City Today & : ग्वालियर https://citytoday.co.in/rss/category/ग्वालियर City Today & : ग्वालियर en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED दतिया उपचुनाव पर बढ़ी सरगर्मी, हाईकोर्ट में सुनवाई 15 अप्रैल तक टली, BJP नेताओं की बंद कमरे में बैठक https://citytoday.co.in/5428 https://citytoday.co.in/5428 दतिया 

दतिया विधानसभा सीट को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 15 अप्रैल तय की है। 
दरअसल बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया। अब इस सीट पर उपचुनाव होने की संभावना बन गई है।

भोपाल में आज पूर्व गृह मंत्री  डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ओर नरोत्तम मिश्रा ने इस अवसर पर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की। 

सुनवाई टलने के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोपाल में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बैठक दतिया उपचुनाव की रणनीति को लेकर थी।

दतिया सीट को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। वे यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। अब सीट खाली होने के बाद उनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।फिलहाल सभी की नजरें 15 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं क्योंकि इसके बाद ही दतिया उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा

दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है।

सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

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Tue, 07 Apr 2026 17:37:55 +0530 news desk MPcg
MP के इस शहर में इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट की बड़ी छलांग : 100 ई&बसें, 10 रूट और स्मार्ट सुविधाएं तैयार https://citytoday.co.in/5272 https://citytoday.co.in/5272 ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं, जो डिपो और चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी।

इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) से लैस किया जाएगा। इससे हर बस की लाइव मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से की जा सकेगी। साथ ही आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से सीधे ड्राइवर और कंडक्टर को निर्देश देने की सुविधा भी होगी।

हालांकि जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल व इलेक्ट्रिकल कार्य में देरी के चलते परियोजना थोड़ी प्रभावित हो सकती है। इसके बावजूद अधिकारियों को उम्मीद है कि मई-जून 2026 तक ई-बस सेवा शुरू हो जाएगी।

दो चरणों में आएंगी बसें, 10 रूट तैयार
शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी, जिनमें पहले चरण में 60 और दूसरे चरण में 40 बसें शामिल होंगी। सभी 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनके संचालन के लिए 10 रूट पहले ही तय किए जा चुके हैं और नागरिकों से सुझाव भी लिए गए हैं।

15.50 करोड़ से तैयार हो रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन
रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए की लागत से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य जारी है। यहीं चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जहां से बसों को चार्ज किया जाएगा।

58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का खर्च
बस संचालन के लिए एजेंसी को 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान किया जाएगा। इसमें 22 रुपए केंद्र सरकार और 36.14 रुपए नगर निगम वहन करेगा। निगम को उम्मीद है कि यात्री किराए से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
ई-बसों में CCTV कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और रियल टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी।

नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार, पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और वे तैयार हैं। अब डिपो का काम पूरा होते ही ग्वालियरवासियों को जल्द ही स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा।

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Mon, 23 Mar 2026 12:52:36 +0530 news desk MPcg
लाडली बहना योजना: 34वीं किस्त जल्द आएगी, सीएम एक क्लिक से भेजेंगे 1500 रुपए https://citytoday.co.in/5162 https://citytoday.co.in/5162 ग्वालियर
 मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की पात्र महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त जल्द ही जारी होने वाली है। इस बार प्रदेश की करीब 1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में सीधे 1500-1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री Mohan Yadav सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेंगे।

1.28 करोड़ को मिलेगा योजना का लाभ
वर्तमान में 1.28 करोड़़ लाडली बहनें इस योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ ले रही हैं। इन महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1500-1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। इस सरकारी आंकड़े के मुताबिक मार्च महीने में आने वाली लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त के कुल 1920 रुपए मोहन सरकार पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेगी। यह पैसा सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से महिलाओं के बैंक में पहुंचाया जाएगा।

प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
बता दें कि लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। जो प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी गेम चेंजर योजना साबित हुई है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करना है। शुरुआत में इस योजना की पात्र महिलाओं को 1000 रुपए की राशि दी जाती थी। जिसे बढ़ाकर पहले 1250 रुपए किया गया और अब यह राशि 1500 तक बढ़ाई जा चुकी है।

सरकार का दावा, महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर, मिला सम्मान
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का दावा है कि इस योजना का शुरू होने से प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है। वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनी हैं, परिवार में उनके आर्थिक योगदान से उनका सम्मान बढ़ा है और वे अब निर्णायक भूमिका में आ गई हैं। घर खर्च के साथ ही वे बच्चों की पढ़ाई और अपनी छोटी-मोटी जरूरतें खुद पूरी कर रही हैं।

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Tue, 10 Mar 2026 13:23:06 +0530 news desk MPcg
गंदा पानी, साफ कपड़े: ग्वालियर की सड़कों पर अनोखा राजनीतिक प्रदर्शन | https://citytoday.co.in/4756 https://citytoday.co.in/4756 ग्वालियर में दूषित पानी की समस्या ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन इस संकट के बीच राजनीति की तस्वीर कुछ और ही कहानी कहती नजर आ रही है। वार्डों में गंदा पानी आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं, सवाल उठ रहे हैं—जिम्मेदार कौन है और समाधान कब होगा? इसी बीच ग्वालियर नगर निगम के भाजपा पार्षद ब्रजेश श्रीवास ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया—दंडवत यात्रा।

यह यात्रा पानी की गुणवत्ता सुधारने से ज्यादा राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनी। फूलबाग से परिषद तक निकली इस दंडवत यात्रा में पार्षद जमीन पर जरूर थे, लेकिन मिट्टी से दूरी बनाए हुए। साफ गद्दे पर लेटकर आगे बढ़ते पार्षद के कपड़े पूरी तरह बेदाग रहे। खुदी सड़कों और गंदगी के बीच यह दृश्य जनता के लिए सवाल बन गया—क्या यह आंदोलन था या छवि बचाने का प्रयास?

पार्षद का आरोप सीधे कांग्रेस मेयर पर था, लेकिन जवाब में इंदौर का उदाहरण सामने आया, जहां कांग्रेस मेयर न होने के बावजूद दूषित पानी से मौतें हुईं। इससे साफ हुआ कि समस्या पानी से ज्यादा राजनीति की है। बयान साफ रखने की होड़ में समाधान पीछे छूट गया।

यह व्यंग्य केवल एक घटना नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति की तस्वीर है, जहां जनसमस्याओं से ज्यादा नेताओं की छवि अहम हो जाती है। ग्वालियर हो या इंदौर, नल से पानी कम और राजनीति ज्यादा बहती दिख रही है—और जनता प्यास और बीमारी से जूझ रही है।

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Mon, 05 Jan 2026 17:01:12 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर 33 सीसीटीवी कैमरे बंद, 65 हजार यात्री रोज आते हैं, सुरक्षा पर सवाल https://citytoday.co.in/4720 https://citytoday.co.in/4720 ग्वालियर 

झांसी मंडल का दूसरा बड़ा स्टेशन ग्वालियर है। जहां प्रतिदिन करीब 65 हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही आ रही है। स्टेशन परिसर में लगभग डेढ साल से जीआरपी के 33 सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हुए है। जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इन बंद कैमरों के कारण किसी भी घटना के बाद फुटेज तक नहीं मिल पाते है। जिससे महीनों तक उस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। जबकि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़ भाड़ वाले इलाके में सीसीटीवी निगरानी काफी जरूरी है। स्टेशन परिसर में चोरी, झपटमारी, गुमशुदगी या संदिग्ध गतिविधियों के मामले जीआरपी के पास ही आते है। रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते इन कैमरों को हटा दिया गया है।

इंटरसिटी में चोरी का नहीं लगा सुराग
ग्वालियर से इंदौर की तरफ जाने वाली इंटरसिटी में 20 नवंबर को एक महिला यात्री के ट्रेन में चढ़ते समय बैग से आभूषणों का डिब्बों गायब हो गया। महिला यात्री के पर्स में से किसी ने इस डिब्बे को निकाल लिया। इस मामले में जीआरपी नैरोगेज ने कुछ लोगों से पूछताछ की। लेकिन फुटेज नहीं मिलने से अभी तक चोर पकड़ में नहीं आ पाए है। इसी तरह की अन्य घटनाएं भी हो चुकी है। लेकिन फुटेज के चक्कर में जांच पूरी नहीं हो पाई है। इससे पीडि़त आज भी थानों के चक्कर काट रहा है।

पराधियों के हौसले बुलंद
रेलवे स्टेशन पर लगातार कैमरे नहीं होने से अपराधियों के हौसले भी बुलंद है। यहां सबसे ज्यादा प्लेटफार्म एक पर परेशानी है। जबकि सबसे ज्यादा यात्रियों की भीड़ भी इसी प्लेटफार्म पर रहती है। ऐसे में अपराधी भी इसी प्लेटफॉर्म पर ज्यादा निशाना किसी भी घटना को लेकर बनाते है।

सबसे अच्छे जीआरपी के कैमरे वहीं बंद
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के कैमरे लगे हुए है। इसमें सबसे अच्छी क्वालिटी के कैमरे जीआरपी के ही है। यहीं कैमरें बंद पड़े हुए है। उसके बाद सबसे खराब क्वालिटी के कैमरे के है। इन कैमरों में पास के लोग ही नहीं दिखते है। वहीं आरपीएफ के कैमरें प्लेटफॉर्म चार पर सबसे ज्यादा है।
इनका कहना है
एजीएम से कर चुके है शिकायत

कैमरें न होने की शिकायत अभी हाल ही में एजीएम के निरीक्षण के दौरान की थी। लेकिन कैमरे न होने से कई बार मामले नहीं सुलझ पाते है। ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर रेलवे के कई अधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन कुछ नहीं हुआ है।
दीपशिखा सिंह, टीआई नैरोगेज जीआरपी

अधिकारियों को है जानकारी
जीआरपी के कैमरे लगभग डेढ साल से बंद है। इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को भी है। इन कैमरों के बंद होने से कई बार हमारी जांचे भी प्रभावित होती है। ऐसे में काफी परेशानी आ रही है। इसके लिए स्टेशन निर्माण कर रही कंपनी से भी अब बात करेंगे।
जितेंद्र सिंह चंदेलिया, टीआई जीआरपी

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Mon, 29 Dec 2025 17:56:57 +0530 news desk MPcg
पारदर्शिता की नई पहल: जीवाजी विश्वविद्यालय में अब कैमरे की निगरानी में होंगे प्रैक्टिकल, बिना वीडियोग्राफी नहीं मिलेंगे अंक https://citytoday.co.in/4699 https://citytoday.co.in/4699 ग्वालियर
जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक अहम निर्णय लिया है।

अब विश्वविद्यालय से संबद्ध अंचल के सभी महाविद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आयोजित की जाएंगी। नए निर्देशों के तहत प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान छात्रों की पूरी परीक्षा प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड की जाएगी। इतना ही नहीं, परीक्षकों की उपस्थिति, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया और मूल्यांकन से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि भी रिकॉर्डिंग के दायरे में रहेगी। विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि इससे परीक्षा के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े और मनमानी पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
 
उडनदस्ता भी करेगा वीडियोग्राफी
परीक्षा अवधि में निरीक्षण के लिए जाने वाले उड़नदस्तों को भी अपनी पूरी कार्रवाई आवश्यकतानुसार कैमरे में रिकॉर्ड करनी होगी। उड़नदस्ता जब किसी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करेगा, उस दौरान की गई जांच, बातचीत और व्यवस्थाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निरीक्षण प्रक्रिया भी निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।

रिकार्डिंग नहीं तो अंक नहीं
महत्वपूर्ण बात यह है कि अब छात्रों को दिए जाने वाले प्रायोगिक अंकों को भी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर ही मान्यता दी जाएगी। यदि किसी परीक्षा या मूल्यांकन को लेकर विवाद उत्पन्न होता है, तो रिकॉर्डिंग को प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाएगा। वहीं अगर किसी कालेज से वीडियो प्राप्त नहीं होती है तो उस कालेज के छात्रों के अंक अपड़ेट नहीं किए जाएंगे।

जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन इस व्यवस्था को अपने अधीनस्थ अंचल के 350 से अधिक शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में लागू कर रहा है। कथन: ‘प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर कई बार गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं ऐसे में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए वीडियो रिकार्डिंग अनिवार्य की जा रही है।’ -राजीव मिश्रा, कुलसचिव, जेयू

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Fri, 26 Dec 2025 14:33:47 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर को मिलेगा नया गौरव, 25 दिसंबर को अमित शाह करेंगे अटल म्यूजियम का शुभारंभ https://citytoday.co.in/4672 https://citytoday.co.in/4672 ग्वालियर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिंसबर को ग्वालियर के दौरे पर हैं। इस दिन गृह मंत्री महाराज बाड़ा स्थित गोरखी स्कूल में तीन साल पहले बनकर तैयार अटल म्यूजियम का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री इस म्यूजियम को देखने के लिए पहुंच सकते हैं, क्योंकि उनका अटलजी के पैतृक निवास जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

