City Today & : भोपाल https://citytoday.co.in/rss/category/bhopal City Today & : भोपाल en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED कोलकाता की गलियों में उतरे CM मोहन यादव, बोले – बंगाल अब बदलाव चाहता है, TMC पर बड़ा हमला https://citytoday.co.in/5567 https://citytoday.co.in/5567 भोपाल /कलकत्ता

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Kolkata की गलियों में उतरकर जोरदार प्रचार किया। कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में उन्होंने घर-घर और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

घर-घर पहुंचकर जनता से जुड़ने की कोशिश
सीएम डॉ. यादव ने गलियों में घूमते हुए आम नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जनकल्याण की योजनाओं की रफ्तार कई गुना तेज होगी।

सीएम ने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल डबल इंजन सरकार के तहत नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज विकास के साथ आगे बढ़ेगा। हर वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा।

मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में काफी गरीबी है और हालात चिंताजनक हैं। युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को परिवार चलाने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश के सबसे बेहतर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन पहले कम्युनिस्ट सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने राज्य को विकास की राह से पीछे धकेल दिया।

सीएम ने कहा कि बंगाल में विकास की असीमित संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अब यहां की जनता टीएमसी शासन से मुक्ति चाहती है। यदि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तो विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री लगातार कार्य कर रहे हैं। बंगाल के उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार आवश्यक है।

‘बंगाल बदलाव चाहता है’ – सीएम यादव
Mohan Yadav ने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। उनका दावा है कि “डबल इंजन सरकार” आने पर राज्य में नई ऊर्जा और तेज प्रगति देखने को मिलेगी।

रोजगार और गरीबी पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में गरीबी और बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है।

टीएमसी और वामपंथ पर साधा निशाना
सीएम यादव ने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्ट सरकार और बाद में All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि कभी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बंगाल आज विकास की दौड़ में पिछड़ गया है।

विकास की संभावनाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और अगर राज्य देश के साथ कदम मिलाकर चले, तो यह फिर से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के हर वर्ग—युवा, महिला, किसान और गरीब—के लिए काम हो रहा है।

सीएम डॉ. यादव का यह रोड प्रचार बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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Sat, 18 Apr 2026 18:47:18 +0530 news desk MPcg
सेज की मनमानी पर कार्रवाई: सागर ग्रीन हिल्स के 16 पेंट हाउस अवैध, अनुमतियां निरस्त https://citytoday.co.in/5559 https://citytoday.co.in/5559 भोपाल

कोलार क्षेत्र की सागर ग्रीन हिल्स कॉलोनी में बने 16 पेंट हाउस अवैध बने हैं। इन पेंट हाउस के लिए साल 2013 में कोलार नगरपालिका ने अनुमति दे दी थी, जबकि भूमि विकास नियम-2012 में इसका प्रावधान नहीं था। यह मामला 2021 में सामने आया था, तब से अब तक चल रही जांच और पत्राचार के बाद नगरीय विकास विभाग ने 16 अप्रैल को इस पर सुनवाई रखी है। इस सुनवाई में बिल्डर के साथ पेंट हाउस के खरीदार और नगर निगम आयुक्त को बुलाया गया है।

नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया।

सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया।

गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई।

राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ी
नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था।

रिटेनिंग वॉल में दरारें, कैंपस की जमीन सीलन की वजह से धंसने लगी
जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है।

नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण
सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।

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Sat, 18 Apr 2026 16:02:43 +0530 news desk MPcg
जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5553 https://citytoday.co.in/5553 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

ज्ञान भारतम ऐप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Sat, 18 Apr 2026 13:03:58 +0530 news desk MPcg
भीषण गर्मी के चलते कलेक्टर का आदेश, अब दोपहर 12 बजे तक ही लगेंगी स्कूल https://citytoday.co.in/5551 https://citytoday.co.in/5551 भोपाल. 
राजधानी भोपाल में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों की कक्षाएं अब दोपहर 12 बजे तक सीमित कर दी हैं। भोपाल में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

नया टाइमिंग क्या रहेगा
कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी
प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी अधिकतम दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगी
यह नियम सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।

सभी बोर्ड के स्कूल शामिल
यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई , आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू किया गया है। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर सकते हैं, लेकिन 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से तय परीक्षाएं और जरूरी कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

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Fri, 17 Apr 2026 20:36:19 +0530 news desk MPcg
प्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, बैठकों और दौरों के लिए तय की गई सख्त टाइमलाइन, टिफिन मीटिंग भी होगी https://citytoday.co.in/5548 https://citytoday.co.in/5548 भोपाल 

मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पहली बार बैठकों और प्रवास के लिए सख्त टाइमलाइन तय की है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता को महीने भर की गतिविधियों का स्पष्ट शेड्यूल मिलेगा।

पहले 10 दिन: दौरे और जिला बैठकें
नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ नेता महीने के शुरुआती 10 दिनों में मैदानी दौरों और जिला स्तरीय बैठकों पर फोकस करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

पहला सप्ताह: मंडल स्तर पर फोकस (1–7 तारीख)
महीने के पहले सप्ताह में मंडल स्तर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि मंडल और वार्ड स्तर तक समन्वय मजबूत हो सके।

दूसरा सप्ताह: जिला स्तर की बैठकें (7–10 तारीख)
दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर बैठकें होंगी। संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।

तीसरा सप्ताह: प्रदेश बैठकें और प्रवास (11–20 तारीख)
महीने के मध्य में प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास का आयोजन होगा। 15 से 20 तारीख के बीच महत्वपूर्ण बैठकें होंगी, जबकि मोर्चा अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।

चौथा सप्ताह: मंडल और शक्ति केंद्र बैठकें (21–25 तारीख)
इस दौरान मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी। इनमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम और बूथ स्तर की रणनीति तय की जाएगी।

प्रदेश स्तरीय बैठक और वरिष्ठ नेताओं के दौरे
महीने के बीच का समय अब प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के दौरे के लिए रखा गया है। हर महीने 15 से 20 तारीख के बीच प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारी की अहम बैठकें होंगी।

इसी दौरान 11 से 20 तारीख के बीच मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा करेंगे। यह तय किया गया है कि, सभी मोर्चा अध्यक्ष एक ही जगह पर न रुककर अलग-अलग इलाकों में जाकर संगठन के कामों की समीक्षा करेंगे।

मन की बात कार्यक्रम
महीने के चौथे हफ्ते में अब विशेष इकाइयों और शक्ति केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा। 21 से 25 तारीख के बीच मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी।

इस दौरान खास तौर पर अगले रविवार को होने वाले पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम और बूथ समिति की बैठक का एजेंडा तय किया जाएगा। ये बैठकें हर महीने दो महीने के रोटेशन के आधार पर 50% मंडलों में आयोजित की जाएंगी।

अंतिम सप्ताह (23 से 30 तारीख): टिफिन बैठक

महीने के अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस्य और एकता बढ़ाने के लिए अनोखी ‘टिफिन बैठक’ का आयोजन किया जाएगा। शक्ति केंद्र टोली की बैठक के बाद 23 से 30 तारीख के बीच यह बैठक अनिवार्य रूप से होगी।

इसके साथ ही, महीने के आखिरी रविवार को बूथ स्तर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें बूथ की 11 सदस्यीय टीम के साथ स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और प्रमुख मतदाताओं को भी शामिल किया जाएगा।

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Fri, 17 Apr 2026 18:12:41 +0530 news desk MPcg
केदारनाथ धाम में बर्फ की चादर के बीच खुलेंगे कपाट, ग्लेशियर्स काटकर बना स्नो कॉरिडोर, 5.96 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन https://citytoday.co.in/5546 https://citytoday.co.in/5546 भोपाल / Kedarnath 
22 अप्रैल को बर्फ की चादर के बीच केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया गया है । केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम के चारों ओर भारी बर्फबारी के कारण लगभग 4-10 फीट (कुछ स्थानों पर 18 फीट तक) बर्फ की मोटी चादर जम गई है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मजदूर मिलकर युद्धस्तर पर बर्फ काटकर मंदिर परिसर और पैदल मार्ग को तैयार करने में लगे हुये हैं।

बर्फ की चादर में व्यवस्थाओं का खास ध्यान
रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बातचीत में बताया कि 100 से ज्यादा श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। बर्फ की मोटी परतें अभी भी चुनौती प्रस्तुत कर रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास 2 से 3 फीट बर्फ जमी हुई है। पहले ये 4 से 5 फीट थी, लेकिन अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

ग्लेशियरों की चुनौती, लेकिन तैयारी पूरी
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर कई जगह ग्लेशियर टूटकर गिर गए हैं। इन क्षेत्रों में 3 से 4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। थारू और चोराबारी ग्लेशियरों का टूटना मुश्किलें ला रहा है, लेकिन मजदूरों ने इन 8 से 10 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया है। श्रद्धालुओं को इस अद्भुत अनुभव का गवाह बनने का मौका मिलेगा।

दर्शनों में कोई पाबंदी नहीं
कई बार बर्फबारी के बाद यात्रियों की संख्या पर पाबंदी लगने की अफवाहें उठती हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर स्पष्ट कर दिया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, और धाम में इनकी आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा में बाधा नहीं
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ कर दी गई है, जिससे हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। इस बार की यात्रा पिछले साल की अपेक्षा पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालु 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

धार्मिक परंपराओं का रहेगा पालन
मंदिर की सफाई से लेकर कपाट खुलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। इस वर्ष की यात्रा का समय पिछले साल की तुलना में पहले होगा।

बर्फबारी का अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बर्फ का पिघलना सामान्य है, लेकिन इस बार मौसम भिन्न है। 2023 के बाद ऐसा भारी बर्फबारी का दृश्य श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों के करीब है।

थारू-चोराबारी ग्लेशियर काटकर रास्ता बनाया गया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, थारू और चोराबारी जैसे ग्लेशियरों के टूटकर रास्ते में आने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। यहां बर्फ की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई थी। मजदूरों ने इंसानी कद से भी ऊंची इन बर्फ की दीवारों को काटकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया है।

जब श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों तरफ 8-9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें होंगी, जो एक अद्भुत अनुभव होगा।

कपाट खुलने से पहले पूरी होंगी तैयारियां
डीएम ने बताया कि यात्रा की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू (लाइन को व्यवस्थित तरीके से संभालना) मैनेजमेंट के साथ ही सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारनाथ का मुख्य पहुंच मार्ग अब पूरी तरह से साफ करा दिया गया है। इस भारी बर्फ को हटाने और मार्ग को सुचारू करने के लिए 100 से अधिक अनुभवी मजदूरों को लगाया गया है।

अब सिर्फ मंदिर परिसर के पास जमी बर्फ को हटाने का काम अंतिम चरण में है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली के धाम पहुंचने से पहले मंदिर, परिक्रमा स्थल भी पूरी तरह बर्फ से साफ हो जाएगा।

श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं
अक्सर भारी बर्फबारी के बाद यह अफवाहें उड़ने लगती हैं कि शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या सीमित की जाएगी, लेकिन प्रशासन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं की गई है।

बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हुई बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। धाम में बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ
हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अच्छी खबर है। केदारनाथ स्थित हवाई पट्टी (हेलीपैड) से पूरी बर्फ साफ कर दी गई है। अब हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में कोई बाधा नहीं है।

धार्मिक परंपराओं और शेड्यूल में बदलाव नहीं
भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर के सफाई अभियान से लेकर कपाट खुलने के तय मुहूर्त और शेड्यूल में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही यात्रा
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

2023 के बाद फिर दिखेगा ऐसा अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर अप्रैल के अंत तक केदारनाथ में बर्फ काफी हद तक पिघल जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग है। कपाट खुलने के समय इतनी भारी बर्फबारी का नजारा 2023 के बाद फिर देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हिमालय के बीच बाबा केदार के दर्शन का खास अनुभव मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पिछले साल 2025 में करीब 17.68 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

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Fri, 17 Apr 2026 16:07:09 +0530 news desk MPcg
10वीं में 99.4% लाने वाली हिमांशी धाकड़ को मनोज शुक्ला का तोहफा, लैपटॉप देकर बढ़ाया हौसला https://citytoday.co.in/5533 https://citytoday.co.in/5533 मेधावी छात्रा हिमांशी धाकड़ की बड़ी उड़ान: 10वीं में 99.4% अंक पाकर प्रदेश में नाम रौशन किया,

कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने उपहार में दिया लैपटॉप 

भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों में राजधानी भोपाल की हिमांशी धाकड़ ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हिमांशी ने 500 में से 497 अंक (99.4%) प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

 कलेक्टर बनने का है सपना
हिमांशी की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में नरेला क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला उनके निवास पहुँचे। उन्होंने हिमांशी को मिठाई खिलाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जब मनोज शुक्ला ने उनसे भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, तो हिमांशी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वह UPSC की तैयारी कर IAS ऑफिसर (कलेक्टर) बनना चाहती हैं।

 मदद के लिए आगे आए मनोज शुक्ला
हिमांशी ने बातचीत के दौरान बताया कि आगे की पढ़ाई और कोचिंग के लिए उन्हें एक लैपटॉप की सख्त जरूरत है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मनोज शुक्ला तुरंत उन्हें अपने साथ 'मंगलम' इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम ले गए और उन्हें उनकी पसंद का नया लैपटॉप उपहार स्वरूप प्रदान किया। शुक्ला ने उसे एक मोबाइल भी दिलाया। कुल मिलाकर उन्होंने हिमांशी को करीब एक लाख रुपए का गिफ्ट दिया।

इस अवसर पर मनोज शुक्ला ने कहा:
> "नरेला की इस बेटी ने अपनी मेहनत से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। संसाधनों की कमी किसी भी मेधावी छात्र के सपने के बीच नहीं आनी चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि हिमांशी एक दिन कलेक्टर बनकर देश की सेवा करेगी।"

परीक्षा परिणाम पर एक नजर
हिमांशी के अंकों का गणित उनकी मेहनत को साफ़ दर्शाता है:
* गणित और विज्ञान: 100 में से 100 अंक
* अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान: 99 अंक
* हिंदी: 96 अंक

हिमांशी की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे नरेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। 

इस अवसर पर अनूप पांडे, अमित खत्री, सुरेश साहू, विजेंद्र शुक्ला, संदीप सरवैया, तरुण विश्वकर्मा, दिनेश माली, केशव मौर्य एवं तारिक अली आदि मौजूद थे।

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Thu, 16 Apr 2026 18:21:54 +0530 news desk MPcg
हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5528 https://citytoday.co.in/5528 हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग हो रहा है आरंभ
16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की होगी मंगलमय तारीख
विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील
मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का है उत्कृष्ट उदाहरण
जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन'' को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और सांसद श्रीमती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।

मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन श्रीमती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद श्रीमती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं।

महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा।

सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : सुश्री भूरिया

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 तक लंबा इंतजार किया गया था। श्रीमती गौर ने वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं के 14% और मध्यप्रदेश विधानसभा में 11% के सीमित प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि 33% आरक्षण का यह कानून इस खाई को पाटकर महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने वाली निर्णायक भूमिका में लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि नारी शक्ति को 'लाभार्थी' से 'राष्ट्र निर्माण की सारथी' बनाने की एक विचार यात्रा है, जहाँ महिलाएँ अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की बेटियों के आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी जीवन की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जब नारी सशक्त और निर्णायक भूमिका में होगी, तभी राष्ट्र पूर्णतः सशक्त होगा।

नारी अब प्रतिभागी नहीं, नेतृत्व की भूमिका में है : श्रीमती पैठणकर

मातृशक्ति वंदन कार्यक्रम में शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठणकर ने नारी के गौरवशाली स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल संघर्ष की 'चिंगारी' ही नहीं, बल्कि स्नेह और सुगंध बिखेरने वाला 'फूल' भी माना गया है। उन्होंने भगवद गीता के संदर्भ से स्त्री के सात दिव्य गुणों—श्री, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को उनकी स्वाभाविक शक्ति बताया, जो परिवार को संस्कारों से जोड़े रखती है। अपने संबोधन में उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा के प्रति संघर्ष, जीजाबाई के संस्कारों, रानी लक्ष्मीबाई व दुर्गावती के शौर्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श प्रशासन का उल्लेख करते हुए बताया कि इतिहास से वर्तमान तक नारी ने हर कठिन परिस्थिति में समाज के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही आज महिलाएँ सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सुश्री पैठणकर ने आह्वान किया कि नारी अब केवल प्रतिभागी नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में है और अपनी सृजनशीलता व सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में निर्णायक योगदान दे रही है।

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Thu, 16 Apr 2026 12:39:39 +0530 news desk MPcg
इंतजार हुआ खत्म, एमपी बोर्ड का 10वीं और 12वीं रिजल्ट कुछ घंटों में, मोहन यादव करेंगे जारी https://citytoday.co.in/5526 https://citytoday.co.in/5526 भोपाल 
 माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट का इंतजार कुछ घंटों में खत्म होने जा रहा है. एमपी बोर्ड की दोनों ही परीक्षाओं का रिजल्ट 15 अप्रेल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। 

मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट
छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।

 16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे एमपी बोर्ड परीक्षा में

16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में

एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं। 

रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद
इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है। 

एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े

    साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.
    साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.
    साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.

    mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है।

कैसे चेक करें रिजल्ट?

    सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

    होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें

     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें

     इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा

    भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें

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Tue, 14 Apr 2026 20:11:22 +0530 news desk MPcg
एमपी बीजेपी की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई, कैबिनेट विस्तार और निगम&मंडल पर होगी अहम चर्चा https://citytoday.co.in/5524 https://citytoday.co.in/5524 भोपाल

आज यानी 14 अप्रैल को एमपी बीजेपी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। भाजपा कोर कमेटी की यह बैठक भोपाल में आयोजित होने जा रही है। बैठक में कैबिनेट विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के 16 दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसी के साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक में वर्तमान मुद्दों और आगे की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

बीजेपी शीर्ष नेतृत्व की बड़ी बैठक आज
मंगलवार को एमपी बीजेपी की बड़ी बैठक है। यह बैठक भोपाल में स्थित सीएम निवास में आयोजित की जाएगी। शाम करीब सात बजे बैठक शुरु होगी। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल शामिल होंगे। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

इन दो मुद्दों पर होगी खास चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी प्रदेश कोर कमेटी की इस बैठक में राज्य के निगम-मंडलों में नियुक्तियों और मंत्रीमंडल के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है। इन दोनों मामलों को लेकर पार्टी में काफी समय से असमंजस बना हुआ है। उम्मीद है कि आज की बैठक में शीर्ष नेता इन मुद्दों पर स्थिति साफ कर सकते हैं।

प्रदेश कोर समिति के ये 16 सदस्य होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और सांसद वीडी शर्मा, सांसद लता वानखेड़े, नरोत्तम मिश्रा व अरविंद भदौरिया शामिल होंगे।

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Tue, 14 Apr 2026 18:25:16 +0530 news desk MPcg
डॉ. अंबेडकर की 136वीं जयंती: CM मोहन यादव ने किया माल्यार्पण, पढ़ी संविधान की प्रस्तावना https://citytoday.co.in/5521 https://citytoday.co.in/5521 राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा।

पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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Tue, 14 Apr 2026 17:58:37 +0530 news desk MPcg
भाजपा प्रदेश कार्यालय में गूंजा ‘नारी शक्ति वंदन’ का संदेश : PM नरेंद्र मोदी के संबोधन को महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साह से सुना https://citytoday.co.in/5515 https://citytoday.co.in/5515 भोपाल.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को नई दिल्ली में दिए गए संबोधन को देश भर सहित मध्यप्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ताओं द्वारा श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन को भाजपा प्रदेश कार्यालय में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियां एवं हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं व मातृशक्ति ने सुना।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम की प्रदेश टोली की सह संयोजक अश्विनी परांजपे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर की नारी शक्ति को संबोधित करते हुए महिलाओं की भागीदारी को सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई। अभियान के तहत महिलाओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। साथ ही 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर भी अधिनियम के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया। इस पहल से महिलाओं में जागरूकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नारी शक्ति ने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा की प्रदेश में महामंत्री मोना सुस्तानी ने किया। आभार महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वंदना जाचक ने माना।

इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक साधना स्थापक, महिला मोर्चा महामंत्री ज्योति सिंह राजपूत, कार्यालय मंत्री भावना सिंह, सह कार्यालय मंत्री विमला तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी हर्षा सिंह ठाकुर, आईटी प्रभारी सुधा सुखियानी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी स्मृति जैन, सह सोशल मीडिया प्रभारी सारिका उपाध्याय, नीति एवं शोध सह प्रभारी इंदु चौधरी सहित हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ता व मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

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Mon, 13 Apr 2026 20:18:53 +0530 news desk MPcg
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम&2023’ पर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, स्वीकृति को बताया ऐतिहासिक पहल https://citytoday.co.in/5513 https://citytoday.co.in/5513 भोपाल.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33% स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में 8 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि उत्पादक और एफपीओ शामिल हुए। कार्यशाला में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने, खेत से कारखाने तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाने ,कम पानी में उत्पादन की फसल बढ़ाने और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यशाला मे सहभागी किसानों को कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई। कार्यशाला के निष्कर्ष किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों एवं कीमतों के रुझानों के बावजूद केन्द्र सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आभार माना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार मानते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री मण्डल ने 8 अप्रैल 2026 को फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरको जैसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है।केन्द्रीय मंत्री मण्डल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिये फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषण तत्व आधारित सब्सिडी के लिये 41 हजार 833 करोड़ रुपए की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति दी, जो विगत वर्ष से 4,317 करोड़ रूपये अधिक है।

खरीफ सीजन 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे। केन्द्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रायसेन में 11 अप्रैल से आरंभ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, कम्यूनिटी एवं इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग एवं कृषि एव बागवानी से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं और खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये गये हैं। इनमें विभिन्न कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ एफपीओ तथा किसान बंधु भाग ले रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट में अब विकास की गंगा बहेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में नक्सल ग़तिविधियों का उन्मूलन हो गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जायेगा। आगामी माह बालाघाट में जनजातीय महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें सांस्कतिक और खेल गतिविधियों के साथ-साथ विकास से जुड़े हुये सभी विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और मेगा स्वास्थ्य शिविर तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जायेगा साथ ही विभिन्न पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जाएंगे।

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Mon, 13 Apr 2026 19:47:12 +0530 news desk MPcg
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का भव्य समापन, हजारों किसानों के साथ कृषि बदलाव का नया संकल्प https://citytoday.co.in/5512 https://citytoday.co.in/5512 रायसेन/ भोपाल
 राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया। 

शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ

रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए विकास की नई सौगात दी। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा। 

ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है

अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके। 

गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। 

जल संरक्षण पर विशेष बल

जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रुकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा। उन्होंने “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में” का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है, वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुँच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएँ बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। 

उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है। 

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएँ, सीखकर जाएँ और उसे खेत में लागू करें। उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे। 

शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल की म.प्र. की कृषि उपलब्धियों की सराहना

गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा। 

यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “उन्नत कृषि महोत्सव” कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहाँ मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की माटी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियाँ अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी। 

दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा

उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें। चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी। 

रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी तथा राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि जो संकल्प लिए गए हैं, वे केवल घोषणा बनकर न रह जाएँ, बल्कि पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरें। 

किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील

चौहान ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में खेती से जुड़ी अनेक सेवाएँ, योजनाएँ और प्रक्रियाएँ इससे आसान होंगी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी जिंदगी बदलने, उनके चेहरे पर मुस्कान लाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। 

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में कृषि को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा

अपने संबोधन में चौहान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करते हुए कहा कि वे ऐसे मंत्री हैं जो असंभव को संभव करके दिखाते हैं, नई तकनीक और नवाचार से देश में समृद्धि लाने का काम करते हैं और समयबद्ध कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में कृषि को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा और किसानों की सेवा ही सरकार के लिए सर्वोच्च दायित्व है। 

किसानों को हितलाभों का वितरण

समापन सत्र में किसानों को हितलाभों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री करण सिंह वर्मा, नारायण सिंह पवार, नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, रमाकांत भार्गव, हरि सिंह रघुवंशी, हरि सिंह सप्रे, मुकेश टंडन, गोपाल सिंह इंजीनियर, आशीष शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी तथा हजारों किसान भाई-बहन उपस्थित रहे।

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Mon, 13 Apr 2026 19:29:55 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में बिछेगा सड़कों का जाल, इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार का बड़ा कदम, कैबिनेट मीटिंग में लिए गए अहम फैसले https://citytoday.co.in/5509 https://citytoday.co.in/5509  भोपाल
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा।

सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश

स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:

    एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।

    MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी।

बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल

    बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:
    बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
    बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परिवहन और आर्थिक विकास का आधार

लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं।

सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया।

प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति

परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति

इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई।

लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

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Mon, 13 Apr 2026 16:35:19 +0530 news desk MPcg
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का समापन, केंद्रीय मंत्री गडकरी और शिवराज होंगे शामिल https://citytoday.co.in/5508 https://citytoday.co.in/5508 भोपाल
 केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी आज मध्य प्रदेश के एकदिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी अनुभा सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री गडकरी दोपहर दो बजे भोपाल से प्रस्थान कर दोपहर 02.20 बजे रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुचेंगे तथा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की समीक्षा करेंगे। इसके उपरांत उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण में सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय मंत्री गडकरी शाम 05.10 बजे रायसेन से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

भोपाल से रायसेन पहुंचेंगे गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर 12 बजे भोपाल से प्रस्थान कर रायसेन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे। वे यहां सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचेंगे जीतू पटवारी
उन्नत कृषि महोत्सव में मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 
भी आने का ऐलान किया है। वे किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गौरतलब है कि किसानों को जागरूक करने के लिए यह उन्नत कृषि महोत्सव 11 अप्रैल से रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज सोमवार को अंतिम दिन है।

 नहीं जा पा रहे जीतू पटवारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में रायसेन में तीन दिवसीय कृषि मेले का आज समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज इस मेले के समापन में शामिल होंगे।

इधर, एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वे रायसेन नहीं जा पा रहे है। रायसेन रोड पर आनंद नगर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका गया है।

पुलिस के पहरे में पटवारी, नहीं मिली अनुमति पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज सुबह से ही रायसेन जाने की तैयारी में थे। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे टकराव नहीं बल्कि संवाद चाहते थे।

उन्होंने कहा, “मेरा मन कृषि मेले में जाने का है और मैंने पहले ही कहा था कि जब शिवराज जी अनुमति देंगे, तभी जाऊंगा।” पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी और तय किया था कि अगर अनुमति नहीं मिली तो वे मेले के आखिरी दिन वहां पहुंचेंगे।

पटवारी ने बताया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे केवल मेले में जाकर खेती की आधुनिकता को समझना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है।

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Mon, 13 Apr 2026 15:11:33 +0530 news desk MPcg
डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री डॉ यादव https://citytoday.co.in/5500 https://citytoday.co.in/5500 डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव
तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।

 मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है।

महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा।

आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी।

कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया। 

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Mon, 13 Apr 2026 12:44:10 +0530 news desk MPcg
किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह https://citytoday.co.in/5499 https://citytoday.co.in/5499 भोपाल. 
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं।

प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता है। इस क्षेत्र में युवा साथी नया स्टार्ट-अप शुरू कर किसानों को बिचौलियों और साहूकारों के चंगुल से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। गांवों के युवा इससे जुड़ेंगे तो खेती गर्व का विषय बनेगा और हमारे किसान आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।

मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर हैं केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश में बीईएमएल के पहले रेल कारखाने का भूमि-पूजन हुआ है और आज वे किसानों को अपना मार्गदर्शन देने आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनाथ सिंह मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर केन्द्रीय मंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग छवि बन रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान देश में कृषि क्षेत्र की सफलता की पहचान बन चुके हैं। खेत के श्रमवीर किसानों और सीमा पर शूरवीर जवानों के सम्मान में केन्द्रीय रक्षा मंत्री की उपस्थिति में उन्नत कृषि महोत्सव का यह आयोजन इन दोनों की गरिमा को बढ़ाने वाला है। जवानों से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। भारत का हर क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ रहा है। किसानों की मेहनत से अब हमारा देश दोगुना खाद्यान्न निर्यात कर रहा है। मध्यप्रदेश का केवल रायसेन जिला ही दुनिया के 47 से अधिक देशों को बासमती चावल का निर्यात कर रहा है। हमारी सरकारों में प्रदेश के किसानों को गेहूं और धान का समुचित मूल्य मिला है। इस वर्ष हम किसानों से 2625 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रहे हैं। साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी हम किसानों को दे रहे हैं। यह हमारी किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2002-03 में जहां मात्र साढ़े सात लाख हैक्टेयर में रकबे में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी। हमारी सरकार में सिंचित रकबा बढ़कर अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। हम प्रदेश के एक करोड़ हैक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित करने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश के किसानों को हर वक्त सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब, किसान, युवा और नारी के समग्र कल्याण के लिए मिशन बनाकर विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है। हमारी सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही है। हमने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित कर इस पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल हम किसानों की बेहतरी के लिए और कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए काम करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन में हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए एक अद्भुत प्रयास है। इसकी मूल भावना किसानों का हर तरीके से कल्याण करना ही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का बीड़ा उठाया है। भारत सरकार के साथ मिलकर हम प्रदेश के विकास को नई गति देंगे।

किसानों के विकास का चल रहा है महायज्ञ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्व में देश के कृषि मंत्री भी रहे हैं। वे स्वयं एक किसान हैं। आज रायसेन की पवित्र धरा पर ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और कृषि का संगम हो रहा है। यह किसानों के लिए एक पाठशाला की तरह है, जहां किसानों को कृषि की नवीन तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा। रायसेन जिला कृषि सहित हर क्षेत्र में आगे हैं, यहां की धान और गेहूं दुनियाभर में प्रसिद्ध है। रायसेन में 2 विश्व धरोहर सांची और भीमबैठिका हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें शक्तिशाली विकसित भारत बनाना है। देश को मजबूत इरादों वाले प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री मिले हैं। विकसित भारत के लिए कृषि का विकास आवश्यक है। हमारे लिए किसान ही भगवान है और किसानों की सेवा ही हमारी पूजा है। देश में किसानों के विकास का महायज्ञ चल रहा है। हमारा लक्ष्य 140 करोड़ देशवासी को भरपेट भोजन उपलब्ध कराना है। हमें कृषि उत्पादन बढ़ाना है और कृषि की लागत भी घटानी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कृषि से किसानों को आय बढ़ाने के लिए एकीकृत खेती पर जानकारी प्रदान की जाएगी। इंटीग्रेडेट फॉर्मिंग से एक एकड़ में 2 लाख तक की आय प्राप्त की जा सकती है। खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर 20 सत्र आयोजित किए गए हैं। इसमें बीज से लेकर बाजार तक किसानों को हर तरह के सपोर्ट की जानकारी दी जाएगी। मिट्टी की जांच के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। किसान अपनी रुचि के अनुसार सत्रों में बैठकर जानकारियां लें। इस क्षेत्र के किसानों की तकदीर बदलने के लिए ही यह महोत्सव मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना की
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरा वर्ष ही कृषि कल्याण को समर्पित कर दिया है। उन्होंने बताया कि उन्नत कृषि महोत्सव में 12 अप्रैल को उनके संसदीय क्षेत्र के 4-5 जिलों का कृषि रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्रालय इसे रायसेन, भोपाल, विदिशा, सीहोर से शुरू कर पूरे देश में लागू करेगा। उन्होंने कहा कि रायसेन को हार्टिकल्चर हब बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दलहन मिशन के अंतर्गत किसानों को तुअर, मसूर, उड़द, मूंगफली के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने देश में ऑपरेशन सिंदूर का सफल क्रियान्वयन कर देश की ताकत का विश्व को एहसास दिलाया है। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि महोत्सव-2026 किसानों के लिए वरदान की तरह है, किसान इसका भरपूर लाभ उठाएं।

सांची विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का रायसेन की धरती पर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने रायसेन जिले को बड़ी-बड़ी सौगातें दी हैं। आज यहां 15 एकड़ में उन्नत कृषि महोत्सव में भव्य आयोजन किया गया है। किसानों को तरह-तरह की जानकारी देने के लिए यहां 350 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों को बीज से बाजार तक जोड़ने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने देश के विभिन्न जिलों में सेमीनार किए। किसानों को उन्नत खेती के लिए जागरूक किया। रायसेन का यह आयोजन भी इसी श्रंखला का एक आयोजन है। यहां उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, बैंक लोन, कम्युनिटी फॉर्मिंग सहित सभी प्रकार की जानकारियों के लिए व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय का प्रयास है कि सभी किसान खेती की नई तकनीकों से परिचित हों। हम किसानों को खेती-किसानी के नई-नई जानकारियों से अवगत करा रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर सचिव, म.प्र. शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत वरवड़े ने सभी का आभार व्यक्त किया।

तीन-दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री एवं रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उत्तरप्रदेश सरकार में कृषि राज्यमंत्री सूर्यप्रताप साही, नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक भोजपुर सुरेन्द्र पटवा, विधायक बुधनी रमाकांत भार्गव, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रायसेन यशवंत सिंह मीणा, केन्द्रीय कृषि सचिव अतीश चन्द्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीजी डॉ. एम.एल.जाट तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे।

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Sat, 11 Apr 2026 20:07:43 +0530 news desk MPcg
लाड़ली बहना योजना: सीहोर में 12 अप्रैल को सीएम करेंगे 35वीं किस्त जारी, 184 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात https://citytoday.co.in/5495 https://citytoday.co.in/5495 सीहोर 

मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में जल्द ही पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की 35वीं किश्त जारी करेंगे। 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में सीएम विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे और वहीं से महिलाओं के खाते में पैसे भी डालेंगे। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाएं 12 अप्रैल की शाम तक अपना खाता चेक कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री यादव 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के साथ ही सीहोर की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

नवंबर में बढ़ाई गई थी योजना की राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से मार्च 2026 तक योजना के तहत 34 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है।

इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा में 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा।

इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं।

साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।

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Sat, 11 Apr 2026 17:31:45 +0530 news desk MPcg
बड़ी बेशर्मी से कहा नहीं गाऊंगी’, वंदे मातरम के अपमान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस से मांगा इस्तीफा https://citytoday.co.in/5492 https://citytoday.co.in/5492 भोपाल
 इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम' विवाद अब पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्तों का अपमान बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी प्रदेश इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए।

सीएम ने बताई बेशर्मी की राजनीति
इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह केवल एक पार्षद का बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस के उस चरित्र को दर्शाता है जो हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों के खिलाफ रहा है।'

जीतू पटवारी और राहुल गांधी से सीधे सवाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि हर छोटी बात पर मुखर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस 'राष्ट्रद्रोह' जैसे कृत्य पर चुप क्यों हैं? सीएम ने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस तरह की मानसिकता को पार्टी में प्रोत्साहित कर रहे हैं।

हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते अपने प्राणों की आहुति दे दी। जब कांग्रेस पार्षद भगवान राम और हिंदुओं की निंदा करते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। लेकिन अब राष्ट्रगीत के अपमान पर मौन रहना यह बताता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

पुरानी है वंदे मातरम की खींचतान?
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को कुरेदते हुए कहा कि यह पार्टी आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा करती रही है। डॉ. यादव के अनुसार, कांग्रेस की पुरानी सरकारों ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर बीजेपी अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है, खासकर तब जब मामला सीधे तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा हो।

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Sat, 11 Apr 2026 15:45:12 +0530 news desk MPcg
रक्षामंत्री राजनाथ, सीएम यादव और शिवराज सिंह आज रायसेन में, तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि महोत्सव में ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन https://citytoday.co.in/5489 https://citytoday.co.in/5489 रायसेन

 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक मंच पर होंगे। वे 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में होने जा रहे राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव में शामिल होंगे। महोत्सव का उद्घाटन राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव करेंगे, जबकि समापन 13 अप्रैल को नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल स्थित अपने आवास में रायसेन में होने वाले उन्नत कृषि महोत्सव की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि महोत्सव को हमने कर्मकांड नहीं, गंभीर प्रयास की तरह आयोजित किया है। उन्होंने कहा भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश होते हुए भी अभी पूर्ण आत्मनिर्भर नहीं है, इसलिए अब नीति का फोकस दलहन-तिलहन के क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाने पर है, ताकि देश इन फसलों में भी आत्मनिर्भर बन सके।

महोत्सव से एक दिन पहले शुक्रवार शाम को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शन क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कहा कि यह आयोजन किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।

300 से अधिक स्टॉल लगाए गए इस विशाल प्रदर्शनी में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जो कृषि, बागवानी, सिंचाई, उर्वरक, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल खेती और फसल बीमा से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल को तीन बड़े हैंगरों में बांटा गया है।

पहले हैंगर में कृषि यंत्र, सिंचाई और नवाचार से संबंधित स्टॉल हैं। दूसरे हैंगर में पशुपालन, डेयरी, सहकारी संस्थाएं और ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं, जबकि तीसरे हैंगर में उद्घाटन समारोह, तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

कृषि यंत्रों का प्रदर्शन होगा महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ-साथ ड्रोन तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का सीधा प्रदर्शन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें अपनी खेती में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। विभिन्न कृषि स्टार्टअप, कंपनियां और संस्थान भी अपने नवाचारों के माध्यम से किसानों को आय के नए स्रोतों की जानकारी देंगे।

इस आयोजन में कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, नाबार्ड, नेफेड, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग जैसे कई प्रमुख संस्थान भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और MSME से जुड़े उद्यम भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत करेंगे, जिससे किसानों को व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।

महोत्सव में पशुपालन को विशेष प्राथमिकता महोत्सव में पशुपालन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यहां गिर, साहीवाल और थारपारकर नस्ल की गायों के साथ जमुनापारी, सिरोही और बारबरी नस्ल की बकरियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा कड़कनाथ मुर्गी पालन के मॉडल भी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण और पोषण प्रबंधन पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी उपलब्ध रहेगा।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में बायोफ्लॉक, आरएएस और एक्वापोनिक्स जैसे आधुनिक मॉडल भी प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही तीनों दिनों में किसानों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, स्टार्टअप प्रेजेंटेशन और वैज्ञानिकों से सीधा संवाद आयोजित होगा।

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Sat, 11 Apr 2026 14:26:13 +0530 news desk MPcg
भोपाल में ‘संभावना’ गतिविधि के तहत आल्हा&ऊदल नृत्य&नाट्य का मंचन आज https://citytoday.co.in/5488 https://citytoday.co.in/5488

भोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में कला प्रेमियों के लिए विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया जा रहा है। “संभावना” गतिविधि के अंतर्गत 12 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे नृत्य-नाट्य आल्हा-ऊदल का मंचन होगा। इस प्रस्तुति का निर्देशन चंद्रमाधव बारिक द्वारा किया जा रहा है।

यह नृत्य-नाट्य पहली बार मंचित किया जा रहा है, जिसे लेकर कलाकारों और दर्शकों में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रस्तुति का आलेख योगेश त्रिपाठी ने तैयार किया है, जबकि संगीत संयोजन कुलदीप सारवा द्वारा किया गया है।

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में हर रविवार आयोजित होने वाली “संभावना” गतिविधि के माध्यम से प्रदेश के पांच लोकांचलों और सात प्रमुख जनजातियों की समृद्ध कला परंपराओं को मंच दिया जाता है। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों की विविध कलाओं को भी समझने और देखने का अवसर आमजन को मिलता है।

इस आयोजन के जरिए लोककला और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

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Sat, 11 Apr 2026 14:08:03 +0530 news desk MPcg
भोपाल में थमी 200 KM की ‘आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा’, पुलिस ने यूनिवर्सिटी के पास रोका आंदोलन https://citytoday.co.in/5487 https://citytoday.co.in/5487

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचते ही आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं के हक में निकली 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा को पुलिस ने रोक दिया। छात्र नेता रामकुमार नागवंशी और उनके साथियों को बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास आगे बढ़ने से रोककर एक होटल के बाहर बैठा दिया गया।

11 दिन में 200 KM, लेकिन राजधानी में रुकी आवाज

1 अप्रैल को बैतूल के अंबेडकर चौक से शुरू हुई “आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा” का लक्ष्य 11 दिनों में भोपाल पहुंचकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना था। तपती गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद यह यात्रा तय समय में राजधानी तक पहुंची, लेकिन अंतिम पड़ाव पर ही रुक गई।

क्या हैं प्रमुख मांगें?

पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को:

  • सरकारी कर्मचारी का दर्जा
  • सम्मानजनक वेतन
  • बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा

दिलाना है। नागवंशी का कहना है कि ये कार्यकर्ता गांव-गांव में महत्वपूर्ण सेवाएं देती हैं, लेकिन अब तक उन्हें उचित अधिकार नहीं मिले।

परिवार से मिली प्रेरणा, बना आंदोलन

रामकुमार नागवंशी ने बताया कि उनकी बहन और भाभी स्वयं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके संघर्ष को करीब से देखने के बाद ही उन्होंने यह अभियान शुरू किया। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की है।

भोपाल में रोके जाने पर आरोप

नागवंशी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने से रोक दिया और यात्रा समाप्त करने की समझाइश दी। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।

गर्मी में भी नहीं टूटा हौसला

मध्य प्रदेश की तेज गर्मी और धूप के बावजूद पदयात्रा लगातार जारी रही। नागवंशी ने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती।

सरकार से उम्मीद

पदयात्रा के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे नागवंशी और उनके साथी अब भी सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका मानना है कि अगर सरकार इस मुद्दे पर कदम उठाती है, तो लाखों महिला कार्यकर्ताओं के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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Sat, 11 Apr 2026 12:57:30 +0530 news desk MPcg
AIIMS BHOPAL , शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के बीच हुआ त्रिपक्षीय एमओयू https://citytoday.co.in/5486 https://citytoday.co.in/5486 AIIMS BHOPAL , शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के बीच हुआ त्रिपक्षीय एमओयू

मधुमेह के जटिल उपचार पर होगा संयुक्त शोध

भोपाल 

विश्व होम्योपैथी दिवस के उपलक्ष्य में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव और सचिव आयुष वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में होम्योपैथी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, प्रदेश के आयुष विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा, जिसके अंतर्गत शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के बीच एक त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। आयुष विभाग के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है, जो प्रदेश में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान के नए द्वार खोलेगा।

एमओयू में अब भोपाल के इन प्रतिष्ठित संस्थानों में 'मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट डायबिटीज मेलिटस' के कारण होने वाले 'फुट अल्सर' के मामलों में होम्योपैथी दवाओं के प्रभाव पर विस्तृत शोध किया जाएगा। यह अनुसंधान, भविष्य में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति कीटाणुओं की बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता (रेजिस्टेंस) के वैश्विक संकट को हल करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

भारत में इस विधा के स्वरूप, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर एम्स भोपाल के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. देवाशीष विश्वास, मुख्य शोधकर्ता डॉ. शाश्वती नेमा, शासकीय होम्योपैथी कॉलेज भोपाल की शोध प्रमुख डॉ. जूही गुप्ता, सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के सचिव डॉ. संजय गुप्ता एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेनु मित्तल विशेष रूप से उपस्थित थे।

 

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Sat, 11 Apr 2026 12:51:29 +0530 news desk MPcg
राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा& मुख्यमंत्री यादव https://citytoday.co.in/5481 https://citytoday.co.in/5481 राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा- मुख्यमंत्री यादव

एमएसएमई विकास नीति : 2025 ने महिलाओं को बनाया आत्म निर्भर

स्टार्ट-अप नीति ने महिला उद्यमियों के सपनों को दी उड़ान

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार ने साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अगुवाई में एमएसएमई विकास नीति : 2025 और स्टार्ट-अप नीति : 2025 ने महिलाओं को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

मध्यप्रदेश की नीतियों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और योजनाओं के कारण ही 24 लाख 34 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम में से 4.11 लाख यानि 17 फीसदी इकाइयाँ महिलाओं द्वारा संचालित हैं। गत वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित स्टार्ट-अप नीति में  7264 में से 3476 यानि 48 स्टार्ट-अप महिलाओं के हैं। मध्यप्रदेश की यह तस्वीर राज्य सरकार की देश में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता है। इससे स्पष्ट है कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत का सपना मध्यप्रदेश में साकार हो रहा है।

मध्यप्रदेश की एमएसएमई विकास नीति : 2025 में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अब उन महिला उद्यमियों को जो संयंत्र और मशीनरी में निवेश कर रही हैं, उन्हें ₹10 करोड़ तक के निवेश पर अधिकतम 48 प्रतिशत तक की पूंजी अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए यह दर अधिकतम 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत है। इस नीति से मार्च 2026 तक 24.34 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में से करीब 4.11 लाख  महिलाओं द्वारा स्थापित की गई हैं।

इसके अतिरिक्त स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना : 2025 में महिलाओं द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप को 18% वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रति ट्रॉच 18 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है और कुल सहायता 72 लाख रुपये तक हो सकती है। अन्य स्टार्ट-अप के लिए यह सीमा 15% या 15 लाख रुपये है। अब तक 7264 मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप में से 3476 मतलब 48 फीसदी महिला उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश शासन के इन कदमों से महिला सशक्तिकरण में नई ऊंचाइयां हासिल हो रही हैं।

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Fri, 10 Apr 2026 19:33:33 +0530 news desk MPcg
यूरिया, डीएपी की कीमत बढ़ाने पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगा रिकॉर्ड चेक https://citytoday.co.in/5480 https://citytoday.co.in/5480 भोपाल 
अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है। 

शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं। 

शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं। 

किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है। 

फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है। 

हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है। 

साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

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Fri, 10 Apr 2026 18:51:35 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में आधी रात को आई नौकरशाही में बड़ी हलचल, 26 IAS अफसरों के तबादले https://citytoday.co.in/5471 https://citytoday.co.in/5471  भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है। 

2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

इनको मिली नई जिम्मेदारी 

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे।

तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए।

दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा।

14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल
14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।

पहली बार जिले की कमान

    राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया
    शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर
    बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी

    प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।
    नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी।

प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया

प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया
तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है। 

नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले
नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है।

इनको जिले से हटाया
शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 

इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। 

इन कलेक्टर के जिले बदले
श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। 

संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल
कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे.

शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी.

अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे.

श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे.

एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी

राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।

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Fri, 10 Apr 2026 13:37:37 +0530 news desk MPcg
भोपाल में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई: करबला रोड से हटाया कब्जा, हलालपुर में भी एक्शन जारी https://citytoday.co.in/5470 https://citytoday.co.in/5470 Fri, 10 Apr 2026 13:01:24 +0530 news desk MPcg लाडली बहना योजना: लाडली बहनों का इंतजार खत्म, कब आएंगे 1500 रुपये? जानें 35वीं किस्त का तारीख https://citytoday.co.in/5463 https://citytoday.co.in/5463 लाडली बहना योजना: लाडली बहनों का इंतजार खत्म, कब आएंगे 1500 रुपये? जानें 35वीं किस्त का तारीख

भोपाल 
 मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन चुकी है. इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने घरेलू और व्यक्तिगत खर्च आसानी से संभाल पा रही हैं. अब लाभार्थी महिलाओं को योजना की 35वीं किस्त का इंतजार है, जिसे लेकर सरकार स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 

कब आ सकती है 35वीं किस्त?
हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं। 

1.25 लाख बहनों के खातों में आएंगे 1500 रुपए
बता दें कि हर महीने सीएम मोहन यादव अपने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की किस्त देने के साथ ही लाडलियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम का ऐलान कुछ दिन पहले ही कर देते हैं। लेकिन इस बार अभी तक सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान नहीं किया है कि वह किस अप्रैल में Ladli Behna Yojana कि किस्त किस तारीख को खातों में ट्रांसफर करेंगे। न ही फिलहाल यह तय किया गया है कि लाडली बहनों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम इस बार कौन सा गांव, तहसील, शहर बनेगा। जहां से सीएम मोहन यादव 1.25 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि भेजेंगे।

हर महीने 10-15 के बीच आने लगी है लाडली बहना योजना की किस्त
बता दें कि शुरुआती चरण में जहां लाडली बहना योजना की किस्त 5-7 तारीख के बीच आती थी, बाद में इसे बदलकर 5-10 तारीख कर दिया गया था। वहीं अब तीसरी बार जब लाडली बहना योजना की किस्त का समय बदला गया है, तो इसे बदलकर 10-15 के बीच कर दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी शुक्रवार 10 अप्रैल से 15 अप्रैल बुधवार के बीच कभी भी Ladli Behna Yojana की किस्त जमा की जा सकती है।

ई-केवाईसी नहीं तो खाते में नहीं आएंगे पैसे
बता दें कि लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने E-KYC को अनिवार्य किया है। अगर आप योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको E-KYC करवाना होगा। अगर आपने अभी तक यह जरूरी काम नहीं करवाया है, तो ध्यान दें लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त का लाभ आपको नहीं मिलेगा। यानी अप्रैल माह की 35वीं किस्त के 1500 रुपए आपके खाते में नहीं आएंगे।

कैसे कराएं E-KYC

  1.     E-KYC के लिए आप समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं
  2.     वेबसाइट पर e-KYC के ऑप्शन पर क्लिक करें
  3.     अब यहां अपनी समग्र ID और कैप्चा दर्ज करें
  4.     जैसे ही आप ID और कैप्चा दर्ज करती हैं आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी
  5.     समग्र ID से जुड़ा मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा
  6.     अब मोबाइल नंबर पर otp आएगा, इसे दर्ज करें और वेरिफिकेशन कर लें
  7.     इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा करें

अगर आपके पास नहीं है कहीं जाने का समय तो E-KYC के लिए यहां करें क्लिक- E-KYC

महीना शुरू होते ही शुरू हो जाता है 1500 रुपए आने का इंतजार

लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र भोपाल निवासी जमुना देवी का कहना है कि महीना शुरू होते ही उन्हें इंतजार होता है कि इस बार देखो सीएम कब हमें पैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि सीएम जैसे ही पैसे भेजते हैं तो मन खुश हो जाता है, क्योंकि इस पैसे से मैं बच्चों की जरूरतें पूरी करती हूं।
पोता-पोती हो जाते हैं खुश

लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ लेने वाली 56 वर्षीय हेमलता का कहना है कि जब उनके खाते में लाडली बहना योजना की किस्त आती है, तो वो खुद ही नहीं उनके पोता-पोती भी खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि दादी अब हमें 10-10 रुपए पॉकेटमनी के देगी। वह बताती हैं कि बेटे की कमाई ज्यादा नहीं है, घर में 6 सदस्य हैं, ऐसे में इस राशि से मेरी दवाएं आ जाती हैं। सहारा तो तिनके का भी बहुत होता है।

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Thu, 09 Apr 2026 19:17:13 +0530 news desk MPcg
MP में कल से गर्मी का दौर: पारा 5&6°C बढ़ेगा, मंडला&सिवनी सहित 7 जिलों में अलर्ट https://citytoday.co.in/5456 https://citytoday.co.in/5456 भोपाल

मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कई दिनों से आंधी-बारिश और बादलों के कारण मिली राहत अब खत्म होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होगा और दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आ सकता है।हालांकि, इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।

इससे पहले बुधवार को भोपाल, जबलपुर, रायसेन, शिवपुरी, रतलाम, छतरपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, धार समेत 15 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर रहा। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली।

यह सिस्टम एक्टिव रहे

बुधवार को एमपी के उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव रहे। इस वजह से बारिश का दौर रहा। भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चली।

11 अप्रैल को नया सिस्टम

मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। हालांकि, एमपी में इसका असर कम ही देखने को मिलेगा।

तेज आंधी भी चलेगी

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा।

अब शुरू होगा असली गर्मी का सीजन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल और मई प्रदेश में गर्मी के पीक महीने होते हैं। इस बार मार्च के आखिरी दिनों में तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बार-बार एक्टिव सिस्टम के चलते गर्मी का असर धीमा पड़ा। पिछले 8 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का दौर बना रहा। फरवरी और मार्च में भी चार-चार बार मौसम बदला, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ। .

अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी
जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था।

मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। पिछले 8 दिन से प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश हो रही है।

फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है।

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Thu, 09 Apr 2026 14:54:47 +0530 news desk MPcg
मंत्री विश्वास सारंग ने ली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक https://citytoday.co.in/5453 https://citytoday.co.in/5453 मंत्री विश्वास सारंग ने ली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक

हर विधानसभा में एक खेल परिसर का निर्माण हमारा लक्ष्य : मंत्री सारंग

भोपाल 
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक ली। मंत्री सारंग ने विभागीय योजनाओं, वर्तमान कार्यों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने की दिशा में विशेष ध्यान दें। इसके लिए पृथक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने का आधार बनेगा।

मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि इस वर्ष समर कैंप को विशेष एवं नवाचारपूर्ण रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में अधिक से अधिक नए बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके अभिभावकों को भी खेल गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाई जाए। इससे समाज में खेल के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा तथा परिवार स्तर पर खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा।

मंत्री सारंग ने प्रदेश में पूर्व से निर्मित खेल परिसरों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि इन परिसरों में युवा केंद्रित गतिविधियों को भी जोड़ा जाए जिससे अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके और खेल के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिल सके।

मंत्री सारंग ने खिलाड़ी प्रशिक्षण कल्याण समिति का पुनरावलोकन कर उसमें आवश्यक संशोधन करते हुए उसे और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे खिलाड़ियों को अधिकतम लाभ मिल सके और उनके प्रशिक्षण एवं कल्याण से संबंधित आवश्यकताओं की समय पर पूर्ति सुनिश्चित हो सके।

बैठक में खेल एवं युवा कल्याण के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, उप सचिव अजय श्रीवास्तव, संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thu, 09 Apr 2026 13:17:09 +0530 news desk MPcg
अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति https://citytoday.co.in/5450 https://citytoday.co.in/5450 अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दी है जो अन्नदाताओं के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय है। खरीब सीजन- 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन-2026 के लिए फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी के लिए 41 हजार 533.81 करोड़ की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। गत वर्ष स्वीकृत राशि से यह 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। वैश्विक चुनौतियों और अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझानों के बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उर्वरक रियायती, किफायती एवं उचित दरों पर उपलब्ध हों और उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय कृषि लागत को संतुलित कर किसानों की आय और उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 कृषि और कृषक कल्याण वर्ष है। इस नाते ऐसे निर्णय मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसानों को नई तकनीक से अवगत करवाने के लिए उन्नत कृषि महोत्सव भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को शिक्षित जागरूक बनाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान हितैषी इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय मंत्रीमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

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Thu, 09 Apr 2026 12:56:18 +0530 news desk MPcg
एमपी पुलिस ट्रेनिंग में अब ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से होगी दिन की शुरुआत, नए आदेश पर सियासी बवाल https://citytoday.co.in/5447 https://citytoday.co.in/5447 भोपाल 
मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है।

आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें।

एडीजी ने बताया आदेश का कारण
एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश
ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है।

भाजपा ने किया पलटवार
वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है।

अधिकारियों का तर्क
पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

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Wed, 08 Apr 2026 18:20:20 +0530 news desk MPcg
प्रदेश में 3 चक्रवात एक्टिव, 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट; ओले गिरने का अनुमान https://citytoday.co.in/5439 https://citytoday.co.in/5439 भोपाल
मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं। 

ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक'
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है।

इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं।

हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। 

नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। 

11 अप्रैल को नया सिस्टम
मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।

तेज आंधी भी चलेगी
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा।

भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था।

भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान
मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है। 

ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है.

भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था.

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी। 

इन जिलों में बारिश का अलर्ट:
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

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Wed, 08 Apr 2026 15:32:53 +0530 news desk MPcg
नए वित्तीय वर्ष में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की आशंका, बाजार में आएंगे 100, 200, 500 के नए नोट https://citytoday.co.in/5437 https://citytoday.co.in/5437 नर्मदापुरम
अमरीका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, लेकिन भारत में करंसी पेपर बनाने वाली नर्मदापुरम स्थित प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का संकेत दिया है। एसपीएम ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक करंसी पेपर तैयार किया है, जिससे जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में उपलब्ध हो सकेंगे। इससे आमजन और व्यापारियों को लेनदेन में सुविधा मिलेगी। एसपीएम देश का प्रमुख करंसी पेपर कारखाना है, जहां नोटों के लिए कागज तैयार किया जाता है।

7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार
पहले भी किल्लत के समय यहां 10 और 20 रुपए के नोटों के लिए कागज तैयार किया था। अब 100, 200 और 500 रुपए के नोटों के लिए कागज का उत्पादन किया गया है। एसपीएम ने 31 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार किया है, जबकि लक्ष्य 6 मीट्रिक टन का था। प्रबंधन और कर्मचारियों के बेहतर तालमेल से यह संभव हुआ। नए वित्तीय वर्ष के लिए उत्पादन जारी है। इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की आशंका के बीच नकद लेनदेन में ये नए नोट सहायक होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, 500 रुपए के नोट के बाद सबसे अधिक उपयोग 100 रुपए के नोट का होता है। इसके बाद 200 रुपए के नोट का स्थान आता है। इसी कारण एटीएम में 500, 100 रुपए के नोट अधिक रखे जाते हैं।

अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
प्रतिभूति कागज कारखाना एसपीएम देश की महत्वपूर्ण इकाई है। इसी कारखाने ने 1000 रुपए के नोट का कागज तैयार किया था। साथ ही पासपोर्ट पेपर, स्टांप पेपर निर्माण में भी आत्मनिर्भरता का आधार बना है।

प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल है। कारखाना हर स्थिति में काम करने में सक्षम है। वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर का उत्पादन किया है।- संजय भवसार, उप महाप्रबंधक (पीआरओ), एसपीएम नर्मदापुरम

बाजार में 500 और 100 रुपए के नोटों का सबसे अधिक उपयोग होता है। एटीएम में भी इनकी पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है।– रमेश बाघेला, लीड बैंक मैनेजर, सेंट्रल बैंक, नर्मदापुरम

बाजार में 50 फीसदी लेनदेन डिजिटल होता है, बाजार मेंनए नोट आने से आमजन और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।- महेंद्र चौकेसे अध्यक्ष, किराना व्यापारी संघ, नर्मदापुरम

जानिए जरूर प्वॉइंट्स

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर

एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का दिया संकेत

जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में होंगे

7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार 

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Wed, 08 Apr 2026 14:58:24 +0530 news desk MPcg
भोपाल में बड़ा तालाब के किनारे चला बुलडोजर, 9 दुकानों को किया जमींदोज, 347 पर होगी कार्रवाई https://citytoday.co.in/5425 https://citytoday.co.in/5425 भोपाल
बड़ा तालाब के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। भदाभदा इलाके से कार्रवाई की शुरुआत हुई है। तालाब किनारे अवैध रूप से बने नौ दुकानों को सोमवार को जमींदोज कर दिया गया है। वहीं, 347 लिस्टेड जगह हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। इसे लेकर भोपाल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।

21 अप्रैल तक चलेगा अतिक्रमण अभियान
दरअसल, भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील जो न सिर्फ शहर की पहचान है बल्कि भोपाल की जनता की प्यास भी बुझाती है। इसी बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर आज से बुलडोजर चलना शुरू हो गया है जो 21 अप्रैल तक चलेगा। जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं, जिन पर अवैध निर्माण किया गया है।

भदभदा इलाके में चला बुलडोजर
पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। नौ दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन बुलडोजर चलता रहा।

बड़े तालाब के किनारे है अतिक्रमण

    भोपाल की शान है बड़ा तालाब
    नोटिस के बाद गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
    347 अतिक्रमणकारियों को लिस्टेड किया गया
    नोटिस देने के बाद हो रही है कार्रवाई

15 दिनों में हटाया जाएगा अतिक्रमण
वहीं, तालाब किनारे जितने भी अतिक्रमण हैं वो 15 दिनों के अंदर हटाए जाएंगे। 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। एनजीटी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्नित कर रहा है। सभी लोगों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही उनसे कहा गया था कि आप खुद से हटा लें, नहीं तो प्रशासन हटाएगी।

गौरतब है कि आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। कुछ जगहों पर लोग खुद हटा रहे हैं। हर इलाके से अतिक्रमण हटाने के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है।

प्रेमपुरा में हटाई गई दुकानों और मकानों की जमीन की कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 2788 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। 72 घंटे में दुकानों को खाली कराया गया था, इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राऊत टीम के साथ कार्रवाई शुरू की।

टीटी नगर सर्कल में एफटीएल क्षेत्र में 116 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें 68 सरकारी और 48 निजी जमीन पर बने हैं। निजी जमीन पर बने 92 निर्माण-होटल, रिसोर्ट, फार्महाउस, मकान और दुकान की अलग से जांच चल रही है। नगर निगम ने इन्हें नोटिस देकर दस्तावेज मांगे हैं।

पहले नोटिस, फिर कार्रवाई… अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद संबंधित को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए और सुनवाई की गई। जिन मामलों में अतिक्रमण पाया गया, वहां कार्रवाई की गई।

बुजुर्ग दंपति को राहत… भदभदा चौराहे पर कार्रवाई के दौरान टीम एक कमरे तक पहुंची, जहां चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग दंपति रह रहे थे। उन्हें देख एसडीएम टीटी नगर अर्चना शर्मा ने कमरा नहीं तोड़ने के निर्देश दिए और अधिकारियों को देखभाल के लिए कहा।

एफटीएल के 50 मीटर दायरे में सख्ती
बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के दा
यरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस सीमा के भीतर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं बचेगा। 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। इसी आधार पर पूरी कार्रवाई की जा रही है।

इन गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा इलाके में भी बड़ी संख्या में निर्माण किए गए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुआ अभियान 28 फरवरी के बाद धीमा पड़ गया था, लेकिन अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए रोजाना कार्रवाई का शेड्यूल तय कर दिया है।

किस दिन कहां चलेगा बुलडोजर
10 अप्रैल: हलालपुरा
11 अप्रैल: बैरागढ़ (काशियाना बंगले के पीछे)
12-13 अप्रैल: सेवनिया गोंड
15-16 अप्रैल: बैरागढ़ (मकान, मैरिज गार्डन)
17 अप्रैल: हुजूर तहसील
18-19 अप्रैल: टीटी नगर
20 अप्रैल: बैरागढ़ शेष अतिक्रमण
21 अप्रैल: हुजूर तहसील अंतिम कार्रवाई

वन विहार में पिलर निर्माण पर नया विवाद
कार्रवाई के बीच वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने का मामला सामने आया है। विशेषज्ञ इसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ बता रहे हैं। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की है।

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Tue, 07 Apr 2026 15:24:29 +0530 news desk MPcg
मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी, प्रशस्ति पत्र और मेडल गायब, सुरक्षा पर उठे सवाल https://citytoday.co.in/5420 https://citytoday.co.in/5420 भोपाल 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। 

जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है। 

घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है। 

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है। 

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Mon, 06 Apr 2026 19:11:27 +0530 news desk MPcg
बड़े तालाब के किनारे अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, 347 बंगलों पर चला बुलडोजर https://citytoday.co.in/5419 https://citytoday.co.in/5419  भोपाल

भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील शहर की पहचान है लेकिन भीड़ भाड़ और अवैध निर्माण ने यहां घूमने आने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. अब प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. क्योंकि बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. 6 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 21 अप्रैल तक चलेगा. कुल 15 दिनों तक चलने वाली इस कार्रवाई में जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं। 

पहले दिन भदभदा में चला ‘पीला पंजा’अभियान के पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. यहां 9 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और पीछे नहीं हटेगी। 

भोज वेटलैंड रूल्स के बाद सख्ती प्रशासन का कहना है कि 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बड़ा तालाब से 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसी नियम के तहत सभी निर्माण हटाए जाएंगे. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई तालाब की पारिस्थितिकी, जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। 

राजा भोज ने कराया था झील का निर्माण
भोपाल की बड़ी झील को भोजताल या अपर लेक भी कहा जाता है. 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है. यह आज भोपाल शहर की पहचान भी है. यह शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत है और 2002 में इसे 'रामसर साइट' का दर्जा मिला. यहां बोट क्लब, खूबसूरत व्यू और वॉटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 

ये इलाके हैं नो-कंस्ट्रक्शन जोन
लेक के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर का एरिया, जो भोज वेटलैंड और रामसर साइट का भी हिस्सा है, वेटलैंड नियमों के तहत नो-कंस्ट्रक्शन जोन है और अभी भी इस जोन में सैकड़ों फार्म हाउस, बंगले, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट से लेकर छोटे घर और झुग्गियां बनी हुई हैं। इन सब में बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव, बैरागढ़ और ऐसे एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

टास्क फोर्स ने नया सर्वे शुरू किया
डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा बनाई गई 17 लोगों की टास्क फोर्स को ADM अंकुर मेश्राम लीड कर रहे हैं। यह टीम झील के आसपास के मना किए गए एरिया में सर्वे और डिमार्केशन और बाद में पहचाने गए अतिक्रमणों को हटाने के प्रोसेस पर नजर रखेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बार अतिक्रमण हटाने को लेकर सीरियस है, तो उन्होंने कहा, 'प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। अगर आपके मन में कोई खास स्ट्रक्चर है और जब उसे गिरा दिया जाता है, तभी आप मानेंगे कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, यह एक अलग बात है।'

5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार
1. रामसर साइट
 और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर तक कोई भी पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

2. बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव और बैरागढ़ में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें रसूखदारों के बंगले और मैरिज हॉल शामिल हैं।

3. NGT के निर्देशों पर पहले भी तीन बार सर्वे हो चुका है, लेकिन इस बार टास्क फोर्स में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पर्यावरणविद भी शामिल हैं।

4. हब्बीनामा, इनायतनामा और वक्फ बोर्ड की जमीनों के दावों के कारण प्रशासन को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसे लेकर NGT पहले ही नाराजगी जता चुका है।

5. SDM टी.टी. नगर ने अपने क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जो संकेत है कि इस बार मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा

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Mon, 06 Apr 2026 17:22:07 +0530 news desk MPcg
भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर NSG कमांडो ने दिखाया पावर शॉ https://citytoday.co.in/5416 https://citytoday.co.in/5416 भोपाल 

भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।

'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'
सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।

डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।

'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'
सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।

आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।

डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान
कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।

कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

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Mon, 06 Apr 2026 15:35:17 +0530 news desk MPcg
सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5409 https://citytoday.co.in/5409 सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी
प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं
केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार
उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Mon, 06 Apr 2026 12:56:11 +0530 news desk MPcg
MP में बदलेगा राज्यसभा चुनाव का गणित, भाजपा उतार सकती है तीसरा प्रत्याशी, कांग्रेस की ‘पक्की’ सीट पर टिकी नजर https://citytoday.co.in/5408 https://citytoday.co.in/5408 भोपाल 

मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए मई से जून के बीच चुनाव होने की संभावना है. अप्रैल में बीजेपी के 2 और कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है. जिसके लिए चुनाव होगा. मध्य प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी को विधायकों की संख्या बल के हिसाब से 2 सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी. लेकिन कांग्रेस को अपनी सीट बचाने में अब मशक्कत करनी पड़ सकती है. क्योंकि कांग्रेस के 3 विधायकों का मामला पूरी तरह से फंस चुका है. जिसमें विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. वहीं दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है. जबकि बीना विधायक निर्मला सप्रे को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है. .

एमपी में क्रॉस वोटिंग की चर्चा 
मध्य प्रदेश में भले ही अभी राज्यसभा चुनाव में 2 महीने का समय है. लेकिन जिस हिसाब से परिस्थितियां बदल रही हैं. उससे राज्यसभा का मामला फंसता दिख रहा है. तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के एक विधायक आयोग्य साबित हो गए हैं. जबकि एक विधायक को वोट करने का अधिकार नहीं होगा और तीसरे विधायक अपनी स्थिति क्लीयर नहीं कर रही हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस के कुछ और विधायक कम होते हैं तो फिर तीसरी सीट पर मुकाबला फंस जाएगा. क्योंकि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारियों में जुट गई हैं। 

जानिए राज्यसभा चुनाव का सरल गणित 
राज्यसभा चुनाव के लिए पहले मध्य प्रदेश का सियासी गणित जानना जरूरी है. मध्य प्रदेश में कुल 230 विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस के एक विधायक को वोट देने का अधिकार नहीं है. जबकि एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई है. इस हिसाब से प्रदेश में मौजूदा विधायकों की संख्या 228 है. भाजपा के पास फिलहाल 164 विधायक हैं.कांग्रेस के पास कुल 65 विधायक है. लेकिन इनमें 1 के पास वोटिंग का अधिकार नहीं है. जबकि एक की सदस्यता चली गई है. जबकि बीना से कांग्रेस की निर्मला सप्रे का वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाने की स्थिति दिख रही है. इस हिसाब से बीजेपी विधायकों की संख्या 165 तक जाती है. वहीं एक विधायक भारतीय आदिवासी पार्टी से है. जो खुद अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. इससे राज्यसभा चुनाव का गणित पूरी तरह उलझ रहा है। 

क्रॉस वोटिंग या मतदान से दूर रखने की रणनीति
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस के पास अभी भी विधायक ज्यादा हैं। ऐसे में बीजेपी को सीट हासिल करने के लिए कांग्रेस विधायकों की संख्या 58 से कम करनी होगी।

इस स्थिति को देखते हुए बीजेपी कांग्रेस के चार से पांच विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा सकती है। इसके अलावा इन विधायकों को सदन में अनुपस्थित रखकर भी सीट अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है।

खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी कांग्रेस में और तोड़फोड़ कर विधायकों को अलग करने का प्रयास कर सकती है।

एक सीट जीतने चाहिए 58 वोट 
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरुरत है. भाजपा अपने 116 विधायकों के साथ 2 सीटें आसानी से जीतेगी और उसके पास 49 वोट बचेंगे. यानि भाजपा अगर तीसरा उम्मीदवार उतारेगी तो उसके पास 49 वोट सेफ हैं. कांग्रेस के पास फिलहाल 62 विधायक हैं. फिलहाल पार्टी के पास 4 विधायक ज्यादा है. लेकिन अगर कांग्रेस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग या फिर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते तो फिर कांग्रेस जीत के फिगर से नीचे आ जाएगी. इस हिसाब से कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है. यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में मुकाबला बदल रहा है. 

बीजेपी इस नेता को बना सकती है उम्मीदवार
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी ब्राह्मण चेहरे को उतार सकती है. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले सुरेश पचौरी का नाम चर्चा में आया है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वह निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं, जहां भाजपा उन्हें अपना समर्थन दे सकती है. पचौरी लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं. जिससे अगर कांग्रेस के कुछ विधायक उनके पक्ष में वोटिंग करते हैं तो वह मामला बन सकता है. वहीं कांग्रेस भी अपनी सीट को लेकर अब पूरी तरह एक्टिव है. कांग्रेस ने सभी विधायकों को एकजुट रखने पर जोर दिया है. जबकि पार्टी किसी ओबीसी नेता को मैदान में उतारने की तैयारी में है. जिसमें पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है. ताकि विधायकों को एकजुट रखा जा सके और राज्यसभा की सीट को जीता जा सके। 

एक सीट के लिए 58 वोट जरूरी
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कांग्रेस के पास संख्या तो है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 4-5 विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

भाजपा तीसरी सीट पर खेल सकती है दांव
इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है। पार्टी के पास 164 विधायक हैं, जिनसे दो सीटें जीतने के बाद भी करीब 48 वोट बचते हैं।

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Sat, 04 Apr 2026 20:37:10 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी vs कार्तिकेय चौहान: HC पहुंचे कांग्रेस नेता, अब होगी सीधी भिड़ंत https://citytoday.co.in/5404 https://citytoday.co.in/5404 भोपाल 
 मध्यप्रदेश की सियासत से जुड़ा एक पुराना मानहानि विवाद अब नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भोपाल की MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. यह मामला कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मुकदमे से जुड़ा है, जिसकी जड़ें 2018 के चुनावी भाषण तक जाती हैं. अब यह मामला निचली अदालत से निकलकर हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों के बीच सीधा कानूनी टकराव तय माना जा रहा है। 

राहुल गांधी की याचिका में मुख्य आपत्ति यह है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना ही संज्ञान लिया और समन जारी कर दिया. इस आधार पर उन्होंने पूरी प्रक्रिया को चुनौती दी है. वहीं, कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तारीख तय की है. ऐसे में यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक बयानबाजी के दायरे में भी अहम उदाहरण बन सकता है। 

राहुल गांधी के खिलाफ जारी हो सकता था वारंट
कार्तिकेय सिंह चौहान की तरफ से दायर किए गए मानहानि केस पर भोपाल MP-MLA कोर्ट ने बीते दिनों 03 फरवरी 2026 को समन जारी करते हुए ये निर्देष दिए थे कि राहुल गांधी 10 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित हों। बताया गया है कि इससे पहले भी कोर्ट राहुल गांधी को दो बार समन जारी कर चुका था और तीसरी बार समन जारी होने के बाद कोर्ट वारंट जारी कर सकता था क्योंकि आरोपी की मौजूदगी के बिना कोर्ट में सुनवाई आगे नहीं बढ़ रही थी।

क्या है पूरा मानहानि विवाद?
साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में चुनाव प्रचार करने आए राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम पनामा पेपर्स मामले में जोड़ दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के संदर्भ में अपने बयान का खंडन किया था लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान को लेकर कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया था। इसी बात को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान ने उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। इस केस की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट के जस्टिस तथागत याज्ञनिक कर रहे हैं।

हाईकोर्ट में एक हफ्ते बाद सुनवाई
एमपी एमएलए कोर्ट से समन जारी होने के बाद राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच में इस पर प्रारंभिक सुनवाई हुई और इसे मामले को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी।

क्या है पूरा मामला
यह विवाद साल 2018 का है, जब राहुल गांधी ने चुनावी सभा के दौरान पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था. इसी बयान को आधार बनाकर कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की MP-MLA कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था. मानहानि मामलों में आमतौर पर अदालत पहले शिकायत पर संज्ञान लेती है और फिर आरोपी को समन जारी करती है. इसी प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी को भी समन भेजा गया था। 

राहुल गांधी की आपत्ति क्या है
राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत ने उनके पक्ष को सुने बिना ही मामला दर्ज कर लिया. उनका तर्क है कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा है कि राजनीतिक भाषणों को संदर्भ से काटकर आपराधिक मानहानि में बदलना लोकतांत्रिक विमर्श के लिए खतरा हो सकता है। 

अब हाईकोर्ट में क्या होगा
हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तारीख तय की है. इस दौरान अदालत यह तय करेगी कि MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी समन वैध था या नहीं. अगर हाईकोर्ट समन पर रोक लगाता है, तो राहुल गांधी को राहत मिल सकती है. वहीं, यदि कोर्ट निचली अदालत की प्रक्रिया को सही मानता है, तो उन्हें ट्रायल फेस करना होगा। 

राजनीतिक और कानूनी महत्व
देशभर में राहुल गांधी के खिलाफ कई मानहानि मामले अलग-अलग राज्यों में चल रहे हैं, जिनमें 2018 के राजनीतिक बयान प्रमुख आधार रहे हैं. ऐसे मामलों में अदालतें यह भी देखती हैं कि बयान व्यक्तिगत था या सार्वजनिक राजनीतिक टिप्पणी. यही बिंदु इस केस में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है. यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि चुनावी मंच से दिए गए बयान किस हद तक कानूनी जांच के दायरे में आते हैं. हाईकोर्ट का फैसला भविष्य में राजनीतिक भाषणों और मानहानि कानून के बीच संतुलन तय करने में अहम उदाहरण बन सकता है। 

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Sat, 04 Apr 2026 18:59:29 +0530 news desk MPcg
कांग्रेस नेता कमलनाथ का बयान: देश में पेट्रोल&डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं https://citytoday.co.in/5401 https://citytoday.co.in/5401 भोपाल
 कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।'

क्या है मामला, ऐसे समझें
    कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था
    उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है
    उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था
    भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया
    सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही
    कांग्रेस को शर्म आना चाहिए

कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है
मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है।

कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था
दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है।

BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया
कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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Sat, 04 Apr 2026 15:42:38 +0530 news desk MPcg
सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5396 https://citytoday.co.in/5396 सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी राज्यों में परस्पर सहयोग को बढ़ाने का कर रहे हैं महत्वपूर्ण कार्य
सुशासन से गढ़ा जा रहा है नया इतिहास
सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य प्रतिभाओं का मंच, युवा पीढ़ी को सार्थक संदेश
बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल की धरा को जोड़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी
वाराणसी में मध्यप्रदेश सरकार का तीन दिवसीय अनूठा आयोजन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में 2 राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपए राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है।

विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' के भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे।

उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया।

भेंट की गई वैदिक घड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है।

समारोह में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल, एमएसएमई मंत्री राजेश सचान, पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ,महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी, विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन

महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग और उस दौर के राजसी वैभव को दर्शाते दृश्यों ने दर्शकों को से बांधे रखा। प्रकाश संयोजन और संगीत की स्वर लहरियों ने हर दृश्य को इतना प्रभावशाली बना दिया कि युद्ध के दृश्यों में जहाँ वीरता का सजीव आभास हुआ, वहीं सम्राट की न्यायप्रियता के प्रसंगों ने दर्शकों को गौरव की भावना से भर दिया।

महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका यथार्थवादी चित्रण था, जिसमें मदमस्त हाथियों, सरपट दौड़ते घोड़ों और ऊंटों के काफिलों के प्रयोग ने युद्ध के दृश्यों और राजसी वैभव को अभूतपूर्व भव्यता प्रदान की। हाथियों की चिंघाड़ और घोड़ो की टापों ने मंच पर रणभूमि का साक्षात दृश्य उपस्थित कर दिया, जिससे दर्शक रोमांचित हो उठे। लगभग 400 से अधिक कलाकारों ने आधुनिक लाइट-एंड-साउंड तकनीक के साथ सम्राट की न्यायप्रियता, अदम्य शौर्य और विक्रम संवत की स्थापना के प्रसंगों को बड़े प्रभावशाली रूप प्रस्तुत किया। मंच पर निर्मित ऊंचे दुर्ग और राजप्रासाद के सेट ने इतिहास को जीवंत कर दिया।

महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व के उन अनछुए पहलुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जो उन्हें एक साधारण राजा से ‘चक्रवर्ती सम्राट’ बनाते हैं। वह दृश्य अत्यंत ह्रदय स्पर्शी था जब सम्राट अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए रात्रि के अंधकार में वेश बदलकर निकलते हैं। उनके द्वारा स्थापित 'विक्रम संवत' की प्रासंगिकता और भारतीय काल-गणना के महत्व को जिस सरल और साहित्यिक भाषा में संवादों के माध्यम से पिरोया गया, वह सराहनीय था। कलाकारों के संवादों में वह ओज और स्पष्टता थी, जिसने इतिहास को मंच पर साक्षात कर दिया। सम्राट का न्याय और 'सिंहासन बत्तीसी' के प्रसंगों ने यह संदेश दिया कि नेतृत्व केवल सत्ता का भोग नहीं, बल्कि त्याग और न्याय की वेदी पर खुद को समर्पित करना है।

तीन दिवसीय महानाट्य की पहली गरिमामयी शाम में जनता और पर्यटक इस कदर उमड़े कि कार्यक्रम स्थल छोटा प्रतीत होने लगा नाटक के चरमोत्कर्ष पर पहुंचतें ही "जय महाकाल" और "सम्राट विक्रमादित्य" के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो गया। यह महानाट्य केवल मंचन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। अंतिम दृश्य में जब सम्राट का राज्याभिषेक हुआ और पुष्प वर्षा हुई, तो हर नागरिक का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया।

कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी देर तक दर्शक उस जादुई वातावरण के प्रभाव में रहे। महानाट्य के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो वह आज भी जनमानस को गौरवान्वित करता है। यह महानाट्य आने वाले समय में एक सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगा।

वाराणसी में तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के विशेष आकर्षण

    समारोह स्थल पर म.प्र. संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा भव्य चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में ऋषियों वैदिक ज्ञान तथा सांस्कृतिक गौरव को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
    महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य मंच से दर्शकों के बीच जाकर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन का सजीव मंचन अत्यंत आकर्षक बना हुआ है।
    महानाट्य में तीन भव्य मंच बनाए गए हैं, जिनमें से एक मंच पर उज्जैन के महाकाल मंदिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की गई, जो विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी।
    महानाट्य में 18 घोड़े, दो रथ, चार ऊंट एक पालकी और एक हाथी के साथ जीवंत दृश्य से विक्रमादित्य का गौरव साकार हो रहा है।
    महानाट्य में आधुनिक सूचना संचार तकनीक का उपयोग कर युद्ध के दृश्य आतिशबाजी और प्राचीन परंपरा को अद्भुत ढंग से संजीव किया गया है।
    महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राजतिलक तक की गाथा विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्य कथा को प्रदर्शित किया जा रहा है।

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Sat, 04 Apr 2026 13:26:44 +0530 news desk MPcg
MP में 5 अप्रैल तक ओले और आंधी&बारिश की चेतावनी, भोपाल&इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5388 https://citytoday.co.in/5388 भोपाल 
मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट लेकर राहत और आफत दोनों का माहौल बना दिया है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जो 5 अप्रैल तक थमने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को राजधानी भोपाल, इंदौर समेत करीब 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने मौसम को अस्थिर बनाए रखा है। बुधवार को भी आधे प्रदेश में बादल, बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं।

50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी।

इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा।

तेज हवाओं का भी खतरा
मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे फसलों और कमजोर ढांचों को नुकसान की आशंका है।

बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार
अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया।

क्यों बदल रहा मौसम?
प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

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Thu, 02 Apr 2026 13:48:24 +0530 news desk MPcg
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ .मोहन यादव https://citytoday.co.in/5382 https://citytoday.co.in/5382 भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अनुराग जैन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन  संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव उपस्थित थे।

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Wed, 01 Apr 2026 20:00:00 +0530 news desk MPcg
सदन में युवा विधायक की मांग: बिल लाएं कि माननीयों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ें https://citytoday.co.in/5380 https://citytoday.co.in/5380 भोपाल
 राजस्थान की शिव विधानसभा से विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी चाहते हैं कि एक ऐसा बिल लाया जाए जिससे ये तय हो कि केवल गरीब आदमी के नहीं जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ेंगे. मध्य प्रदेश के अटेर से विधायक हेमंत कटारे का सुझाव है कि लाड़ली बहना योजना जैसी तमाम फ्री बीज तत्काल बंद होनी चाहिए. मध्य प्रदेश विधानसभा में युवा विधायकों के सम्मेलन में बतौर वक्ता आए इन विधायकों ने ब्यूरोक्रेसी को सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि इनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। 

बिल लाएं कि माननीय के बच्चे भी सरकारी स्कूल में जाएं
राजस्थान की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी भोपाल में हुए इस सम्मेलन के सबसे युवा विधायक हैं. छात्र राजनीति से सीधे चुनाव के मैदान में उतरे रवीन्द्र की विधानसभा का इलाका अंतर्राष्ट्रीय बार्डर से सटा हुआ है. रवीन्द्र ने सरकारी स्कूलों की बेहतरी से लेकर विधायकों के शिक्षित होने का मु्द्दा उठाया. उन्होंने कहा कि क्यों ना ऐसा बिल लाया जाए कि जो जनप्रतिनिधि हैं, उनके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ें। 

भाटी ने कहा कि छत्तीसगढ के विधायक छत्तीसगढ में ये मंग करें, मध्य प्रदेश के विधायक मध्य प्रदेश में ये बिल लाएं. भारत को विकसित करना है तो गरीब का बेटा ही सरकारी स्कूल में क्यों पढ़े. भाटी ने सवाल किया कि यहां कितने माननीय सदस्य हैं जो अपने गांव के स्कूल में जाकर ये देखते होंगे कि स्कूल में कितने मास्टर हाजिरी दे रहे हैं और कितने गैर हाजिर हैं? यहां बैठे कितने विधायकों की किसी बिल को में लाने में भूमिका थी। 

भाटी ने कहा, हैरत की बात ये है कि हमें सरपंच पढ़े लिखे चाहिए, लेकिन विधायक नहीं. उन्होंने सवाल किया कि 1947 से 2047 तक विकसित भारत क्या इन जनप्रतिनिधियों के भरोसे बन पाएगा?

विधायक बोले- मैं परवाह नहीं करता कौन नाराज होगा, फ्री बीज़ बंद होनी चाहिए

मध्य प्रदेश के अटेर से कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सामने ये संकट भी रहता है कि आपने ऐसा बोला तो महिलाएँ नाराज़ हो जाएंगी. ये वर्ग नाराज हो जाएगा. मैं इसकी परवाह नहीं करता. जो सही है वो कहता हूं. और जो कहता हूं उससे मुकरता नहीं हूं. कटारे ने कहा कि आप किसी महिला के खाते में दस हजार रुपए डालकर भी उसे कैसे सशक्त बना देंगे? वह सशक्त होगी जब उसे रोजगार दीजिएगा, स्किल सिखाइए। 

कटारे ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही होनी चाहिए. ज्यूडिशियरी की भी जवाबदेही होनी चाहिए. हमारी जवाबदेही है, पांच साल अच्छा काम करेंगे तो पांच साल बाद फिर मौका मिलेगा नहीं तो चले जाएंगे. उन्होंने कहा कि मैंने गूगल से फैक्ट चेक किया कि मध्य प्रदेश के 230 विधायकों की औसत आयु 58 वर्ष है. युवाओं को और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। 

टिकट महिला पुरुष देखकर नहीं दी जाती, जेंडर की लड़ाई छोड़ के आएं
छत्तीसगढ़ की बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने जेंडर का मुद्दा उठाया और कहा कि राजनीति में जेंडर को लेकर महिला जनप्रतिनिधियों को अपना आकलन नहीं करना चाहिए. टिकट मिलती है तो महिला या पुरुष देखकर नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण अपनी जगह है. लेकिन आप किसी से कम नहीं हैं, ये मानकर आगे बढ़ें. और सबसे जरूरी बात आप डमी ना बन जाएं. नेतृत्व करने की आपकी क्षमता से आप आगे बढ़ेंगी. परिवार की दखलंदाजी नहीं होना चाहिए। 

नशेड़ियों और अवैध धंधों के लिए फोन नहीं करूंगा: गुरवीर सिंह
वहीं राजस्थान के सादुलशहर से बीजेपी विधायक गुरवीर सिंह ने एक और गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जो युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, और वह है नशाखोरी। दरअसल गुरवीर सिंह का क्षेत्र पाकिस्तान सीमा पर है, जहां से ड्रोन के जरिए लगातार नशा गिराया जाता है। उन्होंने बताया है कि पैसे के लालच में युवा भटक जाते हैं, जिसका नुकसान गुजरात, पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक देखने को मिलता है। उन्होंने चिंता जताई है कि उनके क्षेत्र में 16-17 साल के बच्चे इंजेक्शन या मेडिकेटेड नशे से अपनी जान गंवा रहे हैं।

गुरवीर सिंह ने कहा कि “मैं जब विधायक बना था तो सादुलशहर की जनता के सामने पहला संकल्प गुरुद्वारा ग्रंथ साहिब के सामने लिया था कि मैं जब तक सेवा में हूं मेरा एक भी फोन किसी नशेड़ी या अवैध धंधे के लिए नहीं जाएगा। मैं उस संकल्प पर बिल्कुल अटल हूं।”

दरअसल गुरवीर सिंह ने उन परिवारों के दर्द को भी साझा किया है, जिन्होंने अपने बच्चों को नशे की वजह से खोया है। उन्होंने कहा है कि अक्सर उन्हें ऐसे फोन आते हैं, जहां विवाहित लड़कों की पत्नियां और माता-पिता मदद मांगते हैं। सूचना मिलते ही सरकार और पुलिस की तरफ से कठोर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से एक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, और एयरफोर्स स्टेशन ड्रोन को निष्क्रिय करने पर काम कर रहे हैं, जिससे जल्द ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर नशे के खिलाफ मिलकर काम करें।

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Wed, 01 Apr 2026 19:54:52 +0530 news desk MPcg
“स्कूल चलें हम” अभियान की शुरुआत, Mohan Yadav ने बच्चों को बांटी मुफ्त साइकिल https://citytoday.co.in/5378 https://citytoday.co.in/5378 भोपाल
मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, तो दूसरी ओर वे स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्कूल चलें हम' राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान बच्चों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।  

गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने बच्चों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में संभव नहीं था कि साइकिल मिल जाए। आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है, देश बदल रहा है। हमारी सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
 

नामांकन में बढ़ोत्तरी पर गर्व-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीता है। आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है। सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ रहा है। सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बच्चे सांदीपनि स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल तक छोड़ रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सारी सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किताबों को स्थानीय भाषाओं में आदिवासी क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं।

हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। अनुसूचित जनजाति के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1 हजार 913 छात्रावासों का संचालन हो रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से ज्यादा विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। आज हमने 1-6-9वीं क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया आसान की है। हमारी सरकार ने करीब एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए। हमने इसके लिए बजट में इस बार ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जो बच्चे स्कूलों में टॉप कर रहे हैं, उन्हें स्कूली दी जा रही है। 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दिया जा चुका है। 76 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति दी है। मेरी शुभकामना है कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में जाएं और नाम रोशन करें। 

आज हमारे लिए उत्सव का दिन-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा इनरॉलमेंट बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार बच्चों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हम किताबों को निशुल्क देने में सफल हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। मैं बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देता हूं। हम बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित हैं। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी, लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।

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Wed, 01 Apr 2026 15:44:44 +0530 news desk MPcg
आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा : बैतूल से भोपाल तक 230 किमी की हुंकार | Betul News | Bhopal https://citytoday.co.in/5376 https://citytoday.co.in/5376 Wed, 01 Apr 2026 14:02:43 +0530 news desk MPcg प्रवेशोत्सव कार्यक्रम&2026: प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान https://citytoday.co.in/5372 https://citytoday.co.in/5372 प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026: प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 4 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान की तैयारी को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर्स व जिला शिक्षाधिकारियों को जारी किए दिशा-निर्देश

भोपाल

प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 एक अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे "स्कूल चलें हम" अभियान के रूप में मनाया जाएगा। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सैकेण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं।

राज्य स्तरीय आयोजन

"स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

भविष्य से भेंट कार्यक्रम

"स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं।

सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा।

हार के आगे जीत

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।

 

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Tue, 31 Mar 2026 20:20:30 +0530 news desk MPcg
पेट्रोलियम पदार्थो की सतत आपूर्ति जारी : खाद्य मंत्री श्री श्री गोविंद सिंह राजपूत https://citytoday.co.in/5371 https://citytoday.co.in/5371 भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की सतत आपूर्ति जारी है।

रसोई गैस की स्थिति

प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्‍ताओ द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्‍डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्‍ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्‍डरों की सप्‍लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्‍लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्‍लांट तथा वितरकों के पास उपलब्‍धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है।

पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता

प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल का पर्याप्‍त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्‍टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है, एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है।

कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही

प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2131 स्थानों पर जांच की गई तथा 2959 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 438 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं।

सीजीडी संस्थाओं की बैठक

अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंगलवार को सीजीडी संस्थाओं की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि सभी सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीयूशन) संस्‍थाओं द्वारा घरेलू एवं कॉमर्शियल कनेक्‍शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्‍थापना की गई है। एसीएस श्रीमती शमी ने निर्देशित किया कि प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवाईज एवं लोकेलिटीवाइज कुल परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध प्रदाय किये गये पीएनजी कनेक्‍शन एवं आगामी माहों में प्रदाय किये जाने वाले पीएनजी कनेक्‍शन आदि का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करेंगे। प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवार अलग लोकेलिटी में दिनांकवार कैम्‍प शेड्यूल्‍ड करेगें। कैम्‍प में जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ड पार्षद उपस्थित होंगे। सीजीडी संस्‍थाएं उपभोक्‍ताओं के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे पेम्‍पलेट, ब्रोशर आदि तैयार कर व्‍यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। सभी सीजीडी संस्‍थाओं को हर समय पर्याप्‍त संख्‍या में कैटेगरीवाइज उपकरण एवं मैन पॉवर की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश दिये गये। पीएनजी कनेक्‍शन की सतत समीक्षा करने के लिए जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर/एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी/सेल्‍स ऑफिसर एवं सीजीडी संस्‍था का जिला अधिकारी अधिकृत होंगे। प्रदेश के शहरों में जिन स्‍थानों से पाइपलाइन गई है, उस पाइपलाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ऑयल कंपनी द्वारा जानकारी दी है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्‍या में सीजीडी संस्‍थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्‍त किये जायें, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो एवं सतत रूप से पीएनजी की आपूर्ति की जा सके।

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Tue, 31 Mar 2026 20:19:21 +0530 news desk MPcg
मालवांचल, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से गेहूं उपार्जन, बाकी संभागों में 15 मार्च से शुरू होगी खरीदी https://citytoday.co.in/5366 https://citytoday.co.in/5366 भोपाल
प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी एक अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी।

इंदौर-उज्जैन (मालवांचल), नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया यह निर्णय किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं।

बोरों की कमी बनी देरी की वजह
सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बोरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरे खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जैसे ही इनकी आपूर्ति होगी, खरीदी में तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी पर जोर
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध हो। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन पर फोकस
सरकार का मानना है कि व्यवस्थित और समय पर गेहूं खरीदी से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विपक्ष ने उठाए सवाल
उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है। पहले 16 मार्च, फिर एक अप्रैल और अब 10 अप्रैल तय किया गया है, जिससे साफ है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

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Tue, 31 Mar 2026 17:14:18 +0530 news desk MPcg
भोपाल में श्रद्धा का सागर: धूमधाम से मनाया गया महावीर जन्म कल्याणक https://citytoday.co.in/5365 https://citytoday.co.in/5365

भोपाल में श्वेतांबर जैन समाज ने मंगलवार को भगवान महावीर जन्म कल्याणक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

तुलसी नगर स्थित श्री आदिनाथ जिनालय से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में चांदी की आकर्षक पालकी में भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान रही, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। भक्तों ने पालकी को कंधों पर उठाकर ‘त्रिशला नंदन वीर की जय’ और ‘अहिंसा से होगा विश्व का कल्याण’ जैसे जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने हाथों में धर्म ध्वज लेकर शांति, अहिंसा और बंधुत्व का संदेश दिया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष आरके पारेख और पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी ने बताया कि शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पहुंची, जहां धर्म ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर समाज को सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया। सिटी मंदिर में विशेष श्रृंगार, 24 तीर्थंकर पूजा और महावीर विधान संपन्न हुआ। शाम को महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल है। 

शोभायात्रा में शामिल बच्चे।

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Tue, 31 Mar 2026 14:48:35 +0530 news desk MPcg
एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5361 https://citytoday.co.in/5361 एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने उपलब्ध करा रही है सहयोग और मार्गदर्शन
देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए खुले हैं प्रदेश के दरवाजे
देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित
स्टार्टअप को अनुदान और उद्यमियों को प्रदान किए भू-आवंटन पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने भेंट किया लघु उद्योग निगम के 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी।

सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।

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Mon, 30 Mar 2026 20:31:19 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर&चंबल में ओले, भोपाल&जबलपुर में बारिश: MP के आधे हिस्से में अलर्ट, 5 दिन आंधी&बारिश का मौसम https://citytoday.co.in/5354 https://citytoday.co.in/5354 भोपाल
मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.

भट्टी की तरह तप रहें कई जिले
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा.

दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा।

मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे।

इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा।

फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश?
प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.

31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले
ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी.

1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है.

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 

भोपाल में 36.6°C
इंदौर में 35.8°C
जबलपुर में 37.5°C
ग्वालियर में 38.2°C
उज्जैन में 36.4°C

बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान

भोपाल में  22.2°C
इंदौर में 22.4°C
जबलपुर में 20.4°C
ग्वालियर में 21.6°C
उज्जैन में 22.0°C

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Mon, 30 Mar 2026 18:32:24 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड द्वारा मध्यप्रदेश शासन को राशि रू. 8.00 करोड का लाभांश भुगतान किया गया https://citytoday.co.in/5348 https://citytoday.co.in/5348 भोपाल 
मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की बैठक में निगम के अंशधारी मध्यप्रदेश शासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अंतरिम लाभांश के रूप में राशि रू. 8.00 करोड़ का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है । 
तदानुसार मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय म.प्र. शासन एवं माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी को राशि रू. 8.00 करोड़ अंतरिम लाभांश का चेक प्रदान किया गया। 
इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा आयुक्त, एम.एस.एम.ई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम दिलीप कुमार एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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Mon, 30 Mar 2026 13:27:11 +0530 news desk MPcg
MP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: 1800 नेता&कार्यकर्ताओं को मिलेगा नया दायित्व https://citytoday.co.in/5345 https://citytoday.co.in/5345 भोपाल
एमपी बीजेपी में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं में और जोश जगाने सांग​ठनिक स्तर पर गहन विचार विमर्श चल रहा है। इसके अंतर्गत अब कुछ पद बांटे जाने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर के 18 सौ नेता-कार्यकर्ताओं को जल्द ही अहम दायित्व दिया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने की पहल की है। नगरीय निकाय चुनावों से पहले पकड़ मजबूत करने खास एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसमें जिलों के अनुभवी नेताओं को एल्डरमैन बनाकर एडजस्ट करने की तैयारी की है।

प्रादेशिक भाजपा नेताओं के मुताबिक लंबे अरसे से राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में बैठे जिलों के वरिष्ठ नेताओं को एल्डरमैन में एडजस्ट करने की तैयारी कर चुकी है। इस पर जिले से प्रदेश संगठन के बीच समन्वय और सहमति बनाई जा चुकी है।

हालांकि एल्डरमैन की परिषदों में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं होती है पर इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को अहमियत का अहसास जरूर होता है। एल्डरमैन को वोटिंग का अधिकार नहीं होता है और परिषदों की बैठक में भी इन्हें हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है। पर पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के नाते पार्षद या अध्यक्ष इनसे चर्चा कर मार्गदर्शन लेते हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब कभी भी एल्डरमैन की घोषणा हो सकती है। दरअसल, भाजपा नगरीय निकायों में होने वाली एल्डरमैन की नियुक्ति में उन्हीं चेहरों को तवज्जो देगी, जिसके अनुभव का लाभ पार्टी को चुनाव में मिले। साथ ही परिषदों के कामकाज और विकास कार्यों की भी मॉनीटरिंग करवाई जा सके। बता दें, संगठन द्वारा नियुक्त एल्डरमैन न तो परिषदों की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं और न ही इनके पास वोटिंग का अधिकार होता है। कुल मिलाकर इनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में होती है।

413 निकायों में 18 सौ से अधिक नेता होंगे एडजस्ट
निकायों में नेताओं को एडजस्ट करने का फॉर्मूला पार्टी ने तैयार किया है। 413 निकायों में करीब 1800 सक्रिय कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक निकायों में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 12 निकायों में 4-4 एल्डरमैन और 10 लाख से कम आबादी वाले में 8-8 की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे ही नगर पालिकाओं में 6-6 और नगर परिषदों में 4-4 का फॉर्मूला तय हुआ है।

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Mon, 30 Mar 2026 13:01:49 +0530 news desk MPcg
मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा https://citytoday.co.in/5335 https://citytoday.co.in/5335 मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन

भोपाल 

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है।

अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण

वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता

उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है।

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

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Sat, 28 Mar 2026 12:50:55 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में आज होगी बारिश: मार्च में तीसरी बार आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5334 https://citytoday.co.in/5334 भोपाल
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार बन रहे हैं. जहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

मार्च के महीने में यह तीसरी बार है जब प्रदेश में बारिश की स्थिति बन रही है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भीषण गर्मी का असर देखा गया, जहां दिन का पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा और नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म इलाका रहा. हालांकि अब सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। 

अगले 3 दिन रहेगा भारी मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अन्य संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यह मौसम परिवर्तन 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।

प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में दो चक्रवात सक्रिय हैं। इन सिस्टम्स की वजह से मार्च के इस महीने में गर्मी और बारिश का असंतुलित मौसम देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, और नर्मदापुरम इस सीजन का सबसे गर्म शहर रहा।

मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम का मिजाज
मार्च महीने में अब तक दो बार आंधी और बारिश का दौर देखा गया है। पहले दौर में लगभग 45 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हुई थीं। 17 जिलों में ओले भी गिरे थे, जिससे गेहूं, पपीता और केला की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरे दौर के तहत 27 मार्च से 30 मार्च तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।

अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान
मौसम विभाग ने चेताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में तापमान अधिक रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। इस बार मार्च में मौसम तीनों प्रकार के बदलावों का असर दिखा रहा है: दिन गर्म, रातें ठंडी और बीच-बीच में बारिश और आंधी।

30 मार्च तक बना रहेगा सिस्टम का असर
मौसम विभाग की मानें तो यह वेदर सिस्टम 30 मार्च तक सक्रिय रहेगा. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिरने का अनुमान है. 28 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 30 मार्च को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 

27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना.

29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी टीकमगढ़, छतरपुर, राजगढ़ आगर मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम.

30 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट…
इंदौर, उज्जैन, भोपाल ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ और धार। 

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 
भोपाल में 37.4°C
इंदौर में 37.2°C
जबलपुर में 37.5°C
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Fri, 27 Mar 2026 20:11:14 +0530 news desk MPcg
देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5333 https://citytoday.co.in/5333 देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति
जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, जनता पसंद कर रही है सरकार के काम
अब तक का सबसे सुव्यस्थित और भव्य होगा उज्जैन सिंहस्थ
सिंहस्थ में आने वाले अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं तैयारियां

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय स्व. अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल और वायु हमेशा सीमाओं से परे होती है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। यह परियोजना राज्यों के हित में है। इस राष्ट्रीय परियोजना की 90 प्रतिशत लागत राशि भारत सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। यहां 250 से ज्यादा नदियां हैं। हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान के 15 जिले सालों से पीने के पानी, उद्योग और सिंचाई के लिए भारी कष्ट में थे। माननीय अटल जी की सरकार के वक्त नदी जोड़ो योजना बनी थी लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकार के साथ तालमेल न होने से इस विषय को लटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मध्यप्रदेश और राजस्थान ने साथ आने का प्रयास किया और दोनों राज्यों की पश्चिमी भारत को सिंचाई की सुविधा से संपन्न करने के लिए पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर सहमति बनी। इस पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री मोदी ने मंजूर की। प्रधानमंत्री जी की मौजूदगी में ही इस परियोजना का शुभारंभ हुआ। इस गठबंधन का परिणाम यह हुआ कि दोनों राज्यों के लोगों का एक तरह से अब जीवन बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहाँ आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। हम पूरी श्रद्धा के साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। गरीब आदमी की जिंदगी बेहतर करने के लिए भी पर्याप्त धनराशि दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के सभी पक्षों को लेकर हम दुनिया के सामने जा रहे हैं। इसलिए हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं, विक्रमादित्य के काल के अलग-अलग प्रकार के शोध को बढ़ावा भी दे रहा है। लोक रंजन के दृष्टि से विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कर हम भावी पीढ़ी को गणतंत्र के जनक की शौर्यगाथा दिखाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य-जीव संरक्षण पर कहा कि मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व भी मध्यप्रदेश में हैं। हमारे यहां चीतों का परिवार भी फल-फूल रहा है। हम अफ्रीका से 20 चीते लाए थे। अब 53 से ज्यादा चीते हमारे राज्य में हो गए हैं। घड़ियाल, भेड़िए मगरमच्छ, कछुए, गिद्ध सब प्रकार की प्रजातियों के संरंक्षण के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। असम से अगले महीने ही मध्यप्रदेश में हम जंगली भैंसे लाकर उन्हें बसाना चाहते हैं। घड़ियालों की सैंक्चुरी फिलहाल राजस्थान में है। लेकिन इसी साल हमने 53 घड़ियालों को चंबल नदी में स्वच्छंद वातावरण में छोड़कर उनकी संख्या बढ़ाने के लिए समर्पित किया है। हाल ही में नौरादेही टाइगर रिजर्व में भी कछुए छोड़े गये हैं। मध्यप्रदेश के नौरादेही में चीतों का तीसरा बसेरा तैयार हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में हुई जल संबंधी दुर्घटना के लिए हमने कड़े कदम उठाए हैं। ऐसी घटनाए दोबारा न हों, इसके लिए हमने तुरंत सभी जरूरी प्रबंधन और व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संबंध में भारत के ईंधन लाने वाले जहाज बड़ी बुलंदी से तिरंगे के साथ होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर आ रहे हैं। अमेरिका हो या ईरान दोनों ने ही भारत के लिए रास्ता आसान कर दिया है। यह है भारत की सरकार का काम करने का तरीका और यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहतरीन कार्यशैली।

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Fri, 27 Mar 2026 20:06:39 +0530 news desk MPcg
पंपों पर भारी भीड़, भोपाल&इंदौर&उज्जैन में पेट्रोल की 25% ज्यादा बिक्री; LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें https://citytoday.co.in/5327 https://citytoday.co.in/5327 भोपाल
 मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई।

प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए।

अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है।

भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है।

इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक
इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।

छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर
अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

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Fri, 27 Mar 2026 17:20:01 +0530 news desk MPcg
AIIMS के बाहर अफरा&तफरी, मलबे में दबे कई लोग | एम्स भोपाल के सामने छज्जा गिरा, 8 घायल https://citytoday.co.in/5326 https://citytoday.co.in/5326

भोपाल में शुक्रवार को AIIMS Bhopal के सामने उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सडाना मेडिकल स्टोर की निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय नीचे बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन दवाइयां लेने के लिए खड़े थे, जो मलबे की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छज्जा गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में करीब 8 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां 3 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 5 घायलों का इलाज अभी जारी है।

घायलों में 23 वर्षीय नंदिनी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनके शरीर पर लोहे के एंगल लगने से गहरा घाव हुआ है और उन्हें ट्रॉमा ब्लॉक के रेड ट्रायज में भर्ती कर डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और बिल्डिंग के कुछ हिस्सों के अवैध होने का आरोप लगाया है। लोगों ने नगर निगम से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

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Fri, 27 Mar 2026 17:17:02 +0530 news desk MPcg
भोपाल से ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू, सीएम डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं https://citytoday.co.in/5324 https://citytoday.co.in/5324 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर जोर देते हुए कहा कि उनका जीवन संयम, समर्पण और सत्य के मार्ग का उदाहरण है। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी अनाचार का विरोध किया और जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना किया। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि अयोध्या की तरह चित्रकूट धाम और ओरछा तीर्थ यहाँ स्थित हैं, जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन और योगदान का स्मरण कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। 

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी राम नवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री ने राम नवमी का पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश देने वाला बताया और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

इसके साथ ही  आज भोपाल से ओरछा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की भी होगी। यह सेवा यात्रियों के लिए समय की बचत और यात्रा को आसान बनाने में मदद करेगी। 

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Fri, 27 Mar 2026 15:18:43 +0530 news desk MPcg
MP में रामनवमी की धूम: भोपाल से उज्जैन तक भक्ति का सैलाब, 2500 भंडारे और ध्वज यात्रा https://citytoday.co.in/5319 https://citytoday.co.in/5319 भोपाल 

रामनवमी के अवसर पर राजधानी भोपाल इस बार भक्ति और उत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहेगा। शहर में करीब 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन होगा, वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य कार्यक्रम दिनभर चलते रहेंगे।हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार भोपाल में राम जन्मोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। शहर के न्यू मार्केट, पुराने भोपाल के प्रमुख राम मंदिरों और जहां-जहां भगवान राम के मंदिर हैं, वहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म का मुख्य आयोजन होगा। इस दौरान मंदिरों में भोग, आरती और जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। 

रामनवमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर तक मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं।

भोपाल में हजारों भंडारे और शोभायात्राएं

भोपाल में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में लगभग 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आरती, भोग और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रहेगा। भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस भी निकलेगा, जिसमें आकर्षक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित करेंगी।

हर गली में भंडारे, सेवा का माहौल
समिति के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे पूरे भोपाल में सेवा और भक्ति का माहौल बनेगा।

घोड़ा निकास के साथ निकलेगा भव्य जुलूस
रामनवमी पर भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस निकलेगा। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी कई शोभायात्राएं आयोजित होंगी। जुलूस में आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहेंगी।

मंदिरों में खास तैयारियां
खेड़ापति मंदिर, सब्जी मंडी क्षेत्र सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सजावट, लाइटिंग और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार रामनवमी पर भोपाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और पूरा शहर भक्ति, उत्साह और सेवा भाव से सराबोर नजर आएगा। 

इंदौर के रणजीत हनुमान में साकेतधाम

इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारी भी की जा चुकी है। रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। जहां प्रभू राम के दर्शन होंगे। गुरुवार से ही मंदिर में सजावट शुरू कर दी गई थी। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम का स्वरूप दिया है। मंदिर में फूलों से सजावट भी की गई है। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 24 कूलर भी लगाए है।

अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। शुक्रवार को सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार होगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। भक्तों को प्रसाद वितरत किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा।

इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कई मंदिरों में सुंदर सजावट करने के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। मंदिरों को फूलों से भी सजाया जा रहा है।

उज्जैन में यज्ञ अनुष्ठान के साथ महाआरती

उज्जैन में राम नवमी पर शिप्रा नदी के पास राम मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के साथ 12 बजे महाआरती होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त आरती में शामिल होंगे, साथ ही प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रामनवमी पर्व पर ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह ध्वज चल समारोह महाकाल इंटरनेशनल चौराहे से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रात्रि 9:30 बजे गोपाल मंदिर पहुंचेगा।

जबलपुर में आविर्भाव समारोह

जबलपुर में रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को मां नर्मदा तट गौरीघाट पर 'आविर्भाव समारोह' का आयोजन किया जाएगा। श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा।

समारोह की शुरुआत नरसिंहपुर के लोकगायक सुमित दुबे और उनके साथियों के लोक-भक्ति गायन से होगी। इसमें बुंदेली लोकधारा के माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

इसके बाद नूपुर माहौर एवं उनकी टीम भरतनाट्यम शैली में 'लव-कुश की रामायण' पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेगी। इस प्रस्तुति में श्रीराम के आदर्श, त्याग और धर्मनिष्ठा को सांस्कृतिक रूप में मंचित किया जाएगा।

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर के भक्ति गायन की होगी। आयोजकों के अनुसार, इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य जनमानस को रामकथा, लोकभक्ति और भारतीय परंपरा से जोड़ना है।

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में ‌विशाल भंडारा

ग्वालियर में रामनवमी के अवसर माता मंदिरों पर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 5:00 बजे से ही मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। उसके साथ ही मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। ग्वालियर से लगभग 25 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर पर भी बड़ा भंडारा आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर की मंदिर वाली माता पर भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साथ ही छोटी करौली माता मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी।

महाअष्टमी पर प्रदेश की मंदिरों में आस्था और श्रद्धा का माहौल रहा

नलखेड़ा में बगलामुखी मंदिर में उमड़ी भीड़ आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में नौ दिवसीय निःशुल्क भंडारा भी आयोजित किया जा रहा है, जहां रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर बना साकेतधाम

इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार रामनवमी पर विशेष सजावट की गई है। मंदिर को साकेतधाम का स्वरूप दिया गया है, जो भगवान राम की नगरी अयोध्या का प्राचीन नाम है। यहां अखंड रामायण का पाठ, पंचामृत अभिषेक और विशेष आरती आयोजित की जाएगी। भक्तों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी मजबूत की गई हैं, जिससे गर्मी में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उज्जैन में ध्वज यात्रा और महाआरती

उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित राम मंदिर में यज्ञ और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगा। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

जबलपुर में सांस्कृतिक आविर्भाव समारोह

जबलपुर के गौरीघाट पर रामनवमी के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लोकभक्ति गायन, रामकथा पर आधारित प्रस्तुतियां और नृत्य-नाटिका शामिल होंगी। आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों से जोड़ना है।

ग्वालियर में मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

ग्वालियर में भी रामनवमी को लेकर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। शीतला माता मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर भंडारों का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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Fri, 27 Mar 2026 12:54:50 +0530 news desk MPcg
भोपाल: राशन व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, वार्ड 74 दामखेड़ा में लोग परेशान https://citytoday.co.in/5316 https://citytoday.co.in/5316 भोपाल के Damkheda स्थित वार्ड 74 में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। 11 मार्च से शुरू हुआ राशन वितरण अब तक सुचारू नहीं हो पाया है, जिससे आम नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राशन दुकान पर सुबह टोकन दिए जाते हैं, जबकि राशन शाम को बांटा जाता है। इस अव्यवस्थित प्रक्रिया के चलते लोगों को कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सुबह 6 बजे से ही लोग लाइन में खड़े हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जरूरतमंदों को राशन नहीं मिल पा रहा।

सबसे बड़ी समस्या दुकान के अनियमित समय को लेकर सामने आ रही है। नागरिकों का कहना है कि दुकान खोलने का समय तय नहीं है, लेकिन बंद करने का समय निश्चित रहता है। कई बार टोकन लेने के बाद भी 2-3 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इस अव्यवस्था के कारण लाइन में खड़े लोगों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति भी बनने लगी है। वहीं, महीने की 25 तारीख के बाद दुकान बंद कर दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे गरीब परिवारों को उनका हक का राशन नहीं मिल पा रहा।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, समय निर्धारित किया जाए और सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में जनता को राहत मिल सके।

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Thu, 26 Mar 2026 16:32:37 +0530 news desk MPcg
पीएलआई विवाद पर बैंक कर्मियों का उबाल: देशभर में विरोध तेज, हड़ताल की चेतावनी https://citytoday.co.in/5312 https://citytoday.co.in/5312 भोपाल | 
संशोधित पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का विरोध अब तेज होता जा रहा है। भोपाल सहित मध्यप्रदेश और देशभर में बैंक कर्मियों ने इस योजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर कर्मचारी 21 मार्च से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और ‘वर्क टू रूल’ के तहत अतिरिक्त कार्य से दूरी बना ली है।

बैंक कर्मचारियों का आरोप है कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा प्रस्तावित नई पीएलआई नीति एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। उनका कहना है कि यह योजना मौजूदा द्विपक्षीय समझौते की मूल भावना के खिलाफ है और इससे कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच असमानता बढ़ेगी। इससे बैंकिंग व्यवस्था की एकता और कार्यसंस्कृति पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

यूएफबीयू के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि यह मामला वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी प्रकार का एकतरफा निर्णय औद्योगिक शांति के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक इस तरह के निर्णय लागू नहीं किए जाने चाहिए।

‘वर्क टू रूल’ से प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं

प्रदर्शन के तहत बैंक कर्मचारी केवल निर्धारित समय और नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। अतिरिक्त जिम्मेदारियों और ओवरटाइम से दूरी बनाई जा रही है। इसका असर धीरे-धीरे बैंकिंग सेवाओं पर भी दिखने लगा है, जहां कामकाज की गति धीमी पड़ सकती है।

प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

यूएफबीयू ने वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और सभी बैंकों के शीर्ष प्रबंधन से मांग की है कि वे इस मुद्दे में तत्काल हस्तक्षेप करें और एकतरफा फैसलों पर रोक लगाएं। संगठन का कहना है कि संवाद के जरिए ही इस विवाद का न्यायसंगत समाधान निकाला जा सकता है।

हड़ताल की चेतावनी, कर्मचारियों से तैयार रहने की अपील

संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक असंतोष फैल सकता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। यूएफबीयू ने सभी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे अल्प सूचना पर हड़ताल के लिए तैयार रहें।

बैंकिंग सेक्टर में बढ़ सकता है तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर न केवल बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा बल्कि आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार और बैंक प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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Thu, 26 Mar 2026 13:37:45 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: किसानों की आय बढ़ाने का खुलासा किया फॉर्मूला https://citytoday.co.in/5307 https://citytoday.co.in/5307 बुदनी

एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी।

बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर
कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है।

बुदनी को मिला विकास का नया आयाम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

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Wed, 25 Mar 2026 20:06:05 +0530 news desk MPcg
MP में मौसम का ड्रामा: पूर्वी हिस्से में बादल, कहीं तेज धूप, दो दिन आंधी&बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/5305 https://citytoday.co.in/5305 भोपाल 

 मध्यप्रदेश में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं. जहां प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से बादल छाए हुए हैं और बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है. लिहाजा मौसम विभाग ने आगामी 27 और 28 मार्च को लेकर प्रदेश के कई संभागों में चेतावनी जारी की है। 

पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी का असर देखा गया. आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है. विशेषकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की आशंका जताई गई है. दरअसल, प्रदेश में अगले कुछ दिनों में दो नए मौसमी सिस्टम एक्टिव होने वाले हैं। 

अगले दो दिन आंधी और हल्की बारिश होने के आसार
पहला सिस्टम कल 26 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है. इसका असर अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जबकि दूसरा सिस्टम 28 मार्च को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो मौसम के मिजाज को फिर से बदल देगा. जिसके चलते दो दिन 27 और 28 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, इस साल मार्च का महीना पिछले 10 सालों के आंकड़ों से अलग नजर आ रहा है. एक तरफ स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार तीन दिनों तक ओले गिर चुके हैं। 

27-28 मार्च को दिखेगा असर
इस सिस्टम का प्रभाव अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

एक और सिस्टम होगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा।

रायसेन सबसे गर्म, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है. प्रदेश में बीते दिन सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायसेन में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदा पुरम के पचमढ़ी में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 

रीवा-सागर में बारिश, खंडवा-रतलाम में गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को मालवा-निमाड़ काफी गर्म रहा। खंडवा में पारा 38.1 डिग्री और रतलाम में पारा 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 37.6 डिग्री, धार-मंडला में 36.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 36 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई
बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा।

26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार
ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी.

