City Today & : लाइफस्टाइल https://citytoday.co.in/rss/category/lifestyle City Today & : लाइफस्टाइल en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ https://citytoday.co.in/5522 https://citytoday.co.in/5522 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स:

भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता
भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे।

Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है।
Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें

बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है।

प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है।

मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

]]>
Tue, 14 Apr 2026 18:00:03 +0530 news desk MPcg
Tata Motors ने शुरू की Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक की डिलीवरी | Tata Tractor | automobile News https://citytoday.co.in/5518 https://citytoday.co.in/5518 मुंबई 

 Tata Motors की कमर्शियल व्हीकल विंग ने BillionE Mobility को अपने Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर की डिलीवरी शुरू कर दी है. इसके साथ ही कंपनी ने 250 अतिरिक्त यूनिट्स के लिए एक नया ऑर्डर भी हासिल किया है. यह विकास भारत में इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी कमर्शियल व्हीकल्स के लिए एक कदम आगे है, जो खासकर लंबी दूरी के माल परिचालन में अहम है। 

कंपनी ने ट्रकों के शुरुआती बैच को गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली NCR और हरियाणा सहित प्रमुख लॉजिस्टिक कॉरिडोर में डिलीवर करने की योजना बनाई है. इन वाहनों का इस्तेमाल स्टील और सीमेंट जैसे औद्योगिक सामानों के परिवहन के लिए किया जाएगा, जो मुख्य माल ढुलाई सेगमेंट में इलेक्ट्रिकफिकेशन की ओर एक बदलाव का प्रतीक है। 

डिलीवरी के साथ-साथ, BillionE Mobility ने अगले 6 से 18 महीनों में अपने इलेक्ट्रिक ट्रक फ्लीट को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना की रूपरेखा भी तैयार कर ली है, जिसमें 1,500 हेवी-ड्यूटी वाहनों की कुल तैनाती का लक्ष्य रखा गया है. इसके अतिरिक्त 250-यूनिट ऑर्डर इस व्यापक विस्तार का हिस्सा है। 

नए Tata Prima E.55S का बैटरी पैक और रेंज
Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक कंपनी के i-MoEV इलेक्ट्रिक वाहन आर्किटेक्चर पर आधारित है और इसमें एक इंटीग्रेटेड ई-एक्सल सेटअप मिलता है. इस ट्रक में 450 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जिसके बारे में कंपनी का कहना है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ा बैटरी पैक है, जो एक बार चार्ज करने पर 350 किमी तक की रेंज प्रदान करता है। 

ट्रक में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग भी मिलती है, और डुअल-गन फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है. ट्रक मिलने वाले हार्डवेयर की बात करें तो इसमें इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर 3-स्पीड ऑटो-शिफ्ट ट्रांसमिशन, सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम जैसे फीचर्स मिलते हैं। 

नए Tata Prima E.55S के फीचर्स
इसके अलावा, इस ट्रक में वैकल्पिक ADAS कार्यक्षमता के साथ ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, लेन डिपार्चर वार्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, क्रूज़ कंट्रोल और एक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. यह मॉडल अपटाइम, परिचालन दक्षता और स्वामित्व की कुल लागत पर ध्यान देने के साथ लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। 

Tata Motors सेवा बुनियादी ढांचे और फ्लीट मैनेजमेंट समाधान सहित अपने व्यापक ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से इन तैनाती का समर्थन कर रहा है. Tata Prima E.55S का रोलआउट और BillionE Mobility का अतिरिक्त ऑर्डर भारी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में हरित समाधानों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, खासकर जब बेड़े संचालक अंतर-शहर संचालन के लिए पारंपरिक डीजल-संचालित ट्रकों के विकल्प तलाश रहे हैं। 

]]>
Tue, 14 Apr 2026 14:10:24 +0530 news desk MPcg
वनप्लस ने लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला दमदार फोन, एक बार चार्ज करने पर चलेगा ढाई दिन https://citytoday.co.in/5467 https://citytoday.co.in/5467 स्मार्टफोन इंडस्ट्री में आजकल ढेरों स्मार्टफोन ऐसे लॉन्च हुए हैं, जिनके अंदर मेगा बैटरी का यूज किया है. यानी फोन में 7000mAh से लेकर  9000mAh बैटरी पैक तक के कई फोन मिल जाएंगे.  मंगलवार को वनप्लस ने भी 9000mAh की बैटरी वाला फोन लॉन्च किया है.

बड़ा बैटरी पैक देने से स्मार्टफोन को सिंगल चार्ज में ज्यादा चलाया जा सकेगा. वनप्लस का दावा है कि 9000mAh बैटरी वाला वनप्लस नॉर्ड 6 एक बार फुल चार्जिंग के बाद ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देने की काबिलियत रखता है.

आज के समय में लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ चुका है. ऑफिस के काम से लेकर इंडियन प्रीमियर लीक (IPL 2026) के मैच देखने तक में मोबाइल का यूज होता है. ऐसे में ज्यादा बैटरी बैकअप से यूजर्स को फायदा मिलता है. यूजर्स को बार-बार चार्जिंग की जरूरत नहीं होती है.

मेगा बैटरी पैक होने के नुकसान भी
    स्मार्टफोन में मेगा बैटरी पैक देने के कई नुकसान भी हैं. इसकी वजह से मोबाइल की थिकनेस बढ़ जाती है और फोन ज्यादा बल्की नजर नजर आता है.
    मेगा बैटरी पैक की वजह से स्मार्टफोन में चार्जिंग टाइम में इजाफा हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को मोबाइल बैटरी को फुल चार्ज करने में ज्यादा समय लगेगा.
    स्मार्टफोन में ज्यादा बड़ी बैटरी होने की वजह से उसमें ओवर हीटिंग से संबंधित समस्या सामने आने लगती है. मोबाइल में ओवर हीटिंग की वजह से मोबाइल की परफोर्मेंस प्रभावित होती है और वह कई बार हैंग भी हो सकता है.
    मेगा बैटरी होने की वजह से स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर बैटरी पर ज्यादा प्रेशर बनता है तो बैटरी में आग लग सकती है.

ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां क्यों नहीं करती
सैमसंग और ऐपल के फ्लैगशिप हैंडसेट भारत समेत दुनियाभर में पॉपुलर हैं. इसके बावजूद ये कंपनियां अपने हैंडसेट में मेगा बैटरी जैसे 7000mAh या 9000mAh बैटरी का यूज नहीं करती हैं. इसके पीछे कई वजह हैं, जैसे स्मार्टफोन थिकनेस, फोन सेफ्टी, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और एफिसिएंसी मैनेजमेंट.

सैमसंग और ऐपल अपनी फ्लैगशिप सीरीज में भले ही 5000mAh से कम साइज का बैटरी पैक यूज करते हैं, उसके बावजूद उसमें बेहतर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को प्रोवाइड कराते हैं. ऐसे में छोटा बैटरी पैक होने के बावजूद फुल डे बैटरी बैकअप मिलता है.

]]>
Thu, 09 Apr 2026 20:27:53 +0530 news desk MPcg
आधार फ्रॉड से बचना है तो आज ही बनाएं वर्चुअल आईडी, सुरक्षित रहेगा आपका बैंक खाता और निजी डेटा https://citytoday.co.in/5449 https://citytoday.co.in/5449 क्या आपको भी डर है कि तमाम जगहों पर आधार नंबर शेयर करने की वजह से आपके साथ आधार से जुड़ा किसी तरह का फ्रॉड हो सकता है? दरअसल इस तरह की खबरे आए दिन आती रहती हैं, जहां लोगों के आधार नंबर का गलत फायदा उठाते हुए उनके बैंक अकाउंट खाली कर दिए जाते हैं। हालांकि आप इस तरह के खतरे को लगभग खत्म कर सकते हैं, अगर आप अपने आधार नंबर के लिए VID बना लें। VID यानी कि वर्चुअल आईडी एक 16 नंबर की पहचान होती है, जिसे आप आधार नंबर शेयर करने की जगह पर साझा कर सकते हैं।

इससे आपका आधार नंबर लीक होने और उसका गलत इस्तेमाल होने की संभावना न के बराबर रह जाती है। गौर करने वाली बात है कि आधार के लिए VID को जेनरेट करना भी काफी आसान है और आप इसे अपने फोन पर भी कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह वर्चुअल आईडी काम कैसे करती है और आधार नंबर से यह कैसे और कितनी अलग है?

क्या है VID?
VID यानी कि वर्चुअल आईडी को आप आधार नंबर का एक डिजिटल सुरक्षा कवच मान सकते हैं। यह एक 16 नंबरों की अस्थायी संख्या होती है। इसका काम आपके असल आधार नंबर को सुरक्षित रखना होता है। इसे आप आधार वेरिफिकेशन के लिए जेनरेट कर सकते हैं और जितनी बार चाहें बदल सकते हैं। ऐसे में जिन जगहों पर आधार की जरूरत पड़ती है, वहां आपका आधार नंबर शेयर न होकर अलग-अलग 16 अंकों के अस्थायी नंबर शेयर होते हैं। इससे आपके साथ आधार के जरिए होने वाले किसी भी तरह के फ्रॉड का कोई चांस नहीं रहता।

कैसे काम करता है VID?
VID एक बार इस्तेमाल होने वाला मास्क नंबर होता है। इसका काम आपके असली आधार नंबर को छिपाकर, आधार से जुड़े आपके काम करवाना होता है। जब आप किसी संस्थान जैसे कि बैंक या सिम कार्ड स्टोर आदि को अपनी VID देते हैं, तो आपका आधार ऑथेंटिकेशन तो हो जाता है लेकिन संस्थान के पास आपका आधार नंबर नहीं पहुंचता।

UIDAI का सर्वर आपके द्वारा शेयर की गई VID को आपके आधार नंबर से लिंक करके पहचानता है और एजेंसी को सिर्फ यह कन्फर्म करता है कि आपकी पहचान सही है।

VID की खासियत क्या है?
VID की सबसे बड़ी खासियत है कि यह अस्थायी होता है और आप जितने चाहें उतने VID जेनरेट कर सकते हैं। जैसे ही आप नया VID बनाएंगे, पुराना वाला अपने आप रद्द हो जाएगा। ऐसे में आपकी VID भले लीक हो जाए, लेकिन वह किसी काम की नहीं रहती।

इसकी दूसरी खासियत है कि VID के जरिए वेरिफिकेशन करने पर सामने वाली संस्था को सिर्फ उतनी ही जानकारी मिलती है, जितनी सामने वाले के साथ शेयर करना जरूरी होती है। वहीं अगर आप आधार कार्ड को शेयर करते हैं, तो आपके कार्ड पर मौजूद सारी जानकारी सामने वाले के साथ शेयर होती है।

कैसे जेनरेट करें VID?
    VID जेनरेट करने के लिए आपको सबसे पहले https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाएं और अपने आधार नंबर की मदद से लॉग-इन करें।
    इसके बाद Dashboard पर Generate Virtual ID पर क्लिक करें।
    अब दो ऑप्शन में से Generate ID पर क्लिक करें
    इसके बाद आपकी VID आपको दिखने लगेगी और साथ ही रजिस्टर्ड नंबर पर भी भेज दी जाएगी।

]]>
Wed, 08 Apr 2026 19:33:59 +0530 news desk MPcg
ऐपल साल 2026 में लॉन्च करेगा 11 नए डिवाइस आईफोन 18 प्रो और आईपैड समेत कई बड़े अपडेट्स https://citytoday.co.in/5353 https://citytoday.co.in/5353 अमेरिकी कंपनी ऐपल ने साल 2026 के लिए बड़ी तैयारी करके रखी है. कंपनी इस साल 11 डिवाइस को लॉन्च करने जा रही है, जिसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. इसमें iPhone 18 Pro, iPad 12 समेत कई नाम शामिल हैं.

साल 2026 के खत्म होने से पहले कंपनी टोटल 11 प्रोडक्ट को अनवील करेगी, जिसमें न्यू आईफोन, आईपैड, मैक और ऐपल वॉच का नाम शामिल हैं. हालांकि ऐपल की तरफ से सभी प्रोडक्ट की लॉन्चिंग को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है.

आ रहे हैं iPhone 18 Pro और 18 प्रो मैक्स
Apple हर साल सितंबर में अपनी फ्लैगशिप सीरीज को अनवील करता है, जिसमें बीते साल iPhone 17 Pro को लॉन्च किया था. अब इस साल कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर आ रही है. पुराने ट्रेंड को फॉलो करते हुए कंपनी इस साल भी सितंबर में ही लॉन्च करेगी.

लीक्स और मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा चुके हैं कि इस साल लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro सीरीज में कई अपडेट दिखाई देंगे. साथ ही कुछ फीचर्स तो पहली बार देखने को मिलेंगे.

 iPhone 18 Pro सीरीज में बेहतर कैमरा सेंसर नजर आएंगे. साथ ही न्यू चिपसेट और पुराने वर्जन की तुलना में छोटा डाइनैमिक आइलैंड अनवील किया जाएगा.

ऐपल वॉच, आईपैड और मैक आदि होंगे लॉन्च
ऐपल आईफोन 18 प्रो सीरीज के अलावा अन्य डिवाइसों को भी अनवील किया जाएगा. इसमें ऐपल वॉच, आईपैड और मैक के नाम शामिल हैं.

कंपनी इस साल iPad की न्यू लाइनअप को अनवील करेगी. iPad 12 के साथ फास्ट चिपसेट का यूज किया जाएगा, जिससे ऐपल इंटेलीजेंस का सपोर्ट मिलेगा. iPad Mini के अंदर OLED डिस्प्ले के साथ अपग्रेड किया जा सकेगा.

Mac को लेकर भी रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. इस साल के अंत तक मैंक स्टूडियो, मैक मिनी और आईमैक को लॉन्च किया जाएगा. इनमें नेक्स्ट जनरेशन M5 चिपसेट का यूज किया गया है. मैकबुक प्रो को एक OLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जाएगा.

]]>
Mon, 30 Mar 2026 15:28:00 +0530 news desk MPcg
केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत, महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी https://citytoday.co.in/5125 https://citytoday.co.in/5125 Thu, 05 Mar 2026 18:11:23 +0530 news desk MPcg मारुति का नया धमाका: अब बलेनो, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, जिम्नी और ई विटारा खरीदना हुआ और भी आसान https://citytoday.co.in/5082 https://citytoday.co.in/5082 मुंबई 

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Limited) ने अपने 200वें NEXA स्टूडियो आउटलेट के खुलने की घोषणा की है। यह मारुति सुजुकी के अपने फ्लैगशिप ‘NEXA’ चैनल के तहत प्रीमियम और पर्सनलाइज्ड कार ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के सफर में एक और कदम है। जगह और सेल्स पोटेंशियल के आधार पर, NEXA चैनल को दो फॉर्मेट में बनाया गया है, जिसमें NEXA मेन आउटलेट और NEXA स्टूडियो आउटलेट शामिल हैं। कुल मिलाकर, NEXA सेल्स नेटवर्क के अभी 530 से ज्यादा शहरों में 740 से ज्यादा आउटलेट हैं।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, मिस्टर हिसाशी ताकेउची ने कहा, "NEXA का मतलब है इनोवेशन, डिजाइन और प्रीमियम ओनरशिप एक्सपीरियंस है। NEXA स्टूडियोज का तेजी से बढ़ना दिखाता है कि हम सेमी-अर्बन इलाकों में अपने एस्पिरेशनल कस्टमर्स को यह एक्सपीरियंस देने के लिए कमिटेड हैं। इन इलाकों में ऐसे कस्टमर्स का एक बढ़ता हुआ सेगमेंट है जो प्रीमियम कार खरीदने का एक्सपीरियंस चाहते हैं। उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए, हमें ऐसी जगहों पर अपने NEXA फुटप्रिंट को बढ़ाकर खुशी हो रही है। हम अपने डीलर पार्टनर्स और कस्टमर्स के उनके भरोसे और जोश के लिए शुक्रगुजार हैं जो NEXA की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके सपोर्ट से हमारा मकसद FY 2030-31 के आखिर तक NEXA स्टूडियो आउटलेट्स की कुल संख्या 600 तक ले जाना है।"

जुलाई 2015 में लॉन्च हुआ चैनल
मारुति सुजुकी ने जुलाई 2015 में अपना NEXA चैनल लॉन्च किया था ताकि कार खरीदने के बेहतरीन एक्सपीरियंस के जरिए नए तरह के कस्टमर्स को आकर्षित किया जा सके। NEXA लॉन्च करने के एक साल के अंदर, कंपनी ने 94 शहरों में 100 NEXA सेल्स आउटलेट सफलतापूर्वक स्थापित किए। FY 2024-25 में 5.4 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री के साथ, NEXA मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री का लगभग 30% है। मारुति सुजुकी NEXA के जरिए बलेनो, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, XL6, इग्निस, जिम्नी, इनविक्टो और ई विटारा बेचती है।

नेक्सा डीलरशिप पर ई-विटारा पहली इलेक्ट्रिक SUV
कंपनी ने इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में भी कदम रख लिया है। मारुति का पहला इलेक्ट्रिक मॉडल ई विटारा है, जिसे नेक्सा डीलरशिप के जरिए बेचा जा रहा है। कंपनी ने इसे बैटरी और बैटरी सब्सक्रिप्शन दोनों ऑप्शन के साथ लॉन्च किया है। यानी इसमें BaaS (बैटरी एज ए सर्विस) का ऑप्शन भी मिलेगा। ई-विटारा को 3 वैरिएंट डेल्टा, जेटा और अल्फा में खरीद पाएंगे। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 15.99 लाख रुपए है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, MG ZS EV, टोयोटा ईबेला, MG विंडसर जैसे मॉडल से होगा। इसे दो बैटरी पैक ऑप्शन 49kWh और 61kWh में खरीद पाएंगे। इनकी रेंज 440km और 543km तक होगी।

]]>
Sat, 28 Feb 2026 16:22:13 +0530 news desk MPcg
चांदी का चीन कनेक्शन: ₹1,40,000 के पार, लेकिन सोना अचानक हुआ सस्ता—जानें 3 वजह https://citytoday.co.in/4727 https://citytoday.co.in/4727 इंदौर 

चांदी के बाजार में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है और एमसीएक्स पर इसकी कीमत पहली बार 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (Silver Price Today) के पार पहुंच गई है. पिछले हफ्ते चांदी में 31,348 रुपये यानी 15.04 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी. इस दौरान बाजार में आक्रामक खरीदारी देखी गई और उतार-चढ़ाव के बीच चांदी नई ऊंचाई पर पहुंच गई.

चांदी की कीमतों में लगातार तेज़ी देखने को मिल रही है और यह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. इसकी बड़ी वजह इंडस्ट्रियल में बढ़ती मांग, अगले साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, और वैश्विक सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता है. इसके अलावा जियो पॉलिटिकल टेंशन भी चांदी की कीमतों को समर्थन दे रहा है. पिछले हफ्ते ही चांदी की कीमतों में करीब 15% की तेज उछाल देखने को मिला था और इसकी मुख्य वजह ग्लोबल सप्लाई का सख्त होना, खासतौर पर चीन में, जहां चांदी की मांग सबसे ज्यादा है. चीन सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा निर्माता है, और इन सेक्टर्स में बढ़ती मांग ने चांदी की कीमतों को और ऊपर कर दिया है.

थमने का नाम नहीं ले रही चांदी
चांदी की कीमतें (Silver Price) थमने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते सप्ताह के चार कारोबारी दिनों में ही सिल्वर रेट 32000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा चढ़ गया था. तो वहीं सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही Silver Rate अपने पिछले बंद 2,39,787 रुपये की तुलना में उछलकर 2,54,174 रुपये के नए हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से देखें, तो ओपनिंग के साथ ही ये कीमती धातु 14,387 रुपये महंगी हो गई. 

खुलते ही सस्ता हो गया सोना
एक ओर जहां चांदी की कीमत और इसकी रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है, तो वहीं दूसरी ओर सोने में सोमवार को सुस्ती देखने को मिली है. खुलने के साथ ही 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला MCX Gold Rate 1,39,501 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया, जो इसके पिछले बंद भाव 1,39,873 रुपये की तुलना में 372 रुपये की गिरावट (Gold Price Fall) है. हालांकि, जिस तेजी से सोने का भाव बढ़ा है, उसकी तुलना में ये गिरावट मामूली ही है, लेकिन राहत भरी कही जा सकती है. 

 चांदी में 175 फीसदी का उछाल
कैलेंडर वर्ष के दौरान चांदी ने 1,52,554 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की है. 31 दिसंबर 2024 को 87,233 रुपये प्रति किलो का भाव था जो अब बढ़कर लगभग 175 फीसदी के उछाल के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. चांदी ने इस तेजी के साथ निवेशकों को साल भर में जोरदार रिटर्न (MCX Silver Price) दिया है.

क्यों बढ़ती जा रही है चांदी की कीमत?

मेहता इक्विटीज के वीपी कमोडिटी Rahul Kalantri के अनुसार चांदी अब सिर्फ सोने जैसी कीमती धातु के रूप में ट्रेड नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी में इसकी बढ़ती जरूरत, भंडार की कमी और उद्योगों की मांग इसकी बुनियाद बदल रही है. राहुल के मुताबिक चांदी सोने से अलग होती दिख रही है और 2026 में यह बेहतर निवेश अवसर दे सकती है.

Silver में तेजी का China कनेक्शन 
बात करें चांदी की कीमत में इस जोरदार तेजी (Silver Price Rise Reason) के बारे में, तो इसके एक नहीं बल्कि कई कारण नजर आते हैं. अमेरिका डॉलर के कमजोर होने और फेड रेट ट की उम्मीदों ने निवेशकों को फिर से सुरक्षित ठिकाने के तौर कीमती धातुओं की ओर मोड़ा है. चांदी की बात करें, तो खासतौर पर इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड (Silver Demand) लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई नहीं हो पा रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स तक सभी में सिल्वर का यूज है और इससे इसकी डिमांड का अंदाजा लगाया जा सकता है.

वहीं दूसरी ओर चीन की चांदी पर सख्ती (China On Silver) की खबरों ने इसे और रफ्तार देने का काम किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उत्पादक चीन नए साल की पहली तारीख यानी 1 जनवरी 2026 से Silver Export पर सख्ती करने की तैयारी में है. जिनपिंग सरकार इसका एक्सपोर्ट लाइसेंस को लेकर नियम लागू कर सकता है, जिससे इसका निर्यात सीमित हो सकता है.

दुनिया के सबसे अमीर इंसान (World's Richest Person) और इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने भी चांदी की कीमतों पर चिंता जताई है. दि गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक ट्विटर (अब X) पोस्ट में लिखा है कि, 'यह अच्छा नहीं है, कई इंडस्ट्रियल प्रक्रियाओं में चांदी की आवश्यकता होती है.'

चांदी पर चीन का बड़ा फैसला
कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि चीन (China News) में सप्लाई टाइट होने और वैश्विक मार्केट में उपलब्धता कम होने से यह तेजी देखने को मिली है. चीन चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन में इसकी प्रमुख भूमिका है. विश्लेषकों के अनुसार बीजिंग 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर नियंत्रण लागू करेगा जिसके लिए लाइसेंस जरूरी होगा. यह व्यवस्था 2027 तक जारी रहने की संभावना है जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा.

2026 में भी महंगा हो सकता है Gold Silver
विश्लेषकों का कहना है कि सोने और चांदी में 2026 में भी बढ़त देखी जा सकती है. इसका कारण ग्लोबल रेट कट की उम्मीद, सेफ हेवन डिमांड और मजबूती वाली इंडस्ट्रियल जरूरतें बताई जा रही हैं. हालांकि ट्रेडर्स के लिए यह भी कहा गया है कि 2025 की असाधारण रैली के बाद तेजी की रफ्तार मध्यम हो सकती है.

चांदी के रेट में क्यों देखने को मिल रही है तेजी?

चांदी की मांग- चांदी के भाव में तेजी आने के पीछे कुछ अहम वजहें शामिल है. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस सिक्योरिटीज़ के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने बताया है कि चांदी कई सालों से सप्लाई की कमी में है. दुनिया भर में खानों से निकलने वाली चांदी की मात्रा मांग को पूरा नहीं कर पा रही और स्टॉक्स भी लगातार घट रहे हैं. अगर यह कमी और बढ़ती है, तो चांदी की कीमतें और अधिक ऊंची हो सकती हैं.

इसी तरह, अक्षा कांबोज़, जो भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट और Aspect Global Ventures की एक्ज़ीक्यूटिव चेयरपर्सन हैं, उन्होंने बताया कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और एनर्जी निवेशों में इंडस्ट्री की बढ़ती मांग और खानों से उत्पादन में कमी के कारण चांदी की आपूर्ति लगातार कम हो रही है और स्टॉक पर्याप्त नहीं हैं. सोने की तरह चांदी की कीमतों को भी कई फैक्टर्स प्रभावित करते हैं, लेकिन चांदी के पास एक अलग फैक्टर है और वो है इंडस्ट्रियल मांग. यह धातु कई नए और उभरते उद्योगों के लिए बेहद जरूरी है.

अमेरिकी डॉलर की कमजोरी- रिलायंस सिक्योरिटीज़ के जिगर त्रिवेदी के अनुसार, चांदी सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), 5G/AI इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्लीन-टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर में अहम भूमिका निभाती है. जैसे-जैसे ये सेक्टर बढ़ेंगे, इंडस्ट्रियल मांग आपूर्ति से आगे निकल सकती है, जिससे मार्केट और सख्त हो जाएगी. इसके अलावा कमज़ोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग भी चांदी की कीमतों को बढ़ा सकती है और Comex पर 2026 तक $100 प्रति औंस तक ले जा सकती है. चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक और कारण सुरक्षित निवेश (safe-haven) की बढ़ती मांग है. अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव ने चांदी के लिए अनुकूल माहौल बनाया है.

