City Today & : भोपाल https://citytoday.co.in/rss/category/bhopal City Today & : भोपाल en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED MP में दिव्यांगों के लिए 20 हजार सरकारी पदों पर भर्ती अभियान, दिसंबर तक होगी प्रक्रिया https://citytoday.co.in/9370 https://citytoday.co.in/9370 MP में दिव्यांगों के लिए 20 हजार सरकारी पदों पर भर्ती अभियान, दिसंबर तक होगी प्रक्रिया

इंटरव्यू के अंक चयन में नहीं जुड़ेंगे, मेरिट के आधार पर होगा सिलेक्शन; विभिन्न सरकारी विभागों में खाली आरक्षित पद भरने की तैयारी

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भर्ती अभियान शुरू

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए सरकारी नौकरी पाने का अवसर सामने आया है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित करीब 20 हजार खाली पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े आरक्षित पदों को भरना और पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

दिसंबर तक चलाने की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, भर्ती अभियान दिसंबर तक चलाया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग सरकारी विभागों में खाली पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अभियान के दौरान पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन और चयन से जुड़ी निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। हालांकि, विभागवार पदों की संख्या और आवेदन की अंतिम तारीखों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए गए समाचार अंश में नहीं है।

इंटरव्यू के अंक नहीं जुड़ेंगे

भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू के अंकों को चयन का आधार नहीं बनाया जाएगा। खबर के अनुसार, अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता और संबंधित भर्ती नियमों की भूमिका अहम रहेगी। पद के अनुसार पात्रता की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।

सरकारी विभागों के खाली पद भरने पर जोर

प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित खाली पदों को भरने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भर्ती पूरी होने से पात्र अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिल सकता है। साथ ही, लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी काम होगा।

अभ्यर्थी आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें

इच्छुक अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों की आधिकारिक भर्ती अधिसूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। आवेदन की तारीख, शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांगता संबंधी पात्रता, जरूरी प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक नियमों से करना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में विभागवार पदों और आवेदन प्रक्रिया का पूरा विवरण शामिल नहीं है।

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Tue, 13 Oct 2026 16:12:52 +0530 news desk MPcg
भोपाल में अब मिठाई दुकान&डेयरी की जांच:त्योहार में मिलावटी मावा बिकने की आशंका; बाहर से आती हैं खेप https://citytoday.co.in/9365 https://citytoday.co.in/9365 भोपाल में मिठाई दुकानों और डेयरियों की होगी जांच, त्योहारों में मिलावटी मावा-पनीर पर नजर

नवरात्र, दशहरा और दिवाली के सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट, दुकानों से लिए जाएंगे सैंपल; बसों और ट्रेनों से आने वाली खेपों की भी होगी निगरानी

त्योहारों में बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट

भोपाल में त्योहारों के दौरान मिलावटी मावा, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। नवरात्र के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इस दौरान मिठाइयों, दूध और दुग्ध उत्पादों के साथ नमकीन की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अमला मिठाई दुकानों और डेयरियों की जांच करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे त्योहारी सीजन में टीमें सक्रिय रहेंगी और संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मिठाई दुकानों और डेयरियों से लिए जाएंगे सैंपल

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें भोपाल की प्रमुख मिठाई दुकानों और डेयरियों का निरीक्षण करेंगी। जांच के दौरान मावा, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे। इन सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में खाद्य सामग्री अमानक या मिलावटी पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार, त्योहारी सीजन के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि लोगों तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंच सके।

ग्वालियर, भिंड और मुरैना से भोपाल आता है मावा

त्योहारों के दौरान भोपाल में मावा और पनीर की खपत बढ़ जाती है। मांग पूरी करने के लिए ग्वालियर, भिंड और मुरैना सहित प्रदेश के कई जिलों से मावा भोपाल पहुंचता है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से भी दुग्ध उत्पादों की खेप आती है। अधिक मांग के बीच अमानक या मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए विभाग ने बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की निगरानी पर भी जोर दिया है।

बसों और ट्रेनों से आने वाली खेपों पर भी नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। बसों और ट्रेनों के जरिए भोपाल पहुंचने वाली संदिग्ध खाद्य सामग्री पर भी नजर रखी जाएगी। पिछले साल ग्वालियर और अहमदाबाद के रास्ते भोपाल लाई गई मावा-पनीर की खेप जब्त किए जाने का उल्लेख भी सामने आया है। इस बार भी त्योहारी सीजन में बाहर से आने वाले दुग्ध उत्पादों की जांच पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि संदिग्ध सामग्री की बिक्री रोकी जा सके।

मिलावट मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

दशहरा, दीपावली और अन्य त्योहारों पर मिठाइयों तथा दुग्ध उत्पादों की खपत बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। जांच के दौरान लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर निगरानी रखना और उपभोक्ताओं को मिलावटी या असुरक्षित उत्पादों से बचाना है। ऐसे में मिठाई दुकानों, डेयरियों और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले कारोबारियों पर त्योहारी सीजन के दौरान निगरानी बनी रहेगी।

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Tue, 13 Oct 2026 15:19:59 +0530 news desk MPcg
OBC आरक्षण पर CM मोहन यादव की दिल्ली में कानूनी चर्चा https://citytoday.co.in/9357 https://citytoday.co.in/9357 OBC आरक्षण पर CM मोहन यादव की दिल्ली में कानूनी चर्चा

भोपाल: मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण देने के मामले में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात कर हाईकोर्ट के फैसले और आगे की कानूनी रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक में प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह भी मौजूद रहे। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और आरक्षण पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

सॉलिसिटर जनरल से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ OBC आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के निर्णय से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में आगे की कानूनी कार्रवाई की रणनीति पर भी विचार किया गया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार आरक्षण के मुद्दे पर अगला कदम उठाने की तैयारी में है।

हालांकि, सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तारीख या आगे की कार्रवाई को लेकर किसी औपचारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।

उमंग सिंघार ने पूछा- मुख्यमंत्री दिल्ली क्यों गए?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार OBC आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर है, तो उसे विधानसभा में इस पर चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सिंघार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इसके लिए तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री से OBC आरक्षण के संबंध में अध्यादेश लाने और कानून बनाने की दिशा में कदम उठाने की मांग भी की।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि सरकार बार-बार मामले को अदालत के पाले में क्यों डाल रही है। उनके मुताबिक, यदि सरकार की नीयत साफ है, तो उसे तत्काल विशेष सत्र बुलाकर आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

OBC वर्ग को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

27% OBC आरक्षण का मुद्दा मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार की अगली कानूनी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

एक ओर राज्य सरकार कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है, वहीं कांग्रेस सरकार से विधानसभा के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रही है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार OBC वर्ग को लेकर केवल आश्वासन दे रही है और ठोस कदम नहीं उठा रही है।

इस मुद्दे पर आगे सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर OBC वर्ग के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी नजर है।

सुप्रीम कोर्ट में जाने पर अभी औपचारिक घोषणा नहीं

मुख्यमंत्री और सॉलिसिटर जनरल की मुलाकात से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर चर्चा कर रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अपील या याचिका दायर करने को लेकर अभी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है।

अब देखना होगा कि सरकार कानूनी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ती है या विपक्ष की मांग के मुताबिक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर OBC आरक्षण पर अपना पक्ष रखती है।

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Tue, 13 Oct 2026 14:12:48 +0530 news desk MPcg
MP में 15&16 अक्टूबर को बारिश, ग्वालियर&चंबल भीगेंगे:भोपाल&इंदौर में रात में ठंडक रहेगी, दिन में गर्मी; उज्जैन&जबलपुर में भी ऐसा मौसम https://citytoday.co.in/9342 https://citytoday.co.in/9342 MP में 15-16 अक्टूबर को बारिश के आसार, ग्वालियर-चंबल समेत 9 जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर में रात को रहेगी ठंडक

13-14 अक्टूबर को मौसम रहेगा साफ, नए सिस्टम से फिर बदलेगा मौसम; दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर

15 और 16 अक्टूबर को बारिश की संभावना

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसका असर खासतौर पर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में देखने को मिल सकता है। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना को देखते हुए संबंधित जिलों के लोगों को मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

इन 9 जिलों में हो सकती है बारिश

मौसम केंद्र के अनुमान के मुताबिक, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है। इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

नए मौसम सिस्टम से बदलेगा प्रदेश का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, पहले सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का असर खत्म हो चुका है। अब उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और नए चक्रवाती सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से 15 और 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। अक्टूबर में मौसम का यह बदलाव दिन के तापमान और रात की ठंडक दोनों को प्रभावित कर सकता है।

भोपाल-इंदौर में दिन में गर्मी, रात में ठंडक

राजधानी भोपाल और इंदौर में फिलहाल दिन के समय धूप और गर्मी का असर बना रह सकता है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होगी। उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है। अक्टूबर के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर रहने से सुबह और देर रात मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है।

मानसून की विदाई के बाद भी हो रही बारिश

मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन नए मौसम सिस्टम सक्रिय होने से बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पिछले सप्ताह प्रदेश के पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिल सकता है।

इस साल सामान्य से कम हुई मानसूनी बारिश

जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर से कम है। यह सामान्य बारिश का लगभग 95.9 प्रतिशत है। प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 12 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

जून में कम बारिश से पूरा नहीं हो पाया कोटा

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का दौर बेहतर रहने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में प्रदेश की औसत बारिश सामान्य से कम रही। अब अक्टूबर में सक्रिय हो रहे मौसम सिस्टम के कारण कुछ जिलों में फिर बारिश की संभावना बन रही है।

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Tue, 13 Oct 2026 11:48:32 +0530 news desk MPcg
अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के दौरान बदलेगा ट्रैफिक रूट:13 से 17 अक्टूबर तक शाम 6 बजे से लागू होगी व्यवस्था, वैकल्पिक रास्ते तय https://citytoday.co.in/9341 https://citytoday.co.in/9341 भोपाल में अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के दौरान बदलेगा ट्रैफिक रूट, 13 से 17 अक्टूबर तक रहेगी व्यवस्था

BHEL दशहरा मैदान में गरबा आयोजन को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी, शाम 6 बजे से लागू होंगे बदलाव; वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय

गरबा महोत्सव के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव

भोपाल के BHEL दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। यह व्यवस्था 13 से 17 अक्टूबर तक लागू रहेगी। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, हर दिन शाम 6 बजे से यातायात में बदलाव लागू होगा।

शाम 6 बजे से लागू होंगे ट्रैफिक प्रतिबंध

गरबा महोत्सव के दौरान BHEL दशहरा मैदान के आसपास यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शाम 6 बजे से संबंधित मार्गों पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। वाहन चालकों को आयोजन स्थल के आसपास सामान्य दिनों की तुलना में अलग यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखना जरूरी होगा।

वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय

आयोजन के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वाहन चालकों से अपील है कि वे जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। इससे आयोजन स्थल के आसपास जाम की स्थिति से बचने और आवागमन को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।

आयोजन स्थल के आसपास बढ़ेगी आवाजाही

अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में शामिल होने के लिए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग BHEL दशहरा मैदान पहुंचेंगे। शाम के समय दर्शकों और प्रतिभागियों की आवाजाही बढ़ने से आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और आयोजन स्थल के नजदीक अनावश्यक वाहन ले जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

17 अक्टूबर तक लागू रहेगी व्यवस्था

यातायात में बदलाव 13 से 17 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से लागू रहेगा। इस अवधि में भोपाल से गुजरने वाले वाहन चालकों और गरबा महोत्सव में शामिल होने वाले लोगों को ट्रैफिक प्लान के अनुसार यात्रा करनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रभावित सड़कों और प्रत्येक वैकल्पिक मार्ग का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसके लिए यातायात पुलिस की आधिकारिक सूचना देखना उचित होगा।

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Tue, 13 Oct 2026 11:38:31 +0530 news desk MPcg
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी वरुण का सुराग नहीं, भोपाल स्टेशन के CCTV में दिखा; 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ https://citytoday.co.in/9315 https://citytoday.co.in/9315 रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी वरुण का सुराग नहीं, भोपाल स्टेशन के CCTV में दिखा; 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

आगरा से वृंदावन तक 80 से ज्यादा जगह लगाए पोस्टर, चार राज्यों में तलाश जारी; एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले की भी जांच

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को अब तक फरार वरुण कुमार का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। 30 सितंबर को हुई इस वारदात के बाद आरोपी की तलाश में पुलिस मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में जांच कर रही है। भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV कैमरों में वरुण की गतिविधियां कैद हुई थीं। पुलिस इन फुटेज और संभावित यात्रा रिकॉर्ड के आधार पर उसकी फरारी की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज में दिखा आरोपी

जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज में वरुण कुमार 30 सितंबर की सुबह करीब 3:51 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया था। फुटेज में वह स्टेशन परिसर में घूमता नजर आया। पुलिस अब उसकी गतिविधियों का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्टेशन पहुंचने के बाद वह किस दिशा में गया और आगे कहां पहुंचा।

100 से ज्यादा परिचितों से पूछताछ

वरुण की तलाश में पुलिस उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य परिचितों से पूछताछ कर चुकी है। उसके पिता ग्वालियर, बहन पटियाला और कुछ दोस्त आगरा तथा मथुरा में रहते हैं। पुलिस इन लोगों से कई बार पूछताछ कर चुकी है। फिलहाल जांच में किसी रिश्तेदार या दोस्त की संलिप्तता सामने नहीं आने की जानकारी दी गई है।

आगरा से वृंदावन तक लगाए गए पोस्टर

फरार आरोपी को तलाशने के लिए पुलिस ने आगरा से वृंदावन जाने वाले मार्ग पर 80 से ज्यादा स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं। बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगहों पर भी पोस्टर के जरिए लोगों से जानकारी देने की अपील की गई है। पुलिस अलग-अलग राज्यों में उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

एक करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले की जांच

राकेश अग्रवाल की हत्या की जांच में एक पुराने आर्थिक विवाद का पहलू भी सामने आया है। करीब 11 महीने पहले अग्रवाल ने अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। आरोप था कि निवेश और अधिक रिटर्न का लालच देकर रकम ली गई, लेकिन वापस नहीं की गई। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में इस मामले में FIR दर्ज हुई थी और अजीत को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब इस प्रकरण से जुड़े लोगों, अदालती कार्रवाई और अग्रवाल की गवाही की भी पड़ताल कर रही है।

प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए मिली थी नौकरी

पुलिस की जांच के मुताबिक, वरुण कुमार को 27 सितंबर को वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर पर काम पर रखा गया था। पुलिस एजेंसी से उसके दस्तावेज, पुराने रोजगार और पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी जानकारी जुटा चुकी है। वरुण के पास पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी मिला था। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

हत्या के बाद से फरार है आरोपी

राकेश अग्रवाल का शव भोपाल के सूरजनगर स्थित उनके घर में मिला था। उनके गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। घर में अलमारी के लॉक टूटे मिले थे और किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ था। इस घटना के बाद से वरुण कुमार फरार है। पुलिस CCTV फुटेज, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखे हुए है।

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Mon, 12 Oct 2026 12:02:01 +0530 news desk MPcg
सागर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला यात्री, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसा; RPF जवान ने दौड़कर बचाई जान https://citytoday.co.in/9302 https://citytoday.co.in/9302 सागर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला यात्री, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसा; RPF जवान ने दौड़कर बचाई जान

हादसे के दौरान प्लेटफॉर्म पर मची अफरा-तफरी, ड्यूटी पर तैनात जवान ने तुरंत कार्रवाई कर यात्री को खींचकर बाहर निकाला

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पड़ी भारी

मध्य प्रदेश के सागर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक यात्री हादसे का शिकार होते-होते बच गया। ट्रेन में चढ़ते समय उसका पैर पायदान से फिसल गया, जिससे वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरकर फंसने लगा। घटना अचानक हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

प्लेटफॉर्म पर तैनात RPF जवान ने दिखाई तत्परता

घटना के समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का एक जवान मौके पर मौजूद था। यात्री को गिरते और ट्रेन के बीच फंसते देख जवान तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़ा। उसने बिना देर किए यात्री को पकड़कर प्लेटफॉर्म की ओर खींचा और उसे बाहर निकाल लिया।

समय रहते बची यात्री की जान

RPF जवान की तत्परता के कारण यात्री को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि मदद मिलने में देरी होती, तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना में जवान की तेजी और सूझबूझ ने संभावित खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई।

चलती ट्रेन में चढ़ना हो सकता है खतरनाक

रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद जोखिम भरा होता है। पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर यात्री ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस सकता है। ऐसे हादसों से बचने के लिए यात्रियों को ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ना चाहिए और जल्दबाजी से बचना चाहिए।

घटना का वीडियो आया सामने

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें RPF जवान यात्री को बचाने के लिए दौड़ता दिखाई देता है। उपलब्ध जानकारी में यात्री की पहचान और घटना के बाद उसकी स्थिति का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। हालांकि, समय पर मिली मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।

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Sat, 10 Oct 2026 13:17:14 +0530 news desk MPcg
भोपाल&इंदौर मेट्रो टिकट पर 25% की छूट, 11 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था; बोनस मिलाकर यात्रियों को 44% तक फायदा https://citytoday.co.in/9300 https://citytoday.co.in/9300 भोपाल-इंदौर मेट्रो टिकट पर 25% की छूट, 11 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था; बोनस मिलाकर यात्रियों को 44% तक फायदा

मध्य प्रदेश के दो बड़े शहरों में मेट्रो का सफर होगा सस्ता, टिकट पर छूट से यात्रियों को मिलेगी राहत; नई व्यवस्था के तहत बोनस का लाभ भी

11 अक्टूबर से लागू होगी टिकट पर छूट की नई व्यवस्था

मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। मेट्रो कॉरपोरेशन टिकट पर 25 प्रतिशत की छूट देने जा रहा है। यह नई व्यवस्था 11 अक्टूबर 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों को मेट्रो के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक किफायती बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट खरीदते समय पहले की तुलना में कम खर्च करना पड़ सकता है।

बोनस और छूट मिलाकर 44% तक फायदा मिलने का दावा

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, टिकट पर मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट के साथ बोनस का लाभ भी जोड़ा जाए तो यात्रियों को कुल मिलाकर 44 प्रतिशत तक फायदा मिल सकता है। यानी टिकट खरीदने के तरीके और लागू ऑफर की शर्तों के आधार पर यात्रियों की बचत बढ़ सकती है। हालांकि, 44 प्रतिशत तक का फायदा अधिकतम संभावित लाभ है। हर यात्री को इतनी छूट मिलेगी या नहीं, यह संबंधित टिकट और बोनस योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा।

भोपाल और इंदौर के मेट्रो यात्रियों को मिलेगी राहत

इस नई व्यवस्था का लाभ राजधानी भोपाल और इंदौर में मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों को मिल सकता है। मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के लिए टिकट पर छूट उपयोगी साबित हो सकती है। किराये में कमी आने से रोजाना यात्रा करने वालों के खर्च में बचत की संभावना है। इसके साथ ही किफायती किराया अधिक लोगों को मेट्रो से सफर करने के लिए आकर्षित कर सकता है।

नियमित यात्रियों के मासिक खर्च पर पड़ सकता है असर

जो लोग काम, पढ़ाई या अन्य जरूरतों के लिए नियमित रूप से मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए टिकट पर मिलने वाली छूट खास मायने रखती है। हर यात्रा में होने वाली बचत महीने के कुल परिवहन खर्च को कम कर सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत यात्राओं की संख्या, टिकट की कीमत और मिलने वाले बोनस पर निर्भर करेगी। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय उपलब्ध टिकट विकल्पों और ऑफर की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

टिकट खरीदने से पहले ऑफर की शर्तें जानना जरूरी

मेट्रो टिकट पर छूट की नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को यह समझना होगा कि 25 प्रतिशत की छूट किन टिकटों पर लागू होगी और बोनस का लाभ किस तरह मिलेगा। उपलब्ध जानकारी में भुगतान माध्यम, बोनस की गणना और ऑफर से जुड़ी सभी शर्तों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले मेट्रो की आधिकारिक जानकारी जांचनी चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि उनके सफर पर कितनी बचत होगी।

मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में कदम

भोपाल और इंदौर में टिकट पर छूट देने की यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि यात्रियों को नियमित सफर में बचत मिलती है, तो मेट्रो की ओर उनका रुझान बढ़ सकता है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहरों में सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिल सकती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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Sat, 10 Oct 2026 13:02:24 +0530 news desk MPcg
जिस जमीन पर 17 करोड़ का लोन, उसकी मुफ्त रजिस्ट्री क्यों? MP सरकार खर्च करेगी 3,800 करोड़ रुपये, 2,102 हितग्राही पहले ही ले चुके 175 करोड़ का कर्ज https://citytoday.co.in/9297 https://citytoday.co.in/9297 जिस जमीन पर 17 करोड़ का लोन, उसकी मुफ्त रजिस्ट्री क्यों? MP सरकार खर्च करेगी 3,800 करोड़ रुपये, 2,102 हितग्राही पहले ही ले चुके 175 करोड़ का कर्ज

50 लाख लोगों को मिलेगा मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ, पटवारियों के विरोध से अटकी प्रक्रिया; सरकारी खजाने से होने वाले खर्च पर उठे सवाल

50 लाख लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ देने की तैयारी

मध्य प्रदेश में आबादी भूमि पर रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार मुफ्त रजिस्ट्री कराने की तैयारी कर रही है। इस योजना पर करीब 3,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री होने से लोगों को संपत्ति के वैध दस्तावेज मिलेंगे और वे जरूरत पड़ने पर बैंकों से कर्ज भी ले सकेंगे। इस योजना से प्रदेश के करीब 50 लाख लोगों को लाभ मिलने की बात कही जा रही है।

2,102 हितग्राही पहले ही ले चुके हैं 175 करोड़ रुपये का कर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, योजना से जुड़े 2,102 हितग्राही बैंकों से अब तक 175 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुके हैं। इस आंकड़े के सामने आने के बाद मुफ्त रजिस्ट्री की जरूरत और उसके दायरे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि कुछ हितग्राही पहले ही बैंक से कर्ज प्राप्त कर चुके हैं, तो ऐसे मामलों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया और सरकारी खर्च का आधार क्या होगा? इस पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

17 करोड़ रुपये के लोन वाली जमीन का मामला चर्चा में

रिपोर्ट में 17 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ी जमीन का भी जिक्र है। इसी को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जिस जमीन के आधार पर बैंक से कर्ज लिया जा चुका है, उसकी मुफ्त रजिस्ट्री कराने की आवश्यकता क्या है? हालांकि, किसी जमीन पर कर्ज मिलना और उसका कानूनी मालिकाना हक पूरी तरह स्पष्ट होना अलग-अलग बातें हो सकती हैं। इसलिए इस मामले में संबंधित जमीन के दस्तावेजों और कर्ज की शर्तों को देखना महत्वपूर्ण होगा।

पटवारियों के विरोध से अटकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में मुफ्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया पटवारियों के विरोध के कारण प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रक्रिया में देरी होने से योजना का लाभ पाने की उम्मीद कर रहे लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन को राजस्व अमले से जुड़े विवादों का समाधान करना होगा, ताकि पात्र हितग्राहियों के दस्तावेज तैयार करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

3,800 करोड़ रुपये के खर्च पर जवाबदेही का सवाल

सरकार की योजना का उद्देश्य आबादी भूमि पर रहने वाले लोगों को कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है। लेकिन जब योजना पर 3,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, तो पात्रता, वास्तविक जरूरत और सरकारी धन के उपयोग का स्पष्ट हिसाब भी महत्वपूर्ण हो जाता है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि मुफ्त रजिस्ट्री किन शर्तों पर होगी, पहले से कर्ज ले चुके हितग्राहियों के मामलों में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी और योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक किस तरह पहुंचाया जाएगा।

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Sat, 10 Oct 2026 12:26:00 +0530 news desk MPcg
भोपाल के बड़ा तालाब में सिंगाड़े की खेती:NGT ने कमेटी बनाकर जांच करवाई; पीसीबी को पानी की नियमित पड़ताल के आदेश https://citytoday.co.in/9286 https://citytoday.co.in/9286 बड़े तालाब में सिंघाड़े की खेती पर NGT सख्त, पानी की नियमित जांच के आदेश

भोपाल के अपर लेक में कीटनाशकों के इस्तेमाल की आशंका पर कार्रवाई, IARI तीन महीने में करेगा सिंघाड़े की जांच

भोपाल के बड़े तालाब में सिंघाड़े की खेती के दौरान कथित तौर पर रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने निर्देश जारी किए हैं। अधिकरण ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तालाब के पानी की नियमित जांच करने और भोपाल नगर निगम व कृषि विभाग को सिंघाड़े की खेती का नियमन सुनिश्चित करने को कहा है।

जांच में नहीं मिले कीटनाशक अवशेष

NGT द्वारा गठित संयुक्त समिति ने 1 अक्टूबर 2026 को तालाब का निरीक्षण किया था। इस दौरान बैरागढ़ स्थित बोर वन पार्क के पास सिंघाड़े और कमल की खेती मिली, लेकिन कीटनाशकों का छिड़काव करते हुए कोई व्यक्ति नहीं मिला। निरीक्षण के समय मृत मछलियां भी नहीं देखी गईं। पानी के नमूनों में कीटनाशक अवशेष और फीकल कोलीफॉर्म नहीं पाए गए।

पानी की गुणवत्ता की भी हुई जांच

जांच रिपोर्ट के अनुसार, पानी में घुलित ऑक्सीजन 6.1 मिलीग्राम प्रति लीटर, BOD 2.4 मिलीग्राम प्रति लीटर और COD 9.6 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया। हालांकि, NGT ने स्पष्ट किया कि एक स्थान और समय पर लिए गए नमूने के आधार पर पूरे तालाब में कीटनाशकों की मौजूदगी या अनुपस्थिति का निर्णायक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

तीन महीने में सिंघाड़े की जांच करेगा IARI

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) को सिंघाड़े में संभावित कीटनाशक अवशेषों और हानिकारक रसायनों की जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सिंघाड़े की खाद्य सुरक्षा पर संभावित प्रभावों का आकलन करना है।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश

NGT ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भोपाल नगर निगम को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने और जलीय जीवों पर उनके संभावित प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, बड़े तालाब में सिंघाड़े की खेती को लागू अनुमति और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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Fri, 09 Oct 2026 16:12:21 +0530 news desk MPcg
भोपाल के न्यू मार्केट में लगी आग:25 फीट तक उठीं लपटें, 5&6 दुकानों तक पहुंची; 50&60 लोग दुकान में बैठे थे https://citytoday.co.in/9272 https://citytoday.co.in/9272 भोपाल के न्यू मार्केट में भीषण आग: 25 फीट तक उठीं लपटें, 5-6 दुकानों और 10-12 रेहड़ियों तक पहुंची आग

भोपाल के न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर छोले-भटूरे की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें करीब 25 फीट तक उठती दिखाई दीं, जबकि धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर से नजर आया।

5-6 दुकानों तक पहुंची आग

आग तेजी से फैलते हुए आसपास की 5-6 दुकानों तक पहुंच गई। इसके अलावा पास में लगी करीब 10-12 रेहड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुकान में 50-60 लोग मौजूद थे

बताया जा रहा है कि जिस दुकान में आग लगी, वहां उस समय करीब 50-60 लोग बैठे हुए थे। आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई।

खेड़ापति हनुमान मंदिर बचा

आग की चपेट में दुकान से सटा खेड़ापति हनुमान मंदिर भी आ सकता था। हालांकि मंदिर की दीवार के कारण आग वहां तक नहीं पहुंची और मंदिर सुरक्षित रहा।

धुएं का गुबार दूर तक दिखा

आग इतनी तेज थी कि उठता हुआ धुआं करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। घटना के बाद न्यू मार्केट इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग लगने के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन अभी सामने आना बाकी है।

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Thu, 08 Oct 2026 16:17:35 +0530 news desk MPcg
मुफ्ती बोले& गरबा में मुस्लिम युवाओं का जाना हराम:दोस्तों संग जाने से भी बचें; अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक रहें https://citytoday.co.in/9261 https://citytoday.co.in/9261 भोपाल में नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी का बयान सामने आया है। उन्होंने बुधवार रात सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में मुस्लिम युवाओं से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं का दूसरे धर्म के धार्मिक त्योहार या धार्मिक रस्म में शामिल होना जायज नहीं है।

गरबा में शामिल होना हराम बताया

मुफ्ती गुफरान खान नदवी ने वीडियो में कहा कि आज के दौर में होने वाले गरबा या अन्य हिंदू धार्मिक रस्मों में मुस्लिम युवाओं की शिरकत जायज नहीं है। उन्होंने इसे हराम बताते हुए युवाओं को ऐसे आयोजनों से दूर रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि दूसरी कौम की धार्मिक परंपराओं का अनुकरण करना उचित नहीं है।

दोस्तों के साथ जाने से भी बचने की अपील

नदवी ने कहा कि कुछ मुस्लिम युवक अपने दोस्तों के साथ गरबा कार्यक्रमों में जाना बेहतर समझते हैं, लेकिन उन्हें इससे बचना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

दूसरे धर्मों के त्योहारों की ओर आकर्षित न होने की बात

मुफ्ती ने कहा कि मुस्लिम समाज की अपनी धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम युवाओं को अपने धर्म और उसकी परंपराओं पर ध्यान देना चाहिए और दूसरे धर्मों के धार्मिक आयोजनों की ओर आकर्षित होने से बचना चाहिए।

मस्जिद को लेकर भी दिया बयान

वीडियो में मुफ्ती गुफरान खान नदवी ने मस्जिदों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पहले मस्जिद के गेट तक भी नहीं आते थे, लेकिन अब वहां तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे लोगों के मुस्लिम धार्मिक परंपराओं और नमाज को लेकर बढ़ती रुचि के तौर पर बताया।

मुस्लिम त्योहार कमेटी भी कर चुकी है अपील

गरबा को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी भी मुस्लिम युवाओं से कार्यक्रमों में शामिल होने से परहेज करने की अपील कर चुकी है। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख इस्माइल खान ने 6 अक्टूबर को अपील जारी की थी। कमेटी का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी धर्म या धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं, बल्कि सामाजिक विवाद की स्थिति से बचना और शांति बनाए रखना है।

कमेटी जिलों में चलाएगी जागरूकता अभियान

कमेटी की ओर से प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर अभियान चलाने की बात कही गई है। पदाधिकारियों को उलेमा और सामाजिक संगठनों से संपर्क करने तथा मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए मुस्लिम युवाओं को गरबा आयोजनों से दूर रहने की अपील करने को कहा गया है। कमेटी प्रशासन से भी संपर्क कर अपनी पहल की जानकारी देने की बात कह चुकी है।

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Thu, 08 Oct 2026 13:14:38 +0530 news desk MPcg
SIR में छूटे नाम जोड़ने भोपाल में 2 दिन शिविर:3.88 लाख नामों की जांच शुरू; ऑनलाइन भी कर सकते हैं एप्लाई https://citytoday.co.in/9257 https://citytoday.co.in/9257 SIR में छूटे नाम जोड़ने भोपाल में दो दिन विशेष शिविर, 3.88 लाख नामों की जांच शुरू; ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन

भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए नामों की दोबारा जांच और उन्हें सूची में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 8 और 9 अक्टूबर को भोपाल की सभी सात विधानसभा सीटों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के नाम, पते और उनकी पात्रता का सत्यापन कर रहे हैं। पात्र पाए जाने पर छूटे हुए मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।

3.88 लाख मतदाताओं की हो रही जांच

भोपाल में SIR के दौरान करीब 3.88 लाख ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनमें अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित बताए गए मतदाता शामिल हैं। इनमें 1 लाख 503 मतदाता ऐसे हैं जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित मिले थे, जबकि 2 लाख 86 हजार 661 मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया गया था। अब BLO इन सभी नामों की दोबारा जांच कर रहे हैं।

SIR के बाद 21.25 लाख से घटकर 16.87 लाख हुई संख्या

करीब 11 महीने पहले SIR की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस समय भोपाल में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता दर्ज थे। SIR के बाद मतदाता सूची में यह संख्या घटकर करीब 16.87 लाख रह गई। अब प्रशासन का फोकस उन नामों की जांच पर है, जो किसी कारण से सूची से बाहर हो गए हैं, ताकि पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहें।

सातों विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए विशेष शिविर

नामों के सत्यापन के लिए भोपाल की बैरसिया, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। 7 अक्टूबर को भी शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने नाम से जुड़ी जानकारी की जांच कराई। 8 और 9 अक्टूबर को भी मतदाता इन शिविरों में पहुंचकर अपना सत्यापन करा सकते हैं।

सत्यापन के बाद दोबारा जुड़ेंगे पात्र मतदाताओं के नाम

जांच के दौरान ऐसे नामों का भी सत्यापन किया जा रहा है, जो दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं या ऐसे लोगों के नाम हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा पते पर नहीं मिलने वाले मतदाताओं की जानकारी भी जांची जा रही है। यदि किसी मतदाता को स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया गया है, लेकिन वह अभी भी संबंधित क्षेत्र का निवासी है और वहां मतदान करता है, तो सत्यापन के बाद उसका नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है।

ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन

मतदाता अपने नाम से संबंधित जानकारी की जांच करने के साथ जरूरी प्रक्रिया ऑनलाइन भी पूरी कर सकते हैं। जिन पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे नाम जोड़ने के लिए संबंधित आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक और पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहें।

18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए फॉर्म-6

1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए एडवांस में फॉर्म-6 भरने की सुविधा दी जा रही है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में डिक्लेरेशन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आसान होगी।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी साझा होगी जानकारी

BLO द्वारा तैयार की जा रही सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA के साथ भी साझा किया जाएगा। इससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी।

नाइट शेल्टर और मजदूर बस्तियों में भी विशेष कैंप

प्रशासन की ओर से ऐसे लोगों को भी मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो सामान्य तौर पर अपने स्थायी पते पर उपलब्ध नहीं रहते। नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और कोई भी व्यक्ति अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

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Thu, 08 Oct 2026 12:28:50 +0530 news desk MPcg
भोपाल में 'MP ट्रैवल मार्ट'& 100 विदेशी मेहमान आएंगे:अमेरिका, फ्रांस, जापान&इटली के टूर ऑपरेटर्स भी शामिल होंगे; चार दिन चलेगा https://citytoday.co.in/9238 https://citytoday.co.in/9238 भोपाल में MP ट्रैवल मार्ट: 34 देशों के 100 विदेशी मेहमान होंगे शामिल, 15 राज्यों के 180 टूर ऑपरेटर्स भी पहुंचेंगे

भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की शुरुआत होने जा रही है। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यह आयोजन 10 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान दुनिया के 34 से ज्यादा देशों के करीब 100 विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

MP ट्रैवल मार्ट का यह 7वां संस्करण है और इसे मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का अब तक का बड़ा बिजनेस-टू-बिजनेस नेटवर्किंग मंच बताया जा रहा है। आयोजन में विदेशी टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधि मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों, सुविधाओं और नए टूर पैकेजों को समझेंगे। साथ ही घरेलू टूर ऑपरेटर्स के साथ बिजनेस मीटिंग और अनुभव साझा किए जाएंगे।

अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, यूएई, इजराइल, कनाडा और अन्य देशों के प्रतिनिधि इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। यूरोप, एशिया-प्रशांत, अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के कई प्रमुख टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल राइटर्स भोपाल पहुंच रहे हैं।

देश के 15 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स भी ट्रैवल मार्ट में भाग लेंगे। इनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गोवा, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्य शामिल हैं। आयोजन में 600 से ज्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।

MP ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 1,100 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है। होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म से जुड़े 14 प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए 252 करोड़ रुपए के लेटर ऑफ अवार्ड भी दिए जाएंगे।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव सीहोर जिले के रामगढ़ में सामने आएगा। यहां 848.40 करोड़ रुपए के मेगा पर्यटन निवेश समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और आधुनिक आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रामगढ़ की इस परियोजना से क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान मिलने की उम्मीद है। परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होने की बात कही गई है। इसके अलावा पर्यटन राजमार्गों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।

MP ट्रैवल मार्ट में मध्य प्रदेश की संस्कृति और पारंपरिक खान-पान को भी खास जगह दी गई है। मेहमानों के लिए 'मां की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर लगाया गया है। यहां कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटी, दाल-बाफला, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, भुने भाटे का भर्ता और पारंपरिक चटनियां परोसी जाएंगी।

पर्यटन विभाग के मुताबिक, वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और कुल पर्यटकों की संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंची। अब MP ट्रैवल मार्ट 2026 के जरिए इस बढ़ती पर्यटन गतिविधि को वैश्विक निवेश, आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना और रोजगार के अवसरों में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।

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Wed, 07 Oct 2026 12:56:11 +0530 news desk MPcg
MLA ने कहा&चलो बाहर निकलो, वरना बदतमीजी करने लगूंगा:भोपाल में मेट्रो रूट के काम पर नाराजगी; कहा&शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी, पहले अनुमति लें https://citytoday.co.in/9213 https://citytoday.co.in/9213 भोपाल मेट्रो रूट पर विधायक आतिफ अकील का विरोध, बोले- पहले अनुमति लें, फिर काम करें

शाही कब्रिस्तान के पास मेट्रो टीम के पहुंचने पर भड़के विधायक, कहा- बिना वैधानिक अनुमति कोई काम नहीं होगा

देर रात कब्रिस्तान पहुंची मेट्रो टीम
भोपाल में ऑरेंज लाइन के फेज-2 के काम को लेकर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने एक बार फिर आपत्ति जताई है। सोमवार देर रात भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान में मेट्रो कॉरपोरेशन की टीम बैरिकेड्स लगाने और मशीनें लेकर पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही उत्तर विधानसभा से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील मौके पर पहुंच गए। मेट्रो और पुलिस अधिकारियों को देखकर विधायक ने नाराजगी जताई और टीम को वहां से बाहर जाने के लिए कहा।

अधिकारियों से सख्त लहजे में बोले- बाहर निकलो
मौके पर विधायक ने मेट्रो और पुलिस अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि कब्रिस्तान को छोड़कर मेट्रो का काम किया जाए। उन्होंने कहा कि शाही कब्रिस्तान की जमीन पर सामान और मशीनें कैसे लाई गईं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या काम शुरू करने से पहले शाही औकाफ से अनुमति ली गई है। विधायक ने यह भी कहा कि पहले अनुमति लेकर आएं और उसके बाद ही यहां किसी तरह का काम किया जाए।

कब्रिस्तान की जमीन पर बिना अनुमति काम का विरोध
विधायक आतिफ अकील ने कहा कि शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी पर बिना वैधानिक अनुमति के कोई भी निर्माण या अन्य गतिविधि नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों के साथ मेट्रो टीम से मशीनें और सामान हटाने की मांग की। विधायक का कहना था कि पहले संबंधित संस्था से अनुमति ली जाए और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही काम आगे बढ़ाया जाए।

कब्रिस्तान के नीचे से प्रस्तावित है अंडरग्राउंड मेट्रो रूट
विवाद की मुख्य वजह मेट्रो के फेज-2 का अंडरग्राउंड हिस्सा है। सुभाषनगर से करोंद के बीच तैयार हो रहे इस कॉरिडोर का एक हिस्सा भूमिगत बनाया जाना है। इसी रूट को शाही कब्रिस्तान के नीचे से निकाले जाने को लेकर विधायक ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों की कब्रें हैं और बड़ी संख्या में अन्य कब्रें भी मौजूद हैं, इसलिए यहां से मेट्रो लाइन नहीं निकाली जानी चाहिए।

फेज-2 में 16.74 किमी का कॉरिडोर
भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर में सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है। इसके बाद फेज-2 में सुभाषनगर से करोंद तक मेट्रो रूट का काम तेजी से चल रहा है। इस पूरे फेज की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर बताई गई है। प्रस्तावित रूट में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों हिस्से शामिल हैं।

5.38 किमी में बनेंगे 6 एलिवेटेड स्टेशन
फेज-2 के एक हिस्से में करीब 5.38 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाना है। इस हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा शामिल हैं। इस एलिवेटेड हिस्से के निर्माण पर करीब 650 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई है और इसका काम शुरू हो चुका है।

3.39 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा
फेज-2 के बाकी हिस्से में करीब 3.39 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया जाना है। इस हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड दो प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। इस पूरे अंडरग्राउंड काम की लागत करीब 890 करोड़ रुपए बताई गई है। इसी भूमिगत हिस्से के रूट को लेकर शाही कब्रिस्तान से जुड़ा विवाद सामने आया है।

वक्फ अधिकरण में चल रही सुनवाई
मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट को लेकर मामला मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी चल रहा है। यहां दोनों पक्षों की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा जा रहा है। इसी बीच मेट्रो टीम के कब्रिस्तान के पास पहुंचने और बैरिकेड्स लगाने की कार्रवाई से विधायक की नाराजगी सामने आई। विधायक ने स्पष्ट किया कि कानूनी अनुमति और संबंधित पक्ष की सहमति के बिना काम नहीं किया जाना चाहिए।

पहले भी आपत्ति जता चुके हैं विधायक
आतिफ अकील इससे पहले भी शाही कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो रूट निकालने का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि इस कब्रिस्तान में उनके बाप-दादा दफन हैं और यहां बड़ी संख्या में कब्रें मौजूद हैं। इसी वजह से वह लगातार मांग कर रहे हैं कि मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट कब्रिस्तान के नीचे से न निकाला जाए। सोमवार देर रात की घटना ने इस विवाद को फिर सामने ला दिया है।

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Tue, 06 Oct 2026 13:09:02 +0530 news desk MPcg
भोपाल में 20 हजार युवाओं से CM का संवाद:अगले साल दो बार होगी PSC परीक्षा, बोले& मप्र सबसे युवा प्रदेश, बेरोजगारी दर सबसे कम https://citytoday.co.in/9212 https://citytoday.co.in/9212 भोपाल में 20 हजार युवाओं से CM का संवाद, अगले साल दो बार होगी PSC परीक्षा

CM बोले- MP में 85 हजार नौकरियां दीं, 12 मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी खुलेंगी

भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित CM यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 20 हजार युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में 85 हजार नौकरियां दी गई हैं।

युवा वर्ष में दो बार होगी PSC परीक्षा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले साल युवा वर्ष के तहत मध्यप्रदेश में दो बार PSC परीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर देने के साथ उनके लिए नए क्षेत्र भी तैयार किए जा रहे हैं।

12 मेडिकल कॉलेज और 12 नई स्किल यूनिवर्सिटी

CM ने कहा कि प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके साथ 12 नई स्किल यूनिवर्सिटी भी शुरू करने की बात कही गई। सरकार का फोकस युवाओं को शिक्षा और कौशल के साथ नए तरह के रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है।

स्टार्टअप और स्वरोजगार पर भी जोर

कॉन्क्लेव में नौकरी के साथ युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप की ओर से स्टार्टअप, कौशल विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रदर्शित की गईं।

17 विभागों ने युवाओं को बताए करियर के अवसर

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, MSME, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा समेत 17 विभाग शामिल हुए। वहीं युवाओं के लिए जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुति भी हुई।

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Tue, 06 Oct 2026 12:39:51 +0530 news desk MPcg
अमित शाह के कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा बढ़ी, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस अलर्ट https://citytoday.co.in/9177 https://citytoday.co.in/9177 भोपाल 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज भोपाल में हैं। वे 3 अक्टूबर को अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मध्यप्रदेश में नक्सलमुक्ति के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का यह पहला मप्र दौरा है। वे उच्च स्तरीय बैठकों के साथ अन्य आयोजनों में हिस्सा लेंगे। अमित शाह आज भौरी स्थित आइसर में 500 करोड़ की लागत वाले अत्रि कैंपस की आधारशिला रखेंगे। वे गोपालक सम्मेलन में संबोधन देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उनके कार्यक्रमों पर विरोध प्रदर्शनों का खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए पुलिस कांग्रेस नेताओं की हरेक गतिविधियों पर नजर रख रही है। एक कांग्रेस नेता को उनके कार्यालय में ही हिरासत में भी लिया गया है।

शुक्रवार रात 12.15 बजे भोपाल पहुंचे
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार रात 12.15 बजे भोपाल पहुंचे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रात्रि में भारतीय वायुसेना के विमान से भोपाल आए। सीएम मोहन यादव और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विमानतल पर उनका स्वागत किया। अमित शाह आज शनिवार को भेल दशहरा मैदान में राज्यस्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसमें 35 हजार से अधिक गोपालक व सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियों के सदस्य शामिल होंगे। वे नए आपराधिक कानूनों के पालन में मप्र की नब्ज भी टटोलेंगे।

भौरी के आइसर में अत्रि कैंपस की रखेंगे आधारशिला
अमित शाह आज भौरी के आइसर में अत्रि कैंपस की आधारशिला रखेंगे। 52 एकड़ में 'अत्रि' रिसर्च एवं इनोवेशन कैंपस बनेगा। यहां एआई-रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, एडवांस्ड मैटेरियल्स, क्लाइमेट साइंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च होंगे। 500 करोड़ की लागत होगी।

कांग्रेस नेता को उनके कार्यालय में ही हिरासत में लिया
उधर, केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू की है। भोपाल भर में सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर गहरी नजर रखी जा रही है। नरेला में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को आफिस में नजरबंद किया गया है।

गृहमंत्री अमित शाह का भोपाल दौरा

शुक्रवार रात भोपाल आए गृहमंत्री अमित शाह
अनेक कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
केंद्रीय गृहमंत्री के भोपाल दौरे पर पुलिस सतर्क
कांग्रेस नेता को किया नजरबंद
शहर में आज कई कार्यक्रम
500 करोड़ के अत्रि कैंपस का शिलान्यास करेंगे गृहमंत्री
नक्सलमुक्ति के बाद शाह पहली बार मप्र पहुंचे
अब नशा मुक्ति का लक्ष्य

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Sat, 03 Oct 2026 12:28:02 +0530 news desk MPcg
आज भोपाल आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह:3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल; 35 हजार से ज्यादा लोग जुटेंगे https://citytoday.co.in/9173 https://citytoday.co.in/9173 अमित शाह आज भोपाल पहुंचेंगे, 3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 2 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे भोपाल पहुंचेंगे। वे होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। 3 अक्टूबर को उनका मुख्य कार्यक्रम राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन होगा, जिसमें प्रदेशभर से 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दौरे की तैयारियों की समीक्षा कर सुरक्षा, यातायात, पेयजल और स्वच्छता समेत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

35 हजार से ज्यादा गोपालक सम्मेलन में जुटेंगे

गोपालक सम्मेलन में भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम समेत कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है। सम्मेलन में कृषक कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के तहत किए गए कामों की जानकारी दी जाएगी। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण करेंगे।

पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को आर्थिक सहायता

कार्यक्रम में अमित शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी और गोपालक दीदियों का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। उज्जैन में 255 करोड़ रुपए के डेयरी प्लांट समेत डेयरी क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है।

डेयरी प्रोजेक्ट और किसान आईडी पर भी फोकस

भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यहां दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है। विधानसभा में दिए गए सरकारी जवाब के मुताबिक 30 जून 2026 तक मध्यप्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। हालांकि फार्मर आईडी की संख्या को किसान मतदाताओं की संख्या नहीं माना जा सकता।

सहकारिता और किसानों से जुड़े मुद्दों पर शाह का फोकस

अमित शाह के हालिया कार्यक्रमों में भी किसान और सहकारिता से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। 23 जून 2026 को उन्होंने NAFED का NAFEX ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया था और NAFED तथा NCCF को अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से करने की दिशा में काम करने को कहा था। भोपाल का गोपालक सम्मेलन भी पशुपालन, डेयरी, सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े समूह तक सरकार की योजनाएं पहुंचाने वाला प्रमुख कार्यक्रम होगा।

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Fri, 02 Oct 2026 15:36:32 +0530 news desk MPcg
MP में ₹65 तक महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर: भोपाल में ₹2815, इंदौर में ₹2919; रीवा में सबसे ज्यादा ₹3066 https://citytoday.co.in/9160 https://citytoday.co.in/9160 MP में ₹65 तक महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर: भोपाल में ₹2815, इंदौर में ₹2919; रीवा में सबसे ज्यादा ₹3066

भोपाल समेत मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब ₹62.50 से ₹65 तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में सिलेंडर की कीमत ₹3 हजार के पार पहुंच गई है।

भोपाल में ₹2815, इंदौर में ₹2919

नए रेट के मुताबिक भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर ₹2815, इंदौर में ₹2919, जबलपुर में ₹3030, ग्वालियर में ₹3037 और उज्जैन में ₹2980 में मिलेगा। रीवा में सबसे ज्यादा ₹3066 प्रति सिलेंडर कीमत हो गई है।

घरेलू सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं

14 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। भोपाल में घरेलू सिलेंडर ₹947.50, इंदौर में ₹970, जबलपुर में ₹948.50, ग्वालियर में ₹1025.50 और उज्जैन में ₹1001.50 में मिल रहा है।

होटल-रेस्टोरेंट का खर्च बढ़ेगा

कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार की लागत बढ़ सकती है। NRAI के प्रतिनिधि और कैफे संचालक अभिषेक बाहेती के मुताबिक, गैस संकट से पहले कमर्शियल सिलेंडर करीब ₹1800 में मिलता था, जो बाद में बढ़कर ₹3300 तक पहुंच गया था। अब पिछले दो महीनों से कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो रही है।

शादी-कैटरिंग पर भी असर

भोपाल के कैटरर्स के मुताबिक, कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से शादी और अन्य आयोजनों की कैटरिंग लागत भी बढ़ सकती है। दिवाली के बाद शादी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में गैस की बढ़ी कीमतों का असर आयोजनों के बजट पर पड़ सकता है।

रीवा में ₹3066, 26 जिलों में ₹3 हजार से ज्यादा

रीवा में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत सबसे ज्यादा ₹3066 हो गई है। सिंगरौली में ₹3064, सतना और नरसिंहपुर में ₹3063.50, कटनी में ₹3062.50 और पन्ना में ₹3061 कीमत है। प्रदेश के 26 जिलों में कमर्शियल सिलेंडर ₹3 हजार या उससे ज्यादा में मिलेगा। शाजापुर और सीहोर में नई कीमत ₹2822 है।

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Thu, 01 Oct 2026 13:29:24 +0530 news desk MPcg
कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹65 तक महंगा, MP में 1 अक्टूबर से नई दरें लागू https://citytoday.co.in/9157 https://citytoday.co.in/9157 कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹65 तक महंगा, MP में 1 अक्टूबर से नई दरें लागू

मध्य प्रदेश में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 1 अक्टूबर से बढ़ गए हैं। तेल कंपनियों ने देशभर में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब ₹70 तक की बढ़ोतरी की है। MP में यह बढ़ोतरी करीब ₹62.50 से ₹65 तक रही है।

भोपाल में ₹2815 पहुंचा रेट

नई दरों के मुताबिक भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर अब ₹2815 में मिलेगा। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

इंदौर में ₹2919

इंदौर में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹2919 हो गई है। बढ़ी हुई कीमतों से व्यावसायिक रसोई का गैस खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर संचालन लागत पर पड़ने की संभावना है।

जबलपुर में ₹3030, उज्जैन में ₹2980

जबलपुर में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर ₹3030 और उज्जैन में ₹2980 हो गई है। वहीं ग्वालियर में नया रेट ₹3037 बताया गया है।

रीवा में सबसे ज्यादा रेट

MP के प्रमुख शहरों में रीवा में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत सबसे ज्यादा बताई गई है। यहां नई कीमत करीब ₹3040 के आसपास पहुंच गई है। शहर के हिसाब से परिवहन और स्थानीय लागत के कारण रेट में अंतर रहता है।

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Thu, 01 Oct 2026 12:47:58 +0530 news desk MPcg
एक करोड़ फ्रॉड की FIR, 11 महीने बाद मर्डर:पेशी के पहले रिटायर्ड आईएएस की गला रेती लाश घर में मिली, केयरटेकर पर शक https://citytoday.co.in/9154 https://citytoday.co.in/9154 रिटायर्ड IAS की गला रेतकर हत्या: एक करोड़ की धोखाधड़ी केस में आरोपी से पूछताछ की तैयारी, केयरटेकर पर भी शक

सूरज नगर में घर के अंदर मिला शव

भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला सामने आया है। 30 सितंबर की सुबह उनका शव घर के अंदर मिला था। उनके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू करते हुए अलग-अलग एंगल से पड़ताल शुरू कर दी है।

एक करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की शिकायत

पुलिस जांच में करीब 11 महीने पुराने लेनदेन विवाद की जानकारी सामने आई है। राकेश अग्रवाल ने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी। आरोप था कि कंपनी में निवेश और बेहतर रिटर्न का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में रकम ली गई। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने FIR दर्ज कर अजीत को गिरफ्तार किया था।

गवाही से पहले हत्या, पुराने केस का कनेक्शन तलाश रही पुलिस

धोखाधड़ी के मामले में राकेश अग्रवाल की गवाही की प्रक्रिया चल रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कोर्ट की कार्रवाई या गवाही को लेकर अग्रवाल पर किसी तरह का दबाव या धमकी तो नहीं थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस पुराने मामले को हत्या की वजह नहीं माना है और दोनों घटनाओं के बीच प्रत्यक्ष संबंध की जांच की जा रही है।

केयरटेकर अरुण पर शुरुआती शक

पुलिस का शुरुआती शक घर में काम करने वाले केयरटेकर अरुण पर भी है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक हत्या रात करीब 12 से 2 बजे के बीच हुई। इसके बाद रात करीब 2:15 बजे अरुण CCTV में पिट्ठू बैग लेकर भदभदा की ओर जाता दिखाई दिया। उसकी तलाश में जोन-1 की पांच पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच जुटी हैं।

लूट समेत कई एंगल पर जांच जारी

पुलिस पुराने मामलों, अग्रवाल से जुड़े लोगों और उनकी हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। केयरटेकर की तलाश के साथ उसके मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने उसे उपलब्ध कराने वाली होम हेल्थ केयर एजेंसी से भी उसके दस्तावेज जुटाए हैं। फिलहाल लूट और पुराने धोखाधड़ी विवाद समेत कई एंगल से जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने भी DGP को मामले की निगरानी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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Thu, 01 Oct 2026 11:29:58 +0530 news desk MPcg
युवक को चाकू मारने का VIDEO सामने आया: दोस्त ने पेट और जांघ में किया था वार; टीआई बोले&100 रुपए के लिए हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार https://citytoday.co.in/9148 https://citytoday.co.in/9148 युवक को चाकू मारने का VIDEO सामने आया: दोस्त ने पेट और जांघ में किया था वार; 100 रुपए के विवाद में हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

इटारसी के स्टेशन रोड पर मंगलवार सुबह युवक की चाकू मारकर हत्या का वीडियो सामने आया है। घटना गुरुद्वारे के सामने हुई थी। मृतक की पहचान विक्रम मेहरा (29) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पेट और जांघ में किया चाकू से वार

पुलिस के अनुसार, विक्रम का अपने परिचितों से विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला किया। उसके पेट और जांघ में वार किए गए। गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो अब सामने आया है।

100 रुपए के विवाद में हत्या का दावा

टीआई के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या की वजह 100 रुपए का विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि मृतक और आरोपियों के बीच पैसों को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और चाकू से हमला कर दिया गया।

घटना थाने से 300 मीटर दूर

वारदात मंगलवार सुबह करीब 8 बजे स्टेशन रोड पर गुरुद्वारे के सामने हुई। घटनास्थल इटारसी पुलिस थाने से करीब 300 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों को जुटाया।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना के पीछे की पूरी वजह और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर भी जांच कर रही है।

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Wed, 30 Sep 2026 15:25:57 +0530 news desk MPcg
6 महीने से आयुष्मान का पेमेंट नहीं, धरने पर बैठे डॉक्टर: भोपाल में प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन का प्रदर्शन; एनबीएचएस हटाने की मांग https://citytoday.co.in/9140 https://citytoday.co.in/9140 6 महीने से आयुष्मान का पेमेंट नहीं, धरने पर बैठे डॉक्टर: भोपाल में प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन का प्रदर्शन; NABH नियम हटाने की मांग

भोपाल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले निजी अस्पतालों के डॉक्टर और संचालक बुधवार को प्रदर्शन करने पहुंचे। प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टर जेपी अस्पताल परिसर स्थित आयुष्मान योजना के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। अस्पताल संचालकों का कहना है कि आयुष्मान के कई भुगतान महीनों से लंबित हैं।

लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग

निजी अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों का दावा है कि आयुष्मान योजना के पात्र दावों का भुगतान कई महीनों से अटका हुआ है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन के साथ दवाओं और अस्पताल के दूसरे खर्चों पर भी असर पड़ रहा है।

NABH की अनिवार्यता का विरोध

निजी अस्पताल संचालक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में आयुष्मान योजना के तहत NABH से जुड़ी अनिवार्यता का भी विरोध कर रहे हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार इन चार शहरों में 1 अक्टूबर से निजी अस्पतालों के लिए NABH से जुड़े मानक लागू होने हैं। इससे पहले अस्पतालों को छह महीने की मोहलत दी गई थी।

अस्पताल संचालकों ने खर्च बढ़ने का तर्क दिया

अस्पताल संचालकों का कहना है कि NABH मानकों को पूरा करने के लिए अस्पतालों को स्टाफ, रिकॉर्ड, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। उनका दावा है कि मौजूदा आयुष्मान पैकेज दरों और भुगतान में देरी के बीच इन अतिरिक्त खर्चों को वहन करना मुश्किल है।

चार शहरों में नियम लागू होने पर सवाल

निजी अस्पताल संगठनों ने यह सवाल भी उठाया है कि NABH की अनिवार्यता केवल भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में ही क्यों लागू की जा रही है। संगठनों ने लंबित आयुष्मान भुगतान जारी करने और नए नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वहीं, NABH आधिकारिक तौर पर अस्पतालों में गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के लिए मान्यता और प्रमाणन व्यवस्था संचालित करता है।

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Wed, 30 Sep 2026 14:01:20 +0530 news desk MPcg
भोपाल में न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर BJP दफ्तर पहुंचे कर्मचारी, 3 से 5 हजार रुपए मानदेय का दावा; उमा भारती की 2003 की घोषणा याद दिलाई https://citytoday.co.in/9123 https://citytoday.co.in/9123 भोपाल में न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर BJP दफ्तर पहुंचे कर्मचारी, 3 से 5 हजार रुपए मानदेय का दावा; उमा भारती की 2003 की घोषणा याद दिलाई

भाजपा प्रदेश कार्यालय में कर्मचारियों का धरना
भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को अस्थायी, अंशकालीन, आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर धरना दिया। आंदोलन को कर्मचारियों ने ‘न्यूनतम वेतन दिलाओ उपवास आंदोलन’ नाम दिया है।

3 से 5 हजार रुपए मिलने का दावा
कर्मचारी संगठन का दावा है कि कई विभागों में अस्थायी कर्मचारियों को 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक भुगतान किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, स्कूलों और छात्रावासों में अंशकालीन कर्मचारियों को करीब 4 से 5 हजार रुपए तथा ग्राम पंचायतों के कुछ कर्मचारियों को 3 से 4 हजार रुपए मिल रहे हैं।

घोषित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान का आरोप
आंदोलनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम मजदूरी की तुलना में उन्हें काफी कम राशि मिल रही है। कर्मचारी संगठन ने विभिन्न श्रेणियों के लिए 12,425 से 16,769 रुपए तक की न्यूनतम मजदूरी का हवाला दिया है।

उमा भारती की 2003 की घोषणा का हवाला
प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को साल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती की ओर से की गई न्यूनतम वेतन संबंधी घोषणा की याद दिलाई। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे न्यूनतम वेतन और रोजगार में स्थायित्व की मांग उठा रहे हैं।

11 वर्गों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल
कर्मचारी संगठन के अनुसार आंदोलन में ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप ऑपरेटर, भृत्य, सफाईकर्मी, स्कूल-छात्रावासों के अंशकालिक कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी, पेसा मोबिलाइजर, कोटवार, मध्याह्न भोजन कर्मचारी, मनरेगा मेट और योग सहायक-प्रशिक्षक समेत कई श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं।

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Mon, 28 Sep 2026 17:21:02 +0530 news desk MPcg
भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन, बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी; CEO कार्यालय घेराव के दौरान धक्का&मुक्की https://citytoday.co.in/9116 https://citytoday.co.in/9116 भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन, बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी; CEO कार्यालय घेराव के दौरान धक्का-मुक्की

भोपाल में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन सोमवार को तेज हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और झंडे लहराते नजर आए। पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार की। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में बैठाकर मौके से ले गई।

CEC के प्रतीकात्मक विरोध का प्रदर्शन
प्रदर्शन में एक कार्यकर्ता को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर जंजीरों में बांधा गया। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार भी उसे जंजीरों से पकड़े हुए नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ लिखे पोस्टर भी लगाए।

SIR को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी ने हटाए गए नामों का विधानसभा और जिलेवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची और नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है।

प्रदर्शन के दौरान विवादित बयान भी सामने आया
लाइव अपडेट के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने प्रदर्शन के दौरान EVM से चुनाव होने की स्थिति में चुनाव बहिष्कार की बात कही। उनके द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी भी रिपोर्ट की गई है। यह बयान उनके व्यक्तिगत/राजनीतिक वक्तव्य के रूप में रिपोर्ट हुआ है।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था जारी
CEO कार्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की। कांग्रेस ने पहले ही 28 सितंबर को भोपाल में निर्वाचन कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था।

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Mon, 28 Sep 2026 14:58:50 +0530 news desk MPcg
MP में ₹12 हजार करोड़ की अमृत 2.0 योजना में कथित गड़बड़ी, वाटर प्लांट्स में लोकल सेंसर लगाने का आरोप https://citytoday.co.in/9084 https://citytoday.co.in/9084 MP में ₹12 हजार करोड़ की अमृत 2.0 योजना में कथित गड़बड़ी, वाटर प्लांट्स में लोकल सेंसर लगाने का आरोप
622 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में SCADA सिस्टम की जांच

मध्य प्रदेश में घर-घर साफ पानी पहुंचाने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत 622 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्लांट्स में SCADA सिस्टम के लिए स्वीकृत ब्रांड के बजाय लोकल सेंसर और अन्य उपकरण लगाए जाने का आरोप है।

ब्रांडेड उपकरण की जगह लोकल सेंसर का दावा

जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिन उपकरणों पर स्वीकृत ब्रांड के स्टीकर दिखाई दे रहे थे, उन्हें हटाने पर उनके नीचे अलग कंपनी के उपकरण मिलने का दावा किया गया है। इससे उपकरणों की वास्तविक कंपनी और उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं।

भोपाल, शहडोल और छिंदवाड़ा में जांच

रिपोर्ट में भोपाल, शहडोल और छिंदवाड़ा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स का निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। जांच में SCADA सिस्टम से जुड़े सेंसर और दूसरे उपकरणों की पड़ताल की गई। इन उपकरणों की खरीद और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।

SCADA सिस्टम में सेंसर की अहम भूमिका

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में SCADA सिस्टम पानी की प्रक्रिया और उपकरणों की निगरानी में मदद करता है। इसमें सेंसर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में स्वीकृत स्पेसिफिकेशन के अनुसार उपकरण लगाए गए हैं या नहीं, यह तकनीकी जांच का विषय है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहीं निर्धारित मानकों या स्वीकृत ब्रांड से संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। साथ ही, यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

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Thu, 24 Sep 2026 15:28:43 +0530 news desk MPcg
भोपाल में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी, 7 घाटों पर क्रेन&पोकलेन और गोताखोर तैनात https://citytoday.co.in/9083 https://citytoday.co.in/9083 भोपाल में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी, 7 घाटों पर क्रेन-पोकलेन और गोताखोर तैनात
7 प्रमुख घाटों पर प्रशासन ने बढ़ाई व्यवस्था

भोपाल में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के 7 प्रमुख विसर्जन घाटों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। घाटों पर 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन में किसी तरह की परेशानी न हो।

184 गोताखोर संभालेंगे मोर्चा

विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए 184 गोताखोरों की तैनाती की गई है। जल क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

डोल ग्यारस से शुरू हुआ विसर्जन

भोपाल में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन डोल ग्यारस यानी एकादशी से शुरू हो चुका है। भक्त अलग-अलग घाटों पर पहुंचकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विधि-विधान से विदाई दे रहे हैं। यह सिलसिला अनंत चतुर्दशी तक जारी रहेगा।

रास्तों पर लगाई गई 1665 लाइट

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए रास्तों और प्रमुख स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था भी की गई है। शहर में कुल 1665 लाइट लगाई गई हैं, ताकि रात के समय भी श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा रहे।

प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा पर किया फोकस

गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने मशीनरी, गोताखोर और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन के दौरान इन व्यवस्थाओं का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

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Thu, 24 Sep 2026 14:58:24 +0530 news desk MPcg
खेलों से सशक्त युवा, देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प — भोपाल में गूंजा ‘खेल की बात पीएम के साथ’ का संदेश https://citytoday.co.in/8595 https://citytoday.co.in/8595 खेलों से सशक्त युवा, देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प — भोपाल में गूंजा ‘खेल की बात पीएम के साथ’ का संदेश

नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम

भोपाल

नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, स्थित राजीव गांधी साइबर लॉ सेंटर में माय भारत के संयुक्त तत्वाधान में ‘खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के देशभर के खिलाड़ियों एवं युवाओं के साथ संवाद का सीधा प्रसारण किया गया। 

    कार्यक्रम का सफल संचालन एवं मॉडरेटर की भूमिका यशस्वी अग्रवाल द्वारा प्रभावी ढंग से निभाई गई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा खेल के माध्यम से अनुशासन, समर्पण, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से देशभर के खिलाड़ियों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति समर्पण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री के संवाद से उपस्थित युवाओं एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

   कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री मनोज श्रीवास्तव, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग,  श्री प्रवीण शर्मा, अध्यक्ष, राज्य युवा आयोग, डॉ एस सूर्यप्रकाश, कुलपति, एन एल आई यू, डॉ राका आर्या, डिन, छात्र कल्याण, एन एल आई यू,  श्रीमती गुंजन चौकसे, सुप्रीम कोर्ट लॉयर एवं श्रीमति निक्की राठौर, उपनिदेशक, माय भारत की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने उपस्थित खिलाड़ियों, यूथ आइकन्स, विद्यार्थियों एवं युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि युवा अपनी प्रतिभा को पहचानें, नियमित अभ्यास करें और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए जिला, प्रदेश एवं देश स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायी बनाने में जिले के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही। इस अवसर पर सुश्री वैष्णवी खलाने, अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी, उपस्थित रहीं जिनकी उपलब्धियों एवं संघर्षपूर्ण खेल यात्रा ने उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं को यह संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इसके साथ ही यूथ आइकन के रूप में सुश्री यशस्वी अग्रवाल, सुश्री संजना पाल एवं श्री शैलेंद्र श्रीवास, श्री देवेंद्र वर्मा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उनकी उपस्थिति ने युवाओं को खेलों के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों एवं युवा नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

      प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के उपरांत कार्यक्रम का महत्वपूर्ण एवं संवादात्मक चरण आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित बच्चों एवं युवाओं को जिले के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने खिलाड़ियों से उनके खेल जीवन के अनुभव, नियमित अभ्यास की दिनचर्या, खेल के दौरान आने वाली कठिनाइयों, प्रतियोगिताओं के दबाव, असफलताओं से सीखने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किए गए संघर्षों के बारे में जानकारी प्राप्त की। खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को बताया कि खेल के क्षेत्र में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ-साथ निरंतर अभ्यास, अनुशासन, धैर्य, सकारात्मक सोच और खेल भावना अत्यंत आवश्यक है।

  कार्यक्रम के दौरान आइडिया बॉक्स के माध्यम से उपस्थित युवाओं ने पांच  प्रमुख विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। इनमें देश में खेल पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, शासन में युवा नेतृत्व एवं भागीदारी, विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण तथा नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत प्रमुख रहे। युवाओं ने खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान एवं प्रशिक्षण, युवाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी तथा कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाने से संबंधित अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इन विचारों के माध्यम से युवाओं ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी युवाओं एवं विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। युवाओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा अपने आसपास के अन्य युवाओं को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का ।

        संकल्प व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने।असफलताओं से निराश न होने तथा निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों, खिलाड़ियों, यूथ आइकन्स, एवं युवाओं का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। ‘खेल की बात पीएम के साथ’ संवाद ने भिंड के युवाओं को खेलों के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा देने के साथ यह संदेश दिया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, अनुशासित युवा शक्ति और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का प्रभावी साधन है। आयोजन ने युवाओं में ‘खेलेंगे तो खिलेंगे और आगे बढ़ेंगे तो देश का नाम रोशन करेंगे’ जैसी सकारात्मक भावना को और मजबूत किया।

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Fri, 28 Aug 2026 17:54:04 +0530 news desk MPcg
ऑपरेशन मुस्कान: MP पुलिस ने देशभर में तलाश कर 12 नाबालिग बालिकाओं को परिजनों से मिलाया https://citytoday.co.in/8560 https://citytoday.co.in/8560 Wed, 26 Aug 2026 19:43:40 +0530 news desk MPcg सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मेगा रीटेल आउटरीच कैंप, ग्राहकों को आसान लोन और डिजिटल बैंकिंग की सुविधा | https://citytoday.co.in/8401 https://citytoday.co.in/8401 Fri, 21 Aug 2026 13:49:51 +0530 news desk MPcg डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/6854 https://citytoday.co.in/6854 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी
23 जून से 6 जुलाई तक का पखवाड़ा डॉ. मुखर्जी को होगा समर्पित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए।

जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

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Mon, 22 Jun 2026 20:29:43 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू https://citytoday.co.in/6619 https://citytoday.co.in/6619 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग तथा इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक परियोजना मिलकर करेंगे काम
प्रदेश में एग्री सौर पीवी के विकास में जर्मन कम्पनी जीआईजेड करेगी सहयोग

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेश में एग्रो सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की मंशा पर एक और उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड तथा जर्मन सरकार समर्थित इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना (आईजीसीए) के मध्य सोमवार को मंत्रालय, भोपाल में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। एग्री वोल्टाइक, कृषि एवं सौर ऊर्जा के संयुक्त उपयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया एक संगठन है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ उसी खेत में ही सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जिससे अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हो, खाद्य सुरक्षा बनी रहे तथा भूमि संबंधी विवादों से भी बचा जा सके। इस काम में जर्मन कम्पनी सरकार को सहयोग देगी। यह पहल पीएम-कुसुम 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के अनुरूप राज्य में विशिष्ट एग्रीवोल्टाइक ढांचा विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने, भूमि उपयोग दक्षता सुधारने, उत्पादित ऊर्जा की सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा जलवायु-अनुकूल ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी। यह गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन मई 2030 तक प्रभावी रहेगा। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड अमनवीर सिंह बैंस, भारत में जर्मन दूतावास के पदाधिकारी, एग्री वोल्टाइक संगठन से एलेक्जेंडर, जर्मनी की जीआईजेड कम्पनी के पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

एग्री सौर पीवी के तहत सरकार किसानों को सब्सिडी देगी। इससे किसान अपनी जमीन के मालिकाना हकदार होंगे। किसान जमीन में खेती करेंगे और उसी खेत में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित करेंगे। यह किसानों के लिए डबल सौगात होगी।

राज्य सरकार और इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना के मध्य हुई इस परस्पर साझेदारी के अंतर्गत कम्पनी द्वारा एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की पहचान, तकनीकी एवं आर्थिक मूल्यांकन, डिजाइन, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, ऊर्जा विकासकर्ताओं, डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनीज (डिस्कॉम) एवं अन्य संबंधित हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कम्पनी द्वारा राज्य में कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा को संरक्षित रखते हुए उपयुक्त नीतिगत एवं नियामक ढांचा विकसित करने में भी सहयोग किया जाएगा।

 

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Tue, 16 Jun 2026 13:27:43 +0530 news desk MPcg
हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल होती है आसान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/6609 https://citytoday.co.in/6609 हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल होती है आसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने भीम नगर बस्ती पहुंचकर एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी को दिया आशीर्वाद
प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी नहीं बनेगी कभी बाधा
ई-स्कूटर से पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव : हेलमेट पहनने के‍लिए किया लोगों को प्रेरित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि परिवार में गरीबी, कठिनाई के बावजूद हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल आसान होती है। विषम परिस्थितियों में भी कुमारी चांदनी ने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो उपलब्धि हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी विश्वकर्मा से मिलने ई-स्कूटर से विधानसभा के निकट स्थित भीम नगर बस्ती पहुंचे। ई-स्कूटर पर सवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं हेलमेट पहना और उनके साथ ई-स्कूटर पर पीछे बैठे विधायक भगवान दास सबनानी ने भी हेलमेट लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने, सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रभावशीलता के संबंध में स्थानीय निवासियों से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी चांदनी और उनके परिजन से आत्मीय भेंट की और परिजन के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी कभी बाधा नहीं बनेगी। कुमारी चांदनी को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर चलाकर दिया ईंधन बचाने का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक ईंधन संकट के बीच भीम नगर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से पहुंचे। उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने और पर्यावरण-संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रहित में सबसे पहले अपना कारकेड घटाने का निर्णय लिया था। उनकी पहल पर कारकेड में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को शामिल किया गया है।

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Mon, 15 Jun 2026 20:47:50 +0530 news desk MPcg
भोपाल में पटाखा मार्केट में भीषण आग, धमाकों से दहला बैरागढ़ रोड https://citytoday.co.in/6560 https://citytoday.co.in/6560

भोपाल के बैरागढ़ रोड पर शुक्रवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हलालपुरा स्थित एक पटाखा दुकान में भीषण आग लग गई। आग लगते ही दुकान में रखे पटाखों में लगातार धमाके होने लगे, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। आग की लपटें करीब 70 फीट ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं और दूर-दूर तक धुएं का गुबार फैल गया।

यह पटाखा दुकान मुख्य सड़क किनारे स्थित है, जहां दिन के समय भारी ट्रैफिक रहता है और आसपास बड़ी संख्या में वाहन भी खड़े रहते हैं। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यदि यह आग दिन में लगती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर समेत कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार साढ़े तीन घंटे तक मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग की वजह से दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई और लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। शॉर्ट सर्किट और आसपास हो रही आतिशबाजी को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पेट्रोल पंप के नजदीक पटाखा बाजार संचालित होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच कर रही हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हादसे के कारणों की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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Fri, 12 Jun 2026 14:35:05 +0530 news desk MPcg
शिवराज का दावा: 12 साल में बदली खेती की तस्वीर, किसानों को मिले 6 बड़े फायदे https://citytoday.co.in/6544 https://citytoday.co.in/6544 भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को लेकर बड़ा दावा किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में खेती और किसान दोनों की तस्वीर बदल गई है। सरकार की किसान कल्याण योजनाओं ने कृषि को आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है।

शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, पीएम-किसान योजना के तहत 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई गई है। वहीं एमएसपी पर 26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीद, 8 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड और 26 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और ई-नाम प्लेटफॉर्म ने किसानों को सुरक्षा और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया है।

उन्होंने दावा किया कि जलवायु अनुकूल फसल किस्मों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि सेवाओं और नई तकनीकों के इस्तेमाल से खाद्यान्न उत्पादन में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शिवराज ने कहा कि ये केवल सरकारी योजनाओं की सफलता नहीं, बल्कि करोड़ों किसानों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानी है। उनके अनुसार आज किसान के चेहरे पर मुस्कान और भविष्य को लेकर नया विश्वास दिखाई दे रहा है।

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Thu, 11 Jun 2026 16:30:10 +0530 news desk MPcg
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज, महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने की राह आसान https://citytoday.co.in/6540 https://citytoday.co.in/6540 मध्य प्रदेश की राज्यसभा राजनीति में ओरछा के महेश केवट का नाम तेजी से चर्चा में है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद यदि कांग्रेस को अदालत से राहत नहीं मिलती, तो महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश से केवट, माझी, मल्लाह, रैकवार और भोई समाज के पहले राज्यसभा सांसद बन सकते हैं।

महेश केवट ओरछा के निवासी और सीमेंट व्यवसायी हैं। वे पहले नगर परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और उनका परिवार लाला हरदौल बैठका की सेवा से भी जुड़ा है। वर्ष 2022 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उनका निष्कासन हुआ था, लेकिन बाद में जांच में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर भाजपा ने उनका निष्कासन समाप्त कर दिया।

हाल ही में उन्हें मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया, जिसके बाद उनका राजनीतिक कद और बढ़ा। भाजपा ने सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए आगे बढ़ाया है। माना जा रहा है कि उनकी उम्मीदवारी से मछुआरा और निषाद समाज में बड़ा राजनीतिक संदेश जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी महेश केवट की भूमिका अहम हो सकती है। बुंदेलखंड और यूपी सीमा से जुड़े क्षेत्रों में केवट समाज की मजबूत पकड़ को देखते हुए भाजपा उन्हें संगठन और चुनाव प्रचार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

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Thu, 11 Jun 2026 13:23:37 +0530 news desk MPcg
गुना के डायल&112 हीरोज घायल हिरण के शावक को सुरक्षित वन विभाग के सुपुर्द किया https://citytoday.co.in/6472 https://citytoday.co.in/6472 भोपाल 

गुना जिले के थाना म्याना क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं मानवीय कार्रवाई से घायल हिरण के एक शावक को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करते हुए वन विभाग के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्यवाही से वन्यजीव को उपचार एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा सकी।

07 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना म्याना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमरा जंगल के पास एक हिरण का शावक घायल अवस्था में है, जिसे कुत्ते ने काट लिया है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही म्याना थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक  देवदत्त वर्मा एवं पायलट  राजेश राजपूत ने मौके पर पहुँचकर पाया कि वन क्षेत्र से अपने झुंड से बिछड़कर आया हिरण का शावक घायल हो गया था।

डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल हिरण के शावक को सुरक्षित संरक्षण में लिया तथा एफआरव्ही वाहन की सहायता से उपचार एवं देखभाल हेतु फॉरेस्ट चौकी पहुँचाकर वन विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द किया, जहाँ उसका उपचार किया जा रहा है।

डायल-112 जवानों की मानवीय एवं संवेदनशील कार्यवाही से एक वन्यजीव को समय पर उपचार एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा मानव जीवन के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी समान रूप से संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

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Mon, 08 Jun 2026 13:57:42 +0530 news desk MPcg
राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026: भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने भरा नामांकन https://citytoday.co.in/6444 https://citytoday.co.in/6444

राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026: भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने भरा नामांकन

भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन 2026 की प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने शनिवार को निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। भाजपा ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन को संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और आगे की चुनावी प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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Sat, 06 Jun 2026 14:50:42 +0530 news desk MPcg
16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट पर प्रतिबंध, नदियों से असंबद्ध छोटे तालाबों को छूट https://citytoday.co.in/6399 https://citytoday.co.in/6399 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट पर प्रतिबंध, नदियों से असंबद्ध छोटे तालाबों को छूट

नदियों और उससे जुड़े जलाशयों में मछली पकड़ने पर रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

भोपाल 

मध्यप्रदेश में मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने और जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को 'बंद ऋतु' (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इन दो महीने की अवधि में प्रदेश की समस्त नदियों और उनसे जुड़े जलाशयों में मत्स्याखेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। गुरुवार को संचालनालय मत्स्योद्योग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस अवधि में यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से मत्स्याखेट या परिवहन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंध से ऐसे छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका किसी भी नदी से कोई संबंध नहीं है और जिन्हें 'निर्दिष्ट जल' की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया गया है, उन पर यह नियम लागू नहीं होंगे। इन निजी या स्थानीय छोटे तालाबों में सामान्य दिनों की तरह मत्स्य पालन और आखेट किया जा सकेगा। मछुआ समुदाय को समय रहते जानकारी मिलने से मछुआरे अनजाने में होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकेंगे और नियमों का पालन कर प्राकृतिक रूप से मत्स्य बीज उत्पादन में सहयोग कर सकेंगे।

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Thu, 04 Jun 2026 20:23:01 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान ने दिखाई मिसाल, दो मंत्रियों संग कार पूलिंग कर पहुंचे कैबिनेट बैठक में https://citytoday.co.in/6397 https://citytoday.co.in/6397 भोपाल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब-तब अपने अलग अंदाज और बातचीत को लेकर सुर्खियों में छाए रहते हैं। उनका एक और वीडियो सामने आया जिसमें वे दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ कार पूलिंग करते नजर आए। यह मामला इसलिए चर्चा में आ गया, क्योंकि काफिला कम करने को लेकर तो खबरें खूब सामने आएं, लेकिन सेंट्रल मिनिस्टर्स द्वारा कार पूलिंग का संभवत: यह पहला मामला है।

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोलियम की बचत को लेकर की गई अपील के बाद नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों के काफिला कम करने को लेकर वीडियो सामने आ रहे हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों संग सफर करते दिखे। शिवराज सिंह ने बताया कि पेट्रोल-डीजल बचाने केंद्रीय मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल और जी. किशन रेड्डी के साथ पूलिंग कर रहे हैं। एक ही कार से तीनों मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे।

शिवराज सिंह चौहान मीडिया को बताया कि आज मैं, पाटिल जी और किशन जी कार पूलिंग करके जा रहे हैं। हमारे पीएम ने देश का आह्वान किया है। उनकी अपील के बाद पेट्रोल—डीजल की खपत बचाने के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है। हम लोग तो उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी हैं। इसलिए हमने सोचा कि हम लोग भी कार पूल करके जाएं। शिवराज ने बताया कि आज हम तीनों कार पूलिंग कर जा रहे है। 

चौहान ने क्या बताया?
इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत कम करने की अपील की है, जिसे देशभर में सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तीनों मंत्री कैबिनेट सहयोगी हैं, इसलिए उन्होंने भी कारपूलिंग के माध्यम से इस अभियान में अपना योगदान देने का फैसला किया।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच दूरदर्शी है और मौजूदा समय में तेल, डीजल व पेट्रोल के अनावश्यक उपयोग को कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। 

सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, सभी को पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में काम करना चाहिए। जितना संभव हो सके, सभी को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। इससे लोगों में सकारात्मक संदेश भी जाएगा।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज सी.आर. पाटिल, जी. किशन रेड्डी और मैं कार पूलिंग करके जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश का आह्वान किया है और उनके आह्वान पर अनावश्यक पेट्रोल और डीजल की खपत बचाने के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है और उस पर अमल कर रहा है. हम तो मंत्रिमंडल के सहयोगी हैं. हमने भी सोचा कि कार पूलिंग करके हम लोग यात्रा करें. आज की परिस्थितियों में ये आवश्यक है कि हम अनावश्यक पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करें. जितना संभव है सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। 

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Thu, 04 Jun 2026 19:10:18 +0530 news desk MPcg
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय&सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला https://citytoday.co.in/6396 https://citytoday.co.in/6396 भोपाल, 4 जून 2026। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार समय पर हो सके।

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर, चिकित्सा उपकरणों और मानव संसाधनों की व्यवस्था भी समय रहते पूरी की जाए, जिससे नए स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा सकें। उन्होंने ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, जिनमें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार संशोधन या अतिरिक्त कार्यों की जरूरत हो।

बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों और मैनपावर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि संचालन में किसी प्रकार की देरी न हो।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि पीआईयू द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), बीपीएचयू, सीसीएचबी, औषधालय और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के कुल 137 निर्माण कार्य वर्ष 2026-27 में किए जा रहे हैं। इनमें से 45 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि जून माह के अंत तक 7 और संस्थान तैयार हो जाएंगे।

योजना के अनुसार द्वितीय तिमाही में 28, तृतीय तिमाही में 33 तथा वित्तीय वर्ष के अंत तक 13 अतिरिक्त स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण पूरा किया जाएगा। इस प्रकार वर्ष 2026 के अंत तक प्रदेश में कुल 126 स्वास्थ्य संस्थान तैयार होकर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए उपलब्ध होंगे।

बैठक में पीआईयू के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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Thu, 04 Jun 2026 18:34:41 +0530 news desk MPcg
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव मंजूर, अब शासन के फैसले का इंतजार https://citytoday.co.in/6393 https://citytoday.co.in/6393

भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय" किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए मध्य प्रदेश शासन को भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

कार्यपरिषद की बैठक में राजा भोज के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और बौद्धिक विरासत में राजा भोज का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी आधार पर विश्वविद्यालय को नई पहचान देने की सिफारिश की गई है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि भोपाल की ऐतिहासिक जड़ों और राजा भोज की विरासत को देखते हुए "वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय" नाम अधिक उपयुक्त होगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी सामने आया। कुछ सदस्यों ने स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद बरकतउल्लाह भोपाली के योगदान का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय का मौजूदा नाम बनाए रखने की मांग की। बरकतउल्लाह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में रहे और 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली अस्थायी सरकार के प्रधानमंत्री भी बने थे।

बैठक में अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। अरबी और पर्शियन विभागों को पुनर्गठित कर तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया। वहीं, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर करीब 30 बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी करने का फैसला भी किया गया।

अब विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर अंतिम निर्णय राज्य शासन के स्तर पर लिया जाएगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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Thu, 04 Jun 2026 13:41:59 +0530 news desk MPcg
गांधी मेडिकल कॉलेज में जातिगत प्रताड़ना का आरोप, अनुसूचित जाति आयोग से शिकायत https://citytoday.co.in/6148 https://citytoday.co.in/6148 भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक लैब अटेंडेंट ने विभागाध्यक्ष डॉ. तृप्ति सक्सेना और डॉ. वीरेंद्र माहोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित कर्मचारी ने मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत भेजकर जातिगत प्रताड़ना, सार्वजनिक अपमान और पद के विपरीत कार्य करवाने का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार, लैब अटेंडेंट के पद पर नियुक्त होने के बावजूद उससे सफाई और पोंछा लगाने जैसे कार्य कराए गए। कर्मचारी का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि विभाग में लगातार उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक तनाव में है। मामले की शिकायत अनुसूचित जाति आयोग को भेजे जाने के बाद अब पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है।

फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं आयोग द्वारा शिकायत की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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Wed, 27 May 2026 15:54:35 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश वैश्विक वन्य जीव संरक्षण का बना रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/6025 https://citytoday.co.in/6025 मध्यप्रदेश वैश्विक वन्य जीव संरक्षण का बना रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वनस्पति और वन्यजीवों की विविधता हमारी पूंजी, इसे संजोकर रखना हमारा कर्तव्य
जल, जंगल और जमीन की उर्वरता बचाने में प्रदेश है देश में नम्बर वन
केन्द्र सरकार ने दिया मध्यप्रदेश को चीता स्टेट बनने का अवसर
जंगल और राष्ट्रीय उद्यानों के निकट ही बनाए जा रहे हैं वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय वन मंत्री यादव ने एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल का किया शुभारंभ
प्रकृति के संरक्षण को केवल नीति नहीं, बल्कि संस्कृति बनाएंगे : केन्द्रीय मंत्री यादव
प्रचार साहित्य, नेशनल रिपोर्ट्स का विमोचन कर 5 रुपए का डाक टिकट भी किया लाँच
आईआईएफएम में नव स्थापित डेटा ड्रिवन लैब का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर आईआईएफएम में राज्यस्तरीय कार्यक्रम एवं चीता संरक्षण पर मीडिया वर्कशाप में की सहभागिता

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैव-विविधता में हमारा प्रदेश, देश में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में विकसित किया जा रहा है। हमारे पास 'टाइगर स्टेट', 'लेपर्ड स्टेट', 'चीता स्टेट', 'वल्चर स्टेट', 'घड़ियाल स्टेट', 'वुल्फ स्टेट' का टाइटल है। सालों पहले देश की धरती से चीते लुप्त हो चुके थे। हम देश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचाने जाने वाले चीतों को प्रदेश की धरती में वापस ले आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को चीता स्टेट बनने का गौरव देने के लिए केन्द्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि चीतों ने पालपुर कूनो और गांधी सागर अभयारण्य को अपना घर मान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब कुल 53 चीते हैं। मध्यप्रदेश वैश्विक वन्यजीव संरक्षण का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक रोल मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस के अवसर पर भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम एवं चीता संरक्षण पर मीडिया वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश 'मोगली लैंड' और 'सफेद शेरों की धरती' के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 100 साल के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसे का पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की गई है। दुर्लभ प्रजाति के 33 कछुए और 53 घड़ियाल कूनो नदी में छोड़े गए हैं। हलाली डेम क्षेत्र में 5 लुप्तप्राय गिद्धों को उनके नैसर्गिंक वातावरण में मुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 हजार से अधिक वनस्पतियां, करीब 500 पक्षियों की प्रजातियां और 180 से अधिक मछलियों की प्रजातियां मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तो मध्यप्रदेश के जंगलों में 100 से ज्यादा हाथी भी विचरण कर रहे हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, मंत्रालय के केन्द्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय वन मंत्री यादव ने एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल जैव-विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता एवं जन-जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर चीता संरक्षण पर केंद्रित ब्रोशर, भारत की बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट-2026 एवं अन्य प्रचार साहित्य का विमोचन कर अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस की स्मृति में डाक विभाग का 'माय स्टैम्प' (5 रुपए का डाक टिकट) भी लाँच किया गया। अतिथियों द्वारा आईआईएफएम में नवस्थापित डेटा संचालित प्रयोगशाला (डेटा ड्रिवन लैब) का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (आईबीसीए) की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, प्रदेश की जैव-विविधता विरासत स्थलों पर केंद्रित लघु फिल्म, मप्र राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा संरक्षित तपोवन भूमि स्थलों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय वन मंत्री यादव ने प्रदेश के वन विभाग के मैदानी अमले के लिए न्यू बाइक्स एवं रेस्क्यू व्हीकल को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईआईएफएम परिसर में विभिन्न राज्यों के जैव-विविधता बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर्षक स्वागत नृत्य करने वाले जनजातीय कलाकारों में प्रत्येक को इनाम स्वरूप 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 2026 मध्यप्रदेश में मनाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन हमें जैव-विविधता के क्षेत्र में काम करने के लिए चिंतन और कार्य करने की प्रेरणा देता है। 'प्रोजेक्ट चीता' विश्व में वन्यजीवों के पुनर्स्थापन का एक चमत्कारिक उदाहरण है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्स्थापन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न करना एक चुनौती पूर्ण कार्य था। प्रदेश के वन विभाग ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों का नया घर तैयार किया है। हमारा वन अमला हाथियों के प्रबंधन के लिए बुलेटिन निकालने जैसे नवाचार भी कर रहा है। चंबल और कूनो नेशनल पार्क में घड़ियालों के संरक्षण का कार्य भी तेजी से हो रहा है। मां नर्मदा का वाहन मगर है, इनके संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश की धरती पर 100 साल बाद 8 जंगली भैंसों की वापसी कराई है। इससे हमारे कान्हा नेशनल पार्क की जैव-विविधता समृद्ध हुई है। असम सरकार के सहयोग से हमें जंगली भैंसे मिले हैं। दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों का भी संरक्षण किया गया है। भोपाल से छोड़े गए गिद्ध ने उज्बेकिस्तान तक का सफर तय कर लिया है।

जल संरक्षण के लिये चलाया जा रहा महाअभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में गुड़ी पड़वा से लेकर गंगा दशहरा तक 3 महीने का जल संरक्षण महाभियान चल रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है। राज्य में अब तक 3000 करोड़ रुपये की लागत से 56 हजार जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और निर्माण, 827 बावड़ी, 1200 से अधिक तालाब, 212 नदियों में साफ-सफाई के कार्य किए गए हैं। इस महाभियान में प्रदेश के 18 लाख लोगों ने अपनी भागीदारी की है। जल और जंगल के संरक्षण तथा जमीन उर्वरता बचाए रखने में मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है। प्रदेश में 2 लाख से अधिक जलदूत बनाए गए और एक हजार अमृत सरोवर का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। प्रदेश के पाँच हजार जलस्रोतों का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरीसृपों की बसाहट का कार्य भी हो रहा है। प्रदेश में अब किंग कोबरा के साथ गैंडा लाने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास भी वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वन्य जीवों को तत्काल इलाज की सुविधा मिल सके।

जैव-विविधता है भारतीय सभ्यता की आत्मा – केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री यादव

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि भारत की प्राचीन नदी सभ्यताओं में नर्मदा का विशेष स्थान है। प्रदेश में अमरकंटक और पातालकोट धरती पर ईश्वर का दिया सबसे बड़ा उपहार है। जैव-विविधता हमारी भारतीय सभ्यता की मूल आत्मा है, इन्हें बनाए रखना ही हमारा संकल्प है, हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि जिसे हम बना नहीं सकते, कम से कम उसे बिगाड़े तो नहीं। धरती पर उपलब्ध जैव-विविधता से हमें भोजन, दवाई और जीवन मिलता है। दुनिया में हम धरती का 2.4 प्रतिशत भू-भाग रखते हैं। भारत में 36 हजार समृद्ध वनस्पतियां हैं, लेकिन यह वैश्विक स्तर पर केवल 8 प्रतिशत के आसपास है। 'प्रोजेक्ट चीता' में हमने एक वन्यजीव प्रजाति का संरक्षण किया है। चीता घास के मैदानों में रहने वाला जीव है। उन्होंने बताया कि भारत के 58 टाइगर रिजर्व्स से करीब 600 जल की धाराएं निकलती हैं और नदियों का रूप लेती हैं। इस प्रकार से टाइगर रिजर्व्स हमारी नदियों का भी संरक्षण करते हैं। हमारी सरकार सभी वन्यजीवों के संरक्षण पर ध्यान दे रही है, क्योंकि जटिल पारिस्थितिकी तंत्र में जीव और प्रकृति का बेहद अनमोल संबंध है। उन्होंने बताया कि जैव-विविधता हमारी अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करती है। आजकल ग्रीन हाउस गैस और कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है। जैव-विविधता कार्बन को सोखने का भी कार्य करती है। धरती पर 30 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। भारत में 23 प्रतिशत भूमि पर वन हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के अपने लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल कर लिया है। वर्ष 2030 तक हम इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करेंगे। हमारे प्रवासी पक्षियों के आने के रूट सालों से एक जैसे रहे हैं। प्रोजेक्ट चीता के माध्यम से हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हिमालय की पर्वत मालाओं से लेकर दक्षिण के वनों तक, सुंदरवन से राजस्थान के थार तक हमारी जैव-विविधता भारतीय सभ्यता की आत्मा है। हमारे जंगल भारत की सांस्कृतिक चेतना हैं। सदियों से भारत ने प्रकृति से साथ जीवन जीने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। मध्यप्रदेश की जनजातियों की जीवन शैली में यह समृद्ध परंपरा साफ नजर आती हैं। हमें प्राकृतिक खेती और प्रकृति को बचाए रखने में सहयोग करना है।

केन्द्रीय वन मंत्री यादव ने कहा कि हमने नदियों के संरक्षण का कार्य भी शुरू किया है। चंबल नदी के संरक्षण के लिए योजना तैयार की जा रही है। जलवायु परिवर्तन, हैबिटेट लॉस, प्रदूषण और संसाधनों के असुंतलित उपयोग ने पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव छोड़ा है। आज सतत, समृद्ध और टिकाऊ विकास की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को नई दिशा प्रदान की है। मिशन लाइफ के माध्यम से भारत दुनिया को टिकाऊ विकास का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुनिया की भीषण त्रासदियों में शामिल भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट का संपूर्ण निष्पादन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण के लिए हो रहे प्रशंसनीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जैव-विविधता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य जैव-विविधता बोर्ड को प्रदेश के स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर कार्य करना चाहिए, इससे पर्यावरण का संरक्षण तो होगा ही लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। हमारा नारा है – एक्ट लोकली, थिंक ग्लोबली। वर्ष 2014 तक देश में केवल 24 रामसर साइट्स हुआ करती थीं, जो आज बढ़कर 99 हो चुकी हैं और बहुत जल्द इनकी संख्या 100 हो जाएगी। भारत की रामसर साइट्स प्रकृति के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मध्यप्रदेश के इंदौर को वेटलैंड सिटी घोषित किया गया है। यह हमारी जैव-विविधता की समृद्ध धरोहर होने के साथ जल संरक्षण और जलवायु संतुलन और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उसमें हमारी ग्रीन एनर्जी, नवकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इनोवेशन, एथेनॉल ब्लेंडिंग, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था यह सिद्ध करती है कि विकास और पर्यावरण साथ चल सकते हैं। इसके लिए सभी के सहयोग की अप्रोच से काम करना होगा। हमें प्रकृति के संरक्षण को जीवन का आधार बनाना होगा। पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम उपयोग, पानी बचाना, स्थानीय जैव-विविधता के प्रति संवेदनशील होना जैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिवर्तन का आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि जैव-विविधता की समृद्धि से ही मानवता समृद्ध होगी।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन पर चर्चा कर रही है। जैव-विविधता के संरक्षण से भावी पीढ़ियों के पर्यावरण को बचाया जा सकता है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि 10 तालाबों के बराबर एक पुत्र है। 10 पुत्र के बराबर एक वृक्ष है। हमारा देश जैव-विविधता के संरक्षण में दुनिया का नेतृत्व करता है। आजकल बारिश का पैटर्न बदलने से हमारी खेती पर असर पड़ा है। कोरल रीफ जलीय जैव-विविधता का महत्वपूर्ण अंग है, धरती का तापमान और कार्बन डाइ-ऑक्साइड बढ़ने से यह रीफ तेजी से खत्म हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन लाइफ की पहल की है, जिसे विश्वस्तर पर सराहा गया है। देश में स्थानीय स्तर पर 2 लाख से अधिक जैव-विविधता समितियां बनाई गई हैं। प्रोजेक्ट चीता दुनिया का पहला इंटर क्वांटिनेंटल ट्रांसफर रहा है। पयार्वरण की परिस्थितियों में बदलाव के कारण प्रवासी पक्षियों की संख्या तेजी से घटी है। कई दुर्लभ प्रजातियां हमें देखने को नहीं मिलती हैं। जैव-विविधता का संरक्षण केवल जंगलों में नहीं, हमारे घरों की बालकनी में भी हो सकता है। हमें अपने घरों की बालकनी में एक छोटा जैव-विविधता पार्क बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए महिला स्व-सहायता समूहों को भी जैव-विविधता के संरक्षण के जोड़ा जा सकता है, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। मध्यप्रदेश में वराहमिहिर ने अपनी संहिता में कुछ पेड़ों के नाम बताए थे, जिनकी उपलब्धता से जमीन के अंदर जल के मिलने की संभावना का पता चलता था।

कूनो नेशनल पार्क के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि चीता भारत में सालों से मौजूद थे। यह करीब 4 से 5 हजार वर्ष से भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा रहा है। भोपाल के पास खरवई में मिले हजारों साल पुराने शैलचित्रों में चीतों की आकृति नजर आती है। वर्ष 1952 में भारतीय चीता हमारे यहां से खत्म हो गया था। वर्ष 2009 के बाद चीतों के पुनर्वास के लिए प्रयास शुरू किए गए। 2021 में 'प्रोजेक्ट चीता' एक्शन प्लान बनाया गया। भारत में चीतों की वृहद संख्या हो, इसके लिए देशभर में 10 अनुकूल स्थानों का चयन किया गया है। श्योपुर के कूनो में पहली बार 2022 में नामीबिया से चीते लाए गए थे। इसके बाद 2023 और 2026 में भी चीते मध्यप्रदेश की धरती पर आए हैं। पहले इन्हें सॉफ्ट रिलीज बोमा में क्वारंटीन में रखा जाता है। भारत में इस साल 18 नए चीतों का जन्म हुआ। भारत में जन्मी पहली मादा चीता मुखी भी शावकों को जन्म दे चुकी है। चीतों की संख्या कुल 53 है। इनमें से 33 भारत में जन्मे है। राज्य सरकार ने चीता मित्रों को प्रोजेक्ट से जोड़ा है। पर्यटकों के लिए वे चीता एंबेसडर के रूप में भी काम करते हैं।

इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) के डायरेक्टर जनरल डॉ. एस.पी. यादव ने कहा कि इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस प्रधानमंत्री मोदी का विजन है, जिसमें विश्व में पाए जाने वाले बिग कैट्स के संरक्षण की पहल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि बिग कैट्स को अवैध शिकार से बचाने के लिए सभी देशों को साथ आना चाहिए। भारत में बिग कैट्स प्रोजेक्ट 9 अप्रैल 2023 में शुरू किया गया। कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर 12 मई 2024 को विविधित बिग कैट्स अलायंस की स्थापना हुई। इसमें 95 देशों के 7 बिग कैट्स के संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। अब तक 25 देश इस अलायंस के मेंबर बन चुके हैं, जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। बिग कैट्स अलायंस के अंतर्गत संरक्षित 7 प्रजातियों में से 5 भारत में निवास करती है। भारत में टाइगर की संख्या विश्व में सर्वाधिक है। लैपर्ड की संख्या में भी भारत नंबर 1 है। स्नो लैपर्ड में तीसरे स्थान पर हैं। एशियाटिक लॉयन सिर्फ भारत में ही पाए जाते हैं। चीता प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक भारत में क्रियान्वित किया गया है। दुनिया में चीतों की स्थिति अच्छी नहीं है। भारत आज चीता संरक्षण में दुनिया का अग्रणी देश है। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के संरक्षण के कार्य संपूर्ण विश्व के लिए चर्चा का विषय है।

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, केन्द्रीय सचिव, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तन्मय कुमार, डीजी फॉरेस्ट, केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय सुशील अवस्थी, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर के. रविचंद्रन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्रीमती समिता राजौरा, सुप्रसिद्ध वन्यजीव विशेषज्ञ, वैज्ञानिकगण, भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, पोस्ट मास्टर जनरल म.प्र. परिक्षेत्र, वन एवं प्रकृति प्रेमी और बड़ी संख्या में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थी उपस्थित थे। अंत में केन्द्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के चैयरमेन वीरेन्द्र आर. तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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Fri, 22 May 2026 20:21:46 +0530 news desk MPcg
Bhopal से शुरू होगा फिल्म Peddi का ग्रैंड प्रमोशन https://citytoday.co.in/6020 https://citytoday.co.in/6020 Fri, 22 May 2026 18:48:16 +0530 news desk MPcg ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, सास गिरबाला का पद जाएगा; आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम https://citytoday.co.in/5967 https://citytoday.co.in/5967 भोपाल
मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था। 

गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी
अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है। 

पति समर्थ अब भी फरार
बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है। 

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं। 

एक घंटे तक छत पर क्या हुआ?
सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 

 नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। 

भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। 

आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है। 

सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र
ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है। 

मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 
उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है। 

ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत
बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं। 

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Thu, 21 May 2026 15:35:33 +0530 news desk MPcg
एमपी में गर्मी का कहर, खजुराहो 47.4°C के साथ सबसे गर्म शहर https://citytoday.co.in/5963 https://citytoday.co.in/5963 भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई शहर भट्‌ठी की तरह तप रहे हैं और तेज धूप ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे।

Khajuraho प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह मई महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। देशभर में खजुराहो दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जबकि बांदा में सबसे ज्यादा 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी Bhopal में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां पारा 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी से इंसानों के साथ जानवर भी बेहाल हैं। Van Vihar National Park में जानवरों को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुओं के बाड़ों में कूलर, पर्दे और ग्रीन नेट लगाए गए हैं। वहीं पानी की होद लगातार भरी जा रही है, ताकि जानवर गर्मी से राहत पा सकें।

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में लू को लेकर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने मोबाइल संदेश भेजकर लोगों से सावधानी बरतने और धूप से बचने की अपील की है।

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Thu, 21 May 2026 15:04:10 +0530 news desk MPcg
प्रदेश के विकास और जन&कल्याण को गति देने के लिए 30,055 करोड़ रूपये की कैबिनेट स्वीकृति https://citytoday.co.in/5941 https://citytoday.co.in/5941 प्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए 30,055 करोड़ रूपये की कैबिनेट स्वीकृति

स्थानान्तरण नीति वर्ष-2026 का अनुमोदन: 1 जून से 15 जून तक हो सकेंगे तबादले
किसानों के हक में बड़ा फैसला: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608.47 करोड़ रूपये की स्वीकृति
वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजना के लिए 15,184.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति
सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593 करोड़ 24 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति
महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 156 करोड़ रूपये की स्वीकृति
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रूपये की स्वीकृति
श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 1779.07 करोड़ रूपये की स्वीकृति
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 373 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 30,055 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य के कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति -2026 को भी मंजूरी दी है। राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई बड़े निर्णय लिए गए। इसमें वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजना के लिए 15,184.42 करोड़ रुपये के साथ ही विभिन्न आपदाओं में किसानों को संबल देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए 1,779.07 करोड़ रुपये, सिवनी और देवास की समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालन के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रुपये तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित शौर्य दल और चाइल्ड हेल्पलाइन योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने "राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026" का अनुमोदन किया है। स्वीकृति अनुसार इस वर्ष 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण से प्रतिबंध शिथिल किया जायेगा। नीति में लिपिकीय त्रुटि सुधार, स्पष्टीकरण अथवा अन्य संशोधन करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अधिकृत किया गया है।

पद एवं संवर्ग संख्या के आधार पर अधिकतम स्थानांतरण की संख्या का निर्धारण स्थानांतरण नीति में स्पष्ट किया गया है। पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ किये जाने तथा स्वयं की गंभीर बीमारियों के प्रकरण में स्थानांतरण को विभागों के निर्धारित प्रतिशत या संख्या के अतिरिक्त रखा गया है।

जिला एवं राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किया जायेगा। सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तथा शासकीय उपक्रमों एवं संस्थाओं में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का स्थानांतरण समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद किया जायेगा।

किसानों के हक में बड़ा फैसला: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608.47 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसानों को फसल हानि या क्षति होने पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आगामी 05 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11 हजार 608.47 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृति दी है।

स्वीकृति अनुसार पात्र कृषकों को प्रति कृषक प्रत्येक मौसम में न्यूनतम दावा राशि 1,000 रूपये का भुगतान करने के लिए दावा राशि और राशि 1000 के अंतर की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक नियम/दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को अधिकृत किया गया है।

वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजना के लिए 15,184.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजना के लिए 15 हजार 184.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) योजना अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 05 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 2,123 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। योजना अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं को पात्रतानुसार प्रतिमाह 600 रूपये पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

राज्य शासन की समग्र सामाजिक सुरक्षा योजना अन्तर्गत समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 05 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 13,061 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। योजना अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृद्ध, 18 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी (विधवा) महिलाएं एवं 06 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग जिनकी निशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है एवं 50 वर्ष या अधिक आयु की अविवाहिता को योजना के अंतर्गत पात्रतानुसार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593 करोड़ 24 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए कुल 593 करोड़ 24 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार सिवनी की बंडोल समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत राशि 232 करोड़ 57 लाख रूपये के स्थान पर पुनरीक्षित योजना लागत राशि 266 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत राशि 237 करोड़ रूपये के स्थान पर 327 करोड़ 07 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

बंडोल समूह जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन में 04 ग्रामों एवं 30 बसाहटों को तथा नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन में 21 ग्रामों और 11 छूटी हुई बसाहटों को अतिरिक्त रूप से सम्मिलित करने के साथ ही जल जीवन मिशन की गाइडलाइन अनुसार ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ने करने के लिए जल वितरण नलिकाओं, क्लीयर वॉटर राइजिंग मैन, उच्च स्तरीय टंकियों एवं नल कनेक्शन के कार्यों में बढोत्तरी होने के कारण यह पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 156 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास अंतर्गत महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 156 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 113 करोड़ 50 लाख रूपये, केयर एण्ड सपोर्ट टू विक्टिम अंडर पॉक्सो योजना के लिए 27 करोड़ 50 लाख रूपये और शौर्य दल योजना के लिए 15 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

स्वीकृति अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन अन्तर्गत पूर्व से स्थापित 51 जिलों के साथ-साथ नवगठित 4 जिलों निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा एवं मऊगंज में जिला स्तरीय इकाईतथा 9 पूर्व से स्थापित हेल्प डेस्क के साथ-साथ 04 रेल्वे स्टेशन कटनी, बीना (सागर), मेघनगर (झाबुआ), सिंगरौली में रेल्वे स्टेशन हेल्प डेस्क और 08 बस स्टैंड छतरपुर, बुरहानपुर, सिवनी, ग्वालियर, झाबुआ, नीमच, सतना एवं बालाघाट में हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी।

प्रदेश के 51 जिलों में मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 योजना को 100 प्रतिशत केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत् संकटग्रस्त बच्चों को एकल खिड़की के रूप में तत्काल आपातकालीन तथा दीर्घकालिक सेवाएँ जैसे मेडिकल, आश्रय, विधिक, भावनात्मक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

"केयर एण्ड सपोर्ट टू विक्टिम अंडर पॉक्सो" प्रदेश के 51 जिलों में मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत केयर एण्ड सपोर्ट टू विक्टिम अंडर पॉक्सो योजना का 100 प्रतिशत केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में संचालन किया जा रहा है। योजना में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (संशोधित 2019) की धारा 4 एवं 6 के तहत 18 वर्ष तक की बालिकाओं को निर्भया फण्ड से वित्तीय सहायता प्रदाय की जाती है।

शौर्य दल योजना अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं के विकास को अवरूद्ध करने वाली कुप्रथा, कुरीति, रिवाज, नकारात्मक भेदभाव पूर्ण सोच कों परिवर्तित करने के लिए ग्राम / वार्ड स्तर पर आंगनवाड़ी क्षेत्र में महिलाओं एवं बालिकाओं को सम्मिलित कर शौर्य दल का गठन किया गया है। शौर्य दल की ये सदस्य बालिकाएं एवं महिलाएं स्वंय और अन्य महिलाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण, अपराधों की रोकथाम के लिए समुदाय की भागीदारी के रूप में शौर्यादल की अहम भूमिका है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम का क्रियान्वयन कार्यक्रम को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 360 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लोक सेवा केंद्रों की स्थापना एवं संचालन, सीएम हेल्प लाइन सेंटर का संचालन, सीएम डैशबोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।

मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 राज्य शासन द्वारा किए जा रहे सुशासन के प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी होकर प्रदेश के नागरिक अधिकारों को सशक्त करने का एक अनूठा प्रयास है। मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जिसमें नागरिकों को अधिसूचित सेवाएं प्रदान करने की कानूनी गारंटी दी है। इसके लिए मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010, 25 सितम्बर 2010 से प्रभावशील है। प्रदेश के समस्त 55 जिलों और तहसील स्तर पर लोक सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई है, वर्तमान में कुल 444 लोक सेवा केन्द्र (पी.पी.पी. मॉडल अनुसार) संचालित किए जा रहे है। अधिनियम अंतर्गत अब तक 733 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं और 637 सेवाएं ऑनलाईन प्रदाय की जा रही है।

श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 1779.07 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा श्रम विभाग अंतर्गत श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,779 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं संगठन अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वित्तीय वर्ष 2030-2031) तक निरंतर संचालन के लिये राशि 1,583 करोड़ 91 लाख रूपये तथा विभागीय परिसम्पत्तियों का संधारण योजना अंतर्गत परिसम्पत्तियों के संधारण के लिये राशि 50 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कर्मचारी राज्य बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य योजना के अन्तर्गत बीमित व्यक्ति एवं उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है।

इसके साथ ही पंजीयक, औद्योगिक न्यायालय अंतर्गत औद्योयगिक न्यायालय के लिए 61 करोड़ 56 लाख रूपये, श्रम न्यायालय के लिए 132 करोड़ 10 लाख रूपये तथा विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजनाओं के लिए 1 करोड़ रूपये की 16वें वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 373 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक सेवा प्रबंधन विभाग अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के कार्यों को वित्तीय वर्ष अप्रैल 2026-27 से मार्च 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 348 करोड़ 38 लाख रूपये और जीव विज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के लिए 25 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के मुख्य उद्देश्यों में शासन के लिए प्रबुद्ध-मंडल के रूप में कार्य करते हुए गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य, नीति विश्लेषण, योजनाओं का प्रभाव आंकलन तथा शासन को समय-समय पर परामर्श देना सम्मिलित है। संस्थान द्वारा विभिन्न सामयिक सामाजिक, आर्थिक अन्य सरोकारों से संबंधित अध्ययन, विश्लेषण व अनुसंधान के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजना के प्रभाव मूल्यांकन के कार्य भी शामिल है। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम और मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम का संचालन किया जाता है।

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Wed, 20 May 2026 20:42:36 +0530 news desk MPcg
CM मोहन की आज गूगल के साथ हाईलेवल मीटिंग, AI और स्मार्ट गवर्नेंस पर होगा बड़ा मंथन https://citytoday.co.in/5939 https://citytoday.co.in/5939 भोपाल 
 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 मई बुधवार यानी आज राजधानी भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक करेंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित ये बैठक मध्य प्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स) मदन ओबेरॉय समेत सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई और डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

इन समाधानों के इस्तेमाल पर होगी चर्चा
बैठक में मध्य प्रदेश सरकार और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर चर्चा होगी। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल और सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा।

नागरिक सेवा विकास को दी जाएगी प्राथमिकता
धर्म नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ-2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग, डेटा आधारित निगरानी, अधिक प्रभावी नागरिक सेवा विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, कृषि में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच और शिक्षा के क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी विचार किया जाएगा।

एमपी और गूगल के बीच दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। ये बैठक मध्य प्रदेश और गूगल के बीच दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने और प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

बैठक में ये होंगे शामिल
बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स) मदन ओबेरॉय समेत सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई और डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इनपर होगा विचार
बैठक में मध्य प्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई पर आधारित समाधानों के इस्तेमाल पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा।

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Wed, 20 May 2026 19:14:58 +0530 news desk MPcg
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में MP बंद, 41 हजार मेडिकल स्टोर बंद https://citytoday.co.in/5937 https://citytoday.co.in/5937

मध्यप्रदेश में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा कारोबारियों का बड़ा बंद देखने को मिला। प्रदेशभर की करीब 41 हजार दवा दुकानें बंद रहीं, जबकि राजधानी भोपाल में 3 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर्स ने इस बंद में हिस्सा लिया। केवल अस्पताल परिसरों के भीतर संचालित मेडिकल स्टोर्स को आम जनता की सुविधा के लिए खुला रखा गया।

यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आयोजित किया गया। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसकी गुणवत्ता, निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर अभी तक कोई मजबूत व्यवस्था नहीं बनाई गई है। कारोबारियों का आरोप है कि बिना डॉक्टर की सलाह और उचित जांच के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए दवाइयां घर-घर पहुंचाई जा रही हैं, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

आईओएसीएडी के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने कहा कि प्रदेश के सभी रिटेल और थोक दवा व्यापारियों ने इस बंद का समर्थन किया है। उनका कहना है कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।

वहीं भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि शहर के सभी मेडिकल स्टोर्स और थोक दवा बाजार पूरी तरह बंद रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री प्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से ऑनलाइन सिस्टम का पुतला दहन भी किया।

दवा दुकानों के बंद रहने से आम लोगों को दवाइयों की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स खुले रहने से मरीजों को कुछ राहत मिली।

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Wed, 20 May 2026 18:59:28 +0530 news desk MPcg
MP में ट्रांसफर पर लगी रोक हटी, मोहन कैबिनेट ने तबादला नीति&2026 को दी मंजूरी https://citytoday.co.in/5935 https://citytoday.co.in/5935 भोपाल 

मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस बैठक में राज्य सरकार की तबादला नीति-2026 को मंजूरी मिल गई है. प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जून से 15 जून तक तबादले किए जाएंगे. सामान्य प्रशासन विभाग (ने ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा था. सीएम और मंत्रियों की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया. बता दें कि प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी तबादला नीति को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। 

तबादला नीति में क्या खास है?
नई तबादला नीति के तहत प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20% अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे. इससे बड़े पैमाने पर मनमाने तबादलों पर रोक लगेगी और प्रक्रिया को नियंत्रित रखा जाएगा. जिलों के भीतर होने वाले तबादलों के लिए प्रभारी मंत्री का अनुमोदन अनिवार्य किया गया है. इस नीति के तहत प्रथम श्रेणी (Class‑I) अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे. वहीं अन्य संवर्गों के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को संबंधित विभागीय मंत्री अनुमोदित कर सकेंगे. यह व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण में अतिरिक्त सतर्कता सुनिश्चित करेगी. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी, जो एक ही स्थान पर तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं। 

कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. वहीं कैबिनेट पीएम मोदी को नार्वे और स्वीडन के दिए गए सम्मान के लिए शुभकामनाएं दी। 

सरस्वती लोक बनाने की तैयारी
धार जिले के भोजशाला परिसर को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि धारा के भोजशाला मंदिर को वागदेवीकी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास केंद्र सरकार के माध्यम से की जाएगी. साथ ही यहां सरस्वती लोक बनाने पर भी विचार कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि करीब 750 वर्ष पुराने इस धार्मिक विवाद पर न्यायालय ने सकारात्मक और शांतिपूर्ण निर्णय दिया है और राज्य सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फैसले का पालन सुनिश्चित करेगी। 

उन्होंने बताया कि बीते दिन सीएम जगदलपुर गए थे, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक रखी थी. यह बैठक बस्तर में हुई थी. केंद्रीय गृहमंत्री ने एक प्रमुख बिंदु रेखांकित किया हैं. उन्होंने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित रहे जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नए योजना बनाने की बात कही हैं। 

कैबिनेट बैठक में ई-रिक्शा से पहुंचे मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल-ईरान युद्ध के कारण बने वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। पीएम की इस अपील को अनदेखा कर मध्य प्रदेश के नवनियुक्त निगम, मंडल और बोर्ड के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों ने वाहन रैलियां निकालीं, जिसके बाद पूरे देश में एमपी बीजेपी नेताओं की फजीहत हुई।

मामले में दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व की फटकार पड़ी तो एमपी बीजेपी ने दो नेताओं पर एक्शन लिया। साथ ही कई नेताओं को हिदायत भी दी गई। वाहन रैलियों को लेकर आलोचना होने के बाद अब संगठन ने सख्ती दिखाई है। इसके बाद मंत्री, विधायक और सांसद भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।

मंत्रालय ई-रिक्शा से पहुंचे 2 मंत्री
बुधवार को मंत्रालय में हो रही कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पवार ई-रिक्शा के जरिए पहुंचे। भोपाल के चार इमली में पास-पास रहने वाले दोनों मंत्री एक ही ई-रिक्शा से करीब ढाई किलोमीटर का सफर तय कर मंत्रालय पहुंचे।

मंत्रियों के पीछे दूसरे ई-रिक्शा में उनके स्टाफ के लोग पहुंचे, लेकिन जिनके पास पास नहीं थे, उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। मंत्रियों के बाद उनके स्टाफ के लोग अलग-अलग गाड़ियों से थोड़ी देर के अंतराल पर मंत्रालय पहुंचे।

ये हैं वाहन रैलियां निकालने वाले नेता

    सौभाग्य सिंह ठाकुर (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम): पदभार ग्रहण करने के दौरान उज्जैन से भोपाल तक 200 से 700 गाड़ियों का विशाल काफिला निकाला। वीडियो वायरल होने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही जांच पूरी होने तक सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए।

    सज्जन सिंह यादव (जिलाध्यक्ष, किसान मोर्चा भिंड): नियुक्ति के बाद लग्जरी कारों की विशाल वाहन रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति रद्द कर दी।

    वीरेंद्र गोयल (अध्यक्ष, सिंगरौली विकास प्राधिकरण): जब पदभार ग्रहण करने पहुंचे, तब उनके समर्थकों ने भी विशाल वाहन रैली निकाली थी। इस रैली के कारण सिंगरौली शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगा था। आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
    पंकज जोशी (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड): नियुक्ति का जश्न मनाने के लिए विशाल वाहन रैली निकाली थी। काफिले में करीब 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं, जिसे पीएम की ईंधन बचाने की अपील का उल्लंघन माना गया।

    सत्येंद्र भूषण सिंह (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम): नियुक्ति के बाद भोपाल के अवधपुरी स्थित घर से बीजेपी प्रदेश कार्यालय तक ई-रिक्शा से पहुंचे। इसके बाद न्यू मार्केट स्थित कार्यालय में पदभार ग्रहण करने भी ई-रिक्शा से ही पहुंचे। हालांकि भाजपा कार्यालय के बाहर उनके समर्थकों की गाड़ियों की लंबी लाइन नजर आई थी।

    राकेश सिंह जादौन (उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड): यह भी प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंचने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग करते नजर आए। हालांकि विदिशा से भोपाल तक वे गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे।

अब ई-व्हीकल्स और बस से सफर कर रहे नेता

प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री): पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर दिखाते हुए उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ी छोड़ दी और ई-स्कूटी (E-Scooter) से मंत्रालय पहुंचे। सीएम हाउस में सत्ता और संगठन की वन-टू-वन मीटिंग में शामिल होने भी वे ई-स्कूटी से ही पहुंचे थे।

गौतम टेटवाल (तकनीकी शिक्षा मंत्री): तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल अपने विधानसभा क्षेत्र में सारंगपुर से पचोर तक बस से सफर कर पहुंचे थे। इसके दो दिन बाद वे प्रभारी जिले बड़वानी में भी कलेक्टर जयति सिंह और अधिकारियों के साथ बस से बैठक में शामिल होने पहुंचे।

डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री): सीएम ने खुद अपने काफिले में एस्कॉर्ट और गाड़ियों की संख्या कम की है। पहले उनके काफिले में 13 वाहन चलते थे, जबकि अब सिर्फ 6 गाड़ियां चल रही हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने मेट्रो से सफर कर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।

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Wed, 20 May 2026 18:09:15 +0530 news desk MPcg
MP में ट्रांसफर पर लगी रोक हटी, मोहन कैबिनेट ने तबादला नीति&2026 को दी मंजूरी https://citytoday.co.in/5934 https://citytoday.co.in/5934 भोपाल 

मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस बैठक में राज्य सरकार की तबादला नीति-2026 को मंजूरी मिल गई है. प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जून से 15 जून तक तबादले किए जाएंगे. सामान्य प्रशासन विभाग (ने ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा था. सीएम और मंत्रियों की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया. बता दें कि प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी तबादला नीति को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। 

तबादला नीति में क्या खास है?
नई तबादला नीति के तहत प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20% अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे. इससे बड़े पैमाने पर मनमाने तबादलों पर रोक लगेगी और प्रक्रिया को नियंत्रित रखा जाएगा. जिलों के भीतर होने वाले तबादलों के लिए प्रभारी मंत्री का अनुमोदन अनिवार्य किया गया है. इस नीति के तहत प्रथम श्रेणी (Class‑I) अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे. वहीं अन्य संवर्गों के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को संबंधित विभागीय मंत्री अनुमोदित कर सकेंगे. यह व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण में अतिरिक्त सतर्कता सुनिश्चित करेगी. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी, जो एक ही स्थान पर तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं। 

कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. वहीं कैबिनेट पीएम मोदी को नार्वे और स्वीडन के दिए गए सम्मान के लिए शुभकामनाएं दी। 

सरस्वती लोक बनाने की तैयारी
धार जिले के भोजशाला परिसर को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि धारा के भोजशाला मंदिर को वागदेवीकी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास केंद्र सरकार के माध्यम से की जाएगी. साथ ही यहां सरस्वती लोक बनाने पर भी विचार कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि करीब 750 वर्ष पुराने इस धार्मिक विवाद पर न्यायालय ने सकारात्मक और शांतिपूर्ण निर्णय दिया है और राज्य सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फैसले का पालन सुनिश्चित करेगी। 

उन्होंने बताया कि बीते दिन सीएम जगदलपुर गए थे, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक रखी थी. यह बैठक बस्तर में हुई थी. केंद्रीय गृहमंत्री ने एक प्रमुख बिंदु रेखांकित किया हैं. उन्होंने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित रहे जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नए योजना बनाने की बात कही हैं। 

कैबिनेट बैठक में ई-रिक्शा से पहुंचे मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल-ईरान युद्ध के कारण बने वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। पीएम की इस अपील को अनदेखा कर मध्य प्रदेश के नवनियुक्त निगम, मंडल और बोर्ड के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों ने वाहन रैलियां निकालीं, जिसके बाद पूरे देश में एमपी बीजेपी नेताओं की फजीहत हुई।

मामले में दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व की फटकार पड़ी तो एमपी बीजेपी ने दो नेताओं पर एक्शन लिया। साथ ही कई नेताओं को हिदायत भी दी गई। वाहन रैलियों को लेकर आलोचना होने के बाद अब संगठन ने सख्ती दिखाई है। इसके बाद मंत्री, विधायक और सांसद भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।

मंत्रालय ई-रिक्शा से पहुंचे 2 मंत्री
बुधवार को मंत्रालय में हो रही कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पवार ई-रिक्शा के जरिए पहुंचे। भोपाल के चार इमली में पास-पास रहने वाले दोनों मंत्री एक ही ई-रिक्शा से करीब ढाई किलोमीटर का सफर तय कर मंत्रालय पहुंचे।

मंत्रियों के पीछे दूसरे ई-रिक्शा में उनके स्टाफ के लोग पहुंचे, लेकिन जिनके पास पास नहीं थे, उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। मंत्रियों के बाद उनके स्टाफ के लोग अलग-अलग गाड़ियों से थोड़ी देर के अंतराल पर मंत्रालय पहुंचे।

ये हैं वाहन रैलियां निकालने वाले नेता

    सौभाग्य सिंह ठाकुर (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम): पदभार ग्रहण करने के दौरान उज्जैन से भोपाल तक 200 से 700 गाड़ियों का विशाल काफिला निकाला। वीडियो वायरल होने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही जांच पूरी होने तक सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए।

    सज्जन सिंह यादव (जिलाध्यक्ष, किसान मोर्चा भिंड): नियुक्ति के बाद लग्जरी कारों की विशाल वाहन रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति रद्द कर दी।

    वीरेंद्र गोयल (अध्यक्ष, सिंगरौली विकास प्राधिकरण): जब पदभार ग्रहण करने पहुंचे, तब उनके समर्थकों ने भी विशाल वाहन रैली निकाली थी। इस रैली के कारण सिंगरौली शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगा था। आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
    पंकज जोशी (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड): नियुक्ति का जश्न मनाने के लिए विशाल वाहन रैली निकाली थी। काफिले में करीब 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं, जिसे पीएम की ईंधन बचाने की अपील का उल्लंघन माना गया।

    सत्येंद्र भूषण सिंह (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम): नियुक्ति के बाद भोपाल के अवधपुरी स्थित घर से बीजेपी प्रदेश कार्यालय तक ई-रिक्शा से पहुंचे। इसके बाद न्यू मार्केट स्थित कार्यालय में पदभार ग्रहण करने भी ई-रिक्शा से ही पहुंचे। हालांकि भाजपा कार्यालय के बाहर उनके समर्थकों की गाड़ियों की लंबी लाइन नजर आई थी।

    राकेश सिंह जादौन (उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड): यह भी प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंचने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग करते नजर आए। हालांकि विदिशा से भोपाल तक वे गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे।

अब ई-व्हीकल्स और बस से सफर कर रहे नेता

प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री): पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर दिखाते हुए उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ी छोड़ दी और ई-स्कूटी (E-Scooter) से मंत्रालय पहुंचे। सीएम हाउस में सत्ता और संगठन की वन-टू-वन मीटिंग में शामिल होने भी वे ई-स्कूटी से ही पहुंचे थे।

गौतम टेटवाल (तकनीकी शिक्षा मंत्री): तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल अपने विधानसभा क्षेत्र में सारंगपुर से पचोर तक बस से सफर कर पहुंचे थे। इसके दो दिन बाद वे प्रभारी जिले बड़वानी में भी कलेक्टर जयति सिंह और अधिकारियों के साथ बस से बैठक में शामिल होने पहुंचे।

डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री): सीएम ने खुद अपने काफिले में एस्कॉर्ट और गाड़ियों की संख्या कम की है। पहले उनके काफिले में 13 वाहन चलते थे, जबकि अब सिर्फ 6 गाड़ियां चल रही हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने मेट्रो से सफर कर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।

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Wed, 20 May 2026 17:40:56 +0530 news desk MPcg
MP कर्मचारियों को बड़ी राहत! तबादलों पर जल्द हटेगी रोक, CM मोहन के ऐलान से बढ़ी हलचल https://citytoday.co.in/5929 https://citytoday.co.in/5929 भोपाल
 मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को आज बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। जी हां लंबे समय से कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक हटाई जा सकती है। इसके बाद धड़ाधड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाएगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है। जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर रोक लेकर बड़ा ऐलान होने के उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को आयोजित होने जा रही कैबिनेट बैठक में तबादला नीति-2026 लाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने पहले ही तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। अगर कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो लंबे समय से तबादलों पर लगा रोक हटाया जा सकता है। इसके साथ ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों के ट्रांसफर दो स्तर पर करती है। पहले स्तर में लंबे समय से एक ही स्थान पर काम करने वाले  अधिकारियों का तबादला किया जाता है। जबकि दूसरे स्तर में वो अधिकारी शामिल होते है, जिनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं या जिसकी शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी अधिकारी स्वेच्छिक आधार पर भी तबादला कराने के लिए आवेदन देते हैं।

आपको बता दें कि राज्य में अब तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभागीय मंत्री को एक जिले से दूसरे जिले में तबादला करने की अनुमति रहेगी, जबकि प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर ही तबादले का अधिकार दिया जाएगा।

कुछ विशेष मामलों में आवेदन पहले विभाग प्रमुखों के पास जाएंगे और फिर विभागीय मंत्री या प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। पिछले वर्ष 1 मई से तबादले शुरू किए गए थे, जिसमें पहली बार चार स्लैब बनाए गए और तबादलों का दायरा 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था।

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Wed, 20 May 2026 14:34:10 +0530 news desk MPcg
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा https://citytoday.co.in/5928 https://citytoday.co.in/5928 स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Wed, 20 May 2026 14:30:52 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश तपकर हुआ बेहाल! 47°C पहुंचा पारा, नौगांव बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर https://citytoday.co.in/5926 https://citytoday.co.in/5926 भोपाल

मध्य प्रदेश में इन दिनों सूरज के सख्त तेवर और लू के थपेड़ों का सितम जारी है. मंगलवार को प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 47 डिग्री पर पहुंचा. इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार, बुधवार को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है। 

लू के थपेड़े से परेशान लोग
एमपी में सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक आग बरसने जैसा एहसास करा रहा है. वहीं लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया है. सड़कों पर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर चलते नजर आ रहे हैं. राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर समेत कई शहरों के बाजार दोपहर में सूने पड़ गए हैं। 

गर्मी की वजह से दोपहर के समय में शहर के बाजारों और चौराहों पर आवाजाही कम हो गई है. जरूरी काम से ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं. हालांकि ठंडे पेय, नींबू पानी और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। 

MP के इन शहरों में आज तीव्र लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, दमोह, सीधी, सिंगरौली, सागर, रायसेन और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, शहडोल और मैहर में लू चलने का अलर्ट है. बैतूल, पांढुर्णा, अनूपपुर और सिवनी में भी भीषण गर्मी का दौर रहेगा. इसके अलावा उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, राजगढ़, रायसेन, कटनी और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट घोषित किया गया है। 

47 डिग्री पहुंचा पारा
मंगलवार को छतरपुर के नौगांव सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड 47 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दतिया में तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगढ़ में पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 45.5 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना-सागर में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 45.1 डिग्री सेल्सियस, मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा-श्योपुर में 45 डिग्री, मंडला में 44.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस और खंडवा में 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

इधर, ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री पहुंच गया है. राजधानी भोपाल में पारा 44.2 डिग्री, इंदौर में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 43.8 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया।  

मौसम विभाग ने गर्मी से बचने के लिए कुछ स्वास्थ्य सुझाव दिए हैं..

    दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
    धूप के सबसे गर्म घंटों (12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें. यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें.
    ओआरएस, छाछ की एवं पेय पदार्थ, ताजे फल (तरबूज, खीरा), नींबू पानी, मौसमी फल सेवन करें, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं.
    गर्मी के समय बाहर निकलते के वक्त सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनने से बचें की सलाह दी जाती है.
    छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, उन्हें धूप से बचें.
    बुखार एवं दस्त (डायरिया) होने पर लापरवाही न बरतें, शरीर गर्म होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.
    खेत, खदान और बाहर काम करने वाले श्रमिक दोपहर में धूप में काम करने से बचें.
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों की अधिकृत सूचना से अपडेट रहें.

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Wed, 20 May 2026 14:00:00 +0530 news desk MPcg
CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, निगम&बोर्ड अध्यक्षों से बोले& फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम https://citytoday.co.in/5920 https://citytoday.co.in/5920 भोपाल
 मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है।

योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है।

सेवा भावना से करें काम
मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें।

आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है
उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए।

अनावश्यक चीजों से बचना है हमें
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।

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Tue, 19 May 2026 19:14:43 +0530 news desk MPcg
MP में तरबूज खाने से मौत मामले में बड़ा अपडेट, जांच की आंच भोपाल तक पहुंची https://citytoday.co.in/5918 https://citytoday.co.in/5918

 भोपाल / श्योपुर

मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है।

पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल
सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके।

डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण
हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है।

विनोद की हालत अभी स्थिर
मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है।

तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत
बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

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Tue, 19 May 2026 18:11:41 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल, भोपाल के 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद https://citytoday.co.in/5916 https://citytoday.co.in/5916 मध्य प्रदेश में 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल, भोपाल के 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद 

All India Organisation of Chemists and Druggists के आह्वान पर मध्य प्रदेश में 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल रहेगी। राजधानी Bhopal में 3 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। यह बंद ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाया गया है।

भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि जिले के सभी रिटेल और थोक दवा व्यापारी इस हड़ताल का समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा कारोबार केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर विषय है।

एसोसिएशन के मुताबिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर-घर पहुंच रही दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और सुरक्षा को लेकर अभी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। इससे नकली, एक्सपायरी और गलत दवाओं के वितरण का खतरा बढ़ रहा है, जो मरीजों की जान के लिए जोखिम बन सकता है।

हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स इस बंद से मुक्त रहेंगे, ताकि भर्ती मरीजों और इमरजेंसी सेवाओं पर असर न पड़े।

एसोसिएशन ने जनता से अपील की है कि वे 20 मई से पहले अपनी जरूरी दवाओं का इंतजाम कर लें। खासतौर पर हृदय रोग, शुगर और बीपी जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाएं पहले से खरीदने की सलाह दी गई है।

दवा व्यापारियों की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट पर रोक और नकली दवाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है। हड़ताल को लेकर प्रदेशभर में मेडिकल कारोबारियों में एकजुटता दिखाई दे रही है।

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Tue, 19 May 2026 17:30:14 +0530 news desk MPcg
MP में गर्मी का कहर, 46.8°C पहुंचा पारा; कई जिलों में आज भी हीटवेव अलर्ट https://citytoday.co.in/5910 https://citytoday.co.in/5910 भोपाल 

मध्य प्रदेश में मई के तीसरे सप्ताह में आग बरसने लगी है. सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया. यहां कई जिलों में पारा 46°C से ऊपर पहुंच गया. वहीं मंगलावर को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है. सोमवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं आज मध्य प्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 

47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
सोमवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजगढ़ में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस, दमोह-सतना में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस, सागर में पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

वहीं राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। 

30 जिलों में लू का अलर्ट
इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पांच जिलों में तीव्र लू की चेतावनी जारी की है, जबकि 30 जिलों में लू चलने का अलर्ट है. IMD के अनुसार, आज छतरपुर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है. तो वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 20 जिलों में तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। 

इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा जबलपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, हरदा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा। 

इन जिलों में लू का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को सूबे के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सतना, रीवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि, संबंधित क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है।

बड़े शहरों में तेज गर्मी
बताया ये भी जा रहा है कि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन वहां भी तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं।

16 शहरों में 43 डिग्री से ऊपर तापमान
 प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि गर्मी का असर अभी कम होने की संभावना नहीं है।

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Tue, 19 May 2026 13:08:25 +0530 news desk MPcg
उद्यानिकी का विस्तार बनेगा कृषि वर्ष में किसानों की समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5855 https://citytoday.co.in/5855 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में कृषि एवं उससे जुड़ी संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक कार्य योजना पर अमल जारी हे। कृषि वर्ष में विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में एक लाख 32 हजार 147 हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हमारा उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती के साथ अधिक लाभकारी उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करना है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार फल फसलों के क्षेत्र में 18 हजार हैक्टेयर, सब्जी उत्पादन में 54 हजार हैक्टेयर, मसाला फसलों में 56 हजार हैक्टेयर, पुष्प उत्पादन में 3 हजार 500 हैक्टेयर, औषधीय फसलों में 600 हैक्टेयर तथा संरक्षित खेती में 47 हैक्टेयर क्षेत्र वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार का मानना है कि बदलते कृषि परिदृश्य में उद्यानिकी फसलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष की अवधारणा को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन तथा उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया है। शासन की मंशा है कि खेती को बहुआयामी बनाकर किसानों को वर्षभर आय सृजन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसी दिशा में उद्यानिकी विभाग किसानों को उन्नत पौध सामग्री, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, पॉली हाउस, शेडनेट तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रहा है।

प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र की लगातार बढ़ती सफलता इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रही है। वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का कुल क्षेत्रफल 25 लाख 96 हजार 793 हैक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28 लाख 60 हजार 952 हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसी प्रकार उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में लगभग 37 लाख 68 हजार 200 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की बढ़ती जागरूकता, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश की भौगोलिक विविधता और अनुकूल जलवायु उद्यानिकी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल और चंबल क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के फल, सब्जी और मसाला फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में आम, संतरा, अमरूद, पपीता, टमाटर, प्याज, लहसुन, धनिया और मिर्च जैसी फसलों की खेती किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

केंद्र और राज्य की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से प्रदेश में उद्यानिकी आधारित कृषि मॉडल को मजबूत आधार मिल रहा है। किसानों को बाजार, प्रसंस्करण और निर्यात से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं, ताकि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार का यह अभियान केवल उत्पादन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यह प्रयास मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी उद्यानिकी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Sat, 16 May 2026 13:02:01 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब: अब दुनिया के 80 देशों में दिखेगी MP की संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन https://citytoday.co.in/5829 https://citytoday.co.in/5829

भोपाल। मध्यप्रदेश अब सिर्फ “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन का नया केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के विजन और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के लगातार प्रयासों का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगा है। स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस Colors Communication Group द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टीवी सीरीज़ “Rural Tourism of the World” की शूटिंग प्रदेश के कई पर्यटन और जनजातीय क्षेत्रों में पूरी की गई है। यह सीरीज़ दुनिया के 80 से अधिक देशों में प्रसारित होगी, जिससे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण पर्यटन को नई वैश्विक पहचान मिलेगी।

छिंदवाड़ा जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती और जनजातीय जीवन शैली ने स्पेनिश फिल्म क्रू को बेहद प्रभावित किया। विशेष रूप से पातालकोट की अनूठी परंपराएं, जनजातीय विवाह की रस्में और ग्रामीण संस्कृति को कैमरे में कैद किया गया। स्पेनिश डायरेक्टर Juan Frutos ने कहा कि “अगर कोई असली भारत को महसूस करना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के गांवों को जरूर देखना चाहिए।”

इस अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में Sanchi Stupa, Bhimbetka Rock Shelters, Satpura National Park और Mahakaleshwar Jyotirlinga जैसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है। इससे न केवल प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण रोजगार, होमस्टे, हस्तशिल्प और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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Fri, 15 May 2026 13:52:54 +0530 news desk MPcg
महंगाई का बड़ा झटका! पेट्रोल&डीजल के बढ़े दाम, भोपाल&इंदौर में जानें नए रेट https://citytoday.co.in/5826 https://citytoday.co.in/5826 भोपाल
 विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है।

इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

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Fri, 15 May 2026 13:15:42 +0530 news desk MPcg
CM की अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ीं कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं, मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर मंथन https://citytoday.co.in/5824 https://citytoday.co.in/5824 भोपाल 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है।

जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है। 

राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा 
जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।  

केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात 
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 

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Thu, 14 May 2026 19:41:35 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में दूध महंगा: सांची ने बढ़ाए दाम, आम लोगों के बजट पर असर https://citytoday.co.in/5822 https://citytoday.co.in/5822 मध्य प्रदेश में दूध की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। सांची ने अपने दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। भोपाल दुग्ध संघ द्वारा जारी नई दरें 15 मई से लागू होंगी। इससे पहले अमूल और मदर डेयरी भी दूध के दाम बढ़ा चुके हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की रसोई और मासिक बजट पर पड़ने वाला है।

भोपाल में सबसे ज्यादा असर

भोपाल में प्रतिदिन लगभग 7.5 लाख लीटर सांची दूध की खपत होती है। राजधानी में पैक्ड दूध के रूप में सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसी ब्रांड का होता है। वहीं अमूल दूध की खपत भी करीब 90 हजार लीटर प्रतिदिन बताई जा रही है। सौरभ और श्रीधी जैसे अन्य ब्रांड भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिकते हैं, लेकिन खुले दूध की मांग अभी भी सबसे ज्यादा बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, भोपाल में हर दिन करीब 10 लाख लीटर खुला दूध बिकता है। हाल ही में खुले दूध के दाम भी 2 रुपए तक बढ़े हैं, लेकिन यह अब भी पैक्ड दूध की तुलना में लगभग 10 रुपए प्रति लीटर सस्ता है। यही वजह है कि कई परिवार आज भी खुले दूध को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कंपनियों ने क्यों बढ़ाए दाम?

डेयरी कंपनियों का कहना है कि पशु आहार, पैकेजिंग सामग्री, ईंधन और ट्रांसपोर्ट की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी कारण दूध के दामों में बदलाव करना जरूरी हो गया था। अधिकारियों के मुताबिक इस बार कीमतों में 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

अमूल ने मई 2025 के बाद पहली बार दूध महंगा किया है, जबकि मदर डेयरी अप्रैल 2025 में भी दाम बढ़ा चुकी थी। अब सांची के नए रेट लागू होने के बाद प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ रही अमूल की मांग

इंदौर में अमूल दूध की सबसे ज्यादा खपत बताई जा रही है, जहां रोजाना करीब 1.25 लाख लीटर दूध बिकता है। इसके अलावा जबलपुर और ग्वालियर में भी अमूल की मांग लगातार बढ़ रही है।

सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी

दूध के दाम बढ़ने के बाद सोशल media पर कई लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ता जा रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और बड़े परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है।

निष्कर्ष

लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दूध जैसी जरूरी चीज के दाम बढ़ना आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। डेयरी कंपनियां इसे लागत बढ़ने की मजबूरी बता रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की चिंता यह है कि यदि इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में रसोई का बजट संभालना और मुश्किल हो सकता है।

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Thu, 14 May 2026 18:47:37 +0530 news desk MPcg
50 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजना से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सतना को होगा सतत विकास https://citytoday.co.in/5811 https://citytoday.co.in/5811 भोपाल

नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्य मंत्री  प्रतिमा बागरी ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला से मुलाकात कर सतना जिले को 50 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति मिलने पर आभार व्यक्त किया।

यह परियोजना राज्य सरकार के व्यापक ऊर्जा लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत 300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (4 घंटे ऊर्जा भंडारण सहित), 300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (6 घंटे ऊर्जा भंडारण सहित) तथा 200 मेगावाट 24 घंटे उपलब्धता वाली सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।

यह परियोजना सतना के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, उद्योगों एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार आएगा। ऊर्जा भंडारण तकनीक के माध्यम से अधिक स्थिर एवं प्रभावी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा हरित एवं सतत विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना सतना को देश के उभरते हुए ग्रीन एनर्जी हब के रूप में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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Thu, 14 May 2026 13:28:56 +0530 news desk MPcg
बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री भूरिया https://citytoday.co.in/5806 https://citytoday.co.in/5806 बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री  भूरिया

“परिणामोन्मुखचाइल्ड बजटिंग कार्यशाला में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर

भोपाल 

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास की आधारशिला बनेगी। मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश' विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।

बजट 2026-27: बच्चों के लिए रिकॉर्ड आवंटन

मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। उन्होंने मुख्य वित्तीय प्रावधानों को साझा करते हुए कहा कि बजट में इस वर्ष 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 'पोषण 2.0' जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय के लिये आवंटित किया गया है।

19 विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता

मंत्री सुश्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल संबंधित बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे सभी विभागों को एक निर्धारित लक्ष्य अनुसार मिलकर काम करना होगा। विभागों के बीच जब बेहतर समन्वय होगा, तभी बजट का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखेगा।

जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर ध्यान

मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले में बच्चों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आवश्यकताओं को समझें और उसी के अनुरूप कार्य योजना बनाएं।

3 करोड़ बच्चे हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी" : आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता

महिला एवं बाल विकास आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कि राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 3 करोड़ बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड बजट की रिपोर्टिंग को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है।विभागों को केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा कि उनकी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है।

5 वर्षों की सफलता और 'इक्विटी' पर जोर : विलियम हैनलोन जूनियर

यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ फील्ड स्टॉफ, श्री विलियम हैनलोन ने कहा कि मध्यप्रदेश 'चाइल्ड बजटिंग' के 5 सफल वर्ष पूरे कर चुका है और यह केवल खर्च की रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर 'परिणाम-आधारित' बजटिंग की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की अधिकांश जनजातीय आबादी को देखते हुए बजट में लिंग और भौगोलिक स्थिति के आधार पर समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

विकसित भारत @2047' के लिए रणनीतिक निवेश : क्रिस्टीना पोपीवानोवा

यूनिसेफ की सोशल पॉलिसी चीफ (दिल्ली) सुश्री क्रिस्टीना पोपीवानोवा ने मध्यप्रदेश की इस पहल को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन के अनुरूप बताया।उन्होंने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब बच्चों में निवेश को 'लाभार्थी' के नजरिए से नहीं बल्कि 'उत्पादकता' के आधार पर देखा जाए ।

महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री अभिताभ अवस्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बाल बजट के अंतर्गत 75 हजार 587 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य के कुल बजट का 19.4 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में बाल बजटिंग की पहल शुरू करने के बाद, मध्यप्रदेश अब इसके पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस प्रक्रिया में विभागों की भागीदारी 17 से बढ़कर 19 हो गई है, जो राज्य की "होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच"को दर्शाती है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ सुश्री पूजा सिंह द्वारा किया गया। इसमें शामिल 19 विभागों के प्रतिनिधियों ने बजट प्रक्रिया और क्रियान्वयन के अपने अनुभव साझा किए।

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Wed, 13 May 2026 18:46:23 +0530 news desk MPcg
भोपाल के करोंद में भीषण आग: KFC आउटलेट के पास बिल्डिंग धधकी, इलाके में मचा हड़कंप https://citytoday.co.in/5803 https://citytoday.co.in/5803 भोपाल
भोपाल के करोंद इलाके में बुधवार को अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार, आग चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी, जहां KFC आउटलेट और इलेक्ट्रॉनिक शोरूम मौजूद हैं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। 

बताया जा रहा है कि, आग बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर में लगी। इसके चलते फर्नीचर भी जल गया।  राहत की बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन इस आग के चलते आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। इसका आंकलन किया जाएगा।

बड़ा हादसा टला
आग लगते ही फायर ब्रिगेड को कॉल किया गया। पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। नगर-निगम की दमकल गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी। गनीमत रही कि, बिल्डिंग में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन अब हादसे की जांच कर रहा है।

आग की वजह से इलाके में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल के बीच आग पर काबू पाया गया। इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान बिल्डिंग में भीड़ नहीं थी। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन नुकसान का आंकलन लगा रहा है।

क्रोमा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के जनरेटर से भड़की आग
नगर निगम के फायर प्रभारी सौरभ पटेल ने बताया कि बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। इसके पास में रखे जनरेटर में आग लगी थी। इस वजह से कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी थी, वहां पर केएफसी का आउटलेट भी है। हालांकि, उसे नुकसान नहीं पहुंचा।

20 मिनट में काबू में आई
आग की वजह जनरेटर में शार्ट सर्किट होने को बताया जा रहा है। आग लगने की जानकारी मिलते ही पास में पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड पहुंची और उसे बुझाने लगी। इसी दौरान नगर निगम की दमकल भी आ गई। दोनों ने मिलकर आग को काबू में लिया। इस वजह से आग ज्यादा नहीं फैली।

बिल्डिंग के सामने लगी भीड़
करोंद में पीपुल्स हॉस्पिटल के सामने स्थित यह बिल्डिंग है। अचानक लगी आग से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और दूर तक फैलता काला धुआं देखकर इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। इससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

जनरेटर में लगी थी आग
नगर निगम के फायर प्रभारी के अनुसार, बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम था। इसके पास रखे जनरेटर में आग लगी थी। इसके चलते कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी वहीं केएफसी का आउटलेट है लेकिन इसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

करोंद इलाके में यह बिल्डिंग पीपुल्स हॉस्पिटल के बिलकुल सामने है। आग की ऊंची लपटें दूर से ही देखी जा सकती थीं। आग लगाने की सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी पहुंचे। निशातपुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को संभाला।

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Wed, 13 May 2026 17:27:28 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल बचाने की पहल, सीएम मोहन यादव के काफिले में घट सकती हैं गाड़ियों की संख्या https://citytoday.co.in/5800 https://citytoday.co.in/5800  भोपाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल उपयोग का उपयोग कम करने की अपील का असर मध्य प्रदेश सरकार में दिखने लगा है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब शासकीय कार्यों में उपयोग के लिए निजी एजेंसी के माध्यम से पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को टैक्सी के रूप में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने काफिले में से वाहनों की संख्या कम कर सकते हैं। इसके अलावा वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगा रखी है।

मुख्यमंत्री के काफिले में बदलाव की तैयारी

मुख्यमंत्री के काफिले में लगभग 13 गाड़ियां हैं। इसमें से पांच से छह गाड़ियां कम की जा सकती हैं। सुरक्षा के हिसाब से कुछ वाहन काफिले में खाली चलते हैं, इन्हें कम किया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जहां भी दौरे पर जाते हैं उनके स्वागत के लिए वाहनों से जुटने वाली भीड़ पर भी रोक लगाई जा सकती है। इस बीच, वन विभाग और पुलिस को छोड़कर सभी विभागों में नए वाहन क्रय करने पर रोक लगा दी गई है।

खर्चों में कटौती के सख्त निर्देश

जल्द ही कम खपत वाले वाहनों के उपयोग के निर्देश जारी किए जाएंगे। वित्त विभाग यह भी निर्धारित करने जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का कितना और कब उपयोग हो, जल्द ही इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों से कहा है कि पेट्रोल-डीजल के मद में खर्च कम करें और खुद के खर्चों में भी कटौती करें।
मंत्रियों के काफिले पर स्थिति

केवल जनता से पेट्रोल-डीजल के किफायती उपयोग की अपील की जा रही है, लेकिन मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या घटाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को मिलाकर कुल 30 मंत्री हैं। मंत्रियों के काफिले में तीन से चार वाहन चलते हैं। स्टेट गैराज से इन्हें वाहन आवंटित होता है और पेट्रोल-डीजल भी मिलता है।

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Wed, 13 May 2026 14:25:52 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर अपने कारकेड में घटाई वाहनों की संख्या https://citytoday.co.in/5794 https://citytoday.co.in/5794 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर अपने कारकेड में घटाई वाहनों की संख्या

राष्ट्र हित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर मध्यप्रदेश में होगा अमल, निर्देश जारी

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर आगामी आदेश तक अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को राज्य मंत्री परिषद की बैठक में मंत्री परिषद के सदस्यों से वर्तमान वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने सहित राष्ट्र हित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। मध्यप्रदेश गंभीरता से इस पर अमल करेगा। इस तारतम्य में राज्य सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री के काफिले में चलेंगे 8 वाहन

आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर 8 वाहन ही चलेंगे। उनके भ्रमण के समय वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। सभी मंत्रीगण यात्रा में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और वाहन रैली आयेाजित न करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के आहवान और दिए गए सुझावों के अनुरूप मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यों में मितव्ययता के उपायों पर अमल करने को कहा है। मंत्रीगण सहित निगम-मंडल के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से वाहनों के कम से कम प्रयोग करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग न किए जाने को कहा गया है।

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Wed, 13 May 2026 12:54:24 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में बदला मौसम, 8 जिलों में आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5786 https://citytoday.co.in/5786

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश में एक्टिव दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर कई शहरों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी, हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है।

इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी का असर देखने को मिलेगा। रविवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मई महीने में पहली बार तापमान इतना अधिक पहुंचा है। शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री और खंडवा में 42.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इंदौर में 41.9 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, जबलपुर में 38.9 डिग्री और ग्वालियर में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट भी जारी किया है। खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। लगातार बदलते मौसम से लोगों को गर्मी, उमस और तेज हवाओं का एक साथ सामना करना पड़ रहा है।

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Mon, 11 May 2026 20:36:32 +0530 news desk MPcg
भोपाल में क्रिकेट के ‘हीरो’ कपिल देव की CM मोहन यादव से मुलाकात | CM मोहन यादव से की सौजन्य भेंट Kapil Dev in Bhopal https://citytoday.co.in/5785 https://citytoday.co.in/5785 भोपाल स्थित समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में सोमवार शाम मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर Kapil Dev ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच खेल, युवा विकास, फिटनेस और मध्यप्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कपिल देव का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं कपिल देव ने भी मध्यप्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने युवाओं को खेलों के माध्यम से अनुशासन, फिटनेस और नेतृत्व की सीख लेने का संदेश दिया।

यह मुलाकात खेल प्रेमियों और युवाओं के बीच खास चर्चा का विषय बनी रही। क्रिकेट जगत की महान हस्ती कपिल देव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह मुलाकात खेल एवं युवा विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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Mon, 11 May 2026 20:24:11 +0530 news desk MPcg
शादी&समारोह के लिए गैस सिलेंडर तुरंत, नई व्यवस्था शुरू https://citytoday.co.in/5782 https://citytoday.co.in/5782 भोपाल 
बीते दो महीनों से चल रही गैस सिलेंडर की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है। अगर आपके घर में शादी-समारोह या कोई फंक्शन है और कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब नई व्यवस्था शुरु कर दी गई है। अगर आपको फंक्शन के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब सीधे गैस एजेंसी पर कैटरर्स के माध्यम से आवेदन कराना होगा। खाद्य एवं आपूर्ति प्रशासन की ओर से कमर्शियल सिलेंडर्स देने की व्यवस्था में बदलाव किया है।

डॉयरेक्ट करना होगा आवेदन
अब कलेक्टर या एसडीएम को आवेदन करने की बजाय सीधे गैस एजेंसी को आवेदन देना होगा। कैटरर्स शादी के आमंत्रण कार्ड के साथ आवेदन देकर जरूरत बताएगा। संचालक उपलब्ध सिलेंडर के अनुसार, कितने देने हैं तय करेगा। कम से कम दो सिलेंडर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ सरकारी संस्थानों की जरूरत के लिए देना तय किया था, लेकिन अब मांग के अनुरूप भी देना शुरू किया जा रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति संचालक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, लोगों की सुविधा और स्थिति के अनुसार प्रक्रिया तय की जा रही है।

गैस सिलेंडर के रेट बढ़े
अपभोक्ताओं को जानकारी के लिए बता दें कि पूरे मध्यप्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। अब इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पडे़ंगे।

बता दें कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे।

जीतू पटवारी ने साधा निशाना
गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे और नारा दिया गया था बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन आज वही सरकार महंगाई को चरम पर पहुंचाने का काम कर रही है। अब चुनाव के बाद राहत की जगह महंगाई मिल रही। फरवरी माह से अब तक व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में 1,380 तक की बढ़ोतरी हुई है, जो केवल तीन महीनों में लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि है।

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Fri, 08 May 2026 13:10:35 +0530 news desk MPcg
भोपाल से शुरू हुई ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी https://citytoday.co.in/5775 https://citytoday.co.in/5775
भोपाल 

धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक स्मृति, इन तीनों के संगम के रूप में ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' ने भोपाल से अपनी पहली यात्रा शुरू की. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुई यह विशेष तीर्थ यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि हजार वर्षों की आस्था, संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना की यात्रा के रूप में देखी जा रही है. मध्यप्रदेश से पहली बार रेल मार्ग के जरिए शुरू हुई इस यात्रा में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए श्रद्धालु शामिल हैं. सोमनाथ मंदिर, जो भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा का सशक्त प्रतीक माना जाता है, इस यात्रा का केंद्र बिंदु है। 

रानी कमलापति स्टेशन से दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है. हेली सेवा के बाद अब रेल मार्ग से इस तरह की विशेष तीर्थ यात्रा श्रद्धालुओं की सुविधा और पहुंच को और आसान बनाएगी. मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर को स्वाभिमान, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बताते हुए इसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान पर प्रतिष्ठित बताया। 

गंगोत्री से गंगा सागर तक बिखर रहा आनंद : CM
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव बिराजे हैं, अक्षय स्वाभिमान के ज्योतिर्लिंग, भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन. सोमनाथ का संबंध देश के स्वाभिमान के साथ है. द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण ने जब अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तब पूरा समय चक्र ही बदल गया. हम सभी जानते हैं कि एक हजार साल पहले भारत को काली छाया का ग्रहण लग गया था. उस समय बाबा सोमनाथ ने इस ग्रहण को नष्ट किया था. सोमनाथ हमारे विकास का पर्याय भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ हुई.  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, पुल, पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी लेकर चल रही है. इस सनातन संस्कृति पर हमें गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी के मन में भी सनातन धर्म के साथ सबको लेकर चलने की भावना है. यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. हमें अयोध्या और मथुरा में जो आनंद आता है, वही आनंद पश्चिम बंगाल के काली घाट पर आता है. आज भगवान की दया से गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद बिखर रहा है. लोकतंत्र की नई बयार पूरे देश को उत्साह-उमंग से भर रही है। 

हमले के बाद भी लहराती रही सनातन संस्कृति की ध्वजा : मोहन यादव
सीएम डॉ. यादव ने लोगों से कहा कि इस यात्रा के जरिये आपको बाबा सोमनाथ के दर्शन का लाभ मिलेगा. मेरी ओर से सभी यात्रियों को बधाई. वहीं, पास में चार पीठों में से एक द्वारका पीठ भी है. यहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कर हमारे हृदय में छवि बनाई. सोमनाथ मंदिर पर दुश्मनों ने 17 बार आक्रमण किए थे. लेकिन, हमारी सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराती रही. एक हजार साल बाद सोमनाथ का शिखर आसमान से बात कर रहा है. दुश्मन लाख चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो बाबा सोमनाथ चाहें. उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा कि आप बाबा सोमनाथ से आशीर्वाद लेना कि दुनिया में चारों ओर खुशहाली हो. यह सांस्कृतिक जानगरण राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करे. उन्होंने कहा कि जीवन भी एक यात्रा है. जीवन की इस यात्रा में हम आते हैं और शरीर छोड़ते हैं. लेकिन, इस बीच परमात्मा ने हमें जो मौका दिया है, इस मौके का उपयोग हम परोपकार में करें। 

देवलोक बनने से बदल जाती है अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की है. हमारी सरकार कई देवलोक बनवा रही है. महाकाल लोक बनने के बाद आर्थिक रूप से पूरा इको-सिस्टम बदल गया. साल 2022 से पहले उज्जैन में एक वर्ष में 25-30 हजार लोग आते थे, आज रोज डेढ़ लाख लोग दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं. इस तरह पूरा माहौल बदल रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह के देवलोक बनने के बाद होटल वालों, ठेले वालों, ऑटो वालों, दुकान वालों के जीवन में बदलाव आता है. भारतवासी जब एक-दूसरे के क्षेत्र में जाते हैं, तो एक-दूसरे को अपनी-अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं. इससे आंतरिक एकता का निर्माण होता है. यही एकता एकात्मवाद में परिवर्तित होती है। 

मेरी अपनी ओर से सभी तीर्थयात्रियों को बधाई
श्रद्धालुओं का बड़ा कारवां

मध्यप्रदेश से पहली बार निकल रही इस यात्रा में 1,100 श्रद्धालुओं का दल शामिल है. यह विशेष रेलगाड़ी भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई. यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ पहुंचेकर दर्शन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सोमनाथ से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक कथाओं को साझा किया जाएग। 

धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव
सरकार और संस्कृति विभाग के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य केवल दर्शन तक सीमित नहीं है. यह पहल धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करने का प्रयास है. रेलवे के माध्यम से सामूहिक तीर्थ यात्रा ने बुजुर्गों, परिवारों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सरल बनाया है. यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं, आवास और कार्यक्रमों का समन्वय संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है। 

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' की पृष्ठभूमि
संस्कृति संचालनालय के निदेशक एन.पी. नामदेव के अनुसार, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का मूल उद्देश्य देशभर में भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, आस्था और ऐतिहासिक संघर्षों की स्मृति को जीवंत करना है. यह पर्व राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीकात्मक महाकुंभ है, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करता है। 

इतिहास से भविष्य तक की यात्रा
सोमनाथ मंदिर को भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. हजार वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद इस मंदिर का पुनर्निर्माण और उसकी निरंतर परंपरा भारतीय सांस्कृतिक जीवटता को दर्शाती है. ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' इसी भाव को लेकर आगे बढ़ रही है ताकि श्रद्धालु इतिहास से जुड़ें और भविष्य के लिए सांस्कृतिक गर्व को संजो सकें। 

11 मई को होगा समापन
यह यात्रा 11 मई, 2026 को संपन्न होगी, जब श्रद्धालु सोमनाथ महादेव के दर्शन कर लौटेंगे. संस्कृति विभाग के अनुसार, यात्रा का समापन केवल वापसी नहीं, बल्कि श्रद्धा, स्मृति और स्वाभिमान के भाव के साथ होगा. आयोजकों को उम्मीद है कि यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करेगी, और श्रद्धालुओं के मन में आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना का नया संचार करेगी। 

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Thu, 07 May 2026 19:16:25 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक! कहीं आंधी&बारिश तो कहीं 43°C की तपिश https://citytoday.co.in/5774 https://citytoday.co.in/5774

11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। प्रदेश के एक हिस्से में आंधी और बारिश लोगों को राहत दे रही है, तो दूसरे हिस्से में तेज धूप और गर्म हवाओं ने परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश और तेज आंधी चल सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई इलाकों में पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के संयुक्त असर से प्रदेश में लगातार मौसम बदल रहा है। पिछले सात दिनों से कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। धार, बालाघाट, पीथमपुर और मुलताई में तेज बारिश और हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में ऐसा ही उथल-पुथल वाला मौसम बना रहेगा। 9 और 10 मई को गर्मी का असर ज्यादा बढ़ सकता है, जबकि 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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Thu, 07 May 2026 17:50:03 +0530 news desk MPcg
भोपाल में नकली नोटों का बड़ा खुलासा पश्चिम बंगाल निवासी MBBS डॉक्टर गिरफ्तार, ₹1.40 लाख के नकली नोट बरामद https://citytoday.co.in/5773 https://citytoday.co.in/5773

भोपाल। राजधानी भोपाल में नकली नोटों के कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए कोहेफिजा थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी एक MBBS डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ₹500-500 के कुल 280 नकली नोट, जिनकी कुल कीमत ₹1 लाख 40 हजार है, बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल और अन्य सामान भी जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सैफुल इस्लाम (25) मूल रूप से वीरभूम, पश्चिम बंगाल का निवासी है और वर्तमान में भोपाल के शाहपुरा इलाके में रह रहा था। आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए आईफोन में UK +44 सीरीज का अंतरराष्ट्रीय नंबर इस्तेमाल कर व्हाट्सएप कॉलिंग करता था, ताकि उसकी कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक न हो सके।

जानकारी के मुताबिक 6 मई 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक संदिग्ध गतिविधियों के साथ भारी मात्रा में नकदी लेकर खड़ा है और कम दाम में ₹500 के नोट बेचने की बात कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को बैग सहित पकड़ लिया। तलाशी में बैग से चार अलग-अलग सीरीज के नकली नोट बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पश्चिम बंगाल से नकली नोट लाकर भोपाल और अन्य बाजारों में खपाता था। पुलिस को उसके मोबाइल में कई संदिग्ध लेनदेन भी मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह या सिंडिकेट से जुड़ा है या नहीं।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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Thu, 07 May 2026 17:15:40 +0530 news desk MPcg
भोपाल निगम की 8&मंजिला बिल्डिंग का लोकार्पण, CM बोले & नीचे जनता से जुड़े काम होंगे; 10.5 मेगावाट सोलर प्लांट भी शुरू https://citytoday.co.in/5770 https://citytoday.co.in/5770 भोपाल 

तुलसी नगर (सेकंड स्टॉप) पर भोपाल नगर निगम का नया मुख्यालय तैयार है। यह अटल भवन के नाम से जाना जाएगा। यह 43 करोड़ से बना है। यहां एक ही छत के नीचे पूरी नगर सरकार होगी। अब तक नागरिकों को अलग-अलग कामों के लिए शहर के कई हिस्सों में जाना पड़ता था।यह प्रदेश की पहली नगरीय निकाय बिल्डिंग है, जो जियोथर्मल तकनीक से लैस है। पार्किंग पर लगे सोलर पैनलों से 300 किलोवाट बिजली बनेगी। नवनिर्मित मुख्यालय का नाम ‘अटल भवन’ रखा गया है। इसके लोकार्पण के साथ नीमच जिले में भोपाल निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया।

एक जगह पर आ जाएंगे सभी विभाग
बिल्डिंग की शुरुआत के बाद निगम के सभी विभाग एक ही बिल्डिंग में आ जाएंगे। हालांकि, दो महीने पहले से ही कई ऑफिस शिफ्ट किए जा चुके हैं। अब सेंट्रल वर्कशॉप, हाउसिंग फॉर ऑल, सिविल, जनसंपर्क, विद्युत, बीसीएलएल, जल कार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, झील प्रकोष्ठ, एनयूएलएम, राजस्व, गोवर्धन परियोजना, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन शाखाएं एक ही जगह पर लगेगी।

ग्राउंड फ्लोर पर एंटर होते ही जनसुविधा केंद्र स्थापित किया गया है। जहां एक ही स्थान पर सभी विभागों से संबंधित जानकारी आवेदक को मिलेगी। बिल्डिंग परमिशन समेत कई जनसुविधा भी यहां मिलेंगी।

अभी कई जगह पर संचालित ऑफिस
अभी भोपाल के कई स्थानों पर निगम के ऑफिस में शाखाएं संचालित की जा रही हैं। आईएसबीटी और माता मंदिर में महापौर, अध्यक्ष और कमिश्नर के कक्ष के साथ कई शाखाएं हैं। शाहपुरा में बिल्डिंग परमिशन शाखा है, जबकि फतेहगढ़ में स्वास्थ्य शाखा लग रही है।

ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाई गई है बिल्डिंग
ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम का नया मुख्यालय भवन बना है। बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी दिशा उत्तर-दक्षिणी होने की वजह से बिजली उत्पादन में असर पड़ सकता है।

एक बिल्डिंग, 3 कमिश्नर
बिल्डिंग की पूरी डिजाइन निगम के तत्कालीन कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बनवाई थी। उनकी मौजूदगी में बिल्डिंग का आधे से ज्यादा काम हुआ, जबकि बाकी काम हरेंद्र नारायण के समय हुआ। अब संस्कृति जैन के समय बिल्डिंग शुरू की जा रही है।

किस फ्लोर पर क्या?

    ग्राउंड फ्लोरः जनसंपर्क, टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण और बच्चों के लिए विशेष गेम जोन।
    पहली से चौथी मंजिलः महापौर, एमआईसी सदस्य, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज और राजस्व विभाग।
    पांचवीं से सातवीं मंजिलः योजना प्रकोष्ठ, आईटी, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग।
    आठवीं मंजिलः कमिश्नर स्टाफ और स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यालय

10 जगहों पर बिखरे दफ्तर अब एक छत के नीचे
अब तक नगर निगम के कार्यालय माता मंदिर, पीएचई दफ्तर, आइएसबीटी, स्मार्ट सिटी कार्यालय, न्यू मार्केट, श्यामला हिल्स, शाहपुरा और फतेहगढ़ सहित शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे। नए मुख्यालय के शुरू होने से निगम के अधिकांश विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे, जिससे आम नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मुख्यालय
भवन के भू-तल पर विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा, स्मार्ट सिटी और कर संबंधी काउंटर बनाए गए हैं। पहली मंजिल पर महापौर, निगम परिषद अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और परिषद कार्यालय के साथ कॉन्फ्रेंस हॉल रहेगा। नगर निगम आयुक्त का कार्यालय भवन की आठवीं मंजिल पर बनाया गया है।

बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगा लोकार्पण
लोकार्पण कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री Kailash Vijayvargiya, मंत्री Vishvas Sarang, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा और महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

नीमच के सोलर प्लांट का भी शुभारंभ
नगर निगम ने नीमच जिले की धमपुरा तहसील में 10.5 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। करीब 45 करोड़ रुपये की इस परियोजना में निगम ने 14 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जबकि शेष राशि निजी कंपनी द्वारा लगाई गई है। गाजियाबाद की टेक्नोसिस कंपनी के साथ 25 वर्षों का अनुबंध किया गया है। इस परियोजना से ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

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Thu, 07 May 2026 15:48:28 +0530 news desk MPcg
MP Metro में बर्थडे और प्री&वेडिंग पार्टी की सुविधा, कम खर्च में मनाएं जश्न; बुकिंग नियम जानें https://citytoday.co.in/5767 https://citytoday.co.in/5767

इंदौर/भोपाल 
 मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने एक पहल शुरू की है, जिसके तहत मेट्रो ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बर्थडे पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इंदौर और भोपाल में मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है।

MPMRCL ने बताया कि 'सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स' पहल के तहत, मेट्रो कोच और चुनिंदा स्टेशन क्षेत्रों का उपयोग विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, बशर्ते निर्धारित शुल्क और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए।

MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने कहा, "सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स पहल इंदौर और भोपाल की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी वातावरण और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।"

उन्होंने कहा, "यह मेट्रो को जनता के करीब लाने का एक प्रयास है, जिससे लोग मेट्रो के सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में अपने खास मौकों का जश्न मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन जाएंगी।"

सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कुछ पाबंदियां भी तय की गई हैं. मेट्रो परिसर में शराब, बीड़ी-सिगरेट और पटाखों पर पूरी तरह मनाही रहेगी. आयोजन में शामिल होने से पहले सभी लोगों की स्टेशन पर जांच की जाएगी। 

पिछले साल शुरू हुई थी भोपाल मेट्रो
भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को हुआ था और 21 दिसंबर से इसे आम यात्रियों के लिए खोला गया था. शुरुआती दिनों में यात्रियों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिली, लेकिन वक्त के साथ फुटफॉल में गिरावट आई. ऐसे में अब मेट्रो एडमिनिस्ट्रेश ने कमाई बढ़ाने के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया है। 

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Thu, 07 May 2026 13:54:02 +0530 news desk MPcg
उपज का एक&एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5766 https://citytoday.co.in/5766 कृषक कल्याण वर्ष-2026
उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये
सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाताट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट/जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।" उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए।

मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की कार्यवाही मंडी समिति चौरई द्वारा समय-सीमा में की जाएगी।

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Thu, 07 May 2026 13:17:47 +0530 news desk MPcg
सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5765 https://citytoday.co.in/5765 सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं
प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा

भोपाल

प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं।

आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है।

महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं।

बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।

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Thu, 07 May 2026 13:00:14 +0530 news desk MPcg
भोपाल में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को बढ़ावा: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने एम्स टीम संग की अहम बैठक https://citytoday.co.in/5762 https://citytoday.co.in/5762

भोपाल में Rajendra Shukla ने मंत्रालय में AIIMS Bhopal के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंग प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और ऑर्गन डोनर्स को “गार्ड ऑफ ऑनर” देने के साथ उनके परिजनों को 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे अवसरों पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑर्गन डोनेशन कई जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी दे सकता है, इसलिए आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने एम्स भोपाल के तकनीकी सहयोग और सुझावों का स्वागत करते हुए अब तक किए गए कार्यों की सराहना भी की।

बैठक में Ayushman Bharat Yojana के तहत किडनी ट्रांसप्लांट पैकेज बढ़ाने, हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट को शामिल करने पर चर्चा हुई। साथ ही ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान, त्वरित रेफरल सिस्टम और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

आधुनिक तकनीकों, खासकर रोबोटिक सर्जरी के विस्तार पर भी विचार किया गया, जिससे उपचार की सफलता दर बढ़ाई जा सके। एम्स टीम ने हार्ट, किडनी और लंग ट्रांसप्लांट में अपनी प्रगति प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री ने इन सेवाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

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Wed, 06 May 2026 20:11:05 +0530 news desk MPcg
लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी: इस तारीख को खातों में आएंगे ₹1500, पूरी जानकारी पढ़ें https://citytoday.co.in/5749 https://citytoday.co.in/5749 भोपाल
 मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक बार फिर राहत और उम्मीद की खबर है। राज्य की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। मई महीने की यह किस्त खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि इस बार लाभार्थियों के खातों में बढ़ी हुई राशि 1500 रुपये भेजे जाने की तैयारी है।

दरअसल, प्रदेश सरकार आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख तक यह राशि ट्रांसफर करती रही है, लेकिन इस बार 10 मई को रविवार होने के कारण भुगतान में हल्का बदलाव संभव है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 11 से 15 मई के बीच कभी भी यह किस्त जारी की जा सकती है, हालांकि अंतिम तारीख का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। पिछले महीने अप्रैल में भी राशि 12 तारीख को जारी की गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि भुगतान तिथि परिस्थितियों के अनुसार रखी जा रही है।

इस योजना की शुरुआत 5 मार्च 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी, आज प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा की मजबूत कड़ी बन चुकी है। करीब 1 करोड़ 29 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं, जो इसे देश की सबसे व्यापक महिला कल्याण योजनाओं में शामिल करता है। सरकार का उद्देश्य न सिर्फ आर्थिक सहायता देना है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है।

योजना के तहत विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को भी शामिल किया गया है। 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और DBT सक्रिय है, वे इस योजना के दायरे में आती हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

भुगतान की स्थिति जानने के लिए सरकार ने ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे महिलाएं घर बैठे ही अपनी किस्त का स्टेटस चेक कर सकती हैं। आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी और ओटीपी के माध्यम से यह जानकारी कुछ ही मिनटों में प्राप्त की जा सकती है।

कुल मिलाकर, लाड़ली बहना योजना अब केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। मई की 36वीं किस्त के साथ एक बार फिर सरकार की इस प्रतिबद्धता पर मुहर लगने जा रही है।

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Wed, 06 May 2026 13:00:08 +0530 news desk MPcg
स्वास्थ्य बीमा योजना में बड़ा बदलाव: दो संतान की शर्त हटाने का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होगा https://citytoday.co.in/5745 https://citytoday.co.in/5745 भोपाल.

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सरकार जल्द ही दो बड़े फैसले लेने जा रही है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता समाप्त करने के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं। सामान्य प्रशासन विभाग इन दोनों प्रस्तावों को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश करेगा।

कर्मचारी और पेंशनरों के लिए लंबे समय से स्वास्थ्य बीमा की मांग की जा रही थी। अब इस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार इस योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

दो संतान नियम खत्म करने की तैयारी
सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता को समाप्त करने पर भी सरकार सहमत हो गई है। इस नियम को हटाने के लिए सभी स्तरों पर सहमति बन चुकी है और सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश करेगा। इससे कई कर्मचारियों और अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।

कर्मचारी संगठनों की मांग पर कार्रवाई
राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद दोनों मुद्दों पर तेजी से काम किया जा रहा है। 15 अप्रैल को हुई बैठक में कर्मचारियों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए थे।

कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ने संभाला कार्यभार
इधर, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा भी की।

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Tue, 05 May 2026 17:27:42 +0530 news desk MPcg
TET विवाद में मोहन सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट में इस दिन होगी अहम सुनवाई https://citytoday.co.in/5736 https://citytoday.co.in/5736 भोपाल
शिक्षकों के हित में लगातार प्रयास कर रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस बार सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश शासन द्वारा किए गए सतत प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दरअसल, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-Teacher Eligibility Test) से जुड़े प्रकरण में दायर रिव्यू याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण से संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए मामले को ओपन कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दे दिया है।

कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई 13 मई को दोपहर 2 बजे के लिए निर्धारित की गई है। ये सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन की जाएगी। ये निर्णय शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मामले के न्यायिक पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

महत्वपूर्ण कानूनी पहल
आपको बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ये महत्वपूर्ण कानूनी पहल मानी जा रही है। सीएम ने कहा है कि, प्रदेश सरकार शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही इस प्रकरण में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। शासन को विश्वास है कि, न्यायालय में पेश किए जाने वाले तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को जल्द ही न्याय भी जरूर मिलेगा।

शिक्षक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी बताया गया है। इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमं ने सभी को आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है।

शिक्षकों को मिली सरकारी वकालत
प्रदेश सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करना शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण उम्मीद की किरण माना जा रहा है। इस कदम से ये संदेश जाता है कि, राज्य स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों के अधिकारों का भी पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। न्यायालय की सुनवाई के बाद उम्मीद है कि, शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी स्थिति को मजबूत करने वाले फैसले आएंगे। साथ ही, इस पूरे मामले ने शिक्षकों को ये विश्वास भी दिया कि, उनकी आवाज को सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा रही है और उनके भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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Tue, 05 May 2026 13:04:30 +0530 news desk MPcg
मप्र में 2 से 5 मई तक मौसम का अलर्ट, 21 जिलों में येलो अलर्ट, 50 किमी/h रफ्तार वाली आंधी की चेतावनी https://citytoday.co.in/5722 https://citytoday.co.in/5722 भोपाल | मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है और अब प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 2 मई 2026 को 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. बीते दो दिनों से राज्य के आधे से अधिक जिलों में मौसम का यही रुख बना हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा। 

इस बदले हुए मौसम पैटर्न ने जहां आमजन को राहत दी है, वहीं किसानों और ग्रामीण इलाकों में चिंता भी बढ़ा दी है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा. चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह सिस्टम सक्रिय हुआ है, जो मई की शुरुआत में ही असामान्य मौसम का संकेत दे रहा है। 

इन जिलों में आंधी और तेज बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र ने शनिवार को एमपी के ग्वालियर समेत 21 जिलों में आंधी और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोक नगर, नीमच और मंदसौर मुख्य रूप से शामिल हैं। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

इन जिलों में दिखेगा गर्मी का असर
वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।

मौसम विभाग ने इन जिलों में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अपील की गई है।

प्रदेश में आने वाले दिनों के मौसम की बात करें तो 3, 4 और 5 मई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। दरअसल, चक्रवाती गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान में हल्कि गिरावट के आसार है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। लेकिन, किसानों पर बारिश का बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनकी खुली जगह पर रखी फसलें (अनाज) खराब हो रही है।

अन्य जिलों में गर्मी, लेकिन बदल सकता है मौसम
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है. हालांकि दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अचानक और अल्पकालिक हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 

पिछले दो दिनों में कैसा रहा मौसम
बीते 48 घंटों में प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में कहीं न कहीं आंधी, बारिश या ओलावृष्टि दर्ज की गई है. जबलपुर और दमोह में हल्की बारिश हुई. तापमान में भी गिरावट देखी गई. खंडवा में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि नरसिंहपुर, रतलाम और टीकमगढ़ में भी पारा 41 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ. बड़े शहरों में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी तापमान में कमी आई है। 

अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का मौसम असामान्य जरूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसे ट्रेंड देखने को मिले हैं। 

किसानों और आम लोगों के लिए अलर्ट
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है. खेतों में काम कर रहे किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचें. पेड़ों और कच्चे ढांचों से दूर रहें। 

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Sat, 02 May 2026 17:34:19 +0530 news desk MPcg
शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! MP Govt के प्रयासों से TET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में नई सुनवाई तारीख घोषित https://citytoday.co.in/5720 https://citytoday.co.in/5720 भोपाल
शिक्षकों के साथ हर समय खड़े मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास सफल होने लगे हैं। शिक्षकों के पक्ष की रक्षा के लिए प्रदेश शासन द्वारा किए गए सतत प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दरअसल, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-Teacher Eligibility Test) से जुड़े प्रकरण में दायर रिव्यू याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई नियत की है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण से संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए मामले को ओपन कोर्ट में सुनवाई हेतु सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। 

कोर्ट के आदेशानुसार, इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई 13 मई को दोपहर 2 बजे नियत की गई है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन होगी। यह निर्णय शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मामले के न्यायिक पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करेगा। 

कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई 13 मई को दोपहर 2 बजे के लिए निर्धारित की गई है। ये सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन की जाएगी। ये निर्णय शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मामले के न्यायिक पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

महत्वपूर्ण कानूनी पहल
आपको बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ये महत्वपूर्ण कानूनी पहल मानी जा रही है। सीएम ने कहा है कि, प्रदेश सरकार शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही इस प्रकरण में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। शासन को विश्वास है कि, न्यायालय में पेश किए जाने वाले तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को जल्द ही न्याय भी जरूर मिलेगा।

शिक्षक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
गौरतलब है कि, मध्यप्रदेश शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी बताया गया है। इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है।

महत्वपूर्ण कानूनी पहल
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कानूनी पहल की है। सीएम डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस प्रकरण में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। शासन को विश्वास है कि न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को न्याय मिलेगा।

शिक्षक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी बताया गया है। इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमं ने सभी को आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है।

शिक्षकों को मिली सरकारी वकालत
प्रदेश सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करना शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण उम्मीद की किरण माना जा रहा है। इस कदम से ये संदेश जाता है कि, राज्य स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों के अधिकारों का भी पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। न्यायालय की सुनवाई के बाद उम्मीद है कि, शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी स्थिति को मजबूत करने वाले फैसले आएंगे। साथ ही, इस पूरे मामले ने शिक्षकों को ये विश्वास भी दिया कि, उनकी आवाज को सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा रही है और उनके भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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Sat, 02 May 2026 15:09:50 +0530 news desk MPcg
MP में CM डॉ. मोहन यादव का श्रमिकों के लिए बड़ा तोहफा: 27 हजार परिवारों को 600 करोड़ की मदद ! https://citytoday.co.in/5706 https://citytoday.co.in/5706 भोपाल 
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि  अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव श्री संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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Fri, 01 May 2026 15:14:36 +0530 news desk MPcg
विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को बनाएं रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन.यादव https://citytoday.co.in/5702 https://citytoday.co.in/5702 विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को बनाएं रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में जोड़ें नए आयाम
रीवा से सर्वाधिक 24 हजार यात्रियों ने लिया हवाई सेवाओं का लाभ

 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों के साथ ही पड़ौसी राज्यों के यात्रियों को भी विमानन सेवाएं लाभान्वित करती हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का महत्व बढ़ाने की दृष्टि से भी ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई बैठक में विमानन विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हैलीपेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हैली सेवाओं के विस्तार के लिए हैलीपेड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई।

रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलवाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के ‍निर्देश दिये।

सफल है प्रदेश की विमानन नीति, रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 गत फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शिड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि गत छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। गत चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और गत डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त श्री लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

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Fri, 01 May 2026 13:11:10 +0530 news desk MPcg
एक्शन में डॉ. मोहन यादव: अचानक खरीदी केंद्र पहुंचे, किसानों के साथ चाय पर चर्चा, CM ने पूछी भुगतान और तौल व्यवस्था https://citytoday.co.in/5695 https://citytoday.co.in/5695 महेश्वर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक दिन पहले ही कहा था कि वे कभी भी और कहीं भी उपार्जन केंद्रों का अचानक निरीक्षण कर सकते हैं। कुछ ही घंटों बाद मोहन यादव खरगोन में थे। उन्होंने गुरुवार को सुबह अचानक कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों से भी चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी।

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। डॉ. यादव एक दिन पहले ही 29 अप्रैल को महेश्वर पहुंच गए थे जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया था। गुरुवार को सुबह मोहन यादव कतरगांव के उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद किसानों के साथ सीएम का सीधा संवाद भी हुआ। सीएम ने किसानों के साथ चाय भी पी। गेहूं उपार्जन की व्यवस्था के बीच अपने साथ सीएम को पाकर किसानों के चेहरे पर मुस्कान थी। मोहन यादव ने उपार्जन केंद्र की व्यवस्था करने वाले कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।

महेश्वर विधानसभा के दौरे पर आए सीएम ने रात्रि विश्राम के बाद सुबह हेलीपैड के लिए प्रस्थान किया था। हालांकि, उन्होंने अचानक अपना काफिला बड़वाह मार्ग की ओर मोड़ दिया। सीधे कतरगांव खरीदी केंद्र पहुंच गए। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर वहां मौजूद किसान और कर्मचारी हैरान रह गए।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को महेश्वर प्रवास के दौरान संकेत दिए थे कि व्यवस्थाओं को परखने के लिए किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर सकते हैं।

उपार्जन केंद्र पर क्या है खास
0-किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था।
0-अब किसान किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं।
0-उपार्जन केन्द्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है।
0-सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है।
0-सरकार ने चमकविहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है।
0-सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है।
0-क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है।
0-बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं मिलेंगी।

सीएम ने किसानों से की सीधी बात
सीएम ने किसी औपचारिक प्रोटोकॉल का पालन किए बिना किसानों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें भुगतान समय पर मिल रहा है? तौल में गड़बड़ी तो नहीं हो रही।

सीएम ने मौजूद कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धूप में खड़े न रहना पड़े। उन्होंने ठंडे पानी और बैठने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान महेश्वर विधायक राजकुमार मेव भी उनके साथ थे, जिनसे सीएम ने क्षेत्र की कृषि समस्याओं पर फीडबैक लिया।

सीएम ने तौल और भुगतान में पारदर्शिता के निर्देश
सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूं की स्लॉट बुकिंग से लेकर तौल और भुगतान तक की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।

सीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार 2625 रुपए प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से उनके गेहूं का पाई-पाई भुगतान करेगी। निरीक्षण के बाद सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में वे प्रदेश के किसी भी जिले में अचानक उतरकर केंद्रों की स्थिति का जायजा ले सकते हैं, इसलिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहना चाहिए।

युद्ध के बावजूद बड़ा लक्ष्य
सरकार ने इस साल युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। एमपी में अब तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था।

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Thu, 30 Apr 2026 16:16:24 +0530 news desk MPcg
महेंद्र सिंह यादव ने अपेक्स बैंक में पदभार ग्रहण करते हुए किया ऐतिहासिक स्वागत https://citytoday.co.in/5687 https://citytoday.co.in/5687 भोपाल

अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने आज सांय 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा के साथ प्रवेश किया l  आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दस सबनानी, मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक किशनसिंह भटोल, प्रदेश मंत्री श्रीमती राजो मालवीय, प्रवक्ता अजय सिंह यादव, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह चौहान, रविंद्र यति सहित विशाल जन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमामयी बनाया .

इस पदयात्रा को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने  प्रदेश बी जे पी कार्यालय से रवाना किया. यह यात्रा का लिंक रोड नंबर 1 पर लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत हुआ, तदुपरान्त अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची.

पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सहकारिता एवं खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ निष्ठावान कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी साख आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर है एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश कि सहकारी साख संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह मुझे विश्वास है. उन्होंने यादव के सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामनाएं दीं. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने  0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.

 समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंहअपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव जी में आज अपराह्न 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा को साथ प्रवेश किया आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद्वा युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मध्य प्रदेश की माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा भोपाल के विधायक भगवान दास सबनानी रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रादेशिक अध्यक्ष कृष्ण सिंह भटोल प्रदेश मंत्री राजू मालवीय प्रादेशिक प्रवक्ता अजय सिंह यादव राय जिला अध्यक्ष ग्रामीण नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉक्टर सुरजीत सिंह चौहान सहित विशाल जैन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमा में बनाया .

 इस भाव पदयात्रा का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी एवं सरकार माननीय सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश शरण जी ने करवाया कराया यह यात्रा लिंक रोड नंबर 1 से लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत के उपरांत अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची
 अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता जी ने आरंभ में अतिथियों का स्वागत किया एवं के बारे में प्रकाश डाला कार्यक्रम में विश्वास कैलाश सारंगी भगवान दास सबनानी नारायण सिंह कुशवाहा भगवान दास सबनानी ने अपने उद्गार व्यक्त किया

 मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री एवं खेलकूद वायु व कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ विस्थापन कार्तिक कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीश नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी शाखा आंदोलन माननीय नरेंद्र मोदी जी एवं मनीष अमित शाह जी की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर होगा एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहकारी सख्त संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह में विश्वास दिलाता हूं उन्होंने यादव के सफल एवं शुद्धिक जीवन की मंगल कामनाएं विधि उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने विकास 0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.

 इसलिए अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रदुभन सिंह तोमर भी उपस्थित रहें. समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि महेंद्र यादव जी के साथ उनके लगभग 35 वर्ष पुराना रिश्ता है और मेरे जीवन की शुरुआत भी सहकारिता से ही हुई है निश्चित रूप से यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक के रूप में अपने दीघा अनुभवों एवं समर्पित कार्यशैली से अपेक्स बैंक को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयास करने में सफल होंगे और जन आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे.

 इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी ने भी महेंद्र सिंह यादव जी के साथ अपनी लगभग तीन दशक की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्हें एक सरल सहज हुआ निष्ठावान व्यक्ति बताया.

 पदभार ग्रहण करने के उपरांत महेंद्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के नेतृत्व एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि मैं स्वयं एक किसान पृष्ठभूमि से संबंध रखता हूं मुझे याद है पूर्ववर्ती सरकारों में जब 18 परसेंट 15% ब्याज दर पर किसानों को बहुत मुश्किल से उपलब्ध हो पाता था और किसान साहूकारों के चंगुल में फंसा रहता था लेकिन 2013 के बाद जब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आई तब हमारी सरकार ने 0% ब्याज पर किसानों को सरल प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराकर सर्वहारा वर्ग की सेवा का जो बीड़ा उठाया था वह आज पूरे प्रदेश में फली भूत हो रहा है.

 कार्यक्रम की शुरू में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक महोदय ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्वागत उद्बोधन में कहां की दिनांक 14 अप्रैल से मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर एवं माननीय से सहकारिता मंत्री जी की मार्गदर्शन में प्रदेश में नए 10 लाख सदस्य बनाने का अभियान शुरू हुआ है जिसमें अभी तक 4 लाख सदस्य बन चुके हैं एवं 60000 लोगों ने अंश पूंजी जमा कर दी है.

 कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे अरुण मिश्रा उप महापबंधक के. टी.सज्जन  अरविंद बौद्ध के साथ सभी अधिकारी व कर्मचारी एवं प्रदेश भर से आए हुए हजारों की संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा कुशवाहा ने बताया कि महेंद्र यादव जी के साथ उनके लगभग 35 वर्ष पुराना रिश्ता है और मेरे जीवन की शुरुआत भी स्वीकारता की सेवा से ही हुई है निश्चित रूप से यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक के रूप में अपने दीघा अनुभवों एवं समर्पित कार्यशैली से अपेक्स बैंक को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयास करने में सफल होंगे और जन आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे 

 इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी ने भी महेंद्र सिंह यादव जी के साथ अपनी लगभग तीन दशक की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्हें एक सरल सहज हुआ निष्ठावान व्यक्ति बताया  पदभार ग्रहण करने के उपरांत महेंद्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के नेतृत्व एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के पति आभार व्यक्त किया और बताया कि मैं स्वयं एक किसान पृष्ठभूमि से संबंध रखता हूं मुझे याद है पूर्ववर्ती सरकारों में जब 18 परसेंट 15% ब्याज दर पर किसानों को बहुत मुश्किल से उपलब्ध हो पता था और किसान साहूकारों के चंगुल में फंसा रहता था लेकिन 2013 के बाद जब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आई तब हमारी सरकार ने 0% ब्याज पर किसानों को सरल प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराकर सर्वहारा वर्ग की सेवा का जो बीड़ा उठाया था वह आज पूरे प्रदेश में फली भूत हो रहा है .

 कार्यक्रम की शुरू में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक महोदय ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्वागत उद्बोधन में कहां की दिनांक 15 अप्रैल से मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर एवं माननीय से करता मंत्री जी की मार्गदर्शन में प्रदेश में नए 10 लाख सदस्य बनाने का अभियान शुरू हुआ है जिसमें अभी तक 4 लाख सदस्य बन चुके हैं एवं 6000 लोगों ने अंश पूंजी जमा कर दी है

 कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के विशेष करते वक्त अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे अरुण मिश्रा अप महापबंधक कट सज्जन विशेष करते हुए अधिकारी अरविंद दिशा के साथ सभी अधिकारी व कर्मचारी एवं प्रदेश भर से आए हुए हजारों की संख्या में समूह उपस्थित रहा

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Thu, 30 Apr 2026 13:25:52 +0530 news desk MPcg
एमपी टूरिज्म को मिला लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन का प्रतिष्ठित सम्मान https://citytoday.co.in/5677 https://citytoday.co.in/5677 एमपी टूरिज्म को मिला लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन का प्रतिष्ठित सम्मान

जयपुर में फिक्की ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में मिला गौरव
अतिरिक्त प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने प्राप्त किया सम्मान
जीआईटीबी 2026 में आकर्षण का केंद्र बना मध्यप्रदेश पेवेलियन

भोपाल 

वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त पहचान को और अधिक मजबूत बनाते हुए, एमपी टूरिज्म को जयपुर में आयोजित ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (जीआईटीबी) 2026 में प्रतिष्ठित “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान फिक्की द्वारा, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और राजस्थान पर्यटन के सहयोग से आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स (द्वितीय संस्करण) में दिया गया। यह पुरस्कार अतिरिक्त प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने ग्रहण किया।

यह सम्मान मध्यप्रदेश की बढ़ती वैश्विक पहचान का प्रमाण

सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड, डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि जीआईटीबी 2026 में मिला यह सम्मान मध्यप्रदेश की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाता है। हमारा प्रयास हमेशा से ऐसे पर्यटन को बढ़ावा देना रहा है, जिसमें हमारी समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जीवंत परंपराओं का अनुभव, सब एक साथ मिल सके। हम अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर मध्यप्रदेश को विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

जीआईटीबी 2026 में आकर्षण का केंद्र बना मध्यप्रदेश पवेलियन

जयपुर में 26 से 28 अप्रैल तक आयोजित जीआईटीबी 2026 में देश-विदेश के प्रमुख टूर ऑपरेटर, ट्रैवल ट्रेड से जुड़े हितधारक और विशेषज्ञ शामिल हुए। आयोजन के दूसरे दिन भी एमपी टूरिज्म बोर्ड अपने विशेष पेवेलियन के माध्यम से विरासत, आध्यात्मिकता, वन्य-जीव और सांस्कृतिक अनुभवों की विविधता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। पेवेलियन में पारंपरिक ‘बधाई’ नृत्य की जीवंत प्रस्तुतियां दर्शकों को राज्य की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत से परिचित करा रही हैं। साथ ही ‘सेव’, ‘गजक’ और ‘आम पना’ जैसे स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से आगंतुकों को मध्यप्रदेश के स्वाद का अनुभव भी कराया जा रहा है। मध्यप्रदेश अपने पर्यटन परिदृश्य को क्यूरेटेड अनुभवों और थीमैटिक सर्किट्स के माध्यम से प्रस्तुत कर रहा है। पेवेलियन में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों और आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस और ईको-टूरिज्म जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। 

व्यापारिक सहभागिता के माध्यम से वैश्विक साझेदारियों का विस्तार

मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल प्रोफेशनल्स के साथ पूर्व निर्धारित B2B बैठकों में भाग ले रहा है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना और इनबाउंड पर्यटन के अवसरों का विस्तार करना है। ये संवाद ज्ञान आदान-प्रदान, यात्रा योजनाओं के विकास और वैश्विक पर्यटन उत्पादों में मध्यप्रदेश के समावेशन को सुदृढ़ कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निरंतर एक अनुभव-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी पहचान को सशक्त कर रहा है। जीआईटीबी जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली यह उपलब्धि उत्कृष्टता, सतत विकास और सांस्कृतिक प्रामाणिकता के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो इसे वैश्विक यात्रियों के लिए “अतुल्य भारत का हृदय” बनाती है।

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Wed, 29 Apr 2026 15:36:11 +0530 news desk MPcg
4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन https://citytoday.co.in/5676 https://citytoday.co.in/5676 4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है।

विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।

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Wed, 29 Apr 2026 15:05:54 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण: राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कांग्रेस के 3 भ्रामक दावे किए उजागर, विपक्ष को बताया कौरव https://citytoday.co.in/5668 https://citytoday.co.in/5668 भोपाल 

मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की।

संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है।

विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल
मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था।

ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी
अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे। 

उन्होंने मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने किए 3 भ्रामक दावे

नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।

    मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।

    दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।

    तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है।

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Tue, 28 Apr 2026 18:28:41 +0530 news desk MPcg
और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ, सीएम डॉ. मोहन ने रिलीज किए 4 जंगली भैसें, ईको&सिस्टम पर होगा इतना असर https://citytoday.co.in/5666 https://citytoday.co.in/5666 और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ, सीएम डॉ. मोहन ने रिलीज किए 4 जंगली भैसें, ईको-सिस्टम पर होगा इतना असर

– बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व में छोड़े भैंसे
– ईको-सिस्टम के साथ-साथ टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल

भोपाल
 मध्यप्रदेश के वाइल्ड लाइफ और ईको-सिस्टम के लिए 28 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। आज प्रदेश की धरती यानी कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैसों की आमद हुई। इनमें एक नर और तीन मादा हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में इन भैसों को रिलीज किया। इन भैसों की आमद से एक तरफ प्रदेश के जंगल समृद्ध होंगे, तो दूसरी तरफ टूरिज्म पर भी सकारात्मक असर होगा। इनके आने से स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सरकार इन भैसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाई है। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। 150 साल बाद मध्यप्रदेश की धरती पर, कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर जंगली भैंसा आया है। यह हमारे पर्यावरण के लिए, पारिस्थितिक तंत्र के लिए अद्भुत अवसर है। हमारी अपनी धरती पर हमारे यहां से गए हुए मेहमान का शुभागमन है। इनके आने से पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही अवसरों से हमारा जंगल समृद्ध होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो सारे वन्य प्राणी जो एक-एक करके विलुप्त हो गए थे और यहां से चले गए थे, वो अब मध्यप्रदेश के जंगल में आ रहे हैं। 

बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इन जानवरों से हमारे जंगलों की शोभा बढ़ेगी। यह आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। टूरिज्म पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे हमारा असम के साथ एक नया रिश्ता भी बना है। मैं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को भी धन्यवाद देता हूं। पिछली मुलाकात में हमने जंगली भैंसा और गैंडा लाने की बात की थी। आज उस मुलाकात का पहला चरण शुरू हुआ है। 4 जंगली भैंसे हमारे पास आए हैं। इनमें तीन फीमेल और एक मेल है। ये किशोरावस्था से आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए स्वस्थ रहेंगे। ये मां कामाख्या का आशीर्वाद भी हैं।  

भावी पीढ़ी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा प्रदेश चीता और लेपर्ड स्टेट है। प्रदेश में मगरमच्छ घड़ियाल और भेड़िया भी पर्याप्त संख्या में पाए जाते हैं। प्रदेश अब वल्चर स्टेट यानी गिद्ध स्टेट भी बना है। वन्य प्राणियों के मामले में मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश अब इन वन्य प्राणियों से दोबारा समृद्ध हो रहा है। कई सौ साल पहले विलुप्त हुए पर अपनी प्राणियों के पुनर्स्थापना से मध्य प्रदेश के समृद्ध वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण का सपना साकार हो रहा है। हमारा यह प्रयास भावी पीढ़ियों को लाभ देगा।

लिखा जा रहा नया इतिहास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारें अधोसंरचना और जन कल्याण के काम तो करती ही हैं, लेकिन परिस्थिति तंत्र के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2022 में समूचे एशिया महाद्वीप से गायब हो चुके चीतों को फिर से बसाया गया। हमारे गांधी सागर और श्योपुर के कुनो में चीते आनंद से रह रहे हैं। हमारा नोरादेही अभ्यारण्य भी चीतों के लिए तैयार हो रहा है। अभी कल के दिन भी हमने नारी सशक्तिकरण का एक बड़ा निर्णय करते हुए विधानसभा का विशेषण बुलाया और आज ही हमने जंगल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए जंगल के नए मेहमान का स्वागत किया है। कान्हा की धरती हमारे जंगल का नया इतिहास लिखा जा रहा है।

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Tue, 28 Apr 2026 17:29:00 +0530 news desk MPcg
खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 46 पार; एमपी में भीषण गर्मी, 4 जिलों में लू और 12 जिलों में आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5660 https://citytoday.co.in/5660 भोपाल /जबलपुर

 मध्य प्रदेश में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है. इस भीषण गर्मी ने न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट संभव है. इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। 

तेज गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण होगा। साथ ही, 28 अप्रैल से लू के प्रभाव में कुछ कमी आने के आसार हैं। मंगलवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है।

बीते सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत 13 शहरों में पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में अब तक 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी टूट सकता है। यहां 29 अप्रैल 1993 को अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

इन जिलों में लू का अलर्ट
मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं।

12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी
ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

13 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार
सोमवार को खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत कुल 13 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा।

खजुराहो में ऑल-टाइम रिकॉर्ड टूटने का डर
खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड तो टूट ही चुका है, अब ओवरऑल रिकॉर्ड टूटने की भी आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, खजुराहो में 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। यदि गर्मी का दौर इसी तरह जारी रहा तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

दमोह में आंधी-बारिश से दीवार गिरी, दबने से महिला की मौत
दमोह में सोमवार शाम आंधी-बारिश से एक कच्ची दीवार गिर गई। इसमें दबने से पड़ोस में रहने वाली 48 वर्षीय रागिनी पटैरिया नाम की महिला की मौत हो गई। महिला घर के पास रखे कंडे ढंकने गई थी, तभी यह हादसा हुआ। घटना रनेह थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव की है।

गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें।

अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है।

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Tue, 28 Apr 2026 15:29:30 +0530 news desk MPcg
Madhya Pradesh में 1.21 लाख छात्रों को लैपटॉप के पैसे, 75% से अधिक अंक वालों को फायदा https://citytoday.co.in/5643 https://citytoday.co.in/5643 भोपाल.

प्रदेश में इस साल भी 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों की संख्या बढ़ी है। इसका असर मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना पर भी पड़ा है। इस साल इस योजना के तहत करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।

यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 26 हजार ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल से उन सभी विद्यार्थियों की सूची मांगी है, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विभाग द्वारा सूची के सत्यापन के बाद पात्र विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। जून व जुलाई में विद्यार्थियों को लैपटाप की राशि प्रदान करने की तैयारी है। इस योजना पर इस साल सरकार करीब 302 करोड़ रुपयों से अधिक खर्च करने जा रही है।

हर साल बढ़ रहा आंकड़ा
वर्ष लैपटॉप पाने वालों की संख्या

2023 – 78000
2024 – 90,000
2025 – 94,500

16 साल पहले शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में की गई थी। प्रारंभ में इस योजना के तहत केवल 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को ही पात्र माना जाता था। उस समय लाभार्थियों की संख्या करीब 20 से 25 हजार के बीच रहती थी। बाद में इसे घटाकर 70 प्रतिशत किया गया। कुछ वर्षों से 75 प्रतिशत अंक का मानक तय किया गया है।

स्कूल टॉपर को स्कूटी मिलती है
राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अन्य योजनाएं भी चला रही है। शासकीय स्कूलों में 12वीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान करने की योजना भी लागू है। इसमें स्कूल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला छात्र या छात्रा पात्र होता है।

1.21 लाख विद्यार्थियों को राशि
इस बार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मंडल से ऐसे विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है।
– धर्मेंद्र शर्मा, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय।

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Mon, 27 Apr 2026 13:14:46 +0530 news desk MPcg
मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी की शीघ्र होगी पूर्ति : उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://citytoday.co.in/5642 https://citytoday.co.in/5642 मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी की शीघ्र होगी पूर्ति : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
स्वास्थ्य भवन बना आशा और उम्मीदों का केंद्र, मातृ-शिशु सेवा को मिलेगा नया आयाम : मंत्री राकेश सिंह
मंदसौर जिला अस्पताल में 29 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

 मंदसौर

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने शुक्रवार को मंदसौर जिले के स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास को नई गति देते हुए इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में कुल 29 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने 7 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित 100 बिस्तरीय नवनिर्मित वार्ड तथा 17 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन का लोकार्पण किया। साथ ही 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से चांदाखेड़ी फंटा से खजुरिया मार्ग निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को धीरे-धीरे दूर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन संस्थानों से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थी प्रदेश में ही सेवाएं देंगे, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जिला चिकित्सालय मंदसौर में आज जो सुविधाएं जोड़ी गई हैं, वे क्षेत्र के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य भवन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आशाओं का केंद्र है। यह विशेष रूप से माताओं और बहनों की सेवा के लिए समर्पित रहेगा तथा समाज के लिए प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर किया जा रहा है। बदलते हुए भारत में परिवर्तन को महसूस किया जा रहा है। सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। विकास को नए पंख लगे हैं। विकास की धारा बह रही हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार निरंतर विकास कार्यों को गति दे रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नई सौगातें प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर बजट आवंटन किया गया। जिसके परिणामस्वरूप सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। सांसद बंशीलाल गुर्जर ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने एक नई कार्य संस्कृति विकसित की है, जिसमें गुणवत्ता के साथ कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

कार्यक्रम के अंत में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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Fri, 24 Apr 2026 20:48:19 +0530 news desk MPcg
आज रात 9 बजे प्रदेशवासियों से बात करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बड़ा ऐलान होने की संभावना https://citytoday.co.in/5639 https://citytoday.co.in/5639 भोपाल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 24 अप्रैल की रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव रहेंगे। इस दौरान सीएम बेहद अहम विषय को लेकर प्रदेशवासियों से अपनी बात साझा करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़ने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास को मजबूती मिले। 

 अहम विषय पर करेंगे चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने में एक अहम पायदान है। उन्होंने प्रदेशवासियों के विश्वास और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की भागीदारी से ही राज्य निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया अकाउंट पर किया पोस्ट
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (एक्स) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “प्रिय प्रदेशवासियों, आज रात 9 बजे मैं सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर अपनी बात आप सभी से साझा करूंगा।”

मुख्यमंत्री का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।

बड़ा ऐलान होने की अटकलें तेज
राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस तरह से जनता के बीच लाइव आना उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।

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Fri, 24 Apr 2026 19:08:53 +0530 news desk MPcg
दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5636 https://citytoday.co.in/5636 दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने 10वीं बोर्ड में 500 में 499 अंक लाने पर पन्ना की प्रतिभा सिंह को दी बधाई
मुख्यमंत्री निवास पर किया सम्मानित

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को ग

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Fri, 24 Apr 2026 17:32:50 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा होगा हाईटेक, 24 साल बाद मिलेगा नया जेट, 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर https://citytoday.co.in/5633 https://citytoday.co.in/5633 भोपाल 
राज्य शासन को नए सुपर मिड साइज जेट विमान और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर की डिलेवरी जल्द होने वाली है। राज्य सरकार को मिलने वाला आधुनिक बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जुलाई 2026 तक मिल सकता है। यह अत्याधुनिक विमान कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक. द्वारा तैयार किया जा रहा है।  राज्य सरकार इस विमान को संचालित करने के लिए अपने पायलट को विशेष प्रशिक्षण के लिएअमेरिका भेजेगी। ताकि वे इस अत्याधुनिक जेट को सुरक्षित और कुशलता से उड़ा सकें। 

आधुनिक सुविधाओं से लैस है विमान
करीब 236 करोड़ रुपए के चैलेंजर 3500 एक सुपर मिड-साइज जेट है, जिसमें नौ यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसकी केबिन ऊंचाई लगभग 6 फीट और चौड़ाई 7 फीट 2 इंच है। यह विमान करीब 459 नॉट्स यानी 850 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और लगभग 6,297 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके अलावा, यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है और कम लंबाई वाले रनवे (करीब 1,474 मीटर) से भी उड़ान भर सकता है। विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि जून-जुलाई 2026 में डिलीवरी का समय है।   

H160 हेलीकॉप्टर 2027 तक बेड़े में शामिल होगा
राज्य सरकार का करीब 170 करोड़ का अत्याधुनिक H160 हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 तक बेड़े में शामिल हो जाएगा। यह हेलीकॉप्टर फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर द्वारा निर्मित है। बताया जा रहा है कि भारत में फिलहाल इस मॉडल के केवल 5 से 6 हेलीकॉप्टर ही संचालित हो रहे हैं। 

हर मौसम और रात में उड़ान भरने में सक्षम
विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, H160 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और हर मौसम में उड़ान भरने के साथ-साथ रात में भी संचालन करने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत इसकी अल्ट्रा-क्वाइट यानी बेहद कम शोर वाली तकनीक है। इसमें अत्याधुनिक जेट इंजन, पूरी तरह वॉयस कंट्रोल्ड कॉकपिट, एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम और बेहतर सुरक्षा के लिए बाई-प्लेन स्टेबलाइजर दिया गया है। 

20 हजार फीट की ऊंचाई और 890 किमी की रेंज
H160 हेलीकॉप्टर की प्रमुख खूबियां में यह है कि यह 20 हजार फीट की अधिकमत ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 890 किमी हैं। इसके एक साथ आठ यात्री बैठ सकते है। हेलीकॉप्टर का इंटीरियर लग्जरी और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 

2002 में खरीदा था पुराना विमान 
सुपर किंग बी-200- यह विमान राज्य शासन ने वर्ष 2002 में रेथ्यॉन एयरक्राफ्ट कंपनी से 23 करोड़( 47,56,804 अमेरिकन डॉलर) में खरीदा था। यह सात सीटर है। ये 3000 हजार घंटे उड़ान कर चुका है। 2021 के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही अब तक नया विमान खरीदा जा सका है। स्थिति यह है कि सरकार के पास फिलहाल संचालन योग्य कोई फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है और हेलिकॉप्टरों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है। इसी कारण सरकारी यात्राओं के लिए निजी एविएशन कंपनियों पर निर्भरता लगातार बढ़ी है, जिससे खर्च में भी इजाफा हुआ है।

पुराने यूरोकॉप्टर की जगह लेगा नया चॉपर
शासन ने ईसी-155, बी-1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में फ्रांस की यूरोकॉप्टर कंपनी से खरीदा था। यह उड़ान भर रहा है। इसे 10.5 मिलियन यूरो में खरीदा गया था। दो इंजन है। छह सीटर है। इसका मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। पुराने हेलीकॉप्टर की देखरेख पर बढ़ रहे खर्च के कारण सरकार ने अधिक आधुनिक और किफायती विकल्प चुनने का निर्णय लिया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन इस हेलीकॉप्टर के संचालन की दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फ्रांस जाएंगे। 

 2003 और 1998 में खरीदे थे दो हेलीकॉप्टर 
सरकार ने इससे पहले 2003 में हेलिकॉप्टर बैल-407 अमेरिका से 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह चार सीटर था। इसके अलावा वर्ष 1998 में अमेरिका से ही 21 करोड़ रुपए हेलिकॉप्टर बैल-430, टेक्सट्रान खरीदा था। यह दो इंजिन का छह सीटर हेलीकॉप्टर था। इनको बहुत पुराने होने के विमानन विभाग ने बेड़े से पहले ही बाहर कर दिया। 

प्रदेश में किराए पर भारी भरकम राशि खर्च 
विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार का हवाई यात्रा खर्च लगातार बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में किराये के विमान और हेलिकॉप्टरों पर खर्च औसतन 20 से 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के लिए करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें सिर्फ 2025 के पहले 11 महीनों में ही 90.7 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो अब तक का सबसे अधिक वार्षिक खर्च है। सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच लगभग दो वर्षों में 143 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो औसतन 6.2 करोड़ रुपए प्रति माह है। वहीं 2021 से 2023 के बीच तीन वर्षों में खर्च 147 करोड़ रुपए रहा। विधानसभा दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 में विमान और हेलिकॉप्टर किराये की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। सरकार ने इसके पीछे कोविड के बाद बढ़ी मांग, ईंधन लागत और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने को वजह बताया है।

प्रदेश के 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध 
प्रदेश में विमानन विभाग एवं विमानन संचालनायल को गठन 1 जून 1982 को किया गया। इस विभाग का काम अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए शासकीय विमान/हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना, शासन के बेड़े के विमान/हेलीकॉप्टरों का संधारण तथा परिचालन, प्रदेश में वायु सेवाओं का विस्तार के लिए स्वयं के संसाधनों से हवाई पट्टियों का विकास एवं क्षेत्रीय संपर्कता नीति के अंतर्गत राज्य के अंदर और बाहर वायु सेवा का विस्तार करना है। बता दें मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध हैं। 

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Fri, 24 Apr 2026 14:23:12 +0530 news desk MPcg
राज्यसभा की तीसरी सीट पर कमलनाथ को लड़ा सकती है कांग्रेस, चर्चा में ये भी नाम शामिल https://citytoday.co.in/5627 https://citytoday.co.in/5627 भोपाल 

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस में गहन मंथन चल रहा है। आंकड़े के हिसाब से पार्टी भले ही मजबूत हो, लेकिन परिस्थितियां कुछ ओर ही बता रही हैं। ऐसे में दिल्ली दरबार कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। उन्हें समझ आ रहा है कि कमलनाथ ही हैं जो कि सीट जीत कर दे सकते हैं। हालांकि राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन को ही बताया जा रहा है तो दिग्विजय सिंह चाहते हैं कि पीसी शर्मा को मौका दिया जाए।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं जिसके चुनाव होना हैं। विधायकों की संख्या के हिसाब से दो पर भाजपा की एक तरफा जीत होनी है तो तीसरी सीट के लिए 58 वोट चाहिए और कांग्रेस के पास कुल 66 वोट थे, लेकिन विधायक मुकेश मल्होत्रा को वोटिंग का अधिकार नहीं है तो दतिया विधायक राजेंद्र भारती भी संकट में है।

गहन मंथन जारी
इसके अलावा निर्मला सप्रे का वोट भी नहीं मिलेगा। इस गणित से 63 वोट ही बच रहे हैं जिससे रिस्क फेक्टर बड़ा हो गया। वहीं, हरियाणा में क्रॉस वोटिंग कराके भाजपा खेल कर चुकी है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर गहन मंथन चल रहा है। कांग्रेस सुप्रीमो व लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन है जो मध्य प्रदेश के मंदसौर से सांसद भी रह चुकी हैं और वर्तमान में मैनेजमेंट संभाल रही हैं।

 रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी अपने वरिष्ठ नेता कमलनाथ को मैदान में उतार सकती है। उनके खड़े होने पर कांग्रेस का कोई भी विधायक क्रॉस वोटिंग नहीं कर पाएगा। तीसरी सीट फिर से पार्टी के खाते में आ जाएगी नहीं तो राज्यसभा से आकड़ा फिर कम हो जाएगा। इधर, एक समीकरण ये भी चल रहा है कि भाजपा अगर आदीवासी कार्ड खेलती है तो कमलनाथ खुद भी बाला बच्चन के नाम को आगे बढ़ा सकते हैं जिसके लिए वे खुद भी लॉबिंग कर सकते हैं।

दिग्गी का पीसी शर्मा पर दांव
वैसे तो राज्यसभा जाने के लिए कांग्रेस के कई नेता उत्साहित हैं। दलित कोटे से सज्जनसिंह वर्मा भी चाहते हैं कि उन्हें पार्टी मौका दे तो मौजूदा राज्यसभा सदस्य दिग्जिय सिंह ने पीसी शर्मा का नाम आगे किया जो कि कमलनाथ सरकार में मंत्री भी थे। वे ब्राह्मण समाज को उपकृत कर पार्टी की पकड़ को मजबूत होने का दावा कर रहे हैं। इधर, कमलेश्वर पटेल का नाम भी दावेदारों की सूची में दर्ज हो गया है।

खींचतान में हो न जाए नुकसान
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच खींचतान जगजाहिर है। दोनों नेता एक-दूसरे को बिलकुल पसंद नहीं करते हैं। सिंघार की पटरी तो दिग्विजय सिंह से भी नहीं बैठती है, ये बात सिंह को भी समझ में आ गई थी। बड़ी बात ये है कि नाथ के आने पर पटवारी और सिंघार दोनों खुलकर मदद कर सकते हैं। उन्हें मालूम है कि नाथ सभी विधायकों से समन्वय बनाकर अपनी सीट को सुरक्षित कर लेंगे। ये भी हो सकता है कि भाजपा अपना प्रत्याशी भी नहीं उतारे।

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Fri, 24 Apr 2026 13:33:41 +0530 news desk MPcg
एमपी में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां – पढ़ें पूरी लिस्ट https://citytoday.co.in/5624 https://citytoday.co.in/5624 भोपाल
एमपी मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) में भी नए सिरे से अधिकारियों को विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुख्य प्रधान सचिव नीरज मंडलोई को अब समन्वय से जुड़े मामलों, ट्रांसफर संबंधी फाइलों, सिंहस्थ से जुड़ी ए-प्लस नोटशीट और CMO के अधिकारियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।साथ ही इंदौर और उज्जैन संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी का जिम्मा भी संभालेंगे।    

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सचिव आलोक कुमार सिंह को सांसदों और विधायकों से जुड़े कार्यों, सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  साथ ही कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी भी करेंगे। सचिव टी. इल्याराजा को केंद्र सरकार और दिल्ली से जुड़े मामलों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वे केंद्र के साथ तालमेल और लंबित विषयों पर काम करेंगे।

हाल ही में मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्त किए गए कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अलग-अलग विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री कार्यालय की विजिलेंस शाखा, सरकार के संकल्प पत्र की निगरानी, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, विधायक डैशबोर्ड और आईटी सेल का काम भी संभालेंगे।

मुख्यमंत्री के इन अधिकारियों को भी जिम्मा
एमपी के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अजात शत्रु श्रीवास्तव, राजेश हिंगणकर, अपर सचिव मनीष पांडेय, उप सचिव आदित्य कुमार शर्मा, अवर सचिव संदीप अष्ठाना, अवर सचिव आशीष कुमार, श्रीलेखा श्रोतिय, आशुतोष गोस्वामी, केवलराम धुर्वे, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आलोक सोनी, आशीष खरे, कविराज मेहरा को भी अलग-अलग जिम्मा सौंपा गया है।

ये सीएम के खास

-नीरज मंडलोई एसीएस, मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री से जुड़े सभी कामों का दायित्व, इंदौर व उज्जैन के प्रशासनिक कामों का भी जिम्मा।

-आलोक सिंह सचिव, मुख्यमंत्री कैबिनेट बैठक, सीएम का भ्रमण कार्यक्रम, नियुक्ति, विधानसभा, सागर-भोपाल, नर्मदापुरम से समन्वय।

-डॉ. इलैया राजा टी सचिव, मुख्यमंत्री: केंद्रीय मंत्री-सांसदों के पत्राचार, सीएम का दिल्ली भ्रमण, केंद्र व राज्य के लंबित मामलों में समन्वय।

चंद्रशेखर वालिम्बे सचिव, मुख्यमंत्री: सीएम के भ्रमण कार्यक्रम, स्वेच्छानुदान, मुलाकातस संवाद, जबलपुर, रीवा व शहडोल से समन्वय।

इन नए अफसरों को भी सौंपी जिम्मेदारियां
सीएमओ में आए कौशलेंद्र विक्रम सिंह और सुधीर कोचर को भी जवाबदेही दी है। बता दें, बीते माह ही उनकी पदस्थापना सीएमओ में की गई थी।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, सचिव: को सीएम कार्यालय में विजिलेंस शाखा का प्रभारी के साथ ही गंभीर शिकायतों के निराकरण और कार्यवाही प्रतिवेदन का जिम्मा, घोषणा पत्रों की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड से जुड़े तमाम पोर्टल, वेबसाइट व आत्मनिर्भर मप्र की निगरानी।

सुधीर कोचर, उप सचिव: सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे को सीएमओ में आवंटित कामों में सहयोग करना, मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रमों की तैयारी कराना, सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन आदि काम।

