धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी:हिंदू एकजुट नहीं हुए तो खराब समय आएगा; बुलडोजर से फूल बरसा रहे श्रद्धालु

धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी:हिंदू एकजुट नहीं हुए तो खराब समय आएगा; बुलडोजर से फूल बरसा रहे श्रद्धालु

धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश में जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी; हिंदुओं से एकजुट होने की अपील, पन्ना में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा का स्वागत

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की रथयात्रा अमानगंज पहुंचने की तैयारी, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ यात्रा की शुरुआत; बुलडोजर से फूल बरसाकर श्रद्धालुओं ने किया स्वागत

जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद पर दिया जोर

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश में जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने की बात कही है। सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के दौरान उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यदि हिंदू समाज एकजुट नहीं हुआ, तो आने वाला समय कठिन हो सकता है। उनके इस बयान के बीच जातीय विभाजन और सामाजिक एकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रथयात्रा का उद्देश्य सनातन हिंदू समाज को एकजुट होने का संदेश देना बताया जा रहा है।

पन्ना जिले के अमानगंज पहुंचने वाली है रथयात्रा

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज पहुंचने वाली है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हो रहे हैं। आयोजकों और समर्थकों की ओर से इसे सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश देने वाली यात्रा बताया जा रहा है।

हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ हुई शुरुआत

रथयात्रा की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ की गई। धार्मिक आयोजन के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आए। इस दौरान धार्मिक नारों और स्वागत कार्यक्रमों के जरिए यात्रा का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

कई धार्मिक संत भी यात्रा में शामिल

सनातन हिंदू एकता रथयात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी के राजूदास महाराज, मलूकपीठ के गंगादास, हरिद्वार के मोनी और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज सहित कई संतों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। संतों की मौजूदगी से यात्रा को धार्मिक महत्व मिल रहा है। यात्रा के दौरान सनातन परंपरा और हिंदू समाज की एकता से जुड़े संदेश प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।

बुलडोजर से फूल बरसाकर श्रद्धालुओं ने किया स्वागत

रथयात्रा के स्वागत के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, बुलडोजर से फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया जा रहा है। जगह-जगह श्रद्धालु जुटकर संतों और रथयात्रा का अभिनंदन कर रहे हैं। यात्रा के अमानगंज पहुंचने को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां जारी हैं। अब लोगों की नजरें यात्रा के अगले पड़ाव और कार्यक्रमों पर टिकी हैं।