इंदौर में जल संकट के बीच फूटी नर्मदा पाइपलाइन, सड़क पर बहा पानी; डीमार्ट के पास अंडरपास बंद

इंदौर में जल संकट के बीच फूटी नर्मदा पाइपलाइन, सड़क पर बहा पानी; डीमार्ट के पास अंडरपास बंद

इंदौर में जल संकट के बीच फूटी नर्मदा पाइपलाइन, सड़क पर बहा पानी; डीमार्ट के पास अंडरपास बंद

बंगाली चौराहे से बायपास तक जाम जैसे हालात, कम बारिश के बीच पानी की बर्बादी ने बढ़ाई चिंता

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ओर कम बारिश के कारण आने वाले महीनों में जल संकट की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर गुरुवार सुबह डीमार्ट के पास नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फूट गई। पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहने लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क पर फव्वारे जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद सड़क पर पानी भर गया और अंडरपास को बंद करना पड़ा। बंगाली चौराहे से बायपास के बीच यातायात प्रभावित होने से जाम जैसे हालात बन गए।

तेज बहाव से सड़क पर भरा पानी

गुरुवार सुबह पाइपलाइन फूटने के बाद पानी लगातार सड़क पर बहता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी का दबाव काफी तेज था और कुछ समय तक बहाव इसी तरह बना रहा। सड़क पर पानी फैलने और फव्वारे जैसी स्थिति बनने से वहां से गुजरने वाले लोग रुकने लगे। इससे यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई। सड़क पर पानी भरने के कारण अंडरपास से वाहनों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी। हालांकि, पाइपलाइन किस कारण फूटी और पानी का बहाव रोकने के लिए विभाग की ओर से कितनी जल्दी कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

जल संकट की आशंका के बीच हुई घटना

इंदौर में कम बारिश के कारण आगामी महीनों में पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। शहर में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल संकट से निपटने के लिए 50 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग कर चुके हैं। ऐसे समय में नर्मदा पाइपलाइन का फूटना और बड़ी मात्रा में पानी का सड़क पर बहना चिंता का विषय बन गया है। एक ओर भविष्य की जरूरतों के लिए पानी जुटाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर पाइपलाइन लीकेज के कारण उपलब्ध पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी है।

जल प्रबंधन और पाइपलाइन की निगरानी पर सवाल

शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था में नर्मदा परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पाइपलाइन में लीकेज होने से न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि सड़क पर जलभराव और यातायात जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं। इस घटना के बाद पाइपलाइनों के नियमित निरीक्षण, उनकी स्थिति की निगरानी और समय पर मरम्मत की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी महत्वपूर्ण है कि पाइपलाइन में खराबी का पता लगते ही संबंधित विभाग को सूचना मिले और पानी का बहाव जल्द से जल्द रोका जा सके, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

यातायात व्यवस्था भी हुई प्रभावित

डीमार्ट के पास पाइपलाइन फूटने से सड़क पर पानी भर गया, जिसके कारण अंडरपास बंद करना पड़ा। बंगाली चौराहे से बायपास की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी देखने के लिए राहगीरों के रुकने से भी यातायात पर असर पड़ा। ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकालना जरूरी होता है। हालांकि, घटना के बाद यातायात को सामान्य करने के लिए किए गए इंतजामों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पानी की बर्बादी रोकने के लिए जरूरी कदम

इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए केवल पानी के नए स्रोत तलाशना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा जल संसाधनों का संरक्षण भी जरूरी है। पाइपलाइनों की नियमित जांच, पुराने और कमजोर हिस्सों की पहचान, लीकेज की तुरंत मरम्मत और जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय करने जैसे कदम पानी की बर्बादी कम करने में मदद कर सकते हैं। डीमार्ट के पास हुई यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब शहर में भविष्य की पेयजल जरूरतों को लेकर चिंता जताई जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित विभाग पाइपलाइन की मरम्मत और जल आपूर्ति बहाल करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।