City Today & : रायपुर https://citytoday.co.in/rss/category/रायपुर City Today & : रायपुर en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED वेदांता पावर प्लांट हादसे पर उद्योग मंत्री ने जताया गहरा शोक https://citytoday.co.in/5536 https://citytoday.co.in/5536 रायपुर.
वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना में जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मंत्री देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम क़ानून के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Thu, 16 Apr 2026 19:22:53 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़&ओडिशा सीमा पर बड़ा खुलासा: जंगल से भारी विस्फोटक बरामद, CRPF ने तेज की सर्चिंग https://citytoday.co.in/5510 https://citytoday.co.in/5510 गरियाबंद

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सोनाबेड़ा अभ्यारण्य से लगे ढेकुनपानी के घने जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (Naxal Explosive Material) और संदिग्ध सामान बरामद किया है. इस बरामदगी से इलाके में दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई है.

​गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
​जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को लंबे समय से छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (Chhattisgarh Odisha Border) पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. इसी आधार पर सीआरपीएफ की टीम ने ढेकुनपानी जंगल (Dhekunpani Forest) के रणनीतिक स्थानों पर सर्चिंग अभियान (Search Operation) तेज किया. जंगलों के भीतर छिपाई गई विस्फोटक सामग्री को जवानों ने बेहद सावधानी के साथ बरामद किया. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने या किसी बड़े आईईडी (IED) ब्लास्ट के लिए किया जाना था.

इलाके में हाई अलर्ट, सर्चिंग तेज
​इस बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. कोमना पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अब आसपास के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी नजर रख रही हैं. सोनाबेड़ा अभ्यारण्य का इलाका अपनी दुर्गम भौगोलिक संरचना के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिसका फायदा उठाकर अक्सर असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं.

जवानों की मुस्तैदी का परिणाम
​अधिकारियों का कहना है कि समय रहते विस्फोटक सामग्री का मिलना जवानों की मुस्तैदी का परिणाम है. फिलहाल, सुरक्षाबलों ने ढेकुनपानी और उसके आसपास के जंगलों में गश्त और सर्चिंग अभियान को और अधिक सघन कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके. सीमावर्ती थानों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं.

खतरनाक है नक्सलियों की समाग्री
सुरक्षाबलों द्वारा मौके से जब्त की गई सामग्रियों की सूची जो नक्सलियों की खतरनाक तैयारी की ओर इशारा करती है. ​70 जिलेटिन की छड़ें हैं, जो एक उच्च क्षमता वाला विस्फोटक है. इसका उपयोग ब्लास्ट के लिए किया जाता है. ​3 स्टील कंटेनर बरामद हुए हैं. इनका उपयोग अक्सर 'टिफिन बम' बनाने के लिए किया जाता है, जो काफी घातक साबित होते हैं. ​4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर हैं, जिनका विस्फोटकों को दूर से नियंत्रित करने या सर्किट तैयार करने के लिए इन तारों का उपयोग किया जाता है.

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Mon, 13 Apr 2026 16:38:23 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में सड़क विकास को रफ्तार: 15 फोरलेन सड़कें बनेंगी, 708 करोड़ मंजूर https://citytoday.co.in/5462 https://citytoday.co.in/5462 रायपुर.

प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपये मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपये, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपये तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपये, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपये, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपये और 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।

रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपये, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपये, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपये, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपये और कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

आर्थिक प्रगति का आधार होगा मजबूत – अरुण साव
उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।

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Thu, 09 Apr 2026 19:15:53 +0530 news desk MPcg
अंधेरे से उजाले की ओर& पुनर्वास नीति ने संवारा विनोद का भविष्य https://citytoday.co.in/5436 https://citytoday.co.in/5436 रायपुर

बारूद की गंध की जगह अपने भविष्य विकास गढने लगे हैं

छत्तीसगढ़ शासन की नक्सली पुनर्वास नीति केवल शस्त्र छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि भटकते युवाओं के जीवन में नई रोशनी लाने का माध्यम बन गई है। जहां कभी बारूद की गंध थी, वहां अब विकास की सड़कें पहुंच रही हैं। भय और आतंक को छोड़कर हुनर अपना रहे ये युवा आज छत्तीसगढ़ के बदलते स्वरूप के प्रतीक बन गए हैं।
         
राज्य शासन की नीति का मुख्य केंद्र केवल आत्मसमर्पण तक सीमित न रहकर, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में मजबूती से स्थापित करना है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा लिवलीहुड कॉलेज में आत्मसमर्पित युवक-युवतियों के लिए स्वरोजगार आधारित विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

विनाश से विकास तक का सफर

इस परिवर्तन की एक जीती-जागती मिसाल हैं 27 वर्षीय विनोद कुरसम। बीजापुर जिले के सुदूर बीहड़ गांव कोकेरा के रहने वाले विनोद का बचपन अभावों और भय के साये में बीता। शिक्षा की कमी विनोद केवल पांचवीं तक पढ़ सके, क्योंकि उनके गांव के स्कूल को माओवादियों ने बारूद से उड़ा दिया था। बुनियादी सुविधाओं (सड़क, बिजली, शिक्षा) से कटे कोकेरा गांव में 15-16 साल पहले नक्सलियों ने पैर पसारे। विनोद को कम उम्र में ही बाल संगठन में झोंक दिया गया और बाद में वे चौरपल्ली आरपीसी जनताना सरकार के कमांडर बना दिए गए।

परिवर्तन का संकल्प

विनोद स्वीकार करते हैं कि असामाजिक गतिविधियों में उनके जीवन के कीमती 16 वर्ष व्यर्थ ही व्यतीत हो गए। लेकिन शासन की विकास योजनाओं और पुनर्वास नीति ने उनकी सोच बदल दी। 15 जनवरी 2026 को विनोद ने अपने 30 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर नई शुरुआत का फैसला किया।जब जागो तब सवेरा। विनोद कुरसम ने कहा कि मैं अपने बच्चों को वह जीवन नहीं देना चाहता जो मैंने जिया। मैं उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना चाहता हूँ। 

आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
         
आज विनोद दंतेवाड़ा के लिवलीहुड कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन का ट्रेड सीख रहे हैं। उनके चेहरे की मुस्कान उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और तीन बेटे (बबलू, कांत और निलेष) हैं। उनका बड़ा बेटा वर्तमान में बालक आश्रम बरदेली में कक्षा 7 वीं का छात्र है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विनोद अपने गांव के पास ही बिजली के उपकरणों की मरम्मत का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। विनोद की कहानी शासन की नीतियों की एक असाधारण सफलता है।

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Wed, 08 Apr 2026 14:41:28 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ की धरती के कण&कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय https://citytoday.co.in/5424 https://citytoday.co.in/5424 छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव  में शामिल हुए।  इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित थीं।

 मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का  संदेश दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, उपेंद्र यादव, सुनील अग्रवाल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

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Tue, 07 Apr 2026 12:57:50 +0530 news desk MPcg
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ जवानों की सफलता: टॉप लीडरों का एनकाउंटर, हथियारों के साथ सरेंडर, जानें 5 प्रमुख कारण https://citytoday.co.in/5374 https://citytoday.co.in/5374 बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ जवानों की सफलता: टॉप लीडरों का एनकाउंटर, हथियारों के साथ सरेंडर, जानें 5 प्रमुख कारण

जगदलपुर
 छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है। सुरक्षाबल के जवानों ने डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही नक्सलियों के कई टॉप लीडरों का एनकाउंटर किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर के कारण जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कैंप की स्थापना से जवानों को इस मिशन में बड़ी मदद मिली है।

बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में स्थानीय लोगों का साथ मिला। इसके साथ ही रणनीति बनाई गई थी कि फोर्स की पहुंच उन इलाकों में होनी चाहिए जो हार्डकोर नक्सली माने जाते हैं। जिसके बाद सुरक्षा कैंप की स्थापना पर फोकस किया गया। कैंप की स्थापना से स्थानीय लोगों से संवाद आसान हुआ इसके साथ की नक्सलियों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी गई। जिस कारण से नक्सलवाद के खिलाफ जीत मिली है।

हार्डकोर नक्सली इलाके में फोर्स की पहुंच
बस्तर संभाग में 2025 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ क्षेत्र की जनता से संवाद के मकसद से 58 नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई। इसके साथ ही 22 मार्च 2026 तक 15 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए। जिसमें नारायणपुर जिले के हार्डकोर नक्सली इलाका माने जाने वाले जटवर, मदौड़ा, वाड़ापेंदा, कुरूषकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर, दिवालूर, तुमनार। बीजापुर जिले के आदवाड़ा, मुक्कावेली, गुण्डेपुरी, पालसेगुड़ी, सेन्ड्रा, बड़ेगुण्डेम जैसे स्थान पर सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई।

ग्रामीणों तक योजनाओं का पहुंचा लाभ
बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ विकास कार्य को भी प्राथमिकता दी गई। नक्सली इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराया गया। जिस कारण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने लगा।

नक्सलियों के खिलाफ रणनीति के साथ लड़ाई लडी गई। अलग-अलग मोर्चे पर रणनीति तैयार की गई थी। जो गांव नक्सलवाद से मुक्त हो रहे थे वहां, सरकारी योजनाएं पहुंचाकर ग्रामीणों का विश्वास हासिल किया गया।

सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज

नक्सलियों के सरेंडर से संगठन कमजोर
बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी कैडरों को सरेंडर के लिए प्रेरित किया गया। इसके लिए 'पूना मारगेम' अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत 2025 में 1573 और 2026 में 373 माओवादियों ने सरेंडर किया है। जिस कारण से नक्सली संगठन को झटका लगा। वहीं, 2024 में 792 माओवादियों ने हिंसा त्यागकर सरकार की नीतियों का साथ दिया और समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं।

बड़े नक्सलियों का एनकाउंटर
नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने टॉप नक्सली लीडरों को टारगेट किया। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने बसवाराजू, माड़वी हिडमा जैसे नक्सलियों का एनकाउंटर किया। जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर होता गया।

नक्सल संबंधी घटनाओं का विवरण साल 2024 साल 2025 साल 2026 (22 मार्च तक)
मुठभेड़ में मारे गए नक्सली 217 256 26
गिरफ्तार नक्सली 929 898 94
नक्सलियों द्वारा बरामद हथियार 286 677 237
सरेंडर करने वाले नक्सली 792 1573 373
बरामद किए गए आईईडी विस्फोटक 308 894 220

हथियार के साथ सरेंडर से झटका

माओवादी संगठनों को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ सरेंडर किया। बस्तर संभाग में पुलिस ने नक्सली मुठभेड़, माओवादियों द्वारा डम्प किये गये हथियार एवं पूना मारगेम के तहत सशस्त्र माओवादियों द्वारा हिंसा त्यागकर समाज के मुख्यधारा में शामिल होनों से नक्सली संगठन को झटका लगा।

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Wed, 01 Apr 2026 13:11:38 +0530 news desk MPcg
नया अध्याय: CM साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास और लोकार्पण https://citytoday.co.in/5352 https://citytoday.co.in/5352 अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण

अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं। 

इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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Mon, 30 Mar 2026 15:26:06 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कमिश्नर, आईजी और जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कर रहे हैं बड़ी बैठक https://citytoday.co.in/5343 https://citytoday.co.in/5343 रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में उपजी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बुलाई गई थी, ताकि राज्य में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने बैठक में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खेती के लिए उर्वरकों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन चीजों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। दरअसल, बैठक में भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर भी चर्चा की गई है।

मैदानी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि बाजार में सामानों की कमी को लेकर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यापारी या बिचौलिया जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करता है, तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य, कृषि, परिवहन और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शासन की कोशिश है कि वैश्विक तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ के बाजारों में जरूरी सामानों की आपूर्ति और कीमतें सामान्य बनी रहें।

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Sat, 28 Mar 2026 17:24:27 +0530 news desk MPcg
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर https://citytoday.co.in/5298 https://citytoday.co.in/5298 रायपुर

बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए  छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री  अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।
         
 साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने  कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”
      
 साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”       

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।

करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।
          
भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”
       
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”
       
मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। 
        
दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”
        
राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने साई मीडिया से कहा, “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”
        
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) द्वारा नियुक्त कोच नजर रखेंगे।  तिर्की ने कहा, “हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।”

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Tue, 24 Mar 2026 20:22:56 +0530 news desk MPcg
पोल्ट्री फार्म में 5000 से अधिक मुर्गियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका, पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप https://citytoday.co.in/5293 https://citytoday.co.in/5293 बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।

 छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।

जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील
संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे।

जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल
सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।

पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील
पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।

प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर
इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।

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Tue, 24 Mar 2026 15:57:11 +0530 news desk MPcg
पोल्ट्री फार्म में 5000 से अधिक मुर्गियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका, पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप https://citytoday.co.in/5294 https://citytoday.co.in/5294 बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।

 छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।

जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील
संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे।

जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल
सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।

पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील
पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।

प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर
इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।

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Tue, 24 Mar 2026 15:57:11 +0530 news desk MPcg
पोल्ट्री फार्म में 5000 से अधिक मुर्गियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका, पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप https://citytoday.co.in/5291 https://citytoday.co.in/5291 बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।

 छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।

जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील
संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे।

जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल
सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।

पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील
पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।

प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर
इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।

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Tue, 24 Mar 2026 15:57:10 +0530 news desk MPcg
पोल्ट्री फार्म में 5000 से अधिक मुर्गियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका, पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप https://citytoday.co.in/5292 https://citytoday.co.in/5292 बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।

 छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।

जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील
संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे।

जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल
सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।

पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील
पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।

प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर
इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।

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Tue, 24 Mar 2026 15:57:10 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ https://citytoday.co.in/5270 https://citytoday.co.in/5270 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय

बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान

सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट

सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी

खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग

रायपुर 
नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। 

मुख्यमंत्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है। 
           मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
          इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए। 

       मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
         मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 

             कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।
            पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
           कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
          इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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Sat, 21 Mar 2026 18:27:42 +0530 news desk MPcg
चैत्र नवरात्र का असर: 3 दिन बंद रहेंगी मांस&मटन की दुकानें, मंदिरों में गूंजे ‘जय माता दी https://citytoday.co.in/5246 https://citytoday.co.in/5246 रायपुर.

शहर में आगामी धार्मिक पर्वों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने तीन दिन मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। निगम क्षेत्र में 20, 27 और 31 मार्च 2026 को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। निगम प्रशासन के अनुसार 20 मार्च को चेट्रीचंड, 27 मार्च को रामनवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर पशु वध गृह सहित सभी मांस-मटन की दुकानों को बंद रखा जाएगा।

मंदिरों में गूंजे ‘जय माता दी’ के जयकारे
आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है, जो 27 मार्च तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। जय माता दी के जयकारों के साथ सुबह से ही प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ पड़ी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में जुट गए। नवरात्र के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदेशभर के मंदिरों में ज्योति कलश जलाने की विशेष तैयारियाँ की गई हैं। इस बार लंबे समय बाद ऐसा विशेष संयोग बन रहा है कि अमावस्या तिथि में कलश स्थापना हो रही है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत दुर्लभ और शुभ माना गया है।

साथ ही, शुक्ल और ब्रह्म योग का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा के बजाय अमावस्या तिथि में हो रही है, जिससे यह और भी विशेष बन गई है। खास बात यह है कि इस बार दुर्गा अष्टमी और राम नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिससे यह संयोग अत्यंत शक्तिशाली और पुण्यदायी बन गया है।

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Thu, 19 Mar 2026 15:55:45 +0530 news desk MPcg
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रूप से चल रहे दो क्लीनिक सील, दवाइयां जब्त https://citytoday.co.in/5236 https://citytoday.co.in/5236 सक्ती/रायपुर.

बगैर दस्तावेजों के चल रहे 2 क्लीनिक को सील किया गया है। साथ ही बडी संख्या में दवाईयां भी जब्त की गई है। मामला सक्ती एवं टेमर गांव का है। उक्त कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। जिसके चलते अवैध क्लीनिक संचालकों में हडकंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर क्लीनिक एवं पैथॉलाजी लैब में जाकर जांच पडताल की।

इस दौरान स्टेशन रोड सक्ती स्थित एक मकान में बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। वहीं ग्राम टेमर क्षेत्र में भी बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पंजीयन के चिकित्सा कार्य किए जाने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करना स्पष्ट हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से दोनों क्लीनिकों को बंद करा दिया। साथ ही आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि बिना वैध डिग्री, पंजीयन और अनुमति के किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Wed, 18 Mar 2026 16:57:01 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात https://citytoday.co.in/5233 https://citytoday.co.in/5233 मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर – रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना

रायपुर
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने  शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। 
              इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री  साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही। 
      उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी। 
       इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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Wed, 18 Mar 2026 13:45:49 +0530 news desk MPcg
दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम खेती का खुलासा, गिरफ्तार भाजपा नेता के भाई की दुकान पर चला बुलडोजर https://citytoday.co.in/5172 https://citytoday.co.in/5172  दुर्ग

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए समोदा गांव में बुलडोजर चलाया. इस अभियान के दौरान उस दुकान को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया है. यह दुकान उस व्यक्ति की थी, जिसके भाई को हाल ही में अफीम की खेती के मामले में गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई ने इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है. जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और पूरी कार्रवाई को देखने लगे. इस पूरे मामले का संबंध भाजपा किसान मोर्चा के नेता विजय ताम्रकार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिन्हें कुछ दिन पहले पुलिस ने अफीम की खेती के आरोप में गिरफ्तार किया था।

मक्के के खेत में मिली करोड़ों की अफीम
जानकारी के मुताबिक 7 मार्च को पुलिस और नारकोटिक्स से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक खेत में छापा मारा था. जांच के दौरान मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे पाए गए. जांच में सामने आया कि खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार बरामद फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विजय ताम्रकार को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी।

भाई की दुकान पर चला बुलडोजर
इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने समोदा गांव में एक और कार्रवाई की. अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार नेता के भाई बृजेश ताम्रकार गांव में करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर दुकान चलाते थे. जिला प्रशासन को लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी भूमि पर बनाई गई है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से इस निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त तहसीलदार ने किया. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया है. अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया और कुछ ही समय में पूरी संरचना को गिरा दिया गया. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को मुक्त कराना था।

पहले ही जारी हो चुका था बेदखली आदेश
प्रशासन के मुताबिक इस मामले में स्थानीय अदालत पहले ही बेदखली का आदेश जारी कर चुकी थी. इसके बावजूद लंबे समय तक कब्जा नहीं हटाया गया. गांव के लोगों और ग्राम प्रधान ने कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत देकर बताया था कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है. इन शिकायतों के आधार पर जांच की गई और अंततः अदालत से बेदखली वारंट जारी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

बुलडोजर कार्रवाई देखने जुटे ग्रामीण
मंगलवार को जब प्रशासन की टीम समोदा गांव पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया, गांव के लोग आसपास इकट्ठा होने लगे. कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर मौजूद रहे. हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई. अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर है. राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही हैं और उन्हें हटाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष ने उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने अफीम की खेती के मामले को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग भी की है. हालांकि सरकार की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

