City Today & Latest Posts https://citytoday.co.in/rss/latest-posts City Today & Latest Posts en Copyright 2022 citytoday.co.in& All Rights Reserved.CITYTODAY MEDIA PRIVATE LIMITED कोलकाता की गलियों में उतरे CM मोहन यादव, बोले – बंगाल अब बदलाव चाहता है, TMC पर बड़ा हमला https://citytoday.co.in/5567 https://citytoday.co.in/5567 भोपाल /कलकत्ता

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Kolkata की गलियों में उतरकर जोरदार प्रचार किया। कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में उन्होंने घर-घर और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

घर-घर पहुंचकर जनता से जुड़ने की कोशिश
सीएम डॉ. यादव ने गलियों में घूमते हुए आम नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जनकल्याण की योजनाओं की रफ्तार कई गुना तेज होगी।

सीएम ने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल डबल इंजन सरकार के तहत नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज विकास के साथ आगे बढ़ेगा। हर वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा।

मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में काफी गरीबी है और हालात चिंताजनक हैं। युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को परिवार चलाने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश के सबसे बेहतर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन पहले कम्युनिस्ट सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने राज्य को विकास की राह से पीछे धकेल दिया।

सीएम ने कहा कि बंगाल में विकास की असीमित संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अब यहां की जनता टीएमसी शासन से मुक्ति चाहती है। यदि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तो विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री लगातार कार्य कर रहे हैं। बंगाल के उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार आवश्यक है।

‘बंगाल बदलाव चाहता है’ – सीएम यादव
Mohan Yadav ने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। उनका दावा है कि “डबल इंजन सरकार” आने पर राज्य में नई ऊर्जा और तेज प्रगति देखने को मिलेगी।

रोजगार और गरीबी पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में गरीबी और बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है।

टीएमसी और वामपंथ पर साधा निशाना
सीएम यादव ने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्ट सरकार और बाद में All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि कभी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बंगाल आज विकास की दौड़ में पिछड़ गया है।

विकास की संभावनाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और अगर राज्य देश के साथ कदम मिलाकर चले, तो यह फिर से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के हर वर्ग—युवा, महिला, किसान और गरीब—के लिए काम हो रहा है।

सीएम डॉ. यादव का यह रोड प्रचार बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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Sat, 18 Apr 2026 18:47:18 +0530 news desk MPcg
पीएम मोदी का आज रात 8.30 बजे देश के नाम संबोधन, ‘नारी शक्ति बिल’ गिरने पर कर सकते हैं चर्चा https://citytoday.co.in/5566 https://citytoday.co.in/5566 नई दिल्ली
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। उनका ये संबोधन ऐसे समय हो रहा है, जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया है। लोकसभा में दो तिहाई बहुमत न हो पाने की वजह से एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं करवा पाई है। पिछले 12 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मोदी सरकार का कोई बिल वोटिंग के बाद संसद में गिर गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस बिल को लेकर ही देश को संबोधित कर सकते हैं।

विपक्ष ने जमकर किया था विरोध
बता दें कि एक दिन पहले ही लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बाद महिला आरक्षण को लेकर लाया गया बिल गिर गया था। तब विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इस बिल का विरोध किया था। इस दौरान संसद में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के दौरान परिसीमन का खेल खेलना चाहती है। इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

पीएम मोदी ने की थी ये खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर वोटिंग से पहले ट्वीट पर एक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।

सरकार ने किया था ये अनुरोध.
शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इसके चलते संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलने का इंतज़ार अभी जारी है। इस बिल का उद्देश्य था कि साल 2029 से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए और लोकसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाए। लेकिन इस प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया। वोटिंग के दौरान कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से 298 सदस्यों ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सदस्यों ने इसका विरोध किया। संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जिसके लिए कम से कम 352 वोट चाहिए थे, जो इस बिल को नहीं मिल सके। बिल पास न होने के बाद सरकार ने ओम बिरला से यह भी अनुरोध किया कि वे दो अन्य प्रस्तावित कानूनों पर फिलहाल आगे कार्रवाई न करें।

देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम पर
प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं, अपील करता हूं। कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।

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Sat, 18 Apr 2026 18:40:11 +0530 news desk MPcg
पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना विमान की हार्ड लैंडिंग, गियर फेल होने से रनवे हुआ बंद https://citytoday.co.in/5565 https://citytoday.co.in/5565 पुणे 

 देर रात भारतीय वायुसेना (IAF) के एक लड़ाकू विमान से जुड़ी घटना के बाद पुणे हवाई अड्डे का रनवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि घटना के करीब 11 घंटे बाद पुणे हवाई अड्डे का रनवे अब बहाल कर दिया गया है और परिचालन के लिए चालू घोषित कर दिया गया है।

क्या हुआ था?
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रात करीब 10:25 बजे हुई। लैंडिंग के दौरान एक लड़ाकू विमान का लैंडिंग गियर फेल हो गया, जिसकी वजह से विमान रनवे पर ही रुक गया और रनवे ब्लॉक हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी।

IAF की पुष्टि
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पुणे का रनवे वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है। चालक दल (एयरक्रू) सुरक्षित है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

उड़ानों पर असर और यात्रियों की परेशानी
इस घटना के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पुणे आने वाली कम से कम आठ उड़ानों को सूरत, गोवा, नवी मुंबई, चेन्नई और कोयंबटूर सहित अन्य हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया। पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अधिकारियों ने पहले बताया कि इस घटना के कारण इंडिगो, एअर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और एअर इंडिया एक्सप्रेस समेत विभिन्न विमानन कंपनियों की कुल 91 उड़ानें प्रभावित हुईं।

अब सब ठीक
अब परिचालन फिर से शुरू हो गया है। वायुसेना ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पुणे हवाईअड्डे का रनवे, जो भारतीय वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण अस्थायी रूप से अनुपलब्ध था, अब बहाल कर दिया गया है और परिचालन के लिए चालू घोषित कर दिया गया है। सभी आवश्यक सुरक्षा जांच और मंजूरियां पूरी कर ली गई हैं। उड़ान संचालन चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू किया जा रहा है।'

केंद्रीय मंत्री का बयान
इससे पहले नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और रनवे के अस्थायी निलंबन की पुष्टि की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा- राहत की बात यह है कि एयरक्रू सुरक्षित हैं और नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी एयरलाइंस को इसकी सूचना दे दी गई है, और रनवे को सामान्य रूप से चालू करने में लगभग 5 घंटे का समय लग सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मैं जल्द से जल्द स्थिति को सुलझाने के लिए एयरपोर्ट निदेशक और वायुसेना के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।

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Sat, 18 Apr 2026 18:24:30 +0530 news desk MPcg
मटका किंग’ में 60&70 के दशक की मुंबई को जीने का खास अनुभव: कृतिका कामरा https://citytoday.co.in/5564 https://citytoday.co.in/5564 मुंबई
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों अलग-अलग दौर की कहानियों को दिखाने का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर ऐसी कहानी को, जो पुराने समय की जिंदगी और माहौल को सामने लाए। इस कड़ी में 'मटका किंग' सीरीज काफी चर्चा में है, जिसमें 1960 और 70 के दशक की मुंबई की कहानी देखने को मिलेगी। शो को लेकर एक्ट्रेस कृतिका कामरा ने आईएएनएस से बात करते हुए अपना अनुभव साझा किए। कृतिका कामरा इस शो में 'गुलरुख' नाम की पारसी महिला का किरदार निभा रही हैं। इसको लेकर उन्होंने बताया कि इस शो में काम करना उनके लिए एक अलग दौर को महसूस करने जैसा था। आईएएनएस संग बातचीत में कृतिका कामरा ने कहा, ''जब कोई कलाकार किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनता है, जो पुराने समय पर आधारित होता है, तो सेट पर कदम रखते ही वह खुद को उस दौर में महसूस करने लगता है। जैसे ही मैं सेट पर जाती थी और उस समय के कपड़े पहनती थी, तो ऐसा लगता था, जैसे मैं सच में 60-70 के दशक की दुनिया में पहुंच गई हूं। उस दौर की भाषा, रहन-सहन और लोगों का व्यवहार आज से बिल्कुल अलग था, जिसे समझना और अपनाना मेरे लिए एक नया अनुभव रहा।''

उन्होंने कहा, ''उस समय की जिंदगी आज के मुकाबले काफी धीमी थी, क्योंकि तकनीक इतनी विकसित नहीं थी। हर काम में समय लगता था और लोगों के पास धैर्य ज्यादा होता था। शो में इन सभी चीजों को बारीकी से दिखाने की कोशिश की गई है, जिससे दर्शकों को उस समय का असली एहसास मिल सके।''

बातचीत के दौरान कृतिका ने एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि शो में एक समय ऐसा आता है, जब मटका के नंबर फोन के जरिए आने लगते हैं। लेकिन उस दौर के फोन आज जैसे नहीं थे। उस समय कॉल जोड़ने के लिए ऑपरेटर होते थे, जो मैन्युअली लाइनों को कनेक्ट करते थे।

उन्होंने कहा, ''आज की नई पीढ़ी शायद इन चीजों से पूरी तरह अनजान है, क्योंकि अब तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है।''
एक्ट्रेस के कहा, ''उस दौर की कई बातें मेरे लिए काफी रोचक थीं। भले ही समय बदल गया हो, लेकिन लोगों की भावनाएं और उम्मीदें आज भी वैसी ही हैं। इंसान हमेशा उम्मीद से जुड़ा रहता है, और यही भावना इस शो में भी देखने को मिलती है। इसी वजह से मैं अपने किरदार और कहानी से आसानी से जुड़ पाईं।''

'मटका किंग' की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो जुए की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ता है और उस समय की मुंबई में अपनी पहचान बनाता है। इस कहानी में उस दौर की कपड़ा मिलों का भी अहम योगदान दिखाया गया है, जो उस समय शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा थीं। यह शो प्राइम वीडियो पर 17 अप्रैल को रिलीज होने जा रहा है।

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Sat, 18 Apr 2026 18:22:28 +0530 news desk MPcg
छतरपुर में यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सहित 50 युवकों के खिलाफ FIR, केन&बेतवा आंदोलनकारियों से जबरन मिलने पर मामला दर्ज https://citytoday.co.in/5563 https://citytoday.co.in/5563 छतरपुर 
 केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद के मामले में बमीठा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार सहित करीब 50 अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने यह कदम शासकीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने के बाद उठाया है। 

वन कर्मचारियों व यूथ कांग्रेस नेताओं के बीच बहस
बिजावर क्षेत्र में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढोडन बांध पर उचित मुआवजा को लेकर पिछले 10 दिन से आंदोलन पर बैठे आदिवासी, किसानों, ग्रामीणों से मिलने पहुंचे यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार को वन विभाग के अधिकारियों ने भुसोर गेट के अंदर नही जाने दिया. आरोप है कि इसके बाद यूथ कांग्रेस नेताओं ने भुसोर गेट तोड़कर अधिकारिओ से अभद्रता की. यहां बाहरी लोगों के प्रवेश पर आने-जाने पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने प्रतिबंध लगाया था। 

पुलिस ने वीडियो को बनाया साक्ष्य
प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम का वीडियो यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया. इसके बाद पुलिस ने रेंजर की शिकायत पर कार्रवाई की. पुलिस का कहना है कि वीडियो साक्ष्य में प्रदर्शनकारियों द्वारा शासकीय संपत्ति के साथ छेड़छाड़ और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार स्पष्ट दिख रहा है. वहीं, फिलहाल धरना 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है. अगर प्रशासन ने आन्दोलनकारियो की मांगें नही मानी तो फिर आंदोलन होनी की चेतावनी है। 

25 लोगों की शिनाख्त, जल्द होगी गिरफ्तारी
टीआई बमीठा बाल्मीक चौबे ने बताया "राजेन्द्र कुमार सोलंकी वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा थाना में आवेदन दिया गया. अभिषेक परमार एवं उसके 50 से अधिक लोगों के खिलाफ भुसोर गेट पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियो के कार्य मे बाधा डालना एवं शासकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर के मामले में धारा 223,132,191(2),190 बीएनएस 3(1) लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. 20 से 25 लोगों की पहचान कर ली है. सभी की गिरफ्तारी  होगी। 

इस मामले में यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का कहना है "गरीब,आदिवासियों और किसानों के साथ हमेशा से यूथ कांग्रेस खड़ी है. उनकी हम लड़ाई लड़ रहे हैं. प्रशासन ने हमारे साथियों को रोकने का काम किया है. हम गरीबों की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। 

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Sat, 18 Apr 2026 18:13:41 +0530 news desk MPcg
प्रवासी मजदूरों को 5 किलो FTL एलपीजी सिलेंडर: प्रशासन के सख्त निर्देश, पारदर्शी वितरण पर जोर https://citytoday.co.in/5562 https://citytoday.co.in/5562 मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर वितरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र श्रमिकों तक इस योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
निर्देशों के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सुविधा केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से उन श्रमिकों को राहत देने के लिए है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं।

पहचान और पंजीयन जरूरी

लाभार्थियों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी, उनकी सहमति से, ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर ही गैस कनेक्शन और रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

स्टॉक पर कड़ी निगरानी

एलपीजी वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय और शेष सिलेंडरों का नियमित रिकॉर्ड संधारित करें। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के दुरुपयोग या अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और वितरकों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक यह सुविधा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

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Sat, 18 Apr 2026 16:46:52 +0530 news desk MPcg
पेट्रोल&डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से अधिक छापे https://citytoday.co.in/5561 https://citytoday.co.in/5561 पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से अधिक छापे

योगी सरकार की सख्ती से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य

एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज

22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई

सरकार की जनता से पैनिक बाइंग न करने की अपील

14 मार्च के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसके तहत 12 मार्च से अब तक 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए। इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।

सरकार के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से लगातार उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। 12 से 16 अप्रैल के बीच प्रतिदिन हजारों किलोलीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें।

एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों जैसे होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध आवंटन किया जा रहा है।

योगी सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को भी तेजी दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विभिन्न विभागों से 117 से अधिक अनुमतियां जारी की जा चुकी हैं। 14 मार्च 2026 के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 16.09 लाख से अधिक हो गई है।

सप्लाई व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, वहीं जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो।

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Sat, 18 Apr 2026 16:30:25 +0530 news desk MPcg
MP: नीमच में ट्रैक पर रखे पत्थरों से टकराई रतलाम&उदयपुर ट्रेन, जोरदार धमाके से अटकी यात्रियों की सांसें … https://citytoday.co.in/5560 https://citytoday.co.in/5560 Neemuch में शुक्रवार शाम बड़ा रेल हादसा टल गया, जब Udaipur City Express साजिशन ट्रैक पर रखे भारी पत्थरों से टकरा गई। रतलाम से रवाना हुई यह ट्रेन हरकिया खाल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक जोरदार धमाके और झटकों से पूरी बोगियां हिल उठीं।

ट्रेन के पहियों के नीचे पत्थर आने से तेज आवाज हुई, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी सीटों से नीचे गिर पड़े, जबकि महिलाएं और बच्चे घबराकर रोने लगे। यात्रियों को कुछ पल के लिए लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है या कोई बड़ा हादसा हो गया है।

स्थिति को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। करीब 12 मिनट तक ट्रेन ट्रैक पर खड़ी रही और सुरक्षा जांच के बाद ही उसे आगे रवाना किया गया। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के बावजूद इंजन सुरक्षित रहा और बड़ा हादसा टल गया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। ट्रैक पर पत्थर रखने वाले अज्ञात तत्वों की तलाश शुरू कर दी गई है। आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Sat, 18 Apr 2026 16:26:53 +0530 news desk MPcg
सेज की मनमानी पर कार्रवाई: सागर ग्रीन हिल्स के 16 पेंट हाउस अवैध, अनुमतियां निरस्त https://citytoday.co.in/5559 https://citytoday.co.in/5559 भोपाल

