MP Weather update: मौसम ने बदली करवट, आंधी-तेज बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ली, आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी। IMD ने रीवा, जबलपुर, सिवनी जैसे जिलों में सतर्कता बरतने की सलाह दी। किसानों को फसलों की सुरक्षा और जनता को बिजली गिरने से बचने की हिदायत।

MP Weather update: मौसम ने बदली करवट, आंधी-तेज बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

भोपाल, 1 मई 2025: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण हो रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं राज्य में प्रवेश कर रही हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रभावित क्षेत्र और मौसम का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि देखी गई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर रबी फसलों जैसे गेहूं और चने को नुकसान का खतरा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी बदलाव अप्रैल और मई में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का परिणाम है, जो सामान्य रूप से इस समय कम होता है।

किसानों और आम जनता के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें। आम जनता को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की अपील की गई है।

तापमान में बदलाव

मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और आंधी के कारण अगले दो दिनों में दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश का दौर थमने के बाद तापमान में फिर से वृद्धि हो सकती है, जिससे लू का प्रभाव बढ़ सकता है।