गंदा पानी, साफ कपड़े: ग्वालियर की सड़कों पर अनोखा राजनीतिक प्रदर्शन |
ग्वालियर में दूषित पानी की समस्या ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन इस संकट के बीच राजनीति की तस्वीर कुछ और ही कहानी कहती नजर आ रही है। वार्डों में गंदा पानी आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं, सवाल उठ रहे हैं—जिम्मेदार कौन है और समाधान कब होगा? इसी बीच ग्वालियर नगर निगम के भाजपा पार्षद ब्रजेश श्रीवास ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया—दंडवत यात्रा।
यह यात्रा पानी की गुणवत्ता सुधारने से ज्यादा राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनी। फूलबाग से परिषद तक निकली इस दंडवत यात्रा में पार्षद जमीन पर जरूर थे, लेकिन मिट्टी से दूरी बनाए हुए। साफ गद्दे पर लेटकर आगे बढ़ते पार्षद के कपड़े पूरी तरह बेदाग रहे। खुदी सड़कों और गंदगी के बीच यह दृश्य जनता के लिए सवाल बन गया—क्या यह आंदोलन था या छवि बचाने का प्रयास?
पार्षद का आरोप सीधे कांग्रेस मेयर पर था, लेकिन जवाब में इंदौर का उदाहरण सामने आया, जहां कांग्रेस मेयर न होने के बावजूद दूषित पानी से मौतें हुईं। इससे साफ हुआ कि समस्या पानी से ज्यादा राजनीति की है। बयान साफ रखने की होड़ में समाधान पीछे छूट गया।
यह व्यंग्य केवल एक घटना नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति की तस्वीर है, जहां जनसमस्याओं से ज्यादा नेताओं की छवि अहम हो जाती है। ग्वालियर हो या इंदौर, नल से पानी कम और राजनीति ज्यादा बहती दिख रही है—और जनता प्यास और बीमारी से जूझ रही है।
news desk MPcg