27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार
पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल.

इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान 
भोपाल में 34.4°C
इंदौर में 35.0°C
जबलपुर में 35.6°C
ग्वालियर में 33.5°C
उज्जैन में 35.8°C

बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
भोपाल में  17.8°C
इंदौर में 17.4°C
जबलपुर में 19.4°C
ग्वालियर में 17.1°C
उज्जैन में 16.8°C

भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश
भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।

वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

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Wed, 25 Mar 2026 17:11:45 +0530 news desk MPcg
MP में 5वीं&8वीं का रिजल्ट घोषित, 95% से ज्यादा छात्र पास https://citytoday.co.in/5304 https://citytoday.co.in/5304 भोपाल: भोपाल में मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है, जिसमें कुल पास प्रतिशत में लगभग 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

जारी आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5वीं में 95.14% और कक्षा 8वीं में 93.83% विद्यार्थी सफल हुए हैं। खास बात यह रही कि दोनों कक्षाओं में छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। कक्षा 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19% रहा, जबकि छात्रों का 94.15%। वहीं कक्षा 8वीं में छात्राएं 94.98% और छात्र 92.74% उत्तीर्ण हुए।

इस वर्ष करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की भागीदारी शहरी क्षेत्रों से अधिक रही। परीक्षा फरवरी में आयोजित की गई थी और 322 मूल्यांकन केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की।

छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल rskmp.in पर रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज कर देख सकते हैं। इसके अलावा QR कोड स्कैन कर भी परिणाम देखने की सुविधा दी गई है। भारी ट्रैफिक के चलते छात्रों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी गई है।

शिक्षा मंत्री ने असफल छात्रों को निराश न होने की अपील करते हुए कहा कि उनके लिए जल्द ही सप्लीमेंट्री परीक्षा और विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

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Wed, 25 Mar 2026 15:34:51 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज रिलीज करेंगे कछुए https://citytoday.co.in/5300 https://citytoday.co.in/5300 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं।

टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।

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Wed, 25 Mar 2026 13:24:39 +0530 news desk MPcg
शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव https://citytoday.co.in/5285 https://citytoday.co.in/5285 शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रता निश्चल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त‍समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है।

कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक संदीप जायसवाल, दीपक टंडन सोनी, वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।

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Tue, 24 Mar 2026 13:46:11 +0530 news desk MPcg
प्रदेशवासियों को सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना जरूरी, युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करें:CM यादव https://citytoday.co.in/5280 https://citytoday.co.in/5280
  • प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण
  • भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड
  • परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन
  • नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन
  • भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग
  • शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ उपेंद्र द्विवेदी ने की भेंट
  • मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
  • भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

    बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले 'मेरी माटी अभियान' के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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    Mon, 23 Mar 2026 19:03:39 +0530 news desk MPcg
    एमपी की सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया https://citytoday.co.in/5269 https://citytoday.co.in/5269 भोपाल 

     मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में  जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है।

    रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था।

    तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है।

    शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।
     हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की

     हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

    हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।

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    Sat, 21 Mar 2026 17:23:42 +0530 news desk MPcg
    ईद की नमाज के बाद भोपाल में लगे नारे – अमेरिका&इजराइल मुर्दाबाद, सुन्नी और शिया के अलग&अलग आयोजन https://citytoday.co.in/5266 https://citytoday.co.in/5266  भोपाल 

    ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया।

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया।

    भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा।

    इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही।

    उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई।

    करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।”

    इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे।

    शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।

     

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    Sat, 21 Mar 2026 15:22:22 +0530 news desk MPcg
    चेटीचंड पर CM मोहन यादव का संदेश, अखंड भारत की भावना को किया याद https://citytoday.co.in/5258 https://citytoday.co.in/5258

    भोपाल/उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने चेटीचंड महापर्व के अवसर पर कहा कि यह पर्व अखंड भारत की भावना को जीवित रखता है और लोगों के दिलों में एकता का संदेश जगाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक और धार्मिक उत्सव आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने Ujjain के टावर चौक पर आयोजित सिंधी समाज के भव्य चल समारोह का भगवा ध्वज लहराकर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों—वीरता, न्याय और दानशीलता—को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन्हीं मूल्यों को अपनाकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है।

    उन्होंने विक्रम संवत 2083 के अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी से देश और प्रदेशवासियों को चेटीचंड की शुभकामनाएं दीं। साथ ही बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम छू रहा है और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं।

    समारोह में राज्यसभा सांसद Jaya Prada, अभिनेता Aftab Shivdasani सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे।

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    Fri, 20 Mar 2026 16:24:51 +0530 news desk MPcg
    भोपाल, जबलपुर समेत आधे MP में बारिश, कई जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान , 34 जिलों में अलर्ट https://citytoday.co.in/5256 https://citytoday.co.in/5256

    भोपाल | मध्य प्रदेश में बदला मौसम, बारिश-ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव देखने को मिला है। इंदौर में 50 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलीं, वहीं बैतूल और पांढुर्णा में चने के आकार के ओले गिरे। मंडला में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दमोह और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।

    इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी और कटी फसलें भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर जलभराव के कारण कटाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं, आम लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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    Fri, 20 Mar 2026 14:39:55 +0530 news desk MPcg
    MP से बासमती का निर्यात ठप, समुद्र में फंसा चावल, किसानों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता https://citytoday.co.in/5252 https://citytoday.co.in/5252 भोपाल | मध्य पूर्व में लगातार गहराते तनाव और इजरायल-ईरान-अमेरिका के बीच बन रहे युद्ध जैसे हालातों का सीधा और गंभीर असर भारत के कृषि निर्यात, विशेषकर बासमती चावल के कारोबार पर दिखाई देने लगा है. खाड़ी देशों में पैदा हुए इस भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) के कारण भारत से होने वाला बासमती का निर्यात लगभग पूरी तरह से ठप पड़ गया है. हालात ये हैं कि देश का करीब 4 लाख टन प्रीमियम बासमती चावल बीच समुद्र में जहाजों पर या विभिन्न बंदरगाहों (पोर्ट) पर अनिश्चितकालीन स्थिति में फंसा हुआ है।

    खाड़ी देशों में इन किस्मों की है भारी मांग
    मध्य प्रदेश से, विशेषकर रायसेन जिले से बासमती चावल का बड़े पैमाने पर ईरान समेत कई खाड़ी देशों में निर्यात होता है. इन देशों में बासमती सेला 1509, 1121, सुगंधा और शरबती जैसे चावलों की भारी डिमांड रहती है. लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते पिछले कुछ दिनों से एक्सपोर्ट पूरी तरह रुक गया है और जहाजों के कंसाइनमेंट बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।

    2000 डॉलर का शिपिंग खर्च 9000 डॉलर पहुंचा
    रायसेन जिले में स्थित 'अपर्णा फूड मिल एसोसिएशन' के अध्यक्ष ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर टैक्स और लागत बेतहाशा बढ़ गई है. समुद्री रास्तों, खासकर लाल सागर (Red Sea) रूट पर बनी अस्थिरता के चलते शिपिंग लाइनों के किराए में भारी उछाल आया है. पहले जहां एक कंटेनर का शिपिंग खर्च लगभग 2000 डॉलर हुआ करता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 9000 डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है।

    मिलर्स पर मंडरा रहा भारी नुकसान का खतरा
    लगातार बढ़ती लागत, बढ़े हुए टैक्स और रास्ते में फंसे माल के कारण एक्सपोर्ट कारोबार लगभग ठप होने की कगार पर पहुंच गया है. व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए और समुद्री रास्ते सुरक्षित नहीं हुए, तो बासमती चावल उद्योग से जुड़े किसानों, मिलर्स और व्यापारियों को एक बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. फिलहाल, पूरे बाजार की नजरें मध्य पूर्व के हालातों पर टिकी हुई हैं।

    31 मार्च की क्लोजिंग से व्यापारियों पर दबाव

    31 मार्च के आसपास वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग होती है। ऐसे समय में व्यापारियों और बैंकों को अपने हिसाब-किताब पूरे करने होते हैं, लेकिन निर्यात रुकने से व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। माल बंदरगाहों और गोदामों में अटकने से बासमती की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। गोयल के अनुसार भारत से होने वाले बासमती चावल निर्यात का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा और पंजाब से जाता है। इसलिए इस संकट का सबसे ज्यादा असर भी इन राज्यों के राइस मिलर्स और व्यापारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक बड़ी राइस मिल में करीब 200 मजदूर काम करते हैं, जिनमें से अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश के होते हैं। सतीश गोयल ने बताया कि एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल सरकार से दो बार मिल चुका है। उन्होंने मांग की है कि बढ़े हुए फ्रेट और इंश्योरेंस का बोझ सरकार वहन करे या राहत दे। बंदरगाहों पर खड़े कंटेनरों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को माफ किया जाए।

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    Fri, 20 Mar 2026 12:49:39 +0530 news desk MPcg
    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया https://citytoday.co.in/5251 https://citytoday.co.in/5251 उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया

    “सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन

    मंदसौर

    उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की।

    कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

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    Thu, 19 Mar 2026 19:22:57 +0530 news desk MPcg
    विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव https://citytoday.co.in/5248 https://citytoday.co.in/5248 विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का पर्व है नव संवत्सर
    मुख्यमंत्री ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नवसंवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना
    रवीन्द्र भवन में हुआ कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम
    सम्राट विक्रमादित्य नाटक का हुआ मंचन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे।

    उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। विक्रमोत्सव-2026 के आयोजन में निहित भावों और इसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात्र किया। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। आज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव परिलक्षित होता है कि भारत राष्ट्र की सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज स्वस्फूर्त और अनुशासित समाज है।

    हमने हमेशा जियो और जीने दो सहित सबको लेकर चलने की भावना से जीना सीखा है। सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र को बढ़ावा दिया, इसी से लोकतंत्र के सूत्र हम भारतीयों के शरीर में रक्त की तरह प्रवाहित है और अब यह हमारे अस्तित्व की पहचान भी बन गया है।

    स्वागत उद्बोधन देते हुए विधायक श्रीभगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। वीर विक्रमादित्य की कर्मभूमि उज्जैन से देश में लोकतंत्र का दीप प्रज्ज्वलित हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उसी दीप को और अधिक प्रकाशमान बना रहे हैं।

    कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी नाट्य कलाकारों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, कमिश्नर भोपाल डिवीजन श्री संजीव सिंह, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण एवं स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

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    Thu, 19 Mar 2026 18:09:28 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के केरवा&कलियासोत में 96 अवैध निर्माणों पर चलेगी जेसीबी, सरकार ने माना स्कूल और रेस्टोरेंट का निर्माण https://citytoday.co.in/5244 https://citytoday.co.in/5244 भोपाल
     शहर की खूबसूरती और पर्यावरण की जान माने जाने वाले केरवा और कलियासोत जलाशय अब अपने पुराने स्वरूप में लौटेंगे। राज्य सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने स्वीकार किया है कि इन जलाशयों के आसपास के ग्रीन बेल्ट में बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। भोपाल विकास योजना 2005 के प्रावधानों को ताक पर रखकर यहां जो निर्माण हुए थे, अब उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद अब जमीन का सीमांकन शुरू हो गया है।

    क्या-क्या बना है 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' में?
    सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, कुल 96 निर्माणों को अवैध पाया गया है। इनमें से 84 सरकारी जमीन पर हैं और 12 निजी जमीन पर, जो 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

    FTL के 33 मीटर में बड़ा खतरा
    जलाशयों के फुल टैंक लेवल (FTL) से 33 मीटर के दायरे को सबसे संवेदनशील माना जाता है। केरवा जलाशय के इस दायरे में 16 पक्के निर्माण पाए गए हैं। इनमें से 2 सरकारी जमीन पर हैं, जिन्हें हटाने के आदेश राजस्व कोर्ट ने दे दिए हैं। बाकी 14 निजी जमीन पर हैं, जिन पर अब राजस्व विभाग नियमों के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।

    मंत्रालय में हुई बैठक में साफ कर दिया गया है कि भोपाल विकास योजना 2005 के क्लॉज 2.57 का कड़ाई से पालन होगा। 150 हेक्टेयर की यह जमीन केवल प्रकृति के लिए सुरक्षित रहेगी, यहां किसी भी निजी स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं है।

    अब बनेगा बॉटनिकल गार्डन
    सरकार की योजना यहां 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल बॉटनिकल गार्डन और रीजनल पार्क बनाने की है। इसके लिए टीएंडसीपी विभाग ने मैप तैयार कर लिया है। खसरा रिकॉर्ड को मास्टर प्लान के मैप पर सुपरइम्पोज कर दिया गया है, जिससे अब एक-एक इंच जमीन का हिसाब साफ हो गया है। कलेक्टर भोपाल को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्व विभाग के जरिए इस पूरी जमीन को जल्द से जल्द बाउंड्री बनाकर सुरक्षित करें।

    अब तक क्या हुआ?
    13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में निर्णायक बैठक हुई। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को 69 में से 28 अवैध निर्माणों को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया। जबकि बाकी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली वारंट जारी हो चुके हैं।

    क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?
    केरवा और कलियासोत न केवल भोपाल के जल स्तर को बनाए रखते हैं, बल्कि यह क्षेत्र बाघों और अन्य वन्यजीवों का कॉरिडोर भी है। पिछले कुछ वर्षों में यहां होटल, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस की बाढ़ आ गई थी, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने लगा था। एनजीटी में दायर एक याचिका के बाद अब यह पूरा मामला कोर्ट की सीधी निगरानी में है।

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    Thu, 19 Mar 2026 14:18:27 +0530 news desk MPcg
    एमपी में LPG संकट, 70% बढ़ी डिमांड; होटल&रेस्टोरेंट को 10% कमर्शियल सिलेंडर देने का आदेश लंबित https://citytoday.co.in/5239 https://citytoday.co.in/5239 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है.

    घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल

    दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है.

    इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं।

    इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है।

    सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं।

    गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे।

    महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा।

    पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।

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    Wed, 18 Mar 2026 18:03:58 +0530 news desk MPcg
    राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें https://citytoday.co.in/5227 https://citytoday.co.in/5227 राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें

    गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन

    उज्जैन

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा।

    नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

    विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा।

    नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन

    सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

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    Tue, 17 Mar 2026 14:22:45 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में आज कृषि वर्ष पर मंत्रियों और विधायकों का महामंथन, सीएम की मौजूदगी में होगा प्रेजेंटेशन https://citytoday.co.in/5214 https://citytoday.co.in/5214 भोपाल
     सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी।

    खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे।

    विभागवार होंगे प्रजेंटेशन

        कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।
        उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।
        सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा।

    आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा

        विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।
        सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।

        मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।

        मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे।

    सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

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    Mon, 16 Mar 2026 13:40:31 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में खुला स्टाइल का नया ठिकाना, The Urban Fashion मेन्स आउटलेट का भव्य शुभारंभ ! https://citytoday.co.in/5211 https://citytoday.co.in/5211 भोपाल में ‘द अर्बन फैशन’ मेन्स आउटलेट का भव्य शुभारंभ

    राजधानी Bhopal के लागतही क्षेत्र में पुरुषों के लिए फैशन का नया ठिकाना बनकर “The Urban Fashion – Men’s Outlet” का रविवार को भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और नए की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।

    इस शोरूम में युवाओं और पुरुषों के लिए आधुनिक डिजाइन की शर्ट, टी-शर्ट, जींस, ट्राउज़र और अन्य फैशनेबल परिधानों का आकर्षक कलेक्शन उपलब्ध है। संचालकों ने बताया कि ग्राहकों को यहां बेहतरीन क्वालिटी के कपड़े किफायती कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे हर वर्ग के लोग स्टाइलिश फैशन का आनंद ले सकें।

    यह शोरूम गुफा मंदिर के सामने, जैन नगर, Lalghati भोपाल में स्थित है। उद्घाटन के अवसर पर आए लोगों ने शोरूम का अवलोकन किया और क्षेत्र में नए व्यापार की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की।

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 8319518594 ????

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    Sun, 15 Mar 2026 15:57:45 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर: नर्मदापुरम में पारा 40 पार, कल से दो दिन बारिश के आसार https://citytoday.co.in/5205 https://citytoday.co.in/5205 मध्यप्रदेश में गर्मी ने अब तेज़ी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और लोगों को दिन में तेज धूप व लू का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जहां लगातार दूसरे दिन लू चली और अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से करीब 6.6 डिग्री ज्यादा है।

    प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री और उज्जैन में 37.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। ग्वालियर में पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में गर्मी के बीच राहत की संभावना भी है। कल से अगले दो दिनों तक कई इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाने के आसार हैं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

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    Sat, 14 Mar 2026 13:54:49 +0530 news desk MPcg
    Gold&Silver Prices Down: सोना और चांदी हुए सस्ते, ग्राहकों के चेहरे पर खुशी https://citytoday.co.in/5200 https://citytoday.co.in/5200 भोपाल
     मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार से शुक्रवार सुबह बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में आज दोनों कीमती धातुओं के दाम कम हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार 13 मार्च को बाजार खुलते ही सोने और चांदी की नई दरें जारी की गईं। कीमतों में आई इस गिरावट को ग्राहकों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है।

    सोने के ताज़ा रेट (13 मार्च 2026)
    आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,56,660 पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,920 प्रति ग्राम है और 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,49,200 में मिल रहा है।

    अगर 8 ग्राम सोने की बात करें तो 22 कैरेट सोना ₹1,19,360 में मिल रहा है, जो कल के मुकाबले सस्ता हुआ है। इसी तरह 24 कैरेट के 8 ग्राम सोने की कीमत ₹1,25,328 दर्ज की गई है।

    चांदी भी हुई सस्ती
    सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को चांदी की कीमत ₹290 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 1 किलो चांदी ₹2,90,000 में बिक रही है। गुरुवार को यह कीमत करीब ₹3,00,000 प्रति किलो थी।

    क्यों घटे सोने-चांदी के दाम?
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। मार्च महीने में अब तक इन धातुओं के दामों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है।

    फिलहाल आज आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं..

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    Fri, 13 Mar 2026 20:12:01 +0530 news desk MPcg
    CM मोहन यादव का ग्वालियर दौरा: घाटीगांव में लाड़ली बहना सम्मेलन, 1.25 करोड़ बहनों को 1836 करोड़ का लाभ https://citytoday.co.in/5191 https://citytoday.co.in/5191 ग्वालियर
     मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है।

    यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे।

    ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी।

    लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
    मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना

    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है।

    प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है।

    प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

    इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

    लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा।

    भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

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    Fri, 13 Mar 2026 13:42:09 +0530 news desk MPcg
    आइसर की स्वदेशी तकनीक से सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, फोटोमास्क और हार्ड मास्क होंगे आसान https://citytoday.co.in/5190 https://citytoday.co.in/5190 भोपाल
    भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के वैज्ञानिकों ने कम लागत और कम कार्बन उत्सर्जन वाली स्वदेशी माइक्रोफैब्रिकेशन तकनीक विकसित की है।

    यह तकनीक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण की जटिल और महंगी प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नवाचार से भारत में सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उत्पादन को नई गति मिल सकती है। साथ ही यह तकनीक बड़े उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स के लिए भी चिप निर्माण अनुसंधान को सुलभ बनाएगी।

    आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि

        आइसर भोपाल के विद्युत अभियांत्रिकी और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. शांतनु तालुकदार और उनकी टीम ने कई वर्षों के शोध के बाद यह स्वदेशी तकनीक विकसित की है। उनकी टीम में डॉ. स्वप्नेंदु घोष और देबजीत डे सरकार भी शामिल रहे।
        वैज्ञानिकों ने माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले फोटोमास्क और हार्ड मास्क के निर्माण के लिए नई विधि विकसित की है। इस शोध का प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय जर्नल “माइक्रो एंड नैनो इंजीनियरिंग” में भी किया गया है, जिससे इसकी वैश्विक स्तर पर भी सराहना हो रही है।

    माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया होगी आसान

        आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में फोटोमास्क और हार्ड मास्क की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनकी सहायता से नैनोमीटर से लेकर माइक्रोन स्तर तक के सूक्ष्म पैटर्न चिप के सब्सट्रेट पर स्थानांतरित किए जाते हैं।

        पारंपरिक तकनीक में इन मास्क को तैयार करने के लिए अत्यंत महंगे उपकरण, अत्याधुनिक लिथोग्राफी मशीनें, विशेष क्लीनरूम और कई प्रकार के खतरनाक रसायनों की आवश्यकता होती है।

        यही कारण है कि भारत के कई शैक्षणिक और शोध संस्थानों के लिए इस क्षेत्र में कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहा है। नई स्वदेशी तकनीक इन जटिलताओं को कम करते हुए कम संसाधनों में माइक्रोफैब्रिकेशन को संभव बना सकती है।

    क्रोमियम परत से बनाए जाते हैं सूक्ष्म पैटर्न

        नई तकनीक में नैनोमीटर मोटाई की क्रोमियम धातु की परत का उपयोग किया जाता है। वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत नुकीले धातु प्रोब की सहायता से इलेक्ट्रोकेमिकल ऑक्सीकरण अभिक्रिया को बेहद सीमित क्षेत्र में नियंत्रित करने की विधि विकसित की है। इस प्रक्रिया में क्रोमियम की सतह पर सीधे पैटर्न बनाए जाते हैं।

        वैज्ञानिक इसे इस तरह समझाते हैं जैसे कागज पर पेन से लिखकर आकृति बनाई जाती है। इसी सिद्धांत पर अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर चिप के लिए जरूरी डिजाइन तैयार किए जा सकते हैं। इस नवाचार से फोटोमास्क और हार्ड मास्क का निर्माण अपेक्षाकृत सरल और सस्ता हो जाता है।

    पर्यावरण के लिए भी लाभकारी तकनीक

        इस नई विधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अतिरिक्त रेजिस्ट परत, महंगे लिथोग्राफी उपकरण या खतरनाक रसायनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय जोखिम भी कम हो जाते हैं।
        इसके अलावा यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन की दो प्रमुख प्रक्रियाओं—लिथोग्राफी और एचिंग—का एक साथ समाधान प्रस्तुत करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मौजूदा सेमीकंडक्टर निर्माण प्रणालियों के साथ भी आसानी से एकीकृत की जा सकती है।

    स्टार्टअप और संस्थानों के लिए नए अवसर

        विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन अनुसंधान को बड़े उद्योगों और सीमित प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स तक पहुंचाने में सहायक होगी। इससे नवाचार की गति तेज होगी और भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत आधार मिलेगा।

    आइसर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास के अनुसार यह तकनीक उद्योगों के साथ साझा की जाएगी, ताकि बड़े पैमाने पर कम लागत में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।
    क्या होते हैं फोटोमास्क और हार्ड मास्क

        फोटोमास्क एक पारदर्शी प्लेट होती है, जो आमतौर पर कांच या क्वार्ट्ज से बनाई जाती है। इसमें बहुत छोटे-छोटे पैटर्न बनाए जाते हैं, जिनकी मदद से फोटोलिथोग्राफी प्रक्रिया के दौरान चिप पर डिजाइन तैयार किया जाता है।

        वहीं हार्ड मास्क एक मजबूत परत होती है, जो सिलिकॉन, ऑक्साइड या नाइट्राइड जैसे पदार्थों से बनाई जाती है। इसका उपयोग माइक्रोफैब्रिकेशन में संरचना को सुरक्षित रखते हुए पैटर्न ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। दोनों तकनीकों का उपयोग सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है।

    सेमीकंडक्टर का बढ़ता महत्व

        सेमीकंडक्टर ऐसी सामग्री होती है जिसकी विद्युत चालकता धातुओं और इंसुलेटर के बीच होती है। यही विशेषता इसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर प्रोसेसर, मेमोरी चिप, ट्रांजिस्टर, डायोड, एलईडी और सोलर सेल जैसे उपकरणों में इसका व्यापक उपयोग होता है।

        इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सेंसर, एयरबैग सिस्टम, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में भी सेमीकंडक्टर का महत्वपूर्ण योगदान है। 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक प्रौद्योगिकी प्रकल्प भी इसी पर निर्भर हैं।

    आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

        विशेषज्ञों के अनुसार आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होता है तो देश में चिप निर्माण की लागत कम हो सकती है और अनुसंधान संस्थानों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

    इससे न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज करा सकेगा।

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    Fri, 13 Mar 2026 13:12:10 +0530 news desk MPcg
    मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली https://citytoday.co.in/5189 https://citytoday.co.in/5189 भोपाल

     युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली। 

    फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है। 

    • मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली
    • मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया
    • एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया
    • आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली  
    • भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555
    • गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश

    होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई
    भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

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    Fri, 13 Mar 2026 12:59:20 +0530 news desk MPcg
    प्रहलाद के साथ सीएम मोहन यादव की शिवराज से मुलाकात, दिल्ली में हुई मीटिंग में तय हुआ सरसों पर भावांतर और तुअर की खरीद https://citytoday.co.in/5188 https://citytoday.co.in/5188 भोपाल 

     दिल्ली में हुई एक बड़ी राजनतिक बैठक के बाद मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों के मुद्दों पर चर्चा की, जिसके बाद सरसों और तुअर की खरीद को लेकर बड़ी मंजूरी मिली है।

    तुअर की 100% सरकारी खरीद को मंजूरी

    बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस फैसले बाद मध्यप्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

    सरसों पर भावांतर भुगतान योजना लागू

    इसके साथ ही सरसों की फसल के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीद को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई की जाएगी।

    विजयवर्गीय भी दिल्ली में थे मौजूद एमपी के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और विजयवर्गीय के बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम डॉ मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने एक ही दिन अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

    इस बार शिवराज सिंह चौहान से सीएम ने मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मुलाकात की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन वे एक निजी शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    शिवराज-मोहन और प्रहलाद के बीच चर्चा

    तीनों दिग्गजों के बीच हुई बैठक के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि खेती से जुड़े इन मुद्दों पर चर्चा हुई है।

        सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा : लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।

        तुअर की 100% सरकारी खरीद: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की पूरी की पूरी तुअर फसल सरकार खरीदेगी। यह दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

        2026 किसान कल्याण वर्ष का रोडमैप: वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसे तिलहनों पर भी विशेष फोकस रहेगा।

    कई योजनाओं पर हुई चर्चा

    बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और अधिकारियों की मौजूदगी में दलहन–तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण सड़कों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    आवास और ग्रामीण विकास को बढ़ावा

    बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत 2018 की आवास प्लस सूची के सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर भी सहमति बनी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बचे पात्र परिवारों को भी आवास स्वीकृत करने की दिशा में काम करेंगी। इतना ही नहीं ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर भी समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया है।

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    Thu, 12 Mar 2026 17:45:03 +0530 news desk MPcg
    सीजन में पहली बार 40 डिग्री तक पहुंचा पारा, कई शहरों में सामान्य से 5&7 डिग्री ज्यादा तापमान https://citytoday.co.in/5187 https://citytoday.co.in/5187 भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग  के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। बुधवार को कई जिलों में पारा 38 से 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे दिन में तेज गर्मी का अहसास होने लगा है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में दर्ज किया गया, जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.9°C और धार में 39.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। गुना में 38.1°C और इंदौर में 38°C तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से ज्यादा है। 

    राजधानी भोपाल में भी बढ़ी गर्मी
    राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है। ग्वालियर में 37.7°C और उज्जैन में भी 37.7°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं खंडवा, खरगोन और शाजापुर जैसे शहरों में भी तापमान 37 डिग्री के आसपास रहा।

    महाकौशल और विंध्य में भी चढ़ा पारा
    पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में भी गर्मी का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दमोह में 37.8°C, खजुराहो में 38.2°C और टीकमगढ़ में 38.4°C तापमान दर्ज किया गया। मंडला में 37.5°C और सागर में 37.4°C पारा रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में भी तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री ज्यादा है।

    रात में अभी हल्की ठंड बरकरार
    दिन में गर्मी बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान अभी अपेक्षाकृत कम बना हुआ है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 16°C और इंदौर में 15.8°C दर्ज किया गया। वहीं कई जिलों में न्यूनतम तापमान 16 से 20 डिग्री के बीच रहा।

    आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मार्च में ही गर्मी का असर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। 

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    Thu, 12 Mar 2026 16:44:14 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में LPG संकट, कमर्शियल सिलेंडर का सिर्फ दो दिन का स्टॉक, 15 लाख उपभोक्ताओं पर असर https://citytoday.co.in/5177 https://citytoday.co.in/5177 भोपाल 
    ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हो रही है। केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। प्रदेश के डीलर्स के पास कमर्शियल सिलेंडर का करीब दो दिन का ही स्टॉक बचा है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से प्रदेश के करीब 15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कमर्शियल संस्थानों के साथ बैठक कर गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

    घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक
    सरकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 90 लाख के आसपास है, जिनमें से करीब 92 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। वहीं, बाकी आठ प्रतिशत यानी करीब 15 लाख कमर्शियल उपभोक्ता हैं। 

    उद्योग हो सकते हैं प्रभावित 
    कमर्शियल उपयोग की बात करें तो प्रदेश में एलपीजी का केवल 5 से 7 प्रतिशत उपयोग कमर्शियल क्षेत्र में होता है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए करीब दो से तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, ऑयल कंपनियों के पास औसतन 6 से 7 दिन का स्टॉक रहता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होटल, रेस्टारेंट और उद्योगों को दूसरे विकल्पों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। इसमें सबसे अधिक उद्योगों के प्रभावित होने की बात सामने आर ही है। 

    शादी-समारोहों पर असर पड़ना तय 
    कमर्शियल गैस की सीमित उपलब्धता का असर होटल व्यवसाय और शादी-समारोहों की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल में सिलेंडर बुक कर सकते थे, अब बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसके साथ ही एक उपभोक्ता को एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।  

    कलेक्टरों को दिए गए निर्देश
    सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएं और गैस का विवेकपूर्ण व सीमित उपयोग सुनिश्चित कराएं। आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया है। वहीं, अस्पताल और शैक्षणिक सेवाओं के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की काला बाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक 
    वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक हैं। इसके अलावा सप्लाई जारी है। वहीं, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बता दें मध्य प्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है।

    मुख्यमंत्री ने बनाई समन्वय समिति
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश के बीच समन्वय के लिए मंत्रिगण की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति तय करेगी। 

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    Wed, 11 Mar 2026 16:29:10 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में महिला दिवस पर सेंट्रल बैंक की महिला कर्मचारियों ने निकाली जागरूकता रैली https://citytoday.co.in/5171 https://citytoday.co.in/5171 Tue, 10 Mar 2026 20:10:53 +0530 news desk MPcg रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) बनेगा चीतों का तीसरा घर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5169 https://citytoday.co.in/5169 Tue, 10 Mar 2026 19:35:00 +0530 news desk MPcg MP सरकार फिर लेगी 5800 करोड़ का कर्ज, 5 लाख 66 हजार करोड़ हुई देनदारी https://citytoday.co.in/5167 https://citytoday.co.in/5167 भोपाल.

    वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लिया जाएगा। होली के पहले सरकार ने 6,300 करोड़़ रुपये का कर्ज लिया था। इस प्रकार देखा जाए तो प्रदेश के ऊपर 5,66,000 करोड़ रुपए के करीब कर्ज हो जाएगा।

    वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च यानी मंगलवार को तीन किस्तों में 1,900, 1,700 और 2,200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। यह राशि विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। इसका उपयोग पूंजीगत कार्यों यानी अधोसंरचना विकास के कामों में ही किया जाएगा। इसके पहले 6300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। नए कर्ज को मिला लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल मिलाकर कर्ज की राशि 85,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।

    जीतू पटवारी ने लगाया प्रदेश को कर्ज में डुबोने का आरोप
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि जो कर्ज लिया जा रहा है वह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार है।

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    Tue, 10 Mar 2026 16:48:19 +0530 news desk MPcg
    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम, महिलाओं का सम्मान https://citytoday.co.in/5166 https://citytoday.co.in/5166 भोपाल स्थित Central Bank of India के आंचलिक कार्यालय परिसर में 9 मार्च 2026 को International Women's Day के अवसर पर महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करना और समाज में समानता व सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

    कार्यक्रम के शुभारंभ पर उपमहाप्रबंधक प्रमोद मिश्रा ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। बैंकिंग क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे अपने परिश्रम, लगन और जिम्मेदारी से संस्थान की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं।

    उप आंचल प्रमुख डी. के. पाण्डेय ने उपस्थित महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और वित्तीय सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।

    इस अवसर पर बैंक की महिला कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रेरक संदेश, विचार और कविताएं भी प्रस्तुत की गईं, जिससे उपस्थित सभी कर्मचारी प्रेरित हुए।

    महिला स्टाफ के लिए आयोजित मेमोरी प्रतियोगिता में मोनिका, कीर्ति शर्मा, प्रियंका सिसोदिया और पूजा श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्राप्त किए, जबकि अल्फाबेट प्रतियोगिता में अर्शी जैन और गरिमा राय को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक एवं उप आंचल प्रमुख (CIA) संजय मलिक, सीबीसीटीसी भोपाल के प्राचार्य राजेश गेरा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनीता धुर्वे ने किया, जबकि अंत में मुख्य प्रबंधक वजीरा बोकर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

    यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण के संदेश को मजबूत करने वाला प्रेरक आयोजन साबित हुआ।

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    Tue, 10 Mar 2026 16:45:53 +0530 news desk MPcg
    नगर निगम में काम में बड़ा फेरबदल, इंजीनियर उदित गर्ग से पीएम आवास की जिम्मेदारी छीनी https://citytoday.co.in/5163 https://citytoday.co.in/5163 भोपाल.

    नगर निगम में प्रशासनिक कार्य सुविधा के नाम पर कार्यपालन यंत्रियों के दायित्वों में बड़ा फेरबदल किया गया है। अपर आयुक्त वरुण अवस्थी द्वारा जारी इस आदेश ने निगम की आंतरिक सियासत और रसूख के समीकरण बदल दिए हैं। इस बदलाव में जहां कुछ अधिकारियों के पर कतरे गए हैं, वहीं लूप लाइन में माने जाने वाले कुछ चेहरों की दमदार वापसी हुई है।

    निगम के सबसे रसूखदार अधिकारियों में शुमार अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग को बड़ा झटका लगा है। उन्हें स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। दूसरी ओर, अब तक मुख्य धारा से दूर रहे कार्यपालन यंत्री एके साहनी को नरेला विधानसभा की कमान सौंपकर ''''पावर'''' में लाया गया है। उन्हें नरेला का प्रभारी नगर निवेशक बनाने के साथ ही पीएमआइएस और अतिक्रमण स्टोर जैसी शाखाओं का प्रभार भी दिया गया है। आरआर जारोलिया को अब यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ के साथ जोन एक से 21 तक की विद्युत शाखा का प्रभार दिया गया है। वहीं अभी तक स्मार्ट सिटी और नगर निगम की विद्युत शाखा देख रहे आशीष श्रीवास्तव से नगर निगम की विद्युत शाखा का प्रभार वापस लेकर प्रभारी अधीक्षण यंत्री आरआर जारोलिया को दे दिया गया है। साथ ही आरआर जारोलिया के पास यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी भी रहेगी। इसी तरह आरके गोयल को एचएफए का विभागाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि प्रमोद मालवीय को प्रोजेक्ट, झील संरक्षण और उद्यान शाखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान दी गई है।

    निगम ने भवन अनुमति की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए अब विधानसभा वार प्रभारी नगर निवेशक नियुक्त किए हैं। आदेश के अनुसार, अब सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी शाखाओं की नस्तियां संबंधित अपर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगी ।
    इन्हें दी विधानसभाओं की जिम्मेदारी
    – अनिल टटवाडे – उत्तर एवं मध्य विधानसभा के सिविल, अतिक्रमण और भवन अनुज्ञा शाखा में प्रभारी नगर निवेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

    – एनके डेहरिया – दक्षिण-पश्चिम और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    – एके साहनी – नरेला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा का प्रभार दिया गया है।

    – एसके राजेश – हुजूर विधानसभा के प्रभारी नगर निवेशक और सिविल कार्य और अतिक्रमण शाखा के प्रभारी होंगे।

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    Tue, 10 Mar 2026 13:57:59 +0530 news desk MPcg
    एचपीवी वैक्सीन का एक टीका बेटियों को बचाएगा सर्वाइकल कैंसर से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5158 https://citytoday.co.in/5158 स्वस्थ नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला

    राज्य सरकार लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के साथ महिलाओं को बना रही है सशक्त
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की दीं मंगलकामनाएं

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर बेटियों की जिंदगी में सबसे कठिन समय होता है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर एचवीपी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों को 4 हजार रुपए मूल्य का यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। वैक्सीन का एक टीका गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के प्रति भविष्य में बेटियों को जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी देगा और उन्हें गंभीर रोग से बचाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर में महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि बहनें और बेटियां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का लाभ लेकर टीका अवश्य लगवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीका लगवा चुकी बेटियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही जबलपुर में 37 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों से लेकर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों तक निरंतर जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार योजना की राशि को निरंतर बढ़ा रही है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को अब 1500 रुपए की राशि हर माह उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य सरकार ने बहनों को रोजगारपरक उद्योगों में काम करने पर 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में लैंगिग असमानता को खत्म करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। बेटियां सेना से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अशोकनगर जिले में करीला धाम पहुंचकर माता जानकी और उनके पुत्र लव-कुश का आशीर्वाद प्राप्त किया और सभी प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने जबलपुर को दी 37 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में 10.51 करोड़ लागत से आधुनिक जनपद भवन का भूमि-पूजन और 27.16 करोड़ लागत से नवनिर्मित गीता भवन सहित 3 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केंद्र और सोलर ट्रैफिक सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कार धानी जबलपुर की छटा देश में सबसे अलग है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं।

    नेत्र दिव्‍यांग बालिकाओं का किया सम्‍मान
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं जिया सेन और अंशी विश्वकर्मा को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने नेत्रहीन कन्या विद्यालय जबलपुर की बालिकाओं से भेंट कर उनका सम्‍मान भी किया। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लखपति दीदी आरती चौधरी और सीता गोंड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

    पूर्व मंत्री श्री अजय बिश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश का नेतृत्व करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू कर रहे हैं। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई टीकाकरण की यह योजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में माताओं-बहनों का पूर्ण सहयोग सरकार को मिल रहा है। प्रदेश की आंगनवाड़ी एवं हेल्थ वर्कर्स की सहायता से विभिन्न प्रकार के कैंसर की पहचान करने के लिए आमजन को जागरुक किया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक श्री संतोष बरकड़े सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, लाड़ली बहनें एवं बड़ी संख्या में बेटियां उपस्थित थीं।

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    Mon, 09 Mar 2026 20:04:22 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के मशहूर मिलन स्वीट एंड रेस्टोरेंट पर IT का छापा, टैक्स चोरी की आशंका में जांच https://citytoday.co.in/5152 https://citytoday.co.in/5152 भोपाल के MP Nagar स्थित मशहूर Milan Sweet & Restaurant में रविवार को आयकर विभाग की टीम ने सर्वे कार्रवाई की। सुबह अचानक पुलिस के साथ पहुंची इनकम टैक्स विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम को देखकर रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं दुकान के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटने लगी।

    सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित तौर पर सेल कम दिखाकर टैक्स चोरी करने की आशंका को लेकर की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी रेस्टोरेंट के दस्तावेजों और खातों की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि टीम इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य कागजी दस्तावेजों को खंगाल रही है, ताकि वास्तविक बिक्री और घोषित आय के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल आयकर विभाग की टीम रेस्टोरेंट परिसर में मौजूद रहकर संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टैक्स चोरी हुई है या नहीं और यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि जून 2024 में इसी रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकलों को मौके पर बुलाया गया था और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी थी। उस घटना में मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के साथ कई जरूरी दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए थे। 

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    Mon, 09 Mar 2026 16:08:28 +0530 news desk MPcg
    MP: इस जिले में BJP की नई मंडल कार्यकारिणी घोषित, 25 पदाधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी https://citytoday.co.in/5147 https://citytoday.co.in/5147 सुसनेर

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुसनेर मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने 25 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने का संदेश दिया है।

    घोषित कार्यकारिणी में कल्याण सिंह, अभय जैन, पीरू सिंह सारखा, जसवंत सिंह पालड़ा, मानसिंह गुराड़ी और कमल भावसार को मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं लखन सेन और बनास कुंवर कालूसिंह चौहान को मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल मंत्री के रूप में गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह राजपूत, हेमराज जाट, कमलसिंह सेमली, सिद्धू सिंह पटपड़ा और दुर्गाबाई विक्रम चौहान को शामिल किया गया है। दिनेश कानुडिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ईश्वर सिंह पटेल और गोपाल पाटीदार को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

    संगठन के संचालन के लिए अनिल जैन को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए नारायण सिंह कलारिया और मनोज सुमन को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है।

    मीडिया और आईटी से जुड़े दायित्वों में दीपक जैन को मीडिया प्रभारी, स्नेहा युगल किशोर परमार को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वहीं यशवंत बैरागी को सोशल मीडिया प्रभारी, सिया भावसार को सह सोशल मीडिया प्रभारी तथा कार्तिक शर्मा को आईटी सेल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करेगी।

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    Sat, 07 Mar 2026 20:03:18 +0530 news desk MPcg
    समय&सीमा में पूरे हों विकास कार्य और योजनाएं, शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर – संभागायुक्त संजीव सिंह https://citytoday.co.in/5137 https://citytoday.co.in/5137 भोपाल, 06 मार्च 2026:
    संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में संभागीय सभागृह में विभागीय योजनाओं, निर्माण कार्यों और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों की जिला पंचायतों और विभागों के कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लक्ष्य के अनुरूप कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरे किए जाएं।

    बैठक में वन अधिकार अधिनियम (FRA) से जुड़े लंबित प्रकरणों, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने, पट्टाधारियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

    स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की संख्या कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षा 5वीं और 8वीं के सभी विद्यार्थियों का अगले वर्ग में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने और ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था लागू करने को कहा। पहली कक्षा में नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर सर्वे, प्रवेश उत्सव और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

    संभागायुक्त ने कहा कि 01 अप्रैल तक सभी स्कूलों में छात्रों को पुस्तक वितरण कर पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनभागीदारी के माध्यम से स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर जाकर योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लें और कमियों को तुरंत दूर करें। संभागायुक्त ने दोहराया कि सभी विकास और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करना अनिवार्य है, जिसकी अगली समीक्षा अप्रैल में की जाएगी।

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    Fri, 06 Mar 2026 17:42:20 +0530 news desk MPcg
    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 66वें जन्मदिन पर बड़े संकल्प, परिवार संग पौधे रोपे, विदिशा में शुरू की फ्री मामा कोचिंग https://citytoday.co.in/5126 https://citytoday.co.in/5126 Thu, 05 Mar 2026 19:38:21 +0530 news desk MPcg MP के 1 लाख कर्मचारियों को झटका, वेतन कटौती मामले में मोहन सरकार SC जाएगी; 400 करोड़ का बकाया भुगतान अटका https://citytoday.co.in/5124 https://citytoday.co.in/5124 Thu, 05 Mar 2026 17:49:50 +0530 news desk MPcg हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5116 https://citytoday.co.in/5116
  • हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली
  • मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
  • सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई
  • ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण
  • भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

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    Thu, 05 Mar 2026 12:58:27 +0530 news desk MPcg
    होली से पहले बढ़ा एमपी का पारा, 35 डिग्री पार, मार्च में 40 डिग्री तक जाने के आसार https://citytoday.co.in/5104 https://citytoday.co.in/5104 भोपाल

    मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा। 

    रात में अभी हल्की ठंडक 
    रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई।

    होली पर रहेगा साफ मौसम
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।

    अप्रैल-मई में लू के आसार
    डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं। 

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    Tue, 03 Mar 2026 15:53:51 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री निवास पर हुआ भव्य होलिका दहन, गौ&काष्ठ का हुआ उपयोग https://citytoday.co.in/5099 https://citytoday.co.in/5099 Tue, 03 Mar 2026 13:23:08 +0530 news desk MPcg कृषकों का हित और कल्याण शासन की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5096 https://citytoday.co.in/5096 Mon, 02 Mar 2026 16:38:55 +0530 news desk MPcg नागलवाड़ी में ‘कृषि कैबिनेट’ की अहम बैठक आज, आदिवासी बहुल बड़वानी में होगा मंत्रिमंडल का जमावड़ा https://citytoday.co.in/5093 https://citytoday.co.in/5093 बड़वानी
    मध्य प्रदेश सरकार की 'कृषि कैबिनेट' की बैठक आज भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के दौरान, राज्य सरकार किसानों के हित में अहम फैसले लेगी। अधिकारियों ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान 'कृषि कैबिनेट' की यह पहली मीटिंग होगी। किसान कल्याण वर्ष को पूरे राज्य में मनाया जा रहा है। सीएम यादव ने 11 जनवरी को यहां एक इवेंट में 'कृषक कल्याण वर्ष' लॉन्च किया था।

    अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के तरफ से किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को फायदा पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही उनकी इनकम दोगुनी करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
    किसानों और बुद्धिजीवियों संग होगी बात

    सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "पूरी राज्य कैबिनेट नागलवाड़ी में दिन बिताएगी, जहां एग्रीकल्चर कैबिनेट मीटिंग के अलावा, किसानों और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत होगी। एग्रीकल्चर और ट्राइबल वेलफेयर पर फोकस्ड एक एग्जिबिशन भी लगाई जाएगी।''.

    24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने इसी घोषणा की थी। यह कैबिनेट प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन बैठक है। कैबिनेट में निमाड़ के सात जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर पर फोकस रहेगा।

    तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के साथ शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलट देव के दर्शन करेंगे। इसके बाद कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें 25 से अधिक मंत्रियों के शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री जनजातीय समुदाय के लोगों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे।

    रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने नागलवाड़ी पहुंचकर बैठक स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर जयति सिंह से तैयारियों की जानकारी ली। शिखरधाम में बाबा भीलट देव के दर्शन भी किए।

    भीलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा मंत्रिमंडल

    करीब 6000 की आबादी वाला नागलवाड़ी एक आदिवासी बहुल गांव है। कृषि कैबिनेट न केवल बड़वानी जिले के लिए बल्कि मध्य प्रदेश के पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि नागलवाड़ी में 800 साल पुराना प्राचीन भीलट देव मंदिर आदिवासी आस्था में खास महत्व रखता है। कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद पूरा मंत्रिमंडल वहां पूजा-अर्चना करेगी।
    किसानों से बात करेंगे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री मोहन यादव कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद किसानों और जानकारों से बातचीत करेंगे, सरकार की पहल और स्कीमों की जानकारी साझा करेंगे और इलाके के विकास के बारे में उनके विचार और उम्मीदें भी जानेंगे। यादव और उनके मंत्री जुलवानिया में आदिवासी समुदाय द्वारा आयोजित पारंपरिक 'भगोरिया हाट' में भी हिस्सा लेंगे। बड़वानी समेत आदिवासी बहुल जिलों में चल रहा भगोरिया उत्सव सोमवार को मध्य प्रदेश में खत्म हो जाएगा। भगोरिया त्योहार झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में आदिवासी समुदाय मनाते हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और देश-विदेश से टूरिस्ट को आकर्षित करता है।
    शिवराज चौहान ने बनाई थी कृषि कैबिनेट

    अधिकारियों ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा सभी प्रोग्राम आदिवासी परंपराओं को दिखाएंगे। देश की पहली कृषि कैबिनेट 2011 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनाई थी, जो अब केंद्रीय कृषि मंत्री हैं।

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    Mon, 02 Mar 2026 14:11:57 +0530 news desk MPcg
    सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के साथ भिलट देव के किए दर्शन, अब होगी कृषि कैबिनेट की बैठक https://citytoday.co.in/5092 https://citytoday.co.in/5092 बड़वानी
     कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

    भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है।

    पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम
    मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है।

    किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।

    संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।

    निमाड़ी शैली में सजाया
    निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है।

    मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी।

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    Mon, 02 Mar 2026 14:06:58 +0530 news desk MPcg
    कैलाश विजयवर्गीय का बयान: यदि सरकार का सचिवालय विधानसभा जैसा हो, तो प्रदेश कितनी ऊंचाई तक पहुंचेगा https://citytoday.co.in/5087 https://citytoday.co.in/5087 भोपाल
    मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। 22 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बिना ही सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के अवसर न दिए जाने के विरोध में बहिर्गमन कर दिया। इस बीच 4,38,417 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया।

    इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जितना अच्छा विधानसभा सचिवालय है, यदि उतना अच्छा सरकार का सचिवालय भी हो जाए तो पता नहीं यह प्रदेश किस ऊंचाई तक पहुंच जाए। प्रदेश की विधानसभा की परंपरा बहुत उच्चकोटि की रही है, जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है।

    पूर्व के मंत्री रहे हैं, चाहे इधर बैठने वाले हों या उधर बैठने वाले हों, सबने हमेशा अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार काम किया है, पर विधान सभा की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई काम नहीं किया। हमने आपस में एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर कितनी भी लड़ाई लड़ी, सदन में भी हमने एक दूसरे के खिलाफ वार्तालाप किया हो, बहस की हो, पर जब हम बाहर निकलते हैं तो एक दूसरे के प्रति जो संबंध है, जो मित्रता है, इस पर मुझे गर्व है कि मैं मप्र की विधान सभा का सदस्य हूं।

    25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी

    विधानसभा में शुक्रवार को 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सदन की कार्यवाही शांति के साथ चल रही थी। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर दो घंटे चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित किए गए लेकिन इसके बाद मुखबंद का उपयोग करते हुए शेष 22 विभागों की अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत कर पारित कराया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विनियोग विधेयक प्रस्तुत कर दिया।

    इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम हैं इसलिए वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का प्रस्ताव एक साथ रखा जाएगा।

    हमें बार-बार औकात याद दिलाई गई

    सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमने जब इंदौर में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सवाल किया तो जवाबदेही के स्थान पर औकात याद दिलाई गई। स्वच्छ जल पर चर्चा के लिए अनुरोध किया तो सरकार ने विपक्ष के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दे पर सवाल करने पर औकात याद दिलाई। जब कैग की रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की फिर औकात दिखाई।

    चाहे सदन के अंदर हो या बाहर, सरकार और उससे जुड़े लोग हर दिन प्रदेशवासियों को उसकी औकात याद दिला रहे हैं। सिंगरौली के धिरौली कोल परियोजना के विस्थापित आदिवासियों और नियम ताख पर रखकर अदाणी को जमीन देने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश की जनता के हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखी और आगे भी रखते रहेंगे।

    अध्यक्ष बोले- सदन में मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी दलीय निष्ठाएं भिन्न हो सकती हैं, परंतु लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएं स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी।

    सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई, किंतु सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।

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    Sat, 28 Feb 2026 19:46:10 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में होली पर बदलने वाला है मौसम, आंधी&बारिश के साथ ग्वालियर&चंबल में असर https://citytoday.co.in/5081 https://citytoday.co.in/5081 भोपाल 
     मध्य प्रदेश में होली के आसपास एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। दो मार्च से हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रदेश पर भी प्रभाव डाल सकता है। इसका असर विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल अंचल में देखने को मिल सकता है, जहां बादल छाने और आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) सिस्टम सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन की गतिविधि भी बनी हुई है। इसी कारण शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि, तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई। अब 2 मार्च के बाद मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण होली पर प्रदेश में मावठा यानि हल्की बारिश के आसार है।

    34°C पार रहा तापमान, खरगोन सबसे गर्म आंधी-बारिश और ओले का दौर थमने के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार रहा। वहीं, रात में यह 18 डिग्री से ज्यादा पहुंच गया है।

    शुक्रवार को प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही पारा 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक ही रहे। सबसे गर्म खरगोन में तापमान 34.8 डिग्री पहुंच गया। वहीं, 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 33 डिग्री रहा।

    रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। सागर में सबसे ज्यादा 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री रहा। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में 16 डिग्री और रतलाम-धार में 17 डिग्री या इससे ज्यादा पहुंच गया।

    इधर, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर थमने के बाद प्रदेश में गर्मी ने भी रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि अन्य शहरों में पारा 30 डिग्री या उससे ज्यादा रहा। खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 34.8 डिग्री तक पहुंच गया। पांच बड़े प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में 33 डिग्री दर्ज किया गया।

    रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। सागर में 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री रहा। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जबकि रतलाम और धार में यह 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहने की संभावना है और फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    फरवरी में 4 बार बदला बारिश का दौर बता दें कि इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला है। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।

    20 जिलों में बिगड़ चुका मौसम इससे पहले 24 और 25 फरवरी को साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। 2 दिन में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं-चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग की माने तो शनिवार को मौसम साफ रहेगा। कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।

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    Sat, 28 Feb 2026 14:47:53 +0530 news desk MPcg
    कृषि मंत्री शिवराज ने सड़क पर तड़पते युवक को देखा, काफिला रुकवाकर खुद अस्पताल पहुंचाया https://citytoday.co.in/5078 https://citytoday.co.in/5078 Sat, 28 Feb 2026 12:46:39 +0530 news desk MPcg मंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5076 https://citytoday.co.in/5076 Fri, 27 Feb 2026 20:41:23 +0530 news desk MPcg “स्व से सृष्टि” तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5067 https://citytoday.co.in/5067 Thu, 26 Feb 2026 18:45:05 +0530 news desk MPcg MP में बदलते मौसम से किसानों की बढ़ी चिंताएं, फरवरी में चौथी बार ओले और बारिश https://citytoday.co.in/5060 https://citytoday.co.in/5060 Wed, 25 Feb 2026 19:06:05 +0530 news desk MPcg बीजेपी विधायक बोले& सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA का पलटवार https://citytoday.co.in/5056 https://citytoday.co.in/5056 Wed, 25 Feb 2026 14:18:52 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए खुशखबरी! कक्षा 1 से 8 तक मुफ्त मिलेगा दूध https://citytoday.co.in/5043 https://citytoday.co.in/5043 Mon, 23 Feb 2026 17:30:30 +0530 news desk MPcg एमपी के 25 जिलों में बारिश से फसलें बर्बाद, सीएम मोहन ने दिए तत्काल राहत के निर्देश https://citytoday.co.in/5039 https://citytoday.co.in/5039 Mon, 23 Feb 2026 14:54:24 +0530 news desk MPcg MP में नई शराब दुकानों पर बैन, अहाते भी रहेंगे बंद; नई आबकारी नीति लागू https://citytoday.co.in/5033 https://citytoday.co.in/5033 Sat, 21 Feb 2026 19:30:51 +0530 news desk MPcg भोपाल में सियासी बवाल: कांग्रेस कार्यालय में घुसकर भाजपाईयों ने मचाया उत्पात, खिड़कियों के शीशे तोड़े https://citytoday.co.in/5032 https://citytoday.co.in/5032 Sat, 21 Feb 2026 17:58:03 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में 4 दिन का मौसम अलर्ट: भोपाल‑जबलपुर में हल्की बारिश, रीवा समेत 5 जिलों में भी बारिश के आसार https://citytoday.co.in/5029 https://citytoday.co.in/5029 Sat, 21 Feb 2026 13:38:32 +0530 news desk MPcg ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां https://citytoday.co.in/5025 https://citytoday.co.in/5025 Thu, 19 Feb 2026 19:05:36 +0530 news desk MPcg पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, ईमेल में साइनाइड बम का दावा; पुलिस ने खाली कराया परिसर https://citytoday.co.in/5021 https://citytoday.co.in/5021 Thu, 19 Feb 2026 17:02:59 +0530 news desk MPcg भोपाल&उज्जैन सहित 20 जिलों में बारिश, फसलें प्रभावित; कृषि मंत्री ने सर्वे का ऐलान किया https://citytoday.co.in/5019 https://citytoday.co.in/5019 Thu, 19 Feb 2026 13:52:31 +0530 news desk MPcg शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए समयानुकूल बनाना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5016 https://citytoday.co.in/5016 Wed, 18 Feb 2026 20:36:53 +0530 news desk MPcg कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद https://citytoday.co.in/4998 https://citytoday.co.in/4998 Mon, 16 Feb 2026 14:51:24 +0530 news desk MPcg MP Budget Session 2026: 4.65 लाख करोड़ का महाबजट, 18 फरवरी को बड़ा ऐलान https://citytoday.co.in/4994 https://citytoday.co.in/4994 Mon, 16 Feb 2026 12:45:24 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4989 https://citytoday.co.in/4989 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4990 https://citytoday.co.in/4990 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4991 https://citytoday.co.in/4991 Sat, 14 Feb 2026 20:07:15 +0530 news desk MPcg कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव: सीहोर में अभूतपूर्व तैयारियां, रेल&सड़क व्यवस्था बदली https://citytoday.co.in/4988 https://citytoday.co.in/4988 Sat, 14 Feb 2026 18:39:13 +0530 news desk MPcg सीएम ने कहा: जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रणनीति तय होती है https://citytoday.co.in/4978 https://citytoday.co.in/4978 Fri, 13 Feb 2026 18:43:44 +0530 news desk MPcg केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट https://citytoday.co.in/4970 https://citytoday.co.in/4970 Thu, 12 Feb 2026 18:46:04 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला, नई दरें जल्द लागू होंगी https://citytoday.co.in/4965 https://citytoday.co.in/4965 Thu, 12 Feb 2026 14:29:42 +0530 news desk MPcg एक हफ्ते में दूसरी बार 5,000 करोड़ का कर्ज, इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज बढ़ा 67,300 करोड़ https://citytoday.co.in/4959 https://citytoday.co.in/4959 भोपाल 

    विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा।

    बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
    अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज

    जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है।

    इसलिए लिया गया कर्ज

    10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं।

    2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज

    -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया।
    -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए।
    -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए।
    -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए।
    -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए।

    -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए।
    -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए।
    -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए।
    -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया।
    -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।
    -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

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    Wed, 11 Feb 2026 15:50:39 +0530 news desk MPcg
    MP में दिन भारी गर्म, रातें ठंडी: भोपाल&इंदौर समेत 15 शहरों में पारा 30°C पार https://citytoday.co.in/4956 https://citytoday.co.in/4956 Wed, 11 Feb 2026 13:19:27 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: आज 6,412 जोड़ें बंधेंगे शादी के बंधन में, मुख्यमंत्री साय देंगे आशीर्वाद https://citytoday.co.in/4952 https://citytoday.co.in/4952 Tue, 10 Feb 2026 15:39:30 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात: अमित शाह देंगे 550 करोड़, बिजली अब होगी सस्ती! https://citytoday.co.in/4946 https://citytoday.co.in/4946 Mon, 09 Feb 2026 13:20:49 +0530 news desk MPcg भोपाल में बड़ी कार्रवाई: आनंद नगर तिराहे से 146 दुकानें ध्वस्त https://citytoday.co.in/4940 https://citytoday.co.in/4940 Fri, 06 Feb 2026 19:21:49 +0530 news desk MPcg एमपी के इस शहर में पहली बार पहुंची रेल, भोपाल&रामगंज मंडी रेल लाइन पर राजगढ़ तक चली उम्मीदों की रेल https://citytoday.co.in/4938 https://citytoday.co.in/4938 Fri, 06 Feb 2026 14:34:08 +0530 news desk MPcg सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय https://citytoday.co.in/4912 https://citytoday.co.in/4912 Tue, 03 Feb 2026 19:03:56 +0530 news desk MPcg CM मोहन यादव का बयान: Union Budget दूरदर्शी, रेलवे में क्रांति की उम्मीद https://citytoday.co.in/4906 https://citytoday.co.in/4906 Tue, 03 Feb 2026 17:49:18 +0530 news desk MPcg आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट& CM डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/4904 https://citytoday.co.in/4904 Tue, 03 Feb 2026 15:53:26 +0530 news desk MPcg शिवराज ने दी रायसेन को खुशखबरी: सरकार से रोप&वे की अनुमति मिली https://citytoday.co.in/4900 https://citytoday.co.in/4900 Tue, 03 Feb 2026 12:48:24 +0530 news desk MPcg नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण : मंत्री पटेल https://citytoday.co.in/4898 https://citytoday.co.in/4898 Mon, 02 Feb 2026 19:41:58 +0530 news desk MPcg कल्पना नगर में बढ़ती वारदातों से दहशत, छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल https://citytoday.co.in/4895 https://citytoday.co.in/4895 Mon, 02 Feb 2026 17:25:42 +0530 news desk MPcg केंद्रीय बजट में MP को झटका: 7500 करोड़ की कमी, 10 शहरों के लिए 5000 करोड़ से होगा विकास https://citytoday.co.in/4894 https://citytoday.co.in/4894 Mon, 02 Feb 2026 16:25:02 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले और कोहरे से बढ़ी परेशानी https://citytoday.co.in/4892 https://citytoday.co.in/4892 Mon, 02 Feb 2026 14:44:56 +0530 news desk MPcg मोबाइल की लत और रात में जागने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा, एम्स भोपाल का चेतावनीपूर्ण शोध https://citytoday.co.in/4854 https://citytoday.co.in/4854 Tue, 27 Jan 2026 15:21:34 +0530 news desk MPcg कैलाश खेर की आवाज़ में गूंजेगा भोपाल, ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का रंगारंग आगाज़ https://citytoday.co.in/4852 https://citytoday.co.in/4852 Tue, 27 Jan 2026 12:46:01 +0530 news desk MPcg मान. अरुण यादव के जन्मदिवस पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सुनील आर्य की अगुवाई में हुआ भव्य स्वागत https://citytoday.co.in/4850 https://citytoday.co.in/4850 Sat, 24 Jan 2026 17:44:09 +0530 news desk MPcg शिवराज की संवेदनशील पहल: दिव्यांग पन्नालाल को भेंट की मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल https://citytoday.co.in/4841 https://citytoday.co.in/4841 Fri, 23 Jan 2026 19:50:34 +0530 news desk MPcg भोपाल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में राजभाषा पर जोरदार संदेश ! https://citytoday.co.in/4835 https://citytoday.co.in/4835 Fri, 23 Jan 2026 12:57:03 +0530 news desk MPcg बिना हेलमेट घर से निकले तो कटेगा चालान, सड़क पर निकलते ही कार्रवाई https://citytoday.co.in/4833 https://citytoday.co.in/4833 Wed, 21 Jan 2026 18:15:39 +0530 news desk MPcg नांदेड़ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 02 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, देखें शेड्यूल https://citytoday.co.in/4831 https://citytoday.co.in/4831 Wed, 21 Jan 2026 14:34:34 +0530 news desk MPcg सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आक्रोश, विजय शाह के खिलाफ सड़क पर उतरी पार्टी https://citytoday.co.in/4823 https://citytoday.co.in/4823 Tue, 20 Jan 2026 16:24:39 +0530 news desk MPcg नर्मदा घाटों पर तैरता अस्पताल ! एमपी सरकार की बड़ी स्वास्थ्य पहल https://citytoday.co.in/4821 https://citytoday.co.in/4821 Tue, 20 Jan 2026 14:27:50 +0530 news desk MPcg सिस्टम की छांव में पनपा ‘असलम चमड़ा’ का साम्राज्य, स्लॉटर हाउस घोटाले से हड़कंप https://citytoday.co.in/4808 https://citytoday.co.in/4808 Sat, 17 Jan 2026 18:52:38 +0530 news desk MPcg लाड़ली बहनों को बड़ी राहत: खातों में पहुंचे 1500 रुपये, गैस सिलेंडर सब्सिडी के 90 करोड़ भी ट्रांसफर https://citytoday.co.in/4800 https://citytoday.co.in/4800 Fri, 16 Jan 2026 20:45:31 +0530 news desk MPcg पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल पटेल https://citytoday.co.in/4799 https://citytoday.co.in/4799 Fri, 16 Jan 2026 19:13:40 +0530 news desk MPcg MP में पारा गिरकर 4.6 डिग्री, कोल्ड वेव का असर: भोपाल&इंदौर भी ठंडे, ग्वालियर&चंबल में कोहरा; 20 के बाद मावठा https://citytoday.co.in/4795 https://citytoday.co.in/4795 Fri, 16 Jan 2026 12:59:17 +0530 news desk MPcg कैबिनेट बैठक में शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव, 5 हजार तक बढ़ सकता है वेतन https://citytoday.co.in/4786 https://citytoday.co.in/4786 Tue, 13 Jan 2026 14:06:04 +0530 news desk MPcg भोपाल स्लॉटर हाउस का काला सच: 26 टन गोमांस, नियमों की खुलेआम हत्या https://citytoday.co.in/4785 https://citytoday.co.in/4785 Tue, 13 Jan 2026 14:02:11 +0530 news desk MPcg भोपाल में गूंजेगा श्री गजानन विजय ग्रंथ का संगीतमय पारायण, श्री दत्त महाराज के चरणों में भक्ति की शाम https://citytoday.co.in/4779 https://citytoday.co.in/4779 Sat, 10 Jan 2026 20:53:18 +0530 news desk MPcg सनातन संस्कृति और एकता का संदेश, भोपाल में होगा ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ https://citytoday.co.in/4772 https://citytoday.co.in/4772 Fri, 09 Jan 2026 18:59:02 +0530 news desk MPcg MP में कड़ाके की ठंड का कहर: भोपाल में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.8°C https://citytoday.co.in/4762 https://citytoday.co.in/4762 Wed, 07 Jan 2026 14:37:09 +0530 news desk MPcg पीएम स्वनिधि 2.0: स्ट्रीट वेंडर्स को पूरी लोन राशि, बैंकों की मनमानी पर ब्रेक https://citytoday.co.in/4759 https://citytoday.co.in/4759 Tue, 06 Jan 2026 13:27:16 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप से बहाल हुई क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी https://citytoday.co.in/4758 https://citytoday.co.in/4758 Tue, 06 Jan 2026 13:22:24 +0530 news desk MPcg AQI 230 पार | भोपाल समेत MP में घना कोहरा, ठंड और प्रदूषण का ट्रिपल अटैक https://citytoday.co.in/4755 https://citytoday.co.in/4755 Mon, 05 Jan 2026 14:48:06 +0530 news desk MPcg MP में कड़ाके की ठंड और कोहरा, 19 जिलों में स्कूलों की छुट्टी, बड़वानी में दूध टैंकर पलटा & एक की मौत https://citytoday.co.in/4753 https://citytoday.co.in/4753 Mon, 05 Jan 2026 14:27:26 +0530 news desk MPcg MSP बढ़ने से सरकार को राहत, किसानों को मिली निराशा, केवल 15 रुपये का बोनस मिलेगा https://citytoday.co.in/4749 https://citytoday.co.in/4749 Sat, 03 Jan 2026 15:12:56 +0530 news desk MPcg भोपाल में दो दिन रहेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, युवाओं&महिलाओं&प्रमुख नागरिकों से करेंगे संवाद https://citytoday.co.in/4744 https://citytoday.co.in/4744 Fri, 02 Jan 2026 14:26:09 +0530 news desk MPcg मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद https://citytoday.co.in/4742 https://citytoday.co.in/4742 Fri, 02 Jan 2026 13:36:29 +0530 news desk MPcg भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी https://citytoday.co.in/4737 https://citytoday.co.in/4737 भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी

    भोपाल
    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। बुधवार 31 दिसंबर को 4345 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।

    सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था।

    इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था।

    इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए , 12 दिसंबर को 4202 रुपए , 13 दिसंबर को 4204 रुपए , 14 दिसंबर को 4208 रुपए , 15 दिसंबर को 4208 रुपए , 16 दिसंबर को 4209 रुपए , 17 दिसंबर को 4205 रुपए , 18 दिसंबर को 4195 रुपए , 19 दिसंबर को 4201 रुपए , 20 दिसंबर को 4191 रुपए , 21 दिसंबर को 4193 रुपए , 22 दिसंबर को 4194 रुपए , 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए , 25 दिसंबर को 4235 रुपए , 26 दिसंबर को 4257 रुपए , 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए , 29 दिसंबर को 4267 रुपए और 30 दिसंबर को 4296 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

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    Wed, 31 Dec 2025 19:37:46 +0530 news desk MPcg
    शिवराज सिंह चौहान का MNREGA पर तंज, G RAM G बिल के फायदे गिनाए और CM डॉ. मोहन की तारीफ की https://citytoday.co.in/4730 https://citytoday.co.in/4730 भोपाल 

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था।

    ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था। 

    प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है। 

    G RAM G में रहेगी पारदर्शिता

    उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है। 

    ‘पंजाब में बहुत करप्शन’ 

    शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता। 

    अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की

    शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए। 

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    Wed, 31 Dec 2025 14:34:08 +0530 news desk MPcg
    मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना https://citytoday.co.in/4724 https://citytoday.co.in/4724 मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना

    मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक

    भोपाल 

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मंडी प्रांगणों को कृषक उन्मुख बनाये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाये। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी विपणन व्यवस्था एवं फसलों का उचित मूल्य दिलाना भी सुनिश्चित किया जाये। कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किये गये। बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास निशांत बरबड़े, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, पंजीयन सहकारी संस्था तथा मंडी बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव

        किराये के वाहनों के देयक भुगतान की संचालक मंडल से स्वीकृति।

        म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटित वाहनों में माह अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक अवधि में पात्रता से अधिक डीजल/पेट्रोल व्यय की स्वीकृति।

        भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम में खरीफ वर्ष 2025 के लिये सोयाबीन भावांतर भुगतान।

        योजना के सतत् क्रियान्वयन के लिये ऋण लिये जाने की स्वीकृति बावत्।

        राष्ट्रीय कृषि बाजार योजनांतर्गत / राष्ट्रीय कृषि विकास योजना / बोर्ड निधि मद अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट एपीएमसी में क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग फेसिलिटी के संबंध में।

        किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सह अध्यक्ष मंडी बोर्ड से प्राप्त प्रस्ताव के अनुक्रम में बोर्ड निधि मद स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।

        प्रदेश अंतर्गत विभिन्न मण्डी समितियों में बोर्ड निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।

        प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये वित्तपोषण बोर्ड निधि मद से करने सम्बन्धी अनुमोदन।

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    Mon, 29 Dec 2025 19:59:14 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो में सख्ती: नो डिस्टरबेंस जोन के नियमों का उल्लंघन, 6 महीने से 1 साल तक की सजा https://citytoday.co.in/4721 https://citytoday.co.in/4721 भोपाल 

    भोपाल मेट्रो के शुरू होते ही प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहता, इसी का नतीजा है कि यात्रियों की सुविधाओं के साथ ही प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मेट्रो प्रबंधन ने प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। ये वही पोस्टर हैं, जिनपर लिखा है… भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने की जेल और जुर्माने समेत दोनों के तहत दंड दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। मेट्रो भोपाल में सफर करने से पहले… क्या करें और क्या न करें…?

    परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत होगी सजा

    इन पोस्टर्स पर लिखे गए नियमों को लेकर यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि वे किसी भी नियम का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के मुताबिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है।

    इन गतिविधियों पर रोक

    इन पोस्टर्स पर स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि मेट्रो परिसर में और ट्रेन में भीख मांगना, भीड़ जुटाना या किसी भी तरह की नारेबाजी, उत्पादों की मांग करना और किसी भी तरह की सामुहिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।

    धारा 62 रहेगी लागू

    यहां मेट्रो अधिनियम की धारा 62 भी लागू की गई है। इसके तहत मेट्रो परिसर में प्रदर्शन करने, लिखने, चिपकाने और निर्देशों का पालन न करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना और यात्री को ट्रेन से बाहर करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा मेट्रो परिसर में या ट्रेन में पालतू जानवरों को लाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होंगी।

    धारा 73 के तहत सामान बेचा तो जुर्माना

    भीड़ और अव्यवस्था को रोक्ने के लिए मेट्रो परिसर में भीख मांगना, सामान बेचना या यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान करने पर भी सख्ती से निपटा जाएगा। धारा 73 के तहत मेट्रो परिसर में अनाधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

    प्रबंधन ने की अपील, कतार में रहें

    मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे मेट्रो परिसर में कतार में रहें। अपने सामान का ध्यान रखें। टिकट जांच के समय अधिकृत कर्मचारी को ही टिकट दिखाएं, जरूरत पड़ने पर मेट्रो सुरक्षा और ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें।

    यहां पढ़ें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सख्त नियम

    मेट्रो ट्रैक पर उतरने या चलने पर धारा 64-2 के तहत 6 महीने की जेल या 500 रुपए का जुर्माना

    महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल या 250 रुपए जुर्माना
    इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग करने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना
    ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वाले पर 1000 रुपए का जुर्माना और 1 साल की जेल का प्रावधान

    मेट्रो अधिनियम 2002 के तहत ये धाराएं लागू

    धारा- 59:भोपाल मेट्रो या मेट्रो परिसर में शराब पीना, उपद्रव करना, ट्रेन में फर्श पर बैठना, थूकना या झगड़ा करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। टिकट या पास जब्त किया जा सकता है, ट्रेन से बाहर भी निकाला जा सकता है।

    धारा 60: आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर 200 रुपए का जुर्माना।

    धारा 62: रेलवे पर प्रदर्शन करने, कोच में लिखने/चिपकाने या हटने से इनकार करने पर 500 रुपए का जुर्माना और ट्रेन से बाहर निकाला जाना

    धारा 63: मेच्रो की छत पर यात्रा करने पर 5 हजार का जुर्माना

    धारा 64-1: महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल औऱ 250 रुपए जुर्माने का या दोनों का प्रावधान

    धारा 64-2: मेट्रो ट्रेक पर अवैध प्रवेश, पैदल चलने पर 69 महीने की जेल या 500 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा

    धारा 68: ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के कार्य में बाधा डाले जाने पर 1 साल की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों।

    धारा 69: बिना वैध पास या टिकट के यात्रा करने पर 50 रुपए का सरचार्ज और तय किराये का अधिकतम किराया देना होगा।

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    Mon, 29 Dec 2025 18:10:22 +0530 news desk MPcg
    नए साल में 15% महंगा होगा बिजली बिल, मप्र में बदलेगा बिलिंग फार्मूला https://citytoday.co.in/4719 https://citytoday.co.in/4719 भोपाल 

    नए साल में शहर के 33 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगेगा। बिजली कंपनी ने बिलिंग फार्मूले में परिवर्तन करते हुए किलोवॉट की जगह किलो वोल्ट एम्पियर से बिलिंग का फार्मूला लागू करने का फैसला लिया है। इसके असर यह होगा कि अनुपयोगी बिजली का बिल बनेगा और उपभोक्ता से इसकी वसूली की जाएगी। इसका सबसे ज्यादा असर बड़े संस्थान, उद्योग उपभोक्ताओं पर आएगा।

    इससे इनका बिजली बिल पंद्रह फीसदी तक बढ़ जाएगा। बिजली दर बढ़ाने का या पिछले दरवाजे का रास्ता है। मप्र विद्युत नियामक आयोग को कंपनी ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित टैरिफ में इसे प्रस्तावित किया है। केवीए को प्रकट शक्ति यानी अपेरेंट पावर भी कहते हैं। ये सप्लाई की गई कुल बिजली है।

    प्रस्ताव आयोग को दिया

    कंपनी ने अपना एआरआर प्रस्ताव आयोग को दिया है। इसमें तमाम तरह के प्रस्ताव है। आयोग के निर्णय के आधार पर ही दर और तरीका तय होगा। – क्षितिज सिंघल, एमडी, मध्यक्षेत्र

    ऐसे समझें पूरा हिसाब

    बिजली का बिल किलोवॉट की बजाय किलो वोल्ट एम्पीयर के आधार पर बनाना तय किया जा रहा है। किलोवॉट बिजली की वास्तविक खपत को बताता है, जबकि किलो-वोल्ट एम्पीयर लॉस वाली बिजली का भी आंकलन करता है।

    यदि पुराने उपकरण, वायरिंग से परिसर में बिजली का तकनीकी हानि होती है तो वह भी उपभोक्ताओं के बिल में जुड़ जाएगी। अभी एचटी उपभोक्ताओं के बिल इससे बनेंगे, धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं तक भी इसे बढ़ाएंगे। जिले में फिलहाल 33000 एचटी उपभोक्ता इसके दायरे में रहेंगे।

    बिजली कंपनी को ये लाभ

    लाइन लॉस कम।
    ट्रांसफॉर्मर व केबल पर कम दबाव।
    सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

    बिल केवीए पर शिफ्ट

    इसका उद्देश्य है पावर फैक्टर सुधारना।
    ग्रिड पर अनावश्यक लोड कम करना।
    बिजली आपूर्ति को अधिक कुशल बनाना।
    उपभोक्ता को तकनीकी रूप से जिम्मेदार बनाना।

    जिले में बिजली लाइन के तकनीकी लॉस को घटाने 15 साल में 3000 करोड़ खर्च कर चुके हैं। इससे एचवीडीएस सिस्टम विकसित करने से लेकर नई लाइन बिछाने, फीडर सेपरेशन समेत ट्रांसफार्मर – सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि तक की गई। ये औसत 15 फीसदी है जो बिलिंग सिस्टम बदलने से ग्राहक की जेब पर शिफ्ट हो जाएगा।

    लापरवाही से बढ़ेगा बिल

    केवीए आधार पर बिलिंग से वही उपभोक्ता लाभ में रहेंगे जो सही तरीके से बिजली का उपयोग करेंगे। लापरवाही करने वालों का बिल बढ़ेगा। यदि किसी परिसर में बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर, वायरिंग, उपकरण नए व बेहतर है तो किलोवॉट व केवीए एक समान रहेंगे। यहां बिल में अंतर नहीं होगा। जहां पुराने उपकरण, पुरानी वायरिंग है वहां बिजली का पॉवर फैक्टर खराब होगा। केवीए और किलोवॉट में अंतर होगा। इससे बिल बढ़ेगा।

    बीएमसी ने नहीं भरा बिजली बिल, बिजली कटी

    राजधानी के कोटरा क्षेत्र स्थित पीएम आवास योजना के गंगानगर में निगम न बिल का भुगतान नहीं करने से बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया। इससे रविवार को ब्लॉक सी-1 और सी-3 की लिफ्ट 10 घंटे तक बंद रहीं। नौ मंजिला इमारत में रहने वाले रहवासियों, विशेषकर जैसे बने रहे। रहवासियों के बुजुर्ग और मरीज दिनभर बंधक अनुसार रविवार 12 बजे अचानक लिफ्ट बंद हो गई। जब लिफ्ट मेंटेनेंस स्टाफ से संपर्क किया तो पता चला कि बिजली बिल बकाया होने से सप्लाई काट दी है।

    काफी हंगामे और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम 6 बजे बिजली बहाल हुई। ब्लॉक सी-1 के फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले 62 वर्षीय परशुराम कुम्हरे ने बताया कि उनकी पत्नी की हाल ही में सर्जरी हुई है। लिफ्ट बंद होने से पत्नी को सीढ़ियों से ले जाने में भारी दिक्कतें हुई। इस मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त तन्मय शर्मा का कहना है कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार रहवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी

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    Mon, 29 Dec 2025 16:29:39 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन , दिग्विजय सिंह का संदेश : कार्यकर्ता ही कांग्रेस की असली ताकत ! https://citytoday.co.in/4714 https://citytoday.co.in/4714

    जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को धार देने पर गहन मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की, जबकि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    बैठक में सह प्रभारी संजय दत्त, ऊषा नायडू, संजना जाटव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। नेताओं ने संगठनात्मक अनुशासन, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने, आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने पर जोर दिया।

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है और जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाना समय की जरूरत है। वहीं जीतू पटवारी ने आगामी कार्यक्रमों और आंदोलनात्मक रणनीतियों की रूपरेखा रखते हुए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।

    बैठक में संगठन को नई दिशा देने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। नेताओं ने साफ किया कि आने वाले समय में कांग्रेस जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों पर संघर्ष करेगी और सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का काम करेगी। 

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    Sat, 27 Dec 2025 16:39:27 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के टिंबर मार्केट में भीषण आग, 4 घायल, 22 दमकलों ने पाया काबू https://citytoday.co.in/4713 https://citytoday.co.in/4713 Sat, 27 Dec 2025 14:33:05 +0530 news desk MPcg भोपाल एयरपोर्ट देश में पहले स्थान पर, खजुराहो ने भी बराबरी की https://citytoday.co.in/4711 https://citytoday.co.in/4711 भोपाल
     भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे) में लगातार दूसरी बार नंबर एक का दर्जा प्राप्त किया है। देश के 58 हवाई अड्डों पर हुए सर्व में भोपाल अव्वल रहा है। प्रदेश के कम एयर ट्रैफिक वाले खजुराहो एयरपोर्ट को भी पहला स्थान मिला है। ग्वालियर छह एवं जबलपुर एयरपोर्ट सातवें स्थान पर रहा है। इस सर्वे में इंदौर शामिल नहीं था। भोपाल श्रेणी तीन हवाई अड्डा है, जहां यात्री संख्या 15 लाख से अधिक है।

    एयरपोर्ट कांउसिल द्वारा निर्धारित सर्विस क्वालिटी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी साल में दो बार सीएसआइ इंडेक्स जारी करती है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यात्रियों से सीधे बातचीत के आधार पर हुए सर्वे में भोपाल को लगभग हर पैरामीटर पर पूरे नंबर मिले हैं। ओवरआल रैंकिंग के लिए पांच में 4.99 नंबर मिले हैं। इसी आधार पर भोपाल और खजुराहो को नंबर एक दर्जा मिला है।

    राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में इंटरनेशनल मापदंड के अनुरूप डिजी यात्रा सुविधा मिली है। ग्राउंड हैंडलिंग, चेक इन सेवाओं एवं फ्लाइट स्क्रीन सूचना सेवा को आसान बनाया गया है। हाल में 'आइ हेल्प यू' कांउटर बना है। फ्लाइब्रेरी एवं केटेगरी-2 आइएलएस सिस्टम लगा है इसका असर सर्वे में नजर आया है।

    कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान

    राजा भोज एयरपोर्ट का फ्लाइट शेड्यूल पैंसेजर फ्रेंडली है। भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से देश-विदेश की कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान हैं। इस बिंदु पर यात्रियों ने भोपाल को पांच में से पूरे पांच नंबर दिए हैं। शापिंग सुविधाएं, मनी एक्सचेंज एवं एयरपोर्ट तक ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, 24 घंटे पार्किंग सुविधा, चेक इन में प्रतीक्षा समय कम लगना, चेक इन स्टाफ की दक्षता, सिक्युरिटी होल्ड एरिया में खानपान एवं शापिंग सुविधा सहित अधिकांश बिंदुओं पर यात्रियों ने पिछली बार के मुकाबले भोपाल को पूरे नंबर दिए हैं।

    एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले साल ही लाउंज पर यात्री सहायता काउंटर स्थापित किया था। इस कांउटर पर आने वाले हर यात्री की मदद की जाती है। सीआईएसएफ के जवानों को भी ट्रेंड किया गया है। यात्रियों ने इसी आधार पर भोपाल को भरपूर नंबर दिए हैं। भोपाल के एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी एवं खजुरोहो के एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोषसिंह ने सर्वे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाएं जारी रखने की बात कही है।

    जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा हुआ

        हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि है किसर्वेक्षण में यात्रियों ने हमें लगभग हर सुविधा पर पूरे नंबर दिए हैं। मे आई हेल्प यू काउंटर खुलने के बाद पहली बार यात्रा करने वालों को भी कोई परेशानी नहीं होती। लाउंज से सिक्युरिटी होल्ड एरिया तक हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। यात्री भी बढ़े हैं। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर भोपाल

     

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    Sat, 27 Dec 2025 14:27:58 +0530 news desk MPcg
    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से प्रदेश कांग्रेस सचिव सुनील आर्य की शिष्टाचार भेंट https://citytoday.co.in/4708 https://citytoday.co.in/4708 Sat, 27 Dec 2025 13:27:04 +0530 news desk MPcg MP में सख्ती की तैयारी: बिना हेलमेट वाहन चलाया तो अब देना होगा 500 रुपये का जुर्माना https://citytoday.co.in/4698 https://citytoday.co.in/4698 भोपाल
    प्रदेश में हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। हेलमेट नहीं लगाने पर अब 300 की जगह 500 रुपये अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव है। वाहन चालक हो या पीछे बैठने वाला दोनों के लिए 500-500 रुपये अर्थंदड का प्रविधान किया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे शीघ्र ही स्वीकृति के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।

    प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं
    अधिकारियों के अनुसार जनवरी, 2026 से नए प्रविधान लागू हो सकते हैं। एमपी में भी लगभग तीन वर्ष पहले अर्थदंड बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, पर कुछ मंत्रियों ने यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इस कारण इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें दोपहिया वाहन सवार जितने लोगों की मौत होती हैं, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक बिना हेलमेट वाले होते हैं।
     
    6541 लोग बिना हेलमेट के थे
    इस कारण अर्थदंड बढ़ाने की तैयारी है। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले से चालान 500 रुपये है। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली गई, जिनमें 6541 लोग बिना हेलमेट के थे। ये वाहन चालक या पीछे बैठने वाले थे। पड़ोसी राज्यों की तुलना में एमपी में हेलमेट नहीं पहनने पर अर्थदंड बहुत कम है।

    यूपी और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड
    उत्तर प्रदेश और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने भी इस वर्ष दो बार प्रदेश का दौरा किया, जिसमें नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 15-20 दिन के भीतर हेलमेट नहीं लगाने पर अर्थदंड बढ़ाने की अधिसूचना जारी हो सकती है।

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    Fri, 26 Dec 2025 14:16:29 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में ठंड का असर: 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम, पचमढ़ी सबसे ठंडा https://citytoday.co.in/4689 https://citytoday.co.in/4689 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में कोहरे का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होगी। ऐसे में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ट्रेनों पर कोहरे की मार जारी, सफर हो रहा परेशानकोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से कई ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर भी वाहन चलाना जोखिम भरा बना हुआ है।

    आज सुबह कहां-कहां दिखा कोहरा
    गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा देखा गया। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिन कोहरे की तीव्रता घटेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिन मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग का अपडेट और आगे की चेतावनी

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन कोहरे का असर कम रहेगा, लेकिन ठंड में वृद्धि होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अगले पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जिससे सर्द हवाओं के चलते ठंड और बढ़ सकती है।

    प्रदेश के सबसे ठंडे शहर
    पचमढ़ी: 3.8 डिग्री
    कल्याणपुर (शहडोल): 6.3 डिग्री
    नौगांव: 7 डिग्री
    राजगढ़: 7.4 डिग्री
    मलाजखंड: 7.6 डिग्री
    रीवा: 8.2 डिग्री
    उमरिया: 8.3 डिग्री
    रायसेन, छिंदवाड़ा, मंडला: 9 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    टीकमगढ़: 9.8 डिग्री

    हिमालयी सिस्टम का असर,ठंड और बढ़ेगी
    मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और ठंड और तीखी होगी। फिलहाल भी उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर, भोपाल, राजगढ़ और शाजापुर में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है।

    सबसे पहले जानते हैं, आज कैसा है मौसम गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा रहा। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। अगले 2 दिन तक कोहरे का असर तो कम रहेगा, लेकिन ठंड का असर बढ़ जाएगा।

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिन तक मौसम साफ रहेगा और कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है।

    कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटा तक लेट हो रही है। इनमें मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें शामिल हैं।

    कल्याणपुर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार पचमढ़ी में इतना कम तापमान रहा है। कल्याणपुर में यह 6.3 डिग्री रहा। यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा।

    नौगांव में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, उमरिया में 8.3 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा-मंडला में 9 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और टीकमगढ़ में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बुधवार की सुबह कई शहरों में घने कोहरे से राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव में असर ज्यादा देखा गया। वहीं, ट्रेनों के डिले होने की टाइमिंग में भी कमी आई है।

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    Thu, 25 Dec 2025 14:03:59 +0530 news desk MPcg
    Major administrative reshuffle in Madhya Pradesh: 64 officers transferred simultaneously https://citytoday.co.in/4688 https://citytoday.co.in/4688 भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में 5 दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों के कार्यभार में बड़ा बदलाव किया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक ही आदेश में 64 असिस्टेंट और सब इंजीनियरों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।

    यह फैसला नगर परिषद की बैठक में पार्षदों की लिखित शिकायतों के बाद लिया गया है। पार्षदों का आरोप था कि पिछले चार महीनों से इंजीनियर न तो वार्ड में काम कर रहे थे और न ही जनसमस्याओं पर ध्यान दे रहे थे।

    अतिक्रमण हटाने पर फोकस, विशेष टीमों का गठन

    नए सेटअप में कार्यपालन यंत्रियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्हें सिविल कार्यों के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो तेजी से कार्रवाई करेंगी।

    जोनल अधिकारियों के भी तबादले

    फेरबदल के तहत कई जोनल अधिकारियों को भी इधर-उधर किया गया है।

    विजय शाक्य को जोन-14 का सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया

    अंकित गौतम, संदीप मंडलेकर और भावना पटेरिया को अलग-अलग जोन में एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई

    मेट्रोपॉलिटन रीजन से पहले निगम का नया सेटअप

    भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के ड्राफ्ट से पहले नगर निगम का यह नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए—

    बृजेश कौशल – गोविंदपुरा

    अनिल टटवाड़े – मध्य एवं उत्तर विधानसभा

    एसके राजेश – दक्षिण-पश्चिम एवं हुजूर

    अनिल कुमार साहनी – नरेला विधानसभा

    को सिविल शाखा और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    झील संरक्षण और उद्यान विभाग को भी नई कमान

    कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय को नरेला से हटाकर झील संरक्षण प्रकोष्ठ, उद्यान विभाग और प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    चार महीने से चल रहा था विवाद

    गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा इंजीनियरों के विभाग बदले जाने के बाद से लगातार विवाद बना हुआ था। पार्षदों का कहना था कि इंजीनियर न तो उनके वार्ड में पहुंच रहे थे और न ही विकास कार्यों में रुचि ले रहे थे।

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    Thu, 25 Dec 2025 14:00:22 +0530 news desk MPcg
    अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में दिखेगी प्रदेश के आर्थिक विकास की समग्र तस्वीर https://citytoday.co.in/4674 https://citytoday.co.in/4674 अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में दिखेगी प्रदेश के आर्थिक विकास की समग्र तस्वीर

    निवेश से रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश का औद्योगिक विकास
    केन्द्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में होंगे शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। इसी उद्देश्य से 25 दिसंबर को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार” का आयोजन किया जाएगा। यह ग्रोथ समिट प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार आधारित विकास की समग्र तस्वीर को प्रदर्शित करने वाला सबसे प्रभावी मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन के अनुरूप इस समिट में औद्योगिक निवेश के साथ उत्पादन और रोजगार के सृजन पर भी फोकस किया जायेगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे। उनकी सहभागिता यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास मॉडल केंद्र की प्राथमिकताओं के अनुरूप है और प्रदेश में निवेश सुरक्षित, पारदर्शी और लाभकारी तरीके से लागू किया जाएगा।

    निवेश को जमीन पर उतारने का मंच

    ग्रोथ समिट के दौरान 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर आधारित भूमि आवंटन और अनुमोदन संबंधी निर्णय लिये जायेंगे। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों के शुभारंभ से प्रदेश में उत्पादन और उद्योग गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी व्यापक रूप से विकसित होंगे और युवाओं के लिए नई संभावनाएँ उत्पन्न होंगी।

    कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल-क्लिक प्रणाली के माध्यम से प्रोत्साहन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से निवेशक परियोजनाएँ तेजी से शुरू कर पाएंगे और औद्योगिक इकाइयों को समय पर समर्थन मिलेगा।

    रोजगार और युवाओं का सशक्तिकरण

    ग्रोथ समिट का उद्देश्य केवल निवेश नहीं, बल्कि रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नए उद्योगों के साथ-साथ रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। रोजगार पाने वाले युवाओं को मंच से प्रोत्साहन देने से उनके आत्मविश्वास और उत्पादनशीलता में वृद्धि होगी।

    एमएसएमई, कौशल विकास और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान

    समिट में एमएसएमई, स्टार्टअप्स, आईटी-आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन, डिफेंस और फार्मा जैसे क्षेत्रीय और निर्यात आधारित उद्योगों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन पर केंद्रित सत्र यह दिखाएंगे कि प्रदेश सरकार कुशल मानव संसाधन तैयार करने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगार अवसर प्रदान करने पर समान रूप से ध्यान दे रही है।

    औद्योगिक प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की ताकत

    कार्यक्रम स्थल पर औद्योगिक परियोजनाओं, अधोसंरचना और निवेश से जुड़े विभागीय कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक अवसर, निवेश के प्रस्ताव, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों और आमजन को दी जाएगी। इससे निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए भरोसा मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

    सतत औद्योगिक और आर्थिक विकास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह ग्रोथ समिट यह सुनिश्चित करेगा कि निवेश केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे। निवेश को उद्योग स्थापना, उत्पादन, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में बदला जाएगा। यह समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और कौशल विकास एक साथ बढ़ें। समिट के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए सुविधाजनक माहौल है, उद्योगों को गति मिलेगी और युवाओं को स्थायी रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे।

    समग्र प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व

    ग्रोथ समिट न केवल प्रदेश के निवेश और उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं और नीति स्थिरता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की सहभागिता इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनाएगी।

    अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार प्रदेश की औद्योगिक नीति और रोजगार सृजन दृष्टि का सबसे बड़ा और प्रभावी मंच साबित होगा। यह आयोजन निवेशकों को भरोसा, उद्योगों को गति और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करके मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त, रोजगारोन्मुख और निवेश-फ्रेण्डली राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

     

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    Wed, 24 Dec 2025 12:11:24 +0530 news desk MPcg
    कौशल और रोजगार से गढ़ी जा रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत : मंत्री गौतम टेटवाल https://citytoday.co.in/4663 https://citytoday.co.in/4663 अभ्युदय मध्यप्रदेश
    कौशल और रोजगार से गढ़ी जा रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत : मंत्री गौतम टेटवाल

    आईटीआई में रिकॉर्ड प्रवेश और युवाओं का हुआ वैश्विक प्लेसमेंट

    भोपाल

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पत्रकार वार्ता में विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियां को साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने कौशल और रोजगार के क्षेत्र में ठोस, परिणाममुखी और राष्ट्र स्तर पर प्रशंसित उपलब्धियाँ हासिल की हैं।मंत्री टेटवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ और आगामी तीन वर्षों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रमाण हैं।

    सत्र 2025 में प्रदेश के आईटीआई में एक लाख से अधिक प्रशिक्षणार्थी परीक्षाओं में सम्मिलित हुए और विभिन्न ट्रेडों में दस प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। विगत दो वर्षों में शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाना तथा शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई, बैतूल की प्रशिक्षणार्थी कु. त्रिशा तावड़े को 4 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में सम्मानित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

    विश्व कौशल प्रतियोगिता 2024 में प्रदेश के प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 कांस्य और 11 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस (लियॉन) में एक मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस अर्जित किया गया, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रमाण है। वर्ष 2025 में शासकीय आईटीआई के प्रवेश में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई; कुल सीटें बढ़ाकर 52,248 की गईं और 94.55% सीटें भरी गईं, जो वर्ष 2024 के 86.33% की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्शाती है। महिला आरक्षण बढ़ाकर 35% करने तथा समावेशी प्रवेश नीतियों के कारण महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या बढ़कर 12,191 हुई, जबकि वर्ष 2024 में यह 9,655 थी।

    समावेशिता और नवप्रवर्तन विभाग की प्राथमिकता है । इस वर्ष 490 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों और बाल देखरेख संस्थाओं के 16 बच्चों ने आईटीआई में प्रवेश लिया। आठवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए ट्रेडों की संख्या 5 से बढ़ाकर 10 की गई तथा इन ट्रेडों में 8,041 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रदेश के आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण का प्रमाण यह है कि इस वर्ष बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित आठ राज्यों के विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश के आईटीआई में प्रवेश लिया।

    आईटीआई ग्रेडिंग में प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 10 में से 9 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए और शासकीय संभागीय आईटीआई, उज्जैन ने नौ दशमलव तीन अंक के साथ प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। आईआईटी दिल्ली के सहयोग से उज्जैन, भोपाल और जबलपुर में एआई, आईओटी, ब्लॉकचेन तथा एआर-वीआर पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं तथा टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा फाइव-जी टेक्नोलॉजी में 400 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत नौ आईटीआई में एआई डेटा लैब्स स्थापित करने के अनुबंध सुनिश्चित किए गए हैं।

    उद्योग-सीएसआर साझेदारी से प्रशिक्षण अवसंरचना सुदृढ़ हुई है; मारुति सुजुकी द्वारा आईटीआई भोपाल व जबलपुर में आधुनिक लैब का निर्माण पाँच करोड़ रु. की लागत से किया गया, सिमेंस ने आईटीआई उज्जैन में साठ लाख रुपए. की मेन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की, जैगुआर फाउंडेशन ने आईटीआई भोपाल में पंद्रह लाख रु. की प्लम्बिंग स्किल लैब विकसित की तथा श्री-ट्रस्ट ने 20 आईटीआई में इलेक्ट्रिकल, सोलर और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन लैब स्थापित कीं। वाधवानी फाउण्डेशन, क्वेस्ट अलाईंस और इग्नाइट परियोजना के माध्यम से हजारों प्रशिक्षणार्थियों को एम्प्लॉयबिलिटी स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इंडस्ट्री-अकादेमिया कंसल्टेशन वर्कशॉप 14 स्थानों पर आयोजित कर प्रशिक्षण एवं उद्योग आवश्यकताओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।

    संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में वर्ष 2025 में 1,100 प्रशिक्षणार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया, जिनमें 80% आईटीआई प्रशिक्षणार्थी और 20% पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग प्रशिक्षणार्थी हैं; ग्लोबल स्किल पार्क से अब तक 600 प्रशिक्षणार्थियों का सफल प्लेसमेंट हुआ है जिनमें 29 को विदेशी नियोजन प्राप्त हुआ और यह पार्क उच्च प्लेसमेंट प्रतिशत के साथ प्रदेश की पहचान बन चुका है। विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, हब-एंड-स्पोक मॉडल और उद्योगों के साथ समन्वय के तहत अधिकारियों तथा अभ्यर्थियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    विगत दो वर्षों में विभागीय संस्थागत क्षमता मजबूत करने हेतु अनेक नियुक्तियाँ की गईं तथा अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट को प्रोत्साहन देते हुए आईटीआई उत्तीर्ण 113 प्रशिक्षणार्थियों को अबूधाबी, जापान, स्लोवाकिया, कुवैत सहित विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार, रोजगार और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने के लिए प्रतिमाह युवा संगम आयोजित किए जा रहे हैं; विगत दो वर्षों में 656 युवा संगमों के माध्यम से कुल 1,56,767 आवेदकों को रोजगार से जोड़ा गया।

    राज्यमंत्री टेटवाल ने जानकारी दी किआगामी तीन वर्षों की समग्र रूपरेखा में प्रदेश के आईटीआई विहीन 51 विकासखंडों में नये शासकीय आईटीआई की स्थापना, रिक्त पदों की पूर्ति, पीएम सेतु योजना के तहत क्लस्टर विकास, सीएसआर सहयोग से आधुनिक स्किल लैब का विस्तार, अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट का बढ़ावा, विश्व कौशल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रशिक्षकों के लिए पुरस्कार प्रोत्साहन प्रमुख उद्देश्य होंगे। साथ ही, ग्रीन एनर्जी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुरूप नए कोर्स और प्रशिक्षण शुरू कर प्रदेश के युवाओं को आने वाले हरित व स्वचालित रोजगार बाजार के लिये तैयार किया जा रहा है।

    राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि ये उपलब्धियाँ हमारे सामूहिक परिश्रम, समर्पण और साझेदारी का नतीजा हैं और कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए प्रदेश को रोजगार का नया मानक बनाना है।

     

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    Tue, 23 Dec 2025 12:55:43 +0530 news desk MPcg
    भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4662 https://citytoday.co.in/4662 भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के पहले भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया का मैप भी हुआ लांच, पड़ोसी पांच जिलों का क्षेत्र होगा शामिल
    केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में शामिल होंगे
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले सभी मंत्रीगण को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बीते सप्ताह मध्यप्रदेश को कई नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की विशिष्ट उपस्थिति में न केवल भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ वरन् प्रदेश के पहले भोपाल महानगरीय क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन एरिया) का मैप (मानचित्र) भी लांच कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया में भोपाल जिले सहित सीमावर्ती 5 जिलों रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम का क्षेत्र शामिल किया गया है। इस एरिया में कुल 12 नगरीय क्षेत्र और 30 तहसीलें शामिल की गई हैं। मेट्रोपोलिटन एरिया में लगभग 2524 गांव शामिल होंगे और इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 12,099 वर्ग किलोमीटर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश को दिन-ब-दिन मिल रही नई-नई सौगातों के लिए सभी मंत्रीगण ने मेंजें थप-थपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया।

    भोपाल को मिली मेट्रो

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि भोपाल को मेट्रो की सौगात मिली है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल द्वारा 20 दिसम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 7 किमी का मेट्रो ट्रेक सुभाष नगर से एम्स तक का है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर इन्दौर और भोपाल अब मेट्रो ट्रेन अल्ट्रा माडर्न पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इन्दौर में 3.3 किमी के अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन ट्रेक के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इन सभी सौगातों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 दिसम्बर को करेंगे धार एवं बैतूल में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर चार मेडिकल कॉलेज तैयार किए जाएंगे। इनमें से धार एवं बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भूमिपूजन 23 दिसम्बर को धार एवं बैतूल में सम्पन्न होगा। मंगलवार (23 दिसम्बर) को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा पीपीपी मॉडल पर बनने वाले दो मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नड्डा पूर्वान्ह में धार में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण करने के बाद वहीं से बैतूल रवाना होंगे। नड्डा अपरान्ह में बैतूल में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिये भी प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री नड्डा का आभार माना।

    केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर एवं रीवा आएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 25 दिसम्बर को मध्यप्रदेश आएंगे। गृहमंत्री शाह भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर ग्वालियर एवं रीवा में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृहमंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में भाग लेंगे। केंद्रीय मंत्री शाह ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के कामों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ-साथ निवेशकों को आशय पत्र/आवंटन आदेश का वितरण भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री यहां एक मेले का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वे रीवा पहुंचेगे और वहां आयोजित कृषि एवं किसान सम्मेलन में भाग लेंगे।

    11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11वां अन्तर्राष्ट्रीय वन मेला भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 23 दिसम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ ने भी मेले में सहभागिता की है। इसमें हर्बल एवं आयुर्वेदिक दवाओं के 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये है। 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 से अधिक वैद्य सेवाएं दे रहे हैं। वन मेले में 26 फूड स्टॉल भी है। जिसमें आलीराजपुर का दाल पानिया, छिंदवाड़ा की वन रसोई और बांधवगढ़ के गोड़ी व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को मिल रहा है।

    मंत्रीगण दे रहे हैं दो साल की उपलब्धियों की जानकारी – 30 दिसम्बर तक मंत्रीगण करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के सभी मंत्रीगण दो साल की उपलब्धियों की विभागीय जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस का यह क्रम 30 दिसम्बर तक चलेगा। अभी तक वित्त एवं वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, राजस्व विभाग एवं ऊर्जा विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण भी कर लें और पूरी तैयारी से अपने विभाग की विगत दो सालों की उपलब्धियों को मीडिया को बतायें, ताकि सरकार की उपलब्धियां अधिक से अधिक जन सामान्य तक पहुंचें।

    230 विधानसभा क्षेत्रों में से 193 विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम चयनित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृन्दावन ग्राम के संबंध में मंत्रीगण को बताया कि सरकार ने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक वृन्दावन ग्राम बनाने की महती योजना प्रारंभ की है। इसमें ऐसे गांव का चयन करना है, जिसकी वर्तमान जनसंख्या कम से कम 2000 हो और गौवंश की न्यूनतम संख्या 500 तक हो। इन गांवों का चयन हर विधानसभा क्षेत्र में जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण से परामर्श लेकर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 230 विधानसभा क्षेत्रों में से अबतक 193 विधानसभा क्षेत्रों में का वृन्दावन ग्राम चयनित कर लिए गए हैं। मात्र 37 विधानसभा क्षेत्रों में यह काम होना शेष है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्री गण से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार के जिलों में शेष विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम का चयन शीघ्रातिशीघ्र कर लें। उन्होंने बताया कि इस योजना में जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में एक अनुश्रवण समिति भी है, जिसकी हर तीन माह में एक बैठक करना अनिवार्य है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे यह सुनिश्विचत कर लें कि इस समिति की बैठक नियमित रूप से हों।

    जिला विकास सलाहकार समिति सहित अन्य समितियों की बैठकें जनवरी माह में कर लें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने अपने प्रभार के जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण समितियां (जिनमें जिले के विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाते हैं) की बैठकें आगामी 1 से 24 जनवरी 2026 के दौरान अनिवार्य रूप से कर लें। उन्होंने कहा कि जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण समितियां होती हैं जिनकी अध्यक्षता प्रभारी मंत्री ही करते है। अत: जिला विकास सलाहकार समिति (उपाध्यक्ष के रूप में), रोगी कल्याण समिति (साधारण सभा), जिला शहरी विकास अभिकरण की जिला प्रबंधकारिणी समिति, वृंदावन गांव अनुश्रवण समिति आदि की बैठकें अनिवार्यतः रूप से कर लें। इसके अलावा जिलों में ऐसी कई अन्य समितियां भी होती हैं, जिनमें प्रभारी मंत्री द्वारा सदस्यों का मनोनयन किया जाता है। यदि ऐसे कुछ मनोनयन लंबित हैं, तो प्रभारी मंत्री इसी अवधि में यह कार्य भी कर लें।

    आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में 18 दिसम्बर को आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन में सभी चिकित्सा पद्धतियों के डॉक्टर्स शामिल हुए। इनमें बड़ी संख्या में जनजातीय वर्ग के युवाओं ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम में जनजातीय पेसा क्षेत्र में आरोग्य रक्षक वॉलंटियर्स को प्राथमिक उपचार किट वितरण सहित आयुष्मान योजना के तहत चयनित जनजातीय लाभार्थियों से संवाद भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण पहल के रूप में जाना जाएगा।

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    Tue, 23 Dec 2025 12:53:00 +0530 news desk MPcg
    1911 से राष्ट्र की सेवा: सेंट्रल बैंक ने मनाया 115 वां फाउंडेशन डे https://citytoday.co.in/4655 https://citytoday.co.in/4655 Mon, 22 Dec 2025 17:21:10 +0530 news desk MPcg पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता https://citytoday.co.in/4652 https://citytoday.co.in/4652 पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता

    भोपाल 
    18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

    इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही।

    सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया।

    आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि,
    “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।”

    विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।”

    सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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    Mon, 22 Dec 2025 13:54:14 +0530 news desk MPcg
    पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण https://citytoday.co.in/4651 https://citytoday.co.in/4651 पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण

    भोपाल

    पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

    स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे।

    अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे।

    यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

    बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया।

    पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी।

    इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए।

    यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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    Mon, 22 Dec 2025 12:41:59 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो की आज से शुरुआत, किराया से लेकर टाइम टेबल तक जानिए पूरी डिटेल https://citytoday.co.in/4641 https://citytoday.co.in/4641 भोपाल

    यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

    हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे।

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा।

    दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा।

    मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है?

    मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

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    Sat, 20 Dec 2025 15:53:36 +0530 news desk MPcg
    MP में बिजली महंगी, वित्तीय वर्ष 2026&27 से 10% से अधिक बढ़ोतरी की तैयारी https://citytoday.co.in/4636 https://citytoday.co.in/4636 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में बिजली दरों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने की तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की टैरिफ पिटीशन मप्र विद्युत नियामक आयोग में लगाई है, जिसमें दावा किया गया है कि बिजली कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए यह वृद्धि करवाना चाहती हैं।

    कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने तीनों डिस्काम की तरफ से 30 नवंबर से पहले यह पिटीशन आयोग को सौंप दी है। आयोग ने पिटीशन को स्वीकार भी कर लिया है। अब जल्द ही इस पर सार्वजनिक सूचना जारी कर जनसुनवाई की तारीख तय की जाएगी। तारीख कंपनी वार होगी। जनसुनवाई के बाद आयोग तय करेगा कि बिजली की दरों में कितनी वृद्धि या कमी की जाए। यदि बिजली दरों में वृद्धि तय होती है तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक अप्रैल से इन्हें लागू किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाला वित्तीय वर्ष महंगाई का नया झटका लेकर आ सकता है. राज्य में बिजली दरों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की तैयारी शुरू हो गई है. मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत टैरिफ बढ़ाने की याचिका मप्र विद्युत नियामक आयोग में दाखिल कर दी है.

    टैरिफ पिटीशन स्वीकार, जल्द होगी जनसुनवाई

    सूत्रों के मुताबिक, तीनों डिस्कॉम की ओर से यह टैरिफ पिटीशन 30 नवंबर से पहले आयोग को सौंपी गई थी, जिसे नियामक आयोग ने स्वीकार कर लिया है. अब जल्द ही सार्वजनिक सूचना जारी कर कंपनीवार जनसुनवाई की तारीख तय की जाएगी. जनसुनवाई के बाद आयोग यह फैसला करेगा कि बिजली दरों में कितनी बढ़ोतरी या राहत दी जाए. यदि वृद्धि को मंजूरी मिलती है तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी.

    हजारों करोड़ के घाटे में बिजली कंपनियां

    राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां भारी वित्तीय संकट से जूझ रही हैं. आंकड़ों के अनुसार—

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर करीब 18,712 करोड़ रुपये का घाटा

    पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लगभग 16,378 करोड़ रुपये घाटे में

    पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर 7,285 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

    इसी घाटे की भरपाई को दर वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है.

    पहले भी प्रस्ताव ज्यादा, मंजूरी कम

    पिछले पांच वर्षों में बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित दर वृद्धि और आयोग द्वारा स्वीकृत वृद्धि में बड़ा अंतर रहा है.

    2021-22: प्रस्ताव 6.23%, मंजूरी 0.63%

    2022-23: प्रस्ताव 8.71%, मंजूरी 2.64%

    2023-24: प्रस्ताव 3.20%, मंजूरी 1.65%

    2024-25: प्रस्ताव 3.86%, मंजूरी 0.07%

    2025-26: प्रस्ताव 7.52%, मंजूरी 3.46%

    इस बार कंपनियों ने 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है.

    उपभोक्ताओं पर सीधा असर

    यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है तो घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की मासिक बिजली बिल राशि में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है. आने वाले दिनों में जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ता संगठन और सामाजिक संस्थाएं अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगी.

    टैरिफ बढ़ोतरी से राहत
    उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी से राहत मिलती रही है, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग मानी जा रही हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने बढ़ोतरी की मांग के मुकाबले बहुत कम वृद्धि स्वीकृत की थी. अब जबकि प्रदेश में सहकारिता चुनाव प्रस्तावित हैं, राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद बड़ी राहत की उम्मीद कम लग रही है. सूत्रों का अनुमान है कि इस बार दरें 4 से 6 प्रतिशत की सीमा में तय हो सकती हैं, जिससे नए साल में बिजली बिल बढ़ना लगभग निश्चित माना जा रहा है. 

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    Sat, 20 Dec 2025 13:27:13 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटेंगे, नए नाम जोड़ने का तरीका जानें https://citytoday.co.in/4635 https://citytoday.co.in/4635 भोपाल 
     राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है. 27 अक्टूबर की स्थिति में भोपाल में 21 लाख 25 हजार मतदात थे. लेकिन अब इनमें से 4 लाख 38 हजार मतदाओं के नाम नई मतदाता सूची से कट सकते हैं. भोपाल जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "एसआईआर का फार्म जमा करने के आखिरी दिन तक 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है. जबकि 20.6 प्रतिशत यानि 4 लाख 38 हजार मतादाता अनकनेक्टेबल पाए गए हैं."

    23 जनवरी को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट

    भुवन गुप्ता ने बताया "मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट 23 जनवरी को प्रकाशित होगा. जो मतदाता इसमें शामिल नहीं होंगे, वो 23 जनवरी के बाद इसके लिए दावा-आपत्ति लगा सकते हैं. इसके साथ ही एक लाख 13 हजार मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिला. ये मतदाता भी नौ मैपिंग की श्रेणी में हैं. इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी."

    इसके लिए अनमैपिंग वाले मतदाताओं को 19 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे. बाद में इनके दस्तावेजों का सत्यापन होगा. इसके बाद इनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे.

    सभी 85 वार्डों में होगी दावा-आपत्ति की सुनवाई

    भुवन गप्ता ने बताया "जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है. उनके लिए अलग-अलग वार्डों में कैंप लगाया जाएगा. सभी 85 वार्डों में बीएलओ बैठेंगे, जो दावे-आपत्तियों का निराकरण करेंगे. इसके साथ ही 85 अतिरिक्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है. ये सभी 85 वार्डों में नोटिस की सुनवाई करेंगे." 

    भुवन गुप्ता ने बताया "प्रत्येक वार्ड में एक दिन में 50 लोगों के दावे-आपत्तियों की सुनवाई होगी. 35 हजार मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है. इनके नाम भी मतदाता सूची से हटेंगे."

    इस तरह नए मतदाता जुड़वा सकते हैं नाम

    जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "23 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होगा, इसके साथ ही दावे-आपत्ति का दौर भी शुरू होगा. इस दौरान 1 जनवरी 2026 की स्थित में जो नए मतदाता हैं, वो अपने नाम जुड़ाने के लिए या संशोधन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हमारे बीएलओ इस दौरान बूथों में बैठेंगे. फिलहाल जिले में 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं."

    नागरिकता प्रस्तुत करने के लिए 50 दिन का समय

    उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "अनकलेक्टेबल पत्रक वाली सूची में आने वाले लोगों को कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि ऐसे मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उन्हें फार्म 6 के जरिए नए मतदाता के तौर पर खुद को पंजीकृत करना होगा."

    "इसके लिए आवेदकों को आवेदन के साथ नाम, पते और जन्मतिथि के प्रमाण के साथ नागरिकता का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा. ऐसे मतदाताओं को नागरिकता का दस्तावेज पेश करने के 50 दिन का समय दिया जाएगा."

    एसआईआर के लिए दस्तवेजों की 5 श्रेणियां

    1. एक जुलाई 1987 को भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए प्रमाण पत्र देना होगा.

    2. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को स्वयं के जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के साथ पिता की जन्मतिथि-जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे.

    3. दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को पिता के जन्म स्थान-जन्म तिथि प्रमाण पत्र के साथ माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का प्रमाण भी देना होगा. वहीं यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं हैं, तो उनका वैध पासपोर्ट-वीजा की एक प्रति देनी होगी.

    4. देश के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन से जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाणपत्र देना होगा.

    5. यदि किसी को भारतीय नागरिकता पंजीकरण से मिली है, तो उन्हें नागरिकता पंजीकरण का प्रमाणपत्र लगाना होगा.

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    Sat, 20 Dec 2025 13:25:33 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में शादी का रजिस्ट्रेशन होगा पूरी तरह ऑनलाइन, दलालों से मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/4634 https://citytoday.co.in/4634  भोपाल

     राजधानी वासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा । गुरुवार को आयोजित टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

    शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने आनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे
    बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती
    राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

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    Sat, 20 Dec 2025 13:23:07 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में बढ़ी ठंड, कई जिलों में घना कोहरा; दिल्ली रूट की ट्रेनें 5 घंटे तक लेट, उड़ानों पर भी असर https://citytoday.co.in/4627 https://citytoday.co.in/4627 भोपाल
     मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है। 

    घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही।

    राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ।

    इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मुख्य बिंदु:

        सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।
        सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।
        सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C।

    कोहरा और ट्रैवल पर असर

        ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।
        दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।
        भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट।

    सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:

        गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
        जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

    स्वास्थ्य और कृषि पर असर

    स्वास्थ्य:

        तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।
        फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
        विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं।

    कृषि:

        मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।
        बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
        पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें।

    क्यों बढ़ रही ठंड?

    जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है।

    ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड।

    उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी।

    इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है।
    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी।

    सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग।

    अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं।

    ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा।

    ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं।

    फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:57:38 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो 20 दिसंबर से शुरू, 3&4 मिनट में स्टेशन पर पहुंचेगी, पहली बार फ्री राइड नहीं https://citytoday.co.in/4626 https://citytoday.co.in/4626 भोपाल 
     राजधानी भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर है जहां मेट्रो ट्रेन रफ्तार भरने को तैयार है. इंदरौ के बाद भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो रही है लेकिन इस खुशखबरी के बाद एक खबर आपको निराश भी कर सकती है. भोपालवासियों के लिए निराशा की बात ये है कि भोपाल में इंदौर की तरह यात्रियों को न तो एक सप्ताह तक फ्री जॉय राइड की सुविधा मिलेगी और न ही उन्हें किराए में तीन महीने तक कोई छूट दी जाएगी.

    पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया

    20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे.

    एक दिन में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 17 ट्रिप लगाएगी। 3 मिनट में एक से दूसरे स्टेशन पर पहुंचेगी और न्यूनतम किराया 20 रुपए होगा।

    6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी।

    सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं।

    एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी।

    3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा।

    किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन हुआ था। शुरुआती 7 दिन तक लोगों को मुफ्त में सफर कराया गया था। वहीं एक महीने तक 25% से 75% तक किराए में छूट मिली थी। उम्मीद थी कि किराए का ये मॉडल भोपाल में भी अपनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने बताया कि भोपाल में किराए में छूट नहीं दी जाएगी।

    मेट्रो ट्रेन में यात्री अंदर कैसे जाएंगे? स्टेशन से टिकट लेने के बाद यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे। यहां पर मेट्रो ट्रेन आने के 10 सेकंड बाद प्लेटफॉर्म और मेट्रो के गेट एक साथ खुलेंगे। इस दौरान अनाउंसमेंट भी होगा कि गेट से दूरी बनाकर रखें, गेट खुलने वाले हैं।

    कितने लोगों के बैठने की क्षमता है? मेट्रो में कुल 980 यात्रियों की क्षमता है। हालांकि, एक कोच में लगभग 330 यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक कोच में बैठने के लिए सिर्फ आमने-सामने दोनों तरफ मिलाकर 6 चेयर हैं। 6 में से कुछ चेयर पर 5 तो कुछ पर 7 यात्रियों के बैठने की जगह है। इस लिहाज से एक कोच में 50 यात्री ही बैठ सकेंगे। बाकी 280 यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी होगी।

    मेट्रो एमडी चैतन्य ने कहा कि क्षमता तो अधिक है, लेकिन 250 यात्री बेहतर तरीके से यात्रा कर सकते हैं।

    एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी कितनी है? सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलेगी। इस दौरान कुल 8 स्टेशन आएंगे। एम्स से बैठने के बाद सबसे पहला स्टेशन अलकापुरी आएगा, जहां ट्रेन 3 मिनट में पहुंचेगी। मेट्रो ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में 2 से 3 मिनट का ही समय लेगा।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:54:40 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना https://citytoday.co.in/4625 https://citytoday.co.in/4625 प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना

    मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल

    भोपाल 

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र दी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में कृषि के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। हमारी सरकार विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समृद्ध मध्‍यप्रदेश का सपना पूर्ण कर रही है। यह बात मंत्री कंषाना ने जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्‍का के उत्‍पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्‍थान है तथा गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में मध्‍य प्रदेश का देश में द्वितीय स्‍थान है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल है। प्रदेश के अन्‍नदाताओं की कड़ी मेहनत से ही यह उपलब्धियां हासिल करने में हम सफल हुये है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात लाख हेक्‍टेयर था जो कि 2024-25 में 55 लाख हेक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर65 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

     जनजातीय अंचलों में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों का उत्पादन, विपणन की व्‍यवस्‍था की जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि का त्वरित वितरण किया गया है।

     कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्‍य प्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्‍डोरी को शामिल किया गया है। इन आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, ग्रामीण समृद्धि और योजनाओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में सोयाबीन, चना, मसूर, धान एवं गेहूं की खरीदी के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

    प्रदेश में प्राकृतिक खेती, तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, कृषि अद्योसंरचना निधि और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारा संकल्‍प है कि किसान की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने और मध्‍य प्रदेश कृषि में देश का नेतृत्‍व करें।

    कृषि परिदृश्‍य

     देश में मध्‍य प्रदेश मक्‍का एवं सोयाबीन के उत्‍पादन में प्रथम स्‍थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्‍न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्‍थान पर है।

    न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है।

    सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना

    प्रदेश सरकार द्वारा किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत 09 लाख 36 हजार कृषकों का पंजीयन हुआ है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

    प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्‍तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है।

    प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री  किसान सम्‍मान निधि योजना

     प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्‍पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

    ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’

        रानी दुर्गावती अन्‍न प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर,  बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।

        कोदो कुटकी उपार्जन के लिये कुल बाईस हजार चार सौ उनचास कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा इक्‍कीस हजार एक सौ बहत्‍तर हैक्‍टेयर है।

        खरीफ 2025 में लगभग पन्‍द्रह हजार मेट्रिक टन कोदों एवं कुटकी का उपार्जन का लक्ष्‍य निर्धारित किया।

        राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।

    खाद वितरण

        भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक वर्ष खाद के ऊपर दो लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदाय की जाती है।

        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सरकार द्वारा गत दो वर्षों में अभी तक बहत्‍तर लाख मेट्रिक टन यूरिया एवं बयालीस लाख मेट्रिक टन डीएपी + एनपीके वितरण किया गया है।

        विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से यूरिया तीन लाख दस हजार मेट्रिक टन अधिक विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में ढाई लाख मेट्रिक टन यूरिया स्‍टॉक में है।

        विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से डीएपी + एनपीके लगभग सत्‍तर हजार मेट्रिक टन अधिक किसानों को विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में लगभग चार लाख मेट्रिक टन स्‍टॉक में है।

    ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान

        योजना का उद्देश्‍य किसानों को उनकी जमीन के अनुसार उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे- लंबी कतारें, अनियमित वितरण को समाप्त करना है।

        प्रदेश में उर्वरक वितरण हेतु ई-विकास पोर्टल के माध्यम से विदिशा, शाजापुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर एवं गुना को सम्मिलित किया गया है।

        किसान को उसकी जमीन एवं फसल अनुशंसित मात्रानुसार उर्वरक की उपलब्‍धता कराई जा रही है

    परंपरागत कृषि विकास योजना

        परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के     लिए संचालित है।

        वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्‍यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है।

        कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है।

    नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग

        नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्‍साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। `

        प्रदेश में पन्‍द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्‍चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है।

        प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

        माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है।

        योजना में मध्‍यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है।

        प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।

    दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन"

        दलहनों में आत्‍मनिर्भरता मिशन भारत सरकार द्वारा 11अक्‍टूबर  2025 को प्रारंभ की गई।

         योजना का उद्देश्‍य दलहन में तुअर, उड़द एवं मसूर पर विशेष ध्‍यान देते हुए दलहन उत्‍पादन एवं क्षेत्रफल विस्‍तार करना है।

        वर्तमान में दलहन उत्‍पादन में मध्‍यप्रदेश प्रथम स्‍थान पर है।

        वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्‍टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्‍टेयर किये जाने का लक्ष्‍य है।

    आगामी कार्ययोजना

        ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसानो को उर्वरक की होम डिलीवरी सेवा।

        प्रदेश में मौसम आधारित बीमा योजना शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी।

        भावांतर योजनांतर्गत कृषकों को मूंगफली एवं सरसों का लाभ दिया जायेगा।

        नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत आगामी वर्ष में एक हजार छियासठ किसान ड्रोन, महिला  स्‍व-सहायता समूह को प्रदान कर उन्‍हे स्‍वावलंबन बनाया जायेगा।

        नरवाई प्रबंधन अंतर्गत सीबीजी प्‍लांट के साथ पराली को वैकल्पिक ऊर्जा स्‍त्रोत के रूप में व्‍यवसायिक मॉडल विकसित किया जा रहा है।

    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय

        समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि करना।

        कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्‍यम से जलवायु अनुकूल बनाना।

        किसानों की उपज के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करना।

        तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण करना।

        डिजीटल एग्री के माध्‍यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरणको बढावा देना।

        मूल्‍य संवर्धन के माध्‍यम से नये रोजगार सृजन करना है।

    पराली प्रबंधन

    मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्‍य वर्ष 2026 में पराली जलाने की समस्‍या को चालीस प्रतिशत कम किये जाने का है। उन्‍नत तकनीकी का उपयोग कर सरकार द्वारा पराली प्रबंधन का कार्य किया जायेगा।

    मंडी बोर्ड

    मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा दो सौ उनसठ मंडियों में ई-मण्‍डी योजना लागू है। हम आगामी तीन सालों में समस्‍त मंडियों को आधुनिक बनाने की ओर अग्रसर है।

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    Fri, 19 Dec 2025 18:52:01 +0530 news desk MPcg
    भोपाल नगर निगम में घोटाला: 240 मीटर नाले को ढंकने में लगे 16 हजार किलो लोहा, 13 लाख रुपये का पेमेंट https://citytoday.co.in/4615 https://citytoday.co.in/4615 भोपाल
     भोपाल नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस बार आरोप नाले की ड्रेन कवरिंग के काम में भारी अनियमितताओं को लेकर हैं, जहां महज 240 मीटर लंबे नाले पर 16 हजार किलोग्राम से अधिक लोहे का इस्तेमाल किया गया है। इस संदिग्ध माप और बिलिंग के आधार पर करीब 13.34 लाख रुपये का पेमेंट हुआ, जिसने निगम के रिकॉर्ड और इंजीनियरिंग कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    यह मामला गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के जोन-13 अंतर्गत वार्ड 53 का है। कृष्णा आर्केड और वैष्णव कांप्लेक्स, भेल संगम कॉलोनी क्षेत्र में स्थित नाला लगभग तीन फीट चौड़ा और 240 मीटर लंबा है। इतनी सीमित संरचना के बावजूद माप पुस्तिका में 16 हजार किलोग्राम लोहे के उपयोग का उल्लेख किया गया है।

    काम का वर्क ऑर्डर क्रमांक-2400032045 सिविल विभाग द्वारा 25 जून 2025 को जारी किया गया था और निर्माण कार्य हाल ही में पूरा बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार इस कार्य की माप और सामग्री का विवरण प्रभारी सहायक यंत्री निशांत तिवारी और उपयंत्री रूपांकन वर्मा द्वारा दर्ज किया गया, लेकिन दर्ज की गई लोहे की मात्रा को लेकर अब घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
    कोर कटिंग से खुलेगा गायब लोहे का राज

    मामले की गंभीरता को देखते हुए निगमायुक्त संस्कृति जैन ने आरसीसी ढांचे की कोर कटिंग कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से यह जांचना है कि वास्तव में निर्माण में इतनी अधिक मात्रा में लोहा इस्तेमाल हुआ या नहीं। साथ ही जांच दल कथित गायब लोहे की भी पड़ताल कर रहा है।
    ईई की भूमिका पर भी सवाल

    प्रभारी कार्यपालन यंत्री (ईई) बृजेश कौशल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने निर्माण कार्य की न तो नियमित निगरानी की और न ही एक बार भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 5 दिसंबर को नोटिस और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद कोर कटिंग रिपोर्ट दबाए रखने के आरोप हैं।
    रिपोर्ट सौंप दी गई

    कोर कटिंग रिपोर्ट समय पर तैयार कर ईई को सौंप दी गई थी। – निशांत तिवारी, सहायक यंत्री ननि
    रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई

    ईई ब्रजेश कौशल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है और आयुक्त के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सुबोध जैन, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

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    Thu, 18 Dec 2025 15:14:59 +0530 news desk MPcg
    सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 115वें स्थापना दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान, दिया स्वच्छ भारत का संदेश | https://citytoday.co.in/4609 https://citytoday.co.in/4609 Wed, 17 Dec 2025 20:14:02 +0530 news desk MPcg MSME और स्टार्टअप्स के लिए मध्य प्रदेश बनी निवेशकों की पहली पसंद https://citytoday.co.in/4606 https://citytoday.co.in/4606 भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

    आत्मनिर्भरता को मिला आधार

    राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई  है।

    नीतिगत सुधारों का सीधा असर

    उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

    एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है।

    टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है।

    लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता

    औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है।
    पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।

     स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी

    औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है।

    स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।

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    Wed, 17 Dec 2025 13:25:49 +0530 news desk MPcg
    नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला https://citytoday.co.in/4605 https://citytoday.co.in/4605 नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला

    निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन

    600 से अधिक युवतियों की उपस्थिति में महिला सुरक्षा और सम्मान का लिया गया संकल्प

    भोपाल

    मध्यप्रदेश की संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। वह समाज की धुरी है जो बच्चों में संस्कार, शक्ति और प्रेरणा का संचार करती है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए सभी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और सेवा प्रदाता मिलकर ऐसा माहौल बनाएं कि प्रदेश में आने वाली पर्यटक महिलाएं और स्थानीय सेवा प्रदाता महिलाएं और अधिक सुरक्षित व सहज महसूस कर सकें। यह विचार अपर मुख्य सचिव गृह, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आज अपैक्स भवन में आयोजित 'सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान' कार्यक्रम में व्यक्त किए।

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन, नारी सशक्तिकरण मिशन (मध्य प्रदेश), संगिनी संस्था, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'निर्भया दिवस' के अवसर पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक युवतियों ने भाग लिया।

    महिला सुरक्षा के लिए पुलिस के नवाचार और प्रयास

    कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) अनिल कुमार ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्भया स्क्वाड, वन स्टॉप सेंटर, ऊर्जा डेस्क और डायल-112 जैसी सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्परता से कार्य कर रही हैं।

    एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. मोनिका शुक्ला ने महिला सुरक्षा में समुदाय की भूमिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) विनीत कपूर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और मध्य प्रदेश पुलिस की सृजनात्मक गतिविधियों व नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। साइबर सेल के अधीक्षक प्रेम नागवंशी ने उपस्थित युवतियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

    आत्मविश्वास और जेंडर संवेदीकरण पर जोर

    सचिव राज्य महिला आयोग सुरेश तोमर ने जेंडर संवेदीकरण (Gender Sensitization) पर चर्चा करते हुए क्षमता वृद्धि और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक सुनकवी जहां कुरैशी और पर्वतारोही सुज्योति रात्रे ने अपने उद्बोधन में युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें।

    संगिनी संस्था की प्रमुख डॉ. प्रार्थना मिश्रा ने 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

    सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें सृजन और भोपाल टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर की बालिकाएं, सम्मान संस्था इंदौर के राजेंद्र बंधु, सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा, रक्षंदा जाहिद, नैनिका और होम स्टे संचालक कीर्ति केवट शामिल थीं।

    कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र संघरत्ना एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत 'शक्ति आराधना' नृत्य नाटिका रही, जिसने दर्शकों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षित बालिकाओं ने 'पावर वॉक' का प्रभावी मंचन कर आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

    विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी

    आयोजन स्थल पर पशु पालन विभाग, कौशल विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, इम्पैक्ट फॉर न्यूट्रिशन, वार्ड संस्था सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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    Wed, 17 Dec 2025 13:22:05 +0530 news desk MPcg
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित https://citytoday.co.in/4604 https://citytoday.co.in/4604 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित

    इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनने वाले द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की करेंगे सिद्धी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित किया है। म्याना स्टेशन को 9687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म्याना रेलवे स्टेशन का बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होना, प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल जिले के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि भरेवा धातु शिल्प को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है। गोंड जनजाति की एक उपजाति धातु ढलाई का यह कौशल, पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करती है। यह शिल्पकार प्रतीकात्मक देवी-देवताओं की मूर्ति, परंपरागत आभूषण, गोंड अनुष्ठान में प्रयुक्त धार्मिक सामान के साथ ही मोर लैंप, बैलगाड़ी, घंटियां, पायल, दर्पण के फ्रेम जैसी सजावटी वस्तुएं का निर्माण करते हैं। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रियता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाघमारे को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 773 करोड रुपए लागत से इंदौर में एम.वाय. हॉस्पिटल का नवनिर्माण किया जाएगा। नए 1450 बिस्तरीय एम.वाय हॉस्पिटल के निर्माण से पुरानी बिल्डिंग की कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। अस्पताल के साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम आदि का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया की विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल मैच जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी की व्यवस्था है। टीम के तीनों कोच सर्वश्री सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 12, 13 ,14 दिसंबर को मध्यप्रदेश उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद, माटी कला परिषद, पर्यटन आदि के स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक श्री मधु वर्मा ने अपने पुत्र का विवाह, आगर मालवा में हुए सामूहिक विवाह समारोह में कर, अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री वर्मा द्वारा सामाजिक समरसता और शादियों में अपव्यय को रोकने के लिए की गई इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता से जोड़ने के संकल्प के अंतर्गत राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों को समर्पित द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था। गत वर्ष भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर राजा भोज द्वार के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई, इसी क्रम में भोपाल-इंदौर मार्ग पर हाल ही में विक्रमादित्य द्वार निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया गया। वास्तु शिल्प के अद्भुत उदाहरण इन द्वारों से राजधानी भोपाल का गौरव बढ़ेगा। यह द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की सिद्धी की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध होंगे।

     

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    Wed, 17 Dec 2025 13:19:00 +0530 news desk MPcg
    हरियाली के संकल्प के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मनाया 115वां स्थापना दिवस https://citytoday.co.in/4597 https://citytoday.co.in/4597 Tue, 16 Dec 2025 14:31:08 +0530 news desk MPcg विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को, स्पीकर ने कहा& सभी सदस्य विकास पर करेंगे चर्चा https://citytoday.co.in/4594 https://citytoday.co.in/4594 भोपाल
    मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को होगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- 17 दिसंबर को पहली विधानसभा हुई थी इस अवसर पर इस बार विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा।सभी सदस्य विकसित मध्यप्रदेश पर चर्चा करेंगे। विकसित मध्यप्रदेश की लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चर्चा की जाएगी। निष्कर्ष के आधार पर आगे बढ़ा जाएगा। यह काफी ज्यादा प्रभावकारी साबित होगा।

    कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज 

    मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज  शाम 7.30 नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर होगी।

    विकास के वास्तविक चुनौती पर चर्चा

    बैठक में प्रदेश की आर्थिक स्थिति, किसान, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलित पिछड़ों और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों के साथ विकास के वास्तविक चुनौती पर चर्चा की जाएगी। विशेष सत्र में मध्य प्रदेश को विकसित आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र होना है। 

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    Tue, 16 Dec 2025 12:26:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में ई&बस सेवा का विस्तार, पांच रूटों पर चलेंगी स्मार्ट बसें, CCTV से होगी 24×7 निगरानी https://citytoday.co.in/4589 https://citytoday.co.in/4589 भोपाल
    शहर में मार्च-अप्रैल-26 में संचालित होने वाली ई-बसें पांच रूटों पर चलेंगी। इन रूटों पर चलने वाली 100 बसों में 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को लाभ मिलेगा।
    25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च इन बसों के संचालन एवं चार्जिंग के लिए कस्तूरबा नगर व संत हिरदाराम नगर में अत्याधुनिक डिपो के निर्माण, विद्युत सहित अन्य कामों पर करीब 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी शनिवार को फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार और ई-बस सेवा के लिए डिपो के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों में केन्द्र शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहित चढ़ने के लिए आटोमेटिक लिफ्ट प्रावधानित है।

    होंगी ये सुविधाएं
    इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा एवं विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में आधुनिकतम आईटीएमएस व्यवस्था अंतर्गत बसों की रीयल टाइम ट्रेकिंग, सीसीटीवी कैमरा का लाइव फील्ड, जीपीएस डिवाइस, पेनिक बटन, पैसेंजर काउंटर एवं पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम संस्थापित किए जाएंगे। लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल करेंगे और जनसंख्या घनत्व के मान से पांच रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।

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    Mon, 15 Dec 2025 19:15:22 +0530 news desk MPcg
    विद्युत आपूर्ति एवं संबंधित विषयों पर अनुशंसाएं देने मंत्री समूह गठित https://citytoday.co.in/4582 https://citytoday.co.in/4582 भोपाल

    राज्य शासन द्वारा विद्युत आपूर्ति एवं इससे जुड़े विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये मंत्री समूह का गठन किया गया है। मंत्री समूह में श्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर/वित्त/योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री एंदल सिंह कंषाना मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास और श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक एवं अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग समूह के सह-समन्वयक होंगे।

    मंत्री समूह वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक सब्सिडी के प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति पर निर्णय, दिनांक 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के देयकों में अस्थगित की गई 4800 करोड़ रूपये की बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने अथवा उसकी वसूली के संबंध में निर्णय और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसके बदलने के लिये पात्रता नियम में परिवर्तन पर निर्णय के संबंध में अपनी अनुशंसाएं राज्य शासन को देगा।

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    Mon, 15 Dec 2025 18:38:55 +0530 news desk MPcg
    एमपी में विकास की रफ्तार दोगुनी: 32 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से बदले हालात | मध्यप्रदेश सरकार के दो साल: विकास की कहानी https://citytoday.co.in/4579 https://citytoday.co.in/4579 Fri, 12 Dec 2025 13:27:26 +0530 news desk MPcg कोहेफिजा में बढ़ता क्राइम ? लालघाटी वल्लभनगर के गायत्री टेंट हाउस में तीसरी बार चोरी की वारदात, सुरक्षा पर सवाल I https://citytoday.co.in/4578 https://citytoday.co.in/4578 Thu, 11 Dec 2025 14:27:55 +0530 news desk MPcg 56 लाख बच्चे गायब, बजट 7,000 से 37,000 करोड़, फिर भी बच्चे भूखे और स्कूल खाली क्यों? जीतू पटवारी https://citytoday.co.in/4575 https://citytoday.co.in/4575 Mon, 08 Dec 2025 16:48:34 +0530 news desk MPcg सीएम डॉ. मोहन यादव का निर्देश: एसआईआर में अपात्र बाहर हों, पात्र छूटे नहीं https://citytoday.co.in/4571 https://citytoday.co.in/4571 भोपाल
     मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।

    रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

    सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

    विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें।

    इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें।

    एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद

    भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

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    Sat, 06 Dec 2025 17:06:27 +0530 news desk MPcg
    सीजन में पहली बार 5° से नीचे तापमान, उमरिया में 4.8 डिग्री; मध्य प्रदेश के 19 शहरों में 10 डिग्री से कम पारा https://citytoday.co.in/4567 https://citytoday.co.in/4567 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा.

    पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं.

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा।

    शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया।

    दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड

    मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं.

    कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान?

    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा.

    इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों?

    मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.''

    दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर

    मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा.

    पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात
    बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।

    दिन के तापमान में भी गिरावट
    सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड
    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है।

    नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया था, जो अब तक का सबसे कम स्तर रहा। इससे पहले 1941 में पारा 6.1 डिग्री तक गिरा था। वहीं इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो पिछले 25 साल में सबसे ठंडी रात रही। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिसकी वजह से ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश में तेजी से देखने को मिला। हालांकि नवंबर के अंतिम दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से कुछ राहत भी मिली।

    दिसंबर-जनवरी सबसे ज्यादा सर्द
    मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही शीत ऋतु में दिसंबर और जनवरी सबसे ज्यादा ठंडे रहते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से सबसे अधिक ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश करती हैं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर दिसंबर में मावठा गिरने से दिन की ठंड भी बढ़ जाती है।

    दिन भी सर्द हुए…पचमढ़ी-नरसिंहपुर में पारा 23.2 डिग्री रात के समय दिन भी सर्द हो गए हैं। शुक्रवार को पचमढ़ी-नरसिंहपुर में 23.2 डिग्री, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार-सिवनी में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री, रीवा में 24.8 डिग्री, टीकमगढ़ में 25 डिग्री, दतिया-खजुराहो में 25.1 डिग्री, उमरिया, दमोह-सीधी में 25.2 डिग्री, गुना में 25.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 25.6 डिग्री रहा।

    5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 25 डिग्री, उज्जैन में 26.5 डिग्री, इंदौर में 24.8 डिग्री, ग्वालियर में 25.6 डिग्री और जबलपुर में पारा 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ेगी सर्दी मौसम विभाग की माने तो इस बार सर्दी का असर तेज रहा है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी रहेगी।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।

    • पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।
    • सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।
    •     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
    •     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
    •     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

    अब जानिए दिसंबर में कैसा रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसीं

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

     

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    Sat, 06 Dec 2025 16:46:07 +0530 news desk MPcg
    द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण https://citytoday.co.in/4554 https://citytoday.co.in/4554 द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

    प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद

    भोपाल

     मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया।

    द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है।

    अनूपूरक बजट की विशेषताएं

    ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान

    ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं

    ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता

    ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान

    ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग

    ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान

    ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी

    ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही

    ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान

    ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट.

    ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे।

    पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने

     मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

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    Fri, 05 Dec 2025 19:07:54 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश मौसम: 24 घंटे में नए सिस्टम का असर, पारा 3 डिग्री तक गिर सकता है, सर्दी बढ़ेगी – IMD का नया अपडेट https://citytoday.co.in/4553 https://citytoday.co.in/4553 भोपाल 

    शुक्रवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। खास करके शुक्रवार शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर,उज्जैन, चंबल संभाग में कोल्ड वेव और शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते आ रही ठंडी हवा के चलते भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर के दूसरे हफ्ते से और जनवरी के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। फरवरी के पहले हफ्ते से ठंड का असर कम होने लगेगा। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में धुंध छा सकती है।

     मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया।

    पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री
    मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा।

    नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर
    इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

            ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
            भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
            सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
            जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

    MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड

    भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

    दिसंबर-जनवरी ठंड के दो सबसे मुख्य महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी शीतकालीन महीने माने जाते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत की सर्द हवाएं प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जो ठंड को और बढ़ा देता है। मौसम के ट्रेंड बताते हैं कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद है। इस साल भी दिन और रात दोनों में ठंडक का असर तेज रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। जनवरी में यह अवधि 20 से 22 दिन तक जा सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड लंबी चलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस जाने के बाद दूसरा भी पहुंच रहा है। यह 5 दिसंबर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। जिसका असर 2 दिन बाद मध्‍य प्रदेश में दिखेगा। वहीं, पहले सिस्टम की वजह से हुई बर्फ जब पिघलेगी, तब उसकी बर्फीली हवाएं प्रदेश में दस्‍तक देगी। इस वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। बर्फीली हवा आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ेगी।

    प्रदेश में बुधवार की रात में 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 6.7 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबकि राजधानी भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

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    Fri, 05 Dec 2025 18:17:07 +0530 news desk MPcg
    भोपालवासियों का सपना होगा सच, मेट्रो ट्रायल रन तेज, किराया तय, जानें कब शुरू होगी मेट्रो सेवा? https://citytoday.co.in/4552 https://citytoday.co.in/4552 भोपाल 
     मेट्रो को लेकर भोपाल में इंतजार खत्म होने वाला है। जल्द ही भोपाल मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी। अटकलें हैं कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। शुरुआत में, शहर के लोग एक हफ्ते तक मुफ्त में मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह मध्य प्रदेश की बढ़ती तरक्की और निवेश के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    सभी जरूरी मंजूरी मिल गई
    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों ने बताया है कि सभी जरूरी मंजूरी मिल गई हैं। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से भी हरी झंडी मिल चुकी है, जो यात्रियों के सफर शुरू करने से पहले बहुत जरूरी है।

    इस रूट पर दौड़ेगी मेट्रो
    अब भोपाल मेट्रो का पहला रूट, जो सुभाष नगर से AIIMS भोपाल तक जाता है, यात्रियों के लिए तैयार है। MPMRCL के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि भोपाल मेट्रो के शुभारंभ का जश्न मनाने के लिए, MPMRCL पहले हफ्ते के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा। इससे लोगों को बिना किसी खर्च के नई सेवा का अनुभव करने और सुविधाओं को जानने का मौका मिलेगा।

    किराया कितना होगा?
    मेट्रो में सफर करना शुरू में बेहद सस्ता पड़ने वाला है. क्योंकि पहले पूरे सप्ताह 100% फ्री राइड मिलेगी. मतलब एक हफ्ते तक पूरा भोपाल बिना एक भी पैसा खर्च किए मेट्रो का मज़ा ले सकेगा. इसके बाद किराया इंदौर मेट्रो की तरह ही ₹20 से शुरू होकर ₹40 तक रहेगा. यानी पॉकेट-फ्रेंडली और सभी के लिए किफ़ायती. इसके साथ ही एक खास बात यह है कि महिलाओं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीज़न्स के लिए अलग से छूट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इसके लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई जा रही है, जो फाइनल डिसीजन लेगी.

    पहला फेज़
    कहां से कहां तक दौड़ेगी मेट्रो?

    पहले फेज़ में मेट्रो 7.30 किमी के ट्रैक पर दौड़ेगी. यह रूट होगा सुभाष नगर डिपो से भोपाल AIIMS तक का. यानी शहर के दो बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थान सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे. ट्रायल रन इस रूट पर तेजी से जारी है, और अब यह लगभग लॉन्च-रेडी है.

    भोपाल के लिए यह क्यों बड़ी खबर है?
    शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा, तेज़, सुरक्षित और समय बचाने वाला सफर. युवाओं, स्टूडेंट्स और रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ा फायदा.

    राजधानी का इन्फ्रास्ट्रक्चर बड़े शहरों की टक्कर पर
    भोपाल के लोग सालों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे और अब वो वक्त आ चुका है. अब बस उद्घाटन की आधिकारिक तारीख का ऐलान बाकी है और फिर भोपाल की मेट्रो दौड़ने को तैयार.

    इंदौर में भी हुआ था ऐसा
    ऐसा ही कुछ इंदौर मेट्रो के साथ भी हुआ था, जब इसी साल उसकी शुरुआत हुई थी। वैसे तो भोपाल मेट्रो को इंदौर मेट्रो से पहले शुरू होना था। लेकिन, तीन और स्टेशन बनाने और एक जरूरी रोड ओवरब्रिज (RoB) का काम पूरा करने में थोड़ा ज्यादा समय लग गया। इसलिए, इंदौर मेट्रो पहले शुरू हो गई।

    MPMRCL के एक अधिकारी ने बताया कि उद्घाटन के तुरंत बाद उसी दिन से यात्री सेवा शुरू हो जाएगी। इसके बाद एक हफ्ते तक मुफ्त सफर का मौका मिलेगा।

    मुफ्त सफर के बाद क्या होगा?
    जब मुफ्त यात्रा का समय खत्म हो जाएगा, तब मेट्रो का किराया बहुत कम रहेगा। छोटी दूरी के लिए ₹10 और करीब आठ किलोमीटर की यात्रा के लिए ₹20 किराया होगा। शुरुआत में, मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर आधे घंटे में एक ट्रेन मिलेगी। मेट्रो में 10 तीन-कोच वाली ट्रेनें हैं। हर ट्रेन में 750 यात्री बैठ और खड़े हो सकेंगे। मेट्रो की औसत रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। शुरुआत में मांग को पूरा करने के लिए दो ट्रेनें चलेंगी।

    दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा
    सुरक्षा और सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। ट्रेनों में ब्रेल लिपि में जानकारी लिखी है। दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से सीटें भी हैं। यह मेट्रो भोपाल में सफर करने के तरीके को बदल देगी। लोगों के लिए सबसे खास बात पहले हफ्ते की मुफ्त यात्रा है। यह शहर के लिए आधुनिक शहरी परिवहन में एक बड़ी छलांग का मौका है।

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    Fri, 05 Dec 2025 18:13:34 +0530 news desk MPcg
    रायसेन ब्रिज हादसे के बाद PWD ने 45 जर्जर पुलों की मरम्मत के लिए फंड जारी किया https://citytoday.co.in/4537 https://citytoday.co.in/4537 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में स्थित 45 जर्जर पुलों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह निर्णय रायसेन जिले में हाल ही में हुए पुल गिरने की घटना के बाद लिया गया। इस हादसे ने राज्य में पुराने और कमजोर ब्रिजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है।

    विधानसभा सत्र के दौरान रायसेन में पुल गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवालों को लेकर बढ़े दबाव का परिणाम माना जा रहा है।PWD के जारी आदेश में बताया गया कि 03.11.2025 को हुई राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की 295वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रदेश के कई जिलों से तात्कालिक मरम्मत की जो मांगें आई थीं, उन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाए।

    राज्य PWD (Public Works Department) ने मरम्मत के लिए आवश्यक फंड जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के काम में प्राथमिकता उन पुलों को दी जाएगी जो यातायात की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण हैं या जिनका ढांचा सबसे जर्जर स्थिति में है। इस सूची में ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के पुल शामिल हैं।

    PWD अधिकारी बताते हैं कि इन पुलों की मरम्मत में आधुनिक तकनीक और मजबूत सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। केवल सतही मरम्मत नहीं, बल्कि ढांचे की जड़ से मजबूती सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी तरह के दुर्घटना या हादसे की संभावना कम हो जाएगी।

    रायसेन में हाल ही में एक पुल गिरने की घटना में वाहन चालक और राहगीर घायल हुए थे। इस घटना ने राज्य में पुराने पुलों की स्थिति की जांच को और जरूरी बना दिया। मरम्मत अभियान के तहत पुलों की सुरक्षा संकेत, रेलिंग और सड़क की स्थिति भी बेहतर की जाएगी।

    मध्यप्रदेश सरकार और PWD का कहना है कि सभी पुलों की मरम्मत की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस कदम से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

    सड़क परिवहन और यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि जर्जर पुलों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना किसी भी राज्य के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।

    जानिए किस जिले के कौन से पुल की होगी रिपेयरिंग

    ग्वालियर जिला

        डबरा-जंगीपुर रोड़ पर 13/4 किमी पर छंदूद नदी पर बने पुल की 8.22 लाख रूपए से रिपेयरिंग होगी।
        डबरा-चीनोर रोड पर 16/8 किमी पर मेंघरा नाले पर बने पुल को 10.34 लाख से सुधारा जाएगा।
        एजी ऑफिस के पास रेलवे ओवर ब्रिज(ROB) की रिपेयरिंग के लिए 99.63 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        ग्वालियर शहर में तानसेन नगर के पास बने पुल की रिपेयरिंग पर 27.49 लाख रुपए खर्च होंगे।

    मुरैना जिला

        जडे़रूआ-सुमावली रोड पर कररई नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 27.49 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
        आसन पुल 8/8 सुमावली-खनेता रोड पर बने ब्रिज की रिपेयरिंग के लिए 22.02 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        एमएस रोड जरैना-सुमावली पहुंच मार्ग के 2/4 किमी पर आसन नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल का विशेष मजबूती करण कार्य के लिए 46.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
        महावीरपुर-जैतपुरा तिलावली के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 24.88 लाख रुपए से होगी।

    भिंड जिला

        लहार-अमायन रोड पर बने सिंध पुल की रिपेयरिंग के लिए 99.43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
        भोनपुर सिंहोनिया मार्ग के किमी 2/4 में आसन नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 97.59 लाख से होगी।
        खितोली-धमसा मार्ग के 1/4 किमी पर वैशली नदी पर बने पुल को 88.57 लाख रुपए खर्च होंगे।
        कनाथर-बरासो मार्ग के 9/10 किमी में वैशली नदी पर बने पुल को रिपेयर करने में 8.93 लाख रुपए खर्च होंगे।
        हटीले हनुमान से गंगादास का पुरा मार्ग में वैशली नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 59.47 लाख रुपए खर्च होंगे।
        प्रतापपुरा-गिरगांव रोड पर खार नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग में 99.18 लाख रुपए खर्च होंगे।
        सिमराव-कमई मार्ग के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 3.75 लाख रुपए खर्च होंगे।
        खरगपुरा-एनो मार्ग में आसन नदी पर बने पुल के सुधार कार्य में 56.38 लाख रुपए खर्च होंगे।

    दतिया जिला

        इंदरगढ़–भांडेर मार्ग के किमी 13/8 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 18.86 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

    अशोकनगर जिला

        बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 7/8 पर बेतवा नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 93.58 लाख रुपए से होगी।

    गुना जिला

        बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 6/6 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 79.77 लाख रुपए खर्च होंगे।
        गुना–रुठियाई मार्ग के किमी 4/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 83.12 लाख रुपए खर्च होंगे।
        गुना–मक्सी मार्ग के किमी 8/2 पर नदी पर बने पुल की तत्काल रिपेयरिंग 0.00 लाख (आपातकालीन स्वीकृति) के रूप में दर्ज है।
        गुना–ब्यावरा मार्ग के किमी 2/2 पर नदी पर बने पुल की विशेष रिपेयरिंग 80.57 लाख रुपए से होगी।
        गुना जिला अस्पताल (R.O.B.) के पास बने पुल की रिपेयरिंग 16.44 लाख रुपए से की जाएगी।

    सीहोर जिला

        सलकनपुर–सीहोर मार्ग पर महादेव मंदिर के पास पुल की रिपेयरिंग 67.18 लाख रुपए से होगी।
        सलकनपुर–रायसेन मार्ग के किमी 34/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 85.30 लाख रुपए से की जाएगी।

    रायसेन जिला

        रायसेन–सुल्तानपुर मार्ग पर A.B. रोड (किमी 264) के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग पर 37.55 लाख रुपए खर्च होंगे।

    नरसिंहपुर जिला

        गाडरवारा शहर के CMO कार्यालय के पास बने पुल की रिपेयरिंग 22.29 लाख रुपये से होगी।
        मॉडल स्टेशन गाडरवारा के पास रेलवे अंडरब्रिज (RUB) की विशेष रिपेयरिंग 99.45 लाख रुपए से होगी।

    मंदसौर जिला

        मंदसौर–सीतामऊ मार्ग के किमी 10/0 पर शिवना नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 98.17 लाख रुपए से होगी।

    रतलाम जिला

        आलोट–सैलाना मार्ग के किमी 7/8 पर शेर नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 70.85 लाख रुपए खर्च होंगे।

    छिंदवाड़ा जिला

        छिंदवाड़ा शहर में CMO कार्यालय के पास नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग 51.86 लाख रुपए से होगी।
        छिंदवाड़ा–हर्रई मार्ग के किमी 2/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग 13.90 लाख रुपए से की जाएगी।

    बालाघाट जिला

        कटंगी–लालबर्रा–बिरसा मार्ग पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 20.63 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं।
        बालाघाट–उज्जैनी मार्ग के किमी 1/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 11.46 लाख रुपए खर्च होंगे।

    रीवा जिला

        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 236/4 पर बने पुल की रिपेयरिंग 3.63 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 238/4 पर पुल की रिपेयरिंग पर 17.67 लाख रुपए खर्च होंगे।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 236/8 पर बने पुल की रिपेयरिंग 18.07 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां मार्ग के किमी 1/8 पर पुल की रिपेयरिंग 9.41 लाख रुपए से होगी।
        रीवा–नगवां रोड के किमी 7/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 14.87 लाख रुपए खर्च होंगे।

    सतना जिला

        सतना–मैहर मार्ग के किमी 17/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 14.72 लाख रुपए से होगी।
        सतना–चित्रकूट मार्ग के किमी 54/4 पर बने पुल की रिपेयरिंग 23.35 लाख रुपए से की जाएगी।

    छतरपुर जिला

        छतरपुर जिला अस्पताल के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग 8.52 लाख रुपए से होगी।

    पन्ना जिला

        पन्ना–अजयगढ़ मार्ग के किमी 20/2 पर बने पुल की रिपेयरिंग 87.71 लाख रुपए से होगी।
        अजयगढ़–मारकुंडी मार्ग के किमी 7/0 पर बने पुल की रिपेयरिंग 57.85 लाख रुपए से होगी।

    इंदौर जिला

        इंदौर–देवास मार्ग के किमी 260 पर स्थित आर.ओ.बी. की रिपेयरिंग 22.94 लाख रुपए से की जाएगी।

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    Thu, 04 Dec 2025 18:55:36 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी का अलर्ट: भोपाल&इंदौर समेत 10 शहरों में पारा 2&3 डिग्री तक गिरेगा https://citytoday.co.in/4533 https://citytoday.co.in/4533 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में अब तेज ठिठुरन का दौर शुरू होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और उसके बाद बर्फ के पिघलने से उठने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इससे आने वाले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के तुरंत बाद 5 दिसंबर से नया सिस्टम हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिसका प्रभाव दो दिन बाद MP में साफ दिखाई देगा। पहले से जमा बर्फ के पिघलने पर वहीं से उठने वाली बर्फीली हवा सीधे मध्यप्रदेश पहुंचेगी, जिससे इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी महसूस की जाएगी।

     मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया।

    पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री
    मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा।

    नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर
    इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड?

    मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी

    •     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।
    •     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।
    •     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।
    •     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।

    20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

    इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर

    ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का

        मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया।

    पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई

        इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है।

    ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी

        ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं।

    पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना

        पश्चिमी विक्षोभ जब सक्रिय होता है, तो हल्की सर्दी की बारिश (मावठा) होती है। तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाता है। इसीलिए भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी। इंदौर-देवास, भोपाल-सीहोर, ग्वालियर-मुरैना में दिन का पारा कई बार 4 से 6 डिग्री तक गिरकर कोल्ड-डे ला सकता।

    MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड

    भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। इस बार भी बारिश होने के आसार हैं। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है।

    प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

    दिसंबर-जनवरी ठंड के दो सबसे मुख्य महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले महीने होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी शीतकालीन महीने माने जाते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत की सर्द हवाएं प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होती है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जो ठंड को और बढ़ा देता है। मौसम के ट्रेंड बताते हैं कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद है। इस साल भी दिन और रात दोनों में ठंडक का असर तेज रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में कई शहरों में कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी। जनवरी में यह अवधि 20 से 22 दिन तक जा सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड लंबी चलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस जाने के बाद दूसरा भी पहुंच रहा है। यह 5 दिसंबर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। जिसका असर 2 दिन बाद मध्‍य प्रदेश में दिखेगा। वहीं, पहले सिस्टम की वजह से हुई बर्फ जब पिघलेगी, तब उसकी बर्फीली हवाएं प्रदेश में दस्‍तक देगी। इस वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। बर्फीली हवा आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ेगी।

    प्रदेश में बुधवार की रात में 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 6.7 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबकि राजधानी भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया में 8.2, अमरकंटक-शाजापुर में 8.7, रीवा-नौगांव में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर रहा। कई शहरों में पारा 25 डिग्री या इससे कम रहा।

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    Thu, 04 Dec 2025 16:12:19 +0530 news desk MPcg
    MP सरकार की 11 महीनों में 90 करोड़ की हवाई यात्रा, घंटे का किराया बढ़कर 5.70 लाख पहुंचा https://citytoday.co.in/4527 https://citytoday.co.in/4527 भोपाल
    मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 11 महीनें में 90 करोड़ रुपए का हवाई सफर कर डाला. जबकि पिछले 4 सालों में हवाई यात्राओं पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पिछले छह सालों में विमान किराए की राशि में करीबन 80 फीसदी की बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान के किराए पर 1.63 करोड़ रुपए खर्च होते थे, जो साल 2025 में बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गया है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल और पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है. एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, 'भुगतान मद में बजट राशि न होने की वजह से 15.30 करोड़ का भुगतान अभी बाकी है.

    मेंटेनेंस पर खर्च हुए 45 करोड़
    मध्य प्रदेश सरकार के पास अभी 1 शासकीय हेलीकॉप्टर है, जिसका हवाई यात्राओं में उपयोग होगा है. जबकि एक अन्य विमान 2020 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विधानसभा में सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य सरकार के पास मौजूदा हवाई वाहन के रखरखाव पर साल 2011-12 से अभी तक 45.24 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं इस दौरान इसके ईंधन खर्च पर 11.05 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इस हेलीकॉप्टर पर साल 2022-23 ने सबसे ज्यादा उड़ान भरी. इस साल इसमें 14 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ. इसी साल इसके मेंटेनेंस पर भी 10.49 करोड़ हुए खर्च हुए.

    विमान कंपनियों को चुकाए 290 करोड़
    जानकारी में बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से लेकर नंवबर 2025 के दौरान विमान किराए पर 290 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. वहीं इस साल 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर माह के दौरान निजी विमान कंपनियों पर 90.7 करोड़ रुपए की राशि हवाई उड़ान में खर्च की गई. हवाई उड़ान में खर्च की राशि में पिछले 4 सालों के दौरान भारी बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान किराए पर सिर्फ 1.63 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई थी, लेकिन अब बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गई है.

    2022-23 से बढ़ाया विमान का किराया
    कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया कि, ''सरकार ने उनके सवाल में जानकारी दी है कि 2022-23 से 2024-25 तक विमान किराए में 20 से 30 फीसदी की बढोत्तरी की गई है. 4 अप्रैल 2023 को आयुक्त विमानन द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि पोस्ट कोविड में पर्यटन बढ़ने के कारण विमान की मांग बढ़ गई है. कोविड के कारण विमान हेलीकॉप्टर का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोकसभा चुनाव होने से विमान किराए की मांग बढ गई है.

    साथ ही इनके रखरखाव और ईंधन में बढोत्तरी हुई है, इसलिए किराया बढ़ाया जाना तय किया गया है. इस आधार पर जिन विमान का किराया 2022-23 में 4.45 लाख प्रतिघंटा उसे बढ़ाकर 2024 में 5.70 लाख प्रति घंटा किया गया और जिन विमान का किराया 3.5 लाख प्रति घंटा था, उसे बढ़ाकर 4.75 लाख प्रतिघंटा किया गया.''

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    Thu, 04 Dec 2025 14:06:21 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में शुरू हुई शिकारा बोट सर्विस, बड़े तालाब में अब मिलेगा कश्मीर जैसा अनुभव https://citytoday.co.in/4526 https://citytoday.co.in/4526 भोपाल
     बड़े तालाब में अब डल झील वाला आनंद मिलेगा। झीलों की नगरी भोपाल में अब आप शिकारा का लुत्फ उठा सकते हैं। इसकी शुरुआत आज से हो गई है। अभी बड़े तालाब में 20 शिकारा को उतारा गया है। इसे दुल्हन की तरह सजाया भी गया है। उद्घाटन के बाद सीएम मोहन यादव ने भी इसका आनंद उठाया है।

    शिकार में मौजूद रहेंगी सारी सुविधाएं

    कश्मीर की तरह बड़े तालाब में चलने वालीं शिकारा नाव में भी सारी सुविधाएं मौजूद होंगी। पर्यटकों को शिकारा में खाने पीने की चीजें भी मिलेंगी। सीएम ने मोहन यादव ने शिकारा-बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे और फलों का नाश्ता लेकर जायके का आनंद उठाया। साथ ही भ्रमण के दौरान उन्होंने बोट मार्केट से कपड़ों की खरीदी भी की है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इससे वाटर-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

    वहीं, इसके जल संपर्क से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। अत्याधुनिक तकनीक से बनी इन नौकाओं से जल-पर्यटन के लिए अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आकर्षक बनाया गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल वाटर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा।

    शिकारा राइड के दौरान पर्यटकों के लिए बर्ड वॉचिंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए नावों में दूरबीन उपलब्ध रहेगी। साथ ही यात्रियों के लिए अन्य शिकारों से हस्तशिल्प उत्पाद, ऑर्गेनिक सब्जियां-फ्रूट्स तथा स्थानीय व्यंजन खरीदने और उनका स्वाद लेने की सुविधा भी रहेगी। इससे स्थानीय कलाकारों व उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इस शुभारंभ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के सबसे सुंदर बड़े तालाब पर शिकारा नावों का शुभारंभ हुआ ,है जिससे यहां के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। डल झील की तर्ज पर शिकारे जब यहां चलेंगे, तो पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश का केंद्र बिंदु होने की वजह से पर्यटकों का मध्यप्रदेश के प्रति आकर्षण रहता है। प्रदेश में वन्यजीवों की बड़ी संख्या है। पिछले साल देश में सबसे ज्यादा पर्यटन मध्यप्रदेश में हुआ। हमारा पर्यटन सभी क्षेत्रों में बढ़ रहा है। उज्जैन में पिछले साल 7 करोड़ से अधिक पर्यटक आए। उन्होंने कहा कि वन्य संपदा-धार्मिक व्यवस्था-देवस्थान के साथ-साथ अब वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी के माध्यम से वॉटर टूरिज्म भी बढ़ेगा।

    खाने-पीने से लेकर फैशन तक का सामान मिलेगा
    वहीं, शिकारा बोट पर आपको खाने-पीने से लेकर फैशन तक का सामान मिलेगा। यह भोपाल में पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव होगा। प्रदूषण की वजह से झील में चलने वाले क्रूज को पहले रोक दिया गया था। अब शिकारा की शुरुआत हो गई है।

    4 लोगों किराया लगेगा 400 रुपए

    हर शिकारे में चार लोग बैठ सकेंगे और आधे घंटे की सैर के लिए 400 रुपए शुल्क देना होगा। हर एक शिकारा करीब 2.40 लाख रुपए में तैयार हुआ है। शिकारे सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक अवेलेबल रहेंगे। सैर के दौरान नाविक पर्यटकों को बड़े तालाब और भोपाल की विरासत से जुड़ी जानकारी भी देंगे।

    प्रदूषण रहित तकनीक से निर्माण

    इन सभी 20 शिकारों का निर्माण आधुनिक और प्रदूषण रहित तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' (FRP) और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से किया गया है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती। इससे तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

    ये शिकारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा तैयार किए गए हैं, जिन्होंने केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों के लिए शिकारे बनाए थे।

    कांग्रेस की तरफ से सिर्फ सिंघार आए

    सरकार की ओर से बीजेपी और कांग्रेस के सभी विधायकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। लेकिन नेता प्रतिपक्ष सिंघार के अलावा कोई अन्य कांग्रेसी विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सिंघार ने कहा कि अच्छा काम होता है तो सरकार की सराहना करेंगे।

    मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि इन शिकारों को कश्मीर की डल झील की तर्ज पर तैयार किया गया है। इससे वॉटर टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इन शिकारों का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन निगम करेगा।

    शिकारे से हैंडीक्राफ्ट, फल-सब्जियां खरीद सकेंगे

    पर्यटक इन शिकारों का आनंद लेने के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग भी कर सकेंगे। शिकारे में हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, स्थानीय व्यंजन, ऑर्गेनिक सब्जियां और फल खरीदने की भी व्यवस्था की गई है। राइड के दौरान पर्यटक दूरबीन से तालाब और उसके आसपास के पक्षियों को देख सकेंगे और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे।

    मध्यप्रदेश पर्यटन निगम का उद्देश्य भोपाल में डल झील जैसी फिलिंग देता है, जिससे राजधानी भोपाल एक वाटर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगी।

    बता दें कि इससे पहले नगर निगम ने 13 जून 2024 को प्रायोगिक रूप से एक शिकारा चलाया था। अब एकसाथ 20 शिकारे बड़े तालाब में उतारे गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने करीब 10 महीने पहले, 12 सितंबर को क्रूज और मोटर बोट पर रोक लगा दी थी, इसलिए अब केवल सामान्य शिकारे ही चलाए जा रहे हैं।

    क्या होता है शिकारा? शिकारा एक प्रकार की लकड़ी की नाव है, जो डल झील समेत अन्य झीलों में पाई जाती है। शिकारे अलग-अलग आकार के होते हैं और लोगों के परिवहन सहित कई उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। एक सामान्य शिकारा आधा दर्जन लोगों को बैठाता है। जिसमें चालक पीछे की तरफ से ये शिकारा चलाता है। डल झील में पर्यटकों की पहली पसंद होता है। इन्हें आकर्षक तरीके से सजाया जाता है।

    देशभर से आते हैं पर्यटक श्रीनगर की डल झील में ऐसे ही शिकारे चलते हैं। चूंकि, भोपाल में मध्यप्रदेश-देश के कई हिस्सों से पर्यटक आते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी हजारों लोग बोट क्लब में घूमने जाते हैं, इसलिए शिकारा चलाने की पहल की गई है।

    NGT ने यह दिए थे आदेश दो साल पहले भोज वेटलैंड (बड़ा तालाब), नर्मदा समेत प्रदेश के किसी भी वाटर बॉडीज में क्रूज और मोटर बोट के संचालन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक लगा दी थी। एनजीटी ने इसे अवैध गतिविधि ठहराते हुए बड़ा तालाब में क्रूज का संचालन बंद करने के आदेश दिए थे।

    आदेश में कहा गया था कि डीजल और डीजल इंजन से निकलने वाले उत्सर्जन को इंसानों समेत जलीय जीवों के लिए खतरा है, क्योंकि इससे उत्सर्जित सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड पानी को एसिडिक बना देता है। यह इंसानों और जलीय जीवों दोनों के लिए कैंसर कारी है। भोज वेटलैंड के लिए जारी यह आदेश नर्मदा नदी समेत प्रदेश की सभी प्रकार की वेटलैंड पर लागू हो गया था।

    तभी से बंद 'लेक प्रिंसेज' क्रूज और 'जलपरी' भोपाल के बड़ा तालाब में एनजीटी के आदेश के बाद से ही 'लेक प्रिंसेज' क्रूज और 'जलपरी' मोटरबोट बंद कर दी गई थी। पर्यटन विकास निगम ने क्रूज और जलपरी के साथ करीब 20 मोटर बोट का संचालन भी नहीं किया।

    क्रूज नहीं चलने से लोग मायूस क्रूज और मोटर बोट चलने के दौरान बोट क्लब में हर रोज एक हजार से ज्यादा लोग पहुंचते थे। वे क्रूज और मोटर बोट के जरिए बड़ा तालाब की लहरों को करीब से देखते थे। ये बंद होने के बाद प्राइवेट नाव से ही वे बड़ा तालाब के नजारे का लुत्फ उठाते रहे हैं। अब शिकारे चलने से नया अनुभव मिलेगा।

     

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    Thu, 04 Dec 2025 14:01:06 +0530 news desk MPcg
    AI से अपराधियों की पहचान और क्राइम ट्रेंड की भविष्यवाणी संभव, ‘फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047’ का विजन पेश https://citytoday.co.in/4525 https://citytoday.co.in/4525

    भोपाल
     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जमाने में पुलिस भी बदलेगी। एआई की मदद से पुलिस यह पूर्वानुमान लगा सकेगी कि किस जगह, किस समय, किस तरह का अपराध घटित हो सकता है। पहले के आंकड़ों के आधार पर एआई यह अनुमान लगा सकेगा। ऐसे ही किसी समय के ट्रैफिक का वाल्यूम यानी वाहनों की संख्या के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि सड़क दुर्घटना आशंका कहां-कहां है।

    इससे पुलिस घटनाएं रोकने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। दरअसल, देशभर की पुलिसिंग में 'प्रेडेक्टिव पुलिसिंग' माडल अपनाने पर विचार चल रहा है। पिछले सप्ताह रायपुर में हुई डीजीपी-आईजी कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' को लेकर विजन प्रस्तुत किया।

    क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन पर दिया प्रजेंटेंशन

    उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग कर पुलिस अपराध की आशंका आदि बता सकती है। इसे लेकर उन्होंने 'क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन' विषय पर प्रजेंटेशन दिया। इसी में एआई मॉडल पर चर्चा हुई। कहा गया कि राज्य इस मॉडल का परीक्षण कर अपने-अपने स्तर पर लागू कर सकेंगे।

    कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे। डीजीपी मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' के अंतर्गत 'कम्युनिटी पुलिसिंग और पब्लिक ट्रस्ट' विषय पर बताया कि पुलिस आमजन से बेहतर संवाद रखकर कैसे उनका भरोसा जीत सकती है।
    संवाद को लेकर नवाचार किए

    बता दें कि डीजीपी बनने के बाद से ही उनका इस पर विशेष ध्यान रहा है। कई जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने आमजन से संवाद को लेकर नवाचार भी किए हैं। कांफ्रेस में भी उन्होंने 'नशे से दूरी' अभियान सहित अन्य नवाचारों के बारे में बताया। कांफ्रेंस में उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण, टेक्नोलाजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नागरिक-सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

    मकवाणा ने डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन प्रणालियां और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदना दोनों का संतुलित समावेश हो।

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    Thu, 04 Dec 2025 13:58:29 +0530 news desk MPcg
    भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा, मंत्री डॉ. शाह ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि https://citytoday.co.in/4514 https://citytoday.co.in/4514

    भोपाल

    भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर भोपाल में बुधवार को गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की उपस्थिति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न धर्मगुरूओं ने धर्मग्रन्थों का पाठ किया और गैस त्रासदी को मानवता के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    मंत्री डॉ. शाह ने गैस त्रासदी में दिवंगत निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी नहीं हो।

    श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मती मालती राय, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, कलेक्टर भोपाल  कौशलेंद्र सिंह, गणमान्य नागरिक और गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    धर्मगुरुओं में  रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी,  गुरवेज सिंह, फादर अल्फ्रेड डी'सूजा,  अजय जैन, शाक्य पुत्र सागर भंते ने अपने धर्म ग्रंथों का पाठ किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

     

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    Wed, 03 Dec 2025 17:23:10 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4512 https://citytoday.co.in/4512 प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं।

    प्रमुख बिन्दु

        प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।

        जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।

        भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।

        प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।

        राष्ट्र बदल रहा है।

        भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।

        प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।

        जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

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    Wed, 03 Dec 2025 14:23:25 +0530 news desk MPcg
    महिला–बाल विकास में मध्यप्रदेश नंबर&1: CM मोहन यादव ने मंत्रालय में प्रस्तुत की 3 साल की मेगा प्लानिंग https://citytoday.co.in/4509 https://citytoday.co.in/4509 Wed, 03 Dec 2025 13:16:04 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश में 5&6 दिसंबर से कड़ाके की ठंड, पहाड़ों में बर्फबारी और सर्द हवाओं का अलर्ट https://citytoday.co.in/4502 https://citytoday.co.in/4502 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा। 

    कोल्ड वेव और शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है।

    मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:

        ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग
        भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा
        सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना
        रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली
        जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी
        इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ

    नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड
    भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं।

    दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने
    जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है।

    दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है।

    दिन में ठंडक घुली...पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा।

    नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है।

    ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

    इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

    कहां कितना रहा तापमान

    शहर

    अधिकतम (°C)

    न्यूनतम (°C)

    बैतूल

    24.8

    11.5

    भोपाल

    25.6

    8.4

    दतिया

    26.2

    12.6

    धार

    25.6

    13.3

    गुना

    27.4

    13.0

    ग्वालियर

    27.7

    11.7

    नरसिंहपुर

    29.8

    14.4

    इंदौर

    26.6

    8.6

    खंडवा

    28.5

    12.0

    खरगोन

    28.0

    12.2

    पचमढ़ी

    24.2

    7.2

    रायसेन

    26.0

    राजगढ़

    8.5

    रतलाम

    27.5

    13.2

    शाजापुर

    श्योपुर

    26.0

    14.0

    शिवपुरी

    24.2

    12.0

    उज्जैन

    28.5

    11.8

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    छिंदवाड़ा

    26.4

    11.2

    दमोह

    26.2

    11.5

    जबलपुर

    26.6

    11.2

    खजुराहो

    27.4

    13.0

    मंडला

    29.0

    11.6

    नरसिंहपुर

    25.0

    12.6

    नौगांव

    27.0

    8.6

    रीवा

    25.8

    9.6

    सागर

    26.7

    13.8

    सतना

    27.5

    11.7

    सिवनी

    24.6

    13.6

    सिधी

    26.6

    11.4

    टीकमगढ़

    25.2

    13.2

    उमरिया

    26.5

    9.3

    मलाजखंड

    23.7

    11.1

    नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे।

    पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा।

    पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर

    नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा। ला नीना के सक्रिय होने से ठंड का असर लंबा रहेगा।

    क्यों बढ़ी इस बार इतनी ठंड?

    1. ला नीना का प्रभावः वैश्विक मौसम मॉडल पहले से संकेत दे रहे थे कि इस साल ला नीना सक्रिय रहेगा। प्रशांत महासागर का ठंडा होना एशिया और भारत की ओर ठंडी हवाओं को और तेज धकेलता है। उसी का असर मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के रूप में दिख रहा है।

    2. पहाड़ों पर जल्द बर्फबारीः हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में सामान्य समय से काफी पहले बर्फबारी शुरू हो गई। इससे मध्य भारत में ठिठुरन 20–30% तक बढ़ी।

    3. ठंडी हवाएं 25% ज्यादा गहराई तकः इस बार ठंड सतह तक सीमित नहीं रही। भोपाल, ग्वालियर, रतलाम, सागर जैसे चार प्रमुख मौसम जोन में ठंडी हवाएं 25% तक ज्यादा अंदर तक घुस आईं।

    4. पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहनाः बार-बार आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से कई जिलों में मावठा होगा। इससे तापमान 4-6 डिग्री गिर सकता है और भोपाल, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, इंदौर-देवास, ग्वालियर-मुरैना में कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है। 

     

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    Tue, 02 Dec 2025 18:35:26 +0530 news desk MPcg
    Bhopal में ऊर्जा 3.0 का धमाकेदार आगाज़, खेल भावना से चमका भवंस भारती स्कूल https://citytoday.co.in/4499 https://citytoday.co.in/4499 Tue, 02 Dec 2025 16:49:13 +0530 news desk MPcg श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4497 https://citytoday.co.in/4497 श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि घाटों पर हरियाली होनी चाहिए, सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए, घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिहंस्थ-2028 के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो जिससे श्रद्धालुओं का सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में घाट आधारित विकास कार्य योजना पर भी कार्य किया जाएगा।

    प्रमुख बिन्दु

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

    घाटों पर हरियाली होनी चाहिए।

    सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए।

    घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं।

    सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो।

    सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:35:31 +0530 news desk MPcg
    बेहतर यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा के लिए भोपाल,इंदौर ,अशोकनगर और डिंडोरीपुलिस का सार्थक प्रयास https://citytoday.co.in/4496 https://citytoday.co.in/4496 बेहतर यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा के लिए भोपाल,इंदौर ,अशोकनगर और डिंडोरीपुलिस का सार्थक प्रयास

    स्मार्ट तकनीक आधारित त्वरित निराकरण प्रणाली और संवेदनशील पुलिसिंग से बढ़ी सड़क सुरक्षा और नागरिकों का विश्वास
    यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा में भोपाल, इंदौर, अशोकनगर व डिंडोरी पुलिस के सफल प्रयास

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल, इंदौर, अशोकनगर तथा डिंडोरी में कानून‑व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए तकनीक-संचालित एवं नागरिक–केंद्रित सार्थक प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव, भौगोलिक व संरचनात्मक चुनौतियों तथा महिला सुरक्षा की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिक सुरक्षित, सुगम और नागरिक‑अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

    भोपाल – क्यूआर कोड आधारित शिकायत/सुझाव प्रणाली

    भोपाल में नगरीय यातायात पुलिस द्वारा आम नागरिकों की आसान और सीधे सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष QR कोड प्रणाली शुरू की गई है। नागरिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर किसी भी चौराहे, तिराहे, सड़क या क्षेत्र से संबंधित समस्या, सुझाव या अव्यवस्था की सूचना सीधे भेज सकते हैं। प्राप्त जानकारियों का संकलन कर परीक्षण उपरांत पुलिस उपायुक्त, यातायात द्वारा आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण, त्वरित सुधारात्मक कदम तथा संबंधित विभागों से समन्वय कर निराकरण किया जा रहा है। इस पहल से यातायात प्रबंधन अधिक नागरिक‑केंद्रित, सहभागितापूर्ण और पारदर्शी बन रहा है तथा सुरक्षित आवागमन के लिए नियम पालन की जन‑जागरूकता भी बढ़ रही है।

    इंदौर – व्हाट्सएप हेल्पलाइन से त्वरित ट्रैफिक समाधान

    इंदौर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7049107620 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त 1119 शिकायतों में से 1077 का त्वरित निराकरण कर पुलिस ने नागरिकों में भरोसा और शीघ्र सेवा की अपेक्षा को और मजबूत किया है। शेष 44 शिकायतों पर भी सतत कार्यवाही जारी है। हेल्पलाइन पर मुख्य रूप से ऑटो/ई–रिक्शा द्वारा अव्यवस्थित रूप से सवारी बैठाने, शाम के समय मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव तथा शादी/बारात/मैरिज गार्डन आदि के कारण होने वाले ट्रैफिक अवरोध से संबंधित समस्याएँ प्राप्त हुईं, जिनका समाधान ट्रैफिक वायरलेस कंट्रोल, फील्ड टीमों, क्रेन/सपोर्ट तथा तत्काल पेट्रोलिंग कार्रवाई के माध्यम से किया गया।

    अशोकनगर – ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ से महिला सुरक्षा को नया आयाम

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अशोकनगर में पुलिस अधीक्षक  राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में ‘निर्भया पुलिस मोबाइल’ सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस सेवा का उद्देश्य महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, सुरक्षा की सतत उपस्थिति तथा त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करना है। निर्भया पुलिस मोबाइल स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भाव मजबूत करेगी। रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक शहर में किसी भी अकेली महिला या बालिका की जानकारी मिलने पर उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाने की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 7587619200 जारी किया गया है। इस यूनिट में एक उप निरीक्षक, दो महिला आरक्षक तथा दो पुरुष आरक्षकों का विशेष बल तैनात है, जिसका संचालन एवं समन्वय महिला सुरक्षा शाखा अशोकनगर द्वारा किया जा रहा है।

    डिंडोरी पुलिस -क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन शिकायत प्रणाली

    जनहित में पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु जिले में ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी भय या औपचारिकता के अपनी समस्या सीधे पुलिस अधीक्षक तक पहुँचा सकते हैं। क्यूआर कोड आधारित इस सुविधा से नागरिक मोबाइल से कोड स्कैन कर आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भरकर शिकायत, सुझाव या दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। थानों, चौकियों, पुलिस लाइन व विभिन्न शासकीय कार्यालयों में लगाए गए क्यूआर कोड लोगों को घर बैठे या सार्वजनिक स्थान से ही शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करते हैं। 

    ये सभी पहलें प्रदेश में स्मार्ट, संवेदनशील और नागरिक‑अनुकूल पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण बन रही हैं। इन पहलों ने न केवल यातायात अवरोधों में कमी और सड़क सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए भरोसेमंद तंत्र विकसित कर पुलिस–नागरिक संवाद एवं विश्वास को भी नई ऊँचाई दी है।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:32:50 +0530 news desk MPcg
    सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री सारंग https://citytoday.co.in/4494 https://citytoday.co.in/4494 सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री  सारंग

    सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना
    सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री  सारंग

    भोपाल

    सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी।

    विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे।

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ

    सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी

    मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।

     

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    Tue, 02 Dec 2025 14:18:25 +0530 news desk MPcg
    गर्भवती महिलाओं की HIV जांच में मध्यप्रदेश पीछे, केवल 46% हुई स्क्रीनिंग; आमजन की जांच लक्ष्य के करीब https://citytoday.co.in/4483 https://citytoday.co.in/4483 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में HIV नियंत्रण को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। सामान्य आबादी की HIV जांच रिकॉर्ड तेजी से लक्ष्य के करीब पहुंच रही है, लेकिन गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग लगातार पिछड़ रही है, जो मां से बच्चे में वायरस के संक्रमण रोकने के लक्ष्य को सीधे चुनौती देती है। जबकि ICTC और PPP-ICTC मिलाकर राज्य में हुई HIV जांचों ने इस साल कमाल कर दिया है। अक्टूबर 2025 तक ही 12.23 लाख के लक्ष्य में 12.13 लाख जांच हो चुकी हैं। कई जिलों में आंकड़े लक्ष्य को पार कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि आमजन के बीच टेस्टिंग नेटवर्क मजबूत और सक्रिय है। दूसरी ओर, वही अवधि में गर्भवती महिलाओं की HIV जांच जो सबसे संवेदनशील श्रेणी मानी जाती है। 22.85 लाख के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 10.54 लाख तक ही पहुंच पाई। यह आंकड़ा सिर्फ 46% उपलब्धि को दर्शाता है। मतलब आधी महिलाएं अभी भी HIV टेस्ट से बाहर हैं, जबकि यही टेस्ट भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों को HIV के खतरे से बचाता है।

    गर्भवती महिलाओं की HIV जांच, 

     2023-24: लक्ष्य 22.25 लाख – उपलब्धि 20.98 लाख

    2024-25: लक्ष्य 22.58 लाख – उपलब्धि 18 लाख

     2025-26: (अक्टूबर तक) लक्ष्य 22.85 लाख- उपलब्धि 10.54 लाख

    लगातार तीन साल से लक्ष्य अधूरा
    यानी तीन साल लगातार MP गर्भवती महिलाओं की HIV जांच का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह मां से बच्चे में HIV संक्रमण रोकथाम कार्यक्रम (PPTCT) की सबसे कमजोर कड़ी है। कम जांच से घटते संक्रमण के आंकड़ों की असल तस्वीर भी धुंधली

    संक्रमित गर्भवती महिलाओं की संख्या
    सन                  संक्रमित की  संख्या
    – 2023-24         754
    – 2024-25         671
    – 2025-26        492 (अक्टूबर तक)

    जांच कम होने के प्रमुख कारण 

    संक्रमितों की संख्या कम दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जांच कम होगी तो संक्रमण वास्तविकता से कम दिखाई देगा। अधूरी स्क्रीनिंग का मतलब है कि कई महिलाएं और उनके नवजात जोखिम में बने रह सकते हैं। जांच कम होने का मुख्य कारण ग्रामीण इलाकों में समय पर ANC विजिट नहीं हो रही है। ICTC केंद्रों तक पहुंच की दूरी होने के कारण लोग जांच नहीं करवा पाते हैं। जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जांच करने में अभी भी शर्मिंदगी महसूस होती है। कुछ जिलों में ट्रेनिंग की कमी है। सब मिलकर गर्भवती महिलाओं की टेस्टिंग के आंकड़े नीचे खींच रहे हैं।

     मां-बच्चे की सुरक्षा के लिए टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ाना जरूरी
    जहां आम नागरिकों की HIV जांच में प्रदेश अच्छी प्रगति दिखा रहा है, वहीं गर्भवती महिलाओं की धीमी टेस्टिंग राज्य के स्वास्थ्य मॉडल पर बड़ा सवाल छोड़ती है। यदि गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग पर फोकस तेज़ नहीं किया गया, तो मां से शिशु में संक्रमण रोकने का राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। 

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    Mon, 01 Dec 2025 19:01:27 +0530 news desk MPcg
    उमा भारती की यात्रा में खुला भ्रष्टाचार का पिटारा, बोलीं—जनता के भीतर धधक रही है आग https://citytoday.co.in/4482 https://citytoday.co.in/4482 भोपाल
    मध्य प्रदेश में एक बार फिर यात्रा पर निकलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि 'भारी भ्रष्टाचार' और 'सुविधाओं की असमानत' ने लोगों के अंदर आग जला दी है। टीकमगढ़ जिले में मां के मायके से अपनी मायके तक की यात्रा कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी यह यात्रा अराजनैतिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन मुद्दों पर बात करेंगी। हाल ही में भाजपा की फायर ब्रांड नेता ने मुख्यमंत्री की कई चुनौतियां गिनाईं थीं, लेकिन भरोसा जताया था कि वह इनसे निपटने में सक्षम हैं।
     
    पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता ने सोमवार को एक्स पर अपनी यात्रा के बारे में कुछ जानकारियां देते हुए कहा कि वह मां के मायके से उनकी सुसराल के बीच तीन दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी मां की जन्म भूमि जिला टीकमगढ़ के गरोली ग्राम से 30 नवंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की यात्रा है जो कल मेरे ग्राम डूंडा में समाप्त होगी जहां मेरी मां ब्याह के आई थीं। मेरे मां के नाम की यह यात्रा पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है। यह यात्रा वाहन से है जब कोई गांव आता है तब मैं वाहन से उतरकर थोड़ा पैदल चलती हूं।'

    झांसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं उमा भारती ने कहा, 'यह यात्रा तो मुझे फिर से जन्म दे रही है।' पूर्व सीएम ने लगे हाथ राज्य में भ्रष्टाचार और असमानत की बात कहकर कई अटकलों को हवा दे दी है। उमा भारती ने कहा, 'भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।'

    एक पखवाड़े पहले उमा भारती ने मौजूदा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा था कि मोहन यादव जी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं जैसे, 'मध्य प्रदेश का आधुनिकीकरण, मध्य प्रदेश में हुए निवेशों का धरातल पर आना, उनसे रोजगारों का सृजन होना, किसानों के द्वारा गौ पालन और गौ वंश आधारित कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश का अव्वल राज्य बनना, शराब नीति का ठीक से निरीक्षण करते रहना, सरकारी शिक्षा, सरकारी स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था।' उन्होंने कहा था कि मोहन यादव जी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम भी हैं। इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इनका भरोसा किया है। हम सबको विश्वास है कि वह इसमें खरे उतरेंगे।

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    Mon, 01 Dec 2025 18:59:03 +0530 news desk MPcg
    1 दिसंबर को भोपाल में आध्यात्मिक उत्सव, दर्शकों में उत्साह चरम पर | https://citytoday.co.in/4472 https://citytoday.co.in/4472 Mon, 01 Dec 2025 16:48:18 +0530 news desk MPcg मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई https://citytoday.co.in/4471 https://citytoday.co.in/4471 मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई

    पांच जिलों से कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब जब्त

    भोपाल

    पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा विगत दिनों की गई समीक्षा बैठक में जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होने, पेट्रोलिंग को पूर्णतः प्रभावी और सतत रखने, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पुलिस की निरंतर और सटीक कार्यवाहियों के परिणामस्वरूप राज्य के भोपाल, देवास, मंदसौर, छतरपुर और अनूपपुर जिलों से लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं।
    *जिलों द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाई-*
    *भोपाल-* थाना खजूरी सड़क पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक सहित कुल 1 करोड़ 60 लाख 42 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है
    *देवास-* पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। सोनकच्छ प्रगति नगर बायपास पर वाहन चैकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसमें भरी 85 लाख 35 हजार 440 रूपए की 675 पेटी, कुल 5936.4 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा करीब 20 लाख रूपए का ट्रक जप्त किया है। आरोपी ट्रक में बाहर की ओर भूसे की बोरियां रखकर भीतर शराब की पेटियाँ छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक रावत पिता सज्जन रावत तथा लालु रावत पिता मुकाम रावत दोनों निवासी ग्राम आम्बुआ, जिला अलीराजपुर शामिल हैं।
    *मंदसौर-* थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर में भरी 120 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की। ट्रक में शराब को भरकर लोहे के पलंग की फर्जी बिल्टी के माध्यम से ले जाया जा रहा था। जब्‍त की गई संपत्ति  की कीमत लगभग 20 लाख रूपए है। 
    *छतरपुर-* थाना बमनौरा पुलिस ने ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब के संग्रह स्थल पर छापा मारकर 20 पेटी (180 लीटर) अवैध शराब लगभग 90 हजार रूपए,  बरामद की है।
    *अनूपपुर*- जिले की कोतवाली पुलिस ने 62.55 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बिना नंबर की स्कूटी सहित 54 हजार 210 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    इस प्रकार इन जिलों की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 87 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब एवं वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने तस्करों को भी गिरफ्तार किया है तथा आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
    अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या विक्रय में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध व्यापार एवं संबद्ध आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अपने सतत, दृढ़ एवं निर्णायक अभियान को जारी रखेगी, ताकि राज्य में शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक स्वास्थ्य को और अधिक सशक्त किया जा सके।                

     

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    Mon, 01 Dec 2025 12:33:18 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार: करोंद चौराहे पर जाम से जल्द मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/4470 https://citytoday.co.in/4470 भोपाल
    भोपाल शहर के बैरसिया रोड पर करोंद क्षेत्र में मेट्रो रेल लाइन का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच बेरिकेड्स लगाने से आए दिन जाम लगता है, ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यह देखते हुए मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण में करोंद चौराहा से सीआइएइ (केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान) तक गर्डर लांच करने का काम किया जा रहा है।

    इसके तहत बने पिलर पर जल्द ही गर्डर रख दी जाएगी, ऐसे में पिलरों पर गर्डर लांच होने के बाद बेरिकेड्स हटा दिए जाएंगे। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ साल से करोंद में मेट्रो रेल लाइन का काम चल रहा है, अभी सिर्फ पिलर ही खड़े हो सके हैं। घना रहवासी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा को देखते हुए काम किया जा रहा है।
     
    आठ से अधिक पिलर खड़े हुए
    जानकारी के अनुसार भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण सुभाषनगर से करोंद के बीच का काम तेजी से किया जा रहा है। पिलर खड़े होने की शुरुआत करोंद स्थित सीआईएई के सामने से की गई है। यहां पर आठ से अधिक पिलर खड़े हो चुके हैं। इन पर गर्डर लांच करने की तैयारी की जा रही है, सुरक्षा की दृष्टि से देर रात यह काम किया जा रहा है।

    इस दौरान यातायात परिवर्तित कर दिया जाता है। बता दें कि सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के मेट्रो रेल लाइन का काम कुल दो चरण में होगा। कुल 8.77 किलोमीटर में से 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। जिनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद शामिल हैं।

    प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के लिए रिपोर्ट का इंतजार
    भोपाल मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की अंतिम 'ओके टू रन' रिपोर्ट का इंतजार है। इसको लेकर सीएमआरएस ने निरीक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उस रिपोर्ट के आधार पर ही मेट्रो के संचालन पर निर्णय होगा।

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    Mon, 01 Dec 2025 11:36:18 +0530 news desk MPcg
    MP विधायकों की सैलरी में बढ़ोतरी, अब मिलेगा 1.70 लाख; CM का वेतन 2.60 लाख https://citytoday.co.in/4466 https://citytoday.co.in/4466  भोपाल 

    मध्यप्रदेश विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ेंगे। वर्तमान में विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। अब 50 हजार बढ़ाकर देने की तैयारी है। यानी अब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने सहमति दे दी है। संभावना है की 2 दिसंबर की कैबिनेट में मंजूरी के बाद 4 दिसंबर को विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने की मंजूरी दे दी जाए। 

    संसदीय कार्य विभाग ने गुरुवार को इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सैद्धांतिक सहमति के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी से संबंधित विधेयक 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 9 साल बाद विधायक और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही माननीयों के वेतन में बढ़ोतरी कर चुके हैं।

    विधायकों का बढ़ेगा वेतनभत्ता

    विधायकों की वर्तमान सैलरी में मूल सैलरी 30 हजार है। निर्वाचन भत्ता 35 हजार, चिकित्सा भत्ता 10 हजार है। अर्दली भत्ता 10 हजार, टेलीफोन खर्च 10 हजार है। किताब, पत्रिका और अन्य सामग्री के लिए 15 हजार मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। 50 हजार रुपए बढ़ाने के बाद 1 लाख 60 हजार हो जाएंगे। पूर्व विधायकों और जिन विधायकों का निधन हो गया है उनकी पत्नी को मिलने वाली कुटुंब पेंशन भी 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की जा रही है।

    विधानसभा में अध्यक्ष ने की थी घोषणा दरअसल, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व अन्य विधायकों ने सदन में वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा कि यदि सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने पर विचार करने के लिए समिति का गठन करें तो विधानसभा अपनी सिफारिश भेज सकती है।

    इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस कमेटी में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के अलावा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और खरगोन जिले के कसरावद से विधायक सचिन यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को सदस्य सचिव बनाया गया।

    कमेटी ने अपना प्रस्ताव भेजा कमेटी ने दो दौर की चर्चा कर वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव तैयार कर अपनी सिफारिश राज्य शासन को भेजी। इसमें पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया कि इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर भी विचार किया जाए, इसके बाद नए सिरे से कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया।

    सैलरी का फैसला शीतकालीन सत्र में

    विधायकों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए खास कमेटी बनाई गई थी। इसे एक टारगेट दिया गया है। इस कमेटी को कहा गया है कि वह 30 नवंबर तक अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दे।

    ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में फैसले पर अंतिम मुहर लगाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। अब कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही, विधानसभा के सत्र में इस वादे को पूरा करने का मौका मिलेगा। यानी, दिसंबर महीने में ही जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी आ सकती है। 

    विधायकों का बीमा कराने पर फैसला नहीं हुआ समिति के सामने यह प्रस्ताव भी आया था कि विधायकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा कराया जाए, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। समिति के सामने विधायकों के परिवार के सदस्यों के इलाज के खर्च पर विचार विमर्श किया गया। इस पर भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने बीमा कराने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी, क्योंकि विधायकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार के खजाने से ही होता है।

    पूर्व विधायकों की पेंशन में हो सकता है 66 फीसदी का इजाफा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायकों की पेंशन में 66 फीसदी का इजाफा हो सकता है। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 20 हजार रुपए पेंशन और 15 हजार रुपए चिकित्सीय सहायता मिलाकर 35 हजार रुपए मिलते हैं। अब इसमें 23 हजार रुपए का इजाफा कर 58 हजार रुपए किया जा रहा है।

    विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा विधायक और पूर्व विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में भी इजाफा करने पर सहमति बनी है। विधानसभा में चुनकर आए वरिष्ठ विधायक को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है। उसे हर महीने 47 हजार रुपए वेतन, 48 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 45 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के साथ हर दिन 1500 रुपए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है।

    इस तरह से विधानसभा अध्यक्ष को वेतन और भत्ते के रूप में कुल 1 लाख 85 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 27 फीसदी का इजाफा करते हुए ये राशि 2 लाख 35 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष को फिलहाल 45 हजार रुपए महीना वेतन, 45 हजार रुपए महीने सत्कार भत्ता, 35 हजार महीने निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 1500 रुपए हर दिन दैनिक भत्ता मिलता है।

    इस तरह से 1 लाख 70 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर 2 लाख किए जाने का प्रस्ताव है।

    नेता प्रतिपक्ष का वेतन- भत्ता 2.20 लाख करने का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 45 हजार रुपए वेतन, 45 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 35 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, डेढ़ हजार रुपए प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार हर महीने 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते है। अब इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए ये 2 लाख 20 हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है।

    अब जानिए किसका कितना वेतन बढ़ेगा

    विधायकों के वेतन में 54 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विधायकों के वेतन में करीब 60 हजार रुपए की वृद्धि की जा सकती है। यह वर्तमान वेतन की करीब 54 प्रतिशत होगी। इस तरह विधायकों का वेतन बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपए हो जाएगा। इससे पहले वर्ष 2016 में प्रदेश के विधायकों के वेतन, भत्तों में वृद्धि की गई थी। MP में विधायकों का कुल वेतन एक लाख 10 हजार रुपए है। इसमें 30 हजार रुपए बेसिक सैलरी और 80 हजार रुपए मासिक भत्तों के रूप में मिलते हैं।

    विधायकों का सबसे ज्यादा 2.88 लाख वेतन झारखंड में झारखंड में विधायकों को पूरे देश में सबसे ज्यादा वेतन मिलता है। झारखंड के विधायकों का कुल वेतन 2.88 लाख रुपए है। इसके बाद विधायकों को सबसे ज्यादा वेतन देने वाला दूसरा राज्य महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में विधायकों को हर माह 2.60 लाख रुपए वेतन मिलता है। इस सूची में तीसरे नंबर पर तेलंगाना आता है। तेलंगाना के विधायकों का वेतन 2.50 लाख रुपए है। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में विधायकों का वेतन सबसे कम है।

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    Fri, 28 Nov 2025 18:14:26 +0530 news desk MPcg
    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन https://citytoday.co.in/4465 https://citytoday.co.in/4465

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन

    भोपाल 

         प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की तीन नदी परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है।

        सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख अभियंता, जल संसाधन,  अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, आयुक्तकमाण्ड क्षेत्र विकासभोपाल, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय जल आयोग, भोपाल और मुख्य अभियंता (बोधी), जल संसाधन, भोपाल समिति में सदस्य होंगे। सचिव, जल संसाधन, को सदस्य सचिव बनाया गया है।

         कमाण्ड क्षेत्र विकास का आधुनिकीकरण (MCAD) के लिए आयुक्त (केड) जल संसाधन विभाग नोडल अधिकारी होंगे। गाइडलाइन के अनुसार राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी (SLSC) योजना के समुचित प्रबंधन एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी रहेगी।

    समिति ये कार्य करेगी

         राज्य स्तरीय वार्षिक कार्य योजना अनुमोदित करना और उसके क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करना। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति तथा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन/निर्देश देने का कार्य समिति करेगी। 

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    Fri, 28 Nov 2025 18:03:32 +0530 news desk MPcg
    संस्कृति की रंगो&महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’, चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी https://citytoday.co.in/4458 https://citytoday.co.in/4458 संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

    म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ
    चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी

    भोपाल
     जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पायदान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।

    यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय और उप संचालक संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला ने भी संबोधित किया।

    श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है।

    विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं।

    विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।

    प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।

    टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।

    विश्व रंग मानद अलंकरण

    हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण भेंट किये जाएंगे।

    सरज़मीं पर सितारे

    विश्व रंग के इन्द्रधनुषी ताने-बाने में भाषा, साहित्य संस्कृति, कला, मीडिया, शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान, टेक्नालॉजी और मनोरंजन की दुनिया के अनेक सितारों की महफ़िल सजेगी। इनमें पद्मश्री, साहित्य अकादेमी, संगीत नाटक अकादेमी तथा अनेक राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जानी-मानी हस्तियाँ हैं। इनमें प्रमुख हैं डॉ. नंदकिशोर आचार्य, ममता कालिया, शिवमूर्ति, ज्ञानप्रकाश विवेक, स्वानंद किरकिरे, अनामिका, अष्टभुजा शुक्ल, मुकुल शर्मा, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, दिव्या माथुर, महादेव टोप्पो, उर्मिला शिरीष, मनीषा कुलश्रेष्ठ, विनोद तिवारी, ओम थानवी, पुष्पेष पंत, दामोदर खड़से, मुरलीधर चाँदनीवाला, डॉ. लता मुंशी, कविता शाजी, सुचित्रा हरमलकर, विकास मिश्र, लक्ष्मण गायकवाड़, नरेन्द्र कामंत, हरीश मीनाश्रु, अशोक भौमिक, लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल, विनय उपाध्याय, कुणाल सिंह, मोहन सगोरिया, वसंत निरगुणे, स्वाती उखले, मनीषा शास्त्री, राजेश व्यास, संजय पटेल, रोहित रूसिया, जितेन्द्र श्रीवास्तव, सविता भार्गव, नीलेश रघुवंशी, राधाकृष्ण पिल्लई, फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, प्रिया मलिक, सीमा रायजादा, विकास दवे, मुकेश वर्मा, बलराम गुमास्ता, संजय सिंह राठौर, विकास अवस्थी, मुदित श्रीवास्तव, राजेश व्यास, स्वरांगी साने। ये शख़्सियतें विभिन्न विषयों पर रोचक संवादों के साथ ही सांस्कृतिक परिवेश को अपनी कलात्मक उर्जा से समृद्ध करेंगी।

    कला संवाद

    रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि, अंजनी और गौरांजनी स्थायी सभागारों के अतिरिक्त टैगोर, वनमाली, अभिमन्यु अनत, शांति निकेतन, शारदा और चित्र-वीथि नामकरण से निर्मित सभागारों में समानांतर विचार सत्र होंगे। यहाँ अन्य उल्लेखनीय चित्रकला संवाद और प्रदर्शनी तथा विकसित भारत में साहित्य तथा कलाओं की भूमिका पर परिसंवाद होंगे। देश के प्रख्यात चिंतक, कला गुरू, चित्रकार और शोधार्थियों का महत्वपूर्ण समागम होगा।

    दस्तावेज़ी साहित्य का लोकार्पण

    विश्व रंग के बुनियादी उद्देश्य और उसकी वैचारिकी पर केन्द्रित महत्वपूर्ण किताबों और पत्रिकाओं के विशेषांकों के लोकार्पण विभिन्न सत्रों में होंगे। पचास से भी अधिक देशों में हिन्दी की रचनात्मकता पर केन्द्रित विस्तृत रिपोर्ट ‘विश्व में हिन्दी’ तथा विश्व रंग परिवार की पत्रिकाओं ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’, ‘रंग संवाद’, ‘वनमाली कथा’ और ‘विश्व रंग संवाद’ के विशेषांकों के साथ ही आईसेक्ट प्रकाशन की अन्य पुस्तकों की वृहद श्रृंखला होगी।

    जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’

    विश्व रंग का एक और विशेष प्रकोष्ठ है ‘आदिरंग’। रवीन्द्र भवन में टंट्या भील सभागार आदिरंग की गतिविधियों का केन्द्र होगा। यहाँ जनजातीय साहित्य, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कला कौशल पर एकाग्र वैचारिक सत्रों के साथ ही विश्व रंग फाउण्डेशन द्वारा निर्मित दो हेरिटेज फ़िल्मों ‘गणगौर गाथा’ तथा ‘संजा’ के प्रदर्शन भी होंगे। इस प्रकोष्ठ में जनजातीय विरासत पर केन्द्रित शिल्पों और चित्रों की दीर्घा भी आकर्षण का केन्द्र होगी। ‘कठपुतली’ कला की जनसंचार उपयोगिता पर प्रस्तुति-सह-प्रदर्शन भी होगा।

    पारंपरिक व्यंजनों की सौगात

    परिकल्पना, संयोजन और विस्तार के अद्वितीय प्रतिमान गढ़ रहे विश्व रंग में आए आगंतुकों को पारंपरिक व्यंजनों की सौगात भी मिलेगी। गुजराती, मराठी, पंजाबी और निमाड़ी व्यंजनों की सुस्वादु श्रृंखला लिए पाक कला के कुशल कारीगर विभिन्न स्टॉलों पर मौजूद रहेंगे।

    समापन समारोह में पुरस्कृत होंगे विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेता

    विश्व रंग का औपचारिक समापन 29 नवंबर की शाम 6 बजे रवीन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में होगा। इस अवसर पर मॉरिशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन के मुख्य आतिथ्य, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियात निशंक की अध्यक्षता, म.प्र. के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे की विशेष उपस्थिति में विश्व हिन्दी ओलंपियाड के विजेताओं की घोषणा कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। म.प्र. के अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, विश्व रंग के सह निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी और निदेशक बालरंग डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी का भी प्रेरक सानिध्य रहेगा।

    विश्व रंग रजिस्ट्रेशन के लिए इस लिंक पर जाए: https://vishwarang.com/bhopal-2025/

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    Fri, 28 Nov 2025 15:18:58 +0530 news desk MPcg
    भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान: सलमान को फांसी, अपराधियों को मिले कड़ा संदेश https://citytoday.co.in/4457 https://citytoday.co.in/4457 भोपाल
     रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा।

    विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें। 

    मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी। 

    सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक,

    खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की।

    उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया।

    घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे।

    6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था।

    इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी।

    लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी।

    मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

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    Fri, 28 Nov 2025 15:12:12 +0530 news desk MPcg
    सावधान! मध्य प्रदेश में बढ़ रहे ‘सेक्सटॉर्शन’ मामले, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी का खतरा https://citytoday.co.in/4449 https://citytoday.co.in/4449 भोपाल 

    ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अश्लील वीडियो कॉल का सहारा लेकर लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं।

    जानें क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion)

    सेक्सटॉर्शन वह अपराध है, जिसमें बदमाश किसी की निजी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य फायदे मांगते हैं।

    sextortion से कैसे बचें?

    अनजान लोगों से निजी फोटो या वीडियो साझा न करें।

    संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें।

    ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें, इससे धमकियां बढ़ती हैं।

    सभी सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
    sextortion की शिकायत कहां करें?

    भोपालसाइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

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    Thu, 27 Nov 2025 13:41:48 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर सहित 6 जिलों के किसानों को करेंगे राहत राशि का वितरण https://citytoday.co.in/4448 https://citytoday.co.in/4448 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे।

    बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा।

    मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।

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    Thu, 27 Nov 2025 12:38:44 +0530 news desk MPcg
    पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट https://citytoday.co.in/4447 https://citytoday.co.in/4447 पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

    पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा

    भोपाल

    पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की।

    पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा।

    उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा।

    पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है।

    उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।

     मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें।

    डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।"

    उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है।

    उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं।

    उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए।

    मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है।

    उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं।

    उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

    अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें।

    पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया।

    इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

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    Thu, 27 Nov 2025 12:36:48 +0530 news desk MPcg
    उमा भारती का बयान: बाबर नाम से जुड़ी इमारतों पर आपत्ति, सरकार की नीतियों पर भी सवाल https://citytoday.co.in/4440 https://citytoday.co.in/4440 भोपाल 

    पूर्व सीएम और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने बाबर को लेकर बड़ा हमला बोला है। उमा ने कहा कि  जिस बाबर ने भारत पर हमला किया, भारत को अपमानित किया , उसके नाम की कोई इमारत इस देश में बन नहीं सकती।
    भारत की धरती पर बाबर के नाम से बनने वाली इमारत को ध्वस्त करेंगे- उमा

    अगर कोई ऐसा करने का काम करने तो वो इमारत ध्वस्त कर दी जाएगी। जो सरकार इसको संरक्षण देगी वो सरकार भी ध्वस्त कर दी जाएगी । सारे राजनीतिक दलों को मिलकर इसकी निन्दा करके इसको रोकना चाहिए ।दरअसल उमा भारती का ये बयान टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के ऐलान के बाद सामने आया है। हूंमायूं कबीर ने कहा है कि वे 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ का शिलान्यास करेंगे।

    हम सम्मान करेंगे
    उमा भारती ने एक्स पर लिखा कि खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था। ईंटें भी गायब हो गई थीं। उन्होंने कहा कि मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात करने वालों पर कार्रवाई कीजिए। बंगाल और देश की अस्मिता आपकी भी जिम्मेदारी है।

    गौरतलब है कि उमा भारती राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं। साथ ही वह बाबरी मस्जिद विध्वंस में भी शामिल थीं। पश्चिम बंगाल चुनाव में इस नाम पर ध्रुवीकरण भी होगा। मुर्शिदाबाद मुस्लिम बाहुल इलाका है। विधायक ने बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा कर एक समाज को एकजुट करने की घोषणा की है। हालांकि अब देखना यह होगा कि उनकी पार्टी टीएमसी का रुख क्या रहती है। 6 दिसंबर को ही बाबरी मस्जिद की वर्षी है।
    कबीर के इस ऐलान के बाद से न सिर्फ़ बंगाल बल्कि पूरे देश की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। कबीर के इसी बयान पर उमा भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है ।

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    Tue, 25 Nov 2025 14:23:31 +0530 news desk MPcg
    अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई: 15 दिन में नोटिस, कब्जे होंगे ढहाए—CM मोहन यादव ने दिए निर्देश https://citytoday.co.in/4436 https://citytoday.co.in/4436 भोपाल 

     मध्यप्रदेश में सरकार अब नगरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बन रही अवैध कॉलोनियों पर भी शिकंजा कसने जा रही है। नगरीय विकास विभाग अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए संशोधित नियमों के ड्राफ्ट में इसका दायरा गांवों में भी बढ़ा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप इसमें संशोधन कर रहा है। अब नया संशोधित कानून शहरों के साथ गांवों पर भी लागू होगा। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी सहमति दे दी है।

    जल्द नियमों में संशोधन कर शासन को भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट में अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें पार्षद से लेकर, बिल्डर, डेवलपर, भू-स्वामी, पुलिस और प्रशासन सभी की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। अवैध कॉलोनियां बनाने वालों पर जुर्माना भी 10 से बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा है।
    रोक लगाने के निर्देश दिए

    दरअसल, नगरीय विकास विभाग करीब डेढ़ साल से अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए कानून में संशोधन का ड्राफ्ट बना रहा है। इस बीच कई बार अफसरों के बदलने से यह काम पूरा नहीं हो सका। इसी बीच कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने संशोधित नियमों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्र में भी करने के निर्देश दिए। बताते हैं, शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के अव्यवस्थित होने से शहरों पर प्रभाव पड़ रहा है।

    नए नियमों में यह सख्त प्रावधान

    -संशोधित बिल में पार्षद, सरपंच आदि की जिम्मेदारी तय की जा रही है। प्रावधान हैं, अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित निकाय अधिकारी को सूचना देनी होगी। अफसर को सूचना मिलने के 15 दिन में एफआइआर दर्ज करानी होगी।

    -अवैध कॉलोनी को नगरीय निकाय 15 दिन में जमीन को मूल स्वरूप में लाने के लिए नोटिस देगा। कॉलोनाइजर के ऐसा न करने पर निकाय अवैध कॉलोनी को ढहा कर जमीन कब्जे में लेगा। इसके बाद निकाय वहां विकास कार्य कराएगा।

    -अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने कलेक्टर टास्क फोर्स बनाएंगे। यह हर सप्ताह क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगा।

    -अभी अवैध कॉलोनियां बनाने वालों को न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। नए नियमों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 7 साल और अधिकतम 10 साल की सजा किया जा रहा है।

    -अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की जा रही है। अफसरों के कार्रवाई न करने पर शासन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
    पटवारी से लेकर एसडीएम तक की जिम्मेदारी तय की जा रही

    गांवों में विस्तार के लिए राजस्व विभाग के साथ बैठक कर सहमति ले ली गई है। अब राजस्व विभाग के पटवारी, आरआइ, तहसीलदार, एसडीएम आदि की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। गांवों में अवैध कॉलोनियों का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। यह संशोधित नियम वरिष्ठ सचिव समिति के पास भेजे जाएंगे। समिति की अनुमति मिलने के बाद यह कैबिनेट में पेश किए जाएंगे। ऐसे में यह संशोधन प्रस्ताव विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आने की संभावना नहीं है। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे का कहना है, नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले साल नए नियम लागू हो सकते हैं।
    इसलिए पड़ी जरूरत

    अभी कई बड़े शहरों में मास्टर प्लान बरसों से अटके हैं। ऐसे में यहां प्लानिंग एरिया में ज्यादा वृद्धि नहीं हो सकी। नतीजा, शहरों से लगे गांवों में अवैध कॉलोनियां बनाने का सिलसिला चल रहा है। यहां निगरानी तंत्र भी विफल है। पंचायत की अनुमति लेकर कई स्थानों पर कॉलोनियां बन चुकी हैं। इस अनियोजित विकास का खामियाजा भविष्य में शहरों को भुगतना पड़ेगा।

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    Tue, 25 Nov 2025 12:59:05 +0530 news desk MPcg
    महिला कबड्डी विश्व कप विजय पर CM डॉ. यादव ने भारतीय टीम को दी बधाई https://citytoday.co.in/4435 https://citytoday.co.in/4435 महिला कबड्डी विश्व कप विजय पर CM डॉ. यादव ने भारतीय टीम को दी बधाई

    भारतीय महिला कबड्डी टीम की विश्व कप जीत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला कबड्डी विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला कबड्डी टीम को कबड्डी विश्व कप : 2025 जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ऐतिहासिक विजय अनगिनत युवा बेटियों की शक्ति, साहस और संभावनाओं को नई उड़ान देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कबड्डी विश्व कप जीतकर देश को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाली भारतीय महिला टीम की सभी खिलाड़ियों का हार्दिक अभिनंदन है।

    उल्लेखनीय है कि बंगला देश की राजधानी ढाका में हुई स्पर्धा के अंतिम मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 से शिकस्त दी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने सेमीफाइनल में भी ईरान पर 33-21 से जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में 11 देशों ने हिस्सा लिया था। यह निरंतर दूसरा अवसर है जब भारतीय टीम ने यह स्पर्धा जीत कर श्रेष्ठता सिद्ध की है। 

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    Tue, 25 Nov 2025 12:57:18 +0530 news desk MPcg
    कहीं गुम न हो जाएं Season 8 : 28 राज्यों की थाली बनी इवेंट का आकर्षण https://citytoday.co.in/4433 https://citytoday.co.in/4433 Mon, 24 Nov 2025 19:51:23 +0530 news desk MPcg एमपी में बड़ा रोड बूस्ट: 28,000 करोड़ से बनेंगी 5 नई फोर&लेन सड़कें, DPR तैयार https://citytoday.co.in/4422 https://citytoday.co.in/4422 भोपाल 
    मध्यप्रदेश में जबलपुर–दमोह और सतना–चित्रकूट सहित 5 प्रमुख सड़कों को फोर लेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस NHAI प्रोजेक्ट के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का निवेश तय है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश की पांच प्रमुख सड़कों की डीपीआर तैयार की है। इनमें जबलपुर–दमोह, सतना–चित्रकूट रोड, उज्जैन–झालावाड़, रिंग रोड और ओरछा बायपास शामिल हैं। इसका सीधा असर 10 जिलों के रोज़ाना सफर करने वाले लगभग 7 लाख लोगों पर पड़ेगा। इंदौर और ओरछा जैसे शहरों में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। फोर लेन बनने से जाम कम होगा। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों की यात्रा आसान होगी।

    वाइल्डलाइफ के लिए स्पेशल कॉरिडोर
    जहां सड़कें जंगल से गुजरेंगी, वहां साउंडप्रूफ वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा बनी रहे। 2026 तक इन सड़कों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए डेढ़ से दो साल का समय मिलेगा। सभी बायपास फोर लेन होंगे और दोनों तरफ सर्विस लेन होंगी, जिससे सवारी और माल ढुलाई दोनों आसान होंगी। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा सफर कम समय में पूरा हो सकेगा।
     
    एक हजार किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य
    NHAI ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईवे के कुल 1000 किलोमीटर सड़कों पर काम प्रगति पर है। इसमें 500 किलोमीटर का ठेका दिया जा चुका है और बाकी सड़कों की डीपीआर अंतिम चरण में है। इस कदम से 10 जिलों के 7 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इंदौर और ओरछा में जाम और भारी वाहनों की समस्या कम होगी। आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम जारी है। यह 88 किलोमीटर लंबा हाईवे है, जिसकी लागत 4613 करोड़ रुपये है।

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    Mon, 24 Nov 2025 13:49:28 +0530 news desk MPcg
    कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4421 https://citytoday.co.in/4421 कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि
    श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी।

    श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

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    Mon, 24 Nov 2025 13:46:49 +0530 news desk MPcg
    MP में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई स्टेट टास्क फोर्स https://citytoday.co.in/4408 https://citytoday.co.in/4408 भोपाल 

    कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर में बढ़ रही चिंता बढ़ रही है, इसे देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इसे प्राथमिकता पर रखा है, उच्च शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस और व्यापक कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के निर्देशों के बाद स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन कर उसे सक्रिय कर दिया है, जो अब पूरे राज्य में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय कर रही है।

    उल्‍लेखनीय है कि NTF द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, सहयोगी और दबावमुक्त शैक्षणिक माहौल” तैयार करने की दिशा में सबसे बड़ा प्रशासनिक प्रयास है।

    STF के हाथ में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की कमान

    NTF के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एक स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है । यह राज्य में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और रोकथाम उपायों पर केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेपों के लिए योजना एवं निर्देश जारी कर रही है। एसटीएफ के अध्‍यक्ष आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा है। ओएसडी डॉ. उषा के. नायर को इसका सदस्य सचिव नियुक्‍त किया गया है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है । यह एक बहु-विभागीय तंत्र है जो विद्यार्थियों की चुनौतियों को व्यापक दृष्टि से देखेगा।
    स्टेट टास्क फोर्स (STF) क्या करेगी?

    राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श से जुड़े उपायों की निगरानी, NTF के निर्देशों के अनुपालन का मूल्यांकन, कोचिंग व कॉलेज परिसरों का मानसिक स्वास्थ्य ऑडिट, हेल्पलाइन, काउंसलिंग, मनोसामाजिक समर्थन की व्यवस्था को मजबूत करना, जिला स्तरीय DTF को दिशा देना और उनकी रिपोर्ट की समीक्षा, आत्महत्या रोकथाम से जुड़े जोखिम कारकों की पहचान और सुधार को बढ़ावा, राज्य सरकार को नियमित सिफारिशें और नीतिगत सुझाव
    शैक्षणिक संस्‍थानों में नोडल अधिकारियों की होगी नियुक्ति

    सभी सुधारों के समन्वय प्रभावी हो, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्‍थानों को नोडल अधिकारी नियुक्‍त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों एवं सभी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं।
    जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन अनिवार्य

    राज्य स्तर के प्रयास प्रभावी रूप से जिलों तक पहुँचे इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन भी अनिवार्य कर दिया है। डीटीएफ की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी और तकनीकी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे।
    ये जिम्मेदारी रहेगी डीटीएफ की 

        कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की निगरानी करना।
        परामर्श सेवाओं की उपलब्धता कराना।
        STF–NTF निर्देशों के क्रियान्वयन कराना।
        शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा पर निगरानी रखना।

    कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन अनिवार्य 

    उच्च शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी जिले में बिना पंजीयन के कोई भी कोचिंग संस्था संचालित न हो। यह कदम विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, अनियमित प्रबंधन और अनुशासनहीन वातावरण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    इसलिए जरूरी हैं ये कदम

    देशभर में मानसिक तनाव और परीक्षा दबाव से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि समस्या केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संस्थागत संरचना से भी जुड़ी है, जहाँ गाइडलाइन, परामर्श, निगरानी और संवाद की कमी विद्यार्थियों को अकेला कर देती है। एसटीएफ और डीटीएफ का गठन इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।

     

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    Sat, 22 Nov 2025 12:30:48 +0530 news desk MPcg
    MP पुलिस भर्ती: चयनित 900 अभ्यर्थियों ने नहीं जॉइन किया, 50 पर दर्ज हुई FIR https://citytoday.co.in/4407 https://citytoday.co.in/4407 भोपाल
    सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

    पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में
    बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।
     
    पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

    जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने
    इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी।

    वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।

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    Sat, 22 Nov 2025 12:21:43 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड: पचमढ़ी में पारा 5.8°C, भोपाल&इंदौर में 10°C से नीचे, दो दिन शीतलहर अलर्ट https://citytoday.co.in/4399 https://citytoday.co.in/4399 भोपाल
     मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है।

    इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है।

    कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है।

    नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…

    भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है।

    यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    दिन का तापमान और कोहरा

    दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा।
    लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है।

    इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

     

    MP के शहरों में तापमान

    एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर
    शहर रात का तापमान
    राजगढ़ 7.5
    पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6
    गिरवर (शाजापुर) 7.8
    शिवपुरी 8.0
    नौगांव (छतरपुर) 8.3
    खंडवा 8.4
    नरसिंहपुर 8.8
    खरगोन 9.0
    उमरिया 9.0
    रायसेन 9.6
    छिंदवाड़ा 10.0
    रतलाम 10.1
    रीवा 10.1
    मलाजखंड (बालाघाट) 10.7
    मंडला 10.8
    बैतूल 11.0
    दतिया 11.3
    गुना 11.4
    खजुराहो (छतरपुर) 11.8
    दमोह 12.0
    धार 12.1
    श्योपुर 12.4
    सतना 12.4
    सिवनी 12.6
    सीधी 12.6
    सागर 13.9
    नर्मदापुरम 14.1
    नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में

    • भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा है।

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    Fri, 21 Nov 2025 16:12:05 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी https://citytoday.co.in/4395 https://citytoday.co.in/4395 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।

     

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    Thu, 20 Nov 2025 19:48:52 +0530 news desk MPcg
    प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च& मंत्री सिंह https://citytoday.co.in/4394 https://citytoday.co.in/4394 प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च- मंत्री  सिंह

    स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह की पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से हुई चर्चा

    भोपाल 

    स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे‍। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया।

    पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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    Thu, 20 Nov 2025 19:40:32 +0530 news desk MPcg
    पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा शुरू, मध्य प्रदेश में मंदिरों और राष्ट्रीय उद्यानों तक हेलीकाप्टर से आसान सफर https://citytoday.co.in/4387 https://citytoday.co.in/4387 भोपाल 
    मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू की है। 

    तीन रूटों पर होगी हेलीकॉप्टर सेवा
    हेली पर्यटन सेवा फिलहाल तीन सेक्टरों में प्रारंभ की गई है और यह सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी होने से यात्रियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उज्जैन में महाकाल दर्शन कुछ ही मिनटों में होंगे। वहीं, भोपाल से पंचमढ़ी करीब 1 घंटे और उज्जैन – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा 20–40 मिनट का समय लगेगा।  पंचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे।  सेवा की बुकिंग www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola  और https://transbharat.in/ पर उपलब्ध होगी। 

    मध्यप्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत आज, गुरुवार से हो गई है। टूरिस्ट 3 टाइगर रिजर्व- कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) के साथ ईको टूरिज्म सेक्टर और स्पिरिचुअल सेक्टर में हेलिकॉप्टर से जा सकेंगे। सप्ताह में 5 दिन तक उड़ान रहेंगी।

    1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा की औपचारिक शुरुआत कर दी थी, लेकिन नियमित उड़ानें 20 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम में 20 नवंबर से हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत करने की बात कही थी, लेकिन शेड्यूल में आज का दिन शामिल नहीं है। इसलिए आम व्यक्तियों के लिए बुकिंग नहीं की गई है।

    डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर नई हेलिकॉप्टर सेवा में शामिल सभी हेलिकॉप्टर डबल इंजन वाले हैं। ताकि, उसमें बैठे यात्री सुरक्षित रह सके। सुरक्षा के पैमाने जानने के लिए जनप्रतिनिधियों को पहले भोपाल से पचमढ़ी, मढ़ई के लिए सांसद दर्शनसिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, विजय पाल सिंह आदि ने सफर किया। बकायदा, इनका वजन कितना है? यह भी जांचा गया। ताकि, हेलिकॉप्टर में ज्यादा वजन न हो। छोटे-छोटे रूट्स बनाए गए हैं। ताकि इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा हो। यही बैकअप स्थान चिन्हित किए गए हैं।

    पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
    पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हेलि पर्यटन सेवा पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्राएं मिलेंगी और प्रदेश के धार्मिक, वन्य एवं एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार इस सेवा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों को शानदार और यादगार यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हेलि पर्यटन सेवा से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है।

    जबलपुर में मंत्री ने किया सफर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सुबह 11.20 बजे इस सेवा का शुभारंभ किया। अब जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, धार्मिक स्थल मैहर, चित्रकूट और अमरकंटक पहुंचना आसार होगा। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन रहेगी। केंद्रीय विमानन मंत्रालय और मप्र पर्यटन बोर्ड की देखरेख में फ्लाई ओला कंपनी इसका संचालन करेगी। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे।

    टूरिस्ट हब है महाकौशल इस मौके पर मंत्री सिंह ने कहा कि महाकौशल टूरिस्ट हब है। जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हवाई सेवा के माध्यम से यहां आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिल गई है। बहुत ऐसे पर्यटक आते हैं, जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर घूमना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग से यह मुमकिन न था।

    पीएमश्री हेलिकॉप्टर सेवा ने इस समस्या को खत्म कर दिया है। इससे जहां कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों तक पहुंचना आसान हो गया है, वहीं रोजगार भी बढ़ेगा। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भेड़ाघाट के पास हेलीकॉप्टर का बेस बनाया है। जहां से पर्यटकों को उनके पसंद के पर्यटन स्थल ले जाया जाएगा।

    इस सेवा के लिए अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। सभी पर्यटन स्थलों में कंपनी ने हैलीकॉप्टर की सफल लैडिंग के लिए बेस बनाया है। पर्यटकों को पर्यटन स्थल के आसपास उतारने की व्यवस्था है। पर्यटक कंपनी के ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी ले सकते हैं।

    आध्यात्मिक सेक्टर
    आध्यात्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर–उज्जैन– ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रूपये रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।

    इको टूरिज्म सेक्टर 
    इको टूरिज्म सेक्टर में भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 4 हजार रूपयेतथा मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3 हजार रूपयेहै। इसके अतिरिक्त भोपाल से पचमढ़ी के लिए एक घंटे की सीधी उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5 हजार रूपयेप्रति यात्री है। पचमढ़ी में जॉय-राइड्स का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे प्रकृति–आधारित अनुभव और भी आकर्षक बनेगा।

    वाइल्डलाइफ़ सेक्टर 
    वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये,मैहर से चित्रकूट 2500 रूपये, जबलपुर से कान्हा 6,250 रूपये, बांधवगढ़ 3750 रूपये तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये होगा। इस तेज कनेक्टिविटी से पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। 

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    Thu, 20 Nov 2025 17:06:06 +0530 news desk MPcg
    पैक्स एवं स्व&सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय https://citytoday.co.in/4380 https://citytoday.co.in/4380 पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय

    मंत्री  सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक

    भोपाल

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके।

    बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ)  ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ)  महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक)  मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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    Wed, 19 Nov 2025 19:18:13 +0530 news desk MPcg
    उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम: 21 नवंबर को भोपाल https://citytoday.co.in/4367 https://citytoday.co.in/4367 भोपाल 

    पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को भोपाल में एक आरएसएस नेता की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।जुलाई में उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक भाषण होने की संभावना है। इससे पहले उन्हें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में देखा गया था।

    मनमोहन वैद्य की किताब के विमोचन में होंगे शामिल भोपाल के रवीन्द्र भवन में 21 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य की किताब "हम और यह विश्व" का विमोचन होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ संबोधन देंगे। कार्यक्रम में वृंदावन के श्री आनंदम धाम आश्रम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज और वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    मुख्य वक्ता रहेंगे जगदीप धनखड़

    सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने पीटीआई को बताया कि धनखड़ 21 नवंबर को रवींद्र भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य की पुस्तक "हम और यह विश्व" के विमोचन समारोह में मुख्य वक्ता होंगे। उन्होंने बताया कि वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम के मुख्य पुजारी रितेश्वर जी महाराज भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के अलावा, सार्वजनिक रूप से कहीं भी नज़र नहीं आए। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठा रही है। विपक्षी दल ने पिछले महीने कहा था कि धनखड़ अपने सभी पूर्ववर्तियों की तरह एक विदाई समारोह के हकदार थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    इस्तीफा देने के बाद उप राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में आए थे नजर 21 जुलाई को उप राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ नजर नहीं आए। 12 सितंबर को नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में वह शामिल हुए थे। लेकिन, पद छोड़ने के बाद जगदीप धनखड़ किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। जिसमें उन्होंने मंच से कोई भाषण या मीडिया में कोई बयान दिया हो।

    इस्तीफे के ठीक 4 महीने बाद होगा सार्वजनिक कार्यक्रम

    उप राष्ट्रपति पद छोड़ने के ठीक चार महीने बाद जगदीप धनखड़ का यह पहला कार्यक्रम होगा। जिसमें वे संबोधन देंगे। 21 जुलाई को उन्होंने इस्तीफा दिया था और 21 नवंबर को ठीक चार महीने बाद वे सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे।

    जगदीप धनखड़ ने 21 सितंबर को उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताया था। वे 74 साल के हैं। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। राष्ट्रपति को पत्र में उन्होंने लिखा- स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरी सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए आभार जताया।

     

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    Wed, 19 Nov 2025 13:00:17 +0530 news desk MPcg
    सिंहस्थ के विश्वस्तरीय आयोजन के लिए तैयारियां जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4365 https://citytoday.co.in/4365 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि इस बार उज्जैन में भव्य, दिव्य और विश्व स्तरीय सिंहस्थ: 2028 मेले का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। अब उज्जैन सिर्फ हमारा धार्मिक शहर ही नहीं, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन और ज्ञान-विज्ञान के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में इस बार अद्भुत सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन, साधु-संतों के साथ-साथ किसानों से भी सुझाव ले रही है। हर वर्ग की परेशानियों को दूर करते हुए सबको साथ लेकर बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के संबंध में किसानों की भावना और उनकी सहमति के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी। केन्द्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार के उचित नियोजन के परिणामस्वरूप सिंहस्थ के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। सिंहस्थ का आयोजन विश्वस्तरीय है और इसके लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की विषम परिस्थिति निर्मित न हो, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध राज्य सरकार कर रही है। सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाएं अब तक के सभी मेलों से बेहतर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान में मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

     

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    Wed, 19 Nov 2025 12:51:02 +0530 news desk MPcg
    अब बिना अतिरिक्‍त शुल्‍क के डाकघर में भी जमा होंगे बिजली बिल https://citytoday.co.in/4364 https://citytoday.co.in/4364 भोपाल 
    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को डाकघरों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के अधिकृत प्रतिनिधि (डाकिये) के माध्‍यम से बिना किसी अतिरिक्‍त शुल्‍क के बिजली बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराई गयी है। अब बिजली उपभोक्‍ताओं को यह सरल और सुलभ भुगतान की सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नजदीकी डाकघर में मिलना शुरू हो गई है। डिजिटल और सुरक्षित तरीके से डाकघर के माध्‍यम से बिल भुगतान की सुविधा शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी उपलब्‍ध है।

    गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को प्रदत्त सेवाओं का विस्तार करते हुए बिल भुगतान की व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्‍यम से बिजली बिल भुगतान की विशेष सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित किया गया है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सहायता प्राप्त चैनलों के माध्यम से बिजली बिल संग्रहण को सक्षम बनाते हुए बिजली उपभोक्‍ताओं को बिना अतिरिक्‍त प्‍लेटफॉर्म चार्ज के बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराना है। अब बिजली उपभोक्ता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के विस्तृत नेटवर्क और डाकिया/ग्रामीण डाक सेवक की सहायता से भी अपने घर के पास या घर बैठे ही आसानी से बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे। 

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    Wed, 19 Nov 2025 12:47:04 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव की चेतावनी, 5°C से नीचे जाएगा पारा; 9 जिलों में बदली स्कूल टाइमिंग https://citytoday.co.in/4360 https://citytoday.co.in/4360 भोपाल 

    प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है। 

    भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।

    इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।

    ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है।

    भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा।

    22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

    राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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    Tue, 18 Nov 2025 14:57:55 +0530 news desk MPcg
    भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/4357 https://citytoday.co.in/4357 भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार जन-जन तक पहुंचाएं

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कई नवाचार किए हैं। प्रधानमंत्री ने ही एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार दिया है। भ्रष्टाचार और राजनीति में धन के दुरूपयोग को रोकने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो इनमें खर्च होने वाले लाखों करोड़ों रुपए की बचत होगी। इस राशि का उपयोग देश के विकास में होगा। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास का पूरा फल आने वाली पीढ़ी को ही मिलेगा। इसलिए विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को जन-जन तक पहुंचाएं।

    उप मुख्यमंत्री ने ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए समिति गठित की गई थी। इस समिति की रिपोर्ट को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जब एक साथ होंगे तो समय और धन की बचत होने के साथ विकास कार्यों के लिए पाँच वर्ष का पूरा समय मिलेगा। देश में 1967 तक दोनों चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद धारा 356 के दुरूपयोग के कारण कई सरकारों का कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्हें भंग कर दिया गया जिसके कारण मध्यावधि चुनाव कराने पड़े। देश अब तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर कदम बढ़ा रहा है। देश को आगे ले जाने में विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए हर विद्यार्थी एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान को सफल बनाने में सहयोग करे।

    संगोष्ठी में कालेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर  राजेन्द्र ताम्रकार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और देश के विकास के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। एक साथ चुनाव होने से प्रशासन और आमजनता चुनाव की लंबी प्रक्रिया से बचेगी। चुनाव की आदर्श आचरण संहिता से विकास पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आशुतोष तिवारी ने एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन अभियान के जिला संयोजक  वासुदेव ठारवानी द्वारा आभार प्रदर्शन से हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.पी. शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, अभियान से जुड़े पदाधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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    Tue, 18 Nov 2025 12:38:48 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में SIR समीक्षा में बड़ी लापरवाही, कलेक्टर ने BLO और सुपरवाइजर को सस्पेंड किया https://citytoday.co.in/4351 https://citytoday.co.in/4351 भोपाल
     जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम किया जा रहा है। इसके तहत 2029 BLO को मतदाताओं को गणना पत्रक देने के साथ्ज्ञ ही उन्हें भरवाकर डिजिटाईज्ड भी करना है। इसी कार्य की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने रविवार देर रात की तो एक सुपरवाइजर व बीएलओ की लापरवाही सामेन आई है। इस पर कलेक्टर ने देर रात ही दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है।

    कलेक्टर रविवार रात SIR कार्य की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें सामने आया कि विधानसभा क्षेत्र उत्तर के मतदान केंद्र दो के BLO अनंतलाल मिश्रा की ओर से लगातार निर्देश देने के बाद भी एक भी गणना पत्रक BLO एप पर डिजिटाईज नहीं किया गया है। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र गोविंदपुरा के BLO सुपरवाईजर शुभम प्रताप सिंह ने लक्ष्य के अनुरूप बीएलओ से कार्य नहीं करवाया और प्रत्येक बीएलओ से प्रतिदिन 100 गणना पत्रक बीएलओ एप पर डिजिटाईज नहीं करवाया गया है।इस तरह अनंत लाल मिश्रा और शुभम प्रताप सिंह द्वारा SIR कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर निलंबित किया जाता है।

    आज भी SIR को लेकर बैठक

    कलेक्ट्रेट में सोमवार को बैठक रखी गई है। इसमें SIR समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने सभी ईआरओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी बीएलओ के कार्यों की निगरानी करें। प्रत्येक बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए प्रेरित कि

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    Mon, 17 Nov 2025 16:13:41 +0530 news desk MPcg
    संस्कृति परम्परा और विरासत के संरक्षण का आह्वान कर रही सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4345 https://citytoday.co.in/4345 संस्कृति परम्परा और विरासत के संरक्षण का आह्वान कर रही सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल हुए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  योगेश्वर भगवान कृष्ण की पावन भूमि वृंदावन पहुंचकर 'बागेश्वर धाम' के पीठाधीश्वर, पूज्य पंडित  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' में सम्मिलित होने का असीम आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर समरसता भोज का प्रसाद भी ग्रहण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली से चलकर वृंदावन पहुंची यह यात्रा संस्कृति, परम्परा और विरासत के संरक्षण-संवर्धन के लिए आह्वान कर रही है। उन्होंने अपील की कि पदयात्रा मार्ग पर सभी सनातन प्रेमी इसमें अवश्य सहभागी बनें।

    यह तो ब्रज का धाम है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि 'बागेश्वर धाम' के पीठाधीश्वर, पंडित  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' की सफलता के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं। हम सबमें सामाजिक समरसता का भाव बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह तो ब्रज का धाम है, जो कृष्ण कन्हैयालाल की भूमि है। यहां की रज के कण-कण में भगवान हैं और भगवान का देवस्थान है। यहां क्या सड़क, क्या मकान, सबके लिए महान है। बागेश्वर धाम द्वारा हम सबके लिए सामाजिक समरसता को लेकर यह एक अच्छा संकल्प है।

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    Mon, 17 Nov 2025 12:05:34 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में आज से ठंड ढीली, कई इलाकों में शीतलहर बरकरार https://citytoday.co.in/4340 https://citytoday.co.in/4340 भोपाल
    वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवा के रुख में कुछ बदलाव होने से शनिवार से ठंड से मामूली राहत मिलना शुरू हो सकती है। हालांकि कुछ शहरों में शीतलहर का प्रभाव अभी बना रह सकता है।

    तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
     
    तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है
    मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।

    हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

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    Sun, 16 Nov 2025 18:04:37 +0530 news desk MPcg
    कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से बचाव: चीतों&बाघों की सुरक्षा के लिए कुत्तों का होगा टीकाकरण https://citytoday.co.in/4337 https://citytoday.co.in/4337

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में चीता और बाघ सुरक्षित रहें, इसके लिए श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र व इसके बाहर बेसहारा श्वानों को टीके लगाए जाएंगे। दरअसल, कूनो में चीतों और पन्ना में बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) का संक्रमण होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने चीतों और बाघों को इस संक्रमण से बचाने के लिए श्वानों के टीकाकरण का निर्णय लिया।

    पिछले वर्ष भी श्वानों को टीके लगाए गए थे। दरअसल, सीडीवी तेजी से फैलने वाला वायरस है जिससे प्रभावित वन्य प्राणी की मौत भी हो सकती है। यह प्रभावित प्राणी के श्वसन, पाचन और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूर्व में श्वानों के खून के नमूनों में सीडीवी और रैबीज के लक्षण मिल चुके हैं। इन श्वानों के वन्य प्राणियों के संपर्क में आने के बाद यह वायरस फैल सकता है।

    पहले भी मिल चुके बाघ और तेंदुए में सीडीवी के लक्षण
    वर्ष 2015 में पन्ना में मृत बाघ के शरीर के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली भेजे गए थे। जांच में बाघ में सीडीवी होने की पुष्टि हुई थी। उस समय भी पार्क प्रबंधन ने बाघों के खून की जांच की थी और 1200 श्वानों का टीकाकरण हुआ था। वर्ष 2024 में छतरपुर में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी के लक्षण मिले थे। संजय टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघ में भी रैबीज वायरस पाया गया था।

    सीडीवी संक्रमण न फैले
    चीता व बाघों में सीडीवी संक्रमण न फैले, इसके लिए यहां श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन

    यह होता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस
    सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से।

    यह संक्रमित स्राव (जैसे नाक से स्राव, मूत्र और मल) या भोजन और पानी के दूषित होने से भी फैल सकता है। इससे दस्त और उल्टी, आंखों और नाक से गाढ़ा पीला स्राव, खांसी, सिर का झुकना या लड़खड़ाना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

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    Sun, 16 Nov 2025 17:15:29 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं https://citytoday.co.in/4334 https://citytoday.co.in/4334 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।

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    Sun, 16 Nov 2025 17:05:29 +0530 news desk MPcg
    राजधानी में चलती BCLL बस में लगी अचानक आग, ड्राइवर&कंडक्टर ने कूदकर बचाई जान https://citytoday.co.in/4322 https://citytoday.co.in/4322  भोपाल

    राजधानी भोपाल की सड़कों पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब बीसीएलएल की लो फ्लोर रेड बस में आग लगने की घटना होते-होते बच गई। पूरा मामला भोपाल के लिंक रोड नंबर एक का है, जहां बोर्ड ऑफिस चौराहे से न्यू मार्केट की ओर जा रही लो फ्लोर बस से अचानक धुआं निकलने लगा।

    बस लगातार सड़क पर दौड़ रही थी, लेकिन समय रहते चालक और यात्रियों की सतर्कता से धुएं को काबू कर लिया गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। यह बस टीआर-4 रूट पर बैरागढ़ से एम्स तक संचालित होती है। गौरतलब है कि बीसीएलएल की बसों की खराब हालत को लेकर इलाके में लगातार सवाल उठते रहे हैं। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

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    Sat, 15 Nov 2025 19:08:31 +0530 news desk MPcg
    MP में बड़े अपराधों पर कसेगा शिकंजा: अब पुलिस करेगी क्राइम सीन रिक्रिएशन, अपराधियों की बढ़ेगी मुश्किल https://citytoday.co.in/4310 https://citytoday.co.in/4310 भोपाल
     मध्य प्रदेश में होने वाले अब हर बड़े अपराध की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस क्राइम सीन का रिक्रिएशन करती दिखाई देगी. अभी तक सिर्फ बड़े शहरों में और किसी बड़े मामले में ही पुलिस इस तरह के रिक्रिएशन करती थी, लेकिन अब हर गंभीर मामले में पुलिस को यह प्रक्रिया अपनानी होगी. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित करने के आदेश दिए हैं. एफएसएल ने इसके लिए एसओपी भी जारी की गई है.

    क्राइम ऑफ सीन बेहद महत्वपूर्ण

    एफएसएल के डायरेक्टर शशिकांत शुक्ला ने बताया कि "किसी भी अपराध में सीन ऑफ क्राइम बेहद अहम होता है. यहां अपराध से जुड़े तमाम सबूत होते हैं, इसके मदद से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने और उसे कोर्ट से सजा दिलाने तक में काफी मदद मिलती है. खासतौर से पेचीदा मामलों में पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में कई बार यहीं से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगता है. जैसे किसी अपराध में घटनास्थल पर दरवाजे, अन्य किसी सामान या फिर हथियार पर मिलने वाले फिंगर प्रिंट की पहचान करनी होती है.

    इसी तरह डीएनए के लिए स्वैब के नमूने लेने होते हैं और अन्य सामान को पैकेजिंग करने के अलावा वहां के फोटोग्राफ और वीडियो लेने पड़ते हैं. इसके बाद एक डिटेल रिपोर्ट तैयार होती है.

    इसलिए करना होता है रिक्रिएशन

    वे बताते हैं कि कई मामलों में शुरूआती जांच में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं होता. ऐसी स्थिति में मौजूदा साक्ष्यों और फोटोग्राफ आदि को देखने के बाद पूरी घटना का रिक्रिएशन किया जाता है. इससे घटना के तह तक पहुंचने में मदद मिलती है. यही वजह है कि अब हर जिले के पुलिस अधिकारियों और एफएसएल अधिकारियों को एसओपी भेजी गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत नए आपराधिक कानूनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट का गठन का निर्णय लिया गया है.

    इसके तहत सीन ऑफ क्राइम यूनिट को हर जिले में अलग स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा. इस यूनिट में फोटो यूनिट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड की ज्वाइंट टीम होगी. विशेष तौर से 7 साल और उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में इस यूनिट को अनिवार्य रूप से घटनास्थल की जांच करनी होगी."

    सबूतों के अभाव में नहीं बचेंगे अपराधी

    रिटायर्ड डीजी अरुण गुर्टू सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हैं. उनके मुताबिक बड़े अपराधों में यह होना ही चाहिए. इससे पुलिस जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगते हैं. खासतौर से ब्लाइंड मर्डर जैसे मामलों में पुलिस को घटनास्थल से मिलने वाले सबूत न सिर्फ अपराधी तक पहुंचने बल्कि कोर्ट में अपराधी से अपराध की कड़ी जोड़ने में काफी मदद मिलती है. बड़े मामलों में रिक्रिएशन होने से सजा दिलाने में मदद मिलेगी और सबूतों के अभाव में अपराधी बच नहीं पाएंगे.

    रिक्रिएशन से चला था पता कहां से आई थी गोली

    राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में अक्टूबर 2025 में गणेश उत्सव के दौरान एक झांकी में खेल रही बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई थी. एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची की मौत गोली लगने से हुई. शुरूआती जांच में पुलिस को पता नहीं चल सका कि गोली किस दिशा से आई थी. बाद में पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया और बारीकी से एनालिसिस किया गया तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई.

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    Sat, 15 Nov 2025 13:59:35 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील पहल — रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा https://citytoday.co.in/4300 https://citytoday.co.in/4300   रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा-मध्यप्रदेश पुलिस 
     महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिक–पुलिस संवाद, पारिवारिक समरसता और महिला सुरक्षा को लेकर निरंतर किए जा रहे प्रयास अब उल्लेखनीय परिणाम देने लगे हैं। प्रदेश के विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” पहल ने मध्यप्रदेश पुलिस को संवेदनशीलता, संवाद और महिला सुरक्षा की नई पहचान दी है। इन पहलों से पारिवारिक रिश्तों में विश्वास लौटा है और महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” — रिश्तों में लौटी मिठास

    विदिशा में प्रारंभ हुई “पुलिस पंचायत” पहल अब पारिवारिक विवादों के समाधान की मिसाल बन चुकी है। अब तक आयोजित 34 बैठकों में कुल 98 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली इन पंचायतों में पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मतभेद एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों का संवाद, सहानुभूति और सामाजिक सहमति से निराकरण किया जाता है।

    पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में गठित पंचायत कोर कमेटी — डॉ. सचिन गर्ग, श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, श्री दिनेश वाजपेयी, श्री अजय टंडन, श्री अतुल शाह, श्री विनोद शाह एवं श्री पार्थ पित्तलिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    यह पहल न केवल विवादों के निपटारे तक सीमित रही, बल्कि इसने संवाद और सहानुभूति के माध्यम से टूटते रिश्तों को फिर जोड़ने का कार्य किया है। वर्षों से बिछड़े परिवार एक-दूसरे से मिले, वृद्ध जनों को उनका हक मिला और समाज में यह संदेश गया कि पुलिस जनता की हमदर्द और सहभागी है। “पुलिस पंचायत” ने यह साबित किया है कि संवाद से बढ़कर कोई न्याय नहीं — यह पहल कानूनी समाधान के साथ सामाजिक समरसता का पुल बन चुकी है।

    टीकमगढ़ की “नवपहल” – महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम

    टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में प्रारंभ “नवपहल” अभियान ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस पहल से जिले में महिला अपराधों में लगभग 37% तक की कमी दर्ज की गई है।

    विशेष सुधार:

        शीलभंग: 21.3% कमी

        दहेज हत्या: 16.6% कमी

        दहेज प्रताड़ना: 50.5% कमी

        भ्रूण हत्या/गुप्त व्ययन: 42.8% कमी

    महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख अभियान

    1. नीड अभियान: कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, 42.8% कमी

    2. परी अभियान: 55,309 बच्चियों को “गुड टच–बैड टच” की जानकारी

    3. भरोसा अभियान: 6,328 किशोरियों को आत्मरक्षा व विधिक प्रशिक्षण

    4. सहारा अभियान: 192 महिलाओं को आर्थिक व पारिवारिक सहायता

    5. आसरा अभियान: 64 वृद्ध महिलाओं को सहयोग

    6. परिवार जोड़ो अभियान: 72 परिवार टूटने से बचे, दहेज प्रताड़ना में 47.5% कमी

    इसके अलावा “मजनू अभियान” के अंतर्गत स्कूल–कॉलेजों के आस-पास असामाजिक तत्वों पर निगरानी से छेड़छाड़ के अपराधों में 22.3% की कमी दर्ज हुई है।

    इन अभियानों के माध्यम से महिला सुरक्षा, वन स्टॉप सहायता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता से पुलिस और समाज के बीच नए भरोसे का रिश्ता बना है। महिला हेल्प डेस्क, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया निगरानी और स्कूल–कॉलेज परिसरों में नियंत्रण गतिविधियाँ ने टीकमगढ़ पुलिस की छवि को समाज के प्रति समर्पित प्रहरी के रूप में स्थापित किया है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” जैसी पहलें इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि “जनभरोसे की पुलिस” के रूप में नागरिकों के बीच संवाद, समझ और सेवा का सेतु बन रही है।

     

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    Fri, 14 Nov 2025 13:12:42 +0530 news desk MPcg
    दिग्विजय का मोहन भागवत पर हमला: कहा — संघ की तुलना हिंदू धर्म से सनातन का अपमान https://citytoday.co.in/4295 https://citytoday.co.in/4295 भोपाल 

    पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है। दिग्विजय ने कहा कि संघ जैसे अन रजिस्टर्ड संगठन की हिंदू समाज से तुलना करके उन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है।भोपाल में अपने सरकारी आवास पर दिग्विजय सिंह ने प्रेस से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बेंगलुरू में आरएसएस का शताब्दी वर्ष का आयोजन हुआ था। जिसमें मोहन भागवत ने अपने विचार रखे थे। उस समय का पूरा आयोजन आरएसएस के पदाधिकारियों तक सीमित था, जिसमें उन्होंने बड़ी चौंकाने वाली बात की थी।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहली बात तो उन्होंने कही कि लोग ये शिकायत करते हैं कि आरएसएस अपंजीकृत है, भागवत जी ने इसका काउंटर करते हुए कहा कि अगर आरएसएस अपंजीकृत है तो हिंदू धर्म भी अपंजीकृत है, इस्लाम भी अपंजीकृत है।

    मोहन भागवत के इस बयान पर मुझे घोर आपत्ति है। मैं उसकी निंदा करता हूं। वे सैकड़ों साल से चली आ रही हिंदू धर्म सनातनी परंपराओं की एक अनरजिस्टर्ड संगठन से तुलना कर रहे हैं। मोहन भागवत जी आपने सनातन धर्म का अपमान किया है।दिग्विजय सिंह ने कहा कि बड़े से बड़ा नेता, प्रधानमंत्री जी ख़ुद को संघ का कार्यकर्ता बोलते हैं। अगर आप संघ के सदस्य हैं तो मेंबरशिप फॉर्म बताइए।

    देश से माफी मांगें मोहन भागवत दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं डिवोटी हिंदू और एक ऐसा सनातन धर्मी हूं। जिसने न केवल धर्म का पालन किया है बल्कि हर तरह से मैंने धार्मिक संस्थाओं का सम्मान किया है। मैंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद जी से 1983 में दीक्षा ली हुई है। मैं हिंदू होने के नाते आपकी घोर निंदा करता हूं। आपने सनातन धर्म को पंजीकृत होने का बयान दिया है। मैं इसके खिलाफ हूं।

    इसके लिए आपको देश से माफी मांगना चाहिए और हर हिंदू धर्म और सनातन धर्म का पालन करने वालों से आपको माफी मांगना चाहिए। संत-महात्माओं चारों पीठों के शंकराचार्यों से आपको माफी मांगना चाहिए।

    सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए दिग्विजय सिंह ने कहा- आपने दूसरा प्रहार यह किया है कि हिंदू धर्म का पालन करने वालों में मुस्लिम, ईसाई भी शामिल कर लिए। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। मैं हमेशा से इस बारे में कहता आया हूं। स्वामी विवेकानंद जी ने भी यही बात कही है कि सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है।

    मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं प्रचारक दिग्विजय सिंह ने कहा- आप (संघ) के कार्यकर्ता आपके प्रचारक और आपके नेता मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं। मैं उसकी भी निंदा करता हूं। मुसलमानों, ईसाईयों, जैनियों, सिखों का क्या कसूर है?

    अगर वे किसी अन्य धर्म मैं अपनी आस्था रखते हैं और वह अन्य धर्म का पालन करते हैं तो आपको यह अधिकार नहीं है कि आप उनके खिलाफ जहर उगलें। आपका संगठन और आपका मोर्चा संगठन बीजेपी पूरी तरीके से नफरत फैला रहे हैं। सांप्रदायिक सद्भाव का अपमान कर रहे हैं।

    अपराध हुआ तो मुसलमानों के घर क्यों तोड़े जाते हैं पूर्व सीएम ने कहा- अगर कहीं पर हिंदू-मुस्लिम का छोटा-मोटा झगड़ा होता है तो हिंदुओं पर कानूनन कार्रवाई तो होती ही है लेकिन मुसलमान ने अगर जुर्म किया तो उनके परिवार पर कार्रवाई क्यों करते हैं। उनका घर तोड़ते हैं। मैं उसका भी विरोध करता हूं।

    रजिस्टर्ड नहीं तो इनकम टैक्स से छूट कैसे मिली दिग्विजय सिंह ने कहा आपने (मोहन भागवत) कई बार यह भी कहा है कि आपको गुरु दक्षिणा आती है। यह बताना चाहिए कि कौन से खाते में गुरु दक्षिणा आती है? आप कहते हैं कि हमको इनकम टैक्स से माफ कर दिया है। आपका संगठन पंजीकृत ही नहीं है तो इनकम टैक्स का कौन सा ऑर्डर है जिससे आपको माफ किया है।

    आपने यह भी कहा है कि इनकम टैक्स ने आरएसएस को टैक्स से मुक्त कर दिया है। जब आपकी संस्था ही पंजीकृत नहीं हैं उसका कोई अकाउंट ही नहीं है तो फिर किस बात पर आपको टैक्स से मुक्ति दी है। आपने कहा कि हमें तो न्यायालय ने हमें इस मामले में मान्यता दी हुई है। कैसे मान्यता दे दी? कौन से जज ने दे दी और कौन से कोर्ट ने दी है? मैं यह जानना चाहता हूं।

    आजादी के पहले और बाद में भी पंजीयन नहीं कराया दिग्विजय सिंह ने बताया कि आपने (मोहन भागवत) कहा है कि 1925 में कोई कानून नहीं था, जिसमें हम पंजीकृत करवाते और ब्रिटिश हुकूमत थी। ब्रिटिश हुकूमत का हम साथ नहीं देना चाहते थे। मोहन भागवत जी, मैं बड़ी विनम्रता से कहना चाहता हूं कि हेडगेवार साहब ने जंगल सत्याग्रह में भाग लिया था। वे जेल भी गए थे। लेकिन, उसके बाद पूरे संघ ने अपने पूरे कार्यकर्ताओं से कहा था कि आपको ब्रिटिश हुकूमत का साथ देना है। द्वितीय विश्वयुद्ध में कहा था कि आपको ब्रिटिश आर्मी में भर्ती होना चाहिए। क्या आपकी यही राष्ट्रभक्ति थी?

    1925 में कई संगठन रजिस्टर्ड हुए, RSS ने पंजीयन नहीं कराया दिग्विजय सिंह ने कहा- 1860 में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट आ गया था। हर संस्था को पंजीकृत होना जरूरी था। उस समय ब्रह्म समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, अखिल विश्व गायत्री सहित तमाम समाज संगठन रजिस्टर्ड हुए। लेकिन, आरएसएस 1925 में पंजीकृत नहीं हुआ। आपने न तो तब का कानून माना और न आजादी के बाद का कानून माना।

    संघ पर PMLA के तहत कार्रवाई हो दिग्विजय सिंह ने कहा- मैंने वित्त मंत्री को 2021 में एक पत्र लिखा था। कोविड काल के समय पर RSS के ऑफिशियल हैंडल पर यह कहा था कि हमने कोविड के समय पर 7 करोड़ रुपए खर्च किए।

    तब मैंने उसका उल्लेख करते हुए मांग की थी कि इसको आप संज्ञान में लेते हुए इन पर आप प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट लगाइए कि यह इनका काला धन है। जब इनका कोई अकाउंट नहीं है तो कौन से अकाउंट से इन्होंने पैसा निकाल कर खर्च किया? उसका जवाब मुझे आज तक नहीं मिल पाया है।

    पीएम कहते हैं कि संघ सबसे बड़ा एनजीओ पूर्व सीएम ने कहा- मैं राज्यसभा में भी जब प्रश्न पूछता हूं तो उसका उत्तर नहीं मिल पाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रधानमंत्री जी लाल किले से कहते हैं कि यह सबसे बड़ा NGO है। ये ऐसा NGO है जो अपनी तुलना धर्म से करता है। ऐसा NGO है जिसका पंजीकरण नहीं है। जिसकी सदस्यता नहीं है। जिसका अकाउंट नहीं है। सबसे बड़ा संगठन और एनजीओ है।

    नाथूराम गोडसे संघ का कार्यकर्ता था दिग्विजय ने कहा- नाथूराम गोडसे के लिए कह दिया कि वह हमारा मैंबर नहीं है। नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी तो लोगों ने आरोप लगाया कि यह आरएसएस का कार्यकर्ता था और यह सही आरोप लगाया क्योंकि नाथूराम गोडसे के भाई ने भी यह बात स्वीकार की थी कि वह RSS के कार्यकर्ता है। जब सदस्यता ही नहीं होगी तो मालूम कैसे चलेगा इस देश के कानून का पालन RSS पर नहीं हो सकता।

    जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं है तो कौन से कानून का पालन आप करेंगे कौन से लेकिन के अंतर्गत इन पर कार्रवाई की जाएगी।

    पूर्व सीएम ने कहा कि कोई भी अगर अपराध करता है तो कहते हैं हमारा सदस्य नहीं है। आतंकवादी गतिविधियों में कोई भी शामिल हो जाता है आईएसआई के लिए कोई भी जासूसी करते पकड़ा जाता है और कहते हैं यह हमारा सदस्य नहीं है।

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    Thu, 13 Nov 2025 17:12:42 +0530 news desk MPcg
    एमपी फिर बन सकता है टाइगर स्टेट: All India Tiger Estimation 2026 की प्रक्रिया शुरू https://citytoday.co.in/4286 https://citytoday.co.in/4286 भोपाल 

    भारत में बाघों की असली तस्वीर जानने की सबसे बड़ी कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है। देशभर में अखिल भारतीय बाघ अनुमान 2026 (All India Tiger Estimation 2026) की प्रक्रिया शुरू होने को है। इसमें टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश की भूमिका बेहद अहम रही है, क्योंकि एक बार 1991 में और उसके बाद 2019 और 2022 में ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन में मध्यप्रदेश लगातार दो साल टाइगर स्टेट का तमगा हासिल करने में कामयाब रहा है। इस बार फिर वन विभाग की बड़ी तैयारी है, उम्मीद की जा रही है कि एमपी एक बार फिर टाइगर स्टेट बन सकता है।

    15 नवंबर से प्रदेशभर के फॉरेस्ट एरिया में बाघ एस्टिमेशन का काम शुरू हो जाएगा। कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे, इसके अलावा एविडेंस में मल, पगमार्क, खरोंच के निशान, शिकार के अवशेष जैसे साक्ष्य भी शामिल किए जाते हैं। चार चरणों में पूरी होने वाली एस्टिमेशन की ये प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी होगी। इसके बाद डेटा कलेक्ट करके फाइनल रिपोर्ट अप्रेल 2026 तक तैयार हो जाएगी। जो जुलाई 2026 तक जारी होगी।

    टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश की स्थिति कैसी?

    पिछले बाघ अनुमान 2022 (Tiger Estimation 2022) में मध्य प्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे। जो देश के अन्य राज्यों से भी ज्यादा हैं। यानी हर पांच में से एक बाघ एमपी के जंगलों में मौजूद है। इसी के चलते राज्य को लगातार दूसरी बार 2019 और 2022 में टाइगर स्टेट का दर्जा मिला। इस बार फिर सबकी नजर इसी पर है कि क्या एमपी अपनी टॉप पॉजीशन बनाए रखेगा या किसी अन्य राज्य से मुकाबला होगा?

    दूसरी बार पेपरलेस यानी M-STRIPES ऐप से किया जा रहा है एस्टिमेशन

    पिछले ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन में एमपी समेत देशभर के जंगलों में M-STRIPES ऐप के माध्यम से पेपरलेस कार्य किया गया था। इस बार भी वही प्रक्रिया फॉलो की जाएगी। जिम्मेदारों का कहना है कि इस बार ऐप को और अपडेट किया गया है। यूजरफ्रेंडली ऐप से कई परेशानियां हल हुई हैं और मुश्किलें आसान।

    जानें क्या है टाइगर एस्टिमेशन

    अब तक हम जिसे बाघों की गणना कहते आए हैं, असल में आधुनिक भारत में ये टाइगर काउंटिंग नहीं बल्कि, टाइगर एस्टिमेशन है। टाइगर एस्टिमेशन की प्रक्रिया अब पारंपरिक गिनती से कहीं आगे बढ़ चुकी है। यह सिर्फ कैमरे में दिखे बाघों की संख्या नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश समेत देश के पूरे वन क्षेत्र में मौजूद संभावित आबादी का वैज्ञानिक मूल्यांकन है। इसे ऐसे समझें-

    एमपी में 9 टाइगर रिजर्व और कॉरिडोर, टेरिटरीज पर नजर

    राज्य के 9 टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, संजय, पन्ना, ओरछा, माधव, भीमगढ़, नौरादेही सभी में गहन निगरानी चलेगी। हर रिजर्व के कोर और बफर जोन में 24 घंटे कैमरे एक्टिव होंगे। पिछली बार की तरह इस बार भी AI बेस्ड कैमरा ट्रैप और जीपीएस डेटा लिंक तकनीक वाले ऐप M-STRIPES से मॉनिटरिंग पहले से कहीं ज्यादा सटीक होगी। वन विभाग के मुताबिक जंगलों से निकल सड़कों पर नजर आ रहे बाघ जहां चुनौती साबित हो सकते हैं, वहीं ये उम्मीद भी दे रहे हैं, कि बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना है, एमपी फिर से टाइगर स्टेट बन सकता है।

    संरक्षण की चुनौती- बढ़ती संख्या, घटता आवास

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाघों की संख्या बढ़ना जितना सुखद है, उतना ही आवास घटने का खतरा भी बढ़ा है। बाघ कॉरिडोर और गांवों की सीमा तक आने लगे हैं। पीसीसीएफ एल. कृष्णमूर्ति कहते हैं कि, 'इससे निपटने के लिए वन विभाग इस बार सह अस्तित्व मॉडल पर जोर दे रहा है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों को निगरानी, रिपोर्टिंग और इको टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है।'

    अखिल भारतीय टाइगर एस्टिमेशन (AITE) में एमपी की प्राथमिकता क्या?

    -बाघों की सटिक पहचान और वितरण का नक्शा तैयार करना।

    -रिजर्व से बाहर बाघों की उपस्थिति को वैज्ञानिक रूप से दर्ज करना।

    -कोरिडोर नेटवर्क को मजबूत करना ताकि, बाघ सुरक्षित क्षेत्रों में आवागमन कर सकें।

    -वन विभाग के मुताबिक ये अनुमान प्रक्रिया सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझने की कोशिश है कि बाघ कहां हैं। कहां जा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए हमें अब आगे और क्या बदलाव करने की आवश्यकता है। क्या हम सही सही मायनों में जंगलों की सुरक्षा कर पा रहे हैं?

    इस तकनीक से क्या फायदा हुआ

    -कागज की गिनती और मानवीय गलती खत्म हुई, अब सब डिजिटल रिकॉर्ड होता है।

    -हर टीम की गश्त मॉनिटर की जा सकती है, कौन कहां गया, कितना एरिया कवर हुआ, कितना बाकी है?

    -डेटा की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ी है।

    -बाघों के संरक्षण और सुरक्षा की योजना बनाना आसान हुआ है। क्योंकि अब ठोस वैज्ञानिक डाटा उपलब्ध है।

    मध्य प्रदेश जो टाइगर स्टेट है, ने इस सिस्टम को सबसे जल्दी अपनाया। राज्य के 9 टाइगर रिजर्व और दो अन्य अभयारण्य के रेंजर्स, कर्मचारियों और अधिकारियों को M-STRiPES पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब हर बाघ गिनती और पेट्रोलिंग इसी एप के जरिए की जा रही है। ये नया प्रयोग पिछले टाइगर एस्टिमेशन के लिए शुरू किया गया था।

    कैसे काम करता है M-STRIPES सिस्टम

    अब बाघ गिनने का तरीका पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। फील्ड में जब वनकर्मी या अधिकारी जाते हैं, तो उनके मोबाइल में M-STRIPES ऐप ऑन रहता है। ये एप जीपीएस की मदद से उनका पूरा रास्ता रिकॉर्ड करता है। यानी कौन सी टीम कहां गई, कितना इलाका कवर किया सब कुछ ट्रैक होता है।

    जंगल में अगर कहीं बाघ के पगमार्क, मल, शिकार के अवशेष मिलते हैं तो कर्मचारी तुरंत उसी जगह का फोटो लेकर ऐप में अपलोड कर देते हैं, फोटो के साथ उस जगह का लोकेशन और समय अपने आप एप में सेव हो जाता है।

    दिन के अंत में पूरा डेटा ऑनलाइन सर्वर पर चला जाता है, जहां विशेषज्ञ उसे जांचते हैं, कहां ज्यादा मूवमेंट मिली, किस इलाके में बाघों की मौजूदगी मजबूत है और कहां निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

    इस तरह अब कागज, फॉर्म या मैनुअल गिनती की जगह पूरा सिस्टम मोबाइल और जीपीएस पर चलेगा। जिससे न केवल आंकड़े सटिक होंगे, बल्कि मानवीय गलती की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी।

     

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    Thu, 13 Nov 2025 12:54:27 +0530 news desk MPcg
    स्काउट&गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://citytoday.co.in/4270 https://citytoday.co.in/4270 स्काउट-गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

    राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों में, शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर दें जोर : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

    भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य परिषद की बैठक हुई

    भोपाल 

    स्काउट-गाइड अपनी सेवा के माध्यम से विशेष पहचान बनाये हुए है और स्काउटिंग की सेवा भावना जन-जन तक फैली हुई है, यह गौरव की बात है। स्काउटिंग का यह सेवा भाव हमें सेवा ही धर्म है; का संदेश देता है और इस भाव को हम अपने भीतर भी उतारे यह एक बडी साधना है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य मुख्यालय में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में कही।

    मंत्री  परमार ने कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. इतने वर्षों से सतत् सेवा भाव से कार्य कर रहा है और सेवा ही धर्म है, इस संकल्प को पूरा भी कर रहा है।  परमार ने कहा कि हमें भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. की गतिविधियों को और अधिक विस्तृत करने पर जोर देना होगा और आमदनी के साधन भी बढ़ाने के लिए प्रयास करना होगा जिससे संगठन नियमित रूप से चल सके और स्काउट-गाइड आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन सके।

    उच्च शिक्षा मंत्री  परमार की अध्यक्षता में बुधवार को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित राज्य मुख्यालय के सभागार में, राज्य परिषद की बैठक हुई। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की विविध गतिविधियों की समीक्षा की एवं विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मंत्री  परमार ने समस्त जिला स्काउट्स एवं गाइड्स के सीए ऑडिट कराने के निर्देश दिए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निजी विद्यालयों द्वारा स्काउट्स एवं गाइड्स के पंजीयन शुल्क जमा करवाया जाना सुनिश्चित करने को कहा।  परमार ने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में सहभागिता शुल्क, राज्य मुख्यालय द्वारा न लिए जाने को कहा एवं इस आशय के लिये राष्ट्रीय मुख्यालय को भी अवगत करवाने को कहा। मंत्री  परमार ने जिलों में संग्रहित पंजीयन देय राशि को राज्य मुख्यालय में शीघ्र अति शीघ्र जमा कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया।

    मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों एवं गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक करने के साथ, समस्त गतिविधियों एवं आवश्यकताओं की निर्देशिका (फोल्डर) तैयार करने को कहा। स्काउट्स एवं गाइड्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक समन्वय एवं सतत् प्रयास करने के लिए भी कहा। मंत्री  परमार ने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स जिला स्तर तक आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए समुचित प्रयास किए जाएं और आमदनी में वृद्धि के लिए व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें।

    मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा संचालित निःशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर अन्तर्गत स्वास्थ्य का परीक्षण भी करवाया। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की उत्तरप्रदेश के लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी के शुभांकर "शार्दू" का विमोचन भी किया।

    बैठक में सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों पर व्यापक चर्चा हुई एवं सर्वसम्मति से विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विषयों पर आवश्यक निर्णय लिए गए। अंतर्राष्ट्रीय जंबूरी एवं राष्ट्रीय जंबूरी में विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर भी व्यापक विमर्श हुआ।

    बैठक में, पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25 का अनुमोदन, सत्र 2025-26 का वार्षिक कार्यक्रम एवं वार्षिक योजना का अनुमोदन, वास्तविक आय-व्यय 2023-24 पुनरीक्षित 2024-25 एवं प्रस्तावित 2025-26 का बजट अनुमोदन किया गया और सी.ए. ऑडिट प्रतिवेदन 2023-24 भी प्रस्तुत किया गया। राज्य कार्यकारिणी की पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन, कार्यालयीन प्रस्ताव एवं सदस्यों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर भी गहन चर्चा की गई।

    बैठक में पूर्व मंत्री एवं राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड मप्र  पारस चन्द्र जैन, उपाध्यक्ष  प्रकाश चित्तौडा, उपाध्यक्ष  अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष  रमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष  ओम प्रकाश गुप्ता, उपाध्यक्ष मती मीना डागोर, राज्य सचिव  राजेश प्रसाद मिश्रा (से.नि. आई.ए.एस.), राज्य कोषाध्यक्ष  रमेश शर्मा एवं राज्य आयुक्त रोवर  राजीव जैन सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

     

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    Wed, 12 Nov 2025 12:00:32 +0530 news desk MPcg
    “A Journey of Oneness” — भारत भवन में आध्यात्मिक एकता का संगम https://citytoday.co.in/4260 https://citytoday.co.in/4260 भोपाल एक बार फिर से गवाह बनने जा रहा है एक ऐसे आयोजन का, जो आत्मा को छू जाने वाला अनुभव देगा।
    आज, मंगलवार 11 नवम्बर 2025 की शाम 5:30 बजे, भारत भवन, भोपाल में आयोजित होने जा रहा है —
    “A Journey of Oneness – Oneness Dialogues”, एक ऐसा मंच जहाँ पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिक दृष्टियाँ एक साथ मिलेंगी।

    इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहेंगे –
     स्वामी शुद्धिधानंद — अध्यक्ष, अद्वैत आश्रम, मायावती (उत्तराखंड)
     आचार्य जोनस मसेट्टी — प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु, ब्राज़ील के विद्या गुरुकुलम संस्थापक एवं पद्म श्री सम्मानित
    विनय एल. वारणसी — प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतज्ञ, गीतकार, चित्रकार एवं कथावाचक

    यह आयोजन न केवल एक वार्ता श्रृंखला है, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है जो मनुष्य को स्वयं से, समाज से और सृष्टि से जोड़ने का संदेश देती है।
    संगीत, दर्शन और संवाद के इस अनोखे संगम के माध्यम से, यह कार्यक्रम मानवता के भीतर छिपी एकता को उजागर करने का प्रयास करेगा।

    कार्यक्रम का आयोजन एकात्म धाम (A Global Centre of Oneness) एवं संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन के सौजन्य से किया जा रहा है।
    इस आयोजन के संरक्षक एवं आमंत्रक हैं —
    श्री शैव शेखर शुक्ला, ट्रस्टी सेक्रेटरी, संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन।

    “जब आत्मा का स्वर जग से जुड़ता है, तभी सच्चे एकत्व की अनुभूति होती है।”

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    Tue, 11 Nov 2025 17:29:59 +0530 news desk MPcg
    सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4254 https://citytoday.co.in/4254 सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश — सभी सिंचाई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों

    हरदा प्रदेश का पहला सिंचित जिला बनने की ओर अग्रसर

    तीन जनजातीय बहुल जिलों में 2 साल में 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण

    सिंहस्थ 2028 के लिए जलगत तैयारियां हर हाल में दिसंबर 2027 तक हो जाएं पूरी

    मुख्यमंत्री ने की नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा

     

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए।

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा।

    अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष काम 30 जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नर्मदा नियंत्रण मंडल के अधीन सेंधवा (बड़वानी) माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम भी तेजी से जारी है। इससे बड़वानी जिले के 29 गावों की 9 हजार 855 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई होगी। इसी तरह बड़वानी जिले में ही निवाली उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने पर करीब 92 गांवों की 33 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित की जाएगी। माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना- जिला देवास से बारना परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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    Tue, 11 Nov 2025 11:48:17 +0530 news desk MPcg
    एमपी में ठंड का कहर: 16 नवंबर तक चलेगी कड़ाके की Cold Wave, 16 जिलों में अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/4235 https://citytoday.co.in/4235 भोपाल 
    मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले 10 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग की माने तो पिछले 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब नवंबर की शुरुआत में ही यहां कई इलाकों में शीतलहर चलने लगी है। आलम ये है कि, प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा पहुंचा। राजगढ़ जिले में पमचढ़ी से भी ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से अचानक ठंडक बढ़ गई है। उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश आ रही हैं, जिससे नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में पिछले 25 साल में पहली बार है कि, नवंबर माह के शुरुआत में ही शीतलहर चल गई हो। शनिवार रात को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इनमें राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    कई शहरों में कोल्ड वेव
    इसके अलावा कई शहरों में कोल्ड वेव का भी असर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली।
     
    इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट
    जबकि, आज रविवार को भी इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पन्ना जिले में भी कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा। वहीं, कल सोमवार (10 नवंबर) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, रीवा, पन्ना, सतना, छतरपुर और टीकमगढ़ में शीतलहर चलने का अलर्ट है।

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    Mon, 10 Nov 2025 12:49:05 +0530 news desk MPcg
    विन्ध्य को नई रफ़्तार: आज से एटीआर&72 विमान सेवा हुई शुरू https://citytoday.co.in/4233 https://citytoday.co.in/4233 भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है। आज का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे।

    प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है। हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा।

    दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा।

    देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है।

    जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा।

    बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। 

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    Mon, 10 Nov 2025 12:39:23 +0530 news desk MPcg
    भोपाल&इंदौर हाईवे पर 31 करोड़ का नया फ्लाईओवर, सिंहस्थ से पहले होगा तैयार https://citytoday.co.in/4223 https://citytoday.co.in/4223  भोपाल
     भोपाल शहर के सबसे प्रमुख सड़क जंक्शन को सुरक्षित करने की योजना ने महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर यह छह लेन का नया फ्लाईओवर है, जिसका निर्माण 31 करोड़ रुपयों की लागत से होगा। इसके बन जाने से भोपाल से इंदौर जाने वालों को खजुरी स्थित 11 मील जंक्शन की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

    इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार में सबका साथ-सबका विकास के तहत पूरे भोपाल में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत यह फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जाएगा, जो कि 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ के पहले तैयार हो जाएगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को विभाजित करने में मदद मिलेगी और इस सड़क पर हो रहे हादसे भी नियंत्रित होंगे।

    18 महीने में निर्माण का लक्ष्य

    अधिकारियों ने बताया कि छह लेन के इस फ्लाईओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को मिली है। यह एजेंसी 18 महीने में निर्माण पूरा करने की लक्ष्य लेकर चल रही है। फ्लाईओवर के साथ उसपर पथप्रकाश व्यवस्था और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी ताकि आवागमन सुगम बना रहे।

    भोपाल बाइपास को बाइपास करेगा

    खजूरी स्थित 11 मील तिराहे पर भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर राजमार्ग आपस में जुड़ते हैं। इस तिराहे से औसतन दो लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इसकी वजह से इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। नया फ्लाईओवर जंक्शन से करीब 400 मीटर पहले शुरू होगा।

    जंक्शन तिराहे के ऊपर से गुजरकर यह खजुरी के पास उतरेगा। इसकी वजह से भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे वाहनों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बाइपास से आने वाले वाहन सर्विस रोड से होकर मुख्य सड़क पर पहुंचेंगे।

        850 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर
        6 लेन का होगा
        31 करोड़ रुपयों में बनेगा
        18 महीने में पूरा होगा
        3 लाख लोग रोजाना गुजरेंगे

     

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    Fri, 07 Nov 2025 12:29:59 +0530 news desk MPcg
    भोपाल AIIMS में 250 रुपये में चमत्कार: गर्भनाल से लौटाई 13 मरीजों की आंखों की रोशनी https://citytoday.co.in/4222 https://citytoday.co.in/4222 भोपाल
     गर्भनाल, गर्भस्थ शिशु के लिए रक्षा कवच का काम करता है. जबकि शिशु का जन्म होने के बाद इस कवच को वेस्टेज समझ के फेंक दिया जाता था, लेकिन एम्स भोपाल के डाक्टर अब इस इस गर्भनाल की झिल्लियों से आंखे खो चुके मरीजों के जीवन में फिर से रोशनी लाने का काम कर रहे हैं. दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से घायल 13 लोग आंखों का इलाज कराने के लिए एम्स भोपाल पहुंचे थे. जहां डाक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन यानि गर्भनाल की झिल्लियों का उपयोग कर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई.

    घाव भरने और पारदर्शिता बनाए रखने में करती है मदद

    एम्स भोपाल के सर्जन डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया कि "नवजात शिशुओं के जन्म के बाद उनके गर्भनाल को पहले फेंक दिया जाता था, लेकिन अब यही आंखों की गंभीर समस्याओं में दवाई का काम कर रही है. गर्भनाल की जीवित झिल्ली घाव भरने में मदद करती है. इसके साथ ही आंखों की पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करती है. वहीं निजी अस्पतालों में जहां इस तरह के इलाज में 40 से 50 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं. भोपाल एम्स में आयुषमान कार्डधारकों का यह इलाज निशुल्क किया जा रहा है. जबकि जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनसे भी केवल 250 रुपए लिए जा रहे हैं.

    मरीजों की आंखों का 80 प्रतिशत विजन लौटा

    डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया किए मनियोटिक मेम्ब्रेन तकनीकी ऐसे लोगों के लिए कारगर है, जिनकी आंखें केमिकल के पटाखों से खराब हुई है. उनके कार्नियल अल्सर या संक्रमण की स्थिति में और एलर्जिक सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के इलाज में बेहतर रिजल्ट मिलता है. इसके साथ ही इसका इस्तेमाल ट्रामा या सर्जरी के बाद ऊतकों की बेहतर रिकवरी के लिए भी किया जाता है. उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल में जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनका विजन 80 प्रतिशत से अधिक लौट चुका है. इनमें अधिकतर मरीजों की आंखें कार्बाइड गन से डैमेज हुई थी.

    इस तरह किया जाता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन से इलाज

    आंखो में चोट, इंफेक्शन या पटाखों से आंखों की ऊपरी सतह झुलसने पर यदि दवाइयों से घाव ठीक नहीं होते तो एमनियोटिक मेम्ब्रेन ग्राफ्टिंग की जाती है. सबसे पहले डिलेवरी के बाद नवजात शिशु को इससे अलग किया जाता है. फिर इसे स्टरलाइज करने के बाद नार्मल स्लाइन से साफ किया जाता है. इसके बाद इसे एंटीबायोटिक या बीटाडीन सॉल्यूशन से साफ किया जाता है. इसके बाद आंखों के क्षतिग्रस्त हिस्से को साफ कर टांकों के माध्यम से इसकी ग्राफ्टिंग की जाती है. इससे घाव जल्द भरते हैं और मरीज की रिकवरी जल्दी होती है.

    जानिए क्या होता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन

    एमनियोटिक मेम्ब्रेन एक पतली और मजबूत झिल्ली होती है, जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है. विशेष रूप से, यह एमिनियोटिक थैली की आंतरिक या भीतरी परत होती है, जो भ्रूण को धारण करने वाला आवरण होती है. एमनियोटिक थैली में एमनियोटिक द्रव और एक बाहरी परत भी होती है, जिसे कोरियोन कहा जाता है. ये संरचनाएं मिलकर भ्रूण के लिए एक सुरक्षात्मक आवरण बनाती हैं, ताकि वह बढ़ सके और विकसित हो सके.

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    Fri, 07 Nov 2025 12:13:28 +0530 news desk MPcg
    गायत्री परिवार का नया संदेश : सादगी भरी शादी, 15 मेहमान और बिना दहेज के उत्सव https://citytoday.co.in/4220 https://citytoday.co.in/4220 भोपाल 

    शादी-ब्याह में दिखावे, फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से परेशान समाज को एक नया विकल्प मिल गया है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गायत्री शक्तिपीठ ने सादगी और संस्कार का संदेश देने के लिए संस्कारित विवाह अभियान शुरू किया है. इसमें न डीजे होगा, न बैंड-बाजा, न भव्य सजावट होगी. विवाह सिर्फ मंत्रोच्चार, अग्नि और सात फेरों यानी पूरी तरह वैदिक रीति से सम्पन्न होगा. 

    भोपाल के महाराणा प्रताप नगर (MP नगर) स्थित शक्तिपीठ के एक पैम्फलेट यानी पत्रक में विवाह को एक पवित्र संस्कार बताते हुए खर्चीली रीतियों और सामाजिक बुराइयों को सख्ती से वर्जित किया गया है. पैम्फलेट में साफ लिखा है, ''दहेज लेना व देना एक सामाजिक अपराध है.'' साथ ही मांस-मदिरा के सेवन को इस पवित्र संस्कार को अपवित्र न बनाने की अपील की गई है.

    कैसा होगा यह संस्कारित विवाह:- 

        विवाह पूरी तरह वैदिक विधि से संपन्न होगा 
        अधिकतम 15 से 20 मेहमानों की इजाजत होगी 
        प्रतीक स्वरूप 2 वरमाला और एक डिब्बा मिठाई का आदान-प्रदान किया जाएगा 
        डीजे, बैंड-बाजा या किसी भी तरह की भव्य सजावट की अनुमति नहीं होगी 
        बारात और भोजन की व्यवस्था यहां इजाजत नहीं है. 

    संस्कारों पर जोर और फिजूलखर्ची का विरोध
    गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया, ''यह पहल गायत्री परिवार की सात क्रांतियों (साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारी जागरण, नशा निवारण आदि) का हिस्सा है.''

    गुप्ता ने बताया कि गायत्री परिवार हमेशा फिजूलखर्ची को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहता है. इसमें मृत्युभोज का हम लोग विरोध करते हैं, शादी में दान दहेज का विरोध करते हैं और खर्चीली शादियों को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं. 

    उन्होंने तर्क दिया कि विकृतियों और वृद्धाश्रमों के बढ़ने के पीछे मुख्य कारण संस्कारों की कमी है, जिसे इस वैदिक विधि से दूर किया जा रहा है.

    गृहस्थ जीवन एक तपोवन
    शक्तिपीठ ने अपने पैम्फलेट में गृहस्थ जीवन को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में परिभाषित किया है: "गृहस्थ एक तपोवन है, इसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना करनी पड़ती है."

    राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे शादी का वास्तविक संदर्भ समझाते हैं कि आगे परिवार कैसे चलेगा और वैदिक विधि से विवाह का बंधन कैसा होना चाहिए. 

    गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता.

    देवउठनी एकादशी पर गायत्री मंदिर से विवाह करने वाले दंपति वैभव वर्मा और प्रिया शर्मा ने बताया, ''हमने 18 मेहमानों के सामने शादी की. मंदिर की रसीद कटवाने के बाद कुल खर्च करीब 1000 रुपए ही आया. न दहेज, न दिखावा. अब पैसों से बची रकम हम अपने गृहस्थी में लगाएंगे. 

    इसके अलावा, एक अन्य नवविवाहित जोड़े जय अरोड़ा और मधु पांडेय ने कहा,  हम दोनों एक साथ आईटी कंपनी में काम करते हैं. लंबे समय से एक दूसरे से प्रेम करते हैं.हमें अपने आर्थिक हालात देखे और मेट्रो सिटी में आगे के भविष्य को देखते हुए कम खर्च में विवाह बंधन में बंधने का फैसला लिया.  

    रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

    • गायत्री शक्तिपीठ में विवाह संस्कार कराने की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी रखी गई है. 
    • – विवाह के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे अग्निकुंड, पंचमेवा, हल्दी, नारियल, पुष्पादि आदि) परिवारों को खुद लानी होगी.
    • – कम से कम 15 दिन या एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.
    • – सबसे अहम शर्त यह है कि वर और वधू दोनों के माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी है. 
    • – गायत्री परिवार में सभी संस्कार निशुल्क कराए जाते हैं. विवाह कराने का यहां कोई शुल्क या फीस नहीं है.
    • – सिर्फ पूजा के लिए उपयोग होने वाले सामान की व्यवस्था के लिए 2 हजार या 4 हजार रुपए का एक नॉमिनल अमाउंट लिया जाता है.
    • – विवाह के लिए यह राशि 7000 हजार रुपए तय की गई है. 
    • दीवारों से लेकर पोस्टरों पर संदेश ही संदेश 

    शक्तिपीठ के परिसर में दीवारों से लेकर बैनर पोस्टरों में समाज को सही दिशा देने वाले संदेश ही संदेश लिखे गए हैं. संदेश में समाज से खर्चीली शादियों को बंद कर सादगी भरी रीतियों को अपनाने का आह्वान किया है. मसलन, 

    'हम बदलेंगे, युग बदलेगा.'

    अमर रीतियों से बंधो,

    बंद करो खर्चीली शादी.

    सादगी भरी शादियां हमें सद्भाव और वैदिकता बताती हैं.'

    इसके साथ ही मोटे अक्षरों में समाज को कचोट देने वाला लिखा है- 'खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं.' 

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    Thu, 06 Nov 2025 19:24:57 +0530 news desk MPcg
    टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल https://citytoday.co.in/4212 https://citytoday.co.in/4212 टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल

    आईसेक्ट के सहयोग से मिंटो हॉल में होगा नवाचार और प्रेरणा का संगम

    भोपाल
     राजधानी भोपाल एक बार फिर नई सोच, नवाचार और प्रेरक विचारों का केंद्र बनने जा रही है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर, आईसेक्ट (AISECT) के सहयोग से 9 नवंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में टेड एक्स का विशेष आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं, उद्यमियों, नवोन्मेषकों और सृजनशील लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर के इस आयोजन में प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को सीखने, समझने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    यह कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इनमें म.प्र. क्रिकेट संघ (MPCA) एवं MPL के चेयरमैन और Kuberha AI व Ethara AI के को-फाउंडर महानार्यमान सिंधिया, गूगल में स्टार्टअप्स पार्टनरशिप लीड नूपुर वर्मा, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की लीड – कंटेंट प्रोग्रामिंग दिव्या मूरजानी, मैनेजमेंट गुरु, लेखक एवं स्तंभकार एन. रघुरमन, स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘ऑल वूमन इंक’ की फाउंडर आंचल अग्रवाल, तथा कवयित्री, गीतकार और अभिनेत्री गुंजन सैनी शामिल हैं। ये सभी वक्ता अपने अनुभवों और जीवन-यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण और प्रेरणा से परिचित कराएँगे।

    आईसेक्ट के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने इस पहल पर बात करते हुए कहा,“TEDx शाहपुरा लेक चैप्टर जैसे मंच युवाओं को वैश्विक दृष्टि, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रेरित करते हैं। आईसेक्ट का सदैव प्रयास रहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न रहे, बल्कि यह विचार, संवाद और प्रयोग का मंच बने। इस आयोजन से हम चाहते हैं कि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।”

    टेडएक्स शाहपुरा लेक के मुख्य क्यूरेटर डॉ. दीपक मोटवानी ने कहा, “मैंने हमेशा देखा है कि मेट्रो शहर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि उनके पास टेडएक्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुँच है। इसी सोच से हमने तय किया कि भोपाल और यहाँ के युवाओं के लिए भी ऐसा ही एक मंच लाया जाए, जहाँ वे अपने विचारों और क्षमताओं को दुनिया के सामने रख सकें।”

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    Thu, 06 Nov 2025 12:49:42 +0530 news desk MPcg
    SIR फॉर्म की कमी से संकट: MP के कई जिलों में कलेक्टरों की कार्यप्रणाली प्रभावित https://citytoday.co.in/4211 https://citytoday.co.in/4211 भोपाल
    मतदाता सूची के जिस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पूरे देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश में बिना तैयारी के शुरू करा दिया गया। इंदौर, जबलपुर, सागर, विदिशा, राजगढ़ सहित अधिकतर जिलों में अब तक एसआईआर के फॉर्म (गणना पत्रक) ही नहीं पहुंच पाए हैं। कलेक्टर परेशान हैं क्योंकि आयोग का दबाव है कि बीएलओ को जल्दी फॉर्म बांटे जाएं।

    इधर, जिन प्रिंटरों (प्रकाशकों) को फॉर्म छापने का काम दिया गया है, वह इसे कर ही नहीं पाएं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इसका कारण प्रिटिंग न होने और कहीं तकनीकी गलतियों को बता रहे हैं। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कोई भी अधिकारी इस गंभीर मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं और गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाता हैं। इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को घर-घर जाकर गणना पत्रक देना है और भरवाकर वापस लेना है। यह काम चार नवंबर से चार दिसंबर तक पूरा किया जाना है।
     
    नहीं हुआ है छपाई का काम पूरा
    इसके लिए आवश्यक है कि समय से बीएलओ को गणना पत्रक मिल जाएं लेकिन अभी छपाई ही पूरी नहीं हुई है। इंदौर जिले में 2,625 बूथों में से छह सौ से अधिक बूथों पर ही प्रपत्र मिल सके। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में प्रपत्र की छपाई पूरी होगी। मंदसौर जिले में दूसरे दिन भी काम प्रभावित हुआ। करीब 100 मतदान केंद्रों पर ही प्रपत्र पहुंचे। उज्जैन में साढ़े तीन लाख फॉर्म बांटे हैं और जब बाकी आ जाएंगे तो उन्हें बांटा जाएगा।

    खंडवा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश सावले का कहना है कि प्रपत्र प्रिंट होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे उपलब्ध होते जा रहे हैं, बीएलओ तक पहुंचाए जा रहे हैं। धार जिले में कुछ स्थानों पर तकनीकी गलतियों के कारण प्रपत्र पहुंचने में दिक्कत आई है। नीमच जिले में महज 25 प्रतिशत प्रपत्र की आपूर्ति हो सकी। रतलाम जिले में 1,297 में से 150 बूथ के ही प्रपत्र आए हैं। महाकोशल क्षेत्र की बात करें तो डिंडौरी जिले में 6,55 मतदान केंद्रों में केवल 21 बीएलओ के लिए फॉर्म आए हैं। जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह में भी यही स्थिति रही।

    दमोह में 20 लाख फॉर्म की आवश्यकता के विरुद्ध मात्र एक लाख फॉर्म उपलब्ध हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि फॉर्म भोपाल से आने के कारण काफी परेशानी हो रही है। मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का कहना है कि अभी पूरे फॉर्म नहीं आएं हैं, जैसे-जैसे आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे बीएलओ को वितरित किए जा रहे हैं। यही स्थिति मध्य क्षेत्र के जिलों की भी है। राजगढ़ जिले के किसी भी बीएलओ को बुधवार शाम तक गणना पत्रक ही नहीं मिल सका। जिसके कारण वे घर-घर भी नहीं पहुंचे।

    जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गिरीश कुमार मिश्रा का कहना है कि फॉर्म राज्य स्तर से प्रिंट हो रहे हैं। आज 250 से ज्यादा बूथों के फॉर्म आए हैं। विदिशा जिले में मंगलवार को 1,347 मतदान केंद्रों से केवल 184 केंद्रों में ही गणना पत्रक पहुंचे थे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने माना कि गणना पत्रक की कमी के कारण मतदाता गहन पुनरीक्षण के लिए पहले दिन बीएलओ घर-घर नहीं जा पाए। हरदा और सागर में भी गणना पत्रक की कमी बनी हुई है।

    कांग्रेस का आरोप, बिना तैयारी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की
    कांग्रेस की एसआईआर के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी तैयारी के चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिना आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए बीएलओ को दबाव में काम करने को कहा जा रहा है। हम इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से पत्राचार कर पूछेंगे कि बिना पर्याप्त तैयारी के एसआईआर की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।

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    Thu, 06 Nov 2025 11:57:57 +0530 news desk MPcg
    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि&पूजन https://citytoday.co.in/4194 https://citytoday.co.in/4194 राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

    पेयजल के लिए बिछेगी 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन, 9 ओवरहेड टैंक भी बनेंगे

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को अधिक सुचारू और सुगम बनाने के लिए गोविंदपुरा क्षेत्र में 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 ओवरहेड टैंक और 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने के कार्य किए जाएंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भविष्य में पानी की जरूरत को ध्यान में रखकर यह निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे जनता की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होगी और नर्मदा का पानी घर-घर पहुंचेगा।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जनता से किये गए वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिनकी क्षमता 20 से 25 लाख लीटर होगी और 120 किलोमीटर की पेयजल पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 55 स्थित अमराई परिसर में 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत के 20 लाख लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक के साथ ही वार्ड 60 में 1 करोड़ 55 लाख की लागत से प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 56 के साकेत नगर स्थित पंचवटी मार्केट परिसर में 1 करोड़ 74 लाख की लागत की पानी की टंकी के और पेयजल पाइप लाइन के निर्माण कार्य को भी क्षेत्रवासियों को सौगात दी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने लहारपुर में 1.75 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल टंकी एवं पेयजल पाइप लाइन कार्य के साथ साथ सोनागिरी ए सेक्टर, वार्ड 64 में 2 करोड़ 3 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित पेयजल टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने के कार्य का भी भूमि-पूजन किया।

    कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शीला पाटीदार, श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती अर्चना परमार, श्री संतोष ग्वाला, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री प्रताप वारे, श्री प्रताप सिंह बैस, श्री बी शक्तीराव, श्री गणेश राम नागर, श्री प्रदीप पाठक, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री किशन बंजारे सहित जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या स्थानीय रहवासी मौजूद रहे। 

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    Wed, 05 Nov 2025 14:30:03 +0530 news desk MPcg
    गुरुनानक जयंती पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुद्वारे में की अरदास, दी शुभकामनाएं https://citytoday.co.in/4192 https://citytoday.co.in/4192 भोपाल:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुनानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर अरदास की और मत्था टेका। उन्होंने शबद कीर्तन का श्रवण किया और सभी को गुरुपरब की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गुरु तेग बहादुर की जयंती और शहीदी दिवस को पूरे श्रद्धा और धूमधाम से मनाएगी। उन्होंने इस अवसर पर सिख समाज के योगदान की सराहना करते हुए समाज में एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश देने की अपील की।

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    Wed, 05 Nov 2025 14:24:31 +0530 news desk MPcg
    किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली कंपनी कृत संकल्पित https://citytoday.co.in/4191 https://citytoday.co.in/4191 किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली कंपनी कृत संकल्पित

    भोपाल 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के संकल्प की पूर्ति के लिए कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में किसानों को कृषि फीडरों पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। यह देखने में भी आया है कि असामाजिक तत्वों के प्रभाव में निर्धारित घंटे एवं घोषित समयानुसार से अधिक विद्युत प्रदान किये जाने से कृषि फीडरों पर विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही इससे घरेलू फीडरों पर 24X7 विद्युत प्रदाय किये जाने में भी बाधा उत्पन्न होती है।इन घंटों से अधिक आपूर्ति के लिए संबंधित अधिकारियों पर कुछ दंड के प्रावधान किये गये हैं। इन्हीं प्रावधानों के अंतर्गत कहा गया है कि यदि विद्युत प्रदाय के घंटों में किसी कारण से वृद्धि होती है तो इसके परिणाम बिजली कंपनी के आर्थिक समंकों में गिरावट के रूप में दर्ज होते हैं। इससे एक ओर जहॉं तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में वृद्धि होती है वहीं दूसरी ओर इन आर्थिक समंकों में गिरावट होने से विद्युत वितरण के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की पात्रता की शर्तें बदल जाती हैं और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में 09 लाख 92 हजार 171 कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्ष 2024-25 में कृषि उपभोक्ताओं को 6465 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में कृषि उपभोक्ताओं को 2535 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।

    विद्युत प्रदाय के घंटों की समय अवधि की गणना के लिये मीटर की तकनीकी विशिष्टता की स्पष्टता के लिए उक्त परिपत्र पुनरीक्षित किया गया है। यहॉ यह उल्लेखनीय है कि पुनरीक्षित प्रपत्र में कृषि फीडरों में निर्धारित 10 घंटे विद्युत प्रदाय के नियम में किसी प्रकार का परिवर्तन/कमी नहीं की गई है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में यह बात आई कि उक्त निर्देशों को लेकर सोशल मीडिया पर यह गलत एवं भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है कि किसानों को बिजली उपलब्ध कराने में कंपनी एवं विभाग को कठिनाई आ रही है। यह बात वास्तविकता से परे होकर असत्य है। 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उक्त निर्देशों को पुनः रेखांकित करते हुए 3 नवंबर 2025 को एक परिपत्र जारी किया है, जिसमें उपरोक्त अनुसार राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषि फीडर पर 10 घंटे विद्युत प्रदाय करने की प्रतिबद्धता एवं निर्देश दोहराए गए हैं। इन्हीं निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है की विभिन्न क्षेत्र को विभिन्न समूह में बांटा गया है, जिससे 10 घंटे विद्युत प्रदाय का कार्यक्रम कृषि प्रयोजन हेतु सुनिश्चित रहे। किसी भी ग्रुप को 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदायक करने का कृषि फीडर पर प्रावधान नहीं होने के कारण विभागीय अधिकारियों को उक्त निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    यह स्पष्ट किया जाता है की ऊर्जा विभाग एवं विद्युत वितरण कंपनियां कृषि कार्य हेतु 10 घंटे विद्युत प्रदाय करने के लिए प्रतिबद्ध है एवं उसकी पूर्ति करने के लिए लगातार कार्यरत है।

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    Wed, 05 Nov 2025 12:31:01 +0530 news desk MPcg
    तब्लीगी इज्तिमा में विवाद: हिंदू व्यापारियों को दुकान नहीं देने की खबर अफवाह, कमेटी ने किया खंडन https://citytoday.co.in/4189 https://citytoday.co.in/4189 भोपाल 
    राजधानी भोपाल में होने वाले विश्व स्तरीय मुस्लिमों के आलमी तब्लीगी इज्तिमा से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर हिंदू व्यापारियों को दुकानें नहीं देने की बात सामने आई है। इस पर हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर बार शुरुआत इनकी ओर से होती है, और जब हम प्रतिक्रिया देते हैं तो उसे साम्प्रदायिक करार दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया  “अब कहां गया सद्भाव और भाईचारा? अगर इज्तिमा में हिंदू दुकानदारों को जगह नहीं दी जा रही है तो यह भेदभाव नहीं तो क्या है?” तिवारी ने कहा कि पिछली बार भी इसी तरह की शिकायतें आई थीं और इस बार फिर से वही स्थिति दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जब कहते हैं अपनों से व्यवहार, अपनों से त्योहार, अपनों से व्यापार, तो कुछ लोगों को बुरा लगता है। लेकिन अब हालात उनके अपने बनाए हैं। जैसा करोगे, वैसा पाओगे।” उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्लिम संगठन सच में सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले हिंदू व्यापारियों को दुकानें देकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “सकल संपदा रघुनाथ की है। सब कुछ भगवान का बनाया हुआ है। धर्म सिर्फ सनातन है, बाकी सब पंथ हैं।”

    चंद्रशेखर तिवारी ने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि “जहां अपमान मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। प्रभु ने जीव दिया है तो रोटी भी देगा। देश में इतने धार्मिक आयोजन हैं- मठ, मंदिर, कुंभ, नर्मदा तट और कल्पवास जैसे मेलों में भी व्यापार के अनेकों अवसर हैं।” 

    वहीं इस मामले में तबलीगी इज्तिमा के मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमर हफ़ीज़ का कहना है कि ये सरासर ग़लत है ।इज्तिमा में किसी धर्म जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने पिछले सालों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी है और इस साल भी हिंदू भाइयों को दुकानें देंगे।

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    Tue, 04 Nov 2025 15:40:04 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में 6 नवंबर से ठंडी रातें, पारा 2&3° तक गिरेगा; भोपाल&जबलपुर संभाग में 2 दिन बूंदाबांदी https://citytoday.co.in/4185 https://citytoday.co.in/4185

     भोपाल
     मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से भोपाल और जबलपुर संभाग में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। 6 नवंबर से ठंडी उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे रातें ठंडी हो जाएंगी।

    मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसका असर भोपाल, गुना, विदिशा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बादल छाए रहेंगे।

    इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के अंदर भोपाल, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी।

    दो दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़ में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह रविवार-सोमवार की रात में शिवपुरी में 15 डिग्री, राजगढ़ में 15.4 डिग्री, गुना में 16.6 डिग्री, खरगोन में 16.8 डिग्री, खंडवा में 16 डिग्री, श्योपुर में 17.4 डिग्री, नौगांव में 17.5 डिग्री, रीवा में 17.2 डिग्री रहा।

    अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

    इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

    ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    इस बार मानसून भी बेहतर रहा इस बार प्रदेश में मानसून की भी 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है।

    अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

    उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

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    Tue, 04 Nov 2025 15:12:53 +0530 news desk MPcg
    सीएम डॉ यादव ने ऊर्जा विभाग की समाधान योजना शुरू की, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के नए भवन का लोकार्पण https://citytoday.co.in/4160 https://citytoday.co.in/4160 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ऊर्जा विभाग की समाधान योजना का शुभारंभ किया और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के नए भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।

    समाधान योजना के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना उपभोक्ता सेवा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नए भवन के लोकार्पण के बाद अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

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    Mon, 03 Nov 2025 13:40:12 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश कृषि में अव्वल: टमाटर में पहला, मटर में दूसरा स्थान; दुग्ध उत्पादन 20% बढ़ाने का लक्ष्य https://citytoday.co.in/4154 https://citytoday.co.in/4154 मध्य प्रदेश कृषि में अव्वल: टमाटर में पहला, मटर में दूसरा स्थान; दुग्ध उत्पादन 20% बढ़ाने का लक्ष्य

    कृषि में मध्य प्रदेश का दबदबा: टमाटर और मटर में शीर्ष, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना

    मध्य प्रदेश ने बनाई अलग पहचान: टमाटर व मटर उत्पादन में शानदार प्रदर्शन, दुग्ध उत्पादन में 20% बढ़ोतरी का लक्ष्य

    भोपाल
     कृषि के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की देशभर में अलग पहचान है। लगातार सात कृषि कर्मण अवार्ड जीतने वाला न केवल यह पहला राज्य है, बल्कि कोरोना महामारी के समय रिकॉर्ड 128 लाख टन गेहूं का उपार्जन करके पंजाब को भी पीछे छोड़ चुका है। टमाटर में पहला और मटर के उत्पादन में मप्र का देश में दूसरा स्थान है, तो दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान, खाद्यान्न में द्वितीय और तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    उद्यानिकी फसलों में देखें, तो मध्य प्रदेश टमाटर और मटर उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है। टमाटर के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। 2024-25 में 1,27,740 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई, जिससे 36 लाख 94 हजार 702 टन उत्पादन हुआ। यही स्थिति मटर को लेकर भी है। अन्य प्रमुख उद्यानिकी उत्पादों में संतरे, धनिया, मसाले, औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश का पहला स्थान है।

    इसी तरह दुग्ध उत्पादन और गोपालन को लेकर भी सरकार काम कर रही है। गोशालाओं को चारा के लिए 40 रुपये तक अनुदान देने का प्रविधान किया गया है। वहीं, दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति लीटर पांच रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। दुग्ध उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए नस्ल सुधार का कार्यक्रम छेड़ा गया है। वहीं, पशुओं की टैगिंग भी की जा रही है। सहकारी समितियों का क्षेत्र विस्तार किया जा रहा है, तो संयंत्रों को आधुनिक बनाने की पहल भी की गई है।
    बासमती को जीआई टैग दिलाने का प्रयास

    इधर, बासमती धान को बासमती की पहचान दिलाने के लिए जीआइ टैग दिलाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे हैं। इसको लेकर कानूनी लड़ चल रही है। जीआइ टैग नहीं मिलने के कारण व्यापारी प्रदेश से बासमती सामान्य धान की तरह लेकर जाते हैं, तो बासमती के नाम से बेचते हैं। इसके कारण किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिलता है।
    प्राकृतिक खेती पर जोर

    प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के अति उपयोग के कारण भूमि की मृदा शक्ति प्रभावित हो रही है। भविष्य के खतरे को भांपते हुए सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान प्राकृतिक खेती करें, ताकि भूमि की मृदा शक्ति बनी रहे। इसके साथ ही पराली (नरवाई) जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक ओर जहां कड़ाई की जा रही है तो दूसरी ओर नरवाई को भूमि में ही मिलने के उपकरणों पर अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेंटर से भी इसे जोड़ा गया है।

     

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    Sat, 01 Nov 2025 19:06:59 +0530 news desk MPcg
    AIIMS भोपाल की बड़ी उपलब्धि: 24 घंटे में होगा स्ट्रोक का एडवांस्ड इलाज, ब्रेन का थक्का होगा दूर https://citytoday.co.in/4146 https://citytoday.co.in/4146  भोपाल 

    एम्स भोपाल में अब एडवांस्ड स्टोक टीटमेंट यूनिट शुरू की गई है। जहां बिना ओपन सर्जरी ब्रेन की बंद धमनी से थक्का (क्लॉट) निकालकर रक्त प्रवाह सामान्य किया जाएगा। इस तकनीक से मरीज की जान बचाना संभव होगा। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो 60 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचे। यह मध्य भारत में अपनी तरह की पहला केन्द्र होगा। यहां न्यूरोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने कहा कि स्ट्रोक के लक्षणों की तुरंत पहचान और अस्पताल पहुंचकर जीवन को बचाया जा सकता है। इसके लिए थिंक एफएएसटी अभियान चलाया गया है। एम्स की यह यूनिट मध्य भारत में स्ट्रोक मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण है।

    क्या है मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी

    यह एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है जिसमें पैर या कलाई की धमनी के जरिए पतली ट्यूब (कैथेटर) से ब्रेन की बंद धमनी तक पहुंचकर थक्का निकाला जाता है। इसमें ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। इससे लकवा जैसी बीमारी से बचा जा सकता हैं।

    एडवांस्ड स्ट्रोक की विशेषताएं

        इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से तुरंत इलाज
        सीटी और एमआरआइ परफ्यूजन इमेजिंग से सटीक निदान
        यह पहचानना कि मरीज को थ्रोम्बेक्टोमी का लाभ मिलेगा या नहीं
        पारंपरिक समय के बाद भी नई तकनीक कारगर

    स्ट्रोक के शुरुआती 5 संकेत

        चेहरे पर झुकाव
        हाथ-पैर में अचानक कमजोरी
        बोलने में दिक्कत
        दृष्टि धुंधली या दोहरी
        तेज सिरदर्द और चक्कर

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    Sat, 01 Nov 2025 12:29:55 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में जल्द दौड़ेंगी 70 CNG बसें, नगर निगम की बैठक में बड़ा फैसला https://citytoday.co.in/4145 https://citytoday.co.in/4145 भोपाल

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या से जूझ रही राजधानी भोपाल में जल्द ही इनक्यूबेट कंपनी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ मिलकर 70 सीएनजी लो फ्लोर बसें चलाएगी। जबकि, शहर के 85 वार्ड और 81 जोन में डिग्री के हिसाब से इंजीनियर को अब काम दिया जाएगा। बड़ा तालाब का पानी बैरसिया तक पहुंचाया जाएगा ताकि यहां इंडस्ट्रियल क्लस्टर डेवलप किया जा सके। इसके अलावा नगर निगम में पिछले 10 साल से सेवा देने वाले एक हजार अस्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।  नगर परिषद की 14वीं बैठक में इन निर्णयों को बहुमत से पारित किया गया। कांग्रेस एवं भाजपा पार्षदों ने बगैर नगर परिषद एवं महापौर परिषद की मंजूरी भेजे गए प्रस्ताव पर तमाम आरोप लगाए हैं।

    शहर में अभी केवल 30 बसें

    बीसीएलएल अभी शहर(Bhopal) में 30 बसों का ही संचालन करवा रहा है। एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान के सवाल पर कहा कि कंपनियों को 60 बसों को चलाने के निर्देश है। निगमायुक्त ने संस्कृति जैन ने इस पर सदन को जानकारी दी कि निजी कंपनी से एग्रीमेंट के आधार पर इनकी संख्या जल्द 70 की जाएगी।

    यह हुए बड़े फैसले

        बैरसिया तक पहुंचेगा बड़ा तालाब का पानी
        तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे
        एक हजार कर्मचारी नियमित होंगे
        अपर आयुक्त 5 की बजाए 50 लाख बजट खर्च कर सकेंगे
        हरियाली के लिए उद्यान विभाग के खर्च बजट की होगी जांच

    इंजीनियरों का कैडर सुधारेंगे

    सिविल इंजीनियरों से बिजली और बिजली के इंजीनियरों से सीवेज, स्वच्छत्ता का काम कराने का मुद्दा उठा। कांग्रेस भाजपा पार्षदों ने एक सुर में कहा कि इससे काम होने बंद हो चुके हैं। निगमायुक्त ने कहा कि जल्द सभी शाखाओं में डिग्री और डिप्लोमा के हिसाब से पदस्थापना की जाएगी।

    बैरसिया तक जाएगा बड़ा तालाब का पानी, इंडस्ट्रियल क्लस्टर का होगा विकास

    बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों में से एक था — बैरसिया तक बड़ा तालाब का पानी पहुंचाने का प्रस्ताव। नगर निगम अब बांदीखेड़ी इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर को पानी की आपूर्ति करेगा, जिसके लिए लगभग 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य बैरसिया क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास करना है। हालांकि, कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और कहा कि “शहर अपनी पानी की जरूरतें ही पूरी नहीं कर पा रहा है, तो दूसरे क्षेत्र में सप्लाई क्यों?” इसके बावजूद यह प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया।
    एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को मिलेगी स्थायी नौकरी

    नगर परिषद बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि नगर निगम में पिछले 10 सालों से कार्यरत एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को अब नियमित (Permanent) किया जाएगा। इससे कर्मचारियों में स्थिरता आएगी और प्रशासनिक कामकाज भी बेहतर होगा। साथ ही, यह भी तय किया गया कि जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप पाए जाएंगे, उनकी जांच निगमायुक्त स्तर पर की जाएगी।
    इंजीनियरों का काम अब डिग्री और विशेषज्ञता के अनुसार तय होगा

    बैठक में इंजीनियरों की कार्य विभाजन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। अभी तक सिविल इंजीनियरों से बिजली और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों से सीवेज-सफाई का काम कराया जा रहा था, जिससे परियोजनाएं अटक रही थीं। अब जल्द ही सभी इंजीनियरों को डिग्री और डिप्लोमा के अनुसार संबंधित शाखाओं में पदस्थ किया जाएगा ताकि कामकाज प्रभावी और सुचारू रूप से हो सके।
    तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे, बढ़ी अधिकारियों की वित्तीय शक्ति

    नगर निगम प्रशासन ने कई प्रशासनिक निर्णय भी लिए हैं। तबादले के बाद भी अपने पदों पर जमे अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और उपायुक्त एकता अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अब अपर आयुक्त 5 लाख की जगह 50 लाख रुपये तक का बजट खर्च कर सकेंगे ताकि विकास परियोजनाओं में देरी न हो।
    उद्यान विभाग के खर्च की होगी जांच

    पिछले एक वर्ष के दौरान उद्यान विभाग द्वारा शहर को हरा-भरा बनाने के नाम पर किए गए खर्च पर भी सवाल उठे। परिषद ने खर्चों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने विभाग के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां जताईं।
    अफसरों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की एकजुटता

    बैठक में एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद एक सुर में अफसरों के खिलाफ खड़े हो गए। दोनों ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त और उपायुक्त न तो जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते हैं और न ही बैठकों में शामिल होते हैं। महापौर मालती राय को कांग्रेस पार्षदों ने शहर की टूटी सड़कों और अधूरे वादों की याद दिलाते हुए सदन में तख्तियां दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
    जीआईएस घोटाले पर भी गूंजा विरोध

    बैठक में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS 2025) से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का इस विषय पर सवाल एजेंडे से हटा दिया गया, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, भाजपा पार्षद जगदीश यादव ने खुद सदन में बताया कि पुराने फाउंटेन मोटर को नया बताकर बिल पास किए गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
    परिषद अध्यक्ष का बयान

    परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “तबादले के बाद भी पद पर बने अफसरों को तुरंत हटाया जाएगा। कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं, जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

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    Sat, 01 Nov 2025 12:26:09 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में ‘रन फॉर यूनिटी’, 2000 युवाओं ने भाग लिया; सीएम ने सरदार पटेल की एकता पर जोर दिया https://citytoday.co.in/4126 https://citytoday.co.in/4126 भोपाल 

    सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी।

    दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी

    सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है।

    सीएम ने कहा –

    आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए।

    सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई।

    पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है।

    पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा।

    भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है।

    राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो।

    रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई।

    सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

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    Fri, 31 Oct 2025 13:13:12 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में जल्द बन रही हाइड्रोलिक पार्किंग, 1.5 लाख लोगों के लिए होगी सुविधा https://citytoday.co.in/4115 https://citytoday.co.in/4115 भोपाल 

    एमपी के भोपाल शहर में पहली हाइड्रोलिक पार्किंग बनने जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक बिट्टन मार्केट में अब पार्किंग की समस्या से जल्द ही निजात मिलने वाली है। नगर निगम यहां पीपीपी मॉडल पर एक अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित प्रोजेक्ट मूल्य 15-20 करोड़ तक होगा।

    15 हजार वर्ग मीटर में बनने वाली यह पार्किंग करीब रोज पहुंचने वाले 1.5 लाख ग्राहकों को परेशानियों से मुक्त करने का काम करेगी। यह पार्किंग सब्जी हाट क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

    अभी है पार्किंग की समस्या

    बिट्टन मार्केट में सब्जी हाट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए भी शहरभर से लोग आते हैं। सामान्य दिनों में भी यह क्षेत्र वाहनों की पार्किंग से अटा रहता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। यहां सप्ताह में तीन दिन सब्जी हाट लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है। लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज की कॉलोनियों में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे चोरी और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है।

    प्रोजेक्ट की समय-सीमा और तैयारी

    -ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी: अगले 15 दिन के भीतर। प्रारंभिक तौर पर दो कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।

    -फाइनल प्रोपोजल: ईओआइ के बाद 50 दिन के भीतर तय होने की संभावना।

    -डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट): 100 दिन के अंदर बनकर तैयार होगा।

    -अनुमति के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट: अगले 4 माह में भेजी जाएगी।

    -पार्किंग निर्माण: अधिकारियों का अनुमान है कि 18 माह में नई हाइड्रोलिक पार्किंग बनकर तैयार हो जाएगी।

    क्या होती है हाइड्रोलिक पार्किंग

    हाइड्रोलिक पार्किंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसे मल्टी-लेवल कार पार्किंग सिस्टम भी कहा जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोलिक लिफ्टों का इस्तेमाल करके वाहनों को एक के ऊपर एक या कम जगह में अधिक ऊंचाई पर पार्क किया जाता है। पारंपरिक पार्किंग की तुलना में कई गुना ज्यादा वाहन खड़ा करने की क्षमता रखती है।

    यह परियोजना न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। सकती है। संस्कृति जैन, आयुक्त, निगम

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    Thu, 30 Oct 2025 15:17:36 +0530 news desk MPcg
    Makhan Lal Chaturvedi University में हादसा : छात्र दिव्यांश तीसरी मंजिल से गिरा, सीसीटीवी फुटेज आया सामने | Divyansh chouksey https://citytoday.co.in/4114 https://citytoday.co.in/4114 Thu, 30 Oct 2025 15:15:58 +0530 news desk MPcg मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश, सोयाबीन, गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान https://citytoday.co.in/4112 https://citytoday.co.in/4112 भोपाल 

    वर्तमान समय प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि अपना कहर बरपा रही है। प्रदेश  में कहीं भारी बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है, इसके चलते किसान अपनी फसलों को लेकर बहुत चिंतित है। तेज हवा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हो गयी है। वर्तमान समय में रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है। किसानों के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट यह है 

    बेमौसम बारिश ने राज्य के कई क्षेत्रों में किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। आगर मालवा, ग्वालियर-चंबल व विंध्य महाकोशल से फसलों के नुकसान की खबरें हैं। खेत खलिहानों में रखी कटी फसल और खेतों में खड़ी फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। खंडवा में इस बार मौसम (MP Rains) ने पहले सोयाबीन की फसल को प्रभावित किया और अब फसल भीगने से मक्का में अंकुरण शुरू हो गया है। सूखने के लिए रखी उपज भीगने से काली भी पड़ रही है। 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

    चक्रवात (Cyclone Montha) की वजह से रतलाम जिले में पांचवें दिन बुधवार को भी मावठे का असर बना रहा। इससे मटर की फसल खराब हो रही है, वहीं ज्यादातर किसान खेतों में जलजमाव, अत्यधिक नमी के चलते रबी की तैयारी व बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में मक्का, सोयाबीन, कपास फसल भीगी है। किसानों को फसल सुखाने का मौका नहीं मिल रहा है।

    आलीराजपुर में मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उज्जैन के नागदा, बड़नगर और खाचरौद में खेतों में पानी भर गया है। गेहूं और मटर की फसल प्रभावित हुई है। धार के बदनावर क्षेत्र में चार घंटे में 76 मिमी बारिश हुई है। इससे खेतों में जलभराव की स्थिति बनी। खुले में पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भीग गई। तेज हवा से पपीता के पौधे टूटकर गिर गए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश मटर के फूल और फलियों दोनों के लिए हानिकारक है। गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा।
    महाकोशल-विंध्य में भी नुकसान

    महाकोशल-विंध्य के जिलों में भी फसलों को असमय बारिश से नुकसान पहुंचा है। डिंडौरी जिले में बारिश होने से सोयाबीन की फसल अधिक प्रभावित हुई है। दाने काले पड़ गए हैं। पककर तैयार धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। बारिश से सोयाबीन,उड़द की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। खेत में कटकर रखी धान की फसल भीग गई है, जिसमें अंकुरण होने का अंदेशा बना हुआ है। अभी बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे धान सहित अन्य फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है। अनूपपुर में खेतों में पानी भरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार 15 प्रतिशत से कम क्षति हुई है, जिसे नुकसान के दायरे में नहीं माना जाएगा। जल्द ही सर्वे शुरू होगा।
    ग्वालियर चंबल अंचल में बारिश ने रबी फसलों पर बरसाया कहर

    ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खरीफ के समय बारिश से फसल बर्बादी की बाद अब रबी के मौसम में तीन दिन की बारिश ने खेतों में खड़ी धान, बाजरा, मटर, तिल, ज्वार आदि की फसलों में करीब 50 से 60 प्रतिशत नुकसान कर दिया है। सरसों की बुवाई हो चुकी है, खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर आदि जिलों में धान की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। ग्वालियर जिले में ही एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। अभी तक 15 प्रतिशत फसल ही कट सकी है।

    ऐसे में बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर गिरने इसे सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की बालियां काली पड़ने और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड में बाजरा भी खेतों में पका हुआ खड़ा है। बारिश से बाली के दाने काले पड़ने की आशंका है। कई आलू व मटर जैसी फसलों के पौधे सड़ गए हैं।

    इन फसलों में 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। मुरैना में बाजरे की जो फसल में 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की आशंका जताई गई है। दतिया में करीब पांच सौ से अधिक गांवों में धान की फसल खेतों में बिछ गई है। श्योपुर में धान की फसल में 30 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
    सरसों पूरी तरह नष्ट हो गई

        यदि बारिश के साथ-साथ हवा भी चलेगी तो यह नुकसान अधिक होगा। आलू, सरसों, मटर एवं चना तथा मसूर में भी नुकसान है। सरसों की जो 10 दिन के अंदर बोई गई थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई है। बारिश से धान की चमक कम होगी और गिरने की वजह से उत्पादन कम हो जाएगा। – डॉ. शैलेंद्र सिंह कुशवाह, वरिष्ठ विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर।

     

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    Thu, 30 Oct 2025 14:58:03 +0530 news desk MPcg
    मंत्री पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश https://citytoday.co.in/4107 https://citytoday.co.in/4107 मंत्री  पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश

    पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक हुई

    भोपाल 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।

    मंत्री  पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री  पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे।

    बैठक में मंत्री  पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा  अवि प्रसाद, संचालक पंचायत  छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।

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    Thu, 30 Oct 2025 12:52:20 +0530 news desk MPcg
    MP में भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव: अब यूपीएससी की तर्ज पर होगी एक ही परीक्षा से सभी वर्गों की नियुक्ति https://citytoday.co.in/4094 https://citytoday.co.in/4094 भोपाल
    प्रदेश में संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तरह एक ही परीक्षा से सभी वर्गों के कर्मचारियों- अधिकारियों का चयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी एक परीक्षा कराई जाएगी, ताकि अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न करानी पड़ें। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है।

    पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर दो लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    कर्मचारियों के पदनाम परिवर्तन के लिए नए आयोग का गठन होगा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है।

    राज्य शासन ने एक जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मिलित कर नया आयोग बनाया जाएगा।

    जल्द देंगे पदोन्नति का लाभ
        मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने नौ साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है।
        सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग चार लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केंद्रीय कर्मचारियों के समान कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी पांच समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है।
        जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, इस मौके पर कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे।
        अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं। जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा।

    25 वर्षों में कई बार बदल गईं भर्ती एजेंसियां
    प्रदेश में पिछले 25 वर्षों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए कई बार नई- नई एजेंसियों का गठन हो चुका है, फिर भी गड़बड़ियां नहीं रुक पाई हैं। कांग्रेस सरकार में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए मिनी पीएससी हुआ करती थी। इसके बाद कई वर्षों तक मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा करवाने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापम) द्वारा कराई गईं। लेकिन 2013 में परीक्षा भर्ती घोटाला सामने आने के बाद इसका नाम बदलकर पीईबी यानी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया गया। इसके साथ ही कर्मचारी चयन मंडल के जरिए भर्ती कराई जा रही है। कई भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा एमपी ऑनलाइन को भी दिया गया है।
        एक जनवरी 2026 से होगी वर्ष में एक बार परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर वर्ष में केवल एक बार परीक्षा होगी और सभी श्रेणी के पदों के लिए प्रावीण्य सूची बना ली जाएगी।
        प्रतीक्षा सूची भी एक ही रहेगी। जनवरी, 2026 से भर्ती-चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है।
        राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती परीक्षाएं अब बार-बार नहीं होंगी।
        प्रदेश में द्वितीय और कार्यपालिक तृतीय श्रेणी के पदों की भर्ती पीएससी के माध्यम से होती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए कर्मचारी चयन मंडल परीक्षाएं कराता है।
        अभी जैसे-जैसे विभागों की ओर से पद उपलब्ध होते हैं, वैसे-वैसे दोनों एजेंसियां अपने कैलेंडर के हिसाब से परीक्षाएं आयोजित करती हैं। नई प्रक्रिया में युवाओं को बार- बार फीस भी नहीं देनी पड़ेगी।

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    Wed, 29 Oct 2025 12:40:14 +0530 news desk MPcg
    बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4093 https://citytoday.co.in/4093 बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया।

    सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया।

    जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम

    अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।

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    Wed, 29 Oct 2025 12:35:39 +0530 news desk MPcg
    IMD का येलो अलर्ट: मध्यप्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश की संभावना https://citytoday.co.in/4088 https://citytoday.co.in/4088 भोपाल
     सर्दी की शुरुआत में छाए बादलों का बरसना जारी है। सोमवार को प्रदेश के श्योपुर और शिवपुरी में बादल जमकर बरसे। श्योपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 56 मिलीमीटर और शिवपुरी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी कहीं तेज-कहीं हल्की बारिश हुई।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो दिन बाद प्रदेश के छह जिलों में अलग-अलग जगह बनीं मौसम प्रणालियों के असर से भारी वर्षा हो सकती है। उधर, इस बदले मौसम का असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है।

    सबसे कम तापमान श्योपुर में

    प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट श्योपुर में दर्ज हुई। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 11.4 डिग्री सेल्सियस कम रहकर 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के पांच सिस्टम बने हुए हैं। इनमें से तीन सिस्टम काफी मजबूत हैं, जिनमें बंगाल की खाड़ी में चक्रवात, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ का होना शामिल हैं। इन सिस्टम की वजह से हवाओं के साथ नमी के साथ प्रदेश में बादल आ रहे हैं।

    भारी बारिश का अलर्ट

    इसके असर से 29 और 30 अक्टूबर को खासतौर पर प्रदेश के छह जिलों सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, राजधानी की बात करें तो यहां हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    चार बड़े शहरों में तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में):

    भोपाल — अधिकतम 30.4, न्यूनतम 20.4

    इंदौर — अधिकतम 29.8, न्यूनतम 20.2

    ग्वालियर — अधिकतम 23.4, न्यूनतम 21.6

    जबलपुर — अधिकतम 31.8, न्यूनतम 20.5 

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    Tue, 28 Oct 2025 15:21:19 +0530 news desk MPcg
    1 नवंबर से स्पीड पोस्ट पर छूट, जानें नया पार्सल बुकिंग समय https://citytoday.co.in/4056 https://citytoday.co.in/4056 भोपाल 
    डाक विभाग युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने लेकर आया है। जानकारी के लिए बता दें कि डाक विभाग की प्रीमियम सेवा स्पीड पोस्ट के प्रति आकर्षित करने के लिए बुकिंग कराने पर 10 प्रतिशत की छूट प्रदान करने जा रहा है। इसके लिए विभाग छूट योजना लेकर आया है। इसमें अगर युवा 100 रुपए की स्पीड पोस्ट बुक कराता है तो उसे 10 रुपए की छूट मिलेगी।

    विभाग की युवा हितैषी योजना एक नवंबर से प्रारंभ होगी। विभागों ने प्रधान डाकघरों में डाक और पार्सल बुकिंग का समय रात्रि आठ बजे तक कर दिया है। वहीं छात्रों को शैक्षणिक या भर्ती संबंधित स्पीड पोस्ट पर छूट मिलेगी।

    छूट के दायरे में विद्यार्थी, ये होंगे नियम
    -डाक पर प्रेषक में छात्र का नाम होना चाहिए और छात्र को अपनी आइडी दिखानी होगी।
     
    -प्राप्तकर्ता कोई मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान या भर्ती एजेंसियां या अन्य समकक्ष होनी चाहिए।

    -स्पीड पोस्ट बुकिंग के समय छात्र को मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा जारी अपना आइडी प्रस्तुत करना होगा।

    -प्रत्येक डाक लिफाफे पर स्पष्ट रूप से विद्यार्थी डाक (स्टूडेंट मेल) लिखा होना चाहिए।

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    Mon, 27 Oct 2025 12:34:30 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में बनेगी देश की पहली एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट, मप्र बना अग्रणी राज्य https://citytoday.co.in/4039 https://citytoday.co.in/4039

    भोपाल 

    पड़ोसी राज्यों में मप्र पहला ऐसा राज्य है जो एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट (टियरडाउन यूनिट) स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जर्मनी की एक कंपनी से इसके लिए बातचीत चल रही है। यह यूनिट देश में एयरोप्लेन की कमी को दूर करने में अहम रोल अदा करेगी। भविष्य में मप्र को एयरोप्लेन का रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) यूनिट भी मिल सकती है। जब किसी भी राज्य में ये दोनों यूनिट हो तो प्लेन का निर्माण करने वाली कंपनियां उत्पादन की दिशा में कदम रख सकती है। डिस्मेंटल यूनिट लगाने की इच्छुक जर्मनी कंपनी के प्रमुखों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो दौर की बातचीत हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उक्त यूनिट की स्थापना को लेकर काफी प्रयासरत है। इसकी शुरुआत जर्मनी यात्रा के दौरान हुई थी। तभी मुख्यमंत्री से उक्त यूनिट में रूचि रखने वाली कंपनी के प्रमुखों की बातचीत हुई थी, इसके बाद जर्मनी का एक दल हाल में मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आया था। अधिकारियों की माने तो सरकार कंपनी को जमीन और कई सुविधाएं देने को तैयार है। इस यूनिट को सरकार 70 से 100 एकड़ जमीन देने के लिए लगभग तैयार है। कंपनी की शर्त है कि उन्हें भोपाल के नजदीक जमीन दी जाए, ताकि उक्त यूनिट के लिए जरूरी अमले को आवागमन में आसानी हो। हालांकि सरकार के पास भोपाल के आसपास जमीन की उपलब्धता बहुत कम है।

    क्या होती है एयरोप्लेन डिस्मेंटल यूनिट

    यह हवाई जहाज को विघटित करने वाली इकाई अर्थात टियर डाउन इकाई कहलाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी विमान को व्यवस्थित रूप से अलग किया जाता है। इसमें सबसे अहम, उपयोगी पुर्जों अथवा उपकरणों को बचाना प्रमुख चुनौती होती है। इस प्रक्रिया में खतरनाक सामग्रियों को हटाना, इंजन और लैंडिंग गियर जैसे प्रमुख पुर्जों को अलग करना, फिर शेष संरचना को पुनर्चक्रण के लिए छोटे टुकड़ों में काटना शामिल होता है।

    प्लेन डिस्मेंटल यूनिट से प्रदेश को ये होंगे फायदे प्लेन एक बड़ा स्ट्रक्चर होता है, जिसे नष्ट करने की प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल होती है। इसमें कई महीने लगते हैं और सैंकड़ों कर्मचारियों की जरुरत होती है, जो कि प्रभावी तकनीकी से दक्ष होते हैं। यूनिट स्थापित की जाती है तो एयरोप्लेन के निर्माण से जुड़े कामों में दक्ष कर्मचारियों का मूवमेंट बढ़ेगा। प्लेन में कई कलपुर्जे होते हैं, जिनकी औसत आयु अलग-अलग होती है। ये बहुत महंगे और आसानी से उपल–ब्ध नहीं होने वाले उपकरणों में शामिल होते हैं। जब कई अलग-अलग कारणों से प्लेन को ऑपरेशन से बाहर किया जाता है तब भी उक्त प्लेन में उपयोग किए जाने योग्य कई उपकरण होते हैं, इन्हें सुरक्षित निकालना और उपयोग करना बड़ी चुनौती होता है।

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    Fri, 24 Oct 2025 13:41:16 +0530 News desk Hindi
    भोपाल& दिल्ली से गिरफ्तार हुए 2 आतंकी, ISI से जुड़े होने का हुआ खुलासा — फिदायीन प्लान क्या था? https://citytoday.co.in/4038 https://citytoday.co.in/4038 भोपाल/ दिल्ली 

    देश में बड़े आईएसआई मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है. आईएसआईएस से जुड़े 2 आतंकी पकड़े गए हैं. दिल्ली पुलिस ने साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से एक आतंकी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा मध्य प्रदेश के भोपाल से पकड़ा गया है. दोनों संदिग्ध आतंकी की उम्र 20-26 वर्ष के बीच बताई जा रही है. ये देश में फिदायीन हमले की फिराक में थे.

