City Today & : जबलपुर https://citytoday.co.in/rss/category/जबलपुर City Today & : जबलपुर en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED जबलपुर के 5 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कैंसल, 240 में से 121 क्लीनिक भी किए गए बंद https://citytoday.co.in/5494 https://citytoday.co.in/5494 जबलपुर
 जबलपुर शहर के पांच निजी अस्पतालों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह जिले के 240 निजी क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण प्रस्तावित था, पंजीयन की आवश्यक औपचारिकता पूर्ण न करने पर कुल 121 क्लीनिकों का संचालन बंद करने का आदेश मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी ने दिए हैं।

इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग होम शाखा प्रभारी डॉ. आदर्श विश्नोई ने बताया कि नियमानुसार निजी अस्पतालों व क्लीनिकों को पंजीयन तीन साल की अवधि के लिए प्रदान किया जाता है। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर संबंधित संस्थानों को पंजीयन नवीनीकरण हेतु आवेदन करना अनिवार्य है।

इस साल नवीनीकरण की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से एक जनवरी से 28 फरवरी तक संचालित हुई। इसके बाद मार्च में संबंधित अस्पतालों व क्लीनिकों का निरीक्षण किया गया और आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया।

55 में से पांच बंद, जिसमें दो ने स्वयं अस्पताल में लगाया ताला
वर्ष 2025-26 में कुल 55 अस्पतालों का पंजीयन नवीनीकरण प्रस्तावित था, जिसमें दो अस्पतालों बटालिया आई हास्पिटल, सरकार हास्पिटल ने स्वयं अस्पताल बंद करने आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं एक अस्पताल नामदेव नर्सिंग होम ने आवेदन ही नहीं किया।

जबकि संकल्प हॉस्पिटल ने दस्तावेज नगर निगम व अन्य विभागों से सत्यापित नहीं कराए। इस तरह एससी गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर में निरीक्षण के दौरान उपयुक्त स्टाफ उपस्थित नहीं था। जिसके बाद अब इनका संचालन नहीं हो सकेगा।

89 क्लीनिक ने आवेदन नहीं किया, 32 के पास दस्तावेज कम
जबलपुर जिले में कुल 240 निजी क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण इस बार प्रस्तावित था। जिनमें से 89 क्लीनिकों द्वारा नवीनीकरण के लिए आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया। जबकि 32 क्लीनिक ने नियमानुसार पूरे दस्तावेज ही नवीनीकरण टीम को नहीं सौंपे। जिसके चलते पंजीयन नवीनीकरण नहीं हो सका।

पंजीयन नवीनीकरण प्रक्रिया को ऐसे समझें
स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पताल व क्लीनिकों संचालन के लिए नियमानुसार प्रत्येक तीन साल में एक बार पंजीयन नवीनीकरण प्रक्रिया से गुजरना होता है। अस्पताल-क्लीनिकों के पंजीयन का नवीनीकरण एक अनिवार्य प्रक्रिया है।

प्रदेश के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म
मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी।

आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।

4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित
प्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं।

आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा
आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।

एनएबीएच सर्टिफिकेट न देने वाले अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता रद्द कर दी गई है। कई नोटिस देने के बावजूद डॉक्यूमेंट नहीं जमा हुए। निजी अस्पतालों का कहना है कि सर्टिफिकेट प्रक्रिया महंगी और लंबी है, इसलिए छोटे अस्पताल समय पर पूरा नहीं कर पाए।

डॉ. योगेश भरसट ने कहा, अब इन अस्पतालों के मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा। नए मरीजों के क्लेम स्वीकार नहीं होंगे। पुराने पेमेंट के बाद भी सर्टिफिकेट जमा होने तक ये अस्पताल इंपैनल्ड सूची में नहीं लौटेंगे।

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Sat, 11 Apr 2026 17:02:12 +0530 news desk MPcg
नर्सिंग भर्ती में 100% महिला आरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब https://citytoday.co.in/5459 https://citytoday.co.in/5459

जबलपुर से एक अहम मामला सामने आया है, जहां मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में महिलाओं को 100% आरक्षण देने के खिलाफ याचिका दायर की गई है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि केवल जेंडर के आधार पर ऐसा भेदभाव क्यों किया गया।

दरअसल, प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 800 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 2 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन में सभी पद केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिए गए, जिससे पुरुष अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो गए।

याचिकाकर्ता संतोष कुमार लोधी सहित अन्य ने दलील दी कि मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा सेवा नियम 2023 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन बताया गया।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल तय की है। अब इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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Thu, 09 Apr 2026 16:00:21 +0530 news desk MPcg
अब और तेज दौड़ेगी श्रीधाम एक्सप्रेस, एलएचबी रैक से यात्रियों को मिलेगा आरामदायक सफर https://citytoday.co.in/5357 https://citytoday.co.in/5357 जबलपुर
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित होने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस की यात्रा जल्द ही और आरामदायक बनेगी। ट्रेन को 30 मई से लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) रैक से दौड़ाने का निर्णय किया गया है। एलएचबी कोच पारंपरिक (आईसीएफ) कोचों की तुलना में अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होते हैं। ये वजन में भी हल्के होते हैं। उच्च गति पर संचालन की क्षमता होती है। एलएचबी कोच की नई संरचना और स्वरूप यात्रियों को अधिक सुखद और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं। नए रेक से ट्रेन की गति औसतन 20 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ेगी। चाल में वृद्धि की संभावना को ध्यान में रखकर ट्रेन को दिल्ली पहुंचाने की भी मंशा है।

दिल्ली पहुंचाने में लेती है सबसे ज्यादा समय
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच एक साप्ताहिक और चार ट्रेन प्रतिदिन संचालित होती हैं। इनमें दिल्ली पहुंचाने में सबसे ज्यादा समय (लगभग 18.30 घंटा) श्रीधाम एक्सप्रेस लेती है। यह ट्रेन इटारसी-भोपाल-बीना के रास्ते संचालित होने के कारण कटनी-सागर-बीना मार्ग के अपेक्षाकृत लगभग 130 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करती है। जबलपुर से दिल्ली के बीच सीधे चलने वाली अन्य ट्रेनों के अपेक्षाकृत यात्रा में औसतन साढ़े पांच से साढ़े छह घंटे का अतिरिक्त समय लगाती है। जिसके चलते ट्रेन दोपहर में दिल्ली पहुंचती है। सुपरफास्ट धीमी चाल यात्रियों को परेशान करती है।

अब 22 कोच होंगे, स्लीपर के दो कोच घटेंगे
श्रीधाम एक्सप्रेस (12192/91) का संचालन पश्चिम मध्य रेल करता है। वर्तमान में ट्रेन का 24 कोच का आइसीएफ रैक है। इसे एलएचबी रैक से परिवर्तित करने के साथ ही ट्रेन का कोच कांबिनेशन बदल जाएगा। थर्ड एसी के एक कोच की एसी इकोनामी कोच लेगा। दो स्लीपर कोच भी कम होंगे। 22 कोच के एलएचबी रेक में एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, दो वातानुकूलित द्वितीय, पांच वातानुकूलित तृतीय, एक वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी, सात स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी के कोच, एक एसएलआरडी एवं एक जनरेटर कार रहेंगे।

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Mon, 30 Mar 2026 18:51:49 +0530 news desk MPcg
एक अप्रैल से जबलपुर के स्कूली वाहनों में एलपीजी किट पर लगेगा प्रतिबंध https://citytoday.co.in/5108 https://citytoday.co.in/5108 जबलपुर
 शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों को एलपीजी (LPG) किट लगे असुरक्षित वाहनों में ढोना अब स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों को भारी पड़ेगा। जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है।

कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, आरटीओ संतोष पॉल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे।
एलपीजी वाहनों से छात्रों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया है कि एक अप्रैल से जिले के किसी भी शासकीय या अशासकीय विद्यालय में एलपीजी संचालित वाहनों से विद्यार्थियों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

बैठक में स्कूली परिवहन की सुरक्षा समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सड़कों पर होगा औचक निरीक्षण: आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस को स्कूल समय के दौरान औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को जिले के समस्त सीबीएसई, आइसीएसई और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों को इस आदेश से अवगत कराने और उनसे अनुपालन प्रतिवेदन लेने को कहा गया है।
डेडलाइन तय

एक अप्रैल के बाद यदि कोई स्कूल एलपीजी वाहन का उपयोग करता पाया गया, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित संस्था व वाहन स्वामी पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
वैकल्पिक व्यवस्था

स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते इन वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य और फिटनेस प्रमाणित (पेट्रोल/डीजल/सीएनजी) वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
सत्यापन अभियान

आरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन कर गैस किट वाले वाहनों की पहचान करें।

    विद्यार्थियों का सुरक्षित परिवहन हमारी प्राथमिकता है। एक अप्रैल के बाद अवैध गैस किट वाले वाहन सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। उल्लंघन करने वाले स्कूलों और वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    – राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर

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Tue, 03 Mar 2026 18:29:12 +0530 news desk MPcg
MP हाई कोर्ट में जजों की कमी, 4.8 लाख केसों का बोझ & न्याय में लग सकते हैं 40 साल https://citytoday.co.in/4873 https://citytoday.co.in/4873 Thu, 29 Jan 2026 20:42:25 +0530 news desk MPcg नर्सिंग कॉलेजों में 100% महिला आरक्षण खत्म, 286 पदों पर भर्ती के लिए दोबारा आवेदन की प्रक्रिया https://citytoday.co.in/4764 https://citytoday.co.in/4764 Wed, 07 Jan 2026 20:31:25 +0530 news desk MPcg जबलपुर हाईकोर्ट सख्त: पेड़ों की कटाई पर अंतरिम आदेश में संशोधन से इनकार, सिंगरौली केस में मुआवजे पर उठाया सवाल https://citytoday.co.in/4613 https://citytoday.co.in/4613 जबलपुर 
 मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एनजीटी कमेटी की अनुमति बिना प्रदेश में एक भी पेड़ नहीं काटने के आदेश को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने दिनों पेड़ों की कटाई को लेकर सख्त है और कई मामलों में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रह है. इसी बीच स्ट्रैटटेक मिनरल रिसोर्सेज की एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें धिरौली कोल ब्लॉक के लिए 6 लाख पेड़ों की कटाई किए जाने का प्रस्ताव है. इस कोल ब्लॉक के लिए अबतक 20 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं.

6 लाख पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव

स्ट्रैटटेक मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड के धिरौली कोल ब्लॉक मामले में कंपनी की ओर से ये याचिका दायर की गई कि पेड़ कटाई के संबंध में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो. याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया कि इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 20 हजार पेड़ काटे गए हैं, वहीं 6 लाख पेड़ काटने का प्रस्ताव है. कंपनी की ओर से एक आवेदन पेश कर दलील दी गई कि ये कोल ब्लॉक वन क्षेत्र में आता है और ऐसे में कंपनी के उस प्रोजेक्ट में हस्तक्षेप नहीं किया जाए.

