बेटे को बचाने नहर में कूदे पिता की भी मौत, एक चिता पर हुआ पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार

बेटे को बचाने नहर में कूदे पिता की भी मौत, एक चिता पर हुआ पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार

Sri Muktsar Sahib में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया। बेटे को बचाने के लिए नहर में कूदे पिता की भी मौत हो गई। शुक्रवार को जब पिता और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ, तो श्मशान घाट में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

बेटे को डूबता देख बिना सोचे नहर में कूद पड़े पिता

मामूली कहासुनी बनी बड़े हादसे की वजह जानकारी के मुताबिक दशमेश नगर निवासी Makhan Singh अपने बेटे Hartej Singh के साथ सब्जी की रेहड़ी लगाते थे। बताया जा रहा है कि सब्जी मंडी में नुकसान को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। ज्यादा माल मंगाने की वजह से सब्जियां खराब हो गई थीं, जिस पर पिता ने बेटे को डांट दिया।

नाराज होकर बेटा घर से निकल गया और कुछ देर बाद सरहिंद फीडर नहर में छलांग लगा दी। बेटे को डूबता देख पिता भी उसे बचाने के लिए तुरंत नहर में कूद पड़े। लेकिन तेज बहाव दोनों को अपने साथ बहा ले गया।

तीन दिन चला सर्च ऑपरेशन

पहले बेटे का मिला शव, फिर पिता का घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। गोताखोरों और राहत टीमों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब 24 घंटे बाद बेटे हरतेज सिंह का शव अबोहर क्षेत्र से बरामद हुआ। वहीं तीसरे दिन शुक्रवार सुबह पिता मक्खन सिंह का शव सोथा हेड के पास मिला।

एक साथ हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

एक ही चिता पर जलती रहीं दो जिंदगियांशुक्रवार को बठिंडा रोड स्थित श्मशान घाट में पिता और पुत्र का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

जब एक ही परिवार के दो लोगों की चिताएं साथ जलीं, तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा। इलाके के लोग, रिश्तेदार और सब्जी मंडी के व्यापारी बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार में पहुंचे।

“किसी ने नहीं सोचा था बात यहां तक पहुंच जाएगी”

स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि पिता-पुत्र रोज साथ काम करते थे और बेहद मेहनती थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि छोटी सी कहासुनी इतनी बड़ी त्रासदी बन जाएगी।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा हर किसी को यही सोचने पर मजबूर कर रहा है कि गुस्से और भावनाओं में लिया गया एक फैसला कितनी बड़ी कीमत मांग सकता है।