तिरंगा रैली से पहले दीपके-पुलिस में बहस, दिल्ली में 28 हजार जवान तैनात
तिरंगा रैली से पहले दीपके से पुलिस की बहस
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची, जहां CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ठहरे हुए हैं। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया। इस दौरान दीपके और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हो गई। दीपके ने कहा कि वे कोई रैली या प्रदर्शन नहीं करना चाहते, बल्कि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जाकर केवल तिरंगा फहराना चाहते हैं।
पुलिस ने दिया नोटिस, कनॉट प्लेस जाने पर चेतावनी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। पुलिस ने नोटिस में कहा कि तिरंगा यात्रा के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) से अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में प्रतिबंधों के बावजूद वहां जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
दीपके ने पुलिस के सामने अपनी बात रखते हुए सवाल उठाया कि तिरंगा लेकर जाना कानून के खिलाफ कैसे हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शन करने से रोक रही है, जबकि उनका कहना है कि वे केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहते हैं।
शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में कार्यक्रम का ऐलान
CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आशुतोष रांका तथा सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध में प्रदर्शन करना चाहती है।
दीपके ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी गिरफ्तारी की आशंका भी जताई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस नोटिस देने के बाद वहां से रवाना हो गई। हिरासत में लिए जाने की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।
कनॉट प्लेस में भारी सुरक्षा व्यवस्था
प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खबर के मुताबिक, इलाके में करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 22 हजार जवानों की तैनाती की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा NDMC ने 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। ऐसे में कार्यक्रम के आयोजन और लोगों की आवाजाही को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
तिरंगा रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि तिरंगा लहराने वालों को जेल भेजना अन्याय है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों और अनुमति से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल, CJP के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। आगे कार्यक्रम आयोजित होता है या नहीं और पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इस पर नजर बनी हुई है।
news desk MPcg