भोपाल निजी कॉलेज दुष्कर्म और लव जिहाद मामला: राष्ट्रीय महिला आयोग ने गठित की जांच समिति
भोपाल के निजी कॉलेज में हिंदू छात्राओं के साथ दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला सामने आया, जिसमें आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग के जरिए पीड़िताओं को निशाना बनाया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पूर्व डीजीपी निर्मला कौर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जो 3 से 5 मई तक भोपाल में जांच करेगी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक की तलाश जारी है, और तीन थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।
भोपाल, 30 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज में हिंदू छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और कथित लव जिहाद के गंभीर मामले ने पूरे राज्य में सनसनी मचा दी है। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। आयोग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मला कौर करेंगी। यह समिति 3 से 5 मई 2025 तक भोपाल का दौरा करेगी और मामले की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी।
भोपाल के रायसेन रोड स्थित एक निजी कॉलेज में संगठित गिरोह द्वारा हिंदू छात्राओं को निशाना बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाया। पहले एक छात्रा को प्यार का झांसा देकर उसके साथ अवैध संबंध बनाए गए और उसका अश्लील वीडियो बनाया गया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया गया। इतना ही नहीं, पीड़िता पर अपनी सहेलियों को भी आरोपियों से मिलवाने का दबाव डाला गया, जिनके साथ भी दुष्कर्म की वारदातें अंजाम दी गईं। अब तक पांच पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं, और जांच में और पीड़िताओं के सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी फरहान अली और अली खान शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। भोपाल के तीन अलग-अलग थानों—बागसेवनिया, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन—में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोनों से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
जांच समिति का गठन
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि पीड़िताओं को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है। जांच समिति में निर्मला कौर के अलावा जबलपुर हाई कोर्ट की अधिवक्ता निर्मला नायक और आयोग के अवर सचिव आशुतोष पांडेय शामिल हैं। यह समिति भोपाल पहुंचकर पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, कॉलेज प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगी। समिति का उद्देश्य मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करना और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव देना है।
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