छत्तीसगढ़ में 24 घंटे मिलेगा राशन, शुरू हुआ ‘राशन ATM’; अंगूठा लगाते ही मशीन देगी चावल

छत्तीसगढ़ में 24 घंटे मिलेगा राशन, शुरू हुआ ‘राशन ATM’; अंगूठा लगाते ही मशीन देगी चावल

रायपुर के बिरगांव में शुरू हुई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ सुविधा, महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को संचालन की जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। रायपुर के बिरगांव क्षेत्र में 24 घंटे चलने वाला ‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ शुरू किया गया है। इस मशीन के जरिए पात्र हितग्राही अब पारंपरिक राशन दुकान की तरह लंबी प्रक्रिया का इंतजार किए बिना, अपनी सुविधा के अनुसार राशन ले सकेंगे।

शनिवार को शुरू की गई इस सुविधा में हितग्राही को मशीन में अपने राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद बायोमेट्रिक यानी फिंगरप्रिंट से पहचान की पुष्टि होगी। पहचान सत्यापित होने के बाद मशीन हितग्राही के लिए निर्धारित मात्रा में चावल अपने आप निकालकर देगी।

अंगूठा लगाइए और तय मात्रा में चावल पाइए

इस राशन ATM की सबसे खास बात इसकी आसान प्रक्रिया है। हितग्राही को मशीन पर अपने कार्ड की जानकारी दर्ज करनी होगी और फिर फिंगरप्रिंट के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी।

बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद मशीन में दर्ज रिकॉर्ड के आधार पर पात्र व्यक्ति को उसकी निर्धारित मात्रा में चावल मिल जाएगा। इससे राशन वितरण में मैनुअल प्रक्रिया कम होगी और पूरी व्यवस्था ज्यादा तेज हो सकेगी।

मशीन में एक साथ 2,500 किलो तक चावल

‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ में करीब 2,500 किलोग्राम चावल रखने की क्षमता बताई गई है। मशीन में चावल भरने और उसे हितग्राही तक पहुंचाने की प्रक्रिया ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए होती है।

इससे राशन वितरण के दौरान होने वाली कई सामान्य दिक्कतों को कम करने में मदद मिल सकती है। मशीन के जरिए वितरण होने से मात्रा में पारदर्शिता बनाए रखने और रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

महिलाओं के लिए खास तौर पर फायदेमंद

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो सकता है, जिन्हें काम या घरेलू जिम्मेदारियों के कारण राशन दुकान के तय समय पर पहुंचने में परेशानी होती है।

खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। अब उन्हें राशन लेने के लिए अपने काम या घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अलग से समय निकालने की जरूरत कम पड़ेगी।

महिलाओं के समूह को मिली संचालन की जिम्मेदारी

इस राशन ATM की एक और खास बात यह है कि इसका संचालन स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह ‘ज्योति ग्रुप’ को सौंपा गया है। यानी यह सिर्फ तकनीक आधारित राशन वितरण की पहल नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय महिलाओं की भागीदारी भी जोड़ी गई है।

महिला स्वयं सहायता समूह के जरिए मशीन के संचालन और व्यवस्था को संभालने से स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भूमिका भी मजबूत होगी।

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से भी जुड़ी सुविधा

यह सुविधा ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ व्यवस्था के तहत काम करती है। इसका मतलब है कि दूसरे राज्यों से आकर रायपुर या बिरगांव में रहने वाले पात्र प्रवासी मजदूर और अन्य लाभार्थी भी यहां अपने हिस्से का खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

प्रवासी मजदूरों के लिए यह सुविधा खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकती है। कई लोग काम की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं और ऐसे में अपने मूल स्थान की राशन व्यवस्था से दूर हो जाते हैं। वन नेशन, वन राशन कार्ड के जरिए उन्हें देश के दूसरे हिस्सों में भी अपने खाद्यान्न का लाभ लेने की सुविधा मिलती है।

पारंपरिक राशन दुकानों से कितनी अलग है व्यवस्था?

पारंपरिक राशन दुकानों में आमतौर पर हितग्राहियों को तय समय पर दुकान पहुंचना पड़ता है। भीड़ होने पर इंतजार भी करना पड़ सकता है। वहीं राशन ATM का उद्देश्य वितरण को ज्यादा सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाना है।

मशीन में कार्ड की जानकारी और बायोमेट्रिक पहचान के बाद निर्धारित मात्रा में चावल अपने आप निकलता है। इससे मानव हस्तक्षेप कम होता है और राशन वितरण की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

राशन वितरण में सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है कि पात्र व्यक्ति को उसके हिस्से का पूरा खाद्यान्न मिले। ऑटोमेटेड मशीन के जरिए निर्धारित मात्रा में अनाज देने से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

साथ ही, मशीन आधारित सिस्टम से राशन वितरण का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

देश में डिजिटल राशन व्यवस्था की ओर एक और कदम

राशन ATM की यह पहल खाद्य वितरण व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। अगर इस तरह की व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जा सकता है।

फिलहाल रायपुर के बिरगांव में शुरू हुई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ सुविधा लोगों को पारंपरिक राशन वितरण व्यवस्था का एक नया विकल्प दे रही है। 24 घंटे उपलब्धता, बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑटोमेटिक वितरण के कारण यह सुविधा खास तौर पर कामकाजी लोगों, महिलाओं और प्रवासी लाभार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।