नई दिल्ली।1993 Serial Bomb Blast: अजमेर की टाडा कोर्ट ने 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट मामले में पकड़े गए आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को सबूतों की कमी होने के कारण बरी कर दिया है। साथ ही दो अन्य आरोपी इरफ़ान और हमीदुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आपको बता दें कि न्यायाधीश महावीर प्रसाद गुप्ता ने इरफान और हमीदुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा दी। लेकिन टुंडा के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं मिला। जो उन्हे दोषी करार कर सके। टुंडा के वकील शफिकतुल्ला सुल्तानी ने इस फैसले का स्वागत किया। और सीबीआई को किसी भी मजबूत सबूत के पेश करने में विफल रहने का दावा किया। आपको बता दें कि 1993 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद कोटा, हैदराबाद, लखनऊ, कानपुर, सूरत और मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। जिसमें अब्दुल करीम टुंडा आरोपी था। सीबीआई ने इन धमाकों का मास्टर माइंड टुंडा को माना था।जिस कारण 2013 में नेपाल से उसकी गिरफ्तारी हुई थी। टुंडा के खिलाफ कई स्थानों पर भी आतंकवाद के मामले चल रहे हैं। जिसमें से एक मामला युवाओं को भारत में आतंकवादी गतिविधियां करने का प्रशिक्षण भी था। फिलहाल टुंडा अजमेर की जेल में बंद है।