BJP National Convention: लोकसभा चुनावों से पहले BJP के संविधान में बड़ा संशोधन! जानिए..

BJP National Convention: लोकसभा चुनावों से पहले BJP के संविधान में बड़ा संशोधन! जानिए..

BJP National Convention:  लोकसभा चुनावों से पहले BJP के संविधान में बड़ा संशोधन! जानिए..

BJP National Convention: बीजेपी के राष्ट्रीय सम्मेलन में संविधान में संशोधन किया गया। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल संसदीय बोर्ड की परिस्थिति के आधार पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है। इसके साथ ही पार्टी के अध्यक्ष को संसदीय बोर्ड में नए सदस्यों को लेकर फैसला करने का अधिकार है। लेकिन इसके बावजूद फैसलों की मंजूरी के लिए बोर्ड की बैठक की आवश्यकता होगी।

ऐसे होता है बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव

बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव आम तौर पर संगठनात्मक चुनावों के माध्यम से होता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं। निर्वाचक मंडल में से कोई भी बीस सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का प्रस्ताव कर सकता है। इसके लिए कम से कम पांच प्रदेशों की सहमति आवश्यक होती है। जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हों। आपको बता दें कि पार्टी विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तैयारी में व्यस्त होती है,तो आंतरिक चुनावों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना कठिन होता है। इसी कारण अध्यक्ष का कार्यकाल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़ाया गया है। बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 30 जून तक बढ़ाया गया है। पार्टी ने संशोधन के पीछे का कारण और तर्क विस्तृत रुप से नहीं बताया गया है। लेकिन सूत्रों के मानें तो भविष्य में अपने अध्यक्षों की नियुक्तियों के लिए यह संशोधन किया गया है।

बीजेपी अध्यक्ष की बढ़ी पावर

बीजेपी ने संविधान में ये संशोधन करके अपने अध्यक्ष की पावर को बढ़ाया है।पहले एक व्यक्ति सिर्फ दो बार ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता था, और दोनों बारों में चुनावी प्रक्रिया को पूरा करना होता था। लेकिन अब यह स्पष्ट नहीं है। कि संशोधन के बाद किसी नेता को केवल दो बार ही पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सकता है, या फिर उससे अधिक मौका देने का प्रावधान किया गया है।