कानून व्यवस्था पर प्रशासन का जोर
प्रशासन का कहना है कि अवैध गतिविधियों और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी के तहत जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी. समोदा गांव में हुई यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. एक तरफ अफीम की करोड़ों की खेती का खुलासा और दूसरी तरफ उससे जुड़े व्यक्ति के परिवार की अवैध दुकान पर बुलडोजर चलने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है. जिले में जहां-जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस बीच पुलिस अफीम की खेती से जुड़े मामले की भी जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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Wed, 11 Mar 2026 12:46:48 +0530 news desk MPcg
26 मार्च से शुरू होंगे पहले Khelo India Tribal Games . https://citytoday.co.in/5136 https://citytoday.co.in/5136 देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन 26 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के तीन शहरों—रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होगी। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल देश के आदिवासी क्षेत्रों से उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रतियोगिता में कुल सात खेलों में पदक मुकाबले होंगे। इनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल (डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट्स) के रूप में शामिल किया गया है। इन खेलों में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत के आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही मंच और संसाधन नहीं मिल पाते। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए अवसर प्रदान करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों को युवाओं के विकास और देश की प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन, विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति के सहयोग से किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आधिकारिक शुभंकर “मोरवीर” रखा गया है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी समुदाय के साहस का प्रतीक है।

खेलो इंडिया योजना के तहत यह आयोजन देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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Fri, 06 Mar 2026 17:28:30 +0530 news desk MPcg
CM साय ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ खेली होली, आपसी प्रेम और सद्भाव का दिया सन्देश https://citytoday.co.in/5098 https://citytoday.co.in/5098 Tue, 03 Mar 2026 13:16:34 +0530 news desk MPcg छत्तीसगढ़ विधानसभा: गिग वर्करों की सुरक्षा पर अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल, सरकार ने कहा& केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार https://citytoday.co.in/5059 https://citytoday.co.in/5059 Wed, 25 Feb 2026 17:37:01 +0530 news desk MPcg माँ का आशीर्वाद और अपार जनस्नेह : बगिया में आत्मीयता के साथ मना मुख्यमंत्री का जन्मदिन https://citytoday.co.in/5034 https://citytoday.co.in/5034 Sat, 21 Feb 2026 19:33:42 +0530 news desk MPcg CM साय ने झुमका में 27 लाख के ओपन थिएटर का किया लोकार्पण, पर्यटन विकास पर दिया जोर https://citytoday.co.in/5010 https://citytoday.co.in/5010 Tue, 17 Feb 2026 17:01:49 +0530 news desk MPcg बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध& उपमुख्यमंत्री शर्मा https://citytoday.co.in/4981 https://citytoday.co.in/4981 Fri, 13 Feb 2026 20:41:53 +0530 news desk MPcg ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय https://citytoday.co.in/4931 https://citytoday.co.in/4931 Thu, 05 Feb 2026 18:44:49 +0530 news desk MPcg विष्णु सरकार ने किसानों के खाते में डाले 1061 करोड़, किसानों को बड़ी आर्थिक राहत https://citytoday.co.in/4921 https://citytoday.co.in/4921 Wed, 04 Feb 2026 15:37:48 +0530 news desk MPcg रायपुर में अवैध रेत खनन पर एनजीटी सख्त, अफसरों की भूमिका की होगी उच्चस्तरीय जांच https://citytoday.co.in/4836 https://citytoday.co.in/4836 Fri, 23 Jan 2026 17:07:50 +0530 news desk MPcg छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम निर्णय: नई आबकारी नीति, नवा रायपुर में शिक्षा और स्टार्टअप को बढ़ावा https://citytoday.co.in/4834 https://citytoday.co.in/4834 Wed, 21 Jan 2026 19:40:54 +0530 news desk MPcg रायपुर : बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ https://citytoday.co.in/4830 https://citytoday.co.in/4830 Wed, 21 Jan 2026 14:31:09 +0530 news desk MPcg बीजापुर में पुलिस और नक्सलियों में जबरदस्त मुठभेड़, 2 माओवादी ढेर https://citytoday.co.in/4804 https://citytoday.co.in/4804 Sat, 17 Jan 2026 14:09:21 +0530 news desk MPcg दिल्ली में परिवहन मंत्रियों की बड़ी बैठक, सड़क सुरक्षा पर केदार कश्यप ने रखा छत्तीसगढ़ का मॉडल https://citytoday.co.in/4769 https://citytoday.co.in/4769 Fri, 09 Jan 2026 13:06:37 +0530 news desk MPcg बस्तर पंडुम 2026 का भव्य शुभारंभ, जनजातीय संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच https://citytoday.co.in/4746 https://citytoday.co.in/4746 Fri, 02 Jan 2026 20:13:27 +0530 news desk MPcg रायपुर में मेट्रो स्टाइल एंटरटेनमेंट: सेंध लेक में शुरू हुआ ड्राइव&इन मूवी कल्चर, वीकेंड पर DDLJ और Mohabbatein की स्क्रीनिंग https://citytoday.co.in/4648 https://citytoday.co.in/4648 रायपुर

छत्तीसगढ़ में पहली बार एंटरटेनमेंट का एक नया विंडो ओपन होने जा रहा है. रायपुर के एमएसएमई द फरेबिस ने नया रायपुर में ड्राइव इन मूवी का आयोजन करने का फैसला किया है. ये ड्राइव इन मूवी नया रायपुर में सेंध लेक ग्राउंड में होने वाला है. इस ड्राइव इन मूवी का पहला शो रविवार 21 दिसंबर को होने वाला है. साथ ही आने वाले दिनों में भी वीकेंड्स और खास अवसरों पर लगातार ड्राइव इन मूवी का आयोजन किया जाएगा. वर्ल्ड क्लास एक्सपीरियंस के साथ होने वाले इस शो की पहली मूवी दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे होगी, जो अपने रिलीज का 30वाँ एनिवर्सरी सेलिब्रेट कर रहा है. ये शो शाम को 5.45 बजे शुरू होगा.

बता दें कि इसी दिन अपने रिलीज का सिल्वर जुबली ईयर सेलिब्रेट करने वाली फिल्म मोहब्बतें  का टेलीकास्ट रात 10.25 बजे से किया जाएगा. द फरेबिस की फाउंडर अनंता जायसवाल हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में पहला कदम रखते हुए ये शो लांच किया है. उन्होंने बताया कि खुले आसमान में सितारों के नीचे अपने पसंदीदा सितारों की फिल्म देखना अनोखा अनुभव होगा. लेक साइट पर खुले आसमान के तले साफ सुथरे वातावरण में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए टेलीकास्ट होने वाली मूवी देखना छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एकदम अनूठा अनुभव होगा.

दरअसल, विशाल एल ई डी वॉल पर फिल्म की स्क्रीनिंग होगी और दर्शक अपनी कार में बैठे-बैठे इसका लुत्फ उठा सकेंगे. फिल्म का ऑडियो रेडियो ट्रांसमिशन के जरिए कार के अंदर एफ एम सिस्टम पर सुना जा सकेगा. यह आपको एकदम नया और अनूठा अनुभव देगा. वाइस क्वालिटी बहुत क्लियर होगी. इसके अलावा आप यदि सराउंड साउंड का आनंद लेना चाहते हैं तो विंडो ओपन करके फ्लोर साउंड का भी मजा ले सकते हैं. ये डबल ऑडियो सिस्टम वाला ड्राइव इन मूवी का देश में इकलौता मॉडल है.

द फरेबिस की फाउंडर अनंता जायसवाल ने बताया है कि अत्याधुनिक तकनीक के साथ छत्तीसगढ़ में ड्राइव इन मूवी शो का ये पहला प्रयोग है, जिसमें दर्शक अपनी कार में बैठे बैठे ही लजीज चाइनीज और कांटिनेंटल व्यंजन के साथ ही हॉट एंड कोल्ड ड्रिंक्स का भी मजा ले सकेंगे, इसके लिए देश के कई नामचीन सेफ का मेनू तैयार किया गया है. इस शो का टिकटिंग पार्टनर find your wibe है, जो रायपुर का ही टिकटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें दर्शकों को केवल टिकट फी देना होगा. इसमें जीएसटी और प्लेटफार्म फी शामिल है, इसमें कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं जुड़ेगा. ये प्लेटफार्म इंटरनेट पर आसानी से एक्सेसेबल है. शो में प्रत्येक कार के लिए फीस तय की गई है, जिसमें कोई पर्सन लिमिट नहीं है. इसके अलावा ऑन द स्पॉट टिकट भी लिया जा सकता है. इसके लिए शो ग्राउंड पर कैश और ऑनलाइन पेमेंट के लिए अलग अलग काउंटर बनाए गए हैं. आप फैमिली या फ्रेंड्स के साथ इस शो में एकदम नया और अनूठा आनंद का अनुभव करेंगे. न्यू कपल्स के लिए ये शानदार डेटिंग भी साबित होगा.

को-फाउंडर मयंक वर्मा ने कि पहले शो के लिए 4 बजे गेट ओपन होगा और सेकंड शो के लिए 9.15 बजे से प्रवेश दिया जाएगा. एंट्री और एग्जिट के लिए अलग अलग व्यवस्था है, जिससे दर्शकों को किसी तरह की परेशानी से नहीं होगी. शो के दौरान अनुशासन और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी होगा ताकि पारिवारिक माहौल में कोई खलल ना हो. कार्यक्रम स्थल पर किसी को भी नशे की हालत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और ना ही शो के दौरान इसकी इजाजत होगी. प्रशासन के निर्देशानुसार शो में एंट्री के दौरान ड्रिंक्स ईटेबल्स और पैट्स साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी. द फ़रेबिस ग्रुप का ये छत्तीसगढ़ में पहला आयोजन है, इसके साथ ही इसी तरह ड्राइव इन मूवी का आयोजन आने वाले दिनों में वीकेंड्स और खास अवसरों पर लगातार किया जाता रहेगा. आने वाले दिनों में ग्रुप ने कई बड़े इवेंट्स का कैलेंडर प्लान किया है, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी.

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Sat, 20 Dec 2025 19:21:45 +0530 news desk MPcg
जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ भविष्य की नींव रखी जा रही है, पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री https://citytoday.co.in/4632 https://citytoday.co.in/4632

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से सुकमा में पुनर्वास नीति बनी मिसाल

रायपुर,

कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।

यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।

यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।

कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण  आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार  और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।

पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।

पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।

डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।

सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि  संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को  नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।

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Fri, 19 Dec 2025 19:09:23 +0530 news desk MPcg
आवास, पर्यावरण और आजीविका पर फोकस, दो साल में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखी : ओपी चौधरी https://citytoday.co.in/4591 https://citytoday.co.in/4591

रायपुर
प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है।

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा। 

नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।

मंत्री श्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी।

नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। श्री चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।

     

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Mon, 15 Dec 2025 19:22:42 +0530 news desk MPcg
रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान https://citytoday.co.in/4569 https://citytoday.co.in/4569 रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत

रायपुर

छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।

पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”

प्रमुख टूर पैकेज

रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)

इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)

धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।

रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)

इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।

रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)

यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

टूर पैकेज की विशेषताएं

प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।

स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

यह योजना मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

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Sat, 06 Dec 2025 16:53:16 +0530 news desk MPcg
1 जनवरी 2026 से सभी सरकारी दफ्तरों में अनिवार्य होगा आधार&बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस, GAD ने जारी किया आदेश https://citytoday.co.in/4546 https://citytoday.co.in/4546 रायपुर

मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में इसे लागू करने जा रही है। इसी संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को आदेश जारी किया है, जिसमें आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) को 1 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक सभी शासकीय सेवकों की AEBAS में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से उपस्थिति केवल AEBAS के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी। साथ ही कार्यालय में उपस्थिति की नियमित निगरानी करने और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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Fri, 05 Dec 2025 12:26:08 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में लागू हुई होमस्टे नीति 2025&30, ग्रामीणों को मिलेंगे 1 लाख रुपये और पर्यटन से कमाई का मौका https://citytoday.co.in/4511 https://citytoday.co.in/4511 रायपुर 

छत्तीसगढ़ सरकार ने होमस्टे पॉलिसी लागू कर दी है,  सरकार ने 2025-30 के लिए नई छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025‑30 बनाई है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीणों को मिलने वाला है, खास तौर पर बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस दिशा में और काम किया जा रहा है. इस पॉलिसी का मकसद प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाकों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभागों में होने वाली होमस्टे में और इजाफा करने की तैयारी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक इस दिशा में आ सके. 

होम-स्टे की सुविधा बढ़ेगी 

छत्तीसगढ़ सरकार की इस पॉलिसी के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रोत्साहन मिलेगा जो अपना घर पर्यटकों के ठहरने के लिए होम-स्टे के रूप में उपलब्ध कराएंगे. सरकार होम-स्टे सेट-अप की सुविधा देने के लिए वित्तीय मदद देगी, जिससे परिवारों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा. यानि अब जो इस दिशा में का करना चाहते हैं उन्हें इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. नए होम‌स्टे पर 1 लाख रुपए तक की मदद भी सरकार की तरफ से मिलेगी, जिसके लिए रिनोवेशन पर 50 हजार और 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी ग्रामीणों को मिलेगी. 

दरअसल, नीति के अनुसार होम-स्टे के लिए घर अपग्रेड करने के लिए 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी. क्योंकि इससे स्थानीय लोग अपने घर को होम-स्टे में बदलकर स्थायी आय अर्जित कर सकेंगे, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय कारीगरों के लिए स्वरोजगार व रोजगार के अवसर खुलेंगे. होम-स्टे की मदद से पर्यटक गांव की सादगी, प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोक-कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन आदि का अनुभव ले सकेंगे, जिससे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. 

 ग्रामीणों और पर्यटकों को फायदा कैसे

रियल सरगुजिहा फीलिंग: सैलानियों को अब सरगुजा में रियल सरगुजिहा फीलिंग मिल सकेगी. जिस जंगल, पहाड़, गांव, घर खेत खलिहान, आदिवासी संकृति को देखने सैलानी यहां आते हैं. अब वो इन सबमें समाहित होकर उसका आनंद ले सकेंगे, क्योंकि सरकार की इस नीति के बाद सैलानियों को शहर के महंगे एसी वाले होटल में नहीं ठहरना पड़ेगा.

पर्यटकों को मिलेगा होम स्टे का फायदा: होम स्टे के तहत पर्यटक गांव में ही ग्रामीणों के घर में रह सकेंगे. उनका खाना, उनकी चारपाई, खेत खलिहान, कुएं का पानी सहित तमाम लोकल कल्चर का आनंद उठा सकेंगे. सरकार होम स्टे को प्रमोट करने के लिए नीति बना चुकी है. इसे चरण बद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. सरकार होम स्टे के लिए प्रोत्साहन राशि और लोन लेने पर ब्याज में भी छूट की योजना बना चुकी है.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: सरगुजा के पर्यटक स्थलों और लोक संकृति पर शोध करने वाले अजय कुमार चतुर्वेदी कहते हैं कि होम स्टे से प्रदेश के दो संभाग बस्तर और सरगुजा के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. सरगुजा का पर्यटन, धार्मिक, साहित्यिक सभी दृष्टि से समृद्ध है. यहां रामगढ़ है, डीपाडीह है, मैनपाट, सोमरसोत, तमोर पिंगला अभयारण्य, ओडगी में कूदरगढ़, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व के कई इलाके हैं.

बस्तर में होम स्टे कल्चर:  प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने होम स्टे के सम्बन्ध में पूरी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बस्तर के कुछ गांव में होम स्टे कल्चर विकसित हो चुका है. इसे देखते हुए सरकार ने होम स्टे नीति बनाई है. पर्यटक हमारे घर के एक कमरे में हमारे साथ रहेगा, जो हम खायेंगे वही खायेगा. हमारे खेत बाड़ी घूमेगा. विदेशों में ये कल्चर कई जगह है.

सरकार करेगी मदद: मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पर्यटन विभाग ने चिन्हांकन का काम शुरू कर दिया है. हम एक कमरे पर एक लाख रुपये प्रोत्साहन देंगे. पहले वर्ष 50 हजार, फिर अगले वर्ष 30 हजार और तीसरे वर्ष 20 हजार दिया जाएगा. आप चाहें तो लोन भी ले सकते हैं. उसमें सरकार इंटरेस्ट सब्सिडी देगी. एक व्यक्ति 6 कमरे तक बना सकता है.

पर्यटकों और ग्रामीणों को होगा फायदा: बहरहाल सरकार की नीति का फायदा सीधे तौर पर पर्यटकों और स्थनीय ग्रामीणों को होगा. गांव के कच्चे के मकान का कमरा किराये पर देकर ग्रामीण पैसा कमा सकेंगे. ना सिर्फ कमरा बल्कि खाना व अन्य सुविधाओं का भी चार्ज वो सैलानियों से कर सकेंगे. सैलानियों के लिए भी ये सुनहरा अवसर होगा, क्योंकि जिस संस्कृति को वो दूर से देखने और फोटो क्लिक करने आते थे, अब वो उसी संस्कृति में रह सकेंगे.

सैलानियों का खर्च बचेगा: पर्यटक सरगुजा का लोकल जीराफूल, लाकरा की चटनी, पूटू, जंगली साग, कुएं का पानी, चारपाई में पैरावट का बिस्तर जैसे अनुभव को जी सकेंगे. इससे सैलानियों के बजट में भी कमी आयेगी क्योंकि सरगुजा घूमने के लिए वो पहले अंबिकापुर आकर किसी महंगे होटल में ठहरते हैं और फिर यहां से कैब बुक करके घूमने जाते हैं. शाम को वापस आते हैं और अगले दिन फिर निकलते हैं. इस तरह सैलानियों का ट्रेवलिंग और स्टे का खर्च काफी अधिक हो जाता है, लेकिन होम स्टे में वो उसी गांव में रुक सकेंगे, जहां उनको घूमना है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ा होम स्टे 

बता दें कि बीते कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में भी होम स्टे पर्यटन में तेजी से बढ़ावा आया है, क्योंकि राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों के जंगली इलाकों और ग्रामीण इलाकों में होम स्टे का कल्चर बढ़ा है, बाहर से आने वाले लोग शहर की थकान से दूर गांवों की शांति और सुकून में रहना पसंद करते हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है, ताकि पर्यटन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति को भी बढ़ावा दिया जा सके. 

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Wed, 03 Dec 2025 13:24:07 +0530 news desk MPcg
रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर में भव्य राज्यस्तरीय समारोह https://citytoday.co.in/4510 https://citytoday.co.in/4510 रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर में भव्य राज्यस्तरीय समारोह

रायपुर

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद श्री चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

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Wed, 03 Dec 2025 13:21:15 +0530 news desk MPcg
राशनकार्ड e&KYC : छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड धारकों को लग सकता है बड़ा झटका, 49 हजार राशन कार्ड होंगे रद्द https://citytoday.co.in/4487 https://citytoday.co.in/4487

रायपुर

छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड धारकों को बड़ा झटका लग सकता है. राज्य की सरकार इनके राशनकार्ड निरस्त कर सकती है. इसकी वजह है इन कार्ड का e-KYC नहीं होना. सत्यापन नहीं होने की वजह से ही राशनकार्ड कैंसिल किये जाने की आशंका जाहिर की जा रही है. अगर आपके अपने राशन कार्ड का e-KYC नहीं कराया है, तो आपका कार्ड रद्द हो सकता है.

