मोदी ने पूछा- पब्लिक से कैसे बात करें? महिला टीचर बोलीं- कॉन्फिडेंस चाहिए
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से मिले PM मोदी, शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य पर हुई खास बातचीत
शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिक्षकों के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने एक महिला शिक्षक से पब्लिक के सामने प्रभावी तरीके से बात करने को लेकर सवाल किया। पीएम ने पूछा कि लोगों के सामने अपनी बात रखने के लिए क्या जरूरी है और किस तरह आत्मविश्वास के साथ संवाद किया जा सकता है। इस पर महिला शिक्षक ने जवाब दिया कि पब्लिक से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज कॉन्फिडेंस यानी आत्मविश्वास है। बातचीत का यह हिस्सा खास तौर पर चर्चा में रहा। मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने अपने स्कूलों में किए जा रहे अलग-अलग प्रयोगों, विद्यार्थियों के साथ संवाद और पढ़ाई को बेहतर एवं रोचक बनाने के तरीकों के बारे में भी प्रधानमंत्री को बताया। शिक्षकों ने बताया कि आज के समय में बच्चों की शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान, रचनात्मक गतिविधियों और तकनीक से भी जोड़ना जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों के अनुभव सुने और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि शिक्षक बच्चों के ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नई तकनीक के इस्तेमाल और बदलते समय के अनुसार शिक्षण पद्धतियों में बदलाव जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों ने अपने काम के अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह वे अपने स्तर पर बच्चों के लिए नए प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ यह संवाद ऐसे समय हुआ, जब देश शिक्षक दिवस के जरिए शिक्षकों के योगदान और उनकी भूमिका को सम्मान दे रहा है। इस मुलाकात ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके अनुभवों को सुनना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है। अब सवाल यह है कि शिक्षकों के इन अनुभवों और सुझावों को देश की शिक्षा व्यवस्था में किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा और नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने के लिए आने वाले समय में कौन से नए कदम उठाए जाएंगे।
news desk MPcg