इंदौर में IT हब को नई उड़ान: दो नए आईटी पार्कों की आधारशिला 27 अप्रैल को

इंदौर में दो नए आईटी पार्क परदेशीपुरा और भंवरकुआ में बनाए जाएंगे, जिनकी आधारशिला 27 अप्रैल को रखी जाएगी। ये पार्क एसईजेड दर्जे के साथ छोटी कंपनियों को 'प्लग एंड प्ले' सुविधा देंगे, जिससे स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। परदेशीपुरा पार्क में 250 करोड़ रुपये के निवेश से 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

इंदौर में IT हब को नई उड़ान: दो नए आईटी पार्कों की आधारशिला 27 अप्रैल को

इंदौर, 21 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अब आईटी क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। शहर में पहले से ही 100 से अधिक छोटी-बड़ी आईटी कंपनियां संचालित हो रही हैं, और अब कई नई कंपनियां भी यहां निवेश के लिए उत्सुक हैं। इस बढ़ते उत्साह को समर्थन देने के लिए राज्य सरकार इंदौर में दो नए आईटी पार्क विकसित करने जा रही है, जिनकी आधारशिला 27 अप्रैल को होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में रखी जाएगी।

नए आईटी पार्क परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स और भंवरकुआ क्षेत्र में बनाए जाएंगे। दोनों स्थानों पर पहले से ही जगह उपलब्ध है। इन पार्कों को विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) का दर्जा दिया जाएगा, जिससे कंपनियों को कर और अन्य रियायतों का लाभ मिलेगा। खास तौर पर छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए इन पार्कों में 'प्लग एंड प्ले' सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें कम किराए पर कार्यालय स्थान मिल सकेगा। 

परदेशीपुरा में बनने वाले आईटी पार्क का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें 250 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस परियोजना से करीब दो हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। 

इंदौर में पहले से मौजूद हैं पांच आईटी पार्क

इंदौर में पहले से ही तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क संचालित हैं। इनमें आईटी चौराहा, परदेशीपुरा (चार साल पहले निर्मित), और सिंहासा में बने पार्क शामिल हैं। सिंहासा के आईटी पार्क में 40 से अधिक कंपनियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, दस साल पहले टीसीएस और इंफोसिस को क्रमशः 100 और 130 एकड़ जमीन 20 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से दी गई थी। इन दोनों कंपनियों ने एसईजेड का दर्जा प्राप्त कर अपने कैंपस स्थापित किए हैं और शर्त के अनुसार 50 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। 

आईटी कॉन्क्लेव में बढ़ेगा उत्साह

27 अप्रैल को होने वाला आईटी कॉन्क्लेव इंदौर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। इस आयोजन में न केवल नए आईटी पार्कों की नींव रखी जाएगी, बल्कि शहर में आईटी क्षेत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। सरकार का लक्ष्य इंदौर को देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करना है, और इन नए पार्कों के निर्माण से इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 

इंदौर का विकसित इकोसिस्टम, किफायती जमीन, और कुशल मानव संसाधन इसे आईटी कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। इन नए पार्कों के साथ शहर में स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।