कोलार क्षेत्र की सागर ग्रीन हिल्स कॉलोनी में बने 16 पेंट हाउस अवैध बने हैं। इन पेंट हाउस के लिए साल 2013 में कोलार नगरपालिका ने अनुमति दे दी थी, जबकि भूमि विकास नियम-2012 में इसका प्रावधान नहीं था। यह मामला 2021 में सामने आया था, तब से अब तक चल रही जांच और पत्राचार के बाद नगरीय विकास विभाग ने 16 अप्रैल को इस पर सुनवाई रखी है। इस सुनवाई में बिल्डर के साथ पेंट हाउस के खरीदार और नगर निगम आयुक्त को बुलाया गया है।

नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया।

सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया।

गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई।

राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ी
नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था।

रिटेनिंग वॉल में दरारें, कैंपस की जमीन सीलन की वजह से धंसने लगी
जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है।

नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण
सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।

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Sat, 18 Apr 2026 16:02:43 +0530 news desk MPcg
PMGSY फेज&04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार https://citytoday.co.in/5558 https://citytoday.co.in/5558 PMGSY फेज-04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया, जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) 2025-26 के तहत सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (SAGES) ऑडिटोरियम, मनेन्द्रगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

2,225 करोड़ की लागत से 774 सड़कों को मंजूरी

राज्यभर में कुल 774 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 2,426.875 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं के लिए 2,225.44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई दिशा मिलेगी।

एमसीबी जिले को 56 सड़कों का बड़ा तोहफा

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लिए यह योजना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। जिले में 56 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिन पर 23,667.83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई 264.63 किलोमीटर होगी, जिससे सुदूर गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

विकासखंडवार सड़कों का विवरण

भरतपुर: 1 सड़क (2.00 किमी) – 180 लाख रुपये
मनेन्द्रगढ़: 32 सड़कें (144.57 किमी) – 13,013.88 लाख रुपये
खड़गवां: 23 सड़कें (118.06 किमी) – 10,473.95 लाख रुपये

गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री का संदेश: “सड़क ही गांवों के विकास की रीढ़”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के दूरदराज गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “भारत गांवों का देश है और विकास की असली नींव गांवों में ही है। बिना सड़क के विकास की कल्पना अधूरी है।”
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजना को नई गति मिलने की बात भी कही।

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Sat, 18 Apr 2026 16:00:37 +0530 news desk MPcg
दुग्ध स्वर्ण महोत्सव&2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार https://citytoday.co.in/5557 https://citytoday.co.in/5557 दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार

50 वर्ष पूरे होने पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन, 5,000 करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव

महोत्सव में 10 हजार से अधिक पशुपालकों की रही भागीदारी, 139 लाभार्थियों के खाते में गई धनराशि

प्रदेश सरकार की योजनाओं, तकनीक और निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

लखनऊ
 लखनऊ में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ न केवल उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार के उस व्यापक विजन का भी प्रदर्शन बना, जिसके केंद्र में डेयरी सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बनाना है। दो दिवसीय इस आयोजन में हजारों पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी के बीच जहां 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के प्रसार और ‘गौ से ग्राहक तक’ की समग्र व्यवस्था को सशक्त करने का स्पष्ट रोडमैप भी सामने आया।

महोत्सव में प्रदेशभर से करीब 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से देश-विदेश के लाखों गोपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया, जहां विशेषज्ञों ने योजनाओं, नवीन तकनीकों, स्वदेशी नस्ल के गो पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित
पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्यक्रम में विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों एवं उद्यमियों को सम्मानित किया। साथ ही वर्ष 2024-25 के नन्द बाबा पुरस्कार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की गई। इस दौरान निजी क्षेत्र के उद्यमियों ने स्टॉल के माध्यम से दुग्ध उत्पादों एवं नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 से लाभान्वित पशुपालकों, उत्पादकों और निवेशकों की सफलता की कहानियों पर आधारित संग्रह पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है यूपी
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य पालन मुकेश कुमार मेश्राम ने अतिथियों एवं पुरस्कार विजेताओं का स्वागत करते हुए स्वदेशी नस्ल के गोपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया और विभागीय योजनाओं के बहुआयामी लाभों से पशुपालकों के जीवन स्तर में आए बदलावों पर प्रकाश डाला। वहीं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और इसे बनाए रखने के लिए राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से ‘गौ से ग्राहक तक’ की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित कर गुणवत्तापरक उत्पादन और वैश्विक स्तर के दुग्ध उत्पाद सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू
उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में उभरकर सामने आया है, जो न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के सकल मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में लगभग 1.72 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहा है। विभाग द्वारा अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनसे 60,000 से अधिक रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के तहत 2,000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं शुरू की गईं, जबकि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के 59 नए निवेश प्रस्तावों से 13,000 अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10,000 से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है और 4,000 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों के जरिए करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज हुई है।

लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग एवं सीएसए विश्वविद्यालय द्वारा स्वदेशी उन्नत नस्लों के पालन के महत्व पर प्रस्तुति दी गई, जबकि देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों और उद्यमियों ने डेयरी क्षेत्र में अपने अनुभव एवं नवाचार साझा किए। इस दौरान नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध स्वर्ण महोत्सव एवं डेयरी एक्सपो में पारस, ज्ञान, नमस्ते इंडिया, अमूल समेत कई प्रमुख निजी डेयरी कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन किया, जहां आधुनिक उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कुछ कंपनियों ने इस अवसर पर नए उत्पाद भी लॉन्च किए, जबकि विभिन्न मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

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Sat, 18 Apr 2026 15:58:37 +0530 news desk MPcg
ईरान को ट्रंप की चेतावनी& ‘डील फाइनल होने तक अमेरिका का दबाव रहेगा जारी’ https://citytoday.co.in/5556 https://citytoday.co.in/5556 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान एक जरूरी ग्लोबल शिपिंग रूट को फिर से खोलने पर राजी हो गया है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि जब तक कोई बड़ा समझौता तय नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी सैन्य दबाव जारी रहेगा। एरिजोना में टर्निंग पॉइंट यूएसए की एक मीटिंग में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला है और बिजनेस और पूरे रास्ते के लिए तैयार है। इससे दुनिया के सबसे सेंसिटिव एनर्जी कॉरिडोर में से एक में तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं।

अमेरिकी सेना मजबूत मौजूदगी बनाए रखेगी

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना मजबूत मौजूदगी बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, “नेवल ब्लॉकेड ईरान के मामले में तब तक पूरी तरह से लागू रहेगा जब तक ईरान के साथ हमारा ट्रांजैक्शन 100 फीसदी पूरा और पूरी तरह से डील पर हस्ताक्षर नहीं हो जाता।”

ट्रंप ने ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को वापस लाने की योजना के बारे में बताया

ट्रंप ने अपने भाषण में ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को वापस लाने की योजना के बारे में भी बताया। यह डस्ट असल में ईरान में हुए पुराने अमेरिकी हमलों का बचा हुआ मलबा है। इस पर ट्रंप ने कहा, “हम इसे हासिल करेंगे और वापस अमेरिका ले जाएंगे।” इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुदाई वाले जॉइंट ऑपरेशन का सुझाव दिया है।

अमेरिका की कोशिशों ने ईरान के बाहर तनाव को स्थिर किया

राष्ट्रपति ट्रंप ने इन डेवलपमेंट को बड़ी क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़ा। उन्होंने दावा किया, “हाल की अमेरिका की कोशिशों ने ईरान के बाहर तनाव को स्थिर किया है। इजरायल और लेबनान के बीच एक ऐसा सीजफायर हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसा डेवलपमेंट 78 सालों में नहीं हुआ था।” उन्होंने सहयोग के लिए कई देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तान को धन्यवाद देना चाहता हूं और उसके महान फील्ड मार्शल को, मैं सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। इन सभी ने बहुत मदद की है।”

ट्रंप ने नाटो का जिक्र करते हुए कहा

ट्रंप ने यूरोप में अमेरिका के सहयोगियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि वाशिंगटन को पारंपरिक साझेदारी पर कम भरोसा करना चाहिए। नाटो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब वे बिल्कुल बेकार थे। हमें खुद पर भरोसा करना होगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी सेना बनाई है और भविष्य के एंगेजमेंट में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

ट्रंप ने खुद को एक ग्लोबल डीलमेकर के तौर पर भी दिखाया और एक बार फिर से कई संघर्षों को खत्म करने का क्रेडिट लिया। उन्होंने कहा, “मैंने आठ युद्ध खत्म किए। आगे के समझौते से यह संख्या बढ़ सकती है। अगर हम ईरान और लेबनान को जोड़ लें, तो दस युद्ध खत्म हो जाएंगे।

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Sat, 18 Apr 2026 13:34:38 +0530 news desk MPcg
विपक्षी नेताओं को देश की महिलाओं से कोई मतलब नहीं : सीएम रेखा गुप्ता https://citytoday.co.in/5555 https://citytoday.co.in/5555 महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा

रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया। इन लोगों ने तय कर रखा था कि किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे।

विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा, कभी जाति के आधार पर आरक्षण की बात, कभी धर्म के आधार पर, तो कभी सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी 543 सीटों की बात की गई, कभी 850 सीटों की, कभी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को मुद्दा बनाया गया। लेकिन सच्चाई यही है कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाएं, सदन तक पहुंचें।

इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं

सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं। अखिलेश यादव को डिंपल यादव और राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही नजर आती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी राजनीति की।

1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी

सीटों की संख्या को लेकर उन्होंने 1971 का उदाहरण देते हुए कहा, “1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी। आज आबादी 140 करोड़ हो चुकी है, तो क्या सीटें नहीं बढ़नी चाहिए?” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपने क्षेत्रों में ‘राजा’ बनकर बैठे हैं और नहीं चाहते कि सीटें बढ़ें, क्योंकि इससे नए प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं को मौका मिल सकता है।

महिला विरोधी चेहरा

रेखा गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 से 50 प्रतिशत तक है, लेकिन भारत में महिलाओं को आगे आने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे ‘महिला विरोधी चेहरा’ बताया।

हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया

उन्होंने चेतावनी दी कि जब विपक्षी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे सवाल करेंगी कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन क्यों नहीं किया। हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। हम महिलाएं अपना हक लेकर रहेंगी

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Sat, 18 Apr 2026 13:19:19 +0530 news desk MPcg
क्या चीन गुपचुप तरीके से ईरान को भेज रहा है हथियार? चार रहस्यमय विमान पहुंचे तेहरान https://citytoday.co.in/5554 https://citytoday.co.in/5554

तेहरान 

मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच एक नई घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कमेंटेटर मारियो नॉफाल ने दावा किया है कि चीन के चार कार्गो विमान ईरान में गुपचुप तरीके से उतरे हैं। उन्होंने दावा किया कि लैंडिंग से पहले विमानों ने अपने ट्रांसपॉन्डर बंद कर दिए जिससे उनकी जानकारी किसी को हासिल ना हो सके। एक दिन पहले ही शी जिनपिंग ने अमेरिका से वादा किया था कि वह ईरान को हथियारों की कोई सप्लाई नहीं करेंगे।

अब इस मामले के जानकारों कहना है कि चारों विमानों का इस तरह से लैंडिंग से पहले ट्रांसपॉन्डर बंद करना कोई तकनीकी खामी नहीं हो सकती है। हालांकि इन विमानों को लेकर ना तो ईरान की तरफ से और ना ही चीन की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है। चीन ने ईरान को किसी तरह के सहयोग देने के आरोपों को खारिज किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बुधवार को कहा कि इस तरह की रिपोर्ट एकदम झूठी हैं। चीन ने ईरान को कोई सैटलाइट हेल्प भी नहीं की है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पड़ोसी देशों में अमेरिका के बेस ध्वस्त करने के लिए चीन उनसकी सहायता कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन को धमकी दी थी कि वह अगर किसी भी रूप में दखल देता है तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे। एविएशन एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह से विमानों का ट्रांसपॉन्डर बंद कर लेना सामान्य तो नहीं है। हो सकता है कि किसी ऑपरेशनल या फिर सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया हो।

चीन का क्या कहना है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने ईरान को मिलिट्री सपोर्ट देने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बुधवार को साफ कहा कि सैटेलाइट जानकारी देने का दावा ‘पूरी तरह मनगढ़ंत’ हैं और अगर अमेरिका ने इन आधारहीन आरोपों के आधार पर कोई कार्रवाई की, तो जवाब दिया जाएगा. दूसरी तरफ, अमेरिका पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर कोई देश ईरान की सैन्य मदद करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आर्थिक कदम उठाए जा सकते हैं। 

ट्रांसपोंडर बंद करना क्या संकेत है?
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोंडर बंद करना असामान्य जरूर है, लेकिन हमेशा गलत इरादे का संकेत नहीं होता. कभी-कभी यह सुरक्षा या तकनीकी कारणों से भी हो सकता है. लेकिन यहां एक साथ कई विमानों का ऐसा करना और वह भी कम समय में संदेह को बढ़ाता है. इस बीच, जमीन पर कूटनीति भी जारी है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू होने के संकेत हैं और लेबनान सीजफायर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य भी आंशिक रूप से खुल चुका है। 

जानकारों का कहना है कि लगातार कई विमानों का एक ही पैटर्न पर लैंड करना संदेह बढ़ाता है। अमेरिका और इजरायल के बीच थोड़ा तनाव इस बात से कम होता नजर आ रहा है कि दोनों ही देशों ने दावा किया है कि कमर्शल जहाजों के लिए होर्मुज को खोल दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि ईरान के लिए उनकी नाकेबंदी जारी रहेगी।

वाशिंगटन और तेहरान ने 7 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामाबाद में हुई बाद की बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। हालांकि शत्रुता की पुनः शुरुआत की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी। अब वार्ता और युद्ध को लेकर एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। होर्मुज की खबर आने के बाद वैश्विक बाजार में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है।

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Sat, 18 Apr 2026 13:06:52 +0530 news desk MPcg
जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://citytoday.co.in/5553 https://citytoday.co.in/5553 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

ज्ञान भारतम ऐप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Sat, 18 Apr 2026 13:03:58 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण बिल गिरने पर BJP का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, संसद के बाद अब सड़कों पर https://citytoday.co.in/5552 https://citytoday.co.in/5552 नई दिल्ली

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका, जिससे केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा। बिल को पारित करने के लिए जरूरी बहुमत से यह 54 वोट पीछे रह गया। कुल 352 सदस्यों की मौजूदगी में 230 वोट इसके खिलाफ पड़े, जिसके चलते विधेयक गिर गया। सरकार ने इस पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे “महिला विरोधी रुख” करार दिया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका. ऐसे में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल की हार के विरोध में बाद बीजेपी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है। 

बीजेपी महिला सांसदों ने शुक्रवार को मकर द्वार पर 'कांग्रेस पार्टी हाय-हाय के नारे' लगाए. वहीं, अब बीजेपी शनिवार 18 अप्रैल से देशभर में कई प्रदर्शन आयोजित करेगी. इन प्रदर्शनों में एनडीए के सहयोगी दल भी हिस्सा लेंगे। 

बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े। 

संसद के निचले सदन में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पास नहीं हो पाया। बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े। पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। विपक्षी दल इसे मोदी सरकार की हार के तौर पर देख रही है।

वहीं, इस बिल के सदन में पारित न होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा,"देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?"