अटल म्यूजियम के साथ ही शासकीय प्रेस बिल्डिंग में तैयार किए गए औद्योगिक म्यूजियम का भी लोकार्पण होने की संभावना है, क्योंकि ये म्यूजियम भी बनकर तैयार है और इसके संचालन-संधारण की एजेंसी भी फाइनल कर ली गई है। स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के माध्यम से लोकार्पण वाले प्रोजेक्टों में दोनों म्यूजियम का प्रस्ताव भेजा गया था। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये में अटल म्यूजियम को तैयार कराया गया था। वर्ष 2022 में ये म्यूजियम बनकर तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक इसका विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है। अटलजी की यादों को समर्पित इस म्यूजियम में उनसे जुड़ी कई वस्तुएं रखी हुई हैं। म्यूजियम में अटलजी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती गैलरियों में फोटो गैलरी, काव्य गैलरी, साइंस गैलरी, डार्क रूम गैलरी सहित विभिन्न गैलरियों का समावेश किया गया है। इनके माध्यम से अटल जी जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है।

वहीं साइंस गैलरी के माध्यम से जहां अटलजी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भारत के तकनीक और विज्ञान में सफलता की कहानी को डायरोमा माडल इत्यादि द्वारा प्रदर्शित किया गया है, तो वहीं काव्य गैलरी में अटल जी द्वारा लिखी गई विभिन्न कविताओं का सृजन किया गया है। इन गैलरियों में एक डार्क रूम भी तैयार किया गया है, जिसमें अटल जी के विभिन्न छायाचित्रों को स्पेशल लाइटिंग इफेक्ट से प्रदर्शित किया गया है।

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Wed, 24 Dec 2025 12:06:46 +0530 news desk MPcg
कला व संस्कृति के संरक्षण के साथ प्रदेश सरकार विकास पथ पर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/4593 https://citytoday.co.in/4593 तानसेन समारोह-2025

कला व संस्कृति के संरक्षण के साथ प्रदेश सरकार विकास पथ पर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वविख्यात संगीतज्ञ पं. राजा काले एवं पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से विभूषित

साधना परमार्थिक संस्थान समिति मण्डलेश्वर एवं रागायन संगीत समिति ग्वालियर को मिला राजा मानसिंह तोमर सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में 101वे तानसेन संगीत समारोह का भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे तानसेन

संस्कृति मंत्री लोधी ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं ऊर्जा मंत्री तोमर बतौर विशिष्ट अतिथि हुए शामिल

ग्वालियर

संगीतधानी ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए तानसेन समारोह में शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं विश्व विख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य कोलकाता को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 के राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया। साधना परमार्थिक संस्था की ओर से श्रीमती प्रेरणा कोल्हटकर एवं रागायन संस्था की ओर से महंत रामसेवकदास जी महाराज ने सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित मूर्धन्य संगीत साधकों को बधाई एवं शुभकामनायें दीं। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कला, संस्कृति का संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है।

ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग से पूरी दुनिया को शून्य का परिचय करा रहे “चतुर्भुज मंदिर” की थीम पर तानसेन समाधि परिसर में बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर सोमवार की सांध्य बेला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव तानसेन समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विधायक मोहन सिंह राठौर बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत की नगरी ग्वालियर में आयोजित होने वाला तानसेन संगीत समारोह प्रदेश व देश का सबसे प्रतिष्ठित समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलाई। गान महिर्षि तानसेन ने अपने गुरू स्वामी हरिदास जी के साधिन्य में संगीत की बारीकियां सीखकर ध्रुपद गायिकी सहित शास्त्रीय संगीत को नए आयाम दिए। तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि उन्हें अकबर ने अपने नवरत्नों में शामिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा रहा है। सामवेद इसका साक्षी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कला व संस्कृति को नए आयाम मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अद्वितीय छाप छोड़ रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।

वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है तानसेन समारोह – संस्कृति मंत्री लोधी

संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि तानसेन समारोह उस वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है, जिसमें पिछले 101 वर्षों से संगीत की आत्मा, रागों की अनुभूति और स्वर की साधना एक सामूहिक तपस्या बनकर प्रवाहमान हो रही है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि संगीत हमारी परंपरा, हमारी जड़ों व हमारी आत्मा का संवाद है। उन्होंने कहा हमारे लिए खुशी की बात है कि ग्वालियर की पुण्य धरा पर आयोजित तानसेन समारोह में आने का अवसर मिला है। तानसेन महोत्सव में जब संगीत के सुर गूंजते हैं तब हम केवल आनंदित ही नहीं होते बल्कि हमें भारतीयता, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति का आभास भी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मान्यता है कि स्वर ही ब्रम्ह है और ब्रम्ह ही सत्य है। इसी सत्य को तानसेन ने अपने जीवन, तप और संगीत के स्वरों में मूर्तरूप प्रदान किया। मंत्री लोधी ने इस अवसर पर तानसेन अलंकरण व राजा मानसिंह तोमर सम्मान से विभूषित साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत व अभिनंदन कर उन्हें बधाई दी।

ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन : ऊर्जा मंत्री तोमर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन है। खुशी की बात है कि ग्वालियर की धरा पर देश व दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित समारोहों में से एक तानसेन समारोह का आयोजन हो रहा है। उन्होंने सम्मानित कलाकारों का अभिनंदन किया और बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी विचार व्यक्त किए।

तानसेन अलंकरण से विभूषित प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले ने ग्वालियर घराने के मूर्धन्य संगीतज्ञ एवं अपने गुरू राजा भैया पूछवाले को याद किया। साथ ही ग्वालियर घराने की भाव सौंदर्य युक्त गायिकी को यह सम्मान समर्पित किया। उन्होंने तानसेन अलंकरण प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार भी जताया।

इनकी रही मौजूदगी

शुभारंभ समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला भी शामिल हुए। यहां मुख्य मंच पर संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव व उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत, कला अकादमी प्रकाश सिंह ठाकुर एवं दीपक शर्मा मंचासीन थे।

सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र व शॉल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान

राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण के रूप में ब्रम्हनाद के दोनों शीर्षस्थ साधकों को आयकर मुक्त पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट किए गए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संगीत सम्राट तानसेन के नाम से स्थापित यह सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय संगीत सम्मान है। इसी तरह संगीत एवं कला के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं दोनों संस्थाओं को भी पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस साल के तानसेन समारोह का शुभारंभ किया। कलाकारों के सम्मान में प्रशस्ति वाचन संस्कृति संचालक एन पी नामदेव ने किया। अंत में निदेशक अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी प्रकाश सिंह ठाकुर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक आनंद द्वारा किया गया।

स्मारिका एवं स्वराग दर्शन पुस्तिका का विमोचन भी किया गया

तानसेन समारोह के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों द्वारा तानसेन समारोह पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक राजा भैया पूछवाले की बंदिशों को संग्रहीत कर प्रकाशित की गई पुस्तिका “स्वरांग दर्शन” का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तिका पी एल गोहदकर एवं बाला साहब पूछवाले द्वारा तैयार की गई है।

16 दिसम्बर की सभाओं में यह प्रस्तुतियाँ होंगीं

प्रातः 10 बजे

भारतीय संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर ध्रुपद गायन

सुनील पावगी, ग्वालियर हवाईन गिटार

रीतेश-रजनीश मिश्र, वाराणसी युगल गायन

घनश्याम सिसौदिया, दिल्ली सारंगी

सायं 6 बजे

ध्रुपद केन्द्र, ग्वालियर ध्रुपद गायन

पद्मविभूषण अमजद अली खान एवं अमान-आयान अली खान बंगस, मुम्बई सरोद तिगलबंदी

रसिका गावड़े, इंदौर गायन

पद्मसुमित्रा गुहा, दिल्ली गायन

 

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Tue, 16 Dec 2025 12:21:55 +0530 news desk MPcg
दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पुलिस अधिकारियों पर एक्शन, हाई कोर्ट में याचिका दाखिल https://citytoday.co.in/4561 https://citytoday.co.in/4561 ग्वालियर

 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए उपहास, दुर्व्यवहार और एफआईआर दर्ज न किए जाने को अत्यंत गंभीर मामला माना है। कोर्ट ने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक को संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मामले की विवेचना को पुलिस थाना गिरवाई से हटाकर किसी अन्य अधिकारी से कराने को कहा है। अदालत ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि अधिकारी अपने विधिक दायित्वों का पालन नहीं करते, विशेषकर यौन अपराधों के मामलों में सहानुभूति नहीं दिखाते, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है।

एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया

दुष्कर्म पीड़िता ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत अपनी याचिका में कहा कि 26 अप्रैल 2025 को वह अपने साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गिरवाई पुलिस थाना पहुंची थी। उस समय थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ यादव और डीएसपी ग्रामीण चंद्रभान सिंह चिडार मौजूद थे। लेकिन दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ उसका मजाक उड़ाया बल्कि उसे बेहद लज्जित किया, दुर्व्यवहार किया और एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया।

गिरवाई थाने में दर्ज हुई एफआईआर

पीड़िता ने बताया कि वह रात दो बजे तक अपने स्वजन के साथ थाने में बैठी रही, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय उसकी शिकायत की मात्र प्राप्ति देकर उसे थाने से भगा दिया गया। घटना से आहत पीड़ित के स्वजन ने तत्काल मोबाइल से पुलिस अधीक्षक और आईजी ग्वालियर को पूरे प्रकरण की जानकारी दी।

अगले दिन पीड़िता ने खुद पुलिस अधीक्षक और आईजी से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद, तीसरे दिन यानी 28 अप्रैल 2025 को पुलिस थाना गिरवाई में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई।

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Sat, 06 Dec 2025 15:14:01 +0530 news desk MPcg
कौशल्या माता मंदिर में अटकी 51 फीट राम प्रतिमा: भुगतान न होने से 5 महीने से स्थापना रुकी https://citytoday.co.in/4539 https://citytoday.co.in/4539  ग्वालियर

 छत्तीसगढ़ के चंद्रखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर में एक बार फिर भगवान श्रीराम की ग्वालियर में तैयार की गई 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना की कवायद तेज हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से संपर्क किया गया है। ठेकेदार ने 8 दिसंबर तक उनकी मेहनत की शेष राशि का भुगतान करने की बात दीपक विश्वकर्मा से कही है। हालांकि भुगतान के आश्वासन के बावजूद मूर्तिकार ने ठेकेदार के सामने जो शर्त रखी है उससे एक बार फिर इस मूर्ति की स्थापना में अड़चनें आ सकती है।

मुरैना जिले के शनिधाम मन्दिर में स्थापित करना तय

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री राम वन पथ गमन तैयार कराया जा रहा है, जहां भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की मूर्ति को स्थापित किया जाना है। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची मूर्ति निर्माण करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हुआ जो अब पूरा हो गया। 05 महीने से यह प्रतिमा ठेकेदार के भुगतान न करने से यही रखी रही। ऐसे में मूर्ति के रखरखाव और मूर्तिकार की टीम द्वारा भुगतान की मांग के दबाब के बाद इस प्रतिमा को मुरैना जिले के शनिधाम मन्दिर में स्थापित करना तय किया गया।

बकाया 70 लाख 08 दिसम्बर तक भुगतान की बात

जिसके कारण छत्तीसगढ़ सरकार के श्री राम वन पथ गमन प्रोजेक्ट में और ज्यादा देरी होने की सम्भवना की स्थिति बनी। इन हालात को देखते हुए मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ के ठेकेदार द्वारा 10 लाख का एडवांस के अलावा बकाया 70 लाख के एमाउंट 08 दिसम्बर तक करने की बात कही है। लेकिन उन्होंने ठेकेदार के सामने शर्त रखी है कि भले ही भुगतान पूरा हो जाये पर उन्हें चंद्रखुरी स्थित कौशल्या मन्दिर में मूर्ति स्थापना की जगह पूरी तरह साफ चाहिए। ठेकेदार को बताया गया है कि मौके पर स्थापित भगवान श्रीराम की मूर्ति को हटाकर ही वनवासी स्वरूप वाली इस मूर्ति को स्थापित किया जा सकेगा। ऐसे में यदि पुरानी मूर्ति नहीं हटाई गई तो यह नई मूर्ति स्थापित होने में देरी होगी।

प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित प्रस्तावित

बता दें कि इस प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा की जगह पर ही स्थापित किया जाना है।वर्तमान में वहां स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा का स्ट्रक्चर पूरी तरह से गलत है। उसके निर्माण कार्य में बहुत सारी खामियां सामने आ चुकी है। प्रतिमा के चेहरे से लेकर शरीर के आकार पर गौर किया जाए तो उसमें भगवान श्रीराम के स्वरूप की छवि ही नहीं आती है।

शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले भी दो मूर्तियों के ऑर्डर ग्वालियर को दिए जा चुके हैं जो कि श्रीराम वन पथ गमन के लिए शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी है। उन मूर्ति के स्वरूप को देखकर ही ग्वालियर को 51 फीट ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला था। प्रतिमा को ग्वालियर के सेंड स्टोन से तैयार किया गया है, जो अपने आप में देश के अंदर मजबूत पत्थर के रूप में ख्याति प्राप्त है। इसकी तराशी गई प्रतिमा बहुत मजबूत और सुंदर होती है।

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Fri, 05 Dec 2025 12:15:10 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर में देश का पहला ‘स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर’ शुरू, 30 महिला जवानों को प्रशिक्षण https://citytoday.co.in/4258 https://citytoday.co.in/4258  डबरा