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा कि जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी और ट्री ऑफिसर की अनुमति के आधार पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है, तो इस व्यवस्था को बदला नहीं जा सकता। यदि किसी पक्षकार को इससे आपत्ति या परेशानी है, तो वह एनजीटी के समक्ष अपनी बात रखे। कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

सिंगरौली में 6 लाख पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठा

बुधवार की सुनवाई में सिंगरौली के घिरौली कोल ब्लॉक में करीब 6 लाख पेड़ों की कटाई का मामला भी उठाया गया। यह याचिका बैढन जनपद पंचायत की अध्यक्ष सविता सिंह द्वारा दायर की गई है। कंपनी की ओर से कहा गया कि प्रस्तावित कटाई के बदले हर पेड़ का मुआवजा दिया जाएगा।

इस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मुआवजे की राशि सरकार के खजाने में जाएगी, लेकिन उन पेड़ों के कटने से लोगों को मिलने वाली ऑक्सीजन का जिम्मेदार कौन होगा—यह बड़ा सवाल है।

सरकार के ट्रांसलोकेशन दावे पर सवाल

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि काटे गए पेड़ों को भोपाल के चंदनपुरा क्षेत्र में 9.71 हेक्टेयर भूमि पर ट्रांसलोकेट किया गया है। इस पर बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो किया गया है, वह ट्रांसलोकेशन नहीं है।

भोजपुर रोड और अन्य मामलों पर लिया गया था संज्ञान

दरअसल, रायसेन जिले के भोजपुर मार्ग पर स्थित 448 पेड़ों की कटाई के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुना था। इसके अलावा भोपाल में विधायकों के आवास निर्माण के लिए 244 पेड़ और रेलवे परियोजना के लिए करीब 8000 पेड़ों की कटाई का मामला भी सामने आया था।

चीफ जस्टिस की बेंच ने पहले 20 नवंबर को भोपाल में और फिर 26 नवंबर को पूरे मध्यप्रदेश में पेड़ों की कटाई पर सशर्त रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल एनजीटी की एक्सपर्ट कमेटी और ट्री ऑफिसर की अनुमति से ही पेड़ों की कटाई की जा सकती है।

पेड़ कटाई के कई मामलों में हाईकोर्ट सख्त

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पेड़ कटाई के कई मामलों सुनवाई कर रहा है. राजधानी भोपाल के पास भोजपुर-बैरसिया सड़क निर्माण के लिए बिना अनुमति के ही सैकड़ों पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की है. वहीं, पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अखबार में प्रकाशित उस खबर पर भी संज्ञान लिया था, जिसमें सागर कलेक्ट्रेट में एक हजार पेड़ काटने का खुलासा किया गया था. कलेक्टर कार्यालय में दो अतिरिक्त कक्ष बनाने के लिए सिर्फ दस घंटे में ये पेड़ काट दिए गए थे.

इसके अलावा भोपाल में एमएलए क्वार्टर्स निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट में कितने पेड़ काटे गए हैं और कितने और काटे जाने इस संबंध में विधानसभा सचिव को स्टेटस रिपोर्ट पेश कराने के निर्देश दिए गए. याचिका की सुनवाई के दौरान बताया गया कि प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में 112 पेड़ काटे गए हैं और 132 पेड़ और काटा जाना है. सरकार ने इन्हें शिफ्ट करने और वृक्षारोपण की कार्ययोजना का प्लान भी प्रस्तुत किया. वहीं, धिरौली कोल ब्लॉक मामले पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को निर्धारित की गई है.

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Thu, 18 Dec 2025 14:39:20 +0530 news desk MPcg
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा झटका, चुनाव ड्यूटी करना अनिवार्य, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की https://citytoday.co.in/4382 https://citytoday.co.in/4382

जबलपुर 

चुनाव कार्य से खुद को अलग रखने के लिए हाई कोर्ट गए मध्य प्रदेश के करीब 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तगड़ा झटका लगा है, हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने उनकी याचिका को ख़ारिज कर दिया और कहा कि उन्हें भी क्चुनव ड्यूटी करनी होगी।

मध्य प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की याचिका को ख़ारिज करते हुए हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर सभी विभागों के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी करने से मना करेंगे तो चुनाव कैसे होगा, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी करनी होगी।

बता दें चुनाव में ड्यूटी लगाने के सरकारी आदेश के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और शासकीय एकता यूनियन ने हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई थी जिसमें आज सुनवाई हुई, सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की याचिका को खारिज कर दिया।
कर्मचारी चुनाव ड्यूटी करने से मना करेंगे तो चुनाव कैसे होगा?

याचिका में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने  चुनाव ड्यूटी ना लगाने की मांग की थी यानि वे चुनाव ड्यूटी से राहत चाहते थे , जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा अगर सभी विभागों के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी करने से मना करेंगे तो चुनाव कैसे होगा।
10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा असर 

हाई कोर्ट ने कहा सरकारी विभागों के कर्मचारी सिस्टम का हिस्सा है उन्हें जिम्मेदारी निभानी होगी, हाई कोर्ट के फैसले का असर प्रदेश की 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा।

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Thu, 20 Nov 2025 15:26:09 +0530 news desk MPcg
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का फैसला: पटरियों पर मौत के लिए रेलवे जिम्मेदार, मुआवजा अनिवार्य https://citytoday.co.in/4284 https://citytoday.co.in/4284 जबलपुर
 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है "यदि रेलवे ने पटरियों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए तो क्रॉसिंग करते समय हुई मौत के लिए भी मुआवजा भी देना पड़ेगा." इस प्रकार जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण भोपाल के फैसले को निरस्त कर दिया.

रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती

एकलपीठ ने अपने आदेश कहा "बच्चे सहित दो महिलाओं की मौत एक अप्रिय घटना के कारण हुई थी और रेलवे प्रशासन पटरियों तक अनधिकृत पहुंच रोकने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने वैधानिक कर्तव्य में विफल रहा. लापरवाही या अनधिकृत प्रवेश से रेलवे प्रशासन स्वतः ही दायित्व से मुक्त नहीं हो जाता है." मामले के अनुसार सिंगरौली निवासी राम अवतार सहित दो अन्य की तरफ से दायर अपील में रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती दी थी.

रेलवे ट्रैक पर 3 लोगों की मौत का मामला

याचिका में कहा गया "रेलवे ही हादसे के लिए जिम्मेदार है." रेलवे दावा अधिकरण ने माना था "रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि मृतक ट्रेन में नहीं चढ़े थे. ट्रेन की पटरी में आने के कारण उनकी मौत हुई थी." राम अवतार अपने बेटे राजेश (उम्र 3 साल) का मुंडन कराने 16 अप्रैल 2011 में मैहर ले गए थे. इस दौरान 8-10 लोगों का समूह मैहर गया था. लौटते समय रेलवे स्टेशन में बालक राजेश रेलवे की पटरियों पर आ गया था और उसे बचाने के लिए दो महिलाएं भी पटरी पर आ गईं और तीनों ट्रेन की चपेट में आ गई थीं.

रेलवे दावा प्राधिकरण को मुआवजा के निर्देश

प्राधिकरण ने सुनवाई के दौरान पाया था "समूह के लोग ट्रेन संख्या 51672 सतना-इटारसी पैसेंजर में नहीं चढे़ थे. लोली बाई, इंद्रमती और राजेश (बालक) की दूसरी पटरी से गुजरती हुई गुजरती ट्रेन की चपेट में आने से हुई." रेलवे ने लिखित बयान के माध्यम से दुर्घटना से इनकार किया और कहा "मृतक रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी गुजरती ट्रेन की चपेट में आ गये." एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण को निर्धारित मुआवआ देने के निर्देश जारी किये हैं.

जबलपुर में घोड़ों की मौत के मामले में सुनवाई

एक अन्य मामले में हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में हुई. याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया "पिछले माह में कुछ और घोड़ों की मौत हुई, जिसे छुपाया जा रहा है." हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आरोप को गंभीरता से लेते हुए केयरटेकर सचिन तिवारी को शपथ पत्र पर यह बताने कहा है "वर्तमान में कितने घोड़े बचे हैं और उनका मानसिक व शारीरिक स्टेटस क्या है."

युगलपीठ ने यह भी बताने कहा है "घोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं." युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को नियत की है. जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की ओर से याचिका दायर की गई थी. 

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Thu, 13 Nov 2025 12:22:33 +0530 news desk MPcg
MP हाईकोर्ट ने अपीलीय प्राधिकरण पर 25 हजार की कॉस्ट लगाई, दोषियों से वसूली के निर्देश https://citytoday.co.in/4028 https://citytoday.co.in/4028 जबलपुर 

अपीलीय प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अवधि में दायर अपील को समय अवधि के आधार पर खारिज कर दिया गया था। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए. के. सिंह की युगलपीठ ने अपीलीय प्राधिकारी की गलती को स्वीकार करते हुए 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कॉस्ट की राशि सरकारी खजाने से नहीं वसूली जाए। सरकार कॉस्ट की राशि दोषियों से वसूल कर सकती है।

लक्ष्मी मोटर्स सतना की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अपीलीय प्राधिकारी और संयुक्त आयुक्त स्टेट टैक्स सतना के समक्ष उनकी तरफ से 26 नवंबर को खारिज कर दिया गया था। अपील 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। अपीलीय प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि अपील निर्धारित समय अवधि गुजरने के बाद दायर की गई है।

एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई
याचिकाकर्ता ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि सामान्य धारणा अधिनियम 1897 की धारा 9 में निहित प्रावधानों के अनुसार आदेश पारित करने की तिथि को छोड़कर सीमा अवधि की गणना की जाए। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में तीन महीनों की सीमा अवधि का प्रावधान है। धारा 107 की उपधारा (4) के अंतर्गत, अपीलीय प्राधिकारी को अपील पर विचार करने के लिए एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई है।

आदेश जारी किए
युगलपीठ ने माना कि अपील दायर करने की अवधि 27 जुलाई से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रही थी। अपीलीय प्राधिकरण 25 नवंबर 2024 को दायर अपील को समय सीमा द्वारा वर्जित नहीं कर सकते थे। युगलपीठ ने कॉस्ट लगाते हुए उक्त आदेश जारी किए।

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Wed, 22 Oct 2025 17:53:07 +0530 News desk Hindi
गांजे की तस्करी करते 7 महिलाएं गिरफ्तार https://citytoday.co.in/3990 https://citytoday.co.in/3990 जबलपुर:

 रेल सुरक्षा बल व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 महिलाओं को गांजा की तस्करी करते हुए पकड़ा है। इन महिलाओं के पास से 48 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा भी बरामद किया गया है। घटना के सेंबंध में आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 6.15 बजे दुर्ग से भोपाल जाने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के पिपरिया स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन को आरपीएफ ने घेर लिया उनके साथ भोपाल से आयी एनसीबी की टीम भी थी।

ट्रेन की जांच करने पर 7 महिलाएं संदिग्ध अवस्था में मिली, उन्हें पकड़कर उनके पास रखी सामग्री की जांच की गई तो लगभग 97 किलो गांजा बोरियो में रखा मिला। जिसकी कीमत लगभग 48 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है।

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Wed, 15 Oct 2025 15:42:58 +0530 news desk MPcg
लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर जल्द राजनीति में — बिहार चुनाव 2025 में उतरने के संकेत https://citytoday.co.in/3874 https://citytoday.co.in/3874 जबलपुर 

 लोक और भजन गायिका मैथिली ठाकुर, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज़ से देशभर में पहचान बनाई है, अब राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर उन्होंने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वे अपने गृह क्षेत्र बेनीपट्टी (मधुबनी) से चुनाव लड़ सकती हैं।

मैथिली ठाकुर ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हैं, और इसके लिए उन्हें “शक्ति” की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मैथिली ठाकुर को टिकट देने के लिए “ग्रीन सिग्नल” दे दिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। हाल के दिनों में मैथिली की मुलाकात बीजेपी नेताओं विनोद तावड़े और नित्यानंद राय से हुई थी, जिसके बाद से यह चर्चा और तेज हो गई कि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।