जियो-पॉलिटकल टेंशन- अक्षा कांबोज़ के अनुसार, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और डॉलर इंडेक्स की गिरावट, साथ ही जियो-पॉलिटकल टेंशन ने सुरक्षित निवेश और सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया है, जिससे चांदी की मांग और कीमतें बढ़ रही हैं. सोने-चांदी रेश्यो (Gold-Silver Ratio) इस समय करीब 60 पर है, जो चांदी की शक्ति और अच्छे परफॉर्मेंस को दिखाता है. यह रेश्यो बताता है कि एक यूनिट सोने के लिए कितने यूनिट चांदी की जरूरत है. वर्तमान में, एक ग्राम सोने के लिए 60 ग्राम चांदी लेनी पड़ती है. पिछले कुछ सालों में यह रेश्यो अक्सर करीब 90 के आस-पास रहता रहा है. इसका मतलब है कि अभी चांदी सोने के मुकाबले सस्ती नहीं बल्कि बेहतर परफॉर्म कर रही है.

]]>
Mon, 29 Dec 2025 20:08:49 +0530 news desk MPcg
WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा झटका! ब्लॉक हुए लोग अब हर जगह से होंगे ‘OUT’, लागू होगा सख्त नियम https://citytoday.co.in/4697 https://citytoday.co.in/4697 नई दिल्ली 
डिजिटल दुनिया में ठगी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार एक बेहद सख्त कदम उठाने जा रही है। अब तक व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर ब्लॉक होने के बाद स्कैमर्स टेलीग्राम या स्नैपचैट जैसे अन्य प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाते थे लेकिन जल्द ही यह रास्ता बंद होने वाला है। सरकार एक ऐसा यूनिफाइड ब्लॉकिंग सिस्टम लाने पर विचार कर रही है जिसके तहत एक प्लेटफॉर्म पर बैन हुआ यूजर पूरे डिजिटल इकोसिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा।

वन प्लेटफॉर्म ब्लॉक, ऑल प्लेटफॉर्म आउट
मौजूदा व्यवस्था में व्हाट्सऐप हर महीने लाखों संदिग्ध अकाउंट्स को ब्लॉक करता है लेकिन स्कैमर्स आसानी से अपना प्लेटफॉर्म बदल लेते हैं। सरकार की नई योजना इसे जड़ से खत्म करने की है। व्हाट्सऐप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स अब उन मोबाइल नंबरों की लिस्ट सरकार के साथ साझा करेंगे जिन्हें फ्रॉड या नियमों के उल्लंघन के लिए बैन किया गया है। सरकार इन नंबरों को एक सेंट्रल डेटाबेस में डालेगी जिससे टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे अन्य ऐप्स भी उन्हें ऑटोमैटिक तरीके से ब्लॉक कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य स्कैमर्स को एक ऐप से दूसरे ऐप पर शिफ्ट होने से रोकना है।
  
सिम बाइंडिंग (Sim Binding): बिना सिम नहीं चलेगा ऐप
स्कैमर्स की एक बड़ी चालाकी यह होती है कि वे एक बार ओटीपी (OTP) लेकर अकाउंट बना लेते हैं और फिर सिम कार्ड निकाल फेंकते हैं। इससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इससे निपटने के लिए सरकार सिम बाइंडिंग को अनिवार्य करने जा रही है। इस नियम के बाद अगर आपके फोन में एक्टिव सिम कार्ड नहीं है तो आप व्हाट्सऐप या अन्य मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इससे किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में अपराधी की लोकेशन और पहचान को तुरंत ट्रैक करना संभव होगा।
 
क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?
व्हाट्सऐप की मासिक कंप्लायंस रिपोर्ट (Compliance Report) बताती है कि हर महीने लाखों अकाउंट्स पर कार्रवाई होती है फिर भी साइबर अपराध कम नहीं हो रहे हैं। केवल एक ऐप पर बैन लगाना काफी नहीं है क्योंकि अपराधी के पास दर्जनों डिजिटल रास्ते खुले होते हैं। सरकार का मानना है कि प्लेटफॉर्म्स के बीच आपसी तालमेल से ही साइबर सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।

]]>
Fri, 26 Dec 2025 13:44:08 +0530 news desk MPcg
ब्लड टेस्ट से जानें अपनी जीवन प्रत्याशा, खून में छुपा है जिंदगी&मौत का राज https://citytoday.co.in/4622 https://citytoday.co.in/4622 नई दिल्ली

ब्लड टेस्ट भले सुनने में साधारण लग सकता है लेकिन यह बहुत ही असरदार होता है. एक ब्लड टेस्ट सिर्फ आपके हेल्थ की अपडेट्स नहीं देता बल्कि यह भी बताता है कि आप कितना और जीने वाले हैं. हाल ही में इस संबंध में ब्रिटेन स्थित सरे यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने एक स्टडी की है. अब तक डॉक्टर किसी की उम्र, वजन, ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग की आदत और कुछ सामान्य ब्लड टेस्ट के आधार पर ही खतरे का अनुमान लगाते रहे हैं. ये तरीके अक्सर बहुत ही सामान्य होते हैं और सही जानकारी नहीं दे पाते. 

नई स्टडी में क्या खास है?
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हमारे खून में पहले से ऐसे संकेत मौजूद हैं जो भविष्य की सेहत के बारे में बता सकें. इस स्टडी में खून में मौजूद प्रोटीन पर फोकस किया गया क्योंकि यह शरीर के अंदर चल रहे प्रोसेस की जानकारी देता है. अध्ययन में उम्र, BMI और स्मोकिंग जैसी आदतों को ध्यान में रखा जिससे सटीक नतीजे निकले.

प्रोटीन पैनल और मौत का जोखिम
इसके बाद वैज्ञानिकों ने सैकड़ों ऐसे प्रोटीन की पहचान की जिनका संबंध कैंसर, दिल की बीमारी और किसी भी वजह से होने वाली मौत के जोखिम से जुड़ा पाया गया. एक पैनल में 10 ऐसे प्रोटीन थे जो अगले 10 साल में मौत के कुल जोखिम से जुड़े थे. वहीं, दूसरे पैनल में 6 प्रोटीन रखे गए थे जो पांच साल के जोखिम का संकेत देते थे. यह मॉडल सिर्फ उम्र और लाइफस्टाइल पर आधारित पुराने तरीकों से बेहतर निकले. 

कौन देता है शरीर में बदलाव की जानकारी?
खून में मौजूद प्रोटीन शरीर के अंदर हो रहे बदलावों की रियल-टाइम जानकारी देते हैं. ये सूजन, अंगों पर दबाव या ऊतकों (Tissue) के खराब होने जैसे बदलावों को दिखा सकते हैं जो लक्षण के तौर पर सामने नहीं आते. लेकिन, वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया कि इस स्टडी का ये मतलब नहीं है कि कोई ब्लड टेस्ट मौत की तारीख बता देगा. यह भविष्यवाणी नहीं बल्कि एक चेतावनी की तरह है. इस टेस्ट में 39 से 70 साल के करीब 38 हजार लोगों को शामिल किया गया था.  

]]>
Fri, 19 Dec 2025 15:54:38 +0530 news desk MPcg
हथेली में डेटा सेंटर! दुनिया का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर https://citytoday.co.in/4602 https://citytoday.co.in/4602  अमेरिका की एक नई कंपनी टाइनी AI ने एक ऐसा छोटा डिवाइस बनाया है जो दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दी है। इस डिवाइस का नाम टाइनी AI पॉकेट लैब है। यह पावर बैंक जैसा दिखता है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह 120 अरब पैरामीटर वाले बड़े AI मॉडल को बिना क्लाउड, सर्वर या महंगे GPU के खुद पर चला सकता है। कंपनी ने इसे 10 दिसंबर को लॉन्च किया। इसकी मदद से आम लोग भी डेटा सेंटर जैसी ताकत अपने हाथ में पा सकते हैं।

डेटा सेंटर जैसी पावर कैसे देगा?
इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि टाइनी AI के GTM डायरेक्टर समर भोज ने कहा कि क्लाउड AI ने बहुत फायदा दिया, लेकिन अब पर्यावरण की चिंता बढ़ गई है। उनके मुताबिक, इंटेलिजेंस डेटा सेंटर में नहीं बल्कि लोगों के पास होनी चाहिए। पॉकेट लैब इसी सोच से बनाया गया है। यह डिवाइस इंटरनेट के बिना काम करता है, डेटा को डिवाइस पर ही रखता है और बैंक जैसी मजबूत सुरक्षा देता है। इससे निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है और बिजली की खपत भी बहुत कम होती है।

किस काम आएगा यह सुपरकंप्यूटर?
यह छोटा सुपरकंप्यूटर डेवलपर्स, रिसर्चर, क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया है। यह वर्कफ्लो, कंटेंट बनाने और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। सब कुछ ऑफलाइन होता है, इसलिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। डिवाइस में यूजर का डेटा, चॉइस और डॉक्यूमेंट्स लोकल स्टोर होते हैं। यह 10 अरब से 100 अरब पैरामीटर वाले मॉडल अच्छे से चलाता है, जो ज्यादातर रोज के कामों के लिए काफी हैं। यह 120 अरब पैरामीटर तक के मॉडल भी चला सकता है, जो GPT-4 जैसी इंटेलिजेंस देता है।

कम बिजली खाएगा यह AI सुपरकंप्यूटर
पॉकेट लैब में ARMv9.2 का 12 कोर CPU है और यह 65 वाट बिजली में काम करता है। आम GPU वाले सिस्टम से बहुत कम बिजली खाता है। इसमें दो खास तकनीकें हैं – टर्बोस्पार्स और पावरइन्फर। टर्बोस्पार्स सिर्फ जरूरी न्यूरॉन्स को सक्रिय करता है, जिससे स्पीड बढ़ती है। पावरइन्फर CPU और NPU पर काम बांटता है, जिससे कम बिजली में अच्छा परफॉर्मेंस मिलता है। यह छोटा डिवाइस GPU जैसी ताकत देता है।

ये मॉडल झट से हो जाएंगे इंस्टॉल
कंपनी ओपन सोर्स सिस्टम देती है। इसमें लामा, क्वेन, डीपसीक, मिस्ट्रल, फाई जैसे मॉडल एक क्लिक में इंस्टॉल हो जाते हैं। AI एजेंट्स जैसे ओपनमैनस, कॉम्फीUI भी आसानी से सेट होते हैं। नियमित अपडेट मिलते रहेंगे। जनवरी 2026 में CES में इसे दिखाया जाएगा। यह डिवाइस AI को हर किसी के लिए प्राइवेट और पर्सनल बनाता है।

]]>
Wed, 17 Dec 2025 12:40:14 +0530 news desk MPcg
बिना OTP पैसे उड़ाने वाला नया वायरस! आपका स्मार्टफोन खतरे में, ऐसे बचाएं अकाउंट https://citytoday.co.in/4556 https://citytoday.co.in/4556

नई दिल्ली

एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को सावधान हो जाना चाहिए। एक नया Albiriox वायरस उनका बैंक अकाउंट खाली कर सकता है। इस मैलवेयर के जरिए हैकर्स यूजर के बैंकिंग ऐप तक आसानी से पहुंचकर उनका डेटा चुरा रहे हैं। खतरनाक बात तो ये यह है कि वे बिनी ओटीपी के ही लेनदेन भी कर रहे हैं। यह मैलवेयर, हैकर्स को यूजर की पर्सनल डिटेल के बिना ही उनके बैंकिंग ऐप से पैसे ट्रांसफर करने दे रहा है। मैलवेयर नकली ऐप्स और क्लोन किए गए प्ले स्टोर लिस्टिंग के जरिए फैल रहा है। डार्क वेब फोरम पर सब्सक्रिप्शन बेस्ड टूलकिट के तौर पर यह वायरस साइबर अपराधियों को बेचा जा रहा है। बता दें कि एंड्रॉयड बैंकिंग मैलवेयर पर नजर रखने वाली फ्रॉड प्रिवेंशन फर्म क्लीफी (Cleafy) से ये जानकारी मिली है।

फैलता ही जा रहा है मैलवेयर
इस वायरस को ऐसे बेचा जा रहा है कि यह बढ़ता ही चला जा रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस ट्रोजन को मैलवेयर-एज-ए-सर्विस (Malware-as-a-Service) के रूप में बेचा जा रहा है। यह एक ऐसा मॉडल है, जहां हैकर्स बस सब्सक्रिप्शन लेते हैं, मैलवेयर डाउनलोड करते हैं और उसे काम पर लगा देते हैं।

हैकर्स ऐसे इंस्टॉल कराते हैं वायरस
Cleafy के रिसर्चर को पहले हुए कुछ हमलों जैसा एक पैटर्न समझ आया, तब उन्हें Albiriox के बार में पता चला। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हैकर्स नुकसान पहुंचाने वाली एपीके (APK) फाइलों को सामान्य ऐप्स के रूप में दिखाते हैं, जिससे यूजर्स उन्हें मैन्युअल रूप से इंस्टॉल करने लग जाते हैं। ये एपीके फाइलें नकली ऐप से लेकर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम मैसेज के जरिए शेयर की जाती हैं। यूजर्स को ऑफर का लालच देकर ये फाइल उन्हें अपने जाल में फंसाती हैं।

सीधा ऐप पर करता है अटैक
सबसे पहले हैकर्स यूजर्स को इतना मजबूर कर देता है कि उसे अननॉन ऐप्स को इंस्टॉल करने की मंजूरी देनी पड़ती है। इसके बाद, बैकग्राउंड में छिपा हुआ इंस्टॉलर असली ट्रोजन को चुपके से डाल देता है। एक्टिव हो जाने के बाद यह पासवर्ड नहीं चुराता है। यह सीधे बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक और यहां तक कि क्रिप्टो ऐप्स की तरह बढ़ता है। यह तरीका साइबर अपराधियों बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल यूजर की तरह कर पाते हैं।

बिना ओटीपी खाली हो जाता है अकाउंट
बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करने के लिए न तो उन्हें लॉगिन क्रेडेंशियल की जरूरत पड़ती है और न ही ओटीपी की। बता दें कि ये सब एंड्रॉयड की एक्सेसिबिलिटी टूल्स का इस्तेमाल करके बैकग्राउंड में होता है। इस कारण लोगों को कुछ भी अजीब नहीं लगता है।

पहले ही 400 से ज्यादा ऐप्स पकड़े गए
एंड्रॉयड अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर ने पहले ही 400 से ज्यादा ऐसे नकली ऐप्स को पकड़ा है, जो सभी वित्तीय सेवाओं की तलाश करने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

बचने के लिए ध्यान रखें ये बातें
    हमेशा ध्यान रखें कि केवल आधिकारिक प्ले स्टोर से ऐप्स इंस्टॉल करें। लिंक, फॉरवर्ड किए गए मैसेज या वेबसाइटों के जरिए शेयर किए गए APK फाइल डाउनलोड करने से बचें।
    अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर install unknown apps ऑप्शन को डिसेबल रखें।
    अपने स्मार्टफोन पर उन ऐप्स की जांच करें, जिन्हें आप इंस्टॉल करना याद नहीं रखते हैं। खासकर वे जो बैंकिंग या वित्त से संबंधित हों।
    गूगल प्ले प्रोटेक्ट का ऑन रखें। यह आपके डिवाइस को मैलवेयर से बचाने में मदद करता है।
    जब भी कोई सॉफ्टवेयर अपडेट उपलब्ध हो, तो अपने एंड्रॉयड फोन को अपडेट करें। ​​

]]>
Sat, 06 Dec 2025 13:28:59 +0530 news desk MPcg
आइसक्रीम और च्युइंग गम खा रहे हैं? नई स्टडी में पता चला, ये लिवर के लिए हानिकारक https://citytoday.co.in/4520 https://citytoday.co.in/4520  नई दिल्ली
आइसक्रीम, डाइट सोडा, च्युइंग गम और अन्य शुगर-फ्री प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो हर उम्र के लोगों को पसंद होती हैं. मार्केट में हों या फिर मॉल में, ये चीजें काफी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. एक नई स्टडी के मुताबिक, इन  शुगर-फ्री आइटम्स में कृत्रिम मिठास के लिए सोर्बिटोल का उपयोग होता है जो लिवर के लिए खतरनाक होता है और फैटी लिवर डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है. इस स्टडी ने इन चीजों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के मन में सवाल पैदा कर दिया है.

क्या कहती है स्टडी?

European Medical Journal में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, शुगर-फ्री या डाइट प्रोडक्ट में जो सोर्बिटोल होता है, उस स्वीटनर को छोटी आंत में ठीक से तोड़ नहीं पाती जिससे यह लिवर में जाकर फैट जमने की प्रोसेस को बढ़ा देता है और लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये स्वीटनर सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन लंबे समय तक सेवन करने पर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ा सकते हैं.

रिसर्च कहती है जो रोजाना लगभग 1 कैन डाइट सोडा या शुगर-स्वीटेड ड्रिंक पीने से नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज को जोखिम बढ़ जाता है. ये खतरा डाइट सोडा से लगभग 60% और शुगर ड्रिंक से 50% अधिक होता है. इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पानी या बिना स्वीटनर वाले लिक्विड्स का सेवन करना अधिक सुरक्षित और हेल्दी होता है.

सोर्बिटोल और लिवर डिजीज का संबंध

रिसर्च में सामने आया है कि हेल्दी आंतों के बैक्टीरिया सोर्बिटोल को तोड़ते हैं लेकिन जब ये बैक्टीरिया कम हो जाते हैं या संक्रमित हो जाते हैं, तब सोर्बिटोल का शरीर में जमाव होना शुरू हो जाता है.

यह सोर्बिटोल सीधे लिवर तक पहुंचकर वहां फैट के जमाव का कारण बनता है जिससे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. इससे पहले की यह बीमारी आमतौर पर शराब से जुड़ी जानी जाती थी, लेकिन अब यह नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज के रूप में अधिक सामान्य हो गई है.

डाइट सोडा और शुगर फ्री चीजों से कैसे खतरा?

डाइट सोडा और अन्य कम चीनी या शुगर-फ्री ड्रिंक्स के सेवन से भी लिवर की समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और सोर्बिटोल, आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं.

यह न केवल लिवर फैट को बढ़ाता है बल्कि मेटाबोलिक सिंड्रोम, टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुगर-फ्री ऑपशंस हमेशा हेल्दी नहीं होते, बल्कि इनसे लिवर डिजीज का जोखिम भी हो सकता है.

आइसक्रीम, डाइट सोडा और च्युइंग गम जैसी चीजों में उपयोग हो रहे सोर्बिटोल और अन्य आर्टिफिशियल स्वीटनर्स लिवर की हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जिससे इनके सेवन को सीमित करना चाहिए.

]]>
Thu, 04 Dec 2025 12:53:28 +0530 news desk MPcg
यूएस के एली डेटा सेंटर में AI बिल्डिंग का बूम, एशबर्न बना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का हब https://citytoday.co.in/4519 https://citytoday.co.in/4519  वर्जीनिया 
जैसे ही प्लेन यूएस की राजधानी वॉशिंगटन DC के डलेस एयरपोर्ट के पास पहुंचते हैं, ठीक नीचे एशबर्न है, जिसे डेटा सेंटर एली के नाम से भी जाना जाता है. जहां किसी भी समय दुनिया भर के इंटरनेट ट्रैफिक का लगभग 70 परसेंट आता है.

दशकों पहले, उत्तरी वर्जीनिया के इस कोने में खाली प्लॉट, जंगल और खेत अब धीरे-धीरे सबअर्बन डेवलपमेंट से भर गए थे.

फिर इंटरनेट आया और डेटा सेंटर बनाने वालों की बाढ़ आ गई. वे टैक्स रेवेन्यू और इन्वेस्टमेंट के वादे के साथ आए, बदले में ऐसे स्ट्रक्चर बनाए गए, जो देखने में भले ही अच्छे न लगें, लेकिन डिजिटली कनेक्टेड दुनिया की रीढ़ थे.

यहां क्यों? स्ट्रेटेजिक लोकेशन, मजबूत इंफ्रॉस्ट्रक्चर, बिजनेस के पक्ष में पॉलिसी और सस्ती एनर्जी का कॉम्बिनेशन इसे समझाने में मदद करता है. पेंटागन और अमेरिकी सरकार बस यहीं हैं, साथ ही AOL का हेडक्वॉर्टर भी था, जो शुरुआती वेब जायंट था, जिसने कभी ऑनलाइन होने को डिफाइन किया था.

पिछले दो दशकों में इन गुमनाम बिल्डिंगों से एशबर्न को जो फायदे हुए हैं, उन्हें नकारा नहीं जा सकता.

डेटा सेंटर के फैलाव के बीच नए स्टोर, रेजिडेंशियल पड़ोस, एक आइस स्केटिंग रिंक और पब्लिक फैसिलिटी है, जो साबित करते हैं कि इस शहर में पैसे की कोई कमी नहीं है.

एशबर्न, लाउडाउन काउंटी में है, जो अमेरिका में प्रति व्यक्ति सबसे अमीर काउंटी है. दुनिया भर के शहर वॉशिंगटन के इस उपनगर को भविष्य जीतने के तरीके के तौर पर देख रहे हैं. भले ही दूसरे इसे एक चेतावनी वाली कहानी के तौर पर देखें.

अपने 40,000 लोगों में से, अकेले एशबर्न में अभी 40 स्क्वॉयर किलोमीटर (15.4 स्क्वॉयर मील) में 152 डेटा सेंटर चल रहे हैं, और जमीन से और भी बन रहे हैं, यह AI इन्वेस्टमेंट बूम का हिस्सा है, जिससे और भी बड़े स्ट्रक्चर बनाने की होड़ मची हुई है.

US सेंसस ब्यूरो के मुताबिक, 2025 में, प्राइवेट कंपनियाँ यूनाइटेड स्टेट्स में डेटा सेंटर बनाने पर हर महीने लगभग $40 बिलियन खर्च कर रही हैं. इसमें से ज़्यादातर बड़े AI प्लेयर्स: Google, Amazon, Microsoft और OpenAI के मेगाप्रोजेक्ट्स पर खर्च हो रहा है.

इसकी तुलना में एक दशक पहले यह सिर्फ $1.8 बिलियन था.

AFP रिपोर्टर्स को डिजिटल रियल्टी ने एक आम डेटा सेंटर फैसिलिटी का टूर कराया. डिजिटल रियल्टी एक खास रियल एस्टेट कंपनी है जो एशबर्न में 13 डेटा सेंटर चलाती है.

    डिजिटल रियल्टी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर क्रिस शार्प ने कहा, "हम न सिर्फ वह जगह देते हैं जो आप यहां देख रहे हैं, बल्कि पावर, कूलिंग और कनेक्टिविटी भी देते हैं."

किसी भी डेटा सेंटर में सर्वर असल में हमारे ऑनलाइन किए जाने वाले हर काम को जिंदा कर देते हैं.

यहां के कंप्यूटर रूम, जो बाहर के लोगों के लिए पूरी तरह ऑफ लिमिट्स हैं. एक क्लाइंट के लिए सर्वर के रैक से भरे होते हैं या छोटे क्लाइंट्स को सर्विस देने के लिए अलग-अलग "केज" में बंटे होते हैं.

AI के आने से इंडस्ट्री एक अलग ही लेवल पर पहुंच गई है, जिससे नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं, क्योंकि टेक की बड़ी कंपनियां, जो AI के बीच कड़ी टक्कर में फंसी हुई हैं, तेजी से AI-कैपेबल डेटा सेंटर बनाने के लिए दुनिया भर में छानबीन कर रही हैं.

इन नई जेनरेशन की बिल्डिंग्स को बहुत ज़्यादा पावर, कूलिंग टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग की जरूरत होती है. Nvidia के ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स चलाने वाले सर्वर, जो AI की ट्रेनिंग के लिए जरूरी हैं, बहुत ज़्यादा भारी होते हैं, और इनके लिए बड़े और मजबूत स्ट्रक्चर की ज़रूरत होती है, जिन्हें बहुत ज़्यादा बिजली की जरूरत होती है.

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में एनर्जी सिक्योरिटी एंड क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम की डिप्टी डायरेक्टर लेस्ली अब्राहम्स ने कहा, "अगर हम सिर्फ वर्जीनिया के बारे में सोचें, तो पिछले साल सिर्फ डेटा सेंटर्स ने लगभग उतनी ही बिजली इस्तेमाल की जितनी पूरे न्यूयॉर्क शहर में होती है."

ChatGPT जैसी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने वाले डेटा सर्वर बहुत गर्म होते हैं और उन्हें नई जेनरेशन की लिक्विड कूलिंग की जरूरत होती है. एयर कंडीशनिंग अब यह काम नहीं करेगी और ज़्यादातर मामलों में इसका मतलब है लोकल पानी तक पहुंच।

इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि नई जरूरतों ने नए कंस्ट्रक्शन को बेचना मुश्किल बना दिया है.

एशबर्न में पली-बढ़ी 24 साल की मकेला एडमंड्स ने कहा, "बड़े होते हुए, हमने कुछ डेटा सेंटर देखना शुरू किया, लेकिन सच कहूं तो, इतनी तेजी से नहीं, वे बस हर जगह खुल रहे हैं."

