उज्जैन में गरबा एंट्री के लिए पास बेचने पर हंगामा:हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता आयोजन में घुसे, भगदड़ के हालात, पुलिस ने बंद कराया; दो कार्यक्रम निरस्त

उज्जैन में गरबा एंट्री के लिए पास बेचने पर हंगामा:हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता आयोजन में घुसे, भगदड़ के हालात, पुलिस ने बंद कराया; दो कार्यक्रम निरस्त

उज्जैन में गरबा पास बेचने पर विवाद, विरोध के बीच दो आयोजन निरस्त

निशुल्क प्रवेश की शर्त पर मिली थी अनुमति, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर मित्तल होटल में हंगामा; राजाराम रिसोर्ट में भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने बंद कराया कार्यक्रम

उज्जैन में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में प्रवेश के लिए पास बेचे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन ने आयोजनों को निशुल्क प्रवेश की शर्त पर अनुमति दी थी, लेकिन कुछ पांडालों में ₹150 से ₹1500 तक के पास बेचे जाने की शिकायत सामने आई। गुरुवार रात हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने मित्तल होटल पहुंचकर विरोध जताया। वहीं, राजाराम रिसोर्ट में भीड़ बढ़ने के बाद भगदड़ जैसे हालात बने, जिसके चलते पुलिस ने आयोजन बंद करा दिया। जानकारी के मुताबिक, विवाद के बीच दो गरबा कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए।

मित्तल होटल में पास दिखाकर जताया विरोध

मित्तल होटल में चल रहे ‘केसरिया रास’ आयोजन के दौरान हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रवेश पास को लेकर आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं को एक युवक ने ₹1500 के पास दिखाए। कुछ अन्य लोगों के पास भी अलग-अलग दिनों के प्रवेश पास होने की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार, यहां ₹150 से ₹500 तक के पास बेचे जाने की शिकायत भी की गई।

आयोजकों ने पास बेचने से किया इनकार

हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह भदौरिया ने आरोप लगाया कि आयोजन स्थल पर दो प्रवेश द्वार बनाए गए थे। उनके मुताबिक, एक गेट से निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था, जबकि दूसरे गेट से पास खरीदने वालों को प्रवेश मिल रहा था। विरोध के बाद आयोजकों की ओर से सभी के लिए निशुल्क प्रवेश की बात कही गई। हालांकि, ‘केसरिया रास’ के आयोजक कपिल कसेरा ने पास बेचने से इनकार करते हुए दावा किया कि सभी पास निशुल्क बांटे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सनातनी कार्यक्रम को बिगाड़ना चाहते हैं।

राजाराम रिसोर्ट में भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने बंद कराया आयोजन

नागदा बायपास स्थित राजाराम रिसोर्ट में 13 अक्टूबर से ‘डांडिया बीट’ नाम से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसे भी निशुल्क आयोजन की शर्त पर अनुमति मिली थी। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद गेट पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। इसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम बंद करा दिया और बाद में आयोजन की अनुमति भी निरस्त कर दी गई। आयोजकों ने पास निशुल्क बांटने का दावा किया, जबकि प्रवेश व्यवस्था और भीड़ को लेकर विवाद सामने आया।

अन्य गरबा आयोजनों में भी शुल्क लेने की शिकायत

नवरात्रि के दौरान होटल मित्तल एवेन्यू, राजमहल, राजाराम रिसोर्ट, आस्था गार्डन, परमेश्वरी गार्डन और श्रीराम वन में आयोजित गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश शुल्क लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हिंदू जागरण मंच ने इन आयोजनों को लेकर विरोध जताया है। मामले में प्रशासन की अनुमति की शर्तों और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, प्रत्येक आयोजन में पास बेचे जाने के आरोपों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

एसडीएम बोले- सशुल्क आयोजन की अनुमति नहीं

एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि कोठी महल क्षेत्र में गरबा आयोजन के लिए आए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का उल्लेख नहीं था। सभी आयोजकों को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी आयोजक सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता। यदि कोई पास बेच रहा है, तो पुलिस को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अब मामले में प्रवेश शुल्क संबंधी शिकायतों और अनुमति की शर्तों के पालन को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।