मैथिली ने कहा कि वे राजनीति में केवल प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि बदलाव लाने के उद्देश्य से आना चाहती हैं। उन्होंने कहा,

> “मैं समाज में कुछ अच्छा करने की इच्छा रखती हूं। जब तक हमारे पास निर्णय लेने की शक्ति नहीं होगी, तब तक बदलाव लाना कठिन है।”

जानकारों का कहना है कि मैथिली ठाकुर का संगीत जगत में विशाल प्रशंसक वर्ग है, खासकर बिहार और मिथिलांचल क्षेत्र में। यदि वे चुनाव मैदान में उतरती हैं, तो वे युवा और सांस्कृतिक समुदाय में एक बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।

हालांकि, राजनीति में कदम रखना उनके लिए नई चुनौती होगी। उन्हें स्थानीय मुद्दों, संगठनात्मक कार्यों और चुनावी रणनीति में खुद को साबित करना होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मैथिली ठाकुर वास्तव में चुनाव लड़ती हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक नया और सांस्कृतिक आयाम जोड़ देगा — जहां कला और समाज सेवा की भावना राजनीति के साथ जुड़ती दिखाई देगी

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Wed, 08 Oct 2025 11:48:58 +0530 news desk MPcg
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री दो महाविद्यालयों को सोपेंगे शैक्षणिक भवन https://citytoday.co.in/3840 https://citytoday.co.in/3840 जबलपुर.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज का जबलपुर दौरा रद्द कर दिया है l वे अब परासिया जाकर प्रभावित परिवार से मुलाक़ात कर उनका दुःख साझा करेंगे l 

  संस्कारधानी जबलपुर में मुख्यमंत्री नहीं आएंगे, किंतु सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय अनुसार होंगे. इनमें लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर सांसद आशीष दुबे,  राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नु, विधायक अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज और भाजपा नेता कमलेश अग्रवाल शामिल होंगे. साथ ही जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष आशीष राव और बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र व आम नागरिक भी मौजूद रहेंगे.

13.54 करोड़ रुपए की लागत से बना है भवन

संस्कारधानी जबलपुर के प्राचीनतम महाकौशल कॉलेज में 13.54 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला भवन का निर्माण हुआ है. प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकौशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकोशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अवसर महाकौशल महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। लगभग 1500 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं नागरिक इस अवसर के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन जबलपुर की शिक्षा और युवा ऊर्जा का प्रतीक बनकर प्रदेश में उत्कृष्टता और नवाचार के नये मानक स्थापित करेगा।

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Mon, 06 Oct 2025 13:25:48 +0530 news desk MPcg
भोपाल 90 डिग्री ओवरब्रिज केस: ठेकेदार को हाईकोर्ट से राहत, मैनिट प्रोफेसर करेंगे जांच https://citytoday.co.in/3501 https://citytoday.co.in/3501 जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ओवरब्रिज मामले में ठेकेदार कंपनी मेसर्स पुनीत चड्ढा को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ओवरब्रिज की जांच मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) भोपाल के वरिष्ठ प्रोफेसर से कराई जाए और 10 सितंबर तक रिपोर्ट पेश की जाए।

याचिका में ठेकेदार ने दलील दी कि निर्माण पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा दी गई डिजाइन के आधार पर हुआ। इसलिए कंपनी को दोष देना अनुचित है, जबकि विभागीय जांच में दोषी अफसरों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। कोर्ट ने भी असलियत सामने लाने के लिए स्वतंत्र तकनीकी जांच का आदेश दिया। जांच का खर्च (करीब एक लाख रुपये) फिलहाल ठेकेदार वहन करेगा।
 
क्या है पूरा मामला?
145 करोड़ की लागत से बने ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज को अगस्त 2023 में यातायात के लिए खोला गया।
इसके बाद 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
मुख्यमंत्री के आदेश पर 8 इंजीनियर निलंबित हुए, जिनमें 2 मुख्य अभियंता भी शामिल।
पुल बनाने वाली कंपनी और डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया।
सरकार ने घोषणा की कि पुल को रीडिजाइन कर सुधारा जाएगा और रेलवे भी इसके लिए अतिरिक्त जमीन देगा।

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Thu, 28 Aug 2025 12:36:28 +0530 Newsdesk
पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन का तोहफा: अब कोटा&गया के बीच सागर और कटनी होकर होगी यात्रा https://citytoday.co.in/3452 https://citytoday.co.in/3452 जबलपुर
पितृपक्ष के अवसर पर गया जाने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेल ने कोटा से गया के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सागर, दमोह, कटनी, मैहर और सतना होकर गुजरेगी। ट्रेन संख्या 09817 सोगरिया-गया स्पेशल प्रत्येक शनिवार को 6 सितंबर से 21 सितंबर के बीच चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 09818 गया-सोगरिया प्रत्येक रविवार को संचालित होगी।

सोगरिया से ट्रेन रात 11:10 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन सुबह 5:35 बजे सागर, 6:45 बजे दमोह, 8:10 बजे कटनी, 9:40 बजे मैहर, 11:00 बजे सतना और रात 11:45 बजे गया पहुंचेगी। वापसी में, गया से ट्रेन मध्यरात्रि 1:15 बजे चलेगी। ट्रेन में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे। सीटों का आरक्षण प्रारंभ हो चुका है।
 
सुबह की जगह दोपहर में पहुंची दयोदय एक्सप्रेस
राजस्थान में वर्षा से सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन में जलभराव से दयोदय एक्सप्रेस प्रभावित हुई। रेल यातायात बाधित होने के कारण अजमेर-जबलपुर दयोदय ट्रेन शनिवार को पांच घंटे विलंब से शहर पहुंची। दयोदय एक्सप्रेस के जबलपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 8.45 बजे है।

शनिवार को सुबह की जगह ट्रेन दोपहर में लगभग दो बजे पहुंची। निरंतर वर्षा से कोटा रेल मंडल के अंतर्गत रेल परचालित प्रभावित से शनिवार को अजमेर से जबलपुर के लिए रवाना होने वाली ट्रेन का मार्ग अचानक परिवर्तित करना पड़ा। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग की जगह चांदेरिया होकर कोटा के रास्ते जबलपुर तक आएगी।

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Mon, 25 Aug 2025 12:32:11 +0530 news desk MPcg
नड्डा का जबलपुर 2 दिवसीय प्रवास: 4 मेडिकल कॉलेजों का MoU, 2 का लोकार्पण https://citytoday.co.in/3448 https://citytoday.co.in/3448  जबलपुर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज (25 अगस्त) को 2 दिवसीय प्रवास पर जबलपुर आएंगे। वे शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक सूचना केंद्र में कई निर्णयों और पहल का शुभारंभ करेंगे। 

कार्यक्रम में श्योपुर और सिंगरौली में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का लोकार्पण होगा। धार, बैतूल, पन्ना और कटनी जिलों में पीपीपी मॉडल पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर होंगे।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8 लाख वय वंदना कार्ड वितरण होगा। मातृ-शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाएं और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट का शुभारंभ और आशा कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाएगा।

जेपी नड्‌डा भाजपा के संभागीय कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर बैठक लेंगे। वहीं, शाम को गौरीघाट में महाआरती में भी शामिल होंगे।

ऐसा रहेगा नड्डा का कार्यक्रम

    12 बजे: विशेष विमान से जबलपुर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। सड़क मार्ग से रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय जाएंगे।
    12:45 बजे: पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। दोपहर दो बजे से तीन बजे तक का समय रिजर्व रहेगा।
    3:10 बजे: घंटाघर के पास स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर पहुंचेंगे। कार्यक्रम 5 बजकर 10 मिनट तक चलेगा।
    5:30 बजे: लोहिया पुल पचपेढ़ी स्थित दिवंगत नेता सुभाष चंद्र बनर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।
    6:30 बजे: गौरीघाट पहुंचकर मां नर्मदा के दर्शन करेंगे और महाआरती में शामिल होंगे।
    26 अगस्त: दोपहर 3:30 बजे विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

जबलपुर के दामाद हैं जेपी नड्‌डा जेपी नड्डा की पत्नी मल्लिका बनर्जी नड्डा का मायका जबलपुर में है। नड्डा जब ABVP में थे। उस वक्त देवधर जी ने यह प्रस्ताव रखा था कि उनका मल्लिका बनर्जी के साथ विवाह हो जाएगा, तो अच्छा होगा। मल्लिका बनर्जी भी ABVP में थीं। इसके बाद यह विवाह हुआ। मल्लिका बनर्जी जबलपुर के पुराने जनसंघ के परिवार की बेटी हैं। उनकी मां जयश्री बनर्जी जबलपुर से सांसद और विधायक रह चुकी हैं। जेपी नड्डा जब भी जबलपुर आते है,तो ससुराल में जरूर रूकते हैं।

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Mon, 25 Aug 2025 12:23:33 +0530 news desk MPcg
मंत्रीगणों ने किया डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन https://citytoday.co.in/3431 https://citytoday.co.in/3431 जबलपुर:

 प्रदेश के सबसे लंबे ओवर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत कर रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा पहले डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। दोनों अतिथि मुख्य कार्यक्रम स्थल पर दोपहर 1:50 पर पहुंचे।

जहाँ मंच के समीप डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। दोपहर 1:55 पर दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम की शुरुआत की गई।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव का मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने उनको पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में उप मुख्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मंच पर मौजूद हैं।

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Sat, 23 Aug 2025 15:42:48 +0530 Newsdesk
तीन सूने घरों में लाखों की चोरी https://citytoday.co.in/3420 https://citytoday.co.in/3420 जबलपुर: 

शहर मेें बेखौफ चोरों ने चिकित्सा अधिकारी, दवा और फल व्यापारी तीन सूने घरों में धावा बोलते हुए जेवर, नगदी समेत लाखों का माल पार कर दिया। ये वारदातें गोराबजार, माढ़ोताल, विजय नगर थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने तीनों ही मामलों में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है।माढ़ोताल पुलिस ने बताया कि बिजेन्द्र पटैल 42 वर्ष निवासी ग्रीन सिटी ने गुरूवार को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह फल का व्यापार करता है।

18 अगस्त को शाम अपनी पत्नी केा लेने रायगढ़ गया था वहां से गुरूवार को घर पहुॅचकर बाहर के गेट का ताला खोला, देखा दरवाजे का कुंदा कटा हुआ था अंदर जाकर देखा आलमारी का ताला टूटा था जिसमें रखे सोने चांदी के जेवरात गायब थे। इसी प्रकार विजय नगर थाने में अजय अग्रवाल 52 वर्ष निवासी कचनार सिटी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात चोर उसके सूने घर से 1 डायमंड अंगूठी, चांदी की 4 जोड़ी पायल, एवं नगदी चुराकर ले गए।

इसी प्रकार गोराबाजार थाने में सत्यजीत कुजूर 38 वर्ष निवासी दत्त टाउनशिप तिलहरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि कुण्डम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ है पिता सरोज कुमार कुजूर का एक मकान अजय सत्यप्रकाश होम्स जेडास कॉलेज रोड़ तिलहरी में है उक्त मकान पिछले 2 माह से बंद है। गुरूवार सुबह लगभग 10 बजे मकान की सफाई कराने पहॅुचा तो ताला खोलकर अंदर गया देखा बेडरूम के नीचे वाली दोनों आलमारी का लॉकर टूटा हुआ था, सोने के जेवर कीमती लगभग 2 लाख 50 हजार रूपये के अज्ञात चोर चुराकर ले गए। चोर छत वाला दरवाजा तोडक़र घुसे थे।

