
    SUPREME COURT: सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक इस आदेश पर लगाई रोक https://citytoday.co.in/SUPREME-COURT:Supreme-Court-put-a-stay-on-this-order-till-further-orders https://citytoday.co.in/SUPREME-COURT:Supreme-Court-put-a-stay-on-this-order-till-further-orders सीटीटुडा । सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल इन दोनों राज्यों में कांवड़ यात्रा रूट पर पड़ने वाले खाने-पीने की दुकानों के मालिक को अपने नाम और कर्मचारियों के नाम साफ-साफ लिखने का आदेश दिया गया था। आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक इस आदेश पर रोक लगा दी है।

    यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही यूपी, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब देने को कह दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक पुलिस के निर्देशों पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि मामले में अगली सुनवाई तक किसी को नाम लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।दरअसल ‘एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स नामक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में योगी सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, चिंताजनक स्थिति है, पुलिस अधिकारी खुद ही एक विभाजन बनाने पर तुले हैं, ताकि पिछड़े, अल्पसंख्यक आर्थिक रूप से भी बंट जाएं।वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से एक अन्य वकील अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा, यहां अजीब से स्थिति है। अगर मैं अपना नाम नहीं लिखता तब मुझे बाहर रखा जाता है, अगर मैं अपना नाम लिखता हूं, तब भी मुझे बाहर रखा जाता है।

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये स्वैच्छिक है, मैंडेटरी नहीं है। सिंघवी ने कहा, वे कह रहे हैं कि ये स्वैच्छिक है, लेकिन जबरन करवाया जा रहा है। जो नहीं मान रहे उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। उन पर फाइन लगाया जा रहा है। ये दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर है। एक तरह से उनकी आर्थिक मौत के बराबर है। यात्रा दशकों से हो रही है। सभी धर्म के लोग उसमें सहयोग करते हैं। इस दौरान मांसाहारी पर पहले से ही पूरी तरह से रोक है।इस पर जज एसवी भट्टी, ‘एक जगह मुस्लिम और एक हिंदू मालिक वाला होटेल था। मैं मुस्लिम वाले में जाता था, क्योंकि वहां इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का पालन होता थे। वहीं सिंघवी ने कहा कि हजारों अपना रोजगार खो रहे हैं। इस पर देखना होगा। ये ना सिर्फ मुस्लिमों बल्कि दलितों को भी अलग करने का आइडिया है।


    वकील सिंघवी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कांवड़िये क्या चाहते हैं। वे भगवान शिव की पूजा करते हैं। क्या वे ऐसा चाहते हैं कि खाना कोई खास कम्युनिटी उगाए, बनाए और परोसे। कोर्ट ने इसके साथ ही यूपी, एमपी और उत्तराखंड सरकार को नोटिस देकर शुक्रवार तक जवाब देने को कहा है।बता दें कि सोमवार से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए कई राज्यों में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यह यात्रा हिंदू कैलेंडर के सावन महीने की शुरुआत के साथ शुरू होती है। इस दौरान लाखों शिव भक्त उत्तराखंड के हरिद्वार और झारखंड के देवघर से गंगा का पवित्र जल अपने घरों तक ले जाते हैं और रास्ते में शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।

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    Mon, 22 Jul 2024 21:09:34 +0530 Newsdesk
    Kedarnath:केदारनाथ के समीप गौरीकुंड में बड़ा हादसा 3 की मौत 8 घायल  https://citytoday.co.in/Kedarnath:Major-accident-in-Gaurikund-near-Kedarnath,-3-dead,-8-injured https://citytoday.co.in/Kedarnath:Major-accident-in-Gaurikund-near-Kedarnath,-3-dead,-8-injured MP सीटीटुडे |  केदारनाथ में गौरीकुंड के पास आज रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई है। गौरीकुंड के समीप  पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण घटना स्थल पर ही 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 04 अन्य लोग घायल हो गए हैं। हादसे पर मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने दुख जताया है।

    गौरतलब है कि बारिश के समय पहाड़ों से अक्सर लैंड स्लाइड के मामले होते हैं। इस कारण माना जा रहा कि लैंड स्लाइड के कारण ही यह दुखद हादसा हुआ होगा। दरअसल पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते ही 03 लोगों की मौत हो गई जबकि अन्य 08 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे में मृतकों की पहचान किशोर अरुण पराटे, महाराष्‍ट्र, उम्र 21 साल, अनुराग बिष्‍ट, तिलवाड़ा, सुनील महादेव, महाराष्‍ट्र, उम्र 24 साल के रुप में हुई है। घायलों में गुजरात के चेला भाई चौधरी, उम्र 23 साल एवं जगदीश पुरोहित, उम्र 45 साल व हरदाना भाई पटेल और महाराष्ट्र के अभिषेक चौहान, उम्र 18 साल व धनेश्‍वर दांडे, उम्र 27 साल आदि शामिल हैं।

    मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने दुख जताया  :

    इस हादसे पर मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने दुख जताया और कहा है, कि केदारनाथ यात्रा मार्ग के पास पहाड़ी से मलबा और भारी पत्थर गिरने के कारण कुछ यात्रियों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुःखद है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। सीएम धामी ने आगे कहा कि वो निरंतर अधिकारियों के संपर्क में हैं। हादसे में घायल हुए सभी लोगों को त्वरित उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं।

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    Sun, 21 Jul 2024 18:33:31 +0530 Newsdesk
    Delhi News : बाढ़ की आफत, बैराज टूटने से कॉलोनी बनी नदी https://citytoday.co.in/Delhi-News:-Flood-disaster,-river-turned-into-colony-due-to-breaking-of-barrage https://citytoday.co.in/Delhi-News:-Flood-disaster,-river-turned-into-colony-due-to-breaking-of-barrage CITY TODAY : राजधानी दिल्ली में अचानक हुई बाढ़ की वजह से बवाना मुनक नहर के एक बैराज में टूट जाने से जेजे कॉलोनी में बड़ी तबाही मच गई है। बुधवार रात को बारिश के बिना ही इतना पानी भर गया कि सड़कें नदी में तब्दील हो गईं। इस हादसे से लोगों को घर से बाहर निकलने में बहुत मुश्किल हो रही है। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि लोग नावों में सुरक्षित इलाकों की तरफ जा रहे हैं।

    नहर की दीवार टूटने के बाद, प्रशासन ने त्वरित कदम उठाया है और नहर की दीवार की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया है। इस हादसे से कई इलाकों में बड़ी नुकसान हुआ है, जहां लोगों के घरों में पानी का प्रवाह हो गया है और जिंदगी में बड़ी संकट आ गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 15 मिमी बारिश हुई है, जिसने शहर में हल्की आर्द्रता बढ़ा दी है।

    विभिन्न इलाकों में बाढ़ की स्थिति से जुड़े लोगों के अनुभव और संबंधित अधिकारियों के बयान अपेक्षित हैं।

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    Thu, 11 Jul 2024 21:52:52 +0530 Newsdesk
    Kolkata: आधार कार्ड नागरिकता से संबंधित नहीं, यूआईडीएआई ने हाईकोर्ट को बताया... https://citytoday.co.in/Kolkata:-Aadhaar-card-not-related-to-citizenship,-UIDAI-tells-High-Court https://citytoday.co.in/Kolkata:-Aadhaar-card-not-related-to-citizenship,-UIDAI-tells-High-Court

     

    कोलकाता: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कोलकाता हाईकोर्ट में कहा है कि आधार कार्ड का नागरिकता से कोई संबंध नहीं है। यूआईडीएआई (UIDAI) ने यह भी कहा कि देश में वैध रूप से प्रवेश करने वाले गैर-निवासियों को भी आवेदन करने पर आधार कार्ड दिए जा सकते हैं। यह दलीलें मुख्य जस्टिस टीएस शिवगणम और जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गईं, जो पश्चिम बंगाल में कई आधार कार्डों को अचानक निष्क्रिय और पुनः सक्रिय करने को चुनौती देने वाली ‘एनआरसी के खिलाफ संयुक्त मंच’ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

    ‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने आधार नियमों के विनियम 28ए और 29 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी, जो प्राधिकरण को यह तय करने की शक्ति देते हैं कि कौन विदेशी है और उसका आधार कार्ड निष्क्रिय किया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं की वकील झूमा सेन ने तर्क दिया कि आधार कार्ड हमारे जीवन के हर पहलू से जुड़ा हुआ है, यहां तक कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी आधार आवश्यक है।

    यूआईडीएआई (UIDAI) के वरिष्ठ वकील लक्ष्मी गुप्ता ने याचिकाकर्ताओं के अधिकार को चुनौती देते हुए उन्हें 'अपंजीकृत संगठन' कहा और उनके दलील को अस्वीकार करने की मांग की। गुप्ता ने तर्क दिया कि आधार कार्ड का नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं है और यह गैर-नागरिकों को भी एक निश्चित समय के लिए दिया जा सकता है ताकि वे सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकें।

    केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक कुमार चक्रवर्ती ने भी याचिकाकर्ताओं की दलील को खारिज करने की मांग की, यह कहते हुए कि याचिका में आधार अधिनियम की धारा 54 को चुनौती नहीं दी गई है, जिससे यह कानून उत्पन्न होता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की आंशिक सुनवाई की और इसे बाद की तारीख में आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

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    Sat, 06 Jul 2024 19:31:56 +0530 Newsdesk
    Rajasthan Monsoon Weather Update: राजस्थान में बारिश के पहले ही दौर ने लोगों की हालत ख़राब, 24 घंटे के अंदर बड़ा पानी का स्तर.. https://citytoday.co.in/Rajasthan-Monsoon-Weather-Update:-The-very-first-round-of-rain-in-Rajasthan-has-worsened-the-condition-of-people,-high-water-level-within-24-hours https://citytoday.co.in/Rajasthan-Monsoon-Weather-Update:-The-very-first-round-of-rain-in-Rajasthan-has-worsened-the-condition-of-people,-high-water-level-within-24-hours  राजस्थान में मानसून की शुरुआती बारिश ने जनता की हालत खराब कर दी है। पूर्वी राजस्थान में बारां के शाहबाद में बारिश की मात्रा 195 मिलीमीटर हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में नागौर के परबतसर में 71 मिलीमीटर की बारिश हुई। टोंक जिले में भारी बारिश के चलते स्कूल बंद किए गए और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई।

    अलवर में सड़कें धंसीं और कोटा जिले में खातोली पार्वती नदी के पुल पर बाढ़ की स्थिति है, जिससे राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क कट गया है। इटावा इलाके में भी बारिश के रिकॉर्ड टूटे हैं, जहां दो दिनों में साढ़े सात इंच की बारिश हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक बारां के शाहबाद में 155 मिलीमीटर, देवली में 155 मिलीमीटर, मालपुरा में 144 मिलीमीटर, पीपलू में 142 मिलीमीटर और टोंक तहसील में 137 मिलीमीटर की बारिश हुई।

    यह भारी बारिश ने पूरे टोंक जिले को हालात से बेहाल कर दिया है। पश्चिमी राजस्थान में मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम वर्षा हुई है, जबकि नागौर जिले में कुछ इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई है।

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    Sat, 06 Jul 2024 19:03:33 +0530 Newsdesk
    बिहार महागठबंधन में बट गई लोक सभा की सीटे https://citytoday.co.in/Lok-Sabha-seats-divided-in-Bihar-Grand-Alliance-RJD-26-Congress-9 https://citytoday.co.in/Lok-Sabha-seats-divided-in-Bihar-Grand-Alliance-RJD-26-Congress-9

    महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बतया की  सीटों पर सहमति बन गई है,जिसमे कि राजद 26, कांग्रेस 9 और वामपंथी दल 5 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि सीपीआई के खाते में बेगूसराय की सीट गई है, जबकि सीपीएम के खाते में खगड़िया की  सीट गई है. सीपीआई आरा, काराकाट और नालंदा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।


     दरअसल इसके अलावा राजद के खाते में गया, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, बक्सर, पाटलिपुत्र, मुंगेर, जमुई, बांका, वाल्मिकीनगर, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, उजियारपुर, दरभंगा, मधुबनी, झंझारपुर, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया और हाजीपुर की सीटे  गई है.

    आपको  बता दे कांग्रेस के खाते में किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पश्चिमी चंपारण, पटना साहिब, सासाराम और महाराजगंज सीट आई है. उल्लेखनीय है कि पहले चरण के सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर नामांकन की तिथि भी शुक्रवार को समाप्त हो गई. हालांकि घोषणा के पहले ही कई सीटों पर राजद प्रत्याशियों को सिंबल दे चुकी है.

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    Sat, 30 Mar 2024 20:04:40 +0530 Newsdesk
    Arvind Kejriwal Arrested: ईडी का काम केवल राजनीतिक तोड़&फोड़ करना ही रह गया: गहलोत https://citytoday.co.in/EDs-work-is-only-for-political-sabotage-Gehlot https://citytoday.co.in/EDs-work-is-only-for-political-sabotage-Gehlot जयपुर।Arvind Kejriwal Arrested: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि पहले झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल केन्द्रीय एजेंसियों की क्रूरता की चरम सीमा है। साथ ही अशोक गहलोत ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा .....कि ऐसा देश में पहली बार देखा जा रहा है। कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि क्या ईडी का काम केवल राजनीतिक तोड़-फोड़ करना ही रह गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है। कि भाजपा का हर नेता दिर रात 400 पार का शोर मचा रहा है। भाजपा को 200 सीटों का भी आत्मविश्वास नहीं इसलिए तो इस तरह के तानाशाही कदम उठाए जा रहे हैं।

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    Fri, 22 Mar 2024 17:22:48 +0530 Newsdesk
    IPS Manoj Sharma: आईपीएस मनोज शर्मा बने महाराष्ट्र के आईजी  https://citytoday.co.in/IPS-Manoj-Sharma-becomes-IG-of-Maharashtra https://citytoday.co.in/IPS-Manoj-Sharma-becomes-IG-of-Maharashtra मुंबई।IPS Manoj Sharma Become Inspector General: हाल ही में बनीं फिल्म 12वीं फेल से सुर्खियां बटोरने वाले आईपीएस मनोज शर्मा को प्रमोशन मिला है। उन्हें आईपीएस से अब महाराष्ट्र का आईजी बनाया गया है। यह उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।आपको बता दें कि पहले कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 2003, 2004 और 2005 बैच के आईपीएस अधिकारियों के लिए प्रमोशन की मंजूरी दी थी।जिसके चलते आईजी बनाया गया है।

    वहीं  हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "12th फेल" ने मनोज शर्मा के जीवन और संघर्ष को दिखाया। फिल्म में उनके बेहद गरीब परिवार से आने और 12वीं में फेल होने के बाद भी उन्होंने परिश्रम और उत्साह से यूपीएससी की परीक्षा पास की। और आईपीएस अधिकारी बनें।आपको बता दें कि उन्होंने प्रमोशन मिलने की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर करअपने शुभचिंतकों का आभार जताया। लोगों को प्रमोशन की जानकारी देते हुए मनोज शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा एएसपी से शुरू हुई यात्रा आज के भारत सरकार के ऑर्डर से आईजी बनने तक जा पहुंची है इस लंबी यात्रा में साथ देने के लिए मन से सभी का आभार व्यक्त किया।

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    Mon, 18 Mar 2024 16:59:10 +0530 Newsdesk
    Kisan Andolan: चुनाव के साथ ही जारी रहेगा किसानों का आंदोलन & सरवण सिंह पंधेर https://citytoday.co.in/Farmers-movement-will-continue-with-the-elections https://citytoday.co.in/Farmers-movement-will-continue-with-the-elections चंडीगढ़।Kisan Andolan: किसान आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। आचार संहिता लागू होने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि किसानों को आंदोलन भी समय के साथ शांत हो जाएगा। लेकिन हाल ही में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि आचार संहिता लगने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एअक ओर चुनाव प्रचार तो दूसरी ओर किसान अपने मुद्दों को लेकर प्रर्दशन करेंगे। हमारा बॉर्डर पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि किसान नेता शुभकरण की अस्थियों के कलश लेकर किसानों के काफिले हरियाणा में पहुंच चुके हैं।

    22 मार्च और 31 को जिलों में बड़ी रैली

    22 मार्च को किसानों की हिसार और 31 मार्च को अंबाला जिले में बड़ी रैली होगी। साथ ही पंजाब के सभी किसान नेताओं के अलावा अन्य राज्यों के किसान भी शामिल होंगे। पंधेर ने बताया कि पंजाब के किसान बॉर्डर पर ही रहेंगे। और सिर्फ किसान नेता रैलियों में शामिल होंगे। चुनाव के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।जो भी सरकार बनेगी। उससे वह अपनी मांगे मनवाएंगे। कुछ भी हो जाए। जितने भी समय के लिए बैठना पड़े।

    एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका

    बता दें किसान आंदोलन 13 फरवरी से शुरू हुआ था। फिलहाल किसान हरियाणा के अंबाला में शंभू बॉर्डर और जींद के खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन को अब एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है। किसान और केंद्र सरकार में कई बार बातचीत भी हुई है। लेकिन इस मामलें का कोई हल अब तक नहीं निकला है। अब चुनावों की घोषणा हो चुकी है।  

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    Mon, 18 Mar 2024 15:07:54 +0530 Newsdesk
    Lok Sabha Election 2024: पंजाब में कांग्रेस को लगा झटका, BJP में शामिल हुई परनीत कौर https://citytoday.co.in/Congress-gets-a-shock-in-Punjab-Preneet-Kaur-joins-BJP https://citytoday.co.in/Congress-gets-a-shock-in-Punjab-Preneet-Kaur-joins-BJP नई दिल्ली।Preneet Kaur Joins BJP: लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस को फिर बड़ा झटका लगा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और पटियाला सांसद परनीत कौर BJP में शामिल हो गई हैं। इससे पहले पटियाला से सांसद परनीत कौर ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि वह जल्द ही BJP में शामिल हो सकती है। परनीत कौर का बीजेपी में शामिल होना कांग्रेस के लिए दिक्कतों खड़ी कर सकता है। क्योंकि कौर पंजाब की ‘शाही सीट’ पटियाला से चार बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी है।लेकिन अब उन्होंने भाजपा का हाथ थाम लिया है।
    परनीत ने कहा....
    BJP की सदस्यता लेने के बाद परनीत ने कहा है कि 'मैं पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने निर्वाचन क्षेत्र,अपने राज्य और देश के लिए काम करूंगी। कांग्रेस पार्टी के साथ मेरी अच्छी पारी रही और मुझे उम्मीद है कि बीजेपी के साथ मेरी पारी बेहतर होगी.' उन्होंने आगे कहा कि यह बीजेपी पर निर्भर करता है कि वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं।परनीत ने कहा कि कहा कि ‘मैं मोदी जी के काम और नीति से प्रभावित होकर BJP में शामिल हो रही हूं। मोदी जी के नेतृत्व में ही हम अपने बच्चों और देश को सुरक्षित रखा सकते हैं। मैं पीएम मोदी, जेपी नड्डा और बीजेपी का धन्यवाद करती हूं.’
     
