लेखन से आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक का सफर, लखनऊ की मान्या उपाध्याय ने Kindverse के जरिए आत्म-समझ और हीलिंग को बनाया मिशन

लेखन से आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक का सफर, लखनऊ की मान्या उपाध्याय ने Kindverse के जरिए आत्म-समझ और हीलिंग को बनाया मिशन

16 साल की उम्र में प्रकाशित हुई पहली किताब, पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक सेवा की ओर बढ़ाया कदम

लखनऊ की मान्या उपाध्याय के लिए लेखन केवल किताबें लिखने तक सीमित नहीं रहा। 16 साल की उम्र में उनकी पहली किताब प्रकाशित हुई और इसके बाद उनकी रचनात्मक यात्रा लेखन से आगे बढ़कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन, हीलिंग और सामाजिक सेवा तक पहुंची। वर्तमान में वह लेखिका, वक्ता, होलिस्टिक हीलर, स्पिरिचुअल गाइड और Kindverse Global की संस्थापक के तौर पर काम कर रही हैं।

16 साल की उम्र में प्रकाशित हुई पहली किताब

मान्या उपाध्याय ने साल 2015 में अपनी पहली किताब Where Our Destiny Meets प्रकाशित की थी। इसके बाद उन्होंने Every Part of Me और बच्चों के लिए Lulu The Mystical Doggo जैसी किताबें लिखीं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, उनके लेखन को 50 से अधिक समाचार-पत्रों के फीचर्स में जगह मिल चुकी है।

पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई

लेखन के साथ मान्या ने पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में भी शिक्षा हासिल की। उन्होंने 2019 में Amity University से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने लेखन और रचनात्मक कार्यों के साथ अपने अनुभवों को अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़कर आगे बढ़ाया।

आध्यात्मिक यात्रा से Kindverse की शुरुआत

मान्या के मुताबिक, साल 2021 उनके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव का महत्वपूर्ण दौर रहा। इसके बाद Tarot, intuition और spiritual guidance उनकी यात्रा का हिस्सा बने। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने 8 सितंबर 2023 को Kindverse Global की शुरुआत की। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को खुद को बेहतर ढंग से समझने, अपनी आवाज पहचानने और अपने अनुभवों पर काम करने में मदद करना है।

10 हजार से ज्यादा लोगों से जुड़ा Kindverse

मान्या की मीडिया किट के अनुसार, Kindverse के इंस्टाग्राम समुदाय में 10 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। उन्हें 500 से ज्यादा testimonials और प्रतिक्रियाएं भी मिलने का दावा किया गया है। Kindverse के जरिए वह आध्यात्मिक मार्गदर्शन और हीलिंग से जुड़े सत्रों के साथ लोगों से जुड़ती हैं।

सामाजिक सेवा से भी जुड़ीं मान्या

आध्यात्मिक और रचनात्मक कार्यों के अलावा मान्या सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी भाग लेती हैं। उनके अनुसार, कंबल वितरण, डोनेशन और चैरिटी ड्राइव जैसी गतिविधियों के जरिए जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

आत्म-समझ और लोगों की मदद को बनाया उद्देश्य

मान्या के मुताबिक, उनके काम का उद्देश्य लोगों को अपनी परेशानियों और भावनाओं को समझने में मदद करना है। उनका मानना है कि आत्म-समझ की प्रक्रिया व्यक्ति को अपने अनुभवों पर विचार करने और व्यक्तिगत बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है। लेखन से शुरू हुई उनकी यात्रा अब आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक सेवा के विभिन्न पहलुओं तक पहुंच चुकी है।