मुख्यमंत्री के दफ्तर में ये अफसर करेंगे सरकारी योजनाओं की निगरानी
सीएम दङतर में गुरुवार को दो दर्जन से अधिक अफसरों को जिचमेदारी बांटी गई। इनमें कुछ पुराने तो कुछ नए अफसरों को भी कार्यभार दिया है।

चंद्रमौली शुक्ला, अवर सचिव: निवेश से जुड़े काम, उद्योगपतियों व निवेशकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात, निवेश प्रकरणों का निराकरण, निवेश बैठकें, भ्रमण आदि विभागीय काम।

अरविंद दुबे, अपर सचिव: प्रगति पोर्टल व राज्य की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा, प्रगति की निगरानी, बड़े प्रोजेक्टों की निगरानी, विभागों के लंबित मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखना।

अरुण परमार, अपर सचिव: एसीएस मंडलोई के कामों में सहयोग, ई-ऑफिस से जुड़े काम, विभिन्न विभागों से स्थानांतरण, पदस्थापना से जुड़े प्रकरण, मंत्री परिषद की तैयारियां, मुख्यमंत्री की बैठक के लिए चर्चा के बिंदु प्राप्त करना, मुख्यमंत्री द्वारा ली जाने वाली बैठकों का कार्यवाही विवरण लेकर एसीएस को प्रेषित करना, कले’टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों से जुड़े काम सौंपे गए।

लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर सचिव: तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण विभाग से जुड़े काम सीएमओ में दिए गए हैं।

संदीप केरकेट्टा, उप सचिव: सचिव आलोक सिंह को सौंपे कामों में सहयोग करना। ए-प्लस व ए मॉनिट के आवेदनों को एसीएस के सामने प्रस्तुत करने जैसे काम मुख्यमंत्री के दफतर में दिए गए हैं।

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Fri, 24 Apr 2026 12:54:02 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5620 https://citytoday.co.in/5620 मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में होगा व्यापक विस्तार
अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण से विमानन क्षेत्र को मिल रही नई गति

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘उड़ान’ विजन को साकार करते हुए प्रदेश को उत्कृष्ट विमानन केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक यात्री क्षमता 5.5 मिलियन से बढ़ाकर 10 मिलियन प्रति वर्ष तथा माल कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ एयरपोर्ट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच हुई सुलभ

मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और अनुपम शिल्पकला का संगम है। उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर के एकात्म धाम, खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर और ओरछा-चित्रकूट की आस्थाएँ जन-मानस में रची-बसी हैं। इन स्थलों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएमपर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ प्रभावी माध्यम बन रही हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 8 प्रमुख केंद्रों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को आपस में जोड़कर श्रद्धा और पर्यटन को नए पंख लगा रही है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट जैसे पावन धामों के लिए प्रारंभ हुई हेली सेवा ने श्रद्धालुओं के लिए 'हरि-हर-दर्शन' कीको और भी सरल, सुखद और स्मरणीय बना दिया है।

तहसील स्तर तक हो रहा हवाई सेवाओं का विस्तार

प्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकेंद्रीकृत करते हुए हवाई सुविधाओं को तहसील स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हवाई सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर क्षेत्र तक पहुंचें। इसी दृष्टि से प्रत्येक तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कॉमर्शियल एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई गति देगी।

क्षेत्रीय हवाई संपर्क से छोटे शहरों को मिली विकास की उड़ान

विगत दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने हवाई सेवाओं के विस्तार में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दतिया प्रदेश के 8वें हवाई अड्डे के रूप में अपनी सेवा दे रहा है। रीवा, सतना और दतिया की सफलता के बाद अब शिवपुरी और उज्जैन में भी नए हवाई अड्डों की तैयारी तेजी से चल रही है। रीवा हवाई अड्डा पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन बन चुका है। यह न केवल सीमेंट और बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है, बल्कि मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे पर्यटन केंद्रों तक पर्यटकों की पहुँच को भी आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम चित्रकूट और मैहर जैसे आस्था के बड़े केंद्रों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

हवाई यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हवाई अड्डे सेवा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे हैं।इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी’ सर्वे में 4.90 स्कोर के साथ 16 एशियाई हवाई अड्डों में छठे स्थान पर रहा है। वहीं भोपाल के राजा भोज अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

नागर विमानन नीति-2025 से निवेश और रोजगार को बढ़ावा

प्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 विमानन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है।नीति के तहत प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों को उड़ान प्रशिक्षण (FTO) और अन्य व्यावसायिक विमानन गतिविधियों के लिए निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है। इनमें सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा।

मध्यप्रदेश में पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रदेश विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। नीति के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे  देश के ‘हृदय प्रदेश’ के रूप में विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गति शक्ति’ विजन और ‘रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के साथ राज्य की नीतियों का समन्वय प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमानन क्षेत्र का यह विस्तार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है। यह केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प के साथ प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

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Thu, 23 Apr 2026 18:51:09 +0530 news desk MPcg
किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5614 https://citytoday.co.in/5614 किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार दर से 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे जहां किसानों को नई जमीन खरीदने में आसानी होगी, वहीं भू-अर्जन कार्यों के निराकरण को गति मिलेगी। सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को इसका लाभ होगा। यह किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री निवास में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम, 2015 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लीकेशन फैक्टर 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है। इससे किसानों को बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना मुआवजा मिल सकेगा।

तेज होगा परियोजनाओं का क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।

मेट्रोपोलिटन सिटी की जरूरतें होंगी पूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में मेट्रोपोलिटन सिटी की ओर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी। गत तीन वर्ष में 55 हजार से अधिक किसानों को विभिन्न परियोजना के माध्यम से 16 हजार करोड़ मुआवजा वितरित किया गया है। सालाना आधार पर यदि देखें तो जो मुआवजा करीब 5000 करोड़ रूपए था, अब वो 4 गुना बढ़ा दिया गया है। अब हर साल करीब 20 हजार करोड़ रूपए मुआवजा किसानों को मिलेगा।

मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों के हित में निरंतर कार्य होगा। वैश्विक परिदृश्य में गेहूं का निर्यात न के बराबर है। इन परिस्थितियों में भी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पहले छोटे और मझौले किसान और फिर बड़े किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों को बोनस भी दिया जा रहा है। पिछले साल का गेहूं भी वेयरहाउस में स्टॉक है। इस वर्ष गेहूं उत्पादन बढ़ा है। अन्नदाताओं के हित में राज्य सरकार गेहूं खरीदी का कार्य पूर्ण करेगी। भारत सरकार से 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी के अनुमान के अनुसार आवश्यक अनुरोध किया गया है।

लाड़ली बहनों की राशि में वृद्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाई है, किसानों और नारी सशक्तिकरण के लिए अपने सभी वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी भी योजना को बंद नहीं किया गया है। योजनाओं को बंद किए जाने संबंधी दुष्प्रचार गलत सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 21 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया है। नीति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रकार के वित्तीय प्रबंधन करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।

 

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Thu, 23 Apr 2026 18:07:32 +0530 news desk MPcg
भोपाल की गैस एजेंसी में गड़बड़ी, FIR की तैयारी: खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपी रिपोर्ट, एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की https://citytoday.co.in/5603 https://citytoday.co.in/5603 भोपाल 

राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की जांच में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी में सिलेंडर स्टॉक, सप्लाई और बिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी गई है, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों गैस सिलेंडर गायब पाए गए हैं और उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के ही ‘डिलीवर्ड’ दिखाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मामला बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ता ठगी से जुड़ा हो सकता है।
भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदार की है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं।

दोनों एजेंसियां का रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी से कनेक्शन

जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि जांच रिपोर्ट  को कलेक्टर को सौंपी। आगे की कार्रवाई कलेक्टर द्वारा की जाएगी।

स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है।

मुख्य विवरण
जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम से भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस बुकिंग की, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी नहीं मिला। इसके बावजूद सिस्टम में डिलीवरी पूरी दिखा दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे सिलेंडर ज्यादा कीमत लेकर अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए।

मिड हेडिंग: फर्जी बिलिंग का खेल
जांच में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त वसूली का मामला भी सामने आया है।एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद उन्हें खुद आकर सिलेंडर लेने पर मजबूर किया गया।बताया गया कि ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा 238 रुपए का फर्जी ‘सुरक्षा निरीक्षण शुल्क’ लेकर करीब 10 लाख रुपए तक की वसूली का मामला भी उजागर हुआ है।

खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी हो रही है। इसके बाद फूड कंट्रोलर ने टीम गठित कर जांच शुरू कराई।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना है और संचालन में पारदर्शिता की कमी है। एक एजेंसी रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है।

मिड हेडिंग: सप्लाई में हेरफेर
ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम में भी गड़बड़ी मिली है।रिपोर्ट के अनुसार गैस सिलेंडर लेकर आने वाले ट्रक तय समय से कई घंटे देरी से पहुंचे, जिससे बीच में हेरफेर की आशंका जताई गई है।इसके अलावा एजेंसी द्वारा बताए गए 9 डिलीवरी वाहनों में से केवल 5 ही सक्रिय पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आधिकारिक बयान
अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है और जल्द ही FIR दर्ज हो सकती है।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।

प्रभाव / विश्लेषण
इस मामले ने शहर के हजारों गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।बिना डिलीवरी के भुगतान, फर्जी बिलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला गैस वितरण प्रणाली में निगरानी की कमी को उजागर करता है और इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं।

प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई के मूड में है।FIR दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच तेज हो सकती है, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। 

सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है।

10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है।

238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं।

जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे उपभोक्ताओं के साथ की गई ठगी—

1- जेके रोड मिनाल स्थित मेसर्स फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी में 15 अप्रैल 2026 को 250 से ज्यादा उपभोक्ताओं के ओटीपी के आधार पर ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए। लेकिन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन बिल 16 अप्रैल का काटकर दिया गया। लोगों को होम डिलीवरी की जगह एजेंसी के पीछे खड़े ट्रकों से सिलेंडर दिए गए।

2- मौके पर पाया गया कि एजेंसी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 918 रुपए लिए गए, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल था। जबकि मौके पर सिलेंडर देने पर 34 रुपए घटाकर नया बिल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे अनुमान है कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों में से 6 हजार सिलेंडरों पर ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर करीब 2 लाख रुपए अवैध वसूली की गई।

3- एजेंसी के पीछे खाली मैदान में सिलेंडर वितरण के दौरान सुरक्षा निरीक्षण (मेंटेटरी इंस्पेक्शन) के नाम पर 238 रुपए लेकर कैश मेमो दिया गया। जबकि यह निरीक्षण उपभोक्ता के घर जाकर किया जाना चाहिए था। एजेंसी ने बिना निरीक्षण के ही राशि ली और बिल जारी करने को इस भुगतान से जोड़ दिया। करीब 25 हजार कनेक्शन में से 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले गए।

4- बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी कर्मियों द्वारा अन्य जगहों पर बेच दिए गए। एजेंसी ने सफाई दी कि उपभोक्ता घर पर नहीं मिले, जो सही नहीं पाया गया।

5- 1 अप्रैल से जांच तक करीब 2 हजार ऑनलाइन बुकिंग लंबित मिलीं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया।

6- 9 अप्रैल को जारी इनवॉइस का लोड 10 अप्रैल को मिला, लेकिन 15 अप्रैल तक नया लोड नहीं आया। एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के बिक्री दर्ज कर सिलेंडर अन्य जगह बेच दिए। इसी कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी।

7- अप्रैल 2026 में डिपो पीलूखेड़ी (जिला राजगढ़) से 11 ट्रकों की जानकारी दी गई। दूरी के हिसाब से 2–2.5 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन ट्रक 24 घंटे बाद पहुंचे। 11 में से 10 बार ऐसा हुआ, जिससे बीच में ट्रक कहां रुके—यह संदिग्ध है।

8- एजेंसी ने 9 डिलीवरी वाहन बताए, लेकिन मौके पर केवल 5 ही सक्रिय मिले।

9- स्टॉक में गड़बड़ी मिली—करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि 40 घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त मिले।

10- 17 अप्रैल को नीलबड़ हरिनगर स्थित गोदाम की आकस्मिक जांच में स्टॉक और कैश एंड कैरी रेट का प्रदर्शन नहीं मिला। गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में है, जहां दो गोदाम संचालित हैं। दूसरा गोदाम बीएस सर्विसेस गैस एजेंसी (कोटरा सुल्तानाबाद) का है, जो एचपीसीएल की ही सिस्टर कंपनी है। दोनों गोदाम आवासीय क्षेत्र से सटे पाए गए। बीएस सर्विसेस के संचालक सुयश शर्मा पाए गए, जिनकी भी जांच की गई।

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Wed, 22 Apr 2026 17:56:12 +0530 news desk MPcg
सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला | भोपाल कैबिनेट के बड़े फैसले: मरीजों के परिजनों को मिलेगा सहारा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर हजारों करोड़ का निवेश ! NEW Scheme https://citytoday.co.in/5602 https://citytoday.co.in/5602

भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहितकारी फैसले लिए गए। इन निर्णयों का केंद्र बिंदु आम जनता की सुविधाओं को बेहतर बनाना, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय बनाना रहा।

सबसे महत्वपूर्ण फैसला मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने को लेकर लिया गया। अक्सर अस्पतालों में इलाज के दौरान परिजनों को ठहरने और भोजन की परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में शेल्टर होम बनाने की मंजूरी दी है, जहां सस्ती दरों पर ठहरने और खाने की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि इन शेल्टर होम्स का संचालन सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा, जिससे सेवा भाव को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। अगले 5 वर्षों में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिस पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

किसानों के हित में कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। यह फैसला किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती देगा।

वहीं, विकास कार्यों को गति देने के लिए 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन क्षेत्र में 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना से 35 गांवों को लाभ मिलेगा, जबकि छिंदवाड़ा जिले के पुनर्वास पैकेज के लिए 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।

शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निवेश करने का फैसला लिया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल वितरण के लिए अगले 5 वर्षों में 990 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

कैबिनेट ने ‘सीएम केयर योजना 2026’ की निरंतरता को भी हरी झंडी दी है, जिस पर 5 सालों में 3628 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ के तहत एक विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि हर वर्ग तक संवेदनशील और सुलभ सुविधाएं पहुंचाना है। यह बैठक राज्य में समावेशी विकास और मानवीय दृष्टिकोण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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Wed, 22 Apr 2026 16:11:18 +0530 news desk MPcg
भोपाल&रामगंजमंडी रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 2027 तक तैयार होगी 276 KM लंबी नई रेल लाइन https://citytoday.co.in/5596 https://citytoday.co.in/5596 भोपाल
 मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच व्यापार और आवाजाही को नई रफ्तार देने वाली भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन अब अपने मुकाम के करीब है। ₹3,035 करोड़ की लागत वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट साल 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। 276 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के बन जाने से भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जैसे जिलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

5 जिलों की बदलेगी किस्मत
यह रेल लाइन मध्य प्रदेश के भोपाल, सीहोर और राजगढ़ को राजस्थान के झालावाड़ और कोटा जिले से सीधे जोड़ेगी। प्रोजेक्ट का 187 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। भोपाल रेल मंडल के तहत निशातपुरा डी केबिन से श्यामपुर तक का 42 किमी का काम पूरा है, वहीं कोटा मंडल ने रामगंजमंडी से राजगढ़ तक 145 किमी की पटरी बिछा दी है। अब केवल 89 किमी का पैच (ब्यावरा-सोनकच्छ-नरसिंहगढ़-कुरावर) बाकी है, जिसे 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

पहाड़ों के बीच से गुजरेगी ट्रेन
यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना है। 276 किमी के इस ट्रैक पर 4 बड़ी सुरंगें, 4 बड़े पुल, 34 मुख्य पुल और 171 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। 27 स्टेशनों वाला यह रूट न केवल यात्रियों के लिए आरामदायक होगा, बल्कि मालगाड़ियों के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा।

यह लाइन कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, माल ढुलाई को सुव्यवस्थित करेगी और क्षेत्र में रोजगार एवं औद्योगिक विकास को गति देगी।

सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम

समय और पैसा दोनों की होगी भारी बचत
इस नई लाइन के शुरू होने से दूरी में भारी कटौती होगी:
कोयला परिवहन: झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला ले जाने वाली गाड़ियों को अब 42 किमी कम दूरी तय करनी होगी।

लंबी दूरी की ट्रेनें: जयपुर से दक्षिण भारत जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें अब वाया कोटा-रामगंजमंडी-भोपाल होकर जाएंगी, जिससे 115 किलोमीटर की दूरी और करीब 3 घंटे का समय बचेगा।

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Wed, 22 Apr 2026 13:11:15 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश के 10 जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट, 21&23 अप्रैल तक लू का यलो अलर्ट, खजुराहो में तापमान 43 डिग्री के करीब https://citytoday.co.in/5591 https://citytoday.co.in/5591 भोपाल 
 मध्यप्रदेश में बाद
ल और बारिश की वजह से गर्मी में भले ही थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन एक बार फिर लोगों को जबरदस्त गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने भोपाल सहित 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों के अलावा बाकी जिलों में भी अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक का उछाल देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक 4 दिन बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 

अब रात में भी नहीं मिलेगा आराम
21 अप्रेल को प्रदेश के 10 जिलों में दिन के तापमान से ज्यादा रात के तापमान में बढ़त की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी में न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी होगी. 22 अप्रेल को 16 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। 

23 अप्रैल को इन जिलों में चलेगी लू
23 अप्रेल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. 24 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में हीट वेव चल सकती है। 

24 से फिर बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिक ई सुरेंद्रन ने बताया, '' अभी एक वेस्टर्न डिस्टनवेंस जम्मू कश्मीर और निकटवर्ती क्षेत्रों में बना हुआ है. उत्तर दक्षिण ट्रफ पूर्वी बिहार से दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश तक बनी हुई है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 23 अप्रेल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है. माना जा रहा है कि 24 अप्रैल के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम करवट ले सकता है। 

खजुराहो में 42.5 पहुंचा तापमान
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 39.8 और इंदौर में 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. उधर ग्वालियर, चंबल सहित करीबन 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है. सबसे अधिक तापमान में खुजराहो में 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. ग्वालियर में अधिकतम तापमान 42.5 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम में 42.3, श्योपुर में 42 डिग्री, रीवा में 42 डिग्री, सीधी में 42 डिग्री, नौगांव में 41.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 41.4, धार में 40.4, गुना में 40.6, ग्वालियर में 42.5, नर्मदापुरम में 40.9, खंडवा में 40 डिग्री, रायसेन में 41.6, दमोह में 40.4, टीकमगढ़ में 40 डिग्री, उमरिया में 40.7 तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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Tue, 21 Apr 2026 17:57:39 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश में मजदूरों को मिलेगी यूनिक हेल्थ आईडी, सरकारी योजनाओं से खुशियां आएंगी घर&घर https://citytoday.co.in/5585 https://citytoday.co.in/5585 भोपाल 

मोहन सरकार अब मध्यप्रदेश के लाखों मजदूरों के हेल्थ रेकार्ड तैयार कराएगी। इसका जिम्मा शासन ने अपने श्रम विभाग को सौंप दिया है। रेकार्ड में प्रत्येक मजदूरों के स्वास्थ्य से जुड़ी रिपोर्ट होंगी। इसके लिए उन्हें आभा आइडी की तरह विभाग अलग से एक पहचान संख्या जारी करेगा। यह संख्या यूनिक होगी, जिसके जरिए इनका रेकार्ड कभी भी, कहीं भी देखा जा सकेगा।

हेल्थ रिपोर्ट्स का बनेगा ऑनलाइन बैंक
यहां तक कि भविष्य में श्रम विभाग मजदूरों के इलाज को लेकर अतिरिक्त सतर्कता संबंधी प्रयास भी करने जा रहा है, जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़ी रिपोर्टों का ऑनलाइन बैंक भी बनवाया जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश में असंगठित और निर्माण मजदूरों को संबल 2.0 योजना, ई-श्रम पोर्टल और विभिन्न कल्याणकारी बोर्डों के माध्यम से अनेक योजनाओं का लाभ दिया जाता है।

क्यों पड़ी मजदूर हेल्थ रेकॉर्ड की जरूरत

    मजदूरों की असमय मौत के बाद सरकार द्वारा दिए जाने वाले हित लाभों के लिए दस्तावेजों के अभाव में परेशानी

    हितग्राहियों को भटकना न पड़े।
    काम के चलते मजदूर और उनके परिवार के सदस्य शहर बदलते रहते हैं। दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में सरकार कई लाभ देती हैं, लेकिन रेकॉर्ड की कमी आड़े आती है।

    किसी मजदूर के साथ कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए अतिरिक्त निगरानी करवा रहे हैं। तब भी घटनाएं होती हैं। ऐसे में आसानी से उनकी मदद की जा सकेगी।

जो मजदूर पंजीकृत उन्हें मिलते हैं ये लाभ
    मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0 योजना:पंजीकृत मजदूरों की सामान्य मौत पर परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।

    दुर्घटना में मौत पर यह सहायता राशि 4 लाख रुपए तय की गई है। इसके अलावा अनुग्रह सहायता भी।

    प्रसूति सहायता:महिला श्रमिकों को प्रसव के दौरान एक निश्चित सहायता राशि दी जाती है। ताकि उनके और नवजात शिशु की सेहत का ख्याल रखा जा सके।

    शिक्षा सहायता:मजदूरों के बच्चों को श्रमोदय स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा, स्कूल यूनिफॉर्म के साथ ही छात्रवृत्ति का भी प्रावधान किया गया है।

    कल्याणी सहायता योजना:मृत मजदूरों की विधवाओं को हर 6 महीने में 6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।

आभा (ABHA) योजना से कनेक्शन
बता दें की आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर नागरिक को एक यूनिक हेल्थ आईडी दी जाती है। इसे ABHA ID कहा जाता है। इस आई के माध्यम से मेडिकल हिस्ट्री जैसे जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची और इलाज का रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहता है। अब मध्य प्रदेश सरकार इसी मॉडल पर प्रदेश भर के मजदूरों के लिए अलग यूनिक हेल्थ आईडी नंबर तैयार करवा रही है।

ये है फर्क
फर्क सिर्फ इतना है कि यह रिकॉर्ड खासतौर पर श्रमिकों की जरूरत के हिसाब से तैयार करवाया जाएगा। इसमें काम के दौरान होने वाली बीमारियों, दुर्घटना और नियमित स्वास्थ्य जांच का पूरा डाटा शामिल होगा।

मजदूरों का जीवन होगा आसान
मजदूरों का जीवन आसान करने के जितने भी प्रयास हो सकते हैं, वे सभी प्रयास हमारी सरकार कर रही है। श्रम विभाग को विशेष दिशा-निर्देश दिए है कि पंजीकृत मजदूरों और उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य संबंधी रेकॉर्ड को संधारित करने की मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

-प्रह्लाद पटेल, मंत्री, श्रम एवं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश

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Tue, 21 Apr 2026 14:01:00 +0530 news desk MPcg
तमिलनाडु में गरजेंगे डॉ. मोहन यादव, रासिपुरम&अविनाशी में करेंगे चुनाव प्रचार https://citytoday.co.in/5578 https://citytoday.co.in/5578

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 अप्रैल को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य के रासिपुरम और अविनाशी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1:00 बजे भोपाल से रवाना होकर कोयंबटूर पहुंचेंगे और इसके बाद 1:20 बजे रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। यहां वे पार्टी की रणनीति को मजबूत करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास करेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरुगन के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए पार्टी दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री शाम 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए रवाना होंगे। यह दौरा भाजपा के लिए अहम माना जा रहा है, जहां वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता चुनावी माहौल को और तेज कर रही है।

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Mon, 20 Apr 2026 19:38:40 +0530 news desk MPcg
43 डिग्री: UP&MP सहित कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, गोंदिया में ट्रैफिक सिग्नल बंद करने का फैसला https://citytoday.co.in/5577 https://citytoday.co.in/5577 नई दिल्ली

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है. IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। 

साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने झारखंड में 22 अप्रैल तक जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी है. वहीं, इस बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में हीटवेव की संभावना बनी हुई है। 

महाराष्ट्र में हाय गर्मी
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इस चिलचिलाती धूप ने नागरिकों का हाल बेहाल कर दिया है. विशेष रूप से गोंदिया शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लाल होने के कारण लोगों को काफी देर तक कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 

जनता की इस समस्या को देखते हुए, नागरिकों ने जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर से अनुरोध किया कि दोपहर के समय सिग्नल बंद रखे जाएं. नागरिकों की इस जायज मांग पर संज्ञान लेते हुए यातायात पुलिस ने एक जरूरी फैसला लिया है. इस बीच सिग्नल बंद रहने का समय दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक तय किया गया है. इसके बाद शाम 4 बजे से सिग्नल फिर से चालू कर दिए जाएंगे। 

इस फैसले के कारण अब नागरिकों को तपती धूप में चौराहों पर रुकना नहीं पड़ रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिला है. जिला यातायात पुलिस के इस मानवीय कदम की शहरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है। 

दिल्ली में बढ़ेगा पारा
भारत मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की संभावना है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है। 

आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच बना रह सकता है। 

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यहां लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण स्वास्थ्य को लेकर जोखिम बना रह सकता है. इसका असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। 

क्या सावधानियां बरतें:

    लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचें
    हल्के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें
    बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें
    पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें

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Mon, 20 Apr 2026 19:26:58 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण पर सड़क पर उतरी BJP, भोपाल में ‘जन आक्रोश’ प्रदर्शन; CM ने विपक्ष को दिया कड़ा संदेश https://citytoday.co.in/5576 https://citytoday.co.in/5576 भोपाल
  लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। अब इसकी गूंज सड़कों तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।

भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई पदयात्रा रोशनपुरा चौराहे की ओर बढ़ी। इसमें छह विशेष रथ भी शामिल किए गए थे। महिलाओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

पद यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने काले गुब्बारे उड़ाकर इसका समापन किया।

इससे पहले हुई सभा में मुख्यमंत्री यादव ने कहा- नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकार का बिल गिरने पर खुशियां मनाईं। जश्न मनाया। हम बहनों के अधिकार को कुचलने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे।

  •     मुख्यमंत्री ने कहा- प्रियंका गांधी बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वह बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब आपने बहनों के अधिकारों को फांसी देने का काम किया। राहुल गांधी के पिताजी ने भी 40 साल पहले तीन तलाक लागू कर बहनों के अधिकारों पर डाका डाला था। यही कांग्रेस का अतीत है।
  •     बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- जब मौका लगे, तब बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। कांग्रेस के नेताओं से पूछे कि बहनों को अपमानित करने का अधिकार आपको किसने दिया? कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, जिस मां ने आपको जन्म दिया, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया?
  •     बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा- कांग्रेस के नेताओं ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिराकर जश्न मनाया, यह महिलाओं के अपमान का प्रतीक था। मातृ शक्ति इस अपमान का जवाब देगी। अब याचना नहीं, रण होगा।
  •     पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, अपनी बेटी अंजलि सिंह के साथ जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल हुई। उन्होंने कहा- आजादी के इतने सालों बाद भी हमें अपने हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। राहुल गांधी को शर्म आना चाहिए कि उन्होंने बहनों का साथ नहीं दिया।
  •     मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा- कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को हक देने का विरोध किया है। हम सड़कों पर उतरकर उसका विरोध कर रहे हैं।
  •     सागर लोकसभा सीट से सांसद लता वानखेड़े ने कहा- ये केवल बिल नहीं, बल्कि महिलाओं के पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया। विपक्ष को महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं, जो मंच पर महिलाओं की बात करके बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। लेकिन इनकी सोच है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा रहें। तालियां बजाएं, नेतृत्व न करें।

क्या है पूरा मामला?
17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव था। लेकिन इसे पास कराने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिल पाया। इसी के विरोध में भाजपा ने इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने की रणनीति शुरू कर दी है।

भाजपा का आरोप – महिलाओं के अधिकारों पर चोट
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर महिलाओं के सपनों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम हो रहा था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि अब यह सवाल घर-घर तक पहुंचाया जाएगा कि महिलाओं के अधिकारों को रोकने का जिम्मेदार कौन है।

सीएम मोहन यादव का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की है। उन्होंने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिलाओं के अधिकारों के लिए सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन बहुमत नहीं मिल सका। सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश की आधी आबादी के अधिकारों का सम्मान नहीं किया।

सच सामने लाया जाएगा – भाजपा नेता
कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। नगरीय निकायों में निंदा प्रस्ताव पारित कराने और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही गई। नेताओं ने कहा कि विपक्ष के खिलाफ जनता के बीच जाकर सच सामने लाया जाएगा।

महिला मोर्चा का ऐलान – अब याचना नहीं, रण होगा
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विधेयक गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है और अब देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी।

आंदोलन को देशभर में ले जाने की तैयारी
भाजपा महिला मोर्चा इस पदयात्रा को एक बड़े आंदोलन की शुरुआत मान रही है। नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इसे प्रदेश से बाहर देशभर में ले जाया जाएगा, ताकि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।

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Mon, 20 Apr 2026 18:15:51 +0530 news desk MPcg
8वीं पास को बिना ब्‍याज 10 लाख तक का लोन दे रही सरकार, जानें कैसे मिलेगा फायदा https://citytoday.co.in/5569 https://citytoday.co.in/5569 भोपाल 

केंद्र सरकार और राज्‍य सरकारों की तरफ से युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं. इसी में से एक राज्‍य सरकार की ओर से भी एक योजना चलाई जा रही है, जिसका नाम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना 2026 है. इस योजना को राजस्‍थान सरकार की ओर से शुरू किया गया है। 

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत राज्‍य के 30,000 युवाओं लोन देने का लक्ष्‍य रखा गया है. यह योजना राज्य के उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा लागू की जा रही है. इस योजना के तहत युवा अपने खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना साकार कर सकते हैं। 

क्‍या है ये स्‍कीम? 
इस स्‍कीम की खास बात है कि इसके तहत बिना ब्‍याज के कर्ज दिया जाता है. इस योजना को जनवरी 2026 में शुरू किया गया, जो 3 मार्च 2029 तक लागू रहेगा. इस योजना के तहत सरकार का मकसद है कि रोजगार की दर का बढ़ाया जाए और कुल सालों में 1 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाए। 

कितनी मिलेगी मदद? 
इस योजना के तहत ज्‍यादा से ज्‍यादा 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. इसपर कोई भी ब्‍याज देना नहीं होता है, क्‍योंकि सरकार 100 फीसदी ब्‍याज सब्सिडी देती है. यह लोन अमाउंट बीमा कवर भी होता है और बैंक की ओर से गारंटी भी दी जाती है। 
 
कौन ले सकता है ये लोन? 
अधिकार‍िक गाइडलाइन के अनुसार, राजस्‍थान का कोई भी स्‍थायी निवासी इस लोन को उठा सकता है. इसके लिए उम्र 18 से 45 वर्ष होनी चाहिए. कम से कम एजुकेशन 8वीं पास तो होनी ही चाहिए. साथ ही बैंक द्वारा आप डिफॉल्‍टर घोषित नहीं होने चाहिए. व्यक्तिगत और संस्थागत दोनों आवेदन कर सकते हैं। 

किन कामों के लिए मिलेगा ये लोन? 
अगर आप खुद का बिजनेस मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में शुरू कर रहे हैं, सर्विस सेक्‍टर में या फिर अन्‍य ट्रेड सेक्‍टर में कर रहे हैं तो ही आपको लोन द‍िया जाएगा. इसका मतलब है कि आप दुकान, स्‍टार्टअप, सर्विस बिजनेस, छोटा उद्योग आदि के तहत अप्‍लाई करके लोन ले सकते हैं। 

किसे कितना मिलेगा लोन अमाउंट?
अगर आप 8वीं-12वीं पास हैं तो आपको ₹3.5 लाख – ₹7.5 लाख रुपये दिया जाएगा. लेकिन अगर आप ग्रेजुएट, डिप्लोमा की डिग्री ले चुके हैं तो आपको ₹5 लाख -₹10 लाख  रुपये का अमाउंट मिल सकता है। 

कैसे करें अप्‍लाई? 
इस योजना के तहत अप्‍लाई करने के लिए आपको पहले राजस्थान SSO पोर्टल पर लॉगिन करना होगा. फिर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का ऑप्‍शन सेलेक्‍ट करना होगा. अब फॉर्म भरें और दस्‍तावेजों को अपलोड कर दें, फिर सबमिट बटन क्लिक करें।  

किन दस्‍तावेजों की जरूरत? 
आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ डॉक्‍यूमेंट होने आवश्‍यक हैं. आपके पास आधार कार्ड, जन आधार, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और एजुकेशन सर्टिफिकेट होनर जरूरी है. 

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Mon, 20 Apr 2026 12:53:32 +0530 news desk MPcg
कोलकाता की गलियों में उतरे CM मोहन यादव, बोले – बंगाल अब बदलाव चाहता है, TMC पर बड़ा हमला https://citytoday.co.in/5567 https://citytoday.co.in/5567 भोपाल /कलकत्ता

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Kolkata की गलियों में उतरकर जोरदार प्रचार किया। कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में उन्होंने घर-घर और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

घर-घर पहुंचकर जनता से जुड़ने की कोशिश
सीएम डॉ. यादव ने गलियों में घूमते हुए आम नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जनकल्याण की योजनाओं की रफ्तार कई गुना तेज होगी।

सीएम ने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल डबल इंजन सरकार के तहत नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज विकास के साथ आगे बढ़ेगा। हर वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा।

मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में काफी गरीबी है और हालात चिंताजनक हैं। युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को परिवार चलाने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश के सबसे बेहतर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन पहले कम्युनिस्ट सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने राज्य को विकास की राह से पीछे धकेल दिया।

सीएम ने कहा कि बंगाल में विकास की असीमित संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अब यहां की जनता टीएमसी शासन से मुक्ति चाहती है। यदि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तो विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री लगातार कार्य कर रहे हैं। बंगाल के उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार आवश्यक है।

‘बंगाल बदलाव चाहता है’ – सीएम यादव
Mohan Yadav ने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। उनका दावा है कि “डबल इंजन सरकार” आने पर राज्य में नई ऊर्जा और तेज प्रगति देखने को मिलेगी।

रोजगार और गरीबी पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में गरीबी और बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है।

टीएमसी और वामपंथ पर साधा निशाना
सीएम यादव ने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्ट सरकार और बाद में All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि कभी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बंगाल आज विकास की दौड़ में पिछड़ गया है।

विकास की संभावनाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और अगर राज्य देश के साथ कदम मिलाकर चले, तो यह फिर से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के हर वर्ग—युवा, महिला, किसान और गरीब—के लिए काम हो रहा है।

सीएम डॉ. यादव का यह रोड प्रचार बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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Sat, 18 Apr 2026 18:47:18 +0530 news desk MPcg
सेज की मनमानी पर कार्रवाई: सागर ग्रीन हिल्स के 16 पेंट हाउस अवैध, अनुमतियां निरस्त https://citytoday.co.in/5559 https://citytoday.co.in/5559 भोपाल

कोलार क्षेत्र की सागर ग्रीन हिल्स कॉलोनी में बने 16 पेंट हाउस अवैध बने हैं। इन पेंट हाउस के लिए साल 2013 में कोलार नगरपालिका ने अनुमति दे दी थी, जबकि भूमि विकास नियम-2012 में इसका प्रावधान नहीं था। यह मामला 2021 में सामने आया था, तब से अब तक चल रही जांच और पत्राचार के बाद नगरीय विकास विभाग ने 16 अप्रैल को इस पर सुनवाई रखी है। इस सुनवाई में बिल्डर के साथ पेंट हाउस के खरीदार और नगर निगम आयुक्त को बुलाया गया है।

नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया।

सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया।

गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई।

राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ी
नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था।

रिटेनिंग वॉल में दरारें, कैंपस की जमीन सीलन की वजह से धंसने लगी
जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है।

नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण
सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।

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Sat, 18 Apr 2026 16:02:43 +0530 news desk MPcg
जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5553 https://citytoday.co.in/5553 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

ज्ञान भारतम ऐप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Sat, 18 Apr 2026 13:03:58 +0530 news desk MPcg
भीषण गर्मी के चलते कलेक्टर का आदेश, अब दोपहर 12 बजे तक ही लगेंगी स्कूल https://citytoday.co.in/5551 https://citytoday.co.in/5551 भोपाल. 
राजधानी भोपाल में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों की कक्षाएं अब दोपहर 12 बजे तक सीमित कर दी हैं। भोपाल में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

नया टाइमिंग क्या रहेगा
कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी
प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी अधिकतम दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगी
यह नियम सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।

सभी बोर्ड के स्कूल शामिल
यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई , आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू किया गया है। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर सकते हैं, लेकिन 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से तय परीक्षाएं और जरूरी कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

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Fri, 17 Apr 2026 20:36:19 +0530 news desk MPcg
प्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, बैठकों और दौरों के लिए तय की गई सख्त टाइमलाइन, टिफिन मीटिंग भी होगी https://citytoday.co.in/5548 https://citytoday.co.in/5548 भोपाल 

मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पहली बार बैठकों और प्रवास के लिए सख्त टाइमलाइन तय की है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता को महीने भर की गतिविधियों का स्पष्ट शेड्यूल मिलेगा।

पहले 10 दिन: दौरे और जिला बैठकें
नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ नेता महीने के शुरुआती 10 दिनों में मैदानी दौरों और जिला स्तरीय बैठकों पर फोकस करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

पहला सप्ताह: मंडल स्तर पर फोकस (1–7 तारीख)
महीने के पहले सप्ताह में मंडल स्तर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि मंडल और वार्ड स्तर तक समन्वय मजबूत हो सके।

दूसरा सप्ताह: जिला स्तर की बैठकें (7–10 तारीख)
दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर बैठकें होंगी। संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।

तीसरा सप्ताह: प्रदेश बैठकें और प्रवास (11–20 तारीख)
महीने के मध्य में प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास का आयोजन होगा। 15 से 20 तारीख के बीच महत्वपूर्ण बैठकें होंगी, जबकि मोर्चा अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।

चौथा सप्ताह: मंडल और शक्ति केंद्र बैठकें (21–25 तारीख)
इस दौरान मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी। इनमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम और बूथ स्तर की रणनीति तय की जाएगी।

प्रदेश स्तरीय बैठक और वरिष्ठ नेताओं के दौरे
महीने के बीच का समय अब प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के दौरे के लिए रखा गया है। हर महीने 15 से 20 तारीख के बीच प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारी की अहम बैठकें होंगी।

इसी दौरान 11 से 20 तारीख के बीच मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा करेंगे। यह तय किया गया है कि, सभी मोर्चा अध्यक्ष एक ही जगह पर न रुककर अलग-अलग इलाकों में जाकर संगठन के कामों की समीक्षा करेंगे।

मन की बात कार्यक्रम
महीने के चौथे हफ्ते में अब विशेष इकाइयों और शक्ति केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा। 21 से 25 तारीख के बीच मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी।

इस दौरान खास तौर पर अगले रविवार को होने वाले पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम और बूथ समिति की बैठक का एजेंडा तय किया जाएगा। ये बैठकें हर महीने दो महीने के रोटेशन के आधार पर 50% मंडलों में आयोजित की जाएंगी।

अंतिम सप्ताह (23 से 30 तारीख): टिफिन बैठक

महीने के अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस्य और एकता बढ़ाने के लिए अनोखी ‘टिफिन बैठक’ का आयोजन किया जाएगा। शक्ति केंद्र टोली की बैठक के बाद 23 से 30 तारीख के बीच यह बैठक अनिवार्य रूप से होगी।

इसके साथ ही, महीने के आखिरी रविवार को बूथ स्तर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें बूथ की 11 सदस्यीय टीम के साथ स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और प्रमुख मतदाताओं को भी शामिल किया जाएगा।

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Fri, 17 Apr 2026 18:12:41 +0530 news desk MPcg
केदारनाथ धाम में बर्फ की चादर के बीच खुलेंगे कपाट, ग्लेशियर्स काटकर बना स्नो कॉरिडोर, 5.96 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन https://citytoday.co.in/5546 https://citytoday.co.in/5546 भोपाल / Kedarnath 
22 अप्रैल को बर्फ की चादर के बीच केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया गया है । केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम के चारों ओर भारी बर्फबारी के कारण लगभग 4-10 फीट (कुछ स्थानों पर 18 फीट तक) बर्फ की मोटी चादर जम गई है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मजदूर मिलकर युद्धस्तर पर बर्फ काटकर मंदिर परिसर और पैदल मार्ग को तैयार करने में लगे हुये हैं।

बर्फ की चादर में व्यवस्थाओं का खास ध्यान
रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बातचीत में बताया कि 100 से ज्यादा श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। बर्फ की मोटी परतें अभी भी चुनौती प्रस्तुत कर रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास 2 से 3 फीट बर्फ जमी हुई है। पहले ये 4 से 5 फीट थी, लेकिन अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

ग्लेशियरों की चुनौती, लेकिन तैयारी पूरी
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर कई जगह ग्लेशियर टूटकर गिर गए हैं। इन क्षेत्रों में 3 से 4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। थारू और चोराबारी ग्लेशियरों का टूटना मुश्किलें ला रहा है, लेकिन मजदूरों ने इन 8 से 10 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया है। श्रद्धालुओं को इस अद्भुत अनुभव का गवाह बनने का मौका मिलेगा।

दर्शनों में कोई पाबंदी नहीं
कई बार बर्फबारी के बाद यात्रियों की संख्या पर पाबंदी लगने की अफवाहें उठती हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर स्पष्ट कर दिया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, और धाम में इनकी आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा में बाधा नहीं
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ कर दी गई है, जिससे हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। इस बार की यात्रा पिछले साल की अपेक्षा पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालु 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

धार्मिक परंपराओं का रहेगा पालन
मंदिर की सफाई से लेकर कपाट खुलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। इस वर्ष की यात्रा का समय पिछले साल की तुलना में पहले होगा।

बर्फबारी का अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बर्फ का पिघलना सामान्य है, लेकिन इस बार मौसम भिन्न है। 2023 के बाद ऐसा भारी बर्फबारी का दृश्य श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों के करीब है।

थारू-चोराबारी ग्लेशियर काटकर रास्ता बनाया गया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, थारू और चोराबारी जैसे ग्लेशियरों के टूटकर रास्ते में आने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। यहां बर्फ की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई थी। मजदूरों ने इंसानी कद से भी ऊंची इन बर्फ की दीवारों को काटकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया है।

जब श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों तरफ 8-9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें होंगी, जो एक अद्भुत अनुभव होगा।

कपाट खुलने से पहले पूरी होंगी तैयारियां
डीएम ने बताया कि यात्रा की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू (लाइन को व्यवस्थित तरीके से संभालना) मैनेजमेंट के साथ ही सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारनाथ का मुख्य पहुंच मार्ग अब पूरी तरह से साफ करा दिया गया है। इस भारी बर्फ को हटाने और मार्ग को सुचारू करने के लिए 100 से अधिक अनुभवी मजदूरों को लगाया गया है।

अब सिर्फ मंदिर परिसर के पास जमी बर्फ को हटाने का काम अंतिम चरण में है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली के धाम पहुंचने से पहले मंदिर, परिक्रमा स्थल भी पूरी तरह बर्फ से साफ हो जाएगा।

श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं
अक्सर भारी बर्फबारी के बाद यह अफवाहें उड़ने लगती हैं कि शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या सीमित की जाएगी, लेकिन प्रशासन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं की गई है।

बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हुई बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। धाम में बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ
हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अच्छी खबर है। केदारनाथ स्थित हवाई पट्टी (हेलीपैड) से पूरी बर्फ साफ कर दी गई है। अब हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में कोई बाधा नहीं है।

धार्मिक परंपराओं और शेड्यूल में बदलाव नहीं
भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर के सफाई अभियान से लेकर कपाट खुलने के तय मुहूर्त और शेड्यूल में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही यात्रा
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

2023 के बाद फिर दिखेगा ऐसा अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर अप्रैल के अंत तक केदारनाथ में बर्फ काफी हद तक पिघल जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग है। कपाट खुलने के समय इतनी भारी बर्फबारी का नजारा 2023 के बाद फिर देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हिमालय के बीच बाबा केदार के दर्शन का खास अनुभव मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पिछले साल 2025 में करीब 17.68 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

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Fri, 17 Apr 2026 16:07:09 +0530 news desk MPcg
10वीं में 99.4% लाने वाली हिमांशी धाकड़ को मनोज शुक्ला का तोहफा, लैपटॉप देकर बढ़ाया हौसला https://citytoday.co.in/5533 https://citytoday.co.in/5533 मेधावी छात्रा हिमांशी धाकड़ की बड़ी उड़ान: 10वीं में 99.4% अंक पाकर प्रदेश में नाम रौशन किया,

कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने उपहार में दिया लैपटॉप 

भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों में राजधानी भोपाल की हिमांशी धाकड़ ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हिमांशी ने 500 में से 497 अंक (99.4%) प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

 कलेक्टर बनने का है सपना
हिमांशी की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में नरेला क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला उनके निवास पहुँचे। उन्होंने हिमांशी को मिठाई खिलाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जब मनोज शुक्ला ने उनसे भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, तो हिमांशी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वह UPSC की तैयारी कर IAS ऑफिसर (कलेक्टर) बनना चाहती हैं।

 मदद के लिए आगे आए मनोज शुक्ला
हिमांशी ने बातचीत के दौरान बताया कि आगे की पढ़ाई और कोचिंग के लिए उन्हें एक लैपटॉप की सख्त जरूरत है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मनोज शुक्ला तुरंत उन्हें अपने साथ 'मंगलम' इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम ले गए और उन्हें उनकी पसंद का नया लैपटॉप उपहार स्वरूप प्रदान किया। शुक्ला ने उसे एक मोबाइल भी दिलाया। कुल मिलाकर उन्होंने हिमांशी को करीब एक लाख रुपए का गिफ्ट दिया।

इस अवसर पर मनोज शुक्ला ने कहा:
> "नरेला की इस बेटी ने अपनी मेहनत से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। संसाधनों की कमी किसी भी मेधावी छात्र के सपने के बीच नहीं आनी चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि हिमांशी एक दिन कलेक्टर बनकर देश की सेवा करेगी।"

परीक्षा परिणाम पर एक नजर
हिमांशी के अंकों का गणित उनकी मेहनत को साफ़ दर्शाता है:
* गणित और विज्ञान: 100 में से 100 अंक
* अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान: 99 अंक
* हिंदी: 96 अंक

हिमांशी की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे नरेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। 

इस अवसर पर अनूप पांडे, अमित खत्री, सुरेश साहू, विजेंद्र शुक्ला, संदीप सरवैया, तरुण विश्वकर्मा, दिनेश माली, केशव मौर्य एवं तारिक अली आदि मौजूद थे।

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Thu, 16 Apr 2026 18:21:54 +0530 news desk MPcg
हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5528 https://citytoday.co.in/5528 हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग हो रहा है आरंभ
16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की होगी मंगलमय तारीख
विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील
मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का है उत्कृष्ट उदाहरण
जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन'' को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और सांसद श्रीमती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।

मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन श्रीमती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद श्रीमती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं।

महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा।

सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : सुश्री भूरिया

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 तक लंबा इंतजार किया गया था। श्रीमती गौर ने वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं के 14% और मध्यप्रदेश विधानसभा में 11% के सीमित प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि 33% आरक्षण का यह कानून इस खाई को पाटकर महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने वाली निर्णायक भूमिका में लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि नारी शक्ति को 'लाभार्थी' से 'राष्ट्र निर्माण की सारथी' बनाने की एक विचार यात्रा है, जहाँ महिलाएँ अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की बेटियों के आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी जीवन की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जब नारी सशक्त और निर्णायक भूमिका में होगी, तभी राष्ट्र पूर्णतः सशक्त होगा।

नारी अब प्रतिभागी नहीं, नेतृत्व की भूमिका में है : श्रीमती पैठणकर

मातृशक्ति वंदन कार्यक्रम में शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठणकर ने नारी के गौरवशाली स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल संघर्ष की 'चिंगारी' ही नहीं, बल्कि स्नेह और सुगंध बिखेरने वाला 'फूल' भी माना गया है। उन्होंने भगवद गीता के संदर्भ से स्त्री के सात दिव्य गुणों—श्री, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को उनकी स्वाभाविक शक्ति बताया, जो परिवार को संस्कारों से जोड़े रखती है। अपने संबोधन में उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा के प्रति संघर्ष, जीजाबाई के संस्कारों, रानी लक्ष्मीबाई व दुर्गावती के शौर्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श प्रशासन का उल्लेख करते हुए बताया कि इतिहास से वर्तमान तक नारी ने हर कठिन परिस्थिति में समाज के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही आज महिलाएँ सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सुश्री पैठणकर ने आह्वान किया कि नारी अब केवल प्रतिभागी नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में है और अपनी सृजनशीलता व सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में निर्णायक योगदान दे रही है।

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Thu, 16 Apr 2026 12:39:39 +0530 news desk MPcg
इंतजार हुआ खत्म, एमपी बोर्ड का 10वीं और 12वीं रिजल्ट कुछ घंटों में, मोहन यादव करेंगे जारी https://citytoday.co.in/5526 https://citytoday.co.in/5526 भोपाल 
 माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट का इंतजार कुछ घंटों में खत्म होने जा रहा है. एमपी बोर्ड की दोनों ही परीक्षाओं का रिजल्ट 15 अप्रेल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। 

मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट
छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।

 16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे एमपी बोर्ड परीक्षा में

16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में

एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं। 

रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद
इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है। 

एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े

    साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.
    साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.
    साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.

    mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है।

कैसे चेक करें रिजल्ट?

    सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

    होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें

     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें

     इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा

    भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें

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Tue, 14 Apr 2026 20:11:22 +0530 news desk MPcg
एमपी बीजेपी की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई, कैबिनेट विस्तार और निगम&मंडल पर होगी अहम चर्चा https://citytoday.co.in/5524 https://citytoday.co.in/5524 भोपाल

आज यानी 14 अप्रैल को एमपी बीजेपी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। भाजपा कोर कमेटी की यह बैठक भोपाल में आयोजित होने जा रही है। बैठक में कैबिनेट विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के 16 दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसी के साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक में वर्तमान मुद्दों और आगे की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

बीजेपी शीर्ष नेतृत्व की बड़ी बैठक आज
मंगलवार को एमपी बीजेपी की बड़ी बैठक है। यह बैठक भोपाल में स्थित सीएम निवास में आयोजित की जाएगी। शाम करीब सात बजे बैठक शुरु होगी। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल शामिल होंगे। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

इन दो मुद्दों पर होगी खास चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी प्रदेश कोर कमेटी की इस बैठक में राज्य के निगम-मंडलों में नियुक्तियों और मंत्रीमंडल के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है। इन दोनों मामलों को लेकर पार्टी में काफी समय से असमंजस बना हुआ है। उम्मीद है कि आज की बैठक में शीर्ष नेता इन मुद्दों पर स्थिति साफ कर सकते हैं।

प्रदेश कोर समिति के ये 16 सदस्य होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और सांसद वीडी शर्मा, सांसद लता वानखेड़े, नरोत्तम मिश्रा व अरविंद भदौरिया शामिल होंगे।

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Tue, 14 Apr 2026 18:25:16 +0530 news desk MPcg
डॉ. अंबेडकर की 136वीं जयंती: CM मोहन यादव ने किया माल्यार्पण, पढ़ी संविधान की प्रस्तावना https://citytoday.co.in/5521 https://citytoday.co.in/5521 राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा।

पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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Tue, 14 Apr 2026 17:58:37 +0530 news desk MPcg
भाजपा प्रदेश कार्यालय में गूंजा ‘नारी शक्ति वंदन’ का संदेश : PM नरेंद्र मोदी के संबोधन को महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साह से सुना https://citytoday.co.in/5515 https://citytoday.co.in/5515 भोपाल.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को नई दिल्ली में दिए गए संबोधन को देश भर सहित मध्यप्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ताओं द्वारा श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन को भाजपा प्रदेश कार्यालय में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियां एवं हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं व मातृशक्ति ने सुना।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम की प्रदेश टोली की सह संयोजक अश्विनी परांजपे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर की नारी शक्ति को संबोधित करते हुए महिलाओं की भागीदारी को सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई। अभियान के तहत महिलाओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। साथ ही 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर भी अधिनियम के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया। इस पहल से महिलाओं में जागरूकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नारी शक्ति ने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा की प्रदेश में महामंत्री मोना सुस्तानी ने किया। आभार महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वंदना जाचक ने माना।

इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक साधना स्थापक, महिला मोर्चा महामंत्री ज्योति सिंह राजपूत, कार्यालय मंत्री भावना सिंह, सह कार्यालय मंत्री विमला तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी हर्षा सिंह ठाकुर, आईटी प्रभारी सुधा सुखियानी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी स्मृति जैन, सह सोशल मीडिया प्रभारी सारिका उपाध्याय, नीति एवं शोध सह प्रभारी इंदु चौधरी सहित हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ता व मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

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Mon, 13 Apr 2026 20:18:53 +0530 news desk MPcg
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम&2023’ पर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, स्वीकृति को बताया ऐतिहासिक पहल https://citytoday.co.in/5513 https://citytoday.co.in/5513 भोपाल.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33% स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में 8 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि उत्पादक और एफपीओ शामिल हुए। कार्यशाला में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने, खेत से कारखाने तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाने ,कम पानी में उत्पादन की फसल बढ़ाने और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यशाला मे सहभागी किसानों को कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई। कार्यशाला के निष्कर्ष किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों एवं कीमतों के रुझानों के बावजूद केन्द्र सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आभार माना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार मानते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री मण्डल ने 8 अप्रैल 2026 को फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरको जैसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है।केन्द्रीय मंत्री मण्डल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिये फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषण तत्व आधारित सब्सिडी के लिये 41 हजार 833 करोड़ रुपए की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति दी, जो विगत वर्ष से 4,317 करोड़ रूपये अधिक है।

खरीफ सीजन 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे। केन्द्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रायसेन में 11 अप्रैल से आरंभ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, कम्यूनिटी एवं इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग एवं कृषि एव बागवानी से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं और खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये गये हैं। इनमें विभिन्न कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ एफपीओ तथा किसान बंधु भाग ले रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट में अब विकास की गंगा बहेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में नक्सल ग़तिविधियों का उन्मूलन हो गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जायेगा। आगामी माह बालाघाट में जनजातीय महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें सांस्कतिक और खेल गतिविधियों के साथ-साथ विकास से जुड़े हुये सभी विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और मेगा स्वास्थ्य शिविर तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जायेगा साथ ही विभिन्न पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जाएंगे।

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Mon, 13 Apr 2026 19:47:12 +0530 news desk MPcg
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का भव्य समापन, हजारों किसानों के साथ कृषि बदलाव का नया संकल्प https://citytoday.co.in/5512 https://citytoday.co.in/5512 रायसेन/ भोपाल
 राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया। 

शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ

रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए विकास की नई सौगात दी। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा। 

ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है

अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके। 

गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। 

जल संरक्षण पर विशेष बल

जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रुकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा। उन्होंने “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में” का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है, वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुँच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएँ बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। 

उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है। 

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएँ, सीखकर जाएँ और उसे खेत में लागू करें। उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे। 

शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल की म.प्र. की कृषि उपलब्धियों की सराहना

गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा। 

यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “उन्नत कृषि महोत्सव” कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहाँ मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की माटी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियाँ अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी। 

दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा

उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें। चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी। 

रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी तथा राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि जो संकल्प लिए गए हैं, वे केवल घोषणा बनकर न रह जाएँ, बल्कि पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरें। 

किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील

चौहान ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में खेती से जुड़ी अनेक सेवाएँ, योजनाएँ और प्रक्रियाएँ इससे आसान होंगी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी जिंदगी बदलने, उनके चेहरे पर मुस्कान लाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। 

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में कृषि को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा

अपने संबोधन में चौहान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करते हुए कहा कि वे ऐसे मंत्री हैं जो असंभव को संभव करके दिखाते हैं, नई तकनीक और नवाचार से देश में समृद्धि लाने का काम करते हैं और समयबद्ध कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में कृषि को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा और किसानों की सेवा ही सरकार के लिए सर्वोच्च दायित्व है। 

किसानों को हितलाभों का वितरण

समापन सत्र में किसानों को हितलाभों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री करण सिंह वर्मा, नारायण सिंह पवार, नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, रमाकांत भार्गव, हरि सिंह रघुवंशी, हरि सिंह सप्रे, मुकेश टंडन, गोपाल सिंह इंजीनियर, आशीष शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी तथा हजारों किसान भाई-बहन उपस्थित रहे।

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Mon, 13 Apr 2026 19:29:55 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में बिछेगा सड़कों का जाल, इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार का बड़ा कदम, कैबिनेट मीटिंग में लिए गए अहम फैसले https://citytoday.co.in/5509 https://citytoday.co.in/5509  भोपाल
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा।

सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश

स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:

    एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।

    MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी।

बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल

    बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:
    बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
    बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परिवहन और आर्थिक विकास का आधार

लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं।

सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया।

प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति

परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति

इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई।

लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

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Mon, 13 Apr 2026 16:35:19 +0530 news desk MPcg
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का समापन, केंद्रीय मंत्री गडकरी और शिवराज होंगे शामिल https://citytoday.co.in/5508 https://citytoday.co.in/5508 भोपाल
 केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी आज मध्य प्रदेश के एकदिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी अनुभा सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री गडकरी दोपहर दो बजे भोपाल से प्रस्थान कर दोपहर 02.20 बजे रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुचेंगे तथा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की समीक्षा करेंगे। इसके उपरांत उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण में सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय मंत्री गडकरी शाम 05.10 बजे रायसेन से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

भोपाल से रायसेन पहुंचेंगे गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर 12 बजे भोपाल से प्रस्थान कर रायसेन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे। वे यहां सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचेंगे जीतू पटवारी
उन्नत कृषि महोत्सव में मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 
भी आने का ऐलान किया है। वे किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गौरतलब है कि किसानों को जागरूक करने के लिए यह उन्नत कृषि महोत्सव 11 अप्रैल से रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज सोमवार को अंतिम दिन है।

 नहीं जा पा रहे जीतू पटवारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में रायसेन में तीन दिवसीय कृषि मेले का आज समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज इस मेले के समापन में शामिल होंगे।

इधर, एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वे रायसेन नहीं जा पा रहे है। रायसेन रोड पर आनंद नगर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका गया है।

पुलिस के पहरे में पटवारी, नहीं मिली अनुमति पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज सुबह से ही रायसेन जाने की तैयारी में थे। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे टकराव नहीं बल्कि संवाद चाहते थे।

उन्होंने कहा, “मेरा मन कृषि मेले में जाने का है और मैंने पहले ही कहा था कि जब शिवराज जी अनुमति देंगे, तभी जाऊंगा।” पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी और तय किया था कि अगर अनुमति नहीं मिली तो वे मेले के आखिरी दिन वहां पहुंचेंगे।

पटवारी ने बताया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे केवल मेले में जाकर खेती की आधुनिकता को समझना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है।

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Mon, 13 Apr 2026 15:11:33 +0530 news desk MPcg
डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री डॉ यादव https://citytoday.co.in/5500 https://citytoday.co.in/5500 डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव
तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।

 मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है।

महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा।

आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी।

कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया। 

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Mon, 13 Apr 2026 12:44:10 +0530 news desk MPcg
किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह https://citytoday.co.in/5499 https://citytoday.co.in/5499 भोपाल. 
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं।

प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता है। इस क्षेत्र में युवा साथी नया स्टार्ट-अप शुरू कर किसानों को बिचौलियों और साहूकारों के चंगुल से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। गांवों के युवा इससे जुड़ेंगे तो खेती गर्व का विषय बनेगा और हमारे किसान आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।

मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर हैं केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश में बीईएमएल के पहले रेल कारखाने का भूमि-पूजन हुआ है और आज वे किसानों को अपना मार्गदर्शन देने आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनाथ सिंह मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर केन्द्रीय मंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग छवि बन रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान देश में कृषि क्षेत्र की सफलता की पहचान बन चुके हैं। खेत के श्रमवीर किसानों और सीमा पर शूरवीर जवानों के सम्मान में केन्द्रीय रक्षा मंत्री की उपस्थिति में उन्नत कृषि महोत्सव का यह आयोजन इन दोनों की गरिमा को बढ़ाने वाला है। जवानों से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। भारत का हर क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ रहा है। किसानों की मेहनत से अब हमारा देश दोगुना खाद्यान्न निर्यात कर रहा है। मध्यप्रदेश का केवल रायसेन जिला ही दुनिया के 47 से अधिक देशों को बासमती चावल का निर्यात कर रहा है। हमारी सरकारों में प्रदेश के किसानों को गेहूं और धान का समुचित मूल्य मिला है। इस वर्ष हम किसानों से 2625 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रहे हैं। साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी हम किसानों को दे रहे हैं। यह हमारी किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2002-03 में जहां मात्र साढ़े सात लाख हैक्टेयर में रकबे में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी। हमारी सरकार में सिंचित रकबा बढ़कर अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। हम प्रदेश के एक करोड़ हैक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित करने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश के किसानों को हर वक्त सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब, किसान, युवा और नारी के समग्र कल्याण के लिए मिशन बनाकर विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है। हमारी सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही है। हमने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित कर इस पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल हम किसानों की बेहतरी के लिए और कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए काम करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन में हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए एक अद्भुत प्रयास है। इसकी मूल भावना किसानों का हर तरीके से कल्याण करना ही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का बीड़ा उठाया है। भारत सरकार के साथ मिलकर हम प्रदेश के विकास को नई गति देंगे।

किसानों के विकास का चल रहा है महायज्ञ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्व में देश के कृषि मंत्री भी रहे हैं। वे स्वयं एक किसान हैं। आज रायसेन की पवित्र धरा पर ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और कृषि का संगम हो रहा है। यह किसानों के लिए एक पाठशाला की तरह है, जहां किसानों को कृषि की नवीन तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा। रायसेन जिला कृषि सहित हर क्षेत्र में आगे हैं, यहां की धान और गेहूं दुनियाभर में प्रसिद्ध है। रायसेन में 2 विश्व धरोहर सांची और भीमबैठिका हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें शक्तिशाली विकसित भारत बनाना है। देश को मजबूत इरादों वाले प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री मिले हैं। विकसित भारत के लिए कृषि का विकास आवश्यक है। हमारे लिए किसान ही भगवान है और किसानों की सेवा ही हमारी पूजा है। देश में किसानों के विकास का महायज्ञ चल रहा है। हमारा लक्ष्य 140 करोड़ देशवासी को भरपेट भोजन उपलब्ध कराना है। हमें कृषि उत्पादन बढ़ाना है और कृषि की लागत भी घटानी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कृषि से किसानों को आय बढ़ाने के लिए एकीकृत खेती पर जानकारी प्रदान की जाएगी। इंटीग्रेडेट फॉर्मिंग से एक एकड़ में 2 लाख तक की आय प्राप्त की जा सकती है। खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर 20 सत्र आयोजित किए गए हैं। इसमें बीज से लेकर बाजार तक किसानों को हर तरह के सपोर्ट की जानकारी दी जाएगी। मिट्टी की जांच के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। किसान अपनी रुचि के अनुसार सत्रों में बैठकर जानकारियां लें। इस क्षेत्र के किसानों की तकदीर बदलने के लिए ही यह महोत्सव मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना की
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरा वर्ष ही कृषि कल्याण को समर्पित कर दिया है। उन्होंने बताया कि उन्नत कृषि महोत्सव में 12 अप्रैल को उनके संसदीय क्षेत्र के 4-5 जिलों का कृषि रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्रालय इसे रायसेन, भोपाल, विदिशा, सीहोर से शुरू कर पूरे देश में लागू करेगा। उन्होंने कहा कि रायसेन को हार्टिकल्चर हब बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दलहन मिशन के अंतर्गत किसानों को तुअर, मसूर, उड़द, मूंगफली के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने देश में ऑपरेशन सिंदूर का सफल क्रियान्वयन कर देश की ताकत का विश्व को एहसास दिलाया है। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि महोत्सव-2026 किसानों के लिए वरदान की तरह है, किसान इसका भरपूर लाभ उठाएं।

सांची विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का रायसेन की धरती पर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने रायसेन जिले को बड़ी-बड़ी सौगातें दी हैं। आज यहां 15 एकड़ में उन्नत कृषि महोत्सव में भव्य आयोजन किया गया है। किसानों को तरह-तरह की जानकारी देने के लिए यहां 350 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों को बीज से बाजार तक जोड़ने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने देश के विभिन्न जिलों में सेमीनार किए। किसानों को उन्नत खेती के लिए जागरूक किया। रायसेन का यह आयोजन भी इसी श्रंखला का एक आयोजन है। यहां उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, बैंक लोन, कम्युनिटी फॉर्मिंग सहित सभी प्रकार की जानकारियों के लिए व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय का प्रयास है कि सभी किसान खेती की नई तकनीकों से परिचित हों। हम किसानों को खेती-किसानी के नई-नई जानकारियों से अवगत करा रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर सचिव, म.प्र. शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत वरवड़े ने सभी का आभार व्यक्त किया।

तीन-दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री एवं रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उत्तरप्रदेश सरकार में कृषि राज्यमंत्री सूर्यप्रताप साही, नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक भोजपुर सुरेन्द्र पटवा, विधायक बुधनी रमाकांत भार्गव, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रायसेन यशवंत सिंह मीणा, केन्द्रीय कृषि सचिव अतीश चन्द्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीजी डॉ. एम.एल.जाट तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे।

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Sat, 11 Apr 2026 20:07:43 +0530 news desk MPcg
लाड़ली बहना योजना: सीहोर में 12 अप्रैल को सीएम करेंगे 35वीं किस्त जारी, 184 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात https://citytoday.co.in/5495 https://citytoday.co.in/5495 सीहोर 

मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में जल्द ही पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की 35वीं किश्त जारी करेंगे। 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में सीएम विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे और वहीं से महिलाओं के खाते में पैसे भी डालेंगे। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाएं 12 अप्रैल की शाम तक अपना खाता चेक कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री यादव 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के साथ ही सीहोर की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

नवंबर में बढ़ाई गई थी योजना की राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से मार्च 2026 तक योजना के तहत 34 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है।

इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा में 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा।

इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं।

साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।

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Sat, 11 Apr 2026 17:31:45 +0530 news desk MPcg
बड़ी बेशर्मी से कहा नहीं गाऊंगी’, वंदे मातरम के अपमान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस से मांगा इस्तीफा https://citytoday.co.in/5492 https://citytoday.co.in/5492 भोपाल
 इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम' विवाद अब पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्तों का अपमान बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी प्रदेश इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए।

सीएम ने बताई बेशर्मी की राजनीति
इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह केवल एक पार्षद का बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस के उस चरित्र को दर्शाता है जो हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों के खिलाफ रहा है।'

जीतू पटवारी और राहुल गांधी से सीधे सवाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि हर छोटी बात पर मुखर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस 'राष्ट्रद्रोह' जैसे कृत्य पर चुप क्यों हैं? सीएम ने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस तरह की मानसिकता को पार्टी में प्रोत्साहित कर रहे हैं।

हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते अपने प्राणों की आहुति दे दी। जब कांग्रेस पार्षद भगवान राम और हिंदुओं की निंदा करते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। लेकिन अब राष्ट्रगीत के अपमान पर मौन रहना यह बताता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

पुरानी है वंदे मातरम की खींचतान?
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को कुरेदते हुए कहा कि यह पार्टी आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा करती रही है। डॉ. यादव के अनुसार, कांग्रेस की पुरानी सरकारों ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर बीजेपी अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है, खासकर तब जब मामला सीधे तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा हो।

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Sat, 11 Apr 2026 15:45:12 +0530 news desk MPcg
रक्षामंत्री राजनाथ, सीएम यादव और शिवराज सिंह आज रायसेन में, तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि महोत्सव में ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन https://citytoday.co.in/5489 https://citytoday.co.in/5489 रायसेन

 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक मंच पर होंगे। वे 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में होने जा रहे राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव में शामिल होंगे। महोत्सव का उद्घाटन राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव करेंगे, जबकि समापन 13 अप्रैल को नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल स्थित अपने आवास में रायसेन में होने वाले उन्नत कृषि महोत्सव की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि महोत्सव को हमने कर्मकांड नहीं, गंभीर प्रयास की तरह आयोजित किया है। उन्होंने कहा भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश होते हुए भी अभी पूर्ण आत्मनिर्भर नहीं है, इसलिए अब नीति का फोकस दलहन-तिलहन के क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाने पर है, ताकि देश इन फसलों में भी आत्मनिर्भर बन सके।

महोत्सव से एक दिन पहले शुक्रवार शाम को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शन क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कहा कि यह आयोजन किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।

300 से अधिक स्टॉल लगाए गए इस विशाल प्रदर्शनी में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जो कृषि, बागवानी, सिंचाई, उर्वरक, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल खेती और फसल बीमा से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल को तीन बड़े हैंगरों में बांटा गया है।

पहले हैंगर में कृषि यंत्र, सिंचाई और नवाचार से संबंधित स्टॉल हैं। दूसरे हैंगर में पशुपालन, डेयरी, सहकारी संस्थाएं और ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं, जबकि तीसरे हैंगर में उद्घाटन समारोह, तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

कृषि यंत्रों का प्रदर्शन होगा महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ-साथ ड्रोन तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का सीधा प्रदर्शन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें अपनी खेती में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। विभिन्न कृषि स्टार्टअप, कंपनियां और संस्थान भी अपने नवाचारों के माध्यम से किसानों को आय के नए स्रोतों की जानकारी देंगे।

इस आयोजन में कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, नाबार्ड, नेफेड, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग जैसे कई प्रमुख संस्थान भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और MSME से जुड़े उद्यम भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत करेंगे, जिससे किसानों को व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।

महोत्सव में पशुपालन को विशेष प्राथमिकता महोत्सव में पशुपालन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यहां गिर, साहीवाल और थारपारकर नस्ल की गायों के साथ जमुनापारी, सिरोही और बारबरी नस्ल की बकरियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा कड़कनाथ मुर्गी पालन के मॉडल भी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण और पोषण प्रबंधन पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी उपलब्ध रहेगा।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में बायोफ्लॉक, आरएएस और एक्वापोनिक्स जैसे आधुनिक मॉडल भी प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही तीनों दिनों में किसानों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, स्टार्टअप प्रेजेंटेशन और वैज्ञानिकों से सीधा संवाद आयोजित होगा।

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Sat, 11 Apr 2026 14:26:13 +0530 news desk MPcg
भोपाल में ‘संभावना’ गतिविधि के तहत आल्हा&ऊदल नृत्य&नाट्य का मंचन आज https://citytoday.co.in/5488 https://citytoday.co.in/5488

भोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में कला प्रेमियों के लिए विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया जा रहा है। “संभावना” गतिविधि के अंतर्गत 12 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे नृत्य-नाट्य आल्हा-ऊदल का मंचन होगा। इस प्रस्तुति का निर्देशन चंद्रमाधव बारिक द्वारा किया जा रहा है।

यह नृत्य-नाट्य पहली बार मंचित किया जा रहा है, जिसे लेकर कलाकारों और दर्शकों में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रस्तुति का आलेख योगेश त्रिपाठी ने तैयार किया है, जबकि संगीत संयोजन कुलदीप सारवा द्वारा किया गया है।

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में हर रविवार आयोजित होने वाली “संभावना” गतिविधि के माध्यम से प्रदेश के पांच लोकांचलों और सात प्रमुख जनजातियों की समृद्ध कला परंपराओं को मंच दिया जाता है। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों की विविध कलाओं को भी समझने और देखने का अवसर आमजन को मिलता है।

इस आयोजन के जरिए लोककला और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

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Sat, 11 Apr 2026 14:08:03 +0530 news desk MPcg
भोपाल में थमी 200 KM की ‘आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा’, पुलिस ने यूनिवर्सिटी के पास रोका आंदोलन https://citytoday.co.in/5487 https://citytoday.co.in/5487

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचते ही आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं के हक में निकली 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा को पुलिस ने रोक दिया। छात्र नेता रामकुमार नागवंशी और उनके साथियों को बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास आगे बढ़ने से रोककर एक होटल के बाहर बैठा दिया गया।

11 दिन में 200 KM, लेकिन राजधानी में रुकी आवाज

1 अप्रैल को बैतूल के अंबेडकर चौक से शुरू हुई “आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा” का लक्ष्य 11 दिनों में भोपाल पहुंचकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना था। तपती गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद यह यात्रा तय समय में राजधानी तक पहुंची, लेकिन अंतिम पड़ाव पर ही रुक गई।

क्या हैं प्रमुख मांगें?

पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को:

  • सरकारी कर्मचारी का दर्जा
  • सम्मानजनक वेतन
  • बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा

दिलाना है। नागवंशी का कहना है कि ये कार्यकर्ता गांव-गांव में महत्वपूर्ण सेवाएं देती हैं, लेकिन अब तक उन्हें उचित अधिकार नहीं मिले।

परिवार से मिली प्रेरणा, बना आंदोलन

रामकुमार नागवंशी ने बताया कि उनकी बहन और भाभी स्वयं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके संघर्ष को करीब से देखने के बाद ही उन्होंने यह अभियान शुरू किया। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की है।

भोपाल में रोके जाने पर आरोप

नागवंशी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने से रोक दिया और यात्रा समाप्त करने की समझाइश दी। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।

गर्मी में भी नहीं टूटा हौसला

मध्य प्रदेश की तेज गर्मी और धूप के बावजूद पदयात्रा लगातार जारी रही। नागवंशी ने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती।

सरकार से उम्मीद

पदयात्रा के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे नागवंशी और उनके साथी अब भी सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका मानना है कि अगर सरकार इस मुद्दे पर कदम उठाती है, तो लाखों महिला कार्यकर्ताओं के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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Sat, 11 Apr 2026 12:57:30 +0530 news desk MPcg
AIIMS BHOPAL , शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के बीच हुआ त्रिपक्षीय एमओयू https://citytoday.co.in/5486 https://citytoday.co.in/5486 AIIMS BHOPAL , शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के बीच हुआ त्रिपक्षीय एमओयू

मधुमेह के जटिल उपचार पर होगा संयुक्त शोध

भोपाल 

विश्व होम्योपैथी दिवस के उपलक्ष्य में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव और सचिव आयुष वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में होम्योपैथी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, प्रदेश के आयुष विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा, जिसके अंतर्गत शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के बीच एक त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। आयुष विभाग के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है, जो प्रदेश में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान के नए द्वार खोलेगा।

एमओयू में अब भोपाल के इन प्रतिष्ठित संस्थानों में 'मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट डायबिटीज मेलिटस' के कारण होने वाले 'फुट अल्सर' के मामलों में होम्योपैथी दवाओं के प्रभाव पर विस्तृत शोध किया जाएगा। यह अनुसंधान, भविष्य में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति कीटाणुओं की बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता (रेजिस्टेंस) के वैश्विक संकट को हल करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

भारत में इस विधा के स्वरूप, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर एम्स भोपाल के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. देवाशीष विश्वास, मुख्य शोधकर्ता डॉ. शाश्वती नेमा, शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल की शोध प्रमुख डॉ. जूही गुप्ता, सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के सचिव डॉ. संजय गुप्ता एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेनु मित्तल विशेष रूप से उपस्थित थे।

 

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Sat, 11 Apr 2026 12:51:29 +0530 news desk MPcg
राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा& मुख्यमंत्री यादव https://citytoday.co.in/5481 https://citytoday.co.in/5481 राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा- मुख्यमंत्री यादव

एमएसएमई विकास नीति : 2025 ने महिलाओं को बनाया आत्म निर्भर

स्टार्ट-अप नीति ने महिला उद्यमियों के सपनों को दी उड़ान

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार ने साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अगुवाई में एमएसएमई विकास नीति : 2025 और स्टार्ट-अप नीति : 2025 ने महिलाओं को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

मध्यप्रदेश की नीतियों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और योजनाओं के कारण ही 24 लाख 34 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम में से 4.11 लाख यानि 17 फीसदी इकाइयाँ महिलाओं द्वारा संचालित हैं। गत वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित स्टार्ट-अप नीति में  7264 में से 3476 यानि 48 स्टार्ट-अप महिलाओं के हैं। मध्यप्रदेश की यह तस्वीर राज्य सरकार की देश में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता है। इससे स्पष्ट है कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत का सपना मध्यप्रदेश में साकार हो रहा है।

मध्यप्रदेश की एमएसएमई विकास नीति : 2025 में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अब उन महिला उद्यमियों को जो संयंत्र और मशीनरी में निवेश कर रही हैं, उन्हें ₹10 करोड़ तक के निवेश पर अधिकतम 48 प्रतिशत तक की पूंजी अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए यह दर अधिकतम 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत है। इस नीति से मार्च 2026 तक 24.34 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में से करीब 4.11 लाख  महिलाओं द्वारा स्थापित की गई हैं।

इसके अतिरिक्त स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना : 2025 में महिलाओं द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप को 18% वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रति ट्रॉच 18 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है और कुल सहायता 72 लाख रुपये तक हो सकती है। अन्य स्टार्ट-अप के लिए यह सीमा 15% या 15 लाख रुपये है। अब तक 7264 मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप में से 3476 मतलब 48 फीसदी महिला उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश शासन के इन कदमों से महिला सशक्तिकरण में नई ऊंचाइयां हासिल हो रही हैं।

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Fri, 10 Apr 2026 19:33:33 +0530 news desk MPcg
यूरिया, डीएपी की कीमत बढ़ाने पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगा रिकॉर्ड चेक https://citytoday.co.in/5480 https://citytoday.co.in/5480 भोपाल 
अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है। 

शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं। 

शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं। 

किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है। 

फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है। 

हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है। 

साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

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Fri, 10 Apr 2026 18:51:35 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में आधी रात को आई नौकरशाही में बड़ी हलचल, 26 IAS अफसरों के तबादले https://citytoday.co.in/5471 https://citytoday.co.in/5471  भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है। 

2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

इनको मिली नई जिम्मेदारी 

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे।

तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए।

दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा।

14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल
14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।

पहली बार जिले की कमान

    राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया
    शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर
    बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी

    प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।
    नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी।

प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया

प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया
तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है। 

नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले
नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है।

इनको जिले से हटाया
शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 

इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। 

इन कलेक्टर के जिले बदले
श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। 

संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल
कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे.

शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी.

अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे.

श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे.

एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी

राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।

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Fri, 10 Apr 2026 13:37:37 +0530 news desk MPcg
भोपाल में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई: करबला रोड से हटाया कब्जा, हलालपुर में भी एक्शन जारी https://citytoday.co.in/5470 https://citytoday.co.in/5470 Fri, 10 Apr 2026 13:01:24 +0530 news desk MPcg लाडली बहना योजना: लाडली बहनों का इंतजार खत्म, कब आएंगे 1500 रुपये? जानें 35वीं किस्त का तारीख https://citytoday.co.in/5463 https://citytoday.co.in/5463 लाडली बहना योजना: लाडली बहनों का इंतजार खत्म, कब आएंगे 1500 रुपये? जानें 35वीं किस्त का तारीख

भोपाल 
 मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन चुकी है. इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने घरेलू और व्यक्तिगत खर्च आसानी से संभाल पा रही हैं. अब लाभार्थी महिलाओं को योजना की 35वीं किस्त का इंतजार है, जिसे लेकर सरकार स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 

कब आ सकती है 35वीं किस्त?
हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं। 

1.25 लाख बहनों के खातों में आएंगे 1500 रुपए
बता दें कि हर महीने सीएम मोहन यादव अपने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की किस्त देने के साथ ही लाडलियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम का ऐलान कुछ दिन पहले ही कर देते हैं। लेकिन इस बार अभी तक सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान नहीं किया है कि वह किस अप्रैल में Ladli Behna Yojana कि किस्त किस तारीख को खातों में ट्रांसफर करेंगे। न ही फिलहाल यह तय किया गया है कि लाडली बहनों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम इस बार कौन सा गांव, तहसील, शहर बनेगा। जहां से सीएम मोहन यादव 1.25 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि भेजेंगे।

हर महीने 10-15 के बीच आने लगी है लाडली बहना योजना की किस्त
बता दें कि शुरुआती चरण में जहां लाडली बहना योजना की किस्त 5-7 तारीख के बीच आती थी, बाद में इसे बदलकर 5-10 तारीख कर दिया गया था। वहीं अब तीसरी बार जब लाडली बहना योजना की किस्त का समय बदला गया है, तो इसे बदलकर 10-15 के बीच कर दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी शुक्रवार 10 अप्रैल से 15 अप्रैल बुधवार के बीच कभी भी Ladli Behna Yojana की किस्त जमा की जा सकती है।

ई-केवाईसी नहीं तो खाते में नहीं आएंगे पैसे
बता दें कि लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने E-KYC को अनिवार्य किया है। अगर आप योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको E-KYC करवाना होगा। अगर आपने अभी तक यह जरूरी काम नहीं करवाया है, तो ध्यान दें लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त का लाभ आपको नहीं मिलेगा। यानी अप्रैल माह की 35वीं किस्त के 1500 रुपए आपके खाते में नहीं आएंगे।

कैसे कराएं E-KYC

  1.     E-KYC के लिए आप समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं
  2.     वेबसाइट पर e-KYC के ऑप्शन पर क्लिक करें
  3.     अब यहां अपनी समग्र ID और कैप्चा दर्ज करें
  4.     जैसे ही आप ID और कैप्चा दर्ज करती हैं आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी
  5.     समग्र ID से जुड़ा मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा
  6.     अब मोबाइल नंबर पर otp आएगा, इसे दर्ज करें और वेरिफिकेशन कर लें
  7.     इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा करें

अगर आपके पास नहीं है कहीं जाने का समय तो E-KYC के लिए यहां करें क्लिक- E-KYC

महीना शुरू होते ही शुरू हो जाता है 1500 रुपए आने का इंतजार

लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र भोपाल निवासी जमुना देवी का कहना है कि महीना शुरू होते ही उन्हें इंतजार होता है कि इस बार देखो सीएम कब हमें पैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि सीएम जैसे ही पैसे भेजते हैं तो मन खुश हो जाता है, क्योंकि इस पैसे से मैं बच्चों की जरूरतें पूरी करती हूं।
पोता-पोती हो जाते हैं खुश

लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ लेने वाली 56 वर्षीय हेमलता का कहना है कि जब उनके खाते में लाडली बहना योजना की किस्त आती है, तो वो खुद ही नहीं उनके पोता-पोती भी खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि दादी अब हमें 10-10 रुपए पॉकेटमनी के देगी। वह बताती हैं कि बेटे की कमाई ज्यादा नहीं है, घर में 6 सदस्य हैं, ऐसे में इस राशि से मेरी दवाएं आ जाती हैं। सहारा तो तिनके का भी बहुत होता है।

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Thu, 09 Apr 2026 19:17:13 +0530 news desk MPcg
MP में कल से गर्मी का दौर: पारा 5&6°C बढ़ेगा, मंडला&सिवनी सहित 7 जिलों में अलर्ट https://citytoday.co.in/5456 https://citytoday.co.in/5456 भोपाल

मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कई दिनों से आंधी-बारिश और बादलों के कारण मिली राहत अब खत्म होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होगा और दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आ सकता है।हालांकि, इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।

इससे पहले बुधवार को भोपाल, जबलपुर, रायसेन, शिवपुरी, रतलाम, छतरपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, धार समेत 15 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर रहा। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली।

यह सिस्टम एक्टिव रहे

बुधवार को एमपी के उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव रहे। इस वजह से बारिश का दौर रहा। भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चली।

11 अप्रैल को नया सिस्टम

मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। हालांकि, एमपी में इसका असर कम ही देखने को मिलेगा।

तेज आंधी भी चलेगी

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा।

अब शुरू होगा असली गर्मी का सीजन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल और मई प्रदेश में गर्मी के पीक महीने होते हैं। इस बार मार्च के आखिरी दिनों में तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बार-बार एक्टिव सिस्टम के चलते गर्मी का असर धीमा पड़ा। पिछले 8 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का दौर बना रहा। फरवरी और मार्च में भी चार-चार बार मौसम बदला, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ। .

अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी
जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था।

मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। पिछले 8 दिन से प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश हो रही है।

फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है।

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Thu, 09 Apr 2026 14:54:47 +0530 news desk MPcg
मंत्री विश्वास सारंग ने ली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक https://citytoday.co.in/5453 https://citytoday.co.in/5453 मंत्री विश्वास सारंग ने ली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक

हर विधानसभा में एक खेल परिसर का निर्माण हमारा लक्ष्य : मंत्री सारंग

भोपाल 
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक ली। मंत्री सारंग ने विभागीय योजनाओं, वर्तमान कार्यों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने की दिशा में विशेष ध्यान दें। इसके लिए पृथक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने का आधार बनेगा।

मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि इस वर्ष समर कैंप को विशेष एवं नवाचारपूर्ण रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में अधिक से अधिक नए बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके अभिभावकों को भी खेल गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाई जाए। इससे समाज में खेल के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा तथा परिवार स्तर पर खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा।

मंत्री सारंग ने प्रदेश में पूर्व से निर्मित खेल परिसरों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि इन परिसरों में युवा केंद्रित गतिविधियों को भी जोड़ा जाए जिससे अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके और खेल के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिल सके।

मंत्री सारंग ने खिलाड़ी प्रशिक्षण कल्याण समिति का पुनरावलोकन कर उसमें आवश्यक संशोधन करते हुए उसे और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे खिलाड़ियों को अधिकतम लाभ मिल सके और उनके प्रशिक्षण एवं कल्याण से संबंधित आवश्यकताओं की समय पर पूर्ति सुनिश्चित हो सके।

बैठक में खेल एवं युवा कल्याण के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, उप सचिव अजय श्रीवास्तव, संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thu, 09 Apr 2026 13:17:09 +0530 news desk MPcg
अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति https://citytoday.co.in/5450 https://citytoday.co.in/5450 अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दी है जो अन्नदाताओं के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय है। खरीब सीजन- 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन-2026 के लिए फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी के लिए 41 हजार 533.81 करोड़ की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। गत वर्ष स्वीकृत राशि से यह 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। वैश्विक चुनौतियों और अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझानों के बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उर्वरक रियायती, किफायती एवं उचित दरों पर उपलब्ध हों और उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय कृषि लागत को संतुलित कर किसानों की आय और उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 कृषि और कृषक कल्याण वर्ष है। इस नाते ऐसे निर्णय मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसानों को नई तकनीक से अवगत करवाने के लिए उन्नत कृषि महोत्सव भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को शिक्षित जागरूक बनाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान हितैषी इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय मंत्रीमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

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Thu, 09 Apr 2026 12:56:18 +0530 news desk MPcg
एमपी पुलिस ट्रेनिंग में अब ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से होगी दिन की शुरुआत, नए आदेश पर सियासी बवाल https://citytoday.co.in/5447 https://citytoday.co.in/5447 भोपाल 
मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है।

आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें।

एडीजी ने बताया आदेश का कारण
एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश
ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है।

भाजपा ने किया पलटवार
वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है।

अधिकारियों का तर्क
पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

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Wed, 08 Apr 2026 18:20:20 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में 3 चक्रवात एक्टिव, 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट; ओले गिरने का अनुमान https://citytoday.co.in/5439 https://citytoday.co.in/5439 भोपाल
मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं। 

ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक'
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है।

इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं।

हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। 

नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। 

11 अप्रैल को नया सिस्टम
मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।

तेज आंधी भी चलेगी
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा।

भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था।

भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान
मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है। 

ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है.

भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था.

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी। 

इन जिलों में बारिश का अलर्ट:
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

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Wed, 08 Apr 2026 15:32:53 +0530 news desk MPcg
नए वित्तीय वर्ष में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की आशंका, बाजार में आएंगे 100, 200, 500 के नए नोट https://citytoday.co.in/5437 https://citytoday.co.in/5437 नर्मदापुरम
अमरीका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, लेकिन भारत में करंसी पेपर बनाने वाली नर्मदापुरम स्थित प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का संकेत दिया है। एसपीएम ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक करंसी पेपर तैयार किया है, जिससे जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में उपलब्ध हो सकेंगे। इससे आमजन और व्यापारियों को लेनदेन में सुविधा मिलेगी। एसपीएम देश का प्रमुख करंसी पेपर कारखाना है, जहां नोटों के लिए कागज तैयार किया जाता है।

7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार
पहले भी किल्लत के समय यहां 10 और 20 रुपए के नोटों के लिए कागज तैयार किया था। अब 100, 200 और 500 रुपए के नोटों के लिए कागज का उत्पादन किया गया है। एसपीएम ने 31 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार किया है, जबकि लक्ष्य 6 मीट्रिक टन का था। प्रबंधन और कर्मचारियों के बेहतर तालमेल से यह संभव हुआ। नए वित्तीय वर्ष के लिए उत्पादन जारी है। इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की आशंका के बीच नकद लेनदेन में ये नए नोट सहायक होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, 500 रुपए के नोट के बाद सबसे अधिक उपयोग 100 रुपए के नोट का होता है। इसके बाद 200 रुपए के नोट का स्थान आता है। इसी कारण एटीएम में 500, 100 रुपए के नोट अधिक रखे जाते हैं।

अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
प्रतिभूति कागज कारखाना एसपीएम देश की महत्वपूर्ण इकाई है। इसी कारखाने ने 1000 रुपए के नोट का कागज तैयार किया था। साथ ही पासपोर्ट पेपर, स्टांप पेपर निर्माण में भी आत्मनिर्भरता का आधार बना है।

प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल है। कारखाना हर स्थिति में काम करने में सक्षम है। वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर का उत्पादन किया है।- संजय भवसार, उप महाप्रबंधक (पीआरओ), एसपीएम नर्मदापुरम

बाजार में 500 और 100 रुपए के नोटों का सबसे अधिक उपयोग होता है। एटीएम में भी इनकी पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है।– रमेश बाघेला, लीड बैंक मैनेजर, सेंट्रल बैंक, नर्मदापुरम

बाजार में 50 फीसदी लेनदेन डिजिटल होता है, बाजार मेंनए नोट आने से आमजन और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।- महेंद्र चौकेसे अध्यक्ष, किराना व्यापारी संघ, नर्मदापुरम

जानिए जरूर प्वॉइंट्स

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर

एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का दिया संकेत

जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में होंगे

7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार 

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Wed, 08 Apr 2026 14:58:24 +0530 news desk MPcg
भोपाल में बड़ा तालाब के किनारे चला बुलडोजर, 9 दुकानों को किया जमींदोज, 347 पर होगी कार्रवाई https://citytoday.co.in/5425 https://citytoday.co.in/5425 भोपाल
बड़ा तालाब के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। भदाभदा इलाके से कार्रवाई की शुरुआत हुई है। तालाब किनारे अवैध रूप से बने नौ दुकानों को सोमवार को जमींदोज कर दिया गया है। वहीं, 347 लिस्टेड जगह हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। इसे लेकर भोपाल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।

21 अप्रैल तक चलेगा अतिक्रमण अभियान
दरअसल, भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील जो न सिर्फ शहर की पहचान है बल्कि भोपाल की जनता की प्यास भी बुझाती है। इसी बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर आज से बुलडोजर चलना शुरू हो गया है जो 21 अप्रैल तक चलेगा। जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं, जिन पर अवैध निर्माण किया गया है।

भदभदा इलाके में चला बुलडोजर
पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। नौ दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन बुलडोजर चलता रहा।

बड़े तालाब के किनारे है अतिक्रमण

    भोपाल की शान है बड़ा तालाब
    नोटिस के बाद गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
    347 अतिक्रमणकारियों को लिस्टेड किया गया
    नोटिस देने के बाद हो रही है कार्रवाई

15 दिनों में हटाया जाएगा अतिक्रमण
वहीं, तालाब किनारे जितने भी अतिक्रमण हैं वो 15 दिनों के अंदर हटाए जाएंगे। 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। एनजीटी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्नित कर रहा है। सभी लोगों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही उनसे कहा गया था कि आप खुद से हटा लें, नहीं तो प्रशासन हटाएगी।

गौरतब है कि आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। कुछ जगहों पर लोग खुद हटा रहे हैं। हर इलाके से अतिक्रमण हटाने के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है।

प्रेमपुरा में हटाई गई दुकानों और मकानों की जमीन की कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 2788 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। 72 घंटे में दुकानों को खाली कराया गया था, इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राऊत टीम के साथ कार्रवाई शुरू की।

टीटी नगर सर्कल में एफटीएल क्षेत्र में 116 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें 68 सरकारी और 48 निजी जमीन पर बने हैं। निजी जमीन पर बने 92 निर्माण-होटल, रिसोर्ट, फार्महाउस, मकान और दुकान की अलग से जांच चल रही है। नगर निगम ने इन्हें नोटिस देकर दस्तावेज मांगे हैं।

पहले नोटिस, फिर कार्रवाई… अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद संबंधित को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए और सुनवाई की गई। जिन मामलों में अतिक्रमण पाया गया, वहां कार्रवाई की गई।

बुजुर्ग दंपति को राहत… भदभदा चौराहे पर कार्रवाई के दौरान टीम एक कमरे तक पहुंची, जहां चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग दंपति रह रहे थे। उन्हें देख एसडीएम टीटी नगर अर्चना शर्मा ने कमरा नहीं तोड़ने के निर्देश दिए और अधिकारियों को देखभाल के लिए कहा।

एफटीएल के 50 मीटर दायरे में सख्ती
बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के दा
यरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस सीमा के भीतर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं बचेगा। 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। इसी आधार पर पूरी कार्रवाई की जा रही है।

इन गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा इलाके में भी बड़ी संख्या में निर्माण किए गए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुआ अभियान 28 फरवरी के बाद धीमा पड़ गया था, लेकिन अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए रोजाना कार्रवाई का शेड्यूल तय कर दिया है।

किस दिन कहां चलेगा बुलडोजर
10 अप्रैल: हलालपुरा
11 अप्रैल: बैरागढ़ (काशियाना बंगले के पीछे)
12-13 अप्रैल: सेवनिया गोंड
15-16 अप्रैल: बैरागढ़ (मकान, मैरिज गार्डन)
17 अप्रैल: हुजूर तहसील
18-19 अप्रैल: टीटी नगर
20 अप्रैल: बैरागढ़ शेष अतिक्रमण
21 अप्रैल: हुजूर तहसील अंतिम कार्रवाई

वन विहार में पिलर निर्माण पर नया विवाद
कार्रवाई के बीच वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने का मामला सामने आया है। विशेषज्ञ इसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ बता रहे हैं। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की है।

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Tue, 07 Apr 2026 15:24:29 +0530 news desk MPcg
मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी, प्रशस्ति पत्र और मेडल गायब, सुरक्षा पर उठे सवाल https://citytoday.co.in/5420 https://citytoday.co.in/5420 भोपाल 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। 

जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है। 

घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है। 

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है। 

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Mon, 06 Apr 2026 19:11:27 +0530 news desk MPcg
बड़े तालाब के किनारे अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, 347 बंगलों पर चला बुलडोजर https://citytoday.co.in/5419 https://citytoday.co.in/5419  भोपाल

भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील शहर की पहचान है लेकिन भीड़ भाड़ और अवैध निर्माण ने यहां घूमने आने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. अब प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. क्योंकि बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. 6 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 21 अप्रैल तक चलेगा. कुल 15 दिनों तक चलने वाली इस कार्रवाई में जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं। 

पहले दिन भदभदा में चला ‘पीला पंजा’अभियान के पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. यहां 9 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और पीछे नहीं हटेगी। 

भोज वेटलैंड रूल्स के बाद सख्ती प्रशासन का कहना है कि 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बड़ा तालाब से 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसी नियम के तहत सभी निर्माण हटाए जाएंगे. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई तालाब की पारिस्थितिकी, जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। 

राजा भोज ने कराया था झील का निर्माण
भोपाल की बड़ी झील को भोजताल या अपर लेक भी कहा जाता है. 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है. यह आज भोपाल शहर की पहचान भी है. यह शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत है और 2002 में इसे 'रामसर साइट' का दर्जा मिला. यहां बोट क्लब, खूबसूरत व्यू और वॉटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 

ये इलाके हैं नो-कंस्ट्रक्शन जोन
लेक के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर का एरिया, जो भोज वेटलैंड और रामसर साइट का भी हिस्सा है, वेटलैंड नियमों के तहत नो-कंस्ट्रक्शन जोन है और अभी भी इस जोन में सैकड़ों फार्म हाउस, बंगले, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट से लेकर छोटे घर और झुग्गियां बनी हुई हैं। इन सब में बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव, बैरागढ़ और ऐसे एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

टास्क फोर्स ने नया सर्वे शुरू किया
डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा बनाई गई 17 लोगों की टास्क फोर्स को ADM अंकुर मेश्राम लीड कर रहे हैं। यह टीम झील के आसपास के मना किए गए एरिया में सर्वे और डिमार्केशन और बाद में पहचाने गए अतिक्रमणों को हटाने के प्रोसेस पर नजर रखेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बार अतिक्रमण हटाने को लेकर सीरियस है, तो उन्होंने कहा, 'प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। अगर आपके मन में कोई खास स्ट्रक्चर है और जब उसे गिरा दिया जाता है, तभी आप मानेंगे कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, यह एक अलग बात है।'

5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार
1. रामसर साइट
 और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर तक कोई भी पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

2. बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव और बैरागढ़ में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें रसूखदारों के बंगले और मैरिज हॉल शामिल हैं।

3. NGT के निर्देशों पर पहले भी तीन बार सर्वे हो चुका है, लेकिन इस बार टास्क फोर्स में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पर्यावरणविद भी शामिल हैं।

4. हब्बीनामा, इनायतनामा और वक्फ बोर्ड की जमीनों के दावों के कारण प्रशासन को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसे लेकर NGT पहले ही नाराजगी जता चुका है।

5. SDM टी.टी. नगर ने अपने क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जो संकेत है कि इस बार मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा

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Mon, 06 Apr 2026 17:22:07 +0530 news desk MPcg
भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर NSG कमांडो ने दिखाया पावर शॉ https://citytoday.co.in/5416 https://citytoday.co.in/5416 भोपाल 

भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।

'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'
सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।

डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।

'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'
सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।

आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।

डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान
कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।

कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

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Mon, 06 Apr 2026 15:35:17 +0530 news desk MPcg
सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5409 https://citytoday.co.in/5409 सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी
प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं
केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार
उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Mon, 06 Apr 2026 12:56:11 +0530 news desk MPcg
MP में बदलेगा राज्यसभा चुनाव का गणित, भाजपा उतार सकती है तीसरा प्रत्याशी, कांग्रेस की ‘पक्की’ सीट पर टिकी नजर https://citytoday.co.in/5408 https://citytoday.co.in/5408 भोपाल 

मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए मई से जून के बीच चुनाव होने की संभावना है. अप्रैल में बीजेपी के 2 और कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है. जिसके लिए चुनाव होगा. मध्य प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी को विधायकों की संख्या बल के हिसाब से 2 सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी. लेकिन कांग्रेस को अपनी सीट बचाने में अब मशक्कत करनी पड़ सकती है. क्योंकि कांग्रेस के 3 विधायकों का मामला पूरी तरह से फंस चुका है. जिसमें विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. वहीं दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है. जबकि बीना विधायक निर्मला सप्रे को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है. .

एमपी में क्रॉस वोटिंग की चर्चा 
मध्य प्रदेश में भले ही अभी राज्यसभा चुनाव में 2 महीने का समय है. लेकिन जिस हिसाब से परिस्थितियां बदल रही हैं. उससे राज्यसभा का मामला फंसता दिख रहा है. तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के एक विधायक आयोग्य साबित हो गए हैं. जबकि एक विधायक को वोट करने का अधिकार नहीं होगा और तीसरे विधायक अपनी स्थिति क्लीयर नहीं कर रही हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस के कुछ और विधायक कम होते हैं तो फिर तीसरी सीट पर मुकाबला फंस जाएगा. क्योंकि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारियों में जुट गई हैं। 

जानिए राज्यसभा चुनाव का सरल गणित 
राज्यसभा चुनाव के लिए पहले मध्य प्रदेश का सियासी गणित जानना जरूरी है. मध्य प्रदेश में कुल 230 विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस के एक विधायक को वोट देने का अधिकार नहीं है. जबकि एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई है. इस हिसाब से प्रदेश में मौजूदा विधायकों की संख्या 228 है. भाजपा के पास फिलहाल 164 विधायक हैं.कांग्रेस के पास कुल 65 विधायक है. लेकिन इनमें 1 के पास वोटिंग का अधिकार नहीं है. जबकि एक की सदस्यता चली गई है. जबकि बीना से कांग्रेस की निर्मला सप्रे का वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाने की स्थिति दिख रही है. इस हिसाब से बीजेपी विधायकों की संख्या 165 तक जाती है. वहीं एक विधायक भारतीय आदिवासी पार्टी से है. जो खुद अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. इससे राज्यसभा चुनाव का गणित पूरी तरह उलझ रहा है। 

क्रॉस वोटिंग या मतदान से दूर रखने की रणनीति
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस के पास अभी भी विधायक ज्यादा हैं। ऐसे में बीजेपी को सीट हासिल करने के लिए कांग्रेस विधायकों की संख्या 58 से कम करनी होगी।

इस स्थिति को देखते हुए बीजेपी कांग्रेस के चार से पांच विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा सकती है। इसके अलावा इन विधायकों को सदन में अनुपस्थित रखकर भी सीट अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है।

खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी कांग्रेस में और तोड़फोड़ कर विधायकों को अलग करने का प्रयास कर सकती है।

एक सीट जीतने चाहिए 58 वोट 
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरुरत है. भाजपा अपने 116 विधायकों के साथ 2 सीटें आसानी से जीतेगी और उसके पास 49 वोट बचेंगे. यानि भाजपा अगर तीसरा उम्मीदवार उतारेगी तो उसके पास 49 वोट सेफ हैं. कांग्रेस के पास फिलहाल 62 विधायक हैं. फिलहाल पार्टी के पास 4 विधायक ज्यादा है. लेकिन अगर कांग्रेस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग या फिर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते तो फिर कांग्रेस जीत के फिगर से नीचे आ जाएगी. इस हिसाब से कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है. यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में मुकाबला बदल रहा है. 

बीजेपी इस नेता को बना सकती है उम्मीदवार
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी ब्राह्मण चेहरे को उतार सकती है. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले सुरेश पचौरी का नाम चर्चा में आया है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वह निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं, जहां भाजपा उन्हें अपना समर्थन दे सकती है. पचौरी लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं. जिससे अगर कांग्रेस के कुछ विधायक उनके पक्ष में वोटिंग करते हैं तो वह मामला बन सकता है. वहीं कांग्रेस भी अपनी सीट को लेकर अब पूरी तरह एक्टिव है. कांग्रेस ने सभी विधायकों को एकजुट रखने पर जोर दिया है. जबकि पार्टी किसी ओबीसी नेता को मैदान में उतारने की तैयारी में है. जिसमें पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है. ताकि विधायकों को एकजुट रखा जा सके और राज्यसभा की सीट को जीता जा सके। 

एक सीट के लिए 58 वोट जरूरी
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कांग्रेस के पास संख्या तो है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 4-5 विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

भाजपा तीसरी सीट पर खेल सकती है दांव
इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है। पार्टी के पास 164 विधायक हैं, जिनसे दो सीटें जीतने के बाद भी करीब 48 वोट बचते हैं।

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Sat, 04 Apr 2026 20:37:10 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी vs कार्तिकेय चौहान: HC पहुंचे कांग्रेस नेता, अब होगी सीधी भिड़ंत https://citytoday.co.in/5404 https://citytoday.co.in/5404 भोपाल 
 मध्यप्रदेश की सियासत से जुड़ा एक पुराना मानहानि विवाद अब नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भोपाल की MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. यह मामला कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मुकदमे से जुड़ा है, जिसकी जड़ें 2018 के चुनावी भाषण तक जाती हैं. अब यह मामला निचली अदालत से निकलकर हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों के बीच सीधा कानूनी टकराव तय माना जा रहा है। 

राहुल गांधी की याचिका में मुख्य आपत्ति यह है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना ही संज्ञान लिया और समन जारी कर दिया. इस आधार पर उन्होंने पूरी प्रक्रिया को चुनौती दी है. वहीं, कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तारीख तय की है. ऐसे में यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक बयानबाजी के दायरे में भी अहम उदाहरण बन सकता है। 

राहुल गांधी के खिलाफ जारी हो सकता था वारंट
कार्तिकेय सिंह चौहान की तरफ से दायर किए गए मानहानि केस पर भोपाल MP-MLA कोर्ट ने बीते दिनों 03 फरवरी 2026 को समन जारी करते हुए ये निर्देष दिए थे कि राहुल गांधी 10 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित हों। बताया गया है कि इससे पहले भी कोर्ट राहुल गांधी को दो बार समन जारी कर चुका था और तीसरी बार समन जारी होने के बाद कोर्ट वारंट जारी कर सकता था क्योंकि आरोपी की मौजूदगी के बिना कोर्ट में सुनवाई आगे नहीं बढ़ रही थी।

क्या है पूरा मानहानि विवाद?
साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में चुनाव प्रचार करने आए राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम पनामा पेपर्स मामले में जोड़ दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के संदर्भ में अपने बयान का खंडन किया था लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान को लेकर कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया था। इसी बात को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान ने उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। इस केस की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट के जस्टिस तथागत याज्ञनिक कर रहे हैं।

हाईकोर्ट में एक हफ्ते बाद सुनवाई
एमपी एमएलए कोर्ट से समन जारी होने के बाद राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच में इस पर प्रारंभिक सुनवाई हुई और इसे मामले को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी।

क्या है पूरा मामला
यह विवाद साल 2018 का है, जब राहुल गांधी ने चुनावी सभा के दौरान पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था. इसी बयान को आधार बनाकर कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की MP-MLA कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था. मानहानि मामलों में आमतौर पर अदालत पहले शिकायत पर संज्ञान लेती है और फिर आरोपी को समन जारी करती है. इसी प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी को भी समन भेजा गया था। 

राहुल गांधी की आपत्ति क्या है
राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत ने उनके पक्ष को सुने बिना ही मामला दर्ज कर लिया. उनका तर्क है कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा है कि राजनीतिक भाषणों को संदर्भ से काटकर आपराधिक मानहानि में बदलना लोकतांत्रिक विमर्श के लिए खतरा हो सकता है। 

अब हाईकोर्ट में क्या होगा
हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तारीख तय की है. इस दौरान अदालत यह तय करेगी कि MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी समन वैध था या नहीं. अगर हाईकोर्ट समन पर रोक लगाता है, तो राहुल गांधी को राहत मिल सकती है. वहीं, यदि कोर्ट निचली अदालत की प्रक्रिया को सही मानता है, तो उन्हें ट्रायल फेस करना होगा। 

राजनीतिक और कानूनी महत्व
देशभर में राहुल गांधी के खिलाफ कई मानहानि मामले अलग-अलग राज्यों में चल रहे हैं, जिनमें 2018 के राजनीतिक बयान प्रमुख आधार रहे हैं. ऐसे मामलों में अदालतें यह भी देखती हैं कि बयान व्यक्तिगत था या सार्वजनिक राजनीतिक टिप्पणी. यही बिंदु इस केस में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है. यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि चुनावी मंच से दिए गए बयान किस हद तक कानूनी जांच के दायरे में आते हैं. हाईकोर्ट का फैसला भविष्य में राजनीतिक भाषणों और मानहानि कानून के बीच संतुलन तय करने में अहम उदाहरण बन सकता है। 

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Sat, 04 Apr 2026 18:59:29 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस नेता कमलनाथ का बयान: देश में पेट्रोल&डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं https://citytoday.co.in/5401 https://citytoday.co.in/5401 भोपाल
 कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।'

क्या है मामला, ऐसे समझें
    कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था
    उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है
    उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था
    भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया
    सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही
    कांग्रेस को शर्म आना चाहिए

कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है
मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है।

कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था
दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है।

BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया
कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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Sat, 04 Apr 2026 15:42:38 +0530 news desk MPcg
सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5396 https://citytoday.co.in/5396 सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी राज्यों में परस्पर सहयोग को बढ़ाने का कर रहे हैं महत्वपूर्ण कार्य
सुशासन से गढ़ा जा रहा है नया इतिहास
सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य प्रतिभाओं का मंच, युवा पीढ़ी को सार्थक संदेश
बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल की धरा को जोड़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी
वाराणसी में मध्यप्रदेश सरकार का तीन दिवसीय अनूठा आयोजन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में 2 राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपए राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है।

विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' के भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे।

उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया।

भेंट की गई वैदिक घड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है।

समारोह में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल, एमएसएमई मंत्री राजेश सचान, पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ,महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी, विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन

महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग और उस दौर के राजसी वैभव को दर्शाते दृश्यों ने दर्शकों को से बांधे रखा। प्रकाश संयोजन और संगीत की स्वर लहरियों ने हर दृश्य को इतना प्रभावशाली बना दिया कि युद्ध के दृश्यों में जहाँ वीरता का सजीव आभास हुआ, वहीं सम्राट की न्यायप्रियता के प्रसंगों ने दर्शकों को गौरव की भावना से भर दिया।

महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका यथार्थवादी चित्रण था, जिसमें मदमस्त हाथियों, सरपट दौड़ते घोड़ों और ऊंटों के काफिलों के प्रयोग ने युद्ध के दृश्यों और राजसी वैभव को अभूतपूर्व भव्यता प्रदान की। हाथियों की चिंघाड़ और घोड़ो की टापों ने मंच पर रणभूमि का साक्षात दृश्य उपस्थित कर दिया, जिससे दर्शक रोमांचित हो उठे। लगभग 400 से अधिक कलाकारों ने आधुनिक लाइट-एंड-साउंड तकनीक के साथ सम्राट की न्यायप्रियता, अदम्य शौर्य और विक्रम संवत की स्थापना के प्रसंगों को बड़े प्रभावशाली रूप प्रस्तुत किया। मंच पर निर्मित ऊंचे दुर्ग और राजप्रासाद के सेट ने इतिहास को जीवंत कर दिया।

महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व के उन अनछुए पहलुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जो उन्हें एक साधारण राजा से ‘चक्रवर्ती सम्राट’ बनाते हैं। वह दृश्य अत्यंत ह्रदय स्पर्शी था जब सम्राट अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए रात्रि के अंधकार में वेश बदलकर निकलते हैं। उनके द्वारा स्थापित 'विक्रम संवत' की प्रासंगिकता और भारतीय काल-गणना के महत्व को जिस सरल और साहित्यिक भाषा में संवादों के माध्यम से पिरोया गया, वह सराहनीय था। कलाकारों के संवादों में वह ओज और स्पष्टता थी, जिसने इतिहास को मंच पर साक्षात कर दिया। सम्राट का न्याय और 'सिंहासन बत्तीसी' के प्रसंगों ने यह संदेश दिया कि नेतृत्व केवल सत्ता का भोग नहीं, बल्कि त्याग और न्याय की वेदी पर खुद को समर्पित करना है।

तीन दिवसीय महानाट्य की पहली गरिमामयी शाम में जनता और पर्यटक इस कदर उमड़े कि कार्यक्रम स्थल छोटा प्रतीत होने लगा नाटक के चरमोत्कर्ष पर पहुंचतें ही "जय महाकाल" और "सम्राट विक्रमादित्य" के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो गया। यह महानाट्य केवल मंचन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। अंतिम दृश्य में जब सम्राट का राज्याभिषेक हुआ और पुष्प वर्षा हुई, तो हर नागरिक का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया।

कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी देर तक दर्शक उस जादुई वातावरण के प्रभाव में रहे। महानाट्य के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो वह आज भी जनमानस को गौरवान्वित करता है। यह महानाट्य आने वाले समय में एक सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगा।

वाराणसी में तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के विशेष आकर्षण

    समारोह स्थल पर म.प्र. संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा भव्य चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में ऋषियों वैदिक ज्ञान तथा सांस्कृतिक गौरव को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
    महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य मंच से दर्शकों के बीच जाकर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन का सजीव मंचन अत्यंत आकर्षक बना हुआ है।
    महानाट्य में तीन भव्य मंच बनाए गए हैं, जिनमें से एक मंच पर उज्जैन के महाकाल मंदिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की गई, जो विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी।
    महानाट्य में 18 घोड़े, दो रथ, चार ऊंट एक पालकी और एक हाथी के साथ जीवंत दृश्य से विक्रमादित्य का गौरव साकार हो रहा है।
    महानाट्य में आधुनिक सूचना संचार तकनीक का उपयोग कर युद्ध के दृश्य आतिशबाजी और प्राचीन परंपरा को अद्भुत ढंग से संजीव किया गया है।
    महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राजतिलक तक की गाथा विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्य कथा को प्रदर्शित किया जा रहा है।

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Sat, 04 Apr 2026 13:26:44 +0530 news desk MPcg
MP में 5 अप्रैल तक ओले और आंधी&बारिश की चेतावनी, भोपाल&इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5388 https://citytoday.co.in/5388 भोपाल 
मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट लेकर राहत और आफत दोनों का माहौल बना दिया है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जो 5 अप्रैल तक थमने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को राजधानी भोपाल, इंदौर समेत करीब 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने मौसम को अस्थिर बनाए रखा है। बुधवार को भी आधे प्रदेश में बादल, बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं।

50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी।

इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा।

तेज हवाओं का भी खतरा
मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे फसलों और कमजोर ढांचों को नुकसान की आशंका है।

बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार
अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया।

क्यों बदल रहा मौसम?
प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

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Thu, 02 Apr 2026 13:48:24 +0530 news desk MPcg
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ .मोहन यादव https://citytoday.co.in/5382 https://citytoday.co.in/5382 भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अनुराग जैन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन  संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव उपस्थित थे।

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Wed, 01 Apr 2026 20:00:00 +0530 news desk MPcg
सदन में युवा विधायक की मांग: बिल लाएं कि माननीयों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ें https://citytoday.co.in/5380 https://citytoday.co.in/5380 भोपाल
 राजस्थान की शिव विधानसभा से विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी चाहते हैं कि एक ऐसा बिल लाया जाए जिससे ये तय हो कि केवल गरीब आदमी के नहीं जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ेंगे. मध्य प्रदेश के अटेर से विधायक हेमंत कटारे का सुझाव है कि लाड़ली बहना योजना जैसी तमाम फ्री बीज तत्काल बंद होनी चाहिए. मध्य प्रदेश विधानसभा में युवा विधायकों के सम्मेलन में बतौर वक्ता आए इन विधायकों ने ब्यूरोक्रेसी को सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि इनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। 

बिल लाएं कि माननीय के बच्चे भी सरकारी स्कूल में जाएं
राजस्थान की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी भोपाल में हुए इस सम्मेलन के सबसे युवा विधायक हैं. छात्र राजनीति से सीधे चुनाव के मैदान में उतरे रवीन्द्र की विधानसभा का इलाका अंतर्राष्ट्रीय बार्डर से सटा हुआ है. रवीन्द्र ने सरकारी स्कूलों की बेहतरी से लेकर विधायकों के शिक्षित होने का मु्द्दा उठाया. उन्होंने कहा कि क्यों ना ऐसा बिल लाया जाए कि जो जनप्रतिनिधि हैं, उनके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ें। 

भाटी ने कहा कि छत्तीसगढ के विधायक छत्तीसगढ में ये मंग करें, मध्य प्रदेश के विधायक मध्य प्रदेश में ये बिल लाएं. भारत को विकसित करना है तो गरीब का बेटा ही सरकारी स्कूल में क्यों पढ़े. भाटी ने सवाल किया कि यहां कितने माननीय सदस्य हैं जो अपने गांव के स्कूल में जाकर ये देखते होंगे कि स्कूल में कितने मास्टर हाजिरी दे रहे हैं और कितने गैर हाजिर हैं? यहां बैठे कितने विधायकों की किसी बिल को में लाने में भूमिका थी। 

भाटी ने कहा, हैरत की बात ये है कि हमें सरपंच पढ़े लिखे चाहिए, लेकिन विधायक नहीं. उन्होंने सवाल किया कि 1947 से 2047 तक विकसित भारत क्या इन जनप्रतिनिधियों के भरोसे बन पाएगा?