    इन दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी आईएसआई से लिंक सामने आए हैं. गिरफ्तार आतंकियों के पास से कई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई हैं. प्रारंभिक पूछताछ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स से सीधे संपर्क का खुलासा हुआ है. ये आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे.

    सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी ऑनलाइन रेडिकलाइज्ड थे. यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था. फिलहाल मामले की पूरी जांच जारी है, और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. यह कार्रवाई भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है.

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन दोनों में से एक आतंकी का नाम अदनान है. दिल्ली के सादिक नगर और भोपाल से दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है. दोनों आतंकी फिदायीन अटैक करने की ट्रेनिंग भी ले रहे थे. विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

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    Fri, 24 Oct 2025 13:37:10 +0530 News desk Hindi
    लाड़ली बहनों के खाते में आज आएगा 250 रुपए का शगुन, CM निवास में भाई दूज समारोह हुआ आयोजित https://citytoday.co.in/4031 https://citytoday.co.in/4031 भोपाल 

    मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में भाई दूज के शगुन का पैसा आएगा? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के तौर पर महिलाओं के खाते में 1250-1250 रुपये तो आ चुके हैं, लेकिन उन्हें रक्षाबंधन और भाई दूज के मौके पर मिलने वाले 250 रुपये के शगुन का इंतजार है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में भाई दूज का कार्यक्रम है, जिसमें लाडली बहनें शामिल होंगी।

    मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहनों को दिए संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है , जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है।

    यह राशि ट्रांसफर करने के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है, जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है।

    लाड़ली बहनों के खाते में जमा हुए 44917.92 करोड़

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रुपए सीधे बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

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    Thu, 23 Oct 2025 13:07:53 +0530 News desk Hindi
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विश्वास: लाड़ली बहनों से किया वादा जल्द होगा पूरा, सरकार बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए लगातार प्रयासरत https://citytoday.co.in/4016 https://citytoday.co.in/4016 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों को भाईदूज के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में 250 रुपए की राशि देने का वादा पूरा किया जा रहा है। अब बहनों के योजना के अंतर्गत 1500 रुपए प्राप्त होंगे। भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा की तरह लाड़ली बहनों को यह राशि योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी लाड़ली बहनों को भाईदूज की बधाई भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज के त्यौहार सौगात देने का अवसर बने हैं। इस क्रम में किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के लिए 1800 करोड़ की राहत राशिजिलों में दी गई। प्रत्येक क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, पीला मोजेक जैसी समस्याओं का सर्वे करवाकर किसानों को मदद पहुंचाई गई। इसके लिए जिलों में आवश्यक प्रबंधन किया गया। सरकार अन्नदाता के जीवन में आए कष्ट में उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ईदगाह हिल्स में निर्धन बेटियों के साथ दीपावली मनाने के बाद टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

     

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    Wed, 22 Oct 2025 16:30:23 +0530 News desk Hindi
    पीएम&कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ https://citytoday.co.in/3989 https://citytoday.co.in/3989 पीएम-कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ

    किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    भोपाल

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन व नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने आज एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भोपाल स्थि‍त क्षेत्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता हेतु निष्पादित पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) को हितग्राहियों में वितरित करने का कार्यक्रम प्रारंभ किया।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  अविनाश लवानिया, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्ष‍ितिज सिंघल, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक  अमनवीर सिंह बैंस, पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक  राकेश ठुकराल, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक  गुरदीप सिंह खनूजा, महाप्रबंधक रजनीश रेजा सहित अन्य वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे।

    समयबद्ध व शीघ्र निष्पादन के लिए पीएमसी की सराहना

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए का समयबद्ध व शीघ्रतापूर्वक निष्पादन करने के लिए पॉवर मैनेजमेंट कंपनी व कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक कार्यालय की सराहना की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी और वहीं पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी। मंत्री  तोमर ने कहा कि इस योजना की नियमित मॉनीटरिंग की जाए और किसानों की योजना संबंधी कठिनाईयों का निराकरण करने के हर संभव प्रयास किए जाएं।

    पीएम कुसुम योजना में 1790 मेगावाट क्षमता के होंगे ऊर्जा संयंत्र

    मध्यप्रदेश में किसानों की आय में वृद्ध‍ि एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ में भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 1790 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिये प्रदान की गई।

    योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट के पीपीए निष्पादित

    प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं।

    योजना के द्वितीय चरण के पीपीए वितरण कार्य प्रक्रियाधीन

    योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित करने का कार्य किया जा रहा है।

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    Wed, 15 Oct 2025 15:38:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में वायु गुणवत्ता बिगड़ी: AQI तीन गुना बढ़कर 128 पहुंचा, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी https://citytoday.co.in/3956 https://citytoday.co.in/3956 भोपाल 
    सांस और हार्ट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है। सात दिन में प्रदूषण तीन गुना बढ़ गया है। हवा में धूल के साथ ओजोन गैस की मात्रा अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंकड़ों में यह बात सामने आई है। टीटी नगर में इसका असर सबसे अधिक है।

    हवा की गुणवत्ता जांचने शहर में सात स्थानों पर जांच हो रही है। इनमें तीन रियल टाइम मॉनिटरिंग हैं। एयर क्वालिटी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक्यूआइ औसत 128 मापा गया है, जबकि 6 अक्टूबर को यह 39 था। इसमें पीएम 10 और ओजोन बड़ा कारण रहा। टीटी नगर, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स क्षेत्र में रियल टाइम जांच में हवा की यह रिपोर्ट सामने आई।

    ये हैं नुकसान

    -हवा में धूल-धुएं के बढ़ने से सबसे पहले नाक, गला और आंखों में जलन

    -फेफड़ों में सूजन की समस्या

    -कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वालों को दिक्कत

    -हृदय पर तनाव बढ़ेगा

    ऐसे करें बचाव

    -सामान्य मास्क की जगह 95 मास्क का इस्तेमाल करें।

    -सुबह के समय धूल के कण अधिक होते हैं, इसलिए बचें।

    -इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए ताज़े फल और पानी ज्यादा पीएं।

    एक्सपर्ट बोले अभी और बिगड़ेगी स्थिति

    पर्यावरणविद् एसके दुबे के मुताबिक शहर में धूल उड़ है। टूटी सड़कें बड़ा कारण है, वहीं कचरा जलाने के मामले बढ़े हैं। यह ओजोन का स्तर बढऩे का कारण है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा का प्रदूषण अभी और बढ़ेगा।

    एक्यूआर का स्तर बढ़ रहा है। धूल इसका प्रमुख कारण है। मौसम खुलने से धूल और धुंआ का स्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पीएम 10 सहित वाहनों का धुआं एक्यूआइ बढ़ा रहा है। सर्दी बढऩे के साथ यह स्तर और बढ़ेगा। ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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    Tue, 14 Oct 2025 12:22:22 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में 16 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट में सामने आईं 5 सबसे खतरनाक जगहें https://citytoday.co.in/3955 https://citytoday.co.in/3955 भोपाल
    राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है।

    तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका
    आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए।

    कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत
    पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए।

    मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट
    मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं।

    रात में ज्यादा हादसे
    रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए।

    ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट
    भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।

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    Tue, 14 Oct 2025 12:17:53 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में इंजीनियर को दौड़ा&दौड़ाकर पीटा, पुलिस की बर्बरता सीसीटीवी में कैद https://citytoday.co.in/3939 https://citytoday.co.in/3939 भोपाल
     इंजीनियर उदित गायकी की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की बर्बरता की इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    गुरुवार-शुक्रवार रात को 22 वर्षीय उदित गायकी इंद्रपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ कार में म्यूजिक बजाकर पार्टी कर रहा था। इसकी सूचना जब रात्रि गश्त कर रहे पिपलानी थाने के आरक्षक सौरभ और संतोष को मिली तो वे युवकों के पास पहुंचे। पुलिस को देखकर उदित घबरा गया और भागने लगा, तब सौरभ ने उसे पकड़ा और डंडे से बेरहमी से उसकी पिटाई की।वह उदित के पांव के पंजों को अपने जूते से दबाता है। इतना ही नहीं, जूते की नोक उदित के पैर पर रगड़ देता है। वहीं, दूसरा पुलिसकर्मी इस दौरान उदित के दोस्तों से बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, उदित के पिता का कहना है कि उनके बेटे को रायफल की बट से पीटा गया। जिसके निशान उसके शरीर पर थे।

    सीसीटीवी में कैद हुई पुलिस की बर्बरता

    साथ ही संतोष बंदूक लेकर उसके पास खड़ा रहा। पुलिस की यह बर्बरता गली में लगे सीसीटीवी में भी कैद हुई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उदित की कार में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। उधर मृतक की पीएम रिपोर्ट में अग्नाशय में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद आरक्षकों के विरुद्ध शुक्रवार रात को हत्या का केस दर्ज किया गया।

    शनिवार को आरोपितों को गिरफ्तार किया और शनिवार को उन्हें जेल भेजा गया। आरोपित आरक्षक सौरभ आर्य मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। वह गोविंदपुरा पुलिस लाइन में रहता था। वह वर्ष 2018 के बैच का पुलिसकर्मी है। सौरभ लंबे समय से पिपलानी थाने में पदस्थ था। वहीं आरक्षक संतोष बामनिया ने 2021 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह जहांगीराबाद में जेल रोड स्थित मैसूर सैयद कालोनी में रहता था।.

    FIR में कई खामियां, आरोपियों को बचाने का प्रयास उदित के पिता राजकुमार गायकी ने भी दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- मेरा इकलौता बेटा चला गया। पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें एफआईआर में कई खामियां दिख रही हैं। हम इस एफआईआर से संतुष्ट नहीं हैं। भोपाल पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    मैं शासन से मांग करता हूं कि केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। जिससे जांच में किसी तरह की बाधा न हो। मेरे बेटे को न्याय मिल सके। आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होना चाहिए। मेरा बेटा नहीं, मेरी जिंदगी चली गई है। मेरे सारे सपने चले गए हैं। मैंने अपने पूरे जीवन की कमाई उस पर लगाई। उससे मुझे बहुत उम्मीदें थीं।

    सीबीआई जांच की मांग

    मृतक उदित के मामा सुभाष गवांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्याय सम्मत एफआईआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में जांच को प्रभावित भी किया जा सकता है। इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उदित को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि एफआईआर में रिश्वत मांगने और मारपीट का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए था।

    मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा राजकुमार गायकी ने कहा- उदित को इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया? सरकार इस पर संज्ञान ले और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है। इन पुलिस वालों को भी मौत की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपने साथियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

    वे मिलकर केस कमजोर करना चाहते हैं। मैं फिर कहता हूं कि मेरे बेटे को न्याय देना है तो आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। ऐसी सजा से ही नजीर बनेगी कि आगे कोई पुलिसवाला किसी की भी जान लेने में सौ बार सोचेगा। मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया है, उसके सिर में डंडे मारे, उसके जिस्म पर कई जगह रायफल की बट से पीटने के निशान मिले हैं।

    बेटे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट है, मैंने स्वयं यह निशान देखे हैं। मेरा दिल फट जाता है, जब यह मंजर को याद करता हूं। क्या यहां जंगल राज है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि आरोपियों को फांसी दिलाओ।

    ताऊ बोले- आरोपियों का पक्ष FIR में क्यों? उदित के ताऊ केके गायकी ने कहा- मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। एफआईआर में डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने की बात नहीं लिखी है। एफआईआर में घटना को मेंशन किया जाना चाहिए, न कि आरोपियों का साथ दिया जाना चाहिए।

    इससे पहले तो मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मार डालने के उद्देश्य से ही जानवरों की तरह उदित को पीटा गया। एक पुलिसकर्मी ने उसके हाथ पकड़े, दूसरे ने उसे बेरहमी से पीटा है। मार डालने के उद्देश्य से ही उसे पीटा गया है।

    शॉर्ट पीएम में पेनक्रियाज डैमेज होने की बात स्पष्ट है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह साफ नहीं किया कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के कारण पेनक्रियाज डैमेज हुआ है। रही बात दोस्तों के बयानों की तो वे बच्चे हैं, उन्हें कुछ भी बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है।

    पुलिस ने दबाव डालकर बयान दिलाए हालांकि, उदित के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उदित के दोस्तों से इस तरह के बयान दर्ज कराए हैं। दोस्तों के हवाले से लिखे घटनाक्रम में जान बूझकर मारपीट और अभद्रता की बात उल्लेख नहीं कराई गई, जिससे आरोपी पुलिसकर्मियों को आगे राहत मिल सके।

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    Mon, 13 Oct 2025 18:35:35 +0530 news desk MPcg
    सीएम मोहन यादव आज MSME सम्मेलन में सौंपेंगे ₹200 करोड़ की अनुदान राशि, युवाओं को मिलेगा ऋण https://citytoday.co.in/3936 https://citytoday.co.in/3936 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे।

    यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे।

    200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग

    सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा।

    नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे।
    एमओयू साइन होगा

    सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

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    Mon, 13 Oct 2025 14:01:57 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, 113 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होगी https://citytoday.co.in/3931 https://citytoday.co.in/3931 भोपाल
     भोपाल जिले में कॉलोनाइजरों द्वारा किसानों के साथ मिलकर खेती जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं। जब इन सभी कॉलोनाइजरों को चिह्नित कर नोटिस देते हुए अनुमतियों के दस्तावेज मांगे गए तो यह कलेक्टर न्यायालय में पेश नहीं कर सके। ऐसे में अब इन सभी अवैध कॉलोनियों को काटने वाले बिल्डर, किसान व अन्य सहित करीब 113 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

    इसको लेकर कलेक्टर न्यायालय द्वारा इनकी सूची बनाकर एसडीएम को थमा दी गई है और जल्द से जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि जमीनी स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनसे भी जवाब-तलब किया जाएगा। शहर के नगरीय क्षेत्र में प्रापर्टी के दामों में जमकर वृद्धि होने के बाद से अब लोग मकान, प्लाट, फार्म हाउस खरीदने के लिए शहरी क्षेत्र से लगी सीमा पर ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर प्रापर्टी की खरीदारी कर रहे हैं।

    तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं

    यही कारण है कि बड़े -बड़े बिल्डर यहां स्थित जमीनों के मालिक यानि किसानों के साथ मिलकर बिना किसी अनुमति के अवैध कॉलोनिया काटकर प्लाट बेच रहे हैं। जिसमें किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली जाती है बस खरीदार को बदले में एक रजिस्ट्री थमा दी जाती है। जिसके बाद में बिजली, पानी, सड़क, सीवेज सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं।

    इन्हीं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हुजूर, कोलार तहसील, गोविंदपुरा वृत्त के एसडीएम और तहसीलदारों को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। कलेक्टर न्यायालय में अवैध कॉलोनी काटने के मामले में एसडीएम द्वारा चिह्नित कॉलोनाइजर, बिल्डर व किसानों को नोटिस जारी कर अनुमति संबंधी दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था।

    कलेक्टर न्यायालय में वह डायवर्जन, भवन अनुज्ञा सहित अन्य कोई भी ऐसी अनुमति नहीं पेश कर पाए, जिससे यह साबित हो सके कि वह अवैध कॉलोनी नहीं काट रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने सभी के खिलाफ एसडीएम को एफआईआर करवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सूची कुछ दिनों पहले हुजूर, कोलार एसडीएम को भेज दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं।
    नगरीय सीमा से लगे इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां

    जिले में नगरीय सीमा से लगे जिन क्षेत्रों में जमकर खेती की जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इनमें सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापीन, सुरैया नगर, छावनी पठार, कुराना, कानासैया, खंडाबर, सिकंदराबाद, थुआखेड़ा, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, कलखेड़ा, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां, हज्जाम सहित बसई शामिल हैं।
    एसडीएम को दिए एफआईआर के निर्देश

        जिले में बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाट बेचने वालों की सूची तैयार कर ली है। उनके खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश हुजूर, कोलार तहसील के एसडीएम को दिए गए हैं। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो जवाब तलब किया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

     

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    Sun, 12 Oct 2025 13:01:30 +0530 news desk MPcg
    सोमवार को होगा एमएसएमई सम्मेलन https://citytoday.co.in/3930 https://citytoday.co.in/3930 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज भोपाल में एमएसएमई सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में उद्यमियों और स्टार्टअप को अनुदान तथा सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित रहेंगे। वर्चुअली कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले भी जुड़ेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 औद्योगिक क्षेत्रों, 3 नवीन कार्यालय भवनों की वर्चुअली आधारशिला रखेंगे। सम्मेलन में एमएसएमई एवं ओएनडीसी के मध्य एमओयू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। साथ ही उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड वितरण भी करेंगे। सम्मेलन में नव उद्यमी और स्टार्टअप्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

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    Sun, 12 Oct 2025 12:57:31 +0530 news desk MPcg
    नशे के खिलाफ सख्ती: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति https://citytoday.co.in/3919 https://citytoday.co.in/3919 भोपाल 

    मध्य प्रदेश शासन ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, उनकी अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।

    समिति में गृह, चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय, वन, कृषि, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव शामिल होंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक, एनसीबी, डीआरआई, सीबीएन, ईडी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डाक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति राज्य में नशे की रोकथाम से जुड़े सभी पहलुओं पर नीति और रणनीति तैयार करेगी। इसके तहत ड्रग्स की तस्करी पर निगरानी, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले अवैध परिवहन को रोकना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे।

    इसके अलावा समिति राज्य में फोरेंसिक जांच क्षमता को बढ़ाने, अवैध मादक फसलों की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने और केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के उपयोग की निगरानी भी करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इस समिति के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जा सके और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जाए। 

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    Sat, 11 Oct 2025 18:27:23 +0530 news desk MPcg
    मानसून की वापसी अधूरी, ठंड ने पकड़ी पकड़; एमपी के कई शहरों में तापमान गिरा https://citytoday.co.in/3918 https://citytoday.co.in/3918 भोपाल
     मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में मानसून विदाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब अधिकांश शहरों में मौसम शुष्क और साफ नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 36 घंटों में प्रदेश से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा. कुछ जगहों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. वहीं, जोरदार बारिश के बाद अब दिन में चटक धूप खिल रही है और शाम होते ही गुलाबी ठंडक का अहसास होने लगा है. इस बार ठंड की शुरुआत सामान्य से कुछ जल्दी हो गई है और संभावना है कि दीपावली तक लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले लें.

    17 साल में अक्टूबर में तेज ठंड
    राजधानी भोपाल में पारा अक्टूबर में 18 डिग्री तक गिर गया है, जो पिछले 17 वर्षों में पहली बार हुआ है. पचमढ़ी के मुकाबले राजगढ़ और इंदौर शहरों में तापमान अधिक ठंडा महसूस हो रहा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजगढ़ में 14.5 डिग्री, इंदौर में 15.5 डिग्री और खंडवा में 17 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. भोपाल में भी न्यूनतम पारा 18 डिग्री तक गिरा है.

    गुना में हुई सबसे ज्यादा बारिश
    मानसून सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई. मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई. इसके विपरीत, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं.

    पहाड़ों की बर्फबारी से बदली हवा का रुख

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर से ठंडा हो गया है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ सकती है।
    40 से ज्यादा जिलों से लौट चुका है मानसून

    राज्य में मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार तक भोपाल, इंदौर, धार, बुरहानपुर, खंडवा, सीहोर, सागर, रायसेन, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम और बैतूल समेत 40 से अधिक जिलों से मानसून विदा हो चुका है।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिंगरौली, सीधी, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों से भी अगले 2 दिन में मानसून की पूरी तरह से विदाई हो जाएगी।
    पूर्वी जिलों में अभी बनी रहेगी बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अभी हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक बालाघाट, मंडला, सिवनी और उमरिया जिलों में बादल छाए रहेंगे। शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा।
    इस सीजन में गुना रहा सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला

    मानसूनी सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई।
    सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं।
    इंदौर संभाग की स्थिति में हुआ सुधार

    मानसून की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश की स्थिति कमजोर थी, लेकिन सितंबर में तेज बारिश ने संतुलन बना दिया। इंदौर में अब सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया है, हालांकि उज्जैन में अभी भी औसत से कम वर्षा हुई है।
    ग्वालियर-चंबल में जमकर बरसा मानसून

    ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में इस बार मानसून सक्रिय रहा। यहां के सभी जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी, खासकर छतरपुर, मंडला और उमरिया जिलों में।
    अक्टूबर में मौसम का पुराना रिकॉर्ड

        भोपाल में अक्टूबर का औसत अधिकतम तापमान 32.7°C और न्यूनतम 19.1°C रहता है। वर्ष 2012 में तापमान रिकॉर्ड 38°C तक पहुंच गया था।

        इंदौर में 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2°C दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है।

        ग्वालियर में 27 अक्टूबर 1994 को 40.1°C तक तापमान पहुंचा था।

        जबलपुर में 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5°C रहा था।

        उज्जैन में 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम 8.1°C और 2002 में दिन का तापमान 39°C दर्ज हुआ था।

    अब गुलाबी ठंड का इंतजार

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले सप्ताह में मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं लगातार सक्रिय हैं। इससे सुबह और देर शाम सर्दी का अहसास और बढ़ जाएगा।

    तीन दिन तक पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी का अनुमान मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक पूर्वी हिस्से के जिलों में बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश होने के आसार है। शुक्रवार को पूर्वी हिस्से के तीन जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है।

    इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है।

    ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

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    Sat, 11 Oct 2025 18:17:18 +0530 news desk MPcg
    भोपाल: हेलमेट नहीं पहना? तीसरी बार पकड़े जाने पर खाकी भी नहीं बचेगी – बड़ा जुर्माना तय! https://citytoday.co.in/3893 https://citytoday.co.in/3893 भोपाल
    सड़कों पर लोगों के चालान काट खुद नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों को यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बहुत भारी पड़ेगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) ने पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि दो बार से अधिक बिना हेलमेट किसी पुलिसकर्मी का चालान हुआ तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

    बात यहीं तक नहीं है। नये आदेशों में यह भी है कि इस कार्रवाई के बाद भी पुलिसकर्मी यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। यानी इस मनमानी से उनकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। पीटीआरआई के इस निर्देश के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस में हलचल मच गई है। भोपाल में ही अब तक 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के चालान बनाए जा चुके हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जो बिना हेलमेट ड्यूटी पर या निजी काम से दोपहिया वाहन लेकर निकले थे। कई मामलों में तो पुलिसकर्मी खुद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते हुए पकड़े गए।
     
    पीटीआरआई ने सभी जिला पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर नियमित निगरानी रखें और यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। यह भी कहा गया है कि सड़क पर पुलिसकर्मी आम जनता के सामने अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं, ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे खुद ट्रैफिक नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद केवल अनुशासन बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति पुलिसकर्मियों में जागरूकता बढ़ाना भी है। अगर पुलिस ही नियमों को तोड़ेगी तो जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

    इस तरह पकड़ में आएगी खाकी की बदमाशी
    चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस नाम और मोबाइल नंबर का ब्यौरा लेती है। जिस-जिस व्यक्ति का चालान बनता है, उसका रिकॉर्ड जिला पुलिस के पास दर्ज होता है। एक निश्चित समय के बाद जिला पुलिस देखेगी कि कितने पुलिसकर्मियों पर लगातार हेलमेट नहीं पहनने को लेकर कार्रवाई हुई है। उनका डाटा तैयार किया जाएगा और फिर दो बार से अधिक उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार होगा।

    पुलिस को समाज के आदर्श के रूप में देखा जाता है। नए आदेश के जरिए पुलिसकर्मियों में हेलमेट के प्रति अनुशासन बढ़ाने का प्रयास है। यदि वे लगातार उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी। शाहिद अवसार, एआईजी, पीटीआरआई।

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    Fri, 10 Oct 2025 12:39:36 +0530 news desk MPcg
    प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3892 https://citytoday.co.in/3892 प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए
    मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है।

    विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं।

    संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि।

    कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

    वन–टू–वन मीटिंग

    कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, सपनों का शहर है जो अपनी ऊर्जा और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है। आज मध्यप्रदेश की विकास आकांक्षाओं का साक्षी बन रहा है। यह संवाद केवल व्यापार का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच एक नई, अटूट औद्योगिक साझेदारी की शुरुआत है। हमें मुंबई के निवेशकों से जो उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है, वह हमारी उम्मीदों से बढ़कर है। कई प्रमुख औद्योगिक घरानों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई, जो हमारी नीतियों पर उनके विश्वास का प्रमाण है। आज का निवेशक केवल 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस' ही नहीं देखता, वह 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' भी चाहता है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि मध्यप्रदेश सभी पैमानों पर खरा उतर रहा है।

    हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश में निवेश का हर निर्णय और उसका क्रियान्वयन इतनी तेजी से हो कि यह देश के लिए एक नया बेंचमार्क बने। जिस तरह मुंबई की लोकल ट्रेनें इस शहर की लाइफलाइन हैं, हम चाहते हैं कि हमारी निवेशक-हितैषी नीतियां आपके व्यापार के लिए ग्रोथ की लाइफलाइन बनें। मेरा सभी निवेशकों से आग्रह है कि आप मुंबई और महाराष्ट्र में अपने व्यापार को नई ऊंचाइयां देते रहें, और साथ ही मध्यप्रदेश की अनंत संभावनाओं को अपनाकर अपनी सफलता का एक नया अध्याय लिखें। यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के 'विकसित भारत @2047' का विजन हमारा मार्गदर्शक है। उनके नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास से भरा है, और हम इसी आत्मविश्वास के साथ निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं।

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    Fri, 10 Oct 2025 12:35:54 +0530 news desk MPcg
    CM डॉ यादव ने वीर जवानों का किया सम्मान,जयप्रकाश नारायण और मुंशी प्रेमचंद्र का किया स्मरण https://citytoday.co.in/3879 https://citytoday.co.in/3879 भोपाल:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आज महत्वपूर्ण संदेश साझा किए। उन्होंने भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर सभी वीर योद्धाओं और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। सीएम ने कहा कि हमारे जवानों ने सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा के समय आम लोगों तक राहत पहुंचाने में हमेशा शौर्य, साहस और त्याग के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भारत रत्न से सम्मानित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महान साहित्यकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर भी अपने सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की।सीएम ने न केवल देशभक्ति और सैनिकों के योगदान को सम्मान दिया बल्कि साहित्य और सामाजिक विभूतियों के योगदान को भी याद किया।

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    Wed, 08 Oct 2025 12:46:22 +0530 news desk MPcg
    हरदा में ब्लैकमेलिंग के दो बड़े मामले, पुलिस ने की सख्त कार्रवाई https://citytoday.co.in/3872 https://citytoday.co.in/3872 हरदा (मध्यप्रदेश)

    । मध्यप्रदेश के हरदा जिले में हाल ही में ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने जिले में सनसनी फैला दी है और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर सख्त कदम उठाए हैं।

    पहला मामला एक 27 वर्षीय महिला की आत्महत्या से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि आरोपी साजिद अंसारी उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और उससे ₹1.65 लाख भी वसूले थे। आरोपी द्वारा बार-बार ब्लैकमेल किए जाने से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
    घटना के बाद नगर पालिका ने आरोपी के घर पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    दूसरा मामला हनी ट्रैप ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है। हरदा के किसान कपिल जाट ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला से संपर्क किया था। कुछ समय बाद महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे झांसे में लिया और ₹12 लाख की फिरौती की मांग की। किसान को 28 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    इन दोनों घटनाओं के बाद हरदा पुलिस ने सोशल मीडिया और साइबर ठगी से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि अपरिचित व्यक्तियों से निजी जानकारी या फोटो साझा न करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ठगी व ब्लैकमेलिंग को रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है

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    Wed, 08 Oct 2025 11:27:53 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश सरकार और स्पेन के बीच हुए समझौते से निवेश और विकास को नई दिशा https://citytoday.co.in/3871 https://citytoday.co.in/3871 भोपाल।

     मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में स्पेन की कई प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते (MoU) किए हैं, जिनसे राज्य में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्रा के दौरान हुए इन करारों के जरिए लगभग 11,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने स्पेन की “Submer Technologies” कंपनी के साथ एक बड़ा समझौता किया है। यह कंपनी डेटा सेंटर कूलिंग तकनीक में अग्रणी है। इस MoU के तहत प्रदेश में 1 गीगावॉट तक की “AI-Ready” डेटा सेंटर क्षमता विकसित की जाएगी। इससे ऊर्जा की खपत कम होगी और जल संरक्षण के साथ पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा, सरकार ने स्पेन की “Fira Barcelona International” संस्था के साथ भी एक समझौता किया है, जिसके तहत प्रदेश में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर बड़े वैश्विक आयोजनों, निवेश सम्मेलनों और औद्योगिक प्रदर्शनियों का केंद्र बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में स्पेन के वस्त्र उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और मध्यप्रदेश को कम लागत वाला, पर्यावरण अनुकूल टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में निवेश आमंत्रित किया। राज्य के कपड़ा उद्योग की क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता और उद्योग हितैषी नीतियों को प्रस्तुत किया गया।

    इसके साथ ही स्पेनिश फिल्म कमीशन के साथ भी फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया गया है। इससे मध्यप्रदेश में विदेशी फिल्मों की शूटिंग और स्थानीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय अवसर मिल सकेंगे।

    इन समझौतों से लगभग 14,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग से मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रमुख राज्य के रूप में उभरेगा।”

    मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी के नए युग में ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है

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    Wed, 08 Oct 2025 11:08:30 +0530 news desk MPcg
    जहरीला कफ सिरप : दो नए सिरप में पाया गया जहरीला रसायन, SIT गठित https://citytoday.co.in/3870 https://citytoday.co.in/3870 भोपाल।

    छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप विवाद और गहरा गया है। मध्यप्रदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की जांच में गुजरात निर्मित री लाइफ और रेस्पिफ्रेस टीआर सिरप में खतरनाक रसायन डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा मानक से कई गुना अधिक पाई गई है। यह वही जहरीला तत्व है, जो पहले कोल्ड्रिफ सिरप में भी पाया गया था।

    जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि इन सिरपों में डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 0.1 प्रतिशत तय सीमा से कई गुना अधिक थी, जो किडनी फेल, ब्रेन डैमेज और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। अधिकारियों ने इन दोनों सिरपों पर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    26 से 28 सितंबर के बीच औषधि निरीक्षकों ने प्रदेश भर की दवा दुकानों और अस्पतालों से कुल 19 सिरपों के नमूने जांच के लिए भेजे थे, जिनमें चार सिरप असुरक्षित पाए गए। सरकार ने सभी औषधि निर्माताओं, निरीक्षकों, सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेजों को एडवाइजरी जारी कर क्लोरफेनिरामाइन मलेट और फिनाइलफ्रिन एचसीएल जैसे रसायनों के उपयोग में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को हटा दिया गया, जबकि उपसंचालक शोभित कोष्टा, जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन और छिंदवाड़ा के गौरव शर्मा को निलंबित किया गया।

    सरकार ने जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर जवाबदेही तय करेगा।

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    Tue, 07 Oct 2025 18:15:38 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी श्रद्धांजलि, समाज में समानता और सद्भाव का संदेश दिया https://citytoday.co.in/3857 https://citytoday.co.in/3857 भोपाल,

     7 अक्टूबर 2025 —
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अपने निवास स्थित समत्व भवन में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को नमन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल आदिकवि थे, बल्कि उन्होंने समाज को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी की शिक्षाएँ आज भी मानवता और समानता का संदेश देती हैं।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वाल्मीकि जी के दिखाए गए मार्ग पर चलकर समाज में समानता और सद्भाव का वातावरण बनाए रखेगी।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे प्रदेश में वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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    Tue, 07 Oct 2025 12:13:21 +0530 news desk MPcg
    पूर्वोत्तर के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश बनेगा विकास और अपार अवसरों का केंद्र https://citytoday.co.in/3817 https://citytoday.co.in/3817 मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को रॉयल भूटानी वाणिज्य दूतावास के कांसुल जनरल  जिग्मे थिनल्ये नामग्यालभी सेशन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे।

    मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन सेक्टरों में निवेश केवल व्यवसाय का निर्णय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के सं साधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण भी है कि राज्य में निवेश करना न केवल लाभकारी हो साथ ही यह औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाए। राज्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी समान अवसर देता है। वन-स्टॉप निवेश सुविधा, क्लस्टर आधारित विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक यहां तेजी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और नए साझेदारी के अवसर हासिल कर सकें।

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    Sat, 04 Oct 2025 12:36:53 +0530 news desk MPcg
    ट्रैफिक अलर्ट: 4 अक्टूबर तक इन रास्तों से बचें, जानें नई व्यवस्था https://citytoday.co.in/3800 https://citytoday.co.in/3800 भोपाल 
    भोपाल ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के बाणगंगा (हलाली नदी), निपानिया नदी, खेजड़ादेव विसर्जन घाट पर गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह निकाल कर विसर्जन किया जाना प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे जाम लगने की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुबह 8 बजे से 4 अक्टूबर की रात 10 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी।

    ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था
    ● दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन, चल समारोह के दौरान सभी प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन लाबांखेड़ा से गोलखेड़ी की ओर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
     
    ● गुना, शिवपुरी अशोकनगर से बैरासिया होकर भोपाल आने वाले भारी वाहन मकसूदनगढ़, गुना से ब्यावरा होकर भोपाल आ जा सकेंगे। नजीराबाद से रूनाहा जोड़ से होकर नरसिंहगढ़ से एनएच 46 हाईवे होकर परवलिया, मुबारकपुर से भोपाल आ जा सकेंगे।

    ● भोपाल से गुना -शिवपुरी-अशोकनगर-बैरासिया की ओर जाने वाले भारी वाहन लाबांखेड़ा जोड़ से मुबारकपुर परवलिया होकर, तथा विदिशा सिरोंज जाने वाले वाहन चौपड़ा कला सूखीसेवनिया से विदिशा होकर आ-जा सकेंगे।

    ● गुनगा, बैरासिया – ईटखेड़ी क्षेत्र के के्रशर व कोपरा में चलने वाले डम्फर गोलखेड़ी तिराहा से करधई, डोबरा होकर मेन हाईवे रोड पर आ जा सकेंगे।

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    Fri, 03 Oct 2025 14:31:49 +0530 news desk MPcg
    AIIMS घोटाला: करोड़ों की हेराफेरी में भोपाल के डॉक्टर समेत तीन पर कार्रवाई https://citytoday.co.in/3799 https://citytoday.co.in/3799 भोपाल 
    केंद्रीय जांच यूरो (सीबीआइ) ने एम्स ऋषिकेश(AIIMS Rishikesh) में 16 बेड वाले कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सह प्रोफेसर डॉ. राजेश पसरीचा को भी आरोपी बनाया हैं। हालांकि डॉ. पसरीजा ने आरोप को खारिज कर दिया है।

    ये है मामला
    जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश के सीसीयू निर्माण के लिए 8.08 करोड़ रुपए दिल्ली की कंपनी मेडिक डिवाइसेस को भुगतान किए गए। आरोप है कि संस्थान के तत्कालीन निदेशक और प्रो€योरमेंट ऑफिसर डॉ. पसरीचा ने उपकरणों की आपूर्ति व स्थापना का झूठा प्रमाणपत्र जारी किया था। सीबीआइ जांच में सामने आया कि 1.76 करोड़ रुपए से ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, गैस पाइपलाइन सिस्टम, डिफिब्रिलेटर, एयर प्यूरीफायर और अन्य उपकरण लगाए ही नहीं गए। वहीं 97 लाख के सिविल वर्क में भी हेराफेरी हुई। 2.73 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई।
     
    डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को किया खारिज
    सीबीआइ ने मामले में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश पसरीचा और स्टोर कीपर रूप सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले को लेकर डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुझ पर सीबीआइ ने झूठा आरोप लगाया है। यह आठ वर्ष पुराना मामला है, जिसे अब उठाया जा रहा है।

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    Fri, 03 Oct 2025 14:27:47 +0530 news desk MPcg
    बैंकों में बड़ी सुविधा: अब सिर्फ एक दिन में क्लियर होंगे चेक, ग्राहकों को मिलेगी राहत https://citytoday.co.in/3782 https://citytoday.co.in/3782 भोपाल
    बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब बैंकों में चेक क्लियर होने के लिए ग्राहकों को दो से तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत चेक एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा। राजधानी में इसको लेकर प्रसन्नता है, उनका मानना है कि इसका लंबे समय से इंतजार था। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण की बदौलत यह संभव हो पाया है। पहले चेक क्लियर होने में कई बार 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता था। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती थी बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता था। अब इस बदलाव के बाद ग्राहक उसी दिन अपने खाते में पैसा आते हुए आसानी से देख सकेंगे।
     
    व्यापारियों को मिलेगी अधिक सुविधा
    छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है। व्यापारियों को अपने सप्लायर और ग्राहकों से भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार देरी होने से नकदी की समस्या खड़ी हो जाती थी। अब चेक उसी दिन क्लियर होने से उनका कैश फ्लो मजबूत होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा। भोपाल के कारोबारी भगत सिंह जाट ने बताया कि यह वाकई बहुत राहत देने वाला निर्णय है। पहले चेक क्लियर होने में समय लगता था और भुगतान अटक जाता था। अब हमें भरोसा रहेगा कि पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। एक इवेंट मैनेजर ने बताया कि अब हमे आसानी से समय पर भुगतान मिल जाएगा। चेक देने वाले को भी पता होगा कि सेम डे में क्लियर होना है।

    निजी काम करने वाले लोकेश मौर्य ने कहा कि बच्चों की फीस या अन्य जरूरी खर्चों के लिए चेक क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता था। अगर यह एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा तो बहुत आसानी होगी। साथ ही किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा और धोखाधड़ी होने की संभावना कम हो जाएगी।

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    Thu, 02 Oct 2025 15:43:30 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की https://citytoday.co.in/3781 https://citytoday.co.in/3781 अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति किया सम्मान प्रकट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य बापू 'राष्ट्रपिता' महात्मा गाँधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम उस युगपुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने सत्य, अहिंसा और करुणा के मंत्र से न केवल भारत वर्ष की चेतना जगाई, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का नया मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचार वर्तमान में भी प्रेरणा-पुंज हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति सम्मान प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीत महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

     

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    Thu, 02 Oct 2025 14:42:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल से हैदराबाद के लिए हवाई सुविधा मजबूत, लेकिन तिरुपति अब भी उड़ान से दूर https://citytoday.co.in/3780 https://citytoday.co.in/3780  भोपाल
     भोपाल से हैदराबाद तक अब दो सीधी उड़ानें हो गई हैं लेकिन तिरूपति तक एक भी उड़ान नहीं है। भोपाल से तिरूपति बालाजी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ट्रेन का सफर लंबा होने के कारण लंबे समय सीधी फ्लाइट की जरूरत महसूस की जा रही है।

    इंडिगो ने अपनी दूसरी हैदरबाद उड़ान एक अक्टूबर से पुन: प्रारंभ करने की घोषणा की है। अब यात्रियों को सुबह 7.20 बजे एवं रात्रि 9.20 बजे हैदराबाद के लिए उड़ान मिल सकेगी। दोनों उड़ानों का शेड्यूल पैसेंजर फ्रेंडली होने के कारण इसमें अच्छी बुकिंग हो रही है। इस रूट पर छह से सात हजार रूपये में बुकिंग हो रही है।

    अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। यदि इन दोनों उड़ानों में से किसी एक को हैदराबाद से होकर तिरूपति तक चलाया जाए तो यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है। हैदराबाद से तिरूपति तक का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा होता है। भोपाल से तिरूपति तक ट्रेन में करीब 24 घंटे लगते हैं।

    साऊथ कनेक्शन अब भी कमजोर

    भोपाल हैदराबाद एवं बेंगलुरू तक सीधी उड़ानें होने के बावजूद भोपाल का दक्षिण भारत तक हवाई कनेक्शन कमजोर है। चैन्नई एवं काच्चि जैसे शहरों तक लंबे समय से डायरेक्ट उड़ान नहीं है। यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से जाना पड़ता है। इसमें समय एवं धन अधिक खर्च होता है।

    हर साल तिरूपति दर्शन करने वाले भक्त अशोक हिमथानी का कहना है किएयरलाइंस कंपनियों को तिरूपति एवं चैन्नई तक सीधी उड़ान शुरू करना चाहिए। इसमें अच्छी बुकिंग मिल सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने एयरलाइंस को स्लाट देने की पेशकश की है।

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    Thu, 02 Oct 2025 13:33:29 +0530 news desk MPcg
    वन नेशन&वन स्टूडेंट में प्रदेश में बने 86.97 लाख अपार आईडी https://citytoday.co.in/3779 https://citytoday.co.in/3779 भोपाल 
    प्रदेश में वन नेशन-वन स्टूडेंट योजना में अब तक 86 लाख 97 हजार अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) बनायी जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी को लक्षित छात्रों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये अपार आईडी बनाने के निर्देश दिये हैं। इस पहल से प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम अपार आईडी मिलेगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों, स्कूलों और सरकारों के लिये पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रेक करना आसान होगा। यदि विद्यार्थी स्कूल बदलता है, चाहे राज्य के भीतर या अन्य राज्य में, उसका सारा डेटा सिर्फ अपार आईडी साझा करने से उसके नये स्कूल में स्थानांतरित हो जायेगा। छात्रों को दस्तावेज या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में नर्सरी से कक्षा-12 तक एक करोड़ 33 लाख 85 हजार विद्यार्थियों के अपार आईडी शिविर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 65.2 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से बेहतर स्थिति में हैं।

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    Thu, 02 Oct 2025 13:21:59 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: मोहनपुरा&कुंडालिया परियोजना बनी किसानों की खुशहाली की मिसाल https://citytoday.co.in/3761 https://citytoday.co.in/3761 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश के राजगढ़ जिले की 'मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना' क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है। इस अनूठी परियोजना से जहां हर खेत में पानी पहुंच रहा है, वहीं उद्योगों को पानी मिलने और पेयजल की उपलब्धता ने नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। इससे आम-जीवन सुखमय हो रहा है।

    "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर आधारित विश्व की अनूठी परियोजना
    यह परियोजना "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" प्रणाली पर आधारित विश्व की अनूठी सिंचाई परियोजना है, जो मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा को पूरा कर रही है। न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से अपितु विदेशों के प्रतिनिधि दल भी आकर इसका अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना को जल-संसाधन प्रबंधन के लिए भारत सरकार का प्रतिष्ठित 'सीबीआईपी' पुरस्कार भी मिल चुका है।

    प्रधानमंत्री की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' की अवधारणा हुई फलीभूत
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा दी. उनकी इस अवधारणा पर कार्य करते हुए हमारे इंजीनियर्स ने सिंचाई की अति आधुनिक तकनीकी "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर काम करना प्रारंभ किया और उसका सुपरिणाम है 'मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना'। इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से न केवल 80% पानी बांध से किसानों के खेतों तक पहुंचता है, अपितु ऊंचे खेतों पर भी पानी आसानी से पहुंच जाता है. इसमें लगा 'स्काडा' (SCADA) आधारित ऑटोमेशन यह तय करता है कि फसलों की आवश्यकता के अनुसार किस क्षेत्र में कितना पानी पहुंचाना है। यह विश्व की अपनी तरह की अनूठी परियोजना है और आधुनिक युग की आवश्यकता भी, जब पानी की एक-एक बूंद का उपयोग आवश्यक है।

    नेवज नदी पर मोहनपुरा बांध और कालीसिंध नदी पर कुंडालिया बांध बनाकर शुरू की गई इस परियोजना से भूमिगत पाइप से सीधे खेत तक दबाव के साथ पहुंचाती है और ऊंचाई वाले खेत में भी पानी आसानी से पहुंचता है। इसके सेंसर और ऑटोमेशन से पानी का वितरण नियंत्रित होता है। यह क्रांतिकारी सोच थी, जिसने सूखाग्रस्त राजगढ़ जिले की किस्मत बदल दी।

    परियोजना के अंतर्गत 26 हजार किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, इतनी लंबी प्रेशराइज्ड पाइप लाइन भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में एक मिसाल है। इसे जोड़ने के लिए 20 बड़े पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो पानी को दबाव के साथ पाइप लाइन में भेजते हैं और पानी ऊंचे-नीचे खेतों तक आसानी से पहुंचता है। हर आउटलैट से लगभग एक से सवा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। 'स्काडा' आधारित ऑटोमेशन सिस्टम द्वारा पूरी प्रणाली को कंप्यूटर और सेंसर्स से जोड़ा गया है, जिससे कंट्रोल रूम से तय किया जा सकता है कि किस क्षेत्र को कितना पानी पहुंचाना है। केन्द्रीकृत पंपिंग प्रणाली से हर साल लगभग 69 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होती है। इसकी एक और विशेषता यह है कि इसमें 'ला-रा' नैटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें लगभग 1.5 लाख सेंसर्स और कंट्रोलर एक साथ जोड़े गए हैं, जो सौर ऊर्जा से चलते हैं। पंपिंग स्टेशर्न में लगे 'वैरिएबल फ्रीकवैन्सी ड्राइव्ज' फसलों की जरूरत और मौसम के अनुसार पानी का दबाव और मात्रा तय करते हैं। यह अत्यधिक आधुनिक सिंचाई प्रणाली आज पूरे विश्व के लिए पानी के इष्टतम उपयोग का अनूठा उदाहरण बन गई है।    

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    Wed, 01 Oct 2025 14:02:48 +0530 news desk MPcg
    ओबीसी आरक्षण से संबंधित मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे के संबंध में स्पष्टीकरण https://citytoday.co.in/3759 https://citytoday.co.in/3759 भोपाल

    •     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।
    •     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।
    •     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।
    •     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।
    •     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।
    •     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।
    •     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।
    •     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I
    •     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

     

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    Wed, 01 Oct 2025 13:30:09 +0530 news desk MPcg
    MP नगर निगम कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: सरकार लागू करने जा रही फेस अटेंडेंस सिस्टम! https://citytoday.co.in/3758 https://citytoday.co.in/3758 भोपाल
    इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं।

    प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था
    कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।
     
    नगरीय निकायों में भी लागू कराया
    बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है।

    अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास

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    Wed, 01 Oct 2025 13:26:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल हमीदिया कॉलेज में हादसा टला, प्राचार्य कक्ष की बिल्डिंग का हिस्सा गिरा https://citytoday.co.in/3751 https://citytoday.co.in/3751 Mon, 29 Sep 2025 16:17:13 +0530 Newsdesk MP Police Bharti 2025 में बड़ा बदलाव: स्टेनोग्राफर&ASI के लिए भाषा परीक्षा हटाई गई! https://citytoday.co.in/3737 https://citytoday.co.in/3737 भोपाल
    मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) गृह विभाग के लिए सूबेदार शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) के 500 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस तरह की भर्ती आठ साल बाद होने जा रही है। इस परीक्षा के लिए ईएसबी ने नियमावली जारी कर दी है। उसके मुताबिक इन पदों पर चयन के लिए सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और गणितीय दक्षता तो जांची जाएगी, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी भाषा की दक्षता जांच के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी।
     
    नियमावली के मुताबिक, यह भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता व गणित-विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान नहीं है। सूबेदार और एएसआई की परीक्षा में 40 अंक सामान्य और तार्किक ज्ञान के रहेंगे, 30 अंक बौद्धिक क्षमता और मानसिक अभिरुचि के होंगे, जबकि 30 अंक विज्ञान एवं सरल अंक गणित के होंगे। वहीं, परीक्षा के दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन व प्रायोगिक परीक्षा (टंकण/आशुलिपि) ली जाएगी। पहली बार शीघ्रलेखक पद के लिए पहली परीक्षा व शार्टहैंड टाइपिंग प्रायोगिक परीक्षा के अंक को मिलाकर अंतिम सूची बनेगी।

    दोनों परीक्षा के लिए 100-100 अंक तय किए हैं। पिछली बार जो परीक्षा हुई थी, उसमें टंकण/आशुलिपि दक्षता परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी। उसमें न्यूनतम अंक पाने वाले को दक्ष मानकर लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरीट बन गया था। बताया गया है कि पहले चरण की लिखित परीक्षा के कटआफ के सात गुना अभ्यर्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में कट ऑफ के बराबर पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, भले ही कुल संख्या विज्ञापित रिक्तियों की सात गुना से अधिक हो।

    3 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन
    कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन तीन अक्टूबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। वहीं, पहले चरण की लिखित परीक्षा 10 दिसंबर से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। आवेदक के पास कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र (सीपीसीटी) होना अनिवार्य है।

    500 पदों पर होगी भर्ती
    इस परीक्षा के जरिए गृह विभाग के कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। सूबेदार शीघ्रलेखक की सामान्य शाखा में 90 पद, वहीं विशेष शाखा में 10 पदों पर भर्ती होगी। वहीं सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) की सामान्य शाखा में 110 पद, मैदानी इकाई में 220 पद, विशेष शाखा में 55 पद व अपराध अनुसंधान विभाग में 15 पद पर भर्ती होनी है। साकेत मालवीय (डायरेक्टर, ईएसबी) के मुताबिक, पुलिस विभाग में रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्रों का पैटर्न विभाग ने तैयार कर दिया है। मंडल की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित कराने की है। इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए भी अंक होंगे।

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    Wed, 24 Sep 2025 14:59:49 +0530 news desk MPcg
    भोपाल: AIIMS कैंप में खुलासा, 8वीं से 12वीं कक्षा की 22% बालिकाएं आंखों की बीमारी से ग्रसित https://citytoday.co.in/3736 https://citytoday.co.in/3736 भोपाल

    एम्स भोपाल द्वारा आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भोपाल की स्कूली बालिकाओं में आंखों की बीमारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की विभिन्न बीमारियां पाई गई हैं। दरअसल एम्स ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के अंतर्गत शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय, गार्गी, भोपाल में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 100 छात्राओं की जांच की गई, जिसमें 18% छात्राओं में आंखों की समस्याएं पाई गईं।

    आंखों की समस्याएं
    रिफ्रेक्टिव एरर: 17 छात्राओं में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया, जिसमें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) और एस्टिग्मेटिज्म (अनियमित दृष्टि) शामिल हैं।

    एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: 2 छात्राओं में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस पाया गया, जो आंखों की एलर्जी के कारण होता है।
    एब्लियोपिया: 2 छात्राओं में एब्लियोपिया पाया गया, जो एक आंख की दृष्टि कमजोर होने के कारण होता है।
    नाइट ब्लाइंडनेस: 1 छात्रा में नाइट ब्लाइंडनेस पाया गया, जो विटामिन ए की कमी के कारण होता है।

    आंखों की समस्याओं के मुख्य कारण
    1- स्क्रीन टाइम: बढ़ता स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिवाइसों का उपयोग आंखों की समस्याओं का एक मुख्य कारण है।
    2- अपर्याप्त प्रकाश: अपर्याप्त प्रकाश में पढ़ाई या काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है।
    3- पोषण की कमी: विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आंखों की समस्याएं हो सकती हैं।
    4- आनुवंशिक कारक: कुछ आंखों की समस्याएं आनुवंशिक हो सकती हैं।

    34 छात्राओं ने नेत्रदान की ली शपथ
    इस कैंप के दौरान केवल स्क्रीनिंग ही नहीं हुई, बल्कि जागरूकता भी फैलाई गई। 34 छात्राओं ने नेत्र दान फॉर्म भी भरा। नेत्र स्वास्थ्य पर जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौरभि ने मौजूद स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उनके साथ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश मीणा ने आंख दान पर व्याख्यान दिया। ऑप्टोमेट्रिस्ट टीम ने व्यक्तिगत और मासिक धर्म स्वच्छता पर भी छात्राओं को जागरूक किया। जिससे ना केवल नेत्र बल्कि संपूर्ण स्वास्थ के प्रति छात्राओं को जागरूक किया जा सके।

    आंखों के लिए सावधानी 
    – हर 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लें।
    – 20-20-20 रूल: हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकेंड देखें।
    – रोज कम से कम 1 घंटे आउटडोर खेलकूद जरूरी।
    – संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, दूध और फल शामिल करें।
    – आंखों में जलन या धुंधलापन हो तो तुरंत जांच कराएं। 

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    Wed, 24 Sep 2025 14:57:32 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मंत्रालय में महापौरों की बैठक, अवैध कॉलोनियों पर सख्त कानून की मांग उठी https://citytoday.co.in/3735 https://citytoday.co.in/3735 भोपाल 
     देर रात तक पहली बार मंत्रालय में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे और आयुक्त संकेत भौंडवे की मौजूदगी में बैठक हुई।इंदौर की सड़कों पर हो रहे गड्ढों को लेकर बड़ी चर्चा है। इंदौर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इसे लेकर भोपाल में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगरीय निकाय मेयरों के साथ बैठक की। तय हुआ कि बारिश के बाद जो पेंचवर्क सड़कों पर किए जाते हैै। उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाना चाहिए। इसकी जांच एक राज्य स्तरीय दल करेगा। जिसका गठन भी हो चुका है।

    इस बैठक में इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि चुंगी का पैसा समय पर और पूरा मिले। इससे नगर निगम के संचालन में मदद मिलेगी और विकास कार्य तेजी से होंगे। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगरीय निकायों को आधुनिक तकनीकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।

    बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।प्रत्येक सप्ताह महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी। शहर की सड़कों की रिस्टोरेशन की गुणवत्ता की सघन जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।

    इसके अलावा  प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी। निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएगी। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एसीएस संजय दुबे और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से कार्रवाई हो बैठक में जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा, अवैध कॉलोनियां जिस तरह से बढ़ रहीं हैं वो हम सबके लिए चिंता का विषय है। यदि समय रहते अवैध कालोनियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में ये बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएगी।

    जबलपुर मेयर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, अवैध कॉलोनियों पर जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए वैसा एक्शन नहीं होता। ये सुनकर दूसरे महापौरों ने भी कहा इस मुद्दे पर वास्तव में कड़े फैसले लेने की जरूरत है।

    गरीब लोग सस्ते रेट के लालच में प्लॉट या मकान खरीद लेते हैं। कॉलोनी काटने वाला वहां कोई सुविधाएं विकसित नहीं करता। बाद में निगम और सरकार से मूलभूत सुविधाएं देने की मांग होने लगती है। और ये अवैध कॉलोनियां काटने की परंपरा बढ़ती चली जाती है।

    महापौर बोले- आयुक्त सुनते नहीं बैठक में सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि जनता की समस्याएं हमारे पास आतीं हैं। कई बार ऐसा होता है कि निगम आयुक्त हमारी सुनते नहीं, ऐसे में काम कैसे हों। रानी की बात में दूसरे महापौरों ने भी हामी भरी। फिर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएंगे कि 10 दिन में महापौर और निगम आयुक्त नियमित रूप से बैठकर निगम से जुडे़ विषयों पर चर्चा करें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

    छिंदवाड़ा मेयर बोले- राजस्व की भूमि निगम के अधिपत्य में हो बैठक में छिंदवाड़ा मेयर विक्रम अहके ने कहा, नगर निगम क्षेत्र में राजस्व की कई ऐसी जमीनें हैं। जो निगम जनोपयोगी कामों उपयोग कर सकता है। लेकिन वे जमीनें नजूल के नाम पर दर्ज होने की वजह से निगम को शासन की परमिशन लेनी पड़ती है। राजस्व की ऐसी जमीनों का अधिपत्य नगर निगम के पास होना चाहिए।

    रतलाम महापौर ने कहा- अमृत परियोजना के फेज 1 में कराए गए कामों में कई गड़बडियों की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। अमृत 1 में कराए गए कामों की बारीकी से जांच करानी चाहिए।

    कॉमर्शियल बिल्डिंग से आश्रय शुल्क लेना बंद हो जबलपुर मेयर ने कहा रेजिडेंशियल बिल्डिंग में तो बिल्डर ईडब्यूल्एस के मकान बनाकर देता है। उससे आश्रय शुल्क लेना ठीक भी है लेकिन, कॉमर्शियल बिल्डिंग में जो 7% आश्रय शुल्क लिया जाता है वहां ये ठीक नहीं हैं। इस शुल्क को खत्म किया जाना चाहिए। खत्म न हो सके तो कुछ कम होना चाहिए।

    कर्मचारियों की भर्ती के अधिकार मिलें

    एक महापौर ने कहा कि नगर निगम में कर्मचारियों की भर्तियों के अधिकार महापौर को मिलने चाहिए। बैठक में ये निर्णय लिए गए

        चुंगी का पैसा समय पर और पूरी तरह से मिले।
        प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।
        प्रत्येक हर हफ्ते महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी।
        शहर की सड़कों की रेस्टोरेशन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।
        बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।
        लीज से जुड़े लंबित प्रकरणों को सूचीबद्ध कर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
        प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
        डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।
        नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी।
        निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

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    Wed, 24 Sep 2025 14:53:15 +0530 news desk MPcg
    परिवहन विभाग से नागरिकों को मिल रही 51 फेसलेस सुविधाएँ, प्रदूषण जाँच के लिये 600 से ज्यादा प्रमाणित परीक्षण केन्द्र https://citytoday.co.in/3720 https://citytoday.co.in/3720 भोपाल 

    परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है।

    प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है।

    पारदर्शिता के उपाय

    परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।

     

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    Mon, 22 Sep 2025 18:04:17 +0530 news desk MPcg
    पिछड़ा वर्ग कल्याण की विधानसभा समिति की हुई बैठक https://citytoday.co.in/3691 https://citytoday.co.in/3691 भोपाल 

    मध्यप्रदेश विधानसभा में पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी विधानसभा समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता  महेन्द्र हार्डिया ने की। समिति के अध्यक्ष  हार्डिया ने कक्षा 6वीं से 8वीं तक की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर ₹100 प्रतिमाह करने और छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर ₹1500 करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

    समिति सदस्य  मनोज चौधरी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने छात्रावास योजना को जिला स्तर के साथ ब्लॉक एवं नगर पंचायत स्तर पर भी संचालित करने के लिये कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया। समिति सदस्य  संदीप जायसवाल ने विभिन्न विभाग में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने आउटसोर्स भर्ती में भी पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लागू करने की मांग रखी। बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी आवश्यक जानकारी दीं।

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    Sat, 20 Sep 2025 13:20:38 +0530 news desk MPcg
    एमपी में 2 लाख करोड़ के विकास कार्य: 418 शहरों की तस्वीर बदलने का बड़ा कदम https://citytoday.co.in/3690 https://citytoday.co.in/3690 भोपाल 
    एमपी में शहरों के विकास के लिए सड़कों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। सड़कें अर्थव्यवस्था की धुरी बन चुकी हैं जोकि शहरों के सभी क्षेत्रों को एक क्रम में जोड़ती हैं। सड़क निर्माण और उनकी गुणवत्ता के लिए नगरीय निकायों के इंजीनियर पूरा प्रयत्न कर रहे हैं पर टेक्नोलॉजी में आ रहे नित ​नए बदलावों के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर कार्यशाला आयोजित की। यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शहरों की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है। उन्होंने इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कों की जरूरत जताई। कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 2 लाख करोड़ के विकास कार्य किए जाएंगे।

    भोपाल की आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण के नए सिस्टम व सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के कई तथ्य बताए। सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई कार्यशाला प्रदेश के 600 इंजीनियरों की क्षमतावर्धन भी की गई।

    सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित किया। इनमें RODIC के आरएस महालहा और एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस पर प्रस्तुतिकरण दिया। कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना की जानकारी दी। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। यहां की सड़कों पर यातायात का काफी दबाब है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये सड़कों की बेहतर गुणवत्ता जरूरी है।
     
    एमपी पुलिस में निकली ‘7500 पदों’ पर सीधी भर्ती, जानें कब से शुरु होंगे आवेदन
    कार्यशाला में एक अहम तथ्य सामने आया। यहां बताया गया कि प्रदेश के सभी 418 शहरों में राज्य और केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं चल रहीं हैं। इन नगरीय निकायों की नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में कायापलट कर दी जाएगी। इस दौरान सभी शहरों में कुल 2 लाख करोड़ रूपए के काम होंगे। केंद्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि योजनाएं से प्रदेश के नगरीय निकायों को संवारा जा रहा है।

    कुल 418 नगरीय निकाय
    बता दें कि एमपी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत कुल 418 नगरीय निकाय हैं। इनमें 5 छावनी परिषदें भी शामिल हैं।

    नगर निगम- 6
    नगर पालिका- 99
    न​गर परिषदें- 298
    छावनी परिषदें- 5
    योग- 418

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    Sat, 20 Sep 2025 13:19:25 +0530 news desk MPcg
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है चलो जीते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3673 https://citytoday.co.in/3673 प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है 'चलो जीते हैं': मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं" की मुक्त कंठ से सराहना
    24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन होगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है, जो अतीत से वर्तमान में लाकर छोड़ती है। आधे घंटे की अवधि में फिल्म कथा सार को समेटना एक अद्भुत प्रयोग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सिनेपोलिस बंसल प्लाजा, भोपाल में "चलो जीते हैं" फिल्म का शो देखने के बाद मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ ने फिल्म की सराहना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जन्म वर्षगांठ के अवसर पर 18 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म "चलो जीते हैं" का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के बाल्यकाल और जीवन पर केंद्रित फिल्म के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संगठन द्वारा प्रदेश भर में प्रदर्शन की पहल सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म देखने के बाद कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के जनजाति बहुल धार जिले में अपना 75वां जन्मदिवस मनाया। राष्ट्र नायक  मोदी का गौरव पक्ष और शालीन पक्ष इस फिल्म में देखने को मिलता है। "चलो जीते हैं" फिल्म में  मोदी ने ध्येय वाक्य "चलो जीते हैं" को लेकर कठिनाइयों के बीच जीते हुए अपने जन्म और जीवन को सिद्ध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोयले की खदान से हीरा निकले तो खदान धन्य हो जाती है। प्रधानमंत्री  मोदी दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जीवन में अन्य परेशानियां झेलते हुए अपने साथी विद्यार्थी को भी सहारा दिया। वे किस तरह युक्ति निकालते हैं, आज यह दुनिया के सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2019 तक वे और भी शक्तिशाली बनकर पूरे विश्व को संदेश देंगे। भारत विश्व में सिरमौर बनेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में नई तकनीक और बड़े खर्चे से फिल्में बनती हैं, लेकिन इस शॉर्ट फिल्म में सीमित साधनों के उपयोग से अल्प अवधि में बिना मध्यांतर की फिल्म बनाकर फिल्म का मूल कथा पक्ष दृढ़ इच्छा शक्ति का फिल्मांकन बखूबी किया गया है। इस नाते फिल्म निर्माण में यह नया प्रयोग भी है। फिल्म अतीत का वर्तमान से तादात्म्य मिलाकर मोदी जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डालती है। इसके लिए फिल्म निर्माता बधाई के पात्र हैं। इस शॉर्ट फिल्म को सभी नागरिकों को देखना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि "चलो जीते हैं" वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म बॉलीवुड स्टार्स वाली कमर्शियल मूवी नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक लघु फिल्म है। फिल्म के निर्देशक  महावीर जैन, निर्माता  भूषण कुमार, महावीर जैन हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे बालक की है जो अपने जीवन में "दूसरों की सेवा" और "देशभक्ति" को सबसे बड़ा धर्म मानता है। फिल्म में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से जुड़े आदर्श और संस्कारों को दर्शाया गया है।

    फिल्म "चलो जीते हैं" में बड़े स्टार कलाकार नहीं हैं बल्कि ज्यादातर नए कलाकारों ने काम किया है। इस फिल्म में बालक नरेन्द्र (नन्हें मोदी) की मुख्य भूमिका में समर्थ शुकला, नरेन्द्र के मित्र के रूप में राहुल पटेल, बाल कलाकार आरोही राय और आदित्य शामिल हैं। यह फिल्म मुख्यत: बाल नरेन्द्र मोदी के विचारों और समाजसेवा की सोच पर केंद्रित है, इसलिए इसमें स्टार कॉस्ट से ज्यादा संदेश और प्रेरणा पर जोर दिया गया है। फिल्म 6 वर्ष बाद रिलीज हुई है।

     

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    Fri, 19 Sep 2025 13:25:11 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव त्योंथर विधानसभा क्षेत्र में 162 करोड़ के निर्माण कार्यों का करेंगे शिलान्यास https://citytoday.co.in/3672 https://citytoday.co.in/3672 निवेशकों को प्रदान करेंगे भूमि आवंटन पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितम्बर को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के चाकघाट में निवेशक उद्यमियों से चर्चा कर औद्योगिक क्षेत्र घूमा में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को भूमि आवंटन-पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही 162 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 5 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम द्वारा 124 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र, लोक निर्माण विभाग द्वारा 1.6 किलोमीटर लंबाई के पहुंच मार्ग, ग्राम कठौती मझगवां से चौहान बस्ती तक 3.5 किलोमीटर की सड़क, ग्राम चिल्ला से त्योंथर मार्ग पर टमस नदी में मीर बहरी घाट पर पुल निर्माण, ग्राम मझगवां डीही से लठिया तालाब तक 3.8 किलोमीटर लम्बाई के पहुंच मार्ग का शिलान्यास करेंगे।

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    Fri, 19 Sep 2025 13:22:53 +0530 news desk MPcg
    सामूहिक भागीदारी से प्रदेश में चल रहा है सेवा पखवाड़ा https://citytoday.co.in/3671 https://citytoday.co.in/3671 भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अभियान में सामूहिक भागीदारी से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चल रहा है। इसी के साथ महिला सशक्तिकरण सहित अन्य गतिविधियां भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हैं। सेवा पखवाड़ा अभियान 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक निरंतर चलेगा। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर 1250 से अधिक स्वच्छता श्रमदान गतिविधियाँ हुईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर विशेष ध्यान देकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। इस आयोजन में 6 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधि और एक लाख 50 हजार से अधिक सामाजिक संगठन के सदस्य, युवा, विद्यार्थी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और सफाई मित्र शामिल हुए। जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई को बढ़ावा देना बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को निंरतर उत्सव के रूप में आत्मसात करना है।

    नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों और विकासखण्डों में स्वच्छता को लेकर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इटारसी में जन-सामान्य को स्वच्छता का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई। हरदा जिले में अननान नदी के तट पर श्रमदान किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती, नागरिकों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। बैतूल में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी के निर्देश पर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं कार्यवाही की गयी। स्वच्छता अमले ने व्यापारियों को पॉलिथिन का उपयोग न करने के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग करने की समझाइश दी। प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए अमले ने सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज करने वाले व्यापारियों पर 16 हजार रुपये चालान की राशि वसूल की और 54 किलो पॉलीथिन जप्त किया।

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में वन एवं पर्यावरण और प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। प्रभारी मंत्री ने नर्मदा नदी के दक्षिण घाट पर बेल का पौधा रोपित किया। उनके साथ महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने नींबू, जामुन, आम और अमरूद के पौधे लगाये। शहडोल में मोहनराम तालाब की साफ-सफाई की गयी। नगर के गाँधी स्टेडियम में एनसीसी, एनएसएस, स्कूल के छात्र-छात्राओं, नगरपालिका के स्टॉफ ने मानव श्रंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

    दमोह जिले के पथरिया में पशुपालन राज्यमंत्री श्री लखन पटेल 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारा जा सकता है। कार्यक्रम में 8वाँ राष्ट्रीय पोषण माह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के समय दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। अभियान में 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम में नागरिकों ने फलदार पौधे लगाये।

    सागर में सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम दीनदयाल चौराहे पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति की सफाई से किया गया और माल्यार्पण किया गया। बस स्टैण्ड पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई की गयी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी एवं नागरिक शामिल हुए। जिले के खुरई में डम्प साइट स्थानों पर सफाई करवायी गयी। जन-सामान्य को स्पॉट के कायाकल्प का संकल्प दिलाया। कचरा गाड़ी में ही डालने के लिये प्रेरित किया गया। सुरखी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए।

     

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    Fri, 19 Sep 2025 13:16:18 +0530 news desk MPcg
    होटल है शाकाहारी या मांसाहारी? अब बाहर से ही पहचान सकेंगे, जानिए एमपी सरकार की योजना https://citytoday.co.in/3648 https://citytoday.co.in/3648 भोपाल
     शाकाहारी व मांसाहारी भोजन परोसने वाले होटलों और उनके मालिकों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने मध्य प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था करवाने की तैयारी कर रही है ताकि बाहर से ही पता चल जाए कि होटल में भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी।

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के एक्ट में ऐसा प्रविधान करवाने का प्रयास है कि होटल-रेस्टोरेंट के बाहर लगने वाले बोर्ड में पूर्णतः शाकाहारी के लिए हरा गोल निशान और पूर्णतः मांसाहारी के लिए लाल गोल निशान लगाया जाए।

    क्या है प्रस्ताव?

    खाने के पैकेट पर भी इस तरह के निशान लगाए जाते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ लेता है। होटल-रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मिलता है तो आधा हरा और आधा लाल निशान रखने का भी प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त होटल चलाने का लाइसेंस लेने वाले का नाम भी बोर्ड पर लिखना अनिवार्य करवाने का सुझाव दिया गया है।

    मालिक का नाम भी अनिवार्य

    अब एफएसएसएआइ इसका परीक्षण कर ड्राफ्ट जारी करेगा। इसके बाद एफएसएसएआइ के एक्ट में इसे लेकर संशोधन की उम्मीद है। संशोधन होने पर यह व्यवस्था मध्य प्रदेश ही नहीं, देशभर में लागू करना अनिवार्य हो जाएगी। इसके अतिरिक्त कई बार होटल के बोर्ड से उसके मालिक का पता नहीं चलता।

    इस तरह का मामला तब चर्चा में आया था जब कावड़ यात्रा के दौरान इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में मेरठ के आसपास कुछ होटलों के बाहर लगे बोर्ड में होटलों के नाम हिंदू रीति-रिवाज वाले थे पर उनके मालिक अन्य समुदाय के थे। इसके बाद उप्र सरकार ने दुकान, रेस्टोरेंट पर मालिक का नाम लिखने का आदेश दिया था।

    सरकार का प्लान

    प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि खाने के पैकेट की तरह होटलों के बोर्ड में भी हरा और लाल निशान रहे। यह कोशिश भी है कि विभिन्न कंपनियों द्वारा घरों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले भी उसी तरह का भोजन करने वाले हों यानी शाकाहारी खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले भी शाकाहारी हों।

     

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    Thu, 18 Sep 2025 13:36:37 +0530 news desk MPcg
    टाइगर शिकार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! MP&महाराष्ट्र से 4 हफ्ते में जवाब तलब, लगे संगठित शिकार के आरोप https://citytoday.co.in/3645 https://citytoday.co.in/3645 भोपल 

    सुप्रीम कोर्ट ने  केंद्र सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और अन्य से उस जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कथित संगठित बाघ शिकार और अवैध वन्यजीव व्यापार रैकेट की सीबीआइ जांच की मांग की गई है।

    भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ वकील गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सक्रिय संगठित शिकार गिरोहों द्वारा बाघों के लिए उत्पन्न गंभीर खतरे पर प्रकाश डाला गया था। बंसल ने कहा कि कम से कम 30 प्रतिशत बाघ निर्दिष्ट बाघ अभयारण्यों के बाहर हैं और उन्होंने बाघों के बड़े पैमाने पर शिकार की खबरों का हवाला दिया।

    इन बिंदुओं पर दायर हुई है याचिका

    महाराष्ट्र सरकार की एसआईटी जांच में शिकारी, तस्करों और हवाला नेटवर्क का संगठित गिरोह सामने आया। यह गिरोह बाघों की खाल, हड्डियां और ट्रॉफी को राज्य की सीमाओं से बाहर और विदेशों तक तस्करी करता है।

    याचिका में रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि बाघों का शिकार अब संरक्षित क्षेत्रों से बाहर वन प्रभागों और कॉरिडोर में ज्यादा हो रहा है, जहां निगरानी और सुरक्षा बेहद कमजोर है। वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने इन क्षेत्रों को बाघों के फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

    बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश

    पीठ ने केंद्र एवं अन्य प्राधिकारियों की ओर से अदालत में पेश हुईं अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से याचिका पर निर्देश लेने को कहा। याचिका में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बाघों के व्यवस्थित शिकार और राज्यों एवं म्यांमार तक फैले बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश का हवाला दिया गया है।

    याचिका में कहा गया है, ''कई आरोपितों की गिरफ्तारी, बाघों की खाल, हड्डियां, हथियार और वित्तीय रिकार्ड की जब्ती, साथ ही एसआइटी के गठन से यह स्पष्ट हो गया है कि यह समस्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरे आपराधिक नेटवर्क के अस्तित्व को दर्शाती है जो कानून के शासन को कमजोर करता है।''
    बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन शिकारियों के आसान शिकार

    याचिका में यह भी कहा गया है कि अधिसूचित बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन क्षेत्र बार-बार शिकारियों का आसान निशाना बन गए हैं। इसके फलस्वरूप कार्रवाई करने की वजहें और भी मजबूत हो जाती हैं।

    सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है, ''जब तक यह अदालत हस्तक्षेप नहीं करती और एक व्यापक, स्वतंत्र और समन्वित जांच का निर्देश नहीं देती, तब तक राष्ट्र की पारिस्थितिक सुरक्षा और राष्ट्रीय पशु के अस्तित्व को गंभीर खतरा रहेगा।''

    याचिका में यह भी कहा गया है, ''प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को एसआइटी की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और बाघ अभयारण्यों से सटे बाघ गलियारों और प्रादेशिक वन प्रभागों में प्रभावी सुरक्षा, निगरानी और गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया जाए, और उन्हें मुख्य क्षेत्रों के समान माना जाए।'' याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और एनटीसीए को पक्ष बनाया गया है।

    बंसल ने अदालत में कहा

    याचिकाकर्ता के वकील बंसल ने कहा कि भारत में 30% से अधिक बाघ संरक्षित क्षेत्रों के बाहर पाए जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्करी का यह संगठित नेटवर्क वन गुर्जर समुदाय जैसे आदिवासी समूहों से जुड़े गिरोहों को भी शामिल करता है। उन्होंने अदालत से मांग की कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

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    Thu, 18 Sep 2025 13:21:29 +0530 news desk MPcg
    MP में मानसून मेहरबान: आज कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार, मौसम विभाग का अलर्ट जारी https://citytoday.co.in/3622 https://citytoday.co.in/3622  भोपाल
     मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का दौर जारी है। सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सबसे ज्यादा 51 मिमी, सतना में 32 मिमी, नर्मदापुरम में 20 मिमी, सिवनी में 18 मिमी और पचमढ़ी में 31 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा 17 अन्य स्थानों पर भी बारिश दर्ज की गई।

    भोपाल में बारिश

    राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज बरसात हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में उत्तरी तेलंगाना और पूर्वी बिहार की ओर हवा के ऊपरी हिस्सों में चक्रवात सक्रिय है, जो 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने हुए हैं। इन्हीं सिस्टम की वजह से प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, यदि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी रही तो कुछ जिलों में तेज पानी गिर सकता है। इससे पहले सोमवार को भोपाल में दिनभर धूप खिलने के बाद शाम साढ़े 5 बजे बादल बरस पड़े। कई इलाकों में आधा घंटा तक तेज बारिश हुई।

    रायसेन, सतना, मंडला, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी में भी बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में सवा इंच और मंडला-पचमढ़ी में आधा इंच पानी बरसा।

    राजस्थान से लौट रहा मानसून रविवार को राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी हो गई। अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट सकता है। इसके बाद एमपी से भी मानसून की वापसी होने लगेगी। हालांकि, सितंबर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    एमपी में कोटे से ज्यादा पानी गिरा बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

    इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।

    ग्वालियर, चंबल-सागर की स्थिति सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

    ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

    अच्छी बारिश वाले 34 में से भोपाल संभाग के चार, जबलपुर संभाग के 5, इंदौर संभाग के 3, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर संभाग के 5, उज्जैन संभाग के 4, रीवा संभाग के 3, शहडोल-नर्मदापुरम संभाग के एक-एक जिला शामिल हैं।

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    Tue, 16 Sep 2025 13:37:53 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की पहल: दिल्ली के 30 से अधिक अनुभवी गाइड्स प्रदेश के धरोहरों का कर रहे अध्ययन https://citytoday.co.in/3621 https://citytoday.co.in/3621 भोपाल 

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच महेश्वर एवं मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली का एक अध्ययन दौरा एवं प्रोफेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में 30 से अधिक अनुभवी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित गाइड्स भाग ले रहे हैं, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस ट्रिप में शामिल गाइड्स कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में निपुण हैं। दिल्ली लौटने के बाद वे विदेशी पर्यटकों को भोपाल, मांडू और महेश्वर के पर्यटन स्थलों से परिचित कराएंगे, जिससे इन धरोहर स्थलों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास को साथ लेकर चल रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया जा सके। इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों की गहराई से जानकारी लेकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाएंगे, तो निश्चित ही प्रदेश का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा। 

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महेश्वर और मांडू जैसे धरोहर स्थल मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनमोल रत्न हैं। आरटीजीए दिल्ली के अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो वे इन्हें और प्रभावशाली तरीके से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रस्तुत कर पाएंगे। यह पहल प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने और मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    दर्शनीय स्थलों का भ्रमण

    अध्ययन दौरे की शुरूआत 14 सितंबर को आरटीजीए के प्रतिनिधियों के दिल्ली से भोपाल आगमन के साथ हुई। उन्होंने भोपाल में ताज–उल–मस्जिद, कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बिरला म्युजियम और भारत भवन का भ्रमण किया। सोमवार, 15 सितंबर को प्रतिनिधि मांडू के लिए रवाना हुए। मांडू पहुंचकर उन्होंने रानी रूपमति महल, बाज बहादुर महल, जहाज महल, होशंगशाह का मकबरा, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि का भ्रमण किया। मंगलवार, 16 सितंबर को वे मांडू से महेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। महेश्वर में प्रतिनिधि अहिल्या फोर्ट, घाटों, होम स्टे, पर्यटक सुविधा केंद्र आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करेंगे। 18 सितंबर को सभी प्रतिनिधि दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सब-कनज़र्वेशन ऑफिसर प्रशांत पाटनकर तथा पुरातत्वविद् डॉ. देवी प्रसाद पांडे ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की धरोहरों की ऐतिहासिक एवं संरचनात्मक महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

    क्या है क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ

    क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली, देश का सबसे बड़ा पंजीकृत संगठन है, जिसके सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में दक्ष हैं और नियमित रूप से विदेशी पर्यटकों, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों तथा वीआईपी यात्रियों के साथ कार्य करते हैं। ये गाइड्स पर्यटकों के सबसे नजदीक रहते हुए न केवल इतिहास बताते हैं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय झलकियों को भी साझा करते हैं, जिससे "अतुलनीय भारत" की पहचान और मजबूत होती है।

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    Tue, 16 Sep 2025 13:33:05 +0530 news desk MPcg
    MP में एक बार फिर IAS अफसरों के तबादले, 20 अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ बदलीं https://citytoday.co.in/3619 https://citytoday.co.in/3619 भोपाल 

    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है. राज्य सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं, जो पिछले एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कदम है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ और युवा अफसरों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं. इसमें 2008 बैच के विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि वंदना वैद्य को एमपी फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंदौर का एमडी बनाया गया है. तपस्या परिहार को कटनी नगर निगम का कमिश्नर और दलीप कुमार को देवास का कमिश्नर बनाया गया है. इसके अलावा किस अफसर को कौन सी ज़िम्मेदारी मिली है.

    MP में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
    दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस बार जिन प्रमुख अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले, वंदना वैद्य समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि ये तबादले ऐसे समय में हुए हैं जब सात दिन पहले ही 14 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था.

    इनके हुए तबादले

    • विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में सचिव बने।
    • गजेन्द्र सिंह नागेश– नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं।
    • गुरु प्रसाद– मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने।
    • दिव्यांक मिश्रा– नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं।
    • शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं।
    • श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने।
    • नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने।
    • अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए।
    • अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
    • अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं।
    • श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
    • अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है।

    20 IAS इधर से उधर
    गजेन्द्र सिंह नागेश को नरसिंहपुर का जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है. विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने. वंदना वैद्य मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं. गुरु प्रसाद मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने. दिव्यांक मिश्रा नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं. शिशिर गेमावत नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. नेहा जैन  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं. श्रेयांस कुमट उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने. तन्मय वशिष्ठ शर्मा  भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने. जबकि दलीप कुमार को देवास नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।

    इसके अलावा  नवजीवन विजय पवार इंदौर के अपर कलेक्टर बने. अनिल कुमार राठौर मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए. अंशुमान राज स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा. अरविंद कुमार शाह जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने.

    टी प्रतीक राव ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं. श्रृंगार श्रीवास्तव इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है. अनिल भाना रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है.

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    Tue, 16 Sep 2025 13:25:28 +0530 news desk MPcg
    निर्माण कार्यों को तय समय&सीमा में पूरा करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3607 https://citytoday.co.in/3607 भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार रीवा में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौ वन्य विहार, पेयजल की आपूर्ति तथा जल संरक्षण के कार्य तत्परता से पूरा कराएं। हिनौती गौधाम में भी स्वीकृत निर्माण कार्य पूरा कराकर निराश्रित गौवंश को रखने की व्यवस्था करें। बाउन्ड्रीवॉल और सड़क निर्माण का कार्य तत्परता से पूरा कराएं। 

    उन्होंने चिरहुलानाथ मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों तथा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बायपास का निर्माण दो माह में पूरा कराएं। इसी तरह बेला-सिलपरा सड़क का निर्माण भी तय समय सीमा में पूरा करें। इन सड़कों का निर्माण पूरा होने से आवागमन सुगम होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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    Sat, 13 Sep 2025 12:25:38 +0530 news desk MPcg
    सीएम मोहन यादव ने 7,832 टॉपर्स को स्कूटी भेंट की, उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। https://citytoday.co.in/3582 https://citytoday.co.in/3582 भोपाल।
    मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए 11 सितंबर का दिन यादगार बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 7,832 मेधावी छात्रों को स्कूटी भेंट की। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान सीएम खुद एक बच्ची की स्कूटी पर बैठकर राइड का आनंद लेते भी नजर आए। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित ड्राइविंग, लाइसेंस और नंबर प्लेट की अहमियत समझाई।

    कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए लगातार बेहतर अवसर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से लैपटॉप, साइकिल, कॉपी-किताबों से लेकर अब स्कूटी तक विद्यार्थियों को सुविधाएं दी जा रही हैं।

    इसी मौके पर सेनिटेशन-हाइजीन योजना के तहत कक्षा 7वीं से 12वीं तक की 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को 61.12 करोड़ रुपये और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत 20 हजार से अधिक बच्चियों को 7 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए सरकार औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दे रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इसे बच्चों के लिए जश्न का दिन बताया, वहीं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य ही अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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    Thu, 11 Sep 2025 14:48:54 +0530 Newsdesk
    मध्य प्रदेश के उद्योगों को राहत: अब महीने में सिर्फ 5 बार ही होगी बिजली कटौती https://citytoday.co.in/3580 https://citytoday.co.in/3580  भोपाल
     मध्य प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण कोई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अब एक माह में अधिकतम पांच बार या फिर पांच घंटे ही बिजली कटौती की जा सकेगी। इसको लेकर मध्य प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग ने औद्योगिक क्षेत्र और 11 केवी फीडर में बिजली कटौती की संख्या व घंटे के मानक तय किए हैं। इसमें संभाग मुख्यालय, जिला मुख्यालय और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मापदंड हैं।

    संभाग मुख्यालय और जिला मुख्यालयों में महीने में 25 बार और अधिकतम 15 घंटे तक कटौती तय की गई है। तय मानकों के अनुसार वर्ष 2026-27 तक यह प्रयास किए जा रहे हैं कि बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को सालभर में 90 बार ही कटौती की समस्या से रूबरू होना पड़े, वह भी सिर्फ 60 घंटे से ज्यादा नहीं।

    बिजली कटौती के मानक नए सिरे से तय किए

    बता दें कि आयोग ने वर्ष 2012 में पहली बार वितरण प्रदर्शन मानक तय किए थे। इसमें वर्ष 2021 में संशोधन किया गया था। अब एक बार फिर आयोग ने बिजली कटौती के मानक नए सिरे से तय कर दिए हैं, जिसका पालन करने के निर्देश बिजली कंपनियों को दिए हैं। बिजली कंपनियों को तय मानकों को पूरा करने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की भी अनुशंसा की गई है।

    आयोग ने निर्देश दिए हैं कि बिजली कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करें, तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन का उपयोग करें, ताकि तय मानकों को हासिल किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर पूंजीगत व्यय प्रस्ताव आयोग के पास अनुमोदन के लिए भेजे जाएं।

    एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए ऐसा रहेगा रोडमैप

    प्रदेश के एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए आयोग ने तीन साल का रोडमैप तय किया है। इसके मुताबिक वर्ष 2024-25 के लिए अधिकतम बिजली कटौती 120 बार और 90 घंटे तय है। इसे साल 2025-26 तक साल में अधिकतम 90 बार और 60 घंटे तक समिति करने का लक्ष्य दिया गया है।

    हालांकि बिजली कंपनियों को प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, तूफान या फिर ऐसे कारण जिनके लिए आयोग की अनुमति लेना पड़े और वितरण व्यवस्था फेल हो जाए, में इन निर्धारित मानकों से छूट दी गई है।

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    Thu, 11 Sep 2025 13:35:44 +0530 Newsdesk
    भोपाल में “Choupaal Bistro N Café” का भव्य उद्घाटन https://citytoday.co.in/3569 https://citytoday.co.in/3569 Sat, 06 Sep 2025 21:06:47 +0530 Newsdesk MP में युवाओं के लिए बड़ा मौका, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिलेगा 50 लाख तक लोन https://citytoday.co.in/3560 https://citytoday.co.in/3560 भोपाल 

    छोटे-छोटे कारोबार को बढ़ावा देने और युवाओं को जॉब मांगने की बजाए रोजगार देने वाला बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत है. सरकार छोटे उद्यमियों को बढ़ाकर देश और मध्य प्रदेश को आर्थिक तरक्की पर ले जाना चाहती है. सरकार बिजनेस करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता के तौर पर बिना गारंटी लोन मुहैया करा रही है. सरकार 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन दे रही है. इसके लिए आपको चयन करना होगा कि आप किस तरह का लोन लेना चाहते हैं.

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अब रीवा जिले के बेरोजगारों के लिए एक मजबूत सहारा बनती जा रही है. 10 जनवरी 2022 को शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक जिले में सैकड़ों युवाओं ने लाभ लेकर अपना खुद का व्यवसाय खड़ा किया है. योजना के तहत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम ₹50 लाख और सर्विस या बिज़नेस सेक्टर में अधिकतम ₹25 लाख तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 3% ब्याज सब्सिडी अधिकतम 7 वर्षों तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है. यह सब्सिडी सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे युवाओं को लोन चुकाने में राहत मिलती है.

    कैसे उठाएं फायदा?
    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और आवेदक बैंक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना बेरोजगारों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं दे रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है. स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में यह योजना कारगर साबित हो रही है. अगर आप भी कोई बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती है.

    MSME लोन योजना
    सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्गीय और छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यह लोन दिया जाता है. यह लोन कारोबारी को बिना किसी गारंटी के 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है. इस योजना के तहत 8% का ब्याज दर चुकाना पड़ता है. 12 दिन के भीतर यह लोन उद्यमी के खाते में प्राप्त हो जाता है. यह उन कारोबारियों के लिए जो अपना व्यवस्या शुरू करना चाहते हैं. इस लोन की अच्छी बात यह है कि इसमें उम्र का लिमिट नहीं है.

    आधार कार्ड: पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है.

    जाति प्रमाण पत्र: पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होने का प्रमाण.

    मूल निवास प्रमाण पत्र: आवेदक का मध्य प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है.

    आय प्रमाण पत्र: आर्थिक स्थिति का सत्यापन करने के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है.

    फोटो: हाल ही की पासपोर्ट आकार की फोटो.

    बैंक खाता विवरण: ऋण की राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी, इसलिए बैंक खाता जानकारी अनिवार्य है.

    योजना रिपोर्ट: जिस व्यवसाय को शुरू करना है, उसकी संक्षिप्त योजना रिपोर्ट.

    पैन कार्ड: कर मामलों के लिए पैन कार्ड का विवरण अनिवार्य है.

    कोटेशन: जिस व्यवसाय को आप शुरु करने जा रहे हैं कहां से कौन सा सामान लेंगे उसकी जानकारी. बाद में बदला भी जा सकता है.

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    Thu, 04 Sep 2025 12:27:56 +0530 Newsdesk
    बाढ़ का कहर: 394 मौतें, 5 हजार मकान ढहे, 12 हजार हेक्टेयर डूबा https://citytoday.co.in/3558 https://citytoday.co.in/3558 भोपाल
    इस साल प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 394 जनहानि हुई, वहीं पांच हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। 1814 पशुहानि भी हुई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर फसलें प्रभावित हुई हैं। 17,500 किसानों को अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।

    सीएम ने दिए राहत कार्य बढ़ाने के निर्देश
    यह जानकारी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा में सामने आई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत की कार्रवाई आरंभ की जाए। जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए।

    आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में जिलों में प्रशासन सक्रिय रहे। पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल पार न करने की चेतावनी की व्यवस्था की जाए। अस्थायी कैम्प, राशन एवं भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री संभावित स्थानों पर सुनिश्चित होनी चाहिए।

    इन जिलों में हुई औसत से अधिक बारिश
    प्रदेश में एक जून से दो सितंबर तक 38.24 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मंडला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक तो गुना, मंडला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई।

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    Thu, 04 Sep 2025 12:14:38 +0530 Newsdesk
    MP के रीवा और नवगठित मैहर जिले के बीच सीमांकन बदलने की तैयारी, कई गांव होंगे अलग https://citytoday.co.in/3550 https://citytoday.co.in/3550 भोपाल
     मध्यप्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की कवायद जारी है। राज्य सरकार ने इसके लिए परिसीमन आयोग का गठन किया है, जो नए जिले और तहसील बनाने के साथ ही गांवों और कस्बों को इधर-उधर जोड़ने पर काम कर रहा है। इसी क्रम में अब रीवा और नवगठित मैहर जिले के बीच सीमांकन बदलने की तैयारी हो रही है।

    मुकुंदपुर सहित छह गांव रीवा में शामिल करने का प्रस्ताव
    मैहर के छह गांव—आनंदगढ़, आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, परसिया और पपरा—को रीवा जिले में मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को ध्यान में रखकर बनाया गया है, क्योंकि यह क्षेत्र रीवा से अधिक नजदीक है। मैहर जिला प्रशासन ने इस संबंध में अमरपाटन के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हितधारकों की राय लेकर रिपोर्ट तैयार करें। मैहर के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर पंचायतों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की राय मांगी है।

    नेताओं ने जताया विरोध
    हालांकि इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने इन गांवों को रीवा में शामिल करने का विरोध जताया है। मैहर विधायक ने भी इस फैसले पर आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने इसके खिलाफ जेल भरो आंदोलन चलाने और 1000 सत्याग्रहियों के साथ जेल जाने का ऐलान किया है।

    ग्रामीणों की राय बंटी
    गांवों के ग्रामीण भी इस प्रस्ताव को लेकर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। मुकुंदपुर और आसपास के कुछ गांवों के लोग बिजली, स्वास्थ्य और रीवा की नजदीकी का हवाला देकर रीवा में शामिल होने के पक्ष में हैं। वहीं, धोबहट और अन्य गांवों के कुछ लोग इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

    आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
    परिसीमन आयोग ने इस पूरे मामले पर मैहर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें गांवों की भौगोलिक, सामाजिक, प्रशासनिक और आर्थिक परिस्थितियों का ब्योरा शामिल किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि ये छह गांव रीवा जिले में जोड़े जाएंगे या नहीं।

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    Tue, 02 Sep 2025 13:07:28 +0530 Newsdesk
    MP सरकार दे रही 10 लाख तक की मदद, अब आसानी से शुरू करें अपना बिजनेस https://citytoday.co.in/3549 https://citytoday.co.in/3549 भोपाल 

     अगर आप मध्यप्रदेश में रहते है और खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। बिजनेस या खुद का काम शुरु करने में परेशानी आ रही है तो आपको बता दें कि आप मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही खास योजना से मदद ले सकते हैं।

    जी हां… मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन लेकर एक सफल बिजनेसमैन बन सकते हैं।

    क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

    एमपी में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य और युवाओं को खुद का बिजनेस शुरू करने को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की शुरुआत 1 अगस्त, 2014 को की गई थी। हालांकि 2017 में इसमें संशोधन भी किए गए। ये एक सरकारी योजना है, जो 50,000 से 10,00,000 तक का ऋण प्रदान करती है। योजना के तहत लाभार्थियों को धन मार्जिन, ब्याज अनुदान और प्रशिक्षण का लाभ मिलता है, और उन्हें बैंक द्वारा दिए गए ऋण को चुकाने के लिए थोड़े समय की अवधि प्रदान की जाती है।

    इस योजना का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। साथ ही प्रदेश में लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर व रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के जरिए उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र और अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहित करना है।

    होनी चाहिए ये पात्रता

    -इस योजना का लाई लेने के लिए व्यक्ति को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

    -उम्र 18 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए।

    -किसी भी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया गया हो।

    -आवेदक के पास अपना एक बिजनेस प्लान होना चाहिए।

    -आवेदक कम से कम 5वीं कक्षा पास हो।

    मिलेंगे ये लाभ

    -योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।

    -सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 15% तक (अधिकतम 1 लाख रुपये) दिए जाते हैं।

    -भोपाल गैस पीड़ितों को अतिरिक्त 20 फीसदी या अधिकतम 1 लाख की मदद।

    -5% तक ब्याज दर में सब्सिडी, महिलाओं को 7% तक ब्याज में सब्सिडी मिलती है।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:41:57 +0530 Newsdesk
    सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3548 https://citytoday.co.in/3548 प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को
    कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:31:27 +0530 Newsdesk
    भोपाल : होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में थायराइड विकार एवं मोटापे की विशेषज्ञ इकाई शुरू https://citytoday.co.in/3547 https://citytoday.co.in/3547 भोपाल 
    भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है।

    इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा।

    प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

    नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए।

    शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।

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    Tue, 02 Sep 2025 12:27:52 +0530 Newsdesk
    मौलाना गांव का नाम लिखते समय पेन अटकता था – बयान पर CM मोहन यादव का नया सफाई बयान https://citytoday.co.in/3544 https://citytoday.co.in/3544 भोपाल

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मौलाना गांव पर दिया गया बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल सीएम यादव ने उज्जैन जिले के तीन गांवों के नाम बदल दिए थे, इसमें एक गांव का नाम 'मौलाना' भी था। उस दौरान सीएम यादव ने कहा था, मौलाना गांव का नाम लिखो को पेन अटकता है, इसलिए अब इसे विक्रम नगर के नाम से जाना जाएगा। अपने हालिया इंटरव्यू के दौरान सीएम यादव से इससे जुड़ा सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी बात को एक बार फिर दोहराया। जानिए सीएम यादव ने क्या कहा?

    स्वाभाविक रूप से मेरा पेन अटकेगा

    सीएम यादव ने  एक कार्यक्रम के दौरान कहा, एक गांव का नाम मौलाना और वो पूरा हिन्दू गांव। वहां मुस्लिम समाज का एक भी भाई या बहन नहीं है। वहां के लोगों ने कहा कि मौलाना नाम बदल दिया जाए। सीएम यादव बोले अब मैं जब उसकी पोस्ट करने के लिए चिट्ठी लिख रहा हूं तो मेरे सामने भी आएगा कि मौलाना लिखूं तो लिखूं कैसे।

    मेरे मन में भी तो आएगा कि गांव में कोई तो मौलाना होना चाहिए। इस पर सीएम यादव ने आगे कहा कि गांव में एक भी मौलाना नहीं, लेकिन गांव का नाम मौलाना, तो स्वाभाविक रूप से पेन अटकेगा। गलत बात हो तो बताओ।
    कानून का पालन करने पर भी अपराधी

    मुस्लिमों से जुड़े एक अन्य सवाल, जिसमें मोहम्मदपुर का नाम बदलने की बात कही गई। उस पर सीएम यादव बोले, एक गांव जिसमें एक भी मोहम्मद नहीं है। गांव के लोग लिखकर दे रहे हैं कि हमारे यहां तो मोहन मुरली वाले का मंदिर है। इसको मोहनपुर किया जाए। सीएम यादव ने कहा कि मैं तो कानून का पालन कर रहा हूं, उसमें भी मैं अपराधी। ये बात समझ नहीं आई।

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    Mon, 01 Sep 2025 19:07:21 +0530 Newsdesk
    भोपाल के मोहम्मद हैदर मुख़्तार को मिला मिस्टर यूनिवर्स एम्बेसडर 2025 का टाइटल, आए टॉप 2 में,टोटल तीन खिताब किए अपने नाम https://citytoday.co.in/3534 https://citytoday.co.in/3534 राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय निदेशक प्रिया तिवारी  के तत्वधान में मिस्टर यूनिवर्स एशिया 2025, मिस्टर यूनिवर्स मल्टीमीडिया 2025 और मिस्टर यूनिवर्स चैरिटी ब्रांड एम्बेसडर ,मिस्टर यूनिवर्स एम्बेसडर 2025 का टाइटल,के खिताब जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले एमडी हैदर मुख्तार खान का भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रिया एंटरटेनमेंट द्वारा भव्य आयोजन किया गया।  जिसकी संस्थापक प्रिया तिवारी , इंजीनियर, मॉडल, समाजिक कार्यकर्ता और मिस्टर यूनिवर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक और सह-संस्थापक मोहम्मद हैदर मुख़्तार ने मंच साझा किया।


    हैदर जी ने लखनऊ में 12 से 16 अगस्त को 25 देशों के प्रतिभागियों के बीच अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। 
    इस भव्य आयोजन का संचालन  सनी मिश्रा जी द्वारा किया गया।

    इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मोहम्मद हैदर मुख़्तार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। हैदर न केवल टॉप 2 में अपनी जगह बनाने में सफल रहे, बल्कि उन्होंने एक साथ तीन प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया। इन उपलब्धियों के पीछे उनकी नेशनल डायरेक्टर  प्रिया तिवारी का मार्गदर्शन अहम रहा। प्रिया तिवारी ने हैदर को प्रतियोगिता के हर चरण के लिए तैयार करने में निरंतर सहयोग दिया और उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में डिज़ाइनर प्रतिभा यादव जी ने नेशनल कॉस्ट्यूम डिज़ाइन किया और मुंबई के प्रसिद्ध डिज़ाइनर विशाल कपूर ने हाई फैशन कॉस्ट्यूम डिज़ाइन किया।  कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक में राधा रमण सक्सेना, अल्पा रावल , रूफी खान, रविंद्र माथुर, रूही राय जैसी हस्तियां शामिल हुईं।

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    Sat, 30 Aug 2025 20:06:00 +0530 news desk MPcg
    MP में जल जीवन मिशन: नल जल योजनाओं का मेंटेनेंस अब PHE करेगा, 1200 करोड़ का खर्च https://citytoday.co.in/3524 https://citytoday.co.in/3524 भोपाल 

    मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल जल योजनाओं के मेंटेनेंस का काम अब लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) द्वारा किया जाएगा। इस काम में सालाना करीब 1200 करोड़ रूपए का खर्च आएगा। जिसको लेकर पीएचई के अधिकारियों द्वारा पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में पेश करने की तैयारी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, एकल नल जल योजना उन गांवों के लिए है जहां छोटे जल स्रोत है और जहां स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति की जा सकती है। सरकार ने ऐसे 27990 गांवों के लिए एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की हैं।

    फैक्ट फाइल

        27,990 ऐसे गांव जहां एकल नल जल योजनाओं की दी गई स्वीकृति
        20,000 करोड़ खर्च कर गांव-गांव सुगम करेंगे पेयजल व्यवस्था

    जिम्मेदारी को लेकर कई माह से था पेंच

    एकल नल जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी को लेकर पिछले कई माह से पेंच फंसा हुआ था। पहले मुख्य सचिव और मंत्री स्तर पर कई मर्तबा वार्ता हुई लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया गया कि इसके मेंटेनेंस का काम पीएचई विभाग द्वारा ही देखा जाएगा।

    2027 तक प्रदेश में काम पूरा करने का लक्ष्य

    जल जीवन मिशन के एकल नल जल योजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। ताकि गांवों में आने वाले सालों में सुगम रूप से पानी की सप्लाई हो सके। लेकिन मेटेंनेस की जिम्मेदारी तय नहीं होने से यह योजना खटाई में पड़ सकती थी। इसलिए सरकार द्वारा इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए जिम्मेदारी तय की गई है। बता दें प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 तक का रखा गया है।

    इमरजेंसी सेवा सेवा के लिए तैनात होंगे वाहन

    मेंटेनेंस की जिम्मेदारी मिलने के बाद पीएचई विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा आगे की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग के मुताबिक प्रत्येक गांवों में इमरजेंसी वाहन तैनात किए जाएंगे। जो सभी जरूरी मशीनरी जैसे ट्राईपॉड, चैन-पुल्ली सहित अन्य संयंत्रों से लेस होंगे। किसी इमरजेंसी में फोन आते ही गांवों की तरफ मूवमेंट करेंगे।

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    Fri, 29 Aug 2025 13:44:28 +0530 Newsdesk
    मध्यप्रदेश में खेलों की 70 वर्षों की यात्रा : परंपरा से आधुनिकता तक https://citytoday.co.in/3523 https://citytoday.co.in/3523 खेल दिवस 29 अगस्त पर विशेष
    भोपाल 

    स्वतंत्रता से लेकर आज तक मध्यप्रदेश ने खेलों के क्षेत्र में एक लंबी और प्रेरणादायक यात्रा तय की है। शुरुआती दशकों में जहाँ खेल केवल एक सीमित दायरे में थे, वहीं धीरे-धीरे यह प्रदेश खेल प्रतिभा का गढ़ बन गया। खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर प्रदेश और देश का नाम रौशन किया। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहर धीरे-धीरे खेल प्रतिभा के गढ़ बनते गए और आज स्थिति यह है कि मध्यप्रदेश, भारत के खेल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बना चुका है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे शहरों ने क्रिकेट, हॉकी और मल्लखम्ब जैसे खेलों को पहचान दिलाई। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी मैदानों तक खेलों ने युवाओं के बीच ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा किया।

    वर्ष 1950 से 1980 का दौर क्रिकेट और पारंपरिक खेलों का रहा। होलकर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी में लगातार जीत हासिल कर मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई, वहीं ग्वालियर और उज्जैन ने मल्लखम्ब को एक नई पहचान दी। वर्ष 1980 से 2000 के बीच कराटे और बैडमिंटन जैसे खेलों का विस्तार हुआ और मध्यप्रदेश ने पहली बार ओलंपिक स्पर्धाओं में प्रतियोगी खेलों की तरफ गंभीर कदम बढ़ाए। इसके बाद 21वीं सदी ने खेलों को पूरी तरह बदल दिया।

    हॉकी की नर्सरी
    जब भी हॉकी की बात आती है तो भोपाल का विशेष उल्लेख आता है। भोपाल को लंबे समय से “हॉकी की नर्सरी” कहा जाता है। यहाँ से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। वर्ष 1950 और 60 के दशक से ही यहाँ हॉकी की परंपरा मजबूत रही और यही वजह है कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले कई नामचीन खिलाड़ी भोपाल से जुड़े रहे। अशोक कुमार (हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के बेटे) और ज़फर इक़बाल जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का नाम ऊँचा किया। वर्ष 1975 के विश्व कप में स्वर्ण पदक विजेता और वर्ष 1976 के ओलिंपिक टीम के सदस्य असलम शेरखान, वर्ष 1968 मैक्सिको ओलिंपिक के कास्य पदक विजेता इवाम-उर-रहमान, नई सदी में सिडनी 2000 ओलिंपिक के फॉरवर्ड प्लेयर श्री समीर दाद भोपाल की परंपरा के जीवित साक्ष्य है। शहर का आइकॉनिक ऐशबाग स्टेडियम और स्थानीय क्लब कल्चर इस नर्सरी की धड़कन रहे हैं। भोपाल में कई हॉकी टर्फ और प्रशिक्षण केंद्र हैं, जिन्होंने इस खेल को पीढ़ी दर पीढ़ी पोषित किया। राज्य की अकादमी व्यवस्था ने इस विरासत को संस्थागत रूप दिया। महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर की स्थापना वर्ष 2006 से हुई, जहां से भारतीय हॉकी टीम की दिग्गज महिला हॉकी खिलाड़ी सुशीला चानू, मोनिका और रीना खोखर जैसे खिलाड़ी निकले। भोपाल के पुरूष हॉकी अकादमी का शुभारंभ जनवरी 2007 में हुआ। मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमी से इटारसी के प्रतिभाशाली 17 वर्षीय विवेक सागर भारतीय टीम में पदार्पण कर भारत के सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक बने। विवेक सागर ने टोक्यो-2020 और पेरिस ओलिंपिक-2024 में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यही कारण है कि भारतीय हॉकी इतिहास में भोपाल का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है।

    खेल अधोसंरचना विकास
    राज्य सरकार ने खेलों के लिए अवसंरचना विकसित कर खेल संस्कृति को नया आयाम दिया। भोपाल और इंदौर अब खेल अकादमी, हॉकी टर्फ और एथलेटिक ट्रैक के लिए पहचाने जाते हैं। वर्ष 2013 में मल्लखम्ब को राज्य खेल घोषित करना केवल एक परंपरा का सम्मान नहीं इस बात का भी प्रतीक था कि राज्य अपने पारंपरिक खेलों को भी आधुनिक मंच पर लाना चाहता है। इसी क्रम में “विक्रम अवॉर्ड” जैसी परंपराएँ शुरू हुईं, जिनके जरिए खिलाड़ियों को न केवल सम्मान मिला बल्कि सरकारी नौकरियों और प्रोत्साहन राशियों से उनके भविष्य को भी मजबूत किया गया। भोपाल की मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ऑफ एक्सलेंस को विशेष रूप से रेखांकित किया जा सकता है। जनवरी 2007 में स्थापित इस परिसर में 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर राइफल/पिस्टल रेंज के साथ ट्रैप स्कीट के समर्पित शॉटगन रेंज भी है। फाइनल शूटिंग रेंज अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है तथा दर्शकों के बैठने की भी सुव्यवस्था है। यह अकादमी अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर गढ़ी गई है और राज्य के शूटरों की लगातार कामयाबी का प्रमुख आधार बनी है।

    वॉटर स्पोर्टस
    वॉटर स्पोर्टस में भी भोपाल ने एक अलग पहचान गढ़ी है। बड़े तालाब में वॉटर स्पोर्टस अकादमी ऑफ एक्सलेंस की स्थापना की गई, जिसमें कयाकिंग-केनोइंग, रोइंग और सेलिंग की अत्याधुनिक सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। इसी तरह भोपाल स्थित छोटे तालाब का ईको सिस्टम पैरा-कयाकिंग/केनोइंग में देश का अग्रणी केन्द्र बना, जहां प्राची यादव जैसी खिलाड़ी एशियन पैरा गेम्स में इतिहास रचती दिखी।

    पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में प्रदेश शीर्ष पांच राज्यों में रहा। शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर गौरव बढ़ाया। आज स्थिति यह है कि प्रदेश में 18 उत्कृष्टता अकादमियाँ, 22 हॉकी टर्फ और 15 से अधिक एथलेटिक ट्रैक सक्रिय हैं। खेल प्रदर्शन के अद्यतन सूचकांक भी इस दावे को पुष्ट करते हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 (बिहार) में मध्यप्रदेश ने 32 पदक लेकर शीर्ष दस में स्थिति दर्ज कराई। 

     स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
    आधुनिक तकनीक के दौर में खेल विज्ञान (Sports Science) की भूमिका भी अहम होती जा रही है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में भी अग्रसर होकर स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और अत्याधुनिक हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है। यहाँ खिलाड़ियों को फिजियोथेरेपी, बायो-मैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और साइकोलॉजिकल कॉउंसलिंग जैसी सेवाएँ दी जाती हैं। उन्नत जिम्नेशियम, रिकवरी पूल, एंटी-ग्रैविटी रनिंग मशीन और वीडियो एनालिटिक्स लैब खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लिए तैयार कर रही हैं। इन तकनीकी सुविधाओं का असर अब साफ दिखने लगा है। खिलाड़ी केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और मानसिक मजबूती के आधार पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। थ्रॉबॉल, एथलेटिक्स और पैरा-खेलों में हालिया सफलता इस आधुनिक दृष्टिकोण की ही देन है। आने वाले वर्षों में स्पोर्ट्स साइंस से जुड़ी ये अकादमियाँ न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए प्रतिभा निर्माण का केंद्र बन सकती हैं। नवीनतम परिणाम जैसे कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ी एशियाई चैंपियनशिप स्वर्ण विजेता शूटर, खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शीर्ष पाँच राज्यों में मध्यप्रदेश का स्थान और पैरा-कैनोइंग में प्राची यादव जैसे खिलाड़ी— ये सब आधुनिक रणनीति और बुनियादी संरचना का परिणाम हैं।

    यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 2028 के नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिये बोली लगाई है। भोपाल के नाथू बरखेड़ा में बहुखेल अंतर्राष्ट्रीय परिसर और इंटरनेशनल स्पोर्टस साइंस सेंटर की परिकल्पना पर काम चल रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में जल-पर्यटन, एशियन रोइंग चैम्पियनशिप जैसी घोषणाएं और एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय की योजना, राज्य की दीर्घकालीन खेल रणनीति की झलक देती है।

    मध्यप्रदेश सरकार ने दिया विशेष सम्मान
    मध्यप्रदेश सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का हमेशा सम्मान किया है। राज्य सरकार की नीति रही है कि ऐसे खिला‍ड़ियों को न केवल नगद पुरस्कार दिया जाये बल्कि उन्हें प्रतिष्ठित शासकीय सेवाओं में नियुक्ति भी प्रदान की जाये। इस कड़ी में ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता हॉकी खिला‍ड़ी श्री विवेक सागर प्रसाद को एक करोड़ की पुरस्कार राशि के साथ पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया। साथ ही राज्य पुरस्कार से सम्मानित विक्रम अवार्ड प्राप्त खिलाड़ियों को भी शासकीय सेवा में नौकरी का प्रावधान किया गया है। समग्र रूप से कहा जाए तो पिछले सात दशकों की यह यात्रा इस बात की गवाही देती है कि मध्यप्रदेश ने खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें संस्कृति, परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम बना दिया है। प्रदेश ने अब न केवल राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर बल्कि वैश्विक खेल जगत में भी अपनी मजबूत पहचान बनाली है। 

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    Fri, 29 Aug 2025 13:40:12 +0530 Newsdesk
    मध्य प्रदेश में हर 10 मिनट में साइबर अटैक, युवा सबसे ज्यादा निशाने पर https://citytoday.co.in/3502 https://citytoday.co.in/3502 भोपाल
     मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। हर 10 मिनट में एक नया मामला सामने आ रहा है। इन अपराधों में 70% शिकार युवा हैं। 2022 से 2025 के बीच 3 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड शामिल हैं। साइबर सेल लगातार निगरानी रख रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है। सरकार ने साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है।

    अलग अलग तरीकों से हो रही ठगी
    राज्य में ऑनलाइन शॉपिंग, क्यूआर कोड और फर्जी लोन जैसे तरीकों से ठगी हो रही है। जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। एसपी साइबर प्रणय नागवंशी ने कहा, 'हमारी अपील है कि लोग किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंक डिटेल किसी को शेयर करें। साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और हम जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।

    सरकार ने शुरु किया हेल्पलाइन नंबर
    2022 में 1021 केस दर्ज हुए, जिनमें 717 युवा थे। 2023 में 927 मामले आये, जिनमें 700 युवा थे। 2024 में 1082 केस दर्ज हुए, जिनमें 703 युवा थे। 2025 में 511 केस दर्ज हुए, जिनमें 344 युवा शामिल हैं। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। इसके अलावा, साइबर जोनल कार्यालय भी बन रहे हैं।

    पासवर्ड रखते में रखें विशेष ध्यान
    विशेषज्ञों का कहना है कि पासवर्ड कम से कम 12 अंकों का होना चाहिए और इसे समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। साइबर ठगी अब गांवों तक पहुंच गई है। ठग सोशल मीडिया और गेमिंग एप्स के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। सावधानी बरतने से ही बचाव हो सकता है। संदिग्ध कॉल आने पर उसे ब्लॉक करें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। तकनीक का इस्तेमाल सावधानी से करें। जरा सी चूक से आपकी कमाई ठगों के खाते में जा सकती है।

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    Thu, 28 Aug 2025 12:44:50 +0530 Newsdesk
    भाजपा प्रदेश कार्यालय में गणेश प्रतिमा स्थापना, नेताओं ने की पूजा&अर्चना https://citytoday.co.in/3491 https://citytoday.co.in/3491 भोपाल: 

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मंत्री दिलीप अहिरवार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवादास सबनानी, संभाग प्रभारी राघवेंद्र गौतम, शैलेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति, डॉ. अभिजीत देशमुख, नितेश शर्मा एवं एस.एस. उप्पल सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण वातावरण में श्रद्धालुओं ने गणेश वंदना की।

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    Wed, 27 Aug 2025 15:27:54 +0530 Newsdesk
    भोपाल रेप केस: फरहान खान समेत 6 आरोपियों पर आरोप तय, हिंदू लड़कियों से दरिंदगी का मामला https://citytoday.co.in/3472 https://citytoday.co.in/3472 भोपाल

     जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं।

    मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है।

    1 सितंबर को अगली सुनवाई

    न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी।

    अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर

    मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है।

    चार थानों में दर्ज हुए थे केस

    छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

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    Tue, 26 Aug 2025 15:17:52 +0530 Newsdesk
    भोपाल नगर निगम ने गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव की तैयारियां तेज, पंडालों में लगेंगे कैमरे, विसर्जन घाटों पर गोताखोर रहेंगे तैनात https://citytoday.co.in/3471 https://citytoday.co.in/3471 भोपाल 
    नगर निगम ने गणेश उत्सव और आगामी दुर्गा उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों और घाटों पर ही कराया जाएगा।

    विसर्जन की होगी पूरी व्यवस्था

    निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि डोल ग्यारस से अनंत चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमाओं का संग्रहण वार्ड और जोन स्तर पर किया जाए। इसके लिए बनाए गए संग्रहण स्थलों, विसर्जन कुण्डों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। पूजन सामग्री को अलग से एकत्र कर निष्पादन स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोन स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है।

    साफ-सफाई और मरम्मत कार्य पर रहेगा जोर

    निगम आयुक्त ने कहा कि विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।

    प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम

    प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और हथाईखेड़ा डैम पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने को कहा, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

    जुलूस और विसर्जन स्थलों पर निगरानी

    बैठक में जुलूस मार्ग, प्रतिमा स्थलों, पंडालों और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और बिजली की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की गई। थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

    अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश

    पुलिस आयुक्त ने थाना क्षेत्रों में देर रात तक गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को कहा। अवैध शराब, आर्म्स, मादक पदार्थों और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।

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    Tue, 26 Aug 2025 15:15:04 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत कंपनियों के चयनित 1050 कर्मचारियों को देंगे नियुक्ति&पत्र https://citytoday.co.in/3449 https://citytoday.co.in/3449 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जा रही हैं। ऊर्जा विभाग अंतर्गत भी विभिन्न बिजली कंपनियों में परीक्षा के बाद कर्मचारियों को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित 1050 कर्मचारियों को रवीन्द्र भवन में 26 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में नियुक्त-पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान बिजली कंपनियों के लिए नवीन संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रदर्शन भी किया जायेगा।

    ऊर्जा विभाग ने संकल्प-पत्र के आधार पर विभिन्न पदों पर एमपी ऑन लाइन के माध्यम से परीक्षा लेकर द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ श्रेणी आधार पर विभिन्न पदों पर भर्ती की हैं। चयनित पदों में बिजली इंजीनिय़र, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटैंड़ेंट, सिक्य़ोरिटी ऑफिसर, पॉवर प्लांट फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टैक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर आदि पद शामिल हैं। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की विभन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही विद्युत कर्मचारी संगठनों को भी आमंत्रित कर कर्मचारी हितों और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर चर्चा भी की जाएगी।

     

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    Mon, 25 Aug 2025 12:26:04 +0530 news desk MPcg
    10वीं&12वीं बोर्ड फॉर्म अब APAAR ID के बिना भरे जा सकेंगे, जानें कारण https://citytoday.co.in/3428 https://citytoday.co.in/3428 भोपाल
    माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा सात फरवरी से आयोजित होने वाली है। इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रिकॉर्ड) को अनिवार्य किया था। इसे लेकर विद्यार्थियों के आवेदन आ रहे थे। उनके पास दस्तावेज नहीं पूरे हो रहे थे। इस कारण मंडल ने इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए खत्म किया है।

    अगले सत्र से अनिवार्य की जाएगी अपार आईडी
    अगले सत्र 2026-27 में बोर्ड परीक्षाओं में अपार आईडी अनिवार्य की जाएगी। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पिछले निर्देशों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का उल्लेख जरूरी किया गया था। स्कूलों और विद्यार्थियों को इसे बनाने में समस्या आ रही हैं। प्रदेश में मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। विद्यार्थी हित को देखते हुए मप्र बोर्ड ने अपार आईडी की अनिवार्यता को इस साल खत्म करते हुए वैकल्पिक कर दिया है।
     
    अधूरे दस्तावेजों से विद्यार्थियों को हो रही है परेशानी
    अपार आईडी बनवाने में विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है। कई विद्यार्थियों के दस्तावेज आधे-अधूरे या गलत जमा किए गए हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन में समस्या आ रही है। आधार कार्ड और समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड स्कूल के दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए अपार आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूल में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की आईडी ही तैयार हो पाई है। इससे अपार आईडी के बिना दोनों परीक्षाओं की नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

    सामान्य शुल्क के साथ 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे
    10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन 15 सितंबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये जमा कर सकते हैं। 16 सितंबर से 25 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये और विलंब शुल्क 100 रुपये जमा कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं 26 अक्टूबर से 10 नवंबर तक दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ और 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विलंबर शुल्क पांच हजार और 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 10 हजार रुपये के साथ आवेदन कर सकते हैं।

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    Sat, 23 Aug 2025 13:09:33 +0530 Newsdesk
    भोपाल&लखनऊ रूट पर जल्द दौड़ेगी 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस https://citytoday.co.in/3423 https://citytoday.co.in/3423 भोपाल
     भोपाल से लखनऊ के बीच यात्रा (Bhopal to Lucknow Train) करने वालों के लिए बड़ी राहत मिलने जा रही है। जल्द ही इस रूट पर 20 कोच की अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ने लगेगी। पहले यह ट्रेन 16 कोच के साथ प्रस्तावित थी, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने भोपाल मंडल की मांग पर अतिरिक्त चार कोच की स्वीकृति दे दी है। इससे अब यात्रियों को अधिक सीटें और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार भोपाल-लखनऊ वंदेभारत एक्सप्रेस (Bhopal Lucknow Vande Bharat Express) से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना इसी माह के अंतिम सप्ताह में जारी कर दी जाएगी। इसके बाद ट्रेन के संचालन की समय-सारणी, किराया और ठहराव की जानकारी भी सार्वजनिक होगी।

    20 कोच की वंदे भारत एक्सप्रेस में अधिक यात्री सफर कर पाएंगे। पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और तेज रफ्तार के साथ कम समय में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। भोपाल और लखनऊ के मध्य में आने वाले शहरों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

    पिट लाइन पर अटकी है नई ट्रेन

    नई वंदे भारत का रैक आने में इसलिए देर हो रही है, क्योंकि रानी कमलापति स्टेशन पर पिट लाइन मौजूद नहीं है। अभी दो पिट लाइन हैं, जो मौजूदा रैक के संधारण कार्य के लिए भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में यहां एक नई पिटलाइन पर काम चल रहा है। उसका काम पूरा होते ही रैक उपलब्ध हो जाएगा। ट्रेन की मरम्मत करने और साफ-सफाई के लिए पिटलाइन की जरूरत होती है।

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    Fri, 22 Aug 2025 13:21:14 +0530 Newsdesk
    हाईकोर्ट के निर्देश पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर दर्ज हुई FIR, 10 साल तक की सजा संभव https://citytoday.co.in/3421 https://citytoday.co.in/3421 भोपाल
    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ फ्रॉड मामले में केस दर्ज कर लिया है। आरिफ मसूद भोपाल मध्य से विधायक हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज हुआ है। दोषी पाए जाने पर इन धाराओं में उन्हें 10 साल की जेल हो सकती है। कांग्रेस विधायक पर धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है।

    कॉलेज की मान्यता के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल

    यह पूरा मामला इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता के लिए विधायक ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। आरिफ मसूद उस सोसाइटी के सचिव हैं जो कॉलेज चलाती है। एमपी हाईकोर्ट के निर्देश पर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी दर्ज होगा केस

    इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी FIR दर्ज करने को कहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने 20 सालों तक मामले में साथ दिया और कॉलेज को चलने दिया।

    एसआईटी करेगी जांच

    एमपी हाई कोर्ट की बेंच में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल शामिल थे। उन्होंने ADGP (टेलीकॉम) संजीव शमी के नेतृत्व में SIT बनाने का भी आदेश दिया है। SIT पुलिस जांच की निगरानी करेगी और 3 महीने के अंदर जांच पूरी करेगी।

    बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से है मान्यता

    मसूद ने बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, भोपाल के कॉलेज की मान्यता रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, नतीजा यह हुआ कि उनके खिलाफ ही FIR दर्ज हो गई। कोर्ट ने कॉलेज के 1000 से ज्यादा छात्रों के हित में कॉलेज की मान्यता रद्द करने पर रोक लगा दी है। लेकिन, यह साफ कर दिया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में कोई नया एडमिशन नहीं होगा।

    10 साल की हो सकती है जेल

    गौरतलब है कि मसूद के खिलाफ जो-जो धाराएं लगाई गईं हैं, उनमें उन्हें 10 साल की सजा हो सकती है। धारा-420 में अधिकतम 3 साल, धारा-467,468 और 471 में अधिकतम 10 साल की सजा और धारा-120 बी मूल अपराध के बराबर की सजा है।

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    Fri, 22 Aug 2025 13:11:49 +0530 Newsdesk
    मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का संकल्प https://citytoday.co.in/3403 https://citytoday.co.in/3403 भोपाल

    विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर जिला मलेरिया कार्यालय भोपाल द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं. इस वर्ष विश्व मच्छर दिवस की थीम “अधिक समतापूर्ण विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना” रखी गई. इसी थीम और “स्मॉल बाइट बिग फाइट” अभियान के अंतर्गत जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

    जिला मलेरिया कार्यालय परिसर में मलेरिया माइक्रोस्कोपी प्रशिक्षण आयोजित किया गया. जिसमें एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज एवं महावीर मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रशिक्षण के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मलेरिया व डेंगू नियंत्रण के संदेशों के साथ लोगों को जागरूक किया. साथ ही भोपाल के विभिन्न विद्यालयों में ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जिला मलेरिया कार्यालय द्वारा किया गया जिसमें एंबेड टीम ने भी अपनी सहभागिता की. छात्रों ने प्रतियोगिता के माध्यम से मच्छरों से फैलने वाली बीमारियाँ जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया और फाइलेरिया के लक्षण, उनकी रोकथाम और नियंत्रण उपायों पर अपने विचार और रचनात्मकता प्रस्तुत की. प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.

    इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए. इस दौरान प्राचार्य मंजू तिवारी जॉन सुपरवाइजर ब्रजेश गोस्वामी उपस्थित रहे. जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव ने कहा कि “मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती हैं. सामूहिक प्रयास और जागरूकता ही इनसे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है उन्होंने आगे कहा कि “छोटा सा मच्छर बड़ा खतरा बन सकता है. इस वर्ष की थीम हमें यह संदेश देती है कि मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना और सभी लोगों को समान रूप से स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना बहुत आवश्यक है.” छात्र एवं छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा “आज हमें यह समझ आया कि मच्छरों से बचाव के छोटे- छोटे उपाय हमारे जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं.

     

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    Thu, 21 Aug 2025 13:51:57 +0530 Newsdesk
    भोपाल को अमृत&2.0 की सौगात, 700Km पाइपलाइन और 30 हजार घरों में मिलेगा नल कनेक्शन https://citytoday.co.in/3401 https://citytoday.co.in/3401 भोपाल

     राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे।

    इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

    स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।

    कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे।

    साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

    36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे।

    योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

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    Thu, 21 Aug 2025 13:11:57 +0530 Newsdesk
    प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है : मंत्री टेटवाल https://citytoday.co.in/3400 https://citytoday.co.in/3400 भोपाल

    कौशल विकास राज्य एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कौशल विकास संचालनालय में कौशल विकास विभाग एवं यूएनएफपीए की साझेदारी पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया। राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तिगत निर्माण, संर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा का इस वृहद स्तर पर क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के लिए अनूठी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को रोजगार के साथ जीवन में सफल होने के लिए भी तैयार कर रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष कंट्री की प्रतिनिधि सुएंड्रिया एम. वोज़्नार ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों और सहयोग की सराहना करती हूँ। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सुदृढ़, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक भी बना रहे हैं।

    इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय द्वारा यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से संचालित महत्वपूर्ण कार्यक्रम जीवन कौशल शिक्षा (जीवन तरंग), मानसिक स्वास्थ्य एवं सजगता कार्यशाला एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग कार्यशाला से संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।

    इस अवसर पर कार्यक्रम की उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं तथा प्रशिक्षकों के अनुभवों को भी साझा किया गया। यह साझेदारी मध्यप्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।

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    Thu, 21 Aug 2025 13:00:13 +0530 Newsdesk
    भोपाल: विधायक आरिफ मसूद पर धोखाधड़ी की FIR, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता लेने का आरोप https://citytoday.co.in/3394 https://citytoday.co.in/3394 भोपाल

    राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है।

    इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है।

    यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता।

    कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें

    हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें।

    जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

    एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें।

    बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था।

    कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है।

    पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत

    पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली।

    इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया।

    ये है मामला

    भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

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    Wed, 20 Aug 2025 16:36:04 +0530 Newsdesk
    एमपी के किसानों के लिए बड़ी राहत, जल्द मिलेगा 5.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया: CM का ऐलान https://citytoday.co.in/3393 https://citytoday.co.in/3393 भोपाल 
    एमपी में यूरिया की जबर्दस्त कमी है। इसके लिए प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा जैसे जिलों में खाद के लिए किसान रात 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं तब भी मायूस होकर लौट रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से यूरिया के लिए मारामारी मच रही है। किसानों ने इसके लिए धरना, प्रदर्शन, आंदोलन सब कुछ किया है पर यूरिया की जगह उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और पुलिस की लाठियां मिल रहीं हैं। इससे प्रदेश के किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे माहौल में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया जल्द उपलब्ध कराने का ऐलान किया है।

    प्रदेश के रीवा में कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को खाद वितरण केन्द्र खुले तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के कई केन्द्रों में रात्रि के तीन बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। बीते कई दिनों से कृषि सेवा सहकारी समितियां और डबल लॉक सेंटर में खाद नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले आई एक रैक की खाद सभी डबललॉक सेंटर और 148 में केवल 42 समितियों में भेजा गया था। भाकियू के अध्यक्ष सुब्रतमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसानों के सामने बड़ा संकट है। सहकारी समितियों में खाद नहीं है, डबल लॉक में कई दिनों बाद आई। इसलिए भीड़ जमा हो गई। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहे फिर भी बिना खाद के लिए वापस लौटे हैं।
     
    आंदोलन का ऐलान
    छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी यूरिया के लिए ऐसा ही हाहाकार मचा हुआ है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने यूरिया के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। इधर सरकार दावा कर रही है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है, प्रदेश में पर्याप्त खाद है। हालांकि हकीकत यही है कि प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए तरस रहे हैं।

    5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना
    इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूरिया की उपलब्धता के संबंध में अहम बयान दिया। मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। यह मात्रा आगामी डेढ़ माह में मिल जाएगी।

    डेढ़ माह में मिलेगा यूरिया
    सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है। इसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित की जा चुकी है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

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    Wed, 20 Aug 2025 16:31:05 +0530 Newsdesk
    नेपाल बॉर्डर से लापता अर्चना तिवारी को जीआरपी भोपाल ने किया सकुशल बरामद https://citytoday.co.in/3390 https://citytoday.co.in/3390 भोपाल:

     जीआरपी रानी कमलापति थाना पुलिस ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि उसने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुमशुदा महिला अर्चना तिवारी को नेपाल बॉर्डर लखीमपुर खीरी (उ.प्र.) से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल कुशलकुमार माहेश्वरी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
    गौरतलब है कि 7 अगस्त को अर्चना तिवारी ट्रेन संख्या 18233 से इटारसी से बैतूल जाने के लिए रवाना हुई थीं, लेकिन गंतव्य तक नहीं पहुंचीं।

    परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर कई शहरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सुराग जुटाए।लगातार प्रयासों के बाद जीआरपी की टीम ने नेपाल बॉर्डर से लगे लखीमपुर खीरी में अर्चना तिवारी को ढूंढ निकाला। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपनी इच्छा से गई थीं। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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    Wed, 20 Aug 2025 15:18:14 +0530 Newsdesk
    राज्यपाल पटेल 20 अगस्त को मंडला में आयुष विभाग की कार्यशाला में होंगे शामिल, मंत्री परमार भी रहेंगे उपस्थित https://citytoday.co.in/3373 https://citytoday.co.in/3373 भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल 20 अगस्त को मंडला जिले के सेमर खापा में आयुष विभाग द्वारा "परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी शामिल होंगे।

    कार्यशाला में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे।

    एकदिवसीय यह कार्यशाला मंडला जिले के सेमरखापा स्थित एकलव्य विद्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में प्रातः10.30 बजे आयोजित होगी। प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने एवं क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।

    कार्यशाला में मंडला एवं समीपवर्ती जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता एवं पारंपरिक वैद्यों की सक्रिय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श होगा। कार्यशाला में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुभव साझा किए जाएंगे एवं उनके ज्ञान का संवर्द्धन भी किया जाएगा।

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    Tue, 19 Aug 2025 12:05:25 +0530 Newsdesk
    मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर पर संकट, कभी 40 किलो की मछली अब सिर्फ 4 किलो https://citytoday.co.in/3372 https://citytoday.co.in/3372 भोपाल 

    मध्यप्रदेश की पहचान बन चुकी महाशीर मछली अब संकट में है. यह वही मछली है जिसे 2011 में राज्य मछली का दर्जा दिया गया था और जिसे लोग “टाइगर फिश” के नाम से भी जानते हैं. कभी नर्मदा में 40 किलो तक वज़न और 7 फीट लंबाई वाली यह मछली पाई जाती थी, लेकिन अब इसका वजन घटकर सिर्फ 4 किलो और लंबाई 2 फीट तक रह गई है.

    महाशीर विलुप्त की कगार पर, महज 2 फीसदी ही बची

     नर्मदा में पाई जाने वाली राज्य मछली महाशीर पर संकट मंडरा रहा है। स्वच्छ जल में रहने वाली महाशीर नर्मदा में बढ़ते प्रदूषण, पर्यावरणीय संकट, अवैध उत्खनन जैसी समस्याओं के कारण घटती जा रही है। नए आंकड़ों के अनुसार नर्मदा में इसकी संख्या 30 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है।

    महाशीर ताजे और साफ पानी में ही पनपती है। पिछले कुछ वर्षों में नर्मदा में बढ़ते प्रदूषण के कारण इसकी संख्या तेजी से घटी है। इसमें सीवेज का पानी सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार नर्मदा से अंधाधुंत रेत उत्खनन से नदी की धार टूट रही है। नदी में प्राकृतिक रूप से आने वाले जल की मात्रा लगातार घटी है। नदी पर बांधों के निर्माण जैसे कारणों से इस मछली की संख्या तेजी से घटी है।

    मछली घटने से जल जैविक स्थिति होगी प्रभावित

    नर्मदा में महाशीर मछली की पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिस पानी में मछली न हो उसकी जल जैविक स्थिति सामान्य नहीं रहती। वैज्ञानिकों के अनुसार जलस्रोतों में मछली जीवन सूचकांक है, केन्द्रीय अंतरस्थलीय माित्स्यकीय अनुसंधान केन्द्र कोलकाता के अनुसार नर्मदा में महाशीर मछली 30 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है।

    2011 में मिला राज्य मछली का दर्जा

    वैज्ञानिकों के अनुसार जैव विविधता के लिहाज से नर्मदा में महाशीर का होना बहुत जरूरी है। 26 सितम्बर 2011 में महाशीर को राज्य में संरक्षण प्रदान कर स्टेट फिश घोषित किया गया। वर्ष 2012 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने महाशीर को विलुप्त प्राय घोषित किया है।

    नदी को साफ रखने में अहम भूमिका

    इस मछली की खासियत यह है कि ये पत्थरों में लगने वाली काई और पानी की गंदगी खाकर नदी को साफ रखने में अहम भूमिका निभाती है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आंकलन कर कई स्थानों पर नर्मदा जल "ए" ग्रेड और बिना किसी उपचार के पीने योग्य बताया गया है। लेकिन ऐसे स्थानों पर भी जल में महाशीर का अस्तित्व मुश्किल में है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर जल वाकई साफ होता तो महाशीर के अंडे पानी में जरूर नजर आते।

    यह खुलासा जबलपुर स्थित वेटरनरी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने किया है.

    कैसे घट गई महाशीर मछली?

    पहले नर्मदा में महाशीर की आबादी करीब 20% थी.

    अब यह घटकर सिर्फ 1% रह गई है.

    लंबाई 7 फीट से घटकर 1.5 से 2 फीट.

    वजन 40 किलो से घटकर 2-4 किलो.

    कहां और कैसे हुई स्टडी?

    रिसर्चर ने “स्टडी ऑन द ब्रीडिंग ग्राउंड ऑफ महाशीर इन नर्मदा रिवर ऑफ जबलपुर डिस्ट्रिक्ट” विषय पर अध्ययन किया.

    रिसर्च नर्मदा नदी के चार घाटों – गौरी घाट, तिलवारा घाट, लम्हेटा घाट और भेड़ाघाट – में किया गया.

    करीब 25 किलोमीटर लंबे एरिया में मछलियों की लंबाई, वजन और ब्रीडिंग पैटर्न पर रिसर्च की गई.

    25 मछुआरों से ली मदद

    अध्ययन के दौरान 25 से ज्यादा मछुआरों से जानकारी जुटाई गई. मछुआरों ने बताया कि महाशीर अभी भी इन घाटों पर ब्रीडिंग कर रही है, लेकिन उसका साइज़ और वजन पहले जैसा नहीं है.

    घटने की मुख्य वजहें

    फिशरी साइंस कॉलेज जबलपुर के डीन ने बताया कि—

    अवैध खनन से नर्मदा का प्राकृतिक आवास नष्ट हो गया.

    मछलियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा.

    लगातार घटते संसाधनों की वजह से उनका वजन 2-4 किलो और लंबाई 1.5 से 2 फीट तक सीमित हो गई है.

    क्यों चिंता की बात?

    महाशीर मछली को “नदी की शान” कहा जाता है. इसका आकार और वजन घटना इस बात का संकेत है कि नर्मदा नदी का इकोसिस्टम खतरे में है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अवैध खनन और प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में यह मछली विलुप्त भी हो सकती है.

    नर्मदा को रखती है स्वच्छ

    बड़वाह वन क्षेत्र में महाशीर की कैप्टिव ब्रीडिंग कराने के लिए नदी जैसा स्ट्रक्चर बनाया गया है। यहां पर देश में पहली बार महाशीर की ब्रीडिंग की गई, जो सफल भी रही। अब इसकी ब्रीडिंग के लिए भोपाल के केरवा और कोलार में इसकी संभावनाओं की तलाश की जा रही है। यह मछली प्राकृतिक रूप से पानी को साफ करने का काम करती है। नर्मदा को स्वच्छ रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी महाशीर अहम भूमिका निभाती है।

    इसलिए विलुप्ति की कगार पर

    जैव विविधता बोर्ड के पूर्व सदस्य सचिव आर श्रीनिवास मूर्ति ने बताया महाशीर बहती नदी और राफ्टिंग वाली जगह अंडे देती है। इन्हें अंडे देने के लिए अनुकूल स्थान नहीं मिल रहा। शिकार, रेत का अवैध उत्खनन, पानी की धाराओं का खत्म होना भी इसके विलुप्त होने का कारण है।

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    Tue, 19 Aug 2025 11:52:51 +0530 Newsdesk
    CAG रिपोर्ट: MP में किसानों के 90% फंड का इस्तेमाल सरकारी वाहनों के ईंधन पर https://citytoday.co.in/3371 https://citytoday.co.in/3371 भोपाल

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए जारी किए जाने वाले फंड में घपलेबाजी की बात सामने आई है। यह खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में किया। कैग के मुताबिक किसानों के कल्याण के लिए बनाया गया उर्वरक विकास कोष, सरकारी अधिकारियों की कारों के लिए एक तरह का ईंधन टैंक बन गया है। यानी जो पैसा किसानों के हित में खर्च होना था, उसका इस्तेमाल अधिकारियों की गाड़ी में ईधन भरने, ड्राइवरों के वेतन देने जैसे खर्चों में इस्तेमाल हुआ है।

    किसानों के फंड से 4.79 करोड़ रुपये का घोटाला

    आंकड़ों को विस्तार से समझिए। साल 2017-18 से 2021-22 तक, तीन राज्य सरकारों में 5.31 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया। इस फंड का 90 फीसदी यानी 4.79 करोड़ रुपये राज्य और ज़िला स्तर पर सरकारी गाड़ियों, ड्राइवरों के वेतन और रखरखाव पर खर्च किया गया। इस तरह किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फर्टिलाइजर में मिलने वाली सब्सिडी, ट्रेनिंग या खेती से जुड़ी मशीनें खरीदने जैसे लाभ पर केवल 5.10 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं।

    20 वाहनों पर हुआ 2.25 करोड़ रुपये का खर्च

    अकेले राज्य स्तर पर 2.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें केवल 20 वाहनों पर 2.25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई। कैग ने ज़ोर देकर कहा कि उर्वरक विकास कोष (एफडीएफ) का मूल उद्देश्य किसानों को जरूरी सहायता मुहैया करना, पीएसीएस यानी लोन देने वाली समितियों को मज़बूत करना और फर्टिलाइजर को रैगुलेट में सुधार करना था। जबकि इसके बजाय इस फंड का इस्तेमाल परिवहन बजट बनाने में हुआ।

    छूट न देने से 10.50 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

    कैग ने खुलासा किया कि मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) उर्वरकों पर छूट का लाभ किसानों को नहीं दे पाया। इस कारण उन पर 10.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। 2021-22 में, ऊँची दरों पर फर्टिलाइजर खरीदकर किसानों को सस्ते दामों पर बेचने से मार्कफेड को 4.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसका खामियाजा आखिरकार सरकारी खजाने को भुगतना पड़ा।

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    Tue, 19 Aug 2025 11:48:09 +0530 Newsdesk
    भोपाल में तैयार होगा देश का पहला पशु ब्लड&बैंक, अब पशुओं का भी होगा ट्रांसफ्यूजन संभव https://citytoday.co.in/3360 https://citytoday.co.in/3360 भोपाल 
    इंसानों की तरह अब जानवरों को भी ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने पहली बार पशुओं के लिए ब्लड बैंक और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार की है। इसके चलते अब कुत्ते, बिल्लियां और अन्य पशु मानकों को पूरा करने पर ब्लड डोनर बन सकेंगे। डोनर अगर डॉग है, तो उम्र 1 से 8 साल होनी चाहिए। वहीं, कम से कम 25 किलो वजन होना चाहिए। बिल्ली को डोनर तभी बनाया जा सकता है, जब उसकी उम्र 1-5 साल हो और कम से कम 4 किलो वजन हो। अन्य पशु पूरी तरह स्वस्थ और वैक्सीनेटेड होने पर ही ब्लड डोनेशन कर पाएंगे। दूध पिलाने वाली गाय, बकरी या अन्य पशु ब्लड डोनेट नहीं कर पाएंगे। खास बात यह है कि डॉग हर 4-6 हफ्ते में, कैट हर 8-12 हफ्ते में ही ब्लड डोनेशन कर पाएंगे।

    पहले चरण में छोटे जानवरों के लिए
    पुरानी जेल रोड स्थित राज्य पशु चिकित्सालय में देश का पहला पशुओं का ब्लड बैंक बनेगा। ब्लड बैंक के पहले चरण में छोटे जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली और बकरी के लिए रक्त उपलब्ध रहेगा। पशुपालन विभाग की योजना है कि धीरे-धीरे बड़े जानवरों जैसे गाय, बैल और घोड़े के लिए भी ब्लड की व्यवस्था की जाए। फिलहाल अस्पताल में ब्लड चढ़ाने की सुविधा है, लेकिन बैंक न होने से आपात स्थिति में रक्त मिलना मुश्किल हो जाता था। इस कारण कई बार गंभीर पशुओं की जान चली जाती थी। अब हादसों, सर्जरी, एनीमिया या किसी गंभीर बीमारी में पालतू या पशु की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड बैंक नेटवर्क मौजूद रहेगा। दरअसल, देश में 53 करोड़ से ज्यादा पशु और 12.5 करोड़ से अधिक पालतू जानवर हैं, लेकिन अब तक इनके लिए कोई राष्ट्रीय ढांचा या रेग्युलेटेड ब्लड बैंक सिस्टम मौजूद नहीं था।

    इसके लिए नेशनल वेटरनरी ब्लड बैंक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसमें डिजिटल डोनर रजिस्ट्री, रियल-टाइम ब्लड इन्वेंट्री सिस्टम, 24×7 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल ऐप से डोनर-रिसीपीएंट मैचिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। डोनेशन पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। अक्टूबर में शुरू होगी सुविधा ^इस प्रोजेक्ट की मंजूरी में केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव अलका उपाध्याय और मुख्यमंत्री की अहम भूमिका रही है। विभाग ने ब्लड बैंक की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। अक्टूबर में यह सेवा शुरू हो जाएगी। ब्लड बैंक बनने के बाद पालतू पशु पालकों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपने कुत्ते या बिल्ली से स्वैच्छिक रक्तदान करा सकें। फिलहाल योजना छोटे पशुओं के लिए है,। भोपाल में ब्लड बैंक स्थापित करने के लिए गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनीमल साइंसेस यूनिवर्सिटी लुधियाना में यहां के पशु चिकित्सकों को भेजा जाएगा।  

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    Mon, 18 Aug 2025 17:01:14 +0530 Newsdesk
    त्योहारी सीजन में यात्रियों के लिए राहत, भोपाल मंडल की 28 ट्रेनों में होंगे एक्स्ट्रा कोच https://citytoday.co.in/3359 https://citytoday.co.in/3359 भोपाल 
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेशवासियों के लिए रेलवे की ओर से अच्छी खबर सामने आई है। भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली 28 प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। इससे त्योहार और भीड़भाड़ वाले सीजन में सीटों की कमी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    दरअसल, राजधानी भोपाल से यात्रियों के लिए 9,380 नई सीटों की व्यवस्था की जाएगी। तमिलनाडु केरल कर्नाटक आंध्र प्रदेश तेलंगाना और अमृतसर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में कोच लगेंगे। इन ट्रेनों में दक्षिण एक्सप्रेस कामायनी एक्सप्रेस जीटी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
     
    कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना
    जनरल कोच की जगह आरामदायक स्लीपर कोच लगाए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी राहत ये है कि, इन बढ़ी हुई सीटों का किराया जनरल श्रेणी जैसा ही रहेगा। यात्रियों को कोई अतिरिक्त पैसे खर्च करने नहीं पड़ें

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    Mon, 18 Aug 2025 13:17:31 +0530 Newsdesk
    एमपी में 28 जिलों में एयरस्ट्रिप और 5 जिलों में हेलीपैड की योजना, विमानन विभाग ने कलेक्टरों से मांगे प्रस्ताव https://citytoday.co.in/3357 https://citytoday.co.in/3357 भोपाल
    विमानन विभाग की ओर से मध्य प्रदेश के 28 जिलों में एयरस्ट्रिप तैयार करने का फैसला लिया गया है। वहीं, 5 महानगरों में चारों ओर नए हेलीपैड तैयार किए जाएंगे। इसके लिए विमानन विभाग की ओर से कलेक्टरों को पत्र लिखकर एक महीने के भीतर प्रस्ताव मांगा गया है।

    5 महानगरों में तैयार होंगे हेलीपैड
    राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर में वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कलेक्टरों से 15 दिन के अंदर प्रस्ताव मांगा गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के चलते आमजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग की ओर से कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन में प्रस्ताव तैयार कर भेजें।  
    प्रदेश के कटनी, बैतूल, भिंड, अनूपपुर, मुरैना, बुरहानपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, धार, डिंडौरी, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, अलीराजपुर, आगर मालवा, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, श्योपुर, अशोकनगर, नरसिंहपुर, बड़वानी, पांढुर्णा, निवाड़ी, मैहर और मऊगंज जिलों में हवाई पट्टी यानी एयरस्ट्रिप नहीं है।

    28 जिलों में हवाई पट्टी के लिए मांगी जमीन
    विमानन विभाग की ओर से कहा गया है कि 28 जिलों में अभी तक हवाई पट्टी नहीं है। विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं कि सरकारी जमीन का चयन करके प्रस्ताव भेजा जाए। साथ ही यह ध्यान रखा जाए कि हवाई पट्टी का एरिया दो हजार वर्गमीटर से कम नहीं होना चाहिए। उसके चारों तरफ बाउंड्रीवॉल भी होनी चाहिए।

    इधर, विभाग की ओर से अन्य जिलों के लिए निर्देशित किया गया है कि नगरपालिका, तहसील से 50 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड बनाया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर भेजना होगा। बता दें कि, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना और दतिया में एयरपोर्ट बन चुके हैं।

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    Mon, 18 Aug 2025 11:48:07 +0530 Newsdesk
    भारतीय रेलवे का सख्त कदम: चेन पुलिंग करने पर जेल का सामना https://citytoday.co.in/3356 https://citytoday.co.in/3356 भोपाल
    अगर आप भी अक्सर ट्रेन में बेवजह चेन पुलिंग करते हैं तो इसे बिल्कुल भी हल्के में मत लीजिए। भोपाल रेल मंडल ने जुलाई महीने के आंकड़े पेश किए हैं। जिसमें 3383 बार चेन पुलिंग की गई और 2981 बार यात्रियों पर कार्रवाई की गई है। जिसमें कई लोगों से भारी जुर्माना वसूला गया तो कई लोगों को जेल भेज दिया गया। रेलवे की ओर स्पष्ट किया गया है कि चेन पुलिंग की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय रेल ने यह सुविधा यात्रियों को इमरजेंसी के लिए दी है, लेकिन लोग मस्ती-मजाक या व्यक्तिगत लाभ को देखते हुए इसका इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों की ट्रेन छूट जाना, गलत कोच में बैठ जाना, सामान या परिजन को ट्रेन से उतार न पाना। ऐसे मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। जिसपर लगाम लगाने के लिए भोपाल रेल मंडल में सख्त रवैया अपनाया है।

    इन स्टेशनों पर ज्यादा होती है चेन पुलिंग
    रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, विदिशा, बीना, गुना सहित कई स्टेशनों पर चेन पुलिंग की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। चेन पुलिंग के बढ़ते मामलों को देख आरपीएफ ने चेकिंग अभियान और तेज कर दिया है। इस अभियान के जरिए यात्रियों को चेन पुलिंग के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जा रही है।

    अगर किसी व्यक्ति की तबियत अचानक खराब हो जाए या फिर कोई बच्चा या बुजुर्ग स्टेशन पर छूट जाए। ट्रेन में आगजनी और लूटपाट जैसी कोई घटना की स्थिति में चेन पुलिंग की जा सकती है। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो बिन वजह चेन खींचने पर 1 साल की जेल के साथ 1 हजार रुपए जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।

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    Mon, 18 Aug 2025 11:46:19 +0530 Newsdesk
    कुशाभाऊ ठाकरे जयंती पर CM डॉ. मोहन: संघर्ष में श्रीकृष्ण जैसे थे ठाकरे जी https://citytoday.co.in/3347 https://citytoday.co.in/3347 भोपाल
    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पितृ पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती मनाई गई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में पुष्पांजलि अर्पित की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उका भावभीना स्मरण किया।

    ठाकरे जी ने कई लोगों को खड़ा किया
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की मंगलकामना की। कहा- श्रीकृष्ण की अगर बात करें कहां उनका जन्म हुआ यह पता नहीं है। बालपन में ही उन्होंने अपने कार्यों को पहचाना और कंस का वध किया। श्री कृष्णा ने कंस के घर मक्खन जाते देखा, फिर मटकी फोड़ कर आक्रोश व्यक्त किया। उनके सत्याग्रह, विद्रोह की शक्ति माखन के रूप में थी। कृष्ण के समान ही ठाकरे जी ने संघर्ष किया। ठाकरे जी ने कई लोगों को खड़ा किया।

    बीजेपी बलिदानियों की परंपरा
    ठाकुर जी के जीवन के कई पक्ष है। ठाकुर जी ने कई लोगों के आंसू पोछे। हमने भगवान को नहीं देखा लेकिन ऐसे कई महापुरुष है जो कि भगवान की भूमिका में हमारे सामने रहे। 100 साल में बीजेपी, आरएसएस ने भारत देश को कई महापुरुष दिए। हेडगेवार ने साल 1925 में देख लिया था कि देश आजाद होगा लेकिन आजादी के साथ राष्ट्रभक्ति लोगों के लोग फौज खड़ी करनी होगी। कई जीवन देने होंगे। बीजेपी बलिदानियों की परंपरा है।

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    Sat, 16 Aug 2025 15:08:35 +0530 Newsdesk
    भोपाल में आवारा कुत्तों की समस्या गहराई, शेल्टर होम की फाइल भी गायब https://citytoday.co.in/3346 https://citytoday.co.in/3346 भोपाल
    सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश में खूंखार आवारा डॉग्स को पकड़कर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन भोपाल में अब तक ऐसा कोई शेल्टर होम नहीं है। लिहाजा इस स्थिति में निगम प्रशासन आवारा डॉग्स को पकड़कर शेल्टर होम में रखने में असमर्थ नजर आ रहा है। हालांकि, अधिकारी कह रहे हैं कि शेल्टर होम बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि पिछले साल बनी शेल्टर होम बनाने की फाइल निगम कार्यालय से गायब है। सूत्रों की मानें तो पिछले साल ही शेल्टर होम बनाने की एक योजना बनाई गई थी, फाइल भी बनाई गई, लेकिन फंड की वजह से योजना पर अमल नहीं हुआ। चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हुए हैं ऐसे में निगम की वेटरनरी शाखा में हड़कंप मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस योजना की फाइल ढूंढी जा रही है, पिछले कुछ दिन से कर्मचारी फाइल को ढूंढ रहे, लेकिन अब तक फाइल किसी को नहीं मिली।
     
    छह साल पहले शाहजहांनाबाद में देखी गई थी जमीन
    जानकारी के अनुसार जब यह योजना बनाई गई थी, तब एसके श्रीवास्तव वेटरनरी शाखा में ऑफिसर थे। उनके रिटायर होने के बाद यह जानकारी किसी के पास नहीं है कि फाइल कहां रखी है। हालांकि, छह साल पहले भी शहर में शेल्टर होम बनाने की योजना बनी थी और शाहजहांनाबाद में जमीन भी देखी गई थी, लेकिन वह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। यह स्थिति केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका परिषद और 298 नगर परिषद में से किसी के पास भी शेल्टर होम नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि खूंखार डॉग्स को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।

    बेघर कुत्तों के समर्थन में प्रदर्शन
    दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में गुरुवार को शाहपुरा पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। शहरभर से आए पशुप्रेमी, सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामुदायिक कुत्तों को हटाने के बजाय नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और भोजन स्थलों का निर्धारण जैसे मानवीय और वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएं। उनका तर्क था कि आठ हफ्तों में तीन लाख कुत्तों को शेल्टर भेजना अव्यवहारिक है इससे रेबीज नियंत्रण व पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। पशुप्रेमी अविनाश शिनाये ने कहा कि यह कदम इंसान और जानवर के लिए नुकसानदायक होगा।

    स्वाति और अभिषेक ने भी कुत्तों को मोहल्ले का हिस्सा बताते हुए उन्हें हटाने का विरोध किया। दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए कहा है कि यह एक ‘सुओ मोटू’ केस पर आधारित है, जिसमें किसी ने शिकायत भी नहीं की थी।

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    Sat, 16 Aug 2025 15:02:18 +0530 Newsdesk
    CM मोहन यादव का ऐलान: भोपाल बोट क्लब पर चलेंगे शिकारे, मिलेगा डल झील जैसा अनुभव https://citytoday.co.in/3336 https://citytoday.co.in/3336 भोपाल
     अब शिकारे का आनंद उठाने के लिए आपको कश्मीर की डल झील जाने की जरूरत नहीं होगी। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजधानी में ही आप शिकारे का आनंद उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के बोट क्लब पर शिकारे चलेंगे और यहां की जनता डल झील की तरह लहरों पर शिकारे का आनंद उठा सकेगी। सीएम डॉ. यादव ने यह बात 14 अगस्त को उस वक्त कही, जब वे बोट क्लब पर आयोजित तिरंगा नौका यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई। इस दौरान उन्होंने 'ये देश है वीर जवानों का.., गाना भी गाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में भी आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार भी खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। 

    गौरतलब है कि, गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब का नजारा बदला-बदला सा दिखाई दिया। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे देशभक्ति गीतों ने देखने वालों में उत्साह भर दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। 

    राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष 

    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा है। लेकिन, हमारे विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

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    Thu, 14 Aug 2025 18:45:25 +0530 Newsdesk
    एनएचएम में 83 पदों पर भर्ती, 22 अगस्त से शुरू होगी चॉइस फिलिंग https://citytoday.co.in/3335 https://citytoday.co.in/3335 भोपाल 

    प्रदेश में ऐसी संस्थाओं में गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिक और एनस्थीशिया एक्सपर्ट की बॉन्ड के जरिए नियुक्ति की जाएगी जो सरकार की फर्स्ट रेफरल यूनिट में शामिल की गई हैं। ऐसे हेल्थ सेंटर्स पर बॉन्ड के जरिए 83 पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) डॉक्टर्स की भर्ती की जाए.

    इन डॉक्टर्स को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसको लेकर 24 जुलाई 2025 को फैसला किया है कि प्रदेश में फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) के सुचारू संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं में स्त्री रोग, शिशु रोग एवं निश्चेतना के पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री व डिप्लोमा बॉन्ड अवधि में शामिल माने जाएंगे।

    इसी के चलते फर्स्ट फेज में इनैक्टिव एफआरयू में खाली स्त्री रोग के 35, निश्चेतना के 23 तथा शिशु रोग के 23 पदों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से बॉन्ड भरने वाले स्नातकोत्तर चिकित्सकों (पीजी डॉक्टर्स) का चयन किया जाएगा।

    बॉन्ड में एनएचएम के अंतर्गत काम करने के लिए प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। इसके मुताबिक ऐसी स्वास्थ्य संस्थाओं में बॉन्ड वाले पीजी डॉक्टर्स को एनएचएम की ऑनलाइन वैकेंसी में अलग से केवल रिक्त संस्थाओं में चॉइस फिलिंग की पात्रता होगी।

    बॉन्ड वाले पीजी चिकित्सकों के लिए एनएचएम की वेबसाइट पर अलग से माड्यूल तैयार किया गया है जो 22 अगस्त 2025 से प्रदर्शित होगा। इसमें पहले आने वाले बॉन्ड धारक पीजी डॉक्टर्स को पहले प्राथमिकता दी जाएगी।

    यदि एक ही समय पर एक ही संस्था के लिए एक से अधिक दावेदार आवेदन करते है तो पहले एमडी और एमएस के आधार पर और इसके बाद एमबीबीएस के मार्क्स के आधार पर चयन किया जाएगा। एनएचएम अंतर्गत ऑनलाईन आवेदन के बाद चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों के परीक्षण व सत्यापन का काम इसके लिए गठित समिति द्वारा किया जाएगा इसके बाद ही संस्था का आवंटन किया जावेगा।

    बॉन्ड भरने वाले डॉक्टर्स के लिए यह शर्तें जरूरी

        जिस दिन आदेश जारी होगा, उस तारीख से 10 दिवस की अवधि में बांडधारी चिकित्सकों को अपनी उपस्थिति जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना अनिवार्य है।

        बांड वाले चिकित्सक द्वारा संबंधित जिला चिकित्सालय में 15 दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद आवंटित संस्था पर उपस्थिति देना अनिवार्य है। इस समय में उपस्थित नहीं होने पर यह माना जायेगा कि बॉन्ड शर्तों का का पालन नहीं किया एवं एनएचएम इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये स्वतंत्र होगा।

        पदस्थापना में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

    सिर्फ एक कैजुअल लीव मिलेगी

        डिप्लोमाधारी स्नातकोत्तर चिकित्सकों को 1,10,000 रुपए प्रतिमाह तथा डिग्रीधारी को 1,25,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंग।

        चिकित्सकों को एक आकस्मिक अवकाश की पात्रता हर माह होगी।

        आकस्मिक अवकाश के अलावा मातृत्व अवकाश की पात्रता होगी, किन्तु अन्य अवकाश जैसे अर्जित अवकाश, असाधारण अवकाश आदि की पात्रता नहीं होगी।

        बांड अवधि पूर्ण करने के लिए मातृत्व अवकाश अवधि की समान अवधि के लिए दोबारा काम करना होगा एवं इस अवधि में नियमानुसार पारिश्रमिक व मानदेय की पात्रता होगी।

    वर्किंग रिपोर्ट के आधार पर नई नियुक्ति में मिलेगी प्राथमिकता

        चिकित्सक को दैनिक कार्य की जानकारी हर माह के अंत में संस्था प्रमुख को देना होगी तथा अनमोल एवं एफबीएनसी, एनआरसी एमआईएस में अपने कार्यों की एंट्री करना होगी जिसमें उपस्थिति के आधार पर ही मानदेय के भुगतान की कार्यवाही की जावेगी।

        यह पदस्थापना निश्चित अवधि के लिये है। इस सेवा अवधि के आधार पर चिकित्सक को नियमित नियुक्ति या वरिष्ठता, वेतन वृद्धि आदि संबंधी कोई अधिकार प्राप्त नहीं होंगे।

        बॉन्ड अवधि पूर्ण होने के बाद चिकित्सक को एनएचएम अंतर्गत नए नियुक्ति के लिए समान संस्था में कार्य करने में प्राथमिकता दी जावेगी।

    आचरण को लेकर भी गाइडलाइन

    ऐसे चिकित्सकों के आचरण को लेकर भी गाइडलाइन तय की गई है। इसमें कहा गया है कि चिकित्सक को जहां पदस्थापना की गई है वहां के संस्था के प्रमुख के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करना होगा।

    इस दौरान निष्ठा, कर्तव्य परायणता रखने के साथ ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा जो उसके पद के लिए अशोभनीय है।

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    Thu, 14 Aug 2025 18:42:02 +0530 Newsdesk
    भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम, हर कुत्ते का बनेगा बायोडाटा और लगेगी माइक्रोचिप https://citytoday.co.in/3327 https://citytoday.co.in/3327 भोपाल
     राजधानी भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स द्वारा काटने की घटनाओं ने नगर निगम की चिंताएं बढ़ा दी हैं. पिछले साल 2 बच्चों की जान डॉगी ले चुके हैं. इसके अलावा हजारों लोग डॉग बाइट के शिकार हुए हैं. इसलिए अब भोपाल नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम कसने के लिए नया प्रयोग शुरू करने की तैयारी की है. इसके तहत नगर निगम भोपाल नसबंदी किए जाने के बाद डॉग्स की गर्दन में माइक्रोचिप लगाएगा. इससे स्ट्रीट डॉग के स्टरलाइजेशन में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं पर नकेल कसी जा सकेगी.

    एक क्लिक पर मिलेगी डॉगी की पूरी जानकारी

    चावल के दाने जितनी बड़ी इस चिप में डॉग की यूनिक आइडी सहित उसका पूरा बायोडेटा होता है. भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने बताया "स्ट्रीट डॉग्स के गले में माइक्रोचिप लगने के बाद एक क्लिक से यह पता चलता है कि डॉग का स्टरलाइजेशन किस संस्था ने कब किया. इसका वैक्सीनेशन कब किया गया. डॉग की यूनिक आईडी वाली माइक्रोचिप डॉग के गर्दन में पीछे लगती है. स्ट्रीट डॉगी की नसबंदी में लापरवाही रोकने के लिए माइक्रोचिप लगाई जाएगी. जिसके लिए दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर काम किया जाएगा."

    हर डॉगी की कुंडली होगी नगर निगम के पास

    नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण के अनुसार "माइक्रोचिप में डॉग का पूरा बायोडाटा होता है. डॉग को कहां से पकड़ा, किस स्टरलाइजेशन सेंटर में ले जाया गया. सर्जरी कब हुई और माइक्रोचिप लगाने वाले डॉक्टर का क्या नाम है. डॉग मेल है या फीमेल. ये सारी जानकारियां माइक्रोचिप में होंगी. इससे नसबंदी में होने वाला भ्रष्टाचार रुकेगा. साथ ही संस्थाओं पर निगरानी भी रखी जा सकेगी."

    पिछले साल हुई 22 हजार डॉग्स की नसबंदी

    नगर निगम भोपाल के अनुसार "भोपाल प्रदेश का पहला जिला है, जिसने डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार की है. कार्ययोजना के तहत जनवरी 2024 से जून 2025 तक हर माह डॉग बाइट की घटनाओं की रिपोर्ट पेश की गई." रिपोर्ट के मुताबिक "राजधानी में हर साल 22 हजार डॉग्स नसबंदी की गई है." नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट के अनुसार "2024 में भोपाल में डॉग बाइट के 19,285 मामले दर्ज किए गए, इसका औसत सिर्फ 0.8 प्रतिशत रहा."

    डॉग बाइट्स के मामले में भोपाल छठे नंबर पर

    गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश में डॉग बाइट को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन ने रिपोर्ट जारी की है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम शहर शामिल थे. डॉग बाइट के मामले में रतलाम सबसे ऊपर है. इसके बाद उज्जैन और फिर इंदौर का नंबर आता है. रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर चौथे पायदान पर है.

    पिछले साल दो मासूम की जान ले चुके डॉग्स

    गौरतलब है कि भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स ने पिछले साल जनवरी में 15 दिन के अंदर दो मासूम बच्चों को वीभत्स तरीके से नोचा-खसोटा था. दोनों की मौत हो गई थी. दोनों घटनाएं कटारा हिल्स इलाके में हुई थी. डॉगी के काटने के बाद बच्चों का इलाज हमीदिया अस्पताल में चला लेकिन गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी थी. 

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    Thu, 14 Aug 2025 12:37:27 +0530 Newsdesk
    कोर्ट के आदेश बेअसर, नेताओं और मंत्रियों में हूटर लगाने की होड़ https://citytoday.co.in/3326 https://citytoday.co.in/3326

    भोपाल 

    रसूख के हूटर की चाहत मंत्री-संतरी और नेताओं में इस कदर है कि कोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं है। हैरानी की बात है कि इंदौर हाईकोर्ट के आदेशों की नाफरमानी पुलिस की नाक के नीचे हो रही है। 31 जुलाई को हूटर उतारने के कोर्ट के आदेश 12 दिन बाद भी अमल नहीं हो सके। राजधानी में कोर्ट के आदेश हवा कर हूटर लगे वाहन घूमते दिखे। पत्रिका की फोटो रिपोर्ट से जानिए कैसे नियम हवा हो रहे हैं।

    राजधानी भोपाल में सत्तादल सहित अन्य नेताओं का जमावड़ा बना रहता है। इस बीच भोपाल के पॉलिटेक्निक चौक के पास भोपाल के ही भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र यति का वाहन हूटर लगा दिखा। वहीं कई टैक्सी वाहन भी हूटर लगाकर खुलेआम पुलिस की नजरों के सामने से गुजरते रहे। इन पर कार्रवाई को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिखी।

    पुलिस मुख्यालय का आदेश भी हवा-हवाई

    पुलिस मुख्यालय द्वारा कुछ माह पहले हूटरबाजों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाया गया था। लेकिन पीएचक्यू के आदेशों की इतिश्री पुलिस ने चंद दिनों में कर दी। उसके बाद पूरे मामले को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। हैरानी की बात ये है कि कोर्ट के आदेश जारी होने के बाद भी पुलिस मुयालय की ओर से कोई अभियान नहीं शुरू किया गया।

    जनहित याचिका में सात दिन की दी थी मोहलत

    हूटर को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई करते इंदौर हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर 7 दिन में सभी निजी और अपात्र वाहनों से हूटर, लैश लाइट हटाने और नंबर प्लेट सही करने के आदेश दिए थे। साथ ही प्रमुख सचिव, डीजीपी, कमिश्नर, डिप्टी आरटीओ से ४ हते में जवाब मांगा था।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:27:21 +0530 Newsdesk
    प्रदेश में 99 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बने अपार आईडी https://citytoday.co.in/3325 https://citytoday.co.in/3325 प्रदेश में 99 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बने अपार आईडी

    प्रदेश में 99 लाख से ज्यादा छात्रों के बने डिजिटल आईडी, शिक्षा में नई पहल

    99 लाख विद्यार्थियों की आईडी तैयार, प्रदेश में बढ़ रही डिजिटल सुविधा

    प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि: 99 लाख से अधिक आईडी हुईं तैयार

    अपार आईडी एक राष्ट्र-एक छात्र आईडी के रूप में करेगी काम

    भोपाल

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने प्रदेश में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंड रजिस्ट्री) आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इसका उद्देश्य ‘वन नेशन-वन स्टूडेंट’ के रूप में पहचान देना है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम आईडी मिलेगी। इसके आधार पर विद्यार्थी को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करना आसान होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने अब तक करीब 99 लाख 41 हजार बच्चों की अपार आईडी तैयार कर ली हैं।

    अपार आईडी तैयार करने के लिये विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसी के साथ प्रत्येक विद्यालय पर एक शिक्षक को प्रभारी नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रदेश में ‘अपार’ आईडी बनाने की सहमति अभिभावकों से प्राप्त करने के लिये मीटिंग भी आयोजित की जा चुकी है। प्रदेश में 50 लाख अपार आईडी बनना शेष हैं। इसके लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निश्चित समय-सीमा दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में करीब 65 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से अधिक है।

    अपार आईडी के उपयोग

    ‘अपार’ आईडी शैक्षणिक क्रेडिट बैंक की तरह काम करेगी। इसमें एक डिजिटल स्टोर हाउस होगा, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा उनके शैक्षणिक करियर से संबंधित जानकारी होगी। ‘अपार’ आईडी साझा करने से नये स्कूल में बच्चे के सारे दस्तावेज पहुंच जायेंगे। यदि विद्यार्थी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो उससे संबंधित सारा विवरण दूसरे राज्य में भी स्थानांतरित हो जायेगा। इसके लिये उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होगी। ‘अपार’ आईडी छात्रों के कॅरियर को सशक्त बनायेगी। इस आईडी से ड्रॉपआउट करने वाले बच्चों पर नजर रखी जा सकेगी और उन्हें मुख्य धारा में पुन: लाया जा सकेगा। आईडी डिजिलॉकर इकोसिस्टम तक पहुंचने का प्रवेश द्वार होगा, जो छात्रों को सभी उपलब्धियों जैसे परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, सीखने के परिणामों के अलावा छात्रों के अन्य कौशल प्रशिक्षण जानने में भी सहायक होगा। विद्यार्थी भविष्य में अपनी उच्च शिक्षा या रोजगार के उद्देश्य के लिये क्रेडिट स्कोर का उपयोग कर सकते हैं। अपार आईडी का उपयोग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा, प्रवेश छात्रवृत्ति विवरण, सरकारी लाभ का हस्तांतरण, पुरस्कार जारी करने में भी मान्य किया गया है।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:13:35 +0530 Newsdesk
    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डायल 112 का फ्लैग ऑफ https://citytoday.co.in/3324 https://citytoday.co.in/3324 भोपाल 
    मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश की नवीन आपातकालीन सेवा डायल 112 का शुभारंभ आज दोपहर 12:20 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्‍ट्रीय कन्‍वेंशन सेंटर भोपाल में करेंगे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा भी उपस्थित रहेंगे।

    अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक रेडियो/दूरसंचार श्री संजीव शमी ने बताया कि जन-सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए, मध्यप्रदेश में डायल-100 की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए डायल-112 को एकीकृत, स्मार्ट और बहु-एजेंसी आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा के रूप में स्थापित किया जा रहा है। बढ़ती आवश्यकताओं और बहु-एजेंसी समन्वय को देखते हुए, डायल-112 सेवा शुरू की जा रही है। अब पुलिस (100), स्वास्थ्य/एम्बुलेंस (108), अग्निशमन (101), महिला हेल्पलाइन (1090), साइबर क्राइम (1930), रेल मदद (139), हाईवे एक्सिडेंट रिस्पॉन्स (1099), प्राकृतिक आपदा (1079) और महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन (181, 1098) जैसी सभी सेवाएं एक ही नंबर 112 से उपलब्ध होंगी।

    तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य और सेवा गुणवत्ता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, डायल-112 को अधिक कुशल, बुद्धिमान और नागरिक-जागरूक प्रणाली के रूप में पुनः डिज़ाइन किया गया है। नई तकनीकों—डेटा एनालिटिक्स, रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग और IoT के साथ डायल-112 अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि खतरे का पूर्वानुमान कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सक्षम है।

    नई डायल-112 प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
    1. प्रत्येक शिफ्ट में 100 एजेंट की क्षमता वाला नया कॉन्टैक्ट सेंटर, जिसमें 40 सीटों का डिस्पैच यूनिट है।
    2. PRI लाइनों से SIP आधारित ट्रंक लाइन पर माइग्रेशन, जिससे 112 पर कॉल एक्सेस अधिक सहज हो।
    3. उन्नत बिज़नेस इंटेलिजेंस (BI) और MIS रिपोर्टिंग टूल्स।
    4. नागरिकों और FRV के बीच संपर्क को बेहतर बनाते हुए गोपनीयता बनाए रखने हेतु नंबर मास्किंग समाधान।
    5. FRV के रख-रखाव को ट्रैक करने हेतु समग्र फ्लीट मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर।
    6. चैटबॉट जैसे नॉन-वॉयस माध्यमों द्वारा नागरिकों से संवाद और शिकायतों की ट्रैकिंग।
    7. नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष मोबाइल ऐप्स।
    8. ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) सॉफ़्टवेयर, बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ।
    9. पारदर्शिता के लिए FRVs में डैशबोर्ड कैमरा और बॉडी वॉर्न कैमरा की व्यवस्था।

    मध्य प्रदेश में डायल-112 सेवा (पूर्व में डायल-100 सेवा)
    मध्यप्रदेश में 1 नवम्बर 2015 को शुरू हुई डायल-100 भारत की पहली केंद्रीकृत, राज्य-व्यापी पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा थी। इसने शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों में त्वरित, तकनीक-सक्षम सहायता उपलब्ध कराते हुए जन-सुरक्षा में नया मानक स्थापित किया। इस प्रणाली का संचालन भोपाल स्थित अत्याधुनिक सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से किया गया। नागरिक टोल-फ्री नंबर 100 पर कॉल करते थे, जहां प्रशिक्षित कॉल-टेकर कंप्यूटर-सहायता प्राप्त डिस्पैच सॉफ़्टवेयर के माध्यम से निकटतम उपलब्ध डायल-100 (FRV) की पहचान कर तुरंत रवाना करते थे। इसमें 1,000 जीपीएस-सक्षम चार-पहिया FRV और 150 दो-पहिया इकाइयाँ शामिल थीं, जिन्हें मोबाइल फोन और मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) से लैस किया गया था। डायल-100 कॉल सेंटर में आपात स्थिति में कॉलर की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लोकेशन बेस्ड सिस्टम (LBS) स्थापित है। पुलिस के ये इमरजेंसी वाहन अतिशीघ्र सहायता स्थल तक पहुंचते हैं, जिससे न्याय को जन-जन के द्वार तक पहुंचाने का संकल्प डायल-100/112 के माध्यम से सार्थक हो रहा है।

    डायल-100 द्वारा आपातकालीन सहायता में रिकॉर्ड उपलब्धियां (विगत दस वर्षों में )
    डायल-100 सेवा के आरंभ होने से लेकर जून-2025 तक कुल 8 करोड़ 99 लाख 04 हजार 390 कॉल प्राप्त हुये, जिनमें से 2 करोड़ 07 लाख 91 हजार 177 कार्यवाही लायक कॉल थे। इनमें से 1 करोड़ 97 लाख 02 हजार 536 पर डायल 100 द्वारा जनता को मदद पहुंचाई गयी।

        वरिष्ठ नागरिकों को सहायता – 2,23,288
        महिला सुरक्षा हेतु त्वरित प्रतिक्रिया – 19,71,396
        परित्यक्त नवजात शिशुओं का बचाव – 1,300
        सड़क दुर्घटनाओं में जीवन दायनी सहायता – 12,48,621
        लापता बच्चों की रिपोर्टिंग और खोज – 27,112
        आत्महत्या और अवसाद से जुड़ी घटनाओं में समय रहते प्रतिक्रिया – 2,64,347

     

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    Thu, 14 Aug 2025 12:03:14 +0530 Newsdesk
    बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत रंग https://citytoday.co.in/3323 https://citytoday.co.in/3323 बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत रंग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग होंगे शामिल

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत मध्यप्रदेश खेल विभाग का आयोजन

    भोपाल

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत मध्यप्रदेश खेल विभाग द्वारा राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में देशभक्ति से ओत-प्रोत विशाल जल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 14 अगस्त 2025 की सुबह 9:30 बजे प्रारंभ होगा।

    इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। मध्यप्रदेश खेल विभाग ने सभी नागरिकों से अपील किया है कि वे इस अनोखे आयोजन का हिस्सा बनकर देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करें।

    बड़े तालाब की लहरों के बीच दिखेगा देशभक्ति का रंग

    तिरंगा यात्रा में 50 से अधिक बोट बड़े तालाब की लहरों पर तिरंगे के साथ देशभक्ति का अद्वितीय संदेश देंगी। 100 से अधिक वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे और विभिन्न स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के माध्यम से देशभक्ति की अद्भुत मिसाल पेश करेंगे।

    यह कार्यक्रम न केवल राजधानीवासियों के लिए एक रोमांचक और प्रेरणादायक अनुभव होगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रप्रेम, एकता और समर्पण का संदेश भी देगा।

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    Thu, 14 Aug 2025 12:00:13 +0530 Newsdesk
    मंत्री विजय शाह केस में SIT पेश करेगी स्टेटस रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई https://citytoday.co.in/3313 https://citytoday.co.in/3313 भोपाल 

     कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसआईटी की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाएगी। पिछली बार कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी को निष्ठाहीन बताते हुए नाराजगी जताते हुए तल्ख टिप्पणी की थी।

    आपको बता दें कि, मंत्री विजय शाह ने एक सभा के दौरान मंच से भाषण देते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बता दिया था। मंत्री विजय शाह के इस विवादित बयान से जुड़े मामले पर आगामी 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

    सीएम के साथ दिखे विजय शाह

    विजय शाह मंगलवार को दिल्ली में संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री डा .मोहन यादव के साथ दिखे। मुख्यमंत्री ने यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट के बाद मीडिया से बात की तब भी शाह उनके आसपास ही थे। माना जा रहा है कि इस मामले में विजय शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी सफाई देने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को

    सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को है। इसके पहले 28 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने विजय शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर तल्ख टिप्पणी की थी। 28 जुलाई को सुनवाई के पहले विशेष जांच टीम ने विजय शाह के भी बयान लिए थे। उल्लेखनीय है कि टीम यह जांच कर रही है कि शाह का वीडियो वास्तविक है या नहीं। उन्होंने सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी क्यों की।

    आज पेश होगी रिपोर्ट

    बता दें कि मंत्री शाह के बयान पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पिछले महीने 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एसआईटी से आज केस की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

    मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट 18 अगस्त को सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी पर भी तल्ख टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट में बीते 28 जुलाई को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की थी।

    कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।

    सीएम के साथ संसद में नजर आए थे शाह इससे पहले मंगलवार को मंत्री विजय शाह संसद भवन परिसर में नजर आए। वे सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ दिखे।

    दरअसल, मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने संसद भवन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इसी दौरान मंत्री शाह भी वहीं नजर आए।

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    Wed, 13 Aug 2025 15:22:30 +0530 Newsdesk
    गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में पैरामेडिकल कोर्स के लिए प्रवेश — आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त https://citytoday.co.in/3310 https://citytoday.co.in/3310 विवेक झा, भोपाल, 13 अगस्त।
    शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल ने सत्र 2025-26 के लिए विभिन्न पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं 18 अगस्त 2025 की दोपहर 5 बजे तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    कॉलेज प्रशासन के अनुसार, आवेदन पत्र सरकारी वेबसाइट www.gmcbhopal.net से या निर्धारित लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन शुल्क ₹600 ऑनलाइन जमा करने के बाद, उसकी स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी। पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र अधिष्ठाता कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल (मध्यप्रदेश) के पते पर अंतिम तिथि से पहले जमा कराना अनिवार्य है।

    पात्रता एवं कोर्स विवरण

    विज्ञापन के अनुसार, पैरामेडिकल कोर्स में निम्नलिखित प्रमुख कार्यक्रम, सीटें और अवधि शामिल हैं—

    कोर्स का नाम सीटें अवधि
    बी.एससी. मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी 40 3 वर्ष
    बी.एससी. रेडियोग्राफी 30 3 वर्ष
    बी.एससी. ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी 20 3 वर्ष
    बी.एससी. डायलिसिस टेक्नोलॉजी 15 3 वर्ष
    डिप्लोमा रेडियोग्राफी 20 2 वर्ष
    डिप्लोमा लैब टेक्नोलॉजी 20 2 वर्ष
    डिप्लोमा कार्डियक केयर 15 2 वर्ष
    डिप्लोमा इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर 15 2 वर्ष
    ऑक्यूपेशनल थेरेपी डिप्लोमा 10 2 वर्ष
    सर्टिफिकेट इन फिजियोथेरेपी असिस्टेंट 10 1 वर्ष
    सर्टिफिकेट इन डेंटल हाइजीन 10 1 वर्ष

    पात्रता मानदंड के तहत, अभ्यर्थी को मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान संकाय (Physics, Chemistry, Biology) में 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुछ कोर्सों के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित है।

    आवेदन की प्रक्रिया

    1. वेबसाइट से डाउनलोड करें — आवेदन पत्र www.gmcbhopal.net से डाउनलोड करें।

    2. शुल्क जमा करें — ₹600 की आवेदन फीस ऑनलाइन भुगतान करें और उसकी रसीद का स्क्रीनशॉट लें।

    3. दस्तावेज़ संलग्न करें — आवेदन पत्र के साथ भुगतान की रसीद की फोटोकॉपी एवं आवश्यक शैक्षणिक/जन्मतिथि प्रमाण पत्र संलग्न करें।

    4. ऑफलाइन जमा करें — आवेदन पत्र व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम से अधिष्ठाता कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल को भेजें।

    महत्वपूर्ण निर्देश

    • अपूर्ण या समयसीमा के बाद प्राप्त आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

    • सभी प्रमाण पत्र स्व-प्रमाणित होने चाहिए।

    • चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए विज्ञान विषयों में प्राप्त अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    • प्रवेश सूची एवं परामर्श तिथियां बाद में कॉलेज वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएंगी।

    महत्वपूर्ण तिथि:

    • आवेदन की अंतिम तिथि — 18 अगस्त 2025 (दोपहर 5 बजे तक)

    कॉलेज प्रबंधन ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है। साथ ही, जानकारी को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में साझा करने का अनुरोध किया गया है।

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    Wed, 13 Aug 2025 13:00:23 +0530 Newsdesk
    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शासकीय आवास पर फहराया तिरंगा https://citytoday.co.in/3309 https://citytoday.co.in/3309 उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने शासकीय आवास पर फहराया तिरंगा

    हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता की अपील

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत भोपाल स्थित उनके शासकीय आवास पर तिरंगा फहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने घर, कार्यालय और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रप्रेम की भावना को और सशक्त करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक नागरिक के हृदय में देशभक्ति का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता की अपील की है।

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    Tue, 12 Aug 2025 18:30:03 +0530 Newsdesk
    विश्व धरोहर भोजपुर मंदिर से दिया देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश https://citytoday.co.in/3307 https://citytoday.co.in/3307 विश्व धरोहर भोजपुर मंदिर से दिया देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश

    विश्व धरोहर भोजपुर मंदिर से गूंजा देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश

    विश्व धरोहर भोजपुर मंदिर में देशभक्ति संग स्वच्छता का संदेश प्रसारित

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अंतर्गत स्वच्छता कार्यक्रम

    भोपाल

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर, स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान उत्साहपूर्वक जारी है। इस वर्ष की थीम “स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग” के अंतर्गत मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर भी विभिन्न जन जागरूकता और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने सोमवार को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की अस्थायी सूची में शामिल भोजपुर मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन किया। मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड शिवशेखर शुक्ला के निर्देशन में किया गया। इस अभियान में भोपाल के विभिन्न कॉलेजों के 100 से अधिक विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

    प्रतिभागियों ने मंदिर परिसर और उसके आसपास फैले निर्माल्य एवं अन्य कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी को गीता के कर्मयोग का संदेश दिया गया, जिससे यह अभियान केवल सफाई तक सीमित न रहकर सामाजिक व आध्यात्मिक जागरूकता का माध्यम भी बना।

    कार्यक्रम का आयोजन जंगल ट्रेक ग्रुप के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर डॉ. मनोज कुर्मी, सुप्रिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट, भोपाल सर्किल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा के. के. सिंह, सलाहकार, साहसिक पर्यटन, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों से स्वच्छता और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के महत्व पर प्रेरणादायक विचार साझा किए।

     

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    Tue, 12 Aug 2025 17:30:05 +0530 Newsdesk
    छात्र से पैर दबवाने वाली टीचर और स्कूल प्रिंसिपल पर कार्रवाई, वीडियो वायरल होने के बाद नोटिस जारी https://citytoday.co.in/3306 https://citytoday.co.in/3306 भोपाल 

    राजधानी भोपाल में स्थित एक सरकारी स्कूल में छात्र से पैर दबवाना एक महिला टीचर को भारी पड़ गया। अब इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने महिला टीचर के साथ-साथ स्कूल के प्रिंसिपल तक को नोटिस जारी कर 3 दिन में दबाव मांगा है। यही नहीं मामले की जांच के लिए कमेटी तक गठित कर दी गई है।

    बता दें कि पूरा मामला गांधी नगर स्थित शासकीय महात्मा गांधी विद्यालय का था। जहां स्कूल में पदस्थ महिला शिक्षिका अनीता श्रीवास्तव चौथी कक्षा में बैठी थी। इस दौरान उन्होंने अपना एक पांव छात्र के हाथ में दे रखा था। बड़ा होकर अपना भविष्य बनाने की आस में घर से चला छात्र उनके पैर दबाता नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम को देखने पर प्रतीत हो रहा था कि, मानों ये कोई स्कूल न हो, कोई मसाज पार्लर हो।

    घटना का वीडियो हुआ वायरल

    इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ एक वीडियो से, जो सामने मौजूद किसी ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यही वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर महिला टीचर अनीता श्रीवास्तव की भी सफाई सामने आई है। उन्होंने कहा कि, स्कूल के गेट पर ही उनका पैर गड्ढे में मुड़ गया था। जिसके बाद बच्चों ने उन्हें सहारा दिया और पांव दबाने लगे।

    महिला टीचर की सफाई

    दूसरी तरफ, शिक्षिका ने पैर दबवाने की बात से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि, 4 महीने पहले वो एक दुर्घटना का शिकार हुई थीं। हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद पैर का ऑपरेशन हुआ और पैर में रॉड और प्लेट्स डालनी पड़ी। उन्होंने हाल ही में स्कूल आना शुरू किया है। शुक्रवार को कक्षा में प्रवेश करते समय गेट पर टूटी टाइल्स से बने गड्ढे में एक बार फिर उनका वही पैर मुड़ गया, जिसके चलते वो दर्द से कराह उठीं। बच्चों ने उन्हें संभालकर कुर्सी पर बैठाया और एक बच्चा प्रेमभाव से पैर को सीधा करने की कोशिश कर रहा था। शिक्षिका अनीता श्रीवास्तव ने स्पष्ट रूप से कहा कि, किसी बच्चे से पैर दबवाना उनका उद्देश्य नहीं था। शिक्षिका का कहना है कि, वे स्कूल में 2011 से पदस्थ्य हैं। उन्होंने कहा कि, उन्हें सभी बच्चे बहुत प्यारे हैं।

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    Tue, 12 Aug 2025 17:27:29 +0530 Newsdesk
    पर्यावरण से समन्वय पर विशेष संगोष्ठी&सह प्रशिक्षण कार्यशाला आज https://citytoday.co.in/3289 https://citytoday.co.in/3289 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोक निर्माण विभाग के ध्येय “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को साकार करने की दिशा में 11 अगस्त को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में अखिल भारतीय संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि श्री गोपाल आर्य, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और भास्कराचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।

    कार्यशाला में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी सत्र और विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक मंच पर एकत्र करेगा, जिससे वे हरित और टिकाऊ निर्माण के नए आयामों से परिचित होंगे।

    संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। इस दौरान भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N), गांधीनगर के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) निर्माण और जीआईएस पोर्टल पर सड़कों व पुलों की भौगोलिक मैपिंग पर विशेष प्रशिक्षण देंगे। इस तकनीकी ज्ञान से विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में और वृद्धि होगी।

    यह कार्यशाला केवल तकनीकी कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का ठोस प्रयास भी है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।

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    Mon, 11 Aug 2025 12:11:57 +0530 Newsdesk
    मध्य प्रदेश में 13 अगस्त से बारिश का दौर, 22 अगस्त को मेघ मेहरबान https://citytoday.co.in/3288 https://citytoday.co.in/3288 भोपाल
    अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं।

    मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।
     
    यहां बना हुआ है चक्रवात
    मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है।

    मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश
    13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

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    Mon, 11 Aug 2025 11:55:46 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को आज देंगे रक्षाबंधन का शगुन https://citytoday.co.in/3286 https://citytoday.co.in/3286 मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को आज देंगे रक्षाबंधन का शगुन

    रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को आज मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा

    डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ

    रक्षाबंधन पर सीएम डॉ. यादव का उपहार, सभी लाड़ली बहनों को मिलेगा शगुन

    1.26 करोड़ बहनों के खातों में करेंगे 1859 करोड़ का अंतरण
    07 अगस्त को प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में आएंगे 1500 रूपये
    राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत् गुरूवार 07 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार 823 लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 859 करोड़ 1 लाख 32 हजार 350 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। इस बार लाड़ली बहनों को नियमित किश्त 1250 रूपये के अतिरिक्त रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रूपये भी दिये जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना को रक्षाबंधन के पूर्व 1500 रूपये मिलेंगे।

    लाड़ली बहना योजना

    वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। योजना की पात्र महिलाएं (21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्याक्ता महिलाएं) को प्रतिमाह 1250 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 6198.88 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है।

    28 लाख से अधिक बहनों को 43.90 करोड़ रूपये की सहायता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों और विशेष पिछड़ी जनजाति की आर्थिक सहायता योजना अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं को गैस रिफिल की राशि भी प्रदाय करेंगे। योजना के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेण्डर रिफिलिंग के लिये 43.90 करोड़ रूपये की सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में होने वाले रोड-शो में भी शामिल होंगे।

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    Thu, 07 Aug 2025 15:31:50 +0530 Newsdesk
    प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी ओर बलराम जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3285 https://citytoday.co.in/3285 प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी ओर बलराम जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जन्माष्टमी और बलराम जयंती को लेकर सरकार तैयार, डॉ. यादव बोले- उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा

    श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव आयोजन संबंधी समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में बलराम एवं श्रीकृष्ण के प्रसंगों, उनके अवदान और लोक कल्याणकारी जीवनगाथा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। विभिन्न चिन्हित मंदिरों में भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालयों में स्थानीय साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृति संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाये।

    बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इसके लिए गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया गया है। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जिन स्थानों पर पड़े और उनके जीवन के विशेष प्रसंग जहां घटित हुए, ऐसे सभी संबंधित स्थान पावन हैं। इस नाते इन स्थानों पर भी जन रुचि के अनुरूप प्रभावी कार्यक्रम होंगे। इन स्थानों में सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा धाम, अमझेरा, जामगढ़, जानापाव आदि शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री निवास में भी होगा विशेष कार्यक्रम

    भोपाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अनेक जिलों के बालगोपाल भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में एक मंच पर आएंगे। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति और पर्यटन विभाग के सौजन्य से विभिन्न कलाकार भी जुड़ेंगे।

    बैठक में आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव एवं पर्यटन विकास निगम के निर्देशक इलैया राजा, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एमपी नामदेव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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    Thu, 07 Aug 2025 15:28:59 +0530 Newsdesk
    “हेलमेट पहनिए, जीवन बचाइए: भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स ने उठाया सुरक्षा का संकल्प” https://citytoday.co.in/3283 https://citytoday.co.in/3283 भोपाल।

     भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक अपील जारी की है। यह अपील ऐसे समय में आई है जब शहर में दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न पहनने की लापरवाही लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। इसी विषय पर आज जिला प्रशासन भोपाल द्वारा आयोजित एक विशेष बैठक में गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

    बैठक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि बड़ी संख्या में नागरिक दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहन रहे हैं, जिससे न केवल उनकी जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि यह ट्रैफिक नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। इसे देखते हुए भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ. तेजकुलपाल सिंह पाली ने सभी नागरिकों और व्यवसायिक समुदाय से एक संयुक्त सार्वजनिक आग्रह किया है।

    मुख्य बिंदु: चेंबर की अपील

    • बिना हेलमेट के वाहन न चलाएं: जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

    • अन्य लोगों को भी करें प्रेरित: अपने परिवार, मित्रों, कर्मचारियों और सहयोगियों को भी इस नियम का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

    • कॉलोनियों और व्यापारिक परिसरों में सख्ती: बिना हेलमेट के आने वालों को किसी भी कॉलोनी, सोसाइटी या व्यावसायिक परिसर में प्रवेश न देने का निर्णय लिया जाए।

    • यह एक नियम नहीं, जीवन रक्षा का संकल्प है: हेलमेट पहनना एक अनुशासन का प्रतीक है, जिससे असंख्य दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

    समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील

    चेंबर ने साफ कहा है कि यह पहल किसी कानून के डर से नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और ज़िम्मेदारी की भावना से की जा रही है। प्रत्येक संस्था, कॉलोनी समिति, व्यवसायिक संगठन एवं आमजन को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

    डॉ. पाली ने कहा कि, “एक छोटा सा कदम – हेलमेट पहनना – आपके पूरे परिवार के जीवन को सुरक्षित कर सकता है। इसे अपनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

    प्रशासन और व्यापारिक संगठन का संयुक्त संकल्प

    यह अपील न केवल एक सुरक्षा चेतावनी है, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का प्रारंभ है, जिसमें नागरिकों से सीधे जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
    इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य है कि भोपाल को एक सुरक्षित, जिम्मेदार और अनुशासित शहर के रूप में स्थापित किया जाए।

    सड़क पर दुर्घटनाएं किसी को भी नहीं छोड़तीं। थोड़ी सी सावधानी—जैसे हेलमेट पहनना—एक बड़ी त्रासदी से बचा सकती है।
    भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं जिला प्रशासन की यह पहल समाज के प्रति उनके दायित्व और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

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    Thu, 07 Aug 2025 13:06:36 +0530 Newsdesk
    भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों की “कृष्णायन में प्रस्तुति सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3282 https://citytoday.co.in/3282 भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों की कृष्णायन" में प्रस्तुति सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृष्णायन में श्रीकृष्ण के जीवन की प्रेरक झलकियाँ, डॉ. यादव ने की सराहना

    "मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की 'कृष्णायन' की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण

    विधानसभा के मानसरोवर सभागार में कलाकारों ने दिखाए भगवान के जीवन के प्रसंग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए "कृष्णायन" जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रभावशाली माध्यम हैं। इस प्रस्तुति में शामिल कलाकारों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश के ऐसे स्थानों जिनसे भगवान श्रीकृष्ण का संबंध है, उनके महत्व को भी ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुति से समझा जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभाकक्ष में कृष्णायन की प्रस्तुति देखी। इसमें भगवान कृष्ण की जीवन की संपूर्ण कथा को सांगीतिक रूप से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रस्तुति के कलाकारों को एक लाख 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने जहां सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की वहीं अमझेरा में विवाह संबंध, नारायणा धाम से सुदामा के साथ मैत्री और जानापाव में सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग जन रूचि के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "कृष्णायन" के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों की जानकारी वाद्य यंत्रों, ध्वनि, प्रकाश और आतिशबाजी के साथ रोचक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किये जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों को सम्मानित भी किया।

    मध्यप्रदेश बन सकता है, दूसरा वृंदावन: स्पीकर तोमर

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान कृष्ण का गहरा संबंध रहा है जिसे जन-जन तक पहुंचाया जाए तो मध्यप्रदेश दूसरा वृंदावन बन जाएगा। स्पीकर तोमर ने भजनों और गीतों के साथ की गई सुंदर प्रस्तुति के लिए समस्त कलाकारों को बधाई दी। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री गण, विधायक गण सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

    इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति

    कृष्णायन प्रस्तुति में निर्देशक और प्रमुख कलाकार मोहित शेवानी के साथ ही अभिषेक बरथरे, शुभम, अंतिका विश्वकर्मा, श्रीजा उपाध्याय, हिमांशु पवार, विजय गौर, स्वप्निल, अनानंद, करन, दिव्यांश, राहुल, दिव्या, धनीराम, पंकज और ओमी शामिल थे।

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    Thu, 07 Aug 2025 12:58:03 +0530 Newsdesk
    “ट्रम्प के ‘डेड इकोनॉमी’ बयान पर केनरा बैंक अधिकारी संगठन का पलटवार — बताया भारत को सबसे जीवंत और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था” https://citytoday.co.in/3281 https://citytoday.co.in/3281 बेंगलुरु/ भोपाल। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकनॉमी’ कहने पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बयान की आलोचना करते हुए केनरा बैंक अधिकारी संगठन (CBOA) ने इसे ‘मूर्खतापूर्ण, हास्यास्पद और आधारहीन’ करार दिया है। संगठन के महासचिव के. रवि कुमार ने अपने साथियों और देशवासियों के नाम एक विस्तृत पत्र जारी कर ट्रम्प के बयान की कड़ी निंदा की और भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक पहचान को रेखांकित किया।

    महासचिव रवि कुमार ने अपने पत्र में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था जीवंत है और इसकी आत्मा देश के हर बैंक कर्मचारी के कार्य में प्रतिबिंबित होती है। उन्होंने बताया कि भारत आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत की GDP ग्रोथ दर को अगले दो वर्षों के लिए 6.2% से 6.7% के बीच प्रोजेक्ट कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत 4.19 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत के पास मज़बूत स्टार्टअप ईकोसिस्टम है, जहाँ 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियाँ 1 बिलियन डॉलर से ज़्यादा का कारोबार कर रही हैं। फार्मा, फिनटेक और आईटी क्षेत्र में भारत की सशक्त वैश्विक उपस्थिति है।

    ट्रम्प के पैमानों पर उठाए सवाल

    रवि कुमार ने ट्रम्प की सोच पर भी सवाल उठाए कि वे शायद अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन स्टॉक मार्केट या अरबपतियों की संख्या से करते हैं, लेकिन भारत का पैमाना इससे अलग है। भारत में एक ग्रामीण बैंक शाखा, किसी बड़े हेज फंड से ज़्यादा मूल्यवान मानी जाती है। यहाँ आर्थिक समृद्धि का मूल्यांकन इस आधार पर होता है कि कितने वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाया गया।

    उन्होंने 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट का हवाला देते हुए बताया कि जब वॉल स्ट्रीट के बैंक धराशायी हो गए थे, तब भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSB) मजबूती से खड़े रहे और देश की अर्थव्यवस्था को संभाले रखा।

    PSB की भूमिका को सराहा

    पत्र में उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की भूमिका की भी सराहना की। “हम सिर्फ ऋण नहीं देते, बल्कि लोगों के सपनों, आत्मनिर्भरता और जीविकोपार्जन को संबल देते हैं। हम सिर्फ डिपॉजिट नहीं संभालते, बल्कि भरोसा और आत्मविश्वास गढ़ते हैं,” उन्होंने कहा।

    भारत की असली तस्वीर

    उन्होंने कुछ प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया कि भारत की जीवंत अर्थव्यवस्था कैसे कार्य करती है —

    • जब एक वृद्ध महिला ग्रामीण बैंक शाखा में अपना पहला सेविंग्स अकाउंट खोलती है,

    • या जब एक पहाड़ी गांव का बच्चा डिजिटल लोन से खरीदे मोबाइल पर ऑनलाइन क्लास अटेंड करता है।

    “भारत की अर्थव्यवस्था इन कहानियों की धड़कनों में बसती है। और हम PSB स्टाफ हर दिन ऐसे बदलाव को महसूस करते हैं,” उन्होंने भावुक शब्दों में कहा।

    भारत की वैश्विक भूमिका

    रवि कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखता, बल्कि वैश्विक शांति, स्थायित्व और समावेशी विकास में आस्था रखता है। उन्होंने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा कि अगर अमेरिका और भारत के बीच सहयोग और सम्मान की भावना होनी है, तो पहले उपहास का स्थान सम्मान को देना होगा।

    आर्थिक राष्ट्रवाद की भावना

    पत्र का समापन करते हुए उन्होंने कहा, “हम गर्वित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी हैं। हमें भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने की जरूरत नहीं, हम तो उसे हर दिन अपने कार्य से मजबूत करते हैं। ट्रम्प जैसे लोग कुछ भी कहते रहें, हम अपने लक्ष्य पर अडिग हैं और हमारा देश आर्थिक प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

     CBOA का यह तीखा और तथ्यों से भरा जवाब सिर्फ ट्रम्प के बयान का खंडन नहीं है, बल्कि यह उस भावना और समर्पण का प्रतीक है जिससे भारत के बैंकिंग सेक्टर के कर्मचारी हर दिन देश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने में लगे हैं। यह संदेश स्पष्ट है — भारत न केवल एक जीवंत अर्थव्यवस्था है, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की पूरी क्षमता रखता है।

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    Thu, 07 Aug 2025 12:01:04 +0530 Newsdesk
    रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिला तोहफा, सीएम मोहन यादव देंगे 250 रुपये शगुन https://citytoday.co.in/3277 https://citytoday.co.in/3277 भोपाल
    रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। राखी पर सीएम डॉ. मोहन यादव बहनों को 250-250 रुपये का विशेष शगुन देंगे। यह शगुन लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपये के अतिरिक्त होंगे। सीएम डॉ. यादव बहनों को यह राशि 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से दोपहर करीब 2:45 पर जारी करेंगे।

    मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को अपना मान-सम्मान मानती है। इसलिए वह उनके सल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव खुद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। गौरतलब है कि इस बार राखी पर लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से शगुन का उपहार मिलेगा। सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में इस बात पर विशेष जोर दिया था कि 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह शगुन रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार स्वरूप है। 250 रुपये की यह राशि हर महीने मिलने वाली 1250 रुपये से अतिरिक्त होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है।

    इस तरह लगातार बढ़ती जाएगी राशि
    बता दें, मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी होगी। साल 2028 तक महिलाओं को तीन हजार रुपये हर महीने मिलने लगेंगे। इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए सरकार हर महीने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा उनके खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रदेश सरकार दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपये से बढ़ाकर हर महीने 1500 रुपये देगी।

    पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे सीएम डॉ. यादव
    मध्यप्रदेश सरकार बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के ‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों, स्थानीय-नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध करवा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादों को साकार करने में अथक मेहनत कर रहे हैं। सीएम डॉ. यादव का कहना है कि जैसे मोदी सरकार लोकसभा-विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी तरह हमारी सरकार भी महिलाओं के रोजगार और उनकी आर्थिक तरक्की के लिए संकल्पित है।

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    Thu, 07 Aug 2025 11:44:21 +0530 Newsdesk
    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का बेहतर लाभ दिलाने वेन्डर्स होंगे प्रशिक्षित https://citytoday.co.in/3276 https://citytoday.co.in/3276 भोपाल


    मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में वेन्डर्स की क्षमता संवर्धन और सोलर रूफटॉप की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण वसुधा फाउन्डेशन के सहयोग से आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के 10 शहरों में अलग-अलग दिनांकों में प्रशिक्षण होंगे।

    मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार 11 अगस्त को भोपाल, 13 को इंदौर, 18 को जबलपुर, 20 को ग्वालियर, 22 को सागर, 25 को उज्जैन, 27 को रीवा, 29 को मुरैना, एक सितम्बर को नर्मदापुरम और 4 सितम्बर को शहडोल में निर्धारित स्थानों पर प्रशिक्षण होगा। सभी जिलों के अक्षय ऊर्जा अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं।

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    Thu, 07 Aug 2025 11:41:10 +0530 Newsdesk
    स्वाधीनता दिवस हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3274 https://citytoday.co.in/3274 जन-जन को जोड़ें आजादी पर्व से
    आयोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे
    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और योगदान को स्मरण करने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 के आयोजन से जुड़ी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाईव प्रसारण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के नाम संदेश का लाईव प्रसारण पूरा होने के बाद जिलास्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, विकास कार्यक्रमों, जिले में आए निवेश, कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए विकास और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे हर्ष उल्लास, गरिमा और जन सहभागिता के साथ हो। विशेष रूप से युवा वर्ग में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समारोह में लोकतंत्र सेनानियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होकर देशभक्ति के संदेश का प्रसार करें।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे।

    बैठक में मंत्रीगण द्वारा राज्य एवं जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में गरिमा के अनुरूप नवाचारों के संबंध में सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों द्वारा समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी गई।

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    Thu, 07 Aug 2025 11:34:51 +0530 Newsdesk
    कांग्रेस विधायक पुलिस की वर्दी में पहुंचे विधानसभा, बोले—यह व्यापमं पार्ट&2 है https://citytoday.co.in/3269 https://citytoday.co.in/3269 भोपाल.


    मध्य प्रदेश विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दौरान बुधवार को कांग्रेस विधायक पुलिस के वेश में पहुंचे। सभी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले का विरोध कर रहे थे। सभी ने विधानसभा में प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घोटाले को व्यापमं पार्ट-2 बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने पुलिस की प्रतीकात्मक वर्दी पहनकर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की। सिंघार ने आरोप लगाया कि यह घोटाले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

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    Wed, 06 Aug 2025 14:42:21 +0530 Newsdesk
    अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: विधायक संजय पाठक की कंपनियों से 443 करोड़ की वसूली तय https://citytoday.co.in/3266 https://citytoday.co.in/3266 भोपाल
    जबलपुर के सिहोरा तहसील के अलग-अलग गांवों में लौह अयस्क खदानों से अवैध उत्खनन के मामले में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली होगी। आशुतोष मनु दीक्षित की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल ने जांच दल बनाया था, जिसने 443 करोड़ रुपये से अधिक की राशि और जीएसटी वसूलने का प्रतिवेदन दिया है।

    यह बात मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से सदन में जवाब देने के लिए अधिकृत सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने मंगलवार को कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह के प्रश्न के लिखित में उत्तर में दी। शाह ने आनंद माइनिंग कार्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स एवं पैसिफिक एक्सपोर्ट द्वारा स्वीकृत मात्रा से अधिक उत्खनन करने से शासन को एक हजार करोड़ रुपये जमा नहीं करने संबंधी आशुतोष मनु दीक्षित की शिकायत पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया था।
     
    इसके लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि 23 अप्रैल 2025 को शिकायत की जांच करने के लिए दल गठित किया था। छह जून को जांच दल द्वारा सौंपे जांच प्रतिवेदन में 443 करोड़ रुपये से अधिक की राशि और जीएसटी की वसूली की बात कही गई है। अभी कार्रवाई चल रही है इसलिए वसूली नहीं हुई है।

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    Wed, 06 Aug 2025 13:31:18 +0530 Newsdesk
    ऊर्जा विभाग में इंटर&कंपनी चयन में कर्मियों को बोंड शर्तों से राहत: ऊर्जा मंत्री तोमर https://citytoday.co.in/3265 https://citytoday.co.in/3265 भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों के कैरियर विकास को प्रोत्साहित करने और उनके हितों की रक्षा कर लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ऐसे नियमित एवं संविदा कर्मचारियों को, जिनका चयन ऊर्जा विभाग की अन्य कंपनियों में हुआ है, बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनके द्वारा निष्पादित बोंड की राशि भुगतान में शिथिलता दी है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि कर्मचारियों को समुचित अवसर प्रदान करने व ऊर्जा क्षेत्र में दक्षता एवं गुणवत्ता हासिल कर नए मानक स्थापित करने के उद्देश्य से यह राहत प्रदान की गई है।

    हॉट लाइन प्रशिक्षित कर्मियों को मिलेगी राहत
    एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि कंपनी में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिन्होंने ट्रांसमिशन लाइन की हॉटलाइन मेंटेनेंस हेतु विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है, यदि उनका चयन राज्य की अन्य उत्तरवर्ती विद्युत कंपनियों में होता है, तो उन्हें बोंड की शर्तों में शिथिलता दी जाएगी।

    हाल ही में ऐसे 9 कर्मचारियों का चयन अन्य विद्युत कंपनियों में हुआ है, जिन्हें प्रशिक्षण के दौरान किए गए बोंड की राशि तथा अनिवार्य नोटिस अवधि से छूट दी गई है। यह निर्णय न केवल इन कर्मचारियों को लाभान्वित करेगा, बल्कि भविष्य में भी यही नीति प्रभावी रहेगी। किसी भी हॉटलाइन प्रशिक्षित नियमित या संविदा कर्मचारी के अन्य विद्युत कंपनियों में चयन की स्थिति में यह शिथिलता स्वतः लागू होगी।

     

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    Wed, 06 Aug 2025 13:29:10 +0530 Newsdesk
    पॉक्सो अधिनियम पर कार्यशाला 7 अगस्त को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ https://citytoday.co.in/3264 https://citytoday.co.in/3264 भोपाल


    लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

    कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे।

    कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।

     

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    Wed, 06 Aug 2025 13:12:25 +0530 Newsdesk
    पॉक्सो अधिनियम पर कार्यशाला 7 अगस्त को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ https://citytoday.co.in/3262 https://citytoday.co.in/3262 भोपाल 

    लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

    कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे।

    कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।

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    Wed, 06 Aug 2025 12:29:52 +0530 Newsdesk
    बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत के निर्देश: सीएम मोहन बोले& सरकार आपके साथ है https://citytoday.co.in/3261 https://citytoday.co.in/3261 भोपाल
     एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी।
    मुख्‍यमंत्री यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। 

     मुख्यमंत्री यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए।

    मुख्‍यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। 

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    Wed, 06 Aug 2025 12:25:38 +0530 Newsdesk
    E&Sanjeevani सेवा: गांवों में घर बैठे इलाज की सुविधा, जानें इसके फायदे https://citytoday.co.in/3260 https://citytoday.co.in/3260 भोपाल
     भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा।

    क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा?

    ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे।

    विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे

        जनरल मेडिसिन
        स्त्री रोग
        गैस्ट्रो मेडिसिन
        क्रिटिकल केयर

    इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
    ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी?

    BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी।

    नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ

    ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया

    1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम

        यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।
        इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया।

    2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण

        4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।
        प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।

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    Wed, 06 Aug 2025 12:22:49 +0530 Newsdesk
    MP के बड़े शहर बनेंगे मेट्रोपॉलिटन रीजन, बढ़ेगी रफ्तार से तरक्की https://citytoday.co.in/3259 https://citytoday.co.in/3259 भोपाल 

    प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। सोमवार को विधानसभा में "मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025" पेश किया गया। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी। विधेयक के लागू होते ही भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों को नए शहरी ढांचे के तहत विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। भोपाल के लिए सीमांकन का सर्वे कार्य जारी है, जबकि इंदौर में यह प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रस्तावित प्राधिकरण में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, आयुक्त, नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण जैसे विभागों के प्रतिनिधि, साथ ही मेट्रो, रेलवे, दूरसंचार, नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    विकास को मिलेगा नया ढांचा
    प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा, जहां वह भूमि उपयोग, अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर योजनाएं तैयार करेगा। इसके दायरे में नगरीय निकायों की विकास योजनाओं की निगरानी, टाउनशिप योजना का निर्माण, भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन, तथा निवेश की संभावनाएं तलाशना शामिल रहेगा।

    एकीकृत परिवहन प्रणाली का गठन
    प्राधिकरण द्वारा मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित शहरों में परिवहन नेटवर्क के विकास, संचालन, टिकटिंग प्रणाली और परिवहन संबंधी नीतिगत सलाह के लिए कार्य करेगी।

    योजना समिति और विकास अधिकार
    प्रत्येक महानगर क्षेत्र में एक योजना समिति बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सांसद, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देगी और दो या अधिक महानगरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रूपरेखा तैयार करेगी।

    भूमि उपयोग और शुल्क वसूली का अधिकार
    प्राधिकरण को बीडीए (भोपाल विकास प्राधिकरण) या आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की तर्ज पर योजनाएं लागू करने और शुल्क वसूली का अधिकार प्राप्त होगा। इसके तहत दावा-आपत्ति और अधिसूचना की प्रक्रिया भी अनिवार्य रूप से अपनाई जाएगी।

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    Wed, 06 Aug 2025 12:20:17 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में आनंद ग्रामों के विकास और नदी संरक्षण पर हुए दो एमओयू https://citytoday.co.in/3247 https://citytoday.co.in/3247 भोपाल

    मुख्यमंत्री एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सोमवार को दो अलग-अलग विषयों से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एक संक्षिप्त कार्यक्रम में हुए इन एमओयूस को हस्ताक्षरित कर संबंधित पक्षों द्वारा आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पक्षों को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे।

    पहला त्रिपक्षीय एमओयू राज्य आनंद संस्थान, भोपाल, दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट एवं मप्र जन अभियान परिषद, भोपाल के मध्य हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य तीनों संस्थानों द्वारा आपसी प्रशिक्षण के जरिए प्रदेश में आनंद ग्रामों के विकास तथा सतत् विकास के लक्ष्य पर आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन की साझा पहल करना है।

    दूसरा द्विपक्षीय एमओयू म.प्र. जनअभियान परिषद, भोपाल और नर्मदा समग्र, भोपाल के बीच हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश में नदी संरक्षण से जुड़े विविध आयामों पर नागरिकों की मनःस्थिति और वर्तमान परिस्थिति बदलने के लिए साझा प्रयास करना है।

    म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव आनंद विभाग श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ श्री आशीष कुमार गुप्ता, जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़, दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संगठन सचिव श्री अभय महाजन, संस्थान के कोषाध्यक्ष सह सचिव श्री बसंत पंडित, नर्मदा समग्र न्यास, भोपाल के अध्यक्ष श्री राजेश दवे, सचिव श्री करण सिंह कौशिक एवं मुख्य कार्यकारी श्री कार्तिक सप्रे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    एमओयू की पृष्ठभूमि

    म.प्र. जन अभियान परिषद अपने लक्षित उद्देश्यों के अनुरूप स्वैच्छिकता, सामूहिकता एवं स्वावलंबन के माध्यम से शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में आमजनों की सह‌भागिता सुनिश्चित कर लोगों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयत्नशील है। इसके लिए परिषद निरन्तर विशेषज्ञता वाले शासकीय विभागों और संगठनों के साथ एमओयू करके सभी पक्षों की सहमति, सहयोग और समन्वय से कार्यक्रमों और आयोजनों की रूपरेखा तैयार करती है। परिषद के साथ सोमवार को हुए पहले त्रिपक्षीय एमओयू का उद्देश्य यह है कि तीनों संस्थान एक-दूसरे की विशिष्टताओं और विशेषज्ञताओं का लाभ लेकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान करें। दूसरे द्विपक्षीय एमओयू का उद्देश्य अविरल, निर्मल और कल-कल करती मां नर्मदा नदी के साथ-साथ इसकी सहायक नदियों को भी पुनर्जीवन प्रदान करने में आपसी सहयोग और समन्वय से विशेष रणनीति बनाकर इसे नदी संरक्षण की दिशा में तेजी से लागू करना है।

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    Tue, 05 Aug 2025 12:55:11 +0530 Newsdesk
    शिव भक्ति की अनुपम मिसाल बनी सारंगपुर की पालकी यात्रा, मंत्री टेटवाल ने किया शुभारंभ https://citytoday.co.in/3246 https://citytoday.co.in/3246 भोपाल 

    राजगढ़ जिले के सारंगपुर में सावन के पावन माह में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां बटकेश्वर महादेव मंदिर से निकली महादेव की भव्य पालकी यात्रा में लाखों शिवभक्तों ने भाग लिया। यात्रा का शुभारंभ कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने महाकाल के जयकारों के साथ किया। उन्होंने पालकी यात्रा की अगुवाई करते हुए पूर्ण श्रद्धा के साथ नगर भ्रमण कराया। बड़ी संख्या में सहभागिता के लिये श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कलशधारी महिलाओं ने दी यात्रा को भव्यता

    पालकी यात्रा में हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर मंगल कलश लेकर यात्रा को भव्यता प्रदान की। मंत्री टेटवाल ने सभी माताओं-बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह दृश्य जनशक्ति और आस्था की एक अनुपम मिसाल है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को सजीव करती है।

    भक्ति, संस्कृति और अनुशासन का संगम

    ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और बम-बम भोले के जयघोष के साथ जब पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, तो पूरा वातावरण शिवमय हो गया। शिव के गण, नंदी की झांकियां और भक्तों की टोलियों ने यात्रा को एक दिव्य स्वरूप प्रदान किया। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने यात्रा का पुष्प-वर्षा एवं आरती कर स्वागत किया।

    बटकेश्वर महादेव ‘चंद्रमौलेश्वर’ रूप में करते हैं नगर भ्रमण

    बटकेश्वर महादेव को चंद्रमौलेश्वर के रूप में जाना जाता है। वे प्रतिवर्ष इस यात्रा के माध्यम से नगर में भ्रमण करते हैं और अपनी प्रजा का हाल जानते हैं। यात्रा के समापन पर मंदिर में विशेष श्रृंगार आरती व भंडारे का आयोजन किया गया।

    टेटवाल ने श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन

    मंत्री टेटवाल ने नगर निगम, पुलिस बल, सफाई मित्रों, श्रद्धालुओं एवं समस्त प्रशासनिक अमले का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से यह यात्रा न केवल अनुशासित रही, बल्कि भक्ति और संस्कृति का अनुपम उदाहरण भी बनी। सारंगपुर की इस ऐतिहासिक पालकी यात्रा ने न केवल धार्मिक समरसता का संदेश दिया, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और जन आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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    Tue, 05 Aug 2025 12:52:27 +0530 Newsdesk
    कचरा निपटान, गांव की शान – बनाएं स्वच्छता अपनी पहचान https://citytoday.co.in/3245 https://citytoday.co.in/3245 भोपाल
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये शॉर्ट वीडियो रील्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को माध्यम बनाकर स्वच्छता के संदेश का प्रचार-प्रसार करना था। प्रतियोगिता की थीम "कचरा निपटान, गांव की शान – बनाएं स्वच्छता अपनी पहचान" पर आधारित थी।

    प्रतियोगिता तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित रही कचरे का पृथक्करण (जैविक और अजैविक), कचरे का पुनरुपयोग औऱ खुले में कचरा नहीं फैलाना।

    इस प्रतियोगिता में खालवा जनपद के ग्राम मल्हारगढ़ (जिला खंडवा) निवासी मोहन रोकड़े की रील का उत्कृष्ट मानते हुए चयन किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रोकड़े को 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन संचालक दिनेश जैन भी उपस्थित थे।

    राज्य स्तरीय शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को अपशिष्ट प्रबंधन के सुरक्षित उपायों, व्यवहारों एवं समाधानों को उजागर करने वाली शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए प्रेरित करना था, जिससे युवा रचनात्मकता से स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में अपना योगदान दे सकें। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होगी।

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    Tue, 05 Aug 2025 12:49:30 +0530 Newsdesk
    जनता के बीच आपकी उपस्थिति भय नहीं, विश्वास का प्रतीक बने : राज्यपाल पटेल https://citytoday.co.in/3243 https://citytoday.co.in/3243 विश्वास की मिसाल बनें, भय का कारण नहीं — राज्यपाल पटेल का संदेश

    राज्यपाल से मिले 77वें आर.आर. बैच के प्रशिक्षु आई.पी.एस

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पुलिस के लिए जितना जरूरी कानून व्यवस्था बनाए रखना है, उतना ही जरूरी जनहितैषी छवि को पुख्ता बनाना भी है। इसलिए जरूरी है कि "जनता के बीच आपकी उपस्थिति विश्वास का प्रतीक बने।" राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के 77वें परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

    राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और डी.जी.पी. के प्रिन्सिपल स्टाफ ऑफिसर विनीत कपूर भी मौजूद रहे। भारत भ्रमण के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मित्र राष्ट्र भूटान, नेपाल और मालदीव के अधिकारी भी शामिल हुए।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसमें अनुशासन, ईमानदारी, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जनसेवा समाहित है। पुलिस को आम जनता कानून व्यवस्था के रक्षक और न्याय दिलाने वाले के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि आई.पी.एस. अधिकारी के रूप में मिलने वाली शक्तियां और विशेषाधिकार समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा के साधन हैं। इसलिए अपने सेवा काल में हमेशा जनसेवा को ही केंद्र में रखें।

    साइबर अपराधों में कमी लाना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसमें कमी लाना आप सबकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सतत जन जागरूकता और जन संवाद के नवाचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब भी दूरस्थ क्षेत्रों में जाएं तो गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के प्रति आत्मीय और संवेदनशील रहें। अपनी शिक्षा और मेधा का उपयोग जनता की सेवा में करें।

    राज्यपाल पटेल का प्रशिक्षु अधिकारी नारायण उपाध्याय ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। उपाध्याय ने भारत भ्रमण के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी भी दी। प्रशिक्षु अधिकारी सुनीपा मनोचा और राहुल आर. अतराम ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। आभार प्रशिक्षु अधिकारी सुसुषमा सागर ने माना। संचालन ए.आई.जी. ट्रेनिंग सुश्रद्धा जोशी ने किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

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    Tue, 05 Aug 2025 12:16:24 +0530 Newsdesk
    अवधपुरी में महाराजाधिराज श्री महाकाल सरकार अपनी प्रजा का हाल जानने भ्रमण पर निकले, रीगल टाउन गेट पर भव्य स्वागत https://citytoday.co.in/3242 https://citytoday.co.in/3242 भोपाल 
    सावन के चौथे सोमवार को  अवधपुरी भोपाल में महाराजाधिराज  श्री महाकाल सरकार अपनी प्रजा का हाल जानने अवधपुरी क्षेत्र में भ्रमण पर निकले। जगह जगह महाकाल जी की सवारी का भव्य स्वागत किया गया । महाकाल जी की सवारी शिव शक्ति धाम मंदिर से शुरू होकर वैष्णवी वस्त्रालय,अवधपुरी व्यापारी संघ, निर्मल पैलेस, संगम विहार, तुलसी विहार, सौम्य पार्कलैंड, रीगल टाउन, कंचन नगर चौराहा, युगान्तर कॉलोनी, विद्यासागर व्यापारी संघ, गुरुकृपा डेयरी होते हुए शिव शक्ति धाम मंदिर पहुंची। रीगल टाउन गेट पर मनकामनेश्वर उत्सव समिति के सभी सदस्यों ने श्री महाकाल बाबा की सवारी का भव्य स्वागत किया । स्वागत में समस्त रीगल टाउन एवं रीगल कस्तूरी के भक्तगण उपस्थित रहे और सभी ने धर्म का लाभ लिया। बच्चों और महिलाओं ने महाकाल सवारी  का भव्य स्वागत स्वागत किया।

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    Tue, 05 Aug 2025 12:09:21 +0530 Newsdesk
    रक्षाबंधन से पहले लाड़ली बहनों को मिलेगी सौगात, खाते में आएंगे ₹1500 https://citytoday.co.in/3239 https://citytoday.co.in/3239 भोपाल 

     मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की अगस्त महीने में आने वाली 27वीं किस्त की तारीख का ऐलान हो गया है। मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पहले कहा जा रहा था कि रक्षाबंधन से पहले खाते में 250 रुपये आएंगे। अब राज्य सरकार की ओर से ऐलान हो गया कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के रूप में एक साथ 1500 रुपये खाते में आएंगे। राज्य सरकार के मुताबिक 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये और रक्षाबंधन शगुन के 250 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

    रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए यह बड़ी सौगात है। आमतौर पर लाडली बहना योजना की किस्त 10 तारीख के बाद आती है, लेकिन इस बार सरकार ने रक्षाबंधन को खास बनाते हुए 7 अगस्त को ही 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में पूरे 1500 रुपये भेजने का फैसला कर लिया है। पहले कहा जा रहा था कि पैसा दो किस्तों में आएगा। 9 अगस्त को रक्षाबंधन से पहले 250 रुपये का शगुन मिलेगा। इसके बाद 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

    भाई दूज से हर महीने मिलेंगे 1500
    हालांकि अब वो दिन दूर नहीं है, जब खाते में हर महीने 1500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। अगले महीने सितंबर में आने वाली लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये मिलेंगे। हालांकि अक्टूबर यानी महज सिर्फ एक महीने के बाद से ही हर महीने खाते में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि हर साल लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा और साल 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे

    लाडली बहनों को किस्त के अलावा मिल सकते हैं 5000
    मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना के अलावा राज्य सरकार ने एक और योजना शुरू की है। इसके तहत मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को अलग से 5000 रुपये मिल सकते हैं। जो लाभार्थी महिलाएं फैक्टरी या मिल में नौकरी करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से 5000 रुपये अलग से दिए जाएंगे।

    सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है.

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी.

    क्या है लाड़ली बहना योजना?

    शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए

    लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं

    वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये

    नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि

    इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन
    यह योजना क्यों है खास?

    'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.

