उज्जैन में ‘अघोरी’ का हैरान करने वाला वीडियो वायरल, जलती चिता के पास मांस खाने का आरोप; पुलिस ने किया गिरफ्तार

उज्जैन में ‘अघोरी’ का हैरान करने वाला वीडियो वायरल, जलती चिता के पास मांस खाने का आरोप; पुलिस ने किया गिरफ्तार

चक्रतीर्थ श्मशान घाट का बताया जा रहा वीडियो, अंतिम संस्कार में दखल देने और मानव अवशेषों की बेअदबी के आरोप में केस दर्ज

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस ने खुद को ‘अघोरी’ बताने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह चक्रतीर्थ श्मशान घाट में घुसकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में बाधा डाल रही थी। वायरल वीडियो में आरोपी को जलती चिता के पास तलवार के साथ खड़े होकर कथित तौर पर चिता से मांस खाते हुए देखा जा सकता है।

पुलिस के मुताबिक, वीडियो सोमवार को इंस्टाग्राम पर सामने आया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

खुद को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बताती है आरोपी

पुलिस ने आरोपी की पहचान काली उर्फ नंद गिरी के रूप में की है। वह खुद को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताती है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ जीवाजीगंज थाने में सेनापति काल भैरव समिति की शिकायत पर कार्रवाई की गई।

आरोप है कि घटना उज्जैन नगर निगम सीमा में आने वाले चक्रतीर्थ श्मशान घाट की है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वीडियो कब बनाया गया और इसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से अपलोड किया गया।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में आरोपी एक जलती हुई चिता के पास नजर आती है। उसके हाथ में तलवार दिखाई दे रही है और आरोप है कि वह चिता से मानव मांस खा रही थी।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में इसे लेकर नाराजगी देखने को मिली। पुलिस ने भी वीडियो की जानकारी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

अंतिम संस्कार में दखल का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी पर श्मशान घाट में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में दखल देने का आरोप है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह धारा दफन स्थल में अतिक्रमण तथा मानव अवशेषों के प्रति अनादर से संबंधित है।

इसके अलावा पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी मामला दर्ज किया है। वीडियो में तलवार दिखाई देने के कारण पुलिस हथियार से जुड़े पहलू की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने कोर्ट में पेश किया

जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा के मुताबिक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली। जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि घटना का वीडियो आरोपी ने खुद रिकॉर्ड किया और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ने की निंदा

घटना को लेकर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों की निंदा करते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसी हरकतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, उसके बनाए जाने की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि श्मशान घाट में आरोपी किस तरह पहुंची और उसके पास हथियार कैसे आया।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों को लेकर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।