इंटरनेशनल फायर फाइटर डे आज: जबलपुर के फायरफाइटर बोले- जान की परवाह किए बगैर हमेशा तैयार रहते हैं

इंटरनेशनल फायर फाइटर डे आज: जबलपुर के फायरफाइटर बोले- जान की परवाह किए बगैर हमेशा तैयार रहते हैं

 जबलपुर 
 विपरीत परिस्थितियों में भी राह निकालना फायर फाइटर्स की पहचान है। अपनी जान की परवाह किए बिना वे दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।आग पर काबू पाना हो, रेस्क्यू आपरेशन चलाना हो या किसी भी प्रकार की आपदा से निपटना, फायर फाइटर्स हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं।

60 से अधिक चालक विभाग में कार्यरत
विभाग में 60 से अधिक चालक कार्यरत हैं, जो फायर ब्रिगेड वाहनों को तेजी और सुरक्षित तरीके से घटनास्थल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे संकरे रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बिना समय गंवाए वाहन चला सकें।

चालक समय के पाबंद हैं
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि चालक समय के पाबंद हैं, और काल मिलते ही तुरंत अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं। साथ ही 150 आउटसोर्स कर्मचारी निगम के हैं।

हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी
कर्मचारी सब स्टेशन आईएसबीटी, रांझी व हाईकोर्ट के पास तैनाम रहते है। विभाग के पास 11 फायर वाहन, नौ शव वाहन व 4 आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए वाहन है। साथ ही हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी शामिल है।

17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम
यह विशेष वाहन 17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम है और ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद करता है। यह 360 डिग्री पर काम करता है और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान बनाता है।

कभी-कभी आ जाती है समस्या
फायर फाइटर्स का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक और दुर्घटना स्थल पर जुटने वाली भीड़ है। अक्सर लोग फायर ब्रिगेड के सायरन को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

भीड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है
भीड़ के कारण काम में बाधा आती है और स्थिति और गंभीर हो सकती है। दूसरों की जान बचाने के साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

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