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Fri, 22 Aug 2025 13:04:14 +0530 Newsdesk
प्रमोशन में आरक्षण मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई, राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब https://citytoday.co.in/3339 https://citytoday.co.in/3339 जबलपुर 

मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले पर आज एक बार फिर जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई,  इस दौरान राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में वर्गवार आंकड़े पेश किए, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है , मामले की अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की गई है।

हाई कोर्ट से राज्य सरकार को नोटिस जारी किया 

हाई कोर्ट ने सरकार के वकील से कहा कि आबादी और सरकारी नौकरी में प्रतिनिधित्व पर तुलनात्मक स्थिति बताई जाए, अदालत ने ये भी कहा कि नई पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हुआ या नहीं इसे भी सरकार बताये।

पूर्व एडिशनल अटॉर्नी जनरल सीएस वैद्यनाथन और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता करेंगे पैरवी 

राज्य सरकार ने 2 वरिष्ठ वकीलों से पैरवी करवाने के लिए समय मांगा, अगली सुनवाई में पूर्व एडिशनल अटॉर्नी जनरल सीएस वैद्यनाथन और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से  पैरवी करेंगे,  हाई कोर्ट अब 9 सितंबर को इस मामले की अगली सुनवाई करेगी। अपडेट जारी है

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Thu, 14 Aug 2025 18:58:45 +0530 Newsdesk
तहसीलदार&पटवारियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट में चुनौती https://citytoday.co.in/3305 https://citytoday.co.in/3305  जबलपुर
 मध्यप्रदेश में तहसीलदारों और पटवारियों की हड़ताल का मामला हाइकोर्ट पहुंच गया है। राजस्व अधिकारियों की हड़ताल को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की है।

राजस्व अधिकारियों को न्यायिक और गैर न्यायिक कैटेगिरी में बांटे जाने का विरोध किया है। न्यायिक और गैर न्यायिक कैटेगिरी के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और पटवारी हड़ताल पर हैं। पिछले दिनों तहसीलदारों ने अपने अपने वाहन कलेक्ट्रेट में जमा कराए थे।

बता दें कि पिछले दिनों राजस्व अधिकारियों के बीच में न्यायिक और गैर न्याय की कैटेगिरी तय की गई थी। इस कैटेगिरी के विरोध में प्रमुख सचिव को भी अवगत कराया गया था। भोपाल से कोई कार्रवाई नहीं होने पर राजस्व अधिकारी ने खुद को काम से अलग कर रखा है। मध्य प्रदेश कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले काम बंद किया गया है।

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Tue, 12 Aug 2025 17:24:31 +0530 Newsdesk
स्वतंत्रता दिवस पर रेलवे स्टेशनों पर सफाई की धूम, नुक्कड़ नाटकों से बढ़ाई जागरूकता https://citytoday.co.in/3263 https://citytoday.co.in/3263 जबलपुर
आजादी का अमृत महोत्सव अब सफाई के संकल्प से भी जुड़ गया है। रेलवे द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त तक देशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल को स्वतंत्रता दिवस की भावना से जोड़ा गया है, जिससे सफाई को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। इस अभियान का फेज(1) 1 से 15 अगस्त तक चलेगा, जिसके बाद फेज(2) 16 अगस्त से अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य मिलकर विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
 
पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों जबलपुर, कटनी और सतना में सफाई की शुरुआत शपथ ग्रहण से हुई। मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एम. विजय कुमार और मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के निर्देशन में अभियान को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यार्ड और कोच डिपो में सफाई अभियान चलाया गया। श्रमदान, जागरूकता रैली, और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति सजग किया जा रहा है।

नुक्कड़ नाटक-ट्रेनिंग से बढ़ाई जागरूकता
स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर आम जनता को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही, कर्मचारियों के लिए स्वच्छता पर वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे वे सफाई को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

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Wed, 06 Aug 2025 12:35:04 +0530 Newsdesk
जबलपुर एयरपोर्ट पर बाल&बाल बचे यात्री, लैंडिंग के बाद इंडिगो एयरबस का टायर पंचर https://citytoday.co.in/3234 https://citytoday.co.in/3234 जबलपुर
 डुमना एयरपोर्ट पर सोमवार को करीब 11.30 बजे इंडिगो का एयर बस के विमान का टायर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब एयरबस यात्रियों को उतारने के बाद एप्रान में खड़े होने ले जाया जा रहा था। राहत की बात ये रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान को सुधार के लिए दिल्ली से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। इंडिगो ने कहा है विमान में टेक्निकल खराबी आई है जिसे सुधार किया जा रहा है। सुधार के बाद शाम को इसी विमान को मुंबई के लिए रवाना किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

सुबह मुंबई से इंडिगो का एयरबस 180 यात्री क्षमता वाला विमान लैंड किया। यात्रियों को उतारने के बाद विमान को एप्रान में खड़े करने के लिए पायलट ले जाने लगे। इसी दौरान टायर क्षतिग्रस्त हो गया। सूत्र बता रहे हैं कि टायर में नुकीली धातु (कील नुमा) घुसी थी हालांकि प्रबंधन मामले को दबा रहा है। घटना स्थल के करीब से सभी को हटा दिया गया है ताकि मामले की जानकारी सार्वजनिक न हो।

इंडिगो ने दिया है टेक्निकल खराबी का हवाला

इंडिगो की तरफ से भी विमान में टेक्निकल खराबी आने की बात कहीं जा रही है। हकीकत में टेक्निकल टीम विमान के टायर को सुधार करने आई है इस काम में करीब एक घंटा लगने का अनुमान है जिसके बाद विमान सुधार कर लिया जाएगा और इसे वापस मुबंई की उड़ान के लिए तैयार किया जाएगा। शाम करीब पांच बजे इस विमान को मुंबई के लिए उड़ान भरना होता है बताया जा रहा है कि सुधार की वजह से सोमवार को मुंबई जाने के लिए विमान देरी से उड़ान भरेगा।

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Mon, 04 Aug 2025 18:18:27 +0530 Newsdesk
जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला, इस्लाम अपनाने बनाता था दबाव https://citytoday.co.in/3014 https://citytoday.co.in/3014 जबलपुर
 मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जी हां जिम की एक महिला सहकर्मी ने अधारताल थाने में आकर शिकायत की है कि जिम का ट्रेनर अमन खान न केवल उसके साथ गाली गलौज करता है, बल्कि बेड टच भी करता है। पीड़िता ने बताया कि अमन खान लंबे समय से उसे इस्लाम के फायदे बात कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।  

बात नहीं मानने पर करता था बैड टच 

पीड़िता ने बताया कि जब उसने अमन खान की बात नहीं सुनी तो वह उसके साथ गाली गलौज और बेड टच करने की कोशिश करता है। पीड़िता के साथ घट रही घटना की जानकारी जैसे ही टाइगर फोर्स को लगी तो देर रात टाइगर फोर्स के लोग पीड़िता को लेकर अधारताल थाने पहुंचे। पीड़िता और टाइगर फोर्स के लोगों ने थाने में बताया कि अमन खान जिम में आने वाली लड़कियों को अपना नाम पहले तो अमन राज बताता था, फिर उनको धीरे-धीरे बातों में लेकर इस्लाम के फायदे बताकर मुस्लिम धर्म अपनाने की बात कहता था। जब लड़कियां उसकी बात नहीं सुनती तो फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बेड टच जैसी हरकत करता था। 

टाइगर फ़ोर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की 

टाइगर फोर्स ने मांग की है कि अमन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिम के संचालक के ऊपर भी कार्रवाई की जाए। टाइगर फोर्स का कहना है कि जिम में इतने लंबे समय से सारी चीज चल रही है और जिम संचालक को पता ना हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। वहीं पुलिस ने पीड़िता और टाइगर फोर्स की शिकायत के आधार पर मामला कायम कर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

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Wed, 16 Jul 2025 17:52:37 +0530 news desk MPcg
जबलपुर: कांवड़ यात्रा में तेज ध्वनि पर रोक, DJ और साउंड सिस्टम पर प्रशासन की सख्ती https://citytoday.co.in/3003 https://citytoday.co.in/3003 जबलपुर
श्रावण मास के दूसरे सोमवार को निकलने वाली संस्कार कांवड़ यात्रा  को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस बार यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें आयोजन समिति और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि साउंड सिस्टम केवल विधिवत अनुमति के साथ लगाए जाएं और ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत तय नियमों का पालन हो। किसी भी झांकी, मंच या शोभायात्रा में दो से अधिक साउंड बॉक्स का उपयोग नहीं किया जाएगा। साथ ही स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं होना चाहिए और आवाज़ की सीमा 50 डेसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

चोंगे (हॉर्न स्पीकर) का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा और यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का एनाउंसमेंट या विवादित गीत नहीं बजाए जा सकेंगे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। यात्रा 21 जुलाई को सुबह 7 बजे ग्वारीघाट से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कैलाशधाम, मटामर में समाप्त होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और शांति पूर्ण व अनुशासित यात्रा सुनिश्चित करें।

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Wed, 16 Jul 2025 12:11:12 +0530 news desk MPcg
जबलपुर स्टेशन पर आरक्षण चार्ट अब 8 घंटे पहले, वेटिंग लिस्ट वालों को मिलेगी पहले जानकारी https://citytoday.co.in/3002 https://citytoday.co.in/3002 जबलपुर
रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब ट्रेन का आरक्षण चार्ट पहले से अधिक समय में तैयार होगा, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा को लेकर स्पष्टता मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने रेलवे बोर्ड के नए निर्देश के बाद यह व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाएगा। इससे पहले यह चार्ट सिर्फ 4 घंटे पहले तैयार किया जाता था, जिससे कई बार वेटिंग और RAC (Reservation Against Cancellation) वाले यात्री कंफर्म टिकट की जानकारी देर से जान पाते थे। खासतौर पर दूर-दराज जिलों से आने वाले यात्रियों को दिक्कत होती थी कि उन्हें स्टेशन के लिए निकलना चाहिए या नहीं। अब इस असमंजस से उन्हें मुक्ति मिलेगी।

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
मंडला, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली और दमोह जैसे जिलों से जबलपुर स्टेशन आने वाले यात्रियों को इस फैसले से बड़ा लाभ होगा। पहले उन्हें ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले ही यह पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। अब 8 घंटे पहले स्थिति स्पष्ट हो जाने से वे यात्रा की योजना बेहतर बना सकेंगे।
इमरजेंसी कोटा (EQ) आवेदन प्रक्रिया भी होगी सरल

ट्रेनों में मेडिकल या अन्य आपातकालीन स्थितियों के लिए आरक्षित सीटों (Emergency Quota) के लिए भी यात्रियों को अब एक दिन पहले आवेदन करना सुरक्षित होगा। यह बदलाव EQ सीटों की प्रोसेसिंग में पारदर्शिता और समय की बचत सुनिश्चित करेगा।

ट्रेन प्रस्थान समय के अनुसार चार्टिंग नियम
    सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला चार्ट पिछली रात 9 बजे तक बन जाएगा।

दोपहर 2 बजे से रात 11:59 बजे तक की ट्रेनों के लिए चार्ट प्रस्थान से 8 घंटे पहले बनेगा।

रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक की ट्रेनों के लिए भी 8 घंटे पहले ही चार्ट बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जबलपुर रेल मंडल, शशांक गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था यात्रियों के हित में है। इससे विशेषकर रिमोट क्षेत्रों के यात्रियों को यात्रा की स्पष्टता मिलेगी और उनकी योजना व्यवस्थित होगी।