    पटियाला सीट से लड़ सकती है चुनाव

    कयास लगाए जा रहे है। कि भाजपा परनीत को पटियाला सीट से लोकसभा चुनाव में उतार सकती है। क्योंकि कौर हमेशा से ही पटियाला सीट से चुनाव लड़ती आ रही है। आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अपने बेटे रणइंद्र सिंह और बेटी जयइंद्र कौर के साथ सितंबर 2022 में ही भाजपा का दामन थाम चुके थे। और परनीत कौर पिछले 25 वर्षों से पटियाला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ती आ रही हैं।

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    Thu, 14 Mar 2024 17:11:29 +0530 Newsdesk
    PM Modi Assam Visit: पीएम मोदी के असम दौरे का दूसरा दिन, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाथी की सवारी का उठाया लुत्फ https://citytoday.co.in/Second-day-of-PM-Modis-Assam-tour-enjoyed-elephant-ride-in-Kaziranga-National-Park https://citytoday.co.in/Second-day-of-PM-Modis-Assam-tour-enjoyed-elephant-ride-in-Kaziranga-National-Park PM Modi Assam Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज पूर्वोत्तर असम राज्य का दूसरा दिन है। इस दौरान पीएम मोदी ने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य में हाथी और जीप सफारी कर राष्ट्रीय उद्यान का सैर की। जिसकी जानकारी एक अधिकारी द्वारा की दी गई है। इस दौरान उनके साथ उद्यान निदेशक सोनाली घोष और अन्य वरिष्ठ वन अधिकारी भी थे। आपको बता दें कि पीएम आज असम में 18 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे ।और बाद वह पश्चिम बंगाल रवाना होंगे। मोदी दोपहर में जोरहाट जाकर महान अहोम सेनापति लचित बोरफुकन (बहादुरी की प्रतिमा) स्टैच्यू ऑफ वेलर का भी उद्घाटन करेंगे। जो 125 फुट ऊंची प्रतिमा है।आपको बता दें कि प्रधानमंत्री राज्य के दो दिवसीय दौरे पर है। 

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    Sat, 09 Mar 2024 14:22:38 +0530 Newsdesk
    seven industrial projects: ओडिशा सरकार ने सात औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी https://citytoday.co.in/Odisha-government-approves-seven-industrial-projects https://citytoday.co.in/Odisha-government-approves-seven-industrial-projects भुवनेश्वर। seven industrial projects:ओडिशा सरकार ने आज 80,125 करोड़ रुपये की लागत वाली सात औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह मंजूरी  गुरुवार रात 35वीं उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण की बैठक की गई थी। जिसमें इस्पात, हरित ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ओडिशा में विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना और राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। सभी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 24,552 लोगों के लिए रोजगार का अवसर उत्पन्न होंगे।  इन परियोजनाओं के साथ ओडिशा की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी। 

    दवाओं का करेगी उत्पादन 

    उन्होंने बताया कि देश में पैरासिटामोल की प्रमुख उत्पादक कंपनी ग्रैन्यूल्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड 1,100 करोड़ रुपये के निवेश से टाटा सेज, गोपालपुर, गंजम में एक फार्मास्युटिकल इकाई स्थापित करेगी। यह चार अरब यूनिट पेरासिटामोल, मेटफॉर्मिन, इबुप्रोफेन और अन्य दवाओं का उत्पादन करेगी।

    हरित ऊर्जा सुविधा से 10 गीगावॉट सौर पैनलों का उत्पादन

     ग्रैन्यूल्स सीजेडआरओ प्राइवेट लिमिटेड अपने फार्मास्युटिकल उत्पादों जैसे पैरा एमिनो फिनोल, डीसीडीए और  के लिए एक हरित स्पेशलिटी केमिकल संयंत्र भी स्थापित करेगा। जिसे 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ टाटा सेज में स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार एसीएमई ग्रीनटेक ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड सोलर पीवी के सिलिका के लिए विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। जिसे 36,000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हरित ऊर्जा सुविधा से 10 गीगावॉट सौर पैनलों का उत्पादन होगा।

    एक्शन इस्पात 21,000 करोड़ रुपये का निवेश 

    कंपनी इस्पात उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए 21,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।जिससे दूसरे 10,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ओएफबी टेक प्राइवेट लिमिटेड भद्रक के धामरा में एक विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। जिसमें 1,615 करोड़ रुपये का निवेश होगा। और 1,500 लोगों के लिए नौकरियां पैदा होंगी। 

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    Fri, 08 Mar 2024 15:23:30 +0530 Newsdesk
    Himachal Pradesh: कांग्रेस ने विधायक सुधीर शर्मा को राष्ट्रीय सचिव पद से हटाया https://citytoday.co.in/Congress-removed-MLA-Sudhir-Sharma-from-the-post-of-National-Secretary https://citytoday.co.in/Congress-removed-MLA-Sudhir-Sharma-from-the-post-of-National-Secretary Himachal Pradesh News:पिछले दिनों विधानसभा सदस्यता छीनने के बाद कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें राष्ट्रीय सचिव पद से हटा दिया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह जानकारी दी।और बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तत्काल प्रभाव से शर्मा को इस पद से हटा दिया है। जिसके बाद सुधीर शर्मा ने एक्स पर लिखा, ''भार मुक्त तो ऐसे किया है जैसे सारा बोझ मेरे ही कंधों पर था। चिंता मिटी, चाहत गई, मनवा बेपरवाह, जिसको कछु नहीं चाहिए, वो ही शहंशाह.'

    क्या था मामला ..

    सुधीर शर्मा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल मानें जाते हैं। लेकिन हाल ही में उन्हें और पांच अन्य विधायकों के साथ स्पीकर ने अयोग्य ठहरा दिया था। ग़ौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के  शर्मा सहित छह विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी। जिसके कारण बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष महाजन ने जीत हुई थी। कांग्रेस ने इन विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधि के कारण अयोग्य ठहराने की विधानसभा अध्यक्ष से अपील की थी। 



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    Wed, 06 Mar 2024 16:15:56 +0530 Newsdesk
    Underwater Metro Rail: मोदी ने देश की पहली अंडर वॉटर मेट्रो रेल परियोजना का किया उद्घाटन https://citytoday.co.in/Modi-unveiled-the-countrys-first-underwater-metro-rail-project https://citytoday.co.in/Modi-unveiled-the-countrys-first-underwater-metro-rail-project कोलकाता।Underwater Metro Rail: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोलकाता महानगर को हावड़ा से जोड़ने वाली देश की पहली अंडर वॉटर मेट्रो रेल परियोजना का अनावरण किया। साथ ही उन्होंने करीब 15,400 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, और विपक्षी नेता शुवेंदु अधिकारी भी कार्यक्रम में सम्मिलित आपको बता दे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन अन्य पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण नहीं पहुंच सकी। मोदी ने अनावरण के मौके पर स्कूली बच्चों के साथ एस्प्लेनेड से हावड़ा मैदान तक मेट्रो की सवारी कर छात्रों से बातचीत की। 

    अन्य ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई

    प्रधानमंत्री ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का विस्तार करते हुए एस्प्लेनेड से अन्य ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।जो शहर और इसके बाहरी इलाकों को पार करेगी। जिससे महानगर की यात्रा आसान हो जायेगी। इसके साथ ही मोदी ने रूबी हॉल क्लिनिक से रामवाड़ी तक पुणे मेट्रो, एसएन जंक्शन मेट्रो स्टेशन से त्रिपुनिथुरा मेट्रो स्टेशन तक कोच्चि मेट्रो विस्तार परियोजना, ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक आगरा मेट्रो का विस्तार और दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के दुहाई-मोदीनगर (उत्तर) खंड का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।

     देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा

    यह हावड़ा में जमीन की सतह से 30 मीटर नीचे देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा। इसका 4.8 किलोमीटर लंबा हिस्सा 4,965 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह गलियारा साल्ट लेक सेक्टर 5 में आईटी हब जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा। लेकिन इस रूट पर वाणिज्यिक परिचालन अभी तय नहीं हुआ है।

    अंडरवॉटर मेट्रो क्यों है खास..

    अंडरवॉटर मेट्रो में विशेष यह है कि यह नदी के नीचे से गुजरता है,जो यात्रियों को अत्यधिक समय बचाता है। और शहर के ट्रैफिक को कम करता है। यह भारत में पहली बार है कि किसी अंडरवॉटर सुरंग के माध्यम से रेल परिवहन की सुविधा प्राप्त की जा रही है। यह सुरंग ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का हिस्सा है। सॉल्ट लेक सेक्टर 5 से सियालदह तक का भाग व्यावसायिक रूप से परिचालन में है।आपको बता दें कि इस परियोजना की शुरुआत 1971 में शहर के मास्टर प्लान के अंतर्गत की गई थी।

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    Wed, 06 Mar 2024 13:35:09 +0530 Newsdesk
    PM Telangana Visit: तेलंगाना में मोदी ने किया CARO का उद्घाटन https://citytoday.co.in/Modi-inaugurates-CARO-in-Telangana https://citytoday.co.in/Modi-inaugurates-CARO-in-Telangana हैदराबाद। PM Telangana Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हैदराबाद में नागरिक उड्डयन अनुसंधान संगठन (सीएआरओ) कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर यह केंद्र स्थापित किया था। जिसका उद्देश्य नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना था। इस केंद्र ने स्वदेशी और सहयोगी अनुसंधान के माध्यम से विमानन समूह के लिए एक वैश्विक अनुसंधान मंच प्रदान किया है।

    जानिए क्या होंगे लाभ...

    1) इस केंद्र की लागत 354 करोड़ रुपये से अधिक है। और यह 5-स्टार-रेटेड होने के साथ- साथ ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के अनुसार तैयार किया गया है। यह युवाओं के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा करता है। और विमानन में स्टार्ट-अप और नवाचार को बढ़ावा देता है। 

    2) सीएआरओ भविष्य के लिए नए अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देन् के लिए व्यापक क्षमताओं का उपयोग करेगा। यह केंद्र 'मेक इन इंडिया' अवधारणा को अपनाता है। और एक आत्मनिर्भरता को प्रेरित करेगा।

    3) केंद्र में हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे से संबंधित सुरक्षा, क्षमता और दक्षता सुधार कार्यक्रम साथ ही अन्य चुनौतियों का समाधान और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का विकास शामिल है।

    4) सीएआरओ बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स 39,080 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस कॉम्प्लेक्स में अनुसंधान और विकास केंद्र, बेसमेंट, आवासीय ब्लॉक और उपयोगिता भवन शामिल हैं। बेसमेंट में कार पार्किंग, ईवी चार्जिंग पॉइंट्स और सतह कार पार्किंग है।बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से कार पार्किंग के लिए किया जाएगा।

    5) कॉम्प्लेक्स में अन्य सुविधाओं में एटीएम एमुलेटर, डेटा एनालिटिक्स लैब, यूएएस और मानवरहित विमान प्रणाली यातायात प्रबंधन प्रयोगशालाएं, साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाएं, डेटा प्रबंधन केंद्र और नेटवर्क बुनियादी ढांचा केंद्र शामिल हैं।




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    Tue, 05 Mar 2024 15:29:35 +0530 Newsdesk
    Bhagwant Mann News: कांग्रेस नेताओं पर भड़के पंजाब के सीएम बोले& आपको कभी सोनिया, राहुल ने पास बिठाया हो तो बताएं https://citytoday.co.in/Punjab-CM-angry-at-Congress-leaders-said-If-you-have-ever-been-made-to-sit-nearby-by-Sonia-and-Rahul https://citytoday.co.in/Punjab-CM-angry-at-Congress-leaders-said-If-you-have-ever-been-made-to-sit-nearby-by-Sonia-and-Rahul चंडीगढ़।Punjab News:  लोकसभा चुनाव के आते ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली,गुजरात और हरियाणा में हाथ मिलाया है। यहां दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा भी हो गया है। लेकिन इसके बाद भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कांग्रेस नेताओं पर जमकर भड़क गए हैं। कांग्रेस पर हमला बोल दिया। उन्होंने यह तक कह दिया कि कोई ऐसा नेता हो तो बताएं जिसे सोनिया और राहुल गांधी ने पास में कभी बिठाया हो। आपको बता दें कि 

    पंजाब सीएम ने कहा...

    पंजाब में चल रहे बजट पर चर्चा के दौरान विधानसभा में इसपर जमकर हंगामा हुआ है। पंजाब सीएम ने कहा..राहुल गांधी और सोनिया गांधी किसके साथ बैठते हैं? मेरे साथ। क्या आप कभी उनके साथ बैठे हैं? एक तरफ आप हमारे साथ सीट शेयरिंग पर समझौते कर रहे हैं। जाओ उन्हें (सोनिया और राहुल गांधी) से कह दो कि हमें कुरुक्षेत्र, दिल्ली और गुजरात की सीटें न दें। इस पूरी चर्चा के दौरान मान और कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच जमकर बहस हुई। 

    जानिए क्या था विवाद की कारण

    बजट पर चर्चा से पहले सीएम मान ने राज्यपाल को एक लिफाफा सौंपा था। जिसमें ताला-चाबी थे। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि विपक्ष को अंदर बंद कर दें।ताकि वे चर्चा के दौरान भाग न जाएं। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच बहस का दौर शुरू हो गया था। पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाजवा ने कहा..सीएम भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस सुनना नहीं जानती, इसलिए विधानसभा के दरवाजे अंदर से बंद कर लेने चाहिए. क्या हम मजदूर हैं? कि कांग्रेस को सुनना नहीं आता। हमने इतना कमजोर स्पीकर नहीं देखा। सीएम ने सभी के लिए अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया था।जब बहस हो रही थी। तब मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा कि क्या मैं उनके खिलाफ चुनाव में खड़ा हो सकता हूं। मैंने उन्हें कहा कि वह पंजाब में जहां से भी चुनाव लड़ेंगे। वहां उनके खिलाफ मैं खड़ा हो जाऊंगा। मैंने उनकी चुनौती को खुलकर स्वीकार किया। 

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    Tue, 05 Mar 2024 12:34:48 +0530 Newsdesk
    Modi visit asam: पीएम 8&9 मार्च को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा करेंगे https://citytoday.co.in/Prime-Minister-to-visit-Kaziranga-National-Park-in-Assam-on-March-8-9 https://citytoday.co.in/Prime-Minister-to-visit-Kaziranga-National-Park-in-Assam-on-March-8-9 गुवाहाटी।Modi visit asam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8-9 मार्च को असम का दौरा करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री आठ मार्च को काजीरंगा में रात्रि विश्राम करेंगे। साथ ही मोदी नौ मार्च को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा करेंगे।मोदी पहली बार काजीरंगा नेशनल पार्क जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने कभी काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा नहीं किया है। बाद में मोदी जोरहाट के होल्लांगापार में लाचित बोरफुकन स्मारक और बीर लाचित की सबसे बड़ी प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। इसके बाद दोपहर में मोदी जोरहाट में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे।



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    Tue, 05 Mar 2024 11:59:29 +0530 Newsdesk
    PM Modi in Telangana: मोदी ने तेलंगाना में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया https://citytoday.co.in/Modi-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-various-projects-in-Telangana https://citytoday.co.in/Modi-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-various-projects-in-Telangana आदिलाबाद।PM Modi in Telangana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तेलंगाना में बिजली, रेल और सड़क क्षेत्रों में 56 हजार करोड़ रूपयों से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में तेलंगाना की राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी सहित नेता मौजूद रहे। मोदी ने इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय विकास के केंद्र के रूप में आदिलाबाद के महत्व पर प्रकाश डाला। जहां 30 से अधिक परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की गयी तथा आधारशिला रखी गयी। ये परियोजनाएं राज्य के अंदर ऊर्जा, पर्यावरणीय स्थिरता और सड़क कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई हैं।

    देश का पहला सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट

    पीएम मोदी ने 800 मेगावाट क्षमता वाली एनटीपीसी यूनिट 2 के उद्घाटन की घोषणा की। जो तेलंगाना की बढ़ी हुई बिजली उत्पादन में योगदान देगी।अंबारी,आदिलाबाद,पिंपलखुटी रेल लाइनों के विद्युतीकरण के पूरा होने पर विकास को बढ़ावा देंगी।

    राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा

    आदिलाबाद, बेला और मुलुगु में दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन आधुनिक रेल और सड़क परियोजनाओं के जरिए न केवल तेलंगाना के विकास को बढ़ावा देंगी। बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

    तेलंगाना में आर्थिक विकास का दिया हवाला

    राज्य की प्रगति के माध्यम से राष्ट्रीय विकास के मंत्र पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने पिछली तिमाही में देश की 8.4 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि का हवाला देते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर उम्मीद जतायी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गति भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करेगी। जिससे तेलंगाना जैसे राज्यों में पर्याप्त आर्थिक विकास होगा।

    अगले पांच वर्षों में विकास अभियानों को बढ़ाये जाने का आश्वासन 

    मोदी ने पिछले दशक में तेलंगाना के विकास के लिए आवंटन में पर्याप्त वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने दोहराया कि सरकार के लिए विकास का मतलब समाज के दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों सहित सबसे गरीब लोगों का उत्थान करना है। उन्होंने गरीबी में कमी के लिए कल्याणकारी योजनाओं की सफलता का उल्लेख किया। जिससे 25 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हुआ। उन्होंने अगले पांच वर्षों में इस तरह के विकास अभियानों को और बढ़ाये जाने का आश्वासन दिया।