उन्होंने आगे लिखा,"विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे? कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते।"

सोशल मीडिया से भड़के जेपी नड्डा
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बिल के पारित न होने पर निराशा जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, TMC, DMK, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दिखाता है। 

जेपी नड्डा ने दावा किया कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'ये आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है. 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी. याद रखिए, शक्ति का ये क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है। 

अमिता शाह ने विपक्ष को चेताया
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि शुक्रवार को लोकसभा में बहुत अजीब मंजर दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है। 

अमित शाह ने लिखा, 'मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की ये बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा। 

देवेंद्र फडणवीस ने भी पोस्ट में लिखा, 'पूरे देश ने विपक्ष का पाखंड देखा. उनके पास हमारी ना रीशक्ति के साथ खड़े होने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन वो इसमें असफल रहे. उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और नारों तक ही सीमित है. उन्होंने प्रगति की जगह राजनीति को चुना. नारी शक्ति वंदन विधेयक के प्रति उनके विरोध ने ये उजागर कर दिया है कि वो वाकई में किसके हितों की सेवा करते हैं. भारत की महिलाएं देख रही हैं और वो इसे नहीं भूलेंगी। 

नितिन नवीन ने क्या कहा?
वहीं, इस बिल के पारित न होने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन दलों ने ’’महिला विरोधी रुख’’ अपनाया और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।

संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में नवीन ने कहा कि यह दिन ’’सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था’’ लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों के ’’घोर विश्वासघात’’ ने सब बेकार कर दिया। उन्होंने कहा,"कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी तथा उनकी टीम के नेतृत्व वाले उसके महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है।"

नवीन ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की अधिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हो सकता था, लेकिन समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित विपक्षी दलों ने महिलाओं को उनके ’’उचित अधिकारों एवं हिस्सेदारी’’ से वंचित कर दिया।

उन्होंने कहा, ’’इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस गठबंधन का महिला विरोधी चरित्र पूरी तरह से उजागर हो गया है।’’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी और प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह ’’श्रेय की लड़ाई नहीं’’ बल्कि महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने की लड़ाई है।

लोकतंत्र के लिए 'काला दिन’: शिवराज सिंह चौहान
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर हमला करते हुए 17 अप्रैल को देश की महिलाओं और लोकतंत्र के लिए ’’काला दिन’’ करार दिया।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देने से संबंधित इस विधेयक को न सिर्फ खारिज किया गया, बल्कि चौंकाने वाली बात यह है कि इस पर जीत के नारे लगाकर जश्न मनाया गया। उन्होंने कहा कि इस ’’विश्वासघात’’ की राजनीतिक कीमत न सिर्फ 2029 के लोकसभा चुनाव में, बल्कि पूरे भारत में हर चुनाव में चुकानी पड़ेगी।

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Sat, 18 Apr 2026 13:00:32 +0530 news desk MPcg
भीषण गर्मी के चलते कलेक्टर का आदेश, अब दोपहर 12 बजे तक ही लगेंगी स्कूल https://citytoday.co.in/5551 https://citytoday.co.in/5551 भोपाल. 
राजधानी भोपाल में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों की कक्षाएं अब दोपहर 12 बजे तक सीमित कर दी हैं। भोपाल में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

नया टाइमिंग क्या रहेगा
कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी
प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी अधिकतम दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगी
यह नियम सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।

सभी बोर्ड के स्कूल शामिल
यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई , आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू किया गया है। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर सकते हैं, लेकिन 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से तय परीक्षाएं और जरूरी कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

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Fri, 17 Apr 2026 20:36:19 +0530 news desk MPcg
राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता मामले में बढ़ीं मुश्किलें https://citytoday.co.in/5550 https://citytoday.co.in/5550 लखनऊ

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश आदेश दिया है। हाईकोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

राहुल गांधी पर भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता रखने का आरोप है। इसके खिलाफ विग्नेश शिशिर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि राहुल के पास दो देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं, जोकि भारतीय कानून का उल्लंघन है। इसी को लेकर लंबे समय से हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने सरकार से रिकॉर्ड पेश करने को कहा था।

इससे पहले, लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत के 28 जनवरी राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ शिशिर फिर से कोर्ट पहुंचे थे। MP/MLA अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है। याचिकाकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बीएनएस, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। इस मामले की पहले सुनवाई करते हुए, पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल की ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ मिली शिकायत पर उसने क्या कार्रवाई की है।

राहुल गांधी के मुकदमे में सुनवाई फिर टली

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जारी मानहानि केस की सुनवाई फिर टल गई है। याची के वकील सन्तोष पाण्डेय ने शुक्रवार को मौका लिया जिस पर एमपी – एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनवाई 22 अप्रैल को सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। राहुल की वायस रिकार्डिंग को विधि विज्ञान प्रयोगशाला से सत्यापित कराने की मांग पर सुनवाई में मुकदमा कई तारीखों से लम्बित है। कर्नाटक के बंगलूरू में आठ मई 2018 को एक जनसभा के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

लखनऊ की अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका
यह शिकायत शुरू में रायबरेली की विशेष सांसद-विधायक अदालत में दायर की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता विग्नेश की याचिका पर, इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने 17 दिसंबर, 2025 को उक्त आपराधिक शिकायत मामले को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था. लखनऊ की सांसद-विधायक अदालत ने 28 जनवरी, 2026 को उक्त याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्‍च न्‍यायालय का रुख किया था। 

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Fri, 17 Apr 2026 20:15:02 +0530 news desk MPcg
महिला आरक्षण के बाद 6 राज्यों में 400 से अधिक सीटें, लोकसभा चुनाव की तस्वीर होगी पूरी https://citytoday.co.in/5549 https://citytoday.co.in/5549 नई दिल्ली

महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू करने की तैयारी है। इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों में 50 फीसदी का इजाफा किया जा रहा है। अब तक 543 सांसद देश के लिए नीतियां बनाते थे और अब इनकी संख्या 816 हो जाएगी। फिर भी उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल जैसे राज्य पहले की तरह ही ताकतवर होंगे और उनके सांसदों की संख्या का अनुपात वैसा ही रहेगा। हालांकि अब कुल सीटों का ही नंबर बढ़ जाने के चलते देश के 6 राज्यों में ही इतनी सीटें होंगी कि आंकड़ा 400 पार पहुंच जाएगा।

इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में फिलहाल 80 सांसद हैं और अब यहां से 120 सांसद चुनकर दिल्ली जाएंगे। इसी तरह बंगाल का आंकड़ा 42 से बढ़कर 63 होगा तो वहीं महाराष्ट्र में 48 की बजाय 72 सांसद चुने जाएंगे। बिहार से 40 के स्थान पर 60 लोकसभा एमपी होंगे तो वहीं मध्य प्रदेश का आंकड़ा 29 से बढ़कर 44 हो जाएगा। इस तरह इन 6 राज्यों की ही सीटों को मिला लें तो आंकड़ा 418 का होता है। ऐसे में केंद्र सरकार किस दल या गठबंधन की होगी, यह तय करने में इन 6 राज्यों का महत्वपूर्ण रोल होगा।

अब भी राजनीतिक जुमले के तौर पर कहा जाता है कि लखनऊ से ही दिल्ली का रास्ता तय होता है। इस स्थिति में कोई बदलाव अब भी नहीं होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्य भी पहले की तरह ही ताकतवर बने रहेंगे। इस दौरान सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि साउथ इंडिया के राज्यों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। खुद होम मिनिस्टर अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि 28 सीटों वाले कर्नाटक में अब 42 सांसद चुने जाएंगे। इसके आंध्र प्रदेश की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी और केरल में 20 की बजाय 30 सांसद रहेंगे।

एक तिहाई सीटें पर कैसे लागू होगा महिलाओं का आरक्षण

बता दें कि महिला आरक्षण लागू होते ही सभी राज्यों की एक तिहाई सीटों से महिलाएं ही चुनी जाएंगी। इस तरह यूपी में 120 में से 40 सांसद महिला होंगी। इसके अलावा बिहार में यह आंकड़ा 20 का होगा। इस आरक्षण को रोटेशन के तहत लागू करने की तैयारी है। वहीं एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को उस वर्ग की तय सीटों में से ही 33 फीसदी की हिस्सेदारी दी जाएगी। हालांकि विपक्ष का कहना है कि मुस्लिम और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए भी कुछ प्रावधान किया जाए।

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Fri, 17 Apr 2026 18:54:12 +0530 news desk MPcg
प्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, बैठकों और दौरों के लिए तय की गई सख्त टाइमलाइन, टिफिन मीटिंग भी होगी https://citytoday.co.in/5548 https://citytoday.co.in/5548 भोपाल 

मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पहली बार बैठकों और प्रवास के लिए सख्त टाइमलाइन तय की है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता को महीने भर की गतिविधियों का स्पष्ट शेड्यूल मिलेगा।

पहले 10 दिन: दौरे और जिला बैठकें
नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ नेता महीने के शुरुआती 10 दिनों में मैदानी दौरों और जिला स्तरीय बैठकों पर फोकस करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

पहला सप्ताह: मंडल स्तर पर फोकस (1–7 तारीख)
महीने के पहले सप्ताह में मंडल स्तर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि मंडल और वार्ड स्तर तक समन्वय मजबूत हो सके।

दूसरा सप्ताह: जिला स्तर की बैठकें (7–10 तारीख)
दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर बैठकें होंगी। संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।

तीसरा सप्ताह: प्रदेश बैठकें और प्रवास (11–20 तारीख)
महीने के मध्य में प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास का आयोजन होगा। 15 से 20 तारीख के बीच महत्वपूर्ण बैठकें होंगी, जबकि मोर्चा अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।

चौथा सप्ताह: मंडल और शक्ति केंद्र बैठकें (21–25 तारीख)
इस दौरान मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी। इनमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम और बूथ स्तर की रणनीति तय की जाएगी।

प्रदेश स्तरीय बैठक और वरिष्ठ नेताओं के दौरे
महीने के बीच का समय अब प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के दौरे के लिए रखा गया है। हर महीने 15 से 20 तारीख के बीच प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारी की अहम बैठकें होंगी।

इसी दौरान 11 से 20 तारीख के बीच मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा करेंगे। यह तय किया गया है कि, सभी मोर्चा अध्यक्ष एक ही जगह पर न रुककर अलग-अलग इलाकों में जाकर संगठन के कामों की समीक्षा करेंगे।

मन की बात कार्यक्रम
महीने के चौथे हफ्ते में अब विशेष इकाइयों और शक्ति केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा। 21 से 25 तारीख के बीच मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी।

इस दौरान खास तौर पर अगले रविवार को होने वाले पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम और बूथ समिति की बैठक का एजेंडा तय किया जाएगा। ये बैठकें हर महीने दो महीने के रोटेशन के आधार पर 50% मंडलों में आयोजित की जाएंगी।

अंतिम सप्ताह (23 से 30 तारीख): टिफिन बैठक

महीने के अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस्य और एकता बढ़ाने के लिए अनोखी ‘टिफिन बैठक’ का आयोजन किया जाएगा। शक्ति केंद्र टोली की बैठक के बाद 23 से 30 तारीख के बीच यह बैठक अनिवार्य रूप से होगी।

इसके साथ ही, महीने के आखिरी रविवार को बूथ स्तर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें बूथ की 11 सदस्यीय टीम के साथ स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और प्रमुख मतदाताओं को भी शामिल किया जाएगा।

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Fri, 17 Apr 2026 18:12:41 +0530 news desk MPcg
आज 5 लाख करोड़ की कमाई, बाजार में शानदार तेजी, ये शेयर रहे सबसे आगे https://citytoday.co.in/5547 https://citytoday.co.in/5547 मुंबई 

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी द‍िन भी शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्‍स दबाव में खुले थे, लेकिन दोपहर बाद इनमें अच्‍छी तेजी आई और मार्केट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बढ़ा दिया. सेंसेक्‍स 504.86 अंक या 0.65% चढ़कर 78,493.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65% चढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। 

बीएसई के 5 शेयरों को छोड़कर बाकी टॉप 25 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. सबसे ज्‍यादा तेजी HUL में करीब 4.75 फीसदी की रही. इसके बाद पावरग्रिड, रिलायंस और बीईएल के शेयरों में भी करीब 2 फीसदी तक उछाल आई. सनफार्मा और महिंद्रा के शेयरों में 1 फीसदी तक की कमी आई। 

सेक्‍टर की बात करें तो आईटी और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर में तेजी रही. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में शानदार तेजी रही. विप्रो के शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट के कारण आईटी सेक्‍टर 0.22 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, ओभरऑल मार्केट में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली। 

5 लाख करोड़ रुपये की कमाई
इसी कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में उछाल भी देखने को मिला. निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्‍योंकि बीएसई मार्केट कैप 460.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 465.59 लाख करोड़ रुपये हो गया। 

क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? 

    इजरायल-लेबलान के बीच सीजफायर का ऐलान होने और ईरान अमेरिका के बीच बातचीत की चीजें आगे बढ़ने के कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है.

    तनाव कम होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट देखने को मिली और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है. जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया है. 

    विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी फिर से बढ़ रही है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 382.36 करोड़ रुपये का निवेश किया है. 

    रुपये में भी तेजी देखने को मिली है. डॉलर की तुलना में रुपया 28 पैसा चढ़कर 92.86  मार्क पर पहुंच गया. रुपये की इस तेजी ने मार्केट को सपोर्ट दिया. 