विधायक बोले- मैं परवाह नहीं करता कौन नाराज होगा, फ्री बीज़ बंद होनी चाहिए

मध्य प्रदेश के अटेर से कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सामने ये संकट भी रहता है कि आपने ऐसा बोला तो महिलाएँ नाराज़ हो जाएंगी. ये वर्ग नाराज हो जाएगा. मैं इसकी परवाह नहीं करता. जो सही है वो कहता हूं. और जो कहता हूं उससे मुकरता नहीं हूं. कटारे ने कहा कि आप किसी महिला के खाते में दस हजार रुपए डालकर भी उसे कैसे सशक्त बना देंगे? वह सशक्त होगी जब उसे रोजगार दीजिएगा, स्किल सिखाइए। 

कटारे ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही होनी चाहिए. ज्यूडिशियरी की भी जवाबदेही होनी चाहिए. हमारी जवाबदेही है, पांच साल अच्छा काम करेंगे तो पांच साल बाद फिर मौका मिलेगा नहीं तो चले जाएंगे. उन्होंने कहा कि मैंने गूगल से फैक्ट चेक किया कि मध्य प्रदेश के 230 विधायकों की औसत आयु 58 वर्ष है. युवाओं को और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। 

टिकट महिला पुरुष देखकर नहीं दी जाती, जेंडर की लड़ाई छोड़ के आएं
छत्तीसगढ़ की बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने जेंडर का मुद्दा उठाया और कहा कि राजनीति में जेंडर को लेकर महिला जनप्रतिनिधियों को अपना आकलन नहीं करना चाहिए. टिकट मिलती है तो महिला या पुरुष देखकर नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण अपनी जगह है. लेकिन आप किसी से कम नहीं हैं, ये मानकर आगे बढ़ें. और सबसे जरूरी बात आप डमी ना बन जाएं. नेतृत्व करने की आपकी क्षमता से आप आगे बढ़ेंगी. परिवार की दखलंदाजी नहीं होना चाहिए। 

नशेड़ियों और अवैध धंधों के लिए फोन नहीं करूंगा: गुरवीर सिंह
वहीं राजस्थान के सादुलशहर से बीजेपी विधायक गुरवीर सिंह ने एक और गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जो युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, और वह है नशाखोरी। दरअसल गुरवीर सिंह का क्षेत्र पाकिस्तान सीमा पर है, जहां से ड्रोन के जरिए लगातार नशा गिराया जाता है। उन्होंने बताया है कि पैसे के लालच में युवा भटक जाते हैं, जिसका नुकसान गुजरात, पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक देखने को मिलता है। उन्होंने चिंता जताई है कि उनके क्षेत्र में 16-17 साल के बच्चे इंजेक्शन या मेडिकेटेड नशे से अपनी जान गंवा रहे हैं।

गुरवीर सिंह ने कहा कि “मैं जब विधायक बना था तो सादुलशहर की जनता के सामने पहला संकल्प गुरुद्वारा ग्रंथ साहिब के सामने लिया था कि मैं जब तक सेवा में हूं मेरा एक भी फोन किसी नशेड़ी या अवैध धंधे के लिए नहीं जाएगा। मैं उस संकल्प पर बिल्कुल अटल हूं।”

दरअसल गुरवीर सिंह ने उन परिवारों के दर्द को भी साझा किया है, जिन्होंने अपने बच्चों को नशे की वजह से खोया है। उन्होंने कहा है कि अक्सर उन्हें ऐसे फोन आते हैं, जहां विवाहित लड़कों की पत्नियां और माता-पिता मदद मांगते हैं। सूचना मिलते ही सरकार और पुलिस की तरफ से कठोर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से एक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, और एयरफोर्स स्टेशन ड्रोन को निष्क्रिय करने पर काम कर रहे हैं, जिससे जल्द ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर नशे के खिलाफ मिलकर काम करें।

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Wed, 01 Apr 2026 19:54:52 +0530 news desk MPcg
“स्कूल चलें हम” अभियान की शुरुआत, Mohan Yadav ने बच्चों को बांटी मुफ्त साइकिल https://citytoday.co.in/5378 https://citytoday.co.in/5378 भोपाल
मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, तो दूसरी ओर वे स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्कूल चलें हम' राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान बच्चों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।  

गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने बच्चों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में संभव नहीं था कि साइकिल मिल जाए। आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है, देश बदल रहा है। हमारी सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
 

नामांकन में बढ़ोत्तरी पर गर्व-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीता है। आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है। सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ रहा है। सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बच्चे सांदीपनि स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल तक छोड़ रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सारी सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किताबों को स्थानीय भाषाओं में आदिवासी क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं।

हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। अनुसूचित जनजाति के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1 हजार 913 छात्रावासों का संचालन हो रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से ज्यादा विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। आज हमने 1-6-9वीं क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया आसान की है। हमारी सरकार ने करीब एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए। हमने इसके लिए बजट में इस बार ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जो बच्चे स्कूलों में टॉप कर रहे हैं, उन्हें स्कूली दी जा रही है। 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दिया जा चुका है। 76 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति दी है। मेरी शुभकामना है कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में जाएं और नाम रोशन करें। 

आज हमारे लिए उत्सव का दिन-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा इनरॉलमेंट बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार बच्चों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हम किताबों को निशुल्क देने में सफल हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। मैं बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देता हूं। हम बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित हैं। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी, लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।

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Wed, 01 Apr 2026 15:44:44 +0530 news desk MPcg
आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा : बैतूल से भोपाल तक 230 किमी की हुंकार | Betul News | Bhopal https://citytoday.co.in/5376 https://citytoday.co.in/5376 Wed, 01 Apr 2026 14:02:43 +0530 news desk MPcg प्रवेशोत्सव कार्यक्रम&2026: प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान https://citytoday.co.in/5372 https://citytoday.co.in/5372 प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026: प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 4 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान की तैयारी को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर्स व जिला शिक्षाधिकारियों को जारी किए दिशा-निर्देश

भोपाल

प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 एक अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे "स्कूल चलें हम" अभियान के रूप में मनाया जाएगा। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सैकेण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं।

राज्य स्तरीय आयोजन

"स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

भविष्य से भेंट कार्यक्रम

"स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं।

सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा।

हार के आगे जीत

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।

 

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Tue, 31 Mar 2026 20:20:30 +0530 news desk MPcg
पेट्रोलियम पदार्थो की सतत आपूर्ति जारी : खाद्य मंत्री श्री श्री गोविंद सिंह राजपूत https://citytoday.co.in/5371 https://citytoday.co.in/5371 भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की सतत आपूर्ति जारी है।

रसोई गैस की स्थिति

प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्‍ताओ द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्‍डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्‍ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्‍डरों की सप्‍लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्‍लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्‍लांट तथा वितरकों के पास उपलब्‍धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है।

पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता

प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल का पर्याप्‍त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्‍टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है, एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है।

कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही

प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2131 स्थानों पर जांच की गई तथा 2959 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 438 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं।

सीजीडी संस्थाओं की बैठक

अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंगलवार को सीजीडी संस्थाओं की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि सभी सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीयूशन) संस्‍थाओं द्वारा घरेलू एवं कॉमर्शियल कनेक्‍शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्‍थापना की गई है। एसीएस श्रीमती शमी ने निर्देशित किया कि प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवाईज एवं लोकेलिटीवाइज कुल परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध प्रदाय किये गये पीएनजी कनेक्‍शन एवं आगामी माहों में प्रदाय किये जाने वाले पीएनजी कनेक्‍शन आदि का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करेंगे। प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवार अलग लोकेलिटी में दिनांकवार कैम्‍प शेड्यूल्‍ड करेगें। कैम्‍प में जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ड पार्षद उपस्थित होंगे। सीजीडी संस्‍थाएं उपभोक्‍ताओं के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे पेम्‍पलेट, ब्रोशर आदि तैयार कर व्‍यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। सभी सीजीडी संस्‍थाओं को हर समय पर्याप्‍त संख्‍या में कैटेगरीवाइज उपकरण एवं मैन पॉवर की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश दिये गये। पीएनजी कनेक्‍शन की सतत समीक्षा करने के लिए जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर/एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी/सेल्‍स ऑफिसर एवं सीजीडी संस्‍था का जिला अधिकारी अधिकृत होंगे। प्रदेश के शहरों में जिन स्‍थानों से पाइपलाइन गई है, उस पाइपलाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ऑयल कंपनी द्वारा जानकारी दी है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्‍या में सीजीडी संस्‍थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्‍त किये जायें, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो एवं सतत रूप से पीएनजी की आपूर्ति की जा सके।

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Tue, 31 Mar 2026 20:19:21 +0530 news desk MPcg
मालवांचल, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से गेहूं उपार्जन, बाकी संभागों में 15 मार्च से शुरू होगी खरीदी https://citytoday.co.in/5366 https://citytoday.co.in/5366 भोपाल
प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी एक अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी।

इंदौर-उज्जैन (मालवांचल), नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया यह निर्णय किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं।

बोरों की कमी बनी देरी की वजह
सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बोरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरे खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जैसे ही इनकी आपूर्ति होगी, खरीदी में तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी पर जोर
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध हो। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन पर फोकस
सरकार का मानना है कि व्यवस्थित और समय पर गेहूं खरीदी से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विपक्ष ने उठाए सवाल
उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है। पहले 16 मार्च, फिर एक अप्रैल और अब 10 अप्रैल तय किया गया है, जिससे साफ है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

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Tue, 31 Mar 2026 17:14:18 +0530 news desk MPcg
भोपाल में श्रद्धा का सागर: धूमधाम से मनाया गया महावीर जन्म कल्याणक https://citytoday.co.in/5365 https://citytoday.co.in/5365

भोपाल में श्वेतांबर जैन समाज ने मंगलवार को भगवान महावीर जन्म कल्याणक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

तुलसी नगर स्थित श्री आदिनाथ जिनालय से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में चांदी की आकर्षक पालकी में भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान रही, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। भक्तों ने पालकी को कंधों पर उठाकर ‘त्रिशला नंदन वीर की जय’ और ‘अहिंसा से होगा विश्व का कल्याण’ जैसे जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने हाथों में धर्म ध्वज लेकर शांति, अहिंसा और बंधुत्व का संदेश दिया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष आरके पारेख और पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी ने बताया कि शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पहुंची, जहां धर्म ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर समाज को सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया। सिटी मंदिर में विशेष श्रृंगार, 24 तीर्थंकर पूजा और महावीर विधान संपन्न हुआ। शाम को महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल है। 

शोभायात्रा में शामिल बच्चे।

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Tue, 31 Mar 2026 14:48:35 +0530 news desk MPcg
एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5361 https://citytoday.co.in/5361 एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने उपलब्ध करा रही है सहयोग और मार्गदर्शन
देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए खुले हैं प्रदेश के दरवाजे
देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित
स्टार्टअप को अनुदान और उद्यमियों को प्रदान किए भू-आवंटन पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने भेंट किया लघु उद्योग निगम के 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी।

सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।

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Mon, 30 Mar 2026 20:31:19 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर&चंबल में ओले, भोपाल&जबलपुर में बारिश: MP के आधे हिस्से में अलर्ट, 5 दिन आंधी&बारिश का मौसम https://citytoday.co.in/5354 https://citytoday.co.in/5354 भोपाल
मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.

भट्टी की तरह तप रहें कई जिले
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा.

दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा।

मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे।

इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा।

फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश?
प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.

31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले
ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी.

1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है.

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 

भोपाल में 36.6°C
इंदौर में 35.8°C
जबलपुर में 37.5°C
ग्वालियर में 38.2°C
उज्जैन में 36.4°C

बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान

भोपाल में  22.2°C
इंदौर में 22.4°C
जबलपुर में 20.4°C
ग्वालियर में 21.6°C
उज्जैन में 22.0°C

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Mon, 30 Mar 2026 18:32:24 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड द्वारा मध्यप्रदेश शासन को राशि रू. 8.00 करोड का लाभांश भुगतान किया गया https://citytoday.co.in/5348 https://citytoday.co.in/5348 भोपाल 
मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की बैठक में निगम के अंशधारी मध्यप्रदेश शासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अंतरिम लाभांश के रूप में राशि रू. 8.00 करोड़ का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है । 
तदानुसार मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय म.प्र. शासन एवं माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी को राशि रू. 8.00 करोड़ अंतरिम लाभांश का चेक प्रदान किया गया। 
इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा आयुक्त, एम.एस.एम.ई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम दिलीप कुमार एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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Mon, 30 Mar 2026 13:27:11 +0530 news desk MPcg
MP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: 1800 नेता&कार्यकर्ताओं को मिलेगा नया दायित्व https://citytoday.co.in/5345 https://citytoday.co.in/5345 भोपाल
एमपी बीजेपी में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं में और जोश जगाने सांग​ठनिक स्तर पर गहन विचार विमर्श चल रहा है। इसके अंतर्गत अब कुछ पद बांटे जाने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर के 18 सौ नेता-कार्यकर्ताओं को जल्द ही अहम दायित्व दिया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने की पहल की है। नगरीय निकाय चुनावों से पहले पकड़ मजबूत करने खास एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसमें जिलों के अनुभवी नेताओं को एल्डरमैन बनाकर एडजस्ट करने की तैयारी की है।

प्रादेशिक भाजपा नेताओं के मुताबिक लंबे अरसे से राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में बैठे जिलों के वरिष्ठ नेताओं को एल्डरमैन में एडजस्ट करने की तैयारी कर चुकी है। इस पर जिले से प्रदेश संगठन के बीच समन्वय और सहमति बनाई जा चुकी है।

हालांकि एल्डरमैन की परिषदों में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं होती है पर इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को अहमियत का अहसास जरूर होता है। एल्डरमैन को वोटिंग का अधिकार नहीं होता है और परिषदों की बैठक में भी इन्हें हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है। पर पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के नाते पार्षद या अध्यक्ष इनसे चर्चा कर मार्गदर्शन लेते हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब कभी भी एल्डरमैन की घोषणा हो सकती है। दरअसल, भाजपा नगरीय निकायों में होने वाली एल्डरमैन की नियुक्ति में उन्हीं चेहरों को तवज्जो देगी, जिसके अनुभव का लाभ पार्टी को चुनाव में मिले। साथ ही परिषदों के कामकाज और विकास कार्यों की भी मॉनीटरिंग करवाई जा सके। बता दें, संगठन द्वारा नियुक्त एल्डरमैन न तो परिषदों की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं और न ही इनके पास वोटिंग का अधिकार होता है। कुल मिलाकर इनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में होती है।

413 निकायों में 18 सौ से अधिक नेता होंगे एडजस्ट
निकायों में नेताओं को एडजस्ट करने का फॉर्मूला पार्टी ने तैयार किया है। 413 निकायों में करीब 1800 सक्रिय कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक निकायों में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 12 निकायों में 4-4 एल्डरमैन और 10 लाख से कम आबादी वाले में 8-8 की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे ही नगर पालिकाओं में 6-6 और नगर परिषदों में 4-4 का फॉर्मूला तय हुआ है।

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Mon, 30 Mar 2026 13:01:49 +0530 news desk MPcg
मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा https://citytoday.co.in/5335 https://citytoday.co.in/5335 मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन

भोपाल 

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है।

अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण

वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता

उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है।

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

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Sat, 28 Mar 2026 12:50:55 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में आज होगी बारिश: मार्च में तीसरी बार आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5334 https://citytoday.co.in/5334 भोपाल
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार बन रहे हैं. जहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

मार्च के महीने में यह तीसरी बार है जब प्रदेश में बारिश की स्थिति बन रही है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भीषण गर्मी का असर देखा गया, जहां दिन का पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा और नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म इलाका रहा. हालांकि अब सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। 

अगले 3 दिन रहेगा भारी मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अन्य संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यह मौसम परिवर्तन 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।

प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में दो चक्रवात सक्रिय हैं। इन सिस्टम्स की वजह से मार्च के इस महीने में गर्मी और बारिश का असंतुलित मौसम देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, और नर्मदापुरम इस सीजन का सबसे गर्म शहर रहा।

मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम का मिजाज
मार्च महीने में अब तक दो बार आंधी और बारिश का दौर देखा गया है। पहले दौर में लगभग 45 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हुई थीं। 17 जिलों में ओले भी गिरे थे, जिससे गेहूं, पपीता और केला की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरे दौर के तहत 27 मार्च से 30 मार्च तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।

अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान
मौसम विभाग ने चेताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में तापमान अधिक रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। इस बार मार्च में मौसम तीनों प्रकार के बदलावों का असर दिखा रहा है: दिन गर्म, रातें ठंडी और बीच-बीच में बारिश और आंधी।

30 मार्च तक बना रहेगा सिस्टम का असर
मौसम विभाग की मानें तो यह वेदर सिस्टम 30 मार्च तक सक्रिय रहेगा. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिरने का अनुमान है. 28 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 30 मार्च को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 

27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना.

29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी टीकमगढ़, छतरपुर, राजगढ़ आगर मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम.

30 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
इंदौर, उज्जैन, भोपाल ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ और धार। 

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 
भोपाल में 37.4°C
इंदौर में 37.2°C
जबलपुर में 37.5°C
ग्वालियर में 36.8°C
उज्जैन में 37.7°C

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Fri, 27 Mar 2026 20:11:14 +0530 news desk MPcg
देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5333 https://citytoday.co.in/5333 देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति
जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, जनता पसंद कर रही है सरकार के काम
अब तक का सबसे सुव्यस्थित और भव्य होगा उज्जैन सिंहस्थ
सिंहस्थ में आने वाले अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं तैयारियां

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय स्व. अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल और वायु हमेशा सीमाओं से परे होती है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। यह परियोजना राज्यों के हित में है। इस राष्ट्रीय परियोजना की 90 प्रतिशत लागत राशि भारत सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। यहां 250 से ज्यादा नदियां हैं। हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान के 15 जिले सालों से पीने के पानी, उद्योग और सिंचाई के लिए भारी कष्ट में थे। माननीय अटल जी की सरकार के वक्त नदी जोड़ो योजना बनी थी लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकार के साथ तालमेल न होने से इस विषय को लटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मध्यप्रदेश और राजस्थान ने साथ आने का प्रयास किया और दोनों राज्यों की पश्चिमी भारत को सिंचाई की सुविधा से संपन्न करने के लिए पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर सहमति बनी। इस पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री मोदी ने मंजूर की। प्रधानमंत्री जी की मौजूदगी में ही इस परियोजना का शुभारंभ हुआ। इस गठबंधन का परिणाम यह हुआ कि दोनों राज्यों के लोगों का एक तरह से अब जीवन बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहाँ आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। हम पूरी श्रद्धा के साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। गरीब आदमी की जिंदगी बेहतर करने के लिए भी पर्याप्त धनराशि दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के सभी पक्षों को लेकर हम दुनिया के सामने जा रहे हैं। इसलिए हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं, विक्रमादित्य के काल के अलग-अलग प्रकार के शोध को बढ़ावा भी दे रहा है। लोक रंजन के दृष्टि से विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कर हम भावी पीढ़ी को गणतंत्र के जनक की शौर्यगाथा दिखाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य-जीव संरक्षण पर कहा कि मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व भी मध्यप्रदेश में हैं। हमारे यहां चीतों का परिवार भी फल-फूल रहा है। हम अफ्रीका से 20 चीते लाए थे। अब 53 से ज्यादा चीते हमारे राज्य में हो गए हैं। घड़ियाल, भेड़िए मगरमच्छ, कछुए, गिद्ध सब प्रकार की प्रजातियों के संरंक्षण के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। असम से अगले महीने ही मध्यप्रदेश में हम जंगली भैंसे लाकर उन्हें बसाना चाहते हैं। घड़ियालों की सैंक्चुरी फिलहाल राजस्थान में है। लेकिन इसी साल हमने 53 घड़ियालों को चंबल नदी में स्वच्छंद वातावरण में छोड़कर उनकी संख्या बढ़ाने के लिए समर्पित किया है। हाल ही में नौरादेही टाइगर रिजर्व में भी कछुए छोड़े गये हैं। मध्यप्रदेश के नौरादेही में चीतों का तीसरा बसेरा तैयार हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में हुई जल संबंधी दुर्घटना के लिए हमने कड़े कदम उठाए हैं। ऐसी घटनाए दोबारा न हों, इसके लिए हमने तुरंत सभी जरूरी प्रबंधन और व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संबंध में भारत के ईंधन लाने वाले जहाज बड़ी बुलंदी से तिरंगे के साथ होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर आ रहे हैं। अमेरिका हो या ईरान दोनों ने ही भारत के लिए रास्ता आसान कर दिया है। यह है भारत की सरकार का काम करने का तरीका और यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहतरीन कार्यशैली।

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Fri, 27 Mar 2026 20:06:39 +0530 news desk MPcg
पंपों पर भारी भीड़, भोपाल&इंदौर&उज्जैन में पेट्रोल की 25% ज्यादा बिक्री; LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें https://citytoday.co.in/5327 https://citytoday.co.in/5327 भोपाल
 मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई।

प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए।

अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है।

भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है।

इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक
इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।

छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर
अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

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Fri, 27 Mar 2026 17:20:01 +0530 news desk MPcg
AIIMS के बाहर अफरा&तफरी, मलबे में दबे कई लोग | एम्स भोपाल के सामने छज्जा गिरा, 8 घायल https://citytoday.co.in/5326 https://citytoday.co.in/5326

भोपाल में शुक्रवार को AIIMS Bhopal के सामने उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सडाना मेडिकल स्टोर की निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय नीचे बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन दवाइयां लेने के लिए खड़े थे, जो मलबे की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छज्जा गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में करीब 8 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां 3 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 5 घायलों का इलाज अभी जारी है।

घायलों में 23 वर्षीय नंदिनी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनके शरीर पर लोहे के एंगल लगने से गहरा घाव हुआ है और उन्हें ट्रॉमा ब्लॉक के रेड ट्रायज में भर्ती कर डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और बिल्डिंग के कुछ हिस्सों के अवैध होने का आरोप लगाया है। लोगों ने नगर निगम से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

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Fri, 27 Mar 2026 17:17:02 +0530 news desk MPcg
भोपाल से ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू, सीएम डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं https://citytoday.co.in/5324 https://citytoday.co.in/5324 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर जोर देते हुए कहा कि उनका जीवन संयम, समर्पण और सत्य के मार्ग का उदाहरण है। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी अनाचार का विरोध किया और जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना किया। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि अयोध्या की तरह चित्रकूट धाम और ओरछा तीर्थ यहाँ स्थित हैं, जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन और योगदान का स्मरण कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। 

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी राम नवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री ने राम नवमी का पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश देने वाला बताया और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

इसके साथ ही  आज भोपाल से ओरछा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की भी होगी। यह सेवा यात्रियों के लिए समय की बचत और यात्रा को आसान बनाने में मदद करेगी। 

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Fri, 27 Mar 2026 15:18:43 +0530 news desk MPcg
MP में रामनवमी की धूम: भोपाल से उज्जैन तक भक्ति का सैलाब, 2500 भंडारे और ध्वज यात्रा https://citytoday.co.in/5319 https://citytoday.co.in/5319 भोपाल 

रामनवमी के अवसर पर राजधानी भोपाल इस बार भक्ति और उत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहेगा। शहर में करीब 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन होगा, वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य कार्यक्रम दिनभर चलते रहेंगे।हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार भोपाल में राम जन्मोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। शहर के न्यू मार्केट, पुराने भोपाल के प्रमुख राम मंदिरों और जहां-जहां भगवान राम के मंदिर हैं, वहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म का मुख्य आयोजन होगा। इस दौरान मंदिरों में भोग, आरती और जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। 

रामनवमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर तक मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं।

भोपाल में हजारों भंडारे और शोभायात्राएं

भोपाल में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में लगभग 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आरती, भोग और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रहेगा। भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस भी निकलेगा, जिसमें आकर्षक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित करेंगी।

हर गली में भंडारे, सेवा का माहौल
समिति के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे पूरे भोपाल में सेवा और भक्ति का माहौल बनेगा।

घोड़ा निकास के साथ निकलेगा भव्य जुलूस
रामनवमी पर भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस निकलेगा। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी कई शोभायात्राएं आयोजित होंगी। जुलूस में आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहेंगी।

मंदिरों में खास तैयारियां
खेड़ापति मंदिर, सब्जी मंडी क्षेत्र सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सजावट, लाइटिंग और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार रामनवमी पर भोपाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और पूरा शहर भक्ति, उत्साह और सेवा भाव से सराबोर नजर आएगा। 

इंदौर के रणजीत हनुमान में साकेतधाम

इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारी भी की जा चुकी है। रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। जहां प्रभू राम के दर्शन होंगे। गुरुवार से ही मंदिर में सजावट शुरू कर दी गई थी। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम का स्वरूप दिया है। मंदिर में फूलों से सजावट भी की गई है। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 24 कूलर भी लगाए है।

अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। शुक्रवार को सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार होगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। भक्तों को प्रसाद वितरत किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा।

इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कई मंदिरों में सुंदर सजावट करने के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। मंदिरों को फूलों से भी सजाया जा रहा है।

उज्जैन में यज्ञ अनुष्ठान के साथ महाआरती

उज्जैन में राम नवमी पर शिप्रा नदी के पास राम मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के साथ 12 बजे महाआरती होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त आरती में शामिल होंगे, साथ ही प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रामनवमी पर्व पर ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह ध्वज चल समारोह महाकाल इंटरनेशनल चौराहे से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रात्रि 9:30 बजे गोपाल मंदिर पहुंचेगा।

जबलपुर में आविर्भाव समारोह

जबलपुर में रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को मां नर्मदा तट गौरीघाट पर 'आविर्भाव समारोह' का आयोजन किया जाएगा। श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा।

समारोह की शुरुआत नरसिंहपुर के लोकगायक सुमित दुबे और उनके साथियों के लोक-भक्ति गायन से होगी। इसमें बुंदेली लोकधारा के माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

इसके बाद नूपुर माहौर एवं उनकी टीम भरतनाट्यम शैली में 'लव-कुश की रामायण' पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेगी। इस प्रस्तुति में श्रीराम के आदर्श, त्याग और धर्मनिष्ठा को सांस्कृतिक रूप में मंचित किया जाएगा।

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर के भक्ति गायन की होगी। आयोजकों के अनुसार, इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य जनमानस को रामकथा, लोकभक्ति और भारतीय परंपरा से जोड़ना है।

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में ‌विशाल भंडारा

ग्वालियर में रामनवमी के अवसर माता मंदिरों पर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 5:00 बजे से ही मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। उसके साथ ही मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। ग्वालियर से लगभग 25 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर पर भी बड़ा भंडारा आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर की मंदिर वाली माता पर भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साथ ही छोटी करौली माता मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी।

महाअष्टमी पर प्रदेश की मंदिरों में आस्था और श्रद्धा का माहौल रहा

नलखेड़ा में बगलामुखी मंदिर में उमड़ी भीड़ आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में नौ दिवसीय निःशुल्क भंडारा भी आयोजित किया जा रहा है, जहां रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर बना साकेतधाम

इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार रामनवमी पर विशेष सजावट की गई है। मंदिर को साकेतधाम का स्वरूप दिया गया है, जो भगवान राम की नगरी अयोध्या का प्राचीन नाम है। यहां अखंड रामायण का पाठ, पंचामृत अभिषेक और विशेष आरती आयोजित की जाएगी। भक्तों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी मजबूत की गई हैं, जिससे गर्मी में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उज्जैन में ध्वज यात्रा और महाआरती

उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित राम मंदिर में यज्ञ और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगा। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

जबलपुर में सांस्कृतिक आविर्भाव समारोह

जबलपुर के गौरीघाट पर रामनवमी के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लोकभक्ति गायन, रामकथा पर आधारित प्रस्तुतियां और नृत्य-नाटिका शामिल होंगी। आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों से जोड़ना है।

ग्वालियर में मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

ग्वालियर में भी रामनवमी को लेकर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। शीतला माता मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर भंडारों का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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Fri, 27 Mar 2026 12:54:50 +0530 news desk MPcg
भोपाल: राशन व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, वार्ड 74 दामखेड़ा में लोग परेशान https://citytoday.co.in/5316 https://citytoday.co.in/5316 भोपाल के Damkheda स्थित वार्ड 74 में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। 11 मार्च से शुरू हुआ राशन वितरण अब तक सुचारू नहीं हो पाया है, जिससे आम नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राशन दुकान पर सुबह टोकन दिए जाते हैं, जबकि राशन शाम को बांटा जाता है। इस अव्यवस्थित प्रक्रिया के चलते लोगों को कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सुबह 6 बजे से ही लोग लाइन में खड़े हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जरूरतमंदों को राशन नहीं मिल पा रहा।

सबसे बड़ी समस्या दुकान के अनियमित समय को लेकर सामने आ रही है। नागरिकों का कहना है कि दुकान खोलने का समय तय नहीं है, लेकिन बंद करने का समय निश्चित रहता है। कई बार टोकन लेने के बाद भी 2-3 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इस अव्यवस्था के कारण लाइन में खड़े लोगों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति भी बनने लगी है। वहीं, महीने की 25 तारीख के बाद दुकान बंद कर दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे गरीब परिवारों को उनका हक का राशन नहीं मिल पा रहा।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, समय निर्धारित किया जाए और सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में जनता को राहत मिल सके।

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Thu, 26 Mar 2026 16:32:37 +0530 news desk MPcg
पीएलआई विवाद पर बैंक कर्मियों का उबाल: देशभर में विरोध तेज, हड़ताल की चेतावनी https://citytoday.co.in/5312 https://citytoday.co.in/5312 भोपाल | 
संशोधित पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का विरोध अब तेज होता जा रहा है। भोपाल सहित मध्यप्रदेश और देशभर में बैंक कर्मियों ने इस योजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर कर्मचारी 21 मार्च से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और ‘वर्क टू रूल’ के तहत अतिरिक्त कार्य से दूरी बना ली है।

बैंक कर्मचारियों का आरोप है कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा प्रस्तावित नई पीएलआई नीति एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। उनका कहना है कि यह योजना मौजूदा द्विपक्षीय समझौते की मूल भावना के खिलाफ है और इससे कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच असमानता बढ़ेगी। इससे बैंकिंग व्यवस्था की एकता और कार्यसंस्कृति पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

यूएफबीयू के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि यह मामला वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी प्रकार का एकतरफा निर्णय औद्योगिक शांति के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक इस तरह के निर्णय लागू नहीं किए जाने चाहिए।

‘वर्क टू रूल’ से प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं

प्रदर्शन के तहत बैंक कर्मचारी केवल निर्धारित समय और नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। अतिरिक्त जिम्मेदारियों और ओवरटाइम से दूरी बनाई जा रही है। इसका असर धीरे-धीरे बैंकिंग सेवाओं पर भी दिखने लगा है, जहां कामकाज की गति धीमी पड़ सकती है।

प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

यूएफबीयू ने वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और सभी बैंकों के शीर्ष प्रबंधन से मांग की है कि वे इस मुद्दे में तत्काल हस्तक्षेप करें और एकतरफा फैसलों पर रोक लगाएं। संगठन का कहना है कि संवाद के जरिए ही इस विवाद का न्यायसंगत समाधान निकाला जा सकता है।

हड़ताल की चेतावनी, कर्मचारियों से तैयार रहने की अपील

संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक असंतोष फैल सकता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। यूएफबीयू ने सभी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे अल्प सूचना पर हड़ताल के लिए तैयार रहें।

बैंकिंग सेक्टर में बढ़ सकता है तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर न केवल बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा बल्कि आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार और बैंक प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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Thu, 26 Mar 2026 13:37:45 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: किसानों की आय बढ़ाने का खुलासा किया फॉर्मूला https://citytoday.co.in/5307 https://citytoday.co.in/5307 बुदनी

एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी।

बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर
कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है।

बुदनी को मिला विकास का नया आयाम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

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Wed, 25 Mar 2026 20:06:05 +0530 news desk MPcg
MP में मौसम का ड्रामा: पूर्वी हिस्से में बादल, कहीं तेज धूप, दो दिन आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5305 https://citytoday.co.in/5305 भोपाल 

 मध्यप्रदेश में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं. जहां प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से बादल छाए हुए हैं और बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है. लिहाजा मौसम विभाग ने आगामी 27 और 28 मार्च को लेकर प्रदेश के कई संभागों में चेतावनी जारी की है। 

पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी का असर देखा गया. आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है. विशेषकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की आशंका जताई गई है. दरअसल, प्रदेश में अगले कुछ दिनों में दो नए मौसमी सिस्टम एक्टिव होने वाले हैं। 

अगले दो दिन आंधी और हल्की बारिश होने के आसार
पहला सिस्टम कल 26 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है. इसका असर अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जबकि दूसरा सिस्टम 28 मार्च को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो मौसम के मिजाज को फिर से बदल देगा. जिसके चलते दो दिन 27 और 28 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, इस साल मार्च का महीना पिछले 10 सालों के आंकड़ों से अलग नजर आ रहा है. एक तरफ स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार तीन दिनों तक ओले गिर चुके हैं। 

27-28 मार्च को दिखेगा असर
इस सिस्टम का प्रभाव अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

एक और सिस्टम होगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा।

रायसेन सबसे गर्म, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है. प्रदेश में बीते दिन सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायसेन में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदा पुरम के पचमढ़ी में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 

रीवा-सागर में बारिश, खंडवा-रतलाम में गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को मालवा-निमाड़ काफी गर्म रहा। खंडवा में पारा 38.1 डिग्री और रतलाम में पारा 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 37.6 डिग्री, धार-मंडला में 36.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 36 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई
बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा।

26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार
ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी.

27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार
पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल.

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 
भोपाल में 34.4°C
इंदौर में 35.0°C
जबलपुर में 35.6°C
ग्वालियर में 33.5°C
उज्जैन में 35.8°C

बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
भोपाल में  17.8°C
इंदौर में 17.4°C
जबलपुर में 19.4°C
ग्वालियर में 17.1°C
उज्जैन में 16.8°C

भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश
भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।

वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

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Wed, 25 Mar 2026 17:11:45 +0530 news desk MPcg
MP में 5वीं&8वीं का रिजल्ट घोषित, 95% से ज्यादा छात्र पास https://citytoday.co.in/5304 https://citytoday.co.in/5304 भोपाल: भोपाल में मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है, जिसमें कुल पास प्रतिशत में लगभग 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

जारी आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5वीं में 95.14% और कक्षा 8वीं में 93.83% विद्यार्थी सफल हुए हैं। खास बात यह रही कि दोनों कक्षाओं में छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। कक्षा 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19% रहा, जबकि छात्रों का 94.15%। वहीं कक्षा 8वीं में छात्राएं 94.98% और छात्र 92.74% उत्तीर्ण हुए।

इस वर्ष करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की भागीदारी शहरी क्षेत्रों से अधिक रही। परीक्षा फरवरी में आयोजित की गई थी और 322 मूल्यांकन केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की।

छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल rskmp.in पर रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज कर देख सकते हैं। इसके अलावा QR कोड स्कैन कर भी परिणाम देखने की सुविधा दी गई है। भारी ट्रैफिक के चलते छात्रों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी गई है।

शिक्षा मंत्री ने असफल छात्रों को निराश न होने की अपील करते हुए कहा कि उनके लिए जल्द ही सप्लीमेंट्री परीक्षा और विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

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Wed, 25 Mar 2026 15:34:51 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज रिलीज करेंगे कछुए https://citytoday.co.in/5300 https://citytoday.co.in/5300 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं।

टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।

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Wed, 25 Mar 2026 13:24:39 +0530 news desk MPcg
शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव https://citytoday.co.in/5285 https://citytoday.co.in/5285 शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रता निश्चल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त‍समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है।

कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक संदीप जायसवाल, दीपक टंडन सोनी, वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।

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Tue, 24 Mar 2026 13:46:11 +0530 news desk MPcg
प्रदेशवासियों को सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना जरूरी, युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करें:CM यादव https://citytoday.co.in/5280 https://citytoday.co.in/5280
  • प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण
  • भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड
  • परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन
  • नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन
  • भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग
  • शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ उपेंद्र द्विवेदी ने की भेंट
  • मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
  • भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

    बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले 'मेरी माटी अभियान' के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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    Mon, 23 Mar 2026 19:03:39 +0530 news desk MPcg
    एमपी की सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया https://citytoday.co.in/5269 https://citytoday.co.in/5269 भोपाल 

     मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में  जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है।

    रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था।

    तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है।

    शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।
     हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की

     हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

    हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।

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    Sat, 21 Mar 2026 17:23:42 +0530 news desk MPcg
    ईद की नमाज के बाद भोपाल में लगे नारे – अमेरिका&इजराइल मुर्दाबाद, सुन्नी और शिया के अलग&अलग आयोजन https://citytoday.co.in/5266 https://citytoday.co.in/5266  भोपाल 

    ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया।

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया।

    भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा।

    इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही।

    उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई।

    करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।”

    इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे।

    शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।

     

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    Sat, 21 Mar 2026 15:22:22 +0530 news desk MPcg
    चेटीचंड पर CM मोहन यादव का संदेश, अखंड भारत की भावना को किया याद https://citytoday.co.in/5258 https://citytoday.co.in/5258

    भोपाल/उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने चेटीचंड महापर्व के अवसर पर कहा कि यह पर्व अखंड भारत की भावना को जीवित रखता है और लोगों के दिलों में एकता का संदेश जगाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक और धार्मिक उत्सव आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने Ujjain के टावर चौक पर आयोजित सिंधी समाज के भव्य चल समारोह का भगवा ध्वज लहराकर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों—वीरता, न्याय और दानशीलता—को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन्हीं मूल्यों को अपनाकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है।

    उन्होंने विक्रम संवत 2083 के अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी से देश और प्रदेशवासियों को चेटीचंड की शुभकामनाएं दीं। साथ ही बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम छू रहा है और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं।

    समारोह में राज्यसभा सांसद Jaya Prada, अभिनेता Aftab Shivdasani सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे।

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    Fri, 20 Mar 2026 16:24:51 +0530 news desk MPcg
    भोपाल, जबलपुर समेत आधे MP में बारिश, कई जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान , 34 जिलों में अलर्ट https://citytoday.co.in/5256 https://citytoday.co.in/5256

    भोपाल | मध्य प्रदेश में बदला मौसम, बारिश-ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव देखने को मिला है। इंदौर में 50 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलीं, वहीं बैतूल और पांढुर्णा में चने के आकार के ओले गिरे। मंडला में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दमोह और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।

    इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी और कटी फसलें भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर जलभराव के कारण कटाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं, आम लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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    Fri, 20 Mar 2026 14:39:55 +0530 news desk MPcg
    MP से बासमती का निर्यात ठप, समुद्र में फंसा चावल, किसानों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता https://citytoday.co.in/5252 https://citytoday.co.in/5252 भोपाल | मध्य पूर्व में लगातार गहराते तनाव और इजरायल-ईरान-अमेरिका के बीच बन रहे युद्ध जैसे हालातों का सीधा और गंभीर असर भारत के कृषि निर्यात, विशेषकर बासमती चावल के कारोबार पर दिखाई देने लगा है. खाड़ी देशों में पैदा हुए इस भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) के कारण भारत से होने वाला बासमती का निर्यात लगभग पूरी तरह से ठप पड़ गया है. हालात ये हैं कि देश का करीब 4 लाख टन प्रीमियम बासमती चावल बीच समुद्र में जहाजों पर या विभिन्न बंदरगाहों (पोर्ट) पर अनिश्चितकालीन स्थिति में फंसा हुआ है।

    खाड़ी देशों में इन किस्मों की है भारी मांग
    मध्य प्रदेश से, विशेषकर रायसेन जिले से बासमती चावल का बड़े पैमाने पर ईरान समेत कई खाड़ी देशों में निर्यात होता है. इन देशों में बासमती सेला 1509, 1121, सुगंधा और शरबती जैसे चावलों की भारी डिमांड रहती है. लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते पिछले कुछ दिनों से एक्सपोर्ट पूरी तरह रुक गया है और जहाजों के कंसाइनमेंट बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।

    2000 डॉलर का शिपिंग खर्च 9000 डॉलर पहुंचा
    रायसेन जिले में स्थित 'अपर्णा फूड मिल एसोसिएशन' के अध्यक्ष ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर टैक्स और लागत बेतहाशा बढ़ गई है. समुद्री रास्तों, खासकर लाल सागर (Red Sea) रूट पर बनी अस्थिरता के चलते शिपिंग लाइनों के किराए में भारी उछाल आया है. पहले जहां एक कंटेनर का शिपिंग खर्च लगभग 2000 डॉलर हुआ करता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 9000 डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है।

    मिलर्स पर मंडरा रहा भारी नुकसान का खतरा
    लगातार बढ़ती लागत, बढ़े हुए टैक्स और रास्ते में फंसे माल के कारण एक्सपोर्ट कारोबार लगभग ठप होने की कगार पर पहुंच गया है. व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए और समुद्री रास्ते सुरक्षित नहीं हुए, तो बासमती चावल उद्योग से जुड़े किसानों, मिलर्स और व्यापारियों को एक बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. फिलहाल, पूरे बाजार की नजरें मध्य पूर्व के हालातों पर टिकी हुई हैं।

    31 मार्च की क्लोजिंग से व्यापारियों पर दबाव

    31 मार्च के आसपास वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग होती है। ऐसे समय में व्यापारियों और बैंकों को अपने हिसाब-किताब पूरे करने होते हैं, लेकिन निर्यात रुकने से व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। माल बंदरगाहों और गोदामों में अटकने से बासमती की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। गोयल के अनुसार भारत से होने वाले बासमती चावल निर्यात का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा और पंजाब से जाता है। इसलिए इस संकट का सबसे ज्यादा असर भी इन राज्यों के राइस मिलर्स और व्यापारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक बड़ी राइस मिल में करीब 200 मजदूर काम करते हैं, जिनमें से अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश के होते हैं। सतीश गोयल ने बताया कि एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल सरकार से दो बार मिल चुका है। उन्होंने मांग की है कि बढ़े हुए फ्रेट और इंश्योरेंस का बोझ सरकार वहन करे या राहत दे। बंदरगाहों पर खड़े कंटेनरों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को माफ किया जाए।

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    Fri, 20 Mar 2026 12:49:39 +0530 news desk MPcg
    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया https://citytoday.co.in/5251 https://citytoday.co.in/5251 उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया

    “सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन

    मंदसौर

    उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की।

    कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

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    Thu, 19 Mar 2026 19:22:57 +0530 news desk MPcg
    विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव https://citytoday.co.in/5248 https://citytoday.co.in/5248 विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का पर्व है नव संवत्सर
    मुख्यमंत्री ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नवसंवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना
    रवीन्द्र भवन में हुआ कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम
    सम्राट विक्रमादित्य नाटक का हुआ मंचन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे।

    उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। विक्रमोत्सव-2026 के आयोजन में निहित भावों और इसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात्र किया। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। आज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव परिलक्षित होता है कि भारत राष्ट्र की सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज स्वस्फूर्त और अनुशासित समाज है।

    हमने हमेशा जियो और जीने दो सहित सबको लेकर चलने की भावना से जीना सीखा है। सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र को बढ़ावा दिया, इसी से लोकतंत्र के सूत्र हम भारतीयों के शरीर में रक्त की तरह प्रवाहित है और अब यह हमारे अस्तित्व की पहचान भी बन गया है।

    स्वागत उद्बोधन देते हुए विधायक श्रीभगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। वीर विक्रमादित्य की कर्मभूमि उज्जैन से देश में लोकतंत्र का दीप प्रज्ज्वलित हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उसी दीप को और अधिक प्रकाशमान बना रहे हैं।

    कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी नाट्य कलाकारों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, कमिश्नर भोपाल डिवीजन श्री संजीव सिंह, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण एवं स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

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    Thu, 19 Mar 2026 18:09:28 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के केरवा&कलियासोत में 96 अवैध निर्माणों पर चलेगी जेसीबी, सरकार ने माना स्कूल और रेस्टोरेंट का निर्माण https://citytoday.co.in/5244 https://citytoday.co.in/5244 भोपाल
     शहर की खूबसूरती और पर्यावरण की जान माने जाने वाले केरवा और कलियासोत जलाशय अब अपने पुराने स्वरूप में लौटेंगे। राज्य सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने स्वीकार किया है कि इन जलाशयों के आसपास के ग्रीन बेल्ट में बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। भोपाल विकास योजना 2005 के प्रावधानों को ताक पर रखकर यहां जो निर्माण हुए थे, अब उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद अब जमीन का सीमांकन शुरू हो गया है।

    क्या-क्या बना है 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' में?
    सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, कुल 96 निर्माणों को अवैध पाया गया है। इनमें से 84 सरकारी जमीन पर हैं और 12 निजी जमीन पर, जो 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

    FTL के 33 मीटर में बड़ा खतरा
    जलाशयों के फुल टैंक लेवल (FTL) से 33 मीटर के दायरे को सबसे संवेदनशील माना जाता है। केरवा जलाशय के इस दायरे में 16 पक्के निर्माण पाए गए हैं। इनमें से 2 सरकारी जमीन पर हैं, जिन्हें हटाने के आदेश राजस्व कोर्ट ने दे दिए हैं। बाकी 14 निजी जमीन पर हैं, जिन पर अब राजस्व विभाग नियमों के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।

    मंत्रालय में हुई बैठक में साफ कर दिया गया है कि भोपाल विकास योजना 2005 के क्लॉज 2.57 का कड़ाई से पालन होगा। 150 हेक्टेयर की यह जमीन केवल प्रकृति के लिए सुरक्षित रहेगी, यहां किसी भी निजी स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं है।

    अब बनेगा बॉटनिकल गार्डन
    सरकार की योजना यहां 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल बॉटनिकल गार्डन और रीजनल पार्क बनाने की है। इसके लिए टीएंडसीपी विभाग ने मैप तैयार कर लिया है। खसरा रिकॉर्ड को मास्टर प्लान के मैप पर सुपरइम्पोज कर दिया गया है, जिससे अब एक-एक इंच जमीन का हिसाब साफ हो गया है। कलेक्टर भोपाल को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्व विभाग के जरिए इस पूरी जमीन को जल्द से जल्द बाउंड्री बनाकर सुरक्षित करें।

    अब तक क्या हुआ?
    13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में निर्णायक बैठक हुई। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को 69 में से 28 अवैध निर्माणों को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया। जबकि बाकी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली वारंट जारी हो चुके हैं।

    क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?
    केरवा और कलियासोत न केवल भोपाल के जल स्तर को बनाए रखते हैं, बल्कि यह क्षेत्र बाघों और अन्य वन्यजीवों का कॉरिडोर भी है। पिछले कुछ वर्षों में यहां होटल, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस की बाढ़ आ गई थी, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने लगा था। एनजीटी में दायर एक याचिका के बाद अब यह पूरा मामला कोर्ट की सीधी निगरानी में है।

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    Thu, 19 Mar 2026 14:18:27 +0530 news desk MPcg
    एमपी में LPG संकट, 70% बढ़ी डिमांड; होटल&रेस्टोरेंट को 10% कमर्शियल सिलेंडर देने का आदेश लंबित https://citytoday.co.in/5239 https://citytoday.co.in/5239 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है.

    घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल

    दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है.

    इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं।

    इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है।

    सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं।

    गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे।

    महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा।

    पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।

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    Wed, 18 Mar 2026 18:03:58 +0530 news desk MPcg
    राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें https://citytoday.co.in/5227 https://citytoday.co.in/5227 राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें

    गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन

    उज्जैन

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा।

    नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

    विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा।

    नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन

    सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

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    Tue, 17 Mar 2026 14:22:45 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में आज कृषि वर्ष पर मंत्रियों और विधायकों का महामंथन, सीएम की मौजूदगी में होगा प्रेजेंटेशन https://citytoday.co.in/5214 https://citytoday.co.in/5214 भोपाल
     सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी।

    खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे।

    विभागवार होंगे प्रजेंटेशन

        कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।
        उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।
        सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा।

    आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा

        विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।
        सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।

        मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।

        मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे।

    सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

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    Mon, 16 Mar 2026 13:40:31 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में खुला स्टाइल का नया ठिकाना, The Urban Fashion मेन्स आउटलेट का भव्य शुभारंभ ! https://citytoday.co.in/5211 https://citytoday.co.in/5211 भोपाल में ‘द अर्बन फैशन’ मेन्स आउटलेट का भव्य शुभारंभ

    राजधानी Bhopal के लागतही क्षेत्र में पुरुषों के लिए फैशन का नया ठिकाना बनकर “The Urban Fashion – Men’s Outlet” का रविवार को भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और नए की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।

    इस शोरूम में युवाओं और पुरुषों के लिए आधुनिक डिजाइन की शर्ट, टी-शर्ट, जींस, ट्राउज़र और अन्य फैशनेबल परिधानों का आकर्षक कलेक्शन उपलब्ध है। संचालकों ने बताया कि ग्राहकों को यहां बेहतरीन क्वालिटी के कपड़े किफायती कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे हर वर्ग के लोग स्टाइलिश फैशन का आनंद ले सकें।

    यह शोरूम गुफा मंदिर के सामने, जैन नगर, Lalghati भोपाल में स्थित है। उद्घाटन के अवसर पर आए लोगों ने शोरूम का अवलोकन किया और क्षेत्र में नए व्यापार की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की।

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 8319518594 ????

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    Sun, 15 Mar 2026 15:57:45 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर: नर्मदापुरम में पारा 40 पार, कल से दो दिन बारिश के आसार https://citytoday.co.in/5205 https://citytoday.co.in/5205 मध्यप्रदेश में गर्मी ने अब तेज़ी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और लोगों को दिन में तेज धूप व लू का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जहां लगातार दूसरे दिन लू चली और अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से करीब 6.6 डिग्री ज्यादा है।

    प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री और उज्जैन में 37.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। ग्वालियर में पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में गर्मी के बीच राहत की संभावना भी है। कल से अगले दो दिनों तक कई इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाने के आसार हैं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

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    Sat, 14 Mar 2026 13:54:49 +0530 news desk MPcg
    Gold&Silver Prices Down: सोना और चांदी हुए सस्ते, ग्राहकों के चेहरे पर खुशी https://citytoday.co.in/5200 https://citytoday.co.in/5200 भोपाल
     मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार से शुक्रवार सुबह बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में आज दोनों कीमती धातुओं के दाम कम हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार 13 मार्च को बाजार खुलते ही सोने और चांदी की नई दरें जारी की गईं। कीमतों में आई इस गिरावट को ग्राहकों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है।

    सोने के ताज़ा रेट (13 मार्च 2026)
    आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,56,660 पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,920 प्रति ग्राम है और 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,49,200 में मिल रहा है।

    अगर 8 ग्राम सोने की बात करें तो 22 कैरेट सोना ₹1,19,360 में मिल रहा है, जो कल के मुकाबले सस्ता हुआ है। इसी तरह 24 कैरेट के 8 ग्राम सोने की कीमत ₹1,25,328 दर्ज की गई है।

    चांदी भी हुई सस्ती
    सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को चांदी की कीमत ₹290 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 1 किलो चांदी ₹2,90,000 में बिक रही है। गुरुवार को यह कीमत करीब ₹3,00,000 प्रति किलो थी।

    क्यों घटे सोने-चांदी के दाम?
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। मार्च महीने में अब तक इन धातुओं के दामों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है।

    फिलहाल आज आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं..

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    Fri, 13 Mar 2026 20:12:01 +0530 news desk MPcg
    CM मोहन यादव का ग्वालियर दौरा: घाटीगांव में लाड़ली बहना सम्मेलन, 1.25 करोड़ बहनों को 1836 करोड़ का लाभ https://citytoday.co.in/5191 https://citytoday.co.in/5191 ग्वालियर
     मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है।

    यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे।

    ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी।

    लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
    मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना

    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है।

    प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है।

    प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

    इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

    लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा।

    भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

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    Fri, 13 Mar 2026 13:42:09 +0530 news desk MPcg
    आइसर की स्वदेशी तकनीक से सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, फोटोमास्क और हार्ड मास्क होंगे आसान https://citytoday.co.in/5190 https://citytoday.co.in/5190 भोपाल
    भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के वैज्ञानिकों ने कम लागत और कम कार्बन उत्सर्जन वाली स्वदेशी माइक्रोफैब्रिकेशन तकनीक विकसित की है।

    यह तकनीक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण की जटिल और महंगी प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नवाचार से भारत में सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उत्पादन को नई गति मिल सकती है। साथ ही यह तकनीक बड़े उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स के लिए भी चिप निर्माण अनुसंधान को सुलभ बनाएगी।

    आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि

        आइसर भोपाल के विद्युत अभियांत्रिकी और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. शांतनु तालुकदार और उनकी टीम ने कई वर्षों के शोध के बाद यह स्वदेशी तकनीक विकसित की है। उनकी टीम में डॉ. स्वप्नेंदु घोष और देबजीत डे सरकार भी शामिल रहे।
        वैज्ञानिकों ने माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले फोटोमास्क और हार्ड मास्क के निर्माण के लिए नई विधि विकसित की है। इस शोध का प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय जर्नल “माइक्रो एंड नैनो इंजीनियरिंग” में भी किया गया है, जिससे इसकी वैश्विक स्तर पर भी सराहना हो रही है।

    माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया होगी आसान

        आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में फोटोमास्क और हार्ड मास्क की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनकी सहायता से नैनोमीटर से लेकर माइक्रोन स्तर तक के सूक्ष्म पैटर्न चिप के सब्सट्रेट पर स्थानांतरित किए जाते हैं।

        पारंपरिक तकनीक में इन मास्क को तैयार करने के लिए अत्यंत महंगे उपकरण, अत्याधुनिक लिथोग्राफी मशीनें, विशेष क्लीनरूम और कई प्रकार के खतरनाक रसायनों की आवश्यकता होती है।

        यही कारण है कि भारत के कई शैक्षणिक और शोध संस्थानों के लिए इस क्षेत्र में कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहा है। नई स्वदेशी तकनीक इन जटिलताओं को कम करते हुए कम संसाधनों में माइक्रोफैब्रिकेशन को संभव बना सकती है।

    क्रोमियम परत से बनाए जाते हैं सूक्ष्म पैटर्न

        नई तकनीक में नैनोमीटर मोटाई की क्रोमियम धातु की परत का उपयोग किया जाता है। वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत नुकीले धातु प्रोब की सहायता से इलेक्ट्रोकेमिकल ऑक्सीकरण अभिक्रिया को बेहद सीमित क्षेत्र में नियंत्रित करने की विधि विकसित की है। इस प्रक्रिया में क्रोमियम की सतह पर सीधे पैटर्न बनाए जाते हैं।

        वैज्ञानिक इसे इस तरह समझाते हैं जैसे कागज पर पेन से लिखकर आकृति बनाई जाती है। इसी सिद्धांत पर अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर चिप के लिए जरूरी डिजाइन तैयार किए जा सकते हैं। इस नवाचार से फोटोमास्क और हार्ड मास्क का निर्माण अपेक्षाकृत सरल और सस्ता हो जाता है।

    पर्यावरण के लिए भी लाभकारी तकनीक

        इस नई विधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अतिरिक्त रेजिस्ट परत, महंगे लिथोग्राफी उपकरण या खतरनाक रसायनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय जोखिम भी कम हो जाते हैं।
        इसके अलावा यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन की दो प्रमुख प्रक्रियाओं—लिथोग्राफी और एचिंग—का एक साथ समाधान प्रस्तुत करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मौजूदा सेमीकंडक्टर निर्माण प्रणालियों के साथ भी आसानी से एकीकृत की जा सकती है।

    स्टार्टअप और संस्थानों के लिए नए अवसर

        विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन अनुसंधान को बड़े उद्योगों और सीमित प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स तक पहुंचाने में सहायक होगी। इससे नवाचार की गति तेज होगी और भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत आधार मिलेगा।

    आइसर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास के अनुसार यह तकनीक उद्योगों के साथ साझा की जाएगी, ताकि बड़े पैमाने पर कम लागत में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।
    क्या होते हैं फोटोमास्क और हार्ड मास्क

        फोटोमास्क एक पारदर्शी प्लेट होती है, जो आमतौर पर कांच या क्वार्ट्ज से बनाई जाती है। इसमें बहुत छोटे-छोटे पैटर्न बनाए जाते हैं, जिनकी मदद से फोटोलिथोग्राफी प्रक्रिया के दौरान चिप पर डिजाइन तैयार किया जाता है।

        वहीं हार्ड मास्क एक मजबूत परत होती है, जो सिलिकॉन, ऑक्साइड या नाइट्राइड जैसे पदार्थों से बनाई जाती है। इसका उपयोग माइक्रोफैब्रिकेशन में संरचना को सुरक्षित रखते हुए पैटर्न ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। दोनों तकनीकों का उपयोग सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है।

    सेमीकंडक्टर का बढ़ता महत्व

        सेमीकंडक्टर ऐसी सामग्री होती है जिसकी विद्युत चालकता धातुओं और इंसुलेटर के बीच होती है। यही विशेषता इसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर प्रोसेसर, मेमोरी चिप, ट्रांजिस्टर, डायोड, एलईडी और सोलर सेल जैसे उपकरणों में इसका व्यापक उपयोग होता है।

        इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सेंसर, एयरबैग सिस्टम, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में भी सेमीकंडक्टर का महत्वपूर्ण योगदान है। 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक प्रौद्योगिकी प्रकल्प भी इसी पर निर्भर हैं।

    आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

        विशेषज्ञों के अनुसार आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होता है तो देश में चिप निर्माण की लागत कम हो सकती है और अनुसंधान संस्थानों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

    इससे न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज करा सकेगा।

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    Fri, 13 Mar 2026 13:12:10 +0530 news desk MPcg
    मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली https://citytoday.co.in/5189 https://citytoday.co.in/5189 भोपाल

     युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली। 

    फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है। 

    • मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली
    • मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया
    • एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया
    • आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली  
    • भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555
    • गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश

    होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई
    भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

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    Fri, 13 Mar 2026 12:59:20 +0530 news desk MPcg
    प्रहलाद के साथ सीएम मोहन यादव की शिवराज से मुलाकात, दिल्ली में हुई मीटिंग में तय हुआ सरसों पर भावांतर और तुअर की खरीद https://citytoday.co.in/5188 https://citytoday.co.in/5188 भोपाल 

     दिल्ली में हुई एक बड़ी राजनतिक बैठक के बाद मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों के मुद्दों पर चर्चा की, जिसके बाद सरसों और तुअर की खरीद को लेकर बड़ी मंजूरी मिली है।

    तुअर की 100% सरकारी खरीद को मंजूरी

    बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस फैसले बाद मध्यप्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

    सरसों पर भावांतर भुगतान योजना लागू

    इसके साथ ही सरसों की फसल के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीद को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई की जाएगी।

    विजयवर्गीय भी दिल्ली में थे मौजूद एमपी के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और विजयवर्गीय के बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम डॉ मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने एक ही दिन अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

    इस बार शिवराज सिंह चौहान से सीएम ने मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मुलाकात की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन वे एक निजी शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    शिवराज-मोहन और प्रहलाद के बीच चर्चा

    तीनों दिग्गजों के बीच हुई बैठक के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि खेती से जुड़े इन मुद्दों पर चर्चा हुई है।

        सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा : लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।

        तुअर की 100% सरकारी खरीद: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की पूरी की पूरी तुअर फसल सरकार खरीदेगी। यह दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

        2026 किसान कल्याण वर्ष का रोडमैप: वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसे तिलहनों पर भी विशेष फोकस रहेगा।

    कई योजनाओं पर हुई चर्चा

    बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और अधिकारियों की मौजूदगी में दलहन–तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण सड़कों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    आवास और ग्रामीण विकास को बढ़ावा

    बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत 2018 की आवास प्लस सूची के सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर भी सहमति बनी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बचे पात्र परिवारों को भी आवास स्वीकृत करने की दिशा में काम करेंगी। इतना ही नहीं ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर भी समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया है।

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    Thu, 12 Mar 2026 17:45:03 +0530 news desk MPcg
    सीजन में पहली बार 40 डिग्री तक पहुंचा पारा, कई शहरों में सामान्य से 5&7 डिग्री ज्यादा तापमान https://citytoday.co.in/5187 https://citytoday.co.in/5187 भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग  के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। बुधवार को कई जिलों में पारा 38 से 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे दिन में तेज गर्मी का अहसास होने लगा है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में दर्ज किया गया, जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.9°C और धार में 39.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। गुना में 38.1°C और इंदौर में 38°C तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से ज्यादा है। 

    राजधानी भोपाल में भी बढ़ी गर्मी
    राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है। ग्वालियर में 37.7°C और उज्जैन में भी 37.7°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं खंडवा, खरगोन और शाजापुर जैसे शहरों में भी तापमान 37 डिग्री के आसपास रहा।

    महाकौशल और विंध्य में भी चढ़ा पारा
    पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में भी गर्मी का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दमोह में 37.8°C, खजुराहो में 38.2°C और टीकमगढ़ में 38.4°C तापमान दर्ज किया गया। मंडला में 37.5°C और सागर में 37.4°C पारा रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में भी तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री ज्यादा है।

    रात में अभी हल्की ठंड बरकरार
    दिन में गर्मी बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान अभी अपेक्षाकृत कम बना हुआ है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 16°C और इंदौर में 15.8°C दर्ज किया गया। वहीं कई जिलों में न्यूनतम तापमान 16 से 20 डिग्री के बीच रहा।

    आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मार्च में ही गर्मी का असर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। 

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    Thu, 12 Mar 2026 16:44:14 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में LPG संकट, कमर्शियल सिलेंडर का सिर्फ दो दिन का स्टॉक, 15 लाख उपभोक्ताओं पर असर https://citytoday.co.in/5177 https://citytoday.co.in/5177 भोपाल 
    ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हो रही है। केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। प्रदेश के डीलर्स के पास कमर्शियल सिलेंडर का करीब दो दिन का ही स्टॉक बचा है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से प्रदेश के करीब 15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कमर्शियल संस्थानों के साथ बैठक कर गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

    घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक
    सरकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 90 लाख के आसपास है, जिनमें से करीब 92 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। वहीं, बाकी आठ प्रतिशत यानी करीब 15 लाख कमर्शियल उपभोक्ता हैं। 

    उद्योग हो सकते हैं प्रभावित 
    कमर्शियल उपयोग की बात करें तो प्रदेश में एलपीजी का केवल 5 से 7 प्रतिशत उपयोग कमर्शियल क्षेत्र में होता है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए करीब दो से तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, ऑयल कंपनियों के पास औसतन 6 से 7 दिन का स्टॉक रहता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होटल, रेस्टारेंट और उद्योगों को दूसरे विकल्पों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। इसमें सबसे अधिक उद्योगों के प्रभावित होने की बात सामने आर ही है। 

    शादी-समारोहों पर असर पड़ना तय 
    कमर्शियल गैस की सीमित उपलब्धता का असर होटल व्यवसाय और शादी-समारोहों की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल में सिलेंडर बुक कर सकते थे, अब बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसके साथ ही एक उपभोक्ता को एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।  

    कलेक्टरों को दिए गए निर्देश
    सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएं और गैस का विवेकपूर्ण व सीमित उपयोग सुनिश्चित कराएं। आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया है। वहीं, अस्पताल और शैक्षणिक सेवाओं के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की काला बाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक 
    वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक हैं। इसके अलावा सप्लाई जारी है। वहीं, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बता दें मध्य प्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है।

    मुख्यमंत्री ने बनाई समन्वय समिति
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश के बीच समन्वय के लिए मंत्रिगण की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति तय करेगी। 

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    Wed, 11 Mar 2026 16:29:10 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में महिला दिवस पर सेंट्रल बैंक की महिला कर्मचारियों ने निकाली जागरूकता रैली https://citytoday.co.in/5171 https://citytoday.co.in/5171 Tue, 10 Mar 2026 20:10:53 +0530 news desk MPcg रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) बनेगा चीतों का तीसरा घर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5169 https://citytoday.co.in/5169 Tue, 10 Mar 2026 19:35:00 +0530 news desk MPcg MP सरकार फिर लेगी 5800 करोड़ का कर्ज, 5 लाख 66 हजार करोड़ हुई देनदारी https://citytoday.co.in/5167 https://citytoday.co.in/5167 भोपाल.

    वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लिया जाएगा। होली के पहले सरकार ने 6,300 करोड़़ रुपये का कर्ज लिया था। इस प्रकार देखा जाए तो प्रदेश के ऊपर 5,66,000 करोड़ रुपए के करीब कर्ज हो जाएगा।

    वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च यानी मंगलवार को तीन किस्तों में 1,900, 1,700 और 2,200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। यह राशि विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। इसका उपयोग पूंजीगत कार्यों यानी अधोसंरचना विकास के कामों में ही किया जाएगा। इसके पहले 6300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। नए कर्ज को मिला लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल मिलाकर कर्ज की राशि 85,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।

    जीतू पटवारी ने लगाया प्रदेश को कर्ज में डुबोने का आरोप
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि जो कर्ज लिया जा रहा है वह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार है।

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    Tue, 10 Mar 2026 16:48:19 +0530 news desk MPcg
    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम, महिलाओं का सम्मान https://citytoday.co.in/5166 https://citytoday.co.in/5166 भोपाल स्थित Central Bank of India के आंचलिक कार्यालय परिसर में 9 मार्च 2026 को International Women's Day के अवसर पर महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करना और समाज में समानता व सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

    कार्यक्रम के शुभारंभ पर उपमहाप्रबंधक प्रमोद मिश्रा ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। बैंकिंग क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे अपने परिश्रम, लगन और जिम्मेदारी से संस्थान की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं।

    उप आंचल प्रमुख डी. के. पाण्डेय ने उपस्थित महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और वित्तीय सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।

    इस अवसर पर बैंक की महिला कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रेरक संदेश, विचार और कविताएं भी प्रस्तुत की गईं, जिससे उपस्थित सभी कर्मचारी प्रेरित हुए।

    महिला स्टाफ के लिए आयोजित मेमोरी प्रतियोगिता में मोनिका, कीर्ति शर्मा, प्रियंका सिसोदिया और पूजा श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्राप्त किए, जबकि अल्फाबेट प्रतियोगिता में अर्शी जैन और गरिमा राय को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक एवं उप आंचल प्रमुख (CIA) संजय मलिक, सीबीसीटीसी भोपाल के प्राचार्य राजेश गेरा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनीता धुर्वे ने किया, जबकि अंत में मुख्य प्रबंधक वजीरा बोकर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

    यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण के संदेश को मजबूत करने वाला प्रेरक आयोजन साबित हुआ।

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    Tue, 10 Mar 2026 16:45:53 +0530 news desk MPcg
    नगर निगम में काम में बड़ा फेरबदल, इंजीनियर उदित गर्ग से पीएम आवास की जिम्मेदारी छीनी https://citytoday.co.in/5163 https://citytoday.co.in/5163 भोपाल.

    नगर निगम में प्रशासनिक कार्य सुविधा के नाम पर कार्यपालन यंत्रियों के दायित्वों में बड़ा फेरबदल किया गया है। अपर आयुक्त वरुण अवस्थी द्वारा जारी इस आदेश ने निगम की आंतरिक सियासत और रसूख के समीकरण बदल दिए हैं। इस बदलाव में जहां कुछ अधिकारियों के पर कतरे गए हैं, वहीं लूप लाइन में माने जाने वाले कुछ चेहरों की दमदार वापसी हुई है।

    निगम के सबसे रसूखदार अधिकारियों में शुमार अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग को बड़ा झटका लगा है। उन्हें स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। दूसरी ओर, अब तक मुख्य धारा से दूर रहे कार्यपालन यंत्री एके साहनी को नरेला विधानसभा की कमान सौंपकर ''''पावर'''' में लाया गया है। उन्हें नरेला का प्रभारी नगर निवेशक बनाने के साथ ही पीएमआइएस और अतिक्रमण स्टोर जैसी शाखाओं का प्रभार भी दिया गया है। आरआर जारोलिया को अब यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ के साथ जोन एक से 21 तक की विद्युत शाखा का प्रभार दिया गया है। वहीं अभी तक स्मार्ट सिटी और नगर निगम की विद्युत शाखा देख रहे आशीष श्रीवास्तव से नगर निगम की विद्युत शाखा का प्रभार वापस लेकर प्रभारी अधीक्षण यंत्री आरआर जारोलिया को दे दिया गया है। साथ ही आरआर जारोलिया के पास यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी भी रहेगी। इसी तरह आरके गोयल को एचएफए का विभागाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि प्रमोद मालवीय को प्रोजेक्ट, झील संरक्षण और उद्यान शाखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान दी गई है।

    निगम ने भवन अनुमति की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए अब विधानसभा वार प्रभारी नगर निवेशक नियुक्त किए हैं। आदेश के अनुसार, अब सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी शाखाओं की नस्तियां संबंधित अपर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगी ।
    इन्हें दी विधानसभाओं की जिम्मेदारी
    – अनिल टटवाडे – उत्तर एवं मध्य विधानसभा के सिविल, अतिक्रमण और भवन अनुज्ञा शाखा में प्रभारी नगर निवेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

    – एनके डेहरिया – दक्षिण-पश्चिम और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    – एके साहनी – नरेला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा का प्रभार दिया गया है।

    – एसके राजेश – हुजूर विधानसभा के प्रभारी नगर निवेशक और सिविल कार्य और अतिक्रमण शाखा के प्रभारी होंगे।

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    Tue, 10 Mar 2026 13:57:59 +0530 news desk MPcg
    एचपीवी वैक्सीन का एक टीका बेटियों को बचाएगा सर्वाइकल कैंसर से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5158 https://citytoday.co.in/5158 स्वस्थ नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला

    राज्य सरकार लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के साथ महिलाओं को बना रही है सशक्त
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की दीं मंगलकामनाएं

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर बेटियों की जिंदगी में सबसे कठिन समय होता है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर एचवीपी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों को 4 हजार रुपए मूल्य का यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। वैक्सीन का एक टीका गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के प्रति भविष्य में बेटियों को जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी देगा और उन्हें गंभीर रोग से बचाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर में महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि बहनें और बेटियां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का लाभ लेकर टीका अवश्य लगवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीका लगवा चुकी बेटियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही जबलपुर में 37 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों से लेकर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों तक निरंतर जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार योजना की राशि को निरंतर बढ़ा रही है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को अब 1500 रुपए की राशि हर माह उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य सरकार ने बहनों को रोजगारपरक उद्योगों में काम करने पर 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में लैंगिग असमानता को खत्म करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। बेटियां सेना से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अशोकनगर जिले में करीला धाम पहुंचकर माता जानकी और उनके पुत्र लव-कुश का आशीर्वाद प्राप्त किया और सभी प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने जबलपुर को दी 37 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में 10.51 करोड़ लागत से आधुनिक जनपद भवन का भूमि-पूजन और 27.16 करोड़ लागत से नवनिर्मित गीता भवन सहित 3 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केंद्र और सोलर ट्रैफिक सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कार धानी जबलपुर की छटा देश में सबसे अलग है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं।

    नेत्र दिव्‍यांग बालिकाओं का किया सम्‍मान
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं जिया सेन और अंशी विश्वकर्मा को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने नेत्रहीन कन्या विद्यालय जबलपुर की बालिकाओं से भेंट कर उनका सम्‍मान भी किया। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लखपति दीदी आरती चौधरी और सीता गोंड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

    पूर्व मंत्री श्री अजय बिश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश का नेतृत्व करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू कर रहे हैं। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई टीकाकरण की यह योजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में माताओं-बहनों का पूर्ण सहयोग सरकार को मिल रहा है। प्रदेश की आंगनवाड़ी एवं हेल्थ वर्कर्स की सहायता से विभिन्न प्रकार के कैंसर की पहचान करने के लिए आमजन को जागरुक किया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक श्री संतोष बरकड़े सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, लाड़ली बहनें एवं बड़ी संख्या में बेटियां उपस्थित थीं।

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    Mon, 09 Mar 2026 20:04:22 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के मशहूर मिलन स्वीट एंड रेस्टोरेंट पर IT का छापा, टैक्स चोरी की आशंका में जांच https://citytoday.co.in/5152 https://citytoday.co.in/5152 भोपाल के MP Nagar स्थित मशहूर Milan Sweet & Restaurant में रविवार को आयकर विभाग की टीम ने सर्वे कार्रवाई की। सुबह अचानक पुलिस के साथ पहुंची इनकम टैक्स विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम को देखकर रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं दुकान के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटने लगी।

    सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित तौर पर सेल कम दिखाकर टैक्स चोरी करने की आशंका को लेकर की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी रेस्टोरेंट के दस्तावेजों और खातों की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि टीम इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य कागजी दस्तावेजों को खंगाल रही है, ताकि वास्तविक बिक्री और घोषित आय के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल आयकर विभाग की टीम रेस्टोरेंट परिसर में मौजूद रहकर संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टैक्स चोरी हुई है या नहीं और यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि जून 2024 में इसी रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकलों को मौके पर बुलाया गया था और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी थी। उस घटना में मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के साथ कई जरूरी दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए थे। 

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    Mon, 09 Mar 2026 16:08:28 +0530 news desk MPcg
    MP: इस जिले में BJP की नई मंडल कार्यकारिणी घोषित, 25 पदाधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी https://citytoday.co.in/5147 https://citytoday.co.in/5147 सुसनेर

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुसनेर मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने 25 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने का संदेश दिया है।

    घोषित कार्यकारिणी में कल्याण सिंह, अभय जैन, पीरू सिंह सारखा, जसवंत सिंह पालड़ा, मानसिंह गुराड़ी और कमल भावसार को मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं लखन सेन और बनास कुंवर कालूसिंह चौहान को मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल मंत्री के रूप में गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह राजपूत, हेमराज जाट, कमलसिंह सेमली, सिद्धू सिंह पटपड़ा और दुर्गाबाई विक्रम चौहान को शामिल किया गया है। दिनेश कानुडिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ईश्वर सिंह पटेल और गोपाल पाटीदार को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

    संगठन के संचालन के लिए अनिल जैन को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए नारायण सिंह कलारिया और मनोज सुमन को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है।

    मीडिया और आईटी से जुड़े दायित्वों में दीपक जैन को मीडिया प्रभारी, स्नेहा युगल किशोर परमार को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वहीं यशवंत बैरागी को सोशल मीडिया प्रभारी, सिया भावसार को सह सोशल मीडिया प्रभारी तथा कार्तिक शर्मा को आईटी सेल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करेगी।

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    Sat, 07 Mar 2026 20:03:18 +0530 news desk MPcg
    समय&सीमा में पूरे हों विकास कार्य और योजनाएं, शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर – संभागायुक्त संजीव सिंह https://citytoday.co.in/5137 https://citytoday.co.in/5137 भोपाल, 06 मार्च 2026:
    संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में संभागीय सभागृह में विभागीय योजनाओं, निर्माण कार्यों और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों की जिला पंचायतों और विभागों के कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लक्ष्य के अनुरूप कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरे किए जाएं।

    बैठक में वन अधिकार अधिनियम (FRA) से जुड़े लंबित प्रकरणों, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने, पट्टाधारियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

    स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की संख्या कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षा 5वीं और 8वीं के सभी विद्यार्थियों का अगले वर्ग में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने और ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था लागू करने को कहा। पहली कक्षा में नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर सर्वे, प्रवेश उत्सव और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

    संभागायुक्त ने कहा कि 01 अप्रैल तक सभी स्कूलों में छात्रों को पुस्तक वितरण कर पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनभागीदारी के माध्यम से स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर जाकर योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लें और कमियों को तुरंत दूर करें। संभागायुक्त ने दोहराया कि सभी विकास और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करना अनिवार्य है, जिसकी अगली समीक्षा अप्रैल में की जाएगी।

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    Fri, 06 Mar 2026 17:42:20 +0530 news desk MPcg
    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 66वें जन्मदिन पर बड़े संकल्प, परिवार संग पौधे रोपे, विदिशा में शुरू की फ्री मामा कोचिंग https://citytoday.co.in/5126 https://citytoday.co.in/5126 Thu, 05 Mar 2026 19:38:21 +0530 news desk MPcg MP के 1 लाख कर्मचारियों को झटका, वेतन कटौती मामले में मोहन सरकार SC जाएगी; 400 करोड़ का बकाया भुगतान अटका https://citytoday.co.in/5124 https://citytoday.co.in/5124 Thu, 05 Mar 2026 17:49:50 +0530 news desk MPcg हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5116 https://citytoday.co.in/5116
  • हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली
  • मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
  • सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई
  • ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण
  • भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

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    Thu, 05 Mar 2026 12:58:27 +0530 news desk MPcg
    होली से पहले बढ़ा एमपी का पारा, 35 डिग्री पार, मार्च में 40 डिग्री तक जाने के आसार https://citytoday.co.in/5104 https://citytoday.co.in/5104 भोपाल

    मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा। 

    रात में अभी हल्की ठंडक 
    रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई।

    होली पर रहेगा साफ मौसम
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।

    अप्रैल-मई में लू के आसार
    डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं। 

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    Tue, 03 Mar 2026 15:53:51 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री निवास पर हुआ भव्य होलिका दहन, गौ&काष्ठ का हुआ उपयोग https://citytoday.co.in/5099 https://citytoday.co.in/5099 Tue, 03 Mar 2026 13:23:08 +0530 news desk MPcg कृषकों का हित और कल्याण शासन की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5096 https://citytoday.co.in/5096 Mon, 02 Mar 2026 16:38:55 +0530 news desk MPcg नागलवाड़ी में ‘कृषि कैबिनेट’ की अहम बैठक आज, आदिवासी बहुल बड़वानी में होगा मंत्रिमंडल का जमावड़ा https://citytoday.co.in/5093 https://citytoday.co.in/5093 बड़वानी
    मध्य प्रदेश सरकार की 'कृषि कैबिनेट' की बैठक आज भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के दौरान, राज्य सरकार किसानों के हित में अहम फैसले लेगी। अधिकारियों ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान 'कृषि कैबिनेट' की यह पहली मीटिंग होगी। किसान कल्याण वर्ष को पूरे राज्य में मनाया जा रहा है। सीएम यादव ने 11 जनवरी को यहां एक इवेंट में 'कृषक कल्याण वर्ष' लॉन्च किया था।

    अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के तरफ से किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को फायदा पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही उनकी इनकम दोगुनी करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
    किसानों और बुद्धिजीवियों संग होगी बात

    सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "पूरी राज्य कैबिनेट नागलवाड़ी में दिन बिताएगी, जहां एग्रीकल्चर कैबिनेट मीटिंग के अलावा, किसानों और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत होगी। एग्रीकल्चर और ट्राइबल वेलफेयर पर फोकस्ड एक एग्जिबिशन भी लगाई जाएगी।''.

    24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने इसी घोषणा की थी। यह कैबिनेट प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन बैठक है। कैबिनेट में निमाड़ के सात जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर पर फोकस रहेगा।

    तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के साथ शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलट देव के दर्शन करेंगे। इसके बाद कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें 25 से अधिक मंत्रियों के शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री जनजातीय समुदाय के लोगों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे।

    रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने नागलवाड़ी पहुंचकर बैठक स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर जयति सिंह से तैयारियों की जानकारी ली। शिखरधाम में बाबा भीलट देव के दर्शन भी किए।

    भीलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा मंत्रिमंडल

    करीब 6000 की आबादी वाला नागलवाड़ी एक आदिवासी बहुल गांव है। कृषि कैबिनेट न केवल बड़वानी जिले के लिए बल्कि मध्य प्रदेश के पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि नागलवाड़ी में 800 साल पुराना प्राचीन भीलट देव मंदिर आदिवासी आस्था में खास महत्व रखता है। कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद पूरा मंत्रिमंडल वहां पूजा-अर्चना करेगी।
    किसानों से बात करेंगे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री मोहन यादव कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद किसानों और जानकारों से बातचीत करेंगे, सरकार की पहल और स्कीमों की जानकारी साझा करेंगे और इलाके के विकास के बारे में उनके विचार और उम्मीदें भी जानेंगे। यादव और उनके मंत्री जुलवानिया में आदिवासी समुदाय द्वारा आयोजित पारंपरिक 'भगोरिया हाट' में भी हिस्सा लेंगे। बड़वानी समेत आदिवासी बहुल जिलों में चल रहा भगोरिया उत्सव सोमवार को मध्य प्रदेश में खत्म हो जाएगा। भगोरिया त्योहार झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में आदिवासी समुदाय मनाते हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और देश-विदेश से टूरिस्ट को आकर्षित करता है।
    शिवराज चौहान ने बनाई थी कृषि कैबिनेट

    अधिकारियों ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा सभी प्रोग्राम आदिवासी परंपराओं को दिखाएंगे। देश की पहली कृषि कैबिनेट 2011 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनाई थी, जो अब केंद्रीय कृषि मंत्री हैं।

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    Mon, 02 Mar 2026 14:11:57 +0530 news desk MPcg
    सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के साथ भिलट देव के किए दर्शन, अब होगी कृषि कैबिनेट की बैठक https://citytoday.co.in/5092 https://citytoday.co.in/5092 बड़वानी
     कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

    भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है।

    पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम
    मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है।

    किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।

    संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।

    निमाड़ी शैली में सजाया
    निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है।

    मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी।

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    Mon, 02 Mar 2026 14:06:58 +0530 news desk MPcg
    कैलाश विजयवर्गीय का बयान: यदि सरकार का सचिवालय विधानसभा जैसा हो, तो प्रदेश कितनी ऊंचाई तक पहुंचेगा https://citytoday.co.in/5087 https://citytoday.co.in/5087 भोपाल
    मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। 22 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बिना ही सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के अवसर न दिए जाने के विरोध में बहिर्गमन कर दिया। इस बीच 4,38,417 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया।

    इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जितना अच्छा विधानसभा सचिवालय है, यदि उतना अच्छा सरकार का सचिवालय भी हो जाए तो पता नहीं यह प्रदेश किस ऊंचाई तक पहुंच जाए। प्रदेश की विधानसभा की परंपरा बहुत उच्चकोटि की रही है, जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है।

    पूर्व के मंत्री रहे हैं, चाहे इधर बैठने वाले हों या उधर बैठने वाले हों, सबने हमेशा अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार काम किया है, पर विधान सभा की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई काम नहीं किया। हमने आपस में एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर कितनी भी लड़ाई लड़ी, सदन में भी हमने एक दूसरे के खिलाफ वार्तालाप किया हो, बहस की हो, पर जब हम बाहर निकलते हैं तो एक दूसरे के प्रति जो संबंध है, जो मित्रता है, इस पर मुझे गर्व है कि मैं मप्र की विधान सभा का सदस्य हूं।

    25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी

    विधानसभा में शुक्रवार को 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सदन की कार्यवाही शांति के साथ चल रही थी। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर दो घंटे चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित किए गए लेकिन इसके बाद मुखबंद का उपयोग करते हुए शेष 22 विभागों की अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत कर पारित कराया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विनियोग विधेयक प्रस्तुत कर दिया।

    इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम हैं इसलिए वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का प्रस्ताव एक साथ रखा जाएगा।

    हमें बार-बार औकात याद दिलाई गई

    सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमने जब इंदौर में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सवाल किया तो जवाबदेही के स्थान पर औकात याद दिलाई गई। स्वच्छ जल पर चर्चा के लिए अनुरोध किया तो सरकार ने विपक्ष के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दे पर सवाल करने पर औकात याद दिलाई। जब कैग की रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की फिर औकात दिखाई।

    चाहे सदन के अंदर हो या बाहर, सरकार और उससे जुड़े लोग हर दिन प्रदेशवासियों को उसकी औकात याद दिला रहे हैं। सिंगरौली के धिरौली कोल परियोजना के विस्थापित आदिवासियों और नियम ताख पर रखकर अदाणी को जमीन देने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश की जनता के हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखी और आगे भी रखते रहेंगे।

    अध्यक्ष बोले- सदन में मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी दलीय निष्ठाएं भिन्न हो सकती हैं, परंतु लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएं स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी।

    सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई, किंतु सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।

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    Sat, 28 Feb 2026 19:46:10 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में होली पर बदलने वाला है मौसम, आंधी&बारिश के साथ ग्वालियर&चंबल में असर https://citytoday.co.in/5081 https://citytoday.co.in/5081 भोपाल 
     मध्य प्रदेश में होली के आसपास एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। दो मार्च से हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रदेश पर भी प्रभाव डाल सकता है। इसका असर विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल अंचल में देखने को मिल सकता है, जहां बादल छाने और आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) सिस्टम सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन की गतिविधि भी बनी हुई है। इसी कारण शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि, तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई। अब 2 मार्च के बाद मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण होली पर प्रदेश में मावठा यानि हल्की बारिश के आसार है।

    34°C पार रहा तापमान, खरगोन सबसे गर्म आंधी-बारिश और ओले का दौर थमने के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार रहा। वहीं, रात में यह 18 डिग्री से ज्यादा पहुंच गया है।

    शुक्रवार को प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही पारा 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक ही रहे। सबसे गर्म खरगोन में तापमान 34.8 डिग्री पहुंच गया। वहीं, 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 33 डिग्री रहा।

    रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। सागर में सबसे ज्यादा 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री रहा। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में 16 डिग्री और रतलाम-धार में 17 डिग्री या इससे ज्यादा पहुंच गया।

    इधर, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर थमने के बाद प्रदेश में गर्मी ने भी रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि अन्य शहरों में पारा 30 डिग्री या उससे ज्यादा रहा। खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 34.8 डिग्री तक पहुंच गया। पांच बड़े प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में 33 डिग्री दर्ज किया गया।

    रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। सागर में 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री रहा। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जबकि रतलाम और धार में यह 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहने की संभावना है और फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    फरवरी में 4 बार बदला बारिश का दौर बता दें कि इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला है। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

    20 जिलों में बिगड़ चुका मौसम इससे पहले 24 और 25 फरवरी को साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। 2 दिन में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं-चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग की माने तो शनिवार को मौसम साफ रहेगा। कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।

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    Sat, 28 Feb 2026 14:47:53 +0530 news desk MPcg
    कृषि मंत्री शिवराज ने सड़क पर तड़पते युवक को देखा, काफिला रुकवाकर खुद अस्पताल पहुंचाया https://citytoday.co.in/5078 https://citytoday.co.in/5078 Sat, 28 Feb 2026 12:46:39 +0530 news desk MPcg मंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5076 https://citytoday.co.in/5076 Fri, 27 Feb 2026 20:41:23 +0530 news desk MPcg “स्व से सृष्टि” तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5067 https://citytoday.co.in/5067 Thu, 26 Feb 2026 18:45:05 +0530 news desk MPcg MP में बदलते मौसम से किसानों की बढ़ी चिंताएं, फरवरी में चौथी बार ओले और बारिश https://citytoday.co.in/5060 https://citytoday.co.in/5060 Wed, 25 Feb 2026 19:06:05 +0530 news desk MPcg बीजेपी विधायक बोले& सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA का पलटवार https://citytoday.co.in/5056 https://citytoday.co.in/5056 Wed, 25 Feb 2026 14:18:52 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए खुशखबरी! कक्षा 1 से 8 तक मुफ्त मिलेगा दूध https://citytoday.co.in/5043 https://citytoday.co.in/5043 Mon, 23 Feb 2026 17:30:30 +0530 news desk MPcg एमपी के 25 जिलों में बारिश से फसलें बर्बाद, सीएम मोहन ने दिए तत्काल राहत के निर्देश https://citytoday.co.in/5039 https://citytoday.co.in/5039 Mon, 23 Feb 2026 14:54:24 +0530 news desk MPcg MP में नई शराब दुकानों पर बैन, अहाते भी रहेंगे बंद; नई आबकारी नीति लागू https://citytoday.co.in/5033 https://citytoday.co.in/5033 Sat, 21 Feb 2026 19:30:51 +0530 news desk MPcg भोपाल में सियासी बवाल: कांग्रेस कार्यालय में घुसकर भाजपाईयों ने मचाया उत्पात, खिड़कियों के शीशे तोड़े https://citytoday.co.in/5032 https://citytoday.co.in/5032 Sat, 21 Feb 2026 17:58:03 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में 4 दिन का मौसम अलर्ट: भोपाल‑जबलपुर में हल्की बारिश, रीवा समेत 5 जिलों में भी बारिश के आसार https://citytoday.co.in/5029 https://citytoday.co.in/5029 Sat, 21 Feb 2026 13:38:32 +0530 news desk MPcg ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां https://citytoday.co.in/5025 https://citytoday.co.in/5025 Thu, 19 Feb 2026 19:05:36 +0530 news desk MPcg पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, ईमेल में साइनाइड बम का दावा; पुलिस ने खाली कराया परिसर https://citytoday.co.in/5021 https://citytoday.co.in/5021 Thu, 19 Feb 2026 17:02:59 +0530 news desk MPcg भोपाल&उज्जैन सहित 20 जिलों में बारिश, फसलें प्रभावित; कृषि मंत्री ने सर्वे का ऐलान किया https://citytoday.co.in/5019 https://citytoday.co.in/5019 Thu, 19 Feb 2026 13:52:31 +0530 news desk MPcg शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए समयानुकूल बनाना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5016 https://citytoday.co.in/5016 Wed, 18 Feb 2026 20:36:53 +0530 news desk MPcg कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद https://citytoday.co.in/4998 https://citytoday.co.in/4998 Mon, 16 Feb 2026 14:51:24 +0530 news desk MPcg MP Budget Session 2026: 4.65 लाख करोड़ का महाबजट, 18 फरवरी को बड़ा ऐलान https://citytoday.co.in/4994 https://citytoday.co.in/4994 Mon, 16 Feb 2026 12:45:24 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4989 https://citytoday.co.in/4989 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4990 https://citytoday.co.in/4990 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4991 https://citytoday.co.in/4991 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव: सीहोर में अभूतपूर्व तैयारियां, रेल&सड़क व्यवस्था बदली https://citytoday.co.in/4988 https://citytoday.co.in/4988 Sat, 14 Feb 2026 18:39:13 +0530 news desk MPcg सीएम ने कहा: जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रणनीति तय होती है https://citytoday.co.in/4978 https://citytoday.co.in/4978 Fri, 13 Feb 2026 18:43:44 +0530 news desk MPcg केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट https://citytoday.co.in/4970 https://citytoday.co.in/4970 Thu, 12 Feb 2026 18:46:04 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला, नई दरें जल्द लागू होंगी https://citytoday.co.in/4965 https://citytoday.co.in/4965 Thu, 12 Feb 2026 14:29:42 +0530 news desk MPcg एक हफ्ते में दूसरी बार 5,000 करोड़ का कर्ज, इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज बढ़ा 67,300 करोड़ https://citytoday.co.in/4959 https://citytoday.co.in/4959 भोपाल 

    विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा।

    बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
    अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज

    जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है।

    इसलिए लिया गया कर्ज

    10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं।

    2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज

    -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया।
    -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए।
    -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए।
    -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए।
    -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए।

    -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए।
    -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए।
    -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए।
    -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया।
    -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।
    -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

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    Wed, 11 Feb 2026 15:50:39 +0530 news desk MPcg
    MP में दिन भारी गर्म, रातें ठंडी: भोपाल&इंदौर समेत 15 शहरों में पारा 30°C पार https://citytoday.co.in/4956 https://citytoday.co.in/4956 Wed, 11 Feb 2026 13:19:27 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: आज 6,412 जोड़ें बंधेंगे शादी के बंधन में, मुख्यमंत्री साय देंगे आशीर्वाद https://citytoday.co.in/4952 https://citytoday.co.in/4952 Tue, 10 Feb 2026 15:39:30 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात: अमित शाह देंगे 550 करोड़, बिजली अब होगी सस्ती! https://citytoday.co.in/4946 https://citytoday.co.in/4946 Mon, 09 Feb 2026 13:20:49 +0530 news desk MPcg भोपाल में बड़ी कार्रवाई: आनंद नगर तिराहे से 146 दुकानें ध्वस्त https://citytoday.co.in/4940 https://citytoday.co.in/4940 Fri, 06 Feb 2026 19:21:49 +0530 news desk MPcg एमपी के इस शहर में पहली बार पहुंची रेल, भोपाल&रामगंज मंडी रेल लाइन पर राजगढ़ तक चली उम्मीदों की रेल https://citytoday.co.in/4938 https://citytoday.co.in/4938 Fri, 06 Feb 2026 14:34:08 +0530 news desk MPcg सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय https://citytoday.co.in/4912 https://citytoday.co.in/4912 Tue, 03 Feb 2026 19:03:56 +0530 news desk MPcg CM मोहन यादव का बयान: Union Budget दूरदर्शी, रेलवे में क्रांति की उम्मीद https://citytoday.co.in/4906 https://citytoday.co.in/4906 Tue, 03 Feb 2026 17:49:18 +0530 news desk MPcg आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट& CM डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/4904 https://citytoday.co.in/4904 Tue, 03 Feb 2026 15:53:26 +0530 news desk MPcg शिवराज ने दी रायसेन को खुशखबरी: सरकार से रोप&वे की अनुमति मिली https://citytoday.co.in/4900 https://citytoday.co.in/4900 Tue, 03 Feb 2026 12:48:24 +0530 news desk MPcg नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण : मंत्री पटेल https://citytoday.co.in/4898 https://citytoday.co.in/4898 Mon, 02 Feb 2026 19:41:58 +0530 news desk MPcg कल्पना नगर में बढ़ती वारदातों से दहशत, छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल https://citytoday.co.in/4895 https://citytoday.co.in/4895 Mon, 02 Feb 2026 17:25:42 +0530 news desk MPcg केंद्रीय बजट में MP को झटका: 7500 करोड़ की कमी, 10 शहरों के लिए 5000 करोड़ से होगा विकास https://citytoday.co.in/4894 https://citytoday.co.in/4894 Mon, 02 Feb 2026 16:25:02 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले और कोहरे से बढ़ी परेशानी https://citytoday.co.in/4892 https://citytoday.co.in/4892 Mon, 02 Feb 2026 14:44:56 +0530 news desk MPcg मोबाइल की लत और रात में जागने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा, एम्स भोपाल का चेतावनीपूर्ण शोध https://citytoday.co.in/4854 https://citytoday.co.in/4854 Tue, 27 Jan 2026 15:21:34 +0530 news desk MPcg कैलाश खेर की आवाज़ में गूंजेगा भोपाल, ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का रंगारंग आगाज़ https://citytoday.co.in/4852 https://citytoday.co.in/4852 Tue, 27 Jan 2026 12:46:01 +0530 news desk MPcg मान. अरुण यादव के जन्मदिवस पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सुनील आर्य की अगुवाई में हुआ भव्य स्वागत https://citytoday.co.in/4850 https://citytoday.co.in/4850 Sat, 24 Jan 2026 17:44:09 +0530 news desk MPcg शिवराज की संवेदनशील पहल: दिव्यांग पन्नालाल को भेंट की मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल https://citytoday.co.in/4841 https://citytoday.co.in/4841 Fri, 23 Jan 2026 19:50:34 +0530 news desk MPcg भोपाल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में राजभाषा पर जोरदार संदेश ! https://citytoday.co.in/4835 https://citytoday.co.in/4835 Fri, 23 Jan 2026 12:57:03 +0530 news desk MPcg बिना हेलमेट घर से निकले तो कटेगा चालान, सड़क पर निकलते ही कार्रवाई https://citytoday.co.in/4833 https://citytoday.co.in/4833 Wed, 21 Jan 2026 18:15:39 +0530 news desk MPcg नांदेड़ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 02 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, देखें शेड्यूल https://citytoday.co.in/4831 https://citytoday.co.in/4831 Wed, 21 Jan 2026 14:34:34 +0530 news desk MPcg सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आक्रोश, विजय शाह के खिलाफ सड़क पर उतरी पार्टी https://citytoday.co.in/4823 https://citytoday.co.in/4823 Tue, 20 Jan 2026 16:24:39 +0530 news desk MPcg नर्मदा घाटों पर तैरता अस्पताल ! एमपी सरकार की बड़ी स्वास्थ्य पहल https://citytoday.co.in/4821 https://citytoday.co.in/4821 Tue, 20 Jan 2026 14:27:50 +0530 news desk MPcg सिस्टम की छांव में पनपा ‘असलम चमड़ा’ का साम्राज्य, स्लॉटर हाउस घोटाले से हड़कंप https://citytoday.co.in/4808 https://citytoday.co.in/4808 Sat, 17 Jan 2026 18:52:38 +0530 news desk MPcg लाड़ली बहनों को बड़ी राहत: खातों में पहुंचे 1500 रुपये, गैस सिलेंडर सब्सिडी के 90 करोड़ भी ट्रांसफर https://citytoday.co.in/4800 https://citytoday.co.in/4800 Fri, 16 Jan 2026 20:45:31 +0530 news desk MPcg पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल पटेल https://citytoday.co.in/4799 https://citytoday.co.in/4799 Fri, 16 Jan 2026 19:13:40 +0530 news desk MPcg MP में पारा गिरकर 4.6 डिग्री, कोल्ड वेव का असर: भोपाल&इंदौर भी ठंडे, ग्वालियर&चंबल में कोहरा; 20 के बाद मावठा https://citytoday.co.in/4795 https://citytoday.co.in/4795 Fri, 16 Jan 2026 12:59:17 +0530 news desk MPcg कैबिनेट बैठक में शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव, 5 हजार तक बढ़ सकता है वेतन https://citytoday.co.in/4786 https://citytoday.co.in/4786 Tue, 13 Jan 2026 14:06:04 +0530 news desk MPcg भोपाल स्लॉटर हाउस का काला सच: 26 टन गोमांस, नियमों की खुलेआम हत्या https://citytoday.co.in/4785 https://citytoday.co.in/4785 Tue, 13 Jan 2026 14:02:11 +0530 news desk MPcg भोपाल में गूंजेगा श्री गजानन विजय ग्रंथ का संगीतमय पारायण, श्री दत्त महाराज के चरणों में भक्ति की शाम https://citytoday.co.in/4779 https://citytoday.co.in/4779 Sat, 10 Jan 2026 20:53:18 +0530 news desk MPcg सनातन संस्कृति और एकता का संदेश, भोपाल में होगा ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ https://citytoday.co.in/4772 https://citytoday.co.in/4772 Fri, 09 Jan 2026 18:59:02 +0530 news desk MPcg MP में कड़ाके की ठंड का कहर: भोपाल में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.8°C https://citytoday.co.in/4762 https://citytoday.co.in/4762 Wed, 07 Jan 2026 14:37:09 +0530 news desk MPcg पीएम स्वनिधि 2.0: स्ट्रीट वेंडर्स को पूरी लोन राशि, बैंकों की मनमानी पर ब्रेक https://citytoday.co.in/4759 https://citytoday.co.in/4759 Tue, 06 Jan 2026 13:27:16 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप से बहाल हुई क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी https://citytoday.co.in/4758 https://citytoday.co.in/4758 Tue, 06 Jan 2026 13:22:24 +0530 news desk MPcg AQI 230 पार | भोपाल समेत MP में घना कोहरा, ठंड और प्रदूषण का ट्रिपल अटैक https://citytoday.co.in/4755 https://citytoday.co.in/4755 Mon, 05 Jan 2026 14:48:06 +0530 news desk MPcg MP में कड़ाके की ठंड और कोहरा, 19 जिलों में स्कूलों की छुट्टी, बड़वानी में दूध टैंकर पलटा & एक की मौत https://citytoday.co.in/4753 https://citytoday.co.in/4753 Mon, 05 Jan 2026 14:27:26 +0530 news desk MPcg MSP बढ़ने से सरकार को राहत, किसानों को मिली निराशा, केवल 15 रुपये का बोनस मिलेगा https://citytoday.co.in/4749 https://citytoday.co.in/4749 Sat, 03 Jan 2026 15:12:56 +0530 news desk MPcg भोपाल में दो दिन रहेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, युवाओं&महिलाओं&प्रमुख नागरिकों से करेंगे संवाद https://citytoday.co.in/4744 https://citytoday.co.in/4744 Fri, 02 Jan 2026 14:26:09 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद https://citytoday.co.in/4742 https://citytoday.co.in/4742 Fri, 02 Jan 2026 13:36:29 +0530 news desk MPcg भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी https://citytoday.co.in/4737 https://citytoday.co.in/4737 भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी

    भोपाल
    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। बुधवार 31 दिसंबर को 4345 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।

    सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था।

    इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था।

    इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए , 12 दिसंबर को 4202 रुपए , 13 दिसंबर को 4204 रुपए , 14 दिसंबर को 4208 रुपए , 15 दिसंबर को 4208 रुपए , 16 दिसंबर को 4209 रुपए , 17 दिसंबर को 4205 रुपए , 18 दिसंबर को 4195 रुपए , 19 दिसंबर को 4201 रुपए , 20 दिसंबर को 4191 रुपए , 21 दिसंबर को 4193 रुपए , 22 दिसंबर को 4194 रुपए , 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए , 25 दिसंबर को 4235 रुपए , 26 दिसंबर को 4257 रुपए , 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए , 29 दिसंबर को 4267 रुपए और 30 दिसंबर को 4296 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

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    Wed, 31 Dec 2025 19:37:46 +0530 news desk MPcg
    शिवराज सिंह चौहान का MNREGA पर तंज, G RAM G बिल के फायदे गिनाए और CM डॉ. मोहन की तारीफ की https://citytoday.co.in/4730 https://citytoday.co.in/4730 भोपाल 

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था।

    ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था। 

    प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है। 

    G RAM G में रहेगी पारदर्शिता

    उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है। 

    ‘पंजाब में बहुत करप्शन’ 

    शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता। 

    अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की

    शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए। 

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    Wed, 31 Dec 2025 14:34:08 +0530 news desk MPcg
    मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना https://citytoday.co.in/4724 https://citytoday.co.in/4724 मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना

    मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक

    भोपाल 

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मंडी प्रांगणों को कृषक उन्मुख बनाये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाये। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी विपणन व्यवस्था एवं फसलों का उचित मूल्य दिलाना भी सुनिश्चित किया जाये। कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किये गये। बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास निशांत बरबड़े, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, पंजीयन सहकारी संस्था तथा मंडी बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव

        किराये के वाहनों के देयक भुगतान की संचालक मंडल से स्वीकृति।

        म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटित वाहनों में माह अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक अवधि में पात्रता से अधिक डीजल/पेट्रोल व्यय की स्वीकृति।

        भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम में खरीफ वर्ष 2025 के लिये सोयाबीन भावांतर भुगतान।

        योजना के सतत् क्रियान्वयन के लिये ऋण लिये जाने की स्वीकृति बावत्।

        राष्ट्रीय कृषि बाजार योजनांतर्गत / राष्ट्रीय कृषि विकास योजना / बोर्ड निधि मद अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट एपीएमसी में क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग फेसिलिटी के संबंध में।

        किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सह अध्यक्ष मंडी बोर्ड से प्राप्त प्रस्ताव के अनुक्रम में बोर्ड निधि मद स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।

        प्रदेश अंतर्गत विभिन्न मण्डी समितियों में बोर्ड निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।

        प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये वित्तपोषण बोर्ड निधि मद से करने सम्बन्धी अनुमोदन।

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    Mon, 29 Dec 2025 19:59:14 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो में सख्ती: नो डिस्टरबेंस जोन के नियमों का उल्लंघन, 6 महीने से 1 साल तक की सजा https://citytoday.co.in/4721 https://citytoday.co.in/4721 भोपाल 

    भोपाल मेट्रो के शुरू होते ही प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहता, इसी का नतीजा है कि यात्रियों की सुविधाओं के साथ ही प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मेट्रो प्रबंधन ने प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। ये वही पोस्टर हैं, जिनपर लिखा है… भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने की जेल और जुर्माने समेत दोनों के तहत दंड दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। मेट्रो भोपाल में सफर करने से पहले… क्या करें और क्या न करें…?

    परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत होगी सजा

    इन पोस्टर्स पर लिखे गए नियमों को लेकर यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि वे किसी भी नियम का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के मुताबिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है।

    इन गतिविधियों पर रोक

    इन पोस्टर्स पर स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि मेट्रो परिसर में और ट्रेन में भीख मांगना, भीड़ जुटाना या किसी भी तरह की नारेबाजी, उत्पादों की मांग करना और किसी भी तरह की सामुहिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।

    धारा 62 रहेगी लागू

    यहां मेट्रो अधिनियम की धारा 62 भी लागू की गई है। इसके तहत मेट्रो परिसर में प्रदर्शन करने, लिखने, चिपकाने और निर्देशों का पालन न करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना और यात्री को ट्रेन से बाहर करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा मेट्रो परिसर में या ट्रेन में पालतू जानवरों को लाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होंगी।

    धारा 73 के तहत सामान बेचा तो जुर्माना

    भीड़ और अव्यवस्था को रोक्ने के लिए मेट्रो परिसर में भीख मांगना, सामान बेचना या यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान करने पर भी सख्ती से निपटा जाएगा। धारा 73 के तहत मेट्रो परिसर में अनाधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

    प्रबंधन ने की अपील, कतार में रहें

    मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे मेट्रो परिसर में कतार में रहें। अपने सामान का ध्यान रखें। टिकट जांच के समय अधिकृत कर्मचारी को ही टिकट दिखाएं, जरूरत पड़ने पर मेट्रो सुरक्षा और ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें।

    यहां पढ़ें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सख्त नियम

    मेट्रो ट्रैक पर उतरने या चलने पर धारा 64-2 के तहत 6 महीने की जेल या 500 रुपए का जुर्माना

    महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल या 250 रुपए जुर्माना
    इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग करने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना
    ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वाले पर 1000 रुपए का जुर्माना और 1 साल की जेल का प्रावधान

    मेट्रो अधिनियम 2002 के तहत ये धाराएं लागू

    धारा- 59:भोपाल मेट्रो या मेट्रो परिसर में शराब पीना, उपद्रव करना, ट्रेन में फर्श पर बैठना, थूकना या झगड़ा करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। टिकट या पास जब्त किया जा सकता है, ट्रेन से बाहर भी निकाला जा सकता है।

    धारा 60: आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर 200 रुपए का जुर्माना।

    धारा 62: रेलवे पर प्रदर्शन करने, कोच में लिखने/चिपकाने या हटने से इनकार करने पर 500 रुपए का जुर्माना और ट्रेन से बाहर निकाला जाना

    धारा 63: मेच्रो की छत पर यात्रा करने पर 5 हजार का जुर्माना

    धारा 64-1: महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल औऱ 250 रुपए जुर्माने का या दोनों का प्रावधान

    धारा 64-2: मेट्रो ट्रेक पर अवैध प्रवेश, पैदल चलने पर 69 महीने की जेल या 500 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा

    धारा 68: ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के कार्य में बाधा डाले जाने पर 1 साल की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों।

    धारा 69: बिना वैध पास या टिकट के यात्रा करने पर 50 रुपए का सरचार्ज और तय किराये का अधिकतम किराया देना होगा।

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    Mon, 29 Dec 2025 18:10:22 +0530 news desk MPcg
    नए साल में 15% महंगा होगा बिजली बिल, मप्र में बदलेगा बिलिंग फार्मूला https://citytoday.co.in/4719 https://citytoday.co.in/4719 भोपाल 

    नए साल में शहर के 33 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगेगा। बिजली कंपनी ने बिलिंग फार्मूले में परिवर्तन करते हुए किलोवॉट की जगह किलो वोल्ट एम्पियर से बिलिंग का फार्मूला लागू करने का फैसला लिया है। इसके असर यह होगा कि अनुपयोगी बिजली का बिल बनेगा और उपभोक्ता से इसकी वसूली की जाएगी। इसका सबसे ज्यादा असर बड़े संस्थान, उद्योग उपभोक्ताओं पर आएगा।

    इससे इनका बिजली बिल पंद्रह फीसदी तक बढ़ जाएगा। बिजली दर बढ़ाने का या पिछले दरवाजे का रास्ता है। मप्र विद्युत नियामक आयोग को कंपनी ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित टैरिफ में इसे प्रस्तावित किया है। केवीए को प्रकट शक्ति यानी अपेरेंट पावर भी कहते हैं। ये सप्लाई की गई कुल बिजली है।

    प्रस्ताव आयोग को दिया

    कंपनी ने अपना एआरआर प्रस्ताव आयोग को दिया है। इसमें तमाम तरह के प्रस्ताव है। आयोग के निर्णय के आधार पर ही दर और तरीका तय होगा। – क्षितिज सिंघल, एमडी, मध्यक्षेत्र

    ऐसे समझें पूरा हिसाब

    बिजली का बिल किलोवॉट की बजाय किलो वोल्ट एम्पीयर के आधार पर बनाना तय किया जा रहा है। किलोवॉट बिजली की वास्तविक खपत को बताता है, जबकि किलो-वोल्ट एम्पीयर लॉस वाली बिजली का भी आंकलन करता है।

    यदि पुराने उपकरण, वायरिंग से परिसर में बिजली का तकनीकी हानि होती है तो वह भी उपभोक्ताओं के बिल में जुड़ जाएगी। अभी एचटी उपभोक्ताओं के बिल इससे बनेंगे, धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं तक भी इसे बढ़ाएंगे। जिले में फिलहाल 33000 एचटी उपभोक्ता इसके दायरे में रहेंगे।

    बिजली कंपनी को ये लाभ

    लाइन लॉस कम।
    ट्रांसफॉर्मर व केबल पर कम दबाव।
    सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

    बिल केवीए पर शिफ्ट

    इसका उद्देश्य है पावर फैक्टर सुधारना।
    ग्रिड पर अनावश्यक लोड कम करना।
    बिजली आपूर्ति को अधिक कुशल बनाना।
    उपभोक्ता को तकनीकी रूप से जिम्मेदार बनाना।

    जिले में बिजली लाइन के तकनीकी लॉस को घटाने 15 साल में 3000 करोड़ खर्च कर चुके हैं। इससे एचवीडीएस सिस्टम विकसित करने से लेकर नई लाइन बिछाने, फीडर सेपरेशन समेत ट्रांसफार्मर – सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि तक की गई। ये औसत 15 फीसदी है जो बिलिंग सिस्टम बदलने से ग्राहक की जेब पर शिफ्ट हो जाएगा।

    लापरवाही से बढ़ेगा बिल

    केवीए आधार पर बिलिंग से वही उपभोक्ता लाभ में रहेंगे जो सही तरीके से बिजली का उपयोग करेंगे। लापरवाही करने वालों का बिल बढ़ेगा। यदि किसी परिसर में बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर, वायरिंग, उपकरण नए व बेहतर है तो किलोवॉट व केवीए एक समान रहेंगे। यहां बिल में अंतर नहीं होगा। जहां पुराने उपकरण, पुरानी वायरिंग है वहां बिजली का पॉवर फैक्टर खराब होगा। केवीए और किलोवॉट में अंतर होगा। इससे बिल बढ़ेगा।

    बीएमसी ने नहीं भरा बिजली बिल, बिजली कटी

    राजधानी के कोटरा क्षेत्र स्थित पीएम आवास योजना के गंगानगर में निगम न बिल का भुगतान नहीं करने से बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया। इससे रविवार को ब्लॉक सी-1 और सी-3 की लिफ्ट 10 घंटे तक बंद रहीं। नौ मंजिला इमारत में रहने वाले रहवासियों, विशेषकर जैसे बने रहे। रहवासियों के बुजुर्ग और मरीज दिनभर बंधक अनुसार रविवार 12 बजे अचानक लिफ्ट बंद हो गई। जब लिफ्ट मेंटेनेंस स्टाफ से संपर्क किया तो पता चला कि बिजली बिल बकाया होने से सप्लाई काट दी है।

    काफी हंगामे और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम 6 बजे बिजली बहाल हुई। ब्लॉक सी-1 के फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले 62 वर्षीय परशुराम कुम्हरे ने बताया कि उनकी पत्नी की हाल ही में सर्जरी हुई है। लिफ्ट बंद होने से पत्नी को सीढ़ियों से ले जाने में भारी दिक्कतें हुई। इस मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त तन्मय शर्मा का कहना है कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार रहवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी

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    Mon, 29 Dec 2025 16:29:39 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन , दिग्विजय सिंह का संदेश : कार्यकर्ता ही कांग्रेस की असली ताकत ! https://citytoday.co.in/4714 https://citytoday.co.in/4714

    जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को धार देने पर गहन मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की, जबकि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    बैठक में सह प्रभारी संजय दत्त, ऊषा नायडू, संजना जाटव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। नेताओं ने संगठनात्मक अनुशासन, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने, आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने पर जोर दिया।

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है और जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाना समय की जरूरत है। वहीं जीतू पटवारी ने आगामी कार्यक्रमों और आंदोलनात्मक रणनीतियों की रूपरेखा रखते हुए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।

    बैठक में संगठन को नई दिशा देने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। नेताओं ने साफ किया कि आने वाले समय में कांग्रेस जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों पर संघर्ष करेगी और सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का काम करेगी। 

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    Sat, 27 Dec 2025 16:39:27 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के टिंबर मार्केट में भीषण आग, 4 घायल, 22 दमकलों ने पाया काबू https://citytoday.co.in/4713 https://citytoday.co.in/4713 Sat, 27 Dec 2025 14:33:05 +0530 news desk MPcg भोपाल एयरपोर्ट देश में पहले स्थान पर, खजुराहो ने भी बराबरी की https://citytoday.co.in/4711 https://citytoday.co.in/4711 भोपाल
     भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे) में लगातार दूसरी बार नंबर एक का दर्जा प्राप्त किया है। देश के 58 हवाई अड्डों पर हुए सर्व में भोपाल अव्वल रहा है। प्रदेश के कम एयर ट्रैफिक वाले खजुराहो एयरपोर्ट को भी पहला स्थान मिला है। ग्वालियर छह एवं जबलपुर एयरपोर्ट सातवें स्थान पर रहा है। इस सर्वे में इंदौर शामिल नहीं था। भोपाल श्रेणी तीन हवाई अड्डा है, जहां यात्री संख्या 15 लाख से अधिक है।

    एयरपोर्ट कांउसिल द्वारा निर्धारित सर्विस क्वालिटी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी साल में दो बार सीएसआइ इंडेक्स जारी करती है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यात्रियों से सीधे बातचीत के आधार पर हुए सर्वे में भोपाल को लगभग हर पैरामीटर पर पूरे नंबर मिले हैं। ओवरआल रैंकिंग के लिए पांच में 4.99 नंबर मिले हैं। इसी आधार पर भोपाल और खजुराहो को नंबर एक दर्जा मिला है।

    राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में इंटरनेशनल मापदंड के अनुरूप डिजी यात्रा सुविधा मिली है। ग्राउंड हैंडलिंग, चेक इन सेवाओं एवं फ्लाइट स्क्रीन सूचना सेवा को आसान बनाया गया है। हाल में 'आइ हेल्प यू' कांउटर बना है। फ्लाइब्रेरी एवं केटेगरी-2 आइएलएस सिस्टम लगा है इसका असर सर्वे में नजर आया है।

    कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान

    राजा भोज एयरपोर्ट का फ्लाइट शेड्यूल पैंसेजर फ्रेंडली है। भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से देश-विदेश की कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान हैं। इस बिंदु पर यात्रियों ने भोपाल को पांच में से पूरे पांच नंबर दिए हैं। शापिंग सुविधाएं, मनी एक्सचेंज एवं एयरपोर्ट तक ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, 24 घंटे पार्किंग सुविधा, चेक इन में प्रतीक्षा समय कम लगना, चेक इन स्टाफ की दक्षता, सिक्युरिटी होल्ड एरिया में खानपान एवं शापिंग सुविधा सहित अधिकांश बिंदुओं पर यात्रियों ने पिछली बार के मुकाबले भोपाल को पूरे नंबर दिए हैं।

    एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले साल ही लाउंज पर यात्री सहायता काउंटर स्थापित किया था। इस कांउटर पर आने वाले हर यात्री की मदद की जाती है। सीआईएसएफ के जवानों को भी ट्रेंड किया गया है। यात्रियों ने इसी आधार पर भोपाल को भरपूर नंबर दिए हैं। भोपाल के एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी एवं खजुरोहो के एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोषसिंह ने सर्वे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाएं जारी रखने की बात कही है।

    जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा हुआ

        हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि है किसर्वेक्षण में यात्रियों ने हमें लगभग हर सुविधा पर पूरे नंबर दिए हैं। मे आई हेल्प यू काउंटर खुलने के बाद पहली बार यात्रा करने वालों को भी कोई परेशानी नहीं होती। लाउंज से सिक्युरिटी होल्ड एरिया तक हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। यात्री भी बढ़े हैं। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर भोपाल

     

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    Sat, 27 Dec 2025 14:27:58 +0530 news desk MPcg
    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से प्रदेश कांग्रेस सचिव सुनील आर्य की शिष्टाचार भेंट https://citytoday.co.in/4708 https://citytoday.co.in/4708 Sat, 27 Dec 2025 13:27:04 +0530 news desk MPcg MP में सख्ती की तैयारी: बिना हेलमेट वाहन चलाया तो अब देना होगा 500 रुपये का जुर्माना https://citytoday.co.in/4698 https://citytoday.co.in/4698 भोपाल
    प्रदेश में हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। हेलमेट नहीं लगाने पर अब 300 की जगह 500 रुपये अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव है। वाहन चालक हो या पीछे बैठने वाला दोनों के लिए 500-500 रुपये अर्थंदड का प्रविधान किया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे शीघ्र ही स्वीकृति के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।

    प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं
    अधिकारियों के अनुसार जनवरी, 2026 से नए प्रविधान लागू हो सकते हैं। एमपी में भी लगभग तीन वर्ष पहले अर्थदंड बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, पर कुछ मंत्रियों ने यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इस कारण इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें दोपहिया वाहन सवार जितने लोगों की मौत होती हैं, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक बिना हेलमेट वाले होते हैं।
     
    6541 लोग बिना हेलमेट के थे
    इस कारण अर्थदंड बढ़ाने की तैयारी है। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले से चालान 500 रुपये है। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली गई, जिनमें 6541 लोग बिना हेलमेट के थे। ये वाहन चालक या पीछे बैठने वाले थे। पड़ोसी राज्यों की तुलना में एमपी में हेलमेट नहीं पहनने पर अर्थदंड बहुत कम है।

    यूपी और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड
    उत्तर प्रदेश और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने भी इस वर्ष दो बार प्रदेश का दौरा किया, जिसमें नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 15-20 दिन के भीतर हेलमेट नहीं लगाने पर अर्थदंड बढ़ाने की अधिसूचना जारी हो सकती है।

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    Fri, 26 Dec 2025 14:16:29 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में ठंड का असर: 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम, पचमढ़ी सबसे ठंडा https://citytoday.co.in/4689 https://citytoday.co.in/4689 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में कोहरे का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होगी। ऐसे में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ट्रेनों पर कोहरे की मार जारी, सफर हो रहा परेशानकोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से कई ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर भी वाहन चलाना जोखिम भरा बना हुआ है।

    आज सुबह कहां-कहां दिखा कोहरा
    गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा देखा गया। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिन कोहरे की तीव्रता घटेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिन मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग का अपडेट और आगे की चेतावनी

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन कोहरे का असर कम रहेगा, लेकिन ठंड में वृद्धि होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अगले पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जिससे सर्द हवाओं के चलते ठंड और बढ़ सकती है।

    प्रदेश के सबसे ठंडे शहर
    पचमढ़ी: 3.8 डिग्री
    कल्याणपुर (शहडोल): 6.3 डिग्री
    नौगांव: 7 डिग्री
    राजगढ़: 7.4 डिग्री
    मलाजखंड: 7.6 डिग्री
    रीवा: 8.2 डिग्री
    उमरिया: 8.3 डिग्री
    रायसेन, छिंदवाड़ा, मंडला: 9 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    टीकमगढ़: 9.8 डिग्री

    हिमालयी सिस्टम का असर,ठंड और बढ़ेगी
    मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और ठंड और तीखी होगी। फिलहाल भी उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर, भोपाल, राजगढ़ और शाजापुर में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है।

    सबसे पहले जानते हैं, आज कैसा है मौसम गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा रहा। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। अगले 2 दिन तक कोहरे का असर तो कम रहेगा, लेकिन ठंड का असर बढ़ जाएगा।

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिन तक मौसम साफ रहेगा और कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है।

    कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटा तक लेट हो रही है। इनमें मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें शामिल हैं।

    कल्याणपुर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार पचमढ़ी में इतना कम तापमान रहा है। कल्याणपुर में यह 6.3 डिग्री रहा। यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा।

    नौगांव में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, उमरिया में 8.3 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा-मंडला में 9 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और टीकमगढ़ में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बुधवार की सुबह कई शहरों में घने कोहरे से राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव में असर ज्यादा देखा गया। वहीं, ट्रेनों के डिले होने की टाइमिंग में भी कमी आई है।

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    Thu, 25 Dec 2025 14:03:59 +0530 news desk MPcg
    Major administrative reshuffle in Madhya Pradesh: 64 officers transferred simultaneously https://citytoday.co.in/4688 https://citytoday.co.in/4688 भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में 5 दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों के कार्यभार में बड़ा बदलाव किया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक ही आदेश में 64 असिस्टेंट और सब इंजीनियरों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।

    यह फैसला नगर परिषद की बैठक में पार्षदों की लिखित शिकायतों के बाद लिया गया है। पार्षदों का आरोप था कि पिछले चार महीनों से इंजीनियर न तो वार्ड में काम कर रहे थे और न ही जनसमस्याओं पर ध्यान दे रहे थे।

    अतिक्रमण हटाने पर फोकस, विशेष टीमों का गठन

    नए सेटअप में कार्यपालन यंत्रियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्हें सिविल कार्यों के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो तेजी से कार्रवाई करेंगी।

    जोनल अधिकारियों के भी तबादले

    फेरबदल के तहत कई जोनल अधिकारियों को भी इधर-उधर किया गया है।

    विजय शाक्य को जोन-14 का सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया

    अंकित गौतम, संदीप मंडलेकर और भावना पटेरिया को अलग-अलग जोन में एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई

    मेट्रोपॉलिटन रीजन से पहले निगम का नया सेटअप

    भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के ड्राफ्ट से पहले नगर निगम का यह नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए—

    बृजेश कौशल – गोविंदपुरा

    अनिल टटवाड़े – मध्य एवं उत्तर विधानसभा

    एसके राजेश – दक्षिण-पश्चिम एवं हुजूर

    अनिल कुमार साहनी – नरेला विधानसभा

    को सिविल शाखा और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    झील संरक्षण और उद्यान विभाग को भी नई कमान

    कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय को नरेला से हटाकर झील संरक्षण प्रकोष्ठ, उद्यान विभाग और प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    चार महीने से चल रहा था विवाद

    गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा इंजीनियरों के विभाग बदले जाने के बाद से लगातार विवाद बना हुआ था। पार्षदों का कहना था कि इंजीनियर न तो उनके वार्ड में पहुंच रहे थे और न ही विकास कार्यों में रुचि ले रहे थे।

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    Thu, 25 Dec 2025 14:00:22 +0530 news desk MPcg
    अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में दिखेगी प्रदेश के आर्थिक विकास की समग्र तस्वीर https://citytoday.co.in/4674 https://citytoday.co.in/4674 अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में दिखेगी प्रदेश के आर्थिक विकास की समग्र तस्वीर

    निवेश से रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश का औद्योगिक विकास
    केन्द्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में होंगे शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। इसी उद्देश्य से 25 दिसंबर को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार” का आयोजन किया जाएगा। यह ग्रोथ समिट प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार आधारित विकास की समग्र तस्वीर को प्रदर्शित करने वाला सबसे प्रभावी मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन के अनुरूप इस समिट में औद्योगिक निवेश के साथ उत्पादन और रोजगार के सृजन पर भी फोकस किया जायेगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे। उनकी सहभागिता यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास मॉडल केंद्र की प्राथमिकताओं के अनुरूप है और प्रदेश में निवेश सुरक्षित, पारदर्शी और लाभकारी तरीके से लागू किया जाएगा।

    निवेश को जमीन पर उतारने का मंच

    ग्रोथ समिट के दौरान 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर आधारित भूमि आवंटन और अनुमोदन संबंधी निर्णय लिये जायेंगे। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों के शुभारंभ से प्रदेश में उत्पादन और उद्योग गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी व्यापक रूप से विकसित होंगे और युवाओं के लिए नई संभावनाएँ उत्पन्न होंगी।

    कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल-क्लिक प्रणाली के माध्यम से प्रोत्साहन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से निवेशक परियोजनाएँ तेजी से शुरू कर पाएंगे और औद्योगिक इकाइयों को समय पर समर्थन मिलेगा।

    रोजगार और युवाओं का सशक्तिकरण

    ग्रोथ समिट का उद्देश्य केवल निवेश नहीं, बल्कि रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नए उद्योगों के साथ-साथ रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। रोजगार पाने वाले युवाओं को मंच से प्रोत्साहन देने से उनके आत्मविश्वास और उत्पादनशीलता में वृद्धि होगी।

    एमएसएमई, कौशल विकास और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान

    समिट में एमएसएमई, स्टार्टअप्स, आईटी-आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन, डिफेंस और फार्मा जैसे क्षेत्रीय और निर्यात आधारित उद्योगों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन पर केंद्रित सत्र यह दिखाएंगे कि प्रदेश सरकार कुशल मानव संसाधन तैयार करने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगार अवसर प्रदान करने पर समान रूप से ध्यान दे रही है।

    औद्योगिक प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की ताकत

    कार्यक्रम स्थल पर औद्योगिक परियोजनाओं, अधोसंरचना और निवेश से जुड़े विभागीय कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक अवसर, निवेश के प्रस्ताव, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों और आमजन को दी जाएगी। इससे निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए भरोसा मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

    सतत औद्योगिक और आर्थिक विकास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह ग्रोथ समिट यह सुनिश्चित करेगा कि निवेश केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे। निवेश को उद्योग स्थापना, उत्पादन, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में बदला जाएगा। यह समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और कौशल विकास एक साथ बढ़ें। समिट के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए सुविधाजनक माहौल है, उद्योगों को गति मिलेगी और युवाओं को स्थायी रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे।

    समग्र प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व

    ग्रोथ समिट न केवल प्रदेश के निवेश और उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं और नीति स्थिरता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की सहभागिता इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनाएगी।

    अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार प्रदेश की औद्योगिक नीति और रोजगार सृजन दृष्टि का सबसे बड़ा और प्रभावी मंच साबित होगा। यह आयोजन निवेशकों को भरोसा, उद्योगों को गति और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करके मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त, रोजगारोन्मुख और निवेश-फ्रेण्डली राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

     

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    Wed, 24 Dec 2025 12:11:24 +0530 news desk MPcg
    कौशल और रोजगार से गढ़ी जा रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत : मंत्री गौतम टेटवाल https://citytoday.co.in/4663 https://citytoday.co.in/4663 अभ्युदय मध्यप्रदेश
    कौशल और रोजगार से गढ़ी जा रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत : मंत्री गौतम टेटवाल

    आईटीआई में रिकॉर्ड प्रवेश और युवाओं का हुआ वैश्विक प्लेसमेंट

    भोपाल

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पत्रकार वार्ता में विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियां को साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने कौशल और रोजगार के क्षेत्र में ठोस, परिणाममुखी और राष्ट्र स्तर पर प्रशंसित उपलब्धियाँ हासिल की हैं।मंत्री टेटवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ और आगामी तीन वर्षों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रमाण हैं।

    सत्र 2025 में प्रदेश के आईटीआई में एक लाख से अधिक प्रशिक्षणार्थी परीक्षाओं में सम्मिलित हुए और विभिन्न ट्रेडों में दस प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। विगत दो वर्षों में शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाना तथा शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई, बैतूल की प्रशिक्षणार्थी कु. त्रिशा तावड़े को 4 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में सम्मानित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

    विश्व कौशल प्रतियोगिता 2024 में प्रदेश के प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 कांस्य और 11 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस (लियॉन) में एक मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस अर्जित किया गया, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रमाण है। वर्ष 2025 में शासकीय आईटीआई के प्रवेश में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई; कुल सीटें बढ़ाकर 52,248 की गईं और 94.55% सीटें भरी गईं, जो वर्ष 2024 के 86.33% की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्शाती है। महिला आरक्षण बढ़ाकर 35% करने तथा समावेशी प्रवेश नीतियों के कारण महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या बढ़कर 12,191 हुई, जबकि वर्ष 2024 में यह 9,655 थी।

    समावेशिता और नवप्रवर्तन विभाग की प्राथमिकता है । इस वर्ष 490 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों और बाल देखरेख संस्थाओं के 16 बच्चों ने आईटीआई में प्रवेश लिया। आठवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए ट्रेडों की संख्या 5 से बढ़ाकर 10 की गई तथा इन ट्रेडों में 8,041 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रदेश के आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण का प्रमाण यह है कि इस वर्ष बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित आठ राज्यों के विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश के आईटीआई में प्रवेश लिया।

    आईटीआई ग्रेडिंग में प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 10 में से 9 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए और शासकीय संभागीय आईटीआई, उज्जैन ने नौ दशमलव तीन अंक के साथ प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। आईआईटी दिल्ली के सहयोग से उज्जैन, भोपाल और जबलपुर में एआई, आईओटी, ब्लॉकचेन तथा एआर-वीआर पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं तथा टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा फाइव-जी टेक्नोलॉजी में 400 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत नौ आईटीआई में एआई डेटा लैब्स स्थापित करने के अनुबंध सुनिश्चित किए गए हैं।

    उद्योग-सीएसआर साझेदारी से प्रशिक्षण अवसंरचना सुदृढ़ हुई है; मारुति सुजुकी द्वारा आईटीआई भोपाल व जबलपुर में आधुनिक लैब का निर्माण पाँच करोड़ रु. की लागत से किया गया, सिमेंस ने आईटीआई उज्जैन में साठ लाख रुपए. की मेन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की, जैगुआर फाउंडेशन ने आईटीआई भोपाल में पंद्रह लाख रु. की प्लम्बिंग स्किल लैब विकसित की तथा श्री-ट्रस्ट ने 20 आईटीआई में इलेक्ट्रिकल, सोलर और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन लैब स्थापित कीं। वाधवानी फाउण्डेशन, क्वेस्ट अलाईंस और इग्नाइट परियोजना के माध्यम से हजारों प्रशिक्षणार्थियों को एम्प्लॉयबिलिटी स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इंडस्ट्री-अकादेमिया कंसल्टेशन वर्कशॉप 14 स्थानों पर आयोजित कर प्रशिक्षण एवं उद्योग आवश्यकताओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।

    संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में वर्ष 2025 में 1,100 प्रशिक्षणार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया, जिनमें 80% आईटीआई प्रशिक्षणार्थी और 20% पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग प्रशिक्षणार्थी हैं; ग्लोबल स्किल पार्क से अब तक 600 प्रशिक्षणार्थियों का सफल प्लेसमेंट हुआ है जिनमें 29 को विदेशी नियोजन प्राप्त हुआ और यह पार्क उच्च प्लेसमेंट प्रतिशत के साथ प्रदेश की पहचान बन चुका है। विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, हब-एंड-स्पोक मॉडल और उद्योगों के साथ समन्वय के तहत अधिकारियों तथा अभ्यर्थियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    विगत दो वर्षों में विभागीय संस्थागत क्षमता मजबूत करने हेतु अनेक नियुक्तियाँ की गईं तथा अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट को प्रोत्साहन देते हुए आईटीआई उत्तीर्ण 113 प्रशिक्षणार्थियों को अबूधाबी, जापान, स्लोवाकिया, कुवैत सहित विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार, रोजगार और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने के लिए प्रतिमाह युवा संगम आयोजित किए जा रहे हैं; विगत दो वर्षों में 656 युवा संगमों के माध्यम से कुल 1,56,767 आवेदकों को रोजगार से जोड़ा गया।

    राज्यमंत्री टेटवाल ने जानकारी दी किआगामी तीन वर्षों की समग्र रूपरेखा में प्रदेश के आईटीआई विहीन 51 विकासखंडों में नये शासकीय आईटीआई की स्थापना, रिक्त पदों की पूर्ति, पीएम सेतु योजना के तहत क्लस्टर विकास, सीएसआर सहयोग से आधुनिक स्किल लैब का विस्तार, अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट का बढ़ावा, विश्व कौशल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रशिक्षकों के लिए पुरस्कार प्रोत्साहन प्रमुख उद्देश्य होंगे। साथ ही, ग्रीन एनर्जी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुरूप नए कोर्स और प्रशिक्षण शुरू कर प्रदेश के युवाओं को आने वाले हरित व स्वचालित रोजगार बाजार के लिये तैयार किया जा रहा है।

    राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि ये उपलब्धियाँ हमारे सामूहिक परिश्रम, समर्पण और साझेदारी का नतीजा हैं और कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए प्रदेश को रोजगार का नया मानक बनाना है।

     

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    Tue, 23 Dec 2025 12:55:43 +0530 news desk MPcg
    भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4662 https://citytoday.co.in/4662 भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के पहले भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया का मैप भी हुआ लांच, पड़ोसी पांच जिलों का क्षेत्र होगा शामिल
    केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में शामिल होंगे
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले सभी मंत्रीगण को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बीते सप्ताह मध्यप्रदेश को कई नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की विशिष्ट उपस्थिति में न केवल भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ वरन् प्रदेश के पहले भोपाल महानगरीय क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन एरिया) का मैप (मानचित्र) भी लांच कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया में भोपाल जिले सहित सीमावर्ती 5 जिलों रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम का क्षेत्र शामिल किया गया है। इस एरिया में कुल 12 नगरीय क्षेत्र और 30 तहसीलें शामिल की गई हैं। मेट्रोपोलिटन एरिया में लगभग 2524 गांव शामिल होंगे और इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 12,099 वर्ग किलोमीटर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश को दिन-ब-दिन मिल रही नई-नई सौगातों के लिए सभी मंत्रीगण ने मेंजें थप-थपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया।

    भोपाल को मिली मेट्रो

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि भोपाल को मेट्रो की सौगात मिली है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल द्वारा 20 दिसम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 7 किमी का मेट्रो ट्रेक सुभाष नगर से एम्स तक का है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर इन्दौर और भोपाल अब मेट्रो ट्रेन अल्ट्रा माडर्न पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इन्दौर में 3.3 किमी के अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन ट्रेक के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इन सभी सौगातों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 दिसम्बर को करेंगे धार एवं बैतूल में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर चार मेडिकल कॉलेज तैयार किए जाएंगे। इनमें से धार एवं बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भूमिपूजन 23 दिसम्बर को धार एवं बैतूल में सम्पन्न होगा। मंगलवार (23 दिसम्बर) को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा पीपीपी मॉडल पर बनने वाले दो मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नड्डा पूर्वान्ह में धार में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण करने के बाद वहीं से बैतूल रवाना होंगे। नड्डा अपरान्ह में बैतूल में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिये भी प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री नड्डा का आभार माना।

    केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर एवं रीवा आएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 25 दिसम्बर को मध्यप्रदेश आएंगे। गृहमंत्री शाह भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर ग्वालियर एवं रीवा में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृहमंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में भाग लेंगे। केंद्रीय मंत्री शाह ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के कामों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ-साथ निवेशकों को आशय पत्र/आवंटन आदेश का वितरण भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री यहां एक मेले का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वे रीवा पहुंचेगे और वहां आयोजित कृषि एवं किसान सम्मेलन में भाग लेंगे।

    11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11वां अन्तर्राष्ट्रीय वन मेला भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 23 दिसम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ ने भी मेले में सहभागिता की है। इसमें हर्बल एवं आयुर्वेदिक दवाओं के 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये है। 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 से अधिक वैद्य सेवाएं दे रहे हैं। वन मेले में 26 फूड स्टॉल भी है। जिसमें आलीराजपुर का दाल पानिया, छिंदवाड़ा की वन रसोई और बांधवगढ़ के गोड़ी व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को मिल रहा है।

    मंत्रीगण दे रहे हैं दो साल की उपलब्धियों की जानकारी – 30 दिसम्बर तक मंत्रीगण करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के सभी मंत्रीगण दो साल की उपलब्धियों की विभागीय जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस का यह क्रम 30 दिसम्बर तक चलेगा। अभी तक वित्त एवं वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, राजस्व विभाग एवं ऊर्जा विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण भी कर लें और पूरी तैयारी से अपने विभाग की विगत दो सालों की उपलब्धियों को मीडिया को बतायें, ताकि सरकार की उपलब्धियां अधिक से अधिक जन सामान्य तक पहुंचें।

    230 विधानसभा क्षेत्रों में से 193 विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम चयनित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृन्दावन ग्राम के संबंध में मंत्रीगण को बताया कि सरकार ने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक वृन्दावन ग्राम बनाने की महती योजना प्रारंभ की है। इसमें ऐसे गांव का चयन करना है, जिसकी वर्तमान जनसंख्या कम से कम 2000 हो और गौवंश की न्यूनतम संख्या 500 तक हो। इन गांवों का चयन हर विधानसभा क्षेत्र में जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण से परामर्श लेकर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 230 विधानसभा क्षेत्रों में से अबतक 193 विधानसभा क्षेत्रों में का वृन्दावन ग्राम चयनित कर लिए गए हैं। मात्र 37 विधानसभा क्षेत्रों में यह काम होना शेष है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्री गण से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार के जिलों में शेष विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम का चयन शीघ्रातिशीघ्र कर लें। उन्होंने बताया कि इस योजना में जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में एक अनुश्रवण समिति भी है, जिसकी हर तीन माह में एक बैठक करना अनिवार्य है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे यह सुनिश्विचत कर लें कि इस समिति की बैठक नियमित रूप से हों।

    जिला विकास सलाहकार समिति सहित अन्य समितियों की बैठकें जनवरी माह में कर लें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने अपने प्रभार के जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण समितियां (जिनमें जिले के विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाते हैं) की बैठकें आगामी 1 से 24 जनवरी 2026 के दौरान अनिवार्य रूप से कर लें। उन्होंने कहा कि जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण समितियां होती हैं जिनकी अध्यक्षता प्रभारी मंत्री ही करते है। अत: जिला विकास सलाहकार समिति (उपाध्यक्ष के रूप में), रोगी कल्याण समिति (साधारण सभा), जिला शहरी विकास अभिकरण की जिला प्रबंधकारिणी समिति, वृंदावन गांव अनुश्रवण समिति आदि की बैठकें अनिवार्यतः रूप से कर लें। इसके अलावा जिलों में ऐसी कई अन्य समितियां भी होती हैं, जिनमें प्रभारी मंत्री द्वारा सदस्यों का मनोनयन किया जाता है। यदि ऐसे कुछ मनोनयन लंबित हैं, तो प्रभारी मंत्री इसी अवधि में यह कार्य भी कर लें।

    आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में 18 दिसम्बर को आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन में सभी चिकित्सा पद्धतियों के डॉक्टर्स शामिल हुए। इनमें बड़ी संख्या में जनजातीय वर्ग के युवाओं ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम में जनजातीय पेसा क्षेत्र में आरोग्य रक्षक वॉलंटियर्स को प्राथमिक उपचार किट वितरण सहित आयुष्मान योजना के तहत चयनित जनजातीय लाभार्थियों से संवाद भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण पहल के रूप में जाना जाएगा।

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    Tue, 23 Dec 2025 12:53:00 +0530 news desk MPcg
    1911 से राष्ट्र की सेवा: सेंट्रल बैंक ने मनाया 115 वां फाउंडेशन डे https://citytoday.co.in/4655 https://citytoday.co.in/4655 Mon, 22 Dec 2025 17:21:10 +0530 news desk MPcg पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता https://citytoday.co.in/4652 https://citytoday.co.in/4652 पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता

    भोपाल 
    18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

    इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही।

    सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि,
    “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।”

    विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।”

    सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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    Mon, 22 Dec 2025 13:54:14 +0530 news desk MPcg
    पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण https://citytoday.co.in/4651 https://citytoday.co.in/4651 पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण

    भोपाल

    पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

    स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे।

    अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे।

    यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

    बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया।

    पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी।

    इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए।

    यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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    Mon, 22 Dec 2025 12:41:59 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो की आज से शुरुआत, किराया से लेकर टाइम टेबल तक जानिए पूरी डिटेल https://citytoday.co.in/4641 https://citytoday.co.in/4641 भोपाल

    यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

    हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे।

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा।

    दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा।

    मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है?

    मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

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    Sat, 20 Dec 2025 15:53:36 +0530 news desk MPcg
    MP में बिजली महंगी, वित्तीय वर्ष 2026&27 से 10% से अधिक बढ़ोतरी की तैयारी https://citytoday.co.in/4636 https://citytoday.co.in/4636 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में बिजली दरों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने की तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की टैरिफ पिटीशन मप्र विद्युत नियामक आयोग में लगाई है, जिसमें दावा किया गया है कि बिजली कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए यह वृद्धि करवाना चाहती हैं।

    कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने तीनों डिस्काम की तरफ से 30 नवंबर से पहले यह पिटीशन आयोग को सौंप दी है। आयोग ने पिटीशन को स्वीकार भी कर लिया है। अब जल्द ही इस पर सार्वजनिक सूचना जारी कर जनसुनवाई की तारीख तय की जाएगी। तारीख कंपनी वार होगी। जनसुनवाई के बाद आयोग तय करेगा कि बिजली की दरों में कितनी वृद्धि या कमी की जाए। यदि बिजली दरों में वृद्धि तय होती है तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक अप्रैल से इन्हें लागू किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाला वित्तीय वर्ष महंगाई का नया झटका लेकर आ सकता है. राज्य में बिजली दरों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की तैयारी शुरू हो गई है. मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत टैरिफ बढ़ाने की याचिका मप्र विद्युत नियामक आयोग में दाखिल कर दी है.

    टैरिफ पिटीशन स्वीकार, जल्द होगी जनसुनवाई

    सूत्रों के मुताबिक, तीनों डिस्कॉम की ओर से यह टैरिफ पिटीशन 30 नवंबर से पहले आयोग को सौंपी गई थी, जिसे नियामक आयोग ने स्वीकार कर लिया है. अब जल्द ही सार्वजनिक सूचना जारी कर कंपनीवार जनसुनवाई की तारीख तय की जाएगी. जनसुनवाई के बाद आयोग यह फैसला करेगा कि बिजली दरों में कितनी बढ़ोतरी या राहत दी जाए. यदि वृद्धि को मंजूरी मिलती है तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी.

    हजारों करोड़ के घाटे में बिजली कंपनियां

    राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां भारी वित्तीय संकट से जूझ रही हैं. आंकड़ों के अनुसार—

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर करीब 18,712 करोड़ रुपये का घाटा

    पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लगभग 16,378 करोड़ रुपये घाटे में

    पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर 7,285 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

    इसी घाटे की भरपाई को दर वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है.

    पहले भी प्रस्ताव ज्यादा, मंजूरी कम

    पिछले पांच वर्षों में बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित दर वृद्धि और आयोग द्वारा स्वीकृत वृद्धि में बड़ा अंतर रहा है.

    2021-22: प्रस्ताव 6.23%, मंजूरी 0.63%

    2022-23: प्रस्ताव 8.71%, मंजूरी 2.64%

    2023-24: प्रस्ताव 3.20%, मंजूरी 1.65%

    2024-25: प्रस्ताव 3.86%, मंजूरी 0.07%

    2025-26: प्रस्ताव 7.52%, मंजूरी 3.46%

    इस बार कंपनियों ने 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है.

    उपभोक्ताओं पर सीधा असर

    यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है तो घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की मासिक बिजली बिल राशि में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है. आने वाले दिनों में जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ता संगठन और सामाजिक संस्थाएं अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगी.

    टैरिफ बढ़ोतरी से राहत
    उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी से राहत मिलती रही है, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग मानी जा रही हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने बढ़ोतरी की मांग के मुकाबले बहुत कम वृद्धि स्वीकृत की थी. अब जबकि प्रदेश में सहकारिता चुनाव प्रस्तावित हैं, राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद बड़ी राहत की उम्मीद कम लग रही है. सूत्रों का अनुमान है कि इस बार दरें 4 से 6 प्रतिशत की सीमा में तय हो सकती हैं, जिससे नए साल में बिजली बिल बढ़ना लगभग निश्चित माना जा रहा है. 

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    Sat, 20 Dec 2025 13:27:13 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटेंगे, नए नाम जोड़ने का तरीका जानें https://citytoday.co.in/4635 https://citytoday.co.in/4635 भोपाल 
     राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है. 27 अक्टूबर की स्थिति में भोपाल में 21 लाख 25 हजार मतदात थे. लेकिन अब इनमें से 4 लाख 38 हजार मतदाओं के नाम नई मतदाता सूची से कट सकते हैं. भोपाल जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "एसआईआर का फार्म जमा करने के आखिरी दिन तक 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है. जबकि 20.6 प्रतिशत यानि 4 लाख 38 हजार मतादाता अनकनेक्टेबल पाए गए हैं."

    23 जनवरी को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट

    भुवन गुप्ता ने बताया "मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट 23 जनवरी को प्रकाशित होगा. जो मतदाता इसमें शामिल नहीं होंगे, वो 23 जनवरी के बाद इसके लिए दावा-आपत्ति लगा सकते हैं. इसके साथ ही एक लाख 13 हजार मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिला. ये मतदाता भी नौ मैपिंग की श्रेणी में हैं. इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी."

    इसके लिए अनमैपिंग वाले मतदाताओं को 19 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे. बाद में इनके दस्तावेजों का सत्यापन होगा. इसके बाद इनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे.

    सभी 85 वार्डों में होगी दावा-आपत्ति की सुनवाई

    भुवन गप्ता ने बताया "जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है. उनके लिए अलग-अलग वार्डों में कैंप लगाया जाएगा. सभी 85 वार्डों में बीएलओ बैठेंगे, जो दावे-आपत्तियों का निराकरण करेंगे. इसके साथ ही 85 अतिरिक्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है. ये सभी 85 वार्डों में नोटिस की सुनवाई करेंगे." 

    भुवन गुप्ता ने बताया "प्रत्येक वार्ड में एक दिन में 50 लोगों के दावे-आपत्तियों की सुनवाई होगी. 35 हजार मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है. इनके नाम भी मतदाता सूची से हटेंगे."

    इस तरह नए मतदाता जुड़वा सकते हैं नाम

    जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "23 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होगा, इसके साथ ही दावे-आपत्ति का दौर भी शुरू होगा. इस दौरान 1 जनवरी 2026 की स्थित में जो नए मतदाता हैं, वो अपने नाम जुड़ाने के लिए या संशोधन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हमारे बीएलओ इस दौरान बूथों में बैठेंगे. फिलहाल जिले में 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं."

    नागरिकता प्रस्तुत करने के लिए 50 दिन का समय

    उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "अनकलेक्टेबल पत्रक वाली सूची में आने वाले लोगों को कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि ऐसे मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उन्हें फार्म 6 के जरिए नए मतदाता के तौर पर खुद को पंजीकृत करना होगा."

    "इसके लिए आवेदकों को आवेदन के साथ नाम, पते और जन्मतिथि के प्रमाण के साथ नागरिकता का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा. ऐसे मतदाताओं को नागरिकता का दस्तावेज पेश करने के 50 दिन का समय दिया जाएगा."

    एसआईआर के लिए दस्तवेजों की 5 श्रेणियां

    1. एक जुलाई 1987 को भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए प्रमाण पत्र देना होगा.

    2. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को स्वयं के जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के साथ पिता की जन्मतिथि-जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे.

    3. दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को पिता के जन्म स्थान-जन्म तिथि प्रमाण पत्र के साथ माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का प्रमाण भी देना होगा. वहीं यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं हैं, तो उनका वैध पासपोर्ट-वीजा की एक प्रति देनी होगी.

    4. देश के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन से जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाणपत्र देना होगा.

    5. यदि किसी को भारतीय नागरिकता पंजीकरण से मिली है, तो उन्हें नागरिकता पंजीकरण का प्रमाणपत्र लगाना होगा.

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    Sat, 20 Dec 2025 13:25:33 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में शादी का रजिस्ट्रेशन होगा पूरी तरह ऑनलाइन, दलालों से मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/4634 https://citytoday.co.in/4634  भोपाल

     राजधानी वासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा । गुरुवार को आयोजित टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

    शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने आनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे
    बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती
    राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

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    Sat, 20 Dec 2025 13:23:07 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में बढ़ी ठंड, कई जिलों में घना कोहरा; दिल्ली रूट की ट्रेनें 5 घंटे तक लेट, उड़ानों पर भी असर https://citytoday.co.in/4627 https://citytoday.co.in/4627 भोपाल
     मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है। 

    घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही।

    राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ।

    इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मुख्य बिंदु:

        सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।
        सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।
        सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C।

    कोहरा और ट्रैवल पर असर

        ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।
        दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।
        भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट।

    सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:

        गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
        जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

    स्वास्थ्य और कृषि पर असर

    स्वास्थ्य:

        तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।
        फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
        विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं।

    कृषि:

        मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।
        बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
        पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें।

    क्यों बढ़ रही ठंड?

    जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है।

    ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड।

    उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी।

    इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है।
    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी।

    सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग।

    अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं।

    ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा।

    ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं।

    फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:57:38 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो 20 दिसंबर से शुरू, 3&4 मिनट में स्टेशन पर पहुंचेगी, पहली बार फ्री राइड नहीं https://citytoday.co.in/4626 https://citytoday.co.in/4626 भोपाल 
     राजधानी भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर है जहां मेट्रो ट्रेन रफ्तार भरने को तैयार है. इंदरौ के बाद भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो रही है लेकिन इस खुशखबरी के बाद एक खबर आपको निराश भी कर सकती है. भोपालवासियों के लिए निराशा की बात ये है कि भोपाल में इंदौर की तरह यात्रियों को न तो एक सप्ताह तक फ्री जॉय राइड की सुविधा मिलेगी और न ही उन्हें किराए में तीन महीने तक कोई छूट दी जाएगी.

    पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया

    20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे.

    एक दिन में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 17 ट्रिप लगाएगी। 3 मिनट में एक से दूसरे स्टेशन पर पहुंचेगी और न्यूनतम किराया 20 रुपए होगा।

    6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी।

    सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं।

    एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी।

    3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा।

    किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन हुआ था। शुरुआती 7 दिन तक लोगों को मुफ्त में सफर कराया गया था। वहीं एक महीने तक 25% से 75% तक किराए में छूट मिली थी। उम्मीद थी कि किराए का ये मॉडल भोपाल में भी अपनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने बताया कि भोपाल में किराए में छूट नहीं दी जाएगी।

    मेट्रो ट्रेन में यात्री अंदर कैसे जाएंगे? स्टेशन से टिकट लेने के बाद यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे। यहां पर मेट्रो ट्रेन आने के 10 सेकंड बाद प्लेटफॉर्म और मेट्रो के गेट एक साथ खुलेंगे। इस दौरान अनाउंसमेंट भी होगा कि गेट से दूरी बनाकर रखें, गेट खुलने वाले हैं।

    कितने लोगों के बैठने की क्षमता है? मेट्रो में कुल 980 यात्रियों की क्षमता है। हालांकि, एक कोच में लगभग 330 यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक कोच में बैठने के लिए सिर्फ आमने-सामने दोनों तरफ मिलाकर 6 चेयर हैं। 6 में से कुछ चेयर पर 5 तो कुछ पर 7 यात्रियों के बैठने की जगह है। इस लिहाज से एक कोच में 50 यात्री ही बैठ सकेंगे। बाकी 280 यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी होगी।

    मेट्रो एमडी चैतन्य ने कहा कि क्षमता तो अधिक है, लेकिन 250 यात्री बेहतर तरीके से यात्रा कर सकते हैं।

    एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी कितनी है? सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलेगी। इस दौरान कुल 8 स्टेशन आएंगे। एम्स से बैठने के बाद सबसे पहला स्टेशन अलकापुरी आएगा, जहां ट्रेन 3 मिनट में पहुंचेगी। मेट्रो ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में 2 से 3 मिनट का ही समय लेगा।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:54:40 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना https://citytoday.co.in/4625 https://citytoday.co.in/4625 प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना

    मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल

    भोपाल 

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र दी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में कृषि के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। हमारी सरकार विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समृद्ध मध्‍यप्रदेश का सपना पूर्ण कर रही है। यह बात मंत्री कंषाना ने जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्‍का के उत्‍पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्‍थान है तथा गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में मध्‍य प्रदेश का देश में द्वितीय स्‍थान है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल है। प्रदेश के अन्‍नदाताओं की कड़ी मेहनत से ही यह उपलब्धियां हासिल करने में हम सफल हुये है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात लाख हेक्‍टेयर था जो कि 2024-25 में 55 लाख हेक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर65 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

     जनजातीय अंचलों में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों का उत्पादन, विपणन की व्‍यवस्‍था की जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि का त्वरित वितरण किया गया है।

     कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्‍य प्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्‍डोरी को शामिल किया गया है। इन आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, ग्रामीण समृद्धि और योजनाओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में सोयाबीन, चना, मसूर, धान एवं गेहूं की खरीदी के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

    प्रदेश में प्राकृतिक खेती, तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, कृषि अद्योसंरचना निधि और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारा संकल्‍प है कि किसान की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने और मध्‍य प्रदेश कृषि में देश का नेतृत्‍व करें।

    कृषि परिदृश्‍य

     देश में मध्‍य प्रदेश मक्‍का एवं सोयाबीन के उत्‍पादन में प्रथम स्‍थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्‍न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्‍थान पर है।

    न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है।

    सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना

    प्रदेश सरकार द्वारा किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत 09 लाख 36 हजार कृषकों का पंजीयन हुआ है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

    प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्‍तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है।

    प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री  किसान सम्‍मान निधि योजना

     प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्‍पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

    ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’

        रानी दुर्गावती अन्‍न प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर,  बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।

        कोदो कुटकी उपार्जन के लिये कुल बाईस हजार चार सौ उनचास कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा इक्‍कीस हजार एक सौ बहत्‍तर हैक्‍टेयर है।

        खरीफ 2025 में लगभग पन्‍द्रह हजार मेट्रिक टन कोदों एवं कुटकी का उपार्जन का लक्ष्‍य निर्धारित किया।

        राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।

    खाद वितरण

        भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक वर्ष खाद के ऊपर दो लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदाय की जाती है।

        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सरकार द्वारा गत दो वर्षों में अभी तक बहत्‍तर लाख मेट्रिक टन यूरिया एवं बयालीस लाख मेट्रिक टन डीएपी + एनपीके वितरण किया गया है।

        विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से यूरिया तीन लाख दस हजार मेट्रिक टन अधिक विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में ढाई लाख मेट्रिक टन यूरिया स्‍टॉक में है।

        विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से डीएपी + एनपीके लगभग सत्‍तर हजार मेट्रिक टन अधिक किसानों को विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में लगभग चार लाख मेट्रिक टन स्‍टॉक में है।

    ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान

        योजना का उद्देश्‍य किसानों को उनकी जमीन के अनुसार उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे- लंबी कतारें, अनियमित वितरण को समाप्त करना है।

        प्रदेश में उर्वरक वितरण हेतु ई-विकास पोर्टल के माध्यम से विदिशा, शाजापुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर एवं गुना को सम्मिलित किया गया है।

        किसान को उसकी जमीन एवं फसल अनुशंसित मात्रानुसार उर्वरक की उपलब्‍धता कराई जा रही है

    परंपरागत कृषि विकास योजना

        परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के     लिए संचालित है।

        वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्‍यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है।

        कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है।

    नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग

        नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। `

        प्रदेश में पन्‍द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है।

        प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

        माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है।

        योजना में मध्‍यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है।

        प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।

    दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन"

        दलहनों में आत्‍मनिर्भरता मिशन भारत सरकार द्वारा 11अक्‍टूबर  2025 को प्रारंभ की गई।

         योजना का उद्देश्‍य दलहन में तुअर, उड़द एवं मसूर पर विशेष ध्‍यान देते हुए दलहन उत्‍पादन एवं क्षेत्रफल विस्‍तार करना है।

        वर्तमान में दलहन उत्‍पादन में मध्‍यप्रदेश प्रथम स्‍थान पर है।

        वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्‍टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्‍टेयर किये जाने का लक्ष्‍य है।

    आगामी कार्ययोजना

        ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसानो को उर्वरक की होम डिलीवरी सेवा।

        प्रदेश में मौसम आधारित बीमा योजना शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी।

        भावांतर योजनांतर्गत कृषकों को मूंगफली एवं सरसों का लाभ दिया जायेगा।

        नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत आगामी वर्ष में एक हजार छियासठ किसान ड्रोन, महिला  स्‍व-सहायता समूह को प्रदान कर उन्‍हे स्‍वावलंबन बनाया जायेगा।

        नरवाई प्रबंधन अंतर्गत सीबीजी प्‍लांट के साथ पराली को वैकल्पिक ऊर्जा स्‍त्रोत के रूप में व्‍यवसायिक मॉडल विकसित किया जा रहा है।

    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय

        समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि करना।

        कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्‍यम से जलवायु अनुकूल बनाना।

        किसानों की उपज के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करना।

        तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण करना।

        डिजीटल एग्री के माध्‍यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरणको बढावा देना।

        मूल्‍य संवर्धन के माध्‍यम से नये रोजगार सृजन करना है।

    पराली प्रबंधन

    मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्‍य वर्ष 2026 में पराली जलाने की समस्‍या को चालीस प्रतिशत कम किये जाने का है। उन्‍नत तकनीकी का उपयोग कर सरकार द्वारा पराली प्रबंधन का कार्य किया जायेगा।

    मंडी बोर्ड

    मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा दो सौ उनसठ मंडियों में ई-मण्‍डी योजना लागू है। हम आगामी तीन सालों में समस्‍त मंडियों को आधुनिक बनाने की ओर अग्रसर है।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:52:01 +0530 news desk MPcg
    भोपाल नगर निगम में घोटाला: 240 मीटर नाले को ढंकने में लगे 16 हजार किलो लोहा, 13 लाख रुपये का पेमेंट https://citytoday.co.in/4615 https://citytoday.co.in/4615 भोपाल
     भोपाल नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस बार आरोप नाले की ड्रेन कवरिंग के काम में भारी अनियमितताओं को लेकर हैं, जहां महज 240 मीटर लंबे नाले पर 16 हजार किलोग्राम से अधिक लोहे का इस्तेमाल किया गया है। इस संदिग्ध माप और बिलिंग के आधार पर करीब 13.34 लाख रुपये का पेमेंट हुआ, जिसने निगम के रिकॉर्ड और इंजीनियरिंग कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    यह मामला गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के जोन-13 अंतर्गत वार्ड 53 का है। कृष्णा आर्केड और वैष्णव कांप्लेक्स, भेल संगम कॉलोनी क्षेत्र में स्थित नाला लगभग तीन फीट चौड़ा और 240 मीटर लंबा है। इतनी सीमित संरचना के बावजूद माप पुस्तिका में 16 हजार किलोग्राम लोहे के उपयोग का उल्लेख किया गया है।

    काम का वर्क ऑर्डर क्रमांक-2400032045 सिविल विभाग द्वारा 25 जून 2025 को जारी किया गया था और निर्माण कार्य हाल ही में पूरा बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार इस कार्य की माप और सामग्री का विवरण प्रभारी सहायक यंत्री निशांत तिवारी और उपयंत्री रूपांकन वर्मा द्वारा दर्ज किया गया, लेकिन दर्ज की गई लोहे की मात्रा को लेकर अब घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
    कोर कटिंग से खुलेगा गायब लोहे का राज

    मामले की गंभीरता को देखते हुए निगमायुक्त संस्कृति जैन ने आरसीसी ढांचे की कोर कटिंग कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से यह जांचना है कि वास्तव में निर्माण में इतनी अधिक मात्रा में लोहा इस्तेमाल हुआ या नहीं। साथ ही जांच दल कथित गायब लोहे की भी पड़ताल कर रहा है।
    ईई की भूमिका पर भी सवाल

    प्रभारी कार्यपालन यंत्री (ईई) बृजेश कौशल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने निर्माण कार्य की न तो नियमित निगरानी की और न ही एक बार भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 5 दिसंबर को नोटिस और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद कोर कटिंग रिपोर्ट दबाए रखने के आरोप हैं।
    रिपोर्ट सौंप दी गई

    कोर कटिंग रिपोर्ट समय पर तैयार कर ईई को सौंप दी गई थी। – निशांत तिवारी, सहायक यंत्री ननि
    रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई

    ईई ब्रजेश कौशल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है और आयुक्त के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सुबोध जैन, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

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    Thu, 18 Dec 2025 15:14:59 +0530 news desk MPcg
    सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 115वें स्थापना दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान, दिया स्वच्छ भारत का संदेश | https://citytoday.co.in/4609 https://citytoday.co.in/4609 Wed, 17 Dec 2025 20:14:02 +0530 news desk MPcg MSME और स्टार्टअप्स के लिए मध्य प्रदेश बनी निवेशकों की पहली पसंद https://citytoday.co.in/4606 https://citytoday.co.in/4606 भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

    आत्मनिर्भरता को मिला आधार

    राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई  है।

    नीतिगत सुधारों का सीधा असर

    उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

    एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है।

    टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है।

    लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता

    औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है।
    पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।

     स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी

    औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है।

    स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।

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    Wed, 17 Dec 2025 13:25:49 +0530 news desk MPcg
    नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला https://citytoday.co.in/4605 https://citytoday.co.in/4605 नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला

    निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन

    600 से अधिक युवतियों की उपस्थिति में महिला सुरक्षा और सम्मान का लिया गया संकल्प

    भोपाल

    मध्यप्रदेश की संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। वह समाज की धुरी है जो बच्चों में संस्कार, शक्ति और प्रेरणा का संचार करती है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए सभी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और सेवा प्रदाता मिलकर ऐसा माहौल बनाएं कि प्रदेश में आने वाली पर्यटक महिलाएं और स्थानीय सेवा प्रदाता महिलाएं और अधिक सुरक्षित व सहज महसूस कर सकें। यह विचार अपर मुख्य सचिव गृह, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आज अपैक्स भवन में आयोजित 'सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान' कार्यक्रम में व्यक्त किए।

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन, नारी सशक्तिकरण मिशन (मध्य प्रदेश), संगिनी संस्था, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'निर्भया दिवस' के अवसर पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक युवतियों ने भाग लिया।

    महिला सुरक्षा के लिए पुलिस के नवाचार और प्रयास

    कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) अनिल कुमार ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्भया स्क्वाड, वन स्टॉप सेंटर, ऊर्जा डेस्क और डायल-112 जैसी सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्परता से कार्य कर रही हैं।

    एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. मोनिका शुक्ला ने महिला सुरक्षा में समुदाय की भूमिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) विनीत कपूर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और मध्य प्रदेश पुलिस की सृजनात्मक गतिविधियों व नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। साइबर सेल के अधीक्षक प्रेम नागवंशी ने उपस्थित युवतियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

    आत्मविश्वास और जेंडर संवेदीकरण पर जोर

    सचिव राज्य महिला आयोग सुरेश तोमर ने जेंडर संवेदीकरण (Gender Sensitization) पर चर्चा करते हुए क्षमता वृद्धि और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक सुनकवी जहां कुरैशी और पर्वतारोही सुज्योति रात्रे ने अपने उद्बोधन में युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें।

    संगिनी संस्था की प्रमुख डॉ. प्रार्थना मिश्रा ने 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

    सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें सृजन और भोपाल टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर की बालिकाएं, सम्मान संस्था इंदौर के राजेंद्र बंधु, सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा, रक्षंदा जाहिद, नैनिका और होम स्टे संचालक कीर्ति केवट शामिल थीं।

    कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र संघरत्ना एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत 'शक्ति आराधना' नृत्य नाटिका रही, जिसने दर्शकों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षित बालिकाओं ने 'पावर वॉक' का प्रभावी मंचन कर आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

    विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी

    आयोजन स्थल पर पशु पालन विभाग, कौशल विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, इम्पैक्ट फॉर न्यूट्रिशन, वार्ड संस्था सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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    Wed, 17 Dec 2025 13:22:05 +0530 news desk MPcg
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित https://citytoday.co.in/4604 https://citytoday.co.in/4604 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित

    इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनने वाले द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की करेंगे सिद्धी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित किया है। म्याना स्टेशन को 9687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म्याना रेलवे स्टेशन का बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होना, प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल जिले के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि भरेवा धातु शिल्प को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है। गोंड जनजाति की एक उपजाति धातु ढलाई का यह कौशल, पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करती है। यह शिल्पकार प्रतीकात्मक देवी-देवताओं की मूर्ति, परंपरागत आभूषण, गोंड अनुष्ठान में प्रयुक्त धार्मिक सामान के साथ ही मोर लैंप, बैलगाड़ी, घंटियां, पायल, दर्पण के फ्रेम जैसी सजावटी वस्तुएं का निर्माण करते हैं। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रियता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाघमारे को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 773 करोड रुपए लागत से इंदौर में एम.वाय. हॉस्पिटल का नवनिर्माण किया जाएगा। नए 1450 बिस्तरीय एम.वाय हॉस्पिटल के निर्माण से पुरानी बिल्डिंग की कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। अस्पताल के साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम आदि का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया की विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल मैच जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी की व्यवस्था है। टीम के तीनों कोच सर्वश्री सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 12, 13 ,14 दिसंबर को मध्यप्रदेश उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद, माटी कला परिषद, पर्यटन आदि के स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक श्री मधु वर्मा ने अपने पुत्र का विवाह, आगर मालवा में हुए सामूहिक विवाह समारोह में कर, अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री वर्मा द्वारा सामाजिक समरसता और शादियों में अपव्यय को रोकने के लिए की गई इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता से जोड़ने के संकल्प के अंतर्गत राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों को समर्पित द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था। गत वर्ष भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर राजा भोज द्वार के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई, इसी क्रम में भोपाल-इंदौर मार्ग पर हाल ही में विक्रमादित्य द्वार निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया गया। वास्तु शिल्प के अद्भुत उदाहरण इन द्वारों से राजधानी भोपाल का गौरव बढ़ेगा। यह द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की सिद्धी की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध होंगे।

     

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    Wed, 17 Dec 2025 13:19:00 +0530 news desk MPcg
    हरियाली के संकल्प के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मनाया 115वां स्थापना दिवस https://citytoday.co.in/4597 https://citytoday.co.in/4597 Tue, 16 Dec 2025 14:31:08 +0530 news desk MPcg विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को, स्पीकर ने कहा& सभी सदस्य विकास पर करेंगे चर्चा https://citytoday.co.in/4594 https://citytoday.co.in/4594 भोपाल
    मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को होगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- 17 दिसंबर को पहली विधानसभा हुई थी इस अवसर पर इस बार विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा।सभी सदस्य विकसित मध्यप्रदेश पर चर्चा करेंगे। विकसित मध्यप्रदेश की लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चर्चा की जाएगी। निष्कर्ष के आधार पर आगे बढ़ा जाएगा। यह काफी ज्यादा प्रभावकारी साबित होगा।

    कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज 

    मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज  शाम 7.30 नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर होगी।

    विकास के वास्तविक चुनौती पर चर्चा

    बैठक में प्रदेश की आर्थिक स्थिति, किसान, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलित पिछड़ों और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों के साथ विकास के वास्तविक चुनौती पर चर्चा की जाएगी। विशेष सत्र में मध्य प्रदेश को विकसित आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र होना है। 

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    Tue, 16 Dec 2025 12:26:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में ई&बस सेवा का विस्तार, पांच रूटों पर चलेंगी स्मार्ट बसें, CCTV से होगी 24×7 निगरानी https://citytoday.co.in/4589 https://citytoday.co.in/4589 भोपाल
    शहर में मार्च-अप्रैल-26 में संचालित होने वाली ई-बसें पांच रूटों पर चलेंगी। इन रूटों पर चलने वाली 100 बसों में 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को लाभ मिलेगा।
    25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च इन बसों के संचालन एवं चार्जिंग के लिए कस्तूरबा नगर व संत हिरदाराम नगर में अत्याधुनिक डिपो के निर्माण, विद्युत सहित अन्य कामों पर करीब 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी शनिवार को फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार और ई-बस सेवा के लिए डिपो के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों में केन्द्र शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहित चढ़ने के लिए आटोमेटिक लिफ्ट प्रावधानित है।

    होंगी ये सुविधाएं
    इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा एवं विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में आधुनिकतम आईटीएमएस व्यवस्था अंतर्गत बसों की रीयल टाइम ट्रेकिंग, सीसीटीवी कैमरा का लाइव फील्ड, जीपीएस डिवाइस, पेनिक बटन, पैसेंजर काउंटर एवं पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम संस्थापित किए जाएंगे। लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल करेंगे और जनसंख्या घनत्व के मान से पांच रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।

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    Mon, 15 Dec 2025 19:15:22 +0530 news desk MPcg
    विद्युत आपूर्ति एवं संबंधित विषयों पर अनुशंसाएं देने मंत्री समूह गठित https://citytoday.co.in/4582 https://citytoday.co.in/4582 भोपाल

    राज्य शासन द्वारा विद्युत आपूर्ति एवं इससे जुड़े विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये मंत्री समूह का गठन किया गया है। मंत्री समूह में श्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर/वित्त/योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री एंदल सिंह कंषाना मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास और श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक एवं अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग समूह के सह-समन्वयक होंगे।

    मंत्री समूह वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक सब्सिडी के प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति पर निर्णय, दिनांक 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के देयकों में अस्थगित की गई 4800 करोड़ रूपये की बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने अथवा उसकी वसूली के संबंध में निर्णय और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसके बदलने के लिये पात्रता नियम में परिवर्तन पर निर्णय के संबंध में अपनी अनुशंसाएं राज्य शासन को देगा।

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    Mon, 15 Dec 2025 18:38:55 +0530 news desk MPcg
    एमपी में विकास की रफ्तार दोगुनी: 32 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से बदले हालात | मध्यप्रदेश सरकार के दो साल: विकास की कहानी https://citytoday.co.in/4579 https://citytoday.co.in/4579 Fri, 12 Dec 2025 13:27:26 +0530 news desk MPcg कोहेफिजा में बढ़ता क्राइम ? लालघाटी वल्लभनगर के गायत्री टेंट हाउस में तीसरी बार चोरी की वारदात, सुरक्षा पर सवाल I https://citytoday.co.in/4578 https://citytoday.co.in/4578 Thu, 11 Dec 2025 14:27:55 +0530 news desk MPcg 56 लाख बच्चे गायब, बजट 7,000 से 37,000 करोड़, फिर भी बच्चे भूखे और स्कूल खाली क्यों? जीतू पटवारी https://citytoday.co.in/4575 https://citytoday.co.in/4575 Mon, 08 Dec 2025 16:48:34 +0530 news desk MPcg सीएम डॉ. मोहन यादव का निर्देश: एसआईआर में अपात्र बाहर हों, पात्र छूटे नहीं https://citytoday.co.in/4571 https://citytoday.co.in/4571 भोपाल
     मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।

    रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

    सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

    विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें।

    इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें।

    एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद

    भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

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    Sat, 06 Dec 2025 17:06:27 +0530 news desk MPcg
    सीजन में पहली बार 5° से नीचे तापमान, उमरिया में 4.8 डिग्री; मध्य प्रदेश के 19 शहरों में 10 डिग्री से कम पारा https://citytoday.co.in/4567 https://citytoday.co.in/4567 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा.

    पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं.

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा।

    शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया।

    दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड

    मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं.

    कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान?

    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा.

    इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों?

    मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.''

    दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर

    मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा.

    पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात
    बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।

    दिन के तापमान में भी गिरावट
    सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड
    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है।

    नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया था, जो अब तक का सबसे कम स्तर रहा। इससे पहले 1941 में पारा 6.1 डिग्री तक गिरा था। वहीं इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो पिछले 25 साल में सबसे ठंडी रात रही। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिसकी वजह से ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश में तेजी से देखने को मिला। हालांकि नवंबर के अंतिम दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से कुछ राहत भी मिली।

    दिसंबर-जनवरी सबसे ज्यादा सर्द
    मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही शीत ऋतु में दिसंबर और जनवरी सबसे ज्यादा ठंडे रहते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से सबसे अधिक ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश करती हैं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर दिसंबर में मावठा गिरने से दिन की ठंड भी बढ़ जाती है।

    दिन भी सर्द हुए…पचमढ़ी-नरसिंहपुर में पारा 23.2 डिग्री रात के समय दिन भी सर्द हो गए हैं। शुक्रवार को पचमढ़ी-नरसिंहपुर में 23.2 डिग्री, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार-सिवनी में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री, रीवा में 24.8 डिग्री, टीकमगढ़ में 25 डिग्री, दतिया-खजुराहो में 25.1 डिग्री, उमरिया, दमोह-सीधी में 25.2 डिग्री, गुना में 25.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 25.6 डिग्री रहा।

    5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 25 डिग्री, उज्जैन में 26.5 डिग्री, इंदौर में 24.8 डिग्री, ग्वालियर में 25.6 डिग्री और जबलपुर में पारा 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ेगी सर्दी मौसम विभाग की माने तो इस बार सर्दी का असर तेज रहा है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी रहेगी।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।

    • पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।
    • सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।
    •     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
    •     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
    •     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

    अब जानिए दिसंबर में कैसा रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसीं

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

     

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    Sat, 06 Dec 2025 16:46:07 +0530 news desk MPcg
    द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण https://citytoday.co.in/4554 https://citytoday.co.in/4554 द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

    प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद

    भोपाल

     मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया।

    द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है।

    अनूपूरक बजट की विशेषताएं

    ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान

    ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं

    ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता

    ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान

    ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग

    ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी

    ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही

    ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान

    ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट.

    ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे।

    पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने

     मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

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    Fri, 05 Dec 2025 19:07:54 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश मौसम: 24 घंटे में नए सिस्टम का असर, पारा 3 डिग्री तक गिर सकता है, सर्दी बढ़ेगी – IMD का नया अपडेट https://citytoday.co.in/4553 https://citytoday.co.in/4553 भोपाल 

    शुक्रवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। खास करके शुक्रवार शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर,उज्जैन, चंबल संभाग में कोल्ड वेव और शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते आ रही ठंडी हवा के चलते भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर के दूसरे हफ्ते से और जनवरी के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। फरवरी के पहले हफ्ते से ठंड का असर कम होने लगेगा। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में धुंध छा सकती है।

     मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया।

    पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री
    मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा।

    नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर
    इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

            ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
            भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
            सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
            जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

    MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड

    भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

    दिसंबर-जनवरी ठंड के दो सबसे मुख्य महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी शीतकालीन महीने माने जाते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत की सर्द हवाएं प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जो ठंड को और बढ़ा देता है। मौसम के ट्रेंड बताते हैं कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद है। इस साल भी दिन और रात दोनों में ठंडक का असर तेज रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। जनवरी में यह अवधि 20 से 22 दिन तक जा सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड लंबी चलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस जाने के बाद दूसरा भी पहुंच रहा है। यह 5 दिसंबर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। जिसका असर 2 दिन बाद मध्‍य प्रदेश में दिखेगा। वहीं, पहले सिस्टम की वजह से हुई बर्फ जब पिघलेगी, तब उसकी बर्फीली हवाएं प्रदेश में दस्‍तक देगी। इस वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। बर्फीली हवा आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ेगी।

    प्रदेश में बुधवार की रात में 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 6.7 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबकि राजधानी भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

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    Fri, 05 Dec 2025 18:17:07 +0530 news desk MPcg
    भोपालवासियों का सपना होगा सच, मेट्रो ट्रायल रन तेज, किराया तय, जानें कब शुरू होगी मेट्रो सेवा? https://citytoday.co.in/4552 https://citytoday.co.in/4552 भोपाल 
     मेट्रो को लेकर भोपाल में इंतजार खत्म होने वाला है। जल्द ही भोपाल मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी। अटकलें हैं कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। शुरुआत में, शहर के लोग एक हफ्ते तक मुफ्त में मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह मध्य प्रदेश की बढ़ती तरक्की और निवेश के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    सभी जरूरी मंजूरी मिल गई
    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों ने बताया है कि सभी जरूरी मंजूरी मिल गई हैं। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से भी हरी झंडी मिल चुकी है, जो यात्रियों के सफर शुरू करने से पहले बहुत जरूरी है।

    इस रूट पर दौड़ेगी मेट्रो
    अब भोपाल मेट्रो का पहला रूट, जो सुभाष नगर से AIIMS भोपाल तक जाता है, यात्रियों के लिए तैयार है। MPMRCL के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि भोपाल मेट्रो के शुभारंभ का जश्न मनाने के लिए, MPMRCL पहले हफ्ते के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा। इससे लोगों को बिना किसी खर्च के नई सेवा का अनुभव करने और सुविधाओं को जानने का मौका मिलेगा।

    किराया कितना होगा?
    मेट्रो में सफर करना शुरू में बेहद सस्ता पड़ने वाला है. क्योंकि पहले पूरे सप्ताह 100% फ्री राइड मिलेगी. मतलब एक हफ्ते तक पूरा भोपाल बिना एक भी पैसा खर्च किए मेट्रो का मज़ा ले सकेगा. इसके बाद किराया इंदौर मेट्रो की तरह ही ₹20 से शुरू होकर ₹40 तक रहेगा. यानी पॉकेट-फ्रेंडली और सभी के लिए किफ़ायती. इसके साथ ही एक खास बात यह है कि महिलाओं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीज़न्स के लिए अलग से छूट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इसके लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई जा रही है, जो फाइनल डिसीजन लेगी.

    पहला फेज़
    कहां से कहां तक दौड़ेगी मेट्रो?

    पहले फेज़ में मेट्रो 7.30 किमी के ट्रैक पर दौड़ेगी. यह रूट होगा सुभाष नगर डिपो से भोपाल AIIMS तक का. यानी शहर के दो बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थान सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे. ट्रायल रन इस रूट पर तेजी से जारी है, और अब यह लगभग लॉन्च-रेडी है.

    भोपाल के लिए यह क्यों बड़ी खबर है?
    शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा, तेज़, सुरक्षित और समय बचाने वाला सफर. युवाओं, स्टूडेंट्स और रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ा फायदा.

    राजधानी का इन्फ्रास्ट्रक्चर बड़े शहरों की टक्कर पर
    भोपाल के लोग सालों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे और अब वो वक्त आ चुका है. अब बस उद्घाटन की आधिकारिक तारीख का ऐलान बाकी है और फिर भोपाल की मेट्रो दौड़ने को तैयार.

    इंदौर में भी हुआ था ऐसा
    ऐसा ही कुछ इंदौर मेट्रो के साथ भी हुआ था, जब इसी साल उसकी शुरुआत हुई थी। वैसे तो भोपाल मेट्रो को इंदौर मेट्रो से पहले शुरू होना था। लेकिन, तीन और स्टेशन बनाने और एक जरूरी रोड ओवरब्रिज (RoB) का काम पूरा करने में थोड़ा ज्यादा समय लग गया। इसलिए, इंदौर मेट्रो पहले शुरू हो गई।

    MPMRCL के एक अधिकारी ने बताया कि उद्घाटन के तुरंत बाद उसी दिन से यात्री सेवा शुरू हो जाएगी। इसके बाद एक हफ्ते तक मुफ्त सफर का मौका मिलेगा।

    मुफ्त सफर के बाद क्या होगा?
    जब मुफ्त यात्रा का समय खत्म हो जाएगा, तब मेट्रो का किराया बहुत कम रहेगा। छोटी दूरी के लिए ₹10 और करीब आठ किलोमीटर की यात्रा के लिए ₹20 किराया होगा। शुरुआत में, मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर आधे घंटे में एक ट्रेन मिलेगी। मेट्रो में 10 तीन-कोच वाली ट्रेनें हैं। हर ट्रेन में 750 यात्री बैठ और खड़े हो सकेंगे। मेट्रो की औसत रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। शुरुआत में मांग को पूरा करने के लिए दो ट्रेनें चलेंगी।

    दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा
    सुरक्षा और सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। ट्रेनों में ब्रेल लिपि में जानकारी लिखी है। दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से सीटें भी हैं। यह मेट्रो भोपाल में सफर करने के तरीके को बदल देगी। लोगों के लिए सबसे खास बात पहले हफ्ते की मुफ्त यात्रा है। यह शहर के लिए आधुनिक शहरी परिवहन में एक बड़ी छलांग का मौका है।

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    Fri, 05 Dec 2025 18:13:34 +0530 news desk MPcg
    रायसेन ब्रिज हादसे के बाद PWD ने 45 जर्जर पुलों की मरम्मत के लिए फंड जारी किया https://citytoday.co.in/4537 https://citytoday.co.in/4537 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में स्थित 45 जर्जर पुलों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह निर्णय रायसेन जिले में हाल ही में हुए पुल गिरने की घटना के बाद लिया गया। इस हादसे ने राज्य में पुराने और कमजोर ब्रिजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है।

    विधानसभा सत्र के दौरान रायसेन में पुल गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवालों को लेकर बढ़े दबाव का परिणाम माना जा रहा है।PWD के जारी आदेश में बताया गया कि 03.11.2025 को हुई राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की 295वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रदेश के कई जिलों से तात्कालिक मरम्मत की जो मांगें आई थीं, उन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाए।

    राज्य PWD (Public Works Department) ने मरम्मत के लिए आवश्यक फंड जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के काम में प्राथमिकता उन पुलों को दी जाएगी जो यातायात की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण हैं या जिनका ढांचा सबसे जर्जर स्थिति में है। इस सूची में ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के पुल शामिल हैं।

    PWD अधिकारी बताते हैं कि इन पुलों की मरम्मत में आधुनिक तकनीक और मजबूत सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। केवल सतही मरम्मत नहीं, बल्कि ढांचे की जड़ से मजबूती सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी तरह के दुर्घटना या हादसे की संभावना कम हो जाएगी।

    रायसेन में हाल ही में एक पुल गिरने की घटना में वाहन चालक और राहगीर घायल हुए थे। इस घटना ने राज्य में पुराने पुलों की स्थिति की जांच को और जरूरी बना दिया। मरम्मत अभियान के तहत पुलों की सुरक्षा संकेत, रेलिंग और सड़क की स्थिति भी बेहतर की जाएगी।

    मध्यप्रदेश सरकार और PWD का कहना है कि सभी पुलों की मरम्मत की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस कदम से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

    सड़क परिवहन और यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि जर्जर पुलों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना किसी भी राज्य के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।

    जानिए किस जिले के कौन से पुल की होगी रिपेयरिंग

    ग्वालियर जिला

        डबरा-जंगीपुर रोड़ पर 13/4 किमी पर छंदूद नदी पर बने पुल की 8.22 लाख रूपए से रिपेयरिंग होगी।
        डबरा-चीनोर रोड पर 16/8 किमी पर मेंघरा नाले पर बने पुल को 10.34 लाख से सुधारा जाएगा।
        एजी ऑफिस के पास रेलवे ओवर ब्रिज(ROB) की रिपेयरिंग के लिए 99.63 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        ग्वालियर शहर में तानसेन नगर के पास बने पुल की रिपेयरिंग पर 27.49 लाख रुपए खर्च होंगे।

    मुरैना जिला

        जडे़रूआ-सुमावली रोड पर कररई नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 27.49 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
        आसन पुल 8/8 सुमावली-खनेता रोड पर बने ब्रिज की रिपेयरिंग के लिए 22.02 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        एमएस रोड जरैना-सुमावली पहुंच मार्ग के 2/4 किमी पर आसन नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल का विशेष मजबूती करण कार्य के लिए 46.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
        महावीरपुर-जैतपुरा तिलावली के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 24.88 लाख रुपए से होगी।

    भिंड जिला

        लहार-अमायन रोड पर बने सिंध पुल की रिपेयरिंग के लिए 99.43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        भोनपुर सिंहोनिया मार्ग के किमी 2/4 में आसन नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 97.59 लाख से होगी।
        खितोली-धमसा मार्ग के 1/4 किमी पर वैशली नदी पर बने पुल को 88.57 लाख रुपए खर्च होंगे।
        कनाथर-बरासो मार्ग के 9/10 किमी में वैशली नदी पर बने पुल को रिपेयर करने में 8.93 लाख रुपए खर्च होंगे।
        हटीले हनुमान से गंगादास का पुरा मार्ग में वैशली नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 59.47 लाख रुपए खर्च होंगे।
        प्रतापपुरा-गिरगांव रोड पर खार नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग में 99.18 लाख रुपए खर्च होंगे।
        सिमराव-कमई मार्ग के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 3.75 लाख रुपए खर्च होंगे।
        खरगपुरा-एनो मार्ग में आसन नदी पर बने पुल के सुधार कार्य में 56.38 लाख रुपए खर्च होंगे।

    दतिया जिला

        इंदरगढ़–भांडेर मार्ग के किमी 13/8 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 18.86 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

    अशोकनगर जिला

        बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 7/8 पर बेतवा नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 93.58 लाख रुपए से होगी।

    गुना जिला

        बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 6/6 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 79.77 लाख रुपए खर्च होंगे।
        गुना–रुठियाई मार्ग के किमी 4/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 83.12 लाख रुपए खर्च होंगे।
        गुना–मक्सी मार्ग के किमी 8/2 पर नदी पर बने पुल की तत्काल रिपेयरिंग 0.00 लाख (आपातकालीन स्वीकृति) के रूप में दर्ज है।
        गुना–ब्यावरा मार्ग के किमी 2/2 पर नदी पर बने पुल की विशेष रिपेयरिंग 80.57 लाख रुपए से होगी।
        गुना जिला अस्पताल (R.O.B.) के पास बने पुल की रिपेयरिंग 16.44 लाख रुपए से की जाएगी।

    सीहोर जिला

        सलकनपुर–सीहोर मार्ग पर महादेव मंदिर के पास पुल की रिपेयरिंग 67.18 लाख रुपए से होगी।
        सलकनपुर–रायसेन मार्ग के किमी 34/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 85.30 लाख रुपए से की जाएगी।

    रायसेन जिला

        रायसेन–सुल्तानपुर मार्ग पर A.B. रोड (किमी 264) के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग पर 37.55 लाख रुपए खर्च होंगे।

    नरसिंहपुर जिला

        गाडरवारा शहर के CMO कार्यालय के पास बने पुल की रिपेयरिंग 22.29 लाख रुपये से होगी।
        मॉडल स्टेशन गाडरवारा के पास रेलवे अंडरब्रिज (RUB) की विशेष रिपेयरिंग 99.45 लाख रुपए से होगी।

    मंदसौर जिला

        मंदसौर–सीतामऊ मार्ग के किमी 10/0 पर शिवना नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 98.17 लाख रुपए से होगी।

    रतलाम जिला

        आलोट–सैलाना मार्ग के किमी 7/8 पर शेर नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 70.85 लाख रुपए खर्च होंगे।

    छिंदवाड़ा जिला

        छिंदवाड़ा शहर में CMO कार्यालय के पास नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग 51.86 लाख रुपए से होगी।
        छिंदवाड़ा–हर्रई मार्ग के किमी 2/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग 13.90 लाख रुपए से की जाएगी।

    बालाघाट जिला

        कटंगी–लालबर्रा–बिरसा मार्ग पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 20.63 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं।
        बालाघाट–उज्जैनी मार्ग के किमी 1/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 11.46 लाख रुपए खर्च होंगे।

    रीवा जिला

        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 236/4 पर बने पुल की रिपेयरिंग 3.63 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 238/4 पर पुल की रिपेयरिंग पर 17.67 लाख रुपए खर्च होंगे।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 236/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग 18.07 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 1/8 पर पुल की रिपेयरिंग 9.41 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां रोड के किमी 7/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 14.87 लाख रुपए खर्च होंगे।

    सतना जिला

        सतना–मैहर मार्ग के किमी 17/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 14.72 लाख रुपए से होगी।
        सतना–चित्रकूट मार्ग के किमी 54/4 पर बने पुल की रिपेयरिंग 23.35 लाख रुपए से की जाएगी।

    छतरपुर जिला

        छतरपुर जिला अस्पताल के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग 8.52 लाख रुपए से होगी।

    पन्ना जिला

        पन्ना–अजयगढ़ मार्ग के किमी 20/2 पर बने पुल की रिपेयरिंग 87.71 लाख रुपए से होगी।
        अजयगढ़–मारकुंडी मार्ग के किमी 7/0 पर बने पुल की रिपेयरिंग 57.85 लाख रुपए से होगी।

    इंदौर जिला

        इंदौर–देवास मार्ग के किमी 260 पर स्थित आर.ओ.बी. की रिपेयरिंग 22.94 लाख रुपए से की जाएगी।

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    Thu, 04 Dec 2025 18:55:36 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी का अलर्ट: भोपाल&इंदौर समेत 10 शहरों में पारा 2&3 डिग्री तक गिरेगा https://citytoday.co.in/4533 https://citytoday.co.in/4533 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में अब तेज ठिठुरन का दौर शुरू होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और उसके बाद बर्फ के पिघलने से उठने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इससे आने वाले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के तुरंत बाद 5 दिसंबर से नया सिस्टम हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिसका प्रभाव दो दिन बाद MP में साफ दिखाई देगा। पहले से जमा बर्फ के पिघलने पर वहीं से उठने वाली बर्फीली हवा सीधे मध्यप्रदेश पहुंचेगी, जिससे इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी महसूस की जाएगी।

     मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया।

    पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री
    मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा।

    नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर
    इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

    MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड

    भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

    दिसंबर-जनवरी ठंड के दो सबसे मुख्य महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी शीतकालीन महीने माने जाते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत की सर्द हवाएं प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जो ठंड को और बढ़ा देता है। मौसम के ट्रेंड बताते हैं कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद है। इस साल भी दिन और रात दोनों में ठंडक का असर तेज रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। जनवरी में यह अवधि 20 से 22 दिन तक जा सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड लंबी चलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस जाने के बाद दूसरा भी पहुंच रहा है। यह 5 दिसंबर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। जिसका असर 2 दिन बाद मध्‍य प्रदेश में दिखेगा। वहीं, पहले सिस्टम की वजह से हुई बर्फ जब पिघलेगी, तब उसकी बर्फीली हवाएं प्रदेश में दस्‍तक देगी। इस वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। बर्फीली हवा आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ेगी।

    प्रदेश में बुधवार की रात में 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 6.7 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबकि राजधानी भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

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    Thu, 04 Dec 2025 16:12:19 +0530 news desk MPcg
    MP सरकार की 11 महीनों में 90 करोड़ की हवाई यात्रा, घंटे का किराया बढ़कर 5.70 लाख पहुंचा https://citytoday.co.in/4527 https://citytoday.co.in/4527 भोपाल
    मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 11 महीनें में 90 करोड़ रुपए का हवाई सफर कर डाला. जबकि पिछले 4 सालों में हवाई यात्राओं पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पिछले छह सालों में विमान किराए की राशि में करीबन 80 फीसदी की बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान के किराए पर 1.63 करोड़ रुपए खर्च होते थे, जो साल 2025 में बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गया है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल और पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है. एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, 'भुगतान मद में बजट राशि न होने की वजह से 15.30 करोड़ का भुगतान अभी बाकी है.

    मेंटेनेंस पर खर्च हुए 45 करोड़
    मध्य प्रदेश सरकार के पास अभी 1 शासकीय हेलीकॉप्टर है, जिसका हवाई यात्राओं में उपयोग होगा है. जबकि एक अन्य विमान 2020 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विधानसभा में सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य सरकार के पास मौजूदा हवाई वाहन के रखरखाव पर साल 2011-12 से अभी तक 45.24 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं इस दौरान इसके ईंधन खर्च पर 11.05 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इस हेलीकॉप्टर पर साल 2022-23 ने सबसे ज्यादा उड़ान भरी. इस साल इसमें 14 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ. इसी साल इसके मेंटेनेंस पर भी 10.49 करोड़ हुए खर्च हुए.

    विमान कंपनियों को चुकाए 290 करोड़
    जानकारी में बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से लेकर नंवबर 2025 के दौरान विमान किराए पर 290 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. वहीं इस साल 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर माह के दौरान निजी विमान कंपनियों पर 90.7 करोड़ रुपए की राशि हवाई उड़ान में खर्च की गई. हवाई उड़ान में खर्च की राशि में पिछले 4 सालों के दौरान भारी बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान किराए पर सिर्फ 1.63 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई थी, लेकिन अब बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गई है.

    2022-23 से बढ़ाया विमान का किराया
    कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया कि, ''सरकार ने उनके सवाल में जानकारी दी है कि 2022-23 से 2024-25 तक विमान किराए में 20 से 30 फीसदी की बढोत्तरी की गई है. 4 अप्रैल 2023 को आयुक्त विमानन द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि पोस्ट कोविड में पर्यटन बढ़ने के कारण विमान की मांग बढ़ गई है. कोविड के कारण विमान हेलीकॉप्टर का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोकसभा चुनाव होने से विमान किराए की मांग बढ गई है.

    साथ ही इनके रखरखाव और ईंधन में बढोत्तरी हुई है, इसलिए किराया बढ़ाया जाना तय किया गया है. इस आधार पर जिन विमान का किराया 2022-23 में 4.45 लाख प्रतिघंटा उसे बढ़ाकर 2024 में 5.70 लाख प्रति घंटा किया गया और जिन विमान का किराया 3.5 लाख प्रति घंटा था, उसे बढ़ाकर 4.75 लाख प्रतिघंटा किया गया.''

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    Thu, 04 Dec 2025 14:06:21 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में शुरू हुई शिकारा बोट सर्विस, बड़े तालाब में अब मिलेगा कश्मीर जैसा अनुभव https://citytoday.co.in/4526 https://citytoday.co.in/4526 भोपाल
     बड़े तालाब में अब डल झील वाला आनंद मिलेगा। झीलों की नगरी भोपाल में अब आप शिकारा का लुत्फ उठा सकते हैं। इसकी शुरुआत आज से हो गई है। अभी बड़े तालाब में 20 शिकारा को उतारा गया है। इसे दुल्हन की तरह सजाया भी गया है। उद्घाटन के बाद सीएम मोहन यादव ने भी इसका आनंद उठाया है।

    शिकार में मौजूद रहेंगी सारी सुविधाएं

    कश्मीर की तरह बड़े तालाब में चलने वालीं शिकारा नाव में भी सारी सुविधाएं मौजूद होंगी। पर्यटकों को शिकारा में खाने पीने की चीजें भी मिलेंगी। सीएम ने मोहन यादव ने शिकारा-बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे और फलों का नाश्ता लेकर जायके का आनंद उठाया। साथ ही भ्रमण के दौरान उन्होंने बोट मार्केट से कपड़ों की खरीदी भी की है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इससे वाटर-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

    वहीं, इसके जल संपर्क से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। अत्याधुनिक तकनीक से बनी इन नौकाओं से जल-पर्यटन के लिए अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आकर्षक बनाया गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल वाटर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा।

    शिकारा राइड के दौरान पर्यटकों के लिए बर्ड वॉचिंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए नावों में दूरबीन उपलब्ध रहेगी। साथ ही यात्रियों के लिए अन्य शिकारों से हस्तशिल्प उत्पाद, ऑर्गेनिक सब्जियां-फ्रूट्स तथा स्थानीय व्यंजन खरीदने और उनका स्वाद लेने की सुविधा भी रहेगी। इससे स्थानीय कलाकारों व उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इस शुभारंभ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के सबसे सुंदर बड़े तालाब पर शिकारा नावों का शुभारंभ हुआ ,है जिससे यहां के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। डल झील की तर्ज पर शिकारे जब यहां चलेंगे, तो पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश का केंद्र बिंदु होने की वजह से पर्यटकों का मध्यप्रदेश के प्रति आकर्षण रहता है। प्रदेश में वन्यजीवों की बड़ी संख्या है। पिछले साल देश में सबसे ज्यादा पर्यटन मध्यप्रदेश में हुआ। हमारा पर्यटन सभी क्षेत्रों में बढ़ रहा है। उज्जैन में पिछले साल 7 करोड़ से अधिक पर्यटक आए। उन्होंने कहा कि वन्य संपदा-धार्मिक व्यवस्था-देवस्थान के साथ-साथ अब वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी के माध्यम से वॉटर टूरिज्म भी बढ़ेगा।

    खाने-पीने से लेकर फैशन तक का सामान मिलेगा
    वहीं, शिकारा बोट पर आपको खाने-पीने से लेकर फैशन तक का सामान मिलेगा। यह भोपाल में पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव होगा। प्रदूषण की वजह से झील में चलने वाले क्रूज को पहले रोक दिया गया था। अब शिकारा की शुरुआत हो गई है।

    4 लोगों किराया लगेगा 400 रुपए

    हर शिकारे में चार लोग बैठ सकेंगे और आधे घंटे की सैर के लिए 400 रुपए शुल्क देना होगा। हर एक शिकारा करीब 2.40 लाख रुपए में तैयार हुआ है। शिकारे सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक अवेलेबल रहेंगे। सैर के दौरान नाविक पर्यटकों को बड़े तालाब और भोपाल की विरासत से जुड़ी जानकारी भी देंगे।

    प्रदूषण रहित तकनीक से निर्माण

    इन सभी 20 शिकारों का निर्माण आधुनिक और प्रदूषण रहित तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' (FRP) और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से किया गया है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती। इससे तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

    ये शिकारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा तैयार किए गए हैं, जिन्होंने केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों के लिए शिकारे बनाए थे।

    कांग्रेस की तरफ से सिर्फ सिंघार आए

    सरकार की ओर से बीजेपी और कांग्रेस के सभी विधायकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। लेकिन नेता प्रतिपक्ष सिंघार के अलावा कोई अन्य कांग्रेसी विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सिंघार ने कहा कि अच्छा काम होता है तो सरकार की सराहना करेंगे।

    मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि इन शिकारों को कश्मीर की डल झील की तर्ज पर तैयार किया गया है। इससे वॉटर टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इन शिकारों का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन निगम करेगा।

    शिकारे से हैंडीक्राफ्ट, फल-सब्जियां खरीद सकेंगे

    पर्यटक इन शिकारों का आनंद लेने के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग भी कर सकेंगे। शिकारे में हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, स्थानीय व्यंजन, ऑर्गेनिक सब्जियां और फल खरीदने की भी व्यवस्था की गई है। राइड के दौरान पर्यटक दूरबीन से तालाब और उसके आसपास के पक्षियों को देख सकेंगे और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे।

    मध्यप्रदेश पर्यटन निगम का उद्देश्य भोपाल में डल झील जैसी फिलिंग देता है, जिससे राजधानी भोपाल एक वाटर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगी।

    बता दें कि इससे पहले नगर निगम ने 13 जून 2024 को प्रायोगिक रूप से एक शिकारा चलाया था। अब एकसाथ 20 शिकारे बड़े तालाब में उतारे गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने करीब 10 महीने पहले, 12 सितंबर को क्रूज और मोटर बोट पर रोक लगा दी थी, इसलिए अब केवल सामान्य शिकारे ही चलाए जा रहे हैं।

    क्या होता है शिकारा? शिकारा एक प्रकार की लकड़ी की नाव है, जो डल झील समेत अन्य झीलों में पाई जाती है। शिकारे अलग-अलग आकार के होते हैं और लोगों के परिवहन सहित कई उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। एक सामान्य शिकारा आधा दर्जन लोगों को बैठाता है। जिसमें चालक पीछे की तरफ से ये शिकारा चलाता है। डल झील में पर्यटकों की पहली पसंद होता है। इन्हें आकर्षक तरीके से सजाया जाता है।

    देशभर से आते हैं पर्यटक श्रीनगर की डल झील में ऐसे ही शिकारे चलते हैं। चूंकि, भोपाल में मध्यप्रदेश-देश के कई हिस्सों से पर्यटक आते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी हजारों लोग बोट क्लब में घूमने जाते हैं, इसलिए शिकारा चलाने की पहल की गई है।

    NGT ने यह दिए थे आदेश दो साल पहले भोज वेटलैंड (बड़ा तालाब), नर्मदा समेत प्रदेश के किसी भी वाटर बॉडीज में क्रूज और मोटर बोट के संचालन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक लगा दी थी। एनजीटी ने इसे अवैध गतिविधि ठहराते हुए बड़ा तालाब में क्रूज का संचालन बंद करने के आदेश दिए थे।

    आदेश में कहा गया था कि डीजल और डीजल इंजन से निकलने वाले उत्सर्जन को इंसानों समेत जलीय जीवों के लिए खतरा है, क्योंकि इससे उत्सर्जित सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड पानी को एसिडिक बना देता है। यह इंसानों और जलीय जीवों दोनों के लिए कैंसर कारी है। भोज वेटलैंड के लिए जारी यह आदेश नर्मदा नदी समेत प्रदेश की सभी प्रकार की वेटलैंड पर लागू हो गया था।

    तभी से बंद 'लेक प्रिंसेज' क्रूज और 'जलपरी' भोपाल के बड़ा तालाब में एनजीटी के आदेश के बाद से ही 'लेक प्रिंसेज' क्रूज और 'जलपरी' मोटरबोट बंद कर दी गई थी। पर्यटन विकास निगम ने क्रूज और जलपरी के साथ करीब 20 मोटर बोट का संचालन भी नहीं किया।

    क्रूज नहीं चलने से लोग मायूस क्रूज और मोटर बोट चलने के दौरान बोट क्लब में हर रोज एक हजार से ज्यादा लोग पहुंचते थे। वे क्रूज और मोटर बोट के जरिए बड़ा तालाब की लहरों को करीब से देखते थे। ये बंद होने के बाद प्राइवेट नाव से ही वे बड़ा तालाब के नजारे का लुत्फ उठाते रहे हैं। अब शिकारे चलने से नया अनुभव मिलेगा।

     

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    Thu, 04 Dec 2025 14:01:06 +0530 news desk MPcg
    AI से अपराधियों की पहचान और क्राइम ट्रेंड की भविष्यवाणी संभव, ‘फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047’ का विजन पेश https://citytoday.co.in/4525 https://citytoday.co.in/4525

    भोपाल
     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जमाने में पुलिस भी बदलेगी। एआई की मदद से पुलिस यह पूर्वानुमान लगा सकेगी कि किस जगह, किस समय, किस तरह का अपराध घटित हो सकता है। पहले के आंकड़ों के आधार पर एआई यह अनुमान लगा सकेगा। ऐसे ही किसी समय के ट्रैफिक का वाल्यूम यानी वाहनों की संख्या के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि सड़क दुर्घटना आशंका कहां-कहां है।

    इससे पुलिस घटनाएं रोकने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। दरअसल, देशभर की पुलिसिंग में 'प्रेडेक्टिव पुलिसिंग' माडल अपनाने पर विचार चल रहा है। पिछले सप्ताह रायपुर में हुई डीजीपी-आईजी कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' को लेकर विजन प्रस्तुत किया।

    क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन पर दिया प्रजेंटेंशन

    उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग कर पुलिस अपराध की आशंका आदि बता सकती है। इसे लेकर उन्होंने 'क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन' विषय पर प्रजेंटेशन दिया। इसी में एआई मॉडल पर चर्चा हुई। कहा गया कि राज्य इस मॉडल का परीक्षण कर अपने-अपने स्तर पर लागू कर सकेंगे।

    कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे। डीजीपी मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' के अंतर्गत 'कम्युनिटी पुलिसिंग और पब्लिक ट्रस्ट' विषय पर बताया कि पुलिस आमजन से बेहतर संवाद रखकर कैसे उनका भरोसा जीत सकती है।
    संवाद को लेकर नवाचार किए

    बता दें कि डीजीपी बनने के बाद से ही उनका इस पर विशेष ध्यान रहा है। कई जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने आमजन से संवाद को लेकर नवाचार भी किए हैं। कांफ्रेस में भी उन्होंने 'नशे से दूरी' अभियान सहित अन्य नवाचारों के बारे में बताया। कांफ्रेंस में उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण, टेक्नोलाजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नागरिक-सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

    मकवाणा ने डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन प्रणालियां और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदना दोनों का संतुलित समावेश हो।

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    Thu, 04 Dec 2025 13:58:29 +0530 news desk MPcg
    भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा, मंत्री डॉ. शाह ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि https://citytoday.co.in/4514 https://citytoday.co.in/4514

    भोपाल

    भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर भोपाल में बुधवार को गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की उपस्थिति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न धर्मगुरूओं ने धर्मग्रन्थों का पाठ किया और गैस त्रासदी को मानवता के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    मंत्री डॉ. शाह ने गैस त्रासदी में दिवंगत निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी नहीं हो।

    श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मती मालती राय, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, कलेक्टर भोपाल  कौशलेंद्र सिंह, गणमान्य नागरिक और गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    धर्मगुरुओं में  रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी,  गुरवेज सिंह, फादर अल्फ्रेड डी'सूजा,  अजय जैन, शाक्य पुत्र सागर भंते ने अपने धर्म ग्रंथों का पाठ किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

     

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    Wed, 03 Dec 2025 17:23:10 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4512 https://citytoday.co.in/4512 प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं।

    प्रमुख बिन्दु

        प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।

        जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।

        भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।

        प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।

        राष्ट्र बदल रहा है।

        भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।

        प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।

        जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

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    Wed, 03 Dec 2025 14:23:25 +0530 news desk MPcg
    महिला–बाल विकास में मध्यप्रदेश नंबर&1: CM मोहन यादव ने मंत्रालय में प्रस्तुत की 3 साल की मेगा प्लानिंग https://citytoday.co.in/4509 https://citytoday.co.in/4509 Wed, 03 Dec 2025 13:16:04 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश में 5&6 दिसंबर से कड़ाके की ठंड, पहाड़ों में बर्फबारी और सर्द हवाओं का अलर्ट https://citytoday.co.in/4502 https://citytoday.co.in/4502 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा। 

    कोल्ड वेव और शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है।

    मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:

        ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग
        भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा
        सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना
        रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली
        जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी
        इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ

    नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं।

    दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है।

    दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है।

    दिन में ठंडक घुली...पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    कहां कितना रहा तापमान

    शहर

    अधिकतम (°C)

    न्यूनतम (°C)

    बैतूल

    24.8

    11.5

    भोपाल

    25.6

    8.4

    दतिया

    26.2

    12.6

    धार

    25.6

    13.3

    गुना

    27.4

    13.0

    ग्वालियर

    27.7

    11.7

    नरसिंहपुर

    29.8

    14.4

    इंदौर

    26.6

    8.6

    खंडवा

    28.5

    12.0

    खरगोन

    28.0

    12.2

    पचमढ़ी

    24.2

    7.2

    रायसेन

    26.0

    —

    राजगढ़

    —

    8.5

    रतलाम

    27.5

    13.2

    शाजापुर

    —

    —

    श्योपुर

    26.0

    14.0

    शिवपुरी

    24.2

    12.0

    उज्जैन

    28.5

    11.8

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    छिंदवाड़ा

    26.4

    11.2

    दमोह

    26.2

    11.5

    जबलपुर

    26.6

    11.2

    खजुराहो

    27.4

    13.0

    मंडला

    29.0

    11.6

    नरसिंहपुर

    25.0

    12.6

    नौगांव

    27.0

    8.6

    रीवा

    25.8

    9.6

    सागर

    26.7

    13.8

    सतना

    27.5

    11.7

    सिवनी

    24.6

    13.6

    सिधी

    26.6

    11.4

    टीकमगढ़

    25.2

    13.2

    उमरिया

    26.5

    9.3

    मलाजखंड

    23.7

    11.1

    नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे।

    पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा।

    पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर

    नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा। ला नीना के सक्रिय होने से ठंड का असर लंबा रहेगा।

    क्यों बढ़ी इस बार इतनी ठंड?