 देश की सीमाओं की सुरक्षा अब आधुनिक ड्रोन सिस्टम से सुसज्जित महिला जवानों के हाथों में होगी। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस विशेष टीम को 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' नाम दिया है। इसके लिए देश का पहला 'स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर' बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में शुरू किया है, जहां महिला जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर का उद्घाटन 2 सितंबर 2025 को बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने किया था। यह भारत में बीएसएफ का अपनी तरह का पहला व्यवस्थित स्कूल है, जहां ड्रोन वॉरियर्स और ड्रोन कमांडो तैयार किए जाएंगे।

पंजाब फ्रंटियर का पहला बैच

वर्तमान में, पंजाब फ्रंटियर की 30 महिला जवानों का पहला बैच 6 सप्ताह की ट्रेनिंग ले रहा है। इन्हें ड्रोन हमलों से निपटने, ड्रोन के माध्यम से हमला करने के टिप्स, ड्रोन उड़ाने, नियंत्रित करने और निगरानी मिशनों के लिए डेटा एकत्रित करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ग्वालियर के डबरा स्थित बीएसएफ अकादमी ने ड्रोन ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें इन प्रशिक्षित महिला जवानों ने ड्रोन वॉर को लेकर डैमो दिया। इसमें लोकेशन का पता लगाना, हमला कर लौटना और कंट्रोल रूम से प्लान तैयार करना जैसे इवेंट शामिल थे।

महिलाएं कमांड भूमिका का पालन अच्छी तरह करती हैं- डॉ. शमशेर सिंह

बीएसएफ अकादमी के निदेशक डॉ. शमशेर सिंह ने बताया कि महिला प्रहरियों को प्रशिक्षित करने के पीछे उनका यह मानना है कि महिलाओं में धैर्य, आत्मविश्वास, सटीक निशाना लगाने के साथ ही वे कमांड भूमिका का अच्छी तरह से पालन करती हैं। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि वर्तमान में युद्ध और बॉर्डर सुरक्षा में ड्रोन टेक्नोलॉजी के बिना काम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में ड्रोन से निगरानी रखना, दुश्मन के ड्रोन को गिराना और ऑपरेशन लॉन्च करना आदि काम होंगे।

प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक

निदेशक ने बताया कि ड्रोन केवल हमला करने या निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक होंगे, खासकर उन दुर्गम स्थानों पर जहां घायल जवान तक तुरंत पहुंचना संभव नहीं होता। यह प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' की ये महिला जवान हर परिस्थिति में सीमाओं पर देश विरोधी दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।

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Tue, 11 Nov 2025 14:59:59 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर में एयरफोर्स अधिकारी हनी ट्रैप का शिकार! महिला ने प्यार के जाल में फंसा कर ठगे 14 लाख रुपए https://citytoday.co.in/4193 https://citytoday.co.in/4193 ग्वालियर
भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी को क्वैक-क्वैक एप के माध्यम से अपने प्रेम जाल में फंसाकर 14 लाख रुपये लूटने का मामला सामने आया है। अधिकारी ने आरोप लगाया है कि सिलीगुड़ी निवासी एक महिला ने उन्हें प्रेम और व्यापार के बहाने फंसाकर करीब 14 लाख रुपये ठग लिया और अब वह उन्हें बदनाम करने की धमकी दे रही है। अपनी शिकायत लेकर वायु सेना अधिकारी मंगलवार को एसपी की जनसुनवाई में गया जहां उसने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका परिचय क्वैक-क्वैक एप के माध्यम से फरवरी 2025 में शुभश्री मोदक (सिलीगुड़ी) से हुआ। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान महिला ने खुद को इवेंट्स आयोजक होने के साथ सिक्योरिटी कंपनी शुरू करने की बात कही। इसके साथ ही कंपनी में निवेश करने पर नियमित लाभ का वादा किया।
 
महिला ने अधिकारी से ठगे 14 लाख
शिकायतकर्ता के अनुसार, 28 फरवरी से 18 अगस्त के बीच विभिन्न तिथियों पर बैंक ट्रांजेक्शन, क्रेडिट-कार्ड और पेमेंट-ऐप के माध्यम से कुल लगभग 14 लाख महिला को दिए गए जिनमें छोटे-बड़े कई ट्रांजेक्शन शामिल हैं। प्रत्यक्ष घटनाओं का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि बीते 12 मार्च को सिलीगुड़ी के प्लानेट माल में महिला के आयोजक कार्यक्रम में वह आए, पर टिकट बिक न पाने के कारण कार्यक्रम फेल हो गया। इसके बाद महिला ने प्रेम संबंध बनाए रखने के मौके पर उन्हें कई बार होटल ले जाकर शारीरिक संबंध भी बनाए।

धमकी देकर बदनाम करने की कोशिश
बाद में महिला ने कहा कि शिकायतकर्ता कंपनी में 20 प्रतिशत पार्टनर बन चुके हैं और अगस्त से उन्हें लाभ मिलना शुरू हो जाएगा, पर लाभ नहीं मिला। जैसा कि शिकायतकर्ता ने बताया, जब अगस्त 2025 में उसने पैसे वापस मांगने या लाभ देने का दबाव बनाया तो महिला ने बहाने बनाना शुरू कर दिया और शिकायतकर्ता के मुताबिक महिला ने यह भी धमकी दी कि वह उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करा देगी और उसे बर्बाद कर देगी।

शिकायतकर्ता ने कहा 'मैंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में लगाया है कड़ी मेहनत से जोड़ा हर पैसा इस हनी-ट्रैप में चली गया, मैं बुरी तरह बर्बाद हो चुका हूं।' पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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Wed, 05 Nov 2025 14:27:07 +0530 news desk MPcg
रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के 8 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 75 लाख कैश और डेढ़ किलो सोना बरामद https://citytoday.co.in/3986 https://citytoday.co.in/3986 ग्वालियर
 मध्य प्रदेश में लोकायुक्त ने दीपावली से पहले छापेमार कार्रवाई की है। रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के ठिकानों तड़के सुबह दबिश दी है। लोकायुक्त के कई वरिष्ठ अधिकारी इंदौर और ग्वालियर में दस्तावेज खंगाल रहे है। बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर रेड मारी है। फिलहाल जांच पड़ताल जारी है।

लोकायुक्त की टीम बुधवार तड़के सुबह रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर पहुंची। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने छापा मारा। इंदौर के पलासिया स्थित फ्लैट पर टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं ग्वालियर के विवेक नगर स्थित कान्ति कुन्ज मकान पर दबिश दी है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। आपको बता दें कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया इंदौर के सहा. जिला आबकारी अधिकारी है। वे एक महीने पहले ही सेवानिवृत हुए है।

    जानकारी के अनुसार, टीम को यहां से 2 किलो सोने की सिल्लियां, 1 किलो सोने के गहने, 5000 यूरो और 75 लाख रुपय नगद मिले हैं। कुल मिलाकर करीब 8 करोड़ रुपए की रकम सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि रिटायर्ड अधिकारी के ठिकानों पर यह छापा आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद मारा गया है। टीम अब तक फ्लैट से मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड्स और इन्वेस्टमेंट डिटेल्स की जांच कर रही है।

कौन हैं धर्मेंद्र सिंह भदौरिया

धर्मेंद्र सिंह भदौरिया आबकारी विभाग में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं।

•    वे इंदौर, भोपाल, और उज्जैन जोन में पदस्थ रह चुके हैं।
•    उन्होंने फ्लाइंग स्क्वाड में भी काम किया था, जहां पर जांच कार्रवाइयों में इनका नाम कई बार सुर्खियों में रहा।
•    पहले भी उनका नाम प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत और विभागीय अनुशासनहीनता के मामलों में चर्चा में आया था।

लोकायुक्त टीम अब उनकी पूर्व तैनाती के दौरान हुई संपत्तियों की खरीद-बिक्री की जांच भी करने की तैयारी में है।

ऐसे विवादों में रहे पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया
1.    होटल बिल विवाद

    जून 2022 में इंदौर के एक फाइव-स्टार होटल में आयोजित पार्टी का लगभग 2 लाख रुपए का बिल आया। होटल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि भदौरिया और एक अन्य अधिकारी (संतोष कुशवाह) ने यह बिल चुकाने से मना कर दिया।
    इसमें यह भी दावा था कि बिल न चुकाने पर दबाव व धमकियों का सहारा लिया गया।
    इस मामले को गंभीर माना गया और दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया।

2.    फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squad) से हटाना

    इसी विवाद के सिलसिले में भदौरिया को फ्लाइंग स्क्वाड से हटाने का आदेश जारी किया गया।
    बाद में उन्हें अन्य विभागीय पदस्थापना दी गई।

3.  नीलामी और अनुशासनहीनता के आरोप

    उनके खिलाफ यह भी आरोप लगे हैं कि जनरल ठेके/दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में लापरवाही की गई।
    प्रशासन ने माना कि उनकी कार्यशैली और निष्पादन “असंतोषजनक” रही है, जिससे निलंबन तक का कदम उठा।

4.  स्थानांतरण / अटैचमेंट आदेश

    विवाद के बाद, उन्हें निर्वाचन कार्यालय या अन्य विभागों में अटैचमेंट (कार्यालयांतर) का आदेश दिया गया।

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आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी

लोकायुक्त एसपी स्तर के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिले सबूतों के आधार पर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। जांच टीम बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसी, और संपत्ति रजिस्ट्री के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

लोकायुक्त की सख्ती से हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के कई अधिकारी लोकायुक्त की जांच के रडार पर बताए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई और सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी भी इस जांच की जद में आ सकते हैं।

शराब के ठेके से लिंक

धर्मेंद्र सिंह भदोरिया 31 अगस्त को रिटायर हुए हैं। वे आलीराजपुर में पदस्थ थे। सूत्रों के मुताबिक, वे अभी भी आलीराजपुर में रहते हैं और वहां शराब के ठेके और गुजरात की अवैध शराब लाइन को संभालते हैं। भदोरिया शराब ठेकेदार एके सिंह के समधी हैं।

वे लंबे समय से सरकारी नौकरी करते हुए भी अपना कारोबार संभाल रहे थे। इस पर हमेशा आरोप लगते रहे हैं। आलीराजपुर में पहले रिंकू भाटिया का ठेका था। सूत्रों के मुताबिक, रिंकू भाटिया से उनकी भागीदारी भी थी। इन सब कारणों से उन्होंने काफी कमाई की। इसी आधार पर लोकायुक्त के पास उनकी शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

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Wed, 15 Oct 2025 14:59:37 +0530 news desk MPcg
MP हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: परिवार में एक सरकारी नौकरी, दूसरे को नहीं मिलेगा अनुकंपा लाभ https://citytoday.co.in/3937 https://citytoday.co.in/3937 ग्वालियर
मध्य प्रदेश में ग्वालियर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की युगल पीठ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए दायर एक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा।

अनुकंपा नियुक्ति पर अपील खारिज
बहोड़ापुर निवासी रंजीत सिंह के पिता जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत थे। 14 मई 2022 को उनका निधन हो गया था। रंजीत सिंह ने 26 मई 2022 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। रंजीत का आवेदन 21 जुलाई को यह कहकर अस्वीकृत कर दिया गया कि उनके दोनों भाई पहले से नौकरी में थे; एक सरकारी सेवा में और दूसरा आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में। बाद में, रंजीत के एक भाई ने अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। इस आधार पर रंजीत ने फिर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार भी आवेदन खारिज कर दिया गया।
 
नहीं मिलेगा अनुकंपा का लाभ
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल नीति के दायरे में आने वाले मामलों में ही दी जा सकती है। यह तत्काल आर्थिक संकट से राहत देने का एक उपाय है, न कि कोई अधिकार। न्यायालय ने जोर दिया कि मृतक के निधन के समय रंजीत के दोनों भाई सेवा में थे, इसलिए नियुक्ति से इनकार करना नीति के अनुरूप था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में भाई द्वारा त्यागपत्र देने से अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दोबारा उत्पन्न नहीं होता।

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Mon, 13 Oct 2025 14:10:36 +0530 news desk MPcg
रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला! ग्वालियर नैरोगेज म्यूजियम बनेगा नया टूरिस्ट स्पॉट https://citytoday.co.in/3928 https://citytoday.co.in/3928 ग्वालियर. 