तेजी से भागे ये शेयर 
अपोलो माइक्रो सिस्‍टम के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी आई. इसके साथ ही नावा में 12 फीसदी, MMTC में 10 फीसदी, एंजेल वन में 10 फीसदी और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली. इसके साथ ही एवेन्‍यू सूपरमार्ट में 4 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी और कोचिन शपिर्याड में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई। 

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Fri, 17 Apr 2026 18:11:04 +0530 news desk MPcg
केदारनाथ धाम में बर्फ की चादर के बीच खुलेंगे कपाट, ग्लेशियर्स काटकर बना स्नो कॉरिडोर, 5.96 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन https://citytoday.co.in/5546 https://citytoday.co.in/5546 भोपाल / Kedarnath 
22 अप्रैल को बर्फ की चादर के बीच केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया गया है । केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम के चारों ओर भारी बर्फबारी के कारण लगभग 4-10 फीट (कुछ स्थानों पर 18 फीट तक) बर्फ की मोटी चादर जम गई है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मजदूर मिलकर युद्धस्तर पर बर्फ काटकर मंदिर परिसर और पैदल मार्ग को तैयार करने में लगे हुये हैं।

बर्फ की चादर में व्यवस्थाओं का खास ध्यान
रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बातचीत में बताया कि 100 से ज्यादा श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। बर्फ की मोटी परतें अभी भी चुनौती प्रस्तुत कर रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास 2 से 3 फीट बर्फ जमी हुई है। पहले ये 4 से 5 फीट थी, लेकिन अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

ग्लेशियरों की चुनौती, लेकिन तैयारी पूरी
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर कई जगह ग्लेशियर टूटकर गिर गए हैं। इन क्षेत्रों में 3 से 4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। थारू और चोराबारी ग्लेशियरों का टूटना मुश्किलें ला रहा है, लेकिन मजदूरों ने इन 8 से 10 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया है। श्रद्धालुओं को इस अद्भुत अनुभव का गवाह बनने का मौका मिलेगा।

दर्शनों में कोई पाबंदी नहीं
कई बार बर्फबारी के बाद यात्रियों की संख्या पर पाबंदी लगने की अफवाहें उठती हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर स्पष्ट कर दिया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, और धाम में इनकी आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा में बाधा नहीं
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ कर दी गई है, जिससे हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। इस बार की यात्रा पिछले साल की अपेक्षा पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालु 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

धार्मिक परंपराओं का रहेगा पालन
मंदिर की सफाई से लेकर कपाट खुलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। इस वर्ष की यात्रा का समय पिछले साल की तुलना में पहले होगा।

बर्फबारी का अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बर्फ का पिघलना सामान्य है, लेकिन इस बार मौसम भिन्न है। 2023 के बाद ऐसा भारी बर्फबारी का दृश्य श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों के करीब है।

थारू-चोराबारी ग्लेशियर काटकर रास्ता बनाया गया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, थारू और चोराबारी जैसे ग्लेशियरों के टूटकर रास्ते में आने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। यहां बर्फ की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई थी। मजदूरों ने इंसानी कद से भी ऊंची इन बर्फ की दीवारों को काटकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया है।

जब श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों तरफ 8-9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें होंगी, जो एक अद्भुत अनुभव होगा।

कपाट खुलने से पहले पूरी होंगी तैयारियां
डीएम ने बताया कि यात्रा की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू (लाइन को व्यवस्थित तरीके से संभालना) मैनेजमेंट के साथ ही सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारनाथ का मुख्य पहुंच मार्ग अब पूरी तरह से साफ करा दिया गया है। इस भारी बर्फ को हटाने और मार्ग को सुचारू करने के लिए 100 से अधिक अनुभवी मजदूरों को लगाया गया है।

अब सिर्फ मंदिर परिसर के पास जमी बर्फ को हटाने का काम अंतिम चरण में है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली के धाम पहुंचने से पहले मंदिर, परिक्रमा स्थल भी पूरी तरह बर्फ से साफ हो जाएगा।

श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं
अक्सर भारी बर्फबारी के बाद यह अफवाहें उड़ने लगती हैं कि शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या सीमित की जाएगी, लेकिन प्रशासन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं की गई है।

बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हुई बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। धाम में बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति शुरू हो गई है।

हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ
हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अच्छी खबर है। केदारनाथ स्थित हवाई पट्टी (हेलीपैड) से पूरी बर्फ साफ कर दी गई है। अब हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में कोई बाधा नहीं है।

धार्मिक परंपराओं और शेड्यूल में बदलाव नहीं
भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर के सफाई अभियान से लेकर कपाट खुलने के तय मुहूर्त और शेड्यूल में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही यात्रा
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

2023 के बाद फिर दिखेगा ऐसा अद्भुत नजारा
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर अप्रैल के अंत तक केदारनाथ में बर्फ काफी हद तक पिघल जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग है। कपाट खुलने के समय इतनी भारी बर्फबारी का नजारा 2023 के बाद फिर देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हिमालय के बीच बाबा केदार के दर्शन का खास अनुभव मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पिछले साल 2025 में करीब 17.68 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

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Fri, 17 Apr 2026 16:07:09 +0530 news desk MPcg
तीसरी बार उपसभापति बने हरिवंश, पीएम मोदी बोले— अनुभव और संतुलन पर सदन को भरोसा https://citytoday.co.in/5545 https://citytoday.co.in/5545 नई दिल्ली। राज्यसभा में लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर हरिवंश नारायण सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और उनकी कार्यशैली, अनुभव व संतुलन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चयन इस बात का प्रमाण है कि सदन को उन पर गहरा विश्वास है।

शुक्रवार को संसद के विशेष सत्र में संबोधन देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश के अनुभव से राज्यसभा को लगातार लाभ मिला है। उन्होंने सभी दलों को साथ लेकर चलने की उनकी कोशिशों को सराहा और कहा कि सदन ने उनकी कार्यशैली पर अपनी मुहर लगा दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश केवल सदन का संचालन ही नहीं करते, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों से कार्यवाही को और समृद्ध बनाते हैं। उनके नेतृत्व में राज्यसभा की कार्यवाही अधिक प्रभावी और परिपक्व हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका नया कार्यकाल भी समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा।

इस दौरान पीएम मोदी ने एक खास संयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती है, जिनसे हरिवंश का गहरा जुड़ाव रहा है। ऐसे में इसी दिन उनका तीसरी बार इस पद पर चुना जाना विशेष महत्व रखता है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर

पीएम मोदी ने हरिवंश की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जन्म जयप्रकाश नारायण के गांव में हुआ था, जिससे उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा मिली। काशी में हुई शिक्षा ने उनके व्यक्तित्व को नई दिशा दी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2018 में उपसभापति बनने के बाद हरिवंश ने देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 350 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।

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Fri, 17 Apr 2026 15:54:36 +0530 news desk MPcg
इंडोनेशिया विमान हादसा: लापता हेलीकॉप्टर का मलबा मिला, 8 लोगों की मौत https://citytoday.co.in/5544 https://citytoday.co.in/5544  कालीमंतन 
इंडोनेशिया के पश्चिम कालीमंतन प्रांत से एक बेहद दुखद खबर आई है। पिछले कुछ समय से लापता एक निजी हेलीकॉप्टर का मलबा वीरवार यानि कि बीते दिन सुदूर और घने वन क्षेत्र में बरामद कर लिया गया है। इस दुर्घटना में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई है। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दल को शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं बचाव दल के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल नूर्रचमन गिंधा द्राधिज़्या ने बताया कि फिलहाल चार लोगों के शवों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है और उन्हें बॉडी बैग में रखा गया है जबकि तीन अन्य अभी भी हेलीकॉप्टर के मलबे के अंदर हैं।" शिन्हुआ के अनुसार, अंतिम पीड़ित की तलाश जारी है।

इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार हेलीकॉप्टर की पहचान पीटी मैथ्यू एयर एयरबस एच-130 (पीके-सीएफएक्स) के रूप में हुई है। शिन्हुआ ने उड़ान विवरण के हवाले से बताया कि हेलीकॉप्टर में आठ लोग सवार थे। शिन्हुआ के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और आज फिर से शुरू किया जाएगा।  

द्राधिज़्या ने आगे कहा, "हम कल सुबह भी बचाव कार्य जारी रखेंगे, जिसमें हेलिकॉप्टर के मलबे को काटकर अंदर फंसे शवों को निकालने के प्रयास भी शामिल हैं।" इससे पहले, इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस ने कहा था कि सेकाडाऊ के घने जंगलों में मलबा मिलने के बाद संयुक्त बचाव दल सक्रिय रूप से निकासी अभियान में जुट गए हैं।

इंडोनेशियाई वायु सेना के एक सुपर प्यूमा हेलिकॉप्टर ने वीरवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 3:25 बजे अंतिम ज्ञात संपर्क बिंदु से लगभग तीन किलोमीटर दूर मलबे (जिसे विमान की पूंछ का हिस्सा माना जा रहा है) को सबसे पहले देखा। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी (बासारनास) के संचालन एवं तैयारी उप प्रमुख एडी प्राकोसो ने कहा, "हवाई निगरानी से संभावित स्थान का पता चल गया है। हमने बचाव अभियान में सहायता के लिए ये निर्देशांक जमीनी इकाइयों को भेज दिए हैं।" 

वहीं स्थानीय निवासियों के सहयोग से जमीनी दल दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कठिन भूभाग और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इससे पहले बुकिट पुंतक क्षेत्र में एक विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी थी। बचाव अभियान जारी रहने के दौरान अधिकारियों ने बचाव कार्य में सहयोग के लिए पास के हुलु पेनीती गांव में एम्बुलेंस भी तैनात कर दी थीं।

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Fri, 17 Apr 2026 13:51:05 +0530 news desk MPcg
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को केंद्र सरकार की मंजूरी, अब विदेशों से भी आएगा दान https://citytoday.co.in/5543 https://citytoday.co.in/5543 छतरपुर

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम को अब विदेश से पैसा (दान) लेने की सरकारी मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत दी है. यानी अब बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था विदेश में रहने वाले लोगों से भी कानूनी तरीके से दान ले सकेगी. पहले ऐसा करने के लिए खास अनुमति जरूरी होती थी, जो अब मिल गई है। 

धीरेंद्र शास्त्री की देखरेख में काम करने वाली धार्मिक संस्था बागेश्वर जन सेवा समिति ग्राम गड़ा जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. यह संस्था धार्मिक (हिंदू), सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है. अब विदेश से मिलने वाले फंड का उपयोग इन सभी कामों को आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा। 

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में हैं. उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और उनके अनुयायी भारत ही नहीं, विदेशों में भी मौजूद हैं. ऐसे में यह मंजूरी उनके लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है। 

विदेशी भक्त अब दे सकेंगे दान
दरअसल, अभी यह नियम था कि विदेशी चंदा के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी। अब यह अनुमित लेने की जरूरत नहीं है। विदेशी भक्त उनकी संस्था के खाते में सीधे दान की राशि डाल सकते हैं। इस धार्मिक संस्था का नाम बागेश्वर जन सेवा समिति गड़ा में स्थित है। यह संस्था सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है। बागेश्वर धाम प्रबंधन विदेशी फंड का उपयोग सभी कामों के लिए किया जा सकेगा।

विदेशी दान का रखना होगा हिसाब
वहीं, विदेशों से मिलने वाली राशि का हिसाब संस्था को रखना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि उन पैसों को कहां खर्च किया गया। इसकी जानकारी केंद्र की सरकार को देनी होती है। साथ ही दान की यह राशि एक ही खाते में आएगी।

विदेशों में भी है बाबा की प्रसिद्धि

    बाबा बागेश्वर की प्रसिद्धि देश ही नहीं विदेश में भी है
    यूएई से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में होती है बाबा की कथाएं
    अब विदेशी भक्तों से बाबा की संस्था को मिल सकेगा दान

15 एनजीओ को मिली है अनुमति
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को 38 एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन दिया गया है। ये संस्थाएं विदेशों से दान ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें पश्चिम बंगाल के बोलपुर, बिहार के पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, कर्नाटक के धर्मस्थल द इंस्टीट्यूशन और यूपी के आगरा में राधा स्वामी सस्संग शामिल हैं।

पांच साल तक वैध होता है यह रजिस्ट्रेशन
एफसीआरए रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए वैध होता है। इसके बाद इसे रिन्यू करवाने के लिए एनजीओ को फिर से आवेदन करना होता है। वहीं, 2015 से अब तक 18000 से ज्यादा एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं।
मुनेश्वर कुमार

हालांकि, इस मंजूरी के साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े होते हैं. FCRA के तहत जो भी संस्था विदेश से पैसा लेती है, उसे पूरा हिसाब रखना होता है. यानी पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, इसकी जानकारी सरकार को देनी होती है. साथ ही, एक तय बैंक खाते के जरिए ही यह लेन-देन करना होता है और समय-समय पर रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ती है। 

संस्था को सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा. इस फैसले से बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. यह संस्था दान के जरिए मिलने वाले फंड से शिक्षा, सेवा और अन्य योजनाओं पर काम करती है। 

इन संस्थाओं को भी मिली मंजूरी
 बागेश्वर धाम के अलावा, इस कैटेगरी के तहत रजिस्टर्ड अन्य संस्थाओं में पश्चिम बंगाल के बोलपुर और बिहार के पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली में 'दिव्य ज्योति जागृति संस्थान', कर्नाटक के धर्मस्थल में 'द इंस्टीट्यूशन' और उत्तर प्रदेश के आगरा में 'राधा स्वामी सत्संग' शामिल हैं।

FCRA रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए वैध होता है, जिसके बाद NGO को इसे रिन्यू करवाने के लिए आवेदन करना होता है। 2015 से अब तक 18,000 से ज्यादा NGO के FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं। 15 अप्रैल तक, देश में 14,538 FCRA-रजिस्टर्ड NGO सक्रिय हैं।

नए विधेयक पर सरकार को झटका
संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने 2010 के अधिनियम में संशोधन करने के लिए 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, विपक्षी दलों के हंगामे के बाद, इस पर चर्चा और इसे पारित करने का काम टाल दिया गया।
चुनावी राज्यों तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों एवं ईसाई समूहों ने इस विधेयक का विरोध किया। यह मंत्रालय को किसी NGO की संपत्ति और परिसंपत्तियों को अपने कब्ज में लेने का अधिकार देता है, यदि उस NGO का FCRA पंजीकरण रद्द या निलंबित कर दिया जाता है।

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Fri, 17 Apr 2026 13:19:55 +0530 news desk MPcg
8वें वेतन आयोग में न्यूनतम ₹69,000 सैलरी, छुट्टी के बदले मिलेगा पैसा, 3x DA और अन्य लाभ https://citytoday.co.in/5542 https://citytoday.co.in/5542 नई दिल्ली

 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बड़ी हलचल है और अब इस दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (National Council– Joint Consultative Machinery (NC-JCM) ने अपना विस्तृत मेमोरेंडम सरकार और वेतन आयोग को सौंप दिया है, जिसमें सैलरी, भत्तों, छुट्टियों और पे स्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े बदलावों की मांग की गई है। अगर ये मांगें लागू होती हैं, तो कर्मचारियों की आय और सुविधाओं में बड़ा इजाफा हो सकता है।

न्यूनतम वेतन ₹69,000 और ग्रेच्युटी में ढील
सबसे बड़ी और चर्चा में रहने वाली डिमांड है, न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करने की। इसके साथ ही हर साल 6% की वृद्धि और प्रमोशन के समय कम से कम ₹10,000 की बढ़ोतरी की मांग भी शामिल है। संगठन ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों को 30 दिन का न्यूनतम बोनस गारंटी के साथ दिया जाए और ग्रेच्युटी के नियमों में भी ढील दी जाए।

छुट्टियों को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। मैटरनिटी लीव को 240 दिन करने, पैटरनिटी लीव 45 दिन करने औरअर्न्ड लीव (EL) को बिना सीमा के जमा करने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, 600 दिन तक लीव इनकैशमेंट और 20 साल की सेवा के बाद 50% इनकैशमेंट की सुविधा देने की बात भी कही गई है। महिलाओं के लिए विशेष मेडिकल लीव और 60 दिन का पैरेंट केयर लीव भी प्रस्ताव में शामिल है।

बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस (CEA) को ₹10,000 प्रति माह प्रति बच्चे करने और इसे पोस्ट ग्रेजुएशन तक लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा हॉस्टल सब्सिडी को ₹35,000 प्रति माह तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है, जिससे कर्मचारियों पर शिक्षा का खर्च कम हो सके।

भत्तों (Allowances) में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। NC-JCM चाहता है कि सभी भत्तों को तीन गुना किया जाए और उन्हें महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ा जाए। इसके अलावा रिस्क अलाउंस ₹10,000 प्रति माह, नाइट ड्यूटी अलाउंस बेसिक सैलरी के आधार पर और सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस अलाउंस की मांग भी की गई है।

फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने की डिमांड भी अहम है, क्योंकि इसी के आधार पर नई सैलरी तय होती है। साथ ही पे लेवल्स को मर्ज और अपग्रेड करने का सुझाव दिया गया है, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर को आसान और संतुलित बनाया जा सके।

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Fri, 17 Apr 2026 13:17:14 +0530 news desk MPcg
कनाडा में बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन की तैयारी, खालिस्तानी समर्थकों पर भी मंडराया खतरा https://citytoday.co.in/5541 https://citytoday.co.in/5541 टोरंटो

