कुल्लू : मंगलौर पुल टूटने से NH 305 पर वाहनों की आवाजाही थमी, पुल से गुजर रहा सीमेंट से लदा ट्रक नीचे गिरा, चालक सुरक्षित, ओट-बंजार सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद

कुल्लू के मंगलौर पुल के ढहने से NH-305 पर यातायात ठप हो गया, एक सीमेंट ट्रक नदी में गिरा, चालक सुरक्षित। ओट-बंजार मार्ग बंद होने से पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान। प्रशासन वैकल्पिक मार्ग और मरम्मत कार्य में जुटा है।

कुल्लू, 12 अप्रैल 2025: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जब राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) पर स्थित मंगलौर पुल अचानक ढह गया। इस घटना में पुल से गुजर रहा सीमेंट से लदा एक ट्रक नदी में जा गिरा। गनीमत रही कि ट्रक का चालक सुरक्षित बच गया। हादसे के कारण ओट-बंजार मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक परेशान हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे 10 पहियों वाला एक ट्रक, जो सीमेंट लेकर जा रहा था, जैसे ही मंगलौर पुल पर पहुंचा, पुल अचानक भरभराकर ढह गया। ट्रक नदी में जा गिरा, लेकिन चालक ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पुल की संरचना पुरानी थी और भारी वाहनों का दबाव सहन नहीं कर सकी।

यातायात और पर्यटन पर असर

यह हादसा पर्यटन सीजन के बीच हुआ है, जब कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। NH-305 कुल्लू को बंजार, ओट और अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। पुल टूटने से सैकड़ों वाहन, जिनमें पर्यटकों की गाड़ियां भी शामिल हैं, विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्गों की स्थिति भी अच्छी नहीं है, जिससे यात्रा और दैनिक आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।

बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने बताया कि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता यातायात को जल्द से जल्द बहाल करना है। वैकल्पिक मार्ग तैयार करने और अस्थायी पुल की व्यवस्था के लिए टीमें काम कर रही हैं।" हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरम्मत कार्य में समय लग सकता है।

प्रशासन का रुख और भविष्य की योजना

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों के लिए पुल की क्षमता अपर्याप्त थी, और रखरखाव की कमी भी इस हादसे का एक कारण हो सकती है। स्थानीय लोगों ने पहले भी प्रशासन से इस पुल की मरम्मत की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जिला प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे NH-305 का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लें। साथ ही, पर्यटकों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा योजनाओं को दोबारा जांच लें। 

स्थानीय लोगों की चिंता

मंगलौर और आसपास के गांवों के निवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। एक स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने कहा, "यह पुल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। अब इसका टूटना न केवल आवागमन को प्रभावित करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और आपूर्ति पर भी असर डालेगा।"