    1. ला नीना का प्रभावः वैश्विक मौसम मॉडल पहले से संकेत दे रहे थे कि इस साल ला नीना सक्रिय रहेगा। प्रशांत महासागर का ठंडा होना एशिया और भारत की ओर ठंडी हवाओं को और तेज धकेलता है। उसी का असर मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के रूप में दिख रहा है।

    2. पहाड़ों पर जल्द बर्फबारीः हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में सामान्य समय से काफी पहले बर्फबारी शुरू हो गई। इससे मध्य भारत में ठिठुरन 20–30% तक बढ़ी।

    3. ठंडी हवाएं 25% ज्यादा गहराई तकः इस बार ठंड सतह तक सीमित नहीं रही। भोपाल, ग्वालियर, रतलाम, सागर जैसे चार प्रमुख मौसम जोन में ठंडी हवाएं 25% तक ज्यादा अंदर तक घुस आईं।

    4. पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहनाः बार-बार आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से कई जिलों में मावठा होगा। इससे तापमान 4-6 डिग्री गिर सकता है और भोपाल, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, इंदौर-देवास, ग्वालियर-मुरैना में कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है। 

     

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    Tue, 02 Dec 2025 18:35:26 +0530 news desk MPcg
    Bhopal में ऊर्जा 3.0 का धमाकेदार आगाज़, खेल भावना से चमका भवंस भारती स्कूल https://citytoday.co.in/4499 https://citytoday.co.in/4499 Tue, 02 Dec 2025 16:49:13 +0530 news desk MPcg श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4497 https://citytoday.co.in/4497 श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि घाटों पर हरियाली होनी चाहिए, सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए, घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिहंस्थ-2028 के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो जिससे श्रद्धालुओं का सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में घाट आधारित विकास कार्य योजना पर भी कार्य किया जाएगा।

    प्रमुख बिन्दु

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

    घाटों पर हरियाली होनी चाहिए।

    सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए।

    घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं।

    सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो।

    सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:35:31 +0530 news desk MPcg
    बेहतर यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा के लिए भोपाल,इंदौर ,अशोकनगर और डिंडोरीपुलिस का सार्थक प्रयास https://citytoday.co.in/4496 https://citytoday.co.in/4496 बेहतर यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा के लिए भोपाल,इंदौर ,अशोकनगर और डिंडोरीपुलिस का सार्थक प्रयास

    स्मार्ट तकनीक आधारित त्वरित निराकरण प्रणाली और संवेदनशील पुलिसिंग से बढ़ी सड़क सुरक्षा और नागरिकों का विश्वास
    यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा में भोपाल, इंदौर, अशोकनगर व डिंडोरी पुलिस के सफल प्रयास

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल, इंदौर, अशोकनगर तथा डिंडोरी में कानून‑व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए तकनीक-संचालित एवं नागरिक–केंद्रित सार्थक प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव, भौगोलिक व संरचनात्मक चुनौतियों तथा महिला सुरक्षा की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिक सुरक्षित, सुगम और नागरिक‑अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

    भोपाल – क्यूआर कोड आधारित शिकायत/सुझाव प्रणाली

    भोपाल में नगरीय यातायात पुलिस द्वारा आम नागरिकों की आसान और सीधे सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष QR कोड प्रणाली शुरू की गई है। नागरिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर किसी भी चौराहे, तिराहे, सड़क या क्षेत्र से संबंधित समस्या, सुझाव या अव्यवस्था की सूचना सीधे भेज सकते हैं। प्राप्त जानकारियों का संकलन कर परीक्षण उपरांत पुलिस उपायुक्त, यातायात द्वारा आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण, त्वरित सुधारात्मक कदम तथा संबंधित विभागों से समन्वय कर निराकरण किया जा रहा है। इस पहल से यातायात प्रबंधन अधिक नागरिक‑केंद्रित, सहभागितापूर्ण और पारदर्शी बन रहा है तथा सुरक्षित आवागमन के लिए नियम पालन की जन‑जागरूकता भी बढ़ रही है।

    इंदौर – व्हाट्सएप हेल्पलाइन से त्वरित ट्रैफिक समाधान

    इंदौर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7049107620 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त 1119 शिकायतों में से 1077 का त्वरित निराकरण कर पुलिस ने नागरिकों में भरोसा और शीघ्र सेवा की अपेक्षा को और मजबूत किया है। शेष 44 शिकायतों पर भी सतत कार्यवाही जारी है। हेल्पलाइन पर मुख्य रूप से ऑटो/ई–रिक्शा द्वारा अव्यवस्थित रूप से सवारी बैठाने, शाम के समय मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव तथा शादी/बारात/मैरिज गार्डन आदि के कारण होने वाले ट्रैफिक अवरोध से संबंधित समस्याएँ प्राप्त हुईं, जिनका समाधान ट्रैफिक वायरलेस कंट्रोल, फील्ड टीमों, क्रेन/सपोर्ट तथा तत्काल पेट्रोलिंग कार्रवाई के माध्यम से किया गया।

    अशोकनगर – ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ से महिला सुरक्षा को नया आयाम

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अशोकनगर में पुलिस अधीक्षक  राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस सेवा का उद्देश्य महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, सुरक्षा की सतत उपस्थिति तथा त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करना है। निर्भया पुलिस मोबाइल स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भाव मजबूत करेगी। रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक शहर में किसी भी अकेली महिला या बालिका की जानकारी मिलने पर उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाने की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 7587619200 जारी किया गया है। इस यूनिट में एक उप निरीक्षक, दो महिला आरक्षक तथा दो पुरुष आरक्षकों का विशेष बल तैनात है, जिसका संचालन एवं समन्वय महिला सुरक्षा शाखा अशोकनगर द्वारा किया जा रहा है।

    डिंडोरी पुलिस -क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन शिकायत प्रणाली

    जनहित में पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु जिले में ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी भय या औपचारिकता के अपनी समस्या सीधे पुलिस अधीक्षक तक पहुँचा सकते हैं। क्यूआर कोड आधारित इस सुविधा से नागरिक मोबाइल से कोड स्कैन कर आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भरकर शिकायत, सुझाव या दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। थानों, चौकियों, पुलिस लाइन व विभिन्न शासकीय कार्यालयों में लगाए गए क्यूआर कोड लोगों को घर बैठे या सार्वजनिक स्थान से ही शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करते हैं। 

    ये सभी पहलें प्रदेश में स्मार्ट, संवेदनशील और नागरिक‑अनुकूल पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण बन रही हैं। इन पहलों ने न केवल यातायात अवरोधों में कमी और सड़क सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए भरोसेमंद तंत्र विकसित कर पुलिस–नागरिक संवाद एवं विश्वास को भी नई ऊँचाई दी है।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:32:50 +0530 news desk MPcg
    सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री सारंग https://citytoday.co.in/4494 https://citytoday.co.in/4494 सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री  सारंग

    सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना
    सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री  सारंग

    भोपाल

    सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी।

    विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे।

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ

    सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी

    मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:18:25 +0530 news desk MPcg
    गर्भवती महिलाओं की HIV जांच में मध्यप्रदेश पीछे, केवल 46% हुई स्क्रीनिंग; आमजन की जांच लक्ष्य के करीब https://citytoday.co.in/4483 https://citytoday.co.in/4483 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में HIV नियंत्रण को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। सामान्य आबादी की HIV जांच रिकॉर्ड तेजी से लक्ष्य के करीब पहुंच रही है, लेकिन गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग लगातार पिछड़ रही है, जो मां से बच्चे में वायरस के संक्रमण रोकने के लक्ष्य को सीधे चुनौती देती है। जबकि ICTC और PPP-ICTC मिलाकर राज्य में हुई HIV जांचों ने इस साल कमाल कर दिया है। अक्टूबर 2025 तक ही 12.23 लाख के लक्ष्य में 12.13 लाख जांच हो चुकी हैं। कई जिलों में आंकड़े लक्ष्य को पार कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि आमजन के बीच टेस्टिंग नेटवर्क मजबूत और सक्रिय है। दूसरी ओर, वही अवधि में गर्भवती महिलाओं की HIV जांच जो सबसे संवेदनशील श्रेणी मानी जाती है। 22.85 लाख के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 10.54 लाख तक ही पहुंच पाई। यह आंकड़ा सिर्फ 46% उपलब्धि को दर्शाता है। मतलब आधी महिलाएं अभी भी HIV टेस्ट से बाहर हैं, जबकि यही टेस्ट भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों को HIV के खतरे से बचाता है।

    गर्भवती महिलाओं की HIV जांच, 

     2023-24: लक्ष्य 22.25 लाख – उपलब्धि 20.98 लाख

    2024-25: लक्ष्य 22.58 लाख – उपलब्धि 18 लाख

     2025-26: (अक्टूबर तक) लक्ष्य 22.85 लाख- उपलब्धि 10.54 लाख

    लगातार तीन साल से लक्ष्य अधूरा
    यानी तीन साल लगातार MP गर्भवती महिलाओं की HIV जांच का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह मां से बच्चे में HIV संक्रमण रोकथाम कार्यक्रम (PPTCT) की सबसे कमजोर कड़ी है। कम जांच से घटते संक्रमण के आंकड़ों की असल तस्वीर भी धुंधली

    संक्रमित गर्भवती महिलाओं की संख्या
    सन                  संक्रमित की  संख्या
    – 2023-24         754
    – 2024-25         671
    – 2025-26        492 (अक्टूबर तक)

    जांच कम होने के प्रमुख कारण 

    संक्रमितों की संख्या कम दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जांच कम होगी तो संक्रमण वास्तविकता से कम दिखाई देगा। अधूरी स्क्रीनिंग का मतलब है कि कई महिलाएं और उनके नवजात जोखिम में बने रह सकते हैं। जांच कम होने का मुख्य कारण ग्रामीण इलाकों में समय पर ANC विजिट नहीं हो रही है। ICTC केंद्रों तक पहुंच की दूरी होने के कारण लोग जांच नहीं करवा पाते हैं। जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जांच करने में अभी भी शर्मिंदगी महसूस होती है। कुछ जिलों में ट्रेनिंग की कमी है। सब मिलकर गर्भवती महिलाओं की टेस्टिंग के आंकड़े नीचे खींच रहे हैं।

     मां-बच्चे की सुरक्षा के लिए टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ाना जरूरी
    जहां आम नागरिकों की HIV जांच में प्रदेश अच्छी प्रगति दिखा रहा है, वहीं गर्भवती महिलाओं की धीमी टेस्टिंग राज्य के स्वास्थ्य मॉडल पर बड़ा सवाल छोड़ती है। यदि गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग पर फोकस तेज़ नहीं किया गया, तो मां से शिशु में संक्रमण रोकने का राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। 

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    Mon, 01 Dec 2025 19:01:27 +0530 news desk MPcg
    उमा भारती की यात्रा में खुला भ्रष्टाचार का पिटारा, बोलीं—जनता के भीतर धधक रही है आग https://citytoday.co.in/4482 https://citytoday.co.in/4482 भोपाल
    मध्य प्रदेश में एक बार फिर यात्रा पर निकलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि 'भारी भ्रष्टाचार' और 'सुविधाओं की असमानत' ने लोगों के अंदर आग जला दी है। टीकमगढ़ जिले में मां के मायके से अपनी मायके तक की यात्रा कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी यह यात्रा अराजनैतिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन मुद्दों पर बात करेंगी। हाल ही में भाजपा की फायर ब्रांड नेता ने मुख्यमंत्री की कई चुनौतियां गिनाईं थीं, लेकिन भरोसा जताया था कि वह इनसे निपटने में सक्षम हैं।
     
    पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता ने सोमवार को एक्स पर अपनी यात्रा के बारे में कुछ जानकारियां देते हुए कहा कि वह मां के मायके से उनकी सुसराल के बीच तीन दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी मां की जन्म भूमि जिला टीकमगढ़ के गरोली ग्राम से 30 नवंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की यात्रा है जो कल मेरे ग्राम डूंडा में समाप्त होगी जहां मेरी मां ब्याह के आई थीं। मेरे मां के नाम की यह यात्रा पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है। यह यात्रा वाहन से है जब कोई गांव आता है तब मैं वाहन से उतरकर थोड़ा पैदल चलती हूं।'

    झांसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं उमा भारती ने कहा, 'यह यात्रा तो मुझे फिर से जन्म दे रही है।' पूर्व सीएम ने लगे हाथ राज्य में भ्रष्टाचार और असमानत की बात कहकर कई अटकलों को हवा दे दी है। उमा भारती ने कहा, 'भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।'

    एक पखवाड़े पहले उमा भारती ने मौजूदा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा था कि मोहन यादव जी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं जैसे, 'मध्य प्रदेश का आधुनिकीकरण, मध्य प्रदेश में हुए निवेशों का धरातल पर आना, उनसे रोजगारों का सृजन होना, किसानों के द्वारा गौ पालन और गौ वंश आधारित कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश का अव्वल राज्य बनना, शराब नीति का ठीक से निरीक्षण करते रहना, सरकारी शिक्षा, सरकारी स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था।' उन्होंने कहा था कि मोहन यादव जी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम भी हैं। इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इनका भरोसा किया है। हम सबको विश्वास है कि वह इसमें खरे उतरेंगे।

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    Mon, 01 Dec 2025 18:59:03 +0530 news desk MPcg
    1 दिसंबर को भोपाल में आध्यात्मिक उत्सव, दर्शकों में उत्साह चरम पर | https://citytoday.co.in/4472 https://citytoday.co.in/4472 Mon, 01 Dec 2025 16:48:18 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई https://citytoday.co.in/4471 https://citytoday.co.in/4471 मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई

    पांच जिलों से कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब जब्त

    भोपाल

    पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा विगत दिनों की गई समीक्षा बैठक में जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होने, पेट्रोलिंग को पूर्णतः प्रभावी और सतत रखने, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पुलिस की निरंतर और सटीक कार्यवाहियों के परिणामस्वरूप राज्य के भोपाल, देवास, मंदसौर, छतरपुर और अनूपपुर जिलों से लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं।
    *जिलों द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाई-*
    *भोपाल-* थाना खजूरी सड़क पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक सहित कुल 1 करोड़ 60 लाख 42 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है
    *देवास-* पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। सोनकच्छ प्रगति नगर बायपास पर वाहन चैकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसमें भरी 85 लाख 35 हजार 440 रूपए की 675 पेटी, कुल 5936.4 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा करीब 20 लाख रूपए का ट्रक जप्त किया है। आरोपी ट्रक में बाहर की ओर भूसे की बोरियां रखकर भीतर शराब की पेटियाँ छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक रावत पिता सज्जन रावत तथा लालु रावत पिता मुकाम रावत दोनों निवासी ग्राम आम्बुआ, जिला अलीराजपुर शामिल हैं।
    *मंदसौर-* थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर में भरी 120 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की। ट्रक में शराब को भरकर लोहे के पलंग की फर्जी बिल्टी के माध्यम से ले जाया जा रहा था। जब्‍त की गई संपत्ति  की कीमत लगभग 20 लाख रूपए है। 
    *छतरपुर-* थाना बमनौरा पुलिस ने ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब के संग्रह स्थल पर छापा मारकर 20 पेटी (180 लीटर) अवैध शराब लगभग 90 हजार रूपए,  बरामद की है।
    *अनूपपुर*- जिले की कोतवाली पुलिस ने 62.55 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बिना नंबर की स्कूटी सहित 54 हजार 210 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    इस प्रकार इन जिलों की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 87 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब एवं वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने तस्करों को भी गिरफ्तार किया है तथा आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
    अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या विक्रय में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध व्यापार एवं संबद्ध आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अपने सतत, दृढ़ एवं निर्णायक अभियान को जारी रखेगी, ताकि राज्य में शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक स्वास्थ्य को और अधिक सशक्त किया जा सके।                

     

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    Mon, 01 Dec 2025 12:33:18 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार: करोंद चौराहे पर जाम से जल्द मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/4470 https://citytoday.co.in/4470 भोपाल
    भोपाल शहर के बैरसिया रोड पर करोंद क्षेत्र में मेट्रो रेल लाइन का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच बेरिकेड्स लगाने से आए दिन जाम लगता है, ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यह देखते हुए मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण में करोंद चौराहा से सीआइएइ (केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान) तक गर्डर लांच करने का काम किया जा रहा है।

    इसके तहत बने पिलर पर जल्द ही गर्डर रख दी जाएगी, ऐसे में पिलरों पर गर्डर लांच होने के बाद बेरिकेड्स हटा दिए जाएंगे। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ साल से करोंद में मेट्रो रेल लाइन का काम चल रहा है, अभी सिर्फ पिलर ही खड़े हो सके हैं। घना रहवासी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा को देखते हुए काम किया जा रहा है।
     
    आठ से अधिक पिलर खड़े हुए
    जानकारी के अनुसार भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण सुभाषनगर से करोंद के बीच का काम तेजी से किया जा रहा है। पिलर खड़े होने की शुरुआत करोंद स्थित सीआईएई के सामने से की गई है। यहां पर आठ से अधिक पिलर खड़े हो चुके हैं। इन पर गर्डर लांच करने की तैयारी की जा रही है, सुरक्षा की दृष्टि से देर रात यह काम किया जा रहा है।

    इस दौरान यातायात परिवर्तित कर दिया जाता है। बता दें कि सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के मेट्रो रेल लाइन का काम कुल दो चरण में होगा। कुल 8.77 किलोमीटर में से 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। जिनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद शामिल हैं।

    प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के लिए रिपोर्ट का इंतजार
    भोपाल मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की अंतिम 'ओके टू रन' रिपोर्ट का इंतजार है। इसको लेकर सीएमआरएस ने निरीक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उस रिपोर्ट के आधार पर ही मेट्रो के संचालन पर निर्णय होगा।

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    Mon, 01 Dec 2025 11:36:18 +0530 news desk MPcg
    MP विधायकों की सैलरी में बढ़ोतरी, अब मिलेगा 1.70 लाख; CM का वेतन 2.60 लाख https://citytoday.co.in/4466 https://citytoday.co.in/4466  भोपाल 

    मध्यप्रदेश विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ेंगे। वर्तमान में विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। अब 50 हजार बढ़ाकर देने की तैयारी है। यानी अब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने सहमति दे दी है। संभावना है की 2 दिसंबर की कैबिनेट में मंजूरी के बाद 4 दिसंबर को विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने की मंजूरी दे दी जाए। 

    संसदीय कार्य विभाग ने गुरुवार को इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सैद्धांतिक सहमति के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी से संबंधित विधेयक 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 9 साल बाद विधायक और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही माननीयों के वेतन में बढ़ोतरी कर चुके हैं।

    विधायकों का बढ़ेगा वेतनभत्ता

    विधायकों की वर्तमान सैलरी में मूल सैलरी 30 हजार है। निर्वाचन भत्ता 35 हजार, चिकित्सा भत्ता 10 हजार है। अर्दली भत्ता 10 हजार, टेलीफोन खर्च 10 हजार है। किताब, पत्रिका और अन्य सामग्री के लिए 15 हजार मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। 50 हजार रुपए बढ़ाने के बाद 1 लाख 60 हजार हो जाएंगे। पूर्व विधायकों और जिन विधायकों का निधन हो गया है उनकी पत्नी को मिलने वाली कुटुंब पेंशन भी 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की जा रही है।

    विधानसभा में अध्यक्ष ने की थी घोषणा दरअसल, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व अन्य विधायकों ने सदन में वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा कि यदि सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने पर विचार करने के लिए समिति का गठन करें तो विधानसभा अपनी सिफारिश भेज सकती है।

    इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस कमेटी में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के अलावा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और खरगोन जिले के कसरावद से विधायक सचिन यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को सदस्य सचिव बनाया गया।

    कमेटी ने अपना प्रस्ताव भेजा कमेटी ने दो दौर की चर्चा कर वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव तैयार कर अपनी सिफारिश राज्य शासन को भेजी। इसमें पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया कि इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर भी विचार किया जाए, इसके बाद नए सिरे से कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया।

    सैलरी का फैसला शीतकालीन सत्र में

    विधायकों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए खास कमेटी बनाई गई थी। इसे एक टारगेट दिया गया है। इस कमेटी को कहा गया है कि वह 30 नवंबर तक अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दे।

    ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में फैसले पर अंतिम मुहर लगाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। अब कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही, विधानसभा के सत्र में इस वादे को पूरा करने का मौका मिलेगा। यानी, दिसंबर महीने में ही जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी आ सकती है। 

    विधायकों का बीमा कराने पर फैसला नहीं हुआ समिति के सामने यह प्रस्ताव भी आया था कि विधायकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा कराया जाए, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। समिति के सामने विधायकों के परिवार के सदस्यों के इलाज के खर्च पर विचार विमर्श किया गया। इस पर भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने बीमा कराने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी, क्योंकि विधायकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार के खजाने से ही होता है।

    पूर्व विधायकों की पेंशन में हो सकता है 66 फीसदी का इजाफा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायकों की पेंशन में 66 फीसदी का इजाफा हो सकता है। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 20 हजार रुपए पेंशन और 15 हजार रुपए चिकित्सीय सहायता मिलाकर 35 हजार रुपए मिलते हैं। अब इसमें 23 हजार रुपए का इजाफा कर 58 हजार रुपए किया जा रहा है।

    विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा विधायक और पूर्व विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में भी इजाफा करने पर सहमति बनी है। विधानसभा में चुनकर आए वरिष्ठ विधायक को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है। उसे हर महीने 47 हजार रुपए वेतन, 48 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 45 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के साथ हर दिन 1500 रुपए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है।

    इस तरह से विधानसभा अध्यक्ष को वेतन और भत्ते के रूप में कुल 1 लाख 85 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 27 फीसदी का इजाफा करते हुए ये राशि 2 लाख 35 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष को फिलहाल 45 हजार रुपए महीना वेतन, 45 हजार रुपए महीने सत्कार भत्ता, 35 हजार महीने निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 1500 रुपए हर दिन दैनिक भत्ता मिलता है।

    इस तरह से 1 लाख 70 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर 2 लाख किए जाने का प्रस्ताव है।

    नेता प्रतिपक्ष का वेतन- भत्ता 2.20 लाख करने का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 45 हजार रुपए वेतन, 45 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 35 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, डेढ़ हजार रुपए प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार हर महीने 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते है। अब इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए ये 2 लाख 20 हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है।

    अब जानिए किसका कितना वेतन बढ़ेगा

    विधायकों के वेतन में 54 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विधायकों के वेतन में करीब 60 हजार रुपए की वृद्धि की जा सकती है। यह वर्तमान वेतन की करीब 54 प्रतिशत होगी। इस तरह विधायकों का वेतन बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपए हो जाएगा। इससे पहले वर्ष 2016 में प्रदेश के विधायकों के वेतन, भत्तों में वृद्धि की गई थी। MP में विधायकों का कुल वेतन एक लाख 10 हजार रुपए है। इसमें 30 हजार रुपए बेसिक सैलरी और 80 हजार रुपए मासिक भत्तों के रूप में मिलते हैं।

    विधायकों का सबसे ज्यादा 2.88 लाख वेतन झारखंड में झारखंड में विधायकों को पूरे देश में सबसे ज्यादा वेतन मिलता है। झारखंड के विधायकों का कुल वेतन 2.88 लाख रुपए है। इसके बाद विधायकों को सबसे ज्यादा वेतन देने वाला दूसरा राज्य महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में विधायकों को हर माह 2.60 लाख रुपए वेतन मिलता है। इस सूची में तीसरे नंबर पर तेलंगाना आता है। तेलंगाना के विधायकों का वेतन 2.50 लाख रुपए है। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में विधायकों का वेतन सबसे कम है।

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    Fri, 28 Nov 2025 18:14:26 +0530 news desk MPcg
    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन https://citytoday.co.in/4465 https://citytoday.co.in/4465

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन

    भोपाल 

         प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की तीन नदी परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है।

        सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख अभियंता, जल संसाधन,  अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, आयुक्तकमाण्ड क्षेत्र विकासभोपाल, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय जल आयोग, भोपाल और मुख्य अभियंता (बोधी), जल संसाधन, भोपाल समिति में सदस्य होंगे। सचिव, जल संसाधन, को सदस्य सचिव बनाया गया है।

         कमाण्ड क्षेत्र विकास का आधुनिकीकरण (MCAD) के लिए आयुक्त (केड) जल संसाधन विभाग नोडल अधिकारी होंगे। गाइडलाइन के अनुसार राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी (SLSC) योजना के समुचित प्रबंधन एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी रहेगी।

    समिति ये कार्य करेगी

         राज्य स्तरीय वार्षिक कार्य योजना अनुमोदित करना और उसके क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करना। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति तथा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन/निर्देश देने का कार्य समिति करेगी। 

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    Fri, 28 Nov 2025 18:03:32 +0530 news desk MPcg
    संस्कृति की रंगो&महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’, चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी https://citytoday.co.in/4458 https://citytoday.co.in/4458 संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

    म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ
    चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी

    भोपाल
     जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पायदान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।

    यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय और उप संचालक संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला ने भी संबोधित किया।

    श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है।

    विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं।

    विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।

    प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।

    टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।

    विश्व रंग मानद अलंकरण

    हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण भेंट किये जाएंगे।

    सरज़मीं पर सितारे

    विश्व रंग के इन्द्रधनुषी ताने-बाने में भाषा, साहित्य संस्कृति, कला, मीडिया, शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान, टेक्नालॉजी और मनोरंजन की दुनिया के अनेक सितारों की महफ़िल सजेगी। इनमें पद्मश्री, साहित्य अकादेमी, संगीत नाटक अकादेमी तथा अनेक राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जानी-मानी हस्तियाँ हैं। इनमें प्रमुख हैं डॉ. नंदकिशोर आचार्य, ममता कालिया, शिवमूर्ति, ज्ञानप्रकाश विवेक, स्वानंद किरकिरे, अनामिका, अष्टभुजा शुक्ल, मुकुल शर्मा, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, दिव्या माथुर, महादेव टोप्पो, उर्मिला शिरीष, मनीषा कुलश्रेष्ठ, विनोद तिवारी, ओम थानवी, पुष्पेष पंत, दामोदर खड़से, मुरलीधर चाँदनीवाला, डॉ. लता मुंशी, कविता शाजी, सुचित्रा हरमलकर, विकास मिश्र, लक्ष्मण गायकवाड़, नरेन्द्र कामंत, हरीश मीनाश्रु, अशोक भौमिक, लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल, विनय उपाध्याय, कुणाल सिंह, मोहन सगोरिया, वसंत निरगुणे, स्वाती उखले, मनीषा शास्त्री, राजेश व्यास, संजय पटेल, रोहित रूसिया, जितेन्द्र श्रीवास्तव, सविता भार्गव, नीलेश रघुवंशी, राधाकृष्ण पिल्लई, फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, प्रिया मलिक, सीमा रायजादा, विकास दवे, मुकेश वर्मा, बलराम गुमास्ता, संजय सिंह राठौर, विकास अवस्थी, मुदित श्रीवास्तव, राजेश व्यास, स्वरांगी साने। ये शख़्सियतें विभिन्न विषयों पर रोचक संवादों के साथ ही सांस्कृतिक परिवेश को अपनी कलात्मक उर्जा से समृद्ध करेंगी।

    कला संवाद

    रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि, अंजनी और गौरांजनी स्थायी सभागारों के अतिरिक्त टैगोर, वनमाली, अभिमन्यु अनत, शांति निकेतन, शारदा और चित्र-वीथि नामकरण से निर्मित सभागारों में समानांतर विचार सत्र होंगे। यहाँ अन्य उल्लेखनीय चित्रकला संवाद और प्रदर्शनी तथा विकसित भारत में साहित्य तथा कलाओं की भूमिका पर परिसंवाद होंगे। देश के प्रख्यात चिंतक, कला गुरू, चित्रकार और शोधार्थियों का महत्वपूर्ण समागम होगा।

    दस्तावेज़ी साहित्य का लोकार्पण

    विश्व रंग के बुनियादी उद्देश्य और उसकी वैचारिकी पर केन्द्रित महत्वपूर्ण किताबों और पत्रिकाओं के विशेषांकों के लोकार्पण विभिन्न सत्रों में होंगे। पचास से भी अधिक देशों में हिन्दी की रचनात्मकता पर केन्द्रित विस्तृत रिपोर्ट ‘विश्व में हिन्दी’ तथा विश्व रंग परिवार की पत्रिकाओं ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’, ‘रंग संवाद’, ‘वनमाली कथा’ और ‘विश्व रंग संवाद’ के विशेषांकों के साथ ही आईसेक्ट प्रकाशन की अन्य पुस्तकों की वृहद श्रृंखला होगी।

    जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’

    विश्व रंग का एक और विशेष प्रकोष्ठ है ‘आदिरंग’। रवीन्द्र भवन में टंट्या भील सभागार आदिरंग की गतिविधियों का केन्द्र होगा। यहाँ जनजातीय साहित्य, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कला कौशल पर एकाग्र वैचारिक सत्रों के साथ ही विश्व रंग फाउण्डेशन द्वारा निर्मित दो हेरिटेज फ़िल्मों ‘गणगौर गाथा’ तथा ‘संजा’ के प्रदर्शन भी होंगे। इस प्रकोष्ठ में जनजातीय विरासत पर केन्द्रित शिल्पों और चित्रों की दीर्घा भी आकर्षण का केन्द्र होगी। ‘कठपुतली’ कला की जनसंचार उपयोगिता पर प्रस्तुति-सह-प्रदर्शन भी होगा।

    पारंपरिक व्यंजनों की सौगात

    परिकल्पना, संयोजन और विस्तार के अद्वितीय प्रतिमान गढ़ रहे विश्व रंग में आए आगंतुकों को पारंपरिक व्यंजनों की सौगात भी मिलेगी। गुजराती, मराठी, पंजाबी और निमाड़ी व्यंजनों की सुस्वादु श्रृंखला लिए पाक कला के कुशल कारीगर विभिन्न स्टॉलों पर मौजूद रहेंगे।

    समापन समारोह में पुरस्कृत होंगे विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेता

    विश्व रंग का औपचारिक समापन 29 नवंबर की शाम 6 बजे रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में होगा। इस अवसर पर मॉरिशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन के मुख्य आतिथ्य, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियात निशंक की अध्यक्षता, म.प्र. के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे की विशेष उपस्थिति में विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेताओं की घोषणा कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। म.प्र. के अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, विश्व रंग के सह निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी और निदेशक बालरंग डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी का भी प्रेरक सानिध्य रहेगा।

    विश्व रंग रजिस्ट्रेशन के लिए इस लिंक पर जाए: https://vishwarang.com/bhopal-2025/

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    Fri, 28 Nov 2025 15:18:58 +0530 news desk MPcg
    भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान: सलमान को फांसी, अपराधियों को मिले कड़ा संदेश https://citytoday.co.in/4457 https://citytoday.co.in/4457 भोपाल
     रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा।

    विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें। 

    मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी। 

    सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक,

    खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की।

    उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया।

    घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे।

    6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था।

    इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी।

    लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी।

    मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

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    Fri, 28 Nov 2025 15:12:12 +0530 news desk MPcg
    सावधान! मध्य प्रदेश में बढ़ रहे ‘सेक्सटॉर्शन’ मामले, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी का खतरा https://citytoday.co.in/4449 https://citytoday.co.in/4449 भोपाल 

    ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अश्लील वीडियो कॉल का सहारा लेकर लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं।

    जानें क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion)

    सेक्सटॉर्शन वह अपराध है, जिसमें बदमाश किसी की निजी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य फायदे मांगते हैं।

    sextortion से कैसे बचें?

    अनजान लोगों से निजी फोटो या वीडियो साझा न करें।

    संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें।

    ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें, इससे धमकियां बढ़ती हैं।

    सभी सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
    sextortion की शिकायत कहां करें?

    भोपालसाइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

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    Thu, 27 Nov 2025 13:41:48 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर सहित 6 जिलों के किसानों को करेंगे राहत राशि का वितरण https://citytoday.co.in/4448 https://citytoday.co.in/4448 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे।

    बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा।

    मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।

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    Thu, 27 Nov 2025 12:38:44 +0530 news desk MPcg
    पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट https://citytoday.co.in/4447 https://citytoday.co.in/4447 पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

    पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा

    भोपाल

    पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की।

    पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा।

    उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा।

    पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है।

    उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।

     मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें।

    डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।"

    उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है।

    उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं।

    उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए।

    मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है।

    उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं।

    उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

    अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें।

    पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया।

    इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

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    Thu, 27 Nov 2025 12:36:48 +0530 news desk MPcg
    उमा भारती का बयान: बाबर नाम से जुड़ी इमारतों पर आपत्ति, सरकार की नीतियों पर भी सवाल https://citytoday.co.in/4440 https://citytoday.co.in/4440 भोपाल 

    पूर्व सीएम और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने बाबर को लेकर बड़ा हमला बोला है। उमा ने कहा कि  जिस बाबर ने भारत पर हमला किया, भारत को अपमानित किया , उसके नाम की कोई इमारत इस देश में बन नहीं सकती।
    भारत की धरती पर बाबर के नाम से बनने वाली इमारत को ध्वस्त करेंगे- उमा

    अगर कोई ऐसा करने का काम करने तो वो इमारत ध्वस्त कर दी जाएगी। जो सरकार इसको संरक्षण देगी वो सरकार भी ध्वस्त कर दी जाएगी । सारे राजनीतिक दलों को मिलकर इसकी निन्दा करके इसको रोकना चाहिए ।दरअसल उमा भारती का ये बयान टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के ऐलान के बाद सामने आया है। हूंमायूं कबीर ने कहा है कि वे 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ का शिलान्यास करेंगे।

    हम सम्मान करेंगे
    उमा भारती ने एक्स पर लिखा कि खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था। ईंटें भी गायब हो गई थीं। उन्होंने कहा कि मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात करने वालों पर कार्रवाई कीजिए। बंगाल और देश की अस्मिता आपकी भी जिम्मेदारी है।

    गौरतलब है कि उमा भारती राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं। साथ ही वह बाबरी मस्जिद विध्वंस में भी शामिल थीं। पश्चिम बंगाल चुनाव में इस नाम पर ध्रुवीकरण भी होगा। मुर्शिदाबाद मुस्लिम बाहुल इलाका है। विधायक ने बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा कर एक समाज को एकजुट करने की घोषणा की है। हालांकि अब देखना यह होगा कि उनकी पार्टी टीएमसी का रुख क्या रहती है। 6 दिसंबर को ही बाबरी मस्जिद की वर्षी है।
    कबीर के इस ऐलान के बाद से न सिर्फ़ बंगाल बल्कि पूरे देश की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। कबीर के इसी बयान पर उमा भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है ।

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    Tue, 25 Nov 2025 14:23:31 +0530 news desk MPcg
    अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई: 15 दिन में नोटिस, कब्जे होंगे ढहाए—CM मोहन यादव ने दिए निर्देश https://citytoday.co.in/4436 https://citytoday.co.in/4436 भोपाल 

     मध्यप्रदेश में सरकार अब नगरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बन रही अवैध कॉलोनियों पर भी शिकंजा कसने जा रही है। नगरीय विकास विभाग अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए संशोधित नियमों के ड्राफ्ट में इसका दायरा गांवों में भी बढ़ा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप इसमें संशोधन कर रहा है। अब नया संशोधित कानून शहरों के साथ गांवों पर भी लागू होगा। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी सहमति दे दी है।

    जल्द नियमों में संशोधन कर शासन को भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट में अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें पार्षद से लेकर, बिल्डर, डेवलपर, भू-स्वामी, पुलिस और प्रशासन सभी की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। अवैध कॉलोनियां बनाने वालों पर जुर्माना भी 10 से बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा है।
    रोक लगाने के निर्देश दिए

    दरअसल, नगरीय विकास विभाग करीब डेढ़ साल से अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए कानून में संशोधन का ड्राफ्ट बना रहा है। इस बीच कई बार अफसरों के बदलने से यह काम पूरा नहीं हो सका। इसी बीच कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने संशोधित नियमों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्र में भी करने के निर्देश दिए। बताते हैं, शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के अव्यवस्थित होने से शहरों पर प्रभाव पड़ रहा है।

    नए नियमों में यह सख्त प्रावधान

    -संशोधित बिल में पार्षद, सरपंच आदि की जिम्मेदारी तय की जा रही है। प्रावधान हैं, अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित निकाय अधिकारी को सूचना देनी होगी। अफसर को सूचना मिलने के 15 दिन में एफआइआर दर्ज करानी होगी।

    -अवैध कॉलोनी को नगरीय निकाय 15 दिन में जमीन को मूल स्वरूप में लाने के लिए नोटिस देगा। कॉलोनाइजर के ऐसा न करने पर निकाय अवैध कॉलोनी को ढहा कर जमीन कब्जे में लेगा। इसके बाद निकाय वहां विकास कार्य कराएगा।

    -अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने कलेक्टर टास्क फोर्स बनाएंगे। यह हर सप्ताह क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगा।

    -अभी अवैध कॉलोनियां बनाने वालों को न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। नए नियमों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 7 साल और अधिकतम 10 साल की सजा किया जा रहा है।

    -अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की जा रही है। अफसरों के कार्रवाई न करने पर शासन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
    पटवारी से लेकर एसडीएम तक की जिम्मेदारी तय की जा रही

    गांवों में विस्तार के लिए राजस्व विभाग के साथ बैठक कर सहमति ले ली गई है। अब राजस्व विभाग के पटवारी, आरआइ, तहसीलदार, एसडीएम आदि की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। गांवों में अवैध कॉलोनियों का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। यह संशोधित नियम वरिष्ठ सचिव समिति के पास भेजे जाएंगे। समिति की अनुमति मिलने के बाद यह कैबिनेट में पेश किए जाएंगे। ऐसे में यह संशोधन प्रस्ताव विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आने की संभावना नहीं है। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे का कहना है, नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले साल नए नियम लागू हो सकते हैं।
    इसलिए पड़ी जरूरत

    अभी कई बड़े शहरों में मास्टर प्लान बरसों से अटके हैं। ऐसे में यहां प्लानिंग एरिया में ज्यादा वृद्धि नहीं हो सकी। नतीजा, शहरों से लगे गांवों में अवैध कॉलोनियां बनाने का सिलसिला चल रहा है। यहां निगरानी तंत्र भी विफल है। पंचायत की अनुमति लेकर कई स्थानों पर कॉलोनियां बन चुकी हैं। इस अनियोजित विकास का खामियाजा भविष्य में शहरों को भुगतना पड़ेगा।

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    Tue, 25 Nov 2025 12:59:05 +0530 news desk MPcg
    महिला कबड्डी विश्व कप विजय पर CM डॉ. यादव ने भारतीय टीम को दी बधाई https://citytoday.co.in/4435 https://citytoday.co.in/4435 महिला कबड्डी विश्व कप विजय पर CM डॉ. यादव ने भारतीय टीम को दी बधाई

    भारतीय महिला कबड्डी टीम की विश्व कप जीत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला कबड्डी विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला कबड्डी टीम को कबड्डी विश्व कप : 2025 जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ऐतिहासिक विजय अनगिनत युवा बेटियों की शक्ति, साहस और संभावनाओं को नई उड़ान देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कबड्डी विश्व कप जीतकर देश को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाली भारतीय महिला टीम की सभी खिलाड़ियों का हार्दिक अभिनंदन है।

    उल्लेखनीय है कि बंगला देश की राजधानी ढाका में हुई स्पर्धा के अंतिम मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 से शिकस्त दी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने सेमीफाइनल में भी ईरान पर 33-21 से जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में 11 देशों ने हिस्सा लिया था। यह निरंतर दूसरा अवसर है जब भारतीय टीम ने यह स्पर्धा जीत कर श्रेष्ठता सिद्ध की है। 

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    Tue, 25 Nov 2025 12:57:18 +0530 news desk MPcg
    कहीं गुम न हो जाएं Season 8 : 28 राज्यों की थाली बनी इवेंट का आकर्षण https://citytoday.co.in/4433 https://citytoday.co.in/4433 Mon, 24 Nov 2025 19:51:23 +0530 news desk MPcg एमपी में बड़ा रोड बूस्ट: 28,000 करोड़ से बनेंगी 5 नई फोर&लेन सड़कें, DPR तैयार https://citytoday.co.in/4422 https://citytoday.co.in/4422 भोपाल 
    मध्यप्रदेश में जबलपुर–दमोह और सतना–चित्रकूट सहित 5 प्रमुख सड़कों को फोर लेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस NHAI प्रोजेक्ट के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का निवेश तय है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश की पांच प्रमुख सड़कों की डीपीआर तैयार की है। इनमें जबलपुर–दमोह, सतना–चित्रकूट रोड, उज्जैन–झालावाड़, रिंग रोड और ओरछा बायपास शामिल हैं। इसका सीधा असर 10 जिलों के रोज़ाना सफर करने वाले लगभग 7 लाख लोगों पर पड़ेगा। इंदौर और ओरछा जैसे शहरों में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। फोर लेन बनने से जाम कम होगा। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों की यात्रा आसान होगी।

    वाइल्डलाइफ के लिए स्पेशल कॉरिडोर
    जहां सड़कें जंगल से गुजरेंगी, वहां साउंडप्रूफ वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा बनी रहे। 2026 तक इन सड़कों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए डेढ़ से दो साल का समय मिलेगा। सभी बायपास फोर लेन होंगे और दोनों तरफ सर्विस लेन होंगी, जिससे सवारी और माल ढुलाई दोनों आसान होंगी। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा सफर कम समय में पूरा हो सकेगा।
     
    एक हजार किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य
    NHAI ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईवे के कुल 1000 किलोमीटर सड़कों पर काम प्रगति पर है। इसमें 500 किलोमीटर का ठेका दिया जा चुका है और बाकी सड़कों की डीपीआर अंतिम चरण में है। इस कदम से 10 जिलों के 7 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इंदौर और ओरछा में जाम और भारी वाहनों की समस्या कम होगी। आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम जारी है। यह 88 किलोमीटर लंबा हाईवे है, जिसकी लागत 4613 करोड़ रुपये है।

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    Mon, 24 Nov 2025 13:49:28 +0530 news desk MPcg
    कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4421 https://citytoday.co.in/4421 कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि
    श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी।

    श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

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    Mon, 24 Nov 2025 13:46:49 +0530 news desk MPcg
    MP में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई स्टेट टास्क फोर्स https://citytoday.co.in/4408 https://citytoday.co.in/4408 भोपाल 

    कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर में बढ़ रही चिंता बढ़ रही है, इसे देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इसे प्राथमिकता पर रखा है, उच्च शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस और व्यापक कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के निर्देशों के बाद स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन कर उसे सक्रिय कर दिया है, जो अब पूरे राज्य में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय कर रही है।

    उल्‍लेखनीय है कि NTF द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, सहयोगी और दबावमुक्त शैक्षणिक माहौल” तैयार करने की दिशा में सबसे बड़ा प्रशासनिक प्रयास है।

    STF के हाथ में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की कमान

    NTF के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एक स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है । यह राज्य में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और रोकथाम उपायों पर केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेपों के लिए योजना एवं निर्देश जारी कर रही है। एसटीएफ के अध्‍यक्ष आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा है। ओएसडी डॉ. उषा के. नायर को इसका सदस्य सचिव नियुक्‍त किया गया है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है । यह एक बहु-विभागीय तंत्र है जो विद्यार्थियों की चुनौतियों को व्यापक दृष्टि से देखेगा।
    स्टेट टास्क फोर्स (STF) क्या करेगी?

    राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श से जुड़े उपायों की निगरानी, NTF के निर्देशों के अनुपालन का मूल्यांकन, कोचिंग व कॉलेज परिसरों का मानसिक स्वास्थ्य ऑडिट, हेल्पलाइन, काउंसलिंग, मनोसामाजिक समर्थन की व्यवस्था को मजबूत करना, जिला स्तरीय DTF को दिशा देना और उनकी रिपोर्ट की समीक्षा, आत्महत्या रोकथाम से जुड़े जोखिम कारकों की पहचान और सुधार को बढ़ावा, राज्य सरकार को नियमित सिफारिशें और नीतिगत सुझाव
    शैक्षणिक संस्‍थानों में नोडल अधिकारियों की होगी नियुक्ति

    सभी सुधारों के समन्वय प्रभावी हो, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्‍थानों को नोडल अधिकारी नियुक्‍त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों एवं सभी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं।
    जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन अनिवार्य

    राज्य स्तर के प्रयास प्रभावी रूप से जिलों तक पहुँचे इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन भी अनिवार्य कर दिया है। डीटीएफ की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी और तकनीकी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे।
    ये जिम्मेदारी रहेगी डीटीएफ की 

        कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की निगरानी करना।
        परामर्श सेवाओं की उपलब्धता कराना।
        STF–NTF निर्देशों के क्रियान्वयन कराना।
        शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा पर निगरानी रखना।

    कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन अनिवार्य 

    उच्च शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी जिले में बिना पंजीयन के कोई भी कोचिंग संस्था संचालित न हो। यह कदम विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, अनियमित प्रबंधन और अनुशासनहीन वातावरण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    इसलिए जरूरी हैं ये कदम

    देशभर में मानसिक तनाव और परीक्षा दबाव से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि समस्या केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संस्थागत संरचना से भी जुड़ी है, जहाँ गाइडलाइन, परामर्श, निगरानी और संवाद की कमी विद्यार्थियों को अकेला कर देती है। एसटीएफ और डीटीएफ का गठन इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।

     

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    Sat, 22 Nov 2025 12:30:48 +0530 news desk MPcg
    MP पुलिस भर्ती: चयनित 900 अभ्यर्थियों ने नहीं जॉइन किया, 50 पर दर्ज हुई FIR https://citytoday.co.in/4407 https://citytoday.co.in/4407 भोपाल
    सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

    पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में
    बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।
     
    पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

    जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने
    इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी।

    वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।

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    Sat, 22 Nov 2025 12:21:43 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड: पचमढ़ी में पारा 5.8°C, भोपाल&इंदौर में 10°C से नीचे, दो दिन शीतलहर अलर्ट https://citytoday.co.in/4399 https://citytoday.co.in/4399 भोपाल
     मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है।

    इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है।

    कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है।

    नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…

    भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है।

    यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    दिन का तापमान और कोहरा

    दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा।
    लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है।

    इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

     

    MP के शहरों में तापमान

    एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर
    शहर रात का तापमान
    राजगढ़ 7.5
    पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6
    गिरवर (शाजापुर) 7.8
    शिवपुरी 8.0
    नौगांव (छतरपुर) 8.3
    खंडवा 8.4
    नरसिंहपुर 8.8
    खरगोन 9.0
    उमरिया 9.0
    रायसेन 9.6
    छिंदवाड़ा 10.0
    रतलाम 10.1
    रीवा 10.1
    मलाजखंड (बालाघाट) 10.7
    मंडला 10.8
    बैतूल 11.0
    दतिया 11.3
    गुना 11.4
    खजुराहो (छतरपुर) 11.8
    दमोह 12.0
    धार 12.1
    श्योपुर 12.4
    सतना 12.4
    सिवनी 12.6
    सीधी 12.6
    सागर 13.9
    नर्मदापुरम 14.1
    नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में

    • भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा है।

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    Fri, 21 Nov 2025 16:12:05 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी https://citytoday.co.in/4395 https://citytoday.co.in/4395 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।

     

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    Thu, 20 Nov 2025 19:48:52 +0530 news desk MPcg
    प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च& मंत्री सिंह https://citytoday.co.in/4394 https://citytoday.co.in/4394 प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च- मंत्री  सिंह

    स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा

    भोपाल 

    स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे‍। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया।

    पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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    Thu, 20 Nov 2025 19:40:32 +0530 news desk MPcg
    पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा शुरू, मध्य प्रदेश में मंदिरों और राष्ट्रीय उद्यानों तक हेलीकाप्टर से आसान सफर https://citytoday.co.in/4387 https://citytoday.co.in/4387 भोपाल 
    मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू की है। 

    तीन रूटों पर होगी हेलीकॉप्टर सेवा
    हेली पर्यटन सेवा फिलहाल तीन सेक्टरों में प्रारंभ की गई है और यह सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी होने से यात्रियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उज्जैन में महाकाल दर्शन कुछ ही मिनटों में होंगे। वहीं, भोपाल से पंचमढ़ी करीब 1 घंटे और उज्जैन – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा 20–40 मिनट का समय लगेगा।  पंचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे।  सेवा की बुकिंग www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola  और https://transbharat.in/ पर उपलब्ध होगी। 

    मध्यप्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत आज, गुरुवार से हो गई है। टूरिस्ट 3 टाइगर रिजर्व- कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) के साथ ईको टूरिज्म सेक्टर और स्पिरिचुअल सेक्टर में हेलिकॉप्टर से जा सकेंगे। सप्ताह में 5 दिन तक उड़ान रहेंगी।

    1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा की औपचारिक शुरुआत कर दी थी, लेकिन नियमित उड़ानें 20 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम में 20 नवंबर से हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत करने की बात कही थी, लेकिन शेड्यूल में आज का दिन शामिल नहीं है। इसलिए आम व्यक्तियों के लिए बुकिंग नहीं की गई है।

    डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर नई हेलिकॉप्टर सेवा में शामिल सभी हेलिकॉप्टर डबल इंजन वाले हैं। ताकि, उसमें बैठे यात्री सुरक्षित रह सके। सुरक्षा के पैमाने जानने के लिए जनप्रतिनिधियों को पहले भोपाल से पचमढ़ी, मढ़ई के लिए सांसद दर्शनसिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, विजय पाल सिंह आदि ने सफर किया। बकायदा, इनका वजन कितना है? यह भी जांचा गया। ताकि, हेलिकॉप्टर में ज्यादा वजन न हो। छोटे-छोटे रूट्स बनाए गए हैं। ताकि इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा हो। यही बैकअप स्थान चिन्हित किए गए हैं।

    पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
    पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हेलि पर्यटन सेवा पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्राएं मिलेंगी और प्रदेश के धार्मिक, वन्य एवं एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार इस सेवा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों को शानदार और यादगार यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हेलि पर्यटन सेवा से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है।

    जबलपुर में मंत्री ने किया सफर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सुबह 11.20 बजे इस सेवा का शुभारंभ किया। अब जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, धार्मिक स्थल मैहर, चित्रकूट और अमरकंटक पहुंचना आसार होगा। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन रहेगी। केंद्रीय विमानन मंत्रालय और मप्र पर्यटन बोर्ड की देखरेख में फ्लाई ओला कंपनी इसका संचालन करेगी। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे।

    टूरिस्ट हब है महाकौशल इस मौके पर मंत्री सिंह ने कहा कि महाकौशल टूरिस्ट हब है। जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हवाई सेवा के माध्यम से यहां आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिल गई है। बहुत ऐसे पर्यटक आते हैं, जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर घूमना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग से यह मुमकिन न था।

    पीएमश्री हेलिकॉप्टर सेवा ने इस समस्या को खत्म कर दिया है। इससे जहां कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों तक पहुंचना आसान हो गया है, वहीं रोजगार भी बढ़ेगा। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भेड़ाघाट के पास हेलीकॉप्टर का बेस बनाया है। जहां से पर्यटकों को उनके पसंद के पर्यटन स्थल ले जाया जाएगा।

    इस सेवा के लिए अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। सभी पर्यटन स्थलों में कंपनी ने हैलीकॉप्टर की सफल लैडिंग के लिए बेस बनाया है। पर्यटकों को पर्यटन स्थल के आसपास उतारने की व्यवस्था है। पर्यटक कंपनी के ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी ले सकते हैं।

    आध्यात्मिक सेक्टर
    आध्यात्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर–उज्जैन– ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रूपये रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।

    इको टूरिज्म सेक्टर 
    इको टूरिज्म सेक्टर में भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 4 हजार रूपयेतथा मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3 हजार रूपयेहै। इसके अतिरिक्त भोपाल से पचमढ़ी के लिए एक घंटे की सीधी उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5 हजार रूपयेप्रति यात्री है। पचमढ़ी में जॉय-राइड्स का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे प्रकृति–आधारित अनुभव और भी आकर्षक बनेगा।

    वाइल्डलाइफ़ सेक्टर 
    वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये,मैहर से चित्रकूट 2500 रूपये, जबलपुर से कान्हा 6,250 रूपये, बांधवगढ़ 3750 रूपये तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये होगा। इस तेज कनेक्टिविटी से पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। 

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    Thu, 20 Nov 2025 17:06:06 +0530 news desk MPcg
    पैक्स एवं स्व&सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय https://citytoday.co.in/4380 https://citytoday.co.in/4380 पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय

    मंत्री  सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक

    भोपाल

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके।

    बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ)  ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ)  महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक)  मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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    Wed, 19 Nov 2025 19:18:13 +0530 news desk MPcg
    उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम: 21 नवंबर को भोपाल https://citytoday.co.in/4367 https://citytoday.co.in/4367 भोपाल 

    पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को भोपाल में एक आरएसएस नेता की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।जुलाई में उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक भाषण होने की संभावना है। इससे पहले उन्हें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में देखा गया था।

    मनमोहन वैद्य की किताब के विमोचन में होंगे शामिल भोपाल के रवीन्द्र भवन में 21 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य की किताब "हम और यह विश्व" का विमोचन होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ संबोधन देंगे। कार्यक्रम में वृंदावन के श्री आनंदम धाम आश्रम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज और वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    मुख्य वक्ता रहेंगे जगदीप धनखड़

    सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने पीटीआई को बताया कि धनखड़ 21 नवंबर को रवींद्र भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य की पुस्तक "हम और यह विश्व" के विमोचन समारोह में मुख्य वक्ता होंगे। उन्होंने बताया कि वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम के मुख्य पुजारी रितेश्वर जी महाराज भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के अलावा, सार्वजनिक रूप से कहीं भी नज़र नहीं आए। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठा रही है। विपक्षी दल ने पिछले महीने कहा था कि धनखड़ अपने सभी पूर्ववर्तियों की तरह एक विदाई समारोह के हकदार थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    इस्तीफा देने के बाद उप राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में आए थे नजर 21 जुलाई को उप राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ नजर नहीं आए। 12 सितंबर को नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में वह शामिल हुए थे। लेकिन, पद छोड़ने के बाद जगदीप धनखड़ किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। जिसमें उन्होंने मंच से कोई भाषण या मीडिया में कोई बयान दिया हो।

    इस्तीफे के ठीक 4 महीने बाद होगा सार्वजनिक कार्यक्रम

    उप राष्ट्रपति पद छोड़ने के ठीक चार महीने बाद जगदीप धनखड़ का यह पहला कार्यक्रम होगा। जिसमें वे संबोधन देंगे। 21 जुलाई को उन्होंने इस्तीफा दिया था और 21 नवंबर को ठीक चार महीने बाद वे सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे।

    जगदीप धनखड़ ने 21 सितंबर को उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताया था। वे 74 साल के हैं। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। राष्ट्रपति को पत्र में उन्होंने लिखा- स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरी सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए आभार जताया।

     

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    Wed, 19 Nov 2025 13:00:17 +0530 news desk MPcg
    सिंहस्थ के विश्वस्तरीय आयोजन के लिए तैयारियां जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4365 https://citytoday.co.in/4365 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि इस बार उज्जैन में भव्य, दिव्य और विश्व स्तरीय सिंहस्थ: 2028 मेले का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। अब उज्जैन सिर्फ हमारा धार्मिक शहर ही नहीं, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन और ज्ञान-विज्ञान के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में इस बार अद्भुत सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन, साधु-संतों के साथ-साथ किसानों से भी सुझाव ले रही है। हर वर्ग की परेशानियों को दूर करते हुए सबको साथ लेकर बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के संबंध में किसानों की भावना और उनकी सहमति के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी। केन्द्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार के उचित नियोजन के परिणामस्वरूप सिंहस्थ के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। सिंहस्थ का आयोजन विश्वस्तरीय है और इसके लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की विषम परिस्थिति निर्मित न हो, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध राज्य सरकार कर रही है। सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाएं अब तक के सभी मेलों से बेहतर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान में मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

     

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    Wed, 19 Nov 2025 12:51:02 +0530 news desk MPcg
    अब बिना अतिरिक्‍त शुल्‍क के डाकघर में भी जमा होंगे बिजली बिल https://citytoday.co.in/4364 https://citytoday.co.in/4364 भोपाल 
    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को डाकघरों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के अधिकृत प्रतिनिधि (डाकिये) के माध्‍यम से बिना किसी अतिरिक्‍त शुल्‍क के बिजली बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराई गयी है। अब बिजली उपभोक्‍ताओं को यह सरल और सुलभ भुगतान की सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नजदीकी डाकघर में मिलना शुरू हो गई है। डिजिटल और सुरक्षित तरीके से डाकघर के माध्‍यम से बिल भुगतान की सुविधा शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी उपलब्‍ध है।

    गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को प्रदत्त सेवाओं का विस्तार करते हुए बिल भुगतान की व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्‍यम से बिजली बिल भुगतान की विशेष सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित किया गया है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सहायता प्राप्त चैनलों के माध्यम से बिजली बिल संग्रहण को सक्षम बनाते हुए बिजली उपभोक्‍ताओं को बिना अतिरिक्‍त प्‍लेटफॉर्म चार्ज के बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराना है। अब बिजली उपभोक्ता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के विस्तृत नेटवर्क और डाकिया/ग्रामीण डाक सेवक की सहायता से भी अपने घर के पास या घर बैठे ही आसानी से बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे। 

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    Wed, 19 Nov 2025 12:47:04 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव की चेतावनी, 5°C से नीचे जाएगा पारा; 9 जिलों में बदली स्कूल टाइमिंग https://citytoday.co.in/4360 https://citytoday.co.in/4360 भोपाल 

    प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है। 

    भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।

    इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।

    ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है।

    भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा।

    22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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    Tue, 18 Nov 2025 14:57:55 +0530 news desk MPcg
    भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/4357 https://citytoday.co.in/4357 भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार जन-जन तक पहुंचाएं

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कई नवाचार किए हैं। प्रधानमंत्री ने ही एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार दिया है। भ्रष्टाचार और राजनीति में धन के दुरूपयोग को रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो इनमें खर्च होने वाले लाखों करोड़ों रुपए की बचत होगी। इस राशि का उपयोग देश के विकास में होगा। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास का पूरा फल आने वाली पीढ़ी को ही मिलेगा। इसलिए विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को जन-जन तक पहुंचाएं।

    उप मुख्यमंत्री ने ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए समिति गठित की गई थी। इस समिति की रिपोर्ट को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो समय और धन की बचत होने के साथ विकास कार्यों के लिए पाँच वर्ष का पूरा समय मिलेगा। देश में 1967 तक दोनों चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद धारा 356 के दुरूपयोग के कारण कई सरकारों का कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्हें भंग कर दिया गया जिसके कारण मध्यावधि चुनाव कराने पड़े। देश अब तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर कदम बढ़ा रहा है। देश को आगे ले जाने में विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए हर विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान को सफल बनाने में सहयोग करे।

    संगोष्ठी में कालेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर  राजेन्द्र ताम्रकार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और देश के विकास के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। एक साथ चुनाव होने से प्रशासन और आमजनता चुनाव की लंबी प्रक्रिया से बचेगी। चुनाव की आदर्श आचरण संहिता से विकास पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आशुतोष तिवारी ने एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन अभियान के जिला संयोजक  वासुदेव ठारवानी द्वारा आभार प्रदर्शन से हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.पी. शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, अभियान से जुड़े पदाधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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    Tue, 18 Nov 2025 12:38:48 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में SIR समीक्षा में बड़ी लापरवाही, कलेक्टर ने BLO और सुपरवाइजर को सस्पेंड किया https://citytoday.co.in/4351 https://citytoday.co.in/4351 भोपाल
     जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम किया जा रहा है। इसके तहत 2029 BLO को मतदाताओं को गणना पत्रक देने के साथ्ज्ञ ही उन्हें भरवाकर डिजिटाईज्ड भी करना है। इसी कार्य की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने रविवार देर रात की तो एक सुपरवाइजर व बीएलओ की लापरवाही सामेन आई है। इस पर कलेक्टर ने देर रात ही दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है।

    कलेक्टर रविवार रात SIR कार्य की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें सामने आया कि विधानसभा क्षेत्र उत्तर के मतदान केंद्र दो के BLO अनंतलाल मिश्रा की ओर से लगातार निर्देश देने के बाद भी एक भी गणना पत्रक BLO एप पर डिजिटाईज नहीं किया गया है। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र गोविंदपुरा के BLO सुपरवाईजर शुभम प्रताप सिंह ने लक्ष्य के अनुरूप बीएलओ से कार्य नहीं करवाया और प्रत्येक बीएलओ से प्रतिदिन 100 गणना पत्रक बीएलओ एप पर डिजिटाईज नहीं करवाया गया है।इस तरह अनंत लाल मिश्रा और शुभम प्रताप सिंह द्वारा SIR कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर निलंबित किया जाता है।

    आज भी SIR को लेकर बैठक

    कलेक्ट्रेट में सोमवार को बैठक रखी गई है। इसमें SIR समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने सभी ईआरओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी बीएलओ के कार्यों की निगरानी करें। प्रत्येक बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए प्रेरित कि

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    Mon, 17 Nov 2025 16:13:41 +0530 news desk MPcg
    संस्कृति परम्परा और विरासत के संरक्षण का आह्वान कर रही सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4345 https://citytoday.co.in/4345 संस्कृति परम्परा और विरासत के संरक्षण का आह्वान कर रही सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल हुए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  योगेश्वर भगवान कृष्ण की पावन भूमि वृंदावन पहुंचकर 'बागेश्वर धाम' के पीठाधीश्वर, पूज्य पंडित  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' में सम्मिलित होने का असीम आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर समरसता भोज का प्रसाद भी ग्रहण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली से चलकर वृंदावन पहुंची यह यात्रा संस्कृति, परम्परा और विरासत के संरक्षण-संवर्धन के लिए आह्वान कर रही है। उन्होंने अपील की कि पदयात्रा मार्ग पर सभी सनातन प्रेमी इसमें अवश्य सहभागी बनें।

    यह तो ब्रज का धाम है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि 'बागेश्वर धाम' के पीठाधीश्वर, पंडित  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' की सफलता के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं। हम सबमें सामाजिक समरसता का भाव बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह तो ब्रज का धाम है, जो कृष्ण कन्हैयालाल की भूमि है। यहां की रज के कण-कण में भगवान हैं और भगवान का देवस्थान है। यहां क्या सड़क, क्या मकान, सबके लिए महान है। बागेश्वर धाम द्वारा हम सबके लिए सामाजिक समरसता को लेकर यह एक अच्छा संकल्प है।

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    Mon, 17 Nov 2025 12:05:34 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में आज से ठंड ढीली, कई इलाकों में शीतलहर बरकरार https://citytoday.co.in/4340 https://citytoday.co.in/4340 भोपाल
    वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवा के रुख में कुछ बदलाव होने से शनिवार से ठंड से मामूली राहत मिलना शुरू हो सकती है। हालांकि कुछ शहरों में शीतलहर का प्रभाव अभी बना रह सकता है।

    तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
     
    तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है
    मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।

    हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

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    Sun, 16 Nov 2025 18:04:37 +0530 news desk MPcg
    कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से बचाव: चीतों&बाघों की सुरक्षा के लिए कुत्तों का होगा टीकाकरण https://citytoday.co.in/4337 https://citytoday.co.in/4337

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में चीता और बाघ सुरक्षित रहें, इसके लिए श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र व इसके बाहर बेसहारा श्वानों को टीके लगाए जाएंगे। दरअसल, कूनो में चीतों और पन्ना में बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) का संक्रमण होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने चीतों और बाघों को इस संक्रमण से बचाने के लिए श्वानों के टीकाकरण का निर्णय लिया।

    पिछले वर्ष भी श्वानों को टीके लगाए गए थे। दरअसल, सीडीवी तेजी से फैलने वाला वायरस है जिससे प्रभावित वन्य प्राणी की मौत भी हो सकती है। यह प्रभावित प्राणी के श्वसन, पाचन और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूर्व में श्वानों के खून के नमूनों में सीडीवी और रैबीज के लक्षण मिल चुके हैं। इन श्वानों के वन्य प्राणियों के संपर्क में आने के बाद यह वायरस फैल सकता है।

    पहले भी मिल चुके बाघ और तेंदुए में सीडीवी के लक्षण
    वर्ष 2015 में पन्ना में मृत बाघ के शरीर के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली भेजे गए थे। जांच में बाघ में सीडीवी होने की पुष्टि हुई थी। उस समय भी पार्क प्रबंधन ने बाघों के खून की जांच की थी और 1200 श्वानों का टीकाकरण हुआ था। वर्ष 2024 में छतरपुर में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी के लक्षण मिले थे। संजय टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघ में भी रैबीज वायरस पाया गया था।

    सीडीवी संक्रमण न फैले
    चीता व बाघों में सीडीवी संक्रमण न फैले, इसके लिए यहां श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन

    यह होता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस
    सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से।

    यह संक्रमित स्राव (जैसे नाक से स्राव, मूत्र और मल) या भोजन और पानी के दूषित होने से भी फैल सकता है। इससे दस्त और उल्टी, आंखों और नाक से गाढ़ा पीला स्राव, खांसी, सिर का झुकना या लड़खड़ाना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

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    Sun, 16 Nov 2025 17:15:29 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं https://citytoday.co.in/4334 https://citytoday.co.in/4334 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।

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    Sun, 16 Nov 2025 17:05:29 +0530 news desk MPcg
    राजधानी में चलती BCLL बस में लगी अचानक आग, ड्राइवर&कंडक्टर ने कूदकर बचाई जान https://citytoday.co.in/4322 https://citytoday.co.in/4322  भोपाल

    राजधानी भोपाल की सड़कों पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब बीसीएलएल की लो फ्लोर रेड बस में आग लगने की घटना होते-होते बच गई। पूरा मामला भोपाल के लिंक रोड नंबर एक का है, जहां बोर्ड ऑफिस चौराहे से न्यू मार्केट की ओर जा रही लो फ्लोर बस से अचानक धुआं निकलने लगा।

    बस लगातार सड़क पर दौड़ रही थी, लेकिन समय रहते चालक और यात्रियों की सतर्कता से धुएं को काबू कर लिया गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। यह बस टीआर-4 रूट पर बैरागढ़ से एम्स तक संचालित होती है। गौरतलब है कि बीसीएलएल की बसों की खराब हालत को लेकर इलाके में लगातार सवाल उठते रहे हैं। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

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    Sat, 15 Nov 2025 19:08:31 +0530 news desk MPcg
    MP में बड़े अपराधों पर कसेगा शिकंजा: अब पुलिस करेगी क्राइम सीन रिक्रिएशन, अपराधियों की बढ़ेगी मुश्किल https://citytoday.co.in/4310 https://citytoday.co.in/4310 भोपाल
     मध्य प्रदेश में होने वाले अब हर बड़े अपराध की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस क्राइम सीन का रिक्रिएशन करती दिखाई देगी. अभी तक सिर्फ बड़े शहरों में और किसी बड़े मामले में ही पुलिस इस तरह के रिक्रिएशन करती थी, लेकिन अब हर गंभीर मामले में पुलिस को यह प्रक्रिया अपनानी होगी. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित करने के आदेश दिए हैं. एफएसएल ने इसके लिए एसओपी भी जारी की गई है.

    क्राइम ऑफ सीन बेहद महत्वपूर्ण

    एफएसएल के डायरेक्टर शशिकांत शुक्ला ने बताया कि "किसी भी अपराध में सीन ऑफ क्राइम बेहद अहम होता है. यहां अपराध से जुड़े तमाम सबूत होते हैं, इसके मदद से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने और उसे कोर्ट से सजा दिलाने तक में काफी मदद मिलती है. खासतौर से पेचीदा मामलों में पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में कई बार यहीं से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगता है. जैसे किसी अपराध में घटनास्थल पर दरवाजे, अन्य किसी सामान या फिर हथियार पर मिलने वाले फिंगर प्रिंट की पहचान करनी होती है.

    इसी तरह डीएनए के लिए स्वैब के नमूने लेने होते हैं और अन्य सामान को पैकेजिंग करने के अलावा वहां के फोटोग्राफ और वीडियो लेने पड़ते हैं. इसके बाद एक डिटेल रिपोर्ट तैयार होती है.

    इसलिए करना होता है रिक्रिएशन

    वे बताते हैं कि कई मामलों में शुरूआती जांच में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं होता. ऐसी स्थिति में मौजूदा साक्ष्यों और फोटोग्राफ आदि को देखने के बाद पूरी घटना का रिक्रिएशन किया जाता है. इससे घटना के तह तक पहुंचने में मदद मिलती है. यही वजह है कि अब हर जिले के पुलिस अधिकारियों और एफएसएल अधिकारियों को एसओपी भेजी गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत नए आपराधिक कानूनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट का गठन का निर्णय लिया गया है.

    इसके तहत सीन ऑफ क्राइम यूनिट को हर जिले में अलग स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा. इस यूनिट में फोटो यूनिट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड की ज्वाइंट टीम होगी. विशेष तौर से 7 साल और उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में इस यूनिट को अनिवार्य रूप से घटनास्थल की जांच करनी होगी."

    सबूतों के अभाव में नहीं बचेंगे अपराधी

    रिटायर्ड डीजी अरुण गुर्टू सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हैं. उनके मुताबिक बड़े अपराधों में यह होना ही चाहिए. इससे पुलिस जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगते हैं. खासतौर से ब्लाइंड मर्डर जैसे मामलों में पुलिस को घटनास्थल से मिलने वाले सबूत न सिर्फ अपराधी तक पहुंचने बल्कि कोर्ट में अपराधी से अपराध की कड़ी जोड़ने में काफी मदद मिलती है. बड़े मामलों में रिक्रिएशन होने से सजा दिलाने में मदद मिलेगी और सबूतों के अभाव में अपराधी बच नहीं पाएंगे.

    रिक्रिएशन से चला था पता कहां से आई थी गोली

    राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में अक्टूबर 2025 में गणेश उत्सव के दौरान एक झांकी में खेल रही बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई थी. एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची की मौत गोली लगने से हुई. शुरूआती जांच में पुलिस को पता नहीं चल सका कि गोली किस दिशा से आई थी. बाद में पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया और बारीकी से एनालिसिस किया गया तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई.

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    Sat, 15 Nov 2025 13:59:35 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील पहल — रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा https://citytoday.co.in/4300 https://citytoday.co.in/4300   रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा-मध्यप्रदेश पुलिस 
     महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिक–पुलिस संवाद, पारिवारिक समरसता और महिला सुरक्षा को लेकर निरंतर किए जा रहे प्रयास अब उल्लेखनीय परिणाम देने लगे हैं। प्रदेश के विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” पहल ने मध्यप्रदेश पुलिस को संवेदनशीलता, संवाद और महिला सुरक्षा की नई पहचान दी है। इन पहलों से पारिवारिक रिश्तों में विश्वास लौटा है और महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” — रिश्तों में लौटी मिठास

    विदिशा में प्रारंभ हुई “पुलिस पंचायत” पहल अब पारिवारिक विवादों के समाधान की मिसाल बन चुकी है। अब तक आयोजित 34 बैठकों में कुल 98 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली इन पंचायतों में पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मतभेद एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों का संवाद, सहानुभूति और सामाजिक सहमति से निराकरण किया जाता है।

    पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में गठित पंचायत कोर कमेटी — डॉ. सचिन गर्ग, श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, श्री दिनेश वाजपेयी, श्री अजय टंडन, श्री अतुल शाह, श्री विनोद शाह एवं श्री पार्थ पित्तलिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    यह पहल न केवल विवादों के निपटारे तक सीमित रही, बल्कि इसने संवाद और सहानुभूति के माध्यम से टूटते रिश्तों को फिर जोड़ने का कार्य किया है। वर्षों से बिछड़े परिवार एक-दूसरे से मिले, वृद्ध जनों को उनका हक मिला और समाज में यह संदेश गया कि पुलिस जनता की हमदर्द और सहभागी है। “पुलिस पंचायत” ने यह साबित किया है कि संवाद से बढ़कर कोई न्याय नहीं — यह पहल कानूनी समाधान के साथ सामाजिक समरसता का पुल बन चुकी है।

    टीकमगढ़ की “नवपहल” – महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम

    टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में प्रारंभ “नवपहल” अभियान ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस पहल से जिले में महिला अपराधों में लगभग 37% तक की कमी दर्ज की गई है।

    विशेष सुधार:

        शीलभंग: 21.3% कमी

        दहेज हत्या: 16.6% कमी

        दहेज प्रताड़ना: 50.5% कमी

        भ्रूण हत्या/गुप्त व्ययन: 42.8% कमी

    महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख अभियान

    1. नीड अभियान: कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, 42.8% कमी

    2. परी अभियान: 55,309 बच्चियों को “गुड टच–बैड टच” की जानकारी

    3. भरोसा अभियान: 6,328 किशोरियों को आत्मरक्षा व विधिक प्रशिक्षण

    4. सहारा अभियान: 192 महिलाओं को आर्थिक व पारिवारिक सहायता

    5. आसरा अभियान: 64 वृद्ध महिलाओं को सहयोग

    6. परिवार जोड़ो अभियान: 72 परिवार टूटने से बचे, दहेज प्रताड़ना में 47.5% कमी

    इसके अलावा “मजनू अभियान” के अंतर्गत स्कूल–कॉलेजों के आस-पास असामाजिक तत्वों पर निगरानी से छेड़छाड़ के अपराधों में 22.3% की कमी दर्ज हुई है।

    इन अभियानों के माध्यम से महिला सुरक्षा, वन स्टॉप सहायता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता से पुलिस और समाज के बीच नए भरोसे का रिश्ता बना है। महिला हेल्प डेस्क, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया निगरानी और स्कूल–कॉलेज परिसरों में नियंत्रण गतिविधियाँ ने टीकमगढ़ पुलिस की छवि को समाज के प्रति समर्पित प्रहरी के रूप में स्थापित किया है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” जैसी पहलें इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि “जनभरोसे की पुलिस” के रूप में नागरिकों के बीच संवाद, समझ और सेवा का सेतु बन रही है।

     

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    Fri, 14 Nov 2025 13:12:42 +0530 news desk MPcg
    दिग्विजय का मोहन भागवत पर हमला: कहा — संघ की तुलना हिंदू धर्म से सनातन का अपमान https://citytoday.co.in/4295 https://citytoday.co.in/4295 भोपाल 

    पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है। दिग्विजय ने कहा कि संघ जैसे अन रजिस्टर्ड संगठन की हिंदू समाज से तुलना करके उन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है।भोपाल में अपने सरकारी आवास पर दिग्विजय सिंह ने प्रेस से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बेंगलुरू में आरएसएस का शताब्दी वर्ष का आयोजन हुआ था। जिसमें मोहन भागवत ने अपने विचार रखे थे। उस समय का पूरा आयोजन आरएसएस के पदाधिकारियों तक सीमित था, जिसमें उन्होंने बड़ी चौंकाने वाली बात की थी।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहली बात तो उन्होंने कही कि लोग ये शिकायत करते हैं कि आरएसएस अपंजीकृत है, भागवत जी ने इसका काउंटर करते हुए कहा कि अगर आरएसएस अपंजीकृत है तो हिंदू धर्म भी अपंजीकृत है, इस्लाम भी अपंजीकृत है।

    मोहन भागवत के इस बयान पर मुझे घोर आपत्ति है। मैं उसकी निंदा करता हूं। वे सैकड़ों साल से चली आ रही हिंदू धर्म सनातनी परंपराओं की एक अनरजिस्टर्ड संगठन से तुलना कर रहे हैं। मोहन भागवत जी आपने सनातन धर्म का अपमान किया है।दिग्विजय सिंह ने कहा कि बड़े से बड़ा नेता, प्रधानमंत्री जी ख़ुद को संघ का कार्यकर्ता बोलते हैं। अगर आप संघ के सदस्य हैं तो मेंबरशिप फॉर्म बताइए।

    देश से माफी मांगें मोहन भागवत दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं डिवोटी हिंदू और एक ऐसा सनातन धर्मी हूं। जिसने न केवल धर्म का पालन किया है बल्कि हर तरह से मैंने धार्मिक संस्थाओं का सम्मान किया है। मैंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद जी से 1983 में दीक्षा ली हुई है। मैं हिंदू होने के नाते आपकी घोर निंदा करता हूं। आपने सनातन धर्म को पंजीकृत होने का बयान दिया है। मैं इसके खिलाफ हूं।

    इसके लिए आपको देश से माफी मांगना चाहिए और हर हिंदू धर्म और सनातन धर्म का पालन करने वालों से आपको माफी मांगना चाहिए। संत-महात्माओं चारों पीठों के शंकराचार्यों से आपको माफी मांगना चाहिए।

    सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए दिग्विजय सिंह ने कहा- आपने दूसरा प्रहार यह किया है कि हिंदू धर्म का पालन करने वालों में मुस्लिम, ईसाई भी शामिल कर लिए। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। मैं हमेशा से इस बारे में कहता आया हूं। स्वामी विवेकानंद जी ने भी यही बात कही है कि सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है।

    मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं प्रचारक दिग्विजय सिंह ने कहा- आप (संघ) के कार्यकर्ता आपके प्रचारक और आपके नेता मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं। मैं उसकी भी निंदा करता हूं। मुसलमानों, ईसाईयों, जैनियों, सिखों का क्या कसूर है?

    अगर वे किसी अन्य धर्म मैं अपनी आस्था रखते हैं और वह अन्य धर्म का पालन करते हैं तो आपको यह अधिकार नहीं है कि आप उनके खिलाफ जहर उगलें। आपका संगठन और आपका मोर्चा संगठन बीजेपी पूरी तरीके से नफरत फैला रहे हैं। सांप्रदायिक सद्भाव का अपमान कर रहे हैं।

    अपराध हुआ तो मुसलमानों के घर क्यों तोड़े जाते हैं पूर्व सीएम ने कहा- अगर कहीं पर हिंदू-मुस्लिम का छोटा-मोटा झगड़ा होता है तो हिंदुओं पर कानूनन कार्रवाई तो होती ही है लेकिन मुसलमान ने अगर जुर्म किया तो उनके परिवार पर कार्रवाई क्यों करते हैं। उनका घर तोड़ते हैं। मैं उसका भी विरोध करता हूं।

    रजिस्टर्ड नहीं तो इनकम टैक्स से छूट कैसे मिली दिग्विजय सिंह ने कहा आपने (मोहन भागवत) कई बार यह भी कहा है कि आपको गुरु दक्षिणा आती है। यह बताना चाहिए कि कौन से खाते में गुरु दक्षिणा आती है? आप कहते हैं कि हमको इनकम टैक्स से माफ कर दिया है। आपका संगठन पंजीकृत ही नहीं है तो इनकम टैक्स का कौन सा ऑर्डर है जिससे आपको माफ किया है।

    आपने यह भी कहा है कि इनकम टैक्स ने आरएसएस को टैक्स से मुक्त कर दिया है। जब आपकी संस्था ही पंजीकृत नहीं हैं उसका कोई अकाउंट ही नहीं है तो फिर किस बात पर आपको टैक्स से मुक्ति दी है। आपने कहा कि हमें तो न्यायालय ने हमें इस मामले में मान्यता दी हुई है। कैसे मान्यता दे दी? कौन से जज ने दे दी और कौन से कोर्ट ने दी है? मैं यह जानना चाहता हूं।

    आजादी के पहले और बाद में भी पंजीयन नहीं कराया दिग्विजय सिंह ने बताया कि आपने (मोहन भागवत) कहा है कि 1925 में कोई कानून नहीं था, जिसमें हम पंजीकृत करवाते और ब्रिटिश हुकूमत थी। ब्रिटिश हुकूमत का हम साथ नहीं देना चाहते थे। मोहन भागवत जी, मैं बड़ी विनम्रता से कहना चाहता हूं कि हेडगेवार साहब ने जंगल सत्याग्रह में भाग लिया था। वे जेल भी गए थे। लेकिन, उसके बाद पूरे संघ ने अपने पूरे कार्यकर्ताओं से कहा था कि आपको ब्रिटिश हुकूमत का साथ देना है। द्वितीय विश्वयुद्ध में कहा था कि आपको ब्रिटिश आर्मी में भर्ती होना चाहिए। क्या आपकी यही राष्ट्रभक्ति थी?

    1925 में कई संगठन रजिस्टर्ड हुए, RSS ने पंजीयन नहीं कराया दिग्विजय सिंह ने कहा- 1860 में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट आ गया था। हर संस्था को पंजीकृत होना जरूरी था। उस समय ब्रह्म समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, अखिल विश्व गायत्री सहित तमाम समाज संगठन रजिस्टर्ड हुए। लेकिन, आरएसएस 1925 में पंजीकृत नहीं हुआ। आपने न तो तब का कानून माना और न आजादी के बाद का कानून माना।

    संघ पर PMLA के तहत कार्रवाई हो दिग्विजय सिंह ने कहा- मैंने वित्त मंत्री को 2021 में एक पत्र लिखा था। कोविड काल के समय पर RSS के ऑफिशियल हैंडल पर यह कहा था कि हमने कोविड के समय पर 7 करोड़ रुपए खर्च किए।

    तब मैंने उसका उल्लेख करते हुए मांग की थी कि इसको आप संज्ञान में लेते हुए इन पर आप प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट लगाइए कि यह इनका काला धन है। जब इनका कोई अकाउंट नहीं है तो कौन से अकाउंट से इन्होंने पैसा निकाल कर खर्च किया? उसका जवाब मुझे आज तक नहीं मिल पाया है।

    पीएम कहते हैं कि संघ सबसे बड़ा एनजीओ पूर्व सीएम ने कहा- मैं राज्यसभा में भी जब प्रश्न पूछता हूं तो उसका उत्तर नहीं मिल पाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रधानमंत्री जी लाल किले से कहते हैं कि यह सबसे बड़ा NGO है। ये ऐसा NGO है जो अपनी तुलना धर्म से करता है। ऐसा NGO है जिसका पंजीकरण नहीं है। जिसकी सदस्यता नहीं है। जिसका अकाउंट नहीं है। सबसे बड़ा संगठन और एनजीओ है।

    नाथूराम गोडसे संघ का कार्यकर्ता था दिग्विजय ने कहा- नाथूराम गोडसे के लिए कह दिया कि वह हमारा मैंबर नहीं है। नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी तो लोगों ने आरोप लगाया कि यह आरएसएस का कार्यकर्ता था और यह सही आरोप लगाया क्योंकि नाथूराम गोडसे के भाई ने भी यह बात स्वीकार की थी कि वह RSS के कार्यकर्ता है। जब सदस्यता ही नहीं होगी तो मालूम कैसे चलेगा इस देश के कानून का पालन RSS पर नहीं हो सकता।

    जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं है तो कौन से कानून का पालन आप करेंगे कौन से लेकिन के अंतर्गत इन पर कार्रवाई की जाएगी।

    पूर्व सीएम ने कहा कि कोई भी अगर अपराध करता है तो कहते हैं हमारा सदस्य नहीं है। आतंकवादी गतिविधियों में कोई भी शामिल हो जाता है आईएसआई के लिए कोई भी जासूसी करते पकड़ा जाता है और कहते हैं यह हमारा सदस्य नहीं है।

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    Thu, 13 Nov 2025 17:12:42 +0530 news desk MPcg
    एमपी फिर बन सकता है टाइगर स्टेट: All India Tiger Estimation 2026 की प्रक्रिया शुरू https://citytoday.co.in/4286 https://citytoday.co.in/4286 भोपाल 

    भारत में बाघों की असली तस्वीर जानने की सबसे बड़ी कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है। देशभर में अखिल भारतीय बाघ अनुमान 2026 (All India Tiger Estimation 2026) की प्रक्रिया शुरू होने को है। इसमें टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश की भूमिका बेहद अहम रही है, क्योंकि एक बार 1991 में और उसके बाद 2019 और 2022 में ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन में मध्यप्रदेश लगातार दो साल टाइगर स्टेट का तमगा हासिल करने में कामयाब रहा है। इस बार फिर वन विभाग की बड़ी तैयारी है, उम्मीद की जा रही है कि एमपी एक बार फिर टाइगर स्टेट बन सकता है।

    15 नवंबर से प्रदेशभर के फॉरेस्ट एरिया में बाघ एस्टिमेशन का काम शुरू हो जाएगा। कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे, इसके अलावा एविडेंस में मल, पगमार्क, खरोंच के निशान, शिकार के अवशेष जैसे साक्ष्य भी शामिल किए जाते हैं। चार चरणों में पूरी होने वाली एस्टिमेशन की ये प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी होगी। इसके बाद डेटा कलेक्ट करके फाइनल रिपोर्ट अप्रेल 2026 तक तैयार हो जाएगी। जो जुलाई 2026 तक जारी होगी।

    टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश की स्थिति कैसी?

    पिछले बाघ अनुमान 2022 (Tiger Estimation 2022) में मध्य प्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे। जो देश के अन्य राज्यों से भी ज्यादा हैं। यानी हर पांच में से एक बाघ एमपी के जंगलों में मौजूद है। इसी के चलते राज्य को लगातार दूसरी बार 2019 और 2022 में टाइगर स्टेट का दर्जा मिला। इस बार फिर सबकी नजर इसी पर है कि क्या एमपी अपनी टॉप पॉजीशन बनाए रखेगा या किसी अन्य राज्य से मुकाबला होगा?

    दूसरी बार पेपरलेस यानी M-STRIPES ऐप से किया जा रहा है एस्टिमेशन

    पिछले ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन में एमपी समेत देशभर के जंगलों में M-STRIPES ऐप के माध्यम से पेपरलेस कार्य किया गया था। इस बार भी वही प्रक्रिया फॉलो की जाएगी। जिम्मेदारों का कहना है कि इस बार ऐप को और अपडेट किया गया है। यूजरफ्रेंडली ऐप से कई परेशानियां हल हुई हैं और मुश्किलें आसान।

    जानें क्या है टाइगर एस्टिमेशन

    अब तक हम जिसे बाघों की गणना कहते आए हैं, असल में आधुनिक भारत में ये टाइगर काउंटिंग नहीं बल्कि, टाइगर एस्टिमेशन है। टाइगर एस्टिमेशन की प्रक्रिया अब पारंपरिक गिनती से कहीं आगे बढ़ चुकी है। यह सिर्फ कैमरे में दिखे बाघों की संख्या नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश समेत देश के पूरे वन क्षेत्र में मौजूद संभावित आबादी का वैज्ञानिक मूल्यांकन है। इसे ऐसे समझें-

    एमपी में 9 टाइगर रिजर्व और कॉरिडोर, टेरिटरीज पर नजर

    राज्य के 9 टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, संजय, पन्ना, ओरछा, माधव, भीमगढ़, नौरादेही सभी में गहन निगरानी चलेगी। हर रिजर्व के कोर और बफर जोन में 24 घंटे कैमरे एक्टिव होंगे। पिछली बार की तरह इस बार भी AI बेस्ड कैमरा ट्रैप और जीपीएस डेटा लिंक तकनीक वाले ऐप M-STRIPES से मॉनिटरिंग पहले से कहीं ज्यादा सटीक होगी। वन विभाग के मुताबिक जंगलों से निकल सड़कों पर नजर आ रहे बाघ जहां चुनौती साबित हो सकते हैं, वहीं ये उम्मीद भी दे रहे हैं, कि बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना है, एमपी फिर से टाइगर स्टेट बन सकता है।

    संरक्षण की चुनौती- बढ़ती संख्या, घटता आवास

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाघों की संख्या बढ़ना जितना सुखद है, उतना ही आवास घटने का खतरा भी बढ़ा है। बाघ कॉरिडोर और गांवों की सीमा तक आने लगे हैं। पीसीसीएफ एल. कृष्णमूर्ति कहते हैं कि, 'इससे निपटने के लिए वन विभाग इस बार सह अस्तित्व मॉडल पर जोर दे रहा है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों को निगरानी, रिपोर्टिंग और इको टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है।'

    अखिल भारतीय टाइगर एस्टिमेशन (AITE) में एमपी की प्राथमिकता क्या?

    -बाघों की सटिक पहचान और वितरण का नक्शा तैयार करना।

    -रिजर्व से बाहर बाघों की उपस्थिति को वैज्ञानिक रूप से दर्ज करना।

    -कोरिडोर नेटवर्क को मजबूत करना ताकि, बाघ सुरक्षित क्षेत्रों में आवागमन कर सकें।

    -वन विभाग के मुताबिक ये अनुमान प्रक्रिया सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझने की कोशिश है कि बाघ कहां हैं। कहां जा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए हमें अब आगे और क्या बदलाव करने की आवश्यकता है। क्या हम सही सही मायनों में जंगलों की सुरक्षा कर पा रहे हैं?

    इस तकनीक से क्या फायदा हुआ

    -कागज की गिनती और मानवीय गलती खत्म हुई, अब सब डिजिटल रिकॉर्ड होता है।

    -हर टीम की गश्त मॉनिटर की जा सकती है, कौन कहां गया, कितना एरिया कवर हुआ, कितना बाकी है?

    -डेटा की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ी है।

    -बाघों के संरक्षण और सुरक्षा की योजना बनाना आसान हुआ है। क्योंकि अब ठोस वैज्ञानिक डाटा उपलब्ध है।

    मध्य प्रदेश जो टाइगर स्टेट है, ने इस सिस्टम को सबसे जल्दी अपनाया। राज्य के 9 टाइगर रिजर्व और दो अन्य अभयारण्य के रेंजर्स, कर्मचारियों और अधिकारियों को M-STRiPES पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब हर बाघ गिनती और पेट्रोलिंग इसी एप के जरिए की जा रही है। ये नया प्रयोग पिछले टाइगर एस्टिमेशन के लिए शुरू किया गया था।

    कैसे काम करता है M-STRIPES सिस्टम

    अब बाघ गिनने का तरीका पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। फील्ड में जब वनकर्मी या अधिकारी जाते हैं, तो उनके मोबाइल में M-STRIPES ऐप ऑन रहता है। ये एप जीपीएस की मदद से उनका पूरा रास्ता रिकॉर्ड करता है। यानी कौन सी टीम कहां गई, कितना इलाका कवर किया सब कुछ ट्रैक होता है।

    जंगल में अगर कहीं बाघ के पगमार्क, मल, शिकार के अवशेष मिलते हैं तो कर्मचारी तुरंत उसी जगह का फोटो लेकर ऐप में अपलोड कर देते हैं, फोटो के साथ उस जगह का लोकेशन और समय अपने आप एप में सेव हो जाता है।

    दिन के अंत में पूरा डेटा ऑनलाइन सर्वर पर चला जाता है, जहां विशेषज्ञ उसे जांचते हैं, कहां ज्यादा मूवमेंट मिली, किस इलाके में बाघों की मौजूदगी मजबूत है और कहां निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

    इस तरह अब कागज, फॉर्म या मैनुअल गिनती की जगह पूरा सिस्टम मोबाइल और जीपीएस पर चलेगा। जिससे न केवल आंकड़े सटिक होंगे, बल्कि मानवीय गलती की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी।

     

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    Thu, 13 Nov 2025 12:54:27 +0530 news desk MPcg
    स्काउट&गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://citytoday.co.in/4270 https://citytoday.co.in/4270 स्काउट-गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

    राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों में, शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर दें जोर : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

    भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य परिषद की बैठक हुई

    भोपाल 

    स्काउट-गाइड अपनी सेवा के माध्यम से विशेष पहचान बनाये हुए है और स्काउटिंग की सेवा भावना जन-जन तक फैली हुई है, यह गौरव की बात है। स्काउटिंग का यह सेवा भाव हमें सेवा ही धर्म है; का संदेश देता है और इस भाव को हम अपने भीतर भी उतारे यह एक बडी साधना है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य मुख्यालय में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में कही।

    मंत्री  परमार ने कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. इतने वर्षों से सतत् सेवा भाव से कार्य कर रहा है और सेवा ही धर्म है, इस संकल्प को पूरा भी कर रहा है।  परमार ने कहा कि हमें भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. की गतिविधियों को और अधिक विस्तृत करने पर जोर देना होगा और आमदनी के साधन भी बढ़ाने के लिए प्रयास करना होगा जिससे संगठन नियमित रूप से चल सके और स्काउट-गाइड आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन सके।

    उच्च शिक्षा मंत्री  परमार की अध्यक्षता में बुधवार को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित राज्य मुख्यालय के सभागार में, राज्य परिषद की बैठक हुई। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की विविध गतिविधियों की समीक्षा की एवं विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मंत्री  परमार ने समस्त जिला स्काउट्स एवं गाइड्स के सीए ऑडिट कराने के निर्देश दिए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निजी विद्यालयों द्वारा स्काउट्स एवं गाइड्स के पंजीयन शुल्क जमा करवाया जाना सुनिश्चित करने को कहा।  परमार ने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में सहभागिता शुल्क, राज्य मुख्यालय द्वारा न लिए जाने को कहा एवं इस आशय के लिये राष्ट्रीय मुख्यालय को भी अवगत करवाने को कहा। मंत्री  परमार ने जिलों में संग्रहित पंजीयन देय राशि को राज्य मुख्यालय में शीघ्र अति शीघ्र जमा कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया।

    मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों एवं गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक करने के साथ, समस्त गतिविधियों एवं आवश्यकताओं की निर्देशिका (फोल्डर) तैयार करने को कहा। स्काउट्स एवं गाइड्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक समन्वय एवं सतत् प्रयास करने के लिए भी कहा। मंत्री  परमार ने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स जिला स्तर तक आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए समुचित प्रयास किए जाएं और आमदनी में वृद्धि के लिए व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें।

    मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा संचालित निःशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर अन्तर्गत स्वास्थ्य का परीक्षण भी करवाया। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की उत्तरप्रदेश के लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी के शुभांकर "शार्दू" का विमोचन भी किया।

    बैठक में सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों पर व्यापक चर्चा हुई एवं सर्वसम्मति से विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विषयों पर आवश्यक निर्णय लिए गए। अंतर्राष्ट्रीय जंबूरी एवं राष्ट्रीय जंबूरी में विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर भी व्यापक विमर्श हुआ।

    बैठक में, पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25 का अनुमोदन, सत्र 2025-26 का वार्षिक कार्यक्रम एवं वार्षिक योजना का अनुमोदन, वास्तविक आय-व्यय 2023-24 पुनरीक्षित 2024-25 एवं प्रस्तावित 2025-26 का बजट अनुमोदन किया गया और सी.ए. ऑडिट प्रतिवेदन 2023-24 भी प्रस्तुत किया गया। राज्य कार्यकारिणी की पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन, कार्यालयीन प्रस्ताव एवं सदस्यों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर भी गहन चर्चा की गई।

    बैठक में पूर्व मंत्री एवं राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड मप्र  पारस चन्द्र जैन, उपाध्यक्ष  प्रकाश चित्तौडा, उपाध्यक्ष  अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष  रमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष  ओम प्रकाश गुप्ता, उपाध्यक्ष मती मीना डागोर, राज्य सचिव  राजेश प्रसाद मिश्रा (से.नि. आई.ए.एस.), राज्य कोषाध्यक्ष  रमेश शर्मा एवं राज्य आयुक्त रोवर  राजीव जैन सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

     

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    Wed, 12 Nov 2025 12:00:32 +0530 news desk MPcg
    “A Journey of Oneness” — भारत भवन में आध्यात्मिक एकता का संगम https://citytoday.co.in/4260 https://citytoday.co.in/4260 भोपाल एक बार फिर से गवाह बनने जा रहा है एक ऐसे आयोजन का, जो आत्मा को छू जाने वाला अनुभव देगा।
    आज, मंगलवार 11 नवम्बर 2025 की शाम 5:30 बजे, भारत भवन, भोपाल में आयोजित होने जा रहा है —
    “A Journey of Oneness – Oneness Dialogues”, एक ऐसा मंच जहाँ पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिक दृष्टियाँ एक साथ मिलेंगी।

    इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहेंगे –
     स्वामी शुद्धिधानंद — अध्यक्ष, अद्वैत आश्रम, मायावती (उत्तराखंड)
     आचार्य जोनस मसेट्टी — प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु, ब्राज़ील के विद्या गुरुकुलम संस्थापक एवं पद्म श्री सम्मानित
    विनय एल. वारणसी — प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतज्ञ, गीतकार, चित्रकार एवं कथावाचक

    यह आयोजन न केवल एक वार्ता श्रृंखला है, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है जो मनुष्य को स्वयं से, समाज से और सृष्टि से जोड़ने का संदेश देती है।
    संगीत, दर्शन और संवाद के इस अनोखे संगम के माध्यम से, यह कार्यक्रम मानवता के भीतर छिपी एकता को उजागर करने का प्रयास करेगा।

    कार्यक्रम का आयोजन एकात्म धाम (A Global Centre of Oneness) एवं संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन के सौजन्य से किया जा रहा है।
    इस आयोजन के संरक्षक एवं आमंत्रक हैं —
    श्री शैव शेखर शुक्ला, ट्रस्टी सेक्रेटरी, संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन।

    “जब आत्मा का स्वर जग से जुड़ता है, तभी सच्चे एकत्व की अनुभूति होती है।”

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    Tue, 11 Nov 2025 17:29:59 +0530 news desk MPcg
    सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4254 https://citytoday.co.in/4254 सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश — सभी सिंचाई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों

    हरदा प्रदेश का पहला सिंचित जिला बनने की ओर अग्रसर

    तीन जनजातीय बहुल जिलों में 2 साल में 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण

    सिंहस्थ 2028 के लिए जलगत तैयारियां हर हाल में दिसंबर 2027 तक हो जाएं पूरी

    मुख्यमंत्री ने की नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा

     

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए।

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा।

    अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष काम 30 जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नर्मदा नियंत्रण मंडल के अधीन सेंधवा (बड़वानी) माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम भी तेजी से जारी है। इससे बड़वानी जिले के 29 गावों की 9 हजार 855 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई होगी। इसी तरह बड़वानी जिले में ही निवाली उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने पर करीब 92 गांवों की 33 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित की जाएगी। माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना- जिला देवास से बारना परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    Tue, 11 Nov 2025 11:48:17 +0530 news desk MPcg
    एमपी में ठंड का कहर: 16 नवंबर तक चलेगी कड़ाके की Cold Wave, 16 जिलों में अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/4235 https://citytoday.co.in/4235 भोपाल 
    मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले 10 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग की माने तो पिछले 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब नवंबर की शुरुआत में ही यहां कई इलाकों में शीतलहर चलने लगी है। आलम ये है कि, प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा पहुंचा। राजगढ़ जिले में पमचढ़ी से भी ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से अचानक ठंडक बढ़ गई है। उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश आ रही हैं, जिससे नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में पिछले 25 साल में पहली बार है कि, नवंबर माह के शुरुआत में ही शीतलहर चल गई हो। शनिवार रात को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इनमें राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    कई शहरों में कोल्ड वेव
    इसके अलावा कई शहरों में कोल्ड वेव का भी असर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली।
     
    इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट
    जबकि, आज रविवार को भी इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पन्ना जिले में भी कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा। वहीं, कल सोमवार (10 नवंबर) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, रीवा, पन्ना, सतना, छतरपुर और टीकमगढ़ में शीतलहर चलने का अलर्ट है।

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    Mon, 10 Nov 2025 12:49:05 +0530 news desk MPcg
    विन्ध्य को नई रफ़्तार: आज से एटीआर&72 विमान सेवा हुई शुरू https://citytoday.co.in/4233 https://citytoday.co.in/4233 भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है। आज का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे।

    प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है। हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा।

    दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा।

    देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है।

    जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा।

    बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। 

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    Mon, 10 Nov 2025 12:39:23 +0530 news desk MPcg
    भोपाल&इंदौर हाईवे पर 31 करोड़ का नया फ्लाईओवर, सिंहस्थ से पहले होगा तैयार https://citytoday.co.in/4223 https://citytoday.co.in/4223  भोपाल
     भोपाल शहर के सबसे प्रमुख सड़क जंक्शन को सुरक्षित करने की योजना ने महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर यह छह लेन का नया फ्लाईओवर है, जिसका निर्माण 31 करोड़ रुपयों की लागत से होगा। इसके बन जाने से भोपाल से इंदौर जाने वालों को खजुरी स्थित 11 मील जंक्शन की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

    इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार में सबका साथ-सबका विकास के तहत पूरे भोपाल में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत यह फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जाएगा, जो कि 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ के पहले तैयार हो जाएगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को विभाजित करने में मदद मिलेगी और इस सड़क पर हो रहे हादसे भी नियंत्रित होंगे।

    18 महीने में निर्माण का लक्ष्य

    अधिकारियों ने बताया कि छह लेन के इस फ्लाईओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को मिली है। यह एजेंसी 18 महीने में निर्माण पूरा करने की लक्ष्य लेकर चल रही है। फ्लाईओवर के साथ उसपर पथप्रकाश व्यवस्था और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी ताकि आवागमन सुगम बना रहे।

    भोपाल बाइपास को बाइपास करेगा

    खजूरी स्थित 11 मील तिराहे पर भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर राजमार्ग आपस में जुड़ते हैं। इस तिराहे से औसतन दो लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इसकी वजह से इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। नया फ्लाईओवर जंक्शन से करीब 400 मीटर पहले शुरू होगा।

    जंक्शन तिराहे के ऊपर से गुजरकर यह खजुरी के पास उतरेगा। इसकी वजह से भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे वाहनों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बाइपास से आने वाले वाहन सर्विस रोड से होकर मुख्य सड़क पर पहुंचेंगे।

        850 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर
        6 लेन का होगा
        31 करोड़ रुपयों में बनेगा
        18 महीने में पूरा होगा
        3 लाख लोग रोजाना गुजरेंगे

     

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    Fri, 07 Nov 2025 12:29:59 +0530 news desk MPcg
    भोपाल AIIMS में 250 रुपये में चमत्कार: गर्भनाल से लौटाई 13 मरीजों की आंखों की रोशनी https://citytoday.co.in/4222 https://citytoday.co.in/4222 भोपाल
     गर्भनाल, गर्भस्थ शिशु के लिए रक्षा कवच का काम करता है. जबकि शिशु का जन्म होने के बाद इस कवच को वेस्टेज समझ के फेंक दिया जाता था, लेकिन एम्स भोपाल के डाक्टर अब इस इस गर्भनाल की झिल्लियों से आंखे खो चुके मरीजों के जीवन में फिर से रोशनी लाने का काम कर रहे हैं. दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से घायल 13 लोग आंखों का इलाज कराने के लिए एम्स भोपाल पहुंचे थे. जहां डाक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन यानि गर्भनाल की झिल्लियों का उपयोग कर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई.

    घाव भरने और पारदर्शिता बनाए रखने में करती है मदद

    एम्स भोपाल के सर्जन डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया कि "नवजात शिशुओं के जन्म के बाद उनके गर्भनाल को पहले फेंक दिया जाता था, लेकिन अब यही आंखों की गंभीर समस्याओं में दवाई का काम कर रही है. गर्भनाल की जीवित झिल्ली घाव भरने में मदद करती है. इसके साथ ही आंखों की पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करती है. वहीं निजी अस्पतालों में जहां इस तरह के इलाज में 40 से 50 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं. भोपाल एम्स में आयुषमान कार्डधारकों का यह इलाज निशुल्क किया जा रहा है. जबकि जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनसे भी केवल 250 रुपए लिए जा रहे हैं.

    मरीजों की आंखों का 80 प्रतिशत विजन लौटा

    डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया किए मनियोटिक मेम्ब्रेन तकनीकी ऐसे लोगों के लिए कारगर है, जिनकी आंखें केमिकल के पटाखों से खराब हुई है. उनके कार्नियल अल्सर या संक्रमण की स्थिति में और एलर्जिक सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के इलाज में बेहतर रिजल्ट मिलता है. इसके साथ ही इसका इस्तेमाल ट्रामा या सर्जरी के बाद ऊतकों की बेहतर रिकवरी के लिए भी किया जाता है. उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल में जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनका विजन 80 प्रतिशत से अधिक लौट चुका है. इनमें अधिकतर मरीजों की आंखें कार्बाइड गन से डैमेज हुई थी.

    इस तरह किया जाता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन से इलाज

    आंखो में चोट, इंफेक्शन या पटाखों से आंखों की ऊपरी सतह झुलसने पर यदि दवाइयों से घाव ठीक नहीं होते तो एमनियोटिक मेम्ब्रेन ग्राफ्टिंग की जाती है. सबसे पहले डिलेवरी के बाद नवजात शिशु को इससे अलग किया जाता है. फिर इसे स्टरलाइज करने के बाद नार्मल स्लाइन से साफ किया जाता है. इसके बाद इसे एंटीबायोटिक या बीटाडीन सॉल्यूशन से साफ किया जाता है. इसके बाद आंखों के क्षतिग्रस्त हिस्से को साफ कर टांकों के माध्यम से इसकी ग्राफ्टिंग की जाती है. इससे घाव जल्द भरते हैं और मरीज की रिकवरी जल्दी होती है.

    जानिए क्या होता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन

    एमनियोटिक मेम्ब्रेन एक पतली और मजबूत झिल्ली होती है, जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है. विशेष रूप से, यह एमिनियोटिक थैली की आंतरिक या भीतरी परत होती है, जो भ्रूण को धारण करने वाला आवरण होती है. एमनियोटिक थैली में एमनियोटिक द्रव और एक बाहरी परत भी होती है, जिसे कोरियोन कहा जाता है. ये संरचनाएं मिलकर भ्रूण के लिए एक सुरक्षात्मक आवरण बनाती हैं, ताकि वह बढ़ सके और विकसित हो सके.

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    Fri, 07 Nov 2025 12:13:28 +0530 news desk MPcg
    गायत्री परिवार का नया संदेश : सादगी भरी शादी, 15 मेहमान और बिना दहेज के उत्सव https://citytoday.co.in/4220 https://citytoday.co.in/4220 भोपाल 

    शादी-ब्याह में दिखावे, फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से परेशान समाज को एक नया विकल्प मिल गया है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गायत्री शक्तिपीठ ने सादगी और संस्कार का संदेश देने के लिए संस्कारित विवाह अभियान शुरू किया है. इसमें न डीजे होगा, न बैंड-बाजा, न भव्य सजावट होगी. विवाह सिर्फ मंत्रोच्चार, अग्नि और सात फेरों यानी पूरी तरह वैदिक रीति से सम्पन्न होगा. 

    भोपाल के महाराणा प्रताप नगर (MP नगर) स्थित शक्तिपीठ के एक पैम्फलेट यानी पत्रक में विवाह को एक पवित्र संस्कार बताते हुए खर्चीली रीतियों और सामाजिक बुराइयों को सख्ती से वर्जित किया गया है. पैम्फलेट में साफ लिखा है, ''दहेज लेना व देना एक सामाजिक अपराध है.'' साथ ही मांस-मदिरा के सेवन को इस पवित्र संस्कार को अपवित्र न बनाने की अपील की गई है.

    कैसा होगा यह संस्कारित विवाह:- 

        विवाह पूरी तरह वैदिक विधि से संपन्न होगा 
        अधिकतम 15 से 20 मेहमानों की इजाजत होगी 
        प्रतीक स्वरूप 2 वरमाला और एक डिब्बा मिठाई का आदान-प्रदान किया जाएगा 
        डीजे, बैंड-बाजा या किसी भी तरह की भव्य सजावट की अनुमति नहीं होगी 
        बारात और भोजन की व्यवस्था यहां इजाजत नहीं है. 

    संस्कारों पर जोर और फिजूलखर्ची का विरोध
    गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया, ''यह पहल गायत्री परिवार की सात क्रांतियों (साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारी जागरण, नशा निवारण आदि) का हिस्सा है.''

    गुप्ता ने बताया कि गायत्री परिवार हमेशा फिजूलखर्ची को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहता है. इसमें मृत्युभोज का हम लोग विरोध करते हैं, शादी में दान दहेज का विरोध करते हैं और खर्चीली शादियों को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं. 

    उन्होंने तर्क दिया कि विकृतियों और वृद्धाश्रमों के बढ़ने के पीछे मुख्य कारण संस्कारों की कमी है, जिसे इस वैदिक विधि से दूर किया जा रहा है.

    गृहस्थ जीवन एक तपोवन
    शक्तिपीठ ने अपने पैम्फलेट में गृहस्थ जीवन को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में परिभाषित किया है: "गृहस्थ एक तपोवन है, इसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना करनी पड़ती है."

    राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे शादी का वास्तविक संदर्भ समझाते हैं कि आगे परिवार कैसे चलेगा और वैदिक विधि से विवाह का बंधन कैसा होना चाहिए. 

    गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता.

    देवउठनी एकादशी पर गायत्री मंदिर से विवाह करने वाले दंपति वैभव वर्मा और प्रिया शर्मा ने बताया, ''हमने 18 मेहमानों के सामने शादी की. मंदिर की रसीद कटवाने के बाद कुल खर्च करीब 1000 रुपए ही आया. न दहेज, न दिखावा. अब पैसों से बची रकम हम अपने गृहस्थी में लगाएंगे. 

    इसके अलावा, एक अन्य नवविवाहित जोड़े जय अरोड़ा और मधु पांडेय ने कहा,  हम दोनों एक साथ आईटी कंपनी में काम करते हैं. लंबे समय से एक दूसरे से प्रेम करते हैं.हमें अपने आर्थिक हालात देखे और मेट्रो सिटी में आगे के भविष्य को देखते हुए कम खर्च में विवाह बंधन में बंधने का फैसला लिया.  

    रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

    • गायत्री शक्तिपीठ में विवाह संस्कार कराने की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी रखी गई है. 
    • – विवाह के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे अग्निकुंड, पंचमेवा, हल्दी, नारियल, पुष्पादि आदि) परिवारों को खुद लानी होगी.
    • – कम से कम 15 दिन या एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.
    • – सबसे अहम शर्त यह है कि वर और वधू दोनों के माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी है. 
    • – गायत्री परिवार में सभी संस्कार निशुल्क कराए जाते हैं. विवाह कराने का यहां कोई शुल्क या फीस नहीं है.
    • – सिर्फ पूजा के लिए उपयोग होने वाले सामान की व्यवस्था के लिए 2 हजार या 4 हजार रुपए का एक नॉमिनल अमाउंट लिया जाता है.
    • – विवाह के लिए यह राशि 7000 हजार रुपए तय की गई है. 
    • दीवारों से लेकर पोस्टरों पर संदेश ही संदेश 

    शक्तिपीठ के परिसर में दीवारों से लेकर बैनर पोस्टरों में समाज को सही दिशा देने वाले संदेश ही संदेश लिखे गए हैं. संदेश में समाज से खर्चीली शादियों को बंद कर सादगी भरी रीतियों को अपनाने का आह्वान किया है. मसलन, 

    'हम बदलेंगे, युग बदलेगा.'

    अमर रीतियों से बंधो,

    बंद करो खर्चीली शादी.

    सादगी भरी शादियां हमें सद्भाव और वैदिकता बताती हैं.'

    इसके साथ ही मोटे अक्षरों में समाज को कचोट देने वाला लिखा है- 'खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं.' 