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Wed, 16 Jul 2025 12:07:05 +0530 news desk MPcg
हाईकोर्ट ने भोपाल रियासत के अंतिम नवाब की संपत्ति पर विवाद पर नए सिरे से सुनवाई करने के दिए निर्देश https://citytoday.co.in/2875 https://citytoday.co.in/2875 भोपाल /जबलपुर 

भोपाल रियासत के अंतिम नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान की संपत्ति के उत्तराधिकार के संबंध में दायर अपील की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा साल 2000 में पारित आदेश को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए निर्देशित किया है कि सम्पत्ति उत्तराधिकारी विवाद की सुनवाई नए सिरे की जाए। एकलपीठ अपने आदेश में कहा कि है कि इसे एक साल की निर्धारित समय अवधि में किया जाए।

भोपाल रियायत के वंशज का दावा करते हुए बेगम सुरैया रशीद, बेगम मेहर ताज नवाब साजिदा सुल्तान, नवाबजादी कमर ताज राबिया सुल्तान, नवाब मेहर ताज साजिदा सुल्तान एवं अन्य ने भोपाल जिला न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में साल 2000 में दो अपील में दायर की थीं। अपील में कहा गया था कि भोपाल रियासत का भारत संध में विलय 30 अप्रैल 1949 में हुआ था। लिखित समझौते के अनुसार विलय के बाद नवाब के विशेष अधिकार जारी रहेंगे और निजी संपत्ति के पूर्ण स्वामित्व के उत्तराधिकार भोपाल सिंहासन उत्तराधिकार अधिनियम 1947 के तहत होंगे।

नवाब की मृत्यु के बाद साजिदा सुल्तान को नवाब घोषित किया गया था। भारत सरकार ने 10 जनवरी 1962 को पत्र जारी की संविधान के अनुच्छेद 366 (22) के तहत व्यक्तिगत संपत्ति का उल्लेख निजी संपत्ति के रूप में किया था। नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान की मृत्यु के पश्चात उनकी निजी संपत्ति का बंटवारा मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार वादीगण और प्रतिवादियों के बीच होना चाहिए था। भोपाल जिला न्यायायनल में संपत्ति उत्ताधिकारी की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिला न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय पारित निर्णय के आधार पर उनका आवेदन खारिज कर दिया था।

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर विचार किए बिना इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार प्रकरण को खारिज कर दिया था। ट्रायल कोर्ट इस तथ्य पर विचार करने में विफल रहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विलय करने पर सिंहासन उत्तराधिकार अधिनियम को खारिज कर दिया गया था। विचाराधीन मामला विरासत के विभाजन का है, इसलिए सीपीसी के 14 नियम 23 ए के प्रावधान के मद्देनजर मेरी राय है कि इन मामलों को नए सिरे से तय करने के लिए ट्रायल कोर्ट में वापस भेजा जाए। ट्रायल कोर्ट बदली हुई कानूनी स्थिति के मद्देनजर पक्षों को सबूत पेश करने की अनुमति दे सकता है।

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Fri, 04 Jul 2025 13:01:50 +0530 news desk MPcg
हाईकोर्ट ने 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को दी राहत, फांसी की सजा को 25 साल की सजा में बदला https://citytoday.co.in/2775 https://citytoday.co.in/2775 जबलपुर 

मध्यप्र देश हाई कोर्ट ने 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के दोषी को फांसी की सजा से राहत दी है। जबलपुर बेंच ने आरोपी की सजा को 25 साल की सजा में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि दोषी व्यक्ति अनपढ़ और आदिवासी था। उसे बचपन में अच्छी शिक्षा नहीं मिली थी। इसके कारण उसने यह अपराध किया था।

हाई कोर्ट का फैसला

    ट्रायल कोर्ट ने आरोपी राजकुमार को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन इसके खिलाफ राजकुमार ने हाई कोर्ट में अपील की। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद यह कहा कि इस अपराध को देखते हुए फांसी की सजा उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा की कमी के कारण यह अपराध हुआ। इसलिए, हाई कोर्ट ने उसकी सजा घटाकर 25 साल के कारावास में बदल दी।

जानें क्या था पूरा मामल…

यह घटना 30 और 31 अक्टूबर 2022 की रात खंडवा जिले के एक गांव की है। जब 4 साल की बच्ची अपने घर में सो रही थी। परिजनों ने देखा कि बच्ची बिस्तर पर नहीं थी। तलाश करने पर बच्ची बेहोश की स्थिती में घर के पास स्थित आम के बगीचे में पाई गई। बच्ची को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया। जहां उसकी जान बचाई गई।

पुलिस ने आरोपी राजकुमार को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोप सही पाए और उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

गला घोंटकर मारने की कोशिश

आरोपी राजकुमार (20) खालवा का रहने वाला था और जसवाड़ी रोड पर राजपूत ढाबे में काम करता था। घटना वाले दिन बच्ची परिवार के साथ खेत में बनी झोपड़ी में सो रही थी। राजकुमार ने बच्ची को उठाकर सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया। फिर हत्या की नीयत से उसका गला घोंट दिया। जब बच्ची बेहोश हो गई, तो उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंक दिया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने परिजन की रिपोर्ट पर बच्ची की तलाश शुरू की। अगले दिन पुलिसकर्मी स्निफर डॉग के साथ ढाबे पर पहुंचे। डॉग के राजकुमार के ढाबे तक पहुंचने के बाद पुलिस का शक सही पाया। पुलिस ने राजकुमार को गिरफ्तार किया। इसने बताया कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे झाड़ियों में फेंक दिया था। बच्ची को पुलिस ने बचाया और इलाज के बाद उसकी जान बच गई।

मामला खंडवा जिले में 30 और 31 अक्टूबर 2022 की दरमियानी रात का है। 4 साल की बच्ची अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान परिजन उठे तो वह बिस्तर पर नहीं दिखी। तलाश करने पर बच्ची घर के पास बने आम के बगीचे में मरणासन्न हालत में मिली। खंडवा में प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर किया गया था।

पुलिस ने आरोपी राजकुमार को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। अप्रैल 2023 में ट्रायल कोर्ट ने बच्ची के साथ रेप और हत्या के प्रयास के आरोप को सही पाते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

बच्ची का गला घोंटा, मरा समझकर झाड़ियों में फेंका था राजकुमार (20) खालवा का रहने वाला है। वह जसवाड़ी रोड पर राजपूत ढाबे में काम करता था। ढाबे के पीछे बने खेत में आदिवासी परिवार रहता था। घटना वाले दिन चार साल की बच्ची परिवार के साथ खेत में बनी झोपड़ी में सो रही थी।

राजकुमार उसे उठाकर सुनसान इलाके में ले गया। रेप किया। इसके बाद हत्या की नीयत से बच्ची का गला घोंटा। बेहोश होने पर उसे मरा समझकर घर से डेढ़ किलाेमीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया।

झाड़ियों में बेहोश मिली मासूम, मुश्किल से बची जान उधर, परिजन की रिपोर्ट पर पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की। अगली सुबह पुलिसकर्मी स्निफर डॉग के साथ परिवार की झोपड़ी पर पहुंचे। यहां डॉग राजपूत ढाबे पर जाकर रुक गया। पुलिस ने स्टाफ से पूछताछ की। पता लगा कि राजुकमार रात से गायब है।

पुलिस का शक गहराया। राजकुमार के मोबाइल को सर्विलांस पर डाला गया। लोकेशन पता लगते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने बताया कि रेप के बाद बच्ची को मारकर फेंक दिया है। पुलिस ने उसकी बताई लोकेशन से बच्ची को ढूंढ निकाला। सांसें चलती देख उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से इंदौर रेफर किया गया, जहां लंबे इलाज के बाद उसकी जान बच सकी।

बचाव पक्ष की दलील- डीएनए रिपोर्ट के अलावा कोई सबूत नहीं ट्रायल कोर्ट में बचाव पक्ष ने दलील दी कि डीएनए रिपोर्ट के अलावा पुलिस के पास कोई भी सबूत नहीं है। एक भी प्रत्यक्षदर्शी या कोई सबूत पुलिस को नहीं मिला है। वहीं, पुलिस ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट वैज्ञानिक साक्ष्य है, जिससे यह साबित हुआ है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था और बाद में उसकी हत्या का प्रयास भी किया गया। इसे सही मानते हुए ट्रायल कोर्ट ने राजकुमार को फांसी की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट ने कहा- क्रूर कृत्य लेकिन फांसी की सजा उचित नहीं ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ राजकुमार ने हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने गुरुवार को कहा- 4 साल की मासूम से रेप और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास करना क्रूर कृत्य है। लेकिन युवक की पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए फांसी की सजा उचित नहीं है। गलत संगत के चलते उसने यह घिनौना कृत्य किया।

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Fri, 20 Jun 2025 19:27:51 +0530 news desk MPcg
लाडली बहना योजना के हितग्रहियों के आज खाते में आएंगे 1250 रुपये, 27 लाख बहनों को मिलेगा अलग से ‘बोनस’ https://citytoday.co.in/2720 https://citytoday.co.in/2720 लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त का इंतजार खत्म हो गया है। आज 16 जून सोमवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जबलपुर के बरगी विधानसभा क्षेत्र के बेलखेड़ा गांव से मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 1.27 करोड़ लाभार्थ‍ियों के खाते में 1555.44 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, संबल योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना के लाभार्थियों को भी पैसा ट्रांसफर किया जाएगा।

दरअसल यह पैसा 13 जून को ही ट्रांसफर होना था, लेकिन अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश के बाद इस कार्यक्रम को टाल दिया गया था। आज जबलपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सीएम कई अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी करेंगे। इस बार भी महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ही आएंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 56.68 लाख लाभार्थियों के खाते में 341 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। राज्य के श्रमिकों के लिए चल रही मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबंल) योजना के तहत 6,821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की जाएगी।

27 लाख महिलाओं के खाते में आएगा ज्यादा पैसा

राज्य की 27 लाख लाडली बहनों को इस महीने अलग से बोनस भी मिलेगा। दरअसल मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना के तहत लाभार्थियों को 450 रुपये प्रति सिलेंडर के एलपीजी सिलेंडर मिलता है। बाकी पैसा सब्सिडी के रूप में सरकार की ओर से वापस मिल जाता है। जून महीने की किस्त के रूप में 27 लाख महिलाओं को यह पैसा मिलेगा। उनके खाते में कुल 39.14 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

पेंशन, रसोई गैस और संबल योजना की राशि भी होगी जारी

लाड़ली बहनों को योजना की 25वीं किस्त जारी करने के साथ ही सीएम मोहन यादव सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (CM Social Security Kalyani Scheme) के तहत 341 करोड़, गैस सिलेंडर रिफिल योजना (Gas Cylinder Refill Yojana) के लिए 39.14 करोड़ और मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना (Mukhyamantri Jan Kalyan Sambal Yojana) के अंतर्गत 150 करोड़ की अप्रूव्ड राशि भी ट्रांसफर करेंगे. यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा कदम है.

