1. श्रद्धालुओं को बड़ी राहत: नर्मदा नदी में शुरू होंगे फ्लोटिंग अस्पताल
भोपाल |
मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा नदी के घाटों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में जल्द ही नर्मदा नदी के प्रमुख घाटों पर फ्लोटिंग अस्पताल शुरू किए जाएंगे और मौजूदा नदी एम्बुलेंस सेवा का भी विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं, परिक्रमावासियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस योजना को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वर्तमान में आलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में नदी किनारे बसे लोगों के लिए नदी एम्बुलेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। ये एम्बुलेंस आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाएं और मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अब फ्लोटिंग अस्पताल शुरू होने से गंभीर मरीजों को मौके पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
यह पहल खासतौर पर बाढ़ प्रभावित और दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सीमित रहती है। इसके साथ ही सरकार नर्मदा घाटों को वेलनेस और योग टूरिज्म के केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत योग, ध्यान केंद्र और पार्कों का निर्माण किया जाएगा।
गौरतलब है कि नर्मदा नदी के 861 घाटों पर प्रतिदिन करीब 2.5 लाख श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इनमें सूक्ष्म, मध्यम और वृहद आकार के घाट शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में फ्लोटिंग अस्पताल और नदी एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होंगी।