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    Mon, 04 Mar 2024 14:24:16 +0530 Newsdesk
    PM Modi in West Bengal: मोदी ने बंगाल को 15,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की दी सौगात https://citytoday.co.in/Modi-gifts-development-projects-worth-Rs-15,000-crore-to-Bengal https://citytoday.co.in/Modi-gifts-development-projects-worth-Rs-15,000-crore-to-Bengal कृष्णानगर।PM Modi in West Bengal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नादिया जिले के कृष्णानगर में आधिकारिक समारोह में पश्चिम बंगाल में 15,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का अनावरण किया। इस खास अवसर पर मोदी ने कहा कि कहा कि परियोजनाओं से बंगाल को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। और अधिक निवेश आएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण के लिए राज्य को बिजली पर आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है। जो औद्योगिक विकास, रेलवे नेटवर्क और प्रौद्योगिकियों में मदद करती है। मोदी ने कहा कि उन्हें बंगाल में 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। उन्होंंने कहा कि कभी अत्यधिक विकसित रहे बंगाल ने भारत के स्वतंत्र होने के तुरंत बाद कमियों के कारण धीरे-धीरे अपना महत्व खो दिया। 

    थर्मल पावर स्टेशन चरण II का उद्घाटन किया

    प्रधानमंत्री ने पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर में स्थित रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन चरण II का उद्घाटन और शिलान्यास किया। दामोदर घाटी निगम की यह कोयला आधारित ताप विद्युत परियोजना प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है।

    नया प्लांट देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम

    नया प्लांट देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम होगा। इसके अतिरिक्त, मेजिया थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट सात और आठ की ग्रिप गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) प्रणाली पर आधारित होगी। लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से विकसित, एफजीडी प्रणाली ग्रिप गैसों से सल्फर डाइऑक्साइड को हटा देगी। स्वच्छ ग्रिप गैस का उत्पादन करेगी और जिप्सम बनाएगी। जिसका उपयोग सीमेंट उद्योग में किया जा सकता है।

    सड़क परियोजनाओं का किया अनावरण

    मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-12) (100 किमी) के फरक्का-रायगंज खंड के चार लेन की सड़क परियोजना का भी अनावरण किया।जो  लगभग 1,986 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह परियोजना यातायात की भीड़ को कम करेगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेगी और उत्तर बंगाल तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगी।

    चार रेल परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं

    प्रधानमंत्री ने 940 करोड़ रुपये से अधिक की चार रेल परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। जिनमें दामोदर-मोहिशिला रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना, रामपुरहाट और मुरारई के बीच तीसरी लाइन, बाजारसौ-अजीमगंज रेल लाइन का दोहरीकरण, और अजीमगंज और मुर्शिदाबाद को जोड़ने वाली एक नई लाइन भी शामिल है। ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी, माल ढुलाई की सुविधा प्रदान करेंगी और क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास में योगदान देंगी।

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    Sat, 02 Mar 2024 16:15:21 +0530 Newsdesk
    National Printing Expo: भाजपा विधायक ने नेशनल प्रिंटिंग एक्सपो का किया शुभारंभ https://citytoday.co.in/Sharma-inaugurates-National-Printing-Expo https://citytoday.co.in/Sharma-inaugurates-National-Printing-Expo जयपुर। National Printing Expo: राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के विधायक गोपाल शर्मा ने आज तीन दिवसीय नेशनल प्रिंटिंग एक्सपो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल लाइंस विधायक शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर एक्सपो का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एक्सपो में स्टॉल का देखकर एग्जिबिटर्स से विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली।

    प्रिंटिंग हब बनाने की दिशा में पहला कदम 

    जयपुर में पहली बार प्रिंटिंग एक्सपो के आयोजन को लेकर प्रिंटर्स क्लब को बधाई देते हुए कहा कि जयपुर को प्रिंटिंग हब बनाने की दिशा में इस एक्सपो का आयोजन पहला कदम है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रिंटिंग का पुराना इतिहास नहीं रहा। लेकिन प्रिंटिंग का काम जिस तरह से बिना पढ़े लिखे लोगों में अपने अनुभव से गौरवशाली काम किया। उसको देखकर जर्मनी के इंजीनियर तक हैरान रह गए थे। जयपुर के लोग बिना प्रशिक्षण के भी अपनी मेहनत परिश्रम अपनी लगन से निष्ठा से काम किया करते थे।

    प्रिंटिंग जगत की कईं नामचीन हस्तियां रही मौजूद

    शर्मा ने कहा कि प्रदेश के एक बड़े समाचार पत्र के संस्थापक राजस्थान में कागज की फैक्ट्री लगाना चाहते थे। ताकि प्रिटिंग इंडस्ट्री के लोगों को राहत मिले लेकिन संभव नहीं हुआ। हम चाहते हैं कि जयपुर प्रिंटिंग हब के तौर पर अपनी पहचान बनाए और देश में अग्रणी बने। इसके लिए हमें सामूहिक प्रयास करने हैं। कार्यक्रम में राजस्थान ऑफसेट प्रिंटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शर्मा, आईपीएमए के अध्यक्ष जयवीर सिंह, एआईएफएमपी उमेश कुमार, ओपीए पंजाब के अध्यक्ष कमल चोपड़ा समेत प्रिंटिंग जगत की नामचीन हस्तियां मौजूद थी।आपको बात दें कि दो से चार मार्च तक चलने वाले नेशनल प्रिंटिंग एक्सपो में देश-विदेश से साइनेज, डिजिटल, स्क्रीन, ऑफसेट प्रिंटिंग इंडस्ट्रीज और पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़े हुए दिग्गज मशीन निर्माता, सेवा प्रदाता और विक्रेता भाग ले रहे हैं।



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    Sat, 02 Mar 2024 15:30:42 +0530 Newsdesk
    Bihar news: स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश का पालन नहीं होने के विरोध में विपक्ष का हंगामा https://citytoday.co.in/Opposition-ruckus-against-non-compliance-of-Chief-Ministers-order-on-change-in-school-timings https://citytoday.co.in/Opposition-ruckus-against-non-compliance-of-Chief-Ministers-order-on-change-in-school-timings पटना। बिहार में  मुख्यमंत्री के आदेश का पालन नहीं किये जाने के बिहार में विपक्षी सदस्यों ने गुरुवार को विधानसभा में हंगामा किय था। जो स्कूलों के समय में बदलाव के मुख्यमंत्री के आदेश के खिलाफ था।विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) के महबूब आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में स्कूलों के समय में बदलाव की घोषणा की थी । उन्होंने सदन में कहा था। कि शिक्षक सुबह 9:45 बजे स्कूल आएंगे और शाम 4:15 बजे जाएंगे।लेकिन ये आदेश अभी तक लागू नहीं हो पाया। सरकार का आदेश फर्जी है।
    आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री की सदन में की गयी घोषणा का अनुपालन नहीं होना वास्तव सदन की गरिमा को कम करना है । इसपर सभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि सदन की गरिमा को कोई कम नहीं कर सकता है। उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया लेकिन माले के सदस्य नहीं माने और सदन के बीच में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे । हालांकि कुछ देर के बाद सभाध्यक्ष के आग्रह पर माले के सदस्य अपनी सीट पर वापस लौट आए ।

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    Thu, 29 Feb 2024 22:21:45 +0530 Newsdesk
    Pm modi visit tamilnadu: मोदी ने रखी इसरो के दूसरे स्पेसपोर्ट की आधारशिला https://citytoday.co.in/Modi-laid-the-foundation-stone-of-ISROs-second-spaceport https://citytoday.co.in/Modi-laid-the-foundation-stone-of-ISROs-second-spaceport चेन्नई।Pm modi visit tamilnadu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम में आज थूथुकुडी जिले के कुलसेकरपट्टिनम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के दूसरे स्पेसपोर्ट की आधारशिला रखी। साथ ही मोदी ने वीओसी पोर्ट पर एक कार्यक्रम में विभिन्न नयी सुविधाओं की आधारशिला भी रखी। इसरो ने बताया कि दूसरे स्पेसपोर्ट का उपयोग विशेष रूप से केवल छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) मिशनों को लॉन्च करने के लिए किया जाएगा। ताकि उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में रखा जा सके। यह देश के अंतरिक्ष अन्वेषण प्रयास को भौगोलिक लाभ प्रदान करेगा।

    950 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा

    श्रीहरिकोटा का स्पेसपोर्ट पीएसएलवी, जीएसएलवी, एलएमवी-3 और अन्य मिशनों समेत सभी रॉकेट लॉन्च मिशनों के लिए प्राथमिक केंद्र बना रहेगा। शार रेंज में दो लॉन्च पैड हैं। रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र लगभग 2,233 एकड़ क्षेत्र में लगभग 950 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। और यह देश की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में एक नये युग की शुरुआत करेगा। कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट का महत्व यह होगा कि यह उपग्रह प्रक्षेपण के दौरान ईंधन की खपत को कम करेगा। श्रीहरिकोटा से लॉन्च के लिए दक्षिणपूर्व प्रक्षेपवक्र की आवश्यकता होती है। 

    नये स्पेसपोर्ट से ये होंगे लाभ

    इसके विपरीत कुलसेकरपट्टिनम से उपग्रहों का प्रक्षेपण सीधे दक्षिण दिशा की ओर से संभव होगा। जिसके परिणामस्वरूप ईंधन का संरक्षण होगा। यह स्पेसपोर्ट विशेष रूप से एसएसएलवी के लिए समर्पित होगा। और यह लगभग दो वर्षों में पूरी तरह तैयार हो जायेगा। यह थूथुकुडी जिले में एक पूर्ण प्रक्षेपण केंद्र होगा। जो एसएसएलवी लॉन्च के लिए समर्पित होगा। इस लॉन्च पैड का उपयोग केवल निजी क्षेत्र द्वारा किया जाएगा क्योंकि यहां से इसरो के रॉकेट लॉन्च नहीं होंगे। एसएसएलवी को पूरी तरह निजी क्षेत्र को सौंप दिया जायेगा।आपको बता दें कि एसएसएलवी 3-चरणों वाला प्रक्षेपण यान है। जो 500 किलोमीटर की समतलीय कक्षा में लगभग 500 किलोग्राम वजनी उपग्रहों को लॉन्च करने में सक्षम है।



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    Wed, 28 Feb 2024 22:06:34 +0530 Newsdesk
    PM Modi in Tamil Nadu:औद्योगिक विकास के लिए प्रधानमंत्री ने शुरू की विभिन्न परियोजनाएं https://citytoday.co.in/Prime-Minister-started-various-projects-for-industrial-development https://citytoday.co.in/Prime-Minister-started-various-projects-for-industrial-development चेन्नई।PM Modi in Tamil Nadu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तमिलनाडु के दक्षिणी थूथुकुडी जिले में कई परियोजनाओं की शुरुआत की। थूथुकुडी पहुंचे।जहां मोदी ने सड़क परिवहन व राजमार्ग, रेलवे ,बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की 36 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और एल.मुरुगन, राज्य मंत्री ई.वी. वेलु और स्थानीय द्रमुक लोकसभा सांसद सुश्री कनिमोझी उपस्थित थे। इन परियोजनाओं का लक्ष्य राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। आपको बता दें कि मोदी तूतीकोरिन बंदरगाह में कार्यक्रम के बाद तिरुनेलवेली जाएंगे जहां वह महाराष्ट्र के लिए रवाना होने से पहले एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे।

    इन परियोजनाओं का किया शुभारंभ

    इन परियोजनाओं में वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर हार्बर कंटेनर टर्मिनल की आधारशिला रखना, एक अलवणीकरण संयंत्र, हाइड्रोजन उत्पादन और बंकरिंग सुविधा, वीओसी पोर्ट को देश में पहला हरित हाइड्रोजन हब बनाना शामिल है। मोदी ने हरित नौका पहल के तहत स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के साथ ही देश की नेट-शून्य लक्ष्य, देश के पहले स्वदेशी हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल, अंतर्देशीय जलमार्ग जहाज का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दस तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 75 लाइट हाउसों पर पर्यटक सुविधाएं भी समर्पित कीं।

    इन परियोजनाओं के शुभारंभ से मिलेंगे ये लाभ 

    मोदी ने 4586 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जित्तानदाहल्ली-धर्मपुरी खंड, मीनसुरुट्टी-चिदंबरम, ओड्डनचत्रम-मदाथुकुलम और नागपट्टिनम-तंजावुर खंड सहित प्रमुख सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार करना, यात्रा के समय को कम करना और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ाना है। मोदी ने वांची मनियाच्ची-तिरुनेलवेली और लाप्पलायम-अरलवायमोली में कुल 86 किलोमीटरकी 1,477 करोड़ रुपये की दोहरीकरण परियोजना शुरू की। जिससे तमिलनाडु राज्य को लाभ होगा। यह परियोजना परिचालन दक्षता का मार्ग आसान करेगी। और चेन्नई-नागरकोइल, चेन्नई-कन्याकुमारी और दक्षिणी तमिलनाडु के अन्य शहरों के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगी। मदुरै और कन्या कुमारी के बीच महत्वपूर्ण ट्रंक मार्ग में कनेक्टिविटी बढ़ाने के रूप में कार्य  करेगी। साथ ही यात्री और माल ढुलाई सेवाओं के संचालन की सुविधा प्रदान करेगी। यह वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन का मार्ग आसान करने के अलावा, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और अधिक यात्री ट्रेनों की शुरुआत की गुंजाइश भी प्रदान करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 


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    Wed, 28 Feb 2024 19:19:58 +0530 Newsdesk
    Pm Modi visit Jammu Kasmir: अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद मोदी की पहली कश्मीर यात्रा https://citytoday.co.in/Modis-first-visit-to-Kashmir-after-the-abrogation-of-Article-370 https://citytoday.co.in/Modis-first-visit-to-Kashmir-after-the-abrogation-of-Article-370 श्रीनगर।Pm Modi visit Jammu Kashmir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात मार्च को कश्मीर का दौरा करेंगे। साल 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद मोदी की पहली कश्मीर यात्रा होगी। सूत्रों की मुताबिक यहां मोदी सात मार्च को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में एक आधिकारिक बैठक में भाग लेंगे। आपको बता देें कि पिछले हफ्ते ही प्रधानमंत्री ने जम्मू का दौरा किया था। जहां उन्होंने एक सार्वजनिक रैली को संबोधित किया और जम्मू-कश्मीर में 32,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। साथ ही पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन भी लॉन्च की थी। प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान मोदी ने यहां तीन बार जम्मू का दौरा किया है। वहीं इस दौरान उन्होंने एक बार भी कश्मीर का दौरा नहीं किया है। जम्मू-कश्मीर में एक साथ विधानसभा और संसदीय चुनावों की संभावना का आकलन करने के लिए मोदी की कश्मीर यात्रा चुनाव आयोग (ईसीआई) की यात्रा से पहले होने की उम्मीद है।


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    Tue, 27 Feb 2024 20:02:49 +0530 Newsdesk
    paytm crisis update: पेटीएम से जुड़े मुद्दों पर ‎विचार कर सकता है एफआरबी  https://citytoday.co.in/FRB-may-consider-issues-related-to-Paytm https://citytoday.co.in/FRB-may-consider-issues-related-to-Paytm कोलकाता।paytm crisis: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) का वित्तीय सूचना समीक्षा बोर्ड (एफआरआरबी) आने वाले समय में पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकता है। आईसीएआई के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि एफआरआरबी इस समय प्रशासन संबंधी चिंताओं को लेकर शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू के खातों की समीक्षा कर रहा है। और यह प्रक्रिया अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया ‎कि अभी तक हमने पेटीएम मुद्दे पर विचार नहीं किया है। लेकिन निकट भविष्य में एफआरआरबी की बोर्ड बैठक होगी। और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई पर विचार किया जाएगी। उन्होंने कहा ‎कि आईसीएआई की एफआरआरबी समेत नवनिर्वाचित समितियों की मार्च से बैठकें शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एफआरआरबी यह फैसला कर सकता है कि भुगतान बैंक के बहीखातों की जांच जरूरी है या नहीं।

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    Mon, 26 Feb 2024 19:44:23 +0530 Newsdesk
    CM Bhupendra Patel: भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद के थलतेज में साईधाम सनातन मंदिर का किया शिलान्यास https://citytoday.co.in/Bhupendra-Patel-laid-the-foundation-stone-of-Shri-Saidham-Sanatan-Temple-in-Thaltej,-Ahmedabad. https://citytoday.co.in/Bhupendra-Patel-laid-the-foundation-stone-of-Shri-Saidham-Sanatan-Temple-in-Thaltej,-Ahmedabad. अहमदाबाद। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के थलतेज में निर्मित होने वाले साईधाम मंदिर का आज शिलान्यास किया। इस अवसर पर महंत मोहनदासजी महाराज तथा पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के करकमलों से जब निर्मित होने वाले मंदिर का भूमिपूजन किया गया। तब वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी भक्तों ने ‘जय श्री राम’ का जयघोष किया।

    आज देश में संस्कृति की पुनर्स्थापना हो रही: भूपेंद्र पटेल 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हमारे तीर्थक्षेत्रों, सनातन संस्कृति के आस्था के केन्द्रों का विकास हो रहा है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शास्त्रों में हमारे तीर्थक्षेत्रों की दिव्यता का जो वर्णन है। वैसी ही दिव्यता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई और हम सबने उसे निहारा। यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि आज देश में एक ओर संस्कृति की पुनर्स्थापना हो रही है।

    सावरकर सहित कवि नर्मद की पुण्यतिथि पर किया स्मरण

    दूसरी ओर एयरपोर्ट एम्स निर्माण जैसे भव्य विकास कार्य हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने अहमदाबाद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में नगरजनों को शुभकामनाएँ दीं। साथ ही उन्होंने वीर सावरकर तथा कवि नर्मद की पुण्यतिथि पर उनका पुण्य स्मरण कर आज के दिन को अनूठा बताया। उन्होंने आगे कहा कि आज के दिन को वीरता का दिवस भी कहा जा सकता है। इसका कारण है। कि आज ही के दिन भारतीय वायुसेना ने बालाकोट  एयरस्ट्राइक कर आतंकवादियों को मुँहतोड़ जवाब दिया था। इस अवसर पर पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने मंदिर निर्माणार्थ राज्य सरकार एवं गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड की ओर से प्राप्त सहायता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का आभार व्यक्त किया। 

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    Mon, 26 Feb 2024 18:41:09 +0530 Newsdesk
    Assam News:असम सरकार ने मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम को किया रद्द https://citytoday.co.in/Assam-government-repeals-Muslim-Marriage-and-Divorce-Registration-Act https://citytoday.co.in/Assam-government-repeals-Muslim-Marriage-and-Divorce-Registration-Act गुवाहाटी। Muslim Marriage and Divorce Registration Act: असम सरकार ने राज्य में निवासरत मुस्लिम नागरिकों के विवाह और तलाक के पंजीकरण से जुड़े 89 साल पुराने कानून को रद्द करने का निर्णय लिया है।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में दिसपुर के लोक सेवा भवन में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    सरमा ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा

    सरमा ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, “पुराने अधिनियम में विवाह पंजीकरण की अनुमति देने वाले प्रावधान शामिल थे। जिसमें भले ही युवक-युवती विवाह के लिए 18 और 21 वर्ष की कानूनी उम्र तक नहीं पहुंचे हों। यह कदम असम में बाल विवाह पर रोक लगाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”उन्होंने आगे कहा कि जिला आयुक्तों और जिला रजिस्ट्रारों को वर्तमान में 94 मुस्लिम विवाह रजिस्ट्रारों के पंजीकरण रिकॉर्ड को पंजीकरण महानिरीक्षक के समग्र पर्यवेक्षण, मार्गदर्शन और नियंत्रण में अपने कब्जे में लिये जाने के लिए अधिकृत किया जायेगा।”

    कई परियोजनाओं को दी मंजूरी

    कैबिनेट ने राज्य के चार जिलों कछार, करीमगंज, हैलाकांडी और होजई में मणिपुरी को एक सहयोगी आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए असम राजभाषा (संशोधन) विधेयक 2024 को मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने शहरी महिला उद्यमियों के रूप में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों को बढ़ावा देने के लिए असम राज्य शहरी आजीविका मिशन सोसाइटी द्वारा चरणों में लागू किए जाने वाले मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान-नोगोरिया के दिशानिर्देशों को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कुल आवंटित बजट में से असम इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग अथॉरिटी (एआईएफए) के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 274 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं।


     

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    Sat, 24 Feb 2024 19:18:11 +0530 Newsdesk
    Ajmer Railway Division News: 26 फरवरी को मोदी करेंगे 17 रेलवे फ्लाई ओवर एवं अंडरपास का शिलान्यास https://citytoday.co.in/Modi-will-lay-the-foundation-stone-of-17-railway-flyovers-and-underpasses-on-February-26. https://citytoday.co.in/Modi-will-lay-the-foundation-stone-of-17-railway-flyovers-and-underpasses-on-February-26. अजमेर।Ajmer Railway Division News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 फरवरी को राजस्थान में उत्तर पश्चिमी रेलवे के अजमेर मंडल के अधीन छह अमृत भारत रेलवे स्टेशनों तथा 17 रेल फ्लाईओवर एवं अंडरपास का शिलान्यास करेंगे। रेल मंडल प्रबंधक राजीव धनखड़ ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि वर्तमान में अजमेर मंडल सहित उत्तर पश्चिम रेलवे में रेल विकास की विभिन्न परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। इसी कड़ी मे अजमेर मंडल के छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के रूप में विकास एवं 17 आरओबी/आर यू बी/सबवे का शिलान्यास एवं लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 26 फरवरी को किया जाएगा।

    इन स्टेशनों का होगा शिलान्यास एवं लोकार्पण

    अजमेर मंडल के छह स्टेशनों में अजमेर, ब्यावर, फतेहनगर, जवाई बांध, रानी और सोमेसर स्टेशन शामिल है जिन्हें अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दिन श्री मोदी अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत सम्पूर्ण भारतीय रेल के 554 रेलवे स्टेशन का शिलान्यास और एक स्टेशन का लोकार्पण और 1500 रेल फ्लाई ओवर.रेल अण्डरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। जिसमें उत्तर पश्चिम रेलवे के 24 स्टेशन शामिल है।

    अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत इन स्टेशनों पर होंगे कई विकास कार्य

    अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत इन स्टेशनों पर कई विकास कार्य किए जाएंगे। अलग प्रवेश और निकास द्वार के साथ सर्कुलेटिंग क्षेत्र का विकास, ऑटो, दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग, यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के लिए पोर्च, मुख्य प्रवेश द्वार पर पोर्च सहित नया स्टेशन भवन, प्लेटफार्म शेल्टर, दिव्यांगजनों के लिए सुविधायुक्त शौचालय, पानी बूथ, बेहतर साइनेज, प्लेटफार्मों पर कोच इंडिकेशन बोर्ड, फर्नीचर तथा 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।


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    Fri, 23 Feb 2024 22:38:29 +0530 Newsdesk
    ERCP: भजन लाल कल अलवर में ईआरसीपी को लेकर सभा को करेंगे संबोधित https://citytoday.co.in/Bhajan-Lal-will-address-the-meeting-regarding-ERCP-in-Alwar-on-Saturday. https://citytoday.co.in/Bhajan-Lal-will-address-the-meeting-regarding-ERCP-in-Alwar-on-Saturday. अलवर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा 24 फरवरी को एक दिवसीय दौरे पर अलवर आयेंगे। राज्य के जलदाय विभाग मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह मैडम ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि श्री भजनलाल यहां बड़ौदा मेव में सुबह 11.30 बजे सभा को सम्बोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के अलवर में कई कार्यक्रम होंगे। मुख्य रूप से ईस्टर्न राजस्थान केनाल परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर अलवर आ रहे हैं क्योंकि यह राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्यों की मध्य की बात थी। तीन नदियों का संगम बनाकर इस योजना को तैयार किया गया है। काली सिंध,पार्वती और चंबल नदी के एकीकरण कर कर इस योजना को लागू किया जा रहा है। इनका पानी समुंद्र में चला जाता है। इनके पानी का उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसकी डीपीआर तेज गति से तैयार हो रही है और एक माह में डीपीआर तैयार हो जाएगी। 13 जिलों की इस योजना में आठ लोकसभा क्षेत्र और 84 विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे। अलवर में ड्रिंकिंग वाटर का स्टोरेज बनाया जाएगा । जिसका स्थान का चयन शीघ्र किया जाएगा। 13 जिलों के दो लाख 80 हजार किसानों का इसका फायदा होगा जिससे फसल संचित होगी और पीने का पानी मिलेगा। 


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    Fri, 23 Feb 2024 22:16:35 +0530 Newsdesk
    Lok Sabha Election 2024: महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की 27 फरवरी को बैठक https://citytoday.co.in/Maha-Vikas-Aghadi-meeting-in-Maharashtra-on-27th-February-consensus-not-being-reached-regarding-seats https://citytoday.co.in/Maha-Vikas-Aghadi-meeting-in-Maharashtra-on-27th-February-consensus-not-being-reached-regarding-seats मुंबई।Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के करीब आते ही सीट शेयरिंग का माहौल बन पड़ा है। सबसे पहले यूपी में कांग्रेस-समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग पर बात बनी। उसके बाद अब महाराष्ट्र में भी सीटों का फॉर्मूला फिक्स होने के करीब पहुंच गया। महाराष्ट्र कांग्रेस से कई प्रमुख नेताओं के बाहर निकलने के बाद विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा रुक गई है। 22 फरवरी को मुंबई में होने वाली बैठक को वरिष्ठ नेताओं के उपस्थित न होने के कारण 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से आठ पर कोई प्रगति होती नहीं दिख रही है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) दोनों इन सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे है।

    इन पार्टियों के बीच चल रही है बातचीत'

    हालांकि राजू शेट्टी की शेतकारी पार्टी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल जैसी अन्य पार्टियाँ भी चल रही सीट वितरण प्रक्रिया पर बातचीत कर रही हैं। इस बीच वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर भी एमवीए से असहमत हैं। उनका दावा है। कि कोई भी सहयोगी दल सीट वितरण पर आम सहमति पर नहीं पहुंच रहा है। अंबेडकर ने कहा है कि जब एमवीए गठबंधन के सुचारू कामकाज के लिए एक सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम के साथ सीट-बंटवारे को अंतिम रूप दे देगा।तब वे अपना प्रस्ताव पेश करेंगे। कई सीटों पर एमवीए में दरार की चर्चा के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने जोर देकर कहा है कि वे राज्य में 23 सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़े हैं। जिसमें मुंबई की चार सीटें शामिल हैं। सहयोगियों के लिए केवल दो सीटें छोड़ी गई हैं। सांसद राउत ने भरोसा जताया कि अगली बैठक में सहमति बनेगी। 

    एमवीए के भीतर प्रस्तावित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला

    महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने स्पष्ट किया कि राउत के दावे के बावजूद सीट बंटवारे के अंतिम फॉर्मूले पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बीच चर्चा के बाद ही मुहर लगेगी। जैसा कि वर्तमान में है। एमवीए के भीतर प्रस्तावित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला इस प्रकार है कांग्रेस के लिए 14 सीटें शिवसेना (यूबीटी) के लिए 15 (वीबीए और स्वाभिमानी पार्टी के लिए एक-एक सहित), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के लिए 9 सीटें और 8 सीटें विवादित बनी हुई हैं।

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    Fri, 23 Feb 2024 21:30:45 +0530 Newsdesk
    Manohar Joshi Death: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस https://citytoday.co.in/Former-Chief-Minister-of-Maharashtra-Manohar-Joshi-passes-away https://citytoday.co.in/Former-Chief-Minister-of-Maharashtra-Manohar-Joshi-passes-away मुंबई।Manohar Joshi Death: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। जोशी को बुधवार को पी.डी. हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह (आईसीयू) में भर्ती थे। लेकिन गंभीर हालातों के चलते तीन बजे उनका निधन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को माटुंगा स्थित उनके घर पर रखा गया है। दोपहर दो बजे के बाद दादर शमशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार होगा।आपको बता दें कि अस्पताल ने एक बयान में बताया था। कि लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष जोशी को बुधवार के दिन  अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर थी। यहीं नहीं शिवसेना के दिग्गज नेताओं में शुमार 86 वर्षीय जोशी को पिछले वर्ष मई में मस्तिष्कघात के बाद इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    आपको बता दें कि मनोहर जोशी 1995 से 1999 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने अविभाजित शिव सेना से राज्य में शीर्ष पद पर आसीन होने वाले पहले नेता थे। पीएम मोदी और देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन पर दुख जताया है। मनोहर जोशी मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष रहे थे। जिन्हें मुंबई के खिलाड़ी आज श्रद्धांजलि के रूप में काली पट्टी पहनकर 2-2 मिनट का मौन धारण करेंगे। 



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    Fri, 23 Feb 2024 17:35:23 +0530 Newsdesk
    Condoms with Party Symbols: लोकसभा से पहले पार्टियां बांट रही अपने प्रतीक चिन्ह वाले कंडोम https://citytoday.co.in/Before-Lok-Sabha-parties-are-distributing-condoms-with-their-symbols. https://citytoday.co.in/Before-Lok-Sabha-parties-are-distributing-condoms-with-their-symbols. आंध्रप्रदेश।Condoms with Party Symbols: लोकसभा चुनाव से पहलें पार्टियों में अपने-अपने वोट बैंको को लेकर जंग छिड़ी हुई है। जिसको लेकर पार्टियों में प्रचार प्रसार का पहिया तेजी से घूम रहा है। लेकिन हाल ही में आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले भी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी प्रचार अभियान में एक अनोखा उपकरण शामिल किया है जो प्रतीक चिन्ह वाले कंडोम है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियां जनता को अपनी पार्टी के प्रतीक चिन्ह वाले कंडोम के पैकेट बांट रही हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और प्रमुख विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी दोनों पार्टियों के प्रतीक चिन्ह वाले कंडोम पैक पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाताओं को बांटे जा रहे हैं।

    लोकसभा चुनाव के लिए घर-घर जाकर प्रचार करने वाले पार्टी नेताओं की यह हरकत सभी को हैरानी में डाल देगी। क्योंकि दोनों पार्टियां ने एक-दूसरे को कंडोम बांटने पर आलोचना की है। YSRCP ने टीडीपी को आलोचना करते हुए पूछा है कि पार्टी कितना नीचे गिरेगी, जवाब में टीडीपी ने YSRCP के लोगों के साथ कंडोम के पैक का पोस्ट किया है और प्रश्न उठाया है कि क्या यह पार्टी अब जनता को वियाग्रा भी वितरित करेगी? इस मामलें को लेकर सोशल मीडिया चर्चा का विषय बन गया है। और उससे जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। दोनों पार्टियों के प्रतीक चिन्ह वाले कंडोम के पैकेट की यह बेहद अनोखी प्रचार रणनीति है, जिससे कुछ लोग मजाक उड़ा रहे हैं और कुछ यूजर्स इस पर चिंतित हैं।

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    Thu, 22 Feb 2024 22:59:48 +0530 Newsdesk
    हार के डर से चुनाव से बच रही गठबंधन सरकार : कुमारी सैलजा https://citytoday.co.in/Coalition-government-running-away-from-elections-due-to-fear-of-defeat:-Kumari-Selja https://citytoday.co.in/Coalition-government-running-away-from-elections-due-to-fear-of-defeat:-Kumari-Selja चंडीगढ़। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने भाजपा पर बयानबाजी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) और जननायक जनता पार्टी( जजपा) गठबंधन सरकार की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। इस बात का सरकार में बैठे लोगों को आभास हो चुका है। इसलिए हार के डर से शहरी निकायों के चुनाव कराने से गठबंधन सरकार बच रही है।

    चुनावों की देरी से इन इलाकों में विकास कार्य प्रभावित

    सैलजा ने बुधवार मीडिया को जारी बयान में कहा कि आठ नगर निगम, चार नगर परिषद व 21 नगर पालिका के निवासी चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। चुनाव समय पर न होने से इन इलाकों में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 नगर निगमों में से सिर्फ तीन पंचकूला, अंबाला शहर व सोनीपत को ही इस समय जनता के चुने नुमाइंदे चला रहे हैं। अस्तित्व में आने के बाद से मानेसर नगर निगम के चुनाव आज तक नहीं करवाए गए हैं। गुड़गांव व फरीदाबाद नगर निगम का कार्यकाल खत्म हुए अरसा बीत चुका है, जबकि हिसार, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर, करनाल नगर निगम का कार्यकाल दिसंबर महीने में खत्म हो चुका है।

     इन शहरों में चुनाव सालों से लंबित पड़े हुए

    उन्होंने कहा कि नगर परिषद अंबाला, थानेसर, सिरसा, नगर पालिका कालांवाली, सिवानी, आदमपुर, बराड़ा, रादौर, बवानी खेड़ा, लोहारू, जाखल मंडी, फर्रूखनगर, नारनौंद, बेरी, जुलाना, पूंडरी, कलायत, नीलोखेड़ी, अटेली मंडी, कनीना, तावड़ू, हथीन, कलानौर, खरखौदा, आदि के चुनाव सालों से लंबित पड़े हुए हैं। इनमें से कितनी ही जगह तो वार्डबंदी का काम अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। सैलजा ने कहा कि गठबंधन सरकार जनप्रतिधियों की बजाए अफसरों के लिए ही शहरों व गांवों की छोटी सरकार चलाने का षड्यंत्र चलाए हुए है। इससे पहले पंचायतों के चुनाव 21 माह की देरी से कराए गए। चुनाव के बाद भी ई-टेंडरिंग के बहाने ग्राम पंचायतों के अधिकार छीनने का षड्यंत्र रचा गया।


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    Wed, 21 Feb 2024 21:39:16 +0530 Newsdesk
    Jharkhand: हेमंत सोरेन विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेंगे या नहीं? कल आएगा कोर्ट का फैसला https://citytoday.co.in/Will-Hemant-Soren-participate-in-the-budget-session-of-the-Assembly-or-not-Courts-decision-will-come-tomorrow https://citytoday.co.in/Will-Hemant-Soren-participate-in-the-budget-session-of-the-Assembly-or-not-Courts-decision-will-come-tomorrow Jharkhand news: जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की ओर से ईडी की विशेष अदालत में 23 फरवरी से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी गई है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने के मामले पर हेमंत सोरेन की अर्जी की सुनवाई कोर्ट ने बुधवार को की। फैसला गुरुवार को आएगा। सोरेन झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने मंगलवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने की इजाजत मांगी थी। जिसको लेकर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सोरेन की ओर से बहस करते हुए बताया कि बजट सत्र की कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका भाग लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बजट मनी बिल होता है और विधायक की उपस्थिति-अनुपस्थिति से कार्यवाही प्रभावित होती है।

    आपको बता दें कि पूर्व के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन को 5 फरवरी को चंपई सोरेन सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान विधानसभा में शामिल होने की अनुमति कोर्ट ने दी थी। ईडी ने 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में गिरफ्तार किया था। और वह अभी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

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    Wed, 21 Feb 2024 21:15:31 +0530 Newsdesk
    PM Modi Gujarat Visit: पीएम मोदी का कल गुजरात दौरा, यह रास्ता रहेगा बंद https://citytoday.co.in/PM-Modis-visit-to-Gujarat-tomorrow,-this-road-will-remain-closed https://citytoday.co.in/PM-Modis-visit-to-Gujarat-tomorrow,-this-road-will-remain-closed अहमदाबाद।PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। अहमदाबाद शहर पुलिस ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों के तहत एक अधिसूचना जारी की है। पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर अहमदाबाद शहर पुलिस ने एक अधिसूचना जारी कर नागरिकों को सूचित किया है। कि जनपथ टी से मोटेरा स्टेडियम के मुख्य द्वार तक का रास्ता सुबह 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगा। जनपथ टी से मोटेरा स्टेडियम के मुख्य द्वार तक सड़क बंद रहेगी। गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी दक्षिण गुजरात के नवसारी में मित्र एपरल पार्क का उद्घाटन करेंगे। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का समापन और लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से सूरत नगर पालिका को विकास की सौगात देंगे| मिली गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी रु. 1130 करोड़ के 14 विकास कार्यों का शुभारंभ करेंगे। साथ ही रु. 2112 करोड़ की लागत से 35 कार्यों का वर्चुअली शिलान्यास करेंगे। नवसारी के बाद प्रधानमंत्री मोदी काकरापार जाएंगे और वहां 700-700 मेगावाट क्षमता के दो प्लांट देश को समर्पित करेंगे।