इस जिले में 49 हजार राशन कार्ड होंगे रद्द
मिली जानकारी के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रचलित कुल 222996 राशनकार्डों में कुल 674767 हितग्राही है. जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें से कुल 49 हजार हितग्राहियों का e-KYC किया जाना शेष है. इस संबंध में समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से ईकेवायसी किया जाना है.

e-KYC के लिए 5 दिसंबर तक दिया समय
अतः जिले के समस्त राशनकार्ड हितग्राहियों से अनुरोध है कि अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य दुकान से सम्पर्क कर अपना E-KYC अनिवार्य रूप से करावें. 05 दिसम्बर 2025 तक जिन राशनकार्ड हितग्राहियों का E-KYC नहीं होने से राशनकार्ड निरस्त होने की संभावना बनी हुई है.

e-KYC की जरूरी क्यों?
राज्य सरकार ने e-KYC अनिवार्य करने का निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी राशनकार्ड रोकने के उद्देश्य से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि e-KYC न केवल लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करता है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार और योजना लाभों की सही डिलीवरी सुनिश्चित करता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर e-KYC न कराने पर राशन वितरण बाधित हो सकता है और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में समस्या आ सकती है. इसलिए अधिकारियों ने सभी हितग्राहियों से तत्काल दस्तावेज अपडेट करने का अनुरोध किया है.

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Tue, 02 Dec 2025 12:04:50 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड, आज कई जिलों में बारिश का अलर्ट https://citytoday.co.in/4477 https://citytoday.co.in/4477 रायपुर

ऊपरी वायुमंडल में हवा के साथ आ रही नमी से छाए बादल दिन में ठंडक लेकर आए. अगले दो दिन तक इसी तरह की स्थिति रहने का अनुमान है. इस दौरान दिन का पारा चढ़ने से रात की ठंड में थोड़ी कमी आएगी. दिसंबर महीने की शुरुआत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी के साथ होने की संभावना है. कई इलाकों में अलर्ट भी जारी किया गया है. आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है. रविवार को राज्य का 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.

श्रीलंका चक्रवाती सिस्टम की वजह से राज्य में नमी का प्रवेश हो रहा है. इसके प्रभाव से रविवार को दिन में रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादल छा गए. धूप का प्रभाव कम होने से पारा नहीं चढ़ पाया और मौसम में थोड़ी ठंडकता महसूस हुई. राज्य में रात का औसत तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नमी का प्रभाव एक दो दिन बने रहने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के आसार हैं. इसके साथ दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ने के साथ उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बने रहने की संभावना है. पिछले चौबीस घंटे में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग का रिकार्ड किया. वहीं न्यूनतम पारा अंबिकापुर का था. रायपुर का न्यूनतम तापमान 14.6 तथा अधिकतम पारा 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और दुर्ग में हलकी वर्षा की संभावना जताई है. यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है.

आज कैसा रहेगा राजधानी में मौसम?

राजधानी में सुबह के वक्त बादल छाए हुए हैं, लोगों का अच्छी ठंडी महसूस हो रही है. मौसम विभाग ने आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है. 24 घंटों में तापमान 16 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

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Mon, 01 Dec 2025 18:24:23 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में जल्द लागू होगी योजना, लोग अब वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे https://citytoday.co.in/4444 https://citytoday.co.in/4444  रायपुर
 प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण और प्राणी उद्यानों के बेहतर रखरखाव को लेकर वन विभाग ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। कर्नाटक और उत्तरप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी नागरिकों के साथ विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे।

इस योजना के माध्यम से वन्य प्राणियों की देखभाल, पोषण के साथ-साथ उनके आवास व स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही सरकार के स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।

पहले चरण में राजधानी रायपुर स्थित जंगल सफारी और बिलासपुर के कानन पेंडारी चिड़ियाघर से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जरूरत और परिस्थितियों के अनुरूप राज्य के अन्य चिड़ियाघरों तथा संरक्षित क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा।

वार्षिक दान दे सकेंगे

योजना के तहत नागरिक या संस्थाएं किसी भी वन्य प्राणी के संरक्षण के लिए वार्षिक दान दे सकेंगे। इस दान की न्यूनतम राशि और गोद लेने की शर्तें योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद सार्वजनिक की जाएगी। अनुमान है कि राशि प्राणी के आहार और सेवा-सुविधाओं की लागत के आधार पर तय होगी, जिसमें शेर, बाघ जैसे बड़े प्राणियों के लिए अधिक और हिरण, पक्षी आदि श्रेणियों के लिए अपेक्षाकृत कम दान निर्धारित किया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्राणी को गोद लेने का अर्थ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना होगा, इसमें प्राणी के स्वामित्व या उसके अधिकारों का हस्तांतरण शामिल नहीं होगा। गोद लेने वालों को विशेष अवसर पर प्राणी दर्शन की अनुमति, देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी और विभाग के कार्यक्रमों में आमंत्रण जैसे प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे।

संबंधित बाड़े में होंगे नाम

विशेष बात यह है कि दान देने वाले नागरिकों और संस्थाओं के नाम संबंधित प्राणी के बाड़े के बाहर और चिड़ियाघर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर पट्टिका के रूप में अंकित किए जाएंगे। इससे सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी और वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी।

वन विभाग का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां संरक्षण कार्यों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। वहीं आम नागरिकों में वन्य जीवों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा। विभाग को उम्मीद है कि राज्य के उद्योग, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और संवेदनशील नागरिक इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी करेंगे।

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Tue, 25 Nov 2025 17:05:23 +0530 news desk MPcg
रायपुर में 27 नवंबर से शास्त्री चौक से जयस्तंभ तक वन&वे, रूट और टाइमिंग जानें https://citytoday.co.in/4443 https://citytoday.co.in/4443 रायपुर
 राजधानी के स्काई वॉक प्रोजेक्ट में अब काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए विभाग ने कलेक्टर को ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु पत्र भेजा था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग के आदेश जारी कर दिए हैं।

    सोमवार से आदेश लागू होते ही रात की पाली में गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार जारी रहेगा।
    शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह तक वन-वे होगा।
    पहले 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन वे होगा
    अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक वन-वे होगा।

कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वन-वे किए जाने के लिए बंद मार्ग को एंट्री एवं एग्जिट पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड लगाना होगा।

समय सीमा पर काम करने आदेश

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण के अगले चरण में गर्डर और स्लैब लान्चिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए विभाग ने ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें 5 से 6 मीटर ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है।

ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों की विशेष व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। ट्रैफिक ब्लाक की अनुमति मिलते ही गर्डर लान्चिंग और स्लैब इंस्टालेशन का कार्य लगातार रात्रिकालीन पाली में जारी रहेगा, जिससे परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सके।

16 गर्डर लगाना बांकी

परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि स्काईवॉक में कुल 63 स्टील गर्डर और 25 प्रीकास्ट स्लैब लगाए जाने हैं। इनमें से 47 गर्डर का इंस्टालेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। इसी प्रकार 25 में से 19 स्लैब लगाए जा चुके हैं, और शेष 6 स्लैब का लान्चिंग कार्य इसी चरण में किया जाएगा।

गर्डर का निर्माण हो चुका है पूरा

भिलाई स्थित वर्कशाप में गर्डर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन सिस्टम के माध्यम से साइट पर लाकर फिटिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए पत्र में स्काईवॉक क्षेत्र में ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रस्तावित की गई है।

शास्त्री चौक में रोटेटरी और एस्केलेटर की योजना

पीडब्ल्यूडी की योजना के अनुसार, स्काईवाक का सेंटर का हिस्सा शास्त्री चौक पर विकसित किया जा रहा है, जहां चारों दिशाओं से आवागमन के लिए 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी बनाई जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है।

रात्रिकालीन कार्य और सुरक्षा व्यवस्था

कार्य की प्रकृति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया है, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम स्थल पर मौजूद रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य अवधि के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।

 

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Tue, 25 Nov 2025 16:43:23 +0530 news desk MPcg
धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू https://citytoday.co.in/4376 https://citytoday.co.in/4376

मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र निपानी में आसानी से किया धान का विक्रय

  रायपुर,

बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।

    बुजुर्ग किसान साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं।

उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

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Wed, 19 Nov 2025 18:19:54 +0530 news desk MPcg
धान खरीदी में लापरवाही: 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त, 12 कर्मचारियों पर एफआईआर https://citytoday.co.in/4352 https://citytoday.co.in/4352

रायपुर

कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.  

जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे.

12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर
राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है.

जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं.

हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका
कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.

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Mon, 17 Nov 2025 18:05:57 +0530 news desk MPcg
सब्जी बेचने वाले ने खुद को समिति संचालक बताकर महिला से 5.40 लाख की ठगी की https://citytoday.co.in/4339 https://citytoday.co.in/4339

रायपुर 
सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है।

संस्था में निवेश का दिया लालच
साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए।
 
थोड़ा सा प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता, फिर पैसे लेकर फरार
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बीच-बीच में छोटी रकम प्रॉफिट बताकर भेजी, जिससे पीड़िता का विश्वास बढ़ा और उसने और पैसा लगा दिया। बाद में आरोपी अचानक घर खाली कर गायब हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया।
पूछताछ में पीड़िता को पता चला कि कोई संस्था वास्तव में संचालित ही नहीं होती, न रोजगार दिया जाता है और न ही कोई मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रकार वह ठगी का शिकार हुई।
इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये
दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई।
 आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी
रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा।
आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है। 

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Sun, 16 Nov 2025 17:49:11 +0530 news desk MPcg
अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: यूपी नंबर की 3 पिकअप से 210 बोरी जब्त, मालिक&चालकों पर FIR https://citytoday.co.in/4333 https://citytoday.co.in/4333

बलरामपुर

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान खरीदी के समय बिचौलिए सक्रिय हो चुके हैं. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से वाहनों में बड़ी मात्रा में धान का अवैध परिवहन किया जा रहा है. धान बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में वाड्रफनगर के चर्चरी गांव में तीन पिकअप वाहन से 210 धान बोरी पकड़ाया है. देर रात करीब 1:30 बजे खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रेड मारकर यह कार्रवाई की है. मामले में सख्त एक्शन लेते हुए तीनों चालक और वाहन मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है.

जानकारी के मुताबिक, गोपनीय सूचना के आधार पर वाड्रफनगर एसडीएम के निर्देश पर ग्राम चरचरी में अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई की गई. रात लगभग 1:30 बजे. चरचरी में अवैध धान परिवहन करते तीन (03) पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिसमें भारी मात्रा में धान लदा हुआ था. तीनों वाहनों में 70-70 बोरी लदे हुए थे. पूछताछ में वाहन चालक ने बताया गया कि उक्त धान उत्तर प्रदेश राज्य से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित धान खरीदी केन्द्र में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था.

रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले वाहन चालक
पूछताछ के दौरान तीनों पिकअप के वाहन चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. तीनों वाहन को थाना रघुनाथनगर में लाया गया और सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के लिए टीआई को सुपुर्द किया गया. फिलाहास वाहन मालिक और चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.

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Sun, 16 Nov 2025 17:01:45 +0530 news desk MPcg
रायपुर : वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात https://citytoday.co.in/4241 https://citytoday.co.in/4241 रायपुर : वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री

रायपुर

“छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है। साथ ही, ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही।“मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।”

आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता — बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की।”

इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं।

नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग — फिट रहने का मंत्र

फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री हमेशा कहते हंत कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।"

आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा —
“हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से हम सीखते हैं। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।”

उल्लखेनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ टीम के साथ रहीं और खिलाड़ियों की फिटनेस व मानसिक मजबूती को बनाए  रखने में अहम योगदान दिया।आकांक्षा सत्यवंशी ने बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट, भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस उपलब्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था।

साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई। साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया।इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

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Mon, 10 Nov 2025 16:34:09 +0530 news desk MPcg
मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर से विमान परिचालन सेवा का किया शुभारंभ https://citytoday.co.in/4240 https://citytoday.co.in/4240 रायपुर,

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद विमानतल परिसर, माना कैम्प के समीप स्टेट हैंगर के नियमित परिचालन का शुभारंभ किया। शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय अपने गुजरात प्रवास हेतु इसी हैंगर से रवाना हुए।

स्टेट हैंगर के प्रारम्भ होने से राज्य में विशेष विमान द्वारा वीवीआईपी आगमन एवं प्रस्थान की व्यवस्थाएँ अब और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो जाएगी। इस पहल से एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम यात्रियों को होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी।

उल्लेखनीय है कि स्टेट हैंगर का निर्माण वर्ष 2012 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया था। तथापि, इसके परिचालन के लिए आवश्यक डीजीसीए (DGCA) और बीसीएएस (BCAS) की विभिन्न अनुमतियाँ हाल ही में 31 अक्टूबर 2025 को प्राप्त हुईं है। अनुमतियां मिलने के पश्चात अब हैंगर का नियमित परिचालन आरम्भ किया गया है।

नवनिर्मित स्टेट हैंगर को टैक्सी वे ‘E’ के माध्यम से एयरपोर्ट रनवे से जोड़ा गया है, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट अधिक सुगमता से हो सकेगा और एयरपोर्ट परिसर के भीतर अलग व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

राज्य शासन के स्वामित्व वाले विमान एवं हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भी यह नया स्टेट हैंगर उपयोग में लाया जाएगा। इससे अब एयरपोर्ट परिसर के भीतर स्थित किराए के स्टेट हैंगर पर निर्भरता समाप्त होगी।

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, माना कैम्प नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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Mon, 10 Nov 2025 16:23:11 +0530 news desk MPcg
रायपुर : सुर, संगम और समर्पण से सजी रजत महोत्सव की संध्या https://citytoday.co.in/4186 https://citytoday.co.in/4186 संगीत की सुरमयी शाम में झूम उठा राज्योत्सव मैदान

 रायपुर

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सोमवार की रात संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। बॉलीवुड की ख्यातनाम पार्श्व गायिका भूमि त्रिवेदी ने अपनी मनमोहक आवाज़ से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने “ससुराल गेंदा फूल”, “सैय्यारा”, “राम चाहे लीला”, “झुमका गिरा रे” "जय-जय शिवशंकर-कांटा लगे न कंकड़", "होली खेले रघुवीरा", "रंग बरसे", "ये देश है वीर जवानों का".."डम-डम ढोल बाजे", "उड़ी-उड़ी जाएं" जैसे लोकप्रिय गीतों को अपने नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर माहौल को जोश और उमंग से भर दिया। हिंदी, पंजाबी और राजस्थानी सहित अन्य राज्यों के भाषाओं के धुनों के साथ छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत का ताना-बाना जोड़ते हुए उन्होंने युवाओं के दिलों में संगीत की हलचल मचा दी। दर्शकों की तालियों और नृत्य से पूरा प्रांगण गूंज उठा।

पंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअनपंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअन

छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए पद्मश्री श्रीमती ऊषा बारले ने अपने तानपुरे की झंकार और अभिव्यक्तिपूर्ण मुद्राओं से महाभारत की वीरता को जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविह्वल कर दिया और वे देर तक मंच से नज़रें नहीं हटा सके। उन्होंने महाभारत के चीरहरण की घटनाओं को मार्मिक और ह्रदयस्पर्शी ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद सूफी पार्श्व गायक राकेश शर्मा और उनकी टीम ने “दमादम मस्त कलंदर”, “मौला मेरे मौला”, “चोला माटी के राम” जैसे गीतों से श्रोताओं को रूहानी सफर पर ले गए। उनकी साथी गायिका निशा शर्मा और कलाकारों ने भी अपने स्वर और लय से इस सूफियाना माहौल को और प्रगाढ़ बनाया।

माटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटामाटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटा

प्रादेशिक लोकमंच के कलाकार कुलेश्वर ताम्रकार ने नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माटी में रची-बसी लोकसंस्कृति को मंच पर साकार किया। उनके प्रदर्शन ने परंपरा, ऊर्जा और रचनात्मकता का ऐसा संगम रचा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे और दर्शकदीर्घा में मुस्कान के साथ थिरकते रहे।

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Tue, 04 Nov 2025 15:16:56 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में रेत खदानों की ई&नीलामी शुरू: 6 जिलों की 18 खदानों पर 7 से 13 नवंबर तक बोली https://citytoday.co.in/4167 https://citytoday.co.in/4167

रायपुर

छत्तीसगढ़ में रेत खनन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों की 18 रेत खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं 7 से 13 नवंबर तक खोली जाएंगी।

खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य जिलों की खदानों की नीलामी भी इसी प्रणाली से की जाएगी। विभागीय पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी ताकि इच्छुक पक्ष कहीं से भी भाग ले सकें।

किन जिलों की खदानें शामिल
ई-नीलामी के दायरे में आने वाली खदानों में रायपुर जिले की टीला, धमतरी की तेंदूकोन्हा और मुड़पार, महासमुंद की नर्रा और खेमड़ा, बालोद की नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव और पोड, बिलासपुर की जरगा/कोनचरा, कुकुर्दीकला-02 और निरतू, और रायगढ़ जिले की बरभौना, बायसी, कंचनपुर, लेबड़ा और पुसल्दा खदानें शामिल हैं। इन सभी के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राइज) तय किया जा चुका है।

नई रेत नीति 2025 लागू
राज्य सरकार ने हाल ही में नई रेत खनन नीति 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी खदानों की नीलामी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से होगी। अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्थानीय निकायों को राजस्व का बड़ा लाभ मिलेगा।

वर्तमान स्थिति और आगामी योजना
फिलहाल प्रदेश में 120 रेत खदानें संचालित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। आने वाले महीनों में लगभग 150 नई खदानों को भी रिवर्स आक्शन प्रणाली से आवंटित किया जाना है।

राजस्व में बढ़ोतरी और पारदर्शिता की उम्मीद
खनिज विभाग का दावा है कि ई-नीलामी से न केवल रेत की आपूर्ति व्यवस्थित होगी, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से सरकार के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों को भी राजस्व में वृद्धि होगी।

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Mon, 03 Nov 2025 17:14:47 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ में ₹14260 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास https://citytoday.co.in/4155 https://citytoday.co.in/4155 रायपुर 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर रजत महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी की जयकारों के साथ भाषण की शुरुआत की। PM मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाई और बहनों छत्तीसगढ़ के जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियानों को हाथ जोड़ कर जय जोहर। आज छत्तीसगढ़ राज्य अपन गठन के 25 साल पूरा कर लिया है।

 25 साल में सफर का साक्षी रहा हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है।

40,000 किलोमीटर तक पहुंचा सड़कों का जाल- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद छत्तीसगढ़ में एक पूरी पीढ़ी बदल गई है, जिसने 2000 से पहले का दौर नहीं देखा। जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। गांवों में सड़कें नहीं थीं। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल 40,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है।