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    Thu, 06 Nov 2025 19:24:57 +0530 news desk MPcg
    टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल https://citytoday.co.in/4212 https://citytoday.co.in/4212 टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल

    आईसेक्ट के सहयोग से मिंटो हॉल में होगा नवाचार और प्रेरणा का संगम

    भोपाल
     राजधानी भोपाल एक बार फिर नई सोच, नवाचार और प्रेरक विचारों का केंद्र बनने जा रही है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर, आईसेक्ट (AISECT) के सहयोग से 9 नवंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में टेड एक्स का विशेष आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं, उद्यमियों, नवोन्मेषकों और सृजनशील लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर के इस आयोजन में प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को सीखने, समझने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    यह कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इनमें म.प्र. क्रिकेट संघ (MPCA) एवं MPL के चेयरमैन और Kuberha AI व Ethara AI के को-फाउंडर महानार्यमान सिंधिया, गूगल में स्टार्टअप्स पार्टनरशिप लीड नूपुर वर्मा, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की लीड – कंटेंट प्रोग्रामिंग दिव्या मूरजानी, मैनेजमेंट गुरु, लेखक एवं स्तंभकार एन. रघुरमन, स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘ऑल वूमन इंक’ की फाउंडर आंचल अग्रवाल, तथा कवयित्री, गीतकार और अभिनेत्री गुंजन सैनी शामिल हैं। ये सभी वक्ता अपने अनुभवों और जीवन-यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण और प्रेरणा से परिचित कराएँगे।

    आईसेक्ट के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने इस पहल पर बात करते हुए कहा,“TEDx शाहपुरा लेक चैप्टर जैसे मंच युवाओं को वैश्विक दृष्टि, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रेरित करते हैं। आईसेक्ट का सदैव प्रयास रहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न रहे, बल्कि यह विचार, संवाद और प्रयोग का मंच बने। इस आयोजन से हम चाहते हैं कि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।”

    टेडएक्स शाहपुरा लेक के मुख्य क्यूरेटर डॉ. दीपक मोटवानी ने कहा, “मैंने हमेशा देखा है कि मेट्रो शहर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि उनके पास टेडएक्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुँच है। इसी सोच से हमने तय किया कि भोपाल और यहाँ के युवाओं के लिए भी ऐसा ही एक मंच लाया जाए, जहाँ वे अपने विचारों और क्षमताओं को दुनिया के सामने रख सकें।”

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    Thu, 06 Nov 2025 12:49:42 +0530 news desk MPcg
    SIR फॉर्म की कमी से संकट: MP के कई जिलों में कलेक्टरों की कार्यप्रणाली प्रभावित https://citytoday.co.in/4211 https://citytoday.co.in/4211 भोपाल
    मतदाता सूची के जिस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पूरे देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश में बिना तैयारी के शुरू करा दिया गया। इंदौर, जबलपुर, सागर, विदिशा, राजगढ़ सहित अधिकतर जिलों में अब तक एसआईआर के फॉर्म (गणना पत्रक) ही नहीं पहुंच पाए हैं। कलेक्टर परेशान हैं क्योंकि आयोग का दबाव है कि बीएलओ को जल्दी फॉर्म बांटे जाएं।

    इधर, जिन प्रिंटरों (प्रकाशकों) को फॉर्म छापने का काम दिया गया है, वह इसे कर ही नहीं पाएं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इसका कारण प्रिटिंग न होने और कहीं तकनीकी गलतियों को बता रहे हैं। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कोई भी अधिकारी इस गंभीर मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं और गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाता हैं। इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को घर-घर जाकर गणना पत्रक देना है और भरवाकर वापस लेना है। यह काम चार नवंबर से चार दिसंबर तक पूरा किया जाना है।
     
    नहीं हुआ है छपाई का काम पूरा
    इसके लिए आवश्यक है कि समय से बीएलओ को गणना पत्रक मिल जाएं लेकिन अभी छपाई ही पूरी नहीं हुई है। इंदौर जिले में 2,625 बूथों में से छह सौ से अधिक बूथों पर ही प्रपत्र मिल सके। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में प्रपत्र की छपाई पूरी होगी। मंदसौर जिले में दूसरे दिन भी काम प्रभावित हुआ। करीब 100 मतदान केंद्रों पर ही प्रपत्र पहुंचे। उज्जैन में साढ़े तीन लाख फॉर्म बांटे हैं और जब बाकी आ जाएंगे तो उन्हें बांटा जाएगा।

    खंडवा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश सावले का कहना है कि प्रपत्र प्रिंट होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे उपलब्ध होते जा रहे हैं, बीएलओ तक पहुंचाए जा रहे हैं। धार जिले में कुछ स्थानों पर तकनीकी गलतियों के कारण प्रपत्र पहुंचने में दिक्कत आई है। नीमच जिले में महज 25 प्रतिशत प्रपत्र की आपूर्ति हो सकी। रतलाम जिले में 1,297 में से 150 बूथ के ही प्रपत्र आए हैं। महाकोशल क्षेत्र की बात करें तो डिंडौरी जिले में 6,55 मतदान केंद्रों में केवल 21 बीएलओ के लिए फॉर्म आए हैं। जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह में भी यही स्थिति रही।

    दमोह में 20 लाख फॉर्म की आवश्यकता के विरुद्ध मात्र एक लाख फॉर्म उपलब्ध हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि फॉर्म भोपाल से आने के कारण काफी परेशानी हो रही है। मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का कहना है कि अभी पूरे फॉर्म नहीं आएं हैं, जैसे-जैसे आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे बीएलओ को वितरित किए जा रहे हैं। यही स्थिति मध्य क्षेत्र के जिलों की भी है। राजगढ़ जिले के किसी भी बीएलओ को बुधवार शाम तक गणना पत्रक ही नहीं मिल सका। जिसके कारण वे घर-घर भी नहीं पहुंचे।

    जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गिरीश कुमार मिश्रा का कहना है कि फॉर्म राज्य स्तर से प्रिंट हो रहे हैं। आज 250 से ज्यादा बूथों के फॉर्म आए हैं। विदिशा जिले में मंगलवार को 1,347 मतदान केंद्रों से केवल 184 केंद्रों में ही गणना पत्रक पहुंचे थे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने माना कि गणना पत्रक की कमी के कारण मतदाता गहन पुनरीक्षण के लिए पहले दिन बीएलओ घर-घर नहीं जा पाए। हरदा और सागर में भी गणना पत्रक की कमी बनी हुई है।

    कांग्रेस का आरोप, बिना तैयारी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की
    कांग्रेस की एसआईआर के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी तैयारी के चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिना आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए बीएलओ को दबाव में काम करने को कहा जा रहा है। हम इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से पत्राचार कर पूछेंगे कि बिना पर्याप्त तैयारी के एसआईआर की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।

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    Thu, 06 Nov 2025 11:57:57 +0530 news desk MPcg
    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि&पूजन https://citytoday.co.in/4194 https://citytoday.co.in/4194 राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

    पेयजल के लिए बिछेगी 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन, 9 ओवरहेड टैंक भी बनेंगे

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को अधिक सुचारू और सुगम बनाने के लिए गोविंदपुरा क्षेत्र में 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 ओवरहेड टैंक और 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने के कार्य किए जाएंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भविष्य में पानी की जरूरत को ध्यान में रखकर यह निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे जनता की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होगी और नर्मदा का पानी घर-घर पहुंचेगा।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जनता से किये गए वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिनकी क्षमता 20 से 25 लाख लीटर होगी और 120 किलोमीटर की पेयजल पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 55 स्थित अमराई परिसर में 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत के 20 लाख लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक के साथ ही वार्ड 60 में 1 करोड़ 55 लाख की लागत से प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 56 के साकेत नगर स्थित पंचवटी मार्केट परिसर में 1 करोड़ 74 लाख की लागत की पानी की टंकी के और पेयजल पाइप लाइन के निर्माण कार्य को भी क्षेत्रवासियों को सौगात दी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने लहारपुर में 1.75 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल टंकी एवं पेयजल पाइप लाइन कार्य के साथ साथ सोनागिरी ए सेक्टर, वार्ड 64 में 2 करोड़ 3 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित पेयजल टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने के कार्य का भी भूमि-पूजन किया।

    कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शीला पाटीदार, श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती अर्चना परमार, श्री संतोष ग्वाला, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री प्रताप वारे, श्री प्रताप सिंह बैस, श्री बी शक्तीराव, श्री गणेश राम नागर, श्री प्रदीप पाठक, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री किशन बंजारे सहित जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या स्थानीय रहवासी मौजूद रहे। 

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    Wed, 05 Nov 2025 14:30:03 +0530 news desk MPcg
    गुरुनानक जयंती पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुद्वारे में की अरदास, दी शुभकामनाएं https://citytoday.co.in/4192 https://citytoday.co.in/4192 भोपाल:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुनानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर अरदास की और मत्था टेका। उन्होंने शबद कीर्तन का श्रवण किया और सभी को गुरुपरब की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गुरु तेग बहादुर की जयंती और शहीदी दिवस को पूरे श्रद्धा और धूमधाम से मनाएगी। उन्होंने इस अवसर पर सिख समाज के योगदान की सराहना करते हुए समाज में एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश देने की अपील की।

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    Wed, 05 Nov 2025 14:24:31 +0530 news desk MPcg
    किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली कंपनी कृत संकल्पित https://citytoday.co.in/4191 https://citytoday.co.in/4191 किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली कंपनी कृत संकल्पित

    भोपाल 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के संकल्प की पूर्ति के लिए कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में किसानों को कृषि फीडरों पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। यह देखने में भी आया है कि असामाजिक तत्वों के प्रभाव में निर्धारित घंटे एवं घोषित समयानुसार से अधिक विद्युत प्रदान किये जाने से कृषि फीडरों पर विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही इससे घरेलू फीडरों पर 24X7 विद्युत प्रदाय किये जाने में भी बाधा उत्पन्न होती है।इन घंटों से अधिक आपूर्ति के लिए संबंधित अधिकारियों पर कुछ दंड के प्रावधान किये गये हैं। इन्हीं प्रावधानों के अंतर्गत कहा गया है कि यदि विद्युत प्रदाय के घंटों में किसी कारण से वृद्धि होती है तो इसके परिणाम बिजली कंपनी के आर्थिक समंकों में गिरावट के रूप में दर्ज होते हैं। इससे एक ओर जहॉं तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में वृद्धि होती है वहीं दूसरी ओर इन आर्थिक समंकों में गिरावट होने से विद्युत वितरण के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की पात्रता की शर्तें बदल जाती हैं और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में 09 लाख 92 हजार 171 कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्ष 2024-25 में कृषि उपभोक्ताओं को 6465 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में कृषि उपभोक्ताओं को 2535 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।

    विद्युत प्रदाय के घंटों की समय अवधि की गणना के लिये मीटर की तकनीकी विशिष्टता की स्पष्टता के लिए उक्त परिपत्र पुनरीक्षित किया गया है। यहॉ यह उल्लेखनीय है कि पुनरीक्षित प्रपत्र में कृषि फीडरों में निर्धारित 10 घंटे विद्युत प्रदाय के नियम में किसी प्रकार का परिवर्तन/कमी नहीं की गई है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में यह बात आई कि उक्त निर्देशों को लेकर सोशल मीडिया पर यह गलत एवं भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है कि किसानों को बिजली उपलब्ध कराने में कंपनी एवं विभाग को कठिनाई आ रही है। यह बात वास्तविकता से परे होकर असत्य है। 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उक्त निर्देशों को पुनः रेखांकित करते हुए 3 नवंबर 2025 को एक परिपत्र जारी किया है, जिसमें उपरोक्त अनुसार राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषि फीडर पर 10 घंटे विद्युत प्रदाय करने की प्रतिबद्धता एवं निर्देश दोहराए गए हैं। इन्हीं निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है की विभिन्न क्षेत्र को विभिन्न समूह में बांटा गया है, जिससे 10 घंटे विद्युत प्रदाय का कार्यक्रम कृषि प्रयोजन हेतु सुनिश्चित रहे। किसी भी ग्रुप को 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदायक करने का कृषि फीडर पर प्रावधान नहीं होने के कारण विभागीय अधिकारियों को उक्त निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    यह स्पष्ट किया जाता है की ऊर्जा विभाग एवं विद्युत वितरण कंपनियां कृषि कार्य हेतु 10 घंटे विद्युत प्रदाय करने के लिए प्रतिबद्ध है एवं उसकी पूर्ति करने के लिए लगातार कार्यरत है।

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    Wed, 05 Nov 2025 12:31:01 +0530 news desk MPcg
    तब्लीगी इज्तिमा में विवाद: हिंदू व्यापारियों को दुकान नहीं देने की खबर अफवाह, कमेटी ने किया खंडन https://citytoday.co.in/4189 https://citytoday.co.in/4189 भोपाल 
    राजधानी भोपाल में होने वाले विश्व स्तरीय मुस्लिमों के आलमी तब्लीगी इज्तिमा से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर हिंदू व्यापारियों को दुकानें नहीं देने की बात सामने आई है। इस पर हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर बार शुरुआत इनकी ओर से होती है, और जब हम प्रतिक्रिया देते हैं तो उसे साम्प्रदायिक करार दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया  “अब कहां गया सद्भाव और भाईचारा? अगर इज्तिमा में हिंदू दुकानदारों को जगह नहीं दी जा रही है तो यह भेदभाव नहीं तो क्या है?” तिवारी ने कहा कि पिछली बार भी इसी तरह की शिकायतें आई थीं और इस बार फिर से वही स्थिति दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जब कहते हैं अपनों से व्यवहार, अपनों से त्योहार, अपनों से व्यापार, तो कुछ लोगों को बुरा लगता है। लेकिन अब हालात उनके अपने बनाए हैं। जैसा करोगे, वैसा पाओगे।” उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्लिम संगठन सच में सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले हिंदू व्यापारियों को दुकानें देकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “सकल संपदा रघुनाथ की है। सब कुछ भगवान का बनाया हुआ है। धर्म सिर्फ सनातन है, बाकी सब पंथ हैं।”

    चंद्रशेखर तिवारी ने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि “जहां अपमान मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। प्रभु ने जीव दिया है तो रोटी भी देगा। देश में इतने धार्मिक आयोजन हैं- मठ, मंदिर, कुंभ, नर्मदा तट और कल्पवास जैसे मेलों में भी व्यापार के अनेकों अवसर हैं।” 

    वहीं इस मामले में तबलीगी इज्तिमा के मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमर हफ़ीज़ का कहना है कि ये सरासर ग़लत है ।इज्तिमा में किसी धर्म जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने पिछले सालों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी है और इस साल भी हिंदू भाइयों को दुकानें देंगे।

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    Tue, 04 Nov 2025 15:40:04 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में 6 नवंबर से ठंडी रातें, पारा 2&3° तक गिरेगा; भोपाल&जबलपुर संभाग में 2 दिन बूंदाबांदी https://citytoday.co.in/4185 https://citytoday.co.in/4185

     भोपाल
     मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से भोपाल और जबलपुर संभाग में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। 6 नवंबर से ठंडी उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे रातें ठंडी हो जाएंगी।

    मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसका असर भोपाल, गुना, विदिशा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बादल छाए रहेंगे।

    इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के अंदर भोपाल, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी।

    दो दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़ में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह रविवार-सोमवार की रात में शिवपुरी में 15 डिग्री, राजगढ़ में 15.4 डिग्री, गुना में 16.6 डिग्री, खरगोन में 16.8 डिग्री, खंडवा में 16 डिग्री, श्योपुर में 17.4 डिग्री, नौगांव में 17.5 डिग्री, रीवा में 17.2 डिग्री रहा।

    अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

    इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

    ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    इस बार मानसून भी बेहतर रहा इस बार प्रदेश में मानसून की भी 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है।

    अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

    उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

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    Tue, 04 Nov 2025 15:12:53 +0530 news desk MPcg
    सीएम डॉ यादव ने ऊर्जा विभाग की समाधान योजना शुरू की, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के नए भवन का लोकार्पण https://citytoday.co.in/4160 https://citytoday.co.in/4160 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ऊर्जा विभाग की समाधान योजना का शुभारंभ किया और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के नए भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।

    समाधान योजना के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना उपभोक्ता सेवा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नए भवन के लोकार्पण के बाद अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

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    Mon, 03 Nov 2025 13:40:12 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश कृषि में अव्वल: टमाटर में पहला, मटर में दूसरा स्थान; दुग्ध उत्पादन 20% बढ़ाने का लक्ष्य https://citytoday.co.in/4154 https://citytoday.co.in/4154 मध्य प्रदेश कृषि में अव्वल: टमाटर में पहला, मटर में दूसरा स्थान; दुग्ध उत्पादन 20% बढ़ाने का लक्ष्य

    कृषि में मध्य प्रदेश का दबदबा: टमाटर और मटर में शीर्ष, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना

    मध्य प्रदेश ने बनाई अलग पहचान: टमाटर व मटर उत्पादन में शानदार प्रदर्शन, दुग्ध उत्पादन में 20% बढ़ोतरी का लक्ष्य

    भोपाल
     कृषि के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की देशभर में अलग पहचान है। लगातार सात कृषि कर्मण अवार्ड जीतने वाला न केवल यह पहला राज्य है, बल्कि कोरोना महामारी के समय रिकॉर्ड 128 लाख टन गेहूं का उपार्जन करके पंजाब को भी पीछे छोड़ चुका है। टमाटर में पहला और मटर के उत्पादन में मप्र का देश में दूसरा स्थान है, तो दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान, खाद्यान्न में द्वितीय और तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    उद्यानिकी फसलों में देखें, तो मध्य प्रदेश टमाटर और मटर उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है। टमाटर के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। 2024-25 में 1,27,740 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई, जिससे 36 लाख 94 हजार 702 टन उत्पादन हुआ। यही स्थिति मटर को लेकर भी है। अन्य प्रमुख उद्यानिकी उत्पादों में संतरे, धनिया, मसाले, औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश का पहला स्थान है।

    इसी तरह दुग्ध उत्पादन और गोपालन को लेकर भी सरकार काम कर रही है। गोशालाओं को चारा के लिए 40 रुपये तक अनुदान देने का प्रविधान किया गया है। वहीं, दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति लीटर पांच रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। दुग्ध उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए नस्ल सुधार का कार्यक्रम छेड़ा गया है। वहीं, पशुओं की टैगिंग भी की जा रही है। सहकारी समितियों का क्षेत्र विस्तार किया जा रहा है, तो संयंत्रों को आधुनिक बनाने की पहल भी की गई है।
    बासमती को जीआई टैग दिलाने का प्रयास

    इधर, बासमती धान को बासमती की पहचान दिलाने के लिए जीआइ टैग दिलाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे हैं। इसको लेकर कानूनी लड़ चल रही है। जीआइ टैग नहीं मिलने के कारण व्यापारी प्रदेश से बासमती सामान्य धान की तरह लेकर जाते हैं, तो बासमती के नाम से बेचते हैं। इसके कारण किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिलता है।
    प्राकृतिक खेती पर जोर

    प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के अति उपयोग के कारण भूमि की मृदा शक्ति प्रभावित हो रही है। भविष्य के खतरे को भांपते हुए सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान प्राकृतिक खेती करें, ताकि भूमि की मृदा शक्ति बनी रहे। इसके साथ ही पराली (नरवाई) जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक ओर जहां कड़ाई की जा रही है तो दूसरी ओर नरवाई को भूमि में ही मिलने के उपकरणों पर अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेंटर से भी इसे जोड़ा गया है।

     

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    Sat, 01 Nov 2025 19:06:59 +0530 news desk MPcg
    AIIMS भोपाल की बड़ी उपलब्धि: 24 घंटे में होगा स्ट्रोक का एडवांस्ड इलाज, ब्रेन का थक्का होगा दूर https://citytoday.co.in/4146 https://citytoday.co.in/4146  भोपाल 

    एम्स भोपाल में अब एडवांस्ड स्टोक टीटमेंट यूनिट शुरू की गई है। जहां बिना ओपन सर्जरी ब्रेन की बंद धमनी से थक्का (क्लॉट) निकालकर रक्त प्रवाह सामान्य किया जाएगा। इस तकनीक से मरीज की जान बचाना संभव होगा। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो 60 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचे। यह मध्य भारत में अपनी तरह की पहला केन्द्र होगा। यहां न्यूरोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने कहा कि स्ट्रोक के लक्षणों की तुरंत पहचान और अस्पताल पहुंचकर जीवन को बचाया जा सकता है। इसके लिए थिंक एफएएसटी अभियान चलाया गया है। एम्स की यह यूनिट मध्य भारत में स्ट्रोक मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण है।

    क्या है मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी

    यह एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है जिसमें पैर या कलाई की धमनी के जरिए पतली ट्यूब (कैथेटर) से ब्रेन की बंद धमनी तक पहुंचकर थक्का निकाला जाता है। इसमें ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। इससे लकवा जैसी बीमारी से बचा जा सकता हैं।

    एडवांस्ड स्ट्रोक की विशेषताएं

        इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से तुरंत इलाज
        सीटी और एमआरआइ परफ्यूजन इमेजिंग से सटीक निदान
        यह पहचानना कि मरीज को थ्रोम्बेक्टोमी का लाभ मिलेगा या नहीं
        पारंपरिक समय के बाद भी नई तकनीक कारगर

    स्ट्रोक के शुरुआती 5 संकेत

        चेहरे पर झुकाव
        हाथ-पैर में अचानक कमजोरी
        बोलने में दिक्कत
        दृष्टि धुंधली या दोहरी
        तेज सिरदर्द और चक्कर

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    Sat, 01 Nov 2025 12:29:55 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में जल्द दौड़ेंगी 70 CNG बसें, नगर निगम की बैठक में बड़ा फैसला https://citytoday.co.in/4145 https://citytoday.co.in/4145 भोपाल

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या से जूझ रही राजधानी भोपाल में जल्द ही इनक्यूबेट कंपनी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ मिलकर 70 सीएनजी लो फ्लोर बसें चलाएगी। जबकि, शहर के 85 वार्ड और 81 जोन में डिग्री के हिसाब से इंजीनियर को अब काम दिया जाएगा। बड़ा तालाब का पानी बैरसिया तक पहुंचाया जाएगा ताकि यहां इंडस्ट्रियल क्लस्टर डेवलप किया जा सके। इसके अलावा नगर निगम में पिछले 10 साल से सेवा देने वाले एक हजार अस्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।  नगर परिषद की 14वीं बैठक में इन निर्णयों को बहुमत से पारित किया गया। कांग्रेस एवं भाजपा पार्षदों ने बगैर नगर परिषद एवं महापौर परिषद की मंजूरी भेजे गए प्रस्ताव पर तमाम आरोप लगाए हैं।

    शहर में अभी केवल 30 बसें

    बीसीएलएल अभी शहर(Bhopal) में 30 बसों का ही संचालन करवा रहा है। एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान के सवाल पर कहा कि कंपनियों को 60 बसों को चलाने के निर्देश है। निगमायुक्त ने संस्कृति जैन ने इस पर सदन को जानकारी दी कि निजी कंपनी से एग्रीमेंट के आधार पर इनकी संख्या जल्द 70 की जाएगी।

    यह हुए बड़े फैसले

        बैरसिया तक पहुंचेगा बड़ा तालाब का पानी
        तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे
        एक हजार कर्मचारी नियमित होंगे
        अपर आयुक्त 5 की बजाए 50 लाख बजट खर्च कर सकेंगे
        हरियाली के लिए उद्यान विभाग के खर्च बजट की होगी जांच

    इंजीनियरों का कैडर सुधारेंगे

    सिविल इंजीनियरों से बिजली और बिजली के इंजीनियरों से सीवेज, स्वच्छत्ता का काम कराने का मुद्दा उठा। कांग्रेस भाजपा पार्षदों ने एक सुर में कहा कि इससे काम होने बंद हो चुके हैं। निगमायुक्त ने कहा कि जल्द सभी शाखाओं में डिग्री और डिप्लोमा के हिसाब से पदस्थापना की जाएगी।

    बैरसिया तक जाएगा बड़ा तालाब का पानी, इंडस्ट्रियल क्लस्टर का होगा विकास

    बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों में से एक था — बैरसिया तक बड़ा तालाब का पानी पहुंचाने का प्रस्ताव। नगर निगम अब बांदीखेड़ी इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर को पानी की आपूर्ति करेगा, जिसके लिए लगभग 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य बैरसिया क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास करना है। हालांकि, कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और कहा कि “शहर अपनी पानी की जरूरतें ही पूरी नहीं कर पा रहा है, तो दूसरे क्षेत्र में सप्लाई क्यों?” इसके बावजूद यह प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया।
    एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को मिलेगी स्थायी नौकरी

    नगर परिषद बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि नगर निगम में पिछले 10 सालों से कार्यरत एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को अब नियमित (Permanent) किया जाएगा। इससे कर्मचारियों में स्थिरता आएगी और प्रशासनिक कामकाज भी बेहतर होगा। साथ ही, यह भी तय किया गया कि जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप पाए जाएंगे, उनकी जांच निगमायुक्त स्तर पर की जाएगी।
    इंजीनियरों का काम अब डिग्री और विशेषज्ञता के अनुसार तय होगा

    बैठक में इंजीनियरों की कार्य विभाजन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। अभी तक सिविल इंजीनियरों से बिजली और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों से सीवेज-सफाई का काम कराया जा रहा था, जिससे परियोजनाएं अटक रही थीं। अब जल्द ही सभी इंजीनियरों को डिग्री और डिप्लोमा के अनुसार संबंधित शाखाओं में पदस्थ किया जाएगा ताकि कामकाज प्रभावी और सुचारू रूप से हो सके।
    तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे, बढ़ी अधिकारियों की वित्तीय शक्ति

    नगर निगम प्रशासन ने कई प्रशासनिक निर्णय भी लिए हैं। तबादले के बाद भी अपने पदों पर जमे अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और उपायुक्त एकता अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अब अपर आयुक्त 5 लाख की जगह 50 लाख रुपये तक का बजट खर्च कर सकेंगे ताकि विकास परियोजनाओं में देरी न हो।
    उद्यान विभाग के खर्च की होगी जांच

    पिछले एक वर्ष के दौरान उद्यान विभाग द्वारा शहर को हरा-भरा बनाने के नाम पर किए गए खर्च पर भी सवाल उठे। परिषद ने खर्चों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने विभाग के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां जताईं।
    अफसरों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की एकजुटता

    बैठक में एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद एक सुर में अफसरों के खिलाफ खड़े हो गए। दोनों ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त और उपायुक्त न तो जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते हैं और न ही बैठकों में शामिल होते हैं। महापौर मालती राय को कांग्रेस पार्षदों ने शहर की टूटी सड़कों और अधूरे वादों की याद दिलाते हुए सदन में तख्तियां दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
    जीआईएस घोटाले पर भी गूंजा विरोध

    बैठक में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS 2025) से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का इस विषय पर सवाल एजेंडे से हटा दिया गया, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, भाजपा पार्षद जगदीश यादव ने खुद सदन में बताया कि पुराने फाउंटेन मोटर को नया बताकर बिल पास किए गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
    परिषद अध्यक्ष का बयान

    परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “तबादले के बाद भी पद पर बने अफसरों को तुरंत हटाया जाएगा। कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं, जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

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    Sat, 01 Nov 2025 12:26:09 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में ‘रन फॉर यूनिटी’, 2000 युवाओं ने भाग लिया; सीएम ने सरदार पटेल की एकता पर जोर दिया https://citytoday.co.in/4126 https://citytoday.co.in/4126 भोपाल 

    सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी।

    दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी

    सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है।

    सीएम ने कहा –

    आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए।

    सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई।

    पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है।

    पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा।

    भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है।

    राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो।

    रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई।

    सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

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    Fri, 31 Oct 2025 13:13:12 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में जल्द बन रही हाइड्रोलिक पार्किंग, 1.5 लाख लोगों के लिए होगी सुविधा https://citytoday.co.in/4115 https://citytoday.co.in/4115 भोपाल 

    एमपी के भोपाल शहर में पहली हाइड्रोलिक पार्किंग बनने जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक बिट्टन मार्केट में अब पार्किंग की समस्या से जल्द ही निजात मिलने वाली है। नगर निगम यहां पीपीपी मॉडल पर एक अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित प्रोजेक्ट मूल्य 15-20 करोड़ तक होगा।

    15 हजार वर्ग मीटर में बनने वाली यह पार्किंग करीब रोज पहुंचने वाले 1.5 लाख ग्राहकों को परेशानियों से मुक्त करने का काम करेगी। यह पार्किंग सब्जी हाट क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

    अभी है पार्किंग की समस्या

    बिट्टन मार्केट में सब्जी हाट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए भी शहरभर से लोग आते हैं। सामान्य दिनों में भी यह क्षेत्र वाहनों की पार्किंग से अटा रहता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। यहां सप्ताह में तीन दिन सब्जी हाट लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है। लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज की कॉलोनियों में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे चोरी और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है।

    प्रोजेक्ट की समय-सीमा और तैयारी

    -ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी: अगले 15 दिन के भीतर। प्रारंभिक तौर पर दो कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।

    -फाइनल प्रोपोजल: ईओआइ के बाद 50 दिन के भीतर तय होने की संभावना।

    -डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट): 100 दिन के अंदर बनकर तैयार होगा।

    -अनुमति के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट: अगले 4 माह में भेजी जाएगी।

    -पार्किंग निर्माण: अधिकारियों का अनुमान है कि 18 माह में नई हाइड्रोलिक पार्किंग बनकर तैयार हो जाएगी।

    क्या होती है हाइड्रोलिक पार्किंग

    हाइड्रोलिक पार्किंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसे मल्टी-लेवल कार पार्किंग सिस्टम भी कहा जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोलिक लिफ्टों का इस्तेमाल करके वाहनों को एक के ऊपर एक या कम जगह में अधिक ऊंचाई पर पार्क किया जाता है। पारंपरिक पार्किंग की तुलना में कई गुना ज्यादा वाहन खड़ा करने की क्षमता रखती है।

    यह परियोजना न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। सकती है। संस्कृति जैन, आयुक्त, निगम

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    Thu, 30 Oct 2025 15:17:36 +0530 news desk MPcg
    Makhan Lal Chaturvedi University में हादसा : छात्र दिव्यांश तीसरी मंजिल से गिरा, सीसीटीवी फुटेज आया सामने | Divyansh chouksey https://citytoday.co.in/4114 https://citytoday.co.in/4114 Thu, 30 Oct 2025 15:15:58 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश, सोयाबीन, गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान https://citytoday.co.in/4112 https://citytoday.co.in/4112 भोपाल 

    वर्तमान समय प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि अपना कहर बरपा रही है। प्रदेश  में कहीं भारी बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है, इसके चलते किसान अपनी फसलों को लेकर बहुत चिंतित है। तेज हवा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हो गयी है। वर्तमान समय में रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है। किसानों के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट यह है 

    बेमौसम बारिश ने राज्य के कई क्षेत्रों में किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। आगर मालवा, ग्वालियर-चंबल व विंध्य महाकोशल से फसलों के नुकसान की खबरें हैं। खेत खलिहानों में रखी कटी फसल और खेतों में खड़ी फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। खंडवा में इस बार मौसम (MP Rains) ने पहले सोयाबीन की फसल को प्रभावित किया और अब फसल भीगने से मक्का में अंकुरण शुरू हो गया है। सूखने के लिए रखी उपज भीगने से काली भी पड़ रही है। 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

    चक्रवात (Cyclone Montha) की वजह से रतलाम जिले में पांचवें दिन बुधवार को भी मावठे का असर बना रहा। इससे मटर की फसल खराब हो रही है, वहीं ज्यादातर किसान खेतों में जलजमाव, अत्यधिक नमी के चलते रबी की तैयारी व बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में मक्का, सोयाबीन, कपास फसल भीगी है। किसानों को फसल सुखाने का मौका नहीं मिल रहा है।

    आलीराजपुर में मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उज्जैन के नागदा, बड़नगर और खाचरौद में खेतों में पानी भर गया है। गेहूं और मटर की फसल प्रभावित हुई है। धार के बदनावर क्षेत्र में चार घंटे में 76 मिमी बारिश हुई है। इससे खेतों में जलभराव की स्थिति बनी। खुले में पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भीग गई। तेज हवा से पपीता के पौधे टूटकर गिर गए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश मटर के फूल और फलियों दोनों के लिए हानिकारक है। गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा।
    महाकोशल-विंध्य में भी नुकसान

    महाकोशल-विंध्य के जिलों में भी फसलों को असमय बारिश से नुकसान पहुंचा है। डिंडौरी जिले में बारिश होने से सोयाबीन की फसल अधिक प्रभावित हुई है। दाने काले पड़ गए हैं। पककर तैयार धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। बारिश से सोयाबीन,उड़द की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। खेत में कटकर रखी धान की फसल भीग गई है, जिसमें अंकुरण होने का अंदेशा बना हुआ है। अभी बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे धान सहित अन्य फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है। अनूपपुर में खेतों में पानी भरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार 15 प्रतिशत से कम क्षति हुई है, जिसे नुकसान के दायरे में नहीं माना जाएगा। जल्द ही सर्वे शुरू होगा।
    ग्वालियर चंबल अंचल में बारिश ने रबी फसलों पर बरसाया कहर

    ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खरीफ के समय बारिश से फसल बर्बादी की बाद अब रबी के मौसम में तीन दिन की बारिश ने खेतों में खड़ी धान, बाजरा, मटर, तिल, ज्वार आदि की फसलों में करीब 50 से 60 प्रतिशत नुकसान कर दिया है। सरसों की बुवाई हो चुकी है, खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर आदि जिलों में धान की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। ग्वालियर जिले में ही एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। अभी तक 15 प्रतिशत फसल ही कट सकी है।

    ऐसे में बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर गिरने इसे सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की बालियां काली पड़ने और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड में बाजरा भी खेतों में पका हुआ खड़ा है। बारिश से बाली के दाने काले पड़ने की आशंका है। कई आलू व मटर जैसी फसलों के पौधे सड़ गए हैं।

    इन फसलों में 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। मुरैना में बाजरे की जो फसल में 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की आशंका जताई गई है। दतिया में करीब पांच सौ से अधिक गांवों में धान की फसल खेतों में बिछ गई है। श्योपुर में धान की फसल में 30 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
    सरसों पूरी तरह नष्ट हो गई

        यदि बारिश के साथ-साथ हवा भी चलेगी तो यह नुकसान अधिक होगा। आलू, सरसों, मटर एवं चना तथा मसूर में भी नुकसान है। सरसों की जो 10 दिन के अंदर बोई गई थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई है। बारिश से धान की चमक कम होगी और गिरने की वजह से उत्पादन कम हो जाएगा। – डॉ. शैलेंद्र सिंह कुशवाह, वरिष्ठ विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर।

     

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    Thu, 30 Oct 2025 14:58:03 +0530 news desk MPcg
    मंत्री पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश https://citytoday.co.in/4107 https://citytoday.co.in/4107 मंत्री  पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश

    पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक हुई

    भोपाल 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।

    मंत्री  पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री  पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे।

    बैठक में मंत्री  पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा  अवि प्रसाद, संचालक पंचायत  छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।

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    Thu, 30 Oct 2025 12:52:20 +0530 news desk MPcg
    MP में भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव: अब यूपीएससी की तर्ज पर होगी एक ही परीक्षा से सभी वर्गों की नियुक्ति https://citytoday.co.in/4094 https://citytoday.co.in/4094 भोपाल
    प्रदेश में संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तरह एक ही परीक्षा से सभी वर्गों के कर्मचारियों- अधिकारियों का चयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी एक परीक्षा कराई जाएगी, ताकि अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न करानी पड़ें। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है।

    पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर दो लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    कर्मचारियों के पदनाम परिवर्तन के लिए नए आयोग का गठन होगा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है।

    राज्य शासन ने एक जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मिलित कर नया आयोग बनाया जाएगा।

    जल्द देंगे पदोन्नति का लाभ
        मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने नौ साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है।
        सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग चार लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केंद्रीय कर्मचारियों के समान कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी पांच समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है।
        जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, इस मौके पर कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे।
        अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं। जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा।

    25 वर्षों में कई बार बदल गईं भर्ती एजेंसियां
    प्रदेश में पिछले 25 वर्षों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए कई बार नई- नई एजेंसियों का गठन हो चुका है, फिर भी गड़बड़ियां नहीं रुक पाई हैं। कांग्रेस सरकार में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए मिनी पीएससी हुआ करती थी। इसके बाद कई वर्षों तक मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा करवाने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापम) द्वारा कराई गईं। लेकिन 2013 में परीक्षा भर्ती घोटाला सामने आने के बाद इसका नाम बदलकर पीईबी यानी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया गया। इसके साथ ही कर्मचारी चयन मंडल के जरिए भर्ती कराई जा रही है। कई भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा एमपी ऑनलाइन को भी दिया गया है।
        एक जनवरी 2026 से होगी वर्ष में एक बार परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर वर्ष में केवल एक बार परीक्षा होगी और सभी श्रेणी के पदों के लिए प्रावीण्य सूची बना ली जाएगी।
        प्रतीक्षा सूची भी एक ही रहेगी। जनवरी, 2026 से भर्ती-चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है।
        राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती परीक्षाएं अब बार-बार नहीं होंगी।
        प्रदेश में द्वितीय और कार्यपालिक तृतीय श्रेणी के पदों की भर्ती पीएससी के माध्यम से होती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए कर्मचारी चयन मंडल परीक्षाएं कराता है।
        अभी जैसे-जैसे विभागों की ओर से पद उपलब्ध होते हैं, वैसे-वैसे दोनों एजेंसियां अपने कैलेंडर के हिसाब से परीक्षाएं आयोजित करती हैं। नई प्रक्रिया में युवाओं को बार- बार फीस भी नहीं देनी पड़ेगी।

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    Wed, 29 Oct 2025 12:40:14 +0530 news desk MPcg
    बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4093 https://citytoday.co.in/4093 बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया।

    सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया।

    जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम

    अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।

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    Wed, 29 Oct 2025 12:35:39 +0530 news desk MPcg
    IMD का येलो अलर्ट: मध्यप्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश की संभावना https://citytoday.co.in/4088 https://citytoday.co.in/4088 भोपाल
     सर्दी की शुरुआत में छाए बादलों का बरसना जारी है। सोमवार को प्रदेश के श्योपुर और शिवपुरी में बादल जमकर बरसे। श्योपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 56 मिलीमीटर और शिवपुरी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी कहीं तेज-कहीं हल्की बारिश हुई।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो दिन बाद प्रदेश के छह जिलों में अलग-अलग जगह बनीं मौसम प्रणालियों के असर से भारी वर्षा हो सकती है। उधर, इस बदले मौसम का असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है।

    सबसे कम तापमान श्योपुर में

    प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट श्योपुर में दर्ज हुई। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 11.4 डिग्री सेल्सियस कम रहकर 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के पांच सिस्टम बने हुए हैं। इनमें से तीन सिस्टम काफी मजबूत हैं, जिनमें बंगाल की खाड़ी में चक्रवात, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ का होना शामिल हैं। इन सिस्टम की वजह से हवाओं के साथ नमी के साथ प्रदेश में बादल आ रहे हैं।

    भारी बारिश का अलर्ट

    इसके असर से 29 और 30 अक्टूबर को खासतौर पर प्रदेश के छह जिलों सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, राजधानी की बात करें तो यहां हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    चार बड़े शहरों में तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में):

    भोपाल — अधिकतम 30.4, न्यूनतम 20.4

    इंदौर — अधिकतम 29.8, न्यूनतम 20.2

    ग्वालियर — अधिकतम 23.4, न्यूनतम 21.6

    जबलपुर — अधिकतम 31.8, न्यूनतम 20.5 

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    Tue, 28 Oct 2025 15:21:19 +0530 news desk MPcg
    1 नवंबर से स्पीड पोस्ट पर छूट, जानें नया पार्सल बुकिंग समय https://citytoday.co.in/4056 https://citytoday.co.in/4056 भोपाल 
    डाक विभाग युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने लेकर आया है। जानकारी के लिए बता दें कि डाक विभाग की प्रीमियम सेवा स्पीड पोस्ट के प्रति आकर्षित करने के लिए बुकिंग कराने पर 10 प्रतिशत की छूट प्रदान करने जा रहा है। इसके लिए विभाग छूट योजना लेकर आया है। इसमें अगर युवा 100 रुपए की स्पीड पोस्ट बुक कराता है तो उसे 10 रुपए की छूट मिलेगी।

    विभाग की युवा हितैषी योजना एक नवंबर से प्रारंभ होगी। विभागों ने प्रधान डाकघरों में डाक और पार्सल बुकिंग का समय रात्रि आठ बजे तक कर दिया है। वहीं छात्रों को शैक्षणिक या भर्ती संबंधित स्पीड पोस्ट पर छूट मिलेगी।

    छूट के दायरे में विद्यार्थी, ये होंगे नियम
    -डाक पर प्रेषक में छात्र का नाम होना चाहिए और छात्र को अपनी आइडी दिखानी होगी।
     
    -प्राप्तकर्ता कोई मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान या भर्ती एजेंसियां या अन्य समकक्ष होनी चाहिए।

    -स्पीड पोस्ट बुकिंग के समय छात्र को मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा जारी अपना आइडी प्रस्तुत करना होगा।

    -प्रत्येक डाक लिफाफे पर स्पष्ट रूप से विद्यार्थी डाक (स्टूडेंट मेल) लिखा होना चाहिए।

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    Mon, 27 Oct 2025 12:34:30 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में बनेगी देश की पहली एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट, मप्र बना अग्रणी राज्य https://citytoday.co.in/4039 https://citytoday.co.in/4039

    भोपाल 

    पड़ोसी राज्यों में मप्र पहला ऐसा राज्य है जो एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट (टियरडाउन यूनिट) स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जर्मनी की एक कंपनी से इसके लिए बातचीत चल रही है। यह यूनिट देश में एयरोप्लेन की कमी को दूर करने में अहम रोल अदा करेगी। भविष्य में मप्र को एयरोप्लेन का रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) यूनिट भी मिल सकती है। जब किसी भी राज्य में ये दोनों यूनिट हो तो प्लेन का निर्माण करने वाली कंपनियां उत्पादन की दिशा में कदम रख सकती है। डिस्मेंटल यूनिट लगाने की इच्छुक जर्मनी कंपनी के प्रमुखों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो दौर की बातचीत हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उक्त यूनिट की स्थापना को लेकर काफी प्रयासरत है। इसकी शुरुआत जर्मनी यात्रा के दौरान हुई थी। तभी मुख्यमंत्री से उक्त यूनिट में रूचि रखने वाली कंपनी के प्रमुखों की बातचीत हुई थी, इसके बाद जर्मनी का एक दल हाल में मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आया था। अधिकारियों की माने तो सरकार कंपनी को जमीन और कई सुविधाएं देने को तैयार है। इस यूनिट को सरकार 70 से 100 एकड़ जमीन देने के लिए लगभग तैयार है। कंपनी की शर्त है कि उन्हें भोपाल के नजदीक जमीन दी जाए, ताकि उक्त यूनिट के लिए जरूरी अमले को आवागमन में आसानी हो। हालांकि सरकार के पास भोपाल के आसपास जमीन की उपलब्धता बहुत कम है।

    क्या होती है एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट

    यह हवाई जहाज को विघटित करने वाली इकाई अर्थात टियर डाउन इकाई कहलाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी विमान को व्यवस्थित रूप से अलग किया जाता है। इसमें सबसे अहम, उपयोगी पुर्जों अथवा उपकरणों को बचाना प्रमुख चुनौती होती है। इस प्रक्रिया में खतरनाक सामग्रियों को हटाना, इंजन और लैंडिंग गियर जैसे प्रमुख पुर्जों को अलग करना, फिर शेष संरचना को पुनर्चक्रण के लिए छोटे टुकड़ों में काटना शामिल होता है।

    प्लेन डिस्मेंटल यूनिट से प्रदेश को ये होंगे फायदे प्लेन एक बड़ा स्ट्रक्चर होता है, जिसे नष्ट करने की प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल होती है। इसमें कई महीने लगते हैं और सैंकड़ों कर्मचारियों की जरुरत होती है, जो कि प्रभावी तकनीकी से दक्ष होते हैं। यूनिट स्थापित की जाती है तो एयरोप्लेन के निर्माण से जुड़े कामों में दक्ष कर्मचारियों का मूवमेंट बढ़ेगा। प्लेन में कई कलपुर्जे होते हैं, जिनकी औसत आयु अलग-अलग होती है। ये बहुत महंगे और आसानी से उपल–ब्ध नहीं होने वाले उपकरणों में शामिल होते हैं। जब कई अलग-अलग कारणों से प्लेन को ऑपरेशन से बाहर किया जाता है तब भी उक्त प्लेन में उपयोग किए जाने योग्य कई उपकरण होते हैं, इन्हें सुरक्षित निकालना और उपयोग करना बड़ी चुनौती होता है।

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    Fri, 24 Oct 2025 13:41:16 +0530 News desk Hindi
    भोपाल& दिल्ली से गिरफ्तार हुए 2 आतंकी, ISI से जुड़े होने का हुआ खुलासा — फिदायीन प्लान क्या था? https://citytoday.co.in/4038 https://citytoday.co.in/4038 भोपाल/ दिल्ली 

    देश में बड़े आईएसआई मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है. आईएसआईएस से जुड़े 2 आतंकी पकड़े गए हैं. दिल्ली पुलिस ने साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से एक आतंकी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा मध्य प्रदेश के भोपाल से पकड़ा गया है. दोनों संदिग्ध आतंकी की उम्र 20-26 वर्ष के बीच बताई जा रही है. ये देश में फिदायीन हमले की फिराक में थे.

    इन दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी आईएसआई से लिंक सामने आए हैं. गिरफ्तार आतंकियों के पास से कई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई हैं. प्रारंभिक पूछताछ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स से सीधे संपर्क का खुलासा हुआ है. ये आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे.

    सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी ऑनलाइन रेडिकलाइज्ड थे. यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था. फिलहाल मामले की पूरी जांच जारी है, और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. यह कार्रवाई भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है.

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन दोनों में से एक आतंकी का नाम अदनान है. दिल्ली के सादिक नगर और भोपाल से दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है. दोनों आतंकी फिदायीन अटैक करने की ट्रेनिंग भी ले रहे थे. विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

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    Fri, 24 Oct 2025 13:37:10 +0530 News desk Hindi
    लाड़ली बहनों के खाते में आज आएगा 250 रुपए का शगुन, CM निवास में भाई दूज समारोह हुआ आयोजित https://citytoday.co.in/4031 https://citytoday.co.in/4031 भोपाल 

    मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में भाई दूज के शगुन का पैसा आएगा? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के तौर पर महिलाओं के खाते में 1250-1250 रुपये तो आ चुके हैं, लेकिन उन्हें रक्षाबंधन और भाई दूज के मौके पर मिलने वाले 250 रुपये के शगुन का इंतजार है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में भाई दूज का कार्यक्रम है, जिसमें लाडली बहनें शामिल होंगी।

    मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहनों को दिए संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है , जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है।

    यह राशि ट्रांसफर करने के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है, जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है।

    लाड़ली बहनों के खाते में जमा हुए 44917.92 करोड़

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रुपए सीधे बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

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    Thu, 23 Oct 2025 13:07:53 +0530 News desk Hindi
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विश्वास: लाड़ली बहनों से किया वादा जल्द होगा पूरा, सरकार बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए लगातार प्रयासरत https://citytoday.co.in/4016 https://citytoday.co.in/4016 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों को भाईदूज के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में 250 रुपए की राशि देने का वादा पूरा किया जा रहा है। अब बहनों के योजना के अंतर्गत 1500 रुपए प्राप्त होंगे। भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा की तरह लाड़ली बहनों को यह राशि योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी लाड़ली बहनों को भाईदूज की बधाई भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज के त्यौहार सौगात देने का अवसर बने हैं। इस क्रम में किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के लिए 1800 करोड़ की राहत राशिजिलों में दी गई। प्रत्येक क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, पीला मोजेक जैसी समस्याओं का सर्वे करवाकर किसानों को मदद पहुंचाई गई। इसके लिए जिलों में आवश्यक प्रबंधन किया गया। सरकार अन्नदाता के जीवन में आए कष्ट में उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ईदगाह हिल्स में निर्धन बेटियों के साथ दीपावली मनाने के बाद टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

     

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    Wed, 22 Oct 2025 16:30:23 +0530 News desk Hindi
    पीएम&कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ https://citytoday.co.in/3989 https://citytoday.co.in/3989 पीएम-कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ

    किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    भोपाल

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन व नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने आज एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भोपाल स्थि‍त क्षेत्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता हेतु निष्पादित पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) को हितग्राहियों में वितरित करने का कार्यक्रम प्रारंभ किया।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  अविनाश लवानिया, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्ष‍ितिज सिंघल, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक  अमनवीर सिंह बैंस, पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक  राकेश ठुकराल, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक  गुरदीप सिंह खनूजा, महाप्रबंधक रजनीश रेजा सहित अन्य वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे।

    समयबद्ध व शीघ्र निष्पादन के लिए पीएमसी की सराहना

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए का समयबद्ध व शीघ्रतापूर्वक निष्पादन करने के लिए पॉवर मैनेजमेंट कंपनी व कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक कार्यालय की सराहना की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी और वहीं पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी। मंत्री  तोमर ने कहा कि इस योजना की नियमित मॉनीटरिंग की जाए और किसानों की योजना संबंधी कठिनाईयों का निराकरण करने के हर संभव प्रयास किए जाएं।

    पीएम कुसुम योजना में 1790 मेगावाट क्षमता के होंगे ऊर्जा संयंत्र

    मध्यप्रदेश में किसानों की आय में वृद्ध‍ि एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ में भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 1790 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिये प्रदान की गई।

    योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट के पीपीए निष्पादित

    प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं।

    योजना के द्वितीय चरण के पीपीए वितरण कार्य प्रक्रियाधीन

    योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित करने का कार्य किया जा रहा है।

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    Wed, 15 Oct 2025 15:38:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में वायु गुणवत्ता बिगड़ी: AQI तीन गुना बढ़कर 128 पहुंचा, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी https://citytoday.co.in/3956 https://citytoday.co.in/3956 भोपाल 
    सांस और हार्ट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है। सात दिन में प्रदूषण तीन गुना बढ़ गया है। हवा में धूल के साथ ओजोन गैस की मात्रा अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंकड़ों में यह बात सामने आई है। टीटी नगर में इसका असर सबसे अधिक है।

    हवा की गुणवत्ता जांचने शहर में सात स्थानों पर जांच हो रही है। इनमें तीन रियल टाइम मॉनिटरिंग हैं। एयर क्वालिटी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक्यूआइ औसत 128 मापा गया है, जबकि 6 अक्टूबर को यह 39 था। इसमें पीएम 10 और ओजोन बड़ा कारण रहा। टीटी नगर, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स क्षेत्र में रियल टाइम जांच में हवा की यह रिपोर्ट सामने आई।

    ये हैं नुकसान

    -हवा में धूल-धुएं के बढ़ने से सबसे पहले नाक, गला और आंखों में जलन

    -फेफड़ों में सूजन की समस्या

    -कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वालों को दिक्कत

    -हृदय पर तनाव बढ़ेगा

    ऐसे करें बचाव

    -सामान्य मास्क की जगह 95 मास्क का इस्तेमाल करें।

    -सुबह के समय धूल के कण अधिक होते हैं, इसलिए बचें।

    -इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए ताज़े फल और पानी ज्यादा पीएं।

    एक्सपर्ट बोले अभी और बिगड़ेगी स्थिति

    पर्यावरणविद् एसके दुबे के मुताबिक शहर में धूल उड़ है। टूटी सड़कें बड़ा कारण है, वहीं कचरा जलाने के मामले बढ़े हैं। यह ओजोन का स्तर बढऩे का कारण है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा का प्रदूषण अभी और बढ़ेगा।

    एक्यूआर का स्तर बढ़ रहा है। धूल इसका प्रमुख कारण है। मौसम खुलने से धूल और धुंआ का स्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पीएम 10 सहित वाहनों का धुआं एक्यूआइ बढ़ा रहा है। सर्दी बढऩे के साथ यह स्तर और बढ़ेगा। ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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    Tue, 14 Oct 2025 12:22:22 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में 16 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट में सामने आईं 5 सबसे खतरनाक जगहें https://citytoday.co.in/3955 https://citytoday.co.in/3955 भोपाल
    राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है।

    तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका
    आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए।

    कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत
    पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए।

    मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट
    मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं।

    रात में ज्यादा हादसे
    रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए।

    ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट
    भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।

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    Tue, 14 Oct 2025 12:17:53 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में इंजीनियर को दौड़ा&दौड़ाकर पीटा, पुलिस की बर्बरता सीसीटीवी में कैद https://citytoday.co.in/3939 https://citytoday.co.in/3939 भोपाल
     इंजीनियर उदित गायकी की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की बर्बरता की इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    गुरुवार-शुक्रवार रात को 22 वर्षीय उदित गायकी इंद्रपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ कार में म्यूजिक बजाकर पार्टी कर रहा था। इसकी सूचना जब रात्रि गश्त कर रहे पिपलानी थाने के आरक्षक सौरभ और संतोष को मिली तो वे युवकों के पास पहुंचे। पुलिस को देखकर उदित घबरा गया और भागने लगा, तब सौरभ ने उसे पकड़ा और डंडे से बेरहमी से उसकी पिटाई की।वह उदित के पांव के पंजों को अपने जूते से दबाता है। इतना ही नहीं, जूते की नोक उदित के पैर पर रगड़ देता है। वहीं, दूसरा पुलिसकर्मी इस दौरान उदित के दोस्तों से बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, उदित के पिता का कहना है कि उनके बेटे को रायफल की बट से पीटा गया। जिसके निशान उसके शरीर पर थे।

    सीसीटीवी में कैद हुई पुलिस की बर्बरता

    साथ ही संतोष बंदूक लेकर उसके पास खड़ा रहा। पुलिस की यह बर्बरता गली में लगे सीसीटीवी में भी कैद हुई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उदित की कार में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। उधर मृतक की पीएम रिपोर्ट में अग्नाशय में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद आरक्षकों के विरुद्ध शुक्रवार रात को हत्या का केस दर्ज किया गया।

    शनिवार को आरोपितों को गिरफ्तार किया और शनिवार को उन्हें जेल भेजा गया। आरोपित आरक्षक सौरभ आर्य मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। वह गोविंदपुरा पुलिस लाइन में रहता था। वह वर्ष 2018 के बैच का पुलिसकर्मी है। सौरभ लंबे समय से पिपलानी थाने में पदस्थ था। वहीं आरक्षक संतोष बामनिया ने 2021 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह जहांगीराबाद में जेल रोड स्थित मैसूर सैयद कालोनी में रहता था।.

    FIR में कई खामियां, आरोपियों को बचाने का प्रयास उदित के पिता राजकुमार गायकी ने भी दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- मेरा इकलौता बेटा चला गया। पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें एफआईआर में कई खामियां दिख रही हैं। हम इस एफआईआर से संतुष्ट नहीं हैं। भोपाल पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    मैं शासन से मांग करता हूं कि केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। जिससे जांच में किसी तरह की बाधा न हो। मेरे बेटे को न्याय मिल सके। आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होना चाहिए। मेरा बेटा नहीं, मेरी जिंदगी चली गई है। मेरे सारे सपने चले गए हैं। मैंने अपने पूरे जीवन की कमाई उस पर लगाई। उससे मुझे बहुत उम्मीदें थीं।

    सीबीआई जांच की मांग

    मृतक उदित के मामा सुभाष गवांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्याय सम्मत एफआईआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में जांच को प्रभावित भी किया जा सकता है। इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उदित को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि एफआईआर में रिश्वत मांगने और मारपीट का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए था।

    मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा राजकुमार गायकी ने कहा- उदित को इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया? सरकार इस पर संज्ञान ले और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है। इन पुलिस वालों को भी मौत की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपने साथियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

    वे मिलकर केस कमजोर करना चाहते हैं। मैं फिर कहता हूं कि मेरे बेटे को न्याय देना है तो आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। ऐसी सजा से ही नजीर बनेगी कि आगे कोई पुलिसवाला किसी की भी जान लेने में सौ बार सोचेगा। मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया है, उसके सिर में डंडे मारे, उसके जिस्म पर कई जगह रायफल की बट से पीटने के निशान मिले हैं।

    बेटे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट है, मैंने स्वयं यह निशान देखे हैं। मेरा दिल फट जाता है, जब यह मंजर को याद करता हूं। क्या यहां जंगल राज है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि आरोपियों को फांसी दिलाओ।

    ताऊ बोले- आरोपियों का पक्ष FIR में क्यों? उदित के ताऊ केके गायकी ने कहा- मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। एफआईआर में डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने की बात नहीं लिखी है। एफआईआर में घटना को मेंशन किया जाना चाहिए, न कि आरोपियों का साथ दिया जाना चाहिए।

    इससे पहले तो मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मार डालने के उद्देश्य से ही जानवरों की तरह उदित को पीटा गया। एक पुलिसकर्मी ने उसके हाथ पकड़े, दूसरे ने उसे बेरहमी से पीटा है। मार डालने के उद्देश्य से ही उसे पीटा गया है।

    शॉर्ट पीएम में पेनक्रियाज डैमेज होने की बात स्पष्ट है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह साफ नहीं किया कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के कारण पेनक्रियाज डैमेज हुआ है। रही बात दोस्तों के बयानों की तो वे बच्चे हैं, उन्हें कुछ भी बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है।

    पुलिस ने दबाव डालकर बयान दिलाए हालांकि, उदित के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उदित के दोस्तों से इस तरह के बयान दर्ज कराए हैं। दोस्तों के हवाले से लिखे घटनाक्रम में जान बूझकर मारपीट और अभद्रता की बात उल्लेख नहीं कराई गई, जिससे आरोपी पुलिसकर्मियों को आगे राहत मिल सके।

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    Mon, 13 Oct 2025 18:35:35 +0530 news desk MPcg
    सीएम मोहन यादव आज MSME सम्मेलन में सौंपेंगे ₹200 करोड़ की अनुदान राशि, युवाओं को मिलेगा ऋण https://citytoday.co.in/3936 https://citytoday.co.in/3936 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे।

    यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे।

    200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग

    सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा।

    नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे।
    एमओयू साइन होगा

    सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

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    Mon, 13 Oct 2025 14:01:57 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, 113 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होगी https://citytoday.co.in/3931 https://citytoday.co.in/3931 भोपाल
     भोपाल जिले में कॉलोनाइजरों द्वारा किसानों के साथ मिलकर खेती जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं। जब इन सभी कॉलोनाइजरों को चिह्नित कर नोटिस देते हुए अनुमतियों के दस्तावेज मांगे गए तो यह कलेक्टर न्यायालय में पेश नहीं कर सके। ऐसे में अब इन सभी अवैध कॉलोनियों को काटने वाले बिल्डर, किसान व अन्य सहित करीब 113 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

    इसको लेकर कलेक्टर न्यायालय द्वारा इनकी सूची बनाकर एसडीएम को थमा दी गई है और जल्द से जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि जमीनी स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनसे भी जवाब-तलब किया जाएगा। शहर के नगरीय क्षेत्र में प्रापर्टी के दामों में जमकर वृद्धि होने के बाद से अब लोग मकान, प्लाट, फार्म हाउस खरीदने के लिए शहरी क्षेत्र से लगी सीमा पर ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर प्रापर्टी की खरीदारी कर रहे हैं।

    तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं

    यही कारण है कि बड़े -बड़े बिल्डर यहां स्थित जमीनों के मालिक यानि किसानों के साथ मिलकर बिना किसी अनुमति के अवैध कॉलोनिया काटकर प्लाट बेच रहे हैं। जिसमें किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली जाती है बस खरीदार को बदले में एक रजिस्ट्री थमा दी जाती है। जिसके बाद में बिजली, पानी, सड़क, सीवेज सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं।

    इन्हीं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हुजूर, कोलार तहसील, गोविंदपुरा वृत्त के एसडीएम और तहसीलदारों को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। कलेक्टर न्यायालय में अवैध कॉलोनी काटने के मामले में एसडीएम द्वारा चिह्नित कॉलोनाइजर, बिल्डर व किसानों को नोटिस जारी कर अनुमति संबंधी दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था।

    कलेक्टर न्यायालय में वह डायवर्जन, भवन अनुज्ञा सहित अन्य कोई भी ऐसी अनुमति नहीं पेश कर पाए, जिससे यह साबित हो सके कि वह अवैध कॉलोनी नहीं काट रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने सभी के खिलाफ एसडीएम को एफआईआर करवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सूची कुछ दिनों पहले हुजूर, कोलार एसडीएम को भेज दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं।
    नगरीय सीमा से लगे इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां

    जिले में नगरीय सीमा से लगे जिन क्षेत्रों में जमकर खेती की जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इनमें सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापीन, सुरैया नगर, छावनी पठार, कुराना, कानासैया, खंडाबर, सिकंदराबाद, थुआखेड़ा, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, कलखेड़ा, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां, हज्जाम सहित बसई शामिल हैं।
    एसडीएम को दिए एफआईआर के निर्देश

        जिले में बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाट बेचने वालों की सूची तैयार कर ली है। उनके खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश हुजूर, कोलार तहसील के एसडीएम को दिए गए हैं। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो जवाब तलब किया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

     

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    Sun, 12 Oct 2025 13:01:30 +0530 news desk MPcg
    सोमवार को होगा एमएसएमई सम्मेलन https://citytoday.co.in/3930 https://citytoday.co.in/3930 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज भोपाल में एमएसएमई सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में उद्यमियों और स्टार्टअप को अनुदान तथा सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित रहेंगे। वर्चुअली कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले भी जुड़ेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 औद्योगिक क्षेत्रों, 3 नवीन कार्यालय भवनों की वर्चुअली आधारशिला रखेंगे। सम्मेलन में एमएसएमई एवं ओएनडीसी के मध्य एमओयू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। साथ ही उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड वितरण भी करेंगे। सम्मेलन में नव उद्यमी और स्टार्टअप्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

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    Sun, 12 Oct 2025 12:57:31 +0530 news desk MPcg
    नशे के खिलाफ सख्ती: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति https://citytoday.co.in/3919 https://citytoday.co.in/3919 भोपाल 

    मध्य प्रदेश शासन ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, उनकी अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।

    समिति में गृह, चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय, वन, कृषि, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव शामिल होंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक, एनसीबी, डीआरआई, सीबीएन, ईडी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डाक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति राज्य में नशे की रोकथाम से जुड़े सभी पहलुओं पर नीति और रणनीति तैयार करेगी। इसके तहत ड्रग्स की तस्करी पर निगरानी, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले अवैध परिवहन को रोकना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे।

    इसके अलावा समिति राज्य में फोरेंसिक जांच क्षमता को बढ़ाने, अवैध मादक फसलों की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने और केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के उपयोग की निगरानी भी करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इस समिति के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जा सके और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जाए। 

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    Sat, 11 Oct 2025 18:27:23 +0530 news desk MPcg
    मानसून की वापसी अधूरी, ठंड ने पकड़ी पकड़; एमपी के कई शहरों में तापमान गिरा https://citytoday.co.in/3918 https://citytoday.co.in/3918 भोपाल
     मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में मानसून विदाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब अधिकांश शहरों में मौसम शुष्क और साफ नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 36 घंटों में प्रदेश से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा. कुछ जगहों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. वहीं, जोरदार बारिश के बाद अब दिन में चटक धूप खिल रही है और शाम होते ही गुलाबी ठंडक का अहसास होने लगा है. इस बार ठंड की शुरुआत सामान्य से कुछ जल्दी हो गई है और संभावना है कि दीपावली तक लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले लें.

    17 साल में अक्टूबर में तेज ठंड
    राजधानी भोपाल में पारा अक्टूबर में 18 डिग्री तक गिर गया है, जो पिछले 17 वर्षों में पहली बार हुआ है. पचमढ़ी के मुकाबले राजगढ़ और इंदौर शहरों में तापमान अधिक ठंडा महसूस हो रहा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजगढ़ में 14.5 डिग्री, इंदौर में 15.5 डिग्री और खंडवा में 17 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. भोपाल में भी न्यूनतम पारा 18 डिग्री तक गिरा है.

    गुना में हुई सबसे ज्यादा बारिश
    मानसून सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई. मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई. इसके विपरीत, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं.

    पहाड़ों की बर्फबारी से बदली हवा का रुख

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर से ठंडा हो गया है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ सकती है।
    40 से ज्यादा जिलों से लौट चुका है मानसून

    राज्य में मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार तक भोपाल, इंदौर, धार, बुरहानपुर, खंडवा, सीहोर, सागर, रायसेन, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम और बैतूल समेत 40 से अधिक जिलों से मानसून विदा हो चुका है।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिंगरौली, सीधी, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों से भी अगले 2 दिन में मानसून की पूरी तरह से विदाई हो जाएगी।
    पूर्वी जिलों में अभी बनी रहेगी बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अभी हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक बालाघाट, मंडला, सिवनी और उमरिया जिलों में बादल छाए रहेंगे। शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा।
    इस सीजन में गुना रहा सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला

    मानसूनी सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई।
    सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं।
    इंदौर संभाग की स्थिति में हुआ सुधार

    मानसून की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश की स्थिति कमजोर थी, लेकिन सितंबर में तेज बारिश ने संतुलन बना दिया। इंदौर में अब सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया है, हालांकि उज्जैन में अभी भी औसत से कम वर्षा हुई है।
    ग्वालियर-चंबल में जमकर बरसा मानसून

    ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में इस बार मानसून सक्रिय रहा। यहां के सभी जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी, खासकर छतरपुर, मंडला और उमरिया जिलों में।
    अक्टूबर में मौसम का पुराना रिकॉर्ड

        भोपाल में अक्टूबर का औसत अधिकतम तापमान 32.7°C और न्यूनतम 19.1°C रहता है। वर्ष 2012 में तापमान रिकॉर्ड 38°C तक पहुंच गया था।

        इंदौर में 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2°C दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है।

        ग्वालियर में 27 अक्टूबर 1994 को 40.1°C तक तापमान पहुंचा था।

        जबलपुर में 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5°C रहा था।

        उज्जैन में 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम 8.1°C और 2002 में दिन का तापमान 39°C दर्ज हुआ था।

    अब गुलाबी ठंड का इंतजार

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले सप्ताह में मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं लगातार सक्रिय हैं। इससे सुबह और देर शाम सर्दी का अहसास और बढ़ जाएगा।

    तीन दिन तक पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी का अनुमान मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक पूर्वी हिस्से के जिलों में बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश होने के आसार है। शुक्रवार को पूर्वी हिस्से के तीन जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है।

    इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है।

    ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

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    Sat, 11 Oct 2025 18:17:18 +0530 news desk MPcg
    भोपाल: हेलमेट नहीं पहना? तीसरी बार पकड़े जाने पर खाकी भी नहीं बचेगी – बड़ा जुर्माना तय! https://citytoday.co.in/3893 https://citytoday.co.in/3893 भोपाल
    सड़कों पर लोगों के चालान काट खुद नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों को यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बहुत भारी पड़ेगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) ने पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि दो बार से अधिक बिना हेलमेट किसी पुलिसकर्मी का चालान हुआ तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

    बात यहीं तक नहीं है। नये आदेशों में यह भी है कि इस कार्रवाई के बाद भी पुलिसकर्मी यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। यानी इस मनमानी से उनकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। पीटीआरआई के इस निर्देश के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस में हलचल मच गई है। भोपाल में ही अब तक 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के चालान बनाए जा चुके हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जो बिना हेलमेट ड्यूटी पर या निजी काम से दोपहिया वाहन लेकर निकले थे। कई मामलों में तो पुलिसकर्मी खुद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते हुए पकड़े गए।
     
    पीटीआरआई ने सभी जिला पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर नियमित निगरानी रखें और यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। यह भी कहा गया है कि सड़क पर पुलिसकर्मी आम जनता के सामने अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं, ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे खुद ट्रैफिक नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद केवल अनुशासन बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति पुलिसकर्मियों में जागरूकता बढ़ाना भी है। अगर पुलिस ही नियमों को तोड़ेगी तो जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

    इस तरह पकड़ में आएगी खाकी की बदमाशी
    चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस नाम और मोबाइल नंबर का ब्यौरा लेती है। जिस-जिस व्यक्ति का चालान बनता है, उसका रिकॉर्ड जिला पुलिस के पास दर्ज होता है। एक निश्चित समय के बाद जिला पुलिस देखेगी कि कितने पुलिसकर्मियों पर लगातार हेलमेट नहीं पहनने को लेकर कार्रवाई हुई है। उनका डाटा तैयार किया जाएगा और फिर दो बार से अधिक उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार होगा।

    पुलिस को समाज के आदर्श के रूप में देखा जाता है। नए आदेश के जरिए पुलिसकर्मियों में हेलमेट के प्रति अनुशासन बढ़ाने का प्रयास है। यदि वे लगातार उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी। शाहिद अवसार, एआईजी, पीटीआरआई।

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    Fri, 10 Oct 2025 12:39:36 +0530 news desk MPcg
    प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3892 https://citytoday.co.in/3892 प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए
    मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है।

    विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं।

    संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि।

    कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

    वन–टू–वन मीटिंग

    कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, सपनों का शहर है जो अपनी ऊर्जा और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है। आज मध्यप्रदेश की विकास आकांक्षाओं का साक्षी बन रहा है। यह संवाद केवल व्यापार का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच एक नई, अटूट औद्योगिक साझेदारी की शुरुआत है। हमें मुंबई के निवेशकों से जो उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है, वह हमारी उम्मीदों से बढ़कर है। कई प्रमुख औद्योगिक घरानों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई, जो हमारी नीतियों पर उनके विश्वास का प्रमाण है। आज का निवेशक केवल 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस' ही नहीं देखता, वह 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' भी चाहता है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि मध्यप्रदेश सभी पैमानों पर खरा उतर रहा है।

    हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश में निवेश का हर निर्णय और उसका क्रियान्वयन इतनी तेजी से हो कि यह देश के लिए एक नया बेंचमार्क बने। जिस तरह मुंबई की लोकल ट्रेनें इस शहर की लाइफलाइन हैं, हम चाहते हैं कि हमारी निवेशक-हितैषी नीतियां आपके व्यापार के लिए ग्रोथ की लाइफलाइन बनें। मेरा सभी निवेशकों से आग्रह है कि आप मुंबई और महाराष्ट्र में अपने व्यापार को नई ऊंचाइयां देते रहें, और साथ ही मध्यप्रदेश की अनंत संभावनाओं को अपनाकर अपनी सफलता का एक नया अध्याय लिखें। यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के 'विकसित भारत @2047' का विजन हमारा मार्गदर्शक है। उनके नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास से भरा है, और हम इसी आत्मविश्वास के साथ निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं।

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    Fri, 10 Oct 2025 12:35:54 +0530 news desk MPcg
    CM डॉ यादव ने वीर जवानों का किया सम्मान,जयप्रकाश नारायण और मुंशी प्रेमचंद्र का किया स्मरण https://citytoday.co.in/3879 https://citytoday.co.in/3879 भोपाल:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आज महत्वपूर्ण संदेश साझा किए। उन्होंने भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर सभी वीर योद्धाओं और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। सीएम ने कहा कि हमारे जवानों ने सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा के समय आम लोगों तक राहत पहुंचाने में हमेशा शौर्य, साहस और त्याग के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भारत रत्न से सम्मानित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महान साहित्यकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर भी अपने सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की।सीएम ने न केवल देशभक्ति और सैनिकों के योगदान को सम्मान दिया बल्कि साहित्य और सामाजिक विभूतियों के योगदान को भी याद किया।

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    Wed, 08 Oct 2025 12:46:22 +0530 news desk MPcg
    हरदा में ब्लैकमेलिंग के दो बड़े मामले, पुलिस ने की सख्त कार्रवाई https://citytoday.co.in/3872 https://citytoday.co.in/3872 हरदा (मध्यप्रदेश)

    । मध्यप्रदेश के हरदा जिले में हाल ही में ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने जिले में सनसनी फैला दी है और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर सख्त कदम उठाए हैं।

    पहला मामला एक 27 वर्षीय महिला की आत्महत्या से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि आरोपी साजिद अंसारी उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और उससे ₹1.65 लाख भी वसूले थे। आरोपी द्वारा बार-बार ब्लैकमेल किए जाने से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
    घटना के बाद नगर पालिका ने आरोपी के घर पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    दूसरा मामला हनी ट्रैप ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है। हरदा के किसान कपिल जाट ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला से संपर्क किया था। कुछ समय बाद महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे झांसे में लिया और ₹12 लाख की फिरौती की मांग की। किसान को 28 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    इन दोनों घटनाओं के बाद हरदा पुलिस ने सोशल मीडिया और साइबर ठगी से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि अपरिचित व्यक्तियों से निजी जानकारी या फोटो साझा न करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ठगी व ब्लैकमेलिंग को रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है

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    Wed, 08 Oct 2025 11:27:53 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश सरकार और स्पेन के बीच हुए समझौते से निवेश और विकास को नई दिशा https://citytoday.co.in/3871 https://citytoday.co.in/3871 भोपाल।

     मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में स्पेन की कई प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते (MoU) किए हैं, जिनसे राज्य में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्रा के दौरान हुए इन करारों के जरिए लगभग 11,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने स्पेन की “Submer Technologies” कंपनी के साथ एक बड़ा समझौता किया है। यह कंपनी डेटा सेंटर कूलिंग तकनीक में अग्रणी है। इस MoU के तहत प्रदेश में 1 गीगावॉट तक की “AI-Ready” डेटा सेंटर क्षमता विकसित की जाएगी। इससे ऊर्जा की खपत कम होगी और जल संरक्षण के साथ पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा, सरकार ने स्पेन की “Fira Barcelona International” संस्था के साथ भी एक समझौता किया है, जिसके तहत प्रदेश में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर बड़े वैश्विक आयोजनों, निवेश सम्मेलनों और औद्योगिक प्रदर्शनियों का केंद्र बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में स्पेन के वस्त्र उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और मध्यप्रदेश को कम लागत वाला, पर्यावरण अनुकूल टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में निवेश आमंत्रित किया। राज्य के कपड़ा उद्योग की क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता और उद्योग हितैषी नीतियों को प्रस्तुत किया गया।

    इसके साथ ही स्पेनिश फिल्म कमीशन के साथ भी फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया गया है। इससे मध्यप्रदेश में विदेशी फिल्मों की शूटिंग और स्थानीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय अवसर मिल सकेंगे।

    इन समझौतों से लगभग 14,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग से मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रमुख राज्य के रूप में उभरेगा।”

    मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी के नए युग में ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है

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    Wed, 08 Oct 2025 11:08:30 +0530 news desk MPcg
    जहरीला कफ सिरप : दो नए सिरप में पाया गया जहरीला रसायन, SIT गठित https://citytoday.co.in/3870 https://citytoday.co.in/3870 भोपाल।

    छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप विवाद और गहरा गया है। मध्यप्रदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की जांच में गुजरात निर्मित री लाइफ और रेस्पिफ्रेस टीआर सिरप में खतरनाक रसायन डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा मानक से कई गुना अधिक पाई गई है। यह वही जहरीला तत्व है, जो पहले कोल्ड्रिफ सिरप में भी पाया गया था।

    जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि इन सिरपों में डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 0.1 प्रतिशत तय सीमा से कई गुना अधिक थी, जो किडनी फेल, ब्रेन डैमेज और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। अधिकारियों ने इन दोनों सिरपों पर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    26 से 28 सितंबर के बीच औषधि निरीक्षकों ने प्रदेश भर की दवा दुकानों और अस्पतालों से कुल 19 सिरपों के नमूने जांच के लिए भेजे थे, जिनमें चार सिरप असुरक्षित पाए गए। सरकार ने सभी औषधि निर्माताओं, निरीक्षकों, सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेजों को एडवाइजरी जारी कर क्लोरफेनिरामाइन मलेट और फिनाइलफ्रिन एचसीएल जैसे रसायनों के उपयोग में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को हटा दिया गया, जबकि उपसंचालक शोभित कोष्टा, जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन और छिंदवाड़ा के गौरव शर्मा को निलंबित किया गया।

    सरकार ने जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर जवाबदेही तय करेगा।

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    Tue, 07 Oct 2025 18:15:38 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी श्रद्धांजलि, समाज में समानता और सद्भाव का संदेश दिया https://citytoday.co.in/3857 https://citytoday.co.in/3857 भोपाल,

     7 अक्टूबर 2025 —
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अपने निवास स्थित समत्व भवन में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को नमन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल आदिकवि थे, बल्कि उन्होंने समाज को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी की शिक्षाएँ आज भी मानवता और समानता का संदेश देती हैं।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वाल्मीकि जी के दिखाए गए मार्ग पर चलकर समाज में समानता और सद्भाव का वातावरण बनाए रखेगी।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे प्रदेश में वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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    Tue, 07 Oct 2025 12:13:21 +0530 news desk MPcg
    पूर्वोत्तर के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश बनेगा विकास और अपार अवसरों का केंद्र https://citytoday.co.in/3817 https://citytoday.co.in/3817 मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को रॉयल भूटानी वाणिज्य दूतावास के कांसुल जनरल  जिग्मे थिनल्ये नामग्यालभी सेशन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे।

    मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन सेक्टरों में निवेश केवल व्यवसाय का निर्णय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के सं साधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण भी है कि राज्य में निवेश करना न केवल लाभकारी हो साथ ही यह औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाए। राज्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी समान अवसर देता है। वन-स्टॉप निवेश सुविधा, क्लस्टर आधारित विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक यहां तेजी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और नए साझेदारी के अवसर हासिल कर सकें।

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    Sat, 04 Oct 2025 12:36:53 +0530 news desk MPcg
    ट्रैफिक अलर्ट: 4 अक्टूबर तक इन रास्तों से बचें, जानें नई व्यवस्था https://citytoday.co.in/3800 https://citytoday.co.in/3800 भोपाल 
    भोपाल ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के बाणगंगा (हलाली नदी), निपानिया नदी, खेजड़ादेव विसर्जन घाट पर गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह निकाल कर विसर्जन किया जाना प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे जाम लगने की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुबह 8 बजे से 4 अक्टूबर की रात 10 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी।

    ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था
    ● दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन, चल समारोह के दौरान सभी प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन लाबांखेड़ा से गोलखेड़ी की ओर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
     
    ● गुना, शिवपुरी अशोकनगर से बैरासिया होकर भोपाल आने वाले भारी वाहन मकसूदनगढ़, गुना से ब्यावरा होकर भोपाल आ जा सकेंगे। नजीराबाद से रूनाहा जोड़ से होकर नरसिंहगढ़ से एनएच 46 हाईवे होकर परवलिया, मुबारकपुर से भोपाल आ जा सकेंगे।

    ● भोपाल से गुना -शिवपुरी-अशोकनगर-बैरासिया की ओर जाने वाले भारी वाहन लाबांखेड़ा जोड़ से मुबारकपुर परवलिया होकर, तथा विदिशा सिरोंज जाने वाले वाहन चौपड़ा कला सूखीसेवनिया से विदिशा होकर आ-जा सकेंगे।

    ● गुनगा, बैरासिया – ईटखेड़ी क्षेत्र के के्रशर व कोपरा में चलने वाले डम्फर गोलखेड़ी तिराहा से करधई, डोबरा होकर मेन हाईवे रोड पर आ जा सकेंगे।

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    Fri, 03 Oct 2025 14:31:49 +0530 news desk MPcg
    AIIMS घोटाला: करोड़ों की हेराफेरी में भोपाल के डॉक्टर समेत तीन पर कार्रवाई https://citytoday.co.in/3799 https://citytoday.co.in/3799 भोपाल 
    केंद्रीय जांच यूरो (सीबीआइ) ने एम्स ऋषिकेश(AIIMS Rishikesh) में 16 बेड वाले कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सह प्रोफेसर डॉ. राजेश पसरीचा को भी आरोपी बनाया हैं। हालांकि डॉ. पसरीजा ने आरोप को खारिज कर दिया है।

    ये है मामला
    जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश के सीसीयू निर्माण के लिए 8.08 करोड़ रुपए दिल्ली की कंपनी मेडिक डिवाइसेस को भुगतान किए गए। आरोप है कि संस्थान के तत्कालीन निदेशक और प्रो€योरमेंट ऑफिसर डॉ. पसरीचा ने उपकरणों की आपूर्ति व स्थापना का झूठा प्रमाणपत्र जारी किया था। सीबीआइ जांच में सामने आया कि 1.76 करोड़ रुपए से ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, गैस पाइपलाइन सिस्टम, डिफिब्रिलेटर, एयर प्यूरीफायर और अन्य उपकरण लगाए ही नहीं गए। वहीं 97 लाख के सिविल वर्क में भी हेराफेरी हुई। 2.73 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई।
     
    डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को किया खारिज
    सीबीआइ ने मामले में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश पसरीचा और स्टोर कीपर रूप सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले को लेकर डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुझ पर सीबीआइ ने झूठा आरोप लगाया है। यह आठ वर्ष पुराना मामला है, जिसे अब उठाया जा रहा है।

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    Fri, 03 Oct 2025 14:27:47 +0530 news desk MPcg
    बैंकों में बड़ी सुविधा: अब सिर्फ एक दिन में क्लियर होंगे चेक, ग्राहकों को मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/3782 https://citytoday.co.in/3782 भोपाल
    बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब बैंकों में चेक क्लियर होने के लिए ग्राहकों को दो से तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत चेक एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा। राजधानी में इसको लेकर प्रसन्नता है, उनका मानना है कि इसका लंबे समय से इंतजार था। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण की बदौलत यह संभव हो पाया है। पहले चेक क्लियर होने में कई बार 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता था। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती थी बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता था। अब इस बदलाव के बाद ग्राहक उसी दिन अपने खाते में पैसा आते हुए आसानी से देख सकेंगे।
     
    व्यापारियों को मिलेगी अधिक सुविधा
    छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है। व्यापारियों को अपने सप्लायर और ग्राहकों से भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार देरी होने से नकदी की समस्या खड़ी हो जाती थी। अब चेक उसी दिन क्लियर होने से उनका कैश फ्लो मजबूत होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा। भोपाल के कारोबारी भगत सिंह जाट ने बताया कि यह वाकई बहुत राहत देने वाला निर्णय है। पहले चेक क्लियर होने में समय लगता था और भुगतान अटक जाता था। अब हमें भरोसा रहेगा कि पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। एक इवेंट मैनेजर ने बताया कि अब हमे आसानी से समय पर भुगतान मिल जाएगा। चेक देने वाले को भी पता होगा कि सेम डे में क्लियर होना है।

    निजी काम करने वाले लोकेश मौर्य ने कहा कि बच्चों की फीस या अन्य जरूरी खर्चों के लिए चेक क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता था। अगर यह एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा तो बहुत आसानी होगी। साथ ही किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा और धोखाधड़ी होने की संभावना कम हो जाएगी।

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    Thu, 02 Oct 2025 15:43:30 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की https://citytoday.co.in/3781 https://citytoday.co.in/3781 अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति किया सम्मान प्रकट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य बापू 'राष्ट्रपिता' महात्मा गाँधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम उस युगपुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने सत्य, अहिंसा और करुणा के मंत्र से न केवल भारत वर्ष की चेतना जगाई, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का नया मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचार वर्तमान में भी प्रेरणा-पुंज हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति सम्मान प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीत महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

     

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    Thu, 02 Oct 2025 14:42:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल से हैदराबाद के लिए हवाई सुविधा मजबूत, लेकिन तिरुपति अब भी उड़ान से दूर https://citytoday.co.in/3780 https://citytoday.co.in/3780  भोपाल
     भोपाल से हैदराबाद तक अब दो सीधी उड़ानें हो गई हैं लेकिन तिरूपति तक एक भी उड़ान नहीं है। भोपाल से तिरूपति बालाजी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ट्रेन का सफर लंबा होने के कारण लंबे समय सीधी फ्लाइट की जरूरत महसूस की जा रही है।

    इंडिगो ने अपनी दूसरी हैदरबाद उड़ान एक अक्टूबर से पुन: प्रारंभ करने की घोषणा की है। अब यात्रियों को सुबह 7.20 बजे एवं रात्रि 9.20 बजे हैदराबाद के लिए उड़ान मिल सकेगी। दोनों उड़ानों का शेड्यूल पैसेंजर फ्रेंडली होने के कारण इसमें अच्छी बुकिंग हो रही है। इस रूट पर छह से सात हजार रूपये में बुकिंग हो रही है।

    अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। यदि इन दोनों उड़ानों में से किसी एक को हैदराबाद से होकर तिरूपति तक चलाया जाए तो यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है। हैदराबाद से तिरूपति तक का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा होता है। भोपाल से तिरूपति तक ट्रेन में करीब 24 घंटे लगते हैं।

    साऊथ कनेक्शन अब भी कमजोर

    भोपाल हैदराबाद एवं बेंगलुरू तक सीधी उड़ानें होने के बावजूद भोपाल का दक्षिण भारत तक हवाई कनेक्शन कमजोर है। चैन्नई एवं काच्चि जैसे शहरों तक लंबे समय से डायरेक्ट उड़ान नहीं है। यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से जाना पड़ता है। इसमें समय एवं धन अधिक खर्च होता है।

    हर साल तिरूपति दर्शन करने वाले भक्त अशोक हिमथानी का कहना है किएयरलाइंस कंपनियों को तिरूपति एवं चैन्नई तक सीधी उड़ान शुरू करना चाहिए। इसमें अच्छी बुकिंग मिल सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने एयरलाइंस को स्लाट देने की पेशकश की है।

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    Thu, 02 Oct 2025 13:33:29 +0530 news desk MPcg
    वन नेशन&वन स्टूडेंट में प्रदेश में बने 86.97 लाख अपार आईडी https://citytoday.co.in/3779 https://citytoday.co.in/3779 भोपाल 
    प्रदेश में वन नेशन-वन स्टूडेंट योजना में अब तक 86 लाख 97 हजार अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) बनायी जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी को लक्षित छात्रों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये अपार आईडी बनाने के निर्देश दिये हैं। इस पहल से प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम अपार आईडी मिलेगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों, स्कूलों और सरकारों के लिये पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रेक करना आसान होगा। यदि विद्यार्थी स्कूल बदलता है, चाहे राज्य के भीतर या अन्य राज्य में, उसका सारा डेटा सिर्फ अपार आईडी साझा करने से उसके नये स्कूल में स्थानांतरित हो जायेगा। छात्रों को दस्तावेज या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में नर्सरी से कक्षा-12 तक एक करोड़ 33 लाख 85 हजार विद्यार्थियों के अपार आईडी शिविर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 65.2 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से बेहतर स्थिति में हैं।

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    Thu, 02 Oct 2025 13:21:59 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: मोहनपुरा&कुंडालिया परियोजना बनी किसानों की खुशहाली की मिसाल https://citytoday.co.in/3761 https://citytoday.co.in/3761 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश के राजगढ़ जिले की 'मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना' क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है। इस अनूठी परियोजना से जहां हर खेत में पानी पहुंच रहा है, वहीं उद्योगों को पानी मिलने और पेयजल की उपलब्धता ने नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। इससे आम-जीवन सुखमय हो रहा है।

    "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर आधारित विश्व की अनूठी परियोजना
    यह परियोजना "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" प्रणाली पर आधारित विश्व की अनूठी सिंचाई परियोजना है, जो मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा को पूरा कर रही है। न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से अपितु विदेशों के प्रतिनिधि दल भी आकर इसका अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना को जल-संसाधन प्रबंधन के लिए भारत सरकार का प्रतिष्ठित 'सीबीआईपी' पुरस्कार भी मिल चुका है।

    प्रधानमंत्री की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' की अवधारणा हुई फलीभूत
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा दी. उनकी इस अवधारणा पर कार्य करते हुए हमारे इंजीनियर्स ने सिंचाई की अति आधुनिक तकनीकी "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर काम करना प्रारंभ किया और उसका सुपरिणाम है 'मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना'। इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से न केवल 80% पानी बांध से किसानों के खेतों तक पहुंचता है, अपितु ऊंचे खेतों पर भी पानी आसानी से पहुंच जाता है. इसमें लगा 'स्काडा' (SCADA) आधारित ऑटोमेशन यह तय करता है कि फसलों की आवश्यकता के अनुसार किस क्षेत्र में कितना पानी पहुंचाना है। यह विश्व की अपनी तरह की अनूठी परियोजना है और आधुनिक युग की आवश्यकता भी, जब पानी की एक-एक बूंद का उपयोग आवश्यक है।

    नेवज नदी पर मोहनपुरा बांध और कालीसिंध नदी पर कुंडालिया बांध बनाकर शुरू की गई इस परियोजना से भूमिगत पाइप से सीधे खेत तक दबाव के साथ पहुंचाती है और ऊंचाई वाले खेत में भी पानी आसानी से पहुंचता है। इसके सेंसर और ऑटोमेशन से पानी का वितरण नियंत्रित होता है। यह क्रांतिकारी सोच थी, जिसने सूखाग्रस्त राजगढ़ जिले की किस्मत बदल दी।

    परियोजना के अंतर्गत 26 हजार किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, इतनी लंबी प्रेशराइज्ड पाइप लाइन भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में एक मिसाल है। इसे जोड़ने के लिए 20 बड़े पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो पानी को दबाव के साथ पाइप लाइन में भेजते हैं और पानी ऊंचे-नीचे खेतों तक आसानी से पहुंचता है। हर आउटलैट से लगभग एक से सवा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। 'स्काडा' आधारित ऑटोमेशन सिस्टम द्वारा पूरी प्रणाली को कंप्यूटर और सेंसर्स से जोड़ा गया है, जिससे कंट्रोल रूम से तय किया जा सकता है कि किस क्षेत्र को कितना पानी पहुंचाना है। केन्द्रीकृत पंपिंग प्रणाली से हर साल लगभग 69 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होती है। इसकी एक और विशेषता यह है कि इसमें 'ला-रा' नैटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें लगभग 1.5 लाख सेंसर्स और कंट्रोलर एक साथ जोड़े गए हैं, जो सौर ऊर्जा से चलते हैं। पंपिंग स्टेशर्न में लगे 'वैरिएबल फ्रीकवैन्सी ड्राइव्ज' फसलों की जरूरत और मौसम के अनुसार पानी का दबाव और मात्रा तय करते हैं। यह अत्यधिक आधुनिक सिंचाई प्रणाली आज पूरे विश्व के लिए पानी के इष्टतम उपयोग का अनूठा उदाहरण बन गई है।    

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    Wed, 01 Oct 2025 14:02:48 +0530 news desk MPcg
    ओबीसी आरक्षण से संबंधित मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे के संबंध में स्पष्टीकरण https://citytoday.co.in/3759 https://citytoday.co.in/3759 भोपाल

    •     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।
    •     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।
    •     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।
    •     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।
    •     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।
    •     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।
    •     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।
    •     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I
    •     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

     

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    Wed, 01 Oct 2025 13:30:09 +0530 news desk MPcg
    MP नगर निगम कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: सरकार लागू करने जा रही फेस अटेंडेंस सिस्टम! https://citytoday.co.in/3758 https://citytoday.co.in/3758 भोपाल
    इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं।

    प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था
    कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।
     
    नगरीय निकायों में भी लागू कराया
    बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है।

    अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास

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    Wed, 01 Oct 2025 13:26:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल हमीदिया कॉलेज में हादसा टला, प्राचार्य कक्ष की बिल्डिंग का हिस्सा गिरा https://citytoday.co.in/3751 https://citytoday.co.in/3751 Mon, 29 Sep 2025 16:17:13 +0530 Newsdesk MP Police Bharti 2025 में बड़ा बदलाव: स्टेनोग्राफर&ASI के लिए भाषा परीक्षा हटाई गई! https://citytoday.co.in/3737 https://citytoday.co.in/3737 भोपाल
    मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) गृह विभाग के लिए सूबेदार शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) के 500 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस तरह की भर्ती आठ साल बाद होने जा रही है। इस परीक्षा के लिए ईएसबी ने नियमावली जारी कर दी है। उसके मुताबिक इन पदों पर चयन के लिए सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और गणितीय दक्षता तो जांची जाएगी, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी भाषा की दक्षता जांच के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी।
     
    नियमावली के मुताबिक, यह भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता व गणित-विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान नहीं है। सूबेदार और एएसआई की परीक्षा में 40 अंक सामान्य और तार्किक ज्ञान के रहेंगे, 30 अंक बौद्धिक क्षमता और मानसिक अभिरुचि के होंगे, जबकि 30 अंक विज्ञान एवं सरल अंक गणित के होंगे। वहीं, परीक्षा के दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन व प्रायोगिक परीक्षा (टंकण/आशुलिपि) ली जाएगी। पहली बार शीघ्रलेखक पद के लिए पहली परीक्षा व शार्टहैंड टाइपिंग प्रायोगिक परीक्षा के अंक को मिलाकर अंतिम सूची बनेगी।

    दोनों परीक्षा के लिए 100-100 अंक तय किए हैं। पिछली बार जो परीक्षा हुई थी, उसमें टंकण/आशुलिपि दक्षता परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी। उसमें न्यूनतम अंक पाने वाले को दक्ष मानकर लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरीट बन गया था। बताया गया है कि पहले चरण की लिखित परीक्षा के कटआफ के सात गुना अभ्यर्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में कट ऑफ के बराबर पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, भले ही कुल संख्या विज्ञापित रिक्तियों की सात गुना से अधिक हो।

    3 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन
    कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन तीन अक्टूबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। वहीं, पहले चरण की लिखित परीक्षा 10 दिसंबर से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। आवेदक के पास कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र (सीपीसीटी) होना अनिवार्य है।

    500 पदों पर होगी भर्ती
    इस परीक्षा के जरिए गृह विभाग के कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। सूबेदार शीघ्रलेखक की सामान्य शाखा में 90 पद, वहीं विशेष शाखा में 10 पदों पर भर्ती होगी। वहीं सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) की सामान्य शाखा में 110 पद, मैदानी इकाई में 220 पद, विशेष शाखा में 55 पद व अपराध अनुसंधान विभाग में 15 पद पर भर्ती होनी है। साकेत मालवीय (डायरेक्टर, ईएसबी) के मुताबिक, पुलिस विभाग में रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्रों का पैटर्न विभाग ने तैयार कर दिया है। मंडल की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित कराने की है। इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए भी अंक होंगे।

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    Wed, 24 Sep 2025 14:59:49 +0530 news desk MPcg
    भोपाल: AIIMS कैंप में खुलासा, 8वीं से 12वीं कक्षा की 22% बालिकाएं आंखों की बीमारी से ग्रसित https://citytoday.co.in/3736 https://citytoday.co.in/3736 भोपाल

    एम्स भोपाल द्वारा आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भोपाल की स्कूली बालिकाओं में आंखों की बीमारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की विभिन्न बीमारियां पाई गई हैं। दरअसल एम्स ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के अंतर्गत शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय, गार्गी, भोपाल में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 100 छात्राओं की जांच की गई, जिसमें 18% छात्राओं में आंखों की समस्याएं पाई गईं।

    आंखों की समस्याएं
    रिफ्रेक्टिव एरर: 17 छात्राओं में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया, जिसमें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) और एस्टिग्मेटिज्म (अनियमित दृष्टि) शामिल हैं।

    एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: 2 छात्राओं में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस पाया गया, जो आंखों की एलर्जी के कारण होता है।
    एब्लियोपिया: 2 छात्राओं में एब्लियोपिया पाया गया, जो एक आंख की दृष्टि कमजोर होने के कारण होता है।
    नाइट ब्लाइंडनेस: 1 छात्रा में नाइट ब्लाइंडनेस पाया गया, जो विटामिन ए की कमी के कारण होता है।

    आंखों की समस्याओं के मुख्य कारण
    1- स्क्रीन टाइम: बढ़ता स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिवाइसों का उपयोग आंखों की समस्याओं का एक मुख्य कारण है।
    2- अपर्याप्त प्रकाश: अपर्याप्त प्रकाश में पढ़ाई या काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है।
    3- पोषण की कमी: विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आंखों की समस्याएं हो सकती हैं।
    4- आनुवंशिक कारक: कुछ आंखों की समस्याएं आनुवंशिक हो सकती हैं।

    34 छात्राओं ने नेत्रदान की ली शपथ
    इस कैंप के दौरान केवल स्क्रीनिंग ही नहीं हुई, बल्कि जागरूकता भी फैलाई गई। 34 छात्राओं ने नेत्र दान फॉर्म भी भरा। नेत्र स्वास्थ्य पर जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौरभि ने मौजूद स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उनके साथ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश मीणा ने आंख दान पर व्याख्यान दिया। ऑप्टोमेट्रिस्ट टीम ने व्यक्तिगत और मासिक धर्म स्वच्छता पर भी छात्राओं को जागरूक किया। जिससे ना केवल नेत्र बल्कि संपूर्ण स्वास्थ के प्रति छात्राओं को जागरूक किया जा सके।

    आंखों के लिए सावधानी 
    – हर 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लें।
    – 20-20-20 रूल: हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकेंड देखें।
    – रोज कम से कम 1 घंटे आउटडोर खेलकूद जरूरी।
    – संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, दूध और फल शामिल करें।
    – आंखों में जलन या धुंधलापन हो तो तुरंत जांच कराएं। 

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    Wed, 24 Sep 2025 14:57:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मंत्रालय में महापौरों की बैठक, अवैध कॉलोनियों पर सख्त कानून की मांग उठी https://citytoday.co.in/3735 https://citytoday.co.in/3735 भोपाल 
     देर रात तक पहली बार मंत्रालय में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे और आयुक्त संकेत भौंडवे की मौजूदगी में बैठक हुई।इंदौर की सड़कों पर हो रहे गड्ढों को लेकर बड़ी चर्चा है। इंदौर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इसे लेकर भोपाल में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगरीय निकाय मेयरों के साथ बैठक की। तय हुआ कि बारिश के बाद जो पेंचवर्क सड़कों पर किए जाते हैै। उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाना चाहिए। इसकी जांच एक राज्य स्तरीय दल करेगा। जिसका गठन भी हो चुका है।

    इस बैठक में इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि चुंगी का पैसा समय पर और पूरा मिले। इससे नगर निगम के संचालन में मदद मिलेगी और विकास कार्य तेजी से होंगे। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगरीय निकायों को आधुनिक तकनीकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।

    बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।प्रत्येक सप्ताह महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी। शहर की सड़कों की रिस्टोरेशन की गुणवत्ता की सघन जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।

    इसके अलावा  प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी। निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएगी। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एसीएस संजय दुबे और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से कार्रवाई हो बैठक में जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा, अवैध कॉलोनियां जिस तरह से बढ़ रहीं हैं वो हम सबके लिए चिंता का विषय है। यदि समय रहते अवैध कालोनियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में ये बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएगी।

    जबलपुर मेयर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, अवैध कॉलोनियों पर जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए वैसा एक्शन नहीं होता। ये सुनकर दूसरे महापौरों ने भी कहा इस मुद्दे पर वास्तव में कड़े फैसले लेने की जरूरत है।

    गरीब लोग सस्ते रेट के लालच में प्लॉट या मकान खरीद लेते हैं। कॉलोनी काटने वाला वहां कोई सुविधाएं विकसित नहीं करता। बाद में निगम और सरकार से मूलभूत सुविधाएं देने की मांग होने लगती है। और ये अवैध कॉलोनियां काटने की परंपरा बढ़ती चली जाती है।

    महापौर बोले- आयुक्त सुनते नहीं बैठक में सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि जनता की समस्याएं हमारे पास आतीं हैं। कई बार ऐसा होता है कि निगम आयुक्त हमारी सुनते नहीं, ऐसे में काम कैसे हों। रानी की बात में दूसरे महापौरों ने भी हामी भरी। फिर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएंगे कि 10 दिन में महापौर और निगम आयुक्त नियमित रूप से बैठकर निगम से जुडे़ विषयों पर चर्चा करें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

    छिंदवाड़ा मेयर बोले- राजस्व की भूमि निगम के अधिपत्य में हो बैठक में छिंदवाड़ा मेयर विक्रम अहके ने कहा, नगर निगम क्षेत्र में राजस्व की कई ऐसी जमीनें हैं। जो निगम जनोपयोगी कामों उपयोग कर सकता है। लेकिन वे जमीनें नजूल के नाम पर दर्ज होने की वजह से निगम को शासन की परमिशन लेनी पड़ती है। राजस्व की ऐसी जमीनों का अधिपत्य नगर निगम के पास होना चाहिए।

    रतलाम महापौर ने कहा- अमृत परियोजना के फेज 1 में कराए गए कामों में कई गड़बडियों की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। अमृत 1 में कराए गए कामों की बारीकी से जांच करानी चाहिए।

    कॉमर्शियल बिल्डिंग से आश्रय शुल्क लेना बंद हो जबलपुर मेयर ने कहा रेजिडेंशियल बिल्डिंग में तो बिल्डर ईडब्यूल्एस के मकान बनाकर देता है। उससे आश्रय शुल्क लेना ठीक भी है लेकिन, कॉमर्शियल बिल्डिंग में जो 7% आश्रय शुल्क लिया जाता है वहां ये ठीक नहीं हैं। इस शुल्क को खत्म किया जाना चाहिए। खत्म न हो सके तो कुछ कम होना चाहिए।

    कर्मचारियों की भर्ती के अधिकार मिलें

    एक महापौर ने कहा कि नगर निगम में कर्मचारियों की भर्तियों के अधिकार महापौर को मिलने चाहिए। बैठक में ये निर्णय लिए गए

        चुंगी का पैसा समय पर और पूरी तरह से मिले।
        प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।
        प्रत्येक हर हफ्ते महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी।
        शहर की सड़कों की रेस्टोरेशन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।
        बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।
        लीज से जुड़े लंबित प्रकरणों को सूचीबद्ध कर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
        प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
        डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।
        नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी।
        निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

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    Wed, 24 Sep 2025 14:53:15 +0530 news desk MPcg
    परिवहन विभाग से नागरिकों को मिल रही 51 फेसलेस सुविधाएँ, प्रदूषण जाँच के लिये 600 से ज्यादा प्रमाणित परीक्षण केन्द्र https://citytoday.co.in/3720 https://citytoday.co.in/3720 भोपाल 

    परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है।

    प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है।

    पारदर्शिता के उपाय

    परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।

     

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    Mon, 22 Sep 2025 18:04:17 +0530 news desk MPcg
    पिछड़ा वर्ग कल्याण की विधानसभा समिति की हुई बैठक https://citytoday.co.in/3691 https://citytoday.co.in/3691 भोपाल 

    मध्यप्रदेश विधानसभा में पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी विधानसभा समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता  महेन्द्र हार्डिया ने की। समिति के अध्यक्ष  हार्डिया ने कक्षा 6वीं से 8वीं तक की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर ₹100 प्रतिमाह करने और छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर ₹1500 करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

    समिति सदस्य  मनोज चौधरी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने छात्रावास योजना को जिला स्तर के साथ ब्लॉक एवं नगर पंचायत स्तर पर भी संचालित करने के लिये कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया। समिति सदस्य  संदीप जायसवाल ने विभिन्न विभाग में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने आउटसोर्स भर्ती में भी पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लागू करने की मांग रखी। बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी आवश्यक जानकारी दीं।

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    Sat, 20 Sep 2025 13:20:38 +0530 news desk MPcg
    एमपी में 2 लाख करोड़ के विकास कार्य: 418 शहरों की तस्वीर बदलने का बड़ा कदम https://citytoday.co.in/3690 https://citytoday.co.in/3690 भोपाल 
    एमपी में शहरों के विकास के लिए सड़कों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। सड़कें अर्थव्यवस्था की धुरी बन चुकी हैं जोकि शहरों के सभी क्षेत्रों को एक क्रम में जोड़ती हैं। सड़क निर्माण और उनकी गुणवत्ता के लिए नगरीय निकायों के इंजीनियर पूरा प्रयत्न कर रहे हैं पर टेक्नोलॉजी में आ रहे नित ​नए बदलावों के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर कार्यशाला आयोजित की। यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शहरों की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है। उन्होंने इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कों की जरूरत जताई। कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 2 लाख करोड़ के विकास कार्य किए जाएंगे।

    भोपाल की आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण के नए सिस्टम व सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के कई तथ्य बताए। सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई कार्यशाला प्रदेश के 600 इंजीनियरों की क्षमतावर्धन भी की गई।

    सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित किया। इनमें RODIC के आरएस महालहा और एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस पर प्रस्तुतिकरण दिया। कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना की जानकारी दी। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। यहां की सड़कों पर यातायात का काफी दबाब है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये सड़कों की बेहतर गुणवत्ता जरूरी है।
     
    एमपी पुलिस में निकली ‘7500 पदों’ पर सीधी भर्ती, जानें कब से शुरु होंगे आवेदन
    कार्यशाला में एक अहम तथ्य सामने आया। यहां बताया गया कि प्रदेश के सभी 418 शहरों में राज्य और केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं चल रहीं हैं। इन नगरीय निकायों की नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में कायापलट कर दी जाएगी। इस दौरान सभी शहरों में कुल 2 लाख करोड़ रूपए के काम होंगे। केंद्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि योजनाएं से प्रदेश के नगरीय निकायों को संवारा जा रहा है।

    कुल 418 नगरीय निकाय
    बता दें कि एमपी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत कुल 418 नगरीय निकाय हैं। इनमें 5 छावनी परिषदें भी शामिल हैं।

    नगर निगम- 6
    नगर पालिका- 99
    न​गर परिषदें- 298
    छावनी परिषदें- 5
    योग- 418

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    Sat, 20 Sep 2025 13:19:25 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है चलो जीते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3673 https://citytoday.co.in/3673 प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है 'चलो जीते हैं': मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं" की मुक्त कंठ से सराहना
    24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन होगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है, जो अतीत से वर्तमान में लाकर छोड़ती है। आधे घंटे की अवधि में फिल्म कथा सार को समेटना एक अद्भुत प्रयोग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सिनेपोलिस बंसल प्लाजा, भोपाल में "चलो जीते हैं" फिल्म का शो देखने के बाद मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ ने फिल्म की सराहना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जन्म वर्षगांठ के अवसर पर 18 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म "चलो जीते हैं" का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के बाल्यकाल और जीवन पर केंद्रित फिल्म के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संगठन द्वारा प्रदेश भर में प्रदर्शन की पहल सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म देखने के बाद कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के जनजाति बहुल धार जिले में अपना 75वां जन्मदिवस मनाया। राष्ट्र नायक  मोदी का गौरव पक्ष और शालीन पक्ष इस फिल्म में देखने को मिलता है। "चलो जीते हैं" फिल्म में  मोदी ने ध्येय वाक्य "चलो जीते हैं" को लेकर कठिनाइयों के बीच जीते हुए अपने जन्म और जीवन को सिद्ध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोयले की खदान से हीरा निकले तो खदान धन्य हो जाती है। प्रधानमंत्री  मोदी दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जीवन में अन्य परेशानियां झेलते हुए अपने साथी विद्यार्थी को भी सहारा दिया। वे किस तरह युक्ति निकालते हैं, आज यह दुनिया के सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2019 तक वे और भी शक्तिशाली बनकर पूरे विश्व को संदेश देंगे। भारत विश्व में सिरमौर बनेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में नई तकनीक और बड़े खर्चे से फिल्में बनती हैं, लेकिन इस शॉर्ट फिल्म में सीमित साधनों के उपयोग से अल्प अवधि में बिना मध्यांतर की फिल्म बनाकर फिल्म का मूल कथा पक्ष दृढ़ इच्छा शक्ति का फिल्मांकन बखूबी किया गया है। इस नाते फिल्म निर्माण में यह नया प्रयोग भी है। फिल्म अतीत का वर्तमान से तादात्म्य मिलाकर मोदी जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डालती है। इसके लिए फिल्म निर्माता बधाई के पात्र हैं। इस शॉर्ट फिल्म को सभी नागरिकों को देखना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि "चलो जीते हैं" वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म बॉलीवुड स्टार्स वाली कमर्शियल मूवी नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक लघु फिल्म है। फिल्म के निर्देशक  महावीर जैन, निर्माता  भूषण कुमार, महावीर जैन हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे बालक की है जो अपने जीवन में "दूसरों की सेवा" और "देशभक्ति" को सबसे बड़ा धर्म मानता है। फिल्म में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से जुड़े आदर्श और संस्कारों को दर्शाया गया है।

    फिल्म "चलो जीते हैं" में बड़े स्टार कलाकार नहीं हैं बल्कि ज्यादातर नए कलाकारों ने काम किया है। इस फिल्म में बालक नरेन्द्र (नन्हें मोदी) की मुख्य भूमिका में समर्थ शुकला, नरेन्द्र के मित्र के रूप में राहुल पटेल, बाल कलाकार आरोही राय और आदित्य शामिल हैं। यह फिल्म मुख्यत: बाल नरेन्द्र मोदी के विचारों और समाजसेवा की सोच पर केंद्रित है, इसलिए इसमें स्टार कॉस्ट से ज्यादा संदेश और प्रेरणा पर जोर दिया गया है। फिल्म 6 वर्ष बाद रिलीज हुई है।

     

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    Fri, 19 Sep 2025 13:25:11 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव त्योंथर विधानसभा क्षेत्र में 162 करोड़ के निर्माण कार्यों का करेंगे शिलान्यास https://citytoday.co.in/3672 https://citytoday.co.in/3672 निवेशकों को प्रदान करेंगे भूमि आवंटन पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितम्बर को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के चाकघाट में निवेशक उद्यमियों से चर्चा कर औद्योगिक क्षेत्र घूमा में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को भूमि आवंटन-पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही 162 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 5 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम द्वारा 124 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र, लोक निर्माण विभाग द्वारा 1.6 किलोमीटर लंबाई के पहुंच मार्ग, ग्राम कठौती मझगवां से चौहान बस्ती तक 3.5 किलोमीटर की सड़क, ग्राम चिल्ला से त्योंथर मार्ग पर टमस नदी में मीर बहरी घाट पर पुल निर्माण, ग्राम मझगवां डीही से लठिया तालाब तक 3.8 किलोमीटर लम्बाई के पहुंच मार्ग का शिलान्यास करेंगे।

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    Fri, 19 Sep 2025 13:22:53 +0530 news desk MPcg
    सामूहिक भागीदारी से प्रदेश में चल रहा है सेवा पखवाड़ा https://citytoday.co.in/3671 https://citytoday.co.in/3671 भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अभियान में सामूहिक भागीदारी से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चल रहा है। इसी के साथ महिला सशक्तिकरण सहित अन्य गतिविधियां भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हैं। सेवा पखवाड़ा अभियान 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक निरंतर चलेगा। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर 1250 से अधिक स्वच्छता श्रमदान गतिविधियाँ हुईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर विशेष ध्यान देकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। इस आयोजन में 6 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधि और एक लाख 50 हजार से अधिक सामाजिक संगठन के सदस्य, युवा, विद्यार्थी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और सफाई मित्र शामिल हुए। जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई को बढ़ावा देना बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को निंरतर उत्सव के रूप में आत्मसात करना है।

    नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों और विकासखण्डों में स्वच्छता को लेकर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इटारसी में जन-सामान्य को स्वच्छता का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई। हरदा जिले में अननान नदी के तट पर श्रमदान किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती, नागरिकों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। बैतूल में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी के निर्देश पर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं कार्यवाही की गयी। स्वच्छता अमले ने व्यापारियों को पॉलिथिन का उपयोग न करने के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग करने की समझाइश दी। प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए अमले ने सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज करने वाले व्यापारियों पर 16 हजार रुपये चालान की राशि वसूल की और 54 किलो पॉलीथिन जप्त किया।

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में वन एवं पर्यावरण और प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। प्रभारी मंत्री ने नर्मदा नदी के दक्षिण घाट पर बेल का पौधा रोपित किया। उनके साथ महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने नींबू, जामुन, आम और अमरूद के पौधे लगाये। शहडोल में मोहनराम तालाब की साफ-सफाई की गयी। नगर के गाँधी स्टेडियम में एनसीसी, एनएसएस, स्कूल के छात्र-छात्राओं, नगरपालिका के स्टॉफ ने मानव श्रंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

    दमोह जिले के पथरिया में पशुपालन राज्यमंत्री श्री लखन पटेल 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारा जा सकता है। कार्यक्रम में 8वाँ राष्ट्रीय पोषण माह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के समय दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। अभियान में 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम में नागरिकों ने फलदार पौधे लगाये।

    सागर में सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम दीनदयाल चौराहे पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति की सफाई से किया गया और माल्यार्पण किया गया। बस स्टैण्ड पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई की गयी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी एवं नागरिक शामिल हुए। जिले के खुरई में डम्प साइट स्थानों पर सफाई करवायी गयी। जन-सामान्य को स्पॉट के कायाकल्प का संकल्प दिलाया। कचरा गाड़ी में ही डालने के लिये प्रेरित किया गया। सुरखी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए।

     

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    Fri, 19 Sep 2025 13:16:18 +0530 news desk MPcg
    होटल है शाकाहारी या मांसाहारी? अब बाहर से ही पहचान सकेंगे, जानिए एमपी सरकार की योजना https://citytoday.co.in/3648 https://citytoday.co.in/3648 भोपाल
     शाकाहारी व मांसाहारी भोजन परोसने वाले होटलों और उनके मालिकों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने मध्य प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था करवाने की तैयारी कर रही है ताकि बाहर से ही पता चल जाए कि होटल में भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी।

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के एक्ट में ऐसा प्रविधान करवाने का प्रयास है कि होटल-रेस्टोरेंट के बाहर लगने वाले बोर्ड में पूर्णतः शाकाहारी के लिए हरा गोल निशान और पूर्णतः मांसाहारी के लिए लाल गोल निशान लगाया जाए।

    क्या है प्रस्ताव?