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    Wed, 21 Feb 2024 20:19:07 +0530 Newsdesk
    Sugarcane Price Hike: आंदोलन के बीच किसानों के लिए आ सकती है खुशखबरी! सरकार कर सकती है ऐलान… https://citytoday.co.in/Good-news-may-come-for-farmers-amid-the-movement-Government-can-announce… https://citytoday.co.in/Good-news-may-come-for-farmers-amid-the-movement-Government-can-announce…
    नई दिल्ली।Sugarcane Price Hike बुधवार को पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के बीच, केंद्र सरकार ने गन्ने की कीमतों में वृद्धि का ऐलान करने का संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज कैबिनेट की बैठक में 2024-25 के लिए गन्ने की Fair Remunerative Price (FRP) पर चर्चा हो सकती है। जिसमें FRP को 315 से 340 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किसान पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर डेरा डाले हुए कई दिन हो गए है।किसान अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। सिंधु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन की सुरक्षा बढ़ा दी है। जिसमें पुलिस ने दो लेयर सुरक्षा बढ़ाई है। और पत्थरों की बैरिकेडिंग के लिए चार अलग-अलग कंटीली तार लगाई है। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने उग्र किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागे हैं। आपको बता दें कि शंभू बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच के दौरान शनिवार को तनावपूर्ण हालात उत्पन्न हुए थे। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से बातचीत की पेशकश की और उन्हें शांतिपूर्ण समाधान के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सरकार की चर्चा के लिए खुले मन से तैयारी जताई और किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने की अपील की।
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    Wed, 21 Feb 2024 19:23:22 +0530 Newsdesk
    Farmer protest: किसानों ने जालंधर&जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर दिया धरना https://citytoday.co.in/Farmers-staged-a-protest-at-two-toll-plazas-on-Jalandhar-Jammu-National-Highway https://citytoday.co.in/Farmers-staged-a-protest-at-two-toll-plazas-on-Jalandhar-Jammu-National-Highway पंजाब।Farmer protest: सरकार और किसानों में तनावपूर्ण गतिरोध के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने पुराने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर तीन प्रकार की दालें, मक्का और कपास खरीदने के लिए पांच साल के अनुबंध को खारिज कर दिया है। जिसके पश्चात संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न कृषि संगठनों के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को जालंधर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दो टोल प्लाजा पर धरना दिया और अधिकारियों को वाहनों को टोल-मुक्त गुजरने की अनुमति देने के लिये मजबूर किया।

    23 फसलों के लिये एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग रहे 

    दोआबा किसान समिति (डीकेसी) के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान और मुकेरियां के ब्लॉक अध्यक्ष डीकेसी अवतार सिंह बॉबी के नेतृत्व में किसान 10 बजे टोल प्लाजा चोलांग और हरसे मानसर पर एकत्र हुये और धरना दिया। उन्होंने किसानों के लिये न्याय की मांग करते और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुये टोल प्लाजा अधिकारियों को वाहनों को टोल मुक्त गुजरने की अनुमति देने के लिये मजबूर किया। सभा को संबोधित करते हुये जंगवीर सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि किसान देशभर में 23 फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हालांकि पंजाब और हरियाणा तक सीमित एमएसपी पर कुछ फसलों की खरीद के लिये सहकारी समितियों के साथ पांच साल के अनुबंध का प्रस्ताव रखा।

    इन मुद्दोॆ की वजह से धरना प्रर्दशन

    किसान विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिनमें उनकी फसलों के लिये एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना,किसानों और मजदूरों के लिये पेंशन और पुलिस मामलों को वापस लेना आदि शामिल हैं। किसान कमेटी दोआबा पंजाब के राज्य महासचिव हरबंस सिंह संघा के नेतृत्व में किसानों ने अपनी सभी मांगों के समर्थन में होशियारपुर के जिला प्रशासनिक परिसर के सामने धरना भी दिया।

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    Tue, 20 Feb 2024 19:14:50 +0530 Newsdesk
    Congress Bank account: कांग्रेस के खाते फ्रीज करने को लेकर कांग्रेस करेगी रविवार को विरोध प्रदर्शन https://citytoday.co.in/Congress-will-protest-on-Sunday-against-freezing-of-Congress-accounts https://citytoday.co.in/Congress-will-protest-on-Sunday-against-freezing-of-Congress-accounts जयपुर। Congress Bank account freeze: राजस्थान में राजधानी जयपुर सहित प्रदेश में कांग्रेस केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा युवा कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज करने के मामले को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन करेगी। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा युवा कांग्रेस के बैंक खातों जिनमें वह खाते भी शामिल हैं, जिसमें हाल में क्राउड फण्डिंग के द्वारा आमजन से सहायता राशि प्राप्त की गई है। अकांउट फ्रीज करने का कार्य किया गया है। इस लोकतंत्र विरोधी रवैये एवं संवैधानिक संस्थाओं के दुरूपयोग के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसरण में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को सोमवार को पूर्वाह्न ग्यारह बजे अपने जिले में स्थित आयकर कार्यालय के समक्ष विरोध-प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया है। चतुर्वेदी ने बताया कि श्री डोटासरा जयपुर के स्टेच्यू सर्किल स्थित आयकर कार्यालय के बाहर होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगे।

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    Sat, 17 Feb 2024 23:00:38 +0530 Newsdesk
    Manipur violence: मणिपुर में बीती रात हुई हिंसा के बाद इंटरनेट बैन, 2 की मौत 42 से अधिक घायल https://citytoday.co.in/Internet-banned-after-last-nights-violence-in-Manipur,-2-dead,-more-than-42-injured https://citytoday.co.in/Internet-banned-after-last-nights-violence-in-Manipur,-2-dead,-more-than-42-injured Manipur violence: मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में हिंसक भीड़ ने बीती रात उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य सरकारी कार्यालयों पर हमला कर जलाने की कोशिश की। जिसके कारण 2 व्यक्तियों की मौत और 42 से अधिक घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मणिपुर सरकार ने शुक्रवार को जिले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया। मणिपुर पुलिस ने संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के साथ काम करने और मैतेई ग्रामीणों पर हमला करने के आरोप में चुराचांदपुर थाने में तैनात सियामलालपॉल नामक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। गौरतलब है। कि सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें उसने कुकी उग्रवादियों के साथ मिलकर हमला करते हुए दिखाई दे रहा है।

    पुलिस ने कहा कि निलंबन आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए भीड़ गुरुवार रात को एकत्र हुई। भीड़ हिंसक हो गई और डीसी तथा एसपी कार्यालयों में सरकारी बुनियादी ढांचे को जला दिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। गतिरोध में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मणिपुर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट में कहा लगभग 300-400 की संख्या में आई भीड़ ने आज एसपी, सीसीपी के कार्यालय पर धावा बोलने, पथराव आदि करने का प्रयास किया। आरएएफ सहित एसएफ (सुरक्षा बल) आंसू गैस के गोले दागकर उचित जवाब दिया।मणिपुर में पिछले साल 3 मई को बहुसंख्यक मैतेई और आदिवासी कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से कम से कम 210 लोग मारे गए हैं, और 50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

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    Fri, 16 Feb 2024 21:23:44 +0530 Newsdesk
    PM Modi in Haryana: पीएम मोदी ने हरियाणा को दी करोड़ों की सौगात... जानिए https://citytoday.co.in/PM-Modi-gave-a-gift-worth-crores-to-Haryana...-Know https://citytoday.co.in/PM-Modi-gave-a-gift-worth-crores-to-Haryana...-Know PM Modi in Haryana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणा में एक महत्वपूर्ण दौरे का आयोजन किया। उन्होंने रेवाड़ी में 9750 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके दौरान प्रधानमंत्री ने गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन कर AIIMS रेवाड़ी की आधारशिला भी रखा।हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। खट्टर ने कहा कि "आज का अवसर और भी ज्यादा व्यवहारिक और विशेष है। 2013 में जब आप प्रधानमंत्री नहीं बने थे और देश आपको प्रधानमंत्री के रूप में देख रहा था उस यात्रा का श्री गणेश आपने रेवाड़ी से किया था। आज वही रेवाड़ी की धरती है जहां लोगों की अपेक्षा थी कि यहां एक AIIMS खुले....इस AIIMS से केवल दक्षिण हरियाणा के लोगों को नहीं बल्कि राजस्थान के लोगों को भी बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है।

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    Fri, 16 Feb 2024 20:52:42 +0530 Newsdesk
    INSAT&3DS : आज शुरू होगी इन्सैट&3डीएस मिशन की उलटी गिनती https://citytoday.co.in/Countdown-for--INSAT-3DS-mission-will-begin-today https://citytoday.co.in/Countdown-for--INSAT-3DS-mission-will-begin-today चेन्नई। INSAT-3DS : मौसम विज्ञान और आपदा से संबंधित चेतावनी उपग्रह इन्सैट-3डीएस के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती आज शुरू होगी। इस उपग्रह को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित शार-रेंज से भारतीय अंतरिक्ष संस्थान (इसरो) के सबसे भारी रॉकेट जियो सिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) का उपयोग करके शनिवार शाम प्रक्षेपित किया जाएगा। पहले प्रक्षेपण का समय शनिवार शाम 17.30 बजे निर्धारित था। जिसे पांच मिनट बढ़ाकर 17:35 बजे कर दिया गया है। इसरो ने एक्स पर ‘जीएसएलवी-एफ14/इनसैट-3डीएस मिशन’ पोस्ट कहा, “प्रक्षेपण अब शनिवार को 17:35 बजे निर्धारित है। मिशन तैयारी समीक्षा समिति एवं प्रक्षेपण प्राधिकरण बोर्ड द्वारा इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए हरी झंडी दिए जाने के बाद उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। प्रक्षेपण के लगभग 19 मिनट बाद 51.7 मीटर लंबा वाहन, 420 टन भार के साथ उपग्रह को भूमध्य रेखा पर 19.35 डिग्री के झुकाव के साथ 170 किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में प्रक्षेपित करेगा।


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    Fri, 16 Feb 2024 19:31:54 +0530 Newsdesk
    ED Raid: बीजद विधायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी https://citytoday.co.in/ED:-ED-raids-at-BJD-MLAs-premises https://citytoday.co.in/ED:-ED-raids-at-BJD-MLAs-premises भुवनेश्वर। ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने करोड़ों रूपये के भूमि घोटाला मामले में गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजद) विधायक एवं ओडिशा के पूर्व मंत्री प्रफुल्ल सामल के भूमि घोटाले के सिलसिले में भुवनेश्वर और भद्रक में कई ठिकानों पर छापेमारी की। ओडिशा में भंडारीपोखरी के विधायक के भद्रक और भुवनेश्वर स्थित आवासों और बारापाड़ा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रिंसिपल के आवास पर भी छापेमारी की गई। प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक छापेमारी के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों ने कहा कि छापे भद्रक स्थित बारापाड़ा इंजीनियरिंग कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े है, जिसके पूर्व मंत्री प्रफुल्ल सामल अध्यक्ष थे।

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    Thu, 15 Feb 2024 21:09:17 +0530 Newsdesk
    Hemant Soren: ED रिमांड के बाद हेमंत सोरेन भेजे गए जेल https://citytoday.co.in/Hemant-Soren-sent-to-jail-after-ED-remand https://citytoday.co.in/Hemant-Soren-sent-to-jail-after-ED-remand Hemant Soren: झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ईडी रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद गुरुवार को रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेज दिया गया। पहले उन्हें पीएमएलए कोर्ट के सामने पेश किया गया था। जहां उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि 22 फरवरी तक थी। ईडी ने सोरेन से तेरह दिनों तक पूछताछ की। 31 जनवरी की रात गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें ईडी ने रिमांड पर ले लिया था। और 3 फरवरी से पूछताछ शुरू की थी। उनकी रिमांड की अवधि दो बार बढ़ाई गई थी। हेमंत सोरेन को रांची के बरियातू में एक भूमि घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उनसे उस जमीन के स्वामित्व, उनके दिल्ली स्थित आवास से बीएमडब्ल्यू कार की बरामदगी और करीबी विनोद सिंह के व्हाट्सएप चैट के बारे में पूछताछ की गई है। ईडी ने हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया है, कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जमीन के स्वामित्व को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने इनकार किया कि जमीन उनके कब्जे में है। पीएमएलए कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी ने बताया कि पूछताछ के दौरान हेमंत सोरेन के सामने बड़गाई अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के मोबाइल से मिले 8.46 एकड़ जमीन के साक्ष्य को रखा गया।

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    Thu, 15 Feb 2024 20:32:08 +0530 Newsdesk
    Adani Green Energy: दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी पार्क से बिजली का उत्पादन शुरू, 1.6 करोड़ से अधिक घरों को मिलेगी बिजली https://citytoday.co.in/Electricity-production-starts-from-the-worlds-largest-green-energy-park,-more-than-1.6-crore-houses-will-get-electricity https://citytoday.co.in/Electricity-production-starts-from-the-worlds-largest-green-energy-park,-more-than-1.6-crore-houses-will-get-electricity Adani Green Energy: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने गुजरात के खावड़ा में 551 मेगावाट के सोलर प्लांट को शुरू किया है। इससे देश को बिजली सप्लाई होगी।जिससे 1.6 करोड़ से अधिक घरों को बिजली मिलेगी। साथ ही सालाना 5.8 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इस प्लांट से 81 अरब यूनिट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही अडानी ग्रीन एनर्जी ने कच्छ के रण में 551 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट को तैयार किया है। इस प्लांट में कुल 8000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, और इससे लगभग 15200 नौकरियां पैदा होंगी। कंपनी की योजना है कि यह प्लांट 30 गीगावाट क्षमता तक ले जाएगा। जिसके लिए 5 साल का लक्ष्य बनाया गया है। इससे करीब 1.26 करोड़ कारों के कार्बन उत्सर्जन को रोड से हटाया जा सकेगा। 

    अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने घोषणा की है, कि वे दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। इसका हिस्सा खावड़ा प्रोजेक्ट है, जो भारत के 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा। अडानी ग्रीन एनर्जी के पास फिलहाल 9029 मेगावाट के संचालित प्लांट हैं। जो 12 राज्यों में फैले हुए हैं। और कुल उत्पादन क्षमता 20,844 मेगावाट है।अडानी ग्रीन एनर्जी ने हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर में 2140 मेगावाट का विंड सोलर हाइब्रिड प्लांट बनाया है। यह प्लांट कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को 45 गीगावाट तक ले जाने का एक हिस्सा है। राजस्थान में इस प्लांट के बारे में व्यापक रिसर्च की गई थी।क्योंकि कच्छ के रण में वातावरण विन्ड और सोलर एनर्जी के लिए अत्यंत उपयुक्त होता है।

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    Wed, 14 Feb 2024 20:22:07 +0530 Newsdesk
    Indian women's hockey: राउरकेला में नीदरलैंड से भिड़ेगी भारतीय महिला हॉकी टीम https://citytoday.co.in/Indian-womens-hockey-team-will-face-Netherlands-in-Rourkela https://citytoday.co.in/Indian-womens-hockey-team-will-face-Netherlands-in-Rourkela राउरकेला।Indian women's hockey: भारतीय महिला हॉकी टीम 14 फरवरी को एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2023/24 में अपना छठा मैच नीदरलैंड के साथ खेलेगी। भारतीय टीम के लिये एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2023/24 का अब तक सफर बेहद कठिन रहा है। जहां उसे अपने पांच में से चार मैच में हार का सामना करना पड़ा है। चीन के खिलाफ अपने पहले मैच में 1-2 से हार झेलने के बाद भारतीय महिलायें नीदरलैंड्स से 1-3 से और ऑस्ट्रेलिया से 0-3 से हार गई। हालांकि भुवनेश्वर में अपने अंतिम मैच में उसे संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ 3-1 से जीत मिली। राउरकेला चरण के अपने पहले मैच में भारत ने खेल की शुरुआत में बढ़त ले ली। लेकिन चीन ने जोरदार वापसी करते हुए खेल 2-1 से जीत लिया।

    भारतीय कप्तान सविता ने कहा “हमें वो परिणाम नहीं मिले जो हम चाहते थे, लेकिन मेरा मानना ​​है कि हमारे पास अच्छा प्रदर्शन करने और अपनी तरफ से कुछ अंक हासिल करने के लिए आवश्यक सब कुछ है। मुझे लगता है। कि हम टुकड़ों-टुकड़ों में अच्छा खेल रहे हैं, इसलिए यदि हम इसमें और अधिक निरंतरता ला सकें, तो हम निश्चित रूप से और अधिक गेम जीत सकते हैं। विश्व की नंबर एक टीम नीदरलैंड को भारतीय महिला हॉकी टीम पर बढ़त हासिल है। नीदरलैंड ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी क्षमता की झलक दिखाई है। नतीजे भारत के पक्ष में नहीं रहे हैं। लेकिन जब वे बुधवार को डच टीम से खेलेंगे तो वे इसे पलटने और तालिका में ऊपर जाने की कोशिश करेंगे। वहीं दूसरी और भारतीय कोच जेनेके शोपमैन ने कहा, “नीदरलैंड एक गुणवत्ता टीम है। लेकिन हमारे पास प्रतिभा या क्षमता की कमी नहीं है। हम अपनी हॉकी की तीव्रता को उच्च रखते हुए धैर्य रखेंगे और हमारे पास जो भी स्कोरिंग अवसर होंगे उन्हें भुनाने का प्रयास करेंगे।”भारतीय महिला हॉकी टीम 14 फरवरी को राउरकेला के बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में भारतीय समयानुसार 1930 बजे नीदरलैंड से भिड़ेगी।


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    Tue, 13 Feb 2024 20:59:21 +0530 Newsdesk
    Ashok Chavan : कांग्रेस से इस्तीफे के बाद आज बीजेपी में शामिल हुए…महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण https://citytoday.co.in/Joined-BJP-today-after-resigning-from-Congress-Former-Maharashtra-CM-Ashok-Chavan https://citytoday.co.in/Joined-BJP-today-after-resigning-from-Congress-Former-Maharashtra-CM-Ashok-Chavan Ashok Chavan: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उनका बीजेपी में स्वागत उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने किया। चव्हाण कल राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरेंगे। उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का नया कदम लेते हुए धन्यवाद दिया। अशोक चव्हाण ने कहा- कि सार्वजनिक जीवन में मेरी भूमिका पीएम मोदी की भूमिका जैसे हमेशा विकास की रही है। देश से लेकर विदेश तक विकास को लेकर उनकी एक अलग छवि बनी है। इसलिए इस विकास में मैं भी योगदान देना चाहता हूं। चव्हाण बोलना शुरू किया ही था, कि वैसे ही उनके मुंह से निकला कि ..'हमारे कांग्रेस के सहयोगी’…उनकी इस बात को सुनते ही फडणवीस सहित मंच पर मौजूद सभी नेता हंसने लगे। जिसके बाद अशोक चव्हाण ने इस पर अपनी गलती मानी और फिर वो भी हंस दिए। चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने को लेकर फडणवीस ने खुशी जताई।

