खजराना गणेश मंदिर में दान की गिनती: 17 पेटियों से निकले ₹72 लाख, 24 पेटियों की गिनती बाकी; CCTV और वीडियोग्राफी से निगरानी

खजराना गणेश मंदिर में दान की गिनती: 17 पेटियों से निकले ₹72 लाख, 24 पेटियों की गिनती बाकी; CCTV और वीडियोग्राफी से निगरानी

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में करीब साढ़े तीन महीने बाद दान पेटियों को खोलकर चढ़ावे की गिनती शुरू की गई है। सोमवार से शुरू हुई यह प्रक्रिया बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। अब तक 17 दान पेटियां खोली जा चुकी हैं और इनसे कुल ₹72 लाख की नकदी गिनी जा चुकी है। बाकी पेटियों को भी चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है। पूरी गिनती की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक चलने की संभावना है।

दान की गिनती को लेकर इस बार विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गिनती स्थल पर 4 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। कोषालय, बैंक और नगर निगम के कर्मचारियों समेत करीब 25 लोगों की टीम नोटों की गिनती, छंटाई और पैकिंग में लगी है। गिनती के बाद राशि को मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है।

17 पेटियों से निकले ₹72 लाख

मंदिर में इस बार दान पेटियों की गिनती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। सोमवार को पहले दिन 10 पेटियां खोली गईं, जिनसे करीब ₹31 लाख की राशि मिली।

इसके बाद मंगलवार को सात और पेटियां खोली गईं। इन सात पेटियों से करीब ₹41 लाख की नकदी मिली। इस तरह दो दिनों में 17 पेटियों से कुल ₹72 लाख की राशि गिनी जा चुकी है।

बुधवार को भी बाकी पेटियों में से कुछ को खोलकर उनकी गिनती की जा रही है। हालांकि, बुधवार की पूरी गिनती का अंतिम आंकड़ा प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

41 दान पेटियों में अभी बाकी है बड़ी रकम

मंदिर परिसर में कुल 41 दान पेटियां होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 17 पेटियां खोली जा चुकी हैं। यानी 24 पेटियों की गिनती अभी बाकी है।

मंदिर प्रबंधन के मुताबिक बाकी पेटियों को भी क्रमवार खोला जाएगा। बड़े नोटों की गिनती पहले की जा रही है, जबकि छोटे नोट और सिक्कों की गिनती बाद में की जाएगी। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में समय लग रहा है।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक पूरी गिनती में करीब 5 से 6 दिन लग सकते हैं। इसके बाद ही मंदिर में इस चरण में प्राप्त कुल चढ़ावे की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

चार CCTV कैमरों से रखी जा रही नजर

दान की रकम की गिनती जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

गिनती वाले हॉल में चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की अलग से वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। पेटियों को खोलने से लेकर नोटों की गिनती, पैकिंग और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया को निगरानी में रखा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा के लिए गार्डों की संख्या भी बढ़ाई गई है। गिनती स्थल पर अब पांच सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की जा रही है।

25 लोगों की टीम कर रही नोटों की गिनती

दान पेटियों से निकलने वाली रकम की गिनती के लिए करीब 25 सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें कोषालय, बैंक और नगर निगम से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।

गिनती के दौरान नकदी को अलग-अलग करके उसकी गिनती की जा रही है। इसके बाद राशि को पैक किया जाता है और अधिकृत बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में मंदिर प्रबंधन के अधिकारी भी मौजूद रहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार गिनती टीम के सदस्यों की भी पेटियों वाले क्षेत्र में प्रवेश से पहले जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि टीम के सदस्यों को आभूषण पहनकर गिनती स्थल पर आने की अनुमति नहीं है। इसका उद्देश्य गिनती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित रखना है।

नकदी के साथ विदेशी मुद्रा और दूसरी चीजें भी मिलीं

खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों में सिर्फ भारतीय मुद्रा ही नहीं, बल्कि कई अन्य चीजें भी मिली हैं।

ताजा गिनती के दौरान विदेशी मुद्रा, एक सोने की चेन, छोटी चांदी की गणेश प्रतिमा, करीब 10 ग्राम का चांदी का सिक्का और दो स्मार्ट वॉच मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बंद हो चुके ₹1,000 के पुराने नोट भी दान पेटियों से मिले हैं।

पुराने ₹1,000 और ₹500 के नोट अब वैध मुद्रा नहीं हैं, लेकिन भक्तों की ओर से इन्हें श्रद्धा के रूप में दान पेटी में डाले जाने की बात सामने आती रही है। ऐसी वस्तुओं और पुरानी मुद्रा को नकदी से अलग करके सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

बैंक में जमा कराई जा रही दान राशि

दान पेटियों से निकलने वाली राशि को केवल गिनकर रखने के बजाय उसे संबंधित बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक गिनती के बाद राशि को पैक करके अधिकृत बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था की गई है।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य दान की रकम के संग्रह से लेकर बैंक में जमा होने तक हर चरण का रिकॉर्ड बनाए रखना है।

