MP Congress: PAC की बैठक से पहले बढ़ी सियासी हलचल, PCC में जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज; कमलनाथ-जीतू पटवारी भी होंगे साथ

MP Congress: PAC की बैठक से पहले बढ़ी सियासी हलचल, PCC में जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज; कमलनाथ-जीतू पटवारी भी होंगे साथ

विधानसभा चुनाव में हार के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस की अहम बैठक, संगठन को मजबूत करने और सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर होगा मंथन

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा तय करने के लिए पार्टी एक अहम बैठक करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी यानी PAC की बैठक में पार्टी के कई बड़े नेता एक साथ नजर आ सकते हैं। लंबे समय बाद कांग्रेस के प्रमुख चेहरों के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जुटने से बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत PAC के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के शामिल होने की बात कही गई है।

कमलनाथ की मौजूदगी पर टिकी नजरें

इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी को लेकर है। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों में काफी बदलाव आया है। ऐसे में लंबे समय बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के एक मंच पर आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और प्रदेश में कांग्रेस को नए सिरे से सक्रिय करने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। पार्टी आने वाले समय में सरकार के खिलाफ आंदोलन को और आक्रामक बनाने की तैयारी में भी है।

कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने की चुनौती

प्रदेश में लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही कांग्रेस अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दे रही है। PAC की बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों के जरिए स्थानीय मुद्दों की जानकारी जुटाने और उन्हें प्रदेश स्तर के आंदोलन से जोड़ने पर चर्चा हो सकती है।

पार्टी की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर कांग्रेस के आंदोलनों को सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें जनआंदोलन का रूप दिया जाए।

जीतू पटवारी के नेतृत्व में आंदोलन की दिशा पर होगा मंथन

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ आगामी आंदोलन की दिशा पर भी चर्चा होने की संभावना है।

हाल के दिनों में कांग्रेस ने किसानों, छात्रों और दूसरे जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई है। जून में हुई PAC बैठक में भी किसानों, छात्रों और वीर भारत न्यास से जुड़े भूमि विवाद को लेकर आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई थी। 

ऐसे में अब होने वाली बैठक को पिछले फैसलों को आगे बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछली PAC बैठक में सामने आए थे मतभेद

मध्य प्रदेश कांग्रेस की पिछली PAC बैठक के दौरान पार्टी के भीतर मतभेद भी चर्चा में रहे थे। वीर भारत न्यास से जुड़े भूमि मामले को लेकर जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के अलग-अलग रुख पर पार्टी नेताओं ने सवाल उठाए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में कुछ नेताओं ने कहा था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग सार्वजनिक बयान से कार्यकर्ताओं और जनता के बीच भ्रम की स्थिति बनती है। 

यही वजह है कि इस बार होने वाली बैठक में आपसी समन्वय और पार्टी की एकजुटता पर भी विशेष नजर रहेगी।

कमलनाथ और जीतू पटवारी की साथ मौजूदगी क्यों अहम?

प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में कमलनाथ और जीतू पटवारी दोनों ही महत्वपूर्ण चेहरे हैं। ऐसे समय में जब पार्टी संगठन को मजबूत करने और सरकार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

बैठक में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस की कोशिश होगी कि आंतरिक मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाए।

छिंदवाड़ा में भी सक्रिय रहेंगे कमलनाथ और जीतू पटवारी

कटिंग के मुताबिक PAC बैठक से पहले कमलनाथ और जीतू पटवारी छिंदवाड़ा में भी साथ नजर आएंगे। जिले में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी की मौजूदगी भी बताई गई है।

इसके बाद कमलनाथ और जीतू पटवारी के भोपाल आने की जानकारी है। ऐसे में छिंदवाड़ा से लेकर भोपाल तक कांग्रेस नेताओं की लगातार सक्रियता को पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है एकजुटता

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में संगठन को एकजुट रखना और जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाना शामिल है। पिछली PAC बैठक में वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर सवाल उठे थे। 

अब पार्टी नेतृत्व की कोशिश होगी कि बड़े नेताओं को साथ लेकर आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार की जाए। आने वाले समय में प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन, स्थानीय मुद्दे और संगठन विस्तार कांग्रेस के एजेंडे में प्रमुख रह सकते हैं।

क्या निकलेगा बैठक से?

PAC की बैठक के बाद कांग्रेस की आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है। संगठन को मजबूत करने, सरकार के खिलाफ आंदोलन को धार देने और वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर यदि सहमति बनती है, तो आने वाले महीनों में कांग्रेस की प्रदेश राजनीति में सक्रियता बढ़ सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि PAC की इस बैठक से कांग्रेस अपने अंदर चल रही खींचतान को कितना पीछे छोड़कर एकजुट विपक्ष की भूमिका में सामने आती है।