    आपको बता दें चव्हाण एक अनुभवी नेता हैं। जिन्होंने महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। अशोक दो बार सीएम रहे, कई बार मंत्री रहे, दो बार सांसद भी रहे है। उनके शामिल होने से बीजेपी और महायुति को मजबूती मिलेगी। मराठवाड़ा में इनके आने से बीजेपी और युति को फायदा मिलेगा। बीजेपी में शामिल होने से पहले अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस का चैप्टर बंद हो गया है। 

      
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    Tue, 13 Feb 2024 20:43:13 +0530 Newsdesk
    Haldwani Violence: हल्द्वानी में ढहाये गए मदरसे की जगह पर बनेगा पुलिस थाना https://citytoday.co.in/Police-station-to-be-built-on-the-site-of-demolished-madrassa-in-Haldwani https://citytoday.co.in/Police-station-to-be-built-on-the-site-of-demolished-madrassa-in-Haldwani Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र में कर्फ्यू अभी भी लागू है, और पुलिस-PAC और पैरामिलिट्री फोर्स दिन-रात फ्लैग मार्च कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पैरामिलिट्री कंपनियों को भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही लॉ एंड ऑर्डर की धारा मेंनटेन की जा रही है। ताकि किसी भी दंगा-फसाद को रोका जा सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। उन्होंने उन मदरसों और नमाज स्थलों के बारे में निर्देश दिया है, जो 'मलिक का बगीचा' में अवैध रूप से बने थे और जिन्हें बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था। इन स्थानों पर अब पुलिस थाने की निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बगीचा बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में स्थित है। CM धामी के इस आदेश के बाद यहां पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा।

    8 फरवरी को 'मलिक का बगीचा' में बने मदरसा और नमाज स्थल को गिराने की घटना में हिंसा की भयावह खबर आई है। उपद्रवियों ने बसों, गाड़ियों तक में पेट्रोल बम हमला किया। जिससे 6 पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। और 139 लोग घायल हो गए। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया था। जहां से कई को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई। अब तक 30 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार हिंसा और बवाल करने के आरोप में पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है. अन्य की पहचान कर उनको पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। बनभूलपुरा क्षेत्र को छोड़कर शेष हल्द्वानी में कर्फ्यू हटाए जाने के बाद प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारु कर दिया है. बनभूलपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शुरू करने के साथ ही मेडिकल स्टोर भी खुलवा दिए गए, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी की जा रही है।

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    Mon, 12 Feb 2024 22:15:31 +0530 Newsdesk
    Rajasthan: राजस्थान से सोनिया को राज्यसभा भेजने की चल रही चर्चा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की सिफारिश https://citytoday.co.in/Discussion-going-on-to-send-Sonia-to-Rajya-Sabha-from-Rajasthan,-State-Congress-Committee-recommends https://citytoday.co.in/Discussion-going-on-to-send-Sonia-to-Rajya-Sabha-from-Rajasthan,-State-Congress-Committee-recommends Rajasthan News: प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में सोनिया गांधी को चुना जा सकता है। इस मामले में पीसीसी चीफ गोविंद से डोटासरा और नेता प्रतिप्रक्ष टीकाराम जूली ने आलाकमान से मांग की है। यह मामला एक महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है, जिससे कांग्रेस पार्टी की राजस्थान में रणनीतिक दृष्टि स्पष्ट हो सकती है। सोनिया गांधी के लिए इस बार लोकसभा चुनाव लड़ना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वह चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। इससे पहले, इंडिया गठबंधन के सीट शेयरिंग फॉर्मूले के दौरान भी उनकी सांसद से इस बार चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई गई थीं।

    हालांकि ऐसे कयास लगाए जाने लगे थे। कि वह हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा में जा सकती हैं। लेकिन अब माना जा रहा है। कि वह राजस्थान से ही राज्यसभा का सीट पक्की करेंगी। इसके लिए खुद राजस्थान कांग्रेस कमेटी ने पहल की है। और आलाकमान के सामने ये सिफारिश की है। कि सोनिया गांधी को राजस्थान से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाए। सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने के लिए राजस्थान सबसे संभावित दिख रहा है। अगर वह राज्यसभा चुनाव लड़ती हैं, तो रायबरेली से कोई अन्य उम्मीदवार चुना जा सकता है, जैसे प्रियंका वाड्रा।

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    Mon, 12 Feb 2024 20:54:23 +0530 Newsdesk
    PM Jammu Kashmir Visit: पीएम मोदी का जम्मू कश्मीर दौरा जल्द, कई योजनाओं का करेंगे उद्घाटन https://citytoday.co.in/PM-Modi-to-visit-Jammu-and-Kashmir-soon,-will-inaugurate-many-schemes https://citytoday.co.in/PM-Modi-to-visit-Jammu-and-Kashmir-soon,-will-inaugurate-many-schemes PM Jammu Kashmir Visit: 20 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। इस दौरे में वे विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उन्हें जम्मू में एक विशाल रैली को संबोधित करने की भी योजना है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी का कार्यक्रम चंद दिनों में पूरा होने की संभावना है।  जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांबा के विजयपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रियासी जिले में चिनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेलद्वारा जोड़ेगा। उधमपुर श्रीनगर बारामूला रेल लिंक (USBRL) को आने वाले हफ्तों में खोला जाने की संभावना है। पीएम देविका कायाकल्प परियोजना सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास एक ही स्थान से होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी जम्मू में एक रोजगार मेले को संबोधित करेंगे। जहां वह युवाओं के बीच एक लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।

    आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र शासित प्रदेश में मोदी का यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि पार्टी इस बार तीन सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है,जो उसने 2014 और 2019 में जीती थीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा ने पिछले दो लोकसभा चुनावों में उधमपुर और जम्मू सीटों को जीता। हालांकि इस बार बीजेपी की नजर तीसरी सीट अनंतनाग-पुंछ-राजौरी पर है। जहां बड़ी संख्या में पहाड़ी वोट है। जिसे सरकार ने हाल ही में हुए संसद सत्र में एसटी का दर्जा दिया है।

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    Mon, 12 Feb 2024 19:09:59 +0530 Newsdesk
    Viksit Bharat Viksit Gujarat: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24,184 आवासों का ई&लोकार्पण किया https://citytoday.co.in/PM-Modi-e-inaugurates-24184-houses-at-a-cost-of-Rs-1411-crore, https://citytoday.co.in/PM-Modi-e-inaugurates-24184-houses-at-a-cost-of-Rs-1411-crore, Viksit Bharat Viksit Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं अन्य आवास योजनाओं के अंतर्गत 1,411 करोड़ की लागत से 24,184 आवासों का ई-लोकार्पण किया। साथ ही लाभार्थियों से बात कर उनके विचारों को जाना। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री , सांसद, विधायक के साथ ही स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल रहें। 

    आपको बता दें कि इसके पहले भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G Yojana) के एक लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM Janman Yojana) के तहत पहली किस्त जारी कर चुके है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) को ग्रामीण क्षेत्रों में 2022 तक ‘सभी के लिए आवास’ प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप तैयार किया गया है। इस योजना का लक्ष्य सभी कच्चे और जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले सभी आवासहीन गृहस्वामियों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर उपलब्ध कराना है।

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    Sat, 10 Feb 2024 18:41:35 +0530 Newsdesk
    भजनलाल ने लोकदेवता वीर तेजाजी मंदिर में की पूजा&अर्चना https://citytoday.co.in/Bhajanlal-offered-prayers-at-folk-deity-Veer-Tejaji-temple. https://citytoday.co.in/Bhajanlal-offered-prayers-at-folk-deity-Veer-Tejaji-temple. नागौर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को नागौर के खरनाल स्थित जन-जन के आराध्य लोकदेवता वीर तेजाजी की जन्म स्थली पहुंचकर दर्शन किए। शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने वीर तेजाजी मंदिर परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य का अवलोकन भी किया एवं मंदिर कमेटी सदस्यों से आत्मीयतापूर्वक संवाद किया। इस दौरान कमेटी सदस्यों ने श्री शर्मा को साफा पहनाकर एवं श्री वीर तेजाजी की तस्वीर भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
    इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सार्वजनिक निर्माण राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, अजमेर संभागीय आयुक्त महेश चंद शर्मा, आईजी रेंज लता मनोज कुमार, नागौर जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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    Fri, 09 Feb 2024 22:14:09 +0530 Newsdesk
    Lok Sabha elections: राजस्थान में 15 लाख से अधिक नए मतदाता करेंगे पहली बार मतदान  https://citytoday.co.in/More-than-15-lakh-new-voters-will-vote-for-the-first-time-in-Rajasthan https://citytoday.co.in/More-than-15-lakh-new-voters-will-vote-for-the-first-time-in-Rajasthan जयपुर। Lok Sabha elections: देश में होने वाले लोकसभा चुनाव में राजस्थान में 15 लाख 54 हजार से अधिक नव मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। इनमें से 2,74,75,971 पुरुष हैं, 2,53,51,276 महिलाएं हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि लोकसभा चुनाव-2024 के लिए प्रदेश में कुल 5 करोड़ 32 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 27475971 पुरूष एवं 25351276 महिला तथा 141229 सेवानियोजित मतदाता सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि 18-19 साल के 1554604 नव मतदाता विधानसभा चुनाव के बाद जोड़े गए हैं, जो आगामी चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इन सूचियों में थर्ड जेंडर के 616 मतदाता पंजीकृत हैं। 

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    Fri, 09 Feb 2024 21:15:35 +0530 Newsdesk
    Wireless Charging: केरल में पायलट प्रोजेक्ट शुरू, सड़क पर चलते&चलते चार्ज हो जाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन https://citytoday.co.in/Pilot-project-started-in-Kerala,-electric-vehicles-will-be-charged-while-moving-on-the-road https://citytoday.co.in/Pilot-project-started-in-Kerala,-electric-vehicles-will-be-charged-while-moving-on-the-road तिरुवनन्तपुरम।Wireless Charging: केरल सरकार के ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जानकारी दी है। अगले साल से राज्य में ड्राइव-चार्ज वाला रोड प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा। केरल में व्हीकल टू ग्रिड तकनीकी पर काम करने का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। 
    जानकारी के अनुसार बड़े ऑटोमेटिव ब्रांड फिएट और प्योजो की पैरंट कंपनी स्टेलेन्टिस ने इटली में वायरलेस तकनीकी का प्रदर्शन किया है। इस तकनीकी के माध्यम से पावर ग्रिड से बिजली को रोड के नीचे बिछे कॉपर काइल में ट्रांसफर किया जाता है। कॉपर काइल्स बिजली से चार्ज होंगे। चलता हुआ इलेक्ट्रॉनिक वाहन वायरलेस पद्धति से रिसीवर की सहायता से चलते हुए चार्ज हो जाएंगे। कॉपर कॉइल बिछाकर सड़क पर इस प्रोजेक्ट को तैयार करने मे 1 किलोमीटर के लिए 10 करोड रुपए का खर्च होगा। इसमें कार्बन उत्सर्जन घटेगा। अभी यह प्रोजेक्ट अमेरिका, जर्मनी,फ्रांस में शुरू हो गया है। केरल इस प्रोजेक्ट को अगले साल तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में केरल में शुरू कर देगा। 

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    Fri, 09 Feb 2024 21:06:42 +0530 Newsdesk
    Haldwani Violence: हल्द्वानी में बवाल के बाद कर्फ्यू, आरोपियों की हो रही तलाश, सीएम ले रहे पल&पल का अपडेट https://citytoday.co.in/Curfew-after-the-uproar-in-Haldwani,-search-for-the-accused,-CM-taking-moment-to-moment-updates. https://citytoday.co.in/Curfew-after-the-uproar-in-Haldwani,-search-for-the-accused,-CM-taking-moment-to-moment-updates. Haldwani Curfew: बीती रात हल्द्वानी में हुए उपद्रव के बाद सुरक्षा बलों पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। दंगों में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। उधर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पल पल का अपडेट ले रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से बैठक की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है -कि एक-एक दंगाइयों की पहचान की जा रही है। और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार की सुबह एक्स पर लिखा, ‘दंगाइयों और उपद्रवियों के विरुद्ध करेंगे, कठोरतम कार्रवाई हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई घटना के संबंध में शासकीय आवास पर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। पुलिस को इस मामलें में सख़्ती से निपटने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पथराव करने वाले एक-एक दंगाई की पहचान की जा रही है, शांति बिगाड़ने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जायेगा। हल्द्वानी की सम्मानित जनता से अनुरोध है। कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।

    बता दें कि नैनीताल जिले के हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को नगर निगम ने मलिक के बगीचे में ‘‘अवैध’’ रूप से निर्मित मदरसा एवं मस्जिद को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया।जिस दौरान बवाल हुआ। जब नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची तो इसी दौरान वहां मौजूद उपद्रवियों ने प्रशासन, पुलिस और पत्रकारों के ऊपर पत्थर बाजी की। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उपद्रवियों ने पुलिस के साथ -साथ नगर निगम और पत्रकारों की गाड़ियों में भी आग लगाई। जिसके बाद क्षेत्र में पैदा हिंसक स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना में 60 लोग घायल हुए हैं। घायलों में हल्द्वानी के एसडीएम(अनुमंडलाधिकारी) भी शामिल हैं। अब शहर में तनाव का माहौल है, जिसके चलते कर्फ्यू लगाया गया है।

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    Fri, 09 Feb 2024 19:29:22 +0530 Newsdesk
    Dahisar Firing: शिवसेना नेता का फेसबुक लाइव मर्डर, आरोपी ने भी कर ली आत्महत्या https://citytoday.co.in/Facebook-Live-murder-of-Shiv-Sena-leader,-accused-also-commits-suicide https://citytoday.co.in/Facebook-Live-murder-of-Shiv-Sena-leader,-accused-also-commits-suicide मुंबई।Dahisar Firing: महाराष्ट्र की राजनीति में खूनी घटनाएं बढ़ रही हैं। बीते रोज मुंबई में शिवसेना यूबीटी नेता अभिषेक घोसालकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घोसालकर जिसके साथ बैठक फेसबुक लाइव कर रहे थे। उसी ने उन्हे गोली मार दी और खुद भी आत्महत्या कर ली। इसके पहले महाराष्ट्र के उल्हासनगर में पिछले शुक्रवार देर रात बीजेपी विधायक गणेश गायकवाड़ ने कथित तौर पर शिवसेना नेता महेश गायकवाड़ को गोली मार दी थी। 

     जानिए क्या है मामला

    मुंबई में शिवसेना यूबीटी नेता अभिषेक घोसालकर वारदात के वक्त उसी हमलावर के साथ बैठकर फेसबुक लाइव कर रहे थे। की हत्या ताबड़तोड़ फायरिंग से हुई। जिसमें उन्हें तीन गोली लगीं। जिसके बाद घायल शिवसेना नेता को एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां  उन्होंने दम तोड़ दिया। अभिषेक पर हमला करने के कुछ देर बाद हमलावर ने खुद भी सुसाइड कर लिया। अब पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। हमला करने वाले शख्स का नाम मोरिस भाई बताया गया है।यह वारदात मुंबई के एमएचबी पुलिस स्टेशन इलाके में हुई है। जानकारी के मुताबिक गोलियों का शिकार बने अभिषेक घोषालमौकर पूर्व नगरसेवक थे। वो शिवसेना उद्धव गुट के नेता विनोद घोसालकर के बेटे थे। बताया जा रहा है कि आपसी विवाद में ये फायरिंग की गई। अस्पताल के बाहर शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ता जमा हो गए। उनमें इस घटना को लेकर खासा गुस्सा है।

    महाराष्ट्र में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश-आनंद दुबे

    पार्टी नेताओं का कहना है, कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना की जितनी निंदा की जाए वो कम है। हमले पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र में इस समय अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। आमदार हों या खासदार हों कोई सुरक्षित नजर नहीं आ रहा है। क्या विपक्षी लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है? मुख्यमंत्री से लेकर पूरी की पूरी एनडीए सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल हो गई। और ये सरकार राम राज्य लाने का वादा करती है। ऐसी सरकार को हम पूरी तरह से उखाड़ फेकेंगे।

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    Fri, 09 Feb 2024 19:07:22 +0530 Newsdesk
    Rajasthan Budget 2024: राजस्थान सरकार देगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली, बजट में ‎किया बड़ा ऐलान https://citytoday.co.in/Rajasthan-government-will-provide-300-units-of-free-electricity,-big-announcement-made-in-the-budget https://citytoday.co.in/Rajasthan-government-will-provide-300-units-of-free-electricity,-big-announcement-made-in-the-budget जयपुर।Rajasthan Budget 2024: राजस्थान की भजनलाल सरकार 5 लाख परिवारों को मुफ्त बिजली देने जा रही है। इसके ‎लिए बजट में ऐलान ‎किया है। जानकारी के अनुसार राजस्थान में सरकार ने गुरुवार को अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। राजस्थान में 5 लाख परिवारों को मुफ्त बिजली देने के साथ ही वित्त मंत्री दीया कुमारी ने किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों को ध्यान में रखकर कई अहम ऐलान किए। वित्त मंत्री ने कहा कि सोलर पैनल के जरिए राजस्थान में 5 लाख परिवारों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।

     वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पीएम मोदी की ओर से किए गए ऐलान के तहत राजस्थान में 5 लाख घरों के छत पर सोलर पैनल लगाया जाएगा। इससे इन परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। मुफ्त बिजली के अलावा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब सालाना 8 हजार रुपए आर्थिक मदद देने का ऐलान भी किया गया है। इसके लिए 1400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। लोकसभा चुनाव से पहले युवाओं को रिझाने के लिए एक साल में 70 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया। गरीब परिवारों की बच्चियों को केजी से पीजी तक की मुफ्त शिक्षा की घोषणा की गई है। गौरतलब है ‎कि राजस्थान में 22 साल बाद किसी वित्त मंत्री ने बजट पेश किया है। 2003 के बाद से मुख्यमंत्री खुद ही बजट पेश करते रहे हैं। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया और कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश पर बजट में भारी वृद्धि की। कांग्रेस पर निशाना साधे जाने को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा भी किया। 