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    Tue, 05 Aug 2025 12:00:08 +0530 Newsdesk
    अब स्वदेशी उत्पादों पर भी लगेगा खास लोगो, शाकाहारी&मांसाहारी जैसी होगी पहचान https://citytoday.co.in/3238 https://citytoday.co.in/3238 भोपाल
     खाने-पीने की कोई भी चीज खरीदने के पहले हम देखते हैं कि पैकेट पर शाकाहार का प्रतीक हरा चिह्न बना है या मांसाहार का लाल। इस तरह से स्वदेशी उत्पादों का प्रमाणन कर कोई लोगो लगाने पर विचार चल रहा है। इससे उपभोक्ता को यह आसानी से समझ आ जाएगा कि वस्तु स्वदेशी है।

    स्वदेशी जागरण मंच उत्पादकों, व्यापारिक संगठनों और सरकारी एजेंसियों से बात कर प्रमाणीकरण के लिए यह काम करने की तैयारी में है। मंच के राष्ट्रीय संघटक कश्मीरी लाल ने रविवार को भोपाल में विश्व संवाद केंद्र में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। वह मंच की क्षेत्रीय बैठक में भाग लेने के लिए भोपाल आए हैं।
    विदेशी वस्तुओं की होली जलेगी

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक दिन पहले ही काशी की आमसभा में स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया है। अब मंच भी आम लोगों को जागरूक करने के लिए नई रणनीति के साथ काम करेगा। देशभर में अभियान चलाया जाएगा। मंच भारत छोड़ो दिवस (नौ अगस्त)के संदर्भ में आठ और 10 अगस्त को प्रदेश भर में विदेशी वस्तुओं की होली जलाएगा।

    साथ ही देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्व उद्यमिता दिवस 21 अगस्त से 21 सितंबर तक उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन किया जाएगा। इसमें उन उद्यमियों को स्कूल-कालेजों में सम्मानित किया जाएगा जो खुद उद्योग स्थापित कर सफल रहे। इस अवसर पर मंच के क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते और प्रांत संयोजक श्रीकांत बुधोलिया उपस्थित थे।

    कश्मीरी लाल ने कहा, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) से अमेरिका अपनी 35 प्रतिशत आय अर्जित करता है, पर भारत आधा प्रतिशत भी नहीं। इस क्षेत्र में जोर देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, कैट (कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स) और सीआईआई के साथ मिलकर स्वदेशी को बढ़ाने की रणनीति बनाई है। 'स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन' अभियान प्रारंभ किया गया है।

    चीन से 100 अरब डॉलर का व्यापार घाटा

    कश्मीरी लाल ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह विकसित देशों की नीति विकासशील देशों को खून चूसने की है। कच्चा माल लेकर बना हुआ सामान बेचते हैं। चीन से लगभग 100 अरब डॉलर का व्यापार घाटा चल रहा है। यहां के सस्ते और घटिया सामान हमारे बाजारों में आ रहे हैं। गलवान घाटी की घटना के बाद हमे सोचना चाहिए कि चीन के पास हमारे देश को धन क्यों जाना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि पेप्सी कोला कंपनी प्रतिवर्ष 9096 करोड़ रुपये भारत से ले जाती है। कोलगेट 5757 करोड़ रुपये, नैस्ले 20 हजार 100 करोड़ रुपये, जानसन एंड जानसन 500 करोड़, डेल 1740 करोड़ रुपये एफडीआई के नाम से ले जाती है। नियमानुसार इन्हें रोक नहीं सकते, पर जीरो टेक्नोलॉजी वाली चीजों का उत्पादन बढ़ाकर हम बहुत आगे निकल सकते हैं।

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    Tue, 05 Aug 2025 11:55:29 +0530 Newsdesk
    डिजीलॉकर में MP की 80 लाख प्रॉपर्टी के दस्तावेज, हाउसिंग बोर्ड की सभी फाइलें होंगी डिजिटल https://citytoday.co.in/3236 https://citytoday.co.in/3236 भोपाल 

    मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है

    80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है।

    कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी।

    बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है।

    बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा।

    डिजिटलाइजेशन से ये फायदा

    •     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।
    •     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
    •     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।
    •     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।
    •     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।
    •     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।
    •     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।
    •     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी।

    40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है।

    75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है।

    सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं।

    इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं।

    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है।

    कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

    हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

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    Mon, 04 Aug 2025 18:21:54 +0530 Newsdesk
    सुविख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार ने जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3235 https://citytoday.co.in/3235 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के गौरव, सुविख्यात पार्श्वगायक एवं अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराते खंडवा की माटी के लाल स्व. किशोर कुमार के कालजयी गीत और सदाबहार आवाज का जादू आज भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार ने आपातकाल के दौर में तत्कालीन निरंकुश सत्ता का प्रतिकार करते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण दिखाया था।

     

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    Mon, 04 Aug 2025 18:20:00 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया https://citytoday.co.in/3231 https://citytoday.co.in/3231 भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सोरेन ने झारखंड राज्य के विकास और जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजन और समर्थकों को यह दुःख सहन करने का संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

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    Mon, 04 Aug 2025 18:01:38 +0530 Newsdesk
    भोपाल में गूंजा एकजुटता का संदेश – म.प्र. तैलिक साहू सभा की प्रादेशिक बैठक संपन्न, कार्यालय भवन का भव्य शुभारंभ https://citytoday.co.in/3219 https://citytoday.co.in/3219 भोपाल। मध्यप्रदेश तैलिक साहू सभा चैरिटेबल ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित प्रादेशिक बैठक गुरुवार 3 अगस्त को राजधानी भोपाल स्थित अरेरा कॉलोनी में गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। बैठक से पूर्व ट्रस्ट के नवीन प्रदेश कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू (म.प्र. शासन), सिंगरोली विधायक रामनिवास शाह, प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद साहू, सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, डॉ. प्रकाश सेठ एवं कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू द्वारा किया गया।

    इस अवसर पर अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक महिला अध्यक्ष श्रीमती आभा साहू के नेतृत्व में महिला पदाधिकारियों द्वारा सुंदरकांड पाठ कर मंगलकामना की गई। लोकार्पण पश्चात आयोजित प्रादेशिक बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद साहू ने की जबकि संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने किया।

    बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू ने समाज को और अधिक संगठित होने का आव्हान करते हुए कहा कि साहू, राठौर, मोदी, गुप्ता, शाह, सेठ जैसे उपनामों की जगह आगामी जनगणना में सभी को “तेली जाति” अंकित करवाना चाहिए ताकि सरकारों को समाज की वास्तविक जनसंख्या का आकलन हो सके और समाज को न्यायसंगत हक अधिकार मिल सकें।

    विधायक रामनिवास शाह ने अपने संबोधन में स्वयं को तेली समाज का सिपाही बताते हुए समाज के उत्थान के लिए सदैव तत्पर रहने की बात कही। साथ ही लव जिहाद जैसे संवेदनशील विषयों पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को सजग रहकर बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा।

    प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद साहू ने अपने कार्यकाल में समाज के भरपूर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला‐तहसील स्तर तक वृक्षारोपण एवं राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए समाजजनों को एकरूपता के साथ कार्य करना होगा। बैठक के दौरान प्रदेश के अखिल भारतीय तैलिक साहू सभा पदाधिकारियों एवं ट्रस्टियों को भी सम्मानित किया गया।

    महामंत्री रमेश कुमार साहू (बैरसिया) ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा बैठक कार्यवाही का अनुमोदन कराया। कोषाध्यक्ष विनोद साहू ने आगामी परिचय सम्मेलन की आय‐व्यय रिपोर्ट प्रस्तुत की। समाज के वरिष्ठजनों स्व. श्री रेवाराम साहू एवं स्व. श्री बाबूलाल गुप्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पुत्रों – संतोष साहू एवं राजेश गुप्ता को स्मृति‐चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

    सभा के मुख्य संरक्षक रमेश के. साहू की अध्यक्षता में संविधान संशोधन समिति द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें लागू करने का निर्णय लिया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष श्री ताराचंद साहू के कार्यकाल में 6 माह का विस्तार प्रदान किया गया तथा तय अवधि में चुनाव सम्पन्न कराने की सहमति भी बनी।

    कार्यक्रम में बटनलाल साहू, डॉ. प्रकाश सेठ, श्रीमती सविता साहू, हरीशंकर साहू, सुरेंद्र साहू, विवेक साहू, आरसी साहू ‘बिम्ब’, अनिल कुमार साहू ‘अकेला’, मधु साहू, शोभा साहू, हितेश साहू सहित बड़ी संख्या में प्रादेशिक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे

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    Mon, 04 Aug 2025 10:55:00 +0530 Newsdesk
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में 7 सहायक कंपनियां करेंगी काम, राज्यस्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे CM https://citytoday.co.in/3218 https://citytoday.co.in/3218 भोपाल
    प्रदेश में नगर वाहन सेवा समेत अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश में जल्द ही शुरू किये जाने के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे है। इसके लिये प्रदेश में राज्य स्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृति दी जा चुकी है।

    कंपनियों का गठन

    प्रदेश में राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट में 3 जुलाई 2025 को पंजीयन के साथ हो गया है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन राज्य शासन के द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार 7 सहायक कंपनी सम्पूर्ण प्रदेश में रहेगी। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनिया बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सभी संभागों में वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे करते हुए नये सिरे से नवीन बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में उज्जैन एवं इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। जबलपुर एवं सागर संभाग में सर्वे कार्य जारी है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के रूट्स सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाएगा।

    अधोसंरचना का कार्य पीपीपी मॉडल पर होगा

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में वर्तमान निजी बस ऑपरेटर्स को पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन नियंत्रित बस कंपनी द्वारा अनुबंधित कर कंपनी के सुपरविजन में बस संचालित होंगी। इस योजना में प्रत्येक जिले में बस डिपो, अत्याधुनिक बस स्टेंड और बस स्टॉप का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप) मॉडल में किया जाएगा। उज्जैन एवं इंदौर रूट सर्वे कार्य अंतिम चरण होने से इन बस कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलेवार बस ऑपरेटर्स से सलाह कर रूट निर्धारण के संबंध में आवश्यक सलाह मशविरा कर सकेंगे।

    संदीप सोनी को अतिरिक्त प्रभार

    उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संदीप सोनी को सौपा गया है। संदीप सोनी वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन प्राधिकरण भी हैं।

    क्षेत्रीय सहायक कम्पनी

    प्रदेश की 7 क्षेत्रीय सहायक कम्पनी अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रदेश में लम्बे समय से शहरी और अंतरशहरी बस सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन बस सेवाओं में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती दर पर निर्धारित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकें।

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    Mon, 04 Aug 2025 10:51:37 +0530 Newsdesk
    आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई&संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ https://citytoday.co.in/3210 https://citytoday.co.in/3210 आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ

    आयुष मंत्री परमार ने 'वैद्य आपके द्वार' योजना और ई-संजीवनी पोर्टल का किया उद्घाटन

    परमार ने लॉन्च की 'वैद्य आपके द्वार' योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा

    पोर्टल से आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श की सुविधा

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है।

    आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।

    ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सुउमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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    Sat, 02 Aug 2025 16:47:59 +0530 Newsdesk
    संकट की घड़ी में साथ खड़ी है सरकार, अतिवर्षा से प्रभावितों को मिलेगी हर संभव मदद : खाद्य मंत्री राजपूत https://citytoday.co.in/3208 https://citytoday.co.in/3208 संकट की घड़ी में साथ खड़ी है सरकार, अतिवर्षा से प्रभावितों को मिलेगी हर संभव मदद : खाद्य मंत्री राजपूत

    बाढ़ प्रभावितों से मिलने गुना पहुंचे खाद्य मंत्री, प्रभावित इलाके के नागरिकों से की मुलाकात

    खाद्य मंत्री राजपूत ने नुकसान का आंकलन कर सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने और मुआवजा वितरण करने के दिए निर्देश

    भोपाल

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को प्रभार के  जिले गुना के ग्राम फतेहगढ़ में अतिवर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों से भेंट कर हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर सभी प्रकार की क्षति का शत-प्रतिशत सर्वे कराकर मुआवजा राशि दिलाई जाएगी।

    खाद्य मंत्री ने शासकीय बालक आदिवासी आश्रम, फतेहगढ़ में स्थानीय जनों से चर्चा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं स्थिति की सतत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आवास, फसल, घरेलू सामग्री और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसका सर्वे कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सर्वे उपरांत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खराब हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी।

    राजपूत ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से बिजली, पानी और राशन वितरण की स्थिति की जानकारी ली तथा सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर मुआवजा वितरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ है और कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित नहीं रहेगा।

    इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया,  जनप्रतिनिधि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे सहित  अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    Sat, 02 Aug 2025 16:34:55 +0530 Newsdesk
    सबके दिलों में हमेशा बनें रहेंगे गोस्वामी तुलसीदास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3207 https://citytoday.co.in/3207 सबके दिलों में हमेशा बनें रहेंगे गोस्वामी तुलसीदास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में समाई है पूरी भारतीय संस्कृति
    प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन
    श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे हैं
    गुरू गोविंद देव गिरि महाराज को मिला पं. रामकिंकर राष्ट्रीय सम्मान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम संग्रहालय निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की
    मानस भवन में हुआ तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोस्वामी तुलसीदास का 528वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस देश का पुरातन महाकाव्य है। आज हम सब जिन समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्पराओं में पोषित और पल्लवित हो रहे हैं, उसकी नीव सदियों पहले गोस्वामी तुलसीदास ने रख दी थी। रामचरित मानस के जरिए देश को एक ऐसी काव्यधारा मिली है, जो जन-जन को धर्म, नीति, जीवन मूल्य और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोस्वामी तुलसीदास की अमर कृति रामचरित मानस को भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाने में उनका योगदान अमिट और चिर-स्मरणीय रहेगा। वे भारतीयों के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी वाणी आज भी हमारे जीवन को दिशा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से तुलसी साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास की संस्कृति को अपनाया है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में पूरी भारतीय संस्कृति समाई हुई है, इसलिए हम भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बताए जीवन मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। सरकार प्रदेश में श्रीराम वनगमन पथ विकसित करने के अलावा मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तत्वावधान में आयोजित तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को पंडित रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया। अलंकरण के रूप में गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को अंगवस्त्र, सम्मान पट्टिका एवं दोलाख रुपए सम्मान राशि दी गई। गोविंद देव महाराज प्रख्यात चिंतक हैं और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के न्यासी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में राम संग्रहालय बनाने के लिए तुलसी मानस प्रतिष्ठान को 5 करोड रुपए की विकास राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पंडित रामकिंकर उपाध्याय की शिष्या एवं मानस पुत्री सुमंदाकनी दीदी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित बड़ी संख्या में तुलसी साहित्यप्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण हमारा राष्ट्रग्रंथ है। गोस्वामी तुलसीदास के संकल्प से ही आज घर-घर में रामायण पहुंची है। प्रदेश सरकार रामराज्य स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला विराजमान हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर के लोकार्पण और भूमि-पूजन में शामिल हुए। पहलगाम में जब बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया तो भारत सरकार की कार्रवाई में श्रीराम की दिव्य शक्ति दिखाई देती है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में ही पूरी भारतीय संस्कृति समाई है इसलिए उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को रामायण और गीता से जोड़ा। सरकार ने प्रदेश के हर नगरीय निकाय में सर्वसुविधायुक्त गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ के साथ श्रीकृष्ण पाथेय पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम राजधानी भोपाल में राजाभोज और विक्रमादित्य द्वार के नाम से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करा रहे हैं।

    गुरु गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि भारत ने संपूर्ण विश्व को संस्कृति प्रदान की है। प्राचीन संस्कृति का पूरा दर्शन भगवान श्रीराम के जीवन में दिखाई देता है। हमारी परंपरा में 10 मूल्यों को धर्म कहा गया है। ये सभी मूल्य श्रीराम में नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विरासत के साथ विकास का संकल्प लिया है। विदेशी आक्रांताओं ने देश में सदियों तक शासन किया, लेकिन फिर भी हम अपनी संस्कृति के साथ खड़े हुए हैं। उनके द्वारा तोड़े गए श्रीराम मंदिर का पुनर्निमाण हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण, शासकीय विद्यालयों और कारागारों में गीता पढ़ाने की अनुमति प्रदान की है। यह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया।

    पंडित राम किंकर उपाध्याय की शिष्या सुमंदाकिनी दीदी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार सनातन संस्कृति को समृद्ध करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उज्जैन के महाकालेश्वर से लेकर ओरछा के रामराजा मंदिर को विकसित किया गया है। आज पाश्चात्य संस्कृति की आंधी में हमारा समाज वैदिक संस्कृति से कट गया है। आज संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। पंडित राम किंकर उपाध्याय ने राष्ट्र मंगल के लिए देशभर में रामकथाएं की। महाराज की विचारधारा से मानस भवन के मंच से लगभग 50 साल से श्रीराम कथा वाचन एवं प्रवचन चल रहा है। उन्होंने इस तरह के संस्कृति संरक्षण से जुड़े आयोजनों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की मुक्तकंठ से सराहना की।

    प्रमुख सचिव, संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि पद्मभूषण से सम्मानित युगतुलसी रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का यह दूसरा वर्ष है। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किए गए गुरु गोविंद देव गिरि महाराज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन्होंने मात्र 8 वर्ष की छोटी उम्र से ही रामायण, श्रीमद् भगवत् गीता और महाभारत की कथाएं करना आरंभ कर दिया था। तुलसी साहित्य की बड़ी प्रखरता से व्याख्या की है। अलंकरण समारोह के अंत में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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    Sat, 02 Aug 2025 16:32:28 +0530 Newsdesk
    भोपाल यौन शोषण मामला: यासीन मछली पर एक और रेप का केस, शादी का झांसा बन गया जाल https://citytoday.co.in/3206 https://citytoday.co.in/3206 भोपाल 

    राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित युवती ने एमपी नगर थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित एक बड़े एक होटल में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था।

    जानकारी के अनुसार दूसरे जिले की रहने वाली 29 वर्षीय युवती की जान-पहचान करीब दो साल पहले यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली से एक क्लब में हुई थी। नंबर एक्सचेंज करने के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी थी। उसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एमपी नगर स्थित एक होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पीड़िता गोवा चली गई और वहां नौकरी करने लगी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने यासीन को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पता चला कि उसने कई युवतियों का शारीरिक शोषण किया। यह जानकारी युवती को मिली तो उसने एमपी नगर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर यासीन के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज कर लिया है।

    रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस 
    आरोपी यासीन को 30 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से एक अगस्त तक के लिए ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसे आज दोपहर बाद फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तलैया, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, महिला थाना समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हुए हैं, इसलिए पुलिस उसे दोबारा रिमांड पर ले सकती है। कोहेफिजा पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कुछ सामान बरामद करना है, इसलिए पुलिस द्वारा रिमांड मांगी जा सकती है।

    अंशुल सिंह गिरफ्तार
    इधर, ड्रग तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी अंशुल सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और यासीन के बीच ड्रग तस्करी को लेकर चैट मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।

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    Sat, 02 Aug 2025 14:22:02 +0530 Newsdesk
    CM मोहन का रक्षाबंधन शगुन: लाडली बहनों को अब हर महीने मिलेंगे 1500 रुपए https://citytoday.co.in/3203 https://citytoday.co.in/3203 भोपाल 

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा.

    कब आएगी 27वीं किस्त 

    लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.

    रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे
    9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा।

    9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं
    अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है।

    कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति
    आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा।

    शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत

    पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है।

    भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी।

    लाड़ली बहना योजना पर एक नजर

    कहां से हुआ शुभारंभ

    शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से

    उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना
    पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
    मासिक आर्थिक सहायता

    शुरुआत- 1000 रुपए
    2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए

    अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा

    रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी।
    लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन?

    उम्र- 21-60 साल

    स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता

    निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य

    आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम

    परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए।

    परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए।

    महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
    कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त?

    लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है।
    कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट

    वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं।

    लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद)

    लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे।
    कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका

    बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली है या जल्द ही बंद हो जाएगी।
    जीतू पटवारी ने कसा था तंज, मोहन सरकार पर उठाए थे सवाल

    जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि इस बार 10 तारीख को लाड़ली बहनों के खाते में पैसा नहीं आया, जबकि पहले बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इस दिन का प्रचार किया जाता था। जीतू ने मोहन सरकार पर तंज करते हुए पूछा था कि क्या सरकार की नीयत बदल गई है या फिर बजट की हालत खराब हो गई है? बता दें कि हर महीने की 10 तारीख को लाडली बहना योजना की किस्त सीएम लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर करते थे। लेकिन अप्रैल माह में आने वाली लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त की राशि 10 तारीख को लाडली बहनों के खातों में नहीं आई, तो कांग्रेस ने मौके का फायदा उठाया।
    जीतू पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों पर मोहन सरकार को घेरा

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में सरकार की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला भी दिया। आंकड़े बताते हुए उन्होंने लिखा था कि, अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद पोर्टल से हटाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 60 वर्ष की उम्र पार कर चुकीं 3,19,991 महिलाओं के नाम भी इस योजना से काट दिए गए हैं।

    भाजपा पर वादा निभाने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाते हुए 3000 रुपए देने और आयु सीमा में बदलाव की मांग करते हुए इसे 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष औऱ अधिकतम आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष तय करने की मांग भी की थी।
    सीएम ने दिया करारा जवाब

    मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर और कांग्रेस के सरकार की वादा खिलाफी के आरोपों की खबर सुर्खियों में आई, तो भाजपा ने बड़ा बयान देकर विपक्ष का मुंह बंद कर दिया। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला किया। पिछले दिनों मंडला में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम ने कहा था कि, विपक्ष अफवाह फैला रहा है कि लाडली बहना योजना बंद हो जाएगी। उन्होंने तीखा तंज करते हुए कहा था कि, ऐसी पार्टियां बंद हो जाएंगी, लेकिन ये योजना कभी बंद नहीं होगी।
    हाल ही में की घोषणा, दीपावली के बाद मिलेंगे 1500 रुपए

    वहीं हाल ही में सीएम मोहन यादव ने लाडली बहनों के खाते में आने वाली राशि बढ़ाने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस के हर दावे पर गहरी चोट करते हुए सीएम ने घोषणा की है कि, लाडली बहना योजना की 1.27 करोड़ से ज्यादा महिला लाभार्थियों को दीपावली के बाद 1500 रुपए की राशि लाडली बहना योजना की किस्त के रूप में दिए जाएंगे।

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    Sat, 02 Aug 2025 14:08:41 +0530 Newsdesk
    AIIMS भोपाल को मिला नया डिप्टी डायरेक्टर, संदेश कुमार जैन 4 अगस्त को संभालेंगे कार्यभार https://citytoday.co.in/3190 https://citytoday.co.in/3190  भोपाल 

    नक्सल ऑपरेशन, एटीएस और पुलिस रेडियो विंग जैसे संवेदनशील महकमों में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदेश कुमार जैन अब AIIMS भोपाल के नए डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) होंगे। यह पहली बार है, जब किसी पुलिस अधिकारी को एम्स भोपाल में प्रशासनिक कमान सौंपी। 

    भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था पीएमएसएसवाई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जैन को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे भोपाल में पुलिस अधीक्षक (रेडियो) के रूप में पदस्थ हैं।

    इंजीनियरिंग बैकग्राउंड, आईटी में विशेषज्ञता संदेश कुमार जैन तकनीकी रूप से भी दक्ष हैं। उन्होंने मैनिट भोपाल से बीटेक और इसके बाद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है। वे राज्य पुलिस सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें अनुशासन और संकट प्रबंधन का लंबा अनुभव है।

    पीछे छूटे 100 से ज्यादा दावेदार एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए 100 से अधिक आवेदन आए थे। इनमें से ज्यादातर आवेदन रिटायर्ड आर्मी अफसरों सहित विभिन्न प्रशासकीय पृष्ठ भूमियों से थे। सभी आवेदकों का इंटरव्यू नई दिल्ली में हुआ, जिसमें संदेश कुमार जैन ने सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चयन हासिल किया।

    क्यों खास है ये नियुक्ति AIIMS जैसे संस्थानों में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह पद क्लीनिकल सेवाओं, संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारु संचालन से जुड़ा होता है। संदेश कुमार जैन जैसे अनुभवी पुलिस अधिकारी की नियुक्ति से संस्थान के प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और दक्षता के नए मानक स्थापित हो सकते हैं।

    पदभार अभी तक किसके पास था वर्तमान में यह जिम्मेदारी कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार के पास थी। इससे पहले श्रमदीप सिन्हा, जो राजकोट एम्स में डिप्टी डायरेक्टर हैं, को भोपाल एम्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह नियुक्ति न सिर्फ प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बताती है कि अब तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव को मिलाकर संस्थानों में नई सोच के साथ बदलाव लाए जा रहे हैं।

    AIIMS भोपाल की कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 4 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि, उनके स्थान पर कौन आएगा यह अभी तय नहीं हैं। केंद्र स्तर पर इसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं। वहीं, नए डायरेक्टर आने तक एम्स भोपाल का प्रभार एम्स रायपुर के निदेशक को दिया जा सकता है।

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    Fri, 01 Aug 2025 15:15:54 +0530 Newsdesk
    जनजातीय मंत्री विजय शाह को हटाने की मांग पर गरमाई विधानसभा, विपक्ष का हंगामा https://citytoday.co.in/3189 https://citytoday.co.in/3189 भोपाल
     मध्य प्रदेश विधानसभा में जनजातीत कार्य, भोपाल गैस राहत त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल गैस पीड़ित समिति की अनुशंसाओं को लेकर प्रश्न पूछा था। मंत्री विजय शाह को इसका जवाब देना था। लेकिन तभी कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री पर महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा दिया।

    विपक्ष ने जमकर की नारेबाजी

    इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और फिर आसंदी के सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सबको अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल में बात करने के लिए बार-बार आग्रह किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली।

    इस बीच सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी होने लगी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सेना का अपमान करने वाले सेना के सम्मान की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान और चीन का सपोर्ट करते हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी हुई। थोड़ी देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सदन में उपस्थित थे।

    मीडिया से बचते नजर आए विजय शाह

    मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मंत्री विजय शाह को लेकर बवाल मच गया। विपक्ष ने विजय शाह को सदन से बाहर करने की मांग की और इस्तीफा दो के नारे लगाए। आसंदी के पास पहुंचकर धरना दिया। भारी हंगामे के बीच कार्यवाही को प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मंत्री विजय शाह सदन से बाहर निकले। इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल किया, लेकिन वे बचते नजर आए। सदन के अंदर से लेकर मीडिया के कैमरे पर भी सवालों की बौछार के बीच मुस्कुराते रहे।

    जब तक इस्तीफा नहीं होगा छोड़ेंगे नहीं- नेता प्रतिपक्ष

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी को हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की टीप और सुनवाई सुनाई नहीं देती है। भाजपा देश की भावनाओं को नहीं समझती है। 1971 की लड़ाई नहीं समझती है। बीजेपी हर मोर्चे पर विफल रही है, सिर्फ बहाने बनाती है, बयान पलटती है। न राष्ट्रभक्ति की बात करती है न देश प्रेम की बात करती, बीजेपी सिर्फ राजनीति करती है। विजय शाह ने हमारी बहन हमारी सेना के मान का अपमान किया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह इनका देश प्रेम नहीं मंत्री प्रेम है, जब तक इस्तीफा नहीं होगा हम छोड़ेंगे नहीं।

    उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि देश का अपमान करने वालो की सदन में कोई जगह नहीं है। जबसे मंत्री विजय ने देश की बेटी का अपमान किया, हम उसी दिन से विरोध कर रहे है। हम इस्तीफा लेकर रहेंगे। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि चीन हो या पाकिस्तान किसने की जासूसी, किसके पाकिस्तानी एजेंट पकड़ाए यह जनता के सामने हैं। बीजेपी की राष्ट्रभक्ति सिर्फ छलावा है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि बात देश की हो या प्रदेश की हर मामले में सदन से लेकर सड़क बीजेपी भागती है। यही भाजपा का चेहरा है। विजय शाह के मामले में सरकार में बात करने का दम नहीं है।

    किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे- मंत्री सारंग

    मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने आज फिर सदन की गरिमा को तार-तार किया। ये किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे है। लोकसभा में राहुल गांधी ने देश और सेना का अपमान किया। विपक्ष चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलता है। कांग्रेस का मकसद ही देश द्रोह के साथ देश का अपमान करना है।

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    Fri, 01 Aug 2025 15:14:13 +0530 Newsdesk
    भोपाल में बिना हेलमेट अब नहीं मिलेगा पेट्रोल और CNG, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई तय https://citytoday.co.in/3188 https://citytoday.co.in/3188

    भोपाल 

     भोपाल जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार वृद्धि और जनहानि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, 1 अगस्त शुक्रवार से बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को जिले के किसी भी पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशन से पेट्रोल अथवा गैस नहीं दी जाएगी।

    सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना उद्देश्य
    राजधानी में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है। भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू होगा।

    आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
    कलेक्टर की आदेश के मुताबिक इस फैसले का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आईएसआई मार्क हेलमेट जरूरी
    भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के इस आदेश में लिखा है मध्य प्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी तथा वाहन चालक अनिवार्य रूप से आईएसआई. मार्क हेलमेट पहनेगा। 

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    Fri, 01 Aug 2025 15:11:53 +0530 Newsdesk
    सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, लोगों की जान बचाने का आव्हान https://citytoday.co.in/3180 https://citytoday.co.in/3180 भोपाल


    सर्वोच्च न्यायालय सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस श्री अभय मनोहर सप्रे ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आव्हान किया है। उन्होंने मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक की। जस्टिस श्री सप्रे ने बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों से आम आदमी के जीवन को सुरक्षित रखने का दायित्व निभाने की अपील भी की। उन्होंने सड़क सुरक्षा की गंभीरता के दृष्टिगत अधिकारियों को सलाह और मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कहा कि स्वीडन में सड़क सुरक्षा को लेकर बहुत अच्छा काम हुआ है। वैसा काम हमारे देश में और मध्यप्रदेश में हम भी कर सकते हैं। सड़क दुर्घटना से प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ लाख लोगों की मृत्यु होती है। उनके जीवन को बचाने के लिए मिशन की शुरूआत मध्यप्रदेश से की है। उन्होंने बताया कि रोड सेफ्टी की मैदानी स्थिति जानने के लिए वे सड़क से ही अपनी यात्रा कर रहे है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए दीर्घकालीन एवं तात्कालिक नीति तैयार की जाकर क्रियान्वयन किया जाये। अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाये तथा खराब सड़क बनाने वालों को ब्लैक लिस्ट करें। सड़कों पर इतनी सुरक्षा होनी चाहिये कि एक भी व्यक्ति की जान नहीं जाये। जस्टिस श्री सप्रे ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की जान बचाने की आपको जिम्मेदारी दी गयी है और इस कार्य पर सुप्रीम कोर्ट पूरे समय ध्यान दे रहा है।

    जस्टिस सप्रे ने कहा कि जैसे मध्यप्रदेश के इंदौर ने स्वच्छता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वैसे ही प्रदेश के शहर सड़क सुरक्षा में अपना स्थान बनायेंगे। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की है कि प्रदेश के अधिकारी लोगों की जान बचाने के लिए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेंगे।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि भारत सरकार की ही तरह तात्कालिक एवं दीर्घकालीन उपाय प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किये जायेंगे। प्रदेश के 9 जिलों में सड़क सुरक्षा के लिए आई.आई.टी. मद्रास की मदद ली जायेगी और बाद में 6 और जिलों में यह किया जायेगा। सड़क सुरक्षा के लिए सभी एजेंसियों में समन्वय स्थापित किया जायेगा। पुलिस, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम बनायी गयी है। इंजीनियरों को केपिसिटी बिल्डिंग के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा सड़कों एवं ब्रिज की मरम्मत की जायेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि हर जिले मे आटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन शुरू किया जायेगा। ड्राइविंग इंस्टीट्यूट की संख्या बढ़ायी जायेगी। यातायात नियमों का पालन कराया जायेगा। लोगों को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित किया जायेगा। सभी वाहनों का इंश्योरेंस किया जायेगा। चालान जनरेशन एवं पेमेण्ट सिस्टम दुरूस्त किया जायेगा। सड़क दुर्घटना में गोल्डन ऑवर में जान बचाने के प्रयास किये जायेंगे। एम्बुलेंस की व्यवस्थाएं सुधारी जायेंगी। इमरजेंसी रिस्पांस टाइम को बेहतर किया जायेगा। यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा की जागरूकता के लिए स्कूलों में बताया जायेगा। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित तौर पर आयोजित की जायेंगी। सड़क सुरक्षा कोष का उपयोग किया जायेगा। राहवीर योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने की भी जानकारी दी गई।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने जस्टिस श्री अभय मनोहर सप्रे को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश के अधिकारी उनके निर्देश और मार्गदर्शन से बेहतर कार्य करेंगे। एक्शन प्लान से सड़क दुर्घटनाओं में तथा मृत्यु में कमी लाने के प्रयास सफल हो सकेंगे। नोडल अधिकारी एवं परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा ने राज्य के एक्शन प्लान का प्रस्तुतीकरण किया।

    बैठक में प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव, परिवहन सचिव श्री मनीष सिंह, गृह सचिव श्रीमती कृष्णा वेणी-देशावतु, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण, मध्यप्रदेश सड़क निगम विकास निगम, एवं रेल्वे के अधिकारी उपस्थित रहे।

    समिति करेगी जिलों का भ्रमण

    सर्वोच्च न्यायालय सड़क सुरक्षा समिति भोपाल, नर्मदापुरम एवं नरसिंहपुर जिलों का भ्रमण कर जिला सड़क सुरक्षा समिति के साथ बैठक करेगी। इसके पूर्व समिति ने इंदौर जिले का भ्रमण कर बैठक की थी।

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    Fri, 01 Aug 2025 12:46:01 +0530 Newsdesk
    MP विधानसभा में आज गरमाएंगे जनहित के मुद्दे, 108 सेवा और भूजल संकट रहेगा केंद्र में https://citytoday.co.in/3175 https://citytoday.co.in/3175  भोपाल|  मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज पांचवें दिन में प्रवेश कर रहा है और इस बार की कार्यवाही भी खासा गरमाने की उम्मीद है। अब तक के चार दिनों में कांग्रेस की ओर से लगातार सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया गया है और आज भी 108 एम्बुलेंस सेवा में गड़बड़ियों, भूजल संरक्षण, और अन्य ज्वलंत विषयों पर विपक्ष के सरकार को घेरने के पूरे आसार हैं।

    मुख्य फोकस: 108 एम्बुलेंस सेवा की अनियमितताएं

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आज सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाने जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि “जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेस” नामक निजी कंपनी, जो राज्य में 108 एम्बुलेंस का संचालन करती है, जरूरतमंद मरीजों, गर्भवती महिलाओं और सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को समय पर सहायता नहीं पहुंचा पा रही है।

    विपक्ष का कहना है कि यह न सिर्फ सेवा में लापरवाही है, बल्कि यह आम नागरिकों की जान के साथ खुला खिलवाड़ भी है। कांग्रेस के मुताबिक यह मुद्दा राज्यव्यापी चिंता का विषय है और सरकार को इस पर जवाब देना ही होगा।

    81 याचिकाएं और 4 अशासकीय संकल्प आज होंगे पेश

    सदन में आज 81 याचिकाएं पेश की जाएंगी, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। इसके अलावा, चार अशासकीय संकल्प भी प्रस्तावित हैं जो विधायकों को सीधे तौर पर जनहित के मुद्दों को उठाने का अवसर प्रदान करेंगे।

    भूजल संरक्षण पर प्रस्तावित चर्चा

    नियम 139 के तहत आज सदन में भूजल और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर विशेष चर्चा प्रस्तावित है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की जल नीति ज़मीन पर कारगर साबित नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

    सदन में यह मुद्दा विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है और वर्षा आधारित स्रोतों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

    सत्ता-विपक्ष के बीच फिर हो सकती है तीखी बहस

    अब तक के सत्र में कांग्रेस की रणनीति एक के बाद एक मुद्दों को सामने लाकर सरकार को घेरने की रही है — ड्रग्स कारोबार, कानून व्यवस्था, शिक्षक तबादला घोटाला जैसे मुद्दों पर पहले ही सत्र गरम रह चुका है। ऐसे में आज की कार्यवाही में भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिल सकता है।

    सत्र का आज का दिन कई अहम मुद्दों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर विपक्ष 108 एम्बुलेंस की बदहाली और जल संकट को लेकर सरकार से जवाब मांगने के मूड में है, वहीं सत्ता पक्ष के लिए यह एक चुनौती होगी कि वह इन आरोपों का तथ्यों और योजनाओं के दम पर जवाब दे सके।

    जनहित से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों पर होने वाली आज की चर्चा राज्य की राजनीति और नीति-निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ सकती है।

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    Fri, 01 Aug 2025 12:27:50 +0530 Newsdesk
    1 अगस्त से सख्ती: भोपाल&इंदौर में बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल, कलेक्टर का आदेश लागू https://citytoday.co.in/3173 https://citytoday.co.in/3173 भोपाल / इंदौर

    मध्य प्रदेश के दो शहर भोपाल और इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब आज 1 अगस्त 2025 से शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा. यह सख्त निर्देश दोनों शहरों के कलेक्टर ने जारी किए हैं. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सड़क हादसों में कमी लाई जा सकेगी और लोगों में ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी.

    इस आदेश को लागू करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया. बैठक में इंदौर की मौजूदा यातायात व्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके बाद जिला प्रशासन ने यह ठोस कदम उठाने का ऐलान किया.

    कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह आदेश दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है औरआज  1 अगस्त से इसे सख्ती से लागू किया जाएगा. आदेश से पहले 30 और 31 जुलाई को शहर भर में जनजागरूकता अभियान चलाया गया , ताकि लोगों को समय रहते जानकारी मिल सके और वे नियमों का पालन करें.

    नियम नहीं माना तो पेट्रोल पंप के खिलाफ होगी कार्रवाई
    प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देशित किया है कि वे बिना हेलमेट आए किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल न दें. अगर कोई पेट्रोल पंप इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस आदेश के लागू होने से शहर में हेलमेट पहनने की आदत को मजबूती मिलेगी और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

    मप्र मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129

    मप्र मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन चालक और सवारी को आईएसआई मार्क हेलमेट(Helmet Petrol Rule 2025) पहनना जरूरी है। यह प्रतिबंध 01 अगस्त 2025 से लागू होकर 29 सितंबर 2025 तक प्रभावशील रहेगा। इसके उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति, संस्था या संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    किस कानून के तहत आया आदेश? 

    यह नियम मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 129, आपदा प्रबंधन अधिनियम और नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया है। इसके तहत दोनों शहरों के पेट्रोल पंप संचालकों को आदेशित किया गया है कि वे बिना हेलमेट आए ग्राहक को ईंधन न दें। आदेश का उल्लंघन करने पर पंप संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी, हालांकि उपभोक्ता पर क्या सज़ा होगी, इसका अभी स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
    कहां, कैसे और किसको मिलेगी हेलमेट न पहनने की छूट?

    यदि किसी व्यक्ति के पास मेडिकल इमरजेंसी या आकस्मिक परिस्थिति है, तो उसे इस नियम से अस्थायी रूप से छूट दी जाएगी। लेकिन अन्य सभी मामलों में यह नियम सख्ती से लागू होगा।

    इमरजेंसी में मिले सकेगी छूट

        प्रतिबंध मेडिकल संबंधी मामलों व आकस्मिक स्थिति में लागू नहीं होगा। यह प्रतिबंध अन्य किसी नियम/आदेश के प्रतिबंध के अतिरिक्त होंगे।

        यह आदेश 1 अगस्त 25 से लागू होगा। 29 सितंबर 25 तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा।

        इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था और संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-23 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकेगी।

    बिना हेलमेट आने वालों पर क्या कार्रवाई? पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन बिना हेलमेट के पेट्रोल देने पर पंप संचालक पर तो कार्रवाई करेगी, लेकिन जो पेट्रोल ले रहा है, उस पर क्या कार्रवाई होगी? सड़क पर पुलिस बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को नहीं पकड़ पा रही है। इस पर भी सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।

    सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और रिटायर्ड न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने मंगलवार को इंदौर में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने कुछ जरूरी निर्देश दिए थे।

        सरकारी कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए।
        अगले 6 महीनों में सुधार के लिए रणनीति तैयार की जाए ताकि सकारात्मक बदलाव और नतीजे देखने को मिलें।

    न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा था कि इंदौर में लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए। सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। लोक परिवहन के साधन बढ़ाए जाएं ताकि सड़कों पर छोटे निजी वाहनों की भीड़ कम हो। पुलिस, सरकारी कर्मचारी और विद्यार्थी जब भी वाहन चलाएं, तो हेलमेट पहनना अनिवार्य हो।

    सरकारी दफ्तरों में बिना हेलमेट एंट्री नहीं 

    इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर सरकारी कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य करने की सिफारिश की थी। अब बिना हेलमेट किसी सरकारी दफ्तर में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।
    सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों पर अमल 

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जज अभय मनोहर सप्रे ने इंदौर समीक्षा बैठक में हेलमेट अनिवार्यता, शराब पीकर वाहन चलाने पर सज़ा, और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन जैसे बिंदुओं पर सख्त अमल की मांग की थी। यही दिशा-निर्देश अब जमीन पर उतारे जा रहे हैं।
    कब से लागू होगा हेलमेट पहनने का आदेश? क्या मिलेगा दंड?

    यह आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक लागू रहेगा। नियम का उल्लंघन करने पर IPC की धारा 223 के तहत चालान या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    आदेश में स्पष्ट नहीं

    प्रशासन का निर्णय ठीक है, लेकिन आदेश में स्पष्ट नहीं है कि पेट्रोल पंप(Helmet Petrol Rule 2025) पर यदि कोई बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाता है तो इसमें पेट्रोल पंप संचालक को दोषी नहीं माना जाएगा। पंप संचालक को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। पंप संचालक पर इसकी अनिवार्यता नहीं होना चाहिए।-अजय सिंह, अध्यक्ष, मप्र पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन

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    Fri, 01 Aug 2025 12:11:36 +0530 Newsdesk
    सीएम डॉ. यादव होंगे BSL ग्लोबल समिट में शामिल, दुनिया के ब्रांड्स से होगा संवाद https://citytoday.co.in/3172 https://citytoday.co.in/3172 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में भाग लेंगे। यह समिट टेक्सटाइल और अपैरल उद्योगों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें दुनिया भर के उद्योगपतियों, निवेशकों और टेक्सटाइल ब्रांड्स की भागीदारी हो रही है। मुख्यमंत्री समिट में मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का भ्रमण करेंगे और राज्य की औद्योगिक क्षमता, टेक्सटाइल नीति और निवेश संभावनाओं को लेकर संबोधित करेंगे। साथ ही, वे वॉलमार्ट, एच एंड एम, ली एंड फंग, वाइल्डक्राफ्ट और ब्लैकबेरी जैसी अग्रणी वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-ऑन-वन बैठकें भी करेंगे।

    डॉ. यादव समिट में आयोजित राउंडटेबल चर्चा में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे वैश्विक टेक्सटाइल ब्रांड्स के प्रमुखों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। यह चर्चा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को जोड़ने वाले सेतु के रूप में काम करेगी। समिट के दौरान बीएसएल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2025 का भी आयोजन होगा, जिसमें टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ब्रांड्स को सम्मानित किया जाएगा।

    यह समिट मध्यप्रदेश के लिए बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि यह प्रदेश को वैश्विक ब्रांड्स के लिए एक विश्वसनीय सोर्सिंग गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही, 'मेड इन एमपी' उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने का यह एक सशक्त मंच साबित होगा। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रदेश में निवेश लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर देश और विदेश में निवेशकों से चर्चा, रोड शो में प्रदेश में निवेश को प्रेरित करने को लेकर उपलब्धियां गिनाई जा रही है।  

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    Thu, 31 Jul 2025 19:13:31 +0530 Newsdesk
    स्टाम्प शुल्क में बढ़ोतरी की तैयारी: शपथ पत्र, एग्रीमेंट और पावर ऑफ अटॉर्नी होंगे महंगे https://citytoday.co.in/3171 https://citytoday.co.in/3171 भोपाल 
    मध्यप्रदेश सरकार अब शपथ पत्र(एफिडेविट), कंसेंट डीड, एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी आदि दस्तावेजों में लगने वाले स्टाम्प शुल्क में बढ़ोतरी करने जा रही है। शपथ पत्र(Affidavit) बनवाने के लिए 50 की जगह 200 रुपए, कंसेंट डीड और एग्रीमेंट में 1000 की जगह 5000 रुपए के स्टाम्प लगाने होंगे। इसके लिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में भारतीय स्टाम्प (मप्र संशोधन) विधेयक- 2025 पेश किया है। इससे पहले इसमें संशोधन वर्ष 2014 में हुआ था। इसलिए मूल्य सूचकांक में हुए परिवर्तन को देखते हुए स्टाम्प शुल्क में वृद्धि की है।

    विधेयक में भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की अनुसूची 1-क के विभिन्न अनुच्छेदों में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। इस अनुसूची में राज्य सूची के विषय शामिल हैं। पार्टीशन संबंधी दस्तावेज के लिए परिवार की परिभाषा में भी बदलाव किया जा रहा है। वहीं इसमें अभी तक माता-पिता, भाई, बहन, नाती-नातिन के बाद भाई की मौत होने की दशा में उसकी पत्नी और बच्चों को भी शामिल किया। इससे परिवार के बीच पार्टीशन में स्टाम्प शुल्क आधा लगेगा।

    संस्कृत भाषा के संरक्षण की मांग

    भाजपा विधायक(MP News) अभिलाष पांडेय ने संस्कृत में अपना प्रश्न रखा। जिसका स्वागत स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने संस्कृत में किया। विधायक ने कहा कि संस्कृत प्रमुख भाषाओं में से एक है, इसी भाषा में कर्मकांड संबंधी काम होते हैं। इसके संरक्षण के प्रयास किए जाएं। मंत्री ने कहा कि त्रिस्तरीय भाषा फार्मूले में इस पर काम कर रहे हैं।।

    स्टाम्प शुल्क(Stamp Duty) में यह बढ़ोतरी प्रस्तावित

        शपथपत्र के लिए 50 रुपए की जगह 200 के स्टाम्प
        अचल संपत्ति संबंधी एग्रीमेंट जिसमें कब्जा नहीं दिया जाता- एक हजार की जगह 5००० रुपए
        विकास, निर्माण या प्रतिभूति बॉण्ड से इतर एग्रीमेंट जिसमें संविदा मूल्य 50 लाख तक है तो 500 रुपए की जगह 1000 और 50 लाख से अधिक है तो 0.2त्न स्टाम्प शुल्क लगेगा
        कंसेंट डीड के मामले में एक हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपए
        पहले से रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज में सुधार कराने के लिए एक हजार की बजाय 5 हजार के स्टाम्प
        खनन लीज के लिए अब देय रकम का 2 प्रतिशत
        रिवॉल्वर और पिस्टल के लायसेंस के लिए 5 हजार की जगह 10 हजार रुपए और नवीनीकरण के लिए 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार होगा।
        पार्टनरशिप डीड में दो हजार से बढ़ाकर 5 हजार होगा
        पावर ऑफ अटॉर्नी जब एक या अधिक व्यक्तियों को सिंगल ट्रांजेक्शन के लिए एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रुपए और अधिक ट्रांजेक्शन के लिए 5000।
        ट्रस्ट की संपत्ति के लिए एक हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए स्टाम्प शुल्क होगा।

    सदन में चार विधेयक संशोधन प्रस्तावित

    1. भारतीय स्टाम्प (मप्र संशोधन) विधेयक 2025 में स्टाम्प शुल्क में बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।

    2. रजिस्ट्रीकरण (मप्र संशोधन) विधेयक 2025 में लोन चुकाने के बाद प्रॉपर्टी को मॉर्डगेज से मुक्त कराने बैंक सीधे जानकारी रजिस्ट्रीकरण कार्यालय को भेजेगा। इससे पक्षकारों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।

    3. भारतीय स्टाम्प (मप्र द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 में अपर्याप्त स्टाम्प वाली रजिस्ट्री की दशा में लगाई जाने वाली शास्ति की दर को दो प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किए जाने और प्रतिमाह और उसके भाग के लिए एक प्रतिशत की दर से ब्याज वसूली जैसे प्रावधान किए जा रहे हैं।

    4. उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नाम सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय होगा। सदन में इसके लिए विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया गया।

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    Thu, 31 Jul 2025 19:11:53 +0530 Newsdesk
    उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने वंचित वर्ग की आवाज को किया मुखर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3170 https://citytoday.co.in/3170 भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनका पुण्य-स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रेमचंद ने गोदान, गबन, निर्मला जैसी अमूल्य रचनाओं से हिन्दी साहित्य को समृद्धि प्रदान की। साथ ही हमेशा कमजोर और वंचित वर्ग की आवाज को मुखर किया। प्रेमचंद का कृतित्व नव प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करता रहेगा।

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    Thu, 31 Jul 2025 19:10:21 +0530 Newsdesk
    वक्फ बोर्ड ने तैयार की संपत्तियों की सूची, करोड़ों की आमदनी अब जाएगी शिक्षा पर https://citytoday.co.in/3168 https://citytoday.co.in/3168 भोपाल 

    वक्फ सम्पत्तियों पर नाममात्र किराया देकर काबिज लोगों से बोर्ड वसूली करेगा। कब्जों को हटाने से लेकर जुर्माना वसूली तक कार्रवाई की तैयारी है। इसके लिए बोर्ड ने सूची तैयारी की है। इसके तहत हाल में 27 करोड़ रुपए का नोटिस जारी किया गया है। सम्पत्तियों से वसूली समाज में शिक्षा की बढ़ोतरी और सुधार पर खर्च करने की योजना है।

    प्रदेश में करीब 15 हजार वक्फ सम्पत्तियां हैं। इनमें से 77 भोपाल में हैं। एक आंकलन के मुताबिक इनमें से 80 प्रतिशत पर कब्रिस्तान, मस्जिद, मदरसे हैं। बाकी में किरादारी की स्थिति हैं। ज्यादा प्राइम लोकेशन पर हैं। लेकिन किराए के रूप में नाममात्र की आय हो रही है। इसे देखते हुए बोर्ड ने किराएदारी नियमों में संशोधन किया था। इसके तहत तहत वर्तमान मूल्य के आधार पर इसका मूल्यांकन होना है। ये वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय में इजाफे के लिए हुआ है।

    शिक्षा को बढ़ावा और समाजसुधार पर जोर

    बोर्ड के मुताबिक शिक्षा को बढ़ावा देने बोर्ड बढ़ावा देगा। इस पर राशि खर्च की जाना है। जिला स्तर पर भी इसके संबंध में तैयारी की गई है।

    वक्फ सम्पत्तियों से कब्जों को हटाने की कार्रवाई हो रही है। प्रबंधन का हिसाब भी मांगा जा रहा है। इसके लिए पहले ही बैंक खाता होना अनिवार्य कर दिया गया है। हाल में 27 करोड़ का नोटिस भेजा गया है।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड

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    Thu, 31 Jul 2025 19:05:17 +0530 Newsdesk
    बीजेपी नेता का आरोप: कांग्रेस ने गढ़ी ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी, साध्वी बोलीं& जीवन तबाह कर दिया https://citytoday.co.in/3167 https://citytoday.co.in/3167 भोपाल

    मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत सातों आरोपियों को बरी कर दिया है। इसके बाद से भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। कोर्ट के फैसले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह ने इस्लामिक आतंकवाद पर पर्दा डालने के लिए जानबूझ कर हिंदू आतंकवाद शब्द को गढ़ा था। हिंदू न कभी आतंकवादी था, न है और न होगा। कोर्ट के फैसले के बाद दिग्विजय सिंह समेत पूरी कांग्रेस को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए।

    मैं जीवित हूं, क्योंकि संन्यासी हूं
    वहीं, एनआईए कोर्ट में भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, "मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन लोगों को जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे फंसा दिया गया। कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई है। जो लोग दोषी हैं उन्हें भगवान सजा देंगे।  

    कमलनाथ बोले- भाजपा जो चाहे कह सकती है
    मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता और मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा- "जो भी प्रभावित होगा वह अपील करेगा। भाजपा जो चाहे कह सकती है, लेकिन यह अदालत का फैसला है और इस पर अपील की जा सकती है। वे निश्चित रूप से दोबारा अपील करेंगे।

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    Thu, 31 Jul 2025 18:56:15 +0530 Newsdesk
    भोपाल में ड्रग&सेक्स रैकेट बेनकाब, 4 राज्यों तक फैला नेटवर्क, दुबई से जुड़ रहे तार https://citytoday.co.in/3166 https://citytoday.co.in/3166 भोपाल
    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्रग और यौन शोषण से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे को चौंका दिया है, बल्कि समाज के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है।

    इस केस में आरोपित यासीन अहमद और उसका चाचा शाहवर अहमद फिलहाल जेल में हैं, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस संगठित गिरोह के तार कई राज्यों और देशों तक जुड़े दिख रहे हैं।

    राज्यों और दुबई से जुड़ा ड्रग नेटवर्क

    जांच में पता चला है कि यह गिरोह राजस्थान, दिल्ली समेत चार राज्यों में फैला हुआ है और वहां से एमडी ड्रग भोपाल सहित अन्य जगहों पर पहुंचाई जाती थी। यासीन और शाहवर ने पूछताछ में माना है कि वे इन राज्यों से ड्रग लाते थे। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क की डोर दुबई तक फैली है, जहां शाहवर की प्रॉपर्टी डीलिंग कंपनी भी है।

    दुबई में कारोबार और बार-बार आवाजाही

    शाहवर अहमद दुबई को अपना दूसरा घर मानता था। वह वहां की प्रॉपर्टी में भोपाल और एमपी के लोगों से निवेश करवा कर मोटा कमीशन वसूलता था। पुलिस को उसके हर महीने दुबई आने-जाने के प्रमाण भी मिले हैं। इससे ड्रग नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि होती दिख रही है।

    वीडियो से 10 पीड़िताएं पहचानी गईं

    यासीन के मोबाइल से मिले अश्लील और हिंसक वीडियो ने पूरे मामले को और गहराई दी है। इनमें से 10 पीड़िताएं चिन्हित की गई हैं, जो अधिकतर हिंदू युवतियां हैं। इनका नशे का आदी बनाकर दुष्कर्म किया गया और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया। एक पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज हुआ है, बाकी की काउंसलिंग की जा रही है।

    गिरोह के बड़े नाम हो सकते हैं उजागर

    इस गिरोह की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी में एमडी ड्रग के साथ पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ में भी यासीन-शाहवर का नाम सामने आया था। फिर 21 जुलाई को दोनों की गिरफ्तारी हुई।

    अब इन पर कोहेफिजा, तलैया, महिला थाना और अरेरा हिल्स में केस दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यह संगठित गिरोह न सिर्फ ड्रग सप्लाई कर रहा था, बल्कि हिंदू युवतियों को टारगेट कर उनके जीवन को बर्बाद कर रहा था।

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    Thu, 31 Jul 2025 18:53:22 +0530 Newsdesk
    निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करें और शीघ्र सेवा प्रदाय करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3163 https://citytoday.co.in/3163 निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करें और शीघ्र सेवा प्रदाय करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के पात्र प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही करने के दिए निर्देश : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सख्त संदेश: निर्माण में देरी नहीं चलेगी, सेवा प्रदाय में तेजी लाएं

    स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विषयों पर समन्वय और समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसके लिए निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करें और इन पूर्ण कार्यों से शीघ्र सेवा प्रदाय की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन सहित विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों की वृहद समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह एवं एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन प्रस्तावों की वृहद समीक्षा की। बताया गया कि एनएचएम के 3 विकास के 179, भवन के 81, स्थापना के 72 और अस्पताल प्रशासन के 34 कुल यानि 369 प्रस्तावों में से 198 का परीक्षण किया जा चुका है और इनमें से 113 प्रस्ताव उपयुक्त पाए गए हैं। एसएचसी के 51, पीएचसी के 12, सीएचसी के 9 उन्नयन प्रस्ताव सहित एसएचसी के 37 नवीन प्रस्ताव तथा जिला अस्पताल के 3 प्रस्ताव शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शेष प्रस्तावों के शीघ्र परीक्षण एवं पात्र प्रस्तावों में अग्रिम कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रक्रियाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे राशि का समय से उपयोग सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने बांड पोस्टिंग चिकित्सकों की कार्यस्थल में उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की और विधिवत सेवा प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सक की लोक सेवा आयोग और ईएसबी के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अक्टूबर 2025 तक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त औपचारिकताओं को समय से पूर्ण किया जाये और भर्ती प्रक्रिया की वरिष्ठ अधिकारी सतत निगरानी करें।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐसे चिकित्सकीय संस्थानों जहाँ एमआरआई, सीटी मशीने उपलब्ध हैं परंतु टेक्निशियन के अभाव में संचालन नहीं हो पा रहा है की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक सेवाओं के प्रदाय के लिए आउटसोर्स के माध्यम से टेक्नीशियन की व्यवस्था करने की कार्यवाही की जाये जिससे नागरिकों को सेवाएं शीघ्र प्राप्त हों और उपकरणों का सदुपयोग हो सके।

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    Thu, 31 Jul 2025 18:44:22 +0530 Newsdesk
    तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार ने की विभागीय समीक्षा बैठक https://citytoday.co.in/3156 https://citytoday.co.in/3156 आईआईटी की तर्ज पर एमपी आईटी की स्थापना करने पर जोर


    भोपाल 


    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। मंत्री श्री परमार ने आईआईटी की तर्ज पर एमपीआईटी की स्थापना के सम्बन्ध में व्यापक चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने अनुदान प्राप्त संस्थानों के समय पर ऑडिट किए जाने के निर्देश भी दिए।

    बैठक में कोडिंग लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। भर्तियां, पदपूर्ति एवं पदोन्नति के सम्बन्ध में भी विमर्श हुआ। श्री परमार ने पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में एडमिशन की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की।

    बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री विवेक पोरवाल एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा श्री अवधेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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    Thu, 31 Jul 2025 12:58:52 +0530 Newsdesk
    स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए अतिरिक्त सीएलसी चरण https://citytoday.co.in/3155 https://citytoday.co.in/3155 विद्यार्थी 31 जुलाई से 3 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीयन
    8 अगस्त को होगा सीट आवंटन

    भोपाल


    उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2025-26 के लिए महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए अतिरिक्त सीएलसी चरण के लिए समय सारणी जारी की है।

    जारी समय सारणी के अनुसार, सत्र 2025-26 में स्नातकोत्तर कक्षाओं में मेजर माइनर विषयों में और मेजर एवं माइनर विषय के अतिरिक्त अन्य विषय में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी, 31 जुलाई से 3 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीयन/आवेदन कर सकेंगे। पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 31 जुलाई से 4 अगस्त तक होगा। मेजर माइनर के अलावा अन्य विषयों में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को साक्षात्कार के दिनांक, स्थान एवं समय की सूचना 5 अगस्त को दी जाएगी। मेजर माइनर के अलावा अन्य विषयों में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के साक्षात्कार एवं पोर्टल पर पात्रता की प्रविष्टि 6 से 7 अगस्त तक होगी।

    विद्यार्थियों को महाविद्यालयों में सीट का आवंटन 8 अगस्त को होगा। आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क का भुगतान 8 से 14 अगस्त तक किया जा सकेगा। आवंटित महाविद्यालय में शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि तक प्रवेश शुल्क का भुगतान किए गए आवेदकों का ही प्रवेश मान्य होगा और प्रवेश शुल्क का भुगतान न होने की अवस्था में प्रवेश मान्य नहीं माना जाएगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के लिए प्रवेश के लिए यह अन्तिम चरण होगा।  

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    Thu, 31 Jul 2025 12:52:45 +0530 Newsdesk
    भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ से नाराज़ कैट भोपाल, कहा – व्यापारिक हितों पर सीधा हमला https://citytoday.co.in/3153 https://citytoday.co.in/3153 भोपाल। भारतीय उत्पादों पर अमेरिका सरकार द्वारा हाल ही में लगाए गए टैरिफ को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की भोपाल इकाई ने तीव्र आपत्ति जताई है। कैट के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि यह निर्णय न केवल भारतीय व्यापारियों और निर्यातकों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि यह भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।

    धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि भारत अमेरिका को हर साल 78 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पाद निर्यात करता है, जिसमें स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में 10% से लेकर 25% तक के टैरिफ की वृद्धि सीधे-सीधे भारतीय MSME सेक्टर को झटका देने जैसा है।

    उन्होंने कहा, “यह निर्णय WTO के व्यापारिक सिद्धांतों के भी विरुद्ध है और भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। सरकार को चाहिए कि वह इस विषय को कूटनीतिक स्तर पर गंभीरता से उठाए और अमेरिका के साथ वाणिज्यिक वार्ता कर इस मसले का समाधान निकाले।”


    CAIT भोपाल ने की प्रमुख मांगें:

    1. भारत सरकार अमेरिका से वाणिज्यिक बातचीत कर टैरिफ कम कराने की दिशा में कार्य करे।

    2. भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के लिए आर्थिक सहायता पैकेज प्रदान किया जाए।

    3. MSME सेक्टर को टेक्नोलॉजी, गुणवत्ता और ब्रांडिंग के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाए।

    4. ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नीति स्तर पर सशक्त कर घरेलू उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए।

    धर्मेंद्र शर्मा ने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक नींव मजबूत है और देश का व्यापारी वर्ग किसी भी वैश्विक दबाव में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “हम इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समय है जब सरकार, उद्योग और व्यापारी वर्ग मिलकर एकजुटता के साथ वैश्विक बाज़ार में भारत की हिस्सेदारी और मज़बूत करे।”

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    Thu, 31 Jul 2025 12:46:45 +0530 Newsdesk
    एसजीएसआईटीएस के पांच स्नातक पाठ्यक्रमों को वर्ष 2028 तक के लिए एनबीए की मान्यता प्राप्त हुई है। https://citytoday.co.in/3149 https://citytoday.co.in/3149 भोपाल, 30 जुलाई।
    प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संस्थान के पाँच स्नातक पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) द्वारा वर्ष 2028 तक की मान्यता प्रदान की गई है, जो तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    मंत्री ने दी शुभकामनाएँ

    मंत्री श्री परमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की तकनीकी शिक्षा प्रणाली की मजबूती का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार कर रही है, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    एसजीएसआईटीएस बना प्रेरणा का केंद्र

    श्री परमार ने कहा कि एसजीएसआईटीएस तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान के रूप में उभर रहा है और यह उपलब्धि उसे देश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, उत्कृष्ट प्रयोगशालाओं, आधुनिक शिक्षण प्रणाली और समर्पित शिक्षकों का प्रतिफल है।

    इन पाठ्यक्रमों को मिली एनबीए मान्यता

    राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) ने एसजीएसआईटीएस के निम्नलिखित पाँच स्नातक पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान की है:

    1. विद्युत अभियांत्रिकी (Electrical Engineering)

    2. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन अभियांत्रिकी (Electronics & Instrumentation Engineering)

    3. सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology)

    4. यांत्रिक अभियांत्रिकी (Mechanical Engineering)

    5. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी (Electronics & Telecommunication Engineering)

    इन सभी पाठ्यक्रमों को NBA द्वारा शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लेकर 2027-28 तक, अर्थात 30 जून 2028 तक मान्यता प्रदान की गई है। यह प्रत्यायन उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा, पाठ्यक्रम की संरचना, फैकल्टी, अनुसंधान व नवाचार, प्रयोगशाला सुविधाओं और विद्यार्थियों के समग्र विकास के विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है।

    संस्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

    एसजीएसआईटीएस की स्थापना वर्ष 1952 में हुई थी। यह संस्थान प्रदेश के सबसे पुराने, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। यह संस्थान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देशभर में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। समय के साथ संस्थान ने अपनी अधोसंरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में निरंतर प्रगति की है।

    यह उपलब्धि न केवल छात्रों के लिए बेहतर करियर के अवसर सुनिश्चित करती है, बल्कि एसजीएसआईटीएस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करती है।

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    Wed, 30 Jul 2025 11:49:27 +0530 news desk MPcg
    एसजीएसआईटीएस के पांच स्नातक पाठ्यक्रमों को वर्ष 2028 तक के लिए एनबीए की मान्यता प्राप्त हुई है। https://citytoday.co.in/3150 https://citytoday.co.in/3150 भोपाल, 30 जुलाई।
    प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संस्थान के पाँच स्नातक पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) द्वारा वर्ष 2028 तक की मान्यता प्रदान की गई है, जो तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    मंत्री ने दी शुभकामनाएँ

    मंत्री श्री परमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की तकनीकी शिक्षा प्रणाली की मजबूती का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार कर रही है, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    एसजीएसआईटीएस बना प्रेरणा का केंद्र

    श्री परमार ने कहा कि एसजीएसआईटीएस तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान के रूप में उभर रहा है और यह उपलब्धि उसे देश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, उत्कृष्ट प्रयोगशालाओं, आधुनिक शिक्षण प्रणाली और समर्पित शिक्षकों का प्रतिफल है।

    इन पाठ्यक्रमों को मिली एनबीए मान्यता

    राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) ने एसजीएसआईटीएस के निम्नलिखित पाँच स्नातक पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान की है:

    1. विद्युत अभियांत्रिकी (Electrical Engineering)

    2. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन अभियांत्रिकी (Electronics & Instrumentation Engineering)

    3. सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology)

    4. यांत्रिक अभियांत्रिकी (Mechanical Engineering)

    5. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी (Electronics & Telecommunication Engineering)

    इन सभी पाठ्यक्रमों को NBA द्वारा शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लेकर 2027-28 तक, अर्थात 30 जून 2028 तक मान्यता प्रदान की गई है। यह प्रत्यायन उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा, पाठ्यक्रम की संरचना, फैकल्टी, अनुसंधान व नवाचार, प्रयोगशाला सुविधाओं और विद्यार्थियों के समग्र विकास के विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है।

    संस्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

    एसजीएसआईटीएस की स्थापना वर्ष 1952 में हुई थी। यह संस्थान प्रदेश के सबसे पुराने, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। यह संस्थान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देशभर में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। समय के साथ संस्थान ने अपनी अधोसंरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में निरंतर प्रगति की है।

    यह उपलब्धि न केवल छात्रों के लिए बेहतर करियर के अवसर सुनिश्चित करती है, बल्कि एसजीएसआईटीएस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करती है।

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    Wed, 30 Jul 2025 11:49:27 +0530 news desk MPcg
    MP में बारिश ने पकड़ी रफ्तार: भोपाल&नर्मदापुरम में 8 इंच बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी https://citytoday.co.in/3138 https://citytoday.co.in/3138 भोपाल/शिवपुरी/नर्मदापुरम 

    मध्यप्रदेश में मंगलवार को कुल 34 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर में अलग-अलग स्थानों पर 4.5 से 8 इंच तक भारी बारिश होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आज 14 जिलों में अति भारी और 20 में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, दमोह और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट है।

    मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है. बीते 2 दिन से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है. प्रदेश के सारी नदियां और नाले उफान पर हैं. सारे डैम उफन रहे हैं. डैम के गेट खोलकर जल स्तर मेंटन करने के प्रयास जारी हैं. इस बीच मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने मंगलवार को 34 जिलों में बारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. खास बात ये है कि अभी बारिश का मौसम आधा ही बीता है कि प्रदेश के 8 जिलों में कोटा फुल हो गया है.

    इन जिलों में 7 से 8 इंच तक बारिश का अलर्ट

    मध्य प्रदेश मौसम विभाग के अनुसार "मंगलवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का अलर्ट है. इन जिलों में 7 से 8 इंच से ज्यादा बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा राजगढ़, गुना, आगर, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, दमोह और पन्ना में भी भारी बारिश की चेतावनी है." बता दें कि राजधानी भोपाल और इससे जुड़े जिलों में बीते 2 दिन से झमाझम का दौर जारी है.

    दिन भर चलता रहा बारिश का दौर, ढाई डिग्री गिरा पारा

    भोपाल शहर में सोमवार को पूरे दिन बारिश का क्रम अनवरत जारी रहा। पूरे दिन रिमझिम के साथ-साथ तेज बौछारों से शहर भींगता रहा। इस दौरान सुबह 8:30 बजे तक जहां 27.1 मिमी बारिश हुई, वहीं शाम तक 28 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान में ढाई डिग्री से अधिक की गिरावट आई और तापमान 2.7 गिरकर 25.5 डिग्री पर पहुंच गया। इसी प्रकार न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया।

    देर रात तक झमाझम, सड़कों पर भरा पानी

    दिन भर तेज बारिश के बाद देर रात तक भी शहर में झमाझम बारिश का सिलसिला चलता रहा। रात्रि 10 बजे के बाद शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। इस दौरान सड़के जलमग्न हो गई, कई नीचले इलाके भी पानी-पानी हो गए। बारिश का क्रम देर रात तक लगातार जारी रहा। इसके कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया। चौक चौराहों पर भी घुटनों तक पानी भरा हुआ था।

    मध्य प्रदेश में बारिश का 70 फीसदी कोटा फुल

    भोपाल स्थित मौसम विज्ञान के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार "अभी तक मध्यप्रदेश में 25.4 इंच बारिश दर्ज की गई है. ये आंकड़ा बारिश के मौसम का 70 फीसदी है. इसके साथ ही ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में इस मौसम की बारिश का कोटा फुल हो चुका है." बता दें कि इन जिलों में एक माह से इतनी बारिश हो रही है कि किसानों को बोवनी करने का मौका तक नहीं मिला.

    25 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई
    सोमवार को 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शाजापुर में डेढ़ इंच, भोपाल, पचमढ़ी, नर्मदापुरम और गुना में 1 इंच पानी गिर गया। खरगोन में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। राजगढ़, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, सीहोर, शाजापुर, भिंड, रायसेन, सिंगरौली, देवास, आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा।

        नर्मदापुरम में सुबह 8.30 बजे स्कूलों की छुट्टी का आदेश आया। तब तक कई छात्र स्कूल के लिए निकल चुके थे।

        भोपाल में बारिश की वजह से कार्मल कॉन्वेंट और सेंट जोसेफ कोएड स्कूल में छुट्टी कर दी गई है। कैंपियन स्कूल में एक घंटे की टेस्ट क्लास चल रही है।

        भोपाल और सीहोर में बारिश की वजह से कोलांस नदी एक फीट ऊपर बह रही है। इससे बड़ा तालाब का वाटर लेवल 1661.05 फीट पानी हो गया है। तालाब का फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है।

        रायसेन में महामाया चौक समेत निचले इलाकों में पानी भर गया है। सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

        इटारसी में तवा डैम के 9 गेट 7-7 फीट की ऊंचाई तक खोलकर एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तवा डैम का वर्तमान जलस्तर 1159.80 फीट है।

    इस वजह से ऐसा मौसम
    मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि सोमवार को प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और ट्रफ की एक्टिविटी रही। इस वजह से अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। मंगलवार को भी तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

    8 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
    मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 37% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। टीकमगढ़-निवाड़ी में सबसे ज्यादा 42 इंच बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 10 इंच पानी भी नहीं गिरा है। वहीं, भोपाल और जबलपुर में सीजन की आधी बारिश हुई है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 25.4 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 16.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। 

    तवा डैम के 9 गेट 7 फीट तक खोले

    उधर, नर्मदापुरम जिले में मंगलवार सुबह 4 बजे तवा डैम के 5 गेट 7-7 फीट तक खोल दिए गए. ज्यादा पानी आने के कारण सुबह 7 बजे 9 गेटों को ओपन किया गया. डैम में बढ़ते जलस्तर को स्थिर रखने के लिए 1 लाख क्यूसेक अतिरिक्त जल की निकासी की जा रही है. तवा परियोजना के कार्यपालन यंत्री एनके सूर्यवंशी के अनुसार "नर्मदा किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है."

    बदरवास में रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंसी

    वहीं, तेज बारिश से बदरवास में रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंस गई. इससे ट्रेनें रेंगने लगी. रेलवे ने ट्रैक पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. ट्रैक के नीचे मिट्टी में कटाव आने के कारण बदरवास रेलवे स्टेशन के अंतर्गत आने वाले खंबा नंबर 1153 पर करीब 50 मीटर क्षेत्र में मिट्टी ढंसने की जानकारी रेलवे ने दी. रेलवे ने ट्रैक के नीचे हुए मिट्टी के कटाव को सही करवाने का काम शुरू कर दिया है.

    स्टेशन मास्टर विनोद शर्मा के अनुसार "मिट्टी करीब 50 मीटर एरिया में धंसी है. यहां 300 मीटर के क्षेत्र में मिट्टी की बोरियां डलवाई जा रही हैं. यहां ट्रेन की स्पीड कम करते हुए सिर्फ 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से निकालने के निर्देश दिए गए हैं."

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    Tue, 29 Jul 2025 15:07:18 +0530 news desk MPcg
    सेवा के संकल्प से प्रारंभ की नि:शुल्क शव वाहन सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3137 https://citytoday.co.in/3137 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जिलों के लिए आरंभ की गई शव वाहन व्यवस्था के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए वाहन रवाना किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास परिसर से झंडी दिखाकर जिलों के लिए नि:शुल्क शव वाहन भेजने के अवसर पर कहा कि मनुष्यता, सेवा भाव और समाज के गरीब वर्ग सहित अन्य जरूरतमंदों के लिए नि:शुल्क शव वाहन सेवा प्रारंभ की जा रही है। सेवा के संकल्प के अंतर्गत जिला चिकित्सालयों के लिए दो वाहन और चिकित्सा महाविद्यालयों वाले जिलों के लिए चार शव वाहन की व्यवस्था करते हुए प्रदेश में कुल 148 शव वाहनों का संचालन प्रारंभ किया गया है। इस व्यवस्था से परिवहन सुविधा प्राप्त होने पर दिवंगत व्यक्ति की देह को ससम्मान गंतव्य स्थान तक पहुंचाने में सुविधा होगी। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जिसमें वाहन चालक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। शव वाहन का संचालन राज्य सरकार द्वारा संचालित शासकीय चिकित्सा संस्थानों में ही मृत्यु के प्रकरणों में उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई प्रकार की जनहितैषी और जनकल्याणकारी योजनाएं राज्य सरकार ने शुरू की हैं। नि:शुल्क शव वाहन सेवा एक अत्यंत संवेदनशील और बड़ी योजना है जो राज्य सरकार ने शुरू की है।

    एयर एम्बुलेंस और राहवीर योजना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन हितैषी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का कार्य किया है। गरीब, युवा, महिला, किसान सभी के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है। जहां गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त नागरिकों को बड़े चिकित्सा संस्थान तक उपचार के लिए अविलम्ब भेजने के उद्देश्य से पीएमएम्बुलेंस सेवा संचालित है वहीं राहवीर योजना में दुर्घटना होने के एक घंटे की भीतर गंभीर घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जीवन रक्षा करने वाले सहयोगी नागरिक को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।

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    Tue, 29 Jul 2025 13:15:54 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में नशे और हथियारों का सौदागर निकला यासीन अहमद, बड़ा खुलासा https://citytoday.co.in/3136 https://citytoday.co.in/3136 भोपाल
     ड्रग्स तस्करी मामले में मास्टरमाइंड यासीन अवैध हथियारों की तस्करी भी करता था। उसने अपने दोस्त जगजीत सिंह जग्गा को 22 बोर का देसी कट्टा बेचा था। शनिवार को हिरासत में लिए गए जग्गा और यासीन ने यह बात कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने जग्गा के कोलार स्थित घर से देसी कट्टा जब्त किया। साथ ही जग्गा के कमरे से पुलिस ने गांजा भी जब्त किया है। इसके अलावा शनिवार को पुलिस ने यासीन का बुधवारा क्षेत्र में जुलूस निकाला और उसके तीन मंजिला घर की तलाशी ली।

    पुलिस को तलाशी में कुछ इलेक्ट्रानिक गैजेट्स मिले हैं, जिसमें यासीन के पार्टियों के कई फोटो वीडियो हैं। फोटो गैलरी में यासीन के 50 से अधिक ऐसे फोटो-वीडियो भी मिले हैं, जिसमें वह अलग-अलग पिस्टल और कट्टों के साथ दिखाई दे रहा है।

    पुलिस अब ड्रग्स के साथ अवैध हथियारों की तस्करी को लेकर भी यासीन से पूछताछ कर रही है। इधर, पुलिस पूछताछ में जग्गा ने खुलासा किया है कि वह यासीन और उसके चाचा शाहवर के कहने पर कमीशन के बदले ड्रग्स की सप्लाई करता था। पुलिस अब उससे यासीन के नेटवर्क से जुड़े अन्य पैडलर्स की जानकारी जुटा रही है।

    हथियारों के साथ 50 से अधिक फोटो और वीडियो मिले

    यासीन अहमद व्यापारी होने के साथ ही कालेजों के ग्रुपों के साथ भी जुड़ा हुआ था। यासीन इसी बात का फायदा उठाकर जग्गा के ग्रुपों में सेंधमारी कर युवकों और युवतियों से दोस्ती करता था और उन्हें ड्रग्स की लत लगवाता था। साथ ही महंगी पार्टियों में फ्री एंट्री के बहाने बुलाकर युवतियों का नशे की हालत में होने का फायदा उठाता था।

    उसके पास से करीब 17 लड़कियों के शोषण के वीडियो भी मिले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि श्यामला हिल्स क्षेत्र में यासीन का पर्सनल फ्लैट है, जहां अक्सर वह पार्टी करता था। यासीन के मोबाइल में युवकों को बंधक बनाकर मारपीट के भी कई वीडियो मिले हैं, जो इसी फ्लैट के बताए जा रहे हैं।
    जग्गा के जरिए कालेज के ग्रुपों में सेंधमारी करता था यासीन

    शाहवर को भेजा जेल क्राइम ब्रांच ने रविवार को ड्रग्स तस्करी के आरोपित शाहवर अहमद को जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसे दो दिन की रिमांड पर लिया था। शुक्रवार रात को पुलिस ने उसके एयरपोर्ट स्थित घर से अहम साक्ष्य एकत्रित किए थे। वहीं रविवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। हालांकि पुलिस अब तक यह सामने नहीं ला सकी है कि शाहवर कहां से ड्रग्स ला रहा था।

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    Tue, 29 Jul 2025 13:13:43 +0530 news desk MPcg
    "‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ की अवधारणा को मूर्त रूप दें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3135 https://citytoday.co.in/3135 ‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ की अवधारणा पर तेजी से हो कार्य: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

    गांधी मेडिकल कॉलेज की सामान्य सभा की 19वीं बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र विकास पर हुआ विस्तार से मंथन

    भोपाल, 29 जुलाई
    उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में समग्र और दूरगामी सुधार की दिशा में ‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ (Integrated Health Campus) की अवधारणा को साकार करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर तेजी से अमल किया जाए। यह मॉडल छात्रों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और मरीजों – सभी के लिए एक साझा और उत्कृष्ट सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

    श्री शुक्ल सोमवार को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), भोपाल की सामान्य सभा की 19वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत परिसर से न केवल चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि इससे आमजन को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही परिसर में सहजता से उपलब्ध हो सकेंगी।

    विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण हों: उप मुख्यमंत्री

    उप मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि छात्रावासों का जीर्णोद्धार, मल्टी-लेवल पार्किंग, एप्रोच रोड का सुधार, मेडिकल कॉलेज भवन का पुनर्विकास (Redevelopment Plan), फैकल्टी व स्टाफ के लिए आवास और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो।

    श्री शुक्ल ने पिछली यानी 18वीं सामान्य सभा में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की और अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट तलब की।

    समग्र चिकित्सा अधोसंरचना के विकास पर हुआ व्यापक विमर्श

    बैठक में कार्यकारिणी समिति द्वारा लिए गए निर्णयों, आय-व्यय विवरण, बजट प्रस्ताव और विभिन्न अधोसंरचनात्मक एवं शैक्षणिक परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया।

    प्रमुख प्रस्तावों में शामिल थे:

    • गांधी मेडिकल कॉलेज में मिल्क बैंक की स्थापना

    • बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का निर्माण

    • प्रोफेसर्स की पदोन्नति प्रक्रिया का त्वरित निष्पादन

    • विद्यार्थियों हेतु आधुनिक छात्रावास सुविधाओं का विस्तार

    • शोध कार्यों को वित्तीय एवं तकनीकी संसाधनों का समर्थन

    • छात्राओं के लिए 200 सीटों और छात्रों के लिए 400 सीटों वाले PG हॉस्टल की प्रगति की समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री ने इन सभी कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

    हृदय रोगियों को राहत – कैथ लैब और शिक्षण कार्यक्रमों की सराहना

    बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल को हमीदिया अस्पताल के हृदय रोग विभाग की वर्तमान सेवाओं के संचालन की जानकारी दी गई। यह सेवाएं वर्तमान में ब्लॉक-1 की तीसरी और ग्यारहवीं मंजिल पर संचालित हैं।                  

    उन्हें कैथ लैब, नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी लैब और डीएम छात्रों के लिए चल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि नवीन कैथ लैब की स्थापना से हृदय रोग से पीड़ित गरीब और जरूरतमंद मरीजों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    इन प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति

    इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, एमपीपीएचएससीएल के प्रबंध संचालक एवं कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष श्री मयंक अग्रवाल, जीएमसी की अधिष्ठाता डॉ. कविता सिंह, चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. अरुणा कुमार, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    Tue, 29 Jul 2025 12:08:14 +0530 news desk MPcg
    "‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ की अवधारणा को मूर्त रूप दें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3134 https://citytoday.co.in/3134 ‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ की अवधारणा पर तेजी से हो कार्य: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

    गांधी मेडिकल कॉलेज की सामान्य सभा की 19वीं बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र विकास पर हुआ विस्तार से मंथन

    भोपाल, 29 जुलाई
    उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में समग्र और दूरगामी सुधार की दिशा में ‘एकीकृत स्वास्थ्य परिसर’ (Integrated Health Campus) की अवधारणा को साकार करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर तेजी से अमल किया जाए। यह मॉडल छात्रों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और मरीजों – सभी के लिए एक साझा और उत्कृष्ट सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

    श्री शुक्ल सोमवार को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), भोपाल की सामान्य सभा की 19वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत परिसर से न केवल चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि इससे आमजन को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही परिसर में सहजता से उपलब्ध हो सकेंगी।

    विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण हों: उप मुख्यमंत्री

    उप मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि छात्रावासों का जीर्णोद्धार, मल्टी-लेवल पार्किंग, एप्रोच रोड का सुधार, मेडिकल कॉलेज भवन का पुनर्विकास (Redevelopment Plan), फैकल्टी व स्टाफ के लिए आवास और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो।

    श्री शुक्ल ने पिछली यानी 18वीं सामान्य सभा में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की और अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट तलब की।

    समग्र चिकित्सा अधोसंरचना के विकास पर हुआ व्यापक विमर्श

    बैठक में कार्यकारिणी समिति द्वारा लिए गए निर्णयों, आय-व्यय विवरण, बजट प्रस्ताव और विभिन्न अधोसंरचनात्मक एवं शैक्षणिक परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया।

    प्रमुख प्रस्तावों में शामिल थे:

    • गांधी मेडिकल कॉलेज में मिल्क बैंक की स्थापना

    • बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का निर्माण

    • प्रोफेसर्स की पदोन्नति प्रक्रिया का त्वरित निष्पादन

    • विद्यार्थियों हेतु आधुनिक छात्रावास सुविधाओं का विस्तार

    • शोध कार्यों को वित्तीय एवं तकनीकी संसाधनों का समर्थन

    • छात्राओं के लिए 200 सीटों और छात्रों के लिए 400 सीटों वाले PG हॉस्टल की प्रगति की समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री ने इन सभी कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

    हृदय रोगियों को राहत – कैथ लैब और शिक्षण कार्यक्रमों की सराहना

    बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल को हमीदिया अस्पताल के हृदय रोग विभाग की वर्तमान सेवाओं के संचालन की जानकारी दी गई। यह सेवाएं वर्तमान में ब्लॉक-1 की तीसरी और ग्यारहवीं मंजिल पर संचालित हैं।                  

    उन्हें कैथ लैब, नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी लैब और डीएम छात्रों के लिए चल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि नवीन कैथ लैब की स्थापना से हृदय रोग से पीड़ित गरीब और जरूरतमंद मरीजों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    इन प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति

    इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, एमपीपीएचएससीएल के प्रबंध संचालक एवं कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष श्री मयंक अग्रवाल, जीएमसी की अधिष्ठाता डॉ. कविता सिंह, चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. अरुणा कुमार, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    Tue, 29 Jul 2025 12:08:13 +0530 news desk MPcg
    "भोपाल में जल्द ही प्रदेश का पहला 'महाशीर कैफे' शुरू होने वाली है।" https://citytoday.co.in/3133 https://citytoday.co.in/3133 भोपाल में जल्द शुरू होगा प्रदेश का पहला महाशीर कैफे

    जलाशयों की निगरानी होगी हाईटेक, ट्रांज़िट हाउस और टेक्नोलॉजी डिफ्यूजन सेंटर की भी सौगात

    भोपाल।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" विजन को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पहली बार ‘महाशीर कैफे’ की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहला महाशीर कैफे भोपाल में जल्द शुरू होगा। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद इंदौर, जबलपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों में भी इस तरह के कैफे खोले जाएंगे।

    महाशीर, जो कि मध्यप्रदेश की राज्य मछली है, को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह पहल मछुआ समुदाय को स्वरोज़गार और व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इंडियन कॉफी हाउस और अमूल मॉडल की तर्ज पर मछुआ समुदाय द्वारा संचालित ये कैफे न केवल हाइजीनिक और प्रोटीन युक्त मछली परोसेंगे, बल्कि यहां रेडी-टू-ईट उत्पादों से लेकर डेकोरेटिव मछलियाँ भी उपलब्ध होंगी।

    यह निर्णय मत्स्य महासंघ की कामकाज समिति की हालिया बैठक में लिया गया, जिसमें कई अन्य अहम प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।

    मत्स्यपालन में नवाचार, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर फोकस

    राज्य के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि भोपाल में एक हाई-एंड महाशीर कैफे स्थापित किया जाएगा, जहां उपभोक्ताओं को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सहकारिता मॉडल के तहत संचालित इन कैफे का उद्देश्य राज्य में मछली व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

    राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता निषादराज समाज और मछुआ

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    Tue, 29 Jul 2025 12:00:42 +0530 news desk MPcg
    ऑनलाइन माफी पर मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से फटकारा, पद से हटाने की याचिका पर अपडेट https://citytoday.co.in/3132 https://citytoday.co.in/3132 भोपाल 

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह को इंडियन आर्मी की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि वह कोर्ट के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि मंत्री का आचरण अदालत को उनकी मंशा और ईमानदारी पर संदेह पैदा कर रहा है।

    ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट में साेमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की।

    कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा– वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।

     रिपोर्ट के मुताबिक, शाह की तरफ से पेश हुए वकील के परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और यह ऑनलाइन मौजूद है और इसे अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा, ‘इस तरह की माफी से आपका क्या मतलब है? यह आदमी हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहा है। यह बयान उसने पहली तारीख को दिया था। यह रिकॉर्ड में कहां है? यह (ऑनलाइन माफी) उसके इरादों को दर्शाता है, इससे हमें उसकी ईमानदारी पर और शक होता है।’

    एसआईटी के सदस्य से सवाल किया

    जब उन्होंने बताया कि एसआईटी ने शाह का बयान दर्ज कर लिया है, तो जस्टिस कांत ने कोर्ट में मौजूद एसआईटी के एक सदस्य से सवाल किया कि पीड़ित या आहत लोगों के बयान दर्ज करने के बजाय शाह का बयान दर्ज करने का क्या महत्व है। जस्टिस ने कहा , ‘उसका बयान दर्ज करना इतना जरूरी क्यों है? जो लोग पीड़ित हुए हैं, उनके बयान दर्ज किए जाने चाहिए थे।’ इसके बाद, पीठ ने एसआईटी सदस्य से जांच पूरी करने में लगने वाले समय के बारे में पूछा।

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 18 अगस्त तक स्थगित की

    जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मंत्री द्वारा दिए गए बयानों की जांच के लिए गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को 13 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच टीम ने 87 लोगों से पूछताछ की है। वह इस समय उनके बयानों की जांच कर रही है। बेंच ने कांग्रेस नेता जया ठाकुर द्वारा शाह के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर भी विचार करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि रिट याचिका में पिछले मामलों के बारे में लगाए गए कुछ आरोपों की तीन सदस्यीय एसआईटी द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 18 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

    कांग्रेस नेत्री जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई से इनकार इस मामले में मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस की नेता जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। याचिका 23 जुलाई दाखिल की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका में जो तथ्य विजय शाह को लेकर दिए गए हैं, एसआईटी उन बिंदुओं पर भी जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट में देगी।

    मंत्री विजय शाह ने आखिर कहा क्या था…?

    मंत्री विजय शाह ने 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था, 'उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'

    शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'

    बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश विभाग के सचिव विक्रम मिसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑपरेशन और अन्य जानकारियां दे रहे थे।

    इस बयान पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए शाह के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे तो सुप्रीम कोर्ट ने भी 19 मई को सुनवाई करते हुए शाह को फटकार लगाई थी। साथ ही SIT को जांच के निर्देश दिए थे।

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    Mon, 28 Jul 2025 18:47:19 +0530 news desk MPcg
    जनजातीय संग्रहालय में होगा निदा फाजली को समर्पित याद ए रफ्तगाँ https://citytoday.co.in/3130 https://citytoday.co.in/3130 भोपाल 
    मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिसर और संस्कृति विभाग द्वारा प्रख्यात शायर पदमश्री निदा फाजली को समर्पित याद ए रफ्तगाँ संगोष्ठी का 29 जुलाई को सायं 5:30 बजे जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स भोपाल में आयोजन होगा। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

    उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने बताया कि कार्यक्रम में "मै निदा" निदा फाजली पर श्री अतुल गंगवार द्वारा सम्प्रेषण एवं श्री अदबी कॉकटेल द्वारा निर्मित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम 3 सत्रों पर आधारित होगा। आयोजन में मालती जोशी मुंबई, शकील आजमी मुंबई, अतुल पांडेय निदेशक, आलोक श्रीवास्तव दिल्ली सहभागिता करेंगे। अंतिम सत्र में काव्य पाठ का आयोजन होगा जिसमें शकील आजमी मुंबई एवं आलोक श्रीवास्तव दिल्ली अपना कलाम पेश करेंगे।

     

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    Mon, 28 Jul 2025 18:40:36 +0530 news desk MPcg
    आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर ECCE के लक्ष्यों की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश https://citytoday.co.in/3129 https://citytoday.co.in/3129 भोपाल 

    अपर मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) की प्रभावी कार्ययोजना तब ही संभव है जब हम विभागीय मैदानी अमले के अनुभवों और संसाधनों का व्यावहारिक उपयोग करें। आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाना प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में निर्णायक कदम है। श्रीमती शमी ने यह भी रेखांकित किया कि ECCE नीति की सफलता का आधार उसके क्रियान्वयन में लगे अमले की सहभागिता है। बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी अनुभवों का समावेश आगामी कार्ययोजना की दिशा तय करेगा।

    अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी रविवार को मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत “Human Capital for Viksit Bharat” विषय की उप-थीम “ECCE: Laying the Foundation” पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रविवार को भोपाल के होटल लेक व्यू रेसीडेंसी में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थी।

    2047 के विकसित भारत की नींव ECCE में: आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया

    आयुक्त महिला एवं बाल विकास, श्रीमती सूफिया फारूकी वली ने कहा कि ECCE विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की निरंतर दक्षता विकास को आवश्यक बताते हुए कहा कि आज के आंगनवाड़ी केंद्रों में पल रहे बच्चे ही कल की निपुण मानव पूंजी हैं। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत i-GoT ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को अद्यतन रखने में सहायक होगा।

    समूह चर्चा के माध्यम से सुझावों का संकलन

    कार्यशाला में प्रतिभागियों को पाँच समूहों में बाँटकर पाँच प्रमुख विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इन समूहों से प्राप्त सुझावों का समेकन कर ECCE को सशक्त बनाने हेतु एक व्यावहारिक एवं ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

    कार्यशाला में संभागीय संयुक्त संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, संचालनालय के अधिकारी एवं ECCE के विषय-विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की

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    Mon, 28 Jul 2025 18:37:58 +0530 news desk MPcg
    भोपाल मेट्रो निर्माण की कीमत: 34 धार्मिक स्थल और 1342 संपत्तियां हटाने की तैयारी https://citytoday.co.in/3128 https://citytoday.co.in/3128 भोपाल

     भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने बड़ी संख्या में वैध-अवैध निर्माणों को हटाने की योजना तैयार हो गई है। करोद से एम्स व रत्नागिरी से भदभदा तक करीब 30 किमी लंबाई के ट्रैक के लिए कुल 1342 संपत्तियों को हटाना होगा। इनमें 34 धार्मिक स्थल, 21 टॉयलेट्स, 19 बस स्टॉप भी शामिल है।

    मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इन्हें हटाने प्रशासन को सूची सौंपी है। मेट्रो का काम तेजी से पूरा करने कॉर्पोरेशन को 52 हजार 863 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट में 12.3 हेक्टेयर सरकारी जमीन के साथ 2.7 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण अभी ओर होगा। 446.87 करोड़ रुपए का पुनर्विस्थापन बजट तय किया हुआ है।

    ऐसे समझे मेट्रो लाइन

        करोंद से एम्स लाइन- 16.546 किमी लंबाई। 14 एलीवेटेड स्टेशन, दो अंडरग्राउंड स्टेशन।

        भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक– 14.164 किमी लंबाई। 14 रेलवे स्टेशन एलीवेटेड।

        दो लाइन की कुल लंबाई- 30.170 किमी है। 30 मेट्रो स्टेशन कुल

    ऐसे आंकड़ों में समझे प्रभावित संपत्तियां

        1342 कुल प्रभावित
        809 सरकारी
        533 निजी
        1218 पूरी तरह से प्रभावित
        124 आंशिक प्रभावित
        1563 मकान प्रभावित
        373 मकान टाइटल होल्डर
        1190 नॉन टाइटल होल्डर
        496 अपना पूरा मकान खो देंगे
        514 की पूरी दुकान जाएगी
        133 पूरे मकान-दुकान खोएंगे
        04 खुले प्लॉट
        195 कम्युनिटी संपत्तियां
        52 हजार 863.85 वर्गमीटर क्षेत्र प्रभावित
        26 हजार 617.3 वर्गमीटर टाइटल होल्डर्स की
        26 हजार 246.55 वर्गमीटर नॉन टाइटल होल्डर की

    सुभाष ब्रिज से करोंद तक इन्हें हटाना टेढ़ी खीर

        18 संपत्तियां पुल बोगदा
        44 संपत्तियां एशबाग
        23 संपत्तियां अंडरग्राउंड टनल के एंट्री रैंप के लिए
        103 संपत्तियां भोपाल स्टेशन
        45 संपत्तियां नादरा बस स्टैंड
        108 संपत्तियां सिंधी कॉलोनी
        15 संपत्तियां डीआइजी बंगला
        06 संपत्तियां कृषि मंडी
        36 संपत्तियां करोंद
        95 संपत्तियां अर्जुन नगर

    प्रभावित संपत्तियां के प्रकार समझे

        34 धार्मिक स्थल
        03 कार्यालय
        19 बस स्टॉप
        21 टॉयलेट
        04 रेलवे केबिन
        36 बाउंड्रीवॉल
        02 फैक्ट्री
        03 पुलिस चौकी
        07 वाटर टैंक
        19 पुलिस क्वार्टर
        02 कम्युनिटी हॉल
        13 सरकारी भवन

    राजधानी भोपाल को मिलेगी अत्याधुनिक मेट्रो, 90km प्रति घंटे की रफ्तार, 7000 करोड़ की होगी लागत

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरकेएमपी स्टेशन पर भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो मध्य प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है. इस परियोजना को कुल 6941.40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है.

    सुभाष नगर स्टेशन से एम्स स्टेशन तक अनुमानित 2225 करोड़ की लागत से प्रायोरिटी कॉरिडोर बनाया जा रहा है. इसका कार्य अंतिम चरण में है. अक्टूबर 2025 तक इस प्रायोरिटी कॉरीडोर में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू कर देना सरकार का लक्ष्य है. भोपाल मेट्रो के दोनों कॉरिडोर्स (ऑरेंज और ब्लू लाइन) साल 2030 से पहले पूर्ण रूप से चालू कर देने का हमारा रोडमैप तैयार है.
     
    भोपाल मेट्रो की डिजाइन 
    भोपाल में चलने वाली मेट्रो की स्पीड 90 किमी प्रति घंटा होगी. इसकी ऑपरेशनल स्पीड 40-60 किमी घंटा होगी. हर मेट्रो स्टेशन के बीच मात्र 2 मिनट का समय लगेगा. मेट्रो में यात्रियों के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट, ब्रेल साईनेज, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और त्वरित सूचनाएं देने की सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं होंगी.

    भोपाल मेट्रो में दिव्यांगों के लिए पूरी सुविधा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार मेट्रो ट्रेन में दिव्यांगजनों के लिए भी पूरी तरह से समावेशी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. 
    सभी मेट्रो स्टेशन्स पर दिव्यांगजनों के लिए सुगम आवागमन की सुविधाएं होंगी. 

    मेट्रो से कंट्रोल होगा प्रदूषण
    भोपाल मेट्रो ट्रेन परियोजना के लिए कुल 27 अत्याधुनिक मेट्रो ट्रेन सेट होंगे. इनमें से 7 ट्रेन सेट भोपाल पहुंच चुके हैं. मेट्रो से न केवल सुविधाजनक यात्रा ही संभव होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी इसकी प्रभावी भूमिका होगी. 

    इंदौर मेट्रो का काम भी होगा पूरा
    इंदौर मेट्रो का पूरा सेक्शन इसी साल के अंत तक प्रारंभ करने की तैयारी हो रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर मेट्रो ट्रेन के शेष कार्यों की प्रगति की जानकारी भी मीडिया को दी. उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो ट्रेन की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य है कि इंदौर मेट्रो का पूरा सेक्शन, जो सुपर कॉरीडोर से मालवीय नगर चौराहा (रेडिसन चौराहा) तक इसी साल के अंत तक प्रारंभ हो जाए. इससे इंदौर शहरवासियों को पूर्ण मेट्रो ट्रेन सुविधा मिल सकेगी.

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि इंदौर और भोपाल में विश्वस्तरीय मेट्रो ट्रेन सेवा समय पर शुरू हो, जिससे आमजन को सार्वजनिक परिवहन का एक सरल, सहज, सुगम, बेहतर और सुरक्षित माध्यम मिल सके.

