Indore News: इंदौर में हर दिन 9 वाहन चोरी, आंकड़ा लगातार बढ़ रहा

इंदौर में वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, 2025 के पहले तीन महीनों में 853 गाड़ियां चोरी हुईं, यानी रोजाना 9 वाहन। पुलिस के अनुसार, देवास और धार-टांडा के गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन केवल 10% वाहन ही बरामद हो पाते हैं। शहर की सीमाओं पर कैमरे लगाकर और निगरानी बढ़ाकर पुलिस इसे रोकने की कोशिश कर रही है।

Indore News: इंदौर में हर दिन 9 वाहन चोरी, आंकड़ा लगातार बढ़ रहा

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में वाहन चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं। शहर में हर साल वाहन चोरी का आंकड़ा बढ़ रहा है और इस साल भी यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के पहले तीन महीनों में शहर से 853 वाहन चोरी हो चुके हैं। यानी हर महीने औसतन 278 और रोजाना 9 गाड़ियां चोरों के हत्थे चढ़ रही हैं। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद इस समस्या पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।

पिछले सालों से तुलना में बढ़ी चोरियां

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 के पहले तीन महीनों में 815 वाहन चोरी हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 830 हो गई। इस साल 2025 में यह आंकड़ा और बढ़कर 853 पहुंच गया है। यानी हर साल चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। शहर में हर साल लगभग 3,000 से 4,000 वाहन चोरी हो रहे हैं, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।

चोरी के पीछे कुख्यात गिरोह

पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी के पीछे मुख्य रूप से दो गिरोह सक्रिय हैं। पहला है देवास का कंजर गिरोह, जो शहर के पूर्वी हिस्सों में चोरी को अंजाम देता है। दूसरा है धार-टांडा का गिरोह, जो पश्चिमी क्षेत्रों में गाड़ियां चुराता है। पुलिस ने कई बार इन गिरोहों के ठिकानों पर छापेमारी की है और कुछ वाहन भी बरामद किए हैं। पुलिस के पास चोरों के सैकड़ों वीडियो फुटेज भी हैं, लेकिन इसके बावजूद केवल 10 प्रतिशत गाड़ियां ही बरामद हो पाती हैं।

पुलिस की रणनीति और चुनौतियां

क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया के अनुसार, वाहन चोरी में स्थानीय के साथ-साथ बाहरी गिरोह भी शामिल हैं। चोर गाड़ियां चुराने के बाद उन्हें तुरंत शहर से बाहर ले जाते हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस शहर के प्रमुख चौराहों और बाहरी सड़कों पर निगरानी बढ़ा रही है। साथ ही, शहर की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। दंडोतिया का दावा है कि इन प्रयासों से जल्द ही वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आएगी।