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    Thu, 08 Feb 2024 21:13:46 +0530 Newsdesk
    Ashok Gehlot News: पूर्व सीएम अशोक गहलोत को हुआ हैप्पी हाइपॉक्सिया https://citytoday.co.in/Former-CM-Ashok-Gehlot-suffered-from-hypoxia https://citytoday.co.in/Former-CM-Ashok-Gehlot-suffered-from-hypoxia जयपुर।Ashok Gehlot Suffering From Happy Hypoxia: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में कोविड और स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए अशोक गहलोत को हैप्पी हाइपॉक्सिया भी हो गया है। खुद गहलोत ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ऑक्सीजन की कमी वाली यह दिक्कत खतरनाक है। लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते उनके शरीर में इस दिक्कत की पहचान कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर अपनी नई समस्या के बारे में बताया और लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी। गहलोत ने कहा, हाल में तमाम नई रिसर्च से पता चला है कि कोविड के दौरान एवं कोविड के बाद भी शरीर में ऑक्सीजन लेवल की कमी हो जाती है, जिसे हैप्पी हाइपॉक्सिया कहते हैं। इस बीमारी में कई बार मरीज को भी पता नहीं चलता क्योंकि सांस लेने में भी तकलीफ नहीं होती परन्तु समय पर डाइग्नोसिस ना हो तो यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने आगे कहा, मेरे साथ भी कोविड के कारण हैप्पी हाइपॉक्सिया की स्थिति बनी पर डॉक्टर्स ने इसे समय रहते पहचान लिया परन्तु इससे मुझे 5-6 दिन बहुत परेशानी हुई। अगर आपको शरीर में कोई भी परेशानी लगे तो अपना ऑक्सीजन लेवल जरूर चैक करते रहें। आजकल तमाम तरह के वायरल इन्फेक्शन फैल रहे हैं इसलिए डॉक्टर्स भी मरीजों को समय-समय पर ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कर ऑक्सीजन लेवल मापने की सलाह अवश्य दें।

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    Thu, 08 Feb 2024 20:41:29 +0530 Newsdesk
    Ayodhya Darshan Train: मुख्यमंत्री ने अयोध्या के लिए आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर प्रस्थान कराया https://citytoday.co.in/Chief-Minister-flags-off-Aastha-special-train-for-Ayodhya https://citytoday.co.in/Chief-Minister-flags-off-Aastha-special-train-for-Ayodhya अहमदाबाद।Ayodhya Darshan Train: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार रात साबरमती रेलवे स्टेशन से आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा, प्रभु श्री रामचन्द्र के प्रति दृढ़ आस्था और समर्पण के परिणामस्वरूप अयोध्या के भव्य राममंदिर में रामलला विराजमान हुए है।श्रद्धालुओं को इस भव्य राम मंदिर के दर्शन सरलता से कराने के उद्देश्य से अहमदाबाद से अयोध्या तक आस्था स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों और ज़िलों से करीब 1400 श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन कराने ले जा रही इस आस्था स्पेशल ट्रेन को मुख्यमंत्री ने साबरमती रेलवे स्टेशन से रवाना किया। इस ट्रेन को प्रस्थान कराने से पहले मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी सफल यात्रा की कामना की। अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं में रामलला के दर्शन को लेकर अनोखा उत्साह और आनंद झलक रहा था। ट्रेन के प्रस्थान के अवसर पर साबरमती रेलवे स्टेशन पर पूरा माहौल राममय बन गया।इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, अहमदाबाद शहर के विधायक, प्रभारी संजय पटेल, सह-कोषाध्यक्ष और सह-प्रभारी धर्मेंद्र शाह और नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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    Thu, 08 Feb 2024 19:44:11 +0530 Newsdesk
    UCC In Uttarakhand: सीएम धामी ने पेश किया यूसीसी विधेयक, जय श्री राम के लगाए नारे https://citytoday.co.in/CM-Dhami-introduced-UCC-bill,-raised-slogans-of-Jai-Shri-Ram https://citytoday.co.in/CM-Dhami-introduced-UCC-bill,-raised-slogans-of-Jai-Shri-Ram
    देहरादून।UCC In Uttarakhand: उत्तराखंड विधानसभा में मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन आज यूसीसी ‎बिल पेश ‎किया गया है। इस दौरान सरकार द्वारा लाया गया समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक सदन में पेश हो गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के द्वारा सदन में यूसीसी विधेयक को पेश करने के दौरान जय श्री राम के नारे भी लगे। हालां‎कि बाद में कार्रवाई स्थ‎गित हो गई। ‎मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आज सरकार समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक सदन में पेश कर दिया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारतीय संविधान की एक प्रति के साथ देहरादून स्थित अपने आवास से रवाना हुए थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान यूसीसी विधेयक पेश किया। सीएम धामी द्वारा विधानसभा में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक पेश करने के बाद राज्य विधानसभा के अंदर विधायकों द्वारा वंदे मातरम और जय श्री राम के नारे लगाए गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही आज दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 
    समान नागरिक संहिता के प्रमुख बिंदुओं में  तलाक के लिए सभी धर्मों का एक कानून होगा। तलाक के बाद भरण पोषण का नियम एक होगा। गोद लेने के लिए सभी धर्मों का एक कानून होगा। संपत्ति बटवारे में लड़की का समान हक सभी धर्मों में लागू होगा। अन्य धर्म या जाति में विवाह करने पर भी लड़की के अधिकारों का हनन नहीं होगा। सभी धर्मों में विवाह की आयु लड़की के लिए 18 वर्ष अनिवार्य होगी। लिव इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। प्रदेश की जनजातियां इस कानून से बाहर होंगी तथा एक पति पत्नी का नियम सब पर लागू होगा। बहुपत्नी प्रथा समाप्त होगी। शा‎मिल ‎किए गए हैं।

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    Tue, 06 Feb 2024 21:48:45 +0530 Newsdesk
    Uttarakhand UCC News : उत्तराखंड में लागू यूसीसी बिल को सीएम धामी ने बताया ऐ‎तिहा‎सिक https://citytoday.co.in/CM-Dhami-described-the-UCC-bill-implemented-in-Uttarakhand-as-a-historic-one. https://citytoday.co.in/CM-Dhami-described-the-UCC-bill-implemented-in-Uttarakhand-as-a-historic-one. देहरादून। Uttarakhand UCC News: करीब 20 महीनों के लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड में यूसीसी ‎बिल लागू होने जा रहा है। इसे सीएम पुष्कर ‎सिंह धामी ने ऐ‎तिहा‎‎सिक बताया है। बता दें ‎कि आखिरकार वो दिन आ ही गया। जब यूनिफार्म सिविल कोड का ड्राप्ट गांव, गली, शहर से होते हुए विधानसभा की सीढ़ियां चढे़गा। आज पुष्कर सिंह धामी सरकार इसे विधानसभा के पटल पर पेश करने जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर से पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये युगांतकारी समय है। सभी को इसका जोरदार समर्थन करना चाहिए। 20 महीनों के लंबे इंतजार के बाद यूसीसी का ड्राप्ट विधेयक के रूप में सदन में पेश किया जा रहा है। हालां‎कि सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के लोग इस पल का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा ये युगांतकारी समय है। उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि वे भी सकारात्मक रूप से इस चर्चा में भाग लें। ये बिल हर धर्म हर पंत के अच्छे के लिए ही लाया गया है।

    इस संबंध में विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी का कहना है। कि ये एक गौरवपूर्ण क्षण है। महिलाओं के लिए भी और बतौर स्पीकर उनके लिए भी क्योंकि ये बिल उनके स्पीकर रहते हुए पास हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने वाला ये बिल ऐसे समय में पेश होगा, जब स्पीकर से लेकर चीफ सेक्रेटरी और चीफ जस्टिस तक सभी जगह महिलाएं तैनात हैं। बता दें ‎कि देश में पचास के दशक से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर चर्चा हो रही है। लेकिन ये चर्चा 2024 में पहुंचकर अब आकार लेने जा रही है। 

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    Tue, 06 Feb 2024 19:43:24 +0530 Newsdesk
    Uttarakhand UCC: उत्तराखंड में यूसीसी को कैबिनेट की मंजूरी https://citytoday.co.in/Cabinet-approves-UCC-in-Uttarakhand https://citytoday.co.in/Cabinet-approves-UCC-in-Uttarakhand देहरादून।Uttarakhand UCC: उत्तराखंड में धामी सरकार ने रविवार शाम 6 बजे की कैबिनेट मीटिंग में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर तैयार किए गए मसौदे को मंजूरी दे दी। यूसीसी ड्राफ्ट सरकार के सामने पेश किया गया था। मीटिंग में उसी ड्राफ्ट पर चर्चा हुई और विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। शनिवार को हुई बैठक में यूसीसी पर चर्चा नहीं हो सकी थी इसलिए ड्राफ्ट को आज हुई कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए रखा गया था। उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ऐसे में उत्तराखंड पहला राज्य बन सकता है जहां यूसीसी लागू हो जाएगा। प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में यूसीसी समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने मसौदा समिति के सदस्यों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यूसीसी मसौदा रिपोर्ट सौंप दी थी। धामी सरकार ने यूसीसी के लिए 27 मई 2022 को पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। ड्राफ्ट को आज की कैबिनेट मीटिंग में पास कर दिया गया है। बिल को अब धामी सरकार 6 फरवरी को विधेयक के रूप में विधानसभा में पेश करेगी। इस सत्र में हम यूसीसी लाएंगे जो भी औपचारिकताएं हैं उन्हें पूरा किया जा रहा है। 

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    Mon, 05 Feb 2024 20:46:23 +0530 Newsdesk
    पार्वती&कालीसिंध&चम्बल लिंक परियोजना के एमओयू पर सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी https://citytoday.co.in/Supreme-Court-approves-MoU-of-Parvati-Kalisindh-Chambal-Link-Project https://citytoday.co.in/Supreme-Court-approves-MoU-of-Parvati-Kalisindh-Chambal-Link-Project
    जयपुर। Parvati-Kalisindh-Chambal Link Project News: राजस्थान सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के मध्य संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के लिए हुए एमओयू पर उच्चतम न्यायालय ने मुहर लगा दी है। इससे ईआरसीपी का मार्ग खुल गया है। उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश द्वारा ईआरसीपी के सम्बन्ध में दायर याचिका पर इस आधार पर निपटारा कर दिया है कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना पर त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।जिसके फलस्वरुप संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के लिए हुए एमओयू को लागू जाने का मार्ग खुल गया है।आपको बता दें कि इस सम्बन्ध में पूर्व में राजस्थान सरकार के ईआरसीपी के प्रस्ताव को नकारते हुए मप्र सरकार द्वारा स्वयं के हितों के संरक्षण हेतु सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज की गई थी, परन्तु केन्द्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार के बीच परियोजना की संयुक्त डीपीआर बनाने के लिए नई दिल्ली में त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और दोनों राज्यों के बीच में विवाद की स्थिति समाप्त हो गई।

    किए गए एमओयू के अनुसार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना में सम्मिलित रामगढ़ बैराज, महलपुर बैराज, नवनैरा बैराज, मेज बैराज, राठौड़ बैराज, डूंगरी बांध, रामगढ़ बैराज से डूंगरी बांध तक फीडर तंत्र, ईसरदा बांध का क्षमता वर्धन एवं पूर्वनिर्मित 26 बांधों का पुनरूद्धार किया जाएगा।ईआरसीपी के तहत पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, अजमेर एवं टोंक में पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के 2,80,000 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इस परियोजना से 13 जिलों के लगभग 25 लाख किसान परिवारों को सिंचाई जल एवं राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को पेयजल ‎मिल सकेगा। साथ ही भूजल के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। 

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    Sat, 03 Feb 2024 20:18:25 +0530 Newsdesk
    Vijay Hansda: झामुमो के सांसद का दावा&भाजपा से मिले ऑफर को ठुकराने का नतीजा है हेमंत का जेल जाना https://citytoday.co.in/JMM-MPs-claim---Hemant-going-to-jail-is-the-result-of-rejecting-the-offer-from-BJP https://citytoday.co.in/JMM-MPs-claim---Hemant-going-to-jail-is-the-result-of-rejecting-the-offer-from-BJP दुमका।Jharkhand Mukti Morcha MP Vijay Hansda: झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद विजय हांसदा ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल में सिर्फ इसलिए डाल दिया गया कि उन्होंने भाजपा के ऑफर को ठुकरा दिया था। हालांकि बड़ी बात ये है, कि झारखंड की जनता काफी समझदार है,वो सभी तरह की साजिश को समझती है। इसलिए जितने ज्यादा दिन उन्हे जेल में रखा जाएगा उतना ही भाजपा को नुकसान होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा का जन्म ही आंदोलन से हुआ है। इसलिए यहां हर एक झारखंडी टेंपरामेंट रखता है। सांसद ने आगे कहा, कि अभी के राजनीतिक हालात में उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री स्व।अटल बिहारी वाजपेयी की वह पंक्तियां याद आ रही हैं, जिसमें उन्होंने कहा था। कि आज हम संख्या में कम हैं। तो हम पर हंसा जा रहा है। सत्ता मद में चूर भाजपा की वर्तमान सरकार स्व।अटल की यह वाणी को भूलकर आज संख्या बल के दबिश पर दबाव, पेशकश और जनमत की चुनी हुई सरकारों को धोखे से गिराकर सत्ता हथियाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह सब देख रही है और समझ भी रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह दिखा दिया है। कि कम संख्या बल है तो क्या वह झारखंडी और आदिवासी का टेंपरामेंट रखते हैं। विजय हांसदा ने कहा कि आज वह भले ही हम पर हंस रहे हैं,लेकिन फिर वक्त बदलेगा और प्रजातंत्र कायम होगा। हेमंत को ईडी जितना दिन बंद रखेगी उसका उतना ही व्यापक खामियाजा आने वाले चुनाव में भाजपा को भुगतना होगा।

    Vijay Hansda: झामुमो के 45वें स्थापना दिवस के लिए दुमका का गांधी मैदान सज-धज कर तैयार हो चुका है। पूरे मैदान को दुल्हन की तरह सजाया गया है। ईडी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर शिकंजा कसे जाने के बाद कार्यकर्ताओं में मायूसी है, लेकिन उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। इस बार झामुमो नेता हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में स्थापना दिवस की रैली सांसद विजय हांसदा, पूर्व विधायक शशांक शेखर भोक्ता की अगुवाई में पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं की रैली पारंपरिक वेशभूषा व ढोल-टमाके के साथ एसपी कॉलेज मैदान से निकलेगी। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यह रैली दुमका के गांधी मैदान में आकर सभा में तब्दील हो जाएगी। इस मौके पर पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, संताल परगना के सभी जिला अध्यक्ष, सचिव समेत पार्टी पदाधिकारी के अलावा ग्राम प्रधान, मुखिया, परगनैत, गुड़ित, पराणिक समेत परंपरागत शासन व्यवस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के शहीदों की वेदी पर श्रद्धांजलि व स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।

    झामुमो नेता व पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता गांधी मैदान पहुंचे और पूरी तैयारियों का जायजा लेने के बाद कहा कि झामुमो इस माटी की पार्टी है। केंद्र व भाजपा की साजिश को पूरे देश की जनता देख रही है। ईडी की कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं। इनका उत्साह आज  गांधी मैदान में दिखेगा। सांसद विजय हांसदा ने कहा कि इस बार का दो फरवरी ऐतिहासिक होगी। झामुमो अपने पुराने तेवर में स्थापना दिवस मनाएगा। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के संदेशों को सुनेंगे और संकल्प लेकर ही वापस लौटेंगे। विजय ने कहा कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता हेमंत सोरेन है। उन्हें यह एहसास है कि राजनीति विद्वेष कर झामुमो पर प्रहार किया जा रहा है। उनके नेता हेमंत सोरेन को कानूनी दांव-पेंच में फंसा कर आदिवासी, मूलवासी, गरीब-गुरबों से दूर करने की कोशिश की जा रही है।

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    Fri, 02 Feb 2024 19:12:14 +0530 Newsdesk
    Shiv Samman Award: मोदी को ‘शिवसम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा https://citytoday.co.in/Modi-will-be-honored-with-Shiv-Samman-award https://citytoday.co.in/Modi-will-be-honored-with-Shiv-Samman-award सतारा।Shiv Samman Award: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज के शाही परिवार एवं सतारा जिले के शिवभक्त की ओर से ‘शिवसम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा।
    सांसद उदयनराजे भोसले ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का शाही परिवार पहली बार यह ‘शिवसम्मान’ पुरस्कार प्रदान कर रहा है और श्री मोदी को पहले पुरस्कार के लिए चुना गया है। बयान के मुताबिक सतारा के सैनिक स्कूल मैदान में ‘शिव जयंती’ के दिन 19 फरवरी को भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री को पुरस्कार के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज की एक ‘राजमुद्रा’, एक तैल चित्र और एक तलवार प्रदान की जायेगी।

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    Thu, 01 Feb 2024 22:36:06 +0530 Newsdesk
    Hemant Soren: पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में लगाई ईडी के खिलाफ याचिका https://citytoday.co.in/Former-CM-Hemant-Soren-filed-petition-against-ED-in-High-Court https://citytoday.co.in/Former-CM-Hemant-Soren-filed-petition-against-ED-in-High-Court रांची।Hemant Soren: झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने ईडी के खिलाफ रांची हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। उन्होंने कोर्ट में ईडी कार्रवाई को गलत बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है। दरअसल ईडी ने बुधवार को कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम हेमंत सोरेन से घंटों तक पूछताछ की थी। सीएम की ओर से यह याचिका बुधवार की शाम में दाखिल की गई। ऐसे में उक्त याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए अदालत से आग्रह नहीं किया जा सका। सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका में ईडी की कार्रवाई को गलत बताया गया है। हेमंत सोरेन का कहना है कि ईडी के अधिकारी उन पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। इस आधार पर उन्हें गिरफ्तार करना चाहते हैं। याचिका में उन्होंनें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं करने के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकते हैं।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि ईडी की ओर से उन्हें लगातार समन भेजा गया था। वह ईडी से समन भेजने का आधार पूछते रहे। लेकिन ईडी ने कुछ नहीं बताया। अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए उन्होंने ईडी से समय की भी मांग की थी। दसवें समन के बाद उन्होंने 31 जनवरी को पूछताछ के लिए ईडी को अपने आवास पर बुलाया था, लेकिन ईडी 29 जनवरी को ही दिल्ली स्थित उनके आवास पर छापेमारी करने पहुंच गई। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। इससे ईडी की मंशा का पता चलता है, इसलिए उनके खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