क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग…

इस दौरान PM ने जनता से पूछा क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग, सब लोग बताइए। अपना फोन निकालिए और फ्लैश जलाइए। ये अगले 25 साल के सूर्योदय का उदय हो गया है। आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उग गया है। मोदी ने कहा कि नई रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी आपकी भाग्य का निर्माण करने वाली है। साथियों 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ को आपको सौंपा था।

 छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।

 आज छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर मिला- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ही  छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर और नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय के लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है- पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है।

राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है।

पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाइयों-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। जो बीज 25 साल पहले बोया गया था। आज यह विकास का वृक्ष बन गया है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नई विधानसभा मिल रही है।

PM मोदी ने सोनिया को सौंपी आवास की चाबी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर PM आवास योजना के हितग्राहियों को चाबियां सौंपी। PM मोदी ने धमतरी की सोनिया से बातचीत भी की।

पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

CM साय बोले- PM मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को बनाया। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पीएम मोदी प्रदेश के कोने-कोने में घूम चुके हैं। 14 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। इसके पहले बिलासपुर में 35 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की थी।

पीएम मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

नवा रायपुर को बनाएंगे प्रदेश की पहली सोलर-सिटी

बता दें कि PM मोदी ने नवा रायपुर को प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बनाने की बात भी कही। PM ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं। इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है। मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सत्य साईं अस्पताल में 2500 बच्चों से मिले PM मोदी

इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट से निकलकर सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों उनके स्वागत में खड़े रहे। पीएम मोदी सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचें और “दिल की बात” कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, सत्य साईं के डायरेक्टर सी श्रीनिवास भी मौजूद रहे।

ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हुए शामिल

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिए। दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी राज्य की गर्व की पहचान बनने वाले नए विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे। नवा रायपुर की आधुनिक पहचान को मजबूत करते हुए, वे यहां ट्राइबल म्यूजियम का भी उद्घाटन करेंगे, जो छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और परंपरा को नई पहचान देगा।

पीएम मोदी ने तीजन बाई का हालचाल जाना

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई के परिवार से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पद्म भूषण विनोद कुमार शुक्ल, प्रसिद्ध साहित्यकार, से भी फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य व कुशलक्षेम की जानकारी ली।

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Sat, 01 Nov 2025 19:10:33 +0530 news desk MPcg
नवा रायपुर में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य रोड शो, जनता ने उत्साह से किया स्वागत https://citytoday.co.in/4152 https://citytoday.co.in/4152 रायपुर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायपुर के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन तक पीएम मोदी ने रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े, जहां लोगों ने हाथ हिलाकर और बैनर-पोस्टर लहराकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उन्होंने श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल में आयोजित “दिल की बात” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हृदय रोग का सफल ऑपरेशन करा चुके करीब 2500 बच्चों के साथ संवाद किया। इसके बाद पीएम मोदी ने ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन का लोकार्पण किया।

 

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Sat, 01 Nov 2025 17:08:28 +0530 news desk MPcg
पहलगाम हमले में बीजेपी कार्यकर्ता की जान बचाने वाले नजाकत अहमद शाह का छत्तीसगढ़ में भव्य स्वागत https://citytoday.co.in/4141 https://citytoday.co.in/4141 रायपुर
6 महीने पहले 22 अप्रैल 2025, पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की जान ली थी। आतंकी जब पर्यटकों पर गोलियां बरसा रहे थे, तब वहां छत्तीसगढ़ के बीजेपी कार्यकर्ता अरविंद अग्रवाल और उनके दोस्त भी अपनी-अपनी फैमिली के साथ मौजूद थे। वे सभी खूबसूरत वादियों में रील बना रहे थे। लोकल गाइड नजाकत अहमद शाह ने जब गोलियों की आवाज सुनी तो उसने सभी को नीचे बैठने को कहा। उसने अरविंद अग्रवाल के कुनबे के दो बच्चों को गले लगाकर सुरक्षित बचा लिया। बाद में वह पूरी टोली को खूनी मैदान से बाहर ले जाने में कामयाब हो गए।

नजाकत शाह का ग्रैंड वेलकम
पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में गुस्से की लहर दौड़ गई। फिर भारतीय सेना ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को ऑपरेशन सिंदूर से सबक सिखाया। पहलगाम हमले के पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शी आज भी उस घटना को याद कर सिहर उठते हैं। इस बुरे वक्त में दोस्ती के रिश्ते भी बने। सर्दियों में कंबल का कारोबार करने वाले नजाकत अहमद शाह हर साल की तरह गुरुवार को चिरमिरी पहुंचे। इस बार नजाकत अहमद के लिए यह यात्रा यादगार बन गई। चिरमिरी पहुंचते ही अरविंद अग्रवाल समेत इलाके लोग 50 लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे। सभी ने नजाकत को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने अग्रवाल परिवार के साथ लंच पर वक्त बिताया और अपनी यादें साझा कीं।

अरविंद अग्रवाल की बचाई थी जान
अरविंद अग्रवाल ने पहलगाम हमले को याद करते हुए बताया कि जब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, तब नजाकत अहमद शाह ने उन्हें बचा लिया। उस समय उनकी पत्नी और चार साल की बेटी थोड़ी दूर थीं। नजाकत ने सबको नीचे बैठने को कहा, फिर मेरी बेटी और मेरे दोस्त के बेटे को गले लगा लिया, जिससे उनकी जान बच गई। नजाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए और वापस मेरी पत्नी को बचाने के लिए दौड़े। हम कभी नजाकत के एहसान को नहीं भूल सकते हैं। नजाकत अहमद शाह ने बताया कि उनका परिवार सालों से छत्तीसगढ़ में कपड़े बेचने आता रहा है। मुझे बहुत खुशी हुई कि पहलगाम से लौटने के बाद भी अग्रवाल परिवार उनसे फोन पर संपर्क में रहा। अब उनसे मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ हमारे लिए घर जैसा है और हम हर साल तीन महीने व्यापार के लिए यहां आते हैं।

आतिशबाजी से स्वागत
नजाकत अहमद शाह जब अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचे तो उनका ग्रैंड वेलकम हुआ। अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचते ही बीजेपी नेता ने पहले गुलदस्ता देकर स्वागत किया। फिर आतिशबाजी की गई। इस स्वागत से नजाकत अहमद शाह भी गदगद थे।

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Fri, 31 Oct 2025 18:09:20 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: गांव&गांव में खुलेंगे CBSE स्कूल, निवेशकों को मिलेगी सब्सिडी https://citytoday.co.in/4132 https://citytoday.co.in/4132 रायपुर 
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ग्रामीण और पिछड़े शहरी इलाकों को विकसित करने के लिए कई प्रयास और योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठा रही है। गांव में आज भी उच्च शिक्षा का अभाव देखा जाता है तो वहीं गांवों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसे स्कूलों में पढ़ने के लिए शहर की जाना पड़ता है। ऐसे में अब राज्य सरकार छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रोत्साहन नियम 2025 तैयार किया है। इस नीति के तहत अब गांव में CBSE स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार भी प्रोत्साहित करेगी।

बता दें कि इस अधिनियम के तहत गांवों में भी शहर जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ऐसे निवेशकों को भारी सब्सिडी देगी जिन्हें औद्योगिक विकास नीति के दायरे में भी शामिल किया गया है। इससे गांवों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) वाले स्कूल खोले जाएंगे।

जो विद्यालय विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि में या सीमित सुविधाओं वाले नगरीय क्षेत्रों में खोले जाएंगे, उन्हें निवेश प्रोत्साहन मिलेगा। इनमें कम से कम 500 छात्रों की क्षमता और कक्षा पहली से बारहवीं तक CBSE मान्यता अनिवार्य होगी।

स्कूल में रहेंगी ये सुविधाएं

स्कूल में बच्चों के लिए कई सुविधाएं दी जाएंगी। परिसर में छात्रावास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य है। इच्छुक निवेशकों को उद्यम आकांक्षा प्रमाण पत्र और विस्तृत परियोजना के साथ आवेदन जमा करना होगा। प्रस्ताव में परियोजना की संक्षिप्त रूपरेखा, निवेश लागत का विवरण, स्थल चयन, आर्किटेक्चरल प्लान और संभावित रोजगार के आंकड़े शामिल होने चाहिए। निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची या 2,000 प्रति वर्गफुट, जो न्यूनतम हो, के आधार पर की जाएगी।

कैसे मिलेगी सब्सिडी?

छत्तीसगढ़ सरकारा ने इस अधिनियम को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। निवेशकों के आवेदन आने के बाद उद्योग संचालनालय सैद्धांतिक स्वीकृति जारी करेगा। इसके बाद इकाई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के परिशिष्ट 7/8 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन के लिए पात्र होगी। इस नीति के तहत ब्याज सब्सिडी, पूंजी लागत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, बिजली शुल्क छूट जैसे प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। हालांकि, भूमि, कार्यशील पूंजी और प्रारंभिक व्यय को इसमें नहीं गिना जाएगा।

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Fri, 31 Oct 2025 15:50:35 +0530 news desk MPcg
गृह मंत्री विजय शर्मा का दावा: पिछली सरकार ने रोके 18 लाख आवास, हमारी सरकार रोज़ बना रही 18 हज़ार मकान https://citytoday.co.in/4122 https://citytoday.co.in/4122

रायपुर
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 18 लाख आवास रोक कर रखे थे, जबकि हमारी सरकार ने आते ही पहले ही कैबिनेट में इसे स्वीकृत कर दिया।
गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 18 हज़ार आवासों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछली बार बिलासपुर आए थे, तब ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया गया था, इस बार यह संख्या और बड़ी होगी, यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या होगी।”

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Thu, 30 Oct 2025 19:04:58 +0530 news desk MPcg
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने जशपुर में दुलदुला छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य: प्रदेश की सुख&समृद्धि और खुशहाली की कामना की https://citytoday.co.in/4079 https://citytoday.co.in/4079 रायपुर : मुख्यमंत्री  साय ने जशपुर में दुलदुला छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य: प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में पहुँचकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का अवसर है कि मुझे छठ पर्व में सम्मिलित होने का अवसर मिला। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह से ही उन्हें जनसेवा का अवसर मिला है, और वे क्षेत्र के विकास एवं जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने दुलदुला क्षेत्रवासियों की माँग पर छठ घाट के सौन्दर्यीकरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी छठ पर्व तक दुलदुला छठ घाट का सौन्दर्यीकरण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुनकुरी छठ घाट का सौन्दर्यीकरण लगभग ₹5 करोड़ 17 लाख की लागत से किया गया है, जहाँ इस वर्ष व्रती महिलाएँ पूर्ण श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष  रामकुमार सिंह, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह सहित छठ व्रत करने वाली महिलाएँ, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Tue, 28 Oct 2025 14:15:52 +0530 news desk MPcg
छठ पूजा का तीसरा दिन आज: व्रती महिलाएं देंगी डूबते सूर्य को अर्घ्य https://citytoday.co.in/4062 https://citytoday.co.in/4062

रायपुर

उत्तर भारत के महापर्व छठ को लेकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत पूरे प्रदेशभर में तैयार हो चुका है. नहाए खाए में सात्विक भोजन खाकर व्रतियों ने महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गई है. वहीं आज तीसरे दिन डूबते सूर्य को व्रती महिलाएं और पुरुष अर्ध्य देंगे. घरों में जहां आज मिट्‌टी के चूल्हे बनाए गए तो गेंहू, चावल धोकर सुखाए गए. बीते कल खरना के साथ ही तीन दिनों का कठिन व्रत भी शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में राजधानी रायपुर का महादेव घाट भी सजकर तैयार हो गया है.

बता दें कि बिलासपुर के पूर्व छठ घाट में सुबह से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. यहां छठ पूजा को लेकर समिति द्वारा भव्य तैयारी किया गया है. तो वहीं, दुर्ग जिले में भी इस पावन पर्व को लेकर शहर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है. दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी घाटों में पहुंचकर वहां की तैयारियों का निरीक्षण कर जायजा लिया है. तालाबों की सफाई, घाट की रंग रोंगन के साथ ही भिलाई के 20 और दुर्ग में 10 से ज्यादा तालाबों में व्रती आज शाम डूबते सूर्य को अर्घ देंगे.

वही मंगलवार की सुबह उगते सूर्यदेव की आराधाना के बाद यह व्रत पूरा होगा. इधर सुपेला, छावनी, बैंकुठधाम, सूर्य कुंड, कोहका, मुक्तिधाम तालाबों में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है. सुपेला के सबसे पुराने तालाब में अभी भी सफाई का दौर चल रहा है. वहीं बाजार भी दौरा, सूपा, मौसमी फल, पूजन सामग्री, पारंपरिक दीए सहित अन्य सामग्रियों से भर गया हैं. रात को भी तालाबों में विशेष रौशनी की गई है. खासकर सेक्टर-2, सेक्टर-7, राधिका नगर, बैंकुठधाम तालाबों में विशेष तैयारियां की जा रही है.

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Mon, 27 Oct 2025 18:54:52 +0530 news desk MPcg
रायपुर : हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल https://citytoday.co.in/4044 https://citytoday.co.in/4044 रायपुर : हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार

खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

रायपुर,

छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

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Fri, 24 Oct 2025 15:58:06 +0530 News desk Hindi
रायपुर : मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से 250 गांवों तक पहुंची बस सुविधा https://citytoday.co.in/3992 https://citytoday.co.in/3992 रायपुर
राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ लागू की गई है। योजना का प्रथम चरण बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में शुरू किया गया है। अब तक 34 चयनित मार्गों में से 33 बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे कुल 250 नए गाँवों को पहली बार बस सुविधा मिली है।

परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय, तहसील, नगरीय क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, जहाँ पहले बस सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा, रोजगार के अवसर और आपसी संपर्क में बढ़ोतरी मिली है, जिससे ग्राम विकास को नई दिशा मिल रही है।

परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने बताया कि राज्य शासन द्वारा बस संचालकों को प्रोत्साहन के रूप में प्रथम वर्ष में 26 रूपए, द्वितीय वर्ष में 24 रूपए तथा तृतीय वर्ष में 22 प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही बस संचालकों को मासिक कर से 3 वर्ष तक की पूर्ण छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बस मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। चयनित मार्गों पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सबसे कम वित्तीय दर देने वाले आवेदक को बस संचालन की अनुमति दी जाती है, जिसके बाद परमिट जारी किया जाता है।

इस योजना के तहत सुकमा जिले में छह, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 1, कोंडागांव में 3, कांकेर में 5, दंतेवाड़ा में 1, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 2, कोरिया में 3, जशपुर में 4 और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 बस का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, 9 नए मार्गों पर बस संचालन के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी है।

उल्लेखनीय है कि विगत 5 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जगदलपुर में इस योजना की शुरुआत करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में यह योजना आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों के गांवों को कवर करेगी और 34 बसों के जरिए 34 मार्गों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी जो 11 जिलों के 250 गांवों को जोड़ेंगी। 

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Wed, 15 Oct 2025 16:13:11 +0530 news desk MPcg
नवा रायपुर में विकास की गहन समीक्षा: मंत्री ओपी चौधरी ने बताया संतुलित और आधुनिक विकास पर जोर https://citytoday.co.in/3991 https://citytoday.co.in/3991 रायपुर

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी की अध्यक्षता में निवेश, अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से शहर के योजनाबद्ध और तीव्र विकास पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर का संतुलित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए इस वर्ष राज्य शासन के बजट अंतर्गत पूंजीगत व्यय का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपये रखा गया है। सभी इस लक्ष्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करें।

मंत्री चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा बिल्डर्स को आवंटित भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों को समन्वयपूर्वक और शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि नवा रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में निवेश को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, अधोसंरचना विकास और शहरी जनसुविधाओं के उन्नयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर प्राधिकरण के चेयरमैन अंकित आनंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Wed, 15 Oct 2025 15:56:47 +0530 news desk MPcg
रायपुर : सुशासन की नई पहल : ऑनलाईन छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए समय&सीमा निर्धारित https://citytoday.co.in/3916 https://citytoday.co.in/3916 रायपुर : सुशासन की नई पहल : ऑनलाईन छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए समय-सीमा निर्धारित

मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की

एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा 

तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अब ऑनलाईन मिलेगी छात्रवृत्ति

नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में अंतरित की जाएगी राशि

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की। 

प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी। 

प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है।  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है। 

प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था। 

इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।  

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Sat, 11 Oct 2025 16:11:18 +0530 news desk MPcg
रायपुर : अपराध नियंत्रण में नई तकनीक एक सशक्त कदम https://citytoday.co.in/3915 https://citytoday.co.in/3915 रायपुर : अपराध नियंत्रण में नई तकनीक एक सशक्त कदम

सिमगा में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया सिटी सर्विलांस का शुभारंभ

अत्याधुनिक 40 सीसीटीवी कैमरों से शहर की हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर

रायपुर

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शुक्रवार को बलौदाबाज़ार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने थाना परिसर में स्थापित सीसीटीवी सिटी सर्विलांस कक्ष का अवलोकन कर नगर की निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कलेक्टर  दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता, जनपद अध्यक्ष  दौलत राम पाल, जनपद सदस्य  चंद्रप्रकाश टोंड्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

अपने उद्बोधन में उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर रही है। सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस की शुरुआत इस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिमगा नगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जहां कई औद्योगिक इकाइयाँ संचालित हैं और विभिन्न प्रांतों से लोग आते-जाते रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना के तुरंत बाद उसकी पहचान और अपराधियों की तलाश अब सीसीटीवी नेटवर्क से सहज और तेज़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में 40 उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन-रात समान रूप से कार्य करने में सक्षम हैं और वाहन के नंबर प्लेट तक को स्पष्ट रूप से कैद कर सकते हैं। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सिटी सर्विलांस व्यवस्था शहर की “तीसरी आँख” साबित होगी। अब किसी भी घटना पर तुरंत निगरानी रखी जा सकेगी और अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को ठोस सबूत मिल सकेंगे। कार्यक्रम में कलेक्टर  दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता ने भी इस पहल को शहर की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र से न केवल अपराधों में कमी आएगी बल्कि लोगों में भी सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  हेमसागर सिदार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पंचायत अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सिटी सर्विलांस की यह पहल सिमगा को तकनीकी रूप से सशक्त और सुरक्षित नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Sat, 11 Oct 2025 16:06:09 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में गाय को मिलेगा ‘राज्य माता’ का दर्जा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की ऐतिहासिक घोषणा https://citytoday.co.in/3886 https://citytoday.co.in/3886 रायपुर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार जल्द ही गाय को “राज्य माता” (State Mother) का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू करेगी। यह निर्णय न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की परंपरा में गाय को सदियों से ‘माता’ का स्थान प्राप्त है। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी कृषि व्यवस्था, ग्राम्य जीवन और संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ की परंपराओं और ग्रामीण जीवन में गाय का विशेष स्थान रहा है। हमारी सरकार इस गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने के लिए इसे ‘राज्य माता’ का दर्जा देने जा रही है।”

 गौसंवर्धन और संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार राज्य में गौठान योजना को और सशक्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। गौठानों के माध्यम से न केवल गौवंश की सुरक्षा की जा रही है, बल्कि गौमूत्र, गोबर और जैविक खाद के उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि “गाय के संरक्षण से हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बन सकती है। गोबर से जैविक खाद, दीये, पेंट, ईंट और अन्य पर्यावरण हितैषी उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जो आजीविका के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।”