ई-केवाईसी नहीं कराने वालों को लग सकता है झटका

हाल ही में समग्र आईडी में फर्जीवाड़ा कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों पर शिंकजा कसने के लिए प्रशासन ने समग्र आईडी का ईकेवाईसी जरूरी कर दिया है। अगर किसी महिला लाभार्थी ने ई-केवाईसी नहीं कराया है तो उन्हें झटका लग सकता है। अगर सरकार ने अपना डाटा इसी हिसाब से अपडेट किया है तो 25वीं किस्त का पैसा भी अटक सकता है।

लिस्ट में ऐसे चेक करें नाम

अगर आपको लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो आप लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं। यहां आपको अंतिम सूची और अनंतिम सूची के विकल्प दिखेंगे। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर भरना होगा। ओटीपी से वेरिफाई करने के बाद आपको जानकारी मिल जाएगी। खाते में पैसा आने का स्टेटस चेक करने के लिए आप 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर जाकर ताजा जानकारी हासिल कर सकती हैं।

सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों के खाते में भी भेजेंगे 341 करोड़

लाड़ली बहना योजना की 25वीं किस्त के साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर के बरगी से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 341 करोड़ की राशि भी जारी करेंगे. सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य की 18 साल से ऊपर की विधवा महिलाओं (कल्याणी) को हर महीने 600 रुपये की पेंशन सहायता दी जाती है. यह योजना साल 2018 से शुरू हुई है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग प्रदान करना है.

गैस सिलेंडर रिफिल योजना के भी मिलेंगे पैसे

सीएम आज गैस सिलेंडर रिफिल योजना के तहत 39.14 करोड़ का राशि लाभार्थियों को जारी करेंगें. मध्यप्रदेश सरकार ने 1 सितंबर 2023 से गैस सिलेंडर रिफिल योजना शुरू की है, जिसके तहत उज्ज्वला योजना और लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत महिलाओं को सिर्फ 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है. यह सुविधा केवल उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी जिनका नाम दोनों योजनाओं में दर्ज है और जिनके नाम पर गैस कनेक्शन है. यह पहल रसोई खर्च कम करने और महिलाओं को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

संबल योजना के लाभार्थियों को भी मिलेंगे पैसे

इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव जनकल्याण संबल योजना के लाभार्थियों के खातों में भी 150 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे. इस योजना के तहत अगर किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो 4 लाख रुपये, और सामान्य मौत पर 2 लाख रुपये दिए जाते हैं. अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह अपंग हो जाए तो 2 लाख रुपये,और आंशिक अपंगता होने पर 1 लाख रुपये की मदद दी जाती है. अंत्येष्टि (अंतिम संस्कार) के लिए 5 हजार रुपये की सहायता भी दी जाती है.

 

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Mon, 16 Jun 2025 16:21:30 +0530 news desk MPcg
देश का पहला ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला शहर बना जबलपुर, 2035 तक विकसित पूरे शहर में जुटाएंगे खेल सुविधाएं https://citytoday.co.in/2667 https://citytoday.co.in/2667 जबलपुर 

जबलपुर शहर ने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत का पहला “खेल मास्टर प्लान” जबलपुर में लॉन्च किया गया है, जो खासतौर पर 0 से 5 साल की उम्र के बच्चों और उनके देखभाल करने वालों के लिए बनाया गया है। इस योजना का मकसद शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को बच्चों के अनुकूल बनाना और उन्हें खेलने, सीखने व सुरक्षित रहने का अवसर देना है। इस योजना को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर तैयार किया है।

बच्चों में कम हो रही फिजिकल एक्टिविटी को लेकर शहर में नवाचार किया जा रहा है। जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया है। यह मास्टर प्लान न केवल छोटे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि शहर में प्लेस्पेस अपॉर्चुनिटीज को विकसित भी करेंगे। अगले दस सालों के लिए यह प्लान तैयार किया गया है। दरअसल, नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 में चयनित होने के बाद शहर को यह उपलब्धि हासिल हुई है।

टॉप 10 में शामिल होने पर मिला दोबारा मौका
जानकारी के अनुसार नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 (एनएनसी 2.0) के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए शहर के उद्यानों एवं सार्वजनिक स्थलों में अनुकूल वातावरण एवं सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एनएनसी 1.0 के अंतर्गत आयोजित चैलेंज में जबलपुर भी शामिल हुआ था। सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए शहर ने देश के शीर्ष 10 शहरों में अपनी जगह बनाई थी। इन्हीं को 2.0 में शामिल किया गया है। खेल मास्टर प्लान को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, नगर निगम कमिश्नरप्रीति यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।

बनाया खेल सेल

एनएनसी 2.0 में जबलपुर द्वारा वल्र्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) के सहयोग से नर्चरिंग नेबरहुड सेल, खेल सेल एवं खेल मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें उन सभी विभागों को सम्मिलित किया गया है जो शहर में विकास कार्यों तथा बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। इनमें नगर निगम जबलपुर, स्मार्ट सिटी जबलपुर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जबलपुर विकास प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में तैयार की गई खेल सेल पूरे प्लान की निगरानी करने के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा भी करेगी।

 ये करेगी सेल

– छोटे-बड़े सभी खाली पड़े स्थानों को प्ले स्पेस अपॉचुनिटीज में विकसित करेंगे।
– छोटे बच्चों के लिए शहर में कितनी खेलने की जगह होनी चाहिए इस पर काम करेगी।
– शहर में वर्तमान में जितने भी खेल के स्थान है उन्हें चिह्नित कर लिया है।
– कहां क्या कमी है, उस कमी के अनुसार मास्टर प्लान बनाया है।
– अगले दस साल 2035 तक कहां कब कितना काम किया जाएगा ये भी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।

खेल शब्द को किया विस्तारित

खेल मास्टर प्लान में ‘खेल’ शब्द को केवल पारंपरिक खेल-कूद तक सीमित न रखते हुए, इसे एक विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके तहत के- किड्स, एच- हेल्थ, ई- एम्पावरिंग कम्युनिटीज, एल- लेवल प्ले अपॉर्चुनिटीज विस्तार करने की योजना है।
जबलपुर शहर ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। यह बड़े ही गौरव की बात है। 0 से 5 साल तक के बच्चों को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है। इस मास्टर प्लान के अंतर्गत अगले दस वर्षों में (2035) तक हर स्तर पर खेल के स्थानों को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है।
– संभव अयाची, एनएनसी 2.0 नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त नगर निगम

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Sat, 14 Jun 2025 12:28:55 +0530 news desk MPcg
जबलपुर नगर निगम में शहर में गंदगी फैलाने वाले के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया, 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान https://citytoday.co.in/2656 https://citytoday.co.in/2656 जबलपुर


जबलपुर नगर निगम में शहर में गंदगी फैलाने वाले के खिलाफ अब कड़ा रुख अख्तियार किया है, शहर में गंदगी फैलाने वाले पर नगर निगम ने 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। सदन की बैठक में इस बात का निर्णय लिया कि जो लोग बार-बार शहर की व्यवस्था बिगाड़ने पर उतारू है उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। यही वजह है कि निगम ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सड़क में कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ 1000 से लेकर 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

जुर्माने पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति  

सदन की बैठक में कचरा फैलाने वालों पर 50 हजार रुपए तक की जुर्माने के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष रमेश मिश्रा ने भारी विरोध किया, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों के घरों तक डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है, सफाई व्यवस्था भ्रष्टाचार है ऐसे में कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाना कहीं से भी उचित नहीं है।

निगम की बैठक में मुआवजा राशि, महापुरुषों के नाम के मार्गों का नामकरण, आउटसोर्स श्रमिकों को समय वृद्धि एवं एक राष्ट्र एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषय पारित किए गए। खास बात यह रही कि सदन की इस बैठक में 18 मिनट में 18 प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास किए गए।

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Wed, 11 Jun 2025 17:05:41 +0530 news desk MPcg
जबलपुर में महिला की हत्या का हुआ खुलासा, पति निकला हत्यारा https://citytoday.co.in/2447 https://citytoday.co.in/2447 जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र में एक महिला की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति ने ही की थी। उसने यह कदम अपनी पत्नी के चरित्र पर शक होने के कारण उठाया।

12 मई को माढ़ोताल थाना क्षेत्र के ग्राम मंगेला में एक नाले के पास महिला की लाश मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। महिला की पहचान चचेरी बहन रामबती कुंजाम ने की। मृतका का नाम पारबती वरकड़े (35 वर्ष) था, जो अपने पति शिवकुमार वरकड़े के साथ मजदूरी करने मंगेला आई थी।

पति को था पत्नी के चरित्र पर शक

पुलिस ने जब पति शिवकुमार से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 10 मई की रात वह और उसकी पत्नी खाना खाकर सो गए थे। रात को पत्नी अचानक बिस्तर से उठकर कहीं चली गई। जब उसने उसे खेत में अर्धनग्न हालत में सोते देखा तो गुस्से में आकर वहीं पड़ी कुल्हाड़ी और डंडे से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। बाद में शव को साड़ी में बांधकर नाले में फेंक दिया और अपने गांव लौट गया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी पति शिवकुमार वरकड़े को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किया गया है। मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

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Fri, 16 May 2025 15:41:28 +0530 news desk MPcg
जलबपुर: हाईकोर्ट ने पहलगाम घटना के बहाने सरकार की लापरवाही पर लगाया 50 हजार का जुर्माना https://citytoday.co.in/2432 https://citytoday.co.in/2432 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस  विवेक अग्रवाल और जस्टिस देवनारायण मिश्रा की युगलपीठ ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि कोर्ट का मजाक नहीं बनाया जा सकता। यहां बहानेबाजी नहीं चलेगी। चूंकि पहलगाम में आतंकी वारदात के बाद सिविल डिफेंस की तैयारी का बहाना बेनकाब हो चुका है। अत: सरकार पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाता है। सरकार यह राशि दोषी अधिकारी से वसूलने स्वतंत्र है। उक्त राशि हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के खाते में जमा करनी होगी।

दरअसल बुरहानपुर के शेख अफजल के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत की गई कार्रवाई को चुनौती संबंधी याचिका पर सुनवाई हो रही थी। इस सिलसिले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को केंद्र शासन को भेजी गई जानकारी का रजिस्टर कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिये थे। एक तृतीय श्रेणी कर्मी गोरेलाल रजिस्टर लेकर कोर्ट पहुंचा था, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच पाया। इस पर शासकीय अधिवक्ता की ओर से बहानेबाजी की गई कि पहलगाम में आतंकी वारदात के बाद से देश में गंभीर स्थिति बनी हुई है। इसलिए सिविल डिफेंस की व्यस्तता के कारण रजिस्टर समय पर कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका है।

कर्मचारी गोरेलाल द्वारा यह रजिस्टर मुख्य सचिव के आदेश के बाद ही लाया जा सकता था, लेकिन वे मुख्यमंत्री के साथ तैयारी और मीटिंग में व्यस्त थे। जब कोर्ट ने उससे जुड़े दस्तावेज मांगे तो जो नोटशीट कोर्ट के सामने पेश की गई, उसमें इसका कहीं भी उल्लेख नहीं था कि मुख्य सचिव मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग में व्यस्त थे। यह सुनते ही विलंब से कोर्ट में उपस्थित हुए कर्मी गोरेलाल से सवाल किया गया कि क्या आप देश सेवा या सिविल डिफेंस की ड्यूटी कर रहे थे। इस पर उसने साफ कर दिया कि साहब मैं तो तृतीय श्रेणी कर्मी हूं, सिविल डिफेंस से मेरा क्या सरोकार। फिर क्या था, न्यायालय ने जमकर फटकार लगाते हुए सरकार पर 50 हजार का जुर्माना लगाते हुए उक्त निर्देश दिए।

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Thu, 15 May 2025 13:12:55 +0530 news desk MPcg
जबलपुर: बोरी में मिला युवक का सिर कटा शव, अंग भंग, ‘मंजू’ टैटू से पहचान की कोशिश, पुलिस जांच में जुटी https://citytoday.co.in/2422 https://citytoday.co.in/2422 जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कृष्णा कॉलोनी स्थित नंदन विहार के समीप एक नाले में मंगलवार शाम एक बंद बोरी में युवक की क्षत-विक्षत लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के हाथ-पैर कटे हुए थे और सिर गायब था। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, शव की पहचान नहीं हो सकी है।

