पश्चिम बंगाल : मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज-सुती इलाके में अगले 48 घटों के लिए धारा 163 लागू
मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज-सुती इलाके में हिंसा के बाद धारा 163 लागू की गई ,अगले 48 घंटों तक चार या अधिक लोगों के जमा होने पर रोक रहेगी ,प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनाती बढ़ाई।
कोलकाता, 9 अप्रैल 2025: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज और सुती इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश अगले 48 घंटों यानी 10 अप्रैल की शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने इस कदम को क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है।
हिंसा के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं सामने आई थीं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कुछ लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और आपसी तनाव बढ़ाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। धारा 163 लगी।
धारा 163 क्या है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पहले धारा 144 के नाम से जानी जाने वाली) प्रशासन को यह अधिकार देती है कि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक सभा या जमावड़े पर रोक लगाई जा सके। इसके तहत चार या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मुर्शिदाबाद में लागू इस आदेश के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे अगले 48 घंटों तक इन इलाकों में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और शांति बनाए रखें।
प्रशासन का बयान
मुर्शिदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, "हालात को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना है।" पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इलाके के निवासियों का कहना है कि हिंसा की घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, "हमें डर था कि स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन का यह फैसला सही है, लेकिन हम चाहते हैं कि जल्द ही सब सामान्य हो जाए।" वहीं, कुछ लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा सख्ती बताया और कहा कि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
फिलहाल, रघुनाथगंज और सुती में तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हालात का जायजा ले रहे हैं। अगले 48 घंटों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर यह आदेश बढ़ाया भी जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, और यह मामला एक बार फिर राज्य में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को तेज कर सकता है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस संकट को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से संभाल पाता है।
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