 पर्यावरण और कृषि से जुड़ा कदम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गाय के प्रति सम्मान का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि से जुड़ा हुआ है। सरकार का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही किसानों के लिए “गो-आधारित कृषि प्रोत्साहन योजना” लाने की तैयारी कर रही है, जिससे खेती में लागत घटेगी और मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी।

संविधान और संस्कृति के अनुरूप पहल

साय ने कहा कि गाय को “राज्य माता” का दर्जा देना भारतीय संविधान की भावना और भारतीय सभ्यता के मूल्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा —

> “यह केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए एक सकारात्मक कदम है। गाय हमारे जीवन का केंद्र रही है और हम इसे राज्य के गौरव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।”

 भविष्य की योजनाएं

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि गाय को “राज्य माता” का दर्जा मिलने के बाद राज्य स्तर पर गौ-समर्थन परिषद, गौसेवा निधि, और गौसंवर्धन केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में भी गाय से जुड़े सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर आधारित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

 जनता से अपील

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस पहल को केवल धार्मिक दृष्टि से न देखें, बल्कि इसे पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक सुधार के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक गाय के संरक्षण में सहयोग करेगा, तो यह न केवल संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी

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Thu, 09 Oct 2025 15:39:41 +0530 news desk MPcg
रायपुर से खबर : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी का ऐलान& आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ https://citytoday.co.in/3880 https://citytoday.co.in/3880 रायपुर से खबर  :  वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी का ऐलान- आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ 
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ली ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठकनवा  रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी की घटी दरों का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए, ताकि हर परिवार को वास्तविक बचत और व्यापारियों को राहत मिल सके।

वित्त मंत्री  चौधरी ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।

गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।

उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं।

इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है।

वित्त मंत्री  चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।

यह बैठक वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  ओ. पी. चौधरी, वित्त सचिव  मुकेश बंसल तथा आयुक्त, राज्य कर  पुष्पेन्द्र मीणा की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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Wed, 08 Oct 2025 12:58:19 +0530 news desk MPcg
नौसेना के नए पोतों का नामकरण छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर https://citytoday.co.in/3854 https://citytoday.co.in/3854 नौसेना के नए पोतों का नामकरण छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर  के लिए प्रस्ताव 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह  से नई  दिल्ली में मुलाकात की । मुलाक़ात  में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के हर कोने से योग्य युवाओं को सेना में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का आश्वासन दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि यह विचार भारत की विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस पहल पर गंभीरता से विचार करेगा और उपयुक्त अवसर पर इसे लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

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Mon, 06 Oct 2025 18:32:56 +0530 news desk MPcg
रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित हुआ युवा कवि सम्मलेन & राज्य युवा आयोग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित  https://citytoday.co.in/3851 https://citytoday.co.in/3851  रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित हुआ युवा कवि सम्मलेन - राज्य युवा आयोग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित 
छत्तीसगढ़ में  प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया।

प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की।

छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।

बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा।

इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे।

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Mon, 06 Oct 2025 15:23:53 +0530 news desk MPcg
रायपुर से बड़ी खबर : जीवन में सामाजिक विकास ही शिक्षा का मूल मंत्र &विष्णु देव साय https://citytoday.co.in/3846 https://citytoday.co.in/3846 रायपुर से बड़ी खबर  : जीवन में सामाजिक विकास ही शिक्षा का मूल मंत्र -विष्णु देव साय 

शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  व्यापार कला और कृषि को भी  शिक्षा से जोड़कर बताया और शिक्षा को महत्व अंग बताया हैं। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि  हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।

 और उन्होंने प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के कार्य का  भी जिक्र किया जिससे युवाओ को दिशा और रोजगार दोनों मिल रहे है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।
उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु  रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री  मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।

इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Mon, 06 Oct 2025 13:57:18 +0530 news desk MPcg
उप सचिव रहीं सौम्या की 8 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई https://citytoday.co.in/3748 https://citytoday.co.in/3748 रायपुर

छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की अधिकारी सौम्या चौरसिया की 16 संपत्तियां जब्त कर ली। इन संपत्तियों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि सौम्या ने ये संपत्तियां अपनी आय से अधिक साधनों से जुटाईं।

चौरसिया 2018 से 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। यह राज्य में पहला मामला है, जब किसी अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति को ईओडब्ल्यू ने जब्त किया है। 2024 में चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।

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Wed, 24 Sep 2025 15:57:49 +0530 news desk MPcg
महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि जारी: नगरीय प्रशासन विभाग ने 102.97 करोड़ रुपए स्वीकृत किए https://citytoday.co.in/3704 https://citytoday.co.in/3704 रायपुर

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। विभाग ने निकायों को पार्षद निधि के कुल 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए, महापौर/अध्यक्ष निधि के कुल 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए आबंटित कर दिए हैं। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दोनों मदों में 50-50 प्रतिशत राशि निकायों को जारी की है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने पार्षद निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 21 करोड़ 96 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 54 नगर पालिकाओं को 23 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपए, 120 नगर पंचायतों को 27 करोड़ रुपए की पार्षद निधि जारी की है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से 14 नगर निगमों को दस करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए की महापौर निधि आबंटित की गई है। राज्य के 54 नगर पालिकाओं को दस करोड़ 50 लाख रुपए और 120 नगर पंचायतों को दस करोड़ एक लाख 25 हजार रुपए अध्यक्ष निधि जारी की गई है।

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Sat, 20 Sep 2025 17:41:13 +0530 news desk MPcg
रायपुर से राजिम तक MEMU ट्रेन सेवा शुरू, CM ने दिखाई हरी झंडी; रोजाना 2.5 लाख लोगों को मिलेगा फायदा https://citytoday.co.in/3663 https://citytoday.co.in/3663 रायपुर
 छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रायपुर से नया रायपुर होते हुए राजिम तक आज से नई मेमू (MEMU) स्पेशल ट्रेन दौड़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजिम से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।आज से रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन (68766/68767) की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई रेल सेवा शुरू करने का फैसला लिया।

इस ट्रेन के शुरू होने से रायपुर और नवा रायपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन रायपुर से मंदिरहसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर, मानिक चौरी और राजिम तक चलेगी।

यह ट्रेन हर दिन दोनों तरफ से चलेगी। जिससे राजिम और रायपुर के बीच आना-जाना आसान होगा। डेढ़ घंटे में सफर होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर से राजिम रोजाना 2 हजार लोग यात्रा करते हैं। इस इलाके के ढाई लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। ट्रेन के शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट 1500 करोड़ का है।

छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से राजिम जाने वाले यात्रियों को ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है. रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजिम रेलवे स्टेशन से दोपहर 12 बजे करेंगे. यात्री लंबे समय से इस रूट पर मेमू ट्रेन की सुविधा की मांग कर रहे थे. 

धार्मिक स्थलों समेत अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

इस ट्रेन के चलने से रायपुर समेत प्रदेशभर से राजिम के कुलेश्वर महादेव और राजिव लोचन मंदिर जाने वाले लोगों को फायदा होगा। साथ ही प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों से लोग जुड़ सकेंगे। वहीं क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मिलेगा फायदा

रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा से यात्रियों को सुगम, सुलभ और किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा. ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा. राजधानी आने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से उपयोगी होगी. इसके साथ ही इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग—राजिम तक सीधी रेल पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

इस ट्रेन का हो रहा विस्तार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर और अभनपुर के मध्य संचालित रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक विस्तार किया जा रहा है. 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोर से—राजिम और रायपुर से संचालित होगी. इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे.

दो फेरे में चलेगी रोजाना

नई मेमू ट्रेन रोजाना दो फेरे लगाएगी। इससे रायपुर-नवा रायपुर और आसपास के गांवों, कस्बों में रहने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मात्र 10 रुपए होगा किराया

अभी रायपुर से नवा रायपुर का यात्री किराया 30 से 40 रुपए तक है, लेकिन नई ट्रेन में सफर करने पर यात्रियों को केवल 10 रुपए किराया देना होगा। इससे रोजाना अप-डाउन करने वालों को काफी फायदा होगा।

वर्तमान में रायपुर से अभनपुर के बीच दो मेमू ट्रेनें पहले से चल रही हैं। अब नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।

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Thu, 18 Sep 2025 19:03:59 +0530 news desk MPcg
कार्यभार संभालते ही सक्रिय हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक https://citytoday.co.in/3468 https://citytoday.co.in/3468 रायपुर

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई है. शिक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक है. इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी बैठक में मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री यादव विभागीय अधिकारियों से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा रही है.

बता दें, कार्यभार संभालने से पहले आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दूधाधारी मंदिर जाकर भगवान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने महंत राम सुंदर दास से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया.

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Mon, 25 Aug 2025 18:41:12 +0530 Newsdesk
छत्तीसगढ़ भाजपा ने हेमंत पाणिग्रही को सौंपी मीडिया कमान, जानें उनकी यात्रा https://citytoday.co.in/3321 https://citytoday.co.in/3321 रायपुर

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हेमंत पाणिग्रही को मीडिया संयोजक नियुक्त किया है। छात्र राजनीति से शुरुआत कर पत्रकारिता, संगठन और मीडिया रणनीति में दो दशकों का अनुभव रखने वाले पाणिग्रही, अब पार्टी के संदेश और संवाद को और प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

हेमंत पाणिग्रही का जनसंपर्क और नेतृत्व का सफर 1993 में छात्र जीवन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ने के साथ शुरू हुआ। 1997 में वे कांकेर ज़िला संयोजक बने, जहां उन्होंने संगठन विस्तार, कार्यक्रम समन्वय और टीम नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। 1998 में वे विद्यार्थी परिषद की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने और राज्य स्तरीय रणनीति, विचार-विमर्श और संगठनात्मक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाई।

पत्रकारिता में निभाई अहम भूमिका
पत्रकारिता में स्नातक (2003) गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से और स्नातकोत्तर (2005) कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपनी पेशेवर यात्रा शुरू की। 2009 में उन्होंने भारतीय फ़िल्म एवं टेलीविज़न संस्थान (FTII) से दृश्य-आख्यान और मीडिया प्रोडक्शन का प्रशिक्षण लिया, जबकि 2010 में राष्ट्रीय फ़िल्म संग्रहालय (NFAI) में फ़िल्म संरक्षण, आर्काइविंग और दृश्य-इतिहास की बुनियादी समझ हासिल की। पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें चंदूलाल चंद्राकर राज्य अलंकरण और लाड़ली मीडिया सम्मान से नवाज़ा गया।

2014 में हेमंत पाणिग्रही ने रक्षा पत्रकारिता का प्रशिक्षण लेकर सुरक्षा और रक्षा विषयों पर जिम्मेदार रिपोर्टिंग के मानक सीखे। 2016 में भाजपा के प्रदेश मीडिया विभाग में सदस्य के रूप में जुड़कर मीडिया समन्वय, संदेश-रणनीति और संवाद योजना में योगदान दिया। 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से मीडिया नैतिकता और न्यूज़रूम प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण लिया और उसी वर्ष भाजपा की क्रिएटिव टीम, चुनाव मीडिया प्रबंधन टीम तथा नगरीय निकाय चुनाव घोषणापत्र समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2020 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से अभिव्यक्ति, मंच-प्रस्तुति और नैरेटिव बिल्डिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में वे दीपकमल के प्रबंध संपादक के रूप में संपादकीय नेतृत्व, कंटेंट रणनीति और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दो दशकों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के साथ हेमंत पाणिग्रही ने रिपोर्टिंग, संपादन और न्यूज़रूम प्रबंधन में अपनी विशेष पहचान बनाई है तथा जनहित और सार्वजनिक संचार में निरंतर कार्य किये।

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Wed, 13 Aug 2025 17:39:17 +0530 Newsdesk
ED के खिलाफ SC पहुंचे भूपेश बघेल को बड़ा झटका, कानून में नहीं मिली रियायत https://citytoday.co.in/3303 https://citytoday.co.in/3303 रायपुर 

सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी।

जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

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Mon, 11 Aug 2025 19:12:38 +0530 Newsdesk
शराब खरीदने को लेकर विवाद: चाकू और बोतल से हमला, तीन लोग घायल https://citytoday.co.in/3302 https://citytoday.co.in/3302

रायपुर

 गंजपारा शराब भट्ठी में शनिवार शाम शराब की लाइन में धक्का-मुक्की को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने चाकू और बीयर की बोतल से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया।

पुलिस के अनुसार, छोटा रामनगर कबीर चौक निवासी तेजपाल चौहान शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपने दोस्तों गितेश वर्मा और तोषण साहू के साथ गंजपारा शराब भट्ठी शराब लेने पहुंचा था।

लाइन में लगे होने के दौरान गंजपारा निवासी अमन सोनी, लक्की गोप, दुर्गेश उर्फ दरवेश और तामू उर्फ तामेश्वर पहुंचे और पहले शराब लेने की बात कहकर तेजपाल को धक्का देकर पीछे करने लगे।

मना करने पर आरोपितों ने तेजपाल को गालियां देते हुए चाकू से बांयी जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए तोषण साहू के सिर पर बीयर की बोतल मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, गितेश वर्मा को कांच के टुकड़े से मारा गया, जिससे उसे भी चोट आई है।

 

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Mon, 11 Aug 2025 19:10:55 +0530 Newsdesk
रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 4.09 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण&भूमिपूजन https://citytoday.co.in/3251 https://citytoday.co.in/3251 रायपुर

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में कुल 4 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें गौरेला में 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार और पेण्ड्रा में 2 करोड़ 36 लाख 64 हजार रुपए लागत के विकास और निर्माण कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने गौरेला नगर पालिका कार्यालय व बस स्टैंड तथा पेण्ड्रा असेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पूरा कर रही है। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव भी इन कार्यक्रमों में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि राज्य के नगरीय निकायों का तेजी से विकास हो रहा है। जनआकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला और पेण्ड्रा को नगर पालिका तथा मरवाही को नगर पंचायत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नगरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए शहर विकास योजना (City Development Plan) बनाकर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए बिना किसी भेदभाव के सभी निकायों को पर्याप्त राशि दी जा रही है। उन्होंने गौरेला एवं पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में विकास कार्यों के लिए 3-3 करोड़ रुपए तथा मरवाही नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। 

श्री साव ने बताया कि गौरेला में स्टेडियम और स्वीमिंग पूल के लिए प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा गया है। पेण्ड्रा में नालंदा परिसर के लिए 4 करोड़ 41 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं, जिसके निर्माण के लिए निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है। इसके निर्माण से जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण ज्ञानार्जन मिलेगा। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया।      

विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव ने भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने लोकार्पण एवं विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरेला नगर पालिका के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेण्ड्रा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राकेश जालान और मरवाही नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती मधु बाबा गुप्ता ने भी सभा को संबोधित किया और अपने-अपने निकायों में अधोसंरचना, मूलभूत कार्यों, सौंदर्यीकरण सहित विकास कार्यों की जरूरत के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री साव को अवगत कराया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत और वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

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Tue, 05 Aug 2025 16:05:24 +0530 Newsdesk
रायपुर : हरित विकास की दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण&उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा https://citytoday.co.in/3250 https://citytoday.co.in/3250 रायपुर

छत्तीसगढ़ में हरित विकास को जनभागीदारी से साकार करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए आज भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के संयुक्त आयोजन में पाँचवाँ भारत ग्रामीण संवाद–2025 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। गाँवों के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की हरित आर्थिक बदलाव की यात्रा विषय जिसमें प्रदेश को हरित दिशा में आगे ले जाने की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यदि गाँवों को केंद्र में रखकर परंपरागत ज्ञान और संसाधनों का सतत उपयोग किया जाए, तो हम पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती, सूर्य ऊर्जा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर प्रदेश को हरित राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के बीच हरित बदलाव के सहयोग हेतु एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। प्रबंधन संस्थान रायपुर द्वारा प्रदेश के हरित विकास के पाँच मुख्य आधार प्रस्तुत किए गए  जिसमे परंपरागत खेती और वन संसाधनों का संरक्षण, हरित रोजगार तथा पर्यावरणीय पर्यटन, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा, सूर्य ऊर्जा आधारित ग्राम-बिजली प्रबंधन में लोगों की भागीदारी और नीति तथा संस्थागत ढाँचे का निर्माण शामिल थे। कार्यक्रम में पंचायती प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, महिलाओं, उद्यमियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी ने जल संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता, पारंपरिक बीजों की कमी, वनों की कटाई, कचरा प्रबंधन और रासायनिक खेती पर निर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन-समृद्ध राज्य है। यहाँ की प्राकृतिक सम्पदा और जनभागीदारी मिलकर हरित विकास के आदर्श मॉडल की नींव रख सकते हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस हरित बदलाव की धुरी बनेंगी और महिलाओं को इस बदलाव में नेतृत्व की भूमिका दी जाएगी। पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने जानकारी दी कि अब पंचायतों का मूल्यांकन जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित मानकों के आधार पर किया जाएगा। सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने कहा कि यह समय की माँग है कि हरित अर्थव्यवस्था को केवल शासन की योजना न मानकर, समुदाय को उसका सहभागी और कर्ता बनाना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि गाँवों में ही परंपरागत उद्योगों का पुनरुद्धार, जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, घरेलू उद्योगों को पुनर्जीवित करना तथा हस्तशिल्प को बढ़ावा देना हरित विकास की गति को और सशक्त बना सकते हैं।

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Tue, 05 Aug 2025 16:03:19 +0530 Newsdesk
नये शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू, जानिए कितने पद होंगे खाली https://citytoday.co.in/3249 https://citytoday.co.in/3249 रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए 5,000 नये शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। विद्यालय भवनों के रखरखाव के लिए 133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की संख्या कम
सीएम विष्णु देव साय राजधानी में रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।

ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं। जबकि, शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ किए गए
इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है। राज्य में इसे तत्परता से अपनाया गया है।

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Tue, 05 Aug 2025 16:00:36 +0530 Newsdesk
18 अगस्त से NHM कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध तेज https://citytoday.co.in/3248 https://citytoday.co.in/3248 रायपुर

प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने 18 अगस्त से अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का ऐलान किया है. संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन व्यापक और तीव्र रूप लेगा. स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव की पूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी.

छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी ने कहा कि वर्षों से धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा के बाद भी कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है. इसके बाद भी NHM कर्मचारी आंदोलन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने से बचने का हर संभव प्रयास करेंगे, लेकिन यदि शासन ने इस बार भी कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की, तो “संघर्ष ही विकल्प” बचेगा.

संघ की दस मांगों में संविलियन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, लंबित 27 प्रतिशत वेतन, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति, मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख कैशलेश चिकित्सा बीमा शामिल है.