प्रभारी सीएसपी बीएस गठोरिया के अनुसार, मंगलवार शाम स्थानीय लोगों को नाले से तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब नाले के किनारे पड़ी बंद बोरी की जांच की तो उसमें एक युवक का शव मिला, जिसके हाथ-पैर कटे हुए थे और सिर पूरी तरह गायब था।

हाथ पर मिला "मंजू" नाम का टैटू 

मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। लेकिन, शव के एक हाथ पर ‘मंजू’ नाम का टैटू बना हुआ है, जिसे आधार बनाकर पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि युवक की हत्या किसी और स्थान पर की गई है और पहचान छिपाने के लिए सिर काटकर लाश को बोरी में भरकर नाले में फेंक दिया गया।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मृतक की शिनाख्त कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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Wed, 14 May 2025 16:32:28 +0530 news desk MPcg
जबलपुर: पूर्व बिशप पीसी सिंह जेल में, EOW ने मंगलोर से धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में पकड़ा https://citytoday.co.in/2391 https://citytoday.co.in/2391 जबलपुर डायोसिस के पूर्व बिशप पी.सी. सिंह को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने ₹2.45 करोड़ के गबन मामले में कर्नाटक के मेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के लिए उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले ही ईओडब्ल्यू ने आवश्यक पूछताछ और दस्तावेज जब्ती के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ईओडब्ल्यू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कटनी स्थित बास्ले स्कूल की 0.22 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण रेलवे विभाग ने किया था। इसके बदले में रेलवे ने ₹2,45,30,830 का मुआवजा प्रदान किया। जांच में सामने आया कि पूर्व बिशप पी.सी. सिंह और एनडीटीए के चेयरमैन पाल दुपारे ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह रकम हड़प ली। दोनों ने स्कूल प्राचार्य के नाम से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मुआवजा राशि को एनडीटीए के अधिकृत खाते में जमा कराने की बजाय अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस राशि का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया गया, और इसके लिए एनडीटीए से कोई अनुमति नहीं ली गई।

जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। बिशप पी.सी. सिंह को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया। फिलहाल आरोपी जेल में है और आगे की जांच जारी है।

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Fri, 09 May 2025 15:09:30 +0530 news desk MPcg
MP Electricity Bill: मई में बिजली बिल बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को झटका, संगठनों ने की रोक की मांग https://citytoday.co.in/2299 https://citytoday.co.in/2299 जबलपुर: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को मई माह में बिजली बिल में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। विद्युत नियामक आयोग के नए टैरिफ आदेश के तहत बिजली दरों में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के निर्देश वितरण कंपनी ने 1 अप्रैल 2025 को लागू कर दिए थे। इसके परिणामस्वरूप, 200 से 400 यूनिट बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिल में 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा। 

इस बढ़ोतरी के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसियेशन, महिला समिति, मानव अधिकार क्रांति संगठन और सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसियेशन ने कड़ा विरोध जताया है। इन संगठनों ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत इस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

बिजली हानि में वृद्धि पर सवाल

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. नाजपांडे ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के 24 जनवरी 2024 के सर्कुलर के अनुसार, बिजली हानि का प्रतिशत 15.45 था, जो 25 मार्च 2025 के सर्कुलर के अनुसार बढ़कर 17.22 प्रतिशत हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों की इस लापरवाही पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित

इधर, जबलपुर के नयागांव स्थित 220 केवी सबस्टेशन में रविवार शाम को तकनीकी खराबी के कारण एक घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। आइसोलेटर में आई खराबी के चलते शक्ति भवन, रामपुर, आईटी पार्क, सूपाताल, और संजीवनी नगर जैसे क्षेत्रों में शाम 6 से 7 बजे तक बिजली गुल रही। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई और कई लोगों ने कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज की। 

साउथ डिवीजन के कार्यपालन अभियंता अभिषेक विश्वकर्मा ने बताया कि 220 केवी सबस्टेशन से आपूर्ति बाधित होने के कारण 33 केवी सबस्टेशनों की बिजली प्रभावित हुई थी। खराबी दूर करने के बाद सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। 

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Tue, 29 Apr 2025 17:11:40 +0530 news desk MPcg
जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में हुआ अजीबोगरीब कारनामा, परीक्षा हुई नहीं और रिजल्ट जारी कर डाला https://citytoday.co.in/2294 https://citytoday.co.in/2294 मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय ने एमएससी कंप्यूटर साइंस प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित किए बिना ही रिजल्ट जारी कर दिया, जिसके बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्वविद्यालय ने फरवरी 2024 में एमएससी कंप्यूटर साइंस प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया था और छात्रों को प्रवेश पत्र भी वितरित किए गए थे। लेकिन जब छात्र 5 मार्च 2024 को परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा आयोजित नहीं होगी, क्योंकि विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र तैयार ही नहीं किए थे। इसके बाद भी विश्वविद्यालय ने रिजल्ट घोषित कर दिया, जिससे छात्रों में आक्रोश फैल गया।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस लापरवाही की जांच की मांग की। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कुलपति कार्यालय में हंगामा किया। एक छात्र ने गुस्से में कहा, "हमने रातभर पढ़ाई की, लेकिन केंद्र पर पहुंचने के बाद पता चला कि परीक्षा होगी ही नहीं। अब बिना परीक्षा के रिजल्ट कैसे जारी हो गया?"

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. दीपेश मिश्रा ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि यह प्रशासनिक चूक थी और इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। छात्रों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं।

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Tue, 29 Apr 2025 14:32:10 +0530 News desk Hindi
MP NEWS: हाई कोर्ट ने मोबाइल ऐप्स के जरिए डेटा चोरी और साइबर ठगी के मामले में मांगा जवाब https://citytoday.co.in/2252 https://citytoday.co.in/2252 जबलपुर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मोबाइल ऐप्स के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के डेटा की चोरी और साइबर ठगी के गंभीर आरोपों को लेकर सॉफ्टवेयर कंपनियों से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। 

यह मामला जबलपुर के अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका के आधार पर सामने आया। याचिकाकर्ता ने स्वयं अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि मोबाइल फोन में पहले से मौजूद या गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर से डाउनलोड किए गए कई ऐप्स उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी, जैसे संपर्क, फाइलें और कैमरा, तक अनावश्यक पहुंच मांगते हैं, भले ही इनका ऐप के कार्य से कोई संबंध न हो। 

मोबाइल बन रहा डेटा चोरी का हथियार

अधिवक्ता गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि कई ऐप्स उपयोगकर्ताओं की जानकारी बिना अनुमति के तीसरी कंपनियों के साथ साझा करते हैं, जिससे साइबर ठगी और धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मोबाइल फोन अब डेटा चोरी का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। देश में डिजिटल क्रांति के साथ-साथ साइबर अपराधों में भी तेजी से इजाफा हुआ है, जिसमें आम नागरिकों की गोपनीय जानकारी, बैंकिंग विवरण और व्यक्तिगत डेटा चोरी होने की घटनाएं आम हो गई हैं।

कानूनी ढांचे पर उठे सवाल

याचिका में मौजूदा कानूनी ढांचे की खामियों को भी उजागर किया गया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वर्तमान कानून केवल तभी सक्रिय होते हैं, जब किसी ऐप के जरिए नुकसान हो चुका होता है। ऐसे में जरूरत है कि डेटा चोरी और साइबर ठगी को रोकने के लिए पहले से कड़े नियम और निगरानी तंत्र लागू किए जाएं। 

कोर्ट का सख्त रुख

खंडपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सॉफ्टवेयर कंपनियों और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि डिजिटल युग में नागरिकों की निजता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना अहम है। इस मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट द्वारा उठाए गए कदमों पर सभी की नजरें टिकी हैं। 

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Thu, 24 Apr 2025 17:28:30 +0530 news desk MPcg
Jabalpur Highcourt: नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को शुल्क जमा होने पर मिलेगी परीक्षा और पढ़ाई की अनुमति https://citytoday.co.in/2179 https://citytoday.co.in/2179 खंडवा, 18 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि निर्धारित क्लीनिकल प्रशिक्षण शुल्क जमा करने के बाद ही नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने और आगे की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने खंडवा निवासी हर्ष भान तिवारी की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

याचिका में बताया गया कि खरगोन और बड़वानी जिलों में संचालित आठ निजी नर्सिंग कॉलेजों ने क्लीनिकल प्रशिक्षण के लिए निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि कॉलेजों को संचालन के लिए यह शुल्क जमा करना अनिवार्य है, लेकिन कई कॉलेज इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अनुरोध किया गया कि कॉलेजों द्वारा शुल्क जमा करने की स्थिति की जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कॉलेजों द्वारा शुल्क जमा किया गया है या नहीं, इस मुद्दे पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा। हालांकि, कोर्ट ने प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे कॉलेजों से निर्धारित क्लीनिकल शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करवाएं। 

कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि केवल उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने और पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी, जिनके द्वारा निर्धारित शुल्क जमा कर दिया गया है। 

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Fri, 18 Apr 2025 14:26:32 +0530 news desk MPcg
जबलपुर : युवक के साथ पुलिस कस्टडी में बेरहमी से मारपीट का आरोप, हालत बिगड़ने पर किया रिहा, सीएम से जांच की मांग https://citytoday.co.in/2140 https://citytoday.co.in/2140 जबलपुर, 15 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस कस्टडी में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि युवक की हालत बिगड़ने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना हाल ही में जबलपुर के एक थाना क्षेत्र में हुई। युवक को कथित तौर पर किसी मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसे गंभीर रूप से पीटा। मारपीट के कारण युवक की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे रिहा कर दिया। रिहाई के बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय समाजसेवियों और नागरिकों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। एक समाजसेवी ने बताया, "यह बेहद शर्मनाक है कि पुलिस, जो कानून व्यवस्था की रक्षा के लिए है, वह खुद इस तरह के कृत्य में शामिल हो। हम चाहते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को सजा मिले।" समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।

हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं है। फिर भी, अगर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज की जाती है, तो हम उसकी जांच करेंगे।" पुलिस का दावा है कि युवक को नियमित प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया था और उसे कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

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Tue, 15 Apr 2025 13:15:57 +0530 news desk MPcg
IPL Satta: जबलपुर में हर गेंद पर सट्टे का खेल, तीन सटोरिए धराए https://citytoday.co.in/2106 https://citytoday.co.in/2106 जबलपुर, 11 अप्रैल 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के दौरान सट्टेबाजी के खिलाफ जबलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने टंगी-पाटन बाइपास और हनुमानताल क्षेत्र में सट्टेबाजी के दो अड्डों पर छापेमारी कर चार सटोरियों को गिरफ्तार किया। इन छापों में भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और सट्टा रिकॉर्ड बरामद किए गए।

टंगी-पाटन बाइपास पर सट्टे का अड्डा ध्वस्त

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि टंगी-पाटन बाइपास के कटंगी लिंक मार्ग पर हुकुमचंद पटेल के घर में आईपीएल सट्टेबाजी का अड्डा चल रहा है। बुधवार रात को क्राइम ब्रांच की टीम ने इस स्थान पर छापेमारी की। मौके पर तीन युवक मोबाइल फोन के जरिए गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर सट्टा लिखते पकड़े गए।

पुलिस ने मौके से आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 33,500 रुपये नकद जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोतवाली दरहाई सराफा निवासी आनंद जैन, बड़ा फुहारा तिलक भूमि तलैया निवासी निखिल जैन और राकेश जैन के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि ये सटोरिए पुलिस से बचने के लिए किराए के मकान और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर रहे थे। आरोपियों ने हुकुमचंद पटेल के घर का पहला माला किराए पर लिया था।

पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान क्षेत्र के ही निवासी सुरेश गुप्ता (54 वर्ष) के रूप में हुई। उसके पास से सट्टा रिकॉर्ड और नकदी बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि सुरेश गुप्ता लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और स्थानीय लोगों को सट्टा खेलने के लिए प्रेरित कर रहा था।

पुलिस की सख्ती का असर

जबलपुर पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी  सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हम सट्टेबाजी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

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Fri, 11 Apr 2025 12:27:53 +0530 news desk MPcg
हाइ कोर्ट ने कहा : अनुकंपा नियुक्तियों पर वेतन का खर्च स्कूल को ही उठाना होगा  https://citytoday.co.in/High-Court-said:-The-school-will-have-to-bear-the-expenses-of-salaries-on-compassionate-appointments https://citytoday.co.in/High-Court-said:-The-school-will-have-to-bear-the-expenses-of-salaries-on-compassionate-appointments जबलपुर | हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में नई भर्तियों के वेतन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य शासन का अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में नई भर्तियों के वेतन का खर्च उठाना दायित्व नहीं है।

कौशल कुमार कुशवाहा की याचिका पर हाई कोर्ट का आदेश

हाई कोर्ट ने जबलपुर के रहने वाले कौशल कुमार कुशवाहा की याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वेतन की व्यवस्था राज्य शासन की जिम्मेदारी पर आधारित है।

संशोधित नियम और सुप्रीम कोर्ट का आदेश

राज्य शासन ने अनुकंपा की नियुक्तियों को लेकर नए नियम बनाए हैं, जो 2000 से पहले भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को चुनौती दी थी। इसके बाद राज्य शासन ने अनुदान प्राप्त स्कूलों में नई नियुक्तियों पर रोक लगाते हुए रिक्त पदों को डाइंग कैडर घोषित कर दिया।

हाई कोर्ट का आदेश 

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राज्य शासन ने अनुदान प्राप्त स्कूलों में नई नियुक्तियों के लिए वेतन सहायता देने की अनुमति नहीं दी है। स्कूल स्वयं स्तर पर नियुक्ति कर सकते हैं, लेकिन वेतन संबंधी खर्च की जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।

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Mon, 12 Aug 2024 20:42:37 +0530 Newsdesk
जबलपुर: रीवा&नागपुर हाईवे पर भीषण हादसा, पिता&पुत्र जिंदा जले https://citytoday.co.in/Jabalpur:-Horrific-accident-on-Rewa-Nagpur-highway,-father-and-son-burnt-alive-1518 https://citytoday.co.in/Jabalpur:-Horrific-accident-on-Rewa-Nagpur-highway,-father-and-son-burnt-alive-1518 जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में शुक्रवार को रीवा-नागपुर हाईवे पर एक भयानक हादसा हो गया, जिसमें एक ट्रक दूसरे हाइवा से टकरा गया और ट्रक में लगी आग से उसके ड्राइवर और कंडक्टर की मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई।

घटना के मुताबिक, ट्रक नंबर यूपी 70 टीपी 9495 उत्तर प्रदेश से नागपुर की ओर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े चार बजे, ट्रक ग्राम बम्हनौदा के पास पहुंचा जहां इसने हाइवा से टकराया। टक्कर के पश्चात्, ट्रक में आग लग गई जिससे उसके ड्राइवर शिवकुमार पटैल (45 वर्ष) और कंडक्टर पियूष पटैल (18 वर्ष) की मौत हो गई। दोनों के शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और ट्रक ड्राइवर की नींद के झोंके को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। जबलपुर की स्थानीय पुलिस ने घटना के बाद सड़क पर जाम दूर करने के लिए कार्यवाही की और आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया।

इस दुखद घटना ने बम्हनौदा और आसपास के क्षेत्र में गहरी शोक स्थिति पैदा की है। शिवकुमार पटैल के परिवार के सदस्यों को इस असामयिक दुखद समय में साथ देने के लिए समाज के हर स्तर पर अपनी सहानुभूति और सांत्वना दी जा रही है।

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Fri, 19 Jul 2024 19:32:46 +0530 Newsdesk
World Cancer Day: विश्व कैंसर दिवस पर कल चलाया जाएगा जागरुकता अभियान   https://citytoday.co.in/Awareness-campaign-will-be-run-tomorrow-on-World-Cancer-Day https://citytoday.co.in/Awareness-campaign-will-be-run-tomorrow-on-World-Cancer-Day
जबलपुर।World Cancer Day : हर वर्ष 4 फरवरी के दिन विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य कैंसर से सम्बन्धित जन जागरूकता फैलाना है। इस वर्ष 2024 में इस दिन की थीम ‘‘क्लोज द केयर गैप’’ अर्थात कैंसर से सम्बन्धित उपचार की सुविधाए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच नहीं पाती है उन्हें भी ये प्रदान करने की कोशिश की जा सके। इसी उद्देश्य के चलते वोक्हार्ट कैंसर इंस्टीट्यूट, नागपुर की यह कैंसर क्लिनिक की पहल बालाघाट व छिंदवाड़ा शहरो में की गई है। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. समीक्षा दुबे का कहना है कि इन समस्याओं के चलते कैंसर के मरीज जल्दी डॉक्टरों तक नहीं पहुंच पाते और इस बीमारी से जान गवाँ देते है। हर साल करोड़ो कैंसर रोगियों को पूरा ठीक करने की सम्भावना हो सकती है अगर जनता को कैंसर सम्बंधित लक्षणों की जानकारी दी जा सके और मरीज डॉक्टर के पास जल्द से जल्द जा सके।
कैंसर के कई लक्षण हो सकते है जैसे स्तन में गांठए मुँह में न भरने वाला छाला या घावए लगातार खांसीए खाना निगलने में दिक्कतए आवाज में बदलाव, खांसी से या मल मूत्र से खून आना। हालाँकि कैंसर जानलेवा हो सकता है परंतु अगर समय पर सही इलाज मिल जाए तो लोगों को असमय मृत्यु से बचाया जा सकता है। इसीलिए कैंसर से बचाव व नियंत्रण के बारे में लोगो को अवगत कराना महत्त्वपूर्ण जो जाता है।

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Fri, 02 Feb 2024 22:19:53 +0530 Newsdesk
सायबर धोखाधड़ी से बचने जागरुकता कार्यशाला   https://citytoday.co.in/Awareness-workshop-to-avoid-cyber-fraud https://citytoday.co.in/Awareness-workshop-to-avoid-cyber-fraud जबलपुर। एचडीएफसी बैंक ने डिजिटल बैंकिंग जागरूकता अभियान के तहत, युवा पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रैक्टिस के बारे में जरुरी कौशल और ज्ञान देने के लिए एक सिक्योर बैंकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया। एचडीएफसी बैंक ने जबलपुर के सेंट अलॉयसियस कॉलेज में अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित की। इस इंटरैक्टिव सेशन के माध्यम से छात्रों और कर्मचारियों ने सेफ डिजिटल बैंकिंग प्रैक्टिसेज पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की, ताकि वे साइबर धोखाधड़ी का शिकार न बनें। वर्कशॉप ने प्रासंगिक विषयों की एक पूरी श्रृंखला को कवर किया, जिससे

डिजिटल सुरक्षा की व्यापक समझ मिल सकी

आईएफएडब्ल्यू का उद्देश्य प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता सप्ताह के मिशन, भूमिका के बारे में बताया गया, जो डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है। आम साइबर खतरों जैसे विशिंग, फ़िशिंग, स्मिशिंग, रिमोट डिवाइस एक्सेस, सिम स्वैप और यूपीआई धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। वास्तविक जीवन के उदाहरण देकर समझाया गया। सिक्योर नेटबैंकिंग और शॉपिंग टिप्स, इन सेशन में सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के लिए सर्वोत्तम तरीकों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें विजिल आंटी के महत्व को दर्शाया गया और सिक्योर ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमूल्य सुझाव दिए गए।

बचाव के उपाय

प्रतिभागियों को गाइड किया गया था कि वे संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, डेबिट, क्रेडिट कार्ड पिन और यूपीआई पिन किसी को न बताएं।

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Tue, 30 Jan 2024 22:52:53 +0530 Newsdesk
MP High Court : हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई की तारीख 26 फरवरी त‍क बढ़ाई https://citytoday.co.in/High-Court-extended-the-hearing-date-of-OBC-reservation-case-till-26-February https://citytoday.co.in/High-Court-extended-the-hearing-date-of-OBC-reservation-case-till-26-February जबलपुर। MP High Court : हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के 91 प्रकरणों पर लंबे समय के बाद सुनवाई हुई। राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिकाएं लंबित हैं, और सुप्रीम कोर्ट में इस पर 13 फरवरी को सुनवाई निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पहले इसे यहां सुनवाई नहीं की जाएगी। प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति विनय सराफ ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर 26 फरवरी को निर्धारित किया है। ओबीसी आरक्षण के मामलों में अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक शाह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर प्रकरणों में से तीन याचिकाएं निरस्त हो चुकी हैं। इसके कारण हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अटका हुआ है। भर्ती एजेंसियों ने ओबीसी वर्ग के 13 प्रतिशत चयनित उम्मीदवारों के रिजल्ट रोक दिए हैं, जिससे आम वर्ग के अभ्यर्थियों को भी परिणाम नहीं मिला है। 

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Tue, 23 Jan 2024 20:33:05 +0530 Newsdesk
MP News :पॉक्सो एक्ट में सजा के प्रावधानों का सरकार करे प्रचार&प्रसार, हाईकोर्ट का आदेश https://citytoday.co.in/99 https://citytoday.co.in/99 जबलपुर: हाईकोर्ट के न्यायाधीश विशाल धगट ने सरकार को निर्देश दिया है कि पॉक्सो एक्ट की धारा-43 के तहत सजा के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करना चाहिए, ताकि युवाओं को इस एक्ट के कठोर प्रावधानों की जानकारी हो सके। न्यायाधीश ने सरकारी अधिवक्ता को इस निर्देश की प्रति प्राप्त करवाने के लिए आदेश जारी किए हैं।

पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में निरूद्ध पंकज प्रजापति, जिनकी आयु 24 वर्ष है, ने दूसरी जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में यह बताया गया था कि युवक और किशोरी के बीच प्रेम-संबंध थे और वे दोनों घर से भाग गए थे। किशोरी के गायब होने पर हरदा जिले के होण्यिका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने याचिकाकर्ता युवक के खिलाफ बलात्कार, अपहरण, और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। युवक विगत अक्टूबर 2022 से जेल में निरूद्ध है। किशोरी की आयु 17 वर्ष एक महीने है, और दोनों ने सहमति से शारीरिक संबंध बनाए थे। न्यायालय में भी किशोरी ने इस संबंध में अपने बयान दर्ज करवाए हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने एकलपीठ को बताया कि पॉक्सो एक्ट की धारा-43 में प्रावधान है कि कानून और सजा के संबंध में सरकार को प्रचार-प्रसार करना चाहिए। एक्ट को लागू होने के दस साल से अधिक का समय हो गया है और युवाओं को इस एक्ट के कठोर प्रावधानों की जानकारी नहीं है, क्योंकि सरकार ने इसका प्रचार-प्रसार नहीं किया है। इसके बावजूद, एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान करते हुए आदेश जारी किए हैं।

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Wed, 20 Dec 2023 21:54:11 +0530 Newsdesk