भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर कार्रवाई की तैयारी, स्टे हटते ही होंगी दुकानें शिफ्ट

भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर कार्रवाई की तैयारी, स्टे हटते ही होंगी दुकानें शिफ्ट

भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर कार्रवाई की तैयारी, स्टे हटते ही होंगी दुकानें शिफ्ट

15 पटाखा कारोबारियों को SDM का आदेश, तब तक 13 सुरक्षा शर्तें मानना जरूरी; उल्लंघन पर 6 महीने की सजा का प्रावधान

भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैरागढ़ के SDM रवीश कुमार श्रीवास्तव ने यहां संचालित 15 पटाखा दुकानों को जनसुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक न्यूसेंस घोषित किया है। आदेश के मुताबिक, हाईकोर्ट से स्थगन हटते ही दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। तब तक सभी कारोबारियों को सुरक्षा से जुड़ी 13 शर्तों का पालन करना होगा।

15 दुकानों को जनसुरक्षा के लिए खतरा माना

SDM के आदेश में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत हलालपुरा स्थित 15 आतिशबाजी दुकानों को लोक न्यूसेंस घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन दुकानों के आसपास आबादी, व्यस्त सड़क और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठान होने से दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल इस मामले से जुड़े 12 रिट पिटीशन और 8 अवमानना प्रकरण जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित हैं। अदालत ने इन मामलों में स्थगन दिया है और आदेश सुरक्षित रखा है।

स्टे हटते ही दूसरी जगह शिफ्ट होगा बाजार

प्रशासन के मुताबिक, हाईकोर्ट से स्थगन हटने के बाद पटाखा दुकानों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य घनी आबादी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास पटाखों के कारोबार से जुड़े जोखिम को कम करना है। हालांकि, दुकानों को शिफ्ट करने की कार्रवाई अदालत के आदेश और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही आगे बढ़ेगी।

कारोबारियों को 13 सुरक्षा शर्तों का करना होगा पालन

हाईकोर्ट का फैसला आने तक पटाखा कारोबारियों को SDM के आदेश में निर्धारित 13 शर्तों का पालन करना होगा। इनमें विस्फोटक अधिनियम के नियमों का पालन, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी होगा। निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक आवाज वाले पटाखों और कार्बाइड गन की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी निर्देश भी लागू रहेंगे।

फायर और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के दस्तावेज जरूरी

आदेश के अनुसार, दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा से जुड़ी मॉक ड्रिल, विद्युत सुरक्षा संबंधी प्रमाण और फायर एनओसी जैसे आवश्यक दस्तावेज SDM कोर्ट में प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन ने तहसीलदार, नगर निगम के उपायुक्त और संबंधित थाना प्रभारी को भी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी है। आदेश के उल्लंघन पर दुकान मालिक को छह महीने तक के कारावास का प्रावधान बताया गया है।

12 जून की आग के बाद सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

SDM के आदेश में 12 जून 2026 की रात सोनी पटाखा दुकान में लगी भीषण आग का उल्लेख किया गया है। आदेश के मुताबिक, दुकान के पास पेट्रोल पंप भी है और आग वहां तक पहुंचने की आशंका पैदा हो गई थी। प्रशासन ने चिंता जताई कि यदि ऐसी घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। हलालपुरा क्षेत्र में भोपाल-इंदौर मार्ग पर बसों का संचालन और चार्टर बस टर्मिनल होने के कारण भी सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी गई है।

2024 में भी जांच में सामने आई थीं खामियां

हरदा पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद वर्ष 2024 में भोपाल की पटाखा दुकानों, गोदामों और फैक्ट्रियों की जांच की गई थी। उस समय बैरागढ़ के तत्कालीन SDM आदित्य जैन ने हलालपुरा पटाखा मार्केट को खतरनाक बताया था। जांच रिपोर्ट में रहवासी क्षेत्र की नजदीकी, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं होने, सीमित प्रवेश मार्ग और अग्निशमन व्यवस्था की कमी जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में बाजार और गोदामों को शहरी सीमा से बाहर गैर-रिहायशी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की गई थी।

पहले कबाड़खाना क्षेत्र में था थोक पटाखा बाजार

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1997 से पहले भोपाल के कबाड़खाना क्षेत्र में थोक पटाखा बाजार संचालित होता था। वहां हादसे के बाद प्रशासन ने कारोबारियों को हलालपुरा में जगह दी थी। उस समय आसपास आबादी कम थी, लेकिन अब क्षेत्र में रिहायशी इलाके, कॉम्प्लेक्स, मैरिज गार्डन और पेट्रोल पंप मौजूद हैं। इसी बदलती स्थिति के बीच पटाखा बाजार की सुरक्षा और स्थानांतरण का मुद्दा फिर चर्चा में है।

फिलहाल हलालपुरा पटाखा मार्केट की दुकानों पर तत्काल स्थानांतरण की कार्रवाई हाईकोर्ट के स्थगन से जुड़ी है। अदालत का फैसला आने तक कारोबारियों को प्रशासन की ओर से तय सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा।