Madhya Pradesh: एमपी के इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करेगी भाजपा, जानें .....

Madhya Pradesh: एमपी के इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करेगी भाजपा, जानें .....

Madhya Pradesh: एमपी के इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करेगी भाजपा, जानें .....

Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को मिली भरपूर जीत ने पार्टी के बूथ प्रबंधन मॉडल को महत्वपूर्ण बना दिया है। इस मॉडल को सराहना मिली है, और अब भाजपा योजना बना रही है कि इसे लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। हाल ही में हुई भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक के दौरान, मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बूथ प्रबंधन मॉडल के बारे में एक प्रस्तुति दी।

एमपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि पार्टी ने कैसे संगठन स्तर पर कमजोर और हारी हुई सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम किया है। उन्होंने 2018 के चुनाव में भाजपा के हाथ से निकली सीटों पर एक साल पहले से तैनात किए प्रभारी और कार्ययोजना का ब्योरा दिया। इस प्रेजेंटेशन की केंद्रीय गृहमंत्री शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य पदाधिकारियों ने सराहना भी की। अमित शाह की रणनीति के तहत संगठन के काम को एमपी के संगठन ने कार्यकर्ताओं के माध्यम से नीचे तक पहुंचाया था, जिसके विधानसभा चुनाव में सकारात्मक परिणाम मिले।

दरअसल, मध्यप्रदेश में भाजपा की बंपर जीत में बूथ मॉडल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस प्रयोग में मतदान के दिन सुबह छह बजे कार्यकर्ता सक्रिय हो जाते हैं। वे अपने इलाके के लोगों को जल्द से जल्द वोट डालने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी का परिणाम रहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा को विधानसभा चुनाव में बड़ी सफलता मिली है।

मध्यप्रदेश में विशेष सदस्यता अभियान के माध्यम से 17 लाख से अधिक नए सदस्यों को जोड़ा गया है। प्रत्येक बूथ पर दीवार लेखन में पांच कमल और भारत सरकार के नारों को प्रमोट किया गया है। इसके साथ ही, 42 हजार बूथों पर व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए हैं। शक्ति सम्मेलन में शक्ति केंद्र की टोली, बूथ के अध्यक्ष, महामंत्री, और बीएलए को आई कार्ड वितरित किए गए थे। शक्ति सम्मेलन में अमित शाह द्वारा बताए गए 15 कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई और जिम्मेदारी बांटी गई। लाभार्थियों से संपर्क स्थापित करने के लिए, कार्यकर्ताओं ने अपने घरों में पार्टी के झंडे को लहराया और इंटरनेट मीडिया पर फोटोग्राफी पोस्ट की। मतदान के दिन, जनजागरूकता अभियान के तहत सुबह 6 बजे से कार्यकर्ताओं ने जागरूकता फैलाने के लिए अपने परिवार और पड़ोसियों को मतदान कराया।