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Tue, 05 Aug 2025 15:57:52 +0530 Newsdesk
रायपुर : सावन की पावन बेला में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया भगवान शिव का रूद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की समृद्धि और सुख&शांति की कामना https://citytoday.co.in/3228 https://citytoday.co.in/3228 रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Mon, 04 Aug 2025 12:07:55 +0530 Newsdesk
छत्तीसगढ़ में ग्रीन बिज़नेस को बढ़ावा, साय सरकार दे रही आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं https://citytoday.co.in/3144 https://citytoday.co.in/3144 छत्तीसगढ़: ग्रीन स्टील व ग्रीन इंडस्ट्री को मिलेगा प्रोत्साहन, साय सरकार दे रही विशेष पैकेज – उद्योग मंत्री देवांगन

"औद्योगिक विकास नीति 2024–30" में ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने पर विशेष फोकस

रायपुर, 29 जुलाई 2025
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित “ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट 2025” में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ को ग्रीन इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। देशभर से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में 1 नवम्बर 2024 से "औद्योगिक विकास नीति 2024–30" लागू की गई है, जिसे देश की सबसे आधुनिक और प्रगतिशील नीति माना जा रहा है।

"ग्रीन उद्यम" की अवधारणा हो रही साकार

मंत्री देवांगन ने कहा कि पारंपरिक स्टील उत्पादन में भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है, जो जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी नई नीति में "ग्रीन उद्यम" (Green Enterprise) की अवधारणा को लागू किया है। इसके तहत:

  • पर्यावरणीय प्रबंधन परियोजनाओं हेतु विशेष अनुदान,

  • ऊर्जा दक्षता (Energy Audit) व्यय की प्रतिपूर्ति,

  • ग्रीन हाइड्रोजन एवं बायोगैस आधारित इकाइयों हेतु प्रोत्साहन,

  • गैर-काष्ठ वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा,
    जैसे प्रावधान किए गए हैं।

बस्तर के कोर सेक्टर को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन

बस्तर अंचल में आयरन ओर के बड़े भंडारों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कोर सेक्टर की इकाइयों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी घोषित किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • 50% तक आयरन ओर रॉयल्टी की प्रतिपूर्ति,

  • 100% कोल रॉयल्टी व सेस की प्रतिपूर्ति,

  • 150% तक की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था,
    जो उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सशक्त बनाएगा।

विशेष प्रोत्साहन पैकेज और बी-स्पोक योजना

राज्य की औद्योगिक नीति में निम्नलिखित प्रतिपूर्ति और छूट शामिल हैं:

  • नेट SGST प्रतिपूर्ति,

  • विद्युत शुल्क में छूट,

  • स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में छूट,

  • जल उपयोग शुल्क प्रतिपूर्ति,

  • रॉयल्टी व ईपीएफ प्रतिपूर्ति,

  • रोजगार व प्रशिक्षण व्यय पर सहायता,

  • 1000 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक रोजगार देने वाले निवेशकों के लिए "बी-स्पोक योजना",

ये सभी प्रावधान राज्य में ग्रीन और टिकाऊ औद्योगिक निवेश को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।

“छत्तीसगढ़ बना रहा है ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का नया मॉडल”

मंत्री देवांगन ने उद्योगपतियों को राज्य में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल खनिज संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि यहाँ की औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो क्लियरेंस, और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में किए गए 350+ सुधार इसे निवेश के लिए भारत के अग्रणी राज्यों में स्थान दिलाते हैं।

प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, CII ईस्टर्न रीजन के चेयरमैन श्री शास्वत गोयनका, सिद्धार्थ अग्रवाल सहित देशभर के प्रमुख स्टील और माइनिंग उद्योगपति उपस्थित रहे। सभी ने ग्रीन स्टील तकनीक, हाइड्रोजन-आधारित उत्पादन तथा कम कार्बन उत्सर्जन तकनीकों पर राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।

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Tue, 29 Jul 2025 15:45:50 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में ग्रीन बिज़नेस को बढ़ावा, साय सरकार दे रही आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं https://citytoday.co.in/3145 https://citytoday.co.in/3145 छत्तीसगढ़: ग्रीन स्टील व ग्रीन इंडस्ट्री को मिलेगा प्रोत्साहन, साय सरकार दे रही विशेष पैकेज – उद्योग मंत्री देवांगन

"औद्योगिक विकास नीति 2024–30" में ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने पर विशेष फोकस

रायपुर, 29 जुलाई 2025
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित “ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट 2025” में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ को ग्रीन इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। देशभर से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में 1 नवम्बर 2024 से "औद्योगिक विकास नीति 2024–30" लागू की गई है, जिसे देश की सबसे आधुनिक और प्रगतिशील नीति माना जा रहा है।

"ग्रीन उद्यम" की अवधारणा हो रही साकार

मंत्री देवांगन ने कहा कि पारंपरिक स्टील उत्पादन में भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है, जो जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी नई नीति में "ग्रीन उद्यम" (Green Enterprise) की अवधारणा को लागू किया है। इसके तहत:

  • पर्यावरणीय प्रबंधन परियोजनाओं हेतु विशेष अनुदान,

  • ऊर्जा दक्षता (Energy Audit) व्यय की प्रतिपूर्ति,

  • ग्रीन हाइड्रोजन एवं बायोगैस आधारित इकाइयों हेतु प्रोत्साहन,

  • गैर-काष्ठ वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा,
    जैसे प्रावधान किए गए हैं।

बस्तर के कोर सेक्टर को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन

बस्तर अंचल में आयरन ओर के बड़े भंडारों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कोर सेक्टर की इकाइयों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी घोषित किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • 50% तक आयरन ओर रॉयल्टी की प्रतिपूर्ति,

  • 100% कोल रॉयल्टी व सेस की प्रतिपूर्ति,

  • 150% तक की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था,
    जो उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सशक्त बनाएगा।

विशेष प्रोत्साहन पैकेज और बी-स्पोक योजना

राज्य की औद्योगिक नीति में निम्नलिखित प्रतिपूर्ति और छूट शामिल हैं:

  • नेट SGST प्रतिपूर्ति,

  • विद्युत शुल्क में छूट,

  • स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में छूट,

  • जल उपयोग शुल्क प्रतिपूर्ति,

  • रॉयल्टी व ईपीएफ प्रतिपूर्ति,

  • रोजगार व प्रशिक्षण व्यय पर सहायता,

  • 1000 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक रोजगार देने वाले निवेशकों के लिए "बी-स्पोक योजना",

ये सभी प्रावधान राज्य में ग्रीन और टिकाऊ औद्योगिक निवेश को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।

“छत्तीसगढ़ बना रहा है ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का नया मॉडल”

मंत्री देवांगन ने उद्योगपतियों को राज्य में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल खनिज संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि यहाँ की औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो क्लियरेंस, और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में किए गए 350+ सुधार इसे निवेश के लिए भारत के अग्रणी राज्यों में स्थान दिलाते हैं।

प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, CII ईस्टर्न रीजन के चेयरमैन श्री शास्वत गोयनका, सिद्धार्थ अग्रवाल सहित देशभर के प्रमुख स्टील और माइनिंग उद्योगपति उपस्थित रहे। सभी ने ग्रीन स्टील तकनीक, हाइड्रोजन-आधारित उत्पादन तथा कम कार्बन उत्सर्जन तकनीकों पर राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।

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Tue, 29 Jul 2025 15:45:50 +0530 news desk MPcg
गौ विज्ञान को बढ़ावा देने नई पहल, CM साय ने शुरू किया विशेष अभियान https://citytoday.co.in/3143 https://citytoday.co.in/3143 गौसेवा के साथ किचन गार्डन को भी मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री साय ने किया ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ

गौ संरक्षण, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का अभिनव प्रयास

रायपुर, 29 जुलाई
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के पोस्टर का अनावरण करते हुए समिति के कार्यों की सराहना की और इसे भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक पुण्य कार्य बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौसेवा भारतीय जीवन दर्शन की आत्मा है। यह न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं जैविक खेती के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने इस वर्ष अभियान में घर-घर किचन गार्डन निर्माण को जोड़े जाने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की और इसे आत्मनिर्भरता एवं पोषण सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।

4 नवंबर को होगी प्रदेशव्यापी गौ विज्ञान परीक्षा

समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी ने बताया कि आगामी 4 नवंबर 2025 को प्रदेशभर में गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों व आमजन में गौवंश के वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और औषधीय महत्व को बढ़ावा देना है।

परीक्षा तीन श्रेणियों में आयोजित होगी –

  • माध्यमिक,

  • उच्चतर माध्यमिक,

  • महाविद्यालय स्तर

प्रत्येक श्रेणी में प्रदेश स्तरीय विजेताओं को क्रमशः ₹51,000, ₹31,000 व ₹21,000 के नगद पुरस्कार और गौ उत्पाद किट प्रदान की जाएगी। जिला स्तर पर विजेताओं को ₹3,100, ₹2,100 और ₹1,100 के पुरस्कार दिए जाएंगे।

सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और गौ विज्ञान ग्रंथ

परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को गौ विज्ञान ग्रंथ और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अपनी संस्था के प्राचार्य या गौ विज्ञान प्रभारी से संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं।

श्री राठी ने बताया कि गत वर्ष एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। इस वर्ष भी समिति ने एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है।

गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का समन्वित दृष्टिकोण

समिति के प्रांत संयोजक अन्ना सफारे, प्रांत उप प्रमुख मनोज पांडेय, गौ ग्रंथ संपादक डॉ. अमित पांडेय सहित समिति के अन्य पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी ने गौ सेवा, पंचगव्य विज्ञान और पर्यावरणीय चेतना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

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Tue, 29 Jul 2025 15:38:30 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ सरकार ग्रीन स्टील को देगी बढ़ावा, नई नीति में स्टील उद्योग के लिए अनुदान योजनाएं https://citytoday.co.in/3142 https://citytoday.co.in/3142 छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री साय

ग्रीन स्टील उत्पादन को मिलेगा अनुदान, अधोसंरचना और नीति सुधारों से निवेश को मिलेगा बल

रायपुर, 29 जुलाई
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ग्रीन स्टील के उत्पादन को अतिरिक्त प्रोत्साहन और विशेष अनुदान प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री साय आज रायपुर के एक स्थानीय होटल में ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट को संबोधित कर रहे थे, जिसका आयोजन कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़ (CII) द्वारा पूर्वी भारत के उद्योगपतियों के लिए किया गया था।

छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग के लिए अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने देशभर के स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य में न केवल भरपूर खनिज संसाधन उपलब्ध हैं, बल्कि उद्योगों के लिए सुदृढ़ अधोसंरचना और नीतिगत समर्थन भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रीन स्टील को मिलेगा बढ़ावा, हाइड्रोजन तकनीक को समर्थन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन स्टील इकाइयों को राज्य सरकार विशेष अनुदान देगी। हाइड्रोजन जैसे आधुनिक तकनीकी समाधानों को राज्य में अपनाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

औद्योगिक विकास के लिए सशक्त अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 47,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक माल की ढुलाई में लागत कम होगी। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क और रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसे कार्य प्रगति पर हैं।

इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार

नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और 350 से अधिक नीतिगत सुधार लागू किए गए हैं। इससे निवेशकों को त्वरित अनुमतियाँ और पारदर्शिता मिल रही है। साथ ही ग्रीन एनर्जी आधारित इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की नीति बनाई गई है।

‘अंजोर विज़न’ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप ‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ तैयार किया गया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, विशेषकर स्टील एवं पावर इंडस्ट्री को केंद्र में रखा गया है।

औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक नीति और प्रशिक्षित जनशक्ति

मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक कॉरिडोर एवं नए औद्योगिक पार्क के विकास कार्य तेज़ गति से चल रहे हैं। निजी क्षेत्र को भी औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया केंद्र खोले गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित जनशक्ति के रूप में तैयार किया जा रहा है। राज्य की नई लॉजिस्टिक नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट और कंटेनर डिपो जैसे प्रोजेक्ट्स पर अनुदान भी दिया जा रहा है।

स्टील क्लस्टर और कनेक्टिविटी में निवेश

मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई क्षेत्र को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक स्टील क्लस्टर विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे लॉजिस्टिक के क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के ज़रिए राज्य देश के चारों दिशाओं से जुड़ता है।

साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से ₹57,000 करोड़ जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए भी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत राज्य में तीव्र कार्य हो रहा है।

250 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

इस समिट में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ से आए 250 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन संजय जैन, को-चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, और उद्योग सचिव रजत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Tue, 29 Jul 2025 15:29:04 +0530 news desk MPcg
"रायपुर में झमाझम बारिश, तीन दिन और बरसेगा बादल, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट" https://citytoday.co.in/3141 https://citytoday.co.in/3141 रायपुर: झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में इन दिनों रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर में सोमवार रातभर हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जिसके बाद मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है।

आज कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मंगलवार को रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलरामपुर, सरगुजा और सूरजपुर समेत कुल 17 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुछ अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

सिस्टम हो रहा कमजोर, फिर भी जारी रह सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब थोड़ा कमजोर पड़ गया है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि व्यापक और भारी बारिश के लिए एक नए सिस्टम के विकसित होने का इंतजार करना होगा।

मानसूनी द्रोणिका का असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी द्रोणिका इस समय गंगानगर से होते हुए पन्ना, डाल्टनगंज, पुरुलिया के रास्ते उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई जा रही है।

किन जिलों में है अलर्ट
मौसम विभाग ने नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, दुर्ग और बेमेतरा जिलों में मध्यम वर्षा की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

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Tue, 29 Jul 2025 15:24:14 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ का चमत्कारी शिवालय: पंचमुखी शिवलिंग की पूजा से होती है संतान प्राप्ति https://citytoday.co.in/3076 https://citytoday.co.in/3076 रायपुर

 रायपुर के सरोना गांव में प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन करने सुबह से ही श्रद्दालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 250 साल पुराने इस पंचमुखी शिव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भक्त लाइन में लगकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मंत्रोच्चारण के बीच पंचमुखी भगवान शिव का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बम-बम भोले के जयकारे लगते रहे। पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।

यह मंदिर दो तालाबों के बीच में बना हुआ है। दोनों तालाब इस मंदिर की खूबसूरती बढ़ाते हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर के नीचे से तालाब का पानी बहता है। लोग इसे कछुआ वाले शिव मंदिर के नाम से भी जानते हैं। दोनों तालाब में 100 साल से अधिक उम्र के दो कछुओं समेत कई कछुए रहते हैं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु घंटों तालाब के किनारे खड़े रहते हैं।

मंदिर की विशेषता
मंदिर के पुजारी शंकर गोस्वामी ने बताया कि इस मंदिर को राजपूतों ने बनवाया था। 14 गांव के मालिक स्व. गुलाब सिंह ठाकुर नि:संतान थे। सरोना गांव के आसपास जंगलों में नागा साधुओं ने डेरा जमाया था। स्व. ठाकुर ने संतान प्राप्ति के लिए कई मन्नत मांगी। इस दौरान उनकी मुलाकात नागा साधुओं से हुई। इस पर साधुओं ने गांव के पास तालाब खुदवाकर शिव मंदिर बनाने की सलाह दी। इस पर तालाब खुदवाकर वहां शिव मंदिर बनवाया गया। इस पर ठाकुर परिवार को दो संतान की प्राप्ति हुई। आज भी इस मंदिर में लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं। भोलेनाथ की कृपा नि:संतान लोगों पर बरसती हैं। यहां न सिर्फ छत्तीसगढ़ से बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचते हैं।

कछुओं की होती है पूजा
यह मंदिर जितना पुराना है, उतने ही पुराने इस तालाब में रहने वाले कछुए और मछलियां हैं। पुजारी गोस्वामी के अनुसार, यहां के तालाब में मछलियां और कछुए भगवान शिव का ही अवतार माने जाते हैं। इन्हें नुकसान पहुंचाने वालों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए यहां आसपास रहने वालों ने कभी इस तालाब की मछलियां या कछुए पकड़ने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं किसी बाहरी व्यक्ति भी ऐसा करने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होता है। यहां लोग मछली और कछुए को भगवान का अवतार मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में आटा खिलाते हैं।

अनोखा है मंदिर का गर्भगृह
इस मंदिर गर्भगृह में पंचमुखी शिवलिंग के साथ महादेव, पार्वती और भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा है, जिसमें महादेव ने अपनी गोद में भगवान गणेश को लिए हुए हैं। हंस पर सवार ब्रम्हा की मूर्ति स्थापित है। यहां विष्णु की प्रतिमा गरूढ़ के साथ विद्यमान है। गणेश और पार्वती भी विराजे हैं। द्वार रक्षक कीर्तिमुख है। पांच मुख वाले शिव भी विराजमान हैं। मान्यता है कि शिव की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। हर साल सावन और महाशिवरात्रि पर यहां  विशेष पूजा की जाती है। सन 1838 ईसवीं में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर की देखरेख ठाकुर परिवार करता है।

सावन सोमवार को विशेष धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिये जाना जाता है। इस दौरान पूरे महीने भगवान महादेव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। खास बात ये है कि सावन में पड़ने वाले हर सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। क्योंकि सोमवार भगवान शंकर का दिन होता है। इस दिन शिवभक्त सोमवार का व्रत रखते हैं और इसे ही सावन सोमवार व्रत कहा जाता है।

इस साल सावन महीने की शुरुआत 11 जुलाई 2025 को हुई थी, जिसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस दौरान चार सावन सोमवार व्रत पड़ेंगे, जिसमें पहला सावन सोमवार व्रत 14 जुलाई को था। सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्दालुओं पर महादेव की विशेष कृपा होती है। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और आदि पूजन कार्य करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  

सावन सोमवार व्रत और पूजा विधि

    जो लोग सोमवार व्रत पूरे साल रखना चाहते हैं, वे सावन के पहले सोमवार से इसकी शुरूआत कर सकते हैं। सावन सोमवार व्रत के नियमों का पालन करते हुए शिव पूजा करते हैं।
    सावन सोमवार का व्रत रखने वाले जातक सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें।
    शिवलिंग पूजन करें। मंत्र आदि का जाप करें।
    शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, गंगाजल, भस्म, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य आदि चढ़ाते हैं।
    सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें। शिव चालीसा, शिव रक्षा स्तोत्र पढ़ते हैं। शिव मंत्रों का जाप करते हैं।
    व्रती जातकों को झूठ या अपशब्द बोलने, मांस-मंदिरा या नमकयुक्त भोजन से पूरी तरह से परहेज करना चाहिये।
    व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म से भी शुद्ध और पवित्र रहें। पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करें।
    शाम के समय प्रदोष काल में धूप-दीप जलाकर पूजन करें और भगवान शिव की आरती उतारे।
    सावन सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने वालों के दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है। जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ, उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
    सावन के सभी सोमवार व्रत रखना चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी।

अगले दिन करें व्रत का पारण-
शिवधर्मोक्त शास्त्र के अनुसार संध्याकाले पूजनान्ते विधिना पारणं कुर्यात अर्थात व्रत का पारण संध्या के समय पूजा पूर्ण होने के बाद करना चाहिए। किसी भी व्रत का फल तभी मिलता है जब पारण सही समय और सही विधि से हो। सावन सोमवार व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। व्रत का पारण सूर्योदय (ब्रह्म मुहूर्त) के बाद किया जाता है। सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करना परंपरागत माना जाता है।

जानें कब-कब है सावन सोमवार-

    पहला सावन सोमवार – 11 जुलाई 2025
    दूसरा सावन सोमवार व्रत- 21 जुलाई 2025
    तीसरा सावन सोमवार व्रत- 28 जुलाई 2025
    चौथा सावन सोमवार व्रत- 4 अगस्त 2025

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Mon, 21 Jul 2025 17:53:06 +0530 News desk Hindi
कांग्रेस की नई जिम्मेदारियाँ: अकबर को बलौदाबाजार, डहरिया को रायपुर का प्रभार https://citytoday.co.in/3040 https://citytoday.co.in/3040 रायपुर

 कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश के बाद अब पीसीसी चीफ दीपक बैज ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है. मंडल और सेक्टर कमेटी के पुनर्गठन के लिए सभी 33 जिलों में नियुक्तियां की गई है. पूर्व मंत्री शिव डहरिया रायपुर शहर एंव ग्रामीण का प्रभारी बनाए गया है. पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर बलौदा बाजार, रविंद्र चौबे दुर्ग भिलाई, उमेश पटेल बिलासपुर, मोहन मरकाम जगदलपुर के प्रभारी बनाए गए हैं. इस संबंध में लिस्ट जारी की गई है.