उनके परिवार का घर एक सबअर्बन डेवलपमेंट का हिस्सा है जो एक बड़े कंस्ट्रक्शन साइट से सटा हुआ है.

एक और दिक्कत यह है कि डेटा सेंटर्स में नौकरियां ज़्यादातर कंस्ट्रक्शन के समय मिलती हैं. हार्ड हैट पहनी टीमें अक्सर चौबीसों घंटे साइट्स पर काम करती हैं. लेकिन एक बार चालू होने के बाद, कई साइट्स पर इंसानी एक्टिविटी बहुत कम होती है.

अब्राहम्स ने कहा, "डेटा सेंटर के फायदे लोकल से ज़्यादा रीजनल, नेशनल और ग्लोबल होते हैं."

एक बड़े बदलाव में, उत्तरी वर्जीनिया के लोकल नेता अब ज़्यादा कंस्ट्रक्शन लाने का वादा करने के बजाय, एक्सपेंशन को धीमा करने के लिए कैंपेन चला रहे हैं.

डिजिटल रियल्टी जैसी कंपनियों के लिए, चुनौती कम्युनिटी के साथ मिलकर उन्हें डेटा सेंटर लाने के लिए तैयार करना है. किसी भी शक के बावजूद, डिमांड कम नहीं हो रही है. शार्प ने कहा, "इस मार्केट में ग्रोथ और डिमांड जबरदस्त है."

]]>
Thu, 04 Dec 2025 12:47:25 +0530 news desk MPcg
नई ग्लोबल स्टडी: 12 साल से छोटे बच्चों को मोबाइल देना मानसिक और शारीरिक विकास के लिए हानिकारक https://citytoday.co.in/4504 https://citytoday.co.in/4504 नई दिल्ली

13 साल से कम उम्र में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले बच्चों में युवावस्था में मेंटल हेल्थ संबंधी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. सोमवार को प्रकाशित एक ग्लोबल स्टडी में यह बात सामने आई है, जिसमें एक लाख से ज्यादा युवाओं का डेटा शामिल है. जर्नल ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट एंड कैपेबिलिटीज में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, 18 से 24 साल के उन युवाओं में आत्मघाती विचार, आक्रामकता, भावनात्मक अस्थिरता और कम आत्मसम्मान की शिकायतें ज्यादा देखी गईं, जिन्हें 12 साल या उससे कम उम्र में पहला स्मार्टफोन मिला था. बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन देना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। एक नई ग्लोबल स्टडी में पता चला है कि 13 साल से कम उम्र में पहला स्मार्टफोन पाने वाले युवाओं में बड़े होकर डिप्रेशन, आक्रामकता और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मानसिक स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। यह स्टडी 100,000 से ज़्यादा युवा वयस्कों पर की गई है और इसके नतीजे चिंताजनक हैं।

यह रिसर्च 'Journal of Human Development and Capabilities' में छपी है। इसमें 18 से 24 साल के 100,000 से ज़्यादा युवाओं के डेटा का विश्लेषण किया गया। रिसर्च में पाया गया कि जिन युवाओं को 12 साल या उससे कम उम्र में पहला स्मार्टफोन मिला, उनमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उन लोगों की तुलना में ज़्यादा थीं जिन्हें बाद में स्मार्टफोन मिला।

स्टडी के मुताबिक, 13 साल से पहले स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले युवा वयस्कों में खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार, आत्मविश्वास की कमी, भावनाओं को काबू न कर पाना, हकीकत से दूरी और आक्रामक व्यवहार जैसी समस्याएं ज़्यादा पाई गईं। रिसर्च में यह भी सामने आया कि स्मार्टफोन जितनी जल्दी मिला, "माइंड हेल्थ क्वोशेंट" (MHQ) स्कोर उतना ही कम था। उदाहरण के लिए, 13 साल की उम्र में फोन इस्तेमाल करने वालों का औसत स्कोर 30 था, जबकि 5 साल की उम्र में फोन इस्तेमाल करने वालों का औसत स्कोर सिर्फ 1 था। यह नतीजे अलग-अलग देशों और संस्कृतियों में भी देखे गए, जो बताते हैं कि यह सिर्फ सामाजिक प्रभाव नहीं है, बल्कि विकास से जुड़ा एक बड़ा संकेत है।

13 साल की उम्र एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस उम्र में बच्चों का दिमाग तेज़ी से विकसित हो रहा होता है। उनकी पहचान बन रही होती है और वे सामाजिक कौशल सीख रहे होते हैं। ऐसे नाजुक समय में स्मार्टफोन और डिजिटल दुनिया का ज़्यादा इस्तेमाल, असल ज़िंदगी के अनुभवों और मुश्किलों से निपटने के तरीकों पर भारी पड़ सकता है। रिसर्च बताती है कि जितनी जल्दी बच्चे डिजिटल दुनिया में कदम रखते हैं, उतना ही ज़्यादा उनके विकास को खतरा होता है। 13 साल से पहले स्मार्टफोन देने से बच्चों को कई खतरनाक चीज़ों का सामना जल्दी करना पड़ सकता है, जैसे:

सोशल मीडिया पर तुलना और दबाव का माहौल।

साइबरबुलिंग, उत्पीड़न या गलत कंटेंट का खतरा।

देर रात तक स्क्रीन देखने से नींद का डिस्टर्ब होना।

बाहरी दुनिया में लोगों से मिलना-जुलना कम होना और परिवार के साथ रिश्ते कमजोर होना।

सिर्फ उम्र ही नहीं, लिंग का भी इस पर असर पड़ता है। स्टडी में पाया गया कि जिन लड़कियों को कम उम्र में स्मार्टफोन मिला, उनमें मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं ज़्यादा थीं। 5-6 साल की उम्र में स्मार्टफोन पाने वाली 18-24 साल की 48% लड़कियों ने खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आने की बात कही, जबकि 13 साल की उम्र में फोन पाने वाली ऐसी लड़कियों का प्रतिशत 28% था। लड़कों में यह आंकड़ा 31% से घटकर 20% हो गया। रिसर्च में यह भी पता चला कि जल्दी सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की वजह से ही जल्दी स्मार्टफोन मिलने और खराब मानसिक स्वास्थ्य के बीच के लिंक का लगभग 40% हिस्सा समझाया जा सकता है। इसके अलावा, खराब पारिवारिक रिश्ते (13%), नींद की कमी (12%) और साइबरबुलिंग (10%) भी इसके कारण थे।

यह स्टडी सिर्फ़ एक अवलोकन (observational) है, यह साबित नहीं करती कि स्मार्टफोन सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं। लेकिन, यह नतीजे आगे और गहरी रिसर्च की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं। हो सकता है कि कुछ बच्चे पहले से ही कुछ मुश्किलों (सामाजिक, पारिवारिक या व्यक्तिगत) का सामना कर रहे हों, जिसकी वजह से उन्हें जल्दी स्मार्टफोन मिल जाता है और बाद में उन्हें ज़्यादा परेशानी होती है। फिर भी, रिसर्चर डिजिटल दुनिया के बच्चों के विकास पर पड़ने वाले असर को समझने और मुश्किलों का सामना कर रहे बच्चों की पहचान करने और मदद करने के तरीके ढूंढ रहे हैं। इस बीच, माता-पिता और स्कूल दोनों ही बच्चों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

माता-पिता के लिए कुछ सुझाव:

स्मार्टफोन देने में देरी करें: रिसर्च के मुताबिक, 13 साल या उससे ज़्यादा उम्र होने तक बच्चों को पर्सनल स्मार्टफोन न देना उनके लंबे समय के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है।

स्पष्ट नियम और सीमाएं तय करें: जब भी स्मार्टफोन दें, तो स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया के इस्तेमाल और रात में फोन इस्तेमाल करने पर सीमाएं लगाएं।

ऑनलाइन सुरक्षा और व्यवहार के बारे में सिखाएं: बच्चों को बताएं कि ऑनलाइन कैसे व्यवहार करना है, किस तरह के कंटेंट से दूर रहना है, साइबरबुलिंग का जवाब कैसे देना है और असल ज़िंदगी में लोगों से मिलना-जुलना क्यों ज़रूरी है।

ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा दें: बच्चों को आमने-सामने बातचीत, खेलकूद, हॉबी और पर्याप्त नींद लेने के लिए प्रोत्साहित करें। ये सब चीज़ें मानसिक मजबूती के लिए बहुत ज़रूरी हैं।

खुद स्वस्थ फोन इस्तेमाल का उदाहरण पेश करें: बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार से सीखते हैं। अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल कम करें और बच्चों के साथ समय बिताएं। इससे एक अच्छा माहौल बनता है।

शिक्षकों और स्कूलों के लिए कुछ सुझाव:

स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की नीतियां लागू करें: स्कूल फोन-फ्री समय या जगहें तय कर सकते हैं, डिजिटल वेलनेस प्रोग्राम चला सकते हैं और छात्रों को ऑनलाइन स्वस्थ व्यवहार के बारे में सिखा सकते हैं।

डिजिटल साक्षरता सिखाएं: ऑनलाइन सुरक्षा, खुद को नियंत्रित करना, मीडिया को समझदारी से देखना और सोशल मीडिया के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में सबक पढ़ाएं।

स्क्रीन-आधारित गतिविधियों के बजाय सामाजिक और सीखने की गतिविधियों को बढ़ावा दें: बच्चों को आमने-सामने बातचीत करने, मिलकर सीखने और बिना किसी योजना के खेलने के भरपूर मौके दें।

मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा का समर्थन करें: छात्रों को ऑनलाइन तनाव, साइबरबुलिंग, साथियों के दबाव और स्क्रीन से जुड़ी चिंता के बारे में बात करने के लिए सुरक्षित जगहें और संसाधन उपलब्ध कराएं।

यह स्टडी एक चेतावनी की तरह है। बच्चों को गैजेट्स की दुनिया में धकेलने से पहले हमें रुककर सोचना होगा। उनकी मानसिक सेहत सबसे ज़्यादा कीमती है और इसे सुरक्षित रखना हमारी ज़िम्मेदारी है।

]]>
Wed, 03 Dec 2025 11:58:05 +0530 news desk MPcg
कैंसर इलाज में नई उम्मीद: भारतीय कंपनी की दवा को मिली बड़ी मंजूरी https://citytoday.co.in/4485 https://citytoday.co.in/4485 नई दिल्ली

लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा दिया है। डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं अब काफी आम हो गई हैं। कैंसर के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।

साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में कैंसर से लगभग 9.7 मिलियन (97 लाख) मौतें हुईं। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 18.2 मिलियन (1.82 करोड़) होने का अनुमान है।

अध्ययनों से पता चलता है कि कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतें तंबाकू-शराब के सेवन, हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण होती हैं। 2022 में फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर के कारण सबसे ज्यादा मौतें हुईं।

एक-दो दशकों पहले की तुलना में मेडिकल साइंस में हुई प्रगति और आधुनिक उपचार विधियों ने कैंसर के इलाज को काफी आसान बना दिया है। इसी क्रम में दवा बनाने वाली कंपनी ल्यूपिन को इलाज के लिए असदार मानी जानी वाली दवा के लिए मंजूरी मिल गई है। इससे कैंसर के इलाज की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कैंसर की दवा को मिली मंजूरी
दवा बनाने वाली कंपनी ल्यूपिन ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को बताया कि उसे कैंसर के मरीजों में न्यूट्रोपेनिया के इलाज की बायोसिमिलर दवा के लिए यूएस हेल्थ रेगुलेटर से मंज़ूरी मिल गई है।

मुंबई स्थित इस कंपनी ने एक बयान में कहा कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने आर्मलुपेग (पेगफिलग्रास्टिम-उन्ने) 6 mg/0.6 mL इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है। न्यूलास्टा (पेगफिलग्रास्टिम) इंजेक्शन के बायोसिमिलर के तौर पर इस सिंगल-डोज प्रीफिल्ड सिरिंज से कैंसर के इलाज में मदद मिलने की उम्मीद है।

कैंसर का इलाज होगा सस्ता और आसान
ल्यूपिन की सीईओ विनीता गुप्ता ने कहा, "यह कदम मरीजों को ज्यादी सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवाएं देने के ल्यूपिन के उद्देश्य की दिशा में एक अहम कदम है। हम अगले कुछ वर्षों में बायोसिमिलर का एक मजबूत पोर्टफोलियो लाने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे मरीजो की देखभाल की क्वालिटी बेहतर करने में मदद मिलेगी।

]]>
Tue, 02 Dec 2025 11:43:32 +0530 news desk MPcg
सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा दोगुना! कार्डियोलॉजिस्ट ने बताई 40 पैसे की ‘लाइफ&सेवर’ गोली https://citytoday.co.in/4481 https://citytoday.co.in/4481 नई दिल्ली 
सर्दियों ने दस्तक दे दी है और हर कोई जानता है कि इन दिनों हार्ट अटैक के केस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। खासतौर से जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है, बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उनके लिए तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरत है कि अपने लाइफस्टाइल और डाइट में जरूरी बदलाव किए जाएं और साथ ही किसी इमरजेंसी वाली सिचुएशन के लिए भी तैयार रहा जाए। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ साकेत गोयल ने एक ऐसी ही 20 से 40 पैसे वाली गोली के बारे में बताया है, जो हार्ट अटैक में मौत के रिस्क को 28 प्रतिशत तक कम कर सकती है। ये ठीक उतनी ही इफेक्टिव है, जितना हॉस्पिटल में दिया जाने वाला इंजेक्शन। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?
सर्दियों में हार्ट अटैक के केस काफी बढ़ जाते हैं। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्दियों में हमारी ब्लड वेसल्स यानी नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा फोर्स लगाना पड़ता है, जिससे हार्ट पर लोड बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी प्रॉब्लम्स हैं या बीपी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत है, उनके लिए तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

इमरजेंसी के लिए जरूर रखें ये गोली
डॉ साकेत कहते हैं कि किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए आपको एक डिस्प्रिन (एस्पिरिन) की गोली जरूर रखनी चाहिए। ये 20-40 पैसे की एक गोली अगर सही समय पर दी जाए, तो लाइफ सेविंग साबित हो सकती है। अगर आपको कोई भी हार्ट अटैक से जुड़ा लक्षण दिखता है जैसे सीने में तेज जकड़न या दबाव, दोनों बांहों में जकड़न होना, छाती में जलन होना, तेज पसीना आना, जबड़े में अकड़न महसूस होना; तो तुरंत डिस्प्रिन की गोली लें। इसे चबाकर खाना है और उसके बाद पानी पी लेना है। डॉक्टर कहते हैं कि ये गोली लेने का कोई नुकसान नहीं है। अगर मरीज को गैस या एसिडिटी भी बन रही है, तो ये गोली ली जा सकती है। ये हार्ट अटैक से मौत में 25 से 28 प्रतिशत तक बचाव कर सकती है, जो हार्ट अटैक में दिए जाने वाले इंजेक्शन जितना ही है।

गोली देने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाएं
डॉक्टर कहते हैं कि जैसे ही आप ये दवा मरीज को दे दें, उसके बाद तुरंत किसी अच्छे हॉस्पिटल लेके जाएं। वहां जितना जल्दी हो सके ECG कराएं और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाएं।

 

]]>
Mon, 01 Dec 2025 18:32:24 +0530 news desk MPcg
स्मार्टफोन के स्लो चार्जिंग से हैं परेशान, तेजी से चार्ज करने के लिए आजमाएं ये आसान तरीके https://citytoday.co.in/4393 https://citytoday.co.in/4393 नई दिल्ली

स्मार्टफोन एक जरूरी डिवाइस बन गया है, जिसके बिना एक दिन भी मुश्किल लगता है। आज हमारे सभी काम स्मार्टफोन के बिना लगभग नामुमकिन हैं। ऐसे में फोन का जल्दी से चार्ज होना जरूरी हो जाता है। कई बार देखने में आता है कि स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करने के बाद भी धीरे-धीरे चार्ज होता है। कई बार यह फोन के हीट होने और बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स के कारण भी होता है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स शेयर कर रहे हैं, जिससे स्मार्टफोन जल्दी-जल्दी फोन चार्ज हो जाए।

ऑरिजनल चार्जर और केबल
फोन को फास्ट चार्ज करने के लिए हमेशा ऑरिजनल चार्जर और केबल का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही यह भी चेक करें कि आपको फोन कितने वाट की चार्जिंग सपोर्ट करता है। उसी के मुताबिक चार्जर और केबल चुनें। कोशिश करें कि जिस ब्रांड का स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं उसी ब्रांड के कॉम्पेटिबल चार्जर यूज करें। सस्ते या थर्ड पार्टी चार्जर के इस्तेमाल से फोन की चार्जिंग स्लो हो सकती है।

चार्जिंग के दौरान आइडल मोड में रखें फोन
अगर आपको फोन तेजी से चार्ज करना है तो फोन का एयरप्लेन मोड ऑन करें। स्मार्टफोन के चालू रहने पर सिग्नल, Wi-Fi, ब्लूटूथ और GPS के ऑन रहने पर बैटरी तेजी से खर्च होने लगती है। इससे बैकग्राउंड में सिस्टम ऑन रहने से बैटरी खत्म होती रहती है, जिससे चार्जिंग स्लो हो जाती है। इसके साथ ही चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे भी फोन की स्लो चार्जिंग होती है। इसके साथ ही बैकग्राउंड में चलने वाली ऐप्स भी बंद करके रख दें।

फोन को रखें ठंडा
अगर आपके फोन में हीटिंग की प्रॉब्लम है तो यह बैटरी के लिए ठीक नहीं है। फोन के हीट होने पर चार्जिंग स्पीड धीरे-धीरे कम होने लगती है। ऐसे में फोन को चार्जिंग के दौरान हीट न होने दें। अगर फोन चार्जिंग के दौरान हीट हो रहा है तो फोन का कवर निकाल दें। इसके साथ ही इसे हार्ड सरफेस में रखें, कंबल या बेड में न रखें। वायरलेस चार्जिंग के दौरान भी फोन हीट करता है। ऐसे में वायरलेस चार्जर का कम से कम इस्तेमाल करें।

इन बातों का रखें ध्यान
स्मार्टफोन के चार्जिंग पोर्ट को साफ रखें। कई बार इसमें धूल फंस जाती है, जिससे केबल ठीक से लॉक नहीं होती है और चार्जिंग स्लो हो जाती है। इसके साथ ही ब्रांड समय समय पर फोन के लिए अपडेट जारी करते हैं। इन अपडेट में बैटरी मैनेजमेंट और चार्जिंग स्पीड इंप्रूव करने वाले फिक्स होते हैं। ऐसे में फोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।

 

]]>
Thu, 20 Nov 2025 18:27:18 +0530 news desk MPcg
बैतूल में 6 आयुर्वेदिक दवाओं पर तत्काल प्रतिबंध, स्वास्थ्य विभाग की कड़ी कार्रवाई https://citytoday.co.in/4377 https://citytoday.co.in/4377 बैतूल

छह आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री और खरीद पर बैतूल जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। आयुर्वेद विभाग द्वारा की गई गुणवत्ता जांच में ये दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसे देखते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ योगेश चौकीकर ने सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देश जारी किए हैं।

इन दवाओं को किया बैन

जांच में जिन दवाओं को एनएसक्य (नॉट फॉर स्टैंडर्ड क्वालिटी) पाया गया है, उनमें कफ कुमार रस, लक्ष्मी विलास रस (नारदीय), प्रवाल पिष्टी, मुकता शुक्ति, निलोह सिद्ध तथा कामदुधा रस शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाएं उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद स्थित दवा निर्माण इकाई से निर्मित हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक औषधि उत्पादकों ‌द्वारा बनाई गई हैं।

विभाग ने दिए सख्त आदेश

जिला आयुष अधिकारी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित कंपनियों की बैच संख्या वाली इन दवाओं का तुरंत स्टॉक बंद कर लौटाया जाए। किसी भी स्तर पर इन दवाओं की बिकी पाए जाने पर औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर्स, आयुर्वेद औषधालयों और निजी प्रदाताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित बैच नंबर वाली दवाएं तुरंत हटाकर इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग ने विक्रेताओं से कहा कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली दवाएं दें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत विभाग को दें।

आदेश की प्रतियां आयुष महाप्रबंधक, आयुर्वेद परीक्षण प्रयोगशाला, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं, ताकि जिले में प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। यह प्रतिबंध उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, ताकि कोई भी मरीज निम्नस्तरीय दवाओं के सेवन से स्वास्थ्य जोखिम का शिकार न हो।

]]>
Wed, 19 Nov 2025 19:09:39 +0530 news desk MPcg
स्मार्टफोन से पाएं DSLR जैसी क्वालिटी: फोटोग्राफी को नया स्तर देने वाले आसान टिप्स https://citytoday.co.in/4336 https://citytoday.co.in/4336

इन दिनों लॉन्च होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बेहतर कैमरा दिया जाता है। कई स्मार्टफोन्स में तो डीएसएलआर की तरह ही प्रोफेशनल मोड्स दिए जाते हैं। लेकिन बेहतर कैमरा होने के बावजूद आपको बेहतर तस्वीरें क्लिक करने में परेशानी आ सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे स्मार्ट तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप भी डीएसएलआर क्वालिटी की तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं।

कलर एडजस्ट करना
तस्वीर क्लिक करने से पहले आप कैमरे के व्हाइट बैलेंस ऑप्शन में जाकर इसका कलर एडजस्ट कर लें। कई बार लो लाइट में तस्वीर लेते समय हमे कलर करेक्शन करना जरूरी होता है नहीं तो हमारे मन के मुताबिक तस्वीरे हम क्लिक नहीं कर पाते हैं।

ब्राइटनेस कंट्रोल करना
कलर के साथ ही ब्राइटनेस कंट्रोल करना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादा रोशनी की वजह से कैमरे से ली गई तस्वीर काफी चमकीला दिखाई देता है जो कि आपकी आखों को अच्छा नहीं लगता है। इसके लिए प्रोफेशनल मोड में कम रोशनी में तस्वीर क्लिक करने के लिए शटर स्पीड और ISO को कम से कम 400 रखना होगा तभी आप बेहतर तस्वीर क्लिक कर सकते हैं।

हाथ को स्टेबल रखें
डीएसएलआर में स्टेब्लाइजर दिया होता है जो कैमरे को स्थिर रखने में मदद करता है लेकिन स्मार्टफोन में स्टेब्लाइजर नहीं दिया होता है जिसकी वजह से फोन में ली गई तस्वीर के हिलने का डर रहता है। हाथ के हिल जाने की वजह से तस्वीर ब्लर या धूंधली दिखाई देती है।

हमेशा मैनुअल या प्रोफेशनल मोड में खींचे तस्वीरें
अगर आप बेहतर तस्वीर क्लिक करना चाहते हैं तो कैमरा ऐप को मैनुअल या फिर प्रोफेशनल मोड में ही इस्तेमाल करें। इससे आपके फोन से क्लिक की हुई तस्वीर बेहतर दिखाई देती है।

फिल्टर का करें इस्तेमाल
कैमरा में अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए आपको फिल्टर का इस्तेमाल करना जरूरी है। बिना फिल्टर के तस्वीर क्लिक करने पर तस्वीरें खराब हो सकती हैं।

 

]]>
Sun, 16 Nov 2025 17:12:45 +0530 news desk MPcg
बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका https://citytoday.co.in/4320 https://citytoday.co.in/4320 नई दिल्ली

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं।

कैश क्लियर करें
ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं।

बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट
फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए 'Free up space' ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे।

फालतू ऐप्स को करें डिलीट
हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए।

डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट
सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर 'My Files' में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो।

जंक फाइल्स को हटाएं
अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।

एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल
अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं।

 

]]>
Sat, 15 Nov 2025 19:03:32 +0530 news desk MPcg
सर्दियों में सेहत का खजाना: मैथी और गुड़ के लड्डू की आसान रेसिपी https://citytoday.co.in/4265 https://citytoday.co.in/4265

सर्दियों में गुड़ मेथी के लड्डू खाने का मजा ही कुछ और है। गुड़ मेथी के लड्डू ना सिर्फ स्वाद में गजब होते हैं बल्कि इससे इम्यूनिटी बढ़ने के साथ सर्दी भी कम लगती है। आइए जानते हैं, कैसे बनाएं गुड़ मेथी के लड्डू

गुड़ मेथी के लड्डू बनाने के लिए सामग्री
100 ग्राम मेथी दाना  
1/2 लीटर दूध 
300 ग्राम गेहूं का आटा 
250 ग्राम घी 
100 ग्राम गोंद 
30-35 बादाम
300 ग्राम गुड़ या चीनी
8-10 काली मिर्च, 2 छोटी चम्मच जीरा पाउडर, 2 चम्मच सोंठ पाउडर, 10 छोटी इलाइची, 4 टुकड़े दालचीनी, 2 जायफल