रेलवे बोर्ड की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेरिटेज आशिमा मेहरोत्रा और डिप्टी डायरेक्टर हेरिटेज राजेश कुमार ने तानसेन रोड स्थित पुराने एरिया मैनेजर कार्यालय में बने नैरोगेज म्यूजियम का निरीक्षण किया। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस म्यूजियम का निरीक्षण कर इसे संवारने के निर्देश दिए थे, वहीं भाजपा नेता सुधीर गुप्ता ने भी रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार को ज्ञापन सौंपकर इस म्यूजियम को नागपुर नैरोगेज म्यूजियम की तर्ज पर विकसित करने की मांग की थी। इसके बाद गुरुवार को रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने इस म्यूजियम का निरीक्षण किया।

इस दौरान एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशिमा मेहरोत्रा ने नैरोगेज हेरिटेज संग्रहालय के साथ ही लोको शेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस हेरिटेज बिल्डिंग को रेनोवेशन की जरूरत है। इसके अलावा संग्रहालय के तौर पर विकसित करने की स्थिति में बिल्डिंग में वर्तमान में संचालित होने वाले एडीईएन, एडीईई तथा एसीएम आफिस को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाएगा।

हेरिटेज बिल्डिंग के पास जीर्ण-शीर्ण क्वार्टर को हटाकर वहां म्यूजियम का विस्तार किया जा सकता है। पर्यटक स्थल की तरह यह विस्तार नागपुर नैरोगेज हेरिटेज म्यूजियम की तरह होगा इसमें बच्चों की टाय ट्रेन चलाने का भी विकल्प रखा जा सकता है। वहीं, सिंधिया स्टेट के हेरिटेज सैलून कोच, इंजन तथा नैरोगेज ट्रेन से संबंधित सभी उपकरण को यहां शोकेस किया जा सकता है।

डिजिटल स्क्रीन और आडियो विजुअल के माध्यम से रेलवे हेरिटेज नैरोगेज ट्रेन का इतिहास दिखाने की भी संभावना है। संग्रहालय को ऐतिहासिक रूप देने के साथ ही यहां फोटो गैलरी और कैफेटेरिया का भी निर्माण किया जा सकता है। सिंधिया स्टेट के दौर में 1885 में निर्मित नैरोगेज म्यूजियम ऐतिहासिक महत्व रखता है।

इस अवसर पर प्रयागराज से मुख्य चल शक्ति अभियंता आरडी मौर्य, एडीआरएम नंदीश शुक्ला, सीडब्लूएम शिवाजी कदम, सीनियर डीएमई गौरव यादव, एडीईएन अजीत मिश्रा, स्टेशन डायरेक्टर वीके भारद्वाज एवं प्रयागराज तथा झांसी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नैरोगेज ट्रैक का भी किया निरीक्षण, बोर्ड को देंगे रिपोर्ट
वहीं रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने घोसीपुरा से लेकर मोतीझील तक नैरोगेज ट्रैक का भी निरीक्षण किया। लंबे समय से शहर में नैरोगेज हेरिटेज ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है। ऐसे में, रेलवे के अधिकारियों ने इसका भी गहनता से सर्वे किया। हालांकि अभी इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को सौंपी जाएगी और अंतिम निर्णय वहीं से होगा।

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Sun, 12 Oct 2025 12:17:20 +0530 news desk MPcg
भिंड जिले के फुले का पुरा गांव में पति द्वारा पत्नी की हत्या का मामला https://citytoday.co.in/3883 https://citytoday.co.in/3883 भिण्ड  

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के फुले का पुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति जबरसिंह जाटव को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण

यह घटना 25-26 जून 2025 की रात की है। जबरसिंह जाटव, जो दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, हाल ही में अपने घर आए थे। रात को शराब पीने के बाद, उन्होंने अश्लील वीडियो बनाने की कोशिश की, जिसे उनकी पत्नी गोल्डी जाटव ने विरोध किया। इस पर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर जबरसिंह ने गोल्डी की गर्दन अपने पैर से दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद, जबरसिंह के पिता ने गोल्डी के परिवार को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस जांच और सबूत

पुलिस ने जबरसिंह के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें एक अश्लील वीडियो पाया गया। फोन की ब्राउज़र हिस्ट्री से यह भी पता चला कि आरोपी नियमित रूप से अश्लील सामग्री देखता था और सोशल मीडिया से कॉल लॉग डिलीट करने के तरीके खोज रहा था। इसके अलावा, एक चाकू भी बरामद हुआ, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था।

आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने आरोपी जबरसिंह जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

यह घटना घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर पहलुओं को उजागर करती है, जो समाज में बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए समाज और पुलिस को मिलकर काम करने की आवश्यकता है

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Wed, 08 Oct 2025 14:36:26 +0530 news desk MPcg
कुरकुरे न मिलने पर माँ & बहन ने पीटा, बच्चे ने की पुलिस से शिकायत। https://citytoday.co.in/3849 https://citytoday.co.in/3849 मध्य प्रदेश के सिंगरौली से एक दिलचस्प मामला सामने आया। एक 10 साल के एक बच्चे ने पिटाई होने के बाद पुलिस के इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल लगाया। उसके बाद जो कुछ भी कहा, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी सोच में पड़ गए। फिर वास्तविकता जान हैरान हुए बिना नहीं रह पाए।

यह मजेदार वाकया सिंगरौली के खुटार चौकी के अंतर्गत आने वाले चितरवई कला गांव का है। मासूम बच्चे ने जब अपनी मां से 20 रुपये मांगे ताकि वह अपने पसंदीदा कुरकुरे खरीद सके, तो मां और बहन को गुस्सा आ गया। गुस्से में दोनों ने बच्चे को रस्सी से बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। लेकिन इस छोटे से शेर ने हार नहीं मानी और सीधे पुलिस को फोन ठोक दिया। फोन पर बच्चे की शिकायत सुनकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बच्चा फोन पर रोने लगा, तो पुलिस ने बड़े ही प्यार से उसे ढांढस बंधाया और जल्दी पहुंचने का वादा किया।

सबको आश्चर्य तब हुआ जब हेड कॉन्स्टेबल बच्चे के लिए कुरकुरे का पैकेट लेकर पहुंचे। उन्होंने बच्चे को कुरकुरे दिए। साथ ही माता-पिता को प्यार से समझाया कि बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाएं भी उनके लिए बड़ी होती हैं। उन्होंने हिदायत दी कि बच्चे की आगे से मारपीट ना करें। गुस्से की जगह उन्हें प्यार से समझाना ही बेहतर है।

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Mon, 06 Oct 2025 14:17:50 +0530 news desk MPcg
करौली माता के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटी, https://citytoday.co.in/3847 https://citytoday.co.in/3847 राजस्थान के करौली जिले में एक सड़क हादसा हो गया. जहां कैलादेवी मार्ग स्थित धायपुरा गांव के पास एक सड़क हादसे में चार लोग घायल हो गए. हादसा उस समय हुआ जब मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से श्रद्धालु बोलेरो गाड़ी में सवार होकर कैला माता के दर्शन करने जा रहे थे.

इसी बीच गंगापुर मोड़ के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने ओवरटेक करते हुए सामने से आ रही जीप को टक्कर मार दी. भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों में सवार चार लोग घायल हो गए.

जानकारी के मुताबिक रामपुरकलां गांव से लगभग 20 से 25 लोग संदीप धाकड़ के ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर शनिवार को करौली राजस्थान स्थित कैलादेवी के दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार की दोपहर सभी इसी ट्रैक्टर ट्रॉली से वापस रामपुर आ रहे थे। रामपुर गांव से ठीक पहले बामसोली गांव में अचानक ही चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली पलटते चीख पुकार मच गई। चूंकि हादसा बामसोली गांव में हुआ तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जल्द ही बचाव कार्य चालू कर दिया गया।

 ग्रामीणों की मदद से विभिन्न वाहनों के माध्यम से करौली के सामान्य चिकित्सालय लाया गया. जहां मुकेश की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया गया. हादसे कि सूचना मिलते ही सदर थाना के डिप्टी रामनाथ सिंह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अन्य हल्के घायलों की प्राथमिक चिकित्सा करवाई और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना किया.

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Mon, 06 Oct 2025 14:07:28 +0530 news desk MPcg
सिर्फ़ IRCTC के साथ: 9 दिन में सात ज्योतिर्लिंग यात्रा का सबसे किफायती मौका! https://citytoday.co.in/3717 https://citytoday.co.in/3717 ग्वालियर
त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं।

अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को
आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।
 
ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का
इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था।

सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन
आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है।

आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

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Mon, 22 Sep 2025 17:29:44 +0530 news desk MPcg
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में बड़ी प्रगति: मिट्टी परीक्षण पूरा, सिक्स लेन हाईवे निर्माण को हरी झंडी https://citytoday.co.in/3694 https://citytoday.co.in/3694 ग्वालियर
ग्वालियर से आगरा के बीच 4613 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका लेने वाली कंपनी जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने मृदा परीक्षण का काम पूरा कर लिया है। गत अप्रैल माह में कंपनी को ठेका मिल गया था और उसे छह माह का समय संसाधन जुटाने के साथ ही अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दिया गया था। अब कंपनी अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अपने तीन बेस कैंप तैयार करेगी और तीन ही स्थानों से एक्सप्रेस वे के निर्माण की शुरूआत की जाएगी।

फोरलेन हाईवे का होगा निर्माण
हालांकि निर्माण कार्य नवंबर माह से शुरू होगा और 30 माह के अंदर कंपनी को यह काम पूरा करना होगा। नए एक्सप्रेस वे के निर्माण के साथ ही कंपनी द्वारा वर्तमान फोरलेन हाईवे के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का ठेका लेने वाली जीआर इंफ्रा कंपनी को अक्टूबर तक का समय निर्माण कार्य के लिए दिया गया है। इस बीच कंपनी ने आगरा, धौलपुर, मुरैना जिलों में साइल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) का काम पूरा कर लिया है, ताकि निर्माण कार्य शुरू होने पर कोई अड़चन ना आए। इसके अलावा अलाइनमेंट ठीक रहे और सारे पुल-पुलियों का काम बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए कंपनी द्वारा तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में एक साथ काम की शुरूआत की जाएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा तीन बेस ऑफिस भी तैयार किए जाएंगे।

काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी
वर्तमान में धौलपुर में एक बेस ऑफिस का काम लगभग अंतिम चरण में है। यहां जमीन पर बाउंड्रीवॉल तैयार कर ली गई है और अंदर अस्थायी कैंप कार्यालय बनाया जाएगा। इसके अलावा भूमि के अधिग्रहण के बदले मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी होने को है। भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाने के बाद एनएचएआइ को पजेशन दिया जाएगा। सरकारी रिकार्ड में भी एनएचएआइ के नाम पर एंट्री की प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे में अक्टूबर तक कंपनी को जमीन भी एनएचएआइ उपलब्ध करा पाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने बेस ऑफिस बनाने शुरू कर दिए हैं और काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी।

ग्वालियर व मुरैना में भी बनेंगे कार्यालय
कंपनी को नए एक्सप्रेस वे के साथ ही वर्तमान हाईवे की मरम्मत का भी काम करना है। ये हाईवे निरावली रायरू तक आता है। इसके अलावा नए एक्सप्रेस वे का अलाइनमेंट भी सुसेरा गांव के पास होगा। ऐसे में कंपनी द्वारा ग्वालियर व मुरैना में भी कार्यालय बनाए जाएंगे ताकि एक ही स्थान से दोनों प्रोजेक्टों की निगरानी व संचालन में दिक्कत ना आए। 

31 पुल तैयार होंगे, छह फ्लाइओवर व एक आरओबी बनेगा
इस पूरे प्रोजेक्ट के अंतर्गत 31 पुल तैयार किए जाएंगे। इसमें आठ बड़े पुल और 23 छोटे पुल शामिल हैं। इसके अलावा 192 कलवर्ट यानी पुलिया भी तैयार की जाएंगी। इसके अलावा छह फ्लाइओवर और एक रेल ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा। ये ओवरब्रिज जाजऊ स्टेशन के पास बनाया जाएगा। इसके अलावा चंबल नदी पर 300 मीटर लंबा हैंगिंग ब्रिज बनाया जाएगा। इस ब्रिज का कोई भी पिलर नदी में खड़ा नहीं किया जाएगा, बल्कि नदी के किनारों पर पिलर तैयार होंगे। नदी के ऊपर पूरा पुल झूलता रहेगा।

ये है प्रोजेक्ट
ग्वालियर से आगरा के बीच 88.400 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे का एनएच नंबर 719डी रखा गया है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा से ग्वालियर पहुंचने में एक से सवा घंटा लगेगा। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका जीआर इंफ्रा कंपनी को दिया गया है।  

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Sat, 20 Sep 2025 14:25:55 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर में खत्म होगी लो&वोल्टेज की समस्या, बिजली उपकेंद्रों पर लगे कैपेसिटर बैंक https://citytoday.co.in/3644 https://citytoday.co.in/3644 ग्वालियर
बिजली उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा स्थिर बिजली मिलेगी। उन्हें अब लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी, क्योंकि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश भर में 417 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब स्टेशनों में से 412 सब स्टेशनों पर विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक लगा दिए हैं।

इन कैपेसिटर बैंकों की मदद से वोल्टेज में स्थिरता लाई जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार उपकरण खराब होने की समस्या से निजात मिलेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ट्रांसमिशन सिस्टम और अधिक मजबूत हो रहा है।
 
यह होते हैं कैपेसिटर बैंक
कैपेसिटर बैंक (संधारित्र बैंक) कई कैपेसिटर का एक समूह होता है, जो विद्युत ऊर्जा को संग्रहित और जारी करने के लिए एक साथ समानांतर या श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं। इन्हें विद्युत प्रणालियों की दक्षता में सुधार करने, पावर फैक्टर को सही करने और प्रतिक्रियाशील शक्ति को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। ग्वालियर जिले में 11 हाई टेंशन सब स्टेशनों पर 222 एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील किए गए हैं।

एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पावर ट्रांसफार्मर पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटर एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए कैपेसिटर बैंक लगाए गए हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पावर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।

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Thu, 18 Sep 2025 11:56:04 +0530 news desk MPcg
बिजली बिल में बड़ी राहत! रीवा के बाद अब ग्वालियर में होगा एनर्जी ऑडिट, होगी भारी बचत https://citytoday.co.in/3609 https://citytoday.co.in/3609 ग्वालियर


 नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नवाचारों पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में नगरीय निकायों के बिजली का खर्च कम कराने के लिए एनर्जी आडिट कराया जा रहा है।

रीवा के बाद ग्वालियर नगर निगम दूसरा शहर है, जिसने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एनर्जी ऑडिट की टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। ग्वालियर नगर निगम इस कार्य के लिए 1.67 करोड़ रुपये खर्च करेगा, जिसमें स्ट्रीट लाइट के साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बोरिंग, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, सुलभ काम्प्लेक्स, निगम के कार्यालयों में आने वाले हर माह के सात से आठ करोड़ रुपये के बिल को कम कराने की दिशा में कार्य कराया जाएगा।

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Sat, 13 Sep 2025 12:42:00 +0530 news desk MPcg
दतिया में राहुल गांधी और जीतू पटवारी का हुआ पुतला दहन https://citytoday.co.in/3521 https://citytoday.co.in/3521 दतिया में कांग्रेस नेताओं का पुतला दहन, भाजपा महिला मोर्चा ने जताया विरोध

दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा ने राजगढ़ चौराहे पर दोनों नेताओं का पुतला दहन कर उग्र नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान से भाजपा महिला मोर्चा में आक्रोश है। इसी के चलते महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप पुतला फूंककर कांग्रेस आलाकमान से पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा, जिला मंत्री अतुल भूरे चौधरी, महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण गुप्ता, वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी कटारे, ऊषा नाहर, रीता यादव सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

भाजपा महिला मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही पटवारी पर कार्रवाई नहीं करता, तो आने वाले दिनों में विरोध और उग्र रूप लेगा।

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Fri, 29 Aug 2025 13:18:51 +0530 Newsdesk
भिंड कलेक्टर के बचाव में आए चौधरी राकेश सिंह कहा : अफसरों से उलझना विधायक की पुरानी आदत https://citytoday.co.in/3505 https://citytoday.co.in/3505 ग्वालियर:

 प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं ​पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने भिंड विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भिंड विधायक नरेंद्र सिंह के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के साथ अभद्रता और धमकी देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने कहा, खाद का मुद्दा सिर्फ बहाना है। असली वजह रेत चोरी है।

जब कलेक्टर ने इस अवैध गतिविधि को रोका, तो विधायक बौखला गए। पूर्व मंत्री ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब उन्होंने ऐसा किया हो। इससे पहले भी विधायक एक आईपीएस अफसर से उलझ चुके हैं। वहीं, जिला प्रशासन के विभिन्न कर्मचारी संगठनों में घटनाक्रम को लेकर नाराजगी है। आज जिलेभर में सरकारी अमला विरोध प्रदर्शन करेगा।

पूर्व मंत्री चतुर्वेदी ने कहा, कलेक्टर खाद की फैक्ट्री नहीं चलाते, इसके लिए विधायक को मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री से संपर्क करना चाहिए था। विधायक भिंड नगर पालिका पर कब्जा कर उसे लूटने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी कीमत पर नगर पालिका को रेत माफिया के हवाले नहीं होने देगी। पूर्व मंत्री ने कहा, आज कलेक्टर को धमकाया गया है, कल किसी कांग्रेस नेता को भी धमकाया जा सकता है। इसलिए सभी कार्यकर्ता सतर्क रहें। यह सिर्फ प्रशासनिक मामला नहीं है, यह लोकतंत्र पर हमला है।

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Thu, 28 Aug 2025 13:15:37 +0530 Newsdesk
चंबल में गरमा रहा वोट चोरी का मुद्दा, पटवारी भरेंगे दम https://citytoday.co.in/3432 https://citytoday.co.in/3432 ग्वालियर चंबल डायरी
हरीश दुबे

राहुल गांधी ने दिल्ली में वोट चोरी का मुद्दा जोर शोर से उठाया तो चंबल भी गरमा गया। सिंधिया के गृहक्षेत्र में इस मुद्दे पर आंदोलन को धार देने की कमान खुद जीतू पटवारी ने संभाल ली है। वे 27 अगस्त को भिंड आ रहे हैं और यहां एक मैरिज गार्डन में “वोट चोर गद्दी छोड़” सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पहली बार भिंड में पार्टी ने दो जिलाध्यक्ष बनाए हैं। भिंड जिले में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस तीन सीटें हार गई थी जिनमें पैंतीस साल से पार्टी का अभेद्य दुर्ग रही लहार सीट भी शामिल थी। यही वजह है कि देहात की चार सीटों के लिए रामशीष बघेल को सदारत सौंपी गई है जबकि शहर की जिम्मेदारी पिंकी भदौरिया संभालेंगे।

उधर ग्वालियर दक्षिण सीट पर सिर्फ ढाई हजार वोट से हारे प्रवीण पाठक ने भी अपनी हार की वजह वोटचोरी को बताते हुए खुलाशा किया है कि उन्हें चुनाव हराने के लिए चुनाव से सिर्फ दो महीने पहले दक्षिण की मतदाता सूची में सवा आठ हजार वोट गुपचुप ढंग से जोड़ दिए गए और वोटों की यह घटबढ़ उनकी पार्टी से छिपाई गई। अपने नेता राहुल के सुर में ताल मिलाते हुए प्रवीण पाठक ने वोट चोरी को आजादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा वोट घोटाला करार देते हुए इस मुद्दे पर कोर्ट जाने का भी ऐलान कर दिया है।

सिफारिशों के बोझ तले दबे अध्यक्षजी की मजबूरी बनी जंबो कार्यकारिणी

ग्वालियर कांग्रेस में नए अध्यक्ष की नई कार्यकारिणी में जगह बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने जोड़तोड़ के साथ छत्रपों की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है। शहर कांग्रेस में जिलाध्यक्ष के बाद संगठन प्रभारी का पद ही खास माना जाता है, लिहाजा संगठन प्रभारी बनने और बनाने के लिए सबसे ज्यादा सिफारिशें लगाई गई हैं। अब तक ग्वालियर दक्षिण में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताजी की नजर जिले पर लगी है, इसके लिए बड़े नेताओं से भी ताकत लगवाई गई है। भूतपूर्व हो चुके पंडितजी ने जंबो कार्यकारिणी बनाई थी, हालांकि इसमें उनके लोग कम थे, पार्टी पर प्रभाव रखने वाले दीगर नेताओं द्वारा सौंपी गई सूचियों से लिए नाम ज्यादा थे। लिहाजा निगम चुनाव से डेढ़ साल पहले सभी को संतुष्ट करने के लिए विशाल आकार वाली कार्यकारिणी बनाना नए अध्यक्ष की भी मजबूरी होगी।

पुण्य बटोरने के साथ सियासी रसूख दिखाने की तैयारी

कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला इन दिनों कुछ ज्यादा ही धार्मिक हो गए हैं। कई बार विधायक रहने और बीच में कुछ साल सियासत के हाशिए पर रहने के बाद 23 में पहली बार मंत्री बने शुक्ला यूं तो कथा, पुराण कराते ही रहे हैं लेकिन अब पितृपक्ष में वे वृंदावन धाम में श्रीमद्भागवत करा रहे हैं। धर्म कर्म का पुण्य बटोरने के साथ राजनीतिक रसूख दिखाने की भी तैयारी है। दिल्ली और भोपाल के बड़े नेताओं से खुद मुलाकात कर कथा का निमंत्रण दे रहे हैं। अभी तक गड़करी, सिंधिया और शिवराज को न्योत चुके हैं। फेहरिस्त अभी लंबी है।

अपना अध्यक्ष बनवाने चेंबर चुनाव में कूदेंगे राजनीति के धुरंधर

इलाके के व्यापारियों और उद्यमियों की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव पहली बार अंचल के परस्पर प्रतिद्वंदी नेताओं की गोलबंदी में फंसते दिख रहे हैं। अध्यक्ष पद पर ताल ठोकने की तैयारी कर चुके मुरार के पारस जैन को जहां नरेंद्र सिंह तोमर का समर्थन है वहीं मौजूदा अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल सिंधिया खेमे से माने जा रहे हैं। खास बात यह कि पारस और प्रवीण, दोनों ही व्हाइट हाउस के चेहरे हैं और चुनाव में व्हाइट हाउस एक ही प्रत्याशी उतारेगा। देखना है कि प्रत्याशी चयन में नरेंद्र सिंह का दबदबा रहता है या फिर सिंधिया का…!

नाराजगी के डर से रोककर रखी सूची

प्राधिकरण, निगम, बोर्ड के अध्यक्षों की सूची सीएम के पास तैयार रखी है, नए सूबा सदर के संज्ञान में भी है लेकिन पार्टी में नाराजगी के भय से सूची को रोककर रखा गया है। सबसे ज्यादा समस्या सिंधिया समर्थकों को एडजस्ट करने में आ रही है। महल ने ग्वालियर के तीन प्राधिकरणों में से दो प्राधिकरणों पर उन नेताओं के नाम दिए हैं जिन्होंने सिंधिया के संग पांच साल पहले भगवा पहना था।

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Sat, 23 Aug 2025 15:49:42 +0530 Newsdesk
ग्वालियर से जुड़ा लापता अर्चना तिवारी का कनेक्शन, आरक्षक ने कराया था इंदौर&ग्वालियर के लिए टिकट बुक? https://citytoday.co.in/3375 https://citytoday.co.in/3375 ग्वालियर: 

इंदौर से कटनी के लिए ट्रेन से रवाना हुई अर्चना तिवारी नामक युवती रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है. इस मामले में ग्वालियर कनेक्शन सामने आया है. पता चला है कि युवती की ग्वालियर में पदस्थ एक आरक्षक से मोबाइल पर बातचीत चल रही थी. उसने अर्चना का इंदौर से ग्वालियर का एक ट्रेन टिकट भी बुक कराया था.
कटनी जिले की रहने वाली अर्चना 7 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने के लिए इंदौर से कटनी के लिए नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच बी 3 में सवार हुई थी, लेकिन वो गायब हो गई. इसके बाद से उसकी लोकेशन मिसिंग है, जबकि सीट पर उसका बैग मिला था. अर्चना तिवारी का सपना सिविल जज बनने का था.
आरक्षक ने इंदौर-ग्वालियर यात्रा के लिए अर्चना का कराया था टिकट बुक
लगभग 12 दिन से गायब हुई युवती का कनेक्शन ग्वालियर में भी मिला है. जांच में पता चला कि युवती की ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक से बात हो रही थी. आरक्षक ने युवती का इंदौर से ग्वालियर का ट्रेन टिकट भी बुक कराया था. इस मामले की जांच कर रही जीआरपी की टीम ग्वालियर पहुंचकर आरक्षक से पूछताछ कर रही है.

दरअसल, ट्रेन से युवती अर्चना तिवारी के गायब होने के बहुचर्चित मामले में जीआरपी पुलिस की टीम ने ग्वालियर में डेरा डाला हुआ है. जीआरपी के अफसरों ने भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक राम तोमर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. टीम कल सोमवार को ही ग्वालियर पहुंची थी.
आरक्षक- अर्चना के बीच लगातार हो रही थी बात
जीआरपी को सूचना मिली थी कि भंवरपुरा थाने में पदस्थ राम तोमर से युवती की लगातार बातचीत हुई है. राम तोमर ने अर्चना का इंदौर से ग्वालियर का ट्रेन टिकट भी कराया था. हालांकि आरक्षक पूछताछ में इस टिकट पर यात्रा न करने का बयान दे रहा है. इस टिकिट पर यात्रा के संबंध में टीम रेलवे से जानकारी ले रही है. बता दें कि इस मामले की और कड़िया जोड़ने की कोशिश में भोपाल जीआरपी भी जुटी हुई है.

