शहडोल।
उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास, जनहित योजनाओं, अधोसंरचना, पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों के अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज और नगरीय निकायों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए सोन नदी पर 27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एनीकट बैराज की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसी माह टेंडर जारी किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि इस वर्ष गर्मी में ही पेयजल आपूर्ति शुरू हो सके। वहीं 170 करोड़ रुपये की लागत से चल रही सीवरेज परियोजना को मार्च तक पूरा करने, क्षतिग्रस्त सड़कों के रेस्टोरेशन और नागरिकों को डेमोंस्ट्रेशन देने के निर्देश भी दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। शहडोल-उमरिया मार्ग, जयसिंहनगर बायपास, ब्यौहारी रिंग रोड और अन्य सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने और बाधाओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। शहडोल बायपास के फ्लाईओवर का निर्माण एक माह में पूरा होने की जानकारी दी गई।
मेडिकल कॉलेज को लेकर सदस्यों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आभार व्यक्त किया। इस दौरान एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़ाकर 200 करने, पीजी कोर्स, ब्लड बैंक संचालन, अतिरिक्त भूमि आवंटन, नर्सिंग कॉलेज निर्माण और बस स्टैंड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन के तहत जिले की नल-जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए शेष परियोजनाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बाणसागर से पेयजल आपूर्ति हेतु 780 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही 2500 करोड़ रुपये की लागत वाली 4 माइक्रो एरिगेशन योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिलने की संभावना जताई गई।
औद्योगिक विकास को लेकर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एमपीआईडीसी के माध्यम से 1500 एकड़ भूमि इंडस्ट्रियल पार्क के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश से जिले के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, गौशालाओं से जुड़े क्षेत्रों में जैविक खेती, बायो रिसोर्स सेंटर स्थापना और किसानों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने सड़क, सिंचाई, खेल मैदान, परीक्षा केंद्र, राजस्व मंडल और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े कई सुझाव रखे, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।