गुड़ मेथी के लड्डू बनाने की विधि 
सबसे पहले मेथी दाना को साफ कर लें। अब मेथी को मिक्सर से थोड़ी दरदरी पीस लें।
एक पैन में दूध उबालने के लिए रख दें।
अब पिसी हुई मेथी को 8-10 घंटे के लिए दूध में भिगो दें।
बादाम को काट लें और काली मिर्च, दाल चीनी, इलाइची और जायफल को कूट लें।
अब एक कड़ाही में आधा कप घी डालकर, भीगी हुई मेथी को भूनें. आपको मध्यम आंच पर इसे हल्का ब्राउन होने तक भूनना है।
अब बचे हुए घी में गोंद को तल लें और किसी प्लेट में निकाल लें।
 इसी कड़ाही में बाकी घी डालकर आटे को हल्का ब्राउन होने तक भून लें। 
 इसके बाद कड़ाही में 1चम्मच घी डाल कर, गुड़ को पिघला लें और चाशनी बना लें। 
गुड़ की चाशनी में, जीरा पाउडर, सोंठ पाउडर, कटे हुए बादाम, काली मिर्च, दालचीनी, जायफल और इलाइची डालकर अच्छी तरह मिला लें।
अब इसमें भुनी हुई मेथी, भुना आटा, भुना गोंद डासकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। 
इस मिश्रण से अपनी पसंद के आकार के लड्डू बनाकर रख लें. लड्डू को थोड़ी देर के लिए हवा में खुला रहने दें।
बाद में किसी एअर टाइट डब्बे में सभी लड्डू को भरकर रख लें।आप इन्हें दूध से रोज सुबह शाम खाएं।
आप चाहें तो लड्डू में गुड़ की जगह पर चीनी या बूरा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 
अपने पसंद के हिसाब से लड्डू में कोई मेवा कम या ज्यादा भी कर सकते हैं। 
मेथी के लड्डू खाने से आपको जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और सर्दी में आराम मिलेगा।

]]>
Tue, 11 Nov 2025 17:59:34 +0530 news desk MPcg
गलत नंबर पर पैसा भेजने की टेंशन खत्म! नया बैंकिंग फीचर अब ठगों से करेगा सुरक्षा https://citytoday.co.in/4205 https://citytoday.co.in/4205 नई दिल्ली 
डिजिटल पेमेंट के जमाने में हर मिनट किसी नए फ्रॉड का नया तरीका सामने आ रहा है। PhonePe ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए एक नया फीचर लॉन्च किया है PhonePe Protect। इस नए टूल का उद्देश्य है यूर्स को गलत नंबर पर पैसे भेजने से पहले चेतावनी देना या ट्रांसफर रोकना, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं कम हों। PhonePe Protect को Department of Telecommunications (DoT) के ‘Financial Fraud Risk Indicator (FRI)’ डेटा के आधार पर विकसित किया गया है, जिससे ऐप प्लेटफॉर्म पर “बहुत उच्च जोखिम” (Very High FRI) और “मध्यम जोखिम” (Medium FRI) वाले नंबरों को ट्रैक किया जा सकेगा। अगर आपने हाल-ही में कोई “सस्पेक्ट नंबर” खोला है या UPI/QR कोड से पेमेंट करने की सोची है, तो यह फीचर आपके लिए खास मायने रखता है।

PhonePe Protect कैसे काम करता है
ट्रांसफर शुरू करते ही PhonePe की तकनीक नंबर को DoT के FRI डेटाबेस से चेक करती है। अगर वह नंबर “Very High FRI” श्रेणी में आता है ऐप अपने आप पेमेंट ब्लॉक कर देती है और स्क्रीन पर “PhonePe Protect Transaction Blocked” का मैसेज दिखाती है। यदि नंबर “Medium FRI” लेवल पर हो, तो ऐप यूजर को चेतावनी देता है “यह नंबर पहले धोखाधड़ी में देखा गया है, क्या आप आगे बढ़ना चाहते हैं?” यूजर फिर अपने विवेक से आगे बढ़ सकता है। स्क्रीन अलर्ट के साथ-साथ, ऐप ट्रांसफर के बंद होने का कारण भी बताती है जिससे यूर को समझ आए कि “क्यों पेमेंट रोकी गई”।

क्यों यह फीचर अहम है
भारत में UPI ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़े हैं, लेकिन फ्रॉड का खतरा भी उठा है। अब तक यूजर गलती से किसी धोखेबाज नंबर पर पैसा भेज देते थे क्योंकि उन्हें पता नहीं होता था कि नंबर पहले ट्रैक किया गया है। PhonePe Protect इस कमी को पूरा करता है। यह फीचर सिर्फ टेक-फोरेंस नहीं, बल्कि यूजर-एजुकेशन का रोल भी निभाता है जब यूजर को “रिस्क” समझ में आता है, तो वह सोच-समझ कर ट्रांसफर करता है। कंपनी ने कहा है कि 61 करोड़ से अधिक यूजर्स के नेटवर्क में यह फीचर सुरक्षा की एक नई परत है।

यूजर्स के लिए टिप्स
पेमेंट से पहले Receiver’s नंबर और नाम को एक बार जांच लें। अगर स्क्रीन पर “PhonePe Protect” अलर्ट दिखे उसे हल्के में न लें, आगे बढ़ने से पहले विचार करें। QR कोड से पेमेंट कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि QR स्कैन किए जाने वाला डॉक्युमेंट/साइन वास्तविक है नकली QR फ्रॉड का एक तरीका है।

UPI-पेमेंट के लिए strong PIN + ऐप ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें और ऐप अपडेट रखें ताकि नया सिक्योरिटी फीचर एक्टिव हो सके। यदि गलती से पैसे भेज दिए हैं, तो तुरंत बैंक या ऐप कस्टमर-केयर से संपर्क करें हालांकि ब्लॉक करने से पहले ही भेजे गए पैसे वापस नहीं हो सकते।

 

]]>
Wed, 05 Nov 2025 17:58:02 +0530 news desk MPcg
Google का नया इनोवेशन! अब बदलेगी मोबाइल स्क्रीन और बढ़ेगी बैटरी लाइफ https://citytoday.co.in/4178 https://citytoday.co.in/4178 Google का नया इनोवेशन! अब बदलेगी मोबाइल स्क्रीन और बढ़ेगी बैटरी लाइफ

मोबाइल यूज़र्स के लिए खुशखबरी — Google ला रहा है ऐसी स्क्रीन जो बचाएगी ज्यादा बैटरी

Google की नई टेक्नोलॉजी से मोबाइल स्क्रीन होगी स्मार्ट, फोन की बैटरी चलेगी घंटों ज्यादा

नईदिल्ली 

Google एक नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसकी मदद से स्मार्टफोन यूजर्स को बेहतरीन बैटरी बैकअप मिलेगा. यह फीचर सभी एंड्रॉयड यूजर्स को मिलेगा. Google Maps का नया फीचर अभी बीटा वर्जन सामने आया है, जिसमें स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे एडवांस्ड पावर सेविंग मोड तैयार हो रहा है. 

अधिकतर स्मार्टफोन यूजर्स लंबे सफर के दौरान नेविगेशन का यूज करते हैं, जिसकी वजह से स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है. एंड्रॉयड अथॉरिटी की रिपोर्ट्स में बताया है कि गूगल न्यू पावर सेविंग मोड पर काम कर रहा है, जो इस समस्या को दूर कर देगा. 

बीटा वर्जन में हुआ खुलासा, आ रहा है नया पावर सेविंग मोड 

रिपोर्ट्स में बताया कि Android के लिए Google Maps के 25.44.03.824313610 beta वर्जन को ओपेन किया. वहां पर पावर सेविंग मोड के बारे में पता चला. यह अपने आप में बेहद खास है. 

नए मोड के तहत स्क्रीन में होगा बड़ा बदलाव 

गूगल मैप्स पर यूजर्स को एक नया बटन मिलेगा, उस पर क्लिक करने के बाद स्क्रीन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल नेविगेशन यूजर इंटरफेस से सभी कलर को रिमूव कर देगा. इसमें यूजर्स को ब्लैंक एंड व्हाइट स्क्रीन का एक्सपीरियंस मिलेगा. 

मोबाइल स्क्रीन पर नजर आएंगे ये खास ऑप्शन 

ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन के ऊपर यूजर को संभावित पहुंचने का समय (ETA), दूरी आदि दिखाई देगी. ऐसे करने से मोबाइल की बैटरी को लंबे समय तक सेव किया जा सकेगा. यह फीचर उन लोगों के लिए यूजफुल होगा, जो लंबी दूरी के लिए गूगल मैप्स पर नेविगेशन देखते हैं. ऐसे में मोबाइल की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है.  

नेविगेशन के लिए यूज होने वाले ऐप्स की लिस्ट में Google Maps टॉप पर है. रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट, स्पीड और अन्य डिटेल्स को यह मोबाइल स्क्रीन पर दिखाते हैं. इसमें कई अच्छे फीचर्स और टोल रेट्स की डिटेल्स तक देते हैं. साथ ही आप टोल बचाने के लिए नो टोल रोड्स का चुनाव कर सकते हैं.

 

]]>
Tue, 04 Nov 2025 13:36:30 +0530 news desk MPcg
वजन घटाने से शुगर कंट्रोल तक: जानिए दालचीनी वाले पानी के चमत्कारी फायदे https://citytoday.co.in/4157 https://citytoday.co.in/4157 सोचिए, रसोई के मसालों के डिब्बे में रखी एक चीज आपके दो सबसे बड़े हेल्थ इशूज का समाधान कर सकती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं दालचीनी की। एक ऐसा मसाला जो न सिर्फ आपकी खीर या बिरयानी का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि चुपके से आपके शरीर के अंदर कई जादू भी करता है।

क्या आप जानते हैं कि रोज सुबह एक गिलास पानी में केवल चुटकी भर दालचीनी मिलाकर पीने से, आप अपने जिद्दी वजन को कम कर सकते हैं और बढ़ते शुगर लेवल पर लगाम लगा सकते हैं? आइए, इस मसाले के कुछ ऐसे फायदे जानते हैं जो आपकी सेहत का कायापलट कर सकते हैं।

वजन कम करने में है जादूगर

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो दालचीनी का पानी आपकी मदद कर सकती है।

    मेटाबॉलिज्म को बढ़ाए: दालचीनी आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। जब मेटाबॉलिज्म तेज होता है, तो शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
    भूख को करे कंट्रोल: यह मसाला भूख और खाने की इच्छा को कंट्रोल करने में मददगार है। इसे पीने से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, और आप अनहेल्दी स्नैक्स खाने से बच जाते हैं।
    फैट को पिघलाए: कुछ शोध बताते हैं कि दालचीनी शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है और पहले से जमा चर्बी को पिघलाने में मदद करती है, खासकर पेट के आसपास की चर्बी को।

शुगर के मरीजों के लिए रामबाण

दालचीनी को डायबिटीज के रोगियों के लिए एंटी-डायबिटिक माना जाता है।

    इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार: दालचीनी शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। बेहतर सेंसिटिविटी से शुगर कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
    ब्लड शुगर कम करे: यह मसाला भोजन के बाद ब्लडस्ट्रीम में ग्लूकोज के प्रवेश को धीमा करने में मदद करता है, जिससे शुगर लेवल अचानक से नहीं बढ़ता।
    एंटीऑक्सीडेंट का भंडार: दालचीनी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं के खतरे को कम करने में भी मदद करते हैं।

दालचीनी का पानी सिर्फ वजन और शुगर ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी है:

    पाचन तंत्र को मजबूत बनाए: यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में यह बहुत कारगर है।
    दिल को रखे स्वस्थ: दालचीनी खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करती है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है और आपका हृदय स्वस्थ बना रहता है।
    इम्युनिटी बढ़ाए: इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और आपको सर्दी-जुकाम जैसे मौसमी संक्रमणों से बचाते हैं।

कैसे बनाएं दालचीनी का पानी?
इसे बनाना बेहद आसान है और आप इसे अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं:

    एक गिलास गुनगुना पानी लें। इसमें आधा या एक छोटा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाएं। आप चाहें तो रात भर पानी में एक इंच दालचीनी की स्टिक भिगोकर, सुबह उस पानी को हल्का गुनगुना करके भी पी सकते हैं।
    स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ा सा नींबू का रस या एक चुटकी शहद (अगर शुगर के मरीज नहीं हैं तो) भी मिला सकते हैं। बता दें, इस जादुई ड्रिंक का सेवन सुबह खाली पेट करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

 

]]>
Mon, 03 Nov 2025 12:25:34 +0530 news desk MPcg
सैमसंग का नया फोन होगा तीन बार फोल्ड, डिजाइन देखकर रह जाएंगे दंग https://citytoday.co.in/4090 https://citytoday.co.in/4090 मुंबई 
Samsung के ट्राई फोल्ड फोन का इंतजार सभी को है. कंपनी लंबे समय से अपने फोल्डेबल फोन्स को लॉन्च कर रही है, लेकिन अब बारी ट्राई फोल्ड फोन की है. ब्रांड Samsung Galaxy Z TriFold को अगले साल लॉन्च कर सकता है. लॉन्च से पहले इस फोन की एक झलक सामने आई है. 

ये ब्रांड का अब तक का सबसे बड़ा फोन होगा, जो ओपन होने पर किसी टैबलेट की तरह बन जाएगा. वैसे ऐसा ही एक फोन चीनी स्मार्टफोन ब्रांड Huawei लॉन्च कर चुका है. अब सैमसंग भी इस सेगमेंट में एंट्री करते हुए अपना पहला ट्राई फोल्ड फोन लॉन्च कर सकती है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

एक इवेंट में दिखा फोन 

K-Tech शोकेस के दौरान साउथ कोरियन कंपनी ने अपने पहले ट्राई फोल्डिंग फोन की झलक दिखाई है. हालांकि, किसी को भी इस स्मार्टफोन को छूने की इजाजत नहीं दी गई. ये स्मार्टफोन एक ग्लास के केस में पैक्ड था, जिसे सिर्फ देखा जा सकता था. हालांकि, अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई टीजर वीडियो या फोटो जारी नहीं किया है. 

संभवतः ब्रांड सब कुछ रिवील करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहता है. कंपनी ने तीन यूनिट्स को शोकेस में दिखाया है, जिसमें एक पूरी तरह से फोल्ड, दूसरा आधा फोल्ड और तीसरी पूरी तरह से खुली हुई है. पूरी तरह से फोल्ड होने के बाद ये Galaxy Z Fold 7 जैसा ही दिखता है. 

क्या होंगे फीचर्स?

इसमें डुअल हिंज मिलेगा, जिसकी वजह से फोल्ड थोड़ा भारी होगा. अब तक सामने आई डिटेल्स के मुताबिक स्मार्टफोन में 6.49-inch की कवर स्क्रीन मिलेगी. वहीं अनफोल्ड होने पर ये डिवाइस 9.96-inch का हो जाएगा. इसमें Snapdragon 8 Elite मिलेगा, जो गैलेक्सी डिवाइसेस के लिए टेलर्ड होगा. 

इसमें NFC का सपोर्ट मिलेगा. फोन वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो सैमसंग सिर्फ 50 हजार यूनिट्स ही तैयार करेगी. संभव है कि पिछले साल कंपनी इस फोन को लॉन्च करेगी. हमें इसके फीचर्स की ज्यादा बेहतर जानकारी आने वाले समय में मिलेगी. उम्मीद है कि कैमरा और बैटरी का जानकारी भी जल्द ही सामने आएगी.

]]>
Wed, 29 Oct 2025 12:25:52 +0530 news desk MPcg
दिवाली पर मीठा छोड़ें, ये हेल्दी विकल्प खाएं और ब्लड शुगर रहे कंट्रोल में https://citytoday.co.in/3978 https://citytoday.co.in/3978 नई दिल्ली 
दिवाली नजदीक है और घर-घर में तैयारियां जोरों पर हैं। इस पर्व पर तरह-तरह की मिठाइयां, नमकीन और तले-भुने व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह मौसम चुनौती भरा हो सकता है, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है।डॉक्टर बताती हैं कि त्योहारों में डायबिटीज के मरीजों को खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। त्योहार के दौरान मिठाइयां, तली-भुनी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल में अचानक उछाल आ सकता है, जिससे तबीयत बिगड़ सकती है।

त्योहार पर डायबिटीज के मरीज क्या खाएं?
डॉक्टरों के अनुसार, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर भोजन शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। ऐसे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को आवश्यक पोषण भी देते हैं।

शामिल करें ये हेल्दी चीजें
दाल और चना: प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां: जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली। ये शरीर में सूजन कम करती हैं और इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं।
नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, चिया और फ्लैक्स सीड्स हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं।
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल: जैसे सेब, नाशपाती, संतरा और अमरूद ये धीरे-धीरे शुगर रिलीज करते हैं।
स्वस्थ तेल और फैट: जैतून का तेल, एवोकाडो और अलसी के बीज ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।

 
अगर मिठाई खाने का मन करे, तो घर पर बिना चीनी वाली मिठाइयां जैसे नारियल लड्डू, खजूर-ड्राईफ्रूट बॉल्स या गुड़ से बनी डेजर्ट्स सीमित मात्रा में खा सकते हैं। बशर्ते शुगर लेवल कंट्रोल में हो।

 त्योहार पर डायबिटीज के मरीज क्या न खाएं?
त्योहारों में कई बार स्वाद के चक्कर में हम भूल जाते हैं कि शरीर की सीमाएं भी होती हैं। डायबिटीज के मरीजों को कुछ चीजों से सख्ती से परहेज करना चाहिए।

मीठी मिठाइयां: गुलाब जामुन, जलेबी, रसगुल्ला और बर्फी जैसी मिठाइयां ब्लड शुगर को तुरंत बढ़ा देती हैं।
तले-भुने स्नैक्स: पकौड़े, समोसे, पूरियां और चिप्स शुगर व कोलेस्ट्रॉल दोनों को प्रभावित करते हैं।
साबूदाना और आलू के व्यंजन: इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जिससे शुगर तेजी से बढ़ती है।
कोल्ड ड्रिंक्स और जूस: बाजार में मिलने वाले जूस और ड्रिंक्स में छिपी चीनी शरीर पर भारी असर डालती है।
शहद और सिंथेटिक स्वीटनर: ये भी ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सीमित मात्रा में ही लें।

 डायबिटीज के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
एक बार में बहुत अधिक खाना खाने से बचें।
हर 2–3 घंटे में हल्का और संतुलित भोजन करें।
मिठाई या कार्ब्स खाने के बाद 15–20 मिनट की वॉक जरूर करें।
दिन में पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें।
नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करें।

दिवाली खुशियों और मिठास का त्योहार है, लेकिन सेहत की मिठास सबसे जरूरी है। डायबिटीज के मरीज अगर अपने खानपान में थोड़ा संयम रखें, तो त्योहार का पूरा आनंद ले सकते हैं। बिना शुगर लेवल बिगाड़े। थोड़ी समझदारी से आपकी दिवाली भी मीठी रहेगी और सेहत भी दुरुस्त! 

]]>
Tue, 14 Oct 2025 19:01:45 +0530 news desk MPcg
6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में मिला डायबिटीज का नया रूप, विज्ञान जगत में हलचल https://citytoday.co.in/3909 https://citytoday.co.in/3909 अब तक माना जाता था कि डायबिटीज वयस्कों या बड़े बच्चों की बीमारी है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली खोज की है। छह महीने से कम उम्र के कुछ शिशुओं में डायबिटीज का एक बिल्कुल नया प्रकार पाया गया है। यह सामान्य कारणों से नहीं, बल्कि उनके डीएनए में हुए खास बदलावों की वजह से होता है।

अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने पाया कि नवजात शिशुओं में होने वाले डायबिटीज के करीब 85 प्रतिशत मामलों के पीछे उनके जीन में गड़बड़ी होती है। इस नई खोज में टीएमईएम167ए नामक जीन को इस बीमारी से जोड़ा गया है। यह वही जीन है जिसमें म्यूटेशन होने पर शिशु के शरीर में इंसुलिन बनाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

डॉ. एलिसाडेफ्रैंको और उनकी टीम ने बताया कि इस अध्ययन ने हमें इंसुलिन के निर्माण और उसके स्राव से जुड़े जीनों को समझने का एक नया रास्ता दिखाया है। उन्होंने पाया कि टीएमईएम167ए जीन में हुए बदलाव केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं जैसे मिर्गी और माइक्रोसेफली (सिर का सामान्य से छोटा होना) से भी जुड़े हैं।

कैसे हुई यह खोज?
वैज्ञानिकों ने छह बच्चों पर विस्तृत अध्ययन किया। इन सभी बच्चों में डायबिटीज के लक्षण जन्म के कुछ ही महीनों के भीतर दिखाई देने लगे थे। स्टेम सेल तकनीक और जीनएडिटिंग के जरिए जब उनके डीएनए की जांच की गई, तो टीएमईएम167ए जीन में असामान्य परिवर्तन पाए गए।

इसके बाद टीम ने लैब में इन कोशिकाओं पर प्रयोग किए। उन्होंने सामान्य और परिवर्तित जीन वाले दोनों प्रकार के स्टेम सेल्स को अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं में बदला- वही कोशिकाएं जो इंसुलिन बनाती हैं। परिणाम चौंकाने वाले थे: जिन कोशिकाओं में टीएमईएम167ए जीन बदला हुआ था, वे इंसुलिन बनाने में असमर्थ थीं।

क्यों खास है यह खोज?
यह अध्ययन सिर्फ नवजात डायबिटीज को समझने के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण इंसुलिन उत्पादन प्रक्रिया को जानने के लिए भी अहम है। डायबिटीज की अधिकतर दवाएं इंसुलिन के उत्पादन या उसकी क्रिया पर असर डालती हैं। अगर इस नए जीन की भूमिका पूरी तरह समझ ली गई, तो भविष्य में ऐसी दवाएं बनाई जा सकेंगी जो मूल कारण, यानी जीन स्तर पर बीमारी को नियंत्रित कर सकें।

डॉ. फ्रैंको के अनुसार, “यह खोज हमें न केवल दुर्लभ नवजात डायबिटीज को समझने में मदद करेगी, बल्कि सामान्य टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज की गुत्थियों को सुलझाने में भी उपयोगी साबित हो सकती है।”

वैज्ञानिक अब टीएमईएम167ए जीन के कार्य और इसके अन्य स्वास्थ्य प्रभावों पर और गहराई से शोध करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि इस जीन की बेहतर समझ से नवजात शिशुओं के लिए समय पर निदान और प्रभावी इलाज संभव होगा।

डायबिटीज का यह नया रूप यह साबित करता है कि हमारे जीन हमारे स्वास्थ्य पर कितना गहरा असर डालते हैं। शिशुओं में इतने शुरुआती चरण में इस बीमारी की पहचान न केवल चिकित्सा विज्ञान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाले समय में अनगिनत बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

 

]]>
Sat, 11 Oct 2025 13:13:03 +0530 news desk MPcg
कैंसर में कारगर उपाय है गाजर का जूस https://citytoday.co.in/3908 https://citytoday.co.in/3908 कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए इसका इलाज पहले चरण में ही कराना बेहतर होता है। लेकिन कैंसर के ज्यादातर मामलों में इसका खुलासा तब होता है, जब यह अपनी प्रारंभिक अवस्था से आगे बढ़ चुका होता है। ऐसे में कीमोथैरेपी के अलावा कैंसर को और कोई इलाज नहीं होता और यह अत्यधिक तकलीफदेह होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी, कि चैथी स्टेज पर आने के बाद भी कैंसर का इलाज संभव है, सिर्फ गाजर के सेवन से।

ब्रिटेन की न्यू कैसल यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध के अनुसार, गाजर में पॉलीएसिटिलीन पाया जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर ट्यूमर का विकास रोकने में सहायता करता है। इसके अलावा गाजर में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स के अलावा बीटा कैरोटीन, अल्फा कैरोटीन, कैल्शियम एवं अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।

शोध के मुताबिक गाजर में मौजूद फैलकारिनॉल, फैलकैरिन्डियॉल और एंटी कैंसर तत्व लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व कोलोन कैंसर के खतरे को कम करते हैं। इसमें पाया जाने वाला रेटिनॉइड एसिड महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर की कारक कोशिकाओं के शुरूआती बदलाव को रोकने में कारगर होता है। गाजर के सेवन से कैंसर की चैथी स्टेज पर जीत हासिल करने का भी एक उदाहरण सामने आया है। इंडिया टाइम्स डॉट कॉम में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, कैमरून नामक एक महिला ने गाजर के जूस का सेवन कर कैंसर को चैथे चरण में आने के बावजूद मात देने में कामयाबी हासिल की है।

कैमरून बताती हैं, कि उन्हें सन 2013 में कोलोन कैंसर के बारे में पता चला, जो कि चैथे चरण पर पहुंच चुका था। कीमोथैरेपी के अलावा इसके लिए कोई और विकल्प भी नहीं था। कैमरून ने इंटरनेट पर रिसर्च कर, राल्प कोले नामक व्यक्ति का अनुभव पढ़ा, जिसे प्रतिदिन 2.25 किलो गाजर का जूस पीने से कैंसर में काफी लाभ हुआ था। इसके बाद कैमरून ने भी गाजर के जूस का सेवन शुरू किया। कैमरून ने लगतार आठ सप्ताह तक प्रतिदिन 2.25 किलो गाजर का जूस पीना शुरू किया। इस दौरान कैमरून ने पाया कि कैंसर ट्यूमर में होने वाली वृद्धि रूक गई है। लगभग 13 महीनों के बाद उनका कैंसर पूरी तरह से ठीक हो चुका था।

 

]]>
Sat, 11 Oct 2025 13:11:07 +0530 news desk MPcg
बच्चों पर मोबाइल का असर & AIIMS का सुझाव https://citytoday.co.in/3848 https://citytoday.co.in/3848 बच्चों  पर मोबाइल का असर - AIIMS का सुझाव 
मोबाइल की लत  के कारण बच्चे अब हिंसक और असंतुलित हो गए है । अगर aiims के  मनोरोग विभाग की माने तो  में 5 से 6 सेशन थैरेपी और दवा के साथ पैरेंट्स के सहयोग से बच्चों में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। इससे न केवल माता-पिता को राहत मिली है, बल्कि स्कूल में सहपाठियों और शिक्षकों के बीच भी माहौल सुधरा है।

एम्स मनोरोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें से 8 से 10 बच्चे मोबाइल एडिक्शन, एंजाइटी और ऑटिज्म से संबंधित होते हैं। मोबाइल एडिक्शन के दौरान बच्चे सहपाठियों से मारपीट, गाली-गलौज और अन्य हिंसक व्यवहार करने लगते थे। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है। परिवार के सपोर्टिव व्यवहार और समय पर निगरानी से बच्चे बेहतर तरीके से ठीक हो पाते हैं। परिवारिक सहयोग के बिना दवा केवल शांत रखती है, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं ला पाती।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कोरोनाकाल से पहले गाइडलाइन जारी की थी कि बच्चों की उम्र के अनुसार मोबाइल फोन उपयोग की सीमा तय करनी चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बदलने के बाद भी बच्चों का व्यवहार बदल सकता है। प्राइमरी क्लास के बच्चों को सीमित समय के लिए मोबाइल दिया जाता है, जबकि मिडिल और हाई स्कूल में उनके पास अधिक स्वतंत्रता होती है। इस प्रकार, मोबाइल एडिक्शन से प्रभावित बच्चों का सही इलाज, थैरेपी और परिवारिक सहयोग से व्यवहार में सुधार हो रहा है और वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

]]>
Mon, 06 Oct 2025 14:17:00 +0530 news desk MPcg
Arattai App की बढ़ती लोकप्रियता, उधर WhatsApp बीटा यूज़र्स को आ रही ये दिक्कत https://citytoday.co.in/3775 https://citytoday.co.in/3775 मुंबई 

मैसेजिंग ऐप Arattai आजकल चर्चा में है. इस स्वदेशी ऐप का मुकाबला विदेशी ऐप WhatsApp से है. जहां आजकल Arattai डाउनलोडिंग में नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है. वहीं यूजर्स से WhatsApp का एक वर्जन इंस्टॉल ना करने को कहा है. 

