Putin invited Modi: पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया, कहा यूक्रेन युद्ध के बारे में कई बार बताया

Putin invited Modi: पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया, कहा यूक्रेन युद्ध के बारे में कई बार बताया

Putin invited Modi: पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया, कहा यूक्रेन युद्ध के बारे में कई बार बताया

Putin invited Modi: पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया और कहा कि उन्होंने यूक्रेन युद्ध के बारे में कई बार चर्चा की है। दरअसल बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात में पुतिन ने मोदी को रूस में आने के लिए निमंत्रण दिया।

इस महत्वपूर्ण मुलाकात को खासा महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति आमतौर पर विदेश मंत्रियों से नहीं मिलते हैं। इस मौके पर पुतिन ने जयशंकर से कहा कि वह मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी। इस मुलाकात में व्यापार और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा भी हुई। पुतिन ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बारे में जयशंकर को जानकारी देने का भी दृष्टिकोण बताया।

पुतिन ने बताया कि- वे दुनिया में हो रही सभी कठिनाइयों के बावजूद खुश हैं, क्योंकि एशिया में हमारे परंपरागत दोस्त भारत और उनके लोगों के साथ संबंध स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा है। कि हम प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति को समझते हैं, और हमने यूक्रेन के साथ हो रहे जटिल प्रक्रियाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण के बारे में बातचीत की है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह प्रधानमंत्री को इस संघर्ष से जुड़ी स्थिति के बारे में निरंतर सूचित कर रहे हैं। उन्होंने उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या को शांतिपूर्ण तरीकों से हल करने के लिए सभी संभावनाओं का प्रयास करने की बात की है।

इससे पहले एससीओ की बैठक में पुतिन से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा था कि "आज का दौर युद्ध का दौर नहीं है." मोदी ने इसी साल जी-20 की बैठक में भी इस बात को दोहराया था.जयशंकर ने पुतिन के साथ बैठक में कहा, "हमारी व्यापार बातचीत को और अधिक टिकाऊ बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। हमें यह सोचने की जरूरत है, कि इसे कैसे हासिल किया जाए."

कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चर्चा

रूस की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मॉस्को पहुंचे जयशंकर ने इससे पहले अपने रूसी समकक्ष सर्गेइ लावरोव से मुलाकात की थी। रिपोर्टों के मुताबिक जयशंकर ने लावरोव के साथ बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्थिति और समसामयिक मुद्दों पर बात की। जयशंकर ने लावरोव के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र, यूक्रेन संघर्ष, गाजा स्थिति, अफगानिस्तान और मध्य एशिया, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन, जी-20 और संयुक्त राष्ट्र पर भी चर्चा की। लावरोव ने कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ "सैन्य-तकनीकी सहयोग की संभावनाओं" पर चर्चा की। जिसमें आधुनिक प्रकार के हथियारों का संयुक्त उत्पादन शामिल है।

वहीं जयशंकर ने कहा- कि हम इस तथ्‍य की तारीफ करते हैं, कि हमारा व्‍यापार अपने सर्वोच्‍च स्‍तर पर पहुंच गया है। उनके मुताबिक यह इस साल 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। और यह इस साल और बढ़ सकता है।

भारत और रूस के बीच शीर्ष नेताओं के स्तर पर हर साल सम्मेलन होता है। इस सम्मेलन के लिए एक बार रूसी राष्ट्रपति दिल्ली आते हैं, तो वहीं अगले साल भारतीय प्रधानमंत्री मॉस्को जाते हैं। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। आखिर सम्मेलन दिल्ली में हुआ था। और इसमें रूसी राष्ट्रपति शामिल हुए थे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पीएम मोदी 2022 में रूस के दौरे पर नहीं गए थे। आपको बता दें किजी-20 सम्मेलन के लिए भी रूसी राष्ट्रपति भारत दौरे पर नहीं आए थे। आखिरी बार पीएम मोदी 2019 में रूस के दौरे पर गए थे।