रायसेन में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन खाई में गिरा, 6 की मौत, 3 घायल

रायसेन के सुल्तानपुर में नेशनल हाईवे-45 पर तेज रफ्तार तूफान गाड़ी खाई में गिरी, 6 लोगों की मौत, 3 घायल। इंदौर के चंदननगर निवासी परिवार बिहार से शादी समारोह से लौट रहा था, हादसे में 2 साल की बच्ची भी मरी। पुलिस जांच में तेज रफ्तार और सड़क की खराब स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है।

रायसेन में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन खाई में गिरा, 6 की मौत, 3 घायल

रायसेन, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-45 (भोपाल-जबलपुर मार्ग) पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने छह लोगों की जान ले ली, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा बम्होरी ढाबे के पास उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार तूफान गाड़ी (ट्रैवलर) अनियंत्रित होकर पुलिया से टकराई और करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

पुलिस के अनुसार, तूफान गाड़ी में सवार सभी नौ लोग इंदौर के चंदननगर क्षेत्र के निवासी थे। ये लोग बिहार के पटना में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस इंदौर लौट रहे थे। गाड़ी में दूल्हा-दुल्हन के साथ-साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सवार थे। हादसे में दो साल की एक मासूम बच्ची की भी मौके पर ही मौत हो गई, जिसने इस त्रासदी को और भी हृदयविदारक बना दिया।

मृतकों और घायलों की पहचान

हादसे में मृतकों की पहचान मोहनलाल कुरील (68), चंदा देवी (60), नरेंद्र चोपड़ा (30), सरिता खोलवाल (25), तस्वी उर्फ चीनू (2), और ड्राइवर सुनील के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में दीपक चोपड़ा (दूल्हा), संगीता चोपड़ा (दुल्हन), और रवि खोलवाल शामिल हैं। घायल दूल्हा-दुल्हन बिहार के सुपौल जिले से शादी समारोह संपन्न कर लौट रहे थे। सभी घायलों को तत्काल रायसेन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच

हादसे की सूचना मिलते ही सुल्तानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गाड़ी की तेज रफ्तार और चालक का नियंत्रण खो देना हादसे का मुख्य कारण हो सकता है। पुलिस ने बताया कि चालक को संभवतः नींद का झटका लगा, जिसके चलते गाड़ी पुलिया से टकराकर खाई में गिर गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सड़क की खराब स्थिति पर सवाल

यह हादसा नेशनल हाईवे-12 (जयपुर-जबलपुर मार्ग) पर बम्होरी गांव के पास हुआ, जहां सड़क की स्थिति लंबे समय से संकरी और जोखिम भरी मानी जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते हैं, और सड़क की मरम्मत व चौड़ीकरण की मांग कई बार उठ चुकी है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों को उजागर किया है।

परिवार में शोक की लहर

हादसे की खबर सुनते ही मृतकों और घायलों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। इंदौर के चंदननगर में रहने वाले ये परिवार खुशी के मौके से लौट रहे थे, लेकिन इस हादसे ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।