दरअसल, WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि ये वर्जन इंस्टॉल ना करें, जिसके बाद कई यूजर्स ने रिपोर्ट की है कि उनके मैसेज डिसअपीयर हो रहे हैं. हालांकि ये हो सकता है कि UI Bug हो, जो मैसेज को डिस्प्ले होने से रोक रहा हो. 

साथ ही पोस्ट में बताया है कि अगर आप ये वर्जन पहले अपडेट कर चुके हैं और आपके मैसेज नहीं दिखाई दे रहे हैं. इसके लिए जल्द ही एक नया अपडेट जारी किया जाएगा. 

WABetaInfo का पोस्ट 

देसी मैसेजिंग ऐप Arattai बना नंबर-1

Arattai अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर पोस्ट करके पहले ही बता चुका है कि वह ऐप स्टोर पर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में पहले नंबर-1 पहुंच गया है. एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर इसे पहले ही काफी पसंद किया जा रहा है. इस ऐप को जोहो कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है. 

काफी कुछ WhatsApp जैसा 

Arattai मैसेजिंग ऐप में कई फीचर्स हैं, जो पहले आप व्हाट्सऐप में भी कई बार देखे जा चुके हैं. इसमें मैसेजिंग,कॉलिंग और वीडियो कॉलिंग जैसी सुविधा मिलती है. हालांकि कलर थीम आदि आपको Arattai की थोड़ी कमजोर नजर आ सकती हैं. आने वाले दिनों में इसमें कई और अपडेट मिलेंगे.

Arattai में मिलता है मीटिंग का ऑप्शन 

Arattai मैसेजिंग ऐप के अंदर का एक खास मीटिंग का ऑप्शन मिलता है. इसकी मदद से आप मीटिंग शेड्यूल कर सकते हैं और मौजूदा मीटिंग को जॉइन भी कर सकते हैं. यहां यूजर्स अपनी अपकमिंग मीटिंग को देख भी सकेंगे. 

]]>
Thu, 02 Oct 2025 12:48:38 +0530 news desk MPcg
शाम का मज़ेदार नाश्ता: उबली मूंगफली की चाट, बस एक बार खाओ और हो जाओ दीवाने! https://citytoday.co.in/3727 https://citytoday.co.in/3727

नई दिल्ली 
शाम के नाश्ते में ज़्यादातर लोग समोसा या फिर पकौड़े खाना पसंद करते हैं। लेकिन यह सेहत के लिए हेल्दी नहीं है। तो अगर आप शमा के नाश्ते में कुछ चटपटा और हेल्दी खाना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं 'उबली हुई मूंगफली की चाट'। मूंगफली चाट का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने से आपका मन नहीं भरेगा। साथ ही ये शानदार चाट (Peanut Chaat Recipe) रेसिपी मिनटों में बनकर तैयार होगी। अगर आप हर रोज़ मूंगफली खाते हैं तो आपको प्रोटीन, विटामिन, मिनरल भरपूर मात्रा में मिलता है।

उबली हुई मूंगफली चाट के लिए सामग्री:
एक कप  मूंगफली, स्वाद अनुसार नमक, एक प्याज, एक टमाटर, एक हरी मिर्च, बारीक कटी धनिया, आधा चम्मच अमचूर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक नींबू का रस, एक चम्मच चाट मसाला

उबली हुई मूंगफली चाट कैसे बनाएं?
    पहला स्टेप: उबली हुई मूंगफली की चाट बनाने के लिए सबसे पहले एक कप मूंगफली लें। अब मूंगफली को एक प्रेशर कुकर में डालकर तीन चार सिटी आने तक अच्छी तरह से उबाल लें। जब मूंगफली उबल जाए तब उसे एक बड़े बाउल में निकालें।

    दूसरा स्टेप: अब, एक प्याज और टमाटर को एकदम बारीक काटें और बॉईल की हुई मूंगफली में डालें। अब इसमें बारीक कटी हुई धनिया, अमचूर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और नींबू का रस डालें और अच्छी तरह से मिलाएं।

    तीसरा स्टेप: आपका चटपटी मूंगफली का चाट तैयार है। इसे सर्व करें और शाम के नाश्ते का लुत्फ़ उठाएं।

मूंगफली खाने के फायदे:
मूंगफली प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत है जो हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन और रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक है। ये बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है। मूंगफली अपने बी विटामिन के कारण दिमाग के स्वास्थ्य में भी योगदान देती है। 

]]>
Wed, 24 Sep 2025 13:06:06 +0530 news desk MPcg
नया आधार ऐप लॉन्च: घर बैठे होंगे सारे काम https://citytoday.co.in/3715 https://citytoday.co.in/3715 नई दिल्ली

भारत सरकार जल्द ही आधार कार्ड को अपडेट करने की सुविधा को आसान बनाने वाली है। सरकार की ओर से एक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च होने वाला है, जिसके जरिए लोग अपने आधार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे- नाम, एड्रेस और जन्मतिथि को आसानी से अपडेट कर सकेंगे। यह ऐप यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UAIDI) बना रहा है। इसका उद्देश्य है लोगों के आधार अपडेट के काम को आसान करना, आकी उन्हें बार-बार आधार सेवा केंद्रों पर जाने की जरूरत न पड़े। आधार केंद्रों पर पहले स्लॉट बुक कराना होता है और फिर लंबी कतार में लगना पड़ता है। लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह ऐप जल्द ही लॉन्च होने वाला है और इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान होगा। इसका नाम फिलहाल e-Aadhaar App बताया जा रहा है। फिजिकल कार्ड न होने पर भी इससे आपका काम आसान हो सकता है।

क्या-क्या अपडेट कर पाएंगे यूजर्स?
इस नए आधार ऐप के जरिए यूजर्स अपने स्मार्टफोन से ही अपनी निजी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। इसमें नाम, जन्मतिथि, पता और फोन नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। पहले इसके लिए आधार सेवा केंद्रों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह काम घर बैठे हो सकेगा। सरकार का कहना है कि यह ऐप इस साल के अंत तक लॉन्च हो सकता है। यह ऐप एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं देगा, जिससे समय की बचत होगी। आप प्रोसेस को ट्रैक भी कर पाएंगे।

AI और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल भी हुआ
इस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आधार से जुड़ी सेवाएं न केवल सुरक्षित होंगी, बल्कि तेज और आसान भी होंगी। फेस आईडी के जरिए यूजर्स की पहचान को और सिक्योर किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। इस ऐप के आने बाद आपको केवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जैसे फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग के लिए ही आधार केंद्र जाना होगा। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और प्रक्रिया तेज होगी।

खुद ही निकाल लेगा आपके दस्तावेज
इस ऐप की एक और खास बात यह है कि यह सरकारी सोर्सेस से खुद ही डेटा ले लेगा। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड और मनरेगा योजना के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज शामिल होंगे। इसके अलावा, बिजली बिल की जानकारी भी ली जा सकती है, जिससे एड्रेस की पुष्टि करना और आसान हो जाएगा। इस यूजर्स को यह फायदा है कि उन्हें ज्यादा ज्यादा दस्तावेज जमा नहीं कराने होंगे।

]]>
Mon, 22 Sep 2025 11:59:24 +0530 news desk MPcg
उपवास: इन 5 टेस्टी पकवानों से करें पेट भी खुश और दिल भी https://citytoday.co.in/3714 https://citytoday.co.in/3714 22 सितम्बर से शुरू हो रहे नवरात्री पर  माँ भगवती की अराधना की जाती है। लोग इस पवित्र महीने में माँ भगवती की सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हैं, तमाम अनुष्ठान करते हैं और बहुत से लोग तो कावड़ यात्रा पर भी जाते हैं।

बहुत से लोग तो पूजा अर्चना के साथ-साथ  व्रत भी रखते हैं। इस व्रत में फलाहार का सेवन किया जाता है। लोगों को लगता है कि फलाहार बनाना काफी कठिन काम होता है, ऐसे में हम यहां आपको पांच ऐसे स्वादिष्ट पकवानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो झटपट तैयार होते हैं। 
मिश्रित फल चाट

कुछ हेल्दी विकल्प तलाश रहे हैं तो फलाहारी चाट अपने लिए तैयार करें। इसे बनाने के लिए आपको अपने पंसदीदा फल जैसे केला, सेब, अंगूर, अनार, पपीता के साथ-साथ नींबू सेंधा नमक, काली मिर्च की जरूरत पड़ेगी। इसे बनाने के लिए कटे हुए फलों को मिलाकर ऊपर से सेंधा नमक और काली मिर्च छिड़कें। इसका आप भोग भी लगा सकते हैं। 

साबूदाना खिचड़ी

फलाहारी खाने की बात की जाए और साबूदाना खिचड़ी का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। साबुदाना खिचड़ी बनाने का प्लान कर रहे हैं तो सबसे पहले 6-8 घंटे तक साबुदाना को पानी में भिगो दें। पानी में भीगने की वजह से ये फूल जाएगा, जिस कारण ये एकदम खिला-खिला बनेगा और देखने में भी अच्छा लगेगा। 

कुट्टू का चीला

कुछ ऐसा बनाने का प्लान कर रही हैं, जिसे तैयार करने मे ज्यादा घी तेल न लगे तो कुट्टू का चीला एक बेहतर विकल्प है। कुट्टू का चीला बेहद कम तेल में सिक जाता है। इसे आप आलू की सब्जी या फिर फलाहारी चटनी के साथ भी परोस सकते हैं। इसे बनाते समय बेटर सही तैयार करें, तभी ये एकदम डोसे की तरह तैयार होगा। 

सिंघाड़े के आटे का हलवा

सिंघाड़े के आटे का हलवा खाने में कापी स्वादिष्ट लगता है। इसे बनाने के लिए सिंघाड़े का आटा, देसी घी, पानी, चीनी की जरूरत पड़ती है। इसके लिए सबसे पहले सिंघाड़े के आटे को घी में अच्छी तरह से भूनकर उसमें पानी और चीनी डालें। कुछ ही मिनटों में फलाहारी हलवा तैयार करें। इस हलवे में किसी तरह की मेवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती।  

]]>
Mon, 22 Sep 2025 11:56:19 +0530 news desk MPcg
सुबह उठते ही पिएँ यह चाय, शुगर लेवल रहेगा कंट्रोल में https://citytoday.co.in/3688 https://citytoday.co.in/3688 नई दिल्ली 
खड़े मसाले में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता शुगर में काफी फायदेमंद माना जाता है। तेज पत्ता में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व डायबिटीज में असरदार साबित होते हैं। तेज पत्ता में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और कॉपर होता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से तेज पत्ता का पानी या चाय पीने से पुरानी से पुरानी डायबिटीज को कम किया जा सकता है।
    आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।
 
    आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।
    तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।
 
    तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।
    आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।
 
    आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।
    तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।
 
    तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।

]]>
Sat, 20 Sep 2025 12:10:42 +0530 news desk MPcg
मार्क जुकरबर्ग का बड़ा खुलासा: स्मार्टफोन की जगह लेगा नया डिवाइस, न छूना पड़ेगा न पकड़ना! https://citytoday.co.in/3687 https://citytoday.co.in/3687 नई दिल्ली 
स्मार्टफ़ोन की जगह फ्यूचर में कौन सा डिवाइस लेगा? कुछ समय से ऐसी डिस्कशन देखने को मिल रही है. आपको याद हो तो हाल ही में Humane AI Pin लॉन्च किया गया था. इसे ऐपल के ही एक फॉर्मर एग्जिक्यूटिव ने लॉन्च किया था. इस AI डिवाइस की हाइप भी काफी थी, लेकिन ये फ्लॉप हो गया. 

स्मार्ट ग्लासेज का कॉन्सेप्ट नया नहीं है, लेकिन पिछले दो सालों में AI पावर्ड स्मार्ट ग्लासेज का क्रेज़ तेजी से बढ़ा है. ख़ास तौर पर MetaRayban स्मार्ट ग्लासेज दुनिया भर में हॉट सेलिंग रहे हैं. मेटा को लग रहा है कि कंपनी स्मार्ट ग्लासेज के ज़रिए पूरा इकोसिस्टम तैयार कर सकती है. 

Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने हाल ही में कहा कि फ्यूचर में जिनके पास स्मार्ट ग्लासेज नहीं होंगे वो पीछे रह जाएंगे. ज़ाहिर है ये बात उनके प्रचार का हिस्सा है, लेकिन ये कई मायनों में सही भी है. 

Meta Connect इवेंट में मार्क जकरबर्ग ने लेटेस्ट जेनेरेशन Meta Rayban Display लॉन्च किया है. ये मौजूदा Meta RayBan स्मार्ट ग्लासेज से काफी अलग हैं और इसमें इनबिल्ट स्क्रीन भी है जहां आप वीडियोज भी देख सकते हैं और यहां लाइव नेविगेशन भी दिख सकता है. इसे ऑग्मेंटेड रिएलिटी (AR) ग्लास कहा जा सकता है. 

Meta ने कुछ समय पहले Orion Glasses भी अनवील किया था जो Snapchat के ऑग्मेंटेड रिएलिटी ग्लासेज का राइवल है. हालांकि ये अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन कंपनी इसपर काफी अग्रेसिवली काम कर रही है. कुछ सालों में इसका फाइनल बिल्ड किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो Apple Vision Pro जैसे डिवाइसेज के लिए बड़ा खतरा होगा. क्योंकि Apple Vision Pro काम तो बेहतर करता है, लेकिन ये काफी भारी है और लंबे समय तक पहन कर रहने में लोग कंफर्टेबल नहीं हो सकते. 

स्मार्ट ग्लासेज़ का मार्केट

मार्केट में जो भी मौजूदा स्मार्ट ग्लासेज हैं उनमें स्पीकर्स, माइक्रोफोन्स और कैमरे दिए गए हैं, लेकिन डिस्प्ले नहीं होता है. हाल ही में Halliday Glasses लॉन्च हुए थे जिनमे एक व्यू फ़ाइंडर दिया गया है. एक ग्लास में आप स्क्रीन देखने लगते हैं, लेकिन Meta का RayBan Display में ग्लास पर ही स्क्रीन एंबेड कर दी गई है. 

आपको ऐसा लग रहा होगा कि चश्मे में डिस्प्ले दी गई है तो इससे काफी डिस्ट्रैक्शन होगा. यानी आप सामने देखेंगे और डिस्प्ले ऑन हो गई तो मुश्किल हो जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं है. 

इससे आपको विजन ब्लॉक नहीं होगा, क्योंकि  आपको ऐसा लगेगा कि आपके सामने डिस्प्ले प्रोजेक्ट की जा रही है. अगर आपने कार में HUD देखा है तो ये कमोबेश वैसा ही लगता है. यानी स्क्रीन आपसे दूर दिखेगी और पेरिफेरल विजन में रहेगी. 

स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा?

स्मार्ट ग्लासेज के साथ बड़ा पॉजिटिव प्वाइंट ये है कि आप इसे पहन कर अनकंफर्टेबल नहीं होते जैसे Vision Pro या Meta Quest जैसे ऑग्मेंटेड रिएयलिटी हेडसेट को पहन कर होते हैं. अमूमन ऑग्मेंटेंड रियलिटी हेडसेट काफी भारी होते हैं.

अगर Meta या कोई भी कंपनी Apple Vision Pro जैसे तमाम फीचर्स अगर स्मार्ट ग्लासेज में ही फिट करने में पूरी तरह सफल रहती है तो ये एक बड़ा ब्रेकथ्रू होगा. फिलहाल कुछ सालों तक स्मार्टफोन को पूरी तरह रिप्लेस करने वाला कोई डिवाइस नहीं आएगा, लेकिन वेयरेबल कैटिगरी के स्मार्ट गाल्सेज में पूरी पोटेंशियल है कि ये स्मार्टफोन्स पर लोगों की निर्भरता कम कर दें. हालांकि ऐपल के पूर्व चीफ डिजाइनर और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन एक AI डिवाइस पर काम कर रहे हैं, इसलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या वो डिवाइस स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा? 

Meta RayBan Display ग्लासेज से आप क्या-क्या कर सकते हैं?

पहले वाले MetaRayban वेरिएंट्स को आप बोल कर कमांड दे सकते थे, लेकिन यहां आप देख कर जेस्चर के ज़रिए कमांड दे सकते हैं. पहनने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि आपसे कुछ फ़ीट की दूरी पर डिस्प्ले है जिससे आपका विजन भी ब्लॉक नहीं होगा. आप इसे चाहें तो ऑफ भी कर सकते हैं और इसे नॉर्मल सनग्लासेज की तरह यूज़ कर सकते हैं. 

आपके सामने हर समय एक फ़्लोटिंग स्क्रीन दिखेगी जिसे आप कमोबेश फ़ोन की तरह ही यूज़ कर पाएंगे. कोई दूसरा ये डिस्प्ले नहीं देख पाएगा, सिर्फ आपको ही ये स्क्रीन दिखेगी. 

आप चश्मे में ही शॉर्ट वीडियोज या रील्स स्क्रॉल कर सकते हैं जैसे फ़ोन पर करते हैं. ऑडियो क्वॉलिटी भी अच्छी होती है, इसलिए सिर्फ आपको ही ऑडियो भी सुनाई देगी, पास वालों को अंदाजा भी नहीं होगा कि आप चश्मे में ही वीडियो देख रहे हैं. कॉलिंग, मैसेजिंग से लेकर म्यूजिक का एक्स्पीरिएंस भी इसमें मिलता है. 

MetaRaban Display के साथ एक न्यूरल रिस्ट बैंड भी आता है. इसके जरिए आप हैंड जेस्चर यूज करके स्क्रीन पर नेविगेशन कर सकते हैं, यानी कोई भी ऑप्शन को सेलेक्ट कर सकते हैं या बंद करके कुछ नया ओपन कर सकते हैं. 

मैप्स रियल टाइम चलता है, इसलिए आपको फ़ोन निकालने की ज़रूरत नहीं होगी. स्मार्ट ग्लास की ही स्क्रीन में आपको रियल टाइम नेविगेशन मिल जाएगा. 

ऐसे कई फीचर्स हैं जो यूजफुल हैं, लेकिन अभी ये परफ़ेक्शन से दूर हैं. लेकिन MetaRayban Display के बाद ये तो साफ है कि स्मार्ट ग्लासेज फ्यूचर में एक जरूरी गैजेट बन सकते हैं. इतना ही नहीं इससे स्मार्टफोन की डिपेंडेंसी भी कम हो सकती है. 

फ़िलहाल ये अर्ली वर्जन्स हैं, लेकिन कुछ सालों के बाद स्मार्ट ग्लासेज के फीचर्स परफ़ेक्शन की तरफ़ जाएंगे और ये प्रैक्टिकल भी होंगे. दूसरी कंपनियां भी लगातार स्मार्ट ग्लासेज पर काम कर रही हैं. 

]]>
Sat, 20 Sep 2025 12:08:22 +0530 news desk MPcg
अपनी ChatGPT चैट हिस्ट्री ऐसे करें डिलीट, कोई भी न पढ़ पाए आपकी बातें! https://citytoday.co.in/3666 https://citytoday.co.in/3666 नई दिल्ली

ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स लोगों की लाइफ का पार्ट बनते जा रहे हैं. धीरे धीरे लोग अपने सर्च क्वेरीज के लिए गूगल सर्च के बजाए AI टूल्स की तरफ़ जा रहे हैं. जो सवाल आप गूगल से भी नहीं पूछते थे वो AI से पूछ रहे हैं. 

सवाल पूछने का मतलब ये है कि आप उस AI टूल को अपनी पर्सनल डिटेल्स दे रहे हैं. बहरहाल, ये डिबेट तो चलती रहेगी कि आपका पर्सनल डेटा ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स के पास कितना सेफ है. लेकिन अभी आपको ये बताता हूं कि आप चैट जीपीटी से चैट हिस्ट्री और डेटा कैसे क्लियर कर सकते हैं. डेटा सर्वर से डिलीट कैसे कराएं ये आपको बाद में बताएंगे. 

किसी भी AI टूल से आप से आप कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करते हैं तो एक लॉग बन जाता है. अमूमन ये लेफ्ट साइड में होता है. ChatGPT, Gemini और Grok जैसे टूल्स में लॉगइन करने के बाद होम पेज ओपन होता है और लेफ्ट साइड में एक पैनल खुलता है. यहां आपकी कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री होती है. 

कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री डिलीट करने के लिए आपको थ्री डॉट को सेलेक्ट करना है. यहां पर रिनेम और डिलीट का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप हिस्ट्री क्लियर कर सकते हैं. 

ChatGPT से ऐसे करें हिस्ट्री डिलीट 

— स्मार्टफ़ोन पर ChatGPT ओपन करें और मेन्यू आइकॉन पर टैप करें. 

— यहां सबसे नीचे आपको अपना प्रोफ़ाइल आइकॉन दिखेगा यानी आपका नाम — यहां टैप करना है. 

— एक लिस्ट खुलेगी जहां Data Controls दिखेगा. इस मेन्यू में जा कर आप Clear Chat History सेलेक्ट कर सकते हैं. 

Chat Export कैसे करें?

ChatGPT आपको अपने चैट्स को एक्सपोर्ट करने का भी ऑप्शन देता है. डेटा कंट्रोल्स ऑप्शन में ही आपको और भी कई ऑप्शन्स दिखेंगे. यहां बॉटम में Export Data का ऑप्शन मिलता है. Export Data कन्फर्म करते ही आपकी पूरी चैट जीपीटी की हिस्ट्री आपकी ईमेल आईडी पर एक्सपोर्ट हो जाएगी.  

इसी तरह ChatGPT की वेबसाइट पर लॉगइन करके भी आप अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. लॉगइन के बाद सेटिंग्स में जाना है Data Controls सर्च करें. यहां आपको डिलीट ऑल चैट्स का ऑप्शन दिखेगा जिसे सेलेक्ट करके ChatGPT से अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. 

