सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर 73,000 पर पहुंचा:निफ्टी भी 350 अंक ऊपर, कच्चा तेल सस्ता होने और IT शेयर चढ़ने का असर
सेंसेक्स में 1000 अंकों की तेजी, 73,000 के करीब पहुंचा बाजार; निफ्टी 350 अंक चढ़ा
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा, HCL टेक के नतीजों से IT सेक्टर में बढ़ी हलचल
शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,000 अंकों तक चढ़कर 73,000 के स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी करीब 350 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 72,900 के आसपास और निफ्टी 22,650 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में गिरावट रही थी, जिसके बाद मंगलवार को निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और IT शेयरों में तेजी को बाजार में बढ़त की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया।
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों को राहत
बाजार में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को भी एक वजह बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर निवेशकों की चिंताओं में कमी आने की संभावना बनी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम का बाजार पर असर कई कारकों पर निर्भर करता है और इसमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल से नीचे और WTI क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में नरमी से आयात बिल और लागत के दबाव में कमी आने की उम्मीद रहती है। इसका असर परिवहन, विमानन और अन्य तेल-निर्भर क्षेत्रों की कंपनियों पर भी पड़ सकता है।
IT शेयरों में खरीदारी, निफ्टी IT इंडेक्स में तेजी
मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स 4% से ज्यादा ऊपर था। HCL टेक्नोलॉजीज के सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने को इसकी एक वजह बताया गया। IT शेयरों में मजबूती ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक कारोबारी परिस्थितियों के आधार पर इस सेक्टर में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है।
Fusion CX का IPO खुला, 16 अक्टूबर तक मौका
Fusion CX का IPO मंगलवार से निवेश के लिए खुल गया। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹275 से ₹289 तय किया है और लॉट साइज 51 शेयरों का है। निवेशक 16 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकते हैं। कंपनी इस IPO के जरिए करीब ₹702 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। IPO में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, जोखिम और संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करना चाहिए।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव की आशंका
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI ने पिछले सात दिनों में करीब ₹24,342 करोड़ के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने इसी अवधि में करीब ₹23,088 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है। निवेशकों की गतिविधियों के अलावा वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स करीब 548 अंक टूटकर 71,925 के आसपास और निफ्टी 157 अंक गिरकर 22,363 के स्तर पर बंद हुआ था। मंगलवार की तेजी को पिछले सत्र की गिरावट के बाद आई रिकवरी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कारोबार के दौरान दर्ज की गई तेजी और बाजार के अंतिम बंद स्तर में अंतर हो सकता है। इसलिए निवेशकों को अंतिम आंकड़ों के लिए आधिकारिक क्लोजिंग डेटा देखना चाहिए।
news desk MPcg