राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम की फीस पर सियासत, CM मोहन यादव ने कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब
10 लाख रुपये सभा शुल्क के कांग्रेस के दावे पर बोले मुख्यमंत्री, अनुमति और भुगतान को लेकर आमने-सामने बयान
राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये शुल्क लिए जाने का दावा किया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने की बात कर रही थी और अब अनुमति मिलने के बाद शुल्क की बात कर रही है। कार्यक्रम के स्थल और भुगतान को लेकर इससे पहले भी सार्वजनिक रूप से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
पटवारी ने शुल्क को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये की फीस ली गई है। उन्होंने इसकी तुलना RSS के कार्यक्रमों से करते हुए कहा था कि पिछले पांच वर्षों में संगठन के कई कार्यक्रम हुए, लेकिन उनके लिए सरकार ने शुल्क नहीं लिया।
मुख्यमंत्री ने इसी बयान के जवाब में कांग्रेस के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम की अनुमति को लेकर आपत्ति जताई जा रही थी और अब अनुमति मिलने के बाद भुगतान का मुद्दा उठाया जा रहा है। सीएम ने यह भी कहा कि पहले एक करोड़ रुपये तक की बात कही जा रही थी और अब 10 लाख रुपये के भुगतान पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपने राजनीतिक इतिहास पर भी विचार करने को कहा। उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर घटनाएं हुईं और कई लोगों को जेल जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए महत्वपूर्ण और पवित्र है, इसलिए वह इस विषय पर ज्यादा विस्तार से नहीं बोलना चाहते। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां कांग्रेस के साथ चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई हैं।
कर्नाटक और महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार का उदाहरण देते हुए वहां मंत्रिमंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने भीतर भी देखना चाहिए और महिलाओं के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर विचार करना चाहिए।
यह बयान राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा है। राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है।
केन-बेतवा और प्रदेश के विकास पर सकारात्मक सुझाव की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जब मध्य प्रदेश आएं तो राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर सकारात्मक सुझाव दें। उन्होंने विशेष रूप से केन-बेतवा परियोजना और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश में हो रहे कार्यों का उल्लेख किया।
इस बीच 17 सितंबर को प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत भी हुई है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र निजी संपत्तियों के निशुल्क पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार के अनुसार करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के पंजीयन का लक्ष्य है और पंजीयन से जुड़े शुल्क का भार सरकार उठाएगी।
रक्तदान अभियान और उज्जैन के कार्यक्रमों का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश में आयोजित रक्तदान शिविरों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेशभर में बड़ी संख्या में रक्तदान शिविर लगाए गए हैं और रक्तदान को जनसेवा से जोड़कर अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उनके दीर्घायु जीवन की कामना भी की। वहीं उज्जैन में दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक आयोजनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिल रहा है।
स्वामित्व योजना में 50 लाख से अधिक संपत्तियों के पंजीयन का अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत मध्य प्रदेश में 50 लाख से अधिक ग्रामीण निजी संपत्तियों का निशुल्क पंजीयन कराया जाएगा। 17 सितंबर से शुरू हुई इस प्रक्रिया का राज्यस्तरीय शुभारंभ इंदौर से किया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ग्रामीण आबादी क्षेत्र में पहले से तैयार अधिकार अभिलेख वाली पात्र संपत्तियों के पंजीयन पर स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि पंजीकृत दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के मालिकाना हक का औपचारिक दस्तावेज उपलब्ध होगा। इसके साथ ही संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का उपयोग बैंकिंग और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में किया जा सकेगा, हालांकि ऋण या अन्य वित्तीय सुविधाएं संबंधित संस्थान के नियमों पर निर्भर रहेंगी।
महाकाल लोक के बाद धार्मिक पर्यटन में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के महाकाल लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि 2022 के बाद शहर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने दावा किया कि पहले उज्जैन में सालाना आने वाले यात्रियों की संख्या लाखों में थी, जबकि हाल के वर्षों में यह संख्या काफी बढ़ी है।
उन्होंने पर्यटन से जुड़े स्थानीय रोजगार का भी जिक्र किया और कहा कि यात्रियों की संख्या बढ़ने का असर होटल, परिवहन, ऑटो, छोटे कारोबार और अन्य स्थानीय सेवाओं पर पड़ता है।
news desk MPcg