]]>
Fri, 19 Sep 2025 11:59:40 +0530 news desk MPcg
iPhone 16 Pro मात्र ₹57,105 में! Amazon का धमाकेदार ऑफर, जानें शर्तें https://citytoday.co.in/3643 https://citytoday.co.in/3643 नई दिल्ली

iPhone 17 Series के चार मॉडल्स 9 सितंबर को लॉन्च हुए हैं, जिसके बाद से ही iPhone की बाकी सीरीज के मॉडल्स की कीमत घट गई है। अब फेस्टिव सीजन भी आ गया है, इसलिए अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स इन पर भारी छूट दे रहे हैं। इसी बीच अमेजन भी iPhone 16 सीरीज के फोन्स पर गजब के ऑफर दे रहा है, इससे फोन्स की कीमत कम हो गई है। यदि आप भी iPhone 16 Pro खरीदना चाहते हैं तो बड़े ऑफर्स और डिस्काउंट का लाभ उठाकर इस फेस्टिव सीजन अपना सपना पूरा कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी, क्योंकि डिस्काउंट का बड़ा हिस्सा क्रेडिट कार्ड छूट और एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत है।

iPhone 16 Pro सितंबर 2024 में लॉन्च हुआ
ऐपल ने बीते साल सितंबर में हुए ग्लोटाइम इवेंट iPhone 16 और iPhone 16 Pro सीरीज को लॉन्च किया था। इस सीरीज में चार मॉडल्स थे, जो 128 जीबी की बेस स्टोरेज, बेहतर कैमरा सिस्टम, तेज प्रोसेसर और लेटेस्ट डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के साथ आए। iPhone 17 सीरीज आने के बाद इनकी कीमत कम हुई है। आमतौर पर ऐपल नई सीरीज लॉन्च करता है, तो पुरानी सीरीज के दाम कम हो जाते हैं।

iPhone 16 की भारत में कितनी कीमत?
बता दें कि भारत में iPhone 16 की कीमत 79,900 रुपये है, जबकि बड़ा मॉडल iPhone 16 Plus 89,900 रुपये में उपलब्ध है। iPhone 16 Pro 1,19,900 रुपये और iPhone 16 Pro Max 1,44,900 रुपये में मिलेगा। लेकिन अब अमेजन इन पर ऑफर्स दे रहा है, जिसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।

iPhone 16 पर कैसे मिलेगी बड़ी छूट?
ऐपल के iPhone 16 पर अमेजन ने एक खास एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत आप अपने पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करके iPhone 16 मॉडल्स पर अच्छी छूट पा सकते हैं। मसलन, iPhone 16 Pro की कीमत 1,19,900 रुपये है, अमेजन पर 10% डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत 1,07,900 रुपये है। यदि आप अच्छी कंडीशन वाला पुराना फोन एक्सचेंज करते हैं, तो 45,400 रुपये तक की एक्स्ट्रा छूट मिल सकती है। इससे iPhone 16 Pro की कीमत घटकर 62,500 रुपये हो जाती है। फिर आप Amazon Pay ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड का यूज करने वाले ग्राहकों को 5,395 रुपये की एक्स्ट्रा छूट मिल सकती है। इस ऑफर के साथ iPhone 16 Pro की आखिरी कीमत 57,105 रुपये रह जाती है।

iPhone 16 Pro में क्या फीचर्स हैं?
​iPhone 16 Pro में 6.3 इंच का डिस्प्ले है। इसमें A18 Pro चिपसेट है, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसका 6-कोर GPU पिछले A17 Pro की तुलना में 20% तेज है। iPhone 16 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें कई बड़े अपग्रेड किए गए हैं। इसमें 2 परफॉर्मेंस कोर और 4 एफिशिएंसी कोर हैं, जो स्पीड को 15% बढ़ाते हैं और 20% कम बिजली खपत करते हैं। यह चिपसेट मशीन लर्निंग, तेज USB 3 स्पीड और प्रोसेस वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 48MP फ्यूजन कैमरा है, जो क्वाड-पिक्सल सेंसर के साथ आता है। यह 4K120 वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 48MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 12MP सेंसर के साथ 5x टेलीफोटो लेंस भी है। दावा किया जाता है कि iPhone 16 Pro Max में अब तक की सबसे लंबी बैटरी लाइफ है, ये इसकी खास ऑप्टिमाइजेशन के कारण है।

]]>
Thu, 18 Sep 2025 11:44:26 +0530 news desk MPcg
डेस्कटॉप की स्पीड हो गयी है कम, इस तरह बढ़ाएं https://citytoday.co.in/3642 https://citytoday.co.in/3642 कंप्यूटर हो या अन्य कोई टेक्नोलॉजी इनका एक अभिन्न अंग हैं-स्पीड। जैसे-जैसे नवीन टेक्नोलॉजी या प्रोडक्ट आते हैं, वैसे ही उनमें स्पीड को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाती है। आज कम समय में मल्टीटास्क को तवज्जो दी जाती है। कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय यूजर को उसकी परफॉरमेंस से कई उम्मीदें होती हैं। डेस्कटॉप खरीदते समय भी हमें यही आशा होती है की उसमें एक ही समय पर कई एप्लीकेशन के प्रयोग कर पाएं।

इन सस्ते उपायों से आपके गैजेट्स रहेंगे हमेशा साफ…

नए डेस्कटॉप पर आमतौर से हमें परेशानियां नहीं आती। शुरुआत में मल्टी एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए भी कंप्यूटर तेज स्पीड पर चलता है, पर डेस्कटॉप की ख्वाइश रखने वाले अक्सर उसमें कई सारी एप्लिकेशंस का प्रयोग करना चाहते हैं। साथ ही अगर आपको पिक्चर्स एडिट करने का शौक है तो आपको अपने पीसी में अच्छी खासी मेमोरी की भी आवश्यकता पड़ती होगी। इन सभी कार्यों के बीच धीरे-धीरे जैसे आपकी कंप्यूटर की स्टोरेज बढ़ती जाती है, उसकी स्पीड कम होने लगती है। आपको महसूस होता है की आप पहले की तरह अपने पीसी का इस्तमाल नहीं कर पा रहे, उसकी फक्शन करने की स्पीड भी कम हो गई।

ऐसे में अगर आपको आज की डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ चलना है तो सबसे सस्ता और अच्छा उपाय अपने कंप्यूटर की रैम को बदलना है। इससे आप अपने पीसी का बेहतर रूप में प्रयोग कर पाएंगे और वह सभी कार्य कर पाएंगे, जो आप करना चाहते है-जैसे की ढेर सारी पिक्चर्स, गाने रखना, सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उन्हें यूज करना आदि।

अपने डेस्कटॉप के लिए रैम का चुनाव कैसे करें….

जब भी आप कोई एप्लीकेशन चलाते है तो वो टास्क कंप्यूटर की मेमोरी में जाता है लेकिन अगर आप अपने डेस्कटॉप पर उसकी क्षमता से अधिक काम का भार डाल रहे हैं तो वह अपनी स्पीड से कम चलने लगेगा और समय के साथ साथ अन्य परेशानियां भी खड़ी करेगा। इस समय आपको यह ध्यान देने की जरूरत है की आप अपने पीसी का किस-किस कार्य के लिए प्रयोग कर रहे है। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम लेने जाने से पहले ये जरूर देखे की आपको कितने रैम की जरूरत है। अगर आप अपने पीसी का प्रयोग बेसिक चीजों जैसे की मेल चेक करना आदि के लिए करते है तो 384 से 512 एमबी रैम आपकी लिए काफी है। कंप्यूटर में जितनी अधिक प्रोसेसिंग होगी उतनी अधिक रैम की आवश्यकता होगी। अगर आपका डेस्कटॉप ऑफिस वर्क के लिए प्रयोग होता है और आप एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग करते हैं तो आपको 1 जीबी तक रैम की जरूरत पड़ेगी। हालांकि गेमिंग और हैवी प्रोग्राम्स के लिए कंप्यूटर में 1 से 2 जीबी या उससे अधिक तक की रैम होनी चाहिए।

अपने डेस्कटॉप में रैम कैसे लगाएं…

एक बार आपने अपने कंप्यूटर के लिए रैम का चुनाव कर लिया, उसके बाद समय है की आप अपने डेस्कटॉप में रैम लगाएं। इससे पहले की आप इस कार्य की शुरुआत करें, ध्यान रखे की आपका डेस्कटॉप बंद हो और उससे जुडी सभी वायर सॉकेट से बाहर हो। खुद को किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक खतरे से बचाने के लिए सावधानियां बरते। डेस्कटॉप अलग-अलग तरह से बने होते है, पर उसके ऊपर या साइड का कवर स्क्रूड्राइवर की मदद से खुल जाता है। रैम स्लॉट्स कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर होता है। आमतौर पर इसके लिए दो स्लॉट होते है, हालांकि इससे अधिक भी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर सभी स्लॉट में रैम लगी हुई है, तो कॉम स्पेस की रैम को ज्यादा स्पेस की रैम से बदला जा सकता है। अब पुराने मॉड्यूल को निकाल नया मॉड्यूल डालने के लिए टैब को रिलीज कर दें। अगर स्लॉट पहले से खुला है तो नए मॉड्यूल को उसमें सेट कर दें।

एक बार जब आपने अपनी रैम इनस्टॉल कर ली, तब अपने कंप्यूटर को बंद करें और उसे रीस्टार्ट कर लें। कंप्यूटर अपने आप नइ रैम को एक्सेप्ट कर लेगा और आपका काम बेहद आसानी और सस्ते में पूरा हो जाएगा। अब आपकी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ जाएगी और आप आसानी से एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग कर पाएंगे।

]]>
Thu, 18 Sep 2025 11:38:46 +0530 news desk MPcg
Google का Gemini बना टॉप ऐप, ChatGPT पीछे रह गया! https://citytoday.co.in/3634 https://citytoday.co.in/3634 नई दिल्ली

गूगल जेमिनी (नैनो बनाना) का क्रेज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। कई सारे सोशल मीडिया यूजर्स ने नैनो बनाना का इस्तेमाल करते हुए 3D इमेज मॉडल, स्टैचू इमेज और साड़ी ट्रेंड को फॉलो किया। अब भी यह ट्रेंड खत्म नहीं हुआ और तरह-तरह की तस्वीरें बनाई जा रही हैं। हाल ही में गूगल द्वारा लॉन्च किया गया नैनो बनाना इमेज एडिटिंग टूल इतना फेमस हो गया है कि गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर पर ऐप नंबर वन हो गया है। इसने दिग्गज AI कंपनी OpenAI के AI चैटबॉट ऐप ChatGPT को पछाड़ दिया है।

टॉप ऐप्स की लिस्ट में Gemini सबसे ऊपर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि ऐप स्टोर और प्ले स्टोर की ‘टॉप ऐप्स’ लिस्ट में गूगल जेमिनी पहले स्थान पर पहुंच चुका है। इसके बाद थ्रेड्स और चैटजीपीटी का नंबर आया। कुछ महीने पहले चैटजीपीटी अपने घिबली-स्टाइल इमेज जेनरेशन फीचर की वजह से टॉप पर था, लेकिन अब गूगल जेमिनी ने उसकी जगह ले ली है। यह बदलाव गूगल जेमिनी के नैनो बनाना फीचर की वजह से ही हो पाया है।
 
लोगों को क्यों पसंद आ रहा Gemini?
दरअसल, गूगल जैमिनी से पहले भी कई सारे AI टूल्स थे, जो एडिटिंग कर सकते थे। लेकिन Gemini लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आया है, इसका कारण है इसकी बेहतरीन एडिटिंग। इससे क्रिएट की गई इमेज और एडिट की गई फोटो बहुत रियल लगती है, चेहरा ज्यादा नहीं बदलता और फोटो में डीप डिटेल्स होती हैं, जो इसे बाकी टूल्स से एडवांस बनाती हैं।

कैसे यूज करें नैनो बनाना?
अगर आप भी ननो-बनाना ट्रेंड का हिस्सा बनना है और अलग-अलग तरह की तस्वीरें बनानी हैं, तो आपको इसके लिए कुछ आसान से स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

सबसे पहले गूगल जेमिनी ऐप या गूगल एआई स्टूडियो खोलें, यह आपको गूगल पर ही मिल जाएगा पव
अब इसमें Get Started पर क्लिक करें। एक जगह Prompt लिखने और फोटो अपलोड करने का ऑप्शन होगा।
अब आपको वायरल Prompt यहां पर पेस्ट करना होगा।
इसके बाद जनरेट बटन दबाएं और चंद सेकेंड में अपनी 3D तस्वीर तैयार होने का इंतजार करें।
अगर जरूरत हो, तो तस्वीर को दोबारा एडिट करें या सुधार करें।

साड़ी वाली फोटो बनाने का Prompt क्या है?
यदि आपको भी साड़ी वाली फोटो बनानी है, जो खूब वायरल हो रही है, तो आपको यह Prompt लिखना होगा- Convert this person into a retro vintage grainy but bright image, black party-wear saree, 90s film aesthetic. She is standing against a solid, deep wall with dramatic shadows and contrast, creating a mysterious and artistic atmosphere. The environment feels windy and romanticised. Lighting is warm, with golden sunset tones evoking golden hour glow. The background is minimalist and slightly textured. Her expression is moody, calm, yet subtly happy and introspective.

]]>
Tue, 16 Sep 2025 14:55:24 +0530 news desk MPcg
सर्दी&जुकाम में शरीर को गर्माहट देने वाला टमाटर सूप, घर पर झटपट तैयार करें https://citytoday.co.in/3633 https://citytoday.co.in/3633 टोमैटो सूप स्वाद और सेहत का पावरहाउस है। यह न सिर्फ आपकी जुबान को चटपटा स्वाद देगा, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में भी मदद करेंगे। अगर आप सोच रहे हैं कि इसे बनाना मुश्किल है, तो यहां हम इसकी आसान रेसिपी लेकर आए हैं, जिससे बस कुछ ही मिनटों में आप रेस्टोरेंट जैसा क्रीमी और स्वादिष्ट टोमैटो सूप तैयार कर सकते हैं, वो भी बिना किसी झंझट के।

सामग्री :

    टमाटर: 4-5 पके हुए
    प्याज: 1 मध्यम आकार का
    लहसुन: 2-3 कली
    अदरक: 1 इंच का टुकड़ा
    गाजर: 1 छोटी
    मक्खन या तेल: 1 बड़ा चम्मच
    जीरा: 1/2 चम्मच
    नमक: स्वादानुसार
    काली मिर्च पाउडर: 1/2 चम्मच
    पानी: 2 कप
    ताजा धनिया: सजाने के लिए

विधि :

    सबसे पहले टमाटर, प्याज, गाजर, लहसुन और अदरक को मोटा-मोटा काट लें।
    एक कड़ाही में मक्खन या तेल गरम करें। इसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे तो कटी हुई सब्जियां डालें। इन्हें 2-3 मिनट तक भूनें।
    अब इसमें 2 कप पानी और नमक डालकर ढक दें। इसे धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पकने दें, जब तक कि टमाटर नरम न हो जाएं।
    गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसे ब्लेंडर में डालकर चिकनी प्यूरी बना लें।
    इस प्यूरी को एक छलनी से छान लें, ताकि रेशे और बीज निकल जाएं।
    छनी हुई प्यूरी को वापस कड़ाही में डालें। इसमें काली मिर्च पाउडर डालकर 2-3 मिनट तक और पकाएं।
    गर्मागरम टोमैटो सूप को एक बाउल में निकालें। ऊपर से बारीक कटा हुआ ताजा धनिया डालकर परोसें।

]]>
Tue, 16 Sep 2025 14:53:44 +0530 news desk MPcg
नमी से निखरेगी खूबसूरती https://citytoday.co.in/3624 https://citytoday.co.in/3624 सुन्दर व आकर्षक त्वचा पाने के लिए कई तरह के उपाय आजमाए जाते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। सिर्फ कॉस्मेटिक्स के बल पर मनचाही खूबसूरती हासिल नहीं की जा सकती। खूबसूरत दिखना है तो त्वचा को भीतर से चाहिए नमी। पानी क्यों जरूरी है आपकी खूबसूरती के लिए….

हम खूबसूरत त्वचा पाने के लिए क्या कुछ नहीं करते! टीवी पर आने वाले विज्ञापनों को देखकर कभी कोई क्रीम लगाते हैं तो कभी किसी खास फेसवॉश पर जोर देते हैं। इस दौरान आस-पड़ोस के लोगों द्वारा बताए गए नुस्खे भी बड़े महत्वपूर्ण लगते हैं। पर नतीजा जीरो ही आता है। पता है ऐसा क्यों? क्योंकि खूबसूरती सिर्फ बाहरी लेप लगाने से नहीं आती। इसके लिए हमारा खानपान भी बेहद मायने रखता है। बात अगर सुंदर त्वचा की हो रही है तो यहां यह बात भी मायने रखती है कि आप दिन भर में कितना पानी पीती हैं।

डॉक्टरों की रिपोर्ट भी यही कहती है। लेडी हार्डिंग कॉलेज की डॉक्टर मोनिका पुरी के अनुसार त्वचा में निखार सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट से नहीं आता, बल्कि इसके लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण है। त्वचा जब तक हाईड्रेटेड नहीं होगी, उसमें चमक आना नामुमकिन है। हालांकि डॉ. मोनिका यह भी कहती हैं कि त्वचा को हाईड्रेटेड रखना सिर्फ त्वचा की सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर की सेहत के लिए भी जरूरी है। हमारा शरीर 70 फीसदी पानी से बना हुआ है। इसलिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम दिन में खूब सारा पानी पिएं, ताकि शरीर के भीतर पानी का स्तर बना रहे। त्वचा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि त्वचा पसीने के रूप में हमारे शरीर से विषाक्त बाहर निकालता है और यह तभी संभव है, जब त्वचा में भरपूर नमी होगी।

खाने में करें बदलाव…
चमकदार त्वचा चाहिए तो खाने-पीने के मामले में भी आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। अंदाजा लगाएं तो शरीर में जाने वाले 20 फीसदी पानी का स्रोत हमारा खाना ही होता है, जिसमें फल और सब्जियां शामिल हैं। इसलिए अगर आप खूब सारा पानी नहीं पी सकतीं तो ऐसे फल या सब्जी खाएं, जिनमें 90 फीसदी पानी होता है, जैसे खीरा। खीरे में 96.6 फीसदी पानी होता है। टमाटर में 95 प्रतिशत पानी होता है। ऐसे ही शिमला मिर्च, गोभी, तरबूज, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली, गाजर आदि को ज्यादा-से-ज्यादा मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इन सब में 90 फीसदी से ज्यादा पानी होता है।

इनसे बनाएं दूरी…

-सिगरेट, शराब, बीड़ी, गुटखा आदि से त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। जिस चीज में निकोटीन होगी, उससे आपकी त्वचा के हाईड्रेशन को खतरा है। कई बार आपने सुना होगा कि चाय ज्यादा पीने से रंग काला हो जाता है। यह मिथक है, पर इस बात में थोड़ी सच्चाई भी है। चाय में भी निकोटीन होती है। इसलिए आप चाय और कॉफी पर ज्यादा जोर न दें।
-बाहर का तला-भुना, फास्ट फूड आदि पर अपनी निर्भरता कम करें। इससे हमारा पूरा सिस्टम प्रभावित होता है, त्वचा भी इससे अछूती नहीं है।
-त्वचा काली हो, गोरी हो या सांवली, अगर सेहतमंद नहीं है तो कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट लगाकर वह खूबसूरत व आकर्षक नहीं बन सकती। इसलिए खूब पानी पिएं। सेहतमंद खाना खाएं और अपनी हाइजीन का ध्यान रखें।

हाईड्रेशन की खातिर देखभाल जरूरी….
कभी-कभी चीजें बहुत सरल होती हैं, लेकिन हम उनसे इतने डरे होते हैं कि उन समस्याओं में खुद को बेहद उलझा हुआ महसूस करते हैं। त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी कुछ ऐसी ही होती हैं। त्वचा को हाईड्रेटेड रखने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आप त्वचा को साफ पानी से धोती रहें और धोने के तुरंत बाद चेहरा पोछें नहीं। त्वचा को कुछ देर पानी के साथ छोड़ दें और कुछ देर के बाद पोछ लें। इसके अलावा रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह धोना न भूलें। घर में अगर मलाई और बेसन है तो दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद उसके सूखने से पहले हल्के हाथ से रगड़ते हुए उसे हटाएं। यह पूरे दिन की गंदगी निकाल बाहर करेगा। बाजार में आने वाले फेसवॉश को इस्तेमाल करने से अच्छा है कि आप घर में ही एक लेप बनाकर रख लें। 100 एमएल रोज वाटर, 90 एमएल वेजिटेबल ग्लिसरीन, 90 एमएल एलोवेरा, किसी एसेंशियल ऑयल की 8 बूंदें और रोज एसेंशियल ऑयल को एक बाउल में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण को एक कांच की बोतल में रख लें और जब भी इस्तेमाल करें, पहले बोतल को अच्छी तरह हिला लें। इस लेप से चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें और फिर साफ पानी से धो लें।

ना नहाएं ज्यादा देर…
अगर आपको गुनगुने पानी से नहाने की आदत है तो दस मिनट से ज्यादा न नहाएं। गर्म पानी त्वचा की नमी चुरा लेता है। यही नहीं, त्वचा से निकलने वाले प्राकृतिक तेल, जो त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर का काम करते हैं, उन्हें भी खत्म कर देता है। ठंडे पानी से ही नहाएं। ठंड के मौसम में भी ज्याद गर्म पानी से न नहाएं।

10 नियम हर दिन त्वचा को ताजा रखने के…
-रोजाना दिन में दो से ढाई लीटर पानी जरूर पिएं। ज्यादा काम करने से भी पानी की कमी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप शरीर की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
-पूरा दिन पानी पीती रहें, फिर चाहे आपको प्यास लगी हो या नहीं। अगर प्यास नहीं लग रही है तो इसका मतलब यह हुआ कि डीहाइड्रेशन की शुरुआत हो चुकी है।
-जो भी ड्रिंक पसंद है, उसे साथ लेकर चलें। इससे ये होगा कि आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ लिक्विड लेती रहेंगी।
-आप हाईड्रेटेड रहने के लिए पानी के अलावा हर्बल टी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस, दूध आदि भी पी सकती हैं।
-फल और सब्जियां भी आपकी सहायता कर सकती हैं। इनमें काफी मात्रा में पानी होता है।
-शराब से दूर रहें। शराब पीने के बाद बार-बार पेशाब लगती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
-अगर आप कोई खेल खेलती हैं तो खेल शुरू करने से पहले पानी पी लें, क्योंकि खेल के दौरान और उसके बाद पसीने के रूप में शरीर से ज्यादा पानी निकल जाता है।
-घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम जरूर लगाएं, ताकि धूप से त्वचा पर कम असर हो।
-12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। इस दौरान धूप त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
-त्वचा के समय से पहले बूढ़ा होने से बचने के लिए यूवीए व यूवीबी फिल्टर वाले सनस्क्रीन लोशन का उपयोग करें।

 

]]>
Tue, 16 Sep 2025 14:05:28 +0530 news desk MPcg
iPhone 17 लॉन्च डेट कन्फर्म: 9 सितंबर को पेश होगा Apple का नया धांसू फोन https://citytoday.co.in/3499 https://citytoday.co.in/3499 मुंबई 

ऐपल का सालाना इवेंट 9 सितंबर को होगा. इस इवेंट का टाइटल Awe Dropping रखा गया है. इवेंट Cupertino (Apple Park) से सुबह 10 बजे PT पर शुरू होगा, जो भारत में 9 सितंबर की रात लगभग 10:30 बजे IST पर लाइव दिखेगा.

क्या लॉन्च होने की उम्मीद है?
रिपोर्ट्स और टिपस्टर्स के मुताबिक Apple इस बार iPhone 17, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पेश कर सकता है. साथ ही एक नया, बेहद पतला और हल्का वर्ज़न iPhone 17 Air भी लिस्ट में है. यह मॉडल डिजाइन में काफी बदलाव और पतले बेज़ल के साथ आ सकता है.

डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स?
लीक्स में बताया जा रहा है कि iPhone 17 Air को बहुत पतला रखने पर जोर दिया गया है. हाल ही में सैमसंग ने भी Galaxy S25 Edge लॉन्च किया है जो बेहद पतला है. हालांकि इस पतले मॉडल को लोगों ने उतना पसंद नहीं किया. देखना दिलचस्प होगा Apple के पतले iPhone को लोग कितना पसंद करते हैं.

प्रो मॉडल्स में बड़े कैमरा सेंसर, बेहतर ऑप्टिकल सिस्टम और अपग्रेडेड प्रोसेसर की उम्मीद जताई जा रही है. सॉफ्टवेयर में फिलहाल कोई खास फीचर्स नहीं देखने को नहीं मिलेंगे. क्योंकि लिक्विड ग्लास डिजाइन पुराना हो चुका है.

इवेंट कैसे देखें?

Apple अपना इवेंट ऑफिशियली Apple.com, Apple TV ऐप और YouTube पर लाइवस्ट्रीम करेगा. भारतीय यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर 9 सितंबर की रात लाइव देख सकते हैं. जो लोग मोबाइल या टीवी पर देखना चाहें, वे इन प्लेटफॉर्म्स पर लॉग-इन करके स्ट्रीम देख सकते हैं. हमारे प्लेटफॉर्म पर भी आपको इसकी पूरी कवरेज मिलेगी.

भारत में कीमत और उपलब्धता?
आधिकारिक कीमत और बिक्री की तारीख Apple इवेंट के बाद ऐलान की जाएगी. रिटेल लॉन्च आम तौर पर इवेंट के कुछ हफ्ते बाद होता है. भारत में कीमतों और प्री-ऑर्डर की जानकारी Apple के ऑफिशियल इवेंट के बाद आएंगी.

iPhone 17 Leaks

    iPhone 17 Air बेहद पतला और हल्का होगा. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी मोटाई ~5.5-5.6mm बतायी जा रही है, जिससे यह Apple का अब तक का सबसे स्लिम फोन बन सकता है. 

    Air मॉडल में सिंगल  कैमरा सेटअप और पतले बेज़ल की बात कही जा रही है, हालांकि प्रो मॉडल में मल्टी सेंसर होगा. 

    सैटेलाइट कॉलिंग फीचर में भी कोई अपग्रेड दिया जा सकता है.

    A19 सीरीज चिपसेट को कंपनी सभी iPhone 17 सीरीज में दे सकती है. हालांकि कई बार कंपनी पुराना चिप लगा कर भी ने आईफोन बेचती है.

    कुछ रिपोर्ट्स में iPhone 17 के लिए प्री ऑर्डर 19 सितंबर से शुरू हो सकता है. 