जिला प्रभारी अपने-अपने जिलों में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मोर्चा संगठनों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर मंडल और सेक्टर कमेटियों का गठन करेंगे. इस प्रक्रिया में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं से आवश्यक सलाह ली जाएगी. कमेटियों के गठन के लिए प्रक्रिया को तय समय में पूरा करना होगा और साथ ही प्रगति की लगातार जानकारी देनी होगी. ब्लॉक प्रभारी पूरे प्रकिया की मॉनिटरिंग करेंगे.

आदेश में यह भी बताया गया कि उदयपुर नवसंकल्प शिविर में पारित प्रस्ताव के अनुसार, इन कमेटियों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला वर्ग को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा. प्रत्येक कमेटी में 50 वर्ष से ऊपर और 50 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं में से एक-एक व्यक्ति को शामिल करना होगा. सभी अनुसूचित मंडल कमेटियों के गठन के लिए 31 जुलाई की तारिख तय की गई है.

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Fri, 18 Jul 2025 18:13:53 +0530 news desk MPcg
चैतन्य बघेल की हिरासत पर कांग्रेस का हंगामा, विधायकों ने किया विधानसभा से वॉकआउट https://citytoday.co.in/3039 https://citytoday.co.in/3039 रायपुर

 विधानसभा में शुक्रवार को भूपेश बघेल के घर ईडी की दबिश का मामला गूंजा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी के हिरासत में लिए जाने पर हंगामा मचाया. इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार किया.

नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि सदन के बाहर ईडी का दबाव है. भूपेश बघेल के यहां ईडी का छापा पड़ा है. आज बच्चे का जन्मदिन है, और उसे उठा लिया गया है. ये सब सरकार के दबाव में हो रहा है. आज के दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं.

विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद कांग्रेस विधायकों के साथ नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अपने कक्ष में आपात बैठक शुरू की. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद हैं.

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Fri, 18 Jul 2025 18:08:29 +0530 news desk MPcg
रावतपुरा&इंडेक्स घूसकांड में CBI का शिकंजा, रविशंकर महाराज समेत कई बड़े नाम घेरे में https://citytoday.co.in/2969 https://citytoday.co.in/2969 रायपुर 

CBI ने प्रदेश के प्रसिद्ध संत व रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज(Rawatpura Sarkar) के खिलाफ FIR दर्ज की है. उनके खिलाफ ये FIR कॉलेज को मान्यता देने और सीटें बढ़ाने के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी NMC  की टीम को रिश्वत देने के मामले में दर्ज कराई गई है. दरअसल CBI को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि NMC के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत लेकर निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर CBI ने ट्रैप तैयार किया और बेंगलुरू में इंस्पेक्शन टीम के एक डॉक्टर को 55 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. वैसे रावतपुरा सरकार की मुश्किलें यहीं खत्म होती नहीं दिख रही है. रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार के इस मेडिकल कॉलेज का जीरो ईयर भी घोषित किया जा सकता है. इस पूरी जांच में श्री रावतपुरा समेत आठ राज्यों के मेडिकल कालेज प्रबंधन से पैसे लेकर मान्यता देने का मामला सामने आया है. 

CBI ने छापे की ये कार्रवाई बीते 1 जुलाई को की. CBI टीम ने तब कर्नाटक,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़,राजस्थान,उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 6 राज्यों में 40 जगह छापे मारे थे.  जिसमें तीन डॉक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अब CBI ने इसी मामले में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल साइंस और उसके चेयरमैन श्री रविशंकर जी महाराज और निदेशक अतुल तिवारी समेत 35 लोगों को आरोपी बनाया है. अब आप ये जान लीजिए कि किन-किन लोगों को आरोपी बनाया गया है. 

इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के अधिकारी जीतू लाल मीना (Jeetu Lal Meena), धर्मवीर (Dharmveer), पीयूष माल्यान (Piyush Malyan), राहुल श्रीवास्तव (Rahul Srivastava), अनूप जायसवाल (Anup Jaiswal) जैसे नाम भी चार्जशीट में दर्ज हैं. 

कौन हैं रावतपुरा सरकार?

संत रविशंकर महाराज को ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के लोग रावतपुरा सरकार के नाम से जानते हैं. उनके भक्तों की सूची कई बड़े राजनेता भी शामिल हैं. अध्यात्म की दुनिया में वे बड़ा नाम हैं. वो रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के चेयरमैन भी हैं. इसी इंस्टीट्यूट के मामले में CBI ने जो FIR दर्ज की है उसमें उनका नंबर चौथा है. संत रविशंकर महाराज का जन्म 12 जुलाई 1968 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गांव में हुआ था. उनका बचपन का नाम रवि था, जो उनके नाना-नानी ने रखा था. उनके पिता,कृपाशंकर शर्मा, एक ग्राम सेवक थे. उनकी मां का नाम रामसखी शर्मा है.

उन्हें करीब से जानने वाले बताते हैं कि तब वे स्कूल जाने के बजाय अक्सर गांव से 2 किलोमीटर दूर शारदा माता मंदिर के पास एक गुफा में ध्यान लगाने चले जाते थे. उनकी माँ को कई बार उन्हें गुफा से निकालकर घर लाना पड़ता था. कई बार उनकी मां को गुफा में रवि के कपड़े भीगे हुए मिले, जैसे उन्होंने कुएं में डुबकी लगाई हो. 
11 वर्ष की उम्र में घर छोड़ा और बन गए बाबा

ऐसा कहा जाता है कि रावतपुरा सरकार 11 साल की उम्र में  आध्यात्मिक खोज में निकल पड़े थे. यह निर्णय उनके परिवार के लिए चिंता का विषय था, क्योंकि वे परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और उनसे जिम्मेदारियों की उम्मीद थी. फिर भी, उनकी आध्यात्मिक रुचि ने उन्हें रावतपुरा गांव (लहार, भिंड, मध्य प्रदेश) में हनुमान मंदिर के पास ले गई, जहां उन्होंने साधना शुरू की. यहीं से उन्हें "रावतपुरा सरकार" की उपाधि मिली.रावतपुरा गांव में हनुमान मंदिर के पास साधना के बाद रविशंकर महाराज ने रावतपुरा धाम को अपने आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया. उनका आश्रम धीरे-धीरे भक्तों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया। 

यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज भी बनवाए

साल 2000 में, रविशंकर जी महाराज ने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की स्थापना की. इस ट्रस्ट ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में व्यापक काम किए. ट्रस्ट के तहत स्कूल, कॉलेज,अस्पताल,ब्लड बैंक,नर्सिंग कॉलेज और वृद्धाश्रम जैसे संस्थान चलाए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में श्री रावतपुरा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई. जिसमें इंजीनियरिंग,मैनेजमेंट,फार्मेसी,कॉमर्स,साइंस और आर्ट्स जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम प्रदान की जाती है. इसके अलावा वा रायपुर में श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR) की भी स्थापना की गई.इसी मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए रिश्वत कांड में उनके खिलाफ सीबीआई ने FIR दर्ज की है.

कौन हैं रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज?

छत्तीसगढ़ में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए मनचाही रिपोर्ट देने के लिए 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में 3 डॉक्टरों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद एक बार फिर रावतपुरा महाराज सुर्खियों में आ गए हैं. 

दरअसल, रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज इस मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन भी हैं. आखिर कौन हैं रावतपुरा सरकार और कैसे मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की बड़ी हस्तियां इनके आशीर्वाद के लिए जाते हैं? यह समझने की कोशिश करते हैं.

रविशंकर महाराज कैसे बने रावतपुरा सरकार! 
दरअसल, रावतपुरा सरकार की प्रसिद्धि की शुरुआत भिंड के लहार स्थित उनके आश्रम की वजह से हुई. जहां रावतपुरा सरकार का यह आश्रम एक प्राचीन हनुमान मंदिर के पास स्थित है. रावतपुरा में हर रोज हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. 

यहां संत ही ‘सरकार’ हैं!

रविशंकर महाराज का जन्म बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गांव में हुआ था. इनका बचपन काफी आर्थिक परेशानियों के बीच गुजरा. आगे चलकर उनके माता-पिता ने रविशंकर महाराज का दाखिला ओरछा के रामराजा संस्कृत विद्यालय में करवा दिया ताकि वो पुरोहित का काम सीख सकें, लेकिन यहां उनका मन नहीं लगा और वो पढ़ाई बीच में ही छोड़कर रावतपुरा गांव पहुंच गए और यहां स्थित हनुमान मंदिर में साधना शुरू कर दी. 

मंदिर में प्राप्त हुईं सिद्धियां

स्थानीय लोग बताते हैं कि इसी मंदिर में रविशंकर महाराज को सिद्धियां प्राप्त हुईं और उन्होंने अपना दरबार लगाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे मंदिर में रविशंकर महाराज को मानने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी, पर वहां जगह की कमी को देखते हुए बात में रावतपुरा धाम की स्थापना की गई, जहां एक विशाल आश्रम बनाया गया.

ट्रस्ट बनने के बाद शुरू हुआ स्कूल और अस्पताल खोलने का सिलसिला
साल 2000-2001 में रविशंकर महाराज ने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट बनाया जिसके तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्कूल और अस्पताल खोले गए. यही नहीं, इसी ट्रस्ट के अधीन रावतपुरा सरकार के कई आश्रम, संस्कृत स्कूल, नर्सिंग कॉलेज, ब्लड बैंक, फार्मेसी कॉलेज और रायपुर में रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज भी है. यही नहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर में रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी समेत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और यूपी में कई शिक्षण संस्थान हैं.

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Tue, 15 Jul 2025 13:57:20 +0530 news desk MPcg
रायपुर : पेट्रोल पंपों में स्थापित होंगे प्रदूषण जांच केन्द्र https://citytoday.co.in/2941 https://citytoday.co.in/2941 रायपुर : पेट्रोल पंपों में स्थापित होंगे प्रदूषण जांच केन्द्र

रायपुर के पेट्रोल पंपों पर शुरू होगी प्रदूषण जांच सेवा, जल्द स्थापित होंगे केंद्र
परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना

रायपुर

राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है।

परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ सुयुगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।

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Sat, 12 Jul 2025 14:14:31 +0530 news desk MPcg
रायपुर : लखपति दीदी को किया गया सम्मानित, ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना https://citytoday.co.in/2940 https://citytoday.co.in/2940 रायपुर : लखपति दीदी को किया गया सम्मानित, ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना

ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता की मिसाल बनीं लखपति दीदी, रायपुर में हुआ सम्मानित

रमोतिन ने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा और बनी सक्षम किसान

रायपुर 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने आज कार्यालय जिला पंचायत में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम सागर की लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर 11 जुलाई 2025 को रायपुर में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर मेरी कहानी मेरी जुबानी के तहत अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुतीकरण करेंगी।

उल्लेखनीय है कि लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत वीणा स्वसहायता समूह की सदस्य है। महिलाएं भी खेती-किसानी का कार्य कर सकती है, इसकी एक मिसाल है। एक गृहणी से एक सक्षम किसान बनने की उनकी कहानी रोचक है। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। वाहन चालक को प्रतिमाह अधिक वेतन देना पड़ता था, इसलिए उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा। उन्होंने अपनी 3 एकड़ बंजर भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाया। जिससे उनकी आय दोगुनी हो गई। उनकी वार्षिक आय 1 लाख रूपए से अधिक है तथा वे एनआरएलएम की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी हुई है।

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Sat, 12 Jul 2025 14:11:01 +0530 news desk MPcg
रायपुर : युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी रौनक https://citytoday.co.in/2918 https://citytoday.co.in/2918

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी रौनक

रायपुर: युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी चहल-पहल, बढ़ी शिक्षण गुणवत्ता

शिक्षा सुधार का असर, युक्तियुक्तकरण से रायपुर के स्कूलों में फिर से आई रौनक

अंग्रेजी, गणित और कला विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति से बच्चों और पालकों में जगी नई उम्मीद

रायपुर

महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव में शिक्षक नियुक्ति के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। वर्ष 2022 में स्थापित इस विद्यालय को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन प्रारंभ से ही शिक्षकों की कमी के कारण यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और अभिभावकों में निराशा व्याप्त थी।

शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय में तीन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब अंग्रेजी, गणित एवं कला जैसे प्रमुख विषयों के लिए नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इन विषयों में क्रमशः श्री देवेंद्र चंद्राकर, श्री शैलेन्द्र ठाकुर और श्री रामसिंह नाग की नियुक्ति की गई है। साथ ही विज्ञान सहायक श्री भूपेंद्र जसपाल भी विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं।

शिक्षकों की उपलब्धता के साथ विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिली है। कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं और विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बच्चे अब पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई में जुटे हैं।

विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति से न केवल बच्चों की पढ़ाई में सुधार हुआ है, बल्कि मोहगांव सहित आसपास के गांवों के पालकों और ग्रामीणों में भी प्रसन्नता का माहौल है। ग्रामवासियों ने शासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

गांव के जनपद सदस्य श्री भूपेंद्र दीवान, सरपंच श्री नरेन्द्र दीवान तथा एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा सबके लिए के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में विद्यालय में अन्य आवश्यक संसाधन भी शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और समग्र शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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Fri, 11 Jul 2025 15:47:52 +0530 news desk MPcg
रायपुर के रामनगर इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रुकवाया अवैध मतांतरण, पास्टर गिरफ्तार https://citytoday.co.in/2782 https://citytoday.co.in/2782

रायपुर
 प्रदेश में बहला-फूसलाकर मतांतरण करवाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रायपुर के रामनगर इलाके में दिशा कालेज रोड पर शनि मंदिर के पास भी मतांतरण कराए जाने का एक मामला सामने आया। जिसकी सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे और मतांतरण रुकवाया। साथ ही सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची और 150 से अधिक लोगों को अनेक वाहनों से थाने ले गईं।

पुलिस ने मौके से मतांतरण कराने का प्रयास कर रहे पास्टर अमित सिंह, केशव महानंद, दुर्गेश महानंद, महेंद्र महानंद को गिरफ्तार किया। जिन्हें सरस्वती नगर थाने ले जाया गया। इस दौरान बजरंगियों ने नारे लगाते हुए मतांतरण के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की मांग की।

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मंत्री बंटी कटरे ने बताया कि शुक्रवार को करीब डेढ़ बजे रामनगर इलाके के बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं से सूचना मिली कि महेंद्र महानंद के घर के सामने मतांतरण कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता देवेंद्र शर्मा, योगेश त्रिपाठी, रूपेश रांगडाले, डी.राणा, राम देवांगन, विशाल मानिकपुरी, भरत शाह, गोल्डी आदि पहुंचे। मोहल्ले में निवासरत गरीब तबके के लोगों को मतांतरित करने का प्रयास किया जा रहा था, जब रोकने का प्रयास किया गया तो दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और और हंगामा होने लगा। इसके बाद सभी को थाने ले जाया गया।

थाने में शिकायत की गई कि इससे पहले भी मोहल्ले में नवरात्र पर निकलने वाले सांग बाणा जुलूस को एक समुदाय विशेष के लोगों ने बंद करा दिया था। मंदिर में भी आरती के दौरान साउंड बाक्स बजने पर आपत्ति की थी। पास्टर अमित सिंह ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अभद्र टिप्पणी भी की। शिकायत के पश्चात पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

मतांतरण कराने वालों को सिखाएंगे कानूनी तरीके से सबक: अग्रवाल

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि जो लोग अवैधानिक तरीके से मतांतरण कराते हैं या करते हैं, वे सचेत हो जाएं। अवैधानिक तरीके से अगर मतांतरण करवाया जाएगा, उन्हें कानूनी तरीके से सबक सिखाया जाएगा। बृजमोहन ने कहा कि प्रदेश में मतांतरण रोकने के लिए कठोर से कठोर कानून बनाया जाएगा।

बता दें कि भाजपा संकल्प से सिध्दी अभियान के तहत पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र की मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धियों जनता तक पहुंचाने के लिए भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में बैठक आयोजित हुई। इसके बाद रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारी सनातन संस्कृति, हमारा संस्कार, पुरातन वैभव, योग, वैदिक शिक्षा को आने वाले समय में स्कूल शिक्षा में लागू किया जाएगा, जो आधुनिक भारत और नए भारत के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान होगा।

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Sat, 21 Jun 2025 13:00:32 +0530 news desk MPcg
रायपुर : समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय महिलाओं ने की शिविर की सराहना https://citytoday.co.in/2767 https://citytoday.co.in/2767

रायपुर : समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय महिलाओं ने की शिविर की सराहना

आधार कार्ड बनने तथा नया राशन कार्ड की सौगात मिलने पर अभिभूत हुई दामिन बाई एवं इयन बाई

रायपुर

केन्द्र सरकार के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में सेवाओं एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने तथा उनके व्यक्तिगत अधिकारों से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से धरती आबा संचालित की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में जनजातीय समाज के लोगों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजना अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रहा है। बालोद जिले में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविरों के माध्यम से शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिलने से जनजातीय समाज के लोगों ने शासन की इस महत्वपूर्ण पहल एवं जनहितैषी कदम की भूरी-भूरी सराहना की है। 

इसी कड़ी में बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके बहुप्रतीक्षित समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय समाज के ग्रामीण महिलाओं ने शिविर के आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। शिविर के माध्यम से अपने नन्हें पुत्र तेजस के आधार कार्ड का पंजीयन होने से ग्राम मार्री बंगला निवासी दामिन बाई तथा गहिरा नवागांव निवासी श्रीमती इयन बाई का नया राशन कार्ड बनने से दोनों महिलाएं बहुत ही अभिभूत नजर आ रही थी।

ग्राम मार्री बंगला निवासी श्रीमती दामिन बाई ने बताया कि अपने पारिवारिक जिम्मेदारी एवं घरेलू कार्य में व्यस्त होने के कारण वे चाह कर भी अपने नन्हें बालक तेजस का आधार कार्ड बनवाने के लिए पास के गांव देवरी के च्वाइस सेंटर में नहीं जा पा रही थी। जिसके कारण वे परेशान भी हो जाती थी। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत उनके गृह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में उनके पुत्र तेजस के आधार कार्ड बनाने हेतु पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ ही दिनों के पश्चात् उनके पुत्र के आधार कार्ड बनकर उन्हें प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से धरती आबा जनभागीदारी अभियान समस्याओं का तत्काल समाधान होना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। श्रीमती दामिन बाई ने कहा कि मेरे नन्हें बच्चे के आधार कार्ड का पंजीयन हो जाने से मैं बहुत ही प्रसन्नचित हूँ।
     इसी तरह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके नया राशन कार्ड बनने पर ग्राम गहिरा नवागांव की आदिवासी महिला श्रीमती इयन बाई बहुत ही प्रसन्नचित एवं उत्साही नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि अपने समीप के गांव में आयोजित शिविर के माध्यम से उन्हें एवं उनके परिवार को तत्काल राशन कार्ड का सौगात मिलना हम जैसे गरीब परिवार के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण है। नए राशन कार्ड बन जाने से अब उन्हें ग्राम पंचायत एवं अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। श्रीमती इयन बाई ने कहा शिविर के माध्यम से उनके जैसे जनजातीय परिवार के अनेक गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की मांगों और समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से केन्द्र सरकार की अत्यंत लोक हितैषी एवं जनकल्याणकारी पहल है। मार्री बंगला में आयोजित शिविर के आयोजन से लाभान्वित होने वाली दोनों महिलाओं ने शिविर आयोजन की सराहना करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले भारत सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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Fri, 20 Jun 2025 17:09:49 +0530 news desk MPcg
कौशल्या माता धाम में जल्द लगेगी भगवान राम की 51 फीट की नई प्रतिमा https://citytoday.co.in/2760 https://citytoday.co.in/2760

रायपुर

प्रभु श्रीराम के ननिहाल चंदखुरी स्थित कौशल्या माता धाम में जल्द भगवान राम की 51 फीट की नई प्रतिमा लगेगी. भगवान राम की प्रतिमा एक हफ्ते में ग्वालियर से छत्तीसगढ़ आ जाएगी. यह प्रतिमा सैंड स्टोन से बनी है, जो 3 फेस में तैयार हुई है.