    खाने के पैकेट पर भी इस तरह के निशान लगाए जाते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ लेता है। होटल-रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मिलता है तो आधा हरा और आधा लाल निशान रखने का भी प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त होटल चलाने का लाइसेंस लेने वाले का नाम भी बोर्ड पर लिखना अनिवार्य करवाने का सुझाव दिया गया है।

    मालिक का नाम भी अनिवार्य

    अब एफएसएसएआइ इसका परीक्षण कर ड्राफ्ट जारी करेगा। इसके बाद एफएसएसएआइ के एक्ट में इसे लेकर संशोधन की उम्मीद है। संशोधन होने पर यह व्यवस्था मध्य प्रदेश ही नहीं, देशभर में लागू करना अनिवार्य हो जाएगी। इसके अतिरिक्त कई बार होटल के बोर्ड से उसके मालिक का पता नहीं चलता।

    इस तरह का मामला तब चर्चा में आया था जब कावड़ यात्रा के दौरान इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में मेरठ के आसपास कुछ होटलों के बाहर लगे बोर्ड में होटलों के नाम हिंदू रीति-रिवाज वाले थे पर उनके मालिक अन्य समुदाय के थे। इसके बाद उप्र सरकार ने दुकान, रेस्टोरेंट पर मालिक का नाम लिखने का आदेश दिया था।

    सरकार का प्लान

    प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि खाने के पैकेट की तरह होटलों के बोर्ड में भी हरा और लाल निशान रहे। यह कोशिश भी है कि विभिन्न कंपनियों द्वारा घरों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले भी उसी तरह का भोजन करने वाले हों यानी शाकाहारी खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले भी शाकाहारी हों।

     

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    Thu, 18 Sep 2025 13:36:37 +0530 news desk MPcg
    टाइगर शिकार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! MP&महाराष्ट्र से 4 हफ्ते में जवाब तलब, लगे संगठित शिकार के आरोप https://citytoday.co.in/3645 https://citytoday.co.in/3645 भोपल 

    सुप्रीम कोर्ट ने  केंद्र सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और अन्य से उस जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कथित संगठित बाघ शिकार और अवैध वन्यजीव व्यापार रैकेट की सीबीआइ जांच की मांग की गई है।

    भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ वकील गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सक्रिय संगठित शिकार गिरोहों द्वारा बाघों के लिए उत्पन्न गंभीर खतरे पर प्रकाश डाला गया था। बंसल ने कहा कि कम से कम 30 प्रतिशत बाघ निर्दिष्ट बाघ अभयारण्यों के बाहर हैं और उन्होंने बाघों के बड़े पैमाने पर शिकार की खबरों का हवाला दिया।

    इन बिंदुओं पर दायर हुई है याचिका

    महाराष्ट्र सरकार की एसआईटी जांच में शिकारी, तस्करों और हवाला नेटवर्क का संगठित गिरोह सामने आया। यह गिरोह बाघों की खाल, हड्डियां और ट्रॉफी को राज्य की सीमाओं से बाहर और विदेशों तक तस्करी करता है।

    याचिका में रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि बाघों का शिकार अब संरक्षित क्षेत्रों से बाहर वन प्रभागों और कॉरिडोर में ज्यादा हो रहा है, जहां निगरानी और सुरक्षा बेहद कमजोर है। वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने इन क्षेत्रों को बाघों के फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

    बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश

    पीठ ने केंद्र एवं अन्य प्राधिकारियों की ओर से अदालत में पेश हुईं अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से याचिका पर निर्देश लेने को कहा। याचिका में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बाघों के व्यवस्थित शिकार और राज्यों एवं म्यांमार तक फैले बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश का हवाला दिया गया है।

    याचिका में कहा गया है, ''कई आरोपितों की गिरफ्तारी, बाघों की खाल, हड्डियां, हथियार और वित्तीय रिकार्ड की जब्ती, साथ ही एसआइटी के गठन से यह स्पष्ट हो गया है कि यह समस्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरे आपराधिक नेटवर्क के अस्तित्व को दर्शाती है जो कानून के शासन को कमजोर करता है।''
    बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन शिकारियों के आसान शिकार

    याचिका में यह भी कहा गया है कि अधिसूचित बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन क्षेत्र बार-बार शिकारियों का आसान निशाना बन गए हैं। इसके फलस्वरूप कार्रवाई करने की वजहें और भी मजबूत हो जाती हैं।

    सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है, ''जब तक यह अदालत हस्तक्षेप नहीं करती और एक व्यापक, स्वतंत्र और समन्वित जांच का निर्देश नहीं देती, तब तक राष्ट्र की पारिस्थितिक सुरक्षा और राष्ट्रीय पशु के अस्तित्व को गंभीर खतरा रहेगा।''

    याचिका में यह भी कहा गया है, ''प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को एसआइटी की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और बाघ अभयारण्यों से सटे बाघ गलियारों और प्रादेशिक वन प्रभागों में प्रभावी सुरक्षा, निगरानी और गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया जाए, और उन्हें मुख्य क्षेत्रों के समान माना जाए।'' याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और एनटीसीए को पक्ष बनाया गया है।

    बंसल ने अदालत में कहा

    याचिकाकर्ता के वकील बंसल ने कहा कि भारत में 30% से अधिक बाघ संरक्षित क्षेत्रों के बाहर पाए जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्करी का यह संगठित नेटवर्क वन गुर्जर समुदाय जैसे आदिवासी समूहों से जुड़े गिरोहों को भी शामिल करता है। उन्होंने अदालत से मांग की कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

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    Thu, 18 Sep 2025 13:21:29 +0530 news desk MPcg
    MP में मानसून मेहरबान: आज कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार, मौसम विभाग का अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/3622 https://citytoday.co.in/3622  भोपाल
     मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का दौर जारी है। सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सबसे ज्यादा 51 मिमी, सतना में 32 मिमी, नर्मदापुरम में 20 मिमी, सिवनी में 18 मिमी और पचमढ़ी में 31 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा 17 अन्य स्थानों पर भी बारिश दर्ज की गई।

    भोपाल में बारिश

    राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज बरसात हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में उत्तरी तेलंगाना और पूर्वी बिहार की ओर हवा के ऊपरी हिस्सों में चक्रवात सक्रिय है, जो 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने हुए हैं। इन्हीं सिस्टम की वजह से प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, यदि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी रही तो कुछ जिलों में तेज पानी गिर सकता है। इससे पहले सोमवार को भोपाल में दिनभर धूप खिलने के बाद शाम साढ़े 5 बजे बादल बरस पड़े। कई इलाकों में आधा घंटा तक तेज बारिश हुई।

    रायसेन, सतना, मंडला, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी में भी बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में सवा इंच और मंडला-पचमढ़ी में आधा इंच पानी बरसा।

    राजस्थान से लौट रहा मानसून रविवार को राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी हो गई। अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट सकता है। इसके बाद एमपी से भी मानसून की वापसी होने लगेगी। हालांकि, सितंबर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    एमपी में कोटे से ज्यादा पानी गिरा बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

    इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।

    ग्वालियर, चंबल-सागर की स्थिति सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

    ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

    अच्छी बारिश वाले 34 में से भोपाल संभाग के चार, जबलपुर संभाग के 5, इंदौर संभाग के 3, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर संभाग के 5, उज्जैन संभाग के 4, रीवा संभाग के 3, शहडोल-नर्मदापुरम संभाग के एक-एक जिला शामिल हैं।

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    Tue, 16 Sep 2025 13:37:53 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की पहल: दिल्ली के 30 से अधिक अनुभवी गाइड्स प्रदेश के धरोहरों का कर रहे अध्ययन https://citytoday.co.in/3621 https://citytoday.co.in/3621 भोपाल 

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच महेश्वर एवं मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली का एक अध्ययन दौरा एवं प्रोफेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में 30 से अधिक अनुभवी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित गाइड्स भाग ले रहे हैं, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस ट्रिप में शामिल गाइड्स कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में निपुण हैं। दिल्ली लौटने के बाद वे विदेशी पर्यटकों को भोपाल, मांडू और महेश्वर के पर्यटन स्थलों से परिचित कराएंगे, जिससे इन धरोहर स्थलों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास को साथ लेकर चल रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया जा सके। इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों की गहराई से जानकारी लेकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाएंगे, तो निश्चित ही प्रदेश का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा। 

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महेश्वर और मांडू जैसे धरोहर स्थल मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनमोल रत्न हैं। आरटीजीए दिल्ली के अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो वे इन्हें और प्रभावशाली तरीके से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रस्तुत कर पाएंगे। यह पहल प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने और मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    दर्शनीय स्थलों का भ्रमण

    अध्ययन दौरे की शुरूआत 14 सितंबर को आरटीजीए के प्रतिनिधियों के दिल्ली से भोपाल आगमन के साथ हुई। उन्होंने भोपाल में ताज–उल–मस्जिद, कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बिरला म्युजियम और भारत भवन का भ्रमण किया। सोमवार, 15 सितंबर को प्रतिनिधि मांडू के लिए रवाना हुए। मांडू पहुंचकर उन्होंने रानी रूपमति महल, बाज बहादुर महल, जहाज महल, होशंगशाह का मकबरा, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि का भ्रमण किया। मंगलवार, 16 सितंबर को वे मांडू से महेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। महेश्वर में प्रतिनिधि अहिल्या फोर्ट, घाटों, होम स्टे, पर्यटक सुविधा केंद्र आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करेंगे। 18 सितंबर को सभी प्रतिनिधि दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सब-कनज़र्वेशन ऑफिसर प्रशांत पाटनकर तथा पुरातत्वविद् डॉ. देवी प्रसाद पांडे ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की धरोहरों की ऐतिहासिक एवं संरचनात्मक महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

    क्या है क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ

    क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली, देश का सबसे बड़ा पंजीकृत संगठन है, जिसके सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में दक्ष हैं और नियमित रूप से विदेशी पर्यटकों, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों तथा वीआईपी यात्रियों के साथ कार्य करते हैं। ये गाइड्स पर्यटकों के सबसे नजदीक रहते हुए न केवल इतिहास बताते हैं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय झलकियों को भी साझा करते हैं, जिससे "अतुलनीय भारत" की पहचान और मजबूत होती है।

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    Tue, 16 Sep 2025 13:33:05 +0530 news desk MPcg
    MP में एक बार फिर IAS अफसरों के तबादले, 20 अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ बदलीं https://citytoday.co.in/3619 https://citytoday.co.in/3619 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है. राज्य सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं, जो पिछले एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कदम है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ और युवा अफसरों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं. इसमें 2008 बैच के विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि वंदना वैद्य को एमपी फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंदौर का एमडी बनाया गया है. तपस्या परिहार को कटनी नगर निगम का कमिश्नर और दलीप कुमार को देवास का कमिश्नर बनाया गया है. इसके अलावा किस अफसर को कौन सी ज़िम्मेदारी मिली है.

    MP में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
    दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस बार जिन प्रमुख अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले, वंदना वैद्य समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि ये तबादले ऐसे समय में हुए हैं जब सात दिन पहले ही 14 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था.

    इनके हुए तबादले

    • विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में सचिव बने।
    • गजेन्द्र सिंह नागेश– नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं।
    • गुरु प्रसाद– मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने।
    • दिव्यांक मिश्रा– नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं।
    • शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं।
    • श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने।
    • नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने।
    • अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए।
    • अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
    • अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं।
    • श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
    • अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है।

    20 IAS इधर से उधर
    गजेन्द्र सिंह नागेश को नरसिंहपुर का जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है. विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने. वंदना वैद्य मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं. गुरु प्रसाद मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने. दिव्यांक मिश्रा नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं. शिशिर गेमावत नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. नेहा जैन  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं. श्रेयांस कुमट उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने. तन्मय वशिष्ठ शर्मा  भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने. जबकि दलीप कुमार को देवास नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।

    इसके अलावा  नवजीवन विजय पवार इंदौर के अपर कलेक्टर बने. अनिल कुमार राठौर मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए. अंशुमान राज स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा. अरविंद कुमार शाह जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने.

    टी प्रतीक राव ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं. श्रृंगार श्रीवास्तव इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है. अनिल भाना रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है.

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    Tue, 16 Sep 2025 13:25:28 +0530 news desk MPcg
    निर्माण कार्यों को तय समय&सीमा में पूरा करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3607 https://citytoday.co.in/3607 भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार रीवा में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौ वन्य विहार, पेयजल की आपूर्ति तथा जल संरक्षण के कार्य तत्परता से पूरा कराएं। हिनौती गौधाम में भी स्वीकृत निर्माण कार्य पूरा कराकर निराश्रित गौवंश को रखने की व्यवस्था करें। बाउन्ड्रीवॉल और सड़क निर्माण का कार्य तत्परता से पूरा कराएं। 

    उन्होंने चिरहुलानाथ मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों तथा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बायपास का निर्माण दो माह में पूरा कराएं। इसी तरह बेला-सिलपरा सड़क का निर्माण भी तय समय सीमा में पूरा करें। इन सड़कों का निर्माण पूरा होने से आवागमन सुगम होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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    Sat, 13 Sep 2025 12:25:38 +0530 news desk MPcg
    सीएम मोहन यादव ने 7,832 टॉपर्स को स्कूटी भेंट की, उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। https://citytoday.co.in/3582 https://citytoday.co.in/3582 भोपाल।
    मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए 11 सितंबर का दिन यादगार बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 7,832 मेधावी छात्रों को स्कूटी भेंट की। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान सीएम खुद एक बच्ची की स्कूटी पर बैठकर राइड का आनंद लेते भी नजर आए। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित ड्राइविंग, लाइसेंस और नंबर प्लेट की अहमियत समझाई।

    कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए लगातार बेहतर अवसर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से लैपटॉप, साइकिल, कॉपी-किताबों से लेकर अब स्कूटी तक विद्यार्थियों को सुविधाएं दी जा रही हैं।

    इसी मौके पर सेनिटेशन-हाइजीन योजना के तहत कक्षा 7वीं से 12वीं तक की 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को 61.12 करोड़ रुपये और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत 20 हजार से अधिक बच्चियों को 7 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए सरकार औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दे रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इसे बच्चों के लिए जश्न का दिन बताया, वहीं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य ही अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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    Thu, 11 Sep 2025 14:48:54 +0530 Newsdesk
    मध्य प्रदेश के उद्योगों को राहत: अब महीने में सिर्फ 5 बार ही होगी बिजली कटौती https://citytoday.co.in/3580 https://citytoday.co.in/3580  भोपाल
     मध्य प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण कोई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अब एक माह में अधिकतम पांच बार या फिर पांच घंटे ही बिजली कटौती की जा सकेगी। इसको लेकर मध्य प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग ने औद्योगिक क्षेत्र और 11 केवी फीडर में बिजली कटौती की संख्या व घंटे के मानक तय किए हैं। इसमें संभाग मुख्यालय, जिला मुख्यालय और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मापदंड हैं।

    संभाग मुख्यालय और जिला मुख्यालयों में महीने में 25 बार और अधिकतम 15 घंटे तक कटौती तय की गई है। तय मानकों के अनुसार वर्ष 2026-27 तक यह प्रयास किए जा रहे हैं कि बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को सालभर में 90 बार ही कटौती की समस्या से रूबरू होना पड़े, वह भी सिर्फ 60 घंटे से ज्यादा नहीं।

    बिजली कटौती के मानक नए सिरे से तय किए

    बता दें कि आयोग ने वर्ष 2012 में पहली बार वितरण प्रदर्शन मानक तय किए थे। इसमें वर्ष 2021 में संशोधन किया गया था। अब एक बार फिर आयोग ने बिजली कटौती के मानक नए सिरे से तय कर दिए हैं, जिसका पालन करने के निर्देश बिजली कंपनियों को दिए हैं। बिजली कंपनियों को तय मानकों को पूरा करने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की भी अनुशंसा की गई है।

    आयोग ने निर्देश दिए हैं कि बिजली कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करें, तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन का उपयोग करें, ताकि तय मानकों को हासिल किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर पूंजीगत व्यय प्रस्ताव आयोग के पास अनुमोदन के लिए भेजे जाएं।

    एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए ऐसा रहेगा रोडमैप

    प्रदेश के एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए आयोग ने तीन साल का रोडमैप तय किया है। इसके मुताबिक वर्ष 2024-25 के लिए अधिकतम बिजली कटौती 120 बार और 90 घंटे तय है। इसे साल 2025-26 तक साल में अधिकतम 90 बार और 60 घंटे तक समिति करने का लक्ष्य दिया गया है।

    हालांकि बिजली कंपनियों को प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, तूफान या फिर ऐसे कारण जिनके लिए आयोग की अनुमति लेना पड़े और वितरण व्यवस्था फेल हो जाए, में इन निर्धारित मानकों से छूट दी गई है।

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    Thu, 11 Sep 2025 13:35:44 +0530 Newsdesk
    भोपाल में “Choupaal Bistro N Café” का भव्य उद्घाटन https://citytoday.co.in/3569 https://citytoday.co.in/3569 Sat, 06 Sep 2025 21:06:47 +0530 Newsdesk MP में युवाओं के लिए बड़ा मौका, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिलेगा 50 लाख तक लोन https://citytoday.co.in/3560 https://citytoday.co.in/3560 भोपाल 

    छोटे-छोटे कारोबार को बढ़ावा देने और युवाओं को जॉब मांगने की बजाए रोजगार देने वाला बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत है. सरकार छोटे उद्यमियों को बढ़ाकर देश और मध्य प्रदेश को आर्थिक तरक्की पर ले जाना चाहती है. सरकार बिजनेस करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता के तौर पर बिना गारंटी लोन मुहैया करा रही है. सरकार 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन दे रही है. इसके लिए आपको चयन करना होगा कि आप किस तरह का लोन लेना चाहते हैं.

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अब रीवा जिले के बेरोजगारों के लिए एक मजबूत सहारा बनती जा रही है. 10 जनवरी 2022 को शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक जिले में सैकड़ों युवाओं ने लाभ लेकर अपना खुद का व्यवसाय खड़ा किया है. योजना के तहत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम ₹50 लाख और सर्विस या बिज़नेस सेक्टर में अधिकतम ₹25 लाख तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 3% ब्याज सब्सिडी अधिकतम 7 वर्षों तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है. यह सब्सिडी सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे युवाओं को लोन चुकाने में राहत मिलती है.

    कैसे उठाएं फायदा?
    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और आवेदक बैंक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना बेरोजगारों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं दे रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है. स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में यह योजना कारगर साबित हो रही है. अगर आप भी कोई बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती है.

    MSME लोन योजना
    सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्गीय और छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यह लोन दिया जाता है. यह लोन कारोबारी को बिना किसी गारंटी के 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है. इस योजना के तहत 8% का ब्याज दर चुकाना पड़ता है. 12 दिन के भीतर यह लोन उद्यमी के खाते में प्राप्त हो जाता है. यह उन कारोबारियों के लिए जो अपना व्यवस्या शुरू करना चाहते हैं. इस लोन की अच्छी बात यह है कि इसमें उम्र का लिमिट नहीं है.

    आधार कार्ड: पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है.

    जाति प्रमाण पत्र: पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होने का प्रमाण.

    मूल निवास प्रमाण पत्र: आवेदक का मध्य प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है.

    आय प्रमाण पत्र: आर्थिक स्थिति का सत्यापन करने के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है.

    फोटो: हाल ही की पासपोर्ट आकार की फोटो.

    बैंक खाता विवरण: ऋण की राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी, इसलिए बैंक खाता जानकारी अनिवार्य है.

    योजना रिपोर्ट: जिस व्यवसाय को शुरू करना है, उसकी संक्षिप्त योजना रिपोर्ट.

    पैन कार्ड: कर मामलों के लिए पैन कार्ड का विवरण अनिवार्य है.

    कोटेशन: जिस व्यवसाय को आप शुरु करने जा रहे हैं कहां से कौन सा सामान लेंगे उसकी जानकारी. बाद में बदला भी जा सकता है.

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    Thu, 04 Sep 2025 12:27:56 +0530 Newsdesk
    बाढ़ का कहर: 394 मौतें, 5 हजार मकान ढहे, 12 हजार हेक्टेयर डूबा https://citytoday.co.in/3558 https://citytoday.co.in/3558 भोपाल
    इस साल प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 394 जनहानि हुई, वहीं पांच हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। 1814 पशुहानि भी हुई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर फसलें प्रभावित हुई हैं। 17,500 किसानों को अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।

    सीएम ने दिए राहत कार्य बढ़ाने के निर्देश
    यह जानकारी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा में सामने आई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत की कार्रवाई आरंभ की जाए। जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए।

    आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में जिलों में प्रशासन सक्रिय रहे। पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल पार न करने की चेतावनी की व्यवस्था की जाए। अस्थायी कैम्प, राशन एवं भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री संभावित स्थानों पर सुनिश्चित होनी चाहिए।

    इन जिलों में हुई औसत से अधिक बारिश
    प्रदेश में एक जून से दो सितंबर तक 38.24 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मंडला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक तो गुना, मंडला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई।

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    Thu, 04 Sep 2025 12:14:38 +0530 Newsdesk
    MP के रीवा और नवगठित मैहर जिले के बीच सीमांकन बदलने की तैयारी, कई गांव होंगे अलग https://citytoday.co.in/3550 https://citytoday.co.in/3550 भोपाल
     मध्यप्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की कवायद जारी है। राज्य सरकार ने इसके लिए परिसीमन आयोग का गठन किया है, जो नए जिले और तहसील बनाने के साथ ही गांवों और कस्बों को इधर-उधर जोड़ने पर काम कर रहा है। इसी क्रम में अब रीवा और नवगठित मैहर जिले के बीच सीमांकन बदलने की तैयारी हो रही है।

    मुकुंदपुर सहित छह गांव रीवा में शामिल करने का प्रस्ताव
    मैहर के छह गांव—आनंदगढ़, आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, परसिया और पपरा—को रीवा जिले में मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को ध्यान में रखकर बनाया गया है, क्योंकि यह क्षेत्र रीवा से अधिक नजदीक है। मैहर जिला प्रशासन ने इस संबंध में अमरपाटन के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हितधारकों की राय लेकर रिपोर्ट तैयार करें। मैहर के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर पंचायतों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की राय मांगी है।

    नेताओं ने जताया विरोध
    हालांकि इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने इन गांवों को रीवा में शामिल करने का विरोध जताया है। मैहर विधायक ने भी इस फैसले पर आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने इसके खिलाफ जेल भरो आंदोलन चलाने और 1000 सत्याग्रहियों के साथ जेल जाने का ऐलान किया है।

    ग्रामीणों की राय बंटी
    गांवों के ग्रामीण भी इस प्रस्ताव को लेकर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। मुकुंदपुर और आसपास के कुछ गांवों के लोग बिजली, स्वास्थ्य और रीवा की नजदीकी का हवाला देकर रीवा में शामिल होने के पक्ष में हैं। वहीं, धोबहट और अन्य गांवों के कुछ लोग इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

    आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
    परिसीमन आयोग ने इस पूरे मामले पर मैहर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें गांवों की भौगोलिक, सामाजिक, प्रशासनिक और आर्थिक परिस्थितियों का ब्योरा शामिल किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि ये छह गांव रीवा जिले में जोड़े जाएंगे या नहीं।

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    Tue, 02 Sep 2025 13:07:28 +0530 Newsdesk
    MP सरकार दे रही 10 लाख तक की मदद, अब आसानी से शुरू करें अपना बिजनेस https://citytoday.co.in/3549 https://citytoday.co.in/3549 भोपाल 

     अगर आप मध्यप्रदेश में रहते है और खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। बिजनेस या खुद का काम शुरु करने में परेशानी आ रही है तो आपको बता दें कि आप मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही खास योजना से मदद ले सकते हैं।

    जी हां… मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन लेकर एक सफल बिजनेसमैन बन सकते हैं।

    क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

    एमपी में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य और युवाओं को खुद का बिजनेस शुरू करने को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की शुरुआत 1 अगस्त, 2014 को की गई थी। हालांकि 2017 में इसमें संशोधन भी किए गए। ये एक सरकारी योजना है, जो 50,000 से 10,00,000 तक का ऋण प्रदान करती है। योजना के तहत लाभार्थियों को धन मार्जिन, ब्याज अनुदान और प्रशिक्षण का लाभ मिलता है, और उन्हें बैंक द्वारा दिए गए ऋण को चुकाने के लिए थोड़े समय की अवधि प्रदान की जाती है।

    इस योजना का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। साथ ही प्रदेश में लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर व रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के जरिए उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र और अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहित करना है।

    होनी चाहिए ये पात्रता

    -इस योजना का लाई लेने के लिए व्यक्ति को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

    -उम्र 18 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए।

    -किसी भी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया गया हो।

    -आवेदक के पास अपना एक बिजनेस प्लान होना चाहिए।

    -आवेदक कम से कम 5वीं कक्षा पास हो।

    मिलेंगे ये लाभ

    -योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।

    -सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 15% तक (अधिकतम 1 लाख रुपये) दिए जाते हैं।

    -भोपाल गैस पीड़ितों को अतिरिक्त 20 फीसदी या अधिकतम 1 लाख की मदद।

    -5% तक ब्याज दर में सब्सिडी, महिलाओं को 7% तक ब्याज में सब्सिडी मिलती है।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:41:57 +0530 Newsdesk
    सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3548 https://citytoday.co.in/3548 प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को
    कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:31:27 +0530 Newsdesk
    भोपाल : होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में थायराइड विकार एवं मोटापे की विशेषज्ञ इकाई शुरू https://citytoday.co.in/3547 https://citytoday.co.in/3547 भोपाल 
    भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है।

    इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा।

    प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

    नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए।

    शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:27:52 +0530 Newsdesk
    मौलाना गांव का नाम लिखते समय पेन अटकता था – बयान पर CM मोहन यादव का नया सफाई बयान https://citytoday.co.in/3544 https://citytoday.co.in/3544 भोपाल

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मौलाना गांव पर दिया गया बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल सीएम यादव ने उज्जैन जिले के तीन गांवों के नाम बदल दिए थे, इसमें एक गांव का नाम 'मौलाना' भी था। उस दौरान सीएम यादव ने कहा था, मौलाना गांव का नाम लिखो को पेन अटकता है, इसलिए अब इसे विक्रम नगर के नाम से जाना जाएगा। अपने हालिया इंटरव्यू के दौरान सीएम यादव से इससे जुड़ा सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी बात को एक बार फिर दोहराया। जानिए सीएम यादव ने क्या कहा?

    स्वाभाविक रूप से मेरा पेन अटकेगा

    सीएम यादव ने  एक कार्यक्रम के दौरान कहा, एक गांव का नाम मौलाना और वो पूरा हिन्दू गांव। वहां मुस्लिम समाज का एक भी भाई या बहन नहीं है। वहां के लोगों ने कहा कि मौलाना नाम बदल दिया जाए। सीएम यादव बोले अब मैं जब उसकी पोस्ट करने के लिए चिट्ठी लिख रहा हूं तो मेरे सामने भी आएगा कि मौलाना लिखूं तो लिखूं कैसे।

    मेरे मन में भी तो आएगा कि गांव में कोई तो मौलाना होना चाहिए। इस पर सीएम यादव ने आगे कहा कि गांव में एक भी मौलाना नहीं, लेकिन गांव का नाम मौलाना, तो स्वाभाविक रूप से पेन अटकेगा। गलत बात हो तो बताओ।
    कानून का पालन करने पर भी अपराधी

    मुस्लिमों से जुड़े एक अन्य सवाल, जिसमें मोहम्मदपुर का नाम बदलने की बात कही गई। उस पर सीएम यादव बोले, एक गांव जिसमें एक भी मोहम्मद नहीं है। गांव के लोग लिखकर दे रहे हैं कि हमारे यहां तो मोहन मुरली वाले का मंदिर है। इसको मोहनपुर किया जाए। सीएम यादव ने कहा कि मैं तो कानून का पालन कर रहा हूं, उसमें भी मैं अपराधी। ये बात समझ नहीं आई।

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    Mon, 01 Sep 2025 19:07:21 +0530 Newsdesk
    भोपाल के मोहम्मद हैदर मुख़्तार को मिला मिस्टर यूनिवर्स एम्बेसडर 2025 का टाइटल, आए टॉप 2 में,टोटल तीन खिताब किए अपने नाम https://citytoday.co.in/3534 https://citytoday.co.in/3534 राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय निदेशक प्रिया तिवारी  के तत्वधान में मिस्टर यूनिवर्स एशिया 2025, मिस्टर यूनिवर्स मल्टीमीडिया 2025 और मिस्टर यूनिवर्स चैरिटी ब्रांड एम्बेसडर ,मिस्टर यूनिवर्स एम्बेसडर 2025 का टाइटल,के खिताब जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले एमडी हैदर मुख्तार खान का भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रिया एंटरटेनमेंट द्वारा भव्य आयोजन किया गया।  जिसकी संस्थापक प्रिया तिवारी , इंजीनियर, मॉडल, समाजिक कार्यकर्ता और मिस्टर यूनिवर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक और सह-संस्थापक मोहम्मद हैदर मुख़्तार ने मंच साझा किया।


    हैदर जी ने लखनऊ में 12 से 16 अगस्त को 25 देशों के प्रतिभागियों के बीच अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। 
    इस भव्य आयोजन का संचालन  सनी मिश्रा जी द्वारा किया गया।

    इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मोहम्मद हैदर मुख़्तार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। हैदर न केवल टॉप 2 में अपनी जगह बनाने में सफल रहे, बल्कि उन्होंने एक साथ तीन प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया। इन उपलब्धियों के पीछे उनकी नेशनल डायरेक्टर  प्रिया तिवारी का मार्गदर्शन अहम रहा। प्रिया तिवारी ने हैदर को प्रतियोगिता के हर चरण के लिए तैयार करने में निरंतर सहयोग दिया और उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में डिज़ाइनर प्रतिभा यादव जी ने नेशनल कॉस्ट्यूम डिज़ाइन किया और मुंबई के प्रसिद्ध डिज़ाइनर विशाल कपूर ने हाई फैशन कॉस्ट्यूम डिज़ाइन किया।  कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक में राधा रमण सक्सेना, अल्पा रावल , रूफी खान, रविंद्र माथुर, रूही राय जैसी हस्तियां शामिल हुईं।

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    Sat, 30 Aug 2025 20:06:00 +0530 news desk MPcg
    MP में जल जीवन मिशन: नल जल योजनाओं का मेंटेनेंस अब PHE करेगा, 1200 करोड़ का खर्च https://citytoday.co.in/3524 https://citytoday.co.in/3524 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल जल योजनाओं के मेंटेनेंस का काम अब लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) द्वारा किया जाएगा। इस काम में सालाना करीब 1200 करोड़ रूपए का खर्च आएगा। जिसको लेकर पीएचई के अधिकारियों द्वारा पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में पेश करने की तैयारी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, एकल नल जल योजना उन गांवों के लिए है जहां छोटे जल स्रोत है और जहां स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति की जा सकती है। सरकार ने ऐसे 27990 गांवों के लिए एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की हैं।

    फैक्ट फाइल

        27,990 ऐसे गांव जहां एकल नल जल योजनाओं की दी गई स्वीकृति
        20,000 करोड़ खर्च कर गांव-गांव सुगम करेंगे पेयजल व्यवस्था

    जिम्मेदारी को लेकर कई माह से था पेंच

    एकल नल जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी को लेकर पिछले कई माह से पेंच फंसा हुआ था। पहले मुख्य सचिव और मंत्री स्तर पर कई मर्तबा वार्ता हुई लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया गया कि इसके मेंटेनेंस का काम पीएचई विभाग द्वारा ही देखा जाएगा।

    2027 तक प्रदेश में काम पूरा करने का लक्ष्य

    जल जीवन मिशन के एकल नल जल योजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। ताकि गांवों में आने वाले सालों में सुगम रूप से पानी की सप्लाई हो सके। लेकिन मेटेंनेस की जिम्मेदारी तय नहीं होने से यह योजना खटाई में पड़ सकती थी। इसलिए सरकार द्वारा इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए जिम्मेदारी तय की गई है। बता दें प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 तक का रखा गया है।

    इमरजेंसी सेवा सेवा के लिए तैनात होंगे वाहन

    मेंटेनेंस की जिम्मेदारी मिलने के बाद पीएचई विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा आगे की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग के मुताबिक प्रत्येक गांवों में इमरजेंसी वाहन तैनात किए जाएंगे। जो सभी जरूरी मशीनरी जैसे ट्राईपॉड, चैन-पुल्ली सहित अन्य संयंत्रों से लेस होंगे। किसी इमरजेंसी में फोन आते ही गांवों की तरफ मूवमेंट करेंगे।

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    Fri, 29 Aug 2025 13:44:28 +0530 Newsdesk
    मध्यप्रदेश में खेलों की 70 वर्षों की यात्रा : परंपरा से आधुनिकता तक https://citytoday.co.in/3523 https://citytoday.co.in/3523 खेल दिवस 29 अगस्त पर विशेष
    भोपाल 

    स्वतंत्रता से लेकर आज तक मध्यप्रदेश ने खेलों के क्षेत्र में एक लंबी और प्रेरणादायक यात्रा तय की है। शुरुआती दशकों में जहाँ खेल केवल एक सीमित दायरे में थे, वहीं धीरे-धीरे यह प्रदेश खेल प्रतिभा का गढ़ बन गया। खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर प्रदेश और देश का नाम रौशन किया। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहर धीरे-धीरे खेल प्रतिभा के गढ़ बनते गए और आज स्थिति यह है कि मध्यप्रदेश, भारत के खेल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बना चुका है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे शहरों ने क्रिकेट, हॉकी और मल्लखम्ब जैसे खेलों को पहचान दिलाई। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी मैदानों तक खेलों ने युवाओं के बीच ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा किया।

    वर्ष 1950 से 1980 का दौर क्रिकेट और पारंपरिक खेलों का रहा। होलकर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी में लगातार जीत हासिल कर मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई, वहीं ग्वालियर और उज्जैन ने मल्लखम्ब को एक नई पहचान दी। वर्ष 1980 से 2000 के बीच कराटे और बैडमिंटन जैसे खेलों का विस्तार हुआ और मध्यप्रदेश ने पहली बार ओलंपिक स्पर्धाओं में प्रतियोगी खेलों की तरफ गंभीर कदम बढ़ाए। इसके बाद 21वीं सदी ने खेलों को पूरी तरह बदल दिया।

    हॉकी की नर्सरी
    जब भी हॉकी की बात आती है तो भोपाल का विशेष उल्लेख आता है। भोपाल को लंबे समय से “हॉकी की नर्सरी” कहा जाता है। यहाँ से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। वर्ष 1950 और 60 के दशक से ही यहाँ हॉकी की परंपरा मजबूत रही और यही वजह है कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले कई नामचीन खिलाड़ी भोपाल से जुड़े रहे। अशोक कुमार (हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के बेटे) और ज़फर इक़बाल जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का नाम ऊँचा किया। वर्ष 1975 के विश्व कप में स्वर्ण पदक विजेता और वर्ष 1976 के ओलिंपिक टीम के सदस्य असलम शेरखान, वर्ष 1968 मैक्सिको ओलिंपिक के कास्य पदक विजेता इवाम-उर-रहमान, नई सदी में सिडनी 2000 ओलिंपिक के फॉरवर्ड प्लेयर श्री समीर दाद भोपाल की परंपरा के जीवित साक्ष्य है। शहर का आइकॉनिक ऐशबाग स्टेडियम और स्थानीय क्लब कल्चर इस नर्सरी की धड़कन रहे हैं। भोपाल में कई हॉकी टर्फ और प्रशिक्षण केंद्र हैं, जिन्होंने इस खेल को पीढ़ी दर पीढ़ी पोषित किया। राज्य की अकादमी व्यवस्था ने इस विरासत को संस्थागत रूप दिया। महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर की स्थापना वर्ष 2006 से हुई, जहां से भारतीय हॉकी टीम की दिग्गज महिला हॉकी खिलाड़ी सुशीला चानू, मोनिका और रीना खोखर जैसे खिलाड़ी निकले। भोपाल के पुरूष हॉकी अकादमी का शुभारंभ जनवरी 2007 में हुआ। मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमी से इटारसी के प्रतिभाशाली 17 वर्षीय विवेक सागर भारतीय टीम में पदार्पण कर भारत के सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक बने। विवेक सागर ने टोक्यो-2020 और पेरिस ओलिंपिक-2024 में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यही कारण है कि भारतीय हॉकी इतिहास में भोपाल का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है।

    खेल अधोसंरचना विकास
    राज्य सरकार ने खेलों के लिए अवसंरचना विकसित कर खेल संस्कृति को नया आयाम दिया। भोपाल और इंदौर अब खेल अकादमी, हॉकी टर्फ और एथलेटिक ट्रैक के लिए पहचाने जाते हैं। वर्ष 2013 में मल्लखम्ब को राज्य खेल घोषित करना केवल एक परंपरा का सम्मान नहीं इस बात का भी प्रतीक था कि राज्य अपने पारंपरिक खेलों को भी आधुनिक मंच पर लाना चाहता है। इसी क्रम में “विक्रम अवॉर्ड” जैसी परंपराएँ शुरू हुईं, जिनके जरिए खिलाड़ियों को न केवल सम्मान मिला बल्कि सरकारी नौकरियों और प्रोत्साहन राशियों से उनके भविष्य को भी मजबूत किया गया। भोपाल की मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ऑफ एक्सलेंस को विशेष रूप से रेखांकित किया जा सकता है। जनवरी 2007 में स्थापित इस परिसर में 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर राइफल/पिस्टल रेंज के साथ ट्रैप स्कीट के समर्पित शॉटगन रेंज भी है। फाइनल शूटिंग रेंज अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है तथा दर्शकों के बैठने की भी सुव्यवस्था है। यह अकादमी अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर गढ़ी गई है और राज्य के शूटरों की लगातार कामयाबी का प्रमुख आधार बनी है।

    वॉटर स्पोर्टस
    वॉटर स्पोर्टस में भी भोपाल ने एक अलग पहचान गढ़ी है। बड़े तालाब में वॉटर स्पोर्टस अकादमी ऑफ एक्सलेंस की स्थापना की गई, जिसमें कयाकिंग-केनोइंग, रोइंग और सेलिंग की अत्याधुनिक सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। इसी तरह भोपाल स्थित छोटे तालाब का ईको सिस्टम पैरा-कयाकिंग/केनोइंग में देश का अग्रणी केन्द्र बना, जहां प्राची यादव जैसी खिलाड़ी एशियन पैरा गेम्स में इतिहास रचती दिखी।

    पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में प्रदेश शीर्ष पांच राज्यों में रहा। शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर गौरव बढ़ाया। आज स्थिति यह है कि प्रदेश में 18 उत्कृष्टता अकादमियाँ, 22 हॉकी टर्फ और 15 से अधिक एथलेटिक ट्रैक सक्रिय हैं। खेल प्रदर्शन के अद्यतन सूचकांक भी इस दावे को पुष्ट करते हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 (बिहार) में मध्यप्रदेश ने 32 पदक लेकर शीर्ष दस में स्थिति दर्ज कराई। 

     स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
    आधुनिक तकनीक के दौर में खेल विज्ञान (Sports Science) की भूमिका भी अहम होती जा रही है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में भी अग्रसर होकर स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और अत्याधुनिक हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है। यहाँ खिलाड़ियों को फिजियोथेरेपी, बायो-मैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और साइकोलॉजिकल कॉउंसलिंग जैसी सेवाएँ दी जाती हैं। उन्नत जिम्नेशियम, रिकवरी पूल, एंटी-ग्रैविटी रनिंग मशीन और वीडियो एनालिटिक्स लैब खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लिए तैयार कर रही हैं। इन तकनीकी सुविधाओं का असर अब साफ दिखने लगा है। खिलाड़ी केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और मानसिक मजबूती के आधार पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। थ्रॉबॉल, एथलेटिक्स और पैरा-खेलों में हालिया सफलता इस आधुनिक दृष्टिकोण की ही देन है। आने वाले वर्षों में स्पोर्ट्स साइंस से जुड़ी ये अकादमियाँ न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए प्रतिभा निर्माण का केंद्र बन सकती हैं। नवीनतम परिणाम जैसे कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ी एशियाई चैंपियनशिप स्वर्ण विजेता शूटर, खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शीर्ष पाँच राज्यों में मध्यप्रदेश का स्थान और पैरा-कैनोइंग में प्राची यादव जैसे खिलाड़ी— ये सब आधुनिक रणनीति और बुनियादी संरचना का परिणाम हैं।

    यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 2028 के नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिये बोली लगाई है। भोपाल के नाथू बरखेड़ा में बहुखेल अंतर्राष्ट्रीय परिसर और इंटरनेशनल स्पोर्टस साइंस सेंटर की परिकल्पना पर काम चल रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में जल-पर्यटन, एशियन रोइंग चैम्पियनशिप जैसी घोषणाएं और एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय की योजना, राज्य की दीर्घकालीन खेल रणनीति की झलक देती है।

    मध्यप्रदेश सरकार ने दिया विशेष सम्मान
    मध्यप्रदेश सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का हमेशा सम्मान किया है। राज्य सरकार की नीति रही है कि ऐसे खिला‍ड़ियों को न केवल नगद पुरस्कार दिया जाये बल्कि उन्हें प्रतिष्ठित शासकीय सेवाओं में नियुक्ति भी प्रदान की जाये। इस कड़ी में ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता हॉकी खिला‍ड़ी श्री विवेक सागर प्रसाद को एक करोड़ की पुरस्कार राशि के साथ पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया। साथ ही राज्य पुरस्कार से सम्मानित विक्रम अवार्ड प्राप्त खिलाड़ियों को भी शासकीय सेवा में नौकरी का प्रावधान किया गया है। समग्र रूप से कहा जाए तो पिछले सात दशकों की यह यात्रा इस बात की गवाही देती है कि मध्यप्रदेश ने खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें संस्कृति, परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम बना दिया है। प्रदेश ने अब न केवल राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर बल्कि वैश्विक खेल जगत में भी अपनी मजबूत पहचान बनाली है। 

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    Fri, 29 Aug 2025 13:40:12 +0530 Newsdesk
    मध्य प्रदेश में हर 10 मिनट में साइबर अटैक, युवा सबसे ज्यादा निशाने पर https://citytoday.co.in/3502 https://citytoday.co.in/3502 भोपाल
     मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। हर 10 मिनट में एक नया मामला सामने आ रहा है। इन अपराधों में 70% शिकार युवा हैं। 2022 से 2025 के बीच 3 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड शामिल हैं। साइबर सेल लगातार निगरानी रख रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है। सरकार ने साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है।

    अलग अलग तरीकों से हो रही ठगी
    राज्य में ऑनलाइन शॉपिंग, क्यूआर कोड और फर्जी लोन जैसे तरीकों से ठगी हो रही है। जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। एसपी साइबर प्रणय नागवंशी ने कहा, 'हमारी अपील है कि लोग किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंक डिटेल किसी को शेयर करें। साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और हम जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।

    सरकार ने शुरु किया हेल्पलाइन नंबर
    2022 में 1021 केस दर्ज हुए, जिनमें 717 युवा थे। 2023 में 927 मामले आये, जिनमें 700 युवा थे। 2024 में 1082 केस दर्ज हुए, जिनमें 703 युवा थे। 2025 में 511 केस दर्ज हुए, जिनमें 344 युवा शामिल हैं। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। इसके अलावा, साइबर जोनल कार्यालय भी बन रहे हैं।

    पासवर्ड रखते में रखें विशेष ध्यान
    विशेषज्ञों का कहना है कि पासवर्ड कम से कम 12 अंकों का होना चाहिए और इसे समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। साइबर ठगी अब गांवों तक पहुंच गई है। ठग सोशल मीडिया और गेमिंग एप्स के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। सावधानी बरतने से ही बचाव हो सकता है। संदिग्ध कॉल आने पर उसे ब्लॉक करें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। तकनीक का इस्तेमाल सावधानी से करें। जरा सी चूक से आपकी कमाई ठगों के खाते में जा सकती है।

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    Thu, 28 Aug 2025 12:44:50 +0530 Newsdesk
    भाजपा प्रदेश कार्यालय में गणेश प्रतिमा स्थापना, नेताओं ने की पूजा&अर्चना https://citytoday.co.in/3491 https://citytoday.co.in/3491 भोपाल: 

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मंत्री दिलीप अहिरवार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवादास सबनानी, संभाग प्रभारी राघवेंद्र गौतम, शैलेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति, डॉ. अभिजीत देशमुख, नितेश शर्मा एवं एस.एस. उप्पल सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण वातावरण में श्रद्धालुओं ने गणेश वंदना की।

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    Wed, 27 Aug 2025 15:27:54 +0530 Newsdesk
    भोपाल रेप केस: फरहान खान समेत 6 आरोपियों पर आरोप तय, हिंदू लड़कियों से दरिंदगी का मामला https://citytoday.co.in/3472 https://citytoday.co.in/3472 भोपाल

     जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं।

    मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है।

    1 सितंबर को अगली सुनवाई

    न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी।

    अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर

    मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है।

    चार थानों में दर्ज हुए थे केस

    छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

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    Tue, 26 Aug 2025 15:17:52 +0530 Newsdesk
    भोपाल नगर निगम ने गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव की तैयारियां तेज, पंडालों में लगेंगे कैमरे, विसर्जन घाटों पर गोताखोर रहेंगे तैनात https://citytoday.co.in/3471 https://citytoday.co.in/3471 भोपाल 
    नगर निगम ने गणेश उत्सव और आगामी दुर्गा उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों और घाटों पर ही कराया जाएगा।

    विसर्जन की होगी पूरी व्यवस्था

    निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि डोल ग्यारस से अनंत चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमाओं का संग्रहण वार्ड और जोन स्तर पर किया जाए। इसके लिए बनाए गए संग्रहण स्थलों, विसर्जन कुण्डों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। पूजन सामग्री को अलग से एकत्र कर निष्पादन स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोन स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है।

    साफ-सफाई और मरम्मत कार्य पर रहेगा जोर

    निगम आयुक्त ने कहा कि विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।

    प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम

    प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और हथाईखेड़ा डैम पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने को कहा, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

    जुलूस और विसर्जन स्थलों पर निगरानी

    बैठक में जुलूस मार्ग, प्रतिमा स्थलों, पंडालों और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और बिजली की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की गई। थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

    अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश

    पुलिस आयुक्त ने थाना क्षेत्रों में देर रात तक गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को कहा। अवैध शराब, आर्म्स, मादक पदार्थों और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।

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    Tue, 26 Aug 2025 15:15:04 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत कंपनियों के चयनित 1050 कर्मचारियों को देंगे नियुक्ति&पत्र https://citytoday.co.in/3449 https://citytoday.co.in/3449 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जा रही हैं। ऊर्जा विभाग अंतर्गत भी विभिन्न बिजली कंपनियों में परीक्षा के बाद कर्मचारियों को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित 1050 कर्मचारियों को रवीन्द्र भवन में 26 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में नियुक्त-पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान बिजली कंपनियों के लिए नवीन संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रदर्शन भी किया जायेगा।

    ऊर्जा विभाग ने संकल्प-पत्र के आधार पर विभिन्न पदों पर एमपी ऑन लाइन के माध्यम से परीक्षा लेकर द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ श्रेणी आधार पर विभिन्न पदों पर भर्ती की हैं। चयनित पदों में बिजली इंजीनिय़र, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटैंड़ेंट, सिक्य़ोरिटी ऑफिसर, पॉवर प्लांट फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टैक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर आदि पद शामिल हैं। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की विभन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही विद्युत कर्मचारी संगठनों को भी आमंत्रित कर कर्मचारी हितों और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर चर्चा भी की जाएगी।

     

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    Mon, 25 Aug 2025 12:26:04 +0530 news desk MPcg
    10वीं&12वीं बोर्ड फॉर्म अब APAAR ID के बिना भरे जा सकेंगे, जानें कारण https://citytoday.co.in/3428 https://citytoday.co.in/3428 भोपाल
    माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा सात फरवरी से आयोजित होने वाली है। इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रिकॉर्ड) को अनिवार्य किया था। इसे लेकर विद्यार्थियों के आवेदन आ रहे थे। उनके पास दस्तावेज नहीं पूरे हो रहे थे। इस कारण मंडल ने इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए खत्म किया है।

    अगले सत्र से अनिवार्य की जाएगी अपार आईडी
    अगले सत्र 2026-27 में बोर्ड परीक्षाओं में अपार आईडी अनिवार्य की जाएगी। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पिछले निर्देशों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का उल्लेख जरूरी किया गया था। स्कूलों और विद्यार्थियों को इसे बनाने में समस्या आ रही हैं। प्रदेश में मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। विद्यार्थी हित को देखते हुए मप्र बोर्ड ने अपार आईडी की अनिवार्यता को इस साल खत्म करते हुए वैकल्पिक कर दिया है।
     
    अधूरे दस्तावेजों से विद्यार्थियों को हो रही है परेशानी
    अपार आईडी बनवाने में विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है। कई विद्यार्थियों के दस्तावेज आधे-अधूरे या गलत जमा किए गए हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन में समस्या आ रही है। आधार कार्ड और समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड स्कूल के दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए अपार आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूल में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की आईडी ही तैयार हो पाई है। इससे अपार आईडी के बिना दोनों परीक्षाओं की नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

    सामान्य शुल्क के साथ 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे
    10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन 15 सितंबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये जमा कर सकते हैं। 16 सितंबर से 25 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये और विलंब शुल्क 100 रुपये जमा कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं 26 अक्टूबर से 10 नवंबर तक दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ और 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विलंबर शुल्क पांच हजार और 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 10 हजार रुपये के साथ आवेदन कर सकते हैं।

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    Sat, 23 Aug 2025 13:09:33 +0530 Newsdesk
    भोपाल&लखनऊ रूट पर जल्द दौड़ेगी 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस https://citytoday.co.in/3423 https://citytoday.co.in/3423 भोपाल
     भोपाल से लखनऊ के बीच यात्रा (Bhopal to Lucknow Train) करने वालों के लिए बड़ी राहत मिलने जा रही है। जल्द ही इस रूट पर 20 कोच की अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ने लगेगी। पहले यह ट्रेन 16 कोच के साथ प्रस्तावित थी, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने भोपाल मंडल की मांग पर अतिरिक्त चार कोच की स्वीकृति दे दी है। इससे अब यात्रियों को अधिक सीटें और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार भोपाल-लखनऊ वंदेभारत एक्सप्रेस (Bhopal Lucknow Vande Bharat Express) से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना इसी माह के अंतिम सप्ताह में जारी कर दी जाएगी। इसके बाद ट्रेन के संचालन की समय-सारणी, किराया और ठहराव की जानकारी भी सार्वजनिक होगी।

    20 कोच की वंदे भारत एक्सप्रेस में अधिक यात्री सफर कर पाएंगे। पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और तेज रफ्तार के साथ कम समय में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। भोपाल और लखनऊ के मध्य में आने वाले शहरों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

    पिट लाइन पर अटकी है नई ट्रेन

    नई वंदे भारत का रैक आने में इसलिए देर हो रही है, क्योंकि रानी कमलापति स्टेशन पर पिट लाइन मौजूद नहीं है। अभी दो पिट लाइन हैं, जो मौजूदा रैक के संधारण कार्य के लिए भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में यहां एक नई पिटलाइन पर काम चल रहा है। उसका काम पूरा होते ही रैक उपलब्ध हो जाएगा। ट्रेन की मरम्मत करने और साफ-सफाई के लिए पिटलाइन की जरूरत होती है।

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    Fri, 22 Aug 2025 13:21:14 +0530 Newsdesk
    हाईकोर्ट के निर्देश पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर दर्ज हुई FIR, 10 साल तक की सजा संभव https://citytoday.co.in/3421 https://citytoday.co.in/3421 भोपाल
    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ फ्रॉड मामले में केस दर्ज कर लिया है। आरिफ मसूद भोपाल मध्य से विधायक हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज हुआ है। दोषी पाए जाने पर इन धाराओं में उन्हें 10 साल की जेल हो सकती है। कांग्रेस विधायक पर धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है।

    कॉलेज की मान्यता के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल

    यह पूरा मामला इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता के लिए विधायक ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। आरिफ मसूद उस सोसाइटी के सचिव हैं जो कॉलेज चलाती है। एमपी हाईकोर्ट के निर्देश पर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी दर्ज होगा केस

    इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी FIR दर्ज करने को कहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने 20 सालों तक मामले में साथ दिया और कॉलेज को चलने दिया।

    एसआईटी करेगी जांच

    एमपी हाई कोर्ट की बेंच में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल शामिल थे। उन्होंने ADGP (टेलीकॉम) संजीव शमी के नेतृत्व में SIT बनाने का भी आदेश दिया है। SIT पुलिस जांच की निगरानी करेगी और 3 महीने के अंदर जांच पूरी करेगी।

    बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से है मान्यता

    मसूद ने बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, भोपाल के कॉलेज की मान्यता रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, नतीजा यह हुआ कि उनके खिलाफ ही FIR दर्ज हो गई। कोर्ट ने कॉलेज के 1000 से ज्यादा छात्रों के हित में कॉलेज की मान्यता रद्द करने पर रोक लगा दी है। लेकिन, यह साफ कर दिया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में कोई नया एडमिशन नहीं होगा।

    10 साल की हो सकती है जेल

    गौरतलब है कि मसूद के खिलाफ जो-जो धाराएं लगाई गईं हैं, उनमें उन्हें 10 साल की सजा हो सकती है। धारा-420 में अधिकतम 3 साल, धारा-467,468 और 471 में अधिकतम 10 साल की सजा और धारा-120 बी मूल अपराध के बराबर की सजा है।

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    Fri, 22 Aug 2025 13:11:49 +0530 Newsdesk
    मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का संकल्प https://citytoday.co.in/3403 https://citytoday.co.in/3403 भोपाल

    विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर जिला मलेरिया कार्यालय भोपाल द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं. इस वर्ष विश्व मच्छर दिवस की थीम “अधिक समतापूर्ण विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना” रखी गई. इसी थीम और “स्मॉल बाइट बिग फाइट” अभियान के अंतर्गत जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

    जिला मलेरिया कार्यालय परिसर में मलेरिया माइक्रोस्कोपी प्रशिक्षण आयोजित किया गया. जिसमें एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज एवं महावीर मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रशिक्षण के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मलेरिया व डेंगू नियंत्रण के संदेशों के साथ लोगों को जागरूक किया. साथ ही भोपाल के विभिन्न विद्यालयों में ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जिला मलेरिया कार्यालय द्वारा किया गया जिसमें एंबेड टीम ने भी अपनी सहभागिता की. छात्रों ने प्रतियोगिता के माध्यम से मच्छरों से फैलने वाली बीमारियाँ जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया और फाइलेरिया के लक्षण, उनकी रोकथाम और नियंत्रण उपायों पर अपने विचार और रचनात्मकता प्रस्तुत की. प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.

    इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए. इस दौरान प्राचार्य मंजू तिवारी जॉन सुपरवाइजर ब्रजेश गोस्वामी उपस्थित रहे. जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव ने कहा कि “मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती हैं. सामूहिक प्रयास और जागरूकता ही इनसे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है उन्होंने आगे कहा कि “छोटा सा मच्छर बड़ा खतरा बन सकता है. इस वर्ष की थीम हमें यह संदेश देती है कि मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना और सभी लोगों को समान रूप से स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना बहुत आवश्यक है.” छात्र एवं छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा “आज हमें यह समझ आया कि मच्छरों से बचाव के छोटे- छोटे उपाय हमारे जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं.

     

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    Thu, 21 Aug 2025 13:51:57 +0530 Newsdesk
    भोपाल को अमृत&2.0 की सौगात, 700Km पाइपलाइन और 30 हजार घरों में मिलेगा नल कनेक्शन https://citytoday.co.in/3401 https://citytoday.co.in/3401 भोपाल

     राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे।

    इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

    स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।

    कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे।

    साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

    36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे।

    योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

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    Thu, 21 Aug 2025 13:11:57 +0530 Newsdesk
    प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है : मंत्री टेटवाल https://citytoday.co.in/3400 https://citytoday.co.in/3400 भोपाल

    कौशल विकास राज्य एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कौशल विकास संचालनालय में कौशल विकास विभाग एवं यूएनएफपीए की साझेदारी पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया। राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तिगत निर्माण, संर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा का इस वृहद स्तर पर क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के लिए अनूठी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को रोजगार के साथ जीवन में सफल होने के लिए भी तैयार कर रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष कंट्री की प्रतिनिधि सुएंड्रिया एम. वोज़्नार ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों और सहयोग की सराहना करती हूँ। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सुदृढ़, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक भी बना रहे हैं।

    इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय द्वारा यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से संचालित महत्वपूर्ण कार्यक्रम जीवन कौशल शिक्षा (जीवन तरंग), मानसिक स्वास्थ्य एवं सजगता कार्यशाला एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग कार्यशाला से संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।

    इस अवसर पर कार्यक्रम की उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं तथा प्रशिक्षकों के अनुभवों को भी साझा किया गया। यह साझेदारी मध्यप्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।

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    Thu, 21 Aug 2025 13:00:13 +0530 Newsdesk
    भोपाल: विधायक आरिफ मसूद पर धोखाधड़ी की FIR, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता लेने का आरोप https://citytoday.co.in/3394 https://citytoday.co.in/3394 भोपाल

    राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है।

    इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है।

    यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता।

    कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें

    हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें।

    जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

    एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें।

    बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था।

    कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है।

    पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत

    पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली।

    इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया।

    ये है मामला

    भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

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    Wed, 20 Aug 2025 16:36:04 +0530 Newsdesk
    एमपी के किसानों के लिए बड़ी राहत, जल्द मिलेगा 5.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया: CM का ऐलान https://citytoday.co.in/3393 https://citytoday.co.in/3393 भोपाल 
    एमपी में यूरिया की जबर्दस्त कमी है। इसके लिए प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा जैसे जिलों में खाद के लिए किसान रात 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं तब भी मायूस होकर लौट रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से यूरिया के लिए मारामारी मच रही है। किसानों ने इसके लिए धरना, प्रदर्शन, आंदोलन सब कुछ किया है पर यूरिया की जगह उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और पुलिस की लाठियां मिल रहीं हैं। इससे प्रदेश के किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे माहौल में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया जल्द उपलब्ध कराने का ऐलान किया है।

    प्रदेश के रीवा में कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को खाद वितरण केन्द्र खुले तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के कई केन्द्रों में रात्रि के तीन बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। बीते कई दिनों से कृषि सेवा सहकारी समितियां और डबल लॉक सेंटर में खाद नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले आई एक रैक की खाद सभी डबललॉक सेंटर और 148 में केवल 42 समितियों में भेजा गया था। भाकियू के अध्यक्ष सुब्रतमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसानों के सामने बड़ा संकट है। सहकारी समितियों में खाद नहीं है, डबल लॉक में कई दिनों बाद आई। इसलिए भीड़ जमा हो गई। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहे फिर भी बिना खाद के लिए वापस लौटे हैं।
     
    आंदोलन का ऐलान
    छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी यूरिया के लिए ऐसा ही हाहाकार मचा हुआ है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने यूरिया के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। इधर सरकार दावा कर रही है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है, प्रदेश में पर्याप्त खाद है। हालांकि हकीकत यही है कि प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए तरस रहे हैं।

    5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना
    इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूरिया की उपलब्धता के संबंध में अहम बयान दिया। मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। यह मात्रा आगामी डेढ़ माह में मिल जाएगी।

    डेढ़ माह में मिलेगा यूरिया
    सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है। इसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित की जा चुकी है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

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    Wed, 20 Aug 2025 16:31:05 +0530 Newsdesk
    नेपाल बॉर्डर से लापता अर्चना तिवारी को जीआरपी भोपाल ने किया सकुशल बरामद https://citytoday.co.in/3390 https://citytoday.co.in/3390 भोपाल:

     जीआरपी रानी कमलापति थाना पुलिस ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि उसने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुमशुदा महिला अर्चना तिवारी को नेपाल बॉर्डर लखीमपुर खीरी (उ.प्र.) से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल कुशलकुमार माहेश्वरी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
    गौरतलब है कि 7 अगस्त को अर्चना तिवारी ट्रेन संख्या 18233 से इटारसी से बैतूल जाने के लिए रवाना हुई थीं, लेकिन गंतव्य तक नहीं पहुंचीं।

    परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर कई शहरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सुराग जुटाए।लगातार प्रयासों के बाद जीआरपी की टीम ने नेपाल बॉर्डर से लगे लखीमपुर खीरी में अर्चना तिवारी को ढूंढ निकाला। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपनी इच्छा से गई थीं। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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    Wed, 20 Aug 2025 15:18:14 +0530 Newsdesk
    राज्यपाल पटेल 20 अगस्त को मंडला में आयुष विभाग की कार्यशाला में होंगे शामिल, मंत्री परमार भी रहेंगे उपस्थित https://citytoday.co.in/3373 https://citytoday.co.in/3373 भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल 20 अगस्त को मंडला जिले के सेमर खापा में आयुष विभाग द्वारा "परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी शामिल होंगे।

    कार्यशाला में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे।

    एकदिवसीय यह कार्यशाला मंडला जिले के सेमरखापा स्थित एकलव्य विद्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में प्रातः10.30 बजे आयोजित होगी। प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने एवं क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।

    कार्यशाला में मंडला एवं समीपवर्ती जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता एवं पारंपरिक वैद्यों की सक्रिय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श होगा। कार्यशाला में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुभव साझा किए जाएंगे एवं उनके ज्ञान का संवर्द्धन भी किया जाएगा।

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    Tue, 19 Aug 2025 12:05:25 +0530 Newsdesk
    मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर पर संकट, कभी 40 किलो की मछली अब सिर्फ 4 किलो https://citytoday.co.in/3372 https://citytoday.co.in/3372 भोपाल 

    मध्यप्रदेश की पहचान बन चुकी महाशीर मछली अब संकट में है. यह वही मछली है जिसे 2011 में राज्य मछली का दर्जा दिया गया था और जिसे लोग “टाइगर फिश” के नाम से भी जानते हैं. कभी नर्मदा में 40 किलो तक वज़न और 7 फीट लंबाई वाली यह मछली पाई जाती थी, लेकिन अब इसका वजन घटकर सिर्फ 4 किलो और लंबाई 2 फीट तक रह गई है.

    महाशीर विलुप्त की कगार पर, महज 2 फीसदी ही बची

     नर्मदा में पाई जाने वाली राज्य मछली महाशीर पर संकट मंडरा रहा है। स्वच्छ जल में रहने वाली महाशीर नर्मदा में बढ़ते प्रदूषण, पर्यावरणीय संकट, अवैध उत्खनन जैसी समस्याओं के कारण घटती जा रही है। नए आंकड़ों के अनुसार नर्मदा में इसकी संख्या 30 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है।

    महाशीर ताजे और साफ पानी में ही पनपती है। पिछले कुछ वर्षों में नर्मदा में बढ़ते प्रदूषण के कारण इसकी संख्या तेजी से घटी है। इसमें सीवेज का पानी सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार नर्मदा से अंधाधुंत रेत उत्खनन से नदी की धार टूट रही है। नदी में प्राकृतिक रूप से आने वाले जल की मात्रा लगातार घटी है। नदी पर बांधों के निर्माण जैसे कारणों से इस मछली की संख्या तेजी से घटी है।

    मछली घटने से जल जैविक स्थिति होगी प्रभावित

    नर्मदा में महाशीर मछली की पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिस पानी में मछली न हो उसकी जल जैविक स्थिति सामान्य नहीं रहती। वैज्ञानिकों के अनुसार जलस्रोतों में मछली जीवन सूचकांक है, केन्द्रीय अंतरस्थलीय माित्स्यकीय अनुसंधान केन्द्र कोलकाता के अनुसार नर्मदा में महाशीर मछली 30 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है।

    2011 में मिला राज्य मछली का दर्जा

    वैज्ञानिकों के अनुसार जैव विविधता के लिहाज से नर्मदा में महाशीर का होना बहुत जरूरी है। 26 सितम्बर 2011 में महाशीर को राज्य में संरक्षण प्रदान कर स्टेट फिश घोषित किया गया। वर्ष 2012 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने महाशीर को विलुप्त प्राय घोषित किया है।

    नदी को साफ रखने में अहम भूमिका

    इस मछली की खासियत यह है कि ये पत्थरों में लगने वाली काई और पानी की गंदगी खाकर नदी को साफ रखने में अहम भूमिका निभाती है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आंकलन कर कई स्थानों पर नर्मदा जल "ए" ग्रेड और बिना किसी उपचार के पीने योग्य बताया गया है। लेकिन ऐसे स्थानों पर भी जल में महाशीर का अस्तित्व मुश्किल में है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर जल वाकई साफ होता तो महाशीर के अंडे पानी में जरूर नजर आते।

    यह खुलासा जबलपुर स्थित वेटरनरी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने किया है.

    कैसे घट गई महाशीर मछली?

    पहले नर्मदा में महाशीर की आबादी करीब 20% थी.

    अब यह घटकर सिर्फ 1% रह गई है.

    लंबाई 7 फीट से घटकर 1.5 से 2 फीट.

    वजन 40 किलो से घटकर 2-4 किलो.

    कहां और कैसे हुई स्टडी?

    रिसर्चर ने “स्टडी ऑन द ब्रीडिंग ग्राउंड ऑफ महाशीर इन नर्मदा रिवर ऑफ जबलपुर डिस्ट्रिक्ट” विषय पर अध्ययन किया.

    रिसर्च नर्मदा नदी के चार घाटों – गौरी घाट, तिलवारा घाट, लम्हेटा घाट और भेड़ाघाट – में किया गया.

    करीब 25 किलोमीटर लंबे एरिया में मछलियों की लंबाई, वजन और ब्रीडिंग पैटर्न पर रिसर्च की गई.

    25 मछुआरों से ली मदद

    अध्ययन के दौरान 25 से ज्यादा मछुआरों से जानकारी जुटाई गई. मछुआरों ने बताया कि महाशीर अभी भी इन घाटों पर ब्रीडिंग कर रही है, लेकिन उसका साइज़ और वजन पहले जैसा नहीं है.

    घटने की मुख्य वजहें

    फिशरी साइंस कॉलेज जबलपुर के डीन ने बताया कि—

    अवैध खनन से नर्मदा का प्राकृतिक आवास नष्ट हो गया.

    मछलियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा.

    लगातार घटते संसाधनों की वजह से उनका वजन 2-4 किलो और लंबाई 1.5 से 2 फीट तक सीमित हो गई है.

    क्यों चिंता की बात?

    महाशीर मछली को “नदी की शान” कहा जाता है. इसका आकार और वजन घटना इस बात का संकेत है कि नर्मदा नदी का इकोसिस्टम खतरे में है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अवैध खनन और प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में यह मछली विलुप्त भी हो सकती है.

    नर्मदा को रखती है स्वच्छ

    बड़वाह वन क्षेत्र में महाशीर की कैप्टिव ब्रीडिंग कराने के लिए नदी जैसा स्ट्रक्चर बनाया गया है। यहां पर देश में पहली बार महाशीर की ब्रीडिंग की गई, जो सफल भी रही। अब इसकी ब्रीडिंग के लिए भोपाल के केरवा और कोलार में इसकी संभावनाओं की तलाश की जा रही है। यह मछली प्राकृतिक रूप से पानी को साफ करने का काम करती है। नर्मदा को स्वच्छ रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी महाशीर अहम भूमिका निभाती है।

    इसलिए विलुप्ति की कगार पर

    जैव विविधता बोर्ड के पूर्व सदस्य सचिव आर श्रीनिवास मूर्ति ने बताया महाशीर बहती नदी और राफ्टिंग वाली जगह अंडे देती है। इन्हें अंडे देने के लिए अनुकूल स्थान नहीं मिल रहा। शिकार, रेत का अवैध उत्खनन, पानी की धाराओं का खत्म होना भी इसके विलुप्त होने का कारण है।

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    Tue, 19 Aug 2025 11:52:51 +0530 Newsdesk
    CAG रिपोर्ट: MP में किसानों के 90% फंड का इस्तेमाल सरकारी वाहनों के ईंधन पर https://citytoday.co.in/3371 https://citytoday.co.in/3371 भोपाल

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए जारी किए जाने वाले फंड में घपलेबाजी की बात सामने आई है। यह खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में किया। कैग के मुताबिक किसानों के कल्याण के लिए बनाया गया उर्वरक विकास कोष, सरकारी अधिकारियों की कारों के लिए एक तरह का ईंधन टैंक बन गया है। यानी जो पैसा किसानों के हित में खर्च होना था, उसका इस्तेमाल अधिकारियों की गाड़ी में ईधन भरने, ड्राइवरों के वेतन देने जैसे खर्चों में इस्तेमाल हुआ है।

    किसानों के फंड से 4.79 करोड़ रुपये का घोटाला

    आंकड़ों को विस्तार से समझिए। साल 2017-18 से 2021-22 तक, तीन राज्य सरकारों में 5.31 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया। इस फंड का 90 फीसदी यानी 4.79 करोड़ रुपये राज्य और ज़िला स्तर पर सरकारी गाड़ियों, ड्राइवरों के वेतन और रखरखाव पर खर्च किया गया। इस तरह किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फर्टिलाइजर में मिलने वाली सब्सिडी, ट्रेनिंग या खेती से जुड़ी मशीनें खरीदने जैसे लाभ पर केवल 5.10 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं।

    20 वाहनों पर हुआ 2.25 करोड़ रुपये का खर्च

    अकेले राज्य स्तर पर 2.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें केवल 20 वाहनों पर 2.25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई। कैग ने ज़ोर देकर कहा कि उर्वरक विकास कोष (एफडीएफ) का मूल उद्देश्य किसानों को जरूरी सहायता मुहैया करना, पीएसीएस यानी लोन देने वाली समितियों को मज़बूत करना और फर्टिलाइजर को रैगुलेट में सुधार करना था। जबकि इसके बजाय इस फंड का इस्तेमाल परिवहन बजट बनाने में हुआ।

    छूट न देने से 10.50 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

    कैग ने खुलासा किया कि मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) उर्वरकों पर छूट का लाभ किसानों को नहीं दे पाया। इस कारण उन पर 10.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। 2021-22 में, ऊँची दरों पर फर्टिलाइजर खरीदकर किसानों को सस्ते दामों पर बेचने से मार्कफेड को 4.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसका खामियाजा आखिरकार सरकारी खजाने को भुगतना पड़ा।

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    Tue, 19 Aug 2025 11:48:09 +0530 Newsdesk
    भोपाल में तैयार होगा देश का पहला पशु ब्लड&बैंक, अब पशुओं का भी होगा ट्रांसफ्यूजन संभव https://citytoday.co.in/3360 https://citytoday.co.in/3360 भोपाल 
    इंसानों की तरह अब जानवरों को भी ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने पहली बार पशुओं के लिए ब्लड बैंक और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार की है। इसके चलते अब कुत्ते, बिल्लियां और अन्य पशु मानकों को पूरा करने पर ब्लड डोनर बन सकेंगे। डोनर अगर डॉग है, तो उम्र 1 से 8 साल होनी चाहिए। वहीं, कम से कम 25 किलो वजन होना चाहिए। बिल्ली को डोनर तभी बनाया जा सकता है, जब उसकी उम्र 1-5 साल हो और कम से कम 4 किलो वजन हो। अन्य पशु पूरी तरह स्वस्थ और वैक्सीनेटेड होने पर ही ब्लड डोनेशन कर पाएंगे। दूध पिलाने वाली गाय, बकरी या अन्य पशु ब्लड डोनेट नहीं कर पाएंगे। खास बात यह है कि डॉग हर 4-6 हफ्ते में, कैट हर 8-12 हफ्ते में ही ब्लड डोनेशन कर पाएंगे।

    पहले चरण में छोटे जानवरों के लिए
    पुरानी जेल रोड स्थित राज्य पशु चिकित्सालय में देश का पहला पशुओं का ब्लड बैंक बनेगा। ब्लड बैंक के पहले चरण में छोटे जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली और बकरी के लिए रक्त उपलब्ध रहेगा। पशुपालन विभाग की योजना है कि धीरे-धीरे बड़े जानवरों जैसे गाय, बैल और घोड़े के लिए भी ब्लड की व्यवस्था की जाए। फिलहाल अस्पताल में ब्लड चढ़ाने की सुविधा है, लेकिन बैंक न होने से आपात स्थिति में रक्त मिलना मुश्किल हो जाता था। इस कारण कई बार गंभीर पशुओं की जान चली जाती थी। अब हादसों, सर्जरी, एनीमिया या किसी गंभीर बीमारी में पालतू या पशु की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड बैंक नेटवर्क मौजूद रहेगा। दरअसल, देश में 53 करोड़ से ज्यादा पशु और 12.5 करोड़ से अधिक पालतू जानवर हैं, लेकिन अब तक इनके लिए कोई राष्ट्रीय ढांचा या रेग्युलेटेड ब्लड बैंक सिस्टम मौजूद नहीं था।

    इसके लिए नेशनल वेटरनरी ब्लड बैंक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसमें डिजिटल डोनर रजिस्ट्री, रियल-टाइम ब्लड इन्वेंट्री सिस्टम, 24×7 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल ऐप से डोनर-रिसीपीएंट मैचिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। डोनेशन पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। अक्टूबर में शुरू होगी सुविधा ^इस प्रोजेक्ट की मंजूरी में केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव अलका उपाध्याय और मुख्यमंत्री की अहम भूमिका रही है। विभाग ने ब्लड बैंक की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। अक्टूबर में यह सेवा शुरू हो जाएगी। ब्लड बैंक बनने के बाद पालतू पशु पालकों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपने कुत्ते या बिल्ली से स्वैच्छिक रक्तदान करा सकें। फिलहाल योजना छोटे पशुओं के लिए है,। भोपाल में ब्लड बैंक स्थापित करने के लिए गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनीमल साइंसेस यूनिवर्सिटी लुधियाना में यहां के पशु चिकित्सकों को भेजा जाएगा।  

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    Mon, 18 Aug 2025 17:01:14 +0530 Newsdesk
    त्योहारी सीजन में यात्रियों के लिए राहत, भोपाल मंडल की 28 ट्रेनों में होंगे एक्स्ट्रा कोच https://citytoday.co.in/3359 https://citytoday.co.in/3359 भोपाल 
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेशवासियों के लिए रेलवे की ओर से अच्छी खबर सामने आई है। भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली 28 प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। इससे त्योहार और भीड़भाड़ वाले सीजन में सीटों की कमी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    दरअसल, राजधानी भोपाल से यात्रियों के लिए 9,380 नई सीटों की व्यवस्था की जाएगी। तमिलनाडु केरल कर्नाटक आंध्र प्रदेश तेलंगाना और अमृतसर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में कोच लगेंगे। इन ट्रेनों में दक्षिण एक्सप्रेस कामायनी एक्सप्रेस जीटी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
     
    कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना
    जनरल कोच की जगह आरामदायक स्लीपर कोच लगाए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी राहत ये है कि, इन बढ़ी हुई सीटों का किराया जनरल श्रेणी जैसा ही रहेगा। यात्रियों को कोई अतिरिक्त पैसे खर्च करने नहीं पड़ें

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    Mon, 18 Aug 2025 13:17:31 +0530 Newsdesk
    एमपी में 28 जिलों में एयरस्ट्रिप और 5 जिलों में हेलीपैड की योजना, विमानन विभाग ने कलेक्टरों से मांगे प्रस्ताव https://citytoday.co.in/3357 https://citytoday.co.in/3357 भोपाल
    विमानन विभाग की ओर से मध्य प्रदेश के 28 जिलों में एयरस्ट्रिप तैयार करने का फैसला लिया गया है। वहीं, 5 महानगरों में चारों ओर नए हेलीपैड तैयार किए जाएंगे। इसके लिए विमानन विभाग की ओर से कलेक्टरों को पत्र लिखकर एक महीने के भीतर प्रस्ताव मांगा गया है।

    5 महानगरों में तैयार होंगे हेलीपैड
    राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर में वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कलेक्टरों से 15 दिन के अंदर प्रस्ताव मांगा गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के चलते आमजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग की ओर से कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन में प्रस्ताव तैयार कर भेजें।  
    प्रदेश के कटनी, बैतूल, भिंड, अनूपपुर, मुरैना, बुरहानपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, धार, डिंडौरी, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, अलीराजपुर, आगर मालवा, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, श्योपुर, अशोकनगर, नरसिंहपुर, बड़वानी, पांढुर्णा, निवाड़ी, मैहर और मऊगंज जिलों में हवाई पट्टी यानी एयरस्ट्रिप नहीं है।

    28 जिलों में हवाई पट्टी के लिए मांगी जमीन
    विमानन विभाग की ओर से कहा गया है कि 28 जिलों में अभी तक हवाई पट्टी नहीं है। विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं कि सरकारी जमीन का चयन करके प्रस्ताव भेजा जाए। साथ ही यह ध्यान रखा जाए कि हवाई पट्टी का एरिया दो हजार वर्गमीटर से कम नहीं होना चाहिए। उसके चारों तरफ बाउंड्रीवॉल भी होनी चाहिए।

    इधर, विभाग की ओर से अन्य जिलों के लिए निर्देशित किया गया है कि नगरपालिका, तहसील से 50 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड बनाया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर भेजना होगा। बता दें कि, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना और दतिया में एयरपोर्ट बन चुके हैं।

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    Mon, 18 Aug 2025 11:48:07 +0530 Newsdesk
    भारतीय रेलवे का सख्त कदम: चेन पुलिंग करने पर जेल का सामना https://citytoday.co.in/3356 https://citytoday.co.in/3356 भोपाल
    अगर आप भी अक्सर ट्रेन में बेवजह चेन पुलिंग करते हैं तो इसे बिल्कुल भी हल्के में मत लीजिए। भोपाल रेल मंडल ने जुलाई महीने के आंकड़े पेश किए हैं। जिसमें 3383 बार चेन पुलिंग की गई और 2981 बार यात्रियों पर कार्रवाई की गई है। जिसमें कई लोगों से भारी जुर्माना वसूला गया तो कई लोगों को जेल भेज दिया गया। रेलवे की ओर स्पष्ट किया गया है कि चेन पुलिंग की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय रेल ने यह सुविधा यात्रियों को इमरजेंसी के लिए दी है, लेकिन लोग मस्ती-मजाक या व्यक्तिगत लाभ को देखते हुए इसका इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों की ट्रेन छूट जाना, गलत कोच में बैठ जाना, सामान या परिजन को ट्रेन से उतार न पाना। ऐसे मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। जिसपर लगाम लगाने के लिए भोपाल रेल मंडल में सख्त रवैया अपनाया है।

    इन स्टेशनों पर ज्यादा होती है चेन पुलिंग
    रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, विदिशा, बीना, गुना सहित कई स्टेशनों पर चेन पुलिंग की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। चेन पुलिंग के बढ़ते मामलों को देख आरपीएफ ने चेकिंग अभियान और तेज कर दिया है। इस अभियान के जरिए यात्रियों को चेन पुलिंग के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जा रही है।

    अगर किसी व्यक्ति की तबियत अचानक खराब हो जाए या फिर कोई बच्चा या बुजुर्ग स्टेशन पर छूट जाए। ट्रेन में आगजनी और लूटपाट जैसी कोई घटना की स्थिति में चेन पुलिंग की जा सकती है। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो बिन वजह चेन खींचने पर 1 साल की जेल के साथ 1 हजार रुपए जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।

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    Mon, 18 Aug 2025 11:46:19 +0530 Newsdesk
    कुशाभाऊ ठाकरे जयंती पर CM डॉ. मोहन: संघर्ष में श्रीकृष्ण जैसे थे ठाकरे जी https://citytoday.co.in/3347 https://citytoday.co.in/3347 भोपाल
    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पितृ पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती मनाई गई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में पुष्पांजलि अर्पित की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उका भावभीना स्मरण किया।

    ठाकरे जी ने कई लोगों को खड़ा किया
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की मंगलकामना की। कहा- श्रीकृष्ण की अगर बात करें कहां उनका जन्म हुआ यह पता नहीं है। बालपन में ही उन्होंने अपने कार्यों को पहचाना और कंस का वध किया। श्री कृष्णा ने कंस के घर मक्खन जाते देखा, फिर मटकी फोड़ कर आक्रोश व्यक्त किया। उनके सत्याग्रह, विद्रोह की शक्ति माखन के रूप में थी। कृष्ण के समान ही ठाकरे जी ने संघर्ष किया। ठाकरे जी ने कई लोगों को खड़ा किया।

    बीजेपी बलिदानियों की परंपरा
    ठाकुर जी के जीवन के कई पक्ष है। ठाकुर जी ने कई लोगों के आंसू पोछे। हमने भगवान को नहीं देखा लेकिन ऐसे कई महापुरुष है जो कि भगवान की भूमिका में हमारे सामने रहे। 100 साल में बीजेपी, आरएसएस ने भारत देश को कई महापुरुष दिए। हेडगेवार ने साल 1925 में देख लिया था कि देश आजाद होगा लेकिन आजादी के साथ राष्ट्रभक्ति लोगों के लोग फौज खड़ी करनी होगी। कई जीवन देने होंगे। बीजेपी बलिदानियों की परंपरा है।

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    Sat, 16 Aug 2025 15:08:35 +0530 Newsdesk
    भोपाल में आवारा कुत्तों की समस्या गहराई, शेल्टर होम की फाइल भी गायब https://citytoday.co.in/3346 https://citytoday.co.in/3346 भोपाल
    सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश में खूंखार आवारा डॉग्स को पकड़कर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन भोपाल में अब तक ऐसा कोई शेल्टर होम नहीं है। लिहाजा इस स्थिति में निगम प्रशासन आवारा डॉग्स को पकड़कर शेल्टर होम में रखने में असमर्थ नजर आ रहा है। हालांकि, अधिकारी कह रहे हैं कि शेल्टर होम बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि पिछले साल बनी शेल्टर होम बनाने की फाइल निगम कार्यालय से गायब है। सूत्रों की मानें तो पिछले साल ही शेल्टर होम बनाने की एक योजना बनाई गई थी, फाइल भी बनाई गई, लेकिन फंड की वजह से योजना पर अमल नहीं हुआ। चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हुए हैं ऐसे में निगम की वेटरनरी शाखा में हड़कंप मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस योजना की फाइल ढूंढी जा रही है, पिछले कुछ दिन से कर्मचारी फाइल को ढूंढ रहे, लेकिन अब तक फाइल किसी को नहीं मिली।
     
    छह साल पहले शाहजहांनाबाद में देखी गई थी जमीन
    जानकारी के अनुसार जब यह योजना बनाई गई थी, तब एसके श्रीवास्तव वेटरनरी शाखा में ऑफिसर थे। उनके रिटायर होने के बाद यह जानकारी किसी के पास नहीं है कि फाइल कहां रखी है। हालांकि, छह साल पहले भी शहर में शेल्टर होम बनाने की योजना बनी थी और शाहजहांनाबाद में जमीन भी देखी गई थी, लेकिन वह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। यह स्थिति केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका परिषद और 298 नगर परिषद में से किसी के पास भी शेल्टर होम नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि खूंखार डॉग्स को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।

    बेघर कुत्तों के समर्थन में प्रदर्शन
    दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में गुरुवार को शाहपुरा पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। शहरभर से आए पशुप्रेमी, सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामुदायिक कुत्तों को हटाने के बजाय नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और भोजन स्थलों का निर्धारण जैसे मानवीय और वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएं। उनका तर्क था कि आठ हफ्तों में तीन लाख कुत्तों को शेल्टर भेजना अव्यवहारिक है इससे रेबीज नियंत्रण व पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। पशुप्रेमी अविनाश शिनाये ने कहा कि यह कदम इंसान और जानवर के लिए नुकसानदायक होगा।

    स्वाति और अभिषेक ने भी कुत्तों को मोहल्ले का हिस्सा बताते हुए उन्हें हटाने का विरोध किया। दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए कहा है कि यह एक ‘सुओ मोटू’ केस पर आधारित है, जिसमें किसी ने शिकायत भी नहीं की थी।

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    Sat, 16 Aug 2025 15:02:18 +0530 Newsdesk
    CM मोहन यादव का ऐलान: भोपाल बोट क्लब पर चलेंगे शिकारे, मिलेगा डल झील जैसा अनुभव https://citytoday.co.in/3336 https://citytoday.co.in/3336 भोपाल
     अब शिकारे का आनंद उठाने के लिए आपको कश्मीर की डल झील जाने की जरूरत नहीं होगी। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजधानी में ही आप शिकारे का आनंद उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के बोट क्लब पर शिकारे चलेंगे और यहां की जनता डल झील की तरह लहरों पर शिकारे का आनंद उठा सकेगी। सीएम डॉ. यादव ने यह बात 14 अगस्त को उस वक्त कही, जब वे बोट क्लब पर आयोजित तिरंगा नौका यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई। इस दौरान उन्होंने 'ये देश है वीर जवानों का.., गाना भी गाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में भी आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार भी खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। 

    गौरतलब है कि, गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब का नजारा बदला-बदला सा दिखाई दिया। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे देशभक्ति गीतों ने देखने वालों में उत्साह भर दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। 

    राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष 

    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा है। लेकिन, हमारे विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

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    Thu, 14 Aug 2025 18:45:25 +0530 Newsdesk
    एनएचएम में 83 पदों पर भर्ती, 22 अगस्त से शुरू होगी चॉइस फिलिंग https://citytoday.co.in/3335 https://citytoday.co.in/3335 भोपाल 

    प्रदेश में ऐसी संस्थाओं में गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिक और एनस्थीशिया एक्सपर्ट की बॉन्ड के जरिए नियुक्ति की जाएगी जो सरकार की फर्स्ट रेफरल यूनिट में शामिल की गई हैं। ऐसे हेल्थ सेंटर्स पर बॉन्ड के जरिए 83 पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) डॉक्टर्स की भर्ती की जाए.

    इन डॉक्टर्स को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसको लेकर 24 जुलाई 2025 को फैसला किया है कि प्रदेश में फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) के सुचारू संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं में स्त्री रोग, शिशु रोग एवं निश्चेतना के पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री व डिप्लोमा बॉन्ड अवधि में शामिल माने जाएंगे।

    इसी के चलते फर्स्ट फेज में इनैक्टिव एफआरयू में खाली स्त्री रोग के 35, निश्चेतना के 23 तथा शिशु रोग के 23 पदों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से बॉन्ड भरने वाले स्नातकोत्तर चिकित्सकों (पीजी डॉक्टर्स) का चयन किया जाएगा।

    बॉन्ड में एनएचएम के अंतर्गत काम करने के लिए प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। इसके मुताबिक ऐसी स्वास्थ्य संस्थाओं में बॉन्ड वाले पीजी डॉक्टर्स को एनएचएम की ऑनलाइन वैकेंसी में अलग से केवल रिक्त संस्थाओं में चॉइस फिलिंग की पात्रता होगी।

    बॉन्ड वाले पीजी चिकित्सकों के लिए एनएचएम की वेबसाइट पर अलग से माड्यूल तैयार किया गया है जो 22 अगस्त 2025 से प्रदर्शित होगा। इसमें पहले आने वाले बॉन्ड धारक पीजी डॉक्टर्स को पहले प्राथमिकता दी जाएगी।

    यदि एक ही समय पर एक ही संस्था के लिए एक से अधिक दावेदार आवेदन करते है तो पहले एमडी और एमएस के आधार पर और इसके बाद एमबीबीएस के मार्क्स के आधार पर चयन किया जाएगा। एनएचएम अंतर्गत ऑनलाईन आवेदन के बाद चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों के परीक्षण व सत्यापन का काम इसके लिए गठित समिति द्वारा किया जाएगा इसके बाद ही संस्था का आवंटन किया जावेगा।

    बॉन्ड भरने वाले डॉक्टर्स के लिए यह शर्तें जरूरी

        जिस दिन आदेश जारी होगा, उस तारीख से 10 दिवस की अवधि में बांडधारी चिकित्सकों को अपनी उपस्थिति जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना अनिवार्य है।

        बांड वाले चिकित्सक द्वारा संबंधित जिला चिकित्सालय में 15 दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद आवंटित संस्था पर उपस्थिति देना अनिवार्य है। इस समय में उपस्थित नहीं होने पर यह माना जायेगा कि बॉन्ड शर्तों का का पालन नहीं किया एवं एनएचएम इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये स्वतंत्र होगा।

        पदस्थापना में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

    सिर्फ एक कैजुअल लीव मिलेगी

        डिप्लोमाधारी स्नातकोत्तर चिकित्सकों को 1,10,000 रुपए प्रतिमाह तथा डिग्रीधारी को 1,25,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंग।

        चिकित्सकों को एक आकस्मिक अवकाश की पात्रता हर माह होगी।

        आकस्मिक अवकाश के अलावा मातृत्व अवकाश की पात्रता होगी, किन्तु अन्य अवकाश जैसे अर्जित अवकाश, असाधारण अवकाश आदि की पात्रता नहीं होगी।

        बांड अवधि पूर्ण करने के लिए मातृत्व अवकाश अवधि की समान अवधि के लिए दोबारा काम करना होगा एवं इस अवधि में नियमानुसार पारिश्रमिक व मानदेय की पात्रता होगी।

    वर्किंग रिपोर्ट के आधार पर नई नियुक्ति में मिलेगी प्राथमिकता

        चिकित्सक को दैनिक कार्य की जानकारी हर माह के अंत में संस्था प्रमुख को देना होगी तथा अनमोल एवं एफबीएनसी, एनआरसी एमआईएस में अपने कार्यों की एंट्री करना होगी जिसमें उपस्थिति के आधार पर ही मानदेय के भुगतान की कार्यवाही की जावेगी।

        यह पदस्थापना निश्चित अवधि के लिये है। इस सेवा अवधि के आधार पर चिकित्सक को नियमित नियुक्ति या वरिष्ठता, वेतन वृद्धि आदि संबंधी कोई अधिकार प्राप्त नहीं होंगे।

        बॉन्ड अवधि पूर्ण होने के बाद चिकित्सक को एनएचएम अंतर्गत नए नियुक्ति के लिए समान संस्था में कार्य करने में प्राथमिकता दी जावेगी।

    आचरण को लेकर भी गाइडलाइन

    ऐसे चिकित्सकों के आचरण को लेकर भी गाइडलाइन तय की गई है। इसमें कहा गया है कि चिकित्सक को जहां पदस्थापना की गई है वहां के संस्था के प्रमुख के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करना होगा।

    इस दौरान निष्ठा, कर्तव्य परायणता रखने के साथ ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा जो उसके पद के लिए अशोभनीय है।

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    Thu, 14 Aug 2025 18:42:02 +0530 Newsdesk
    भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम, हर कुत्ते का बनेगा बायोडाटा और लगेगी माइक्रोचिप https://citytoday.co.in/3327 https://citytoday.co.in/3327 भोपाल
     राजधानी भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स द्वारा काटने की घटनाओं ने नगर निगम की चिंताएं बढ़ा दी हैं. पिछले साल 2 बच्चों की जान डॉगी ले चुके हैं. इसके अलावा हजारों लोग डॉग बाइट के शिकार हुए हैं. इसलिए अब भोपाल नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम कसने के लिए नया प्रयोग शुरू करने की तैयारी की है. इसके तहत नगर निगम भोपाल नसबंदी किए जाने के बाद डॉग्स की गर्दन में माइक्रोचिप लगाएगा. इससे स्ट्रीट डॉग के स्टरलाइजेशन में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं पर नकेल कसी जा सकेगी.

    एक क्लिक पर मिलेगी डॉगी की पूरी जानकारी

    चावल के दाने जितनी बड़ी इस चिप में डॉग की यूनिक आइडी सहित उसका पूरा बायोडेटा होता है. भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने बताया "स्ट्रीट डॉग्स के गले में माइक्रोचिप लगने के बाद एक क्लिक से यह पता चलता है कि डॉग का स्टरलाइजेशन किस संस्था ने कब किया. इसका वैक्सीनेशन कब किया गया. डॉग की यूनिक आईडी वाली माइक्रोचिप डॉग के गर्दन में पीछे लगती है. स्ट्रीट डॉगी की नसबंदी में लापरवाही रोकने के लिए माइक्रोचिप लगाई जाएगी. जिसके लिए दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर काम किया जाएगा."

    हर डॉगी की कुंडली होगी नगर निगम के पास

    नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण के अनुसार "माइक्रोचिप में डॉग का पूरा बायोडाटा होता है. डॉग को कहां से पकड़ा, किस स्टरलाइजेशन सेंटर में ले जाया गया. सर्जरी कब हुई और माइक्रोचिप लगाने वाले डॉक्टर का क्या नाम है. डॉग मेल है या फीमेल. ये सारी जानकारियां माइक्रोचिप में होंगी. इससे नसबंदी में होने वाला भ्रष्टाचार रुकेगा. साथ ही संस्थाओं पर निगरानी भी रखी जा सकेगी."

    पिछले साल हुई 22 हजार डॉग्स की नसबंदी

    नगर निगम भोपाल के अनुसार "भोपाल प्रदेश का पहला जिला है, जिसने डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार की है. कार्ययोजना के तहत जनवरी 2024 से जून 2025 तक हर माह डॉग बाइट की घटनाओं की रिपोर्ट पेश की गई." रिपोर्ट के मुताबिक "राजधानी में हर साल 22 हजार डॉग्स नसबंदी की गई है." नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट के अनुसार "2024 में भोपाल में डॉग बाइट के 19,285 मामले दर्ज किए गए, इसका औसत सिर्फ 0.8 प्रतिशत रहा."

    डॉग बाइट्स के मामले में भोपाल छठे नंबर पर

    गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश में डॉग बाइट को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन ने रिपोर्ट जारी की है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम शहर शामिल थे. डॉग बाइट के मामले में रतलाम सबसे ऊपर है. इसके बाद उज्जैन और फिर इंदौर का नंबर आता है. रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर चौथे पायदान पर है.

    पिछले साल दो मासूम की जान ले चुके डॉग्स

    गौरतलब है कि भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स ने पिछले साल जनवरी में 15 दिन के अंदर दो मासूम बच्चों को वीभत्स तरीके से नोचा-खसोटा था. दोनों की मौत हो गई थी. दोनों घटनाएं कटारा हिल्स इलाके में हुई थी. डॉगी के काटने के बाद बच्चों का इलाज हमीदिया अस्पताल में चला लेकिन गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी थी. 

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    Thu, 14 Aug 2025 12:37:27 +0530 Newsdesk
    कोर्ट के आदेश बेअसर, नेताओं और मंत्रियों में हूटर लगाने की होड़ https://citytoday.co.in/3326 https://citytoday.co.in/3326

    भोपाल 

    रसूख के हूटर की चाहत मंत्री-संतरी और नेताओं में इस कदर है कि कोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं है। हैरानी की बात है कि इंदौर हाईकोर्ट के आदेशों की नाफरमानी पुलिस की नाक के नीचे हो रही है। 31 जुलाई को हूटर उतारने के कोर्ट के आदेश 12 दिन बाद भी अमल नहीं हो सके। राजधानी में कोर्ट के आदेश हवा कर हूटर लगे वाहन घूमते दिखे। पत्रिका की फोटो रिपोर्ट से जानिए कैसे नियम हवा हो रहे हैं।

    राजधानी भोपाल में सत्तादल सहित अन्य नेताओं का जमावड़ा बना रहता है। इस बीच भोपाल के पॉलिटेक्निक चौक के पास भोपाल के ही भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र यति का वाहन हूटर लगा दिखा। वहीं कई टैक्सी वाहन भी हूटर लगाकर खुलेआम पुलिस की नजरों के सामने से गुजरते रहे। इन पर कार्रवाई को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिखी।

    पुलिस मुख्यालय का आदेश भी हवा-हवाई

    पुलिस मुख्यालय द्वारा कुछ माह पहले हूटरबाजों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाया गया था। लेकिन पीएचक्यू के आदेशों की इतिश्री पुलिस ने चंद दिनों में कर दी। उसके बाद पूरे मामले को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। हैरानी की बात ये है कि कोर्ट के आदेश जारी होने के बाद भी पुलिस मुयालय की ओर से कोई अभियान नहीं शुरू किया गया।

    जनहित याचिका में सात दिन की दी थी मोहलत

    हूटर को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई करते इंदौर हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर 7 दिन में सभी निजी और अपात्र वाहनों से हूटर, लैश लाइट हटाने और नंबर प्लेट सही करने के आदेश दिए थे। साथ ही प्रमुख सचिव, डीजीपी, कमिश्नर, डिप्टी आरटीओ से ४ हते में जवाब मांगा था।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:27:21 +0530 Newsdesk
    प्रदेश में 99 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बने अपार आईडी https://citytoday.co.in/3325 https://citytoday.co.in/3325 प्रदेश में 99 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बने अपार आईडी

    प्रदेश में 99 लाख से ज्यादा छात्रों के बने डिजिटल आईडी, शिक्षा में नई पहल

    99 लाख विद्यार्थियों की आईडी तैयार, प्रदेश में बढ़ रही डिजिटल सुविधा

    प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि: 99 लाख से अधिक आईडी हुईं तैयार

    अपार आईडी एक राष्ट्र-एक छात्र आईडी के रूप में करेगी काम

    भोपाल

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने प्रदेश में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंड रजिस्ट्री) आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इसका उद्देश्य ‘वन नेशन-वन स्टूडेंट’ के रूप में पहचान देना है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम आईडी मिलेगी। इसके आधार पर विद्यार्थी को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करना आसान होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने अब तक करीब 99 लाख 41 हजार बच्चों की अपार आईडी तैयार कर ली हैं।

    अपार आईडी तैयार करने के लिये विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसी के साथ प्रत्येक विद्यालय पर एक शिक्षक को प्रभारी नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रदेश में ‘अपार’ आईडी बनाने की सहमति अभिभावकों से प्राप्त करने के लिये मीटिंग भी आयोजित की जा चुकी है। प्रदेश में 50 लाख अपार आईडी बनना शेष हैं। इसके लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निश्चित समय-सीमा दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में करीब 65 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से अधिक है।

    अपार आईडी के उपयोग

    ‘अपार’ आईडी शैक्षणिक क्रेडिट बैंक की तरह काम करेगी। इसमें एक डिजिटल स्टोर हाउस होगा, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा उनके शैक्षणिक करियर से संबंधित जानकारी होगी। ‘अपार’ आईडी साझा करने से नये स्कूल में बच्चे के सारे दस्तावेज पहुंच जायेंगे। यदि विद्यार्थी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो उससे संबंधित सारा विवरण दूसरे राज्य में भी स्थानांतरित हो जायेगा। इसके लिये उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होगी। ‘अपार’ आईडी छात्रों के कॅरियर को सशक्त बनायेगी। इस आईडी से ड्रॉपआउट करने वाले बच्चों पर नजर रखी जा सकेगी और उन्हें मुख्य धारा में पुन: लाया जा सकेगा। आईडी डिजिलॉकर इकोसिस्टम तक पहुंचने का प्रवेश द्वार होगा, जो छात्रों को सभी उपलब्धियों जैसे परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, सीखने के परिणामों के अलावा छात्रों के अन्य कौशल प्रशिक्षण जानने में भी सहायक होगा। विद्यार्थी भविष्य में अपनी उच्च शिक्षा या रोजगार के उद्देश्य के लिये क्रेडिट स्कोर का उपयोग कर सकते हैं। अपार आईडी का उपयोग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा, प्रवेश छात्रवृत्ति विवरण, सरकारी लाभ का हस्तांतरण, पुरस्कार जारी करने में भी मान्य किया गया है।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:13:35 +0530 Newsdesk
    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डायल 112 का फ्लैग ऑफ https://citytoday.co.in/3324 https://citytoday.co.in/3324 भोपाल 
    मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश की नवीन आपातकालीन सेवा डायल 112 का शुभारंभ आज दोपहर 12:20 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्‍ट्रीय कन्‍वेंशन सेंटर भोपाल में करेंगे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा भी उपस्थित रहेंगे।

    अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक रेडियो/दूरसंचार श्री संजीव शमी ने बताया कि जन-सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए, मध्यप्रदेश में डायल-100 की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए डायल-112 को एकीकृत, स्मार्ट और बहु-एजेंसी आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा के रूप में स्थापित किया जा रहा है। बढ़ती आवश्यकताओं और बहु-एजेंसी समन्वय को देखते हुए, डायल-112 सेवा शुरू की जा रही है। अब पुलिस (100), स्वास्थ्य/एम्बुलेंस (108), अग्निशमन (101), महिला हेल्पलाइन (1090), साइबर क्राइम (1930), रेल मदद (139), हाईवे एक्सिडेंट रिस्पॉन्स (1099), प्राकृतिक आपदा (1079) और महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन (181, 1098) जैसी सभी सेवाएं एक ही नंबर 112 से उपलब्ध होंगी।

    तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य और सेवा गुणवत्ता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, डायल-112 को अधिक कुशल, बुद्धिमान और नागरिक-जागरूक प्रणाली के रूप में पुनः डिज़ाइन किया गया है। नई तकनीकों—डेटा एनालिटिक्स, रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग और IoT के साथ डायल-112 अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि खतरे का पूर्वानुमान कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सक्षम है।

    नई डायल-112 प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
    1. प्रत्येक शिफ्ट में 100 एजेंट की क्षमता वाला नया कॉन्टैक्ट सेंटर, जिसमें 40 सीटों का डिस्पैच यूनिट है।
    2. PRI लाइनों से SIP आधारित ट्रंक लाइन पर माइग्रेशन, जिससे 112 पर कॉल एक्सेस अधिक सहज हो।
    3. उन्नत बिज़नेस इंटेलिजेंस (BI) और MIS रिपोर्टिंग टूल्स।
    4. नागरिकों और FRV के बीच संपर्क को बेहतर बनाते हुए गोपनीयता बनाए रखने हेतु नंबर मास्किंग समाधान।
    5. FRV के रख-रखाव को ट्रैक करने हेतु समग्र फ्लीट मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर।
    6. चैटबॉट जैसे नॉन-वॉयस माध्यमों द्वारा नागरिकों से संवाद और शिकायतों की ट्रैकिंग।
    7. नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष मोबाइल ऐप्स।
    8. ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) सॉफ़्टवेयर, बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ।
    9. पारदर्शिता के लिए FRVs में डैशबोर्ड कैमरा और बॉडी वॉर्न कैमरा की व्यवस्था।

    मध्य प्रदेश में डायल-112 सेवा (पूर्व में डायल-100 सेवा)
    मध्यप्रदेश में 1 नवम्बर 2015 को शुरू हुई डायल-100 भारत की पहली केंद्रीकृत, राज्य-व्यापी पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा थी। इसने शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों में त्वरित, तकनीक-सक्षम सहायता उपलब्ध कराते हुए जन-सुरक्षा में नया मानक स्थापित किया। इस प्रणाली का संचालन भोपाल स्थित अत्याधुनिक सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से किया गया। नागरिक टोल-फ्री नंबर 100 पर कॉल करते थे, जहां प्रशिक्षित कॉल-टेकर कंप्यूटर-सहायता प्राप्त डिस्पैच सॉफ़्टवेयर के माध्यम से निकटतम उपलब्ध डायल-100 (FRV) की पहचान कर तुरंत रवाना करते थे। इसमें 1,000 जीपीएस-सक्षम चार-पहिया FRV और 150 दो-पहिया इकाइयाँ शामिल थीं, जिन्हें मोबाइल फोन और मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) से लैस किया गया था। डायल-100 कॉल सेंटर में आपात स्थिति में कॉलर की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लोकेशन बेस्ड सिस्टम (LBS) स्थापित है। पुलिस के ये इमरजेंसी वाहन अतिशीघ्र सहायता स्थल तक पहुंचते हैं, जिससे न्याय को जन-जन के द्वार तक पहुंचाने का संकल्प डायल-100/112 के माध्यम से सार्थक हो रहा है।

    डायल-100 द्वारा आपातकालीन सहायता में रिकॉर्ड उपलब्धियां (विगत दस वर्षों में )
    डायल-100 सेवा के आरंभ होने से लेकर जून-2025 तक कुल 8 करोड़ 99 लाख 04 हजार 390 कॉल प्राप्त हुये, जिनमें से 2 करोड़ 07 लाख 91 हजार 177 कार्यवाही लायक कॉल थे। इनमें से 1 करोड़ 97 लाख 02 हजार 536 पर डायल 100 द्वारा जनता को मदद पहुंचाई गयी।

        वरिष्ठ नागरिकों को सहायता – 2,23,288
        महिला सुरक्षा हेतु त्वरित प्रतिक्रिया – 19,71,396
        परित्यक्त नवजात शिशुओं का बचाव – 1,300
        सड़क दुर्घटनाओं में जीवन दायनी सहायता – 12,48,621
        लापता बच्चों की रिपोर्टिंग और खोज – 27,112
        आत्महत्या और अवसाद से जुड़ी घटनाओं में समय रहते प्रतिक्रिया – 2,64,347

     

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    Thu, 14 Aug 2025 12:03:14 +0530 Newsdesk
    बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत रंग https://citytoday.co.in/3323 https://citytoday.co.in/3323 बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत रंग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग होंगे शामिल

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत मध्यप्रदेश खेल विभाग का आयोजन

    भोपाल

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत मध्यप्रदेश खेल विभाग द्वारा राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में देशभक्ति से ओत-प्रोत विशाल जल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 14 अगस्त 2025 की सुबह 9:30 बजे प्रारंभ होगा।

    इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। मध्यप्रदेश खेल विभाग ने सभी नागरिकों से अपील किया है कि वे इस अनोखे आयोजन का हिस्सा बनकर देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करें।

    बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का रंग

    तिरंगा यात्रा में 50 से अधिक बोट बड़े तालाब की लहरों पर तिरंगे के साथ देशभक्ति का अद्वितीय संदेश देंगी। 100 से अधिक वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे और विभिन्न स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के माध्यम से देशभक्ति की अद्भुत मिसाल पेश करेंगे।

    यह कार्यक्रम न केवल राजधानीवासियों के लिए एक रोमांचक और प्रेरणादायक अनुभव होगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रप्रेम, एकता और समर्पण का संदेश भी देगा।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:00:13 +0530 Newsdesk
    मंत्री विजय शाह केस में SIT पेश करेगी स्टेटस रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई https://citytoday.co.in/3313 https://citytoday.co.in/3313 भोपाल 

     कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसआईटी की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाएगी। पिछली बार कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी को निष्ठाहीन बताते हुए नाराजगी जताते हुए तल्ख टिप्पणी की थी।

    आपको बता दें कि, मंत्री विजय शाह ने एक सभा के दौरान मंच से भाषण देते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बता दिया था। मंत्री विजय शाह के इस विवादित बयान से जुड़े मामले पर आगामी 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

    सीएम के साथ दिखे विजय शाह

    विजय शाह मंगलवार को दिल्ली में संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री डा .मोहन यादव के साथ दिखे। मुख्यमंत्री ने यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट के बाद मीडिया से बात की तब भी शाह उनके आसपास ही थे। माना जा रहा है कि इस मामले में विजय शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी सफाई देने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को

    सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को है। इसके पहले 28 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने विजय शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर तल्ख टिप्पणी की थी। 28 जुलाई को सुनवाई के पहले विशेष जांच टीम ने विजय शाह के भी बयान लिए थे। उल्लेखनीय है कि टीम यह जांच कर रही है कि शाह का वीडियो वास्तविक है या नहीं। उन्होंने सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी क्यों की।

    आज पेश होगी रिपोर्ट

    बता दें कि मंत्री शाह के बयान पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पिछले महीने 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एसआईटी से आज केस की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

    मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट 18 अगस्त को सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी पर भी तल्ख टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट में बीते 28 जुलाई को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की थी।

    कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।

    सीएम के साथ संसद में नजर आए थे शाह इससे पहले मंगलवार को मंत्री विजय शाह संसद भवन परिसर में नजर आए। वे सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ दिखे।

    दरअसल, मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने संसद भवन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इसी दौरान मंत्री शाह भी वहीं नजर आए।

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    Wed, 13 Aug 2025 15:22:30 +0530 Newsdesk
    गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में पैरामेडिकल कोर्स के लिए प्रवेश — आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त https://citytoday.co.in/3310 https://citytoday.co.in/3310 विवेक झा, भोपाल, 13 अगस्त।
    शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल ने सत्र 2025-26 के लिए विभिन्न पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं 18 अगस्त 2025 की दोपहर 5 बजे तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    कॉलेज प्रशासन के अनुसार, आवेदन पत्र सरकारी वेबसाइट www.gmcbhopal.net से या निर्धारित लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन शुल्क ₹600 ऑनलाइन जमा करने के बाद, उसकी स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी। पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र अधिष्ठाता कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल (मध्यप्रदेश) के पते पर अंतिम तिथि से पहले जमा कराना अनिवार्य है।

    पात्रता एवं कोर्स विवरण

    विज्ञापन के अनुसार, पैरामेडिकल कोर्स में निम्नलिखित प्रमुख कार्यक्रम, सीटें और अवधि शामिल हैं—

    कोर्स का नाम सीटें अवधि
    बी.एससी. मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी 40 3 वर्ष
    बी.एससी. रेडियोग्राफी 30 3 वर्ष
    बी.एससी. ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी 20 3 वर्ष
    बी.एससी. डायलिसिस टेक्नोलॉजी 15 3 वर्ष
    डिप्लोमा रेडियोग्राफी 20 2 वर्ष
    डिप्लोमा लैब टेक्नोलॉजी 20 2 वर्ष
    डिप्लोमा कार्डियक केयर 15 2 वर्ष
    डिप्लोमा इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर 15 2 वर्ष
    ऑक्यूपेशनल थेरेपी डिप्लोमा 10 2 वर्ष
    सर्टिफिकेट इन फिजियोथेरेपी असिस्टेंट 10 1 वर्ष
    सर्टिफिकेट इन डेंटल हाइजीन 10 1 वर्ष

    पात्रता मानदंड के तहत, अभ्यर्थी को मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान संकाय (Physics, Chemistry, Biology) में 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुछ कोर्सों के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित है।

    आवेदन की प्रक्रिया

    1. वेबसाइट से डाउनलोड करें — आवेदन पत्र www.gmcbhopal.net से डाउनलोड करें।

    2. शुल्क जमा करें — ₹600 की आवेदन फीस ऑनलाइन भुगतान करें और उसकी रसीद का स्क्रीनशॉट लें।

    3. दस्तावेज़ संलग्न करें — आवेदन पत्र के साथ भुगतान की रसीद की फोटोकॉपी एवं आवश्यक शैक्षणिक/जन्मतिथि प्रमाण पत्र संलग्न करें।

    4. ऑफलाइन जमा करें — आवेदन पत्र व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम से अधिष्ठाता कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल को भेजें।

    महत्वपूर्ण निर्देश

    • अपूर्ण या समयसीमा के बाद प्राप्त आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

    • सभी प्रमाण पत्र स्व-प्रमाणित होने चाहिए।

    • चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए विज्ञान विषयों में प्राप्त अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    • प्रवेश सूची एवं परामर्श तिथियां बाद में कॉलेज वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएंगी।

    महत्वपूर्ण तिथि:

    • आवेदन की अंतिम तिथि — 18 अगस्त 2025 (दोपहर 5 बजे तक)

    कॉलेज प्रबंधन ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है। साथ ही, जानकारी को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में साझा करने का अनुरोध किया गया है।

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    Wed, 13 Aug 2025 13:00:23 +0530 Newsdesk
    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शासकीय आवास पर फहराया तिरंगा https://citytoday.co.in/3309 https://citytoday.co.in/3309 उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने शासकीय आवास पर फहराया तिरंगा

    हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता की अपील

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत भोपाल स्थित उनके शासकीय आवास पर तिरंगा फहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने घर, कार्यालय और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रप्रेम की भावना को और सशक्त करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक नागरिक के हृदय में देशभक्ति का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता की अपील की है।

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    Tue, 12 Aug 2025 18:30:03 +0530 Newsdesk