अयोध्या की घटना के बाद सुरक्षा पर ज्यादा जोर

इस बार खजराना गणेश मंदिर में दान की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की वजह हाल की मंदिर दान-संबंधी घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता भी बताई जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ी घटना सामने आने के बाद कई प्रमुख मंदिरों में दान राशि की सुरक्षा और गिनती को लेकर सावधानी बढ़ाई गई है। इसी पृष्ठभूमि में खजराना मंदिर में भी गिनती प्रक्रिया के दौरान CCTV, वीडियोग्राफी और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

हालांकि, खजराना गणेश मंदिर में किसी चोरी या गड़बड़ी की घटना सामने आने की बात नहीं है। यहां सुरक्षा व्यवस्था सावधानी और पारदर्शिता के लिहाज से बढ़ाई गई है।

हर कुछ महीनों में खोली जाती हैं दान पेटियां

खजराना गणेश मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार नकदी समेत अलग-अलग वस्तुएं दान करते हैं। इसी वजह से दान पेटियों में नियमित रूप से बड़ी मात्रा में चढ़ावा जमा होता है।

पिछले वर्षों की रिपोर्टिंग से भी पता चलता है कि मंदिर की दान पेटियां कुछ अंतराल के बाद खोली जाती हैं और उनमें जमा राशि की गिनती की जाती है। मार्च 2025 की एक रिपोर्ट में मंदिर परिसर की 35 दान पेटियों से करीब ₹1.26 करोड़ मिलने की जानकारी दी गई थी।

वहीं दिसंबर 2025 में हुई पिछली गिनती के दौरान अलग-अलग रिपोर्टों में करीब ₹1.37 करोड़ तक की राशि मिलने की जानकारी सामने आई थी।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंदिर में आने वाला चढ़ावा लगातार बड़ी मात्रा में रहता है, हालांकि अलग-अलग गिनती की अवधि और पेटियों की संख्या अलग होने के कारण इन आंकड़ों की सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा।

भक्तों की चिट्ठियां भी दान पेटियों में मिलती हैं

खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों में नकदी और दूसरी वस्तुओं के साथ भक्तों की ओर से लिखी गई चिट्ठियां भी मिलती हैं।

पुरानी रिपोर्टों के अनुसार, श्रद्धालु इन चिट्ठियों में नौकरी, शादी, कारोबार, आर्थिक परेशानी या मनोकामना पूरी होने जैसी प्रार्थनाएं लिखकर भगवान गणेश को समर्पित करते हैं। गिनती के दौरान ऐसी चिट्ठियों को अलग कर मंदिर की धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान गणेश के समक्ष पढ़े जाने की बात भी सामने आई है।

इस लिहाज से दान पेटियों की गिनती केवल रकम निकालने की प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि इसमें भक्तों की आस्था से जुड़ी कई चीजें भी सामने आती हैं।

बुधवार को क्या स्थिति है?

बुधवार को तीसरे दिन भी मंदिर में दान पेटियों को खोलने और नोटों की गिनती का काम जारी रहा। अब तक 17 पेटियों से ₹72 लाख गिने जा चुके हैं, जबकि बाकी पेटियों की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मंदिर में इस बार कुल कितना चढ़ावा आया है। अंतिम रकम सभी पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

एक नजर में पूरी खबर
स्थान: खजराना गणेश मंदिर, इंदौर
गिनती शुरू: सोमवार, 10 अगस्त 2026
गिनती का तीसरा दिन: बुधवार, 12 अगस्त 2026
कुल दान पेटियां: 41
खोली गई पेटियां: 17
17 पेटियों से राशि: ₹72 लाख
बाकी पेटियां: 24
गिनती पूरी होने का अनुमान: 5 से 6 दिन
गिनती टीम: करीब 25 सदस्य
CCTV: 4 कैमरे
सुरक्षा: 5 गार्ड
वीडियोग्राफी: पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग
मिली अन्य वस्तुएं: विदेशी मुद्रा, सोने की चेन, चांदी की गणेश प्रतिमा, चांदी का सिक्का, स्मार्ट वॉच और पुराने नोट
निष्कर्ष

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में इस समय दान पेटियों की गिनती तेजी से चल रही है। 17 पेटियों से सामने आए ₹72 लाख ने एक बार फिर मंदिर में आने वाले विशाल चढ़ावे की तस्वीर दिखाई है। लेकिन अभी 24 पेटियों की गिनती बाकी है, इसलिए अंतिम राशि इससे काफी अलग हो सकती है।

प्रशासन ने इस बार गिनती की प्रक्रिया में CCTV, वीडियोग्राफी, बैंक और कोषालय के कर्मचारियों की भागीदारी तथा अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है। गिनती पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि इस चरण में खजराना गणेश मंदिर को भक्तों से कुल कितने करोड़ या लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ।