छठ पर बिहार जाने वाली ट्रेनें फुल, रांची-कोलकाता फ्लाइट का किराया दोगुना; बसों का किराया भी बढ़ा
रांची/धनबाद। छठ महापर्व और दुर्गा पूजा के दौरान घर जाने और घूमने का प्लान बना रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धनबाद से बिहार जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं, रांची से कोलकाता घूमने जाने वालों को भी ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। सामान्य दिनों में करीब 4,000 रुपए रहने वाला रांची-कोलकाता फ्लाइट का किराया बढ़कर 8,000 रुपए तक पहुंच गया है। बसों के ऑनलाइन किराए में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
छठ पर बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल
छठ महापर्व 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को पहला अर्घ्य और 16 नवंबर को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान धनबाद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ बिहार स्थित अपने घर जाते हैं।
यात्रियों में कई लोग दो महीने पहले ही टिकट बुक करा लेते हैं। इसके बावजूद 9 से 12 नवंबर के बीच बिहार जाने वाली गंगा-दामोदर, वनांचल और मौर्य एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 नवंबर को धनबाद-पटना और पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में कुछ सीटें उपलब्ध थीं।
कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर यात्रियों के पास तत्काल कोटे में टिकट लेने, संभावित विशेष ट्रेनों की जानकारी जुटाने या सड़क मार्ग से यात्रा करने का विकल्प बचता है।
पटना जाने के लिए नवादा रूट का विकल्प
ट्रेन में टिकट नहीं मिलने पर सड़क मार्ग से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए भी विकल्प मौजूद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पटना जाने के लिए बरही से नवादा और बख्तियारपुर होकर जाने वाला रास्ता उपयोगी हो सकता है।
वैशाली, छपरा और सीवान जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों में सीमित उपलब्धता के कारण अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी पड़ सकती है। वहीं, आरा जाने के लिए औरंगाबाद-सहार मार्ग को विकल्प के तौर पर बताया गया है।
बस संचालकों के संगठन के मुताबिक, छठ के दौरान बसों का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। हालांकि, यात्रियों को यात्रा से पहले बस की उपलब्धता, मार्ग और किराए की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
रांची से कोलकाता जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता की रौनक देखने जाने वालों के लिए भी यात्रा महंगी हो रही है। रांची से हावड़ा जाने वाली क्रियायोग एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 14 से 17 अक्टूबर के बीच 100 से अधिक वेटिंग होने की जानकारी दी गई है।
वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी 18 अक्टूबर तक टिकटों की लंबी वेटिंग बताई गई है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन, बस या हवाई यात्रा पर विचार करना पड़ सकता है।
फ्लाइट का किराया 4 हजार से बढ़कर 8 हजार रुपए
रांची से कोलकाता की हवाई यात्रा का किराया सामान्य दिनों में करीब 4,000 रुपए रहता है। लेकिन त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग के बीच यह बढ़कर लगभग 8,000 रुपए तक पहुंच गया है।
इस बढ़ोतरी से उन यात्रियों का बजट प्रभावित हो सकता है, जो कम समय में कोलकाता पहुंचना चाहते हैं। हालांकि, हवाई किराया यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है।
बसों का ऑनलाइन किराया भी बढ़ा
रांची से कोलकाता जाने वाली बसों में भी किराया बढ़ने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अक्टूबर को रायपुर क्रूजर की एसी बस का ऑनलाइन किराया 2,200 रुपए और ग्रीन लाइन बस का किराया 2,300 रुपए बताया गया।
सामान्य दिनों में बस का किराया करीब 1,000 रुपए रहता है। वहीं, 17 अक्टूबर के लिए कुछ बसों का ऑनलाइन किराया 1,500 से 1,700 रुपए के बीच बताया गया। इन तारीखों के लिए सीटें भी सीमित होने की जानकारी दी गई है।
यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि ऑनलाइन किराया बस ऑपरेटर, सीट की श्रेणी और बुकिंग के समय के हिसाब से बदल सकता है।
पूजा स्पेशल और इंटरसिटी में सीटों का विकल्प
रिपोर्ट में कुछ ट्रेनों में सीटें उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है। रांची से शालीमार के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली पूजा स्पेशल ट्रेन संख्या 08612 में 17 अक्टूबर को स्लीपर श्रेणी की कुछ सीटें उपलब्ध बताई गई थीं। वहीं, 24 अक्टूबर के लिए 250 से अधिक सीटें खाली होने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा इंटरसिटी एक्सप्रेस (18628) में 18 और 19 अक्टूबर को सीटें उपलब्ध होने की बात कही गई है। टिकट बुक करने से पहले रेलवे के आधिकारिक आरक्षण माध्यम पर वास्तविक उपलब्धता जांचना जरूरी है, क्योंकि सीटों की स्थिति तेजी से बदल सकती है।
त्योहारों में यात्रा से पहले टिकट जरूर जांचें
छठ और दुर्गा पूजा के दौरान ट्रेनों, बसों और फ्लाइट में यात्रियों की मांग बढ़ने से टिकटों की उपलब्धता और किराए पर असर पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे जल्द यात्रा की तारीख तय करें, टिकट की उपलब्धता जांचें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग चुनें।
बिहार जाने वाले यात्रियों को छठ की तारीखों के अनुसार वापसी की योजना भी पहले से बना लेनी चाहिए। वहीं, दुर्गा पूजा में कोलकाता जाने वाले यात्रियों को ट्रेन, बस और फ्लाइट के किराए की तुलना करके बुकिंग करनी चाहिए, ताकि आखिरी समय में ज्यादा खर्च से बचा जा सके।
news desk MPcg