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Tue, 19 Aug 2025 12:19:28 +0530 Newsdesk
ग्वालियर का गोपाल मंदिर सजेगा बेशकीमती गहनों से, जन्माष्टमी पर राधा&कृष्ण के भव्य दर्शन https://citytoday.co.in/3345 https://citytoday.co.in/3345 ग्वालियर
ग्वालियर के फूलबाग स्थित 105 साल रियासतकालीन गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्साह के साथ मनाई जा रही है। मंदिर में विराजित श्वेत संगमरकर की राधा-कृष्ण की मूर्तियों का बेशकीमती गहनों से शृंगार किया जाएगा। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज ग्वालियर महापौर की अध्यक्षता वाली कमेटी कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल बैंक के लॉकर से आभूषणों निकालकर लाएगी। इसके बाद भगवान का शृंगार कर आभूषण पहनाकर पूजा-अर्चना होगी, उसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए भगवान के पट खोल दिए जाएंगे। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद कड़ी सुरक्षा में आभूषणों को ले जाकर बैंक लॉकर में रखा जाएगा। इस दौरान 200 पुलिसकर्मी व सीसीटीवी कैमरे लगाकर पल-पल की वीडियो ग्राफी कराई जा रही है।

यह गहने पहनाए जाएंगे
बता दें मूर्तियों का शृंगार सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार, सात लड़ी हार, सोने के तोड़े, सोने का मुकुट, हीरे जड़े कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, 249 शुद्ध मोतियों की माला, राधा का ऐतिहासिक पुखराज और माणिक जड़ित पंख वाला तीन किलो का मुकुट, श्रीजी, राधा के झुमके, सोने की नथ, कण्ठी, चूड़ियां, कड़े, से शृंगार किया जाना है। 
यह बेशकीमती ज्वेलरी सिंधिया रियासत के तत्कालीन महाराजा माधवराव ने 1921 में मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद बनवाई थी। वर्ष 2007 से इन्हें जन्माष्टमी के दिन बैंक लॉकर से निकालकर राधाकृष्ण का शृंगार कर किया जाता है।

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Sat, 16 Aug 2025 13:41:49 +0530 Newsdesk
स्वतंत्रता दिवस से पहले रेलवे स्टेशनों पर हाई अलर्ट, RPF और GRP तैनात https://citytoday.co.in/3304 https://citytoday.co.in/3304 ग्वालियर
स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।

देसी शराब के 299 क्वार्टर के साथ गिरफ्तार

आरपीएफ व जीआरपी ने इस क्रम में सर्चिंग भी शुरू कर दी है। यही कारण रहा कि आरपीएफ ने अवैध शराब के साथ ही रेल संपत्ति चुराकर ले जा रहे तीन चोरों को भी गिरफ्तार कर लिया। रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने रविवार की सुबह प्लेटफॉर्म क्रमांक एक से देसी शराब के 299 क्वार्टर के साथ एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। यह युवक ग्वालियर से सस्ते दामों में देसी शराब खरीदकर दतिया में बेचने का काम करता था। आरपीएफ के जवानों ने आरोपी युवक को शराब के साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों के हवाले कर दिया।

बड़ी संख्या में देसी शराब के क्वार्टर बरामद

जानकारी के मुताबिक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक एक के झांसी एंड पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में भारी-भरकम सामान के साथ खड़ा था। इस दौरान सर्चिंग पर तैनात उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत व अंकित कुमार, सहायक उपनिरीक्षक देवेश कुमार, प्रधान आरक्षक विनय कुमार व सुनील कुमार, आरक्षक विजय, राकेश व अतुल शर्मा ने इस युवक की घेराबंदी कर जब सामान की तलाशी ली, तो उसमें बड़ी संख्या में देसी शराब के क्वार्टर निकले।

अंधेरे में चुरा रहे थे रेल संपत्ति

पूछताछ में युवक ने अपना नाम नावेद खान उर्फ टकले बताया जिसकी उम्र 21 वर्ष थी। आरोपी पठान मोहल्ला बजरिया थाना भांडेर जिला दतिया का रहने वाला है। इन क्वार्टर में लगभग 53 लीटर शराब थी। इसके चलते युवक को आबकारी विभाग के हवाले कर दिया गया। वहीं, आरपीएफ के जवानों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अंधेरे का फायदा उठाकर रेलवे की संपत्ति चुरा रहे तीन लोगों को रंगे हाथों धर दबोचा। स्वतंत्रता दिवस के अलर्ट के कारण आरपीएफ देर रात यार्ड से लेकर आउटर पर गश्त में लगी हुई है। इसी दौरान यार्ड से कोच अंडर गियर वायर 164 मिमी और 64 मिमी के साथ ही 10 पंड्राल क्लिप लेकर जाते हुए तीन चोर नजर आए।

आरपीएफ ने रंगे हाथों पकड़ा

आरपीएफ की टीम ने इस चोरों को घेरकर पकड़ा और रेल संपत्ति बरामद भी कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम लखन परिहार, राहुल बाथम उर्फ नीलू और ग्यासीराम बाथम बताया। इनमें से लखन परिहार के ऊपर पहले से रेल संपत्ति अधिनियम की धारा तीन के तहत वर्ष 2020 से एक अपराध पंजीबद्ध है। आरपीएफ ने तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है।

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Tue, 12 Aug 2025 15:27:00 +0530 Newsdesk
ग्वालियर: जीवाजी यूनिवर्सिटी में फेल स्टूडेंट्स को मिलेगी आंसरशीट देखने की सुविधा https://citytoday.co.in/3293 https://citytoday.co.in/3293 ग्वालियर

जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) ने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए उत्तरपुस्तिका अवलोकन का शेड्यूल जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, वे छात्र जो अपने परिणामों को लेकर असंतुष्ट हैं या संदेह रखते हैं, निर्धारित तिथियों और समय में अपनी उत्तरपुस्तिकाएं देख सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से फेल घोषित विद्यार्थियों के लिए रखी गई है, ताकि वे मूल्यांकन प्रक्रिया को समझ सकें और अपनी संतुष्टि के लिए अंकन की जांच कर सकें।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तरपुस्तिका अवलोकन का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। छात्र संबंधित विषय और तिथि के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में आकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
 
अवलोकन कार्यक्रम के तहत
    11 अगस्त : बी.ए. प्रथम सेमेस्टर (मार्च 2025)
    12 अगस्त : बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)
    13 अगस्त : एम.एससी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)
    14 अगस्त : बी.एड., एम.एड. प्रथम सेमेस्टर (जून 2025)
    18 अगस्त : एल.एल.बी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)
    19 अगस्त : एम.बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर (जून 2025)

जेयू प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों में परीक्षा प्रक्रिया के प्रति विश्वास कायम करना है। उत्तरपुस्तिका अवलोकन से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि उनके उत्तर किस प्रकार से मूल्यांकित किए गए हैं।

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Mon, 11 Aug 2025 16:26:29 +0530 Newsdesk
ट्रेनों में त्योहार के बाद भीड़&भाड़ बढ़ी, रेलवे ने जन्माष्टमी के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का किया ऐलान https://citytoday.co.in/3291 https://citytoday.co.in/3291 ग्वालियर
रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होने के साथ ही अब वापस काम पर लौटने के लिए ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी मची हुई है। ट्रेनों में भीड़ तो चल ही रही है, साथ ही लोगों को आसानी से आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आगामी दिनों में जन्माष्टमी के त्योहार को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

विशेष ट्रेनों का संचालन
रेलवे द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 15 से 17 अगस्त तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दोपहर 2:45 बजे चलकर ग्वालियर शाम 5:23 बजे आएगी। वहीं मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट होते हुए मथुरा जंक्शन शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की होगी, जिससे बिना आरक्षण के यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।
 
यात्रियों की सुविधा के लिए होगी और ट्रेनों की घोषणा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए और भी ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होते ही ट्रेनों में एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने के लिए स्टेशन का रुख कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में आरक्षित सीटें मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन की भीड़ जैसे ही समाप्त होगी, वैसे ही ग्वालियर से मथुरा के लिए जन्माष्टमी के त्योहार की भीड़ ट्रेनों में शुरू हो जाएगी।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हाई अलर्ट
स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।
 
इस क्रम में स्टेशनों पर पहले से सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पार्सल ऑफिस, वेटिंग हाल और फुटपाथों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

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Mon, 11 Aug 2025 13:10:54 +0530 Newsdesk
रक्षाबंधन पर मिलावटखोरों की निगरानी तेज, लेकिन सैंपल जांच में देरी से चिंता https://citytoday.co.in/3220 https://citytoday.co.in/3220 ग्वालियर
 भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर की मिठाइयों की दुकानों पर मिठाई बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन इस मिठास में कहीं मिलावट का जहर न घुल जाए, इसे लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पिछले सालों में त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी और अशुद्ध दूध की आपूर्ति के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे पहले से ही सख्त नजर रखी जा रही है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आने से कार्रवाई महज औपचारिकता लग रही है।

जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय

रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाले मावा, खोया, दूध, मिठाई, घी व तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं, और बिना लाइसेंस व लेबलिंग वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्ती की जा रही है, लेकिन शहर में फूड लैब शुरू नहीं होने से सख्ती बेअसर नजर आती है, क्योंकि सैंपल की जांच समय पर नहीं हो पा रही है।

मिलावट का खतरा सबसे अधिक मावा व मिठाई में

गर्म मौसम और बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सबसे अधिक मिलावट मावा और मिठाइयों में होने की आशंका है। कई मामलों में स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति फैट और रासायनिक रंग का उपयोग कर नकली मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

पिछली कार्रवाई बनी चेतावनी

    – अप्रैल 2024 में खाद्य विभाग ने मुरैना ले जाए जा रहे 4,780 किलो मिलावटी मावा को जब्त किया था।
    – एक मसाला फैक्ट्री में 100 किलो लकड़ी का बुरादा और रंग बरामद हुआ था, जिसे मसालों में मिलाया जा रहा था।
    – दिसंबर में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री भी पकड़ी गई, जहां दूध की जगह केमिकल बेस का उपयोग हो रहा था। इन कार्रवाइयों के बाद 18 दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

त्यौहार से पहले शहर में निगरानी तेज –

    कलेक्टर डा. रुचिका चौहान के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वाड और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुकानों, मिठाई कारखानों, डेयरियों व थोक बाजारों में सघन निरीक्षण कर रही हैं।
    खाद्य अधिकारी डा. संतोष शर्मा के मुताबिक जो भी प्रतिष्ठान मिलावटी सामग्री बेचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ FSSAI अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं को सलाह

    चमकदार, अत्यधिक रंगीन मिठाईयों से बचें ।
    बिना ब्रांड, बिना पैकेजिंग व बिना बिल के खरीदारी न करें।
    घर पर दूध, मावा की शुद्धता की जांच के लिए FSSAI द्वारा बताए गए घरेलू परीक्षण अपनाएं।

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Mon, 04 Aug 2025 10:57:47 +0530 Newsdesk
अब डायल&100 नहीं, इमरजेंसी में इस नए नंबर पर कॉल करें पुलिस को https://citytoday.co.in/3205 https://citytoday.co.in/3205  ग्वालियर

ग्वालियर-चंबल इलाके की पहचान पहले बीहड़ों और डकैतों से होती थी, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज के समय में ग्वालियर में हो रहे अपराधों में से करीब 60% साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। यानी अब अपराधी इंटरनेट का सहारा लेकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर पुलिस को भी हाईटेक बनाया जा रहा है।

ग्वालियर में पहले 45 स्थानों पर पुलिस की डायल 100 सेवा तैनात रहती थी, अब इसमें 9 पॉइंट और जोड़कर कुल 54 कर दिए गए हैं। साथ ही डायल 100 का नाम अब बदलकर डायल 112 कर दिया जाएगा। यानी अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस की जरूरत हो, तो अब 112 नंबर डायल करना होगा।

पहले डायल 100 में सफारी गाड़ियां इस्तेमाल होती थीं, लेकिन अब इनकी जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियां लगाई जाएंगी। इन गाड़ियों में GPS सिस्टम और डिजिटल वायरलेस लगाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जवान आपस में कॉलिंग भी कर सकेंगे। इन सबके लिए एक स्थानीय सर्वर रूम भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा।

अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि अपराध से जुड़ी कार्रवाई जल्दी और बिना रुकावट हो सके। साथ ही, ग्वालियर में अब अलग से साइबर क्राइम थाना बनाया जाएगा। अभी तक साइबर मामलों की जांच क्राइम ब्रांच में मौजूद एक छोटी सी साइबर सेल करती थी, लेकिन अब एक पूरा थाना स्थापित किया जाएगा, जो स्थानीय पुलिस थानों से जुड़ा रहेगा। इससे साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम आसान हो जाएगी।

ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। नए बदलावों से बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना भी आसान होगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी।

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Sat, 02 Aug 2025 14:17:08 +0530 Newsdesk
स्वस्थ बचपन की ओर कदम: समोसे&पेस्ट्री से पहले बतानी होगी पोषण जानकारी https://citytoday.co.in/3108 https://citytoday.co.in/3108 ग्वालियर

अब छात्रों को स्कूल में मिलने वाले समोसे, पेस्ट्री, जूस या चाय के साथ यह जानकारी भी मिलेगी कि उनमें कितना तेल और शक्कर मिला है। CBSE ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जिसमें सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि कैंटीन, मेस या कैफेटेरिया में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त ऑयल और शुगर की मात्रा बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखी जाए।

यह निर्णय बच्चों में बढ़ती मोटापा, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। CBSE का मानना है कि यदि छात्र खुद यह जानेंगे कि वे क्या खा रहे हैं और उसमें कितनी कैलोरी, शुगर और फैट है, तो वे अपने खानपान को लेकर ज्यादा जागरूक होंगे।

ग्वालियर के स्कूलों में भी लागू होंगे नियम
ग्वालियर के सभी CBSE स्कूलों में अब कैंटीन के बाहर ऐसे बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर हर स्नैक की पोषण जानकारी दी जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी समोसे का वजन 100 ग्राम है तो उसमें लगभग 28 ग्राम तेल होता है, जिससे लगभग 362 कैलोरी ऊर्जा मिलती है। इसी तरह एक 300ml कोल्ड ड्रिंक में 32 ग्राम शक्कर और 132 कैलोरी पाई जाती है।

सेहत के लिए फायदेमंद पहल
रिटायर्ड बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.पी.एस. जादौन का कहना है कि यह कदम खासतौर पर किशोरावस्था के छात्रों के लिए बेहद जरूरी है। इस उम्र में अनहेल्दी डाइट भविष्य में मोटापा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। इस तरह की पहल छात्रों को फूड अवेयरनेस के प्रति सजग बनाएगी।

