PM मोदी 11 दिसंबर को कनाडा जाएंगे, ट्रेड डील पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 दिसंबर 2026 को कनाडा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और प्रस्तावित व्यापार समझौते (CEPA) पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों देश आपसी कारोबार और निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत और कनाडा का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर सालाना करीब 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होता है। ऐसे में प्रस्तावित समझौता व्यापार, निवेश और कारोबार के नए अवसर खोल सकता है।
ट्रम्प के टैरिफ दबाव के बीच कनाडा की नजर भारत पर
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों के बीच कनाडा अपने व्यापारिक साझेदारों का दायरा बढ़ाने और नए बाजारों की तलाश में जुटा है। भारत जैसे बड़े बाजार के साथ व्यापारिक सहयोग बढ़ाना कनाडा के लिए अहम माना जा रहा है।
हालांकि, भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे या नहीं, इसे लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत को जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
मोदी और मार्क कार्नी के बीच फोन पर हुई थी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच 13 अक्टूबर 2026 को फोन पर बातचीत हुई थी। मोदी ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया था। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेता चाहते हैं कि भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर बातचीत जल्द पूरी हो। बातचीत के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालात पर भी चर्चा हुई। कार्नी ने रूस-यूक्रेन युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिशों के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।
निज्जर हत्याकांड के बाद बिगड़े थे संबंध
भारत और कनाडा के रिश्तों में वर्ष 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था।
वर्ष 2024 में भी दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा। कनाडा ने भारतीय राजनयिकों पर गंभीर आरोप लगाए और छह भारतीय राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस जाने के लिए कहा था।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से संबंधों को सुधारने और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। कार्नी ने भारत को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार के रूप में देखा है।
11 साल बाद कनाडा का द्विपक्षीय दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का कनाडा का पिछला द्विपक्षीय दौरा अप्रैल 2015 में हुआ था। उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर थे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। भारत ने कनाडा से यूरेनियम खरीदने का समझौता भी किया था।
जून 2025 में मोदी कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने मार्क कार्नी से मुलाकात की थी, लेकिन वह द्विपक्षीय दौरा नहीं था। दिसंबर 2026 की प्रस्तावित यात्रा को दोनों देशों के संबंधों और व्यापारिक बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिसंबर में तीन देशों की यात्रा का कार्यक्रम
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में कनाडा के अलावा अमेरिका और बेल्जियम भी जा सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार:
11-12 दिसंबर कनाडा के टोरंटो और ओटावा में यात्रा तथा व्यापार समझौते पर बातचीत।
13-15 दिसंबर अमेरिका के फ्लोरिडा में जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का संभावित कार्यक्रम।
16-17 दिसंबर बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा की संभावना।
अमेरिका और बेल्जियम से जुड़े कार्यक्रमों की तारीखों की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर होने वाली बातचीत पर दोनों देशों के कारोबारियों और निवेशकों की नजर रहेगी। यदि समझौते पर सहमति बनती है, तो इससे व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
news desk MPcg