नर्मदापुरम में सहायक आयुक्त समेत 3 पर ब्लैकमेलिंग के आरोप, प्रभारी सहायक संचालक ने की शिकायत

नर्मदापुरम में सहायक आयुक्त समेत 3 पर ब्लैकमेलिंग के आरोप, प्रभारी सहायक संचालक ने की शिकायत

नर्मदापुरम में सहायक आयुक्त समेत 3 पर ब्लैकमेलिंग के आरोप, प्रभारी सहायक संचालक ने की शिकायत

जनजातीय कार्य विभाग की अधिकारी आशा मौर्य ने धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप, संबंधित अधिकारी ने शिकायत को बताया झूठा

नर्मदापुरम में जनजातीय कार्य विभाग से जुड़ा मामला सामने आया है। विभाग की प्रभारी सहायक संचालक आशा मौर्य ने सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी समेत तीन लोगों पर ब्लैकमेलिंग, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, संबंधित अधिकारी ने शिकायत को झूठा बताया है। मामले में शिकायतकर्ता के आरोपों और अधिकारी के जवाब के बाद विभागीय स्तर पर विवाद की स्थिति सामने आई है।

प्रभारी सहायक संचालक ने लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के मुताबिक, जनजातीय कार्य विभाग में प्रभारी सहायक संचालक के रूप में कार्यरत आशा मौर्य ने सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया, धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सहायक आयुक्त समेत तीन लोगों के नाम

शिकायत में सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी समेत कुल तीन लोगों को आरोपित किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अन्य दो लोगों के नाम और कथित घटनाओं का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

अधिकारी ने शिकायत को बताया झूठा

दूसरी ओर, संबंधित अधिकारी ने शिकायत को झूठा बताया है। इस तरह मामले में शिकायतकर्ता के आरोप और अधिकारी का पक्ष अलग-अलग हैं। फिलहाल, आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की अहम भूमिका रहेगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति

मामले में आगे की कार्रवाई और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत पर संबंधित अधिकारियों ने क्या कदम उठाए हैं और आरोपों की जांच किस स्तर पर पहुंची है। फिलहाल, प्रकरण में लगाए गए आरोपों और उनके जवाब के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।