कनाडा में इमिग्रेंट्स और शरणार्थियों को लेकर सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है. सरकार ने बड़ी संख्या में शरणार्थियों और अस्थायी रूप से रह रहे लोगों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें संकेत दिया गया है कि वे अब देश में रहने के पात्र नहीं हो सकते और उन्हें वापस लौटने की तैयारी करनी पड़ सकती है. इस कार्रवाई का असर खालिस्तान समर्थक आधार पर किए गए कुछ दावों पर भी पड़ सकता है। 

पहले जहां कनाडा ऐसे मामलों में खतरे के आधार पर आसानी से शरण दे देता था, वहीं अब सरकार का रुख सख्त होता दिखाई दे रहा है. दरअसल, Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) ने करीब 30,000 शरणार्थी आवेदकों को “प्रोसीजरल फेयरनेस लेटर्स” भेजे हैं. इन नोटिसों में कहा गया है कि उनके दावे शरण के तय मानकों पर खरे नहीं उतर सकते. साथ ही आवेदकों को सीमित समय में अतिरिक्त जानकारी और सबूत पेश करने का मौका दिया गया है। 

हालांकि सरकार ने साफ किया है कि ये “डिपोर्टेशन ऑर्डर” नहीं हैं, लेकिन कई मामलों में चेतावनी दी गई है कि अगर आवेदक अयोग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द कनाडा छोड़ना पड़ सकता है, अन्यथा उनके खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई हो सकती है। 

इस पूरी कार्रवाई के पीछे नया कानून Bill C-12 है, जिसने शरण आवेदन के नियमों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त बना दिया है. इसके तहत, जो लोग कनाडा आने के एक साल के भीतर शरण के लिए आवेदन नहीं करते, उनके केस को Immigration and Refugee Board of Canada (IRB) तक नहीं भेजा जाएगा। 

इसके अलावा, जो लोग अमेरिका से अनियमित तरीके से सीमा पार कर कनाडा पहुंचे और 14 दिनों के भीतर दावा नहीं किया, वे भी अपात्र माने जा सकते हैं। 

इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई का असर भारतीय आवेदकों पर भी पड़ सकता है. कनाडा के इस नए नियम से जो इस तरह के मूवमेंट से जुड़े हैं उनपर कैंची चल सकती है. भारत के संदर्भ में कनाडा की ये पॉलिसी अहम साबित हो सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में खालिस्तान समर्थक भारत से भागकर कनाडा में छिपे हुए हैं। 

विशेषज्ञों और वकीलों ने इस प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि कई मामलों में आवेदकों को आमने-सामने सुनवाई का मौका नहीं मिल रहा और उन्हें अपना पक्ष कागजों के जरिए ही रखना पड़ रहा है. इससे उनकी स्थिति और जोखिम को ठीक से समझ पाना मुश्किल हो जाता है और गलत फैसलों की संभावना बढ़ सकती है। 

कुल मिलाकर, कनाडा की यह सख्ती उसकी शरणार्थी नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है. भले ही सरकार इसे मास डिपोर्टेशन नहीं मान रही, लेकिन जमीनी स्तर पर हजारों लोग अब अनिश्चितता में हैं और उन्हें अपने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता सता रही है। 

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Fri, 17 Apr 2026 13:01:52 +0530 news desk MPcg
संसद में महा&बहस के दौरान आधी रात को महिला आरक्षण कानून 2023 लागू, नोटिफिकेशन जारी https://citytoday.co.in/5540 https://citytoday.co.in/5540 नई दिल्ली

सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया।  सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस पर दिनभर चर्चा होगी और शाम में करीब 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। वहीं कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए, निम्नलिखित विधेयक लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किए जाएंगे।

    संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक
     2026 और परिसीमन विधेयक, 2026।

गुरुवार की देर रात तक बहस चली
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में बहस चली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में बहस जारी है और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को 16 अप्रैल बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है।  

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया है? 

मौजूदा लोकसभा में नहीं होगा लागू
एक सरकारी अधिकारी ने इसे ‘तकनीकी कारणों' से जुड़ा मामला बताया, लेकिन इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून के लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता. अधिकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। 

'सरकार श्रेय लेना नहीं चाहती'
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे सदन में वोटिंग होगी. संसद में महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर चल रही चर्चा को लेकर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इसका समर्थन करने की अपील की है. इसके बाद किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं है। 

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में फैल रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर किया है. इसके बावजूद अगर कोई विरोध करता है तो वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सरकार इसका श्रेय लेना नहीं चाहती। 

विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन की अपील की गई। 

महिला आरक्षण पर ये बोले पीएम मोदी 
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जोरदार बहस हुई थी. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा, 'चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया, उसका हाल बुरा हुआ है. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। 

प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, महिला आरक्षण पर मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है. सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। 

प्रियंका ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया. आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी. हम डटकर खड़े हैं। 

क्या कहता है सरकार का नोटिफिकेशन
कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, 'संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है, जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। 

गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है. यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान करता है। 

हालांकि, 2023 के कानून के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा होने के कारण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार ने इसी उद्देश्य से पेश किया है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू किया जा सके। 

क्या है महिला आरक्षण कानून
अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार  16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है।

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Fri, 17 Apr 2026 13:00:15 +0530 news desk MPcg
अक्षय कुमार की वॉर फिल्म ‘गोरखा’ बंद, फैंस की उम्मीदों को झटका https://citytoday.co.in/5539 https://citytoday.co.in/5539 अक्षय कुमार के फैंस के लिए एक उदास कर देने वाली खबर सामने आई है. लंबे समय से जिस वॉर ड्रामा 'गोरखा' का इंतजार किया जा रहा था, उसे लेकर अब खुद खिलाड़ी कुमार ने स्थिति साफ कर दी है. अब यह साफ हो गया है कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जा चुका है.

अपनी अगली फिल्म 'भूत बंगला' की तैयारियों के बीच अक्षय ने उन तमाम अटकलों पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया है. साल 2021 में जब इस फिल्म का ऐलान हुआ था, तब अक्षय के लुक और फिल्म की कहानी ने जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं.

अक्षय कुमार का खुलासा
हाल ही में एक लाइव चैट सेशन के दौरान जब फैंस अक्षय कुमार से उनकी आने वाली फिल्मों के बारे में सवाल पूछ रहे थे, तभी एक फैन ने 'गोरखा' को लेकर अपडेट मांगा. अक्षय ने बिना किसी घुमाव के सीधा और साफ जवाब देते हुए कहा, 'नहीं, 'गोरखा' फिल्म नहीं बन रही है.' इस एक लाइन के जवाब ने उन लाखों फैंस की उम्मीदों को तोड़ दिया, जो अक्षय को पर्दे पर एक महान युद्ध नायक की भूमिका में देखना चाहते थे.

इस प्रोजेक्ट को लेकर अनिश्चितता काफी समय से बनी हुई थी. फिल्ममेकर आनंद एल. राय ने 2023 में ही कुछ इशारे दिए थे. हालांकि उस वक्त उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था कि अक्षय ने फिल्म छोड़ दी है, लेकिन उन्होंने यह जरूर माना था कि कुछ तकनीकी और तथ्यात्मक दिक्कतें आ रही हैं. उनका कहना था कि कहानी से जुड़े कुछ तथ्यों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है, जिसकी वजह से काम को फिलहाल रोक दिया गया है. अब लगता है कि वे दिक्कतें हल नहीं हो पाईं और फिल्म को बंद करने का फैसला लेना पड़ा.

क्या थी गोरखा की कहानी?
'गोरखा' की घोषणा अक्टूबर 2021 में बड़े धूमधाम से की गई थी. यह फिल्म भारतीय सेना की 5वीं गोरखा राइफल्स के जांबाज अधिकारी मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो के जीवन पर आधारित थी. फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विजेता संजय पूरन सिंह चौहान करने वाले थे. इसमें 1962, 1965 और खास तौर पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की बहादुरी की गाथा दिखाई जानी थी. मेजर जनरल इयान कार्डोजो को उनकी निडरता के लिए जाना जाता है, और अक्षय कुमार इस किरदार को लेकर काफी उत्साहित थे.

भूत बंगला को लेकर चर्चा में
फिल्म की घोषणा के वक्त जो पहला पोस्टर जारी किया गया था, उसमें अक्षय का अवतार बेहद दमदार नजर आ रहा था.  लोगों का मानना था कि अक्षय एक बार फिर 'केसरी' जैसा जादू बिखेरने को तैयार हैं. फिलहाल अक्षय कुमार अपना पूरा ध्यान अपनी आने वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' पर लगा रहे हैं. हालांकि 'गोरखा' प्रोजेक्ट के बंद भी खिलाड़ी कुमार के पास अभी भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स कतार में हैं.

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Thu, 16 Apr 2026 20:01:49 +0530 news desk MPcg
डिलिमिटेशन पर तीखा वार& महिलाओं को भ्रम में रख रही सरकार: प्रियंका https://citytoday.co.in/5538 https://citytoday.co.in/5538  नई दिल्ली

कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में आज महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए दो टूक कहा कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करती हैं लेकिन उसके बहाने किए जा रहे डिलिमिटेशन का विरोध करती हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया का केंद्र सरकार द्वारा एक बहकावे की कार्रवाई बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहकाने का आरोप लगाया और उन पर तंज कसते हुए कहा कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं, और ये कोई भी महिला आपको बता देगी।

प्रियंका गांधी ने तीनों विधेयकों की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री जी इसलिए घबरा रहे हैं कि अगर नई जनगणना होगी तो ओबीसी के असली आंकड़े सामने आ जाएंगे, फिर उसके अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा। इसलिए जल्दबाजी में ये संशोधन बिल लाकर और 2011 की जनगणना को आधार बनाकर प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं । उन्होंने कहा कि यही वजह कि वह तीनों विधेयकों का सख्त विरोध करती हैं।

ऊपर-ऊपर से ड्राफ्ट में कोई समस्या नहीं
प्रियंका गांधी ने कहा कि ऊपर-ऊपर से इस ड्राफ्ट में कोई समस्या नहीं है, लेकिन असल बात परिसीमन है और यह प्रतिनिधित्व का मुद्दा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि 2023 में जब मोदी सरकार ने यह बिल संसद में पेश किया था, तब हमने उसका समर्थन किया था। आज भी उस बिल में हमें कोई शक नहीं है। लेकिन मौजूदा संशोधन बिल का कांग्रेस समर्थन नहीं करेगी। हम इसके खिलाफ डटकर खड़े हैं।

अब लोकतंत्र पर खुला वार होने जा रहा है
प्रियंका गांधी ने कहा, अब लोकतंत्र पर खुला वार होने जा रहा है, अगर यह विधेयक पारित होता है तो समझ लीजिए कि इस देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही कह रहे हों कि इसमें कोई राजनीतिक लाभ की बात जुड़ी नहीं है लेकिन बिल की गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है। 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है। उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। प्रियंका ने पूछा कि आखिर आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है?

पीएम किस बात से घबरा रहे हैं?
उन्होंने कहा, "आज पीएम महोदय ने भले हल्के में बोल दिया कि इस वर्ग, उस वर्ग को बाद में देख लेंगे। कौन सा वर्ग पिछड़ा वर्ग। हम इनकी मांग कर रहे हैं इन्हें अपना हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं। इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है? अमित शाह पर भी तंज कसते हुए प्रियंका ने कहा कि अगर चाणक्य होते तो शर्मसार होते।

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Thu, 16 Apr 2026 19:58:39 +0530 news desk MPcg
80 साल बाद अमेरिका बना दुनिया का सबसे बड़ा तेल विक्रेता, पूरी दुनिया संकट में https://citytoday.co.in/5537 https://citytoday.co.in/5537 वाशिंगटन

दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका दुनिया को तेल बेचने के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाने के करीब पहुंच गया है. असल में ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव और युद्ध की वजह से खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई रुक गई है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका पर टिकी हैं और उसके यहां से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल एक्सपोर्ट हो रहा है। 

अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ बढ़ता तनाव ही इसकी मुख्य वजह है, क्योंकि इसके चलते दुनिया के एनर्जी मार्केट में अब तक की सबसे बड़ी रुकावट आई है. ईरान ने समुद्र के रास्ते होने वाली सप्लाई को रोकने की धमकी दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार अटक गया है. जब एशिया और यूरोप के देशों को वहां से तेल मिलना बंद हुआ, तो उन्होंने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अमेरिका का रुख किया. अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और वहां से तेल की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है। 

सात महीनों में सबसे ज्यादा तेल एक्सपोर्ट
रायटर्स की एक रिपोर्ट में लेटेस्ट सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लिखा गया है कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने करीब 52 लाख बैरल कच्चा तेल रोजाना दूसरे देशों को भेजा. यह पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा है. अगर हम उसके आयात और निर्यात के अंतर को देखें, तो यह घटकर सिर्फ 66,000 बैरल रोजाना रह गया है. इसका मतलब है कि अमेरिका अब जितना तेल मंगाता है, लगभग उतना ही दुनिया को बेच भी रहा है. केवल 66,000 बैरल का फर्क है. 1943 के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिका कच्चे तेल का नेट एक्सपोर्टर (Net Exporter) बनने के काफी करीब है। 

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Thu, 16 Apr 2026 19:55:32 +0530 news desk MPcg
वेदांता पावर प्लांट हादसे पर उद्योग मंत्री ने जताया गहरा शोक https://citytoday.co.in/5536 https://citytoday.co.in/5536 रायपुर.
वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना में जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मंत्री देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम क़ानून के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Thu, 16 Apr 2026 19:22:53 +0530 news desk MPcg
जनजातीय विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5535 https://citytoday.co.in/5535 भोपाल

जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल की उपलब्धता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश में सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए किए गए कई नवाचार
जनजातीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा, पशुपालन जैसी गतिविधियों का किया जा रहा है विस्तार
शहडोल, सीधी जैसे क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से जनजातीय समुदाय के युवा वर्ग के लिए खुले रोजगार के द्वार
राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला का किया शुभारंभराज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय विकास की शक्ति का वंचितों, गरीबों की भक्ति के भाव के साथ उपयोग करें। संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ किए गए कार्य ईश्वर की कृपा के भागी होते हैं। उन्होंने प्रदेश की 21 प्रतिशत आबादी के जनजातीय समुदाय के विकास के कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति के लिए कार्यशाला आयोजन की पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार ज्ञापित किया। बजट में जनजातीय विकास के लिए आवंटित राशि की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के आयोजन की मंशा है कि आगे और अधिक बेहतर किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन अकादमी में दीप प्रज्वलित कर तथा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विकास मंत्री कुंवर विजय शाह उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय विकास का स्वर्ण काल कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय विकास की अभूतपूर्व योजनाएं, प्रधानमंत्री जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान आदि के अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। इनके लिए पर्याप्त बजट का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकता जनजातीय समुदाय के लिए अच्छा काम करने के मनोभाव और संवेदना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकासखंड, तहसील वार मूलभूत सुविधाओं का मानचित्र तैयार किया जाना चाहिए। मानचित्र में आबादी में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि मूलभूत जरूरतों की उपलब्धता को अंकित किया जाना चाहिए। उसी के अनुसार जनजातीय विकास का रोड मैप तैयार किया जाना चाहिए।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि निर्धारित राशि के कार्यों के लिए वर्क आर्डर भी समय से जारी किए जाने चाहिए। जिससे राशि का समय-सीमा में उपयोग हो जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का समय सीमा में उपयोग बड़ी जवाबदारी है। जरूरी है कि विकास के विभिन्न कार्यों की डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता के संबंध में व्यापक चिंतन और मैदानी भ्रमण के अनुभवों के आधार पर योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मुख्य मंत्रित्व काल में मंत्री के रुप में कार्य के अनुभव का स्मरण करते हुए कहा कि योजनाओं का निर्माण व्यापक मैदानी भ्रमण के अनुभवों के आधार पर किया जाना चाहिए। इससे क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों, कठिनाईयों की अग्रिम जानकारी हो जाती है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए हितग्राहियों के साथ परस्पर और आत्मीय संबंधों के द्वारा समझने की जरूरत पर बल दिया। स्कूल ड्रॉप आउट की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि ड्राप आउट के कारणों को विभिन्न आयाम हो सकते है। पालकों के अशिक्षित होने से शिक्षा के महत्व का ज्ञान नहीं होना। पढ़ाई में बच्चे, बच्ची का कमजोर होना, विद्यालय का घर से दूर होना, रास्ता दुर्गम होना, विद्यालय में शौचालय का अभाव आदि, आवश्यकता ऐसे कारणों को समझ कर योजना बनाने की है। उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए बधाई दी।             