    सीएम ने की मेट्रों की सैर, अक्टूबर में संचालन शुरू करने पर जोर

    भोपाल मेट्रो में  सीएम डॉ. मोहन यादव ने सवारी की। मेट्रो 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की गति से चली और गणेश मंदिर रेलवे ओवरब्रिज को पार कर एम्स तक पहुंची। स्टेशन से रवाना मेट्रो एम्स तक पहुंची और तुरंत रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन पर लौट आई। सीएम बताया कि हमारी मेट्रो कमर्शियल रन के लिए तैयार है। अक्टूबर में प्रधानमंत्री नन्द्र मोदी से समय मांगा है। जो समय मिलेगा, उसपर कमर्शियल यानि यात्रियों के साथ मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 

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    Mon, 28 Jul 2025 18:35:27 +0530 news desk MPcg
    सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु से लोगों को बचाने मिशन मोड में करें कार्य, मुख्य सचिव जैन ने दिए निर्देश https://citytoday.co.in/3110 https://citytoday.co.in/3110 भोपाल

    सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम, 2025 एवं राह-वीर योजना के प्रदेश में क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में एक बैठक में बुधवार को समीक्षा की।

    मुख्य सचिव जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर मे इलाज मिल सके, इसके लिए संबंधित-विभाग मिलकर मिशन मोड में कार्य करें। दुर्घटना से होने वाली मृत्यु से लोगों को बचाने के सभी संभव प्रयास किये जाने चाहिये। संभावित दुर्घटना स्थलों को चिन्हांकित कर दुर्घटना के कारणों को दूर किया जाना चाहिये। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने तथा नागरिकों को जागरूक करने का कार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये और परिवहन, स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करें। ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि नियत समय में कार्य हो सके। उन्होंने विभागों में बेहतर समन्वय तथा योजनाओं से संबंधित सभी-विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

    बैठक में योजना के क्रियान्यन के लिए विभागों के दायित्वों का निर्धारण करने के साथ सुझाव भी लिये गये। अपर मुख्य सचिव जे.एन.कंसोटिया, संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत एवं पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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    Thu, 24 Jul 2025 13:22:42 +0530 News desk Hindi
    शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय को दो और विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की मिली अनुमति https://citytoday.co.in/3109 https://citytoday.co.in/3109 शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय को दो और विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की मिली अनुमति

    शासकीय होम्योपैथिक कॉलेज में दो नए पीजी पाठ्यक्रमों को मिली मंज़ूरी

    होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, शासकीय कॉलेज में दो और पीजी कोर्स शुरू होंगे

    शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय को मिली दो नए विषयों में पीजी पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति

    अब 9 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम होंगे संचालित

    भोपाल

    शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने दो विषयों डर्मेटोलॉजी एवं कम्युनिटी मेडिसिन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्रदान की है।

    ज्ञातव्य है कि इससे पहले शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 7 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित हैं। महाविद्यालय में प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पेडियाट्रिक, सायकियाट्री, फार्मेसी, मटेरिया मेडिका, आर्गेनन ऑफ मेडिसिन एवं रिपर्टरी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्व से संचालित हैं। शिक्षण सत्र 2025-26 से त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) एवं कम्युनिटी मेडिसिन विषयों में भी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होंगे। अब महाविद्यालय को कुल 9 विषयों में स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

    उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में आयुष विभाग सतत् गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।

     

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    Thu, 24 Jul 2025 13:20:52 +0530 News desk Hindi
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अचारपुरा में करेंगे 406 करोड़ रूपये के निवेश की 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि&पूजन https://citytoday.co.in/3107 https://citytoday.co.in/3107 मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अचारपुरा में करेंगे 406 करोड़ रूपये के निवेश की 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन

    अचारपुरा में 406 करोड़ के निवेश को हरी झंडी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भूमि-पूजन

    औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार: अचारपुरा में 5 इकाइयों का भूमि-पूजन आज

    मुख्यमंत्री गारमेंट इकाई का भ्रमण करेंगे

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाने की पहल रंग ला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को भोपाल के अचारपुरा में 406 करोड़ के निवेश वाली 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही 8 उद्योगों के निवेशकों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र भी सौपेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत अचारपुरा स्थित गोकलदास एक्सपोर्ट्स की गारमेंट यूनिट के भ्रमण से होगी, जहाँ लगभग 2500 महिलाएँ कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद करेंगे और इकाई में हो रहे उत्पादन कार्यों का अवलोकन करेंगे। यह इकाई न केवल औद्योगिक गतिविधियों बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है।

    टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी 5 प्रमुख इकाइयों का भूमि -पूजन करेंगे। इसमें इंडो एकॉर्ड अप्पैरल्स द्वारा 125 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार, एसेड्स प्रा. लि. द्वारा 106 करोड़ रूपये के निवेश से 100 रोजगार, सिनाई हेल्थकेयर द्वारा 100 करोड़ रूपये से 200 रोजगार, समर्थ एग्रीटेक द्वारा 50 करोड़ रूपये से 200 रोजगार और गोकलदास एक्सपोर्ट्स द्वारा 25 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ये सभी 5 इकाइयाँ 12.88 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित होगी, जिसमें 406 करोड़ रूपये का निवेश और 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

    विशेष औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा अचारपुरा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचारपुरा में 31.21 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही नई औद्योगिक परियोजना का भूमि-पूजन भी करेंगे। यह परियोजना लगभग 15.61 करोड़ रूपये से विकसित की जाएगी, जिससे भविष्य में 800 करोड़ रूपये तक के निवेश आकर्षित होने की संभावना है और 1000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस क्षेत्र को विशेष रूप से टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर के लिए विकसित किया जा रहा है।

    8 नई इकाइयों को सौंपे जाएंगे भूमि आवंटन के आशय-पत्र

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में महालक्ष्मी दाल उद्योग, जियो फिल्टेक, प्रवाह एंटरप्राइजेज, योगी इंडस्ट्रीज, अजमेरा इंडस्ट्रीज, सामवी एंटरप्राइजेज और बैग क्रिएशन इंडिया इकाइयों को औद्योगिक भूखंड आवंटन के आशय पत्र भी सौंपेंगे। ये 8 इकाइयाँ 12494.5 वर्ग मीटर भूमि पर 1770 लाख रूपये का निवेश करेंगी और 186 से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।

    निवेशकों ने जताया विश्वास, सराहा सरकार का सहयोग

    गोकलदास एक्सपोर्ट्स के प्रतिनिधि प्रदेश में निवेश के अनुभवों को साझा करेंगे। मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियाँ, कुशल श्रमिक बल और समय पर मिल रही सुविधाओं से उन्होंने अचारपुरा में विस्तार का निर्णय लिया है। टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के अन्य उद्यमी भी प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सक्रिय सहयोग और नीतियों को साझा करेंगे।

    निवेश के लिए सुविधाजनक वातावरण, कुशल लॉजिस्टिक्स और 'प्लग एंड प्ले' की सुविधा

    कार्यक्रम में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह  अचारपुरा को निवेशकों के लिए उद्योग अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी रही सुविधाओं की जानकारी देंगे। सरकार द्वारा निवेशकों को 'प्लग एंड प्ले' मॉडल, तेज़ स्वीकृति प्रक्रियाएँ और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं से औद्योगिक इकाइयों को सुगमता से संचालन का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:47:28 +0530 News desk Hindi
    एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स जर्मनी में https://citytoday.co.in/3106 https://citytoday.co.in/3106 एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स जर्मनी में

    एथेलेटिक्स, फेंसिंग और रोइंग अकादमी के 7 खिलाड़ी प्रतिभागिता के लिए रवाना
    खेल मंत्री सारंग ने दी बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं

    भोपाल

    एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स समर का आयोजन जर्मनी में 27 जुलाई तक किया जा रहा है। राज्य खेल अकादमी से एथेलेटिक्स के 4, फेंसिग   के 1 और रोइंग के 2 यानि कुल 7 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए जर्मनी रवाना हुए। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 जर्मनी में प्रतिभागिता करने वाले खेल अकादमी के खिलाड़ियों में समरदीप सिंह गिल- एथेलेटिक्स शॉटपुट , देव मीणा- एथेलेटिक्स  पोल वोल्ट , मंजू यादव- एथेलेटिक्स 3000 मी. स्टेपलचेज, अर्जुन वास्कले- एथेलेटिक्स 1500 मी., शंकर पाण्डेय- फेंसिंग (ईपीईई), प्रयास- रोइंग (कॉक्सलेस पेयर एवं कॉक्सलेस फोर) और राघव- रोइंग (कॉक्सलेस पेयर एवं कॉक्सलेस फोर) शामिल हैं।

    खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

     खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स समर में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे एथेलेटिक्स , फेंसिंग और रोइंग अकादमी के सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रदेश का गौरव बताया। खिलाड़ियों को बेहतर खेल प्रदर्शन कर पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं दी।

    12 दिवसीय वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 समर का आयोजन जर्मनी के 6 शहर बोचुम, डुइसबर्ग, एस्सेन, मुल्हेम एन डेर रूहर, हेगन और बर्लिन के 23 स्थानों में किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 18 खेल तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, एथेलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबाल, डाइविंग, फेंसिंग, जूडो, तैराकी, ताईक्वान्डो, टेनिस, टेबल टेनिस,  व्हालीबाल,  वॉटर पोलो, 3×3 बास्केटबाल,  बीच व्हॉलीबाल, रोइंग खेल शामिल है। प्रतियोगिता में 150 देश के लगभग 8500 खिलाड़ी एवं विद्यार्थी प्रतिभागिता कर रहे है।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:42:13 +0530 News desk Hindi
    किसानों की बेटियों के लिए मामेरा भेजेगा भोपाल दुग्ध संघ https://citytoday.co.in/3104 https://citytoday.co.in/3104 भोपाल

    भोपाल दुग्ध संघ अपने सदस्य दुग्ध उत्पादक किसानों की बेटियों का मामा बनने जा रहा है। अब संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादक के परिवार की बेटी के विवाह में अधिकारियों का एक दल जाकर मामेरा देगा। इसके तहत 11 हजार रुपये नकद और साड़ी-कपड़ा भेंट किया जाना है। स्थानीय परंपरा में मामेरा, मामा की ओर से भांजी को विवाह का उपहार होता है। अधिकारियों ने बताया कि मामेरे की राशि के लिए खरीदे गए प्रति किलो दूध पर दो पैसे इकट्ठा किया जाएगा, उसमें उतनी ही रकम दुग्ध संघ भी डालेगा।

    कोष की निगरानी के लिए बनी टीम
    यह रकम एक विशेष कोष में जमा की। इसी कोष से मामेरा दिया जाएगा। इस कोष की निगरानी के लिए एक टीम बनी है, जिसमें भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ, क्षेत्र संचालन शाखा के अधिकारी, जिले के नोडल अधिकारी और संस्था के प्रबंधक शामिल होंगे। इस टीम पांच से सात सदस्य होंगे जो पूरे कार्य की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेंगे। किसान परिवार में बेटी की शादी का निमंत्रण मिलने पर तय दिनांक को संघ के सात से 11 लोगों का दल नकदी और साड़ी-उपहार लेकर मामेरा देने जाएगा।

    इस साल से हो रही परंपरा की शुरुआत
    इस परंपरा की शुरुआत इस साल विवाह का मुहूर्त शुरू होने के साथ ही हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी इसकी शुरुआत भोपाल दुग्ध संघ से हो रही है। जल्द ही मध्य प्रदेश दुग्ध संघ की सभी इकाइयों में यह परंपरा शुरू हो जाएगी। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुए एम एमओयू के बाद राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने राज्य दुग्ध उत्पादन संघ का प्रबंधन संभाला है। उसके बाद से दुग्ध संघ में दुग्ध उत्पादकों को जोड़े रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है।

    रोजाना तीन लाख लीटर दूध बेचते हैं किसान
    भोपाल दुग्ध संघ में अभी 68 हजार दुग्ध उत्पादक जुड़े हुए हैं। इनमें से 45 हजार से 48 हजार लोग प्रतिदिन दूध बेचते हैं। इन किसानों से रोजाना तीन लाख 14 हजार 700 लीटर दूध की आवक होती है जिन्हें प्रसंस्कृत कर सांची नाम से दूध, घी, मक्खन, पेड़े, श्रीखंड, लस्सी जैसे उत्पाद बाजार में उतारे जाते हैं। बाजार में कई सहकारी और निजी कंपनियां किसानों को अपने साथ जोड़ रही हैं। ये किसान सांची से जुड़े रहें, इसलिए कंपनी इसे भावनाओं से जोड़ रही है।

    किसानों से हमारा रिश्ता केवल व्यावसायिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। दुग्ध संघ पूरा एक परिवार है इस लिए हम सभी एक दूसरे के दुख और सुख में खड़े रहेंगे। आने वाले दिनों में जब भी किसी सदस्य के परिवार में बेटी की शादी होगी वहां हमारी टीम पहुंचकर मामेरा देने का फर्ज निभाएगी। – प्रीतेश जोशी, सीईओ, भोपाल दुग्ध संघ।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:21:03 +0530 News desk Hindi
    नवांकुर सखी हरियाली यात्रा सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3103 https://citytoday.co.in/3103 नवांकुर सखी हरियाली यात्रा सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनमानस को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाए जागरूक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा प्रशंसनीय पहल : सीएम डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा के पोस्टर का किया विमोचन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा के पोस्टर का विमोचन किया और कहा कि लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनचेतना बढ़ाने का कार्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरियाली यात्रा से घर के आंगन, अपने गांव से लेकर शहर तक नागरिकों को पर्यावरण की रक्षा की प्रेरणा मिलेगी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद 24 जुलाई से प्रदेश में पांच दिवसीय नवांकुर सखी हरियाली यात्रा का आयोजन कर रहा है। पोस्टर विमोचन के अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर उपस्थित थे। इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री एवं मप्र जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने परिषद के नवाचारी कार्यक्रम नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रदेशव्यापी अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवांकुर सखियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण में उनकी सतत और सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की। अभियान का प्रमुख उद्देश्य नारी शक्ति के माध्यम से स्वैच्छिकता के आधार पर पर्यावरण संरक्षण करना है।

    उल्लेखनीय है कि मप्र जन अभियान परिषद द्वारा प्रदेश के 313 विकासखंडों के 1565 सेक्टरों में हरियाली अमावस्या 24 जुलाई से आगामी 05 दिन तक नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में 100 महिलाएं नवांकुर सखी के रूप में पंजीकृत की गई हैं। ये नवांकुर सखियां 11 बीज रोपित एवं अंकुरित पौध रोपित थैलियों के माध्यम से अपने घर की बगिया में पौधे विकसित करेंगी। मप्र जन अभियान परिषद की इस नवाचारी पहल से प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 5500 पौधे तैयार होंगे।

    अभियान के तहत प्रदेश में 1 लाख 56 हजार 500 नवांकुर सखियों द्वारा 17 लाख 21 हजार 500 पौधे तैयार किए जाएंगे। विकसित पौधों को रोपण लायक होने की स्थिति में एक पेड़ मां के नाम अभियान में शासकीय या निजी भूमि पर परिवार के महत्व के अवसरों पर रोपित किए जाएंगे। ये पौधे एक पेड़ मां के नाम अभियान में आगामी वर्षों में रोपित होंगे। पोस्टर विमोचन के अवसर पर परिषद एवं कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:18:27 +0530 News desk Hindi
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी https://citytoday.co.in/3102 https://citytoday.co.in/3102 मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

    पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद

    लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया

    थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

    जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके।

    पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम

    पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है।

    देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी

    देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

    5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:15:24 +0530 News desk Hindi
    प्रदेश की जेलों को आधुनिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : राज्य मंत्री पटेल https://citytoday.co.in/3101 https://citytoday.co.in/3101 प्रदेश की जेलों को आधुनिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : राज्य मंत्री पटेल

    जेलों का होगा आधुनिकीकरण, राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता : मंत्री पटेल

    मंत्री पटेल ने कान्हा एम्पोरियम के जीर्णोधार कार्य का किया लोकार्पण, नवाचार की सराहना की

    भोपाल :

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि प्रदेश की जेलों को सुधारात्मक सेवाओं की दृष्टि से आधुनिक व मानवीय बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उनके मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक विकास के लिए कार्य करना, प्रशासन की जिम्मेदारी है। राज्य मंत्री पटेल जेल मुख्यालय में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय सुधार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महानिदेशक जेल गोविन्द प्रताप सिंह, विशेष महानिदेशक जेल जी. अखेतो सेमा सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

    राज्य मंत्री पटेल ने जेल मुख्यालय के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इंदौर, जबलपुर, भोपाल, उज्जैन आदि जेलों की कनेक्टिविटी की सराहना की। उन्होंने जेलों में उत्पादित वस्तुओं के विक्रय केंद्र "कान्हा एम्पोरियम" के जीर्णोधार कार्य का लोकार्पण किया और नवाचार की सराहना की। बैठक में जेल विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों, चुनौतियों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी राज्य मंत्री पटेल को दी गई। राज्य मंत्री पटेल ने जेल विभाग की समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। राज्य मंत्री पटेल ने सुझाव दिया कि जेलों में रामकृष्ण मिशन की पुस्तकें, विवेकानंद साहित्य उपलब्ध कराया जाए एवं ई-लायब्रेरी भी स्थापित की जाए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सुधार हेतु मनोचिकित्सक की नियुक्ति का आश्वासन भी दिया।

    महानिदेशक जेल सिंह ने नई रिहाई नीति, समय पूर्व रिहाई तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 473 के तहत बनाई गई नीति की जानकारी दी। इसके अंतर्गत अब तक वर्ष 2024-25 में चार अवसरों पर कुल 471 बंदियों को रिहा किया गया है।

    गरीब बंदी सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपये तक की जुर्माना राशि एवं 40 हजार रुपये तक की जमानत राशि जिला समिति की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। अब तक 31 बंदियों को कुल 6.43 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। बजट वर्ष 2024-25 में इस हेतु पाँच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    बंदियों के पुनर्वास व सामाजिक एकीकरण के लिए प्रदेश में 8 खुली जेलें संचालित हैं तथा बैतूल, दमोह, रतलाम व सागर में 20-20 बंदियों की क्षमता वाली नई खुली जेलें प्रस्तावित हैं। बंदियों को रोजगार, पारिवारिक भरण-पोषण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास है। "मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024" ने पुराने अधिनियमों का स्थान लिया है, जो जेल सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। बुरहानपुर में नई जेल तथा गैरतगंज जेल प्रारंभ करने की भी जानकारी दी गई।

    मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए विशेष शिविरों का आयोजन

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार उज्जैन केंद्रीय जेल में 81 आवासों हेतु 19.19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अनूपपुर, बड़नगर एवं त्योंथर जेलों में 122 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। जेल कर्मियों को संकट निधि से 50,000 रुपये की सहायता, गंभीर बीमारी पर ऋण सुविधा, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना (25,000 रुपये तक) चलाई जा रही है। मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, ईशा फाउंडेशन, श्रीरामचन्द्र मिशन, विपश्यना आदि संस्थाओं से एमओयू कर वार्षिक कैलेंडर अनुसार योग, ध्यान, सुदर्शन क्रिया, यज्ञ, इनर इंजीनियरिंग एवं विपश्यना शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

    अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने और भोज विश्वविद्यालय व इग्नू से उच्च शिक्षा की भी व्यवस्था

    अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने के साथ-साथ भोज विश्वविद्यालय व इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा की व्यवस्था है। टेलीमेडिसिन, आयुष्मान कार्ड, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी जांच एवं एम्स दिल्ली तक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। जेलों में 120 नई बैरकों के निर्माण, पांढुर्ना, सिलवानी में नई जेलों तथा निवाड़ी जेल के उन्नयन की योजना भी प्रस्तुत की गई। जेलों में सीसीटीवी, वीडियो कांफ्रेंसिंग, ई-मुलाकात, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, इनकमिंग टेलीफोन सुविधा से सुरक्षा व पारिवारिक सम्पर्क सुनिश्चित किए जा रहे हैं। साल में चार बार 14-14 दिन की पैरोल सुविधा, आध्यात्मिक शिविरों के सकारात्मक प्रभाव की फोटो भी मंत्री जी को प्रस्तुत की गई। सब जेल मऊगंज के उन्नयन हेतु 19.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    सीएम हेल्पलाइन, सीएस मॉनिटर, राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। महानिदेशक गोविन्द प्रताप सिंह एवं विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा ने राज्य मंत्री पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।

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    Thu, 24 Jul 2025 12:12:19 +0530 News desk Hindi
    MP पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में रामचरित मानस का पाठ अनिवार्य, हर रात जवान करेंगे सामूहिक पाठ https://citytoday.co.in/3095 https://citytoday.co.in/3095 भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स में जवानों को अब प्रतिदिन बैरक में रामचरित मानस की चौपाइयों का सामूहिक पाठ करना होगा। मंगलवार को एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने सभी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स के एसपी की बैठक में यह निर्देश दिए।

    कहा गया कि ट्रेनिंग करने वाले पुलिस के जवान प्रतिदिन रात में सोने से पहले अपनी बैरक में साथ बैठकर चौपाइयों का सामूहिक पाठ करेंगे, ताकि चौपाइयों के अर्थ को अपने असल जीवन में उतार सकें। ट्रेनिंग सेंटर्स के जिला अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि सेंटर में मानस की एक-एक प्रति रावाई जाए।

    भगवान राम ने सीखीं कई कलाएं

    एडीजी राजाबाबू सिंह ने  बताया कि कई रंगरुट नौ माह की ट्रेनिंग भी नहीं कर पा रहे। वे घर के नजदीक वाला पीटीएस चाह रहे हैं। उनसे प्रत्यक्ष रूप से बात कर मानस की चौपाइयों के सामूहिक पाठ के लिए कहा गया है, क्योंकि भगवान राम 14 वर्ष वनवास में रहे, उसी दौरान उन्होंने जंगल में जीवित रहने की कला, अपरिचित वातावरण में ढलना और दुश्मन को परास्त करने की कला सीखी थी। 

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    Wed, 23 Jul 2025 17:18:20 +0530 news desk MPcg
    भोपाल लव जिहाद केस में नया मोड़: फरहान और साहिल पर पॉक्सो के तहत आरोप तय https://citytoday.co.in/3080 https://citytoday.co.in/3080 भोपाल

    राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज की छात्राओं को दोस्ती के नाम पर जाल में फंसाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के संगीन मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड फरहान और उसके साथी साहिल के खिलाफ भोपाल जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। आरोपियों पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप है। अदालत में पेश चालान के अनुसार, पीड़िता ने अपनी नाबालिग बहन को आरोपियों से बचाने के लिए इंदौर भेजा था। इसके बावजूद फरहान इंदौर पहुंच गया और किराए के कमरे में घुसकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया।

    प्रेम-प्रसंग का दिखावा कर रहा था आरोपी
    मामले की जांच में यह भी सामने आया कि फरहान पीड़िता से प्रेम-प्रसंग का नाटक कर उसे अपने साथ रखने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई। इंदौर में हुई घटना की शिकायत पीड़िता की नाबालिग बहन ने पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह भोपाल में अपनी बड़ी बहन के पास आई और दोनों बहनों ने अप्रैल 2025 में इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसी के बाद फरहान और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए। 
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    25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश होगी
    पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत की न्यायाधीश नीलम मिश्रा ने फरहान और साहिल के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चालान प्रस्तुत कर चुकी है। साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है। 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश की जाएगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है, भले ही कुछ गवाह अदालत में उपस्थित न हों।

    आधा दर्जन छात्राएं बनीं थीं शिकार
    इस साल अप्रैल में भोपाल के बागसेवनिया, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन थानों में फरहान, साहिल, अबरार, नबील और साद सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप है कि इन युवकों ने पहले दोस्ती की, फिर विश्वास जीतकर दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाए और फिर धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाया।भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसके अलावा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपी है। आयोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में शुरुआत में लापरवाही बरती।

    दीदी के दोस्त ने किया नाबालिग से दुष्कर्म
    पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि फरहान उसकी बड़ी बहन का कॉलेज मित्र था और बहाने से उसके कमरे पर आता-जाता था। एक दिन वह बहन के कॉलेज चले जाने के बाद आया और उसे घुमाने के बहाने बाहर ले गया। वहीं अशोका गार्डन क्षेत्र में उसने जबरन दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद जब पीड़िता भोपाल से बाहर गई, तो वहां भी फरहान पहुंच गया और धमकाकर वीडियो दिखाते हुए दबाव बनाया। साहिल ने भी उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। फरहान ने माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर कर दिया। जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    भोपाल लव जिहाद केस tit  कॉलेज मामले में अब तक क्या हुआ 

     चालान में मुख्य आरोपी के रूप में फरहान खान का नाम सामने आया है, जो छोटा चंबल इलाके का निवासी है। फरहान को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके साथ साहिल खान, सैयद अली अहमद, साद उर्फ शम्सउद्दीन, मोहम्मद नबील और अबरार को भी आरोपी बनाया गया है। सभी पर छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर नशीली चीजें पिलाकर गैंगरेप, मारपीट, वीडियो रिकॉर्डिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के संगीन आरोप हैं।

    कॉलेज में प्रेमजाल और दरिंदगी की शुरुआत
    चालान में बताया गया है कि फरहान वर्ष 2017 में कोकता क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई के लिए दाखिल हुआ था। यहीं से उसने कॉलेज में पढ़ने वाली बाहर से आई गरीब हिंदू छात्राओं को टारगेट करना शुरू किया। जो लड़कियां अकेली रहती थीं या किराये पर दूसरे छात्रों के साथ रहती थीं, उन्हें गिरोह के सदस्य प्रेमजाल में फंसाते और फिर नशा देकर शारीरिक शोषण करते।
    चालान में यह भी उल्लेख है कि फरहान और उसके साथी पीड़िताओं के साथ यौन शोषण की रिकॉर्डिंग करते और फिर वीडियो के जरिए उन्हें धमकाते थे। आरोपी ये कहते थे कि यदि वे चुप नहीं रहीं या धर्मांतरण के लिए राजी नहीं हुईं तो उनके जीवन को बर्बाद कर दिया जाएगा।

      पीड़िताओं के साथ अमानवीय बर्ताव
    पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने कई युवतियों के साथ ऐसी दरिंदगी की जिसकी कल्पना तक मुश्किल है। एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां फरहान तीन युवतियों को एक साथ निर्वस्त्र कर शारीरिक शोषण करते हुए न केवल उन्हें पीट रहा था, बल्कि हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां भी कर रहा था। फरहान के मोबाइल से यह वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस ने जब्त कर कोर्ट में चालान के साथ पेश किए हैं।

      वीडियो बना कर बनाया जाता था दबाव
    फरहान और उसके गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाते, फिर उन्हें नशे में धुत कर यौन शोषण करते और वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। किसी भी पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उन्हें वीडियो वायरल करने और उनके करियर व सामाजिक जीवन को तबाह कर देने की धमकी दी जाती थी।

      एक पीड़िता ने बताया कि जब उसकी छोटी बहन पर भी फरहान बुरी नजर रखने लगा तो उसने उसे इंदौर भेज दिया। लेकिन फरहान वहां भी पहुंच गया और उसे कमरे में बंद कर बुरी तरह से पीटा। 

      आरोपियों की वीसी के जरिए पेशी
    मामले की गंभीरता और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, और पुलिस ने पहले दर्ज मामले में विस्तृत चालान अदालत में प्रस्तुत कर दिया है। मामले में एक और नाम सामने आया है हमीद का, जो इसी गिरोह का सदस्य था और पीड़िताओं के शोषण में फरहान का साथी भी था। पुलिस के अनुसार, हमीद एक साल पहले आत्महत्या कर चुका है, इसलिए उसका नाम किसी एफआईआर में नहीं जोड़ा गया।

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    Wed, 23 Jul 2025 17:14:43 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में पहली बार ‘निवेश का महाकुंभ’ — म्यूचुअल फंड निवेशकों को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन https://citytoday.co.in/3077 https://citytoday.co.in/3077 भोपाल, 23 जुलाई।  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 24 जुलाई को एक ऐतिहासिक वित्तीय आयोजन का साक्षी बनने जा रही है। होटल मैरिएट में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (MFDA) द्वारा “निवेश का महाकुंभ” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम देश-विदेश के निवेश विशेषज्ञों, म्यूचुअल फंड कंपनियों के प्रमुखों और अनुभवी फंड मैनेजरों को एक मंच पर लाने जा रहा है, जिससे निवेशकों और वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) को बेहतरीन मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

    निवेश के बदलते दौर में नई दिशा

    वित्तीय जागरूकता और सुरक्षित निवेश की दिशा में यह महाकुंभ एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। MFDA के अध्यक्ष प्रदीप रावत ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य निवेश से जुड़े लोगों को बाजार की गहराई और संभावनाओं से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि भारत आज एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति है और इसमें विदेशी कंपनियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। एप्पल, टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियां पहले ही भारत में अपने कारोबार का विस्तार कर चुकी हैं और अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी निवेश की योजना बना रही हैं।

    प्रदीप रावत ने कहा, “आज निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और लाभदायक विकल्पों की आवश्यकता है, और यह महाकुंभ डिस्ट्रीब्यूटर्स को विशेषज्ञों से सीखकर अपने ग्राहकों को सही दिशा दिखाने में सक्षम बनाएगा।”

    आम निवेशकों पर विशेष फोकस

    कल्पतरु ग्रुप के डायरेक्टर आदित्य मनया जैन ने कहा कि भारत में छोटे निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और उन्हें ध्यान में रखते हुए SEBI जल्द ही गोल्ड व सिल्वर ETF को बाजार के वास्तविक भाव से जोड़ने की योजना बना रही है। इससे निवेशकों को मूल्य पारदर्शिता और उचित रिटर्न की गारंटी मिलेगी।

    उन्होंने छोटे निवेशकों को ध्यान में रखते हुए “मेरी सहेली SIP” योजना की सिफारिश की, जो मात्र ₹100 प्रतिमाह से शुरू की जा सकती है। उनका मानना है कि ऐसी योजनाएं महिलाओं और युवाओं को भी निवेश की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेंगी।

    देश की प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों की भागीदारी

    इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत है — म्यूचुअल फंड जगत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के वरिष्ठ अधिकारियों का एक मंच पर उपस्थित होना। जिन कंपनियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, उनकी सूची इस प्रकार है:

    म्यूचुअल फंड कंपनी वक्ता का नाम पदनाम
    आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड  नीरज कुमार उत्पाद प्रमुख (Product Head)
    व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड आशीष पी सोमैया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
    निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड अशुतोष भार्गव फंड मैनेजर
    यूटीआई म्यूचुअल फंड नीरज सुंद्रानी ज़ोनल प्रमुख
    मिराए एसेट म्यूचुअल फंड सुरंजना बोर्थाकुर राष्ट्रीय प्रमुख
    एबीएसएल म्यूचुअल फंड काम्यानी राष्ट्रीय प्रमुख
    मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड सुग्यान लोहीया ज़ोनल प्रमुख

     

    ये सभी वक्ता न केवल अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, बल्कि भारतीय निवेश बाजार की गहराई और जटिलताओं को भी भलीभांति समझते हैं। इनके विचार और अनुभव निवेशकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।

    निवेशकों और वितरकों दोनों के लिए लाभदायक

    MFDA के मीडिया प्रभारी डॉ. अतुल दुबे ने कहा कि “इतने बड़े स्तर के वक्ताओं, फंड मैनेजरों और सीईओ का एक ही मंच पर आना मध्यप्रदेश के लिए अभूतपूर्व अवसर है। इसका लाभ न केवल डिस्ट्रीब्यूटर्स को मिलेगा, बल्कि आम निवेशकों को भी उनकी निवेश समझ बेहतर करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कार्यक्रम प्रदेश में निवेश संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी मील का पत्थर बनेगा।

    मीडिया सचिव नितिन गुप्ता ने कहा कि “निवेश का महाकुंभ” जैसे आयोजनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये सिर्फ ज्ञानवर्धन का मंच नहीं होते, बल्कि ये वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) और निवेशकों के बीच की खाई को पाटने का भी कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में डिस्ट्रीब्यूटर्स को नवीनतम निवेश रणनीतियों, वैश्विक वित्तीय रुझानों, और उपभोक्ता-केंद्रित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जो उन्हें बदलते हुए बाजार के अनुरूप स्वयं को अपडेट करने में मदद करेगी।

    नितिन गुप्ता ने आगे बताया कि मौजूदा समय में निवेश परिदृश्य अत्यधिक गतिशील हो गया है। बाजार में हर दिन नए उत्पाद और योजनाएं आ रही हैं, और यदि वितरक इन बदलावों से भली-भांति परिचित नहीं होंगे, तो वे अपने ग्राहकों को प्रभावी सलाह नहीं दे पाएंगे। इसलिए यह जरूरी है कि वितरक समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों में भाग लें और विशेषज्ञों से संवाद करें।

    उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि जब वितरक समसामयिक और वैज्ञानिक निवेश जानकारी से लैस होंगे, तो वे आम नागरिकों, विशेषकर छोटे और मध्यम निवेशकों को उनके जोखिम प्रोफाइल और निवेश लक्ष्यों के अनुसार सही और लाभकारी सलाह दे सकेंगे। इसका सीधा लाभ उन आम परिवारों को मिलेगा जो अपनी मेहनत की कमाई को निवेश के जरिए सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर ले जाना चाहते हैं।

    इस आयोजन के जरिए वितरकों को ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझने और उन्हें पारदर्शी, सुरक्षित व दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाली योजनाओं की ओर मार्गदर्शन देने का सामर्थ्य प्राप्त होगा। इससे न केवल वितरक और निवेशक दोनों सशक्त होंगे, बल्कि समूचे प्रदेश का वित्तीय वातावरण भी परिपक्व और स्थिर बनेगा।

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    Wed, 23 Jul 2025 17:07:09 +0530 news desk MPcg
    MP के MLAs की बंपर लॉटरी, 159 करोड़ की लागत से बन रहे 102 नए फ्लैट, सीएम संग इन नेताओं ने किया भूमि पूजन https://citytoday.co.in/3073 https://citytoday.co.in/3073 भोपाल
     राजधानी में विधायकों के लिए नए फ्लैट बनने जा रहे हैं। इसके लिए भूमिपूजन भी हो चुका है। 159 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे, जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। यह फैसला विधायकों की शिकायत पर लिया गया है, क्योंकि 67 साल पहले बने विश्रामगृह में बारिश का पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या आ रही थी।

    ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट
    नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे।

    67 साल पहले बना था विश्रामगृह
    1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था।

    सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन
    सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वि
    धानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे।

    ‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’

    भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे.

    विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा।

    उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है।

    तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे।

    उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए।

    विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी।

    उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा

    18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह

    PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज सब एकत्रित हैं। इसकी बड़ी आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। मप्र उन राज्यों में जाना जाता है जहां पिछले कुछ सालों में सकारात्मक बदलाव हुआ है। स्वच्छता मध्य प्रदेश में जन आंदोलन बना। अब ये गति और तेज हो रही है। इस बार जब अहमदाबाद पहले नंबर पर आया, तब भोपाल दूसरे स्थान पर और जबलपुर पांचवें स्थान पर आया है।

    शॉपिंग कॉम्पलेक्स टूटेगा नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं।

    यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।

    14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे

    नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। कुल निर्मित क्षेत्र 36943 वर्ग मीटर (397654.50 वर्ग फीट) रहेगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।

    पेड़ नहीं हटेंगे

    100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।

    नए फ्लैट्स में क्या होगी खासियत
    इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। 14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे। नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।

    100 साल पुराने पेड़ों का क्या होगा

    पेड़ नहीं हटेंगे … 100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।

    नए आवासों में यह सुविधाएं रहेंगी

    प्रत्येक आवास स्वतंत्र हैं। इनमें प्राकृतिक वायु एवं प्रकाश और निजता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक सर्वसुविधायुक्त आवास में विधायकों के लिए कार्यालय, निजी स्टाफ, पीएसओ कक्ष एवं तीन बेडरूम का फर्नीचर सहित प्रावधान है। जिम एवं योग केंद्र एवं 80 व्यक्तियों के लिए आगंतुक कक्ष का प्रावधान है। 102 वाहनों की कवर्ड पार्किंग एवं 148 वाहनों की खुले में पार्किंग की व्यवस्था है। परियोजना में सोलर ऊर्जा प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, सिक्योरिटी, एसी, कार्गो लिफ्ट एवं पावर बैकअप का प्रावधान है। 3 स्टार रेटिंग के बराबर की सुविधाएं रहेंगी। व्यवस्था। दिव्यांगजनों के लिए रेंप और निर्माण क्षेत्र में आने वाले वृक्षों को अन्य स्थान पर स्थानान्तरित करने का प्रावधान है।

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    Mon, 21 Jul 2025 17:44:47 +0530 News desk Hindi
    आध्यात्म, धर्म और संस्कृति के साथ विकास वरदान बनता है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://citytoday.co.in/3032 https://citytoday.co.in/3032 आध्यात्म, धर्म और संस्कृति के साथ विकास वरदान बनता है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का होता है प्रगटीकरण- संस्कृति मंत्री लोधी

    श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय – जगतगुरू रामभद्राचार्य
    अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में रामायण शोधपीठ होगा स्थापित

    भोपाल

    अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में रामायण शोधपीठ की स्थापना की जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, संस्कृति राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी और जगतगुरू रामभद्राचार्य ने गुरुवार को इसकी शिलापट्टिका का अनावरण किया। रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जगतगुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि राम चरित्र वत्सल हैं। उनका आदर्श अनुकरणीय है, जितना समृद्ध साहित्य भगवान श्रीराम का है उतना और किसी का नहीं है। रामायण शोध पीठ की स्थापना रीवा विश्वविद्यालय के लिए शुभ हो और यह रामायण के शोधार्थियों के लिए वरदान बने। इसकी स्थापना रीवा के पूर्व महाराज रामायण अनुरागी रघुराज सिंह को श्रद्धांजलि भी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आचार्यों को ऐसी मर्यादा प्रस्तुत करनी चाहिए, जिससे शिष्य उनका अनुकरण करें। जगतगुरू ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की बात भी कही।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत आध्यात्म धर्म और संस्कृति है। इनके साथ से ही विकास वरदान बन जाएगा। आज का दिन अविस्मरणीय रहेगा जब जगतगुरू के कर-कमलों से पीठ की स्थापना की शुरुआत हुई है। रामायण पीठ के माध्यम से रामायण के गुणों को अंगीकार करने और शोधार्थियों को नवीनतम शोध में मदद मिलेगी। उन्होंने रामायण पीठ के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की और आश्वस्त किया कि अन्य आवश्यकताओं की भी पूर्ति की जाएगी।

    संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लोधी ने कहा कि रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रगटीकरण होता है। चरित्रवान व मर्यादाशील होने का भगवान राम से सीख मिलती है। रामायण की शिक्षाएं आज के परिवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि रामायण से जीवन की दशा को सुधार कर चरित्रवान बनते हुए देशहित के लिए सीख मिलती है।

    सांसद जनार्दन मिश्र ने रामायण पीठ की स्थापना के लिए साधुवाद देते हुए सांसद निधि से 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। कुलगुरू दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट शिशिर पाण्डेय, कुलसचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार, नोडल अधिकारी नलिन दुबे, कुलगुरू अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद कुड़रिया, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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    Fri, 18 Jul 2025 13:28:40 +0530 news desk MPcg
    रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड भारत से दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/3030 https://citytoday.co.in/3030 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड महल न केवल यूरोप के सबसे विशाल और भव्य शाही महलों में से एक है, बल्कि भारत और स्पेन के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि यह महल केवल स्थापत्य सौंदर्य का नमूना नहीं, बल्कि भारत और स्पेन के बीच परस्पर सम्मान, संवाद और सहयोग की जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड के भ्रमण के बाद यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस के भ्रमण के दौरान उसके ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य कला और संरक्षित यूरोप की दुर्लभ कलाकृतियों, शस्त्रों और राजसी वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि रॉयल पैलेस जैसी धरोहरें हमें न केवल अतीत की गौरवशाली झलक दिखाती हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गरिमा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अहमियत भी सिखाती हैं।

    उल्लेखनीय है कि इसी रॉयल पैलेस में वर्ष 2006 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम का राजकीय सम्मान के साथ स्वागत हुआ था।इन ऐतिहासिक अवसरों की स्मृतियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल भारत और स्पेन के मधुर संबंधों की नींव का जीवंत साक्षी है।

    निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।

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    Fri, 18 Jul 2025 13:17:26 +0530 news desk MPcg
    मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की मोहन यादव सरकार ने की राह आसान, एक बार एग्जाम देकर सरकारी विभाग में मिलेगी नौकरी. https://citytoday.co.in/3028 https://citytoday.co.in/3028 भोपाल
     मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में होने वाली कर्मचारियों की नियुक्ति का पैटर्न बदलने जा रहा है. अब सरकारी विभागों में होने वाली नियुक्तियां यूपीएससी की तर्ज पर की जाएंगी. यानि कि विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से सभी विभागों के विभिन्न रिक्त पदों के लिए एक ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक वर्ष में एक ही भर्ती परीक्षा कराए जाने के संबंध में प्रारंभिक दौर की चर्चा कर चुके हैं. इस संबंध अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.

    उम्मीदवारों को केवल एक बार देनी होगी फीस

    एकल भर्ती परीक्षा से अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा की झंझट से मुक्ति तो मिलेगी ही, साथ ही अलग-अलग विभागों की परीक्षा के लिए बार-बार आवेदन करने और फीस भरने की जरूरत नहीं रहेगी. उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करने और स्लॉट चुनने में दिक्कत नहीं होगी. इससे सरकार को बार-बार परीक्षा आयोजित कराने के लिए समय और पैसा बर्बाद नहीं करना पड़ेगा. यदि कोई उम्मीदवार चयनित पद नहीं लेता है, तो वेटिंग लिस्ट के कारण अगला उम्मीदवार तुरंत नियुक्त हो सकेगा. इससे रिक्तियों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ना पड़ेगा.

    मुख्यमंत्री ने बार-बार परीक्षा पर जताई चिंता

    मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि "विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं आयोजित करने से सबसे अधिक परेशानी अभ्यर्थियों को होती थी. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को परिवर्तित करने के निर्देश दिए थे. मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के लिए एसएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं का पैटर्न आदर्श है.

    जिससे यूपीएससी की तरह मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में भी एकल परीक्षा का आयोजन किया जा सके. जिस तरह संघ लोक सेवा आयोग एक परीक्षा कराता है और विभिन्न श्रेणी के उपलब्ध पदों के लिए मेरिट के हिसाब से चयन होता है. अब यही प्रक्रिया मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में नियुक्ति के लिए अपनाई जाएगी.

    सभी विभागों में एक जैसे होंगे भर्ती नियम

    अधिकारियों ने बताया कि एकल परीक्षा प्रणाली में सभी सरकारी विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा. यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि प्रदेश के सभी सरकारी विभागों की नियुक्तियों में एकरूपता रहे. इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे. साथ ही यह लाभ भी होगा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को विज्ञापन निकालते समय विभागीय भर्ती नियम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और समय पर विज्ञापन जारी हो जाएंगे.

    कोर्ट जाने के लिए बाध्य नहीं होंगे अभ्यर्थी

    अभी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं की घटनाएं सामने आती रहती है. लेकिन नई व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए नियम से लेकर परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा. अभी राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षा में कई चीज सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, जिससे अभ्यर्थी कोर्ट चले जाते हैं. परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लगा जाती है. इससे पूरी प्रक्रिया रुक जाती है. आगे ऐसा न हो, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी, ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई भ्रम या संदेह ना रहे और अभ्यर्थी कोर्ट जाने के लिए बाध्य न हो.

    नए पैटर्न में इस प्रकार होंगी परीक्षाएं

    •     मध्य प्रदेश शासन के सभी विभागों के लिए साल में एक बार एकल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा.
    •     इसमें सभी श्रेणी के पदों के लिए मेरिट के हिसाब से सूची बन जाएगी, लेकिन वेटिंग लिस्ट एक रहेगी.
    •     एकल परीक्षा के लिए सभी विभागों से रिक्त पदों की संख्या साल में एक बार पूछी जाएगी.
    •     सभी विभागों से मिले प्रस्तावों के आधार पर सितंबर महीने में परीक्षा का कैलेंडर तैयार किया जाएगा.
    •     सामान्य प्रशासन विभाग जनवरी 2026 से कर्मचारियों के चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी में है.

    इन विभागों में बड़ी संख्या में होगी भर्ती

    बता दें कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने साल 2024 के जून महीने में आयोजित कैबिनेट बैठक स्वास्थ्य विभाग के 46,491 नए पदों का भर्ती करने का निर्णय लिया था. इसी प्रकार 22 अक्टूबर, 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायिका के 12,670 पद और सुपरवाइजर के 467 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी.

    वहीं बीते 9 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 49 हजार 263 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इन पदों पर भर्ती आने वाले वर्षों में की जाएगी. बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में 1 लाख 40 हजार पद खाली हैं. सरकार एक साल में इनमें से 27 हजार रिक्त पदों को भरने जा रही है.

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    Fri, 18 Jul 2025 12:47:06 +0530 news desk MPcg
    सांदीपनि और आईसीटी लैब वाले विद्यालयों को मिली कौशल विकास पुस्तिका https://citytoday.co.in/3025 https://citytoday.co.in/3025 सांदीपनि और आईसीटी लैब वाले विद्यालयों को मिली कौशल विकास पुस्तिका

    कौशल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, विशेष पुस्तिका पहुंची सांदीपनि और आईसीटी स्कूलों तक

    आईसीटी और सांदीपनि स्कूलों में पहुंची स्किल डिवेलपमेंट गाइड, छात्रों को मिलेगा लाभ

    भोपाल

    प्रदेश में संचालित सांदीपनि और आईसीटी लैब विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को कम्प्यूटर कौशल से जुड़ी जानकारी पर आधारित पुस्तिका स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। यह पुस्तिका कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिये उपयोगी है। इन पुस्तकों का प्रकाशन पाठ्यपुस्तक निगम से कराया गया है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने विद्यार्थियों के बीच पुस्तिका के वितरण के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये है।

    अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेन्स के बाद ही मिलेगा मानदेय

    लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षकों को शत प्रतिशत ई-अटेंडेन्स हमारे शिक्षक एप के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश जारी किये है। निर्देश में कहा गया है कि यह व्यवस्था 18 जुलाई से प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू होगी। जिन अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति हमारे शिक्षक एप के माध्यम से दर्ज नहीं होगी उनका मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किये जाने के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है।

    विद्यालय में रिक्त पदों के विरूद्ध आवेदकों की री-ज्वॉइनिंग

    शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक आवेदकों की रिक्त पद होने पर री-ज्वॉइनिंग के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समय सारणी जारी की है। समय सारणी के अनुसार आवेदकों को अंतिम अवसर देते हुए आज दिनांक 17 जुलाई गुरूवार तक री-ज्यॉइनिंग करने के निर्देश जारी किये गये है। नियत तिथि के बाद 18 जुलाई 2025 को रिक्त पदों की पुन: समीक्षा की जायेगी। प्रदेश में करीब 60 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक शिक्षण कार्य से जुड़े हुए है।

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    Fri, 18 Jul 2025 12:06:59 +0530 news desk MPcg
    MP के विधायकों के लिए सरकार फ्लैट बनाएगी, निर्माण के फैसले को कैबिनेट ने दस महीने पहले मंजूरी मिली, 21 जुलाई से शुरुआत https://citytoday.co.in/3024 https://citytoday.co.in/3024 भोपाल 

    मध्यप्रदेश के विधायकों के लिए राज्य सरकार फ्लैट बनाएगी। विधायकों के लिए 102 फ्लैट बनाने के फैसले को कैबिनेट ने दस महीने पहले मंजूरी दी थी और अब 21 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इन फ्लैट्स के लिए भूमिपूजन करेंगे। 
    नए बनने वाले फ्लैट्स में एक विधायक को तीन हजार वर्गफीट एरिया में तीन बेडरूम, एक हॉल और किचन समेत ओपन एरिया भी मिलेगा।

    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि स्पेन से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव विधायक विश्राम गृह परिसर में बनने वाले विधायकों के फ्लैट्स के लिए भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। इसकी निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग ही है।

    सिंह ने कहा कि अभी विधायक विश्राम गृह में विधायकों को जो कक्ष आवंटित किए जा रहे हैं, वह पर्याप्त स्पेस वाले नहीं हैं। विधायकों से मिलने वालों के हिसाब से यह जगह कम पड़ती है। नए आवास बनाने में इसका विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है कि विधायकों की निजता और उनके क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाए।

    1958 में बने भवन को तोड़ा जाएगा

    विधायक के लिए फ्लैट बनाने जो एरिया चुना गया है वह विधायक विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग काम्पलेक्स और दुकानों वाला एरिया है। इन्हें तोड़कर नए सिरे से काम किया जाएगा। प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि 102 फ्लैट बनाने में 159.13 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसमें तीन बेडरूम होंगे जिसे विधायक अपने परिजनों और गेस्ट के लिए उपयोग में ला सकेंगे।

    यहां 80 से 100 लोगों के बैठने के हिसाब से एक हॉल भी रहेगा और सिक्योरिटी गार्ड के लिए भी अलग से कमरा होगा।

    गौरतलब है कि पूर्व में विधायकों के लिए आवास बनाने का फैसला विधानसभा कैम्पस के 22 एकड़ जमीन पर लिया गया था। यहां हरे भरे पेड़ काटे जाने थे और नगर निगम के कुछ पेड़ काटे भी थे। पेड़ों को काटने का भोपालवासियों ने विरोध किया जिसके बाद प्लान में बदलाव किया गया।

    यह भी रहेगा खास

        इन फ्लैट्स के लिए 10 मंजिला पांच ब्लॉक्स बनेंगे।
        बेसमेंट में पार्किंग, स्विमिंग पूल, जिम और कैंटीन की सुविधा रहेगी।
        पूरा कैम्पस फायर अलार्म सिस्टम से लैस रहेगा।
        हर फ्लैट में विधायकों के लिए ओपन एरिया भी मौजूद रहेगा।

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    Fri, 18 Jul 2025 12:05:02 +0530 news desk MPcg
    भोपाल को विंटर सीजन में देश के नए एयरपोर्ट्स नोएडा और नवी मुंबई से जोड़ने की तैयारी https://citytoday.co.in/3022 https://citytoday.co.in/3022 भोपाल
     देश में इस वर्ष नवीं मुंबई एवं नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इन शहरों के लिए पहले ही चरण में भोपाल जुड़ जाएगा। विंटर सीजन में इन शहरों तक सीधी उड़ान मिलने लगेगी। इंडिगो एवं एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इन शहरों के लिए स्लाट लेने में रुचि दिखाई है।

    अक्टूबर माह के अंत में नया विंटर शेड्यूल लागू होता है। इस शेड्यूल में कई उड़ानों की समय-सारिणी बदल जाती है। कुछ नए रूट जुड़ते हैं। इस बार इंडिगो ने नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की पेशकश की है।

    इंडिगो ने भोपाल से बंद हो चुकी कोलकाता, लखनऊ एवं गोवा उड़ान भी फिर से प्रारंभ करने पर चर्चा की है। एयरपोर्ट अथारिटी ने इन सभी शहरों तक स्लाट देने की सहमति दी है। नोएडा एयरपोर्ट जल्द ही एयर ट्रेफिक शुरू होने की संभावना है। विमान संचालन शुरू होते ही भोपाल इससे जुड़ जाएगा।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस भी विंटर सीजन में भोपाल में दस्तक देगा। कंपनी ने बेंगलुरू तक दो उड़ानें शुरू करने की तैयारी की है। इसके अलावा कंपनी नवीं मुंबई तक सीधी उड़ान शुरू करेगा। नवीं मुंबई एयरपोर्ट से सिंतंबर के अंतिम सप्ताह से उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यहां से उड़ानें शुरू होने के बाद यात्रियों के पास मुंबई के मुख्य एयरपोर्ट के अलावा नवीं मुंबई तक जाने का भी विकल्प होगा। मुंबई में रोड ट्रैफिक को देखते माना जा रहा है नया एयरपोर्ट यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगा।

    गोवा और लखनऊ के लिए सीधी उड़ान

    इंडिगो एयरलाइन गोवा और लखनऊ के लिए सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। साथ ही, कोलकाता और जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) के लिए भी नई उड़ानें शुरू करने पर विचार कर रही है। ये उड़ानें दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, रायपुर, अहमदाबाद और बैंगलोर के लिए पहले से चल रही उड़ानों के साथ-साथ चलेंगी।

    जेवर के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी

    एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए कोलकाता, नवी मुंबई और जेवर के लिए सीधी उड़ानें शुरू की जाएंगी। इससे भोपाल महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों और नए हवाई अड्डों से जुड़ जाएगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु के लिए दो और नवी मुंबई के लिए एक उड़ान शुरू करेगी।

    एयर इंडिया की मेनलाइन सर्विस दिल्ली और मुंबई के लिए तीन डेली फ्लाइट्स जारी रखेगी। ऐसा यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, फ्लाई बिग अपनी रीजनल उड़ानें रीवा और दतिया के लिए UDAN-RCS प्रोग्राम के तहत जारी रखेगी। इससे छोटे शहरों में भी हवाई सेवा मिलती रहेगी।

    गौरतलब है कि इन नई उड़ानों से भोपाल से यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा। यात्रियों को अब ज्यादा शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी। इससे समय की बचत होगी और यात्रा आरामदायक होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि वे यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

    इंडिगो की सेवाओं का विस्तार

    एक अन्य लोकप्रिय एयरलाइन इंडिगो भी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। उनके पुणे और गोवा के लिए नई उड़ानें शुरू करने की भी संभावना है। ये नई फ्लाइट इन छुट्टियों के डेस्टिनेशन के लिए उड़ान भरने वाले लोगों के लिए अधिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी।

    एयर इंडिया की तैयारी

    एयर इंडिया भी विंटर शेड्यूल के लिए तैयारी कर रही है। वे प्रति दिन तीन नई उड़ानें शुरू करेंगे। इससे यात्रियों के लिए सुविधाजनक समय पर उड़ान बुक करना आसान हो जाएगा। हवाई अड्डे के निदेशक रामजी अवस्थी ने कहा, 'उड़ानों में वृद्धि का उद्देश्य सर्दियों के मौसम के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को पूरा करना है। अधिक उड़ानों का मतलब बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए अधिक विकल्प हैं। इस बदलाव से व्यवसाय और अवकाश यात्रियों दोनों को लाभ होगा।'

    छोटे शहर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी

    भोपाल से विंटर सीजन में रीवा, सतना एवं दतिया जैसे शहरों तक भी कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। फ्लाय बिग ने उड़ान योजना के तहत रीवा एवं दतिया उड़ान के फेरे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। अलाइंस एयर भी रीवा एवं इंदौर के लिए उड़ान प्रारंभ कर सकता है।

    भोपाल सबसे पहले जुड़ेगा

        देश के नए एयरपोर्ट्स से भोपाल से सबसे पहले जुड़े इसके प्रयास किए जा रहे हैं। नवीं मुंबई एवं जेवर एयरपोर्ट यात्रियों के लिए उपयोगी होगी। मुंबई एवं दिल्ली जाने वाले यात्रियों को एक उपयोगी विकल्प मिलेगा। बंद हो चुकी कुछ उड़ानें विंटर सीजन में पुन: प्रारंभ होंगी। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, भोपाल

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    Fri, 18 Jul 2025 11:59:16 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया मैड्रिड के प्रसिद्ध प्राडो म्यूजियम का भ्रमण, सदियों की कलाकृतियों और संस्कृति को सहेजने का अनूठा उदाहरण https://citytoday.co.in/3021 https://citytoday.co.in/3021 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अपने स्पेन दौरे के पहले दिन मैड्रिड स्थित विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कला संग्रहालयों में से एक प्राडो म्यूजियम का भ्रमण किया। उन्होंने संग्रहालय के भव्य संग्रह और इसकी सांस्कृतिक महत्ता की सराहना की और स्पेन तथा भारत को संस्कृतियों को सहेजने वाला राष्ट्र बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राडो म्यूजियम सिर्फ कला प्रेमियों के लिए एक गंतव्य नहीं है, बल्कि यह शिक्षा,कला के संरक्षण और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का एक सशक्त मंच भी है। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय स्पेन की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और उसकी ऐतिहासिक कला परंपरा का जीता-जागता प्रतीक है।

    मैड्रिड में 1819 में स्थापित यह ऐतिहासिक संग्रहालय यूरोपीय कला के विशाल संग्रह के लिए जाना जाता है, जिसमें 12वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक की उत्कृष्ट कृतियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेनिश, इतालवी और फ्लेमिश कलाकारों की अमूल्य पेंटिंग्स को करीब से देखा। विशेष रूप से उन्होंने फ्रांसिस्को गोया, डिएगो वेलाज़क्वेज़, एल ग्रीको, हिरोनिमस बॉश, पीटर पॉल रूबेंस और टिटियन जैसे महान कलाकारों की अमर कृतियों में गहरी रुचि दिखाई।

    प्राडो म्यूजियम में लगभग 8 हजार से अधिक चित्र, 700 से अधिक मूर्तियाँ और विभिन्न प्रकार के ड्रॉइंग्स तथा मुद्रित दस्तावेजों का एक विशाल संग्रह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात को भी रेखांकित किया कि यह संग्रहालय स्पेन की "सॉफ्ट पावर" और सांस्कृतिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश की कलात्मक विरासत मजबूत उपस्थिति दर्ज करता है।

     

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    Thu, 17 Jul 2025 12:51:20 +0530 news desk MPcg
    मंत्री पटेल ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों की समीक्षा https://citytoday.co.in/3004 https://citytoday.co.in/3004 भोपाल

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बड़वानी जिले के सेंधवा के नगरपालिका भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, वाटर शेड, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन, श्रमोदय विद्यालय, पोषण शक्ति अभियान, आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की।

    बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत डगवेल रिचार्ज संरचनाएँ, कपिल धारा कूप निर्माण, मेढ़बंधान ,पशु शेड एवं बकरी शेड निर्माण आदि के संबंध में जानकारी दी। गोई एवं डेब नदियों के उद्गम स्थल पर भी वृक्षारोपण के कार्य की जानकारी दी। साथ ही आगामी दिनों में शुरू हो रहे एक बगिया माँ के नाम परियोजना के संबंध में भी बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि यह परियोजना महिलाओं के रोजगार उन्मुखीकरण को लेकर प्रदेश सरकार की एक नवीन पहल है। जरूरी है कि सकारात्मक एवं जन उपयोगी परिणाम आये।

    बैठक के दौरान बताया गया कि 30 ट्राइबल हीलर को आयुष विभाग के माध्यम से आयुष वाटिका भी लगाई जा रही हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मकार मण्डल के श्रमिकों को बेहतर सूचनाएं प्राप्त हो।

    बैठक में सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक श्याम बरडे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवन्त सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    Wed, 16 Jul 2025 12:14:38 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज से 19 जुलाई तक स्पेन प्रवास पर रहेंगे https://citytoday.co.in/3001 https://citytoday.co.in/3001 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजनकी दिशा में सतत् रूप से प्रयासरत् है। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे।

    स्पेन प्रवास के प्रथम दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा। बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्यप्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री इलैयाराजा टी. के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ श्री रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।

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    Wed, 16 Jul 2025 12:02:16 +0530 news desk MPcg
    उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने, उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए https://citytoday.co.in/3000 https://citytoday.co.in/3000 भोपाल

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की।

    उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

    मंत्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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    Wed, 16 Jul 2025 11:58:38 +0530 news desk MPcg
    भोपाल से लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत अक्टूबर में होने जा रही https://citytoday.co.in/2962 https://citytoday.co.in/2962 भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं।

    अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

    भोपाल से पटना तक भी सुविधा

    इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा।

    पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी

    अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा।

    रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है

    भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी।

    सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ

    अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा।

    लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत

    भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है।

    रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है।
    संभावित मार्ग व संचालन समय

    भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं।

    भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच 

    भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है। 

    आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी।

    बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी।

    ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है

        भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल

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    Tue, 15 Jul 2025 11:45:37 +0530 news desk MPcg
    भोपाल में मेट्रो निर्माण बना सिरदर्द, तीन बड़ी परेशानियों से जूझ रहे लोग https://citytoday.co.in/2952 https://citytoday.co.in/2952 भोपाल
    पुराने शहर के सबसे व्यवस्त मार्गों में से एक बैरसिया पर करोंद चौराहा से सिंधी कालोनी तक मेट्रो की आरेंज लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। मेट्रो का काम करने के लिए कंपनी ने सड़क के बीचों-बीच बेरिकेड्स लगाए हैं, जिनकी वजह से सड़कों की चौड़ाई मुश्किल से 10 फिट की रह गई है। वहीं पसरा अतिक्रमण लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इस वजह से हर दिन इस मार्ग पर घंटों तक लंबा जाम लग रहा है तो वहीं वर्षा के दौरान कीचड़, गड्ढे, जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके बाद भी मेट्रो प्रबंधन, नगर निगम, पुलिस, प्रशासन व्यवस्थाएं नहीं बना पा रहा है।
     
    मेट्रो के लिए खड़े किए जा रहे हैं पिलर
    बैरसिया रोड पर मेट्रो की आरेंज रेल लाइन के पिलर खड़े किए जा रहे हैं। जिसके लिए यहां पर बेरिकेड्स लगाकर गड्ढों की खोदाई करने के साथ ही पिलर तक खड़े करने का काम चल रहा है। इस काम के शुरू होते ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नगर निगम, प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़कों की चौड़ाई यदि कम हो गई है तो अतिरिक्त पट्टी बनाई जाए। सड़क किनारे व फुटपाथ पर पसरे ठेले, दुकानों के अवैध अतिक्रमण को प्रमुखता से हटाया जाए। जिससे वाहनों को आवागमन में समस्या न हो और जाम की स्थिति निर्मित न हो।

    कलेक्टर के निर्देश पर भी नहीं हुई कोई व्यवस्था
    कलेक्टर के निर्देश पर भी जिम्मेदार अधिकारी कोई व्यवस्था नहीं बना पाए हैं। नतीजतन इस मार्ग से हर दिन गुजरने वाले एक लाख से अधिक वाहन चालकों को जाम की समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। सड़क खोदाई कर मरम्मत तक नहीं की मेट्रो रेल लाइन के कार्य के दौरान करोंद से लेकर सिंधी कालोनी तक सड़क की खोदाई की गई थी लेकिन इसकी दोबारा से मरम्मत नहीं की गई है। वर्षा के दौरान उखड़ी सड़क पर जलभराव की स्थिति बनती है, गड्ढों से वाहनों को गुजरने में समय लगता है।ऐसे में यह लापरवाही भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।

    अतिक्रमण की बनी परेशानी
    बीच रास्ते में खड़े रहते हैं ई रिक्शा करोंद चौराहा, डीआइजी बंगला, काजी कैंप और सिंधी कालोनी क्षेत्र में मुख्य सड़क पर जगह कम बची है। इसके बाद भी यहां पर ई रिक्शा, ऑटो और आपे चालक अपना कब्जा जमाए रहते हैं। करोंद चौराहा के चारों तरफ इनका अतिक्रमण है, जिससे दो व चार पहिया वाहनों को निकलने के लिए जगह ही नहीं बचती है। फुटपाथ पर दुकान व ठेले वालों का कब्जा सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए अतिरिक्त पट्टी बनाई जानी थी लेकिन कुछ ही जगह बनाई गई थी। यह भी सफल नहीं हुई, क्योंकि करोंद चौराहा से लेकर सिंधी कालोनी तक फुटपाथ पर अवैध दुकानदारों व ठेले वालों ने अपना कब्जा जमा रखा है।

    वर्षा में उखड़ चुकी है सड़क
    इन पर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। सामांनतर रोड भी खस्ता हाल बैरसिया रोड पर यदि जाम लगता है तो लोग छोला फ्लाईओवर समानांतर रोड से होकर आवागमन कर सकते हैं लेकिन यह भी खस्ता हाल हो गई है। वर्षा में सड़क उखड़ चुकी है तो वहीं दुकानदारों, ठेले वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। करोंद मंडी मार्ग होने से इस पर भी जाम लग जाता है।

    लोग बोले सुबह-शाम रहती है आफत
    लांबाखेड़ा रहवासी विवेक गौर कहा कहना है कि करोंद चौराहा तक दो पहिया वाहन लेकर जाने से पहले भी सोचना पड़ता है। हालात यह हैं कि इतना लंबा जाम लग जाता है कि जेल रोड तक पहुंचने में ही आधे से एक घंटे तक लग जाते हैं। वहीं करोंद में एडवोकेट कृष्णा शर्मा ने कहा कि मेट्रो का कार्य तेजी से किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार लोगों ने न तो सड़कें चौड़ी की और न ही इन पर पसरा अतिक्रमण हटाया है। यही कारण है कि आमजन हर दिन परेशान हो रहे हैं।

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    Mon, 14 Jul 2025 11:09:06 +0530 news desk MPcg
    सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल https://citytoday.co.in/2946 https://citytoday.co.in/2946
  • सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल
  • कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए
  • सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला 
  • भोपाल
    सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई।

    कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

    श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।

     

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    Sat, 12 Jul 2025 15:49:51 +0530 news desk MPcg
    बिना काफिले के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे सीएम, खुद खरीदे फल, सिग्नल पर रेड लाइट देखकर रोकी गाड़ी https://citytoday.co.in/2917 https://citytoday.co.in/2917 भोपाल 

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 जुलाई की रात एक चौंकाने वाला लेकिन शानदार नजारा देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे। आम जनता के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल लोगों से बातचीत की और हालचाल जाना, बल्कि एक ठेले वाले से फल भी खरीदे और उसका डिजिटल पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को बेहद पसंद आया।

    बाजार में सीएम को देख चौंके लोग

    सीएम को अचानक बाजार में देख लोगों को उनकी सादगी पसंद आई। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके मुख्यमंत्री इतनी सहजता से उनके बीच खड़े हैं। अचानक सीएम को अपने बीच में देखकर लोग अचंभित नजर आए।

    काफिले में नहीं, सिर्फ दो गाडियों से पहुंचे न्यू मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे और 15 मिनट रुक कर फल खरीदे और निवास लौट गए।

    ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन आमतौर पर सीएम का काफिला जिस रूट से गुजरता है। अमूमन 10-15 मिनट पहले पुलिस उस रूट पर ट्रैफिक रोक देती है लेकिन, सीएम ने अपने दौरे की किसी को जानकारी नहीं दी। वे जब फल लेकर वापस सीएम हाउस की तरफ जाने लगे तो सिग्नल पर रेड लाइट देखकर उनकी गाड़ी रुक गई।

    सीएम ने सिग्नल पर ट्रैफिक नहीं रोकने दिया। बल्कि, ग्रीन सिग्नल होने पर ही वे आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने सीएम का यह अंदाज देख वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया।

    डॉ. मोहन यादव बिना भारी-भरकम सुरक्षा के केवल दो वाहनों के काफिले के साथ बाजार पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी पूरी तरह पालन किया। फल विक्रेता से उन्होंने न सिर्फ सामान लिया, बल्कि उसके व्यवसाय और हालचाल की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री को यूं अपने बीच सहजता से खड़ा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए और उनके इस व्यवहार की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह बेफिक्र और जनता से जुड़ाव दर्शाने वाला अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन

    इतना ही नहीं, लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर अपनी गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। उनके इस आचरण से यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है, चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई पदाधिकारी। उनका सादगीभरा व्यवहार प्रदेशवासियों को यह सिखाता है कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल पद ग्रहण करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना भी है।

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    Fri, 11 Jul 2025 15:43:44 +0530 news desk MPcg
    भोपाल से प्रारंभ होगी भव्य कावड़ यात्रा, 500 से अधिक कावड़िया करेंगे मां नर्मदा का जलाभिषेक https://citytoday.co.in/2916 https://citytoday.co.in/2916 भोपाल। सावन मास के प्रथम दिवस पर ओम शिव सेवा भक्त मंडल द्वारा आयोजित की जा रही भव्य कावड़ यात्रा आज, 11 जुलाई 2025 को दोपहर 2:30 बजे से प्रारंभ होगी। इस चार दिवसीय धार्मिक आयोजन में 500 से अधिक कावड़िया यात्री भाग लेंगे, जो भगवान शिव को समर्पित होकर मां नर्मदा के पवित्र जल से उनका जलाभिषेक करेंगे। इस यात्रा का नेतृत्व संरक्षक सुशील सुडेले और अध्यक्ष राम प्रजापति के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जो भोपाल से बुधनी तक की इस पवित्र यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

    यात्रा की शुरुआत गणपति चौक मंगलवारा से होगी, जहां से कावड़िया मंगलवारा चौराहा, जैन मंदिर रोड, शिवाजी चौक इतवारा, सेंट्रल लाइब्रेरी और काली मंदिर होते हुए पिपलेश्वर महादेव मंदिर पातरा पुल पहुंचेंगे। यहां भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर कावड़िया बुधनी के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजन समिति के सदस्य विवेक साहू ने बताया कि यह पहला वर्ष है, जब मंडल ने इस भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया है, और इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

    12 जुलाई 2025 को प्रातः 8:00 बजे बुधनी स्थित घाट पर मां नर्मदा मैया की पूजा-अर्चना के बाद कावड़िया मां नर्मदा का जल लेकर भोपाल के लिए वापस प्रस्थान करेंगे। यह यात्रा अब्दुल्लागंज, मंडीदीप, मिसरोद, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, जेल रोड होते हुए 13 जुलाई 2025 की रात्रि को पुनः पातरा पुल स्थित पिपलेश्वर मंदिर पहुंचेगी। रात्रि विश्राम के पश्चात 14 जुलाई को प्रातः 11:00 बजे से यात्रा का समापन होगा, जिसमें कावड़िया काली मंदिर घाट, सुल्तानिया हॉस्पिटल, सेंट्रल लाइब्रेरी, शिवाजी चौक इतवारा, जैन मंदिर रोड, मंगलवारा चौराहा, मां कर्मा देवी मार्ग, घोडा निक्कास, छोटे भईया कोर्नर, लोहा बाजार, सराफा चौक, लखेरापुरा, भवानी चौक मंदिर होते हुए बाबा बटेश्वर बड़े वाले महादेव मंदिर पहुंचेंगे। यहां 500 से अधिक कावड़िया मां नर्मदा के जल से बाबा बटेश्वर का पवित्र जलाभिषेक करेंगे, जिसके साथ यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा।

    इस यात्रा में धीरज गुप्ता, अमित अग्रवाल, राजेश चौरसिया, अजय गुप्ता, आशीष चौरसिया, तरुण साहू, शेखर प्रजापति, राजेंद्र सोनी, सचिन प्रजापति, शुभम परमार, विनोद प्रजापति, सुशील विश्वकर्मा, विकास भोल, रवि साहू, अमन शाक्य, आशु जाटव, पवन जाटव सहित अनेक भक्त शामिल होंगे। अध्यक्ष राम प्रजापति ने बताया कि यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भोपाल की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को भी दर्शाएगी। उन्होंने भक्तों से अपील की है कि वे इस पवित्र यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

    विवेक साहू, जो आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य हैं, ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से भगवान शिव के प्रति समर्पण और मां नर्मदा की पवित्रता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस यात्रा के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, जिसमें यातायात प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह कावड़ यात्रा भोपालवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव के रूप में उभर रही है, जो सावन मास की पवित्रता को और गहरा करेगी।

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    Fri, 11 Jul 2025 12:49:29 +0530 news desk MPcg
    मंत्री सारंग ने किया नरेला विधानसभा के तीन वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि&पूजन https://citytoday.co.in/2908 https://citytoday.co.in/2908 मंत्री सारंग ने किया नरेला विधानसभा के तीन वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन

    विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है- मंत्री सारंग

    समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग

    भोपाल

    सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75, 70 एवं 69 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। बारिश की तेज़ बौछारों के बीच कार्यक्रम समय पर आरंभ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि नरेला के नागरिक विकास के प्रति कितने जागरूक और प्रतिबद्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के नित नए आयाम स्थापित कर रही है। विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हर नागरिक से किया गया हर वादा प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। नरेला के हर घर में नर्मदा जल, सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले यही हमारा संकल्प है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे।

    भीषण बारिश में भी लोगों का उत्साह नहीं हुआ कम

    कार्यक्रम के दौरान तेज़ बारिश के बावजूद न तो रहवासियों की उपस्थिति कम हुई और न ही उनका उत्साह। लोग बारिश में भीगते हुए भी मंत्री सारंग का उद्बोधन सुनते रहे।

    रहवासियों को मिली इन विकास कार्यों की सौगात

    नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75 के बजरंग कॉलोनी छेहगरा व कृषक नगर में नवीन सीसी सड़क निर्माण एवं वार्ड 70 के बिजली नगर कॉलोनी में पार्क का विकास, पुलिया निर्माण, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सी.सी बेंच निर्माण व सीवेज पाइपलाइन का निर्माण तथा वार्ड 69 के ओल्ड सुभाष नगर में नाली निर्माण व लाला लाजपत राय कॉलोनी में पेवर ब्लॉक निर्माण की रहवासियों को सौगात मिली है।

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    Tue, 08 Jul 2025 13:00:05 +0530 news desk MPcg
    सीएम की बड़ी घोषणा प्रदेश के इन शहरों के बीच दौड़ेगी Namo ट्रेन, भोपाल बड़ा तालाब को लेकर अहम फैसला https://citytoday.co.in/2888 https://citytoday.co.in/2888 भोपाल 

    आगामी समय में भोपाल, इंदौर और इनसे जुड़े बड़े शहरों के बीच नमो ट्रेन (namo train) चलेंगी। इनका स्ट्रक्चर मेट्रो ट्रेनों से अलग होगा। ये आम ट्रेनों की तरह ही चलेंगी। किराया बसों की तुलना में कम होगा। कम समय में गंतव्य तक पहुंचाएंगी। मुख्य शहरों में आधुनिक लांड्री भी खुलवाई जाएंगी। यह काम महिला स्व सहायता समूह करेंगे। सरकार इन्हें आर्थिक रूप से मदद करेगी। ये खुद भी कमाई से सक्षम बनेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (cm mohan yadav) ने इन नए कामों पर मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों को गुरुवार नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में आगे बढ़ने को कहा है।

    रेल मंत्री से करूंगा बात

    सीएम ने अफसरों से कहा कि आप नमो रेल पर काम करें। मैं जल्द ही इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा करूंगा। केंद्र से इसके लिए मदद लेने के लिए प्रयास करेंगे।

    झुग्गी माफिया पर करें कार्रवाई

    सीएम ने अफसरों से कहा कि भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों में भी झुग्गियों का विस्तार हो रहा है। इसे हर हाल में रोकें। झुग्गी माफिया पर कार्रवाई करेंगे। यदि कोई जरूरतमंद व्यक्ति झुग्गी तान रहे हैं तो आवास योजना से जोड़ें। किफायती आवास उपलब्ध कराने अलग से योजना तैयार करें और उसे जमीन पर उतारें। बड़ा तालाब भोपाल की शान है, लेकिन अतिक्रमण नामक दीमक इसे चारों ओर से खा रही है। गंदे नालों का जुड़ाव इसके पानी में जहर खोल रहा है। सीएम ने कहा कि सर्वे कराएं और चुन-चुनकर अतिक्रमण (bhopal bada talab slums) हटाएं। कब्जा करने वाले किसी के साथ भी रियायत न बरती जाए।

    अफसर परिणाम नहीं ला पाए

    दो माह पहले सीएम ने भोपाल शहर के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में झुग्गीमुक्त शहर की बाल कही थी। तब भी बड़े तालाब किनारे से कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अफसर न तो झुग्गियां हटवाने की कार्रवाई कर पाए और न ही ताल किनारे से कब्जे हटवाए।

    चित्रकूट के लिए 2800 करोड़ रुपए की योजना

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम को बताया कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ का प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। रीडेसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाउसिंग बोर्ड से काम करने को कहा है।

    संकल्पों पर भी चर्चा

    सरकार पार्टी द्वारा लिए संकल्पों को पूरा करने में जुटी है। 2027 तक भोपाल-इंदौर मेट्रो लाइन का पूर्ण संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। 183 निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय चल रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसे उत्तारी जाएंगी। नगरीय क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनके लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत है।

    यह भी कहा

    शहरों में उद्यान विकसित करें। विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभीआवासीय परियोजनाओं में पौधरोपण को प्रोत्साहित करें।शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में बिल्डरों व कॉलोनाइजरों को जोड़ें।शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण करें। लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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    Sat, 05 Jul 2025 12:25:32 +0530 news desk MPcg
    मध्यप्रदेश में जल क्रांति, बढ़ेगा सिंचाई का रकबा और भू&जल स्तर में होगी वृद्धि https://citytoday.co.in/2887 https://citytoday.co.in/2887 भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरक्षण के प्रयास सतत जारी हैं। प्रदेश में खेती को पर्याप्त पानी मिलने से फसलें लहलहाएंगी और गर्मियों में कुएं नहीं सूखने से पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। मनरेगा योजना के तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज और अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। इनमें से अधिकतर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कई निर्माण प्रगति पर हैं।

    इन जल संरचनाओं के निर्माण से प्रदेश के सिंचाई रकबे में बढ़ोतरी होगी और भू-जल स्तर में सुधार आएगा। इससे खेतों में सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें समय पर फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

    25 करोड़ घन-मीटर से अधिक वर्षा जल का होगा संग्रहण

    मनरेगा योजना के तहत बनाई जा रही जल संरचनाओं में लगभग 25 करोड़ घनमीटर से अधिक वर्षा जल संग्रहित होगा, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। अब तक 84 हजार 930 से अधिक खेत तालाब, 1 लाख 4 हजार 294 से अधिक रिचार्ज पिट और 1,283 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है या निर्माणाधीन है। इन संरचनाओं से 1 लाख 67 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।

    तकनीक आधारित निर्माण

    प्रदेश में पहली बार जल संरचनाओं के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्लानर सॉफ्टवेयर की मदद से कार्य योजना बनाई गई। सिपरी सॉफ्टवेयर से जल प्रवाह की दिशा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया। इस तकनीकी प्रक्रिया से जल संग्रहण की प्रभावशीलता बढ़ी है और अब हो रही बारिश से इन संरचनाओं में पानी तेजी से संग्रहीत और संचय हो रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मनरेगा योजना किसानों को संबल देने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही है। यह जल क्रांति प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य की नींव रख रही है।

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    Sat, 05 Jul 2025 12:23:26 +0530 news desk MPcg
    प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के सभी एहतियाती उपाय करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट https://citytoday.co.in/2878 https://citytoday.co.in/2878 भोपाल 
    जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि विभागीय अधिकारी प्रदेश में बांधों एवं जलाशयों में जल भराव की स्थिति की निरंतर निगरानी करें और बाढ़ नियंत्रण के सभी एहतियाती उपाय करें. संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन और नियंत्रण के सभी प्रयास करें. प्रदेश में कहीं से भी अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की स्थिति की सूचना मिलने पर तत्परता के साथ कार्रवाई करें।

    जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने गुरुवार को मुख्य अभियंता, बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक में प्रदेश में वर्षा एवं जल संरचनाओं में जल भराव की स्थिति की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए. इस अवसर पर मुख्य अभियंता, बोधी श्री आर. डी. अहिरवार, अधीक्षण यंत्री, संचालक बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    बैठक में बताया गया कि रिजर्वॉयर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से आज की स्थिति में 6 जलाशयों में 90% से अधिक, 07 में 75% से 90% तक, 22 जलाशयों में 50% से 75% तक, 43 जलाशयों में 25% से 50% तक, 52 जलाशयों में 10% से 25% तक तथा 156 जलाशयों में 10% से कम जल भराव है। विगत वर्ष में आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधो में लगभग 25.76 प्रतिशत औसत जलभराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छे मानसून के आगमन से प्रदेश के प्रमुख बांधो में जलभराव की स्थिति लगभग 35.34 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में जल भराव की स्थिति 10.25 प्रतिशत अधिक है।

    मानसून 2025 में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 230.8 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश की औसत वर्षा से 48 प्रतिशत अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 30 प्रतिशत अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 65 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अच्छे मानसून के आगमन से राज्य के प्रमुख बांधो में जल भराव की स्थिति संतोषप्रद है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 142 मि.मी. दर्ज हुई थी, जो औसत वर्षा से 9 प्रतिशत कम थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में 18 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत वर्षा दर्ज की गई थी। 

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    Fri, 04 Jul 2025 18:54:24 +0530 news desk MPcg
    AIIMS Bhopal की बड़ी उपलब्धि! गाइटर से पीड़ित बुजुर्ग महिला का सफल ऑपरेशन https://citytoday.co.in/2877 https://citytoday.co.in/2877 भोपाल
    AIIMS Bhopal में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है। यह महिला कई सालों से गाइटर (थायराइड ग्रंथि की सूजन) की समस्या से परेशान थीं। हाल के दिनों में उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी थी और आवाज भी साफ से नहीं निकल पा रही थी। एम्स भोपाल के जनरल सर्जरी विभाग में परामर्श के बाद की गई जांच में पता चला कि गाइटर इतना बढ़ चुका था कि उसने श्वास नली (ट्रेकिया) और गर्दन की अन्य नाजुक संरचनाओं पर दबाव डालना शुरू कर दिया था।
     
    किन डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन?
    यह स्थिति गंभीर और जानलेवा हो सकती थी। प्रो. डॉ. मनीष स्वर्णकार और डॉ. कृष्ण कुमार के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया। कई घंटे चली इस सर्जरी में थायराइड ग्रंथि को हटाया गया, साथ ही यह ध्यान रखा गया कि आवाज की नसें (रिकरेंट लैरिंजियल नर्व) और पैरा-थायराइड ग्रंथियां सुरक्षित रहें। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब मरीज तेजी से ठीक हो रही हैं।

    जानलेवा हो सकती थी बीमारी
    इस अवसर पर प्रो. मनीष स्वर्णकार ने बताया कि अगर इलाज में थोड़ी और देर होती तो यह महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि थायराइड से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय पर इलाज जरूरी है। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अजय सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि समय पर लोगों को जीवनरक्षक सेवाएं देना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं वास्तव में जनकल्याण का माध्यम बन सकें।

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    Fri, 04 Jul 2025 13:15:18 +0530 news desk MPcg
    आंगनबाड़ी में भर्ती का क्रेज! 19 हजार पदों के लिए ढाई लाख से ज़्यादा आवेदन, आज अंतिम मौका https://citytoday.co.in/2876 https://citytoday.co.in/2876 भोपाल
    प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 19,504 पदों पर भर्ती के लिए अब तक 2.70 लाख आवेदन मिल चुके हैं। शुक्रवार को आवेदन करने की अंतिम तिथि है। इस बार आवेदन की प्रक्रिया को आनलाइन रखा गया है। इनमें सुधार के लिए सात जुलाई तक का समय मिलेगा।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पारदर्शिता के लिए भर्ती की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। एमपी ऑनलाइन के चयन पोर्टल पर एक जनवरी 2025 की स्थिति में 18 से 35 वर्ष आयु तक की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। दस्तावेज भी इसी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।

    चयन समिति विभिन्न आधारों पर मेरिट तैयार करेगी। इसके आधार पर नियुक्ति होगी। सर्वाधिक 47 हजार 116 आवेदन इंदौर संभाग से प्राप्त हुए हैं।

    जबलपुर संभाग में 44 हजार 258, सागर में 33 हजार 513, भोपाल में 28 हजार 850, रीवा से 28 हजार 519, ग्वालियर में 28 हज़ार 413,उज्जैन में 24 हजार 159, चंबल में 14 हजार 829, शहडोल में 10 हजार 406 में और नर्मदापुरम संभाग में 10 हजार 89 आवेदन मिले हैं।

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    Fri, 04 Jul 2025 13:05:15 +0530 news desk MPcg
    गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार ‘विद्युत पुलिस थानों’ की शुरुआत करने जा रही https://citytoday.co.in/2874 https://citytoday.co.in/2874

    भोपाल
     अब मध्यप्रदेश में बिजली चोरी रोकना आसान होगा। गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार 'विद्युत पुलिस थानों' की शुरुआत करने जा रही है। इन थानों में प्रतिनियुक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, जो बिजली विभाग की जांच टीमों के साथ जाकर औचक निरीक्षण करेगा, एफआईआर दर्ज करेगा और केस डायरी तैयार करेगा।

    पहले चरण में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और रीवा में एक-एक विद्युत थाना खोला जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। सीएम ने बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस बल की आसान उपलब्धता पर जोर दिया।

    बैठक में बताया गया कि 15 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे, जिससे बकाया बिलों की समस्या खत्म हो सके। वहीं, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली पर 20% सस्ती दरों का लाभ मिलेगा। यह छूट पहले से उद्योगों को मिल रही थी, अब घरेलू उपभोक्ताओं को भी दी जाएगी।

    फिलहाल प्रदेश में 21 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 1.34 करोड़ मीटर लगाने का लक्ष्य है। इस कार्य की धीमी गति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और तेजी से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “स्मार्ट मीटरिंग बिजली उपयोग में अनुशासन लाएगी और उपभोक्ताओं को फायदा भी होगा।”

    सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि पंपों को सोलर पंप में बदला जाए, ताकि बिजली लोड कम हो और आपूर्ति बेहतर हो। इसके साथ ही घने पेड़ों के नीचे से गुजरने वाली लाइनों पर कोटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बारिश या आंधी के समय बिजली बाधित न हो।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि बकाया बिल वसूली के लिए ‘समाधान योजना’ लाई जा रही है। घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को अधिभार में छूट दी जाएगी। यह योजना 6 महीने के लिए लागू होगी। इसके बाद भी बिल न चुकाने वालों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।

    अगले दो साल में तीनों बिजली वितरण कंपनियों को लाभ में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट, सौर ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग और राजस्व वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है।

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    Fri, 04 Jul 2025 12:55:25 +0530 news desk MPcg
    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों के लिए 2.70 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त https://citytoday.co.in/2873 https://citytoday.co.in/2873 भोपाल

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये जारी की गई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। विभाग द्वारा 19 जून को जारी विज्ञापन के तहत कुल 19,504 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें अब तक 2,70,152 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

    भर्ती प्रक्रिया में दस संभागों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए 55,730 और आंगनवाड़ी सहायिका के लिए 2,14,422 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 4 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि भरे गए आवेदन में सुधार की अंतिम तिथि 7 जुलाई है।

    उल्लेखनीय है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 19 हज़ार 504 पदों की पूर्ति के लिए इंदौर संभाग से सबसे अधिक 47 हज़ार 116 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिन में 38 हज़ार 601 सहायिका के पद और 8 हज़ार 515 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद के लिए आवेदन प्राप्त हुए है। जबलपुर संभाग से कुल 44 हजार 258 आवेदन में से 34 हजार 317 सहायिका के और 9 हजार 941 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के आवेदन प्राप्त हुए है। सागर संभाग से 33 हज़ार 513 में से सहायिकाओं के पद के लिए 27 हज़ार 857 और कार्यकर्ता के लिए 5 हज़ार 656 आवेदन आए है।

    भोपाल में कुल 28 हज़ार 850 आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें सहायिका के पद के लिए 22 हजार 397 और कार्यकर्ता के लिए 6 हज़ार 453 आवेदन प्राप्त हुए है। इसी प्रकार रीवा से 28 हज़ार 519 कुल आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें 23 हज़ार 831 आवेदन सहायिका के और 4 हज़ार 688 आवेदन कार्यकर्ता के लिए प्राप्त हुए है। ग्वालियर संभाग के 28 हज़ार 413 आवेदनों में सहायिका के 22 हज़ार 73 और कार्यकर्ताओं के 6 हज़ार 340 आवेदन प्राप्त हुए है।

    उज्जैन संभाग से कुल 24 हजार 159 आवेदनों में से सहायिका के 18 हज़ार 711 और कार्यकर्ता के 5 हज़ार 448, चम्बल संभाग के कुल 14 हज़ार 829 आवेदनों में 12 हज़ार 343 सहायिका के और 2 हज़ार 486 आवेदन कार्यकर्ता के पद के लिए प्राप्त हुए है। इसके अतिरिक्त शहडोल संभाग से कुल 10 हज़ार 406 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें 7 हज़ार 291 सहायिका और 3 हजार 115 कार्यकर्ता के पद के लिए प्राप्त हुए है। नर्मदापुरम से सहायिका के पद के लिए 7,001 और कार्यकर्ता के लिए 3088 कुल 10 हज़ार 89 आवेदन प्राप्त हुए है।

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    Fri, 04 Jul 2025 12:51:41 +0530 news desk MPcg
    भोपाल के चित्रकार राज सैनी ने PM मोदी पर 200 फीट लंबी पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में अपना नाम दर्ज कराया https://citytoday.co.in/2872 https://citytoday.co.in/2872  भोपाल
    भोपाल के वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आधारित पेंटिंग वन कैरेक्टर, वन कैनवास, वन आर्टिस्ट के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में दर्ज हुआ है। राज सैनी को यह सम्मान पिछले दिनों इंदौर में आयोजित हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के समारोह में दिया गया।

    सैनी को यह सम्मान हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा, पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे, भजन गायक पद्मश्री अनूप जलोटा, सांसद शंकर लालवानी, स्पेशल डीजी वरुण कपूर ने दिया।

    उल्लेखनीय है कि राज सैनी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केंद्रित की गई अब तक की सबसे बड़ी पेंटिंग है। पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से कला के क्षेत्र में सक्रिय राज सैनी ने अब तक देश के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ मुलाकात, कार्यशैली, ऐतिहासिक फैसलों को पोर्ट्रेट के माध्यम से तैयार कर उन्हें भेंट किए हैं।

    रंग और कूची के माध्यम से कैनवास पर दिया आकार

    राज सैनी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में इस पेंटिंग को बनाने का निर्णय लिया। इस पेंटिंग को उन्होंने मूड्स ऑफ नरेन्द्र मोदी थीम पर तैयार किया, जिसमें प्रधानमंत्री के विभिन्न देशों में किए गए दौरे, प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मुलाकात, कार्यशैली, ऐतिहासिक फैसलों को शामिल करते हुए उन्हें रंग और कूची के माध्यम से कैनवास पर आकार दिया।

    राज सैनी कहते हैं कि दो सौ फीट लंबी और पांच फीच चौड़ी इस पेंटिंग को बनाने में उन्हें दो वर्ष का समय लगा था, जिसमें उन्होंने कभी किसी दूसरे कलाकार का सहयोग नहीं लिया और अकेले ही यह पेंटिंग वर्ष 2016 में पूरी की।

    राज सैनी कहते हैं कि लगभग दो वर्ष पहले वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की मुझे जानकारी मिली और मैंने इस पेंटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। समय-समय पर टीम के सदस्यों ने मेरे द्वारा भेजी गई तमाम जानकारियों को पुष्टि की और उसके बाद विभिन्न देशों के कुल 100 कलाकारों का चयन किया। मेरा चयन भारत में सबसे लंबी पेंटिंग बनाने की कैटेगरी में हुआ।

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    Fri, 04 Jul 2025 12:32:57 +0530 news desk MPcg
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 4 जुलाई को विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए अंतरित करेंगे राशि https://citytoday.co.in/2869 https://citytoday.co.in/2869 भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार 4 जुलाई को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह की भी गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

    स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रति विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की राशि लैपटॉप क्रय करने के लिये उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस वर्ष 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिये 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपये की राशि दी जा रही है।

    कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे। प्रदेश में पिछले वर्ष 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की गयी थी। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिये अंतरित की जा चुकी है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण के भोपाल में होने वाले राज्यस्तरीय आयोजन का जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में सीधे प्रसारण करवाने की व्यवस्था भी की गई है। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में मंत्रिगण, जिला पंचायत अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

    जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे मंत्रीगण

    जिला मुख्यालयों पर होने वाली प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण समारोह में मंत्रीगण शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा देवास, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शहडोल, मंत्री करण सिंह वर्मा सिवनी, संपतिया उइके सिंगरौली, तुलसीराम सिलावट ग्वालियर, एंदल सिंह कंषाना दतिया, सुनिर्मला भूरिया मंदसौर, गोविंद सिंह राजपूत गुना, विश्वास सारंग हरदा, नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, नागर सिंह चौहान आगर-मालवा, प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, राकेश शुक्ला अशोकनगर, चेतन्य कुमार काश्यप राजगढ़, इंदर सिंह परमार दमोह, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, दिलीप जायसवाल सीधी, गौतम टेटवाल उज्जैन, लखन पटेल विदिशा, नारायण सिंह पंवार रायसेन, नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी, दिलीप अहिरवार अनूपपुर, श्रीमती राधा सिंह मैहर से कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह सतना, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सागर, सुधीर गुप्ता नीमच, शंकर लालवानी इंदौर, गजेन्द्र पटेल बड़वानी, ज्ञानेश्वर पाटिल बुरहानपुर, शिवमंगल सिंह तोमर मुरैना, दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, श्रीमती संध्या राय भिंड, आशीष कुमार दुबे जबलपुर, जनार्दन मिश्रा रीवा में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायकगण भी शामिल होंगे प्रदीप पटेल मऊगंज, शिवनारायण सिंह उमरिया, बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, अनिल जैन निवाड़ी, कमलेश शाह छिंदवाड़ा, गौरव सिंह पारधी बालाघाट, श्रीमती नीना वर्मा धार के कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चंद्रवंशी रतलाम, सुसुनीता रमेश मेहरा कटनी, श्रीमती हाजरीबाई खरत अलीराजपुर, श्रीमती विद्या अग्निहोत्री छतरपुर, श्रीमती अनुबाई तंवर खरगोन, श्रीमती रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा सीहोर, श्रीमती ज्योति काकोड़िया नरसिंहपुर, दीपक कुशराम मंडला में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही सीताराम आदिवासी उपाध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण श्योपुर, संदीप घाटोडे अध्यक्ष नगरपालिका पांढुर्णा और श्रीमती कविता सिंगार अध्यक्ष नगर पालिका परिषद झाबुआ के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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    Thu, 03 Jul 2025 18:59:58 +0530 news desk MPcg
    भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी अनिल चौबे 35 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त – भावुक विदाई समारोह में जताया साथियों के प्रति आभार https://citytoday.co.in/2862 https://citytoday.co.in/2862 भोपाल। भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिष्ठित अधिकारी श्री अनिल चौबे ने 30 जून 2025 को बैंकिंग सेवा से गरिमापूर्ण सेवानिवृत्ति ग्रहण की। श्री चौबे ने लगभग 35 वर्षों तक भारतीय स्टेट बैंक में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और पूर्ण समर्पण से सेवा दी। उनके सेवानिवृत्त होने पर बैंक में एक भावुक और आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उनके सहयोगियों, वरिष्ठ अधिकारियों और शुभचिंतकों ने भाग लिया। इस अवसर में श्री चौबे का पूरा परिवार भी साथ रहा।

    श्री चौबे ने अपने विदाई संदेश में सभी साथियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक परिवार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा—
    “मैं अत्यंत विनम्रता के साथ आप सभी का आभार प्रकट करता हूं, जिनके स्नेह, सहयोग और मार्गदर्शन ने मुझे यह दीर्घ सेवा पथ सरलता और गरिमा के साथ पूर्ण करने में मदद की। आपके सहयोग की स्मृतियाँ मेरे जीवन की अमूल्य धरोहर रहेंगी।”

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “बैंक सिर्फ नौकरी का स्थान नहीं रहा, बल्कि यह एक परिवार बन गया था, जहाँ रिश्तों की गर्माहट और कार्य संस्कृति ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।”

    सेवाकाल की प्रमुख विशेषताएं:

    • श्री चौबे को बैंकिंग प्रक्रियाओं में दक्षता, ग्राहक सेवा में संवेदनशीलता और सहकर्मियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार के लिए जाना जाता रहा है।

    • उन्होंने विभिन्न शाखाओं और जिम्मेदारियों में रहते हुए बैंक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    • कार्यस्थल पर अनुशासन और मानवता के संतुलन के उदाहरण के रूप में वे हमेशा प्रेरणा बने रहे।

    • नई पीढ़ी के बैंक कर्मचारियों को उन्होंने मार्गदर्शन, धैर्य और अनुभव के साथ हमेशा समर्थन प्रदान किया।

      विदाई समारोह की झलकियाँ:

      विदाई समारोह के दौरान बैंक के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री चौबे के साथ अपने अनुभव साझा किए। समारोह में वातावरण भावनात्मक था, क्योंकि एक ऐसे अधिकारी का कार्यकाल पूर्ण हुआ, जिन्होंने हर परिस्थिति में संयम और दृढ़ता से कार्य किया।
      उनके साथियों ने उन्हें “सादगी की मिसाल”“शांत नेतृत्वकर्ता” और “निष्ठा के प्रतीक” कहकर भावभीनी विदाई दी।

      कार्यक्रम में एक सहयोगी ने भावुक होकर कहा, “चौबे जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी का सान्निध्य मिलना हम सबके लिए सौभाग्य रहा। उन्होंने हमें सिखाया कि अनुशासन और संवेदनशीलता साथ-साथ कैसे निभाई जाती है।”

      भविष्य के लिए शुभकामनाएँ:

      अपने विदाई वक्तव्य में श्री चौबे ने सभी के स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की और कहा कि उनका जीवन अब एक नई पारी की ओर अग्रसर होगा जिसमें वे आत्मिक संतोष और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देंगे।

      बैंक परिवार ने उन्हें सम्मान-पत्र, पुष्पगुच्छ और उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ दीं। सभी की आंखों में सम्मान और विदाई का भाव स्पष्ट दिख रहा था।


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    Thu, 03 Jul 2025 11:54:21 +0530 news desk MPcg
    राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खुलेगा भोपाल में, 10 एकड़ जमीन आरजीपीवी कैम्पस में दी जाएगी https://citytoday.co.in/2843 https://citytoday.co.in/2843 भोपाल 

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 1 जुलाई मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई है, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई ।इसके अलावा छात्रों और किसानों के लिए भी अहम फैसले लिए गए।

    मध्यप्रदेश में 4 जुलाई को मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक के बाद निवेश संवर्धन को लेकर गठित मंत्रिमंडल समिति की बैठक भी होगी, जिसमें विभिन्न उद्योगों को प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत लाभ देने संबंधी फैसले लिए जाएंगे।

    डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश में बनाए गए पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसलिए सरकार ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्यम से इन सड़कों और पुलों को सुधारने का निर्णय लिया है। 1766 पुलों के निर्माण के लिए 4572 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

    राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खुलेगा भोपाल में

    डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर का कैम्पस भोपाल के लिए स्वीकृत हुआ है। इसके लिए 10 एकड़ जमीन आरजीपीवी कैम्पस में दी जाएगी। जब तक RRU का अपना भवन नहीं बनेगा, तब तक आरजीपीवी के भवन से संचालित किया जाएगा। जब रक्षा विश्वविद्यालय अपना कैम्पस तैयार कर लेगा, तो वहां शिफ्ट हो जाएगा। इस संस्थान के आने से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रोजगार और कौशल के लिए एमपी के बच्चों को मौका मिलेगा। राज्य और राष्ट्र स्तर के मामले में मजबूती मिलेगी। हायर एजुकेशन के क्षेत्र में भी इससे प्रगति होगी।

    एक बगिया मां के नाम योजना शुरू होगी

    कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार 'एक बगिया मां के नाम' से नई योजना प्रारंभ करने जा रही है, जिसमें स्व-सहायता समूह की 30 हजार महिलाएं आजीविका संवर्धन के लिए 30 हजार एकड़ भूमि पर 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण करेंगी। इस पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर फल उद्यान का विकास किया जाएगा।

    डॉ. यादव ने बताया कि इस योजना में हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए तारफेंसिंग और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए भी राशि दी जाएगी। उद्यान विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान 1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी सहित सभी विभाग सहभागिता करेंगे ।

    मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी

        मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना को मंजूरी। इस योजना में हर विधानसभा से एक गांव का चयन किया जाएगा। 2 हजार आबादी वाले के गांव का चयन होगा। इसके लिए हितग्राही के पास कम से कम 500 गौवंश होने चाहिए।आदर्श ग्राम की परिकल्पना को इस योजना के तहत साकार किया जाएगा। ये गांव आदर्श गांव के रूप में विकसित होंगे। इन गांवों में आजीविका संबंधी गतिविधियां भी होंगी। पूरे गांव का हर स्तर पर विकास किया जाएगा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए फैसले लिए जाएंगे।

        मध्यप्रदेश के 1766 पुलों को सुधारा जाएगा। इस कार्य में 4572 करोड़ रुपए हो खर्च होंगे। प्रदेश के सभी पुलों का 5 साल में होगा निर्माण। इस कार्य के लिए राज्य सरकार के बजट से खर्च होगी राशि।

        मऊगंज, मैहर और पांढुर्ना में अनुसूचित जाति-जनजाति कार्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपए का फंड मंजूर किया गया है।
        नए कानून (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) इसके प्रभारी क्रियान्वन के लिए 7 साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनिवार्य तथा आवश्यक भ्रमण हेतु कुल 1266 नए पदों के सृजन किए गए हैं।

        उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर का कैंपस आरंभ करने की स्वीकृति मिल गई है। जब तक इसका भवन तैयार नहीं हो जाता है, तब तक इसका संचालन राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा।

    कैबिनेट बैठक में लिए गए ये भी फैसले

        मध्यप्रदेश में 4 जुलाई को मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
        न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 6 जुलाई तक जारी है तथा उपार्जन 7 जुलाई से किया जाएगा।

        रतलाम में 27 जून को ‘ RISE Conclave 2025 ‘ का सफल आयोजन हुआ है। इसमें ₹30402 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इसके माध्यम से 35 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    नदियों के उद्गम स्थल पर रोपेंगे पौधे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लगभग 100 नदियों के उद्गम स्थलों पर दस-दस एकड़ भूमि पर 42 करोड़ रुपए की लागत से पौधों का रोपण किया जाएगा। जिला विकास सलाहकार समिति का गठन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया जाना है। समिति में सांसद, विधायक, पंचायत तथा नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ ही चिकित्सा, विधि, इंजीनियरिंग, समाज सेवा, कृषि, उद्यानिकी, डेयरी आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञ और प्रख्यातजन शामिल होंगे।

    3.51 लाख मैट्रिक टन मूंग, 1.23 लाख मैट्रिक टन उड़द उपार्जन लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार ने एमएसपी पर मूंग उपार्जन के लिए 3.51 लाख मैट्रिक टन और उड़द उपार्जन के लिए 1.23 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मूंग के लिए 30 जून तक 2 लाख 94 हजार किसानों और उड़द के लिए 11 हजार 495 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। पंजीयन के लिए 6 जुलाई तक तिथि निर्धारित है। मूंग और उड़द का उपार्जन 7 जुलाई से 6 अगस्त तक किया जाएगा।

    85 हजार खेत तालाबों का निर्माण हुआ बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत खेत का पानी खेत में संचित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 85 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण किया है। भूजल संवर्धन के लिए 1 लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण किया। पानी की अमृत बूंद को सहेजने के लिए अमृत सरोवर 2.0 के तहत 1000 से अधिक नए अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ हुआ है। शहरी क्षेत्र में समाज की सहभागिता से 3300 से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, 2200 नालों की सफाई और 4000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गईं।

    इसके साथ ही 40 लाख से अधिक नागरिकों ने 5000 से अधिक ऐतिहासिक/धार्मिक जल स्रोतों (बावड़ी, मंदिर, तालाबों आदि) की सफाई और जीर्णोद्धार में भाग लिया। अभियान के अंतर्गत 2 लाख 30 हजार जलदूतों का पंजीकरण हुआ। नर्मदा परिक्रमा पथ और पंचक्रोशी यात्रा जैसे अन्य तीर्थ मार्गों का डिजिटलीकरण किया। अवरिल निर्मल नर्मदा योजना के तहत 5600 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना स्वीकृत कराकर कार्य आरंभ किया।

    उन्होंने बताया कि वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2500 से अधिक तालाब, स्टॉप डेम जैसी जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया। प्रदेश की 15 हजार से अधिक जल संरचनाओं और जल संग्रहण संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मानसून में रोपण के लिए 6 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं।

    15 दिन बाद बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक 15 दिन बाद हुई है। पिछले मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई सुरक्षा व्यवस्था संबंधी बैठक के चलते कैबिनेट बैठक नहीं हो पाई थी।

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    Tue, 01 Jul 2025 17:30:24 +0530 news desk MPcg
    नकली समान बेचने वाले पर बिजुरी पुलिस की कार्यवाही कर किया 3,07,950 /& रुपये का नकली समान जप्त https://citytoday.co.in/2830 https://citytoday.co.in/2830 बिजुरी 
     बाजार मे नकली समान बेचने हेतु आवेदन पत्र प्राप्त होने पर सूचना तस्दीक हेतु टीम गठित की जाकर रेड कार्यवाही की गयी जिस पर कपिलधारा कालोनी थाना बिजुरी मे आरोपी अजय कुमार श्रीवास पिता स्व. संत कुमार श्रीवास उम्र 32 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 09 थाना अमरकंटक का मिला जिससे कब्जे से 115 नग पतंजली मर्स्टड ऑयल की बोतल, टाटा टी प्रीमियम चाय पत्ती कुल 1330 नग, ग्लूकान डी के 740 नग, आल आउट के 1510 नग कुल कीमती 3,07,950/- रुपये का कब्जे से मिला मौके पर उपस्थित जांच अधिकारी के द्वारा सैंपल की जांच करने पर उपरोक्त समान नकली होना पाया गया तथा आरोपी से दस्तावेज मागने पर कोई दस्तावेज पेश नही करने पर आरोपी की कृत्य धारा 51, 63 कॉपी राइट अधिनियम 1957 पाये जाने से उपरोक्त सामग्री को विधिवत जप्त किया जाकर कब्जे पुलिस लिया गया तथा आरोपी अजय कुमार श्रीवास के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
    उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक विकास सिह, उनि विपुल शुक्ला, प्रआर 171 सतीष मिश्रा आर. 384 नरेन्द्र सिंह म.आर. 522 पूनम पाण्डेय की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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    Mon, 30 Jun 2025 17:35:56 +0530 news desk MPcg
    राष्ट्र&गीत एवं राष्ट्र&गान 1 जुलाई को मंत्रालय के पटेल पार्क में होगा https://citytoday.co.in/2829 https://citytoday.co.in/2829 भोपाल

    मंत्रालय के समक्ष स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वन्दे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन गण मन" का गायन 1 जुलाई को प्रात: 10:15 बजे किया जाएगा।  वर्षा होने की स्थिति में उक्त गायन मंत्रालय क्रमांक-1 के कक्ष क्रंमाक 506 में होगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है।   

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    Mon, 30 Jun 2025 17:34:03 +0530 news desk MPcg
    "खेत&तालाब और अमृत सरोवर योजनाओं से 1.67 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में होगी सिंचाई, किसानों के चेहरों पर लौटेगी मुस्कान।" https://citytoday.co.in/2825 https://citytoday.co.in/2825 भोपाल: जल गंगा संवर्धन अभियान से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ा, खेत-तालाब और अमृत सरोवर बन रहे किसानों की उम्मीद

    प्रदेश के किसानों को भरपूर सिंचाई जल उपलब्ध हो और सिंचाई के रकबे में वृद्धि हो, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मनरेगा योजना से अब तक 84,930 खेत-तालाब और 1,283 अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं के माध्यम से प्रदेश में 1.67 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकेगी, जिससे किसानों के चेहरे पर फिर से रौनक लौटेगी।

    यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा निर्धारित 65 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।


    बारिश की हर बूंद होगी संरक्षित, पुराने जल स्रोतों को मिल रही नई ज़िंदगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रारंभ किए गए तीन माह के जल गंगा संवर्धन अभियान का असर अब ज़मीन पर नजर आने लगा है। प्रदेश में वर्षा जल के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। कई खेत-तालाबों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अमृत सरोवरों का निर्माण भी तेजी से जारी है।


    जल स्तर बढ़ाने बनाए जा रहे 1 लाख से अधिक रिचार्ज पिट

    पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए उपयोग में लाए जा रहे अनेक कुएं अब जलस्तर गिरने से संकट में आ गए हैं, कुछ पूरी तरह सूख भी चुके हैं। ऐसे में सरकार ने इन जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए 1 लाख 3 हजार से अधिक कूप रिचार्ज पिट बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे पार करते हुए अब तक 1,04,294 रिचार्ज पिट तैयार किए जा रहे हैं।


    तकनीक से बन रहे जल संरचनाएं, दिखने लगे सकारात्मक परिणाम

    इस बार जल गंगा संवर्धन अभियान में तकनीक आधारित योजना और क्रियान्वयन किया गया है। प्लानर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्ययोजना बनी और सिपरी सॉफ्टवेयर से जल प्रवाह का वैज्ञानिक विश्लेषण कर निर्माण स्थलों का चयन हुआ। परिणामस्वरूप, पहली ही बारिश में खेत-तालाब पानी से लबालब हैं और कुएं भी रिचार्ज होने लगे हैं। इससे प्रदेश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में नई शुरुआत हुई है।


    जल गंगा संवर्धन में अग्रणी रहे ये जिले

    मनरेगा योजना के तहत जल संरचनाएं बनाने में प्रदेश के टॉप 10 जिले रहे:

    • खंडवा

    • बालाघाट

    • रायसेन

    • उज्जैन

    • छिंदवाड़ा

    • बुरहानपुर

    • राजगढ़

    • अशोकनगर

    • बैतूल

    • मंडला

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    Sun, 29 Jun 2025 13:10:03 +0530 News desk Hindi
    मध्य प्रदेश में नौ साल बाद खुला प्रमोशन का रास्ता, 31 जुलाई तक पूरे होंगे प्रक्रिया https://citytoday.co.in/2823 https://citytoday.co.in/2823 भोपाल
    नौ साल बाद मध्य प्रदेश में पदोन्नति के लिए नए नियम लागू हो गए। मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को लेकर बैठक हुई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नौ साल बाद बड़ी समस्या समाप्त हो रही है। पदोन्नति के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। 31 जुलाई तक सभी विभाग पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करें। आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रतिनिधित्व दिया है। बड़ी संख्या में पद खाली हैं, सभी को पदोन्नति मिलेगी।
     
    अधिकारियों की मंत्रालय में हुई बैठक
    सरकार पदोन्नति नियम लागू करने के साथ ही चाहती है कि इसका लाभ कर्मचारियों को जल्द से जल्द मिल जाए। इसके लिए ही गुरुवार को सभी विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष से लेकर स्थापना का काम देखने वाले अधिकारियों की मंत्रालय में बैठक बुलाई गई। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और उप सचिव अजय कटेसरिया ने प्रस्तुतीकरण दिया।

    इसमें अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिए आरक्षित पदों की गणना, विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक, अर्हकारी सेवा की गणना, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पदोन्नति के लिए अनुपयुक्तता, पदोन्नति का प्रकार, पदोन्नति के फलस्वरूप वेतन का निर्धारण, सीलबंद लिफाफे की स्थिति में प्रक्रिया सहित प्रतीक्षा सूची से रिक्तियों को भरे जाने की जानकारी दी गयी।

    प्रश्नों का किया समाधान
    इस दौरान गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने आरक्षण, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले दंड, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने प्रतिनियुक्ति वाले पद, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, अनुसूचित जाति विकास, परिवहन, वन सहित अन्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न प्रविधानों से जुड़ी जिज्ञासाओं पर प्रश्न किए। विभाग के दोनों अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव ने इनका समाधान किया।

    कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दें
    मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि पदोन्नति नियम लागू होने से बड़ी समस्या समाप्त हो सकेगी। प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। सभी विभाग कर्मचारी-कल्याण को प्राथमिकता दें। विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठकें, कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन, विभागीय जांच एवं पेंशन प्रकरणों का निराकरण समय से करें।

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    Sat, 28 Jun 2025 14:15:45 +0530 News desk Hindi
    नेशनल को&ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमि. के साथ सहकारी संघ एवं मंडी बोर्ड के बीच हुआ एमओयू https://citytoday.co.in/2819 https://citytoday.co.in/2819 भोपाल

    सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और इसके माध्यम से किसानों को उनकी फसल का और अधिक लाभ उपलब्ध कराने की मंशा से राष्ट्रीय स्तर पर को-ऑपरेटिव सेक्टर में निर्यात की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) का गठन किया। इसके माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद में अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा। मंत्री श्री सारंग प्रदेश के विभिन्न उत्पादों विशेष रूप से मसालों एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के एक्सपोर्ट को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मसालों के निर्यात को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने के लिए नेशनल एक्सपोर्ट को-ऑपरेटिव लिमिटेड के साथ मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ और कृषि मंडी बोर्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गये।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि एनसीईएल के साथ राज्य संघ और मंडी बोर्ड का एमओयू मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक नया प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से किसान अपने उत्पाद का निर्यात कर सकेंगे। अब किसानों के उत्पादों को उचित दाम तो मिलेगा ही साथ ही सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिलेगी। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश की 1578 सोसाइटियों ने एनसीईएल की मेंबरशिप ली है। इससे किसानों के उत्पाद निर्यात होंगे। मध्यप्रदेश किसानों के उत्पाद के लिए भी दुनिया में निर्यातक बनने का कीर्तिमान स्थापित करेगा और मध्यप्रदेश देश में नंबर एक होगा।

    सहकारिता कृषि का महत्वपूर्ण अंग -मंत्री कंषाना
    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एंदल सिंह कंषाना ने सहकारिता को कृषि का महत्वपूर्ण अंग बताया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। हिंदुस्तान कृषि प्रधान देश है और मध्यप्रदेश देश में कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। मध्य प्रदेश को सात बार कृषि कृर्मण अवार्ड भी मिला है।

    उत्पाद को डिमांड के अनुसार पहुंचाने पर मिलेगा सही दाम-एसीएस वर्णबाल
    अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णबाल ने कहा कि एमओयू के जरिये किसानों के उत्पाद को डिमांड के अनुसार पहुंचाने पर सही दाम मिल सकेगा। देश पहले उत्पादों का आयात करता था, अब निर्यात के जरिए इंटरनेशनल मार्केट तक उत्पाद पहुंचाकर सही दाम प्राप्त कर सकेगा। मध्यप्रदेश की धान, मसाले, धनिया, मिर्ची, केले आदि का काफी निर्यात होता है, अब किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
    एनसीईएल के एमडी श्री अनुपम कौशिक ने कहा कि मध्यप्रदेश के विशिष्ट उत्पादों और किसानों को अब सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेंगे, जिसके जरिए उनकी आय में वृद्धि होगी। सहकारिता से समृद्धि और निर्यात से उन्नति की दिशा में हम प्रयासरत है। मध्यप्रदेश सरकार एवं उनके विभिन्न विभाग के सहयोग और समर्थन से हम आगे बढ़ेंगे।

    अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष समारोह के अंतर्गत यह आयोजन एनसीईएल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में ‘मध्यप्रदेश के किसानों को निर्यात के लिये सक्षम बनाना’ विषयक संयुक्त उत्पाद संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
        कार्यशाला में प्रदेश भर से लघु एवं मध्यम स्तर के मिर्च, धनिया, लहसुन आदि मसाला उत्पादक किसान, हस्तशिल्प निर्माता, सहकारी समितियाँ, एफपीओ तथा अन्य उत्पादक समूह ने भाग लिया। विशेषज्ञों द्वारा निर्यात प्रक्रिया, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गये।
    कार्यशाला में प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड श्री कुमार पुरूषोत्तम सहित सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। अंत में सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प ने आभार माना।

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    Sat, 28 Jun 2025 13:52:11 +0530 News desk Hindi
    भोपाल शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न एजेंसियों की हुई बैठक https://citytoday.co.in/2808 https://citytoday.co.in/2808 भोपाल शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न एजेंसियों की हुई बैठक

    आयुक्त नगरीय प्रशासन ने बेहतर समन्वय के दिये निर्देश

    भोपाल
    भोपाल शहर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं सड़क सुरक्षा को लेकर बुधवार को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में पालिका भवन में बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं जैसे गृह, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, स्मार्ट सिटी, नगर निगम भोपाल, कलेक्टर कार्यालय भोपाल, मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के प्रतिनिधि मौजूद थे।

    बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन ने भोपाल शहर में विभिन्न सड़क निर्माण एजेंसियों द्वारा बनायी जा रही सड़कों की संरचना एवं संकेतकों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एजेंसियों के प्रतिनिधियों से कहा कि राजधानी भोपाल की सड़कें सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिये। उन्होंने इण्डियन रोड कांग्रेस के दिशा-निर्देश के अनुसार संकेत एवं मॉर्किंग अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिये।

    सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये समन्वय जरूरी

    आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री भोंडवे ने एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर यूनिफार्म स्टेण्डर्ड का पालन करें और नियमित रूप से रख-रखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। बैठक में सड़क निर्माण से जुड़े अभियंताओं, विशेषज्ञों और सलाहकारों को इंस्टीट्यूट ऑफ हाईवे इंजीनियर्स से प्रशिक्षण प्राप्त करने की सिफारिश की गयी। बैठक में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और विज़न-2047 के अनुरूप ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तैयार करने के संबंध में भी सुझाव दिये गये।

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    Thu, 26 Jun 2025 11:38:50 +0530 news desk MPcg
    11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज, भोपाल में अटल पथ पर सीएम मोहन ने किया योग https://citytoday.co.in/2777 https://citytoday.co.in/2777

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में आज 21 जून शनिवार को 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ के साथ, प्रदेश भर में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में भोपाल से लेकर खजुराहो तक सामूहिक योग सत्रों ने लोगों को एकजुट कर लिया है।

     दिल्ली में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदियों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ योग में हिस्सा लिया। इस साल का योग दिवस प्रकृति और स्वास्थ्य के बीच सामंजस्य पर केंद्रित है, जिसमें योग संगम के तहत 1,00,000 स्थानों पर योगाभ्यास किया गया।

    राजधानी भोपाल में भव्य हुआ योगाभ्यास
    भोपाल. आज सुबह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक भव्य योग कार्यक्रम इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के लिए योग पर आधारित है। जनजातीय कलाकार पद्मश्री भजजु सिंह श्याम, रंगनिर्देशक बालेन्द्र सिंह, प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान, मानव संग्रहालय के अधिकारी एवं कर्मचारी, केंद्र शासन के भोपाल स्थित कार्यालयों के अधिकारीगण, दूरदर्शन, आल इंडिया रेडियो, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, लिटल बैले ट्रूप, तथा शहर के अनेक विद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ , रंगकर्मी, गणमान्य नागरिक विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सामूहिक योग किया

    सीएम मोहन यादव ने अटल पथ पर किया योग

    प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में अटल पथ पर योगाभ्यास किया।

    रतलाम में विधायक सभागृह में हुआ योग
    रतलाम. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शहर के बरबड स्थित विधायक सभागृह में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी योग शिविर में प्रबुद्ध जनों के साथ मौजूद रहे । शुरुआत में प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम के प्रसारण किया गया। इसके बाद योग शिविर की शुरुआत होगी।

    बीएफएस बल के जवानों के साथ स्कूली बच्चों समेत 2 हजार लोग हुए शामिल
    डबरा. सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। बीएसएफ बल के जवानों के साथ – साथ बल के कार्मिकों के परिवार जन स्कूली बच्चों सहित लगभग 2 हजार लोग शामिल हुए। योगा प्रशिक्षक मोनिका जैन ने योगाभ्यास कराया।

    श्रीमन्त तुकोजीराव पवार स्टेडियम में योगाभ्यास
    देवास। अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्रीमन्त तुकोजीराव पवार स्टेडियम में योग का कार्यक्रम । उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा हुए शामिल । अधिकारी , जनप्रतिनिधियों के साथ स्कूली बच्चे आमजन बड़ी संख्या में योग करने पहुचे।
    जबलपुर में कई जगह हुए योगाभ्यास कार्यक्रम, श्वेता ने खींचा सबका ध्यान

    भोपाल में अटल पथ पर सीएम मोहन ने किया योग

    राजधानी भोपाल में 21 जून को 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. भोपाल के अटल पथ पर कार्यक्रम आयोजित  किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान सीएम मोहन यादव और वीडी शर्मा एक साथ योग किए. इस कार्यक्रम की अध्यक्षा केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने की.

    योग दिवस पर CM मोहन ने शेयर की पोस्ट

    सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, 'स्वस्थ्यम् सर्वदा योगेन. सभी प्रदेशवासियों व योग साधकों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. भारत की ऋषि परंपरा ने मानसिक और आध्यात्मिक उन्नयन के साथ शरीर को भी स्वस्थ रखने के लिए योग विद्या प्रदान की. प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने विश्व कल्याण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की अलख जगाकर विश्व बंधुत्व की भावना को प्रबल बनाया है. आइए, हम सब योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और 'स्वस्थ भारत – समर्थ भारत' की दिशा में योगदान दें.

     आत्मबल, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन का आधार
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने योग को आत्मबल, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन का आधार बताया और प्रधानमंत्री मोदी को योग को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया। सीएम मोहन यादव ने इस साल की योग दिवस थीम ‘Yoga for One Earth, One Health’ पर बोलते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं बल्कि हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। “हम सबका स्वास्थ्य, पर्यावरण और भविष्य आपस में जुड़े हुए हैं। योग इन तीनों को संतुलित करने का सबसे असरदार तरीका है।

    भारत के सभी प्रकार के प्राचीन ज्ञान से दुनिया हो रही परिचित
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मेरी आप सबको बधाई। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जा रहा है, भारत के सभी प्रकार के प्राचीन ज्ञान व विज्ञान से दुनिया परिचित होती जा रही है। हमारे जीवन शैली से परिचित होती जा रही है। महर्षि पतंजलि और तमाम ऋषि परंपराओं की अनुपम देन जो वसुदेव कुटुंबकम तक ले जाती है।

    सुबह 6 डाइवर्ट रहे रूट 
    इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने सुरक्षा और सुगमता के लिहाज से ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया था। शुक्रवार सुबह 6 बजे से अटल पथ और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। यातायात पुलिस के अनुसार कार्यक्रम स्थल के आसपास रोशनपुरा चौराहा, अपैक्स बैंक तिराहा और माता मंदिर मार्ग जैसे मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक रहने की संभावना थी। इन स्थानों पर लोक परिवहन साधनों और भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। 

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर इंदौर के गोपुर चौराहे पर कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस मौके पर महापौर पुष्य मित्र भार्गव द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना से हुई. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.वहीं विधायक मधु वर्मा भी कार्यक्रम में पहुंचे. 

    इंदौर के रजवाड़ा पैलेस पर पहली बार योग कार्यक्रम का आयोजन 

    इधर, इंदौर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहली बार इंदौर के रजवाड़ा पैलेस पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में ​​​​​​​ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. इस मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे. 

    जबलपुर. मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जबलपुर में कई जगह योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि रहे पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के साथ शहर के सैकड़ो लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान शहर की श्वेता दुबे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। श्वेता ने यहां एक्वा योग यानी पानी में योग किया। योग प्रशिक्षक श्वेता ने बताया कि वे 10 साल की उम्र से योगाभ्यास कर रही हैं। एक्वा योग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि धरती पर योग और पानी में योग के बीच काफी अंतर है। एक्वा योग न केवल एक शारीरिक व्यायाम है बल्कि, यह मन, मस्तिष्क और आपके शरीर के बीच में बेहद गहरा तालमेल स्थापित करता है। जो यह सिखाता है की कैसे पानी पर स्थिर होकर आपकी सारी इंद्रियों को कंट्रोल कर ध्यान लगाया जाए। 

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    Sat, 21 Jun 2025 11:47:15 +0530 news desk MPcg
    Home देश विदेश राज्य मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजनीतिक बिज़नेस खेल मनोरंजन लाइफस्टाइल धर्म ज्योतिष Search for ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भोपाल में होगा 21 जून को राज्य स्तरीय कार्यक्रम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/2748 https://citytoday.co.in/2748 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग शरीर का रोग मिटाकर इसे विकार मुक्त करता है। स्वस्थ काया के लिए सबको रोज योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पुरातन योग पद्धति को अब अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है और इसीलिए सिर्फ भारत में नहीं, वरन् पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 21 जून को होने वाले आयोजन की तैयारी को लेकर समीक्षा की

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास और मनोयोग से मनाया जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए ऐसे स्थल का चयन करने के निर्देश दिए, जो ऊपर से कवर्ड (शेडयुक्त) हो और उसमें अधिकतम प्रतिभागी भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास में सबकी सहभागिता हो सिर्फ बच्चे ही नहीं, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हों। योगाभ्यास कार्यक्रम की समुचित एवं सुनियोजित तैयारियां की जाएं। योगाभ्यास स्थल पर पानी का जमाव न होने पाए, कार्यक्रम स्थल तक सहज पहुंच और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास कार्यक्रम यथासंभव स्कूल, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या ऐसी अन्य शिक्षण संस्थाओं के कवर्ड कैम्पस में आयोजित किए जाएं।

    बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" ("Yoga For One Earth, One Health") तय की गई है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 6.00 से 6.20 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन होंगे। सुबह 6.20 से 6.30 बजे तक भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 7.00 से 7.45 बजे तक सामान्य योग प्रोटोकॉल का सामूहिक योगाभ्यास सभी प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।

    प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मंत्रीगण, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं विधायक के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालयों में किए जाएंगे। सभी शासकीय कर्मचारियों की योगाभ्यास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासकीय विभागों की अधीनस्थ संस्थाओं में तथा विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाना प्रस्तावित हैं। ग्राम स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा ग्रामों तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश का वितरण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की ग्राम जल और स्वच्छता समितियों द्वारा भी योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के अधीन प्रदेश के आगनबाड़ियों में तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे।

    प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों क्रमश: अमरकंटक (मंदिर समूह में), भीमबेटका (गुफाओं पार्किंग क्षेत्र के सामने), भोपाल (कमलापति पैलेस में), ग्वालियर (मानसिंह महल के पास), खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह में), ओरछा, सांची (स्तूप नंबर एक के पास, लाइट एंड साउंड शो क्षेत्र में), माण्डु (जहाज महल के सामने) तथा महेश्वर में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है।

    प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 21 जून के मुख्य कार्यक्रम को योग संगम के रूप में मनाया जाएगा। योग पार्क में सार्वजनिक उद्यानों को योग पार्क के रूप में उन्नत कर यहां सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग समावेश के तहत दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों के लिए विशेष योग कार्यक्रम किए जाएंगे। हरित योग के तहत प्रतिष्ठित प्राकृतिक स्थलों पर योग सत्र का आयोजन कर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।

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    Wed, 18 Jun 2025 14:45:44 +0530 news desk MPcg