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    Thu, 01 Feb 2024 22:26:10 +0530 Newsdesk
    Vande Bharat : कोहरे के कारण दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली वंदे भारत लेट चल रही है https://citytoday.co.in/Due-to-fog,-Vande-Bharat-coming-from-Delhi-to-Chandigarh-is-running-late. https://citytoday.co.in/Due-to-fog,-Vande-Bharat-coming-from-Delhi-to-Chandigarh-is-running-late. चंडीगढ़। कोहरे के कारण दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली वंदे भारत 1 घंटे 5 मिनट लेट चल रही है। इसके साथ ही चंडीगढ़ से जाने वाली 3 फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं। एयरपोर्ट के सीईओ राकेश आर सहाय ने बताया कि सुबह के समय विजिबिलिटी 50 होने के कारण सुबह फ्लाइट्स लेट हुई, और एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट सुबह 10.32 बजे मुंबई के लिए गई। 
    उन्होंने बताया कि दिल्ली, बैंगलोर व दिल्ली की फ्लाइट्स रद्द रहीं। सीईओ ने बताया कि फ्लाइट्स संख्या 6ई 242 पुणे से चंडीगढ़ आने वाली सुबह 5.45 बजे वाली फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। जबकि 6ई 6633 बैंगलोर से चंडीगढ़ आने वाली सुबह 7.55 बजे की फ्लाइट की भी दिल्ली लैडिंग करवाई गई। इसके साथ ही सुबह 8.20 बजे मुंबई से चंडीगढ़ आने वाली विस्तारा की फ्लाइट को भी दिल्ली डायवर्ट किया गया है। 

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    Wed, 31 Jan 2024 19:09:29 +0530 Newsdesk
    झारखंड में सीएम आवास, राजभवन व ईडी ऑफिस के पास धारा 144 लागू https://citytoday.co.in/Section-144-imposed-near-CM-residence,-Raj-Bhavan-and-ED-office-in-Jharkhand https://citytoday.co.in/Section-144-imposed-near-CM-residence,-Raj-Bhavan-and-ED-office-in-Jharkhand रांची। Section 144: झारखंड में सियासी हलचल मची हुई है। इस बीच सीएम आवास व राजभवन के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। ऐसा झामुमो द्वारा विरोध प्रदर्शन और आक्रोश मार्च को देखते हुए ‎किया गया है। ‎मिली जानकारी के अनुसार सीएम हेमंत सोरेन के आवास, राजभवन और ईडी के जोनल कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई है। इस संबंध में रांची के अनुमंडल अधिकारी आईएएस उत्कर्ष कुमार ने आदेश जारी कर ‎दिया है। जारी आदेश के अनुसार, रांची में विरोध प्रदर्शन और आक्रोश मार्च के चलते निषेधाज्ञा लागू की गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आदेश में कहा गया है, दलों द्वारा धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली और मार्च निकालने की सूचना मिली है। इस दौरान सरकारी कामकाज और ट्रैफिक प्रभावित न हो इसके लिए धारा 144 लागू की जा रही है। बता दें ‎कि बीते दिनों भी सीएम से पूछताछ के बाद झामुमो ने प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन किया था। ईडी के नौवें समन के बाद झामुमो ने बंद का ऐलान किया था और रांची में राजभवन का घेराव किया था।

     
    गौरतलब है ‎कि झामुमो ईडी के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाल रही है। जब‎कि सीएम सोरेन से ईडी की पूछताछ को लेकर सूबे में सियासी हलचल मची हुई है। दिल्ली में सोमवार को सोरेन के घर पर ईडी के अधिकारी पहुंचे थे। इसके साथ ही रांची में भी सोरेन के सरकारी आवास पर टीम पहुंची थी। हालां‎कि ईडी के नौवें समन पर सोरेन ने जवाब भेजकर कहा है कि वो 31 जनवरी यानी कल सीएम आवास पर ही पूछताछ के लिए हाजिर होंगे। इससे पहले सोरेन से 20 जनवरी को भी ईडी की टीम कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी थी।

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    Tue, 30 Jan 2024 22:10:41 +0530 Newsdesk
    नीतीश कुमार के अगले कदम पर है सबकी नजर https://citytoday.co.in/Everyones-eyes-are-on-Nitish-Kumars-next-step https://citytoday.co.in/Everyones-eyes-are-on-Nitish-Kumars-next-step पटना । बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ने की चर्चा के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) दोनों उत्सुकता से श्री कुमार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा भी इस मुद्दे पर चुप है, क्योंकि वह भी इस संबंध में श्री कुमार की औपचारिक घोषणा का इंतजार कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राधामोहन सिंह ने श्री कुमार का नाम लिए बगैर उनसे इस दलदल से बाहर निकलने की अपील की।

     एक अन्य हिंदू फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा- कि न तो श्री नीतीश कुमार और न ही राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अब तक अपनी मंशा साफ की है। उन्होंने कहा कि भाजपा की भूमिका तभी शुरू होगी। जब श्री कुमार महागठबंधन से बाहर निकलने की औपचारिक घोषणा करेंगे। इस बीच राजद ने श्री नीतीश कुमार के फैसले के आधार पर अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए विधायक दल की अहम बैठक की।  बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपनी पार्टी के विधायकों से अपील की कि वे महागठबंधन सरकार में पिछले डेढ़ साल के दौरान राजद की उपलब्धियों के बारे में लोगों को बताएं। उन्होंने अपने विधायकों को मनाने की कोशिश करते हुए कहा- कि श्री नीतीश कुमार जहां चाहें वहां जाएं।

     उन्होंने राज्यपाल के समक्ष अपने समर्थन में पार्टी विधायकों की कोई भी परेड आयोजित करने से इनकार करते हुए विधायकों से चुनाव का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य प्रेमचंद मिश्रा ने दावा किया। कि श्री नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ हैं, और उनके राजग की ओर जाने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार महागठबंधन सरकार के नेता हैं। इस बीच बक्सर से वापस आते ही श्री नीतीश कुमार ने जदयू कोर कमेटी की आपात बैठक भी की। बैठक में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी जल संसाधन मंत्री संजय झा, वित्त मंत्री विजय चौधरी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव और उनकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए।

    राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने भी पूर्णिया में एक बैठक बुलाई, जहां यह पता चला, कि 19 में से केवल 10 विधायक बैठक में शामिल हुए जबकि नौ की अनुपस्थिति स्पष्ट है। जदयू विधायक गोपाल मंडल ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ विधायक जदयू नेता अशोक चौधरी के संपर्क में हैं, और राजग सरकार को समर्थन दे सकते हैं।

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    Sat, 27 Jan 2024 22:46:03 +0530 Newsdesk
    Bharat Jodo Nyaya Yatra: पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, असम में फिर से रोकी गई राहुल गांधी की यात्रा https://citytoday.co.in/Clash-between-police-and-Congress-workers,-Rahul-Gandhis-journey-stopped-again-in-Assam https://citytoday.co.in/Clash-between-police-and-Congress-workers,-Rahul-Gandhis-journey-stopped-again-in-Assam Bharat Jodo Nyaya Yatra: असम पुलिस ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा को गुवाहाटी में प्रवेश करने से रोका। यात्रा के साथ चल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR भी दर्ज की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खदेड़ती हुई दिख रही है। वीडियो में राहुल गांधी एक मंच पर खड़े दिख रहे हैं।

    आपको बता दें कि कुछ समय पहलें ही राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान असम सरकार और बीजेपी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा महत्वपूर्ण बात यह है, कि आपके पास जिसे भी आप चाहें उसे सुनने की स्वतंत्रता है। लेकिन यह असम में नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा आपसे कहा जा रहा है। कि आपको RSS और इस पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व का पालन करना चाहिए। लेकिन यह आपका अपना इतिहास नहीं हो सकता। 

    भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सीधे रूप से बीजेपी सरकार के खिलाफ कहा, "बीजेपी सरकार जितना अत्याचार करेगी, जितनी पाबंदी लगाएगी, उतना ही भारत जोड़ो न्याय यात्रा और राहुल गांधी का हाथ और शक्तिशाली होगा। बीजेपी सरकार समझ नहीं पा रही है।  कि हमारी यात्रा का क्या विकल्प हो सकता है। गोगोई ने जारी किए गए बयान में यह भी कहा कि उनकी पार्टी को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया है, और इसके परिणामस्वरूप उनके समर्थकों और पुलिस के बीच मुठभेर हुई है।

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    Tue, 23 Jan 2024 19:06:38 +0530 Newsdesk
    Tamil Nadu Government: तमिलनाडु में राम मंदिरों की विशेष पूजा के साथ प्राण प्रतिष्ठा के सीधे प्रसारण की अनुमति नहीं https://citytoday.co.in/Tamil-Nadu-Government:-Live-telecast-of-Pran-Pratistha-with-special-puja-of-Ram-temples-not-allowed-in-Tamil-Nadu https://citytoday.co.in/Tamil-Nadu-Government:-Live-telecast-of-Pran-Pratistha-with-special-puja-of-Ram-temples-not-allowed-in-Tamil-Nadu Tamil Nadu Government: अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों देशभर में व्यापक रुप से हो रही है। इसके बवाजूद इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो रही है। विपक्ष ने समारोह से दूरी बनाने का निर्णय किया है। जबकि सत्ताधारी बीजेपी विपक्षी दलों पर हमले कर रही है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस विवाद में तमिलनाडु सरकार पर बड़ा आरोप करते हुए कहा कि सरकार ने राम मंदिर के उद्धाटन समारोह के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी है।

    जहां पूरे देशभर में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी में भक्ति की लहर बह रही है। तो दूसरी और देखें तो इसको लेकर राजनीतिक उथल पुथल चल रही है। जी हां इस जश्न भरें माहौल में अब तमिलनाडु सरकार ने अलग रूख अपनाया है। प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की अनुमति देने से इनकार किया है। साथ ही प्रदेश के राम मंदिरों में विशेष पूजा को भी अस्वीकार कर दिया गया है। इस पर भाजपा की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर आरोप लगाया है। बता दें कि तमिलनाडु में भगवान राम के करीब 200 बड़े मंदिर हैं।

    क्या था मामला

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन की सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है। जिसमें सनातन धर्म के प्रति उनके मंत्री एमके उदयनिधि के बयानों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। पिछले दिनों उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था, जिसके चलते सीतारमण ने उन पर आरोप लगाए।" उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के खिलाफ कई आपत्तिजनक बयान दिए हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर पर विचार करते हुए कहा कि वे कभी भी उस जगह पर मंदिर का समर्थन नहीं करेंगे, जहां पर मस्जिद को गिराया गया था।साथ ही उदयनिधि स्टालिन ने इससे पहले भी सनातन धर्म की तुलना मच्छर और डेंगू से की हैं, और उन्होंने यह भी कहा है कि सनातन धर्म को जड़ से खत्म करना है।"

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    Sun, 21 Jan 2024 19:46:41 +0530 Newsdesk
    Amit Shah Comment Case: अमित शाह पर टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी को अब भी झारखंड हाईकोर्ट से राहत बरकरार https://citytoday.co.in/208 https://citytoday.co.in/208 Amit Shah Comment Case: झारखंड हाईकोर्ट ने भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दी गई राहत को बरकरार रखा है। इस मामले में किसी भी तरह की कार्रवाई पर पहले ही रोक लगाई गई थी। हाईकोर्ट के जस्टिस अंबुजनाथ द्वारा शुक्रवार को किए गए फैसले के बाद, निचली अदालत का रिकॉर्ड जमा करने का आदेश दिया गया है। 

    मामले का संबंध भाजपा नेता नवीन झा द्वारा किया गया था, जिन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया था। पहले नवीन झा ने लीगल नोटिस देकर राहुल गांधी से उनके द्वारा अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी पर माफी मांगने को कहा था, लेकिन जवाब न मिलने पर उन्होंने शिकायतवाद दर्ज कराया था।

    Amit Shah Comment Case: वास्तविक रूप से यह मामला राहुल गांधी द्वारा 2018 में कांग्रेस के अधिवेशन में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से संबंधित है, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस में कोई हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन सकता है, और इसे भाजपा में ही संभावित माना गया है। नवीन झा ने इस बयान के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट में शिकायत दर्ज करायी थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। इसके परिणामस्वरूप, राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, ताकि इसे निरस्त करा जा सके।

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    Fri, 05 Jan 2024 20:13:25 +0530 Newsdesk
    Central Cabinet: कैबिनेट ने दी नारियल के लिए MSP को मंजूरी, दीघा से सोनपुर के बीच गंगा नदी पर बनेगा सिक्स लेन पुल, https://citytoday.co.in/161 https://citytoday.co.in/161 Central Cabinet: आज केंद्रीय कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2023 सीजन के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को भी मंजूरी दे दी है। इसमें कई प्रस्ताव शामिल है, जैसे- बिहार के दीघा सोनपुर के बीच गंगा नदी पर छह लेन पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव, जिसे कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। यह पुल गंगा नदी को दोनों तरफ से जोड़ेगा और सुरक्षित और आसान सहारा प्रदान करेगा।

    इसके अलावा कैबिनेट ने नॉर्थ त्रिपुरा और साउथ त्रिपुरा को जोड़ने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिससे राज्यों के बीच सुरक्षित और तेजी से संचार की सुविधा मिलेगी। साथ ही कैबिनेट ने एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। जिससे नारियल उत्पादकों को अधिक आदान-प्रदान मिलेगा, और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    इन सभी फैसलों के माध्यम से सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने का संकल्प जताया है।केंद्रीय कैबिनेट ने आज बिहार में दीघा और सोनपुर को जोड़ने वाले गंगा नदी पर 4.56 किमी लंबे, 6-लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कुल 3,064.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस निर्णय की जानकारी दी, और उन्होंने बताया कि इस सिक्स लेन पुल के नीचे से बड़े पानी के जहाज भी गुजर सकेंगे। इससे सरकार को देश में नदियों के जलमार्ग को बढ़ावा मिलेगा और यह एक महत्वपूर्ण परिकल्पना को बढ़ावा देगा।

    इस परियोजना पर कुल 3,064.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने त्रिपुरा में खोवाई-हरिना सड़क के बीच 135 किलोमीटर खंड के सुधार और चौड़ीकरण को योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना में 2,486.78 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। जिसके लिए 1,511.70 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा।

    2023 सीजन के लिए, मिलिंग कोपरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को प्रति क्विंटल 10,860 रुपये और बॉल कोपरा के लिए 11,750 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे पिछले सीजन के मुकाबले मिलिंग कोपरा के लिए प्रति क्विंटल 270 रुपये और बॉल कोपरा के लिए 750 रुपये की वृद्धि हुई है।

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    Wed, 27 Dec 2023 20:42:20 +0530 Newsdesk
    Rajasthan CM Oath Taking:जन्मदिन के मौके पर भजनलाल शर्मा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा बने डिप्टी सीएम https://citytoday.co.in/46 https://citytoday.co.in/46 Rajasthan CM Oath Taking: आज भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, और वो भी उनके जन्मदिन के मौके पर।भजनलाल अब राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बने हैं। जयपुर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उप-मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ हेतु दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा भी शामिल थे। राज्यपाल कलराज मिश्र ने तीनों नेताओं को शपथ दिलाई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा सहित डॉ. मोहन यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित भाजपा के कई नेता भी शामिल हुए।

    3 दिसंबर को आए राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने कांग्रेस को कई वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। पार्टी ने राज्य की 199 विधानसभा सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस ने मात्र 69 सीटें ही अपने नाम की। जिसके बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री चुनने में एक हफ्ते का समय लगाया।

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    Fri, 15 Dec 2023 18:25:01 +0530 Newsdesk
    Women's Blind Cricket:नेपाल ने भारत को 10 विकेट से हराया, कप्तान बिनीता और मनकेशी ने दिखाई शानदार बल्लेबाजी https://citytoday.co.in/42 https://citytoday.co.in/42  Women's Blind Cricket: नेपाल ने बुधवार को पहली बार दृष्टिबाधित महिलाओं की क्रिकेट सीरीज 2023 में भारत को 10 विकेट से हराया। तीसरे टी20 मैच में नेपाल ने हर हाल में जीत हासिल की और इसमें कप्तान बिनीता पुन और मनकेशी चौधरी की शानदार बल्लेबाजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    नेपाल ने भारत को हराने के लिए लगातार प्रयास किया और इस जीत के साथ वे श्रृंखला में 2-1 से आगे बढ़ गए हैं। बिनीता (78) और मनकेशी (75) ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया और बिना एक भी विकेट खोए, 20वें ओवर में लक्ष्य हासिल किया।

    भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 171/4 रन बनाए, लेकिन नेपाल ने बिना एक भी विकेट खोए मैच जीत लिया। बिनीता को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है जिन्होंने मैच में 78 रनों की शानदार प्रदर्शन की।

    नेपाल ने भारत को तीसरे टी20 मैच में 10 विकेट से हराकर श्रृंखला में 2-1 से आगे बढ़ा दिखाया है। इस जीत के साथ, नेपाल ने अपनी उम्मीद बरकरार रखी है और इस सप्ताह बाकी दो मैचों के लिए उत्सुक है।

    मैच की शुरुआत भारतीय टीम के बल्लेबाजी के साथ हुई, जिसमें सिमू दास ने अच्छा प्रदर्शन किया। चार ओवर में 30 रन के पार पहुंचने के बाद, नेपाली गेंदबाजों ने सुषमा पटेल को रन आउट कर स्कोरिंग सिलसिले में ब्रेक लगाया।

    पावर प्ले के बाद भारत ने दो विकेट खो दिए, लेकिन सिमू दास ने बड़ा आक्रमण जारी रखा और भारत को 20 ओवर में 171/4 रनों तक पहुंचाया। नेपाल ने बिना एक भी विकेट खोए इस लक्ष्य को हासिल करते हुए मैच जीत लिया।

    बिनीता और मनकेशी की शानदार पारी ने भी इस जीत में अहम भूमिका निभाई, और नेपाल ने 10 विकेट से भारत को हराया। भारत और नेपाल आगे बढ़कर सीरीज को रोमांचक बना रखा है, जिसमें आने वाले मैचों की तय करेगा।

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    Thu, 14 Dec 2023 20:24:36 +0530 Newsdesk