Mission Aditya L-1: आदित्य L-1 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचकर रचेगा इतिहास
Mission Aditya L-1: आदित्य L-1 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचकर रचेगा इतिहास
Mission Aditya L-1: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) इतिहास रचने के लिए तैयारी में है,और आज (06 जनवरी 2023) शाम को इसका पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 (Aditya L-1), अपने आखिरी स्टेशन पर पहुंचने को तैयार है। यह स्टेशन करीब 4 बजे इसे अपनी कक्षा में स्थापित किया जाएगा।आदित्य एल-1 करीब तीन महीने बाद आर्बिट में एंट्री करने वाला है। लेकिन इसका आखिरी पड़ाव जटिल है।
मिशन मून की कामयाबी के लगभग 10 दिन बाद, इसरो ने आदित्य एल-1 को लॉन्च किया था। इसका लैग्रेंजियन प्वाइंट तक पहुंचना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है,जो पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है। क्योंकि यहां पर धरती और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे को अपनी ओर खींचता है। इससे मिशन को पूरा करना और आदित्य एल-1 को सफलता से आर्बिट में प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
इस मिशन को इसरो ने दो सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से प्रक्षेपित किया था। यह अंतरिक्ष-आधारित पहली भारतीय वेधशाला है, जिसके तहत ‘हेलो ऑर्बिट एल1’ से सूर्य का अध्ययन किया जाना है।
इस मिशन का अहम और अनूठा हिस्सा यह है कि इससे भारत अब सूरज के बहुत करीब जाने वाला दूसरा देश बन जाएगा, जिसमें कुछ ही देशों ने सफलता हासिल की है। इससे इसरो को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी और भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में अपनी पहचान बनाए रखने का एक नया कदम होगा।
Newsdesk