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए गतिविधियां जारी हैं। मध्यप्रदेश को राज्यपाल श्री पटेल के मार्गदर्शन में जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है। जनजातीय समाज को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके समग्र विकास के लिए राज्यपाल श्री पटेल द्वारा गुजरात में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री पटेल की जनजातीय समुदाय से आत्मीयता और उनकी परेशानियों को समझने की संवेदनशीलता अद्भुत है। इससे जमीनी स्तर पर प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जनजातीय कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ी है। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल की उपलब्धता और अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को जनजातियों का घर कहा जाता है। राज्य की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी जनजातीय भाई-बहनों की है। इस तरह की कार्यशाला प्रदेश की 21 फीसदी से अधिक आबादी के भाग्य और भविष्य की नई रूपरेखा बनाने का प्लेटफार्म है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला के निष्कर्ष जनजातीय कल्याण और विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, बजट के अधिकतम उपयोग, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सहायक होंगे। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ग्राम सभा आधारित विकास और आजीविका, अधोसंरचना, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, उद्यमिता, वन और आयुष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजातीय भाई-बहनों के लिए बेहतर जीवन का खाका खींचा जा सकेगा।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1974-75 में पांचवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान जनजातीय उप योजना को शुरू किया गया था। जनजातीय आबादी की सामाजिक-आर्थि‍क विकास में तेजी लाना और उनके जीवन स्तर को सामान्य आबादी के बराबर लाना इसका उद्देश्य था। मध्यप्रदेश जनजातीय कल्याण में अव्वल है, हम इस क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 में जनजातीय उप योजना के अंतर्गत 40 हजार 207 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया, जिसके विरूद्ध 33 हजार 49 करोड़ रूपए से अधिक का व्यय किया गया, जो जनजातीय उप योजना का 82 प्रतिशत से भी अधिक था। वर्ष 2024-25 में 41 हज़ार 733 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान के विरुद्ध 35 हजार 537 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया गया जो टीएसपी व्यय का 85.15 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में 47 हज़ार 648 करोड़ रुपये के प्रावधान के विरुद्ध 37 हज़ार 349 करोड़ 63 लाख रुपये व्यय किया गया जो टीएसपी व्यय का 78.39 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर गतिशील है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला के निष्कर्ष प्रदेश के जनजातीय विकास की दिशा को अधिक मजबूत बनाने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का भौगोलिक विस्तार बहुत अधिक है, साथ ही प्रदेश में सांस्कृतिक विविधता भी पर्याप्त है। प्रदेश के सभी समुदायों के आत्मीय संबंध विकसित हों, इस‍ दिशा में भी राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन में निकलने वाली बाबा महाकाल की भव्य सवारी में प्रदेश के जनजातीय जिलों के जनजातीय भाई-बहन अपने वाद्य यंत्रों के साथ पूरे उत्साह और उमंग से शामिल हुए तथा उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन का पुण्य भी प्राप्त किया। यह प्रयास सामाजिक समरसता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इसी क्रम में जनजातीय क्षेत्रों में होने वाले श्रीअन्न अर्थात् मोटे अनाज को भी बाबा महाकाल के प्रसाद के रूप् में शामिल किया गया है। बाबा महाकाल के प्रसाद में शामिल किए गए रागी के लड्डुओं की बिक्री में दो वर्ष में रिकार्ड कायम किया है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के श्रीअन्न को प्रोत्साहन देने की मंशा की पूर्ति भी है। इससे जनजातीय भाई-बहनों की उपज को बाजार तक पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। रागी के लड्डु का बाबा महाकाल का प्रसाद देश-दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी का उपार्जन भी किया जा रहा है। जनजातीय भाई-बहनों की आय बढ़ाने के लिए होम-स्टे जैसे नवाचार भी किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के बजट के परस्पर उपयोग से जनजातीय विकास और कल्याण की गतिविधियों के दायरे का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका जनजातीय बसाहटों में विस्तार हमारी प्राथमिकता है। वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी आदि क्षेत्रों में जनजातीय भाई-बहनों को जोड़ा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों की स्थापना भी की जा रही है। खरगोन में टंट्या मामा और गुना में तात्या टोपे के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। जनजाती़य क्षेत्रों में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना के उद्देश्य से शहडोल, सीधी आदि में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे इन क्षेत्रों में आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में इस प्रकार के नवाचार निरंतर जारी रहेंगे।

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय उप योजना कार्यशाला में योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आ रही वास्तविक कठिनाईयों और उनके निराकरण पर चर्चा से मैदानी स्तर पर लाभ होगा। जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के अनुभव से हमें योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। भारतीय सरकार की जनजातीय कार्य निदेशालय की उप महानिदेशक श्रीमती अंशु सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक जनजातीय आबादी निवासरत है। केन्द्र सरकार जनजातीय विकास और कल्याण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है। इसकी प्रभावशीलता का आंकलन भी कार्यशाला का उद्देश्य है। सामाजिक कार्यकर्ता श्री श्रीकांत विजयवर्गीय ने कहा कि जनजातीय संस्कृति, परम्परा, भाषा, जीवनशैली का संरक्षण करते हुए जनजातीय विकास सुनिश्चित करना जनजातीय उप योजना का उद्देश्य है। उन्होंने उप योजना के क्रियान्वयन में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों और संस्थाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। श्री विजयवर्गीय ने जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में ठक्कर बप्पा और बाला साहेब देशपांडे के योगदान का भी उल्लेख किया।

जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा ने कहा कि जनजातीय उप योजना अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधोसंरचना विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, भू एवं वन अधिकार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही जनजातीय वर्ग को शोषण से मुक्त करने के लिए उप योजना लागू की गई है। जनजातीय वर्ग के लिए 478 सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय उप योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। कार्यशाला में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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Thu, 16 Apr 2026 19:21:23 +0530 news desk MPcg
परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, ये मेरी गारंटी&मेरा वादा…’, लोकसभा में बोले पीएम मोदी https://citytoday.co.in/5534 https://citytoday.co.in/5534 नई दिल्ली

संसद का विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया. बिल पेश होते सदन में हंगामा मच गया. सुबह से दोपहर तक की कार्रवाई में विपक्ष के कई नेताओं ने परिसीमन बिल पर विरोध जताया. अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिला आरक्षण पर साथ हैं, लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ. वहीं इससे पहले उनकी मुस्लिम महिलाओं के लिए सवाल पर अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है। 

दोपहर बाद पीएम मोदी ने भी परिसीमन बिल पर अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि, महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है. उसका हाल बुरे से बुरा किया है. कभी माफी नहीं मिली. पीएम मोदी ने कहा कि मैं वादा और गारंटी देता हूं कि इस बिल में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, अनुपात भी नहीं बदलेगा। 

मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि- कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं। 

 हम भ्रम में न रहें- पीएम मोदी
हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं मैं कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है। 

हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया. लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे.सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। 

मेरी ओर से वादा भी-गारंटी भी- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले- अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा किअगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है। 

समय की मांग हम इसमें अब देर न करें- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा- पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो. तब हमारे पास समय नहीं था. अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं. इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा विलंब न करें. इस दौरान संविधान के जानकार लोगों से चचा्र की, सारा मंथन करते करते. यह सामने आया कि कुछ रास्ता निकालना होगा तब हम माता बहनों की शक्ति को जोड़ सकते हैं। 

निर्णय नहीं हमारी नीयत भी देखेगी नारी- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले-  मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. मैंने पहले भी कहा कि आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। 

 जिनको राजनीति की बू आ रही वो… पीएम मोदी ने विपक्ष को चेताया
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाया. उन्होंने कहा- 'हमारे देश में जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया है उसका हाल बुरा हुआ है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि किसी ने विरोध नहीं किया. आज भी मैं कहता हूं कि हम साथ जाते हैं तो इतिहास गवाह है कि ये किसी एक के पक्ष में नहीं जाएगा, ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा. हम सब उसके हकदार रहेंगे. इसलिए जिन को इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. इसलिए इसे राजनैतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। 

 महिलाएं अब निर्णय प्रक्रिया में जुड़ने को तैयार हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले- जब मैं संगठन का एक कार्यकर्ता था तब चर्चा होती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, लेकिन क्योंकि उनमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है. हम सुरक्षित हैं इसलिए दे दो. इसलिए पंचायत में 50 प्रतिशत तक पहुंच गए। 

मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले जिसने विरोध किया वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया, लेकिन ग्रास रूट पर आज वहीं बहनें वोकल हैं. लाखों बहनें जो काम कर चुकी हैं वे मुखरित हैं. वे कहती हैं कि हमें निर्णय प्रकि्रया में जोड़ो. जो संसद में होती है। 

 पीएम मोदी बोले- आप सभी को मित्र के रूप में मेरी सलाह
पीएम मोदी बोले- 'मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सड़के रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी हिस्सा बने यह भी है. हम पहले ही देर कर चुके हैं. इसे सभी को स्वीकार मानना होगा. जब हम अकेले मिलते हैं, तो यह मानते हैं कि हां ये जरूरी है, लेकिन जो राजनैतिक दिशा में ही सोचते हैं मैं उनहें एक सलाह देना चाहता हूं मित्र के रूप में, जो उनके काम आएगी। 

देश की दशा-दिशा तय करने वाला बिल- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि, हमारा सौभाग्य है कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल  होने का सौभाग्य मिल रहा है. हम सभी सांसद इस अवसर को जाने न दें. हम भारतीय सब मिलकर के देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन वयवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं. इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की भी दशा दिशा तय करेगा। 

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Thu, 16 Apr 2026 19:13:31 +0530 news desk MPcg
10वीं में 99.4% लाने वाली हिमांशी धाकड़ को मनोज शुक्ला का तोहफा, लैपटॉप देकर बढ़ाया हौसला https://citytoday.co.in/5533 https://citytoday.co.in/5533 मेधावी छात्रा हिमांशी धाकड़ की बड़ी उड़ान: 10वीं में 99.4% अंक पाकर प्रदेश में नाम रौशन किया,

कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने उपहार में दिया लैपटॉप 

भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों में राजधानी भोपाल की हिमांशी धाकड़ ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हिमांशी ने 500 में से 497 अंक (99.4%) प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

 कलेक्टर बनने का है सपना
हिमांशी की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में नरेला क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला उनके निवास पहुँचे। उन्होंने हिमांशी को मिठाई खिलाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जब मनोज शुक्ला ने उनसे भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, तो हिमांशी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वह UPSC की तैयारी कर IAS ऑफिसर (कलेक्टर) बनना चाहती हैं।

 मदद के लिए आगे आए मनोज शुक्ला
हिमांशी ने बातचीत के दौरान बताया कि आगे की पढ़ाई और कोचिंग के लिए उन्हें एक लैपटॉप की सख्त जरूरत है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मनोज शुक्ला तुरंत उन्हें अपने साथ 'मंगलम' इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम ले गए और उन्हें उनकी पसंद का नया लैपटॉप उपहार स्वरूप प्रदान किया। शुक्ला ने उसे एक मोबाइल भी दिलाया। कुल मिलाकर उन्होंने हिमांशी को करीब एक लाख रुपए का गिफ्ट दिया।

इस अवसर पर मनोज शुक्ला ने कहा:
> "नरेला की इस बेटी ने अपनी मेहनत से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। संसाधनों की कमी किसी भी मेधावी छात्र के सपने के बीच नहीं आनी चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि हिमांशी एक दिन कलेक्टर बनकर देश की सेवा करेगी।"

परीक्षा परिणाम पर एक नजर
हिमांशी के अंकों का गणित उनकी मेहनत को साफ़ दर्शाता है:
* गणित और विज्ञान: 100 में से 100 अंक
* अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान: 99 अंक
* हिंदी: 96 अंक

हिमांशी की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे नरेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। 

इस अवसर पर अनूप पांडे, अमित खत्री, सुरेश साहू, विजेंद्र शुक्ला, संदीप सरवैया, तरुण विश्वकर्मा, दिनेश माली, केशव मौर्य एवं तारिक अली आदि मौजूद थे।

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Thu, 16 Apr 2026 18:21:54 +0530 news desk MPcg
लखनऊ के बाद गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग, काले धुएं से आसमान भर गया https://citytoday.co.in/5532 https://citytoday.co.in/5532 लखनऊ के बाद गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग, काले धुएं से आसमान भर गया 

 गाजियाबाद

लखनऊ के बाद अब गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग की घटना सामने आई है. यहां के कनावनी इलाके में स्थित झुग्गियों में आज अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि कई झुग्गियां इसकी चपेट में आ गई हैं. आसमान पूरी तरह से काले धुएं के गुबार से भर गया है और तेजी से उठती लपटों को देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है. अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं। 

जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को इसकी जानकारी दी. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने का काम जारी है. दमकल कर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं ताकि आग को और ज्यादा फैलने से रोका जा सके. फिलहाल मौके पर फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात हैं और लपटों को बुझाने की कोशिश की जा रही है। 

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Thu, 16 Apr 2026 15:45:52 +0530 news desk MPcg
शनि की चाल बदलेगी भाग्य, मेष समेत इन राशियों को रहना होगा सावधान https://citytoday.co.in/5531 https://citytoday.co.in/5531  ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं. इसलिए शनि का राशि या नक्षत्र बदलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. इस बार 17 अप्रैल 2026 को शनि अपनी स्थिति में बदलाव करने जा रहे हैं. दरअसल, शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे और लगभग 17 मई तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसी दिन वैशाख अमावस्या भी है, जिसे स्नान और दान के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह समय कुछ राशियों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. खासतौर पर 4 राशियों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.

मेष राशि
मेष राशि पर पहले से ही शनि साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, ऐसे में शनि की चाल में बदलाव आपको और सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. करियर में अचानक बदलाव या बाधाएं आ सकती हैं.
क्या करें: कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें और पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं.

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. नौकरी या काम में स्थिरता कम हो सकती है और परिवार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है.
क्या करें: शांत रहें, छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें और मानसिक संतुलन बनाए रखें.

तुला राशि
तुला राशि वालों के आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. काम में देरी हो सकती है और मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलेगा.
क्या करें: धैर्य रखें और लगातार प्रयास करते रहें, जल्द ही स्थिति सुधरेगी.

मकर राशि
मकर राशि के लिए शनि का यह बदलाव खर्चों में अचानक बढ़ोतरी ला सकता है. सेहत को लेकर भी थोड़ी परेशानी हो सकती है.
क्या करें: खर्चों को नियंत्रित रखें और अपनी दिनचर्या और खान-पान का खास ध्यान रखें.

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Thu, 16 Apr 2026 15:03:28 +0530 news desk MPcg
श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं, उल्लंघन पर होगी कठोरतम कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ https://citytoday.co.in/5530 https://citytoday.co.in/5530 लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों हितों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन एवं सभी वैधानिक सुविधाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है, और इसके हनन पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर के घटनाक्रम पर विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं हैं, किंतु औद्योगिक अशांति फैलाने, उपद्रव करने अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने में संलिप्त पाए जाते हैं, उनकी तत्काल पहचान सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों को बेनकाब करते हुए आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीर लगाई जाए, ताकि जनसामान्य को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। लोग यह जान सकें कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को बाधित करने की साजिश के पीछे कौन लोग हैं।
 
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों एवं दुष्प्रचार पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित पहचान कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम या अशांति की स्थिति को प्रारंभ में ही नियंत्रित किया जा सके।

मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समिति एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सभी ऐसी एजेंसियों की व्यापक एवं गहन जांच कराई जाए। जांच के दौरान श्रमिकों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, श्रमिकों को किए जा रहे वास्तविक भुगतान, ईएसआई, बीमा तथा अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी एवं निजी औद्योगिक इकाइयों में सुदृढ़ एवं सक्रिय ग्रीवांस सेल की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जहां श्रमिकों की शिकायतों का पारदर्शी, समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण मेस व्यवस्था विकसित की जाए। 

श्रमिक कल्याण को और सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री निर्माण एवं सस्ते और सुलभ आवासीय योजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण केवल राजस्व अर्जन तक सीमित न रहकर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रभावी निर्वहन करें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित किया जा रहा है, वहां बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर दुर्घटना एवं असामयिक मृत्यु जैसी परिस्थितियों के लिए सुरक्षा बीमा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा बीमा जैसी आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।

औद्योगिक वातावरण को संतुलित एवं सकारात्मक बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके। संवाद केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ स्थापित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयां सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि हाल में श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के निर्णय से श्रमिकों में संतोष है तथा उद्यमी वर्ग भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। कुछ औद्योगिक इकाइयों में प्राप्त प्रबंधन संबंधी शिकायतों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष आकलन कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़े  हुए वेतन का लाभ 01 अप्रैल से सभी श्रमिकों को मिलना चाहिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thu, 16 Apr 2026 13:38:07 +0530 news desk MPcg
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 1.89x तक हो सकता है, DA होगा 0 से रीसेट, देखें कैलकुलेशन https://citytoday.co.in/5529 https://citytoday.co.in/5529 नई दिल्ली
DA का 60% पहुंचना सिर्फ एक डेटा पॉइंट नहीं है- यह 8वें वेतन आयोग की पूरी दिशा तय करने वाला संकेत है.अब तस्वीर साफ है न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 गुना होगा, लेकिन संभावनित वास्तविक स्तर 1.89 गुना हो सकता है. बाकी फैसला करेगा- समय, महंगाई और सरकार का संतुलन। 

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) की सबसे बड़ी पहेली- फिटमेंट फैक्टर कितना होगा? अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। 

महंगाई भत्ता (DA) जब 60% के स्तर पर पहुंच गया, तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं रहा, बल्कि नई सैलरी स्ट्रक्चर का बेस बन गया है। 

यानी अब सवाल ये नहीं है कि सैलरी बढ़ेगी या नहीं… बल्कि ये है कि कितनी बढ़ेगी और किस फॉर्मूले से बढ़ेगी। 

DA का 60% होना बना नया आधार

महंगाई भत्ता (DA) जब 60% के स्तर पर पहुंचता है, तो यह केवल एक आंकड़ा नहीं होता, बल्कि अगले वेतन आयोग के लिए सैलरी स्ट्रक्चर का ‘बेस’ बन जाता है। पुराने नियमों के मुताबिक, जब भी नया वेतन आयोग आता है, तो पिछले DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है।

समझिए गणित:

    चूंकि वर्तमान महंगाई दर के हिसाब से DA 60% तक पहुंच चुका है, इसलिए न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 होना तय है।
    यदि फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम रखा गया, तो कर्मचारियों की सैलरी महंगाई की तुलना में कम हो जाएगी।

क्या होगा नया फिटमेंट फैक्टर? (1.89x की संभावना)

जानकारों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने में यदि देरी होती है और DA 72% से 76% के करीब पहुंचता है, तो नया सैलरी इंडेक्स 1.72 से 1.76 के बीच होगा। ऐसे में सरकार संतुलन बनाने के लिए फिटमेंट फैक्टर को 1.89 गुना तक बढ़ा सकती है।
हाइलाइट्स: क्या बदलेगा आपके लिए?

    DA होगा जीरो: नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ता (DA) फिर से 0 से शुरू होगा।
    सैलरी इंडेक्स: न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 (फ्लोर) होगा, जबकि वास्तविक स्तर 1.89x तक जा सकता है।
    पेंशनर्स को लाभ: कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स की पेंशन भी इसी आधार पर संशोधित होगी।
    नया फॉर्मूला: नई बेसिक सैलरी = (पुरानी बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर)।

कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

फिलहाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर कोई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक इसकी सिफारिशें लागू हो सकती हैं। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उतना ही बड़ा उछाल आएगा।

क्या संकेत मिल रहे हैं?

    DA 60%= सैलरी इंडेक्स 1.60
    1.60= न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (फ्लोर)
    देरी के साथ DA 72-76% तक जा सकता है
    संभावित फिटमेंट फैक्टर रेंज= 1.80 से 1.89x
    DA एडजस्ट होकर फिर 0 से शुरू होगा

DA 60% होते ही चर्चा क्यों तेज हुई?

हर वेतन आयोग का बेसिक नियम है: पुराने DA को बेसिक सैलरी में जोड़कर नया वेतन तय होता है। 

अब समझिए: अगर DA 60% है, तो इसका मतलब है कि आपकी मौजूदा सैलरी पहले ही 60% महंगाई का असर झेल चुकी है। 

इसलिए नया फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम हुआ तो महंगाई की भरपाई ही नहीं होगी। 

यही वजह है कि 1.60 अब न्यूनतम सीमा बन चुका है.

Q1: DA 60% कैसे पहुंचा और इसका मतलब क्या है?

CPI-IW (Industrial Workers Index) के आधार पर DA तय होता है.

    दिसंबर 2025 इंडेक्स: 148.2
    DA गणना: 60.35%
    लागू स्तर: 60%

इसका मतलब: अगर आपकी बेसिक सैलरी 100 थी, तो अब प्रभावी सैलरी 160 के बराबर है.
Q2: फिटमेंट फैक्टर का असली गणित क्या कहता है?

फॉर्मूला बहुत सीधा है: नई सैलरी= पुरानी बेसिक × फिटमेंट फैक्टर

DA 60%- इंडेक्स= 1.60

लेकिन यहीं कहानी खत्म नहीं होती.

अगर वेतन आयोग लागू होने में देरी होती है: DA और बढ़ेगा, 72%-76% तक पहुंच सकता है.

इससे नया इंडेक्स बनता है: 1.72-1.76

अब इसमें जुड़ता है:

स्ट्रक्चरल बफर (10-13%)

Final अनुमान: 1.80 से 1.89 (सबसे यथार्थ रेंज)

Q3: क्या 1.89 फाइनल हो सकता है?

सीधा जवाब- संभावना मजबूत है, लेकिन गारंटी नहीं.

क्यों?

क्योंकि सरकार इन चीजों को भी देखती है:

    आर्थिक स्थिति
    वेतन बढ़ोतरी का बोझ
    कर्मचारियों की मांग
    महंगाई का भविष्य

यानी यह सिर्फ गणित नहीं, पॉलिसी डिसीजन भी है

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Thu, 16 Apr 2026 12:41:38 +0530 news desk MPcg
हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव https://citytoday.co.in/5528 https://citytoday.co.in/5528 हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग हो रहा है आरंभ
16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की होगी मंगलमय तारीख
विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील
मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का है उत्कृष्ट उदाहरण
जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन'' को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और सांसद श्रीमती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।

मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन श्रीमती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद श्रीमती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं।

महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा।

सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : सुश्री भूरिया

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 तक लंबा इंतजार किया गया था। श्रीमती गौर ने वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं के 14% और मध्यप्रदेश विधानसभा में 11% के सीमित प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि 33% आरक्षण का यह कानून इस खाई को पाटकर महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने वाली निर्णायक भूमिका में लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि नारी शक्ति को 'लाभार्थी' से 'राष्ट्र निर्माण की सारथी' बनाने की एक विचार यात्रा है, जहाँ महिलाएँ अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की बेटियों के आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी जीवन की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जब नारी सशक्त और निर्णायक भूमिका में होगी, तभी राष्ट्र पूर्णतः सशक्त होगा।

नारी अब प्रतिभागी नहीं, नेतृत्व की भूमिका में है : श्रीमती पैठणकर

मातृशक्ति वंदन कार्यक्रम में शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठणकर ने नारी के गौरवशाली स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल संघर्ष की 'चिंगारी' ही नहीं, बल्कि स्नेह और सुगंध बिखेरने वाला 'फूल' भी माना गया है। उन्होंने भगवद गीता के संदर्भ से स्त्री के सात दिव्य गुणों—श्री, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को उनकी स्वाभाविक शक्ति बताया, जो परिवार को संस्कारों से जोड़े रखती है। अपने संबोधन में उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा के प्रति संघर्ष, जीजाबाई के संस्कारों, रानी लक्ष्मीबाई व दुर्गावती के शौर्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श प्रशासन का उल्लेख करते हुए बताया कि इतिहास से वर्तमान तक नारी ने हर कठिन परिस्थिति में समाज के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही आज महिलाएँ सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सुश्री पैठणकर ने आह्वान किया कि नारी अब केवल प्रतिभागी नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में है और अपनी सृजनशीलता व सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में निर्णायक योगदान दे रही है।

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Thu, 16 Apr 2026 12:39:39 +0530 news desk MPcg
चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल 18 और डीजल 35 रूपये होंगे महंगा! https://citytoday.co.in/5527 https://citytoday.co.in/5527 तेल कंपनियों का दबाव बढ़ा, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर - एक्साइज कटौती के बाद भी राहत नहीं, कंपनियों का घाटा जारी नई दिल्ली  कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के चलते देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की एक रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल करीब 18 रुपए प्रति लीटर और डीजल 35 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान है कि पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। मौजूदा स्थिति में तेल कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर लगभग 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। पिछले महीने जब कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्च स्तर पर थीं, तब तीनों प्रमुख तेल कंपनियों को प्रतिदिन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती के बाद यह घाटा घटकर करीब 1,600 करोड़ रुपए प्रतिदिन रह गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से कंपनियों का नुकसान करीब 6 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ जाता है। ऐसे में आने वाले समय में उपभोक्ताओं पर ईंधन महंगाई का सीधा असर पड़ सकता है। - तेल कंपनियों ने कमाए हजारों करोड़ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा भारतीय तेल कंपनियों को बड़े पैमाने पर हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब-जब क्रूड ऑयल सस्ता हुआ, तब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने पेट्रोल और डीजल के दामों में उसी अनुपात में कटौती नहीं की, जिससे उन्हें उल्लेखनीय मुनाफा हुआ। जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मौके आए जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रखी गईं। इस अंतर से तेल कंपनियों के मार्जिन में वृद्धि हुई और उन्होंने हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ अर्जित किया। हालांकि, तेल कंपनियों का तर्क है कि यह मुनाफा अस्थायी होता है और उन्हें वैश्विक बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव, सब्सिडी के बोझ और सरकार के कर ढांचे के कारण कई बार घाटा भी उठाना पड़ता है।

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Tue, 14 Apr 2026 20:26:24 +0530 news desk MPcg
इंतजार हुआ खत्म, एमपी बोर्ड का 10वीं और 12वीं रिजल्ट कुछ घंटों में, मोहन यादव करेंगे जारी https://citytoday.co.in/5526 https://citytoday.co.in/5526 भोपाल 
 माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट का इंतजार कुछ घंटों में खत्म होने जा रहा है. एमपी बोर्ड की दोनों ही परीक्षाओं का रिजल्ट 15 अप्रेल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। 

मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट
छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।

 16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे एमपी बोर्ड परीक्षा में

16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में

एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं। 

रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद
इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है। 

एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े

    साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.
    साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.
    साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.

    mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है।

कैसे चेक करें रिजल्ट?

    सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

    होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें

     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें

     इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा

    भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें

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Tue, 14 Apr 2026 20:11:22 +0530 news desk MPcg
PM मोदी बोले – 2029 के चुनावों में बेटियों को मिलेगा उनका हक, दिल्ली&देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया https://citytoday.co.in/5525 https://citytoday.co.in/5525 देहरादून 

पीएम मोदी ने मंगलवार को देहरादून में कहा, ‘4 दशकों से महिला-बेटियां अपने हक का इंतजार कर रही है। अब वह समय आ गया है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे। इसके लिए हम संसद में महिला आरक्षण बिल ला रहे हैं।

पीएम ने कहा, 'कभी उत्तराखंड के गांव में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयास से सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव वीरान थे आज फिर बस रहे हैं।'

इससे पहले उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का उद्घाटन किया। वे एशिया के सबसे लंबे 12 किमी एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करने सहारनपुर पहुंचे। यहां रोड शो भी किया।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर 213 किमी लंबा, 6 लेन और एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और इसके शुरू होने से दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी 6 घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगी।

पीएम मोदी ने लोगों से क्यों मांगी माफी?
पीएम मोदी ने कहा, 'सबसे पहले तो मैं आप सबसे मांफी मांगता हूं. उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कार्यकम में जुड़े हुए लोगों से भी क्षमा मांगता हूं. मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई. आप लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. मैं निकला तो समय पर ही था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर के रोड शो दौरान इतना उत्साह था कि तेज गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया. धीरे-धीरे बढ़ते हुए लोगों का आशीर्वाद लेते हुए यहां पहुंचने में मुझे 1 घंटे से भी ज्यादा देर हो गई। 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बड़ी उपलब्धि: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, 'उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है. बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा. मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है. यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा।

पूरे क्षेत्र का हो जाएगा कायाकल्प: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं. इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है. यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। 

पीएम मोदी की स्पीच 5 पॉइंट्स में

    महिला आरक्षण पर: 4 दशक बाद संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ। 33% आरक्षण लागू करने वाले इस कानून को बनाने के लिए सभी दलों ने समर्थन दिया। अब इसे लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। 2029 से ही यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है हर बहन बेटी की इच्छा है।मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए 16 अप्रैल से संसद में चर्चा होनी है। इसे सभी दल सर्व सम्मति से आगे बढ़ाएं। इसलिए मैंने आज देश की नारी शक्ति के नाम आज सभी बहनों के लिए एक पत्र लिखा है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे।

    देश की ताकत बन रही बेटियां: पीएम ने कहा कि देश की बेटियां भारत निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। सरकार उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर मुश्किल समय में महिलाओं को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रयास जारी हैं।

    टूरिज्म बना कमाई का सबसे बड़ा जरिया: पीएम ने कहा कि टूरिज्म बढ़ने से हर वर्ग को कमाई का मौका मिलता है। होटल, टैक्सी, दुकानदार सभी को लाभ होता है। उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म और स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

    नए कॉरिडोर खोलेंगे तरक्की के रास्ते: पीएम ने कहा कि एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास के गेटवे हैं। इससे समय और खर्च दोनों कम होंगे। रोजगार बढ़ेगा और किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंचेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