चंंदखुरी में लगने वाली भगवार राम की भव्य प्रतिमा को ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा अंतिम रूप दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पेमेंट नहीं होने के चलते काम को रोक दिया गया था. अब प्रतिमा का काम अंतिम चरणों में है. जल्द इस प्रतिमा को छत्तीसगढ़ पहुंचा दी जाएगी.

देश में कौशल्या माता का है इकलौता मंदिर
छत्तीसगढ़ में चंदखुरी को भगवान श्री राम का ननिहाल कहा जाता है. यहां कौशल्या माता का एक प्राचीन मंदिर है, जिसे 10वीं शताब्दी में बनाया गया था. कौशल्या माता मंदिर में मौजूद माता की प्रतिमा भी अद्भुत है. यहां माता कौशल्या श्रीराम को गोद में लिए हुए हैं. यह पूरे देश में कौशल्या माता का इकलौता मंदिर है. यह मंदिर तालाब के बीचों बीच बना हुआ है और आसपास जहां तक देखें वहां खूबसूरत दृश्य ही दिखाई देता है.

पुरानी प्रतिमा की स्थापना और विवाद
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 25 किलोमीटर दूर चंदखुरी गांव में स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण किया गया था. अक्टूबर 2021 में यहां भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी. इस प्रतिमा की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में की गई थी, लेकिन इसके बाद भाजपा के नेताओं ने प्रतिमा के मुख और आकृति को लेकर आपत्ति जताई थी. भाजपा नेताओं का आरोप था कि इस प्रतिमा को जल्दबाजी में तैयार करके स्थापित किया गया है. भाजपा के सत्ता में आने के बाद पूर्व तत्कालीन धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने घोषणा की थी कि भगवार राम की प्रतिमा को हटाकर नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

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Thu, 19 Jun 2025 12:53:29 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय https://citytoday.co.in/2746 https://citytoday.co.in/2746 छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपये की घोषणा

मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 

इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

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Wed, 18 Jun 2025 12:52:04 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय https://citytoday.co.in/2747 https://citytoday.co.in/2747 छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपये की घोषणा

मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 

इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

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Wed, 18 Jun 2025 12:52:04 +0530 news desk MPcg
रायपुर: तेलीबांधा ब्रिज पर हिट एंड रन, तिल्दा में दो मर्डर https://citytoday.co.in/2332 https://citytoday.co.in/2332 रायपुर, 02 मई 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध और हादसों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तेलीबांधा ब्रिज पर एक तेज रफ्तार कार ने मॉर्निंग वॉक पर निकली तीन महिलाओं को कुचल दिया, जिसमें एक महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। दूसरी ओर, तिल्दा थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो हत्याओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी है, लेकिन दोनों मामलों में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

शुक्रवार सुबह तेलीबांधा ब्रिज पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार कार ने मॉर्निंग वॉक पर निकली तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में प्रिया साहू नामक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रिया बंजारे और ललिता साहू गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, टक्कर मारने के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार और उसके मालिक की पहचान करने में जुट गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेलीबांधा ब्रिज पर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन आम बात है, जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने का आश्वासन दिया है।

तिल्दा में 24 घंटे में दो हत्याएं, पुलिस के हाथ खाली

रायपुर से सटे तिल्दा थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो हत्याओं ने सनसनी मचा दी है। पहली घटना में गुरुवार सुबह बेमता गांव के पास तिल्दा-बिलासपुर हाईवे के किनारे एक सुनसान खेत में 45 वर्षीय राजू भट्ठ का शव मिला। राजू नया रायपुर के सिंचाई विभाग में अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत था। उसका सिर पत्थर से बुरी तरह कुचला गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटनास्थल पर शराब की खाली बोतलें और कुछ अन्य सामान मिलने से पुलिस को शक है कि हत्या से पहले शराब पार्टी हुई हो सकती है, जिसके बाद विवाद में यह वारदात हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, राजू पिछले 15 दिनों से अपने कार्यस्थल पर नहीं जा रहा था। वह सांकरा का निवासी था और पिता की मृत्यु के बाद उसे नौकरी मिली थी। पुलिस आपसी रंजिश या निजी विवाद को हत्या का कारण मान रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

दूसरी हत्या की वारदात में भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। तिल्दा थाना पुलिस ने दोनों मामलों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और विशेष टीम गठित की है। आसपास के लोगों से पूछताछ और संदिग्धों की तलाश जारी है।

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Fri, 02 May 2025 13:27:44 +0530 news desk MPcg
छत्तीसगढ़ में तूफान का कहर: दो की मौत, कई जिलों में फिर आंधी&बारिश की चेतावनी https://citytoday.co.in/2330 https://citytoday.co.in/2330 रायपुर, 02 मई 2025: छत्तीसगढ़ में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने जमकर तबाही मचाई। तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। बेमेतरा जिले में एक राइस मिल की दीवार गिरने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग ने आज (शुक्रवार) भी सरगुजा, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव, बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।

रायपुर में 93 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान

गुरुवार शाम करीब 4:15 बजे रायपुर, दुर्ग, भिलाई और अन्य शहरों में शुरू हुए तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर में हवाएं 93 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं, जिसने शहर को हिलाकर रख दिया। सड़कों पर हजारों लोग फंस गए, बिजली की लाइनें ठप हो गईं और पेड़ उखड़कर गिर गए। रायपुर में पिछले एक दशक में इतना भीषण तूफान नहीं देखा गया था। 

सिमगा टोल प्लाजा को भारी नुकसान

बलौदाबाजार जिले के तरपोंगी सिमगा टोल प्लाजा पर तूफान ने भारी तबाही मचाई। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस टोल प्लाजा की संरचना ढह गई। गनीमत रही कि वहां मौजूद कर्मचारी और यात्री सुरक्षित बच गए। दुर्ग जिले में कुम्हारी और सरोना के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से रायपुर-दुर्ग रेल मार्ग दो घंटे तक बाधित रहा, जिससे दर्जनभर ट्रेनें प्रभावित हुईं।

बेमेतरा में राइस मिल हादसा

बेमेतरा जिले के ग्राम राखी जोबा में सूरज राइस मिल की दीवार तूफान की चपेट में आकर ढह गई। दीवार के साथ धान की बोरियां गिरने से छह मजदूर दब गए। इस हादसे में नंदकुमार निषाद और बिसवंतीन साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

बिजली और यातायात व्यवस्था चरमराई

रायपुर में 133 केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। दुर्ग, महासमुंद, धमतरी और अन्य जिलों में भी बिजली गुल होने की खबरें आईं। रायपुर के देवेंद्र नगर में नेताजी चौक का शेड ढह गया, जिससे आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई। विमान सेवाएं भी तूफान के कारण प्रभावित हुईं।

मौसम का मिजाज: काले बादल और तापमान में गिरावट

गुरुवार को रायपुर में दोपहर तक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम चार बजे के बाद आसमान में काले बादल छा गए, जो 12 किमी की ऊंचाई और 40 किमी की लंबाई तक फैले थे। करीब 40 मिनट तक शहर तूफान की चपेट में रहा। बारिश के बाद तापमान में छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

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Fri, 02 May 2025 12:04:33 +0530 news desk MPcg
Bharatmala Project Scam: EOW's की बड़ी छापेमारी, 43 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा https://citytoday.co.in/2255 https://citytoday.co.in/2255 रायपुर, 25 अप्रैल 2025: भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण में हुए कथित 43 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईओडब्ल्यू की टीमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 17 से 20 सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। इस घोटाले में किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप है, जिसमें अधिकारियों और दलालों ने मिलकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की।

विधानसभा में उठा था मामला, जांच में सामने आई सच्चाई

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब विधानसभा में जमीन अधिग्रहण में अनियमितताओं का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों ने बिचौलियों के साथ साठगांठ कर मुआवजे की राशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया। कई मामलों में किसानों को कम मुआवजा देकर बाकी राशि को गलत तरीके से हड़प लिया गया। इस घोटाले में शामिल कई अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

रायपुर से दुर्ग तक छापेमारी, कई अधिकारी निशाने पर

ईओडब्ल्यू ने शुक्रवार सुबह रायपुर, अभनपुर, आरंग, दुर्ग और भिलाई में एक साथ छापेमारी शुरू की। रायपुर में तात्कालिक एसडीएम निर्भय साहू और तहसीलदार शशिकांत कुर्रे के आवासों पर टीमें पहुंचीं। इसके अलावा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों, जैसे पटवारी और राजस्व निरीक्षकों के ठिकानों पर भी जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए हैं, जो घोटाले की परतें खोल सकते हैं।

जांच में पता चला कि भारतमाला परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले किसानों को मिलने वाला मुआवजा कई मामलों में गलत तरीके से कम कर दिया गया। अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई में हेरफेर कर मुआवजे की राशि को अपने और बिचौलियों के बीच बांट लिया। इस घोटाले ने किसानों के हक को छीनने के साथ-साथ सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

आगे की कार्रवाई की तैयारी

ईओडब्ल्यू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के बाद जब्त दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। दोषी अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Fri, 25 Apr 2025 11:24:45 +0530 news desk MPcg
गर्मी से बच्चों को मिली राहत, सरकार ने घोषित की ग्रीष्मकालीन छुट्टी, 15 जून तक अवकाश घोषित https://citytoday.co.in/2236 https://citytoday.co.in/2236 छत्तीसगढ़ के रायपुर में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों में ग्रीष्कालीन अवकाश की छुट्टी देने का फैसला लिया है। अब 25 अप्रैल 2025 से 15 जून 2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। पहले ये ग्रीष्मकालीन अवकाश एक मई से घोषित किया जाता रहा है। गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने पांच दिन पहले ही छुट्टी घोषित करने का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार का ये निर्णय प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए लागू होगा।

हालांकि ये अवकाश केवल बच्चों के लिए है। शिक्षकों को अभी भी स्कूल में उपस्थिति देनी होगी। बतादें कि रायपुर में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। गर्म हवा के थपेड़ों से हर कोई बेहाल है। इस निर्णय से प्रदेश के 60 लाख बच्चों ने राहत की सांस ली है।

जब सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत भरा निर्णय लिया। अब छात्र न केवल गर्मी से बच सकेंगे, बल्कि इस अवकाश के दौरान घर पर रहकर अपने मनपसंद रचनात्मक कार्यों में भी समय बिता सकेंगे।

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Wed, 23 Apr 2025 16:20:35 +0530 News desk Hindi
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म https://citytoday.co.in/2142 https://citytoday.co.in/2142 रायपुर, 15 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यवसायियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। यह नया नियम 14 नवंबर 2024 को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत लागू किया गया। अब पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए केवल केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। 

दोहरी प्रक्रिया खत्म, कारोबार को मिलेगी रफ्तार

पहले पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को जिला कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय-विक्रय लाइसेंस लेना पड़ता था। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से अलग-अलग अनुमति लेने की प्रक्रिया समय और धन दोनों की बर्बादी का कारण बनती थी। अब इस दोहरी प्रक्रिया को हटाकर कारोबारी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। व्यवसायियों को अब लाइसेंस नवीनीकरण की झंझट से भी मुक्ति मिलेगी, जिसे पहले हर साल या तीन साल में कराना पड़ता था।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी ईंधन की पहुंच

इस फैसले से पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया न केवल तेज और कम खर्चीली होगी, बल्कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम उन क्षेत्रों में पेट्रोल पंप की संख्या बढ़ाने में मदद करेगा, जहां अभी ईंधन की कमी है। इससे न केवल आम लोगों को सुविधा होगी, बल्कि बुनियादी ढांचे का विकास और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री का बयान: व्यवसाय के लिए अनुकूल माहौल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को व्यवसाय के लिए आकर्षक और अनुकूल बनाना है। अनावश्यक नियमों को हटाकर और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर हम निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहते हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह निर्णय न केवल व्यवसायियों को राहत देगा, बल्कि जनता को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं भी प्रदान करेगा।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

नए नियमों से पेट्रोल पंप स्थापित करने की राह आसान होने के साथ ही राज्य में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। यह कदम छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल ईंधन की आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि रोजगार सृजन और स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी।

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Tue, 15 Apr 2025 14:16:09 +0530 news desk MPcg
हनुमान जन्मोत्सव आज, इस तरीके से करें पवनपुत्र हनुमान की पूजा https://citytoday.co.in/2114 https://citytoday.co.in/2114 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कई हनुमान मंदिर हैं, जहां हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इनमें प्राचीन हनुमान मंदिरों में बावली वाले हनुमान, मच्छी तालाब गुढ़ियारी, तात्यापारा, दूधाधारी मठ के मंदिर प्रसिद्ध हैं। इनके अलावा रेलवे स्टेशन परिसर स्थित सर्वधर्म सद्भावना हनुमान मंदिर प्रदेश का सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर है।

इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव पर होने वाली जयपुर की आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र होगी। जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य शामिल होंगे। वहीँ रेलवे स्टेशन परिसर स्थित सर्वधर्म संकट मोचन मंदिर समिति के अध्यक्ष राजकुमार राठी एवं संरक्षक कमलेश तिवारी के अनुसार, यहां जन्मोत्सव के अवसर पर महाआरती के पश्चात महाप्रसादी का वितरण होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई बड़े नेता और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।  

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Sat, 12 Apr 2025 11:08:55 +0530 News desk Hindi
रायपुर : नगर निगम का एक्शन,अवैध डेयरी पर कार्रवाई, भैंसों को मालिक के गांव भेजा https://citytoday.co.in/2108 https://citytoday.co.in/2108 रायपुर: नगर निगम के जोन-9 की टीम ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड में अवैध रूप से संचालित हो रही एक डेयरी के खिलाफ सख्त कदम उठाया। शिकायतों के बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने डेयरी की 10 भैंसों को वाहन में लादकर संचालक के गांव टेकारी पहुंचा दिया। यह डेयरी दलदल सिवनी क्षेत्र में पूर्व पार्षद सुशीला धीवर के घर के पास लंबे समय से चल रही थी। 

स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बावजूद पूर्व में इस डेयरी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। वर्तमान पार्षद और एमआईसी सदस्य खेमकुमार सेन के निर्देश पर निगम की टीम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। कार्रवाई के दौरान कुछ विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन निगम की टीम ने नियमों का पालन करते हुए अपना काम पूरा किया।

शहर में डेयरी संचालन पर सख्त नियम     

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के भीतर डेयरी या गोशाला चलाने के लिए कड़े नियम लागू हैं। डेयरी को शहर की सीमा से कम से कम 200 मीटर दूर होना चाहिए। साथ ही, नदी, तालाब, अस्पताल या स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों से 500 मीटर की दूरी अनिवार्य है। जोन-7 के स्वास्थ्य अधिकारी भोला तिवारी ने बताया कि इस डेयरी संचालक को पहले ही कई बार नोटिस जारी कर डेयरी को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की चेतावनी दी गई थी। 

लोगों की शिकायतों का मिला जवाब

स्थानीय निवासियों का कहना था कि डेयरी के कारण क्षेत्र में गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती थी। संचालक ने नोटिस के बावजूद डेयरी हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद निगम को यह कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध डेयरियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

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Fri, 11 Apr 2025 14:28:05 +0530 news desk MPcg
RAIPUR NEWS: जीएसटी चोरी के मामले में दो फर्मों के संचालकों को किया गया गिरफ्तार https://citytoday.co.in/2087 https://citytoday.co.in/2087 रायपुर: जीएसटी विभाग की खुफिया इकाई, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की रायपुर जोनल इकाई ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो फर्मों, अजय ट्रेडर्स और शुभम सेल्स, के संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की।

फर्जी बिलिंग से 24 करोड़ का नुकसान

डीजीजीआई की जांच से खुलासा हुआ कि अजय ट्रेडर्स ने 94 करोड़ रुपये और शुभम सेल्स ने 41 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाई। यह फर्जीवाड़ा दिल्ली की कई नकली फर्मों से बोगस बिलिंग के माध्यम से किया गया। इन फर्मों ने इस आधार पर लगभग 24 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का एक सुनियोजित प्रयास था।

दस्तावेजों में गड़बड़ी का पर्दाफाश

जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। इनमें खरीदी गई सामग्री जैसे एमएस टीएमटी, एमएस एंगल और एमएस चैनल के परिवहन या वितरण का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। यह स्पष्ट करता है कि इन लेनदेन का कोई वास्तविक आधार नहीं था और यह केवल कागजी खेल था।

संचालकों पर सख्त कार्रवाई

इस घोटाले के मुख्य आरोपियों, अजय ट्रेडर्स के संचालक अजय सिंह और शुभम सेल्स के संचालक शुभम कुमार को डीजीजीआई ने हिरासत में ले लिया है। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्ध फर्मों की भी छानबीन की जा रही है।

जीएसटी चोरी पर नकेल कसने की तैयारी

यह कार्रवाई जीएसटी विभाग की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें फर्जी बिलिंग और कर चोरी के मामलों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है। डीजीजीआई के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के घोटालों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
 

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Thu, 10 Apr 2025 12:53:27 +0530 news desk MPcg