स्कूल प्रिंसिपल और शहरवासी भी हुए सहमत
एक निजी स्कूल के प्राचार्य विनय झलानी ने CBSE की इस पहल को सराहा और कहा कि अब समय आ गया है कि हम बच्चों को पोषण से जुड़ा ज्ञान भी दें। स्कूल प्रशासन के मुताबिक वे जल्द ही इन न्यूट्रिशन बोर्ड्स को स्कूल में लगाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

वायरल अफवाह ने मचाई थी हलचल
कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई थी जिसमें दावा किया गया था कि अब हलवाई और होटल संचालकों को भी जलेबी, समोसे और अन्य पारंपरिक व्यंजनों में प्रयुक्त तेल और शक्कर की मात्रा बतानी होगी। हालांकि यह खबर अफवाह निकली, लेकिन इसने आमजन में हलचल जरूर मचा दी।

ग्वालियर के स्थानीय मिष्ठान विक्रेता दीपू गुप्ता ने बताया कि जलेबी और समोसे में आमतौर पर सरसों का तेल ही उपयोग होता है और किसी प्रकार की मिलावट नहीं की जाती। लेकिन हर चीज में तेल और शक्कर का प्रतिशत बताना तकनीकी रूप से जटिल है।

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Thu, 24 Jul 2025 13:14:27 +0530 News desk Hindi
CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4&4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता https://citytoday.co.in/3079 https://citytoday.co.in/3079 CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता

ग्वालियर हादसे पर CM यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता

CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा

मृतकों के परिजन को दी जाएगी 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता

 ग्वालियर 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में 4 कांवड़ियों के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक कावड़ियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं श्रीचरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए चारों मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2025 की अर्द्धरात्रि लगभग 12:30 से 1 बजे के मध्य ग्वालियर के शीतला माता मंदिर चौराहा, शिवपुरी लिंक रोड पर घाटीगांव निवासी छह कांवड़ियों को एक अनियंत्रित कार द्वारा टक्कर मारे जाने से 4 कांवड़ियों की मृत्यु हो गई और 2 कांवड़िये घायल हो गए थे। कार चालक मौक़े से फ़रार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा चिकित्सकों को बेहतर एवं नि: शुल्क इलाज करने के निर्देश दिए है। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना में घाटीगांव निवासी मृतकों में श्री वकील पुत्र गिरवर (40 वर्ष), श्री रमेश पुत्र पांडेय (38 वर्ष), श्री दिनेश पुत्र बेताल (21वर्ष) एवं श्री छोटू पुत्र अंतराम (18 वर्ष) शामिल हैं तथा दो कांवड़िये घायल हैं।

 

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Wed, 23 Jul 2025 17:12:16 +0530 news desk MPcg
जीवाजी यूनिवर्सिटी के पैरामेडिकल कोर्सेस को मिली मान्यता, 13 अगस्त तक खुला रहेगा प्रवेश द्वार https://citytoday.co.in/3020 https://citytoday.co.in/3020 ग्वालियर


जीवाजी विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंसेज के अंतर्गत संचालित पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद, भोपाल द्वारा सत्र 2024-25 के लिए मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह मान्यता 15 जुलाई को जारी की गई। साथ ही परिषद द्वारा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है।

इंस्टीट्यूट के समन्वयक प्रो नवनीत गरुड़ ने बताया कि छात्रों की रुचि और मांग को देखते हुए पिछले वर्ष सीटों में वृद्धि भी की गई थी। वर्तमान में संस्थान में तीन प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं- बीपीटी (बैचलर आफ फिजियोथेरेपी) साढे चार वर्ष, बीएमएलटी (बैचलर आफ मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) तीन वर्ष तथा डीएमएलटी (डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) दो वर्ष।

विश्वविद्यालय के इन कोर्सेस की विशेषता यह है कि यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं तथा परीक्षाएं समय पर सम्पन्न कराई जाती हैं। इसके साथ ही छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से उन्हें जिला अस्पताल ग्वालियर में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मान्यता मिलने के बाद इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे अंचल के छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर करियर विकल्प भी प्राप्त होंगे। 

संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए तिथि बढ़ी
    राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में सत्र 2025- 26 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई थी।
इस तिथि में बदलाव कर अब इस बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है।
इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से सूचना जारी की गई है।

ये होंगी तय सीटें
    कुलसचिव अरुण सिंह चौहान ने बताया कि सभी शासकीय और अशासकीय संगीत एवं कला महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में स्नातक स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 40 सीट और स्नातकोत्तर स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
    महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अतिरिक्त सीट का प्रविधान रहेगा।
    इसके अलावा लोक संगीत, लोक वाद्य, लोक नृत्य, लोक नाट्य एवं लोक कलाओं पर आधारित विशेष तिमाही स्ववित्तीय शार्ट टर्म कोर्सेस में भी एडमिशन लिया जा सकता है।

यह होगी पूरी प्रकिया
सबसे पहले छात्रों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन फार्म को विश्वविद्यालय अध्ययनशाला अथवा संबंधित महाविद्यालयों में जमा कराना होगा। संबंधित कोर्स संबंधी आवश्यक योग्यताएं पूर्ण होने पर ही अभ्यर्थियों का प्रवेश दिया जाएगा।

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Thu, 17 Jul 2025 12:48:23 +0530 news desk MPcg
UIDAI खोलेगा नया सेंटर, नया आधार बनवाने व संशोधन में जो समय लग रहा है, उसमें राहत मिलेगी https://citytoday.co.in/2847 https://citytoday.co.in/2847 ग्वालियर

ग्वालियर शहर में भोपाल-इंदौर की तर्ज पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का आधार सेंटर खुलने जा रहा है। इसके खुलने से लोगों को दिल्ली के भरोसे नहीं रहना होगा। न आधार में छोटी-छोटी कमियां निकालकर निरस्त किया जा सकेगा। वर्तमान में सेंटर पर जो भीड़ हो रही है और नया आधार बनवाने व संशोधन में जो समय लग रहा है, उसमें राहत मिलेगी। वर्तमान में जो आधार बन रहे हैं, उसमें 35 से 40 फीसदी आधार निरस्त हो जाते हैं। इस कारण भीड़ कम नहीं हो रही।

 वहीं तीन से अधिक अपडेट में दिल्ली के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिला प्रशासन के अफसरों ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जल्द ही जगह भी तय होगी। दरअसल स्कूल में प्रवेश, सरकारी राशन व अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार जरूरी है। एक सेंटर पर दिनभर में औसतन 25 से 30 आधार बन रहे हैं। पोस्ट ऑफिस के बाहर ज्यादा भीड़ हो रही है।

दिल्ली करना पड़ रहा संपर्क
आधार की जानकारी अपलोड होने के बाद व्यक्ति नंबर जनरेट होने का इंतजार करता है। न होने की स्थिति में कलेक्ट्रेट पहुंचता है और किस वजह से आधार निरस्त हुआ है, उसकी जानकारी लेने के लिए दिल्ली में संपर्क करना पड़ता है। इसके लिए मेल भेजना पड़ता है।

सेंटर में यूआईडीएआई का कर्मचारी बैठता है। इसका सीधा संपर्क दिल्ली में रहता है। यदि कोई कमी है तो वह स्थानीय स्तर पर सुधार देता है। ग्वालियर में स्थानीय स्तर पर कमी सुधारने की व्यवस्था नहीं है।

बैंक में नहीं जा रहे लोग
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में 56 आधार केंद्र हैं। पोस्ट ऑफिस व कलेक्ट्रेट के सेंटर पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, बैंक में लोग आधार बनवाने नहीं जा रहे। यदि बैंक में लोग जाना शुरू हो गए तो पोस्ट ऑफिस का लोड कम हो जाएगा। एक केंद्र पर दिन में औसतन 25 से 30 आधार बनते हैं।

इन कारणों से हो रहे हैं निरस्त

-कागजों की स्कैनिंग ठीक से नहीं हुई।

-नाम में अंतर होने पर। जन्म तिथि के दस्तावेज नहीं होने पर भी निरस्त हो रहे हैं।

-व्यक्ति के पते में अंतर होने पर।

-सबसे ज्यादा दिक्कत उन बच्चों को आ रही है, जिनके आधार जन्म के तुरंत बाद बन गए हैं। उस वक्त आधार में नाम नहीं लिखा गया है।

रुचिका चौहान, कलेक्टर का कहना है कि आधार निरस्त होने की संख्या अधिक है, इसलिए इंदौर भोपाल के आधार सेंटर का फीडबैक लिया था। नया सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके शुरू होने पर आधार निरस्त कम होंगे, आसानी से भी बन सकेंगे।

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Wed, 02 Jul 2025 14:49:41 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर: पीएम आवास में चोरों का तांडव, आधा दर्जन से ज्यादा फ्लैटों के ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति चुराई https://citytoday.co.in/2456 https://citytoday.co.in/2456 ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल इलाके में आधा दर्जन से अधिक फ्लैटों के ताले चटकाने का मामला सामने आया है। ये फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना में बनी सोसायटी में स्थित हैं। चोरों ने बीती रात पीएम आवास के फ्लैटों को निशाना बनाया है। चोरों की करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।

ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल इलाके में स्थित पीएम आवास में, चोरों ने रात धावा बोला। जहां, चोर सात फ्लैटों के ताले तोड़कर गहने और नगद समेत लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। इन घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है। वहीं, निवासियों का कहना है कि यहां आए दिन चोरी की घटनाएं होती रहती हैं, सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण निवासियों में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शराबी भी यहां उपद्रव करते रहते हैं।

सीसीटीवी फुटेज में पांच से अधिक आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देते नजर आए हैं। पुलिस ने स्थानीय रहवासी रामू राजावत की शिकायत पर चोरी की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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Sat, 17 May 2025 15:49:34 +0530 news desk MPcg
MP News: ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रकों की टक्कर में ड्राइवर जिंदा जला https://citytoday.co.in/2427 https://citytoday.co.in/2427 ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर पर मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसे में एक ट्रक ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। ट्रक ग्वालियर के बिलौआ से गिट्टी भरकर आगरा की ओर जा रहा था, तभी मुरैना जिले के रिठौरा थाना क्षेत्र में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद गिट्टी से भरे ट्रक में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को सीट से हिलने तक का मौका नहीं मिला और वह ट्रक के अंदर ही जिंदा जल गया।

घटना मंगलवार को पुल के पास हुई। सूचना मिलते ही ग्वालियर के महाराजपुरा थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह यादव व मुरैना के रिठौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। थाना प्रभारी यादव ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि गिट्टी से भरे ट्रक में आग लग गई। टक्कर लगने के बाद आग इतनी तेजी से भड़की की ट्रक चालक को अपनी सीट से हिलने तक का मौका ना मिला और वह जिंदा ही जल गया।

मृतक की पहचान राजस्थान के धौलपुर जिले के सैफऊ निवासी राघवेन्द्र शर्मा के रूप में हुई है। ट्रक धौलपुर के ट्रांसपोर्टर रविन्द्र चौधरी का बताया जा रहा है। मंगलवार की दरम्यानी रात राघवेन्द्र ट्रक नंबर RJ11 GB-5263 से बिलौआ खदान से गिट्टी भरकर आगरा के लिए निकला था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रहे ट्रक नंबर RJ11 GB-4908 के ड्राइवर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सीधी टक्कर मारी, जिससे हादसा हुआ। टक्कर के बाद आग इतनी भयानक थी कि कोई भी बचाव संभव नहीं हो पाया। पुलिस ने शव के अवशेष मुरैना जिला अस्पताल के डेड हाउस पहुंचाए हैं। घटना के बाद से आरोपी ट्रक चालक फरार है। मुरैना पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। चूंकि दुर्घटना स्थल मुरैना जिले के रिठौरा थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए आगे की कार्रवाई रिठौरा पुलिस कर रही है।

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Wed, 14 May 2025 18:06:57 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर: रेस्टोरेंट में टेबल न मिलने पर मंत्री का हंगामा, फूड सेफ्टी टीम ने की रात में जांच https://citytoday.co.in/2356 https://citytoday.co.in/2356 ग्वालियर, 5 मई 2025: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के एक रेस्टोरेंट में टेबल न मिलने पर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। रविवार रात ग्वालियर के एक नामी रेस्टोरेंट में मंत्री को टेबल न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और तुरंत फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम को बुलाकर रेस्टोरेंट की जांच करवाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री रसोई में जाकर कर्मचारियों से बात करते और खाने की जांच करते नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, मंत्री पटेल पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे की शादी में शामिल होने ग्वालियर आए थे। रात में वे शहर के एक व्यस्त रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे। रेस्टोरेंट में भीड़ होने के कारण स्टाफ ने उन्हें तुरंत टेबल उपलब्ध न होने की बात कही और सीट रिजर्व होने का हवाला दिया। इसे अपनी बेइज्जती समझकर मंत्री ने रेस्टोरेंट की स्वच्छता पर सवाल उठाए और फूड सेफ्टी टीम को बुलाने का आदेश दिया। कुछ ही मिनटों में खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रसोई से खाने के नमूने एकत्र किए।

वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मंत्री को रेस्टोरेंट की रसोई में स्टाफ से तीखी बातचीत करते देखा जा सकता है। इस घटना पर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि यह सत्ता के अहंकार का उदाहरण है, जहां छोटी सी बात पर अधिकार का दुरुपयोग किया गया।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, रेस्टोरेंट संचालक को रात में पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने एकत्र किए गए नमूनों की जांच शुरू कर दी है, और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री का पक्ष