]]>
Wed, 27 Aug 2025 18:55:03 +0530 Newsdesk
घर पर मोदक बनाने की आसान विधि https://citytoday.co.in/3487 https://citytoday.co.in/3487 मोदक रेसिपी: मोदक एक लोकप्रिय मिठाई है, जिसे महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के अवसर पर बनाया जाता है। बाजार में आज स्टीम्ड मोदक, फ्राइड मोदक, चॉकलेट मोदक और ड्राई फ्रूट मोदक देखने को मिलते हैं और सभी का अपना अलग स्वाद है। गणेश उत्सव के मौके पर ज्यादातर लोग घर पर ही मोदक बनाना पसंद करते हैं तो इस बार आप भी हमारी इस रेसिपी के साथ इन्हें आसानी से घर पर बना सकते हैं।

मोदक बनाने के लिए सामग्री: मीठे आटे में नारियल, जायफल और केसर को भरकर ये मोदक तैयार किए जाते हैं। बाद में इन्हें भाप में पकाया जाता है। स्टीम्ड मोदक सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं।

मोदक की सामग्री

    भरावण सामग्री के लिएः
    1 कप नारियल, कद्दूकस
    1 कप गुड़, कद्दूकस
    एक चुटकी जायफल
    एक चुटकी केसर
    शेल तैयार करने के लिएः
    1 कप पानी
    2 टी स्पून घी
    1 कप चावल का आटा

भरावण सामग्री तैयार करने की विधिः

एक पैन को आंच पर गर्म करके उसमें कद्दूकस किया नारियल और गुड़ डालें।

करीब पांच मिनट के लिए मिक्सचर को चलाएं। इसके बाद इसमें जायफल और केसर मिक्स करें।

पांच मिनट के लिए दोबारा मिक्सचर को पकाएं। आंच से इसे उतार कर साइड रख दें।
मोदक तैयार करने के लिएः

एक गहरे बर्तन में पानी और घी डालकर उबाल लें। फिर इसमें नमक और आटा डालें। अच्छी तरह मिलाएं।

बर्तन को ढक कर मिक्सचर को पकने के लिए छोड़ दें। जब मिक्सचर पक कर आधा रह जाए, तो एक स्टील की कटोरी पर थोड़ा घी लगाएं।

हल्का गर्म गूंथे हुए आटे को अच्छी तरह गूंथें। अब इसकी गोल छोटी-छोटी लोई बना लें। हल्का दबाएं। फूल के आकार में इसके किनारे तैयार करें।

तैयार किया भरावण मिश्रण बीच में रखें। चारों किनारों को जोड़कर इसे बंद कर दें।

अब इन्हें मलमल के कपड़े पर रखें। करीब 10 से 15 मिनट के लिए इन्हें भाप में पकाएं। निकाल कर सर्व करें।
रेसिपी नोट

स्टीम्ड मोदक के अलावा आप चाहे तो इन्हें फ्राई करके भी बना सकते हैं।

]]>
Tue, 26 Aug 2025 19:05:20 +0530 Newsdesk
गाजर&सूजी को भूल जाएं, कद्दू का हलवा हलवा बनाएं https://citytoday.co.in/3461 https://citytoday.co.in/3461 कद्दू का हलवा स्‍वाद और सेहत से भरपूर होता है। इसे बनाना भी कोई मुश्कि‍ल काम नहीं है। आप इसे कम समय में बनाकर तैयार कर सकती हैं।

सामग्री :

    कद्दू (पीला वाला) आधा क‍िलो कद्दूकस किया हुआ
    दूध दो कप
    चीनी स्वाद अनुसार
    देसी घी 4 बड़े चम्मच
    इलायची पाउडर आधा छोटा चम्मच
    काजू कटा हुआ
    बादाम कटा हुआ
    किशमिश एक बड़ा चम्मच

विधि :

    सबसे पहले कद्दू को धोकर छील लें और बीज निकाल दें। फिर इसे कद्दूकस कर लें।
    अब कड़ाही में 2 बड़े चम्मच घी गरम करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ कद्दू डालकर मध्यम आंच पर 10 मिनट तक भूनें, जब तक कि कच्चापन चला न जाए।
    अब इसमें दूध डालकर अच्छे से मिला लें। ढककर मध्यम आंच पर पकाएं जब तक दूध लगभग सूख न जाए।
    बीच-बीच में चलाते रहें।
    जब दूध सूख जाए, तो इसमें चीनी डालें।
    चीनी डालने पर हलवा थोड़ा ढीला हो जाएगा। इसे अच्छे से चलाते हुए पकाएं।
    अब बचा हुआ घी डालकर तब तक पकाएं जब तक हलवा चिकना और चमकदार न हो जाए।
    इसके बाद इलायची पाउडर और कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश डालकर मिला दें।
    गरम-गरम कद्दू का हलवा तैयार है।
    इसे कटोरे में निकालकर ऊपर से थोड़े ड्राई फ्रूट्स डालकर सजाएं और सर्व करें।

]]>
Mon, 25 Aug 2025 18:26:09 +0530 Newsdesk
कॉन्टैक्ट लेंस बनाम चश्मा: रोज़ाना उपयोग के लिए कौन सा है बेहतर विकल्प? https://citytoday.co.in/3436 https://citytoday.co.in/3436 नई दिल्ली

इन दिनों नजरों का कमजोर होना आम बात हो चुकी है। लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल और खानपान में लापरवाही अक्सर इसकी वजह बनती है। ऐसे में आंखों की कम होती रोशनी के लिए लोग अक्सर कॉन्टैक्ट लेंस या चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इसे लेकर अक्सर बहस होती रहती है कि इन दिनों में से क्या ज्यादा बेहतर है।

कई लोग चश्मे का सपोर्ट करते हैं, तो वहीं कुछ लैंस को बेहतर मानते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर दोनों में से ज्यादा बेहतर क्या है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने आई 7 हॉस्पिटल लाजपत नगर और विजन आई क्लिनिक, नई दिल्ली में सीनियर मोतियाबिंद एवं रेटिना सर्जन डॉ. पवन गुप्ता से बातचीत की।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनें या नहींं?
डॉक्टर ने बताया कि कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करने वाले लोग लेंस को सुविधाजनक और फैशनेबल होने की वजह से पसंद करते हैं, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं। कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को सही हाइजीन के नियमों का पालन करने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। सोने से पहले लेंस उतारना जरूरी है; अगर इन्हें पहनकर सोया जाए, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सभी सही तरीकों के बावजूद, आंखों में कोई बाहरी चीज के जाने से कभी-कभी कुछ देर जलन या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

कॉन्टैक्ट लेंस के नुकसान
कॉन्टैक्ट लेंस के इस्तेमाल की वजह से कॉर्निया को समस्या हो सकती है। कॉर्निया एक पारदर्शी परत है, जो आंख के सामने होती है। यह आंख की एकमात्र परत है, जिसे हवा से ऑक्सीजन मिलती है और जब कॉन्टैक्ट लेंस इस पर लगाए जाते हैं, तो यह ऑक्सीजन कम हो जाती है।

लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से कॉर्निया में इस्केमिया या ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऑक्सीजन की इस लगातार कमी की वजह कॉर्निया के किनारों पर नई ब्लड वेसल्स विकसित हो सकती हैं, जिससे विजन कम हो जाती है और आंखों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है।

इसलिए चश्मा है बेहतर!
भले ही कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से कॉर्निया में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, लेकिन चश्मे से ब्लड वेसल्स बनने का कोई खतरा नहीं होता। कांच (और अन्य पारदर्शी लेंस) साफ विजन देते देते हैं और इससे कॉर्निया तक ऑक्सीजन पहुंचने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भले ही अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो कॉन्टैक्ट लेंस का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।

कैसे करें कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल?
हालांकि, लोग सावधानियों का पालन करते हुए कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सुरक्षित रूप से काम कर सकते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के लिए जरूरी है कि पूरी तरह से स्वच्छता बनाए रखें। उन्हें लगाने से पहले हाथ साफ करें, उन्हें अच्छी तरह से साफ करके रखें, और दूसरों को उन्हें इस्तेमाल करने से रोकें। साथ ही घर से बाहर निकलते ही कॉन्टैक्ट लेंस उतार देने चाहिए और लेंस पहनकर नहीं सोना चाहिए।

कुल मिलाकर चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस दोनों ही विजन सुधारने के प्रभावी साधन हैं, फिर भी रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए चश्मा ही सुरक्षित विकल्प है। अगर कोई कॉन्टैक्ट लेंस पहनना पसंद करता है, तो उसे लंबे समय बाद होने वाले नुकसान से बचने के लिए स्वच्छता और उपयोग संबंधी दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए जिम्मेदारी से पहनना चाहिए।

 

]]>
Sat, 23 Aug 2025 17:05:59 +0530 Newsdesk
iOS 26: कब होगा लॉन्च और iPhone यूजर्स को क्या मिलेगा नया? https://citytoday.co.in/3041 https://citytoday.co.in/3041 नई दिल्ली

Apple ने अपनी सालाना डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस WWDC 2025 में iOS 26 को पेश किया था. ये अपडेट पुराने iOS वर्जन से बिल्कुल अलग है. डिजाइन से लेकर फीचर्स तक, इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं. खास बात ये है कि इसमें Apple ने कई AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े फीचर्स को भी शामिल किया है, जिससे यूजर एक्सपीरियंस पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और पर्सनल हो गया है.

Apple फिलहाल आईओएस 26 का बीटा वर्जन टेस्ट कर रहा है. खबरों की मानें तो कंपनी इसका पब्लिक बीटा 23 जुलाई 2025 को लॉन्च कर सकती है. इसी दिन Apple iPadOS 26, macOS 26 और watchOS 26 का पब्लिक बीटा वर्जन भी जारी करने वाली है.

अगर बात करें फाइनल और स्टेबल वर्जन की, तो उम्मीद है कि Apple इसे सितंबर में iPhone 17 सीरीज की लॉन्चिंग के साथ रिलीज करेगा. हालांकि, कंपनी ने इसकी ऑफिशियल तारीख अभी नहीं बताई है.

iOS 26 में क्या-क्या नया मिलेगा?
Apple ने आईओएस 26 को एक नए Liquid Glass डिजाइन के साथ पेश किया है, जो देखने में ज्यादा मॉडर्न और ट्रांसपेरेंट है. इसके अलावा यहां जानिए वो टॉप फीचर्स जो इस बार यूजर्स को मिलने वाले हैं:

    Apple Intelligence को और भी ज्यादा पावरफुल बनाया गया है, जिससे Siri और दूसरी AI सर्विसेस पहले से बेहतर काम करेंगी.
    Messages ऐप में अब यूजर्स को कस्टम बैकग्राउंड, पोल्स बनाने का ऑप्शन, थीम बेस्ड चैट और ग्रुप टाइपिंग इंडिकेटर जैसे नए फीचर्स मिलेंगे.
    Phone ऐप में अब कॉल स्क्रीनिंग और होल्ड असिस्ट जैसे स्मार्ट फीचर जुड़ गए हैं.
    Apple Music और Maps ऐप्स को भी ज्यादा स्मार्ट बनाया गया है, जिससे डेली टास्क करना आसान हो जाएगा.
    फोन की बैटरी बचाने के लिए Adaptive Power Mode जोड़ा गया है, जो चार्जिंग टाइम भी सही-सही बता सकता है.

किन iPhone मॉडल्स को मिलेगा iOS 26 अपडेट?
अगर आप सोच रहे हैं कि आपका iPhone इस अपडेट के लायक है या नहीं, तो यहां देखें किन डिवाइसेज़ को मिलेगा आईओएस 26:

    iPhone SE (2nd जेनरेशन और इसके बाद के मॉडल)
    iPhone 12 सीरीज
    iPhone 13 सीरीज
    iPhone 14 सीरीज
    iPhone 15 सीरीज
    iPhone 16 सीरीज

आईओएस 26 सिर्फ एक छोटा सा सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं, बल्कि Apple की तरफ से एक बड़ा टेक्नोलॉजिकल जंप है. नए डिजाइन, स्मार्ट AI फीचर्स और बेहतर बैटरी के साथ ये अपडेट iPhone यूजर्स के लिए काफी कुछ बदलने वाला है. अब देखना ये है कि इसका फाइनल वर्जन कब आता है, और यूजर्स को कैसा अनुभव देता है.

]]>
Fri, 18 Jul 2025 18:16:37 +0530 news desk MPcg
TECNO का कमाल: दुनिया का सबसे पतला ट्राई&फोल्ड फोन लॉन्च, 9.94 इंच की डिस्प्ले से लैस https://citytoday.co.in/3034 https://citytoday.co.in/3034  नई दिल्ली

आजकल तीन बार फोल्ड होने वाले स्मार्टफोन्स यानी ट्रिपल फोल्ड स्मार्टफोन्स की खूब चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में TECNO ने अपना नया ट्रिपल-फोल्ड कॉन्सेप्ट फोन TECNO PHANTOM Ultimate G Fold Concept पेश किया है। यह एक अनोखा डिवाइस है जिसमें दो स्क्रीन हैं और यह अंदर की तरफ तीन बार फोल्ड हो सकता है। इसमें एक बड़ी 9.94 इंच की डिस्प्ले मिलती है, जो पहले से ज्यादा टिकाऊ भी है। जब यह फोन फोल्ड होता है, तो इसकी मोटाई सिर्फ 11.49mm होती है और जब इसे पूरी तरह से खोला जाता है, तो यह सिर्फ 3.49mm पतला हो जाता है, जो इसे अब तक का सबसे पतला ट्रिपल-फोल्ड डिवाइस बनाता है।

इनोवेटिव G-स्टाइल ट्रिपल-फोल्ड डिजाइन
PHANTOM Ultimate G Fold Concept में एक इनोवेटिव G-स्टाइल डिजाइन है। इसकी बड़ी इंटरनल डिस्प्ले दो बार अंदर की तरफ मुड़ती है, जिससे इस्तेमाल न होने पर मेन स्क्रीन खरोंच और टूट-फूट से पूरी तरह सुरक्षित रहती है। रोजमर्रा के कामों के लिए इसमें एक सुविधाजनक दूसरी कवर डिस्प्ले भी है जो एक सामान्य स्मार्टफोन जैसा एक्सपीरियंस देती है।

इस नई तकनीक का मुख्य आधार एक खास डिजाइन वाला डुअल-हिंज सिस्टम है, जिसमें एक छोटा वॉटरड्रॉप हिंज और एक बड़ा प्राइमरी हिंज शामिल है। जब फोन फोल्ड होता है, तो छोटा हिंज डिस्प्ले के दाहिने हिस्से को बिना गैप के अंदर की तरफ मुड़ने देता है। फिर बड़ा हिंज बचे हुए हिस्से को उसके ऊपर मोड़ता है। एक सेल्फ-लॉकिंग मैकेनिज्म यह सुनिश्चित करता है कि बंद होने पर डिवाइस पूरी तरह से गैप-फ्री और सुरक्षित रहे।

यह एंडवांस्ड इंजीनियरिंग नए इस्तेमाल के तरीकों को भी संभव बनाती है। बड़े हिंज में एक कस्टम-डिजाइन वाला डुअल-कैम डिजाइन मल्टी-एंगल होवरिंग को सपोर्ट करता है, जिससे डिवाइस को आंशिक रूप से फोल्ड करके इस्तेमाल किया जा सकता है।

मिलती है बड़ी डिस्प्ले
जब फोन पूरी तरह से खोला जाता है, तो डुअल-हिंज सिस्टम एक शानदार 9.94 इंच की डिस्प्ले दिखाता है जिसमें बहुत कम क्रीज (मुड़ने का निशान) होता है। यह बिना किसी रुकावट के मिलने वाली बड़ी स्क्रीन फोन को पॉकेट में रखने वाले स्मार्टफोन से एक टैबलेट में बदल देती है, जिससे मल्टीटास्किंग और वीडियो देखने के लिए एक बड़ी जगह मिलती है।

फ्लैगशिप फीचर्स
TECNO PHANTOM Ultimate G Fold Concept की मोटाई फोल्ड होने पर सिर्फ 11.49mm है, जो आज के कई डुअल-फोल्ड स्मार्टफोन के बराबर है। पूरी तरह से खोले जाने पर यह डिवाइस 3.49mm की अल्ट्रा-स्लिम प्रोफाइल हासिल करता है, जो इसे अब तक का दुनिया का सबसे पतला ट्रिपल-फोल्ड स्मार्टफोन बनाता है। इसमें एक हाई-परफॉरमेंस चिपसेट, ट्रिपल-कैमरा सिस्टम और 5000mAh से ज्यादा की बड़ी बैटरी शामिल है। 2024 में टेक्नो ने अपना अल्ट्रा-थिन ट्रिपल-फोल्ड कॉन्सेप्ट

]]>
Fri, 18 Jul 2025 13:37:30 +0530 news desk MPcg
भारत में लॉन्च हुआ LG का AI Smart TV, लगभग 25 लाख रुपये है कीमत, जानिए फीचर्स https://citytoday.co.in/2972 https://citytoday.co.in/2972 LG ने भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्ट टीवी को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने OLED evo और QNED evo सीरीज को पेश किया है. इस लाइन-अप में आपको ज्यादा प्रीमियम फीचर्स मिलेंगे. इसमें AI फीचर्स दिए गए हैं, जो इन स्मार्ट टीवी को दूसरों से अलग बनाते हैं. कंपनी ने सिर्फ स्मार्ट फीचर्स को नहीं जोड़ा है, बल्कि TV को इंटेलिजेंस बनाने पर काम किया है. 

यूजर किस तरह से इंटरैक्ट करता है, टीवी इसका ध्यान रखता है और फ्यूचर में वैसे ही कंटेंट को सजेस्ट करता है. दोनों ही वेरिएंट्स में कंपनी ने AI एन्हांसमेंट, एडवांस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी और अपडेटेड WebOS दिया है. आइए जानते हैं इन स्मार्ट टीवी की कीमत और दूसरी खास बातें. 

क्या है इन Smart TV में खास?

2025 OLED evo और QNED evo TV में कंपनी ने Alpha AI Gen 2 प्रोसेसर दिया है. इसकी वजह से आपको बेहतर कस्टमाइजेशन और स्मार्ट कंट्रोल्स मिलेंगे. AI मैजिक रिमोट में अब कंपनी ने अलग से AI बटन दिया गया है, जिसका इस्तेमाल वॉयस कंट्रोल और नेविगेशन के लिए किया जा सकता है. 

यूजर्स के इस्तेमाल करने के तरीके पर टीवी उन्हें पर्सनलाइज्ड कंटेंट ऑफर करेगा और कीवर्ड्स पर सजेस्ट करेगा. AI सर्च का फीचर जोड़ा गया है जो लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर बना है. टीवी में दिया गया AI चैटबॉट रियल टाइम में इशू को डिटेक्ट करता है और उसका समाधान प्रदान करता है. 

लेटेस्ट टीवी में ने नया webOS दिया है, जो अपग्रेडेड और फास्ट यूजर एक्सपीरियंस ऑफर करता है. इसमें आपको रिडिजाइन होम स्क्रीन मिलेगी, जो मल्टीपल यूजर प्रोफाइल सपोर्ट करती है. इसमें बिल्ट-इन Apple AirPlay और गूगल कास्ट मिलता है, जिसकी मदद से आप अपने फोन के कंटेंट को टीवी पर शेयर कर सकते हैं. 

कितनी है कीमत?

QNED AI TV को कंपनी ने 74,990 रुपये (QNED8BA सीरीज) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. ये टीवी 43-inch से 75-inch तक के स्क्रीन साइज का ऑप्शन मिलता है. वहीं QNED evo सीरीज (QNED8GA/XA) 1,19,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिलेगी. OLED स्मार्ट टीवी 1,93,900 रुपये (B5 सीरीज) की शुरुआती कीमत पर आता है. 

OLED evo के C5 सीरीज को आप 1,49,990 रुपये की कीमत, G5 सीरीज को 2,67,990 रुपये में और G5 Ultra-Large टीवी सीरीज को 24,99,990 रुपये में खरीद पाएंगे. ये कीमत 97-inch के स्मार्ट टीवी की है.

]]>
Tue, 15 Jul 2025 16:58:50 +0530 news desk MPcg
ऑनर का नया स्‍मार्टफोन HONOR X9c 5G भारत में 7 जुलाई को होगा लॉन्‍च https://citytoday.co.in/2861 https://citytoday.co.in/2861 नई दिल्ली

कुछ महीनों से यह कहा जा रहा था कि ऑनर ब्रैंड ने भारत से अपना कारोबार फ‍िर समेट लिया है। हालांकि भारत में ऑनर ब्रैंड स्‍मार्टफोन बेचने वाली कंपनी ने खबरों को नकारा और बताया कि कई नए स्‍मार्टफोन लाइनअप हैं, जिन्‍हें जल्‍द पेश किया जाएगा। अब जानकारी कन्‍फर्म हो गई है कि कई महीनों के इंतजार के बाद ऑनर का नया फोन भारत में लॉन्‍च होने जा रहा है। HONOR X9c 5G को 7 जुलाई को पेश किया जाएगा। यह फोन सीधे एमेजॉन पर लॉन्‍च होगा और बिक्री के लिए जाएगा। फोन के ज्‍यादा फीचर्स सामने आए गए हैं। क्‍या कुछ खास होने वाला है नए ऑनर स्‍मार्टफोन में, आइए जानते हैं।

प्राइस, उपलब्‍धता
HONOR X9c 5G की कीमतों का ऐलान अभी नहीं हुआ है। कंपनी ने बताया है कि यह फोन 8GB RAM + 256GB स्‍टोरेज वेरिएंट में उपलब्‍ध होगा। फोन की सेल 12 जुलाई से शुरू होगी और यह दो कलर्स- टाइटेनियम ब्‍लैक और जेड स्‍यान में आएगा।

फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस
HONOR X9c 5G में 6.78 इंच का कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया जाएगा, जिसका रेजॉलूशन 1.5K होगा। यह 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। फोन के डिस्‍प्‍ले में 3840Hz PWM डिमिंग होगी, जिसका मतलब है कि यह यूजर की आंखों को कम से कम नुकसान पहुंचाएगा।

66 वॉट चार्जिंग सपोर्ट
HONOR X9c 5G में क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 1 प्रोसेसर दिया गया है। यह 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्‍टाेरेज ऑफर करता है। कैमरा सिस्‍टम्‍स की बात करें तो फोन में 108 मेगापिक्‍सल का मेन एआई कैमरा ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन के साथ दिया गया है। यह फोन एंड्रॉयड 15 ओएस पर बेस्‍ड MagicOS 9.0 ओएस पर चलता है। फोन में 6600 एमएएच की बैटरी है जो 66 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। दावा है कि यह फोन SGS सर्टिफाइड है और पानी, धूल और गिरने पर होने वाले नुकसान से बचा रह सकता है। फोन को बनाने में प्रीमियम मैट फ‍िनिश इस्‍तेमाल हुई है और यह 7.98mm स्‍ल‍िम है। ऑनर का नया फोन 5जी रेडी है।

ऑनर को लेकर तब ज्‍यादा कयास लगाए गए, जब इसे इंडिया में लीड कर रहे माधव सेठ ने कंपनी छोड़ दी। कहा गया कि ऑनर ने इंडिया से अपना बिजनेस फ‍िर समेट लिया है। हालांकि ऑनर के ब्रैंड पार्टनर, सीपी खंडेलवाल ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि ऑनर ब्रैंड के साथ कम से कम 4 स्‍मार्टफोन इंडिया में लॉन्‍च होने वाले हैं।

]]>
Thu, 03 Jul 2025 11:48:43 +0530 news desk MPcg
15 की पानी की बोतल 20 में, कोल्डड्रिंक 50 रूपए का, ट्रेनों में लोगों की जमकर हो रही है लूट, यात्री ने बनाया वीडियो https://citytoday.co.in/2773 https://citytoday.co.in/2773 Viral Video: ट्रेनों में रोजाना लाखों यात्री सफर करते है. इन ट्रेनों में कुछ निजी विक्रेताओं की ओर से और कुछ आईआरसीटीसी के विक्रताओं की ओर खाने पीने की चीजें बेचीं जाती है. लेकिन कई बार इन चीजों को काफी महंगे दामों में यात्रियों को बेचा जाता है. पानी की बोतल जो 15 रूपए की होती है, उसे 20 रूपए में बेचा जाता है, इसके साथ ही जो कोल्डड्रिंक की ब्रांडेड बोतले है, उसके जैसे ही घाटियां क्वालिटी की चीजे भी ज्यादा दामों में बेचीं जाती है. कई बार इसको लेकर बेचनेवाले कर्मचारी और यात्रियों के बीच मारपीट भी हो जाती है. कई बार रेलवे की ओर से कार्रवाई भी की जाती है. लेकिन बावजूद इसके ये लोग बाज नहीं आते है. ऐसा ही के वीडियो ट्रेन से सामने आया है.

जहांपर एक यात्री वेंडर को फटकार लगा रहा है और 15 रूपए की पानी की बोतल 20 रूपए में और 40 की कोल्डड्रिंक की बोतल 50 रूपए में देने के लिए उसको डांट रहा है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @KHURAPATT नाम के हैंडल से शेयर किया गया है

ट्रेन में बिकती है महंगी चीजें

ट्रेनों में ज्यादातर चीजों को काफी महंगा बेचा जाता है. इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है. ट्रेनों में पानी की बोतल से लेकर बिस्कुट के पैकेट भी 10 रूपए ज्यादा में बेचे जाते है.