    देवभूमि को गंदगी से बचाना जरूरी: पीएम ने देवभूमि को साफ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और कचरे से बचना जरूरी है। कुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा को देखते हुए सभी को मिलकर इन जगहों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना होगा।
    आने वाली पीढ़ी के लिए बड़ी तैयारी: पीएम ने कहा कि सड़क, रेल और एयरवे देश की भाग्य रेखाएं हैं। यह सिर्फ आज की सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश है। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है ताकि देश की प्रगति जारी रहे।

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Tue, 14 Apr 2026 19:22:52 +0530 news desk MPcg
एमपी बीजेपी की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई, कैबिनेट विस्तार और निगम&मंडल पर होगी अहम चर्चा https://citytoday.co.in/5524 https://citytoday.co.in/5524 भोपाल

आज यानी 14 अप्रैल को एमपी बीजेपी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। भाजपा कोर कमेटी की यह बैठक भोपाल में आयोजित होने जा रही है। बैठक में कैबिनेट विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के 16 दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसी के साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक में वर्तमान मुद्दों और आगे की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

बीजेपी शीर्ष नेतृत्व की बड़ी बैठक आज
मंगलवार को एमपी बीजेपी की बड़ी बैठक है। यह बैठक भोपाल में स्थित सीएम निवास में आयोजित की जाएगी। शाम करीब सात बजे बैठक शुरु होगी। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल शामिल होंगे। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

इन दो मुद्दों पर होगी खास चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी प्रदेश कोर कमेटी की इस बैठक में राज्य के निगम-मंडलों में नियुक्तियों और मंत्रीमंडल के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है। इन दोनों मामलों को लेकर पार्टी में काफी समय से असमंजस बना हुआ है। उम्मीद है कि आज की बैठक में शीर्ष नेता इन मुद्दों पर स्थिति साफ कर सकते हैं।

प्रदेश कोर समिति के ये 16 सदस्य होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और सांसद वीडी शर्मा, सांसद लता वानखेड़े, नरोत्तम मिश्रा व अरविंद भदौरिया शामिल होंगे।

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Tue, 14 Apr 2026 18:25:16 +0530 news desk MPcg
एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए https://citytoday.co.in/5523 https://citytoday.co.in/5523 उज्जैन

उज्जैन में Lions Clubs International डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, पृथ्वी की भव्य डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर नेतृत्व परिवर्तन के तहत MJF लॉयन प्रवीण वशिष्ठ (उज्जैन) के स्थान पर MJF लॉयन महेश मालवीय (भोपाल) के वर्ष 2026–27 के डिस्ट्रिक्ट ३२३३ जी-२ के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए ।

डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, जिसमें 166 क्लब और लगभग 3,000 समर्पित सदस्य शामिल हैं, सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस गरिमामय अवसर पर एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय एवं उनकी धर्मपत्नी लॉयन गायत्री मालवीय सेवा कर सेवा, समर्पण और नेतृत्व की नई ऊर्जा का संकल्प लिया। वे शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित Lions International Convention में Hong Kong में सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे एवं हांगकांग में शपथ ग्रहण करेंगे ।

भोपाल के प्रतिष्ठित समाजसेवी लायन महेश मालवीय पिछले 30 वर्षों से लॉयंस क्लब से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने Lions Clubs International के माध्यम से विभिन्न सेवा परियोजनाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना से जिले को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

इस गौरवपूर्ण क्षण पर उनके होम क्लब, लॉयंस क्लब ऑफ भोपाल ग्लोरियस, के सदस्यों—लायन डॉ. मनोज वर्मा, लायन दीपक गुप्ता, लायन प्रकाश पाटिल, लायन सुमित अग्रवाल, लायन डा. गगन कांत त्रिपाठी, एडवोकेट लायन सुरेश मालवीय, लायन हरिश चतुर्वेदी, लायन शुभ्राजी, लायन अजय अग्रवाल, लायन संजीव मिश्रा, लायन ऋतू अग्रवाल, लायन रचना गिरी, लायन आशीष जैन, लायन कमलेश विश्वकर्मा, एवं लायन रोहित सिसोदिया—ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

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Tue, 14 Apr 2026 18:03:16 +0530 news desk MPcg
Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ https://citytoday.co.in/5522 https://citytoday.co.in/5522 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स:

भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता
भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे।

Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है।
Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें

बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है।

प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है।

मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

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Tue, 14 Apr 2026 18:00:03 +0530 news desk MPcg
डॉ. अंबेडकर की 136वीं जयंती: CM मोहन यादव ने किया माल्यार्पण, पढ़ी संविधान की प्रस्तावना https://citytoday.co.in/5521 https://citytoday.co.in/5521 राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा।

पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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Tue, 14 Apr 2026 17:58:37 +0530 news desk MPcg
PM Narendra Modi और Mallikarjun Kharge आमने&सामने, दिखी खास केमिस्ट्री https://citytoday.co.in/5520 https://citytoday.co.in/5520 भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 136वीं जन्म जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी दिल्ली में संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति, नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आंबेडकर जयंती के अवसर पर आम जनता के लिए भी इस स्थल के द्वार खोल दिए गए, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों लोगों ने पहुंचकर संविधान निर्माता बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर को नमन किया और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे आमने-सामने आए। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात और हल्की-फुल्की बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुस्कुराहट और सहज संवाद ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान और संवाद की परंपरा कायम है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आंबेडकर जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में विशेष सभाएं हुईं, जहां बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान पर चर्चा की गई। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार माना जाता है, जिन्होंने सामाजिक समानता, न्याय और अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी जयंती न केवल एक स्मरण दिवस है, बल्कि समाज को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा भी देती है।

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Tue, 14 Apr 2026 16:36:08 +0530 news desk MPcg
समझौता न होने पर होर्मुज में तूफान आएगा, ट्रंप की धमकी से ईरान पर कोई असर नहीं, रूस ने किया युद्ध में प्रवेश https://citytoday.co.in/5519 https://citytoday.co.in/5519 वाशिंगटन

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई, जबकि पहले युद्धविराम की घोषणा की गई थी. इस असफल बातचीत के बाद हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं. वार्ता फेल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी लागू कर दी. ट्रंप ने साफ कहा कि हम किसी देश को दुनिया को ब्लैकमेल या डराने नहीं देंगे.उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान की कोई तेज हमला करने वाली नौकाएं अमेरिकी सेना के करीब आईं, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। 

हिज्बुल्ला का ऐलान
हालांकि ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत विफल होने के बाद ईरान के प्रतिनिधियों ने फिर से संपर्क किया है और अब तेहरान शांति समझौते के लिए बातचीत में लौटना चाहता है. इस बीच क्षेत्र में एक और तनावपूर्ण बयान सामने आया है. लेबनान के संगठन हिज्बुल्ला के प्रमुख नईम कासिम ने लेबनान सरकार से अपील की है कि वह अमेरिका में इजरायल के साथ होने वाली प्रस्तावित वार्ता को रद्द कर दे. हिज्बुल्ला ने कहा कि इजरायल जैसे दुश्मन देश के साथ किसी भी तरह की बातचीत को पूरी तरह खारिज करते हैं. उन्होंने इसे रद्द करने के लिए सरकार से ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लेने की मांग की. गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ईरान समर्थित संगठन है और 2 मार्च से इजरायल के साथ संघर्ष में शामिल है। 

रूस बनना चाहता है मध्यस्थ
ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध में अब रूस शांतिदूत की भूमिका निभाना चाहता है. पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संबंध में ऑफर दिया था और अब विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची से फोन पर बातचीत की. रूस की ओर से कहा गया कि सशस्त्र संघर्ष दोबारा न हो, यह बहुत जरूरी है. साथ ही रूस ने एक बार फिर साफ किया कि वह इस संकट को सुलझाने में हर संभव मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

अमेरिका बोला- फैसला ईरान को लेना है
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि ईरान को परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए खुद कदम उठाने होंगे. उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान में 21 घंटे चली बातचीत के बाद अमेरिका अब वहां से वापस आ रहा है और ईरान की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही. वेंस के मुताबिक आगे की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान कितनी गंभीरता से बातचीत में शामिल होता है. उन्होंने कहा कि अब प्रगति की जिम्मेदारी ईरान पर है और उसे यह दिखाना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाने के लिए तैयार है। 

पाकिस्तान का दावा- ईरान चाहता है इस्लामाबाद में हो वार्ता
इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद मध्यस्थता की कोशिश करने वाले देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच मैसेज का आदान-प्रदान जारी रखा है. उनका लक्ष्य है कि दोनों देश कम से कम 45 दिन के लिए सीजफायर बढ़ाने पर राजी हो जाएं. दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर तो सहमत हैं, लेकिन अगली मीटिंग के एजेंडा, उद्देश्य, फॉर्मेट और जगह को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. ईरान चाहता है कि अगली बातचीत इस्लामाबाद में हो क्योंकि वहां उसे सुविधा और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा है. वहीं अमेरिका दूसरी जगहों पर विचार कर रहा है, जहां उसे सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स बेहतर लगते हैं. हालांकि अगर बड़े मुद्दों पर सहमति बनती है, तो बातचीत की जगह कोई बड़ी रुकावट नहीं बनेगी। 

 2 दिन बाद फिर शुरू होगी ईरान-अमेरिका वार्ता
ईरान-अमेरिका युद्ध: एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच एक नई दौर की बातचीत जल्द ही गुरुवार तक हो सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इस्लामाबाद में हुई उच्चस्तरीय वार्ता भले ही किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची, लेकिन बातचीत के दरवाजे खुले रहे. इसका मतलब है कि दोनों देश अब भी कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. आने वाली बातचीत में पिछले मुद्दों पर फिर चर्चा हो सकती है और समझौते की संभावना बनी हुई है। 

 होर्मुज नाकेबंदी हटाना चाहता है सऊदी, ट्रंप से की बात
अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक सऊदी अरब, अमेरिका पर दबाव डाल रहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नौसैनिक घेराबंदी तुरंत हटा ले और दोबारा बातचीत की मेज पर लौट आए. सऊदी और अन्य खाड़ी देशों को डर है कि अगर अमेरिका ने घेराबंदी जारी रखी तो ईरान बदला लेने के लिए उनके वैकल्पिक रास्ते भी बंद कर सकता है. ऐसी स्थिति उनकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगी. होर्मुज के हाहाकार के बाद भी उनका तेल अब तक दूसरे रास्तों से निकल रहा था लेकिन ट्रंप के इस कदम से वो भी खतरे में आ जाएंगे। 

होर्मुज पर चीन ने अमेरिका को हड़काया – हमारे मामले से दूर रहो
 होर्मुज ब्लॉकेड पर अब चीन भी भड़क उठा है. चीन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी लगाने के ट्रंप के फैसले को लेकर अमेरिका को चेताया है. चीन ने अमेरिका को आगाह किया कि वह ईरान के साथ चीन के संबंधों में दखल न दे. होर्मुज ब्लॉकेड पर चीन की अमेरिका को सीधी-सीधी पहली प्रतिक्रिया है. चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा कि बीजिंग तेहरान के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा संबंधी वादों को पूरा करेगा. उन्होंने कहा कि चीनी जहाज इस इलाके में अपना काम जारी रखेंगे और बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

लेबनान-इजरायल के बीच वार्ता की शुरुआत
इजरायल-लेबनान वार्ता: अमेरिका में आज इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत की शुरुआत होगी. अमेरिकी राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोआवद की आज शांति के लिए बातचीत होगी.
पिछले हफ्ते पहली बार दोनों देशों के राजदूतों के बीच फोन पर दशकों बाद बातचीत हुई थी. 1983 में अंतिम बार दोनों देशों के बीच आखिरी और सीधी बातचीत हुई थी, हालांकि अप्रत्यक्ष समझौते और अप्रत्यक्ष वार्ता होती रही है. आज
अमेरिका की मध्यस्थता में यह बातचीत होनी है. ये बात दिलचस्प है क्योंकि इजरायल-लेबनान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध तक नहीं हैं। 

होर्मुज की नाकेबंदी कर रहा अमेरिका, ईरान को दी धमकी
 डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की कोई भी हमला करने वाली नौकाएं अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों के आसपास लगाई गई नौसैनिक घेराबंदी के पास आती हैं, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम बनाए रखने और बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है। 

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Tue, 14 Apr 2026 14:56:38 +0530 news desk MPcg
Tata Motors ने शुरू की Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक की डिलीवरी | Tata Tractor | automobile News https://citytoday.co.in/5518 https://citytoday.co.in/5518 मुंबई 

 Tata Motors की कमर्शियल व्हीकल विंग ने BillionE Mobility को अपने Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर की डिलीवरी शुरू कर दी है. इसके साथ ही कंपनी ने 250 अतिरिक्त यूनिट्स के लिए एक नया ऑर्डर भी हासिल किया है. यह विकास भारत में इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी कमर्शियल व्हीकल्स के लिए एक कदम आगे है, जो खासकर लंबी दूरी के माल परिचालन में अहम है। 

कंपनी ने ट्रकों के शुरुआती बैच को गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली NCR और हरियाणा सहित प्रमुख लॉजिस्टिक कॉरिडोर में डिलीवर करने की योजना बनाई है. इन वाहनों का इस्तेमाल स्टील और सीमेंट जैसे औद्योगिक सामानों के परिवहन के लिए किया जाएगा, जो मुख्य माल ढुलाई सेगमेंट में इलेक्ट्रिकफिकेशन की ओर एक बदलाव का प्रतीक है। 

डिलीवरी के साथ-साथ, BillionE Mobility ने अगले 6 से 18 महीनों में अपने इलेक्ट्रिक ट्रक फ्लीट को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना की रूपरेखा भी तैयार कर ली है, जिसमें 1,500 हेवी-ड्यूटी वाहनों की कुल तैनाती का लक्ष्य रखा गया है. इसके अतिरिक्त 250-यूनिट ऑर्डर इस व्यापक विस्तार का हिस्सा है। 

नए Tata Prima E.55S का बैटरी पैक और रेंज
Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक कंपनी के i-MoEV इलेक्ट्रिक वाहन आर्किटेक्चर पर आधारित है और इसमें एक इंटीग्रेटेड ई-एक्सल सेटअप मिलता है. इस ट्रक में 450 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जिसके बारे में कंपनी का कहना है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ा बैटरी पैक है, जो एक बार चार्ज करने पर 350 किमी तक की रेंज प्रदान करता है। 

ट्रक में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग भी मिलती है, और डुअल-गन फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है. ट्रक मिलने वाले हार्डवेयर की बात करें तो इसमें इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर 3-स्पीड ऑटो-शिफ्ट ट्रांसमिशन, सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम जैसे फीचर्स मिलते हैं। 

नए Tata Prima E.55S के फीचर्स
इसके अलावा, इस ट्रक में वैकल्पिक ADAS कार्यक्षमता के साथ ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, लेन डिपार्चर वार्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, क्रूज़ कंट्रोल और एक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. यह मॉडल अपटाइम, परिचालन दक्षता और स्वामित्व की कुल लागत पर ध्यान देने के साथ लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। 

Tata Motors सेवा बुनियादी ढांचे और फ्लीट मैनेजमेंट समाधान सहित अपने व्यापक ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से इन तैनाती का समर्थन कर रहा है. Tata Prima E.55S का रोलआउट और BillionE Mobility का अतिरिक्त ऑर्डर भारी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में हरित समाधानों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, खासकर जब बेड़े संचालक अंतर-शहर संचालन के लिए पारंपरिक डीजल-संचालित ट्रकों के विकल्प तलाश रहे हैं। 

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Tue, 14 Apr 2026 14:10:24 +0530 news desk MPcg