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि मंत्री ने केवल रेस्टोरेंट की स्वच्छता को लेकर चिंता जताई थी और यह उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है।

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Mon, 05 May 2025 12:30:42 +0530 news desk MPcg
Gwalior News: कचरा फेंकने को लेकर खूनी विवाद, ई&रिक्शा चालक की मौत https://citytoday.co.in/2272 https://citytoday.co.in/2272 ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के नितिन नगर में रविवार देर रात एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक ई-रिक्शा चालक की दुखद मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान अनिल माहौर (35) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी, और मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने पर जमकर हंगामा किया।

पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप

पुलिस के अनुसार, अनिल माहौर और उसके पड़ोसी नरेंद्र यादव के बीच पहले से तनाव चल रहा था। रविवार रात को गली में टहल रहे अनिल के पास नरेंद्र ने कचरे की बाल्टी फेंकी, जो अनिल के नजदीक गिरी। इस बात पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। गुस्से में अनिल ने डंडे से नरेंद्र पर हमला कर दिया। इसके बाद नरेंद्र का भाई योगेंद्र उर्फ गोलू और उनके परिवार की महिलाएं भी बाहर आ गईं। आरोप है कि उन्होंने अनिल को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अनिल की छाती पर पैर रखा और गला दबाने की कोशिश की।

CCTV में कैद हुई घटना

इस घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की पूरी वारदात साफ दिखाई दे रही है। मारपीट के बाद अनिल को सांस लेने में तकलीफ और घबराहट शुरू हो गई। परिजनों ने उसे पहले घर ले गए, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने का फैसला किया। रात करीब 11 बजे उसे जिला अस्पताल मुरार ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजनों का आरोप है कि इससे पहले दो निजी अस्पतालों ने अनिल को भर्ती करने से मना कर दिया था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अनिल माहौर अपने पीछे पत्नी प्रवेशी, दो बेटियों सीमा और नेहा, और दो बेटों नवीन और पीयूष को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और अनिल की कमाई पर ही घर चलता था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच

थाटीपुर थाना प्रभारी केके पाराशर ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट की पुष्टि CCTV फुटेज से हो चुकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

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Sat, 26 Apr 2025 13:07:06 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर के डबरा में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, दो आरोपी गिरफ्तार https://citytoday.co.in/2228 https://citytoday.co.in/2228 ग्वालियर जिले के डबरा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कॉलोनी में किराएदार की तीन साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि मकान मालिक के बेटे सहित दो युवकों ने इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, दोनों युवकों ने मासूम बच्ची को टॉफी देने का लालच देकर अपनी कार में ले गए। वहां उन्होंने बच्ची के साथ बलात्कार किया और उसे धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को न बताए। इसके बाद बच्ची को उसके घर छोड़ दिया गया। घर पहुंचकर बच्ची ने अपनी मां को आपबीती सुनाई। आहत माता-पिता तुरंत बच्ची को लेकर डबरा सिटी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिसमें डबरा एसडीओपी जितेंद्र नागाइच, सीएसपी किरण अहिरवार और महिला थाना प्रभारी बलविंदर ढिल्लन शामिल थे, ने जांच को आगे बढ़ाया। बच्ची और उसकी मां के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए। 

एएसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बलात्कार से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और समाज में मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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Wed, 23 Apr 2025 13:43:29 +0530 news desk MPcg
MP NEWS: ग्वालियर मल्टी एंड थ्रेड फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पांच सिलेंडर फटे, दो दमकलकर्मी घायल https://citytoday.co.in/2082 https://citytoday.co.in/2082 ग्वालियर, 10 अप्रैल, 2025 - ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र के खासी बाजार स्थित एक बहुमंजिला इमारत में सुबह-सुबह भीषण आग लग गई। सुबह करीब 3 बजे लगी आग तेजी से फैलती चली गई और पूरा भवन धुएं और लपटों की चपेट में आ गया। इमारत के अंदर चल रही धागा बनाने वाली फैक्ट्री भी आग की चपेट में आ गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
 
स्थानीय लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद नगर निगम की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए वायुसेना की दमकल को भी बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक आग पर काबू पाया। हालांकि, ऑपरेशन के दौरान इमारत में रखे पांच गैस सिलेंडर फट गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अफरातफरी मच गई। विस्फोट में दो दमकल कर्मी घायल हो गए, जिनकी पहचान योगेंद्र और पुरुषोत्तम के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कानफोड़ू धमाकों से आस-पास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालात बिगड़ने पर निवासियों को अपनी सुरक्षा को लेकर डर सताने लगा।

प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी, हालांकि सटीक कारण की जांच की जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीमें गहन जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। एहतियात के तौर पर, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इमारत के आसपास के इलाके को खाली करा दिया गया।

सौभाग्य से, इमारत में रहने वाले अधिकांश लोग सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे, क्योंकि यह घटना तड़के हुई थी, जब कम लोग मौजूद थे। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने कहा कि अगर आग दिन के समय लगी होती तो परिणाम कहीं अधिक भयावह हो सकते थे, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता था।

अग्निशमन दल और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया की समुदाय द्वारा व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है। उनके समन्वित प्रयासों ने आग को और फैलने से रोका और हताहतों की संख्या को कम किया। जनकगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आपदा के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। इस बीच, नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने खामियों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों को मजबूत करने के लिए आंतरिक समीक्षा शुरू की है। शहर में निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जांच जारी रहने के साथ ही ग्वालियर के लोग आग के बाद के हालात से जूझ रहे हैं, जो एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी, जिसे समय पर कार्रवाई और किस्मत के कारण टाला जा सकता था।

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Thu, 10 Apr 2025 11:23:57 +0530 news desk MPcg
ग्वालियर&चंबल के बीजेपी नेता: डबल इंजन सरकार का वादा एक, मंच अलग&अलग https://citytoday.co.in/bjp-leaders-of-gwalior-chambal-promise-of-double-engine-government-is-same-but-platform-is-different https://citytoday.co.in/bjp-leaders-of-gwalior-chambal-promise-of-double-engine-government-is-same-but-platform-is-different ग्वालियर-चंबल में डबल इंजन का ढोंग: भाजपा नेताओं की आपसी फूट से विकास पटरी से उतरा
ग्वालियर, 9 अप्रैल 2025: पिछले एक दशक से हर चुनाव में भाजपा का नारा "डबल इंजन सरकार से विकास को रफ्तार" गूंजता रहा है, लेकिन ग्वालियर-चंबल अंचल में यह नारा अब मजाक बनकर रह गया है। डबल इंजन का दावा करने वाले भाजपा के बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अलग-अलग मंचों पर सक्रिय हैं। उनकी आपसी खींचतान ने न सिर्फ क्षेत्र के विकास को ठप कर दिया है, बल्कि हर नई परियोजना के साथ श्रेय लेने की होड़ ने जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा के दो दिग्गज नेताओं के होने से लोगों को उम्मीद थी कि केंद्रीय और राज्य सरकार के तालमेल से विकास की गति बढ़ेगी। मगर हकीकत इसके उलट है। हाल के दिनों में न्यू सिटी सेंटर के रेलवे ओवर ब्रिज के उद्घाटन और ग्वालियर-शिवपुरी वेस्टर्न बाइपास जैसे प्रोजेक्ट्स में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच खुली तकरार देखने को मिली। यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन चुकी है।
वर्चुअल लोकार्पण और दूरी का खेल
मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के विवेकानंद नीडम पुल का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी वर्चुअल ही शामिल हुए, जबकि सिंधिया उस वक्त अंचल में मौजूद थे। हैरानी की बात यह रही कि सिंधिया समर्थकों ने इस आयोजन से दूरी बनाए रखी। दो साल में बनने वाला यह पुल नौ साल बाद तैयार हुआ, लेकिन उद्घाटन के मौके पर भी दोनों नेताओं के बीच श्रेय की लड़ाई साफ दिखी।
सूत्रों की मानें तो जनता के बढ़ते दबाव के बाद भोपाल तक बात पहुंची। आक्रोश को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने पहले खुद लोकार्पण की बात कही, लेकिन दोनों धड़ों के टकराव को देखते हुए आखिरी वक्त में वर्चुअल उद्घाटन का फैसला लिया गया।
भाजपा संगठन की सख्ती के चलते सिंधिया और तोमर सीधे एक-दूसरे पर हमला करने से बच रहे हैं, लेकिन अपने समर्थकों के जरिए जंग छेड़ रखी है। हाल ही में सिंधिया समर्थक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ग्वालियर-चंबल विकास की दौड़ में पीछे छूट रहा है। जवाब में नरेंद्र सिंह तोमर खेमे के सांसद भारत सिंह कुशवाह ने वेस्टर्न बाइपास की मंजूरी की खबर सोशल मीडिया पर फैलाई। इसके बाद सिंधिया समर्थकों ने शहर में लगे होर्डिंग्स से सांसद का नाम ही गायब कर दिया।ग्वालियर व्यापार मेला भी इस टकराव का शिकार हुआ। इस साल मेला बिना उद्घाटन और समापन समारोह के खत्म करना पड़ा, जो क्षेत्र की साख के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
व्यापारिक संगठन भी बंटा
इस राजनीतिक द्वंद्व ने मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स को भी दो हिस्सों में बांट दिया। अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल सिंधिया के करीबी माने जाते हैं और उनके कार्यक्रमों में शिरकत करते हैं। वहीं, सांसद भारत सिंह कुशवाह ने संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता और कुछ पदाधिकारियों को साथ लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। यह विभाजन व्यापारिक हितों को भी प्रभावित कर रहा है।
क्षेत्र के निवासी राकेश यादव कहते हैं, "हमने सोचा था कि डबल इंजन से सड़कें, पुल और नौकरियां आएंगी। लेकिन नेताओं की लड़ाई में सब अटक गया। नौ साल में एक पुल बना, वो भी उद्घाटन के लिए झगड़ा हो गया।" विकास की यह सुस्ती और नेताओं की आपसी रंजिश अब जनता के गुस्से का कारण बन रही है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में डबल इंजन सरकार का वादा अब केवल नारों तक सिमट गया है। अगर भाजपा को जनता का भरोसा बनाए रखना है, तो सिंधिया और तोमर को अपनी प्राथमिकताएं बदलनी होंगी। नहीं तो यह क्षेत्र विकास की पटरी पर दोबारा लौटने के बजाय और पीछे छूट जाएगा। फिलहाल, जनता इस इंतजार में है कि कब ये नेता अपनी लड़ाई छोड़कर उसके हितों की सोचेंगे।
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Wed, 09 Apr 2025 12:00:34 +0530 Newsdesk
Gwalior Swachh Survekshan 2023:स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में ग्वालियर 16वें स्थान पर पहुंचा https://citytoday.co.in/255 https://citytoday.co.in/255 Gwalior Swachh Survekshan 2023: ग्वालियर स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणामों का खुलासा हो चुका है। एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ग्वालियर ने इस सर्वेक्षण में देशभर में 16वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष शहर की रैंकिंग 18वीं थी, इस बार उसमें दो पायदान की सुधार हुआ है। इंदौर और भोपाल के बाद ग्वालियर मध्यप्रदेश का तीसरा सबसे साफ शहर बन गया है।  

जानिए कितने अंक किए प्राप्त

इस वर्ष, ग्वालियर को वाटर प्लस सिटी का मान्यता प्राप्त हुआ है, लेकिन कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग में सिर्फ तीन सितारे हासिल हुए हैं। सर्वे के 9500 अंकों में, ग्वालियर नगर निगम ने 7994.7 अंक प्राप्त किए हैं। इस बार का सर्वेक्षण चार हिस्सों में विभाजित किया गया था। इसमें सेवा-आधारित प्रगति के 4830 अंकों में से 4270.4, कचरा मुक्त शहर के 1375 अंकों में से 725 अंक प्राप्त हुए हैं। वाटर प्लस के लिए 1125 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सिटीजन फीडबैक के 2170 अंकों में से 1874.3 अंक हासिल हुए हैं।

 ग्वालियर ने वाटर प्लस का दर्जा किया हासिल

इस वर्ष, ग्वालियर ने वाटर प्लस दर्जा हासिल किया है, जिससे शहर को 5 करोड़ रुपये का अनुदान मिलने की उम्मीद है। और केंद्र सरकार की योजनाओं में ग्रांट प्राप्त करना आसान होगा। गार्बेज फ्री सिटी को भी थ्री स्टार रेटिंग मिली है। इससे निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण के अंकों के अलावा भी आर्थिक सहारा मिलेगा। डोर-टू-डोर कलेक्शन के इस बार 1600 अंक निर्धारित हैं।साथ ही मध्य प्रदेश में शासन ने अन्य महानगरों की तरह ग्वालियर नगर निगम में भी वेटरनरी डॉक्टर को मुख्य स्वच्छता अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। इंदौर और भोपाल के बाद, ग्वालियर में भी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर को इस भूमिका में चुना गया है। इस से ग्वालियर भी स्वच्छता के क्षेत्र में मद्दद कर सकता है।

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Thu, 11 Jan 2024 19:00:39 +0530 Newsdesk