Sheopur: सौतेले पिता को 13 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के लिए उम्रकैद की सजा, 60 हजार का जुर्माना
बड़ौदा में 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सौतेले पिता को उम्रकैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा।
बड़ौदा, 1 मई 2025: तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बबीता होरा शर्मा की अदालत ने एक 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सौतेले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता को तीन लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपनी मां के साथ रहती थी। बचपन में ही उसके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी। सौतेले पिता ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता चुप रही। आरोपी ने लगभग 10 महीने तक कई बार उसका शारीरिक शोषण किया।
मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता को पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के दौरान पाया कि नाबालिग 15 सप्ताह की गर्भवती थी। मां के पूछने पर पीड़िता ने सौतेले पिता द्वारा किए गए अत्याचार की बात बताई। इसके बाद मां ने तुरंत बड़ौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू की।
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से डीपीओ आरके बरैया, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो रिचा शर्मा और एडीपीओ हरिओम शर्मा ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत मामला प्रस्तुत किया। अदालत ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और कठोर सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध समाज के लिए कलंक हैं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में कड़ी सजा जरूरी है। पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी गई राशि उसके पुनर्वास और भविष्य के लिए सहायता प्रदान करेगी।
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