कई बार विरोध को लेकर होते है विवाद

कई बार ऐसे वीडियो भी सामने आते है. जिसमें जब इन वेंडर्स का विरोध किया जाता है. तो विवाद और मारपीट की नौबत भी सामने आती है. ये घटना कौन से ट्रेन की इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

]]>
Fri, 20 Jun 2025 18:42:57 +0530 news desk MPcg
जानलेवा हो सकता है डायरिया, जानें उल्टी&दस्त होने पर क्या करें https://citytoday.co.in/2755 https://citytoday.co.in/2755 डायरिया या दस्त  लगना पेट की गड़बड़ी से जुड़ी एक आम समस्या  है। यह बड़ी असहज स्थिति होती है, लेकिन अगर आप अपने खानपान पर ध्या़न नहीं देंगे तो आपको यह समस्याह होती रहेगी। आमतौर पर दस्त् दो या तीन दिन में ठीक हो जाते हैं लेकिन कभी-कभी हालात खराब हो जाते हैं और डॉक्ट री देखरेख की जरूरत पड़ती है।

कारण
डायरिया में कहने को तो उल्टी दस्त ही होता है, लेकिन शरीर का सारा पानी निकल जाने की वजह से यह कभी-कभी जानलेवा भी हो जाता है। कमजोरी की वजह से मरीज बिस्तर पकड़ लेता है। डायरिया प्रमुख रूप से बैक्टीरिया और वायरस की वजह से होता है। इसके कई और भी कारण होते हैं-

-घबराहट
-संक्रमण
-खानपान में बदलाव
-बदहजमी
-किसी दवा का साइड इफेक्ट

ये हैं डायरिया के लक्षण
-दस्त
-उल्टी
-पेट में दर्द
-कमजोरी और थकान
-बुखार
-चक्कर आना

छोटे बच्चे में डायरिया के लक्षण
-बच्चे का मुंह सूख रहा हो
-बच्चे का पेट, आंख और गाल सिकुड़े से हों
-बच्चे ने काफी देर से पेशाब न किया हो
-बुखार हो
-बच्चा रो रहा हो लेकिन आंसू न निकल रहे हों

क्या करें जब डायरिया हो?
-डायरिया से शरीर में हुई पानी की कमी को तुरंत पूरा करना चाहिए। इसके लिए खूब पानी पिएं।
-ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) लें
-खाना कम खाएं
-पानी/जूस पर्याप्त मात्रा में लेते रहें
-अनाज खाने से बचें
-फैटी, मसालेदार खाना न खाएं

बचाव
खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छे से धो लें।
जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं और साफ पानी पीएं।
खुले में बिकने वाले खाने से परहेज करें।
नाखून छोटे रखें और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।

]]>
Thu, 19 Jun 2025 11:49:42 +0530 news desk MPcg
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें गाजर, करेला और ये पोषक चीजें https://citytoday.co.in/2710 https://citytoday.co.in/2710 बढ़ते स्क्रीन टाइम के इस दौर में आंखों से पानी आना, जलन, सूजन, दर्द समेत कमजोर होती आंखों की रोशनी की समस्या आम सी बात बन चुकी है. ऐसे में हेल्दी खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है. इस लिस्ट में कड़वे करेले के साथ ही मीठे-मीठे रसीले आम का भी नाम शामिल है. गाजर, करेला, आम, शकरकंद, काजू समेत अन्य खानपान की चीजें आंखों की सेहत को दुरुस्त रखती हैं। रोजाना इनका सेवन न सिर्फ दृष्टि को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देता है. न्यूट्रिशनिस्ट, डॉ. स्वाति सिंह ने गाजर के फायदों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, "गाजर के नियमित सेवन से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं.

यह त्वचा, आंखें और बालों के लिए बेहद फायदेमंद है. गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन आंखों के लिए फायदेमंद है. गाजर आंखों को सुरक्षा प्रदान करने का काम करता है. यह इम्यून सिस्टम पर भी बेहतर तरीके से काम करता है. गाजर को बहुत सारे तरीकों से खाया जा सकता है. इसे पकाकर या सलाद के तौर पर भी खाया जा सकता है. इसका सूप बनाकर भी लिया जा सकता है, जो लोग इसे सब्जी के तौर पर नहीं ले सकते, वे इसका हलवा भी खा सकते हैं. गाजर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह आंखों के साथ ही पूरे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है." उन्होंने आगे बताया, "गाजर में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. इसमें 'विटामिन ए' भी पाया जाता है, जो भूख को कम करने का काम करता है.

फाइबर और पोटैशियम के कारण यह दिल के लिए भी बेहद लाभकारी होता है." हेल्थ विशेषज्ञ गाजर के साथ ही रसीले और फलों के राजा आम को भी खाने की सलाह देते हैं. आम खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही सेहत के लिए फायदेमंद है. आम में बीटा-कैरोटीन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो आंखों को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है. यह विटामिन ए का भी अच्छा स्रोत है, जो दृष्टि को मजबूत करता है और आंखों में ड्राइनेस की समस्या को भी कम करता है. आम मैकुलर डिजनरेशन को रोकने में भी मददगार है. आम के बाद आता है, कड़वे मगर पोषक तत्वों से भरे करेले का नंबर. जी हां! भले ही करेले का स्वाद कड़वा होने की वजह से बहुत कम लोगों को पसंद आता हो, मगर यह आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है.

इसमें बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए पाया जाता है, जो मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाव में मददगार है. करेला आंखों की रोशनी को मजबूत करने के साथ डार्क सर्कल्स को भी कम करने में मददगार होता है। ड्राई फ्रूट्स की बात करें तो काजू भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो आंखों की सेहत को दुरुस्त रखने में मदद करता है. इसमें जिया जैंथिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो प्रदूषण और यूवी किरणों से आंखों को बचाता है. यह रेटिना पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे आंखों में होने वाले इन्फेक्शन का खतरा कम होता है. आंखों की रक्षा करने में मददगार और पोषक तत्वों से भरपूर शकरकंदी के सेवन से आंखें स्वस्थ और चमकदार रहती हैं. शकरकंदी में विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है. इसमें मौजूद एंथोसायनिन डार्क सर्कल्स और आंखों की सूजन को भी कम करने में मददगार होता है.

]]>
Mon, 16 Jun 2025 14:12:47 +0530 news desk MPcg
करिश्मा कपूर के ex&husband संजय कपूर का निधन, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर किया था आखिरी ट्वीट https://citytoday.co.in/2681 https://citytoday.co.in/2681 एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड और बिजनेसमैन संजय कपूर का 12 जून को लंदन में निधन हो गया। संजय का अंतिम संस्कार दिल्ली में होना है, जिसके लिए उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, कुछ कानूनी कार्रवाई की वजह से इसमें देरी हो सकती है।

दरअसल, संजय एक अमेरिकी नागरिक थे और उनका निधन ब्रिटेन में हुआ। इस वजह से उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने से पहले लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

एनडीटीवी से बात करते हुए संजय के ससुर अशोक सचदेव ने बताया है कि उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में होगा। इसके लिए उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन लीगल फॉर्मेलिटी की वजह से उनके अंतिम संस्कार में देरी हो सकती है। उन्होंने ये भी बताया कि लंदन में पोस्टमार्टम चल रहा है। जब तक कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, शव को अंतिम संस्कार के लिए भारत नहीं लाया जा सकता।

करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूरसंजय सोना कॉमस्टार लिमिटेड के चेयरमैन और एक पोलो प्लेयर भी थे।

बता दें कि संजय की तीन बार शादी हुई और उनके तीन बच्चे हैं। उनकी पहली शादी 1996 में फैशन डिजाइनर नंदिता महतानी से हुई थी और यह चार साल तक चली। इन दोनों का कोई बच्चा नहीं था। इसके बाद उन्होंने साल 2003 में करिश्मा कपूर से शादी की। इन दोनों के दो बच्चे बेटी समायरा और बेटा कियान हैं। साल 2014 में करिश्मा और संजय ने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी। 2016 में उनका तलाक फाइनल हो गया।

अलग होने के बाद संजय ने 2017 में प्रिया सचदेव से शादी कर ली। इस जोड़े का एक बेटा अजारियस है।प्रिया और संजय का एक बेटा अजारियस है और संजय, प्रिया की पहली शादी से हुई बेटी सफीरा को भी साथ रखते थे।

]]>
Sat, 14 Jun 2025 16:14:00 +0530 news desk MPcg
फादर्स डे 2025 की शुभकामनाएं: फादर्स डे पर अपने पापा को दिलाएं खास का एहसास, इन हिंदी व्हाट्सएप संदेश, उद्धरण, फेसबुक ग्रीटिंग्स के माध्यम से शुभकामनाएं https://citytoday.co.in/2679 https://citytoday.co.in/2679 Father’s Day 2025 Wishes in Hindi: यूं तो माता-पिता (Mother-Father) के प्यार, समर्पण, त्याग और उनके प्रति सम्मान जताने के लिए हर दिन खास होता है, बावजूद इसके साल के कुछ दिन बेहद स्पेशल होते हैं, जब बच्चे अपने माता-पिता के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करने के लिए खास तैयारियां करते हैं. जिस तरह से मां के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने के लिए मदर्स डे मनाया जाता है, ठीक उसी तरह से पिता के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने के लिए हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है. इस साल 15 जून 2025 को फादर्स डे (Father’s Day) मनाया जा रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि पिता हमारी जिंदगी में किसी सुपर हीरो से कम नहीं होते हैं. वो हर मुसीबत में सबसे पहले और आगे हमारी ढाल बनकर खड़े रहते हैं. मां की तरह ही उनके प्यार और त्याग की कोई सीमा नहीं होती है.

पिता अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी देने के लिए अपना सुख-चैन दांव पर लगाकर दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं. ऐसे में फादर्स डे उन्हें स्पेशल फील कराने और उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक खास दिन है. फादर्स डे पर अपने पिता को गिफ्ट और सरप्राइज देने के अलावा आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए उन्हें खास होने का एहसास दिला सकते हैं.

1- पापा, आप मेरी चट्टान,
मेरे हीरो और मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं.
आपने हमारे परिवार के लिए जो भी त्याग किया है,
उसके लिए मैं आभारी हूं.
फादर्स डे की शुभकामनाएं


2- चुपके से 1 दिन रख आऊं,
सभी खुशियां उनके सिरहाने में,
जिन्होंने एक अरसा बिता दिया,
मुझे बेहतर इंसान बनाने में.
फादर्स डे की शुभकामनाएं

3- पिता के बिना जिंदगी वीरान है,
सफर तन्हा और राह सुनसान है,
वही मेरी जमीं वही आसमान हैं,
वही खुदा वही मेरे भगवान हैं.
फादर्स डे की शुभकामनाएं

4- अगर मैं रास्ता भटक जाऊं,
तो मुझे फिर से राह दिखाना,
आपकी जरूरत मुझे,
हर पल हर कदम पर होगी.
फादर्स डे की शुभकामनाएं
 
5- मुझे रख दिया छांव में,
खुद जलते रहे धूप में,
मैंने देखा है ऐसा एक फरिश्ता,
अपने पिता के रूप में.
फादर्स डे की शुभकामनाएं

और इसके साथ ही हम आपको बताते है फादर्स डे के इतिहास पर गौर करें तो पहली बार इस दिवस को वाशिंगटन के स्पोकेन शहर में सेलिब्रेट किया गया था और इस दिन को मनाने का प्रस्ताव सोनोरा स्मार्ट डॉड ने दिया था. बताया जाता है कि उनकी मां नहीं थी, ऐसे में उनके पिता ने ही सोनोरा समेत उनके 5 भाई-बहनों की परवरिश की. उनके इसी समर्पण से प्रभावित होकर उन्होंने फादर्स डे मनाने का प्रस्ताव दिया.

उन्होंने न सिर्फ फादर्स डे मनाने को लेकर याचिका दायर की, बल्कि उन्होंने इसके प्रति लोगों को जागरुक करने का काम भी किया. इसके बाद 9 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया, फिर राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने 1966 में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे सेलिब्रेट करने का ऐलान किया, तब से लेकर अब तक हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की परंपरा निभाई जा रही है.

]]>
Sat, 14 Jun 2025 15:36:29 +0530 news desk MPcg
आपके पुराने फोन से होगी हजारों की कमाई, बस इन तरीकों को आजमाना मत भूलना https://citytoday.co.in/2650 https://citytoday.co.in/2650 गर आपके पास कोई पुराना फोन पड़ा है, जो किसी काम का नहीं और अलमारी या दराज में पड़ा धूल खा रहा है तो हम आपके लिए कुछ खास लेकर आए हैं। क्या आप जानते हैं कि यही पुराने मोबाइल आपके लिए कमाई का तरीका बन सकते हैं? आइए जानते हैं कि ऐसा कैसे संभव है।

पुराने स्मार्टफोन को बेचें
सबसे सीधा तरीका है पुराने फोन को बेच देना। लेकिन बात सिर्फ बेचने की नहीं, समझदारी से बेचने की है। Cashify, OLX और Quikr जैसे प्लेटफॉर्म पर आप अपने फोन की सही कीमत पा सकते हैं। इसके अलावा फोन की कंडीशन साफ-सुथरी हो, चार्जर हो और बॉक्स हो तो कीमत बेहतर मिलती है।

रिफर्बिश्ड मोबाइल बिजनेस शुरू करें
अगर आपके पास थोड़ी तकनीकी समझ है, तो आप पुराने मोबाइल को ठीक करके (repair/recondition) उन्हें दोबारा बेच सकते हैं। इसके लिए लोकल मोबाइल रिपेयर एक्सपर्ट से पार्टनरशिप करें। आप OLX या Facebook Marketplace पर थोक में पुराने मोबाइल खरीदकर ठीक करने के बाद उन्हें अच्छे दाम पर बेच सकते हैं।

यूट्यूब चैनल के लिए करें यूज
अगर आप क्रिएटिव हैं, तो पुराने फोन को एक प्रॉप या रिकॉर्डिंग डिवाइस की तरह भी यूज कर सकते हैं। मोबाइल से टेक रिव्यू, अनबॉक्सिंग या टिप्स से जुड़ा यूट्यूब चैनल शुरू किया जा सकता है। आप वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए भी पुराने फोन का कैमरा यूज कर सकते हैं। Adsense और Affiliate Marketing से इसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

पुराने मोबाइल को बनाएं सर्विलांस कैमरा या GPS ट्रैकर
आप पुराने स्मार्टफोन को होम सिक्योरिटी के लिए IP कैमरा में बदल सकते हैं। Alfred, Manything या Presence जैसे ऐप्स से फोन को कैमरा बनाया जा सकता है। आप गाड़ी, बाइक या बच्चों के बैग में पुराने मोबाइल को GPS ट्रैकर की तरह भी यूज कर सकते हैं। यह सिस्टम दूसरों के लिए इंस्टॉल करके सर्विस चार्ज भी कमाया जा सकता है।

मोबाइल पार्ट्स बेचें और स्क्रैप से कमाएं
अगर कोई स्मार्टफोन पूरी तरह खराब है, तो भी उसके पार्ट्स बिक सकते हैं। डिवाइस के स्क्रीन, बैटरी, कैमरा, मदरबोर्ड जैसे कंपोनेंट्स अलग-अलग बेचे जा सकते हैं। लोकल रिपेयर शॉप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे eBay पर आपको खरीदार मिल जाएंगे। ऐसे हर पार्ट का अलग दाम होता है, जिससे खराब मोबाइल से भी कुछ पैसे बनाए जा सकते हैं।

]]>
Wed, 11 Jun 2025 14:52:31 +0530 news desk MPcg
मिस वर्ल्ड 2025: मिस एस्टोनिया ने हैदराबाद में स्पोर्ट्स चैलेंज में स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास https://citytoday.co.in/2468 https://citytoday.co.in/2468 हैदराबाद के गाचीबौली स्टेडियम में शनिवार को आयोजित मिस वर्ल्ड 2025 स्पोर्ट्स चैलेंज में मिस एस्टोनिया एलिसे रैंडमा ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह पहली बार है जब एस्टोनिया की किसी प्रतिभागी ने 1999 के बाद मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के अगले दौर में प्रवेश किया है। इस जीत के साथ एलिसे यूरोप की शीर्ष 10 क्वार्टर-फाइनलिस्ट्स में शामिल हो गई हैं।

इस प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स चैलेंज में विश्वभर की 108 सुंदरियों ने भाग लिया, जिन्हें चार क्षेत्रीय टीमों—अमेरिकाज और कैरिबियन, अफ्रीका, यूरोप, तथा एशिया और ओशिनिया—में बाँटा गया था। प्रतियोगिता में बैडमिंटन नॉकआउट, शॉट पुट, शतरंज, बास्केटबॉल, फुटबॉल पेनल्टी शूटआउट, शटल रन, स्प्रिंट और ज़ुम्बा सत्र जैसे विविध एथलेटिक इवेंट शामिल थे। इस चुनौती का उद्देश्य केवल शारीरिक क्षमता नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और टीम भावना का मूल्यांकन करना था।

मिस मार्टीनिक ऑरेलि जोआचिम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रजत पदक प्राप्त किया, जबकि मिस कनाडा एम्मा मॉरिसन ने बैडमिंटन स्पर्धा में शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। त्रिनिदाद और टोबैगो की अन्ना-लीस नैन्टन मामूली अंतर से पदक चूक गईं लेकिन अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से दर्शकों और निर्णायकों का ध्यान खींचा।

स्पोर्ट्स चैलेंज, मिस वर्ल्ड की प्रमुख फास्ट-ट्रैक प्रतियोगिताओं में से एक है। इस प्रतियोगिता की विजेता को मिस वर्ल्ड स्पोर्ट्स या स्पोर्ट्सवुमन का खिताब दिया जाता है और वह सीधे टॉप 40 क्वार्टर-फाइनल में प्रवेश पाती है, जो मिस वर्ल्ड का ताज जीतने की दिशा में एक बड़ा कदम होता है।

एलिसे रैंडमा की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल एस्टोनिया को गर्व का मौका दिया है, बल्कि उन्होंने खेल के मैदान में आत्मविश्वास, शक्ति और सकारात्मकता की मिसाल पेश की है।

]]>
Sun, 18 May 2025 16:10:37 +0530 news desk MPcg
दीपिका कक्कड़ के पेट में ट्यूमर का खुलासा: शोएब इब्राहिम ने YouTube व्लॉग में बयां किया दर्द https://citytoday.co.in/2443 https://citytoday.co.in/2443 टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री और 'ससुराल सिमर का' फेम दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। उनके पति, अभिनेता शोएब इब्राहिम ने अपने YouTube चैनल पर एक इमोशनल व्लॉग 'नीड योर प्रेयर्स' में बताया कि दीपिका के लिवर में टेनिस बॉल के आकार का ट्यूमर पाया गया है। इस खुलासे ने उनके प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है।

शोएब ने व्लॉग में बताया कि दीपिका को कुछ समय से पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसे पहले एसिडिटी समझा गया। सामान्य दवाओं से राहत न मिलने पर परिवार के डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट और एंटीबायोटिक्स की सलाह दी। टेस्ट में इंफेक्शन का पता चला, और बाद में सीटी स्कैन से लिवर के बाएं हिस्से में एक बड़े ट्यूमर की पुष्टि हुई। शोएब ने कहा, "यह खबर हमारे लिए एक बड़ा झटका थी।"

डॉक्टरों ने दीपिका को तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, जहां तीन दिन तक सीटी स्कैन, सोनोग्राफी सहित कई जांच की गईं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्यूमर कैंसरयुक्त नहीं है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण टेस्ट के परिणाम अभी आना बाकी है। दीपिका को जल्द ही कोकिलाबेन अस्पताल में सर्जरी करानी होगी, जहां लिवर विशेषज्ञ उनका इलाज करेंगे।

शोएब ने व्लॉग में अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि यह समय उनके लिए बेहद मुश्किल है, खासकर उनके दो साल के बेटे रुहान के लिए, जो दीपिका पर निर्भर है। रुहान अभी भी स्तनपान करता है, जिससे सर्जरी के दौरान परिवार को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशंसकों से दीपिका की सेहत के लिए प्रार्थना करने की गुजारिश की।

]]>
Fri, 16 May 2025 13:23:45 +0530 News desk Hindi
महंगी जयमालाओं का चलन: शादी और एनिवर्सरी के लिए 30 हजार तक की डिमांड https://citytoday.co.in/महंगी-जयमालाओं-का-चलन-शादी-और-एनिवर्सरी-के-लिए-30-हजार-तक-की-डिमांड https://citytoday.co.in/महंगी-जयमालाओं-का-चलन-शादी-और-एनिवर्सरी-के-लिए-30-हजार-तक-की-डिमांड Sun, 16 Feb 2025 16:46:04 +0530 Newsdesk कैंसर से लड़ाई में एकजुटता का प्रतीक: विश्व कैंसर दिवस 2025 https://citytoday.co.in/कैंसर-से-लड़ाई-में-एकजुटता-का-प्रतीक-विश्व-कैंसर-दिवस-2025 https://citytoday.co.in/कैंसर-से-लड़ाई-में-एकजुटता-का-प्रतीक-विश्व-कैंसर-दिवस-2025 Tue, 04 Feb 2025 17:41:14 +0530 Newsdesk "तारक मेहता के रोशन सोढ़ी अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य को लेकर फैंस की बढ़ी चिंता" https://citytoday.co.in/तारक-मेहता-के-रोशन-सोढ़ी-अस्पताल-में-भर्ती-स्वास्थ्य-को-लेकर-फैंस-की-बढ़ी-चिंता https://citytoday.co.in/तारक-मेहता-के-रोशन-सोढ़ी-अस्पताल-में-भर्ती-स्वास्थ्य-को-लेकर-फैंस-की-बढ़ी-चिंता Wed, 08 Jan 2025 15:12:20 +0530 Newsdesk Health Tips: ठंड के दिनों में ऐसे रखें त्वचा का खास ख्याल, फलों के सेवन के साथ करें ये काम https://citytoday.co.in/Take-special-care-of-your-skin-during-cold-days,-do-this-along-with-consuming-fruits. https://citytoday.co.in/Take-special-care-of-your-skin-during-cold-days,-do-this-along-with-consuming-fruits. Health Tips: सर्दी में त्वचा की देखभाल हमें हमेशा करनी चाहिए। लेकिन इस मौसम में त्वचा से संबंधित ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में त्वचा की अधिक देखभाल के लिए हमें खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि-

 1. इस मौसम में हम अधिक खाना खाते हैं, इसलिए हमें जंक फूड के बजाय फलों का अधिक सेवन करना चाहिए। फलों में खजूर, बादाम, अखरोट आदि हो सकते हैं। जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

2. ठंड के दिनों में पानी पीने की इच्छा कम होती है, लेकिन हमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। रोजाना सात से आठ लीटर पानी हमें नियमित रूप से पीना ही चाहिए।

3. इस मौसम में त्वचा को नमी बनाए रखने के लिए हमें हर दिन मोइस्चराइज़र का उपयोग करना चाहिए और सुनस्क्रीन का भी सही रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।

4. सर्दी में त्वचा की सुरक्षा के लिए हमें गर्मी के कपड़े पहनना चाहिए और सर्दीयों में त्वचा को ठंडक प्रदान करने के लिए हमें हाथों और पैरों को भी ढकना चाहिए।

5. इसके अलावा अच्छी नींद, स्वस्थ आहार, और नियमित व्यायाम भी हमारी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन सरल उपायों को अपनाकर हम सर्दी में त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बना सकते हैं।

6. रात को त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए माइस्चराइजिंग क्रीम का उपयोग करें। साबुन की जगह बॉडी वाश का इस्तेमाल करें, क्योंकि यह त्वचा को अधिक सुरक्षित बनाए रखता है।साथ ही त्वचा के प्रकार के हिसाब से विशेषज्ञ से सलाह प्राप्त करके प्रोडक्ट्स का उपयोग करें।

7. अधिक समय तक धूप में न बैठें और धूप लेने की अधिकता से बचें, क्योंकि यह त्वचा को क्षति पहुंचा सकता है।

8. विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए धूप में समय बिताने से बचें।और सही मात्रा में धूप लें।यदि किसी को विटामिन डी की कमी है, तो उन्हें आहार से इसे पूरा करने के लिए सलाह प्राप्त करें।

]]>
Tue, 23 Jan 2024 21:15:09 +0530 Newsdesk
Kharmas: इस दिन खरमास की होगी समाप्ति, मांगलिक कार्य फिर होंगे शुरू https://citytoday.co.in/233 https://citytoday.co.in/233 Kharmas 2024 End Date: इस साल 2024 में खरमास 16 दिसंबर से प्रारंभ हुआ था। 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। जिससे खरमास समाप्त होगा। सूर्य 15 जनवरी को मकर राशि में 8 बजकर 42 मिनट पर प्रवेश करेगा, और इसी दिन मकर संक्रांति का आयोजन होगा। इस समय के बाद एक महीने के बाद सभी मांगलिक और धार्मिक अनुष्ठान पुनः शुरू होंगे। इस दौरान गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन, सगाई और अन्य सभी मांगलिक कार्य आयोजित किए जाएंगे।

आपको बता दें कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त होगा। और उसके बाद सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। मकर संक्रांति के बाद गृह प्रवेश नए वाहन और भूमि की खरीददारी, विवाह, जनेऊ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, और नए व्यापार की शुरुआत की जा सकती है।

मान्यता है कि जब सूर्य गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें अपने गुरु की सेवा में लग जाना चाहिए। इस समय उनका प्रभाव कम होता है, इसलिए इस दौरान किसी भी शुभ कार्य का आयोजन नहीं किया जाता है।

आइए जानते है जनवरी माह के शुभ मुहुर्त-

विवाह मुहूर्त16, 17, 20, 21, 22, 27, 28, 30, 31 जनवरी
अन्नप्राशन मुहूर्त जनवरी17, 25, 31 जनवरी
कर्णवेध संस्कार मुहूर्त: 17, 18, 22, 25, 26, 31 जनवरी
उपनयन संस्कार मुहूर्त: 21, 26, 31 जनवरी

]]>
Tue, 09 Jan 2024 21:00:21 +0530 Newsdesk